Why Indian Women Are Becoming INFERTILE?
Author Name:Nikita Thakur
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=qyB389WOx6Q
Transcript:
(00:00) इनफर्टिलिटी यानी कि बांझपन आज इंडिया में एक पैंडम की तरह फैल रहा [संगीत] है एंड दिस इज वेरी कंसर्निंग क्योंकि इंडिया जैसे कंट्री में इस चीज को लेकर काफी टैबूस अटैच है 2021 में यूपी के शाह जहान आपु में एक औरत शारदा देवी को उसके पति इसी बीमारी का इलाज करवाने के लिए एक तांत्रिक के पास लेके गया लेकिन उस तांत्रिक ने इलाज कैसे किया उसने शारदा देवी को बहुत ज्यादा टॉर्चर किया लाठी से पीटा सुलगते लोहे के चिमटे से जलाया जब तक उसने अपनी जान नहीं दे दी बेंगलुरु की एक 28 साल की औरत आशा ने आत्महत्या कर ली सिर्फ क्योंकि उसका परिवार उसे एक बच्चा
(00:43) नहीं दे पाने की वजह से कोसते रहता था एक हस्बैंड ने तो अपने 9 साल की हैप्पी मैरिड लाइफ के बावजूद अपनी वाइफ को डाइवोर्स नोटिस भेज दिया सिर्फ क्योंकि वो इनफर्ट इल थी वो उसे एक बच्चा नहीं दे पा रही थी इनफर्टिलिटी स्पेसिफिकली फीमेल्स के केस में एक ऐसी कंडीशन है जिसमें 12 मंथ्स तक अनप्रोटेक्टेड इंटरकोर्स के बाद भी फीमेल कंसीव नहीं कर पाती है नाउ दिस कंडीशन हैज बिकम वेरी सीरियस इन इंडिया क्योंकि आज इंडियन वुमन वर्ल्ड एवरेज से भी पहले अपने लेट 20 में ही यानी कि शादी की उम्र में मेनोपॉज एक्सपीरियंस करने लग गए हैं जबकि
(01:16) आमतौर पे एक औरत इसे 50 में एक्सपीरियंस करती है मेनोपॉज उस कंडीशन को बोलते हैं जिसमें एक फीमेल का मेंस्ट्रुएशन बंद हो जाता है यानी उसका नेचुरली प्रेग्नेंट होना इंपॉसिबल हो जाता है लेकिन इंडिया में ऐसा हो ही क्यों रहा है ईटी के एक रिसेंट रिपोर्ट के मुताबिक लास्ट दो से ती साल के ऑब्जर्वेशन में यह पता चला है कि ऑलमोस्ट 1 थर्ड यानी कि 30 पर इंडियन वुमेन की ओवेरियन रिजर्व यानी उनकी बॉडी में जो एकस की क्वांटिटी होती है वो फिलहाल अपने लोएस्ट पॉइंट पे है खुद टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी फर्टिलिटी ग्राफ ट्वीट करके इंडियंस को वर्न किया कि देश
(01:53) की फर्टिलिटी गिरते ही जा रही है और 2025 तक यह रेट और ज्यादा गिर जाएगा आप डाटा छोड़ दो अपने आसपास ही देख लो आज कितने सारे आईवीएफ क्लिनिक्स खुलल चुके हैं आज इंडिया पूरे वर्ल्ड में आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने वाला थर्ड लार्जेस्ट यूजर है आईवीएफ बेसिकली ऐसा मेडिकल प्रोसीजर है जो कंसीव करने में हेल्प करता है अच्छा इसमें एक और एक काफी अनयूजुअल बात यह है कि एनएफएचएस के सर्वे के अकॉर्डिंग वर्किंग वुमेन में नॉन वर्किंग वुमेन से ज्यादा इनफर्टिलिटी का केसेस देखे जा रहे हैं एंड इसीलिए आज का ये वीडियो काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट है
