Masturbation: The Truth Nobody Talks About | SHE TALKS SEX #2
Author Name:Dr Kalyani Chavan
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@DrKalyaniChavan
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=yG24DEYIVZo
Title: Masturbation: The Truth Nobody Talks About | SHE TALKS SEX #2
Author Name: Dr Kalyani Chavan
Description: Masturbation is a completely normal part of human sexuality — yet myths, shame and misinformation around it are everywhere.
Does masturbation cause weakness?
Can masturbation affect fertility?
Is masturbation harmful for women?
Does it affect your sex life?
How often is “too much”?
Can masturbation become an addiction?
In SHE TALKS SEX – Episode 2, Dr. Kalyani Chavan, Consultant Gynaecologist & Obstetrician, explains the truth about masturbation in simple, evidence-based language — separating common masturbation myths from medical facts.
In this episode, we talk about:
🔹 What masturbation actually means
🔹 Is masturbation normal and healthy?
🔹 Masturbation in women
🔹 Common myths about masturbation
🔹 Masturbation and weakness
🔹 Masturbation and fertility
🔹 Masturbation and sexual health
🔹 Does masturbation affect your relationship or sex life?
🔹 When can masturbation become a concern?
🔹 Understanding sexual health without shame or guilt
There is a lot of misinformation about masturbation on the internet. So instead of fear, guilt or judgment — let’s talk about it with science, honesty and compassion.
Because sexual health is health.
SHE TALKS SEX
Uncomfortable questions.
Unfiltered.
Without shame.
Without myths.
Disclaimer: This video is for general educational and awareness purposes and does not replace an individual medical consultation.
#SheTalksSex #Masturbation #MasturbationMyths #SexualHealth #WomensHealth #SexEducation #MasturbationFacts #FemaleSexualHealth #Gynaecologist #DrKalyaniChavan
Transcript:
(00:04) मास्टरबेशन से वीकनेस होती है। क्या सीमन निकलने से बॉडी की एनर्जी खत्म हो जाती है? क्या बार-बार मास्टरबेट करने से स्पर्म खत्म हो जाते हैं? या मास्टरबेट करने से फ्यूचर में इनफर्टिलिटी हो सकती है या मास्टरबेशन से एक्ने, हेयर फॉल या आईसाइट कमजोर हो सकती है? और सबसे बड़ा क्वेश्चन क्या मास्टरबेशन सच में हार्मफुल है? अगर आपने इनमें से एक भी बात कभी भी सुनी है तो आज का वीडियो आपके लिए है। बिकॉज़ मास्टरबेशन के अराउंड मिथ्स बहुत से हैं। लेकिन सही इंफॉर्मेशन सरप्राइजिंगली बहुत कम। और सबसे इंटरेस्टिंग बात जो क्वेश्चंस लोग डॉक्टर से पूछने में
