Sunday, August 2, 2026

Men Sex Hacks: Top Sex Doctor on Masturbation, Sperm Count, Low Testosterone | Dr Vijayant | ST-177

Men Sex Hacks: Top Sex Doctor on Masturbation, Sperm Count, Low Testosterone | Dr Vijayant | ST-177

Author Name:Supertalks by themovingship

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@supertalksbytms

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=LnKxl7nvnq0



Transcript:
(00:00) मास्टरबेरेशन से रिलेशनशिप्स खराब होते हैं। शादी हो गई है, दो बच्चे हो गए हैं और आज तक लेडी गजम किया ही नहीं है। कह रहे हैं जब मैं इनको किस करता हूं डिस्चार्ज हो जाता है। थोड़ा सा मेरे को [संगीत] टच करता है डिस्चार्ज हो जाता है। जो भारतीय लड़के हैं उनको मास्टरबेशन से रिलेटेड क्या प्रॉब्लम्स हो रही है? प्रोटेक्शन पूरा सस्टेन नहीं हो रहा है। जब वाइना में डालते हैं तो वो होल्ड ही नहीं होता है। 2 मिनट के बाद 30 सेकंड, 15 सेकंड, 20 सेकंड में डिस्चार्ज हो रहे हैं। [संगीत] पेनिस लेंथ कितनी इनक्रीस हो सकती है? और बहुत सारे लोग वैक्यूम पंप इस्तेमाल
(00:25) करते हैं सर बढ़ाने के लिए। मतलब कि आप लिंग को एक पंप में डालो और उसको प्रेशर बनाओ ताकि वो ब्लड को खींचे। जहां बोन है और यह पेनिस हमारा उससे अटैच्ड है। तो थोड़ा सा उसको आगे शिफ्ट कर सकते हैं। एवरेज कितना टाइम होता है इरेक्शन का? वो हो सकता है 30 मिनट्स भी रहे, 40 मिनट्स भी रहे। 40 मिनट इरेक्शन इरेक्शन। सेक्स टाइमिंग कैसे बढ़ाया जा सकता है? मैं सुसाइड कर लूंगा। आप मेरा इलाज करिए [संगीत] क्योंकि मेरी वाइफ मेरे फ्रेंड से सेक्स करती है। मेरे को बताती है कि मैं कर रही हूं। ताकि तू नपुंस सके। 80% लेडीज में [संगीत] पेनिट्रेशन से ऑर्गैजम नहीं
(00:55) आता है। कैसे आती है लड़कियों को फील गुड फीलिंग? ऑर्गैजम के लिए रबिंग चाहिए। ऑर्गैजम के लिए क्लिटर स्टिमुलेशन चाहिए। ऑर्गैजम के लिए जो आज 30 सेकंड [संगीत] पे है उसको 40 मिनट इरेक्शन ये चार चीजें आप घर पे कर सकते हैं। ठीक है? पहला है कि अपनी मास्टरबेशन हैबिट क्विट कीजिए। सेकंड है [संगीत] अपने मास्टरबेशन को 30 दिन में कैसे क्विट कर सकते हैं? [संगीत] दोस्तों सच तो यह है कि आज मास्टरबेशन हम सबकी जिंदगी का एक हिस्सा बन चुकी है। डाटा बताता है 18 साल से कम उम्र के बच्चे बहुत ज्यादा पोर्न देख रहे हैं जिसकी वजह से मास्टरबेशन बढ़ रहा है और वो आदत ऐसी
(01:40) बन जाती है कि वो छूटती नहीं है। बहुत सी स्टडीज आपको बता देंगी कि मास्टरबेशन के बहुत हेल्दी बेनिफिट्स होते हैं। पोस्टनट क्लेरिटी और आपकी लाइफ इजी बना देती है। स्ट्रेस खत्म कर देती है। अब बिनेसेस चलाने हैं तो इस तरह के आर्टिकल्स तो मिलेंगे। बट रियलिटी यह है कि आठ आठ बार दिन में जो लड़के मास्टरबेट करते हैं वो इस हालात पर पहुंच चुके हैं कि वो अपनी जिंदगी खत्म करना चाहते हैं। यह कोई हवा का कांसेप्ट नहीं है। रियल लाइफ केसेस हैं जो कि हमारे समाज में हो रहे हैं। मैंने जब आज के गेस्ट के साथ यह डिस्कशन करी, उन्होंने बोला कि यह कुछ भी नहीं है।
(02:23) मेरे पास ऐसे केसेस आ रहे हैं जहां पर बीवी वाइफ अपने हस्बैंड को बोल रही है कि तू निपुंसक है इसलिए मैं तेरे दोस्त के साथ सेक्स कर रही हूं। कोई बॉलीवुड पिक्चर नहीं है। ये हमारे समाज में हो रहा है। और अगर आज हमने इसके बारे में नहीं सोचा फ्यूचर में रिलेशनशिप्स ही नहीं रहेंगे। ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड बन रहा है कि सेक्स भी सिर्फ वीआरस लगाकर करेंगे हम। हम मशीनंस नहीं है, इंसान हैं। इसलिए कन्वर्सेशन सभी के लिए बहुत रेलेवेंट होने वाली है। प्रेजेंटिंग डॉक्टर विजय गोविंद गुप्ता एक सर्टिफाइड यूरोलॉजिस्ट है। पिछले कई सालों से सेक्स एजुकेशन के ऊपर बहुत ही नॉलेजेबल
(02:58) कंटेंट बना रहे हैं। 13 साल के बच्चे को नाइट फॉल क्यों होता है? वो रब करता है। पेरेंट्स क्या कर सकते हैं? कपल्स अपने पार्टनर को कैसे सेटिस्फाई कर सकते हैं कि वह कहीं बाहर ना जाए। दे हैव टू नो अबव देयर पार्टनर। इरेक्शन पहले 40 मिनट तक होता था। सर ने बताया। अब 2-3 मिनट बचा है। क्या करना चाहिए? सबसे इम्पोर्टेन्ट जो इस ट्रैप में फंस गया है। सिंपल टेक्निक से कैसे कोई भी मास्टरबेशन क्विट कर सकता है। बहुत मेहनत करता है ऐसा कंटेंट बनाने के लिए। इसलिए हर बार की तरह थैंक यू सो मच फॉर सपोर्टिंग। बिकॉज़ जब भी आप सुपर टॉक्स
(03:35) के साथ ट्यून इन होते हैं। यू आर नॉट ओनली कंज्यूमिंग अ पॉडकास्ट चैनल। आप एक मूवमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। बिकॉज़ पिछले 9 सालों से हम एक एनजीओ चलाते हैं फॉर ओवर 200 अंडर प्रिविलेज चिल्ड्रन। तो व्हनेवर आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब करते हैं या मेंबरशिप प्रोग्राम्स का हिस्सा बनते हैं। आप सिर्फ ऐसा नॉलेजेबल कंटेंट ही नहीं ले रहे बल्कि अपने देश को आगे बढ़ने के लिए भी कंट्रीब्यूट करते हैं। थैंक यू सो मच एंड एंजॉय द शो। अच्छा मैंने एक चीज नोट किया कि आप अपनी वीडियोस में बहुत रॉ हो। वीर्य को वीर्य बोलोगे। कोई ऐसा घुमाते नहीं हो आप।
(04:08) नहीं तो आई रियलाइज मतलब मेरे को ये ये रियलाइजेशन बहुत जल्दी हो गई थी YouTube पे कि अ जब तक आप देखो जो आपको देख रहा है जब तक उसकी भाषा में उसके लैंग्वेज में बात नहीं करोगे जब तक आप उसके वर्ड्स यूज़ नहीं करोगे तब तक वो आपसे रिलेट नहीं करेगा सेक्स को इंग्लिश में कैसे समझाओगे और सेक्स को हिंदी में कैसे समझाओगे अब सेक्स को इंग्लिश में बोलेंगे इंटरकोर्स हम अब इंटरकोर्स लुक्स वै मैकेनिकल हम ठीक है इंटरकोर्स इस लाइक कि यार कुछ कुछ काम हो रहा है मशीन मशीन काम हो रहा है जबकि सेक्स को हिंदी में बोले संभोग हां आप भोग कर रहे हो आप कुछ एंजॉय कर रहे रहे
(04:38) हो। ठीक है? आप चीज़ समो मतलब क्या है कि दो लोग मिलके किसी चीज का भोग कर रहे हैं। ठीक है? तो आप आप एक दूसरे के शरीर को भोग रहे हो या आप एक तरह से किसी चीज को आप इट एंजॉयमेंट। इट इज़ करेक्ट। तो सेक्स इज़ अबाउट एंजॉयमेंट। ठीक? सेक्स इज़ अबाउट कि दो लोग मिलके कुछ क्रिएट कर रहे हैं। देखो एंडोर बच्चा क्रिएट कर रहे हैं। चाहे एक मूवमेंट क्रिएट कर रहे हैं। आप कुछ क्रिएट कर रहे हो। इंटरकोर्स इज़ लाइक कि एक मतलब इट्स लाइक पोर्न कि आप पोर्न देख रहे हो। जबकि मतलब पोर्न इज़ लाइक आर्टिफिशियल। करेक्ट। एंड एंड द सेक्स इज़ लाइक रियल। तो मेरे को
(05:08) संभोग बेटर लगता है वर्ड एस कंपेयर टू इंटरकोर्स्ट। आपके इतने एक्सपीरियंस में जब आपने इनिशियली शुरू किया था और जब आप वीडियोस वगैरह बना रहे थे सबसे अजीब कमेंट आपने क्या पढ़ा? पहली बार जो आप पढ़कर भी आप सोच रहे थे यार ऐसे भी कोई कैसे पूछ सकता है? नहीं तो देखो YouTube का सबसे अच्छी बात ये है YouTube की सोशल मीडिया की कि पर्दा है। इवन दो आप आमने-सामने हो पर पता नहीं। पर्दा है कि कौन बोल रहा है? इस कारण से बहुत लोग बहुत कुछ बोल जाते हैं जो यू नो कई बार गलत भी होता है, गंदा भी लगता है, दुख भी होता है। बट पर्सनली उनकी सेक्स प्रॉब्लम के हिसाब
(05:43) से उन्होंने कुछ ऐसा पूछा आपसे। नहीं ऐसे तो बहुत सारे किस्से हैं। ऐसे तो कोई एक एक किस्सा किए हैं। तो हजारों किस्से हैं अपने तो YouTube चैनल पे आप अगर मेरे तो कई बार सब्सक्राइबर्स बहुत इसलिए सब्सक्राइबर हैं क्योंकि मेरा चैनल ही कमेंट्स पढ़ता है। अच्छा। हां। तो दे सब्सक्राइब टू रीड माय कमेंट्स। कोई कमेंट्स में ही इतने सारे दिलचस्प किस्से होते हैं कि उसमें एक पूरी मनोहर कहानियों की किताब लिखी जा सके। सबसे ज्यादा दिलचस्प किस्सा बताइए आप। जैसे फॉर एग्जांपल कोई एक पेशेंट है जिसको जो कहता था कि YouTube पे कि सर मैं सुसाइड कर लूंगा। आप मेरा इलाज करिए
(06:13) क्योंकि मेरी वाइफ मेरे फ्रेंड से सेक्स करती है। ठीक है? और वो उस मेरे को बताती है कि मैं कर रही हूं क्योंकि तूेंट है। ठीक है? सो आप समझिए कि उसकी जो कमेंट्स में इतना दर्द था मतलब कि नो जस्ट लाइक कि अपनी वाइफ जिससे वो रिश्ता है उसका और चलो एक होता है चीटिंग। चीटिंग है कि उसने बताया नहीं। चीटिंग नहीं है। उसके सामने दूसरे आदमी से संबंध बनाना और उसको बताना कि मैं कर रही हूं क्योंकि तू नपुंसक है। ठीक है? तो दैट मैन वाज़ सो डिप्रेस्ड कि हमने उसको बुलाया क्लीनिक पे कि तू कनिक पे आ। ये कमेंट पढ़ के। कमेंट पढ़ के। हम कांटेक्ट माय टीम एंड उसको बुलाया हमने
(06:49) उसकी प्रॉब्लम समझी ही डिड हैव मनी पैसे नहीं थे तो हम कुछ इलाज कॉम्प्लीमेंट्री भी करते हैं सोशल कॉज के लिए करते हैं सो ट्रीटमेंट भी किया उसका इवन दो ट्रीटमेंट के बाद उसने डिवोर्स किया अपनी वाइफ को ठीक है बिकॉज़ ही डिड नॉट वो अपने उसका रहना चाहता नहीं था बट ही गॉट ऑल राइट और उसके बाद शादी भी करी शादी का कार्ड भी आया हमारे पास और अभी ही इज़ हैप्पी मतलब फॉलो अप होता है अभी बच्चे भी हैं तो सेक्सुअल प्रॉब्लम्स ना लाइफ चेंजिंग होती है। करेक्ट। ठीक है? तो सेक्सुअल प्रॉब्लम्स आर नॉट मैं बार-बार कहता हूं कि जो सेक्स प्रॉब्लम्स है ना वो एक आदमी की प्रॉब्लम
(07:21) ही नहीं है। सेक्स प्रॉब्लम एक कपल प्रॉब्लम है। एक सामाजिक प्रॉब्लम है। क्योंकि दो लोग बीमार है इसमें। जो सेक्स नहीं कर पा रहा वो तो बीमार है ही। पर जिसके साथ सेक्स होना था या जिसका संभोग होना था जो वाइफ है पार्टनर है वो साथ ही बीमार है क्योंकि उसकी फ्रस्ट्रेशन उसकी इमोशनल डिस्ट्रेस उसका क्योंकि एंड ऑफ द [गला साफ़ करने की आवाज़] डे दोनों दूसरे पे डिपेंडेंट है इसलिए संभोग बढ़ रहा है ना दो सम है मतलब दो लोग कर रहे हैं अगर एक आदमी नहीं कर पा रहा तो दूसरा पार्टनर भी अपने आप उसको ही इज़ आल्सो आउट ऑफ द पिक्चर तो इसलिए वी गेट लॉट ऑफ दी
(07:53) मतलब वियर्ड वियर्ड प्रॉब्लम्स और बहुत सारी कॉम्प्लिकेटेड इशूज़ होते हैं तो वी मैनेज दैट आल्सो प्रॉब्लम एक रिश्ते में अ ऐसी क्या आती है कि एक बीवी अपने पति के साथ सेक्स नहीं करना चाहती और वो बाहर चली जाती है। देखो अगेन ये ये सोसाइटल क्वेश्चन है या मोरल क्वेश्चन भी हो सकता है। बट 50% ऑफ़ टाइम्स मतलब जो हमने देखा है कि 50% ऑफ़ टाइम्स तो ये इमोशनल इश्यूज में प्रॉब्लम होती है। सेक्सुअली कोई प्रॉब्लम नहीं होती है। सब कुछ हो रहा होता है। बट बिकॉज़ ऑफ़ अह इमोशनल कोल्डनेस या हस्बैंड इज़ नॉट अ नाइस हस्बैंड या मे बी दे हैव सम
(08:32) रिलेशनशिप आउटसाइड। वह एक सेपरेट क्वेश्चन है। बट 50% ऑफ़ द टाइम्स क्योंकि सेक्सुअल लाइफ पुअर हो गई है क्योंकि सेक्सलेस मैरिज हो गई है। क्योंकि शादी में जो सेक्स है वो इंपॉर्टेंट पार्ट है। और हस्बैंड के बीच में सेक्स नहीं हो पा रहा है तो वाइफ फुलफिलमेंट के लिए बाहर देखना शुरू करती है। एंड इस कारण से फिर वो कई बार जब बाहर देखना शुरू करती है। घर पे सेक्स नहीं हो रहा है। तो दे फाइंड पार्टनर्स एंड देन स्लोली। और देखो सेक्स से ही इमोशन डेवलप होता है। सिंपल सी बात है। अगर मैरिज है, मैरिज में सेक्स नहीं है तो इमोशनल अटैचमेंट डेवलप नहीं होती है।
(09:00) जो इंटिमेसी है, जो एक्चुअल इंटिमेसी है हस्बैंड वाइफ की वो बिस्तर में होती है। ठीक है? हस्बैंड वाइफ की इंटिमेसी रिश्तों से नहीं आती, फेरों से नहीं आती, पेपर से नहीं आती, प्रॉपर्टी से नहीं आती, पैसे से नहीं आती। असली इंटिमेसी कपल्स की उनके बेडरूम रिलेशन से आती है। ठीक है? आप लड़ के आए हो, आप डिफिकल्टी हो तो हस्बैंड वाइफ में इंटिमेसी जरूरी है। ठीक है? एक हेल्दी कपल रिसर्च के हिसाब से एटलीस्ट महीने में चार बार तो संभोग करता है। हफ्ते में एक बार संबंध बनते हैं। पर अगर कपल्स आते हैं जो 8-आ महीने 9- 9 महीने साल साल हो गया है। हस्बैंड वाइफ पे जा ही
(09:32) नहीं रहा है। वाइफ से सेक्स हो ही नहीं रहा है। ठीक है? मतलब हस्बैंड वाइफ को बुलाता भी नहीं है पास में। तो फिर एट सम पॉइंट हस्बैंड तो चलो मास्टरबेट करके डिस्चार्ज हो जाते हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] वाइफ रिमेंस अनफुलफिल्ड एंड देन एट दैट क्रिएट्स सिचुएशन जहां पर ऐसा होता है कि वाइफ को एक्सटर्नल पार्टनर्स ढूंढने पड़ते हैं या अ घर के बाहर बात चली जाती है। हम हम [गला साफ़ करने की आवाज़] ज्यादा इस वजह से अ ऐसी वजह में लड़कियां ज्यादा करती हैं लड़कों से कंपेरेटिवली चीटिंग हम नहीं आई थिंक जो आपने केसेस देखे हैं अपने एक्सपीरियंस
(10:04) से नहीं तो देखो आई एम अ मेंस सेल डॉक्टर राइट तो मेरे पास तो मर्द ही आते हैं। तो वो अपनी प्रॉब्लम तो लेकर आते होंगे ना। तो मर्दों में प्रॉब्लम यही होती है। तो मेरे पास तो दोनों तरह के पर्द आते हैं। मेरे पास बहुत सारे पेशेंट्स आते हैं जिनका रिलेशनशिप घर के बाहर भी है। मल्टीपल पार्टनर्स हैं। अ जो आते हैं कहते हैं कि सर हमारे पास घर में सेक्स हो जाता है। बाहर नहीं हो पाता या रिवर्स भी ट्रू है। कई आते हैं कि सर घर में हो जाता है बाहर नहीं हो पाता। हम ठीक है? बहुत सारे लोग हैं जो एसटीडी लेके आते हैं। तो मेरे को लगता है कि समाज में
(10:28) तो बाड़ी रिश्ते बन रहे हैं। हम मोरल [गला साफ़ करने की आवाज़] फैब्रिक ब्रोकन है या समाज एडवांस हो गया है या लोग बातें करना शुरू कर दिया है। पर डेफिनेटली मेल्स ज्यादा पार्टनर्स रखते हैं एज कंपेयर टू फीमेल्स। फीमेल्स बहुत ही डिफिकल्ट कंडीशंस में आज भी जो भारतीय नारी है वो बहुत ही डिफिकल्ट कंडीशंस में यूजली घर के बाहर जाती है। जब घर में बहुत प्रॉब्लम्स हो रही है। यूजली फीमेल्स टेंट टू बी मोर लॉयल। मेरे हिसाब से मेरे एक्सपीरियंस में। कई बार ऐसा होता है कि अ हस्बैंड जैसे आपने मास्टरबेड की बात की तो मास्टरबेशन की वजह से क्या रिलेशनशिप्स
(11:04) खराब होते हैं? बिल्कुल होते हैं। तो आई थिंक मास्टरबेशन इज द नंबर वन कॉज फॉर रिलेशनशिप्स का ब्रेकडाउन इन इंडियन मैरिजेस। हम तो ये हो सकता है कि शादी के पहले की मास्टरबेशन हैबिट्स हो। हम इवन शादी [गला साफ़ करने की आवाज़] के बाद भी कंटिन्यू करते हैं। मेरे पास इतने सारे कपल्स आते हैं जिसमें हस्बैंड मास्टरबेशन कर रहा है मैरिज होने के बाद भी। हम ठीक है? मतलब वो अपने आपको सेल्फ प्लेजर में ज्यादा बिलीव कर रहा है एस कंपेयर टू रिलेशनशिप विथ द वाइफ। एंड कई बार ये मास्टरबेशन पहले बच्चे के बाद भी रहती है। सेकंड के बाद भी रहती है।
