Saturday, August 8, 2026

तंत्र का संपूर्ण ज्ञान How to learn Tantra Vidya | sarp vidya kya hain? haresh tantra vigyan

तंत्र का संपूर्ण ज्ञान How to learn Tantra Vidya | sarp vidya kya hain? haresh tantra vigyan

Author Name:The Pixowl Talks

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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=GKEqqcsNrZU



Transcript:
(00:00) दो दिन वहां क्या किया जाता है? शिविर में क्या होता है? वह आपको कभी कोई नहीं बताएगा। वो गुरु मंत्र का नियम इतना खतरनाक है कि साल में केवल एक दिन के लिए मैं वो मंत्र बोलता हूं। विसर्जन होने के बाद अगर आपने मुझसे फिर कहा कि गुरु जी मुझे जरा मंत्र बता दो। मैं फिर मंत्र नहीं बताऊंगा एक साल के लिए बंद। तो छत्तीसगढ़ विद्या का बहुत नाम सुना है सर मैंने। इसके अंदर सबसे ज्यादा ना मारण के मंत्र जाता है। पर सर अगर किसी का समय ही नहीं आया और तंत्र लेके आता है समय पकड़ के। वो इतनी ताकत लोग उसकी दूसरे की टांग खींचने में लगाते हैं। उतनी ताकत अपने ऊपर
(00:37) उठाए ना वो नहीं होता उन लोगों से। तंत्र से आदमी राजा बनता है। मैंने कितने लोगों को बनाया है। मैं खुद इसका उदाहरण हूं। फिर अप्सराएं चाहिए होती है। एक आया था वो दीक्षा हो रही थी। मतलब उस दिन पहले ही दिन। बोला गुरुजी क्या मैं अप्सरा कर सकता हूं? मैंने कहा भाई थोड़ा बेसिक बेसिक कर। बोला गुरुजी थोड़ी जल्दी। मैंने कहा तू अभी जा कमरे में जा। ऐसे-ऐसे कर देना तो अप्सरा आ जाएगी। बोला सच में आ जाएगी। मैंने कहा अभी मंत्र है नहीं, क्रिया है नहीं, विधि। अगर अप्सरा आ भी गई तो क्या कहेगी? तू क्या बातें करेगा उससे? कोई जिन्न आगे खड़ा हो जाए वो सिर्फ बातें भी
(01:05) तो करनी पड़ती है। तो क्या बातें करनी है तुम्हें वो पता तो हो। चार काम होते हैं मार्केसी से। पहला काम होता है मारण करने का। दूसरा काम होता है वशीकरण करने का। तीसरा काम होता है रोगी को रोग मुक्त कर देना। और चौथा करना है किसी अच्छे स्वस्थ व्यक्ति को रोगी कर देना। मारण क्रिया के काट हो जाते हैं। लेकिन मारकेज का कार्ड नहीं होता। हरेश सर वेलकम बैक टू द पिक्स टॉक्स आदेश नमस्कार सर कैसे हैं आप? आदेश बस एकदम बढ़िया। अच्छा मेरे को ऐसा लगता है ऑडियंस ने आज आपको देख लिया फिर दोबारा बढ़िया हो जाएगी ऑडियंस क्योंकि बहुत कमेंट्स आते हैं
(01:39) हमारे पास कि सर को बुलाइए, गुरु जी को बुलाइए। क्योंकि सर हर साल देश के कोने-कोने से तांत्रिक वेट करते हैं। जो साधक होते हैं वेट करते हैं सितंबर महीने का। क्यों? क्योंकि सितंबर में हरेश जी की सर्प विद्या आती है। हां। और वो मुझे ऐसा जैसे हम भी हम ऑफ कैमरा बात कर रहे थे कि वो वर्ल्ड में कहीं भी नहीं है। वो सिर्फ और सिर्फ विद्या अगर लेनी है तो आपको सर्व विद्या केवल यही हमारे आश्रम पे ही मिलती है। आपको आश्रम ही आना होगा और आपको सितंबर में आश्रम पूरे नियम के साथ कंप्लीट। तो जो भी सर्व विद्या लेना चाहते हैं डिटेल्स आपको जो है डिस्क्रिप्शन में दे
(02:12) देंगे। सर की ऐप भी आ चुकी है। आप ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। डिस्क्रिप्शन में आपको लिंक मिल जाएगा। आज हम समझते हैं सर सबसे पहले कि सर्व विद्या है क्या? और कैसे काम करती है? किन लोगों के लिए है और कौन-कौन उसको ग्रहण कर सकता है? कौन-कौन ले सकता है, कैसे कर सकता है? छोटे-छोटे क्वेश्चन, बेसिक से क्वेश्चन और मुझे ऐसे लगता है ऑडियंस को मजा भी उसी में ही आता है जब हम बेसिक बातें करते हैं। सही बात है। तो सबसे पहले सर बेसिकली समझते हैं कि सर्प विद्या है क्या? देखो सर्प विद्या एक तरह से शावरी मंत्र हैं। इसके अंदर सारे टोटल और ये एक स्वयं
(02:44) सिद्ध विद्या है। ओके। ये गुरु परंपरा से चलती चली आ रही हैं। गुरुओं ने शिष्यों को दिया। शिष्य ने फिर इस विद्या को आगे बढ़ाया है और इसके जो मेन पावर है यह गुप्त है। इसका कहीं पर भी कोई भी विधि विधान मंत्र क्रिया यह कहीं पुस्तकों में या किताबों में कहीं पर वर्णित नहीं है और ये बहुत गोपनीय विषय है। दो दिन वहां क्या किया जाता है? शिविर में क्या होता है वो आपको कभी कोई नहीं बताएगा। अच्छा हां वो पूरे तरीके से गुप्त रखा जाता है। अच्छा बाकायदा उसको सौगंध शपथ खई खिलाई जाती है कि यहां जो भी कुछ हो रहा है वो आप कभी बाहर पब्लिकली नहीं बोलोगे तो कोई भी नहीं
(03:17) बताता। सर नहीं बोलता है कोई नहीं बोलता सबको अपनी सौगंध कसम ध्यान रहती है हिंदुस्तान में अभी सौगंधों का मान है बाकी तो देखो वही है मानने वाले के लिए सब कुछ है ना मानने वाले के लिए तो कोई नहीं है बिल्कुल सही हां तो सर्प विद्या बेसिकली साबरी मंत्र है इसके अंदर और स्वयं सिद्ध है जो सर्प विद्या को दुनिया के सारे मंत्र तंत्रों से या सारी विद्याओं से जो अलग करता है वो इसकी विशेषता है कि इसके मंत्र हैं वो स्वयं सिद्ध है। ओके मंत्र को बस आपको केवल याद करना है और मंत्र अपने प्रभाव देना शुरू कर देते हैं। मंत्र अपने काम शुरू कर देते हैं।
(03:48) ओके। और कितने मंत्र हैं सर इसमें? इसमें बहुत सारे मंत्र हैं होने के लिए। तो बहुत मंत्र हैं इसके अंदर पूरे लगभग लगभग 75 मंत्र हैं हमारे पास में उपलब्ध जो हैं। लेकिन इसके लगभग कोई 300 मंत्र हैं। कोई 500 मंत्र हैं। ऐसे मंत्र इसके बिखरे पड़े हैं। चारों तरफ सर विद्या के अंदर लगभग 300 से 500 मंत्रों के बारे में बताया जाता है कि इसके इतने मंत्र थे कभी। अभी नहीं है। अभी हमारे पास लगभग 75 मंत्र उपलब्ध हैं जो मैं इधरउधर से यहां वहां से इकट्ठा अपने पास कर पाया हूं। तो सर सर्प को क्यों जोड़ा जाता है इसके साथ? क्योंकि जब भी हम नाम सुनते हैं सर्प विद्या तो
(04:19) दिमाग में यही आता है कि सांपों का यूज़ करके या फिर कुछ ना कुछ तो कनेक्शन नहीं ऐसा कुछ नहीं है। असल में इस विद्या का नामकरण भी लगभग हमने किया है सर विद्या का जो है एक्चुअली इसके अंदर जो मंत्र है इसके जो शुरुआती मंत्र हैं या सर्व विद्या सर्व विद्या क्यों कहा जाता है कि इसमें सांप काटे का जो इलाज किया जाता है कि किसी को सांप काट ले तो उसके विष को झाड़ने के लिए जो मंत्र दिए जाते हैं इसमें 10 12 शुरुआत के वो वाले मंत्र हैं। अच्छा हां तो सांप काटे का इलाज इसका विद्या की जो मेन काम है वो सांप काटे का इलाज करना है। तो इसलिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] इस
(04:49) विद्या को सर्प विद्या कहा जाता है। और बाकी इसमें सारे तंत्र के मंत्र हैं। ठीक है। तो क्या-क्या ऐसे उसमें सांप काटे के अलावा भी क्या-क्या चीजें मतलब क्या कर सकते हैं उससे? अ लगभग इलाज का सारा काम है। आप अकेली सर्प विद्या से पूरा अपना दरबार चला सकते हैं। लोगों का इलाज कर सकते हैं। हरी बीमारी दुखारी परेशानी किसी भी तरह का है आपके पास कोई भी आता है आप उसे ठीक कर सकते हैं। अच्छा सिर्फ एक विद्या से केवल एक ही विद्या से इसके लगभग जो 75 मंत्र हैं वो 75 नहीं है। लगभग 750 तरह के एक मंत्र से अगर आप मात्र 10 काम भी कर लो
(05:21) हम और वो हम सिखाते हैं कि एक मंत्र एक एक मंत्र से किस-किस तरीके से कैसे काम लिए जाते हैं। तो एक मंत्र से अगर 10 काम कर रहे हैं तो 75 मंत्रों से 750 तरह के काम आप कर सकते हैं जो अपने आप में बहुत है। बिल्कुल आदमी इतने प्रयोग कर भी नहीं पाता और आप उसके 100 मंत्रों का एक मंत्र से 10 प्रयोग करो 20 प्रयोग करो मंत्रों को अपडेट करना है। मंत्रों के साथ छेड़खानी करनी मंत्रों को चलाना है। सर्व विद्या की बहुत स्पेशल पावर्स हैं। आप सर्व विद्या लेने के बाद कोई भी मंत्र को यूज़ कर सकते हैं। दुनिया से कहीं से कोई भी शाबरी मंत्र चला सकते हैं। किताब
