Tuesday, March 31, 2026

Natural Solution for Low Testosterone, Sex Drive & Sperm Count | Dr. Sunil Jindal with GunjanShouts

Natural Solution for Low Testosterone, Sex Drive & Sperm Count | Dr. Sunil Jindal with GunjanShouts

Author Name:GunjanShouts

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Transcript:
(00:00) टेस्टोस्टरॉन इज़ अ हीरो हॉर्मोन फॉर मैन, व्हाट कंट्रोल्स अ टेस्टोस्टरॉन? व्हेन अ मैन डिजायर्स अ वुमेन, द हॉर्मोन व्हिच राइज़ेस इन हिम इज़ टेस्टोस्टरॉन। इट राइज़ेस लाइक दिस। एंड दैट टेस्टोस्टेरोन वांट्स हिम टू हैव दैट वुमन। टेस्टोस्टरॉन इज़ डिपेंडेंट ऑन थ्री मेजर थिंग्स व्हिच आर क्रिएटिंग प्रॉब्लम नाउ व्हिच वर नॉट देयर अरर्लियर आर परफॉर्मेंस एंजाइटटी बड़ी हाई हो गई है। यंग लड़का है। मौका लगने वाला है गर्लफ्रेंड के साथ जाने का। एंड उस ए्जायटी में अगर वो परफॉर्म नहीं कर पाता तो उसके बाद में उसे लगता है जिंदगी बर्बाद हो गई।
(00:42) मुझे नहीं लगता कि शायद लड़कियां इतना जज करती हैं जितना लड़के खुद को जज करते हैं। ट्रू। आपको उसका रीज़न पता है। फॉर अ मैन सेक्सस परफॉर्मेंस फॉर अ वूमन सेक्स इंटिमेसी। अगर आप अपने आप से खुश नहीं होंगे कि मेरी ब्लाइंड लिंग ठीक है तो अपने पार्टनर को खुश कहां से करोगे? हाउ कैन अ मैन आइडेंटिफाई कि उसको प्रीमेच्योर इजेकुलेशन है? व्हेन यू इजेकुलेट इन द टाइम लेस देन व्हाट इज डिजायर्ड एनीथिंग अबव थ्री टू फोर मिनट्स इज नॉर्मल। मास्टर एंड जॉनसन ने दो एक्सरसाइजज़ बनाई। वन वाज़ स्क्वीज़ एंड द अदर वाज़ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या होता है? क्यों
(01:22) होता है? एंड व्हाट आर द प्रैक्टिकल सश टू एक्चुअली गेट रिड ऑफ़ दिस प्रॉब्लम? इफ इन यंग एज यू हैव रेक्टाइल डिस्फंक्शन देयर इज फोर टाइम्स द चांसेस कि आपको हार्ट अटैक अगले चार सालों में पड़ जाएगा। ओह माय गॉड। सेक्सुअल हेल्थ को इंप्रूव करने के लिए किस तरह के सप्लीमेंट्स कंसीडर कर सकते हैं? जिंक एंड सेलेनियम। दिस इज वेरीेंट फॉर योर स्पर्म काउंट एंड योर सेक्सुअल हेल्थ बी। अश्वगंधा इज मैजिकल। ये जिनके अंदर लायन हॉर्स पोर्स लिखे होते हैं ना ये इनको मत लो। गोल्ड सिल्वर मत लो। फ्यूचर प्रेडिक्शन। अब से 20 साल या 30 साल बाद बहुत लोग अपना
(01:58) बेबी नेचुरली पैदा ना कर पाएं। तो वो कौन से लाइफस्टाइल चेंजेस या इंप्रूवमेंट्स हैं जो एक मेल को करने चाहिए ताकि वो इन सभी प्रॉब्लम से हमेशा के लिए बच सके। एस पी ई आर एम स्पर्म एस का मतलब है मेल्स की सबसे बड़ी प्रॉब्लम पता है क्या है? आपको अपने बारे में ठीक से पता ही नहीं है, नॉलेज ही नहीं है, अवेयरनेस ही नहीं है। सेक्स ड्राइव कम है, प्रीमेच्योर इजैकुलेशन हो रही है, नाइट फॉल हो रहा है। क्यों हो रहा है? इसका रूट कॉज क्या है? क्या स्पर्म की क्वालिटी में फर्क है? या टेस्टोस्टरॉन लेवल्स ठीक नहीं है? रूट कॉज क्या है? आज के इस एपिसोड में हम इन सभी
(02:34) चीजों के बारे में बहुत ही ऑनेस्टली और बहुत ही ओपनली डिस्कस करने वाले हैं। आज के इस डिस्कशन का मेरा पर्पस बहुत ही क्लियर है कि आप अपनी सेक्सुअल हेल्थ पे ध्यान दे सको। उसे बेहतर कर सको। और हमने कुछ ऐसे टॉपिक्स भी डिस्कस किए हैं जो ज्यादातर आदमी आपस में ही बात करने से हिचकिचाते हैं। अनकंफर्टेबल फील करते हैं। सो टेक दिस डिस्कशन एज एन अपॉर्चुनिटी टू नो योरसेल्फ बेटर। और आज इस डिस्कशन के लिए हमारे साथ हैं वन ऑफ इंडियास टॉप मेल फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर सुनील जिंदल। एंड बिफोर वी स्टार्ट टुडेस डिस्कशन मैं आपको बताना चाहूंगी कि हम इसी तरह के
(03:09) इंडिया के टॉप डॉक्टर्स को इस चैनल पर ले आते रहते हैं ताकि आपको एक्सपर्ट मोस्ट क्रेडिबल एडवाइसेस घर बैठे फ्री में मिल सके ताकि आप अपनी और अपनी फैमिली की हेल्थ को सुधार सकें। सो इसलिए अगर अभी तक आपने चैनल सब्सक्राइब नहीं किया है तो जरूर कर लीजिए ताकि एक भी एपिसोड मिस ना हो। नाउ लेट्स ड्राइव इनटू इट। डॉक्टर सुनील वेलकम टू द शो। बहुत-बहुत स्वागत है आपका। प्लेजर टू बी हियर। इनफैक्ट आई हैव बीन सीइंग योर शोज़ अर्लियर एंड आई रियलाइज व्हाट अ ग्रेट जॉब यू डू इन हेल्थ। तो बहुत दिल खुश हुआ और बहुत मजा आएगा बिकॉज़
(03:55) इतनी सारी चीजें दुनिया को आपको भी बताने का और मेरे पास भी। यस, डेफिनेटली। थैंक यू सो मच। सो, यह एपिसोड हर उस आदमी के लिए है जो एक अच्छी सेक्सुअल लाइफ चाहता है। एंड ये उन सब आदमियों के लिए है जो चुपचाप बैठे हैं और सोचने किसी से बात नहीं कर सकते। और सच्चाई में एवरीथिंग कैन बी सोल्वड फॉर देम। सिंग टुडे इन 2026 जीरो स्पर्म के आदमी को उसका बेबी हो सकता है। रियली? यस। एंड जो लोग होते हैं जिनका स्पर्म काउंट कम होता है, कुछ में बढ़ाया जा सकता है। लेकिन उनका अपना बेबी उन्हें मिल सकता है। हम तीन मेजर प्रॉब्लम्स हैं। इरेक्टाइल
(04:32) डिस्फंक्शन, प्रमेचर्योर इकुलेशन, लो सेक्स डिजायर और सबसे बड़ी बात इसकी वजह से जो ए्जायटी और इंटिमेसी खराब होती है ये तीनों चीजें ठीक की जा सकती हैं। समझदारी बस ये है आदमी को बाहर निकल के बाद की जरूरत है। बिल्कुल बिल्कुल। और यही एजेंडा भी है आज हमारी डिस्कशन का। ओके सर। तो मुझे पहले यह बताइए मैं कहीं पर मैंने पढ़ा था ये द मोर हॉर्नी यू आर द हेल्थियर यू आर क्या ये बात सच है आई विल टॉक फॉर मैन एंड आई विल टॉक फॉर वीमेन फॉर मैन दे आर बीइंग हॉर्नी वांटिंग टू हैव सेक्स मीन्स द टेस्टोस्टेरॉन इज फाइन मेंटली दे आर नॉट डिप्रेस्ड एंड मोस्ट
(05:11) इंपोर्टेंटली दे प्रॉबब्ली आइदर हैव इंटिमेसी विथ अ सिंगल पार्टनर और दे आर विदाउट प्रेशर व्हेन दे हैव सेक्स एंड एंड दिस इन इटसेल्फ इज अ गुड साइन ऑफ़ फर्टिलिटी। सपोजिंग देयर इज़ अ मैन हु इन यंग एज हैज़ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। इट्स अ वैस्कुलर प्रॉब्लम नॉर्मली इफ इट इज़। एंड जो ये दिल की नसे होती हैं, नसे बोलूंगा यहां पे आर्टरीज होती हैं। जिनमें हार्ट अटैक होता है। ये डबल द साइज होती है पेनिस की। ओके। सो इट इज़ सीन एंड आई एम टॉकिंग ऑफ़ डेटा दैट इफ इन यंग एज यू हैव इरेक्टाइल डिस्फंक्शन देयर इज़ फोर टाइम्स दी चांसेस। कि आपको हार्ट अटैक अगले चार सालों में
(05:51) पड़ जाएगा। ओह माय गॉड। सो देयर फॉर फॉर अ मैन टू हैव गुड सेक्स इज गुड एंड इट आल्सो शोज़ अलोंग विथ ह मेल हेल्थ ह कंप्लीट मेल हेल्थ प्रोब्ली इज फाइन। आई टोटली गेट द फैक्ट जो आपने कहा ना कि अगर किसी का अर्ज ज्यादा है तो उसका मतलब यह है कि उसकी फिजिकल हेल्थ, उसकी मेंटल हेल्थ, उसके स्ट्रेस लेवल्स, मे बी उसका स्लीप साइकिल सब चीजें इन प्लेस हैं। तभी उसकी डिजायर्स हैं। नहीं तो लाइफ में कुछ भी ठीक नहीं होता तो सबसे पहले डिजायर्स ही किल होती हैं। परफेक्ट। सो आई आई टोटली एग्री विद। मतलब मैं आपको इसी में एक एग्जांपल ऐड करता हूं। हम
(06:28) आप कभी भी अगर किसी इंसान को देखेंगे जिसे स्लीप एपनिया है हम स्लीप एपनिया रात को सोते हुए खुराटे भर रहा है उठ जाता है नींद नहीं आती मोटापा है कान ब्रीथ प्रॉपर्ली डजंट हैव गुड स्लीप दीज़ मैन मोस्ट ऑफ़ देम हैव इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पता है खराबी क्या होती है आपकी सेक्स की डिजायर कम हो जाती है जैसे मैं हमेशा लोगों से कहता हूं मैंने कहा जब बच्चा साइकिल चला रहा हो और साइकिल से गिर जाए तो कुछ दिनों में कहता हम साइकिल नहीं चलाएंगे बेकार की चीज से बच्चा इम्तिहान देने जाए और इम्तिहान देने में फेल हो जाए तो कहता अगला इम्तिहान नहीं दूंगा। पढ़ाई
(07:04) में मन नहीं लग रहा। सो देयर फॉर व्हाट यू आस्क्ड इज वेरीेंट दैट प्रोबब्ली अ गुड सेक्स डिजायर इज अ बैरोमीटर इनडायरेक्ट फॉर मेल हेल्थ। इनफैक्ट देयर इज़ अ ब्यूटीफुल स्टडी व्हिच टूक प्लेस ऑन प्रोस्टेटिक कैंसर। आदमी के अंदर जो कैंसर प्रोस्टेट का होता है और देखा गया दोज़ पीपल हु हैव वेरी रेगुलर सेक्स टिल अ लेटर एज ऑफ़ लाइफ हैव अ लेसर चांस ऑफ़ हैविंग प्रोस्टेटिक कैंसर। ओके। क्या कारण है इसके पीछे? दे से दैट नॉर्मली प्रोस्टेटिक कैंसर इन पीपल हु हैव लेस सेक्स इज मोर। इसके दो स्टडीज मेनली आई हैं बहुत बड़ी। तो ये इंटरेस्टिंगली ये दिखाता है कि अगर
(07:43) आप सेक्स करते हैं तो प्रोस्टेटिक कैंसर करने का चांस कम होता है। इज इट जस्ट बिकॉज़ जैसे हम बोलते हैं कि अगर लाइफस्टाइल एक्टिव है, अगर आप एक्टिव लाइफस्टाइल में है, एक्सरसाइज ज्यादा करते हैं, तो ऑब्वियसली आपके घुटने या आपके जॉइंट्स, मसल्स वीक नहीं होंगे। आप उनको स्ट्रेंथन कर रहे हैं। एंड मैं एक कॉन्टेक्स्ट की बात करता हूं। जो ऑर्गन प्रभु ने बनाया जिस काम के लिए अगर उसे पूर्ण रूप से यूज करोगे हम तो वो ठीक रहेगा। ठीक रहेगा। यस। एंड दैट्स वेरीेंट। दौड़ने वाले के घुटनों में दर्द कम होता है। अगर वो ठीक से दौड़ रहा हो तो।
(08:16) हां एक्सक्ट्ली। है ना? और एक्सरसाइज करने वाले की उम्र थोड़ी शायद ज्यादा हो जाती है। अब कहने को तो शरीर को आप कष्ट दे रहे हो पर शायद प्रभु ने बनाया इसीलिए कि शायद थोड़ा सा कष्ट कष्ट दिया जाए। अगर आप उसको आराम से बिठा के रखोगे तो फिर वो जल्दी उस पे जंग लगेगा। जल्दी जंग लगेगा उसमें। ट्रू वेरी ट्रू। ठीक है? तो हम इंपॉर्टेंट समझ चुके हैं कि क्यों इतना जरूरी है बॉडी की मूवमेंट एंड अपने डिजायर्स को फुलफिल करना। जो मेल इनफर्टिलिटी का रेट है वो कितनी तेजी से बढ़ता जा रहा है। सो क्या क्या नंबर्स हैं अभी गुंजन जी अगर इस बारे में ढंग से दुनिया
(08:53) बात करे तो ये एक एपिडेमिक पेंडेमिक हो जाए। एक बहुत बड़ी स्टडी या आई और ये स्टडी एंड दिस वास अ मेटा एनालिसिस। मेटा एनालिसिस मींस बहुत सारे स्टडीज को साथ जोड़ के तैयार की गई। ओके। एंड दे कैलकुलेटेड दैट फ्रॉम 1973 या टिल 2017 ओके द स्पर्म काउंट ऑफ मेल्स हैज़ गॉन डाउन बाय अबाउट 50 टू 60% 50 60% एंड अब इंटरेस्टिंग बात ये है ये वो लोग नहीं है जिनके बच्चे नहीं है। ये एक नॉर्मल पापुलेशन है। एंड नॉर्मल पापुलेशन का ये कैलकुलेट करके जब इन्होंने निकाला तो एक इंटरेस्टिंग चीज इसमें और आई जो ज्यादा खतरनाक है। अच्छा 2010 के बाद में बहुत तेजी से और नीचे जा
(09:37) रहा है। इसको देखते हुए एक चीज़ समझ में बड़ी सिंपल आती है। फ्यूचर प्रेडिक्शन आजकल लोग गोल्ड के रेट पे लगे हुए हैं। फ्यूचर में कितना होगा। मैं कहता हूं सीमन का प्रोडक्शन और या स्पर्म का प्रेडिक्शन शायद ऐसा हो जाए कि अब से 20 साल या 30 साल बाद बहुत लोग अपना बेबी नेचुरली पैदा ना कर पाए। और यह है खतरनाक एपिडेमिक। और इस एपिडेमिक का जो सोर्स है हम हम वो मॉडर्न लाइफ स्टाइल है। ओके। एक चीज को सिंपल कहूं। आप स्टाइल में तो चलते हुए आते हैं पर आपकी बायोलॉजी स्टाइल नहीं मांगती। बायोलॉजी तो वैसे ही चल रही है जैसी इंसान की चल रही थी।
(10:16) राइट? और इंसान नए-नए काम और करतब करता रहा। हम बायोलॉजी को पसंद नहीं था। रिजल्ट ये हुआ कि स्पर्म काउंट नीचे हो गया। अब देखिए हम हिंदुस्तान में इतनी बड़ी पापुलेशन पे बैठ के हमेशा बात करते हैं। इतने बच्चे हो गए। चार नहीं होंगे तो क्या होगा? हम लेकिन पता है आपको गहराई की बात कहूं हम उनसे पूछिए जिनके बच्चे नहीं है या उनके दिल का दर्द कितना बड़ा है और आज अनफॉर्चूनेटली फर्टिलिटी रेट कुछ इंटेंशनल और कुछ एक्चुअल बहुत जबरदस्त डाउन जा रहा है और सारा मॉडर्न लाइफ स्टाइल पे स्पर्म इतनी तेजी से जा रहा है यहां तक कि आपको ये भी जान के ताज्जुब होगा एग क्वालिटी
(10:55) डाउन जा रही है हम वुमेन की प्रमच्योर ओवेरियन फेलियर बहुत जल्दी हो रहा है कितनी यंग यंग गर्ल्स को हम देखते हैं हम जो 28 की ऐज पे आती हैं। प्रमेचर्योर ओवेरियन फेलियर है। ओवरीज फेल्ड है। 28 की 28 की ऐज पे जो कि एकदम पीक एज होनी चाहिए। पीक एज होनी चाहिए। और सच पूछे तो बिल्कुल मॉडर्न लाइफस्टाइल की कहानी है और कुछ भी नहीं है। ओके। तो दैट मींस अब अपने कंट्रोल में ही है। बिकॉज़ लाइफ स्टाइल तो हमको डिफाइन करना। नहीं लेकिन लेकिन उस लाइफ स्टाइल को बहुत चीजों को हम कंट्रोल नहीं कर सकते। जैसे मैं आपको अभी शेयर करता हूं। ओके। ठीक है।
(11:31) मैं हमेशा कहता हूं कि एक निमोनिक को याद कर लो मेरे प्यारों एस पी ई आर एम स्पर्म एस का मतलब है स्लीप। आज के दिन में स्लीप डिप्र्राइवेशन हम ये क्लेरिटी में हो गई है इस दुनिया में कि आपको 7 घंटे की नींद चाहिए। हम अगर 7 घंटे की नींद आपकी नहीं होती है तो उस कंडीशन में आपका स्पर्म काउंट डाउन जाता है। अब आ जाइए अगली पे स्पर्म में पी हम पर्सिस्टेंट प्रेशर इतना प्रेशर इंसान पे हो गया है कि एक स्कूल से लेके बच्चे से लेके और आप मिडिल एज आदमी को देख लो सड़क पे मुस्कुराता नजर नहीं आता। एंग्जायटी एंड प्रेशर ई पे आ जाइए।
(12:16) एनवायरमेंटल पोल्यूशन। एनवायरमेंटल पोलशन में देखिए कई तरह के पोल्यूशन हैं। एक तो यह सारा एटमॉस्फेरिक पोल्यूशन है। यह जान के आपको बड़ा ताज्जुब होगा। हम लंग्स की बात करते हैं, खांसी की बात करते हैं, अस्थमा की बात करते हैं। स्पर्म के ऊपर हाईएस्ट डिवाइडिंग सेल पे सबसे ज्यादा असर पड़ता है पोल्यूशन का। अच्छा। ये जितना एक्यूआई की बात करते हैं ना अच्छा। ज्यादा तो लंग्स में है पर कहानी सबसे ज्यादा वहीं करता है। ओके। ईपीएस। ईपीए क्या है? मैं आपको बताता हूं। देखिए ये ऑडियंस को भी बताना चाहता हूं। हम आदमी को चाहिए स्पर्म बनाने के लिए
(12:50) टेस्टोस्टेरोन। ये है आदमी का हॉर्मोन। और औरतों के हॉर्मोन को बोलते हैं ईस्ट्रोजन। किसी भी रूप में ईस्ट्रोजन तो नहीं चाहिए ना। वो तो टेस्टोस्टरॉन को डाउन करेगा। स्पर्म खराब करेगा। आर्टिफिशियल ईस्ट्रोजन को मिलिए ईपीएस होते हैं। आपकी प्लास्टिक में होते हैं। यह तो शुगर में नहीं है। आपका जो गिलास है ये कांच का है। वरना प्लास्टिक की बोतल में पानी टिफिन बॉक्स प्लास्टिक का खाने की चीजें प्लास्टिक की। पूरी तरह सराउंड डिस्पोजेबल प्लास्टिक कितने आपके कॉस्मेटिक्स होते हैं जिनके अंदर ईपीएस होते हैं। ये सारी चीजें एक बहुत गहराई में आपके
(13:30) स्पर्म को अफेक्ट करते हैं। मैंने आपको एस बताया, पी बताया, ई बताया। अब आर बताता हूं आपको। आर है रेस्टिव मोड। ओके। पूरी दुनिया आज के दिन में मोटी हो गई है। रेस्टिव हो गई है। एक्सरसाइज नहीं करती। और सबके खाने फास्ट फूड हो गए हैं। मैदा युक्त बर्गर चाऊमीन खाते हैं। एंड रॉ फूड नहीं खाते। घर का कुक्ड फूड नहीं खाते। रफेज कम होती है। आपको याद है पुराने जमाने में अगर आप गौर से देखें रागी, मकई, ज्वार, बाजरा हम बिल्कुल खालिस घी मतलब बचपन में मुझे आज तक याद है सिर्फ आम के सीजन में आम मिलता था
(14:14) और तरबूज के सीजन में तरबूज मिलता था। और यह भी एक चक्र है और यह इतना खूबसूरत चक्र है कि जिस सीजन में जो मिलता है हम वही आपके शरीर के लिए सबसे ज्यादा मुफीद होता है। दैट्स द बेस्ट फॉर यू और एम माइक्रोोनट्रिएंट्स ओके माइक्रोोनट्रिएंट्स इतने खराब सिस्टम में हो गए हैं जैसे जिंक सेलेनियम जो स्पर्म के लिए चाहिए जिसकी वजह से आज ये प्रॉब्लम आ रही है। तो ये ये सारी चीजें इस मॉडर्न लाइफस्टाइल की कहानी है। आप कभी भी जरा निकल के देखिए ना कॉलेज के बाहर निकला हुआ लड़का जवान लड़का जिसके चेहरे पे मुस्कुराहट होनी चाहिए स्ट्रेस में है
(14:54) सिगरेट फूंक रहा है बाहर की पोलशन ले रहा है बाहर ठेले पे खड़ा होके कोई ना कोई फास्ट फूड खा रहा है हम एक्सरसाइज करता नहीं है नींद पूरी नहीं मिलती नींद पूरी मिलती नहीं है और एंड में पता है क्या कह रहा है सब चंगासी तो जितने भी आपने चीजें बताई वो सारी की सारी ही डिस्टर्बड है सब डिस्टर्बड है सब डिस्टर्ब है और डिस्टर्ब डिस्टर्बेंस बढ़ रही है। अब मैं बहुत बार कहता हूं इसके अंदर आप बहुत सारी चीजें ठीक कर सकते हैं। बहुत सारी चीजें ठीक करनी मुश्किल है। आई मीन आप कितना ऑर्गेनिक खाना अपना उगा लेंगे बिना पोल्यूशन के। कितनी ऐसी
(15:26) सब्जियां होंगी, कितना ऐसा दूध होगा जो आपको प्रॉपर मिल जाएगा। एनवायरमेंटल पोलशन का क्या करेंगे? लेकिन कुछ चीजें आप कर सकते हैं। वो करनी बड़ी जरूरी है। जैसे कि हम हम स्लीप प्रॉपर करिए। स्ट्रेस को कम करिए। मेडिटेशन शुरू करिए। सुबह उठ के एक्सरसाइज शुरू करिए। राइट? खुश रहिए। ये बड़ी जरूरी चीज है। समझ रही हूं मैं ये सब और मुझे लगता है कि शायद कहना बहुत आसान है। बट जब रियल लाइफ में इंप्लीमेंटेशन पे हम आते हैं तो वो डिसिप्लिन लाना और वो उस तरह की हैबिट्स को फॉलो करना शायद कहीं ना कहीं लोग स्टक हो जाते हैं उस पे। तो प्रैक्टिकली किस
