Subash Paalekar Exclusive Interview On Organic Foods&CM Babu,Revanth Reddy, Hotseat With VijaY Sadhu
Author Name:Dial News
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Transcript:
(00:02) भारत लो एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी व्यवसाय परशोधन को फुल स्टॉप पेट व अन्नदाता को पैसा उपयोग लेद पगा इ देश आर्थिक व्यवस्था को बुद्धि कंट [संगीत] व्यवसाय विश्वविद्यालय कला व्यवसाय परिशोध प केंद्र राष्ट्र प्रभुत्व लक्ष कोट खर्च रत पिकानी ई कोटानु कोट खर्चु य दंडगा भारतीय व्यवसाय रंगम लो भयकंपानी पुटिं ई स्टेटमेंट्स इना व्यक्ति सुभाष पालेकर प्रकृति व्यवसाय पितामगा पेना सुभाष पालेकर इन तो आले भूमिनी ट्रैक्टर तोंडी भूसारा परीक्ष बट आ पेड़ा आ मूत्र तो जीवाम तैयार च अ मात्र एक मार्ग
(00:54) सा अवसर मेरा आ संख्या लेद कदा उनवी सरप [संगीत] हाइब्रिड वित्त वगार भूमिनी विशाल तो निमार अन्नदाता आत्महत्या को फर्टिलाइजर [संगीत] कंपनी बड़ा-बड़ा कॉरपोरेट कंपनी यता कारणमो प्रभुत्व क अते स्थाई लोर अन बरगसी मरी चे प्रकृति व्यवसाय [संगीत] प्रेमिक इला संदिग्ध अवस्था जीरो बेस्ड बजट व्यवसाय मात्र में सर नदी अनारू पालेकर जीरो बेस्ड व्यवसाय अंट तक पेट तो एक रा [संगीत] सांट इंदु कोसम संप्रदाय पद्धत आचरणा रसायनालु पुरग मंद लेकुंडा सागु चटम येना प सापडू अंतर प
(01:45) प्राधान्य इट द्वारा प्रधान पटड़ी अंतर प द्वारा संपादिवू अन चप्पट मात्र में काकुंडा निरूपं प्रकृति व्यवसाय पितामहडू सुभाष पालेकर डायल न्यूज़ एक्सक्लूसिव एंड एक्सक्लूसिव इंटरवल तो जल तस मला ले पा प्रजा गोरे पत आवेद भारत देश निनाद अनदात वे
(02:32) असं परिस्थिति अन्नदात को भारत देश प्रश्न इ प्रश्न को समाधान व्यवसाय विपव पितामू सुभाष पालेकर सुभाष जी प्रणाम डायल न्यूज़ को आपका स्वागत है कुछ साल के पहले ग्रीन रिवोल्यूशन को इंडियन गवर्नमेंट्स और स्टेट गवर्नमेंट सपोर्ट करा था अभी भी आपको मदद कर रहा है। ये आपका सक्सेस है नहीं तो गवर्नमेंट का रियलाइजेशन नहीं ये मेरा सक्सेस नहीं है। गवर्नमेंट का अपयश नहीं है। ये स्थिति है स्टेज है हम कि दुनिया उस मोड़ पर अभी आ गई है। जैसे
(03:19) कि हम चाइना से 80% फर्टिलाइजर आयात कर रहे हैं। हम चाइना हैज़ बैंड तो अभी आप देख रहे यूरिया के लिए कितना धूम मचाया जी चाइना इज़ यूटिलाइजिंग एज अ वेपन तो रासायनिक खाद नहीं मिलेंगे। दूसरी बात हरित क्रांति ग्रीन रिवोशन के माध्यम से अभी दावा कर रहे हैं सरकारें कृषि वैज्ञानिक एग साइंटिस्ट इंडियन काउंसिल ऑफ एग्री रिसर्च आई दैट ग्रीन रिवोल्यूशन के माध्यम से भारत
(04:05) देश फूड ग्रेन में आत्मनिर्भर बन गया है। सेल्फ रिलायंट हम इट इज टोटली रोंग मे बी गवर्नमेंट एजेंसीज मे बी एग यूनिवर्सिटीज व्हेन दे क्लेम दैट बाय मींस ऑफ द ग्रीन रोशन इंडिया बिकम सेल्फ रिलायंट इन फूड प्रोडक्शन इज़ टोटली रोंग व्हाट इज डेफिनेशन ऑफ़ द फूड प्रोडक्शन फूड व्हाट इज फूड नॉट द वीट इज फूड नॉट द वाइट राइस इज फूड ओके फूड मींस वीट राइस मेज जोना मेज जोना बाजरा सजलू ऑल मिलेट्स ऑल पल्ससेस
