The Brain Behind Your Phone Addiction. We Caught Him!
Author Name:Satvic Youth
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@satvicyouth
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=FmLJbYBu094
Title: The Brain Behind Your Phone Addiction. We Caught Him!
Author Name: Satvic Youth
Description: 10 social media traps. All of them engineered. None of them accidental. We found the man who designs them, and he told us exactly how each one works.
We make videos that are genuinely fun to watch and that leave you with something you'll carry for life. Put one on the TV. Watch it with your kids.
Somewhere in the middle of the laughing, they'll learn something no textbook ever taught them.
SUBSCRIBE and help us make more videos, so that YouTube can become a place not just for entertainment, but also for learning.
Follow us on Instagram: / satvicyouth. .
Glimpses of Health workshop in school : • Shocking Reality of FROOTI! 😱🥭 #sa...
Watch More Video like this here 👇🏻
Title : We Exposed India's Food Company’s Secret Meeting!
Link : • We Exposed India's Food Company’s Secret M...
Title : We Tested Every Grain… The Winner Will Surprise You!
Link : • We Tested Every Grain… The Winner Will Sur...
Let us know in the comments: how do you feel about this video, and should we continue making more of this kind of format? 😉👇🏻
#satvicmovement #satvicyouth #satvicyoga
Transcript:
(00:03) तुम वही इंजीनियर हो ना जिसने ये सोशल मीडिया बनाया है। कौन है [नाक से की जाने वाली आवाज़] तुम? जाने दो। देखो उन्हें। पूरा-पूरा दिन ऐसे ही फोन पर बैठे रहते हैं। कई कई दिनों तक मुझसे बात तक नहीं करते। मैं बाप हूं इनका और मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं। बताओ क्या किया तुमने इनके साथ? सर ये सब कॉन्फिडेंशियल है। मैं आपको नहीं बता सकता। सर मैंने एनडीए साइन किया है। अरे बच्चों का बचपन खराब हो रहा है। तुम्हें अपने एनडीए की पड़ी है। बताते हो या नहीं? ठीक है सर। ठीक है। ठीक है। आप शांत हो जाइए। सर हमने ना सोशल मीडिया ऐप में 10 ट्रैप्स
(00:41) डाले हैं जिसकी वजह से यू गेट एडिक्टेड टू इट। अगर आप ये 10 ट्रैप समझ जाएंगे [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो आप उन्हें बचा सकते हो। ट्रैक नंबर वन द इनफाइनाइट स्क्रोलिंग मतलब सर हर चीज में ना एक नेचुरल स्टॉपिंग पॉइंट होता है। टीवी शो का एपिसोड खत्म होता है। गेम का लेवल कंप्लीट होता है और सर किताब का चैप्टर भी खत्म होता है। सर खत्म होने के बाद ये छोटा सा पॉज दिमाग को एक मौका देता है सोचने का कि आगे कंटिन्यू करना है या नहीं। लेकिन सर सोशल मीडिया ऐप में कोई नेचुरल स्टॉपिंग पॉइंट है ही नहीं।