(16:06) तरह का लाइफस्टाइल होना चाहिए। सुबह से लेकर शाम तक का क्या रूटीन होना चाहिए? मैं वह भी पूछना चाहूंगी आपसे। बट उससे पहले जब भी एक कपल में फर्टिलिटी का इशू आता है या लगता है वो नेचुरली कंसीव नहीं कर पा रहे तो हमेशा औरत के ही टेस्ट्स पहले या ज्यादा क्यों होते हैं और मेल्स के ऊपर अभी भी क्वेश्चन नहीं होता। मुझे लगता है हमारी सोसाइटी में अभी भी ऐसा है और बहुत ज्यादा है। अगर हम टिए थ्री में जाएं तो शायद वहां पर पता नहीं टेस्ट करते भी हैं कि नहीं या उनकी ईगो पे है यह बात या क्या है? तो आप एज अ फर्टिलिटी डॉक्टर एज अ फर्टिलिटी एक्सपर्ट आप किस तरह के
(16:42) केसेस एक्सपीरियंस करते हो और आपको क्या लगता है व्हाट इज गोइंग ऑन इन दिस सोसाइटी? चलिए आपको अब दो किस्से बताऊंगा अलग-अलग। हां जी। देखिए पहली चीज तो हम ये शेयर करता हूं मैं आपसे कि अगर 100 लोगों के बच्चे नहीं है 30 में आदमी के कारण 30 में औरत के कारण और 40 में दोनों के कारण तो मोटा-मोटा 50% भागीदार बच्चे ना होने में एक आदमी होता है। ये मेरी कही हुई बात नहीं है। डब्ल्यूए का डाटा देता है। हम राइट? फर्स्ट। अब हमारे यहां क्या होता है? हमारे यहां जैसे ही बेबी नहीं होता एक शब्द है बांझ और औरत की कमी। हम इन दोनों में सबसे पहले वुमेन के टेस्ट
(17:18) होते रहते हैं। राइट? और जैसे ही आप कहते हैं कि आपके हस्बैंड को ले आइए और टेस्टिंग करानी है हम तो हस्बैंड की मां कहती है मेरा लल्ला तो बिल्कुल ठीक है। देखिए आदमी का मेनली शुरू में एक टेस्ट होना है। और वुमेन के कम से कम 12 टेस्ट होने हैं। अब वो 12 टेस्ट हुए बहुत समय हो जाता है। पर वो एक टेस्ट नहीं होके देता। ये एक बड़ी खूबसूरत सी चीज है। अब आपको थोड़ी पुरानी किस्सा सुनाता हूं। मुझे अब तक याद है ये मेरी क्लनिक में आए थे और आके बैठे बोले डॉक्टर साहब एक एक इंतजा है। मैंने कहा हां बताइए। बोले अपनी नई बेगम लेके आए हैं। जरा उनको
(17:57) देख लीजिए हमारी बेगम के बच्चा नहीं हो रहा। तो मैंने उनसे पूछा। मैंने उनसे कहा कि आपकी कितनी वाइफ्स हैं? तो उन्होंने बताया तीन वाइफ्स हैं। जब पहली कि बच्चा नहीं हुआ तो दूसरी आई। अच्छा। हां और आप तीसरी लाए हैं और वो एज कम होती रहती है बेगमों की तो जब वो लेके आए मैंने कहा आपका भी तो टेस्ट होना जरूरी है तुम उससे बोले थे कि हमारा टेस्ट तो होता रहता है मर्दों में कोई कमी तो नहीं होती दिस वास ह एक्चुअल बिलीफ माय गॉड आई जस्ट टोल्ड हिम आगे इलाज तब चलेगा जब तुम टेस्ट करा लो बरखुरदार एक टेस्ट तुम्हारा कराना जरूरी है कोई दिक्कत नहीं
(18:28) होनी है कि जाओगे कमरे में फौरन सैंपल हो जाएगा सैंपल को फौरन टेस्ट करके आपको बताएंगे क्योंकि बच्चा आपको देना जरूरी है ही वेंट गव द टेस्ट ओके ही वास एजुस्पर्मिक नो स्पर्म नो स्पर्म यस एंड द द क्रेजी थिंग इज व्हेन आई टोल्ड हिम यू आर एजोस्पर्मिक ह रिएक्शन वास डॉक्टर साहब किसी को बताइएगा मत नहीं तो कैड आ जाएगा सो ये एजोस्पर्मिक वेयर इन देयर इज जस्ट नो स्पर्म जीरो स्पर्म जीरो स्पर्म ये किस सिनेरियो में होता है अगर सुनेंगी ना आप और आपकी ऑडियंस सुनेगी ताज्जुब कर जाएगी हिंदुस्तान के अंदर 1% पापुलेशन के जीरो जीरो स्पर्म्स हैं। 1% पापुलेशन व्हिच इज
(19:11) बिगर देन एनी डिजीज। बट द प्रॉब्लम इज द मोमेंट अ मैन बिकम्स एजोस्पर्मिक। वो इतने बड़े डिप्रेशन में चला जाता है क्योंकि वो एसोसिएट कर लेता है अपने एजोस्पर्मिया को मदानगी से। एंड क्योंकि मैं हमेशा अपने पेशेंट से कहता हूं। मैंने कहा इतनी कॉमन है कि अगर आप बस में जा रहे हो शायद आपके बराबर में बैठने वाले के भी स्पर्म जीरो हैं। पर कोई किसी को बताता नहीं। तो आपको मालूम नहीं चलेगा। एंड इट इज़ अ वेरी बिग पेन टु द ह्यूमन बीइंग हु हैज़ एजोस्पर्मिया। इनफैक्ट अगर मैं मेल हेल्थ की बात करूं, मेल हेल्थ में साइकोलॉजिकली इफ अ मैन हैज़ ही जीरोस्पर्म्स। इट कॉजेस अ
(19:48) लॉट ऑफ़ डिस्टरबेंस टू देम। बिकॉज़ ऑफ़ टू रीज़ंस। फर्स्ट रीज़न इज़ दे फील दे कैन नॉट हैव देयर ओन चाइल्ड। व्हिच इज रोंग। आई विल टेल यू। ओके। एंड द सेकंड थिंग इज दे फील अगर किसी को मालूम चल गया। इट विल बी अ क्वेश्चन ऑन देर मैस्कुलेनिटी। मैस्कुलेनिटी एंड मोस्ट ऑफ द पीपल जब उनका जीरो स्पर्म आता है तो सबसे पहले वो क्या कहते हैं कि डॉक्टर साहब बाकी सब तो ठीक है। मेरी वाइफ को मत बताइएगा। द रीज़न इज दे सम हाउ फील डीपली कि उनका डीपर लव और इज्जत हम चली नहीं जानी चाहिए। वो मेल ईगो स्पर्म काउंट से क्योंकि लिंक्ड है ना। लिंक्ड है, लिंक्ड है और
(20:26) उसका लिंकेज बिल्कुल गलत है। मतलब आपसे मैं अगर सच कहूं मतलब बिल्कुल गलत है क्योंकि इट इज जस्ट लाइक एनी अदर प्रॉब्लम? तो मैं उनसे हमेशा एक चीज कहता हूं। मैं कहता हूं देखो एक बात सुनो। अपनी वाइफ को ले आओ। क्योंकि जीरो स्पर्म में भी 60% आदमियों के उन्हीं के स्पर्म का बेबी हो सकता है। बट हाउ इज इट पॉसिबल टू हैव योर ओन बेबी विद जीरो स्पर्म काउंट? सी, दी वर्ल्ड हैज़ गॉन इंटू अ डिफरेंट फेस ऑफ़ टेक्नोलॉजी? या। पीपल बोर्न टुडे अगर उनके जीरो स्पर्म्स भी हैं। हम उनकी टेस्टीज को खोल के माइक्रोस्कोप के नीचे वी कैन टेक आउट टिश्यू जिसमें शायद
(21:04) स्पर्म बन रहा हो। फोकल कहीं-कहीं बनता हुआ। जैसे आपने सेब का पेड़ देखा है। हम हरी पत्तियां होती हैं। कहीं-कहीं सेब होते हैं। बिल्कुल। इसी तरह से अगर आप टेस्टिस को खोलेंगे, कहीं-कहीं स्पर्मेटोजेनेसिस मतलब स्पर्म बनने की प्रक्रिया हो सकती है। ओके? आप उस एरिया को निकालते हैं। माइक्रोस्कोप के नीचे खोलते हैं। स्पर्म मिलता है। स्पर्म को क्लीन करते हैं और वाइफ के एग में उस स्पर्म को इंजेक्ट करते हैं। केसी से इंट्रा माइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन। अब जो मैं आपसे बात कह रहा हूं बात को समझिएगा। ये उसी के स्पर्म से टेस्टी से निकाल के एम्ब्रियो बना के रख
(21:40) के बेबी करने का काम है। इसे माइक्रोसे बोलते हैं। ओके ओके। नाउ दिस इज एन अमेजिंग टेक्नोलॉजी व्हिच कैन गिव एजोस्पर्मिक मैन देर ओन चाइल्ड मतलब दिस टेक्नोलॉजी इस सो इंटरेस्टिंग एक स्पर्म कितना बड़ा होता है एक बाल के 1000व हिस्से जितना आज आप उसे निकाल के एक ह्यूमन एग में इंजेक्ट करके बेबी बना के रख के उन्हीं का बेबी दे सकते हो। दिस इज प्राइसलेस। हम मैंने ना अपनी आंखों से आदमियों को अपने बच्चे को गोद में लेके फपक फपक के रोते देखा है। वो एक ऐड है ना मास्टर कार्ड का एवरीथिंग कैन बी बोट
(22:25) हम एक्सेप्ट ये वाली खुशी हम सो एजोस्पर्मिया इज इंक्रीजिंग। दुख की बात क्या है? एजोस्पर्मिया इज इंक्रीजिंग। डॉक्टर एस पर माय अंडरस्टैंडिंग स्पर्म्स अनलाइक एग्स बिकॉज़ एग्स तो एक स्पेसिफिक नंबर होता है। वुमेन इज बोर्न विद अ स्पेसिफिक नंबर ऑफ एग्स। बट स्पर्म्स तो रेकरिंग प्रोड्यूस होते रहते हैं आफ्टर एव्री सर्टेन पीरियड ऑफ़ टाइम मेल बॉडी प्रोड्यूसेस स्पर्म्स। सो ये सिनेरियो कब होता है कि जीरो स्पर्म काउंट हो जाए। देखिए एक आदमी करोड़ों स्पर्म हर दिन बना रहा होता है। राइट? एक स्पर्म को बनने में 72 दिन लगते हैं। तो जो द स्पर्म व्हिच इज बीइंग प्रोड्यूस
(23:05) टुडे वो 72 दिन बाद तैयार हो के बाहर आएगा। राइट? करोड़ ऑफ स्पर्म बनते हैं। बट देयर आर फ्यू कंडीशंस इन व्हिच स्पर्म्स आर जीरो। नाउ इट कैन बी थ्री सिनेरियोस। वन इज दी प्रोडक्शन इज देयर। ओके। पर रास्ता बंद है। दिस इज ऑब्स्ट्रक्टिव इजमिया। ओके। ओके। बन रहे हैं बट वो पैसेज नहीं मिल रहा। नहीं मिल रहा। ठीक है। दूसरा यह है कि मशीन फेल हो गया। मैं कहता हूं इंजन फेल हो गया। ओके? जो ग्लैंड्स स्पर्म जो जो टेस्टीज है जो टेस्टीज है स्पर्म बना रही है वो फेल हो गई। ओके। दैट इज नॉन ऑब्स्ट्रक्टिव एजोस्पर्मिया। ओके। ओके। एक तीसरी कंडीशन होती है। देखिए हमारा जो
(23:48) ब्रेन होता है ये ब्रेन दो हॉर्मोन बनाता है। एक बनाता है एफएसएच एक एलएच। एलएच ब्रेन से निकलता है। टेस्टिस पर जाकर एक पर्टिकुलर सेल्स होते हैं उसे बोलते हैं लेडिक सेल्स। हम उनमें टेस्टोस्टेरोन बनाता है। और एफएसएच ब्रेन से निकल के सेमिनिफेरस ट्युब्यूल जिसके अंदर स्पर्म बनता है उसमें स्पर्म बनाता है। अगर ये दोनों हार्मोन बिगड़े हुए हो तब भी नहीं बन रहा होता। तो मैं एक बहुत सिंपल सी चीज एक्सप्लेन करने के लिए कहता हूं। मैंने कहा देखो हमारे ब्रेन में हॉर्मोन बन रहा है। जाकर टेस्टीज पर काम कर रहा है। टेस्टीज में स्पर्म बन रहे हैं। बाहर आ
(24:28) रहे हैं। अगर स्पर्म निल है तो तीन जगह खराबी हो सकती है। या तो ब्रेन हॉर्मोन नहीं बना रहा मतलब पेट्रोल नहीं है। राइट? या गोली काम नहीं कर रही। इंजन फेल है या रास्ता ब्लॉक है। हम तो ये तीन कारण मेनली होते हैं जिस वजह से स्पर्म नहीं होते। एक तो ये मेजर प्रॉब्लम हो गई कि स्पर्म नहीं है एजोस्पर्मिक। इसके अलावा और कौन-कौन सी मोस्ट कॉमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स हैं जो एक मैन में हो सकती हैं? क्या कमाल का सवाल आपने पूछा है सच में? क्योंकि ये बहुत सुंदर सवाल में क्यों है? क्योंकि मैं इसे सिंपलीफाई करके देना चाहता हूं। जी। देखिए जो सीमन होता है ना वीर्य
(25:04) ये वीर्य टेस्टीज में नहीं बनता। ये प्रोस्टेट और सेमिनल वेसिकल ग्लैंड में बनता है। ओके। ओके। स्पर्म उसका बहुत ही 5% से भी कम हिस्सा होता है। जो स्पर्म बनता है, इसका प्रोसेस क्या होता है कि कई करोड़ स्पर्म हम इंटरकोर्स में आते हैं। उन कई करोड़ में से कुछ लाख स्पर्म यूट्रस तक पहुंचते हैं। ओके? और केवल करीब 200 से 300 स्पर्म अंडे के पास पहुंचते हैं। तो अगर स्पर्म काउंट कम हो, अगर स्पर्म काउंट की मोटिलिटी मतलब चलने की रफ्तार कम हो, मूवमेंट कम हो। ठीक है? अगर स्पर्म की मॉर्फोलॉजी मतलब बनावट कम हो ओके ओके या स्पर्म की वाइटालिटी जिंदा होने की
(25:44) क्षमता कम हो तो ओके बेबी पैदा होना मुश्किल है। वाइफ बिल्कुल फर्स्ट क्लास है। सारे टेस्ट नॉर्मल है। शी इज़ फर्टाइल लाइक एनीथिंग। दी हस्बैंड स्पर्म काउंट इज नॉर्मल। स्टिल नो बेबी इज़ बीइंग बोर्न बिकॉज़ यस। बिकॉज़ दी स्पर्म इज सीन अंडर अ माइक्रोस्कोप। बट उसका डीएनए खराब है। ओके। मतलब स्पर्म नंबर में तो है पर फंक्शनली आउट है। मैं उसे इस तरह से कहता हूं कि सपोजिंग 12 लोगों की क्रिकेट टीम है। उस 12 में से 12 खेलने लायक नहीं है। तो 12 नंबर पूरा नहीं हुआ। ओके? सपोजिंग उसमें उसमें सपोजिंग सिर्फ चार प्लेयर हैं। तो वो क्रिकेट टीम मैच नहीं जीत पाएगी।
(26:29) राइट? तो होता क्या है? अब इसका भी आप समझिए। हम इसको बोलते हैं बड़ी इंटरेस्टिंग शब्द है इडपैथिक मेल इनफर्टिलिटी। इडपैथिक मतलब ओके नंबर ठीक है पर बच्चा पैदा नहीं हो रहा। ओके। अब इसका रीजन जो मैंने आपको शुरू में बताया हम हम पोल्यूशन, स्लीप, टॉक्सिसिटी, टॉक्सिंस ये करते क्या है? ये स्पर्म के डीएनए को खराब कर देते हैं। ओके? सबसे ज्यादा डिवाइडिंग अगर कोई सेल हमारे शरीर में है तो वो पता है क्या है? स्पर्म और स्पर्म की खूबसूरत चीज क्या है? उसमें एक हेड होता है। हम एक टेल होती है। एक टेल होती है। जो हेड होता है उसमें सिर्फ डीएनए पैक्ड होता है। जैसे आप
(27:10) सूटकेस में ज्यादा कपड़े भर देते हो ना बिल्कुल उसी तरह से और जब ये पोल्यूशन हिट करता है। ऑक्सीडेशन हिट करती है तो पता है क्या होता है? सबसे पहले उसका डीएनए खराब होता है। ओके। तो ये कहानी ऐसी है कि आपने रिपोर्ट लेके आए सीमन की वो रिपोर्ट एक फोटो है पर उसकी वीडियो में तो डीएनए खराब है। सो हम स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन देखते हैं। मैं आपको एग्जांपल देता हूं एक पेशेंट का। मतलब बड़ी इंटरेस्टिंग सी चीज है। फाइव आईवीएफ डन। पांच आईवीएफ कराए हुए थे। एंड शी सेड दैट आई हैव नॉट गॉट प्रेग्नेंट इन ऑल फाइव आईवीएफ्स। और डॉक्टर साहब अब
(27:44) तो मुझे लगता है मेरे बच्चा हो ही नहीं सकता। तो वी गॉट दी स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन डन एंड स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन वास वेरी हाई हम तो किसी पेशेंट में अगर स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन बहुत हाई होगा तो प्रेगनेंसी आईवीएफ में कम होगी और रेकरेंट प्रेगनेंसी लॉस बहुत ज्यादा होगा। आप प्रेग्नेंट हो गए हो और आपका अबॉर्शन हो गया। तो इसलिए स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन बड़ी इंपॉर्टेंट चीज है। मेरे बड़े करीबी दोस्त हैं डॉक्टर अशोक अग्रवाल। ही वास द चीफ ऑफ एंड्रोलॉजी ऑफ क्ल्लीवलेंट क्लीनिक। उनकी मैक्सिमम रिसर्चेस हैं इसके ऊपर स्पर्म
(28:19) डीएनए फ्रेगमेंटेशन पे। हम हम और उन्होंने एक पॉइंट टर्न किया टर्न किया जिसका नाम है मोसी। मोसी नहीं मोसी मेल ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस इनफर्टिलिटी। ये जितना ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस है, ये नॉर्मल स्पर्म में डीएनए खराब करता है। स्पर्म काउंट ठीक होती है पर इनफर्टाइल होता है। आदमी कहता है मैं बिल्कुल ठीक हूं। हम पर असल में स्पर्म का डीएनए खराब है। डीएनए ही खराब है। आदमी के लिए पता है क्यों दर्दनाक है? हम क्योंकि आदमी बहुत सेंसिटिव होता है। ऊपर शरीर इतना बड़ा होता है पर दिल इस एरिया में बड़ा अलग सा रहता है। एंड साइलेंस में चला जाता है।
(29:00) डिप्रेशन में चला जाता है। ये एक बड़ी भारी समस्या है। तो जीरो स्पर्म का मतलब जीरो बेबी आपका नहीं है। जीरो स्पर्म का मतलब है ढूंढ के निकाल के आपका बेबी आपको दिया जा सकता है। तीनों जगह पे जो प्रॉब्लम्स आपने बताई कहीं ना कहीं है। उसको फिक्स किया जा सकता है। उसे फिक्स किया जा सकता है। या हॉर्मोनस के रिलीज को या पैसेज को या अगर हॉर्मोन्स नहीं है बाहर से हॉर्मोन दे दीजिए राइट स्पर्म बन जाएंगे ऑब्स्ट्रक्शन निकाल लीजिए नॉन ऑब्स्ट्रक्टिव में माइक्रो टी से इसके अलावा सीमन में क्या प्रॉब्लम हो सकती है इज मास्टरबेशन ओके क्या इफेक्ट होता है
(29:31) उसका सेक्सुअल हेल्थ पे रिलेशनशिप पे इट लीड्स टू साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स इट लीड्स टू एन एडिक्शन एट टाइम्स इट लीड्स टू अ सिचुएशन वेयर एंग्जायटी टेंशन एंड गिल्ट कम्स इंटू इट कि अगर एक लड़का पोर्न देखता है तो वो एडिक्टेड है या फिर सिर्फ सिर्फ रिकक्रिएशन के लिए ओकेजनली देखता है। अगर आप अगर आप इन पडकास्ट के ऑडियो वर्जनंस को एंजॉय करना चाहते हैं ताकि आप ड्राइव करते हुए, ट्रेडमल पे चलते हुए, वॉक पे जाते हुए या घर के काम करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सको तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है।
(30:04) तो सीमन में प्रॉब्लम हो सकती है इनफेक्शन। सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज बड़ी मेजर तरीके से बढ़ रही है। और हालत यह हो गई है कि आज के दिन में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के अलावा इंफेक्शंस बहुत ज्यादा हो गए हैं। अब होता क्या है? हम एक आदमी को यूरिन में इंफेक्शन हुई। दवा तीन दिन खाई। यूरिनरी इंफेक्शन ठीक हो गया। जलन बंद हो गई। दवा बंद कर दी। ये बैक्टीरिया जाके सेमिनल वैसिकल प्रोस्टेट जहां वीर्य बनता है वहां घुस जाते हैं। और उससे पता है क्या पैदा होता है? मैगी। यह वाली मैगी नहीं मेल एक्सेसरी ग्लैंड इंफेक्शन और ये इंफेक्शन पस सेल तैयार
(30:39) करता है। पस सेल होते हैं ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होती है। स्पर्म चिपक जाते हैं और बेबी नहीं होता। तो ये बहुत बड़ा एक एरिया है जिसकी वजह से मेल्स इनफर्टाइलिटी की तरफ जा रहे हैं। इनफेक्शंस बेसिकली एसटीडीज या चीज़ इसके रूट कॉजेस क्या होते हैं कि ये इनफेक्शन पहुंचता कैसे है? देखिए इनफेक्शंस एक तो आपने बताया सेक्सुअली ट्रांस ट्रांसमिटेड है। आपको यूरिनरी इनफेक्शन हुआ। यूरिनरी इंफेक्शन नॉर्मल यूरिनरी इंफेक्शन हुआ। नॉर्मल यूरिनरी इंफेक्शन पूरी तरह से ट्रीट नहीं हुआ। ओके? जाके बैक्टीरिया बैठ गए। ओके? कुछ ब्लड से इंफेक्शंस चले जाते हैं।
(31:15) वो बैठ गए और वो पस सेल्स के रूप में आते हैं। तो ये चीज होती है और ये निकलते बड़ी मुश्किल से हैं। उसका रीज़न क्या है? कि एक बैरियर होता है। ओके? ओके। जैसे पर्दा होता है ना कई लोगों पर्दा नशीमन पर्दा नशी है इस पे ब्लड नहीं पहुंचता एक बैरियर होता है ब्लड का बैरियर तो जो आप एंटीबायोटिक देते हैं वो प्रॉपर्ली सीमन के पास पहुंच नहीं पाती ओके ओके तो ये एक और कहानी होती है। अच्छा तो ये इंटरनल और एक्सटर्नल किसी भी कारणों की वजह से किसी भी कारण की वजह से हो सकता है। क्या ये हजीन इश्यूज की वजह से भी होता है? यस। यस। हाइजीन इशूज़ की वजह से बहुत
(31:49) होता है और हाइजीन एक आदमी को ठीक रखनी बड़ी जरूरी है। तो वो कौन से हाइजीन पैराटर्स हैं जो एक मेल को ध्यान देने चाहिए। बिकॉज़ फीमेल्स के लिए तो बहुत सारी चीजें हैं। इंटिमेट प्रोडक्ट्स और तरह-तरह के हमारे पास टिप्स हैं और प्रोडक्ट्स हैं। सब कुछ है। बट आई डोंट थिंक मेल इंटिमेट हाइजीन की कभी ज्यादा बात होती है। तीन बेसिक चीजें हैं। हां जी। नंबर वन जब आपके बच्चा पैदा होता है हम और आप अपने बच्चे को देखती हैं सबसे पहला काम करना है आपको देखना है उसकी पेनिस की स्किन प्रॉपर्ली रिट्रैक्ट पीछे कर रही है या नहीं कर रही है बहुत बार मदर्स नहीं
