Wednesday, August 5, 2026

India's No.1 Matchmaker On Indian Marriages, Cheating & Dowry | Gaurav Chhabra

India's No.1 Matchmaker On Indian Marriages, Cheating & Dowry | Gaurav Chhabra

Author Name:Royal Matrimonial

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Transcript:
(00:00) जो लड़की देने के बाद यह सवाल है जिसके मन में कि लड़की के साथ में और क्या-क्या दे रहा है? बेसिकली मैं तो कहता हूं वो भीख मांग रहा है जो इस तरीके से डिमांड कर रहा है। आजकल कॉमन प्रॉब्लम्स जो शादियों में आ रही है उनमें से सबसे बड़ा एक प्रॉब्लम है डिवोर्स का। हमारे पास एप्रोक्स दिन में 100 इंक्वायरीज आती हैं टोटल में। 20 प्लस इंक्वायरीज रीमैरिज की आती हैं 20 प्लस। जो पहले महीने में कभी दो चार होया करता था। बट आजकल भी काफी सारे रिलेशंस ऐसे हैं जो टॉक्सिक बन चुके हैं। वो मैरिजेस भी लड़कियां दबा देती हैं कि नहीं मैं
(00:35) सोसाइटी और प्रेशर में आके मैं सोसाइटी से नेगलेक्ट हो जाऊंगी। लड़कियों को डरना नहीं चाहिए। अगर ऐसी सिचुएशन है किसी लड़की के साथ अगर उसके साथ गलत हो रहा है तो उसको खुद से इनिशिएट लेना चाहिए। उसको एफआईआर करानी चाहिए। यह नहीं कि वो दब रही है, मार खा रही है, मार खाती रहेगी और मतलब वो बर्दाश्त ही करती रहेगी। रीमैरिज के 17,000 से ज्यादा एक्टिव यूज़र्स हैं मेरे पास। एक केस ऐसा है [नाक से की जाने वाली आवाज़] 17,000 के अंदर। उनके फादर ने आके मेरे मुंह पे बोला था कि बहुत-बहुत वेलकम सर ऑन सेकंड एपिसोड ऑफ कहानी रिश्तों की।
(01:16) थैंक यू। [नाक से की जाने वाली आवाज़] थैंक यू। तो सर [गला साफ़ करने की आवाज़] शुरू करते हैं हमारा आज का सफर। बिल्कुल ठीक है। करें शुरू? यस। पहला क्वेश्चन मेरा आपसे यही होगा कि एज अ मैच मेकर आपने इतनी शादियां करवाई हैं, इतने रिश्ते करवाए हैं। इतने लोगों को क्लोजली देखा है। आपके हिसाब से शादी का एक्चुअल डेफिनेशन क्या है? शादी का एक्चुअल डेफिनेशन अगर मैं कहूं तो वो है एक एडजस्टमेंट। दो लोगों के अंदर एक एडजस्टमेंट होनी बहुत जरूरी है। तो ही शादी चल पाती। अगर एडजस्टमेंट नहीं होती तो शादी नहीं चल पाती। तो मैंने इतने साल हो गए मुझे 20
(01:54) साल हो गए रिश्ते कराते हुए। मैंने अपने पर्सनल एक्सपीरियंस से यह समझा है कि एडजस्टमेंट जिसने कर ली क्योंकि कई बार क्या होता है कि कुछ समय खराब चल रहा होता है। कोई बातें ऐसी हो जाती हैं दोनों के अंदर कि वो कुछ नोकझोंक हो जाती है। बट जो एडजस्टमेंट नहीं कर पाता उस चीज को एडजस्ट नहीं कर पाता। तो वो शादी शादी नहीं रहती। फिर वो डिवोर्स की तरफ चली जाती है। किस घर में किस कपल की खटपट नहीं होती? बट डिवोर्स उन्हीं का ही होता है जो शादी को एडजस्ट नहीं कर पाते। जो एडजस्ट कर लेते हैं वो शादी चलती रहती है। शादी एक एडजस्टमेंट है। यह समझना है कि एडजस्ट
(02:35) करना है। दो लोगों लोग कभी भी एक जैसे नहीं हो सकते। दोनों की परवरिश अलग है। दोनों अलग सोल हैं। तो यह समझना होता है कि अगर हम शादी करने जा रहे हैं तो हमारे को एडजस्टमेंट आनी चाहिए। नो की पावर, यस की पावर। अगर कोई चीज किसी सामने वाला आपको नो कह रहा है उसको समझना चाहिए कि किसी कारण से कोई किसी भी रीज़न से कुछ भी बात हो रही है तो ईगो भी नहीं लेना चाहिए, एडजस्टमेंट करनी चाहिए और पार्टनर की से प्यार करना चाहिए, रिस्पेक्ट देनी चाहिए तो शादी चलती है। वेरी ट्रू सर क्योंकि एडजस्टमेंट ही आई थिंक आपका एक लास्ट सहारा होता है। जब वो
(03:16) नहीं होगा तो शादी कैसे टिकेगी? हां एडजस्टमेंट ही सहारा है और एडजस्टमेंट और पेशेंस भी साथ-साथ कि ये नहीं कि मैंने तो मैंने एक बार एडजस्ट कर लिया। मैंने दो बार एडजस्ट कर लिया। मैं बार-बार थोड़ी एडजस्ट करती रहूंगी। मैं बार-बार एडजस्ट थोड़ी करता रहूंगा। कई बार किसी चीजों को सॉल्व करने में टाइम लगता है। तो शादी भी एक एडजस्टमेंट है और एडजस्टमेंट के साथ-साथ पेशेंस भी रखनी होती है। तो मैंने बहुत सारी कपल्स भी देखे हैं जिन्होंने एडजस्टमेंट करके कुछ एक टफ टाइम था अपना निकाला है। आज वो सक्सेसफुल मतलब चल रहे हैं। कहीं कोई
(03:50) दिक्कत नहीं थी। बीच में ऐसे थे कि इतना लड़ाई झगड़ा चल रहा था कि डिवोर्स की कहानी अगर बीच में उनके कोई आ जाता थर्ड पर्सन समझाने वाला तो शायद डिवोर्स हो जाता। बट उन दोनों ने अपने आप बातचीत करके समझा कि जहां पे भी प्रॉब्लम है उसको सॉल्व करने की कोशिश करी जिससे कि शादी बच गई। तो एडजस्टमेंट ही मतलब शादी एक एडजस्टमेंट है। तो कैसे ऐसे पार्टनर को ढूंढे या फिर कैसे ऐसे सोलमेट को ढूंढे जिससे हम ये उम्मीद कर सके जो हम अगर एडजस्टमेंट कर रहे हैं तो वो भी एडजस्ट करेगा या फिर वो हमारी चीजों को समझेगा। एक तरफा रिश्ता नहीं होगा। एक तरफ से सैक्रिफाइस नहीं होगा। यह
(04:30) देखो आपका जो सवाल है कि एक तरफा नहीं शादी दोनों तरफ होती है। बट अगेन वही वाली बात है कि आप हमेशा कोई भी पार्टनर चूज करता है तो उस समय वह अपने हिसाब से देखता है, समझता है चीजों को। ऐसा नहीं है कि बिना देखे समझे कोई रिश्ते में आगे बढ़ जाता है। बट कुछ समय कई बार कई बार कुछ किसी का समय ऐसा चल रहा होता है कि जो उस समय पर उन दोनों की अंडरस्टैंडिंग नहीं मिल रही होती। तो बट अगर वह पेशेंस के साथ समझने की कोशिश करते हैं। देखो एक होता है कि समझना चाहते नहीं है इंटेंशनली बिकॉज़ उनको ऐसा लगता है कि इससे बेटर मुझे मिल
(05:18) सकता था। मैं अगर इसको छोड़ दूं तो इससे बेटर मुझे मिल जाएगा। मैं इसके साथ एडजस्ट क्यों करूं? माइंडसेट अगर वैसा वाला होगा तो शादी नहीं चल पाती। बट अगर एडजस्टमेंट करने की कोशिश करेगा कि जिस बंधन में मैं बंध गया हूं उस बंधन को चलाना चाहता हूं या चलाना चाहती हूं या चलाना चाहिए। प्लस पेरेंट्स का भी बहुत बड़ा सपोर्ट होता है कि अगर पेरेंट्स कहते हैं कि देखो एडजस्टमेंट करो और समझो पेन को समझो और सॉल्यूशन निकल आता है क्योंकि हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। ऐसा नहीं है कि प्रॉब्लम का सॉल्यूशन नहीं है। बट सॉल्यूशन निकालने की इंटेंशन होनी चाहिए हमारी। अगर हमारी
(05:59) इंटेंशन होगी तो सॉल्यूशन निकल आता है। बट अगर इंटेंशन नहीं है तो सॉल्यूशन नहीं निकलता है। क्या ऐसा हो सकता है कि हम कुछ ऐसी फिल्टर्स लगाएं, ऐसी कोई चीजें बातें करें, ऐसी कोई क्वेश्चंस पूछे जिससे हमें उस पर्सन के इंटेंशंस, उसके बिहेवियर के बारे में, उसके ट्रू सेल्फ के बारे में पता चले। देखो हां, ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो कि आप अपना फिल्टर्स लगाएं या कुछ ऐसा करें नहीं होता। देखो, अगर एक शादी हुई है, शादी के बाद कुछ एडजस्टमेंट कोई नहीं कर पा रहा है, तो उसका एक ही सॉल्यूशन है सॉल्व करने का। कि आपको अपना बेस्ट करने की कोशिश करनी है।
(06:43) और अपना बेस्ट करने की कोशिश करनी है और करते रहना है उसको। ऐसा नहीं है कि एक बार करनी है। वह एक प्रैक्टिस है। वह आप क्योंकि आपको यह नहीं सोचना कि मुझे इसको छोड़ना है। इस सोच से नहीं करनी कि मुझे यह छोड़ना है तो मैं एक बार हिट एंड ट्राई करके देख लेती हूं या हिट एंड ट्राई करके देखता हूं। नहीं आपको यह सोचना है कि मुझे किसी भी हाल में यह रिश्ता बचाना है। अपना बेस्ट देना है। अगर आप अपना बेस्ट दोगे तो समय लगेगा रिश्ता ठीक हो जाएगा। यह मेरा भी पर्सनल एक्सपीरियंस है। मेरा भी बहुत लोगों का मैंने बहुत लोगों को मैंने समझाया है और बहुत लोगों का एक्सपीरियंस
(07:24) वहां से रिवर्ट आया है कि हमने आपकी बात मानी है। समय दिया है अपने रिश्ते को तो रिश्ता हमारा रिवाइव हो गया है। जिसने इसकी इंटेंशन होती है ना कि लाइक किसी का होता है कि मेरे को एक्स्ट्रा मेटल अफेयर चलाना है या किसी का होता है कि मेरे को इससे बेटर ऑप्शन मिल सकता है। मैं पेरेंट्स के प्रेशर में आ करके या मैं किसी के प्रेशर में आके मैंने कर तो ली बट मेरे को इसके साथ मेरी लाइफ दिख ही नहीं रही है। बिकॉज़ उसकी सोच में ऐसी चीज आ गई है। वो सोचता ही दिन रात ऐसी बातें हैं। तो वो एडजस्टमेंट नहीं करेगा कभी भी। वो उसको कोशिश करेगा कि उस रिश्ते से वो बाहर
(08:01) निकले किसी भी तरीके से। वो कोई भी जैक लगाएगा वो रिश्ते से बाहर निकलने की ही कोशिश करेगा। तो मिसअंडरस्टैंडिंग्स बढ़ जाती हैं। जब हम माइंड सेट कर लेते हैं अपना। सारी गेम माइंड की है। अपने माइंड को एनर्जी पॉजिटिव दें। अगर कभी कुछ ऐसा कोई प्रॉब्लम आ रही है तो कोशिश ये करें, मेडिटेट करें और ट्राई करें, एनर्जी दें पार्टनर को कि मेरी इसके साथ अच्छी चले तो ही अच्छी चल सकती। जहां पर कोई नेगेटिव वाइब्स देता है, जहां पर कोई हर समय उसकी कोशिश करता है कि यह जाए तो मैं कोई दूसरा ऑप्शन ढूंढूं या दूसरे के साथ शादी करूं तो शादी
(08:40) नहीं पाती। एडजस्टमेंट जिसने कर ली वो शादी चल जाती है। आपने सवाल किया था कि एग्जैक्टली शादी की डेफिनेशन क्या है? देखो एक तो है एडजस्टमेंट जो मैंने आपको बताया कि एडजस्टमेंट है और शादी एक बहुत बड़ा इवेंट है कि आप बंधन में बनते हो आप परिवार बनते हो एक और एक 11 बनते हो और उसके बाद मतलब एक फैमिली होती है इन टर्म्स ऑफ कि वो एक आपका सुखदख पार्टनर बन रहा है आपका देखो कुछ भी है मां-बाप बच्चे वह एक दिन अलग हो जाएंगे दूर चले जाएंगे। मां-बाप बुजुर्ग हो जाएंगे, चले जाएंगे। बच्चे सेटल हो जाएंगे, अलग हो जाएंगे।
(09:25) बट आपका पार्टनर ही आपको सपोर्ट करता है। आपका पार्टनर ही आपको लाइफटाइम सपोर्ट करता है। आपको पार्टनर का ही सहारा होता है। तो शादी बहुत बड़ा इवेंट है इन टर्म्स ऑफ लाइफ में। तो शादी जरूर करनी चाहिए। शादी बहुत इंपॉर्टेंट है। शादी करनी चाहिए और शादी के बिना भी गुजारा नहीं है क्योंकि आप अगर अकेले हो तो आप अकेले सर्वाइव लोग कहते हैं कि हम अकेले सर्वाइव कर लेते हैं। कर सकते हैं बट नहीं। मेरा भी एक्सपीरियंस है। अकेले सर्वाइव इंसान नहीं कर सकता। उसे शादी करनी जरूरी है। बिकॉज़ कोई बाहर वाला कोई भी हो चाहे वह फ्रेंड
(10:14) हो बेस्ट चीज बेस्ट फ्रेंड हो जो आपका पार्टनर जो आपका लाइफ पार्टनर चूज़ कर रहे हो आप जो वो आपके लिए सोचेगा ना वो आपका कोई दोस्त कोई मित्र कुछ नहीं सोच सकता मां-बाप बुजुर्ग हो जाएंगे बच्चे जब बड़े हो जाते हैं तो अपने-अपने कोई अपनी स्टडी में कोई बाहर चला गया कोई किसी की शादी हो गई तो न्यूक्लियर फैमिली वो आगे से आगे चले गए बट आप अकेले रह जाते हो। सर आपने इतनी प्यारी बात बताई मुझे आज एंड उस बात से ना मेरे को दो क्वेश्चंस आए हैं माइंड में। पहला कि आपने बताया कि लोग लोनलीनेस की वजह से शादी करते हैं कि मतलब अकेला रह के नहीं कर पाओगे आप इतना कुछ