(01:27) हमने हटा दिया सर जिससे कि दिमाग को कभी रुकने का सिग्नल ही ना मिले। [संगीत] 5 मिनट की स्क्रॉलिंग कब घंटों में बदल जाती है पता ही नहीं चलता। और यही है हमारा पहला ट्रैप। इनफाइनाइट स्क्रोलिंग। सर आपने कभी सोचा कि ट्रैफिक को रोकने के लिए लाल कलर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? क्यों? क्योंकि रेड कलर का वेवलेंथ सबसे ज्यादा होता है। इसलिए लाल कलर ना दूर से अटेंशन ग्रैब कर लेता है। जब नोटिफिकेशन लाल कलर की होती है तो दिमाग उसे जरूरी समझता है। ठीक वैसे ही सर जैसे आप रेड लाइट को देखकर ब्रेक्स दबा देते हो। और
(02:12) यही है सोशल मीडिया का दूसरा ट्रैप। द रेड कलर ट्रैप। [संगीत] अरे स्ट्रीक का टाइम हो गया। ये क्या किया इसने? इसने सीलिंग की फोटो लेके अपने दोस्तों को क्यों भेजी? स्ट्रीिक्स। मतलब मतलब जब दो लोग आपस में बात करते हैं रोज तो एक काउंटर बढ़ता जाता है जिसे स्ट्रीिक्स [संगीत] कहते हैं। स्कूल में ना यह स्ट्रीिक्स एक स्टेटस सिंबल बन जाता है। जितना बड़ा नंबर उतनी गहरी [संगीत] दोस्ती मानी जाती है। ये ये दोस्ती है। ये दोस्ती नहीं। ऑब्लिगेशन है। [संगीत] एक दिन भी मिस हो गया तो सालों की मेहनत जीरो। इसलिए फोटो
(02:57) में क्या है वो मैटर नहीं करता। सीलिंग हो या घुटना, पार्टी हो या पढ़ाई, सेल्फी हो या घास। बस भेजना जरूरी है। क्या बकवास है ये? कोई कितना दिन ही कर सकता है ये? सर आपको पता है कि अब तक की लॉन्गेस्ट स्ट्रीक का रिकॉर्ड कितने का है? कितना? 11 साल। हैं? 4200 डेज [संगीत] का। और सर सिर्फ इस एक ट्रैप से वी मेक श्योर दैट हर बच्चा अपनी स्ट्रीट को [संगीत] बचाने के लिए रोज ऑनलाइन हमारे ऐप पर जरूर आएगा। [संगीत] क्या मजाक है ये? आखिर आप लोग समायरा कब से आवाज लगा रही हूं। खाना ठंडा हो रहा है। ये तू क्या कर रही है? क्या कर
(03:43) रही है? अब खुली भी नहीं है एक मिनट को। क्या डॉट डॉट देख रही है स्क्रीन के ऊपर। क्या किया ये आप लोगों ने मेरी बेटी के साथ? वो स्क्रीन पर डॉट्स आते ही अलग ही दुनिया में चली जाती है। सर यही है हमारा ट्रैप नंबर फोर। द एंटीिसिपेशन ट्रैक। एंटीिसिपेशन मतलब आप बचपन में कभी स्कूल ट्रिप्स पे गए हैं? हां बिल्कुल। तो आपने कभी नोटिस किया है कि ट्रिप से एक रात पहले कभी नींद नहीं आती। क्योंकि जो आने वाला होता है उसके एंटीिसिपेशन में हमारा मन कभी बेचैन रहता है। सो ही नहीं पाता। [संगीत] इसलिए वो हमें सुन ही नहीं रही। क्योंकि
(04:21) वो अगले मैसेज का वेट कर रही है। [संगीत] सर जब यह नहीं पता कि क्या आने वाला है लेकिन यह पता है कि कुछ आने वाला है तो दिमाग चैन से बैठ सकता है [संगीत] क्या भला? जब वो तीन डॉट स्क्रीन पर आते हैं ना तो दिमाग एक एंटीिसिपेशन में चला जाता है। वेट कर रहा होता है कि कुछ आने वाला है। या तो कोई सरप्राइज या रिवॉर्ड या किसी का जवाब। और जब तक वो मिल नहीं जाता तब तक आपका ध्यान स्क्रीन से हट नहीं सकता। द एंटीिसिपेशन ट्रैप। [संगीत] ये नॉर्मल कैमरे से अपनी फोटो क्यों नहीं खींचती? हर बार फोटो के लिए Snapcat ही क्यों खोलती है? क्योंकि सर नॉर्मल कैमरा में फिल्टर नहीं
