15 साल की Chronic Anxiety खत्म? | Stress & Overthinking Solution | @Jairamyoga
Author Name:Naagru Vikaas
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Transcript:
(00:00) मां-बाप है जिसके पास 10 12, 15, 16 साल का बच्चा है, उसको पहले कैसे पता लग जाए कि मेरे बच्चे को एंजायटी, स्ट्रेस या अवसाद जैसी कोई प्रॉब्लम हो सकती है। नहीं ना दो-ती साल घर से तो इसलिए भीड़ से एंजायटी हो गई कि अंधेरे से डर लगता है। अकेलेपन से डर लगता है ये वाला ऊपर पिया कम से कम नौ कट ब्लेड से मारे। तेरे को पैदा करके हम लोगों ने पाप कर दिया। प्राणायाम का मतलब ही है प्राण आयाम। सांसों का विस्तार। आपको पता है कि ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई कम होने से ब्रेन डेड हो जाता है तो ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ने से वो सब एक्टिव क्यों नहीं होगा?
(00:31) एक व्यक्ति है वो एक बैंक का एग्जाम देता है और पीओ में उसका सिलेक्शन हो जाता है। लेकिन इस बीच में सुनना बहुत पड़ता है। भाई साहब तीन साल हो गए बैंक में गया। घर बैठा है। किसी से बात नहीं करता है। एक बात नहीं आपका पूरा करियर खत्म कर लिया। मैं चाहूंगा कि आप बताएं पीसीओडी अगर किसी को है खुद से कैसे ठीक कर सकता है। मेरे को दो बड़े रीज़ जानने पड़ेंगे। ये दो बड़े रीज़न है पीसीओडी के। हस्बैंड या ताने मारते हैं। उसका क्या करें? कोई कह रहा है वाइफ है। सबसे लड़ती रहती है। उसका क्या करें? मेंटल लेवल पर ब्लॉक मारो। जब मैं सही कर रहा हूं, दिख रहा है,
(01:01) ग्रोथ है, सब कुछ है। तू अपना ज्ञान तेरे पास रख। तू तब कहां था जब मेरे को खाने की रोटी नहीं दी? आपके अंदर कॉन्फिडेंस कहां से आएगा? आप इतने मेंटली स्ट्रांग कैसे बनेंगे? वो बातों से तो नहीं। उसके लिए तीन चीजें लगेंगी। एक लगेगा। मनमोहन भाई ये जो आज पडकास्ट देख रहे हैं ना एक ही हमारा आज एजेंडा है ए्जायटी स्ट्रेस डिप्रेशन आपकी भाषा में जो भी इसे बोलते हो वो जब इस पॉडकास्ट को खत्म करे उसके दिमाग में ये हो कि मुझे ये प्रॉब्लम समझ में आती है और उसका प्रैक्टिकल घर बैठे-बैठे क्या सॉल्यूशन है ताकि ये प्रॉब्लम जड़ से खत्म हो हवाई में तो मेरा
(01:36) टारगेट ये है आपसे वो वाली सारी सारी इनफेशन खींचनी है मुझे तो होता क्या है एंजाइटटी बेसिकली मैंने जो लोगों को देखा है। मैंने जो समझा है या जो लोग मेरे पास आते हैं या कोविड के बाद में छोटे-छोटे बच्चों के पेरेंट्स लेकर के आए कि मेरे बच्चे को ए्जायटी है। किसी से भीड़ से। क्यों? अरे कोविड में निकला नहीं ना दो-ती साल घर से तो इसलिए भीड़ से एंजाइटी हो गई। तो मैंने लोगों को ऐसा देखा है परेशान हो के। किसीकिसी को देखा है गैस्ट्रिक प्रॉब्लम की वजह से चेस्ट हैवी हो रही है। और उसको लग रहा है कि मुझे ना हार्ट अटैक आ जाएगा।
(02:05) मुझे हॉस्पिटल जाना है। तो इस टाइप से मैंने लोगों को देखा है। या कुछ लोगों को मैंने ऐसा भी देखा है कि अंधेरे से डर लगता है। अकेलेपन से डर लगता है। किसी पर्टिकुलर इंसान को खोने से डर लगता है। तो उसकी ए्जायटी लेकर के बैठा है। किसी को कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। एक मेरे पास में केस आया था। वो क्या करते थे? खाली बैठे रहते थे ना। वैसे बहुत एजुकेटेड है। बहुत समझदार हैं। सेंसवेंस सब कुछ काम करता है। बहुत गुड लुकिंग है। आप देखोगे 6 फीट का हट्टा कट्टा इंसान आपको भाई साहब बातचीत है। बट उनके साथ प्रॉब्लम क्या है? पेन लेकर के खाली टाइम में वह खुद को मारते
(02:32) हैं। एंड वह मेरे पास में आ रहे हैं यह बोल के कि सर मुझे पता है यह मैं गलत कर रहा हूं। बट देखो पूरा जख्म हो चुका है। क्योंकि जैसे ही अकेला होता हूं ये करने लगता हूं। तो अलग-अलग तरीके हो सकते हैं। अलग-अलग परेशानियां लोगों को हो सकती है। बट हां सॉल्यूशन योग में तो है। योग में तो है। हां, लोग ठीक हो जाते हैं। लेकिन आपने ना तीनों एज बैकर्स ले लिए। बच्चे की भी बात कर ली। आपने बड़ों की भी बात कर ली। मुझे आपसे बात करते-करते एक केस अचानक याद आ गया। मैं बैठा था लक्ष्मी नगर में और एक कंपनी को हम काउंसलर कर रहे थे तो उनके यहां से एक एचआर लड़की आती है
(03:03) नाम तो मैं रिवील नहीं कर सकता तो जब उसके फिंगरप्रिंट देख रहे थे [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो ऐसे ही बैठे-बैठे मेरे फिंगरप्रिंट देख के ब्रेन देखा उसका मैंने कहा आप अपने आप को नुकसान पहुंचाते हो आपने जो पेन वाली बात बोली ना तो ये मेरे को कोई क्लिप ये बात तीन साल पुरानी है उसने ना ऐसे टॉप ये वाला ऊपर किया कम से कम नौ कट थे ब्लेड से मारे गया लगभग मेरी बॉडी पे 27 कट हैं वो कितने साल लड़की है सर? 31 साल। मैं इसलिए जानना चाहता हूं भ दूसरी तरफ से देखने में ऐसा लग सकता है। अरे यार जैसे आज भी हम बड़ों को बोलते हैं सर टेंशन हो रही है।
(03:38) ए्जायटी हो रही है। बड़े क्या बोल देते हैं कई बार या आसपास के लोग समझते नहीं है। अरे यार ऐसा क्या हो रहा है यार? कुछ नहीं हो रहा। चल थोड़ी सी हवा खा ले। लेकिन जिस पे बीत रही है वो तो पता नहीं क्या ही सोच रहा है। सबसे पहले और उसको आप अगर आपको ए्जायटी नहीं पता है या स्ट्रेस नहीं पता या अवसाद नहीं पता। मानसिक विकार आप जानते नहीं हो तो आपको लगेगा पागल है ये आपके दिमाग के हिसाब से वो पागल है या आपको लगेगा क्या पागलपंती है दो थप्पड़ मारा अभी ठीक हो जाएगा ऐसे जिसके साथ बीत रही है वो वही जानता है मेरे पास में एक आती थी मैम वो ना क्लास
(04:07) करती थी अच्छे से करती थी और अच्छी कंपनी में जॉब भी कर रही थी बट उनके साथ प्रॉब्लम क्या था वो बड़बड़ाती थी तो वो मेरे को पहली बार कब पता चला वो कोबरा पोस्ट कर रही थी और मैं उनके पास आया बैठ के बताने के लिए कि शोल्डर चेस्ट आउट करना है। मैं बैठा ना तो वो मेरे को देख रही है। फिर भी कह रही है दो थप्पड़ दूंगी ना एक मिनट में अकल ठिकाने आ जाएगी। समझ में आ गया? मेरे को लगा ऐसे कैसे? लेकिन वो बड़बड़ा रही थी एक्चुअली। उनको जैसे ही माइंड लाइक एक जगह पे है सब कुछ ठीक है। इट्स ओके। जैसे ही वो पैदल चलने लगेंगी, जैसे ही वो अकेली हो जाएंगी, जैसे ही उनको
(04:38) ब्लैक आउट होगा, जैसे ही उनको कुछ समझ में नहीं आएगा, वो बड़बड़ाएंगी। और वो इतना ज्यादा था। मेरे को लगा यह जॉब भी कैसे कर रहा होगा इंसान? ऑफिस में जब बड़बड़ाने लगता होगा तो आगे क्या? लोग मजाक उड़ाएंगे या फिर कोई ना कोई ऐसे बोलने का कि इसके अंदर माता आ गई या इसको कोई दो कुछ ना कुछ कुछ ना कुछ सेम एक ओसीडी वाला केस आया था हमारे पास दो जुड़वा बहन थी एंड दोनों की बचपन से ड्रेस से लेकर के सारी चीजें बिल्कुल सेम थी पेरेंट्स करते थे उनको पहले अच्छा लगता था धीरे-धीरे वो इनकी हैबिट में आ गया एंड उसके बाद में शादी भी उनकी दो भाइयों
(05:07) से हुई एक ही घर में हुई तो इन लोगों को किस टाइप की ओसीडी थी कि एक नहा के बाहर निकला है और दूसरा नहा रहा है तो यह कह रही है वापस अंदर जाओ वापस अंदर जाओ जब तक वो नहा रहे नहाओ पहले। अच्छा मेरे पास लिटरली आकर के वो इंसान रोया है। मुझे याद आ रहा है कि आपने केस मुझसे डिस्कस किया था एक बार कि सर करूं क्या मैं? मतलब अगर हम जा भी रहे हैं अपने धर्म स्थल पे जा भी रहे हैं और किसी से हार्ट टच हो जा रहा है तो भाग के जा रही है। फिर टच कर रही है। वो कह रहा है एक्सक्यूज मी। वो फिर टच कर रही है। मतलब उसको भी पता है। लेडी को भी पता है यह मैं गलत कर रही हूं। बट कंट्रोल
(05:40) नहीं है। तो मे बी हो सकता है किसी की नजरों में यह पागलपन हो। किसी की नजरों में यह जानबूझ के ड्रामा करना हो। किसी की नजरों में ये हो कि इसको माता आती है वगैरह वगैरह बट जिसके साथ हो रहा है इंश्योरेंस जानता वही है। तो एंजायटी के सिम्टम्स क्या है? जैसे मान लीजिए एक ऑडियंस देख रही है उसको अक्सर ये लोगों के साथ होता है। उनको पता ही नहीं होता कि उनको ये प्रॉब्लम है। ये बीमारी जैसे किसी को अगर शुगर हो जाए तो उसको पता लगे ना वीकनेस है। अचानक या तो वेट डाउन खत्म हो जाएगा या वेट बढ़ जाएगा। भूख आगे पीछे हो जाएगी। रिलेटेड कॉम्प्लिकेशंस आएंगे।
(06:08) तो ऐसे एंजायटी के क्या सिम्टम्स हैं? देखिए बेसिकली क्या है ना कि मैंने जो योग में थोड़ा बहुत भी पढ़ा है ना हम लोगों ने पढ़ा है अवसाद अवसाद या मानसिक विकार यानी कि मेंटल इलनेस एंड मानसिक विकार में अवसाद में ये सब कुछ आ जाता है मतलब आपके लिए एंजाइटटी स्ट्रेस डिप्रेशन योग की भाषा में अवसाद है। हां मेरे को ऐसा लगता है जो थोड़ा बहुत मैंने पढ़ा है। बट हां कैटेगरी वाइज मैंने बहुत लोगों को देखा है बांटते हुए या पढ़ा भी है तो कि भाई इतना है तो स्ट्रेस है। इतना है तो डिप्रेशन है। इतना है तो ए्जायटी है और यह भी हो जाए तो ओसीडी है।
(06:39) मैं इन चीजों को नहीं मानता। मतलब मानता नहीं हूं। ऐसा नहीं कह रहा कि यह होती नहीं है। होती है। बट योगिक भाषा में अगर आप पूछोगे ना इनका सॉल्यूशन बिलकुल सिंपल ईजी और एक ही है। करेक्ट कि लाइक आप पर्टिकुलर कुछ आसन कर लो कुछ प्राणायाम कर लो ईमानदारी से विद इन 21 डेज मैक्सिमम एक महीना किसी को बहुत ही ज्यादा परेशानी है। लेकिन वो तैयार है ठीक होने का तो तीन महीना तीन महीना कर ले वो बाहर आ जाएगा। यह बिल्कुल ऐसा है जैसे आप मेरे को कहोगे मेरे को फूड पोइजनिंग हुई। आप मेरे को कहोगे मेरे को लूज मोशन हुआ। आप मेरे को कहोगे मेरी ना उखड़ गई। आप
(07:09) मेरे को कहोगे मेरा डाइजेशन का इशू है। मुझे कोई मतलब नहीं है। मैं आपको पेट संबंधी जितने भी विकार है कराने हैं वही वाले आसन हूं। अच्छा। तो ये सेंटर पॉइंट अगर आप पकड़ लोगे तो फिर स्ट्रेस हो, एंजाइटी हो, डिप्रेशन हो, ओसीडी हो। किसी को टाइम थोड़ा कम लगेगा, किसी को थोड़ा सा ज्यादा लगेगा लेकिन ठीक हो जाएगा। जैसे चार साल एक इंसान ने एंजायटी में अपना झोंक दिया, जॉब जाने वाला है, फैमिली छूटने वाली है, करियर खत्म होने वाला है। और सारी चीजें होने वाली है, उल्टे सीधे थॉट्स आ रहे हैं कि मैं कुछ गलत ही कर लूंगा तभी सब ठीक होगा।
(07:35) वो इंसान 4 महीने में ठीक हो गया। दैट मींस कि बेसिक प्रोसेस को फॉलो करके आप ठीक हो सकते हो। इसीलिए कि अगर किसी को ए्जायटी है भी, किसी को डिप्रेशन है भी, किसी को कोई भी मेंटल इलनेस है, विकार है, वो ज्यादा पीएचडी ना करें। अपने आप को ठीक करने को उस प्रोसेस पे काम करें। वो ठीक हो जाएगा ना तो उसको पता चल जाएगा कि हां फाइनली अदरवाइज अगर वो कोई आर्टिकल पढ़ रहा है, किसी की वीडियो देख रहा है, स्ट्रेस कितने में होता है, एंजाइटटी कितने में होता है। अच्छा मैं कौन सी कैटेगरी में आता हूं। यह इतना डेंजरस होता है ना मेरे एक्सीडेंट के टाइम
(08:05) में मैंने देखा था कोई आर्टिकल पढ़ लिया था कि मेरा भी रोड एक्सीडेंट हुआ तो मैं क्लिक हो गया कि मेरा भी हुआ था एक्सीडेंट में मेरे को स्प्लॉोसिस हो गया यानी कि बैकबोन टेढ़ा हो गया तो मैंने कहा मनमोहन होगी ये तो तेरा भी हुआ है फिर उसने बोला कि 16वें या 19वें दिन उसको पैरालाइसिस अटैक आया तो मुझे लगा ये मुझे भी आएगा तो मैंने पढ़ के मेरा नुकसान ही किया बोले कि कई बार सही कहा है कि ज्यादा ज्ञान नुकसान करता है अधूरा ज्ञान आधा ज्ञान अधूरा ज्ञान विष के समान वो सच्चाई है फिर भी जैसे आपने इतने में सारे हजारों लाखों लोगों को आपने मदद की है कि मेरा
(08:34) अपना एक्सपीरियंस है। मैं आपके एक्सपीरियंस से समझना चाहता हूं कि एक व्यक्ति एक एक पेरेंट है। हम बच्चे से शुरू करते हैं। एक मां-बाप है जिसके पास 10 12 15 16 साल का बच्चा है। उसको पहले कैसे पता लग जाए कि मेरे बच्चे को एंजायटी, स्ट्रेस या अवसाद जैसी कोई प्रॉब्लम हो सकती है। देखिए कई सारी चीजें हैं। जैसे उसका अकेलापन उसका ना बोलना या बहुत ज्यादा बोलना हर बात पर चौंक जाना परेशान हो जाना टाइम पे ना सोना टाइम पे ना उठना भूख बहुत लगना या भूख बिल्कुल ना लगना या किसी एक चीज में पढ़ा है तो बस पढ़ा ही है क्या आउटपुट आ रहा है उससे कोई मतलब नहीं है
(09:06) सेंसलेस कोई भी ऐसा डिसीजन जो आप या कोई छोटा बच्चा कहेगा यह तो बहुत इजी था उसमें उलझे रह जाना या फिर जैसे कई लोगों को देखा है पूजा कर रहे हैं तो पूजा ही कर रहे हैं तेज तेज ताली बजा के पूजा कर रहे हैं अब घर में एक दिन दो दिन तीन लगा चल ठीक है। उसके बाद लगा यह क्या पागलपन है? अब जब उसको कोई रोकने जा रहा है तो वह उसको दांत काट ले रही है या लड़ ले रही है या गुस्सा कर रही है या भगवान को जाके बोल रही है भगवान जी ये मुझे मार देंगे प्लीज मुझे बचा लो। ये धीरे धीरे धीरे धीरे इतना पी पकड़ लेता है कि फिर इंसान को आप अकेले
