Breast Cancer: Early Signs, Causes & Treatment Explained | Dr. Chandra with GunjanShouts
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Title: Breast Cancer: Early Signs, Causes & Treatment Explained | Dr. Chandra with GunjanShouts
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In this Breast Cancer Awareness Month Special, GunjanShouts brings an in-depth conversation with Dr. Chandragouda Dodagoudar (Medical Oncologist)
Can breast cancer develop without a lump, pain or family history? Can younger women develop breast cancer? Does removing both breasts eliminate the risk? Get these and many other important questions answered by a medical oncologist.
Watch, learn and share this conversation. Early awareness can make a difference.
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TimeStamps:
00:00 - Teaser & Intro
03:23 - Breast Cancer in India
04:18 - Mortality Rates
05:09 - Delayed
06:02 - Why Women Hesitate
07:39 - Education and Early Diagnosis
08:51 - Causes of Breast Cancer
10:04 - Genetic Risk and Early Detection
11:21 - Lifestyle and Cancer Risk
12:37 - Factors Affecting Cancer Risk
13:25 - Early Signs
14:17 - Breast Self-Examination
14:42 - How to Examine
16:59 - Breast Lumps and Nodules
17:43 - Do Breast Cancer Lumps Hurt?
18:23 - Breast Cancer Survival
19:16 - When Is Cancer Beyond Control?
19:38 - Stage 0
21:35 - When to Consult
22:08 - Do’s and Don’ts
23:21 - Pregnancy
24:32 - Intimacy
27:12 - Risk by Age
27:58 - Angelina Jolie
29:45 - Every Woman Should Know About Breast Health
30:24 - Nipple Changes
31:30 - Breastfeeding
31:57 - Can Breastfeeding Reduce Cancer Risk?
33:15 - Types of Breast Cancer Screening
35:05 - Breast Cancer Risk After Childbirth
36:52 - Breast Cancer in Men
37:27 - Mammography for Younger Women
37:48 - Is Mammography Painful?
38:38 - How Often Should You Get Screened?
39:18 - Understanding Breast Biopsy
40:12 - Surgery vs. Chemotherapy
42:24 - Steps After Breast Cancer Diagnosis
44:32 - Self-Diagnosis vs. Medical Diagnosis
46:04 - What Is Chemotherapy?
50:14 - How Does Chemotherapy Work?
55:15 - Right Cancer Treatment
57:15 - Chemotherapy Side Effects
57:57 - What to Avoid During Chemotherapy
01:00:02 - Supporting a Partner With Cancer
01:02:29 - When Is Cancer Surgery Needed?
01:03:51 - Treatment Cost in India
01:04:35 - Health Insurance
01:05:28 - Buying Insurance
01:06:22 - Overall Cost
01:07:05 - Affordable Chemotherapy
01:07:45 - Government Schemes
01:11:06 - Scams and False Promises
01:13:07 - Message for All Women
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Disclaimer:
This podcast is intended for educational and informational purposes only. It does not substitute for professional medical advice, diagnosis or treatment. Breast cancer risk, symptoms and treatment can vary from person to person. Always consult a qualified healthcare professional for medical guidance. Do not delay medical evaluation or treatment based on information shared in this video.
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Transcript:
(00:00) अगर किसी लेडी को सेल्फ स्क्रीनिंग करनी हो अपने ब्रेस्ट की टू आइडेंटिफाई वेदर देयर इज़ एनी पॉसिबल साइन ऑफ़ कैंसर देन हाउ कैन दे यू सो? यूजिंग दिस पिलो इज़ प्रॉबब्ली अ मॉडल ऑफ़ ब्रेस्ट। आपकी जो टिप्स ऑफ़ फिंगर्स है ज्यादा सेंसिटिव है। दो मेथड है अगर हम ये निपल समझे और उसमें हमें पांच सिम्टम्स बहुत ध्यान रखनी है। पहला अगर किसी को डिटेक्ट होता है ब्रेस्ट कैंसर। क्या-क्या चीजें हैं जो एक लेडी कर सकती है और कौन सी चीजें हैं वो नहीं कर सकती। कैंसर एक फैमिली का डिजीज है। सिर्फ एक लेडी का नहीं। इतना आपने टाइम दिया अपनी फैमिली के 6 महीने आपके लिए सब टाइम
(00:36) देंगे। आप ठीक हो सकती हो। मैंने सुना है दैट मेमोग्राफी इज आल्सो अ पेनफुल प्रोसेस। इट इज बिकॉज़ हमने दो प्लेट के अंदर ब्रेस्ट को कंप्रेस करते हैं। सो स्टेज जीरो में क्या होता है? सिर्फ ब्रेस्ट में लम फील हो रहा है। यूजुअली स्टेज वन और स्टेज टू। और अगर आर्म पिट में पहुंच गया तो एव्री 13 सेकंड समय इन द वर्ल्ड अ वुमेन इज़ बीइंग डायग्नोस्टिक। ब्रेस्ट कैंसर ब्रस्टैंस अमंग वुमेन। कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही सब डरने लगते हैं। देयर इज लॉट ऑफ फियर। कीमोथेरेपी एक बैकबोन है। जब कीमोथेरेपी चाहिए डेफिनेटली चाहिए। कैन सर्किल, लैंडस्केप को चेंज [संगीत] करना। मेनली
(01:11) हेयर फॉलिकल्स, म्यूकस मेंब्रेन और स्किन। ये तीन में ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस आता है। साइड इफेक्ट्स जो भी है ट्रांजेंट है। ये ठीक हो जाएंगे। एक कीमोथेरेपी प्रोसेस में एक्सक्टली स्टेप बाय स्टेप होता क्या है? व्हाट इज द मीनिंग ऑफ़ बीइंग फमिलियर विथ योर ब्रेस्ट प्रैक्टिकली? व्हाट शुड अ वुमेन नो अबाउट देयर ओन ब्रेस्ट? व्हाट आर द स्पेसिफिक्स ऑफ़ निप्पल व्हिच अ वी वुमेन शुड नो? मिल्क डक्स। इन एंड अराउंड कंप्लीटली फैट है। कुछ भी डिस्चार्ज आता है, दैट शुड नॉट बी इंडेफ्टेड। हाउ कैन आवर पार्टनर सपोर्ट? सी कैन बी वेरी अनरिजनेबल। दिस इज नॉट हु
(01:42) शी वास। दिस इस बिकॉज़ ऑफ़ हार्मोनल चेंजेस। प्लीज अंडरस्टैंड? इट इज़ अ क्वेश्चन ऑफ़ टाइम। इट इज गोइंग गो। क्या एक एवरेज खर्चा होता है कैंसर ट्रीटमेंट का? अराउंड? कैन मेन गेट ब्रेस्ट कैंसर? यस। आज के एपिसोड में हम बात करने वाले हैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में और मुझे लगता है यह एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में अवेयरनेस बहुत कम है। इसकी प्रिवेलेंस बढ़ती जा रही है बिकॉज़ ऑफ आवर लाइफस्टाइल और एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में हम बात करने में कंफर्टेबल फील ही नहीं करते हैं। सबसे पहले तो ब्रेस्ट कैंसर के क्यूज क्या है? सेल स्क्रीनिंग कैसे करनी? कैसे पता
(02:17) चलेगा कि मुझे कहीं कोई ब्रेस्ट कैंसर का सिम्टम तो नहीं है और बाय चांस अगर कहीं कुछ है तो इमीडिएटली मुझे क्या एक्शन लेना है? इसके क्या स्टेजेस होते हैं? उन स्टेजेस में क्या-क्या करना चाहिए और कैसे आप किसी ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट को सपोर्ट कर सकते हो? यह सब हमने इस आज के एपिसोड में डिस्कस किया है। और इस कॉन्वर्सेशन के लिए हमने आज इनवाइट किया है एक एक्सपर्ट ओनकोलॉजिस्ट ब्रेस्ट एंड ओवेरियन कैंसर स्पेशलिस्ट को जो कि सालों से इस फील्ड में है और बहुत सारे लोगों की लाइफ को बदल चुके हैं। डॉक्टर चंद्रगोड़ा। मेरा और मेरी पूरी टीम का यह मिशन है कि [संगीत]
(02:53) हेल्थ एंड वेलनेस के एक्सपर्ट्स की क्रेडिबल इंफॉर्मेशन को आपकी स्क्रीन तक फ्री में लेकर आ सके और हमें हमारे इस मिशन में सपोर्ट करने के लिए इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें और चलिए [संगीत] आज की डिस्कशन स्टार्ट करते हैं। जब मैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में पढ़ रही थी। तो एक स्टैटिस्टिक मेरे सामने आया कि इंडिया नंबर थ्री पर रैंक करता है ब्रेस्ट कैंसर के केसेस में। व्हाई डू यू थिंक ऐसा क्यों है? सही कहा गुंजन जी। अमेरिका और चाइना के बाद इंडिया थर्ड लार्जेस्ट कंट्री है जिसमें ब्रेस्ट कैंसर इंसिडेंस बढ़ रही है। तीन चार कारण है