(05:03) होता ना। फिल्टर मतलब आंखें बड़ी कर देता है। स्किन स्मूथ कर देता है। फेस को स्लिम कर देता है। बहुत सुंदर बना देता है आपके चेहरे को हमारा फिल्टर। ऑटोमेटिक एक सेकंड में। यह देखिए। सर इसको यूज करने के बाद ना बच्चे नॉर्मल कैमरा यूज करना ही छोड़ देते हैं क्योंकि फिल्टर वाला चेहरा उन्हें बेहतर लगने लगता है और जो रियल चेहरा है वो उन्हें कम पसंद आता है। पर ये तो मेरा असली चेहरा है ही नहीं। नहीं है असली [संगीत] चेहरा लेकिन ये वो चेहरा है जो सब देखना चाहते हैं और हमारा कैमरा उनको वो चेहरा [संगीत] देता है फोटो में ही सही। ऐसे तो इनके अंदर
(05:39) इनसिक्योरिटी आ जाएगी। सर इनसिक्योरिटी से ही तो अपना धंधा चलता है। ये कैसा ट्रैप है सर? यही है हमारा ट्रैप नंबर पांच फिल्टर्ड रियलिटी। [संगीत] चल भाई क्रिकेट खेल के आते हैं। रुक पहले ये रील देख लेते हैं। चल ठीक है। गेंद लेकर तैयार। बल्ले का ऊपरी किनारा लगा। लाइक कर दे। गेंद और ये शानदार कैच। अरे रुक एक और एक रील आ गई। इंडिया अपने हाथों से ये वर्ल्ड कप गवा सकती है। अरे एक और एक आ गई। चैंपियनशिप कैंपेन अरे एक और एक आ गई। लॉट हार्ड स्पीकिंग तो बार-बार आ रही है। आप मुझे एक बात समझाओ। ये क्रिकेट खेलने आए थे और क्रिकेट की ही रील देखने लगे और
(06:23) आपका यहां जो ऐप है ये इनको क्रिकेट की ही रील सजेस्ट किए जा रहा है। ऐसा कैसे कर लेते हो आप लोग? ट्रैप नंबर सिक्स। कस्टमाइज्ड फीड। सर ये सोशल मीडिया ऐप आपको वो दिखाएंगे जो आप देखना चाहते हो। आपसे ज्यादा आपके बारे में हमारे ये ऐप जानते हैं। आपको क्या पसंद है क्या नहीं पसंद वो सब ट्रैक किया जाता है। पर क्यों सिर्फ एक चीज के लिए सर एक ऐसी फीड बनाना जो इतनी पर्सनल हो, इतनी परफेक्ट हो कि बच्चा स्क्रोल करना बंद ही ना कर पाए। हम सब कुछ ट्रैक करते हैं सर। किस पोस्ट [संगीत] पे लाइक किया, कौन सा पोस्ट शेयर किया, किस पोस्ट पर कितना वक्त बिताया, सब
(07:02) कुछ ट्रैक किया जाता है। [गला साफ़ करने की आवाज़] शायद इसीलिए उसके फोन पर वो क्रिकेट की रील्स बार-बार सामने आ रही हैं। क्योंकि आपको पता है सर कि आपके बेटे को क्रिकेट पसंद है। ट्रैप नंबर सिक्स कस्टमाइज्ड फीड। [संगीत] चलना था तो ये पहले इंडियन टीम मीटिंग में डिसाइड। यार, फ़ोन पे लगे रहते हो यार। सारा दिन एक दो मिनट रुक जाओ यार मेरी फ्रेंड की स्टोरी देखनी है प्लीज प्लीज नहीं तुम भी अरे मेरी मेरी स्टोरी गायब हो जाएगी मैं व्यूज देख के देती हूं प्लीज प्लीज यार अरे यार [संगीत] बोली मैं देखना क्या सर इंसान को ना कुछ पाने की खुशी से
(07:47) ज्यादा कुछ खोने का डर कंट्रोल करता है [गला साफ़ करने की आवाज़] स्टोरी मिस हो जाएगी स्ट्रीक टूट जाएगी व्यूज मिस हो जाएंगे और बच्चा यह सब मिस ना हो उसके लिए बार-बार ऐप को खोलता है। तो यह जो स्टोरी एक दिन में गायब हो जाती है क्या यह भी आप लोगों ने जानबूझकर किया है? [हंसी] ट्रैप नंबर सेवन आर्टिफिशियल अर्जेंसी। स्टोरी ना हमेशा के लिए रह सकती थी। लेकिन हमने उसे एक दिन का ही बनाया जिससे कि बच्चा उसी दिन ही देखे, उसी दिन ही पोस्ट करे, उसी दिन ही रिएक्ट करे। कल के लिए छोड़ो ही मत। ताकि रोज ऑनलाइन आना जरूरी हो जाए। सर ये सब लॉस का डर है। फियर ऑफ