(09:35) भी नहीं छोड़ पा रहे कि अकेले छोड़ दूंगा तो ये कुछ करपुरा लेगी। जैसे अभी नीट का पेपर कैंसिल हुआ। हम अब देखा जाए एक पेपर ही तो है। जब आज अगर हमारा मेंटल स्टेट स्टेबल है और इसको अगर लॉजिकली देख तो एक पेपर ही तो है। उस पेपर का कैंसिल होने के बाद कितने बच्चों ने गलत कदम उठाया ये आपको भी पता है। रोज अखबार आप पढ़ते हो तो ये ये अचानक हुआ होगा आपके हिसाब से या ये पुराना कोई एक ऐसा है जो बार-बार धीरे धीरे धीरे बढ़ता बढ़ता बढ़ता यहां तक पहुंचते फिर कहते है ना अपने देश में खास करके ऑफेंड हो जाएंगे कुछ लोग बट सच्चाई ये है
(10:05) कुछ चीजों को ग्लोरिफाई किया जाता है कि अगर आपने यह चीज कर ली और इस लेवल पे आ गए तो आप मानना आप कामयाब हो रहे हो एंड यह एक रीजन है कि एक बच्चा अपनी जिंदगी के कई साल ईमानदारी से मेहनत करके जब उसको लगता है कि हां शायद मैं क्रैक कर दूंगा इस बार और उस टाइम पर ऐसा कुछ बम फूट जाता है किसी नालायक की वजह से तो स्वाभाविक है कि वह बच्चा परेशान होगा तब जब उसको पता ही है मेरा लास्ट अटेम्प्ट था मेरी एज निकल रही है अब मैं कुछ नहीं कर सकता मैं फैमिली को क्या बोलूंगा और खास करके अपने देश में तो चलता है शर्मा जी के लौंडे को देख तो ऐसे टाइम पर तो आप मतलब आपका बाप
(10:41) आप टॉप कर जाओगे उसमें उतना खुश नहीं है आप टॉप कर जाओगे इसलिए बाप की इज्जत बढ़ जाएगी तब शर्मा जी के पास जाके बोलेगा देख मेरे लौंडे ने कर दिया नहीं कर दिया ये प्रॉब्लम है हमारी पेरेंटिंग का वो बच्चों के ऊपर फूट रहा है वह अलग बात है। अब अगर एग्जाम नहीं हुआ या तो वह व्यक्ति इस्तीफा दे दे जिसके लिए इतना सब कुछ हो रहा है। हम ठीक है? दूसरी चीज कि आज के बाद यह सब कुछ नहीं होना चाहिए और हो गया स्ट्रिक्ट डिसीजन लेंगे उन लोगों के खिलाफ जिन लोगों का इसमें कोई भी इन्वॉल्वमेंट है। परमानेंट उनको ठोक देंगे जेल में जाकर के लाइफ टाइम निकलोगे नहीं। पर दो बड़े-बड़े
(11:14) डिसीजन ले लो। एटलीस्ट बच्चा सेफ ज़ोन में रह के मेहनत तो करे। बट यहां प्रॉब्लम क्या है कि ग्लोरिफाई तो कर दिया मूवीस बना करके कि अगर आप पर्टिकुलर यह बन जाते हो उसके देखो आपके पीछे गाड़ियां आपके रिश्तेदारों का कैसे मुंह बंद होगा एंड वो करने के लिए आपने जी जान झोंक दी पेरेंट्स ने सब कुछ बेच दिया आपका अब सडनली पता चलता है एग्जाम कैंसिल हो गया ऑप्शन क्या है बच्चे के पास गलत डिसीजन ना लेने के अलावा ऑप्शन क्या है क्योंकि उस बच्चे के माइंडसेट से अगर मैं वो बच्चा हूं और एक्चुअली मुझे लगता है मैं डिर्विंग हूं तो मैं तो पागल हो जाऊंगा कि भाई अब क्या
(11:47) ये तो लास्ट ईयर था मेरा मेरी तो एज भी निकल गई। यह समझना पड़ेगा कि दूसरों का प्रॉब्लम अच्छा पेरेंट्स का भी प्रॉब्लम क्या है ना? पेरेंट्स अब इससे भी अच्छे से बात नहीं कर रहे। हालांकि इसका कोई रोल नहीं है उसमें। ये कुछ अपना फ्रस्ट्रेशन है ना उनका अपना फ्रस्ट्रेशन है। क्योंकि उसने टाइम लगाया, पैसा लगाया, सब कुछ किया। लोगों में उसने गाया कि मेरा बच्चा इस बार क्रैक कर देगा या कर देगी। अब वो एग्जाम कैंसिल हो गया। घर में ही माहौल ऐसा बना रखा है जैसे किसी की डेथ हो रखी हो। घर में आपस में बात नहीं करना चाह रहे ये लोग। तो ओवरऑल जो बच्चा है या शादी
(12:17) के टाइम पे जो दूल्हा है जिसके ऊपर सबका फोकस है शादी टूट जाएगी तो दूल्हा क्या सोचेगा तो ऐसे एग्जाम कैंसिल हो गया तो बच्चा क्या सोचेगा अगर पेरेंट्स में इतना दमखम है तू टेंशन मत ले बेटा मैं जिंदा हूं कोई टेंशन नहीं है ये नहीं कुछ दूसरा दूसरा नहीं तो तीसरा मुझे तेरे पे प्राउड है तू चिंता मत कर यह ग्स चाहिए ना यह तो है नहीं सही बात है फिर कहेंगे तू जिस दिन पैदा हुआ ना उसी दिन मेरा बुरा दिन शुरू हो गया मेरे पिताजी ने मेरे को डायलॉग मारा था कि क्योंकि मैं उस समय जॉब नहीं कर रहा था कि भाई सुबह 45 बजे निकलता हूं। एक तो वो
(12:52) बीमार रहते थे। बेड पे रहते थे। ऊपर से जब उन्होंने ऑक्सीजन वगैरह लगा के जैसे अनुलोमविलोम वगैरह करके इतना कैपेबल खुद को किया कि चल मैं दुकान पे जाऊं। घर में बैठे-बैठे अच्छा नहीं लगता। तो उन्होंने कुछ दिन नोट किया एक सप्ताह 10 दिन बाद उन्होंने मेरे को ये कहा कि भाई मैं सुबह 4:30 5 बजे दुकान जाता हूं तो भी तू टीवी चला के बैठा रहता है। रात को 10:00 बजे आता हूं तो भी तू टीवी चला के बैठा रहता है। तेरे को पैदा करके हम लोगों ने पाप कर दिया। अब उस लाइन को सुनकर के या तो मैं डीमोटिवेट हो जाऊं। मैं गलत रास्ते पर चला जाऊं। मैं खुद को हार्म कर लूं या मैं कोई
(13:21) ऐसा डिसीजन ले लूं जो मेरी पूरी लाइफ स्पॉइल हो जाए। या फिर मैं कुछ ऐसा कर दूं। उसी दिन मैंने पहली बार फोन किया था गुड़गांव में एक भैया थे उनको कि भैया मुझे नहीं पता। मुझे नौकरी करनी है। भैया मुझे नहीं पता। मुझे घर में नहीं रहना। क्योंकि वो मेरे को हिट हो गया कि तेरे को पैदा करके हमने गलती कर दी। तो यह वही पता है जब आप पैदा हुए थे। उन्होंने नोटों की नोटों की गड्डी उड़ाई। वो किस्सा भी बताओ ताकि ऑडियंस को यह भी पता लगे कि एक पिता के ना दोनों फेस होते हैं। हमें याद कौन सा रहता है। कई आपको दोनों याद रहते हैं। लेकिन जब बच्चा
(13:50) क्योंकि आपने तो फोन कर लिया जॉब कर लिए। कुछ बच्चे इसी को अपने मन पे ले लेते हैं। अच्छा ये बात इसलिए भी जरूरी है। एंजाइटटी कोई ऐसी तो है नहीं कि बाहर से कोई टॉफी का और अचानक एंजाइटटी हो गई। छोटी-छोटी बातें ही तो बनती है। वो धीरे धीरे धीरे इकट्ठा हो रहा है। उसका भी मैं उदाहरण दूंगा आपको। लेकिन पहले वो बात बताओ आप। ऐसा कहना मेरा जन्म हुआ था क्नाड प्लेस हनुमान मंदिर के सामने। एंबुलेंस में एंबुलेंस में हां एंबुलेंस में तेल खत्म हो गया था उसका [हंसी] तो मेरे पापा जब मैं पैदा हो गया तो मेरे पापा उसको गाली वाली भी दे रहे थे खूब
(14:20) और ये हुआ था क्नाड प्लेस हनुमान मंदिर के सामने तो पापा को नोट की गड्डी मिली थी पड़ी हुई अच्छा तो हम लोग हॉस्पिटल थे एडमिट करवाया सब कुछ किया तो पापा ने ना वो सारा पैसा बांट दिया सब में नोटों की गड्डी में बांट दिया सब मतलब आप कहो तो इन श उड़ा दिया सब कुछ एक चवन्नी नहीं रखी सही तो उस समय में मेरे पिताजी बताते थे कि वित्त मंत्री थे मनमोहन सिंह जी अच्छा तो उन्होंने मेरा नाम रखा मनमोहन कि ये हमारे घर का वित्त मंत्री बनेगा। क्या बात है। एंड ये ये सच्चाई है पेरेंट्स के दो क्यों? आई डोंट नो कितने फेस होते हैं। बट सच्चाई ये है मेरे पेरेंट्स ने लाइफ टाइम
(14:52) मेरे को एक ही चीज कही योगा छोड़ पढ़ाई पे ध्यान दे। मैंने जब नेशनल गोल्ड मेडल जीता फोन आया घर पे कि बच्चे ने गोल्ड हां ठीक है ठीक है। हम तो पढ़ाई के लिए बोलते हैं उसको। और जब वो कॉम्पटीशन खेलने जा रहा था तो मेरे पिताजी ने कहा तू नहीं जाएगा। मैंने कहा मैं जाऊंगा। उन्होंने कहा तू नहीं जाएगा। मैंने कहा मैं जाऊंगा। कहते मम्मी से बात कर। मैंने बात किया। उन्होंने कहा नहीं जाएगा। मैंने कहा मैं जाऊंगा तो आज के बाद यह घर तेरे लिए बंद। मैंने कहा सोचो आपका बेटा मर गया बट मैं तो जाऊंगा। मैं गया मैं कंपटीशन खेला। मैं जीता लेकिन घर में खुशी नहीं हुई। लेकिन
(15:20) स्टिल आज के बाद अगर मैं कहूं ना तो ये जितने भी मेरे रिशेदारी जानकारी में दूर के कोई मामा भी होंगे ना वो भी फोटो वीडियो दिखा के कह रहे हैं देखो हमारा बन जाए ये। आपके पेरेंट्स यह नहीं चाहते हैं कि ठीक है जी। हमने जो चाहा है वही होना चाहिए। अदरवाइज तो हम तो आपको काट देंगे। नहीं वो ये चाहते हैं लाइफ में बहुत बसड़ है। आप कामयाब हो जाओ। अब मैं हो गया हूं। तो ऐसा तो है नहीं कि मेरी मां मेरे को लात मार के निकाल देगी। तेरे को योग मना किया। योग में कैसे कामयाब हुआ? लेकिन क्या वो ग्स उस बच्चे में भी है? बस जो समझ से भिड़ने को तैयार है वो प्रूफ कर
(15:51) देगा। चाहे 10 साल लग जाए, 12 साल लग जाए बट वो प्रूफ कर देगा। आज सब कुछ है हमारे पास। ऑफिस है, फैमिली है, अच्छी व्यवस्था है, गाड़ी है, घर है, सब कुछ है। मां को भी कहीं ले जाता हूं 100, 200, 500,000 के क्राउड में और सब लोग मां के पैर छूने आ जाते हैं कि आप योगी जी की मम्मी हो ना। कहां कहती है वो कि खबरदार अगर इस नाम से मेरे को पुकारा तो इससे हम बिल्कुल खुश नहीं है। हमने इसको योग मना किया था। योग में कैसे करियर? नहीं बोलती हैं वो। वो गलती एक बार कोई यह कह देती हैं कि बेटा योग में इसलिए मना किया ना छोटा बच्चा है।
(16:22) कहां जाएगा? करियर में क्या करेगा? दुनिया कितनी चालाक है। कल को मेरा बच्चा गलत रास्ते पे। मैं इसलिए मना करती थी। तुम्हें बीबी हो सकता है कि पेरेंट्स शायद डांट देते हो, गुस्सा कर देते हो, गलत वर्ड्स बोल देते हो। लेकिन यह पेरेंट्स को भी समझना पड़ेगा कि इतना ज्यादा प्रेशराइज मत कर दो कि वो सुसाइड करने पर मजबूर हो जाए और बच्चों को भी समझना पड़ेगा कि आज 20, 22, 25, 30 की मेरी ऐज है। अगले दो-ती साल में मैं नहीं कर पाया ना कुछ। तो मैं इस फैमिली पे भी बोझ बन जाऊंगा। हम एंड यह बिल्कुल इतना इजी है कि मेरे साथ पढ़े हुए दोस्त जिस समय मैं ट्यूशन जा रहा
(16:56) था, जिस समय मैं पढ़ाई कर रहा था, जिस समय मैं रात को जग के मेहनत कर रहा था, जिस समय सुबह उठकर दौड़ लगा रहा था, पार्क में जाके योग कर रहा था, उस समय वो भाई साहब सुबह सो रहे होते थे। नींद नहीं बनती थी। अब तो हमने जगह चेंज कर दी। अदरवाइज वही भाई साहब जो मेरा क्लासमेट है। अब कहेंगे क्लासमेट से क्यों करवाते थे? नहीं भाई वो खुद ही इंटरेस्टेड है। तो अभी मैं सुबह लेट भी उठूं ना तो सुबह 5:00 बजे मेरी गाड़ी साफ कर देता है वो। अच्छा या तो आप समझदारी में जग जाओ और मेहनत कर लो या मजबूरी में करना पड़ेगा भाई। स्टाइल लोग कर रहे हैं ना दिनरा मेहनत कर रहे
(17:26) हैं। या तो तब मेहनत कर लो या आप मेहनत कर लो। करनी तो देखो पड़ेगी। पड़ेगी। करनी तो पड़ेगी। अच्छा जब हम एंजायटी पे बात कर रहे हैं तो एक पेरेंट अपने बच्चे को मुझे लगता है इनिशियल डेज में जब वो 8 9 10 साल का है कुछ उसको प्रैक्टिससेस में डाल देना चाहिए ताकि ये प्रॉब्लम बाद में आए नहीं क्योंकि अगर आज का बच्चा भी बहुत सारे कारण है नवीन भाई डिजिटल डिस्ट्रैक्शन सोशल मीडिया को आप रोक नहीं सकते फैमिली को टॉक्सिक बना रखा है सर सबसे बड़ा प्रॉब्लम है ये लेकिन रोक नहीं सकते क्या आप रोक सकते हो क्या नहीं रोक सकते मतलब अब जहर हवा में आ
(17:57) गया तो मैं क्या कर लूं मास्क लगा लूंगा उससे कुछ नहीं होगा अब एक ही तरीका कि मैं अपने लंग्स को मजबूत कर लूं। मतलब अगर ए्जायटी, डिस्ट्रैक्शन या इस तरह के डिप्रेशन ये इस तरह की चीजें हैं। अब एक पेरेंट अपने बच्चे को जो टीनएज के अंदर है बिलो 18 है। क्या ऐसी रोज प्रैक्टिस करवाए जिससे उसको वो मेंटली स्ट्रांग हो जाए? बात ही खत्म। सबसे पहले ना मैं एक चीज कहूंगा। यहां पेरेंट्स और बच्चों दोनों को लेकर के मैं चलूंगा। एक चीज जान लो। ए्जायटी बोलो, डिप्रेशन बोलो, ओसीडी बोलो, अवसाद बोलो। कोई भी बीमारी की इतनी औकात नहीं है कि बिना आपकी परमिशन गए आपको लेके
(18:30) जाए। यह मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर युवराज को कैंसर हुआ तो उसने कैसे कम बैक किया और वापस से टीम इंडिया के लिए खेला। आप स्टेट कंपटीशन से बाहर कर दो ना डिस्ट्रिक्ट के लायक नहीं बचोगे आप। सही। अगर मेरे को बोल दे ना नेशनल आप नहीं खेल सकते। जी ये आपको इंजरी है और आप इसको मैं लाइफ में कभी वापस स्टेट नहीं खेल सकता। छोड़ो नेशनल की बात। वो इंसान वापस से टीम इंडिया में कैसे आ गया? अब बहुत सारे ऐसे लोग हैं। आप एक बात बताओ कई लोगों को इस चीज से भी इनसिक्योरिटी होती है या एंजाइटटी होती है कि मैं बहुत खाली हूं। मेरे को कहीं जाना पसंद नहीं है।
(19:02) भाई वो एक लड़की है ना अभी वो गुरु वृंदावा के उसमें आई सॉन्ग में आई बिल्कुल। क्या कहोगे आप? ये सिर्फ और सिर्फ दिमाग की ऐसी उपज है जो पेरेंट्स को भी समझनी पड़ेगी, बच्चे को भी समझनी पड़ेगी। हनी सिंह जब बैठ के ये कहता है कि मैं तो गंजा हूं। सही है। यार दम है। सच्चाई जीने के लिए दम चाहिए। एंड ज्यादातर लोग झूठ में फंसे हुए हैं। अगर विराट से पूछा जाता है तो कहता है नहीं नहीं भाई साहब मैं लड़ाईवड़ाई नहीं करता। अरे आप तो ग्राउंड में करते हो। अरे नहीं भाई मुझे पता है वहां अंपायर आके रोक देता है यार मैं लड़ाई नहीं करता भाई। कोई
(19:33) थप्पड़ मार के चला जाएगा मर जाऊंगा मैं। विराट कोहली दो विराट कोहली ये चीज बोल रहा है भाई। आपको एक्सेप्ट करना पड़ेगा कि आप जो सोचते हो ना कतई धरंधर मूवी का एकदम वही स्टार बन जाऊंगा कि मैं बस सब चीज परफेक्ट कर दूंगा। यह बेवकूफी है। मे बी हो सकता है आप सिंगिंग अच्छी करते हो। कोई हो सकता है डांस अच्छा करता हो। आप सिंगिंग अच्छी करते हो लेकिन अब आपको डांस भी अच्छा करना है और उसकी वजह से एंजाइटटी हो रही क्योंकि आपसे आगे बढ़ गया। मछली कभी दहाड़ती है क्या? शेर कभी तैरता है क्या? तो गाय मांस खाती है या शेर घास खाता है?