(05:49) से मंत्र उठा के चला सकते हैं। नेट से आप मंत्र लेके चला सकते हैं। सर विद्या लेने के बाद में आपको अधिकार मिल जाते हैं इस चीज के। कोई भी मंत्र कैसा भी मंत्र आप चला सकते हो। ठीक है? बहुत विशेष पावर्स आपको प्रदान की जा करती है सर विद्या। तो सर ये सिद्ध कैसे होती है? अगर हम जैसे बेसिक कई लोग हमें देख रहे होंगे जो फर्स्ट टाइम भी देख रहे होंगे। आपको नहीं पहचानते होंगे। हमको नहीं पहचानते होंगे। तो अगर उनके बेसिक सा एक क्वेश्चन आता है कि भाई मुझको अगर सिद्ध करना है तो मैं कैसे सिद्ध कर सकता हूं। आप अपने से बता सकते हैं कि आपने इसको कैसे सिद्ध किया
(06:17) था? देखिए सर्प विद्या को सिद्ध नहीं किया जाता। ओके। ये स्वयं सिद्ध है। अच्छा। आपको हम इसके मंत्र देंगे और मंत्र को आपको बस रट्टा मारना है। याद करना है। रेडीमेड है वो। रेडीमेड है। केवल मंत्र आपको याद हुआ और बस मंत्र काम शुरू कर देगा। ओके। अच्छा। हां। बस कहीं भी आप फूंक मार दो, किसी भी काम में फूंक मार दो, कंकड़ी फेंक के मार दो। बस छोटे-छोटे वो हैं। बस काम हो जाता है कि मान लो कहीं पे सांप है। हम और आपने कंकड़ी मंत्र पढ़ के उसकी तरफ फेंक दी। हम उसके आसपास कंकड़ी गिर जाएगी। सांप वहीं की वही बंध जाएगा। सांप को बांधने का
(06:48) मंत्र हमने चलाया तो बंध जाएगा। एक मंत्र होता है कि अगर मैं यहां बैठा हूं और मैंने ऐसे इस दिशा में कंकड़ी फेंक दी तो अगर मैंने बोल दिया चार कोस चार कोस मतलब लगभग 12 कि.मी. मान लो कि 12 कि.मी. तक के जितने भी सांप होंगे वो सारे के सारे बंध जाएंगे। अच्छा यानी कि वहीं के वहीं बैठे रह जाएंगे वो। मुझे वापस से वो खोलना पड़ेगा एरिया। अगर मैं नहीं खोलूंगा तो वो सारे सांप वहीं बैठे-बैठे ही मर जाएंगे। तो सांपों के साथ ही क्या हो रहा है सर ऐसा? ऐसा किसी भी जीव के साथ किया जा सकता है। इंसानों के साथ भी। नहीं इंसानों पर नहीं
(07:16) काम करता है ये सारा इंसानों को पैर बांधने के मंत्र अलग से उसमें मंत्र काम करते हैं जो इंसान को स्थित करते हैं उसके लिए अलग से मंत्र इसमें दिया गया है ठीक है एक्चुअली क्या है कि इस समय जैसे बरसात का मौसम है और पुराने टाइम पे ना जंगल था सांप बिच्छुओं का खतरा रहता था लोगों को कि कहीं कोई काट ना ले तो इन मंत्रों का प्रयोग किया जाता था आज लोगों को लगता है कि हो सकता है कुछ गलत हो रहा हो लेकिन एक समय की बात है जब रास्ते क्लियर नहीं थे जंगल पहाड़ ज्यादा थे उस समय जब लोग निकलते थे तो सांप कटने का डर रहता है [नाक से की जाने वाली आवाज़]
(07:43) कि रात को भी कोई काट ले तो कहां से चिकित्सा पहुंचे? तो ऐसी अवस्थाओं में कि कंकड़ी मारी बांध दिया। बांध के उधर पार पहुंचे अपने जंगल खत्म हुए। उसके बाद में फिर से वापस से मंत्र को लेके खोल दिया। खत्म हो गया। तो सांप भी आजाद हो जाते हैं। व्यक्ति भी सुरक्षित पहुंच जाता है। मंत्र इतने पावरफुल है कि अगर सांप को बांध दिया है तुमने तो उसको तुम पकड़ोगे वो काटेगा नहीं तुम्हें। अच्छा। हां। बहुत उसके पावरफुल मंत्र हैं सर विद्या के। ठीक है। तो वैसे तो सर आपने बताया कि वो जो दो-ती दिन वहां पे होता है वो बाहर नहीं बताया जाता। जी
(08:11) आप उसकी जो भी उसके जो भी हो रहे होते हैं वो नहीं तो क्या हम थोड़ा बहुत जान सकते हैं कि क्या होता है उसमें कैसे पूजा पाठ या क्या विधि होती है नहीं उसमें कुछ भी ऐसा कुछ नहीं है बस अभी हम ये बता सकते हैं कि जो इसके जो इष्ट हैं सब विद्या के जो हैं वो हनुमान जी हैं सात्विक विद्या है प्योर तरीके से कोई तामसिक विधान नहीं है बलि नहीं दी जाती कुछ वो नहीं चलता प्योर शुद्ध सात्विक विधान है और बहुत अच्छे तरीके से वो होता है ओके तो पूजा विधि वगैरह कुछ पूजा अपनी नॉर्मल पद्धति से जैसे होती है वैसे ही होती है बस उसमें कुछ ऐसा अलग
(08:41) नहीं है। बस कुछ विशेष कुछ अलग क्रियाएं हैं जिसके लिए लोगों को यहां बुलाया जाता है। उन्हें सिखाया जाता है, समझाया जाता है। कुछ अलग से चीजें होती हैं। मंत्रों को बैठने का बहुत सारी चीजें तरीके हैं जो गुप्त हैं, अलग से हैं। पर्सनली वो जब व्यक्ति जब आता है उसी वक्त दी जाती हैं। आप इतना समझ लीजिए कि सर्प विद्या का जो मंत्र है गुरु मंत्र एक गुरु मंत्र है सर्वि में हम और सारी विद्या उसी पे चलती है। ओके। वह गुरु मंत्र का नियम इतना खतरनाक है कि साल में केवल एक दिन के लिए मैं वह मंत्र बोलता हूं। यानी कि अभी हमारी 17 तारीख को यह शिविर होगा।
(09:15) 16 तारीख को लोग आएंगे। 17 तारीख को मैं दोपहर में सुबह शक्ति का आह्वान अपनी का करूंगा। सितंबर आवाहन करने के बाद 17 सितंबर को मंत्र बोलूंगा। ओके। 18 तारीख को शाम को लगभग मैं शक्ति का विसर्जन कर दूंगा। ओके। विसर्जन होने के बाद अगर आपने मुझसे फिर कहा कि गुरु जी मुझे जरा मंत्र बता दो। मैं फिर मंत्र नहीं बताऊंगा। एक साल के लिए बंद पूरा। अच्छा। अच्छा। विद्या देने के बाद भी तुमने अगर मुझसे पूछा कि गुरु जी मुझे गुरु मंत्र बता दो मैं भूल गया हूं। मैं नहीं बता सकता। तो क्या उसको रिकॉर्ड किया जा सकता है? नहीं। गुरु मंत्र इसका रिकॉर्ड नहीं किया
(09:48) जाता। गुरु मंत्र को लिखा नहीं जाता। गुरु मंत्र की ऑडियो नहीं बनाई जाती। उस उस एक दिन में आप जितनी मर्जी बार बोल सकते हैं। हां। एक दिन में आपको हजार बार मैं उस वो सिखाने की जिम्मेदारी मेरी है। वो मैं सिखाता हूं। एक-एक बंदे को पूछता हूं। हजार आदमी आएंगे मेरे पास तो हजार आदमियों को एक-एक बंदे को पूछूंगा मंत्र याद हो गया है कि नहीं वैसे हो जाता है आठ आठ सात सात साल के बच्चों ने भी याद किया है कोई प्रॉब्लम नहीं है सारे बुजुर्ग बुजुर्ग लोग हैं अनपढ़ लोग हैं वो भी याद कर लेते हैं रट्टा मरवाते हैं हमारा काम है वो दो दिन वहां पे मंत्रों को याद किया
(10:17) जाता है धुआंधार याद किया जाता है वो मेन सब्जेक्ट है अच्छा गुरु मंत्र दोबारा नहीं बताया जाता फिर एक साल के बाद ही वो मैं मंत्र बताऊंगा वही तो मैं सोच रहा हूं कि अगर कोई भूल गया गलती से भूल गया तो फिर भूल गया नो ऑप्शन सर वहां आने से पहले उनको कोई तैयारी करके आनी पड़ती है या फिर तैयारी कुछ नहीं है। ऐसा विशेष कुछ नहीं करके आना है क्योंकि इसमें बैठक नहीं होती है। इसमें आसन नहीं लगाया जाता। इसमें कोई जाप नहीं किया जाता। इसमें कोई पूजा नहीं की जाती। इसमें कुछ नहीं किया जाता विद्या में। 510 मिनट का एक छोटा सा प्रक्रिया
(10:45) होती है। वो आप बस कर लेना है। बस खत्म हो गया। और वो भी हफ्ते में एक दिन। अच्छा। रोज नहीं करना है। घर में रोज पूजा नहीं करनी। घर में कोई मंदिर नहीं जलाना। घर में कोई दिया अगरबत्ती नहीं जलानी। विद्या के बाद में आपको कुछ नियम नहीं है। हफ्ते में एक आप व्रत रख लीजिए या शनिवार का या मंगलवार का हनुमान जी का और एक ज्योत आप कर लीजिए। बस हो गया खत्म। इतना ही काम है मेन तो। और सर यह किन लोगों के लिए है? मतलब कि हम जैसे नॉर्मल मेन भी कर सकते हैं या फिर वही लोग कर सकते हैं जो तंत्र से जुड़े हुए हैं। सर्प विद्या कोई भी आम आदमी के लिए बनाई
(11:15) गई है। ये बिल्कुल ग्रामीण विद्या है। देहाती विद्या है और बिल्कुल जो आदमी बिल्कुल गांव देहात का है वो ये विद्या ले सकता है। पढ़ा हुआ है तो अनपढ़ है तो विकलांग है तो भी ये मंत्र बहुत अच्छे से काम करता है। और अगर किसी के पास गुरु नहीं है। गुरु गुरु नहीं है तो मंत्र मिलेंगे ही नहीं। सवाल ही नहीं पैदा होता उसको फिर मिलेगा कहां से मंत्र ही नहीं मिलेगा गुरु मंत्र नहीं मिलेगा तो सर विद्या करेगा कहां से तो पहले फिर उसको अपने गुरु सिद्ध करने होंगे देन फिर उसके बाद विद्या लेगा या फिर डायरेक्टली वो आपसे विद्या लेने आ सकता है