(08:26) मिसिंग आउट। वो भी एक ऐसा लॉस जो एक्सिस्ट ही नहीं करता। बस आर्टिफिशियल है। मम्मी, आपका फ़ोन दो ना। मेरा फ़ोन किस लिए? नहीं मुझे अपनी फोटो को लाइक करना है। अपनी फोटो? तूने खुद ही तो डाली थी ना। हां, पर उसपे सिर्फ 99 लाइक्स ही आए। आपके फ़ोन से करूंगी 100 हो जाएंगे। जल्दी दो। ए, क्या है यह? यह अपनी ही फोटो दूसरे के फोन से क्यों लाइक कर रही है? कॉमन है सर। बच्चे अपनी फोटो अलग-अलग अकाउंट से अलग-अलग फोन से लाइक करते हैं। पर कोई अपनी ही फोटो दूसरे के फोन से क्यों लाइक करेगा? सर, बच्चों के लिए ना लाइक्स और फोल्लोवर्स सिर्फ नंबर नहीं है। सेल्फ
(09:04) वर्थ का एक पैरामीटर है। इफ देर फोटोस हैव मोर लाइक, दे विल फील गुड अबाउट देमसेल्व्स। इफ दे हैव मोर फोल्लोवर्स देन देयर फ्रेंड्स, दे विल हैव मोर क्रेडिबिलिटी इन देयर ग्रुप। क्या बकवास है यह? सर बकवास नहीं है। यही तो पूरा गेम है। आज पूरी दुनिया इन नंबर्स के पीछे भागती है। जितना बड़ा नंबर उतना बड़ा स्टेटस सिंबल। [संगीत] हमारे फोन्स में इतने सारे एप्स हैं। मगर जो हमारी उंगली है वो सीधा सोशल मीडिया एप्स पे क्यों जाती है? सर ये लीजिए। इसको खोलिए। नहीं खुल रहा है यार ये सर अब आप यह खोलिए खुल गया ट्रैप नंबर नाइन सिंपलीसिटी सर
(09:56) हमारी उंगली उस ऐप पर बार-बार इसलिए जाती है क्योंकि हमारा ऐप इतना सिंपल है कि दो साल का बच्चा हो या 90 साल का बुजुर्ग हर कोई हमारा [संगीत] ऐप चला सकता है। सिर्फ एक टैप और अलग-अलग वीडियोस चलते हुए आपके सामने आ जाएंगी। इट्स दैट सिंपल। सर जब आप इतने सिंपल तरीके से दिमाग को डोपामिन दिलवा सकते हो तो मेहनत क्यों करनी है सर? आप ये कैसे कर सकते हो? सर हम बिलियंस खर्च करते हैं सिर्फ इसलिए कि आपके अंदर का एक्सपीरियंस रियल लाइफ के किसी भी [संगीत] एक्सपीरियंस से अच्छा हो। सर अपनी लाइफ में कुछ प्रोडक्टिव करना, अपने आपको बेटर करना,
(10:33) अपनी हेल्थ पे वर्क करना बहुत मुश्किल है सर। इसलिए सर लोग हमारा ऐप यूज करते हैं क्योंकि उससे सिंपल चीज आपको लाइफ में कहीं नहीं मिलेगी। चलो बच्चों आज सब साथ में बैठ के खाना खाएंगे। लाओ अपने-अपने फोन दे दो मुझे। इट्स नॉट ओवर व्हेन यू पुट इट डाउन। इट्स डिज़ाइन टू फाइंड यू अगेन। एक आखरी ट्रैप। द पज़
(11:22) पापा कौन है? बेटा खाने से ज्यादाेंट तो नहीं होगा। पहले खा लो कर देती हूं। ये एप्स नोटिफिकेशन रैंडम टाइम पे नहीं भेजता। पापा देखो ना कौन है? बेटा पहले खाना खाओ ठीक से। जब [संगीत] बच्चा काफी देर तक ऐप पर नहीं आता ना तो ऐप खुद बुलाता है। बस पहले खाना खाओ। चलो आप भी खाओ। बस। अबे देखो ना कौन है। बेटा पहले खाना खा लो। उसके बाद बता दूंगा मैं कौन हूं। बस पहले खाना खाओ उसके बाद। बस [हंसी] पापा यार ऐसे कोई ना होता है। यार अगर आप [संगीत]
Author Name:Satvic Youth
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@satvicyouth
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=FmLJbYBu094
Title: The Brain Behind Your Phone Addiction. We Caught Him!