(10:59) जितना आप शादी से एक और एक 11 होके कर सकते हो। बट मुझे लगता है आजकल लोग शादी सिर्फ कंपैनियनशिप के लिए नहीं लोनलीनेस दूर करने के लिए कर रहे हैं। उनको अकेला नहीं रहना शादी में इसलिए वो कर रहे हैं। हर तरह के लोग हैं। मैं मान सकता हूं यह बात कि कुछ लोग ऐसे होंगे कि जो लोनलीनेस के लिए सिर्फ शादी कर रहे हैं। उनको अपने साथ पार्टनर वैसे नहीं चाहिए। बट सिर्फ फॉर द सेक ऑफ लोनलीनेस कि मेरे को मैं बट वह बहुत कम परसेंटेज होगी। ऐसा मुझे लगता है कि ऐसा बहुत कम लोग सोचते होंगे। मेरे पर्सनल अगर एक्सपीरियंस में बोलूं तो मेरे एक्सपीरियंस में अभी तक मुझे ऐसा कोई नहीं
(11:44) दिखा कि ऐसा कोई हो तो मे बी आप कह रहे हो सकता है मैं अगर उस सोचूं कि लोगों तरह-तरह के लोग हैं। मतलब ऐसा भी सोचने वाले लोग होंगे। मैं मान सकता हूं इस बात को। बट अगर वैसा वैसी सोच है तो वैसी सोच से रिश्ता नहीं करना चाहिए। शादी नहीं करनी चाहिए। बिकॉज़ आप कोई इट्स नॉट कि गुड्डा गुड्डी का खेल। शादी बहुत प्यारा इवेंट है। मैंने बताया। शादी एक ऐसा बंधन है जहां पर एक आप बनते हो और आप की लाइफ टाइम मतलब शादी मतलब एक बेसिकली जो अगर ऐसा सोचते हैं कि सिर्फ लोनलीनेस के लिए उनका तो मेरे पास जवाब नहीं है। मैं मतलब सिंपल सी बात बोलूं। ऐसी कुछ परसेंटेज होगी। मैं
(12:30) मान सकता हूं यह बात। बट मेरे एक्सपीरियंस में ऐसा कोई नहीं आया। और शादी अगर हां कहीं पेरेंट्स के प्रेशर में आकर करते हैं। कहीं समाज के प्रेशर में आकर करते हैं कि मतलब समाज पीछे पड़ा हुआ है। भाई तुम शादी कर लो। एज हो रही है। बट अपना दिल नहीं था करने के लिए। अपने अंदर से एफर्ट नहीं थी। वह भी रिश्ता नहीं चल पाता। बिकॉज़ आपके अंदर से दिल नहीं था। आपने समाज को दिखाने के लिए शादी कर ली। ऐसे तो मेरे पास बहुत सारे केसेस आए हैं। बट खाली लोनलीनेस मिटाने के लिए शादी करिए। यह ऐसा केस मेरे पास अभी तक नहीं आया है। बट एनीवेज हो सकते हैं वो ऐसे ही
(13:06) जनता भी हो सकती है। ऐसे लोग भी हो सकते हैं। तो बट जो प्रेशर में आके शादी कर लेते हैं जो किसी के कहने से शादी कर लेते हैं। और कोशिश होती है कि शादी करके हम एक बार घर वालों ने कहा है तो टीस करते हैं कि शादी करके अब आपने के कहने पर कर ली शादी। तो अब मैं बस आपके कहने पर कर ली शादी और पार्टनर में इंटरेस्ट ही नहीं होता है। पार्टनर में इंटरेस्ट नहीं होता इन टर्म्स ऑफ कि उनका इंटरेस्ट कहीं और होता है बट शादी कर ली तो ऐसे भी बहुत केसेस आ जाते हैं सामने ऐसी शादियां टिकती है नहीं टिकती बिल्कुल भी टिक ही नहीं सकती हैं अगर कोई शादी सिर्फ किसी को दिखाने के
(13:47) लिए कर रहा है अपने समाज में दिखाने के लिए कर रहा है उसकी इंटेंशन नहीं है और उसने मतलब जब शादी पे जाता है अपनी कंपैटिबिलिटी बनाने की कोशिश ही नहीं करी अपनी अपनी भावनाओं को रखा ही नहीं और उसके बारे में ज्यादा समझा ही नहीं और पार्टनर को बस हां में हां मिलाते चले गए और मां-बाप को दिखाने के लिए भी शादी कर ली, समाज को दिखाने के लिए भी शादी कर ली। बट वो दिल से ना चाहत है उस पार्टनर के लिए उसकी ना उसकी कोई उससे एक्सपेक्टेशंस हैं। ना वो उसको कहता है कि ना मेरे तुम पास आओ ना मैं तुम्हारे पास आऊंगा। तो ऐसी चीजें सामने आती हैं। वो डिवोर्स हो जाते हैं।
(14:22) बहुत जल्दी डिवोर्स हो जाते हैं। ऐसे केसेस तो बहुत सारे आने लग गए हैं कि लोगों को क्योंकि एक्चुअली में लोग कंफ्यूज होते हैं कई बार। लोगों को लगता है कि हमें नहीं करनी चाहिए शादी तो वह शादी क्यों करनी चाहिए उसके बारे में ख्याल ही नहीं करते हैं। उसके बारे में चर्चा ही नहीं करते हैं कि व्हाई मैरिज क्यों करनी है? तो वो ये सोचते हैं कि पेरेंट्स कह रहे हैं तो कर लेते हैं। या मेरे तीन दोस्त की मैरिज हो गई है। हम चार दोस्त हैं। तीनों मेरे को टीस करते हैं कि तू तो मतलब क्यों नहीं कर रहा है शादी? मतलब तेरे अंदर कोई कमी है क्या? तो उस
(14:56) वजह से शादी कर लेते हैं दिखाने के लिए। कि भाई मैंने भी शादी कर ली अब बट उसका उस पार्टनर में इंटरेस्ट नहीं होता। उस पार्टनर की तरफ उसका झुकाव नहीं होता। तो शादी प्यार जब तक नहीं होगा जब तक अटैचमेंट नहीं होगी। जब तक उसके लिए फीलिंग्स नहीं होंगी तो शादी सक्सेसफुल नहीं होती। पार्टनर के प्रति फीलिंग होना, प्यार होना, प्यार को एक्सप्रेस करना, दोनों पार्टनर को बॉन्ड बनाना, दुनिया वाले कुछ भी बोले अपना पार्टनर के साथ एक बॉन्ड बनाना वो एक शादी होती है। दुख में, दुख में पार्टनर ही काम आता है।
(15:43) सबसे पहले जो आपका लाइफ पार्टनर होता है। बाहर वाले कोई काम नहीं आते। किसी बाहर वाले की एडवाइस सुन के अपने पार्टनर से झगड़ा कर लेना। किसी पार्टनर की बात किसी बाहर वाले की बात सुनके अपने पार्टनर को वैल्यू ना करना तो शादियां टूटती इसी वजह से ही हैं। डिवोर्स भी आजकल काफी बढ़ रहे हैं। अगर हम बात करें आजकल कॉमन प्रॉब्लम्स जो शादियों में आ रही हैं उनमें से सबसे बड़ा एक प्रॉब्लम है डिवोर्स का। आजकल इतने केसेस सामने आ रहे हैं डिवोर्स के जितने शादियां नहीं हो रही है आजकल। हम हां बहुत ज्यादा परसेंटेज हो गई है शादियों डिवोर्स की। मतलब मैं देखता हूं
(16:21) कि हमारे पास दिन में लाइक जितनी भी हम मेंबरशिप लेते हैं पहले एक समय था दीदी कि जब हमने मैंने काम शुरू किया था तो रीमैरिज के हम केस रजिस्टर्ड ही नहीं करते थे बिकॉज़ ज्यादा लोग थे ही नहीं। इंक्वायरी बहुत कम आती थी। बहुत महीने में कोई एक दो बंदे बोल देते थे कि हमारे बच्चे का डिवोर्स हुआ है। कोई ऑप्शन है आपके पास क्या? तो हम लिखते नहीं थे। हम कहते थे नहीं एक महीने में अगर एक रिश्ता आएगा तो उनके लिए क्या हम बताएंगे? बट आज दिन में कम से कम अगर मैं बोलूं तो 10 से 20 इंक्वायरीज डिवोर्स की आती हैं। हमारे पास अप्रोक्स दिन में 100 इंक्वायरीज आती
(16:57) हैं। टोटल में 20 प्लस इंक्वायरीज रीमैरिज की आती हैं। 20 प्लस 20% का रेश्यो मैं देखता हूं। दिन में 100 इंक्वायरीज हमें मिलती हैं। तो 20 इंक्वायरीज डिवोर्स की होती हैं। इतना रेश्यो बढ़ गया है। जो पहले महीने में कभी दो-चार होया करता था। महीने में दो से तीन मैक्सिमम एक मंथ के अंदर दो से तीन इंक्वायरी आती थी। 2006 की बात बता रहा हूं मैं आपको। 20 सालों के अंदर इतना गैप आ गया है। यह बहुत चिंता की बात भी है। और इस चिंता की वजह से क्या हो रहा है कि जो डिवोर्स हो रहे हैं वो तो हो ही रहे हैं। उनके फैमिली में उनके सिबलिंग्स चाहे वो रियल
(17:39) सिबलिंग्स हो चाहे वो कजन सिबलिंग्स हो इन टर्म्स ऑफ चाचा ताया के मामा के बच्चे वो लोग भी डरे हुए हैं कि भाई मेरी बहन की बेटी घर वापस आ गई है तो मेरी बेटी डर रही है शादी करने से। उसके अंदर एक फियर आ गया है। बिकॉज़ उनको लगता है कि अगर यह नहीं इसकी मैरिज सक्सेसफुल नहीं हुई तो मेरी मैरिज कैसे सक्सेसफुल हो जाएगी? क्योंकि वो अपने आप को कंपेयर करते हैं कि यह तो बहुत मतलब सुलझी हुई है। यह तो बहुत ये मतलब जैसे वो अपने फैमिली मेंबर को इवैल्यूएट करते हैं कि अगर इस परिवार का बच्चा के साथ क्योंकि वो उससे जब बातचीत करते हैं तो वो अपनी शादी का एक्सपीरियंस
(18:20) बताती हैं कि मेरे साथ ऐसा हुआ, वैसा हुआ। वो उन चीजों को लेकर के डर जाते हैं और डर उनका जो फियर होता है वो अपने कजिंस में भी आ जाता है। कहीं ना कहीं फ्रेंड सर्कल में कई बार क्या होता है कि अपने फ्रेंड्स में अपने सिबलिंग्स की किसी की शादी अटेंड करी पूरी-पूरी इवेंट्स अटेंड करे मतलब ए टू जेड जितने भी इवेंट हुए मेहंदी सगाई शादी रिसेप्शन एंड ऑल डेस्टिनेशन वेडिंग अटेंड करी फेरों तक भी बैठे फेरों के बाद पता लगा जी वह हनीमून पे गए हैं। वहीं से वहीं से उनका झगड़ा हो गया और वो वापस आ गए हैं। तो कई दिन तक दहशत रहती है उस
(18:55) पूरे परिवार के अंदर कि यह जो डेस्टिनेशन वेडिंग पर गए थे 100 200 लोग उस उन दो 100 परिवारों में कि भाई ये क्या हो गया जो हम वो गए थे इतनी दूर डेस्टिनेशन [गला साफ़ करने की आवाज़] वेडिंग पे गए थे उसकी मैरिज में हम जिम कॉर्पेट गए थे हम जयपुर गए थे वहां से हमें वापस आना पड़ा बिक वापस आए तो पता लगा कि ये 20 दिन के अंदर-अंदर डिवोर्स हो गया मतलब रिश्ता उनकी खटपट चल रही है और उनकी सेटिंग नहीं बैठ पा आ रही है और उसके बाद 6 महीने बाद पता लगता है कि वह डिवोर्स फाइल कर दिया है। तो वो लोग डरे हुए हैं और डरे हुए में क्या होता है कि कई बार जो बहुत ज्यादा
(19:34) शादियां टूटने का यह भी लॉजिक्स होते हैं कि जो उसके बाद शादियां कर भी रहे हैं उनके अंदर भी इतना फियर है कि वो पार्टनर के साथ कंपैटिबिलिटी मैच ही नहीं कर पा रहे हैं। फियर इतना ज्यादा है कि कहीं ऐसा ना हो जाए, कहीं वैसा ना हो जाए। लोग घबराए हुए ज्यादा हैं। बट मेरा मानना यह है देखो हर एक की अपनी किस्मत है। अगर कुछ हो रहा है तो कुछ अगर किसी का डिवोर्स हुआ भी है तो डरने की बात नहीं है। शादी करनी चाहिए। और जिनका डिवोर्स हो रहा है मैं उनके लिए यह बोलना चाहूंगा कि देखो डिवोर्स को रोकने के लिए एक ही चीज है कि आपको पेशेंस रखनी है और चीजों को सॉल्यूशन की
(20:14) तरफ लेके आने की कोशिश करनी है ज्यादा। अगर आप सॉल्यूशन निकालने की कोशिश करेंगे तो बहुत सारे केसेस ऐसे हैं जब मेरे पास लोग मेंबरशिप लेने के लिए आते हैं तो हम बात समझते हैं कि डिवोर्स का क्या रीजन है? तो बहुत सारे लोगों के पास डिवोर्स करने का कारण भी प्रॉपर नहीं होता है। पेरेंट्स बड़ी ईली बोल देते हैं बस कंपैटिबिलिटी नहीं बैठ रही थी बच्चों की तो हम बेटी को वापस ले आए या लड़के वाले बोल देते हैं कंपैटिबिलिटी नहीं बैठ रही थी तो आपस में हमने एक दो बार इनको कन्वेंस किया बट नहीं सेटिंग बैठ रही थी तो फिर लड़की के पेरेंट्स को बुला के हमने
(20:54) इनको सेपरेट करवा दिया और फिर हमने केस फाइल कर दिया तो पेरेंट भी एफर्ट नहीं करना चाहते। पेरेंट भी एफर्ट जो कर रहे हैं वो डर के कर रहे हैं बच्चों से। आज मैं देखता हूं वह समय आ गया है कि मां-बाप बच्चों से डर रहे हैं। जिनकी शादियां हो रही है कि हम बीच में इंटरप्ट नहीं करें। हम इसकी इनकी पर्सनल लाइफ में जो यह कर रहे हैं वो ठीक है। जो इनका डिसीजंस हैं वो ठीक है। अगर यह सेपरेट होना चाहते हैं तो ठीक है। उसको सॉल्यूशन लाने की कोशिश नहीं करते। अगर मैं पुरानी बात करूं हमारे दादा-दादी के टाइम की, पेरेंट्स के टाइम की या हमारी मैरिज के टाइम की अगर कोई भी