(04:53) ऑल एडिबल ऑइल्स ऑल वेजिटेबल्स ऑल फ्रूट्स ऑल मेडिसिन प्लांट्स दीज़ आर द फूड दीज़ आर द फूड वी कैन से इट इज़ अ फूड वी आर प्रोड्यूसिंग सरप्लस प्रोडक्शन ऑफ द वीट व्हाइल एक्सपोर्टिंग हम एक्सपोर्ट वाइट राइस बट इट इज़ नॉट ए फूड इट इज़ नॉट अ फूड व्हेन यू ईट राइस व्हेन यू ईट वीट यू आर इनवाइटिंग द डिसीज़ बिकॉज़ आवर ब्लड इज अल्कलाइन हम पीएच वैल्यू ऑफ़ द ब्लड इज 7.4
(05:40) तो ब्लड वन अल्कलाइन फूड फीट इज़ एसिडिक हम वाइट राइस इज़ एसिडिक आवर बॉडी डज़ नॉट एक्सेप्ट बट डेबिट व्हेन वी ईट एसिडिक फूड आवर ब्लड एसिडिटी इंक्रीज ब्लड कैन नॉट डू इट्स नेटवर्क रेगुलरली सो व्हाट इज हैपन? द ब्लड डींट्रोल ऑन द बॉडी ऑर्गन्स कैन नॉट कंट्रोल एंड एट लास्ट व्हेन ब्लड बिकम एसिडिक
(06:28) ब्लड वांट टू न्यूट्रलाइज द एसिडिटी हम फॉर दैट पर्पस ब्लड वांट कैल्शियम एक्सेसिव कैल्शियम आवर बॉडी डज नॉट एक्सेप्ट ह्यूमन मेड कैल्शियम नो हम एज ए मेडिसिन सो ब्लड टेक द कैल्शियम फ्रॉम द बोनस एंड टूथ बोनस बिकम पोरस ऑस्टियोपोसिस डिसीज एंड देन कैंसर बोन कैंसर व्हेन हाइपर एसिडिटी इंक्रीज अल्टीमेटली कि कैंसर इज स्टार्ट बिकॉज़ आवर इम्युनिटी इज वेस्ट वी आर
(07:19) लूजिंग द इम्युनिटी पावर व्हेन सो वीट एंड राइस इज़ एसिडिक ओके नॉट एक्सेप्टेड फ्रॉम आवर बॉडी बाय आवर बॉडी दैट मींस व्हेन यू ईट ईट वीट एंड राइस वाइट शुगर यू आर इनवाइटिंग डायबिटीज बिकॉज़ वीट वाइट राइस वाइट शुगर इज हैविंग द ग्लाइससेमिक इंडेक्स मोर देन 80
(08:09) वी वांट बिलो देन 55 दैट मींस वी आर ईटिंग कार्बन वी आर नॉट ईटिंग प्रोटीन कार्बन मींस शुगर एक्सेस शुगर इज़ कमिंग ऑन इन द ब्लड एंड ब्लड शुगर इज़ इंक्रीज दैट इज़ डायबिटीज इवन इंडियन गवर्नमेंट इज एक्सपोर्टिंग इंपोर्टिंग हम इंपोर्टिंग एवरी ईयर 150 लाख मेट्रिक टन ऑफ द एडिबल ऑयल एवरी ईयर डोमेस्टिक कंसमशन ऑफ़ द एडिल ऑयल इज 250 लाख मेट्रिक टन
(08:56) हम वी आर प्रोड्यूसिंग ओनली 100 लाख मेट्रिक टन व्हाइल इंपोर्टिंग 150 लाख मेट्रिक टन एडिबल ऑइल एवरी ईयर मे बी अह पाम ऑयल हम् फ्रॉम इंडोनेशिया मलेशिया मे बी सोयाबीन ऑयल फ्रॉम ब्राजील एंड चाइना मे बी सनफ्लावर ऑयल फ्रॉम अ यूक्रेन एंड बेलारूस एंड रशिया इवन वही लास्ट ईयर वी हैव इंपोर्टेड 69 लाख मेट्रिक टन ऑफ द पल्ससेस दाल एवरी ईयर वी आर इंपोर्टिंग 100 लैक्स ऑफ द टन ऑफ द फ्रूट एप्पल वेस्टर्न
(09:43) एप्पल सर डे बाय डे द कैंसर नहीं व्हाट व्हाट आई एम डूइंग वी आर इंपोर्टिंग लैक्स ऑफ द डाइट फूड एंड स्पाइसेस दैट मीन वी आर नॉट सेल्फ विदा इन द फूड प्रोडक्शन बाय द केमिकल फार्म ओके इट इज़ करेक्ट हम दैट मीन व्हाट द क्लेम्स आर डन टू ट्रेन बट इन माय टेक्नोलॉजी सुभाष पाकर कृषि हम वी डू नॉट वांट सिंगल ग्राम ऑफ द केमिकल फर्टिलाइजर मैन्युअल एंड ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर नो वी डू नॉट वांट टू स्पे इंसिस्टिसाइड फंगीसाइड
