Hidden Reality of LUXURY Fashion Brands EXPOSED
Author Name:Nikita Thakur
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=i0iBiH30Itg
Transcript:
(00:00) ओ के इस बैग का प्राइस ₹ लाख g का यह बैग लगभग ₹ लाख फें का यह फर कोट भी 6.5 लाख और हज के स्पेशली क्राफ्टेड बैग का प्राइस सिर्फ ₹1 करोड़ इनफैक्ट दुनिया का सबसे महंगा बैग भी हर्ज बकिन का ही है जिसका प्राइस 45 करोड़ है इतने में तो मुंबई में 3 बीएच के फ्लैट आ जाएगा लेकिन माय क्वेश्चन इज ये सारे प्रोडक्ट्स इतने एक्सपेंसिव क्यों होते हैं वेल क्योंकि हम इंसानों की ही तरह इन बैग्स का भी एक टाइम पर एक दिल हुआ आ करता था जो हमारी ही तरह धड़कता था वो भी इमोशंस फील कर सकते थे उन्हें भी हमारी तरह दर्द होता था क्योंकि ये सारे बैग्स एक टाइम पर मासूम जानवर थे
(00:40) जिन्हें पिंजर में हफ्तों महीनों कैद कर कर रखा जाता था सिर्फ ताकि हम में से कुछ बहुत ही अमीर लोग इनकी चमड़ से बने बैग्स पहनकर हमारे सामने अपनी अमीरिका और हां डोंट वरी अगर मेरी तरह आपका भी दिल बहुत ही कमजोर है आप एनिमल क्रुएलिटी सींस नहीं देख सकते हो तो डोंट वरी इस वीडियो में हमने कोई भी ऐसे सींस नहीं लिए है जो आपको अनकंफर्ट बल बना दे लेकिन हां आज का ये वीडियो उन सब तक पहुंचना जरूरी है जो ये लग्जरी प्रोडक्ट्स खरीदते हैं इनफैक्ट लग्जरी क्या हम जैसे आम लोग भी जब कोई भी लेदर के बेल्ट्स शूज वगैरह खरीदते हैं लड़कियां मेकअप ब्रशस खरीदती है हमारी
(01:14) मम्मी आं कारपेट्स खरीदती है लेकिन हम यह नहीं जानते कि हमारे वजह से भी जाने-अनजाने में ही सही बड़ ये मासूम जानवरों की जान जा रही है हर साल रैबिट्स ब्लू फॉक्स गोल्डन जैकल्स अल्बानो क्रोकोडाइल्स पाइथन एलिफेंट जिराफ हेयर बीवर्स जैसे से 2 बिलियन जानवर इन शॉर्ट इंडिया पाकिस्तान बांग्लादेश नेपाल और श्रीलंका की कंबाइन टोटल पॉपुलेशन से भी ज्यादा जानवरों को हर साल मार दिया जाता है सिर्फ फैशन के नाम पर डिड यू नो दैट एंड प्रॉब्लम सिर्फ जानवरों की नहीं है एवरी ईयर ये प्रोडक्ट्स बनाने वाली फैक्ट्रीज में बहुत सारे इंसान भी मारे
(01:51) जाते हैं आई नो वेरी शॉकिंग राइट यही एगजैक्टली आज हम डिस्कस करेंगे कि ये लेदर बैग्स ये फर कोट्स हमारे बुलेन स्वेटर्स ये सारे प्रोडक्ट्स जो लाखों करोड़ों में बिकते हैं इनकी मैन्युफैक्चरिंग की असलियत क्या है एंड ट्रस्ट मी एक बार आपने इनकी असलियत जान ली ना आप इन ब्रांड्स को कभी छुओ ग तक नहीं नाउ ऑफकोर्स हम ये भी डिस्कस करेंगे कि इन प्रोडक्ट्स के अल्टरनेटिव सॉल्यूशंस क्या है इसमें एक इंडियन स्टार्टअप ने इसका एक काफी यूनिक इन्वेंशन निकाला है जिसमें वो कोकोनट के वाटर से लेदर बनाते हैं कुछ स्टार्टअप्स तो पाइनएप्पल के लीव से भी लेदर बना रहे
