Wednesday, April 22, 2026

Sudden Rise of Vulgar Content in India

Sudden Rise of Vulgar Content in India

Author Name:Nikita Thakur

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=rtwQuAYJ0_Y



Transcript:
(00:00) मुस्कान कार्या काजल पांडे संतूर मॉम रचना इन सबके वीडियोस में एक कंट्रोवर्शियल पैटर्न है। आज मुझे दिल्ली में आपकी मीठी कुल्फी मिल गई है। आपकी मीठी कुल्फी देखकर तो मैं फिगर ही गई। मेरे दूध की थैली फट गई और मेरा सारा दूध रोड पर फैल गया। रचना ते संतूर मॉम ने फैमिली फ्रेंडली कंटेंट से शुरू किया बट व्यूज आए सिर्फ 1 लाख। फिर मॉम सन और डॉटर वाले वीडियोस बनाए बट व्यूज आए सिर्फ ढ.
(00:23) 5 लाख। बट जैसे ही सिर्फ मॉम एंड सन वाली वीडियो अपलोड की 1.1 मिलियन व्यूज। सेम क्रिएटर्स, सेम प्लेटफार्म। लेकिन जैसे ही कंटेंट हल्का सा सेक्सुअली सजेस्टिव हुआ, व्यूज एकदम से एक्सप्लोर हो गए। एंड आज जिया ब्राउनी, एमएच एडिट्स जैसे कई अकाउंट्स सेम फार्मूला पे खुल चुके हैं। अननेचुरल फैमिली रोमांस। वो फूड रिव्युज़ में भी बिल्कुल वही पैटर्न दिखेगा। आज मैंने अपने संतरों को मसल कर उसका रस निकाल दिया। और वह कुछ ऐसा दिखता है। मुस्कान का कहना है कि वो तो एक फूड रिव्यूअर है जो लोगों को हंसाकर टेस्टी स्नैक्स के रिव्यूज देती है। मगर इसके
(00:56) कमेंट सेक्शन में कोई हंस क्यों नहीं रहा? बट व्यूज और एंगेजमेंट अनयूजुअली हाई है। इसीलिए आज मुस्कान जैसे और क्रिएटर्स आ गए हैं। सेजल एक्स Instagram की डार्क कॉमेडी क्वीन। डेथ, मर्डर, अस्थियां, टॉयलेट ऐसे टैबू टॉपिक्स पे ये वीडियोस बना रखी है जिसे पब्लिकली डिस्कस भी नहीं किया जा सकता। कैल्शियम के लिए क्या खाऊं? कैल्शियम में तुम यही खा सकते हो। ये घर में आसानी से मिल भी जाता है। मैं भी यही खाती हूं। हां, बाथरूम से एक्सजेक्टली हम लोग के सामने से शाहरुख खान सर निकले। फिर मैंने उसके बाद और उसके बाद वो एक ऐसा काम करती है जो मैं
(01:27) वीडियो में दिखा भी नहीं सकती। वो टॉयलेट सीट को लिक करती है। इट इज़ एक्सट्रीम क्रिंजी कंटेंट। इसी कैटेगरी को एक कदम आगे लेकर जाती है काजल पांडे। डार्क कॉमेडी प्लस डबल मीनिंग जोक्स। कल रात बहुत इंतजार के बाद भी मुझे कोई साधन नहीं मिल रहा था। फिर मुझे एक कार दिखी तो मैंने उनसे लिफ्ट मांग ली। उन लोगों ने मेरी हेल्प की इसलिए मैंने उन सबको बहुत इज्जत दी। फिर वो लोग मुझे सही सलामत घर छोड़ के चले गए। बस में सफर करते हुए मुझे ऐसा लगा मेरे ब्लूटूथ से किसी की डिवाइस कनेक्ट हो रही है। मैंने गुस्से में पीछे मुड़ के देखा तो पता चला मेरे पीछे एक
