Why Infertility Rate In Men Is Suddenly Rising In India?
Author Name:Nikita Thakur
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Transcript:
(00:00) यह है हरियाणा के कपल सुनीता अग्रवाल और राकेश अग्रवाल यह 10 साल से एक बच्चे के लिए ट्राई कर रहे द और उन्होंने पंच बार आईवीएफ भी ट्राई किया पर हर अटेम्प्ट अनसक्सेसफुल था उनकी फैमिली ने इस पूरे इशू का ब्लेम सुनीता पे दल दिया और सालों तक उसे मेंटली और फिजिकल बहुत टॉर्चर किया लेकिन फिर 10 साल बाद मालूम पड़ा की सुनीता नहीं बल्कि राकेश infertil था इस सदमे से राकेश उभर नहीं पाया और फिर कुछ ही दिनों बाद राकेश ने खुदकुशी कर ली पहले हेलो लर्नर्स दिस इस निकिता और आपने यह जरूर नोटिस किया होगा की अचानक से इंडिया में इतने सारे आईवीएफ क्लिनिक्स खुल गए आज
(00:36) इंडिया में अराउंड 2 करोड़ कपल्स इन फर्टाइल है और कहा तो ये भी जा रहा है की इंडिया जल्द ही दुनिया का इनफर्टिलिटी कैपिटल बन सकता है बट यह इस डी बिग न्यूज़ रिसेंटली यह पता चला है की इंडिया की टोटल इनफर्टिलिटी केसेस में से 50% केसेस का कारण मेल इनफर्टिले पार्टनर होता है फीमेल नहीं यस अग्रवाल की केस की तरह ही बहुत सारे कपल्स को ही रिलीज हो रहा है की उनके बच्चा नहीं होने के पीछे का उनका मेल पार्टनर है और यह नंबर भी काफी रेपिडली ग्रो है स्पेशली मेट्रो सिटीज जैसे की कोलकाता में तो 86% आदमी इनफर्टिलिटी के ब्रिंग पर है एंड दिल्ली में तो 15% से
(01:11) ज्यादा आज में किसी ना किसी इनफर्टिलिटी के स्टेज में ए चुके हैं देखो इन फर्टिलिटी किसे कहते हैं सो जब एक आदमी के सिमन में एवरेज फॉर्म काउंट 15 मिलियन स्पर्म पर म या उससे कम हो जाता है उसे आदमी को इनफर्टिले कंसीडर किया जाता है अब पूरे वर्ल्ड का यही एवरेज फॉर्म काउंट आज से 30 साल पहले तक था 60 मिलियन स्पर्म पर म ऑफ सीमेंट लेकिन बस गैस करो की आज ये कितना हो गया उससे तीन गुना कम सिर्फ 20 मिलियन स्पर्म पर म इनफर्टिलिटी से बस पंच मिनट ज्यादा एंड इसमें भी सबसे शॉकिंग बहत ये है की मेल इनफर्टिलिटी का पहला पुख्ता सबूत यानी की रीजन कब आईडेंटिफाई हुआ था
(01:48) पता है वेरी रिसेंटली इन 1956 अब आप खुद ही सोचो देश की हाफ पापुलेशन और उनकी फैमिली इसको इंपैक्ट करने वाला है ये इतना मेजर इश्यू है लेकिन फिर भी इसके बारे में कभी कोई रिसर्च क्यों नहीं हुए वह इसका तू वर्ड एकदम सिंपल सा आंसर है सोशल tappos मेल इनफर्टिलिटी दुनिया भर में बहुत बड़ा सोशल तबु है एंड शायद यह हमारे लिए इतना कॉमन नहीं है लेकिन कई सारे देशों में बच्चा पैदा कर पाने को सीधा उसे आदमी की मर्दानगी से चौड़ा जाता है इन फैक्ट इसमें तक सोशल एक्सपेरिमेंट भी हुआ है जिसमें अफ्रीका के कई सारे शहरों में रह रहे इन होटल आदमियों को क्लीनर्स को बुलाकर उनके