(00:41) हेजिटेट करते हैं वही इंटरनेट पे सबसे ज्यादा सर्च की जाती है। सो टुडे लेट्स टॉक अबाउट मास्टरबेशन ओपनली। अनकंफर्टेबल क्वेश्चंस अनफिल्टर्ड विदाउट शेम, विदाउट जजमेंट एंड विदाउट मिथ्स। दिस इज शी टॉक्स सेक्स एंड आई एम डॉ कल्याणी चौहान गनेकोलॉजिस्ट। सबसे पहले बेसिक क्वेश्चन मास्टरबेशन एक्चुअली होता क्या है? मास्टरबेशन का मतलब है अपने प्राइवेट ऑर्गन्स को सेक्सुअल प्लेज़र के लिए खुद ही स्टिमुलेट करना। इससे ऑर्गेनिज्म हो भी सकता है और नहीं भी। यह लड़के और लड़कियां दोनों कर सकते हैं। और अपनी बॉडी को लेकर, सेक्सुअलिटी को लेकर क्यूरियोसिटी होना यह
(01:25) भी नॉर्मल है। लेकिन यहां एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है। मास्टरबेशन नॉर्मल होने का मतलब यह नहीं है कि हर पर्सन को मास्टरबेट करते ही रहना चाहिए। किसी को मास्टरबेशन में इंटरेस्ट हो सकता है और किसी को बिल्कुल इंटरेस्ट नहीं हो सकता। और दोनों सिचुएशन नॉर्मल हो सकती है। इसीलिए अपने आपको फ्रेंड्स, पार्टनर्स या ऑनलाइन देखी हुई चीजों से कंपेयर करने की कोई जरूरत नहीं है। इंपॉर्टेंट बात यह है कि सेक्सुअल बिहेवियर प्राइवेट और म्यूचुअल कंसेंट के साथ होना चाहिए और उससे किसी को कोई नुकसान या परेशानी नहीं होनी चाहिए। और एक इंपॉर्टेंट पॉइंट मास्टरबेशन सिर्फ मेन के
(01:59) बारे में नहीं है। वुमेन कैन मास्टरबेट टू एंड सेक्सुअल प्लेजर एंड क्यूरियोसिटी आर नॉट एक्सक्लूसिवली मेल एक्सपीरियंसेस। फीमेल मेस्टिपेशन भी अपने आप में इनफर्टिलिटी या परमानेंट डैमेज की कोई एस्टैब्लिश्ड वजह नहीं है। फीमेल सेक्सुअल हेल्थ के बारे में बहुत ज्यादा मिथ्स हैं और उसके बारे में हम एक डेडिकेटेड एपिसोड में बात करेंगे। अभी आते हैं सबसे कॉमन मिथ पर। मेडिकल आंसर मास्टरबेशन इटसेल्फ डस नॉट कॉज एनी परमानेंट फिजिकल वीकनेस। फिर एक क्वेश्चन आता है कि डॉक्टर ऑर्गेनिज्म या मास्टरबेशन के बाद मुझे स्लीपी या टायर्ड या वीक क्यों फील होता है? सेक्सुअल
(02:38) एक्टिविटी के बाद बॉडी रिलैक्सेशन फेस में जाती है। इसीलिए कुछ लोग टेंपरेरी स्लीपी या टायर्ड या लेस एनर्जेटिक फील कर सकते हैं। बट दिस टेंपरेरी फीलिंग इज नॉट सेम एज फिजिकल वीकनेस। और एक बहुत पुराना मिथ है कि सीमन कंटेन्स ऑल द एनर्जी ऑफ़ द बॉडी। मतलब सीमेन लॉस तो एनर्जी लॉस। बट साइंटिफिकली यह कांसेप्ट करेक्ट नहीं है क्योंकि सीमेन एक रिप्रोडक्टिव फ्लूइड है और ये कंटीन्यूअस प्रोड्यूस होता रहता है। इट कंटेन स्पर्म एंड फ्लूइड्स प्रोड्यूस बाय डिफरेंट ग्लैंड्स। क्योंकि आपकी बॉडी कंटीन्यूअसली स्पर्म्स तैयार करती रहती है। इसीलिए इजाकुलेशन की वजह से आपकी बॉडी
(03:18) में परमानेंट एनर्जी लॉस या परमानेंट फिजिकल वीकनेस नहीं होता। अब नेक्स्ट मिथ अगर बार-बार मास्टर बीट किया तो सारे स्पर्म्स खत्म हो जाएंगे। बॉडी कोई लिमिटेड स्पर्म बैंक लेकर नहीं बैठी है। स्पर्म प्रोडक्शन एक ऑनगोइंग बायोलॉजिकल प्रोसेस है। हां, अगर शॉर्ट इंटरवल्स में बार-बार इजाकुलेशन हो रहा है, तो हो सकता है कि नेक्स्ट इजाकुलेशन में सीमन वॉल्यूम और स्पर्म कंसंट्रेशन टेंपरेरी कम हो। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपके सारे स्पर्म्स परमानेंटली खत्म हो गए हैं। द बॉडी कंटिन्यूस टू प्रोड्यूस स्पर्म। और इसी वजह से यह डर भी अननेसेसरी