(10:27) ओके वी डू नॉट वांट एनी एक्सटर्नल इनपुट ओनली 10% वाटर रिक्वायर्ड इन माइट टेक्नोलॉजी वी वांट ओनली लोकल सीड्स नॉट जेनेटिकली मॉडिफाइड सीड एंड हाइब्रिड सीड्स हम वी हैव प्रूव्ड यू कैन कम एंड यू कैन विजिट द मॉडल्स एक्सक्टली या यू हैव प्रूवन राइट यू कैन सी बीटी गॉटन हम टोटली डिस्ट्रॉयड बाय अमेरिकन पिंक बोल वर्म वाइट फ्लाई मिलीबक हम एंड डिसीज सेम टाइम आवर आवर बटी कॉटन ग्रोन इन सुभाष पले नॉट केमिकल फार्मिंग नो अमेरिकन पिंक बोलब
(11:13) नो फ्लाई नो डिसीज बिकॉज़ देयर दे दे आर लूजिंग द रेिस्टेंस पावर वी आर क्रिएटिंग द रेिस्टेंस पावर आवर क्रॉप आर सर्वाइव दे आर नॉट सर्वाइव बट वी आर नॉट डिपेंड ऑन बीटी कॉटन हम वी आर सिलेलेक्टिंग आवर ओन वैरायटीज आई हैव 10 फार्मर्स दे कलेक्ट द बेस्ट कॉटन प्लांट्स दे कलेक्ट द सीड्स एंड दे आर सोइंग द सीड वो मैं पूछना चाहता हूं सुभाष जी इंडिया पे पूरा इंडिया पे अकॉर्डिंग टू माय नॉलेज नियरली 80 लैक्स ऑफ़ फार्मर्स आर फॉलोइंग यू एंड योर सिस्टम्स योर सिस्टम बोले तो
(12:00) सुभाष पाले का कृषि का कैन यू से इज इट सक्सेस एंड बाय द सेम वे आप आपको गवर्नमेंट इंसेंटिव्स नहीं तो आपको गवर्नमेंट को सपोर्ट कर रहा है। नहीं नहीं देखिए गवर्नमेंट इसमें थोड़ा भेद है। गवर्नमेंट कैन ट्रांसफर द टेक्नोलॉजी हम अभी क्या भारतीय जनता पार्टी के जो गवर्नमेंट है गुजरात और हिमाचल प्रदेश हम उन्होंने बड़े-बड़े बड़े-बड़े शिविर लिए 10 2000 किसान आठ दिन ना सुनते थे। उन्होंने क्या किया? मेरी टेक्नोलॉजी कहां तक पहुंच गया? किसानों तक पहुंचा दिया। बट दे हैव नॉट टेकन द फॉलो अप। हम आंध्र प्रदेश चंद्रबाबू नायडू गवर्नमेंट
(12:43) लास्ट टाइम। ओके ही हैज़ फॉललोड माय टेक्नोलॉजी पर्सनली ही वाज़ इंटरेस्टेड हम चंद्रबा नायडू बट डिपेंडिंग ऑन द ब्यूरोक्रेसी दे हैव ट्रांसफर माय टेक्नोलॉजी बट नॉट टेकन द फॉलो अप हम बट एज अ मास मूवमेंट ओके वी बिकम सक्सीड इन केरला अचानंद गवर्नमेंट मार्क्सिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी गवर्नमेंट ही हैज़ फॉल माय टेक्नोलॉजी ओके कर्नाटका गवर्नमेंट है फॉलो माय टेक्नोलॉजी बट व्हाट इज़ हैपन दे आर डिपेंडिंग ऑन द बेरोक्रेसी हम एनी एनजीओस हम दे आर नॉट डिपेंड ऑन द मास मूवमेंट तो दे हैव लिमिटेशंस दे आर लिमिटेशंस व्हाट आर दोज़ लिमिटेशंस लिमिटेशंस मींस ब्यूरोक्रेटिक सेक्टर इज़
(13:26) नॉट इंटरेस्टेड हम् बिकॉज़ दे आर नॉट गेटिंग बेनिफिट्स दिस सरप्लस देयर आर सो मेनी स्कीम हम इन ब्यूरोक्रेसी देयर आर सो मेनी गवर्नमेंट स्कीम दे आर फॉलो दे आर नॉट गेटिंग टाइम इनफ टाइम दे आर नॉट दे इट इज़ नॉट देयर फॉल्ट बट दे आर लिमिटेशंस सो वी आर नॉट हां इफ एनी गवर्नमेंट विल एक्सेप्ट दिस माय टेक्नोलॉजी एंड दे विल स्टार्ट एज अ मास मूवमेंट ओके देन गवर्नमेंट विल बिकम सब्सिड सक्सीड सक्सेसफुल 100% और ओ लिमिटेशंस पे ए केमिकल कंपनीज़ का ए फेस्टिटेड कंपनीज़ का प्रचर तो कुछ ना कुछ रहता ना। नहीं वो देखिए प्रेशर रहता है आपको मालूम