(20:02) सही बात है। अरे सबकी अपनी क्वालिटीज है ना भाई। आपके अंदर जो है यह आपको भी समझना पड़ेगा। पेरेंट्स को भी समझना पड़ेगा। और कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि पेरेंट्स आपको सपोर्ट ना करें। जैसे मनमोहन योगी का हुआ। बट जब आप कामयाब हो जाओगे ना तो यह पेरेंट्स जरूर बोलेंगे कि हम गलत थे, तुम सही थे। बट उसके लिए गश चाहिए। उसके लिए पागलपन चाहिए। उसके लिए डेडिकेशन चाहिए। उसके लिए एक ऐसा माइंडसेट चाहिए कि मैं खप जाऊंगा लेकिन मैं कर दूंगा। मुझे पता है। अगर वो नहीं है तो आप बोलो कि मेरे को ना भीड़ से एंजायटी है। मेरे को स्टेज का फेयर है।
(20:32) उसकी वजह से मेरे बॉडी शिविर करने लगती है तो मेरे को एक लाइक यह मेडिसिन लेना पड़ता है। तब जाके या आप बेवकूफ हो। फिर आपको कुछ प्रैक्टिकल अप्रोच को समझना पड़ेगा। कुछ चीजें ऐसी हैं। अच्छा जिस समय यह युद्ध चल रहा था ना ऑपरेशन सिंदूर वाला सीन चल रहा था उस समय एक होस्ट ने मेरे से क्वेश्चन किया कि उनकी सोसाइटी में कोई है और उनको एंजाइटी हो रही है। किस बात की एंजाइटी हो रही है? तो जो युद्ध चल रहा है ना मतलब यह सही नहीं है माहौल बिल्कुल भी। मैंने कहा यार होनी तो उनको चाहिए ना जो लड़ रहे हैं वहां जाके। तुम एसी में बैठ
(20:59) के टीवी देख रहे हो। एंजाइटटी हो रही है तुम्हें? यह क्या है यह? यह मेंटल ब्लॉकेज नहीं है तो क्या है यह? एंजायटी, स्ट्रेस, डिप्रेशन, ओसीडी। मैं मान सकता हूं कि आप किसी परेशानी में फंस गए हो। रीजन 100 हो सकते हैं। बट निकालने के लिए सिर्फ एक ही एटीट्यूड चाहिए। कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं ठीक हो जाऊंगी। इट्स ओके। योग कर रहे हो ना 3 महीने में देखना मुझे। ये ये एटीट्यूड चाहिए। और अगर यह नहीं है तो जाओ। साइंस की ऐसी बहुत सारी रिसर्चेस हैं। आप पढ़ो कि अगर आप बैठ के बार-बार बोलोगे ना मुझे कुछ हो गया है। शायद मैं मर जाऊंगी। मुझे कुछ हो गया। मैं
(21:35) पागल हो जाऊंगी। अरे मुझे कुछ हो गया। अगले तीन महीने में तो मेरी आप बद से बदतर जिंदगी जिओगे। उदाहरण के तौर पर बताता हूं मैं आपको। डेली योगा क्लास कराना। 12 साल यही किया। डेली यहां से घर जाना। सब कुछ सामान्य सब कुछ नॉर्मल जैसे हमेशा चलता है वैसे ही। बट एक दिन मेरा बॉडी कांप रहा था। मैं उस समय बाइक थी मेरे पास। बॉडी कांप रहा था। मन अच्छा अच्छा नहीं लग रहा था। कभी होता है ना अलग से आता है कि कुछ बुरा होने वाला है। कुछ बुरा होने वाला है। तो मेरे को हो रहा था। उस दिन पूरी एनर्जी से मैंने क्लास भी नहीं कराई। एंड सडनली मां का कॉल आता है और मां फ़ पर रो
(22:07) रही है। मैंने कहा मैं क्या हुआ? कुछ नहीं तू बस घर आ जा। मैं टेंशन हो गया कि पापा जी तो ठीक है ना? सब ठीक है तू घर पे आजा। हुआ क्या था? मेरी मां सोई और मेरी मां को सपना आया कि मेरा एक्सीडेंट हो गया। एंड मेरी मां ने यह मेरे को हिंट दे दिया कि तू ना गली से आइयो, रोड से मत आइयो और रो रही थी। और मेरे को भी डर लग रहा था। तो मुझे क्लिक हो गया। आप लिटरली विश्वास करो 12 साल से एक काम को मैं कर रहा था और चौड़े में कर रहा था। बाइक तेज भी चलाता था। जवान खून था और स्पोर्ट बाइक मेरे पे थी। उस दिन जो मेरी फटी है ना घर पहुंचते
(22:35) घर पहुंचते रहे सात आठ बार मर लिया हूं रास्ते में। दिमाग का इतना बड़ा रोल है। इसमें कुछ फीड हो गया कि शायद कुछ गलत हो सकता है। और मां ने भी फोन किया मां भी रो रही है तो ये अच्छा नहीं हो सकता। कुछ गलत हो सकता है। घर में पहुंच गया सेब पहुंच गया। बट वो सात आठ बार जो मैं मरा हूं ना उससे बुरा कुछ नहीं है। तो आप एटलीस्ट इसको तो कुछ गंदा दो ही मत। और बड़ी बात पता है क्या है? सब चीज का ना एक भाषा है। जैसे WhatsApp का क्यूआर कोड दूंगा ना आप स्कैन करोगे तो आप WhatsApp ही खोल पाओगे। एक्सक्टली लेकिन कोई स्कैनर दूंगा जिससे
(23:03) आपको पे करना है। फोन पे, Google Pay कुछ भी आप उसको स्कैन करोगे ना WhatsApp नहीं खुलेगा। वो बारकोड की अपनी लैंग्वेज है। यूनिवर्स की ऐसी लैंग्वेज है। यह सही गलत नहीं जानता है। यह सही गलत बिल्कुल नहीं। जो मेरा अपना एक्सपीरियंस है। मैंने पढ़ा नहीं है ये सब। लेकिन यह सही गलत नहीं जानता है। जिस समय मेरे खाने के लाले पड़े हुए थे ना उस समय मैं बोल रहा था इतना बड़ा आदमी बनेगा तू देख लियो लोग लाइन में लगेंगे साइन करवाने के लिए साइन की प्रैक्टिस कर मैंने आज से लगभग 15 16 17 साल पहले लगभग 17 साल पहले शायद उससे भी ज्यादा साल पहले मैंने ऑटोग्राफ प्रैक्टिस
(23:34) कर लिए थे और आज तक वही मार रहा हूं मैं 17 साल पहले वो शायद उससे भी ज्यादा मैं कह रहा हूं मैं उस समय सिक्स सेवंथ में था और मेरे को याद है मेरी टांड पर माने चढ़ाया था सामान उतारने के लिए उस पर बैठकर के मैंने 150 से ज्यादा साइन किए थे और मेरे घर के बच्चों को अभी आप कॉल करो, वीडियो कॉल करो। वह मेरे भांजा भांजे आपको बता देंगे कि मैं उनको तब से बोलता आ रहा हूं कि बेटा साइन ले लाइन में लगना पड़ेगा बाद में। ये इसको नहीं पता था सही क्या है गलत क्या है। बस इसके अंदर कुछ बो दिया था मैंने। अरे हो रहा है। लोगों को लगता है कि यार ये तो ओवरनाइट भी
(24:07) हो गए। रातोंरात ही हो गई। तो आप इसको जो भी दे रहे हो आउटपुट आएगा उसी से। जो भी इसको दे रहे हो ना ये वही लेगा। आप इसको एक छोटा सा काम करो। आज से बोलना शुरू करो। विकास नागर तू एक नंबर का गया आदमी है भाई तेरे बस की कुछ नहीं है लाइफ में तू कुछ नहीं कर सकता फैमिली को तो मैंने ठीक अब बोलो आप एक महीने डेढ़ महीने दो महीने बोलो ऐसा कॉन्फिडेंस लूज होगा ना सर आपका खत्म हो जाएगा खत्म अब घर में घुसने से डरोगे आप एंड जिसको लगता है अरे ये कोई बेवकूफी है ऐसे थोड़ी ना होता है भाई ऐसी बहुत सारी रिसर्चेस है कि आप सिर्फ फ्रॉड पकड़ के यह समझा दो अपने
(24:41) दिमाग को कि ये गरम है गरम है गरम है हाथ जल जाएगा आपका सही कह रहे हो आप एक्सेप्ट करो ना तो अब जब आपको पता है बुरा बोलने बुरा सोचने से बुरा हो जाता है तो अच्छा बोलने अच्छा सोचने से अच्छा कैसे नहीं होगा ये लोगों को अगर समझ में आ जाए तो सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा नहीं मैंने जितने को भी आज तक बाहर निकाला ना एक चीज कॉमन है उन सब में जैसे मैंने कहा टेंशन नहीं लेने का कुछ नहीं होगा मैं हूं ना सब ठीक हो जाएगा हां सर पता है सर रो रहा है इंसान बट हां सर पता है सर सब ठीक हो जाएगा सर संभाल लेना एंड सेम टाइम कोई एक आध केस ऐसा भी आया ना कि मां रो
(25:12) रही है बेचारी बैठ के और वो 35 साल का हट्टाखट्टा आदमी मां मां उसकी रो रही है कि सर मैंने ना बहुत सुना है सर आपके बारे में सर लेके आई हूं प्लीज समझाओ ना एंड मैं उससे बात कर रहा हूं वो इंग्लिश में बात कर रहा है मेरे को तो इंग्लिश नहीं आती मैं हिंदी में बोल रहा हूं बट वो इंग्लिश में बोल रहा है हाय सर हाउ आर यू सर मां परेशान हो रही है हां ये मेरे को ये बता रहा है कि मैं अरे मैं ठीक-ठाक हूं मेरी मां बेवकूफ है ये बिना बात में परेशान है मुझे लेके एंड उसके बाद जब मैं कुछ बात करना चाह रहा हूं तो वो इधर-उधर देख रहा है मुझे पता चल गया
(25:40) भाई मामला है खराब तो जो सुनने की कोशिश ही नहीं कर रहा एंड जिसको एक्सेप्ट करना ही नहीं है कि इन सब से बाहर निकलना एक्चुअली इजी है। उसका नहीं हो सकता। अदरवाइज जितने लोग भी प्रिपेयर है ना कि सर मर जाऊंगा चलेगा। बट इस बीमारी के साथ जीना नहीं है। तो मर जाऊंगा क्या चलेगा? एक घंटा लगे, दो घंटा लगे, दिन में तीन घंटा लगे, मैं तैयार हूं। सर योग से कैसे होगा? बताओ तो हो जाएगा। मैं आपको एक केस बताता हूं। नाम तो रिवील नहीं करेंगे। एक व्यक्ति है जो इंजीनियरिंग कर चुका है, एमबीए कर चुका है। वह एक बैंक का एग्जाम देता है और पीओ
(26:13) में उसका सिलेक्शन हो जाता है। अब वहां पर जब सिलेक्शन हो जाता है उसको कुछ टाइम के लिए एक कैश की सीट लगती है। वहां पर उसे 10-15000 का कुछ डिफरेंस आता है जो अगले दिन मिल जाता है। लेकिन इस बीच में सुनना वक्त पड़ता है। सिर्फ एक बार एक बार और कितने साल का है? 25 साल का। भाई साहब तीन साल हो गए बैंक ने गया। हम घर बैठा है। किसी से बात नहीं करता है। यानी कि आज के टाइम पे 2930 साल के आसपास है। शादी हुई नहीं है। टीवी देखता रहता है। घर से बाहर निकलता नहीं है। जो व्यक्ति देखो बैंक का कोई भी एग्जाम क्लियर करना आसान नहीं है।
(26:44) समझदार हो ना? और अच्छी इंजीनियरिंग कर ली, एमबीए कर लिया। उसके बाद वो मतलब मैं सोच के ताज्जुब रहता हूं। कैसे नहीं? मतलब एक बात ने एक बात ने आपका पूरा करियर खत्म कर लिया। और उसके फादर इतने परेशान है जो कि अब अप्रोक्स मेकर 60 के आसपास होंगे। उनके अपने चैलेंजेस हैं। वो कह रहे हैं बैंक से बार-बार इसको कॉल आता है लेकिन जाता ही नहीं। अब ये सब मेरे समझ से बाहर हो जाता है कि भाई एक बात आपको इतना हिट कर सकती है। क्या आप इस लेवल तक आप परेशान होना सच्चाई है ये। आप देखो ना मैं उदाहरण के तौर पे बताता हूं। जितने लोग भी आज तक बने
(27:18) हैं। सब इसी इसी सिचुएशन से निकल के बने हैं। मनमोहन योगी जॉब कर रहा था। डेढ़ महीने में छोड़ दिया क्योंकि गाली दे भी। मैं कहा भाई तेरे पास नहीं करूंगा लेकिन इतना बड़ा नाम बना दूंगा कि तू भी मुझे ही ढूंढ रहा होगा। यह एटीट्यूड ही तो है। अदरवाइज तो एंजाइटटी मुझे भी हो जानी चाहिए थी कि 50 लोगों के सामने गाली दे दी। ना क्या किया होगा तब ऐसा भी आपका एंजाइटी नहीं होगा। मैं वो जानना चाहता हूं। सबसे पहली चीज प्रैक्टिकल अप्रोच हम उसको अब आप समझो ए्जायटी का एक बहुत बड़ा रीजन ये है कि मुझे उसने ऐसा क्यों कहा या मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ या मेरे साथ ही
(27:48) उसने ऐसा क्यों किया वगैरह-वगैरह आप एक जानो कि क्या आप ही खुलते हो यह पहली बार इस दुनिया में आप ही के साथ घटित हुआ है सिंपल क्वेश्चन मार्क लगाओ जवाब मिल जाएगा कि ऐसा तो नहीं है यार यह भी पक्की बात है कि जो आपके साथ बीत रही है सेम या इससे भी ज्यादा किसी तीसरे के साथ बीती होगी उसने क्या किया? क्या आपकी तरह बैठा रहा, रोता रहा? नहीं ना? खुद को प्रूफ किया। फिर कोई मूवी बनी तो पता चला बाप रे इतनी परेशानी थी इसकी लाइफ में। एंड फिर वो मूवी हिट हो गई। एंड आप कुछ ऐसा कर रहे हो जो शायद बहुत इजी है निकल जाना। बट आप उसमें फंसे
(28:24) पड़े हो, फंसे पड़े, फंसे पड़े हो। और अब एक पॉइंट ऐसा आ गया कि अब आपको बताने में ही शायद प्राउड हो रहा है। तुझे पता है कल इनके अटैक आ गया था मुझे। मेरे तो हाथ पैर फूल गए थे। ये तो पेरेंट्स लेके भाग। इसमें तारीफ नहीं है भाई आपकी। ये गलत रास्ते पे हो आप। लोग बताते हैं जैसे हिसाब से। हां हां हां तेरे को पता है लास्ट टाइम मेरा जो लाइक ट्रीटमेंट चला है 40ज में। हां हां आई नो कि आप यह बता रहे हो कि आप पे कितना पैसा और आपने कहां लगा दिया। गलत रास्ते पे हुआ। सेम टाइम जितने लोग भी बन गए कुछ कर गए। अरुणिमा मसीह ने सैकड़ों बार उदाहरण दिया। पैर कट के एवरेज
(28:55) चढ़ गई। एक लड़की का पैर कट जाए जिसकी शादी ना हो वो इंसान तो एंजाइटी में एंजाइटी के टॉप पे बैठा होगा कि अभी तो करियर शुरू भी नहीं हुआ। अभी तो जवानी थी। अभी तो पता नहीं क्या ही करना था। अब तो क्या ही हो गया। मैं तो स्पोर्ट प्लेयर थी मेरे साथ। नहीं भाई उसने कहा यह हुआ है ना कुछ इतना बड़ा करके रखूंगी कि लोग मेरे बारे में बात करेंगे। जितने लोग आपको मिलेंगे सब ऐसे ही मिलेंगे। जिन लोगों ने फाइट किया खुद को प्रूफ किया। प्रूफ करने के लिए ग्स चाहिए। वो सबके बस की बात नहीं है। आप में है तो कर दो। प्रूफ नहीं तो रहने दो। देखो दो तरीके के लोग हैं। एक
(29:27) कैटेगरी आती है कि 0 टू 95% लोग और दूसरी कैटेगरी आती है 5% लोग। यह 95% सिर्फ ताली बजाने के लिए पैदा हुए। अब इसको कोई ले ले कि हम एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं है तो हमें ऐसे बोल रहा है क्या? नहीं, एक सेंस बता रहा हूं। 5% ऐसे लोग हैं जिन लोगों को कुछ फोड़ना है एंड बाद में सब लोग उसके पीछे चलेंगे। चाहे उसकी बुक पढ़े, चाहे उसकी मूवी देखें, चाहे उसके बारे में बात करें, चाहे उसके बारे में कोई केस स्टडी पढ़े। तो आप पहले कौन से वाले माइंडसेट क्या है? वो देखो। अगर मनमोहन योगी को लगता है कि फैमिली ने भी नकार दिया। मतलब आप विश्वास
(29:59) करोगे मेरे पे गुरुकुल में चोरी का नाम लगा हुआ है। अच्छा। ठीक है और गुरुकुल में मेरे को पेड़ में बांध के पीटा गया यह बता के कि एक नंबर का चोर है और जिस गुरु जी ने यह काम किया था 12 साल बाद उनसे ही मैंने अपने योगा सेंटर का जीवन कटवाया सेम टाइम मेरे पे आरोप लगा मैंने कभी यह सब नहीं बोला मेरे घर में आग लग गई थी अच्छा मेरा घर जल गया था पूरा उसमें मैंने सात लोगों को निकाला साफ वो सात लोगों को निकाला एंड उस समय भी यह हो गया था कि यह आग मैंने लगाई है अच्छा निकाला आपने और आरोप भी आप कर रहे हैं एंड जिस दिन मेरे को थाने जाना था
(30:35) पुलिस वाले के आगे बैठना था वह दिन था 21 जून का अभी का नहीं पहले का 21 जून का 21 जून सुबह मैंने योग दिवस कराया है और आप सभी को योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं मोटिवेशन के साथ में एंड इसके तुरंत बाद नाश्ता नहीं किया है इसके तुरंत बाद गया हूं चौकी में बैठने के लिए क्योंकि आपके खिलाफ कंप्लेन है क्योंकि उससे एक रात पहले वो घर पे आया था और मां को धमकी देकर गया था कि दोनों मां बेटी को उठा लूंगा मैं मुझे पता तो चला आप कौन सी बात पर यह कहोगे अरे सर यह हो गया इसलिए क्या नहीं इतना बुरा बुरा हो गया है जिसका जवाब ही नहीं है आप कह रहे
