7 Relationship Rules That Will Change the Way You Love
Author Name:Raj Shamani Highlights
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@rshamani_highlights
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=AZkGn-Wsbrg
Transcript:
(00:04) रिलेशनशिप हर दूसरे इंसान के साथ होती है। एक स्ट्रेंजर के साथ भी एक बहुत ब्यूटीफुल रिश्ता होता है। एंड मुझे लगता है रिलेशनशिप्स दो लोगों का इक्वल पार्ट है। पर चकि मैं कोशिश कर रहा हूं मेरी रिलेशनशिप बेटर करने में तो मेरा इस पे ज्यादा इन्वॉल्वमेंट है। और यही पर्सपेक्टिव आपको भी रखना चाहिए कि आप एक बेहतर पार्टनर बनो ताकि सामने वाला पार्टनर ऑटोमेटिकली आपके साथ लेवल मैच करे और आपकी रिलेशनशिप और बेटर हो जाए। अब ये सारे पॉइंट्स उसी बारे में है कि कैसे आप खुद को एक रिलेशनशिप में बेटर बना सकते हो ताकि आपकी लाइफ का जो सबसे इंपॉर्टेंट
(00:41) पार्ट है वो और ब्यूटीफुल होते जाए। तो यह पॉइंट है डोंट कमांड एंड कंट्रोल। हम हमेशा जब भी हमारे कोलीग्स के साथ रहते हैं, हमें क्या लगता है कि मैं उसको एक काम बोलूं और वो हो जाए। हम जब भी किसी को लीड करने की कोशिश करते हैं लाइफ में तब हमें क्या लगता है यह मेरी बात सुन ले और हो जाए। हम हमेशा कमांडिंग और कंट्रोल मोड में होते हैं। एंड अगर हमें किसी से कुछ काम करवाना है और वो रिलेशनशिप अच्छी भी चलानी है तो हमें कमांड और कंट्रोल मोड ना छोड़ना पड़ेगा। हमें क्वेश्चन एंड सपोर्ट मोड पर जाना पड़ेगा। फॉर एग्जांपल अगर मेरा एक एंप्लई है और मैं उसे हर बार
(01:14) सिर्फ यह बोलता हूं कि यार यह सेल नहीं हो पाई मुझे अब सेल करके दे। यह वीडियो अच्छा नहीं आया मुझे वीडियो अच्छा बना के दे। अरे ये करके दे, अरे वो करके दे। तो हमेशा मैं कमांड कर रहा हूं और सामने वाले को लगेगा कि यार ये क्यों बोलता रहता है? यह क्यों इरिटेट कर रहा है? तो इसलिए मैं 90% ऑफ द टाइम्स क्वेश्चंस पूछूंगा या सपोर्ट करूंगा। तो मान लो मुझे मेरी सेल्स बढ़ानी है तो मैं उसे इंस्टेड ऑफ गिविंग एन ऑर्डर मैं उसे आर्डर देने की जगह यह बोलूंगा कि यार लास्ट मंथ की ना सेल अच्छी नहीं हुई थी बता कैसे बढ़ाएं मैंने क्वेश्चन पूछा
(01:46) या मैं ऐसा बोलूंगा कि यार लास्ट मंथ की सेल अच्छी नहीं हुई थी इस मंथ अपन दोनों मिलके ऐसा क्या करें जिससे बढ़े तेरे को अगर कुछ प्रॉब्लम भी हो ना तो मुझे बताना मैं आके करूंगा साथ में करते हैं भाई जब मैं बार-बार उसे यह रियलाइज कराऊंगा और बार-बार यह बताऊंगा कि हम दोनों साथ में यह कर सकते हैं तब उसे ट्रस्ट होगा। एंड जब वह ट्रस्ट होने लग गया तब मैं सिर्फ 10% सिचुएशन में कमांड या कंट्रोल कर सकता हूं। एंड नेक्स्ट टाइम वो मुझे डाउट नहीं करेगा कि ऐसा क्यों बोल रहा है। सो नेक्स्ट पॉइंट है डोंट हैव मीनिंगफुल कॉन्वर्सेशंस। हमें ना हर कोई यह बोल-बोल
(02:20) के प्रेशर करते जा रहा है कि डीप कॉन्वर्सेशन होनी चाहिए। मीनिंगफुल कन्वर्सेशन होनी चाहिए। वैल्यूुएबल कॉन्वर्सेशन होनी चाहिए। कुछ एक गहरा मतलब होना चाहिए कॉन्वर्सेशन का। हर किसी से एक तुम गहरी दोस्ती करो। अच्छे क्वेश्चंस पूछो, कुछ अच्छी बातें करो। क्यों? क्यों? इतना प्रेशर क्यों लगा रहे हो खुद पे? आई थिंक रिलेशनशिप बेटर करने के लिए ना रैंडम और मीनिंगलेस कन्वर्सेशन होना चाहिए। फालतू बकैती होनी चाहिए। क्योंकि जब तुम दोस्तों के साथ सिर्फ बैठे हो और यह प्रेशर नहीं है कि तुम्हें कुछ बहुत इंपॉर्टेंट बातें करनी है या बहुत