(03:56) है कि मेस्टबेशन की वजह से फ्यूचर में फादर बनना डिफिकल्ट हो जाएगा। फर्टिलिटी इज मच मोर कॉम्प्लिकेटेड देन हाउ ऑफेन समवन इजाकुलेट्स। सो लेट्स कम टू दैट। एक मिथ जो स्पेशली यंग मैन को बहुत डराता है। मास्टरबेशन से इनफर्टिलिटी हो जाती है और फ्यूचर में फादर बनना इंपॉसिबल हो जाता है। देखिए मास्टरबेशन इटसेल्फ इनफर्टिलिटी का कोई एस्टैब्लिश्ड कॉज नहीं है। मेल फर्टिलिटी डिपेंड्स ऑन मेनी फैक्टर्स। स्पर्म प्रोडक्शन, स्पर्म काउंट, स्पर्म क्वालिटी, स्पर्म मूवमेंट, हॉर्मोनल फैक्टर्स, रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स एंड मेनी अदर मेडिकल एंड लाइफस्टाइल फैक्टर्स। और
(04:39) फीमेल फर्टिलिटी भी बहुत सारे फैक्टर्स पे डिपेंड करती है। ओवुलेशन, ओवेरियन फंक्शन, हॉर्मोंस, एज, रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स एनाटमी और बहुत सारे लाइफस्टाइल फैक्टर्स। सो इनफर्टिलिटी को ऑटोमेटिकली मास्टरबेशन से कनेक्ट करना साइंटिफिकली करेक्ट नहीं है। अगर किसी कपल को प्रेग्नेंट होने में डिफिकल्टी हो रही है तो इसे मास्टरबेशन पे ब्लेम करने के बजाय प्रॉपर मेडिकल गाइडेंस और ट्रीटमेंट की जरूरत है। अब करते हैं एक रैपिड फायर राउंड। मास्टरबेशन से पिंपल्स होते हैं? नो। मास्टरबेशन से परमानेंट वीकनेस होती है। नो। मास्टरबेशन से हेयर फॉल होता है। नो।
(05:21) मेस्टरबेशन से आईसाइट वीक होती है। नो। मेस्टरबेशन से हाइट रुक जाती है। नो। मेस्टरबेशन की वजह से टेस्टोस्टरॉन लेवल परमानेंटली कम हो जाता है। नो। अगर इनमें से कोई डर आपको लग रहा है तो इसे ऑटोमेटिकली मास्टरबेशन पे ब्लेम मत कीजिए। हो सकता है कोई और रीज़न हो जिसे सच में मेडिकल अटेंशन और इवैल्यूएशन की जरूरत हो। अब सबसे कॉमन क्वेश्चन डॉक्टर हफ्ते में कितनी बार मास्टरबेट करना नॉर्मल है? और हो सकता है आपको इसका आंसर सरप्राइज़ कर दे। देयर इज़ नो सिंगल मैजिक नॉर्मल नंबर। हो सकता है कोई ओकेजनली मास्टरबेट करे। हो सकता है कोई ज्यादा फ्रीक्वेंटली
(06:03) मास्टरबेट करता हो और हो सकता है कि कोई बिल्कुल भी मैस्टरबेट ना करे। द नंबर इटसेल्फ डज़ नॉट टेल अस वेदर समथिंग इज़ हेल्दी और अनहेल्ी। बिकॉज़ समटाइ्स देंट क्वेश्चन इज़ नॉट हाउ मेनी टाइम्स। देंट क्वेश्चन इज़ वेदर इट इज़ इंटरफेयरिंग विथ माय लाइफ। यहां एक इंपॉर्टेंट डिस्टिंशन समझना बहुत जरूरी है। जब हम कहते हैं कि मास्टरबेशन इटसेल्फ इज़ नॉट इनहेरेंटली हार्मफुल। इसका मतलब यह नहीं है कि एव्री सेक्सुअल बिहेवियर एंड एव्री पैटर्न बिकम्स ऑटोमेटिकली हेल्दी। कंसर्न तब हो सकता है जब आपको यह लगने लगे कि आप अपने बिहेवियर को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। या यह
(06:43) आपके स्टडीज, स्लीप, वर्क या रिलेशनशिप्स को इंटरफेयर कर रहा है या सेक्सुअल बिहेवियर के साथ आपको कंटीन्यूअसली एंजायटी, डिस्ट्रेस या गिल्ट फील हो रहा हो या मास्टरबेशन और पोर्नोग्राफी का पैटर्न आपके रियल लाइफ, सेक्सुअल हेल्थ या रिलेशनशिप्स को नेगेटिवली इंपैक्ट कर रहा हो। देन इट मे बी टाइम टू टॉक टू अ हेल्थ केयर प्रोफेशनल। और इसमें एंबरेस होने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि डॉक्टर्स सेक्सुअल हेल्थ से रिलेटेड प्रॉब्लम्स सुनने में ट्रेंड होते हैं। रिमेंबर आस्किंग फॉर हेल्प इज नॉट वीकनेस। लेकिन मास्टरबेशन के टॉपिक में एक ऐसा इशू
