Bollywood's DIRTY Divorce Business
Author Name:Nikita Thakur
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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=UG1xU9SZ1oI
Transcript:
(00:00) ये मीम देखो कूल स्टार्टअप आइडिया विद जीरो फंडिंग पहले एक अमीर लड़के से शादी कर लो उसके बाद उसके साथ बच्चा पैदा कर लो और फिर उसे डिवोर्स देखके उससे एलिमि नहीं वसूल लो अगर हम शिखर धवन का केस देखें तो कहीं ना कहीं कुछ सिमिलरिटीज दिख रही है कि अगर मे बेटे की बात करें कि भाई उसका बर्थडे और टच में नहीं हं चार पांच महीने हो गए इसके अलावा अगर हार्दिक पांड्या और नताशा स्टैनकोविक का डिवोर्स होता है तो 70 पर प्रॉपर्टी नताशा को चली जाएगी ऐसा न्यूज़ आ रहा था आज हार्दिक का टोटल नेटवर्क है 94 करोड़ यानी कि पूरे 65 करोड़ नताशा को ऐसे ही मिल जाएंगे ऋतिक
(00:35) रोशन और सुजैन खान के डिवोर्स केस में भी सुजैन को 380 करोड़ मिले थे आमिर खान की भी फर्स्ट वाइफ रीना को उन्होंने उस वक्त 2002 में ₹ करोड़ का लमनी दिया था फिर फरन अखतर ने भी अपनी वाइफ अधुना को एमनी में मुंबई के पोश एरिया बैंडस्टैंड का 10000 स्क्वा फीट का करोस का बंगलो गिफ्ट कर दिया था सो आखिर सारे बॉलीवुड सिलैब्स के डिवोर्स में इतने पैसे क्यों दिए जाते और सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं इंडस्ट्रियलिस्ट और बिजनेसमैन भी इसके शिकार हो चुके हैं रेमन के ओनर गौतम सिंघानिया को 36 साल की शादी के बाद उनकी एली मनी में 1.4 बिलियन डॉलर
(01:12) देने पड़े थे कैन यू बिलीव ये अमाउंट लिटरली भूटान जैसे देश की आधी जीडीपी के बराबर है सो क्या वाकई में आज इंडिया में डिवोर्स एक बिजनेस बन चुका है आखिर ये सिलेब्स कैसे एलुमनी मेंटेनेंस के नाम पर 00 करोड़ तक मांग ले रहे हैं और ऐसे क्यों है कि वर्किंग वाइफ होने के बावजूद भी सिर्फ हस्बैंड को ही करोड़ रुपए एलुमनी के तौर पे देना पड़ रहा है वाइफ को नहीं वेल द आंसर इज लूप होल्स इन आवर लॉज व्हिच आर नॉट वेरी जनर न्यूट्रल हमारे एमनी लॉज काफी ज्यादा टिंटेड है टुवर्ड्स वुमेन और इसलिए कई डिवोर्स में इन्हीं लॉज का फायदा उठाकर उल्टे पल्टे झूठे फूटे आरोप थोप करर
(01:47) करोड़ों की एलुमनी एक्सटॉर्ट की जाती है सो यस दिस माइट बी अ बिजनेस स्ट्रेटेजी फॉर सम पीपल एंड लेट मी एक्सप्लेन यू हाउ शिखर धवन का केस से स्टार्ट करते हैं इन्होंने अपनी ठ साल की शादी में जिसमें उनकी बीवी तो उनके साथ एक साल भी नहीं र उन्हें डिवोर्स एली मनी के नाम पर अपनी एक्स वाइफ को ₹ करोड़ देने पड़े थे मैं फेल इसलिए हुआ क्योंकि मुझे उस उस फील्ड का अंदाजा नहीं था सो बेसिकली 30 अक्टूबर 2012 में शिखर और आयशा ने शादी कर ली थी और उसके 2 साल बाद 2014 में उनका बेटा जोरावर ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुआ इस दौरान आयशा ने शिखर से वादा किया कि वो
