Sunday, August 2, 2026

I Took India's Favourite Beauty Products to Court

I Took India's Favourite Beauty Products to Court

Author Name:Satvic Movement

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@SatvicMovement

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=2zO8V3XU7jw



Transcript:
(00:01) योर ऑनर ब्यूटी इंडस्ट्री हम सबकी मेहनत की कमाई बर्बाद करवा रही है। कोर्ट का वक्त बेसलेस एलगेशंस पर वेस्ट मत कीजिए। जाइए पहले थोड़ी रिसर्च करके आइए। ऑर्डर ऑर्डर प्रोसीक्यूशन और डिफेंस दोनों को सुनने के बाद कोर्ट इस फैसले पे पहुंची है कि योर ऑनर। आज हम इस कोर्ट रूम में ब्यूटी इंडस्ट्री के तीन बड़े स्कैम्स को एक्सपोज करने आए हैं। यह वो स्कैम्स है जो इस देश के हर एक व्यक्ति के साथ उनके शैंपू, साबुन, क्रीम, तेल के जरिए रोज हो रहे हैं। माय लॉर्ड दिस केस हैज़ नो लीगल स्टैंडिंग व्हाट सो एवर। कोर्ट को इसे कंसीडर ही
(00:45) नहीं करना चाहिए। केस तो फाइल हो गया है। सुन लेते हैं। ये इस देश की एक एवरेज वूमन का टॉयलेटरी बैग है। इसमें पाइए हर प्रोडक्ट में कुछ ऐसा छुपा है जो आपके होश उड़ा देगा। यू आर ऑनर ये कोई सिनेमा चल रहा है? होश उड़ा देगा। मिस बॉस। नहीं बोलने नहीं दीजिए। ये है एक कॉमनली दिखने वाला हेयर ऑयल। एक तरफ कोकोनट की पिक्चर, दूसरी तरफ जैसमीन के फूल और मॉडल के बालों पर तो जैसे चमेली की बारिश हो रही हो। तो नेचुरली, हमें लगता है यह कोकोनट ऑयल होगा, जिसमें जैसमीन के फ्लावर्स इन्फ्यूज्ड होंगे। इनका पूरा आर्गुमेंट ही फ्लॉड है। पर सच योर ऑनर हमेशा पैक के पीछे छुपा
(01:26) होता है। हम पैकेज फूड की इंग्रेडिएंट लिस्ट पढ़ना तो सीख गए पर स्किन केयर की इंग्रेडिएंट लिस्ट का क्या? यहां भी इंग्रेडिएंट्स डिसेंडिंग ऑर्डर ऑफ क्वांटिटी में लिखे होते हैं। मतलब जो चीज सबसे ज्यादा होती है वो सबसे पहले। इस हेयर ऑयल का लगभग 80% मिनरल ऑयल है जो पेट्रोलियम से निकला हुआ तेल होता है। और कोकोनट ऑयल वो है सिर्फ 20% क्योंकि फ्रंट पे कोकोनट की फोटो जो लगानी थी और जैसमीन एक्स्ट्रा इस पूरी बोतल का सिर्फ 0.