(32:30) देखती हैं क्लीन नहीं करती हैं स्किन चिपकी रह जाती है उसके अंदर गंदगी मौजूद होती है ये मैं बच्चों की बात कर रहा हूं बच्चों को दो चीज सिखानी है स्किन पीछे करने के बाद में कि जब आप नहाते आते हैं हम स्किन को पीछे करिए साबुन से क्लीन करिए ओके और ये आदत एक बार बचपन में पड़ गई तो बड़ा होके आदमी छोड़ता तो है नहीं जैसे आप अपने दांतों को ब्रश करते हैं हम वैसे ही आपको क्लीनलीनेस रखनी है दैट इज द बेसिक थिंग व्हिच कैन बी डन नंबर वन नंबर टू एक आपने सुना होगा हनीमून सिस्टराइटिस नई शादी नईनई शादी हुई हनीमून पे गए और हनीमून पे जाने के बाद में सबसे पहले
(33:11) चालू चालू हो गया यूरिन की बर्निंग और ये हुआ कि साहब जैसे मैं हनीमून पे गई तो यूरिन में जलन शुरू हो गई लेडी के। ओके। अब इसका रीज़न क्या होता है? इसका रीज़न ये होता है कि हाइजीन मेंटेन नहीं कर रहे। हाइजीन प्रॉपर होनी बिफोर एंड आफ्टर इंटरकोर्स इवन फॉर अ मैन इंपॉर्टेंट है। क्या करना चाहिए उनको? बिफोर एंड आफ्टर इंटरकोर्स? एव्री मैन शुड वाइल टेकिंग अ बाथ वाश प्रॉपर्ली। ओके। द होल एरिया आफ्टर हैविंग द स्किन प्रॉपर्ली बैक ओके ओके आई मीन दिस इज द बेसिक थिंग मैं थोड़ा सा बहुत ओपनली सवाल पूछूंगी बिकॉज़ आई रियली जेनुइनली वांट आवर ऑडियंस टू टेक फुल
(33:50) बेनिफिट ऑफ दिस कन्वर्सेशन सो यूजिंग अ रेगुलर सोप इज ओके इन दैट एरिया यूजिंग अ रेगुलर सोप इज अब्सोलुटली फाइन ओके अब्सोलुटली बट इफ यू हैव इरिटेशन देन यू कुड यूज़ अ जेंटलर सोप | ओके आई विल नॉट पुट एनी ब्रांड नेम ओवर हियर बट अ जेंटल सोप इज वैरी गुड यू कैन यूज़ दैट नंबर वन नंबर टू इफ योर वाइफ इज हैविंग इनफेक्शंस एंड अगेन एंड अगेन हम देन आफ्टर इंटरकोर्स शी शुड गो एंड पास यूरिन ओके ओके सो द पैसेज ऑफ़ यूरिन इज गोइंग टू टेक अवे एनी इनफेक्शन व्हिच इज देयर इन दैट एरिया ऑफ द यूरिनरीएटस ओके एंड द थर्डेंट थिंग फॉर एनी मैन टू रियलाइज इज़ द मोमेंट ही फील्स ही इज़
(34:31) हैविंग बर्निंग इन ह यूरिन हम हम ही शुड टेक अ फुल कोर्स ऑफ़ ट्रीटमेंट नॉट लीव इट इन बिटवीन नहीं तो ये सारे इनफेक्शन जाके यहां बस जाएंगे। एंड चौथा कंडोम को यूज़ करिए। और पांचवा जितना हो सके मल्टीपल पार्टनर्स मत रखिए। आई मीन दिस इज द सिंपलेस्ट थिंग टू डू। राइट राइट? सिंपलेस्ट थिंग। सो दिस विल सेव यू फ्रॉम एनी सच इनफेक्शन और हाइजीन इशूज़ जो भी हो सकते हैं। देखिए मैं आपको बताता हूं। मैं बताता हूं सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजसेस के अंदर एक बहुत कॉमन हम तो एड्स की बात कर कर के कहानियां कर देते हैं। बहुत सारे ऐसे इंफेक्शंस हैं जैसे
(35:10) क्लेमाइडिया। अब क्लेमाइडिया आदमी में ज्यादा दिक्कत नहीं देगा। वो वुमन में ट्रांसमिट करके उसके ट्यूब्स बंद कर देगा। इंफेक्शंस पेल्विक इनफेक्शंस दे देगा। गनोरिया गनोरिया आपको कोई दर्द नहीं देगा। आपकी यूरेथ्रा को खराब कर देगा और आपकी यूरिन की दहार खराब हो जाएगी। इतने सारे इनफेक्शंस छोटे-छोटे हैं जो सेक्सुअली ट्रांसमिटेड हैं जिनसे आपका बचना जरूरी है। और इसका सिंपलेस्ट तरीका कंडोम यूज़ करना है या स्टेइंग अवे फ्रॉम मल्टीपल पार्टनर्स। मल्टीपल पार्टनर्स बिकॉज़ देखिए एक परेशानी और है। यू बिकम अ सोर्स ऑफ़ इनफेक्शन योरसेल्फ।
(35:48) एक्जेक्टली। सो वंस यू आर इनफेक्टेड, यू आर ट्रांसमिटिंग दैट इन्फेक्शन टू सो मेनी पीपल सिंस यू हैव मल्टीपल पार्टनर्स एंड दे इन टर्न विल ट्रांसमिट टू अदर पीपल। बिकॉज़ प्रोबेब्ली दोज़ पीपल आल्सो मे बी हैविंग मल्टीपल पार्टनर्स। एक्सक्टली। एक आपको कहानी और बताऊं। इसमें बड़ी इंटरेस्टिंग है क्योंकि आपसे और मेरी बात हो रही है तो मैं आपसे बात कर रहा हूं। हां जी। देखिए आज के दिन में क्या हुआ है यंग लोगों में? हां हां। परफॉर्मेंस ए्जायटी बड़ी हाई हो गई है। यंग लड़का है। छ महीने उसे हो गए हैं गर्लफ्रेंड बनाई है। मौका लगने वाला है गर्लफ्रेंड के साथ जाने
(36:19) का। हम हम बहुत तेज ए्जायटी है। एंड उस ए्जायटी में अगर वह परफॉर्म नहीं कर पाता तो उसके बाद में उसे लगता है जिंदगी बर्बाद हो गई। और मुझे ऐसा लगता है कि शायद लड़के ही इस चीज के बारे में ज्यादा सोचते हैं। यस। जितना मैं लड़कियों को जानती हूं बीइंग अ गर्ल मायसेल्फ एंड नोइंग गर्ल्स अराउंड मी। मुझे नहीं लगता कि शायद लड़कियां इतना जज करती हैं जितना लड़के खुद को जज करते हैं। ट्रू। आपको उसका रीज़न पता है? आपको रीज़ पता है? एक सेंटेंस में बोलूंगा। फॉर अ मैन सेक्सिस परफॉर्मेंस फॉर अ वुमन सेक्सिस इंटिमेसी। मैं आपको इसकी जेनेसिस
(36:57) बताऊं मतलब आपको ये पता नहीं हम शुरू कहां से हुए थे और चल कहां को दिए। बट सो व्हाट हैपेंस इज़ व्हेन अ मैन हैज़ मल्टीपल पार्टनर्स देयर इज़ नो इंटिमेसी। द ओनली थिंग ही थिंक्स अबाउट हिस परफॉर्मेंस। ओके। एंड सेक्स विदाउट इंटिमेसी ओनली ऑन परफॉर्मेंस विल डेफिनेटली बी क्रिएटिंग इश्यूज। या इट्स साउंड सो ट्रांजैक्शनल इट साउंड सो इमोशनलेस लव इमोशनलेस सो ये जो इमोशनलेस लव होता है ना इसमें परफॉर्मेंस की कहानी होती है हर आदमी इसके अंदर रुस्तम बनना चाहता है और क्योंकि हर आदमी इसमें रुस्तम बनना चाहता है अगर नहीं बन पाता तो डिप्रेशन में चला
(37:34) जाता है क्योंकि दूसरी पार्टनर जिसके पास में जाना है कहीं वो भी ना हंस दे और जो प्यार होता है इंटिमेसी होती है मोहब्बत होती है हम उसमें मोहब्बत का एक छोटा सा हिस्सा सेक्स होता है मैं कभी-कभी सोचता हूं मेरे पास बहुत यंग बॉयज आते हैं। अनमैरिड बॉयज आते हैं। हम सर शादी तीन महीने बाद होने वाली है। तो कहता है डॉक्टर साहब एक रिक्वेस्ट है। कहीं ऐसा ना हो फर्स्ट नाइट खराब हो जाए। पूरी इज्जत लूट जाएगी। ये फीलिंग उसकी बड़ी कॉमन फीलिंग है। क्योंकि आज के दिन में एक चीज ने बहुत गहराई में अफेक्ट किया हुआ है और वो है पोर्नोग्राफी। तो पोर्नोग्राफी क्या करती
(38:15) है? पहले मैं आपको इसका साइंटिफिक जेनेसिस बताऊंगा। पोर्नोग्राफी आपके ब्रेन को कंप्लीटली डोपामिन से फ्लड कर देती है। ओके पोर्नोग्राफी इज दी ओनली एडिक्शन हम हम जो फ्रीली अवेलेबल है। हर समय फोन पे है। हर के फोन पे है। कोई खर्चा नहीं लगता। एडिक्शन वैसे ही होता है जैसे कोकेन का होता है। मतलब उस तरह का वही हॉर्मोन डोपामिन ब्रेन को हिट करता है जो कोकोकेन का करता है। ओके और इसमें होती है एक डिसेंसिटाइजेशन। आपका ब्रेन पोर्नोग्राफी देख के डिसेंसिटाइज हो जाता है। और जब ये डिसेंटिसाइज होता है तो भर जाता है एक इलाके से। मजा आना बंद हो जाता है।
(38:57) अगली चीज पे जाता है। फिर अगली चीज पे जाता है। और अल्टीमेटली इसकी बड़ी सुंदर एक स्टडी है जिसमें स्टडी किया गया एमआरआई करके। शायद 2007 की स्टडी है ये। ने बहुत क्लियरली दिखाया कि जो लोग रेगुलर पोर्नोग्राफी देखते हैं उनके ब्रेन का एरिया जो एरिया स्टिमुलेट होता है वो सेम एरिया जो कुकेन पे जाता है। ओके? वो एरिया धीरे-धीरे करके डिसेंसिटाइज हो जाता है। हम। सो इट्स लाइक अ ड्रग। इट्स लाइक इट इज अ ड्रग। अब एक तो कहानी हो गई डिसेंसिटाइजेशन की। और दूसरी कहानी क्या हुई? देयर इज अ डिफरेंस बिटवीन रियल सेक्स एंड रियल सेक्स। और जब एक बार रियल सेक्स की आदत लग
(39:35) जाए रियल सेक्स बेकार लगने लगता है। बिकॉज़ वो एक एक्सपेक्टेशन सेटिंग हो जाती है। एक्सपेक्टेशन सेटिंग हो जाती है। स्टैंडर्ड सेट हो जाता है। सेट हो जाता है। मेरे पास में आई थिंक इट वास फोर और फाइव मंथ्स बैक ही एंड ह वाइफ केम टू मी। तीन साल शादी को हो गए थे। बच्चा नहीं था। हम तो द वाइफ सेड डॉक्टर साहब इनकी डिजायर बहुत कम है। यह मेरे साथ में रिलेशन नहीं रखते। तो रिलेशन नहीं रखेंगे तो बेबी कैसे होगा? ओके। तो हमने ये सोचा है कि हम आईवीएफ करा लें। एक अजीब सी धारणा है। मतलब एक बेवकूफी है ये। मतलब कि हम आईवीएफ करा लें। ओके।
(40:07) तो आई स्पोक टू द मैन एंड पुट डॉक्टर साहब, आई हैव नो प्रॉब्लम। माय इरेक्शंस आर फाइन। बट आई ओनली लाइक पोर्नोग्राफी। एंड आई हैव बीन सीइंग इट फॉर द लास्ट 12 इयर्स। माय गॉड। हाफ एन आवर एवरीडे। तो ही सेड माय इंटरेस्ट इज दिस एंड आई ओनली लाइक इट। नाउ व्हेन यू हैव पोर्न एडिक्शन अ सबसेट ऑफ पीपल डू नॉट एंजॉय सेक्स एंड दे हैव अ लो सेक्सुअल डिजायर टुवर्ड्स ह्यूमन बीइंग। नाउ दिस इज वेरी कॉमन। सो देयर फॉर पोर्नड एडिक्शन इज अ बिग प्रॉब्लम। हम एंड पोर्नड एडिक्शन हैज़ टू बी स्टॉप। आई मीन चार दोस्त आके सबसे पहले बात क्या करते हैं? हम हम
(40:49) बात ऐसी तो करते हैं कि खुद रमबो है। तू रमबो बनेगा क्या? और उस टेंशन में आदमी परेशान हो जाता है। सो दैट मींस पोर्नोग्राफी अफेक्ट्स देयर सेक्सुअल लाइफ इन रियल इन रियल। अब्सोलुटली अब्सोलुटली। पोर्नोग्राफी इज़ प्रोबेब्ली द बिगेस्ट प्रॉब्लम व्हिच इज़ हैपनिंग इन दिस टर्म। एंड द सेकंड थिंग व्हिच पोर्नोग्राफी डस इज़ हम बिकॉज़ इट लीड्स टू एंग्जायटी। ओके? व्हिच इंक्रीसेस कॉर्टिसोल एज अ हॉर्मोन। एक कॉर्टिसोलॉन टेस्टोस्टरॉन डाउन हो जाता है। यह कैसे आइडेंटिफाई होगा कि अगर एक लड़का पोर्न देखता है तो वह एडिक्टेड है या फिर सिर्फ रिकक्रिएशन के लिए ओकेजनली देखता
(41:26) है? अगर आप नहीं देखते और आपको लगता है आज देखना है। ओके ओके इफ दे इफ दे अर्ज टू वाच पोर्न पोंड नंबर टू आपके काम में खलल पड़ रही है। आपकी इंटिमेसी पोंड के कारण कम हो रही है और आपको लगता है पोर्नड देखना चाहता हूं इसमें मजा नहीं आ रहा। हम्म और नंबर चार इफ यू कंबाइन इट विद मास्टरबेशन एंड दैट बिकम्स वेरी मोर। मींस यू हैव इवन एसोसिएटेड योर फिजिकल व्हाइल विद विद मोस्ट पोर्नोग्राफी मोस्ट मोस्ट ऑफ़ पोर्नोग्राफी एंड्स इन मास्टरबेशन एंड पीपल बिकम एडिक्ट्स टू इट हम एंड इट्स नॉट लेस कॉमन इट्स वेरी वेरी
(42:10) कॉमन ओके दैट क्रिएट्स अ लूप लूप इट्स अ लूप एंड वेरी कॉमन इज मास्टरबेशन ओके क्या इफेक्ट होता है उसका सेक्सुअल हेल्थ पे रिलेशनशिप पे नाउ व्हाट हैपेंस विद एक्सेसिव मास्टरबेशन इट लीड्स टू साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स इट लीड्स टू एन एडिक्शन एट टाइम्स हम इट लीड्स टू अ सिचुएशन वेयर एंग्जायटी टेंशन एंड गिल्ट कम्स इंटू इट मैंने मास्टरबेट कर लिया है बहुत दिक्कत पैदा हो जाएगी इतना सारा मैंने बहा दिया है ये गलत चीज है बुरी चीज है खराब चीज है तूने कैसे कर दिया मास्टरबेशन के साथ गिल्ट क्यों एसोसिएटेड है व्हाई डू मैन फील गिल्टी आफ्टर मास्टर
(42:47) और सोसाइटी पर सेस इट्स अ बैड थिंग टू डू और जस्ट बिकॉज़ सोसाइटी सेस इट सोसाइटी सेस योर पेरेंट्स हैव सेड गलत काम मत करना। बाथरूम में से फौरन वहां बाहर आ जा। ओ दैट इज अ रीज़ अ लॉट ऑफ़ चिल्ड्रन व्हेन दे गो एंड दे आर वेरी वेरीरी क्विक इन मास्टरबेटिंग दे डेवलप प्रमेचर इजकुलेशन। नंबर टू इट कैन बी साइकोलॉजिकली इफ देयर इज़ टू मच ऑफ़ मास्टरबेशन इट साइकोलॉजिकली लीड्स यू अवे फ्रॉम प्रॉपर इंटिमेसी एंड सेक्स। नाउ कम्स द क्वेश्चन। डस इट अफेक्ट स्पर्म काउंट? नो। डस इट डली टू इरेक्टाइल डिस्फंक्शन? पर से मैस्टरबेशन डज नॉट हम हम बट ए्जायटी अलोंग विद लो टेस्टोस्टरॉन
(43:26) बिकॉज़ ऑफ एंजाइटटी कैन डस इट लीड टू प्रूमेचर्योर इजाकुलेशन टू मच ऑफ़ मास्टरबेशन वेरी क्विक दैट पीपल मे नॉट नो एंड यू वांट टू जस्ट फिनिश इट फास्ट कैन लीड टू अ साइकोलॉजिकल स्टेट ऑफ़ प्रमेच्योर इजाकुलेशन एंड व्हेन देयर इज़ टू मच ऑफ़ एंजायटी इट कैन लीड टू लो सेक्स डिजायर। सो इन द एंड एक ही चीज कहूंगा अगर बहुत रेगुलर नहीं कर रहे हैं इट्स ओके ओके नेवर फील गिल्टी अबाउट मास्टरबेशन इट डस नॉट अफेक्ट योर स्पर्म काउंट इट डज नॉट अफेक्ट योर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन प्रेमेचर इजेकगुलेशन और योर सेक्स डिजायर ओके प्लीज डू नॉट मेक इट अ हैबिट
(43:59) ओके एंड टू गेट आउट द हैबिट प्लीज रियलाइज वन स्मॉल थिंग हम डोंट वाच टू मच पोर्नोग्राफी यू आल्सो सेड दैट इट्स गुड इफ डन ओकेजनली व्हाई इज इट गुड एंड हाउ इज इट गुड याह नंबर वन थिंग इज व्हेन यू मास्टरबेट वंस इन अ वाइल यू इन योर सिस्टम हैव फेल्ट दैट प्लेजर यू अंडरस्टैंड व्हाट इट इज यू बिकम वेरी वाइस टुवर्ड्स योर ओन सेक्सुअल डिजायर एंड द मोमेंट यू रिलीज इट गिव्स यू अ सेंस ऑफ़ सैटिस्फेक्शन ओके फॉर अ लॉट ऑफ चिल्ड्रन यंग पीपल इट कैन आल्सो बी अ स्ट्रेस बस्टर एंड मोस्ट इंपोर्टेंटली व्हेन यू मास्टरबेट द चांसेस ऑफ यू आर हैविंग
(44:44) अ नॉकर्नल एमिशन व्हिच इज नोन एस नाइट फॉल बिकम्स लेस व्हेन इट बिकम्स लेस यू डू नॉट हैव टू गो थ्रू द साइकोलॉजिकल स्ट्रेस ऑफ पीपल टेलिंग यू तेरे को तो नाइट फॉल हो गया सो इट्स अ क्रेजी थिंग इन द वे द वर्ल्ड इज एंड पीपल नीड टू रियलाइज दैट दे गॉट टू स्टॉप पोर्न डू यू हैव एनी प्रैक्टिकल वेज फॉर दोज हु वांट टू स्टॉप वाचिंग पोर्न हु आर हु आर करेंटली एडिक्ट टू वाचिंग पोर्न एंड दे वांट टू स्टॉप डूइंग दैट यस सिंपली इफ आई हैव टू से याह नंबर वन वन पुट योर फोन इंटू अ सिस्टम वेयर यू गेट योरसेल्फ आउट ऑफ एव्री WhatsApp ग्रुप व्हिच गिविंग इनपोनर्न
(45:20) ओके फर्स्ट गो ऑन टू एव्री ब्राउज़र एंड मेक इट चाइल्ड फ्रेंडली ओके फॉर योरसेल्फ फॉर योरसेल्फ सो दैट यू कैन बेयर चाइल्ड यस सो दैट यू कैन बेयर अ चाइल्ड सच में सो वाओ सो दे हैव टू मेक अ चाइल्ड फ्रेंडली राइट द थर्ड द थर्ड इम्पोर्टेन्ट थिंग व्हिच दे हैव टू डू इज रियलाइज दैट ट्रिगर एंड ड्यूरिंग दैट ट्रिगर बिगर टाइम दे हैव गॉट टू बी डूइंग समथिंग एल्स ओके नंबर फोर मोस्टेंट थिंग गेटिंग अप इन द मॉर्निंग टेकिंग सनलाइट एक्सरसाइजिंग सो यू ऑलरेडी हैव द राइट रिलीज ऑफ़ हॉर्मोनस इन योर हेड यू डोंट हैव टू रिलाई ऑन वाचिंग पोर्न अब्सोलुटली देखिए जो मैं आपसे आज बात कर
(45:59) रहा हूं या जो आप मेरे से बात कर रही हैं ये लोग बात नहीं करते बात करने से शर्माते हैं पर लोग रियलाइज नहीं करते कि जैसे खाना खाया जाता है जैसे कि सोया जाता है राइट ऐसे ही तो सेक्स से और ऐसे तो बेबी पैदा करना है। एक्सक्टली द डीपेस्ट ट्रुथ ऑफ लाइफ उसी को ही अगर टबू बना देंगे तो फिर कैसे हम कैसे हम इवॉल्व करेंगे तो एंड एंड इट इज द मोस्ट पावरफुल फोर्स टू मेक यू डू व्हाट यू वांट। राइट? एंड एज वी स्टार्टेड दिस कॉन्वर्सेशन बाय सेइंग दैट जितना आपको अर्ज है या आपकी डिजायर्स हैं लिबिडो ज्यादा उतने आप हेल्दी हो। तो दैट डिफाइन योर ओवरऑल हेल्थ। सो हाउ
(46:38) कैन वी नॉट टॉक अबाउट इट? अब्सोलुटली एंड आई मीन योर डिजायर डजंट हैव टू गोवेयर यालाइज्ड इट हैज़ टू बी अ चैनलाइजर इट्स एनर्जी इट्स एन एनर्जी एक्जेक्टली इट इज द एनर्जी व्हिच यू आर यूजिंग या वैरी ट्रू वै ट्रू सो वी टॉक्ड अबाउट इशूज़ विद स्पर्म्स और इनफेक्शन या फिर कोई डीएनए में इशू है। इसके अलावा और भी बहुत सारी प्रॉब्लम्स होती हैं जो रियल लाइफ में एक लड़का फेस करता है। फॉर एग्जांपल प्रीमेच्योर इकुलेशन या फिर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। लेट्स टॉक अबाउट देम। देखिए अब एक मैन में हम सबसे कॉमन तीन प्रॉब्लम्स होती हैं। ओके। और ये लोग कंफ्यूज कर जाते हैं स्पर्म से।
(47:22) वो एक बिल्कुल अलग इशू है। तो स्पर्म का एक स्टोरी अलग है बिल्कुल जो हमने पूरा डिस्कस कर लिया। डिस्कस कर है ना जी। या अब हम आते हैं एक चीज पे जिसे बोलते हैं मेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन। ओके। मेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन मेनली तीन है। ओके। एक है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन ओके जिसमें इरेक्शन हम होने में दिक्कत होती है। सेकंड होता है प्रिमेच्योर इजेकुलेशन। यू डिस्चार्ज टू सून। एंड द थर्ड थिंग इज़ लो सेक्स डिजायर। ओके। यू डोंट फील लाइक हैविंग सेक्स। ओके। ठीक है? दे आर थ्री एरियाज ऑफ़ दिस। गॉट इट। बट देयर इज वन थिंग व्हिच जॉइ्स देम इनडायरेक्टली।
(47:58) हां हां। एंड दैट इज टेस्टोस्टेरोन। टेस्टोस्टेरोन इज द किंग ऑफ हॉर्मोन्स। फॉर अ मेल। फॉर अ मेल। या। अब आप अगर कोई आदमी देखें जिसका पेट बढ़ा हुआ है, चिड़चिड़ा है, सेक्स की डिजायर नहीं है, कर नहीं पा रहा, मसल मास कम है, एनीमिया हो रहा है और 24 घंटे गुस्सा रहता है। हम उसका प्रोबेब्ली टेस्टोस्टेरोन कम है। टेस्टोस्टरॉन इज अ हीरो हॉर्मोन फॉर मेन एंड इट कंट्रोल्स अ लॉट ऑफ फंक्शनंस राइट फ्रॉम उनका फोकस मेमोरी उनकी फिजिकल वेल बीइंग उनकी सेक्सुअल हेल्थ सो मेनी थिंग्स बट अभी वी आर सीइंग देयर इज़ अ डिक्लाइन इन टेस्टोस्टरॉन लेवल्स मेन आर फेसिंग इशूज़
