Friday, September 11, 2026

99% Indians Are Making THESE Oral Hygiene Mistakes | TOP Dentist Dr. Niranjan P On TRS

99% Indians Are Making THESE Oral Hygiene Mistakes | TOP Dentist Dr. Niranjan P On TRS

Author Name:Ranveer Allahbadia

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Title: 99% Indians Are Making THESE Oral Hygiene Mistakes | TOP Dentist Dr. Niranjan P On TRS

Author Name: Ranveer Allahbadia

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In this 538th (overall 1043rd) episode of TRS, we break down 36 practical tooth care hacks shared by top dentist Dr. Niranjan Paramshetty.

From the correct way to brush and floss to choosing the right toothbrush, understanding toothpaste, using mouthwash, avoiding cavities, protecting your gums, dealing with bad breath, and knowing which foods and drinks can damage your teeth - this conversation covers the essentials of oral care.

You’ll also learn why brushing at night matters so much, why you shouldn’t brush immediately after eating, how often you should change your toothbrush, whether electric toothbrushes are better, how fluoride works, and why regular dental checkups are important.

If you want healthier teeth, stronger gums, fresher breath, and fewer dental problems, this episode is packed with practical advice you can start using today.

00:00 - Dentist Podcast On TRS
05:01 - What Soft Drinks Actually Does to Your Teeth
06:14 - We Put a Real Tooth in Soft Drink - The Soft Drink Experiment
07:40 - Can Bad Teeth Cause a Heart Attack?
08:44 - The Bacteria Living on Your Teeth
13:00 - The Hidden Area Your Toothbrush Misses
14:44 - Why Humans Are Losing Wisdom Teeth
18:13 - These Foods Quietly Destroy Your Teeth
22:04 - Morning or Night: When Should You Brush?
25:08 - How Cavities Really Start
29:03 - When Does a Tooth Need Root Canal?
36:12 - Are You Brushing Your Teeth Too Hard?
43:06 - The Truth About Toothpaste & Fluoride
52:05 - Do You Actually Need Mouthwash?
55:48 - Does Coffee Permanently Stain Your Teeth?
57:54 - Why You Should Rinse After Every Meal
59:00 - What Really Causes Bad Breath?
1:00:54 - What Smoking & Vaping Do to Your Mouth
1:03:44 - Teeth Whitening: What Actually Works?
1:06:13 - How Alcohol Damages Your Oral Health
1:08:06 - The Biggest Causes of Oral Cancer
1:11:05 - Early Signs of Oral Cancer You Shouldn't Ignore
1:17:52 - Can Your Natural Teeth Last a Lifetime?
1:27:27 - Dental Bridge vs Implant: Which Is Better?
1:33:38 - How Long Do Dental Implants Really Last?
1:39:50 - How Teeth Help Solve Crimes
1:41:13 - Real Dental Cases You Need to See
1:44:00 - Some of the Most Extreme Dental Cases
1:48:35 - Braces vs Aligners: What Actually Works?
1:52:30 - The Soft Drink Experiment Result
1:54:45 - Final Advice for Healthier Teeth

#dentist #oralcare

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Transcript:
(00:00) डॉक्टर साहब का स्वागत है। ये हमारा पहला टूथकेयर यानी दांतों केयर का पॉडकास्ट है एवर। आम इंसान के मुंह में 20 बिलियन बैक्टीरिया रहता है। मतलब जितने इंसान धरती पे है उसका डबल डबल डबल टीरे आपके मुंह में है। मुंह में रहेगा। वाओ। ये सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल है। दो तरह के दांत लेके आओ। ये दोनों इसमें डालूंगा। ये दांत को क्या हुआ है? इसको निकाल के देखेंगे। ओके। ओह माय गॉड। छी दिस इज व्हाट हैपेंस जस्ट बाय बीइंग प्लेस्ड इन अ सॉफ्ट ड्रिंक फॉर अबाउट 2 आवर्स। लिटरली ऐसा लग रहा है कि वॉल्यूम हाफ हो गया है दांत का। किसी यंग पर्सन के माउथ को देख के आपको
(00:48) पता चल सकता है कि दिस इज अ कैंडिडेट फॉर कैंसर। यस, ऑफकोर्स। किसी की डेथ भी हो सकती है ओरल हजीन या लैक ऑफ ओरल हजीन की वजह से? क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है सर? बट व्हाट इज द एक्चुअल लॉजिक? इट्स ऑल मार्केटिंग गिमिक्स। बिना पेस्ट भी आप अच्छी तरह से ब्रश करेंगे तो 100% साफ होगा। वाओ व्हाट इज मैक्सिमम टाइम्स समवन कैन ब्रश इन अ डे। ब्रशिंग तो दो टाइम करना ही है। मेरा एडवाइस है सुबह में करना छोड़ दिया तो चलेगा बट रात को प्रॉपर ब्रशिंग करना जरूरी है। सुबह में छूट गया तो चलेगा। चलेगा। सबसे बुरा केस आज तक रिलेटेड टू टीथ। आपने क्या देखा है सर?
(01:34) व्हेन आई सॉ दैट आई लिटरली वेंट टू द बाथरूम। उल्टी की ओह माय गॉड। बहुत देर बाद एक ऐसा फास्ट पेस्ट और इनफेटिव मेडिकल पॉडकास्ट आया। पहली बार टीआरएस पर ओरल केयर की बातें हो रही है। दांतों के बारे में, मसूड़ों के बारे में, ब्रशिंग, माउथ वाश सारी चीजें ए टू जेड ऑफ़ ओरल केयर कवर हुआ है। फट फट फट फट फट। थैंक्स टू आवर कंट्रीज टॉप डेंटिस्ट। डॉक्टर निरंजन परम शेट्टी हमारे देश के टॉप ओरल केयर एक्सपर्ट, टॉप डेंटिस्ट हैं। आफ्टर वेरी लॉन्ग टाइम मैंने भी 100 नई चीजें सीखी एक मेडिकल पॉडकास्ट से दोस्तों आप आने वाले 2 घंटों में इनके 30 सालों के
(02:18) एक्सपीरियंस को प्राप्त करोगे। ही इज़ वन ऑफ द कंट्री स्टॉप्ड इंप्लांटोलॉजिस्ट। यानी कि जब दांत सड़ जाते हैं जिंदगी भर। और हम सबके दांत एट सम पॉइंट सड़ने वाले हैं। उसके लिए एक इंप्लांटोलॉजिस्ट की हेल्प चाहिए रहती है। ही इज़ वन ऑफ़ आवर कंट्रीज टॉप इंप्लांटोलॉजिस्ट। 300 से ज्यादा डेंटल इंप्लांट्स इन्होंने सक्सेसफुली करे हैं। मैं खुद इनकी बहुत रिस्पेक्ट करता हूं क्योंकि यह एक मेडिकल एंटरप्रेन्योर भी है। हिज फर्म इज कॉल्ड केडीसी एक्सप्रेस टीथ। देश की वन ऑफ द लार्जेस्ट प्राइवेट डेंटल सेटअप्स हैं और 25 से ज्यादा डेंटल चेयर्स, 35 प्लस इनह
(02:55) हाउस स्पेशलिस्ट, एडवांस डेंटल इक्विपमेंट एकदम वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर। बट मोस्टेंटली यह मेरे भी डेंटिस्ट हैं। दैट्स व्हाई वी आर गेटिंग हिम ऑन द शो। होप यू एंजॉय एंड लर्न फ्रॉम दिस एपिसोड एज़ मच एस आई डीड। बस बैठो और जानो सब कुछ। ए टू जेड ऑफ ओरल केयर ऑन टी आर एस। डॉक्टर साहब का स्वागत है बहुत सारे प्रॉप्स के साथ। ये हमारा पहला टूथ केयर
(03:41) यानी दांतों के केयर का पडकास्ट है एवर। अ कुछ-कुछ लोगों पर ना भगवान का आशीर्वाद होता है। जहां बहुत कम टूथ प्रॉब्लम्स होते हैं जिंदगी में। जैसे कि मैं बट ऐसा क्यों हुआ है कि कुछ-कुछ लोगों को दांत के प्रॉब्लम होते ही नहीं और कुछ-कुछ लोगों को होते हैं सर। सर जिसके मुंह में दांत है उसको प्रॉब्लम होता ही है। मतलब कभी ना कभी हो सकता है। मतलब अभी नहीं तो बाद में भी हो सकता है। जिसके मुंह में दांत नहीं है उसको ज्यादा प्रॉब्लम है। जिसके मुंह में दांत नहीं है। नहीं है। तो फिर दांत बिठाना है। वाओ। और आप कह रहे हो आपके प्रैक्टिस के
(04:18) मुताबिक कि यंग लोगों में दांत के प्रॉब्लम और भी ज्यादा आ रहे हैं आजकल। बच्चों के मुंह में, एडल्ट्स में, सीनियर सिटीजंस में, हर किसी के मुंह में 100% बोल सकता हूं। ओके। अ आपकी वाइफ भी है यहां। हेलो मैम। हाय। आज के एपिसोड में मैम भी कंट्रीब्यूट करेंगे टुवर्ड्स दिस सब्जेक्ट। तो सर शुरुआत कहां से करें? वैसे तो सॉफ्ट ड्रिंक्स का जमाना चल रहा है। लोग मोटे भी हो रहे हैं डिलीवरी एप्स की वजह से। बट यहां मोटापे की बात नहीं कर रहे। लेट्स आल्सो टॉक अबाउट जीरो कैलोरी लेट्स आल्सो टॉक अबाउट सोडास, स्पार्कलिंग वाटर्स। क्या ये सब भी दांतों के लिए बुरे हैं?
(04:58) 100% बुरे हैं। जो भी आप कोल्ड ड्रिंक्स पीते हो इरिएटेड ड्रिंक्स उसमें एक तो सोडा रहेगा, एसिड एसिड जैसे रहेगा। उसकी वजह से क्या होता है? दांत दांत का ऊपर का लेयर रहता है ना एनामल बोलते हैं एनामल इट इज द स्ट्रांगेस्ट पार्ट ऑफ द बॉडी वो भी पिघल सकता है धीरे धीरे धीरे धीरे पिघल सकता है आजकल बच्चों हर किसी के हाथ में मतलब बॉटल रहता है वो देखते हैं स्टेटस का मामला है या दे एंजॉय इट एक्चुअली उससे दांत का बहुत खराब हो रहा है ओके मतलब आप कह रहे हो कि जिसमें भी इरेशन होती है लाइक बबल्स सोडा टाइप करेक्ट ओके जो प्लेन सोडास भी आते आते हैं
(05:38) जिसमें कोई शुगर नहीं है वो भी डेंजरस है। वो भी डेंजरस है। उसमें एसिड रहता है। ओके। वो भी खराब करता है। लाइक फजी ड्रिंक्स। करेक्ट। ओके। आप वैसे कुछ लाए हो यहां एक फिजी ड्रिंक। हां। आप दिखाने वाले हो कुछ? ठीक है। क्या कर रहे हो? मैं क्या करता हूं? ये सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल है। हम्म। इसमें मैं दो तरह के दांत लेके आया हूं। ओके। एक तो एडल्ट वाला दांत, एक तो मिल्क दांत। मतलब दोनों के बच्चों के शिशु के बच्चों के ये दोनों इसमें डालूंगा। ठीक है? जब तक हमारा पडकास्ट खत्म हो जाएगा नहीं तो एक घंटे के बाद इसको निकाल के देखेंगे। ओके वाओ।
(06:20) ये रात को क्या हुआ है आपको पता चलेगा। एक बार जस्ट होल्ड द बॉटल अप सर ताकि लोग देखें। बाहर आई थिंक नीचे दो टीथ तार। हां। तो आपने अभी ये दांत डाल दिए। पहला सवाल है कि दांत मिले कहां से? हम लोग रोज निकालते हैं। हमारा काम ही दांत निकालना, दांत दांत बिटाना। ओके। ओके। बट निकाले क्यों जाते हैं? दांत। सी दांत निकालने के लिए अलग-अलग रीजन रहता है। फर्स्ट ऑफ ऑल लोग दांत खोते हैं नेगिजेंस की वजह से। ज्यादा से ज्यादा मसूड़ी का प्रॉब्लम रहता है। मसूड़ी के प्रॉब्लम से दांत वीक हो जाते हैं। उससे मतलब निकालना पड़ता है और कैविटीज होते
(06:59) हैं। इनिशियल स्टेज में फीलिंग नहीं कराया। डीप गया उसके बाद भी आपने ट्रीटमेंट मतलब नहीं करा आरसीटी करके रूट कैनल ट्रीटमेंट करके बचा सकते हैं तब भी आपने नेगलेक्ट कर दिया पूरा खराब हो गया इनफेक्शन हो गया मतलब इररिवर्सिबल हो गया तब तो दांत निकालना पड़ेगा किसी की डेथ भी हो सकती है ओरल हाइजीन या लैक ऑफ ओरल हाइजीन की वजह से डेथ नहीं हो सकती अलग-अलग बहुत सारे इनफेक्शन हो सकते हैं हार्ट अटैक हो सकते हैं हार्ट अटैक हार्ट अटैक हो सकते बहुत सारे इनफेक्शन हो सकते हैं। ब्रेन स्ट्रोक हो सकते हैं। मतलब बैक्टीरिया जो भी है ना मसड़ी के अंदर लाइक दोज़
(07:40) बैक्टीरियास गोज़ टू द ब्लड वेसल्स। दे कैन रीच एनीवेयर। आप कह रहे हो कि दांतों की सड़न की वजह से स्ट्रोक हो सकता है। हार्ट अटैक हो सकता है। दैट्स क्रेजी। इसका साइंस क्या है? पर एक्सैक्टली होता क्या है? सी मसूड़े में जो भी बैक्टीरियास रहते हैं मतलब ब्लड वेसल्स थ्रू दे रीच डिफरेंट डिफरेंट वाइटल ऑर्गन्स। मतलब बैक्टीरिया यहां जमा होता है। जमा होता है। इनफेक्शन होता है। मसूड़े का इंफेक्शन होता है। वो इंफेक्शन वो बैक्टीरियास दे कैन ट्रैवल एनीवेयर थ्रू आउट द बॉडी। ओके? और एक आम इंसान में ये इंफेक्शन बिल्ड अप के लिए कितना टाइम लगता है?
(08:17) सी एक्चुअली मसूड़ी का प्रॉब्लम धीरे धीरे धीरे होता है। एकदम से नहीं होता है। सो बेसिक रीजन है प्लक बोलते हैं। हमारा मुंह के अंदर सलाइवा रहता है। और सलाइवा ये बैक्टीरिया के साथ और फूड डेबिस के साथ ये लेयर बनाता है। उसको बोलते हैं प्लक। ओके? प्लक। ये प्लक की मतलब कारण से ही आपका दांत में सडन भी हो सकता है और मसूड़े का प्रॉब्लम भी हो सकता है। दोनों का रीजन है प्लक। और हर किसी के मुंह में होता है प्लक। हर किसी के मुंह में आप ब्रश करने के बाद तुरंत तीन-4 घंटे के बाद लेयर बन जाता है। उसको प्लक बोलते हैं। ओके? वो स्टिकी लेयर बन जाता है। उसमें
(08:56) बैक्टीरिया जमा होते हैं। धीरे-धीरे अगर आप कुल्ला नहीं करेंगे हर बार खाने के बाद धीरे-धीरे दांत को सडन करेगा। नहीं तो मसूड़े का प्रॉब्लम करेगा। ओके। मैं ऑडियंस को ये पूछना चाहूंगा कि जिंदगी में आपने पहली बार ब्रश कब किया था वो याद करिए। बहुत सारे लोगों को शायद पता भी नहीं। तो आपके लिए सवाल यह है सर कि मुंह की बांस के अलावा इंसान ब्रश क्यों करते हैं? लॉजिक क्या है ब्रशिंग का? सी मैंने ब्रश मैं एक्चुअली मतलब डेंटिस्ट बनने से पहले तो आम आदमी था। इतना अवेयरनेस नहीं था। हम सो जब मैंने स्कूल में था मतलब इनिशियल आफ्टर फोर फाइव इयर्स।
(09:36) जी तब मैंने ब्रशिंग स्टार्ट किया। हम पर एक्चुअली ब्रशिंग तो पहले दांत जो आता है ना बच्चों में छ महीने में आता है फर्स्ट फर्स्ट मिल्क टूथ तब से ब्रशिंग करने की जरूरत नहीं है एटलीस्ट उसको साफ सफाई तो रखना पड़ेगा एक कॉटन से गस से दांत को क्लीन रखना पड़ेगा नहीं तो हमेशा हमारे मुंह में बैक्टीरियाज रहता है आपको पता है एक आम इंसान के मतलब मुंह में 20 बिलियन बैक्टीरिया रहता है 20 बिलियन इट इज इक्वल टू हमारा टोटल पापुलेशन ऑफ द वर्ल्ड है ना उससे डबल वाओ उससे डबल एक इंसान के मुंह में बैक्टीरिया रहते हैं। इतने सारे बैक्टीरिया रहते हैं।
(10:17) मतलब जितने इंसान धरती पे हैं उसका डबल डबल बैक्टीरिया आपके मुंह में है। मुंह में रहते हैं। वाओ माय गॉड। ओके। बट इसमें भी बुरे बैक्टीरिया है और अच्छे बैक्टीरिया हैं। करेक्ट। सेम एज गट। जैसे गट हेल्थ। करेक्ट। तो जैसे गट हेल्थ की बातें इतनी ज्यादा होती है आजकल कि गठ हेल्थ की वजह से स्किन खराब होती है। ये वो आई फील कि आपकी गठ की शुरुआत तो मुंह से ही होती है। हमारा डाइजेशन उधर से स्टार्ट होता है। राइट? तो ये बताइए बैक्टीरिया के बारे में क्या-क्या है इसमें? यह जो मुंह में बैक्टीरिया रहता है ना आपको मतलब ब्रशिंग हम खाली ब्रशिंग करने से ओरल हजीन मेंटेनेंस
(10:55) से ही कम होते हैं। नहीं तो ये बैक्टीरिया क्या दो इंपॉर्टेंट थिंग्स रहते हैं। एक तो दे आर इनविज़िबल दिखते नहीं है। हम ठीक है? और दूसरा इनका मल्टीप्लिकेशन जो है ना 5 मिनट्स में होता है। एक इंसान को पैदा करने में आपको 9 महीना लगेगा। पर ये बैक्टीरिया मल्टीप्लिकेशन हर 5 मिनट में ये डबल हो जाते हैं। गॉड ओके जब इनिशियली मतलब मिलियंस रहते हैं तो बिलियंस बनने में पांच छ घंटा लगेगा। ग ये दो इंपॉर्टेंट कैरेक्टरिस्टिक्स है। इसलिए आपको मुंह का मतलब प्रॉपर हाइजीन मेंटेन नहीं करेंगे तो बैक्टीरिया बढ़ते जाएंगे। ओके? तो जब कोई इंसान ब्रश करता है तो ये
(11:36) 20 बिलियन का नंबर कम हो जाता है। कम हो जाता है। कितने तक? दे कम टू मिलियन ओके मिलियन तो रहता ही है 1 मिलियन या फ्यू मिलियंस फ्यू मिलियंस समझो मतलब 5 मिलियन मान लो ऐसे कुछ फिर 5 मिलियन से 20 बिलियन तक चले तक चले जाते रात को अगर रात को ब्रशिंग नहीं करते तो रात को हमारा सलाइवा प्रोडक्शन बहुत कम रहता है सला ऑलमोस्ट जीरो क्या होता है तब बैक्टीरिया का पार्टी शुरू होता है दे स्टार्ट पार्टिंग सुबह तक दे बिकम इन बिलियंस। वाओ। ओके। वाओ। आई हैड नो आईडिया। आपने एक्चुअली लॉजिक ऑफ़ ब्रशिंग समझाई है यहां कि क्यों करना चाहिए? या सी ब्रशिंग ये बैक्टीरिया और ये प्लक
(12:21) बताया ना प्लक इज अ स्टिकी लेयर। आप जो भी करेंगे उस मतलब जाएगा नहीं। वो निकालने के लिए खाली ब्रशिंग। ब्रशिंग से ही निकलता है। ब्रशिंग या फ्लॉसशिंग दोनों से ही निकलता है। मैकेनिकल क्लीनिंग से। खाली आप खुला करेंगे तो भी वो उधर ही रहता है। हर इंसान को फ्लॉस करना चाहिए। 100% करना चाहिए। ये जो ब्रशिंग से क्या होता है ना हमारा अलग-अलग सरफेस रहता है। अलग-अलग सरफेस ऊपर का सरफेस रहता है। सामने का पीछे का ये समझाइए है क्या? ये एक्चुअली दांत है। अरे क्या क्या कर दिया सर आपने दांत को? वाओ। ये तो मॉडल है। क्योंकि दांत का अलग-अलग सरफेस रहता है। आगे का सरफेस,
(13:03) पीछे का सरफेस, साइड का सरफेस और दो दांत में जो कांटेक्ट बोलते हैं ये सरफेस। अब ब्रशिंग करने से सामने का सरफेस क्लीन हो गया। ऊपर का भी ब्रशिंग से चला जाता है। पीछे का भी मतलब बराबर ब्रशिंग कर सकते हो। ये जो बीच का कांटेक्ट रहता है ना इधर का प्लाक और बैक्टीरिया उसको निकालने के लिए आपको मैकेनिकली वो थ्रेड फ्लॉस बोलते हैं फ्लॉस से ही निकालना पड़ेगा। फ्लॉस में दो टाइप के फ्लॉस आते हैं। एक तो आजकल इजी वाला फ्लबर फ्लॉस है हैंडल वाला उससे भी कर सकते हो। और रेगुलर फ्लॉस रेगुलर फ्लॉस बोले तो ऐसे रहता है धागे। दोनों के मैकेनिकल
(13:46) निकलता है। आजकल क्या देखते हैं? ज्यादा से ज्यादा कीड़ वो कांटेक्ट के बीच में होता है। इडन हिडन प्लेस। ये डेंजर पॉइंट है दांतों का। दांतों के बीच की जगह करेक्ट। डेंजरस है। डेंजरस है। और बैक्टीरिया के लिए इट इज लाइक अ सेफ जगह है। ओके। सर, 32 दांत होते हैं ना? 32 तो कितने गैप्स होते हैं उसके बीच? सी हर एक दांत एक से एक एक चिपका हुआ है। जी जी जी ऑलमोस्ट लास्ट दांत छोड़ के सभी दांत में कांटेक्ट रहता है। सभी दांत के बीच में क्लीनिंग करना जरूरी है। वाओ। आपने बोला ना 32 टीथ। आजकल 32 टीथ सबको नहीं आएगा। आजकल 28 अगर आप पूछेंगे मेरे
(14:31) से हमारे एनसेेस्टर के 44 टीथ रहते थे। अच्छा। हां या मिलियंस ऑफ इयर्स पहले मतलब 44 टीथ थे। उसके बाद कम होके होके 36 तक पहुंचे। अभी बोलते हैं ना 32 दांत 32 दांत आजकल आजकल की जनरेशन में वी सी ओनली 28 टीथ। इवन एन एडल्ट इवन इन एडल्ट वो चार दांत जो मतलब बताते हैं ना उसको विज़डम दांत बोलते हैं। जो लास्ट में आता है उसको विज़डम दांत बोलते हैं। बहुत सारे लोगों के मतलब मतलब आएगा नहीं। जिसको भी आएगा अंदर फंसा हुआ रहता है। लाइक उसे पेन होता है उसको निकालना पड़ेगा। सो 32 इज गॉन नाउ। वी कैन टेल ए नॉर्मल पर्सन कॉमनली हैव ओनली 28 टीथ।
(15:16) मतलब ये जेनेटिकली कम हो रहा है इंसानों में कि विज़डम टीथ कम निकल रहे हैं। अ एवोल्यूशन आपने सुना होगा डार्विनस थ्यरी लम्क्स थ्यरी ऑफ़ एववोल्यूशन पहले के जमाने में दांत का बहुत यूज़ होता था। वो चबाते थे, खाते थे, सब फाइबस खाते थे। नॉन कुक्ड फूड खाते थे। आजकल के जमाने में इट इज सॉफ्ट जनरेशन। सॉफ्ट फूड जनरेशन। दांत का काम तो बहुत कम हो गया। इसलिए धीरे धीरे धीरे क्या हो रहा है? दांत का साइज मतलब नंबर्स कम हो रहा है। और पहले के जमाने में जॉ साइज बड़ा होता था। आजकल क्या हो रहा है? ज साइज मतलब छोटे हो रहे हैं। दांत का साइज सेम है।
(16:00) मतलब लास्ट दांत आने के लिए जगह नहीं बच रहा है। उसकी वजह से लास्ट दांत अंदर फंस जाता है। उससे इनफेक्शन होता है। बाजू के दांत को प्रॉब्लम करते हैं। इसलिए जिसको भी मतलब कुछ लोगों को आएगा नहीं। जिसको आएगा ऑलमोस्ट 70% पीपल में उसको निकालना पड़ेगा। वो भी सर्जरी करके निकालते हैं। तो आप कह रहे हो अकॉर्डिंग टू एववोल्यूशन विज़डम टूथ बेसिकली कम निकल रहे हैं लोगों के। बट कभी-कभी पेनफुल होता है और इसलिए एक्सट्रैक्शन चाहिए रहती है। अभी मेरे विडम टू चारों के चारों निकले हैं। हां। नाउ व्हाट? नाउ नथिंग नाउ आई जस्ट चिल। फाइन 100%
(16:35) बट इसका मतलब है कि मैं ज्यादा हेल्दी हूं। ज्यादा हेल्दी नहीं बोल सकते। आपका जॉ साइज सफिशिएंट है 32 दांत आने के लिए। डिपेंड्स ऑन जॉ साइज। एंड इट्स डिफरेंट फॉर डिफरेंट ह्यूमन बीइंग। और आई एम अस्यूमिंग कि जो स्कल का भी शेप होता है उसके भी मुताबिक समटाइम्स इट विल कम आउट और समटाइम्स इट वांट। नहीं इट डिपेंड्स ऑन द स्पेस अवेलेबिलिटी ऑफ़ द स्पेस। स्पेस सफिशिएंट है तो वो आएगा। मेरा तो 28 है। विडम टू मतलब मिसिंग ही है। मतलब इट्स इट्स देयर समवेयर इनसाइड। नॉट देयर एट ऑल। नॉट देयर एट ऑल देयर एट ऑल। तो आपने खुद के स्कल का एक्सरे करा?