(02:21) हैं और इनके लेदर बैग्स में आप बिल्कुल भी फर्क नहीं बता पाओगे लेकिन ये बनते कैसे हैं लेट्स डिस्कस दैट सो इंट्रो में हमने इन सारे प्रोडक्ट्स के रेट्स डिस्कस किए थे बराबर चलो अब उसके पीछे का रीजन डिस्कस करते हैं इफ यू लुक क्लोजल ये सारे के सारे आइटम्स एग्जॉटिक लेदर के हैं व्हिच मींस ये काफी रेयर एग्जॉटिक और एंडेंजर्ड एनिमल्स की स्किन से बनते हैं पराडा के ये शूज क्रोकोडाइल की स्किन से योर का ये बैग ऑस्ट्रिच की स्किन से गुची का ये बैग पाइथन की स्किन से एंड बर्किन का ये न करोड़ का बैग क्रोकोडाइल और एलीफेंट की स्किन से बना है एंड दुनिया का सबसे महंगा
(02:53) हर्ज का ये बैग रेयर अल्बानो क्रोकोडाइल की स्किन से बना है और ये डिटेल्स मैं अपनी तरफ से नहीं दे रही हूं हां ये बात तो खुद बहुत ही प्राउडली इन सारे ब्रांड्स की ऑफिशियल वेबसाइट पे प्रोडक्ट्स के साथ ही दी गई है अब चलो ये तो हुई एग्जॉटिक लेदर की बात बट व्हाट अबाउट नॉर्मल लेदर जो हम जैसे कॉमन लोग भी यूज करते हैं फ्रॉम क्लोथ्स टू आवर पसेस टू बेल्ट्स सो देखो यूजुअली दुनिया के टोटल लेदर का 65 पर लेदर यूजुअली बीफ यानी कि काउ या फिर बफेलो से बनता है एंड बाकी का लेदर पिग्स गोट्स और बाकी सारे एनिमल्स की स्किन से बनता है लेकिन एग्जॉटिक एनिमल्स के लेदर
(03:24) का परसेंटेज काफी ज्यादा छोटा होता है इसलिए तो ये काफी एक्सपेंसिव भी होते हैं लेकिन हां इन सारे लेदर का प्रोसेस बिल्कुल सेम ही होता है पहले एनिमल्स को एनिमल फार्म्स में ब्रीड किया जाता है फिर वहां से इनकी स्किन निकालकर उन्हें टैनिंग फैक्ट्रीज में भेजा जाता है जहां उनके स्किन को बहुत ही हार्श केमिकल से ट्रीट किया जाता है ताकि वो डीकंपोज नहीं हो सके फिर इन टेनरी से ये लेदर चले जाता है गुची लुई विटोन डिओर और हर्ज जैसे कंपनीज के पास जहां पर फिर वो इन्हें पेंट करके सू वगैरह करके इनके प्रोडक्ट्स बनाते हैं आई नो सुनने में बहुत सिंपल लगता है ना लेकिन
(03:54) इसकी मेन प्रॉब्लम है ये एनिमल फार्म्स लेदर के लिए काव जैसे और भी जानवरों को रखा जाता है कैटल फार्म्स में ज वहां पे हजारों जानवरों को एक छोटी सी जगह में भर दिया जाता है वहां चलना तो छोड़ दो ढंग से हिलने की भी जगह नहीं होती है लेकिन हद तो तब हो जाती है जब थोड़ी और जगह बनाने के लिए ना बहुत बार बिना एनेस्थीसिया दिए इनके सींग कार्ड दिए जाते हैं जो काउस के लिए बहुत ज्यादा पेनफुल हो जाते हैं एंड काफी सारे केसेस में तो ये तक देखा गया है काउस के छोटे-छोटे काफ्स को यानी बछड़ों को सिर्फ इसीलिए मार दिया जाता है क्योंकि