(48:42) सो व्हाट कंट्रोल्स द टेस्टोस्टरॉन लेवल्स इन मेन टेस्टोस्टेरॉन इज़ डिपेंडेंट ऑन थ्री मेजर थिंग्स व्हिच आर क्रिएटिंग प्रॉब्लम नाउ व्हिच वर नॉट देअर अर्लियर हम हम आर स्ट्रेस ओके स्ट्रेस इंक्रीसेस कॉर्टिसॉल डिक्रीसेस टेस्टोस्टेरोन ओके नंबर टू स्लीप स्लीप अगर स्लीप पूरी नहीं होगी कॉर्टिसोल बढ़ेगा टेस्टोस्टरॉन कम होगा बिकॉज़ आवर बॉडी प्रोड्यूसेस टेस्टोस्टेरोन हम इन अ वे ड्यूरिंग स्लीप ओके जस्ट लाइक अ लॉट ऑफ़ अदर हॉर्मोन जस्ट लाइक अ लॉट अदर हॉर्मोन नाउ देयर वाज़ अ ब्यूटीफुल स्टडी व्हिच हैपेंड सो दिस वाज़ इन यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो सो बिल्कुल जवान लड़के यूनिवर्सिटी
(49:23) के टॉप क्लास एथलीट्स हम स्टडी में गए। स्टडी में वो सारे 8 घंटे सोते थे। हम हम उनको 5 घंटे सुलाया गया। ओके डू नो व्हाट वास द डिक्रीज इन टेस्टोस्टेरोन? हाउ मच? आफ्टर अ मंथ 15% एंड वी क्रॉनिकली आर स्ट्रेस्ड विद वेरी लिटिल स्लीप। राइट राइट। नाउ देयर वास अनदर इंटरेस्टिंग स्टडी व्हिच विल ओपन योर आईज। दे रिट्रोस्पेक्टिव स्टडी थी। रिट्रोस्पेक्टिव का मतलब हमने आज स्टडी जवान आदमियों की की और हमने टेस्टोस्टरॉन निकाला। अब से 30 साल पहले उसी उम्र के लोगों का कितना होता था। ओके ओके। और पता क्या पाया कि हमारे फादर्स का उसी उम्र में टेस्टोस्टेरोन हमसे कहीं ज्यादा
(50:10) था। लाइफस्टाइल अगेन नाउ द टेस्टोस्टेरोन इज गोइंग डाउन। हम हम एंड ऑल दी स्ट्रेसेस एवरीथिंग इज गोइंग अप। या दिस इज लीडिंग टू मेजर सेक्सुअल डिस्फंक्शन इन मैन। हिंदुस्तान की एक कहानी और है। सेक्सुअल मेडिसिन मेडिकल कॉलेजेस में पढ़ाते नहीं है। तो होता क्या है कि सो कॉल्ड सेक्सोलॉजिस्ट एंड क्वक्स हम बिकम द डॉक्टर्स। फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स मेल सेक्सुअल एक्सपर्ट्स मेनली। और उनमें आप एक चीज को नोटिस करेंगे। मुझे अब तक याद है जब मैं छोटा था तो मैं देखता था कि हर जगह एक बोर्ड लगा होता था एक्स औषधाले अपनी सर्दियां बेकार ना होने
(50:53) दे ताकत का खजाना भरपूर कर ले ये लगा होता था मतलब आप देखिए ना और हर आदमी वो खानदानी शफेखाने में पहुंचते थे और एक फोटो होती थी एक बड़े से आदमी और लंबी सी पगड़ी है ना ये एक सच्चाई है आप कभी भी जाएंगे तो आप देख लेंगे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या होता है क्यों होता है एंड व्हाट आर द प्रैक्टिकल सश टू एक्चुअली गेट रिड ऑफ़ दिस प्रॉब्लम। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन आज के दिन में 40 साल के बाद में 40% पापुलेशन को हो जाता है। 40% पपुलेशन। अब इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हम के पांच मुख्य कारण है। एक कारण है दैट देयर इज अ साइकोलॉजिकल इशू। ओके? जो सबसे कम होता है नॉर्मली।
(51:35) ओके। सेकंड इशू होता है वैस्कुलर इशू। वैस्कुलर इशू का मतलब कहीं ना कहीं एथेनोस्क्लोरोसिस हो रही है। मतलब जो कोलेस्ट्रॉल है वो जाके जम रहा है आपकी नसों में और जमने के कारण वेसल्स को बंद कर रहा है। तो अब ये जो वैस्कुलर इशू है जिसे एथेरोस्िस बोलते हैं हम लोग। हम हम ये आपकी जब जम रहा है पेनिस की वेसल्स में तो आपके हार्ट की वेसल्स में भी जमेगा। इंसिडेंटली द साइज ऑफ द पिनाइल वेसल इज हाफ ऑफ दी हार्ट। हम् देयर फॉर इन यंग पीपल हम् हम इफ दिस हैज़ हैपेंड यू गॉट टू गेट योर हार्ट चेक हम ओके सो अर्ली साइन ऑफ़ एनी हार्ट रिलेटेड इशू कुड बी
(52:16) इरेक्टाइल डिफंक्शन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन सो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इज अ बैरोमीटर ऑफ़ मेल हेल्थ नाउ इफ यू आर डायबिटिक इफ यू स्मोक इफ योर कोलेस्ट्रॉल इज हाई इफ यू आर ओबीज दिस बिकम्स एन एरिया जिसमें ये होता है तो वैस्कुलर रीजन हो गया तीसरा होता है न्यूरोलॉजिकल रीज़ अच्छा अब न्यूरोलॉजिकल रीज़ में क्या हुआ कि ये एक सर्किट है। इट्स अ इट्स अ सर्किट। नाउ दिस सर्किट फायर्स। ओके। इफ देयर इज़ अ प्रॉब्लम इन द न्यूरोलॉजिकल सिस्टम इट मे बी दी स्पाइन एंड द इंटरेस्टिंग थिंग इज यू विल गेट वन थिंग्स सिंपल। इंजन होता है ना हम वो स्टार्ट करने के लिए सेल्फ चाहिए ना।
(52:57) राइट? इंजन कितना ही अच्छा हो अगर सेल्फ काम नहीं करेगा। हम राइट? देन द थर्ड एरिया इज द हॉर्मोनल एरिया। ओके? नाउ द हॉर्मोनस नीड टू बी वेरी गुड इफ योर टेस्टोस्टेरोन इज डाउन और योर ईस्ट्रोजन इज हाई। ओके? एंड द फिफ्थ रीज़न इज़ मेटाबॉलिक एरिया। अब ये मेटाबॉलिक सबसे कॉमन है। हम आपका वजन बहुत ज्यादा है। आपकी चर्बी बहुत ज्यादा है। आपके पेट बाहर निकला हुआ है। आप में फैट है। आपका टेस्टोस्टरॉन आपका फैट कन्वर्ट कर लेगा इस्ट्रोजन में। सो कोई भी मेटाबॉलिक इशू विल लीड टू इनडायरेक्टली विल लीड टू लीड टू दिस ओके आपका रात को नींद नहीं आ रही है। आपको
(53:36) स्लीप एपनिया है। आपको सांस ढंग से नहीं आ रही। आप रात को सोते-सते खुर्राटे मारते हो। खुर्राटे मार के उठ जाते हो। आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होगा। ओके? क्योंकि रात के वक्त टेस्टोस्टरॉन बनना है। वो प्रोडक्शन नहीं हो पा रही ठीक से और वो वो डाउन हो जाएगा। डाउन हो जाएगा और मेक्स सेंस। तो अगर कोई यंग आदमी आता है और कहता है मुझे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है। हम तो इसका मतलब यू रियली हैव टू लुक फॉर एनी मेटाबॉलिक प्रॉब्लम इन दिस मैन बिकॉज़ इट माइट जस्ट बी एक सूचक हो सकता है। एक्सक्टली इस पूरी कहानी के लिए। वै ट्रू वेरी ट्रू। तो ये इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है। अब
(54:12) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन आज के दिन में हम हम 90% इंसान का ठीक हो सकता है। सबसे पहली चीज है लाइफस्टाइल। या सेकंड चीज है दी माइंड। हम थर्ड थिंग इज़ आज के दिन में पीडी5 आ गई हैं जिसे वाइग्रा बोलते हैं हम। अब वाइग्रा की प्रॉब्लम क्या हो गई? हर आदमी ये सोचता है कि वाइग्रा एक रिकक्रिएशनल ड्रग है। तो मैं तो एक दिन हंसते हुए कहा था। मैंने कहा एक काम करो पान की दुकानों पे रखवा दो। पान के अंदर सुपारी की जगह वाइग्रा रख के दे देगा। और घर में कहा जाएगा कि उसी दुकान से पान खा के आना जिससे कल रात को आए थे। ये कहानी। तो अब इतनी ओपनली अवेलेबल है
(54:48) जबकि दुनिया में कहीं अवेलेबल नहीं है। सो इट नीड्स टू बी टेकन एस थेरेपी नॉट मेनली एज अ रेक्रिएशनल ड्रग। उसका रीज़ बताता हूं आपको। ये एक ऐसी चीज होती है कि एक बार इसको एज अ रिकक्रिएशन आप खाने लगो हम आप रेगुलरली लेना शुरू कर दोगे हम डोज़ेज बढ़ती चली जाएगी। और एक टाइम ऐसा आता है जब आप वाइग्रा डिपेंडेंट हो जाते हो। सो इफ यू आर नॉर्मल प्लीज डू नॉट टेक दिस टैबलेट। ओके। थर्ड। द फोर्थेंट थिंग इज सम न्यू थेरेपीस हैव कम अप लाइक प्लेटलेट रिच प्लाज्मा ओके तो प्लेटलेट रिच प्लाज्मा क्या होता है ग्रोथ फैक्टर्स होते हैं हमारे ब्लड में
(55:22) प्लेटलेट में उनको आप निकाल लेते हो निकालने के बाद में यू इंजेक्ट देम सो दे लीड टू सम ग्रोथ एंड स्टडीज आर वै पीआरपी तो यूज ये तो और भी जगह पे यूज़ होता है सब्सटिक्स के लिए यूज़ होता है एथेटिक्स में यूज़ होता है हेयर में यूज़ होता है सो पीआरपी इज़ आल्सो यूज्ड ओवर देयर नेक्स्ट इज़ शॉक वेव थेरेपी ओह शॉक वेव थेरेपी में क्या होता है शॉक्स देते वेसल्स को जिससे उनका जो जमा हुआ एथेरोसिस है वो कम हो जाए। एंड देन ऑफ कोर्स यू हैव इंप्लांट्स जो होता है। तो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इज अ ट्रीटेबल कंडीशन। ओके ओके डिपेंडिंग ऑन आपका प्रॉब्लम क्या
(55:57) है? वी हैव सो मेनी थिंग्स मेनी यस इंडिया इज द डायबिटिक कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड। या एंड डायबिटीज लीड्स टू इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बिकॉज़ ऑफ़ एथिरोसिस। ओह। सो अगर आप डायबिटिक हो, हम मैंने बहुत सारे डायबिटिक देखे हैं। डायबिटीज उनको मिली और डायबिटीज मिलने के बाद में वो अपना मस्त हो के खा रहे हैं। कह रहे भाई साहब कुछ नहीं होता। मैं उनसे कहता हूं गुरु अपने लिए नहीं तो समझ लो तुम्हें रेक्टाइल डिस्फंक्शन हो जाएगा। आई वांट टू टॉक अबाउट अ प्रॉब्लम जो मेल इंटिमेट एरिया में होती है। जिसे हम विकोस सील कहते हैं। विकोस सील में क्या होता है? जो वेंस का
(56:31) एक गुच्छा टेस्टीज के ऊपर जाके बैठ जाता है। अब इसमें होता क्या है देखिए। कोई इंडियन स्पेसिफिक प्रॉब्लम भी है जो इंडियन मेल फेस करते हैं और अदरवाइज दूसरी कंट्रीज में नहीं होती। हिंदुस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका। ओके। यहां दो ऐसी बीमारी है जो शायद दुनिया में नहीं होती। एक को कहते हैं धाज सिंड्रोम और नंबर दो अगर आप इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स देखना चाहते हैं ताकि आप अपने पसंद के टॉपिक को रिवजिट कर सकें और कम टाइम में भी इस पूरी इंफॉर्मेशन का फायदा ले सकें। तो आप हमें गुंजन टॉक्स क्लिप्स चैनल पर फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन
(57:05) में है। प्रीमेच्योर इजककुलेशन आज की डेट में एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। बट हाउ कैन अ मैन आइडेंटिफाई कि उसको प्रीमेच्योर इजकुलेशन है। इज देयर अ टाइम लिमिट टू इट या फिर कोई स्टेज है? पता कैसे चलता है? अबाउट 30% ऑफ़ पपुलेशन हैज़ प्रीमेच्योर इज़कुलेशन। अब प्रीमेच्योर इजकुलेशन की पहले मैं क्लेरिटी देता हूं होता क्या है? प्रमेच्योर इजकुलेशन बाय डेफिनेशन इज व्हेन यू इजकुलेट इन लेस देन 1 मिनट। दूसरी डेफिनेशन है व्हेन यू इजेकुलेट इन द टाइम लेस देन व्हाट इज डिजायर्ड बट पहली डेफिनेशन लेस देन वन मिनट वन मिनट एक स्टैंडर्ड सेट ठीक है
(57:43) वन 2 मिनट से कम में अगर आप डिस्चार्ज होते हैं प्रिमेचोरी इजकुलेशन सो आई थिंक देयर वाज दिस लेडी हु केम शी वाज अबाउट शी केम विद हर हस्बैंड हु वाज आई रिमेंबर दी एज 36 जब एक बहुत तेजी से वूमन पहले एंटर करे और हस्बैंड चुपचाप पीछे आए एंड शी सेस आओ बैठो इसका मतलब मैं पहले ही समझ जाता हूं कोई ना कोई कहानी यहां मौजूद तो ही केम एंड सेट डाउन व्हेन ही केम एंड सेट डाउन शी सेड डॉक्टर साहब दिक्कत यह हो रही है हम इन्हीं से पूछ लीजिए नाउ आई लुक्ड एट हिम आई सेड भाई क्या हुआ डॉक्टर साहब कोई प्रॉब्लम नहीं मैं तो ठीक हूं ओह माय गॉड
(58:18) नाउ नाउ आई लुक्ड एट हर एंड शी सेड बता क्यों नहीं देते ही लुक्स एट मी एंड सेस डॉक्टर साहब अलग से बात कर लो आई सेड ओके शी वेंट आउट ही सेड डॉक्टर साहब प्रॉब्लम क्या है कि इन्हें यह लगता है कि मैं डिस्चार्ज जल्दी हो जाता हूं। तो मैंने कहा भाई आप कितनी देर में डिस्चार्ज होते हैं? बोले जी 5 से 7 मिनट में डिस्चार्ज होता हूं। अच्छा तो मैंने उन्हें बुलाया बुला के मैंने कहा आपके हस्बैंड नॉर्मल है। पांच से सात मिनट इन्हें डिस्चार्ज होने में लगते हैं। फिर मैंने उनसे कहा मैंने कहा देखिए जो आप आज के दिन में वीडियोस में फोन पे ये सब
(58:53) देखती हैं। ये रियल सेक्स और रियल सेक्स में बहुत फर्क होता है। हम यू हैव टू एक्सेप्ट दैट दिस इज नॉर्मल। सो द नॉर्मल टाइम ऑफ एनी मैन वुड बी अबाउट एनीथिंग अबव थ्री टू फोर मिनट्स इज नॉर्मल देयर इज नथिंग एब्नॉर्मल इन इट देयर इज नो क्वांटिफिकेशन ऑफ़ टाइम सो व्हेन वी से थ्री टू फोर मिनट्स दैट इज व्हेन द पेनिट्रेशन बिगिंस पेनिट्रेशन बिगिंस एंड दे डिस्चार्ज आई मीन द इंट्रा पेनिट्रेटरी टाइम ओके दैट्स व्हाट यू विल दैट शुड बी लाइक आइडियल इज थ्री टू फोर इज लाइक थ्री टू फोर मिनट्स आई वुड इट कुड बी मोर एट टाइम्स इट इज एट मिनट्स 10 मिनट्स अब
(59:27) इसके प्रेमेचर इजकुलेशन की आपको कहानी बताता हूं एक अ लॉट ऑफ़ मैन हु कम टू मी यंग बॉयज हु कम टू मी देर इन फिनोमिनल एंग्जायटी गए डिस्चार्ज हो गए लड़की हंसती अगर वो हंसती तो लाइफ लॉन्ग एक चोट लग जाती है बहुतों को और ये लोग उसके बाद में सोचते हैं कि अब हम शादी नहीं करेंगे हम दे गो इनू अ डिप्रेसिव मोड माय गॉड सो द मोस्टेंट थिंग फॉर एनी मैन टू टू रियलाइजेस एंड एव्री बॉय टू रियलाइजेस परफॉर्मेंस एंजाइटटी इज वेरी कॉमन। सो यू मीन इट इज़ जस्ट द परफॉर्मेंस एंजाइटटी अदरवाइज दे वुड बी दे माइट बी अब्सोलुटली फाइन आल्सो बट इट्स जस्ट दैट
(1:00:13) कि वो परफॉर्मेंस प्रेशर है दैट या दैट्स दैट्स अ सबसेट नाउ दिस इज़ व्हाट इज़ नोन एज सिचुएशनल इडी। ओके यू कुड आल्सो हैव मैन हम हु आर वेरी कंफर्टेबल वि देयर वाइफ्स हम बट दे मोमेंट दे गो टू देयर गर्लफ्रेंड हम दे हैव प्रेमचोरी इजाकुलेशन दिस इज़ सिचुएशनल ईडी अनदर ईडी इज लाइफ लोंग इडी नाउ व्हाट हैपेंस इज़ ईडी इज नॉट बिकॉज़ ऑफ़ एनी काइंड ऑफ़ कि नसों में कमजोरी है या वैस्कुलर प्रॉब्लम है। हम हम इन द ब्रेन देयर इज़ अ सिरोटजेनिक सर्किट हम जैसे आपका बल्ब होता है ना खुला बंद हो गया खुला बंद हो गया और आपने वो चाइनीस झालर देखी होगी चलती रहती है बिल्कुल उसी
(1:00:56) तरह से ब्रेन के अंदर एक सर्किट होता है अच्छा और ये सर्किट ऑन हो के ऑफ होता है किसी का सर्किट बिगड़ा हुआ होता है ओके एंड शुरू से होता है तो ऑर्गेनिक ईडी ऐसा नहीं होता कि बाद में हो गया ऑर्गेनिक ईडी शुरू से होता है एंड बहुत बड़ी पापुलेशन को ऑर्गेनिक ईडी है ओह! और यह क्यरेबल होता है। इसकी बहुत सारी एक्सरसाइजज़ होती है बिहेवियर। ओके। तो, यह जो एक्सरसाइजज़ होती है इसके अंदर ब्रीथिंग एक्सरसाइज होती है। अच्छा। इफ यू ब्रीथ कंफर्टेबली हम लीव प्राणायाम रेगुलरली करते हो तो होता क्या है? एंग्जायटी डाउन होती है। मेक सेंस। सेकंड होता है कीगल्स एक्सरसाइज।
(1:01:35) इन व्हिच यू टाइटन योर पेल्विक मस्कुलेचर। या इज किगल आल्सो फॉर मेन? यस, गीगल इज़ ब्यूटीफुली फॉर मेन। फॉर मेन इट इट इज़ वैरी इम्पोर्टेन्ट। ओके। फॉर फॉर वुमेन आई नो इट तो इसे मूलबंध भी बोलते हैं। मूलबंध मूलबंध भी बोलते हैं। ये सेकंड एक्सरसाइज होती है। तीसरी एक्सरसाइज मास्टर एंड जॉनसन ने दो एक्सरसाइजज़ बनाई वन वाज़ स्क्वीज़ ओके एंड द अदर वाज़ स्टार्ट एंड स्टॉप। ओके। नाउ व्हाट हैपेंस इज़ सपोजिंग एक आदमी है। हम जो दौड़ रहा है। हम अगर वो दौड़ते दौड़ते बहुत थोड़ी देर में दौड़ने के बाद में उसकी सांस फूल जाती है। तो उसके पास में एक ऑप्शन है कि वो दौड़ता
(1:02:10) चला जाए और बेहोश हो जाए। हम और दूसरा ऑप्शन है कि जब सांस फूलने वाली है उससे पहले रुक जाए सांस ले ले ओके फिर थोड़ा और दौड़े फिर सांस ले ले फिर थोड़ा और दौड़े फिर सांस ले ले थोड़ा और दौड़े सांस ले ले तो होगा क्या उसका टाइमिंग बढ़ जाएगा टाइमिंग बढ़ जाएगा सो दीज़ आर टू एक्सरसाइजज़ व्हिच दे नीड टू डू व्हिच कैन इंसिडेंटली बी डन अलोन और विथ द पार्टनर द थर्ड इंपॉर्टेंट थिंग फॉर ब्रह्मचर्योर इजेकुलेशन इज़ द सेंसिटिविटी इज़ वेरी हाई बिकॉज़ द सेंसिटिविटी इज़ वेरी हाई यू कैन यूज़ अ लोकल एनस्थेटिक एजेंट नॉर्मल क्रीम एंड यू कैन वाइप इट ऑफ बिकॉज़ यू डोंट वांट
(1:02:48) योर पार्टनर टू बी सेंसिटाइज्ड। तो आपने यूज़ किया और वाइप ऑफ करके देन यू कैन हैव इंटरकोर्स। आपकी सेंसिटिविटी कम हो जाएगी। ये जितने कंडोम्स होते हैं लॉन्ग लास्ट कंडोम्स लार्ज लॉन्ग बहुत सारे होते हैं अलग-अलग नामों के। इनके अंदर नॉर्मली आ ये ये बड़ा होता है। अच्छा आई यूज्ड टू वंडर दैट हाउ कैन अ कंडोम हेल्प इन टाइमिंग? आई मीन ये क्या ये क्या मार्केटिंग स्टंट हुआ? हां। तो उसमें लोकल एने फिर बहुत सारे स्प्रेज़ होते हैं। एक बात और बताऊं मैं आपको। आप कभी भी किसी दवाई का नाम देखोगे तो आपको एक प्रॉपर मार्केटेड स्टैंडर्ड प्रोडक्ट लेना चाहिए।
(1:03:21) हम ये जिनके अंदर लायन, हॉर्स, पोर्स लिखे होते हैं ना ये मतलब जिनमें जानवरों के नाम लिखे होते हैं। है ना? इनको मत लो। गोल्ड, सिल्वर मत लो। है ना? मतलब ये मतलब ये समझने की चीज है। लोग कहते हैं भाई साहब कौन सा खरीद? मैंने कहा जी कोई जानवर का नाम हो या गोल्ड सिल्वर डायमंड लिखा हो प्लैटिनम के साथ में वो मत लो बाकी सब ले लेना कोई दिक्कत नहीं है। अब कुछ मेडिसिंस होती हैं व्हिच कैन सेट गिव यू टेंपरेरी रिलीफ व्हिच वर्क ऑन द ब्रेन बट दीज़ ड्रग्स हैव अ फ्यू साइड इफेक्ट्स हम ऑफकोर्स सो यू कांट टेक देम रेगुलरली बट यू कैन टेक देम फॉर सम टाइम फॉर
(1:03:58) प्रेमेच्योर इजाकुलेशन एंड डू बिहेवियरल थेरेपी टू इंप्रूव इट ओके ओके सो आप मतलब एक थोड़ा सा डुअल अप्रोच कि आपने फॉर द टाइम बीइंग यू हैव टेकन अ शॉर्टकट एंड देन यू आर आल्सो वर्किंग ऑन योर योर बिहेवियरल थेरेपीस एंड सच थिंग्स तो धीरे-धीरे यू कैन सी एन इंप्रूवमेंट यू कैन सी एन इंप्रूवमेंट सो दिस इज़ प्रमेचर इजकुलेशन ओके व्हिच इज़ सो कॉमन दीज़ डेज सो आई एम ग्लैड दैट टॉक अबाउट 30% पपुलेशन 40% पापुलेशन अगर अपने दोस्त को भी बता देगा पूरे मोहल्ले में फैल जाएगी कि भाई साहब इसको तो ये परेशानी है तो अपने दोस्त तक को नहीं बता सकता।
