Friday, April 17, 2026

ప్రేమ ఒక భానిసత్వం | Jiddu Krishnamurthy Philosophy on Love | Telugu Podcast.

ప్రేమ ఒక భానిసత్వం | Jiddu Krishnamurthy Philosophy on Love | Telugu Podcast.

Author Name:Voice of Venkat Podcast

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@voiceofvenkattelugu

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=TJurUIFZPMM



Transcript:
(00:01) [संगीत] प्रेमा अंद मना अनुभव असल प्रेम अटे एंटी शिक्षा बाध्यता ना यमा भद्र ना आधिपत्य मा भानि सत्व नी वि र उले पोमा ले इदर ओके चोट उू तक चामा मनर प्रेम बं भद्रन को निज प्रेम लो भद्र उदा मन अंदरू इष्ट पलनी प्रेम चालनी आरा पं र नि इष्ट पलना प्रेम चालना मु न एट वानी प्रेमिम नेको देशानी प्रेमना अं देवनी प्रेमिना अ ना भार्य
(00:49) तल्ली द्रु पिललनी प्रेमिना अं निज प्रेमिना प्रेम पूर्ति स्वार्म कड ु क्रूर कोरिकल नि प्रपंच असल प्रेमक स्थानम लेद इ प्रेम ंड स्वार्थ मुग पो ंद रोजू दे की पूजल ताव देवने प्रेम स्ता अद देड कोरिकल र्च वराल ड अ लस्ते पूजल तावा नी भार्य प्रेम स्ता ंद तान नी अडिग पुला सुखानी अवसरम पनु ंद काब अद नी भार्य पड़का सुखानी पनु चेसी पेटक पोते न तन प्रेम गलता मन प्रेमना व्यक्ति च पोता मनम डुम कन्नी निज वा चंद नाया ले नी कोसम नावा मी
(01:39) एडुता कानी एक शात कन्नील मी पैन मीक जाली वलन कलिगे स्वार्प कन्नील वातो गपन क्ल र् तोस्ता वारी प्रेम इ पैना मी उद अ र् वा मतो समयम डपर ता मी कोसम म डट चाला सुलभ कानी चपन वारी कोसम डट चाला कष्टम मनर प्रेमक प्रेमिना वार की बानि सलता एं बानि सलता आप प्रेम लो प्रेमिना वारिक प्रेम बड़न वार इदर की स्वे उद कानी निम प्रेम लो स्वे मात्रे उंट भयम अद प्रेम काद भद्र प्रेम काद री पैना आधार पटम प्रेम काद जाली प्रेम काद वेदना द्वेषम प्रेम काद
(02:24) प्रेम द्वेषा की व्यतिरेक काद मरी असल प्रेम ंटी अद म प्रेम प्रेम पलनी मीर प्रेमनी नम्मे नम्म कालनी पटा पंचल चंद भयाल बात भद्र जाली वेदना वीट अटनी तीते बलवंत काद लागते वर्ष पु चल्लू चाला रोजुल नंची आक मद कुरक पोई नु तुच वेस्नो अलाग मीलो पातक पोई उन सो कल्ड इमोशन तुच पारन पुड़ मी स्वच्छ प्रेम पंचन सिद्ध उं प्रेम अद परमत काद अद अनंतम अ बलवंत पिते कलिगे दि काद ओ पु परिमलम ं स्वच्छ उंटो मी प्रेम क परिमलम अंत स्वच्छ ाली पु तन डा पोए प्रति र की तन परमलाल पर मलानी पीचे
(03:13) पचने वारी इष्टम परमिला पििन वा संतोषम तो आस्वा दिस्ता प्रेम अने प्रस्तुत नक निन्न उद रेप उद केवलम प्रस्तुत मात्रे उंट सेक्स वेदना सुखम बाध्यता भयम भद्र आधिपत्य आनि सत्वम टनी मिंची चाला तुलो ंद निम प्रेम अला प्रेम द्वेषम उद संघर्षण उद केवलम स्वच्छ प्रेम मात्रे ंद अलाट प्रेम वीट अटनी दाट चस्ते ने [संगीत] कपितु

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