(14:10) है। आप पत्रकार है मुझे मालूम नहीं है क्योंकि मैं वो देखता नहीं हूं। हम क्योंकि आप अगर किसी पार्टी के चेयरमैन हो। आपको इलेक्शन कंटेस्ट करना है। हम पैसा कहां से आएगा? कार्यकर्ता देता नहीं। कॉर्पोरेट कंपनीज़ से आते हैं। ₹1000 करोड़ आपको खर्च करना पड़ता है। कहां से आएगा? मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन आना कहां बाहर से हम अगर आप देंगे ₹1000 ₹1000 करोड़ आपको बोलेंगे ₹100 करोड़ का मुझे मुनाफा चाहिए आप मेरा काम करेगा उनका काम करेंगे बोलो जी बराबर उनका काम उनका काम करेंगे सरकार यही हो रहा है यही हो रहा है सरकार का दोष नहीं है इसमें
(14:47) ओके ये सिस्टम का दोष है [गला साफ़ करने की आवाज़] इलेक्शन कमीशन कैन डू पर ही इज नॉट डूइंग इट ओके इलेक्शन कमीशन का काम है इसको रोकने का हम वो नहीं रोक पा रहा है। सुप्रीम अथॉरिटी सुप्रीम कोर्ट हम सक्सेसफुल नहीं हो रहा है हम रोकने में क्योंकि उनके पास हजार केसेस है न्यायाधीश कम है। वो क्या करेंगे बेचारे 2020 लाख साल तक को रिजल्ट नहीं मिल सकता क्योंकि नहीं है उनके पास तो ये दोष सिस्टम का है हम
(15:31) हमें क्या करना है इस सिस्टम को उनके साथ झगड़ना नहीं है वी विल नॉट फाइट अबाउट द सिस्टम वी विल नॉट फाइट अबाउट द गवर्नमेंट कल आपके रेवंत रेड्डी जी माननीय मुख्यमंत्री जी उन्होंने बोला था ना हां बोला और मुझे बात करते हुए कहा कि सर ये हम फॉलो करेंगे। इम्लीमेंट करेंगे। मैंने हां मैंने कहा बिल्कुल करिए। लेकिन एज ए मास मूवमेंट डोंट डिपेंड ऑन द ब्यूरोक्रेसी। ओके ओके। तो बोले बिल्कुल हम बैठेंगे चर्चा करेंगे। ऐसे चीफ मिनिस्टर अगर ये मास मूवमेंट के रूप में लेते हैं ना एक चमत्कार हो जाएगा। ओके। तेलंगाना में हम चमत्कार हो जाएगा। यह होगा क्योंकि समय आ गया है। समय आ गया
(16:16) है। यानी घरघर में कैंसर है, डायबिटीज है। आपके मन में भी डर है। मैं मरूंगा तो नहीं हम है ना? और एग्री यूनिवर्सिटी का वाइस चांस है वो भी मरने वाला है कैंसर से। हम यह कंपनियां जो खाद बनाती है, सीड बनाते हैं, बीटी कॉटन यह इन कंपनी का मालिक भी कैंसर डायबिटीज से मरने वाला है। यहां पे एक मैं सवाल पूछना चाहता हूं बाल जी आप जो जो बताइए डे बाय डे कैंसर पेशेंट्स इंक्रीस हो रहा है और कैंसर भी इंक्रीस हो रहे हैं। वैसे हीच डायबिटिक का परसेंटेज डायबिटिक पेशेंट्स का भी बढ़ रहा है। ये बढ़ने का परसेंटेज में सिस्टम का फेलर है। नहीं तो ये पब्लिक का अवेयरनेस कम है।
