Tuesday, March 31, 2026

This Can Fix All Your Life’s Problems | Dr Raghu Arya With GunjanShouts

This Can Fix All Your Life’s Problems | Dr Raghu Arya With GunjanShouts

Author Name:GunjanShouts

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@GunjanShouts

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=IjXFsOKwzaA



Transcript:
(00:00) ऐसा क्यों होता है कि लोग नेगेटिविटी के तरफ जल्दी अट्रैक्ट होते हैं कि यार पता नहीं होगा या नहीं होगा। नेगेटिव थॉट्स पहले क्यों आते हैं? खाने में नेगेटिविटी, उनका रहने में भी नेगेटिविटी, उनका पीपल नेगेटिविटी। घर से लेके सोसाइटी तक नेगेटिव है। अगर यूट्रस में फाइब्रॉइड हो गया। ब्रेस्ट में सिस्ट हो गया। फिर बाद में बायोप्सी हो गया, कैंसर डिक्लेअर। मेल के लिए एंड्रोपास होता है। सेक्सुअल डिस्फंक्शनिंग और एंग्जायटी गुस्सा, चिड़चिड़ापन ऐसा हो जाता है कि उनके नाक के ऊपर अगर फ्लाई बैठा तो नाक भी कट कर देंगे। इतना एंग्जायटी होता है उन्हें।
(00:31) सो नो नीड टू पॉप एनी पिल। नो फ्रीक्वेंसी इज अ जैसे जेनेटिकल सिस्टम में फिजिकल स्ट्रक्चर बन रहा है। तो एनर्जी स्ट्रक्चर नहीं बनेगा क्या? एनर्जी कैन नॉट बी डिस्ट्रॉयड। याह। इट ट्रांसफॉर्म्स। वेयर डस इट स्टे? एक्सीलेंट क्वेश्चन एक्सीलेंट क्वेश्चन। इट इज इन अ स्पेस। माइंड के अंदर क्या रहता है? मेमोरी रहता है। मेमोरी को हम लोग क्या बोलते हैं? इनफार्मेशन फील्ड बोलते हैं। सोल ही इनफार्मेशन फील्ड है। सोल ही इनफार्मेशन फील्ड है। सो जैसे आपने सोल की डेफिनेशन बताई इनफार्मेशन व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ गॉड? एनर्जी? इनफार्मेशन इज आल्सो एनर्जी?
(01:10) एक्साक्ट्ली। सो गॉड इज आल्सो एनर्जी? यस। सो हाउ इज माय एनर्जी डिफरेंट देन गॉडस एनर्जी? वर्ल्ड के टॉप सीईओस स्टीव जॉब्स, मार्क जकरबर्ग, ईटल्स या इवन टॉप पॉलिटिशियंस इंडिया में आते हैं अपनी स्पिरिचुअल अवेकनिंग के लिए या फिर पीस पाने के लिए। हाउएवर इंडिया इज अ कंट्री जो काफी पोल्यूटेड है। इतना ज्यादा एयर वाटर पोल्यूशन है। पपुलेशन इतनी ज्यादा है। हमारा खाना एडल्टरेटेड है। हवा में टॉक्सिंस है। तब भी सबको यहां पर आके वो पीस क्यों मिलता है? व्हाट आर दे सीकिंग? भारत का जो एंशिएंट लाइफ है वो आज का नहीं है और एज का नहीं है। यह युगों का बात है।
(01:53) जब युगों की बात करते हो यहां इतना इंफॉर्मेशन फील्ड है कि इसको अगर लोड करते बैठे आप कुछ भी पा सकते हो। भारत इज द ओनली ओरिजिन ऑफ इनेशन फील्ड ऑफ़ इंफिनिट। क्या आपको पता है कि आपकी एनर्जीस, आपका ओरा, आपकी फ्रीक्वेंसीज, आपकी वाइबेशंस कैसी हैं? और किस तरह से प्रैक्टिकली आप इन सभी चीजों को इंप्रूव करके एक मच बेटर लाइफ जी सकते हैं। जिसमें आपके रिलेशनशिप्स अच्छे होंगे जिसमें आप बीमारियों से दूर रहेंगे। एक अच्छे शेप, एक अच्छे स्टेट ऑफ माइंड में रहेंगे। जिससे आप अपने गोल्स को पूरा कर सकते हैं। और आज के इस पॉडकास्ट को सुनने के बाद
(02:31) आपको पता चलेगा कि यह 100% पॉसिबल है। और इस कॉन्वर्सेशन के लिए हमारे साथ हैं डॉक्टर रघु हु इज अ फ्रीक्वेंसी एक्सपर्ट एट हीली वर्ल्ड इंडिया। और इन्हें इस फील्ड में 15 साल से भी ज्यादा का एक्सपीरियंस है। आई एम श्योर यू आर गोइंग टू अब्सोलुटली लव दिस एपिसोड। और स्टार्ट करने से पहले मैं बताना चाहूंगी कि इस तरह के खास एक्सपर्ट्स को हम इस चैनल पर लेकर आते रहते हैं ताकि आपको घर बैठे इस तरह के यूनिक नॉलेज का एक्सेस मिल सके। इसलिए हमें सपोर्ट करते रहने के लिए और इन वीडियोस का फायदा लेते रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। नाउ लेट्स
(03:07) गेट इनटू इट। आज की कन्वर्सेशन हमारी हेल्थ के बारे में तो होने वाली है बट बिय्ड फूड, डाइट, एक्सरसाइज ये सब बातें नहीं करने वाले। आज हम एक अलग लेवल पे जाके बातें करने वाले हैं। एक्चुअली आप जो बताएं वो कॉमन सब्जेक्ट है इसमें। ओके? जो लाइफ में हम जो फूड लेते हैं वो सब हम मगर हमारे फ्रीक्वेंसी वर्ल्ड में वो भी हमारे एनर्जी है। फूड इज एक्चुअली डायरेक्ट सोर्स ऑफ एनर्जी वैरी ट्रू। खाने से लेके जो पानी हम पी रहे हैं, चाय कॉफी हम पी रहे हैं। ये सब हम लोग एनर्जी से देखते हैं।
(03:52) एनर्जी फील करते हैं। व्हेनवर यू लुक एट एनीथिंग यू लुक एट इट एज एज एन एनर्जी। यस। कभी आप स्टोन को देखे क्या? बड़ा सा पत्थर। पत्थर जो है ना वो बना है सेल से। तो हर सेल वाइब्रेट होता है। से राइट? आपने देखने में पत्थर हिलता नहीं। मगर वो हिल रहा है। क्या यही रीज़न है जो हम कुछ ऑब्जेक्ट्स होते हैं उनको शुभ मान के अपने घर में रखते हैं क्योंकि शायद उनकी पॉजिटिव एनर्जी होती है और कुछ चीजों को कुछ तरह के पदार्थों को खाने की चीजों को वस्तुओं को हम अपने से दूर रखते हैं कंसीडरिंग कि शायद उनमें नेगेटिव या बैड एनर्जी है ये क्या मैं सही डायरेक्शन में जा
(04:28) 100% सही डायरेक्शन इसको मैं थोड़ा और ऐड करूंगा पुराने जमाने में नमक से नजर निकालते थे ना राइट राइट मैं क्यों नमक से क्यों निकालना है आप पीरियडिक टेबल में देखते हैं ना उसमें हाईएस्ट पॉजिटिव एलिमेंट एंड बैलेंस एलिमेंट्स सोडियम है अच्छा अच्छा हां और सोडियम किसी से भी ऑक्सीडेट कर सकता अगर नमक को देख के आप गोल्ड में डाल दीजिए गोल्ड खा लेगा सिल्वर में जाएगा सिल्वर खा लेगा आयरन में डाल दिया आयरन का तो हमने बॉडी को जब नेगेटिव एनर्जी लोड होता है तो पुराने जमाने उनको तो साइंस नहीं मालूम म लोग इतने इंटेलिजेंट थे कि साल्ट से
(05:01) लेके अपने बॉडी को उल्टा पिरा के पूरा ओरा क्लीनिंग करके एक्सक्ट्ली नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट कर देता उसका ट्रीटमेंट फिर बाद में भी वैसा नहीं होता वो पूरा हटाने के बाद नेगेटिव एनर्जी उसको लेके जाके फायर में डालते थे। पानी में डालते हैं। पानी में क्यों डालते थे? क्योंकि अगर वो साल्ट को कोई पार कर लिया उनको वो एनर्जी फिर वापस आएगा। वो नेगेटिव एनर्जी इतना साइंटिफिक थे हमारे लोग का पुराना। गॉड तो प्रैक्टिकली जो रूरल प्लेस में विलेजेस जो ट्रेडिशनली काम करते हैं ये एनर्जी से जुड़ के वो सब मैं जानकारी लेते गया। ओके? इंक्लूडिंग फूड हम जो प्रिपेयर कर
(05:37) रहे हैं वो फ्रीक्वेंसी बैलेंसिंग फूड है। अगर फ्रीक्वेंसी बैलेंस फूड आप नहीं लिए हां हां आपको हज़म नहीं होगा। तो इसका एग्जांपल बताऊं आपको? बताइए। हां। हम लोग क्या करेंगे? बुफे में जाएंगे। मतलब एक बुफे है। बुफे में आप सेलेक्ट कर लिए हो। अपना फूड सेलेक्ट कर लिया। सेलेक्ट कर लिए। सेलेक्ट करने के बाद क्या करेंगे? आपका फूड का तालियां है ना? वी विल चेंज टू अदर पर्सन। उससे क्या होगा? उनको हज़म नहीं होगा। व्हाट आर यू सेइंग? एक्सक्टली। उनको बॉडी को ऑब्जर्व नहीं होगा। क्योंकि आपका फ्रीक्वेंसी आपका माइंड जो बोल रहा है वह खाना आप सेलेक्ट करें। वो मेरा खाना
(06:08) अलग है इसलिए फूड चेंज नहीं कर सकते पुराना जमाने में इसका फूड उसको ही लेना पड़ेगा। आप साधुग को देखे होंगे वो जो उन लोग खाना खाते हैं वो किसी को नहीं देखना बोलते। वो खुद प्राइवेसी में खाते हैं। इतना सारा है फ्रीक्वेंसी। तो वो किसी के देखने से भी अफेक्ट हो सकता है। एक्साक्ट्ली। तो आप कौन से नजर से देख रहे हो? इज इट बिकॉज़ जब बच्चे खाना खाते हैं या बच्चों को खिलाते हैं तो कहते हैं कि मत गिनो मत देखो नजर लग जाएगी। एक्जेक्टली। द दे दे डोंट नो द नज़र। दे दे डोंट नो द फ्रीक्वेंसी ऑफ़ नेगेटिविटी। तो वी कॉल इट नज़र। ओह! सो नज़र लगना इज़ नथिंग बट फ्रीक्वेंसीज़
(06:44) को डिस्टर्ब नेगेटिव फ्रीक्वेंसी। दे फ्रीक्वेंसी इज़ टू पोल नेगेटिव एंड पॉजिटिव। एवरीथिंग। जैसे आपने ये नमक वारने का हम पंजाबी में बोलते हैं वारना या नमक से किसी की नजर उतारने का एग्जांपल दिया। इसी तरह से आई वांट टू टॉक अबाउट ब्लैक मैजिक। जो जादू टोना करते हैं यह जो नींबू मिर्ची वाला होता है यह भी सिमिलर है या एनर्जी मतलब क्या वो भी कुछ ऐसा कर रहे हैं हम किसी की एनर्जी को डिस्टर्ब कर रहे हैं समथिंग वी आर ट्राइंग टू इंटेंशनली डू समथिंग नेगेटिव विद इट व्हाट इज द साइंस ऑफ़ ब्लैक मैजिक या ब्लैक मैजिक में क्या होता है उनका
(07:15) इंटेंशन रोंग होता है हम क्योंकि अप्रोच दो दोनों भी सेम है अगर आप एक के लिए अच्छा सोच रहे हो एक के लिए बुरा सोच रहे हो उसमें नेचर को कोई नहीं मालूम अच्छा बुरा चीज क्या है तो जो भी प्रैक्टिस कर रहे आप मैं आप सामने वाले के भलाई के लिए भी प्रैक्टिस कर सकते हो। सामने वाले का बुराई के लिए भी प्रैक्टिस कर सकते हो। मैं एक छोटा सा एग्जांपल बताता हूं गुंजन जी। मैं इन दिनों में एक पर्सनल एक्सपीरियंस हुआ ये नेगेटिविटी के लिए। एक बच्चा बहुत पढ़ाई करके यूएस चले गया। उनके दोनों फादर एंड मदर मेरा क्लाइंट्स है। तो उनका नेगेटिविटी कितना बढ़ गया कि
(07:45) यूएस से वो वापस नहीं आ रहा। ये लोग बूढ़े हो गए। एंड दे डोंट वांट टू मूव देर बैक। ओके। यहां बैठ के बोलते हैं कि मेरा बच्चा वापस आया है। बताइए अगर मम्मी डैडी रोज बैठ के चांट कर रहे कि मेरा वापस आया बच्चा वापस आया। मालूम है आपको परसों रिसेशन में उसको जॉब चले गया। तो कितना बुरा हो गया? ये कौन करे? हम मैं इसको ब्लैक मैजिक नहीं बोल रहा हूं। ब्लैक इंटेंशन बोल रहा हूं आपको। राइट? तो उनका इंटेंशन क्या था उनके बच्चे के प्रति? तो इसलिए जभी भी फ्रीक्वेंसी के बारे में आज आपके पास क्यों आया? फ्रीक्वेंसी अच्छा जितना करते हैं आपका
(08:20) थॉट प्रोसेस में फ्रीक्वेंसी उतना ही बुराई ही करते हैं। जैसे सर लोग मानते हैं कि ओवर शेयरिंग नहीं करना चाहिए। स्पेशली अगर आपके घर में कुछ खुशी की न्यूज़ है, कुछ गुड न्यूज़ है, शादी होने वाली है, बेबी होने वाला है। तो बोलते हैं बहुत ज्यादा बाहर मत ये बात करो। बहुत ज्यादा सोशल मीडिया पे मत डालो। नजर लग जाएगी। तो यही है वो नजर का लगना। कि जब लोग सोचते हैं इसके साथ ऐसा हो रहा है, इसकी प्रोग्रेस ज्यादा हो रही है। इसके घर में तो बहुत खुशियां आ रही है। तो वो उनकी एक जो एक जो एक फ्रीक्वेंसी वाइब्रेशन को भेजते हैं। देखो नजर लगना हमें एक बड़ा ही
(08:53) सूडो साइंस सा है। कुछ-कुछ समझ में आता है। ठीक है नजर लग जाएगी। बट एक्चुअली आज तक अभी हमने इसको डिकोड नहीं किया है। साइंटिफिक एंगल से नहीं है। ये आप जैसे सूडो साइंस बोले ना वो आप अभी पहले सूडो साइंस था। हां हां मेरे लिए भी मगर जब मैं फ्रीक्वेंसी में वर्ल्ड आ गया मेरा डेफिनेशन चेंज हो गया है क्या अभी मैंने नेगेटिव फ्रीक्वेंसी बताई आपको एक्सक्ट्ली बोलते ही ना थोड़ा सा समझ में लॉजिकल लग रहा है वो थोड़ा और सोडो साइंस में क्या होता है आप साइंटिफिकली एस्टैब्लिश नहीं कर सकते हम तो मैं जब प्रैक्टिकली फील्ड में गया ये लोग साल्ट से क्यों निकाल रहे हैं नमक
(09:27) नींबू से क्यों कर रहे हैं ये लोग लाल मिर्ची से क्यों कर रहे हैं ये सब मैं जानकारी लेते गया तो देन आई अंडरस्टैंड दैट यस देयर इज अ एकिस्टिंग्स ऑफ पॉजिटिव एनर्जी आल्सो नेगेटिव नेगेटिव एनर्जी। वर्ल्ड के टॉप सीईओस इंक्लूडिंग स्टीव जॉब्स, मार्क ज़करबर्ग या बड़े से बड़ा बैंड पीटर्स या इवन टॉप पॉलिटिशियंस इंडिया में आते हैं अपनी स्पिरिचुअल अवेकनिंग के लिए या फिर पीस पाने के लिए। हाउएवर इंडिया इज अ कंट्री जो काफी पोल्यूटेड है। इतना ज्यादा एयर वाटर पोल्यूशन है। पपुलेशन इतनी ज्यादा है। हमारा खाना एडल्टरेटेड है। हवा में टॉक्सिंस हैं। और रिलेटिवली वेस्टर्न या
(10:06) मोर डेवलप्ड कंट्रीज हैव बेटर एयर, हैव बेटर एनवायरमेंट। तो तब भी सबको यहां पर आके वो पीस क्यों मिलता है? व्हाट आर दे सीकिंग? व्हाट डू दे गेट इन इंडिया? क्योंकि ये जब वर्ल्ड फार्म हुआ ना हम तो फर्स्ट फार्म किधर हुआ? तो टिबेटियन प्लैंक सुने तिबेटियन तिबेटियन प्लैंक अच्छा दो क्लैश हुआ एवरेस्ट फार्म हुआ। ओके और दुनिया का बड़ा एवरेस्ट एवरेस्ट इज अ बिग माउंटेन राइट उसके पहले माउंटेन कौन सा था? कैलाश हम बिग माउंटेन। हम और आपको मालूम तिब्बेटियन प्लान के लिए आप Google करिए और पढ़िए। उसके बहुत सारे बुक्स मिलते हैं। उसके पहले पूरा हिंदुस्तान नहीं पूरा
(10:50) हिंदुस्तान एक था। तिब्बेटियन प्लैंक एवरेस्ट जो फॉर्म हुआ ना जब ये पूरे देश बिछड़ गए। नहीं तो आप कह रहे हो कि दुनिया की शुरुआत पृथ्वी की शुरुआत भारत से हुई है। हिंदू इंसान क्या ये पूरा वर्ल्ड मानता है या हम ही मान रहे हैं। नहीं जो दुनिया पूरा मानता है इसलिए वो पूरे यहां आते हैं जिसको जानकारी है ये जानने के लिए यहां पावर लेने के लिए क्योंकि यहां इनफेशन फील्ड बहुत है। युगों से है। ओके। अभी भी यहां मैं सुना है आपके पास जैसे कुरुक्षेत्र दिल्ली के नजदीक है। हम हम कहां से बना कुरुक्षेत्र? अगर आप त्रेता युगी नहीं है तो कुरुक्षेत्र नाम कहां से आया?