(02:21) ऑस्ट्रेलिया से इंडिया शिफ्ट हो जाएंगी बहुत ही जल्द ब ऐसा हुआ नहीं 8 साल की शादी में शिखर और आयशा लगातार एक साल भी साथ में नहीं रहे और फिर 2021 में आयशा ने सोशल मीडिया पे ही डिवोर्स अनाउंस कर दिया जिसके बाद रिपोर्ट्स के हिसाब से शिखर धवन की तब ऑस्ट्रेलिया में तीन प्रॉपर्टीज थी तो आयशा ने उन तीनों प्रॉपर्टीज का 99 पर स्टेक प्लस ₹ करोड़ शिखर से मांग लिए एज एलुमनी सिर्फ इतना ही नहीं आयशा ने तो एक कदम और आगे बढ़कर बीसीसीआई से लेकर टॉप इंडियन अथॉरिटीज यहां तक कि शिखर के कुछ फ्रेंड्स तक को मेल लिख के शिखर को डिफेम
(02:56) करने की कोशिश की थी जिसमें उन्होंने उन परे ये एलिगेशंस किए कि आयशा के फर्स्ट हस्बैंड से हुई उसकी जो फर्स्ट डॉटर है ना उसके बॉयफ्रेंड से पैसे मांगकर आयशा अपना घर चला रही है क्योंकि शिखर उससे पैसे नहीं देता है ऐसे वियर्ड एलिगेशंस लगाकर उसने शिखर से 88.5 लाख हर महीने डिमांड किए जो शिखर ने पे करना भी शुरू कर दिया था और बाय द वे इस 85 लाख में उसने कोर्ट के सामने अपनी पहली शादी से हुए दो बेटियों का खर्चा शिखर के बेटे जोरावर का खर्चा अपने इंटरनेशनल ट्रिप्स का खर्चा और तो और अपने तीन डॉग्स की ट्रेनिंग तक का खर्चा शिखर से वसूल ने की कोशिश की थी अब
(03:31) मुझे बताओ शादी के बाद एक साल भी साथ नहीं रहने के बावजूद ऑलरेडी अपने प्रीवियस डिवोर्स से अपने पहले वाले हस्बैंड से उनकी बेटियों के लिए एली मनी लेने के बावजूद इवन आयशा खुद एक इंटरनेशनल किक बॉक्सर है तो उसकी भी अच्छी खासी अर्निंग है इसके बावजूद और हर महीने 85 लाख शिखर से एली मनी पे मिलने के बावजूद 13 करोड़ की एल मनी और प्रॉपर्टी में 99 का स्टेक लेना ये कितना जायज है इन सबके भी बावजूद शेखर एमिनी पे करने के लिए रेडी भी हो गए थे बट फिर भी उनको जोरावर से मिलने नहीं दिया जा रहा था और इस दौरान बार-बार आयशा की भी डिमांड चेंज होती रहती थी हां सो इन
(04:06) सब से तंग होकर साल 2023 में शिखर धवन ने दिल्ली फैमिली कोर्ट में एक क्रॉस केस फाइल किया आयशा के अगेंस्ट और तब मालूम पड़ा कि आयशा ने कुछ लीगल लूप होल्स का इस्तेमाल किया जो अनफॉर्चूनेटली शिगर धवन के लिए काफी पेनफुल हो गया बट बिफोर डिस्कसिंग दैट मुझे आपके साथ मेरा एक पेनफुल एक्सपीरियंस शेयर करना है सो मुझे ना बचपन में मेटल बेसेस लग चुके हैं एंड ट्रस्ट मी आई नो वो प्रोसेस कितना अनकंफर्ट बल होता है एक तो ये ट्रेडिशनल मेटल बेसेस परमानेंट होते हैं तो मैं अपना फेवरेट खाना भी नहीं खा पाती थी प्लस ट्रीटमेंट में डेढ़ साल लग गया था और ये