(07:20) भी है जिसके बारे में हमें बात करनी जरूरी है। गिल्ट। हमारी सोसाइटी में मास्टरबेशन के बारे में बचपन से बहुत स्केयर स्टोरी सुनाई जाती है। जिसके बारे में हम ऑलरेडी डिस्कस कर चुके हैं। बॉडी वीक हो जाएगी, स्पर्म्स खत्म हो जाएंगे, फ्यूचर इनफर्टिलिटी हो जाएगी, पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। और जब कोई पर्सन ये सब बिलीव करता है तो नॉर्मल सेक्सुअल बिहेवियर के बावजूद भी गिल्ट और एंजायटी डेवलप हो सकती है। समटाइ्स द प्रॉब्लम इज़ंट द बिहेवियर इटसेल्फ। इट इज़ द फियर एंड मिसअंडरस्टैंडिंग सराउंडिंग इट। सेक्सुअल हेल्थ का मतलब सिर्फ प्रेगनेंसी या
(07:55) सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के बारे में जानना नहीं है। इट आल्सो मीन्स अंडरस्टैंडिंग योर ओन बॉडी। अंडरस्टैंडिंग व्हाट इज नॉर्मल एंड अंडरस्टैंडिंग व्हेन इट एक्चुअली नीड्स मेडिकल अटेंशन। सो प्लीज, डोंट लेट मिथ्स मेक यू फियर योर ओन बॉडी। तो, आज की वीडियो का फाइनल टेक अवे क्या है? मास्टरबेशन से परमानेंट वीकनेस नहीं होती। इससे स्पर्म्स परमानेंटली खत्म नहीं होते। इससे आईसाइट वीक नहीं होती। इससे पिंपल्स नहीं होते, इससे हेयर फॉल नहीं होते, इससे हाइट नहीं रुक जाती। और इससे फ्यूचर इनफर्टिलिटी भी नहीं होती। और मास्टरबेशन का कोई यूनिवर्सल मैजिक नंबर
(08:32) भी नहीं है। व्हाट मैटर्स इज़ कंफर्ट, कंट्रोल एंड इंपैक्ट ऑन योर लाइफ। अगर मास्टरबेशन की वजह से आपको कोई इंजरी नहीं है या आपके रियल लाइफ और रिलेशनशिप्स पे कोई नेगेटिव इंपैक्ट नहीं हो रहा तो सिर्फ मिथ्स की वजह से आपको गिल्टी फील करने की कोई जरूरत नहीं है। एंड इफ यू आर एक्सपीरियंसिंग पेन, डिस्ट्रेस, लॉस ऑफ़ कंट्रोल और पर्सिस्टेंट सेक्सुअल डिफिकल्टीज़, देन इट इज़ टाइम टू टॉक टू अ क्वालिफाइड हेल्थ केयर प्रोफेशनल। डोंट रिलाई ऑन WhatsApp फॉरवर्ड्स। डोंट रिलाई ऑन रेंडम इंटरनेट एडवाइस। एंड डेफिनेटली डू नॉट सफर जस्ट बिकॉज़ यू आर टू एमरेस टू
(09:09) आस्क बिकॉज़ सेक्सुअल हेल्थ इज हेल्थ एंड हेल्थ डिजर्वार्स फैक्ट्स। लेट्स टॉक अबाउट सेक्स। अनकंफ़र्टेबल क्वेश्चंस, अनफिल्टर्ड, विदाउट शेम, विदाउट मिथ्स। दिस इज़ शी टॉक सेक्स, एंड आई एम डॉ. कल्याणी चौहान, गायनेकोलॉजिस्ट। एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन।
Author Name:Dr Kalyani Chavan
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@DrKalyaniChavan
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=yG24DEYIVZo
Title: Masturbation: The Truth Nobody Talks About | SHE TALKS SEX #2
Author Name: Dr Kalyani Chavan
Description: Masturbation is a completely normal part of human sexuality — yet myths, shame and misinformation around it are everywhere.