(02:22) एक्सपीरियंस से नोट किए गए द तब सब आदमियों में जो बात एकदम कॉमन थी वो ये थी की बच्चे नहीं पैदा कर पाने की वजह से उनका सोशल स्टेटस यूजुअली काफी कम हो जाता है और फिर उन्हें अक्सर उनके नाम से नहीं बल्कि नामर्द दिया तो नॉट मैन एंड ऑफ ऐसे नाम से एड्रेस किया जाता है कुछ लोगों ने तो ये तक शेयर किया की जब वो अपने फ्रेंड्स की गठरी में होते हैं तब उनसे मजाक में ही सही लेकिन ऐसा कहा जाता है की ब्रिंग योर वाइफ तू मी आई कैन डू इट फुल और काफी बार तो ऐसा भी होता है की उनके फ्रेंड्स अपने बच्चे उनके साथ नहीं भेजते क्योंकि ये भी काफी पॉप्युलर तबु है की
(02:52) इनफर्टिले मैन उनके बच्चे चुरा लेंगे सो मैं पॉइंट्स की इतना बड़ा सोशल स्टिग्मा था की इस टॉपिक से नजर हटाने के लिए अक्सर इस प्रॉब्लम की रोड कोस को हमेशा औरतों पर दल दिया जाता था आज तक लोग बच्चे नहीं पैदा कर पाने को यूजुअली एक औरत की गलती मानते हैं विच अगेन ट्रस्ट मी इस अन वर्ल्ड वाइड प्रॉब्लम यही से बायर्स आपको पता होगा अमेरिका के फादर ऑफ नेशन जॉर्ज वॉशिंगटन की वाइफ माता के साथ भी हो चुका था जबकि सबसे बड़ी आयुर्वेदिक तो ये थी की मल था के ऑलरेडी अपने पहले हस्बैंड के साथ चार बच्चे द लेकिन फिर भी जॉर्ज के बच्चे नहीं होने का सारा प्रेम चला गया मार था
(03:25) के ऊपर सो अब जब सोसाइटी इस प्रॉब्लम को सिर्फ आज वुमेन इशू देखेगी तो जाहिर है वह सोसाइटी सिर्फ वुमेन को ही फिक्स करने पर फोकस करें राइट इसका नतीजा 1956 तक साइंटिफिक कम्युनिटी ने औरतों पर अनगिनत स्टुपिड मेडिकल एक्सपेरिमेंट करके अपना टाइम वेस्ट कर दिया एग्जांपल के लिए रोम और ग्रीस में औरतों के बूम को स्मोक से फ्यू में गेट यानी की फ्यूल से डिसइनफेक्ट किया जाता था तो वही कुछ यूरोपियन कलर्स में तो इनफर्टिलिटी के लिए डॉक्टर्स और टॉप का सिमन पानी में मिक्स करके पीने के लिए सब्सक्राइब करते द अब ये सबसे फाइनली सोसाइटी का इस बात को कंस
(04:00) करना की हान यह प्रॉब्लम आदमियों को हो सकती है इसी में सालों साल बीट गए एंड जब थोड़ा सा रिकॉग्नाइज्ड करना शुरू भी किया तब अगेन इसमें भी स्टार्ट में बहुत ही सारा सुपरस्टिशस टेक्निक्स अप्लाई है जैसे आदमियों की फर्टिलिटी टेस्टिंग के लिए फॉलो की जाती थी एकदम उसमें आगे अन नाम सजेस्ट एक पॉट में यूरिनेट करने के लिए कहा जाता था और अगर उसे पे वॉर्म्स आते द कीड़े आते द तो इसका मतलब वो आदमी infrati है सिमिलरली अगर ये पता करना होता था की पति और पत्नी में से कौन इनफर्टिले है तो उन्हें एक लेटेस्ट का लीफ पर पी करना पड़ता फिर उसे पत्ते में
(04:31) से जिसका यूरिन पहले इवेपरेट हो जाता था उससे ये कंफर्म किया जाता था की वो ही इंसान इन्फोटेक है कैन यू विल लीव इट ये एक्चुअल फैसिलिटी डायग्नोसिस टेस्ट द ऐसे ही कई सारे सुपरस्टिशंस और एकदम लॉजिकल प्रोसीजर्स में टाइम वेस्ट हुआ एंड फाइनली सीधा लाइन 56 में जाकर पहली बार इस पर प्रॉपर साइंटिफिक स्टडी कंडक्ट हुआ एंड फिर उससे समझ में आया एक्जेक्टली की में इनफर्टिलिटी एक्चुअली में कैसे कैसे होता है चलो इससे एकदम सिंपलीफाई करके समझती हूं सो बेसिकली टेस्टिस एक मेल बॉडी का स्पर्म प्रोड्यूजिंग अंग होता जहां से यह फ्लुएड्स के साथ मिक्स होकर सिमन फॉर्म