(21:33) बात होती थी तो पेरेंट्स समझाते थे। पेरेंट्स कोशिश करते थे सॉर्टेड हो जाए मामला। बट आजकल बहुत ज्यादा मैं देख रहा हूं कि पेरेंट्स भी बच्चों को बहुत सपोर्ट कर रहे हैं कि ठीक है अगर नहीं हो रहा तो आप ईजीली लीगली हमारे पास ऑप्शंस हैं कि हम सेपरेट हो जाते हैं। अगर नहीं बन रही है तो कोई बात नहीं अलग हो जाओ। बहुत ईजीली कह देते हैं क्योंकि लॉ हमारा ऐसा आ गया इंडिया का कि अगर आप डिवोर्स देना चाहते हो तो कोई फाइट की नीड नहीं है। आपको ज्यादा फाइट करने की नीड नहीं है। आप सेपरेट हो जाओ। केस फाइल कर दो और कोर्ट में केस भुगतो और डिवोर्स हो जाएगा।
(22:14) कोई प्रॉब्लम ही नहीं है। बट आजकल भी काफी सारे रिलेशंस ऐसे हैं जो टॉक्सिक बन चुके हैं। जो नेगेटिव रिलेशंस हैं जिसमें या तो डोमेस्टिक अब्यूज होता है या कुछ भी दहेज का कोई सीन होता है। वो मैरिजेस भी लड़कियां दबा देती हैं कि नहीं मैं सोसाइटी और प्रेशर में आके मैं सोसाइटी से नेगलेक्ट हो जाऊंगी। यह सोच के वह डिवोर्स फाइल नहीं करती हैं। जब वह एक्चुअल में एक प्रॉब्लम है तब भी वह नहीं कर पा रही है वह चीज को। देखो ऐसा है कि हर एक का ना एक अपना कोई ना कोई कारण जरूर होता है कि जहां पर लड़की को मतलब ऐसा भी लगता है कि कई बार
(22:56) कि मतलब डिवोर्स करना चाहती हूं मतलब सेटिंग नहीं बैठ पा रही है। अंडरस्टैंडिंग दोनों की नहीं बैठ पा रही है। बट पीछे पेरेंट्स का सपोर्ट नहीं है बिल्कुल भी और निकल के कहां जाऊंगी? जहां रह रही हूं वहां पर सेटिस्फाइड नहीं हूं। इन लॉस के साथ सेटिस्फाइड नहीं हूं। हस्बैंड के साथ सेटिस्फाइड नहीं हूं। बट पीछे मतलब किसी के पेरेंट्स नहीं हैं। तो किसी के भाई का प्रेशर है कि तू वापस आई तो मतलब हम तेरे को नहीं रखेंगे घर में वापस। बट वह बहुत ज्यादा घर के अंदर दबी हुई है। किसी से बोल भी नहीं पा रही
(23:41) है। किसी से बात भी नहीं कर पा रही है। किसी को शेयर भी नहीं कर पा रही है। बट वो सह रही है। अपना बेस्ट भी देने की कोशिश कर रही है। बट वो सह रही है। ऐसा भी कई बार मैंने सुना है कि ऐसा भी होता है। देखो इसका कोई इसका सशन यह है कि अगर ऐसा सुना है मैंने कि बहुत ज्यादा वो मतलब जो लड़की हैं इन वो डोमेस्टिक वायलेंस हो रहा है बट वो नहीं निकल पा रही है बिकॉज़ उसकी बैकबोन नहीं है। उसके घर वाले ही नहीं है या घर वाले हैं तो वो ना सपोर्टिव हैं ना वो उनके पास कोई इन टर्म्स ऑफ कि ऐसी पावर है कि वो उसको वहां से निकाल पाए। वो बच्ची सह रही है, मार भी सह रही है और सब
(24:22) कुछ सह रही है। बट वो उसका देखो यह सॉलशन है कि लड़कियां आज बड़ी इंडिपेंडेंट हैं। तो मेरा मानना यह है अदिति इसमें मतलब मैं मेरा यह मानना है कि अगर ऐसी सिचुएशन है किसी लड़की के साथ जो मार खा रही है अब्यूजिंग लैंग्वेज सह रही है और उसके बावजूद भी वो निकलना चाहते हुए भी निकल नहीं पा रही है तो उसको जो डर जाती है जो डर जाती है वही फंसती है। लड़कियों को डरना नहीं चाहिए। ऐसी स्थिति हो रही है अगर आपका हस्बैंड मार रहा है और आपके पास पीछे सपोर्ट नहीं है। आप सोचते हो कि अगर
(25:11) मैंने बात निकाली बाहर तो मेरा क्या होगा? मेरे को समाज के किस वो होगा? उसको बात करनी चाहिए। उसको चार लोग इकट्ठे चाहे करने पड़े। अगर उसके साथ गलत हो रहा है तो उसको एटलीस्ट मतलब खुद से अगर बैकबोन नहीं भी है तो उसको खुद से इनिशिएट लेना चाहिए और उसको थाने जाए अपने हस्बैंड के खिलाफ अपने इन लॉस के खिलाफ उसको एफआईआर करानी चाहिए उसको यह नहीं कि वो दब रही है मार खा रही है मार खाती रहेगी और मतलब वो बर्दाश्त ही करती रहेगी तो क्या होता है कि अगर वो ऐसा कोई केस होता है तो वो कल को उसका इल्जाम मतलब कल को बहुत नेगेटिव चला जाता है कि जब लड़की
(25:53) वो सहतीसहती कई बार वह मतलब कुछ सुसाइड कर लेती है या कोई हां कोई सुसाइड कर लेती है या कोई भी गलत एक्शन ले लेती है तो बेटर यह रहता है कि उस केस में उसको खुद से एफर्ट करने चाहिए यह नहीं कि अगर कोई आपको आप अपना बेस्ट करने की कोशिश करे जा रहे हो आप प्यार भी दे रहे हो आप रिस्पेक्ट भी कर रहे हो आप पेशेंस भी रखे हुए हो आपने बहुत टाइम दे दिया उस रिश्ते को बचाने के लिए बहुत कोशिश कर ली बट वह रिश्ता रिवाइव होने पर ही नहीं आ रहा और आप सहते जा रहे हो, सहते जा रहे हो। आपको सामने वाला टेकन फॉर ग्रांटेड ले रहा है कि यह कहां
(26:29) जाएगी? इसका तो कुछ आगे पीछे है ही नहीं। इसके तो मां-बाप भी नहीं है। इसका कोई सपोर्ट करने वाला नहीं है। तो इसको तो मैं सीधी करके रहूंगा। तो अगर कोई ऐसा नेचर का है कि उसका हस्बैंड उसको सपोर्ट नहीं कर रहा है। उसको मारने की कोशिश कर रहा है। उसको दबाने की कोशिश कर रहा है तो उसको खुद से एफर्ट करके उसको मतलब उसके खिलाफ लीगल एक्शन लेना चाहिए। तो हमारी गवर्नमेंट इतनी स्ट्रांग है। अगर वह लड़की खुद भी एफर्ट करती है तो सक्सेसफुल मिल जाता है उसको। ऐसा नहीं है कि उसकी बैकबोन नहीं है तो उसको मार सहते रहना है। कभी भी कोई भी रिश्ते में देखो अगर झगड़ा बातों
(27:05) से हो रहा है तो वो सॉल्यूशन हो सकता है। अगर हाथापाई पे बात उतर गई है तो उस चीज का कोई सॉल्यूशन ही नहीं है। वो रिलेशनशिप द एंड है। अगर हाथापाई पर सिचुएशन आ रही है तो उस रिश्ते को तो उस दिन वह खत्म है रिश्ता वो वो रिवाइव नहीं हो सकता किसी भी कीमत पर यह भी गारंटी है जब आप हाथापाई पे आ जाते हो एक दूसरे की शर्म छोड़ देते हो या आप सोचते हो कि झगड़ा होगा तो कोई चीज आप ऐसी उठा के मारने लग जाते हो तो वो रिश्ता कभी भी रिवाइव नहीं हो सकता। आपके हिसाब से क्या ऐसे रीज़ंस हो सकते हैं जिससे एक शादी को डिवोर्स होने के चांसेस बढ़ जाते
(27:51) हैं? एक तो ये रीज़न हो गया जहां पे डोमेस्टिक वायलेंस है या फिर दहेज इंक्लूडेड है जो कि आई थिंक वेरी रॉन्ग रीज़ंस हैं जो नहीं होना चाहिए आज की सोसाइटीज में। अदर देन दोज़ आपको क्या लगता है? दहेज दहेज की अगर हम बात करें ना यह तो मतलब बड़ा दहेज वाला जो मामला है ना देखो कई बार तो डिमांड होती है और कई बार डिमांड बना भी दी जाती है। तो मेरा मानना यह है कि मैंने बहुत सारे केसेस ऐसे देखे हैं कि जहां पे मुझे लगता है कि इस परिवार में दहेज की बात हो ही नहीं सकती है। जिस परिवार में शादी हुई है। बट
(28:38) जब उनका डिवोर्स की बात चल रही है तो वह दहेज की बात कर रहे हैं कि यह दहेज मांग रहे थे तो हमने डिवोर्स ले लिया। तो दहेज में एक्चुअल में ना मतलब क्या सही है क्या गलत है इसका कोई पैरामीटर मेरे को नहीं लगता। जैसे कि हमें किसी को रिश्ता करने से पहले लोग बहुत ज्यादा मैं देखता हूं कि कभी किसी को ना करना होता है ना तो सीधा बहाना मार देते हैं कि हमारे पंडित जी ने बोल दिया इनकी कुंडली नहीं मैच करी तो हम आगे बात ही नहीं चलाएंगे। तो ऐसे ही सेम सिमिलर क्या होता है कि जब कोई झगड़ा होता है ना तो लड़की वालों का बहुत सारे लड़की
(29:11) वालों के मैंने देखता हूं कि ऐसे ही इल्जाम होते हैं लड़के वालों के ऊपर कि यह दहेज की कुछ डिमांड हो रही थी। तो लोग मतलब उसको दहेज के केस को रजिस्टर करा के कोशिश करते हैं कि शायद डिवोर्स जल्दी हो जाएगा। तो दहेज का मैटर तो मतलब कितना सच है कितना वो है वो एक आईडिया नहीं है कि ऐसा किसके साथ हुआ है। बट मुझे नहीं लगता कि शादी के बाद दहेज वाला मैटर बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा रहा हो। मतलब दहेज वाले मैटर्स होते हैं। मैं ये नहीं कह रहा कि बिल्कुल भी नहीं होते। बट ऐसे काफी बार देखा है मैंने कि जैसे आपने कोई डिमांड करी किसी लड़के
(29:48) वालों ने कुछ डिमांड करी किसी दहेज की गाड़ी की पैसों की कैश की एनीथिंग अगर पेरेंट्स ने लड़की के पेरेंट्स ने वो डिमांड फुलफिल कर दी तो बहुत अच्छा तो उसकी शादी हो गई लेट्स से अगर उसकी डिमांड फुलफिल नहीं करी उनको बोला कि चलो शादी के बाद ये चीज हम आपको देंगे एज अ गिफ्ट हम तो अगर वो शादी के बाद नहीं आता तो मैंने देखा है वो लड़के वाले उस लड़की को अब्यूज करने लगते हैं इन एनी वे। देखो मेरा मानना तो यह है कि मतलब मैं ऐसा सोचता हूं कि जब आपकी कोई भी लव मैरिज हो रही है या अरेंज मैरिज हो रही है। अगर आपकी रिश्ते की बात चल रही है और
(30:31) आपको लगता है कि सामने वाले की एक्सपेक्टेशंस किसी चीजों को लेकर के है कि यह रिश्ता तब होगा। इस बेसिस पर होगा उसको दहेज कह लो आप या उसको गिफ्ट कह लो आप उसको कुछ भी कह लो अगर उसकी सोच उसकी चाहत के अंदर डिमांड कि आप शादी पर यह गाड़ी दे देना या शादी के बाद आप अपनी बेटी को यह दे देना या हमारी जैसे कि किसी की ऐसा होता है कि दो भाई हैं बड़ा भाई मैरिड है तो उसका एग्जांपल देते हैं कि बड़े वाले वाली भाई की शादी हुई थी तो उनके घर से हमें यह मिला था। उनके घर से हमें वह मिला था या
(31:18) उन्होंने तो सिर्फ एक प्लॉट बेटी के नाम दे दिया था। वो बेटी के नाम है। हमें तो कुछ नहीं चाहिए। जहां जिस जिस मीटिंग में जिस रिश्ते में ऐसी बात अगर शुरुआत हो रही है वो रिश्ता ड्रॉप कर देना चाहिए। क्योंकि वह सोच वो नीव अगर वैसी है डिमांड की रिक्वायरमेंट्स की तो वो रिश्ता आगे जाके खटास में आता ही आता है। वो कभी भी दोनों का कंपैटिबिलिटी बैठने ही नहीं देगा। वो चीजों को लेकर के चीजें सारी उम्र लड़की के फादर पूरी करते-करते थक जाएंगे। बट वह चीजें पूरी नहीं कर पाएंगे। बिकॉज़
(32:04) जिसकी सोच में है, जिसकी सोच में है कि मुझे कुछ नहीं चाहिए किसी भी कीमत पे। आप अपनी तरफ से कुछ गिफ्ट दे रहे हो। गिफ्ट का मतलब क्या होता है? कई लोग मांग के गिफ्ट लेने की कोशिश करते हैं। गिफ्ट का बहाना बोलते हैं। इसको दहेज कह लो, इसको गिफ्ट कह लो। आपने बोला ना अभी कि हम आपको बाद में एज अ गिफ्ट दे देंगे। अरे भाई यह क्या मतलब हुआ? गिफ्ट तो गिफ्ट होता है। गिफ्ट तो एक सरप्राइज होता है ना। हम पहले आपने बचपन में देखा होगा बच्चे होते थे जब एक दूसरे के बर्थडे पे जाते थे तो गिफ्ट पैक करा के लेके जाते थे। दिखे ना किसी को