Author Name: Satvic Youth
Description: 10 social media traps. All of them engineered. None of them accidental. We found the man who designs them, and he told us exactly how each one works.
We make videos that are genuinely fun to watch and that leave you with something you'll carry for life. Put one on the TV. Watch it with your kids.
Somewhere in the middle of the laughing, they'll learn something no textbook ever taught them.
SUBSCRIBE and help us make more videos, so that YouTube can become a place not just for entertainment, but also for learning.
Follow us on Instagram: / satvicyouth. .
Glimpses of Health workshop in school : • Shocking Reality of FROOTI! 😱🥭 #sa...
Watch More Video like this here 👇🏻
Title : We Exposed India's Food Company’s Secret Meeting!
Link : • We Exposed India's Food Company’s Secret M...
Title : We Tested Every Grain… The Winner Will Surprise You!
Link : • We Tested Every Grain… The Winner Will Sur...
Let us know in the comments: how do you feel about this video, and should we continue making more of this kind of format? 😉👇🏻
#satvicmovement #satvicyouth #satvicyoga
Transcript:
(00:03) तुम वही इंजीनियर हो ना जिसने ये सोशल मीडिया बनाया है। कौन है [नाक से की जाने वाली आवाज़] तुम? जाने दो। देखो उन्हें। पूरा-पूरा दिन ऐसे ही फोन पर बैठे रहते हैं। कई कई दिनों तक मुझसे बात तक नहीं करते। मैं बाप हूं इनका और मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं। बताओ क्या किया तुमने इनके साथ? सर ये सब कॉन्फिडेंशियल है। मैं आपको नहीं बता सकता। सर मैंने एनडीए साइन किया है। अरे बच्चों का बचपन खराब हो रहा है। तुम्हें अपने एनडीए की पड़ी है। बताते हो या नहीं? ठीक है सर। ठीक है। ठीक है। आप शांत हो जाइए। सर हमने ना सोशल मीडिया ऐप में 10 ट्रैप्स
(00:41) डाले हैं जिसकी वजह से यू गेट एडिक्टेड टू इट। अगर आप ये 10 ट्रैप समझ जाएंगे [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो आप उन्हें बचा सकते हो। ट्रैक नंबर वन द इनफाइनाइट स्क्रोलिंग मतलब सर हर चीज में ना एक नेचुरल स्टॉपिंग पॉइंट होता है। टीवी शो का एपिसोड खत्म होता है। गेम का लेवल कंप्लीट होता है और सर किताब का चैप्टर भी खत्म होता है। सर खत्म होने के बाद ये छोटा सा पॉज दिमाग को एक मौका देता है सोचने का कि आगे कंटिन्यू करना है या नहीं। लेकिन सर सोशल मीडिया ऐप में कोई नेचुरल स्टॉपिंग पॉइंट है ही नहीं।
(01:27) हमने हटा दिया सर जिससे कि दिमाग को कभी रुकने का सिग्नल ही ना मिले। [संगीत] 5 मिनट की स्क्रॉलिंग कब घंटों में बदल जाती है पता ही नहीं चलता। और यही है हमारा पहला ट्रैप। इनफाइनाइट स्क्रोलिंग। सर आपने कभी सोचा कि ट्रैफिक को रोकने के लिए लाल कलर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? क्यों? क्योंकि रेड कलर का वेवलेंथ सबसे ज्यादा होता है। इसलिए लाल कलर ना दूर से अटेंशन ग्रैब कर लेता है। जब नोटिफिकेशन लाल कलर की होती है तो दिमाग उसे जरूरी समझता है। ठीक वैसे ही सर जैसे आप रेड लाइट को देखकर ब्रेक्स दबा देते हो। और