(11:25) हम मैं मैं नहीं मानता हूं भाई कृष्ण थे तो द्वापर द्वारका कैसा बना? द्वारका अभी भी क्यों है एक्सिस्ट गुजरात के पास? अभी आर्कलॉजिस्ट डिपार्टमेंट में क्यों रिसर्च कर रहे हैं? नहीं वो तो अभी उन्होंने एक वो भी अंदर जाने के लिए बनाया। अंदर जाने के लिए बनाया और नीचे यस। पूरा दे हैव डिस्कवर्ड। करेक्ट करेक्ट। फिर अब बताइए अगर द्वापर युग ही नहीं है तो कृष्ण ही नहीं है तो यह कैसा बना है? फिर द्वापर युग का इनेशन फील्ड यही है एक्सिस्टेंस। फिर एक बार राम के पास जाएंगे। तो राम जी कौन है? फर्स्ट राजा है। उनके पहले ईशवा को बोलते हैं। मेरे हिसाब
(11:59) से 1300 के 1400 राजाओं के बाद राम जी आए। और राम जी जब बने हैं तो राम जी का जो अस्तित्व है जैसा हम श्रीलंका का स्टोरी बनाए हम सीता जी को रावण जी रावण ने लंका ले चले गए ये सब मैं बता रहे हैं ना हम तो मेरे को एक क्वेश्चन आता है यार वहां जीपीएस था क्या कैसे लेके गए आज साधु मुनि हमारे साउथ इंडिया से हिमालय पहुंच गए कौन से जीपीएस से पहुंचे कैसे गए अच्छा ये जो द्वादश ज्योतिर्लिंग बोलते हैं ना वहां है बोल के किसी को मालूम वो टाइम पे कैसे पहुंचते थे किसी को पूछते पूछते पूछते वी आर टॉकिंग अबाउट 1000 ईयर लेट अस से ये सब कैसा हुआ
(12:36) क्या सेलफोन सिग्नल से हुआ क्या जीपीएस कौन लगाया जब Google मैपिंग करे कौन सा उ Uber आके उनको लेके गया ये सब कैसे हुआ मालूम इंफॉर्मेशन फील्ड से हम तो उन लोग क्या करते थे इंफॉर्मेशन फील्ड कनेक्ट करके उनका दिव्य दृष्टि बोलते थे सो हमारे यहां पर आप कह रहे हो कि सब लाइफ एक्सिस्टेंस है एक्सक्टली युगों से है राम जी के पहले से भी है सब देशों का देखा है मैंने। सो इंडियन डायनेस्टी इज़ द ओल्डेस्ट। वर्ल्ड में अभी अह वो लोग तो 2000 ईयर, 5000 ईयर, 10000 ईयर, 1000 इयर्स बता रहे हैं। कृत युग, त्रेता युग हम तो युग की बात कर रहे हैं।
(13:15) युगोंग की बात युगों की बात है। हजारों के सालों की बात कर रहे हैं। एक युग अपना जो होता है ना उनका कोई काउंट में भी नहीं आता। राइट? राइट। तो हम वो बात कर रहे वो इंफॉर्मेशन के लिए जो वो इंफॉर्मेशन को कनेक्ट करना चाह रहे हैं जो इंफॉर्मेशन को मालूम है वो लोग इंडिया को आना ही है भारत को आना ही है यहां का इंफॉर्मेशन को लेना ही है मैं भी जाते रहता हूं मैं भी स्पिरिचुअल जर्नी बहुत करता हूं तो देखिए आज इंडिया में जो भारत हम बोलते हैं भारत का जो एंशिएंट लाइफ है वो आज का नहीं है और एज का नहीं है ये युगों का बात है जब युग की बात करते हो यहां इतना इनेशन फील्ड
(13:53) है कि इसको अगर लोड करते बैठे आप कुछ भी पा सकते हो इसलिए फॉरेनर्स यहां आके वो वो साधना में रह के वो इसको ट्रांसफर करता मैं एक बात बताता हूं मैं ये जो डिवाइस के बारे में बता रहा हूं ये भी जो साइंटिस्ट है जर्मनी से वो क्वांटम फिजिसिस्ट है हम वो 30 साल हम जस्ट इंडिया के विजिट के लिए आके 30 साल इंडिया में रह के हरिद्वार में हम और साधना करके और वो मांग स्ट्रंग बनके उसके बाद उनका जो स्टडीज पूरा रियलाइजेशन के बाद वो क्वांटम एंटेंगमेंट थ्यरी फिजिसिस्ट जो बात करते हैं वो रियलाइज हो के उनको लगा कि ये जो वाइब्रेशन हम क्रिएट कर रहे हैं इनेशन
(14:33) फील्ड जो क्रिएट कर रहे इसको रिकॉर्ड करें तो कैसा रहता वो उनका एक ही थॉट आया था वही इसका इसके इन्वेंशन का मेन ऑब्जेक्ट अच्छा अब बच्चा पढ़ना है तो कैसा कौन सा प्लेस में बिठा के पढ़ाते हैं आपको पूरा घर पूरा वहां यहां सब सामान पढ़े से वहां बच्चा पढ़ पढ़ेगा तो उनका कैसा रहेगा? डिस्ट्रैक्टेड रहेगा। पढ़ ही नहीं पाएगा। फोकस नहीं मिलेगा। यहां इतने युगों का इनेशन है। हम ये जो लोग स्पिरिचुअल में पढ़ना शुरू करते और स्पिरिचुअल प्रैक्टिस करते हैं ना उन लोगों को यहां से वाइब्रेशन मिलना शुरू हुआ था। उनको इंटशंस आते हैं कि हमको भारत
(15:07) जाना है। आप कई लोग फॉरेनर्स को मैं मिला। क्यों भारत जाते? बोलते हमें नहीं मालूम। ऐसे भी लोगों को बोला कि नहीं मालूम। हम लोग जाए तो अच्छा रहता है। अच्छा लगता है। क्या अच्छा लगता? इवन दे डजंट नो। बिकॉज़ उनको हम ऐसा देखा फॉरेन से आते तो उनको अच्छा अकोमोडेशन नहीं मिलता। अच्छा उन लोग जो चाहते हैं वो ट्रांसपोर्टेशन नहीं मिलता। खाना नहीं मिलता। खाना भी नहीं मिलता। उनको चीट भी करते हैं थोड़े लोग अननेसेसरी। फिर भी मैं ऐसे-से प्लेसेस देखा कि फॉरेनर्स लोगों को वहां हम लोग पहुंच भी नहीं सकते। हम सोच भी नहीं सकते। इंडियंस राइट? हम हिंदू बनके जो नहीं सोच सकते
(15:41) वहां वो लोग पहुंच रहे हैं। बस उनको एक ही मालूम होता जो इन फील्ड जो इंफॉर्मेशन था पूरा दुनिया पूरा हिंदू इंडिया में ही था भारत में था अभी भी मैं जब चाइना में मैं पढ़ने गया था वहां मेरे को बोलते हिंदू हम इंडियन नहीं बोलते चाइनीस हिंदू बोलते हम लोगों को तो ये हिंदू जो कांसेप्ट था ना हिंद ये जो कांसेप्ट इसके बारे में भरत भूमि हम भरत खंड इसका नाम जो है भरतखंड। भरतखंड का जो आज हम संकल्प लेते हैं पूज पाठ में अभी भी संकल्प लेते हैं जो भरतखंड भरतवर्ष ओके भारतवर्ष भारत है जंबू द्वीप है। ये जो द्वीप है ना इसका नाम क्या है? जमीन का
(16:26) नाम जंबू द्वीप ये अपना जो है जंबू द्वीप है। हम और ये बोलते हुए संकल्प लेते हैं। तो ये संकल्प मतलब क्या है? माने इसका जो इंफॉर्मेशन है ना इसका बैकग्राउंड इतना है। आपका सारा नेम बोलते हैं ना आपका मम्मी डैडी का नाम बोलते हैं। आपका सासू ससुर जी का नाम बोलते हैं। आपका बैकग्राउंड है वह उसका नॉलेज ओशन है ना। सेम वे अपना जो जमीन का भी इंफॉर्मेशन फील्ड है। उसको भी पढ़ते हैं हम लोग। ओके। अभी भी हमारे साउथ में यहां नहीं मालूम। साउथ में जब भगवानों का शादी होता ना हम तो शादी में ये शादी कहां हो रहा है ना? भरतकंडे जंबू द्वीप दक्षिणा आदि भागे और
(17:04) कौन सा आयन माने कौन सा लैगिट्यूड एंड कौन सा लैटीट्यूड है वो भी पढ़ते हैं हम लोग अच्छा वो पंचांग में रहता है अभी भी वो पढ़ते हुए वो नंबर बोलते हुए फिर संकल्प में उनका गोत्र आता है किनका भगवान लोगों का भी गोत्र आता है राइट और उनका मम्मी डैडी का भी नाम आता है। फिर बाद में आता है एक्सचेंज ऑफ़ मैरिज। राइट? तो अभी भी चल रहा है। यह नया नहीं है गुंजन जी। यह अपना पुराना एंशिएंट लाइफ है वेयर वी हैव दिस मच ऑफ़ स्ट्रांग इनेशन फील्ड। अच्छा इसको सब लोग क्यों नहीं मान रहे हैं? क्योंकि उनको इनफेशन फील्ड ही नहीं मालूम। हम अभी मैं आपको तेलुगु में बात कर रहा तो
(17:42) आपको क्या मालूम होगा? आप बोलेंगे भाई मेरे को समझ में नहीं आया। हिंदी में बोलो वही बोलेंगे। अगर मैं फ्रीक्वेंसी इनफेशन फील्ड बता रहा हूं। अगर उसमें कोई प्रैक्टिस कर रहा नहीं तो उसको जानता है हम वो वो कनेक्ट होगा। अगर जो नहीं जानता है उसके लिए तो वह लगेगा यह तो कोई सा दूसरा लैंग्वेज बता दूसरा दुनिया से आ गया। सो दिस इज़ अ वन द पीपल आर नॉट गेटिंग अवेयर्ड बट किसको अवेयरनेस होता जो कनेक्ट होता है नेचर फाइव एलिमेंट कनेक्ट करा इनेशन फील्ड को एक्सलरेट करा वो पक्का भारत को आएगा भारत इज़ अ ओनली ओरिजिन ऑफ़ इनेशन फील्ड ऑफ़ इंफिनिटी कृष्ण जी भगवत गीता में बोलते
(18:19) हैं कि मैं अनुभव लेने के लिए एज अ भगवान इधर आया हूं कौन सा अनुभव लिए वो इनेशन फील्ड का अनुभव लेने एक सोल एक एक पावरफुल एनर्जी एक मैटर बनके आके एनर्जी को एक्सपीरियंस करने का है। इनेशन फील्ड को एक्सपीरियंस करने का है। रचे वह रासलीला वृंदावन गए ये सब क्यों? क्योंकि ही वांटेड टू टेस्ट द इनफेशन फील्ड। जो बच्चे इन्होंने जो बताए बच्चे बनाए बच्चे जो क्या एंजॉय कर रहे हैं वो देख निकला आए। फिर बाद में दिखा कि ये अच्छे भी कर रहे हैं बुरे भी कर रहे हैं। शॉक में चले गए। श अच्छे अच्छे को रचे और बुरे को हंत करें हम और भगवान बने
(18:59) कौन से भी दशावतार में कौन से भी अवतार में भगवान कभी भी नहीं बोले कि मैं भगवान हूं हम मगर एक ही एक रूप में आए कृष्ण भगवान वो बोले कि मैं खुद भगवान हूं हम और राम जी कभी मैं भगवान नहीं बोले वो क्षत्रिय है मैं शात्र धर्म के लिए मैं आया हूं मेरे से शात्र धर्म सीखो राइट राइट जब कलयुग बना है यहां एक ही है कि कलयुग का पॉलिसी है क्या आपके इंफॉर्मेशन फील्ड थ्री टाइम नेगेटिव रहेगा, एक टाइम पॉजिटिव रहेगा। ये पॉजिटिविटी को ये थ्री टाइम से नेगेटिविटी से बचाने के लिए आपको कौन कौन सा प्रैक्टिस बढ़ाना है? स्पिरिचुअलिटी को बढ़ाएं।
(19:33) इसलिए स्पिरिचुअल जर्नी में सब लोगों को भारत को आना है। ऐसा क्यों होता है कि लोग नेगेटिविटी के तरफ जल्दी अट्रैक्ट होते हैं और पॉजिटिविटी की तरफ मेहनत करना पड़ता है। एफर्ट करना पड़ता है। मोटिवेशन चाहिए होती है। मतलब अगर कोई चैलेंज है, कोई एग्जाम आ रहा है, कोई बड़ा ड्रीम है, कोई जॉब इंटरव्यू है, तो सबसे पहले यह थॉट क्यों आता है कि यार पता नहीं होगा या नहीं होगा। नेगेटिव थॉट्स पहले क्यों आते हैं? करेक्ट? यह तो बहुत बढ़िया क्वेश्चन पूछे क्योंकि ये दुनिया में ये क्वेश्चन मैं कई बार सुना हूं। इसके लिए सिंपल है आपका
(20:08) एनवायरमेंट। कौन से एनवायरमेंट में आप लीव कर रहे हो? आपका पेरेंट्स क्या बोल रहे हैं आपके प्रति? फॉर एग्जांपल एक बच्चा बोला मैं साइंटिस्ट बनता हूं। उसका मम्मी डैडी क्या बोलते हैं? साइंटिस्ट बाद में बनो। पहले सिक्स्थ क्लास का एग्जाम लिखो। हम तो उसका इनेशन फील्ड को कौन डिस्टर्ब करे? मम्मी। बट अगर हम एक यूनिवर्सल रियलिटी भी देखें और हम मेजरिटी भी देखें तो लोग नेगेटिविटी की तरफ जल्दी आते हैं और ये आपने जो बोला वो बहुत सही है कि विद प्रैक्टिस एंड विद राइट पीपल पीपल आप इसको चेंज कर सकते हो और मैंने इस पे काफी हद तक काम किया है
(20:46) अपनी रियलिटी को बदलने के लिए पहले मैं अपने ऊपर ज्यादा डाउट करती थी और धीरे-धीरे विद विद टाइम विद एक्सपीरियंस विद राइट इनेशन विद राइट सेट ऑफ़ पीपल आई हैव बीन एबल टू इंप्रोवाइज़ इट। बट अभी भी अगर हम देखें तो मेजॉरिटी मेजॉरिटी लोग नेगेटिव पहले सोचते हैं और पॉजिटिव बाद में तो क्या इसका मतलब ये है कि उनका एनवायरमेंट एक डिफॉल्ट एनवायरमेंट एक्सक्टली क्या दुनिया में ज्यादा नेगेटिविटी है? आज वॉर क्यों हो रहे हैं? क्योंकि एनवायरिटी क्यों प्रमोट हुई? एनवायरमेंट में उनका खाना नेगेटिविटी है। खाने में नेगेटिविटी हम उनका रहने में भी नेगेटिविटी उनका
(21:24) सराउंडिंग नेगेटिविटी उनका पीपल नेगेटिविटी। अच्छा एक और एक क्वेश्चन है इधर इंटरेस्टिंग। अगर मेरे को आईआईटीए करना है मेरे को तो एमबीबीएस डॉक्टर करना है। मैं किसके साथ फ्रेंडशिप करूं? डॉक्टर के साथ या सिमिलर नहीं वही फील्ड के जो पर्सन पढ़ता ना वही फील्ड से करता। अगर मैं फॉर एग्जांपल कॉमर्स पर सीए के सीए के साथ बैठ के मैं आईआईटी प्रिपरेशन करता हूं। हम क्या डिस्ट्रक्शन है या अट्रैक्शन है या डिस्ट्रैक्शन है फिर यही हो रहा है एनवायरमेंटल फैक्टर्स आज नेगेटिविटी क्यों बढ़ गया है सो घर से लेके सोसाइटी तक नेगेटिव है आज एनकरेज कितने लोग कर रहे हैं बच्चों को
(21:59) पढ़ाई के लिए वो अगर डिफरेंट फील्ड सोच रहा है बोलते हैं कि वो फील्ड उनको समझ में नहीं आया तो बोलेंगे ये बेकार है हम अगर आपको फील्ड बेकार लग रहा है तो उसको पूछो ना बैठ के उसका एनवायरमेंट क्रिएट करो कि वो कहां जाए सामने वो नहीं कर रहे उसको दबाने के लिए उसका एनवायरमेंट को खराब कर दे रहे उल्टा उसको बोल रहा है कि ये सब छोड़ दे। अगर इसमें से बाहर नहीं आया तो मैं तेरे से खाना भी नहीं दूंगी। तेरे से बात भी नहीं करूंगी। तू सीधा-सीधा कर। हम तो जबरदस्ती उनका एनवायरमेंट इनफेशन फील्ड को खराब कर। तो फेलियर्स जो भी सोसाइटी में आप देख रहे हो
(22:31) बिकॉज़ ऑफ़ नॉट देयर इंटेंशन आर इनफार्मेशन फील्ड। बिकॉज़ ऑफ़ एनवायरमेंट। इन टुडेज एनवायरनमेंट व्हिच इज फिल्ड विद नेगेटिव। मोर नेगेटिविटी, लेस पॉजिटिविटी, हाउ वन कैन कीप हिमसेल्फ और हरसेल्फ इन द पॉजिटिव फ्रेम ऑफ़ माइंड? उसके लिए आप क्या करो जो पॉजिटिव इनफेशन फील्ड रखते हैं ना उनके साथ पहले फ्रेंडशिप शुरू करो। ओके। जिन्हें हम कहते हैं पॉजिटिव ओरा वाले लोगों के साथ रहो। एक्सक्टली। तो पॉजिटिव थिंक करते, पॉजिटिव काम करते। उनका एक पार्टी अलग रहता है। जैसा आपको मालूम है ना डायबिटिक वाला पूरे एकदम फ्रेंडशिप बन जाता। उनका एक वॉकिंग
(23:04) एक असोसिएशन बन जाता। हम मोटे वाले पूरे बना लेते हैं। कभी भी फैट जो मोटा रहता है ना वो पतले वाले के साथ वाकिंग नहीं जाएगा। मालूम आपको क्यों? उसका मोटापा दिखता बोल के। तो ये देखो माइंड सेट कैसा है। तो ये बिकम दे ग्रुप सेम वे आपको क्या करना है? जो पॉजिटिव पीपल है उन लोग सब अपन पूरा मिलके सोसाइटी में पॉजिटिव बढ़ाना है। जैसे उन लोग नेगेटिव बढ़ा रहे हैं ना अपन को पॉजिटिव बढ़ाना है। उन लोग नेगेटिव बढ़ाते रहते हैं ना पॉजिटिव बढ़ाना है। अगर पॉजिटिव नहीं बना सके जिस दिन हम फिर इधर इधर भी नेचर में भी कैंसर आएगा। हम नेचर में कैंसर क्या है मालूम आपको?
(23:39) दुनिया में वार हम क्यों वार चल रहा है? किसके लिए चल रहा है? कौन से इनेशन फील्ड के लिए चल रहा है? इंटेंशन क्या है? हम अगर आप एक देश को ले ले रहे हो वार करके तो उसकी इंटेंशन क्या है? देश आ गया तो क्या हो जाएगा? हम देश नहीं आया तो क्या हो जाएगा? वो आदमी वहीं रहेगा, यह आदमी वहीं रहेगा। कई आदमियों में कोई चेंजेस नहीं है। ओनली क्या होगा? टाइटल चेंज होगा। हम करेक्ट? सो टाइटल ब्रांड के लिए वॉर हो रहे हैं। तो इज दिस राइट इन? राइट थिंग? व्हाट द सोसाइटी इज़ रनिंग? नो। सो इंफॉर्मेशन फील्ड फ्रीक्वेंसी में क्या बोलता है कि आप जो काम कर रहे हो वैसे लोगों से काम
(24:14) करो, वैसे प्लेस में रहो एंड वही पाओ। या आपका सोच जो है वही आपको मिलेगा। राइट। दिस इज आई वांटेड टू मेक श्योर दैट दिस वन ओनली द वन व्हिच विल हेल्प अस टू लिव गुड लाइफ। तो जब कोई लेडी प्रेग्नेंट होती है हम तो जो उस लेडी की फ्रीक्वेंसी है, वाइब है, ओरा है, एनर्जी है क्या वो पास ऑन होती है बेबी पे भी? बिकॉज़ द बेबी इज इन द वम। 100% आप जो आप जो अभी सोच रहे हो आपका बेबी को वो फीड हो रहा है स्टार्ट हो गया डे बिगिनिंग दैट इज वी कॉल्ड एज इनेशन फील्ड वो तो उसको सारी इन मिल रही है मिल रहा है अभी वो सीख रहा है सब एग्जांपल मैं बताता हूं मोस्टली आप देखिए डॉक्टर के
(24:57) बच्चे डॉक्टर निकलेंगे हम आईएएस के बच्चा आईएएस निकलेगा क्यों जब हम पैदा होते से पहले ही जब मम्मी का सेल और डैडी का सेल मिल गया वो सेल इनेशन शुरू हो गया ओके उसमें तीन चीज आते पहला चीज आता है कार्मिक अकाउंट कर्म जो बेबी बन रहा है पेरेंट्स के कर्म से बनता है एंड वो असेंड ऑटोमेटिक हो जाता है जैसे एआई में कहां से अभी एआई में आप सॉफ्टवेयर में एक का नाम डालें तो दुनिया में कहां भी है पकड़ लेगा करेक्ट इसी तरीके से जब भगवान का सॉफ्टवेयर में बच्चा आना है हम तो मम्मी डैडी कर्म से बच्चे का कर्म जोड़ के बच्चा बनता है दिस इज वी कॉल्ड एज कार्मिक अकाउंट
(25:35) कार्मिक अकाउंट हां और फ्रीक्वेंसी अभी जो बेबी का बना है। आत्मा नहीं आया। हम आत्मा आएगा पांचवा महीना पांचवा दिन। हां। ये मैंने अभी रिसेंटली पढ़ा कि फाइव फिफ्थ मंथ में फिफ्थ सोल आती है। एक्सक्टली जब तक वो सेल है। हाउ कैन वी से कि फिफ्थ मंथ में सोल आती है। जब फर्स्ट टाइम हार्ट बीट हमें सुनाई देती है। व्हिच हैपेंस इन द थर्ड फोर्थ वीक इटसेल्फ। तो टेक्निकली तो जान तभी आ गई ना। टेक्निकली तो वो बेबी की डेवलपमेंट वहीं से शुरू हो गई। व्हाट इज द प्रूफ कि फिफ्थ मंथ में आत्मा। जिसको हम लोग बोलते हैं गर्भ संस्कार। मैं उसमें मास्टर हूं।