(01:57) बहुत सुंदर लड़का खड़ा है। मैंने मुंह दोबारा आगे कर लिया और उसकी डिवाइस कनेक्ट होने दी। लेट्स बी ऑनेस्ट। कॉमेडी सिर्फ एक डिफेंस मैकेनिज्म है। मुस्कान कारिया और काजल पांडे जैसे क्रिएटर्स की असली स्ट्रेटजी है थस्ट ट्रैप कंटेंट। थंबनेल्स ऐसे कि अगर बिना ब्लर के दिखा दूं तो यह वीडियो रेस्ट्रिक्ट हो जाए। पर शॉट्स पे यही वीडियोस कंफर्टेबली मिलियंस व्यूज ले लेते हैं। कॉमेडी कंटेंट के नाम पे। बट इज इट रियली फनी? ख्याति श्री द निधि चौधरी निकिता शर्मा ऑफिशियल ऐसे अनगिनत एग्जांपल्स हैं जो फूड रिव्यु, कॉमेडी या फिर एस्ट्रोलॉजी जैसे टैलेंट दिखाने के
(02:28) नाम पर न्यूडिटी सेल कर रहे हैं। क्या तुमने ऑब्जर्व किया कि इस सेमी न्यूड कंटेंट की कैटेगरी में रिसेंटली क्या हो रहा है? ये दोनों वीडियोस देखो और बताओ इनमें क्या फर्क है। ये 2023 में पोस्ट की गई थी और ये 2025 में जिसे मैं प्ले भी नहीं करना चाहती हूं। बट माय पॉइंट इज सिर्फ दो ही सालों में सेक्सुअलाइजेशन का एस्केलेशन देखूं। टुडे सेमी न्यूड कंटेंट इज नो मोर सेमी न्यूड। पहले इसे व्गर डांस कंसीडर किया जाता था। मगर आज के क्रिएटर्स पब्लिक प्लेसेस में जाकर भी इस तरीके का डांस कंफर्टेबली कर लेते हैं। संतूर मॉम ने इस तरह के रील से शुरू किया मगर आज मां
(03:01) बेटे के रील्स यहां तक पहुंच चुके हैं। इनके मूव्स, बाथरूम का पूरा सेटअप और पीछे लगा सॉन्ग सब कुछ इतना ज्यादा सेक्सुअली सिडक्टिव है कि इंसान के सबसे डीपेस्ट व्गर फेंटसीज ट्रिगर हो जाए। एंड यही एग्जैक्टली ऐसे कंटेंट का सबसे बड़ा प्रॉब्लम है। धीरे-धीरे ये इंडिया की नेक्स्ट जनरेशन का आइडेंटिटी चेंज कर रहे हैं। इस वीडियो में मैं कई सारे साइंटिफिकली एक्यूरेट रिसर्चेस और एक्सपेरिमेंट्स को साइड करूंगी इस सोशल आइडेंटिटी शिफ्ट को प्रूफ करने के लिए। नीचे मैंने डिस्क्रिप्शन में भी उसके लिंक्स डाल रखे हैं। मगर साइकोलॉजी समझने
(03:32) से पहले इकोनॉमिक्स पर आते हैं। असली सवाल है ऐसे कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स का इनकम पोटेंशियल कितना होता है? वेल कई क्रिएटर्स की कुछ महीनों की अर्निंग्स ही काफी लोगों की लाइफ टाइम इनकम से भी ज्यादा होती है। आई विल गो इनू द नंबर्स बट बिफोर दैट मैं खुद एक क्रिएटर हूं। एंड ट्रस्ट मी व्हेन आई से दिस जेनुइन कंटेंट क्रिएशन इज लिटरली लाइक अ फुल टाइम बिज़नेस। लीड्स कोलैबोरेशंस, ब्रांड्स ट्रैकिंग। बट यहां पर एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम जैसे कि ओडo सीआरएम एक्चुअल डिफरेंस क्रिएट करता है दैट टू कंप्लीटली फ्री। ODO एक ऑल इन वन मैनेजमेंट
(04:04) सॉफ्टवेयर है विथ मेनी एप्स जैसे कि वेबसाइट क्रिएशन, इनवॉइसिंग, सेल्स, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, ईसाइट एंड सो मच मोर। जिससे आप अपने बिजनेस के डे टू डे मैनेजमेंट को एकदम ज्यादा सिंपलीफाई कर सकते हो। ODO का CRM ऐप एक काफी कॉम्प्रिहेंसिव कस्टमर सेंट्रिक ऐप है जिससे आप अपने लीड्स को ट्रैक कर सकते हो। बिज़नेस के एक्यूरेट फोरकास्ट कर सकते हो। एंड ऑफ कोर्स सेल्स भी क्लोज कर सकते हो। यहां आपकी हर एक सेल्स अपॉर्चुनिटी एक कार्ड की तरह प्रेजेंट होती है विथ ऑल द एसेंशियल इनफेशन। और फिर जैसे ही लीड्स के स्टेजेस बढ़ते हैं, आप इसे सिर्फ ड्रैग