(05:05) करते हैं अब मोस्ट इनफर्टिलिटी केसेस में स्पर्म प्रोड्यूस तो होते हैं लेकिन वो समय फ्रूट्स से मिक्स होने से पहले ही रिप्रोडक्टिव ट्रैक में कहीं पर भी ब्लॉक हो जाते हैं इस कंडीशन को azoosperm या कहते हैं और इसके रीजंस कैन रेंज फ्रॉम इंज्रीज तू लोटस osterone लेवल्स एंड बॉडी एंड बहुत सारी रीजंस हो सकते हैं इसके पीछे लेकिन ये जरूर याद रखना की इनफर्टिलिटी और इंपॉर्टेंस दोनों से चीज नहीं है दोनों बहुत ही अलग चीज है इंपॉर्टेंस का मतलब होता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी की बेसिकली बीइंग अनेबल तू कीप अप एंड इरेक्शन लेकिन इनफर्टिलिटी
(05:35) में इलेक्शन का प्रॉब्लम नहीं होता है बल्कि मेल सफिशिएंट हेल्दी स्पर्म प्रोड्यूस ही नहीं कर पाते हैं अब ये इन सफिशिएंट हेल्थ इस पर हम प्रोडक्शन के पीछे कोई एक रीजन नहीं होता है ज्यादातर ये मिक्सर ऑफ फैक्टर्स की वजह से हो सकता है जैसे की अब अगर इंडिया की बात करें तो फर्स्ट एंड फोर मोस्ट इंडिया में बहुत सारे कम्युनिटी endocarbons है यानी की वो अपने ही कम्युनिटी में सिर्फ शादी करना पसंद करते हैं एंड यही तो प्रॉब्लम है क्योंकि स्टडीज में ये भी पाया है की endocami बी इनफर्टिलिटी के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ा देती है सो हैदराबाद के सेंटर
(06:02) फॉर सैलूलो एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी इंस्टिट्यूट ने 973 इंफ्राटेल मेल्स पे स्टडी किया जो कभी भी इनफर्टिलिटी कैसे करने वाले कोई भी नॉन फैक्टर से एसोसिएटेड द ही नहीं इस स्टडी से उन्हें ये पता करना था की आखिर फिर वो infail हुए ही कैसे एंड रीजन निकाला की 30% सब्जेक्ट्स में जेनेटिक डिलीशियस देके गए द अब ये जेनरेटेड रिलेशन क्या होता है हम एकदम सिंपली एक्सप्लेन करती हूं देखो मेल्स के क्रोमोजोम में ए स एफ यानी की azoosperm या फैक्टर नाम का एक रीजन होता है जो की उनका फर्टिलिटी डिटरमिन करता है लेकिन जब इंडिविजुअल के दोनों पेरेंट्स एक ही सोशल
(06:33) ग्रुप को बिलॉन्ग करते हो यानी की अंडो ग्रंथ हो तब रिसर्च में देखा गया है की यह रीजन अपने आप ही डिलीट हो जाता है अब ये एक्जेक्टली कैसे होता है क्यों होता है इसका मॉलेक्युलर लेवल पे स्टडी करना अभी भी बाकी है लेकिन एंडो कमी भी बस एक ही रीजन है ऐड तो इट लेट मैरिज देखो आगे के साथ-साथ भी नाम मेल्स में जो स्पर्म प्रोडक्शन होता है वो डिक्रीज होते जाता है देखो रिसचर्स के हिसाब से 22 से 25 साल एक मैन का सबसे फर्टाइल पीरियड होता है एंड ऐसे किया जाता है की 35 सबसे पहले ही बच्चे पैदा कर लेने चाहिए क्योंकि उसके बाद फर्टिलिटी काफी ज्यादा डिक्रीज होने
(07:04) लग जाती है बट अस यू नो इंडिया में मैरिंग आगे बढ़ती जा रही है सो ये भी कहीं ना कहीं एक्सप्लेन करता है की क्यों मैरिड मैन अपने पार्टनर्स को इंटरनेट नहीं कर का रहे हैं लेकिन ये सब के अलावा एक और फैक्टर है जो लड़कों को इंफ्राटेल बना रहा है बट आपने कभी उसके बारे में सोचा तक नहीं होगा रेडिएशन की वजह से नहीं है बल्कि हिट के वजह से सो हाल ही में साइंटिस्ट ने एक्सपेरिमेंट परफॉर्म किया जिसमें उन्होंने हेल्दी साइमन सैंपल लिया और उसके 2.