(04:35) दिखने में भी ना इतने अच्छे नहीं लगते हैं उस समय ऑफकोर्स इसके अल्टरनेटिव्स उतने अवेलेबल नहीं थे लेकिन अभी अगर आपको अपने टेढ़े मेढे दांत सीधे करने हैं या फिर टीथ के गैप्स को फिक्स करना है तो इन ब्रेसेज का एक काफी बेटर अल्टरनेटिव है ये टीथ लाइनर्स बाय तुत्सी जो बिल्कुल ही इनविजिबल होते हैं सो दैट यू कैन स्माइल कॉन्फिडेंटली इनसे आपका ट्रीटमेंट भी इन कंपेरिजन काफी कंफर्टेबल होता है सिर्फ छ से 10 महीने ही लगते हैं और उस दौरान आप इन्हें निकाल के कुछ भी खा पी सकते हो इन्हें ऑर्डर करने का प्रोसेस भी एकदम सिंपल है पहले थसी का ऐप डाउनलोड करो
(05:06) ऑनलाइन फॉर्म फिल करो और एक फ्री 3d टीथ स्कैन बुक कर लो इसके बाद आप टीथ स्कैन आपके घर पे या फिर टूथसी के एक्सपीरियंस सेंटर्स पे कहीं पे भी करवा सकते हो देन कुछ ही दिनों में आपके कस्टमाइज एलाइनर्स बनकर तैयार हो जाएंगे दैट्ची ने 3 लाख से भी ज्यादा स्माइल्स डिजाइन किए है तो रिजल्ट्स गारंटीड है तो अगर आपके भी दांत टेढ़े मेढे हैं या फिर दांतों में एप्स है और आप उसे सीधा करना चाहते हो तो डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक पर क्लिक करो या फिर तुत्सी का ऐप डाउनलोड करो एंड बुक अ फ्री टीथ स्कैन विद तुत्सी नाउ कमिंग बैक टू शिखर धवन केस एंड जब फिर
(05:40) ये पूरा मामला कोर्ट में गया तब कोर्ट ने भी एक्सेप्ट किया कि हां शिखर धवन के साथ काफी ज्यादा मेंटल क्रुएलिटी किया जा रहा था आयशा के द्वारा और कोर्ट का वर्डिक्ट था कि उन्हीं ग्राउंड्स पे शिखर धवन का डिवोर्स ग्रांड किया जाता है जिसमें उन्हें आयशा को एली मिनी में अब इसके बाद ₹ रुपया भी और देने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन हां शिखर को अपने बेटे जोरावर से मिलने की इजाजत दी जानी चाहिए बट अगेन आयशा ने जोरावर को शिखर से नहीं मिलने दिया इसके बावजूद रीजन वही जोरावर ऑस्ट्रेलियन बॉर्न है तो इंडियन कोर्ट्स का जूरिस क्शन वहां पे लागू नहीं होता है
(06:10) अब देखो इस केस में ना आयशा ने बड़े ही स्मार्टली हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट के सेक्शन 18 का बहुत खूबी से मिसयूज किया है क्योंकि ये एक्ट में क्लियर मेंशन है कि एक हस्बैंड को वाइफ चाहे साथ में हो या फिर नहीं उसको मेंटेन यानी उसका खर्चा उठाना है इट इज कंपलसरी अब जब वाइफ का पूरा ध्यान रखने की रिस्पांसिबिलिटी सिर्फ हस्बैंड की है तो ने इसी लॉ का इस्तेमाल करके हर महीने 85 लाख शिखर से वसूले लेकिन सिर्फ क्रुएलिटी ही हर डिवोर्स का रीजन नहीं है कई बार फीमेल्स डोमेस्टिक वायलेंस जैसे लॉस को भी पैसों के लिए मिसयूज करती