(04:31) एंड ड्रॉप करते जा सकते हो। यहीं से कॉल्स, टू डोस एंड मीटिंग्स वगैरह भी स्केेड्यूल कर सकते हो। एंड सबसे इंपॉर्टेंट बात आप अपना रेवेन्यू गोल्स भी पहले से ही फोरकास्ट कर सकते हो। सो अगर आपका बिज़नेस अभी मेसी है तो ऑपरेशंस पे क्लेरिटी और कंट्रोल लाने के लिए ओडो सीआरएम इज अ सॉलिड स्टार्टिंग पॉइंट। डेफिनेटली चेक इट आउट। लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन। नाउ लेट्स कम बैक एंड टॉक अबाउट नंबर्स। काजल पांडे ने जब YouTube पे शुरू किया उसके इनिशियल वीडियोस रिलेटिवली नॉर्मल थी। उनमें से एक वीडियो को करीब 66,000 व्यूज मिले। आती होंगी
(04:58) लड़कियां यहां पे नाचने, अपनी खूबसूरती दिखाने। मुझे क्या? मैं तो यहां पे लौंडेबाजी करने आती हूं। लेकिन धीरे-धीरे कंटेंट का टोन चेंज हुआ। डबल मीनिंग जोक्स, सेमी न्यूडिटी ऐड हुआ और व्यूज, लाइक्स एंड एस्पेशली शेयर्स बढ़ते गए। सेम विद सना। पहले के रिलेटिवली नॉर्मल वीडियोस को सिर्फ कुछ 2000, 2500 व्यूज मिलते थे। और उसके बाद जो कंटेंट आया उससे एंगेजमेंट एकदम से स्पाइक हो गया। सो सवाल है कि यह कोइंसिडेंस है या इन सोशल मीडिया एप्स का डिज़ाइन? कि मेरे घर के बच्चे नहीं देख रहे Instagram? मुझे लाइक्स आए उसके थ्रू अगर मेरे को अगर व्यूज मेरे अच्छे आ रहे हैं
(05:32) तो मैं ब्रांड से मुंह खोल के पैसे मांग सकती हूं। मेरे व्यूज ही नहीं आ रहे। ब्रांड क्यों देगा मुझे पैसे? इंडस्ट्री एस्टीमेट्स के हिसाब से अगर इन्फ्लुएंसरर के पास 1 मिलियन या उसके ज्यादा फॉलोवर्स हो। सो ऑन एन एवरेज एक स्पों्सर्ड पोस्ट का 2 लै से 5 लैक्स एक स्टोरी का 500000 से 2 लैक्स एंड रील्स एंड कराजल के रेट्स इससे भी ज्यादा हो सकते हैं। मतलब सिर्फ फाइव टू 10 ब्रांड कैंपेन से ही इनकम पोटेंशियली 15 लै या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है। एंड अब तो छोटे क्रिएटर्स के लिए सिर्फ व्यूज या ब्रांड्स ही नहीं डायरेक्ट ऑडियंस से भी
(06:00) अर्निंग पॉसिबल है। फैन सब्सक्रिप्शन के थ्रू। इन क्रिएटर्स के पेज को स्क्रॉल करो तो ऐसा मेंबर्स ओनली कंटेंट दिखेगा जिस पर थस्ट ट्रैप थंबनेल्स होंगे। इसे कोई भी एक्सेस कर सकता है सिर्फ महीने के ₹300 से ₹400 देके। एंड बिलीव मी व्हेन आई से लोग एक्चुअली में पे करते हैं। मुस्कान कारिया ₹390 पर मंथ और ₹5192 सब्सक्राइबर्स। सिंपल कैलकुलेशन करो तो सिर्फ सब्सक्रिप्शन से ही उसकी अर्निंग है मोर देन ₹20 लाख पर मंथ। ख्यातिश्री अगेन ₹390 पर मंथ सब्सक्रिप्शन। ₹1,882 सब्सक्राइबर्स। अर्निंग पोटेंशियल ₹7 लाख पर मंथ। सिर्फ फैन सब्सक्रिप्शन से। बट