(26:11) हर हर थर्सडे मैं मेरे गुरु लोगों का जो ध्यान करते हुए हर थर्सडे मैं जो भी न्यू प्लान करते हैं ना बेबी के लिए उन लोगों को मैं एजुकेट करता हूं कि आपको कैसा सोचना है, क्या करना है, क्या नहीं करना है? गर्भ धारण करने से पहले से ओके। घर गर्भधारण होने के बाद क्या करना है? वो भी हम लोग फ्रीक्वेंसी में सिखा रहे हैं क्योंकि अभी तक मैं 300 लोगों को हम जो प्रेगनेंसी से प्रॉब्लम चैलेंजेस लेके सफर हो रहे हैं उन लोगों को मैं लेके खुद लेके उनको गर्भ संस्कार सिखा के हम उनके जो नेक्स्ट जनरेशन आ रहा है उनको पितृ दोष हम गुरु दोष और दैव दोष दोनों तीनों दोष एस्ट्रोलॉजी
(26:53) में क्लियर करके उनका प्रेगनेंसी कंफर्म कर रहा हूं। माय गॉड वो सात सात सातव महीने में सेवंथ मंथ से पहले हम लोग कर देते हैं। फर्स्ट मंथ से लेके फर्स्ट मंथ से लेके सेवंथ मंथ तक जो पिछले सारे दोष हैं पेरेंटल दोष गर्भ पितु दोष हम लोग जो बोलते हैं सात पीढ़ियों का दोष रहता है। क्या साइंटिफिक रीजनिंग क्या है कि सात पीढ़ियों का दोष रहता है। जेनेटिकली देखे तो जींस आप मानते हो ना? हां जी। तो जब बच्चा पैदा होता है कि पैदा होने के बाद जाके बोलेंगे मम्मी का नाक अच्छा है, डैडी का कान अच्छा है। ऐसा कुछ बोल रहे हैं क्या हम हां हम
(27:25) कहां डिजाइन हो रहा है ये? कहां कौन से हॉस्पिटल में डिजाइन हो रहा है? नहीं। ऑटोमेटिकली जींस फॉर्म हो रहे हैं। आप बात कर रहे हो मम्मी का सेल और डैडी का सेल मिल गए। वो सेल्स में से जो लिम्स फॉर्म हो रहे हैं, स्ट्रक्चर फॉर्म हो रहा है, नाक, कान ये सब फॉर्म हो रहे हैं। कोई परमिशन से हो रहा है? नहीं। ये ऑटोमेटिक प्रॉस हो रहा है। दैट इज कॉल्ड जेनेटिकल सिस्टम। जैसे जेनेटिकल सिस्टम में फिजिकल स्ट्रक्चर बन रहा है। हम तो एनर्जी स्ट्रक्चर नहीं बनेगा क्या? बनेगा वो वो मैं बताने वाला हूं आपको। जो आपने यह पितृदोष वाली बात की हिंदू
(27:57) ट्रेडिशन में हरिद्वार जाकर पितृदोष के लिए कुछ रिचुअल्स होते हैं। पंडितों को खाना खिलाया जाता है, गौ दान किया जाता है और बहुत सारे इस तरह के रिचुअल्स होते हैं। क्या उनका कोई रेलेवेंस है? मतलब उनका कोई साइंटिफिक रीजनिंग या 100% क्या है? पितृ दोष है ना? दोष कैसा बना पहले आप जानिए। तो उसका बैलेंसिंग आपको मालूम हो। पितृ दोष बनता है कि खानदान में मम्मी साइड, डैडी साइड कोई गड़बड़ हो गया। गड़बड़ माने रिलेशनशिप में गड़बड़ हो गया। वह सब जो कर्ज है ना वो कहां जाएगा? आप अकाउंट में कर्ज बने इट इज़ नथिंग बट एनर्जी। एनर्जी कैन नॉट बी डिस्ट्रॉयड
(28:34) या इट ट्रांसफॉर्म्स वन फॉर्म वेयर एक्सीलेंट क्वेश्चन। एक्सीलेंट क्वेश्चन इट इज़ इन अ स्पेस व्हिच यू कैन नॉट सी विथ यू विथ मी एवरीवेयर इज़ एनर्जी। यू कैरी योर ओन मेमोरी। सीडी में जब हम लोग क्या करें? जेनेटिकल इनफार्मेशन स्पीड आ गया। दूसरा क्या आता है मालूम आपको? जेनेशन इंफॉर्मेशन फील्ड के साथ सीडी के अंदर अपना जींस इफेक्ट आया। उसके साथ सीडी के अंदर अपना कर्मा आया, फिजिकल स्ट्रक्चर आया और रिमेनिंग एक थोड़ा सा परसेंटेज एम्प्टी रहेगा। एम्प्टी सीडी में हम अपना खुद का इनेशन को लोड करेंगे। जैसे आपका नाम नाम कब लगाए? 11th डे आपको जुले में डाल के नाम लगाए।
(29:17) हम तो आज आपका नाम आ गया तो कल से बुलाया तो आप बोलेंगे क्या नहीं बोलेंगे नहीं जवाब देंगे आपको लगेगा 5 महीने आपका मेमोरी में आपका नाम रिकॉर्ड आने का ओके जब आपका नाम आ गया उसके बाद में क्या आता है आपका टेस्ट अच्छा टेस्ट बुरा टेस्ट मेरे को ये अच्छा नहीं लगता नाम के बाद आता है हां तो नाम करने के बाद क्या करते हैं टेस्ट खिलाते हैं ना आपको हमारे पास तो अन्न खिलाते हैं हम तो अन्नप्रास बोलते हैं उसको हम लोग हम तो इसी तरीके से डिफरेंट प्लेसेस में उनके रिचुअल के साथ टेस्ट देते हैं। पहले नाम बाद में टेस्ट। एक छोटा एग्जांपल बताता हूं। फ्रीक्वेंसी
(29:55) कितना बड़ा होता है आपको इधर खाने का आया ना? हां। आप एक काम करिए वेजिटेरियन बच्चे को लेके आ के मटन शॉप के पास लेके जाएंगे। क्या बोलेगा? उसको अच्छा डर लगेगा? हां। डर लगेगा। दूर से चले जाएंगे। मैं प्योर वेजिटेरियन हूं। जब मेरे ट्यूशन जाता था छोटेपन में मटन शॉप रहता था एक लेन में। तो मैं वो लेन क्रॉस करने के लिए मैं दूर से चलता था। मेरे को डर लगता था वहां से जाने वही जो पेेंटल नॉन वेजिटेरियन फैमिली है वही बच्चे को आप जाके नॉन वेजिटेरियन मटन शॉप के पास लेके जाइए क्या फील करेगा एन्जॉय करेगा वो तो बोलेगा अच्छा छोटा-छोटा करो अच्छा
(30:28) खा लेंगे यही सोचेंगे बिल्कुल तो फ्रीक्वेंसी में डिफरेंस ये है खाने में ये किधर से आया जींस से आया बट ये तो एकदम लॉजिकल है ना कि जो बच्चे ने हमेशा घर में नॉनवेज पकते हुए देखा है नहीं उसके लिए पहली बार बता रहा हूं अपन अच्छा फर्स्ट टाइम फर्स्ट टाइम बता रहा हूं बाद का नहीं बता बता रहा हूं। फर्स्ट टाइम का बता रहा हूं। आप नॉन वेजिटर फैमिली से फर्स्ट टाइम फाइव इयर्स का तीन साल का बच्चे को लेके जाइए। मतलब उसके अंदर बाय डिफॉल्ट ऑटोमेटिकली लव फॉर सर्टेन थिंग्स एंड हेट फॉर हेट फॉर सर्टेन थिंग्स ऑटोमेटिकली रहेगा। एक्सक्ट्ली ये सीडी से आ रहा है पूरा
(31:02) इनेशन फील्ड से। इस सीडी में ये सारा इनेशन फीड कैसे हो रहा है? तो अभी हम जो मिले आज ये फ्रीक्वेंसी के बारे में सुन रहे हैं बात कर रहे हैं। आज जो मैं पॉइंट बता रहा हूं यह वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है। इससे ही इंफॉर्मेशन फील्ड कहां से शुरू हुआ? हम कैसे कनेक्ट कर सकते हैं? और अपना खुद का इनेशन फील्ड कहां है? आप जो क्वेश्चन पूछे ना ये अगर मालूम है ना उसको हैक कर सकते हैं। या ऐड सब भी कर सकते हैं। एक्सक्टली। अच्छा आप कुछ भी कर सकते हो। आप कुछ भी कर सकते हो। अच्छा तो इंफॉर्मेशन फील्ड बना है अपने बॉडी के बारे में पहले जाने तो आपको इनफेशन फील्ड
(31:38) कहां है आपको मालूम होगा फर्स्ट अपने बॉडी के बारे में जानेंगे अपने बॉडी इज मेड अप ऑफ फिजिकल बॉडी फर्स्ट लेयर करेक्ट राइट सेकंड बॉडी इज मेंटल बॉडी थर्ड इज़ स्पिरिचुअल तो फर्स्ट हम फिजिकल बॉडी के बारे में बात करेंगे व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ़ फिजिकल बॉडी एक बार देखेंगे बॉडी ऑर्गन्स से बना ऑर्गन्स टिश्यू से बने टिश्यू के अंदर तो मॉलिक्यूल्स हैं मॉल के अंदर सेल्स हैं सेल के अंदर एटम है सब एटम पार्टिकल है सब एटम पार्टिकल नथिंग बट एनर्जी वाइब्रेशन एंड फ्रीक्वेंस माने हम जो खाना खा रहे हैं वो न्यूट्रिएंट्स पूरे सेल के अंदर जा रहे हैं हम
(32:10) और माइट्रोकांड्रिया सेल लेवल में वो एनर्जी में कन्वर्ट हो रहे हैं। राइट वो एनर्जी लेके सेल्स काम कर रहे हैं। ये तो हम लोग को सबको मालूम हो गया। तो मैं क्या बता रहा हूं वो सेल को कौन काम करा रहा है। फॉर एग्जांपल आप मेरे को देख रहे हो। वो तो मेरे को देखना बोल के आपको कौन ये एनर्जी सब एक्सक्टली देयर यू आर माने आपका बॉडी का आई सेल को मेरे को देखने के लिए आपका माइंड क्या कर रहा है? इनफ्लुएंस कर रहा है। राइट? राइट? इंस्ट्रक्शन दे रहा है। इंस्ट्रक्शन दे रहा है। तो माइंड के अंदर क्या है? माइंड में बना है मेमोरी। मेमोरी। राइट?
(32:40) फिजिकल बॉडी की डेफिनेशन सेल्स है। माइंड माइंड के अंदर क्या रहता है? मेमोरी। मेमोरी। ओके? मेमोरी को हम लोग क्या बोलते हैं? इनेशन फील्ड बोलते हैं। एक्सक्ट्ली। दैट्स ऑल। समझे होंगे आप। राइट? तो मेमोरी में क्या रहता है? इनेशन फील्ड। आपका सेलफोन है ना? अगर उसके अंदर मेमोरी चिप निकाल देंगे तो सेलफोन का कितना वैल्यू है आपका? जब तक उसके अंदर इंफॉर्मेशन है। उसके वैल्यू है वैल्यू है। इंफॉर्मेशन नहीं है तो वैल्यू नहीं है। आज आप मेरे को बुलाए मेरे में इंफॉर्मेशन है। इसलिए आप मेरे को रेस्पेक्ट करके सुन रहे हैं। अगर मेरे अंदर इंफॉर्मेशन नहीं है।
(33:12) मेरे अंदर वैल्यू नहीं है इंफॉर्मेशन का। आप सुनने के लिए रेडी है तो इंफॉर्मेशन फील्ड को फील्ड ही बॉडी को चलाता है। इंफॉर्मेशन फील्ड ही स्पिरिचुअल बॉडी को भी चलाता है। मेडिकलली कोई अगर एक्सीडेंट हो गया उसका मेमोरी लॉस हो गया तो डॉक्टर्स क्या बोलेंगे? उसका पार्ट्स ले जा सकते हैं। तो इंफॉर्मेशन में क्या हो गया? पहला इंफॉर्मेशन जैसा हम डिस्कस कर रहे थे नाम आ गया। फिर बाद में काम आ गया। हम सोच विचार आ गए। बीमारी कहां से आता है? पहले मैं जब सोचता था कि बीमारी क्यों आती है? हम तो क्यों आता है? बोले तो मैं सबको पूछा तो बोले कि लाइफस्टाइल लाइफस्टाइल मतलब
(33:48) क्या है? लाइफ स्टाइल तो सुबह जल्दी उठना, रात में जल्दी सो जाना और पोल्यूशन, रेडिएशन ये सब कुछ-कुछ की बताते रहते हैं। तो मैं कंफ्यूज हो गया था। वो अपने बॉडी को कैसा वो इन्फ्लुएंस कर रहा है। हम फॉर एग्जांपल पोलशंस में अभी दिल्ली में पोलशन इतना है। ये अपने बॉडी को कैसे इन्फ्लुएंस कर रहा है। तो ये मेरे को एक क्वेश्चन मार्क था। जब फ्रीक्वेंसी वर्ल्ड में मैं आया ना तो मेरे को इजी हो गया कि बीमारी कैसा बॉडी में एंटर होता है। कौन सा भी थेरेपी में मेरे को अभी तक कैसा बीमारी एंटर होता नहीं मालूम मगर फ्रीक्वेंसी में मेरे को
(34:23) मालूम हो गया सीक्रेट कैसे कैसे एग्जांपल आप एक काम करिए रोज चाय पीना शुरू कर दे सुबह उठके ओके एक ही टाइम पे 7:00 बजे तो थोड़े दिन के बाद क्या हुआ था हमें आदत पड़ जाएगी उस चाय में आपकी इनफार्मेशन फील्ड में चाय आ गई ना राइट माइंड में आ गया चाय तो आप क्या होगे चाय वाले होगे हम माने विदाउट टी यू कैन एट लीव मींस योर मेमोरी हैज़ एक्सेप्टेड व्हाट टी टी करेक्ट इट नीड्स टी एक्सक्टली आप कुछ भी चीज बॉडी के अंदर डालना शुरू करें इनेशन में वो अडॉप्ट कर लेगा अभी आपका नाम चेंज कर दूं ना गुंजन बताए दूसरा नाम से बुलाऊं तो क्या लगेगा आप
(35:00) क्या बोलेंगे नहीं नहीं भाई ऐसा नहीं करूंगी मैं तो एक्सेप्ट नहीं करती मेरा नाम तो यही है मेरा नाम रघु है आपका नाम गुंजन है हम तो इनेशन फील्ड में रिकॉर्डेड है ओके इनेशन फील्ड रिजेक्ट नहीं करेगा हैप्पी नहीं होगा उसका एक्सेप्ट भी नहीं करेंगे राइट इसी तरीके से आप क्या करिए रोज थोड़ा-थोड़ा टेंशन डालना ना शुरू कर दीजिए। स्कूल का टेंशन, मम्मी से दूर होने का टेंशन, थोड़ी देर के लिए बच्चा थोड़ी देर के लिए मम्मी आपसे बिछड़ गए तो कैसा लगेगा? टेंशन आएगा ना? टेंशन आएगा। तो टेंशन शुरू हो गया है। तो रोज टेंशन लेना शुरू करे लेना शुरू करे लेना। ये
(35:33) टेंशन बढ़ते बढ़ते बढ़ते एक दिन क्या हो गया मालूम? हाइपरटेंशन हो गया। मैं बोल रहा हूं टेंशन शुरू हुआ है। हाइपरटेंशन आपका इंफॉर्मेशन फील्ड में टेंशन डालने से। इंफॉर्मेशन फील्ड से टेंशन हटाइए। हम वो कोई हटा रहा नहीं। पोस्टपोन कर रहे हो आप। इसलिए स्ट्रोक्स आ रहे हैं दवाई लेने के बाद। नेक्स्ट वेरी इंपॉर्टेंट कौन सा है आज दुनिया बुरे में? डिप्रेशन। डिप्रेशन एग्जैक्टली। तो डिप्रेशन कहां से आ रहा है? आपको इनेशन फील्ड में जो आपको जो चाहिए वो नहीं मिला है। जिंदगी में सक्सेस जो नहीं चाहिए वो भी। टाइमली अगर किसी को सक्सेस नहीं मिला,
(36:06) उसका सक्सेस पोस्टपोंड होता गया। उसका एक्सपेक्टेशन मीट नहीं हुआ तो क्या हुआ? उसको डिप्रेशन आ गया। तो उसको सक्सेस चाहिए ना उसके इनेशन फील्ड में। हम तो किसके लिए काम करना है वह सक्सेस के लिए काम करना है यह अभी तक मैं बताया ह्यूमन बॉडी के इनेशन फील्ड के बारे में तो आप मानते हो कि हम खुद इनेशन फील्ड से वो राइट इंफॉर्मेशन फील्ड से ही चल रहे हैं मेरा एक यहां पे फॉलो अप क्वेश्चन है अगर किसी का इंफॉर्मेशन फील्ड जो है जो इनेशन स्टर्ड है वो अलग है और उसकी विशेस ड्रीम्स एस्पिरेशंस अलग हैं व्हाट विल विन मैं एक एग्जांपल के साथ बोलती हूं लेट्स
(36:42) से कि किसी के घर में जो लाइफस्टाइल है, खाने पीने की आदतें हैं, बहुत अनहेल्दी है, रहता है सब कुछ। बट नाउ दिस पर्सन डिसाइड्स टू बी हेल्दी। दिस पर्सन डिसाइड्स और विशेस टू हैव अ फिट बॉडी। उसने बचपन से अनहेल्दी खाया है, जंक खाया है। अपने घर में इस तरह का माहौल देखा है। बट अब उसको इसको चेंज करना है। तो इंफॉर्मेशन तो सारी की सारी अलग तरीके से स्टर्ड है। और यहां पर नाउ दिस पर्सन इज़ ट्राइंग टू चेंज हिज और हर रियलिटी। सिमिलरली लेट्स से कि कोई इस तरह के घर में पैदा हुआ है जहां पर गरीबी देखी है। हैंड टू माउथ रहे हैं। बहुत ज्यादा
(37:18) अबंडेंस नहीं रही है। नाउ दिस पर्सन वांट्स टू चेंज हिज और हर आइडेंटिटी और हिज और हर रियलिटी वांट्स टू अचीव बिग इन देयर लाइफ। यहां पर तो एक अ वॉर हो गई ना बिटवीन इनेशन एंड बिटवीन ड्रीम्स एंड विशेस। करेक्ट। सो हाउ इज इट डिसाइडेड दैट व्हाट विल विन? हम लोग बोलते थे कि कुछ अगर नेगेटिव बोल दिए हम मुंह में से कोई गलत बात निकल गया हमारे पुराने लोग क्या बोलते थे ये गलत है ऐसा नहीं मत बोलो ऐसा मत करो ऐसा मत सोचो ये क्यों बोलते थे दे अवेयर अबाउट इंफॉर्मेशन फील्ड हैंडलिंग हम्म हम्म वेयर एज ये मॉडर्न सोसाइटी में क्या हुआ हम लोग पूरे बिजी हो के इंफॉर्मेशन फील्ड
(37:58) को भूल गए आप लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन सुने हो हां जी लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन में क्या बोलते हैं कि आपको पैसे बनाना है तो यू नीड टू टेक अ ड्रीम ऑफ़ अबेंडेंस राइट हम तो अगर ये आप जो क्वेश्चन पूछे जो बंदे का एग्जांपल दिए पहले उसका लाइफ स्टाइल चेंज करने के लिए पहले उसको इनेशन फील्ड चेंज करना है। इनेशन फील्ड के साथ फाइव एलिमेंट्स को उसको अटैच होना है नेचर के साथ देन ओनली उसका अमेशन है ना सक्सेस आता है। यहां दोनों चीज अलग-अलग है गुंजन जी। एक क्या है? इनेशन फील्ड एक क्या है? सपोर्ट ऑफ नेचर। राइट? अगर मैं इनेशन फील्ड स्ट्रांग कर दिया नेचर से सपोर्ट नहीं लिया। मैं आई एम नॉट
(38:35) गोइंग टू अबेंडेंट। दोनों को करना है। फाइव एलिमेंट्स को करना है मटेरियलिस्टिक लाइफ के लिए। ओके? क्योंकि जो मैं व्हीकल में जा रहा हूं मैं अचीव करने के लिए करोड़ों रुपए उसके लिए मेरा व्हीकल कितना स्ट्रेंथ में रहना है। दैट इज वेरीेंट। एंड हाउ माय बॉडी गोइंग टू बी स्ट्रांग। आई नीड टू टेक अ सपोर्ट ऑफ नेचर। फाइव एलिमेंट्स से नेचर से मेरे को सपोर्ट लेना है। कैसे ये सपोर्ट ले सकते हैं? अभी छोटा एग्जांपल बताता हूं। फाइव एलिमेंट्स में आपको क्या-क्या मालूम है? फर्स्ट वन क्या है? फायर। पैर रिप्रेजेंट कौन है जो सुबह उठ के आप देखते हो पहले या एक्सीलेंट जो
(39:12) प्राण आता है वो सूरज से आता है। सूरज से आता है। तो अंडरस्टैंडिंग के लिए पहले क्या करो? नेचर में जाओ। नेचर के लिए पहला स्टेप क्या है? सूरज भगवान को 6 टू 6:30 अपना टाइम है। और और एक बात बताता हूं। आप जो सूरज के किरण ले रहे हो सनलाइट हां जी। वो टाइम पे आप लिए तो ही आपका जो खाना है ना वो ट्रांसफॉर्म होता है। वो एनर्जी में कन्वर्ट होता है। हम इसलिए लेट लेट नाइट सोना लेटाई उठ रहे हैं ना उन लोगों को क्या हो रहा है आजकल? मेटाबॉलिज्म डिस्टर्ब हो रहा है। मेटाबॉलिज्म में क्या हो रहा है? वो खा रहे हैं फैट में कन्वर्ट हो रहा है।
(39:43) फैट मैकेनिज्म डिस्टर्ब हो रहा है। फिर नेक्स्ट फाइव एलिमेंट में नेक्स्ट क्या है? जल। तो वाटर में क्या है? पानी कितना पिया आज दिन भर में आप? तीन चार लीटर तो पीती हूं। कैसे पीते हो? ग्लास से बोतल से हम फ्रीक्वेंसी में पीते हैं पानी को बात करके पानी को कुछ बता के अच्छा ही उसको हम लोग पानी नहीं पीते नॉट ओनली सुबह का गुंजन जी पूरा दिन पूरे में जो भी पानी पीते हैं ना मैं पीता हूं उसको बोल के पीता हूं ए्री टाइम ए्री टाइम क्या बोलते हो मैं बोलता हूं आज का पडकास्टिंग अच्छा हो जाए और मेरा सब लोगों को मेरा इनफार्मेशन अच्छा चले जाए उससे मेरे को ब्लेसिंग मिले