(11:29) ठीक है? तो आई थिंक मास्टरबेशन इज वेरी डेरोगेटरी या वेरी डिस्टर्बिंग फॉर द मैरिड मैरिड लाइफ। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] आपकी इसी वीडियो पे आदित्य मिश्रा ने कमेंट किया। उसने लिखा आप बोलते हो मास्टरबेशन मत करो। ठीक है? अपनी अर्जस को कैसे कंट्रोल करें? एक सही लड़की को कैसे ढूंढे? हाउ टू डू दिस एवरीडे? इनफैक्ट आई एम श्योर कि आपके पास इसका कोई आंसर नहीं होगा। नहीं देखिए ये ना ये क्वेश्चन मोस्ट प्रोब्ली ऐसे लड़के से आया है जिसकी कोई पार्टनर ही नहीं है। ठीक है? डेफिनेटली मैं गारंटी कह सकता हूं कि आदित्य मिश्रा जी जो है वो सिंगल मेल है। जिन्होंने
(12:07) एक्चुअल रियल लाइफ जी नहीं है। हम ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] ये फिल्मों में दिखाते हैं कि सेक्स डेली होता है। मैरिज की मैंने अभी बताया आपको कि हेल्दी सेक्स लाइफ हेल्दी मैरिटल सेक्स लाइफ इज़ यूजली फोर टाइम्स अ मंथ। हम् वंस अ वीक हम कपल्स में [गला साफ़ करने की आवाज़] सेक्स होता है और यह धीरे-धीरे जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, बच्चे होते हैं, फैमिली रिसोंसिबिलिटी बढ़ती है, तो ना तो आदमी की इतनी अर्ज होती है हम और ना ही औरत की इतनी अर्ज होती है कि डेली सेक्स हो। डेली सेक्स नॉर्मली होता है हनीमून पीरियड में जो शादी के इनिशियल छह या सात महीने होता
(12:32) है और उस [गला साफ़ करने की आवाज़] समय वाइफ भी कोऑपरेट करती है और हस्बैंड भी कोपरेट करता है। तो मैं इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं कि लड़की को मनाना पड़ता है। मोस्ट वुमेन हैव अ गुड सक्सेस। भी अगेन एक अनजा एक एक मिसकंसेप्शन है कि लड़कियों में डिजायर नहीं होती कि लड़कियां मना करती है कि लड़कियां कब मना करती है औरतें कब मना करती है ऐसा हो सकता है कि लड़का फील नहीं कर रहा हो लड़की के लिए नहीं ऐसा नहीं है आप समझिए कि ये ये जो है ना ये जो मिसकंसेप्शन है कि वुमेन में लिबिडो कम है या कहते हो ये एक मिथ है कि आज मैं नहीं करूंगी वुमेन मना करती है
(13:04) देखो दो तीन प्रॉब्लम्स हैं इसमें पहली प्रॉब्लम ये है कि वुमस में मेंुअल स होता है हम मेंसुरेशन के टाइम पे नेचुरल जो हार्मोस है वो सर्ज और डिप करता है। तो कई लेडीज में महीने में तीन या चार दिन, 5 दिन, छ दिन ऐसे होते हैं जब वो फिजिकली मतलब दे आर नॉट मेंटली, इमोशनली हार्मोनली प्रिपयर्ड सेक्स करने के लिए। तो वो एक कोई भी हस्बैंड होगा तो वो समझेगा। हम पहली बात ये है। ठीक है? दूसरी बात ये है कि बहुत मैंने देखा है कि हस्बैंड जो है वो सिर्फ अपनी सेक्सुअल सेटिस्फेक्शन फोकस करता है। उसका पर्पस ये है कि मैं डेली करूं पर मैं डिस्चार्ज हो जाऊं और सो
(13:37) जाऊं। जिसमें उसकी पार्टनर सेटिस्फाई नहीं हो रही है। इस कारण से वो फ्रस्ट्रेशन की वजह से लेडीज मना करती है। ठीक है? बहुत बार जो फीमेल्स आती है उनकी प्रॉब्लम ये होती है कि सर सेक्स तो मैं रोज कर लूं। पर होता क्या है? ठीक है? ये आते हैं, चढ़ते हैं, चिपटते हैं, डिस्चार्ज हो के सो जाते हैं, ना ये फोर प्ले करते हैं। ना ये मुझे डिस्चार्ज करते हैं, ना ये मेरा ऑर्गेज़्म कराते हैं। ही इज़ वायलेंट। ठीक है? ये सेक्स को एंजॉय नहीं करते, ना मुझे एंजॉय करने देते। इनका पर्पस है कि दे आर स्टिल डूइंग समथिंग कॉल्ड एज वजाइनल मास्टरबेशन। यह मास्टरबेटर थे पहले भी।
(14:05) इनको अभी खाली डिस्चार्ज ही करना है। इनको वो इंटिमेट सिनेरियो वो इंटिमेसी बनानी नहीं है। तो जब एक वाइफ को वो इंटिमेसी नहीं मिल रही है। जब वो सेक्स में उसको वो ऑर्गेनिज्म नहीं आ रहा है। जब सेक्स में उसको वो फील गुड हार्मोन नहीं आ रहे हैं। ना पोस्ट सेक्स हगिंग हो रही है ना प्रीसेक्स फोर प्ले हो रहा है। तो स्लोली दे स्टार्ट विड्रइंग। उनके लिए भी सेक्स बिकम्स लाइक इंटरकोर्स। फिर उनके लिए वो सिर्फ एक मैकेनिकल पार्ट है। संभोग नहीं रहा। संभोग नहीं रहा। तो वो मैकेनिकल पार्ट नहीं मन करता उसका करने का। वो कहती है मैं महीने में एक ही बार करूंगी। जब तुमने
(14:31) डिस्चार्ज ही होना है और मेरा कुछ होना नहीं है तो मैं क्यों संभोग करूं? क्या होना चाहिए आईडियली? आईली होना चाहिए कि हस्बैंड वाइफ में कम्युनिकेशन होनी चाहिए। हस्बैंड शुड आस्क ह वाइफ कि व्हाट मेक्स यू फील गुड? क्या आपको अच्छा लगता है? फोर प्ले होना चाहिए। आइडली सेक्स में दोनों का डिस्चार्ज होना चाहिए। मतलब दोनों को ऑर्गिज़्म में पहुंचना चाहिए। दोनों को चरम लड़कियों का डिस्चार्ज नहीं होता। नहीं डिस्चार्ज वर्ड मैंने इसलिए यूज़ नहीं किया कि डिस्चार्ज सीमन डिस्चार्ज। डिस्चार्ज मतलब कि क्लाइमेक्स। डिस्चार्ज मतलब कि सेक्सुअल ऑर्गेनिज्म। डिस्चार्ज
(15:01) मतलब कि वो फील गुड फीलिंग जो सेक्स खत्म होने के बाद आती है। कैसे आती है लड़कियों को फील गुड फीलिंग? वो लड़कियों को फील गुड फीलिंग जैसे मर्दों में आती है। इट इज़ इट इज़ अ रिदमिक कंट्रक्शन जो पेल्विक फ्लोर्स है। जैसे हमारे भी जब डिस्चार्ज होता है मर्दों में ऑर्गेज़्म होता है तो सीमन निकलता है। नीचे कॉन्ट्रैक्शन होती है। एक ऊर्जा का प्रवाहन होता है। यू फील गुड। सिमिलर फीलिंग लड़कियों में आती है। जब उनकी चरम सीमा पहुंचती है तो। पर लड़कियों की चरम सीमा या लड़कियों को पहुंचना मुश्किल होता है। बिकॉज़ उनको उनको उसके लिए दे आइडेंटिफाई कि कैसे होगा। मर्दों
(15:29) में क्या है कि बचपन से मास्टरबेट करते रहते हैं। तो दे नो कि पेनिस को हम उसे शेक करेंगे और हमको डिस्चार्ज हो जाएगा। लेडीज में ऐसा नहीं होता। ठीक है? मोस्ट लेडीज में पहला ऑर्गेनिज्म शादी के बाद ही होता है। रिलेशन बनने के बाद ही होता है। तो उनको सीखना पड़ता है। वो तभी हो पाएगा जब हस्बैंड कोऑपरेटिव होगा। ठीक है? 80% लेडीज में पेनिट्रेशन से ऑर्गेनिज्म नहीं आता है। ऑर्गेनिज्म के लिए रबिंग चाहिए। ऑर्गिज़्म के लिए क्लिटर स्टिमुलेशन चाहिए। ऑर्गेज़्म के लिए वुमन ऑन टॉप पोजीशन चाहिए। वो सब होता ही नहीं है। तो इस [नाक से की जाने वाली आवाज़] कारण से जब
(15:58) लेडी को गज़म्म नहीं आता है एंड फॉर हर इट इज़ अ मैकेनिकल पार्ट। मेरे आज भी आज भी कपल्स आते हैं मेरे क्लनिक में जिसमें शादी हो गई है, दो बच्चे हो गए हैं और आज तक लेडी ने ऑगज़म किया ही नहीं है। उनके लिए सेक्स का मतलब है कि बस इनका डिस्चार्ज हो जाए। बस यह सो जाए बस। मुझे तंग ना करें। तो ऐसे सिचुएशन में आप समझो कि अगर कोई ये आदित्य मिश्रा जी लिख रहे हैं। ठीक है? नाम नहीं मतलब जस्ट एनीबडी इट कैन बी एनी एनीबडी बट पूछा उन्होंने। हां पूछा उन्होंने बट अगर इफ ही इफ ही इज़ राइटिंग दिस तो मेरे को डेफिनेट क्वेश्चन समझ में आ रहा है कि इस आदमी ने सेक्स
(16:28) इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर दें आज। आप बता दें ना कि जैसे जितने लड़के हैं जितना मुझे समझ आ रहा है कि आधे लड़के ऐसे हैं कम्युनिकेशन प्रॉब्लम है पता नहीं चल पाता कि लड़कियों को फील गुड ऑ्गेनिज्म कैसे आता है। तो जो भी सुन रहा है अपने चाहे वो गर्लफ्रेंड हो या किसी की वाइफ हो कोई भी लड़की हो यह फील गुड हार्मोन जो आप कह रहे हैं डेवलप होना है ये फीलिंग एक होती है कैसे क्या स्टेप्स होने चाहिए अगर आप इसको ब्रेकडाउन अच्छे से कर दो नहीं फील गुड हार्मोन नहीं है देखो वुमेन की जो फिजियोलॉजी है वो डिफरेंट है मेन से तो क्या करना चाहिए मुझे आप सिंपली बता दो
(16:58) तो वुमेन के अंदर जो है उनका अराउज़ल के लिए टाइम लगता है तो फॉर एग्जांपल जो आदमी है उसको तो सिर्फ एक नेकेड बॉडी हां देखने भर से इरेक्शन आ जाता है ठीक है हमारी बॉडी में क्या विजुअल स्टिमुलस सिर्फ एक लड़की के शरीर देख के या इवन साउंड्स आवाजों से या इवन स्मेल से भी रिएक्शन आ जाते हैं। ठीक है? हमें तो बहुत अगर बहुत बेहतरीन खुशबू वाली लड़की आपके पास बैठी है [हंसी] तो कई बार स्मेल से भी स्मेल से भी रिएक्शन आ जाता है। तो दैट इज दैट इज द द मेल वे ऑफ़ गेटिंग अराउज़्ड। राइट? बट वुमेन का अराउज़ विजुअल स्टिमुलस से और स्मेल से और शेप से नहीं आता है।
(17:33) वुमेन का स्टिमुलस लव से, इंटिमेसी से, प्यार से, रिस्पेक्ट से, इमोशनल बॉन्डिंग से आता है। ठीक है? तो पार्ट वन वो है कि आप अपनी वाइफ के साथ एक रोमांटिक या इमोशनल बॉन्ड बनाइए। ठीक है? सेक्स की परमिशन लीजिए। ठीक है? उनको संभोग के लिए तैयार कीजिए। ठीक है? तो दैट कैन ओनली हैपन। अगर आप सपोज आप लड़ाई कर रहे हैं, झगड़ा कर रहे हैं या वाइफ घर में खुश नहीं है या आपके घर में कोई और मेंटल कॉन्फ्लिक्ट चल रहा है तो डेफिनेटली उसको उसको वो अराउज़ आएगा ही नहीं। हम फिर स्टेप [गला साफ़ करने की आवाज़] टू है कि अराउज़ल के लिए वुमन को लेके जाना
(18:04) पड़ता है फोर प्ले के माध्यम से। तो फोर प्ले कैन इंक्लूड किसिंग फोर प्ले कैन इंक्लूड हगिंग। फोर प्ले मतलब कि जो योनि है योनि के आसपास खेलना। उनकी जो क्लिटिस है जो सबसे सेंसिटिव पार्ट है उसको स्टिमुलेट करना। ठीक है? उनको जिसको कहते हैं ना गीला करना जो सिंपल हिंदी टर्म्स है उनको अराउ करना उनको वेट करना कि उनकी जो वाइना है उससे सिकक्रशंस बने कि वो पूरी तरह से वार्म हो उनकी शरीर आपको एक्सेप्ट करने के लिए तैयार हो ठीक है और उसके बाद फिर हम पेनिट्रेशन पे आए पेनिट्रेशन मतलब कि वाइना के अंदर लिंग का प्रवेश या इंटरकोर्स स्टार्ट हो और
(18:36) इंटरकोर्स के अंदर भी बहुत कॉमन मिसकंसेप्शन है कि पेनिट्रेशन कि सिर्फ योनि में पेनिस डालने से आ जाएगा ऐसा नहीं है कि मैं मेरा मेरा छोटा है या मुझे मुझे बहुत देर तक अंदर झटके मारने हैं या मुझे बहुत देर तक सेक्स करना है। ऐसा जरूरी नहीं है। तो पेनिट्रेशन इज ओनली वन पार्ट। बट उसके अलावा जो क्लिटल स्टिमुलेशन है, क्लिटल रबिंग है वो जरूरी है। कई लेडीज में पेनिट्रेशन से वैसे आता ही नहीं है। उनको वुमन ऑन टॉप पोजीशन में आके अपने हस्बैंड के शरीर पे अपने मतलब वाइना के मुंह को रगड़ना पड़ता है डिस्चार्ज करने के लिए। और उसके बाद जब उनको लगे एंड जो
(19:10) लड़की नई है जो नई-नई शादी में है उसको पता भी है वो गजम कैसे होता है। तो इट टेक्स टाइम तो आपको भी टाइम देना पड़ेगा उनको समझने के लिए। वो पहले कोई भी वुमेन इतना ओपन ही नहीं होगी कि अपने हस्बैंड से ओपनली डिस्कस कर ले। आप डे वन शादी के हैं। आपका स्वाहागरात का दिन है। पहले जाके नहीं पूछ सकते उनसे कि आपको कैसे लाऊं। ठीक है? आपने ना तो उनसे कोई संपर्क बनाया है, ना रिलेशन बना है, ना इमोशंस डिस्कस हुए हैं। तो वी आर मैन ऑन ऑलवेज इन हरी। दे आर कि जल्दी-जल्दी जल्दी सब कुछ हो जाए। जल्दी नहीं होता है। वूमेन की सीक्रेट्स को अनलॉक करने में टाइम लगता
(19:40) है। एंड इट्स एन एफर्ट। एंड इट टेक्स टाइम और वो तभी कर पाओगे एफर्ट जब अपने आप अपनी स्त्री से एक्चुअली प्यार करते हो। अगर आप उस रिलेशन में इन्वेस्टेड हो। अगर वो रिलेशन सिर्फ एक गर्लफ्रेंड का रिलेशन है वरना स्टैंड है तो आपको बिल्कुल इंटरेस्ट नहीं है कि आप उस वुमेन पे इतना टाइम स्पेंड करोगे कि यू विल वांट टू टेक हर टू द एंटायर प्रोसेस। और जो मैरिड कपल्स आई स्टिल हैव मैरिड कपल्स जो आते हैं जो बहुत खुश है जिसके अंदर हस्बैंड ने टाइम लिया है उसने रिलेशन डेवलप किया है हम हेल्थ लाइन की एक रिपोर्ट पढ़ रहा था मैं उसमें उन्होंने बहुत सारे बेनिफिट्स दिए
(20:14) हैं मास्टरबेट करने के स्ट्रेस को रिलीफ करता है। सेक्सुअल टेंशन को खत्म करता है। आपका मूड बेटर कर देता है। आपको रिलैक्स फील देता है। एंजायटी खत्म होती है। आपको अच्छी नींद आती है। सेक्स लाइफ बेटर होती है। तो आप मास्टरबेशन के इतने खिलाफ क्यों हैं? क्योंकि सारे बेनिफिट सेक्स के हैं। मास्टरबेशन के नहीं है। तो प्रॉब्लम क्या है कि आपने एक चीज के बेनिफिट्स को दूसरी चीज में ट्रांसलोकेट कर दिया है। हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] जितने भी आर्टिकल्स है इंटरनेट पे जितना भी मटेरियल है ये बेसिकली एक फैक्ट का एंपलीफिकेशन है कि मास्टरबेशन इज़ हेल्दी।
(20:49) हम जबकि एक्चुअल फैक्ट ये है कि मास्टरबेशन इज़ नॉट अनहेल्दी। इट इज़ लाइक कि मास्टरबेशन समटाइ्स टू रिलीव एन अर्ज इज नॉट अनहेल्दी बट डेली मास्टरबेशन इज नॉट अ मल्टीविटामिन कि रोज लेना है। इट इज़ नॉट अ जूस जिसको रोज पीना है। ठीक है? तो ये सारे बेनिफिट्स जो है रिलीविंग स्ट्रेस, रिड्यूसिंग सेक्सुअल टेंशन, इंप्रूविंग योर मूड। ये सब बेनिफिट्स सेक्स के हैं। संभोग के है जिसमें आप रिलेशन बना रहे हो जिसके अंदर वो पूरा प्रोसेस है। जैसे फॉर एग्जांपल अगर आपने खाना खाया है वो प्रॉपर्ली प्रोसेस हुआ है तो आपको मॉर्निंग में स्टूल्स में निकलेगा। अगर
(21:22) प्रोसेस नहीं हुआ है तो आपको वोमिटिंग में निकलेगा। दोनों में आपका पेट में आराम पड़ेगा। ठीक है? पर वोमिटिंग इज अनप्रोस्ड डिस्चार्ज। सिमिलर मास्टरबेशन। मास्टरबेशन के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं। एंड आई मैंने इसके बारे में इसलिए बात करना शुरू किया बिकॉज़ मैं डेली अपनी प्रैक्टिस में मास्टरबेशन के साइड इफेक्ट्स देख रहा हूं। मास्टरबेशन के साइकोलॉजिकल साइड इफेक्ट्स हैं। मास्टरबेशन के फिजिकल साइड इफेक्ट्स हैं। मास्टरबेशन के साइड इफेक्ट्स पिनाइल हेल्थ पे है। मास्टरबेशन के साइड इफेक्ट्स पेल्विक फ्लोर पे। सबसे बड़ा साइड इफेक्ट
(21:49) ये है कि जो लड़के मास्टरबेशन रेगुलरली करते हैं, लार्ज वॉल्यूम में करते हैं, कंट्रोल करते हैं, वो अपनी मैरिज के बाद या अपनी पार्टनरशिप बनने के बाद रिलेशनशिप्स के अंदर भी फेल होते हैं। ठीक है? इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है, अर्ली डिस्चार्ज की प्रॉब्लम होती है। प्रॉपर्ली अपने को अराउज़ नहीं कर पाते हैं। विनोजेनिक इर डेवलप होता है। इसलिए आई फील कि दीज़ बेनिफिट्स आर ऑफ ओकेजनल मास्टरबेशन इन लेट मैरिजेस जहां पर हम ओकेजनली अर्ज के लिए कर रहे हैं। पर इट इज़ नॉट अ डेली हैबिट दैट नीड्स टू बी मेड। ज्ञानशाह [नाक से की जाने वाली आवाज़]
(22:19) आपकी किसी वीडियो में बोलते हैं कि मैं मास्टर ब्रेड नहीं करता। मुझे नाइट फॉल होता है हर दो से तीन दिनों में। तो क्या इजाकुलेशन हमारी लाइफ का एक पार्ट नहीं है? चाहे वो आप अपने हाथ से करो या ना करो क्योंकि मेरे में तो नेचुरली रात को हो जाता है। रात को वीर्य निकल जाता है। सो इस हिसाब से मास्टरबेट क्यों नहीं करना चाहिए? वो तो हो ही रहा है ना। मैं नहीं भी कर रहा था। नहीं। सो नाइट फॉल इज़ अ डिफरेंट कांसेप्ट। तो बेसिकली आपकी जो बॉडी है वह कुछ मात्रा में सीमन बनाती है। डेली बनाती है और अगर आप रेगुलरली मास्टरबेट नहीं कर रहे तो वो