(31:10) हो ना कॉन्फिडेंस कैसे आ गया किसी ने एक ने लिखा था कि भाई ऐज का फर्क है अभी जब ऐज होगी ना तब सच पता चलेगा भाई जितना अभी शायद तुझे नहीं पता होगा ना उससे ज्यादा तो झेल चुका हूं लेकिन दोनों चीजों में एक चीज का बहुत बड़ा फर्क है एटीट्यूड का दैट्स इट जैसे उदाहरण के तौर पे बताता हूं अभी मैंने एक वीडियो डाली थी वायरल हुई थी वो कहानी के तौर पे बताता हूं एक आठ साल का बच्चा है और सिचुएशनल है पूरा। एक आठ साल का बच्चा है जिसकी फादर की डेथ हो गई है और मां उसको देख के बेहोश हो गई है। बच्चे को कुछ समझ में नहीं आ रहा। वो फोन
(31:41) करे वो पानी पिलाए वो क्या करें वो बौखला रहा है। पागल हो रहा है। वो रो रहा है। वो जैसे तैसे फोन करके बुलाता है। लोग आते हैं। इनको जाते हैं। अंतिम संस्कार दाह करते हैं। सब कुछ करते हैं। आते हैं वापस सारे फैमिली वाले रिश्तेदार सब चले जाते हैं। तो बच्चा अपनी मां को पकड़ के रोता है कि मां अब हमारा क्या होगा? अब तो पापा नहीं है। अब क्या? उसकी मां वैसे ही टूटी पड़ी है। कह रही है तू टेंशन मत ले बेटा मैं जिंदा हूं ना वो सांत्वना दे रही है अपने बेटे को सेम टाइम एक आठ साल का बच्चा जिसके फादर की डेथ हो गई है एंड उसकी मां
(32:08) बेहोश हो गई है वो भाग करके जाता है पानी लेकर के आता है मां के मुंह पे छींटे मारता है होश में आती है तो पानी पिलाता है टेंशन मत लो मां मैं हूं ना टेंशन वो रो रहा है लेकिन फिर भी वो उसको लाइक बंधा रहा है कि आप टेंशन मत लो मैं हूं ना फ़ करता है सबको सब आते हैं दा होता है शाम में सब चले जाते हैं वो जाता है मां को गले लगता है टेंशन नहीं लेना है मैं हूं ना सब संभाल मार लूंगा। परेशान नहीं होना है। एंड 10 साल, 12 साल, 15 साल, 20 साल बीतते हैं। एक नशेड़ी गजेड़ी जिसको पुलिस ने खूब पीटा है और थाने में बंद किया हुआ है। उससे पूछ रहे हैं तेरे को सातवीं बार
(32:41) लेकर के आया हूं। तू तू तू तू तू तू तू तू तू चाहता क्या है भाई? कभी तू किसी को ब्लेड मार देता है। कभी तू नशाबाजी करता है। कभी तू लड़की तू चाहता क्या है भाई? और क्यों कर रखा है यह सब? कहता है सर जी समझ नहीं पा रहे हो आप। जीवन में जितना दुख झेला है ना अपना पता नहीं होगा आपको। मेरा बाप मर गया जब मैं आठ साल का था। मेरी मां को देखा है। दुख में तो समझ नहीं आया। जीवन में करना क्या है? तो छीन के खाना सीख लिया मैंने लोगों से। सेम टाइम एक का इंटरव्यू हो रहा है। वह आईएस आईपीएस वो कोई बहुत बड़ा बिजनेसमैन बन गया है। सर आपने कैसे किया सर? दुनिया कोशिश करती है
(33:10) सर नहीं होता। आपने सर जब आठ साल का था ना फादर एक्सपायर हो गए थे सर। तब लगा था कि मां को इतना कुछ करके देना है ना कि मां को प्राउड फील हो। सिचुएशन तो सेम है। मैटर बस इसी का फर्क है। और कोई चीज नहीं है। तो कैसे करेंगे डेवलप? बाक वहीं आ जाएगी जहां से शुरुआत हुई थी। डेवलप करने के लिए अपने माइंड को हेल्दी करने के लिए या फिर मैं कहूं कि जैसे आप पुश अप्स लगाते हो चेस्ट को या बाईसेप्स को ट्राईसेप्स को बनाने के लिए ऐसे ही माइंड का पुश अप क्या होगा? तो वो होगा ब्राहरी प्राणायाम। ओके? वो होगा उदगीत प्राणायाम। वो होगा अनुलोमविलोम प्राणायाम। कहोगे सर सब समझ
(33:43) में आ गया। लेकिन ये डिसीजन वाला प्रॉब्लम है। ये यहां से शॉर्ट आउट होगा। डिसीजन तब ले पाओगे जब आप मेंटली अपनी जो नॉइस है रिड्यूस इसको कर लोगे। राइट राइट। एटलीस्ट इतना काम इस पे करने लायक बन जाओगे। तो और वो होगा इन तीन प्राणायाम से। ब्राहरी तो हमें मालूम है। ब्राहरी प्राणायाम आप जीते हो। अभी करके भी दिखा दो एक बार आपको। तीन उंगली आंख पे लगानी है। एक पोहेड पे अंगूठे से कान को बंद करना है। एंड जितने लोगों को भी भाई ऐसा कोई भी मेंटल इलनेस है। कोई भी इस तरीके की परेशानी है। मे बी हो सकता है कई लोगों के लिए सिर्फ यह वीडियो हो। बट कोई एक व्यक्ति भी जिसको
(34:16) एक्चुअली यह प्रॉब्लम है ईमानदारी से एक बार करके देखना और नहीं ज्यादा तो 21 दिन एटलीस्ट प्रैक्टिस करना कि तीन उंगलियां आंखों पे लगाया एक फोरहेड पे अंगूठे से कान को बंद दांत को यह पोजीशन बनाना है। अब कई लोग ना इसको अलग-अलग तरीके से करते हैं। कई लोग ऐसे भी करते हैं। ये दुष्य लेकिन ब्राहरी काउंट करते हैं। कई लोग करते हैं। शायद ये आसाराम बापू जी के भी शिविर में मैंने शायद एक आध वीडियो में देखा होगा। मे बी आई डोंट नो बचपन में देखा होगा गुरुकुल के टाइम पे और कई लोग लाभ भी बंद करते हैं बट मैंने कुछ चीजें स्वामी रामदेव जी से सीखी हैं और कुछ
(34:46) मैंने ऋषिकेश में फॉरेनर्स के साथ में सीखे बाकी मेरी 13 साल की जो मेहनत है वो तो मैंने स्वामी जी से जो सीखा मैं वही करता हूं मैं क्या करता हूं मुंह की पोजीशन कैसे होती है दांत ऐसे और जीभ अंदर लगी होती है ऊपर केजरी मुद्रा राइट हां केसरी मुद्रा यह पोजीशन बन गया अब तीन उंगलियां यहां रखी मैंने एक फोरहेड पे रखी अंगूठे से मैंने कान को बंद किया और भवरे की तरह गुंजन किया लंबा सांस लेके ओम बोलना है मुंह बंद करके कैसा [संगीत] ये तो बहुत अच्छा लगता है ये ब्राहरी मस्त
(35:31) कितनी देर करना चाहिए ये कम से कम तीन बार मैं जो मेरे स्टूडेंट्स को कराता हूं और बढ़ा करके 21 बार और जिसको ज्यादा प्रॉब्लम है सुबह दोपहर शाम तीन टाइम करो एंड सेम तरीके से ओम का उच्चारण भी कैसे आप मुद्रा बनाओ सीधे बैठो और जैसे आप जमीन पे बैठ सकते हो कोई आसन बिछा के या योगा मैट बिछा के कोई ज्यादा अच्छी बात है। ऐसा नहीं कि बेड पे सोए, बेड पे उठे, बेड पे ही फड़ लिया। हर एक चीज को अनुशासित करना पड़ेगा। तब बड़े बदलाव आते हैं। तो कैसा लंबा गहरा सांस लेना है। सांस लेके बाहर करना है। फिर लंबा सांस लेना है। लंबा ऊ का उच्चारण
(36:02) करना है। म का वाइब्रेशन इसमें लंबा होना चाहिए। [नाक से की जाने वाली आवाज़] [नाक से की जाने वाली आवाज़] इट्स कॉल्ड ओम चटिंग या फिर उदगीत प्राण उदगीत इसे बोलते हो हां अब जैसे कई लोगों को मैं सुनता हूं कि ओम नहीं होता है ओम होता है अ उ म हमने जो गुरुकुल में पढ़ा वो भी ऐसे ही पढ़ा वहां जो उच्चारण होता था अ ओम ये पढ़ा बट मैं किस किसी भी ऐसी चीज में भी फंसना चाहता हूं कि यहां यह सही है कि
(36:47) वह सही है। मैं सिर्फ वह बताने की कोशिश करता हूं जो मैंने 13 साल कराया है। जिससे लोगों को फायदा हुआ है। मतलब अगर मैं बुक की बात करूंगा मैं बड़े-बड़े संस्कृत की चीजें बोलना शुरू करूंगा। अब ऐसा नहीं कि मैं विद्वान हूं। बट वो सर के ऊपर से जाएगा। आपको लगेगा योगी सर को नॉलेज है। क्या फायदा है? जैसे मैंने एक वीडियो बनाया था। वह वीडियो भी बहुत अच्छा गया था कि परेशा उपकार परोपकार अस्ति अन्य हितकरण निर्धन ऐसा नाम सहायता एत सर्वम परोपकार एव संसारे परोपकार एव सहगुण अस्ति ये मनुष्य सुखस प्रतिष्ठा अस्ति समाज सेवा या भावना देश प्रेम भावना देश भक्ति भावना
(37:20) दीनोदारस भावना पर दुखेष सन अब मैंने कहा समझ में आया क्या कुछ कहना क्या चाहते हो हां तो मैंने कहा नहीं आया ना समझ में इसीलिए मेरे को कितना ज्ञान है वो गया तेल लेने मुद्दा क्या है जिससे आप ठीक हो सकते हो मुद्दे की बात करो इसीलिए इतनी सारी बातें करने की जरूरत नहीं है कि तीन अक्षर से मिलकर के बना है। पहला अक्षर यह है, दूसरा यह है, तीसरा यह इसके वाइब्रेशन से हार्मोनस बैलेंस होते हैं। सेल्स एक्टिवेट हो। ब्राहरी प्राणायाम, ओम का उच्चारण इजी वे में मैंने करके दिखा दिया। कर लोगे फायदा डेफिनेटली बड़े चेंजेस आपको खुद पता
(37:49) चल जाएंगे। मुझे बताने की वजह नहीं है। साइंस बोलती है इस बात पे। तो राइट। ब्राहरी के ऊपर तो कितनी बात हो चुकी है। ओम पे बहुत और आप मेडिटेशन करो आधे घंटे या एक बार ब्राहरी करो। वह कोऑर्डिनेट करोगे तो पता चल जाएगा कहां पे जाके सेट बाय बाय क्लियर हो जाएगा। आपने मैंने बोला धामरी फिर उदगीत और तीसरा आपने एक और अनुलोम विलोम इसको सीक्वेंस में जब करोगे और सिर्फ तीन प्राणायाम ही करोगे क्योंकि फिर मैं आसन भी बता दूंगा। सिर्फ तीन प्राणायाम भी करोगे तो शुरुआत में ओम का उच्चारण करो। ओके शुरुआत कम से कम तीन बार बढ़ा के 11 बार बढ़ा
(38:18) करके 21 बार। ठीक है? और उसके बाद में आप लाइक अनुलोविलोम करो। अनुलोम-विलोम 5 मिनट से लेकर 10 मिनट तक इनिशियली धीरे-धीरे बढ़ा के आधा घंटा और ऐसा हो सकता है तो सुबह दोपहर शाम जितनी बड़ी परेशानी है उतनी ज्यादा मेहनत और ईमानदारी लगानी पड़ेगी। जैसे कोई बीमारी होती है तो एमजी डोज हमारी बढ़ा दी जाती है। मेडिकल साइंस में ऐसे योगिक साइंस में थोड़ी सी डोज बढ़ा दी गई होती है। अच्छा मतलब सिंपल 10 मिनट तो मिनिमम नारी शोधन प्राणायाम होना चाहिए। उसको तीन टाइम कर सकते हैं। अगर समस्या ज्यादा बड़ी है आपको लगता है आधे-आधे घंटे सुबह सुबह शाम कर सकते हैं।
(38:47) उसका कोई नुकसान नहीं है। तो अनुलोमविलोम क्या किया? पंच बनाया लास्ट की और ये राइट हैंड से ही करते हैं। ठीक है? अगर किसी का राइट है ही नहीं तो वो लेफ्ट से कर लेना भाई। ऐसा मैं इसलिए ये सब बोल देता हूं कि कंफ्यूजन क्रिएट ना हो जाए कि क्यों राइट से करना है। जिसका राइट ना हो वो क्या करें? तो वो लेफ्ट से करें। इट्स ओके। नहीं तो अगर राइट है तो राइट से ही हो। इसके पीछे पूरा साइंस है। बट वो फिर ये टॉपिक से बाहर हो जाएंगे। पंच बनाया लास्ट की दो उंगलियों को खोला। बस अब ये मिले खुले से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि जब मैंने बताया ना लोगों को सर
(39:16) हमारी तो मिल ही नहीं रही। और आपकी तो फ्लेक्सिबल है। इसमें फ्लैक्सिबिलिटी की जरूरत नहीं है। आराम से हो जाता है। तो राइट थंब से राइट नस्ट्रिल बंद किया। लेफ्ट से लंबा सांस लिया। लेफ्ट को बंद करके राइट से एक्सेल। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब जैसे एक्सेल किया यानी कि राइट से इसी से इन्हेल। राइट को बंद करके लेफ्ट से एक्सेल। इसे कहते हैं सिंपली अनुलोम विलोम प्राणायाम। अब [नाक से की जाने वाली आवाज़] इसके वेरिएशंस तीन चार हिस्सों में बांटा जा सकता है। शुरुआत में जब आपको कुछ नहीं पता तो एक सांस से एक नाक से सांस लो दूसरे से
(39:56) छोड़ो दूसरे से लो पहले से छोड़ो। सिंपल जब आपको लगता है कि हां ये मेरे को समझ में आ गया और मैं लगातार 5 7 10 मिनट कर पा रहा हूं या कर पा रहे हो। तो इसके बाद थोड़ा सा और मॉडिफाई करो। कैसे? 5 सेकंड में सांस लो और 5 सेकंड में छोड़ो। फिर 5 सेकंड में लो। सेकंड में छोड़ो पांचप सेकंड में फिर लगता है और अच्छा क्या हो सकता है सर इतना तो पहुंच गया हूं मैं और पहले से बहुत बेटर फील हो रहा है तो 5 सेकंड में लो 5 सेकंड रोको 5 सेकंड में छोड़ो फिर 5 सेकंड में लो पांच सेकंड रोको 5 सेकंड में छोड़ो ओके तो अगर आप देखोगे सांस की गति अब और
(40:26) कंट्रोल भी हो रही है और लंबी भी हो रही है तो प्राणायाम की जो डेफिनेशन है तस्मिन सती स्वास पर स्वास योगार्थी विच्छेद प्राणायाम सांस की गति को लंबा करना विस्तृत रूप देना सांस पे कंट्रोल करना सांसों के प्रति जागरूक होना तो यहां पे यह सिद्ध हो जाता है एंड जब पांचप पांच पांच इन्हेल होल्ड एक्सेल के साथ कर सकते हो तो अब और क्या हो सकता है सर तो 10 सेकंड का इन्हेल 10 सेकंड का होल्ड 10 सेकंड का एक्सेल फिर 10 सेकंड का इन्हेल 10 सेकंड का होल्ड 10 सेकंड का एक्सेल अब इसको थोड़ा सा डिकोड करते हैं जब आपने अनुलोविलोम शुरू किया तो आपने सांस लिया
(40:55) छोड़ा सांस लिया छोड़ा जितना लंबा भर सकते थे आपने भरा फिर आपने क्या किया इन्हेल 5 सेकंड एक्सेल 5 सेकंड इन्हेल 5 सेकंड एक्सेल 5 सेकंड तो टोटल हो गया 20 सेकंड का एक सेकंड ठीक है एक बार पूरा हो गया यानी कि 1 मिनट में कितना हुआ तीन फिर आपने किया 5 सेकंड इन्हेल पांच सेकंड होल्ड 5 सेकंड एक्सेल 5 सेकंड इन्हेल 5 सेकंड होल्ड 5 सेकंड एक्सेल टोटल हुआ 30 सेकंड का एक राउंड 1 मिनट में कितना हुआ दो दो फिर आपने किया 10 सेकंड इन्हेल होल्ड 10 सेकंड एक्सेल तो ये हो गया 30 में वापस किया इन्हेल फोल्ड एक्सेल इन्हेल फोल्ड एक्सेल 60 सेकंड एक पहले आप मनचाहा कर रहे हो फिर
(41:32) धीरे-धीरे आपने सांस को लंबा किया फिर धीरे-धीरे आपने तीन पे ही फिर आपने दो पे आए फिर आप एक पे आए फिर सांस इतना लंबा हुआ कि आयु लंबी होना निश्चित है। रीज़ कि जब आप सांस खूब लंबा 11 भरते हो तो ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई अच्छा होता है। एंड जब आप वेंटिलेटर पे होते हो तो आ करके डॉक्टर यही कहता है कि मैम एक्चुअली क्या है दवाई की डोज़ भी ओवर कर दिया हमने। आप समझिए एक्चुअली क्या है आपके पेशेंट का ब्रेन ना डेड की तरफ जा रहा है और मे बी हो सकता है मल्टीपल ऑर्गन्स फेलियर का प्रॉब्लम हो तो शायद उसमें हम कुछ कर नहीं पाएंगे। मे बी अगर
(42:04) आपका पेशेंट कोशिश करे तो जब आपको पता है कि ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई कम होने से ब्रेन डेड हो जाता है तो ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ने से वो सब एक्टिव क्यों नहीं होगा? लंग्स, लिवर, किडनी, हार्ट मजबूत क्यों नहीं होगा? सेल्स एक्टिवेट क्यों नहीं होंगे? पॉजिटिविटी आएगी क्यों नहीं? माइंडसेट बनेगा क्यों नहीं? एंड इस परेशानी से निकलने के लिए छोटी सी चीज चाहिए। उससे तो कई गुना ज्यादा आप इकट्ठा कर चुके हो। तब जाकर के आप कहते हो कि फाइनली सांसों को सही डायरेक्शन दे के मैंने लाइफ में कुछ ऐसा अचीव किया है जो शायद मैं कभी भी मेडिसिन के दम पर तो नहीं
(42:32) कर पा रहा। चलो सर अच्छा आपने कभी नोट किया है लोग इन्हेल पर भी बहुत ध्यान देते हैं जैसे आप भी बात कर रहे हैं एग्ेल का भी इतनाेंस है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड अगर प्रॉपर्ली बाहर नहीं निकल रही है तो मैं चाहूंगा एक बार थोड़ा ऑडियंस को भी बताएं क्योंकि इन्हेल ले लिया अब वो उतनी बाहर एक्सेल ही नहीं करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को एकदम लाइटली लेते हैं यार ठीक है एक्सेल हो गया जितना हो गया या फिर एकदम ये वाला और कई तो ये भी गलत आपको ये भी मिलेंगे यहां पे फिर पता है मैंने ऐसा पूछने की कोशिश कोशिश की। मैंने कहा ये क्या कर रहे हो? क्योंकि सांस लंबा