(16:55) नहीं नहीं उनका दोष नहीं है। हम् उनका दोष नहीं है। आप जेब में पैसे हैं। ओके। भूख लगी है। खाना पकाना है। आप कहां जाएंगे? पकाना बोले तो मार्केट में जाएंगे। खाना बोले तो होटल को जाएंगे। मार्केट में जाएंगे ना। सब्जी खरीदने के लिए, दाल खरीदने के लिए। कोई इश। वहां तो केमिकल नहीं मिलेगा। हम आपका क्या दोष है? ओके। आपका क्या दोष है? और जो पैदा कर रहा है किसान उसको तो पैसा चाहिए। हम ये सिस्टम है। लेकिन जब हम अवेयर करते हैं कैंपेन के माध्यम से शिविर लेते हैं बड़े-बड़े किसानों के ओके तो वो वो केमिकल नहीं पैदा करता वो मेरी से पैदा करता है पॉइंट फ्री
(17:39) और कंज्यूमर डेढ़ गुना दाम लेकर खरीदता है क्योंकि उसको कैंसर से मरना नहीं है। ऑनरेबल नरेंद्र मोदी जी ने प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया क्या कहा कि हम दुगनी आय करेंगे किसानों की। आईसीआर को पूछा आपके पास कोई टेक्नोलॉजी है? बोले नहीं हमारे पास कोई टेक्नोलॉजी नहीं है। फिर उन्होंने ढूंढा सारे देश में कोई टेक्नोलॉजी नहीं। एक ही टेक्नोलॉजी सुभाष फिर उन्होंने मेरा लेक्चर रखा। मेरे साथ चर्चा हुई सबकी नीति आयोग के माध्यम से। फिर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्सेप्टेड माय टेक्नोलॉजी। यानी कोई भी गवर्नमेंट अगर इसको स्वीकार करती है। हम तो मदद करने के लिए तैयार
(18:16) हैं। सवाल ही नहीं है। हम फुल सपोर्ट मैं तो एक पैसा नहीं लेता मानधन। मैं मुफ्त में सेवा देता हूं। हम्म। तो वी विल डेफिनेटली विल सपोर्ट हिम बट कंडीशन एज ए मास मोमेंट। ओके। आप लोगों में जाइए, युवाओं में जाइए। उनको समझाइए। गवर्नमेंट के पास उसकी खुद की पार्टी कैडर है, एमएलए है, एमएमपी है, मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट है, सदस्य है। उनको काम में लगाइए आप। वो जाएंगे गांव में प्रशिक्षित करेंगे लोगों को। क्योंकि उनका कांटेक्ट है। हम यह मास मूवमेंट ये जरूर होगा। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, केरला और कुछ स्टेट्स आपको टेक्नोलॉजी फॉलो कर
(19:02) रहे हैं। नहीं ये जो गुजरात और हिमाचल प्रदेश बीजेपी की गवर्नमेंट है। हम जब तक अचुनानंद थे केरला में उन्होंने इसको फॉलो किया। बाद में गवर्नमेंट बदली तो छोड़ दिया। बंद कर छोड़ दिया। ये उनके डिपेंड उनकी व्यवस्था पर है। अभी चंद्रबाबू नायडू ने पिछले बार बहुत अच्छा किया। अभी कुछ नहीं है। तो यह डिपेंड ऑन द टाइम स्पेस। ये प्रॉब्लम आपका ओन स्टेट महाराष्ट्र से भी आप फेस कर महाराष्ट्र में वही हो रहा है। ये बिकॉज़ हम दोष नहीं देंगे किसी सरकार को। हम किसी भी सरकार को दोष नहीं देंगे। इसीलिए आप पूछ पूछ रहे हैं। बोल रहे हैं मास मूवमेंट आ रहा है बोल के।
(19:45) मास मूवमेंट। क्योंकि वो क्या करेंगे बेचारे? उनको तो इलेक्शन कांटेक्ट करना है ना। हम्। तो क्या करेंगे? मुझे बताइए। हम उनका दोष नहीं है। इलेक्शन आयोग का काम है कि बगैर कुछ पैसे लिए ये इलेक्शन हो सकता है। ओके। ये इलेक्शन कमीशन का काम है। गवर्नमेंट का काम नहीं है। ओके। सुप्रीम कोर्ट का काम है वाश करना। हम गलत काम हो तो उसको पकड़ना क्योंकि अथॉरिटी है वो। यह गवर्नमेंट का काम नहीं है। लेकिन दबाव डालने का काम मास्क मूवमेंट करेगा। कोर्ट में जाएगा ना वो। अच्छा कोई बात है ना? जनहित याचिका दायर करेगा सुप्रीम कोर्ट में।