(11:44) डायरेक्ट विद्या लेने आ सकता है और गुरु की जरूरत नहीं है आप डायरेक्टली मेरे पास आ रहे हो तो मैं ही गुरु हो गया आपका पूरा मैं ही आपको मंत्र दूंगा मैं ही आपको विद्या सिखाऊंगा सारा कुछ एक्स्ट्रा गुरु की जरूरत नहीं है इसमें कोई भी मंत्र आपके पास सिद्ध होना नहीं चाहिए कोई कुछ किसी चीज की जरूरत नहीं है जैसे सर विद्या पे बहुत सारे नए लोग आते हैं लगभग बहुत आते हैं 100 200 लोग तो नए आते आते हैं और नए लोग आते हैं। उनकी दीक्षाएं भी उसी दिन होती हैं। नए लोगों की जो हम तंत्र की दीक्षा देते हैं। तंत्र दीक्षाएं नई प्रदान करते हैं और सर्व
(12:12) विद्या भी उसी दिन प्राप्त कर लेते हैं वो लोग। उसी दिन दिया जाता है सारा। नए लोगों को विद्याएं प्रदान दोनों चीजें दी। तो इसमें जो मंत्र है सर उसमें जैसे उतारा का उतारा का चीजें होती है ये सब चीजें भी होती है इसमें इलाज का जैसे भूतों का प्रेतों का इलाज करना उतारा करना लोगों को ठीक करना झाड़फूंक करना और किसी की विद्या है कोई तांत्रिक है उसने कुछ कर दिया है तो उसकी विद्या को बांध देना है इसमें एक बहुत प्यारा छोटा सा मंत्र होता है कि अगर वो मैंने पढ़ के फूंक दिया आपकी तरफ तो आप कितने भी बड़े तांत्रिक हो कितने भी मंत्र
(12:40) चलाओ तंत्र चलाओ क्रिया चलाओ भूत छोड़ो शक्ति छोड़ो कुछ भी असर नहीं करता अच्छा 24 घंटे के लिए लगभग लगभग वो बंदा हैक हो जाता है। हैंग हो जाता है एकदम बिल्कुल। अच्छा कोई भी विद्या, कोई मंत्र उसका काम नहीं करता। और चाहे कोई कितना ही बड़ा तांत्रिक हो। ओके। वो तुरंत सब पे काम करता है 100%। ओके। ओके तो जैसे अभी आपने बताया कि एक दिन के लिए आप अपनी शक्ति का आह्वान करते हैं तो क्या ऐसे और भी एंटिटीज का यहां पे आह्वान होता है या फिर एक ही शक्ति आती है। अच्छा हां शक्तियां हैं आती है उनका आह्वान किया जाता है और कुछ चीजें प्रयोग है कुछ गुप्त
(13:12) हैं वो उसी दिन केवल जब बाकी है सर्व विद्या का उसी को ही समझ में आता है। ऐसी गुप्तता के भरोसे पे मंत्र चल रहे हैं। हमारे यहां दो विद्याएं ऐसी हैं जिसके लिए हम लोगों को यहां बुलाते हैं अपने पास में। सर विद्या कभी भी ऑनलाइन नहीं दी जाती। चाहे कोई मुझे 10 लाख का ऑफर करेगा ऑनलाइन नहीं मिलेगी। सर विद्या कभी भी एक साथ तीन साल की दी जाती है। ये पहली साल, दूसरी साल, तीसरी साल। तो तीन साल में भी ये विद्या कभी ऐसा नहीं है कि इसका इकट्ठा दे दिया जाए। एक साथ भी नहीं दी जाती। अच्छा। ये एक साल की याद दी जाएगी। फिर अगली साल,
(13:42) दूसरी साल फिर दी जाएगी। तीसरी साल की, फिर तीसरे साल में दी जाएगी। 3 साल कंप्लीट होने के बाद में इसको पूरा का पूरा बाकायदा एक सील्ड प्रदान करते हैं। एक सर्टिफिकेट हम लोग प्रदान करते हैं। पूरा हमने इसका वो बना रखा है। मान सम्मान के साथ सारे लोगों के बीच में वहां पे मंच पे बुला के ससम्मान उसको सर्टिफिकेट वगैरह प्रदान किए जाते हैं सारे। मैंने फोटो देखी थी आपके अभी बीच में आपने लगा रखे थे। अभी हमने गुरुगद्दी प्रदान की है। गुरु पूर्णिमा पर लोगों को बाकायदा सबको सब सम्मान बुला के मंच पे बुला के सारा सम्मान सहित गुरु गद्दी प्रदान कीजिए।
(14:10) आशीर्वाद दे रखा है। अभी वो लोग अपना अपनी-अपनी जगहों पे गदियां लगा रहे हैं, इलाज कर रहे हैं और शिष्य बना रहे हैं, दीक्षा बना रहे हैं। विद्या का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। मैं तो सोच रहा था सर आपकी ऐप आ गई है तो ये मुझे ऑनलाइन मिल जाएगी। नहीं नहीं सर विद्या ऑनलाइन नहीं मिलती। सर विद्या का कोई भी ऑप्शन नहीं है इस दुनिया में। तो सर अगर देखिए सर्व विद्या तो अभी हमने समझी और मुझे ऐसा लगता है कि उसकी जितनी भी चीजें हैं आपने ऑलमोस्ट कवर की है। तो अगर मैं एक चीज और समझना चाहता हूं जो अभी आपने नाम लिया गुरुगद्दी जो ये गुरुगद्दी का प्रोसेस है ये कैसे सर?
(14:43) क्योंकि इसका नाम मैं बहुत बार सुनता हूं। बहुत लोगों के मुंह से सुनता हूं। पर मुझे आज तक पता नहीं है कि ये गुरु गद्दी मिलती किसको है। क्या मैं चाहूं मैं जबकि तंत्र से कहीं से कहीं भी नहीं कनेक्ट। तो गुरुगद्दी का अर्थ होता है कि गुरु द्वारा परमिशन दे दी जाती है कि अब तुम शिष्य बना सकते हो। अब तुम गुरु परंपरा को आगे बढ़ा सकते हो। किसको मिलता है सर? यह ये उस आदमी को मिलता है जो योग्य होता है। जैसे हमने [नाक से की जाने वाली आवाज़] अपने यहां नियम निकाला हुआ है कि हमारा कम से कम दो या तीन साल पुराना शिष्य होना चाहिए जिसके पास सर्प विद्या होनी चाहिए
(15:16) और गुंजी विद्याएं होनी चाहिए और बहुत सी विद्याएं होनी चाहिए। तंत्र मंत्रों का जानकार होना चाहिए। क्रियाएं जाननी चाहिए। शक्तियों के सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। ऐसे लोगों को जो योग्य लोग हैं उन्हीं लोगों को हम लोग गद्दियों पे बिठाते हैं। गुरु गदियां जो हम प्रदान करते हैं। क्योंकि कल कोई तुम्हारे पास मरीज आया तुम भूत उतारने बैठे। तुमसे मंत्र है ही नहीं। तुम्हारे पास भूत उतारोगे क्या? कल कोई शिष्य आया उसने तुमसे कुछ पूछा। अब तुम्हें जानकारी नहीं है। तुम क्या बताओगे? हम ऐसे आदमी को गुरु बनाने का कोई अर्थ नहीं है। तो हम लोग पूरे योग्य लोगों
(15:45) को या जो लोग पहले से ही गद्दियां जिनकी चल रही हैं उन लोगों को गद्दियों का हम लोग आशीर्वाद देते हैं। इलाज की गद्दी भी दी जाती है। अगर फर्स्ट में हम लोग क्या करते हैं? पहली साल वालों को इलाज की गद्दी प्रदान कर देते हैं। हमारा कहना है कि पहले आप इलाज करना सीखो। लोगों का भला करो। थोड़ा पुण्य इकट्ठा कर लो और इलाज करो। इलाज में क्या होता है कि वो लोग सीखते हैं समझने को मिलता है केस कैसे हैंडल करने हैं कैसे धीरे बोध दिया जाता है इसके बाद फिर अगली साल या उससे अगली साल में फिर हम लोग उनको गुरुग्दियां प्रदान करते हैं।
(16:12) ओके ओके हां तो धीरे-धीरे स्टेप बाय स्टेप हमारे यहां पे पूरा अच्छे तरीके से समझाया जाता है। कराया जाता है। पूरा इसके ग्रुप्स बने हुए हैं। ऑलरेडी लोगों को गाइड किया जाता है कि किसी को अगर मंत्र देना है तो कैसे मंत्र दिया जाता है? गुरु का क्या कर्तव्य होता है? कैसे शिष्य का ध्यान रखना है? कैसे इसको सिक्योर करना है? भूत से कैसे बचाना है? शक्तियों से कैसे बहुत सारी चीजें हैं वो फिर बताई जाती हैं। हां ऑब्वियसली अगर कहीं शिष्य फंस गया और गुरु ही उसके योग्य नहीं है। गुरु उस योग्य नहीं है तो फिर ऐसे कई बार होता है मेरे पास में अभी एक शिष्य था वो
(16:42) आया था वो कहीं था बेचारा कहीं से बाहर से तो आके बैठा और बोला कि गुरु जी मैं कहीं गया था। उन्होंने मुझे मुंजे की साधना दे दी। मैंने मुंजा साधना किया। मुंजा आगे खड़ा हो गया। अच्छा मुंजे ने उसको पैसे पैसे भी ला के दिए। हम अब उसके गुरु गुरु जी को वो फोन लगाए। गुरु जी से बातें करे कि गुरु जी मुंजा आके खड़ा है। गुरुजी को कुछ पता ही नहीं था कि अब करना क्या है? बातें कैसे करनी है। वचन कैसे लेने है वगैरह वगैरह। अब गुरु जी अटक गए वहां पे तो चेला कह रहा कि गुरुजी वो काफी आता रहा। मैं गुरुजी से पूछता रहा। गुरुजी ने कुछ बताया ही नहीं।
(17:10) गुरुजी ने कुछ बोला ही नहीं। फोन उठा लेते बातें नहीं होती। कभी कुछ हो जाता तो वो गुरु जी वो चला गया। अब वो यहां आया आकर के मुझसे बातें हुई। कि गुरु जी ऐसे-ऐसे मैं वहां से आया हूं कहीं से। तो मैंने उससे बातें की। मैंने कहा भाई क्या मंत्र था? तो उसने मंत्र सुना। मंत्र तो मेरा ही था। अच्छा [हंसी] ये मैं आपको एक और पर्सनल बात बता हिंदुस्तान में लगभग लगभग मैं पिछले जब से सोशल मीडिया 2016 से सोशल मीडिया पे मैं एक्टिव हूं तो लगभग सबसे पुराने गुरुओं में हूं सोशल मीडिया के मैं तंत्र सिखाने के मामले में तो अभी जितने भी गुरु और जो बैठे हैं वो चाहे मेरे से