(02:12) यही है सोशल मीडिया का दूसरा ट्रैप। द रेड कलर ट्रैप। [संगीत] अरे स्ट्रीक का टाइम हो गया। ये क्या किया इसने? इसने सीलिंग की फोटो लेके अपने दोस्तों को क्यों भेजी? स्ट्रीिक्स। मतलब मतलब जब दो लोग आपस में बात करते हैं रोज तो एक काउंटर बढ़ता जाता है जिसे स्ट्रीिक्स [संगीत] कहते हैं। स्कूल में ना यह स्ट्रीिक्स एक स्टेटस सिंबल बन जाता है। जितना बड़ा नंबर उतनी गहरी [संगीत] दोस्ती मानी जाती है। ये ये दोस्ती है। ये दोस्ती नहीं। ऑब्लिगेशन है। [संगीत] एक दिन भी मिस हो गया तो सालों की मेहनत जीरो। इसलिए फोटो
(02:57) में क्या है वो मैटर नहीं करता। सीलिंग हो या घुटना, पार्टी हो या पढ़ाई, सेल्फी हो या घास। बस भेजना जरूरी है। क्या बकवास है ये? कोई कितना दिन ही कर सकता है ये? सर आपको पता है कि अब तक की लॉन्गेस्ट स्ट्रीक का रिकॉर्ड कितने का है? कितना? 11 साल। हैं? 4200 डेज [संगीत] का। और सर सिर्फ इस एक ट्रैप से वी मेक श्योर दैट हर बच्चा अपनी स्ट्रीट को [संगीत] बचाने के लिए रोज ऑनलाइन हमारे ऐप पर जरूर आएगा। [संगीत] क्या मजाक है ये? आखिर आप लोग समायरा कब से आवाज लगा रही हूं। खाना ठंडा हो रहा है। ये तू क्या कर रही है? क्या कर
(03:43) रही है? अब खुली भी नहीं है एक मिनट को। क्या डॉट डॉट देख रही है स्क्रीन के ऊपर। क्या किया ये आप लोगों ने मेरी बेटी के साथ? वो स्क्रीन पर डॉट्स आते ही अलग ही दुनिया में चली जाती है। सर यही है हमारा ट्रैप नंबर फोर। द एंटीिसिपेशन ट्रैक। एंटीिसिपेशन मतलब आप बचपन में कभी स्कूल ट्रिप्स पे गए हैं? हां बिल्कुल। तो आपने कभी नोटिस किया है कि ट्रिप से एक रात पहले कभी नींद नहीं आती। क्योंकि जो आने वाला होता है उसके एंटीिसिपेशन में हमारा मन कभी बेचैन रहता है। सो ही नहीं पाता। [संगीत] इसलिए वो हमें सुन ही नहीं रही। क्योंकि
(04:21) वो अगले मैसेज का वेट कर रही है। [संगीत] सर जब यह नहीं पता कि क्या आने वाला है लेकिन यह पता है कि कुछ आने वाला है तो दिमाग चैन से बैठ सकता है [संगीत] क्या भला? जब वो तीन डॉट स्क्रीन पर आते हैं ना तो दिमाग एक एंटीिसिपेशन में चला जाता है। वेट कर रहा होता है कि कुछ आने वाला है। या तो कोई सरप्राइज या रिवॉर्ड या किसी का जवाब। और जब तक वो मिल नहीं जाता तब तक आपका ध्यान स्क्रीन से हट नहीं सकता। द एंटीिसिपेशन ट्रैप। [संगीत] ये नॉर्मल कैमरे से अपनी फोटो क्यों नहीं खींचती? हर बार फोटो के लिए Snapcat ही क्यों खोलती है? क्योंकि सर नॉर्मल कैमरा में फिल्टर नहीं