(22:53) सीमन एट सम पॉइंट ऑक्टर्नल ड्रीम्स में फुल इरेक्शन आता है। जब आप सोते हैं तो आरएम स्लीप होती है। आरएम स्लीप में सपने आते हैं। सपनों के अंदर अगर आपको सेक्सुअल ड्रीम्स आ रहे हैं जो कि हेल्दी है। अगर हेल्दी टेस्टोस्टरॉन लेवल्स है तो आपको अर्जस होंगे। सेक्सुअल ड्रीम्स आएंगे और उसमें इरेक्शंस भी आते हैं नाइट में। इरेक्शन के साथ में दो या तीन चार पांच दिन के अंदर जो सीमन इकट्ठा हुआ है वो सेल्फ इजकुलेट हो जाता है। ठीक है? बट दैट इज नॉट इक्वल टू मास्टरबेशन। दैट इज एक्सक्रीशन ऑफ अ सेमिनल कंटेंट जो बॉडी के अंदर जरूरत के हिसाब से रखा जाएगा। जो
(23:21) नहीं जरूरत है वो निकल जाएगा। ठीक है? तो उसको मास्टरबेशन से फोर्सफुली डिस्चार्ज करने का कोई लॉजिक नहीं है। नहीं तो अगर नेचुरली निकल रहा है तो फिर उस हिसाब से निकालना तो है ही ना हमें एनी व्हिच फेस? नहीं ऐसा नहीं है। वो नेचुरली अपने अपने डिसीजन से निकल जाएगा। व्हाई डू वी हैव टू रिमूव इट? यू हैव सेक्स और यू और यू और यू लेट लेट इट फॉल आउट ऑन इट्स ओन। व्हाई डू यू हैव टू स्टिमुलेट योरसेल्फ आर्टिफिशियली? आप कह रहे हैं ऐसे नहीं करना। नहीं स्टिमुलेट योरसेल्फ आर्ट नहीं। व्हाई डू टू आर्टिफिशियल स्टिमुलेटर सेल टू डिस्चार्ज इट इज़ नॉट जब वह उतनी क्वांटिटी
(23:47) में बन जाएगा जितनी क्वांटिटी में उसको निकल उसको रिक्वायर्ड है वो अपने आप डिस्चार्ज हो जाएगा तो ये अपने आप जनरली एक हेल्दी लड़के में कितने देर बाद होता है डिपेंड्स अपॉन द एज एंड अ टेस्टोस्टरॉन लेवल्स तो बहुत यंग लड़के हैं जिनमें बहुत ज्यादा टेस्टोस्टरॉन बन रहा है जिनकी अभी एज कम है तो हो सकता है कि उनको एव्री सेकंड डे थर्ड डे नाइट फॉल हो ठीक है और एडल्ट्स है जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है जहां पर सेक्सुअल लाइफ भी स्टार्ट हो गई है तो वहां हो सकता है कि हफ्ते 10 दिन में एक नाइट फॉल हो। ठीक है? कई बार महीने में एक बार हो सकता है।
(24:16) पर बिल्कुल भी नाइट फॉल ना होना। अगर आप मास्टरबेड नहीं कर रहे हैं और आप सेक्सुअली भी एक्टिव नहीं है और आपको नाइट फॉल भी नहीं हो रहा है तो देन दैट दैट्स दैट्स अ साइन कि आपको कोई ना कोई टेस्टोस्टरॉन लेवल जो है वो सब नॉर्मल है। सब ऑप्टिमल है। अच्छा। अच्छा। ओके। प्रॉब्लम्स जैसे आपने अभी मास्टरबेशन के बारे में बताया ही। पहले में और अब में अगर मैं करंट टाइम्स की बात करूं अगर मैं 2026 के पर्सेक्टिव में सोचूं तो इस वक्त जो भारतीय लड़के हैं उनको मास्टरबेशन से रिलेटेड क्या प्रॉब्लम्स हो रही है? भारतीय लड़कों को मास्टरबेशन से रिलेटेड
(24:48) बहुत सारी प्रॉब्लम्स हो रही है। उनको पहले और अब में क्या फर्क है? थोड़ा सा मुझे आप डिस्टिंशन बताइए कि पहले जैसे दो चार पांच 10 साल पहले तक पांच छ साल पहले तक लड़कों में ये होता था इंडियन मैन में। अब नहीं सी मास्टरबेशन इज अ वेरी रीसेंट फिनोमिन मास्टरबेशन इज नॉट डिस्क्राइब्ड इन किसी भी एंशिएंट लिटरेचर में टेक्स्ट में नहीं डिस्क्राइब्ड है कामूत्र वगैरह में मास्टरबेशन कहीं मेंशंड नहीं है तो मास्टरबेशन रीसेंट फ़िनोमिना है आफ्टर द एडवेंट ऑफ़ पोर्न ठीक है वो पोर्न वीडियो पोर्न है जो आजकल अवेलेबल है पर इससे पहले पोर्न वाज़ अवेलेबल इन द फॉर्म ऑफ़ स्टोरीज
(25:19) इन द फॉर्म ऑफ़ लिटरेचर इन द फॉर्म ऑफ़ आर्ट पढ़ते थे लोग इन द फॉर्म ऑफ़ फोटोग्राफ्स। ठीक है? तो मास्टरबेशन इज़ अ कांसेप्ट पहले टाइम में दे यूज़ टू बी अर्ली मैरिजेस दे यूज़ टू बी टाइम टू गेट मैरिड टाइम अब अगेन दैट इज़ अगेन अ सोसाइटल फ्रेमवर्क जो चेंज हो गया पर पहले टाइम में सारे टाइम पे हो जाती थी ठीक है सेक्सुअल अर्ज के टाइम पे हस्बैंड और रेगुलेशन बन जाते थे तो मास्टरबेशन वाला कांसेप्ट डेवलप होता ही नहीं था उससे पहले ब्रह्मचर्य पे बहुत सारा जोर था एक्सरसाइज पे जोर था हेल्दी लिविंग पे जोर था एंड मास्टरबेशन वाज़ नॉट कंसीडर्ड अ
(25:50) वेरी एसेंशियल पार्ट ऑफ़ लाइफ एंड इट वाज़ नॉट प्रमोटेड आल्सो जैसे आजकल प्रमोट हो रहा है कि मास्टरबेशन इस लाइक आगे मास्टरबेशन तो करना ही चाहिए कि मास्टर तो तीन बार करो बल्कि इसके लिए तो अब मशीनें भी आनी शुरू हो गई है। स्लीव्स आनी शुरू हो गए हैं कि अब स्लीव्स खरीद लो आप मशीन तो इट बिकम अ बिज़नेस। अब बिज़नेस बनेगा तो बिज़नेस का प्रॉफिट होने के लिए मास्टरबेशन प्रमोट होगा। अच्छा इसकी स्लीव्स क्या आ गई है? मुझे नहीं पता इसके बारे में। अब तो मास्टरबेशन स्लीव्स भी आ गई है। आर्टिफिशियल वाइनाज़ भाई यू कैन वेयर इट ऑन द पेनिस और वो आपको जैकुलेट करा देगा।
(26:17) अच्छा। बहुत सारी चीजें अवेलेबल है इंटरनेट पे एंड पेशेंट यूज़ भी करते हैं एंड दे से सर ये हेल्दी है वो हेल्दी है। मेरे को लगता है कि उसमें ये सब भूल जाते हैं कि भ हेल्दी सेक्स है। हेल्दी संभोग है। हेल्दी रिलेशनशिप है। हेल्दी इंटिमेसी है। हेल्दी इज नॉट सेल्फ स्टिमुलेशन। इसको सेक्स टॉय कहेंगे जो सेक्स टॉयज। हां ये सब सेक्स टॉयज। सेल्फ मसाजर्स है। मसाजर्स है। बहुत सारी चीजें आ गई है जो वुमेन प्रमोट भी कर रही है मेन के लिए कि आप को क्या करना है हमसे शादीवादी करके और बच्चे करके आप सेल्फ सेल्फ एंजॉय करिए स्लीव्स [गला साफ़ करने की आवाज़] पहनिए।
(26:50) तो दैट आई आई फील कि एंड बिकॉज़ ऑफ़ द एक्सप्लोजन ऑफ़ सोशल मीडिया एंड एक्सप्लोजन ऑफ़ पोर्न एंड एक्सप्लोजन ऑफ़ अवेलेबिलिटी ऑफ़ पोर्न। सो मास्टरबेशन हैज़ इंक्रीज़्ड अ लॉट। क्योंकि आप हर समय एक सेक्सुअल एनवायरमेंट में रह रहे हो। आप हर समय एक उत्तेजित अवस्था में रह रहे हो। मतलब आप अगर आज Instagram पे देखो तो Instagram भी सॉफ्ट पोर्न ही है। मतलब फॉर एग्जांपल आप Instagram पे देखो तो Instagram पे भी वुमेन है या जो भी है वो नाच रही है या कपड़े उतार रही है या कुछ ना कुछ जो है मतलब यू आर यू आर यू आर ऑलवेज लिविंग इन अ इन अ हाइपरसेक्सुअलाइज्ड
(27:24) एनवायरमेंट। तो इस कारण [गला साफ़ करने की आवाज़] शादी लेट हो रही है। आप हाइपरसेक्सुअल एनवायरमेंट में हो। अर्ज रिलीज करने के लिए एक्सरसाइज की कैपेसिटी लिमिटेड है, पार्क्स नहीं है, ओपन स्पेसेस नहीं है, वर्क स्ट्रेस है। तो आदमी क्या है मास्टरबेशन को एक स्ट्रेस रिलीफ का फॉर्म बना के हम यूज़ कर रहा है। जबकि इट इज़ नॉट नॉट द राइट वे। करेक्ट। एंड इसकी वजह से क्या होता है कि दे आपके मेरे पास रोज मरीज आ रहे हैं जिनका मास्टरबेशन की वजह से अपने पार्टनर रिलेशन बनने का मन नहीं कर रहा है। ठीक है? आपको जब हैबिट है दिन में छह लड़कियां चेंज
(27:54) करने की तो आप एक पर्टिकुलर फॉर्म से एक वुमेन फॉर्म से 30 साल संभोग कैसे करोगे? ठीक है? यू गेट बोर्ड ठीक है? यू लूज इंटरेस्ट पेशेंट्स आते हैं वाइफ आती है सर तीन महीने शादी के हो या तीन महीने दो महीने ठीक था। अब डजंट वांट टू मतलब मेजरली अब जो प्रॉब्लम्स हैं वो आ रही है कि जो कपल्स हैं वो रिलेशन नहीं बना पा रहे। रिलेशन नहीं बन पा रहा। रिलेशन नहीं बना पा रहे हैं। बिकॉज़ मास्टरबेशन इतना इंपैक्ट करता है चीजों को कि दे आर एबल टू फॉर्म अ रिलेशनशिप। इंटरेस्ट ही नहीं बनता है। इरेक्शन पूरा सस्टेन नहीं हो रहा है। दे आर सो यूज्ड टू
(28:22) होल्डिंग इट इन द हैंड कि जब वजाइना में डालते हैं तो वो होल्ड ही नहीं होता है। वो ड्रॉप ड्रूप हो जाता है। ठीक है? दे आर सो यूज्ड टू जस्ट रैपिडली रिमूविंग द सीमन इजेकुलेट कि देर बॉडी गेट्स ट्रेंड इन दैट पर्टिकुलर वे। और जब वो सेक्स करना होता है प्रीमेचर जैककुलेशन है कि वो 2 मिनट 2 मिनट क्या 30 सेकंड 15 सेकंड 20 सेकंड में डिस्चार्ज हो रहे हैं। ठीक है? है दे आर नॉट एबल टू आपका वार्म हैंड है यू आर सो यूज़्ड टू द वार्म हैंड कि आपको जो वाइना की सॉफ्टनेस है वार्मथ है वो फील ही नहीं होती है यू एस सून एस यू पेनि पेनिट्रेट आप डिस्चार्ज कर रहे हो
(28:50) ठीक है योर मास्टरबेशन इज़ अ हैबिट व्हिच इज़ कंप्लीटली डिफरेंट फ्रॉम सेक्स सेक्स इज़ सेक्स में आप वुमन ऑन टॉप है या आप वुमन के ऊपर हो पेल्विस मूव कर रहा है मास्टरबेशन आपका हाथ मूव कर रहा है तो यू आर जस्ट सिंग इन अ टॉयलेट विथ अ फोन इन वन हैंड कॉन्सेंटली सीइंग वीडियोस एंड शेकिंग इट तो दैट इज़ नॉट हाउ सेक्स हैपेंस तो आप अपनी बॉडी को ट्रेन ये नहीं गलत कर रहे हो। सो व्हाट हैपेंस इज़ कि देन दीज़ मैन हैव वेरी अ लॉट ऑफ़ डिफिकल्टी बाद में इसको मतलब अपनी मैरिटल लाइफ को इस्टैब्लिश करने में और सेक्स करने में। तो दैट्स व्हाई आई
(29:21) फील कि हो क्या रहा है कि 18 इयर्स में अर्ज आती है। शायद 31 साल में 11 साल का जो गैप है बीच में उसमें रिलेशन बनते नहीं है। सेक्स होता नहीं है। इंडियन सोसाइटी इज़ नॉट इतना ओपन अभी भी। एंड दैट्स व्हाई मैन आर मास्टरबेटिंग कॉन्सेंटली। एंड दिस क्वेश्चंस आर अगेन कमिंग फ्रॉम मैन जिनको कंफ्यूजिंग थॉट्स आ रहे हैं। यह वही आदमी हैं इस कमेंट्स में जो मास्टरबेशन क्विट करते हैं और बेनिफिट दिखता है। आपको मिलेगा पेशेंट्स बोलेंगे सर हमने दो हफ्ते मास्टरबेशन छोड़ा एंड वी आर इंप्रूव्ड। वी हैव मोर फोकस। वी आर गेटिंग हार्डर टेस्टोस्टरॉन सीम्स टू राइजिंग। हमें
(29:54) इरेक्शंस बेटर आ रहे हैं। हमारा सीमेंट क्वालिटी इंप्रूव हो रहा है। वी आर फीलिंग मोर पावरफुल। बट ऑन द अदर हैंड इनको मीडिया में कांस्टेंटली बोला जा रहा है कि मास्टरबेशन हेल्दी है, 21 बार करना है, मास्टरबेशन हेल्दी है, 21 बार करना है। सो दे आर कंफ्यूज्ड कि हम किसकी बात माने? हां। एंड बिकॉज़ [गला साफ़ करने की आवाज़] दे आर कंफ्यूज्ड सो दे आर रनिंग अराउंड आस्किंग कि सर आप क्यों बोल रहे हो बंद करने के लिए? बाकी सब तो कह रहे हैं करो। तो मैं काब मना कर रहा हूं करो। मैं तो कह रहा हूं कि मेरे एक्सपीरियंस में जो मैं देख रहा हूं मरीज 90% पेशेंट्स की
(30:21) स्ट्रांग हिस्ट्री है मास्टरबेशन की। जिस कारण से उनको रिलेशनशिप प्रॉब्लम्स आ रही है एंड क्विटिंग इट इज़ गिविंग देम वंडरफुल रिजल्ट्स। तो आप फॉलो करो। रिलेशनशिप के अलावा कोई बॉडी में भी प्रॉब्लम आती है लड़कों को मास्टरबेशन? यस। तो रिलेशनशिप्स के अलावा देखो चार चीज़ हैं। पहला है टेस्टोस्टरॉन लेवल्स। तो ये प्रोवन है कि मास्टरबेशन क्विट करने से टेस्टोस्टरॉन बढ़ता है। ठीक है? एंड करने से घटता भी है। हां क्विट करते ही बढ़ जाता है। एंड मोस्ट पीपल आर रेगुलरली मास्टरबेटिंग में टेस्टोस्टरॉन लेवल लो मिलते हैं। ये स्टडीज में है।
(30:49) बट मास्टरबेशन करने से टेस्टोस्टरॉन घट रहा है। इसकी कोई डायरेक्ट स्टडी नहीं है। ठीक है? बट डेफिनेटली क्विट करने से योर जो टेस्टोस्टरॉन डेफिनेटली इंक्रीसेस। उसका रीज़न है। उसका रीज़न यह है कि जो जो सेक्स सेक्स है जो खाना है वो रिवॉर्ड मैकेनिज्म है। तो इट इज़ बेसिकली कि जब आप मास्टरबेशन करते हो कंटिन्यूअस अगेन एंड अगेन तो आपका जो रिवॉर्ड सेंटर है, आपका जो ब्रेन है, दैट स्टार्ट्स प्रोड्यूसिंग लेस एंड लेस डोपामिन। ठीक है? एंड दैट डायरेक्टली इफेक्ट एस्टोस्टरॉन लेवल्स। ठीक है? मास्टरबेशन करने से जो आपकी पेनिस की इरेक्टाइल स्ट्रेंथ है, जो हार्डनेस है,
(31:18) वो रिड्यूस होती है। बिकॉज़ योर पेनिस गेट्स यूज्ड टू द स्टिफ ग्रिप। तो आपको इट बिकम यूज़ टू इट। तो व्हेन यू लीव इट तो इट डजंट स्टैंड अप। इट स्टार्ट्स फॉलिंग अवे। उसको वनस लीक बोलते हैं। अगेन वेरी कॉमनली सीन इन पीपल हु आर मास्टरबेटिंग। ठीक है? और सेकंड है प्रीमेचर जैककुलेशन है शीघ्रपत। तो बेसिकली हमारा जो लिंग है उसमें दो तरह की ब्लड सप्लाई है। एक आर्टरी है और एक वेन है। आर्टरी है जो ब्लड को लेके आती है और वेन है जो ब्लड को लेके जाती है। तो नॉर्मली जब फुल इरेक्शन आता है जब फुल्ली अराउज़ होते हो आप जब आप पूरे इरेक्शन में
(31:45) आते हो तो आपके ब्लड में पेनिस में ब्लड भर जाता है और जो उसकी वेंस है जो ब्लड कैरी करती है वो बंद हो जाती है। दे गेट शट सबका रिएक्शन सस्टेन रहता है। और नॉर्मल आदमी का रिएक्शन सस्टेन रहना चाहिए। आजकल प्रॉब्लम्स क्या आ रही है पेशेंट्स को कि सर हम कंडोम पहनने जाते तो बैठ जाता है। सर अगर हम हाथ नहीं लगाते तो बैठ जाता है। हमें कांस्टेंटली उसको हिलाते रहना है। अगर हम नहीं टच करते तो वो बैठ जाता है। व्हाई? बिकॉज़ योर बॉडी इज नॉट हैबचुएटेड कि उसमें पूरा इरेक्शन आए ना। उसमें पूरी हार्डनेस आए ना। तो उसमें क्या है कि वेंस रिमेन ओपन। सो पेशेंट को
(32:13) प्रॉब्लम आर्टरीज की नहीं है। उसे डायबिटीज नहीं है। उसको हार्ट डिजीज नहीं है। उसकी ब्लड वेसल्स बिल्कुल ठीक है। पर पेनिस इतना एनगॉर्ज ही नहीं हो रहा है। इतना हार्ड ही नहीं हो रहा है कि वो सस्टेंड रहे। एंड मोस्ट कॉमन इडी जो हम यंग लड़कों में देखते हैं वो यही है। दे से कि सर जैसे ही हम मतलब हम बैठे हैं किसिंग कर रहे हैं, टच कर रहे हैं, स्ट्रोकिंग कर रहे हैं। थोड़ा बहुत ओरल कर रहे हैं तो हमारा रिएक्शन रहता है। जैसे ही हम वुमेन के ऊपर आ रहे हैं, जैसे ही पार्टनर के ऊपर आ रहे हैं वो डाउन हो जाता है। फिर हमें हार्ड करके हार्ड करना पड़ता है।
(32:38) फिर हम जैसे ही जाते हैं कंडोम लेने फिर डाउन हो जाता है। सो सस्टेन नहीं होता है। दैट इज़ अ क्लासिकल विनोजेनिक इडी। टाइप टू इडी या विनोक्लोसिव डिजीज एंड वेरी कॉमनली सीन विथ द हिस्ट्री ऑफ़ मास्टरबेशन। ये इंडियन मैन में भी बड़ा बहुत कॉमन है इंडियन मैन में आई थिंक सबसे कॉमन ही ईडी आज के दिन यही है ये वाला सब कहते थे इरेक्शन तो आता है कॉलम में इरेक्शन आने में नहीं है इरेक्शन होल्ड करने में एवरेज [गला साफ़ करने की आवाज़] कितना टाइम होता है इरेक्शन का होना जो चाहिए जो नॉर्मल होता है जब तक आपके पार्टनर सेटिस्फाई हो जाए जब
(33:04) तक आप डिस्चार्ज ना हो नार्मल टाइम अलग हो सकता है ना कोई टाइम नहीं है नॉर्मल इरेक्शन इज़ यू शुड बी एबल टू होल्ड इट एज़ लॉन्ग एज़ पॉसिबल देयर शुड बी नो हरी अगर आपको नॉर्मल अच्छा इरेक्शन है तो हो सकता है 30 मिनट्स भी रहे 40 मिनट्स भी रहे 40 मिनट इरेक्शन हो सकता है इरेक्शन कि अगर आप हेल्दी हो तो इट विल रिमेन ये जो टाइमलाइन जो एडजस्ट हो गई है हमारी दो मिनट दो नॉर्मल वूमेन को प्रॉपर डिस्चार्ज होने में 8 मिनट चाहिए या 16 मिनट चाहिए पेनिट्रेशन में एक दो मिनट तो कहीं लिखा ही नहीं है। एक दो एक मिनट तो खाली एक डेफिनेशन है साइकेट्री