(02:26) इनफैक्ट हमने पहले भी मेल इनफर्टिलिटी पे अपना एक स्पेसिफिकली वीडियो बनाया था जिसके नीचे काफी पॉजिटिव रिस्पांस भी आया था काफी लोगों ने मेंशन किया कि कई चीजें हम जो एवरीडे लाइफ में करते हैं हमें रियलाइफ पर्कशंस हो सकते हैं बिल्कुल वैसे ही आज हम फीमेल इनफर्टिलिटी के मुद्दे पर वीडियो बना रहे हैं क्योंकि इसके पीछे भी कई रीजंस है राइट फ्रॉम मेबलिन पंड जैसे ब्रांड जिनके प्रोडक्ट्स हम यूज करते हैं mcdonald's डोमिनोज पिज्जा हर्ट जैसे ब्रांड जिनका जक फूड हम खाते हैं इवन सैनिटरी पैड्स क्या आप जो सैनिटरी पैड्स यूज कर रहे हो वो आपके लिए सेफ भी है
(03:00) एगजैक्टली यही आज हम यूज करेंगे कि हम इस प्रॉब्लम के लिए क्या कर सकते हैं स्पेशली इस प्रॉब्लम के आयुर्वेदिक सोलूशंस क्या हो सकते हैं ज्यादा नेचुरल सोलूशंस क्या हो सकते हैं जिससे औरतें नेचुरली इस प्रॉब्लम को सॉल्व कर पाए और इसीलिए यह वीडियो सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी इक्वली इंपॉर्टेंट है ताकि आप इसे अपने फीमेल फ्रेंड्स फैमिली मेंबर्स के साथ शेयर कर सको और उन्हें भी सेफ रख सको चलो फर्स्ट स्टार्टिंग विद द रीजंस बिहाइंड राइजिंग इनफर्टिलिटी इन इंडिया नाउ सबसे पहले यह क्वेश्चन आंसर करते हैं कि ऐसा है कि वर्किंग वुमेन में
(03:31) इनफर्टिलिटी के ज्यादा केसेस देखे गए हैं एज कंपेयर्ड टू नॉन वर्किंग वुमेन सो वेन इसके पीछे एक मेजर रीजन हो सकता है स्ट्रेस स्ट्रेस ड्यू टू वर्क प्रेशर एंड इरेगुलर वर्क टाइमिंग्स आई नो सुनने में ये चीज बहुत ही ज्यादा बेसिक लगती है लेकिन हियर मी आउट स्ट्रेस की वजह से बॉडी में ना काफी सारे प्रॉब्लम्स होते हैं जैसे कि स्किन इश्यूज हेयर फॉल गट इश्यूज लेकिन वुमेन में स्पेसिफिकली स्ट्रेस पीसीओडी और पीसीओएस कॉज कर सकता है जो नंबर वन रीजन है बिहाइंड इनफर्टिलिटी एक रिसेंट स्टडी के अनुसार एक वर्किंग वुमेन में पीसीओएस से इनफर्टिलिटी होने का रिस्क
(04:05) एक हाउसवाइफ से टू टाइम ज्यादा है मेजर्ली बिकॉज ऑफ स्ट्रेस इंड्यूस्ड पीसीओएस कंडीशन अब देखो पीसीओडी पीसीओएस उन बीमारियों में से एक है जिसका इलाज आज तक इतना अच्छे से ढूंढा नहीं गया है इसीलिए एक बार किसी फीमेल को यह कंडीशन हुई तो उसका पूरी जिंदगी मेडिसिन खाना और हेल्दी डिसिप्लिन रखना बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है एंड एक वर्किंग वुमेन एगजैक्टली यहीं पर हार जाती है बिकॉज़ ऑफ 247 वर्क स्ट्रेस एंड शिफ्ट बेज जॉब्स जिसके वजह से उन्हें अपने लाइफस्टाइल पर ध्यान देने का मौका ही नहीं मिलता साइंस की भाषा में समझाऊं तो रिसर्चस कहते हैं कि इरेगुलर