(17:08) हां। और है ही नहीं। ही नहीं। वाओ। ये कैसे हुआ? भाई एववोल्यूशन हो रहा है। आप ज्यादा मतलब मैं आपके कंपैरिजन में ज्यादा केवन हूं। ओके। बट बेसिकली यूर सेइंग इन एवोल्यूशनरी पर्सपेक्टिव इट्स नॉट देयर। नॉट देयर ओके वाओ क्रेजी सबसे बुरा केस आज तक रिलेटेड टू टीथ आपने क्या देखा है सर सी आजकल में इट्स वेरी अलार्मिंग लॉट ऑफ पेशेंट्स आते हैं हमारे क्लीनिक को एट द एज ऑफ 30 इयर्स 35 इयर्स सभी दांत ढीला हो चुके हैं निकालना पड़ेगा दांत निकालना पड़ेगा और मतलब दांत बिठाने के लिए आते हैं एट द एज ऑफ़ 30ज एंड 40 इट्स वेरी अलार्मिंग उनकी गलतियां क्या रही है
(17:53) नेग्लिजेंस ओके नेग्लिजेंस केयरलेसनेस एंड द मोस्ट नेगलेक्टेड पार्ट ऑफ आवर बॉडी इज दांत गॉट इट ओके एथ स्टैंडर्ड में मेरे स्कूल में मेडिकल चेकअप हुई थी और वहां के डेंटिस्ट ने कहा था कि अरे आपके दांत तो बहुत हेल्दी है क्योंकि मेरे सारे दोस्तों के कैविटीज थे और मेरे नहीं थे तो आई आई आल्सो वाज नेग्लिजेंट मे बी अप टिल कॉलेज आई वुड नॉट ब्रश एट नाइट तो ये रात को ब्रश करना मैंने सिर्फ कॉलेज में स्टार्ट किया और मेरा रिग्रेट होता है। अभी एज एन एडल्ट मतलब अगर आपने रात में ब्रश नहीं किया तो आप सो भी नहीं सकते। आई फील मेरे
(18:27) को नींद नहीं आती इफ आई हैव नॉट ब्रश। वो थोड़ा फ्रेशनेस चाहिए रहता है। उसकी आदत बन गई है। बट आई डोंट नो दैट्स अ केस फॉर एवरीवन। सी किसी का दांत जेनेटिकली मे बी यू आर ब्लेस्ड। जेनेटिकली किसी का दांत बहुत मजबूत रहता है। जल्दी खराब नहीं होते। बहुत सारे लोगों का जेनेटिकली क्या रहता है? बहुत वीक रहता है। वो प्रॉपर मेंटेनेंस करने के बाद भी मतलब केरीस होने का, कैविटीज होने का चांसेस रहता है। इवन दैट इज़ आल्सो वन ऑफ़ द फैक्टर। बट ये किन चीजों पे डिपेंडेंट है? ये बस जेनेटिक है कि किसी का एनामल स्ट्रांगर है या ऐसे कुछ? सी वन इज़ अ फॉर्मेशन जेनेटिक फॉर्मेशन। वो
(19:02) ये एक कंट्रीब्यूटिंग फैक्टर है। और साथ-साथ में द फूड द खाना क्या खाते हो। ओके लाइफस्टाइल आल्सो मैटर्स। व्हाट फूड्स आर बैड अदर देन यह जो हमने सॉफ्ट ड्रिंक्स की बात करी कि एरेटेड ड्रिंक्स में मेरे ख्याल से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड होता है डिॉल्व्ड। मतलब सॉफ्ट ड्रिंक्स एसिडिक होते हैं थोड़े से। तो उनसे तो दांत खराब होते हैं। आई एम आल्सो अस्यूमिंग कि अगर स्टिकी खाना खाया जिसमें ज्यादा मैदा है जिसमें ज्यादा चीनी है उनसे खराब होते हैं। ये स्कूल में पढ़ा था। पर प्लीज आप बताइए आप डेंटिस्ट हो। सी जो भी खाना खाते हैं हेल्दी फूड
(19:39) खाइएगा। रोटी, चपाती उसमें भी शुगर है, कार्बोहाइड्रेट है पर नॉट स्टिकी है। बाकी के जो भी फूड खाते हैं ना ये जंक फूड, पेस्ट्रीज, चॉकलेट्स, आइसक्रीम, पिज़्ज़ा, बर्गर ये सब एक तो मैदा रहता है। दूसरा रहता है शुगर। दो मतलब दो वाइट पोइजन्स। दो वाइट पोइजन खा रहे हैं। वो स्टिकी हो जाता है। इवन द ग्लूकोस बिस्किट्स दे आर वै स्टिकी वो दांत के अंदर फस जाता है। एक्चुअली हमारा दांत का बनावट रहता है ना पीछे का दांत मोलर दांत नहीं तो प्रीमोलर उसमें बहुत सारे ग्रूस रहता है। ग्रूस बोले तो इन बिटवीन क्रैक्स जैसे रहता है। वो क्रैक में जाके खाना बैठ जाता है। शुगरी स्टिकी
(20:25) वो निकलता नहीं है। हम उधर से स्टार्ट होता है डेंटल कैविटीज। हमने सॉफ्ट ड्रिंक्स की बात करी शुगर मैदा और हिडन शुगर जैसे सॉसेस में भी छिपा रहता है। किसी ने केचप खाया केचप में भी बहुत ज्यादा शुगर रहता है। इससे भी सडन हो सकती है दांतों की 100% हो सकता है। इवन इवन वि द फ्रूट जूस आल्सो फ्रूट जूस हेल्दी बोलते हैं। पर उसमें भी देयर इज लॉट ऑफ़ शुगर। अगर होममेड फ्रूट जूस है तो भी 100% उसमें भी शुगर रहता है। बनाना इवन बनाना आल्सो कैन कॉज डायबिटीज। एप्पल बोलते हैं ना ईट एन एप्पल कीप योर डॉक्टर अवे बट यू कांट कीप डेंटिस्ट अवे
(21:04) ओह माय गॉड इवन एप्पल इज हैविंग सम थिंग्स सम शुगरी थिंग्स व्हिच कैन कॉज कैविटी मतलब अगर मीठा स्वाद आया आपके मुंह में मतलब वो दांतों के लिए थोड़ा सा डेंजरस है। कोई भी टाइप का मीठा स्वाद कोई भी मे बी एक्सेप्ट वो शुगर फ्री और स्टीविया ऐसे कुछ बट वो कम लोग खाते हैं। बट वह एटलीस्ट शुगर फ्री से आपका गट भी अफेक्ट हो सकता है। एंड यू आर बैक टू टीथ सर। तो आपने यह फूड्स लिस्ट डाउन करे। अभी लाइफस्टाइल में क्या-क्या आपने फ्लॉसिंग और ट्वाइस अ डे ब्रशिंग की बात करी। राइट? और क्या है? लाइफस्टाइल गाइडेंस फॉर हेल्दी ओरल हाइजीन। हेल्दी ओरल हजीन के लिए फर्स्ट ऑफ़ ऑल एज
(21:45) मतलब आपने बताया ब्रशिंग। हम ब्रशिंग तो दो टाइम करना ही है। जी बट सब लोग सुबह में करते हैं। बहुत कम लोग रात को करते हैं। मेरा एडवाइस है सुबह में करना मतलब छोड़ दिया तो चलेगा बट रात को कंपलसरी ब्रशिंग स्टार्ट करना 100% सुबह में छूट गया तो चलेगा। चलेगा चलेगा। रात को प्रॉपर ब्रशिंग करना जरूरी है। खाने के बाद सोने से पहले प्रॉपर ब्रशिंग और ब्रश भी थोड़ा अच्छा सा लीजिए। ब्रश में अलग-अलग मतलब यू गेट सॉफ्ट ब्रश, मीडियम, हार्ड ब्रश। नेवर यूज़ मीडियम एंड हार्ड ब्रश। हर हर इंसान को सॉफ्ट ब्रश यूज़ करना चाहिए। सॉफ्ट ब्रश। माय गॉड।
(22:24) खाली सॉफ्ट ब्रश। ओके। ओके? एंड ब्रश को हर तीन महीने में एक बार चेंज करना है। हर तीन महीने। हर तीन। डोंट अलव द ब्रश टू बिकम फ्लावर। मतलब फ्लावर का ब्रिसल सब फ्लावर जैसे बन जाता है और फ्लावर पॉट जैसे दिखता है आपका मतलब ब्रश केस तब तक मत छोड़िए हर तीन महीने में एक बार कंपलसरी ब्रश मतलब चेंज करना है माय गॉड ओके मेरे घर पे ना शायद 5 10 साल पहले मैंने एक छोटी सी हाउस पार्टी रखी थी वहां मेरे एक भाई आए थे मेरा बाथरूम यूज़ किया और मेरा ब्रश देखा और बोले कि ये ब्रश क्यों यूज़ करते हो वो हार्ड ब्रश भी था और थोड़ा सा पुराना
(23:02) भी था एंड उस एक कमेंट की वजह जैसे मैं जाना कि अच्छा ब्रशेस के भी रूल्स होते हैं। बट बहुत सारे यंग लोग भी यह देख रहे हैं पडकास्ट। तो मैं दो चीजें चाहूंगा। हमारे पास ब्रशेस हैं। आई वुड लव फॉर यू टू एक्सप्लेन कि सही ब्रशिंग का टेक्निक क्या होता है पूरे भारत के लिए। उससे पहले आपसे ये पूछना चाहूंगा कि आपने कहा कि बहुत कम लोग रात में ब्रश करते हैं। कितने कम इन परसेंटेज? मे बी लेस देन 25% पीपल। वाओ। क्यों ऐसे ही लोगों का मतलब हैबिट चल चुका है पहले से सुबह में ब्रश करना है रात को पता नहीं मतलब ब्रश नहीं करेंगे तो क्या प्रॉब्लम होता है
(23:43) ओके बट टू रिवाइंड टू द स्टार्ट ऑफ़ द पॉडकास्ट आप कह रहे हो कि स्ट्रोक भी हो सकता है हार्ट अटैक भी हो सकता है। सडन तो होगी ही। कैविटीज हर इंसान में पॉसिबल है। स्टडीज टेल दैट मोर देन 54% पीपल हैव कैविटीज। उससे ज्यादा भी है एक्चुअली। ओके? ऑलमोस्ट हर इंसान जो भी खाना खाता है लाइक चांसेस रहता है कैविटी बनने का। हम हम बिकॉज़ माइक्रो ऑर्गेन्स आर देयर। बैक्टीरिया है, सलाइवा है, सलाइवा स्टिकी है, प्लाक तो फॉर्मेशन होने वाला है, वो चिपकने वाला है तो कैविटी तो शुरू होने वाला है। ओके? अगर आप मेंटेनेंस बराबर नहीं करते तो 100%
(24:24) होगा। पर 46% में शायद नहीं होगा। कैविटी स्टडीज स्टेल बट एक्चुअली इफ यू सी इट इज मोर देन दैट। मान लो 60-70%। हां। तो मैं आपसे ये पूछना चाहूंगा सर कि ये जो लोग हैं जिनमें कैविटीज होते हैं क्यों होते हैं अदर देन लाइफस्टाइल फैक्टर्स एंड लैक ऑफ ओरल हजीन सी बेसिकली कैविटी बनने के लिए चाहिए होता है ये बैक्टीरिया जो रहता है ना मतलब लोग समझ जाते हैं हम लोग खाना खा रहे हैं हम लोग काला मतलब खाना नहीं खा रहे बैक्टीरिया को खिला रहे हैं वी आर मेकिंग बिलियंस ऑफ़ बैक्टीरिया टू ईट फूड वो क्या करता है खाना खाना खाने के बाद एज अ बाय प्रोडक्ट दे रिलीज एसिड हम
(25:09) वो एसिड की वजह से कैविटी होता है। छोटा सा कैविटी होता है। फिर बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। फिर ऐसे धीरे धीरे धीरे उसको उधर मतलब धीरे-धीरे अंदर चला जाता है वो। ओके? बैक्टीरिया इज गोइंग टू कन्वर्ट शुगर इनू एसिड। ओके। आई वुड लाइक फॉर यू टू टेक अस थ्रू अ ब्रशिंग ट्यूटोरियल। उसके पहले एक छोटा सा सवाल है। बस झट से बताइए सर कि कैविटी फॉर्म होती कैसे है और क्या है कैविटी वो दांत काला क्यों हो जाता है? ये जो बैक्टीरिया जो एसिड निकालते हैं उसी वजह से एनामल बर्न होता है। बर्न हो के कैविटी काला मतलब काला पड़ता है। एसिड जो निकलता
(25:48) है एसिड आप मतलब किसी भी एसिड आप देख लीजिए इट इज़ गोइंग टू बर्न। इट इज़ गोइंग टू कॉज डैमेज। उसकी वजह से कैविटी स्टार्ट होता है सर। ओके। सो इट्स बेसिकली जैसे अगर एसिड यहां स्किन भी डाल दिया सेम बर्न जैसे होगा सेम लॉजिक राइट उतना ही है मतलब सिर्फ एसिड से दांत बर्न हो रहा है करेक्ट पर फिर ये मसूड़ों में भी जा सकता है प्लाक की वजह से कैविटी भी हो सकता है और गम डिसीज स्टार्ट होता है ओके गम डिसीज होने के लिए सेम ये प्लाक मतलब प्लाक का ही मेन रोल रहता है गॉट इट गम डिजीज गम डिजीज बेसिकली इनफेक्शन मसूड़ों की मसूड़ों की इनफेक्शन
(26:25) ओके क्योंकि बैक्टीरिया बिल्ड अप हो रहा वहां सडन की वजह से ये जो मसूड़ा रहता है ना मसूड़ा गम्स इट कवर्स द रूट हम आपका दांत का पूरा कवर करते रहता है ये दोनों के बीच में अगर खाना फंस गया नहीं तो प्लक फॉरेशन हो गया धीरे धीरे धीरे ये ओपन होता है गम्स ओपन होता है ओके फिर स्टार्ट होता है गम डिजीज पहले के स्टेज में बताते हैं जिंजिवाइटिस पहले ऊपर का मसूड़ा वीक होता है और धीरे-धीरे उधर लाइक लाइक उधर पॉकेट फॉर्मेशन होता है उसको पॉकेट बोलते हैं जब मसूड़ा सेपरेट होता है ना थोड़ा पॉकेट जैसा ऐसे हमारा पॉकेट रहता है ना ऐसे पॉकेट बन जाता है वो पॉकेट में
(27:01) फिर से बैक्टीरिया एक्यूमुलेट होता है इट बिकम्स एन अप फॉर बैक्टीरिया मतलब निकल नहीं सकते वो धीरे-धीरे अंदर चला जाता है और हड्डी हमारा रूट्स रहता है ना रूट इज सराउंडेड बाय बोन बोन को इंफेक्शन करता है उसको हम पेरियोड ऑनटाइटिस बोलते हैं पहले जिंजेवाइटिस में अगर आप क्लीनिंग करा के आप मतलब ये करेंगे तो स्टॉप होता है नहीं तो ऐसे इससे कंटिन्यू हो के गम डिजीज पेडोंटाइटिस होता है। पेडंटाइटिस बेसिकली इट इज गोइंग टू डैमेज द फाउंडेशन। जो हड्डी रहता है ना जो रूट को पकड़ के रखता है हड्डी धीरे-धीरे गलना शुरू होता है। जैसे-जैसे हड्डी गलना मतलब होता है ना
(27:42) जैसे-जैसे दांत लूज होते चला जाता है। तो कोई ऐसी डीआईवाई पता है? डू इट योरसेल्फ। डीआईवाई टेक्निक है जिससे आपको जल्दी से पता चल सकता है कि हां मेरे दांतों में कैविटी हो रही है। हाउ कैन यू गेट टू नो क्विक? सी अ आप रोज मतलब रोज नहीं तो एटलीस्ट महीने में एक बार तीन महीने में एक बार आईने के सामने खड़ा होके आंख मतलब आप देख सकते हैं। अगर कुछ काला वाला कुछ लग रहा है आपको पता चलेगा। नहीं तो बेस्ट थिंग इज विजिट अ डेंटिस्ट एट लीस्ट वंस इन सिक्स मंथ्स। हम क्योंकि आजकल की कैविटी इडन रहते हैं। आपको दिखाई नहीं पड़ता है। एंड द बेस्ट
(28:24) पार्ट ऑफ दिस कैविटी इज़ इनिशियल स्टेज पे आपको दर्द नहीं होता है। नो पेन लाइक पीपल थिंक दैट आई एम फाइन। नो प्रॉब्लम। इनिशियल स्टेज में गम्स का भी प्रॉब्लम पता नहीं चलता क्योंकि इट इज पेनलेस। यू विल कम टू नो ओनली एट द लास्ट स्टेज। रूट कैनाल किस-किस को चाहिए रहता है सर? जब कैविटी होता है ना छोटा सा कैविटी रहता है अगर तब आप डेंटिस्ट के पास जाएंगे तो खाली उतना ही क्लीन करके उधर एक कंपोजिट दांत कलर का मटेरियल नहीं तो सिल्वर फिलिंग करके उसको उधर ही स्टॉप हो जाता है फदर कैविटी नहीं प्रोग्रेस होता है वैसे आपने नेगलेक्ट कर दिया फिलिंग नहीं कराया
(29:03) धीरे धीरे धीरे बढ़ता जाएगा एक्चुअली क्या रहता है ना हमारा दांत का बनावट देयर विल बी डिफरेंट लेयर्स ऑफ द टूथ द आउटर मोस्ट लेयर आउटर मोस्ट लेयर जो रहता है ना वो एनामल रहता है। एनामल इज समथिंग लाइक इट कवर्स द टूथ। इट इज़ अ स्ट्रांगेस्ट पार्ट। ये जैसे वायर में आप कोटिंग रहता है ना ऐसे इट कवर्स द इट इज अ प्रोटेक्टिव लेयर। ओके? उसके अंदर का लेयर जो रहता है उसको डेंटिन बोलते हैं। डेंटिन। डेंटिन। ओके? डेंटिन। इट इज द मोस्ट सेंसिटिव पार्ट। एनामल में कुछ सेंस नहीं रहता। उसके अंदर जो रहता है ना वो नस उसको पल्प बोलते हैं। एक्चुअल नस सो ब्लड वेसल्स एंड नर्व्स दैट