(04:22) उनकी स्किन से ये फैशन कंपनीज एक स्पेशल काफ स्किन प्रोडक्ट्स बनाती है और महंगे दामों में उनको बेचा जाता है अकॉर्डिंग टू पेटा बहुत बार तो प्रेग्नेंट काउस को भी मारकर उनके अनबन काफ को भी लेदर बनाने के लिए यूज किया जाता है एंड काफी बार तो जिंदा रेप्टाइल्स के स्किन को ही निकाल दिया जाता है रिसेंटली पेटा ने इंडोनेशिया के एक एनिमल फार्म में एक स्टिंग ऑपरेशन कंडक्ट किया था जो फार्म गुची और लई विट को एनिमल स्किन सप्लाई करता था अगर आपने उस फार्म में एनिमल्स को कैसे ट्रीट कर रहे हैं वो देख लिया ना आपका दिल सहम [संगीत] जाएगा लेकिन इसमें सबसे बड़ी आयर नहीं है
(05:00) हमारे सेलिब्रिटीज की हिपोक्रिटस आलिया भट्ट को काफी बैकल श मिला था जब उसने एक तरफ पोचर सीरीज को प्रोड्यूस किया था आई एम सेइंग दिस फर्स्ट हैंड लिटरली विटनेसिंग माय डॉटर ग्रू अप अराउंड एनिमल्स एंड शी हैज लाइक अ नेचुरल लव एंड एक्साइटमेंट अराउंड देम माय लव फॉर एनिमल्स स्टार्टेड एज अ चाइल्ड अ वेर वी यूज टू रेस्क्यू किटेंस एंड यू नो लेकिन दूसरी तरफ वो गोची की ग्लोबल एंबेसडर है जो प्राउडली एग्जॉटिक एनिमल्स की स्किन के प्रोडक्ट्स बेचता है बहुत ही प्राउड और भाई हद तो तब हो गई जब एक दिन आलिया ने स्पीक फॉर एनिमल की ये वाली टीशर्ट पहनी
(05:31) थी और उसी के साथ उसने गुची का ये लेदर बैग कैरी किया था जो प्योर 100% लेदर का बना था बट देखो ऑफकोर्स ये तो एक्टर्स की पर्सनल चॉइस है कि उन्हें किन चीजों के साथ एसोसिएटेड रहना है या नहीं रहना है हम सिर्फ अपना पर्सनल ओपिनियन दे सकते हैं लेकिन गौर करने वाली बात तो यह है कि ये ब्रांड्स इतने महंगे दामों पे अपने प्रोडक्ट्स कैसे बेच लेते हैं सिर्फ आलिया भट्ट तो इसका रीजन नहीं हो सकती ना वेल इसके पीछे एक बड़ा रीजन है डेटा एंड टेक्नोलॉजी डेटा एनालिसिस एंड एल्गोरिथम्स का यूज करके ये ब्रांड्स अपनी ऑडियंस को बराबर टारगेट करते हैं और उनकी पसंद और
(05:59) नापसंद दोनों को समझ समझते हैं और ये एक बहुत इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन होता है कंज्यूमर्स का फॉर ब्रांड्स एंड दिस इज एगजैक्टली व्हाई ये स्किल आज का मोस्ट इन डिमांड प्रैक्टिकल स्किल है जो हमें स्कूल्स और कॉलेजेस में कभी नहीं पढ़ाया जाता लेकिन जरूरत ही क्या है आज तो हमारे पास स्केलर जैसा एक प्लेटफार्म है जहां आप उन एक्सपर्ट से सीख सकते हो जो खुद google2 मेंटरशिप भी मिलती है और वहां आपको मॉक इंटरव्यूज की तैयारी भी करवाई जाती है तभी तो आज तक ओवर 93.