(17:42) दीक्षित हो चाहे नहीं हो डायरेक्टली मुझसे जुड़े हो या नहीं जुड़े हो इनडायरेक्टली वो साधनाएं मेरी ही करा रहे होते [हंसी] हैं वो या मेरे शिष्यों के शिष्य हो चुके हैं या बहुत सारे मेरे ही शिष्यों के शिष्य बहुत फैल गए हैं बहुत ज्यादा लगभग 38 4000 लोग हो गए हमारे ये परिवार बहुत बड़ा हो गया। तो शिष्यों के भी शिष्य हैं बहुत सारे। मुझे भी नहीं संपर्क में रहता है कि कौन क्या है। लेकिन ज्यादातर जो लोग गुरु बड़े गुरु जो बैठे हुए हैं वो भी मेरी ही साधनाएं करवा रहे हैं। उसने मुझे मंत्र सुनाया। बोला कि गुरु जी ये मुंजा का मंत्र है। मैंने कहा ये तो मेरा ही मंत्र
(18:10) है। पर कोई नहीं अब तूने किया है तो अब उसको फिर दोबारा से हम दीक्षा वगैरह दी। उसको हमने कहा मैंने कहा एक महीना बेसिक करो। तो उसमें सारी चीजें सिखाएंगे। उसको शक्तियों से वचन कैसे लिया जाता है। हम बच्चे को पहले ही तैयार कर देते हैं। ओके। बच्चे को पहले ही तैयार कर देते हैं ताकि कल इमरजेंसी में बाय चांस हमारा फोन ना उठ पाए कोई बात आ जाए तो बच्चा खुद से हैंडल कर ले हम वैसे ऐसी स्थिति कभी आती नहीं है लेकिन फिर भी हम बच्चे को अपनी तरफ से तैयार करके रखते हैं पूरा तो एक-एक चीज सिखाते हैं बताते हैं तंत्र का बेसिक हमारे यहां
(18:38) करवाया जाता है उस बेसिक में सारी चीजें क्लियर करवा दी जाती है क्या-क्या होता है सर बेसिक तो जैसे आपका जो ऑनलाइन पे है बेसिक वैसे ही होता है या फिर कुछ अलग बेसिक में ऑनलाइन में है ऑनलाइन में थोड़ा सीमित है और जब मैं बोलता हूं तो पता पता नहीं मुझे कौन सी बात याद आ जाए, कौन सी चीज घटना याद आ जाए तो मैं उसको भी उस समय बोल डालता हूं। तो पूरा लगभग लगभग 7 आठ घंटे चलता है बेसिक पूरा कंप्लीट। पूरा कंप्लीट जो हमारा बेसिक होता है। लगभग जैसे हमने 10 तारीख को दीक्षा दी तो 11 तारीख को बेसिक होता है। 20 को दीक्षा दी 21 को उसका बेसिक होता है। 30 को दीक्षा
(19:09) दी तो 31 को बेसिक होता है। 31 का महीना नहीं है। 30 का महीना है तो एक तारीख को बेसिक होता है। दूसरे दिन अगले दिन बेसिक होता है। हमेशा हमेशा ही होता है। और एक्स्ट्रा ₹3000 का शुल्क है उसका। ₹3100 का दीक्षा का शुल्क ₹3000 उसका है तो टोटल ₹6100 में बंदे का रहना, खाना पीना, 2 दिन का रुकना, दीक्षा और बेसिक सारा उसी में कंप्लीट हो जाता है। इसके इतने लाजवाब लाभ हैं कि जो बंदा बेसिक कर लेता है उसके सारे सवाल दिमाग से खत्म हो जाते हैं। हर चीज प्रैक्टिकल करवा देते हैं। पूरी पूजाएं विद सामग्री एक-एक बंदे को सामग्री देते हैं।
(19:43) पूरा छह देवताओं का गुरु, गणेश, इष्ट, कुल देवता, पितृ, स्थान देवता इन सब का आवाहन करना, इनका पूजन करना, इनका संकल्प करवाना, शक्तियों का विसर्जन करना और ये पूजा का जो पूरी पद्धति है, भोग कैसे दिया जाता है, अगरबत्ती कैसे निवेदित करते हैं, दिया कैसे निवेदित करना है, वो सारी चीजों का प्रैक्टिकल करवाया जाता है। ओके? फिर साधना वाला जो चैप्टर आता है, इसमें हम बताते हैं कि कोई शक्ति आगे खड़ी हो जाती है तो उससे बातें कैसे करनी है। क्या-क्या बातें कर सकते हैं? क्या-क्या संभावनाएं होती हैं? शक्तियां किस तरीके से तुमसे बातें करती हैं। उन सब के बारे
(20:13) में पूरी डिटेल में चर्चाएं चलती हैं। और शक्तियों के डरावने जो अनुभव होते हैं वह कैसे हो सकते हैं? या प्रेत कैसे अनुभव करवा सकते हैं? अप्सराएं किस तरह के अनुभव करवाती हैं? यक्षिणियां बहुत एंटिटियों के बारे में ये जानकारियां दी जाती हैं। किस-किस तरीके के अनुभव होते हैं? वचन कैसे लिए जाते हैं? स्थान वगैरह कैसे देना है? उन सारी चीजों पे खुली चर्चाएं चलती हैं। लगभग 7 आठ घंटे चलता है। बहुत उस दिन मुझे बहुत बोलना पड़ता है। बहुत बोलना पड़ता है। हां 7 आठ घंटे का बोलना होता है उस दिन पर डे का। सुबह से शाम हो जाती है कंप्लीट। और तीसरे में हम यह बताते हैं कि
(20:44) लोगों को इलाज कैसे करते हैं? झगड़ा कैसे दिया जाता है? बंधन कैसे खोले जाते हैं? व्यक्ति के बंधन कैसे खोलते हैं? किसी ने दुकान को बांध दिया, घर को बांध दिया, कारोबार को बांध दिया। नहीं चल रहा है। उसका कैसे बंधन खोला वगैरह जाता है? और इलाज वगैरह कैसे करने हैं? उतारे खासतौर से किस तरीके से किए जाते हैं। उन सब के बारे में उतारों को बाद में क्या किया जाता है? उस सब के बारे में पूरी विस्तार से सारा प्रैक्टिकल करते चले जाते हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और गंडा वगैरह कैसे बनाए जाते हैं? धागे कैसे दिए जाते हैं? वस्तु को कैसे आमंत्रित किया
(21:12) जाता है? पानी कैसे पढ़ाया जाता है? वो पूरी सारी चीजों के प्रैक्टिकल। तो एक बार में बच्चा लाइव देख लेता है आंखों से बैठ के। सारे सवाल उसके खत्म हो जाते हैं। लाइफ टाइम की टेंशन खत्म परमानेंट। लाइफ टाइम की टेंशन खत्म पूरे और बहुत अच्छा और बहुत बेहतर रहता है ये विकल्प। हम अच्छे से तो सर बेसिक की बात हो रही है तो आपकी अभी एक नई किताब भी आई है बेसिक का पार्ट टू तो आपकी इन किताबों से कोई क्या सीख सकता है? देखिए किताबें अपने स्तर पे काम करती हैं। प्रैक्टिकल अपने स्तर पे काम करता है। थ्योरीज और प्रैक्टिकल में जो जो फर्क है
(21:41) वही है लेकिन किसी जैसे कोई व्यक्ति बाहर है विदेश में बैठा हुआ है वो नहीं आ पाता है। या कोई कहीं बाहर है कर्नाटक में है या मुंबई में है एक्स व जेड कहीं कहीं दूर है वो नहीं आ पाता है। तो ऐसे लोगों के लिए हमने पुस्तकें बनाई हुई हैं कि आप अपनी पुस्तकें मंगा लो। तो अभी बेसिक की हमने दो पुस्तकें लिखी हैं। बेसिक पार्ट वन, बेसिक पार्ट टू। जी। दोनों पुस्तकों में हमने पूरी विस्तार से सारी पद्धतियां दे रखी हैं। जिस चीज की हम प्रैक्टिकल करवा रहे हैं वो सारी किताबों में दे रखा है ऑलरेडी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप किताबें
(22:06) पढ़ सकते हैं। समझ सकते हैं। कोई अटकता है, कोई समझ में नहीं आता है। आप हमसे सीधा डायरेक्टली मैसेज करके पूछ सकते हैं कि गुरु जी इस चीज का क्या मतलब है? क्योंकि किताबें मेरी लिखी हुई है। मैं सारी विस्तार से समझाता रहता हूं। तो उससे समझ में लोगों को आ जाता है। हमारा काम है कि जो नॉलेज है वो पूरे एक्यूरेट आपको समझ में आनी चाहिए। आपको समझ में आएगी तो आप आगे किसी को समझा पाओगे। विद्या फैल पाएगी, बेहतर तरीके से चल पाएगी जैसे चलनी चाहिए। अब वापस आए थे सर सर्व विद्या के ऊपर। तो जो लोग सर्व विद्या सीख रहे हैं मान लीजिए
(22:35) उनसे कुछ गलती हो जाती है या उसको अगर वो किसी गलत तरीके से यूज़ करना चाहे तो क्या उसके दुष्परिणाम भी उन्हें देखने को मिल सकते हैं। नहीं सर्व विद्या के कोई दुष्परिणाम नहीं होते हैं। खासतौर से वो कर्म का दंड है कि आपने किसी के साथ अहित किया है वो ईश्वर जाने बोथ में तो हम कुछ नहीं कह सकते। लेकिन स्पेशली सर्व विद्या का कोई दुष्परिणाम नहीं है [नाक से की जाने वाली आवाज़] क्योंकि वो मांत्रिक विद्या है। उसमें कोई एंटिटी को सिद्ध नहीं किया जाता। उसमें कोई भूत या प्रेत या जिन खबीश नहीं सिद्ध होते हैं। वो बस मंत्र मंत्र होते हैं। टोटल मंत्रों
(23:01) को बस याद करना है और काम में लेना है। कोई भी कैसा भी व्यक्ति मंत्र चला लेता है। मंत्रों को याद करना है चलाना है। बस इतना काम है। तो सर आपने अभी बताया कि बेसिक पे जब आप बेसिक कराते हैं तब उस वक्त पे आप एक्सपीरियंस भी कराते हैं। हां। मतलब प्रेत का नहीं। किस चीज का? पूजा का पूजा का एक्स हां जो पूजाएं होती है उसके पूरे प्रैक्टिकल [हंसी] पूजा के पूरे प्रैक्टिकल करवाए जाते हैं। बेसिक पूजा का होता है ना वो तो फिर एडवांस लेवल हो गया। अगर जिन्न आगे खड़े हो गए बातें होने लग गई तो फिर तो वो तो एडवांस लेवल हो गया वो मुझे तो लगा कि