(29:45) सप्लाई टू द डेंटिन एंड द टूथ। हम ठीक है? जब इनिशियल स्टेज में आपका कैविटी होता है एनामल में तब आप डेंटिस्ट के पास जाके फिलिंग कराए तो ठीक है। नहीं तो धीरे धीरे धीरे वो बढ़ेगा डेंटिन में। कितने धीरे? मे बी इन अ स्पैन ऑफ़ सिक्स मंथ्स। ओके। वो डेंटिन तक चला जाएगा। तब आपको थोड़ा सेंसिटिविटी होता है। आपको थोड़ा पता चलता है कुछ तो हो रहा है। सेंसिटिविटी हो रहा है। कभी-कभी थोड़ा सा दर्द भी हो सकता है। तब भी आपने नेगलेक्ट कर दिया। तब भी आपने डेंटिस्ट के पास नहीं गया। नेगलेक्ट कर दिया। उसके बाद जाएगा वाइटल पोर्शन। दैट इज द पल्प। पल्प। अंदर का जो नस रहता है
(30:25) ना? जो रेड कलर रेड कलर है ना? उधर ब्लड वेसल्स और नर्व्स रहता है जो लाइक व्हिच इज़ अ लाइव पोर्शन ऑफ़ द टूथ। जब वो उधर तक पहुंचेगा तब दर्द होना स्टार्ट हो जाएगा। जब दर्द होगा अब डेंटिस्ट के पास जाना ही पड़ेगा। हम तब हम लोग दांत बचाने के लिए जो ट्रीटमेंट करते हैं ना उसको रूट कैनल ट्रीटमेंट बोलते हैं। ओह माय गॉड। उसमें हम लोग क्या करते हैं? जो नस रहता है ना इनफेक्शन हुआ रहता है वो इनफेक्टेड नस को हम क्लीन करते हैं निकालते हैं और उसमें कुछ मटेरियल भरते हैं गट्टा पर्चा बोल के प्लांट एक्सट्रैक्ट रहता है ओके उसको अंदर भर के दांत को बचाते हैं उसको
(31:07) रूट कैनाल ट्रीटमेंट बोलते हैं वाओ और कितना टाइम लगता है एक रूट कैनाल में सी आजकल तो बहुत एडवांसेस हुआ है मे बी इन हाफ एन आवर टू 45 मिनट्स हो जाएगा कैन आई रफली आस्क यू प्राइस इट डिपेंड्स ऑन इंडिविजुअल डॉक्टर्स ओके डिपेंड्स ऑन द स्किल ऑफ द डॉक्टर एक्सपीरियंस ऑफ द डॉक्टर जो लेटेस्ट क्या यूज करें कुछ लोग माइक्रोस्कोप से करते हैं। हमारे इधर रूट किलर ट्रीटमेंट करने के लिए माइक्रोस्कोप है, एडवांस टेक्निक्स है, लेजर्स है। कुछ लोग डायरेक्ट करते हैं। वो थोड़ा तो फर्क रहता है। बट इफ़ यू आस्क मी अ रेंज स्टार्ट्स फ्रॉम अह 2 3000
(31:48) टू 10 15000 तक डिपेंडिंग ऑन ऑल दिस फैक्टर्स डॉक्टर स्टार्स। तो मान लो यू हैव टू चार्ज 15000 वो केस कैसा रहता है? मतलब इतने खराब हो गए हैं दांत। नहीं बिल्कुल सेम रहता है। अगर एंडोडोंटिस स्पेशलिस्ट कर रहा है। माइक्रोस्कोप से कर रहे हैं। आपका ट्रीटमेंट बहुत प्रिसाइज हो जाएगा। 100% परफेक्ट हो जाएगा। तब उसका टाइम भी ज्यादा लगेगा और लेटेस्ट इक्विपमेंट्स भी यूज़ कर रहे हैं। लेजर से डिसइ्फेक्शन कर रहे हैं। ये सब करने के लिए टेक्नोलॉजी के लिए स्किल के लिए एक्सपर्टाइज के लिए दे चार्ज मोर। गॉड इट। मैं देखो सर डॉक्टर नहीं हूं। डेंटिस्ट
(32:30) नहीं हूं। मैं पेशेंट हूं। ठीक है। फॉर्चूनेटली गॉड हैज़ ब्लेस्ड मी कि मेरे दांतों में इतनी प्रॉब्लम नहीं आई है अब तक। टच वुड टच वर्ड। वुड वुड दे दो भाई। वुड बट आपसे ये पूछना चाहूंगा कि एज अ पेशेंट मेरा पर्सपेक्टिव ये है कि मैं वो ट्रीटमेंट के लिए पे करूंगा जहां मेरे लिए दर्द कम होगा। आई डोंट वांट पेन। तो दैट इज थ्रू दिस माइक्रोस्कोपिक थिंग। माइक्रोस्कोप ये दांत तो बहुत छोटी चीज होता है। जी। फर्स्ट ऑफ ऑल मुंह के अंदर काम करना इट इज सो डिफिकल्ट। उसके उसके अंदर दांत रहता है। दांत को ओपन करते हैं। उसमें कैनल रहता है। कैनल बहुत छोटे-छोटे रहता है। हम
(33:12) कभी-कभी दिखता नहीं है। ब्लाइंडली करना पड़ेगा। आपको दिखने के लिए माइक्रोस्कोप से अंदर मैग्नीिफाई करते हैं। मैग्नीिफाई करके ट्रीटमेंट करते हैं। ओके? ठीक है? दर्द कम होने के लिए मतलब लाइक इफ यू वांट टू गेट डन पेनलेस पेनलेस डेंटिस्ट्री बोले तो फर्स्ट ऑफ ऑल प्रॉपर एनस्थीसिया देना जरूरी है। बहुत लोग डरते हैं एनस्थसिया के लिए। इसलिए क्या आजकल क्या आया है? कॉन्शियस एडेशन बोल के आया। कॉन्शियस एडिशन बोले तो वी गिव नाइट्रस ऑक्साइड गैस। आपको पता है नाइट्रस ऑक्साइड इज समथिंग लाइक अ लॉफिंग गैस। आ नाइट्रस ऑक्साइड एक इक्विपमेंट रहता है उसको
(33:48) कॉन्शियस सेडेशन बोलते हैं। यूजुअली बच्चों के ऊपर ज्यादा करते हैं। लाइक इवन एडल्ट्स आल्सो आर प्रेफरिंग आई डोंट वांट एनी पेन। मेरा ट्रीटमेंट विदाउट पेन होना चाहिए। ऐसे मतलब कर सकते हैं। पूछते हैं। ऐसे सेटअप रहता है। वो हमारा पास भी है सेटअप। ठीक है? उसमें क्या करते हैं? कॉन्शियस ए सेशन डाल देते हैं। इट इज़ समथिंग लाइक सेमीकॉन्शियस। आप कॉन्शियस रहते हैं पर आपको इंजेक्शन पता नहीं चलता, ट्रीटमेंट पता नहीं चलता। दे विल बी पेशेंट विल बी मोर कंफर्टेबल गेटिंग दैट ट्रीटमेंट। कुछ ऐसे लोग होते हैं जहां जिंदगी भर मान लो उन्होंने बेसिक
(34:25) चीजें करी है। जैसे डाइट साफ सुथरा रखा है। इतना शुगर नहीं खाया है। दिन में दो बार ब्रश किया है। थोड़ा बहुत फ्लोसिंग करा है। मैं खुद की बात कर रहा हूं। बट मान लो ये सब मैंने जिंदगी भर किया। इज देयर अ चांस कि मुझे रूट कैनाल नहीं करना होगा? बिल्कुल नहीं। एंड कंसीडरिंग कि मैं 33 इयर्स का हूं। अब तक आई नो फॉर अ फैक्ट कि मेरे दांतों में यह प्रॉब्लम है कि मैं बहुत सालों तक ना जोर से ब्रश करता था और खून निकलता था हमेशा। फिर डेंटिस्ट ने मेरे को बोला कि यार इतने जोर से ब्रश मत करो। गम रिसेशन कहते हैं ना गम रिसेशन हो रही है आपकी। तो फिर उसके बाद मैंने वो
(35:00) सॉफ्ट ब्रशिंग स्टार्ट करी। बट यहां तक मेरे डेंटल प्रॉब्लम्स सीमित है अब तक। एंड आई थिंक आई रिप्रेजेंट मेनी पीपल माय एज आल्सो। तो कैन यू ड्राउ कि मेरी ट्रेजजेक्टरी क्या है? आपने सही बात बताया। कैविटी होने के लिए दो कारण रहते हैं। एक तो बैक्टीरिया ओरिजनेटेड कैविटीज। दूसरा होता है मैनमेड कैविटीज। जो लोग आर्ट ब्रशिंग करते हैं। जैसे आप आप पहले मतलब करते थे ना वैसे आर्ट ब्रशिंग करने से अब्रेजन बोलते हैं। साइड में एनामल घिस जाता है। जी। उधर भी ऐसे कैविटी होता है। एनामल घिस जाता है। घिस जाता है। हार्ड ब्रशिंग हॉरिजॉन्टल
(35:39) ब्रशिंग करने से एनामल चला जाता है। उससे सेंसिटिविटी होता है और रिसेशन गम्स का प्रॉब्लम भी होता है। ठीक है? उसको मैन मेड कैविटीज बोलते हैं। वो भी गलत है। ब्रशिंग प्रॉपर करना चाहिए। नेवर डू हॉरिजॉन्टल ब्रशिंग एंड नेवर यूज़ आर्ट ब्रश इन योर लाइफ। जो ब्रशिंग करते हैं ना आवाज भी सुनना नहीं चाहिए। मतलब लोग सोचते हैं हार्ट ब्रशिंग करूंगा जोर-जोर से करूंगा जैसे मतलब जैसे बाथरूम घिसते हैं ना वैसे कस कस ऐसे नहीं करना चाहिए इट्स वेरी डेलिकेट हैंडल योर टीथ वेरी डेलिकेटली वाओ ये पता है ये मेरे लिए जब मैं पहली बार डेंटिस्ट के पास गया कुछ
(36:16) चारप साल पहले था ये मेरे लिए बहुत शॉकिंग चीज थी मैंने एकदम शान से उनको बोला कि यार आई हैव नेवर हैड टूथ प्रॉब्लम्स वो बोले कि होल्ड ऑन फिर मैंने दांत देखे और बोले कि यू हैव गम रिसेशन जस्ट लाइक मेनी पीपल योर एज तो फिर मैंने आसपास के लोगों को पूछा और बहुत सारे लोगों में ये प्रॉब्लम है। उन्हें पता भी नहीं कि हार्ड ब्रशिंग नहीं करनी चाहिए। क्योंकि बचपन में हमें सिखाया जाता है कि एकदम पॉलिश कर दो दांतों को। बट दैट्स नॉट द राइट वे टू ब्रश। तो सर एज अ डेंटिस्ट आप बताइए ब्रश कैसे करते हैं? मुझे भी एक ब्रश दे दो सर। ये तो बड़ा मॉडल है। दिखने के लिए लाया है।
(36:53) ठीक है। ब्रश तो सॉफ्ट होना चाहिए। हां। ये एड रहता है ना इसको एड पोशन बोलते हैं। एड एड जितना छोटा रहता है उतना अच्छा है। सब जगह पे पहुंच सकता है। एड कभी-कभी इफ यू वांट टू यूज़ चिल्ड्रन ब्रश आल्सो इट इज फाइन बिकॉज़ दिस ब्रिसल्स एस टू रीच ऑल द एरियाज। बैक जिधर लास्ट दांत का पीछे की तरफ तक इसको पहुंचना चाहिए। इसको ब्रिसल्स बोलते हैं। हम ठीक है? और जो ब्रश पकड़ना है ना ऐसे आर्ट ब्रश करके ऐसे नहीं पकड़ना है। पेंटिंग ब्रश पेंटिंग आहिस्ता आहिस्ताआहिस्ता पेंटिंग पे नाजुकता हो ठीक है और जो ब्रशिंग करते हैं ना पीछे ऐसे ब्रश मत कीजिए हॉरिजॉन्टल ऐसे बिल्कुल
(37:40) नहीं करने का हम ऊपर नीचे नहीं तो राउंड राउंड ऊपर नीचे राउंड राउंड सेम ओके और एक राउंड ये होने के बाद ये थोड़ा 45° में ऐसे पकड़ना है 45° सो दैट ये मसूड़े और दांत में मतलब गैप रहता है ना ऐसे 45° ऐसे ब्रिसल्स को 45° ये गम के तरफ गम के तरफ गम्स के तरफ इधर का जो प्लाक निकालना जरूरी है नहीं तो गम डिसीज होगा हम जैसे स्पिनर बॉल को पकड़ते हैं करेक्ट वाव एंड ओनली पेंट ब्रश ऐसे हार्ट ब्रश नहीं ओके ऐसे सब जगह करने के बाद अंदर की तरफ द मोस्ट नेगलेक्टेड पार्ट जो रहता है ना
(38:25) अंदर की तरफ ठीक है? अंदर की तरफ में भी ऐसे वर्टिकल पकड़ के सब साफ करना है। और पीछे की दांत दांत के पीछे वाला एरिया इसको भी साफ करना है। ऐसे सब एरियाज यू शुड नॉट लीव एनी एरिया अनटच्ड। ओके? सेम ऊपर का नीचे का यू हैव टू मेक श्योर दैट ऑल द सरफेससेस आर रीच्ड। दो बार तो ब्रश करना जरूरी है। रात को कंपलसरी करना। सुबह उठने के बाद एनीवेज रात को ब्रश किया। मुंह तो साफ है। थोड़ा कुल्ला करो। ब्रेकफास्ट के बाद ब्रश करो। ओ वाओ। और ब्रेकफास्ट के बाद इमीडिएटली ब्रश बिल्कुल नहीं करना। आधा घंटा छोड़ के करना। क्यों? जब भी हम कुछ खाना खाते हैं
(39:11) द इट विल बिकम एसिडिक। ओरल ओरल कैविटी एसिडिक बन जाता है जब मतलब एसिडिक बन जाता है और एनामल सॉफ्ट रहता है। इफ यू आर ब्रशिंग इमीडिएटली दैट इज गोइंग टू डैमेज द एनामल मतलब आप एसिड स्प्रेड कर रहे हो खुद के मुंह में जो भी खाना खाते हो एसिड बन जाता है। एसिडिक एटमॉस्फियर बन जाता है उधर इसलिए थोड़ा रुको। आधा घंटे तक रुको। मतलब जब तक पीएच लेवल नॉर्मलाइज नहीं होता। ठीक है? ठीक है? सलावा प्रोडक्शन होता है। पीएच लेवल नॉर्मलाइज होता है। उसके बाद ब्रश करना। आपने रात को ब्रश कर दिया। रात भर कुछ भी माइक्रो ऑर्गेनिज्म्स नहीं है। सुबह उठकर
(39:50) कुली किया। अभी ब्रेकफास्ट किया। ब्रेकफास्ट के बाद ब्रश किया। नेक्स्ट सिक्स आवर्स 8 आवर्स कुछ माइक्रो ऑर्गेनिज्म्स का काम नहीं है। अब माइक्रो ऑर्गेनिज़्म्स तो खाना नहीं दे रहे हैं। हम इसलिए कैविटी होने का, गम डिसीज होने का चांसेस नहीं रहता है। सो दिस इज द आइडियल मतलब फॉर्मेट। ये फॉर्मेट आप फॉलो करेंगे तो यू कैन अवॉयड द कैविटीज आल्सो एंड गम डिसीज। व्हाट इज मैक्सिमम टाइम्स समवन कैन ब्रश इन अ डे। 2 मिनट्स नॉट मोर देन प्रॉपर्ली ब्रश करो। 2 मिनट्स इज मोर देन सफिशिएंट। लोग सोचते हैं हम लोग ज्यादा टाइम लेंगे ज्यादा साफ
(40:27) होता है। नहीं मैं कह रहा हूं मतलब अगर दिन में तीन बार ब्रश किया चलेगा। क्या होता है ना जब जब भी ज्यादा ब्रश करेंगे अब्रेजन होने का चांसेस रहता है क्योंकि टूथपेस्ट में थोड़ा अब्रेस रहता है। कुछ भी ज्यादा ज्यादा भी करेंगे तो अच्छा मतलब अच्छी बात नहीं। दो टाइम करेंगे तो मोर देन सफिशिएंट और दोपहर में भी करना है तो हल्की सी नॉट नॉट हार्ड ब्रशिंग। हम सर अगर ब्रशिंग के बाद आपने थूका हम और मान लो आपने वो टंग साफ भी करी है पर थोड़ा सा खून निकला जो मेरे साथ आज भी पहले तो बहुत होता था कि मैं हार्ड ब्रश एकदम दबा दबा के ब्रश करता था वो फिर कम
(41:04) होने लगा बट समटाइ्स ना देखो मैं अभी यहां दांतों के साथ जेंटल हूं बट विथ माय टंग एटलीस्ट मैं जोर से साफ करता हूं ब्रश के साथ कभी-कभी वहां से खून निकलता है व्हाट डस दैट से अबाउट माय बॉडी सी मेरी ख्याल से एक तो मसूड़े का प्रॉब्लम रहेगा मतलब ब्लड आने के लिए और आप ज्यादा आर्ट ब्रश यूज़ करके गम को डैमेज करें मतलब उससे भी खून निकलने का चांसेस रहता है और टंग के ऊपर भी थोड़ा जेंटली साफ कीजिए थोड़ा जेंटली मतलब आइदर यूज़ टंग क्लीनर मिलेगा हम उससे भी कर सकते हैं नहीं तो ब्रश के पीछे की सरफेस वो मतलब रफन सरफेस रहता है उससे भी कर सकते हैं और हल्की तरह से आपका का
(41:47) ब्रेस्ट से भी आप टंग को भी साफ कर सकते हैं। टंग डैमेज जैसी चीज होती है क्या? सी टंग इज समथिंग लाइक अ फार्म फॉर ऑल द बैक्टीरियास। द मैक्सिमम बैक्टीरियास टंग के ऊपर रहता है। अच्छा। प्रोडक्शन मैक्सिमम उधर करते हैं। और उधर टंग इज नॉट स्मूथ। रफ रहता है कारपेट जैसे। हम इधर ईजीली कुछ भी फंस सकता है। उधर फंसने से क्या होता है? धीरे धीरे धीरे उधर भी मतलब टंग कोटिंग आ जाएगा उससे बास आएगा मतलब बैड स्मेल आएगा एंड हियर इट इज अ प्रोडक्शन हाउस फॉर बैक्टीरिया जी जी इसलिए टंग क्लीनिंग का भी जरूरी रहता है रोज ओके सर हमने अभी ब्रशिंग की बात कर ली
(42:30) ऑब्वियसली मुझे आपको टूथपेस्ट के बारे में पूछना ही होगा क्या करें टूथपेस्ट का क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ सुना है मेरे जिंदगी के 33 सालों में इतने सारी चीजें सुनी है तू टूथपेस्ट के बारे में क्या आपके आपके टूथपेस्ट में नमक है सर। बट व्हाट व्हाट्स द एक्चुअल लॉजिक लाइक क्योंकि मेरे को किसी ने बोला था कि यू शुड कीप चेंजिंग योर टूथपेस्ट एव्री 3 मंथ्स क्योंकि आपका मुंह यूज्ड टू हो जाता है टूथपेस्ट से। बट क्या है लॉजिक क्या है सर? अ एक्चुअली अगर आप फोरफादर्स को देखेंगे दादा परदादा लाइक दे नेवर यूज्ड टू यूज़ द ब्रश आल्सो