(06:42) है जैसे इंडियन क्रिकेटर मोहम्मद शमी का केस में हुआ था रिपोर्ट्स के हिसाब से शमी की वाइफ हसीन जहान ने साल 2018 में उनके और शमी के घर वालों पे डोमेस्टिक वायलेंस का केस डाला और हर महीने ₹1 लाख एली मनी के डिमांड रख दी और वो यहां भी नहीं दुखी उन्होंने तो अपने केस को और स्ट्रांग करने के लिए शमी पे एडल्ट्री यानी कि अफेयर डाउी और मैच फिक्सिंग के तक सीरियस आरोप लगा दिए इससे ऑफकोर्स शमी की बदनामी तो हुई लेकिन उसी दौरान शमी यूएसए में एक मैच खेलने जा रहे थे और उनका वीजा ही इसके वजह से रिजेक्ट हो गया और फिर इसके 8 साल बाद
(07:12) अभी इसी साल 2024 में शमी को जस्टिस मिला कोलकाता हाई कोर्ट ने क्लीयरली वर्डिक्ट दिया कि मोहम्मद शमी को अपनी वाइफ को ₹1 लाख देने की जरूरत नहीं है वो उसे एरी मनी में सिर्फ 130000 ही देना चाहिए और कोर्ट ने यह भी रूल किया कि उसकी वाइफ ने अफेयर डाउी मैच फिक्सिंग और डोमेस्टिक वायलेंस के जितने भी चार्जेस लगाए थे जो भी शमी पे लगाए थे वो सब फेक थे छूटे थे नाउ अगर आपने यहां भी ध्यान से देखा तो शमी के केस में उनकी वाइफ हसीन जहान ने दो सेक्शंस को मिसयूज किया पहला डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट 2005 का सेक्शन थ्री जिस एक्ट के मुताबिक वायलेंस
(07:46) को एक बहुत ही बड़ा ब्रॉडर टर्म दिया गया है जैसे फॉर एग्जांपल अगर कोई पति अपनी वाइफ से एक ऊंची आवाज में भी बात कर ले तो उसे डोमेस्टिक वायलेंस में गिना जा सकता है और इसी बेसिस पे वाइफ केस भी कर सकती है अब इसके बाद ये हस्बैंड की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने आप को इनोसेंट प्रूफ करके दिखाए कि मैंने कोई डोमेस्टिक वायलेंस नहीं किया है दूसरा आईपीसी सेक्शन 498 ए डवरी यह केस तो लड़की लड़के के पूरे फैमिली पे दक लगा सकती है जिससे उसकी पूरी फैमिली जेल तक जा सकती है अगेन अब उस बंदे और उसकी फैमिली को प्रूफ करना है कि उन्होंने डवरी नहीं ली है अब क्योंकि ये
(08:18) दोनों भी लॉस काफी ज्यादा टिटेड है टुवर्ड्स वुमेन इसीलिए मैक्सिमम डिवोर्स जिसमें हेवी एलुमनी एक्सटॉर्ट किया जाता है उसमें इन दोनों लॉज का भर के मिसयूज होता है और यह बात खुद सुप्रीम कोर्ट तक बो चुकी है कितने किसत में तो ऐसा देखा गया है कि लड़की म्यूचुअल डिवोर्स होने के बाद रियलाइफ करती है कि अरे इस डिवोर्स से तो झूठा केस करके लाखों रुपए कमा सकती हूं जैसे फॉर एग्जांपल रीमा गुप्ता वर्सेस अनिल कुमार गुप्ता केस और गौरव मेहता वर्सेस अनामिका चोपड़ा केस इन दोनों भी केसेस में सेम हुआ था शुरू में वाइफ ने म्यूचुअल कंसेप्ट के साथ डिफोर्स ले लिया
(08:48) था पर बाद में एलुमनी मांगने के लिए उन्होंने डवरी और डोमेस्टिक वायलेंस के एक्ट के तहत केस कर दिया एंड नाउ द मोस्ट शॉकिंग पार्ट ऑफिशियल डाटा के हिसाब से इंडि इंडिया में इन दोनों एक्ट्स के अंदर फाइल होने वाले 85 पर केसेस फेक होते हैं झूठे होते हैं 85 पर कैन यू बिलीव दैट एक्चुअली काफी डिवोर्स के केस में ज्यादा से ज्यादा एलम एक्सटॉर्ट करने के लिए इन लॉस का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इससे चार एडवांटेजेस होते हैं पहला इन लॉज को ग्राउंड फॉर डिवोर्स माना जाता है जिससे अर्ली डिवोर्स मिलता है मतलब अगर हस्बैंड डिवोर्स नहीं देना चाहता तो