(33:34) की बुक्स में जो कहती है कि जी अगर आपका 1 मिनट से ऊपर है तो आपको पीए भी नहीं है। बट मोस्ट वुमेन रिक्वायर 8 मिनट्स टू 9 मिनट्स ऑफ़ पेनिट्रेटिव सेक्स। फोर प्ले की बात नहीं कर रहा हूं मैं। पेनिट्रेशन टू गेट डिस्चार्ज और टू गो टू ऑर्गेनिज्म तो उतना तो आपको हार्ड रहना ही पड़ेगा। उससे पहले अगर डिस्चार्ज हो जाएगा या उससे पहले डाउन हो जाएगा तो कैसे कुछ होने वाला है? कुछ नहीं होने वाला। तो इरेक्शन हैज़ टू बी सस्टेंड फॉर एटलीस्ट 30 टू 40 मिनट्स। अगर आपका रेटल डिस्फंक्शन नहीं है। मतलब नॉर्मल आदमी का 30-40 मिनट होना ही चाहिए।
(34:03) हां। क्यों नहीं होता? लोगों को होता है। बिल्कुल होता है। ओ नहीं तो व्हाई आर यू सो सरप्राइज्ड? नो बिकॉज़ मैंने मैंने सुना नहीं था। मैं तो पहली बार सो इरेशंस रिमेन? तो ये ऐसा नहीं कि सिर्फ वैगरा खाने से होता है। क्योंकि जब जो पढ़ते हैं तो पढ़ने में जो किताबों जो आर्टिकल्स हैं उसमें यही आता है। चार पांच छ 8 10 मतलब दो चार पांच मिनट सेक्स होता है। उसके बाद खत्म हो जाता है। नहीं किसने बोला आपको दो चार पांच मिनट सेक्स होता है। वैसे तो मैं कह रहा हूं दिस इज़ अगेन एम्प्लीफिकेशन ऑफ ऑफ रॉन्ग रॉन्ग नॉलेज। अगर आप अगर एक वूमन है
(34:32) उसको इंटरकोर्स फुल्ली एंजॉय करना है तो एटलीस्ट सिक्स टू 8 मिनट्स तो मिनिमम इंटरकोर्स टाइम चाहिए। इंटरकोर्स टाइम चाहिए। जो पहले फोर प्ले हुआ है हम वो हटा के मतलब आप कह रहे हो जो पेनिट्रेशन है वो 8 मिनट के 8 मिनट से 10 मिनट होना चाहिए अगर आपको पेनिट्रेशन के टाइम अगर आपकी वाइफ को भी या पार्टनर को गजम भी करना है वुमन ऑन टॉप भी है सपोज तो भी उसको तीन चार पांच मिनट चाहिए डिस्चार्ज होने के लिए तो उतना तो इरेक्शन रहना चाहिए तो अगर आप हेल्दी हो और यंग लड़कों में तो रहता है 30 मिनट 40 मिनट में इरेक्शन रहता है मतलब दे आर दे
(35:00) हैव टू लिटरली पुल द पेनिस डाउन इरेक्शन डाउन करने के लिए जो हमारे पास कई बार वेरीकोसिल के लड़के आते हैं जो आर्मी से आते हैं जो गुड रनर्स हैं बहुत पीक हेल्थ में सो दे गेट सॉलिड मॉर्निंग रिएक्शन मतलब उनके मॉर्निंग रिएक्शन तो डाउन ही नहीं होते हैं। ठीक है? 30 40 40 मिनट्स तक रिएक्शन रहते हैं। देव टू लिटरली पुश द पेन इज़ डाउन रिएक्शन जाने के लिए। एंड दे हैव वेरी गुड इरेक्शनल टाइम एंड एकुलेशन टाइम। तो वी आर सीइंग द पीक मेल्स। मतलब जो पीक मेल्स है जो आर्मी में भर्ती ले रहे हैं, जो रनिंग कर रहे हैं, जो हु आर फिट फिट क्या? मतलब जो विलेजेस में रह रहे
(35:31) हैं। डाइट अच्छी है। हाफ सवा मतलब साफ हुआ पानी है। नींद अच्छी है। पोर्न नहीं है। मास्टरबेशन नहीं है। डाइट बहुत बढ़िया है। ये आते हैं वेरीकोस सील के लिए मोस्टली बिकॉज़ आर्मी की भर्ती के लिए चाहिए होता है। सो दीज़ गाइस आर लाइक लाइक लाइक पीक इरेक्शंस। दे हैव वेरी गुड इयरेश एंड वेरी गुड परफेंस। ओके। ठीक है? ये तो वी आर सीइंग इन सिटी सिटी सिटी बॉयज। ठीक है? जहां पर स्ट्रेस है, जहां पर एक्सरसाइज नहीं है, जहां पर पोलशन है। दिल्ली बॉम्बे में कितना है एवरेज टाइम इरेक्शन का? ऐसा कोई नापा नहीं है। बट मोस्ट पेशेंट्स हु आर कमिंग आर अगेन द प्रॉब्लम इज द सेम
(36:04) कि वी आर नॉट एबल टू लास्ट इनफ। सो हम कोई उनके लिए कोई स्टॉप वॉच नहीं देते। वी डोंट गिव देम कि आपका वो आपको बताते होंगे ना कि ये जो प्रॉब्लम बता 30 सेकंड्स 1 मिनट। दैट्स इट। दैट्स इट। 1 एंड हाफ मिनट्स। कि सर 1 मिनट, 30 सेकंड्स, छह स्ट्रोक, आठ स्ट्रोक, 10 स्ट्रोक। तो दिस इज व्हाट दे से कि एंड दिस इज दिस इज एवरेज एंड वी डिस्चार्ज इतने में डिस्चार्ज हो जाते हैं या इतने में डाउन हो जाता है एंड देन वी हैव टू अगेन स्टार्ट और फिर स्टार्ट टाइम लगता है इट टेक्स अप टू अ डे फॉर अस टू रिकवर सो यही नॉर्मल कंप्लेंट्स है जो पेशेंट्स की होती है
(36:33) तो अब इसमें ये जो प्रॉब्लम है जिसकी वजह से इरेक्शन नहीं हो रही जो आज 30 सेकंड पे है उसको 40 मिनट इरेक्शन पहुंचा नहीं होगा नहीं इट विल टेक टाइम कितना डिपेंड्स अपॉन द प्रॉब्लम तो अगर फॉर एग्जांपल समबडी हु इज अ यंग मेल जिसको को कोई और प्रॉब्लम नहीं है। जिसको कोई डायबिटीज नहीं है, ब्लड प्रेशर नहीं है। अदरवाइज हेल्दी है, कोई बॉडी में हाई नहीं है, स्मोकर नहीं है, अल्कोहलिक नहीं है। सो दीज़ गाइस तो हम लोग देते हैं इनको वी कॉल इट सम कॉल ईआरपी। ईआरपी इज़ रिकवरी प्रोटोकॉल। मेरा नाम है। वी जस्ट द नेम वी यूज़। सो ईआरपी में हम लोग चार पार्ट देते हैं
(37:06) उनको। वी जस्ट गिव देम कि एक तो आपने मास्टरबेशन क्विट करना है। ठीक है। ई से क्या कुछ स्टेप? एनर्स रिकवरी प्रोटोकॉल। अच्छा। सो दैट्स बेसिकली अ नेम ऑफ द प्रोटोकॉल दैट वी मेड फॉर अ पेशेंट्स। अच्छा। एंड आई विल शेयर इट फॉर फॉर एवरीबॉडी। अगर आप यंग हैं, आपको प्रॉब्लम नहीं है और आपको ये दोनों प्रॉब्लम्स हो रही है इडीपीएम की तो ये चार चीजें आप घर पे कर सकते हैं। देखिए इसमें पहला है कि अपनी मास्टर मशीन क्विट कीजिए। सेकंड है अपने पेल्विक फ्लोर को स्ट्रेंथन कीजिए। तो पेल्विक फ्लोर मतलब कीगल एक्सरसाइज स्क्वाट्स, उठक बैठक और कोर स्ट्रेंथनिंग।
(37:34) इसमें प्लैंक्स है और फुट रेसेस है। थर्ड है अपनी स्लीप को ठीक कीजिए। अपनी नींद को रात को मोबाइल देखना बंद कीजिए। ब्लू स्क्रीन सिंड्रोम है। टेस्टोस्टरॉन डिप होता है। नींद पूरी कीजिए। ठीक है? और बेसिक दो सप्लीमेंट्स है विटामिन डी एल आर्मनिन हम ठीक है इन दोनों का अपना जो है सेवन या यूज़ स्टार्ट करना है एंड 90% ऑफ़ टाइम्स आपका जो ये अर्ली डिस्चार्ज और पेनिस का डाउन होना है दोनों प्रॉब्लम्स को विद इन अ मंथ यू विल नोटिस अ मैसिव चेंज मतलब आपको लगेगा कि हां इरेक्शन मॉर्निंग इरेक्शंस हार्ड आ रहे हैं सस्टेंड हो रहे हैं जब तक आप पेशाब
(38:08) नहीं करोगे मतलब यू गेट अप फ्रॉम बेड एंड गो एंड पी तब तक इरेक्शन रहेंगे यू विल नोटिस दैट योर टाइमिंग इज इम्प्रूविंग एंड योर हार्डनेस इज़ इम्प्रूविंग राईट राइट। अ आप मुझे ये बताएं कि अब जैसे आपने बड़ी सिंपली बोल दिया कि मास्टरबेशन को क्विट करना है। यस सर। अब इतना इजी है तो नहीं। नहीं करते। जो नहीं करते तो है मैं वही जानना चाहता हूं बिकॉज़ अब जो 810 साल से कर रहा है जो आज एकदम से बात मे बी पहली बार आज सुने या मेबी एक साल बाद सुने तो आज स्टार्ट कर रहा है। मास्टरबेशन को 30 दिन में कैसे क्विट कर सकते हैं? मास्टरबेशन को 30 में क्विट नहीं कर सकते।
(38:39) हम मास्टरबेशन को 30 दिन में कम कर सकते हो। कैसे? ठीक है? तो व्हाट वी टेल आवर पेशेंस इज टू हम उनको अगेन हमको चार चीजें बोलते हैं क्विट करने के लिए। फर्स्ट थिंग दैट वी टेल देम टू डू इज कि आपने एक डायरी बनानी है कैलेंडर मेथड। सो वी टेल देम दैट यू हैव टू क्लॉक योरसेल्फ। हमें एक कैलेंडर बनाना है और हमें कहना है कि इस महीने हम हफ्ते में दो बार अलव करेंगे। जैसे समबडी है जो रोज कर रहा है। हम हम उसको बोलेंगे आपको हफ्ते में दो बार का कैलेंडर बनाना है स्टार्टिंग में। जो रोज कर रहा है। रोज कर रहा है। उसको बोलेंगे आप आठ बार महीने में करो पहले।
(39:10) ठीक है? ठीक है? देन यू विल गो टू फोर टाइम्स अ मंथ। फिर हम जाएंगे दो बार। ठीक है? तो हम बोलेंगे जी आपका जैसे मंडे फ्राइडे कैलेंडर है तो मंडे फ्राइडे यू आर अलाउड। ठीक है? बाकी दिन आप नहीं करोगे। तो आप पहले तो दिन बनाओ अपने। ठीक है? सेकंड है कि जो भी आपकी ट्रिगर एक्टिविटीज है जो आपको मास्टरबेशन करने पे फोर्स कर रही है। कब होता है मास्टरबेशन? मोस्टली आप अकेले हो। रात को लेट पढ़ रहे हो। ठीक है? आप लेट पढ़ रहे हो। Instagram स्क्रोलिंग कर रहे हो। आपको कोई कोई सीन आ गया, कोई दिख गया तो यू विल फील लाइक डूइंग इट। तो ट्रिगर एक्टिविटीज को बंद करो। जैसे फॉर
(39:37) एग्जांपल आफ्टर 9 ओ क्लॉक डोंट कीप अ विजुअल फोन विद यू या अनइस्टॉल् फोन छोड़ दो या सेक्सुअल किताबें है उसको मत कंज्यूम करो ठीक है तो उससे आपको काफी हद तक कंट्रोल मिलेगा ठीक है तीसरा है कि आपको एक एक्टिविटी ऐसी बनानी है कि जब आपका अर्ज हो जाए तो उसको कैसे डिले किया जाए जैसे फॉर एग्जांपल वी कैन टेल देम कि आप 10 उठक बैठक करोगे आपको जब लगे कि करने वाले हो मतलब यू हैव टू ब्रेक दैट वो लूप को तोड़ना है लूप को तोड़ना है तो उठक बैठक कर लो या कोल्ड शावर लो ठंडे पानी से नहा लो या कमरे से बाहर निकल जाओ। ठीक है? और चौथा कहते हैं कि हम एक जैसे
(40:12) अल्कोहलिक एनोनिमस है। शराब छुड़वाते हैं या अपना एक फ्रेंड बनाओ जो है प्रॉब्लम से जूझ रहा हो। आप एक दूसरे को अगर टैग करोगे तो ज्यादा अच्छा होगा। तो वी यूजली अगर हमारे क्लनिक पे आता है तो वी टू कनेक्ट देम टू समबडी एल्स या फिर अपने दोस्त सर्किल में कि जब तेरे को मन करे दूसरे को फोन कर ले कि भाई वी वांट टू नॉट डू इट राइट नाउ। हम तो यूजली व्हेन दे स्टार्ट डूइंग दिस तो मोस्ट ऑफ़ ऑफ़ यंग गाइस जो आते हैं वो नॉर्मली 3 महीने के अंदर दे कम डाउन टू वंस अ मंथ ट्वाइस अ मंथ दे आर एबल टू मैनेज हम तो मास्टरबेशन छूट सकता है इट इज़ लाइक
(40:43) लिविंग अल्कोहल एडिक्शन दैट नीड्स टू बी स्टीपड राइट मैं एग्जैक्ट वो पढ़ता हूं कमेंट जो लोग लिख रहे हैं सो दैट जितने भी लोग हैं मैक्सिमम लोगों को हम हेल्प कर सकें राज बोलते हैं दिन में आठआ टाइम मारी है भाई इस हालत में हूं कि फांसी लगाने का दिल करता है। अब यह सुनने में हो सकता है कि थोड़ा ऑड लगे। पर मुझे ऐसा लगता है यह बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। कोई फांसी लगाने की बात कर रहा है। इस एक्सट्रीम एंड पर कोई क्यों आ जाता है? बिकॉज़ ऑफ़ द ये आपने वर्ड यूज़ किया हुआ है अपने नोट्स में पोस्ट नट क्लेरिटी। ये एक्चुअली पोस्ट नट कन्फ्यूजन होता है।
(41:20) क्लेरिटी नहीं होती है। तो मोस्ट लड़कों को क्या होता है कि बिकॉज़ दे आर अराउज़्ड। तो अराउज़ल होता है ना जब आप सेक्सुअली अराउज़ होते हो, आपको फीलिंग आ रही होती है तो उस टाइम योर ब्रेन स्टॉप्स फंक्शनिंग नॉर्मली योर ओनली टारगेट रिमेन टू रिप्रोड्यूस टू डिस्चार्ज। तो मेनी मैन उस फीलिंग को खत्म करने के लिए डिस्चार्ज करते हैं कि भाई काम नहीं कर पा रहे, पढ़ नहीं पा रहे हैं। कोई बार-बार सेक्स सेक्स सेक्स घूम रहा है। ठीक है? तो उसके लिए दे डिस्चार्ज थिंकिंग कि डिस्चार्ज करने के बाद हमें फीलिंग आएगी कि अब डिस्चार्ज हो गया। नाउ
(41:44) हम फोकस कर पाएंगे अपने काम पे या स्टडी करने पे। ये इवन वुल्फ ऑफ़ वॉल स्ट्रीट मूवीज में दिखाया गया है कि जो स्टॉक मार्केट ब्रोकर्स हैं। ठीक है? व्हेन दे आर डूइंग अ हाई ट्रेड दे मास्टर वेट बिफोर। तो दे कॉल्ड पोस्टल क्लेरिटी। बट इट्स अ सेम लाइक शुगर। आप शुगर पियोगे आपको लगेगा कि आपकी प्यास बुझ गई पर आपको फिर शुगर चाहिए। इट्स लाइक एडिक्टिव बिहेवियर रिपीट्स। तो होता क्या है कि जब पीपल गेट एडिक्टेड टू मास्टरबेशन दे आर बेसिकली लाइक एनी एडिक्टिव बिहेवियर। कोई भी बिहेवियर जो एडिक्टिव है चाहे वो मास्टरबेशन हो, चाहे वो चीनी हो, चाहे वो
(42:12) गांजा हो। ठीक है? एक बार में नहीं रुकता। हम आपको उसको करना है। बार-बार करना है। एंड दैट्स व्हाई पोस्ट में क्लेरिटी नहीं आती। डिस्चार्ज होने के बाद यू गेट कंफ्यूज्ड एंड आफ्टर समटाइम यू वांट टू डू इट अगेन। और एवरी टाइम यू आर कंज्यूमिंग शुगर। यू वांट मोर एंड मोर इट। एवरी टाइम यू मास्टर वांट मोर एर मोर ऑफ़ इट। और एक टाइम आता है जब यू फील कि दिस बिहेवियर इज कंप्लीटली डिस्ट्रइंग एवरीथिंग। आप नहीं पढ़ पा रहे हो। आपका फोकस नहीं लग रहा है। आप [गला साफ़ करने की आवाज़] आपकी आपको आपको रिलेशन बनाने का मन नहीं कर रहा है। यू आर
(42:39) ऑलवेज ओनली फोकस कि किस तरह मास्टरबेशन करके नेक्स्ट डिस्चार्ज मैं कब करूं। एंड दैट्स व्हेन दी दिस चिल्ड्रन और दी यंग गाइस गेट कन्फ्यूज्ड। एंड अगेन उनका जो ये कन्फ्यूजन है वो एम्प्लीफाई हो रहा है सोशल मीडिया से कि आप करते रहो। 21 बार करो। हेल्दी है, हेल्दी है, हेल्दी है। सो व्हेन दीज़ गाइस कम टू अस टेल देम वै क्लियरली। देखो अगर आपको लग रहा है कि मास्टरबेशन आपको हार्म कर रहा है तो जस्ट क्विट इट। वी विल टेल यू हाउ टू क्विट इट। एंड क्विट करने के लिए बहुत खर्चा नहीं होना है। ये सिंपल स्टेप्स करो बंद हो जाएगा। एंड दीज़ गाइस कम बैक इन अ मंथ। एक महीने
(43:05) में दे कम बैक एंड से सर वी आर फीलिंग मच बेटर। ठीक है? और इसमें कुछ दवाइयां भी होती है। ठीक है? अभी तो मैं खाली ये बताया आपको कि भ जो नॉन मेडिकल है। बट जो लड़के बहुत परेशान है उसमें कुछ दवाइयां भी जैसे हम उनका सीमन डिस्चार्ज कुछ टाइम के लिए बंद कर सकते हैं कि वो मास्टरबेशन करेंगे भी तो भी कुछ निकलेगा नहीं। सो दे डोंट फील द अर्ज टू डू इट। यह सेफ है? सेफ है। एंड देन देयर आर सम एक्सेसराइज और सम साइकट्रिक मेडिकेशन आल्सो वी कैन गिव देम जस्ट टू टू टू टाइड ओवर। कोई जनरल मेडिसिन बता सकते हो। सो आई कांट डिस्क्राइब मेडिसिनस ऑन द
(43:34) इंटरनेट बट यस। सो मास्टरबेशन क्विट करने के लिए कुछ मेडिकेशंस है जो सेफ है जो दे सकते हैं जो सिर्फ हेल्प के लिए होती है कि आपको वो जो डिफिकल्ट पीरियड है तीन महीने का। जब आपको अपनी फ्रीक्वेंसी कम करनी है जब आपको अपने आपको इंप्रूव करना है उस टाइम आप यूज़ कर सकते हो। अपने यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोलॉजिस्ट से मिलेंगे तो वो गाइड कर सकता है आपको। नाम बता सकते हो? नहीं। हां। हां तो अल्फाडोसिन है। अल्फाडोसिन इज़ बेसिकली सेलोडोसिन जो बेसिकली डिस्चार्ज रिसेप्टर्स को ब्लॉक करता है। इससे क्या है? सीमन डिस्चार्ज नहीं होता। एंड देन यू
(44:01) हैव सम्सेसराइज लाइक लाइक एसिटलोप जो थोड़ा सा मूड एंड आंसर होता है। थोड़ा सा आपको टाइम पे नींद आ जाएगी। यू विल नॉट ऑलवेज फील द अर्ज टू मास्टरबेट तो दे कैन हेल्प देर। राइट? आपके पास यंगेस्ट लड़का कौन आया जो कि मास्टरबेशन की प्रॉब्लम से परेशान हो। 13 इयर्स, 14 इयर्स। 13 साल का बच्चा? आजकल तो बच्चों के मोबाइल है। आप देखो Instagram की क्या उसकी मेटा की स्टडी है। आप शायद कोट भी कर सकते हो कि द लार्जेस्ट कंज्यूमर ऑफ पोर्न इन इंडिया अ लेस देन 18 इयर्स सेगमेंट है। द लार्जेस्ट कंज्यूमर ऑफ सोशल मीडिया इज़ अगेन राइजिंग इन चिल्ड्रन।
(44:37) तो इसका मतलब मास्टरबेशन भी डायरेक्टली इनडायरेक्टली लिंक करेगा। 18 से नीचे में उनमें ज्यादा होगा। ऑब्वियसली अर्ली स्टार्ट। तो जो 13 साल का बच्चा था बताओ ना कैसा था उसके क्या अकेले आ गया? नहीं तो अकेले तो नहीं आते। सी वी डोंट सी 18 इयर्स से नीचे ना हम बच्चों को देखते नहीं बिना पेरेंट्स के एंड ये बच्चे नॉर्मली पेरेंट्स से डिस्कस नहीं करते सो कोई आ भी जाता है बच्चा बच्चे से कभी आ भी जाता है तो हम उनसे ये डिस्कस करते हैं भ उस टाइम तो वी डोंट गिव एनी मेडिकेशन नथिंग वी टेल देम इट सॉल्वबल एंड वी यूजली आस्क देम टू कम बैक वि द फादर