(01:57) 3% इससे ज्यादा फूल तो मैं अपने रोज घर पे मंदिर में चिढ़ा देती हूं। [हंसी] प्रोसीक्यूशन नो ड्रामाटिक रिमार्क्स। स्ट्रिक्टली स्टिक टू दी एविडेंस। योर ऑनर इससे ज्यादा जैस्मीन एक्सट्रैक्ट अगर हमने हेयर ऑइल में यूज किया तो प्रोडक्ट कॉस्ट बढ़ जाएगी और जनरल पब्लिक अफोर्ड ही नहीं कर पाएगी। अगला प्रोडक्ट है फेस वॉश। फ्रंट पे लिखा है एनरिचड विटामिन सी और साथ में नींबू के भी फोटोस हैं जिसको देखकर ऐसा लगता है भर-भर के लेमन जूस डाला होगा। लेकिन इस फेस [संगीत] वॉश के टॉप इंग्रेडिएंट्स में प्रोपलीन ग्लाइकॉल और पोटैशियम हाइड्रोक्साइड मेंशंड है। ये
(02:32) इतने स्ट्रांग केमिकल्स है कि बर्फ पिघलाने या ड्रेन साफ करने में भी यूज होते हैं। और लेमन या विटामिन सी वो आते हैं पूरे 15 इंग्रेडिएंट्स के बाद एज लेमन पील एक्सट्रैक्ट। माय लॉर्ड्स जब इस बॉटल में लेमन का एक टुकड़ा भी नहीं है। इस बॉटल के फ्रंट में लेमन का फोटो क्यों? योर ओनर हम हर इंग्रेडिएंट उतनी ही क्वांटिटी में यूज करते हैं जितना स्किन के लिए सेफ। बिग बॉस आपका भी चांस आएगा। नेक्स्ट है मॉइस्चराइजिंग क्रीम। जिसकी पैकेजिंग पर है सुंदर स्ट्रॉबेरीज और खुशबू भी बिल्कुल स्ट्रॉबेरी की। लेकिन जब इंग्रेडिएंट लिस्ट पड़ते हैं तो बेरीज तो
(03:09) दूर-दूर तक नहीं दिखते। लेकिन स्मेल तो बिल्कुल स्ट्रॉबेरी जैसी आ रही है। ये खुशबू लैब में बनी स्ट्रॉबेरी फ्रेगेंस से आ रही है। असल में तो इस क्रीम ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी असली स्ट्रॉबेरीज देखी ही नहीं। इन सिंथेटिक फ्रेगेंसेस को इन्हेल करने से लॉन्ग रन में रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स और स्किन एक्सपोज़र से हॉर्मोनल इमंबैलेंस तक हो सकता है। यू आर ऑनर दिस आर्गुमेंट इज़ लीगली फ्लड। द प्रोसीक्यूशन इज कन्फ्यूजिंग टू एंटायरली डिफरेंट कैटेगरीज। यह क्रीम स्किन पर लगाई जाती है। खाई नहीं जाती। योर ऑनर। एक्चुअली हमारी स्किन को [संगीत]
(03:46) हमारा सेकंड माउथ बोला जाता है। इस पर हम जो भी लगाते हैं वो बहुत जल्दी हमारी बॉडी के अंदर अब्सॉर्ब हो जाता है। 400 लोगों 400 लोगों पर की गई एक स्टडी दिखाती है कि जो प्रोडक्ट्स उन्होंने अपनी स्किन पर लगाए उनमें मौजूद [संगीत] केमिकल्स के ट्रेसेस सिर्फ 6 घंटे बाद उनके यूरिन सैंपल्स में पाए। इस बैग का लास्ट प्रोडक्ट है यह शैंपू। फ्रंट पर बड़े-बड़े नीम के पत्ते। लेकिन इस पूरी [संगीत] बॉटल में बस एक चुटकी नीम लीफ एक्सट्रैक्ट यूज़ हुआ है। और बाकी बतल में सोडियम लोरेट सल्फेट [संगीत] जो डैंड्रफ के साथ-साथ आपके स्कैल्प की हेल्थ भी छीन लेता है।