(1:04:31) डॉक्टर ऐसा क्यों होता है कि एक फीमेल अपनी फ्रेंड से अपने इस तरह की प्रॉब्लम्स के बारे में इजीली डिस्कस कर लेती है। बट लड़के नहीं करते। मतलब कितनी तरह की प्रॉब्लम होती है। कभी लेट से पीरियड्स डिले हो गए, मिस हो गए। इस तरह का कुछ भी हुआ तो वो डिस्कस कर लेते हैं। बड़ा खुल के डिस्कस कर लेते हैं। उसको एक ये नहीं बनाते कि ये तो इस पे मेरे पे कोई डाउट आ जाएगा या कुछ ऐसा आ जाएगा। बट मेल इस तरह की बातें नहीं करते। की कहानी बड़ी सिंपल है। हां। ऊपर से एक जिंदगी भर हम रोए नहीं होते। अगर रोते हैं तो पिताजी बोलते हैं अबे कोई मर्द रोता है हम
(1:05:08) अपने कष्ट को अंदर रखने की कहानी कर लेते हैं। एक डर होता है कि अगर किसी को मालूम चल जाए कि मुझे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है और ये बाहर निकल जाए तो क्या होगा? और इससे अपनी ईगो या अपनी आइडेंटिटी क्यों एसोसिएट करी होती है? मतलब ऐसा तो नहीं है कि अपनी प्रॉब्लम्स नहीं डिस्कस करते। करते हैं। वर्क रिलेटेड प्रॉब्लम्स डिस्कस करते हैं। मेरे काम में ऐसा चल रहा है। बिजनेस में ऐसा चल रहा है। लाइफ में ऐसा चल रहा है। बंदी के साथ प्रॉब्लम है। वाइफ के साथ प्रॉब्लम है। बच्चों ये सारी प्रॉब्लम्स तो डिस्कस करते हैं। तो सेक्सुअल प्रॉब्लम्स डिस्कस करने
(1:05:38) में क्या हर्ज है? डिप्रेशन में चले जाते हैं ना। आदमी शाम को जितने दोस्त हैं वो विस्की पीने के बाद में कहेंगे और ओए क्या हाल है? वो टेंशन बड़ी खराब होती है। क्योंकि ये एक फितरत की कहानी है। ये सबसे सेंसिटिव इशू होता है। एंड अ मैन नीड्स टू रियलाइज इट इज ट्रीटेबल। या या ही नीड्स टू गो टू अ गुड डॉक्टर टू गेट इट ट्रीटेड। वो जब तक खुलेगा नहीं ना वो डिप्रेशन में जाएगा। आपको पता है बहुत बड़ा कारण डिप्रेशन का मेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन है या लो स्पर्म काउंट है। एंड इट इज़ जस्ट लाइक मेरे को डायबिटीज हो रही है। मेरा थायराइड खराब है। अब सच पूछो है
(1:06:08) तो वैसा ही। अब आपके पॉडकास्ट पे मैं हूं। आप यह बात कर रही हैं। वी डू इट बिकॉज़ वी आर सेल्व्स आर सो कंफर्टेबल विथ इट। एंड व्हाई आर वी कम्फर्टेबल बिकॉज़ ऑफ दिस अंडरस्टैंडिंग। एंड आई थिंक हर आदमी को यह अंडरस्टैंड कर लेना चाहिए एक्सक्टली कि बस एक खांसी जुकाम जैसी तो नहीं पर डायबिटीज ब्लड प्रेशर जैसी कहानी है एंड आई थिंक द फर्स्ट स्टेप टू फाइंड एनी क्योर फॉर एनी ऑफ योर प्रॉब्लम्स इज टू फर्स्ट टॉक अबाउट इट यस इज टू फर्स्ट एकनॉलेज इट एडमिट इट टॉक अबाउट इट सीक गाइडेंस सीक एडवाइस आपको स्यूशन भी मिल ही जाएगा जैसे आपने बताया
(1:06:44) इतने सॉलशंस हैं बट अगर आप बात ही नहीं कर रहे हो किसी से डिस्कस ही नहीं कर रहे हो खुद खुद भी उसको एकनॉलेज नहीं कर रहे हो तो फिर तो यू डोंट हैव एनी वे टू गो। तो अब हम बात करते हैं लो सेक्स डिजायर की। अब लो सेक्स डिजायर एक ऐसी चीज है जिससे आदमी बड़ा पीड़ित होता है और बड़ा परेशान में होता है कि मेरी इच्छा नहीं कर रही। अब लो सेक्स डिजायर मेनली मोटा-मोटा दो कारण से होती है। हम नंबर एक टेस्टोस्टेरोन कम होना। ओके। नंबर दो साइकोलॉजिकल या न्यूरोलॉजिकल। ओके। अब 65 कैसे होती है कि देयर इज़ दिस मैन हु हैज़ नॉट बीन एबल टू परफॉर्म वेल
(1:07:23) या ही हैज़ दिस क्रेजी एंग्जायटी गोइंग ऑन ओके एंड अल्टीमेटली इट डेवलप्स इंटू अ लो सेक्स डिजायर ही फील्स ही कैन नॉट परफॉर्म हिज माइंड स्टार्ट्स गोइंग अवे फ्रॉम इट एंड डिजायर बिकम्स लेस ओके अनदर साइकोजॉजिकल रीज़न फॉर डिजायर इज स्मॉल थिंग्स व्हिच पुट अ ह्यूमन बीइंग ऑफ लाइक आई हैव हैड अ फ्यू पेशेंट्स हु हैव लो सेक्स डिजायर्स टवर्ड्स देर वाइफ्स ओ व्हाइल दे हैव सेक्सुअल डिजायर्स अदरवाइज व्हिच इज फाइन दैट इज बिकॉज़ द रिलेशनशिप विद ह वाइफ इज नॉट गुड द थर्डेंट थिंग इज समथिंग हैपेंस व्हिच हिट्स देम हार्ड साइकोलॉजिकली
(1:08:09) ओके ड्यूरिंग आफ्टर बिफोर और इन इंटिमेसी हिट सेल्फ विथ एनी ह्यूमन बीइंग ओके ओके व्हिच टर्न्स देम ऑफ टुवर्ड्स दैट दैट्स द थर्ड थिंग गॉट इट एंड देन ऑफकोर्स देयर इज व्हाट इज अ लो टेस्टोस्टरॉन टेस्टोस्टरॉन द किंग ऑफ़ हॉर्मोस इज़ नीडेड फॉर डिज़ायर नाउ इफ यू सी वुमेन एंड मैन दे ऑल हैव अ डिफरेंट हार्मोनल बेसिस ऑफ लव आप कभी भी ना किसी रेस्टोर में जाओ आप दूर से पहचान लोगे ये हस्बैंड वाइफ है और ये गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड है। हम गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड एक दूसरे की आंखों में देख के और झांक के बैठते होंगे। हम हम और हस्बैंड और वाइफ बैठे होंगे तो फ़ पे
(1:08:47) ये तो फ़ पे होंगे हस्बैंड यहां वहां देख रहा होगा। है ना? अब आप कभी भी नोटिस करना। आपको मतलब ये एक सत्य बता रहा हूं। उसका रीज़न क्या है? व्हेन अ मैन डिजायर्स अ वूमन या द हॉर्मोन व्हिच राइज़ेस इन हिम इज टेस्टोस्टेरोन। ओके। इट राइज़ेस लाइक दिस। एंड दैट टेस्टोस्टेरोन वांट्स हिम टू हैव दैट वूमेन। नाउ व्हाट हैपेंस इन अ वुमन फर्स्ट देयर इज डोपामिन ओके शी इज़ फीलिंग हैप्पी शी इज़ फाइंडिंग समथिंग न्यू देन इट इज ऑक्सीटोसिन ऑक्सीटोसिन इज दी कडलिंग हॉर्मोन शी फील्स क्लोज टू द ह्यूमन बीइंग एंड ओनली वंस शी स्टार्ट्स फीलिंग क्लोज टू द ह्यूमन बीइंग डस द डिजायर टू हैव
(1:09:32) सेक्स कप सो इन मैन इट्स इट्स मोस्टली हॉर्मोनल एंड इट्स वीमेन इट्स मोस्टली सेंसेशनल एनी मेल स्पीशीज हैज़ दिस फॉर प्रोक्रिएशन। एनी एनी स्पीशीज हैज़ दिस फॉर प्रोक्रिएशन। एंड एनी वुमन स्पीशीज़ हैज़ इट टू बिल्ड अ फैमिली एंड सिक्योरिटी। सो फॉर देम फॉर वीमेन इट्स मोर ऑन दी इमोशनल फ्रंट। इमोशनल फ्रंट। ओके। सिक्योरिटी। सो देयर फॉर व्हेन यू सी अ मैन एंड अ वूमेन सिटींग गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड, सो द मैनस टेस्टोस्टरॉन इज़ हाई। हम्म एंड शी इफ शी इज इन एन ऑक्सीटोसिन स्टेज यू विल फाइंड देम लाइक दैट एंड दिस इज देयर व्हिच लास्ट फॉर अ लॉन्ग टाइम टिल द
(1:10:19) टेस्टोस्टरॉन गोस डाउन एंड दिस नॉर्मली हैप्पेंस वन्स दे हैव मेट ईच अदर एंड यू लुक एट अ हस्बैंड एंड अ वाइफ देअर इज नॉट दैट टेस्टोस्टरॉन ड्राइव एंड द वूमेन मे स्टिल बी हैविंग सम काइंड ऑफ अ इफ शी इज़ हैप्पी सम काइंड ऑफ अ डोपामिन शिफ्टिंग हियर एंड देयर ओके ओके सो दिस इज द वे दी हॉर्मोन्स एक्ट सो व्हेन पीपल से नो आई एम इन लव हार्मोन्स याह। इट इज मेनली फॉर वीमेन। मेन आल्सो कुड हैव डोपामिन। ओके। बट मेनली दैट्स द वे इट हैपेंस। इन केस ऑफ वीमेन एज यू सेड इट्स मोर ऑफ द ऑक्सीटॉसिन डूइंग इट्स जॉब। एंड ऑक्सीटॉसिन का जो रिलीज है दैट डिपेंडस ऑन
(1:10:57) अ लॉट ऑफ़ अदर थिंग्स। लाइक जस्ट मेक हर फील गुड। अब्सोल्युटली। इफ इफ शी इज़ जस्ट फीलिंग नाइस शी विल बी हैप्पी एंड ऑक्सिटॉसिन विल डू द रेस्ट ऑफ़ द जॉब। यस। या इट्स इट्स अच्छी अच्छा अच्छा एटमॉस्फियर ही इज़ लुकिंग एट द वूमेन? नो बट दैट डेफिनेटली मेक्स सेंस जैसे आपने बोला कि देखकर डिजायर एंड देन टेस्टोस्टेरॉन। सो नेचुरली, हाउ डू यू एक्सपेक्ट अ मैन हु इज इन अ मैरिज टू हैव अ रिलीज ऑफ़ टेस्टोस्टरॉन एव्री टाइम ही लुक। नाउ दिस इज़ वाओ व्हाट अ क्वेश्चन यू आस्क्ड। नाउ आई विल टॉक अबाउट दिस। सो द फोर्थ थिंग व्हिच कम्स इज इंटिमेसी इन द
(1:11:38) होल सिस्टम ऑफ इंटिमेसी सेक्स इज अ स्माल पार्ट ऑफ इट ओके फॉर अ मैन एंड अ वूमन टू बी टुगेदर हम दैट्स द वे इट इज या सो अ मैन इज वन हु कैन सपोर्ट हिज वूमन अ मैन इज वन हु कैन गिव सिक्योरिटी टू अ वूमन राइट अ मैन इज वन हु कैन अंडरस्टैंड अ वूमन हु कैन मेक अ फील लव्ड मेक अ फील लव्ड प्रोटेक्टेड फील लव्ड राइट एंड इन दिस दिस सिनेरियो व्हेन दे बिकम विद ईच अदर और दे हैव सेक्स विद ईच अदर दिस इज अ पार्ट ऑफ इंटिमेसी सो इट्स अ होल स्टोरी एंड अ स्माल एरिया इन दिस स्टोरी ट्रू सो यू विल फाइंड अ लॉट ऑफ अमेजिंग पीपल इन लव इवन एट द ऐज ऑफ़ 50 60 65
(1:12:26) एंड व्हेन यू सी देम होल्डिंग देयर हैंड्स एंड वॉर्किंग यू फील सो नाइस एक्जेक्टली दैट इज इंटिमेसी | यू नो व्हाट लव इज अकॉर्डिंग टू मी या व्हाट इज इट? एक्सेप्टिंग द अदर पर्सन द वे दैट पर्सन इज या दैट्स दैट्स एक्चुअली द डेफिनेशन ऑफ़ ट्रू लव। एंड फीलिंग वैरी डीपली राइट दैट व्हाटएवर आई हैव इज द बेस्ट। आई लव मसेल्फ एंड व्हाटएवर आई हैव अराउंड मी इज जस्ट द बेस्ट। आई डिर्व्ड इट। सो दैट्स व्हाट एक्चुअली इज अ फीलिंग व्हिच ब्रिंग्स यू हम द फीलिंग ऑफ सेक्स। अदरवाइज़ इट्स जस्ट अ परफॉर्मेंस। राइट? राइट? सो मैन हम वांट टू परफॉर्म एंड दैट्स व्हाट प्रोबेब्ली इट इज एंड
(1:13:10) दैट्स व्हाई मेन बिकम वेरी अपसेट व्हेन दे हैव इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और प्रमेच्योर इजाकुलेशन बिकॉज़ दे परफॉर्म दे स्टार्ट जजिंग देयर परफॉर्मेंस जजिंग दे परफॉर्मेंस सो वी टॉकड अबाउट इडी प्रीमेच्योर इजकुलेशन एंड लो सेक्स ड्राइव ऑल इन ऑल वंडरफुल आई वांट टू टॉक अबाउट अ प्रॉब्लम जो मेल इंटिमेट एरिया में होती है जिस तरह तरह से वकोस वेंस होते हैं लेग्स में और बहुत पेनफुल होते हैं। उसका कोई इजीली ट्रीटमेंट भी नहीं होता। तो सिमिलरली जो मेल इंटमेट एरिया में यह प्रॉब्लम जब क्रिएट हो जाती है जिसे हम विकको सील कहते हैं। क्या इसका ट्रीटमेंट
(1:13:47) अवेलेबल है? यह क्यों होता है? प्लीज हेल्प अस अंडरस्टैंड दिस बेटर। बड़ी इंटरेस्टिंग चीज है क्योंकि ये बहुत क्लियरली लोगों को नहीं मालूम। विककोसील होता है जब खून के कुछ गुच्छे हम या जैसे आप बोलते हैं ना वकोसिटी आपने पैरों में वकोस वेंस देखे होंगे वेंस हां पाइल्स भी एक खून का गुच्छा है ओके ऐसी वकोस सील में क्या होता है जो वेंस का एक गुच्छा टेस्टीज के ऊपर जाके बैठ जाता है मतलब टेस्टिस की जो खून की धमनियां है उसमें वेंस सूज जाती हैं और साथ में हो जाती है। अब इसमें होता क्या है देखिए स्पर्म की मैन्युफैक्चरिंग हम के लिए एक से 2 डिग्री टेंपरेचर कम होना
(1:14:25) चाहिए बॉडी से टेस्टिकल का इसीलिए बाहर पड़ी है राइट वरना अंदर होती हम हम ये वकोस वेंस गर्मी पैदा कर देती हैं। टेंपरेचर को खराब कर देती हैं। स्पर्म की क्वालिटी खराब कर देती हैं। मॉर्फोलॉजी खराब कर देती हैं। एंड अल्टीमेटली अगर बहुत टाइम तक परेशानी दें हम तो टेस्टोस्टेरोन भी कम कर देती हैं। क्यों? क्योंकि टेस्टिस पे डायरेक्ट इफेक्ट देती है। इसकी इंटरेस्टिंग बात क्या है? हर वकोस सील ऑपरेट नहीं होना होता। ओके? नहीं हो सकता। नहीं होना होता। करने की जरूरत नहीं है। करने की जरूरत नहीं है। ओके। ओके। और बहुत से पेशेंट ऐसे होते हैं जो वकोस
(1:15:00) सील के साथ होते हैं जिनको सर्जरी की जरूरत होती है और वो कराते नहीं है। तो दिक्कत होती है। ओके। तो बहुत इंपॉर्टेंट है अगर आपको विककोसील है हम तो उसको डायग्नोस करके हम उसको कुछ मापदंड इसके हैं जैसे सबक्लनिकल विकोसल ओके ग्रेड वन जिसे बोलते हैं अगर अल्ट्रासाउंड पे पिकअप होता है उसको ऑपरेट नहीं करना एक विकोसल हम जिसके साथ में स्पर्म काउंट अफेक्टेड है और बेबी होने में दिक्कत है या स्पर्म में डीएनए डैमेज है हम और फीमेल पार्टनर आमतौर पे नॉर्मल है और एक्सपेक्ट कर रही है प्रेगनेंसी और नहीं हो रही हम हम तो ऑपरेट होना है।
(1:15:44) ओके वो भी नॉर्मली ग्रेड थ्री ग्रेड फोर वकोसल ऑपरेट होना होता है। ओके। तो विककोसील एक ऐसी चीज है जो बहुत बार पता है कहां पकड़ी जाती है। हम जब आदमी फौज में या पुलिस में भर्ती होने जाए। कैसे? जब फौज में और पुलिस में भर्ती होने जाता है दे आर वेरी पर्टिकुलर अबाउट टू थिंग्स। कलर ब्लाइंडनेस एंड नंबर टू वेरीको सील। ओ रियली? वेरीको सील अगर है तो आपको ऑपरेट करा के वापस आना है फौज में। ऐसा क्यों? दे आर वेरी वेरीरी पर्टिकुलर अबाउट इट। बिकॉज़ इट कुड गिव यू पेन। नंबर वन, इट अफेक्ट्स स्पर्म काउंट। स्पर्म मॉर्फोलॉजी मतलब स्पर्म की जो
(1:16:23) बनावट है, एंड इट कैन डिक्रीज़ द टेस्टोस्टेरॉन। फ्रॉम द वेरी बिगनिंग दे हैव बीन वेरी पर्टिकुलर अबाउट द फैट दैट अ वेरिकोसिल नीड्स टू बी ऑपरेटेड इफ यू नीड टू कम इंटू दी आर्मी। लाइक कलर ब्लाइंडनेस। एंड दे आई मीन यू कांट बी कलर ब्लाइंड। टू गो इंटू दी आर्मी ऑर दी पुलिस। दैट मेक्स सेंस। मेक्स सेंस। सो सिमिलरली इट्स फेरी सील। एंड दे डू टेस्ट इट आल्सो। अब्सोल्यो देम इट। ओह! अच्छा। सो वो जो कहते हैं ना हमारा मेडिकल होने वाला है जी। अच्छा। मेडिकल में विकको सील की टेस्टिंग जरूर होती है देखने की तो ये विकोस ससील की कहानी है। एक कॉमन आदमी को कैसे पता चलेगा? मतलब
(1:16:56) समबडी हु इज नॉट अपीयरिंग फॉर आर्मी एग्जाम एंड समबडी हु इज नॉट इवन ट्राइंग टू कंसीव तो कैसे पता चलेगा कि विकोस सील है? अगर आपकी टेस्टीज को आप एग्जामिन करते हो और आप महसूस करते हो कि उसके ऊपर की नसे सूजी हुई है। कुछ केंचुए से महसूस कर रहे हैं आप। आपको पेन और भारीपन रहता है हम तो जाके आपको एग्जामिन कराना है। सबसे पहले एग्जामिन कराने हैं और फिर अगर अल्ट्रासाउंड की जरूरत हो फिर करानी है। अल्ट्रासाउंड का डायग्नोसिस से ज्यादा हाथ से एग्जामिन करके डायग्नोसिस करना है। मैं मतलब बहुत ही स्ट्रांग इसका प्रोपोनेंट हूं। दैट अ
(1:17:32) विकोसल नीड्स टू बी एग्जामिन ओनली देन यू गेट अल्ट्रासाउंड डन। ओके? बिकॉज़ विकसील डस नॉट नीड सर्जरी एंड एव्री पर्सन हु हैज़ वकोसील नीड नॉट बी इनफर्टाइल सो दिस जजमेंट नीड्स टू बी डन बाय द डॉक्टर सो दिस इज़ वेरीेंट हम सो अगर मैं एक छोटी सी बात कहूं विकोसल अगर है तो डॉक्टर को फौरन दिखा लें क्योंकि ये नहीं पता ये विकोसल ऑपरेट होना है या नहीं होना है नहीं होना है तो मत कराना लेकिन अगर होना है तो जल्दी करा लो अपने स्पर्म को और अपने टेस्टिस को बचा लो और जिन केसेस केसेस में ये क्यरेबल नहीं है, ट्रीटेबल नहीं है। तो उस केस में
(1:18:10) इसके ट्रीटमेंट सिर्फ एक है विककोसिल की सर्जरी। लेकिन सब में करना नहीं पड़ता। जिसमें जरूरत हो सिर्फ उसमें करना है। बट सर्जरी से इट कैन बी फिक्स्ड। अब्सोलुटली माइक्रोसर्जिकल करते हैं लेकिन इसके अंदर नॉर्मल सर्जरी नहीं करते क्योंकि जो स्पर्मैटिक आर्टरी होती है वो सिर्फ आप माइक्रोस्कोप से देख सकते हो। आर्टरी होती है जो खून लेके जाती है टेस्टीज पे। होती है जो वापस ले आती है। वेन आपको बंद करनी है। अगर आपने आर्टरी भी बांध दी साथ में तो दिक्कत हो जाएगी क्योंकि यही आर्टरी आपकी टेस्टीज को सप्लाई करेगी ब्लड और वो माइक्रोस्कोप में दिखेगा। तो
(1:18:42) माइक्रोसर्जिकल वैरी कोलेक्ट भी करते हैं इसके अंदर। ये जितनी भी हमने प्रॉब्लम आज अभी तक डिस्कस की है वो आई थिंक ऑल ओवर द वर्ल्ड मेन फेस दीज़ प्रॉब्लम्स। कोई इंडियन स्पेसिफिक प्रॉब्लम भी है जो इंडियन मेल फेस करते हैं और अदरवाइज दूसरी कंट्रीज में नहीं होती। हिंदुस्तान, हां, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका। ओके। यहां दो ऐसी बीमारी है जो शायद दुनिया में नहीं होती। ओके। कौन? एक एक को कहते हैं धात सिंड्रोम। आपने सुना होगा कि बहुत सारे आयुर्वेदिक जो टेक्स्ट है उसमें वो कहते हैं कि साहब आपका धातु को बचा के रखना है। वो होता क्या है? वो यह
(1:19:22) कहते हैं कि साहब 40 बूंद खाने के बिल्कुल गहरे रस से आपका एक बूंद खून बनेगा। ओके। 40 बूंद खून से आपका एक बूंद मैरो बनेगा। ओके। और 40 बूंद मैरो से एक बूंद वीर्य बनेगा। तो यह कहानी इतने समय से यह पूरी की पूरी आ गई है हम कि बहुत से यंग लड़के जिनको ए्जायटी होती है, डिप्रेशन होता है, कहीं ना कहीं प्रॉब्लम होती है, टेंशन होती है। हम उनको एक चीज दिखनी शुरू हो जाती है जो कभी कहीं नहीं होती क्योंकि ये दाद सिंड्रोम में सीमन यूरिन में निकलना शुरू हो गया है। अब वो दिखता है। होता नहीं है।
(1:20:06) हम हम तो अगर आप उनसे पूछेंगे कि साहब क्या प्रॉब्लम बोला डॉक्टर साहब दुखी हूं डिप्रेस्ड हूं हिल नहीं पाता ताकत खत्म हो गई है थकावट रहती है और एक बात आपको और बता दूं धात जा रहा है अब वो धात जा रहा है क्या है कि उसको ये दिखने लगता है कि यूरिन के अंदर सीमन आने लगा है तो अगर धात आने लगा है तो इसका मतलब ये है शरीर की पूरी ताकत यूरिन में निकलने लगी है। तो जब आप पेशेंट से कहते हो कि भैया एक बात सुन मेरे भैया तू एक काम कर जब दहात जा रही हो तो यूरिन ले आ टेस्ट करके देख लेंगे जब भी ये यूरिन लेके आएंगे कुछ नहीं निकलता पहली बात तो अभी