(45:04) ये जो बच्चा आया था पहली बार इसका बताओगे थोड़ा एक्सक्टली इसने क्या प्रॉब्लम बोली और इसने अपने बारे में क्या बताया कि मैं क्या फेस कर रहा हूं क्या 13 14 इयर्स के बच्चे तो रेगुलरली दे कम टू द क्लनिक एंड उनका यही प्रॉब्लम रहता है कि भाई या तो नाइट फॉल बहुत ज्यादा होना शुरू हो जाता है बिकॉज़ दे आर इनका क्या होता है छोटे बच्चों का ना ये मास्टरबेशन समझ नहीं पाते बिकॉज़ दे आर टू यंग तो इनको ये पता नहीं होता कि मास्टर में करना कैसे है दे आर स्टिल इन अ वैरी एक्सपेरिमेंटल स्टेज तो ये क्या करते हैं कि ये रबिंग शुरू कर देते हैं दे यूजली कम
(45:33) विद रबिंग कि हम रबिंग हैबिट बन जाती है एंड कहते रब ऑन द बेड और दे रब एंड दे डिस्चार्ज सो दे गेट एंड दे डोंट लाइक इट बिकॉज़ आफ्टर डिस्चार्जिंग वो कपड़ों पे स्टेन बनता है ठीक है मम्मा पकड़ लेती है ठीक है या बाथरूम में बहुत देर बैठना पड़ता है राइट राइट ठीक है तो बच्चे सोते हैं पेरेंट्स के साथ और वहां जगह नहीं मिलती। सो दे स्टार्ट गेटिंग सेक्सुअलाइज़ वैरी सून। तो दे गेट डिस्टर्बड क्योंकि अब क्या है कि मास्टरबेशन एंड फिर स्कूल में दे स्टार्ट फीलिंग गिल्टी। दे गेटिंग इरेक्शन सीइंग देयर स्कूल फ्रेंड्स दैट इज़ नॉट अ नाइस बिहेवियर देन दे स्टार्ट यू नो
(46:04) में बुरा फील होना शुरू हो गया। कि यार कि ये क्या हो रहा है। तो आई एम नॉट अ चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट। आई डोंट मैनेज चिल्ड्रन वेरी वेल। बट इन दिस चिल्ड्रन इफ वी कॉल देयर पेरेंट्स टू टेल देर फादर कि भ इसको डांटोगे गुस्सा करोगे तो ये और सहम जाएगा बताएगा नहीं एटलीस्ट एक्सेसिंग हेल्प तो इसमें इसकी एजुकेशन इसको समझाना इसको सिखाना वो ज्यादा जरूरी है हम कि भाई इन चीजों को अवॉयड करो इसका इसका सोशल मीडिया टाइम कम करो इसकी फोन का टाइम कम करो तो उससे बेटर रहेगा हम बट दिस इज़ अगेन समवेयर द फॉल्ट कि हम बहुत जल्दी बच्चों को सेक्सुअलाइज कर रहे हैं।
(46:34) बहुत जल्दी उनको सेक्सुअल कंटेंट से एक्सपोज कर रहे हैं। बहुत जल्दी हम उनको एक्सेस दे रहे हैं पोर्न वेबसाइट्स का सोशल मीडिया का। तो अगेन दिस इज़ अगेन अ पेरेंटल रिसोंसिबिलिटी कि आपने अपने बच्चों के लिए कैसे किया सोशल मीडिया? भाई फिक्स टाइम कर रखा है उनका। जैसे मेरी डॉटर है मेरी डॉटर इज़ सिक्स इयर्स। तो आई हैव वन चाइल्ड तो हमने उसका फोन का टाइम जो है बिल्कुल फिक्स है कि हाफ एन आवर उसका अनलॉक लगा हुआ है। YouTube क्रेट्स अलाउ करता है। हम उसको हमने Instagram और रील्स का नहीं दे रखा ऑप्शन। उसके फोन में है ही नहीं। सिर्फ YouTube किड्स
(47:08) फोन दिया हुआ है आपने? हां उसका अपना फोन है। अपना अपना फोन है ना विदाउट अ नंबर नाउ डे ऑफ़ वॉच ना। ओके। तो बच्चे जाते हैं बाहर तो वी नो कि बच्चे कहां पर है। अच्छा अच्छा। तो वो सिम कार्ड तो होता ही है बट उस सिम कार्ड पे लॉक लगा हुआ है। तो YouTube का Google का किड्स का ऑप्शन है। ओके। तो उसमें फैमिली लिंक होता है। तो क्या देख रहे हो? फैमिली लिंक में नहीं देख नहीं रहा। वो फैमिली लिंक बंद कर देता है। हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] फैमिली लिंक में होता है कि एक तो उसप कोई भी अननोन नंबर कॉल नहीं कर सकता। वो किसी को कॉल नहीं कर सकती।
(47:33) ओके। ठीक है? प्लस उसमें YouTube टाइम्स होते हैं प्लस YouTube सेल्फ कंसलर करता है। आप भी डालते हो वीडियो तो यू चूस कि लेस देन 18 है या नहीं है। और लेस देन फाइव का कंटेंट है नहीं तो उसको उसी की ऐज का कंटेंट आएगा। ठीक है? तो ये सब कोशिश करते हैं कि उसको 30 मिनट्स 40 मिनट्स पूरे दिन में अलव करें और उसको खाली वही कंटेंट देखने दें। ट्राई कर रेगुलेट करना बोला अब बच्चे हैं स्कूल भी जाएंगे कॉलेज भी जाएंगे तो अब कितना तक रोकेंगे पर जितना कर सकते हैं एस पेरेंट्स हम ट्राई करते हैं ये तो फिर एज एज यू पेरेंट्स यू आल्सो रियलाइज कि ये पार्ट जरूरी है
(48:06) बट सोसाइडल प्रॉब्लम बढ़ रही है ना आपको लगता है आने वाले टाइम में 10 20 सालों में मास्टरबेशन कम होगा जितनी हम बात कर रहे हैं आई थिंक बढ़ जाएगा आई थिंक मेरे को लगता है अब तो वी आर वर्चुअल रियलिटी पोर्न आ गया है अब तो अब एक्चुअली पोर्न की जरूरत ही नहीं है। यू कैन एक्चुअली पुट अ 3D ग्लास एंड यू कैन एक्चुअली एंजॉय पोर्न इन 3D। तो आप ब्लैक मिरर देखते हो आप Netflix का शो है। आई थिंक लॉट ऑफ़ पीपल हैव सीन तो दे दैट दैट दे दे इमेजिन अ रियलिटी इन द फ्यूचर वेयर सेक्स विल नॉट हैपन। दे इमेजिन रियलिटी इन द फ्यूचर वेयर पीपल विल
(48:35) ओनली हैव वर्चुअल सेक्स। वहां रियल सेक्स होगा ही नहीं। आप वी आर गबल्स मैनोगे और आप भी स्टिमुलेट हो रहे हो। वो भी स्टिमुलेट हो रहे हैं। यू जस्ट वेअर समथिंग ऑन योर विनस अ मशीन व्हिच विल मेक यू फील कि आप सेक्स कर रहे एंड दैट इज क्या दुनिया बन रही है यार तो उसका उसका और अगर आप बैक जाओगे तो मतलब आई एम नॉट दिस जस्ट अ साइंट आई वाच लॉट ऑफ़ साइंस फिक्शन तो इट्स लाइक अ मैट्रिक्स कि एक पॉइंट आएगा व्हेन एआई विल कंट्रोल द वर्ल्ड एंड ह्यूमंस विल लिव वर्चुअल रियलिटी बहुत बाहर मतलब उनका सेक्सुअल अर्ज खाना पूरा हो जाएगा नीचे डिस्चार्ज
(49:03) हो जाएगा ऐसे पॉडकास्ट भी ऐसे ही हो जाएगा हम यहां बैठे हैं आप घर बैठे हो बस सोच लिया हो गया मतलब तो संभोग तो खत्म हो जाएगा इट विल बिकम इंटरकोर्स अच्छा मास्टरबिटेशन के बाद अब क्योंकि अब जो देख रहा होगा आई एम श्योर कहीं ना कहीं कर रहा होगा या निकलने की कोशिश कर रहा मास्टरबेशन करने के बाद क्या कोई कुछ ऐसा कर सकता है जिससे कि जो उसका बुरा इफेक्ट है वो कम हो जाए बाद आफ्टर मास्टरबेशन नहीं मतलब कोई बुरा इट्स अ लॉन्ग टर्म स्लोली एक्वायर्ड प्रॉब्लम्स दैट हैप्स जो सालों के सालों के बाद होता है तो आई डोंट थिंक कि एक बार जैसे स्मोकिंग है आप कहते
(49:39) हैं कि भ 100 सिगरेट या 200 सिगरेट ऐसा नहीं है इट्स लाइक कि लॉन्ग टर्म स्मोकिंग से कैंसर होता है। हां नहीं अब जैसे होता है ना ज्यादा खा लो तो बंदा कहता है ग्रीन टी पी लो थोड़ा सा इफेक्ट कम हो जाएगा ये है कि मास्टरबेशन करने के बाद आप नेक्स्ट नेक्स्ट मास्टरबेशन को शेड्यूल करो एटलीस्ट तीन चार दिन गैप दो डोंट डू इट मल्टीपल टाइम्स अ डे ठीक है मास्टरबेशन करना भी है तो फुल अराउजल में करो डोंट सट इन अ डर्टी बाथरूम एंड वाच पोर्न एंड जस्ट डिस्चार्ज योर सेल्फ इन 30 सेकंड्स ठीक है अगर मास्टरबेशन करना भी है तो लेट इट बी एज क्लोज टू सेक्स एस पॉसिबल हाथ
(50:07) लुब्रिकेट कर लो हैंड्स वार्म कर लो रेस्टिंग फेस में आ जाओ एज कर लो जितना देर तक डिस्चार्ज कर सकते हो उतना देर तक डिस्चार्ज कर लो। बॉडी को ट्रेन कर लो। कीप योर पेनिस इरेक्ट फॉर एस मच एस पॉसिबल। लुब्रिकेंट यूज़ कर लो। और डिस्चार्ज करने के बाद हाइजीन क्लीनिंग। ठीक है? और ट्राई टू अवॉयड डूइंग इट फॉर अनदर थ्री फोर डेज। ट्राई टू लेट द लेट लेट द सीमेंट कलेक्ट एटलीस्ट फॉर टू थ्री डेज कि आप नेक्स्ट सल जाने से पहले। मतलब दैट वन मास्टरबेशन शुड बी सो सेटिस्फेक्टली कि आपको उसके उसके बाद की जो एक एंजॉयमेंट है उसके बाद की जो
(50:39) ऑर्गज़्म की फीलिंग है वो एटलीस्ट एकद दिन तो रहे। हम एंड उसके अलावा आप कील एक्सरसाइज रेगुलर बेसिस पे कर लो जो मैंने बताया था स्टार्टिंग में आपको बताया एटलीस्ट ये चार चीजें आप ऐड कर लो अपनी लाइफ स्टाइल में तो हो सकता है कि आपको मास्टरबेशन मोर प्लेजरेबल भी हो जाए आपका करने का कम मन भी कम करे आपके लिए वो एक एपिसोड अच्छा प्लेजर हो और आपको लॉन्ग टर्म में ये सब प्रॉब्लम ना आए हम तो ये आप ये आप कर सकते हो ऐसा होता है कि मास्टरब्रेड जो कर रहा है कि कई बार वो मे बी ऐसा सोचे कि यार अगर मैंने अभी शुरू मे बी अराउस होना शुरू हो
(51:09) गया है उसने थोड़ा सा मास्टरबेट किया उसके बाद छोड़ दिया नहीं करता। चलो उस मन में नहीं करना चाहिए। उसके बाद क्या यह कोई प्रॉब्लमेटिक चीज हो सकती है? इसको एजिंग बोलते हैं। तो एजिंग में होता है या सीमन रिटेंशन बोलते हैं। सो लॉट ऑफ़ पीपल प्रैक्टिस सीमन रिटेंशन कि वो डिस्चार्ज नहीं करते। वो सिर्फ अपने को अराउ और दे जस्ट कीप स्टिमुलेटिंग देमसेल्व्स एंड डोंट डिस्चार्ज। तो कई लोग तो कई-कई महीने तक नहीं करते ये। ठीक है? दे विल जस्ट कीप अराउजिंग। डोंट डिस्चार्ज, अराउजिंग। तो सीमन रिटेंशन का भी एक पूरा कम्युनिटी है। वो सब ग्रुप है
(51:35) जो कहते हैं वो एक्चुअली हेल्थियर है। सीमन रिटेंशन एक्चुअली लीड्स टू लूट टेस्टोस्टरॉन इंक्रीज। सीमन रिटेंशन के बहुत सारे बेनिफिट्स हैं पर करते हैं। बट आई फील कि मोस्ट पीपल स्टार्ट गेटिंग टू प्रॉब्लम्स। एक तो ब्लू बॉल्स। ब्लू बॉल्स इज़ व्हेन सो मच सीमन काइंड ऑफ़ कलेक्ट। सो यू स्टार्ट गेटिंग पेन पेल्विक रीजन में, टेस्टिकुल्स में बिकॉज़ लॉट ऑफ़ हाइपरटेंशन देयर। तो दीज़ पीपल स्टार्ट कंप्लेनिंग ऑफ़ पेन। कि नीचे पेन रह रहा है, पेशाब के आ रहा है। एंड सेकंड इज़ प्रोस्टेटाइटिस। [गला साफ़ करने की आवाज़] सम पीपल डेवलप इनफेक्शन पेशाब में चलन
(52:02) शुरू हो जाती है। सो दैट कैन बी देयर बट मोस्टली होता नहीं है बट व्हाट डिस्क्राइबिंग सीमन रिटेंशन और इसकी भी कम्युनिटी है जो अगेन इसके बारे में दे स्वेयर बाय सीमन इंटेंशन मतलब हैव पेशेंट्स वो कहते हैं हम कर रहे हैं एंड वी आर फीलिंग अमेजिंग तो अब आई डोंट आई आई डोंट रियली बिलीव कि ठीक है आप अपने एक्सपीरियंस से क्या बताते हैं आपका जो मेरे एक्सपीरियंस से इफ इट इज नॉट हार्मिंग यू इट्स ओके ठीक है बट मेरे एक्सपीरियंस में ये है कि अगर आप मास्टरबेट कर रहे हो अराउ हो रहे हो अगर आप कर ही रहे हो तो प्रॉपर कर लो एंड एंड रिलीव कर लो हां
(52:30) तो आई फील दैट्स बेटर कम कर लो मास्टरबेशन को बट कर रहे हो तो फिर पूरा बट ये क्या प्रॉब्लमिक हो सकता है ब्लू ब्लू बॉल्स आपने बताया पेन होता है और पेन काफी सीवियर हो सकता है कई बार ब्लू बॉल्स का पेन इतना सीवियर होता है कि पेशेंट्स हैव टू एक्चुअली गो एंड टेक अ पेन किलर तो इट कैन बी सीवियर अब मुझे आप बताएं कि ये जो मैंने पूरा डिस्कस किया इसमें प्रीमेच्योर इजाकुलेशन कहां पर आती है? तो जो मैंने आपको बताया था फेज थ्री अराउज हो गए आप हार्ड हो गया। अब आपको स्ट्रोकिंग करनी है। अब आपको उस लिंक को यूज करना है डिस्चार्ज के लिए। तो जो वो
(52:59) इरेक्शन से और सीमन के डिस्चार्ज ऑर्गेनिज्म के बीच का वक्त है उसको बोलते हैं इजककुलेशन टाइम। मतलब आप खड़े होने से लेकर मतलब लिंग टाइट होने से लेकर लिंग के डिस्चार्ज होने के बीच के टाइम को बोलते हैं इजेकुलेशन टाइम। तो इजककुलेशन टाइम किताबों के हिसाब से एटलीस्ट 1 मिनट होना चाहिए। अगर आप 1 मिनट से पहले जैकुलेट हो रहे हो या पार्टनर की वाइना में डालने से पहले जैकुलेट हो रहे हो कि आपने अपनी पार्टनर को किस किया जैकुलेट हो गया या आपने एक सिरम थोड़ा हाथ लगाया बूफ से जैकुलेट हो गया या आप वाइना में डाला थोड़ा सा थोड़ा एक दो स्ट्रोक लगाया
(53:28) जैकुलेट हो गया दैट इज़ कॉल्ड एज प्रीमेच्योर जैककुलेशन मतलब कि मैच्योर मैच्योर मतलब कि पूर्ण काम होने से पहले तो उसको शीघ्रपतन भी बोलते हैं हिंदी में तो यह टर्मिनोलॉजी है तो अगर आपका इरेक्शन ठीक है आपका डिजायर ठीक है और आपका सीमन ठीक है पर निकल जल्दी रहा है तो उस कंडीशन को पीएम बोलते ओके ओके और होना कितना चाहिए जो आप बता रहे हैं ना तो ऐसा कोई टाइम 8 मिनट जो आपने बताया शुरू में हां नहीं वो नहीं मैंने बताया 8 मिनट एक औरत को चाहिए डिस्चार्ज होने के लिए तो एटलीस्ट इतना होना चाहिए कि आपकी जो पार्टनर है वो डिस्चार्ज हो जाए
(53:58) मतलब उसके डिस्चार्ज होने से पहले आपका डिस्चार्ज ना हो तो सर वो 8 मिनट ही हुआ ना फिर आठ मतलब 8 मिनट मिनिमम टाइम है हां हां हां मैक्सिमम तो कितना भी हो सकता है तो कपल्स मतलब ऐसेसे मेल्स में आते हैं और जो [गला साफ़ करने की आवाज़] कहते हैं कि सर हम हम एक एक बार में अपनी वाइफ पार्टनर तो दो या तीन बार डिस्चार्ज करवा देते हैं। हम सो दे आर एबल टू डू इट फॉर लगर। तो वो आपकी कैपेसिटी के ऊपर है। हम हम [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या इसके लिए क्या आप सशन देते हो जिसको प्रीमेच्योर इजककुलेशन होता है। सो जो इकुलेशन है ना वो एक कॉम्प्लेक्स
(54:28) फिनोमिना है। तो इककुलेशन में तीन पार्ट होते हैं। पहला पार्ट है सेंसरी स्टिमुलस। भाई आपका जो लिंग है उसके ऊपर फीलिंग आ रही है। उस फीलिंग की वजह से आपको डिस्चार्ज होगा। अगर आपका सिर्फ लिंग हवा में खड़ा है और फिर वो फीलिंग वो डिस्चार्ज ही नहीं होगा। वो बैठ जाएगा। तो वो फीलिंग नर्व्स है बेसिकली। तो नर्व्स आर कैरिंग द स्टिमुलस टू द ब्रेन। फिर ब्रेन में जाके ब्रेन डिसाइड्स कि हां ठीक है अब स्टिमुलस इतना हो गया है कि डिस्चार्ज हो जाना चाहिए। ठीक है? दैट्स कॉल्ड एस क्लाइमेक्स। मतलब आप स्लोली स्लोली स्लोली स्लोली वहां तक
(54:55) पहुंचते हो स्ट्रोकिंग करते-करते कि हां अब जो है हम डिस्चार्ज हो जाएंगे। ठीक है? और उसके बाद जब वो सिग्नल जाता है वापस नीचे तो नीचे मसल्स होते हैं जो हमारे पेल्विक फ्लोर्स को बीसी मसल्स बोलते हैं। ये कॉन्ट्रैक्ट [गला साफ़ करने की आवाज़] करते हैं और सीमन को बाहर फेंकते हैं। तो ये तीनों का तीनों काम करते हैं। तो आगे की नर्व्स ब्रेन का सिग्नल और नीचे मसल्स। तो इन तीनों को ही हम वी कैन टारगेट टू इंप्रूव द टाइमिंग। या तो हम आगे के सेंसेस को कम कर दें ताकि आपको फीलिंग लेट आए या हम ब्रेन को स्लो कर दें कि या हम जो है हमारे मसल्स हैं उनको टाइट कर दें
(55:27) कि भाई वो डिस्चार्ज ना करें। तो दीज़ आर ट्रीटमेंट्स दैट वी डू कि आपका टाइमिंग कैसे बढ़ाए। तो फिर उसमें वी डिवाइड द पेशेंट्स। कुछ पेशेंट्स होते हैं जिनकी सेंसिटिविटी ज्यादा है। दे आर वैरी सेंसिटिव। तो उनको क्या है कि थोड़ा सा भी टच सूट नहीं करता। तो उनके लिए हम सेंसिटिविटी ठीक करते हैं। लिंग की जो टिप है कुछ पेशेंट का ब्रेन रिफ्लेक्सेस अनट्रेंड मास्टरबेटर्स जिनको हैबिट पड़ गई है अर्ली डिस्चार्ज की दे आर सो यूज्ड टू डिस्चार्जिंग सून कि उनको दे दे नीड रिट्रेनिंग कोई मुझे केस बताओगे अपना जो सबसे ज्यादा मतलब जिसका एकुलेशन टाइम बहुत ही कम था