(04:28) ऑब्जेक्शन माय लॉर्ड द काउंसिल इज मिसलीडिंग द कोर्ट एंड मेकिंग अ डेफिनेटरी स्टेटमेंट अबाउट अ प्रोडक्ट विदाउट एनी प्रूफ। ऑब्जेक्शन सस्टेन मिस सुबह। नो सेंसेशनल क्लेम्स प्लीज। यह आपको लास्ट वार्निंग दी जा रही है। अपोलॉजीस योर ऑनर लेकिन यही है पहला स्कैम। व्हाट द ब्यूटी इंडस्ट्री शोज़ इज नॉट व्हाट इट सेल्स। डिफेंस यू मे प्रोसीड नाउ। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940। कॉस्मेटिक रूल्स 2020 इंटरनेशनल नोमेनक्लेचर सिस्टम। योर ऑनर ये सारे रूल्स एंड रेगुलेशंस मजाक नहीं है। किसी भी ब्यूटी ब्रांड को मार्केट में अपना प्रोडक्ट ल्च करने से पहले इन्हें फॉलो
(05:09) करना पड़ता है ताकि कंज्यूमर सेफ रहे। हर ब्यूटी ब्रांड ओनर के सर पर एक डर हमेशा बना होता है। इंग्रेडिएंट्स अलाउड लिमिट्स के अंदर है या नहीं, सोर्सेस कंप्लायंट है या नहीं, प्रोडक्ट गवर्नमेंट टेस्टिंग्स पास करता है या नहीं? और इस सबके बाद कोई भी बिना डायरेक्ट हार्म के सिर्फ एलगेशंस के बेसिस पर कोर्ट आ जाए [संगीत] तो योर ऑनर यह मिसयूज ऑफ प्रोसेस है। नॉट टू मेंशन ब्यूटी इंडस्ट्री करोड़ों एंप्लाइजस के घर भी चलाता है। सच यह है प्रोसीक्यूशन का असली मोटिव कंज्यूमर्स का बेनिफिट नहीं अपनी खुद की मार्केटिंग है। इन्होंने अभी-अभी खुद के प्रोडक्ट्स ल्च
(05:49) किए हैं और उन्हें प्रमोट करने के लिए ही यह केस फाइल किया गया है। इनका खुद का रोज फेस वॉश फ्रंट ऑफ द पैक पर रोज लिखा हुआ है और जब इंग्रेडिएंट लिस्ट पढ़ी जाए तो रोज फोर्थ इंग्रेडिएंट है। हम इसे गलत नहीं कह रहे क्योंकि हम समझते हैं कोई भी फेस वॉश में रोज पहला इंग्रेडिएंट हो ही नहीं सकता। उसे एक बेस चाहिए। इसलिए जैसे मैंने शुरू में ही कहा था यह केस ही बेसलेस है और इसे कोर्ट के सामने आना ही नहीं चाहिए था। योर ऑनर इन्होंने तो पूरा नैरेटिव ही बदल दिया। हम स्ट्रांग केमिकल्स को हर्बल और नेचुरल पैकेजिंग के पीछे छुपाने की बात कर रहे हैं। लेकिन
(06:25) डिफेंस कोर्ट को कंफ्यूज करके पूरा ब्लेम शिफ्ट कर रही है। [संगीत] हमारे प्रोडक्ट्स के इंग्रेडिएंट्स नेचुरल, एडिबल। प्रोसीक्यूशन, दिस इज नॉट योर टर्न टू एड्रेस द कोर्ट। योर ऑनर प्रोसीक्यूशन कह रही है कि यह स्किन केयर प्रोडक्ट्स लोगों को हार्म करते हैं। जबकि डाटा कहता है कि इन प्रोडक्ट्स ने करोड़ों लोगों की स्किन बाल अपीयरेंस ट्रांसफॉर्म करी है। उनका कॉन्फिडेंस उन्हें वापस [संगीत] दिया है। इस क्लेम को सपोर्ट करने के लिए मैं इंडस्ट्री के एक ट्रस्टेड कस्टमर को विटनेस के तौर पर बुलाने की परमिशन चाहती हूं। परमिशन ग्रांटेड
(07:10) जोश कोर्ट विल मेंटेन डेकोर अप मिस कियारा आप कोर्ट को बताना चाहेंगी आप कब से ब्यूटी इंडस्ट्री के प्रोडक्ट्स यूज कर [संगीत] रही हैं पिछले चार साल से रोज बिना एक भी दिन मिस किए और कौन-कौन से प्रोडक्ट्स यूज करती हैं आप ब्राइटनिंग क्रीम क्रीम, नीम फेस वॉश, [संगीत] विटामिन सीरम, लिप स्क्रब, फेस टोनर, आई मास्क एंड ऑनेस्टली सब कुछ। आपने कोई ट्रांसफॉर्मेशन नोटिस की है? एनी पॉजिटिव इफेक्ट्स? सो मेनी फेस टोनर से मेरी स्किन ग्लो करने लग गई। वटामिन [संगीत] सीरम से मेरे दाग धब्बे गायब हो गए। लिप स्क्रब से तो ब्लैकनिंग जैसे भाग ही गए हो। और ओ आपका