(03:38) उसमें फर्स्ट पापुलेशन। हम सो पापुलेशन के हिसाब से वाकई इंसिडेंस ज्यादा बढ़ जाएगी। सेकंड अब इंडिया में अवेयरनेस बढ़ रही है। सो जब अवेयरनेस बढ़ती है तो कोई भी लंप हो उसको लेडी अब ज्यादातर छुपा नहीं रही है। और तीसरी चीज अर्बनाइजेशन हम थोड़ा सा वेस्टर्न की तरफ मूव हो रहा है। हम हम ये मैं तीन फैक्टर्स गिनना चाहता हूं कि क्यों यहां इंसिडेंस बढ़ रहे हैं। इंसिडेंस बढ़ रहे हैं। इसके बाद एक और शॉकिंग फैक्ट है दैट इंडिया इज़ ऑन नंबर थ्री इन द केसेस ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर। बट जो ब्रेस्ट कैंसर से डेथ्स हो रही हैं, दैट इज नंबर वन। इंडिया इज ऑन नंबर वन। दैट
(04:15) मींस यूएस और चाइना में केसेस हमसे ज्यादा है बट मोटैलिटी या डेथ रेट जो है वहां पे कम है। इसका बहुत ही अच्छा क्वेश्चन और अच्छा आपने पॉइंट आउट किया। इसमें सबका ऑप्शन ये चला जाता है क्योंकि हमारे मेडिकल फैसिलिटीज कम है। बात आ जाती है। राइट? यह गलत है। हम एक मेडिकल फैसिलिटीज़ अगर कंसीडर करें एस्पेशली टायर वन सिटीज में नाउ आजकल टायर टू टू सिटीज में भी बेटर हो रहा है। हम वेस्ट से कम नहीं है। ट्रीटमेंट मेलिटीज पॉइंट पॉइंट सेम होता है। इसका कारण यह है कि अवेयरनेस एंड किस किन स्टेज में आप पिकअप कर रहे हो? लोकली एडवांस स्टेज थ्री और स्टेज फोर इंसिडेंस ज्यादा
(04:54) है इंडिया में। इस पे हमें ध्यान देना चाहिए ताकि हम इस चंक ऑफ पेशेंट्स को स्टेज वन स्टेज टू भी डिटेक्ट कर डिटेक्ट करके हम वी कैन वी कैन क्योर देम मोर तो आप कह रहे हैं कि लोग रीच आउट ही लेट कर रहे हैं। स्टेज थ्री स्टेज फोर पे पहुंच के वो आप तक आते हैं। बिल्कुल। क्या कारण है इस डिले का? जो इंडियन लेडीज है अपनी फैमिली वैल्यूस पहले रखती है। बाद में उनकी हेल्थ आती है। नहीं मैं अभी दिखा नहीं पाऊंगी। मेरे बेटे के एग्जाम है। हम अभी मैं दिखा नहीं पाऊंगी क्योंकि हमारी फैमिली में फंक्शन है। सो वो प्रायोरिटी बनती है उनको। ये हमें प्रायोरिटीज चेंज
(05:30) करनी चाहिए। सेकंड अगर कैंसर निकल गए तो क्या? फियर। एंड थर्ड अगर कैंसर निकल गए तो और मेरा बाल उड़ गया तो दूसरे क्या सोचेंगे? स्टिग्मा। माय गॉड। एक और चीज कि अगर मुझे डिटेक्ट हो गया कि अगर मैं बायोप्सी कराऊं और ये फैल जाएगा ये मिसकंसेप्शन। सो यह सारे चीज है क्यों हमारी लेडीज पहले फियर करते हैं दो यह चेंज हो रहा है फिर भी बहुत हद तक हमें इसको चेंज करना है अगर किसी लेडी को ऐसा फील होता है कि कुछ ठीक नहीं है मेरी बॉडी के साथ तो क्या वो अपने घर परिवार अपने हस्बैंड अपने इनलॉज़ अपने बच्चों के साथ शेयर करती है ये बात बहुत सारे लोग नहीं करते इस मामले में मैं
(06:10) बहुत सारे लेडीज को इस आपके माध्यम के जरिए मैं बोलना चाहता हूं प्लीज आप आपके हस्बैंड से बहुत-बहुत क्लोज रहिए आपको जो भी अपनी पर्सनल इश्यूज फर्स्ट आप हस्बैंड को बोलिए और नेगलेक्ट मत करिए। अगर आपको कोई भी क्लोज हो क्या शायद हमें आपकी कोई सिस्टर इन लॉ क्लोज हो या कोई लेडीज क्लोज है। इस इस मामले में आप लेडी से डिस्कस करना चाहते हो या आपके फ्रेंड भी हो। तो अगर आपके फ्रेंड आपको बताती है कि मुझे कुछ अब्नॉर्मेलिटी दिख रही है। प्लीज आप अपनी आपकी फ्रेंड के लिए आपकी कोई भी रिलेटिव के लिए 5 मिनट या 10 मिनट या आधा दिन निकालो एंड हेल्प देम टू
(06:44) टेक देम टू अ मेडिकल फैसिलिटी। हम्म क्योंकि वो जो फियर है उसमें एक साथ देने वाला एक एक एक बंदा होना बहुत जरूरी है। अगर यह ऐसे हो जाता है तो बहुत सारे लोगों को मैं अर्ली स्टेज में डिटेक्ट कर सकता हूं। एंड दैट कैन ब्रिंग अ ह्यूज डिफरेंस। डेफिनेटली इट इज़ लाइक क्योर वर्सेस पैलेशन। राइट राइट। डॉक्टर आई वुड लाइक टू टेक एन अपॉर्चुनिटी हियर एंड रिक्वेस्ट आवर ऑडियंस। स्पेशली फीमेल ऑडियंस हु आर लिसनिंग टू अस। आपके जो भी बेस्ट फ्रेंड है ना हो सकता है वो भी अपने लिए टाइम नहीं निकाल रही या वो शेयर नहीं कर रही। हिचकिचा रही हैं तो शायद उन्हें आपकी
(07:16) सपोर्ट की या इस नॉलेज की जरूरत हो। तो सबसे पहले आप इस पॉडकास्ट को अभी उन सब लोगों के साथ शेयर कीजिए जिनकी भी आप केयर करते हैं। अच्छा आपने बोला कि लोग हिचकिचाते हैं या वो फियर होते हैं। तो डू यू सी अ डिफरेंस इन अर्बन वर्सेस रूरल वुमेन? ऐसा है कि जो अर्बन वुमेन है या चलो हम अर्बन रूरल की बात नहीं करते। हम एजुकेशन की बात करते हैं कि जो लिटरेट एजुकेटेड वुमेन है वो जल्दी आ जाती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो चाहे चार्ट जेपीडीस हो तो कोई भी कुछ भी चीजें आप डाल दो डेफिनेटली टकटक बता जाता है। डेफिनेटली एजुकेटेड वुमेन विल बी विल
(07:52) बिकमिंग अर्ली बिकॉज़ दे आर मोर फियरफुल दे दे हैव मोर एक्सेस टू द नॉलेज। राइट? सो विलेज में एक और चीज अगर कैंसर निकल गया मैं बचूंगी नहीं। सो आई विल नॉट हां बिकॉज़ यह विलेज में अभी भी ऐसा ही है। सो इस थॉट को भी हमें चेंज करना बहुत जरूरी है। एवरीबडी इज़ रिस्पोंसिबिलिटी। कोई सोशल वर्कर हो वहां पे या आंगनवाड़ी वर्कर हो, कॉर्पोरेट रिस्पांसिबिलिटी देन गवर्नमेंट एंड द डॉक्टर्स। सो ऑल दीज़ स्टेकहोल्डर्स प्ले अ रोल इन चेंजिंग दिस परसेप्शन। आज हम एक काम करते हैं कि किसी और का गवर्नमेंट का या इस तरह के इनिशिएटिव्स का वेट नहीं करते। आज हम ही ये इनिशिएटिव
(08:27) लेते हैं और लोगों को अवेयर करते हैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में। हर घर बैठी लेडी अपने आप को भी असेस कर सके और अपने आसपास के लड़कियों को भी सही से समझ सके। उसके लिए लेट्स ट्राई आवर बेस्ट। मैं जानना चाहूंगी कि कैसे पता चलता है कि किसी को ब्रेस्ट कैंसर है। अगर कोई अर्ली स्टेज पे है, कोई विज़िबल इनविज़िबल साइन, उसको मैं समझना चाहूंगी। बट बिफोर दैट आई वांट टू अंडरस्टैंड ब्रेस्ट कैंसर का कारण क्या बनता है? व्हाट कॉजेस ब्रेस्ट कैंसर? इसको हम रिस्क फैक्टर्स बोलते हैं। रिस्क फैक्टर्स को हम मॉडिफाई कर सकते हैं। जो चेंज कर सकते हैं। कुछ रिस्क
(09:01) फैक्टर्स को हम चेंज नहीं कर सकते। जो आपकी जींस में आया है। आपकी फैमिली से फादर मदर्स से वो हम चेंज नहीं कर सकते। वो है तो है। इसको हम नॉन मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स बोलते हैं। दैट इज जेनेटिक। कुछ जो परसेंटेज ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक। ओवरऑल पापुलेशन हम देखें 5 से 10% जेनेटिक है। अच्छा। और ब्रेस्ट कैंसर एक ही एंटिटी नहीं है। बहुत सारी एंटिटी है। उसमें एक एंटिटी है ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर। ओके। उससे ब्रेस्ट कैंसर की जेनेटिकल एसोसिएशन ऑलमोस्ट 20% है। 100 लेडी अगर ट्रिप नेगेटिव है तो 20 लेडी उसमें से जेनेटिकली ट्रांसमिटेड डिजीज जींस कैरी
(09:34) करेगी जो अपनीपनी फैमिली से अपनी फादर से अपनी मदर से अपनी कोई रिलेटिव जो फर्स्ट रिलेटिव हो सेकंड और ये वाले जींस फादर से भी आ सकते हैं। फादर से भी आ सकते हैं, मदर से भी आ सकते हैं, बुआ से भी आ सकता है। मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स में मेनली एक लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन एंड सेकंड थिंग इज़ हार्मोनल फैक्टर्स। जो लेडीज का हार्मोन बोलते हैं इस्ट्रोजन। हम जी सो ये लेडीज हार्मोन है जो लेडीज होने के एक एक नाज़ है वो वो अगर गड़बड़ हो जाए उसकी क्वांटिटी बढ़ जाए देन उसके हिसाब से वो जो हार्मोनल इमंबैलेंस है वो कारण है ब्रेस्ट कैंसर के होने की सो हार्मोनल फैक्टर्स
(10:07) में लेट एज ऑफ़ मैरिज व्हिच इज़ हैपनिंग नाउ डेज एंड लेट जो चाइल्ड बर्थ होता है ब्रेस्ट फीड ना करना ओरल कंट्रासेप्टिव प्रिस्राइब डॉक्टर आजकल तो ओरल कंट्रासेप्टिव सेफ है बट कुछ अगर क्वांटिटी ज्यादा होता है तो वो डॉक्टर से कंसल्टेशन देखिए वो भी एक रिस्क फैक्टर्स माना जाता है। लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन जो ओबेसिटी, अल्कोहलिज्म, सेडेंटरी लाइफ स्टाइल ये सारे फैक्टर्स है जो जो मॉडिफायबल एंड नॉन मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स पे आता है। तो जो आपने ये लाइफस्टाइल वाले फैक्टर्स बताए इवेंचुअली ये भी हॉर्मोंस को ही डिस्टर्ब कर रहे हैं।