(40:20) यही पूछ के अभी मैं वाइब्रेशन कराए आपको जो चाहिए वो बोलिए हम आपको पैसे चाहिए उसको बोलिए। हम आपको हेल्थ चाहिए उसको बोलिए। हम पुराने जमाने में आप देखे होंगे। अभी भी मैं गांव में देखता हूं कि वो बोलते हैं कि आप दवा लेने से पहले भगवान को दिखा के आप फील करके लो। ऐसा मैं कुछ देखा हूं। आप भी देखे होंगे ट्रेडिशनली। सो दैट आई एम टेलिंग अबाउट। और तीसरा क्या है? अर्थ। मैं एक क्वेश्चन है कि आप कितने दिन हो गया अर्थ पे जमीन पे चल के? तो मैं ये क्वेश्चन मैं कई लोगों को पूछता है। तो वो लोग बोलते हैं अर्थ के बगैर मैं कैसे चलता हूं? रोज तो अर्थ के ऊपर ही चलता हूं।
(40:52) नहीं बे फुट। हम ग्राउंडिंग ग्राउंडिंग यस सो हम जो बात कर रहे हैं ग्राउंडिंग आज ग्राउंडिंग नहीं करने से क्या हो रहा है जो ऊर्जा प्राण शक्ति हम नेचर से आ रहा वो अपने बॉडी में कंडेंस हो रहा है वी आर द बेस्ट कंडक्टर्स फॉर द नेचर राइट राइट राइट राइट जब कंडेंस हो गया आपका एनर्जी और एक्सेस एनर्जी हो गया वो किधर जाना है ओवर हो गया उसको कर नहीं पाते वो एनर्जी इमंबैलेंस हो गया एक्सेस हो गया आपको इलेक्ट्रोसेंसिटिटिविटी भी आ गया कुछ भी टच कर शॉक भी लगते है थोड़े लोगों को क्योंकि उनको अर्थिंग नहीं हो रहा मींस उनका कंडेंसर कंडक्टर जो सिस्टम है ना वो
(41:26) ब्रेक हो गया है। वह ब्रेक हुए तो क्या होता है मालूम सेल इमंबैलेंस इलेक्ट्रोलाइट्स इमंबैलेंस सोडियम क्लोराइड फ्लोरीन तो इसलिए क्या करना है सभी लोगों को ग्राउंडिंग करना है हम अच्छा आप बताइए अभी इतने लोगों का सुन रहे हैं ना आप क्वेश्चन पूछिए ओपनली दिल पे लगा के कि कितने दिन हो गया ग्राउंडिंग करके हम मेरे को तो मेरे पास कैसे लोग आए हैं घर में भी चप्पल हम बाहर में भी चप्पल घर में लिफ्ट और कार में जाएंगे फिर शॉपिंग मॉल जाएंगे फिर बाद में शॉपिंग मॉल में चप्पल में रहेंगे फिर वापस घर आएंगे सोते वक्त शायद शायद चप्पल निकाल रहे सोच रहे ऐसा सोच रहा हूं मैं।
(41:59) सो ग्राउंडिंग जिसकी बात कर रहे हैं सर वो ये है कि बेयर फुट जमीन पर चलना नंगे पांव जमीन पर और हो सके तो आई थिंक घास पर या इस तरह की सोइल पर चलने से और ज्यादा बेनिफिट है। सोइल पे चलने से इसलिए पुराने जमाने में सोइल पे चलते थे। इसलिए उनको घुटने का दर्द नहीं। नहीं होता। जो चप्पल लेकर चल रहे हैं उनको सबको घुटने का दर्द हो गया। हम क्योंकि उनके बॉडी में एनर्जी सप्लाई डिस्टर्ब हो जा रहा है। एनर्जी ट्रांसमिशन डिस्टर्ब हो रहा है। हम लोग एनर्जी बॉडी के बारे में बात कर रहे हैं। ब्लड सर्कुलेशन के बारे में नहीं। ब्लड सर्कुलेशन छोटी बात है। हम जो बात कर
(42:32) रहे हैं। तो ग्राउंडिंग इज वेरी इंपॉर्टेंट। फायर, वाटर, अर्थ। नेक्स्ट एयर। एयर। कभी एयर देखे आप? इन्हेल करिए। इन्हेल करिए। तो ऑक्सीजन बोलते हैं ना? O2। तो हम लोग क्या करते हैं? दो ऑक्सीजन लेते हैं। हम्म। तो बॉडी में से एक कार्बन डाइऑक्साइड को लिफ्ट करते हैं। CO2 कार्बन डाइऑक्साइड राइट? तो अपने बॉडी में जो हम कार्बोहाइड्रेट्स खाते हैं उसमें से कार्बोहाइड्रेट जो खाए वो सब क्या होता है? ब्लड में जाके कार्बन मिल रख रह जाता है और बाकी पूरे न्यूट्रिएंट्स बॉडी में ऑब्जर्व है। तो आपको भी मालूम है एनर्जी में कन्वर्ट हम जो कार्बन है ना अपने बॉडी में उसको
(43:08) निकालने के लिए हम लोग क्या कर रहे हैं? ऑक्सीजन का ओरिया ले रहे हैं। तो कैसा ऑक्सीजन चाहिए आपको? दिल्ली का ऑक्सीजन कैसा है? अच्छा है ना? प्योर ऑक्सीजन। एकदम दिल्ली जैसा दिल्ली जैसा ऑक्सीजन सेंटर आने वाले है गुंजन जी ये देखिए आगे जाके यस तो ऑक्सीजन को आपको पहले हम लोग ऊर्जा का खरीदने के लिए पानी खरीदना शुरू कर दिया अभी तो आगे जाके ऑक्सीजन भी खरीदेंगे क्या आपको जाएगा ऑक्सीजन स्टेशन में और ऑक्सीजन थोड़ा लेंगे फिर वापस जाएंगे ऐसा दिन आने वाले हैं तो हम लोग क्या कर रहे हैं फाइव एलिमेंट्स में ऑक्सीजन से दूर हो गए व्हाट ऑक्सीजन O2
(43:41) व्हाट आई एम टॉकिंग अबाउट प्योर ओरिजिनल प्योर क्लीन क्लीन नीड नो नो वे तो ये हो हो गया ऑक्सीजन आपका तो आप कितना ऑक्सीजन ले रहे हो कहां रह रहे हो आप देखिए आपको इसका और एक एग्जांपल बताता हूं हम जब शहर से दूर गए वहां जाने के बाद भूख ज्यादा लगता है ना हम क्यों वेकेशन पे होते हैं तो वैसे भूख ज्यादा लगता है टेस्ट भी फूड लगता है वही फूड रहता है वहां टेस्ट ही लगता है क्यों मालूम वहां ऑक्सीजन ज्यादा अच्छा रहता है एनरच ऑक्सीजन होने से आपका ब्लड सेल्स को बॉडी में ऑक्सीजन अगर ज्यादा हो गया है आपका मूड भी अच्छा होता है और आप ज्यादा
(44:12) ऑक्सीजन यहां पोल्यूटेड ऑक्सीजन में तो आप स्ट्रेस भी हो जाते हो फटीग हो जाते एग्जॉस्ट हो जाते हो। तो बताइए तो फाइव एलिमेंट से आप दूर रह के अबेंडेंट इनेशन फील्ड चाहिए। राइट? ये तो एक तो आपके व्हीकल ही खराब हो गया। जब एक तीन-चार दिन हम हिल स्टेशन पे बिता के आते हैं तो कितना माइंड फ्रेश फील करता है। रेजुमिनेटेड फील करते हैं। एंड अगर हम पूरी लाइफ उस तरह की क्लीन एयर में बिताएं तो पूरी लाइफ कितनी रेजिनेटेड रहेगी। जब मैं स्टडीज में था तो मेरे को अभी भी याद है तो मैं क्या करता था? हिल स्टेशन में जाके एग्जाम के पहले 15 20 दिन पढ़ के
(44:44) आ जाता था। हम् क्लास आने के लिए हम यह भी ट्रिक है स्टूडेंट्स के लिए अगर यूज़ करें तो डेफिनेटली दे विल हेल्प इट यहां अर्बन पोलशन बैठ के पढ़ने में आपका बॉडी में वो इतना रिकॉर्ड नहीं होगा इनेशन फील्ड क्योंकि देखिए आपका इनेशन फील्ड जब फ्रेश नहीं है आप क्या लोड करना चाह रहे हो राइट मतलब टॉक्सिंस को तो हम इन्हेल कर रहे हैं ऑलरेडी आप इंपर्ड हो और नया चीज डाल रहे हो तो बॉडी एक्सेप्ट किधर तक करेगा दैट आई एम टॉकिंग अबाउट या नेक्स्ट एलिमेंट ईथर मैं वही बात कह रहा हूं ईथर इज इज़ नथिंग बट स्पेस इंफॉर्मेशन फील्ड माने आप देखिए उधर इतना बड़ा ईथर है
(45:20) इतना बड़ा इनेशन है तो मेरा अगर अच्छा इनफेशन है हम तो क्या होता बताइए मैच हो जाएगा एक्सक्टली ट्रांसफर होगा ट्रांसफर होगा अगर मेरा इन मेरे इधर मेरी इनेशन फील्ड हम नेगेटिव वाला है और इधर पॉजिटिव बड़ा इन करेगा फिर वो ये रिपेल करेगा अट्रैक्ट करेगा रिपेल करेगा रिपेल करेगा और उसका इन्फ्लुएंस क्या आएगा नेगेटिव ही आएगा आप जो आज रेपिस्ट बता रहे हैं इन लोगों का जो भी काम में वो इंडिविजुअलाइज है। प्लस माइनस नॉट रिलेटेड टू कॉस्मक्स। कॉस्मक्स से उसको लेना देना कुछ नहीं है। इसलिए अच्छा चीजों में आपको तरक्की मिलती है। हम हम सुनते थे ना बुरे चीजों में तरक्की
(45:57) नहीं मिलती है। मतलब क्या है? उसके एंड कभी भी क्या होता है? बुरा ही होता है। होता है। तो अगर आपको फाइव एलिमेंट में जो स्पेस को कनेक्ट करना है ना आकाश को आकाश तत्व को आपको क्या करना है? आपका तत्व है ना उसको मैच करो। यह मैं मजा आना चाहता हूं। सबसे पहले सन एलिमेंट फायर एलिमेंट तो जिसके लिए आपने बोला तो सुबह और शाम सन रेज अब्सॉर्ब करनी है। दूसरा वाटर जैसा हमने डिस्कस किया हमारी बॉडी इज मोस्टली वाटर। तो हमें पानी को एनर्जी करके पॉजिटिव इंटेंशंस के साथ लेना है। थर्ड अर्थ जिसके लिए हमने बात करी अर्थिंग की या ग्राउंडिंग की। जितना हो सके नंगे पांव
(46:38) जमीन पर चलना है। देन फोर्थ हमने बात की एयर की। जिसजिस के लिए पॉसिबल है, जितना पॉसिबल है क्लीन प्योर ऑक्सीजन को इन्हेल करना है। एंड फिफ्थ इज द ईथर दैट इज स्पेस। सो यहां पर हम बात कर रहे हैं नॉलेज की अपने कर्माज़ की जिसको पॉजिटिव रखना है एंड सो दैट हम जो प्राण से अल्टीमेट सोर्स से कनेक्ट कर सके। एक्सक्टली देयर यू आर अभी आपका फाइन एलिमेंट बन गया। बन गया। अभी रेडी है आपका। किसके लिए? आपके इनफेशन फील्ड को डील करने के लिए। ओके। इनको साथ में ले अगर इन फील्ड गए आप तो आपको अच्छा बुरा का विश्वास आएगा डिफरशिएट आएगा ओके और अच्छा करने का इंटशंस आएंगे
(47:20) और सामने वाले से कैसा बात करना ये नेचर सिखाएगा ओके ओके ओके हमको जाके क्लासेस नहीं करना है हम पर्सनल डे डेवलपमेंट क्लासेस ये सब नहीं करना है तो नेचर से ही आ जाएगा आपको बिकॉज़ नेचर में सब कुछ सब कुछ अवेलेबल है उसमें से कोई नहीं इनफार्मेशन मैच कर गई ना अब हमारा ट्रांजैक्शन इजी हो जाएगा मेरा मेरा बहुत सारा प्रैक्टिस यही रहता है गुंजन जी डे पूरे में मैं यही करते रहता हूं ओके मैं अगर आप बोले कि मैं यहां नीचे बैठ जाओ मैं बैठ जाता हूं क्योंकि मेरे को नहीं मालूम कि नेचर से वहां बच्चे क्यों बैठो बोले हम और ऊपर बैठो तो ऊपर बैठ जाता हूं मैं मैं
(47:52) ये दुनिया में नहीं हूं मैं इनेशन फील्ड में काम कर रहा हूं तो मेरे को मटेरियलिस्टिक लाइफ से अभी कैसा हो गया बोले तो रिपल्शन शुरू हो गया है मैं मैं नहीं बोल रहा हूं कि ये सब मैं ही डिराइव करा कि मैं सीखा है नेचर से मैं सीखा हूं तो मैं किधर तक सक्सेस हुआ मेरे को भी नहीं मालूम। मगर मैं सोच रहा हूं कि मेरे टिप्स से अगर कोई नेचर ट्रांसफॉर्म कर लिया मैं अब डिस्कस कर रहे थे कि एक सोल ट्रांसफॉर्मेशन राइट? दैट इज विल बी पॉसिबल वि द ओनली फाइव एलिमेंट कनेक्शन। हम अगर आप मम्मी डैडी के साथ रख के जिंदगी भर चला रहे हो। आपको मम्मी डैडी गलती करने
(48:26) देंगे क्या? हम रोकेंगे ना? यस। पक्का। तो यही नेचर करेगा। आपको गलती नहीं करने देगा। हम जो नेचर से हटके हैं ना उनका एक जा एक बार जाके देखिए उनका लाइफ स्टाइल क्या है। पूरा देखिए उनको रीड करिए आप पर्सनली तो आपको समझ में आएगा कि उसको क्यों गलती हुआ वो क्यों फेल हुआ राइट? लाइफ में एक्सैक्टली जैसे कुछ लोगों का हम देखते हैं कि इंट्यूटिव पावर बहुत स्ट्रांग होती है करेक्ट या उनकी हम कहते हैं कि गट फीलिंग्स बहुत स्ट्रांग होती है। वो प्रिडिक्ट कर लेते हैं। तो ये जो हमें लगता है कि शायद उनका दिमाग तेज है या फिर उनकी इंट्यूशन पावर
(49:00) तेज है तो बेसिकली दे आर मोर अलाइंड विथ द नेचर। एक्सक्ट्ली यही है। और इनफैक्ट अगर हम इसी का एक एक्सट्रीम एग्जांपल ले लें जो कि साधु महात्मा सेंट्स जो उस लेवल पे पहुंच जाते हैं। बेसिकली देर ओरा इज मच मोर करेक्ट क्लीन देन आवर्स। एक आप पाठशाला मालूम वेद का पाठशाला रहता है। राइट? उधर वेद सीखते हैं। मेरे को बताइए चार वेद जो बोलते हैं ना उसको अगर एक वेद भी कंप्लीट करने के लिए एक बच्चे के लिए उसका लाइफ खत्म हो जाएगा। हम सही है ना? उसको समझना फिर उसको बोलना उसको प्रज़ करना प्लीज़ करना ये सब रहता है ना तो एक बच्चा ऐसा कैसा करते हैं कि 10 साल
(49:36) में वो वेद पूरा सीख लिया क्यों मालूम है आपको वो फाइव एलबेंट में उसको तपाते हैं अच्छा या अपने इंडियन ट्रेडिशनल साइंस सो दैट मींस किसी को लाइफ में कोई भी बड़ी चीज अचीव करनी है या फिर अपने विशेस ड्रीम्स को पूरा करना है जो मैंने शुरुआत में पूछा भी था। चाहे वो कोई हेल्थ से रिलेटेड गोल हो या फाइनेंसियल गोल हो, कोई भी गोल हो, जितना इन पांच एलिमेंट्स के पास रहेंगे, उतना आपकी लाइफ आपके कंट्रोल में ज्यादा होगी। एक्सैक्टली फाइव एलिमेंट को प्रैक्टिस करो। कैसा बीमारी आता है? अभी मैं बताया आपको टेंशन लेने से बीमारी आता है। टेंशन झेलने का
(50:11) कितना बड़ा सोर्स है। उसको यूज़ करो ना निकालने का टेंशन। आपको मालूम पुराना जमाने में अभी भी मैं एक बताता हूं टेंशन के बारे में। अभी हमारे अपार्टमेंट में मैं विलास में रहता हूं तो मेरे विलास में कोई गुजर गया तो रोना नहीं है। गांव में जाके देखा इतना रो लेते इतना रो लेते कि भाई वो ये लोग जो रोते हैं ना उनको देख तो लगा यह खत्म हो जाएंगे इतना रो लेते तो अभी केमिस्ट्री देखे तो क्या हंसने से अच्छा रोने में जो केमिस्ट्री बॉडी का है ना वो स्ट्रांग होता है अच्छा हां थोड़े एंजाइम्स थोड़े एंजाइम्स जो रिलीज होते हैं रोने से वो बॉडी के लिए अच्छे
(50:45) होते हैं हंसने से भी ज्यादा आपने टॉक्सिनस बाहर निकलते हैं टॉक्सिंस नहीं निकलते बट थोड़ा केमिस्ट्री कॉर्टिसोल्स के लिए डोपामाइनस के लिए जो व्हिच इज व्हाई वी फील बेटर आफ्टर क्राइंग एक्सक्ट्ली और और एक बात बताता हूं। इंफॉर्मेशन फील्ड में से हम नेगेटिविटी निकालने के लिए बेस्ट सोर्स क्राइंग मींस रोने से क्या होता इंफॉर्मेशन फील्ड क्लीन होता है। वो साइन है फिजिकल बॉडी का। तभी जब लोगों को रियलाइजेशन होती है। डीप रियलाइजेशन दे मोस्टली क्राई। करेक्ट। आप देखो क्लास में फर्स्ट आ गया तो गोल्ड मेडल हो गया ना वो भी क्राई करेगा।
(51:18) क्यों? उसका इन इतना ओवरलोड हो गया कि पढ़ पढ़ के पढ़ पढ़ के उस दिन उसको निकालना एक्चुअली बहुत ज्यादा एक्सेसिव हैप्पीनेस में भी इट लीड्स टू क्राइंग जिसे हम खुशी के आंसू कहते थे बट खुशी का आंसू नहीं है वो आंसू ही है मतलब ओवरलोड ऑफ इन लीड्स टू क्राइंग क्राइंग गुंजन जी आपको मालूम है कि हमारे साउथ में जो कर्मकांड बोलते हैं हम गुजर जाने के बाद ये सब करते हैं हम लोग क्या करते हैं वहां पे वो समर में सन में तपाते हैं जला के बॉडी को फिर बाद में उसको स्टोन में प्राण को लेते हैं। ओ रियली मतलब वो पांचों एलिमेंट्स में वापस फिर वापस डिॉल्व करते हैं। नहीं तो ये
(51:53) शरीर जो है ना ये इनेशन फील्ड को नहीं छोड़ेगा। फिर भी नहीं छोड़ रहा है। आप तो सुने होंगे कपाल मोक्ष जब एक सोल को एक शरीर को जलाते हैं तबाते हैं। तो उनका जो स्कल है ना उसको टूटना उसको कपास यस यस। जब किसी को कपाल मोक्ष नहीं है उसको पुनर्जन्म में उसका इन्फॉर्मेशन फील्ड मालूम होता है। पर कैसे रह सकता है? जब सोल चली गई एक न्यू बॉडी में यह बॉडी तो पीछे रह गई। कि यहां पे जो भी वो है मेमोरी ग्लैंड या व्हाटएवर जो भी वो जिसको तोड़ते हैं वो तो एक फिजिकल चीज है ना जो यहां पे रह गई है। हाउ इट इज़ हाउ द इंफॉर्मेशन फ्रॉम दिस प्रीवियस बॉडी इज़ बीइंग कैरिड टू द न्यू
(52:29) बॉडी सोल चली गई है। बॉडी न्यू है तो ये तो व्हाट इज द रेलेवेंस? इंफॉर्मेशन में ट्रांसफर हो जाएगा क्या? वो इनफेशन एक्सिस्ट रहेगा। तो वो तो तोड़ भी देंगे तो तब भी चली जाएगी इन तो कहीं ना कहीं रह ही जाएगी। रह जाएगी। वो इंफॉर्मेशन को तोड़ के उनका इंफॉर्मेशन को कट करने का ट्राई कर रहे हैं। मगर इट इज नॉट पॉसिबल। थोड़े लोग आप सुने होंगे प्रीवियस बर्थ की भी कैरी करती है। एक्सक्ट्ली मैं एक एग्जांपल बताता हूं। मैं एक लड़की को मिला था। फ्रीक्वेंसी में काम करता हूं। मैं डिफरेंट-डिफरेंट फील्ड में मिल रहा हूं। वो लड़की कानपुर में रहती है। उसका
(53:00) पुनर्जन्म उसे याद आ गया। अच्छा। एक्चुअली उसका कन्नूर केरला में तमिलनाडु में कन्नूर केरला के पास उसका पुनर्जन्म उधर का थे। टीवी में मैं उसको देखा है। तो देख के मैं उसको जाके मिला। ओके। मैं बोला कन्नूर में क्या-क्या देखो उसका मम्मी डैडी सबका नाम बोल रही है। सब एड्रेस बता रही है। ये कैसा हुआ फिर? सो दिस ऑल ऑफ़ कई बार कुछ स्टोरीज बहुत सारे लोग हैं। जिनको अपना याद आया है। 13 साल के बाद याद आता है। सोल ही इनफेशन फील्ड है। सोल ही इनफेशन फील्ड है। सोल आप सोल बोल के सेपरेट क्यों बोल रहे हो? ये मैं बताना चाह रहा हूं। ये इधर गैप
(53:33) दिया इसलिए। व्हाट इज सोल? एनर्जी एंड इट हैज़ इनफेशन। यू हैव फर्स्ट इंडिविजुअल इनफार्मेशन फील्ड। आपका खुद का हम नेक्स्ट ग्लोबल इनेशन फील्ड व्हाट इज ग्लोबल इनफेशन फील्ड यहां बैठ के मैं दुनिया में किसी को भी हील कर सकता हूं। दिस इज़ कॉल्ड रेकी बोलते रहते हैं ना सब ग्लोबल इन फील्ड एंड थर्ड वेरीेंट इज़ यूनिवर्सल इन फील्ड व्हाट इज यूनिवर्स दिस इज अ ब्रह्मांड व्हाट वी कॉल वो ब्रह्मांड का जो प्राण है सूरज भगवान जो हम देख रहे हैं उनको पकड़ के हम लोग क्या कर रहे हैं आज हम जी रहे हैं ऐसा कितने ही ब्रह्मांड है कोटि-कोटि ब्रह्मांड बोलते इन संस्कृत कोटि मींस