Does masturbation cause weakness?
Can masturbation affect fertility?
Is masturbation harmful for women?
Does it affect your sex life?
How often is “too much”?
Can masturbation become an addiction?
In SHE TALKS SEX – Episode 2, Dr. Kalyani Chavan, Consultant Gynaecologist & Obstetrician, explains the truth about masturbation in simple, evidence-based language — separating common masturbation myths from medical facts.
In this episode, we talk about:
🔹 What masturbation actually means
🔹 Is masturbation normal and healthy?
🔹 Masturbation in women
🔹 Common myths about masturbation
🔹 Masturbation and weakness
🔹 Masturbation and fertility
🔹 Masturbation and sexual health
🔹 Does masturbation affect your relationship or sex life?
🔹 When can masturbation become a concern?
🔹 Understanding sexual health without shame or guilt
There is a lot of misinformation about masturbation on the internet. So instead of fear, guilt or judgment — let’s talk about it with science, honesty and compassion.
Because sexual health is health.
SHE TALKS SEX
Uncomfortable questions.
Unfiltered.
Without shame.
Without myths.
Disclaimer: This video is for general educational and awareness purposes and does not replace an individual medical consultation.
#SheTalksSex #Masturbation #MasturbationMyths #SexualHealth #WomensHealth #SexEducation #MasturbationFacts #FemaleSexualHealth #Gynaecologist #DrKalyaniChavan
Transcript:
(00:04) मास्टरबेशन से वीकनेस होती है। क्या सीमन निकलने से बॉडी की एनर्जी खत्म हो जाती है? क्या बार-बार मास्टरबेट करने से स्पर्म खत्म हो जाते हैं? या मास्टरबेट करने से फ्यूचर में इनफर्टिलिटी हो सकती है या मास्टरबेशन से एक्ने, हेयर फॉल या आईसाइट कमजोर हो सकती है? और सबसे बड़ा क्वेश्चन क्या मास्टरबेशन सच में हार्मफुल है? अगर आपने इनमें से एक भी बात कभी भी सुनी है तो आज का वीडियो आपके लिए है। बिकॉज़ मास्टरबेशन के अराउंड मिथ्स बहुत से हैं। लेकिन सही इंफॉर्मेशन सरप्राइजिंगली बहुत कम। और सबसे इंटरेस्टिंग बात जो क्वेश्चंस लोग डॉक्टर से पूछने में
(00:41) हेजिटेट करते हैं वही इंटरनेट पे सबसे ज्यादा सर्च की जाती है। सो टुडे लेट्स टॉक अबाउट मास्टरबेशन ओपनली। अनकंफर्टेबल क्वेश्चंस अनफिल्टर्ड विदाउट शेम, विदाउट जजमेंट एंड विदाउट मिथ्स। दिस इज शी टॉक्स सेक्स एंड आई एम डॉ कल्याणी चौहान गनेकोलॉजिस्ट। सबसे पहले बेसिक क्वेश्चन मास्टरबेशन एक्चुअली होता क्या है? मास्टरबेशन का मतलब है अपने प्राइवेट ऑर्गन्स को सेक्सुअल प्लेज़र के लिए खुद ही स्टिमुलेट करना। इससे ऑर्गेनिज्म हो भी सकता है और नहीं भी। यह लड़के और लड़कियां दोनों कर सकते हैं। और अपनी बॉडी को लेकर, सेक्सुअलिटी को लेकर क्यूरियोसिटी होना यह