(23:32) बेसिक कुछ जिन्न विन का या फिर अप्सरा बेसिक नहीं रहा। मतलब हम वो क्या बातें करती हैं? किस तरीके से बातें होती हैं? उनसे क्या-क्या वचन वगैरह लिए जाते हैं? उसकी विस्तार से चर्चा मैं ही करता हूं। कभी-कभी ऐसा हुआ है कि किसी ने आपसे बोला हो कि सर हमें देखना आपने बोला में दिखाता हूं। नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं होता। ये सब इतना आसान नहीं होता है तंत्र में कि शक्ति अब मेरी सिद्ध है तो वो मैं आपको दिखाऊं या आपकी मैं देखूं वो पॉसिबल नहीं होता तंत्र में। अच्छा ये वो है कि अपने मरे ही स्वर्ग दिखाता है। खुद से ही खुद को सिद्ध किया जाता है
(24:01) तो ही शक्ति चार काम करती हैं और बेहतर तरीके से काम करती हैं। ठीक है। और सर्ग विद्या के अलावा कौन सी ऐसी विद्या है सर जो इसके अगर लेट्स सपोज कि कोई है पर्सन जो आपसे जुड़ना चाहता है पर वो सितंबर में नहीं आ पाए। किसी भी एक्स व जेड जैसे आपने बोला कई ऐसे लोग हैं जो हमें आउट ऑफ इंडिया से भी फॉलो करते हैं। पर वो किसी भी रीजन के वजह से उस समय में नहीं आ पाए। तो एक साल बाद ही ऑब्वियसली ये वाली तो उसको एक साल बाद मिलेगी। पर इससे रिलेटेड और कोई भी साधना या विद्या है। ऐसी बहुत सारी विद्या है हमारे पास जैसे कोई सर्व विद्या नहीं ले पा रहा है। तो आप
(24:33) हमसे ये छत्तीसगढ़ की गुंची विद्या है। सिमिलर है वो आप हमसे ले सकते हैं। ऑनलाइन मिल जाती है। अच्छा। एक बैगा विद्या है वो भी छत्तीसगढ़ की है वो आप हमसे ले सकते हैं। आने वाले टाइम पर आपको डायनी विद्या टोनी विद्या ये दोनों विद्याएं भी आपको मिल जाएंगे। अक्टूबर नवंबर तक तैयार हो जाएंगे और उसके बाद में वो भी आपको मिल जाएंगे। सिमिलर है और इसमें तो और भी मंत्र ज्यादा है। जो छत्तीसगढ़ की गुंची विद्या है उसमें अकेले 150 मंत्र हैं। अच्छा हां पूरे उसमें 150 मंत्र हैं। तो छत्तीसगढ़ विद्या का बहुत नाम सुना है सर मैंने। हां गुज विद्या का
(25:05) इसके बारे में कुछ बताइए क्योंकि अगर इसका थोड़ा अगर किसी को जानना हो कि जैसे अभी हमने सर्व विद्या के बारे में बताया क्या होता है उसके अंदर तो अगर इसके बारे में थोड़ा सा बेसिक समझे हम लोग तो क्या-क्या है इसके अंदर सर इसके अंदर भी वही सारे इलाज के काम है इलाज के झाड़ा फूंकी के इसके अंदर भी सांप काटने के इलाज और सब भी इसके अंदर भी है भूतों का इलाज प्रेतों का इलाज और इसके अंदर सबसे ज्यादा ना मारण के मंत्र ज्यादा है अच्छा ज्यादातर इसमें हां ये स्पेशल मारण के लिए बहुत ज्यादा है ऐसी एक टोनी विद्या है उसमें में भी मारण के मंत्र बहुत ज्यादा
(25:34) है। ओके। मारण मारण मारण मारण सिर्फ मारण 90% कितने परसेंट का वो होता है सर इसका एक्यूरेसी? 100% अच्छा कर दिया तो होगा ही होगा। मतलब हां कर दिया तो मतलब होगा ही होगा। हो ही जाता है लगभग ही करने वाले लोग हैं वो तुरंत कर भी लेते हैं। ऐसा कोई एक तरीका होता है मारण का या अलग-अलग तरीके से? मारण मतलब अलग-अलग तरीके 20ियों तरीके हैं। मैंने खुद ने कम से कम लगभग 100 से ज्यादा प्रयोग लोगों को दे रखे हैं। अच्छा। 100 से ज्यादा साधनाएं क्रियाएं विद्याएं मंत्र टोने टोटके बहुत सारे दे रखे हैं। पर सर अगर किसी का समय ही नहीं आया और वो
(26:03) इंसान सामने वाला समय ठीक है। अपने आप आ जाता है। तंत्र लेके आता है समय पकड़ के। अब देखिए उस दिन मैंने किसी से पूछा था कि तंत्र करने का फायदा क्या होता है? कि जैसे कोई पर्सन है वो सामने वाले पर्सन से वो ऊपर जा रहा है और वो उससे सिर्फ चिढ़ रहा है। उसको उसका चढ़ना अच्छा नहीं लग रहा। तंत्र सिर्फ यही है या फिर तंत्र यह है कि वो ऊपर जा रहा है तो मैं कुछ तंत्र करूं तो मैं उससे ऊपर चला जाऊंगा। ऐसा भी है। तंत्र ऐसा भी है ना? अच्छा। तंत्र तो लोग यूज़ नहीं करते। तंत्र लोग टांग खींचने में यूज करते हैं। वो जितनी ताकत लोग उसकी दूसरे की टांग खींचने में
(26:35) लगाते हैं। उतनी ताकत अपने ऊपर उठाएं ना वो नहीं होता उन लोगों से। वही मैंने उनसे पूछा था। तो उन्होंने कहा नहीं तंत्र सिर्फ और सिर्फ एक चिढ़ने की मतलब चिढ़ है तो उसी को किया जाता है। पैर को खींचने पे तंत्र से आदमी राजा बनता है। मैंने कितने लोगों को बनाया है। मैं खुद इसका उदाहरण हूं। मैं खुद ही इसका उदाहरण हूं। मैंने हजारों मेरे पास जो शिष्य आते हैं उनकी मैंने कितनों की जिंदगियां बदली अपनी लाइफ में। कितने-कितने शिष्यों को मैंने कहां से कहां पहुंचाया है? कितने-कितने प्योर शिष्य जो मजदूर लोग थे उनको मैंने कहां से
(27:03) कहां पहुंचाया है? और जो लोग जो मतलब बिजनेस में टूटे हुए पड़े थे। जिनके बिजनेस बंद हो गए थे। काम बंद हो गए। फैक्ट्रियां बंद हो गए। मैंने कितनों की चलाई है। जाता हूं घर पे जा के पूजा देके आता हूं। मस्त हो गए काम चालू होते हैं धुआंधार। आपको एक और बता दूं सर विद्या हमारा कॉपीराइट है। अच्छा। अच्छा। हां। हां ट्रेडमार्क ले रखा है इसका हमने कानूनन पूरा कंप्लीट अच्छा तो कोई भी यह कहे कि मैं सर्प विद्या दे रहा हूं ना ऑनलाइन ना ऑफलाइन वो बोल नहीं सकता हम बोलने दे रहे हैं किसी को अलग बात है कि हम कोई कारवाई नहीं कर रहे वरना हम
(27:30) लीगल एक्शन किसी के भी ऊपर भी ले सकते हैं पूरा हमारे पास में ट्रेडमार्क है उसका कंप्लीट तीन साल में ट्रेडमार्क कंप्लीट हां सर्व विद्या का पूरा सर्व विद्या के नाम से कोई कह नहीं सकता है कि मैं सर्व विद्या दे रहा हूं उसका ट्रेडमार्क है हमारे पास कालखंडी का हमारे पास ट्रेडमार्क है पूरा अच्छा अच्छा हां 36 छत्तीसगढ़ की कुंजी विद्या है और इन सब के ट्रेडमार्क हमारे प्रोसेस में हैं और ये सब चल रहे हैं। ओके तो फिर उसके बाद उनको भी कोई नहीं। उनको भी कोई नहीं बोलेगा। कोई ये नहीं बोलेगा कि साहब ये विद्या मेरी है मैं मैं दे रहा हूं उनको नहीं चल सकता।
(27:59) नहीं ये ठीक भी है सर क्योंकि लोग फिर क्या है सर फेक भी तो करते हैं लोग। कुछ भी बोल के फिर कुछ भी कराने की कोशिश करते हैं। अगर वो मेरा शिष्य है तो तो सर्व विद्या के नाम से सर्व विद्या ही देगा या कोई और नाम से देगा पर मंत्र तो दे देगा। ये 16 17 सितंबर 16 17 18 जो तारीख है इन तारीखों पे अगर कहीं पर कोई भी विद्या मिल रही है वो समझ लो मेरी विद्या ही मिल रही है। अच्छा अलग नाम अलग रूप अलग उससे अलग थोड़ा अलग-अलग थोड़ा कर देते हैं। शिष्य अपने हिसाब से मॉडिफाई कर देते हैं। चलाते हैं सब बढ़िया। लेकिन अगर उस तिथि में दी जा
(28:30) रही है। कहीं पर भी हिंदुस्तान में कोई विद्या दी जा रही है। वो मेरी विद्या होती है। ओके। पर इस चीज को थोड़ा सा हमें वेरीफाई भी करना चाहिए। एज अ ऑडियंस मैं कहना चाहूंगा कि भ थोड़ा सा वेरीफाई कर लो कि वो रियल में ही सर की विद्या है या फिर कोई रियल में ही है। अगर वो उसी तिथि में दी जा रही है तो वो मेरी ही विद्या दी जा रही है। नहीं पर अब जैसे ये हमारे योगेश भाई ने भी सुन लिया ये भी बैठ जाएंगे लेकर के। नहीं नहीं वो फ्रॉड देखो बहुत तरीके से होता है। उसमें हम कुछ नहीं कह सकते। हमारा कहना है कि आप जब पैसा खर्च कर रहे हो अपने गुरु पे ट्रस्ट करो। जिस बंदे से
(28:59) आप ले रहे हो उसके बारे में थोड़ी जानकारी इकट्ठी करो। कौन है क्या है? कैसे वो आपको खुद का काम है। पैसा आप खर्च कर रहे हो। समय आप खर्च कर रहे हो तो कहीं आप ऐसा ना हो कि किसी ऐसे वैसे के चक्कर में पड़ जाओ। हां वही मेरा कहना था कि एक बार आप वेरीिफाइड जरूर कर लेना कि हां वो सर के ही शिष्य हैं या फिर सिर्फ और सिर्फ कोई ऐसी फेक हमारे बहुत सारे शिष्य हैं जो पूरे मेरे से जुड़े हुए हैं पूरा अपना कोई लोग बोलते हैं कि गुरुजी मैं वहां से दीक्षा ले रहा हूं या वहां से सीख रहा हूं तो हम उसको बोलते हैं कि ठीक है करो अपना आराम से