(54:10) ग्रुप 13 करोड़ 13 करोड़ भगवान नहीं है 13 टाइप ऑफ भगवान है यक्ष गंधर्व किन्नर देवता भगवान यह अलग-अलग जो उनका ग्रुप है नॉट 13 करोड़ रॉन्ग सब लोग बोलते कोटि बोले तो संस्कृत में उसका मीनिंग क्या है ग्रुप सो व्हेन वी से कोटि-कोटि प्रणाम वी प्रणाम टू द नंबर ऑफ ग्रुप्स या एक्जेक्टली यू आर द ग्रुप ऑफ गॉड्स ग्रुप ऑफ गॉड सो जैसे आपने सोल की डेफिनेशन बताई इनफार्मेशन व्हाट इज द डेफिनेशन ऑफ गॉड एनर्जी इनफार्मेशन इज आल्सो एनर्जी एक्साक्ट्ली सो गॉड इज आल्सो एनर्जी एनर्जी यस। सो हाउ इज माय एनर्जी डिफरेंट देन गॉड्स एनर्जी? नो वी आर पार्ट ऑफ द एनर्जी। हम उसमें से
(54:53) उसमें से उसमें से हम लोग आए तो हम उसमें से आके मटेरियलिस्ट फॉर्म में हम लाइफ लिए। सो दैट वास द अल्टीमेट सोर्स ऑफ़ एनर्जी। ओनली वन एनर्जी। ओनली वन एनर्जी। उसमें से सब कुछ बनाया। सृष्टि पूरा किया या पंचभूत बने। पंचभूत से मटेरियल से अपना बॉडी बना। फिर वो बॉडी में से सो एनर्जी आया। एनर्जी आने के बाद अपना काम शुरू तो आप बोलते कि भ अपना काम कौन शुरू करे इतने लोगों के कान कौन असाइन कर रहे हैं ओके भगवत गीता तो आपको मालूम है श्री कृष्ण ने अर्जुन ने जब भगवत गीता का कंप्लीट सोर्स ऑफ ये करा तो अर्जुन पूछता है कि भाई आप बोले कि
(55:30) सृष्टि पूरा आप ही करें अच्छा भी मैं करा बुरा भी मैं करा ये फाइटिंग भी आज जो होने वाला है मैं ही सृष्टि करा ये सब बताया ना भाई तो अर्जुन के क्वेश्चन आया कि भाई ये सब क्यों करा रहे हो हम हम नहीं कराना था सही बात है मेरे भाई को ही तू तू ही क्रिएट करा। मेरे को भी तू ही क्रिएट करा और उसको तुम मारो बोल रहे हैं। तो दिस इज़ अब्सोलुटली रोंग। व्हाई यू डिड? तो श्री कृष्ण ने भगवत गीता में क्या बोला? मैं सृष्टि में सब जीव-जंतु सबको मैं बनाया। मैं उनका इनेशन फील्ड मैं नहीं बनाया। वो आप खुद बना रहे हो। अभी आपने बोला था मेरे मेरे पिछले जन मेरे
(56:06) मम्मी पापा और वो सब चीजें मिलकर बना रहे हैं। तो मेरा क्या कंट्रीब्यूशन है इसमें? ये पहला जब शुरू हुआ था ना जब की बात बताया जब सृष्टि शुरू हुआ था सृष्टि शुरू होने के बाद जब ट्रांसफॉर्मेशन हुआ युगों से अपना इनेशन फील्ड होते होते आज हम जो यहां ठहर के आप खड़े रह के बात कर रहे हो और यहां आपको जानना है कि जब सृष्टि बना तो जब हम माइंडलेस थे देयर इज नो एनी माइंड हम लोग एम्प्टी थे देन हाउ डिड वी रिएक्ट हाउ हम लोग खुद बना लिए मेड अस चूस व्हाट वी चूज़ व्हाट वी नीडेड सो मेरे को खाना चाहिए ये तो मैं खाना ढूंढ लिया। मैं भी एक जीव था सृष्टि में जैसे
(56:44) अदर एनिमल्स रहते हैं। उसको थोड़ा भूख लगा। तो भूख लगने के लिए पहले क्या करा मैं? सोर्स ऑफ़ फूड देख लिया। फिर उसको प्रोसेस कर दिया। फूड इंडस्ट्री बना दिए। नहीं इसे ये तो पूरा एवोल्यूशन इस तरह से हुआ। बट जब हमारे पास चॉइस होती है, दो चॉइससेस हैं। उसमें से मुझे क्या चूज़ करना है? एक पॉजिटिव है, एक नेगेटिव है। मैं क्या चूज़ करती हूं? पॉजिटिव चूज़ करती हूं, नेगेटिव चूज़ करती हूं। ये जो मेरे प्रोसेसिंग चल रही है या जो मेरी डिसीजन मेकिंग हो रही है ये कहां से हो रही है? एस पर यू ये मेरी स्टर्ड इनेशन से ही हो रही है कि मेरा दिमाग कैसे काम करेगा? मैं
(57:18) एक अच्छा इंसान हूं या एक मैं बुरा इंसान हूं। हाउ इट स्टार्टेड? व्हाट मेड मी? इफ आई चूज़ द बैड थिंग देन व्हाट मेड मी चूज़ द बैड थिंग। व्हाट इज माय कंट्रोल ओवर इट? इंफॉर्मेशन फील्ड में आप क्या बोल रहे हो कि मेरे को एक थॉट आया। हम ये थॉट अच्छा है, बुरा है। इंफॉर्मेशन फील्ड के लिए अच्छा बुरा थॉट नहीं रहता। हम एवरी थॉट इज सेम इंप्लीमेंटेशन इज रॉन्ग और आप जो क्वेश्चन पूछे मेरा प्रीवियस थॉट कैसा आया हम अगर ये मेरा पहला जन्म है तो मैं एम्प्टी रहूंगा हां तो माइंड से एम्प्टी नॉलेज बैंक से मैंने जो पहला डिसीजन मेकिंग किया वो कौन
(57:57) कंट्रोल करवा रहा है मेरे से हां वो ओनली ऊर्जा देते हैं चलाना आपको है लैपटॉप आपको दे दिया पर मेरे पास तो अपना कुछ इनफार्मेशन अभी है नहीं। आपको जो होना है आप क्रिएट कर लेते हो। ये तो पूरी प्लॉटिंग हो गई। हां। आप खुद खुद करते हो ना। आपको क्या द अल्टीमेट सोर्स ऑफ़ एनर्जी उसने एक इंसान बनाया। उसको भूख लगाई। अब उसको ऑप्शन दे दिया सामने जानवर है। जाके कुछ काम कर लो। वो मारेगा ही उसको और बोल दिया अब भाई तू तो तो तू तो मार रहा है। ये तो लाइफ साइकिल यही है ना। आप देखिए। तो फिर ये तो गेम हो गई ना पूरी। वो तो वो गेम खेल रहा है अपने से। ये तो
(58:32) उनका लया है। इसको ही बोलते हैं लाइव। सो, लेट्स से, आज की डेट में कोई पुअर है, अगर वह चोरी करता है, उसकी मजबूरी होती है चोरी करना, तो कहीं ना कहीं उसका यह पूरा कार्मिक बैंग है या उसकी इंफॉर्मेशन, नॉलेज सब कुछ है जो उससे वो करवा रहा है। टेक्निकली उस उस वो कुछ गलत नहीं कर रहा। नहीं, नहीं, नहीं, नहीं। अगर नेचर के हिसाब से वो गलत नहीं है। इसलिए वो भी भगवान को मान के जाता है। सो क्या नेचर के हिसाब से रेपिस्ट जस्टिफाइड है? अ एक्चुअली क्या है? वो दूसरा दूसरा जो चीज को है ना खराब कर रहा है नेचर। दैट इज कर्मिक नेगेटिव एनर्जी हम
(59:04) बट वी जस्ट डिस्कस कि कोई भी नेगेटिव एक्शन के पीछे कहीं ना कहीं कोई ना कोई रीजन इंफॉर्मेशन बायस ये सब चीजें रहा है। दैट मींस एव्री एक्शन इज़ जस्टिफाइड। जस्टिफाइड इज़ अकॉर्डिंग टू द नेचर बट एंड क्या निकाल रहा हूं उससे? उसके हिसाब से उसका कर्म बनता है। एक्शन इज नॉट अ कर्म। एक्शन आप समथिंग फॉर मी कैन बी जस्टिफाइड, बट कैन नॉट, मेर और मे नॉट बी जस्टिफाइड फॉर समवन एल्स। याह। फ्रॉम द लेंस दे आर सीइंग इट। लुकिंग एट इट। मैं अगर कोई एक्शन कर रही हूं, हो सकता है मेरे लिए वह बिलकुल ठीक हो, बट किसी और के लिए मैं शायद गलत कर रही हूं। तो इसका
(59:40) हिसाब किताब कौन कर रहा है फिर? रेपिस्ट के बारे में आप बताए थे। हम्म तो मैं मिला था एक रेबिस्ट को और मैं मिला था एक मर्डर करे सो ओके। कारागार में जो रहता ना उसको मैं पर्सनली जाके मिला। तो उसको बोले पूछा मैं क्यों करे वो? हां। वो बोलता है जब मैं करता था कर वो टाइम पे जब मर्डर करा ना वो टाइम पे मेरे को नहीं मालूम। पर ये दिस इज़ नॉट ऑलवेज ट्रू ना। या ये कई किसी सिनेरियो में हो सकता है बट थोड़े लोग प्लान करते हुए जो प्लान करते हैं अगर हम रेपिस्ट का एग्जांपल लें लेट्स से कुछ साइकोटिक केस था और उसने करा और उसको नहीं पता बट देन
(1:00:11) देयर आर पीपल हु डू इट्स रिपीटेडली वी हैव सीन प्लान करके और उसे स्ट्रक्चर करके एक्सक्ट्ली तो उन लोगों का इंटेंशन मेन उनका जो काम इंटेंशन है ना वो गॉड असाइन नहीं करा वो खुद प्लान बना रहे हैं वो अब ये खुद की तो सारी प्रॉब्लम है कि खुद तो कहां से बन रहा है वो तो खुद अपने खुद की इनेशन फील्ड से जैसे आप चाय पियो आप कॉफी पी रहे हो कौन बताए आपको चाय पीने के लिए चाय अट्रैक्ट हुआ चाय आप पीना शुरू कर दिए राइट तो आपका काम है ना कोई असन नहीं करेगा जब हम इधर आए एक सोल बन के इधर आए तो एम्प्टी आए हम इसमें कोई भी फिल अप नहीं करेगा आपको फिल
(1:00:49) अप करना है कि अच्छा है क्या बुरा है क्या सो गीता का ही जो मैंने सुना है वो श्री कृष्ण यह कहते हैं कि मैंने प्लॉट तो रेडी कर दिया है करेक्ट मैंने यहां पे युद्ध होगा ये मेरा डिसीजन है। बट यहां पर तुम्हारा चॉइस क्या रहेगा? परफस आपका है। वो आपका है। हां बस सेम है। इधर भी वही है। इधर भी वही सेम चीज है। सेम सेम आपको मैंने पैसा दे दिया है। आपको मैंने हेल्थ दे दिया। आपको किसको यूज़ करता है? अपॉर्चुनिटीज दे दी है। अब आपने उस अपॉर्चुनिटी को लेना है कि नहीं लेना? ये आपका है। कैसे ले रहे हो? या कैसे ले रहे हो? यस। तो आज आदमी जब बना है उसके दिमाग में
(1:01:24) जो आया है जो प्लान कर रहे हैं कोई नहीं बताया कि जाके आप ऐसा बोल दो उनके लिए इनके लिए ऐसा कर दो कोई नहीं बताया कोई भगवान नहीं बताएगा हम खुद अपने इंटेलिजेंस से हम लोग खुद डिसीजन ले रहे हैं उसका कर्म हम इनेशन फील्ड में नेगेटिविटी डाल रहे हैं और झेल रहे कौन हम ही झेल रहे हम नेचर ओनली लाइफ सोर्स देगा एम्प्टी सीडी देगा उसके अंदर आप जाके क्या-क्या लोड करते हैं लैपटॉप के अंदर मुझे नहीं पता आपके लैपटॉप में आप लोड करते हो इंफॉर्मेशन मेरे लैपटॉप में मैं पर एंड ऑफ द डे एक ही होता है कि इसके अंदर जो इंफॉर्मेशन फील हुआ है वो नेचर के पास जाता है बैलेंस शीट बन के
(1:02:02) ओके अकॉर्डिंग टू माइथोलॉजी और अपना बैलेंस शीट बन के नेक्स्ट जन्म लेते हैं नहीं लेते हैं डिसाइड होता है। ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल तो फिर अब हम इस बारे में बात करते हैं कि हमें एक मेमोरी कार्ड मिल गया है। करेक्ट अब हमें उसको दो चीजें करनी है। पहले तो जो प्रीवियस मेमोरीज हैं जिन्हें हम इरेज करना चाहते हैं उन्हें इरेज करेंगे। और जो नई मेमोरीज हम अच्छी मेमोरीज डालना चाहते हैं, अच्छी इनफेशन डालना चाहते हैं वो डालेंगे। एक्सीलेंट। यहां ये तो मेरे को 100% क्लेरिटी आ गया। आपको मालूम हो गया। तो मैं इधर एक एक काम करना है। हां जी।
(1:02:37) अगर आपको प्रीवियस जो सॉफ्टवेयर मिला है आपको कर्म का राइट? उसको क्लियर करने के लिए पहले उसको भी ट्रीटमेंट करना है। आपको कैसे कर सकते हैं ये? स्पिरिचुअलिटी। स्पिरिचुअलिटी क्या करता है? आपका प्रीवियस कर्म जैसा आप पूछ रहे थे हम लोग कहां जाके पितृ दोष के लिए पूजा पाठ करते हैं एक प्रोसीजर बनाए ये प्रोसीजर कौन बनाए हम ही लोग बनाए हम जैसे खाना कौन पका रहे हैं मेरा मां खाना पकाती थी उनके ऊपर उनका ग्रैंड मदर ग्रैंड मदर के ऊपर यही है ना खाना ऐसा ही शुरू हुआ राइट राइट तो हम भी शुरू जब शुरू हुए तो एम्प्टी शुरू हुए राइट तो हम लोग प्रोसेस करते हैं कि करते क्या
(1:03:11) है साल्ट से नजर निकाले तो नजर निकल गया बोल के मेरे को कंफर्म हो गया तो मैंने सबको बोलना शुरू कर दिया ये जो विधि विधान बोलते हैं ना आज इसको इसको बोलते हैं आचार एंड विचार। आचार एंड विचार। यस। आचार विचार डिपेंड अपॉन द प्लेस हम नीड एंड प्रोसेस ऑफ रेगुलैरिटी से बन जाता है। जैसे कि आपके मैं दिल्ली में देखता हूं। चूड़ीदार वो पहनते हैं ना ज्यादातर हमारे साउथ में साड़ी पहनते हैं। राइट? यहां साड़ी कब पहनते हैं आप लोग? यहां पे तो फंक्शन हम लोग रेगुलर पहनते हैं। देखिए कितना चेंज हो गया। आचार विचार में नहीं। वहां हम लोग क्या करते हैं?
(1:03:41) चूड़ी बाजार वो सब फंक्शन में पहनते हैं। वगैरह सूट फंक्शन में पहनते हैं। राइट? सो इसी तरीके से जब हम लोग कुछ प्रोसेस अपना इंफॉर्मेशन फील्ड से बनाए। उसको हम लोग अमेंडमेंट करें। उसका हम लोग एक डायरेक्शन बना लिया। अपना जिंदगी को जी रहे। तो आपके इंफॉर्मेशन फील्ड में से अगर आपको कुछ अचीव करना है लाइफ में पहले किसको हटाना है? कार्मिक अकाउंट को हटाना है। ओके। कार्मिक अकाउंट मतलब आपका जो पुराना सॉफ्टवेयर में कुछ गलतियां हुए उसको हटाना है। ओके। दूसरा प्रोसेस हमारे पास है ग्रहों का। ओके। नवग्रह बोलते हैं। हम ये जो आप सूरज भगवान के बारे में अभी
(1:04:16) डिस्कस कर रहे फिर उनके साथ उनके फ्रेंड्स भी है ना नाइन फ्रेंड्स बोलते हैं प्लनेट्स तो वो भी आपको इन्फ्लुएंस कर रहे हैं बिकॉज़ दे आर यू आर द पार्ट ऑफ देयर एनर्जी दिस यूनिवर्स या यू आर पार्ट ऑफ़ देयर एनर्जी यू आर नॉट पार्ट ऑफ़ देयर एनर्जी मैं उनसे बना हूं वो मेरे से नहीं बने ये मैं मतलब मेरा मतलब है माने सूरज से मेरे को ऊर्जा मिल रहा है लाइट ऊर्जा उससे मेरे को विटामिन डी बन रहा है बी कॉम्प्लेक्स बन रहा है किसके लिए फिजिकल बॉडी के लिए मेरे एनर्जी बॉडी के लिए उनसे एनर्जी बॉडी मिल रहा है और उनसे स्पिरिचुअल बॉडी के लिए चक्रा हीलिंग चक्रा बैलेंसिंग चक्रा
(1:04:49) एनर्जी हो रहे हैं। इसी तरीके से फिर सैटर्न से भी होगा वीनस से भी होगा। सब प्लनेट से जो भी ये ब्रह्मांड के एक-एक ब्रह्मांड ऐसे करोड़ों ब्रह्मांड है। ओके माने ग्रुप ऑफ़ ब्रह्मांड्स है। इसमें एक ब्रह्मांड में हम लोग बिलोंग करते हैं। ये ब्रह्मांड में जो नवग्रह है। ये ब्रह्मांड में जो दिक पालक है उन लोग अपने को इन्फ्लुएंस करते हैं। ओके। उन लोग अपने को डायरेक्शन देते हैं। ओके? उन लोग अपने को लाइफ सोर्स बनाने के लिए सपोर्ट देते हैं। दैट इज नथिंग बट नेचर। और दूसरा अपना कर्म। अपना कर्म। ओके? और इसको बोलते हैं हम लोग इंफॉर्मेशन
(1:05:25) फील्ड को। अगर इंफॉर्मेशन फील्ड में कोई और डाउट्स है तो इसको वेद में बोलते हैं वासना। वासना। यह जन्म वासना, पूर्व जन्म वासना। हम दो वासना से यहां आते यह जन्म वासना माने ये जन्म का वासना पालने आते हैं और पूर्व जन्म वासना तो प्रीवियस जन्म का वासना से वासना की क्या डेफिनेशन बताई इन फील्ड इन फील्ड मेमोरी तो एक आपने बोला इस जन्म के इंफॉर्मेशन फील्ड को पे हम काम करें और एक पिछले जन्मों को हम क्लियर करें क्लियर करें वो वो अकाउंट को पहले क्लियर करें और नेचर से कनेक्ट हो जाए सो डॉक्टर आपने बोला कि जो भी हमारी करंट रियलिटी है वो हमारे कार्मिक
(1:06:06) बैंक से ही हमारी कार्मिक इंफॉर्मेशन नॉलेज उनसे ही डिराइव होती है। आई वांट टू टॉक अबाउट दोज़ पीपल हु सफर किसी ना किसी प्रॉब्लम से या किसी ना किसी बीमारी से जब वो सफर करते हैं उसका क्या रीज़न होता है? इज इट जस्ट लाइफस्टाइल बिकॉज़ थोड़ी देर पहले हमने डिस्कस किया कि ये सिर्फ लाइफस्टाइल नहीं है। देयर इज समथिंग डीपर आल्सो। हमारे हेल्थ प्रॉब्लम दो होते हैं। उसमें एक होता है डिजीज और दूसरा डिसऑर्डर। ओके? डिजीज बोले तो बैक्टीरिया वायरल फंगल इंफेक्शन जैसे कलरा हो गया टाइफाइड हो गया मलेरिया हो गया ये सब क्या डिजीज में आते हैं
(1:06:41) या बैक्टीरियल वायरल इंफेक्शन ये कहां से आते हैं अपने बॉडी में रहते हैं अपने सोसाइटी में नेचर में रहते हैं ऐसा कब अंदर आते हैं और कब उनका इन्फ्लुएंस बढ़ता है अगर अपना इम्यूनिटी लो होता लो होने से ये तो आपको सबको मालूम राइट इम्युनिटी क्यों लो हुआ तो एक बार मैकेनिकली अंदर जाके देखेंगे बॉडी के अंदर हम एंटीबॉडीज कम हो गए क्योंकि आपका वायरस बढ़ के आ गया तो आपको क्या सपोर्ट चाहिए? एंटीबायोटिक का सपोर्ट चाहिए। ट्रू। जिस दिन आप एंटीबायोटिक सपोर्ट लेके आपका बॉडी का एंटीबॉडीज डेवलप हो गए तो आपको क्या होता? ऑटोमेटिकली आपका वायरल से आप बाहर आ जाते
(1:07:17) हो। आपका फीवर इम्युनिटी स्टंग होती है। करेक्ट? तो मॉडर्न साइंस में हम लोग क्या करते हैं? एंटीबॉडीज से अपने बॉडी को प्रोटेक्ट करते हैं। एंटीबॉयट करेक्ट? अभी नेक्स्ट फैक्टर कौन सा है? डिसऑर्डर। माने अपने बॉडी ऑर्डर में से निकल गया। निकल गया। राइट? राइट। पहले क्या था? बीपी नहीं था। तो बीपी कैसे आया? तो हम डेफिनेशन बताएं टेंशन से आया। तो टेंशन क्या करा? अपना जो बॉडी ऑर्डर में था ना उसको डिसऑर्डर में ले। डिसऑर्डर में कर दिया। फिर वापस उसको क्या करना है? हमको वापस ऑर्डर में लेके आना है। राइट? इसी तरह से लाइफस्टाइल में डायबिटीज हो
(1:07:52) गया, थायराइड हो गया, अर्थराइटिस हो गया, आपका जो पेंस है ये सब क्या है? सब डिसऑर्डर्स। डिसऑर्डर्स है यस डिजीज कैन बी क्यर्ड डिसऑर्डर कैन नॉट बी क्य देन व्हाट डू वी डू विद द डिसऑर्डर्स तो डिजीज के बारे में मैं बोला क्यूर बोला क्यों बोला मालूम है आपको वैक्सीन हम पोलियो का वैक्सीन हो गया ना वो तो उससे क्या हो गया आपने बोल क्लियर हो गया यू कैन क्लेम यू कैन से व्हाट क्यर्ड बट डिसऑर्डर में क्योर नहीं है कौन से भी सब्जेक्ट में क्योर नहीं है मेरे पास भी नहीं है क्योर इनफेशन फील्ड में इट इज़ अ कंटिन्यू प्रोसेस है आपका बॉडी का
(1:08:28) आप बोलते कि आज नी पेन चले गया कल नी पेन नहीं आता क्यों नहीं आता अगर आप नी ज्यादा यूज़ कर तो आएगा ना तो आप क्या कर रहे हो ऑर्डर में से जब डी ऑर्डर में जाते हो आपको एलिमेंट्स बनते हैं हम तो आपको क्या करना है उसमें से अपने बॉडी को प्रोटेक्ट करना है आपका बॉडी को मेंटेन करना है तो मेंटेन करने के लिए देयर आर टू वेज़ एक क्या करना है आपको वेलनेस में जाना है वेलनेस इंडस्ट्री से आपको आपका बॉडी को मेंटेन करना है आपके बॉडी को डिसऑर्डर में नहीं जाते हुए आपका बॉडी को आप मेंटेन कर सकते हो। अगर कर नहीं सकते हो जैसे आपका टाइमिंग गड़बड़ है, आपका जॉब गड़बड़ है,