(55:56) अभी तक का सबसे ज्यादा ऐसा केस जो बहुत कॉमन है मतलब कोई कम कम का क्या डेफिनेशन है अगर आप मतलब आपके पास कोई केस आया बहुत सारे केस आते हैं फॉर एग्जांपल अह दिस इज़ अ कपल न्यूली मैरिड है अभी शादी को तीन महीने हो गए हनीमून से वापस आया है हनीमून से वापस आया है तो घर वाले कह रहे हैं बच्चे नहीं हो हम अब वो वाइफ को अच्छा गुड न्यूज़ गुड न्यूज़ कब आ रही है? अब वाइफ आके बोलती है गुड न्यूज़ कहां से दूं? तो इनका अंदर डिस्चार्ज नहीं होता है। कह रहा है जब मैं इनको किस करता हूं डिस्चार्ज हो जाता है। जब ये कपड़े उतारते हैं थोड़ा सा मेरे को
(56:22) टच करता है डिस्चार्ज हो जाता है। ठीक है? तो अब तीन महीने हो गए। अभी हर बार इरेक्शन वो कह रहे हैं इरेक्शन आता है। शी इस लाइक जब हम साथ में होते हैं हम कॉफी शॉप में होते हैं या हनीमून पे शिप पे हो जहां भी घूमने गए होंगे तो ही इज़ ऑलवेज हार्ड। इनका हमेशा मन करता रहता है। ये हमेशा बोलते हैं करना है करना है करना है। पर जैसे ही मेरे पास आते हैं जैसे ही हम थोड़ा सा अभी इंटिमेसी करते हैं हगिंग करते हैं इनका डिस्चार्ज हो जाता है। एंड फर्स्ट बी डिस्चार्ज, सेकंड भी डिस्चार्ज, थर्ड भी डिस्चार्ज दैट इज़ सीवियर पीएमई। मतलब इतना ज्यादा डिस्चार्ज हो रहा है कि
(56:48) आप पेनिट्रेशन ही नहीं कर पा रहे। ठीक है। अब सीवियर पीएमई के अंदर हमें ठीक करना पड़ेगा। तो देन तीनों तो जो आपने बताया। हां। तो बेसिकली अब इसमें अगेन दिस इज़ माय एक्सपीरियंस नाउ। हां। अब यह कपल न्यूली मैरिड है। हां। अब मेरे भाई इस कपल में टाइम नहीं है कि मैं उसको बोलूं यार 6 महीने तक तू ना अपनीप मसल्स को ठीक कर। जो पहले एक्सरसाइज होता है। तो अब 6 महीने एक्सरसाइज करता रहे तब जाके तो छह महीने में तो उसकी वाइफ भाग जाएगी। हां। नहीं भागेगी तो अच्छी लड़की मतलब भाग जाएगी ना नॉट सेइंग भाग जाएगी। [हंसी] मतलब अगर अगर अगर सही कर पा रहा हूं मैं जा रही हूं।
(57:18) हां। सिक्स मंथ्स में तो और फिर [हंसी] घर में क्लेश हो जाएगा ना। हां, ऑफ़ कोर्स। न्यूली मैरिड है। ठीक है। तो आई कैन नॉट नो दिस दिस मैन को मैं कैसे बोलूं? तो 6 महीने एक्सरसाइज कर। नाउ फॉर हिम आई नीड समथिंग इमीडिएट कि ये आदमी जो है फटाफट से हम इसकी मैरिज को ठीक करें। तो इसमें हम ट्रिपल थेरेपी ट्राई करते हैं। ट्रिपल थेरेपी में क्या है कि इसको हम मेडिकेशन देंगे इसके ब्रेन रिफ्लेक्सेस के लिए। हम इसको एक बोटक्स का इंजेक्शन लगाएंगे ताकि इसके मसल्स जो है डिस्चार्ज के वो हेल्दी हो जाए। और इसको हम जो सेंसेशन है उसके लिए क्रीम
(57:45) देंगे हम या स्प्रे देंगे। हम तो वी विल [गला साफ़ करने की आवाज़] गिव इट एंड विद इन 10 डेज। द न्यूज़ इज़ देयर कि हां सर हो गया सेक्स। अब ये डाल पा रहे हैं हमारा हो पा रहा है। [गला साफ़ करने की आवाज़] एंड इट्स इट्स ओके। नाउ उसको हम कंटिन्यू करेंगे। दो तीन महीने जब तक कि ह बॉडी गेट्स ट्रेंड वाइफ इज़ सेटिस्फाइड और दे गेट प्रेग्नेंट एंड देन [गला साफ़ करने की आवाज़] वी कैन शिफ्ट हिम ऑफ मेडिसिनस एंड पुट हिम ऑन एक्सरसाइज जब बीच में टाइम मिलेगा हम ओके ओके गॉट इट अ मैं कहीं पढ़ रहा था अबाउट डिलेड इजेकुलेशन क्या है ये क्या फ्यूचर में डिलेड इकुलेशन बढ़ेगा
(58:16) हां तो डिलेड इजकुलेशन इज़ अ रिवर्स ऑफ़ प्री प्री प्री प्री प्री प्री प्री प्री प्री प्रीमचर इकुलेशन तो डिलेड इकुलेशन मतलब वो कंडीशन जहां पर इकुलेशन हो ही नहीं रहा है मतलब आप जितना मर्जी स्ट्रोकिंग कर लो पेशेंट्स कहते हैं सर हम एक-ए घंटा सेक्स करते हैं। वी आर आई एम कास्टेंटली थ्रस्टिंग वन वन आवर। डिस्चार्ज ही नहीं हो रहा है। हां इरेक्ट है। इरेक्ट है। इरेक्ट है। डिस्चार्ज नहीं हो रहा है। दैट इज़ कॉल्ड डिलीड एजेकुलेशन। तो डिलीटकुलेशन कैन बी सो सीिवियर। और उसके कई कारण है। अगेन सेम तीन ही तीन ही कंडीशंस में आएगा। पहला है कि सेंसेशन इतनी ज्यादा लो हो गई
(58:42) है पेशेंट की कि वो फील ही नहीं कर पा रहे हैं। मतलब उसको वाइना के अंदर फील ही नहीं हो रहा है। अगेन ये दो तरह के पेशेंट्स होते हैं। एक तो होते हैं मास्टरबेशन वाले। जिनको हैबिट है शाफ्ट को रगड़ने की। ठीक है? दे आर नॉट यूज्ड टू द वाइना। हम या [गला साफ़ करने की आवाज़] फिमोसिस के पेशेंट है जिनकी आगे की स्किन बंद है। ठीक है? स्किन खुलती नहीं है। या फिर इनके ब्रेन के रिफ्लेक्सेस खराब हो गए अगेन। ठीक है? सो उसका भी फिर उसके हिसाब से ट्रीटमेंट है। पर ये फ्यूचर में बढ़ेगा नहीं। ये प्रॉब्लम ऑलरेडी है। तो 5% पेशेंट्स में ये प्रॉब्लम होती है कि ये डिलेड हो रहा
(59:07) है और 95% में होती है जिनमें अर्ली हो रहा है। तो 5% वालों का ट्रीटमेंट भी है। इनका भी ट्रीटमेंट है। जिनको जो प्रॉब्लम उनका क्या ट्रीटमेंट है डिलेड वालों का? उनका सेंसेशन ठीक करेंगे। अगर स्किन इशू स्किन को ठीक करेंगे और दवाइयां भी आती है उसकी। दे आर वैरी गुड मेडिकेशंस फॉर डिलीड एजकुलेशन। ओके। वी विल स्टार्ट। कुछ जैसे आज कोई सुन रहा है मे बी उसको अर्जेंटली इस ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं है तो नेचुरली वो क्या कर सकता है किसी को कोई प्रीमेच्योर इजाकुलेशन है खुद को ठीक कर पीएमई ठीक करने के लिए आपको अपनी सेंसेशन ठीक करनी है
(59:33) हां तो आपको अपने फोर स्किन जो पेनिस का जो हेड है वो ओपन होना चाहिए उसकी मसाज करो रेगुलरली विद ऑइल्स ठीक है एनी ऑयल फॉर दैट मैटर बेसिकली वी वांट टू मेक द सेंसेशन लेस तो हम ग्लांस मसाज के लिए बोलते हैं कि अपना जो पेनिस की टिप है उसको डी डिसेंसिटाइज करो ठीक है सेकंड है कि अपनी मास्टरबेशन की हैबिट को अगेन रिड्यूस करो ठीक है? और अगर मास्टरपेशन कर भी रहे हो तो एजिंग करके ट्राई टू इंक्रीस योर टाइमिंग विद प्रैक्टिस सीमेंट रिटेंशन जो है कीगल्स करो अपने पेल्विक फ्लोर और मसल्स को स्ट्रेंथन करो। ठीक है? एंड एलार्ज इन विटामिन डी बहुत
(1:00:03) हेल्पफुल होता है। ठीक है? सो दे कैन डू दैट एट होम एंड थ्री टू फोर मंथ्स दे शुड नोटिस वैरी गुड इंप्रूवमेंट। ओके? ऑलराइट। और सेक्स की जैसे हमने बात करी इतनी ऑलरेडी। सेक्स टाइमिंग कैसे बढ़ाया जा सकता है? तो सेक्स टाइमिंग इज़ अगेन अ कॉम्बिनेशन ऑफ़ बोथ। तो सेक्स टाइमिंग जो है ना वह एक मतलब इट इज़ अ इट इज़ अ अबव दैकुलेशन टाइम तो जैकुलेशन टाइम तो आदमी का है। सेक्स टाइम कपल का है कि कपल कितना सेक्स कर पा रहा है। तो सेक्स टाइमिंग बढ़ाने के लिए हमारे पास मल्टीपल इंटरवेंशंस है। पहला है जैसे इरेक्शन क्वालिटी को इंप्रूव कर सकते
(1:00:33) हैं। टाइमिंग को हम बढ़ा सकते हैं। प्लस पार्टनर का जो एक सेक्स का तरीका है उसको भी हम थोड़ा सा मॉडिफाई करा सकते हैं। कैसे? जैसे फॉर एग्जांपल अह स्टॉप स्टार्ट कि आप एक बार में ही कंटिन्यू मत करो। एक पोजीशन कर लिया। आपको लगे क्लाइमेक्स आने वाला है तो उसको ब्रेक करके मूव टू सेकंड पोजीशन। ठीक है? कुछ पोजीशंस मेल्स के लिए कंफर्टेबल होती है। ठीक है? जैसे मशीनरी। ठीक है? कुछ पोजीशन फीमेल कंफर्टेबल होती है। जैसे वूमन ऑन टॉप। वुमन ऑन टॉप में नॉर्मली जैकुलेशन टाइम ठीक रहता है। ठीक है? मशीनरी मेंशन टाइम थोड़ा कम रहता है। बिकॉज़ ऑफ़ अ पोजीशन। तो वी कैन आस्क द कपल
(1:01:07) कि आप पहले वुमेन ऑन टॉप करो ताकि वुमेन वगैरह हो जाए आपका टाइमिंग भी ठीक रहे फिर आप मिशनरी पे आ जाओ तो वी कैन चेंज द वे दे आर दे आर दे आर हैविंग इंटरकोर्स फिर कई बार जो फोर प्ले नहीं हुआ होता तो वुमेन इज़ नॉट लुब्रिकेटेड तो इट इज़ वेरी टफ बहुत हार्ड होता है पेशेंट को पेनिट्रेट करना तो हम थोड़ा उस पे वर्क कर सकते हैं कि इनकी जो वजाइनल टाइटनिंग है या जो फोर प्ले है या जो लुब्रिकेशन है उसको इंप्रूव करा सकते हैं। तो यूजली कपल काउंसलिंग से हम सेक्सुअल टाइमिंग ऐसे कर सकते हैं कि दोनों पार्टनर्स म्यूचुअली सेटिस्फाई हो जाए।
(1:01:38) वाइना का टाइटनिंग क्या होता है? मुझे टाइटनिंग नहीं होती है। बेसिकली वो फिर अगेन बेसिकली जो योनि है तो जैसे द वाइना है तो वाइना अगेन इज़ मसल्स एंड टिश्यूज़। ठीक है? तो अगर आप की पार्टनर वर्जिन है या भाई बच्चे नहीं हुए हैं तो समटाइ्स द पार्टनर डजंट लूज आवरसेल्फ। ओके? इट इज़ एक्चुअली उसको एक्सेप्ट करना है अपने मेल पार्टनर को। अगर पार्टनर बहुत ज्यादा हेज़िटेंट है, बहुत ज्यादा एशियस है, प्रॉपर्ली अराउज़ नहीं है, लुब्रिकेटेड नहीं है, मसल्स टाइट कर रखे हैं तो कई बार इट बिकम वेरी डिफिकल्ट फॉर द मेल पार्टनर टू पेनिट्रेट। ओके?
(1:02:14) वो पेनिट्रेट कर ही नहीं पाता है। या पेनिट्रेट होता भी है तो सिर्फ वजाइनल टिप पे ही मूवमेंट रहती है। तो थोड़ा सा अगर हम उसको ठीक कर पाए। जैसे वार्म बाथ ले लो या कई बार थोड़ी जेल आते हैं जो थोड़ा सुन करते हैं फीमेल पार्टनर को या रिलेशनशिप बेटर हो जाए तो पेनिट्रेशन ही बेटर हो जाता है थोड़ा सा पार्टनर इज एबल टू मूव कंफर्टेबल हो जाता है और जो सेंसेशन है वो बेटर हो जाती है ये वार्म शावर से हेल्प मिलती है बिल्कुल हेल्प मिलती है वार्म शावर से मिलती है एनी कंबाइंड कपल एक्टिविटी मतलब एंड ऑफ अ डे सेक्स इज नॉट ओनली कि आपने
(1:02:43) लिटाया और करा राइट राइट जो भी आप कपल एक्टिविटी स्पेंड कर रहे हो बिफोर सेक्स चाहे वो वार्म शावर ही हो चाहे आप एक दूसरे को एक्सप्लोर कर रहे हो थिंग्स विल गेट बेटर। सेक्स टाइमिंग की हम बात कर रहे थे तो उसका आई एम श्योर जैसे आपने सेक्स पोजीशन भी बताई। तो इतने एक्सपीरियंस से टॉप तीन बेस्ट सेक्स पोजीशंस क्या है? नहीं ऐसा कोई टॉप थ्री सेक्स पोजीशन नहीं है। हर सेक्स पोजीशन का अपना डिफरेंट एक यूज़ है। बट टाइमिंग बढ़ाने के लिए मैं अगर वन टू थ्री पे जाना चाहूं। टॉप थ्री नहीं है। पर एनी कंडीशन जहां पर वुमेन एक्टिव है। जहां पर जो लेडी है वो
(1:03:14) ज्यादा एक्टिव है और मेल पैसिव है उसमें टाइमिंग बढ़ जाएगा। और ये कौन सी पोजीशन? जैसे वुमन ऑन टॉप जिसमें आप लेटे हो वुमन ऑन टॉप कैन बी काऊ गल रिवर्स काऊ दुनिया भर की जो उल्टा पीछे जैसे जिसमें आपका आप लेटे हो आपका पेनिस अब है और जिसप वुमेन एक्टिव है उसमें टाइमिंग नॉर्मली ज्यादा रहेगा एज कंपेयर टू जिसमें आप जिसमें मेल पार्टनर एक्टिवली थ्रस्ट कर रहा है तो जहां पर आप मेल पार्टनर ऊपर है जहां मिशनरी है चाहे वो डॉगी स्टाइल है इनमें टाइमिंग कम रहता है जिनमें वुमेन एक्टिव है वहां टाइमिंग ज्यादा रहेगा इट इज़ ओनली फॉर द एनाटमी जहां पर आप मेल
(1:03:43) पार्टनर मूव कर रहा है वहां पर मसल गेट एक्टिवेटेड फास्टर सो मोस्ट मोस्ट मैन विल से कि सर मिशनरी में जल्दी जाता है। वुमन ऑन टॉप में ठीक चलता है। ठीक है। बट प्रॉब्लम क्या आती है उसमें कि वुमन ऑन टॉप में इरेक्शन रहना चाहिए। कई कई आदमियों में जब वुमन ऑन टॉप होता है तो वो इरेक्शन डाउन हो जाता है। वो क्या करें? तो उसके लिए आपको इडी भी मतलब आपका इरेक्शन भी अच्छा होना चाहिए। हम तो अगर आपको बात करी जाए तो अच्छे सेक्स टाइमिंग के लिए तो आपको इरेशंस और टाइमिंग दोनों अच्छे चाहिए। हम एंड वुमन ऑन टॉप डेफिनेटली टाइमिंग ज्यादा रहेगा।
(1:04:11) हम राइट राइट राइट राइट [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपके कमेंट्स में क्योंकि अब इसकी बात शुरू हो ही रही है। तो पी कार्ड्स अग्रवाल अग्रवाल मैं देख रहा था लिस्ट में इंडिया में टॉप रिचेस्ट में आते हैं अग्रवाल। या दिस इज़ दीज़ आर द पीपल तो एनी व्हिच वज़। ये पूछते हैं सर पेनिस लेंथ कितनी इनक्रीस हो सकती है? 4 इंच का है। 7 इंच तक इसको इनक्रीस कर सकते हैं। प्लीज रिप्लाई एस सून एस पॉसिबल। तो ये एक्सपेक्टेशन फॉल्स है। पेनिस लेंथ कैन बी इंक्रीज्ड विद सर्जरी हम बट द मैक्सिमम इंक्रीज वी कैन हैव इज अराउंड 20%। तो अगर सपोज किसी का पेनिस
(1:04:52) लेंथ 4 इंचेस है तो मे बी हम उसके अंदर बहुत ज्यादा अच्छी सर्जरी करेंगे तो पौना इंच मतलब ही विल बी एबल टू गो टिल 4.75 और इफ वेरी लकी अप टिल फाइव बट सेवन तक नहीं पहुंच पाएगा कभी भी। ठीक है? बिकॉज़ जो पेनिस लेंथ इंक्रीज सर्जरीज है उसमें हम पेनिस को नहीं बढ़ाते। हम पेनिस [गला साफ़ करने की आवाज़] की लेंथ पेनिस तो फिक्स है। जो हमारा लिंग है वो जो टिश्यू वो फिक्स है। सिर्फ जो टिश्यू बॉडी के अंदर है जो हमारे प्यूबिक बोन और जो प्यूबिक फैट के बीच में जो गैप है वो 1/2 इंच है 1 इंच है। डिपेंडिंग ऑन कितना मोटा पेशेंट है या कितना बॉडी फैट
(1:05:22) है उसको एक्सपोज कर सकते हैं। हम तो फॉर एग्जांपल किसी का कोई बहुत पतला पेशेंट है और उसका 4 इंचेस है। बहुत ज्यादा स्पेस है नहीं। तो वी कैन नॉट डू एनीथिंग बिकॉज़ वो ऑलरेडी पेनिस पूरा विज़िबल है। पर जहां पर विज़िबिलिटी कम है या जहां पर हमको स्पेस मिल जाएगा वहां पर जितना स्पेस मिलेगा उतना उसको और एक्सपोज कर सकते हैं। तो दैट इज़ पेनिस इंक्रीजिंग सर्जरीज। तो पेनिस इंक्रीस में विज़िबल पेनिस बढ़ जाता है। ओवरऑल लेंथ ऑफ़ द पेनिस रिमेन द सेम। तो पहले तीन अंदर था, चार बाहर था। आफ्टर सर्जरी दो अंदर रहेगा, पांच बाहर हो जाएगा। नहीं है।
(1:05:52) मतलब मतलब ये जो सर्जरी आप बता रहे हो आप बोल रहे हो कि बॉडी के अंदर कुछ पेन पेनिस होता है वो बाहर आ जाता है। ऐसा कुछ है ये। हां। तो बेसिकली जो आपका फॉर एग्जांपल आपकी टंग है। आप जितनी टंग बाहर दिखाते हो हां उतनी टंग अंदर भी है। क्योंकि टंग पीछे अटैच्ड है। आपकी जीभ ना तो आप जीभ अगर सपोज पीछे से हम जीभ को रिलीज़ कर दें तो जीभ थोड़ी और बाहर आ जाएगी। हां ऑब्वियसली राइट। तो वैसे ही पेनिस है। तो पेनिस बॉडी के अंदर अटैच्ड है। जैसे ब्लड सप्लाई जा रही है। तो अगर यूजली क्या होता है कि जैसे अग्रवाल है या कोई भी थोड़ा सा भी अगर
(1:06:21) फैटी पेशेंट है तो उसमें बहुत जगह होती है जिसके अंदर पेनिस दबा होता है। तो अगर हम उसको पीछे रिलीज़ कर दे उन अटैचमेंट्स को तो उतना ही पेनिस बाहर हैंग हो जाएगा। तो वो उसको और ये जगह 20% ही होती है। मैक्सिमम मैक्सिमम मैक्सिमम। तो इट कैन बी 10% आल्सो 20% आल्सो इट कैन बी 5% और कैन बी इट कैन नॉट बी देयर आल्सो। सो वो हम एग्जामिनेशन करते हैं। अगर हमें हमें सपोज कितना हमको उसमें लेंथ मिलता है जो हमें वििबल हम कर सकते हैं उसको हमिल कर पार्ट पीछे जाता है वो बाहर आता है। वो और हैंग हो जाता है। तो पेनिस को कुछ नहीं होता है। हां