(01:25) भी नॉर्मल है। लेकिन यहां एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है। मास्टरबेशन नॉर्मल होने का मतलब यह नहीं है कि हर पर्सन को मास्टरबेट करते ही रहना चाहिए। किसी को मास्टरबेशन में इंटरेस्ट हो सकता है और किसी को बिल्कुल इंटरेस्ट नहीं हो सकता। और दोनों सिचुएशन नॉर्मल हो सकती है। इसीलिए अपने आपको फ्रेंड्स, पार्टनर्स या ऑनलाइन देखी हुई चीजों से कंपेयर करने की कोई जरूरत नहीं है। इंपॉर्टेंट बात यह है कि सेक्सुअल बिहेवियर प्राइवेट और म्यूचुअल कंसेंट के साथ होना चाहिए और उससे किसी को कोई नुकसान या परेशानी नहीं होनी चाहिए। और एक इंपॉर्टेंट पॉइंट मास्टरबेशन सिर्फ मेन के
(01:59) बारे में नहीं है। वुमेन कैन मास्टरबेट टू एंड सेक्सुअल प्लेजर एंड क्यूरियोसिटी आर नॉट एक्सक्लूसिवली मेल एक्सपीरियंसेस। फीमेल मेस्टिपेशन भी अपने आप में इनफर्टिलिटी या परमानेंट डैमेज की कोई एस्टैब्लिश्ड वजह नहीं है। फीमेल सेक्सुअल हेल्थ के बारे में बहुत ज्यादा मिथ्स हैं और उसके बारे में हम एक डेडिकेटेड एपिसोड में बात करेंगे। अभी आते हैं सबसे कॉमन मिथ पर। मेडिकल आंसर मास्टरबेशन इटसेल्फ डस नॉट कॉज एनी परमानेंट फिजिकल वीकनेस। फिर एक क्वेश्चन आता है कि डॉक्टर ऑर्गेनिज्म या मास्टरबेशन के बाद मुझे स्लीपी या टायर्ड या वीक क्यों फील होता है? सेक्सुअल
(02:38) एक्टिविटी के बाद बॉडी रिलैक्सेशन फेस में जाती है। इसीलिए कुछ लोग टेंपरेरी स्लीपी या टायर्ड या लेस एनर्जेटिक फील कर सकते हैं। बट दिस टेंपरेरी फीलिंग इज नॉट सेम एज फिजिकल वीकनेस। और एक बहुत पुराना मिथ है कि सीमन कंटेन्स ऑल द एनर्जी ऑफ़ द बॉडी। मतलब सीमेन लॉस तो एनर्जी लॉस। बट साइंटिफिकली यह कांसेप्ट करेक्ट नहीं है क्योंकि सीमेन एक रिप्रोडक्टिव फ्लूइड है और ये कंटीन्यूअस प्रोड्यूस होता रहता है। इट कंटेन स्पर्म एंड फ्लूइड्स प्रोड्यूस बाय डिफरेंट ग्लैंड्स। क्योंकि आपकी बॉडी कंटीन्यूअसली स्पर्म्स तैयार करती रहती है। इसीलिए इजाकुलेशन की वजह से आपकी बॉडी
(03:18) में परमानेंट एनर्जी लॉस या परमानेंट फिजिकल वीकनेस नहीं होता। अब नेक्स्ट मिथ अगर बार-बार मास्टर बीट किया तो सारे स्पर्म्स खत्म हो जाएंगे। बॉडी कोई लिमिटेड स्पर्म बैंक लेकर नहीं बैठी है। स्पर्म प्रोडक्शन एक ऑनगोइंग बायोलॉजिकल प्रोसेस है। हां, अगर शॉर्ट इंटरवल्स में बार-बार इजाकुलेशन हो रहा है, तो हो सकता है कि नेक्स्ट इजाकुलेशन में सीमन वॉल्यूम और स्पर्म कंसंट्रेशन टेंपरेरी कम हो। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपके सारे स्पर्म्स परमानेंटली खत्म हो गए हैं। द बॉडी कंटिन्यूस टू प्रोड्यूस स्पर्म। और इसी वजह से यह डर भी अननेसेसरी