(06:27) 5 पर लर्नर्स को amazon's भी मिल चुकी है विथ 150 मीडियन सैलरी हाइक स्केलर आपको फ्री लाइफ मास्टर क्लास भी ऑफर करता है और इनके ऑनलाइन प्रोग्राम्स भी होते हैं जहां पे आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट डेटा साइंस और मशीन लर्निंग जैसे स्किल्स भी सीख सकते हो सो टू टेक अ स्टेप टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मिंग योर करियर आप स्केलर पे अभी ही एक फ्री लाइफ क्लास भी बुक कर सकते हो द लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन नाउ कमिंग बैक टू लेदर मैन्युफैक्चरिंग डिड यू नो टोटल लेदर का 65 बीफ लेदर होता है और इंडिया जिस देश में गायों को गौ माता का द दिया जाता है अनफॉर्चूनेटली वही इंडिया बीफ लेदर का
(07:03) बिगेस्ट प्रोड्यूसर है एंड ओवरऑल लेदर प्रोडक्शन में भी इंडिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है इजन दिस सो हार्ट ब्रेकिंग नॉर्मल से दिखने वाले ये लेदर बैग्स के पीछे जानवरों का इतना दर्द छुपा है एंड ये तो हुई सिर्फ एनिमल्स की बात लेकिन यू विल बी शॉक्ड टू नो कि इस एनिमल स्किन को लेदर में कन्वर्ट करने में बहुत बार इंसानों की भी जान जाती है सो एनिमल स्किन की लेदर में कन्वर्जन के प्रोसेस को टैनिंग कहते हैं जिसमें स्किन को डीकंपोज होने से रोकने के लिए काफी हैवी केमिकल्स यूज किए जाते हैं जैसे क्रोमियम एंड सोडियम सल्फाइड बट प्रॉब्लम ये है कि ये
(07:44) सारे केमिकल्स कार्सिनोजेनिक होते हैं यानी कि कैंसर कॉज करने वाले लीथल केमिकल्स होते हैं इसीलिए अब समझ जाओ इन टैन में काम करने वाले ये वर्कर्स का कितना बुरा हाल होता होगा केमिकल टॉक्सिन वर्कर्स में स्किन और ब्रीदिंग इश्यूज होना तो एकदम कॉमन है लेकिन कई केसेस में तो इन वर्कर्स की इंस्टेंट डेथ भी हो गई है जैसे एक काफी दर्दनाक केस हुआ था तमिलनाडु की जिलानी टैंडी में 32 साल के रामू के साथ एक दिन रामू सुबह घर से तो टनरीडिंग रामू टनरीडिंग हो गई नेक्स्ट बात करते हैं फर बेस्ड आइटम्स की जो मोस्टली फेंडी जैसे
(08:30) कंपनीज बनाती है जैसे फेंडी का ये कोट ले लो जो कि स्क्विरल फर से बना है या फिर फेंडी का ही ब्लू फॉक्स का ये फर फिर मिंग्स रैबिट्स बीवर्स और बेयर्स के भी फर्ज यूज किए जाते हैं टू मेक क्लोथ्स नाउ जैसे मैंने इंट्रो में भी बताया था कि हम मेकअप ब्रशस यूज करते हैं मैट्रेस कारपेट्स और डो मैट्स खरीदते हैं तो कई बार उनमें भी ये एनिमल फर्स का यूज होता है मोस्टली एनिमल्स जिनका फर यूज होता है वो वाइल्ड एनिमल्स ही होते हैं जिन्हें ट्रैपिंग से पकड़ा जाता है या फिर अल्टरनेट ऑप्शन ये है कि लेदर की ही तरह फर फार्म्स में इन एनिमल्स को रेज किया