(43:05) भरना लंबी आई हो तो या तो हमने अपने गुरुओं से सीखा भी पढ़ा भी। बट ये क्या है? तो बोला ये कार्डियो फॉर्म है। कार्डियो फॉर्म है। मैंने कहा कार्डियो में वैसे तुम्हें चक्कर आता है। योग में भी प्राणायाम में तुमने कार्डियो दिया है। तो ये सही नहीं है। आपको समझना पड़ेगा। प्राणायाम का मतलब ही है प्राण आयाम। सांसों का विस्तार। चाहे वो लेने में हो, चाहे वो छोड़ने में हो वो आपके कंट्रोल से चलना चाहिए। इसीलिए वो 10 15 मिनट की ही प्रैक्टिस है। अदरवाइज बोला जाता है 24 घंटे यही करो। तब आप क्या कर दें? एंड जितने लोग भी कहते हैं ना सर टाइम नहीं है ना सर टाइम नहीं
(43:35) है। सब समझ में आ गया, मोटिवेशन भी मिल गया। पर बट टाइम नहीं है सर। टाइम चीज क्या है? फैमिली को पालने का, बच्चे को पालने का, गारंटी इसकी है जो आपको पालेंगे आपके टाइम पे। तो इसलिए इसको टाइम दे दो क्योंकि यह सब कुछ संभाल सकता है। एंड जिसको यह लगता है फिर भी कि टाइम नहीं है तो एक बात बताओ कि क्या बाल हम बड़े कर रहे हैं? आंखें पलकें हम झपका रहे हैं। यह गर्दन भी आप नहीं हिला रहे। सर यह उंगलियां भी हम नहीं हिला रहे। कोई तो पावर है जो यह काम कर रही है। जिस भी संस्कृति जिस भी धर्म को मानते हो वो कर रहा है। अगर उसने आज ही यह अनाउंस
(44:07) किया जैसे मोदी जी ने किया था नोट बंद। अच्छा आज ये बोल दे कि भाई साहब हार्ट बीट कल से खुद चलानी है। हां बॉडी में हलचल खुद से करनी है। अगर वो कह दे पलकें दिन में इतनी बार झपकानी ही है। तब मैं फोन करूं ना विकास सर पडकास्ट करे क्या? अरे सर पलकें नहीं झपकाई है सर। 300 बची हुई है सर। अभी वो भी पूरी करनी है सर। आप समझ रहे हो? तब तो सेंस बनता है कि टाइम नहीं है। अभी कैसे टाइम नहीं है आपके पास? एंड सेम टाइम जैसे ही ये इंसान अचानक से किसी बड़ी बीमारी में फंसता है ना जब टाइम पहले दिन ये वॉक पे निकलता है। पूरी दुनिया सो रही है। ये वॉक कर रहा है।
(44:40) पूछो सर जी आज कैसे? अरे क्या बताऊं यार वो टेस्ट करवाया था। कल रिपोर्ट खराब आ गई। थोड़े टेंशन हो गए। रात भर नींद नहीं आई तो सोचा वॉक-वॉक करूं थोड़ा योगा करूं, जिम करूं थोड़ा ठीक कर। अच्छा अब कैसे? अरे सर क्या बताएं? अरे मरता क्या नहीं करता वाला सीन है ना? तो यह मेंटल ब्लॉक है। यह टाइम का भी प्रॉब्लम नहीं है। सो आपको उतना प्रिपेयर होना पड़ेगा कि मुझे इसको जिंदा रखना और इसको बचाना। अब एक कमेंट आया था कि भाई अगर इतना ही करने से जिंदा रहेगा इंसान तो मरेगा कैसे? तो टीम ने रिप्लाई किया डोंट वरी तू मरेगा। [हंसी] तो टेंशन मत ले भाई। मतलब हर चीज
(45:14) में कुछ ना कुछ तो है। यह बिल्कुल ऐसा है। मेरा कहने का मतलब ऐसा है कि आपके पास एनर्जी है। आप मेरे को एक पंच करोगे ना मैं गिर जाऊंगा। लेकिन अभी आपने क्या कर रखा है कि लाइक आप एक पंच नहीं कर रहे हो। मेरे को दोनों पंच एक साथ कर रहे हो। ऊपर से एक किक भी कर रहे हो और अभी एक नहीं दोनों ही किक कर रहे हो। तो जब चारों चीज एक साथ मारोगे तो जिसको लगेगी मैं नहीं गिरूंगा। तो अभी क्या कर रखा है पता है? ये जिसको भी स्ट्रेस है, एंजाइटटी है, डिप्रेशन है, ओसीडी है या जिसको भी ऑफिस से आने पे इरिटेशन होती है, थर जल्दी जाते हैं। वर्किंग आवर्स में भी उनको वीकनेस फील
(45:46) होती है। इन सबका प्रॉब्लम सबसे बड़ा प्रॉब्लम क्या है? कि इन्होंने अपनी एनर्जी को बांट रखा है। जैसे थोड़ा सा टाइम यहां पर देंगे। यह भी बेस्ट नहीं करेंगे क्योंकि यहां थोड़ा सा ही टाइम देंगे। घर में जाएंगे तो थोड़ा सा टाइम देंगे। ऑफिस में जाएंगे तो थोड़ा सा टाइम देंगे। मेरा तो एक ही माइंडसेट है और हमेशा शायद मरते दम तक रहे तो इससे अच्छा अचीव मैं कुछ और कर भी नहीं सकता कि जब जहां हूं पूरी तरह वहां का हो के रह जाऊं। पंच करूंगा ना तो बस एक पंच करूंगा। बात खत्म। किक करूंगा तो सिर्फ एक किक करूंगा। एनर्जी को ऐसे डायवर्ट नहीं करूंगा। तो आप
(46:17) अगर मेरे को देखोगे बच्चों के साथ में बच्चा बना रहता हूं। समझ रहे हो? शादी पार्टी में मैं डांस तो आपको लगेगा सर आप तो अलग ही पागल हो रखे थे। पी भी ली बिना पिए ये हालत है कि नाच रहे हैं तो बस नाच ही रहे हैं। जिसमें उसको पूरा एंजॉय करो। पूरा एंजॉय करो। वो प्रॉब्लम क्या है? मैं आपको कह रहा हूं कि सर जी चले क्या आज उधर पे एक्चुअली पार्टी है बच्चे की। तो ऑफिस में आज पूरे दिन मैंने अच्छे से काम नहीं किया क्योंकि आज घर पे पार्टी है। अब घर पहुंच गए हो। आपको मैंने इनवाइट कर लिया। दो चार दोस्त और आ गए। अब आप कह रहे हो चलो ना खाते पीते मौज करते हैं। चल
(46:45) डांस करते हैं। तो मैं सेम टाइम कह रहा हूं सर सो जाते हैं सर। सुबह ऑफिस भी तो है। मतलब मैं कहीं कहीं नहीं हूं। ना इधर का ना उधर का। एंड कोई एक व्यक्ति है जिसने ऑफिस में फोड़ दिया है। उसका प्रमोशन हो रहा है। वो मौज कर रहा है। उसके दोस्त स्टेटस लगा रहे हैं। एंड वो आपके पार्टी में आपकी पार्टी में आकर के वो आपसे भी ज्यादा मजे लेकर के चले जा रहा है। ये समझना पड़ेगा आपको। तभी कहावत हुआ था एक सदैव सब सदैव। तब तब जाकर के ये सफल होता है। ये सब तुक्का नहीं है। हमारा फिर भी जहां से शुरू हुआ है एक्सेल अब आप प्रॉपर्ली करके
(47:16) दिखाओ ऑडियंस को समझ में एक्सेल कैसे होता है क्योंकि जब वो अचानक करते हैं ना तो मैं चाहूंगा एक बार आप एक्सेल प्रॉपर मैं दिखा देता हूं लेकिन फिर मैं एक चीज बता दूंगा चाहे इन्हेल होल्ड हो या एक्सेल हो ये प्रैक्टिस का पार्ट है परफेक्शन तभी आएगा जैसे अगर मैं इन्हेल भी करूंगा ना आप काउंट करोगे तो 10 सेकंड से ज्यादा का मेरा इन्हेल होता है आप टाइमर लगा के देख सकते हो एंड सेम टाइम एक्सेल भी मेरा 10 सेकंड है क्योंकि आपने प्रैक्टिस कर प्रैक्टिस कर रखी है उसके पीछे भी रीज़न है। कई लोग कहते हैं पेट में भरना है या छाती में भरना है
(47:41) या गले में भरना है। तो इसके पीछे भी एक रीजन है जैसे मैं उदाहरण के तौर पर बताता हूं। फिर ब्रीफ करके खत्म करूंगा कि एक पानी की बोतल मैंने ली और एक छोटा सा गिलास लिया। 1 लीटर की पानी की बोतल है। मैं कह रहा हूं ये पूरी बोतल खाली होनी चाहिए। अब क्या करोगे? पानी डालूंगा गिलास से डालोगे? हां। पीना नहीं है। अच्छा। बस इस बोतल को खाली करना है। लिया आपने डाला। अभी भी इस बोतल में बच गया क्योंकि गिलास छोटा है। तो आप और डालने की कोशिश कर रहे हो तो क्या होगा? गिरेगा। पानी गिर जाएगा। एंड सेम टाइम जब आप सांस भरते हो तो सांस खत्म। लेकिन जब आप सिर्फ
(48:12) इसमें नहीं भरते हो, स्टमक को भी इनवॉल्व करते हो, इसको भी इनवॉल्व करते हो, इसको भी इनवॉल्व करते हो तब जाकर के सांस 10 सेकंड पे पहुंचता है। करके दिखाओ। मैं दिखाता हूं। एक बार टाइमर चेक कीजिए। आप पता चलेगा आपको। मैं टाइमर से एक बार डाल लेता हूं। मैंने लगा लिया इसे। लगा लिया। वन जस्ट स्टॉप पुश कर लिया मैंने। डन है। वन टू एंड थ्री। 14 सेकंड 14 सेकंड से ऊपर है तो 10 सेकंड भी मान के चल इतना ही नहीं
(48:57) कैसे हुआ अगर किसी एक नॉर्मल व्यक्ति को बोलोगे ना आप तो वो कैसे करेगा दिखाता हूं कर लो मैं स्टार्ट करता हूं रुक जस्ट वन टू थ्री स्टार्ट दो सेकंड एंड आप जितने लोग भी वीडियो देख रहे हो ना एक बार ट्राई करके देखना साथ-साथ ट्राई करना हां एक बार ट्राई करके देखना खुद ही पता चलेगा एंड जो वो प्राणायाम की डेफिनेशन है प्राण आयाम सांसों का विस्तार विस्तार करना तो विस्तारों का प्रैक्टिस से प्रैक्टिस से परफेक्शन आएगा सांस लेने का एक तरीका है वो तरीका क्या है नल है ना पूरा बंद किया आपने और मैं उसको कहता हूं कि सर उसको खोल दो आपने पूरा खोल गया तो मेरे पैर गीले हो
(49:36) जाएंगे। मेरी सॉक्स गीली हो जाएगी। मेरी पेंट ही गीली हो जाएगी। ठीक है? क्योंकि उसकी बौछार आएगी ना बहुत ज्यादा। मैं कहूंगा नहीं सर इतना नहीं इसको कम करो सर। बिल्कुल कम करो। तो आप इतना कम कर दोगे कि बूंद टपटप गिरेगी टपट। मैं कहूंगा सर ये भी नहीं चाहिए सर। बूंद से थोड़ा सा ज्यादा तो एक पेनी सी लाइन आती है ना। हां आती है। बस तो सांस को ना ये नहीं करना। ये नहीं करना या फिर [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये नहीं करना है। एक पेनी सी लाइन वाला एक स्मूथ वे में ले जाके एंड इसको ले जाने का भी तरीका क्या है? यह तो मैं साउंड इसलिए करके दिखा रहा हूं कि
(50:15) लोग समझ पाए। अदरवाइज तो साउंडलेस ब्रीथिंग से अच्छा कुछ है ही नहीं। बिना आवाज के लंबा सांस लेने से अच्छा कुछ है ही नहीं। बट मैंने क्या किया? थोड़ा सा मैंने इसमें भरा। जैसे मैं करके दिखाऊंगा ना एक बार देखना। देखना अभी फूल रहा है। छाती भी फूल रही है। तब जाके सांस आया। एंड सेम टाइम जब आप एक्सेल करते हो प्रैक्टिस का पार्ट है क्या कि लाइक आपने जब इन्हेल किया और स्पेशली जब होल्ड किया जैसे ही खोलोगे ना सब उससे निकलेगा। बाहर ऐसे ही होता है। एंड उसमें अगर कंट्रोल कर पा रहे हो लाइक कैसे एक बार देखना। ये ये कंट्रोल है और ये कंट्रोल आएगा
(51:17) प्रैक्टिस से। अब डे वन अगर आप ग्राउंड में उतरे हो अभी ग्राउंड का साइज क्या है? प्लेयर कितने होते हैं? क्रिकेट खेलना है, बैट कैसे पकड़ना है? ये पता नहीं सूर्यवंशी बनना है। कथित तो नहीं हो सकता। उस लड़के ने 5 साल छ साल की उम्र से खूब मेहनत की है। प्रैक्टिस की है। तब जाकर ये हो रहा है। तो आप एटलीस्ट एक महीना इस पे काम करो। एक्चुअली में बहुत सारे वीडियोस बनते हैं लेकिन कभी भी यह समझ में नहीं आता करना कैसे है तो आज यह सही तरीका हम सब ने सीखा है तो आप अभी साथ-साथ कमेंट करना अच्छा कभी आपने इसको डिकोड किया है कि कौन इन्हेल जैसे दो तरह के लोग हैं
(51:45) इन्हेल बहुत जल्दी [नाक से की जाने वाली आवाज़] कर लेंगे एक्सेल लंबा करेंगे और कुछ होगा इन्हेल छोटा होता है एक्सेल लंबा हां तो एक उल्टा भी होता है और ये भी होता है किसी का कि एक नस्ट्रिल से सांस बहुत ज्यादा आता है एक से बहुत कम आता है और एक से छूट जल्दी जाता है आता बहुत है तो ये होता है ये होता है कभी हमें मूड के किस मतलब इनके पीछे पीछे का क्या रीज़न होगा? नहीं कोई ऐसा मेरे को ऐसा रीज़न नहीं लगता। मे बी आपका तरीका, आपका तरीका, आपका तरीका, बॉडी टाइप, माइंडसेट समझने का उन सब में फेरबदल हो सकता है। लेकिन एंड गोल सबका एक ही है कि प्रैक्टिस करोगे तो
(52:16) परफेक्शन आ जाएगा और वहां जाकर के लगभग सब सेम हो जाते हैं। वो सेम पिच पे होते हैं तो वो सब अचीव भी कर पाते हैं। अभी तक मुझे पूरे पॉडकास्ट में एक चीज़ बहुत क्लियर होगी। एक तो मेंटल एटीट्यूड बहुत मायने रखता है। उसको लाने के लिए आपके अंदर कॉन्फिडेंस कहां से आएगा? आप इतना मेंटली स्ट्रांग कैसे बनेंगे? बातों से तो नहीं सुकता। अगर सभी बन जाते YouTube का ऐसा मोटिवेशनल वीडियो देख के तो सारे ही आज करोड़पति होते। सारे इतने मेंटली स्ट्रांग होते हैं। तो उसके लिए तीन चीजें लगेंगी। एक एक लगेगा आपका ओमोसेंट उसके बाद लगेगा आपका ये ब्रामरी।
(52:45) उसके बाद आपका अनुलोम विलोम लगेगा और उसके बाद ब्रामरी तो ये तीन चीज़ ऐसी होगी जो हर व्यक्ति को करनी चाहिए। कोई ऐज का लेना देना नहीं है। इसका कोई एज का लेना देना नहीं। अगर बच्चे करते हैं बच्चे का फोकस इंप्रूव होगा। अगर बूढ़े लोग करते हैं और जिनका बॉडी बहुत शिविर करता है सोचने समझने की शक्ति चली जाती है। शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस वाला प्रॉब्लम है या फिर बड़बड़ाते रह जाते हैं। समझ नहीं आता बुढ़ापा है। इस वजह से वह भी करेंगे फायदा उनको भी होगा। एंड सेम टाइम आपके मेरे ऐज के लोग जिनको वर्किंग प्रोफेशनल है और लोड बहुत ज्यादा है। इसकी
(53:12) वजह से स्ट्रेस रहने लग गया है। या फिर कहीं से लोन वोन ले रखा है। किसी का पैसा देना है। कहीं झूठ बोल दिया वो झूठ पकड़ा ना जाए टाइप ऐसा कुछ है उनको भी हेल्प करेगा। इसका मतलब नहीं आप झूठ बोल के सब बराबरी [नाक से की जाने वाली आवाज़] करोगे। ऐसा नहीं होता है। समझदारी है इसमें कि भाई यह करूंगा मैं तो एटलीस्ट इतना तो कंट्रोल कर पाऊंगा कि मेरा सही क्या है और गलत क्या है। मैं सोच पाऊं एटलीस्ट सही सोच पाएंगे। मतलब आपका लॉजिकल ब्रेन और जो क्रिएटिव ब्रेन है जहां से आप बातें बनाते हो, जहां से आप कहानियां बनाते हो दोनों बैलेंस हो जाएंगे।
(53:39) और दोनों पे इतना काम हो जाएगा कि समतपम योग हो सके। सम बैलेंस इस लेवल का कि कब क्या चलना चाहिए और कब किस पे काम करना चाहिए वो आपको टेंशन नहीं लेना। वो सब संभाल ले बस। जो महिलाएं यह पडकास्ट देख रही हैं और आप अभी जो इस समय पर जो डाटा है वह होता है कि महिलाओं में थायराइड की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा बढ़ती जा रही है। दो प्रॉब्लम है। एक पीसीओडी की बढ़ती जा रही है जो कि बहुत यंग गर्ल्स को हो रही है। उसके बाद जो दूसरा प्रॉब्लम सबसे बड़ा जो हो रहा है वो है थायराइड का। उसके लिए क्या करें? थायराइड के लिए अच्छा है कि आप धनुरासन
(54:08) करो। अच्छा है कि आप उष्टासन यानी कि कैमल पोज़ करो। अच्छा है कि आप भुजंगासन करो। साथ में आप कपालभाति करो। अनुलोमविलोम करो और हमिंग साउंड में ब्राह्मली कर सकते हो या ऑन चेंजिंग कर सकते हो। ओवरऑल थायराइड पे काम हो जाता है। मेरे पास एक केस आया था टीएसएस का 143 ओके और उनकी आवाज चली गई थी। गला बहुत भारी हो गया था। खाने का एक निवाला तक उतरता नहीं था। बच्चा ऐसे करता था तो निवाला उतरता था। वो आ गया था 2.