(1:20:43) समझ लो क्योंकि कोई रास्ता ही नहीं है और नंबर दो बहुत सी बार कहेंगे कि जी जब वो निकल जाता है एकदम से निकलता है ला नहीं सकते सैंपल को तो ये दांत होती है अब धात क्या है डी से डर एच से हाफ ट्रुथ ए से ए्जायटी दूसरे ए से एशियस ऐसा जिसमें सब गलत चीजें उसे सच लगने लगती है और टी से इन लोगों के अंदर एंग्जायटी की वजह से टेस्टोस्टरॉन डाउन हो जाता है। अब इस चक्कर में क्या हुआ? आप कभी भी कहीं गुजरते हुए हो। पहले तो हादसे लिखे हुए होते थे दीवारों पे। धात वाले अवश्य मिले। ठेके पे इलाज किया जाता है धात का। और आप कहीं गांव की तरफ चले जाएं तो चार लड़के
(1:21:26) मिलके दूसरे से कहेंगे तू इसलिए कमजोर हो रहा है क्योंकि तेरे धात जा रही है। सर रियलिटी क्या है इस? तो रियलिटी कुछ भी नहीं है। वो रियलिटी बड़ी सिंपल है। टेंशन है आपको? परेशानी है, ए्जायटी है। मेस्टरबेट करते हो। बता दिया मेस्टबेशन से आपने खून लूज़ किया। किसी ने आके ये पूरी बात बता दी कि खून निकल गया है। परेशानी को लेके और ए्जायटी को लेके वो एक जगह चिपक गया। हम धात सिंड्रोम। एक ये है प्रॉब्लम। दूसरी नाइट फॉल। एक मिनट। बट धात मुझे क्लेरिटी मिल रही। तो ये एक्चुअली में होता नहीं है। नहीं होता कुछ नहीं है। ये तो कोई बीमारी
(1:22:00) थोड़ी है। ये तो WhatsApp बना दिया गया है। ये तो WhatsApp यूनिवर्सिटी की बड़ी कहानी बड़ी भारी कहानी है ये। ये होता कुछ नहीं है। देयर इज नो सीमन व्हिच कैन कम इन यूरिन। बट द स्टोरी ऑफ धात सिंड्रोम इज सो कॉमन। धात इज जस्ट अ फिग्मी अ फिग्मेंट ऑफ दी इमेजिनेशन व्हिच पीपल स्टार्ट सीइयंग बिकॉज़ दे फील दे आर इन फटीग एंड दे आर इन एंग्जायटी। एंड दे से यह हो क्यों रहा है? बिकॉज़ ऑफ़ धात्याट आई एम पासिंग। यह इतना कॉमन है पूछिए मत। एक बीमारी जो ज्यादा हमारे इलाके में होती है। आई वेंट टू दिस कॉन्फ्रेंस वेयर आई हैड अ लेक्चर। सो देयर वर अ लॉट ऑफ वेरी वेरी फेमस
(1:22:35) एंड्रोलॉजिस्ट फ्रॉम ऑल ओवर द वर्ल्ड ओवर देयर। सो देयर वाज़ अ टॉपिक ऑन नॉन कंज्यूमेशन ऑफ़ मैरिज। मतलब शादी के बाद में इंटरकोर्स नहीं हो पाया। तो दिस फेमस अमेरिकन प्रोफेसर जस्ट स्टुड अप ही सेड आई हैव नेवर सीन दिस बिफोर। हां। हां। सो देयर इज नो नॉन कंजुमेशन ऑफ़ मैरिज इन देयर सोसाइटी। ओके? बट इन आवर सोसाइटी देयर इज़ फिनोमिनल नॉन कंजमेशन ऑफ़ मैरिज। एंड व्हाट्स द रूट कॉज ऑफ़ इट? द रूट कॉज इज़ देयर इज़ नो सेक्स एजुकेशन। जीरो। अब आपको मैं एग्जांपल देता हूं। जिस एरिया में मैं रहता हूं उसमें पहले जमाने में लड़के को लेके आते थे और कहते थे डॉक्टर साहब डॉक्टरी करानी है।
(1:23:15) लड़की ने घर पे जाके बताया कि लड़का कुछ नहीं कर पाया। तो इसकी डॉक्टरी करके बता दो। ये ठीक है या नहीं। तब लड़की को भेजेंगे। इनवेरिएबली उस बच्चे को पता ही नहीं कि करना क्या है। आप सरप्राइज होंगे मेरी बात पे। मैं आपको आज सच बता रहा हूं। उसे पता ही नहीं है कि करना क्या है। तो दी फैक्ट दैट देयर इज़ नो सेक्स एजुकेशन। द फैक्ट दैट पीपल आर वेरी वेरी लेस हैव अ वेरी लेस अंडरस्टैंडिंग। एक जमाना आज तो पोर्नोग्राफी ने रोंग एजुकेशन कर दी। पर एक जमाना था व्हेन देयर वाज़ नो एजुकेशन। सो हम एक्सट्रीम्स में ही जी रहे हैं। एक्सट्रीम में जी रहे हैं। सो इट वाज़ नॉन
(1:23:46) कंज्यूमशन ऑफ़ मैरिज। सो मैरिजुनी देन दे वुड कम टू यू जस्ट बिकॉज़ देयर इज़ नो नॉलेज देने दे नो नॉलेज वन एंड देन दे वुड कम टू यू एंड से दैट मेरे बेबी नहीं हो रहा डॉक्टर साहब जरा देख लो इनको सो यू रिलाइज़ देयर इज़ अ नॉन कंसिमेशन ऑफ़ मैरिज वन बट आई विल आल्सो गिव यू अनदर पार्ट ऑफ इट हम हम दैट अ लॉट ऑफ़ पीपल इन द कंट्री आल्सो हैव वेजिनिस द वूमेन डजंट अलाउ द मैन टू कम क्लोज मैन टू कम क्लोज़र दैट्स अ डिफरेंट सो नॉन कंज्यूमेशन दांत सिंड्रोम नंबर वन नंबर टू नॉन कंजुमेशन ऑफ़ मैरिज दैट हैप्स मोस्टली ओवर हियर इट डस नॉट हैपन इन द वेस्ट एंड द थर्ड इंपॉर्टेंट थिंग इज आई
(1:24:30) टॉक ऑफ वन थिंग व्हिच शुड हैपन हम स्कूल्स शुड हैव सेक्स एजुकेशन अनफॉर्चूनेटली यू नो व्हाट्स हैपेंड स्कूल्स डोंट हैव सेक्स एजुकेशन एंड दी एजुकेशन हैज़ बिकम पोर्नोग्राफी एंड आपको एक और बात बताता हूं हम हम हमारे हमारे देश में वुमेन पे कितना अत्याचार है। अगर सेक्स एजुकेशन प्रॉपर हो जाए तो आदमी ठीक हो जाए। अब्सोलुटली। और यहां के बच्चे को औरत की रिस्पेक्ट करना हम तब समझ में आएगा जब वो प्रॉपर्ली एजुकेट होगा। एक्सक्टली राइट। सो एजुकेशन सेक्स एजुकेशन इज वेरी मच नीडेड। आई होप आवर कंट्री रीचेस दैट स्टेट वेरी सून। जहां पर ये चीज नॉर्मल हो जाए। सेक्स
(1:25:12) एजुकेशन मिले। लगता है आपको कुछ आगे आने वाले सालों में कोई स्कोप है? कोई होप है? पता नहीं। मुझे तो यह महसूस होता है कि देयर आर सो मेनी स्टिग्मास। देयर इज़ सो मेनी इतनी कहानी होती है। सेक्स ओपन में कोई बोल नहीं सकता। सेक्स की कहानी होते ही आदमी चला जाता है। ढक लेता है। बच्चा अपने मां-बाप से बात नहीं कर पाता सेक्स की। हम कोई एजुकेशन ज़ीरो है। स्कूल में टीचर नहीं बोल पाता। एनकरेज नहीं करते। आई डू नॉट नो आई विश इट कुड हैपन एस सून एस पॉसिबल या बट चलो एटलीस्ट हियर वि थ्रू दिस पडकास्ट वी हैव आई थिंक डूइंग अ ग्रेट जॉब राइट टू स्पीच एंड वी कैन एटलीस्ट डू आवर
(1:25:56) जॉब आई थिंक सो आई थिंक सो टू एंड ऑन दिस पॉइंट आई वुड रियली लाइक पीपल हु आर वाचिंग दिस एपिसोड टू शेयर इट टू एज मेनी पीपल एज दे कैन क्योंकि अदरवाइज इट्स वैरी डिफिकल्ट टू गेट ऑल दिस नॉलेज और वो भी इस तरह के एक एक्सपर्ट डॉक्टर इंडिया के इतने एस्टैब्लिश डॉक्टर के थ्रू आपको यह सब जानने को मिल रहा है। इट्स वेरी रेयर। यू विल हार्डली फाइंड इट एनीवेयर। तो इसको जितना हो सके अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें। पीपल नीड दिस या एंड द ओनली वे वी एज अ कम्युनिटी कैन बी बेटर। इफ दे सी इट दे शेयर इट या मोर एंड मोर पीपल मे सी इट एंड इफ दे सी
(1:26:32) इट प्रोब्ली द वर्ल्ड विल बी अ बेटर वर्ल्ड। अ बेटर प्लेस टू लिव। या दैट्स ट्रू। हम्। एंड देयर इज़ अ रीज़न कि हम इसको इतना सिंपल लैंग्वेज में रखते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन डिस्कशन का फायदा ले सकें। एंड हाउ अबाउट आई रेड समवेयर दैट एब्सिनेंस डेज बिफोर ट्राइंग टू कंसीव इज़ अ गुड थिंग। यस। इज दैट ट्रू? नो, आई विल टेल यू। सी व्हाट हैप्पेंस इज़ दैट इफ आई इफ वी टेक अ सीमन सैंपल ऑफ समबडी एंड वी वांट टू जज व्हाट इज हिमन एनालिसिस, वी नीड ए थ्री टू ए डे एब्स्टिनेंस। ओके, थ्री टू ए डे। डेटा। व्हाई डू वी नीड दिस एब्सेंस? बिकॉज़ दैट इज़ द टाइम व्हेन
(1:27:09) वी वुड जज दैट दिस इज़ द सीमन काउंट ऑफ दी पर्सन। ओके ओके। सो दैट यू गेट अ गुड सैंपल। वी गेट अ गुड सैंपल। नाउ नाउ व्हाट हपेंस इज़ दैट देयर आर टू आस्पेक्ट्स ऑफ इट। द फर्स्ट आस्पेक्ट इज इफ यू स्टे फॉर टू लॉन्ग। हम्म। द डीएनए फ्रेग्मेंटेशन ऑफ द सीमन बिकम्स मोर। आइडी इफ यू नीड एन एब्सोनेंस, इट नीड्स टू बी थ्री टू फोर डेज़, थ्री टू फाइव डेज़। बिकॉज़ यू गेट फ्रेश सैंपल डीएनए टू स्पर्म्स। स्टेटिंग फॉर टू लॉन्ग डजेंस और गिव यू अ बेटर स्पर्म काउंट। ओके? इट लीड्स टू अ स्पर्म काउंट व्हिच विल प्रोबेब्ली हैव अ लोअर डीएनए क्वालिटी ऑफ
(1:27:46) दी स्पर्म बिकॉज़ स्टेसिस हैज़ टेकन प्लेस। रुके हुए स्पर्म्स हैं। अच्छा। तो तीन दिन से पांच दिन का अगर आप स्पर्म रखते हैं दैट इज गुड। ओके। सो इससे ज्यादा भी नहीं बिकॉज़ डैमेज स्टार्ट हो जाएगा और इससे कम भी नहीं बिकॉज़ यू विल नॉट गेट इनफ। कम में कम में अगर आपका स्पर्म काउंट बहुत अच्छा है और आप फ्रेश स्पर्म देते हैं तो उसमें कोई बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं है। गॉड बट अगर आपका सीमन काउंट थोड़ा सबनॉर्मल है यू कैन वेट फॉर थ्री टू फाइव डेज ओके एंड इट गोस फॉर समबडी हु आल्सो ट्राइंग टू कंसीव्स तो उस केस में भी अगर आप तीन से पांच दिन
(1:28:19) कैप्सूल जाते हैं तो चलेगा चलेगा देखिए हेल्प कंसीव करने का इसी टाइम पर एक चीज कहूंगा हम सिंपल यहीं पे मैं आपको एक ऐसी चीज दे दूंगा हम हम बहुत से लोग कहते हैं साहब हमारा गोल्डन पीरियड कौन सा है बच्चा पैदा करने का अच्छा तो जब मैंने सुना गोल्डन पीरियड तो मेरी समझ में आया गोल्डन पीरियड किसे बोल रहे हैं? वुमेन का तो होता है गोल्डन पीरियड। बिकॉज़ दे ओवुलेशन। अब अब ओवुलेशन डेज में आपको करना कैसे है? देखिए एक स्पर्म जिंदा रहता है पांच दिन। हम और एक अंडा जिंदा रहता है 24 घंटे। या तो जब अंडा रिलीज हो तो स्पर्म मौजूद होना चाहिए।
(1:28:54) राइट? मौजूद होना चाहिए। राइट? तो सबसे अच्छा तरीका इसका ये है कि सपोजिंग किसी का 28 डेज का साइकिल है। ओके? 28 दिन का साइकिल है हम उसमें से 14 घटा दीजिए हम हम तो 14 दिन आ गया राइट तो ओवुलेशन 14व दिन होगा तो आप इंटरकोर्स 10वें दिन से लेके 16वें दिन तक कर लीजिए अच्छा ताकि वो पूरा पांच दिन का विंडो आप विंडो आप कवर कर लें अब उसमें दूसरी चीज हम बहुत से आदमी टेंशन में आ जाते हैं और सबसे पहले आके कहते हैं डॉक्टर साहब जब भी टाइम होता है मेरे बस की कुछ नहीं होती मैं तो टेंशन में ही मर जाता हूं एक दिन छोड़ के एक दिन कर लीजिए ओके
(1:29:31) उसका रिजल्ट भी करीब करीब सेम होगा डेली करने की जरूरत नहीं है। तो 10व दिन से 16व दिन के बीच में आप आपस में मिल लीजिए। एंड ड्यूरिंग दिस टाइम सपोजिंग आपका 30 डेज है। हम तो 12 टू 18थ डे मिल लीजिए। ओके। आपको 14 डेज घटाने हैं आपके पीरियड के साइकिल से। वो ओवुलेशन का दिन है। वो गोल्डन पीरियड है। गोल्डन पीरियड है। सो डॉक्टर नाउ लेट्स टॉक अबाउट द सॉल्यूशन पार्ट। बहुत सारी प्रॉब्लम्स हमने डिस्कस की। क्यों होती हैं, कैसे होती हैं और क्या इसके रिपरकशंस होते हैं? एक हेल्दी और बैलेंस डाइट सिर्फ सेक्सुअल हेल्थ के लिए नहीं बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए बहुत
(1:30:08) ही ज्यादा जरूरी होती है। फिर भले ही आप अपना वेट मैनेज करना चाहते हो या फिर डायबिटीज, थायराइड, ब्लड प्रेशर इस तरह की किसी भी चीज को रिवर्स करना चाहते हो, अच्छे से मैनेज करना चाहते हो तो आप हमारे प्रोग्राम आई एम बाऊ का बेनिफिट ले सकते हो जिसमें आपको एक डाइटिशियन असाइन होते हैं। वो वन टू वन आपके साथ काम करते हैं। आपके लिए कस्टमाइज्ड मील प्लांस रेडी करते हैं जो आपके टेस्ट, प्रेफरेंस, गोल सब चीजों के हिसाब से बनाए जाते हैं। और सिर्फ डाइट प्लान ही नहीं आपको और भी बहुत सारी चीजें जैसे कि वर्कआउट वीडियोस मिलती हैं बिगिनर इंटरमीडिएट एडवांस लेवल तक की।
(1:30:41) आपको रेसिपी वीडियोस मिलती हैं और और भी बहुत सारा सपोर्ट जो आपको आपके गोल तक पहुंचा सकता है। अगर आप इस प्रोग्राम की बाकी डिटेल्स जानना चाहें तो डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक पर विजिट कर सकते हैं। थ्रू आउट हमने जितनी भी मेल सेक्सुअल प्रॉब्लम्स की बात की हमने ये देखा कि उन सबका रूट कॉज कहीं ना कहीं लाइफस्टाइल इश्यूज हैं। तो वो कौन से लाइफस्टाइल चेंजेस या इंप्रूवमेंट्स हैं जो एक मेल को करने चाहिए ताकि वो इन सभी प्रॉब्लम से हमेशा के लिए बच सके। नंबर वन हम स्ट्रेस स्ट्रेस मिनिमल होना चाहिए। स्ट्रेस मिनिमल होने के साथ में स्लीप
(1:31:13) प्रॉपर होनी चाहिए। स्लीप कम से कम 7 घंटे सो लो। क्योंकि नींद जब आपकी गायब होगी ना तो आपका टेस्टोस्टरॉन भी गायब हो जाएगा। हम मोस्टेंट चीज स्लीप। नंबर टू एक्सरसाइज। एक्सरसाइज इज मोस्टेंट फॉर टेस्टोस्टरॉन एज वेल एज स्पर्म। इफ योर टेस्टोस्टरॉन इज लो, इफ योर एक्सरसाइज इज लो, इट हैज़ अ डायरेक्ट इफेक्ट ऑन योर स्पर्म काउंट। ओके। नंबर थ्री योर डाइट। ओके। नाउ योर डाइट हैज़ टू बी अ मेडिटेरेनियन डाइट। अब मेडिटेरेनियन डाइट क्या है साहब? तो बहुत सिंपल है। फास्ट फूड को बंद कर दीजिए। घर का खाना खाइए। रफेज उसमें अच्छी होनी चाहिए। फल होने चाहिए पीले और लाल
(1:31:51) रंग के। सब्जियां होनी चाहिए हरे रंग की। मैदा कम से कम और चोकर साथ में खाने के होना चाहिए। नॉन वेजिटेरियन है तो फिश और चिकन ले लीजिए। फिश जितना लेंगे ओमेगा थ्री फैटी एसिड होंगे। राइट? ओमेगा थ्री फैटी एसिड आर मैजिकल फॉर योर स्पर्म। नाउ द फोर्थेंट थिंग इज यू नीड टू इफ यू कैन डू योग इफ यू कैन डू मेडिटेशन इफ यू कैन डू प्राणायाम ओके दैट इज अमेजिंग फॉर योर स्पर्म। फिफ्थेंट थिंग इज यू गॉट टू लीव और कर्वब अ फ्यू थिंग्स। स्मोकिंग एनी काइंड ऑफ़ ड्रग, एनी काइंड ऑफ टोबैको, एनी काइंड ऑफ़ अल्कोहल। सबसे बड़ा दुश्मन स्पर्म का टोबैको है। दीज़
(1:32:31) आर द थिंग्स व्हिच यू नीड टू फॉलो। ओके नाउ एयर पोल्यूशन पोलशन इन फूड प्लास्टिक्स ये जितना आप कर सको आप खाना खाते हैं स्टील के यूटेंसिल में ले लीजिए आप टिफिन बॉक्स स्टील का ले लीजिए आप पानी पीते हैं प्लास्टिक को अवॉयड प्लास्टिक को अवॉयड कीजिए ये आप कर सकते हैं मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स को जितना कम रखेंगे उतने कम इनफेक्शंस होंगे। ओके ये भी एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। पोर्नोग्राफी से थोड़ा दूर रह लीजिए। देखिए एक चीज और याद रखिए ओबेसिटी से आपको बचना है मोटापे से। हम जितने मोटे होंगे आपका टेस्टोस्टरॉन फीमेल हॉर्मोन में बदलेगा। आप रियलाइज करेंगे
(1:33:08) आपके मैन आपकी छाती के ऊपर भी चर्बी आनी शुरू होगी। मैन वूब्स आने शुरू हो जाएंगे। ये सारी चीजें मिलके आपके स्पर्म काउंट को, को टेस्टोस्टरॉन को और आपके मर्द होने को कम करेंगे। एंड ऑफ कोर्स गर्मी से आपको बचा के रखना है। जब आप मोटे हो जाते हैं, गर्मी भी ज्यादा हो जाती है टेस्टिकल्स पे। लैपटॉप, फ़ोन, टाइट अंडरवेयर, टाइट जींस, सिंग दिस नीड्स टू आल्सो अ प्रॉब्लम। दिस नीड्स टू बी अ पार्ट ऑफ लाइफ। सिटिंग एज इन प्रोलोंग्ड सिंग। प्रलोंग सिंग। सो जितना अपने को आप एक्टिव रखोगे, नेचर से कनेक्टेड रखोगे, उतना आपके टेस्टिकल्स भी हेल्दी रहेंगे।
(1:33:43) एक सिंपल सी बात है। जरा सोच के देखिए। हमारे पूर्वज क्या करते थे? धोती पहनते थे। टाइट जींस नहीं होती थी। राइट? बाजरा, ज्वार, रागी हम की रोटी खाते थे। तो इसीलिए स्पर्म काउंट डबल था उस टाइम पे। बच्चे भी डबल थे। बट एक चीज मैं सारे व्यूअर्स एंड लिसनर्स को बोलना चाहती हूं कि आई अंडरस्टैंड आज की डेट में ये पॉसिबल नहीं है कि हम कंप्लीटली जंक फूड को निकालें अपनी लाइफ से। बर्गर्स एंड सॉफ्ट ड्रिंक्स बिल्कुल निकालें। तो, हम सिर्फ इतना ध्यान रखें कि, जो हमारा मेजॉरिटी ऑफ़ डाइट है, वो जंक से ना भरा हो। ना भो अभी हमारा ज्यादा हम लोग जंक कंज्यूम कर
(1:34:25) रहे हैं, पैकेज्ड फूड कंज्यूम कर रहे हैं और बहुत कम हम सैलेड, सब्जियां, फ्रूट्स ले रहे हैं। एक्चुअली में हम फ्रूट इतना लेते हैं और जंक इतना लेते हैं। बस इसको रिवर्स करना है। हम बस इतना देख लें कि 80% डाइट हमारी रियल रॉ नेचुरल सब्जियां, फल, फ्रूट, अच्छे ग्रेंस हो और 20% जंक हो। इतना प्रैक्टिकल है। यह डएबल है। इसमें बिल्कुल आपने ओमिट नहीं कर रहे हो मगर लिमिट कर रहे हो। सो 80-20 का रेश्यो मेंटेन करेंगे तो लाइफ भी सॉर्टेड रहेगी। ठीक है? अब मैं थोड़ा सा डिस्कस करना चाहती हूं डाइट और एक्सरसाइज वाले पार्ट को। इंडियन फूड की बात करें तो कौन से
(1:35:02) आपके हिसाब से पांच ऐसी डिशेस हैं? मैं रॉ फूड्स की नहीं डिशेस की मील्स की बात कर रही हूं। वो कौन से? पांच ऐसे इंडियन मील्स हैं जो मेल फर्टिलिटी हेल्थ के लिए बहुत ही अच्छे हैं। देखिए एक है मूंग की दाल के चीले के साथ पनीर। मूंग की दाल का चीला अगर कम घी में बनाया जाए तो वो बेसिकली लेंटिल है। प्रोटीन दे रहा है। हम पनीर आपको बहुत सारा प्रोटीन के साथ में आपको कोलिन देता है। नंबर दो चीज एक चीज का मैं बहुत बड़ा फैन हूं। वो है अंडे एग्स। हम हम तो एग के अंदर प्रोटीन है, कोलिन है, विटामिन डी है। लोग कहते हैं कि साहब इसमें पीले में कोलेस्ट्रॉल बहुत है। एक
(1:35:39) या दो अंडे के कोलेस्ट्रॉल से आपको फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि कोलेस्ट्रॉल हम एज अ सब्सस्ट्रेट आपको चाहिए टेस्टोस्टरॉन बनाने के लिए। हम और वो सारा गुड कोलेस्ट्रॉल है। सारा गुड कोलेस्ट्रॉल है। नंबर तीन चीज जो आप ले सकते हैं जो आप खाते हैं बहुत बार खाने में वो ले सकते हैं आप पोहा। तीसरी चीज जो आप खा सकते हैं वो है सांभर। दीज़ आर फूड्स व्हिच आर वेरी गुड इन द इंडियन डाइट। वैसे इंडियन डाइट बहुत अच्छी है। अगर आप गौर से देखेंगी अगर आप एक पूरी कटोरी दाल लेते हैं। साथ में आप एक हरी सब्जी लेते हैं। साथ में दही की एक कटोरी लेते हैं।
(1:36:10) राइट? रोटी आप लेते हैं जिसके ऊपर से छानस नहीं निकाली। हम मकई की रोटी लेते हैं। मल्टी ग्रेन लेते हैं। रागी की लेते हैं। परफेक्टली बैलेंस्ड मील है। इसमें सारे मैक्रो माइक्रो न्यूट्रिएंट्स सब कुछ है। हम बचपन में ना लौकी, परवल घिया बहुत खाया करते थे। हम आज का बच्चे को आप देके तो देख लो। सबसे पहले मना कर देता है। और ये ग्रीन वेजिटेबल बहुत बढ़िया है। वंडरफुल। मैं मैं इसीलिए चाहती थी कि हम डिशेस का नाम डिस्कस करें ताकि लोगों को एक्सजेक्टली पता चले कि किस तरह के मील्स कल से उनको लेने हैं। तो ये जो आपने चीला वगैरह बताया इसमें