(10:40) करेक्ट? और फिर वो ब्रेस्ट कैंसर। हां। सो अल्कोहल या इसके ओबेसिटी की बात करें इनडायरेक्टली इस्ट्रोजन को ज्यादा करेगा ब्लड में। और कुछ स्टेट बोलते हैं उसको जैसे अल्कोहल हो या ओबेसिटी हो ये जो फैट सेल्स है वो इनफ्लेमेशन क्रिएट करता है। वो इनफ्लेमेशन बहुत लंबे समय तक कैंसर के तौर पे कन्वर्ट हो सकता है। जिस लाइफस्टाइल की आपने बात बताई ये एक एक्सेप्शनल लाइफस्टाइल नहीं है। यह एक बहुत ही आज की डेट में नॉर्मल और कॉमन लाइफस्टाइल है। तो ऐसे तो ब्रेस्ट कैंसर भी बहुत नॉर्मल और कॉमन हो जाएगा व्हिच वी डोंट वांट। तो कैन यू टेल अस द परमिसिबल
(11:21) लिमिट ऑफ ऑल दिस थिंग्स। परमिसिबल डैमेज दैट वी कैन डू टू आवर लाइफस्टाइल व्हिच इज स्टिल अलाउड। सोशल ड्रिंकिंग इज ओके बट सोशल ड्रिंकिंग एवरीडे इज नॉट एन ऑप्शन। सो इसका क्वांटिटी आपको बहुत सारे गाइडलाइंस में अलग-अलग डिफाइन किया हुआ है। सो इफ आई से दैट दिस इज अ क्वांटिटी इट इज़ इट डेली क्वांटिटी नहीं लेना चाहिए। मेरे ख्याल से शुड होती है। बहुत ज्यादा होती है। बिल्कुल। सो यू शुड नॉट आइडियली टेक इट। सोशल ड्रिंकिंग इज़ ऑल आउट। दैट इज़ वंस इन 15 20 डेज में दैट मे बी ऑल बट नॉट अ डेली अल्कोहल इंटेक सो इफ समबडी इज़ कंज्यूमिंग अल्कोहल डेली
(11:52) देन दैट इज़ नॉट सजेस्टेड ओके ये ब्रेस्ट कैंसर हो या कोई भी डिजीज बॉडी बॉडी में हो सो बैलेंस डाइट बहुत जरूरी है। वेजिटेबल इंटेक फ्रूट्स इंटेक लेना बहुत जरूरी है। एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। इफ नॉट 90% आई वुड से लगभग 70 80% वुमेन की यह रियलिटी है कि लाइफस्टाइल तो परफेक्ट नहीं है। मैं अल्कोहल कंसमशन या ड्रग अब्यूज की बात नहीं कर रही हूं। मैं एक नॉर्मल डे टू डे लाइफ की बात कर रही हूं कि शायद बहुत मुश्किल है। अभी कोई 7 से आठ घंटे की नींद हर रोज ले पाता हो। टाइम पे सोना, टाइम पे उठना, बिल्कुल ठीक तरह से खाना, फिजिकल एक्टिविटी भी एप्रोप्रियट होना, मेंटल
(12:29) हेल्थ भी ठीक होना। यह तो रेयर फाइंड है आज की डेट में। बट ऐसा तो नहीं है कि हर लड़की को ब्रेस्ट कैंसर हो रहा है। तो नाउ व्हाट इज द डिसाइडिंग फैक्टर कि किसको होगा या किसको नहीं होगा। व्हाट हैपेंस नेक्स्ट? यूजुअली इसी को हम रिलेटिव रिस्क बोलते हैं। ये नहीं कि ये नहीं करेंगे तो होगा ही होगा। हम सो आमतौर पे जो नॉर्मल पापुलेशन है उसके रिस्क एक है। राइट? तो रिलेटिव रिस्क इस फैक्टर से दो या तीन ऐसे है। सो कुछ लोगों में दो होता है, कुछ लोगों में चार होता है। रिलेटिव रिस्क है। स्ट्रेस इज़ वन ऑफ़ द मेन फैक्टर चाहे कैंसर पे हो या कार्डियोवस्कुलर
(13:03) डिजीज पे हो, स्ट्रोक पे हो, डायबिटीज, हाइपरटेंशन इन डाइट। सो स्ट्रेस इज़ डेफिनेटली वन ऑफ़ द मेजर फैक्टर्स। सो, जेनेटिक और मॉडिफायबल, नॉन मॉडिफाइड रिस्क फैक्टर्स के अलावा कुछ फैक्टर्स होंगे जो अभी तक हमें साइज के हिसाब से नहीं पता होगा। नाउ लेट्स टॉक अबाउट हाउ टू आइडेंटिफाई कैसे एक घर बैठी लेडी सबसे पहला स्टेप तो सेल्फ एनालिसिस ही होगा बिफोर यू रीच आउट टू समबडी बिफोर यू विजिट डॉक्टर तो सेल्फ एनालिसिस में सबसे पहले कैसे पता चलता है कि दिस कुड बी कैंसर हमें पांच सिम्टम्स बहुत ध्यान रखनी है पहला कोई [गला साफ़ करने की आवाज़] भी लंप
(13:37) या गांठ हो चेस्ट पे हो ब्रेस्ट पे हो या आर्म पिट पे हो और नेक्स्ट जो स्किन अराउंड द ब्रेस्ट है उसमें कोई चेंजेस आ रहा हो थर्ड थर्ड हम निप्पल के बारे में देखेंगे। जैसे निपल में कोई पहला सिम्टम डिस्चार्ज या ब्लड डिस्चार्ज हो रहा हो और निपल फोर्थ निपिल रिट्रक्शन हो रहा हो। ओके रिट्रक्शन एजिंग इनवर्ड इनवर्ड हो जाए। सो जब जैसे नॉर्मल लेडीज में जो होता है बाहर तो अगर वो अंदर अंदर की तरफ चली जाए इसको भी नेगलेक्ट नहीं करना है। सो ये चार पांच सिम्टम्स है। इसको ध्यान रखना है। कोई भी इसमें कुछ भी दिक्कत है कोई डाउटफिल भी हो आपको पहले
(14:11) फ्रेंड को बताओ या अपनी कोई भी क्लोज रिलेटिव को बताओ देन डॉक्टर के पास तुरंत आ जाओ। डू यू थिंक दैट वीमेन एक्चुअली पे अटेंशन टू हाउ देयर ब्रेस्ट्स लुक और इफ देयर आर एनी चेंजेस विज़िबल चेंजेस? इट इज वेरीेंट। आपको अच्छे से YouTube में समझा जाएगा। आपको फोन पे है देख लो और जब नहाते हो उस समय आराम से आप एग्जामिन कर सकते हो। आप मिरर है उसमें देख सकते हो क्या-क्या चेंजेस आ रहा है। अगर आप इफ यू कैन नॉट लोकेट इट एंड इफ देयर एनी चेंजेस नोटिफाई टू दी डॉक्टर। अगर किसी लेडी को सेल स्क्रीनिंग करनी हो अपने ब्रेस्ट की टू आइडेंटिफाई वेदर देयर
(14:45) इज़ एनी पॉसिबल साइन ऑफ़ कैंसर देन हाउ कैन दे डू सो? यूजिंग दिस पिलो एस प्रोब्ली अ मॉडल ऑफ़ ब्रेस्ट। आपकी जो टिप्स ऑफ़ फ़िंगर्स है ज़्यादा सेंसिटिव है। टिप्स एंड जो पाम है इस यह यूज़ करना है फ़िंगर्स को। ओके? और दो मेथड है अगर हम ये निप्पल समझे और इसमें यू शुड एग्जाम पूरा डीपली पालपेट करना है इस ट्रिप से ऐसे। ओके? अराउंड द निप्पल। अराउंड द निप्पल। यू शुड गो अराउंड द निप्पल। और ये सर्कुलर सेमी सर्कुलर में यू कीप फॉलोइंग दिस पर्टिकुलर पैटर्न। एंड हर हर एरिया पे ऐसे डीपेशन होना है। सो ये एक सर्कल हो गया ना सर्कल। सो प्रोब्ली आप ड्र्रा करके नेक्स्ट देन
(15:24) नेक्स्ट सर्कल अप टू एंड सारे करना है एंड देन आर्मपिट पे ओके ध्यान देनी है। ठीक है? ये आप लाइंग डाउन और स्टैंडिंग पोजीशन में दोनों में करनी है। सो निपल पी दोनों पोजीशन सही है या कोई गड़बड़ है। ये भी देखना जरूरी है। स्टैंड इन फ्रंट ऑफ़ द मिरर। तो उससे पता चल जाएगा कि निपल की पोजीशन दोनों में अंतर है। एक इस तरफ है या उस तरफ है। एक तो अंदर तो नहीं चलेगी। एक तो बाहर है लंप है तो कैसे किस तरफ थोड़ा सा वहां पे स्वेलिंग आ रही है देन उसको पालपेट करके देखो कि कुछ अंदर तो नहीं है कुछ सपोर्ट है सपोर्ट वहां पे रख के देन आर्म ऐसे
(16:00) करके इस इस हाथ से ये वाला बगल और इस हाथ से वो बगल सिमिलरली ऐसे दोनों आर्म पेट में एग्जामिन करके उसमें भी लंब देखना है हमें। सो एक ये मेथड है। दूसरी मेथड लोंगिट्यूडनल है। तो ये ऊपर से नीचे एक दो क्वाड्रेंट में डिवाइड करो। ओके? सो पहले हाफ से शुरू करके ऊपर से नीचे तक पूरा क्वाड्रेंट कवर कर लो। नेक्स्ट हाफ ऊपर से नीचे तक कवर कर लो। ओके। सो मोटी दर पे ये दोनों मेथड से ये देखा गया है कि हर क्वाड्रेंट एग्जामिन की जाएगी क्लीनिकली और सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन तो खुद लेडी सारे कर सकते हैं इसको। सो हम यहां पे ऑब्जर्व क्या कर रहे हैं?
(16:34) कोई नॉट और कुछ अबनॉर्मल नजर आ रहा है। ओके। वो फीलिंग भी एक इंपॉर्टेंट है। ठीक है? अगर कुछ भी ऐसे होता है तो तुरंत डॉक्टर के पास आ जाएगा। ये बहुत जरूरी है। सो ए्री वंस इन अ वाइल आई थिंक जब शार लेते हैं नहाने जाते हैं तब इसको एक रिचुअल की तरह एव्री थ्री मंथली एव्री थ्री मंथ्स कर लेना चाहिए। यू कैन डू इट एव्री मंथ आल्सो बट दैट एटलीस्ट रिकमेंडेशन ए्री थ्री मंथ्स। लम्स की हम बात कर रहे हैं। जब ये नॉट्स बनती हैं। ये एक्सजेक्टली होता क्या है अंदर? क्या है ये नॉट्स? ब्रेस्ट में फैट सेल्स है हम और जब जो वुमन फीड करती है वो डक्ट से आते
(17:09) हैं। वो जो ग्लैंड्स अंदर ग्लैंड होंगे राइट? ग्लैंड से मिल्क इजेक्ट हो के डक्ट्स के थ्रू आएंगे। सो या फैट सेल से कैंसर आ रहे हैं वो डक्ट से आ रहा है। ओके? सो वो जो कैंसर्स अपनी सेल्स है ये। अपनी सेल्स म्यूटेशन के जरिए अपनी कंट्रोल से बाहर हो गए। प्रोलीिफेरेट हो रहे हैं, डिवाइड हो रहे हैं। वो नॉर्मल हमारी जो मैक्रोफेज स्कैवेंजर सेल्स बोलते हैं उसको। सोल्जर्स के कंट्रोल में नहीं आ रहा है। सो दैट कम्स एस अ लंप। वह बहुत ही छोटे से इनिशियली डिटेक्ट नहीं होगा। कुछ साइज जब आ जाते हैं तब आपको पल्पेशन होगा। क्या इसमें पेन भी होती है?