(43:06) एंड टूथपेस्ट आल्सो। काली नीम स्टिक दातून उनसे साफ-सफाई करते थे। और धीरे-धीरे मल्टीीनेशनल कंपनी आई इंडिया में बताने लगे डोंट यूज़ ऑल दिस थिंग्स। यह नीम यूज़ मत करो। साल्ट यूज़ मत करो। ठीक है? यूज़ आवर टूथपेस्ट। दैट इज द बेस्ट। स्लोली उसको एडवरटाइजमेंट कर करके सबको सिखाया। अभी देखो वही कंपनी वाले बोलते हैं मेरा टूथपेस्ट में साल्ट है। मेरा टूथपेस्ट में चारकोल है। मेरा टूथपेस्ट में नीम है। इट्स ऑल मार्केटिंग गिमिक्स। हम सो यू आर सेइंग कि सब मार्केटिंग गिविंग सबकी एंड 80 टू 90% ऑफ़ द वर्क विल बी डन बाय ब्रश।
(43:52) बिना पेस्ट भी आप अच्छी तरह से ब्रश करेंगे तो 100% साफ होता है। दोहराइए फिर से एक्चुअली एक्चुअली इलेक्ट्रिक ब्रशेस यूज़ करते हैं ना इलेक्ट्रिक ब्रशेस दी इलेक्ट्रिक ब्रशेस आल्सो वै गुड प्रॉपर मैकेनिकली इट क्लींस ऑल द टीथ। ओके दीज़ आर एक्चुअली मेंट फॉर जिसको मतलब ब्रशिंग करना मुश्किल रहता है मस्किब जी उन लोगों के लिए बनाया था ठीक है ये प्रॉपर है अच्छा इवन एडल्ट्स एवरीवन कैन यूज़ इट दिस इज़ आल्सो गुड ऑप्शन एज एज अ डेंटिस्ट आप मानते हो कि ऐसे ब्रशेस वर्ल्ड के बेस्ट ब्रशेस होते हैं 100% 100% दे वर्क प्रॉपर प्रेशर इसमें प्रेशर का कंट्रोल रहता है ये आपको जितना
(44:38) प्रेशर डाल रहे हैं आपको पता नहीं चलता। दिस विल एग्जर्ट अ प्रॉपर स्लो मोशन व्हिच इज एक्चुअली रिक्वायर्ड। हम हम ओके। ऐसे ब्रश जब भी यूज़ करते हैं ना आइडियली यू आर नॉट सपोज टू यूज़ टूथपेस्ट। हम क्योंकि ये टूथपेस्ट यूज़ करने से ये मोटर खराब होता है। ओके? आइडियली दीज़ आर नॉट टू बी यूज़। पीपल यूज़ करते हैं पर उसे मतलब ब्रश ख़राब होते हैं। फिर से चेंज करना पड़ता है। हैंडल चेंज करना पड़ता है। कभी-कभी पूरा सेट चेंज करना पड़ता है। सो पेस्ट इज गोइंग टू हेल्प यू टू फ्रेशन द माउथ। हां। जो जरूरी है। इट इज़ गोइंग टू हेल्प यू यू लाइक ब्रशिंग।
(45:18) फ्लेवर्स रहता है। टेस्टिंग यह रहता है। उसकी वजह से पेस्ट ओके। डेफिनेटली पेस्ट टू सर्टेन एक्सटेंट। 10 टु 20% इट इज़ गोइंग टु हेल्प। बट ब्रश हैज़ मोरेंट रोल टू प्ले देन पेस्ट। ओके। अ सर जैसे आपके मुंह में भी अब्सॉर्बिव केबिलिटीज है। वहां से ही आपका डाइजेस्टिव ट्रैक स्टार्ट हो रहा है। तो जो भी टूथपेस्ट हम यूज़ कर रहे होंगे थोड़ा तो हमारे ब्लड स्ट्रीम में अब्सॉर्ब होता होगा ना। एम आई राइट? करेक्ट। तो कीपिंग दैट इन माइंड कोई ऐसी चीज है जिससे बचना चाहिए? एक चीज आप सुनते हैं फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट वै कॉमनली मार्केटेड एंड इट इज
(46:01) गुड टू यूज़ फ्लोराइड इन टूथपेस्ट इज़ ऑलवेज गुड इट इज़ अ प्रूवन साइंस ओके बट ओनली थिंग इज डोंट यूज़ इट इन द एरियाज वेयर देयर इज़ लॉट ऑफ़ फ्लोरोसिस मतलब कुछ जगह ऐसे है इंडिया में इंडिया में हर मतलब हर एक स्टेट में आपको मतलब ऐसे प्लेसेस जिधर पानी पानी में फ्लो मतलब फ्लोराइन कंटेंट ज्यादा ओके ज्यादा मतलब फ्लोराइन कंटेंट से क्या होता है? स्केलिटल प्रॉब्लम होता है। बोन डैमेज होता है। मतलब टीथ डैमेज होता है। फ्लोराइड इज वन थिंग अगर लेस इन क्वांटिटी और करेक्ट क्वांटिटी में है तो इट इज गोइंग टू हेल्प योर टीथ एंड एंड हेल्प योर
(46:39) बोनस। ओके? ज्यादा क्वांटिटी होगा इट इज़ गोइंग टू डैमेज। इसलिए ऐसे जो प्लेसेस है जहां पे फ्लोराइड कंटेंट पानी में ज्यादा है। ओके? वो लोग बिल्कुल फ्लोराइड पेस्ट नहीं यूज करने का। बट पता कैसे चलेगा? हर एक हर एक विलेज में हर एक सिटी में जो ये रहता है ना मतलब एडमिनिस्ट्रेशन उसको पता रहता है। मतलब पानी में कैसे सप्लाई हो रहा है? बॉम्बे में भी पानी छोड़ने से पहले पानी में क्या-क्या कंटेंट है? फ्लोरिन कितना है? वो सब करके छोड़ते हैं। ओके? अगर कुछ-कुछ एरिया में अगर वो ज्यादा है फ्लोराइड कंटेंट उस एरिया में बिल्कुल फ्लोराइड नहीं यूज़ करना है।
(47:18) जनरली स्पीकिंग सर बड़े शहरों में ये आप मानते हो कि फ्लोराइड प्रॉब्लम हो सकता है? कुछ बेल्ट्स है जैसे राजस्थान में कुछ ज्यादा है। हमारा कर्नाटका में भी कुछ एरियाज है। उधर फ्लोराइड कंटेंट ज्यादा है। ठीक है? उस पानी को नहीं पीना है और अगर पीना है तो लोकल एडमिनिस्ट्रेशन उसको डीफ्लोरिडाइजेशन करते हैं। पानी से फ्लोरन निकाल के कम करके उसको सप्लाई करना चाहिए। अगर वही पानी पिएंगे तो हड्डी बहुत खराब होता है। दांत भी खराब होता है। ओके। अ मैं फ्री डेंटल कंसल्टेशन ले रहा हूं आपसे। बट बेसिकली मेरा लॉजिक ये है कि आई फॉलो ऑल द ब्रशिंग रूल्स। मुझे वो
(48:02) फ्रेश वाले टूथपेस्ट बहुत सही लगते हैं सुबह में स्पेशली। आई फील कि अगर मैंने और कोई भी टूथपेस्ट यूज़ करा नमक वाला ले लो, नीम वाला ले लो, जो भी आई एम नॉट ओके विथ इट एज आई एम विथ वेरी फ्रेश टूथपेस्ट। जहां मेरे को ऐसा लगता है कि हां मैं भी सैफ अली खान हूं। यू नो तो सुबह में आई यूज़ दैट वैरी फ्रेश टूथपेस्ट। रात में मैं एक्चुअली बहुत ही ज्यादा टेस्टी वॉटरमेलन बच्चों का टूथपेस्ट यूज़ करता हूं। बहुत सही लगता है। उसका टेस्ट बहुत सही है। ओके दैट्स फाइन। इट इज गोइंग टू इंस्पायर यू टू ब्रश। ब्रश करने में मजा आता है। जी जी। इसलिए डेफिनेटली पेस्ट यूज़ कीजिए। आपको जो
(48:37) भी फेवरेट फ्लेवर है वो यूज कीजिए। पर स्वीटनर थोड़ा कम होना चाहिए पेस्ट में। स्वीटनर होता है। होता है। क्या बात कर रहे हो? जो टेस्टिंग रहता है ना उसमें स्वीटनर रहता है। अरे यार ओके। बट चीनी भी होती है उसमें। और स्वीटनर बोले तो कुछ ना कुछ चीनी मिला हुआ रहता है उसमें। अरे सर नॉर्मली ना फूड पावर की वजह से मैं पैकेटों को ऐसे घुमा के पढ़ रहा हूं। अभी मेरे को टूथपेस्ट भी घुमा के पढ़ना होगा। बट क्या लिखा रहता है टूथपेस्ट पे? स्वीटनर? स्वीटनर ये मतलब टेस्टिंग वाला पेस्ट में स्वीटनर रहता ही है। डैम व्हिच इज ऑलमोस्ट। व्हिच इज लाइक वेरी मिनिमम क्वांटिटी।
(49:18) ओके। ओके। ठीक है? एंड ओनली थिंग इज आप टूथपेस्ट खरीदते हैं ना उसमें पार्टिकल साइज रहता है। पार्टिकल साइज जितना कम रहेगा उतना अब्रेसिवनेस। अब्रेसिवनेस बोले तो दांत को ज्यादा घिसना नहीं है। आरडीए बोलते हैं। जी जी जी रिलेटिव डेंटिनल अब्रेसिवनेस वो 70 टू 100 के अंदर होना चाहिए। अगर अब्रेसिवनेस ज्यादा है आप ब्रश करेंगे ये अब्रेसिवनेस एनामल को डैमेज करेगा। ओके? इसलिए जो भी पेस्ट यूज़ कर रहे हैं आप पहले ये चेक करो अब्रेसिव कितना है? आरडीए वैल्यू कितना है? एनीवेयर लेस देन 100 70 इज मोर सेफर वो टूथपेस्ट यूज़ करेंगे तो आपका दांत सेफ रहेंगे। बहुत सारे टूथपेस्ट
(50:07) मे बी आयुर्वेदिक आई फॉलो आई वन आई लाइक आयेदा एंड ऑल दीज़ आर वेरी गुड बट ओनली थिंग इज उसमें आप पढ़ लीजिए आरडीए अगर ज्यादा है आरडीएस आरडीए ओके अब्रेसिवनेस जो पार्टिकल साइज बड़ा रहता है वो मत यूज़िए उससे दांत घिस जाता है ओके और पुराने जमाने में वो जो डेंटल पाउडर आता था उसमें भी उसमें भी आरडीए पार्टिकल साइज ज्यादा रहता बट वहां आप हाथों से यूज़ कर रहे हो तो डजंट मेक स्टिल इट्स डैमेजिंग इट इज़ डैमेजिंग पर डैमेज होता क्या है एनामल एनामल ओके और जो एकदम पुराने जमाने में लोग नीम की स्टिक क्यों करते थे एज अ मेडिकल इट इज़ गुड ओ रियली इट विल एक्ट लाइक
(50:55) एंटीबक्टीरियल आई डेफिनेटली आई पर इट इज़ नॉट लाइक अ ब्रश ब्रश हर जगह पे यू आर इवर टूथ इज़ नॉट फ्लैट। हम हम ऐसे एनाटॉमिकल रहता है। आपको सब जगह रीच होने के लिए एक ही ऑप्शन है। ब्रश करना जरूरी है। फ्लॉसिंग 100% करना जरूरी है। उसके साथ में आप वो कभी-कभी यूज़ करना चाहते हो नहीं तो एक बार ब्रश कर लीजिए। एक बार धातु नो जो भी बोलते हैं नेमस्टिक यूज़ कर लीजिए। बट ब्रशिंग इज वेरीेंट। ओके। यह मेरी एडल्टहुड की एक आदत है। अ मैं माउथ वाश बहुत एंजॉय करने लगा हूं। रेकमेंडेड और नॉट सी माउथ वाश क्यों यूज करते हैं स्मेल के लिए एलेटोसिस स्मेल जो
(51:41) बैड ब्रेथ है तो ठीक है वो मास्क करने के लिए जी जी जी पर फर्स्ट गेट टू नो व्हाई मतलब स्मेल क्यों आ रहा है बैड ब्रेथ क्यों आ रहा है ओके मैं आपको एक पेशेंट पर्सेक्टिव देता हूं यहां आई टेक केयर ऑफ़ माय टी दो बार दिन में ब्रश करता हूं आई डोंट थिंक मेरे मुंह में स्मेल का प्रॉब्लम है बट मैं बस एंजॉय करता हूं माउथ वाश। मुझे पता चला है कि जो एकदम वो कमर्शियल ब्रांड है उसका नाम नहीं ले सकता। जहां मुंह में जलन होती है वो अपेरेंटली खराब है। बट कुछ-कुछ ऐसे माउथ वाश होते हैं जो अच्छे टेस्ट करते हैं। एंड दे लीव यू फीलिंग फ्रेश आई अस्यूम्ड कि वो एकदम
(52:20) दांतों के गैप्स में घुस के मेरे मुंह को साफ करता होगा। वो माउथ वाश। इज दैट नॉट ट्रू? सी इट इज समथिंग लाइक आप अ बॉडी मतलब फ्रेगेंस के लिए आप बॉडी स्प्रे यूज़ करते हो। जी जी जी वो तो ठीक बात है। पर कुछ लोग क्या करते हैं? नहाते नहीं है। खाली बॉडी स्प्रे यूज़ करते हैं। यू हैव टू टेक द बाथ एंड देन यूज़ कीजिए। ऐसे ही प्रॉपर ब्रशिंग करके ओरल हजीन मेंटेन करके इफ यू वांट टू यूज़ द माउथ वाश दैट इज आल्सो फाइन। हम ओके? पर ज्यादा मत यूज़ कीजिए। स्पेशली मेडिकेटेड माउथवाश में कलरिंग एजेंट होते हैं। स्टेंस हो जाते हैं। मेडिकेटेड माउथश
(53:02) मेडिकेटेड क्लोरिन बोलते हैं। जी जी उसमें कलर लेयर फॉर्म होता है। इसलिए देख के यूज़ कीजिए। कभी-कभी चलेगा। उसमें भी एंटीबक्टीरियल प्रॉपर्टी रहता है। डेफिनेटली इट इज गुड। बट इफ यू आर मेंटेनिंग योर ओरल हजीन प्रॉपर्ली इट इज नॉट रिक्वायर्ड। कभी-कभी तो माउथ फ्रेशन करने के लिए यू लाइक द्लेवर डेफिनेटली बट इट शुड नॉट बी सब्सीट्यूट फॉर ब्रशिंग। हम्म प्रॉपर ओरल हजीन मेथड फॉलो करके आप मोतवाश यूज़ करना चाहते हो डेफिनेटली। मुझे याद है मेरे दादाजी यूज़ करते थे। और उनको देख के ना मैं भी उनकी बोतल उठा के ऐसे पी लेता था। एज इन पीता नहीं था। बस यूज़ करता था।
(53:42) बट उन्होंने मुझे करेक्ट किया। बोले कि कैप में पोर करके उस जहां कैप में एक लाइन होती है वहीं तक भरो और उतना ही माउथ वाश यूज़ करो। इज दैट करेक्ट डेंटल एडवाइस कि कम माउथ वाश यूज़ करना चाहिए। सी इट इज मेडिकेटेड। कुछ भी आप यूज़ करें इट इज़ अ केमिकल। जी। ठीक है? जितना कम यूज़ करेंगे उतना अच्छी बात है। आजकल की बॉटल में ऐसे होता है। आप प्रेस करेंगे तो ऑटोमेटिकली कितना क्वांटिटी चाहिए उतना ही आ जाता है। वैसे भी यूज़ कर सकते हैं। ओके। सो एस इट इज़ अ केमिकल डोंट यूज़ टू मच। माउथ वाश से रिलेटेड डेंटल वार्निंग्स क्या होते हैं? क्या कहते हो आप पेशेंट्स
(54:18) को? हम लोग एज एंड मैन नेसेसरी दो टाइप के माउथवाश रहते हैं। एक तो रहता है फ्लोराइड माउथवाश। वो बच्चों के ऊपर अच्छा काम करता है। फ्लोराइड रहता है उसमें। उससे यूज़ करेंगे तो उसको यूज़ करने का तरीका क्या है ना? मुंह में एटलीस्ट वन और टू मिनट्स रखना पड़ता है। एज आई टोल्ड फ्लोराइड इज समथिंग लाइक इम्यूनाइजेशन जो वैक्सीन लगाते हैं ना वैसे कैविटी प्रोटेक्शन के लिए फ्लोराइड इज द बेस्ट। ठीक है? अगर आप फ्लोराइड वाले माउथवाश यूज़ करेंगे। मुंह के अंदर एक दो मीट रखेंगे। वो फ्लोराइड आयरन से क्या होता है? दांत मजबूत होता है। दैट इज फ्लोराइड माउथवाश। दैट इज फॉर
(55:00) द चिल्ड्रन के लिए। अप अप टू एज ऑफ़ 15 20 इयर्स दैट इज़ ऑलवेज गुड टू यूज़ ओके देन आएगा दूसरा महोत्वाश व्हिच इज़ फॉर द बैड ब्रेथ उसके लिए अलग से रहता है ओके ऑलमोस्ट डन वि द बेसिक सर बट ये जो येलोइंग ऑफ़ टीथ है देखो मुझे कॉफी कल्चर से प्यार है टी कल्चर से भी प्यार है सर बट आई थिंक इट्स नॉट द मोस्ट आइडियल फॉर ओरल हेल्थ बताइए ये क्या लॉजिक है? अ कॉफी एंड टी बोथ आर गुड बट ओनली थिंग इज विदाउट शुगर एंड प्रेफरेबली विदाउट मिल्क। मिल्क या
(55:43) वेस्टर्न कंट्रीज में आपको पता होगा पूरा मग भर के कॉफी पीते हैं, चाय पीते हैं। बट ओनली थिंग इज उसमें वो चीनी ऐड नहीं करते। एंड आल्सो मिल्क ऐड नहीं करते। हम्म। ये दोनों अगर हट के आप कॉफी चाय पिएंगे तो इट इज डेफिनेटली इट इज़ हैविंग उसमें कुछ बहुत अच्छा ये है। मैं अस्यूम कर रहा हूं सर कि दूध में लैक्टोज़ होता है जो एक टाइप ऑफ शुगर ही है। शुगर ही है। तो आप यही लॉजिक कह रहे हो कि दूध से भी सडन हो सकती है दांतों में। ओके। होगा। होगा। होगा। ओके। मैंने एक टी कॉफी के बारे में इसलिए पूछा क्योंकि कहीं तो मैंने पढ़ा था कि अगर आपने ब्लैक टी या ब्लैक कॉफी पी ली जो