(07:53) हेयर सीरम इट्स दी बेस्ट। योर ऑनर यू हैव टू ट्राई। पर यू नो। ऑर्डर ऑर्डर देयर प्रोडक्ट्स आर ट्रूली अ लाइफ सेवर। मैं पिछले दो साल से इन्हें अपने पेज पे प्रमोट भी कर रही हूं। आप मेरी ट्रांसफॉर्मेशन रील्स और पिक्चर्स [संगीत] @ karरा लव्स ब्यूटी पर चेक भी कर सकते हैं। प्रोसीक्यूशन क्या आप विटनेस को क्वेश्चन करना चाहेंगे? यस योर ऑनर। मिस कियारा क्या आप ये प्रोडक्ट्स रोज यूज करती हैं? ऑफकोर्स दे आर द सीक्रेट टू माय एवर ग्लोइंग स्किन। तो आज भी यूज किए होंगे? ड बिल्कुल।
(08:37) अगर आपको कोई ऐतराज ना हो तो इस बात को क्रॉस चेक करने के लिए हम एक छोटा सा टेस्ट करना [संगीत] चाहेंगे। बस इस कॉटन पर आपकी स्किन पर लगे प्रोडक्ट्स के सैंपल्स चाहिए। ऑब्जेक्शन माय लॉर्ड। दिस इज कंप्लीटली इर्रेगुलर। कोट के बीच ऐसे टेस्ट नहीं डिमांड किया जा सकता। ऑब्जेक्शन ओवर रूल्ड। कर लेने दीजिए उन्हें टेस्ट मिस बॉस पर मेरा मेकअप खराब हो जाएगा। मिसियारा प्लीज को ऑपरेट वि द कोर्ट। योर ऑनर ये जांचने के लिए कि मिस क्याारा ने सच में ये प्रोडक्ट्स यूज़ करे हैं कि नहीं। हम एक लेबोरेटरी एक्सपर्ट को बुलाना चाहेंगे। इस स्वॉप पर मिसियारा की स्किन पर अभी लगे
(09:19) प्रोडक्ट्स के ट्रेसेस हैं। और इस दूसरे स्वप पर उन प्रोडक्ट्स [संगीत] के ट्रेसेस जिन्हें ये रोज यूज करने का क्लेम कर रहे हैं। अब देखते हैं क्या ये दोनों मैच करते हैं। दीज अपीयर नॉट टू बी अ मैच। कि ही इज लंग आई यूज्ड इट लंग अंडर होल्ड इज अ सीरियस ऑफेंस मिस कियारा दिस कोर्ट कैन सेंड यू टू जेल फॉर कंटेंट किियाारा जी कितने पैसे मिले आपको ब्यूटी इंडस्ट्री से कितने में खरीदा उन्होंने आपके व्हील्स और पोस्ट को माय लॉर्ड मिस किियारा जो प्रोडक्ट्स खुलेआम प्रमोट करती है वो उन्हें असल में खुद यूज ही नहीं करती और देखा जाए तो मिसियारा की इसमें
(10:05) कोई गलती नहीं है। ऐसे इन्फ्लुएंसर्स जिनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोवर्स होते हैं। उन्हें ब्यूटी इंडस्ट्री रील्स बनाने के और अपने प्रोडक्ट्स प्रमोट करने के अच्छे खासे पैसे जो देती है। इस रील के लिए 5 लाख, इसके ₹15 लाख। और क्योंकि इस इन्फ्लुएंसरर के फॉलोअर्स मिलियंस में है तो इस रील के तो ₹25 लाख भरे हैं ब्यूटी इंडस्ट्री ने। अफसोस की बात तो यह है कि आज ज्यादातर इन्फ्लुएंसर्स जो प्रोडक्ट्स प्रमोट करते हैं वो खुद उन्हें कभी यूज ही नहीं करते। आप ही बताइए मार्केटिंग के नाम पर जिन इन्फ्लुएंसर्स पे लोग भरोसा करते हैं उनसे
(10:44) फेक प्रमोशनंस बनवाना क्या सही है? योर ऑनर अब प्रोसीक्यूशन हमें मार्केटिंग करना सिखाएगी। इनके हिसाब से तो हमें प्रोडक्ट्स बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठ जाना चाहिए। मार्केटिंग करना गलत नहीं है माय लॉर्ड। इन्फ्लुएंसर्स का प्रोडक्ट प्रमोट करना भी गलत नहीं है। लेकिन उन प्रोडक्ट्स को होली ग्रेल लाइफ चेंजिंग और बाय गो टू रूटीन कहना जिन्हें वो खुद कभी अपनी स्किन पर लगाते भी नहीं वो गलत है। और यही है दूसरा स्कैम। द ब्यूटी इंडस्ट्री फेस इन्फ्लुएंसर्स टू सेल यू प्रोडक्ट्स देमसेल्व्स नेवर यूज। योर ऑनर नए सोशल मीडिया रूल्स के मुताबिक