(06:35) सबसे बड़ी आयरनी क्या है जानते हो? मेटा का क्लेम है कि Instagram पर 99% हार्मफुल कंटेंट प्रोएक्टिवली रिमूव हो जाता है। बट दो साल पहले ही हुए इसे डनिश एक्सपेरिमेंट ने प्रूफ कर दिया कि हमारे हाथ में मौजूद यह फोंस कितने डेंजरस हो सकते हैं। रिसर्चरर्स ने Instagram पर कुछ फेक अकाउंट्स बनाए जिनमें 13 साल के बच्चों के अकाउंट्स भी शामिल थे। इन सब अकाउंट्स को फिर एक दूसरे से फॉलो करवाया गया ताकि एक क्लोज नेटवर्क बन जाए और फिर इन अकाउंट से 85 पोस्ट को शेयर किया गया। बट नॉर्मल पोस्ट नहीं रेजर ब्लेड खून सेल्फ हार्म रिलेटेड पोस्ट एक महीने तक एक भी पोस्ट
(07:10) रिमूव नहीं हुआ उल्टा Instagram ने उन्हें और सिमिलर अकाउंट सजेस्ट करना शुरू कर दिया ताकि यह सेल्फ हार्म कम्युनिटी ग्रो हो सके। डोंट फॉरगेट इसमें 13 साल के माइनर बच्चों के भी अकाउंट शामिल Instagram चाइल्डुअल अब देव रिसोर्सेज और सी रिजल्ट्स एनीवेकर हेल यू थिंकिंग सो द क्वेश्चन सिंपल अगर Instagram सेल्फ हार्म जैसा हाई रिस्क कंटेंट भी रिलायबली डिटेक्ट नहीं कर पाता है तो वो सेमी न्यूडिटी और व्गर ह्यूमर जैसा कंपेरेटिवली लो रिस्क कंटेंट कैसे रिमूव कर पाएगा?
(07:53) 37% टीन गर्ल्स 13 15ं दिस इज व्हाई वी आर बिल्डिंग यू फायर एक जर्मन नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन एल्गोरििदम वॉच ने एक और एक एक्सपेरिमेंट किया। 26 वॉलंटियर्स के अकाउंट से 37 क्रिएटर्स के पोस्ट को ट्रैक किया और एक क्लियर पैटर्न सामने आया। सेमिन्यूड कंटेंट व्यूअर्स के फील्ड में 54% ज्यादा दिखाया जा रहा था और फूड और नेचर जैसे कंटेंट को 60% कम विजिबिलिटी मिल रही थी। Instagram का कहना है कि दिस कोरिलेशन इज नॉट इक्वल टू कॉजिशन। हमने Instagram के एल्गोरिदम को न्यूडिटी पुश करने के लिए कोड नहीं किया है। बट हाउ डस इट मैटर? क्योंकि एल्गोरिदम कोडेड है सिर्फ एक ही
(08:35) भाषा समझने के लिए। एंगेजमेंट लूप सिंपल है। सेक्सुअल कंटेंट मींस नेचुरली ज्यादा एंगेजमेंट बाय पीपल। व्हिच मींस मोर व्यूज। ज्यादा व्यूज मतलब क्रिएटर्स लर्न एंड अप्ट एंड देयर फॉर विथ ईच लूप द इंटेंसिटी इंक्रीसेस। कंटेंट बिकम्स मोर सेक्सुअल, मोर कंट्रोवर्शियल, डारकर। इसे कहते हैं द रैकेट इफेक्ट। हर नई जनरेशन के क्रिएटर्स को पिछले जनरेशन से ज्यादा एक्सट्रीम होना पड़ता है। सिर्फ नोटिस होने के लिए सेक्सुअल अराउजल, डिसगस्ट, क्रिंज, इंटेंस लाफ्टर ऐसे इमोशनल एक्सट्रीम्स वर्क ऑन द प्लेटफार्म। इसीलिए जो क्रिएटर्स तुम्हें एक्सट्रीम लगते हैं,
(09:09) उन्होंने एल्गोरिदम को रिवर्स इंजीनियर कर लिया है। उन्हें पता है नॉर्मल कंटेंट स्किप हो जाता है मगर एक्सट्रीम कंटेंट लूप में प्ले किया जाता है। शेयर किया जाता है, कमेंट किया जाता है। सेजेल एक्स को इस एक रील पे 100 मिलियन व्यूज मिले हैं। क्रिएटर्स लिटरली उसे पॉडकास्ट में बुला के पूछ रहे हैं कि क्या उसने ये सही में किया था? शाहरुख खान वाली शीट पे सही में चढ़ा था। कंटेंट के लिए मैंने किया। कभी गिल फील हुआ ऐसा कि यार ये तो नहीं करना था यार। नहीं उस पे मेरे 100 मिलियंस व्यूज है। ये क्यों खराब? एंड बिलीव मी ज्यादातर ऐसे