(04:38) शिफ्ट में काम करने से बॉडी का नेचुरल सकाय रिदम इफेक्ट हो जाता है सकाय रिदम यानी कि सिंपली सोने और जागने का कोई फिक्स शेड्यूल नहीं होना बॉडी टेंपरेचर में भी कभी भी एक सडन फ्लक्ट एशन होना ये सारी चीजें जो अगेन सुनने में काफी बेसिक लगता है लेकिन दिस इज मेसिंग विद द बॉडी ऑफ इंडियन वुमेन इसकी वजह से उन्हें बच्चे कंसीव करने में तो दिक्कत आ ही रही है लेकिन कई केसेस में बच्चा पैदा होने से पहले भी उनका मिसकैरेज हो रहा है इसके अलावा स्ट्रेस और इरेगुलर टाइमिंग्स और लाइफस्टाइल की वजह से हमारे बॉडी में काफी सारे स्ट्रेस हार्मोंस भी
(05:11) रिलीज होते हैं जैसे कि एड्रीनलिन जैसे कि कॉर्टिसोल और जिन हार्मोंस का नाम ही स्ट्रेस हार्मोन है वो हमारे बॉडी में हवक ही क्रिएट करेगी कमिंग टू इनफर्टिलिटी कॉज ड्यू टू स्ट्रेस इंड्यूस्ड पीसीओडी देखो पीसीओडी पीसीओएस में होता ये है कि फीमेल्स की ओवरीज में सिस्ट यानी कि छोटी-छोटी गांठे बन जाती है जो मैक्सिमम केसेस में तो लाइफ थ्रेटनिंग नहीं होती है लेकिन इन गांठों की वजह से फीमेल की फर्टिलिटी को अफेक्ट करती है ये सिस्ट एक्चुअली हार्मोनल इंबैलेंस कॉज करते हैं जिससे एक फीमेल बॉडी में एंड्रोजन एक मेल हार्मोन हाई अमाउंट प प्रोड्यूस होने लग
(05:41) जाता है और यही हार्मोन मेंस्ट्रुअल साइकिल में ओवुलेशन यानी कि एग रिलीज नहीं होने देता है जिसके वजह से इनफर्टिलिटी कॉज होती है अब यू नो प्रॉब्लम ये है कि अगर ये डिजीज जल्दी आइडेंटिफिकेशन होते हैं जैसे एक्ने वेट गेन इरेगुलर मेंस्ट्रुअल साइकल हेयर फॉल कुछ केसेस में एनमल फेशियल एंड स्किन हेयर ग्रोथ जिस वजह से मैक्सिमम लड़कियां इन सिमटम्स को नजरअंदाज कर देती है नाउ द सेकंड रीजन इज राइजिंग मेनोपॉज जब एक फीमेल को 12 महीनों तक पीरियड्स नहीं आते उसकी मेंस्ट्रुअल साइकिल रुक जाती है उसे हम मेनोपॉज कहते हैं एंड ऑब् वियस पीरियड्स नहीं तो ओवरीज
(06:21) में एग्स भी प्रोड्यूस नहीं होंगे और अगर होंगे तो रिलीज नहीं होंगे यानी फीमेल चाहकर भी नेचुरली प्रेग्नेंट नहीं हो सकती है अब मेनोपॉज की वर्ल्ड एवरेज तो 45 से 55 इयर्स है बट अनफॉर्चूनेटली फॉर इंडिया एक सर्वे से यह शॉकिंग रिजल्ट्स मिले हैं कि 4 पर इंडियन वुमेन 29 से 34 की एज में मेनोपॉज के सिम्टम्स एक्सपीरियंस कर रही है एंड 8 पर औरतें 35 से 39 की एज में यानी कि ये नंबर्स वर्ल्ड एवरेज की मिनिमम एज से भी कम है नाउ इसके पीछे एक रीजन काफी ज्यादा शॉकिंग है चच इज स्मोकिंग [प्रशंसा] डिड यू नो इंडियन वुमेन दुनिया की सेकंड