(11:18) इन्फ्लुएंसर्स को अपने प्रमोशनल रील्स और पोस्ट पर स्पों्सर्ड क्लियरली मेंशन करना कंपलसरी है। जाइए पहले तो रीिसर्च करके आइए। कोर्ट सेकंड एक्यूज़ेशन पर दोनों पार्टीज के तर्क सुन चुका है। प्रोसीक्यूशन अब आप अपने तीसरे और आखिरी पॉइंट पे आइए। कोर्ट के पास ज्यादा वक्त नहीं है। यस यू आर ऑन। इस ओनवोलॉक में ब्यूटी इंडस्ट्री का अब तक का सबसे खतरनाक स्कैम छुपा है। योर ऑनर ऐसे ही एड्स सालों दर सालों इस देश के हर घर के टीवी पर दिखाए गए हैं। हर बार वही कहानी पूरा परिवार साथ बैठकर देखता। एक डार्क स्किंड लड़की जिसे
(12:04) सोसाइटी रिजेक्ट कर देती है। फिर इनकी फेयरनेस क्रीम लगाने के बाद उसका रंग हल्का हो जाता। रातोंरात वो पॉपुलर हो जाती। उसे अपनी ड्रीम जॉब मिल जाती और शादी के लिए तो लड़कों की लाइन लग जाती। ऐसे एड्स दिखाकर ब्यूटी इंडस्ट्री हमारे दिमाग में एक ही बात भरती आई है। गोरा रंग ही सुंदर है। गोरा रंग ही आपको सक्सेसफुल बनाता है। उनका मैसेज सिंपल था। इफ यू आर नॉट लाइट, यू आर नॉट राइट। इफ यू आर डार्क यू नीड पिक्स। जज साहब यह भेदभाव ब्यूटी इंडस्ट्री ने शुरू नहीं किया। यह पहले से ही प्रोसीक्यूशन को उनकी पूरी बात रख लेने दीजिए। माय लॉर्ड ब्यूटी इंडस्ट्री सिर्फ फेयरनेस
(12:44) स्क्रीन पर नहीं रुकी। आप नेक्स्ट टैप करेंगे तो आपको हेयर स्ट्रेटनिंग सीरम्स के ऐड दिखेंगे। इन्हें देखकर हर वो लड़की जो कर्ली बाल के साथ पैदा होती है वो [संगीत] महसूस करने लगती है कि उसमें कोई प्रॉब्लम है। एक और बार नेक्स्ट टैप करेंगे तो आपको एंटी [संगीत] एजिंग क्रीम्स के ऐड दिखेंगे। हर वो मां जो नेचुरली एज कर रही है। जिसके चेहरे पर हल्की सी भी झुड़ियां आ रही है। उन्हें यह एड्स महसूस [संगीत] करवाते हैं जैसे एज करना गलत है। जैसे रिंकल्स जिंदगी जीने की निशानी नहीं एक बीमारी हो जिसे फिक्स करने की जरूरत है। योर ऑनर फिक्स तो प्रॉब्लम्स को किया जाता
(13:21) है। लेकिन काला होना प्रॉब्लम नहीं। कर्ली बालों के साथ पैदा होना प्रॉब्लम नहीं। [संगीत] एज के साथ चेहरे पर झुर्रियां आना प्रॉब्लम नहीं। तो फिर फेयरनेस क्रीम, हेयर स्ट्रेटनिंग सीरम या एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स के जरिए लोगों को उनकी बिल्कुल नॉर्मल [संगीत] बॉडी पर शर्मिंदा महसूस करवाना क्यों? यह इसीलिए योर ऑनर क्योंकि अगर आप अपनी स्किन में कॉन्फिडेंट फील करेंगे तो यह इंडस्ट्री आपको कुछ बेच ही नहीं पाएगी। और यही [संगीत] है तीसरा स्कैम। ब्यूटी इंडस्ट्री मेक्स यू इनसिक्योर इन योर बॉडी टू सेल यू प्रोडक्ट्स यू नेवर नीडेड।