(32:45) किसी को दिखे ही ना पैक करा के देते थे गिफ्ट और जब सामने वाला चला जाता था तो खोलते थे पैकिंग कि क्या गिफ्ट दिया। वो गिफ्ट होता है। यह क्या गिफ्ट हुआ? आप गिफ्ट में यह दे देना। आप गिफ्ट में वह दे देना। तो यह तो डिमांड है सीधी-सीधी। तो जहां पर ऐसी बातचीत हो रही है, जहां पर लालच जिसके अंदर भरा हुआ है, चीजों का उसको उसके अंदर इंटरेस्ट नहीं है। चीजों के अंदर लालच है। तो वो रिश्ता कभी भी कामयाब नहीं होता। वो रिश्ते में प्रॉब्लम्स आती ही आती हैं। वो सॉल्यूशन नहीं हो सकती। और कई लोगों ने ये क्या होता है कि लोग सोचते हैं कि अगर दे
(33:31) देंगे तो क्या फर्क पड़ेगा? सामने वाला मांग रहा है। नहीं बट वो आज मांग रहा है। आज उसने अपने मुंह से बोल दिया। आपने पूरा कर दिया। वो सारी जिंदगी मांगेगा। उसके लिए प्रिपेयर नहीं होते हैं। सारी जिंदगी वो पूरा नहीं कर पाएंगे। बिकॉज़ वह नीव खराब है। वह नीव ही बेकार है। उस पे कभी भी वो फाउंडेशन में अगर डिमांड्स की रिक्वायरमेंट्स है ना कि लिस्ट ऑफ कि यह दोगे तो यह गलत है। एक इंसान शुरू में अपनी इनडायरेक्टली डिमांड्स कर रहा है ना। इनडायरेक्टली वह मांग रहा है। तो वह बेसिकली मैं तो कहता हूं वह भीख मांग रहा है जो इस तरीके से डिमांड कर रहा है। अगर
(34:14) कोई लड़की दे रहा है ना तो वह अपना सब कुछ दे रहा है। मेरा मानना यह है जो लड़की देने के बाद यह सवाल है जिसके मन में कि लड़की के साथ में और क्या-क्या दे रहा है वो इंसान ट्रबल लाइफ में लेकर के ही आएगा 100% 100% लेकर के आएगा वो बंदा। बिकॉज़ अगर उसकी सोच है ना कि वो बेटी के साथ में और क्या-क्या दे रहा है। बेटी लेना उसको पूरा नहीं पड़ रहा। हां अगर वह बेटी दान कन्यादान कर रहा है तो वह कम दान है क्या? यह समझना है समाज को। यह मतलब लोग समझते हैं कि क्या ही कर रहा है। अगर कोई बेटी दे रहा है ना अपने जिगर का टुकड़ा निकाल के दे रहा है तो वो पैसों से
(35:01) उसकी कोई वैल्यू नहीं की जा सकती। सामान से उसकी कोई वैल्यू नहीं की जा सकती। कोई वैल्यू नहीं है। लोगों को लगता है कि वह मिलने पर कंबल नहीं मिले। मेरी मासी को कंबल नहीं मिला। इस वजह से झगड़े शुरू हो जाते हैं। सुनाते हैं लोग बताते हैं। आते हैं। हां, रियल है यह। दिस इज रियल। हां, शादी के बाद झगड़े शुरू तीसरे दिन इस वजह से कि मिलनी पे मेरे मास्टर को कंबल क्यों नहीं मिला? [हंसी] मेरे मास्टर जी, मेरे मास्टर जी, मेरे फूफा जी को कंबल क्यों नहीं मिला? मेरे मास्टर जी की मिलनी पे खाली उनको फूलों का हार क्यों बना दिया? सबको कंबल दिया।
(35:41) तुम्हें बोला था 22 कंबल। तुम्हारे पापा 17 कंबल लेके आए। क्यों? तो ये जो सोच है ना जी वै स्मॉल थिंग जो आप घर से भी खरीद सकते हैं। कितने का आता है? 57000 का कंबल आता है। जो मिलने पे कंबल बटते हैं। कितने के आते हैं? बाय गॉड। उस कंबल की वजह से भी डिवोर्स हो जाता है। क्योंकि वो खटपट शुरू हो गई ना। उनके सोच में था। उनके मुंह से निकल गया। जो अंदर होगा वो मुंह से निकलेगा। वो निकलेगा। वो निकला तो वो बस खटास शुरू हो गई। लड़की ने एडजस्टमेंट ही नहीं करी कि मेरे बाप ने अपना तन मन धन गोल्ड बेच दिया। मेरे मां के जेवर बेच दिए। सब कुछ
(36:22) बेच दिया। सब कुछ बेस्ट किया और लड़का शादी के अगले दिन बोल रहा है कि मेरी मासी को यह नहीं मिला। मेरी चाची को यह नहीं मिला। तो वो रिश्ता चलेगा क्या? तो वो डिवोर्स के तो कई रूप हैं। डिवोर्स के बहुत रूप हैं। डिवोर्स का कोई एक कारण नहीं है। बहुत सारे लॉजिक्स हैं जहां पे कंपैटिबिलिटी बैठती नहीं है। अगेन बिल्डिंग जब बनती है तो उसकी फाउंडेशन बहुत मजबूत होती है। ताकि अर्थक्वेक आए, कुछ भी आए, सुनामी आए, कुछ भी आए, बिल्डिंग को कुछ ना हो। बट अगर बिल्डिंग नेव दलदल की होगी। सीमेंट होगा ही नहीं उसके
(37:06) अंदर तो वह हवा में भी गिरेगी। सिंपल सी बात है। तो लोग जब रिश्ता ढूंढते हैं ना तो ऊपरी ऊपरी चीजों को देख के रिश्ता करने की कोशिश करते हैं। जल्दबाजी करते हैं। जल्दबाजी में डिसीजन लेते हैं और वो मेजर रीजन रहते हैं। या कई ऐसे भी होते हैं कि जो कंप्रोमाइज हम एक्सेप्ट कर लेंगे। यह सोचते हैं पर वह एक्सेप्ट कर नहीं पाते। मतलब कई केस ऐसे भी मैंने देखे हैं कि लाइक कुछ कंप्रोमाइज ऑलरेडी प्री कोऑर्डिनेटेड मतलब जब पहले शादी की बातचीत चल रही थी तो सेटल हो गया था। बहुत सारी चीजें हैं लाइक जॉइंट फैमिली लाइक कि मैं एडजस्टमेंट कर लूंगी बट लड़कियां नहीं कर
(37:52) पाती या ईटिंग हैबिट्स को लेकर के ड्रिंकिंग हैबिट या नॉनवेज नॉनवेज को लेकर के एडजस्टमेंट कर लेंगे बट वो बाद में नहीं कर पाते। बहुत सारी चीजें हैं। मल्टीपल चीजें हैं। मतलब कि घर में जो सिस्टर इन लॉ है उसकी शादी नहीं हुई है या सिस्टर इन लॉ का डिवोर्स हो गया वह वापस आई हुई है। तो वह घर में एक एडजस्टमेंट नहीं बन पा रही है। डिवोर्स का कोई कारण एक फिक्स नहीं है। बहुत सारे कारण होते हैं कि डिवोर्स का कारण कई बार मैं देखता हूं कि हस्बैंड वाइफ कारण नहीं होते। मियां बीवी कारण नहीं होते। कारण ही कोई और होता है। कारण होती है कई बार सास कारण बन जाती है। कई
(38:32) बार ननान कारण बन जाती है। कई बार भाभी कारण बन जाती है डिवोर्स का। जो बड़ी वाली बेटे की शादी हो रखी है। उसकी वाइफ जोड़ उसकी भाभी हो गई तो वह उसको टिकने नहीं दे रही है। वो उसको दिन रात उसका जीना आराम कर रखा है। उसकी घर में एडजस्टमेंट ही नहीं होने दे रही है। अपने नंबर बनाने के चक्कर में। तो डिवोर्स के बहुत सारे कारण होते हैं। डिवोर्स का कोई एक फिक्स कारण नहीं होता। सो डिवोर्स होने के बाद भी क्या जैसे अगर आपने बताया काफी सारे रीज़ंस होते हैं। आई थिंक उसमें से एक रीज़न चीटिंग भी होता है। हम चीटिंग भी होते हैं। चीटिंग भी मल्टीपल
(39:08) तरह के चीटिंग्स होते हैं। लाइक एक्स्ट्रा मेटल अफेयर इन टर्म्स ऑफ कि किसी का है वो चीटिंग करने की कोशिश करते हैं। लाइक या किसी के पीछे एक्स बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड कोई पास रहे हैं। उसको छोड़ने की कोशिश ही नहीं करते। मतलब कि उसको नहीं छोड़ेंगे। उसको कहते हैं कि जी ये तो मेरा पहली फ्रेंड है या फ्रेंड है मेरी। तो यह तो मतलब मेरी फ्रेंड ही तो है। क्या हो गया? हम बस बात करते हैं। हां हम बात ही तो करते हैं। सिर्फ क्या हो गया? मतलब हमारा कोई इनके साथ कोई पास्ट में हिस्ट्री मेरी उनके साथ कई बार होता है ना कि जब शादी होती है तो बहुत सारी
(39:40) चीजें हैं। मतलब डिवोर्स का कोई एक कारण नहीं है। लेट्स से लेट्स टेक अ एग्जांपल कि किसी पर्सन की शादी हुई। उसने शादी के बाद उसका डिवोर्स हुआ। ड्यू टू एक्स व रीज़। उसमें एक रीज़न यह भी था कि उसका हस्बैंड या वाइफ उस पे चीट कर रहा था। तो जो सेकंड पर्सन है जिसके ऊपर चीटिंग हुई है। वह पर्सन का तो ट्रस्ट ब्रेक हो गया। वह पर्सन तो आ गया। अब किसी पर बिलीव करने से पहले 10 बार सोचेगा। अतिथि मैं आपको इस बात का आंसर देता हूं कि चाहे लड़का चीटिंग कर रहा हो, चाहे लड़की चीटिंग कर रही हो, व्हाटएवर कोई भी चीटिंग कर रहा हो। मेरा ऐसा
(40:17) मानना है कि मेरा मानना यह है कि देखो चीटिंग ना किसी कारण से होती है। मुझे नहीं लगता कि अगर दोनों फेयर हैं तो कोई चीटिंग कर रहा है या कर रही है। दोनों में अगर कुछ अनफेयर हो रहा है कहीं ना कहीं देखो हर बंदा ना जो बात बताता है वो अपने आप को बेस्ट बताता है। आई एम दी बेस्ट सामने वाले में प्रॉब्लम है। हमारे पास जैसे कोई डिवोर्स के केसेस आते हैं या कहीं पे भी कोई बताता है कि हमारा रिश्ता हुआ था टूट गया या डिवोर्स हुआ था या शादी हुई थी टूट गई डिवोर्स हो गया हर
(41:01) बंदा यही बोलता है कि हम सही थे सामने वाला गलत था कोई भी आज तक यह नहीं आया एप्रोक्स अगर मैं बात करूं तो आज मतलब रीमैरिज के 17,000 से ज्यादा एक्टिव यूज़र्स हैं मेरे पास एक्टिव क्लाइंट्स हैं 17,000 से प्लस हां बट मुझे एक केस याद आ रहा है पंजाई बाग की फैमिली थी। उनके फादर ने आकर मेरे मुंह पे बोला था कि हमारे बेटे की गलती की वजह से यह डिवोर्स हुआ है। हमारी बहू बहुत अच्छी थी और आफ्टर द डिवोर्स मैंने अपनी बहू को सपोर्ट किया है। मैंने अपनी बहू के लिए रिश्ता ढूंढने के लिए अपने बेटे को नहीं बताया। बट मैंने उनके
(41:49) पेरेंट्स के साथ सपोर्ट किया है। जहां उसकी दोबारा शादी हुई है, वहां पर मैं विटनेस दी है कि मेरे बेटे की वजह से यह सक्सेसफुल मैरिज नहीं रही। इस बेटी की अंदर कोई कमी नहीं है। एक केस ऐसा है 17,000 के अंदर एक केस। मेरे को सुन के बहुत अच्छा लगा। उन अंकल की बात कह रहे मैंने उस बेटी की दोबारा शादी में पूरा सहयोग किया विटनेस दी है कि लड़की बहुत अच्छी है। लड़की की तरफ से कोई दिक्कत नहीं है। मेरे बेटे में कमी है। मेरे बेटे बहुत ज्यादा गुस्से वाला है। वह बहुत घर में उसका
(42:37) जो रोब है वह लड़की से अपनी वाइफ से आजमाने की कोशिश कर रहा था वो बट वो उसे एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा कर पाई वो और इस वजह से डिवोर्स हुआ हो रहा है। इस वजह से सारी चीजें हुई हैं। लड़के में कमी है। मेरे बेटे में कमी है। अगेन तो सब यही बोलते हैं। हम सही थे सामने वाला गलत था। चीटिंग्स के ना वही कई रीजंस होते हैं। अगर कोई चीट कर रहा है और सामने वाला सोचता है कि यह चीट कर रहा है तो मुझे ऐसा लगता है कि एक तो पहले उसको यह समझना है कि वो चीट क्यों कर रहा है दोनों पार्टनर को यह बात बहुत अच्छे से
(43:22) समझनी है कि अगर आपका एक पार्टनर चीटिंग कर रहा है किसी कारण से। कोई भी चीटिंग तो बहुत तरह की है। कोई एक्स्ट्रा मेटल अफेयर कर सकता है। कोई चोरी कर सकता है। घर में जो पैसा आ रहा है उसमें चोरी कर सकता है। व्हाटएवर वो कोई सामान को कईयों का ऐसा भी नेचर होता है कि लड़कियां मैंने सुना है कि घर का कुछ चीजें बेच देती हैं। पता नहीं लगने देती हस्बैंड को घर की कई चीजें ऐसी इधर-उधर कर देती हैं। मतलब चीटिंग करती हैं। अपने इन लॉस को दे अपने सॉरी अपने मदर पेरेंट्स को अपने भिजवा देती हैं। या अपने पेरेंट पीछे सपोर्ट कर रहे होते हैं। कोई ना कोई लॉजिक्स
(43:57) अगर कोई दोनों पार्टनर के अंदर कुछ हो रहा है तो उसका कोई लॉजिक होगा। कोई कारण होगा। उस कारण को ढूंढने की सामने वाले को कोशिश करनी है। अगर सामने वाला कोई चीट कर रहा है आपके साथ तो आपने कुछ ना कुछ तो ऐसा किया होगा कि जिसकी वजह से वो चीट कर रहा है। समझ रहे हो बात को? नहीं समझ पाए। यह तो आपने सेकंड पर्सन के ऊपर ही ब्लेम डाला है कि मतलब जो सेकंड पर्सन है जिसके ऊपर चीट हुआ है उसने ही ऐसा कुछ किया है जिससे फर्स्ट पर्सन चीट कर रहा है उसने समझना है समझना है कि उसने वो क्यों कर रहा है ऐसा मैं क्या गलत कर रहा हूं ऐसा जरूरी थोड़ी है कि वो गलत ही कर रहा हो