(07:03) लार्जेस्ट स्मोकर्स है ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने वर्ल्ड वाइड एक स्टडी की और स्टडी से पता चला कि ग्लोबली यूएसए के बाद इंडियन फीमेल्स सबसे ज्यादा स्मोक करती है बट अगेन स्मोकिंग से मेनोपॉज कैसे हो रहा है सो देखो एस्ट्रोजन हार्मोन फीमेल्स की प्यूबर्टी पीरियड साइकिल प्रेगनेंसी सबके लिए एक काफी इंपॉर्टेंट हार्मोन है लेकिन स्मोकिंग से भी काफी सारे हॉर्मोन जैसे कि एंड्रोजेंस इंक्रीज होते हैं जो एस्ट्रोजन की फंक्शनिंग को डिस्टर्ब कर देते हैं यानी अगेन हार्मोनल इंबैलेंस इन द वमस बॉडी नाउ मूविंग ऑन टू द नेक्स्ट रीजन व्हिच इज द थर्ड रीज़न इज सैनिटरी पैड्स
(07:37) आज इंडिया में कितनी वुमेन इवन यंग गर्ल्स सैनिटरी नैपकिंस यूज़ करती है यह बताने की जरूरत नहीं है ये नंबर मिलियंस में है बट डू यू नो यही सैनिटरी पैड्स भी एक मेजर रीज़न है बिहाइंड रैपिड स्प्रेडिंग इनफर्टिलिटी इन इंडिया सो हाल ही में एक दिल्ली बेस्ड एनजीओ ने 10 अलग-अलग काफी प्रॉमिनेंट ब्रांड्स के पैड्स को स्टडी किया और उसमें उन्हें थायलेसिन ऑर्गेनिक कंपाउंड्स यानी कि ओसीज जैसे केमिकल्स मिले जो एक फीमेल की बॉडी में कैंसर तक कॉज कर सकते हैं दूसरी बात क्योंकि ये केमिकल्स पैड्स के थ्रू फीमेल की बॉडी में एंटर हो रहे हैं यानी कि वजाइना के रोड से
(08:08) एंटर हो रहे हैं तो ट्रस्ट मी ये ज्यादा डेंजरस है एज कंपेयर्ड टू इन केमिकल्स को खाली ओरली इंजेस्ट कर लेना क्योंकि वजाइना के थ्रू इन केमिकल्स का एब्जॉर्ब रेट काफी हाई होता है सो 1999 में एक एक्सपेरिमेंट हुआ था जिसमें कुछ फीमेल्स को ओरली और कुछ को वजाइना के थ्रू इक्वल क्वांटिटी में एस्ट्रोजन डोजेस दिए गए थे एंड शॉकिंगली वजाइनल डोजेस लेने वाली फीमेल्स के ब्लड में एस्ट्रोजन लेवल 10 टाइम्स हायर था यानी कि वजाइना में एक टॉक्सिन का टच होना इज मोर डेंजरस देन आप उस टॉक्सिन को बस ऐसे ही ओरली खा लो बिकॉज़ वजाइना हाईली अब्जॉर्बेंट होता है एंड यू नो सबसे
(08:41) शॉकिंग बात यह है कि इतने सीवियर कंसीक्वेंसेस इन केमिकल्स के होने के बावजूद इंडिया में इसके अगेंस्ट कोई रेगुलेशन नहीं है सो यही हमारे लिए एक रेड फ्लैग है कि अगली बार सैनिटरी नैपकिंस में लेट्स और ओसीज जैसे कोई केमिकल्स आपको मिलते हैं तो उन्हें प्लीज परचेस मत कीजिए आल्सो इंट्रो में मैंने बिग ब्रांड्स की बात की थी कि कैसे इन ब्रांड्स का खाना खाने की वजह से इनफर्टिलिटी बढ़ते जा रहा है स्पेशली जो जंक फूड्स हम खाते हैं काफी सारे एमएनसी फूड चेंस के उनकी वजह से ये इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ती जा रही है उसके पीछे भी रीजन यही थालोस ही है