(17:45) यूजुअली ब्रेस्ट कैंसर के जो लंप होते हैं इनिशियल स्टेज में पेनलेस होगी। बहुत सारे इनिशियल लंप्स पल्पेबल नहीं होते। इसलिए हम मेमोग्राफी के तरफ जाते हैं। वो हम बाद में स्क्रीनिंग में दोबारा जिक्र करेंगे। क्यों क्यों मेमोग्राफी चाहिए? क्योंकि बहुत सारे सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन तब होगा कुछ साइज के हिसाब से वो पालपेट होगी। उस साइज के नीचे क्या करेंगे? राइट? सो यू मीन कि अगर किसी को पेन नहीं है, कोई लम्स फील नहीं हो रहे या फिर कोई ऑब्वियस सिम्टम नहीं दिख रहा तो ये इस बात को पूरी तरह से एलिमिनेट नहीं करता कि उसे कैंसर नहीं है। देयर कैन स्टिल बी
(18:18) स्टिल बी कैंसर। बट ये मेथड इसलिए करते हैं ताकि हम अर्ली स्टेज पे पिक अप करें और बहुत सारे लोगों को हम क्योर करें? सो किस स्टेज पे यह 100% क्यरेबल होता है ईजीली? बिना किसी ज्यादा झंझट के हर स्टेज में अलग परसेंटेज होती है। अच्छा। सो स्टेज यूजली ब्रेस्ट कैंसर स्टेज जीरो से भी शुरू होता है। स्टेज जीरो इज़ 100% क्यूरेबल। स्टेज वन और टू ब्रेस्ट लिमिटेड डिजीज होगी। स्टेज वन में तकरीबन डिपेंडिंग ऑन द डिजीज पैटर्न अराउंड 90% क्येट स्टेज टू यू कैन से अराउंड 80% ओके? एंड स्टेज थ्री 70% आई हैव सिंपलीफाइड इट बिकॉज़ अलग-अलग टाइप्स की ब्रेस्ट कैंसर
(18:54) में अलग-अलग टाइप के इवन स्टेज फोर आल्सो। हम उसमें भी हम अराउंड 40% क्योर अचीव कर सकते हैं। इशू यह है कि उसमें कुछ ना कुछ ट्रीटमेंट लेडीज को लेते रहना पड़ेगा। सो कंटिन्यूड केयर होना जरूरी है। लाइक डायबिटीज क्योर हम स्टेज फोर में फाइव इयर्स की बात करते हैं सर्वाइवल की। फाइव इयर्स इज़ व्हाट यू प्रॉमिस। दैट्स व्हाट गाइडलाइंस से। गाइडलाइंस एंड व्हिच इज द सिनेरियो व्हेयर यू विल से कि अब ये केस हाथ से निकल चुका है। एंड यू रियली कैन नॉट डू इनफ। पेशेंट स्टेज फोर की बात करें। एटलीस्ट थ्री लाइन सब ट्रीटमेंट खत्म हो गया। गिनने के लिए बाद में है। लेकिन तीसरी
(19:31) लाइन के बाद आगे के ट्रीटमेंट का रिस्पांस बहुत ही कम होता है। ब्रेस्ट कैंसर में ये जो चार स्टेजेस आपने बताई इसे एक-एक करके समझते हैं। सो स्टेज जीरो में क्या होता है? स्टेज जीरो फॉर एग्जांपल मैं अगर ये उंगली दिखाऊं ये उंगली में आप ये वाइट है। ये ये ब्राउन है। है ना? एक एक नॉर्मल डक्ट है। डक्ट की एक तरफ साइड है। तो ये सेल्स डिवाइड हो रहे हैं। और ये डिवाइड हो के ये जो मेंब्रेन को फ के अंदर नहीं जा रहा। सिर्फ इसी पे लिमिटेड है ये। ओके। ठीक है। ठीक है। एब्नॉर्मल सेल्स है। एब्नॉर्मल दिकिंग लुकिंग सेल्स है माइक्रोस्कोप में।
(20:03) लेकिन ये बेसमेंट मेंब्रेन बोलते हैं। इसको फांद नहीं रहा। ओके। इसको स्टेज जीरो बोलते हैं। ठीक है? ठीक है? सो ये बहुत सारे मेमोग्राफी में पिकअप हो जाती है। इसको अगर पूरी तरह निकाल दिया जाए 100% क्यूरेबल है। स्टेज वन जहां डेफिनेटली ये फंदा हुआ लेकिन ब्रेस्ट में लिमिटेड है। ओके। ठीक है। अभी वो लंप नहीं फील हो रहा है। हां। लंप हो सकता है। लम फील भी हो सकता है। उसका साइज क्राइटेरिया है। उसको ज्यादा सिंपलिस्टिक वे में मैं समझाऊंगा। तो सिर्फ ब्रेस्ट में लंप फील हो रहा है। यूजली स्टेज वन और स्टेज टू। स्टेज वन कब? स्टेज टू कब डिपेंडिंग ऑन लंप साइज। और
(20:36) अगर आर्म पिट में पहुंच गया है तो लैटर पार्ट ऑन स्टेज टू या स्टेज थ्री इजीली समझ में आ जाएगा। मतलब इट हैज़ स्टार्टेड स्प्रेडिंग नाउ। इट हैज़ स्टार्टेड स्प्रेडिंग। यहां से कोई भी हमारा कोई भी बीमारी इनफेक्शन हो पैर में इनफेक्शन गिल्टी यहां पे आ जाता है। सिमिलरली कैंसर भी एक इनफ्लेमेटरी स्टेटस है। वो सेल्स यहां पहुंच गए तो स्टेज टू स्टेज थ्री एंड देन उससे बाहर निकल गए लंग्स, बोनस, लिवर, ब्रेन वो स्टेज फोर माना जाएगा। एंड स्टेज फोर पे फिर ये कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन आजकल इनोवेशंस बहुत ही ज्यादा हो गए। इन स्टेज फोर आल्सो
(21:10) कुछ हद तक हम इनको इनको क्रॉनिक डिजीज जैसे डायबिटीज है हम जिंदगी भर कुछ टैबलेट लेते लेते रहते हैं। ऐसे ही कुछ सेगमेंट्स ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर भी है जिससे टैबलेट के जरिए इलाज होगा। कुछ में कीमोथेरेपी चाहिए। कुछ में टारगेट थेरेपी चाहिए। कुछ कंटिन्यूड इलाज चलता रहेगा। कंटिन्यूड इलाज करना बहुत जरूरी है और ज्यादातर लोगों में आजकल इसको हम क्रॉनिक डिसीज इवन स्टेज फोर भी है। फिर भी लोग बहुत अच्छे सर्वाइव कर रहे हैं। किस स्टेज पे डॉक्टर के पास पहुंच जाना चाहिए? कुछ भी आपको एब्नॉर्मल फीलिंग कुछ भी आपको नहीं सही लग रहा है। आपको तुरंत दिखाना
(21:45) है। सून द बेटर। दे बेटर क्योंकि मैं बता रहा हूं स्टेज जीरो अगर निकाल तो 100% क्यों? 100% हो जाएगा। है ना? आपको पता नहीं चलेगा। स्टेज, स्टेज वन। कुछ भी आपको लगे प्लीज डॉक्टर के पास जाइए। अगर किसी को डिटेक्ट होता है ब्रेस्ट कैंसर तो उसे इमीडिएटली किस तरह के चेंजेस लाइफ में लाने होंगे? डॉक्टर के पास जाना है, कंसल्टेशन लेनी है, दैट इज फाइन। बट अदर देन दैट क्या-क्या चीजें हैं जो एक लेडी कर सकती है और कौन सी चीजें हैं वो नहीं कर सकती। कैंसर एक फैमिली का डिजीज है। सिर्फ एक लेडी का नहीं। क्योंकि ये अगर लेडी को होता है ये पिलर
(22:18) है फैमिली की। हम्। सो, पिलरी थोड़ा सा डिस्टर्ब हो जाता है। सो, इस कॉन्टेक्स्ट पे हमें देखना होगा। इस कॉन्टेक्स्ट पे जो फर्स्ट ट्रीटिंग ओकोलॉजिस्ट है, स्पेंड टाइम अंडरस्टैंड जस्ट द इशूज़ जो बिय्ड कैंसर है। सो, आई प्रोबब्ली गो स्टेप अहेड एंड डिस्कस कि फैमिली में कौन-कौन है, कैसा है। सो, हाउ टू टैकल देम सो दैट दे टेक द ट्रीटमेंट। सो, यह बहुत ज्यादा जरूरी है। फर्स्ट ऑफ़ ऑल जो लेडीज़ है उनको कॉन्फिडेंस आना कि मुझे इलाज कराना जरूरी है। राइट? क्योंकि मोमेंट वो आप वर्ड दोगे डेफिनेटली इट इज़ ऑब्वियसली कोई भी हो तो शुद्ध है कि मेरा लाइफ गया हम