(44:34) कुछ नहीं नहीं हां हां मैं भी यही बात बोल रहा हूं जरूरी नहीं है ये समझना है कि प्रॉब्लम कहां है प्रॉब्लम को समझने की कोशिश करनी है कि अगर सामने वाला इंटेंशनली चीट कर रहा है इंटेंशनली कर रहा है। एक पार्टनर अपना बेस्ट कर रहा है और दूसरा पार्टनर चीट कर रहा है। इसको पता लग गया कि यह चीट कर रहा है बट मेरी तरफ अपने आप को पहले चेक करना है। पहले अपने आप को चेक करना है कि क्या मैंने तो नहीं कुछ गलत किया। जब इंसान अपने आप को चेक कर लेता है। अगर वो उसके अंदर से यह आंसर आता है कि मैं तो नहीं मैंने तो कुछ गलत नहीं किया और मैं तो अपना बेस्ट कर रहा हूं या
(45:11) बेस्ट कर रही हूं। सामने वाला चीट कर रहा है देन उसको उस पार्टनर को छोड़ देना चाहिए। अलग रास्ता निकालना चाहिए। बट अगर कोई ऐसी वजह है अगेन मैं वही बात आपको बोल रहा था कि अपनी भी वजह इंसान को ढूंढनी होती है। आज की डेट में हम लगे हैं एक दूसरे को ब्लेम करने के लिए। अगर इंसान अपनी कमी ढूंढता है ना वो कहावत भी बनी है ना आपने सुना होगा कि बुरा जो देखन मैं चला बुरा ना मिला कोई बुरा ना मिला कोई जब आपन देखा आपने तो मुझसे बुरा ना कोई मुझसे बुरा ना कोई तो मेरा मानना यह है कि देखो अगर चीटिंग हो रही है तो पहले तो खुद को समझना है कि
(45:50) मेरे मैंने कुछ पार्टनर के साथ गलत तो नहीं किया अगर अंदर से आवाज आती है ना आत्मा से कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है और सामने वाला चीट कर रहा है एक्स व जेड किसी भी चीज से तो उस पे फिर उसको छोड़ के आगे बढ़ना चाहिए। सर आपके पास तो काफी सारे केसेस हैं दिन के जिसमें डिवोर्स की बात हो रही है। एंड ऐसा कोई केस है आपके पास जिसमें जिसको आपको देख के लगा हो कि यार ये क्या हो गया? ऐसे ऐसे तो नहीं होना चाहिए था। ऐसे हो कैसे गया? मैं ना आपको एक स्टोरी सुनाता हूं। एक मेरे ही क्लाइंट थे तो बहुत झटका लगा मेरे को न्यूज़ सुनने के बाद कि
(46:30) ये क्या हो गया अदिति मतलब मैन ईगो इतनी ज्यादा कि उसने अपनी वाइफ को डे वन पे ही छोड़ दिया कि तू भले ही चले जा बट मेरा डॉग मेरे साथ रहेगा। हुआ यह कि जब रिश्ता ढूंढ रहे थे तो बहुत अच्छे से यह बात को नहीं बताया कि हम लड़के ने कि मैं बहुत ज्यादा डॉग लवर हूं और डॉग मेरे साथ सोता है। यह चीज नहीं बताई
(47:16) और डॉग लवर हूं। बस बड़े कैजुअली मतलब यह मैसेज दे दिया लड़की को। अब लड़की से सवाल भी करे उसने दो-तीन कि आपको डॉग से कोई प्रॉब्लम तो नहीं है? तो लड़की ने बोला नहीं मेरे को मतलब मैं भी डॉग लवर हूं। मतलब मेरे को डॉग अच्छे लगते हैं। बट मेरे पेरेंट्स मुझे अलाउ नहीं करते हैं। मेरे पेरेंट्स मुझे लाने नहीं देते हैं। बट मेरे को तो डॉग बहुत प्यारे हैं। लगते हैं। तो बट ठीक है आपके पास डॉग है तो अच्छी बात है। शादी से पहले आपस में बच्चे जब मिले दोनों तब भी कुछ ज्यादा डिस्कशन नहीं हुई इस बात को
(48:01) लेकर के। और सगाई हुई तो डॉग जो है वह सगाई पर साथ आया तो प्रॉपर तैयार हो के आया डॉग डॉग के उन्होंने प्रॉपर कपड़े बना के और उसे प्रॉपर एक उनकी होम मेड जो है वो लेकर के आई स्टेज में साथ में डॉग बैठा हुआ था सगाई पे तो और सगाई हो गई रिश्तेदारों ने भी पूछा कि ऐ की है तो बस एक बड़ी जनरल की भाई घर का मेंबर है जी स बात आई गई हो गई शादी हो गई अगेन शादी पे भी डॉग सजधज के आया हुआ है होम मेड जो है साथ में लेकर के
(48:47) आई डॉग स्टेज के साथ में डॉग बैठा है उसकी खाना भी उसका अलग आया हुआ है वहां पे खाना भी अलग उसका चल रहा है डॉग का मतलब पूरी एक फैमिली मेंबर की तरह बात आई ही गई हो गई खत्म हो गई बात अदिति हुआ यह कि जब शादी हो गई डोली गई सुबह 5:00 बजे घर जाके वो रीति रिवाज जो अंगूठी छुपाना और वो सब रस्में हुई उस रस्में होने के बाद जो घर में कुछ नियर डियर उनके रिलेटिव्स आए हुए थे वो लोग भी चले गए और लड़का लड़की को बोला कि भ आप अपने रूम में चले जाओ और लड़का का लड़के वालों की साउथ
(49:32) दिल्ली में कोठी थी को और वो ऊपर रूम लड़के का मास्टर बेडरूम था उनके पास तो मास्टर बैडरूम लड़के का उन्होंने फ्लावर से सजा रखा था और लड़की को कहा कि भ तुम लाओ जाओ ऊपर दोनों जाकर सो जाओ ढाई 3 घंटे के बाद चिकने चिल्लाने की आवाें आने लग नीचे घर वाले सब ऊपर उनके रूम में गए और वहां पे स्टोरी यह थी कि लड़के ने लड़की को बोला कि देखो यह डॉग हम मेरे रूम में ही सोता है। यह हमारे साथ ही सोएगा। उसका मास्टर बेडरूम के अंदर उसका डॉग का
(50:18) बेड उन्होंने वहीं लगा रखा था। शादी से पहले डॉग वहीं सोता था। तो डॉग वो उसको बोले कि यह तो थोड़ी यहां पर सोएगा। लड़की ने उसको लड़के को बोला यह तो यहां थोड़ी सोएगा। लड़का ईगो में नहीं यह तो यहीं सोएगा। लड़की कंफर्टेबल ना हो। कि नहीं यह पॉसिबल नहीं है। मैं तो कंफर्टेबल नहीं हूं। लड़की ने बहुत प्यार से समझाने की कोशिश करी। बट दोनों में आर्गुममेंट ऐसी शुरू हो गई कि घर में शोरशराबा मच गया कि यह क्या लड़की ने अपने पेरेंट्स को बुला लिया? पेरेंट्स आए पेरेंट्स ने बहुत समझाने की कोशिश करी लड़के को बट लड़का
(51:03) कहे मैं तो ना मानूं। लड़का बोले देखो कि अगर मैं मान भी जाता हूं आपकी बात। आप जो बोल रहे हो डॉग मेरे बिना सो नहीं पाएगा। वह बाहर उसको मैं कहीं पर भी रूम में किसी और रूम में अगर सुलाने की कोशिश भी करता हूं तो वह वहां सोएगा ही नहीं। वह हमारे रूम में बाहर आकर दरवाजे को खड़काता रहेगा। वो ना सोएगा ना सोने देगा। कोई मेरे पास सॉल्यूशन ही नहीं है इस चीज का जो तुम मांग रहे हो मेरे से। यह तो अंदर ही सोएगा डॉग। तो बेड के साथ में बेड है वहीं सोएगा। लड़की का यह तो पॉसिबल नहीं है। यह तो इंपॉसिबल है। यह तो मैं बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करूंगी।
(51:47) लड़के ने साफ बोल दिया तूने जाना है तो जा। डॉग तो यहीं सोएगा। [हंसी] तो वो मतलब केस मैंने सुना। मैं तो मतलब समझ नहीं आई कि मैं क्या रिएक्ट करूं, हंसूं या रोऊं। यह मतलब ऐसा भी मतलब होता है। लोगों को समझ ही नहीं आई। ईगो प्रॉब्लम इतनी पहले से ही उसको यह बातें अगर वो अपनी वाइफ को कम्युनिकेट करता तो शायद ये यहां तक नौबत ही नहीं पहुंचती। शादी होती ही नहीं। शादी होती तो इस कंडीशन पे होती नहीं। बिकॉज़ लड़के ने तो साफ बोल दिया था कि मैं तो सो ही नहीं सकता।
(52:32) तो यह बात हाइड करी गई डॉग लवर हूं बता दिया तो लोग ऊपर ऊपर की बातें कई बार बता देते हैं अंदर की बातें नहीं बता पाते फैक्ट्स नहीं बताते तो उस वजह से भी डिवोर्स के कारण बन जाते हैं और वो फिर क्या हुआ मतलब सेटल हो के वो डिवोर्स ही हुआ लड़की के पेरेंट्स ने बल्कि मतलब बातचीत करी तो अभी थोड़े टाइम पहले की बात है तो बताने लगे कि भाई हमने तो केस जो जीते हैं तो हम तो नल एंड वाइड में गिनेंगे कि शादी मतलब हमारी हुई नहीं एक तरह से कोई दोनों में रिलेशन नहीं बना। रिलेशन से पहले ही डिवोर्स हम लड़की को वापस ले आए हैं। तो डिवोर्स के तो मल्टीपल कारण है। डिवोर्स
(53:15) का कोई एक कारण नहीं है। यूजुअली हम सोचते हैं डॉग लवर होंगे तो एटलीस्ट एक डॉग होगा, दो डॉग होगा। उनके पास कुछ पेट्स होंगे। नंबर ऑफ पेट्स होंगे। उनका डेडिकेटेड स्पेस होगा। हम बट ये नहीं सोचते कि वो पर्सनल स्पेस में ही आके रहेंगे। पर्सनल स्पेस में ही और अगर पर्सनल स्पेस था भी पहले तो शादी से कुछ टाइम पहले उसको पहले ही यह सोचना चाहिए कि मैं एक रिस्पांसिबिलिटी में आ रहा हूं। मैं अपनी शादी कर रहा हूं तो मेरे को इस जो डॉगी है एक्चुअली में क्या है ना जो डॉग लवर होते हैं वो डॉग को डॉग नहीं समझते। वह डॉग को भी इंसान का ही रूप समझते हैं
(53:57) कि यह हमारा मेंबर है। यह बेड पर साथ ही सोएगा। और लड़कियां कहीं ऐसी हैं जो मतलब अभी जस्ट फ्यू डेज बैक ये तो स्टोरी जो डिवोर्स वाली बता रहा हूं आपको। ये हो गया एक साल से भी ऊपर हो गया है। अभी फ्यू डेज बैक फाइव से डेज बैक एक फैमिली आई तो उनकी डिस्क्रिप्शन अबाउट द मैच में यह लिखा लड़की ने कि मेरा जो पेट है वह मेरे साथ जाएगा। उसके बिना मैं शादी नहीं करूंगी। बाय गॉड मैं सुन के हैरान हो गया। मैंने उसको बहुत काउंसलिंग करने की कोशिश करी। उसने मेरी बात को सुनने में इंटरेस्टेड नहीं थी वह कि मुझे तो यह बात मैंने जब उनको यह बात बताई ना कि ऐसेसे हुआ था तो
(54:46) डॉग लवर की बात वहां छेड़ी तो मैं अब कोई अगर डॉग लवर की बात करता है ना तो मैं उनसे थोड़ा सा समझने की कोशिश करता हूं कि आप कितने बड़े डॉग लवर हो। तो लड़की ने बोला मैं बहुत बड़े डॉग लवर हूं। डॉग मेरे साथ सोता है। अलग सोएगा। यह तय है। बट यह डॉग मेरी शादी के साथ ही जाएगा। मैं इसको घर पर छोड़ के नहीं जाऊंगी। और जिसको डॉग पसंद ना हो तो उससे मेरे रिश्ते की बात शुरुआत ही मत करना। हम नहीं दैट इज वैलिड आल्सो क्योंकि कभी-कभी पेट्स जो होते हैं वो इमोशनली कनेक्ट हो जाते हैं। बट इसका मतलब ये नहीं है कि आप उसको एक नेसेसरी ही बना दो। हां
(55:28) यू कैन मेक सम एक्सेंशन एंड कुछ एडजस्टमेंट्स करके हम उसको सॉल्व आउट कर सकते हैं अगर हम चाह तो हां हम वही अगेन चाहत अगर नियत चाहत है तो सब कुछ पॉसिबल है। अगर चाहत ही नहीं है तो कुछ भी पॉसिबल नहीं है। जैसे सर आपने बताया मुझे कि काफी सारे पॉइंट्स ऐसे होते हैं जिसमें हम डिटेल में बात नहीं करते हैं शादी से पहले। तो आपके हिसाब से ऐसे कोई पॉइंट्स ऐसे कोई तीन या पांच पॉइंट्स आप अगर मुझे बताएं जो आई थिंक हमारी ऑडियंस को भी काफी अच्छे लगेंगे वो पॉइंट्स कि उनकी शादी से पहले उनको लड़के से या लड़की से कर लेने चाहिए। ऐसे कोई भी पॉइंटर्स
(56:07) तो देखो सबसे पहली चीज तो दोनों की एक अंडरस्टैंडिंग कि उनकी दोनों पार्टनर्स की आपस में एक दूसरे के साथ अगर एक वो रिलेशन में आ रहे हैं। एक रिश्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि एक हम एक लाइफ पार्टनर बनने की कोशिश कर रहे हैं तो दोनों को अपनी एक्सपेक्टेशंस को बहुत डिटेल में बात कर लेना चाहिए। कि एक लड़के को लड़की से क्या उसकी एक्सपेक्टेशंस रखता है? वह अगर वह अपनी एक्सपेक्टेशंस क्लियर करता है डिटेल में कि लाइक उसका लाइफस्टाइल क्या है? उसका फ्रेंड सर्कल क्या है? उसकी हॉबीज क्या है? उसकी लाइकिंग क्या है? उसकी डिसलाइकिंग क्या है?