(1:09:04) आपका बिजनेस गड़बड़ है, तो उसमें क्या करना? आपका बॉडी को नेचुरली मेंटेन करना। ओके? घर में दो बच्चे हैं, एक बच्चा वीक है तो ज्यादा सपोर्ट वीकर को देंगे ना। राइट? इसी तरीके से अगर आपका नाइट शिफ्टी जॉब है तो आपका बॉडी को क्या करना? रेस्ट देना है। तो इसी तरीके से अपने डिसऑर्डर्स को हम लोग आर्डर में लाना ही वेलनेस का हेल्थ का मेन सीक्रेट है। डिसऑर्डर जो होते हैं ना अभी कैसा बना है? ये बड़ा क्वेश्चन मार्क है। ऐसा डिसऑर्डर बन ही गया तो उसको कैसा डील करना और बड़ा क्वेश्चन मार्क है। डिसऑर्डर में मेरे को बहुत सारे मेरे क्लाइंट्स ही
(1:09:37) मैं जो हीलर हूं फ्रीक्वेंसी थेरेपिस्ट तो मेरे क्लाइ क्लाइंट्स एक ही क्वेश्चन बार-बार पूछते रहते हैं। वो क्या है? कैंसर। वो भी कैंसर के लिए पूछते हैं। कैंसर क्यों आ रहा? क्यों नहीं आना? ये बहुत बड़ा क्वेश्चन है ना। राइट? तो डिसऑर्डर में अभी जो चैलेंजिंग डिसऑर्डर क्या है? कैंसर है। बॉडी इतना डिसऑर्डर में चले गया कि फिर आर्डर में नहीं आ रहा है। एकदम कैंसरस स्टेट में एक्सक्टली। तो ये क्यों हो रहा है? तो इसके लिए मैं एक छोटा सा एक एक्सपेरिमेंट करे सो दुनिया पूरे में फ्रीक्वेंसी वर्ल्ड में। उसको मैं सामने रखते हुए आपको बात करता
(1:10:08) हूं। अपना हेल्दी सेल है ना? हम हेल्दी सेल उसका वोल्टेज होता है -70 मिली वोल्ट्स। एक सेल का वोल्टेज। ये हमारे बॉडी के सेल्स का वोल्टेज आप मिलियंस ऑफ़ ट्रिलियंस ऑफ़ सेल्स हैं। अच्छा उसमें जो एक सेल जैसे बैटरी सेल रहता है ना ऐसे अपने बॉडी का सेल है ना उसका वोल्टेज है -70 मिली वोल्ट्स। ओके। एंड उसका साइज है -12 मिली माइक्रोन्स। तो ये टेल सेल वोल्टेज जब इंफॉर्मेशन फील्ड से ओवरलोड हो गया। जैसे कि मैं बताया। पहला क्या बताया आपको? टेंशन का बताया। राइट? टेंशन से आप आपका इनफार्मेशन फील्ड को ओवरलोड कर दिए। राइट। फिर बाद में पोलशन से ओवरलोड कर दिए और
(1:10:48) उसके साथ रेडिएशन भी हो गया। राइट? अच्छा एक इधर एक क्वेश्चन है वन इंटरेस्टिंग क्वेश्चन। अ 60 साल के बाद वाइट एयर आता था। तो 60 साल में वाइट एयर आया तो हमारे पास आंध्रा में उसको सस्ती पूर्ति बोलते हैं। तो वाइट एयर आया बोल के उसको सेलिब्रेशन करते हैं। बुढ़ा बुढ़ापा आया बोल के। अच्छा। अभी वाइट एयर कौन से ऐज में हो रहा है? अब तो 30 35 और भी पहले होने लग गया। बल्कि मेरे पास केसेस है पांच साल के बच्चे को। वाइट। पांच साल के बच्चे को माने वो पैदा हो के पांच साल में बुड्ढा हो गया लाइफस्टाइल में इसके पहले 100 इयर्स विदाउट एनी डिसऑर्डर पीपल जीते थे
(1:11:24) अभी डिसऑर्डर से भी जी रहे भी नहीं और उनका जिंदगी खत्म हो जा रहा है ये सब क्यों हो रहा है आपका इंफॉर्मेशन फील्ड में अभी ऐड हुआ है रेडिएशन अच्छा मेरे को बताइए डिसऑर्डर बॉडी में पहले आ रहा है क्या इनफेशन फील्ड पहले खराब खराब हो रहा है क्या पहले इनेशन फील्ड खराब होगा फिर वो डिसऑर्डर बनेगा ना करेक्ट है ना फिर किसी को ट्रीट ट्रीटमेंट करना है आपको इन फील्ड अभी किसको ट्रीटमेंट कर रहे हैं दुनिया पूरा हम डिसऑर्डर के पीछे लग गए पीछे लग तो कभी उसका सशन नहीं मिलेगा हम तो आपके इनेशन फील्ड को हेल्दी रखने के लिए सेल को हैप्पी रखने के लिए आपके इनेशन
(1:11:56) में क्या फीड कर रहे हो क्या दे रहे हो रोज टी दे रहे हो तो टी का आदत कॉफी दिए तो कॉफी का आदत टेंशन देते हो टेंशन की आदत पोलशन में रहे तो पोलशन की आदत आपका बॉडी को लग गया अगर आप रेडिएशन में हर दिन हो ये सब रेडिएशन से आपका सेल्स रेडिएशन के हैबिट नहीं बन जाएगा बनेगा तो हम रेडिएशन सिर्फ वापस चले जाएंगे फिर भी वो रेडिएशन का जो इफ़ेक्ट है ना वो अपने आप वो झेलते रहेंगे एक बार मैं बताया ना आपको -70 मिली वोल्ट्स जो उसका रियल एनर्जी रहना है हेल्दी सेल का उसका एनर्जी डाउन हो जा रहा है राइट राइट वो किस में गया -50 में गया साइंटिफिकली प्रूव हुआ मैं आपको चार्ट भी
(1:12:36) दिखाता हूं अच्छा अभी वोल्टेज कम हुआ सेल्स अभी वो कौन से सेल्स को प्रोड्यूस करेगा वीक सेल्स को और स्टंग सिमिलर तरह के वीक सेल्स वीक सेल्स प्रोड्यूस करेगा। तो सेल वीक हो गया तो उसका जब माइनस 50 का वोल्टेज ड्रॉप हुआ वो सेल को हम लोग बोलते हैं कि एजिंग सेल। अभी आपको समझ में आया एज जल्दी क्यों आया? वाइट हेयर कहां से आया? यस। तो आपको ऐज जल्दी क्यों आया? बिकॉज़ आपका सेल्स ऑलरेडी वीक हो गया। वीक हो गया। और इन्हीं सब रीजंस की वजह से अब अर्ली एज में ही जो प्यूबर्टी है बहुत अर्ली एज में पीरियड्स स्टार्ट हो जाते हैं। मेनोपॉज भी अर्ली हो गया है।
(1:13:12) सारी चीजें ग्रेइंग ऑफ हेयर सारा कुछ अर्ली होता जा रहा है। हम थोड़ा प्रैक्टिकल चीजों पर आते हैं कि डेली लाइफ में लोग क्या कर सकते हैं। एक तो वो कांसेप्ट क्लियर हो गया कि फाइव एलिमेंट्स के हम जितना नजदीक रहेंगे नेचर के जितना क्लोज रहेंगे जितना लाइफस्टाइल को हेल्दी रखेंगे दैट इज वन स्यूशन इसके अलावा कोई डेली प्रैक्टिससेस कोई रिचुअल्स हैबिट्स रूटीन इस तरह का कुछ है ताकि लोग ज्यादा टाइम तक यंग रहें एजिंग डिले कर सकें लजिविटी अ मिल सके बीमारियों से बच सके डिसऑर्डर से बच सके और अगर हम सिर्फ अपीयर ेंस की बात करें तो उसमें भी ग्लोइंग स्किन रहे,
(1:13:52) बाल शाइनी रहे, रिंकल्स फ्री स्किन रहे। तो किस तरह की चीजें वो कर सकते हैं? अभी नहीं कर सकते। नहीं कर सकते। हो गया। तो फिर अभी रेडिएशन में है। रेडिएशन को बंद कर सकते हो आप? पोलशन को दिल्ली का पोलशन को रोक सकते हो आप? वो तो नहीं रोक सकते। इंपॉसिबल। इसलिए हम लोग पास फ्रीक्वेंसी डिवाइस आया है। अच्छा। इससे कर सकते हैं। क्या रोल होता है इसका फ्रीक्वेंसी डिवाइस का? फ्रीक्वेंसी डिवाइस क्या करता है? ये एक स्टेबलाइजर है। ओके। एसी में स्टेबलाइजर लगता है मालूम है आपको वो क्या करता वोल्टेज फ्रीक्वेंसी को स्टेबलाइज करता है करता ना जब मैं टेंशन लिया
(1:14:26) हम तो सेल का फ्रीक्वेंसी डिस्टर्ब हुआ जब सेल हेल्दी था हैप्पी था उसका वोल्टेज एक था ये डिवाइस क्या करता सेल के एनर्जी को हम इनेशन फील्ड को एनालाइज करता माने मेरे बॉडी में कितना टेंशन ज्यादा हो गया एनालाइज करता इसमें एनालाइजर है ये क्या करता मेरे बॉडी का इनेशन फील्ड को एनालाइज करता रियल टाइम में अच्छा एनालाइज भी करेगा और जो फ्रीक्वेंसी मेरे को रिक्वायरमेंट है वो बैलेंस भी करेगा। माने इनेशन फील्ड को एनालाइज एंड रीस्ट्रक्चर कैसे मतलब इसकी फंक्शनिंग कैसे है? कैसे आइडेंटिफाई करता है? करेक्ट। अभी मैं मैं माइक में बात कर रहा
(1:15:02) हूं। आप सुन रहे हो तो माइक में मैं जब मैं बात करता हूं ये साउंड वेव्स है ना? ये साउंड वेव्स क्या हो रहे हैं? इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स में कन्वर्ट हो रहे हैं। और स्पीकर में आप सुन रहे हो। सेम वे ये साइंटिस्ट को एक थॉट आया। हम क्यों ना जैसे साउंड वेव को फ्रीक्वेंसीज को रिकॉर्ड कर रहे हैं माइक से हम उसी तरीके से बॉडी के फ्रीक्वेंसी को रिकॉर्ड करें ओके बॉडी में भी एनर्जी है बॉडी में भी फ्रीक्वेंसी है वो कौन से फॉर्म में है इंफॉर्मेशनेशन फील्ड में है वो इनफेशन फील्ड को हम लोग क्या बोले वेद में वासना बोले जनरल लोकल लैंग्वेज में
(1:15:36) आरा बोले एनर्जी को रीड करने का डिवाइस है सो बॉडी के करंट से वो मेजर करता है एक्सैक्टली सो आपकी बॉडी में कितना जितना करंट प्रोड्यूस हो रहा है उसको ये ट्रैक करता है। करेक्ट। ठीक है? और फिर ये ऑब्जर्व करता है कि करंट बहुत ज्यादा है तो उसको बैलेंस करो। बहुत लो है। पॉजिटिव नेगेटिव क्या है? वो आइडियल जो होना चाहिए उसको मेंटेन करने में मदद करता है। एक्सक्ट्ली। अगर लेट्स से एक्सट्रीम है रिक्वायर्ड से ज्यादा या कम है तो कैसे मेंटेन करता है फिर ये? वो फ्रीक्वेंसी को मैं मोबाइल से इसको ऑपरेट करता हूं। सो इट इंड्यूसेस द फ्रीक्वेंसी एज एंड
(1:16:09) व्हेन रिक्वायर्ड। करेक्ट। तो पहले डिसऑर्डर क्या बोला? एज का बोला। यस। उसके बाद क्या बोला मैं पेन के लिए बोला इनफ्लेमेशन उसका वोल्टेज कितना था -32 ड्रॉप हो गया हम स्टिल थोड़ा ड्रॉप हो गया और थोड़ा ड्रॉप हुआ आपके इनफेशन फील्ड ज्यादा होने से ओके वो अच्छा बुरा बॉडी को नहीं मालूम अब अच्छा भी ओवरलोड करो बुरा भी ओवरलोड करो अगर ओवरलोड हो गया तो क्या होता है बता रहा हूं फॉर एग्जांपल आपके मोबाइल के अंदर नहीं तो आपका लैपटॉप में अगर आप ज्यादा प्रोग्राम्स ऑन कर दिए तो आपका आपका लैपटॉप क्या है हो जाएगा हैंग हो जाएगा सेम अपना सेल भी हैंग हो रहा वो सेल हैंग
(1:16:44) होने से क्या हो रहा है? वही हो रहा है कि वोल्टेज उसका ड्रॉप हो जा रहा है। तो उसमें क्या हो गया? इनफ्लेमेशन। उस इनफ्लेमेशन के बाद नेक्स्ट स्टेज क्या है मालूम? एडमा माने सेल में पानी आना। पुराने जमाने में बोलते थे पानी उतरना नहीं डेंजर मींस व्हाट? रिवर्ट होना मुश्किल है। दैट इज अ स्टेज ऑफ़ एडीमा। उसके बाद क्या होता है मालूम? वेरी डेंजरस पोजीशन। इट इज़ कॉल्ड सेल डिवीज़। अच्छा सेल्स बुरा सेल्स। करेक्ट। बुरा सेल्स नहीं ओवरलोडेड इन नेगेटिव इनफेशन लोडेड सेल्स अच्छा सेल्स मींस हेल्दी सेल्स दे डोंट हैव दैट मच ऑफ नॉलेज दे आर फ्रेश इनफ
(1:17:19) नेगेटिव नॉलेज उनको कुछ नहीं है मूड में तो अभी ये अच्छा सेल्स क्या करेंगे बुरा सेल को हर बार ट्रीटमेंट करते गए ट्रीटते एक दिन क्या हो गया अच्छा सेल्स कम हो गए और बुरे सेल्स ज्यादा हो गए तो आपके बॉडी के सेल्स में जहां सेल ज्यादा डैमेज हो गए ना वो पार्ट क्या होता वो अपने आप काम करना शुरू कर देते हैं। अच्छा उनका लॉ एंड ऑर्डर अलग हो जाता है। हम वो अपने काम अपना करेंगे। बॉडी से कोई मतलब नहीं है उनका। उनके इम्युनिटी से बॉडी के इम्युनिटी से मतलब नहीं है उनको। बॉडी के डायरेक्शन से मतलब नहीं है। बॉडी के इनेशन फील्ड से मतलब नहीं है। वो
(1:17:54) डिक्लेअ कर लिया अपने आप। भाई मैं हम सप्रे पार्टी लगा दिए। उसको क्या बोलते हैं मालूम? मुंजन जी। कैंसर। मैं ये पूछना चाह रही थी वही जो ऑटोइ्यून डिसीजेस को लीड करते हैं वो इसी तरह के सेल्स होते हैं जो अपनी बॉडी को डैमेज करना शुरू कर देते हैं। डिसऑर्डर में जो होता है ये वो रेप्लिकेट होना शुरू हो जाते हैं। नेगेटिव सेल्स नेगेटिव सेल्स अपना काम शुरू कर देते हैं। वो एक ग्रुप बना लेते हैं। जिसे कैंसर कहते हैं। हां उनको उनका उन अच्छा खून ले लेंगे। अपने बॉडी से अपना काम अपना शुरू कर दो। भाई अपने बॉडी का नहीं सुनेंगे। हम अपने
(1:18:24) से ग्रो हो जाएंगे। अच्छा काम करेंगे। हम वो ग्रो भी होंगे। हम आपके एरिया को भी कवर करेंगे। हम आप ग्रो होना जब शुरू हुआ था उसको कार्सिडोनिक सेल्स बोलते हैं। हम फर्स्ट स्टेज ऑफ़ कैंसर। जब ग्रो होने के बाद वो जब टिश्यू में इफेक्ट हो के बॉडी में सर्कुलेट होना शुरू हो गया फर्स्ट फज़ क्या बोलते हैं? मैलिगनेंसी ऑर्गन्स को इफेक्ट होना नहीं तो टिश्यू को डैमेज करना वो फेस में। और जब मल्टीपल ऑर्गन इन्वॉल्व हो गए और आपका बोन ब्लड में वो उसका पूरा कल्चर दिख रहा है एंड स्प्रेडिंग ज्यादा कुछ हो गया है उसको बोलते हैं मेटासाइटिस।
(1:18:56) इज़ अ फाइनल स्टेज ऑफ़ कैंसर। सर या मेटासाइटिस में क्या होता है बताइए क्योंकि आपका सिस्टम को पूरा डैमेज भी कर दिया और आपके सिस्टम को काम करने से बेसिकली हैकिंग हो गई पूरा सिस्टम आपका पूरा सॉफ्टवेयर को हैक कर दिया सो इन सब चीजों की प्रिवेंशन वही है कि राइट स्टेज यानी कि फर्स्ट स्टेप पे ही जैसे ही आपकी फ्रीक्वेंसीज बिगड़ने लगे वहीं पर उसको कंट्रोल कर लिया जाए एक्सक्ट्ली ठीक है सर यू आर वियरिंग दिस डिवाइस सो यू नो अबाउट योर एनर्जी फ्रीक्वेंसीज क्या हमारी ऑडियंस या अभी है जिनके पास फिलहाल यह डिवाइस नहीं है। क्या हम अपनी एनर्जी
(1:19:31) को अंडरस्टैंड कर सकते हैं कि राइट नाउ हम एक इक्विलिब्रियम में हैं या फिर डिस्टर्बड्ड एनर्जीज़ हैं। इज़ देयर अ वे? एक्चुअली एनर्जी प्रैक्टिशनर ओनली कैन डू दिस। बिकॉज़ नॉर्मल पीपल दे डोंट अंडरस्टैंड व्हाट इज़ फ्रीक्वेंसी। दे के कन नॉट सी द फ्रीक्वेंसी। दे कन नॉट ऑपरेट। इट कन नॉट बी ऑब्जर्व्ड बाय टचिंग सम नर्व और समथिंग लाइक। इट इज़ नॉट अ मटेरियलिस्टिक बॉडी। इट इज़ प्युअरली एनर्जी बॉडी। इट्स प्यरली। यू कैन नॉट सी द एनर्जी। यू कैन यू कैन ओनली गेस्टिमेटली व्हाट यू कंज्यूम व्हाट यू ईट? व्हाट यू थिंक एंड ऑल दीजिए। मगर जो उसका
(1:20:04) आउटपुट जो आता है ना वो अपन ऐसा नहीं देख सकते। अरे कि आरा वो मिशींस वो सब बोलते हैं। मैं वो भी मिशीन्स को मैं ज्यादा मिशनंस को देखा हूं दुनिया में। मगर वो जब बताते हैं वो आपको एक लेयर बताते हैं। वो एक फोटो पिक्चराइज बताते हैं। ओके। दैट इज नॉट द वन। अगर मेरे दिल में क्या है? आपको कैसे पता चलता? मेरे दिमाग में क्या है? आपको कैसा पता चलता? आपको पता चलने के लिए क्या करना है? मेरे को पूरा अनलोड करना है। जब मेरे को अनलोड करें तो आपको एक भावना आती है कि भाई इनको सब कुछ मालूम है। नहीं नहीं इसको कुछ मालूम नहीं है। तो ये नॉलेज परखने के लिए आप बात करें तो
(1:20:39) मालूम हो रहा है। मगर मेरे दिल में आपके प्रति क्या है? मेरे दिल में मेरे बेटी के प्रति क्या है? मेरे दिल में मेरे पार्टनर के प्रति क्या है? ये मैं ही जान सकता हूं। मेरी इनेशन फील्ड नहीं जान सकता। उसका आउटपुट ही मेरा जो हेल्थ प्रॉब्लम भी है और मेरा वेल्थ प्रॉब्लम भी। अगर मेरे दिल में है कि भाई मैं एक पार्टनर को डूबा के पैसे कमाऊंगा तो वो वेल्थ आ रहा ना तो दैट वेल्थ आल्सो वेल्थ ऐसे कितने पार्टनर ने दुनिया में कि लॉस कर दिया एक पार्टनर उसके पास तो वेल्थ आ गया और यही कोई अच्छा चाहता है अगर कि चलो दोनों मिलके मेहनत करेंगे और प्रॉफिट
(1:21:10) बनाएंगे तो वहां से भी वेल्थ आ रहा है मगर वो एक पॉजिटिव वे में आ रहा है। वे में आ रहा है। ये नेगेटिव वे में होने के लिए और एक भी कारण है। जैसा मैं कार्मिक अकुंड बताया। वह छोड़ के और भी कारण है जो हम जो पोलशन बोल रहे हैं, रेडिएशन बोल रहे हैं, टेंशन बोल रहे हैं। यह सब क्या कर रहे हैं? अपने सोच विचार को वाइबेशंस को कम कर दें। रिड्यूस कर रहे हैं। अपने फ्रीक्वेंसी को डिस्टर्ब कर रहे हैं। उससे अपना अगर फ्रीक्वेंसी डिस्टर्ब हो गया। आपका इन्फॉर्मेशन फील्ड ही पॉजिटिव नहीं है। तो आप सामने वाले को पॉजिटिव क्या देंगे? ठीक है? हम बहुत देर से फ्रीक्वेंसीज की
(1:21:39) बात कर रहे हैं। ह्यूमन की फ्रीक्वेंसीज, औरों की फ्रीक्वेंसी, द अल्टीमेट फ्रीक्वेंसी। फ्रीक्वेंसी की डेफिनेशन क्या है? तो फ्रीक्वेंसी का डेफिनेशन है एनर्जी। हम हम माने कौन सा भी एनर्जी हम एक प्लेस से दूसरे प्लेस को ट्रेवल करता है। हम वो ट्रेवलिंग को मेजरमेंट हर्ट््स में करते हैं। राइट? तो हर्ट्ज में एनर्जी जब डिराइव करते हो उसको नाम फ्रीक्वेंसी है। उसको बोलते हैं सॉरी डेफिनेशन बस फिजिकल तो आपका सोच भी फ्रीक्वेंसी है। हम आप सोचते हैं ना यहां बैठ के क्या सोच सकते हो आप? कुछ अमेरिका भी अमेरिका में भी सोच सकते हो। स्विट्जरलैंड भी सोच सकते हो।
(1:22:12) एक काम कर सकते हैं। हवा जहाज में भी सोच सकते हो। म देयर इज़ नो एनी स्पेस पर टू मेजर द फ्रीक्वेंसी फ्रीक्वेंसी ऑफ़ फ्रीक्वेंसी इज़ मेजरेबल अनमेजरेबल तो उसको फ्रीक्वेंसी में एक आपका थॉट फ्री वाइब्रेशन भी फ्रीक्वेंसी है। उसको हम लोग इनेशन फील्ड अभी तक बात करें और फ्रीक्वेंसीज में डिफरेंट और फ्रीक्वेंसीज भी है। जैसे कि साउंड वेव फ्रीक्वेंसी हम जो बात कर रहे थे तो साउंड वेव फ्रीक्वेंसी इसको भी हर्ट्ज में मेजर कर दे। लाइट वेव फ्रीक्वेंसी है और टाइम फ्रीक्वेंसी है। टाइम ट्रेवलिंग यू नो टाइम ट्रेवलिंग बोलते हैं ना। अभी जो स्पेस में जा रहे