(02:55) वैल्यूुएबल बातें करनी है। तभी तो दोस्ती गहरी होती है। एग्जांपल तुम्हारे जो बचपन से फ्रेंड्स हैं स्कूल के कॉलेज के उनके साथ बैठ के कभी तुम्हें याद है कि तुमने बहुत दिमागदार वाली बातें करी है। खतरनाक बहुत इंपॉर्टेंट कि देश कैसे चलेगा? कुछ बातें करी? रैंडम सिर्फ बकवास करते हो तुम। तुम्हें यही नहीं पता आज तक कि तुमने कौन सी इंपॉर्टेंट बात करी हो या कोई इंसान भी उसमें से इंपॉर्टेंट है। तुम्हें कुछ नहीं पता कि कोई इंपॉर्टेंट बातें कर भी सकता है। तुम्हें उसकी एबिलिटी भी नहीं पता। बट वो सालों से जो तुम बकवास करते जा रहे हो
(03:28) उन बकवास के बीच में तुम लोगों का बॉन्ड इतना स्ट्रांग हो गया है कि आज तुम एक दूसरे के लिए सब कुछ छोड़ने के लिए रेडी हो। [संगीत] इतनी वैल्यूुएबल वो फ्रेंडशिप होती है। तो वो वैल्यूुएबल फ्रेंडशिप कैसे बनी? रैंडम मीनिंगलेस कन्वर्सेशंस के साथ जहां पर तुम्हें सिर्फ मजा आता था। तो इस साल ना ज्यादा मीनिंगलेस कॉन्वर्सेशंस करो क्योंकि उन मीनिंगलेस कन्वर्सेशंस में ही बहुत सारे वैल्यूुएबल रिलेशनशिप्स बन जाएंगी। नेक्स्ट पॉइंट है डोंट गिव मी सशंस। जब भी ना तुम्हारा पार्टनर तुम्हारा हस्बैंड, वाइफ, गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड, [संगीत] ब्रदर,
(04:04) मदर, फादर, सिस्टर कोई भी तुम्हारे पास आ रहा है और वो वेंट कर रहा है। वो बता रहा है कि यार उसने मेरे साथ बहुत बुरा किया। मेरा दिन बहुत बेकार गया। मेरे साथ यह हुआ, मेरे साथ वो हुआ, मेरे साथ ये हुआ। इतनी सारी प्रॉब्लम्स हो गई। बहुत सारी चीजें आके वो बता रहा है। तो उस टाइम पे ना प्लीज प्लीज उसे सशंस मत दो। उस टाइम पे उसकी बातें सिर्फ सुनो क्योंकि उस टाइम पर वो इंसान तुमसे सशंस नहीं चाहता है। वो चाहता है कि उस टाइम पर कोई उसकी बातें सिर्फ सुन ले। तो उस टाइम पे सिर्फ बातें सुनो। कोई स्यूशन देने की कोशिश मत करो। नेक्स्ट पॉइंट स्टॉप सेइंग दिस टू वुमेन।
(04:43) हम क्या करते हैं? हम बोलते हैं कि यार इतना टेंशन लेने वाली तो बात ही नहीं है। तुझे इतना टेंशन लेना ही नहीं चाहिए। यार तुझे ऐसा फील ही नहीं करना चाहिए। यू शुड नॉट फील दिस वे। यह गलत सोच रही है। ये गलत फील कर रही है तू। हमें यह सब बोलना छोड़ना पड़ेगा। बिकॉज़ हम कैसे डिसाइड कर सकते हैं कि उसे क्या फील हो रहा है? उसे कितना टेंशन लेना चाहिए या यह कितनी बड़ी बात है? हम डिसाइड नहीं कर सकते। और जब भी हम यह बोलते हैं ना कि तुझे ऐसा करना चाहिए, ऐसा नहीं करना चाहिए और ऐसा फील नहीं करना चाहिए। उस टाइम पर टेक्निकली हम उसे बता रहे हैं कि उसकी फीलिंग्स की कोई
(05:16) वैल्यू नहीं है। वो जो समझाने की कोशिश कर रही है हम उसे रिपेल कर रहे हैं। हम उसे समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मे बी वो बात बहुत छोटी हो। बट उस टाइम पे हमें वो समझने की कोशिश करना पड़ेगा कि उसके लिए वो बात कितनी बड़ी है या छोटी है। तो स्टॉप सेइंग दिस टू वुमेन एंड स्टार्ट अंडरस्टैंडिंग [संगीत] देम इन अ बेटर वे। ये सेंटेंसेस ना अपनी डिक्शनरी से निकाल दो। अब लड़कों का पॉइंट हो गया। तो नेक्स्ट पॉइंट इज फॉर ऑल द वुमेन। स्टॉप सेइंग दिस टू मेन। तुम लोग क्या करते हो? तुम बोलते हो कि यार मैं तो तेरी प्रायोरिटी ही नहीं हूं। तेरे दोस्तों के