(22:55) नथिंग आई डोंट हैव एनीथिंग एंड एंड नेक्स्ट थिंग दैट सी थिंग्स अबाउट इज़ अबाउट किड्स ये क्या करेंगे राइट अगर मैं नहीं हूं तो हस्बैंड का क्या होगा सो ऑल दीज़ इशूज़ फर्स्ट ऑफ़ ऑल से दैट कि ये स्टेज है। आप ठीक हो सकती हो। इतना आपने टाइम दिया अपनी फैमिली के छ महीने आपके लिए सब टाइम देंगे। कंप्लीटली इलाज कराओ देन यू विल बी ऑल राइट। और इस टाइम पर अगर उनको डिटेक्ट हुआ है या फिर अगर उनका इलाज चल रहा है तो ऐसे में फैमिली प्लान करना, बेबी प्लान करना क्या ये सब पॉसिबल है? प्रायोरिटी पहले इलाज का है। जब कैंसर डायग्नोस हुआ उसको पहले क्योर करना हमें
(23:31) अगेन स्टेजिंग से पता चलेगा कि कौन सी स्टेज का है। तो उस स्टेज के हिसाब से क्यूरेबल है या नहीं क्यूरेबल है। कुछ कीमोथेरेपिस्ट इनफर्टिलिटी भी करती है। सो हम ओम को जो अंडकोष को प्रिजर्व करते हैं। ओम प्रिजर्वेशन बोलते हैं उसको। देन वी गो अहेड ऑफ़ द ट्रीटमेंट। 15 दिन लगता है इसमें ऑलमोस्ट। सो क्या हम टू वीक्स वेट कर सकते हैं क्या? सो, दैट इज़ आल्सो। द ऑंकोलॉजिस्ट हैज़ टू मेक अ डिसजन डिपेंडिंग द स्टेज एंड द टाइप ऑफ़ द डिजीज। मेजॉरिटी में हम अर्ली स्टेज कर सकते हैं। वो आप प्रिजर्व करने के बाद हम इलाज शुरू करें। दैट एटलीस्ट आप बाद में वी कैन हैव अ
(24:03) फैमिली। सेकंड कीमोथेरेपी हो गया, सर्जरी हो गई। देन हार्मोन पिल पे आ गए हैं। पहले हम एनकरेज नहीं करते थे। अगर किड नहीं है तो वी डिटंट हैव अ डेटा एक्चुअली। साइंस नहीं था। अब हार्मोन पिल्स अगर तीन साल से ले रहे हैं। तीन साल के बाद अगर दे वांट टू हैव अ बेबी यू कैन हल्ट दैट हार्मोनल ट्रीटमेंट हैव अ बेबी एंड रिस्टार्ट इट विथ अ स्लाइट इंक्रीज रिस्क कंपेयर टू नॉर्मल बट दिस इज़ अ पॉसिबिलिटी एज़ पर द साइंस नाउ सो ये कर सकते हैं। कर [हंसी] सकते हैं। एंड अदर देन दैट चलो नॉट बेबी प्लानिंग बट अदरवाइज योर इंटिमेट लाइफ योर सेक्सुअल रिलेशनशिप विथ योर
(24:36) पार्टनर इज दैट ऑल अलाउड पॉसिबल मैं सबको बोलता हूं कि कर सकते हैं इसमें जो भी व्हाटएवर डिजायर्स आर देयर एस्पेशली सेक्सुअल हेल्थ इज सो वैरीेंट एक्साक्ट्ली सो यूजुअली जैसे मैंने आपको बताया जब भी इस्ट्रोजन कम हो जाता है ना हार्मोन फैक्टर से भी होगा कीमो से भी होगा ओवरियन कम फंक्शन तो वेइनल ड्रनेस होगा तो आप अपने डॉक्टर को कंसल्ट करके उसमें जेलीज सारे यूज़ करके वी शुड गो अहेड दिस इज़ अ बायोल नॉर्मल बायोलॉजिकल फंक्शन आपको इसको बात करने में हिचकिचाना मत। यू शुड नॉट वरी अबाउट इट। आपके डॉक्टर्स आपको आराम से आंसर करेंगे इसके बारे में।
(25:09) और कोई भी आप अकेले में बात करना चाहते हैं सबको बाहर कर दो। आपके डॉक्टर से आराम से बात करो एंड गेट योर सेल्फ क्लेरिफाइड। और इसमें आपको डोंट हैव अ डाउट्स इन दिस। द मोस्ट नेचुरल थिंग एंड करेक्ट। आपको तो खुद इसके लिए ओपन अप होना ही पड़ेगा। अब्सोलुटली। हम्म। एक बार मैं एक सेक्सुअल हेल्थ डॉक्टर के साथ डिस्कशन कर रही थी। एंड वी वर टॉकिंग अबाउट दिस दैट हाउ सेक्सुअल हेल्थ अफेक्ट्स लोंजिविटी। सो उन्होंने बताया कि सेक्सुअल हेल्थ हमारे हर लाइफस्टाइल को, हमारी लोंजिविटी को, हमारे गट को, हमारे ब्रेन को सब चीजों को कैसे अफेक्ट करती है। सो आई बिलीव इफ
(25:46) यू हैव सम कैंसरस सेल्स, इफ यू हैव द कैंसर इज़ मैनिफेस्टिंग इन योर बॉडी। सो हैविंग एन एक्टिव लाइफस्टाइल सोशल इंटिमेट ऑल काइंड ऑफ इफ यू यू स्टार्ट लिविंग योर लाइफ नॉर्मली आई थिंक इट विल ओनली हेल्प अगर देखो अल्टीमेटली कीमोथेरेपी ले रहे हैं लेडीज सो थोड़ा सा उनके अपीयरेंस में चेंजेस आएंगे सो थोड़ा सा डिप्रेस्ड होंगे अगर इफ उनको डिजायर है मैं हस्बैंड को ये बोलना चाहता हूं प्लीज ऑनर दोज़ डिज़ायर्स हम इसमें उनको पॉजिटिविटी होगी एंड ट्रीटमेंट जब पॉजिटिविटी इफ़ेक्ट्स आएंगे इनडायरेक्टली इट विल हैव एन इंपैक्ट ऑन द आउटकम हमने यह डिस्कस किया कि फैमिली का
(26:22) क्या रोल है। बट मुझे लगता है यहां पे सबसे बड़ा रोल पार्टनर का है, हस्बैंड का है। सो उनका क्या रोल है वो भी हम कुछ देर में डिस्कस करते हैं। एंजलीना जूली गॉट हर ब्रेस्ट्स रिमूव सर्जिकली ड्यू टू कैंसर इन 2013 उनकी मॉम हैड अ ब्रेस्ट कैंसर। टेक आउट द [संगीत] ब्रेस्ट एंड टेक आउट द ओवरीज। बिफोर द कैंसर अपीयर्स। व्हेन यू आर अ न्यू मॉम। उस टाइम पे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क क्यों बढ़ता है? टू लाइफ सरिस्टिक। सर्जरी कब [संगीत] करनी है और पहले कीमोथेरेपी कौन सी देनी है ताकि बेबी को भी ना अफेक्ट हो। हम इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स को
(26:54) टॉपिक वाइज एक दूसरे चैनल पे अपलोड करते हैं जिसका नाम है गुंजन टॉक्स क्लिप्स। इस चैनल पे आप कम टाइम में भी अपने फेवरेट टॉपिक को आसानी से रिवजिट कर सकते हैं। गुंजन टॉक्स क्लिप्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। ब्रेस्ट कैंसर की जो प्रॉमिनेंस है वो क्या एज पे भी डिपेंड करती है? ऐसा है कि यह यंग वुमेन में भी हो सकता है या उन्हीं को ज्यादा होता है। व्हाट इज द मोस्ट कॉमन एज ग्रुप फॉर इट? यूजुअली हमने इंडिया में 40 टू 60 इयर्स इज व्हाट इज कॉमनली सीन। एल्डर्ली में भी देखा हुआ हमने। हम्म एज एज इनक्रीसेस कैंसर इंसिडेंस इनक्रीस
(27:29) होता है। हमारे लॉन्च ड्यूटी अराउंड 70 75 मान के चलें। तो 40 टू 60 इज़ मोस्ट कॉमन एज ग्रुप दैट वी आर सेइंग। यंग में बहुत सारे आजकल देखने को मिल रहा है। ओके। जेनेटिकल और नॉन जेनेटिकली इन्वॉल्व्ड। बिकॉज़ लाइफस्टाइल प्रॉब्लम इज़ आल्सो विथ मोस्टली विथ द यंग। और यंग में अनफॉर्चुनेटली दे आर मोर अग्रेसिव। सो इसीलिए मोस्ट ऑफ़ यंग जो प्रीमेनोपोजल होते हैं मोस्टली हम उन लोगों को कीमोथेरेपी देते हैं। सो मोस्ट प्रीमेनोपॉजल लेडीज विल बी गिवन कीमोथेरेपी। मोस्ट मोस्ट या एंजलीना जूली गॉट हर ब्रेस्ट्स रिमूव सर्जिकली ड्यू टू कैंसर इन 2013। मैं आपको
(28:04) कैंसर नहीं हुआ था। मैं उनकी मॉम को हुआ था। उनकी मॉम हैड अ ब्रेस्ट कैंसर। 5 टू 10% दे कैरी द म्यूटेशंस टू देयर जनरेशंस। दे ट्रांसफर इट। तो उसमें बीआरसीए वन बीआरसीए टू अलाइड अराउंड 10-15 जींस हैं। पैलबी टू चेक टू। सो ऑल दोज़ म्यूटेशंस यूजली फैमिली ट्रांसमिशन होगा। उसमें मे बीआरसीए वन, बीआरसीएट2 दे आर टू मोस्ट कॉमन जींस। ओके। सो बीआरसीए का एक जीन एंजलीना कैरी कर रही थी। ओके। एंड इसका मतलब यह है कि शी हैड अ रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर बाय अराउंड 60 टू 80%.