(1:36:45) प्रोटीन भी है। ये सब चीजें और ये एकदम परफेक्ट ब्रेकफास्ट है। एग्स इतना वर्सटाइल चीज है कि आप उसको चाहे ऑमलेट बना के खाएं, भुर्जी खाएं, बॉयल्ड खाएं, उसका सैंडविच खाएं। कितनी आपके पास ऑप्शन है? मैं तो यह कहता हूं आप हरे रंग की सब्जी कैसे लें? हमारे यहां कितना खाया जाता था साग? और यह जितने साग हरे रंग के होते हैं इनसे मुफीद कोई चीज है क्या? तो हमारा खाना तो बहुत बढ़िया है। पर चक्कर क्या है? वो स्वाद बहुत लोगों को नहीं देता। मुझे तो लगता है अगर अच्छे से बनाया जाए पूरे दिल से, प्यार से तो उससे ज्यादा टेस्टी कोई चीज होती नहीं है।
(1:37:16) एक्चुअली उससे टेस्टी कोई होती नहीं है और अगर आपको आदत पड़ जाए तभी मैं सब मददर्स को एक चीज कहूंगा और यंग पेरेंट्स को कहूंगा। शुरू से अपने बच्चे को ये खाने की आदत डालें। की आदत डालें। डाइट में कौन सी ऐसी मेजर गलतियां हैं जो मेल्स करते हैं जिसकी वजह से उनके टेस्टोस्टरॉन्स पे या उनके स्पर्म क्वालिटी पे इफेक्ट होता है। सबसे बड़ी जो गलती हमारी डाइट इंडियन डाइट की है वो है घी, तेल, परांठे। साथ में मीठा। आप बिलीव नहीं करेंगे। जहां मैं रहता हूं वहां बराबर में एक तुल्ला हलवाई है। तुल्ला हलवाई के यहां भीड़ लगी होती है। वो कचौरी आलू की सब्जी के साथ में तली तली
(1:37:55) देता है और साथ में उसके जलेब भी खाते हैं लोग। और आप बिलीव नहीं करेंगे ये इतनी खतरनाक चीज है बिकॉज़ इसके अंदर दो चीजें बड़ी खतरनाक हो रही हैं। तेल है या घी है साथ में मैदा है बहुत तेजी से आपका शुगर बढ़ा रही है। स्पाइक कर रही है। शुगर स्पाइक करने से इंसुलिन सेंसिटिविटी हो जाएगी। हम जब यह काम होता है तो आपका टेस्टोस्टरॉन बिगड़ जाता है। आपके ऊपर चर्बी आ जाती है। राइट? चर्बी आने की वजह से फिर आपका टेस्टोस्टरॉन ईस्ट्रोजन में कन्वर्ट हो जाता है। सबसे खतरनाक दूसरी चीज क्या है? फ्रेंच फ्र्राइ। फ्रेंच फ्र्राइ के अंदर दो चीजें हैं जो
(1:38:31) सबसे खतरनाक है। ऑयल एंड स्टार्च टुगेदर। जो साथ में तलने के बाद में एक ऐसा प्रोडक्ट बनाते हैं जो हाइली इन्फ्लमेटरी होता है। ओके। हम सी व्हाट वी आर ईटिंग टुडे इज इनफ्लमेटरी डाइट्स वेदर यू टेक अ बर्गर फ्रॉम अ फास्ट फूड वेदर यू टेक चिकन विंग्स फ्रॉम अस्ट फूड चाहे आप ठेले पे खड़े होकर चाऊमीन खा रहे हो चाहे आप ठेले पे खड़े होके छोले भटूरे खा रहे हो उसके अंदर का जो क्वालिटी ऑफ द ऑयल तेल और उसकी मैदा ये मिलके इनफ्लेमेशन करते हैं। आपने बोला कि इंडियन मील में इशू है। आई अंडरस्टैंड क्योंकि यहां पर वो ऑयल का कंसमशन घी का कंसमशन आप देखिए दोपहर को आप
(1:39:12) खाना खाते हैं तो दोपहर को कितनी तली हुई खाने खाते हैं कितने तले हुए खाने खाते हैं और देखिए एक जमाना था जब फुल्के के अंदर छानस नहीं निकाली जाती थी आटे में से छानस नहीं निकाली जाती थी अब तो मुझे लगता है मार्केट में मैदे की रोटियां बनती है। हां वो एक्चुअली टेक्सचर से ही पता चलता है कलर इतना ब्राइट और इतनी वाइट इतनी इस तरह की रोटी होती है कि वो देख के लगता ही नहीं है कि वो होल ग्रेन उसके अंदर है। उसके अंदर उसका जो फाइबर वाला पार्ट है वो है। बिल्कुल सही कह रही हैं। ये तो हमको थोड़ा सा खाना पे गौर फरमाना। और देखिए मैं मैं तो बहुत
(1:39:48) स्ट्रांग बिलीवर हूं। ये यंग एज से चालू होना चाहिए। क्योंकि बाद में आदत पड़ जाती है। अब्सोलुटली। अब छुटपन से क्या होता है? बच्चे के हाथ में छोटे बच्चे के हाथ में मोबाइल दे देते हैं कि ये रोएगा नहीं। थोड़ा बड़ा होता है तो फिर उसकी मम्मी कहती है कि तू एक काम कर तू चिप्स खा। अब ये एडिक्टिंग है। राइट? ये हाथ में आ जाएगा तो उस बच्चे के स्पर्म तो एक सेकेंडरी इशू है। बहुत सारी चीजें और भी बिगड़गी। ऑब्वियसली और फिर जब उसे आदत पड़ जाएगी तो इन्हीं कहानियों में फंसा रहेगा। अब्सोलुटली। मेन हु वांट टू इंप्रूव देयर स्पर्म क्वालिटी, टेस्टोस्टरॉन लेवल्स या
(1:40:20) फिर ओवरऑल सेक्सुअल हेल्थ को इंप्रूव करने के लिए किस तरह के सप्लीमेंट्स कंसीडर कर सकते हैं? लाइक अश्वगंधा, शिलाजीत या कौन से वो की विटामिंस हैं या फिर जिम सप्लीमेंट्स हैं? इनका क्या रोल है? क्या एडवांटेजेस हैं? और क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? अश्वगंधा एक ब्यूटीफुल इम्यूनोजेनिक है। जब तक मैंने इसे पढ़ा नहीं था ढंग से। जब तक मैंने समझा नहीं था, मुझे इसकी वैल्यू नहीं पता थी। देखिए अश्वगंधा इट ऑन योर न्यूरोलॉजिकल सिस्टम कम्स डाउन इट कम्स डाउन योर नर्वस सिस्टम डिक्रीसेस योर कॉर्टिसोल ओके इंक्रीसेस योर मेमोरी इंक्रीसेस योर मेंटल
(1:40:58) स्टेट इनू अ बेटर स्टेट एंड व्हाट इट डस इज व्हेन इट डिक्रीसेस कॉर्टिसोल टेस्टोस्टेरोन गोस अप इट गिव्स यू अ बेटर स्लीप सो अश्वगंधा इज मैजिकल फॉर मेन सिमिलरली फॉर फॉर वुमेन बिकॉज़ इट्स एन इमनोजेनिक इट लीव्स टू लेस इनफेक्शंस लेस स्ट्रेस एंड यू कैन इवन गिव अश्वगंधा टू यंग चिल्ड्रन इन स्कूल बिकॉज़ ऑफ द डिक्रीज इन स्ट्रेस इट इंक्रीसेस द मेमोरी ऑफ द चिल्ड्रन शिलाजीत यू डोंट गेट प्योर शिलाजीत बिकॉज़ शिलाजीत ओरिजिनली बहुत ऊंची पहाड़ियां जहां पश्मीना हुआ करता था शातुष होता था उन पहाड़ियों में एल्गी 200 साल पुरानी
(1:41:44) लग के इकट्ठी होके जो होती थी उसे शिलाजीत बोलते हैं। हम अब वो मिलती नहीं है। तो अगर आपको असली शिलाजीत मिले तो बहुत अच्छी बात है। बट वैसे शिलाजीत हर जगह मिल जाती है। देखिए जो चीज बहुत कम मिलती है वो हर जगह फैली होती है। तीसरी चीज बहुत सारी हर्ब्स चाइनीस मेडिसिन में भी हैं। बहुत सारी हर्ब्स इंडियन मेडिसिन में भी है। हम ये सारी हर्ब्स बहुत समय से चल रही हैं। अगर इन हर्ब्स में प्योर मिलती है और यह हर्ब कोई नुकसान नहीं देती है। तो इन्हें लेने में कोई नुकसान नहीं है। अब क्या नहीं लेना? अगर आप जिम में जाएंगे ना तो मर जाएंगे क्योंकि जिम के स्टेरॉइड्स
(1:42:24) आपके ग्लैंड्स को खराब कर देंगे। ओके? आप मर्द बनेंगे ग्लैंड से जिम की मसल से नहीं। जितना एनाबॉलिक स्टेरॉइड है, जितना टेस्टोस्टेरोन है, जितना यह प्रोटीन है, जिसमें टेस्टोस्टरॉन मिला हुआ है, इसने आफत और तबाही मचा दी है। जब भी मैं क्लनिक में होता हूं और मेरे सामने एक आता है आदमी अच्छी सी मसल बनी होती है। अपने को सलमान खान सा सोच रहा होता है। आप एक चीज नोटिस करोगे बाल थोड़े उड़े हुए होंगे उसके। आके बैठेगा और बैठते ही दो चीज कहता है। स्पर्म काउंट कराया था। यह निकला। जब आप खुद स्टेरॉइड्स बाहर से ले लोगे, आपका ब्रेन का एफएसएच एलएच
(1:43:00) डाउन होकर आपकी टेस्टिस टेस्टोस्टरॉन बनाना बंद कर देगी और जब आपका बॉडी बंद बनाना बंद कर देगा आपका स्पर्म काउंट डाउन हो जाएगा क्योंकि आपका इंट्रा टेस्टिकुलर टेस्टोस्टेरोन कम हो गया है आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो जाएगी पता नहीं आपने वो ऐड देखा था नहीं देखा था बचपन में एक फोर हैंड्स टूथपेस्ट होता था हमारा बहुत लोगों ने नहीं देखा उसका होता था बहुत तगड़ा आदमी आता था और एक हाथी आता था उसमें होता था इतना बड़ा शरीर और दांत दांत इतने कमजोर ये आता था वो ऐड लिटरली ये हालत है जिम में से प्रोटीन लिए हुए आदमी की इतनी बड़ी मसल
(1:43:39) और किसी काम का नहीं तो आप अगर जिम में हैं आप जिम में जा रहे हैं मेहरबानी करके इनमें से कोई भी चीज मत लीजिए। तो देखिए दो ऐसी चीजें हैं विटामिन ई और विटामिन सी जो एंटी एजिंग है। ये दोनों एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। अब एंटीऑक्सीडेंट समझिए क्या होता है? एंटीऑक्सीडेंट वो चीज होती है कि हमारा जो एजिंग हो रही है, हमारे जो सेल्स खराब हो रहे हैं, ये सारी चीजें खराब हो रही है ऑक्सीडेशन की वजह से। हम हम इसको रोकेंगे कैसे? एंटीऑक्सीडेंट से दो सबसे सस्ते एंटीऑक्सीडेंट है मार्केट में। विटामिन ई, फैट सॉलुबल, विटामिन सी, वाटर सॉलुबल।
(1:44:16) दोनों एंटी एजिंग का काम। दोनों एंटी एजिंग का काम करते हैं। यही आपके स्पर्म और अंडे को भी ठीक रखते हैं। और यही एंटी एजिंग चीज आपके सेक्सुअल लाइफ को ठीक रखती है। वो एंजाइम क्यों बहुत बढ़िया है? एक एंटीऑक्सीडेंट जो आजकल बहुत जाती है। और इसके साथ में ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स हम जो आपको फिश में मिलते हैं। ओके। वालनट्स में मिलते हैं। दो ऐसी चीजें हैं जो बहुत इंपॉर्टेंट है माइक्रोोनट्रिएंट्स में मेल के लिए। जिंक एंड सेलेनियम। ओके? ओके। नाउ ज़िंक यू गेट इन अ लॉट ऑफ़ ड्राई फ्रूट्स यू गेट अ लॉट ऑफ़ सेलेनियम इन ब्राजील नट्स एंड डिफरेंट नट्स।
(1:44:53) दिस इज वेरीेंट फॉर योर स्पर्म काउंट एंड योर सेक्सुअल वेल बीइंग। सो दिस इज व्हाट यू कैन टेक इन योर डाइट। ठीक है? दूसरा हमने आपने कहा था एक्सरसाइज। यहां पे मैं थोड़ा डिस्कस करना चाहती हूं कि किस तरह की एक्सरसाइज? क्या कार्डियो बहुत अच्छा है या एचआईआईटी इस तरह की एक्सरसाइज या फिर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जिम में जाना वेटलिफ्टिंग करना वो ज्यादा अच्छा है आपने योगा के बारे में भी बोला वो सब चीजें कौन सी एक्सरसाइज बेस्ट मानी जाती है स्पर्म हेल्थ के लिए या टेस्टोस्टरॉन लेवल्स के लिए देखिए स्पर्म हेल्थ के लिए बेस्ट इज रनिंग इन द मॉर्निंग और हाफ एन आवर वाकिंग व्हिच
(1:45:25) इज ग्रेट ओके योग इज वेरी गुड बिकॉज़ इट डिक्रीसेस एंजाइटटी प्राणायाम या आप योग करते हैं कोई राइट फॉर टेस्टोस्टेरोन वेट ट्रेनिंग एंड स्लाइटली इंटेंसिव वर्कआउट इन अ जिम इज वेरी गुड फॉर टेस्टोस्टरॉन बट इन एनी वे एनी मूवमेंट व्हिच यू डू या एनी एक्सरसाइजज़ व्हिच यू डू विल बी वेरी गुड फॉर योर टेस्टोस्टरॉन एंड स्पर्म बट टू इंक्रीस टेस्टोस्टेरोन पर्टिकुलरली इट हैज़ टू बी अ मसल ट्रेनिंग। सो आई पर्सनली फील दैट व्हाटएवर सूट्स यू व्हाटएवर यू कैन डू रेगुलरली इसके बारे में भी बहुत डिस्कशन होती है या फिर यह हमेशा क्वेश्चन में रहता है पिनाइल
(1:46:01) लेंथ तो क्याेंस है पिनाइल लेंथ की कितना होना चाहिए कब व्हेन इज द टाइम व्हेन अ मैन शुड रियली बी वरिड अबाउट इट हिंदुस्तान की सबसे बड़ी परेशानी पिनाइल लेंथ है आदमी सोचता है उसकी टोटल मदानगी या उसका स्टेटस पिनाइल लेंथ पे है। सबसे पहले जब पेशेंट्स को एग्जामिन करता हूं तो कहते हैं डॉक्टर साहब छोटा है ना? अच्छा तो उनको ये बताना पड़ता है भैया एक बात सुनो इफ ऑन इरेक्शंस 3 1 इंच से बड़ा है तो छोटा नहीं है। अब हम आते हैं पिनाइल लेंथ पे अक्रॉस द वर्ल्ड। हम्म। सो अक्रॉस द वर्ल्ड इट्स अ डिफरेंट स्टोरी। एव्री जेनेटिक स्टोरी हैज़ अ
(1:46:38) डिफरेंट साइज। जस्ट लाइक अ आवर हाइट, कलर। लाइक आवर हाइट एंड कलर। जस्ट लाइक आवर हाइट एंड कलर। यस। सो व्हेन यू कम टू एन इंडियन साइज एन इंडियन साइज अबाउट 4.5 टू 55 इंचेस एज एन इरेक्शन इज़ अबब्सोलुटली नॉर्मल दिस इज़ व्हाट इट नॉर्मली इज एंड इफ यू कंसीडर इट एज़ इक्विवेलेंट टू दी वजाइनल लेंथ ऑफ एन इंडियन वूमन इट इज़ अ परफेक्ट फिट इन फैक्ट दैट सैटिस्फैक्शन एंड सेक्स इज़ नॉट ऑन द लेंथ इट इज़ ऑन द क्वालिटी ऑफ़ दी सेक्स हम्म एंड द क्वालिटी ऑफ़ दी सेक्स एंड परफॉर्म परफेंस डिपेंड्स नॉट ऑन द पिनाइल लेंथ इट प्रोब्ली डिपेंड्स ऑन योर टेक्निक योर फोर
(1:47:20) प्ले द इंटिमेसी व्हिच यू हैव एंड व्हाट यू एक्चुअली बिलीव इज व्हाट यू नीड टू हैव अगर आप अपने आप से खुश नहीं होंगे कि मेरी पिलाइन लैंग ठीक है तो अपने पार्टनर को खुश कहां से करोगे बरखुरदार इसलिए जरूरी है सबसे पहले अपने आप को देख के कहना आई एम परफेक्ट हम मोर देन 3.5 खुश हो जाओ खामखा में अपना दिमाग खराब मत करो सच कह रहा हूं। मेरी बात को फॉलो कर लो। सो अगेन इट्स समथिंग व्हिच इज इन योर ओन हेड। इट्स इन योर ओन हेड। एंड इस चक्कर में होता क्या है? मेरे बॉस कहा करते थे जिस बीमारी का इलाज दवा से नहीं होता उसकी दवा बहुत सारी होती है।
(1:47:57) वेरी ट्रू। पिनाइल लुंगफ पे इतनी सारी क्रीमें, इतने सारे स्प्रे, इतने सारे ऑइल्स, दुनिया भर की चीजें हैं। और फिर वही कहानी या तो जानवरों के नाम पे होती है या सोने चांदी के नाम पे होती है। तो आदमी के दिमाग में फंसा हुआ है कि यही करना चाहूंगा मैं। तो इसलिए मेहरबानी करके ये समझ लो आप जैसे हो वैसे ठीक हो। इसकी कोई नहीं है। कुछ सर्जरी होती है लेकिन वो सर्जरी बहुत डेंजरस होती है। वो अगर जरूरत होानी है। बड़ी जरूरी चीज है ये। बड़ी जरूरी चीज है ये। क्योंकि 90% हिंदुस्तानी आदमी तो नहीं कहूंगा लेकिन मैं डेफिनेटली कहूंगा 50% हिंदुस्तानी
(1:48:35) आदमी इससे सफर करता है। आई थिंक मैन रियली नीड टू अंडरस्टैंड दैट द रियल मैनहुड और मैस्कुलाैनिटी लाइज इन हाउ सॉफ्ट यू आर एंड है ना। अब्सोलुटली। अब्सोलुटली इनफैक्ट इफ आई टॉक अबाउट दिस ऑफ व्हाट अ मैन इज मैन इज एम ए एन सो मैन इज अ मैन हुज माइंड स्ट्रेस फ्री हु हैज़ नो शेम जो आदमी अपने पार्टनर की केयर कर सके हम वो उसका एम होता है ए होता है एंड्रोजन टेस्टोस्टरॉन जिसका अच्छा हो जो खुश हो वाइटलिटी में हो हम
(1:49:20) और उस वाइटालिटी में जो जो उसके साथ हो हम सवाल उसकी वुमन का नहीं है उसके पूरे रिलेशंस जितने हो उनके लिए खड़ा हो हम और एन का मतलब नर्चर जो इंसान अपने चारों ओर खड़ा होके हम जिंदगी में और लोगों को नर्चर करके और मोहब्बत की खुराक दे सके। व्हाट अ रियल डेफिनेशन। बहुत वै ट्रू वेरी ट्रू नाइस तो सर हमने आई थिंक ऑलमोस्ट सब कुछ डिस्कस किया मैं लास्ट बट डेफिनेटली नॉट द लीस्ट बहुत ही एक इंपॉर्टेंट बारे में डिस्कस करना चाहती हूं आपके हिसाब से व्हेन शुड कपल्स स्टॉप ट्राइंग नेचुरली मतलब आईवीएफ के बारे में मैं जानना चाह रही हूं कि कब
(1:50:07) आपको लगता है कि हां आपने अपनी तरफ से बहुत एफर्ट्स कर लिए बट अब अगर यहां इस स्टेज तक आ गए हैं और अभी तक आप नेचुरली कंसीव नहीं कर पा रहे हैं तो अब आपको टेस्ट और आईवीएफ की तरफ जाना चाहिए। कैसे पता चलता है वो? मैं ना ये पूरी चीज को यहां क्लेरिफाई करता हूं। हां जी। और ऐसा क्लेरिफाई करूंगा बेसिक भाषा में कि मजा आ जाना चाहिए। बिल्कुल। अगर आपकी शादी को 6 महीने के ऊपर हो गए और आपकी उम्र 30 या 35 साल से ऊपर है। ओके। तो डॉक्टर के पास जाके अपना टेस्ट कराइए। मैं नहीं कह रहा WHO कहता है हम और अगर आप 30 साल से कम हैं या 35 साल से
(1:50:42) कम है तो एक साल अगर आपने नेचुरली ट्राई कर लिया और बेबी नहीं हो रहा तो डॉक्टर के पास में जाके जांच कराइए ओके दोनों को जाना है मैन एंड वुमेन को टेस्ट क्या-क्या करेंगे आदमी को तो सिंपल सा एक टेस्ट देना है जो कभी नहीं देता सीमन एनालिसिस सीमन एनालिसिस ओके वुमेन को वुमेन के पूरे सिस्टम के अंदर तीन चीजें टेस्ट होनी है। पहली चीज टेस्ट होनी है कि उसका एग बन रहा है या नहीं बन रहा है। उसके लिए दो सिंपल चीजें हैं। एक हॉर्मोन के कुछ टेस्ट होने हैं ब्लड के और एक उसका ओवुलेशन स्टडी हो के देखना है कि आप एग बना रहे हो या नहीं बना
(1:51:14) रहे हो। दूसरी चीज हमें ये देखनी है दोनों ट्यूब्स खुली हुई है या नहीं है। हम जिसके लिए एक टेस्ट होना है एचएसजी सिंपल सा टेस्ट है। बहुत औरतें घबराती है। कहती है भाई साहब इसमें दर्द बहुत होता है। वो इसलिए क्योंकि एक औरत को अगर दर्द हो जाए और वो शोर मचा दे फिर सब जाने से डरती हैं। इतना दर्द नहीं होता अगर अच्छी जगह पे किया गया हो तो। तीसरा टेस्ट होना है आपके यूट्रस के अंदर की लाइनिंग जिसके अंदर बेबी को बैठना है वह लाइनिंग अंदर कैसी है ओके और यूट्रस की दीवार में कोई विकार तो नहीं है जो अल्ट्रासाउंड से होना है तो आपके ब्लड का टेस्ट होना है हॉर्मोनस
(1:51:46) का एक आपका अल्ट्रासाउंड होना है एक आपका ट्यूब टेस्ट होना है इतने सिंपल टेस्ट को करने के बाद में 90% लोगों में ये समझ में आ जाएगा कि आपकी प्रॉब्लम क्या है। इसके बाद में अगर आप नेचुरली आपकी ट्यूब्स खुली हुई है तो आप नेचुरली ट्राई कर सकते हैं। स्पर्म्स हैं, एग्स हैं, ट्यूब में कोई इशू नहीं है तो नेचुरल नेचुरली ट्राई करना है। कुछ मेडिसिन दे सकते हैं अंडा बनाने की ओरली वो लेके नेचुरली ट्राई कर सकते हैं। इसके बाद अगली स्टेज आती है कि अगर आपके फिर भी बेबी नहीं हो रहा और आपकी ट्यूब खुली हुई है। हम हम तो आप आईयूआई प्लान कर सकते हैं। अगर आपका
(1:52:22) सीमन काउंट ठीक है। अगर आप एग बना रहे हो और अगर आपकी ट्यूब खुली हुई है। आईयूआई में क्या करते हैं? वाश करते हैं सीमन को। वाश करने के बाद में कंसंट्रेट करते हैं सीमन को। इंजेक्शन या दवाइयां देके अंडे बनाते हैं। जिस दिन अंडा रप्चर होता है, ओके? उस दिन स्पर्म्स को अंडों के पास छोड़ देते हैं। तो प्रेगनेंसी का चांस तीन गुना बढ़ जाता है नेचुरल के आसपास। ओके? पर अगर आईयूआई से प्रेगनेंसी नहीं होती। हम एज ज्यादा है, अंडे कम है। हम हम ट्यूब बंद है। अंदर की लाइनिंग में प्रॉब्लम है। यूट्रस में कुछ विकार है जो ठीक पहले करना है।