(09:12) एक्चुअली हाल ही में यूएस में एक स्टडी हुई थी जिसमें काफी प्रॉमिनेंट ब्रांड आउटलेट्स के डिफरेंट डिशेस जैसे कि चिकन नगेट्स फ्राइज बुट राइस इन सब जंक फूड के सैंपल्स को कलेक्ट करके उनमें 11 प्लास्टिसाइजिंग केमिकल्स के लिए उन्हें टेस्ट किया गया एंड इस टेस्ट में ऑलमोस्ट सारे सैंपल्स में थैलेटम ही डेंजरस केमिकल मिला था एग्जैक्ट नंबर की बात करें तो 80 पर टेस्टेड सैंपल्स में थैलेटम कल मौजूद था बेसिकली थाइले वो केमिकल है जिसे प्लास्टिक सॉफ्ट रखने के लिए यूज किया जाता है और यह केमिकल उस खाने में यूजुअली जो ग्लव्स वगैरह एंप्लॉयज यूज करते हैं या
(09:48) फिर पैकेजिंग जिसमें खाना गर्म होके आता है उस पैकेजिंग से थाइले लीक होके खाने में जा रहा था सिमिलरली अगर हम बात करते हैं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की तो इंडिया में डव जॉनसन एंड जॉनसन वज मेबलिन पॉन्स निया जैसे जो फेमस ब्रांड्स हैं जिन्हें हर लड़की यू नो कोई भी लड़की यूज करती होगी लेकिन इनके प्रोडक्ट्स में भी काफी सारे डेंजरस केमिकल्स पाए गए हैं यू नो बहुत इंटरेस्टिंग बात यह है कि मुझे अपने रिसर्च के वक्त पता चला कि यूएस के गवर्नमेंट वेबसाइट यानी कि यूएस एफडीए ने बकायदा पब्लिक डोमेन में इन ब्रांड्स के नाम्स के साथ उसमें मौजूद हार्मफुल
(10:21) केमिकल्स को पब्लिकली लिस्ट किया है बट इंडिया में किसी ने भी इन बिग ब्रांड कंपनीज का नाम तक नहीं लिया है इवन बीएस रिपोर्ट कहती है कि कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में काफी ऐसे टॉक्सिक केमिकल्स हैं जो इंडियन वुमेन को इनफर्ट इल बना रहे हैं बट इस रिपोर्ट में भी ब्रांड्स के नाम तक मौजूद नहीं है इट्स रियली वेरी अनफॉर्चूनेटली स्टेप्स नहीं लिए गए हैं लेकिन अब आप कैसे समझोगे कि आपको किन केमिकल से बचना है सो टाइम्स ऑफ इंडिया के अकॉर्डिंग लोशंस क्रीम्स और क्लींजर्स में आपको पैराबेन केमिकल से बचना है टूथपेस्ट एंड सोप्स में आपको ट्राइक्लो जन इस केमिकल से दूर रहना
(10:56) है एंड मोस्ट इंपोर्टेंट परफ्यूम्स शैंपूस और ल्स में अगेन थायलेसिन बहुत ज्यादा यूज होता है तो उन चीजों को अवॉइड करो जिनमें ये सारे केमिकल्स आपको इंग्रेडिएंट्स में मिल जाते हैं एक और एक काफी कंसर्निंग बात यह है कि कई बार हम जब खाना खाते हैं बाहर से ऑर्डर करके तो हम उसी प्लास्टिक कंटेनर में ही उसको माइक्रोवेव में हीट कर लेते हैं लेकिन ये जो प्लास्टिक माइक्रोवेव कंटेनर्स होते हैं ये गर्म खाने में 95 पर केमिकल्स रिलीज करते हैं जिसमें से एक अगेन थैलेसरी होता है नाउ आपने ऑब्जर्व किया रहेगा कि थैलेटम काफी जगह पे आया है