(20:27) वहां चर्चा होगी। है ना? तो ये मास मूवमेंट आम आदमी बहुत कुछ कर सकता है। ओके। बहुत कुछ कर सकता है। चेंज आना बोला तो आम आदमी से आना है। आम आदमी का कर सकता है। अच्छा आप बोलते रहता है पालेकर जी। अ सेंद्री व्यवसाय इज मोर डेंजरस देन केमिकल फार्मिंग। कैसे होता? देखिए बोले तो कुछ लोग सेंद्रीय व्यवसाय में ऑर्गेनिक फार्मिंग पे विश्वास करता है ना? हम बहुत ही भ्रम में है। पूरी दुनिया भ्रम में है। शाकाहार को मानते हैं आप? हम्म। दुनिया में कितने शाकाहारी हैं? थोड़ा सा परसेंटेज है ना शाकाहार का। अभी तो बदला हो रहा है। अभी वह कितने कितने मांसाहारी है?
(21:11) हम दुनिया के 800 करोड़ लोगों में कितने मांसाहारी हो गए? कितने शाकाहारी हो गए? अंदाज हम क्या कह सकते हैं आप? कितने परसेंट मांसाहारी हो गए? कितने परसेंट शाकाहारी हो गए? आधा परसेंट तो मांसाहारी तो रहता है ना। आधा से नहीं 80 90% हम लेकिन एक भी मांसाहारी नहीं। एक भी शाकाहारी नहीं है। दुनिया में कोई हम ब्रह्म है। ओके। शाकार माने वनस्पति जन्य आहार जो पेट को लगते हैं वही खाना ओके गाय शाकारी है क्या खाती है घास खाती है हम वो आप उसके सामने दूध रखे दूध नहीं पिएगी वो घी रख के घी नहीं खाएगी कोई
(21:55) क्या खाएगी घास खाएगी आप दूध पीते हो दूध वनस्प जन्य आहार नहीं है वो प्राणी जन्य आहार है गाय प्राणी है पेट पौधा नहीं है हम ऐसा मत दूध पीते हो, घी खाते हो तो आप शाकाहारी नहीं है। मामारी लेकिन भ्रम है आपके मन में वो आपको खुद को शाकाहारी बोल रहे हो। 100% लोग शाकाहारी बोल रहे हैं। भ्रम है। अभी कुछ साल से वेगन कल्चर बोल के नहीं वो भ्रम में आ रहे हैं। हम भ्रम है। पूरा भ्रम है। पौधों को खाद चाहिए। भ्रम है। हमने सिद्ध कर दिया कोई खाद नहीं चाहिए। हम हम क्या करते हैं? वो भ्रम निकाल देते हैं दिमाग में से। मेरे आठ दिन के शिबिरे चलते हैं। पांच दिन
(22:36) के शिबरे चलते हैं। दिमाग में जो भीम भरे हैं उन लोगों ने जो सोसाइटी से जनता को लूटने का काम कर रहे हैं और अपना अमाउंट बढ़ा रहे हैं। वो लोग भ्रम फायदा पैदा कर रहे हैं ताकि आम आदमी वो खरीदे किसान खरीदे हम कि भाई यह भोजन है तेरा। हम क्या करते हैं? उसको वो भ्रम निकाल देते हैं। अपने आप वो बदलता है। मैं मैं देखिए मेरा सादा जीवन है। मैं शुद्ध शाकाहारी हूं। दूध नहीं पीता घी नहीं खाता। आप क्या खाते हैं? क्या पीते? रोटी ज्वार की रोटी हम जोना रोटी सब्जी दाल अच्छा