(13:58) योर ऑनर गोरे रंग का बेहतर माना जाना, सीधे बालों का कर्ली से ज्यादा सुंदर मानना। यह स्टैंडर्ड्स ब्यूटी इंडस्ट्री ने सेट नहीं किए। ये कल्चरल नॉर्म्स हमारे फिल्मों से, गानों से, मीडिया से आते हैं। आपने बॉलीवुड की पिक्चरें तो देखी होंगी। माय लॉर्ड, क्या कभी उसमें आपने हीरो या हीरोइन काले रंग के देखे हैं? यह सालों पुरानी बॉलीवुड की हीरोइन की फोटो देख लीजिए। उन्हें ढेक भर मेकअप कर एक्स्ट्रा गोरा दिखाया गया है। बाल आर्टिफिशियली स्ट्रेट किए गए हैं। जब मेन रोल के लिए कास्टिंग होती है तो पेयर स्किन, स्ट्रेट हेयर कैरेक्टर और जब लोअर क्लास को
(14:33) रिप्रेजेंट करना होता है तो वही कैरेक्टर्स डार्क स्किन बना दिए जाते हैं। यह भेदभाव सालों से एकिस्ट करते आए हैं। ब्यूटी इंडस्ट्री ने बस लोगों के अंदर गोरा होने की, स्ट्रेट बाल रखने की इच्छा देखी और उसकी रिस्पांस में इजी सशंस डेवलप करके मार्केट में लाए। अगर अनरियल ब्यूटी स्टैण्डर्ड सेट करने की सजा देनी है तो बॉलीवुड के अमीर डायरेक्टर्स प्रोडूसर्स को कोर्ट में लाइए। ब्यूटी इंडस्ट्री को नहीं। ऑनर माना कि इनसिक्योरिटीज इन्होंने [संगीत] शुरू नहीं की लेकिन उन इनसिक्योरिटीज को एड्स में दिखाकर भर-भर के बढ़ावा तो इन्होंने ही दिया है।
(15:06) लेकिन यू आर ऑनर मिस बॉस। मैंने प्रोसीक्यूशन और डिफेंस दोनों की दलीलें सुन ली। अब आप अपनी क्लोजिंग स्टेटमेंट्स पेश कर लो। जी योर ऑनर अगर आज हम यह केस हारते हैं तो यह सिर्फ एक इंडस्ट्री की हार नहीं होगी लेकिन लाखों औरतें अपना शॉपिंग करने का शौक खुद को सजने सवारने की खुशी खो बैठेंगी और साथ ही साथ करोड़ों लोग अपनी नौकरी अपनी रोजी रोटी तक गवा देंगे। योर ऑनर हमें इस देश की जुडिशरी पर पूरा भरोसा है कि वो अपना डिसीजन, नियम और कानून को आगे रखकर लेगी और ना कि इनकी इमोशनल स्टोरीज और क्लेम्स के आधार [संगीत] पर। योर ऑनर। हम यह केस ब्यूटी इंडस्ट्री को
(15:53) बंद करने के लिए नहीं लाए। हम जानते हैं कि यह इंडस्ट्री करोड़ों लोगों को रोजगार देती है। हम जानते हैं इसकी आज दुनिया [संगीत] में जरूरत है। हम यह केस बेहतर स्टैंडर्ड्स पुश करने के लिए लाए हैं ताकि पैकेजिंग सिर्फ वही [संगीत] बोले जो अंदर सच में हो ताकि रिव्यूज असली हो ना कि खरीदे हुए। ताकि एड्स हमें इंस्पायर करें ना कि खुद में शर्मिंदा महसूस करवाए। हम एक ऐसी [संगीत] दुनिया के लिए लड़ रहे हैं यूरो ऑनर जहां ब्यूटी का मतलब फियर ना हो। जहां सेल्फ केयर का मतलब एंग्जायटी ना हो और जहां खुद [संगीत] से प्यार किसी प्रोडक्ट पर डिपेंडेंट ना हो। अगर क्लीन
(16:31) इंग्रेडिएंट्स डिमांड करना, सच्ची मार्केटिंग चाहना और अपनी अगली जनरेशन के लिए एक सेफर फ्यूचर मांगना गलत है तो योर ऑनर हम अपना केस यहीं अरेस्ट करते हैं। ऑर्डर ऑर्डर प्रोसीक्यूशन और डिफेंस दोनों को सुनने के बाद यह कोर्ट यह फैसला सुनाती है कि

No comments:

Post a Comment