Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=1jFtFfC6kG8
Transcript:
(00:01) मन असलन जीव शक्ति बैट पड़ कोना एकैक पाशविक मार्गम सेक्स आ दार मस्ते मनक अनेक समस्य उत्पन्न मताई काब आ मार्गा मसे मु मनम मत्त मार्गा तेरवा अपड़े मन जीव शक्ति नूतन मार्गलो पैच गलग अ संभवम ना अद इत वरक जरगु एंटे अनच सुलभ कानी रूपांतर चिम चाला कष्टम देना रूपांतर चिम कना अद कनब कुंडा मुच वेम चाला तेलिक पनि रूपांतर कर को ओ पद्धति दानी मेरगु परचे विधानम चाला अवसरम
(00:48) अके मनम सेक्सन लोप अचे सुलभ विधाना एच कुनाम कानी अनवे द्वारा देनी नासनम चेलेक पोगा अद मंत बल पडने वियानी मनम पूर्ति मचि पयाम अंते काद देते मम अचे सुनाम दानी पटला मनक मक्क एक ंदने विष को मन मर्च पयाम पैगा अद मन चैतन्यम अट पलो की प्रवेश मनम मेलक उन दा अचे गमो कानी निद्रलो की जार कोने अद मन कलन आक्रमक चिन्न अवकाश दना बट पडने आत तो अद लोप
(01:35) निरी स्ने ंद काब अचत विधानम वल्ला देनी नंची मनक स्वे लभ चद पैगा देते मनम अण चस्मो दानी मलाल मन सुक्त चैतन्य लोक वे पताई दांतो मनम दानी उच्च चिक्क पोता सेक्सन अचेस को यंत तीव्र प्रयत्न चना मनिष दा उलो च तद अके लैंगिक प्रेरण को संबंध जंतु को उलगा मनुल को व नित काल वधि अने लेद मनुष संवत्सर पगना रोज अंता लैंगिक ने उं इला सृष्टि लो जीवरा लो य जंतु लेद लैंगिक प्रेरण को संबंध जंतु को
(02:27) नित काल उ अ प तु काल मुग पोने ए जंतु दानी गुरिंची आलो चिंच कानी मनुल केम ओ सार गम निच देनी अचे को मानव प्रय चारो अद संवत्सर पुगना 24 ंट वारी जीवित कालम अंता व्याप पोइ य वास्तव गुरिंची म एड़ना आलो चिंचा मनुष लैंगिक निरंतरम लने उंदी जीवित लो सक्सेस सर्वस्वम अलगा तयार परिस्थिति जंतुक काकुंडा केवलम मनुल मात्रे ंद इला जरिगिंदी ंद कंटे मनुष सेक्सन अचेस को प्रयत्न चार
(03:15) अंद के अद वारी जीवितम अंता विष ला व्याप चिंद सेक्सन खं चाम निंद चाम तिरेक चाम दूष चम अवमान चम नरका केद मार्ग मनाम सेक्स महा पापम सेक्स को संबंध विष अटनी परम छाल मनाम सेक्स अचे को मनम लांनी ल िंद सेक्सन अचे विषय मनने मन समिच कुने को दान अलाट नीचम पेर सृष्टिचा िंद कानी अला चयम वल्ले मन जीवितम वितुल पने विषयम मनक अर्थम काले सेक्स प विष प्रयोगम चे
(04:00) अन्य मता तनो प्रयत्न चाई वाट प्रयत्नम लिंची सेक्स च पोना बागुंडे कानी अला जरक पोगा अद मंत विष पूतम इंका सजीव ने उंदी इ लैंगिक प्रवृति विष पूरत संभोग मारि पोइ सेक्स जंतु को उंदी ंद कंटे सक्सेस जीव शक्ति कानी लैंगिक प्रवृति मात्र ओ मनुष मात्रे उंदी जंतु लो अद एड़ा कनि पिंच जंतु कल्लो की चड़ वाटलो लैंगिक वम एकड़ा कनि पिंच कानी मनुष कल्लो मेक लैंगिक प्रवृत्ति कामम कनि पिस्ता कानी सेक्सन
(04:47) अचेस कुन वार एं असह्य उं माटलो लेम ई प्रपंच लैंगिक प्रवृति ंची बट पडल अब्बाई अम्माईला मध्या असहज उ दूरा लगि वारु मंत सहित मिल गला चडाल ने मीक मंदे चन मुख्य इ वारी लैंगिक शक्ति पकवान की राक मंदे अटे वारिक 14 संवतसरा वयस राक मनपे जरिग पोवा अपुड़े परस्पर शरीराला रिंचन अवगाहना वारिक कलग दांतो वारीलो लालस अदृश पो इला यनक बदल कंत मंद प्रजल तम पेप जंतु ल पि र्रा इतर जंतु नगन कपच कुंडा उ चेसे
(05:36) प्रयत्न भाग वाटने बटक तीस वाट तुल वेस मरी तीनार एंको लसा दिगंबर जंतु चस्ते तम पिल एक चड़ पोता अ वा भयम विषय लचकने बेजार अस् कदा पैगा ंतत मंद नैतिक वादल जंतु धुलो नगन रगड प निषेध विधि सतम तनो प्रय निचा मानवाने शक्ति नं रक्षक एन्नी विषयालु चोट नायो ओक सार गम निच इत वरक रक्ष कुलगा चला मण अवतु वारे मानवा नासन चेनार नगन उन जंतु ं अंद ं अद्भुत उं मीना गम चारा नग्नम लो कोड़ा अ एलाट दापक लेंडा
(06:30) चाला अयक चाला मामूलुगा उना अ चोड़ मुटने उं जंतु नगन उन्नाने भावना मीक चाला अरु दुगा वस्तु जंतु नग्नम मी आलोचना लो की वंद अटे अदि नगन रिंचन रोग भयम मीलो एक रहस्य दाग नवले मीक ई भया क पुने को ए डकना नुका कुंडा म नाना तं पडता लां भावाला वल्ले मानवत्वम रोजु रोजु की दिग जार पोतो मनक कावल सिल्ला प्रजल अंदरू चाला सहजा राडम बरंगा अटे जैन गुरु महावीर अयक तो परमानंद तो नगन लब गलगला
(07:19) तयार महावीर दुलन परचम वल्ले नगन तयार प्रजल अार कानी ने वातो एक भन महावीर चैतन्यम चाला निर्मलम पतन अ मायक संतर कोवम वल्ले आयना नगन लब गलगा नेन अन दाचे ना नं वरके मनिष दु रिस्ता अलाट लेन अतन तुतो अवसम लेद दाचे को ी ले वाड मात्रे नगन लब गल प्रति व्यक्ति चाला अयक परिशुद्ध लांटी अपराध भावना लेंडा तान रिंचन दुलन सतम चिंच गलगा निजन की अलाट
(08:10) व्यक्त तो कडक प्रपंच नेड चाला अवसरम ना नगन डलो तपम उंदी प्रजल दुल रिंचन पटकी वारु नेर पूरत चैतन्य ने उर अटे वार दुल धरि चिना दिगंबर इ नेट परिस्थिति अलाग नगन उन वार सतम दिगंबर कानि वार को नार नग्नम व रकम मानसिक स्थिति अ मायकम तो निर्मलम मनसु तो नप नगन सतम ओ उदात्त मना अर्नी सौंदर्या प्रमुखन संच कुंद काब नग्न सौंदर्या तेलस को प्रयत्न
(08:58) च
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