(08:58) जाता है इन्हें ब्रीड किया जाता है है लेकिन पहले हम बात करते हैं ट्रैपिंग की जिस क्रूअल टेक्नीक से हर साल अमेरिका में 5 मिलियन जानवरों को पकड़ा जाता है और यूजुअली ये तीन तरह के ट्रैप्स यूज किए जाते हैं पहला स्टील जॉ लेग होल्ड ट्रैप ये स्पेशली यूज किया जाता है रैबिट्स जैकल वुल्फसबर्ग करके जंगलों में छोड़ दिया जाता है जहां से नॉर्मली एनिमल्स पास होते हैं और जब वो इस पर पैर रखते हैं तो इस ट्रैप में उनके पैर फंस जाते हैं अब प्रॉब्लम ये है कि कई बार हंटर्स एंड ट्रैप्स को रखकर हफ्तों के बाद वापस आते हैं सो तब तक वो जानवर उसी में फंसे रहते
(09:32) हैं और स्टार्वेशन की वजह से वो तड़प-तड़प के मर जाते हैं और कई जानवर तो इससे बचने के लिए अपना हाथ खुद ही काट कर निकल जाते हैं सेकंड ट्रैप इज स्नेयर्स लेग होल ट्रैप की तरह भी इस ट्रैप को जंगल में प्लेस किया जाता है जिसको एक तरफ से ट्री के एक बाग से बांध देते हैं और दूसरे साइड से खुला छोड़ देते हैं जब भी रैबिट बेर या कोई भी एनिमल यहां से निकलता है तो उनकी गर्दन इसमें फंस जाती है एंड जितना ज्यादा वो निकलने की कोशिश करता है ये उतना ज्यादा टाइट हो जाता है इवेंचर द एनिमल टू डेथ तीसरा है कॉनी बेड जो मोस्टली पानी में यूज होता है इसको शैलो वाटर्स में
(10:02) किसी नैरो ओपनिंग पर प्लेस कर दिया जाता है एंड जब भी कोई मिंक या फिर बीवर जैसा जानवर रकून जैसा जानवर इसके थ्रू निकलता है तो ये ट्रैप क्लोज हो जाता है जिससे उस एनिमल का फेस इसमें ट्रैप हो जाता है और वो पानी में डूब के मर जाता है अब ऑफकोर्स कई सारे लेदर फार्म्स की तरह फर फार्म्स में भी एनिमल्स को फर के लिए रेयर किया जाता है लेकिन यहां की सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है कि इन फार्म्स में एनिमल्स को खुला नहीं छोड़ा जाता उन्हें उनकी पूरी जिंदगी सिर्फ एक छोटे से पिंजरे में रखा जाता है अब क्योंकि क्योंकि ये बीवर्स और रकून
(10:31) जैसे जानवरों को खुले में घूमने की आदत होती है तो उन्हें लंबे समय तक छोटे-छोटे पिंजर में कैद रखने से वो मेंटली पागल हो जाते हैं उन्हें डिप्रेशन हो जाता है और कई केसेस में तो यह भी देखा गया है कि वो जानवर खुद को ही मारने लग जाते हैं फिर इसके बाद जब उन्हें मारने की बारी आती है तो उसमें भी काफी क्रूअल तरीकों से इन्हें मारा जाता है जैसे उनके रेक्टम से उन्हें इलेक्ट्रिक कर दिया जाता है कहीं पर उन्हें सस्ती गैसेस के थ्रू इंटॉक्सिकेट करके मार दिया जाता है और किसी-किसी केस में तो अनफॉर्चूनेटली दे आर ल् सो स्किन अलाइव एंड बहुत बार तो बर्ड्स जिनको फर या
(11:03) फिर फेदर्स के लिए यूज किया जाता है उनके फेदर्स को मैनुअली बहुत ही पेनफुली प्लक किया जाता है ताकि वह वापस से रिग्रोगिग देशों में तो इन जानवरों के जगह पर डॉग्स और कैट्स को मार-मार कर उनके फर्स को दूसरे एनिमल्स के फर के नाम पर बेचा जाता है टू दीज बिग कंपनीज जो भी इससे सस्ते में खरीद लेती है टू मैक्सिमाइज देयर प्रॉफिट्स इसीलिए तो मैं आपको इंट्रो में बता रही थी कि कई बार हमें पता भी नहीं चलता है कि जो फर हम यूज कर रहे हैं वो आर्टिफिशियल है या कोई जानवर से आया है और किस जानवर से आया है लेकिन मेरी समझ में नहीं आता कि हमें ये सब चीजें करने की