(05:50) लिए तेरे पास बहुत टाइम है। व्हाट अबाउट मी? यार यू शुड नॉट वर्क दैट मच। इतना सारा काम करेगा। मुझे तो प्रायोरिटी लिस्ट में तूने कहीं रखा ही नहीं है। दिन भर काम ही करता रहता है। मुझे प्रायोरिटी नहीं देता है। यार तुम ना इन लोगों से बात मत किया करो। ये लोग तुम्हारे लिए अच्छे नहीं है। इससे दोस्ती क्यों कर रखी है? इससे क्या मतलब है? इसको क्यों करना? स्टॉप डूइंग दी थिंग्स। यह सब बातें बोल के आप मेन को फील करवा रहे हो कि यू आर ट्राइंग टू कंट्रोल देयर लाइफ। आप उन्हें बताने की कोशिश कर रहे हो कि किन लोगों के साथ उन्हें घूमना चाहिए। किन लोगों के साथ
(06:20) नहीं घूमना चाहिए। किधर उनका टाइम स्पेंड करना चाहिए, नहीं करना चाहिए। काम पर कितना टाइम देना चाहिए, घर पे कितना टाइम देना चाहिए। डोंट डू दैट। टेल इट इन अ बेटर वे। नॉट लाइक दिस। जैसे ही तुम उन्हें बोलते हो कि यह करना चाहिए और यह नहीं करना चाहिए। मैन फील कि आप उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हो। [संगीत] एंड दैट्स वेयर मैन ट्राई टू गेट अवे फ्रॉम इट। बिकॉज़ मैन डू नॉट वांट टू बी इन रियली कंट्रोलोल्ड एनवायरमेंट्स। तो नेक्स्ट पॉइंट [संगीत] है नेवर क्राई अलोन। यह हम सबको ना रूल बना लेना चाहिए। हम [संगीत] सबकी सारी रिलेशनशिप्स में।
(06:55) हमारे सारे फ्रेंड्स के साथ यह रूल बना देना चाहिए कि हम लोग कोई भी अकेले नहीं रोएंगे। हमेशा हमें यह बोला जाता है कि अकेले बैठो, अकेले में रो वेंट इट आउट। नहीं, जब हम रो रहे होते हैं ना, हम सबसे वीक [संगीत] होते हैं। एट दैट पॉइंट जब हम वीकेस्ट होते हैं, जब हमें ना उस टाइम पे कोई एक साथी चाहिए होता है, कोई कंपैनियन चाहिए होता है। आप दोस्तों को यह बता दो कि भाई या बहन, मैं तेरे साथ हूं। जब भी तू रोएगा या रोएगी, तुझे मुझे या तो फोन लगाना है या मुझे बुलाना है, साथ में बैठेंगे। [संगीत] एंड जब अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तब आप
(07:29) भी दूसरों को फोन लगाओगे बिकॉज़ [संगीत] यू शुड हैव पीपल अराउंड यू। दैट्स द बेस्ट फीलिंग। और ये आज से रूल मैंने [संगीत] भी बनाया है। आप लोग भी बना लो। नेक्स्ट पॉइंट है ट्रिगरर्स आर गुड। हमें हमेशा यह बताया जाता है कि कोई सामने वाला अगर आपको बहुत गुस्सा दिला रहा है या चिढ़ा रहा है या ट्रिगर कर रहा है किसी बात पे तो बहुत [संगीत] गलत बात है। यह बहुत अच्छी बात है। बिकॉज़ ट्रिगर ना एक अपॉर्चुनिटी है [संगीत] जिस पे आप सेल्फ रिफ्लेक्ट कर सकते हो और आप यह देख सकते हो कि यार मुझे क्यों इस बात पे गुस्सा आ रहा है? मैं क्यों इस बात पे चिढ़ रहा हूं? मेरा कौन सा
(08:01) ऐसा चाइल्डहुड ट्रॉमा है जिसकी वजह से मुझे इस बात पे बहुत चिढ़ाती है। कौन सी ऐसी चीज है जो मैं खुद में फिक्स नहीं कर पा रहा हूं या खुद में ऐसे फिक्स नहीं कर पा रही हूं जिसकी वजह से मैं हर बार जब यह बात होती है तब बहुत चिढ़ जाती हूं या चिढ़ जाता हूं। [संगीत] यह एक ओपोरर्चुनिटी है। हम जब भी ट्रिगर होते हैं उसके पीछे एक बहुत बड़ा रीजन होता है कि वो बात हमें चुभती [संगीत] क्यों है? तो जब भी कोई ट्रिगर कर रहा है वो एक ओपोरर्चुनिटी है हम सबको खुद को सुधारने के लिए। तो जो [संगीत] भी आसपास आपके लोग आपको ट्रिगर कर रहे हैं उन्हें थोड़ा पास
(08:30) रखो क्योंकि वो [संगीत] आपको एक बेहतर इंसान बनाने में हेल्प करेंगे। थोड़ा सा डिफरेंट पर्सपेक्टिव है बट [संगीत] इट रियली हेल्प्स।
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