(28:40) ओके। ओके। देयर वाज़ अ रिस्क दैट शी वास् कैरिंग एंड ओवरी का ऑलमोस्ट 40 टू 60% रिस्क कैंसर होने का। सो द ओनली वे टू नो नेगेट दिस इफेक्ट। इज़ टू टेक आउट द ब्रेस्ट एंड एंड डू दी रिकंस्ट्रक्शन। एंड आल्सो टेक आउट दी ओवरीज़। बिफोर द कैंसर अपीयर्स। इसको हम बोलते हैं प्रोफेलेक्टिक सर्जरी। ओके। यू गेट इट रिमूव्ड बिफोर बिफोर इट। सो इसके बाद हमें ऑलमोस्ट 98% ऑफ़ प्रोटेक्शन मिलती है। देयर आर सम ओरल मेडिकेशंस नॉट इन द सेटिंग टू रिड्यूस द रिस्क बट द सर्जरी इज़ वन ऑफ द प्रूवन एंड मोस्ट एफिकेशियस मेथड हियर। सो डू यू मीन ब्रेस्ट रिमूवल के बाद भी
(29:16) ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क क्योंकि कुछ फैट सेल्स कुछ सेल्स कंप्लीटली निकाल नहीं सकते। सो वो 2% रिस्क फिर भी रहता है। फिर भी रहता है। ओके। लेकिन यू विल बी सेव्ड ऑफ़ ऑल द कीमोथेरेपीस, रेडिएशन, हार्मोनल ट्रीटमेंट। सो कुछ एटलीस्ट इट विल नॉट स्प्रेड। करेक्ट। आई वांटेड अस टू हेल्प वीमेन अंडरस्टैंड मोर अबाउट देयर ब्रेस्ट्स। बीइंग फेमिलियर व्हाट इज द मीनिंग ऑफ बीइंग फेमिलियर विद योर ब्रेस्ट मीन्स प्रैक्टिकली? बेसिकली इस ऑर्गन के बारे में मुझे लगता है कि ज्यादा अंडरस्टैंडिंग ही नहीं है। सो क्या होगी वो अंडरस्टैंडिंग? व्हाट शुड अ वुमेन नो
(29:48) अबाउट देयर ओन ब्रेस्ट। इफ यू टॉक अबाउट लेडीज ब्रेस्ट? इट्स इट्स डेफिनेटली वन व्हिच प्रोड्यूसेस मिल्क। कैसे? सो इट्स अ फैट एंड मिल्क डक्ट्स। मिल्क डक्ट्स ग्लैंड्स ओके दे विल कम एंड मर्ज एट अ निपल एंड देन दे विल कॉज दैट्स हाउ दे मिल्क कम्स इन एंड अराउंड कंप्लीटली फैट एंड देन दे आर्मपिट सो दिस इज अ मोटा दिस इज़ अ स्ट्रक्चर ऑफ़ ब्रेस्ट एक्चुअली ओके सो ब्रेस्ट इज़ मोस्टली फैट फैट इज़ मोस्टली फैट एंड देन डक्ट्स सो मोस्टली डक्ट से कैंसर आता है जो मिल्क डक्ट्स है एंड द फैट्स वैरी रेयरली व्हाट आर द स्पेसिफिक्स ऑफ निप्पल व्हिच अ
(30:22) वुमेन शुड नो कि ऐसा है तो सही है अगर ऐसा नहीं है इफ देयर इज़ अ सर्टन काइंड ऑफ़ डिस्चार्ज और थिंग्स लाइक दीज़ व्हिच इज एबनॉर्मल। मिल्क जो प्रोडक्शन है स्पेशली आफ्टर चाइल्ड बर्थ समटाइम्स आई हैव सीन जब लेडीज कमिंग कि जो बहुत सारे लंप्स आए दे आर यूजली दे मिल्क कलेक्शन। सो अगर आप उसको प्रेस करेंगे तो पूरा निकल जाएगा। सो दैट शुड नॉट बी वरिड अबाउट। हम सो कुछ भी डिस्चार्ज आता है दैट शुड नॉट बी नेगेक्टेड। राइट? सो कोपियस सीसंगस बोलते हैं उसको जो येलोइश डिस्चार्ज हो। ओके। और उसमें ब्लड मिक्स है। सो दीज़ आर द थिंग्स वी शुड नॉट नेगलेक्ट।
(31:00) समटाइम्स आपको फील नहीं होगा। उसमें जो निपल पे डक्ट्स हैं डक्ट्स में थोड़ा सा डलेटेशन होगी। वो हम एमआरआई पर्टिकुलर एमआरआई से हम डिटेक्ट करेंगे कि अगर डक्टल डलेटेशन है या स्टेज जीरो जैसे मैंने बताया उस टाइप ऑफ कैंसर जो आगे इंडिविजुअल कैंसर वो सो सिंपल प्रोसीजर्स है उस डक्ट को ही निकाल सकते हैं। सो वो डक्टोग्राफी या कुछ एमआरआई करने के बाद अगर उसमें एब्नॉर्मल है तो उसको निकाल देंगे तो ये सब डिस्चार्ज का कारण हट जाएगा। हट जाएगा। ओके? आई हैव आल्सो हर्ड ब्रेस्ट फीडिंग मॉम्स इफ दे डू नॉट ब्रेस्ट फीड देन दे हैव हायर चांसेस ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर।
(31:34) इज दैट ट्रू? इट इज़ ट्रू बिकॉज़ ईस्ट्रोजनिक स्टेट जो हमने बताया था ज्यादा इस्ट्रोजन एक्सपोज़र है देन इट विल इंक्रीस रिलेटिव रिस्क को बढ़ा देगा। सो जो जो हमने बोला मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स लेट एज ऑफ़ मैरिज। सो फर्स्ट चाइल्ड बर्थ नॉट ब्रेस्ट फीडिंग। सो आर ऑल फैक्टर्स व्हिच इंक्रीसेस इस्ट्रोजन योर ब्लड। एंड इज इट ट्रू दैट इफ अ मदर एक्टिवली ब्रेस्ट फीड्स हर चाइल्ड दैट रिड्यूसेस द रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर। सेम इट्स द हार्मोन बैलेंस विल बी देयर। ब्रेस्ट फीडिंग के वक्त या जब आप यू व्हेन यू आर अ न्यू मॉम उस टाइम पे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क क्यों बढ़ता है?
(32:11) इसका एक फैक्टर है जेनेटिक्स है ना। सो अगर ब्राका रिलेटेड कैंसर है जो ब्राका वन ब्राका टू जैसे हम जिक्र कर रहे थे एंजलीना जूली अगर उनमें कोई जीन कैरियर हो तो उस टाइम पे आ सकता है। डिटेक्ट हो सकता है। बाकी मेजरली हमें एग्जैक्ट रीज़न नहीं पता क्यों होगा। एंड यह सबसेट ऑफ़ पेशेंट है। स्पेशल एंटिटी है ब्रेस्ट कैंसर इन प्रेगनेंसी और एनी कैंसर इन प्रेगनेंसी। क्योंकि इनकी मैनेजमेंट बहुत ही डिफरेंट होगा क्योंकि टू लाइफ्स आर इट टेक हम सो उस कॉन्टेक्स्ट में अगर फर्स्ट अर्लीस्ट ट्रायमेस्टर है, फर्स्ट ट्रायमेस्टर है देन हमें यूजली अगर कैंसर
(32:49) सुपरस्टीट कर रहा है तो हमें अबॉर्शन करा के ट्रीटमेंट करके जाएंगे। अगर सेकंड ट्रायमेस्टर के बाद आ गया तो देन सर्जरी कब करनी है और पहले कीमोथेरेपी कौन सी देनी है ताकि बेबी को भी ना अफेक्ट हो। एक सेपरेट टॉपिक ही है प्रेगनेंसी एंड अ ब्रेस्ट कैंसर एंड जो भी सेंटर्स है जो स्टैंड अलोन गुड सेंटर्स है दे विल बी एबल टू मैनेज वी हैव मैनेज क्वाइट अ फ्यू नंबर ऑफ़ पेशेंट्स विथ द प्रेगनेंसी एंड ब्रेस्ट कैंसर नाउ लेट्स टॉक अबाउट स्क्रीनिंग फॉर ब्रेस्ट कैंसर। कितने तरह की स्क्रीनिंग होती है? स्क्रीनिंग में हम प्राइमरी प्रिवेंशन में
(33:20) ही स्क्रीनिंग करते हैं क्योंकि कैंसर आने से पहले उसको डिटेक्ट किया जाए ताकि हम बहुत सारे लोगों को क्योर कर सकें। इसीलिए जब भी स्क्रीनिंग का मॉडेलिटी आती है जिनका जिनका लेटेंसी ज़्यादा हो पहले हम स्टेज वन से स्टेज थ्री या फोर तक जाने में थोड़ा टाइम ज्यादा है या एक डेढ़ साल लगता है तो उनमें स्क्रीनिंग ज्यादा बहुत मायने रखता है। ओके इसीलिए वो इंटरवल और स्क्रीनिंग मोडालिटी उन्हीं कैंसेस में है जिसमें थोड़ा सा यह हमें अपॉर्चुनिटी मिलेगी स्टेज वन से स्टेज थ्री या फोर तक जाने में टाइम लगता हो पैंक्रियास में नहीं है क्योंकि वो टाइम नहीं मिलता
(33:54) तो इसलिए ब्रेस्ट सीएस सर्विक्स कोन में इसमें स्क्रीनिंग गाइडलाइंस है प्रोस्टेट नाउ कमिंग बैक टू द ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मेलिटी मेनली सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन के बारे में हमने बताया हम देन अगर एब्नॉर्मल होता है तो क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन मतलब डॉक्टर एग्जामिन करेंगे जो भी आपको मेल डॉक्टर से कंफर्टेबल नहीं है। आप रिक्वेस्ट कर सकते हो। कोई भी फ़ नहीं करेगा। फीमेल डॉक्टर से करवा सकते हैं। हमारे जहां मैं काम करता हूं हमारे फीमेल डॉक्टर्स हैं, फीमेल सर्जन्स हैं। मैं उनको रिक्वेस्ट करूंगा। कोई मना नहीं करेगा आके एग्जामिन करेगा।
(34:23) सो जब डॉक्टर एग्जामिन करते हैं वो भी वही सेम तरीके से नो दैट हैज़ सम बिकॉज़ हमने बहुत सारे एग्जामिन करके वो एक्सपीरियंस के हिसाब से डिटेक्शन रेट ज्यादा होगा। बट दैट इज़ आल्सो अ मैनुअल एग्जामिनेशन। दैट्स आल्सो मैनुअल एग्जामिनेशन। देन कम स्क्रीनिंग मेमोग्राफी। हम वो एक्सरे ऑफ द ब्रेस्ट ही है। एक्सरे ऑफ़ द ब्रेस्ट में हम कैल्सिफिक स्पॉट्स देखते हैं। कुछ कैल्सिफाइड स्पॉट्स कैंसरस है। कुछ नॉन कैंसरस होते हैं। देयर आर गाइडलाइंस टू डिटेक्ट इट। उसके लिए स्कोरिंग सिस्टम बाय राइट स्कोरिंग सिस्टम है। सो उसके हिसाब से मेमोग्राफी करते हैं।