(09:36) केसेस में यह उनकी रियल पर्सनालिटी नहीं होती है। यह एक डिज़ पर्सना होता है जो सिर्फ अटेंशन के लिए परफॉर्म किया जाता है। पुनीत सुपरस्टार याद है ना जो बर्थडेज में अपने सर पे केक मारता था। उसने कितने इंटरव्यूज में एक्सेप्ट किया है कि वो तो सिर्फ उसका एक कैरेक्टर था जिसे उसे काफी ज्यादा प्रॉफिट मिला। भाई एक केक काट रहे हैं। मान के चलो मैं 8 से ₹10,000 पे कर ₹10,000 एक केक के हो गए। ठीक है। महीने की कितनी आप केक काट देते हो? काट देते हैं। 35-40 केक तो काट ही देता हूं। केक काटने का आप ₹4 लाख महीने का भाई बिल्कुल बिल्कुल। यह बहुत पुराना फार्मूला
(10:04) है। कई क्रिएटर्स ये कर चुके हैं। शॉर्ट पीरियड में पैसा कमा के गायब। अभी मैं जिस होटल में रुका हूं वहां पर यह बनाना है। और मुझे बनाना बेहद पसंद है। निकल पहली फुर्सत में निकल। कोई जरूरत नहीं हिंदुस्तान को तेरी। कुछ लकी थे कि वो ज्यादा टाइम तक रेलेवेंट बन पाए या फिर अपने करियर में नेक्स्ट लेवल पे जा पाए। सबको याद होगा म्का सिंह और राखी सावंत के किस कंट्रोवर्सी। इस एक इंसिडेंट के बाद म्का का म्यूजिक रिलीज़ हुआ। राखी को कॉफी विद करन पे अपीयरेंस मिला और कुछ ही समय में बिग बॉस, राखी का स्वयंवर, राखी का इंसाफ जैसे रियलिटी शोज़
(10:37) भी मिले। उर्फी जावेद, पूनम पांडे, शलिन चोपड़ा ऐसे अनगिनत प्रूफ्स हैं कि ये कोई नया फार्मूला नहीं है। मगर प्रॉब्लम है कि लोग रियल और रियल के बीच का डिफरेंस ही भूल जाते हैं। पहले तो यह खुद इन क्रिएटर्स के लिए भी सेफ नहीं है। रिस्क से इन्वॉल्वड है। यूपी की ये लड़कियां जो इस टाइप का कंटेंट बनाती थी। अगर हम दोनों एक दिन के लिए आपके घर पर आ जाए तो आप हमें क्या खिलाना पसंद करोगे? उन्हें रिसेंटली पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। मगर अरेस्ट करते वक्त भी इनका स्वैग देखो। मनीषा डांसर के केस में तो पब्लिक ने उस पर अटैक कर लिया।
(11:10) सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर मनीषा डांसर को लोगों ने सरेआम बुरी तरह पीट दिया है। उसकी फ्रेंड का हाथ फ्रैक्चर हो गया जो क्लियरली गलत है। लेकिन इसकी दूसरी साइड भी इग्नोर नहीं हो सकती। ऐसे पब्लिक पार्क्स में हर ऐज के लोग आते हैं छोटे बच्चे तक। तो सिर्फ रील्स की वायरलिटी के लिए पब्लिक प्लेसेस में ऐसे एक्सट्रीम सेक्सुअल डांस मूव्स करना क्या यह भी सही है? कई क्रिएटर्स को ओपन डेथ थ्रेट्स मिल चुके हैं। सरेआम Instagram पे, YouTube पे लाइव आकर हमें धमकी दे रहा है मरने की। एंड कुछ केसेस में तो पुलिस ने खुद ही इन पर एक्शन लिया है। एन एफआईआर हैज़ बीन