(03:56) है कि मेस्टबेशन की वजह से फ्यूचर में फादर बनना डिफिकल्ट हो जाएगा। फर्टिलिटी इज मच मोर कॉम्प्लिकेटेड देन हाउ ऑफेन समवन इजाकुलेट्स। सो लेट्स कम टू दैट। एक मिथ जो स्पेशली यंग मैन को बहुत डराता है। मास्टरबेशन से इनफर्टिलिटी हो जाती है और फ्यूचर में फादर बनना इंपॉसिबल हो जाता है। देखिए मास्टरबेशन इटसेल्फ इनफर्टिलिटी का कोई एस्टैब्लिश्ड कॉज नहीं है। मेल फर्टिलिटी डिपेंड्स ऑन मेनी फैक्टर्स। स्पर्म प्रोडक्शन, स्पर्म काउंट, स्पर्म क्वालिटी, स्पर्म मूवमेंट, हॉर्मोनल फैक्टर्स, रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स एंड मेनी अदर मेडिकल एंड लाइफस्टाइल फैक्टर्स। और
(04:39) फीमेल फर्टिलिटी भी बहुत सारे फैक्टर्स पे डिपेंड करती है। ओवुलेशन, ओवेरियन फंक्शन, हॉर्मोंस, एज, रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स एनाटमी और बहुत सारे लाइफस्टाइल फैक्टर्स। सो इनफर्टिलिटी को ऑटोमेटिकली मास्टरबेशन से कनेक्ट करना साइंटिफिकली करेक्ट नहीं है। अगर किसी कपल को प्रेग्नेंट होने में डिफिकल्टी हो रही है तो इसे मास्टरबेशन पे ब्लेम करने के बजाय प्रॉपर मेडिकल गाइडेंस और ट्रीटमेंट की जरूरत है। अब करते हैं एक रैपिड फायर राउंड। मास्टरबेशन से पिंपल्स होते हैं? नो। मास्टरबेशन से परमानेंट वीकनेस होती है। नो। मास्टरबेशन से हेयर फॉल होता है। नो।
(05:21) मेस्टरबेशन से आईसाइट वीक होती है। नो। मेस्टरबेशन से हाइट रुक जाती है। नो। मेस्टरबेशन की वजह से टेस्टोस्टरॉन लेवल परमानेंटली कम हो जाता है। नो। अगर इनमें से कोई डर आपको लग रहा है तो इसे ऑटोमेटिकली मास्टरबेशन पे ब्लेम मत कीजिए। हो सकता है कोई और रीज़न हो जिसे सच में मेडिकल अटेंशन और इवैल्यूएशन की जरूरत हो। अब सबसे कॉमन क्वेश्चन डॉक्टर हफ्ते में कितनी बार मास्टरबेट करना नॉर्मल है? और हो सकता है आपको इसका आंसर सरप्राइज़ कर दे। देयर इज़ नो सिंगल मैजिक नॉर्मल नंबर। हो सकता है कोई ओकेजनली मास्टरबेट करे। हो सकता है कोई ज्यादा फ्रीक्वेंटली
(06:03) मास्टरबेट करता हो और हो सकता है कि कोई बिल्कुल भी मैस्टरबेट ना करे। द नंबर इटसेल्फ डज़ नॉट टेल अस वेदर समथिंग इज़ हेल्दी और अनहेल्ी। बिकॉज़ समटाइ्स देंट क्वेश्चन इज़ नॉट हाउ मेनी टाइम्स। देंट क्वेश्चन इज़ वेदर इट इज़ इंटरफेयरिंग विथ माय लाइफ। यहां एक इंपॉर्टेंट डिस्टिंशन समझना बहुत जरूरी है। जब हम कहते हैं कि मास्टरबेशन इटसेल्फ इज़ नॉट इनहेरेंटली हार्मफुल। इसका मतलब यह नहीं है कि एव्री सेक्सुअल बिहेवियर एंड एव्री पैटर्न बिकम्स ऑटोमेटिकली हेल्दी। कंसर्न तब हो सकता है जब आपको यह लगने लगे कि आप अपने बिहेवियर को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। या यह