(29:25) नहीं क्योंकि ये एपिसोड भी सर बहुत सारी जगह जाएगा। अब आपने बोल ही दिया कि भाई 16 17 को जो भी दे रहा है वो मेरा ही शिष्य है। वह मेरा ही कोई ऐसे ही बैठ गया खुराफाती दिमाग तो सर आपको पता ही है। नहीं नहीं कुछ कहीं भी चीजें चलती हैं। क्या ही फर्क ऐसा है ना कोई बंदा लेके बैठ तो जाएगा मगर ना तो लोगों को जोड़ पाना ना ही तंत्र में टिक पाना बहुत असंभव काम है। ये तंत्र है। अगर तुम पे खुद योग्यता नहीं है तो भूत उल्टे पटक भी तो देंगे तुम्हें। [हंसी] ये लड़ाई तो भूतों के साथ में है। किसी की मान लो कोई पावर नहीं है उसके पास और वो
(29:54) इलाज करने बैठ जाए भूत का तो भूत वहीं पटक देगा उसको वो छोड़ेगा उसको जब है ही नहीं तेरे पास कोई गुरु कोई पावर नहीं कोई शक्ति नहीं और तुम इलाज करने बैठ जाओगे मसान का इलाज कर रहे हैं सब चलो या किसी चेलों को लेके मशान में चले जाओ कि चलो सब मुंजा सिद्ध करवाता हूं वो पटक देगा मुंजा वही गुरु समेत को वहीं पे धर देगा लेके [हंसी] तो सर ऐसा प्रैक्टिकल से थोड़ी बचेगा ऐसा कोई एक्सपीरियंस हुआ है कभी कि किसी नहीं नहीं [हंसी] हमारे साथ गलत एक्सपीरियंस नहीं हुए पर मैं बता रहा हूं कि जैसे कहते आपके पास कोई कॉल आया ले आया हो आपके पास
(30:23) नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है कोई ऐसी नेगेटिविटी नहीं होती है कभी-कभी एक दो चेलों के ही अनुभव है कि एक दो चेले थे उन्होंने बस एक को पकड़ा दिया मंत्र जो है साधना का खुद करा धरा कुछ था नहीं और ऐसे ही उसको पकड़ा दिया अब उसके पास आके शक्ति ने हल्ला [नाक से की जाने वाली आवाज़] ने मचाने चालू किए चेला खुद कपड़ा उसने वही गुरुजी को फोन किया गुरुजी खुद पैर का कपड़े उधर फिर मुझे फोन किया कि गुरुजी ऐसेसे उसकी लड़की के पास ऐसेसे हो गया है क्या करूं मैंने मैंने तो उसको बोला गुरु कौन है [हंसी] बोला गुरु जी मैंने ही मंत्र दिया था। तो मैंने कहा तू संभाल।
(30:55) सही बात है। मैंने कहा तो जब भर नहीं गए हो तब तक फालतू का देने का मतलब क्या है? तैयार हो जाओ। अच्छे से तैयार हो जाओ। महीने दो महीने साल छ महीने थोड़ा वेट कर लो। थोड़ा सीख लो। थोड़ा समझ लो। इतनी भी जल्दी ये नुकसान तंत्र में जो होते हैं ना ये इसीलिए है कि कच्चे और तुम टूट गए और तुम घुस गए। तो जरा भी कहीं भी दिक्कतें आती है, प्रॉब्लम्स आती है, मंत्र नहीं है लोगों पे। अभी एक बंदा आया मेरे पास उस दिन। एक कह रहा था गुरु जी मुझे तंत्र की लाइन में ना 15 साल हो गए हैं। तो मैंने कहा मुझे तू 15 मंत्र सुना। [हंसी] भाई साहब तीन मंत्र के अलावा चौथे मंत्र
(31:28) में टिकटिका गया वो। मैंने कहा तूने 15 साल कहां पे मेहनत की है? एक भाई आया था वो कह रहा था कि गुरु जी मुझे 23 साल हो गए इस लाइन में। मैंने कहा तू मुझे 10 मंत्र सुना दे बस। हम नहीं आए। दूसरे तीसरे चौथे वो छोटे-मोटे जो मंत्र हैं ओम नमः शिवाय हो गया। गायत्री मंत्र हो गया। ऐसे मंत्र सुना रहा। मैंने कहा चल तेरे ये भी एक्सेप्ट है। सुनाता जा तू चौथे पांचव मंत्र में गिड़गिड़ा गया। [हंसी] मेहनत अलग चीज है। समय कहां पे खराब कर रहे हो तुम? कि 15 साल दे दिए तुमने तंत्र को। बहुत हो गए 15 साल। 15 साल में तुम्हें साले 5000 कम से कम मंत्र मुंह
(31:57) जवानी याद होनी चाहिए। सही बात है। अपने आप तुम तांत्रिक बन जाओगे। अपने आप विद्याएं आने लग जाए। अपने आप सिद्धियां घूमने लग जाएंगी। 8 10 घंटे का तुम्हारा बैठक हो जाएगा। साला 15 साल में तो बैठक करेगा तो आदमी। हम पर मेहनत ही नहीं है। साधना नहीं करनी है तो फिर क्या होगा? कुछ भी नहीं। सही रास्ता नहीं है उनके पास ना कि किसी रास्ता नहीं है। मेहनत नहीं करते बंदे। अच्छा। हम्। सही रास्ता होने पर भी लोग मेरे पास तो पता है ना। मैं रास्ता दे रहा हूं। चिल्ला रहा हूं कि बैठो बैठो। नहीं बैठते हैं। हर आदमी से नहीं बैठना चाहते। गुरु जी सोफा
(32:22) ले लूं। गुरु जी कुर्सी पे ले लूं। कुर्सी पे ऐसे बैठूं। बैठना वो कह रहे हैं हम लोग जो आसन में बैठना होता है। आसन पे जो बैठना होता है। ठीक है। उसमें बैठ के आप अपने मंत्र वगैरह मंत्र वगैरह जाप को साधनाओं को क्रियाओं को उनको करिए। वो नहीं करते लोग। हम वहां पे फिर आलस करते हैं। और फिर वहां पे उनको अप्सराएं भी चाहिए। सब कुछ और फिर अप्सराएं चाहिए होती है। एक आया था वो बिल्कुल दीक्षा हो रही मतलब उस दिन पहले ही दिन बोला गुरु जी क्या मैं आज अप्सरा कर सकता हूं? मैंने कहा भाई थोड़ा बेसिक बेसिक कर ले। बोला गुरु जी थोड़ी जल्दी मैंने कहा तू अभी जा कमरे में जा
(32:50) ऐसे कर देना तो अप्सरा आ जाएगी। बोला सच में आ जाएगी। [हंसी] बिल्कुल मतलब लोगों को ये भी नहीं पता है। मैंने कहा अभी मंत्र है नहीं क्रिया है नहीं विधि नहीं। अगर अप्सरा आ भी गई तो क्या कहेगी? तू क्या बातें करेगा उससे? सही बात है। कोई जिन्न आगे खड़ा हो जाए वो सिर्फ बातें भी तो करनी पड़ती है। तो क्या बातें करनी है तुम्हें? वो पता तो हो हम कि जिन्न से भी क्या पूछना है? काम कैसे लेना है उससे वह भी तो पता होना चाहिए तुम्हें बिल्कुल तो फिर मैंने कहा फालतू का नुकसान उठाएगा क्या मतलब है ट्रेंड चल रहा है ना आजकल दो मिनट पे पड़ी
(33:20) पड़ी खड़ी वो वाला ट्रेंड है तो देखो ऐसा कुछ होता नहीं है इस दुनिया में अगर तुम योग्य हो तो ही समय पे साधनाएं समय पे पूरी होती है आज का वक्त है और बहुत हार्ड वर्क है इस समय तो अगर समझो आपको 40 दिन मेहनत करने के बाद 40 तो छोटे छोड़ो अगर 6 महीने में भी आपको कोई सिद्धि प्राप्त हो रही है तो भी समझिए कि बहुत जल्दी प्राप्त हो रही है अच्छा हां पूरी आप मेहनत करिए अपने जीवन को थोड़ा बेसिक तंत्र का सबसे ज्यादा स्ट्रांग होना चाहिए उस पे आपकी सबसे ज्यादा मेहनत होनी चाहिए और हमारा जो बेसिक है वो आप कोर्स जरूर करो कोर्स करने के बाद में सारे सवाल जवाब
(33:54) निकल जाएंगे हम इतने अच्छे तरीके से समझाते हैं सारे सवाल जवाब खत्म हो जाते हैं लोगों के अच्छे तरीके से समझ में आ जाता है लोगों को एक ही बार में सब साफ हो जाता है फिर आदमी खुद से जल्दी नहीं करता ये भी बात है हम मेरा बेसिक सीखने के बाद आदमी जल्दी नहीं करता उसे पता चल जाता है कि हां अभी मुझ में कहां-कहां कमी है क्या-क्या कमियां है ओके क्योंकि अभी भी जैसे हम शिविर वगैरह लगाते हैं कभी-कभी तो बहुत लोग आ जाते हैं। अब आ जाते हैं बैठ गए साधना करने। अब मंत्र जाप शुरू हो रहे हैं। अब 30 मिनट लगते हैं मैक्सिमम। कुछ तो महानुभाव हैं जो 30 मिनट
(34:21) से भी पहले खड़े हो जाते हैं। 30 से 40 मिनट में लगभग लगभग आधा हॉल खाली हो जाता है। [हंसी] नहीं होती साधना। साधना कहना और करना दोनों में बहुत फर्क है। अगर तुम तैयार नहीं हो। आसन लगेगा ही नहीं तुम्हारा। बैठक ही नहीं होगी तुमसे चार घंटे। तुम तीन से चार घंटे बैठ के देख लोगे तुम्हें अपनी क्षमता का अंदाजा हो जाएगा कि तुम कितने पानी में हो। हम तीन से चार घंटे आसन लगा के बैठ जाओ बिना हिले डोले पहले पैर नहीं बदल तो देखो बैठ के देखो एक बार खाली ओम नमः शिवाय का मंत्र ले लो उसी को जपो बैठे-बैठे कि खाली भी बैठ के क्या करें तो ओम नमः शिवाय का
(34:52) जप करते रहो और बस बैठ के जाप करते रहो ओम नमः शिवाय ओम नमः बैठो चार घंटे बैठ पा रहे हो कि नहीं तीन से चार घंटे बैठ पा रहे हो फिर आ जाओ तंत्र में बहुत कुछ तंत्र तुम्हें दे सकता है क्षमता विकसित कर लो बैठने की तो यानी कि बेसिक तो सर यही हो गया कि सबसे पहले अगर आपको तंत्र पे आना है तो बैठक आप देखो कि कितनी देर सही बात है। तन साधो पहले हमारे गुरु थे वो कहते थे तन साधो। मन को मत साधो। मन नहीं सधेगा। पहले तन साधो। तन सधेगा तब तुम्हारा मन सधेगा। हम गुरु कहते थे कि अगर तुम्हारा कटोरा है। कटोरे में दूध भरा हुआ है और तुम दूध