(11:41) फाइल्ड अगेंस्ट मदर फॉर मेकिंग अब सीन Instagram वीडियोस विथ हर माइनर सन। मेरे फोन दोनों पुलिस वालों के पास। सॉरी मेरे को इतना गंदी तरह मार के मेरे पासवर्ड फुलवाए इतना गंदी तरह मारे मैंने हाथ भी जोड़े उनके तेज लेक्स का कहना है कि उसे घर से बाहर निकलने में डर लगता है हर वीडियो अपलोड पे लगता है कि शायद ये उसका आखिरी दिन हो सकता है जब जब घर से बाहर निकलती हूं मुझे लगता है कि कोई मुझे मार मार देगा वीडियो अपलोड करती हूं तब तो मुझे लगता है कि ये मेरा आखिरी दिन है। सो पर्सनल रिस्क तो एक्सट्रीमली हाई है क्योंकि इंडियन ऑडियंस और स्पेशली टायर टू
(12:07) और टायर थ्री ऑडियंस जो ही इनकी लार्जेस्ट व्यूअर बेस भी होती है उनके लिए अक्सर रील और रियल का गैप बहुत ब्लर हो जाता है। तुमको लगता है मैं बहुत पार्टी करती होंगी एंड मेरे 10 बॉयफ्रेंड होंगे ऐसा लगता है लोगों को। यह चीज बहुत गलत है लेकिन लोग लिटरली कानून को हाथ में ले लेते हैं। कंचन की हत्या अनैतिक और अश्लील सामग्री अपलोड करने की वजह से की गई। बट ऐसे कंटेंट का सोशल इंपैक्ट भी एक्सट्रीमली टॉक्सिक है। डार्क ह्यूमर की बात करें तो रेप, फिजिकल मोलेस्टेशन, नेक्रोफीलिया जैसे एक्सट्रीम टॉपिक्स को ह्यूमर कॉमेडी में कन्वर्ट
(12:38) करना सिर्फ डिसगस्टिंग ही नहीं है बट मल्टीपल रिसर्चेस सजेस्ट करती है कि इससे ऑडियंस की परसेप्शन शिफ्ट होती है और ये इशूज़ ग्रेजुअली सोसाइटी में नॉर्मलाइज होने लगते हैं। एक रिसर्च में अलग-अलग लोगों को डिफरेंट सिनेरियोस दिखाए गए जहां रेशियली डिस्क्रिमिनेटरी यानी कि डार्क जोक्स माने जा रहे थे और उनसे पूछा गया क्या ये जोक्स आपको मोरली सही लगते हैं? क्या ग्रुप में यह एक्सेप्टेबल होना चाहिए? एंड क्या आप लोग इसे रोकने की कोशिश करोगे? रिजल्ट काफी इंटरेस्टिंग था। यंगर ग्रुप यानी कि जिसमें थोड़े कम उम्र के लोग थे। उन्होंने कहा कि यह गलत है और
(13:08) इसे रोकना चाहिए। लेकिन ओल्डर एडलेसेंट्स यानी कि 15 16 साल के बच्चों ने कहा कि हां गलत तो है लेकिन अगर ग्रुप हंस रहा है तो यह एक्सेप्टेबल है। यहां पर एक शिफ्ट दिखता है। मोरल जजमेंट वही रहता है लेकिन बिहेवियर डिसाइड होता है ग्रुप के रिएक्शन से और इसी को कहते हैं सोशल कंफर्मिटी। जब लोग सही या गलत से ज्यादा उनका ग्रुप कैसे रिएक्ट करता है उसके हिसाब से खुद का बिहेवियर या आइडेंटिटी बनाते हैं। एंड inा YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स में यही ग्रुप है पूरा सोशल मीडिया। हर एक लाइक, हर एक कमेंट लोगों को धीरे-धीरे कंडीशन कर रहा
(13:41) है कि ऐसे सेंसिटिव इश्यूज पर मजाक करना, ऐसे व्गर रील्स को लाइक करना नॉर्मल है। इसमें कोई बुराई नहीं है। एस्पेशली बच्चों को कंडीशन कर रहा है जिनकी आइडेंटिटी अभी भी फॉर्म हो रही है। गाइस, मेरा पुराना चार्जर खराब हो गया था तो इसलिए अब मैंने नया चार्जर लिया है और यह कभी खराब नहीं होगा। कुछ क्रिएटर्स के रील्स तो इतना प्रोवोकेटिव होते हैं कि कमेंट्स पढ़ोगे तो लगेगा कि शायद सारी लड़कियां ऐसे ही होती है। लिटरली इनके कमेंट्स में लड़कों को लग रहा है कि ऑल गर्ल्स आर आस्किंग फॉर इट। अरे क्या हो गया हो गया भैया? ये मेरे बॉयफ्रेंड है और इन्हें मैं ही