(56:25) बहुत लोग पीते हैं। मैं बीबी आई एम अ बिग ब्लैक कॉफी ड्रिंकर तो वो ब्लैक टी या ब्लैक कॉफी पीने के बाद आपको एक गिलास पानी भी पीना चाहिए क्योंकि वो एक लेयर वाश ऑफ हो जाता है। इज इट करेक्ट लॉजिक? नॉट ओनली ब्लैक कॉफी, ब्लैक टी। अगर आप कोल्ड ड्रिंक्स भी पी रहे हैं, चाय पी रहे हैं, कुछ भी पी रहे हैं, एवरीथिंग मतलब वो सब एसिड बन जाता है। जी इसलिए लाइक वेरी इंपॉर्टेंट आपको फॉलो करना है खुला करना है मैंने आपको एक तो ब्रशिंग के बारे में बताया जी ओरल हजीन अच्छा मेंटेन करने के लिए एक तो प्रॉपर ब्रशिंग दूसरा आएगा तो प्रॉपर फ्रूट मतलब फूड हैबिट्स बताया कौन सा
(57:05) फाइब्रस फूड खाना चाहिए अवॉइड ऑल दिस बेक मतलब बेक्ड फूड अवॉयड प्रोसेस्ड फूड कम करो एप्स ऑफ पिज़्ज़ा बर्गर ये सब जितना हो सके उतना अवॉयड करो। दैट इज सेकंडेंट रूल फॉर मेंटेनिंग गुड ओरलाइजेशन। ओके। थर्ड इंपॉर्टेंट है आपको कुल्ला करना है। जो भी गारगिल करो, रस करो, कुछ भी खाने के बाद कुछ भी पीने के बाद फ्लश योर माउथ। जैसे आप टॉयलेट जाने के बाद फ्लश करते हैं ना, ऐसे हर एक बार कुछ भी खाओ। कोल्ड ड्रिंक्स पियो, कॉफी टी पियो। इवन फ्रूट जूस पियो। उसके बाद फ्लश करो। ओके। बेसिकली कुछ भी खाया है, कुछ भी पिया
(57:50) है, उसके बाद गागल करना जरूरी है। जरूरी है। ओके। यू इफ यू आर अगर आप होटल को जा रहे हैं उधर तो ओपन नहीं कर नहीं कर सकते। ऐसे एक गिलास पानी लो। मुंह को वॉश करके पी लो। पीने का पानी है। खाने का चीज है। अंदर चला जाएगा। ओके। ओके। इससे आप बैक्टीरिया या कैविटी या गम डिसीज अवॉइड कर सकते हैं। ओके। जब किसी के मुंह से बास आती है सर अलग-अलग रीज़ंस हो सकते हैं। क्या आप लिस्ट आउट कर सकते हो कि क्या-क्या रीज़न है? 90% टाइम में बांस आने का मेजर रीजन है
(58:35) लोकलाइज़ फैक्टर। लोकलाइज फैक्टर मतलब मुंह के अंदर जो भी कचरा जमा हुआ है जी प्लाक कैलकुलस टार्टर बोलते हैं टार्टर टार्टर जो मतलब जो रहता है ना मतलब प्लाक बोल बोल रहा था इट इज़ अ लेयर फाउंड बाय बैक्टीरिया टार्टर कैसे बनता है वो सलाइवा में मिनरल्स आते हैं। कैल्शियम वो सब मिनरल्स आते हैं। यह प्लाक के साथ वो मिनरल्स मिलके एक सीमेंट जैसा लेयर मतलब चिपक जाता है। उसको हम टार्टर बोलते हैं। ओके? टार्टर फॉर्मेशन होने के बाद क्या होता है? फिर उसके ऊपर बैक्टीरिया बढ़ते हैं। धीरे धीरे धीरे मसूड़े को खराब करता है। हड्डी को कमर खराब करता है। हड्डी
(59:18) आपका घिसते हो जाता है। जैसे-जैसे हड्डी घिसता है वैसेवैसे टार्टर ज्यादा बढ़ते जाता है। ओके? टार्टर से गम्स इनफ्लेमेशन होता है। सूजन होता है। उसकी वजह से भी आपका मतलब बेसिकली उससे आपका मतलब 90% केस में मुंह से बांस खाने के लिए वही एक मेन चीज है। उसके साथ-साथ टंग के ऊपर कोटिंग रहता है। अगर आप टंग बराबर साफ नहीं करते तो उधर से भी स्मेल आता है। ये 90% ऑफ़ द केसेस और 10% ऑफ़ द केसेस क्या होता है? अगर आपके गट में कुछ प्रॉब्लम है, एसिडिटी है, नहीं तो आपको जो भी इंटेस्टाइन में प्रॉब्लम है, लीवर में प्रॉब्लम है, किडनी में प्रॉब्लम है,
(1:00:03) लंग्स में प्रॉब्लम है, दैट इज आल्सो वन ऑफ द रीज़न फॉर बैड ब्रेथ। उसके साथ-साथ आप लोग हैबिट कर रहे हो, गुटखा खा रहे हो, सिगरेट पी रहे हो, उसकी वजह से भी बैड ब्रेथ आता है। दैट ऑल कंट्रीब्यूट्स स्मॉल परसेंटेज। 90% स्मेल जो आता है लोकल फैक्टर्स से। लेट्स टॉक अबाउट स्मोकिंग। जितने भी मेडिकल पडकास्ट हुए हैं अब तक सों में एंटी स्मोकिंग की बातें हुई है। चाहे वो स्किन कह लो, लंग्स कह लो, अ हार्ट हेयर जो भी सेम फॉर डेंटल स्मोकिंग से दांत कैसे अफेक्ट होते हैं? स्मोकिंग से ज्यादा से ज्यादा स्टेंस होते हैं। और जिधर भी ज्यादा गर्मी होता है उधर
(1:00:47) उधर तो लोकल मतलब गम इनफ्लेमेशन होने का चांस रहता है। हम क्योंकि आप बेसिकली हीट ले रहे हो। हीट ले रहे हो। ओके। मान लो कोई चेन स्मोकर है। दिन में एक पैकेट मिनिमम स्मोक करता है। एज अ डेंटिस्ट जब आप उनका मुंह खोलते हो तो दिखता क्या है? स्टेंस दिखता है। ब्राउनिश स्टेंस दिखता है। ओके। टोबको टोबैको स्टेंस दिखता है। काले दांत? हां। ओके। अ किसी के मुंह को देख के आप बोल सकते हो कि हां ये पक्का स्मोकर है। अ स्टेंस होने के लिए और एक रीजन है किसी किसी के मुंह में क्रोमोजेनिक बैक्टीरिया रहता है। क्रोमोजेनिक बोले तो कलर क्रिएट करने वाला बैक्टीरिया रहता है।
(1:01:27) क्रोमोजेनिक। ओके? वो भी वैसे सिमिलर टू टोबको स्टेंस रहता है। उसकी वजह से भी स्टेंस हो सकता है। और ये जेनेटिक है। अ कभी-कभी जेनेटिक है। कुछ लोगों के मुंह में ये सब ज्यादा रहता है। क्रोमोजेनिक बैक्टीरिया उसकी वजह से स्टेंस होता है। तो क्रोमोजेनिक बैक्टीरिया फॉर्म कैसे होता है? सी दैट इज आल्सो वन काइंड ऑफ़ बैक्टीरिया। हर एक के मुंह में लगभग 700 डिफरेंट डिफरेंट स्पीशीज बैक्टीरिया रहता है। हम कुछ लोगों के मुंह में ये ज्यादा रहता है। कॉल इट। हमने जितने भी ग हेल्थ के पॉडकास्ट करे हैं उन सों में यही निकल के आया है कि ज्यादा सब्जियां खाओ, फल खाओ, फ्रेश खाना
(1:02:04) खाओ, दही खा लो। सेम लॉजिक फॉर माउथ बैक्टीरिया दैट दी सेम गुड फूड्स फॉर गट हेल्प माउथ बैक्टीरिया वेल। डाइजेशन स्टार्ट्स फ्रॉम माउथ। नेक्स्ट इट गोज़ टू गठ। इसलिए जो भी डाइजेशन होता है, जो भी गठ के लिए अच्छा है, जो भी खाना गठ के लिए अच्छा है, डेफिनेटली मुंह में उसको खाना चाहिए। फ्रेश वेजिटेबल्स खाओ, रोटी चाओ, चपाती खाओ, फ्रूट्स खाओ, हेल्दी फ्रूट्स खाओ। जी। डेफिनेटली वो सब अच्छे चीज़ है। टीनएजर्स और कॉलेज स्टूडेंट्स आपके पास आते हैं? बहुत सारे आते हैं। तो वेपिंग की वजह से दांतों में कुछ होता है? अ हमने ज्यादा से ज्यादा स्टेंस नोटिस
(1:02:40) किया। उसके बाद उसके अलावा और कुछ मतलब वी डिड ऑब््सर्व। ओके। तो वेपिंग से दांत स्टेन हो सकते हैं। बट कौन सा कलर? लाइक ब्राउनिश। ब्राउन। ओके। बेसिकली आपके दांतों का वाइटनेस कम हो जाता है। रोनाल्डो ने क्या किया है सर? उसके दांत बहुत खराब होते थे एक जमाने में। आई एम श्योर ही गॉट बसेस या जो भी क्या कहते हैं उसको जो बसेस दिखते नहीं क्या? हां अलाइनर्स अलाइनर्स अलाइनर्स। बट आई एम श्योर वो वाइटनिंग भी करते हैं। हां। अ कैसे करते हैं वाइटनिंग? सी वाइटनिंग तो आजकल टूथपेस्ट भी आया है और हम लोग डेंटिस्ट प्रोफेशनल ब्लीचिंग बोल के करते
(1:03:22) हैं। हम प्रोफेशनल ब्लीचिंग इज वेरी गुड लाइक वंस इन अ वाइल वी यूज़ सर्टन केमिकल्स हाइड्रोजन परऑक्साइड कार्बन परऑक्साइड यूज़ करके हम ब्लीचिंग करके स्ट्स निकालते हैं। दैट इज ओके। बट मतलब मतलब जो भी मार्केटेड टूथपेस्ट है ना ब्लीचिंग वाला वो जितना हो सके उतना कम यूज़ करिए क्योंकि उसमें अब्रेजीनेस ज्यादा रहता है। ओके वाओ आप कह रहे हो कि वो व्हाइटनिंग वाले टूथपेस्ट थोड़े से डेंजरस होते हैं। कम यूज़ करना चाहिए। कम मतलब दिन में एक बार नहीं नहीं नहीं महीने में एक बार। वाओ ओके। महीने में एक बार महीने में एक बार। तो यह जो एट द डेंटिस्ट व्हाइटनिंग होती
(1:04:04) है क्या कहते हैं? प्रोफेशनल वाइटनिंग तो पेनफुल होता है यह नहीं बिल्कुल नहीं ओके बिल्कुल नहीं लाइक हम लोग उसके ऊपर पहले क्लीनिंग करके पॉलिशिंग करते हैं उसके बाद ब्लीचिंग एजेंट आता है वो लगाते हैं सो इट इज़ वेरी सेफ प्रोसीजर कितना टाइम लगता है मे बी लेस देन हाफ एन आवर ओके प्राइस सी डेंटिस्ट का प्राइस तो एक ही फिक्स नहीं रहता अलग-अलग डेंटिस्ट का अलग-अलग चार्जेस रहता है और एजेंट्स जो बहुत अच्छा क्वालिटी एजेंट्स है वो थोड़ा महंगा होता है नहीं तो कम वाला भी रहता है। मे बी रेंजेस फ्रॉम 5000 टू 20000 डिपेंडिंग ऑन द डेंटिस्ट। ओके मैं एक्चुअली जब 5 साल
(1:04:48) पहले गया और वो डेंटिस्ट ने मुझे बताया कि आपके गम रिसीव कर रहे हैं। मैं एक्चुअली गया था टीथ वाइटनिंग के लिए पूछने के लिए कि ये क्या सीन है? तो वो बोले कि नहीं पहले आप गम्स को ठीक कर लो। फिर मुझे एक प्रेपरेटरी फेस दिया और फिर मैं वाइटनिंग के लिए गया ही नहीं। बट ये ये लॉजिक क्या था? साइंटिफिकली स्पीकिंग किसी का दांत कंप्लीट वाइट नहीं रहता। ऊपर का एनामल जो दिखा है ना लेयर दैट इज वाइट इन कलर। हम उसके अंदर का जो लेयर रहता है डेंटिन बोलते हैं। डेंटिन का कलर ऑलवेज येलोइश रहता है। इनिशियली बचपन में सबका दांत ज्यादा से ज्यादा वाइट रहता है। धीरे-धीरे
(1:05:27) जैसेजैसे एनामल कम होता जाएगा अंदर का जो डेंटिन रहता है ना वो तो येलो तो दिखने वाला है। जी। ठीक है। वो 100% वाइट वाइटनिंग जो बोलते हैं ना वो मतलब इट इज नॉट पॉसिबल। गॉट इट। गॉट इट सर। दारू से ओरल हेल्थ खराब होती है। दारू पीने से क्या होता है? डिहाइड्रेशन होता है। ड्राई माउथ होता है। लोकल डिहाइड्रेशन पूरा बॉडी में डिहाइड्रेशन होता है। ओरल कैविटी में भी डिहाइड्रेशन होता है। सलाइवा प्रोडक्शन कम होता है। जब भी सलाइवा सलाइवा इज वेरी गुड। इट फ्लशेस ऑल द माइक्रो। जो भी अंदर कीटाणु रहते हैं सब फ्लश कर करता रहता है हमेशा कंटीन्यूअस
(1:06:11) जब दारू पीते हैं डिहाइड्रेशन होता है ओरल कैविटी में मतलब ड्राई होता है जब भी ड्राई होता है तब कैविटीज होने का चांसेस ज्यादा रहता है ओके और दूसरी बात डेफिनेटली अगर आप कंसंट्रेटेड ज्यादा ज्यादा पिएंगे तो दैट इज वन ऑफ़ द रीज़न फॉर कैंसर कंसंट्रेटेड दारू ड्राई मतलब विदाउट मिक्सिंग कच्चा कच्चा वाओ रियली तो आप आप कह रहे हो मिक्सर के बिना अगर यूज किया इट्स शोन टू कॉज इट टू कॉज इरिटेशन जो भी मुंह में इरिटेशन होता है कैंसर बनने के लिए मेन रीज़ इरिटेशन लोकल इरिटेंट्स तो जब लोग शॉर्ट करते हैं ना शॉर्ट करने के बाद ऐसेसे करते हैं दैट्स बेसिकली
(1:06:51) इरिटेशन इट इज गोइंग टू फर्स्ट ऑफ ऑल एरो द एनामल आल्सो देन डैमेज द म्यूकोसा अंदर का स्किन को हम लोग म्यूकोसा बोलते हैं यह आपने देखा है यंग लोग में कि श पी पी के ओरल हेल्थ खराब हो गई। बहुत सारे लोग देखा है हमने। बट व्हाट डस इट मैनिफेस्ट एस? सी बेसिकली दारू इज नॉट एज डेंजरस एज टोबैको। जो टोबैको से कैंसर होते हैं उतना परसेंटेज नहीं है। पर कॉम्बिनेशन दोनों कर रहे हैं तो डेफिनेटली बहुत फास्ट होगा। वो आप कह रहे हो वो है महाकॉकटेल। करेक्ट। नॉट इंटेंडेड बट ओके अभी सर वो प्री मूवी मुकेश के बारे में बात करते हैं।
(1:07:39) मुझे बहुत डर लगता है मुकेश बनने से। इवन इफ आई हैव नेवर डन गुटखा इन माय होल लाइफ फिर भी वो देख के डर लगता है। एज अ डेंटिस्ट समझाइए मुकेश की रियलिटी क्या है गुटखा खा के? सी मुकेश का बात तो अलग है। उन्होंने गुटखा खाया। बहुत ज्यादा गुटखा खाया, तंबाकू खाया। जिसकी वजह से उसको कैंसर हुआ सब दिखाते हैं। हम लोग बहुत सारे पेशेंट को देखते हैं जो मतलब जिंदगी में गुटखा को टच नहीं किया, तंबाकू नहीं खाया, स्मोकिंग नहीं किया। फिर भी उनको ओरल कैंसर हो रहा है। बट व्हाट व्हाट आर द कॉजेस? द सेकंड रीज़न नेक्स्ट टू टोबैको। ओरल कैंसर का रीज़न है टीथ।
(1:08:26) शार्प टीथ। विडम टूथ ब्रोकन रूट्स जो विडम टूथ आते हैं ना बहुत से लोगों को साइड में आता है। जिसको नहीं आता है वो टिक पाते हैं। जिसको अंदर फंसा हुआ रहता है उसको निकालना पड़ता है। ज्यादा से ज्यादा ऊपर का जो विज़डम मतलब आता है ना टीथ वो साइड में आता है। जो अंदर का स्किन रहता है ना उधर आके कंटीन्यूअस चुभता रहता है। कैंसर सेल बनने के लिए किधर भी कंटीन्यूअस इरिटेशन होता है ना घिसता रहता है। उस जगह पे कैंसर सेल्स होने का चांसेस ज्यादा रहता है। समझो आपका दांत सब फ्लैट हो गया। आपका मतलब एज की मतलब एज जाते-जाते आपका दांत फ्लैट होते हैं।
(1:09:05) कभी-कभी किसी लोगों को क्लचिंग ऐसे क्लचिंग हैबिट रहता है। ब्रिजम हैबिट रहता है। उससे क्या होता है? दांत घिस जाते हैं। दांत शार्प बन जाते हैं। उसकी वजह से भी कंटीन्यूअस इरिटेशन जीभ में कैंसर हो सकता है। अंदर म्यूकोसा बक्कल म्यूकोसा में कैंसर हो सकता है। रिसेंटली लास्ट वीक एक लेडी आई थी। उनको एक फौ्टी प्रोस्थेसिस फौ्टी प्रोसेस मतलब इधर दांत बिठाया था। वो बराबर नहीं बिठाया था। वो शार्प एज वो शार्प पेज उधर कंटीन्यूस इरिटेट करके करके करके बहुत साल एकदम से नहीं होता। एक महीने में, दो महीने में नहीं होता है। वो सब डैमेज करके
(1:09:43) करके हमने एग्जामिन किया। ऑलरेडी देयर इज़ अ एडवांस स्टेज ऑफ़ कैंसर। होल कैंसर एंड शी वाज़ लिटरली क्राइंग। मैंने जिंदगी भर कुछ भी नहीं किया मेरे को। क्यों? इवन दिस हैज़ टू बी पीपल हैव टू बी वेरी केयरफुल। दिस इज़ अ अनदर वेरी कॉमन थिंग फॉर द ओरल कैंसर। थैंक यू। आप ओपन फोरम में बता रहे हो। यू नो रिस्पेक्ट फॉर योर वर्क बिकॉज़ ऑफ दी थिंग्स। सवाल आपके लिए है सर कि किसी यंग पर्सन के माउथ को देख के आपको पता चल सकता है कि दिस इज अ कैंडिडेट फॉर कैंसर। यस ऑफकोर्स है। जैसे कि ओरल कैंसर का दैट इज वन बिग एडवांटेज फॉर ओरल कैंसर। यह है