(11:25) सैनिटरी पैड्स फूड्स इवन कॉस्मेटिक्स तो अब ये अंडरस्टैंड करते हैं कि थैले एगजैक्टली कर क्या रहा है एक फीमेल के बॉडी में देखो काफी सारे केमिकल्स नुकसान पहुंचाते हैं बट द प्रॉब्लम विद थायल इड्स इज कि ये डायरेक्टली फीमेल्स में जाकर एस्ट्रोजन लेवल को कम कर देता है और एस्ट्रोजन हॉर्मोन जैसे मैंने आपको बताया था वो वो हार्मोन है जो लिटरली एक फीमेल के पूरे रिप्रोडक्टिव साइकिल को गाइड करता है उसके लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है थाइले एड्स उस हार्मोन का लेवल कम कर दे रहा है जो एग फॉलिकल्स के ग्रोथ के लिए भी नीडेड है सो जब एग्स ही प्रॉपर्ली ग्रो
(11:55) नहीं हो रहे तो इनफर्टिलिटी की प्रॉब्लम तो आएगी ही बट चलो नाउ लेट्स टॉक अबाउट द सॉल्यूशंस क्या इंडियन फीमेल्स को इनफर्टिलिटी से बचने का कोई ऑप्शन नहीं है वेल देयर इज होप अगर फीमेल्स अर्ली स्टेजेस में ही इनफर्टिलिटी के इन तीन बड़े सिमटम्स को डिटेक्ट कर पाए जैसे कि फर्स्ट सिमटम्स अनेबल टू कंसीव या फिर प्रेग्नेंट होने में परेशानी होना सेकंड मिसकैरेजेस और थर्ड इरेगुलर पीरियड्स अब अगर आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट्स की बात की जाए तो फिर काफी डॉक्टर्स को बहुत ही सिंपल रखते हैं उनका कहना है कि कंसिस्टेंट स्लीप रूटीन जिससे आपको सात से 9 घंटे की
(12:24) क्वालिटी स्लीप मिल रही है सेल्फ केयर करें जैसे कि मेडिटेशन योगा हॉबीज प्रैक्टिस करना जो आपको डिस्ट्रेस करें इवन आयुर्वेद में योगा भी इस प्रॉब्लम के लिए एक सलूशन बताया गया है जैसे कि सूर्य नमस्कार भ्रमरी और प्राणायाम इसके अलावा ऑफकोर्स बेसिक डाइट अच्छा होना सारे न्यूट्रिएंट्स होना खाने में और एक हेल्दी वर्कआउट रूटीन होना लेकिन ऑफकोर्स ये उन फीमेल्स के लिए है जो अभी तक जिनको ये प्रॉब्लम नहीं हुई है ये ज्यादा एक प्रिकॉशनरी मेजर है लेकिन उन फीमेल्स का क्या जिनकी फर्टिलिटी ऑलरेडी अफेक्ट हो चुकी है सो इस सिचुएशन में आईवीएफ और
(12:54) आईएसआई ट्रीटमेंट्स काफी अच्छे ऑप्शंस होते हैं जो कॉस्टली भी होते हैं बट आईवीएफ का सक्सेस रेट 40 परस जितना होता है सिंपल भाषा में बताऊं तो आईवीएफ एक ऐसा प्रोसीजर होता है जिसमें वुमेन की ओवरी से एग्स और मेल से स्पर्म को लैब में एक साथ कंबाइन करके एंब्रियो बनाए जाते हैं फिर कुछ दिनों तक उस एंब्रियो को लब में ही ग्रो करने के बाद इन्हें वुमेन के यूटरस में वापस से प्लेस कर दिया जाता है बेसिकली आईवीएफ में जो प्रेगनेंसी की प्रोसीजर बॉडी के अंदर होती है उसे ही लैब में कहीं ना कहीं रिप्लिकेट किया जाता है बट इसी ट्रीटमेंट का आयुर्वेद में भी एक