(14:12) लेके जाऊंगी। ठीक है? पागल में लेके जाऊंगी ये मेरे मेरा बॉयफ्रेंड नहीं है। अरे देखो मैं तीनों का हूं। रो मत। इन न्यूमरस रिसर्चेस के हिसाब से इवन एक्सरेटेड कंटेंट का डायरेक्ट लिंक है सेक्सुअली एग्रेसिव बिहेवियर एंड इवन क्राइम से। यानी अगर कोई लड़का या टीनएजर ऐसे वीडियोस देखता है जिसमें फिजिकल एसॉल्ट या फोर्स रिलेशनशिप को नॉर्मलाइज किया गया है तो वो सिक्स टाइम्स ज्यादा लाइकली है सेम बिहेवियर को रियल लाइफ में रेप्लिकेट करने के लिए। यानी कि सेक्सुअल क्राइम्स कमिट करने के लिए सिर्फ क्योंकि उसके दिमाग में है कि लड़कियां यही तो
(14:42) चाहती है। यह तो नॉर्मल बिहेवियर है। प्लस यूजुअली ऐसे क्रिएटर्स खुद भी एक्सट्रीमली इमैच्योर होते हैं। एंड कूल दिखने के चक्कर में अपने क्रिमिनल एक्टिविटीज को भी हक से ओन करते हैं। मेरा बॉयफ्रेंड था तो मैं प्रेग्नेंट हो गई थी तो मैंने अबॉर्शन करवा लिया। जब मैं प्रेग्नेंट थी ना उसको ना एक बोतल में भर के रखा था फ्रिज में। मुझे पैसों की जरूरत पड़ती थी तो मैं वो निकाल के दो बूंद डाल लेती थी प्रेगनेंसी किट में और बोलती थी मुझे पैसे दे मुझे। ये स्टोरी है। एक्चुअली रियल है। कंटेंट क्रिएटर्स आर कॉल्ड इनफ्लुएंसर्स फॉर अ रीज़। हां, हो सकता है फिलहाल
(15:16) मेजॉरिटी लोग सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए इन्हें देख रहे हो या फिर इन पर ही हंस रहे हो। मगर फिर भी समाज का एक हिस्सा होगा जो इन्हें सीरियसली ले रहा है। इनसे इंस्पायर हो रहा है। आवर ब्रेन इज लिटरली लाइक अ स्पंज। कंटेंट सिर्फ देखा नहीं जाता। वो अब्सॉर्ब होता है। धीरे-धीरे कंटेंट लोगों का बिहेवियर बन जाता है और बिहेवियर कल्चर बनाता है। इसीलिए अब सवाल यह नहीं है कि आप क्या देख रहे हो? सवाल है कि वो आपको क्या बना रहे हैं? हमारी गवर्नमेंट एजेंसीज तो जब एक्ट करेगी तब तक शायद बहुत देर हो जाएगा। मगर तब तक हम क्या कर सकते हैं? कल्चर सिर्फ ये
(15:47) क्रिएटर्स नहीं बनाते। कल्चर उन रिएक्शन से भी बनता है जो हम इन रील्स पर देते हैं। हर व्यू एक वोट है और जब करोड़ों लोग बिना सोचे समझे ऐसे रील्स को देखते हैं, उन्हें लाइक करते हैं तो यह कंटेंट सिर्फ वायरल नहीं होता, लेजिटिमाइज हो जाता है। इसीलिए डिसीजन तुम्हारा है। तुम सिर्फ कंटेंट देख रहे हो या अननोइंगली ऐसे कंटेंट को बढ़ावा दे रहे हो। इस वीडियो से वैल्यू मिला तो यह वाला वीडियो भी जरूर चेक आउट करना। एंड हां, जाने से पहले डोंट फॉरगेट टू चेक आउट ओडू सीआरएम। लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन।

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