(06:43) आपके स्टडीज, स्लीप, वर्क या रिलेशनशिप्स को इंटरफेयर कर रहा है या सेक्सुअल बिहेवियर के साथ आपको कंटीन्यूअसली एंजायटी, डिस्ट्रेस या गिल्ट फील हो रहा हो या मास्टरबेशन और पोर्नोग्राफी का पैटर्न आपके रियल लाइफ, सेक्सुअल हेल्थ या रिलेशनशिप्स को नेगेटिवली इंपैक्ट कर रहा हो। देन इट मे बी टाइम टू टॉक टू अ हेल्थ केयर प्रोफेशनल। और इसमें एंबरेस होने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि डॉक्टर्स सेक्सुअल हेल्थ से रिलेटेड प्रॉब्लम्स सुनने में ट्रेंड होते हैं। रिमेंबर आस्किंग फॉर हेल्प इज नॉट वीकनेस। लेकिन मास्टरबेशन के टॉपिक में एक ऐसा इशू
(07:20) भी है जिसके बारे में हमें बात करनी जरूरी है। गिल्ट। हमारी सोसाइटी में मास्टरबेशन के बारे में बचपन से बहुत स्केयर स्टोरी सुनाई जाती है। जिसके बारे में हम ऑलरेडी डिस्कस कर चुके हैं। बॉडी वीक हो जाएगी, स्पर्म्स खत्म हो जाएंगे, फ्यूचर इनफर्टिलिटी हो जाएगी, पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। और जब कोई पर्सन ये सब बिलीव करता है तो नॉर्मल सेक्सुअल बिहेवियर के बावजूद भी गिल्ट और एंजायटी डेवलप हो सकती है। समटाइ्स द प्रॉब्लम इज़ंट द बिहेवियर इटसेल्फ। इट इज़ द फियर एंड मिसअंडरस्टैंडिंग सराउंडिंग इट। सेक्सुअल हेल्थ का मतलब सिर्फ प्रेगनेंसी या
(07:55) सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के बारे में जानना नहीं है। इट आल्सो मीन्स अंडरस्टैंडिंग योर ओन बॉडी। अंडरस्टैंडिंग व्हाट इज नॉर्मल एंड अंडरस्टैंडिंग व्हेन इट एक्चुअली नीड्स मेडिकल अटेंशन। सो प्लीज, डोंट लेट मिथ्स मेक यू फियर योर ओन बॉडी। तो, आज की वीडियो का फाइनल टेक अवे क्या है? मास्टरबेशन से परमानेंट वीकनेस नहीं होती। इससे स्पर्म्स परमानेंटली खत्म नहीं होते। इससे आईसाइट वीक नहीं होती। इससे पिंपल्स नहीं होते, इससे हेयर फॉल नहीं होते, इससे हाइट नहीं रुक जाती। और इससे फ्यूचर इनफर्टिलिटी भी नहीं होती। और मास्टरबेशन का कोई यूनिवर्सल मैजिक नंबर
(08:32) भी नहीं है। व्हाट मैटर्स इज़ कंफर्ट, कंट्रोल एंड इंपैक्ट ऑन योर लाइफ। अगर मास्टरबेशन की वजह से आपको कोई इंजरी नहीं है या आपके रियल लाइफ और रिलेशनशिप्स पे कोई नेगेटिव इंपैक्ट नहीं हो रहा तो सिर्फ मिथ्स की वजह से आपको गिल्टी फील करने की कोई जरूरत नहीं है। एंड इफ यू आर एक्सपीरियंसिंग पेन, डिस्ट्रेस, लॉस ऑफ़ कंट्रोल और पर्सिस्टेंट सेक्सुअल डिफिकल्टीज़, देन इट इज़ टाइम टू टॉक टू अ क्वालिफाइड हेल्थ केयर प्रोफेशनल। डोंट रिलाई ऑन WhatsApp फॉरवर्ड्स। डोंट रिलाई ऑन रेंडम इंटरनेट एडवाइस। एंड डेफिनेटली डू नॉट सफर जस्ट बिकॉज़ यू आर टू एमरेस टू
(09:09) आस्क बिकॉज़ सेक्सुअल हेल्थ इज हेल्थ एंड हेल्थ डिजर्वार्स फैक्ट्स। लेट्स टॉक अबाउट सेक्स। अनकंफ़र्टेबल क्वेश्चंस, अनफिल्टर्ड, विदाउट शेम, विदाउट मिथ्स। दिस इज़ शी टॉक सेक्स, एंड आई एम डॉ. कल्याणी चौहान, गायनेकोलॉजिस्ट। एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन।
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