(1:06:52) सिर्फ जैसे हमारा सपोज ये बोन है ये यहां यहां बोन है और ये पेनिस हमारा उससे अटैच्ड है। तो थोड़ा सा हम उसको आगे शिफ्ट कर सकते हैं। तो वी कैन वी कैन गेट सम गैप। तो वो जो गैप हमने शिफ्ट किया वो हमें बाहर विज़िबल दिखता है। बट एंड ऑफ़ द डे दैट विज़िबिलिटी क्रिएट्स अ लॉट ऑफ़ कॉन्फिडेंस इंपैक्ट। क्योंकि किसी का अगर सपोज 4 इंचेस विज़िबल है और किसी का 5 इंच विज़िज़िबल हो गया तो ऑब्वियसली दैट 1 इंच क्रिएट्स लॉट ऑफ़ इरेक्शन में वो फिर पूरा आता है। हां तो फ्लैसिड में तो रहता ही रहता है। इरेक्शन में उसका 50% तक और दिखता है। पर फिर अगेन मोस्ट पेशेंट्स को जो साइज का
(1:07:24) कंसर्न है वो इरेक्शन में नहीं होता है। वो फ्लैश में होता है। दे वांट टू लुक बिगर। ठीक है? बट इरेक्शन में साइज से ज्यादा आपका टाइमिंग और हार्डनेस मैटर करता है। तो हम एक कंडीशन बोलते हैं एनोलॉजी में ट्राई फैक्टर। ट्राई फैक्टर मतलब कि अगर आपको अच्छा से करना है तो आपको अच्छा साइज, अच्छा टाइमिंग और अच्छा हार्डनेस चाहिए। अगर आपका हार्डनेस नहीं है, पेनेस पूरा हार्ड नहीं है। कितना भी टाइम हो, कितना भी लंबा हो मटेरियल है नहीं काम करेगा। आपका हार्डनेस और अच्छा है, आपका साइज अच्छा है। टाइमिंग नहीं है तो भी वेस्ट है। आपका
(1:07:51) हार्डनेस अच्छा है, टाइमिंग अच्छा है और आपका साइज बहुत लिमिटेड है तो भी प्रॉब्लम है। तो आपको तीनों चीजों को को ही थोड़ा मैनेज करना पड़ेगा। तभी चीजें जो है वो बेटर रहेगी। मास्टरबेशन से क्या साइज छोटा होता है? मास्टरबेशन से साइज छोटा नहीं होता। बट मास्टरबेशंस क्रॉनिकली करने से आपका पूरा साइज बाहर नहीं आता। नॉर्मली जो फुल अराउजल है जो ग्रेड फाइव इयरेक्शन है जिसमें पेनिस पूरा फूलता है। फुल इरेक्शन आता है वो स्टेज पहुंचता ही नहीं है। मोस्ट मैन ग्रेड थ्री ग्रेड फोर इरेक्शन में डिस्चार्ज हो जाते हैं। हम सो व्हेन यू स्टॉप मास्टरबेशन यू स्टार्ट
(1:08:21) गेटिंग दैट फुल इरेशंस यू स्टार्ट फीलिंग कि हां फुलर है। अच्छा अब वेंस दिख रही है। अब पूरा पेनिस जो है ब्रॉड डाउन हो रहा है। तो मोस्ट मैन हु आर नॉट मास्टरबेटिंग फॉर सम टाइम दे स्टार्ट सेइंग एंड नोटिसिंग कि सर नाउ वी आर नोटिसिंग कि थोड़ा लेंथ गड़ तो बड़ा है। बट दैट अगेन इज़ अ सब्जेक्टिव फीलिंग क्योंकि उनका हार्डनेस बेटर हो जाता है। राइट। एंड द फुलाव एंड द एंड द एंड द एंड द गर्थ कम्स। हम् राइट। यह जो अह अब जैसे पोर्न लोग देखते ही हैं। अब पोर्न जो देखते हैं तो फॉरेन से वो एक इंस्पिरेशन ड्रॉ करते हैं और एक पर्टिकुलरली उनके मन में होता है कि
(1:08:51) इतना ये साइज होना चाहिए पेनिस का। इंडियन मैन के हिसाब से एवरेज पेनिस साइज क्या है? तो जो पोर्न देखते हैं उसमें ना कल्चरल शिफ्ट होता है। तो कल्चरली डिफरेंट-डिफरेंट कल्चरर्स में रेसेस में अलग-अलग साइज होता है। तो हम कभी भी साइज की बात कर सकते हैं बेस्ड ऑन अ रेस। अब इंडियन रेस अलग है। अफ्रीकन रेस अलग है। अफ्रीका के अंदर ऐसा नहीं सारे अफ्रीकन बड़े होते हैं। तो जो सोमालियन अफ्रीकंस हैं उनका पेनिस साइज इज़ वेरी सिमिलर टू इंडियन। इट इज़ सबस सारन अफ्रीकंस। जो ये सारा डेजर्ट से नीचे वाले अफ्रीकंस हैं दे आर वर्ल्ड फेमस फॉर अ लॉन्ग पेनिस साइज।
(1:09:23) एंड सेकंड है कि जो पोर्न है, पोर्न में समथिंग कॉल्ड अ सिलेक्शन बायस। सिलेक्शन बायस मतलब कि वो उनको ही हायर करते हैं जिनका पेनिस बड़ा है। हम ठीक है? सिलेक्शन बायस मतलब कि दे विल अब आप अगर सपोज चूज़ करना है आपको एक्ट्रेस को तो यू विल ऑलरेडी चूज़ द मोस्ट ब्यूटीफुल लेडी। सिमिलरली अगर आप पोर्न बना रहे हो तो यू विल चूज़ द मैन विद नो ईडी, नो पीएमई एंड बिग साइज। तो आप जब देख रहे हो तो आपको जो टॉप 1% है वही लोग दिख रहे हैं पोर्न में। ओके? छोटे वाले तो लेंगे नहीं पोर्न के अंदर। तो यू डोंट गेट एन आईडिया। तो पोर्न इज़ नॉट द रियल मेज़रमेंट ऑफ़ एनी
(1:09:53) साइज़। करेक्ट। ठीक है? सेकंड क्वेश्चन में पूछा आपने कि एवरेज इंडियन साइज। तो एवरेज इंडियन साइज, लेंथ और ग्थ अलग-अलग है। तो जो एवरेज इंडियन लेंथ है वो तकरीबन 4 इंच है। ठीक है? तो मोस्ट मैन फोर टू 4.5 इंचेस इंडिया में होंगे। फोर टू फाइव इज कंसीडर्ड मीडियन। मतलब इसमें मोस्ट लोग आ जाएंगे। फाइव प्लस भी बहुत कम है और फोर माइनस भी बहुत कम है। ठीक है? इतना साइज अगर आपका है अगर आप 4 इंचेस के ऊपर हो तो यू आर परफेक्टली नॉर्मल। इसका इंचेस के ऊपर नहीं है। लेंथ हां फोर प्लस अगर आप हो मतलब फोर टू 4.
(1:10:24) 5 इज़ एवरेज। ओके? तो फोर प्लस हो तो आप एवरेज हो। ओके। एवरेज। उसका एक तरीका हमने निकाला जो हमने पेशेंट को बताते हैं। अगर आप मास्टरबेशन करते हैं और आपके फिस्ट के आगे आपका पेनिस दिख रहा है यू आर ओके। अगर आपके फिस्ट के अंदर आपका पेनिस है, फिस्ट के बाहर नहीं आ रहा है। सो देन देन देन इट यू मे हैव लिटिल बिट ऑफ़ लेस साइज एंड यू मे नीड लिटिल ट्रीटमेंट। उसके लिए थोड़ा ट्रीटमेंट कर सकते हैं। ओके? राइट। क्या पेनिस को जैसे आपने सर्जरी बताई है ना? ये सर्जरी की कॉस्ट वगैरह कितनी होती है लगभग? तो अगर आप पेनिस की सिर्फ लेंथ इंक्रीस की बात करो तो तकरीबन 40 टू 50000
(1:10:57) अच्छा 40 से 5000 अगर आप सिर्फ लेंथ इनक्रीस की बात करो ओके अब जैसे अर्जेंटली किसी को करना है वो तो डेफिनेटली सर्जरी माइंड में रखेगा पर नेचुरली किसी को करना है तो क्या कोई तरीका है कोई ऑइल वगैरह नहीं तुम मैं फिर बता रहा हूं कि अर्जेंटली भी हम सर्जरी नहीं करते हम पेनिस की जो लेंथ इंक्रीस है ना वो अर्जेंट सर्जरी होती नहीं है इट इज़ अ इलेक्टिकिव प्रोसीजर इट रिक्वायर अ वैरी डिटेल्ड हिस्ट्री एंड सिलेक्शन एग्जामिन करना पड़ेगा नहीं एग्जामिनेशन की बात नहीं है बॉडी डिस्मॉर्फिया बहुत कॉमन है हम डिस्म मतलब कि जैसे नाक की सर्जरी है,
(1:11:25) होठों की सर्जरी है तो पेशेंट्स की एक्सपेक्टेशन क्या है वो जज करना बहुत जरूरी है। जैसे आपने [गला साफ़ करने की आवाज़] पिछले कमेंट में बताया कई पेशेंट आ जाते हैं कि सर हमारा चार का सात का कर दो। तो एज अ रिस्पांसिबल सर्जन मेरा काम है उनको बताना ऐसा सात तो नहीं होगा। चार का 4 हो सकता है। हो सकता है वो भी ना हो। फेलियर्स होते हैं। ठीक है? तो कभी भी जो सर्जरी होती है वो वो कभी भी अर्जेंट नहीं होती है। हम पेशेंट को [गला साफ़ करने की आवाज़] पूरा टाइम हो जाता है सोचने का, समझने का, बाकी मरीजों से मिलने का। यह तो स्टेप वन
(1:11:51) है। स्टेप टू है हम बिना सर्जरी के पेनिस के साइज को बढ़ा नहीं सकते पर उसको ऑप्टिमाइज कर सकते हैं। जैसे उसकी गर्थ को इंक्रीस कर सकते हैं। थोड़ी लेंथ मामूली बढ़ सकती है। तो अगर हम नॉन सर्जिकल की बात करेंगे तो नॉन सर्जिकल में पेनिस साइज इंक्रीस करने के लिए दो ऑप्शंस हैं। एक ऑप्शन तो है पेनाइल ट्रैक्शन। तो पेनाइल ट्रैक्शन और डिवाइसेस जिसको हम रेगुलरली पेनिस से बांध सकते हैं। तो जिस तरह के दांतों के बसेस होते हैं व्हिच ओवर करेक्ट द डिफिटी। हम पेनाइल ट्रैक्शन भी ओवर टाइम माइक्रो टियर्स करके पेनिस में कुछ साइज इंक्रीस
(1:12:20) कर सकती है। तो थ्योरेटिकली आप जाओगे रेडिट पे और उस पे तो तो कहते हैं कि वी हैव इंक्रीज्ड बाय 1 इंच 2 इंच पर ऐसा होता नहीं है। तकरीबन 10 टू 15% इज व्हाट इज साइंटिफिकली पॉसिबल। तो जो साइंटिफिक स्टडीज जितनी भी है ट्रैक्शन पे उन्होंने पाया है कि नॉर्मली हम तकरीबन 10 से 15% तक साइज बढ़ा सकते हैं। तो अगर आप सपोज 4 इंचेस हो, 4.
(1:12:42) 2 इंचेस हो तो 10% गेन पा सकते हो ओवर अ यूज़ ऑफ़ सिक्स मंथ्स। हम ठीक है हम ये इफेक्ट ज्यादा अच्छा होता है यंग लड़कों पे ओके अगर आप मैच्योर नहीं हुए हो आप 16 इयर्स के हो जहां ग्रोथ पोटेंशियल है और ज्यादा बेनिफिट करता है और सेकंड जो नॉन सर्जिकल तरीका आज के दिन साइज बढ़ाने का है वो पीआरपी है पीआरपी इज प्लेटलेट रिच प्लाज्लामा या पी शॉट्स एंड ये भी कुछ ना कुछ साइज में हेल्प करता है। कितना परसेंट? 10-15 10 15% तो सर्जिकल इज 20% एंड नॉन सर्जिकल इज 10% ओके। ये जो एज के साथ-साथ साइज क्या छोटा होता है? नॉट नॉट नेसेसरी तो अगेन इसमें भी दो कांसेप्ट्स है अगर एज के साथसाथ आपको
(1:13:18) रेक्टाइल डिस्फंक्शन डेवलप हो रहा है ऑबियसली वो तो एक पर नॉर्मली नॉर्मली एज के साथ साइज बढ़ता है उसका रीज़न ये है कि जो मसल फाइबर्स है यंग लड़कों में बहुत ज्यादा टोन में होता है ओके तो पेनिस श्रिंक में होता है तो यंग पीपल आर नॉर्मली ग्रोअर्स ग्रोअर्स मतलब कि नॉर्मल नहाते टाइम स्विमिंग पूल में छोटा लगता है और खड़ा हो के ठीक हो जाता है जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दे बिकम शोअर्स शोअर मतलब कि जैसे देखोगे ओल्डर लोग आते हैं 50 साल 55 साल विद एज द पेनिस स्टार्ट्स हैंगिंग बिकॉज़ वो टिश्यूज़ में जो मसल स्ट्रेंथ है खत्म हो जाती है। तो
(1:13:48) मोस्ट एज़ योर एज इंक्रीज़ योर पेनिस स्टार्ट्स हैंगिंग बिकम शोअर्स कि जो इरेक्शन में दिखना शुरू हो जाता है कि इतना ही है। ठीक है? सो उस फॉर्म में डेफिनेटली विद एज आप देखेंगे 50-60 में पेनिस बहुत हैंग होता है। तो दे आर मोस्टली शोअर्स। तो ये फर्क होता है यंग और एडल्ट्स में। आपने बताया था व्हिच वर्ल्ड्स टालेस्ट पेनिस। अफ्रीकन [नाक से की जाने वाली आवाज़] का था आपने बताया अफ्रीकन का कितना था वो नहीं एवरेज साइज यहां पर 7 इंचेस है तो सिक्स का एवरेज जो सब सरन अफ्रीकंस है तो देयर एवरेज साइज इज़ सिक्स प्लस ठीक है तो दे कैन गो अप टू सेवन आल्सो
(1:14:25) बाकी तो Instagram पे तो मैंने देखा है लड़कियां बनाती है कि 13 इंचेस 15 इंचेस पर आई हैव नॉट सीन इन प्रैक्टिस एंड ये कौन सी लड़कियां है सर Instagram पे तो आते रहते हैं वीडियोस [हंसी] अब दे दे कीप डिस्कसिंग तुमने कितने का किया है या तुमने कैसे किया है। आपकी नजर हर जगह रहती है। देखो वी आर इन वी आर इन सेक्सुअल हेल्थ तो हमें सेक्सुअल टॉपिक्स तो देखने पड़ते हैं। राइट राइट राइट राइट बाकी एजुकेट करने पेशेंट पे आ जाते हैं। सर देखो ये मैडम कह रही है 13 इंचेस है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हमारा तो तीन है। [हंसी] 10 इंच का फर्क है। कैसे तो
(1:14:54) कैसे पूरा होगा? कहते हैं जी 10 इंच का फर्क है तो नहीं पूरा हो सकता। [हंसी] तीन है तो 3. कर सकते हैं। तीन का 13 तो [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं कर सकते। हां या तो अगेन तो द लॉट ऑफ़ अगेन द स्पर्न यूज़ से भी काफी इनफिनिटी कॉम्प्लेक्स डेवलप हो जाता है। अच्छा जैसे पहले लोगों में नहीं था जैसे हमारे फादर फोरफादर आई डोंट थिंक ऐसी कॉन्वर्सेशंस भी थी अभी इतना बढ़ गया पोर्न की वजह से ही पोर्न की वजह से और एक्सेस की वजह से फोरफादर्स के टाइम पे ना तो पोर्न था ना एक्सेस था एजुकेशन को इनफेशन को अब पोर्न है और जैेमिनी है क्वेश्चन पूछते
(1:15:24) हैं तो जवाब मिल जाता है तो इसलिए बिकॉज़ एक्सेस इज़ देयर तो पीपल आर गेटिंग एजुकेटेड एंड दे आर आस्किंग क्वेश्चंस राइट राइट सेक्स टॉयज के बारे में बता रहे थे आप कुछ। तो सेक्स टॉयज इज अ मैसिव मैसिव मार्केट। बहुत बड़ा बिज़नेस है। बिज़नेस भी है, मार्केट भी है, रिक्वायरमेंट भी है। बिकॉज़ सेक्स इज़ अ एसेंशियल पार्ट ऑफ़ लाइफ। मतलब आप समझो कि जैसे खाना है वैसे सेक्स है। सेक्स टॉयज़ कैसे-कैसे हैं मार्केट में और क्या-क्या यूज़ होते हैं? सेक्स टॉयजों तरीके के हैं। तो सेक्स टॉयज कैन बी क्लासिफाइड एज मेल सेक्स टॉयज जो मर्दों के लिए है और वुमेन [गला साफ़ करने की आवाज़] सेक्स
(1:15:56) टॉयज वुमेन के लिए है। तो हम मर्दों की बात करेंगे तो मेल सेक्स टॉयज में ऐसे सेक्स टॉयज है जो मर्द खुद के प्लेजर के लिए यूज़ करता है जिसमें उसको मजा आए। हम एंड ऐसे भी [गला साफ़ करने की आवाज़] है जो वो यूज़ करता है अपने पार्टनर को प्लेजर करने के लिए। जैसे स्लीव्स होती है। तो स्लीव्स दो तरीके की होती है। स्लीव्स मतलब कि एक कंडोम जैसा स्ट्रक्चर जो आप पहन सकते हो पेनिस पे। तो स्लीव्स ऐसी भी आती है जो वाइब्रेट करती है। ठीक है? जो आदमी पहन के अपने पेनिस को एंजॉय करा सकता है। और स्लीव्स ऐसी भी आती है जिनके अंदर वाइब्रेटर लगा होता है जिनके अंदर टिश्यूज़
(1:16:26) होते हैं जिससे वो अपने पार्टनर को फीमेल पार्टनर को एंजॉय करा सकता है। फिर जो है बट प्लग्स है। बट प्लग्स आर बेसिकली अ प्रोस्टेट मसाजर्स। ठीक है? जो आदमी अपने पीछे के छेद में डाल के अपने प्रोस्टेट को मसाज कर सकता है। एंजॉय करने के लिए, डिस्चार्ज करने के लिए। तो ये सिंपल है और इसके फिर और कॉम्प्लिकेटेड मॉडल्स हैं। गर्म करते हैं, ठंडे करते हैं, आवाज करते हैं, साउंड करते हैं, कलर करते हैं, लाइट करते हैं। जिसको जो पसंद है गरम ठंडे क्या? टेंपरेचर होता है इनके अंदर। सम पीपल वांट टू बी वार्म। सम पीपल वांट इट टू बी कोल्ड। तो दे हैव टेंपरेचर सेटिंग्स कर
(1:16:59) सकते हैं अपनी एंजॉयमेंट के हिसाब से। तो जिसको जो पसंद आए। लड़कियों के भी वाइना के रिलेटेड टॉयज आते हैं। लड़कियों के वाइना के रिलेटेड भी आते हैं। क्लिटर्स के रिलेटेड भी आते हैं। लड़कियों के क्या होता सर ने पहले ही मेंशन किया व्हाट इज क्लिटस? तो जो लेडीज़ का योनि है जो लेडीज़ का अगर आपने वाइना देखेंगे तो वाइना इस बेसिकली द होल जिसमें पेनिस जाता है और बच्चा बाहर आता है। मेंसिस आते हैं। वाइना के ऊपर एक छेद होता है यूरिनरी होल जिसमें पेशाब होता है। उसके ऊपर एक छोटा सा टिश्यू होता है। ऑर्गन होता है जो एक मेल पेनिस की तरह
(1:17:27) होता है। जो इरेक्ट होता है लड़कियों में रजल में इसको क्लिटिस बोलते हैं। तो क्लिटिस इस लाइक द फीमेल पेनिस। मतलब जैसे मर्दों में लिंग होता है। लिंग टाइट होता है। फीमेल्स में क्लिटिस होता है। जो भी एक ऑर्गन होता है इसमें ब्लड भरता है। वो भी एक टाइट होता है मतलब के टाइम पे। तो जैसे मर्दों में पेनिस को हमारे फैलस को स्टिमुलेट करके डिस्चार्ज होता है। उसी तरह फीमेल्स में भी क्लिटिस को स्टिमुलेट करके ऑर्गेनिज्म होता है। तो दैट इज द क्लिटरिस। तो क्लिटरिस को भी बहुत सारी फीमेल्स डिफरेंट तरीके से एनहांस करती है। तो क्लिटरिस के ऊपर
(1:17:58) पेयर्सिंग भी होती है। क्लिटरिस के ऊपर एनहांसमेंट भी होती है। क्लिटरिस के ऊपर बोटक्स भी लगता है। क्लिटरिस को स्टिमुलेट करने के लिए मसाजर्स भी आते हैं। ठीक है? कई बार जो सेक्स टॉयज आते हैं उसमें पेनिस पे आप पहन लो उसको तो पेनिस के ऊपर वाइब्रेटर होता है। जब आप लेडी में डालोगे तो वाइब्रेटर क्लिटिस को रब करेगा। तो उससे आपकी पार्टनर को जल्दी हो गया आता है। तो वो बहुत सारी चीजें आ गई है। तो जो कपल्स बात करते हैं वो कपल एक्सप्लोर भी करते हैं चीजों को बेटर करने के लिए। पहले जमाने में जब सेक्स टॉयज नहीं थे तो ऑर्गेनिज्म में आने के लिए वो क्या करते