(09:22) वायलेंस डाउी ये सारे क्लॉसस जोड़कर डिवोर्स जल्दी मिल जाता है दूसरा इस लॉ से चाइल्ड कस्टडी भी इजली मिलती है क्योंकि को एक अबूसिव पेरेंट के पास बच्चा नहीं सौंपना चाहता तीसरा मोस्टली आजकल स्पेशली सिटीज वगैरह में हस्बैंड और वाइफ की जॉइंट प्रॉपर्टी होती है ऐसे क्लॉसस ऐड करके विक्टिम को प्रॉपर्टी में ज्यादा बड़ा शेयर मिलता है और चौथा जैसे हमने देखा बाकी सारे केसेस में इससे एलुमनी का पैसा भी ज्यादा मिलता है हस्बैंड से इनफैक्ट रेमंड के केस में गौतम सिंघनी के साथ भी सेम हुआ था उनकी वाइफ नवाज मोदी ने लेजिबली डोमेस्टिक वायलेंस का केस डालकर
(09:53) अपनी शादी के 32 साल बाद 1.4 बिलियन डॉलर्स यानी कि गौतम सिं ने पर्सनल वेल्थ का 75 पर डायरेक्टली एक झटके में मांग लिया और कई केसेस में तो ऐसा भी देखा गया है कि पहले डोमेस्टिक वायलेंस का केस वाइफ ने डाल दिया लेकिन फिर बाद में जब पैसे का सेटलमेंट हो गया तो इन चार्जेस को ड्रॉप कर दिया जाता है जैसे क्रिकेटर युवराज सिंह की भाभी आकांक्षा शर्मा ने एलेज उनके घर वाले और उनके भाई पे डोमेस्टिक वायलेंस का केस फाइल कर दिया था बट रिपोर्ट्स के हिसाब से जैसे ही उनको 8 लाख मिल गए उन्होंने सारे चार्जेस ड्रॉप करके वो डिवोर्स के लिए एग्री हो गई और उन्होंने
(10:29) फाइनल सेट डिटरमिन कर लिया नाउ नेक्स्ट तरीका तो सबसे इजस्ट तरीका है फॉर डिवोर्स एन एलुमनी व्हिच इज म्यूचुअल डिवोर्स ये ट्रेंड मोस्टली आपको हाई प्रोफाइल केसेस में बहुत कॉमनली दिखेगा जहां पर बिना किसी डिबेट और ब्लेम गेम के मतलब एटलीस्ट कैमरा के सामने कोई एक दूसरे पे ब्लेम नहीं करता है और दोनों ही पार्टीज टेबल पे एक हाई एलुमनी अमाउंट डिसाइड करके डिवोर्स फाइनल कर देते हैं जैसे मीडिया रिपोर्ट्स के हिसाब से ऋतिक के डिवोर्स के केस में सुजैन ने ऋतिक से 400 करोड़ की एलुमिनम की डिमांड रखी थी पर आखिर में दोनों कपल्स ने
(10:56) 380 करोड़ में म्यूचुअल डिवोर्स एक्सेप्ट कर लिया मोस्टली ब बिटीज में आप कॉमन देखोगे क्योंकि उनको पता है कि अगर ये सारी बातें मीडिया के सामने आएगी तो उन्हें एक नेगेटिव पब्लिसिटी मिलेगी बट ऐसे केसेस में क्योंकि ये एक म्यूचुअल डिवोर्स होता है तो ये काफी फास्टेस्ट रूट है डिवोर्स करने का एंड बहुत बार इन डिवोर्स केसेस में एलुमनी या फिर सेटलमेंट का अमाउंट तक डिस्कोस नहीं किया जाता जैसे कि आमिर खान और किरण राव अरबाज और मलायका जैसे केसेस में अमाउंट डिस्क्लोज नहीं किया गया था पर मेजर सवाल तो सबको यही होगा कि ये अमाउंट कैसे डिसाइड होता होगा