(23:20) ओके राइस मैं बादाम पिस्ता नहीं खाता। हम राइस नहीं खाता शुगर नहीं खाता। और मैं स्नान करने के लिए साबुन का उपयोग नहीं करता। हम ठंडे पानी स्नान करता हूं। यह दंत मंजन का उपयोग करता हूं। पेस्ट और पे ब्रश का उपयोग नहीं करता। हम कॉस्मेटिक का उपयोग नहीं करता। मैं स्वस्थ हूं। ये पॉइश्चर कपड़ा मैं पहनता नहीं। मैं सोचता हूं। यानी जो आप यह ब्रश, टूथपेस्ट और साबुन इसके लिए जो खरीद रहे हैं पैसा हिंदुस्तान के बाहर जा रहा है उसकी आवश्यकता ही नहीं है। हम
(24:04) मैं 10 घंटे बोलता हूं थकावट नहीं है। मैं बादाम पिस्ता तो नहीं खाता। कहां से आ गए? योगा नहीं करता। हम कौन सा प्राणी योगा करता है? कौन सा पंच योगा करता है? क्यों सोचता है? हम इतना बड़ा एलिमेंट हाथी ताकतवर है। क्या खाता है? बादाम पिस्ता खाता है। नहीं खाता है। मांस खाता है। दूध पीता है, घी खाता है। एनॉल एम शबरी का नहीं खाता है। कितना ताकतवर है? क्या खाता है? घास खाता है। घास में सब कुछ है। हम क्यों घी खाना है? क्यों बादाम खाना है? क्यों मसाला खाना है? हम गाय के सामने मांस की रास लगा दे। खाने को घास ना दे। मरेगा लेकिन स्पर्श नहीं
(24:47) करेगा। शुद्ध शाकारी है। आप क्या खाते हो? हम आप दोनों खाते हो। पका पका कर नहीं खाता। शुद्ध घास खाता है। एक टाइगर है उसके सामने घास की रास लगा दे। खाने को मांस ना दे मरेगा। हम लेकिन घास नहीं खाएगा। भगवान का आदेश का पालन है। ओके। आप क्या करते हो? कच्चा मांस खाने वाला मांसाहारी है। आप कच्चा मांस कोई नहीं खाता हिंदुस्तान में पूरी दुनिया में। मांसाहारी नहीं है। जो दूध नहीं पीता, घास नहीं पीता, घी नहीं खाता वो शाकारी है। हर कोई पी रहा है। पनीर खा रहा है। शाकारी कहां है? यानी भ्रम में है। हम पूरे भ्रम में है। भ्रम फैला रहे हैं। भ्रम में जी रहे हैं।
(25:32) एक्चुअली जी नहीं रहे हैं। कठपुतली बन गए हैं। कठपुतली नचा रहा है। हम नचा रहे हैं। 14 ₹16 लाख करोड़ हिंदुस्तान के बाहर जा रहा है। बी खाद और दवा के लिए हम कितना? ₹16 लाख करोड़। और जो अनावश्यक वस्तु है 16 लाख और माने एक गांव से एक एक गांव से 4 करोड़ ये एक साल में बाहर जा रहा है हम ये एक्सप्लटेशन नहीं है तो क्या है हम मुझे बताइए जब आप गांव में जाएंगे और बताएंगे इसके कोई आवश्यकता नहीं है तो गांव का पैसा कहां रहेगा गांव में रहेगा ना गांव के बाहर नहीं
(26:16) जाएगा सरकार को पैसा मांगने की आवश्यकता है नहीं है अपने ही मलबूती में गांव विकसित होगा वर्ल्ड बैंक कहां कहां की है? क्यों आवश्यकता है वर्ल्ड बैंक की? आईएमएफ कहां की? कोई किसी की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास बहुत कुछ है। अमेरिका के पास सूरज की रोशनी नहीं है। 7 महीने रोशनी नहीं मिलती। 12 मास हमारे पास रोशनी है। हम 12 मास उत्पादन ले सकते हैं। यूरोप अमेरिका में केवल चार पांच महीने फसल ले सकते हैं। हमारे पास भगवान ने सब कुछ दिया है। लेकिन ज्ञान नहीं दिया है। ज्ञान दिया लेकिन अज्ञान फैला रहे हैं लोग ज्ञान के नाम पे। पलक जी एक सवाल से खत्म करता हूं ये