(1:22:44) हैं वो स्पेस में टाइम को अचीव करना। देन ओनली दे कैन रीच द हाइट्स ऑफ द स्पेस अदरवाइज़ वेरी डिफिकल्ट टू रीच वो स्पीड में जाना है हम तो उसको भी फ्रीक्वेंसी में मेजर करते हैं हम माने एनी एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन को हम फ्रीक्वेंसी बोलते हैं। ओके या एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन इज़ फ्रीक्वेंसी। फ्रीक्वेंसी इंक्लूडिंग इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी। इलेक्ट्रोमग्नेटिक फ्रीक्वेंसी मतलब जो हम सिग्नल्स में यूज़ करते हैं ना वो सब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी है। वो भी हर्ट्स में रहते हैं। बट इट दे आर मेड ऑफ़ मैन मैन मेड फ्रीक्वेंसी है। जो वेव्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
(1:23:20) एक्सक्टली एक्सक्टली और डिफरेंट फ्रीक्वेंसी अल्फा, बीटा, गामा रेस जो यूज़ करते हैं जैसे एक्सरे में यूज़ करते हैं फ्रीक्वेंसी। ऐसे कई तरीके के फ्रीक्वेंसी साउंड वेव फ्रीक्वेंसी जो अल्ट्रासाउंड में यूज़ करते हैं बेट को स्कैन करने के लिए। तो कई तरह के फ्रीक्वेंसी अभी अवेलेबल है। इसमें साउंड वेव फ्रीक्वेंसी आर वेरी सेफ। ओके? क्योंकि साउंड वेव फ्रीक्वेंसी सेफ क्यों बोल रहा हूं? हम फॉर एग्जांपल अपना जो फ्रीक्वेंसी है ना 20 हर्टz से लेके 20,000 हर्टz का है। आप सुन जो सुन सकते हैं। डॉग उसका फ्रीक्वेंसी 1 लाख फ्रीक्वेंसी है।
(1:23:52) हम 1 लाख फ्रीक्वेंसी तक वो सुन सकता है। माने मतलब क्या है? हम जो नहीं सुन सकते वो वो डॉग भी सुन सकता है। और आपको वंडरिंग बताता हूं एक कि कौ गया बोलते हैं ना हम जो गौ माता पूछते हैं ना उसका फ्रीक्वेंसी अभी तक डिराइव नहीं हुआ। हां हां वो प्रेजेंट पास्ट एंड फ्यूचर को ही देख सकता। सुनामी आने से नेचुरल कैलामीटर आने से छ महीने पहले उसको मालूम है वो उसके बॉडी लैंग्वेज उसका पूरा डिस्टरबेंस होता है अच्छा या तो उसका फ्रीक्वेंसी मल्टीटास्क वाला फ्रीक्वेंसी इसलिए उसको गौ माता बोलते हो उसके कण कण में अलग-अलग इनफेशन फील्ड है
(1:24:30) इसीलिए गौ माता को पूजा जाता करेक्ट आपको जो आप क्वेश्चन पूछे थे कि भाई हम अगर कोई हेल्थ प्रॉब्लम नहीं आना और हमें हेल्दी रहना है तो बेस्ट जस्ट सोर्स ऑफ एनर्जी इज काऊ। आपका नेगेटिव फ्रीक्वेंसी को भी पॉजिटिव इनेशन में ट्रांसपोर्ट करेगा। वो कैसे? बस उसको सेवा करो, उसको टच करो, उसके साथ रहो। बट वो ट्रांसफॉर्म कैसे कर देगा? उनके पास ये पावर कैसे है? इट्स सी कऊ इट्स इटसेल्फ इज अ इनेशन फील्ड। उसका जो है ना इनबिल्ट इन फील्ड है जो गॉड से गार्डेस से आया। राइट? तो उसके पास स्टर्ड है। ओके? जैसे हम फ्रेंडशिप करते बोला ना जो अच्छा
(1:25:07) फ्रेंडशिप करना। सो कौ से फ्रेंडशिप करना आज तो आजकल मैं थोड़ा गोशा वाला में देखा तो बीमार लोगों को जाके गौ सेवा करो ये हम साधु संत लोग अभी बोल रहे हैं ज्यादा गोदा से गौ सेवा करने से आपको अच्छा हेल्थ मिलता है ये मानना है मगर इंफॉर्मेशन फील्ड से मेरे हिसाब से मैं सोच रहा हूं कि उसको बस इतना एनर्जी है कि वो अपने को ट्रांसफर करने का इजीली हो सकता है तो इसमें अपने को एक नुकसान भी है जो मैन मेड बोल रहा है हां दुनिया में आपको तो मालूम हम जो भगवान भगवान बनाया उसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है। जब भगवान हमको बनाया हम जो करते हैं उसमें
(1:25:42) कुछ ना कुछ गड़बड़ निकलता है। जब हम फ्लाइट देख रहे हैं ना हम जो ट्रेवल करते हैं तो फ्लाइट के अंदर क्या हुआ? उसके अंदर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स बहुत सारा ईएमएफ बोलते हैं। उसको इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी हर चीज में आजकल तो हम सराउंडेड है इलेक्ट्रोमैट आप एक परेशान हो जाएंगे। बताइए तो कि अपने सामने जो माइक में बात करें इसमें से जो बहुत तरह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड अपने को इफेक्ट कर रहा है। नहीं अभी तो प्रैक्टिकल मतलब फ्रंट पे इट इज नॉट पॉसिबल टू लिव विदाउट दी फ्रीक्वेंसी। तो कहां-कहां क्या-क्या छोड़ेंगे हम? पॉसिबल ही नहीं है।
(1:26:14) पॉसिबल ही नहीं है। तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी को बचाए रखना है। हम और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड के लिए हम लोग क्या करें? ये डिवाइस के अंदर इलेक्ट्रोसेंसिटिविटी प्रोग्राम लगाए। और इसके साथ थोड़े हमारे जीरो हर्ट्ज बोल के थोड़े प्रोडक्ट्स हम लोग ल्च करें। अच्छा। उसके अंदर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड जो रेडिएशन आ रहा है उसको बचने के लिए एक हट स्लीपिंग मास्क और एक ब्लैंकेट को ऐसे लेके आए हैं। क्यों लेके आए? क्योंकि देखिए हम जो दिख रहे हैं इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक वेव्स इसके बारे में बात करें। जो नहीं दिखते हो उसके साथ हम रह रहे हैं। जो आपके घर के अंदर जो
(1:26:52) वायरिंग है हर तरफ है ही है। मतलब वेव्स फील्ड्स तो हर तरफ है। उसके अंदर करंट जा रहा ही है। राइट? तो करंट अगर फ्लो हो रहा जो हम लोग तैयार कर भगवान तैयार नहीं कर रहा हम लोग तैयार करंट जा रहा है उसमें से रेडिएशन आएगा राइट वाईफाई हम घिरे हुए हैं वाईफाई से अभी आप अपना वाईफाई ऑन करो तो देखो कितने सारे आपके पास नेटवर्क आ जाते हैं करने के लिए मैं तो ये कभी-कभी मैं बोलते रहता हूं हमारे फ्रेंड्स को सर्किल में कि आपका विदाउट योर परमिशन आपका इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स आपके बॉडी के सेल के अंदर से चले जा रहे हैं आरपार तो इसमें क्या हो रहा है अपना इंडिविजुअल
(1:27:25) माइक्रो करंट डिस्टर्ब हो रहा है हम इंडिविजुअल माइक्रो करंट अपने जो बॉडी करंट है ना? वो हर दिन अपने सेल में से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव जाके हम अपने इनेशन फील्ड को डिस्टर्ब कर रहे हैं। इससे क्या हो गया? सेल वीक हो गया। जीरो हर्ट्ज हर्ट्ज मेंटेन करती हैं। दैट मींस ये हमारे आसपास के सारी फ्रीक्वेंसीज को कट कर देती हैं। गैजेट्स के पास इसको रख के अगर डेमो देख तो ये 100% थ्रू कर रहा है। अच्छा। हां। मगर अपने बॉडी पे अगर हम पहन लिए तो ये हम इतना नहीं कर सकता। क्यों? इट इज़ अ 360°। हम 360 डिग्री से अपने बॉडी का इफेक्ट हो रहा है। रेडिएशन का इफेक्ट
(1:28:01) तो हम पहनने से क्या होता उसके इफेक्ट को नलिफाई कम कर सकते हैं पर जीरो नहीं कर सकते। ओके ये है तो ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी से नुकसान में देखे तो अभी देखिए रात का नींद डिस्टरबेंस हो गया हम आपको बताइए कितने लोग नाइट स्लीप में साउंड स्लीप कर रहे हैं जैसे फॉरेस्ट सॉरी फार्मर जो लोग रहते हैं एग्रीकल्चरिस्ट वो जो लोग सोते हैं उनको सुबह उठते वक्त क्या करते हैं आंख निचोड़ मींस उसको ये करके वो लोग उठते अपना स्लीप कैसा है लाइट डाले तो उठ गए रात पूरा क्या चल रहा है पूरा मालूम हो रहा है ये सब क्यों क्यों हो रहा है?
(1:28:36) क्योंकि अपने ब्रेन में जो पिट्यूटरी ग्लैंड है ना वो क्या करता मेलोटिनिन रिलीज़ करता नाइट में डे में सेटिनिन रिलीज़ करता अगर मैं डे एंड नाइट को डिस्टर्ब कर दिया नहीं पिट्यूटरी एनलार्ज हो गया। पिट्यूटरी एनलार्ज क्या हुआ? स्ट्रेस से हुआ रेडिएशन से हो गया समझो। तो क्या हो गया? मेरा पिट्यूटरी एनलार्ज थे। वो मिलिटिनिन कब रिलीज़ करना? सेरेटिनिन कब नहीं रिलीज़ करना? उसको भी नहीं मालूम। राइट? वो उसका इनेशन फील्ड भी डिस्टर्ब हो गया। तो मेरा स्लीप पैटर्न खराब हो गया। या फिर उसके लिए फिर स्लीपिंग किल कहो मतलब ही नहीं है। तो डीप स्लीप रियली बोले तो आज गुंजन जी
(1:29:11) मैं बता रहा हूं दुनिया का सबसे बड़ा बेस्ट मेडिसिन क्या है? अगर मेरे को पूछे तो हमारे फ्रीक्वेंसी से भी बेस्ट मेडिसिन क्या है? स्लीप अगर आप साउंड स्लीप हम साउंड स्लीप दिन में नहीं साउंड स्लीप मतलब रात में हम वो भी कितने बजे 9:30 बजे हम 9:00 बजे से लेके एक्चुअली अपने बॉडी में ऑर्गन बायोलॉजिकल क्लॉक रहता है हम हमको सोना है एक्सैक्टली 9 ओ क्लॉक हम और सुबह उठना है अपने को मिनिमम 5 ओ क्लॉक हम हम 3:00 बजे उठना है एक्चुअली बट 3:00 बजे नहीं उठ सकते 9:00 बजे तो हम लोग को सोना ही है 9 ओ क्लॉक इन द इवनिंग नाइट एंड मॉर्निंग हम लोगों को उठना है एटलीस्ट 5 ओ
(1:29:48) क्लॉक सूरज भगवान उठने से एटलीस्ट एक घंटे पहले तो इधर जो फ्रीक्वेंसी हम बात कर रहे हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसीज इससे बचाए रखने के लिए वी नीड टू टेक अ सपोर्ट ऑफ दिस डिवाइस। सो वी इंट्रोड्यूस द गैजेट्स इन द मार्केट। ओके। तो हमारे सिस्टम में तो यूज़ करके आप थोड़ा प्रोटेक्ट कर सकते हैं। उसमें कैप है। कैप से आपको बेनिफिट मिलेगा कि आपका जो रेडिएशन से आपका ब्रेन गर्म होता है। बोलते हैं ना बहुत लोग नवरत्न तेल लगा के गर्मी का। चलिए ठंडी लग रहा है। मजा आ गया। वो मजा आप फील कर सकते हो। अच्छा। फर्स्ट टाइम जब आप यूज़ करते हैं ना द
(1:30:29) कूलनेस। अच्छा। बिकॉज़ बहुत दिन से आप रेडिएशन से वो तो कूल फीलिंग आता नहीं आता। आप प्रैक्टिकली एक्सपीरियंस कर सकते हो। हां मेरे पास स्लीप मास्क है। वो स्लीप मास्क अगर आप एक घंटा लगाए तो आप जो डीप स्लीप साउंड का मैं बता रहा था ना वो एक्सपीरियंस पहले दिन से कर सकते हो। ओके? और जो ब्लेड शीट है ना वो ब्लेड शीट रात में ओढ़ के सो गए। नहीं तो आप काम में ओढ़ ओढ़ के लगे तो आपका रेडिएशन इफेक्ट कम होने से आप दिन में जो काम करके एग्जॉस्ट होते हैं ना फैटीग होते हैं ना वो कम हो जाएगा पहले दिन से। ओके? और इसके लिए हम ये 14 डेज का वारंटी भी
(1:31:00) है। माने आप 14 डेज आप यूज़ करो। आप इसमें से अगर फील नहीं हुआ यू कैन गिव बैक एंड टेक मनी बैक। अच्छा तो चैलेंजिंग प्रोडक्ट है। ये पेटेंटेड भी प्रोडक्ट है। ओके। क्या टेक्नोलॉजी यूज़ की है इसमें? इसमें एक मिश है। पेटेंटेड है तो हम लोग इसको डिस्क्लोज़ नहीं कर सकते। मैं मैं भी नहीं कर सकता हूं। बिकॉज़ वो साइंटिफिकली डिज़ है। ओके। तो इट इज़ फ्रॉम रशिया। द इन्वेंटर रशिया से है साइंटिस्ट। तो उन्होंने इसको इन्वेंट करा। अभी रिसेंटली इंडिया में ल्च हुआ। अभी ग्लोबल भी ल्च करने वाला है। अच्छा। तो सबसे पहले इंडिया में इंडिया में लांच करें।
(1:31:32) अमेजिंग। मुझे ऐसा लग रहा है कि दिस इज द प्रोडक्ट फॉर फ्यूचर। यस। मतलब जो अभी प्रॉब्लम्स और हैं एकिस्ट कर रही हैं और बढ़ने वाली है आगे। तो इस तरह की चीजों की ही बहुत ज्यादा जरूरत पड़ेगी अपने को थोड़ा सा वो सेफ करने के लिए, प्रोटेक्ट करने के लिए। अब हम जब बात कर रहे थे एए के लिए आप बात कर रहे थे ना तो ए में तो रेडिएशन तो कंपलसरी है। ए बढ़ गया बोल तो क्या हो गया? रेडिएशन ही बढ़ गया। जैसेजैसे रेडिएशंस का एक्सपोज़र बढ़ रहा है। वैसे-वैसे हमें इस तरह की चीजें इनोवेशंस भी चाहिए ताकि हम अपने को थोड़ा सेफ गार्ड कर सकें। एक्चुअली मैं फ्रीक्वेंसी वर्ल्ड में रहते
(1:32:08) हुए रेडिएशन के लिए क्यों बात कर रहा हूं? क्योंकि देखिए मैं जो बात कर रहा हूं वो नेचुरल इनेशन फील्ड है। इंडिविजुअल माइक्रो करंट फ्रीक्वेंसी है। उससे मैं माना बॉडी का मेमोरी को डील कर रहा हूं। बॉडी मेमोरी को अच्छा रखने के लिए मैं बोल रहा हूं मेडिटेशन करो। अच्छा खाना खाओ। ये सब बता रहा हूं। मैं रेडिएशन के लिए मैं कुछ नहीं कर सकता हूं ना। तो उसको उस स्कूलों को रोकने के लिए ऐसे चीज़ होना चाहिए। इसमें तो हमें रहना ही है। रहना ही है। रहना ही है। जो यह ब्लैंकेट बताया आपने या कैप बताई, मास्क बताएं। ये सब चीजें क्या सिर्फ
(1:32:38) मैनमेड फ्रीक्वेंसीज को ही स्टॉप करता है या फिर नेचुरल फ्रीक्वेंसीज के लिए भी बैरियर बन जाता है। नो नो मतलब यूवी रेज जो हमें चाहिए करेक्ट। वो सब वो सब एज इट इज़। नेचुरल से कुछ नहीं लेना देना। ये प्योरली काम करता जो मैनमेड जो रेडिएशन डिजिटल फ्रीक्वेंसी उसके पे काम करेगा। उसको प्रिवेंट करता है। कोई टेस्टीिमोनियल्स भी हैं इनके इन प्रोडक्ट्स के किसी ने यूज़ किया हो उसको कोई कुछ आपने ट्रांसफॉर्मेशन देखा हो? या एक्चुअली फ्रीक्वेंसी जब मैं शुरू कर रहा था। सो मैं एक टाइम वेवर बोल के एक फ्रीक्वेंसी थेरेपिस्ट था। तो डिवाइस से
(1:33:12) मैं हील कर रहा था। ओके? मेरे क्लाइंट्स को। बाद में 5 साल पहले ये सब डिवाइसेस वर्ल्ड वाइड में ल्च करे। ओके। तो मैं इनमें से थोड़े डिवाइसेस को इंडिविजुअली रिकमेंड करना शुरू करा मेरे क्लाइंट्स में। इनेशन फील्ड से सब कुछ हो सकता है। मगर मैं क्लेम नहीं कर सकता हूं। क्योंकि क्लेम क्यों नहीं कर सकते? जब तक यह एविडेंस बेस्ड, क्लीनिकल बेस्ड जो भी बोलते हैं टेक्नोलॉजी वाइज़, टेक्निकल वाइज़ इसलिए हम लोग ऐसा क्लेम नहीं कर सकते। इसको हम लोग क्या बोलते हैं? वेलनेस में ही बताते हैं। ओके? देखो आप फॉर एग्जांपल आप शुगर डायबिटीज हो गया तो डायबिटीज होने से वो लोग मॉडर्न
(1:33:43) मेडिसिन यूज़ करना ही है। उसके साथ क्या करते हैं? आयुर्वेद भी लेते हैं। थोड़े लोग थोड़े लोग होम्योपैथी लेते हैं। थोड़े लोग योगा करते हैं। करेक्ट? वाकिंग भी करना है। यह तो आप मॉडर्न मॉडर्न मेडिसिन में वही बोलते हैं कि भाई आप मेडिसिन भी लो और यह सब करो। उसे सो दैट आपका शुगर लेवल्स कंट्रोल में आए। ओनली मेडिसिन पे आप डिपेंड मत करो। करेक्ट? इस तरीके से अगर आप कोई भी एलिमेंट में हो हम उन लोगों को मैं रेकमेंड कर रहा हूं। आप इसको इंटीग्रेट करो। ओके? वेलनेस में। क्यों वेलनेस में इंटीग्रेट करना? रोज वाकिंग करना अच्छा है। रोज मेडिटेशन करना अच्छा है माइंड के लिए।
(1:34:17) हम रोज पूजा पाठ करना स्पिरिचुअल सोल के लिए अच्छा है। अच्छा यह अच्छा है। सबको मालूम है। कितने लोग कर रहे हैं। हम कितने लोगों के पास टाइम है। हम पर्सनल एक्सपीरियंस में कंफ्यूज होता हूं। जब डायबिटिक बना एक बंदा पहले सुबह-सुबह उठेगा, डायबिटिक रीडिंग देखेगा। भाई भागेगा, योगा करेगा, पीछे लग जाएगा, क्ब्स नहीं खाएगा, वो करेगा, ये करेगा, नीचे सर करेगा, ऊपर पैर करेगा, शीर्षासन करेगा, योगा कर देगा, प्रेयर भी करेगा। कितने दिन मालूम? एक तीन चार महीने हम स्लोली क्या करेगा भाई अभी मैं हार्ट्स ऑफ एक-ए एक एक डिस्कार कर दिया जाएगा राइट
(1:34:54) एक दिन छुट्टी बना देगा और उसके साथ एनवायरमेंटल फैक्टर्स भी हो गए भाई पानी हो गया बरसात में नहीं जाऊंगा ठंडी हो गया नहीं जा सकता हूं गर्मी इतना है कि खाली निकल जा रहा है तो उन लोगों के लिए बेस्ट सॉल्यूशन क्यों घर में बैठ के पहले कपड़े आप धोते थे आज आपके कपड़े कौन धो रहे हैं वाशिंग मशीन धो रहा है करेक्ट इसी तरीके से आज स्मार्ट डिवाइस स्मार्ट टेक्नोलॉजी वेलनेस में भी आ गए। इसमें क्या हो रहा है? आपको जो सर्कुलेशन होना है वो सर्कुलेशन फ्रीक्वेंसी के अंदर है। आपके डाइजेशन लेके गैस्ट्रोइेस्टाइनल फ्रीक्वेंसी है इसके अंदर डाइजेशन के लिए। आप खा गए तो
(1:35:30) खाना और खाना पड़ा और दावत हो गया फंक्शन हो गया। घर पहुंच गए एसिडिटी हो गया। तो मैं क्या बोल रहा हूं? इसके अंदर गैस्ट्रिक फ्रीक्वेंसी है। आप लगाओ अगर आपको रिलीफ मिला नेक्स्ट टाइम से आप कंटिन्यू कर दीजिए। तो गैस्ट्रिक फ्रीक्वेंसी हो गया। यह तो मैं छोटे-छोटे बता रहा हूं गुंजन जी। इसमें मेरे को इतना वंडरफुल एक लाइफ चेंजिंग फॉर वुमेन बोलता हूं। वो मेरे को बहुत पसंद है। वो क्या है? मैच्योर वुमेन एक प्रोग्राम है। वो डिजाइन कर रहा है हार्मोन बैलेंस के लिए। अच्छा 40 साल के बाद वुमेन में थ्री फैक्टर तो है। प्री मेनोपास मेनोपास