(56:49) और वो आपसे क्या एक्सपेक्ट करता है? अगर इस बारे में मेजर बात हो तो फाइट भी नहीं होगी, बहुत कम होगी और रिलेशनशिप बहुत सॉर्टेड होगा। लड़का लड़की दोनों बजाय और चीजों पे चर्चा करने में जब हम शादी की बात कर रहे होते हैं और चीजें कि हमारे पास यह है, हमारे पास यह एसेट्स हैं, मेरे पास ये एसेट्स हैं। मेरी अ सिस्टर के पास यह एसेट्स हैं। मेरी सिस्टर की शादी हुई है तो उनके पास यह एसेट्स हैं या मेरे भाई की शादी हुई है। तो उनके पास यह एसेट्स हैं। या अपनी इन जनरल टॉपिक्स की बजाय आपस में कनेक्ट होने के लिए अपनी एक्सपेक्टेशंस
(57:30) अपनी लाइकिंग और अपनी डिसलाइकिंग, अपनी रिक्वायरमेंट्स पार्टनर से वो क्या एक्सपेक्ट करते हैं? पार्टनर की फैमिली से वो क्या एक्सपेक्ट करते हैं? जैसे फॉर एग्जांपल लड़की कई बार कुछ कई लड़कियां ऐसी होती हैं जिनकी एक्सपेक्टेशंस ये होती हैं कि मेरे जो पेरेंट्स हैं, मेरे जो मदरफादर हैं, मैं उनके साथ बहुत ज्यादा कनेक्टेड रहूंगी। मैं उनको मतलब हफ्ते में हो सकता है मैं दिन दो बार भी आऊं। मेरे को आना मेरी मैं उसके बिना मैं रह नहीं सकती और लड़के की लड़के की वो डिसलाइकिंग है कि नहीं अपने पेरेंट्स के घर नहीं जाए या वो कहता है हां जाओ जा सकते हो दो क्या
(58:13) चार बार जाओ मुझे कोई ऑब्जेक्शन नहीं है। तो ये एक पेज पे आने चाहिए। जो ऐसी चीजें होती है ना जो एक्सपेक्टेशंस एक दूसरे की अगर वह क्लियर होती हैं तो बिल्कुल मैटर सॉर्टेड होता है। रिलेशनशिप सॉर्टेड होता है। जहां पे डिवोर्स के चांसेस या झगड़े के चांसेस बहुत कम हो जाते हैं। जहां पे एक्सपेक्टेशंस पेटल नहीं होती। मैं देखता हूं कि जो डिवोर्स के मेजर कारणंस होते हैं ना वो एक्सपेक्टेशन ही नहीं मीट हो रही होती। लड़का यह चाहता है लड़की से और लड़की यह चाहती है लड़के से और वह फिर वह कहानियां निकल आती हैं। वही कहानियों की लिस्ट होती है। वो एक दूसरे को फिर ब्लेम
(58:51) करते हैं। तो जैसे कि फॉर एग्जांपल अ किसी चीज की कोई हैबिट है। लाइक व्हाटएवर कोई भी हैबिट है। चाहे वो उसके लाइफस्टाइल की हैबिट्स हैं। वो अगर हैबिट्स पे भी चर्चाएं डिटेल में हो जाए। एक्सपेक्टेशंस और हैबिट्स और उसकी हॉबीज क्या हैं? उसको लाइफ आगे क्या उसका गोल है? कहीं लाइक लड़के होते हैं लाइक वो बड़े फोकस्ड अपने काम पे होते हैं। बट लड़की की एक्सपेक्टेशन होती है कि लाइक वो मेरे को पूरा टाइम दे। मेरे को मतलब वो सोना बाबू टाइप मेरे को बड़ा प्यार करे। मेरे को बड़ा पैंपरिंग करे। उसकी एक्सपेक्टेशंस ही होती हैं और वह अपने फोकस्ड बिजनेस में,
(59:36) अपने जॉब में, अपने करियर में है। उसको वो सोना बाबू वाला फील नहीं दे पा रहा है। उसको वो पपरिंग नहीं कर पा रहा है। बहुत सारे चीजें हैं कि जहां पे दिक्कतें आती हैं। बट मेरा मानना यह है कि दोनों को अगर मैं कंक्लूजन पे आऊं। दोनों को अपनी एक्सपेक्टेशंस डिटेल में बात कर लेनी चाहिए। जिससे कि अगर एक्सपेक्टेशंस क्लियर होंगी तो रिश्ता बहुत अच्छा निपता है। अगर एक्सपेक्टेशंस क्लियर नहीं होती तो रिश्ते में दरार 1001% आएगी। बट ऐसा क्योंकि कभी-कभी ना हम कम्युनिकेट करने में कमी कर देते हैं। हाइड करने की कोशिश करते हैं। हम सोचते
(1:00:15) हैं कि अभी ये बात रहने देते हैं। अभी वो बात रहने देते हैं। बट बाद में कर लेंगे ये बात। वही प्रॉब्लम करती हैं। जो स्टार्टिंग फेस होता है आई थिंक डेटिंग फेस होता है या फिर प्रीमैरिज के ऊपर जो बात हो रही होती है उसका फेस होता है वो बहुत ही हनीमून फेस टाइप वाला फील आता है। उसमें हर चीज बटरफ्लाई हर चीज स्वीट लिविडरिश ऐसी चीजें दिखती हैं। तो उसके अंदर ना किसी का ट्रू सेल्फ निकालने के लिए किसी का ट्रू कैरेक्टर समझने के लिए। तीन क्वेश्चंस ऐसे जो एक लड़का एक लड़की से पूछ सकता है और एक लड़की एक लड़के से पूछ सकती है। उसके बारे में डिटेल में
(1:00:49) जानने के लिए। मेरे माइंड में आया आपसे बात करते हुए कि कुछ टाइम हो गया है ऐसा मतलब एक फैमिली ने मुझे फीडबैक दिया था। कह रहे कि लड़की ने शादी मेरे बेटे के साथ करी थी कि उनके घर वालों का यह कहना था कि तू अपने जो पार्टनर जो उसका अफेयर चल रहा था लड़के के साथ उसके साथ कुछ शादी नहीं कर सकती क्योंकि हमारी समाज में बहुत इज्जत है। नाक कट जाएगी। तो उसने आर्गुमेंट के टाइम पे अपने फादर से बात करी थी तो फादर के
(1:01:34) मुंह से कहीं यह निकल गया होगा कि तेरी पहली शादी हो रही है। कोई तेरी रीमैरिज थोड़ी है जो हम मतलब एरागरा के साथ कर दें। इन टर्म्स ऑफ कि अदर कम्युनिटी पर लड़का की अदर कम्युनिटी में क्यों शादी करनी है? अगर हमें शादी करनी है तो हमें अपनी बिरादरी में ही करनी है। हम अदर कम्युनिटी में क्यों करें शादी? कोई तेरी दोबारा शादी थोड़ी हो रही है। उसके दिमाग में ऐसी बात डाल दी थी और लड़की इतनी स्मार्ट लड़की के दिमाग में यह आया कि देखो शादी तो मेरे को इसी के साथ करनी है। फादर के मुंह से निकला है। अदर कम्युनिटी में तब कर सकती है। उसने उस बात को उल्टा ले
(1:02:16) लिया। फादर ने तो एक एग्जांपल दिया था। कि तेरे को सेम बिरादरी में रिश्ता मिल जाएगा। क्यों करनी है उससे शादी? लड़कों की कमी है, परिवारों की कमी है। बहुत मिल जाएंगे। हमें आउट ऑफ द कम्युनिटी नहीं करनी बिल्कुल भी। कोई तेरी दोबारा शादी थोड़ी हो रही है कि जो किसी के साथ भी कर दो। अपनी कम्युनिटी में ही शादी करेंगे। दबाव डाल दिया। अब उसको अपने उस लवर के साथ ही शादी करनी थी। तो उसने क्या किया? मां-बाप ने अरेंज मैरिज के लिए रिश्ता दिखाया। मुंह पर टेप लगा के हां हां कर दिया सब कुछ। हां। दिमाग नहीं लगाया अपना कि यह मेरे साथ सूट बैठता है नहीं बैठता। हां
(1:02:59) जी। हां जी ठीक है। बिल्कुल ठीक है। फीडबैक पॉजिटिव है। पहली मीटिंग पे गई। बिल्कुल पॉजिटिव है। द मोमेंट मैरिज हुई। कह रही जी मेरे को तो नहीं समझ में आ रहा। अब डिवोर्स करवाना है इसके साथ। दोबारा मैं शादी तो उसी के साथ करूंगी। आपने कहा था कि हमारी तेरी दोबारा शादी होगी तो शायद करा सकती है। तो यह बात मेरे तक पहुंची तो मैं बड़ा हैरान हुआ कि ऐसे भी लोग सोच सकते हैं। लड़कियां ऐसे भी सोच सकती हैं कि मां-बाप ने बात समझाने की कोशिश करी। उसको उल्टा पढ़ के समझ के मां-बाप को दिखाने के लिए बरा अपने समाज को दिखाने के लिए मैं शादी
(1:03:43) करके डिवोर्स कर लूंगी। तलाक करके फिर मेरी उसी लड़के से शादी हो जाएगी। तो यह स्टोरी मेरे को उन्होंने बताई जिनके साथ वो आप बीती थी। क्योंकि लड़की उन्होंने वकील बहुत अच्छा हायर किया हुआ था। वकील ने जब लेडी कोर्ट के लेडी कोर्ट में जब यह केस चला वहां पर लड़की ने यह उगल दिया था सारा कि मुझे अपने बॉयफ्रेंड से शादी करनी थी बट मेरे मां-बाप नहीं चाहते थे और मेरे फादर के मुंह से यह बात निकली थी कि अगर तेरे को शादी तेरी दोबारा शादी थोड़ी हो रही है जो तू उसके
(1:04:29) पीछे पड़ गई है और लड़के क्या खत्म हो गए हैं। अरेंज मैरिज में बहुत सारे ऑप्शंस मिल जाएंगे हमें। हम ऐप में जाते हैं रजिस्टर्ड कराते हैं। वहां ऐप में गए। उन्होंने मेंबरशिप ले ली। रजिस्ट्रेशन करवा ली कहीं और उनके थ्रू वो लड़के वाले मिले। लड़के वाले ने अपना एक्सपीरियंस बताया कि छाबड़ा जी यह हमारे साथ बीती है। हमारे पास डॉक्यूमेंटेशन है। जहां पर लड़की ने यह बात एक्सेप्ट करी हुई है। इस वजह से शादी करी तो उसने क्या ही रिलेशन बनाया होगा। वो क्या ही लड़के को उसने प्यार किया होगा। क्या हमारे परिवार पे उसने धब्बा लगा दिया?