(1:10:28) ना बाकी का कैंसर आपको पता चलने में लेट हो सकता है। अगर आप हर छ महीने में एक बार प्रॉपर डेंटिस्ट के पास आके ओरल स्क्रीनिंग कराएंगे खाली दांत नहीं ओरल स्क्रीनिंग बोले तो यू हैव टू गेट चेक्ड ऑल द स्किन इनसाइड म्यूकोजा जो बोलते हैं टंग टंग का बॉर्डर अंदर का लिप्स सब जगह पे अगर प्रॉपर स्क्रीनिंग करेंगे अगर किधर भी आपको वाइट पैचेस दिख रहा है वाइट पैचेस वाइट पैचेस ल्यूकोप्लेकिया बोलते हैं ल्यूकोप्लेकिया नहीं तो रेड पैचेस एरथ्रोप्लेकिया बोलते हैं और किसी को लाइकन प्लानस होता है। लाइकन प्लानस दिस हैपेंस बिकॉज़ ऑफ़ स्ट्रेस टेंशन। टेंशन
(1:11:14) की वजह से अंदर एक लेस जैसा बन जाता है। और इट विल लाइक ऑल द टाइम बर्निंग। दैट इज़ आल्सो रीज़न फॉर ऑल दिस कम्स अंडर प्री कैंसरस लीजंस। हम जो बोलते हैं ना कैंसर से पहले जो आता है उसको प्री कैंसरस बोलते हैं। प्री कैंसरस में ये सब आते हैं। ल्यूकोप्लेके आता है। एरथ्रोप्लेके आता है। लाइकन प्लानस आता है। और एक आता है ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस। जो भी लोग ज्यादा स्पाइसी खाते हैं और टोबैको ज्यादा खाते हैं उनको क्या होता है ना अंदर का स्किन रफ होता है रफ हो जाता है और मुंह खोलने में मुश्किल हो जाता है
(1:11:57) पूरा स्किन हार्ड हो जाता है और ऑल द टाइम स्किन बर्निंग रहता है दैट इज आल्सो वन ऑफ द प्री कैंसरस लीजन ये सब प्री कैंसरस लीजंस योर डेंटिस्ट कैन आइडेंटिफाई मोर डेंटिस्ट आइडेंट आइडेंटिफाई करके आपको बताएगा अगर आप लोग डेंटिस्ट के पास इसलिए जरूरी है दांत का दिखाना वो अलग बात है। दांत के साथ-साथ आपको ओरल कैंसर आपको पता है इंडिया में इंडिया इज द हाईएस्ट आपको हाईएस्ट कैंसर पेशेंट इंडिया में दिखते हैं। उनमें से 30% कैंसर जो होता है ना ओरल कैविटी में। माय गॉड। 30% ओरल कैंसर्स एंड ऑल दिस 30% वी कैन प्रिवेंट अगर आप
(1:12:44) लोग फ्रीक्वेंट डेंटल चेकअप कराएंगे ओरल स्क्रीनिंग नॉट ओनली डेंटल मतलब कंप्लीट ओरल स्क्रीनिंग अगर कराएंगे आपका डेंटिस्ट बताएगा मे बी अगर आप टोबेको स्मोकिंग चिविंग टोबैको कर रहे हो तो आपको 100% जाना पड़ेगा अगर आप नहीं कर रहे हो तो भी अगर आप छ महीने में एक बार जाके दिखाएंगे एक्चुअली हमारा सेंटर भी हमने प्री कैंसरस डेंटल क्लीनिक इंप्लांट सेंटर एंड प्री कैंसरस ओरल प्री कैंसरस सेंटर बोल के दाम रखा है क्योंकि वी आइडेंटिफाई हमारे क्लनिक में बहुत सारे लोग एटलीस्ट महीने में तो मिनिमम 10 20 लोगों को
(1:13:28) आइडेंटिफाई करते हैं फॉर प्री कैंसर प्री कैंसर बहुत सारे कैंसर पेशेंट्स आते हैं म गॉड दिस इज प्रिवेंटेबल। एंड यू थिंक द फ्रीक्वेंसी इज गोइंग अप? हां, डेफिनेटली। वाओ। ओके। ये जो आपने कहा कि 30% ऑफ़ ऑल कैंसर पेशेंट्स इन इंडिया आर ओरल कैंसर रिलेटेड। अभी इन 30% में से कितने गुटखा यूज़र्स हैं और कितने नॉन गुटका? मे बी 90% गुटखा। गुटखा। 10% माइट बी अदर रीज़ंस। 90% गुटखा मतलब द मेन कल्पेट द मेन विलेन ऑफ ओरल हेल्थ सीम्स टू बी गुटका एंड टोबैको
(1:14:15) टोबैको टोबैको ओवरऑल टोबैको चिविंग टोबैको बोल दीजिए चिविंग टोबैको चिविंग टोबैको ये जो स्मोकिंग करते हैं ना ये चिविंग टोबैको करने से कैंसर दोनों ब्रदर्स है ये मतलब बीड़ी सिगरेट हो गुटखा हो अगर आप बीड़ी सिगरेट पीते हो तो दिस दैट इज गोइंग टू कॉज यू थ्रोट कैंसर, लंग कैंसर एंड आल्सो कंट्रीब्यूट्स फॉर द ओरल कैंसर। ये जो चिविंग टोबैको है ना दैट इज गोइंग टू डेफिनेटली कॉज ओरल कैंसर। डॉक्टर पुतांबेकर जो एक बहुत मशहूर कैंसर सोचने आए थे शो पे। उनकी एक बात मेरे साथ रह गई। उन्होंने कहा कि जब मुंह में रेगुलरली छाले आ रहे हैं। वो भी एक वार्निंग साइन
(1:14:55) हो सकती है। बराबर। ये भी आपकी दुनिया में दिखाई देता है। बहुत दिखाई देता है। सो पीपल हु गेट रेगुलर छाले। हां। नॉन ईलिंग नॉन हीलिंग बोले तो छाले आके चले गए तो वो नहीं है कुछ छाले ऐसे आता है आके जाएगा नहीं छालों का लॉजिक क्या होता है मतलब अल्सर अल्सर एक तो रहेगा कुछ डेफिशिएंसी ओके विटामिन डेफिशिएंसी रहेगा नहीं तो आपने बराबर नींद नहीं हुआ ओ स्ट्रेस स्ट्रेस रिलेटेड ओके मैंने खुद के बॉडी में यह देखा है कि जब अह मान लो मेरी गट हेल्थ बेस्ट जगह में नहीं है इफ माय गट इज़ इन इन्फ्लएमड्ड आई यूजुअली गेट वन झाला फिर डर लगता है। फिर डॉक्टर पुतांबेकर की
(1:15:35) बातें याद आती है। फिर मैं एक दो हफ्ते एकदम क्लीन खाता हूं। नाजुकता से खाता हूं। बट यू नो आई डोंट लाइक एजिंग सर। एज अ मैन टू मैन कॉन्वर्सेशन यार मतलब नोबडी लाइक्स एंड आई एम आई टेक केयर ऑफ़ माय हेल्थ। फिर भी यार रियलिटी ऑफ़ ह्यूमन लाइफ है ये। अ दैट्स व्हाई दीज़ कॉन्वर्सेशंस आरेंट। ओके। अ एजिंग की बात हमने अभी करी है। तो आपसे ये पूछना चाहूंगा जैसे यू नो एज के साथ स्किन भी फिर लूज होने लगती है। एंड दैट्स व्हाई पीपल गेट ऑल दोज़ बोट टॉक्स या जो भी कह लो एक नेचुरल प्रोसेस है। उसी तरह दांतों के लिए एजिंग प्रोसेस की वजह से आई अस्यूम कि दांत इवेंचुअली हर किसी
(1:16:17) के गिर जाते हैं। आई थिंक वेरी रोंग मिसकंसेप्शन है। बहुत सारे लोग क्या करते हैं? चलो अभी मेरा 60 साल हो गया। अभी दांत का काम जो ओरिजिनल दांत का काम अभी खत्म हो गया। चलो जाके निकाल देता हूं। दांत बिठा देता हूं। दिस इज वेरी रोंग मिसकंसेप्शन। दांत जो हमारे साथ आए हमारे साथ ही जाना चाहिए। वो मतलब टीथ आर फॉर द लाइफ टाइम। अगर आप पहले के जमाने में फॉसिल्स और स्कल दिखा मतलब स्कल में देखते हैं तो यू फाइंड ऑल द टीथ आर इंटैक्ट। हम मिलियंस ऑफ इयर्स बैक जो दांत है अभी तक परफेक्ट है। आई अस्यूम बिकॉज़ ऑफ़ मॉडर्न लाइफस्टाइल यू नो जैसे पहले इतने पिंपल्स
(1:17:01) नहीं हुए करते थे लोगों को। पिंपल्स आल्सो आई अस्यूम दैट कि ओरल हेल्थ हैज़ जस्ट बिकम बैड इन जनरल। बट आप कह रहे हो कि आइडियल केस में डेथ तक दांत होने चाहिए। बचा सकता है। बचा सकता है। जस्ट थ्रू दोज़ बेसिक थिंग्स जो आपने फर्स्ट हाफ में एक्सप्लेन करे। तो यह बताइए सर कि यह टूथ रिप्लेसमेंट इंप्लांट किसको चाहिए रहता है? सी जिसका दांत नहीं है जिसने दांत निकाला मे बी देयर मेनी रीज़ंस एक्सीडेंटली आपका दांत गिर गया। अगर एक्सीडेंटली आपका दांत गिर गया रूट इज इन प्रॉपर कंडीशन वो दांत को भी वापस डाल सकता है। मतलब लगा सकते हैं। रीइंप्लांटेशन बोलते हैं। चलो आप
(1:17:44) साइकिल गिर गए मोटरसाइकिल गिरे दांत आपका बाहर निकला। इफ दैट दांत इज इन अ गुड कंडीशन जितनी जल्दी हो सके आप अपने डेंटिस्ट के पास मतलब जाएंगे तो वही दांत वो फिट कर देगा। वही सॉकेट में परफेक्टली फिट हो जाएगा। ओके? अगर वो टूट गया पूरा डैमेज हो गया नहीं तो कैविटी हो गया मतलब रूट के नहीं किया धीरे-धीरे पूरा सड़ गया निकालना पड़ेगा मसूड़े का प्रॉब्लम द मोस्ट कॉमन रीजन दांत गिरने के लिए मोस्ट कॉमन रीजन मसूड़े का प्रॉब्लम गम डिजीज गम डिजीज एंड व्हाट आर कॉज ऑफ़ गम डिजीज वही सेम सेम प्लाक टार्टर के बारे में बताया ना वो सीमेंट जैसे चिपक जाता है और
(1:18:26) लोगों के दिमाग में एक ऐसी चीज है दांत दांत का क्लीनिंग कराएंगे तो दांत ढीला हो जाएगा। दिस इज अ वेरी कॉमन मिसकसेप्शन। मिथ है सब लोगों में। दांत का क्लीनिंग यानी कि डेंटिस्ट के यहां डेंटिस्ट क्लीनिंग करने से दांत डिले हो जाते हैं। दिस इज अ वेरी वेरी कॉमन मिसकसेप्शन लोगों के बीच में हम हर एक आदमी एटलीस्ट इयरली वंस प्रेफरेबली सिक्स मंथ्स में एक बार कराएंगे तो और भी अच्छी बात है। एटलीस्ट साल में एक बार आपके डेंटिस्ट से क्लीनिंग कराना क्योंकि जितनी अच्छी तरह से आप ब्रशिंग करेंगे तो फिर भी दांत के बीच में थोड़ा तो थोड़ा-थोड़ा तो बचा रहेगा। उसको
(1:19:04) क्लीन करने के लिए डेंटिस्ट ही कर सकता है। प्रोफेशनल टूथल टूथपेस्ट प्रॉपर मतलब स्केलिंग बोल के करते हैं। स्केलिंग और ओरल प्रोफाइल एक्सक्सिस बोलते हैं। मतलब ये हर इंसान को करना चाहिए। इंसान को करना चाहिए। ओके। यहां एक डेंटिस्ट के पर्सपेक्टिव से ये टूथ क्लीनिंग होती क्या है? सी क्या करते हैं? अल्ट्रासोनिक क्लीनर रहता है। वाइबेशंस रहता है। वो वाइबेशंस से क्या करता है? अंदर का सब भी कचरा रहता है। दांत के बीच में स्पेशली उधर ब्रश बराबर जाएगा नहीं और पीछे की दांत में उधर भी ब्रश पहुंचेगा नहीं उस जगह पे जहां पे ब्रश बराबर नहीं पहुंचता है और जितना
(1:19:43) अच्छे अच्छी तरह से मेंटेनेंस करोगे तो भी साल में एक बार जैसे आप कार वाशिंग करते हो जितना भी आप रोज घर में वाश करेंगे फिर भी इधर-उधर चिपका रहता है। उसके लिए आपको कार वाशिंग के लिए जाना ही पड़ेगा। ऐसे ही ओरल प्रोफाइलस हर छ महीने एक बार और एटलीस्ट साल में एक बार कंपलसरी क्लीनिंग कराना और मैं बता रहा था मिसकंसेप्शन के बारे में ढीला होता है वेरी कॉमन अब सिटी में भी हम मतलब बहुत सारे पेशेंट पूछते रहते हैं क्या होता है ना धीरे-धीरे एक टार्टर टार्टर इज अ सीमेंट लाइक थिंग वो चिपक जाता है टार्टर मतलब चिपकने के बाद क्या करता है धीरे-धीरे हड्डी घिसना
(1:20:22) शुरू होता है हड्डी कम होता है जहां पे हड्डी कम होता है और टार्टर बढ़ जाता हम यह नेचुरली जो बोन रहता है ना यह बोन दांत को पकड़ा हुआ रहता है। अब जैसेजैसे बोन कम हो रहा है उधर टार्टर फॉर्म हो रहा है। वो टार्टर क्या होता है? आर्टिफिशियली दांत को पकड़ता है। आर्टिफिशियल सीमेंट लाइक थिंग सीमेंट जैसे वो पकड़ के रहता है। और डेंटिस्ट क्या करता है? वो सीमेंट निकालता है। वो सीमेंट निकालने के बाद ऑटोमेटिकली लोगों को लगता है दांत डिले हो रहे हैं। ओ ओके ओके एक्चुअली डेंटिस्ट लोगों का भी गलती है। अगर हर एक डेंटिस्ट ये करने से
(1:21:01) पहले क्लीनिंग करने से पहले पेशेंट को पूरी तरह से समझाना चाहिए। ये जो टार्टर है दिस इज नॉट अ गुड थिंग। हम हम इट इज अ बैड डिपॉजिट। उसको अगर नहीं निकालेंगे तो और धीरे-धीरे मसूड़े का प्रॉब्लम बढ़ेगा। दांत तो 100% गिरेगा। अभी हम वो टार्टर निकालने के बाद आपको दांत ढीला लगेगा। एक्चुअली हुआ नहीं है। उधर जो बैड सीमेंट है ना वो हमने निकाल दिया। वो निकालने के बाद मसूड़ा और भी अच्छा हो जाएगा। अगर वैसे ही छोड़ेंगे तो एकद साल में दांत गिरने वाला है। अगर हम करेंगे तो और 10 15 साल चलने वाला है। घर पे घर पे नहीं निकाल सकते टाटा।
(1:21:41) बिल्कुल नहीं। इट इज अ वैरी हार्ड थिंग। ब्रशिंग से नहीं निकलेगा वो। ऑडियंस को मैं ये कहना चाहूंगा। मेरा भी ये एक्सपीरियंस रहा। मेरा बेसिकली टाटा ना नीचे के जो फ्रंट टीथ है उसके जस्ट पीछे से मैक्सिमम निकला है। सब कुछ इधर ही होता है। दैट इज अ हिडन प्लेस। सब जगह पे होता है पर उधर ज्यादा होता है। एंड निकालने के बाद ऐसा लगता है कि आपके दांत नंगे हैं। नंगे हैं और रफ रफनेस फील हो रहा है और गैप गैप लग रहा है। एक्चुअली वास अ बैड डेपोजिट यू फील वैरी कॉन्शियस ऑफ़ हैविंग अ स्कल कि आपको स्केलेटन की तरह लगता है अंदर। बट देन यू गेट यूज्ड टू इट।
(1:22:15) वो मेरी डेंटिस्ट ने भी कहा था कि यू विल फील लिटिल वियर्ड फॉर सम टाइम बट इट्स हेल्दी। टार्टर में क्या-क्या छिपा है? मतलब टार्टर में एक तो रहता है फूड पार्टिकल्स और कैल्शियम जो सलाइवा से निकलता है कैल्शियम जो रहता है वो रहता है उसके साथ-साथ वो सलाइवा वो सब मिलके इट बिकम्स आ सब्सटेंस सीमेंट लाइक सब्सटेंस ओके वाओ ओके वेरीेंट ये की पॉइंट है क्योंकि ये सब कोई स्कूल कॉलेज में सिखाता नहीं बट इट्स वेरीेंट तो सवाल ये है सर कि इफ यू नेवर गो टू द डेंटिस्ट और फिर टार्टर कलेक्ट होते गया सडन हो गई पहले ये वाले वाले दांत गिरेंगे। आई अस्यूम 100% सही बताया
(1:22:55) आपने। जिसको भी गम डिसीज होता है ना मैक्सिमम मैक्सिमम बोले तो सब लोगों को फर्स्ट जो दांत इफेक्ट होता है ना नीचे का सामने का दांत वो पहले ढीला होता है। बिकॉज़ देयर मैक्सिमम टार्टर ग्रोथ मैक्सिमम टार्टर होता है। ओके। और और लोग बहुत सारे पेशेंट आते हैं ना वही बात बताते हैं। पिछले छ महीने पीछे मेरा सब ठीक-ठाक था। अभी एकदम से लूज़ हो। ऐसे नहीं होता है। इट हैप्स इन स्पैन ऑफ़ 5 साल 10 साल आपने टार्टनर नहीं निकाला। उसके मतलब पिनिंग नहीं करा है। धीरे धीरे धीरे एक टाइम जो जो 10% हड्डी धीरे-धीरे 20 होता है 30 होता है। ऐसे जैसे-जैसे मोर
(1:23:33) देन 60% 70% बोन लॉस होता है। ऑटोमेटिकली दांत लूज़ होता है। क्या अगले 15 20 सालों में ऐसी टेक्नोलॉजी आएगी जिसकी वजह से हम गम को रिबिल्ड कर पाएंगे? अभी तक तो जो भी जे जबड़े का अड्डे है ना वो वापस नहीं जनरेट होता। वंस इट इज गॉन कंप्लीटली गॉन। इसलिए द ओनली थिंग इज उसको बचा के रखना है। ओके बेस्ड ऑन एवरीथिंग यू सेड इट। थैंक यू फॉर ऑल द एजुकेशन। मजा आ गया। बहुत स्टिमुलेटेड था। बट इस पूरे एपिसोड के क्लाइमेक्स में मैं आपको कुछ केस स्टडीज दूंगा। आप बताइए डेंटिस्ट का पर्सपेक्टिव। ठीक है? तो वी हैव गॉट सम इमेजेस। लेट्स बिगिन एंड मैम प्लीज चिप इन