(34:55) गाइडलाइंस ये बोलती है 40 टू 50 इयर्स में स्क्रीनिंग होना चाहिए। हम क्योंकि हमारे इंडियन लेडीज 10 साल आगे इन टर्म्स ऑफ़ कैंसर रेजिडेंस कंपेयर टू वेस्ट। वेस्ट में 50 में हो रहा वो 40 में हमारे इंडिया में पहुंच जाता है। सो मैं 40 में शुरू करना चाहूंगा। 40 इयर्स इज़ व्हाट इज़ अ कट ऑफ वेयर वी स्टार्ट मेमोग्राफी। उसके बाद एव्री वन टू टू इयर्स मेमोग्राफी करनी चाहिए। डिपेंडिंग ऑन द फाइंडिंग्स आपको आगे ड्रीमलाइन विल फॉलो हम जहां तक बात आती है कोई जेनेटिकली लिंक्ड डिजीजसेस है। हम जैसे एंजलीना जो की बात हुई है। इसको कैसे एड्रेस करें? अगर वो सर्जरी नहीं कराना
(35:30) चाहते देन इनको स्क्रीनिंग यूजुअली अगर मदर की एज ऑफ डिटेक्शन 40 इयर्स में हो 10 साल पहले ही हमें स्क्रीनिंग शुरू करनी चाहिए। सो उनकी डॉटर जब 30 होगी तब हमें स्क्रीनिंग शुरू करना चाहिए। यूजली 30 में हम मेमोग्राफी नहीं करते। तो हमारी मॉडेलिटी होगी एमआरआई। एमआरआई एव्री ईयर हम एस्पेशली जेनेटिकली लिंक्ड कैंसर्स में एमआरआई ब्रेस्ट करते हैं जो हमें ज्यादा सेंसिटिव है और हमें डिटेक्शन रेट बढ़ाएगी। सो उन लोगों में एमआरआई है और एक और पेशेंट जो पहले ही कैंसर से ट्रीटमेंट किया हो रेडिएशन से लिंफोमा जो पहले यहां पे जो होता था यहां
(36:02) पे ब्रोडेशन फील्ड बढ़ी होती थी वो 10 साल के बाद उनमें कुछ एडेड रिस्क होगा ब्रेस्ट कैंसर का उनमें भी हम ये एमआरआई यूज़ करते हैं। सो दीज़ आर टू थिंग्स वेयर हम एमआरआई यूज़ करते हैं। ओके ओके। अगर कोई यंग एज में आ रहा है उस केस में या फिर अगर उनको पहले कोई ट्यूमर या इस तरह का चीज रह चुकी है। हां तो जिनकी वजह से रेडिएशन लिया वो जिनका ऑलरेडी हमें जेनेटिकली लिंक एसोसिएशन पता है ये ब्राका [गला साफ़ करने की आवाज़] वन पॉजिटिव है तो उनकी मदद से 10 साल पहले ही स्क्रीनिंग करेंगे पहले हम स्क्रीनिंग करेंगे जब एमआरआई करेंगे हां बहुत सारे लोग ये क्वेश्चन पूछते हैं
(36:34) कि सर कब कराना चाहिए हमें टेस्ट अगर मदर 35 या 40 है एंड उनकी बच्चा अराउंड 10 या 12 इयर्स का है हम अगर मैं टेस्ट बोलूं ये ऑटोसोमल डोमिनेंट है इन द सेंस अगर दो बच्चे हैं एक में मेल हो फीमेल हो दोनों में एक बच्चे को ये कैरी होने का रिस्क रहता है। अच्छा ब्रका वन ब्रका टू लड़के में भी आ सकता है। सो इवन मैन कैन हैव ब्रेस्ट कैंसर। मेन कैन हैव ब्रेस्ट कैंसर। सो अगर फर्स्ट ऑफ ऑल ये जो कैरी 50% में होगा हम तो अगर 40 इयर्स पे उनका डायग्नोस हुआ। अब बच्चा बहुत छोटा है। मैं बोलता हूं लेट देम फिनिश देर एजुकेशन। राइट? 18 इयर्स के बाद आप शायद टेस्ट कराओ। तब
(37:09) उनको थोड़ा सा दे डोंट फील द टेंशन दैट मैं मुझे जाके अगर मुझे जेनेटिक टेस्ट पॉजिटिव है। मेरा इतना परसेंटेज ज्यादा रिस्क है। आप 12 इयर्स या 13 इयर्स माइंड को देंगे। मेमोग्राफी यंग ऐज में क्यों अवॉइड करनी चाहिए? 30ज में आप मेमोग्राफी क्यों नहीं करते हैं? डेंस ब्रेस्ट होता है। यूजुअली मेमोग्राफी का इंटरप्रिटेशंस बहुत सारे फैक्टर्स पे डिपेंड होगी। आपकी ब्रेस्ट डेंसिटी क्या है? ओके? उसके एज के हिसाब से एंगर द एज द ब्रेस्ट डेंसिटी बहुत ज्यादा होगा। सो मेमोग्राफी विल नॉट बी एबल टू गिव अस एकैक्ट पिक्चर ऑफ इट। मैंने सुना है दैट मेमोग्राफी इज आल्सो अ
(37:52) पेनफुल प्रोसेस। इट इज अगर किसी लड़की को मेमोग्राफी करवानी है बट उसको फियर है कि मुझे पेन होगा। पता नहीं किस तरह का प्रोसेस होगा तो वो कैसे खुद को प्रिपेयर कर सकता है। गुड क्वेश्चन। इट बिकॉज़ हमने दो प्लेट के अंदर ब्रश को कंप्रेस करते हैं। उसमें दो तीन मेथड्स हैं। आपको जब भी वुमन का मेंसुरेशन साइकिल यूजली 10थ डे या 12th के के बाद आइडियली करना चाहिए। अच्छे मेमोग्राफी तो ताकि लेस पेनफुल रहेस ज्यादा नहीं हो। सेकंड पॉइंट इज़ आप वन डे प्रायर टू आवर्स प्रायर एक पेन किलर दो उनको एंड देन गेट द मेमोग्राफी डन। सो दीज़ आर द टू पॉइंटर्स व्हिच यूजली हेल्प टू
(38:27) मिटगेट दी पेन एंड काउंसलिंग। इज़ वन स्क्रीनिंग इनफ। आप एक बार जा रहे हैं। आपने एक बार एमआरआई करवाया या मेमोग्राफी करवाया और अगर कुछ डिटेक्ट होता है तो क्या यह काफी है यह कहने के लिए कि यह ब्रेस्ट कैंसर है या फिर कोई सेकंड, थर्ड या सेकंड, थर्ड ओपिनियन ये सब चीजें भी कंसीडर करनी चाहिए? मेमोग्राफी होने के बाद एक डाउट वो डाल देता है कि ये है हली सस्िशियस एंड डेफिनेटली ये कैंसरस है। सो उसके बाद हमें कंफर्म करना होता है बायोप्सी से। ओके? उसके बाद बायोप्सी होती है। बायोप्सी होती है। सो बायोप्सी एक मैंडेटरी स्टेप है। इसमें मैं पब्लिक को
(39:02) अवेयर करना चाहूंगा कि बायोप्सी से पहले आपको आके इलाज कोई भी नहीं कर पाएगा। कोई करना भी नहीं चाहिए। आइडियली बायोप्सी उसकी कैरेक्टर्स ईआर, पीआर, हर्ट टू ये तीन चीजें करना बहुत जरूरी है बिफोर आपको आगे की इलाज ना हो। ओके। क्या पता चलता है बायोप्सी में? बायोप्सी में आपकी सेल्स के ऊपर टेस्ट करते हैं कि क्या आप हार्मोन ईआर इआर इज़ ईस्ट्रोजन रिसेप्टर पीआर इज़ प्रोजेस्टोन रिसेप्टर हर्ट टू देर ऑल मार्कर्स ऑन द सरफेस ऑफ़ अगर ये एक्सप्लेन ऐसे करता हूं ये रिस्ट एक कैंसर सेल है। ये कैंसर सेल के ऊपर तीन प्रॉमिनेंट मार्कर्स है। ये इआर पीआर हर्ट
(39:38) टू हर्ट टू एक बड़ा सा नकल है। बिकॉज़ ये बहुत बड़ा प्रॉमिनेंट है और यह बहुत ही अग्रेसिव बीमारी माना जाता है। सो, यह मार्कर्स अगर इसके परम्यूटेशन कॉम्बिनेशन करें, ईआर पॉजिटिव, PR पॉज़िटिव, हर टू नेगेटिव। एक एक ब्रेस्ट बन गया। तीनों नेगेटिव ट्रिपल नेगेटिव बन गया। तीनों पॉजिटिव, ट्रिपल पॉजिटिव बन गया। और ओनली हर टू पॉजिटिव। सो एटलीस्ट फोर सब टाइप्स ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर बनेंगे। बाकी सब में भी है। इसमें भी सब डिवीज़ंस होंगे। लेकिन आमतौर पे ये चारों टाइप की ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट अलग-अलग है। क्या आपको पहले कीमोथेरेपी चाहिए या पहले सर्जरी
(40:12) करना चाहिए? व्हाट इज द डिसाइडिंग फैक्टर कि सर्जरी रिक्वायर्ड है या कीमोथेरेपी रिक्वायर्ड है यह कैसे पता चलता है? वै गुड क्वेश्चन। सो अगर मान लो लेडीज की लंप 2 सेंटीमीटर के ऊपर है। फील करने से नॉट बाय पेसिटी स्कैन। आर्पिट में कुछ भी नहीं है। ओके? पहले एक मल्टीडिसिप्लिनरी मीटिंग होना चाहिए। इसमें कौन सी बेस्ट इलाज है? मल्टीडिसिप्लिनरी में क्या कौन-कौन बैठता है? मेडिकल एंकोलॉजिस्ट, सर्जिकल एंकोलॉजिस्ट, रेडिएशन एंकोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, रेडलॉजिस्ट। ऑल आर डॉक्टर ये सारे बैठेंगे वहां पे। यह डिस्कस करना बहुत जरूरी है क्योंकि
(40:46) गाइडलाइंस यह बोलती है अगर लंप 2 सेंटीमीटर है। यह हार्ट टू पॉजिटिव है और तीनों नेगेटिव है। इनमें पहले कीमोथेरेपी देना चाहिए। इवन दो इतना छोटा गांड भी हो या टारगेट थेरेपी होना चाहिए। उसके बाद सर्जरी होगा। इसका बहुत बड़ा इंप्लिकेशन है प्रोग्नोसिस में आगे सर्वाइवल में। आगे चेंज ऑफ़ ट्रीटमेंट में। बाकी हार्मोन पॉज़िटिव हर्टनेगेटिव जो एक थोड़ा सा लेस अग्रेसिव टाइप माना जाता है। हम् उसमें हम पहले ही सर्जरी कर सकते हैं। और कोई भी बीमारी हो लेस दैन 2 सें.मी.