(1:05:07) लड़के के ऊपर धब्बा लग गया ना वो लड़ उसने लड़के को तो कुछ नहीं बोला। उसने लड़के को कुछ नहीं बोला। बट वो डे वन पे ही उससे बात ही ना करे। लड़का कहे कि यह क्या बात है? मेरे से बात ही नहीं कर रही है यह। नहीं, आई एम नॉट कंफर्टेबल। मैं बात करने में आपसे कंफर्टेबल नहीं हूं। मैं किसी भी चीज में कंफर्टेबल नहीं हूं। अब उसका उसका ऑब्जेक्टिव यह था कि मेरे फादर के मुंह से यह निकला है कि तेरी कोई दोबारा शादी थोड़ी हुई है जो उससे ही करवा दूं। जो अदर कम्युनिटी में कर दें। तो उसने उस बात को अपना करके ये रॉन्ग स्टेप लिया। कह रहे हमारे ऊपर तो दाग लग गया ना
(1:05:51) डिवोर्स का। कह रहे जीरो मनी में हमने मतलब डिवोर्स फाइल किया जीरो। सो डू यू थिंक आपको शादी जैसे आपने बताया अभी कि उनके पेरेंट्स शादी सेम कास्ट में करवाना चाह रहे थे? तो डू यू थिंक सेम कास्ट में शादी होना ज्यादा बेटर होता है या फिर अलग कास्ट में होना ज्यादा बेटर? देखो बेटर वही होता है जिससे दिल मिल जाए। सेम कास्ट हो या अदर कास्ट हो। मेरा मानना यह है कि आपके दिल अगर मैच करता है किसी के साथ अगर आपकी अंडरस्टैंडिंग मैच कर रही है अगर आपकी कंपैटिबिलिटी बैठ रही है। अगर आपको एक फीलिंग आ रही है कि ही और शी इज अ परफेक्ट फॉर मी। यह मेरी जैसा है, मेरे
(1:06:36) लायक है। उसकी क्वालिटीज आपको अच्छी लग रही हैं और आपकी क्वालिटी उसको अच्छी लग रही है। एक मिस फील कर रहा है कि हां कि एक इसके बिना मेरा गुजारा नहीं है। अगर यह मेरी लाइफ में ना हो तो मैं इसके बिना तो वैसा वाला फील अगर आ रहा है तो वह पार्टनर बन सकते हैं। कम्युनिटी चाहे कोई भी हो। वो कम्युनिटी का बहुत बड़ा मैटर नहीं करता है। ऐसा कुछ नहीं है। अभी जस्ट थोड़े दिन पहले एक ऐसा भी केस हुआ जो आपका यह सवाल है। अभी उन्होंने मेंबरशिप ली नहीं ली है मेरे से बट फोन पे मेरे से टेलीफोनिकली बात करी तो बेसिकली दे आर पंजाबीज। वो कहती है कि मुझे पंजाबी में शादी नहीं
(1:07:16) करनी है। मुझे बनिया में शादी करनी है। अच्छा? हां। ये तो यूजुअली दोनों आपस में कन्फ्लिक्ट करते हैं ना। हां मुझे बनिया में शादी करनी है। बनिए मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स हैं तो मेरी बनियों के साथ बहुत अच्छी अंडरस्टैंडिंग बैठती है। तो मुझे बनिया कम्युनिटी में ही शादी करनी है। मुझे मैं पंजाबी हूं बट मुझे बनिया में ही शादी करनी है। यूजुअली देखा जाता है इन दोनों कास्ट में ज्यादा मैरिजेस देखी नहीं है अब तक। नहीं ऐसा नहीं है। बहुत सारी होती हैं। मतलब बट उनका ओनली का फिल्टर है। मतलब अभी मेरी बात हुई कि आई वांट ओनली बनिया मतलब
(1:07:51) लड़का। मुझे मैं पंजाबी हूं बट मैं पंजाबी में नहीं करूंगी। यह मेरी रिक्वायरमेंट समझ लो आप। बिकॉज़ कह रही मेरी बनियों में बहुत अच्छी मेरी अंडरस्टैंडिंग है। हां हां कह मेरे मेरा फ्रेंड सर्कल है और मेरे नियर डियर एक्चुअली ना कई बार क्या होता है अगेन वही बात कि जो हमें दिख रहा होता है ना हमें वही हकीकत लग रही है कि यही सच है। इसके अलावा सब बेकार है। कई बार ऐसा लोग समझते हैं कि मैंने आपको जैसे पहले शुरुआत में बताया कि अ सिबलिंग्स डरे होते हैं, देख रहे होते हैं कि जिसका डिवोर्स हुआ है तो हमारा ना हो जाए। कहीं ऐसा ना हो जाए, कहीं वैसा ना हो
(1:08:31) जाए। तो कई बार हमें लगता है कि किसी का एक्सपीरियंस अगर अच्छा है तो ऐसा ही सेम हमारा भी होगा। बट अगेन हर एक की अपनी किस्मत है। हर एक का अपना स्टार्स हैं। हर एक के अपना कर्माज़ हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है कि जो उसके साथ हुआ सेम मेरे साथ भी होगा। अगर उसके साथ वो बनिया कम्युनिटी में शादी कर ली है या उसने किसी अदर कम्युनिटी में कर ली है या उसने इतने गैप में अब कईयों को ऐसा भी होता है कि सेम एज में शादी नहीं करनी चाहिए 8 साल बड़े से कर लो अंडरस्टैंडिंग बैठ जाती है ऐसा वो सोशल मीडिया पे रील्स देखते हैं ना तो वो मेरे किसी फ्रेंड ने करी है जी 8 9 साल
(1:09:12) बड़े लड़के से तो मुझे लगता है 8 9 साल बड़ा ही देखूं मैं तो ये जो सोच है ना कि कुछ भी देखा और कुछ भी बोल दिया। अपना दिमाग नहीं लगाया। लोगों को यह समझना है कि भाई जो रील्स में देख रहे हो ना वो रील्स हैं। रियल लाइफ अलग है। रील और रियल का फर्क होता है। लोग कई बार रील को ही रियल समझ लेते हैं। अरे वो रील है। लोग फेक भी होता है। हां। बहुत कुछ फेक भी होता है कि आप एक रील को देख के डिसीजन ले लो कि इसके साथ ऐसा हुआ तो मैं भी ऐसा ही ढूंढती हूं या मैं भी ऐसा ही ढूंढता हूं। तो अपनी रियल में देखो कि आपको कौन अंडरस्टैंड कर रहा है। आपके साथ कौन प्यार
(1:09:51) कर रहा है। आपके साथ आप का जो नेचर है सामने वाले को किसको अच्छा लग रहा है। आप कितने हर एक का अपना-अपना नेचर है। आप नेचर को किसी के बदल नहीं सकते हो। मतलब नेचर हर एक इंसान का अपना एक नेचर है। अपने अपने आप कोई नेचर अपना बदले तो एक बात अलग है। आप नहीं बदल सकते किसी का भी नेचर। आप किसी को समझा सकते हो बट आप अपने नेचर को चेंज कर सकते हो। आप किसी के नेचर को चेंज नहीं कर सकते हो। तो लोग सोचते हैं कि हम चेंज कर लेंगे। हम ऐसा कर लेंगे। क्या लोग सच में बदलते हैं शादी के? बिल्कुल बिल्कुल बदलते हैं। हकीकत है ये। देखो जो समझदार होते हैं जो अपना घर बसाना
(1:10:31) चाहता है। अगेन हर इंसान अलग है। हर एक की परवरिश अलग है। तो जब शादी होती है दो लोग अलग-अलग होते हैं और वह एक होते हैं। तो दोनों के दोनों की परवरिश अलग-अलग हुई होती है। तो दोनों एक नहीं हो सकते। यह क्लियर है। दोनों को एक बनने के लिए अंडरस्टैंड करते हैं। अगर अंडरस्टैंड की कोशिश करते हैं तो दोनों एक बन जाते हैं। और एक बदलता है बट ऑब्वियसली तभी तो दोनों एक होंगे। चाहे वो लड़का बदले लड़की के लिए चाहे वो लड़की बदले लड़के के लिए। एक को तो बदलना ही पड़ता है ना अपने आपको। बदलते हैं तभी रिश्ता अच्छा चलता है। जो अपनी ईगो में
(1:11:17) रहते हैं, एट में रहते हैं वो जो बदलना नहीं चाहते हैं वही नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है। वही डिवोर्स का रूप ले लेते हैं। क्योंकि वो अपनी ईगो में रहते हैं ना। जैसे मैंने अभी आपको बताया वो डॉग वाली स्टोरी कि वो इस बात को सुनने में इंटरेस्टेड ही नहीं था। अगर वह चाहता तो वह कुछ ऐसा कर सकता था कि डॉग को वहां सुलाने के बाद कुछ पॉसिबिलिटी कर सकता था ना कुछ चेंज करने की कोशिश कर सकता था। बट उसका माइंडसेट क्या था कि यह तो नहीं होगा। तो यह तो नहीं होगा। का मतलब यह है कि देखो अगेन बदलना जरूरी है। अगर आप नहीं बदले अपने
(1:12:02) नेचर को चेंज करने की खुद से कोशिश नहीं करी तो आपको आज कुछ अच्छा लगता है। कल को आपके पार्टनर को कुछ अच्छा लगता है तो आपको दोनों की कंपैटिबिलिटी तब बैठेगी ना जब दोनों एक ही थाली में खा सकते हैं। अगर एक की थाली अलग एक की थाली अलग इन टर्म्स ऑफ कि वेजिटेरियन में ही भी हम बात कर रहे हैं। अगर वेजिटेरियन खाना बना एक कहता है यह मेरे को बना मैं तो यह नहीं खा पाऊंगा मैं तो यही खाऊंगा तो दोनों थालियां अलग-अलग अगर एक नॉनवेज खाता है और एक वेज खाता है अगर दोनों ने शादी करी है दोनों अंडरस्टैंड म्यूचुअली कहा ठीक है अगर खाना होगा तो खा लेंगे या छोड़ना होगा छोड़
(1:12:41) देंगे कई बार ऐसा भी होता है कि पार्टनर की एक्सपेक्टेशन होता है कि ना खाए तो जो नॉनवेज कोर नॉनवेज खा रहा होता है वो छोड़ भी देता है और कई बार ऐसा होता है कि जो प्योर वेजिटेरियन रहा होता परवरिश से शुरू से वो नॉनवेज खाना लग जाता है। उसकी खुद की चाहत होती है। बट जब सामने वाले का डंडा होता है उसको कि आपको खाना ही पड़ेगा। आपने नहीं खाया तो यह रिश्ता खत्म तो वो एक ईगो है। वो उसको चेंज करने की कोशिश कर रहा है। वो ईगो रिश्ते को खत्म कर देती है। ऐसा नहीं करना चाहिए। बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। आप किसी के आप अपने आप को देखो। अगर आपका नहीं मन तो आप अपने
(1:13:20) हिसाब से चलो। तो ये नहीं कि आप सामने वाले को चेंज करने की कोशिश करो। तो जैसे हम बात कर रहे थे फॉर थ्री क्वेश्चंस जो लड़के या लड़की आपस में एक दूसरे से पूछ सकते हैं। उनमें पहला क्वेश्चन तो ये है कि वो शादी करना ही क्यों चाहते हैं? हम शादी क्यों करना चाहते हैं? उसका किसी प्रेशर में कर रहे हैं। खुद से कर रहे हैं। पहली चीज। दूसरी चीज ये है कि उनके फाइनेंसियल गोल्स आपस में मतलब क्या हैं? वो बहुत जरूरी है फाइनेंशियल गोल पे बात करना कि फाइनेंसियल गोल्स हमारे क्या हैं? लड़की की एक्सपेक्टेशंस और लड़की की एक्सपेक्टेशन फाइनेंसियली लाइक लड़की क्या
(1:13:54) चाहती है और लड़का क्या चाहता है। तीसरी चीज है कि लाइक दोनों के बीच में फ्यूचर गोल्स उनके क्या हैं? लाइक कि जब शादी होती है तो शादी के बाद दोनों की सोच इन टर्म्स ऑफ कि हर चीज में कि लाइक अगर अभी हमारे पास ये एसेट्स हैं या हमारे पास फैमिली प्लानिंग हमने इतने टाइम में करेंगे या हम ऐसा सोचते हैं कि हम आज यहां पर हैं। हम इतने सालों में यहां पे होना चाहते हैं। तो दोनों के म्यूचुअली कंसर्न सेम होने चाहिए। अगर एक का कुछ और एक का कुछ और। लाइक एक चाहता है कि शादी होते ही फैमिली प्लानिंग कर लें और एक चाहता है कि अभी तो 5 साल कुछ नहीं करना है। एक चाहता
(1:14:37) है कि लाइक अभी तो हम जहां पे रह रहे हैं हम इससे आगे बढ़ना ही नहीं चाहते हैं। जो मेरी आज इनकम सोर्स है या जो मेरी फाइनेंशियल गोल है वो उतना ही रहे। उससे आगे मुझे बढ़ना ही नहीं है। एक की एक ही गोल्स हैं बहुत ज्यादा बढ़ने की। दोनों को यह समझना है कि हम दोनों एक पेज पे आने चाहिए। चाहे वह फाइनेंसियल गोल हो, चाहे वाइस वर्सा एक्सपेक्टेशंस हो, चाहे उनकी फैमिली प्लानिंग को लेकर के कोई बात हो तो उनको आपस में म्यूचुअली यह डिसाइड करके ही आगे बढ़ना चाहिए कि कहीं पे भी कोई बाद में जाके ऐसी बात ना हो कि नहीं मेरी तो ये एक्सपेक्टेशंस हैं आपसे और आपकी ये