(35:24) रोकने की कोशिश करो और कटोरा हिलाओ। बोला कि दूध कभी नहीं रुक सकता। सही बात है। दूध रोकना है तो पहले कटोरे को स्थिर करना पड़ेगा। जब कटोरा रुक जाएगा उसके भी बहुत देर तक दूध हिलता रहेगा। बिल्कुल। बहुत देर बाद दूध रुकेगा। जब कटोरा बहुत समय तक स्थिर रखा रहेगा तब दूध रुकेगा। तो कह रहे थे कि अगर तन ही हिल रहा है तुम्हारा तो मन हिलता रहेगा अपने आप ही। मन काबू में नहीं आएगा। कंट्रोल में नहीं आएगा। पहले तन को कंट्रोल कर लो। तन रुक जाएगा फिर तुम्हें पता चलेगा कि मन क्या होता है? मन किसे कहते हैं? मन को कैसे पकड़ा जाना है? किसको पकड़ना है? वो भी
(35:58) तभी समझ में आएगा जब तुम तन रोक लो। उससे पहले समझ में नहीं आएगा कि साला पकड़ना किसको है। वो सब्जेक्ट है बहुत ये गहरे सब्जेक्ट है ये। इसमें घुसना पड़ता है तब लोगों को समझ में आएगा कि क्या है तब शुद्धियां आती है तब प्रेत नाचते हैं कि बहुत बड़ी शक्ति होती है प्रेत मजाक थोड़ी है बेताल हो गया और ये पराशक्तियां हो गई जिन्न हो गए मसान हो गए और वो तुम्हारे हुकुम पे गुलामी कर रहे हैं कि जिन खड़ा है दावेदारी कर रहा है तुम्हारी नौकरी कर रहा है हुकुम पे तो तुम्हारे अंदर इतनी काबिलियत तो हो कि तुम जिन से हुकुम बजवा सको हम कि तुम अप्सरा से प्रेम करना चाहते हो तो
(36:29) तुम्हारे अंदर इतनी क्षमता तो हो कि अप्सरा तुमसे प्रेम करे कोई काबिलियत विकसित होनी चाहिए और लोग उसकी उसकी बातें नहीं करते हैं। लोगों को बस चाहिए कि दो मिनट घंटे भर में आ जाए गुरुजी बस। अरे तुम काबिलियत पैदा करो। वही सोशल मीडिया में दिखाया जाता है और वही लोगों को समझ भी आता है। हां मेरी वीडियो इसीलिए तो वायरल नहीं होती है ज्यादा [हंसी] क्योंकि मैं खरीखरी बातें बोलता हूं। ज्यादा लाख लपेट रखता नहीं हूं। सीधा-सीधा मैं बोलता हूं। एकदम क्लियर कट बात है और नॉलेज ज्यादा होती है मेरी चीजों में। तो लोगों को पसंद आती नहीं है। लोगों को वो गुरु पसंद आते हैं
(37:00) जो बोले बस मैं 2 मिनट में तुझे सिद्धि दे दूंगा। आजा मेरे पास में डाल 80,000 मेरे खाते में अभी देता हूं तुझे ट्रांसफर तो ऐसे गुरु पसंद आते हैं लोगों को। फिर उसके बाद उनको उन गुरुओं के सच्चाई भी तो पता चलती है कुछ समय बाद। कोई नहीं तुरंत पता चल जाती है। जैसे ही तुमने खाते में पैसे भेजे उसने तुम्हारा नंबर ब्लॉक किया। बस खत्म हो गया सच्चाई। [हंसी] पता चल गई सच्चाई। आपके शिष्यों से हम लोग मिलते रहते हैं आए दिन। बट जो वो आपकी रिस्पेक्ट करते हैं उससे ही समझ आता है कि आप जो चीज सिखा रहे हैं वो कितनी ज्यादा जेन्युइन है।
(37:28) हां हां। तो सर सिखाने से फिर वापस हम उसी पे आ जाते हैं कि सर विद्या जब किसी को अब सीखनी है तो क्या प्रोसेस है स्टार्टिंग का कैसे वो एनरोल कर सकता है? देखिए नियम तो यही है कि लगभग इस साल की जो फीस है वो ₹12,000 की है। तो अगर आप पूरा पे कर दो पहले तो ठीक है। बेस्ट ऑप्शन है। नहीं कर पाते हो तो आप ₹2500 पे कर दो। ₹500 पे करके इसका ग्रुप ज्वाइन कर लो। इसका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा और डिटेल्स जो है ग्रुप में आपको भेज दी जाएंगी सारी कि क्या आना है, कैसे आना है, कब आना है, क्या लाना है, वगैरह-वगैरह सारी डिटेल शेयर कर दी जाती हैं। कोई सवाल पूछना है
(37:59) आपको तो डायरेक्टली उसमें सवाल जवाब हो जाते हैं। और जब आप आओगे तब बाकी के ₹900 आप साथ में ले आओ या तो कैश दे दो या ऑनलाइन कर दो उस वक्त में उसी वक्त में आप दे सकते हो। कोई प्रॉब्लम नहीं है। टाइम होता है पूरा पर्याप्त में। तो 16 तारीख को यहां पे बंदे को आना है। 16 तारीख को शाम तक देर रात तक आएगा चलेगा। 11:00 बजे 12:00 बजे आएगा चलेगा कोई प्रॉब्लम नहीं है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और 17 तारीख को पूजा होगी। 18 तारीख को पूजा होगी। शाम को 5:00 बजे वो फ्री है। एक इसके साथ में हम 19 तारीख को एक मारकेसी का शिविर कर रहे हैं।
(38:30) अच्छा जो हम हर साल रखते हैं अपने साथ सर्व विद्या के क्योंकि लोग बहुत दूर-दूर से आते हैं। तो लोगों का कहना है कि गुरु जी एक साथ ही आप हमें एक दो विद्याएं और दे दो। तो अभी लोगों ने मारसी का शिविर है जो हमारा सबसे फेवरेट है। मारण का है। [हंसी] पुतली का प्रयोग बनाया जाता है। अच्छा बुडू पुतली तंत्र बुडू तंत्र वाला प्रयोग है। बहुत अच्छा बहुत प्रयोग है। उसने भी बहुत लोगों का दिल जीता हुआ है। उसके बारे में बताइए सर थोड़ा क्योंकि एक्चुअली क्या है सर विद्या तो हमने समझ ली है। उसकी हमने एंट्री भी ले ली है। अब उसके बाद हमने तीन दिन आपके साथ टाइम स्पेंड भी
(38:58) कर लिया। इसमें मेरा एक क्वेश्चन है सर कि अगर कोई 16 तारीख को नहीं आ पाया। बाय चांस। 15 को आ जाओ। नहीं 17 को आया तो? नहीं 17 को नहीं चलेगा। वही मेरा क्वेश्चन है। 12:00 बजे से स्टार्ट हो जाएंगे नियम। आपने एंट्री अगर करवा सकते करवा दी है तो आप 12 1 2 बजे तक आ सकते हो। बस हां। उसके बाद नहीं। उसके बाद में उसके बाद अब जो दूसरी साधना है सर उसके बारे में मार्केसी की जो विद्या है इससे चार काम होते हैं मार्केसी से। पहला काम होता है मारण करने का। दूसरा काम होता है वशीकरण करने का। तीसरा काम होता है रोगी को रोग मुक्त कर देना। और चौथा करना है किसी
(39:30) अच्छे स्वस्थ व्यक्ति को रोगी कर देना। अच्छा। बीमार भी किया जाता है इसी से बीमार को ठीक भी किया जाता है ओ और मरण और वशीकरण ये दो ये चार काम टोटल इस मार्केश विद्या से आराम से संपन्न हो जाते हैं। अब तक बहुत लोगों ने किए हैं और ये भी बहुत अच्छे से चल जाता है। लेकिन ये थोड़ा ब्लैक मैजिक का पार्ट्स है। काला जादू है एक तरह से ब्लैक मैजिक का पार्ट्स है। तो इसलिए लोगों को ज्यादा पसंद है। हम और लोगों की आजकल दुश्मनी भी बहुत है। तो उससे भी लोगों को बहुत पसंद है। तंत्र का तो मतलब ही सर लोग आजकल हां लोग आजकल वही समझते हैं दूसरों का
(40:00) बुरा करना ही। मगर कोई बुरा कर रहा है तो कोई उसको ठीक भी करता है। वो भी लोग हैं। लगभग दुनिया के सारे गुरु अच्छा भी करते हैं। बीमारी ठीक करने के मंत्र ठीक करने के जो मंत्र है वो भी काम आते हैं। तो इसके क्या नियम है सर? इसका कोई नियम नहीं है। ये ऑनलाइन भी मिल जाती है। इसका वैसे तो हम प्रैक्टिकल करवाते हैं। इसका भी साथ में पूरा पुतला बनाने की इसकी बस मेन प्रोसेस है। अच्छा। ओके। इसमें क्या रहता है? हां। इसमें बुडू डोल बनाई जाती है। पुतला बनाया जाता है मार्केश का। वो थोड़ा टफ है तो उसको हम लोग उस दिन शिविर रखते हैं तो सारा
(40:27) सामग्री उसकी दे देते हैं। एक तो सामग्री भी बहुत कम लोग जानते हैं क्योंकि ज्यादातर शहरों में रहने वाले लड़के हैं, पढ़े लिखे लोग हैं। उनको नहीं पता कि ये सामग्री क्या होती है। तो एक तो वो देखने को मिल जाती है उनको। फिर उसका पुतला कैसे बनाया जाता है वो वहां पे सीखने को मिल जाता है। बाकी का प्रोसेस तो लोग घर से भी कर लेते हैं। ये विद्या ऑनलाइन भी लोग ले लेते हैं। मार्केश का पूरा इसकी वीडियो वगैरह हम ग्रुप में शेयर कर देते हैं। और वीडियो देख के भी लोग कर लेते हैं करने वाले। ओके। फिर भी हमने 19 तारीख का रखा हुआ है। हर
(40:52) साल रखते हैं। लोग रखवाते हैं। हमसे बोलते हैं आप कितने के चार्जेस हैं सर? यह ₹5500 का है। फिक्स है। एक रेट इसका शुरू से रखा हुआ है। कितने दिन का है ये? वो दो घंटे का वो तो तुरंत के तुरंत ही बताया जाता है। तुरंत के तुरंत दे दिया। बता दिया जाता है। प्रोसेस इसका लगभग 2 घंटे में हमारा कंप्लीट हो जाता है। देने वाला जो है बता देते हैं। विधि विधान समझा देते हैं। बाकी की तो इसकी साधनाएं सिद्ध की जाती है। 11 दिन का इसका अनुष्ठान होता है और 11 दिन अनुष्ठान करने के बाद में फिर इसकी साधना का प्रयोग अपना जब भी करो करो। और इसकी साधना कौन सी होती है सर?