(11:22) सो देखो इंडिया में हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 25 के अंडर एली मनी दो फॉर्म्स में दी जाती है एक मेंटेनेंस जिसमें सिफिक अमाउंट हर महीना दिया जाता है और दूसरा वन टाइम सेटलमेंट लिमिनी जिसमें एक लम समम अमाउंट एक ही बार दे दिया जाता है अब यहां पर एक बात नोटिस करने वाली ये है कि सेक्शन 25 में एक्सप्लीसिटली ये मेंशन है कि वाइफ और हस्बैंड दोनों भी एलिम के लिए एलिजिबल हो सकते हैं यस डिवोर्स में हस्बैंड को भी एलुमनी मिल सकती है लेकिन ये यूजुअली वैसे केसेस में होती है जब हस्बैंड काफी ज्यादा नीडी हो और वो खुद से पैसे नहीं कमा सकता फॉर एन एग्जांपल 2014
(11:54) में महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक केस हुआ था जिसमें वाइफ ने हस्बैंड क्रुएलिटी का रीजन देके डिवोर्स ले ली या पर 2 साल बाद हस्बैंड ने मंथली ₹1500000 पे करेगी क्योंकि हस्बैंड के पास इनकम का कोई सोर्स नहीं है सो डेफिनेटली इंडिया में औरतें भी एलुमनी पे करती है हस्बैंड को लेकिन क्योंकि इंडिया में वर्किंग वूमेन पॉपुलेशन कम है ऐसे केसेस हम लोग को कम देखने को मिलता है जहां पे हस्बैंड नहीं अर्न कर रहा है और लीगली एलुमनी डिजर्व करता है अब देखो हिंदू मैनेज एक्ट के अंडर या इंडिया के किसी भी लॉ के अंडर यह मेंशन नहीं है कि किस इसको कितनी एली
(12:30) मनी मिलनी चाहिए ये बात हर कोर्ट केस टू केस बेसिस पर डिसाइड करता है लेकिन हां कितनी एली मनी किसको मिलेगी सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने इसके लिए कुछ स्टैंडर्ड सेट किए हुए हैं पहला अगर एलिमि मंथली या फिर पीरियोडिक बेसिस पर डिसाइड होती है तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अर्निंग स्पाउस के मंथली सैलरी का कम से कम 25 पर पेई को दिया जाना चाहिए दूसरा लम समम एलुमनी यानी कि वन टाइम सेटलमेंट के लिए कोई ऐसा बेंचमार्क नहीं है लेकिन जनरली ये अमाउंट नेट इनकम का उस पर्सन के 1/3 या फिर 1/5 तक होता है इंक्लूड फाइनेंशियल एसेट्स जैसे कि प्रॉपर्टी एंड ज्वेलरी
(13:02) वगैरह नाउ सुप्रीम कोर्ट के स्टैंडर्ड्स के अलावा भी कुछ फैक्टर्स हैं जिन पर जजेस एले बनी की अमाउंट को डिसाइड करते हैं ये फैक्टर्स वेरिएबल होते हैं इसलिए इनके अकॉर्डिंग कोई सेट गाइडलाइंस नहीं बन सकती है जैसे कि नंबर वन एज एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और हेल्थ कंडीशंस नंबर टू लायबिलिटीज ऑन द पेयर यानी अगर हस्बैंड पे कर रहा है तो उस हस्बैंड पे कितने लायबिलिटीज है नंबर थ्री ड्यूरेशन ऑफ मैरिज एंड नंबर फोर चाइल्ड सपोर्ट सो मेजर्ली यही सब फैक्टर्स और स्टैंडर्ड्स एलुमनी डिसाइड करते वक्त ध्यान में रखे जाते हैं ताकि फेयर और जस्ट डिसीजन दिया