(1:15:12) एक्सपेक्टेशंस हैं। इस वजह से हमारी वेवलेंथ नहीं मैच होती। सर जस्ट वांटेड टू अंडरस्टैंड वन मोर थिंग कि आजकल गुण बनाने मिलाने का बहुत चलन हो गया है कि हमें तो जी सामने वाले के गुण मिलवाने हैं। तो आपका क्या कहना है उस पे कि क्या गुण मिलवाना चाहिए? देखो जी मेरा मेरा मानना यह है इसमें कि क्या गारंटी है कि जो सामने वाला आपको अपनी डेट ऑफ बर्थ टाइम ऑफ बर्थ बता रहा है उसको भी वो इतनी एक्चुअली में क्या है कि टाइम ऑफ बर्थ आधे घंटे के भी अगर फर्क होता है ना 15 20 मिनट का भी टाइम ऑफ बर्थ तो कुंडली बिल्कुल अलग हो जाती है। तो
(1:15:55) लोगों को लगता है कि एग्जैक्ट टाइम ऑफ बर्थ है। एग्जैक्ट जो इनकी पत्री बता रही है वह हकीकत है। ऐसा नहीं होता। देखो लोगों को ऐसा लगता है कि कल को डिवोर्स ना हो जाए। तो कुंडली मिलानी बहुत जरूरी है क्योंकि किसी की कुंडली नहीं मैच करी थी तो उनका डिवोर्स हो गया था। भाई डिवोर्स का कारण कई बार हस्बैंड वाइफ नहीं होते। डिवोर्स का कारण बहुत सारे होते हैं। कई बार डिवोर्स का कारण उसके घर में उसके फादर होते हैं। उसकी मदर होती हैं। उसकी बहन होती हैं। उसके भाई डिवोर्स के तो बहुत सारे कारण होते हैं। लोगों को यह लगता है कि पत्री मिलवाएंगे तो ही
(1:16:38) अच्छा चलेगा। पहले पत्री मिलवा लें। अगर पत्री नहीं मैच करती तो आगे ही नहीं बढ़ पाएंगे। या जिनकी पत्नी मैच करेगी। जिनकी पत्नी मैच करेगी तो ही वह सक्सेसफुल मैरिज रहेगी। लोगों की ऐसा सोच है। यह बिल्कुल गलत है। मेरा मानना यह है कि अगर दोनों की कंपैटिबिलिटी बैठ रही है तो वह प्रभु मिलवा रहा है। कंपैटिबिलिटी प्रभु मैच कराता है। कोई ना कोई लेख लेखाजोखा होता है तभी किसी के साथ पत्री कोई ना कोई लेखाजोखा होता है तभी कंपैटिबिलिटी किसी की बैटरी होती है। क्योंकि आप कहीं पर भी जा रहे हो कहीं पर भी आ रहे हो या आप पंडित से पूछ के जा रहे हो कि आप पंडित से
(1:17:19) पूछ के आ रहे हो कि मैं यहां जाऊं मैं सही पहुंच जाऊंगा। और कई बार क्या होता है कि इंसान घर से निकलता है तो उसका एक्सीडेंट हो जाता है। तो अब उस टाइम क्या बोलते हैं जब एक्सीडेंट हो जाता है तो क्या बोलते हैं कि चलो कोई बात नहीं लिखा होगा इसके भागों में। तो जो लिखा हुआ है वह होके रहना है। कुंडली मिलान जरूरी पहले नहीं है। अगर कुंडली मिलानी भी है तो मुझे लगता है कि देखो आपकी अगर किसी के साथ कंपैटिबिलिटी बैठ रही है। किसी के साथ आपकी टर्म्स आपने अपना फैमिली फैमिली ने टाइम दिया। दोनों मिले। दोनों ने बातचीत अच्छे से करी।
(1:18:04) दोनों मिलने के बाद एक कंक्लूजन पे आए कि हम शादी करके आगे बढ़ते हैं। बोथ आर ओके। तो यह बोथ आर ओके। जो मन से कहने वाला भगवान है। अंदर से यश तब आती है नहीं तो कोई वैसे ही अड़चन आ जाती है। कुंडली जरूरी नहीं होती कि कुंडली में अगर अड़चन लिखी होगी तो अड़चन आएगी। अगर स्टार्स नहीं मैच करते ना दोनों की कंपैटिबिलिटी नहीं बैठेगी। कई बार लोग नीव समझते हैं कि पंडित जी ने कह दी है। लोगों को यह भी प्रेशर होता है बच्चों को यह भी प्रेशर होता है मां-बाप का कि एस्ट्रोलॉजी इस लड़के के साथ बहुत अच्छी मैच कर रही है। तो अगर कंपैटिबिलिटी नहीं भी बैठ रही होती
(1:18:49) है ना तो उसको कन्नेंस करने की कोशिश करते हैं कि इसके साथ पथरी बहुत अच्छी मैच करती है। क्योंकि पंडित जी ने कहा हुआ है कि पत्री बहुत अच्छी मैच करती है। जबरदस्ती मैच करवाई। नहीं जबरदस्ती नहीं। अब वो जो डेट ऑफ़ बर्थ लिखा हुआ है, टाइम ऑफ़ बर्थ लिखा हुआ है, वो कितना सच है दोनों का। कितना हकीकत है। कईयों का इंटेंशनली गलत डालते हैं और कईयों का बाय मिस्टेक भी गलत होती है। आप आज से 25 साल पहले की हिस्ट्री में कई बार कोई निकलवाने की कोशिश करता है इधर-उधर से जो इंफॉर्मेशन उसके पास आती है वो उसको हकीकत समझ लेता है। उसके बेसिस पे
(1:19:21) दो-दो साल तीन-ती साल लग जाते हैं कि पत्री मैच करेगी तो रिश्ता करेंगे। पत्री नहीं मैच हो रही तो छोड़ दो। अरे कई बार झोली अड़ के लोग मांग रहे होते हैं रिश्ता। झोली अड़ के और पता होता है कि यह घर तो बहुत अच्छा है। यह परिवार भी बहुत अच्छा है। यहां पर दोनों की बनती भी बहुत अच्छी है। बट उसको वो डिक्लाइन करते हैं कि जी पत्री नहीं मैच करती। आप अलग हैं। हम अलग हैं। पत्री नहीं मैच करती। और लोगों ने ऐसा बहाना बना लिया है कि किसी को ना करने का। सीधा अप्रट बोल देंगे कि पत्री नहीं मैच करती ताकि सामने वाला उस रिश्ते पर बात ही ना करें दोबारा।
(1:20:01) और बहुत अच्छा मैच दिख रहा होता है हमें बट लोगों को होता है कि कुंडली मिलान नहीं हो रही जी इनकी मेरा मानना यह है कंक्लूजन अगर हम बात करें कि अगर कोई अड़चन आनी होगी तो वह वैसे ही आ जाएगी कुंडली को पहले ना मिलाएं पहले सबसे पहले फैमिली मीटिंग करें परिवार इनवॉल्व हो परिवार परिवार की अगर बॉन्डिंग बन रही है तो वह प्रभु बना रहा है आप खुद नहीं बना रहे हो यह बात समझनी हैं। हमारी दोस्ती जब होती है किसी से क्या हम कुंडली मिलाते हैं? नहीं सर। कोई भी किसी भी साथ क्या हमारी मां-बाप के साथ हमारी कुंडली मैच करी थी हमने? हम कोई भी एक अच्छा रिलेशन में आते हैं।
(1:20:45) किसी के साथ भी एक्स व जेड चाहे वो कोई भी हो। क्या हम उसके साथ पहले पत्री मैच करते हैं तो उसके साथ अपने बैठते हैं टेबल पे। ऐसा तो नहीं होता ना? तो किसी के साथ हमारी इतनी वेवलेंथ अच्छी मैच कर जाती है कि पूरी पूरी जिंदगी हम उसके साथ अपना सुखदख बांट लेते हैं। बिकॉज़ प्रभु की तरफ से वह मैच होता है। तो यह समझना है कि प्रभु का मिलान को बड़ा समझें। अपना दिमाग ना चलाएं। जो होना होगा वह होकर रहेगा। पत्री के चक्कर में अच्छे-अच्छे घरों को ना ठुकराएं। कुंडली में मिलान प्रभु ने सबकी कर रखी है। बहुत केसेस ऐसे होते हैं कि जहां पर
(1:21:28) प्रॉब्लम कुंडली नहीं होती पर कुंडली को आगे खड़ा कर दिया जाता है। सर एक क्वेश्चन और मेरे मन में आ रहा है। मैं पूछना चाहती हूं आपसे कि क्या अगर कोई पर्सन एक तरफफ़ा सैक्रिफाइस कर रहा है। किसी रिलेशन में एक पर्सन सैक्रिफाइस कर रहा है तो क्या यह वैलिड है? अदिति एक रिलेशनशिप में एक पर्सन सैक्रिफाइस जरूर करता है। जैसे कि रोटी एक तरफ पकती है और दूसरी तरफ वो फूलती है। रोटी को सक्सेस कब मिलती है? जब वह नीचे से पक रही होती है और ऊपर से वह फूल रही होती है तो एक सैक्रिफाइस कर
(1:22:15) रहा होता है और एक सक्सेस हो रहा होता है तो ये समझना है अगर कोई सैक्रिफाइस कर रहा है तो उसका भी कोई कारण होता है समझ रहे हैं मेरी बात को यस सर तो रिलेशनशिप में सैक्रिफाइस करना ही होता है कभी भी ऐसा नहीं होता कि दोनों तरफ रोटी पकती है देखी है कभी एक तरफ पक रही होती है ना एक तरफ पक रही होती है और दूसरी तरफ फूल रही होती है। कैसे फूल रही होती है? तो वो एक सैक्रिफाइस कर रहा होता है। जल रहा होता है। तभी तो वो सक्सेस पा रहा होता है ऊपर से। तो यही एक रिलेशनशिप का भी मेथड है कि सैक्रिफाइस रिश्ते को बचाने के लिए सैक्रिफाइस ही
(1:23:00) सॉल्यूशन है। अगर सैक्रिफाइस करता है इंसान तो रिश्ता बच जाता है। सर फाइनली एक एडवाइस आपसे और चाहिए मुझे जो आज आप अपने सारे व्यूअर्स को, सारी ऑडियंस को आई एम श्योर वो अपने पेरेंट्स के साथ बैठ के देख रहे हैं। अपनी फैमिली के साथ बैठ के देख रहे हैं। उन सबको देना चाहते हैं जो सिर्फ उन बच्चों के लिए ही नहीं उनकी पूरी फैमिली के लिए भी है। अपने रिलेशन से प्यार करें। चाहे वह कोई भी रिश्ता हो मां-बाप का हो, भाई का हो, बहन का हो, बीवी का हो, उसकी रिस्पेक्ट करें। उसको इज्जत दें। इज्जत देंगे तो इज्जत मिलेगी। यह एक विधि का विधान है। अगर आप किसी को
(1:23:47) रिस्पेक्ट दोगे तो आप रिस्पेक्ट पाओगे। कई लोग ऐसा सोचते हैं कि मुझे रिस्पेक्ट मिलेगी तो मैं रिस्पेक्ट दूंगा। तो वो रॉन्ग हो जाता है। आपको यह कभी भी नहीं सोचना है कि मुझे रिस्पेक्ट मिलेगी तो मैं रिस्पेक्ट दूंगा। जो इंसान यह सोचता है वह सक्सेसफुल नहीं हो पाता है। जो इंसान देने की कोशिश करता है हमेशा उसकी सोच में अगर यह होगा कि मेरे साथ कुछ भी हो जाए। मुझे रिस्पेक्ट करनी है। चाहे अपने पेरेंट्स हो, अपने सिबलिंग्स हो, अपना रिलेशन में कोई हो या अपना पार्टनर हो, लाइफ पार्टनर हो, व्हाटएवर, अपना दोस्त हो। मुझे किसी के साथ गलत नहीं करना है।
(1:24:32) मेरा यह मानना है कि अगर आप अच्छा सोचोगे, अच्छा देने की कोशिश करोगे तो आपको वापस भी अच्छा ही आएगा। यह हो ही नहीं सकता कि अगर आप दिल से कोशिश कर रहे हो और सामने से अच्छा नहीं हो रहा है। यह इंपॉसिबल है। अगर किसी को ऐसा लगता है ना कि मैं तो अपना अच्छा कर रही हूं या मैं तो अपना अच्छा कर रहा हूं। सामने से ही नहीं आ रहा तो यह हो नहीं सकता। उसको यही समझना है कि मेरे को और अच्छा क्या करना है। अगर अच्छा करोगे तो अच्छा मिलेगा 100%। थैंक यू सो मच सर। आपने अपना इतना टाइम दिया। इतनी इतनी वैल्यूुएबल इंसाइट्स आपने शेयर किए हैं शादी को लेके।
(1:25:19) थैंक यू अदिति। थैंक यू। आई एम श्योर ये चीजें हमारे सारे व्यूअर्स को बहुत काम आएंगी। अगर ऐसे कोई भी और क्वेश्चंस होंगे आपके मन में आते हैं या फिर आपके फ्रेंड्स के फैमिली के मन में आते हैं यू कैन डायरेक्टली कमेंट डाउन ऑन दिस वीडियो एंड उस क्वेश्चन को हम नेक्स्ट एपिसोड में जरूर सॉल्व करेंगे।

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