(05:03) होता ना। फिल्टर मतलब आंखें बड़ी कर देता है। स्किन स्मूथ कर देता है। फेस को स्लिम कर देता है। बहुत सुंदर बना देता है आपके चेहरे को हमारा फिल्टर। ऑटोमेटिक एक सेकंड में। यह देखिए। सर इसको यूज करने के बाद ना बच्चे नॉर्मल कैमरा यूज करना ही छोड़ देते हैं क्योंकि फिल्टर वाला चेहरा उन्हें बेहतर लगने लगता है और जो रियल चेहरा है वो उन्हें कम पसंद आता है। पर ये तो मेरा असली चेहरा है ही नहीं। नहीं है असली [संगीत] चेहरा लेकिन ये वो चेहरा है जो सब देखना चाहते हैं और हमारा कैमरा उनको वो चेहरा [संगीत] देता है फोटो में ही सही। ऐसे तो इनके अंदर
(05:39) इनसिक्योरिटी आ जाएगी। सर इनसिक्योरिटी से ही तो अपना धंधा चलता है। ये कैसा ट्रैप है सर? यही है हमारा ट्रैप नंबर पांच फिल्टर्ड रियलिटी। [संगीत] चल भाई क्रिकेट खेल के आते हैं। रुक पहले ये रील देख लेते हैं। चल ठीक है। गेंद लेकर तैयार। बल्ले का ऊपरी किनारा लगा। लाइक कर दे। गेंद और ये शानदार कैच। अरे रुक एक और एक रील आ गई। इंडिया अपने हाथों से ये वर्ल्ड कप गवा सकती है। अरे एक और एक आ गई। चैंपियनशिप कैंपेन अरे एक और एक आ गई। लॉट हार्ड स्पीकिंग तो बार-बार आ रही है। आप मुझे एक बात समझाओ। ये क्रिकेट खेलने आए थे और क्रिकेट की ही रील देखने लगे और
(06:23) आपका यहां जो ऐप है ये इनको क्रिकेट की ही रील सजेस्ट किए जा रहा है। ऐसा कैसे कर लेते हो आप लोग? ट्रैप नंबर सिक्स। कस्टमाइज्ड फीड। सर ये सोशल मीडिया ऐप आपको वो दिखाएंगे जो आप देखना चाहते हो। आपसे ज्यादा आपके बारे में हमारे ये ऐप जानते हैं। आपको क्या पसंद है क्या नहीं पसंद वो सब ट्रैक किया जाता है। पर क्यों सिर्फ एक चीज के लिए सर एक ऐसी फीड बनाना जो इतनी पर्सनल हो, इतनी परफेक्ट हो कि बच्चा स्क्रोल करना बंद ही ना कर पाए। हम सब कुछ ट्रैक करते हैं सर। किस पोस्ट [संगीत] पे लाइक किया, कौन सा पोस्ट शेयर किया, किस पोस्ट पर कितना वक्त बिताया, सब
(07:02) कुछ ट्रैक किया जाता है। [गला साफ़ करने की आवाज़] शायद इसीलिए उसके फोन पर वो क्रिकेट की रील्स बार-बार सामने आ रही हैं। क्योंकि आपको पता है सर कि आपके बेटे को क्रिकेट पसंद है। ट्रैप नंबर सिक्स कस्टमाइज्ड फीड। [संगीत] चलना था तो ये पहले इंडियन टीम मीटिंग में डिसाइड। यार, फ़ोन पे लगे रहते हो यार। सारा दिन एक दो मिनट रुक जाओ यार मेरी फ्रेंड की स्टोरी देखनी है प्लीज प्लीज नहीं तुम भी अरे मेरी मेरी स्टोरी गायब हो जाएगी मैं व्यूज देख के देती हूं प्लीज प्लीज यार अरे यार [संगीत] बोली मैं देखना क्या सर इंसान को ना कुछ पाने की खुशी से
(07:47) ज्यादा कुछ खोने का डर कंट्रोल करता है [गला साफ़ करने की आवाज़] स्टोरी मिस हो जाएगी स्ट्रीक टूट जाएगी व्यूज मिस हो जाएंगे और बच्चा यह सब मिस ना हो उसके लिए बार-बार ऐप को खोलता है। तो यह जो स्टोरी एक दिन में गायब हो जाती है क्या यह भी आप लोगों ने जानबूझकर किया है? [हंसी] ट्रैप नंबर सेवन आर्टिफिशियल अर्जेंसी। स्टोरी ना हमेशा के लिए रह सकती थी। लेकिन हमने उसे एक दिन का ही बनाया जिससे कि बच्चा उसी दिन ही देखे, उसी दिन ही पोस्ट करे, उसी दिन ही रिएक्ट करे। कल के लिए छोड़ो ही मत। ताकि रोज ऑनलाइन आना जरूरी हो जाए। सर ये सब लॉस का डर है। फियर ऑफ