(54:34) 9 2.9 143 था टीएसएस.9 पे 143 से 2.9 और वो आ गया था विद इन से डेज। 7 दिन में बट क्या है कि अभी YouTube की पॉलिसी है। यह बैंड बजा देता है। यह सीधा वीडियो उड़ा देता है। तो मैं ऐसी कोई कमिटमेंट नहीं करूंगा क्योंकि मेरा ना एक चैनल है जय राम योगा जिसमें मैं वेट लॉस डालता हूं। और वेट लॉस के रिजल्ट्स आपने भी देखे होंगे। कमेंट सेक्शन में भरे पड़े हैं। फिर किसी ने बोला सर वेट लॉस वेट लॉस ये हेल्थ इश्यूज वाले कहां जाएंगे? तो एक चैनल बनाया स्वास्थ्य जीवन भाई जरा भी होगा। उसप हमने पीसीओडी डाला, थायराइड डाला, ने पेन डाला, बैक पेन डाला। भाई मनमोहनी
(55:06) योग्य कोई भी सर्च करेगा ले रहा। उस पे भी कमेंट्स पढ़ोगे सर। थैंक यू सो मच। में इतने सालों से चल नहीं पाई। अब लोग लिखेंगे एंड फिर किसी ने फिर भी बोला कि अरे सामने लेकर के आओ। ये तो कमेंट तो कोई भी डलवा सकता है। तो हमने एक चैनल बनाया स्वस्थ जीवन यात्रा भाई मनमोहन की। उस पे मैं उन लोगों को लेके आया जिनकी लाइफ चेंज हो गई है। किसी को ब्रेस्ट में गांठ थी आलू के साइज की। डॉक्टर ने कहा था ऑपरेशन करना पड़ेगा। यह कैंसर हो सकता है। चने से भी छोटी हो चुकी है। किसी को यहां पे गांठ थी बहुत मोटी। एंड इंसान जब गुड लुकिंग है तो उसको लगता है नहीं कटपिट
(55:36) नहीं करा सकता। एटलीस्ट उसका बिल्कुल खत्म हो गया। किसी को डॉक्टर ने बोला ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई प्रॉपर नहीं हो रहा। उनको हमने वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन ऐसी कई सारी एक कहानी है 30 साल पुराना चश्मा उतर गया। एक कहानी है लड़की कह रही है कि डॉक्टर ने कहा था कि मैं ब्लाइंड हो जाऊंगी। मेरे रेटिना में वो डने में देखा था। है ना? वो ठीक हो गई। अब मैंने ये सारे रिजल्ट्स भी डाले। बट YouTube का एल्गोरिदम या YouTube का एआई जो आइडेंटिफाई कर रहा है वो क्या करता है? आप प्रॉमिस मत करो। आप डेज मत बताओ। आप ऐसे करके मत बताओ। अगर आप
(56:04) ऐसा कुछ भी करोगे तो वीडियो उड़ा देंगे। स्ट्राइक के बाद भी नहीं मानोगे तो चैनल उड़ा देंगे। भाई यह वाला कंटेंट थोड़ा सा लीक कर देना। तो मतलब कर दो कर दो। मतलब मैंने फिर भी बता दिया है। भले ही लिख करके दिखा दो या जो भी करो या रैंडमली ऐसी बात कर रहे हैं क्योंकि हम प्रॉमिस नहीं कर रहे। हम सिर्फ डिस्कस कर रहे हैं। तो ये शायद मे बी नहीं रहेगा। बट वो ऐसा कर रहा है। अब बोल दोगे ना इतने दिन में ये करोगे देख लेना रिजल्ट। कह रहा है आप वादा मत करो। ये उसकी अपनी पॉलिसी है। अब हो सकता है कि 100 में से 99 लोगों ने झूठ बोल के पैसा
(56:31) छापा है। हम अरे एक तो सही बोला उसको आइडेंटिफाई कर लो यार। मेरा यह स्टंग नहीं मेरी 8आ 99 मिलियन वाली लॉन्ग वीडियो उड़ा चुके हैं ये लोग वीडियो डाली है 8 मिलियन एंड ऐसी वीडियो जिस पे लाखों कमेंट्स है ये बोल के कि थैंक यू सो मच लाइफ चेंज हो गई वापस नहीं आया वीडियो वो नहीं आएगा भी नहीं वो मेन चैनल से हां अब इनकी स्थिति तो ये है कि मेरी वाइफ और मैं यह मान चुके हैं कि कभी भी अगले माइक्रो सेकंड हमारे मल्टीपल जो भी चैनल्स हैं माइक्रो सेकंड लाइक रात में सोया सुबह उठा तो शायद हो सकता है सारे चैनल चैनल भी उड़ा दे। अब हमने क्या किया? हमारी जो
(57:07) मेहनत थी जिससे रिजल्ट आता है। यह फ्री फॉर ऑल हमने अपलोड किया हुआ था। मैं पहले पडकास्ट में जाता था। यह वीडियो देख लो। जाओ ये वीडियोस उड़ा दिए इन्होंने। अब हम क्या कर रहे हैं? हमारे ऐप पे ऐसी वीडियोस डाल दे रहे हैं क्योंकि हमने आज से आई थिंक 4 महीने पहले से वीडियोस को डाउनलोड करना शुरू कर दिया था। अच्छा रैंडमली। मैंने कहा ना डाउनलोड करो या अगर TikTok बैन हो सकता है तो हो तो कुछ भी सकता है। मैं ना एक बहुत बड़े कोच हैं। उनके साथ था। पिछले 8 9 सालों से वो कोचिंग के अंदर हैं। बहुत कंटेंट है। मेरे को उस दिन ना हार्ड डिस्क ले आई थी। तो मैंने कहा हार्ड
(57:44) डिस्क लेनी है। मैं सोचा 8 टीb की ले पा कम से कम 100 टीb की ले। कहने का मतलब के भाई साहब मेरे पास इतनी हार्ड डिस्क है। एक भी कंटेंट मैंने सारा YouTube पे नहीं रखा। सब मेरे पास कंटेंट पड़ा है। मैं कहा क्यों? कल को YouTube बंद हो जाके। और सर यही कहो ना हमारे साथ मेहनत की डाला रिजल्ट आया तुम एआई को अगर कुछ कोड्स दे रहे हो जिससे वह आइडेंटिफाई करें तो ठीक है भैया तुमने तो अपना काम कर लिया बट एक बार रिचेक कर लेना था रिजल्ट एक इंसान हर वीडियो पे तो नहीं खरीद सकता ना हजारों में रिजल्ट्स तभी तो आइडेंटिफाई करोगे ना अच्छा तब ये बात बताओ एंजाइटटी हुई फिर
(58:22) क्योंकि लोगों के लिए लोगों के लिए इंपॉर्टेंट है एक ये एक्चुअली क्या है ना ये वही बात है प्रैक्टिकल अप्रोच हां मैं सर एक चीज जानता हूं मैंने ना यह यहां पे संदीप माहेश्वरी जी का नाम लिखवा रखा है। अच्छा। ठीक है। रीज़न पता है क्या है? इस इंसान ने एक चीज़ सिखा दी मेरे को कि यह जो जाते हो ना जिस भी संस्कृति धर्म के और जाकर के बोलते हो भगवान दुख मेरा दूर कर दो। परेशानी खत्म कर दो। घर परिवार में सुख समृद्धि शांति दे दो। मेरे बच्चों को कामयाब कर दो। तरक्की आप सबसे गंदा और बुरा झूठ बोल के आ रहे हो। यह जितना आराम से आपने बोल दिया
(58:53) कुछ भी आराम से नहीं होता। यह झूठ बंद करो। पहले क्या मांगना है? तो उन्होंने बताया कि बोला भगवान जी जो मेरे लिए सही है दो। एंड अगर लाइफ में कभी कोई बुरा टाइम आ जाए ना बस साथ खड़े हो जाना। लड़ तो मैं अकेला ही लूंगा। बस यह प्रिपेयर हूं मैं। मेरा तुम चैनल उड़ा दो। मेरा तुम कुछ भी कर दो। लास्ट माइक्रो सेकंड बचेगा ना और अकेला रह जाऊंगा तो भी पार्क में जाके योग कर रहा होगा। उसको रोक के दिखाओ तुम। तो इतना तो प्रैक्टिकली मैं प्रिपेयर हूं ही। फिर तो यह जो भी कर ले क्या ही फर्क पड़ता है। अब तुम मेरा हाथ भी काट दोगे, पैर भी काट दोगे, जीभ भी काट दोगे,
(59:24) कहोगे कंटेंट बनाओ। कंटेंट के नाम पर मेरे से तो होगा नहीं। जुकजुक करके कपड़े चेंज करूंगा और वायरल हो जाऊंगा। मैं तो जो दे रहा हूं मैं जानता ही हूं। बट वो आपकी पॉलिसी के खिलाफ है। तो ठीक है जी। अब बात करते हैं पीसीओडी की। पीसीओ पीसीओडी आज के टाइम पे सबसे बड़ा एक राइट राइट। बहुत बड़ा इशू बन चुका है। मतलब हमारे पास केस भी आते हैं ना तो खास करके अगर बच्चियां आती है तो हम खुद ही पूछ लेते। पीसीओडी है। हां सर पीसीओडी है। तो ये तो है ही। हम एक्चुअली फिंगरप्रिंट से देख लेते हैं। पहले पीसीओडी किसको हो सकता है और किसको नहीं हो सकता। यह हमें पता लग जाता है।
(59:55) लेकिन फिर भी मैं चाहूंगा कि आप बताएं पीसीओडी अगर किसी को है वो खुद से कैसे ठीक कर सकता है। पहले तो दो बड़े रीज़न जानने पड़ेंगे। एक हमारा खानपान खराब होना। दूसरा कोई वर्कआउट ना होना। चाहे वो जिम हो, योगा हो, स्किपिंग हो, स्विमिंग हो, साइकिलिंग हो, कुछ भी पसीना ना आना। यह दो बड़े रीज़न है पीसीओडी के। तो, आपको एक चीज करना पड़ेगा, खानपान सुधारना पड़ेगा। कईयों को मैं जानता हूं मोमोज खाने के बाद लाल वाली चटनी, तीखी वाली चटनी पी जाते हैं। मैं जानता हूं सामने से ऐसे लोगों को मैं जानता हूं। ठीक है? और यह मैंने देखा है तो कोई बड़ी बात नहीं है। तो यह तो बंद कर
(1:00:25) दो। एकदम इतना ज्यादा हार्म करना बंद करो जितना सात्विक खा। आप कहेंगे सर 20 22 साल में क्या सात्विक सर यह तो बुढ़ा बुढ़ापे तक रहोगे तब खाओगे ना भाई बचोगे। अरे बच लो थोड़ा सा काम कर लो खुद पे। तो उसके लिए क्या करना खानपान जितना हो सकता है अभी मैंने आपको ही बोला कि बाहर का छोड़ रखा है क्योंकि घर का सारा हूं। पहले की कोई वीडियो देखोगे ना आपको उस वीडियो में पता चलेगा। हां हां मैं खा लेता हूं। कोई टेंशन नहीं है। मैंने बोला हुआ है। लेकिन अगर मैं कुछ चेंज कर रहा हूं तो मैं बता रहा हूं कि मैं चेंज कर रहा हूं। तो अगर आपको ऐसा लगता है कि पीसीओडी हो ही
(1:00:52) गया है उसमें दो बड़े रीजन है। पहला आपका खानपान है तो खानपान सुधार लो क्योंकि आप मेहनत कितनी भी कर लोगे खानपान नहीं सुधरेगा तो भी नहीं होगा। पहली चीज कि खानपान सुधार लो। दूसरी चीज कि आप अगर योग के दम पर ठीक होना चाहते हो कपालभाति करो। अनुलोमविलोम करो। भस्त्रिका प्राणायाम करो। ब्राहमरी प्राणायाम करो। उदगीत प्राणायाम करो। अर्ध मश्येंद्रसन करो। वक्रासन करो। धनुरासन करो। मंडूकासन करो। उत्तान पादासन करो। नौकासन करो। सर पेट वाले आसन बताया। हां अभी पीसीओडी का अगर आप थोड़ा सा सर्च करेंगे ना आपको पता चलेगा पीसीओडी का नाम भी बदल दिया
(1:01:24) मेडिकल साइंस ने पीसीओ पीसीओएम किया है इसने ऐसा कुछ हां कुछ-कुछ नाम बदल हुए सब कुछ उसने बोला है कि स्टमक से रिलेटेड है ये ओवरी में सिस्ट से रिलेटेड इतना बड़ा इशू नहीं है जितना ये स्टमक से रिलेटेड है और हम लोग धनुरासन भुजंगासन आज से 10 साल पहले से कराते आ रहे हैं तो हमें इसीलिए जानना होता है बस सेंटर पॉइंट बताओ भाई तो ठीक हो जाना तो मेनली आपके जो जो पेन पॉइंट्स हैं या तो पेट में हैं या फिर इस यहां पर और मुझे लगता है जो आपने तीनों चीजें बताई हैं उससे वहां से सॉल्व हो जाएगा। इसमें एक छोटा सा काम और करना पड़ेगा सर
(1:01:56) जो मैं करता हूं। मुझे ऐसा लगता है कि करोगे तो बहुत फायदेमंद होगा और यह फ्री में भी हो जाएगा कि जो भी आपके आसपास आपकी जानकारी हो डजंट मैटर वो फिजिकली है वो डिजिटली है। कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई ऐसा जिसको आप सुनकर के मोटिवेट हो जाते हो, इंस्पायर हो जाते हो। फोड़ दूंगा, फाड़ दूंगा, यह कर दूंगा, वह कर दूंगा, वाला जुनून आ जाता है। तो एटलीस्ट भाई अच्छी चीजें अंदर घुसने दो। स्क्रॉल कर करके जो कूड़ा इकट्ठा कर रखा है ये अपने आप ही वाश हो जाएगा। एक एक मिट्टी का पानी दो और उसको नल के नीचे लगाओ और पानी चालू करो। थोड़ी देर बाद मिट्टी का पानी चला जाएगा
(1:02:30) और पानी रह जाएगा जो एकदम शुद्ध है और मस्त है। एकदम साफ सुथरा है। ग्लास बिल्कुल क्लीन दिखेगा। चीज क्या है कि हमने स्क्रॉल करते-करते क्या डाल दिया? उसने उसको मार के ड्रम में डाल दिया। उसने उसको खाई पे से फेंक दिया। वहां पे बच्चे जल के मर 12 घंटे न्यूज़ चल रही है इसके ऊपर पूरे टाइम। ठीक है? एंड देश ने उसको यह कर दिया, उसने यह कर दिया, तेल वहां से बेच दिया, यहां से ले लिया। उसने वह घोटाला कूड़ा भरते भरते भरते भरते मन कर रहा है कि आउटपुट कुछ ऐसा आ जाए। ऐसा लाइफ चेंज हो जाए। असंभव करना क्या है? अच्छे से अच्छे लोगों को
(1:03:02) सुनो जो फ्री में अपलोडेड हैं। अब मैंने जब पहली बार सुना था ना कि आपके आसपास पांच लोग ऐसे होने चाहिए। वैसे ही आप बनते हो। सही बात। तो मेरे को पहले समझ नहीं आया। फिर मैंने कहा यार एक चीज तो है रिक्शे वाले का दोस्त BMW वाला नहीं है। रिक्शे वाले का रिक्शे वाला ही है। कपड़े बेचने वाले का कपड़े बेचने वाला ही है। कोई व्यापारी है तो उसका दोस्त व्यापारी है। तो मेरे को धीरे-धीरे धीरे धीरे डिकोड करते-करते एक चीज पे पहुंचा कि हां यार ऐसा तो होता ही है। फिर मैंने कहा यार ऐसा होता है तो फिर तो मैं तो जहां रहता हूं वो तो एरिया ही
(1:03:28) सही नहीं है। तो मेरे तो पांच दोस्त ऐसे हैं ही नहीं। मेरे माता-पिता भी पढ़ाई को लेकर के उतने ज्यादा वो नहीं है। तो फिर मैंने देखा नहीं मैं सबसे ज्यादा टाइम स्पेंड करता हूं संदीप माहेश्वरी जी के साथ। सोनू शर्मा जी के साथ ठीक है विवेक बिंद्रा जी के साथ हर्षवर्धन जी के साथ में और अगर मेरे को YouTube जानना था तो मैंने देखा दीपक दैया को मनोज दे को मैंने ऐसे लोगों को वो टेक्निकल योगी को और मैंने पता नहीं किस-किस को देखा है भाई तो मेरे को लगा अच्छा ये पांच लोग हैं क्या वो आप समझ रहे हो कि एक टाइम था कि लाइक आसपास सब कुछ
(1:03:59) गलत ही हो रहा था लाइफ में भी कुछ अच्छा नहीं हो रहा था जो कंसशन था वो ऐसे लोगों को और जो मेरे पे टोटल 25,000 थे वो लगा के बोर्ड लगाया तो शाम तक वो एमसीडी ने बोर्ड उखाड़ दिए तो इतना इतना कूड़ा होने के बावजूद भी इतना सब कुछ कैसे क्योंकि एक तरफ कूड़ा आ रहा था साथ ही कुछ वो नल चला रखा था कि वो डलता गया डलता गया डलता गया आउटपुट आया 12 13 साल बाद लोगों ने कहा सर मोटिवेशन आता है सर आप जब बोलते हो ना सर एकदम रियल लगता है सर सीधा दिल में क्योंकि भाई आपने जिया है उसको बस वो वहीं से आता है तो आप अगर यह कहोगे सर मेरे पास तो संदीप महेश्वरी जी नहीं है
(1:04:29) ना पड़े हैं ना वीडियोस जाओ पुरानी वीडियोस खंगाल डालो यार सर वो विवेक बिंद्रा जी की तो आजकल की वीडियो अरे आजकल तुम अपनी ऐसी तैसी हो भाई तुम वहां से ले क्या सकते हो यह देखो एंड मैं हमेशा बोलता हूं राखी सावंत के बारे में मैं पूछूंगा ना तो आप हंस दोगे आपकी एक इमेज बन जाएगी बट राखी सावंत या और ऐसे लोग जिनको शायद हम गलत मानते हैं या उनका तरीका मे बी ठीक ना हो बट जितने साल वो सस्टेन कर रहे हो उस इंडस्ट्री में आप कर जाओगे सर तो हमेशा हर चीज में गलत मत ढूंढो कहीं कुछ अच्छा निकल आए तो उठाओ रखो अपने साथ चलो बढ़ो आगे मैं मेरे घर पे कूड़ा उठाने