(11:36) जरूरत ही क्या है जब हमारे पास इनके इतने अच्छे अल्टरनेटिव्स अवेलेबल है स्पेशली लेदर के फर्स्ट अल्टरनेटिव कैक्टस लेदर जो कैक्टस से बना जाता है एंड अकॉर्डिंग टू मेनी यूजर्स वो एनिमल लेदर और कैक्टस लेदर में डिफरेंस भी नहीं पता पाते हैं बेसिकली ये लेदर बनता है कैक्टस की लीव्स से जहां लीव्स को ड्राई करके उनके फाइबर और प्रोटींस को एक्स्ट्रिया जाता है फिर इन एक्सट्रैक्टेड मटेरियल को कॉटन के साथ कंबाइन करके लेदर में कन्वर्ट किया जाता है इन फैक्ट इट इज सरप्राइजिंग कि कैक्टस लेदर इज मोर सस्टेनेबल देन नॉर्मल लेदर और मेक्सिको जैसे कंट्रीज में तो कैक्टस को
(12:06) इसी के लिए ग्रो किया जाता है वहां एक पूरी इंडस्ट्री खड़ी हो चुकी है इसकी सेकंड अल्टरनेटिव मलाई जो कि एक इंडियन कंपनी ने शुरू किया है जहां पर वो कोकोनट वाटर को यूज़ करके लेदर बना रहे हैं यस कोकोनट वाटर इस प्रोसेस में कोकोनट वाटर को फर्मेंट किया जाता है जिससे उसमें सेल्यूलोज की फॉर्मेशन भी होती है व्हिच इज देन लेटर कन्वर्टेड इन टू लेदर एंड इट इज इक्वली फैशनेबल लाइक नॉर्मल लेदर थर्ड अल्टरनेटिव पीनटेक्स ये लेदर बनाया जाता है पाइनएप्पल लीव्स से जहां पे पाइनएप्पल लीव्स के फाइबर्स को यूज करके लेदर में कन्वर्ट किया जाता है एंड अभी तो पूमा और
(12:35) नाइकी जैसे कंपनीज भी इस लेदर को यूज कर रहे हैं अपने शूज बनाने के लिए नाउ फर के अल्टरनेटिव्स के लिए हमारे पास फोक्स फर भी अवेलेबल होता है जो कि प्लांट्स लाइक मिल्क वुड और हेम से बनाया जाता है इनफैक्ट बहुत सारी बड़ी-बड़ी कंपनीज भी जैसे कि बंसिया भी इन फर्स को यूज करना स्टार्ट कर चुकी है व्हिच इज हाईली अप्रिशिएबल बट मा पॉइंट इज कि मुझे बताओ ये कंपनीज ये सब कर क्यों रही है हमारे लिए जब तक मार्केट में ऐसे लोग रहेंगे जो इन प्रोडक्ट्स को खरीद हैं खरीदते छोड़ो इनके लिए प्रीमियम पे करते हैं लाखों करोड़ों रुपए तब तक ये कंपनीज एनिमल
(13:05) क्रुएलिटी करते रहेंगी इसीलिए द पावर इज इन आवर हैंड तो हमें सबसे पहले तो इन प्रोडक्ट्स को खरीदना अब्सोल्युटली बंद कर देना चाहिए और दूसरी बात हमें इन प्रोडक्ट्स के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए ताकि फैशन के नाम पर मासूम जानवरों की किलिंग बंद हो सके और हां जाने से पहले डोंट फॉरगेट टू टेक अ स्टेप टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मिंग योर करियर आप स्केलर पर जाके अभी ही एक फ्री लाइफ क्लास भी बुक कर सकते हो द लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन
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