(1:24:19) व्हेयरवर यू फील। वाओ छी ये ये क्या हो रहा है सर? दिस इज वेरी बैड रोटिंग ऑफ द टीथ। करेक्ट। करेक्ट। पूरा पीछे का दांत तो पूरा सड़ चुके हैं। निकालना पड़ेगा। सामने का दांत बचा सकते हैं। ट्रीटमेंट करके फिलिंग करके रूट के करके बचा के उसके ऊपर कैप बिठा सकते हैं। कैप कैप ओके एंड ये जो पेशेंट है क्या इनको इंप्लांट चाहिए रहेगा? या दांत निकालने के बाद एंड बहुत सारे लोग सोचते हैं चलो 32 दांत है। एक एक निकलेगा तो क्या होगा? जी। दिस इज अ वेरी कॉमन नेग्लिजेंस। एंड आपको पता है फर्स्ट टीथ मैक्सिमम जो लोग मतलब
(1:25:08) मिसिंग होते हैं ना ऑलमोस्ट लाइक 15% ऑफ द पीपल में 30 इयर्स से पहले फर्स्ट मोलार बोलते हैं। फर्स्ट मोलार जो दांत रहता है ना फर्स्ट मोलार दांत दैट इज द ट्रूथ। हम लोग 60% खाना उस उस दांत से खाते हैं। एंड स्टडीज टेल दैट अराउंड 10 टू 15% लोग 30 साल पहले उसको को मतलब निकाल जाते हैं। वो निकालने से क्या होता है? बाकी के दांत के ऊपर प्रेशर ज्यादा पड़ेगा। अगर बिठाएंगे नहीं। क्योंकि ईटिंग हैबिट्स के मुताबिक दैट्स द टूथ दैट यूज़ द मोस्ट। करेक्ट। क्योंकि जो मुंह में परमानेंट दांत है ना दैट इज वन ऑफ़ द फर्स्ट टू कम। मोलार दांत में वो फर्स्ट रहता है आने का।
(1:25:52) मतलब जब बचपन में आपके दांत पहली बार गिरते हैं तो पहले वो गिरता है। हां वो जो आता है ना दैट इज वेरी कॉमनली लॉस्ट हम बाय नेगलीजेंस अगर वो निकला तो बाकी के दांत के ऊपर प्रेशर ज्यादा पड़ेगा। इसलिए फर्स्ट ऑफ ऑल उसको मेंटेन कीजिए। उसको जितना हो सके पहले दिखा के फिलिंग रूट किलर जो भी करा के बचा के रखिए। अगर ऐसे जो फोटो में दिखा रहे हैं ना ऐसे पूरा खराब हो गया तो फिर निकालना पड़ेगा। निकालने के बाद अगर आप नेगलेक्ट कर दिया चलो क्यों बिठाना बाकी का दांत तो ठीक-ठाक है। अगर आप नेगलेक्ट करेंगे तो बाकी के दांत भी वीक हो सकते हैं। और खाने का
(1:26:28) कैपेसिटी चींग कैपेसिटी भी कम होता है। इसलिए वो दांत बिठाना जरूरी है। एंड बेस्ट वे दांत बिटाने का दैट इज डेंटल इंप्लांट्स। डेंटल इंप्लांट। दांत मिटाने का अलग-अलग ऑप्शंस रहता है। एक तो आपने देखा होगा निकालना डालना सेट जो लोग बुजुर्ग पहनते हैं रोज निकालते हैं। जी बत्ती सी वो निकाल के रखते हैं। वो एक ऑप्शन रहता है। और दूसरा ऑप्शन रहता है वी कॉल इट एस ब्रिजिंग। इधर देखिए एक दांत नहीं है। एक दांत बिाने के लिए हम लोग ब्रिजिंग करते हैं। ब्रिजिंग में क्या करते हैं? बाजू का दो दांत का है ना ग्राइंडिंग करते हैं। ग्राइंडिंग बोले तो छोटा कर देते हैं।
(1:27:09) छोटा करके ये दोनों दांत का सपोर्ट लेके ऐसे दांत पिटाते हैं। इसको ब्रिजिंग बोलते हैं। ओके। इसमें क्या होता है? दोनों दांत का सपोर्ट लेते हैं। इसका प्रेशर बीच वाले का दांत का प्रेशर दोनों बाजू के दांत में पड़ेगा और साथ-साथ में हेल्दी दांत को ग्राइंडिंग करना पड़ता है। पेन होता है ग्राइंडिंग में। थोड़ा तो सेंसिटिविटी तो होता है। यह तो अनदर ऑप्शन दांत बिटाने के लिए यह मतलब कॉमन ऑप्शन सब लोग बिटाते हैं। ब्रिजिंग ब्रिजिंग करके बिटाते हैं। अभी नेक्स्ट अभी जो रिसेंट आया और द बेस्ट वे जो दांत बिाने का है उसको इंप्लांट बोलते हैं।
(1:27:47) डेंटल इंप्लांट में हम लोग क्या करते हैं? समझ लीजिए एक दांत नहीं है। हम क्या करते हैं हम लोग? हड्डी के अंदर एक छोटा सा स्क्रू फिक्स करते हैं। ओ वाओ। छोटा सा स्क्रू इट इज मेड अप ऑफ टाइटेनियम। ओके। इसको क्या करते हैं? छोटा सा ड्रिल करते हैं। ड्रिल करके इधर अंदर स्क्रू बिटाते हैं। दिस इज गोइंग टू एक्ट। जैसे दांत का जड़ रहता है ना वैसे दिस इज़ गोइंग टू एक्ट लाइक अ आर्टिफिशियल जड़। हम इट इज़ गोइंग टू एक्ट लाइक अ सिमिलर टू द नेचुरल टीथ। ठीक है? इसको बिठा के इसके ऊपर और एक अटैचमेंट फिक्स करते हैं। बाद में इधर दांत बिठाते हैं। इसमें क्या
(1:28:27) होता है? बाजू का दांत टच नहीं करते। एंड दिस इज गोइंग टू बिकम अ रियल लाइक ऑलमोस्ट लाइक अ नेचुरल टीथ। यह ज्यादा अच्छा प्रोसीजर है। यह बेस्ट है। दांत मिटाने के लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। बाजू का दांत घिसने की जरूरत नहीं है। एंड पेशेंट इज गोइंग टू फील जो फीलिंग रहता है ना मेरा ओरिजिनल दांत वो फीलिंग भी रहता है खाने में, चबाने में। इट इज गोइंग टू एक्ट सिमिलर टू द नेचुरल टीथ। और अक्सर किस ऐज में करना होता है यह? आफ्टर 18 इयर्स ऑफ एज। 18 इयर्स से पहले नहीं करते इंप्लांट्स। क्या होता है? डेवलपमेंट रहता है। जबड़े का डेवलपमेंट होता रहता है। तब
(1:29:06) करेंगे तो जबड़े का डेवलपमेंट में प्रॉब्लम होता है। एनीबडी आफ्टर 18 इयर्स उसके बाद एज लिमिट नहीं है। मेरा ओल्डेस्ट पेशेंट है 92 इयर्स। 92 इयर्स ओल्ड पेशेंट को भी मैंने इंप्लांट डाला है। एज इज नॉट द लिमिट। किसी को भी डाल सकते हैं इंप्लांट्स। बट नॉर्मली जब आप इंप्लांट डाल रहे होते हो व्हाट इज द एवरेज एज ऑफ योर पेशेंट? सी ज्यादा से ज्यादा ओल्ड एज पीपल आते हैं। मिडिल एज पीपल आते हैं। मिडिल एज में क्या करते हैं? उन्होंने एक दो दांत गवा दिया। खाली उसको बिठाते हैं। ओल्ड एज में ज्यादा से ज्यादा दांत गिरे हुए रहता है। मतलब
(1:29:42) किसी का सब दांत निकाला हुआ रहता है। उसको क्या रहता है? मल्टीपल हर एक दांत को एक-एक इंप्लांट बिटाने की जरूरत नहीं रहता है। समझ लीजिए किसी ने सब दांत निकाल दिया है। लाइक उसमें क्या करते हैं हम लोग? चार इंप्लांट नहीं तो छह इंप्लांट नहीं तो आठ इंप्लांट बिटाते हैं। उसके ऊपर दांत बिटाते हैं। सेट इंप्लांट इज नॉट अ टूथ। इट इज अ जस्ट अ क्या बोलते हैं? अंदर का फाउंडेशन रहता है। उसके ऊपर जो बिटाते हैं ना उसको दांत बोलते हैं। सो जितना दांत गए खाली उतना ही बिठा सकते हैं इंप्लांट में। जो फेक दांत आप डाल रहे हो वहां। व्हाट
(1:30:18) मटेरियल इज इट मेड ऑफ? फेक दाथ उसमें अलग-अलग ऑप्शंस रहता है। सिरामिक बोल के रहता है, जरकोनिया बोल के रहता है, अ्रेलिक बोल के रहता है। डिफरेंट-डिफरेंट मटेरियल्स अवेलेबल है। आपको पता है मैं अब क्या पूछने वाला हूं? हम राइट ऑफ टॉप ऑफ द लाइन मतलब बेस्ट डेंटिस्ट, बेस्ट इंप्लांट सी अगेन द सेम रेंज रेंज वेरीस रेंज जी। सो एटलीस्ट इन आवर क्लनिक वी आर हैविंग अ रेंज फ्रॉम 12,000 टू 40 50000 तक अलग-अलग इंप्लांट्स है डिपेंडिंग ऑन द ब्रांड ऑफ इंप्लांट द ग्रेड ऑफ टाइटेनियम यूज्ड। सो अलग-अलग ऑप्शंस रहता है। लाइक टिल रिसेंटली इंप्लांट्स व वेरी
(1:30:59) एक्सपेंसिव। सभी इंप्लांट्स इंपोर्ट करना पड़ता था। आजकल इंडिया में भी बहुत सारे कंपनी इंप्लांट बना रहे हैं। इसलिए इट इज़ बिकमिंग नाउ डज़ अफोर्डेबल। अफोर्डेबल रेंज पे आ रहा है। जो खर्चा आप एक ब्रिज में खर्चा करना चाहते हैं तो ऑलमोस्ट उसी खर्चा में आपका इंप्लांट बन जाएगा। ग ओके यू थिंक आई विल नीड इंप्लांट्स? सी अवॉयड जितना हो सके नेचुरल टीथ आप सेफ गार्ड करो। एंड प्रॉपर्ली रखेंगे तो इट इज़ फॉर द लाइफटाइम। जिन लोगों ने गलती से नेगिजेंटली मेंटेनेंस मतलब बराबर नहीं किया उन लोगों को इंप्लांट की जरूरत जा जितने भी निकाले
(1:31:45) उतना रिप्लेसमेंट कर सकते हैं। व्हाटएवर बेस्ट एज अ डॉक्टर वी कैन डू इट कैन नॉट बी एज गुड एज अ नेचुरल टीथ। जो भगवान ने दिया है उतना 100% नहीं कर सकते। बट इंप्लांट यह जो चीज है ना ऑलमोस्ट लाइक 95% क्लोज टू द नेचुरल टीथ। गॉड इट। और जो जो लोग ज्यादा सेट यूज़ करते हैं ना निकालना डालना हमने देखा है बहुत मतलब बहुत स्ट्रगल करते हैं। पहले उसका आदत डालना पड़ता है। आदत डालने के बाद भी जो उसका कैपेसिटी रहता है अचीविंग कैपेसिटी दैट इज जस्ट 25% कंपेयर टू द फिक्स्ड टीथ कंपेयर टू द नेचुरल टीथ। दिस इंप्लांट इज ऑलमोस्ट एज क्लोज टू द
(1:32:28) नेचुरल नेचुरल टूथ। तो ये मैं वर्स्ट केस सिनेरियो मान रहा हूं कि इंप्लांट चाहिए किसी को एक्सीडेंट या एकदम बैड नेगिजेंस फिर भी इफ आई गेट एन इंप्लांट इफ आई नीड वन तो फिर कितने साल लास्ट करेगा सी मैंने बताया ना इवन द नेचुरल टीथ गॉड गिवन टीथ वो भी जिंदगी भर के लिए गया मतलब दिया है आपने प्रॉपर्ली मेंटेनेंस नहीं किया इसलिए आपने को दिया हम अगर आप अच्छी तरह से प्रॉपर प्रॉपर्ली मेंटेन करेंगे इंप्लांट्स आर आल्सो फॉर लाइफ टाइम। बहुत सारे पेशेंट्स हमारे इधर मतलब जो भी पेशेंट्स आते हैं ना बुजुर्ग आते हैं ज्यादा से ज्यादा 60 इयर्स, 70
(1:33:10) इयर्स, 80 इयर्स उनका यही कंसर्न रहता है। इज इट नेसेसरी? इस उम्र में यह सब बिटाना जरूरी है। मेन थिंग इज अगर आप जवानी में हो। अगर आप बिना चबाए, बिना दांत के भी खाएंगे तो भी आपका डाइजेस्टिव सिस्टम स्ट्रांग रहता है। आप खा सकते हो। डाइजेशन हो सकता है। पर इस उम्र में मतलब आफ्टर 60 इयर्स 70 इयर्स योर बॉडी हैज़ बिकम वीक। वो डाइजेशन मतलब इतना अच्छा नहीं होगा। इसलिए इस उम्र में 100% जरूरी है। और दूसरा कॉमन मतलब क्वेश्चन हम फेस करते हैं। चलो अभी 78 इयर्स हो गया। कितने साल रहेंगे? हम हम इस उम्र में ये सब डलवाना इतना कॉस्ट
(1:33:54) एक्सपेंस इंपॉर्टेंट है क्या? जो लोग एफर्ट करते हैं उसको भी मतलब उसके माइंड में ये क्वेश्चन रहता है। मैं अभी चलो अभी चार मतलब चार साल जिऊंगा, पांच साल जिऊंगा। अभी तो जाना है जाते ये सब कराना जरूरी है। दिस इज़ वेरी कॉमन क्वेश्चन वी फेस। मेरा उन लोगों के एक ही बात होती है। चलो आप जाते-जाते जाना तो सबको है। मुझे भी है। आपको भी है। आप जाते-जाते आप थोड़ी आप गोल्ड लेके जाओगे। नहीं आपका जमीन भी इधर छोड़ छोड़ के जाएगा प्रॉपर्टी थोड़ी ले जाएंगे पर एक बात तो मैं गारंटी लेता हूं आप जाते-जाते मेरा इंप्लांट मेरा दांत भी आप साथ लेके
(1:34:35) जाओगे वो जो डायलॉग है ना एलआईसी का जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी ऐसे कुछ समझाता हूं पेशेंट समझ जाते हैं बहुत सारे पेशेंट रियलाइज करते हैं ओके दिस इज वेरीेंट थिंग एंड इन्ह ये मैंने आई हैव लर्न इट फ्रॉम माय गुरु माय गुरु गुरु अह इज़ डॉ. ब्रेनेमार्क। डॉ. ब्रेनेमार्क ही इज़ अ कॉल्ड एज अ फादर ऑफ मॉडर्न इंप्लांटोलॉजी। ही इज़ अ पर्सन। वो जो इंट्रोड्यूस किया इंप्लांट्स को उसका एक ड्रीम था। नोबडी शुड डाई विद देयर डेंजर्स इन ग्लास ऑफ़ वाटर। मतलब जो निकालना डालना बत्तीसी रहता है ना उसको रख के मरो मत। हर एक आदमी के मुंह के अंदर फिक्स दांत होना जरूरी है।
(1:35:20) दैट वाज़ ह ड्रीम। दैट इज व्हाट आई एम फॉलोइंग गॉड सर मतलब ऐसा कुछ लॉजिक है कि सम पीपल क्वालीफाई फॉर इंप्लांट्स और कोईकोई लोग नहीं कर सकते क्या है मतलब ट्रुथ अ मैंने जो देखा है ना ऑलमोस्ट हर एक आदमी को हम लोग इंप्लांट डाल सकते एक्चुअली बहुत कॉमन मिसकसेप्शन है डायबिटीज है हाई डायबिटीज है हाइपरटेंशन है इंप्लांट नहीं डाल सकते कार्डियाक ऑपरेशन हुआ है एंजप्लास्टी हुआ है उनको इंप्लांट नहीं करते। ठीक है? वेरी सिंपल। अगर मतलब जिसको आजकल तो हर एक अल्टरनेट पर्सन ऑलमोस्ट एवरीवन इन द सीनियर सिटीजन सबको आइदर डायबिटीज रहता है नहीं तो बीपी
(1:36:07) रहता है आई बीपी रहता है नहीं तो कार्डियाक का ऑपरेशन रहता है इन लोगों का अगर कुछ हेल्थ इशू हुआ ब्रेन का ऑपरेशन करते हैं नी का ऑपरेशन करते इतने बड़े-बड़े ऑपरेशन कर सकते हैं तो हम जो कर रहे हैं ना डेंटल इंप्लांट्स वो बहुत छोटा सा प्रोसीजर है छोटा सा प्रोसीजर लोकल इंजेक्शन देते हैं। उसके बाद माइनर सर्जिकल प्रोसीजर एक ड्रिल डालते हैं, स्क्रू डालते हैं। इट इज़ वेरी सिंपल प्रोसीजर। सब लोगों को इंप्लांट कर सकते हैं। डायबिटीज है, हाइपरटेंशन है। थोड़ा कंट्रोल करते हैं। थोड़ा प्रिकॉशन लेते हैं। उन लोगों को भी 100% हम इंप्लांट डाल सकते हैं। और कुछ लोगों
(1:36:46) का क्या रहता है? हड्डी बहुत घिस गया होता है। दांत निकाल के बहुत दिन छोड़ दिया। ओके या कंटीन्यूसली सेट यूज़ करते हैं। सेट यूज़ करते करते हड्डी कम होता जाएगा। पूरा हड्डी घिस गया है। ऐसे लोग भी हमारे क्लनिक में आते हैं। इंप्लांट पॉसिबल है क्या? सी उन लोगों के लिए भी एडवांस इंप्लांटोलॉजी। बहुत सारे एडवांसेस है इंप्लांटोलॉजी में। जैसे हम लोग करते हैं जाइगोमेटिक इंप्लांट। इधर चीक बोन रहता है ना ऊपर का बोन उधर इंप्लांट डालते हैं। टेरिगॉइड इंप्लांट बोल के रहते हैं। आजकल और भी एडवांसेस आए उसको पेशेंट स्पेसिफिक इंप्लांट बोलते हैं। क्या करते हैं?