(13:24) सलूशन है जिसे कहते हैं बीज शुद्धि ये बीज शुद्धि ट्रीटमेंट दो फेसेस में किया जाता है जिसमें मोस्टली फोकस किया जाता है आपको स्ट्रेस फ्री करने में और आपका हार्मोनल बैलेंस को ठीक करने में सबसे पहले आता है पूर्व कर्मा जिसमें आपकी पूरी बॉडी को डिटॉक्स कर दिया जाता है देन दूसरा स्टेप है परेशन इस स्टेप में आपको कुछ आयुर्वेदिक मेडिसिन से योगा की मदद से स्ट्रेस फ्री किया जाता है आल्सो बेबी प्लानिंग करने के लिए एटलीस्ट थ्री मंथ्स पहले से ही दोनों ही पेरेंट्स का पूरा डायट क्या रहेगा इसकी भी प्लानिंग पहले से ही करवा दी जाती है नाउ अगेन क्योंकि ये
(13:54) आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट है ये मोस्टली आपके लाइफस्टाइल आपके खानपान आपके रहन सहन इस पे ही फोकस करता है लेकिन सबसे इंटरेस्टिंग बात यह है कि साइंटिफिक रिसर्च पेपर्स के अनुसार भी इन आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के बाद 85 पर पीसीओएस पेशेंट्स कंसीव कर पाए हैं एंड ओवरऑल अगर देखें तो इस ट्रीटमेंट की वजह से 75 पर पेशेंट्स नेचुरली कंसीव कर पाए हैं व्हिच इज एक्चुअली अ वेरी कमेंडेबल नंबर सो दैट इज इट फॉर टुडे इस वीडियो को जितना हो सके स्पेशली अपने फीमेल फ्रेंड्स और अपने फैमिली मेंबर्स के साथ शेयर करना ताकि वो भी इस इशू को समझ सके आल्सो अगर आपको ऐसे
(14:28) ही सोशल इश्यूज पर वीडियोज ना पसंद है तो हमने हाल ही में एक वीडियो बना रखा है कि कैसे जनरेशन अल्फा किड्स यानी वो बच्चे जो अभी 10 12 साल 14 साल मैक्सिमम एज के होंगे उन बच्चों का जनरेशन कैसे आज बहुत ही ज्यादा सेल्फिश होते जा रहा है काफी टंट्रम्स थ्रो कर रहा है अब्यूड़ोस जो बच्चों में हो रहे हैं कैसे एक आईपैड ये सारे प्रॉब्लम्स कॉज कर सकता है इस टॉपिक पे हमने डिटेल वीडियो बना रखा है अगर आप वो देखना चाहते हो तो यहां पे लेफ्ट पे क्लिक करके उसे देख सकते हो और हां जाने से पहले अगर आपको हेयर फॉल या को कोई भी हेयर रिलेटेड प्रॉब्लम है तो आई
(15:01) वुड हाईली रिकमेंड कि आप आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट यूज करें जैसे लारी आदिवासी हर्बल हेयर ऑयल जिसे आप डायरेक्टली उस कम्युनिटी से ही खरीद सकते हो मैंने स्क्रीन प इनका ओरिजिनल नंबर और डिस्क्रिप्शन बॉक्स में इनका वेबसाइट का लिंक डाल दिया है जहां से आप खुद इनके साथ कांटेक्ट करके या फिर वीडियो कॉल करके इनसे ही पर्सनली ये तेल खरीद सकते हो जय हिंद
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