(41:21) इसकी साधना मंत्र सिद्ध करने पड़ते हैं। इसके 11 दिन में हो जाते हैं। व इसमें ज्यादातर मंत्र से ज्यादा भावनाओं पर फोकस किया जाता है। अगर आप मंत्र यूज़ नहीं भी कर रहे हैं तो मंत्र अकेले भावना से भी काम हो जाता है। शिद्दत चाहिए पूरी पूरी शिद्दत चाहिए। तो सर अगर किसी ने किसी पे मारण क्रिया चला रखी है। अब जैसे कुछ टाइम होता है कि 10 दिन का 14 दिन का हमने टाइम दिया है। उसके बीच में अगर किसी को पता लग गया कि मारण क्रिया चली हुई है तो क्या उसका काट भी हो सकता है? हां मारण क्रिया के काट हो जाते हैं। लेकिन मार्केश का काट नहीं होता।
(41:50) अच्छा तो सर क्या डिफरेंस है दोनों में? मारकेस अगर चलेगा तो वो आदमी तुरंत निपट जाएगा। गुड़िया बन गई तो बन गई। उसका कोई ऑप्शन नहीं है दूसरा। यह गया तो गया आदमी। उसमें ऑप्शन नहीं है कोई भी। मार्केश कभी भी पलट के नहीं आता। मार्केस कभी छोड़ता नहीं है। या तो मार्केस चलेगा ही नहीं तुमसे। कोई भी साधना असर नहीं देगी। लेकिन अगर व्यक्ति उसके असर गया तो फिर वो उसे दुनिया की कोई भी ताकत नहीं बचा सकती। वो गया तो गया। तो मार्केस सर जैसे अगर कोई पर्सन है किसी ने किसी के साथ बुरा किया है उसी के ऊपर हो सकता है या मैं किसी के किसी के ऊपर भी।
(42:19) करने वाले किसी पर भी कर देते हैं। तो क्या उसकी कुछ चीजें चाहिए होती हैं इसमें? नहीं। अगर मिल जाए कपड़े वगैरह तो ज्यादा अच्छा है। जल्दी फास्ट काम होगा और कितने दिन में सर काम होता है? 24 घंटे में ज्यादा से ज्यादा मैक्सिमम। अच्छा हां हां फास्ट काम करता है। मतलब आज रात को किया तो रात तक सुबह तक दूसरे दिन तक रिपोर्ट आ जाती है कि गया। हां मतलब सीधा डायरेक्ट इसी का है ये बीमार करने के लिए। ऐसा है ना किसी आदमी को गंभीर बीमारी है। उसको ठीक करना है तो तत्काल ठीक करना पड़ता है। आप इसके दूसरे पहलू से सोचो कि कोई आदमी बीमार पड़ा है। मैं कहूं 10 दिन में ठीक
(42:47) होगा तब तक तो मर ही जाएगा बेचारा वो। हम तो ये भी एकदम फास्ट काम करता है। ऐसी सर्प विद्या है। सर्प विद्या में क्या है कि किसी को सांप ने काट लिया हम और मेरे घर में 100 वर्ष सूत्र तक सर्प विद्या 100 वर्ष सूतक नहीं मानती। उसमें कोई भी किसी तरह का वो नहीं होता। बंधन नहीं होते। आप किसी भी अवस्था में हो गंदी से गंदी अवस्था में भी आप इलाज कर सकते हो। क्यों कर सकते हो? क्योंकि कभी भी कोई सांप काटा व्यक्ति तुम्हारे सामने आ गया। हम अब तुम ये थोड़ी कहोगे भाई आज तो मेरे यहां पे और सोबड़ हो गई भाई मैं नहीं। तब तक तो बेचारा मर जाए वो बेचारा। तो इसकी
(43:13) इसके ऊपर कोई नियम लागू नहीं है। सीधा का सीधा आपको तुरंत उसका इलाज करना है तो व्यक्ति ठीक हो जाएगा। बस जाएगी उसकी जान जो है इसमें टाइम नहीं दिया जाता। तो उसी मंत्र के आधार पे जब आधे मंत्र उसके वैसे चलते हैं तो तंत्र के भी मंत्र वैसे ही काम करते हैं। वो भी कोई सुबहसुतक नहीं मानते। कभी भी प्रयोग कर लो। तुरंत फास्ट काम करते हैं। तुरंत के तुरंत मंत्रों को बहुत फास्ट काम करना पड़ता है। तब व्यक्ति की जान बचती है। आपने काट लिया किसी को तो उसका जहर उतारना है। तो मुझे लगता है सर हर बार की तरह इस बार भी ऑडियंस को काफी मजा आया। और मुझे जो आप
(43:42) बोल रहे थे कि लोग आप वायरल नहीं होते थे। पर मुझे ऐसा लगता ही नहीं है सर क्योंकि जितने भी एपिसोड अभी तक मैंने देखे हैं सब में लोगों का बहुत प्यार आया है। लोगों ने बहुत मुझे प्यार बहुत आता है। पूरी ऑडियंस को मुझे प्यार बहुत मिलता है। बिल्कुल मुझे ऐसा लगता है कि लोग आपको बहुत पसंद करते हैं। क्योंकि रियलिटी यही है कि आप उनको रियलिटी बता। असल में ऐसा है ना मेरे पास के जो लोग आते हैं वो ठोस होते हैं। वो पीछे नहीं जाते। मेरे मुझे जो पसंद कर रहा है वो फिर मुझे ही पसंद कर रहा है। उसको फिर दूसरा कोई पसंद नहीं आता। क्योंकि रियलिटी है ना सर
(44:10) फेक उनको पता चल जाता है ना जेन्युइन और जो भागने वाला है वो भाग ही रहा है वो उसको कभी इस गुरु के पास जाएगा वो कभी किसी गुरु के पास जाएगा जैसे अभी नॉर्मली मेरे लगभग लगभग 1 लाख से सब्सक्राइबर ऊपर हो गए हैं तो उनमें से लगभग आधे से ज्यादा आदमी मुझसे मिलके जा चुका हम पर्सनली मुझे वही लोग पसंद करते हैं जो बिल्कुल कंप्लीट मेरे से अंदर से जुड़ना चाहते हैं। मेरे यहां फालतू वाला वो देखने वाला सीन नहीं है। मैं कोई भी वीडियो ऐसी बनाता ही नहीं हूं। अह मनोरंजन के लिए मेरा कोई उद्देश्य नहीं है कि मैं मनोरंजन करना तंत्र को लेके। तो वैसा मेरा कोई
(44:38) इरादा नहीं है। मेरा बाकायदा अखाड़ा अखाड़ा चल रहा है। तंत्र का हमारा बहुत धूमधाम से तंत्र चल रहे हैं। गुरुओं की मैन्युफैक्चरिंग सबसे ज्यादा मेरे यहां होती है। [हंसी] और हाई लेवल पे होती है। बेहतर तरीके से तैयार करता हूं। देश के लिए लोगों के लिए समाज के लिए और ऐसे लोग हैं 10- 10000 पब्लिक उनके यहां आ रही है। 20000 लोगों का वो लोग भला कर रहे हैं। 100 200 500 लोग लोगों के यहां गद्दियों में बैठे हुए हैं। इलाज कर रहे हैं। अभी हमारे यहां पे दो लोग दो केस हुए थे। कल के दिन आए वो प्रसाद ले आ गई एक लेडी जो है बच्चे को
(45:04) लेकर के तो मैंने कहा क्या है बताओ तो बोले कि गुरु जी हमने यहां पे इलाज हम तो भूल गए भाई वो एक साल पहले कभी आई थी इलाज के लिए बच्चे नहीं हो रहे थे उसके तो अभी आई थी गुरु जी का अभी गोद भर गई मेरी बच्चा हुआ है उसको लड़का हुआ था तो वो उसका प्रसाद प्रसाद भोग भोग ले आई थी साड़ी फाड़ी कपड़े वगैरह लेकर के कि गुरु जी मैं लेके आई हूं मैंने कहा चलो ठीक है हमें तो ध्यान नहीं है भाई कब किया था [हंसी] पूरा साल भर हो गया हम और एक और दूसरा था वो बाहर थी फिर बाहर काम करती करती थी वो लेडी जो है उसके भी गोद भर गई। उसने भी खबर दी है मुझे कि
(45:36) गुरु जी अभी मेरी कोख भर गई। मैंने कहा अच्छा है। तो ये जो चीजें होती है ना तो थोड़ा फीलिंग आती है। अच्छा लगता है कि हां हम जो सही कर रहे हैं बेहतर कर रहे हैं लोगों के लिए। किसी का भला है। किसी के काम आ रहे हैं। इस जीवन का साले का इतना ही उद्देश्य है कि अपना खुद भला हो जाए। अपना हो रहा है। दूसरे का हो रहा है। दूसरे के काम आ रहे हैं। और जीवन में है ही क्या है? बिल्कुल। बिल्कुल। तो एक बार फिर से सर थैंक यू सो मच एक बार आने के लिए। आदेश आदेश। थैंक यू सर। थैंक यू सो मच। आदेश

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