(07:31) 5 सेंटीमीटर दूर एक सेल फोन रख दिया ऐसा इसीलिए क्योंकि 2.5 कम की पॉकेट और टेस्टिस का बीच का एप्रोक्सीमेट डिस्टेंस भी होता है फिर इसके 1 घंटे बाद जब उन्होंने सिमन सैंपल को एनालाइज किया तो ये पता चला की इसमें स्पर्म क्वालिटी काफी ज्यादा डिग्रेड हो गया था अब रीजन ये है की अक्सर जो टेस्टिस का टेंपरेचर होता है ना वो बॉडी से दो से तीन डिग्री सेल्सियस ठंडा ही होता है क्योंकि वही टेंपरेचर एसएमएस के प्रोडक्शन के लिए एकदम आइडियल होता है और इसीलिए ही टेस्टिस स्रोत में बॉडी के बाहर सिचुएटेड होते हैं लेकिन आज की तारीख में गैजेट्स से निकलता हुआ हिट टेस्टिस के टेंपरेचर को वापस से गर्म कर
(08:02) देता है जिससे स्पर्म का प्रोडक्शन वापस से पीओएस हो जाता है एंड ये कोई छोटी बात नहीं है गैजेट्स का इंपैक्ट इतना मेजर है की सिर्फ एक घंटे के लैपटॉप उसे से स्क्रोटम टेंपरेचर अराउंड थ्री डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है तो अब आप बस इमेजिन कर सकते हो की हर घंटे की यूसेज से इस पंप प्रोडक्शन को कितना ज्यादा हैंपर करता होगा अलसो तू नो वैन सरप्राइज स्मोकिंग भी मेल फर्टिलिटी के लिए काफी ज्यादा हानिकारक है सिगरेटस में एलईडी और कैडमियम जैसे केमिकल्स प्रेजेंट होते हैं जिससे स्पर्म की मोरफ़ोलॉजी ही काफी ज्यादा बदल जाती है जैसे ये एक नॉर्मल स्पर्म है और
(08:30) ये है आफ्टर स्मोकिंग वाला एब्नार्मल स्पॉप बट होल्ड ऑन यू नो व्हाट एक चैन स्मोकर पर एक्जेक्टली जितना स्पर्म डैमेज होता है ना उतना ही एक्जेक्टली हो सकता है एक ऐसे इंडिविजुअल पर जो पोल्यूटेड एरिया में रहता है यस ये फाइंडिंग्स है एक चाइनीस स्टडी की जिसमें ये पाया गया की कोल्ड माइंस के आसपास रहने वाली जरूरत है तू डी पॉइंट की उनमें से क्यों का स्पर्म काउंट तो लिटरली जीरो था बट फॉर्चूनेटली फॉर डी मोस्ट पार्ट कुछ लाइफ स्टाइल चेंज वगैरा करके इनफर्टिलिटी के रिस्क को काफी ज्यादा कम किया जा सकता है फॉर एग्जांपल स्पोकन का केस ले लो ऐसा भी पाया गया है
(09:02) की इससे कैसे होती भी इनफर्टिलिटी काफी सारी केसेस में रिवर्सिबल भी होती है जब वो सिगरेट की आदत छूट जाती है और देखा जाए तो मेडिकल साइंस के एडवांस में उसके साथ इससे कई सारे अल्टरनेटर भी निकले हैं जैसे की सर्जरी हार्मोन थेरेपी आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन आईवीएफ वगैरा है लेकिन इस कहानी का एक अलग पहलू भी है डिड यू नो आज एंड मिया में आधे से भी ज्यादा क्यूट villingi बाय चॉइस चाइल्डलेस रहना चाहते हैं लेकिन ऐसा क्यों विल इस टॉपिक पर हमने डिटेल वीडियो ऑलरेडी बना रखा है आप यहां पे राइट पे क्लिक करके इसको देख सकते हैं इसके अलावा आई डोंट थिंक आजकल लोगों को
(09:32) पता है की यह इनफर्टिलिटी इतना बड़ा प्रॉब्लम बन चुका है तो प्लीज इस वीडियो को जितना हो सके अपने फ्रेंड्स शेयर करो और क्या आपको पता था इसके बारे में नीचे कमेंट करके बताओ मिलते हैं अगले टाइप कब तक के लिए
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