(26:53) इंटरव्यू बिना पोइजनस का बिना पेस्टाइड्स का आप कमाल करके दिखाया पूरा दुनिया को आप थोड़ा सा इनकरेजमेंट दे रहा है सरकार और गवर्नमेंट्स और वहां पे ड्रॉप हो जा रहा है सोसाइटी आपसे कुछ करना चाहते हो आपसे कुछ सुनना चाहना बोले तो क्या बताते सोसाइटी को भी और सरकार को भी नहीं क्या है अगर सरकार मेरी वर्कशॉप मांगती है तो मैं देता हूं हम ना नहीं करता क्योंकि क्योंकि पैसा नहीं लेता मैं मुफ्त में सवा देता हूं। जी। कोई स्पिरिचुअल ऑर्गेनाइजेशन है वो मेरे शिविर लेना चाहता है। मैं देता हूं। सोशल ऑर्गेनाइजेशन मैं देता हूं। मना नहीं है किसी को मना नहीं। लेकिन जब
(27:34) मैं बताता हूं तो मैं सत्य बताता हूं। असत्य अनेक लोगों को मान्य नहीं है क्योंकि उनके हित खतरे में आते हैं। हम मैं जब सत्य बोलता हूं ना तो उनके हित बेनिफिट खतरे में आते हैं। तो विरोध करते हैं। मैं बोलता हूं खाद आवश्यकता नहीं है। खाद से तो पैसे मिल रहे हैं उनको। मैं बोलता हूं घी खाने की आवश्यकता नहीं है। ₹6000 घी का पैसा मिल रहा है उनको। हम तो मेरा विरोध नहीं करेंगे वो। विरोध करेंगे ना। सत्य बोलने के लिए विरोध सहन करना पड़ता है। लेकिन सत्य की जीत होती है। एक दिन सत्य सबको मालूम होता है। फिर झूठ बोलने वाला कोई नहीं जाता उसके पास।
(28:16) ऐसी बुरा दुनिया में सत्य बोलना बोले तो थोड़ा सा अरे क्यों नहीं थोड़ा सा थोड़ा सा प्रॉब्लम ही हो जाता है ना। आप आप पोइजनस पेसाइड्स के बारे में अगेंस्ट के भी बोलते हुए आपको ड्रग नहीं नहीं क्योंकि उनको मालूम है कैंसर से मरने वाले हैं। मैं उनको भी बताता हूं जो ये बी कंपनियां खाद कंपनियां दवा कंपनियां के सीईओ मेरे सामने आकर मेरा शिविर सुनते हैं। हम मालिक ये जो उस कंपनियां के मालिक सुनते हैं। मैं एक ही बताता हूं। आपको कैंसर से मरना है क्या? डायबिटी से मरना है क्या? ठीक है। आपको मरना नहीं तो मेरी विदिशा करना होगा और जो पैसा कमा रहे हो साथ में ले जाओ
(28:56) थोड़ी जा रहे हो यही रखना है हम खड़े हाथ जाओगे और आपके फोटो किसी घर में नहीं है संतों के फोटो घर में है जिसके पास फूटी कवड़ी भी नहीं है तो पैसे के पीछे लगे हो तो आप आपका तो फोटो कोई मानता नहीं आपके पीछे तो गालियां देते हैं लोग हम तो किसके लिए कर रहे हो आप जब किसी को यह लगता है अरे मैं गलत काम करता हूं अपना व्यवसाय बंद कर देते हैं हम लेकिन कुछ लोग अनेक लोग होते हैं कि नहीं पैसा ये भगवान है तो हम तो हम कुछ भी नहीं कर सकते बहुत-बहुत धन्यवाद और बहुत-बहुत प्रणाम जी आप तो डायग्नोस को इतने समय दे दिया था आपका वैल्यू मैसेज भी दे दिया था
(29:41) मेरा WhatsApp नंबर आप घोषित कर दीजिए अच्छी बात जो कि मेरे संपर्क में करने की इच्छा है तो मेरा WhatsApp WhatsApp नंबर लिखिए। अच्छी बात। ये स्क्रीन पे आपका WhatsApp नंबर है। हां 9850 वो सब इसमें डाल दीजिए। अच्छा थैंक यू। बहुत-ब धन्यवाद। थैंक यू।
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