(1:37:23) कस्टमाइज करते हैं जो पेशेंट के जॉ के हिसाब से हम इंप्लांट बना देते हैं। बना के उसको फिक्स करते हैं। अगर मेरे से पूछेंगे तो आप 98% 99% सब लोगों के लिए एक ना एक ऑप्शंस एक एडवांस इंप्लांट्स ऑप्शंस है। इंप्लांट कर सकते हैं। लोग ऐसे आपके पास आते हैं गोल्ड इंप्लांट्स डालने के लिए। इंप्लांट तो बनेगा टाइटेनियम से। ओके या और कुछ रिसेंट मटेरियल्स आए, सेरामिक्स आए वो अलग है। इंप्लांट तो आर्टिफिशियल जड़ है। उसके ऊपर कैप कैप कैप तो इवन गोल्ड से भी बना सकते हो। बहुत सारे लोग फैशन के लिए बनाते हैं। पहले जमाने में फिलिंग भी गोल्ड करते थे।
(1:38:10) ब्रिज क्राउंस गोल्ड और प्योर गोल्ड से नहीं बना सकते क्योंकि प्योर गोल्ड सॉफ्ट रहता है। गोल्ड अलॉय यस गोल्ड अलॉय से बन सकता है। ओके महंगा होता है। ऑफ कोर्स जितना गोल्ड जितना गोल्ड मतलब जरूरी होता है उतना बट नॉर्मली मान लो मेरे को एक दांत पर एक गोल्ड का ये डालना है। फर्स्ट ऑफ ऑल फैशन के लिए डाल रहे हो या दांत मिसिंग दांत के लिए कर रहे हो उसके हिसाब से। अगर मस्ती के लिए मस्ती के लिए मे बी आप 5 ग्राम 10 ग्राम 5 ग्राम में भी हो सकता है क्राउन कैप ओके व्हिच इज हाउ मेनी रुपीस रफली गोल्ड का कैलकुलेशन कर दीजिए और प्लस हमारा एक
(1:38:51) लेबर चार्जेस ऐड कर लीजिए बट आए हैं लोग ऐसे गोल्ड प्लेटिंग बहुत कम पहले पहले ज्यादा था पहले ज्यादा पहले ज्यादा एंड यू नो वन इंटरेस्टिंग थिंग द अल्ड ऑफ हिटलर जी उसका बॉडी बॉडी आइडेंटिफिकेशन में दे आइडेंटिफाइड वि दिस गोल्ड ब्रिज गोल्ड कैप था उसके मुंह में उससे वो बॉडी आइडेंटिफाई इधर एक इंटरेस्टिंग बात बताता हूं डेंटिस्ट्री में और एक ब्रांच है कॉल्ड फॉरेंसिक ओडंटोलॉजी जो फॉरेंसिक साइंसेस रहता है ना डेंटिस्ट्री में भी एक स्पेशलाइज ब्रांच है अभी रिसेंटली एयरक्राश हुआ था ना अहमदाबाद के एयरक्राफ में 200 से ऊपर ज्यादा लोग मर गए थे
(1:39:33) उनका बॉडी आइडेंटिफाई करने का सब बॉडी बर्न बर्न चार्ड ठीक है उसमें मोर देन 50% का बॉडीज आइडेंटिफाई करने में डेंटिस्ट लोगों ने ओडो फॉरेंसिक ओडंटोलॉजी उन लोगों ने आइडेंटिफाई किया क्योंकि ये जो एनामल रहता है ना 1000 डिग्री सेंटीग्रेड में भी वो बच जाता है और अंदर जो डीएनए डीएनए निकाल के वो दांत का अगर कुछ प्रोस्थेसिस है वो सब टेस्ट करके के आइडेंटिफाई करें। माय गॉड और एक निर्भया केस हुआ था ना दिल्ली में। जी जी जी दैट कल्पिट जो कल्पिट को पनिशमेंट दिया ना वो पनिशमेंट देने में वो फॉरेंसिक ओडेंटोलॉजिस्ट का मेन वन ऑफ द
(1:40:19) मेन प्रूफ यू नो जैसे फिंगरप्रिंट्स रहते हैं ना ऐसे हर लोगों का एक फिंगर प्रिंट्स अलग रहता है। वैसे ही हर एक आदमी का बाइट मार्क्स आर डिफरेंट। सो डेंटिस्ट्री में बहुत सारे ब्रांचेस हैं। टोटल 810 अलग-अलग ब्रांचेस हैं। डिड नो दिस। ओके सर। वी विल मूव ऑन टू द नेक्स्ट केस। वो ये क्या हो रहा है? एडवांस स्टेज ऑफ़ ओरल कैंसर। माय गॉड। ओके। एंड लाइकली गुटका। डेफिनेटली। डेफिनेटली कैसे कह रहे हो। गुटका और सब स्टेंस देख रहे हो आप। हम्म। तो आप पहले स्टेंस नोटिस कर रहे हो। दिस इज़ डेफिनेटली अ गुटखा यूजर। अ आई थिंक मे बी लाइक इट इज़ अ कॉम्बिनेशन ऑफ़ ईटिंग एंड
(1:41:05) स्मोकिंग दोनों मिलके ऐसा हुआ होगा बट मतलब कैंसर में बेसिकली सेल्स मल्टीप्लाई होते हैं अनकंट्रोल्ड बहुत फास्ट राइट तो यहां शुरुआत कहां से हुई है वो कैंसर की प्री कैंसरस इस केस में इस केस में अभी नहीं बता सकते पर पहले देखे होते तो नॉर्मली प्री कैंसरस बोले तो किधर भी थोड़ा अल्सर होता है नहीं तो वाइट पैचेस होता है। उधर से स्टार्ट होता है और जब स्टार्ट होता है इट स्प्रेड्स वेरी फास्ट। हम मैं लोगों को मुकेश की याद नहीं दिलाना चाहता बट क्यों खाना है गुटखा? लुक एट दिस। एंड सर के मुताबिक इतने सारे कैंसर डॉक्टर्स के मुताबिक इट्स द मेन कॉज ऑफ़
(1:41:46) ओरल कैंसर एटलीस्ट इन आवर कंट्री। सी वन ऑफ़ द मेजर रीज़न मैं बताता हूं। अभी यह जो सेलिब्रिटीज सो कॉल्ड सेलिब्रिटीज प्रमोट कर रहे हैं गुटखा इनडायरेक्टली सरोगेट एडवर्टाइजमेंट इन द नेम ऑफ इलायची पीपल फॉलो इट आई लाइक इवन आई डोंट वांट टू यूज़ द सेलिब्रिटी वर्ल्ड फॉर देम आई कैन नेम देम एज एंटी सोशल एलिमेंट्स ये लोग क्या कर रहे हैं ना सेम पैकेट वही स्टाइल वही अंदर जो इलायची बोलते हैं। सब लोगों को पता है इलायची नहीं वो टोबको है, गुटखा है। ये जो प्रमोशन कर रहे हैं ना पीपल फॉलो सेलिब्रिटीज। एटलीस्ट इन इंडिया
(1:42:31) में सेलिब्रिटीज आइकॉन्स को सब लोग फॉलो करते हैं। सोचते हैं चलो वो सब कर रहे हैं। वो सब इतना आगे जा रहे हैं। व्हाई वी शुड नॉट फॉलो। दिस इज वन ऑफ द डेंजरस थिंग व्हाट आई कैन सी। सो आई थिंक दी पीपल शुड अंडरस्टैंड दे आर नॉट सपोज टू डू ऑल दिस या ओके मूव ऑन ये क्या हो रहा है नीम का दातून और ये प्रॉपर ब्रशिंग आज भी ऐसे लोग हैं जो कभी भी टूथबश नहीं यूज किए हैं। सिर्फ नीम का वो स्टिक यूज़ करते हैं। बहुत कम है। बहुत कम है। ओल्ड एज पीपल जो ओल्ड एज पीपल है उसमें कुछ फाइंड कर सकता है। नहीं तो आजकल सब लोगों अवेयरनेस तो इतना तो है ब्रशिंग
(1:43:17) करना है। इज इट इनफ द जस्ट यूजिंग द नीम स्टिक नहीं नॉट इनफ साइंटिफिकली स्पीकिंग ओके मूव ऑन ये क्या हो रहा है सर अ आई कैन सी सम मथ्स इसको बोलते हैं जिसने कभी भी ब्रशिंग नहीं किया जी ओरल हजीन मेंटेन नहीं किया उस मुंह के अंदर एक कीड़े हो सकते हैं। कीड़े मतलब विज़िबल विज़िबल एक्चुअली बहुत सारे नकली डॉक्टर रहते हैं ना क्वक्स हां अह इधर मतलब मतलब इधर है कि नहीं पता नहीं हमारे इधर तो बहुत सारे देखते हैं अरे एक विलेज में रहते हैं बाजार में बैठते हैं और पेशेंट के मुंह में कुछ पाउडर डालते
(1:44:01) हैं और बोलते हैं चलो आपका कीड़ा निकाल रहे किसी के मुंह में दिखने वाले बैक्टीरिया नहीं रहते कीटाणु नहीं रहते ये सब माइक्रोस्कोपिक है हम हम कभी-कभी ऐसे मे बी वन इन अ लैक मे बी वन इन अ लैक ऐसे जर्म्स जर्म्स नहीं ये सब क्या बोलते हैं आई कैन टेल द वर्म्स वर्म्स वर्म्स दी आर वर्म्स विज़िबल वर्म्स मैंने भी मेरा प्रैक्टिस में दो-तीन पेशेंट ऐसे देखा है वर्म्स जितने पुअर ओरलाइजिंग कभी भी ब्रश नहीं किया जिंदगी में कभी भी ब्रश नहीं किया वेरी रेयर सिनेरियो दी आर नोन एस मॉथ्स उन्हें खुद पता था कि मुंह में ऐसे कीड़े हैं व्हाट डस इट फील लाइक इन द
(1:44:42) माउथ ऐसे चलते रहते हैं, घूमते रहते हैं छोटे-छोटे। इतना खराब रहता है रियली। इवन मैंने भी पेशेंट देखा है। एक्चुअली वी फील लाइक ओमिटिंग देखने के बाद उन लोगों को पता नहीं कैसे रहते हैं। लाइक विदाउट मेंटेनिंग अपना ओन अपना ओन ओरल कैविटी वेरी डिफिकल्ट। स्मेल कैसी आती है। कांट इमेजिन। वही तो बता रहा हूं। व्हेन आई सॉ दैट आई लिटरली वेंट टू द बाथरूम उल्टी वाओ सर ओ माय गॉड सो बैड वै रेयर वेरी रेयर इतना खराब मुंह मैंने मेरा 30 इयर्स का प्रैक्टिस है मैं सो मे बी आई हैव सीन मोर देन मिलियन पेशेंट 10 हमारा
(1:45:29) ग्रुप क्लनिक्स में है ना 10 लाख से ऊपर पेशेंट देखे उसमें से मे बी दोती केसेस ऐसा एक्सट्रीम बहुत एक्सट्रीम केसेस आय हाय हाय हाय उस आदमी की पर्सनालिटी कैसी थी ही वास क्वाइट यंग ही वास क्वाइट यंग बट आई डोंट नो कैसे उनको बास नहीं आता उसके फैमिली वाले ने मतलब क्यों नहीं बताया हम हम रिय डिस्कस्टिंग ओके मूविंग ऑन प्लीज मूविंग ऑन प्लीज प्लीज टू चेंज इट अप अ बिट आई थिंक ये ट्रेवस्कॉट है ट्रेवस्कॉट बहुत मशहूर रैपर है। कितने लोग आते हैं आपके पास विद दी इंटेंशन ऑफ गेटिंग आइस अप? अ इतना तो नहीं करते पर हम लोग वेरी कॉमनली
(1:46:14) डेंटल डायमंड्स बोल के यूज़ करते हैं। डेंटल डायमंड इट्स अगेन वन ऑफ़ कॉस्मेटिक प्रोसीजर में आता है। अ दांत के ऊपर साइड में एक डायमंड जैसे बिठाते हैं। व्हनेवर दे स्माइल इट गिव्स स्पार्कल टू द स्माइल। एस्पेशली द पीपल विथ अ डार्क कॉम्प्लेक्शन रहता है ना उसमें बहुत मतलब शाइनिंग डायमंड डायमंड जैसे स्माइल आता है। दैट इज़ दैट इज़ लैमरस। दिस आई थिंक इज टू मच। ऐसे तो मैंने मेरी कॉमन ने नहीं देखा है। ओके ओके। इट्स अ सबकल्चर इन अमेरिका एटलीस्ट और ये बहुत टाइम से सबकल्चर मतलब जब मैं बचपन में भी हिपॉप सुनता था वहां भी गाने होते थे अबाउट
(1:46:54) ग्रिल्स इट्स कॉल्ड फॉर देर प्रोफेशन मे बी दिस इज वन ऑफ़ द अट्रैक्टिंग फैक्टर। या आई थिंक इट्स कमिंग टू इंडिया आल्सो। हां बट एक बहुत मशहूर फुटबॉलर है लमीनमाल। उनके भी बहुत मस्त ग्रिल्स हैं। रिसेंटली वन द वर्ल्ड कप। हां। ओके। ऑलमोस्ट द एंड ऑफ़ द पॉडकास्ट सर मेरे से बात करके आपको लगता है कुछ मेरे दांतों के बारे में? आई नो आई फील स्कैंड। अ आई थिंक आई वर हैविंग अ गुड स्माइल। परफेक्ट स्माइल एंड व्हाटएवर रणवीर इज़ देयर टुडे। वन ऑफ़ द मेन कंट्रीब्यूटिंग फैक्टर है ना आपका स्माइल। हम आपका स्माइल। मतलब जो भी सेलिब्रिटी हो आम आदमी हो
(1:47:35) जिसको भी आप देखते हैं ना फर्स्ट इंप्रेशन कहां पे जाता है? मुंह के अंदर स्माइल आपने बहुत सारे आप ये देख सकते हैं Google में इमेजेस एक आदमी रहता है उसका आइब्रो नहीं रहता एक दांत नहीं रहता है। सब लोग फर्स्ट जो ऑब्जर्व करते हैं ना उनका दांत ये आइब्रो मिस कर देते हैं। ऐसे स्माइल इज द मेन थिंग। एंड दैट इज द मेन थिंग फॉर ईच एंड एव्री पर्सन। 14 इयर्स के एज में नाइंथ स्टैंडर्ड में मेरे ब्रेसेस थे। इट्स बीन द बेस्ट डिसिशन कॉस्मेटिक डिसिशन दैट आई हैव मेड इन माय लाइफ। आई फील कि बहुत कॉन्फिडेंस आया मुझको टीनएज में ही एंड
(1:48:12) गुड डिसिशन फॉर माय मीडिया करियर आल्सो। अ बट मैं मानता हूं जनरली स्पीकिंग कि अगर टीनएज यंग एडल्टहुड में आपके बसेस नहीं थे एंड यू नीडेड ब्रेसेस गेट इट डन एस एन एडल्टहुड। वन इंपॉर्टेंट मिसकसेप्शन इधर ऐड करना चाहता हूं मैं ब्रसेस के बारे में। बहुत सारे लोग सोचते हैं बसेस आर टू बी पुट आफ्टर द एज ऑफ़ 13 इयर्स। हम जैसे 25% केसेस में अ स्केलिटल प्रॉब्लम्स बोलते हैं। हड्डी का डेवलपमेंट जॉ डेवलपमेंट में प्रॉब्लम रहता है। हड्डी किसी का पीछे रहता है। किसी का आगे रहता है। मतलब किसी का हड्डी थोड़ा कोलैप्स रहता है। ये सब केसेस से ना इसको स्केलेटल
(1:48:56) केसेस बोलते हैं। ये सब केसेस है ना डेवलपमेंट से इयर्स 8 इयर्स में डेंटिस्ट के पास जाना है। मायोफंक्शनल अप्लायंसेस बोलते हैं। नहीं तो ऑर्थोपेडिक अप्लायंसेस बोलते हैं। वो बिठा के जॉ डेवलपमेंट। सो ऑर्थोडॉन्टिक्स इज नॉट बट दांत दांत मुंह करना। ये स्केलिटन जो रहता है ना बच्चों का स्कल जो रहता है ना हड्डी इट इज समथिंग लाइक अ क्ले। हम एन ऑर्थोडोंटिस्ट कैन मेक लॉट ऑफ़ अल्टरेशंस। मतलब आपका पूरा चेहरे का शेप बदल सकता है। बदल सकता है। अगर आप लोग से इयर्स, 8 इयर्स या 12 साल के अंदर अगर जाएंगे ट्रीटमेंट करवा लेंगे ये पॉसिबिलिटीज है।
(1:49:40) बहुत सारे डेंट बहुत सारे लोगों में ये मिसकंसेप्शन है। ब्रेसिस 13 साल के बाद ओके। 13 साल के बाद हम दांत मुंह कर सकते हैं। 13 साल नहीं 50 साल मेरा ओल्डेस्ट पेशेंट है 60 इयर्स ओल्ड। उसको भी हमने ताल डाला है। दांत मूव कर सकते हैं। पर ये ज का प्रॉब्लम रहता है ना ज का प्रॉब्लम स्केलेटल प्रॉब्लम उसको ठीक करने में आप जितनी जल्दी हो सके। इसलिए हर बच्चों मतलब एटलीस्ट आफ्टर सेवन एट इयर्स आप डेंटिस्ट के पास जाओ। अच्छे से ऑर्थोडॉन्टिस्ट से मिलो। जो भी स्केलेटल आप देख सकते हो किसी का चेहरे देख के आपको पता चलेगा कुछ तो प्रॉब्लम है ऐसे लोग जरूर ऑर्थोडॉन्टिस्ट
(1:50:19) या मतलब अच्छी तरह क्लनिक में जाके आप अगर चेकअप कराएंगे तो यू ही विल कम टू नो द प्रॉपर प्रॉब्लम गॉट इट गॉट इट मैम हर किसी को स्माइल चेक करनी चाहिए खुद की 100% स्माइल मेक्स यू मोर कॉन्फिडेंट या या आजकल के रिसेंट सर्वे में ऐसे कहा गया है कि अराउंड 75% ऑफ द पीपल आजकल दे आर नॉट एबल टू कम फॉर द फोटोग्राफी बिकॉज़ ऑफ़ लैक ऑफ कॉन्फिडेंस। ओके? अराउंड 40% लोग पीपल को जज करते हैं उनके स्माइल से। अनफॉर्चूनेटली। तो आई थिंक इट इज वर्थ स्पेंडिंग ऑन स्माइल। या या बीन अ ग्रेट डिसजन। और यह मैं एज अ मीडिया प्रोफेशनल मुंबई में भी देखता हूं।
(1:51:03) मेरे बहुत सारे यू नो 25 ईयर ओल्ड 30 ईयर ओल्ड दोस्त हैं जिन्होंने वो इनविज़िबल बसेस भी करे हैं या आई थिंक अंदर के साइड भी आप ब्रेसेस कर सकते हो लिंग्वुअल ऑर्थोडॉनटिक्स बोलते हैं क्या कहते हैं लिंगुअल ऑर्थोडॉन्टिस ओके अंदर की तरफ बसेस पिटाते हैं या नाउ व्हेन आई थिंक अबाउट इट दो बहुत की प्रोसीजर्स मैंने खुद के बॉडी पे किए एक चश्मों को निकालना व्हिच इज़ वेरीेंट इन माय प्रोफेशन एंड सेकंड एट एज 14 बसेस ये मैं हर किसी को रेकमेंड करता हूं। एंड आई थिंक एटलीस्ट मेरे मुताबिक ऑलमोस्ट हर किसी को एटलीस्ट इंडिया में ऑलमोस्ट हर
(1:51:39) किसी को थोड़े तो बसेस चाहिए। स्टैटिस्टिक्स सब बोलते हैं अराउंड 30 35% वेरी कॉमन 30 35% एटलीस्ट। ओके कूल तो बेसिकली गेट योरसेल्फ चेक। यस। ओके। ओके सर। आपके जाने से पहले यह स्टार्ट वाली एक्सपेरिमेंट कंप्लीट करते हैं। आज दांतों के बारे में सब कुछ जानना है पर कुछ प्रैक्टिकल चीजें देख भी लेते हैं। तो कैन यू शो अस दैट टूथ अगेन? ओके। एंड आई थिंक वो जो ओरिजिनल टीथ है आपने एक कंटेनर से पुल आउट करे थे। राइट? वी कैन आल्सो शो द ओरिजिनल टूथ। ठीक है। सो बेसिकली सॉफ्ट ड्रिंक को सॉफ्ट ड्रिंक को मैं निकाल रहा हूं पहले।
(1:52:26) ओके। 45° एंगल्स आ रही है। नीश जोक दांत गया कहां? इसे हाथ से निकाल दूं? आप और मैं गेम खेलता हूं। ओ ओ ओ माय गॉड छीप का जो भी एनामल है ना हां पूरा रिजर्व हो गया ऑलमोस्ट कैन आई सी इट यस ओ माय गॉड दैट इज डिसगस्टिंग असली दांत है किसी का कैन यू आल्सो सर प्लेस नॉर्मल टूथ जस्ट टू शो द डिफरेंस
(1:53:14) ओ माय गॉड वाओ वाओ यह वाला एक्चुअल ओरिजिनल टूथ है सफेद वाला दिस इज व्हाट हैपेंस जस्ट बाय बीइंग प्लेस्ड इन अ सॉफ्ट ड्रिंक फॉर अबाउट टू आवर्स टू आवर्स माय गॉड एक्चुअली क्या होता है ना एकदम से लोग 2 आवर्स तक कोल्ड ड्रिंक्स रखते नहीं मुंह में क्या होता है धीरे-धीरे एटलीस्ट हर एक बार जो पीते हैं ना एटलीस्ट 5 सेकंड 10 सेकंड्स कभी-कभी एक दो मिनट रखते हैं उसे तो उसे धीरे धीरे धीरे ऐसे हो जाता है। इट्स नॉट दैट कंटीन्यूअस रखने से। सो सॉफ्ट ड्रिंक्स आर नॉट रियली गुड फॉर द टीथ। दैट्स इनसेन। मैं बचपन में पढ़ता था इन एक्सपेरिमेंट्स के
(1:53:59) बारे में। लिटरली ऐसा लग रहा है कि वॉल्यूम हाफ हो गया दांत का। क्रेजी ओके सर। आई एम गोइंग टू कीप दिस डाउन फर्स्ट। सर मैम थैंक यू। अ ग्रेट वेरी स्टिमुलेटिंग पडकास्ट मेरी बहुत क्यूरियोसिटी थी अ ओरल हेल्थ को लेके दांतों के हेल्थ को लेके थैंक यू फॉर द वर्क यू डू थैंक यू फॉर द इनफेशन यू स्प्रेड टुडे एंड आई एम श्योर कि पूरे देश में ये इनफेशन स्प्रेड हो जाएगी आज के एफर्ट की वजह से थैंक यू वेलकम लॉट्स ऑफ़ लव थैंक यू थैंक यू थैंक यू मैम थैंक यू सो मच हम एक शो से पहले इंटेंशन सेटिंग करते हैं कि क्यों कर रहे हैं ये आई फील कि देश के बहुत सारे कोनों में ना
(1:54:42) अब इंटरनेट जाके पहुंची है। तो उन कोनों तक पहुंचाना है इसलिए हिंदी में कर रहे हैं। तो ये मेरी इंटेंशन है। मतलब यू नो पब्लिक की हेल्प हो जाए। ठीक है? यू वांट टू ऐड एनी इंटेंशन? क्रिएट अवेयरनेस के बारे में मतलब मिथ्स एंड मिसकंसेप्शन के बारे में, एडवांस ट्रीटमेंट्स के बारे में। हो ओ

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