(1:18:29) थे? तो पहले जमाने में तो ऑर्गज़्म आते नहीं थे वमेन में। तो पहले जमाने की बात करें तो 75% जो मतलब 80% लेडीज़ थी जो अपनी पूरे जीवन काल में ऑगिज़्म महसूस नहीं करते। पता नहीं थाम होता क्या है हम तो वो तो अब जाके बिकॉज़ वुमेन आर गेटिंग एजुकेटेड हम और वुमेन को इतना एक्सेस मिल गया है और बहुत सारी अच्छी गनेकोलॉजिस्ट है जो बहुत अच्छा नॉलेज दे रही है इस कारण से ये सेक्सुअल ऑर्गेनिज्म और सेटिस्फेक्शन कुछ तो होता होगा प्लेजर के लिए पहले जमाने में डिल्डो होते थे पहले वो तो डिल्डो तो आज भी अवेलेबल है डल्डोस आर बेसिकली आर्टिफिशियल पेनिसेस तो कोई भी ऐसा पेनिस
(1:19:08) नुमा स्ट्रक्चर चाहे वो गाजर मूली हो वो भी होते थे। पर ऐसा [गला साफ़ करने की आवाज़] कोई वेल डिफाइंड सेक्स तो है तो मुझे नहीं आईडिया है हम कि मतलब होता होगा। आई डोंट आई हैव नो आईडिया। राइट राइट राइट। थोड़ा सा हम बात कर लेते हैं अबाउट स्पर्म। स्पर्म इनफर्टिलिटी कैसे होती है? मतलब स्पर्म के बारे में मतलब अगर मैं इन श पूछूं स्पर्म इंसान के अंदर लड़के के अंदर स्पर्म कम कैसे हो जाता है? तो स्पर्म बेसिकली शुक्राणु है। शुक्राणु मतलब कि शुक्राणु इज़ द हिंदी वर्ड? हिंदी वर्ड शुक्राणु। वीर्य नहीं बोलते। नहीं। तो वीर्य इज द पानी। वीर इज अ सीमन।
(1:19:41) अच्छा तो बहुत कॉमन कंफ्यूजन ये है कि जो आप डिस्चार्ज कर रहे हो वो स्पर्म है। ऐसा नहीं है। जो आप डिस्चार्ज सफेद पानी निकालते हो वो सीमन है। तो सीमन इज़ बेसिकली अ वाइट लिक्विड जो बेसिकली [गला साफ़ करने की आवाज़] स्पर्म की नरिशमेंट के लिए होता है। तो सीमन के अंदर शुक्राणु तैर रहे होते हैं। हम तो शुक्राणु बनता है टेस्टिस में जो मर्दों का टेस्टिकल है हम और सीमन बनता है बाकी ऑर्गन में प्रोस्टेट है, सेमल रिसाइकल है। तो नॉर्मली जब आप डिस्चार्ज करते हो तो वो सीमन में स्पर्म इंजेक्ट होता है और वो फिर पूरा का पूरा मटेरियल बाहर निकलता है।
(1:20:10) हम तो शुक्राणु कम होने के बहुत सारे कारण है और आज के अंदर सबसे कॉमन कारण है शुक्राणु कम होने का वो है लाइफ स्टाइल हम एंड पुअर डाइट हम तो शुक्राणु जो है उसको प्रॉपर बनने के लिए तीन चीजें चाहिए हम पहला आपका टेस्टोस्टरॉन हेल्दी हो आपके टेस्टिस का टेंपरेचर ठीक हो और टेस्टिस के ऊपर कोई मतलब टेस्टिस के ऊपर कोई डैमेजिंग सब्सटेंस ना हो जैसे रेडिएशन या विककोसील या वेंस अगर कोई भी आपकी डाइट खराब है, टेस्टोस्टरॉन ठीक नहीं है या स्मोकिंग अल्कोहल है, लाइफस्टाइल है, क्रॉनिक सिंग है तो इन सब चीजों से धीरे-धीरे टेस्टिस में डैमेज होता है। इस
(1:20:41) कारण से स्पर्म काउंट जो है वो धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। कई बार इतने कम कि जीरो हो जाते हैं। जिनको एसोस बोलते हैं या जीरो स्पर्म। अंडरवेयर कौन सा पहनना चाहिए? आपने अंडरवेयर की बात की टाइट बॉक्सर की। बॉक्सर या ब्रीफ्स? सो बेसिकली अगर आप एक्सरसाइज कर रहे हैं, एक्टिव वर्कआउट कर रहे हैं, तो उस टाइम आपके टेस्ट को सपोर्ट देना पड़ेगा। तो दैट टाइम योर ब्रीफ्स आर बेटर। अच्छा। बट अगर आप घर पे हैं, रिलैक्स कर रहे हैं तो बॉक्सेस आर बेटर बिकॉज़ दे गिव द टेस्ट रूम टू ब्रीथ। ओके? तो डेफिनेटली कॉटन अंडरवेयर्स जिसमें बहुत ज्यादा हीट जनरेट ना हो।
(1:21:12) बॉक्सर्स ड्यूरिंग डे टाइम एंड नाइट टाइम स्लीपिंग टाइम एंड अगर आप वर्कआउट कर रहे हैं या बहुत ज्यादा वॉकिंग कर रहे हैं या पूरे खड़े होने का काम है तो डेफिनेटली सपोर्टर्स लाइक ब्रीफ्स। ओके जिम में सपोर्टर्स आरेंट। यस वेरीेंट। जिम में सपोर्टर्स आर वेरी वेरीेंट। तो एक बहुत बड़ा ये मिसकंसेप्शन है कि जिम में आपको खुलने में एक्सरसाइज करनी चाहिए। वी शुड नॉट डू एनी सपोर्ट्स। पर ऐसा नहीं है। अगर आप देखेंगे तो जो अखाड़ा सिस्टम है उसमें लंगोट एडवाइस करते हैं। इवन व्हेन यू डूइंग लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग आप बहुत ज्यादा वेट्स उठा रहे हो तो बहुत जरूरी है करेक्ट
(1:21:43) पोश्चर और सपोर्ट ताकि जो प्रेशर है आपके एब्डोमिन का वो टेस्टिस में ना उतर जाए। तो मेनी टाइम्स इंसिपेंट हर्नियास बढ़ जाते हैं। विकोसिल डेवलप हो जाते हैं। टेस्टिस में कई बार टॉर्जन हो सकता है। ठीक है? चोट भी लगती है। तो अगर आप जिम जा रहे हैं तो डेफिनेटली आपको सपोर्ट चाहिए। ओके? और शुरू से आदत बना लेनी चाहिए। इनिशियली कोई सोचता नहीं है ये। नहीं मतलब अगर आप बहुत हैवी वेट्स नहीं करते हो तो सिंपल ब्रीफुली बट इवेंचुअली यूएगा ना सपोर्ट एंड पोश्चर बहुत जरूरी है। पाइनएप्पल और सीमन क्वालिटी का क्या कनेक्शन है? पाइनएप्पल का सीमन क्वालिटी से कोई
(1:22:12) कनेक्शन नहीं है। पाइनएप्पल [गला साफ़ करने की आवाज़] का सीमन टेस्ट से कनेक्शन है। तो बेसिकली पाइनएप्पल इज़ अ वेरी रिच सोर्स ऑफ़ सिट्रिक। ठीक है? तो उससे जो सीमन है दैट टेस्ट्स बेटर फॉर पार्टनर। जब से ये ओरल सेक्स का कांसेप्ट आया है। उस कारण से बहुत सारे लोग पाइनएप्पल प्रेफर करते हैं। जस्ट फॉर इंप्रूविंग द टेस्ट ऑफ़ द सीमन। पर ऐसा भी बहुत ज्यादा मेजर डिफरेंस नहीं आता है। मैंने कभी टेस्ट नहीं किया है। [हंसी] जो पेशेंट्स हैं जिनके पार्टनर्स हैं दे डेफिनेटली से कि इट टेस्ट्स बेटर। ओके। सीमेंट यानी वीर्य सीमेंट यानी वीर यस।
(1:22:43) क्या पानी जैसा वीर्य डेंजरस होता है। तो बेसिकली वीर्य की कंसिस्टेंसी नहीं बता सकती कि स्पर्म काउंट हम कितना है। तो ये बहुत गवर्नमेंट्स का एक्सेप्शन है कि वीर्य बिल्कुल वाइट होगा तो स्पर्म हेल्दी होगा। बट डेफिनेटली जो नॉर्मल हम सीमन की बात करते हैं तो नॉर्मल सीमन शुड लुक पर्ली पर्ली मतलब कि मोती जैसा सफेद होना चाहिए। अगर सीमन [गला साफ़ करने की आवाज़] बहुत ज्यादा लिक्वडी है, सीमन बहुत ज्यादा वाइट है तो उसमें स्पर्म कॉट प्रॉब्लम्स हो सकती है पर वो सिर्फ सीमन एनालिसिस करके पता चलता है। कई पेशेंट्स होते हैं जिनका सीमन
(1:23:14) वॉटरी है बट कंप्लीटली नॉर्मल है। ऐसा पॉसिबल है। राइट? अब ना हमने अब इसमें आपके आंसर्स जो हमें चाहिए कुछ लास्ट के दो राउंड्स हैं हमारे। एक राउंड है जिसमें हमारे कमेंट्स हैं आपके या सेक्स रिलेटेड किसी के भी कितने भी सवाल हैं इंडिया में बाहर वो हम उसको कवर करेंगे। बट इसमें हमें सिर्फ एक ब्रीफ आंसर चाहिए और इन डेप्थ जो होगा जिसको जो कंसर्निंग बात होगी कोई बर्निंग चीज होगी तो वो हम डेफिनेटली कमेंट से फिगर आउट कर लेंगे। लोग किसके बारे में लिख रहे हैं। आई वांट कि हम सबको फिगर आउट करें। सबको केटर करें रादर। सम्राट हल्डर
(1:23:47) वो बोलते हैं सर साइज बढ़ाने के साइड इफेक्ट्स एंड नेगेटिव थिंग्स बता दीजिए। तो साइज बढ़ाने के नेगेटिव थिंग्स नहीं है। बट साइज किस तरीके से बढ़ा रहे हो उससे नेगेटिव थिंग्स हैं। तो बहुत अग्रेसिव सर्जरीज अगर साइज बढ़ाने के लिए की जाए तो वो कई बार कॉम्प्लिकेशन कर सकती है। सर्जरी के अलावा कोई कोई ऐसा है कोई लोगों के मन में कोई मिथ है या गलत? बिल्कुल है। जैसे वैक्यूम पंप है तो बहुत सारे लोग वैक्यूम पंप इस्तेमाल करते हैं साइज बढ़ाने के लिए। तो वैक्यूम पंप मतलब कि आप लिंग को एक पंप में डालो और उसको प्रेशर बनाओ ताकि वो ब्लड को
(1:24:15) खींचे। तो यह बहुत कॉमनली इंडिया में लोग यूज करते हैं। बिकॉज़ वैक्यूम पंप बहुत सस्ते आराम से मिल जाते हैं। बट आपको वैक्यूम पंप अपने पेनिस पे नहीं यूज करना चाहिए। क्योंकि वैक्यूम पंप आपके पेनिस में वाल्व्स के अगेंस्ट ब्लड को खींचता है और उसे इंजरी, पेन, सूजन और इरेक्टल डिस्फंक्शन भी हो सकता है। एसटीडी सिर्फ ट्रांसफर हो सकता है या कॉज हो सकता है बाय हैविंग सेक्स विद अदर पर्सन। आई हैड दिस प्रॉब्लम व्हेन आई यूज टू मास्टर एंड गो टू पी और उसने आगे ब्रैकेट में लिखा है। यू नो कि कई बार सेक्स के बाद तुम्हें पी करना जाना होता है।
(1:24:46) समटाइ्स आई फील बर्न जहां से मेरा यूरिन पास होता है। समटाइ्स पेन अबव माय डेक। मुझे आई एम वरिड कि क्या ये कोई प्रॉब्लमैटिक चीज है? तो एसटीडीज नॉर्मली बर्निंग करते भी है तो दो या तीन दिन बाद बात करते हैं। वो टाइम चाहिए बैक्टीरियल ग्रो करने के लिए। मोस्ट लोगों में इमीडिएटली सेक्स के बाद यूरिन करने में चिलन इसलिए होती है। क्योंकि जो सेक्स है वो फ्रिक्शनल होता है। फ्रिक्शन की वजह से कई बार छोटे-छोटे माइक्रो टियर्स होते हैं पेनिस के हेड पे और इमीडिएटली सेक्स के बाद पेशाब करने में वहां जलन होती है क्योंकि पेशाब होता है
(1:25:16) एसिडिक तो ये कंप्लीटली [गला साफ़ करने की आवाज़] नॉर्मल है। 90% लोगों में इमीडिएटली डिस्चार्ज के बाद यूरिन करने में थोड़ा सा जलन हो सकता है व्हिच कैन बी कंप्लीटली नॉर्मल। एसटीडी अगर किसी को हुआ है तो क्या बॉडी में कोई इफेक्ट आना शुरू हो जाता है? बिल्कुल। तो एसटीडीज कई तरीके के होते हैं। तो एसटीडीज कैन बी एज सिंपल एज लाइस। लाइस मतलब माइट्स जैसे जू होती है तो कई बार जो सेक्सुअल हेयर वाला एरिया है उसमें हो सकती है उसमें सिर्फ इचिंग होती है एंड एसटीडीज कैन बी एज डेंजरस लाइक एड्स या एचआईवी जिसके अंदर ब्लड काउंट खराब होता है इंफेक्शंस होते हैं लिंफ
(1:25:46) नोड्स बन जाते हैं पूरे बॉडी में गांठे बन जाती है तो एसटीडीज कई तरीके के होते हैं। कौन सा एसटीडी आपने पकड़ा है अनफॉर्चूनेटली उस पे डिपेंड करता है कि आपको क्या सिम्टम्स आएंगे। शिल्पा शर्मा पूछ रही हैं सर क्या आप मुझे बता सकते हैं कि अनसेफ सेक्स करने के कितने दिन बाद एसटीडी और एचआईवी के सिम्टम्स दिखाई देते हैं? तो हर एसटीडी का अलग-अलग सिम्टम अलग-अलग जैसे अभी पीछे बताया तो डिपेंड अपॉन मेजरली कोई जो ज्यादा होती है वो तो सबसे कॉमन एसटीडी जो इंडिया में है दो है गनोरिया और एचआईवी तो एचआईवी तो नॉर्मली सिम्टम दिखाती है छ
(1:26:15) महीने से साल के बाद पर आप अनसेफ सेक्स के तीन हफ्ते के बाद ब्लड टेस्ट से पता लगा सकते हो कि एचआईवी हुआ है या नहीं हुआ है। पर जो कॉमन है जैसे गनोरिया है या हर्पीस है वो अनसेफ सेक्स के 7 से 10 दिन के अंदर आपको सिम्टम दिखा देगी जैसे पस आना सफेद पानी आना जलन होना या दाने बनना लिंग के ऊपर ये जो आपने बताया कि छ महीने बाद एचआईवी का पता चलता है तो ब्लड टेस्ट जैसे महीने बाद कराया उसके बाद क्या कुछ रिवर्स हो सकता है या नहीं तो अगर एक बार आपने एचआईवी संक्रमण हो गया है तो खाली ब्लड टेस्ट बता देगा कि वायरस बॉडी में आ चुका है पर वो वायरस कब
(1:26:46) एक्टिवेट होगा वो कह नहीं सकते यूजली छ महीने साल के बाद वायरस एक्टिवेट होता है और सिम्टम आने शुरू होते हैं पर कई बार कई सालों तक यह वायरस चुपचाप पड़ा रहता है और पता भी नहीं चलता कि एचआईवी हुआ है। सो सैड हम [गला साफ़ करने की आवाज़] सैयद सोहेल डॉक्टर क्यूट्रस बोलते हैं कि ओरल से सेक्स कैंसर हो सकता है। ओरल से कैंसर हो सकता है थ्रोट। डॉक्टर क्यूट्रस सही कह रही है। ओरल सेक्स से कैंसर हो सकता है। पर हर ओरल सेक्स से कैंसर नहीं होता। अगर आपके पार्टनर को एचपीवी या ऐसा वायरस है और आप उस व्यक्ति से ओरल सेक्स कर लो तो आपके थ्रोट में
(1:27:23) वायरस जाने से थ्रोट कैंसर हो सकता है। तो इसलिए [गला साफ़ करने की आवाज़] जरूरी है कि आप जब भी सेक्स करें चाहे ओरल ही करें जब तक कि सामने वाले पार्टनर आपका एक हमसफर ना हो। मतलब कॉन्फिडेंट ना हो कि मोनोगैमी है [गला साफ़ करने की आवाज़] तब तक ओरल सेक्स बिना कंडोम के ना करिए। ओरल सेक्स के लिए भी कंडोम का यूज़ कीजिए। ओरल सेक्स के लिए भी। यस। तो सेक्स चाहे वाइना से हो, चाहे ओरल से हो। वायरस दोनों से आ सकता है। तो ये मिसकंसेप्शन है कि ओरल में एसटीडी नहीं होते। ऐसा नहीं है। तो अगर आप पॉलीगमस हो या आपका पार्टनर आपको नहीं पता है तो कोई
(1:27:52) भी व्यक्ति कोई बीमारी कैरी कर सकता है। इसलिए अगर आप कोई भी बॉडी फ्लूइड एक्सचेंज कर रहे हो चाहे वो ओरल हो चाहे वजाइनल हो चाहे इनल हो। आपको तीनों कंडीशंस लास्ट हमारा जो सेगमेंट है वो है 3 am इन थ्री वर्ड्स। सो रात के 3:00 बजे लोगों के ख्याल आते हैं। आप मैं वो एक स्टेटमेंट बोलूंगा। आपको तीन शब्दों में या उसको एक सेंटेंस फॉर्म में बताना है। जो भी दिमाग में आए फर्स्ट थॉट व्हाट डू आई फील व्हाई डू आई फील लेस हॉर्नी देन माय फ्रेंड्स से दे आर बिकॉज़ फ्रेंड्स ऑलवेज ओवर प्रोजेक्ट डिंगे मारते हैं। इज इट नॉर्मल इफ आई डोंट वांट सेक्स ऑल द
(1:28:28) टाइम? बिल्कुल नॉर्मल है। व्हाई डू आई गेट इरेक्शंस अलोन बट नॉट विथ समवन। एंग्जायटी। [गला साफ़ करने की आवाज़] एम आई रिड्यूसिंग माय स्पर्म काउंट बाय मास्टरबेटिंग टू मच? यस। विल आई बी एबल टू हैव किड्स लेटर। यस। बट इफ यू स्टॉप इट टुडे? [हंसी] व्हाट इफ आई लूज माय इरेक्शन मिड एक्ट। फिर से स्टार्ट [हंसी] कर लूं? बिलकुल। [हंसी] व्हाट इफ शी कंपेयर्स मी टू समवन एल्स। चेंज द पार्टनर। चेंज द पार्टनर? यस। उसने जो ये साइकोलॉजिकल प्ले है। जो लड़की आपको किसी और से कंपेयर कर रही है तो इट इज़ बेटर आप उसको चेंज कर दो। बिकॉज़ आप रिलेशनशिप बना रहे हो। आप सब्जी टमाटर
(1:29:13) नहीं खरीद रहे हो। ठीक है? रिलेशनशिप के अंदर आप आदमी को सिमिलर एक्सपेक्ट सिमिलर आपको उसको एक्सेप्ट करना है जैसे वो है। अगर कोई लड़की आपके रिलेशनशिप के स्टार्ट में ही आपको कंपेयर कर रही है इज़ बेटर कि आप रिलेशनशिप चेंज कर लो। वरना यह आपके लिए लॉन्ग टर्म में साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम बनेगा। व्हाट इफ माय साइज इज नॉट इनफ? योर असेसमेंट इज रॉन्ग। आप गलत सोच रहे हो। आपको सही साइज का अंदाजा ही नहीं है। राइट राइट वंडरफुल। मैं आज पहली बार मिला आपसे पर फील ही नहीं हुआ कि हम फर्स्ट टाइम मिले। इट वास सच अ प्लेजर टू हैव यू। और जितने एक बात जरूर एक कमेंडेबल बात ये
(1:29:47) है मैं कि पहले भी और डॉक्टर से मिला हूं बेस्ट इन देयर फील्ड्स। बट आपसे मुझे मजा इस चीज का है कि यू आप ना दूसरे का दर्द समझते हो। जिससे कि उनको समझ तो आए। इतना अच्छा क्या बोलना कि [हंसी] सो आई रियली अप्रिशिएट दैट एंड थैंक यू फॉर डूइंग व्हाट यू डूइंग थैंक यू सो मच थैंक यू हैविंग मी ऑन द शो थैंक यू आज का पूरा शो देखने के लिए दिल से शुक्रिया एपिसोड कैसा था मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा चैनल को सब्सक्राइब भी अवश्य करें क्योंकि सुपर टॉक्स एक मूवमेंट है जो हमारे देश का भविष्य उज्जवल बना रहा है। जय हिंद।

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