(1:52:56) ओके। तो यह पेशेंट्स आईवीएफ के तरफ को जाते हैं। अब आईवीएफ की स्टोरी आपको बताता हूं। आईवीएफ की सक्सेस आईवीएफ मोतीचूर का लड्डू नहीं है। कि आप गए मोतीचूर के लड्डू की तरह ले आए हल्दीराम का खाऊं या बनारसी का खाऊं। ऐसा नहीं है। हम आईवीएफ की सक्सेस दो चीजों पे डिपेंडेंट है। नंबर वन एज ऑफ द वुमन। ओके। जितनी ज्यादा एज होगी उतने कम अंडे होंगे। उतनी पुअर क्वालिटी के अंडे होंगे। उतना पुअर बच्चा बनेगा उतना कम चिपकेगा और उतना कम सक्सेस होगा। डाटा ऑफ स्टैटिस्टिक्स बहुत सिंपल सी बात कहता है कि अगर आप 30 साल से कम हैं हम और आपको बहुत ज्यादा मेजर कोई बीमारी नहीं
(1:53:31) है तो आपकी आईवीएफ की सक्सेस 40 टू 50% हो सकती है। ओके? लेकिन जब आप 40 साल के हो जाते हैं तो आपका आईवीएफ अगर आप ही के एक्स से किया जा रहा है तो आपकी सक्सेस 5 टू 10% रहती है। बस इस मोमेंट पे सबसे दो चीजें कहूंगा मैं। नंबर वन टाइम रहते जल्दी बच्चा कर लो। करियर के चक्कर में जितने पैसे कमाए हैं हम वह आईवीएफ में खर्चा ना करके अपने आप कर लेते। दूसरा 6 महीने हुए हैं या साल भर हुआ है फौरन ढूंढवा लो क्या प्रॉब्लम है क्योंकि छोटी सी प्रॉब्लम इसको ठीक कर सकती थी। आपको एक ना छोटी सी स्टोरी क्या एक हकीकत हमारे साथ गुजरी। तो देयर इज़ अ
(1:54:08) दिस पेशेंट हु केम शी एंटर्ड एंड सेड कि 34 साल उम्र थी। ओके। कभी पीरियड नहीं हुए थे। अच्छा कभी पीरियड नहीं हुए थे। शी सेड मुझे बच्चा चाहिए। ओके। बहुत मोटी फाइल थी। सम हाउ फ्ट कि इसके जो ये प्रॉब्लम है इसके लिए इसका कैरियोटाइपिंग कराते हैं। तो लिख के भेजा उसके नाम के साथ में फीमेल तो वहां से फोन आया जो जेनेटिक लैब थी। उन्होंने फोन करके कहा कि आपने फीमेल लिख के भेजा ये मेल का सैंपल है। तो हमने दोबारा सैंपल भेजा। दोबारा सैंपल मेल आया। तो जब हमने स्टडी किया तो हमने रियलाइज किया उसे एक प्रॉब्लम थी। वो एक्चुअली आदमी थी। मां के
(1:54:46) पेट में जब थी तो जो डिफॉल्ट ऑर्गन्स बनते हैं एक छोटा सा यूट्रस हम और एक वाइना वो तब्दील नहीं हुआ था मेल जेनिटेलिया में तब्दील नहीं हुआ था मेल जेनिटेलिया में तो शी वाज़ ब्रॉट अप जब वो पैदा हुई वाइना के साथ में ही वाज़ ब्रॉट अप एज अ फीमेल एंड गॉट मैरिड बिकॉज़ ही हैड अ वाइना एंड नेवर हैड पीरियड्स तो मुझे अब तक याद है क्लनिक में मैंने बुलवाया इसके हम हस्बैंड वाइफ को बुलवाया साथ में एक और थे तो मैंने कहा देखो अनुवांशिक रूप पे यह एक पुरुष है और आप इन्हें रखना साथ में और आप बच्चे को गोद ले लो तो मेरी तरफ मुड़ के हस्बैंड 2 मिनट के
(1:55:28) लिए चुप रहा हम चुप रह के दो मिनट बाद पता है मुझसे क्या बोले डॉक्टर साहब ये आदमी हो या औरत मैं इन्हें प्यार करता हूं माय गॉड क्या आप मुझे इनसे एक बच्चा दे सकते हो सो वी जस्ट गॉट ऑन टू दिस जॉब इट इट टूक अबाउट फाइव मंथ्स हॉर्मोनस देके आपने यूट्रस को बड़ा किया। उसकी लाइनिंग बनी। शी हैड पीरियड्स फॉर द फर्स्ट टाइम इन अ लाइफ। हम व्हेन वी ब्रोक द एंडोमेट्रियम बाय गिविंग अ हॉर्मोन एंड वी टोल्ड आई टोल्ड हर अब मैं तुम्हें रेगुलर दवा देंगे। अब तुम्हारे पीरियड आते रहेंगे। तुम औरत हो गई हो। तुम जाओ। शी सेड नहीं बच्चा तो मैं लेके जाऊंगी। देन हमने पहला एक्स उसका
(1:56:06) किया। अंडे बाहर से लिए। अंडे तो बना नहीं सकती थी। उसका यूट्रस डेवलप किया। हस्बैंड के स्पर्म लिए बेबी बना के रखा। वो प्रेग्नेंट नहीं हुई। शी केम टू मी एंड आई स्टिल रिमेंबर शी सेड मेरे बच्चा तो नहीं हुआ एंड मेरा जवाब मुझे आज तक याद है। मैंने कहा देखो मुझे नहीं पता तुम्हारे बेबी होगा भी या नहीं होगा। सेकंड टाइम वी वेंट वंस अगेन गॉट इंटू इट इंटू द होल स्टोरी एंड शी बिकम प्रेग्नेंट शी बिकम प्रेग्नेंट बट द प्रॉब्लम स्टार्टेड देयर इट वाज़ अ मेल बॉडी व्हिच डस नॉट मेक एनी हॉर्मोन। आई आई वांटेड टू आस्क दैट कि सिर्फ यूट्रस
(1:56:38) इज़ नॉट द ओनली थिंग टू मेक अ बेबी। यस। सो वी सब्स्टट्यूटेड एव्री हॉर्मोन व्हिच अ वुमन नीडेड टू हर एंड यू नो द क्रेजी थिंग व्हिच हैपेंड अबाउट द फोर्थ मंथ और फिफ्थ मंथ शी डेवलप्ड रेड लेग्स हाइपरटेंशन ब्लड प्रेशर इनफैक्ट एक मोमेंट के लिए तो हमें लगा कि कहीं गलत तो नहीं किया हम बट फाइनली शी गव बर्थ टू अ बॉय एंड अ गर्ल बट यू नो द ब्यूटी ऑफ़ द होल थिंग इज शी टॉट मी टू थिंग्स हम नंबर वन लव इज एक्सेप्टिंग हम एंड लव हैज़ नो सेक्स। इट हैज़ नो बाउंड्रीज ऑफ हु यू आर। राइट? सो फ्रॉम दैट डे आई बिकम वेरी रिस्पेक्टफुल टुवर्ड्स एनी आइडेंटिटी अ
(1:57:20) ह्यूमन बीइंग टूक। राइट? एंड द सेकंड इम्पोर्टेन्ट थिंग इज इफ शी कैन हैव अ बेबी। एनीबडी कैन हैव अ बेबी। दैट्स द ब्यूटी अबाउट असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी। बट द ब्यूटी इज यू नो व्हाट? हम्म। इट इज सपोर्टिंग अ नेचुरल प्रोसेस। हम इट इज जस्ट अ सपोर्ट फॉर अ नेचुरल प्रोसेस। मैं तभी कहता हूं आईवीएफ मोतीचूर का लड्डू नहीं है। आपके अंडे अलग होते हैं। आपकी डिजीज अलग होती है। आपका स्पर्म अलग होता है। बट द ट्रुथ रिमेंस टू बी एबल टू गिव अ पर्सन देयर ओन बेबी। या इज मैजिकल। इफ यू हैव अ बेबी, द बेबी बिकम्स अ पेन इन द नेक, बट इफ यू डोंट हैव अ बेबी, अ बेबी इज़ अ
(1:58:02) पेन इन दी हार्ट। हम इट्स सो ब्यूटीफुल अबाउट चिल्ड्रन सो व्हेन यू आस्क पेन एंड नेक इज बेटर देन पेन एंड हार्ट सो दिस इज व्हाट आईवीएफ इज एंड ऑल ऑल रिस्पेक्ट टू डॉक्टर्स लाइक यू हु बेसिकली एक्ट एस अ कैटलिस्ट एंड हेल्प दीज़ कपल्स अचीव हाउ ओल्ड इज़ आईवीएफ लाइक हाउ ओल्ड इज़ दिस जी सो दिस इज़ आल्सो वैरी इंटरेस्टिंग द फर्स्ट आईवीएफ बेबी इन इन द वर्ल्ड या वाज़ बोर्न ऑन 25th ऑफ़ जुलाई 1978 1978 ओके लुई ब्राउन ओके शी आल्सो हैज़ चिल्ड्रन नाउ ओके
(1:58:45) शी आल्सो हैज़ अ बेबी ओके नाउ द ब्यूटी अबाउट हाउ दे वर बोर्न इज द क्रेजीएस्ट स्टोरी ऑन अर्थ टू क्रेजी साइंटिस्ट स्टेप टू एंड एडवर्ड्स डिसाइडेड दे वुड लाइक टू मेक लाइफ आउटसाइड दी बॉडी टू गिव चिल्ड्रन टू पीपल हु डोंट हैव चिल्ड्रन ओके पुट दिस प्रपोजल इन इंग्लैंड इट वास थॉट दैट प्रोबेब्ली द पार्लियामेंट एंड द चर्च मे स्टॉप इट हाउ कैन अ बेबी बी बोर्न आउटसाइड दे सम हाउ अग्रीड हम्म स्टेप्टो एंड एडवर्ड्स टूक वालंटियर्स दे वेंट ऑन वेंट ऑन वेंट ऑन वेंट ऑन टिल द टाइम फाइनली हम्म हम्म लुई ब्राउस मदर गॉट प्रेग्नेंट ओह ओके सो शी इज़ द वन हु गॉट ही द फर्स्ट
(1:59:30) बेबी या ओके एट इन 1970 द फर्स्ट बेबी वास बोर्न ओके एंड वेयर वास इट दिस इज इंग्लैंड इंग्लैंड इंग्लैंड बोर्न होल्ड क्लीनिक ओके बट द ब्यूटी इज आफ्टर दैट दे गॉट दिस टेक्नोलॉजी टू एवरीबडी इन द वर्ल्ड दैट टुडे इवन इन अ कंट्री लाइक इंडिया इन अ स्माल सिटी पीपल हु डोंट हैव चिल्ड्रन कैन हैव चिल्ड्रन एंड अ मिलियन बेबीज प्रोबब्ली मस्ट हैव बीन बोर्न बाय नाउ दिस इज द ब्यूटी ऑफ दिस टेक्नोलॉजी और आपको इसमें एक दूसरा एंड बताऊं उसी टाइम पे एक इंडियन साइंटिस्ट थे सुभाष मुखोपाध्याय ही हैड नो बिग लैब ओके ही वास एन इंडियन वि ग्रिट ही डड एवरीथिंग
(2:00:09) टू गिव द फर्स्ट टेस्ट ट्यूब बेबी इन इंडिया अ ईयर आफ्टर दैट और प्रोब्ली क्लोज टू दैट हम विथ नॉट मच सपोर्ट एट ऑल फ्रॉम एनीबडी दैट चाइल्ड इज कनुप्रिया हर नेम इज दुर्गा ओके बट दिस मैन वास ऑस्ट्रोसाइज्ड बाय सोसाइटी बाय द गवर्नमेंट बाय एवरीबडी ही कमिटेड सुसाइड बिकॉज़ ऑफ़ दैट। सो द फर्स्ट टेस्ट ट्यूब बेबी इन इंडिया वास बोर्न वै क्लोज टू द फर्स्ट टेस्ट ट्यूब बेबी इन इंग्लैंड। द नेम द नेम ओवर देयर वास लुई ब्राउन। द नेम ओवर प्रिय इज कनुप्रिया अग्रवाल और दुर्गा। दे आर सेलिब्रेटेड दे गॉट अ नोबेल प्राइज। सुभाष कमिटेड यू साइन बट स्टिल एट द एंड
(2:00:55) ऑफ इट एवरीबडी रिकॉग्नाइज दिस। जब भी साइंस का हम या किसी भी नए कांसेप्ट का इजाद होता है, लोगों के लिए उसे एक्सेप्ट करना बड़ा मुश्किल होता है। जबकि वो एक चीज शायद इस दुनिया को बदलते हैं। यह कहानी है पहले टेस्ट ट्यूब बेबी की। सच अ ब्यूटीफुल आई वुड से क्या ही इन्वेंशन थी। क्या ही क्या इन्वेंशन थी। दैट इज व्हाई आई ऑलवेज से मेडिसिन इज द मोस्ट ब्यूटीफुल थिंग टू बी इन बिकॉज़ यू कैन बी क्लोजेस्ट टू व्हाट प्रोबेब्ली लाइफ वाज़ एवर मेड। वै ट्रू आई कांट आय कांट अग्री मोर टू व्हाट यू जस्ट सेड मी। दैट्स व्हाट प्रोब्ली फ्रीडम जॉय एंड पीस टू एवरीवन लिसनिंग टू
(2:01:36) दिस पॉडकास्ट। थोड़ा क्लोज करते हुए एक इंटरेस्टिंग सा रैपिड फायर करते हैं। हां जी। सो, आई विल जस्ट से अ फ्यू स्टेटमेंट्स एंड आई आई वांट यू टू टेल अस वेदर इट्स अ मिथ ऑर फैक्ट। सो दैट एक आई ओपनर की तरह लोगों को कुछ चीजें मिलेंगी यहां से। नॉर्मल टेस्टोस्टरॉन लेवल्स ऑटोमेटिकली मीन हेल्थी स्पर्म। नो, इट्स अ मिथ। टेस्टोस्टरॉन सेपरेट एंड स्पर्म इज़ सेप्रेट। टेस्टोस्टेरॉन अफेक्ट्स द स्पर्म। बट नॉर्मल टेस्टोस्टरॉन डेफिनेटली डस नॉट मीन दैट स्पर्म गोइंग टू बुब्सलली फाइन। क्रोनिक स्ट्रेस कैन डैमेज स्पर्म क्वालिटी इवन व्हेन योर मेडिकल रिपोर्ट्स लुक नॉर्मल।
(2:02:11) अब्सोलुटली। क्रॉनिक स्ट्रेस लीड्स टू स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन। व्हेनएवर यू आर इन क्रॉनिक स्ट्रेस, देयर इज़ अ लॉट ऑफ़ ऑक्सीडेशन व्हिच टेक्स प्लेस ऑफ़ दिस स्पर्म एंड बिकॉज़ ऑफ़ दिस स्पर्म का काउंट तो नॉर्मल है पर उसका डीएनए खराब है। डीएनए खराब है। द क्वालिटी ऑफ़ स्पर्म गेट्स डैमेज। गेट्स डैमेज्ड। हम्म। मोस्ट मैन विद फर्टिलिटी इश्यूज फील कंप्लीटली हेल्दी एंड हैव नो ऑब्वियस फिजिकल सिम्टम्स। मे हैपन इन मोस्ट ऑफ द मेन। दिस इज़ ट्रू। अ लॉट ऑफ़ पीपल हू आर अब्सोलुटली फाइन। देयर सो मेनी पेशेंट्स हू कम टू अस। अब्सोलुटली फिजिकली हेल्दी।
(2:02:41) Instagram ब्यूटीफुली डूइंग वेल। कॉर्पोरेट मैनेजर्स एंड द मोमेंट दे कम टू एंड दे गिव अ सीमन सैंपल इट इज़ पुअर। सो दे लुक अब्सोलुटली नार्मल। लगर पीरियड्स ऑफ सेक्सुअल एब्सिनेंस ऑलवेज लीड टू बेटर स्पर्म क्वालिटी। नो नॉट एट आल। यू नीड एन एब्सिस्टेंस ऑफ़ थ्री टू सेवन डेज। लगर एब्सिनेंस डस नॉट लीड टू अ बेटर सीमन क्वालिटी एट ऑल। इनफैक्टिस मतलब उसके रुके रहने से ज्यादा डैमेज हो जाता है। सो नो लॉन्गर अब्सनेंस ah नॉट इवन शॉर्टर। सो थ्री टू सेवन सेवन डेज। सेवन डेज़ इज़ द आइडियल टाइम। इज़ द आइडियल टाइम। ओके। इफ यू इफ यू हैव टू गिव योर सैंपल ओर
(2:03:20) इफ यू आर ट्राइंग टू कंसीव थ्री टू सेवन डेज इज़ द गैप दैट यू वांट टू कीप। इज़ अब्सोल्युटली फाइन। ओके ग्रेट। मेल एज हैज़ लिटिल टू नो इंपैक्ट ऑन फर्टिलिटी आउटकम्स। ये बड़ी अजीब सी चीज है। पता है क्यों? आदमी सोचता है कि मर्द तो हमेशा मर्द रहता है। पर कहानी ऐसी है नहीं। ओके। एज यू एज हम योर स्पर्म काउंट मे गो डाउन एंड इवन इफ इट डजंट गो डाउन द स्पर्म डीएनए चेंजेस सो देयर इज़ एन एजिंग ऑफ द स्पर्म क्वालिटी ओके इट मे नॉट एज लाइक अ वुमस एग औरत के अंडे की तरह जरूरी नहीं कि वो एज करे लेकिन फिर भी एजिंग होती है। एजिंग होती है व्हिच अफेक्ट्स
(2:03:56) व्हिच अफेक्ट्स एंड तभी वो क्या होता है कि बेबी के अंदर कंजनाइटल डिफेक्ट्स एज्ड एग और एज स्पर्म के ज्यादा होते हैं। ये भी आपको समझना है। एंड इनफैक्ट एक बड़ी अजीब सी स्टडी है। वह स्टडी एपिजेनेटिक्स है। पे एपिजेनेटिक्स का मतलब कि दोज़ थिंग्स व्हिच हैपन इन जेनेटिक्स व्हिच आर नॉट सीन क्लियरली जींस लेवल पे जो जींस लेवल पे एंड दिस मे टेक प्लेस इन द थर्ड जनरेशन। ओके। फूड टेस्टोस्टेरॉन एंड सो मेनी अदर थिंग्स मे अफेक्ट यू एपिजेनेटिकली कि आपको तो प्रॉब्लम नहीं होगी। आपकी नेक्स्ट जनरेशन में नहीं होगी। पर वो जीन में इतनी छोटी प्रॉब्लम होगी कि
(2:04:31) थर्ड जनरेशन में हो जाएगी। सो दिस इज़ द ब्यूटी अबाउट दी एपिजेट। तो जो आप आज खा रहे हैं, जो आप आज पी रहे हैं, जो आप हंस रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं, उसको ठीक से कर लीजिए। आपके पोते में प्रॉब्लम हो सकती है। सप्लीमेंट्स अलोन कैन फिक्स मोस्ट मेल फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स। नो सप्लीमेंट इज अ स्मॉल पिक्चर ऑफ़ एवरीथिंग। हम द फिक्सेशन ऑफ़ मेल फर्टिलिटी इज नॉट प्राइमरीली बाय सप्लीमेंट्स। हम्म समथिंग व्हिच हेल्प्स फिनोमिनली इज लाइफस्टाइल एंड डाइट एक्सरसाइज एंड सप्लीमेंट्स गिव गिव अ स्माल बूस्ट टू दैट एस्पेशली इन एियोपैथिक जिसमें मालूम
(2:05:07) नहीं चल रहा क्या रीज़न है मेल इनफर्टिलिटी सो जस्ट अ सपोर्टिंग रोल दे प्ले अदरवाइज मेजरली लाइफस्टाइल डाइट एक्सरसाइज एवरीथिंग अब्सोलुटली बीइंग फिजिकली फिट एंड वर्किंग आउट रेगुलरली गारंटीस गुड स्पर्म हेल्थ बिल्कुल भी नहीं बिल्कुल भी नहीं स्पर्म एक अलग कहानी कहानी है। मतलब मैं हमेशा कहता हूं ना मरीजों से मैं कहता हूं मेरठ में बारिश होने से हापुड़ में बाढ़ नहीं आती। तो अगर आप सोच रहे हैं कि आप बिल्कुल फिट हैं तो ये मत सोचिए कि कहानी दूसरी जगह बिल्कुल ठीक होगी। आईवीएफ कंप्लीटली बायपासेस मेल फर्टिलिटी इशज़। नो नाउ दिस इज़ वेरी इंटरेस्टिंग क्वेश्चन।
(2:05:44) देखिए ऐसा होता है मेल फर्टिलिटी इज़ अब्सोलुटली डिफरेंट। फीमेल फर्टिलिटी इज़ अब्सोलुटली डिफरेंट। देखिए आईवीएफ की क्या प्रॉब्लम है? आईवीएफ की प्रॉब्लम ये है कि आपको एक पर्टिकुलर अमाउंट ऑफ स्पर्म्स चाहिए। हम आप एग में स्पर्म्स को मिक्स कर रहे हैं। मिक्स करने के बाद में एक्सपेक्ट कर रहे हैं उसकी फर्टिलाइजेशन अपने आप होगी। लेकिन अगर स्पर्म्स कम है तो फर्टिलाइजेशन नहीं होगी। उसके बाद में आया इी इन प्लस साइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन। साइंटिस्ट ने ये सोचा कि मिलाने से नहीं जा रहा तो क्या करें? तो उन्होंने एक स्पर्म को उठा के और एग
(2:06:14) में प्रवेशित कराया। नाउ इ्सी के लिए ऑल दैट यू नीड इज़ वन स्पर्म बट द इशू इज इफ दी स्पर्म क्वालिटी इज डाउन इवन विद इ्सी। हां हां फर्टिलाइजेशन एंड बेबी होने का चांस कम होगा। तो अच्छा स्पर्म डीएनए का होना जरूरी है। है इन ऑल द केसेस इन ऑल द केसेस वेदर यू आर ट्राइंग नेचुरली गोइंग फॉर आईवीएफ आईआईवी एवरीथिंग आपका सक्सेस किस चीज पे डिपेंडेंट है आईवीएफ में तीन चीजों पे। नंबर एक क्वालिटी ऑफ़ द एम्ब्रियो क्वालिटी ऑफ़ द एम्ब्रियो किस पे डिपेंडेंट है? क्वालिटी ऑफ़ द एग एंड क्वालिटी ऑफ़ द स्पर्म। बोथ राइट। नंबर दो, एंडोमेट्रियम जो उसे चिपकाएगी,
(2:06:48) हम उसकी क्वालिटी और तीसरा भगवान का हाथ होना चाहिए। इसलिए अच्छे कर्म होने भी जरूरी है। बहुत डिलेइंग मेल फर्टिलिटी इवैल्यूएशन इज वन ऑफ द मोस्ट कॉमन मिस्टेक कपल्स मेक। मोस्ट कॉमन मोस्ट कॉमन मोस्ट कॉमन आई रिपीट अगेन रीज़न इज द मैन डस नॉट गेट हिमसेल्फ टेस्टेड। वुमेन के 12 14 टेस्ट होने होते हैं। मैन का सिर्फ एक टेस्ट होना होता है। 12 14 हो चुके होते हैं। बहुत टाइम बीत चुका होता है। और उसमें भी कोई आपका कोई आपको इंजेक्शन नहीं लगना। कोई ब्लड सैंपल कुछ नहीं करना। जस्ट हैव टू गो एंड आराम से जाके एक सैंपल देना है। राइट? उसमें भी बहुत दिक्कत होती है।
(2:07:23) हम ग्रेट इट वास वेरी वेरीरी इंटरेस्टिंग सर। बट बिफोर वी से गुड बाय इन द एंड वन मैसेज फॉर ऑल इंडियन मैन वाचिंग दिस। मदानगी शो नहीं मचाती। मैस्कुलेनिटी शो नहीं मचाती। जिम्मेदारी लेती है। अपने आप की अपने परिवार की और अपने फ्यूचर की। जिम्मेदारी लीजिए। घबराइएगा नहीं। जिंदगी में बहुत सारी चीजें आती हैं लेकिन सब चली जाती हैं। आपकी समस्या ऐसी नहीं है कि सॉल्व ना हो। आज के दिन में आप बिल्कुल वैसा ही जी सकते हैं जैसा आपने सोचा था अपनी जिंदगी बनाने के लिए। अमेजिंग सो गुड। सो गुड। एंड जस्ट लाइक द एंटायर कन्वर्सेशन द क्लोजिंग वाज़
(2:08:05) वेरी-वेरी ब्यूटीफुल। और थैंक यू सो मच फॉर एम्पॉवरिंग अस विद ऑल द नॉलेज एंड बस्टिंग ऑल द मिथ्स। फर्स्ट ऑफ ऑल क्योंकि ये मेन एंड सेक्सुअल हेल्थ को लेकर बहुत बहुत बहुत सारी कंफ्यूजनंस हैं। बहुत सारे मिथ्स हैं जो आई थिंक आई रियली रियली होप आज हमारी ऑडियंस के भी क्लियर हुए होंगे। एंड एज आई सेड प्लीज प्लीज फॉरवर्ड दिस वीडियो टू एज मेनी पीपल एज पॉसिबल क्योंकि ये नॉलेज अगर हर जगह नहीं मिलती बट बहुत ज्यादा जरूरत है। सो थैंक यू सो मच डॉक्टर वंस अगेन इट वाज़ अ प्लेजर हैविंग यू ऑन द शो। थैंक यू वेरी मच। इट वाज़ अ प्लेजर हैविंग
(2:08:39) यू एस अ होस्ट। थैंक यू। दैट मींस अ लॉट। थैंक यू सो मच।

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