(1:05:05) वाला आधा ना दीदी जी कूड़ा निकाल दो चलो और सुबह 4:30 5 बजे चला जाऊंगा तो गाली मत देना भाभी गेट खटखटा दिया है देख लो ये ये बॉडी लैंग्वेज है उसका आईएस आईपीएस को मैं लिटरली ये बोलते रहेगा अरे योगी जी बैंड बजी पड़ी है ऑफिस में बैठना पड़ेगा पैर में इतना दर्द जा रहा है जिसका जवाब नहीं कौन से वाले हो आप खुशी आपको चेयर पे बैठ के नहीं आएगी पहला सुख निरोगी का आया इसलिए बोला था कि पहले एटलीस्ट आप जीना और खुश होना शुरू करो और खुश होने के लिए क्या करना पड़ेगा वह देखना शुरू करो प्लस जिस इंडस्ट्री जिस फील्ड में आपको टॉप पे
(1:05:38) जाना है। जिसकी वजह से ए्जायटी हो रही है ना उन लोगों को घोल करके पी जाओ पहले। बहुत सही बात बोली है। तभी बनता है आपका यह स्ट्रांग मेंटल एटीट्यूड। सर आज कुछ भी है ना सर कोविड या कोई बड़े से बड़ी मिसहपनिंग चाहे मेरे फादर की डेथ होना हो, चाहे मेरी फैमिली में उधेड़बन हो, चाहे 2016 तक हम लोग वाशरूम जाते थे तो नल नहीं था हमारे वाशरूम में। हम टंकी से पानी भरते थे बाल्टी में और बाल्टी लेकर के जाते थे और मग से हम फ्रेश होते थे। यह 2016 के बाद सुधरा है सर। अब कोई कहेगा ना अच्छा एनवायरमेंट चाहिए कामयाब होने के लिए। बकवास है। फिजिकल लेवल पर हो
(1:06:14) ना हो मेंटल लेवल पर होना चाहिए। भले ही किसी को ना पता हो। एंड मेरा एक एटीट्यूड है। मैं आपको बताता हूं। मैं उस हर एक व्यक्ति को ब्लॉक कर देता हूं जो व्यक्ति कहीं ना कहीं मुझे ड्रेन कर रहा है। कहीं ना कहीं मुझे स्लो कर रहा है। कहीं ना कहीं मुझे नेगेटिव कर रहा है। चाहे वो फिजिकल हो, चाहे वह डिजिटल हो। मैं सीधा ब्लॉक मारता हूं। मतलब अगर आज आप मेरे साथ बैठकर के कोई ऐसी बात करोगे जिससे मैं ड्रेन हुआ या आप आकर के बोलोगे अरे यार योगी तू अच्छा काम नहीं कर रहा है यार ऐसी कोई चीज अब इसका मतलब नहीं है कि मैं सच और झूठ नहीं जानना चाहता मैं जानना चाहता
(1:06:47) हूं बट कोई तीसरा व्यक्ति चलता फिरता आकर के मुझे ज्ञान मिल जाएगा वो भी तब जब मैं सही कर रहा हूं दिख रहा है ग्रोथ है सब कुछ है तू अपना ज्ञान तेरे पास रख तू तब कहा था जब मेरे को खाने की रोटी नहीं थी तो मैं आइडेंटिफाई करता हूं और मैं ब्लॉक करता हूं अब मैं जब ऐसे समझाता हूं अपनी क्लास में तो पहले किसी ने कहा कि सर आप ब्लॉक करते हो। आपने सही बोला सर। चलो सोशल मीडिया पे हम भी ब्लॉक मार देंगे। फैमिली में ही कोई है उसका क्या करें? हस्बैंड या ताने मारते हैं उसका क्या करें? कोई कह रहा है वाइफ ही है। सबसे लड़ती रहती है। उसका क्या करें? मेंटल
(1:07:15) लेवल पर ब्लॉक मारो। सुनना ही बंद कर दो इंटरनली। हां। मतलब कि उदाहरण के तौर पे आप मेरे घर आए। मेरी आदत है किच-किच करते रहने की, बकबक करते रहने की। और मैं कह रहा हूं कि अरे यार भाई तेरे को नहीं पता यार आज भी नीचे ड्रामा हुआ यह हुआ वो हुआ और आप कह रहे हो चल मेरे को बता देखो जरा कौन है ये साले डेली बाय आप इतना ज्यादा एकदम हो गए क्योंकि आप पहले से ही थके आए थे आप दुखी थे आप परेशान थे अब आप पैनिकिक हो गए आप गए आप लड़ाए झूठमूढ़ दो घंटे थाने में बिठाया आपको भी दो लट पड़े उसको भी दो चार पड़े अब आप चेंज हो गए हो अब आपको समझ में
(1:07:49) आ गया ये बंदा काम ही यही है क्योंकि ये वेला है मैं तो मेहनती हूं तो अब मैं आया हूं आप आए हो एंड मैं कहता हूं भाई तुझे पता आज क्या हुआ? वो बंदा बेल बजा रहा था यार। उसने गाड़ी में ठेस आप पता है क्या कह रहे हो? सही कह रहा है यार तू। नहीं नहीं करता हूं इससे बात। रुक जा कल ही बात करता हूं। रुक जाओ। आप इंटरेस्ट भी नहीं ले रहे हो। एंड आपने एक से सुना दूसरे से निकाल दिया एंड जाके प्रैक्टिकली कोई बात कर सकते थे तो आपने की और बसड़ खत्म। फिर आप कह रहे हो सर लाइफ चेंज हो गई सर। क्योंकि अब आप ठहराव में हो। मेरे गुरुजी ने एक बार हंसी मजार
(1:08:21) में बोला कि दो कान क्यों दिए? तो बोला एक सुनने के लिए दूसरा भी निकालने के लिए। बोला और फिर यह बीच में क्यों दिया कि सुनो और रखने की चीज रखो और जो वेस्ट है वो निकाल दो। लोग क्या करते हैं? काम किसी से सुन के निकाल देते हैं और कहते हैं वो भूल गया। रखते क्या है? किसी ने बोल दिया तू बहुत काला है तू बहुत बुरा दिखता है। वो रख लिया। भाई क्या रखना है? क्या छोड़ना है? यह तो डिसाइड करो। इतना भी अगर फिल्टर नहीं लगा सकते हो तो फिर तो आप गए बुझे व्यक्ति हो ना। अगर आप समझो उदाहरण के तौर पे बताता हूं। यह एंजाइटटी स्ट्रेस वालों को ही बोल रहा हूं। मनमोहन योगी को
(1:08:51) जिससे शादी करनी थी उससे कोई नहीं। क्या बोल के मना किया गया कि यह लड़का बहुत काला है और बहुत पतला है। लगता है इसमें कोई बीमारी है। तो कुछ समय में यह सारी चीजें बोली गई थी। ठीक है जी। मैंने खुद पे काम किया। खुद को पॉलिश किया और आज मैं यहां बैठा हूं। ऑन कैमरा बोल रहा हूं। लक्ष्मी सुनेगी? हां लक्ष्मी उस दिन जब वो मेरे साथ रिलेशन में नहीं थी। तो उस दिन वो वहीं बैठी थी जब मैंने ये पूरी कहानी सुनाई थी। वो आज भी उसमें वीडियो में बैठी हुई है। आज भी वो वीडियो में यूं बंद की तरह बैठ के सुन रही है कि सर क्या सुना रहे हैं?
(1:09:22) तो वो तो उसको पता ही है। तो आप यह समझो कि एटीट्यूड का कितना बड़ा फर्क है कि मेरे जैसे व्यक्ति को ऐसा बोल दिया ना एंड मैंने सोचा उसकी जब मैंने उसकी मम्मी से लास्ट बात की थी। उसने कहा बेटा अभी कर क्या रहे हो? उसकी मम्मी ने कहा बेटा अभी कर क्या रहे हो? तो मैंने कहा आंटी जी अभी तो कुछ ऐसा नहीं कर रहा। नेटवर्क मार्केटिंग कर रहा हूं। लेकिन अगले 5 साल में बहुत बड़ा। बेटा वो तो ठीक है बट ऐसा नहीं होता ना बेटा कमाना दमाना बच्चे को कौन रखेगा? कौन संभालेगा? कौन पालेगा? आप ही के तो भरोसे। अब बच्चा बुद्धि भी थी। मैं नहीं कर पाया ठीक से बात या जो भी रहा
(1:09:52) या जो भी उनका इंटेंशन था मेरे अपने चचेरे भाई ने मेरा रिश्ता तुड़वाया यह बोल के कि इसमें कोई बीमारी है। अब इस बात को हो गया टाइम। आज वो लड़की जानती है कि मैं कहां हूं क्या हूं। एंड वो उतनी रिस्पेक्ट करती है एंड वो प्राउडली बोलती है कि मैं क्या रीज़न है बहुत आगे जा रहा। पहुंच गया यह। आप देख लो आपको अगर ए्जायटी है तो भाई साहब आपके पास अपॉर्चुनिटी है। एंजाइटटी किसको नहीं हुई होगी? वह संजू मूवी देखी या एमएस धोनी देखी उनको एंजाइटटी नहीं हुई होगी। वो हमारी कॉपी चेक होती थी ना कि डंडे पड़ेंगे तो हो जाती थी। बट वो इतनी
(1:10:25) हैवी नहीं होती थी कि हमारी पूरी लाइफ स्पॉइल हो जाएगी। अगर आप मरने की सोच रहे हो तो इससे अच्छा एक बार और ट्राई करो और पूरी शिद्दत से करो। मैं भी आप प्रूफ कर दो और आपकी कहानी को ही पढ़ रहा हूं। मुझे ना आपसे बात करके एक चीज क्लियर हो गई। ना मैंने आपसे बात कर तो कोई डाटा बताया कि डब्ल्यूए का क्या डाटा है बेलॉइड का क्या डाटा है मतलब मुझे लगता है शायद यह डाटा हमें और डरा रहा है या उसको हमें ना उसको मानने के लिए मजबूर कर रहा है भाई सब घर में शुगर होती है क्या हो गया या सब घर में बीपी हो तो क्या हो गया आजकल तो हर दूसरे घर में कैंसर हो जाता है क्या
(1:10:57) बड़ी बात है हो जाता है ठीक तो हमेशा जितना एक्सेप्ट करते हैं ना उतना ज्यादा हम और फंसते हैं तो मुझे लगता है कि शायद ये चीजें हमें समझनी पड़ेगी सीखनी पड़ेगी शायद इसको हमने बहुत बड़ा हौवा बना दिया उतनी प्रॉब्लम है लेकिन उसके आने उससे बाहर आने की अपॉर्चुनिटी उससे ज्यादा बड़ी है। ये बिल्कुल ऐसा यहां रहता है ना कि कभी हाइप क्रिएट हो जाती है या किसी ने कुछ बोल दिया हर्ट हो जाता है। तो बिल्कुल कैसा रहता है कि एक सक्सेसफुल व्यक्ति में और एक फेलियर में या जिसको ए्जायटी हो रही है उसमें क्या फर्क है? देखो कि एक व्यक्ति को यह कहो ईलॉन मस्क के पास आप
(1:11:28) जाओ। आप कहो तेरे को पता है सब्जी वाला जो मेरे नीचे खड़ा होता है वो कहता है ईलॉन मस्क चोर है। चोर तो क्या कहेगा चल दिखा उसकी औकात बताता हूं। ऐसा अभी उसके पूरे घर का एनकाउंटर करा। ऐसा बोलेगा क्या? क्या बोलेगा? अरे कोई बात नहीं सर जी। सबकी अपनी जिंदगी है। जो उसको ठीक वो ऐसे करेगा। सेम टाइम उसके सामने खड़े फल वाले को बोलो कि भाई ये कहता है कि तू नाले में धोखे लाता है। चल अभी अपनी दुकान छोड़ेगा जाएगा गुद्दी पकड़ेगा। तेरी ऐसी तू ऐसा बोलता है या दोनों में ये फर्क है। ये हमें समझना पड़ेगा। दोनों का जब कभी भी कोई भी कुछ ऐसा बोलता है मैं
(1:12:05) आइडेंटिफाई करता हूं कि मेरे को इसके साथ रहना है या नहीं। एंड मेंटल लेवल पर ब्लॉक करने का तरीका मैंने बता दिया कि मेरी मां जब ये कहती थी ना कि बेटा आज ये हो गया वो हो गया। मैं एकदम से पैनिकिक होता था, जाता था, लड़ता था। बाद में मैं समझ गया। फिर उसके बाद मां कहती आज तेरे को पता है यह हुआ। मैंने कहा, "अच्छा मां, अच्छा।" और मेरे दिमाग में काम ही चल रहा है। फिर भी मैं फिजिकली वही हूं। रिस्पेक्ट भी वही दे रहा हूं। पैर भी छूता हूं। दिन में 10 बार आता हूं। 10 बार पैर छूता हूं। बट इस वाली चीज के साथ कोई समझौता नहीं क्योंकि
(1:12:31) आप तो दो मिनट बोलते हो मेरा फिर आधा घंटा एक घंटा खराब होता है। अच्छा ये प्रॉब्लम अगर समझ में आ जाए ना कैसे मेंटली ब्लॉक करना है इस प्रॉब्लम को सॉलशन बहुत अच्छा दिया है क्योंकि जितने भी वर्किंग प्रोफेशनल है चाहे वो मेल है चाहे फीमेल है मान लीजिए आपका पार्टनर ऐसा है भाई साहब आपकी लंका लगनी तय है आपके आपके काम में से आपका काम में दिमाग लगेगा ही नहीं इसीलिए आप ही को मेंटली ब्लॉक करना पड़ेगा और उसके अलावा और कोई चारा है नहीं मुझे तो आज बहुत मजा आया और मुझे लगता है कि इससे आसान सॉल्यूशन ना हमने ऐसी कोई टेक्निक्स की बात करी
(1:13:03) नहीं जो हम भी सिखाते हैं। सही मैम। ठीक है। ना हमने कोई ऐसी वेस्टर्न कल्चर की बात की। बहुत प्रैक्टिकल अप्रोच पे बात हुई है और बहुत इजी वे में बात हुई है। अगर इंसान समझ जाए तो डेफिनेटली इससे आसान तरीका नहीं हो सकता। विदाउट अ मेडिसिन आप अपने ए्जायटी डिप्रेशन को या जिसको आप अवसाद बोलते हो उसको आप दूर कर सकते हो। दिस इज द बेस्ट वे। और अर्ली ऐज में शुरू कर देते हो तो फिर मुझे लगता है आगे जाकर ये प्रॉब्लम आएंगी ही नहीं। आपको जो छोटी प्रॉब्लम है वह छोटी है लेकिन जो बड़ी प्रॉब्लम है उससे लड़ने के लिए आपके अंदर वो इतना जुनून होगा इतनी आपके अंदर
(1:13:34) आग होगी और बस एक चीज आपको ध्यान रखनी है कि बात रह गई मेरे को एंजायटी होती है कहीं मेरे को हार्ट अटैक ना आ जाए या मैं मर ना जाऊं या सब पे प्लेन गिर रहा है मेरे पे ना गिर जाए रोड एक्सीडेंट ना हो जाए तो भाई इसके भी हकदार आप नहीं हो क्योंकि जब होगा वो बिना बताए हो जाएगा इसलिए उसकी भी टेंशन छोड़ दो आप क्योंकि किसी ने बोला मेरे को 150 साल जीना है 50 में निपट गया माइकल जैक्सन और ऐसे जैसे सैकड़ों उदाहरण जब हमें कुछ नहीं पता था ग्लव्स भाई साहब तब पहनते थे मास्क वो तब पहनते थे जब हमें कुछ नहीं पता था हमें कोरोना आया तो पता
(1:14:05) चला अच्छा ऐसा कुछ फैलता भी है क्या हमें नहीं पता था और हम जितने पढ़े लिखे हैं ना हम लोग छुआछूत भी नहीं मानते बट वो इंसान अपने आप को प्रोटेक्ट कर रहा था ऑक्सीजन चेंबर में सो रहा था लेकिन 150 साल उसके हिसाब से नहीं होगा कुछ चीजें आपके कंट्रोल से बाहर है एंड सेम टाइम जब मेरे को हार्ट अटैक आ गया तो मुझे अरे भाई ये आपको बता के नहीं आएगा आ ही जाएगा ये जब आएगा तो चुपचाप आएगा। इसीलिए जस्ट चिल। एंड जिस भी संस्कृति को मानते हो बस एक चीज बोल दो। जितनी परेशानी देनी है दे दे। बस मेरे साथ खड़ा रहियो। लड़ने की ताकत दे दियो। मैं खुद को झोंक दूंगा।
(1:14:39) प्रूफ कर दूंगा। साथ मत छोड़ियो। एंड हर एक सेकंड ट्रस्ट करना पड़ेगा। सिर्फ बोलने से। ट्रस्ट करना पड़ेगा। खड़ा है वो पीछे। मेरा जब सेंटर बंद हुआ ना सात बार। योगा सेंटर मेरा ऑफलाइन। सात बार ऑनलाइन रिफंड करना पड़ा लोगों को। एक्सीडेंट हुआ। तब भी कॉल आ रही थी तो यह नहीं पूछ रहे थे आप जिंदा हो के मर गए हो। और सर वो फीस जो दी थी वो एडजस्ट हो जाएगी हमारी फिर कब से शुरू उसको पता है कि मैं अपने पैर पर खड़ा नहीं हो पा रहा हूं तब भी मैं क्या करता था पता है ना तुझे संभाल लियो बस अगर तूने मेरी सांस दी है बाकी तो मैं देख लूंगा ये
(1:15:11) ये एटीट्यूड डेवलप करना पड़ेगा जब कभी भी पॉलिटिक्स हुई जब कभी भी नुकसान हुआ जब कभी भी नीचा दिखाया जब कभी भी बुरा समय आया बार-बार हर सेकंड हर माइक्रो सेकंड एक ही चीज पता है ना तुझे तो संभाल लियो बस किसी को नहीं समझाना है। ना मैं मां को समझा पाया, ना मेरे पिताजी को समझा पाया, ना मेरी वाइफ को समझा पाया, ना मेरे भैया को, ना मेरे ऑफिस को। मैं आज तक किसी को कन्वेंस भी नहीं कर पाया हूं। बस एक चीज जानता हूं बस। एंड हर बार जो मैंने सोचा है उससे मुझे प्लस मिला है। अभी हम लोग आज से 4 महीने पहले वाइफ को Thar चाहिए थे। Thar देखा है क्या? Thar देखा है क्या?