(08:26) मिसिंग आउट। वो भी एक ऐसा लॉस जो एक्सिस्ट ही नहीं करता। बस आर्टिफिशियल है। मम्मी, आपका फ़ोन दो ना। मेरा फ़ोन किस लिए? नहीं मुझे अपनी फोटो को लाइक करना है। अपनी फोटो? तूने खुद ही तो डाली थी ना। हां, पर उसपे सिर्फ 99 लाइक्स ही आए। आपके फ़ोन से करूंगी 100 हो जाएंगे। जल्दी दो। ए, क्या है यह? यह अपनी ही फोटो दूसरे के फोन से क्यों लाइक कर रही है? कॉमन है सर। बच्चे अपनी फोटो अलग-अलग अकाउंट से अलग-अलग फोन से लाइक करते हैं। पर कोई अपनी ही फोटो दूसरे के फोन से क्यों लाइक करेगा? सर, बच्चों के लिए ना लाइक्स और फोल्लोवर्स सिर्फ नंबर नहीं है। सेल्फ
(09:04) वर्थ का एक पैरामीटर है। इफ देर फोटोस हैव मोर लाइक, दे विल फील गुड अबाउट देमसेल्व्स। इफ दे हैव मोर फोल्लोवर्स देन देयर फ्रेंड्स, दे विल हैव मोर क्रेडिबिलिटी इन देयर ग्रुप। क्या बकवास है यह? सर बकवास नहीं है। यही तो पूरा गेम है। आज पूरी दुनिया इन नंबर्स के पीछे भागती है। जितना बड़ा नंबर उतना बड़ा स्टेटस सिंबल। [संगीत] हमारे फोन्स में इतने सारे एप्स हैं। मगर जो हमारी उंगली है वो सीधा सोशल मीडिया एप्स पे क्यों जाती है? सर ये लीजिए। इसको खोलिए। नहीं खुल रहा है यार ये सर अब आप यह खोलिए खुल गया ट्रैप नंबर नाइन सिंपलीसिटी सर
(09:56) हमारी उंगली उस ऐप पर बार-बार इसलिए जाती है क्योंकि हमारा ऐप इतना सिंपल है कि दो साल का बच्चा हो या 90 साल का बुजुर्ग हर कोई हमारा [संगीत] ऐप चला सकता है। सिर्फ एक टैप और अलग-अलग वीडियोस चलते हुए आपके सामने आ जाएंगी। इट्स दैट सिंपल। सर जब आप इतने सिंपल तरीके से दिमाग को डोपामिन दिलवा सकते हो तो मेहनत क्यों करनी है सर? आप ये कैसे कर सकते हो? सर हम बिलियंस खर्च करते हैं सिर्फ इसलिए कि आपके अंदर का एक्सपीरियंस रियल लाइफ के किसी भी [संगीत] एक्सपीरियंस से अच्छा हो। सर अपनी लाइफ में कुछ प्रोडक्टिव करना, अपने आपको बेटर करना,
(10:33) अपनी हेल्थ पे वर्क करना बहुत मुश्किल है सर। इसलिए सर लोग हमारा ऐप यूज करते हैं क्योंकि उससे सिंपल चीज आपको लाइफ में कहीं नहीं मिलेगी। चलो बच्चों आज सब साथ में बैठ के खाना खाएंगे। लाओ अपने-अपने फोन दे दो मुझे। इट्स नॉट ओवर व्हेन यू पुट इट डाउन। इट्स डिज़ाइन टू फाइंड यू अगेन। एक आखरी ट्रैप। द पज़
(11:22) पापा कौन है? बेटा खाने से ज्यादाेंट तो नहीं होगा। पहले खा लो कर देती हूं। ये एप्स नोटिफिकेशन रैंडम टाइम पे नहीं भेजता। पापा देखो ना कौन है? बेटा पहले खाना खाओ ठीक से। जब [संगीत] बच्चा काफी देर तक ऐप पर नहीं आता ना तो ऐप खुद बुलाता है। बस पहले खाना खाओ। चलो आप भी खाओ। बस। अबे देखो ना कौन है। बेटा पहले खाना खा लो। उसके बाद बता दूंगा मैं कौन हूं। बस पहले खाना खाओ उसके बाद। बस [हंसी] पापा यार ऐसे कोई ना होता है। यार अगर आप [संगीत]
No comments:
Post a Comment