(13:31) जा सके बट अनफॉर्चूनेटली हर बार यह फेयर एंड जस्ट नहीं हो पाता है अमीरो के केस में तो हमने देखा कि कैसे इस प्रोविजन को कुछ लोग मिसयूज कर रहे हैं बट आम लोगों में यह मिसयूज और भी बदतर है मदुराई में काफी वियर्ड केस देखने मिला सिल्वर रंजन नाम के एक बंदे ने अपनी वाइफ से डिवोर्स लिया लेकिन उसके बाद सिल्वर इंजन को कहा गया कि उसे ₹1000000 रेंटल ₹1000000 मेंटेनेंस और ₹5000000 कंपनसेशन और डवरी वापस करना है अपनी वाइफ को इस ऑर्डर के अगेंस्ट जब उन्होंने हाई कोर्ट में अपील किया कि क्यों कि वो जॉब्स है तो वो इतना अमाउंट नहीं दे सकते हैं
(14:01) अपनी वाइफ को तब कोर्ट ने उससे कहा अगर जॉब नहीं है तो कली बन जाओ या भीख मांगो पर बीवी को एली मनी देनी पड़ेगी महाराष्ट्र में एक और एक वियर्ड केस था जलगांव में गोरख काकड़े नाम के एक आदमी ने किडनी फेलर की वजह से वाइफ को 3 महीने तक ₹ ज की मंथली एनी मनी वो नहीं दे पाया उससे पहले वो दे रहा था इस बात के लिए उसकी वाइफ ने कोर्ट में कंप्लेंट की और उसे 11 महीने के लिए जेल हो गई लेकिन क्योंकि गोरख जेल में डायलिसिस नहीं करवा पा रहा था उसकी वहीं पे जेल में मौत हो गई सिर्फ 000 की एली मनी के लिए गोरक की डेथ हो गई नोएडा में तो एक यंग लड़के ने
(14:35) सुसाइड कर लिया क्योंकि उसकी वाइफ और इनलॉज उससे ₹ लाख की एमनी मांग रहे थे नाउ मैं ऐसा बिल्कुल नहीं कह रही कि एमनी लॉज ही बकवास होते हैं उनको स्क्रेप आउट कर देना चाहिए ऑफकोर्स व डिपेंडेंस पाउस की इकोनॉमिक सेफ्टी के लिए जरूरी होते हैं पर मुझे बताओ अगर एक आदमी ने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत करके अपनी प्रॉपर्टी खड़ी की और एक झटके में सिर्फ डिवोर्स से उससे उसकी 75 पर प्रॉपर्टी छीन लेना ये किस हद तक सही एंड बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ये बिजनेस के लिए कर रहे हैं या किसके लिए कर रहे हैं वो तो मैं नहीं बता सकती लेकिन कोलकाता में वाकई में एक मैट्रिमोनियल
(15:06) स्कैम पकड़ा गया है एक बिजनेस पकड़ा गया है जिसमें एक औरत ने तीन बार शादी की और तीनों के ऊपर फेक केसेस फाइल करके तीनों आदमियों से मतलब अपने तीनों हस्बैंड से एमनी का पैसा वसूल लिया ये लिटरली उसका बिजनेस था मतलब ये चल क्या रहा है दैट डेफिनेटली नीड्स टू बी बेटर लॉज बेटर जेंडर न्यूट्रल लॉज ताकि इंडिया में किसी भी मर्द को सिर्फ मर्द होने के लिए सजा ना मिल सके क्या यही इक्वलिटी है क्या यही ट्रू फेमिनिज्म नहीं है आपका क्या कहना है एंड हां जाने से पहले मेक शोर टू डाउनलोड टूथी पप फॉर देर इनविजिबल टीथ लाइनर ये टीथ लाइनर्स मेटल बेसस की तरह
(15:40) टेढ़े मेढे दांतों को सीधा करते हैं एंड गिव्स यू अ कॉन्फिडेंट स्माइल सो क्लिक ऑन द लिंक इन द डिस्क्रिप्शन एंड बुक योर फ्री 3d थथ स्कैन विद तुत्सी
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