(1:15:47) उसने एक दो वीडियो देख लिए थे। उसका मन हो गया था। हम Thar देख के आए। पर्सनली हमें वो वाली फीलिंग नहीं आई जो हम सोच रहे थे। फिर मेरा यह था क्या मैंने दो तीन अपने जानकारी में इस इंडस्ट्री में देखा Fortuner ठीक है दो तीनों के पास देखी मैंने तो मेरा मन था Fortuner हम Fortuner देख नहीं रहे लास्ट वाली सीट वो उन्होंने बच्चों के लिए बना रखी है तो हमारी फैमिली के हिसाब से वहां पे हम सेट नहीं बैठते तो हम वो भी नहीं ले पाए एंड फिर यह हो गया यार अरे यार बता यार वो सोची थी वो भी नहीं ली ये सोची ये भी नहीं ली अब एंड सडनली एक दिन हम पोर्शे लिया आए बिना किसी
(1:16:16) प्लानिंग के तो जब वो बैठा है मेरे बारे में सब कुछ व्यवस्था करने के लिए मैं 4000 की नौकरी कर रहा था और आज यहां पे आ गया हूं बस बस मैं एक ही काम कर रहा हूं। ईमानदारी से, डेडिकेशन हाई करके, मोटिवेशन के साथ, कंसिस्टेंसी रख रहा हूं। बाकी बार-बार एक ही चीज कह रहा हूं। तुझे तो पता है ना? तुझे तो पता है ना? वो अभी कॉन्फिडेंस में है। तू कर बेटा मैं तेरे साथ हूं। लेकिन आप 100 कमियां करके, गलतियां करके, झूठ बोल के, चालाकी करके तुझे तो पता है। वो कहेगा हां मुझे पता है। तेरे को नहीं बढ़ने देना बस। तो पहले अपने अंदर उतने बदलाव करो और यह हमने ना
(1:16:46) एक लाइन पढ़ी थी जब हम छोटे थे कि आखिर कब तक हम ऐसे ही गलतियां करते रहेंगे। धूल खुद के चेहरे पर है और आईने को साफ करते रहेंगे। 100 कमियां खुद में है और आप कह रहे हो सर दुनिया पॉलिटिक्स कर रही है। सबके साथ होती है भाई। भगवान को भी नहीं छोड़ा। वाहगुरु को भी नहीं छोड़ा। अल्लाह को भी नहीं छोड़ा। तुम कौन हो? और अपने देश में हर साल 2 करोड़ लोग पैदा होते हैं। मर जाते हैं। जिन्हें कोई जानता पहचानता नहीं है। मरने के बाद में बोलता है कि पड़ोस में कौन था भाई? अरे वो उसकी मम्मी नहीं थी। वो शाम में जो कल देखी थी। अरे वो जो आंटी को नमस्ते बोला था। वो तुम
(1:17:15) 50 साल 60 साल जी गए। तुम अपनी आइडेंटिटी अपने पड़ोस में नहीं बना पाए। तुमने किया क्या है? और तुम जब यह डायलॉग मारते हो कि मुझे अरे पता है उसके बारे में तुम्हें अपने बारे में पता है नहीं ये डायलॉग पता है साथ में एक और मारते हैं सारी जिंदगी मैंने इज्जत कर हां पड़ोस वाले दिन और बाल ऐसे ही थोड़ी ना सफेद हो गए क्या उखाड़ लिया तुमने भाई मुद्दे की बात यह है कि बस जितने लोग भी आज इस वीडियो को देख रहे हैं समझ रहे हैं कि भाई साहब अपने आप को इस लेवल पर झोंक दो इस लेवल पर झोंक दो कि जिस दिन आपका वो फ्रेम बने जिस दिन आप लोगों के सामने आओ लोगों को लगाओ भाई साहब
(1:17:49) क्या बंदा है यार ये तब पता चले 12 13 साल से झोंक रहा है भाई। तुमने तो आज देखा है इसको। ये लोगों को जर्नी हमेशा उसके बाद देखती है कि एकदम फेमस हो गया। उसके पहले वाले नहीं देख। आज मेरे दोस्त का फोन आया। मैं ऑफिस में सबको मोटिवेट कर रहा था। दोस्त का फोन आया ना तो मैंने स्पीकर ऑन कर दिया। उसको भी नहीं पता यह बात। और कई सालों बाद फोन आया। तब जब मैंने करियर भी शुरू नहीं किया था। मैंने स्पीकर ऑन किया बच्चों को सुनाने के लिए। तो कहता है भाई कल भी फोन किया था। तू बहुत बिजी है यार भाई। मैंने कहा हां यार अभी भी मीटिंग में था तो अभी
(1:18:16) बिजी हूं। बोल ना भाई। तो कहता है कि यार आई नो तू बिजी हो गया होगा भाई अब तो तेरा काम इतना बड़ा हो गया ऐसा बोल मैं इनको सुना रहा था कि देखो तुम देखो आज से 10 साल बाद तुम ऐसे ही जीने वाले कुछ कर जाएंगे और कुछ उनकी तारीफ करेंगे मैं उनको समझा रहा था तो उसने कहा यार मेरे को याद है भाई तूने जब मंदिर पे खोला था ना योगा सेंटर लोग हंस रहे थे ना तेरे पे तो मुझे याद नहीं था मेरे को अच्छा अच्छा तू आया था क्या मंदिर पे भी मंदिर पर हमने योगा सेंटर खोला था लोग मजाक बना रहे थे आज उस काम को करते हुए लगभग 13 14 साल हो गए मेरे को
(1:18:45) अब सडनली कॉल नहीं आ रहा एक जब मैंने पोर्शन ली ना तो मेरे गुरुकुल में ऐसा बोला था मैंने पहली बार किसी को देखा था यह लाइक पज़ो लेकर के आए थे किसी के पेरेंट्स एंड मैंने गुरुकुल में ऐसे ही बोल दिया था पज़ेरो लेगा तेरा भाई मैंने ऐसे बोला मेरी पूरी क्लास ने मेरा मजाक बनाया खाने के पैसे नहीं है अब बाप बेचता है चाय लेगा पज़ो और फिर मैं कहीं पर भी जाता था खाना खाने या कहीं पर भी दौड़ लगाने या योगा पज़ारो पज़ारो ऐसा करते थे कई लोग एंड एक दिगिंदर है अभी क्लासमेट ही जिस दिन मैंने पोशे की वीडियो डाली ना भाई लिटरली बंदे का फोन आया मेरे भाई ने पोशे
(1:19:21) ले उससे भी महंगी अब पता चलेगा लोगों को लिटरली लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं वो जो मुझ में खुद को देख रहे हैं एंड ऐसे कमेंट्स हैं एक मेरा दोस्त है उसने मेरे को कमेंट मैसेज किया है कि भाई मन मेरा था मेरे भाई ने मेरा सपना पूरा कर दिया क्या सर सडनली नहीं हो रहा यह सब कुछ लोगों को लगेगा अरे अरे नहीं होता है भाई एक प्रोसेस है जिसको फॉलो करना पड़ता है पागलपन चाहिए फैमिली भी सपोर्ट नहीं कर अरे तब भी आप लगे पड़े हो और क्या चाहिए आपको? आप यही डायलॉग तो मारते हो कि फैमिली सपोर्ट नहीं है। वैसे चलो वैसे तो हम पॉडकास्ट कैन में थे लेकिन एक सवाल आ
(1:19:54) ही गया मेरे मन में डर नहीं लगता जब आप इतनी बातें बोलते हो या बताते हो मैंने गाड़ी ले ली घर ले लिया नजर लगने का क्योंकि बहुत बात होती है इस बात का कब देखो ऐसा है कि मैं जहां से आया मैं मार्केट में घुसा था ₹2500 लेके भगवान ने चाहा चौड़े भेजेंगे और भगवान ने नहीं चाहा तो माता सीता को और भगवान राम जी को वो गृहस्थ जीवन का सुख प्राप्त नहीं हुआ तो मेरी कोई औकात ही नहीं है। बात रह गई डरने की। अपन ठीक है किसान फैमिली से नहीं है। बट एटीट्यूड वही है कि जमीन खोद के अपने हिस्से का अनाज तो निकाल ही लेंगे। भाई साहब मैंने बहुत पहले अपने
(1:20:37) सेंटर में ये चीज कही थी। उस दिन क्लास में लोग आए नहीं थे और हमने एक इवेंट रखा था आउटडोर एक्टिविटी का। उसमें भी लोग पहुंचे नहीं थे। तो मैंने गुस्सा किया था कि तुम लोगों को क्या लग रहा है मैं महावीक्लेव के लिए बनाऊं? भूल जाना। जितने दिन करा रहा हूं बस करो। कि उसमें भी किसी को घमंड दिखता हो। बट उस समय भी मेरा एटीट्यूड कि मैं इसलिए पैदा नहीं हुआ हूं भाई कुछ बहुत बड़ा करना है। अभी आप लोगों को मिल रहा है ना तो बस ले लो। तो उस दिन मैंने यह कहा था कि जिस दिन मेरा सब कुछ जीरो हो जाएगा ना अकेला बैठ के पार्क में योग करूंगा उसको कोई नहीं छीन सकता मुझसे।
(1:21:08) तो ठीक है। जो नहीं सोचा था उससे भी ज्यादा परमात्मा दे रहा है। आगे कितना देगा वो परमात्मा जानता है। हम तो कोशिश कर रहे हैं। एंड जब कभी भी कुछ भी गलत और ऐसा नहीं है कि आज नहीं होता। आज भी हो जाता है। अभी कुछ दिन पहले हमारा WhatsApp बैन हो गया। ओ उसमें पैसे देकर हमने छुड़ाया। वह फिर से बैन हो गया। फिर वो परमानेंट बैन हो गया। ये वो दिक्कत है जिसको कोई काउंट भी नहीं करेगा और पैसा लगता है अच्छा खासा। हमने कोई एक काम किया जिसमें अच्छा खासा एक्स्ट अमाउंट गया। बट वो काम हमारा सफल नहीं हुआ। तो पहले परेशानी अलग तरीके की थी। खाने के पैसे
(1:21:35) नहीं थे। व्यवस्था नहीं थी। है ना? कहीं अगर हम गुरुकुल से निकल करके जाते थे मार्केट तो जाने में 2ाई घंटा पैदल लगता था। आने में ढाई घंटा पूरा दिन उसी में निकल जाता था। अब परेशानी वह नहीं है लेकिन है और वह कभी खत्म नहीं होगी। एंड जब कभी भी सब कुछ बिल्कुल ऐसा हो जाएगा ना सब खत्म। कुछ बचा ही नहीं भाई। मुर्दे को किस बात का डर? मुर्दे को किस बात की एंजायटी? मुर्दे को किस बात की टेंशन कि अगले दिन क्या होगा? वो तो गया। तो जब सब कुछ ऐसे हो जाएगा तब टेंशन लेने की जरूरत ही नहीं है। क्या बात है। ये पॉडकास्ट एकदम अलग लेवल
(1:22:08) पे चला गया। मुझे लगता है कि अगर किसी को एंजाइट होगी ना तो मुझे लगता है सुन के ही ठीक हो जाएगी। बाकी तो प्राणायाम करेगा या जो तीन स्टेप बताए हैं वो करेगा तो प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा। सब ठीक हो जाएगा सर। सब ठीक हो जाएगा। बस काउंसलिंग कराना है कराओ। नहीं कराना मत कराओ। एक बात ध्यान रख लो। निकलोगे तो अपने एटीट्यूड के दम पे निकलो। वो डेवलप कर लिया। किसी के बाप की औकात नहीं है कि आप फिर भी एक रूम में बंद होके परेशान हो। आप सिर्फ एक महीने नहीं पूरा पडकास्ट समझ में आ रहा है। सिर्फ एक महीने पागलपन से यह बोल दो खुद को सब चंगना सी। मैं ठीक
(1:22:40) हूं। मेरी सांस चल रही है। मेरे में ब्लड फ्लो हो रहा है। मैं सोच पा रहा हूं। मैं समझ पा रहा हूं। मैं बोल पा रहा हूं। मैं देख पा रहा हूं। सब चंगासी सब ठीक हो जाएगा। टेंशन मत ले। मनमोहन सब ठीक। बोल के देखो एक महीने। ये अपने आप में थेरेपी है भाई। यही कर देगा सब ठीक। ये एक मेडिटेशन है जिसको आप बार-बार सुनना। बहुत तगड़ा मेडिटेशन है। और ये जो एनर्जी मैं यहां जो फील कर पा रहा हूं क्योंकि जब हम ऑफ कैमरा भी बैठते हैं ना तो मुझे लगता है कि जो एनर्जी इस लेवल पे चली जाती है। जितना मर्जी डिस्कशन कर लो। फिर लगता है जो एसोसिएशन की बात हो रही है
(1:23:09) पांच लोगों की वह हां इसे आप अच्छा यह बात साइंटिफिकली प्रूवन है। मैंने अपने जीवन में देख ली मैं जिस शहर से 2 साल पहले जिस उम्र में लोग अपनी जर्नी को उस कंफर्टेबल पोजीशन पे ले जाते थे तो कल मेरे दो दिन मैंने कल भी बात शेयर की थी। मेरे पापा मेरे ही बेटे को बता रहे थे और मैं बाय चांस अंदर काम कर रहे हो। क्या पापा को समझना मुश्किल है। मैं क्या मतलब मैं सुन रहा हूं तो बात कर रहे हैं आपस में दादा पोता कि ये उस उम्र में निकल गया सब कुछ छोड़ छुड़ा कर सारा कुछ बंद कर दिया और फिर उस शहर में चला गया जहां उसको कोई जानता है अच्छा मैंने इतना डीप में नहीं
(1:23:44) सोचा था कि ऐसा कुछ किया मैं मुझे लगा ठीक है यार वहां जाएंगे काम करेंगे नहीं आएंगे वापस आ जाएंगे इतनी सी तो बात है मेरे दिमाग में इतनी लाइन थी जब मैंने उस दिन सुनी ना तब पता लगा अच्छा मैंने ऐसा कुछ किया था क्या हमने मैं तो इतना दिमाग लगाया नहीं तो आपके आसपास कैसे लोगे मेरे आसपास अच्छे लोग हैं मुझे मुझे पता थैंक यू सो मच इस पडकास्ट में दोबारा आने के लिए। मजा आया मुझे आपको भी बहुत मजा आया होगा। याद रखिएगा शेयर करेंगे उतना आपको फायदा मिलेगा क्योंकि आपके आसपास वही लोग होंगे जिन्होंने ये सुना हुआ हो। तो शेयर करना बहुत जरूरी है। धन्यवाद
(1:24:16) मनमोहन भाई। क्या हाल है? थैंक यू सो मच। अभी तक हमें सब्सक्राइब नहीं किया तो सब्सक्राइब कर लेना। बेल आइकॉन दबा लेना। और यह पडकास्ट जितना शेयर कर सकते हो करिए। आप अपनी एसोसिएशन को ठीक कर लीजिए। अपने आसपास के लोगों को ठीक कर दीजिए। जब वो तभी ठीक होंगे जब उनके पास अच्छा कंटेंट जाएगा, अच्छी बातें और इससे अच्छी बातें हो सकती हैं क्या? यह मुझे कमेंट बॉक्स में बता देना। एंजाइटटी यूं गायब हो चुकी है। हो गई है ना? कमेंट बॉक्स में बोल दे। मिलते हैं आपसे नेक्स्ट एपिसोड में। जय हिंद, जय भारत।
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