(1:36:04) पोस्ट मेनोपास। हम इसमें फिजिकल लेवल में उनमें क्या आ रहा? अर्थराइटिस, जॉइंट पेन, इनफ्लेमेशंस, बिकॉज़ ऑफ़ हार्मोन इमंबैलेंस। करेक्ट। पिगमेंटेशन स्किन में बाल झड़ना, वाइट हेयर हो जाना, उनका बॉडी स्ट्रक्चर में डिस्टरबेंस आप देख रहे हो प्रीमेनोपज्म, पोस्ट मेनोपज में देख रहे हो। मेनोपाज़ में एक्सेसिव ब्लीडिंग देख रहे हो। हार्मोन इमंबैलेंस से वुमेन के जो हार्मोन इमंबैलेंस है उनके अंदर अगर यूट्रस में फाइब्रिड हो गया। हम ब्रेस्ट में सिस्ट हो गया। मेमोग्राफी भी करा है। ग्रेड वन आया। फिर बाद में ग्रेड टू हो गया। फिर बाद में बायाप्सी हो गया। वो कैंसर
(1:36:37) डिक्लेअर हुआ। हम ये सब क्यों हुआ? हार्मोन इमंबैलेंस होगा। हम क्या कर रहे हैं कि देखो अब कैंसर आने के बाद क्या होता वह सब नहीं बात करेंगे वह सबको मालूम है। अगर मेरी ये मेनोपास का फ्रीक्वेंसी हार्मोन बैलेंस का एक घर में मैं पहुंचाया मेरे वाइफ को दिया मेरे मां को दिया मेरे बहन को दिया अगर 10 साल वो यूज़ करें हम उनका हार्मोन बैलेंस हो गया उनका मेंटल स्टिलनेस बैलेंस हो गया देखिए मेनोपास में वही टाइम में क्या होता है बच्चे का शादी घर में कमिटमेंट नेक्स्ट फॉरेन सेटलमेंट्स हम हाउस वार्मिंग रहता है वही बिकॉज़ पूरा कमा के वही स्टेज है
(1:37:12) हम ये स्टेज में एक कॉमन वुमेन हाउसवाइफ को मेन पास का चैलेंज आ गया। वो 10 साल उनका स्ट्रगलिंग हो गया। वो वुमेन क्या क्या एंजॉय करती? शादी उनके बच्चों की शादी एंजॉय नहीं कर सकती। हाउस वार्मिंग एंजॉय नहीं कर सकती। बस बैठे बस हार्मोन डिस्टरबेंस हो रहा है। और मूड स्विंग्स हो जा रहे हैं। एंग्जायटी हो जा रहा है। गुस्सा आ रहा है। चिड़चिड़ापन हो जा रहा है। और हार्ट फ्लशेस आ रहे हैं। एकदम गर्मी लगता है। एकदम ठंडी लग जाता है। एक-एक बार सबको मारना दिल लगता है इमोशनली। किससे बात नहीं करना दिल लगता है। एक ये काम उन वुमेन का सफरिंग है।
(1:37:44) राइट? तो इसके लिए हम लोग क्या बोल रहे हैं? वो वो लोग अगर मैच्योर वुमेन हार्मोन बैलेंस वाला फ्रीक्वेंसी लगाए उनका 10 साल अगर हैप्पी चले गया इससे बढ़के क्या होना है? तो दिस आई एम रियली एंजॉयड ये जो आपने बताया वुमेन वाला ये भी इट इज आल्सो लाइक बैंड नो दिस इज़ अ डिवाइस सेम डिवाइस। द सेम डिवाइस एंड नंबर ऑफ़ फ्रीक्वेंस आर देयर। ओ अच्छा इसमें ही सब आयात है। ओके सब है इसके अंदर। एंड हमारे पास जो ऑलरेडी पेटेंटेड है 9 लैक्स। हम हम अभी 9 लाख बताया तो कितना देर लगेगा? मैं तो गैस्ट्रिक का बोला, वुमेन का बोला है। अभी बताने वाला हूं।
(1:38:18) तो हर प्रॉब्लम के लिए एक फ्रीक्वेंसी है। आप उसप इसको ट्यून इन कर लो। एंड योर बॉडी विल बी एन अलाइनमेंट। एक्सक्ट्ली। फिजिकल फ्रीक्वेंसी है हमारे पास। मेंटल फ्रीक्वेंसी है और स्पिरिचुअल फ्रीक्वेंसी भी है। चक्रास भी है। अच्छा। आप चक्रा के लिए स्पिरिचुअल प्रैक्टिस नहीं करने की जरूरत नहीं है। इसके अंदर चक्रास भी है। आपको कौन सा चक्र वीक है। आपका आरा को एनालाइज करो इससे और वो वो चक्रा को आप बैलेंस कर लो। और नेक्स्ट फ्रीक्वेंसी हमारे पास फिजिकल लेवल में है लेजेंस का प्रोस्टेट हम जैसा मेनोपास अभी मैं बात करा मेल के लिए एंड्रोपास होता है यस
(1:38:53) एंड्रोपास में सेम वुमेन जो सफर होते हैं मेन भी सफर होते हैं मगर कोई रियलाइज नहीं करता सामने नहीं बताता हम क्योंकि इतना बताने में उनको शर्म लगता है तो फर्स्ट क्या है सेक्सुअल डिस्फंक्शनिंग सेकंड मूड स्विंग सेम और ए्जायटी गुस्सा चिड़चिड़ापन हैंड एंड्रोपास में मेन को ऐसा हो जाता है कि उनके नाक के ऊपर अगर फ्लाई बैठा तो नाक भी कट कर देंगे नहीं तो गर्दन भी कट देंगे। इतना एंजाइटी होता है उन लोगों को। ओह माय गॉड। और दूसरी बात बताता हूं अगर टेस्टोस्टरन इमंबैलेंस हो गया बॉडी में उनका मेल स्ट्रेंथनिंग चले गया हम और उनका बोन डेंसिटी कम हो जाता है।
(1:39:27) राइट? उनका स्लीप पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है। प्रोस्टेट फिर एनलार्ज हो गया। वो एक अलग प्रॉब्लम है। एनलार्ज हो गया। उसको फिर पीसीए बढ़ गया। फिर उसको कैंसर में कन्वर्ट हो गया। और उसका ट्रीटमेंट हुआ कि प्रोस्टेट निकाल दो। आपको मालूम है प्रोस्टेट निकालने के बाद क्या होता है? डायपर यूज़ करना है। पहले बच्चों का डायपर मिलता था। अभी बड़ों का भी डायपर मिला है। अगर किसी को बड़ों को डायपर की नौबत नहीं आना है तो प्रोस्टेट फ्रीक्वेंसी लो। बताइए गुंजन जी आज दुनिया में किसी को नहीं चाहिए प्रोस्टेट फ्रीक्वेंसी? अगर मैं बता रहा हूं कि भ इसमें कोई
(1:40:00) ट्रीटमेंट नहीं है। इसका मैं मेंटेनेंस बता रहा हूं। क्या नुकसान है इसमें? बताइए। सो मतलब क्या है? आपके फादर को क्या गिफ्ट देंगे? आपके ब्रदर को क्या गिफ्ट देंगे? आप एल्डरली जो मेल घर में हैं उनके लिए आप क्या सोच रहे हो? मैं तो बोलता हूं आप जाके गिफ्ट दो उनको। भाई जिंदगी भर लगाओ प्रोस्टेट। क्यों? कल प्रोस्टेट का आप नहीं लगाते। आपको अर्थराइटिस हो जाता। प्रोस्टेट हार्मोनी नहीं हुआ। आपको कैंसर आ गया। प्रोस्टेट हार्मोनी नहीं हुआ। आपका बोन डेंसिटी स्लीप डिस्टरबेंस हो गया। मेंटल स्टेटस। इतने सारे क्यों लेते हो? हम कि एक हार्मोनी फ्रीक्वेंसी लगाओ। तो
(1:40:30) प्रैक्टिकली 15 इयर्स में जो 5 साल का जो ये गैजेट्स का और मेरा प्रीवियस जो बड़ा गैजेट का मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस क्या है ऐसा मैं ट्रांसफॉर्म करा कोई कई लोगों को इंटरेस्टिंग इंटरेस्टिंग और मजे की बात बताऊं आपको ये कुछ नहीं है हमारे पास बच्चों का पढ़ाई के लिए लर्निंग फ्रीक्वेंसी भी है। अच्छा वाओ मैं बता रहा हूं जो क्लास फर्स्ट आता है ना उसको लेके क्लास फर्स्ट मत बनाओ। जो फेल होता है ना उसको लेके क्लास फर्स्ट बनाओ। ये कैसा है? हम हम जो पढ़ाई में वीक रहते हैं उन लोगों को बोला लंग लर्निंग फ्रीक्वेंसी लो। अच्छा। उसमें क्या होता उनका जो अल्फा न्यूरॉन्स
(1:41:04) बीटा न्यूरॉन्स बताते हैं ना अपना कॉन्शियस माइंड सबकॉन्शियस माइंड जो फोकस माइंड बोलते हैं। अबकास में क्या करते हैं? आपका ब्रेन को ट्यून करते हैं। वो ट्यून करके जो ट्यून करके फ्रीक्वेंसी सेट करते हैं ना वो इधर आ गया लर्निंग फ्रीक्वेंसी। उसके बाद में मेमोरी फ्रीक्वेंसी आया। सो इन सब चीजों के लिए डिवाइस एक ही लेना है। सेम डिवाइस। बस आप फ्रीक्वेंसी सेट कर सकते हो। नहीं ऐप में दिखेगा। अच्छा। आप मोबाइल ऐप से ऐप में सब फ्रीक्वेंसी दिखेगा। जो आपको चाहिए जरूरत के हिसाब से आप लीजिए। फिर कंसंट्रेशन फ्रीक्वेंसी है बच्चों के
(1:41:33) लिए जिसके बच्चे को कंसंट्रेशन नहीं है। कंसंट्रेशन मजा देखो जो हाइपर एक्टिव बच्चे मिलते हैं ना मैं उनको कंसंट्रेशन फ्रीक्वेंसी थोड़े दिन दिया ना। ओके। फिर उनका भी लेवल ऑफ़ हाइपरनेस कम हो गया। ऐसे भी मैं प्रैक्टिकल देखा हूं। फिर एग्जाम स्ट्रेस जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम में जो जाते हैं ना उन लोगों में क्या प्रॉब्लम है? नॉलेज का प्रॉब्लम नहीं है। दे आर वेरी गुड विद द इनेशन। बट प्रॉब्लम क्या है? थोड़े लोग डरते हैं एग्जाम्स स्ट्रेस फील करते हैं। तो उनके लिए एग्जाम स्ट्रेस हटाने वाला फ्रीक्वेंसी है। अच्छा तो कंप्लीट लर्निंग मॉडल में जो जो
(1:42:04) फ्रीक्वेंसी है वो सब हमारे पास अवेलेबल है। वाओ और इसको 24 आवर्स पहन के रखना होता है। नहीं एक्चुअली इसमें क्या रहता है? एक-एक फ्रीक्वेंसी का टाइम लाइन है। ओके। 20 मिनट से लेके 50 मिनट्स तक। मैक्सिमम 60 मिनट भी थोड़े फ्रीक्वेंसी से है। ओके। तो जो अपने को रिक्वायरमेंट बेस है ना हम लोग क्या कर सकते हैं? इसमें एक प्रोग्रामिंग बनाएं। उसको एडवाइजर बोलते हैं। अच्छा। एडवाइजर में डाल के आप जाके टाइप करो जैसे Google में आपको क्या चाहिए? ओके फॉर एग्जांपल लेट अस से गैस्ट्रिक प्रॉब्लम बोल के आप टाइप करो डायबिटिक के लिए आप टाइप करिए बीपी के लिए टाइप करिए
(1:42:37) ओके क्या सपोर्टिंग अच्छा फ्रीक्वेंसी चाहिए ऑटोमेटिकली वो लिस्ट कर देगा ओके वो कॉन्फ़िगरेशन सारी बता देगा बता देगा और उसको टिक करना है आपको अलाइन करना है कैलेंडर कैलेंडर में ऐड करना है और उसके बाद आपको सुबह दोपहर रात वो आपको बताएगा अभी लगाओगे अच्छा ओके इतना इजी कर दिया ये कहां की डेवलपमेंट कहां पे हुआ है ये ये फ्रीक्वेंसी डिवाइस फ्रॉम जर्मनी है। अच्छा जर्मनी से जर्मनी से है। ये है। ठीक है। बट अभी स्टार्ट आपने इंडिया में ही करा है इसका। ये पांच साल हो गए हैं। अच्छा इंडिया में लाके। इसका लिंक हम डिस्क्रिप्शन में ऐड कर देंगे। अगर जो लोग इसको
(1:43:10) करना चाहे ट्राई और जो आपने बताए थे स्टडीज वगैरह वो सब चीजों के अगर कोई लिंक्स हो हमारी ऑडियंस में से कोई इसके टेस्टीिमोनियल्स या फिर इसके रिसर्चेस, क्लीनिकल ट्रायल्स देखना चाहे तो वो भी या एक्चुअली दिस इज़ अ पेटेंटेड प्रोडक्ट है। तो कॉन्फिडेंशियली सब्जेक्ट रहता वो। हां जो चीज़ अवेलेबल है या जनरलाइज़ सब्जेक्ट यू कैन टेक इट एंड रिमेनिंग जो है वो इट इज़ विथ द कंपनी अभी तक जो मैंने आपको बताया फिजिकल लेवल के फ्रीक्वेंसी बताया ना इसमें एक फ्रीक्वेंसी है उसका नाम प्योर ओके वो अगर वो फ्रीक्वेंसी आप रन करें आपके सेल में जो पोलशन से इफेक्ट हो रहा
(1:43:43) है ना वो नलिफाई कर रही है बट वो तो इनफेशन फील्ड में जाके हम कमांड दे रहे हैं प्योर प्योर प्योर जैसे आप कॉफी पी रहे रोज कॉफी पीने से आपका इनफेशन फील्ड में कॉफी चले गया हम हम टी चले गया हम इसी तरीके से अगर आपके सेल के इनेशन फील्ड में प्योर प्योर कमांड देते गए बट वो कमांड कैसे जा रही है माइक्रो करंट से ये जो इनेशन फील्ड है ना ये किस पे काम करेगा डिवाइस इनफेशन फील्ड पे काम करेगा हम जब ये बॉडी को लगा है हां तो इसमें से एक प्योर बोल के हम कमांड दिए लर्निंग कमांड दिए ये कमांड कहां जा रहा है अपने बॉडी के इनफेशन फील्ड में जा रहा
(1:44:18) नहीं सो प्योर कमांड किस फॉर्मेट में जा रही है वो भी फ्रीक्वेंसी फ्रीक्वेंसी फ्रीक्वेंसी फॉर्मेट फ्रीक्वेंसी फॉर्मेट सो हर सर एक वर्ड की भी अलग फ्रीक्वेंसी होती है। सो प्योर के जो फ्रीक्वेंसी है उसको पास कर रहे हैं हम। नो नो ये प्योर फ्रीक्वेंसी को डिराइव करें। ओके। आप Google चार्ट में जाके सबका फ्रीक्वेंसी है। अच्छा उसको वाइब्रेट करने का डिवाइस ये है। अच्छा जैसे चक्र का फ्रीक्वेंसी है। राइट? रूट चक्र का फ्रीक्वेंसी है। हम हम आज्ञा चक्र का फ्रीक्वेंसी है। उसको वाइब्रेट करना है तो क्या करना है? आपको खुद मेडिटेशन करना है। हम
(1:44:50) मैं क्या कर डिवाइस में लगा के मैं वो फ्रीक्वेंसी ले रहा हूं। ओके ओके ओके इसका मतलब सो इसका मतलब हो गया जैसे हम कैन वी से इट इज़ इट इज़ अ फॉर्म ऑफ़ सप्लीमेंट एक्सैक्ट्ली जैसे हम न्यूट्रिशन खाने से लेते हैं मगर उसके लिए हमें खाना बनाना पड़ता है ढूंढना पड़ता है कुक करना पड़ता है बैठ के उसके लिए टाइम लगाकर उसको लेना पड़ता है और एक सप्लीमेंट ले लेते हैं तो वो सारा काम हो जाता है इज इट लाइक दिस कि मेडिटेशन करनी पड़ती है ध्यान लगाना पड़ता है चक्रा एक्टिवेट करना पड़ता है उस जगह पर हम ये शॉर्टकट है डिवाइस पहन लेते हैं कि वो सेम फ्रीक्वेंसी हमें मिल जाती करेक्ट।
(1:45:24) ओके। और इसमें जॉय फ्रीक्वेंसी है। अच्छा। रिकक्रिएशन फ्रीक्वेंसी है। सो विटामिन बी12 भी फ्रीक्वेंसी है। क्या कोई इंसान अगर जॉय फ्रीक्वेंसी लेता है तो वो सच में उसका मूड हो जाता है। एक्सक्ट्ली। कितनी देर लगती है ये फील करने में? ये 60 मिनट्स का प्रोग्राम है। आपको 15-20 मिनट्स में आपको रिलीफ मिलेगा। रियलाइज हो जाएंगे कि आपको फीलिंग आएगी। इंटरेस्टिंग। वेरी वेरी फ्यूचरिस्टिक इनोवेशन। इसमें और एक फ्रीक्वेंसी है प्लनेट का। अच्छा। हां अंगूठी लगाने का जरूरत नहीं है। जो प्लनेट से नेगेटिव एनर्जी आ रहा है। सो आपने सारे अपना मतलब वो जो
(1:45:55) एस्ट्रोलॉजिकल ग्रह ये वो सब चीजें हैं एवरीथिंग इज कवर एवरीथिंग इज कवर्ड। सो नो नीड टू पॉप एनी पिल। नो फ्रीक्वेंसी इज़ अ पिल। फ्रीक्वेंसी इज़ द न्यू पिल। मेडिसिन ऑफ़ एनर्जी या बाय आइंस्टीन। दरी यस। यस। द फ्यूचर ऑफ़ मेडिसिन इज़ द एनर्जी मेडिसिन। एनर्जी मेडिसिन। बाय आइंस्टीन। इंटरेस्टिंग। बहुत बहुत ही सॉलिड इनोवेशन है ये। मैंने पहली बार इस तरह की किसी चीज के बारे में सुना है। आप सोचिए गुंजन जी आज आप पहली बार देख के इतना इंस्पायर हुए। मैं 15 साल पहले सुना तो मेरे को कैसा लगे? जब तो मैं जब फ्रीक्वेंसी डिवाइस इंडिया लेके आया तो बहुत लोग बोले कि इतना पैसे खराब कर
(1:46:32) दिया ये इसको समझ में नहीं आ रहा है। ये सब कुछ बोले हैं। तो मैंने तो मेरे को तो साइंस समझ में आया। राइट? रियलाइज हुआ। एक्चुअली इसके लिए थोड़ा सा नॉलेज बहुत जरूरी है क्योंकि जिसको इसके साइंस ही नहीं समझ में आएंगे उनका बिलीफ ही नहीं बनेगा और समझ नहीं आएगा कि ये वर्क कैसे कर रहा है। सिर्फ एक डिवाइस पहन के मैं अपने हॉर्मोंस को बैलेंस कर पा रही हूं या अपनी मेंटल हेल्थ को फिक्स कर पा रही हूं। तो समझ नहीं आएगा अंटिल दे अंडरस्टैंड दिस डेप्थ ऑफ यू नो दिस द साइंस बिहाइंड इट। इससे ज्यादा एक छोटा प्रैक्टिकल एग्जांपल बताता हूं। हम
(1:47:02) आपको इजी समझ में आ जाता है। आपको मालूम मेडिसिन कैसा बनता केमिस्ट्री में लैब्स में बनता है वो तो वो कैसा बनता कैसा फार्मूला बनता? ब्लड सैंपल लिए हम जिसको डायबिटीज है उनका ब्लड सैंपल लिए। नॉन डायबिटीज का ब्लड सैंपल लिए। ये दोनों का केमिस्ट्री को मैं स्टडी करा। हां हां। अच्छा वो डिफरेंस ऑब्जर्व किया। वही केमिकल आपका मेडिसिन हो गया। हां। उसको क्या करा? फिर क्लीनिकल ट्रायल्स करा। राइट। क्लीनिकल ट्रायल्स थ्रू हो गए। देन वो ब्रांड बन गया और आपके आपके पास आ गया। हम लोग क्या करें? ब्लड सैंपल नहीं लिए आपका एनर्जी सैंपल लिए।
(1:47:34) अच्छा हमारे हीली फ्रीक्वेंसी सिस्टम में कितने डायबिटिक लोग हैं? कितने पेन लोग हैं वो सबका फ्रीक्वेंसी ये साउंड देखो माइक माइक यही है। इसमें कुछ भी गाना गा सकते ना। राइट राइट राइट। क्या इसमें चाइनीस गाना नहीं गा सकते क्या? हम इसमें हिंदी गाना गा सकते जब गा सकते हो। तेलुगु गाना भी गा सकते हो। ये सेंसर क्या करा? आपका एनर्जी को रीड करा। ठीक है? हम जब आपका एनर्जी डिस्टरबेंस है। न्यूट्रल में इतना था। न्यूट्रल नहीं है जब इतना आए करेक्ट है ना इन दोनों के डिफरेंस को ये आइडेंटिफाई करेगा मैच कर ओके और इसमें यूनिकनेस और एक क्या है मैच भी
(1:48:07) करेगा और एनालाइज करेगा डिलीवरी करेगा एनालाइज करेगा डिलीवरी करेगा जब तक उसका फ्रीक्वेंसी मैच नहीं हो जाता गॉट इट कितना ही सिंपल इसमें कोई बड़ी रॉकेट साइंस नहीं है जनरल साइंस ही है बट इनोवेशन इज डिफरेंट इनोवेशन इज़ वेरी डिफरेंट वेरी यूनिक हम एंड वेरी फ्यूचरिस्टिक एज आई सेड ये तो अभी तक आई डोंट थिंक आई एम आई हैव नॉट आई हैव नॉट सीन इट और हर्ड अबाउट एनीथिंग लाइक दैट। थैंक यू सो मच सर। इट वास वेरी वेरी इनफेटिव। आई डोंट नो हमने कहां-कहां की कौन-कौन सी चीजें आज टच करी है। बट इट वास वेरी डीप, वेरी इंसाइटफुल वेरी वेरीरी इनफेटिव एंड
(1:48:44) लिटरली आई मीन आई थिंक आई लर्न सो मेनी न्यू थिंग्स टुडे। सो थैंक यू सो मच फॉर। थैंक यू सो मच। आप लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद। मोस्ट वेलकम। मुझे लगता है आई एम आई एम द कैटलिस्ट जो आपने बताया था ना कि एक सोर्स ऑफ एनर्जी है। वी आर जस्ट अ पार्ट ऑफ इट। सो वी आर प्लेइंग आवर रोल्स। दैट्स इट। एंड आई होप वी आर जस्टिफाइंग वि द रोल्स एट दैट इज बीइंग अ साइन टू अस। नमस्ते। थैंक यू। नमस्ते। सो आज की ये कन्वर्सेशन मेरे लिए तो काफी इंटरेस्टिंग थी। आई होप कि आपने भी बहुत कुछ नया सीखा। वो कौन सी ऐसी चीज थी जो आपको सबसे ज्यादा फैसनेटिंग लगी कमेंट
(1:49:18) करके जरूर बताइएगा और मिलते हैं अगले एपिसोड

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