(41:14) बिना आर्मपिट में बगल में कोई गांड नहीं हो उनमें लेस दैन 2 सें.मी. मेज़रमेंट में आए देन हम इंडियन गाइडलाइंस के हिसाब से हम जाए तो उनको सर्जरी पहले किया जा सकता है। ओके? तो बॉल पैक फिगर 2 सें.मी. याद रखना। सो व्यूअर्स को आपके जरिए बदलना चाहता हूं। 2 सें.मी. मास है ब्रेस्ट में। पहले आपकी मल्टीडिसिप्लिनरी बोर्ड मीटिंग में डिस्कस करके आगे बढ़ना चाहिए। इस मीटिंग में पेशेंट खुद नहीं होता। नहीं क्योंकि उनको समझ नहीं आएगा। उसको समझ में नहीं आएगा। उनको समझ में आएगा। एटलीस्ट उनको ये हो आजकल तो बहुत सारे एआई मॉड्यूल्स है सब के हैं। तो आप
(41:45) कुछ पैराटर्स डालोगे वहां पे भी आपको रेकमेंडेशन ठीक से देगा वो। बिल्कुल रेमेंडेशन एविडेंस के हिसाब से क्या-क्या गाइडलाइंस हां आप आप चार्टबिटी डालोगे। में अपनी पैराटर्स डालो कि मेरे ब्रेस्ट लंप इतना साइज का है। लेकिन मैं देख रहा हूं इतना मेजरमेंट टेप से इतना मेजर हो रहा है। तो अब क्या करना चाहिए? आपके पास जब पेशेंट्स आते हैं तो अपना सेल्फ डायग्नोसिस लेकर आते हैं। लेके आते हैं। [हंसी] वो एक एक प्लस पॉइंट भी है, नेगेटिव पॉइंट भी है। सम थिंग्स दे डोंट अंडरस्टैंड। स्टिल इज़ आवर ड्यूटी टू मेक देम अंडरस्टैंड कि ये है। इतना इसको इसमें
(42:16) इतना ये लेना चाहिए पॉइंट्स। ये प्लांट्स शायद इंपॉर्टेंट नहीं है। सो अब जैसे ही किसी का डायग्नोस होता है, स्कैन हो गया, आपको वैल्यू्यूज पता चल गई कि क्या क्रिटिकिटी है कैसे? व्हाट इज द नेक्स्ट स्टेप? फर्स्ट बीमारी का नाम दे दिया ब्रेस्ट कैंसर। कौन सी टाइप बायोप्सी से प्रूव हो गया। हम एंड होल बॉडी पेसिटी स्कैन। यूजली हमारे इंडिया में इट इज़ ईजीली एक्सेसबल। इट इज़ कॉस्ट इफेक्टिव। हम पेटिटी करने के बाद हमें फैलाव पता चल जाता है। कहांहां में कहांहां तक वो स्टेज की इनेशन में देगा। तो हमें बीमारी का नाम पता चल गया, स्टेजिंग पता चल गई। कॉमन ब्लड
(42:51) इन्वेस्टिगेशन हम कराते हैं। ईसीजी को भी कराते हैं। तो ये करने के बाद हमें फिटनेस फॉर फदर ट्रीटमेंट पता चल जाएगा। ओके। अभी बॉडी कितनी रेडी है कीमोथेरेपी के लिए या रेडिएशंस के लिए? करेक्ट। करेक्ट। एक असेसमेंट होती है क्लीनशियंस की। अगर ऐज के हिसाब से, जेरेट्रिक असेसमेंट होगी। यंग में हमें ये सब कोमॉर्बिट्स के हिसाब से, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन ऑल अदर पैरामीटर्स के हिसाब से असेसमेंट होगी। एंड देन वी डिस्कस एंड डिसाइड अबाउट द कीमोथेरेपी। सो दिस इज़ हाउ अ कॉम्प्रहेंसिव वर्कअप इज़ डन एंड देन वी विल डिस्कस फदर कोर्स ऑफ़ एक्शन। विद इन
(43:22) थ्री टू फोर डेज में हम ये सब खत्म कर सकते हैं। इंडिया में आप ये समझो कि इंडिया में बोर्न हो लिखी हो। एक बार मैं यूएस से भी एक डिस्कशन कर रहा था कि डॉक्टर आए थे। मैंने कहा कि कितने दिन में आप करोगे? यूएस में भी इट टेक्स 7 से 10 दिन एटलीस्ट आपको फर्स्ट साइकिल कीपोथेरेपी शुरू करने में। हम तो हम विद इन फोर डेज ये सब इवैल्यूएशन करके ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं। सो वी आर वेरी फास्ट एंड डेफिनेटली ऑन पारवत प्रोबब्ली बेटर देन देम। अभी भी वेस्ट बहुत आगे है और हम बहुत पीछे हैं। आगे है लेकिन हम पीछे नहीं है। दिस इज़ अ पॉइंट आई वांट टू मेक आउट।
(43:56) हम कुछ इंस्टीटशंस में इन्वेस्टिगेशन इनिशिएटिव भी हो रहा है। बेट टाटा मेमोरियल ऑल इंडिया। सो दे दे आर डूइंग अ गुड इन्वेस्टिगेटर इनिशिएटेड ट्रायल्स हैट्स ऑफ टू देम। दे आर स्टिल होल्डिंग आवर एकेडमिक फोरम बहुत अच्छा बहुत सारे आई मीन वर्ल्ड को लो डोज हिमोथेरेपी के बारे में बताया थ्रू आवर डेटा फ्रॉम टाटा मेमोरियल एंड एम्स सो आई एम प्राउड ऑफ़ देम एक्चुअली दिस इज़ वेरीेंट कि आपको ये मिडिल जो इनकम और लो इनकम बेस्ड कंपनीज़ में अगर इम्यूनोथेरेपी अफोर्ड नहीं कर सकते डोज़ दे सकते हैं क्या दे गव अ डाटा ऑन दैट कॉस्ट बहुत कम करके क्या आपके पास बाहर से भी पेशेंट्स आते
(44:34) हैं यस आई ट्रीट लॉट ऑफ़ पेशेंट्स अक्रॉस द ग्लोब बीट सीआईएस अफ्रीकन कंट्रीज पेसिफिक नेशंस एंड कंबोडिया म्यांमार। सो एग्जामिनेशन के लिए भी उनको आपके पास फिजिकली प्रेजेंट होना पड़ता है, आना पड़ता है। यूजली हम हमारे हॉस्पिटल के जरिए कैंप्स अरेंज करते हैं वहां पे। सो आई गो देयर फॉर टू टू थ्री डेज। एंड आई सी एन ईच एंड एव्री सिटी वहां पे जो कैंसर स्क्रीन पेशेंट्स ऑलरेडी डायग्नोस्ड होंगे। यूजली वही आएंगे क्योंकि उसकी जो उनकी हेल्थ फैसिलिटीज थोड़ा सा अभी भी पीछे है। ओके। सो दे आर पिकिंग अप बट तो वो जो पेशेंट्स विलिंग है हम उनको बता देंगे यह
(45:12) करना चाहिए इफ यू विश टू ट्रेवल हियर हम उनको यहां पे बुला लेते हैं इवैलुएट करके सर्जरी करके कीमो का प्रोटोकॉल बना के भेज देंगे ताकि वो कीमो वहां कंटिन्यू करें ताकि उनका कॉस्ट इफेक्टिव वे में काम हो जाए। सो सर नाउ लेट्स टॉक अबाउट द लाइन ऑफ ट्रीटमेंट। मुझे लगता है बहुत फियर्स हैं इसको लेके। स्पेशली रेडिएशंस एंड कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते [गला साफ़ करने की आवाज़] हैं। देयर इज अ नोशन कि ये सारी जो थेरेपीस हैं, ट्रीटमेंट्स हैं, दे आर वैरी हारश ऑन योर बॉडी। जब हम किसी को देखते भी हैं कीमोथेरेपीस लेते हुए वी सी कि उनकी लाइफ
(45:45) पूरे इसी चीज के अराउंड रिवॉल्व कर रही है। द वे दे लुक वो चेंज हो जाता है। उनका हेयर लॉस होना शुरू हो जाता है। बॉडी ऐसे लगता है जैसे डिटोरिरेट हो रही है। एनर्जी नहीं रह रही है। सो इन सब रीज़ंस की वजह से देयर इज अ लॉट ऑफ़ फियर। कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही सब डरने लगते हैं। तो आप थोड़ी सी इसके बारे में हमें अवेयरनेस दीजिए। बताइए कि होता क्या है? क्या लाइन ऑफ़ एक्शन होता है? स्टेप बाय स्टेप क्या किया जाता है इसमें? एंड आई वांट टू नो इट ऑल राइट फ्रॉम ऑल सॉर्ट्स ऑफ रेडिएशन थेरेपीस व्हिच आर देयर एंड कीमोथेरेपी कब कहां क्या यूज करते हैं इनमें क्या होता है एक
(46:16) ब्रीफली आप हमें अंडरस्टैंडिंग दीजिए इसके बारे में कोई भी कैंसर हो उसमें तीन तरह के इलाज हुए तीन तरह के स्पेशलिस्ट मेनली इनवॉल्वड होंगे सो अपार्ट फ्रॉम डायग्नोस्टिक डॉक्टर्स आल्सो दे आर आल्सो वैरीेंट एस फ द ट्रीटमेंट इज कंसर्न मेन स्पेशलिटीज सर्जिकल अंकोलॉजी जो सर्जन्स हैं नेक्स्ट इज़ मेडिकल अंकोलॉजी डोमेन जो मैं मेडिकल अंकोलॉजिस्ट हूं जिसमें कीमोथेरेपी और टारगेट थेरेपी एंड एंड इम्यूनोथेरेपी। ये तीन मोलिटीज के बारे में मैं डिस्कस करूंगा। और थर्ड मोलटी है रेडिएशन। रेडिएशन सर्जरी और कीमोथेरेपी के बाद दी जाती है उसको एड्जॉइंट बोलते हैं। दूसरी
(46:49) जो रिपेटिव रेडिएशन जहां पे अगर बोन में बीमारी है उसको अब रेडिएशन करें ताकि पेन कम हो जाए। सो रेडिएशन एक हाई डोस एक्सरे या फोटों्स बोलते हैं जो रेज के जरिए उनको दिया जाता है। एंड आजकल इसमें भी बहुत सारे चेंजेस और इंप्रोवाइजेशन हुई है। ओके। अगर मैं एकदम लेमन लैंग्वेज में इसको समझना चाहूं तो इज इट लाइक कि रेज के थ्रू हम उन कैंसरस सेल्स को मार रहे हैं। एकाग्रित हो के उस उस एरिया पे हम रेडिएशन दे रहे हैं। ताकि वो कैंसर सेल जिस एरिया पे हुआ हो उस एरिया पे वापस ना आए। ठीक है? अगर ब्रेस्ट कैंसर है स्पेशली राइट ब्रेस्ट कैंसर उसके
(47:26) हार्ट भी आसपास नहीं है। हम तो साइड इफेक्ट्स ऑलमोस्ट मिनिमल अना के बराबर होंगे। लेफ्ट ब्रेस्ट कैंसर है। आजकल इतने अच्छे मेथड है कि अंदर हार्ट है उसको सेव करने का। अच्छे-अच्छे हमारे रेडिएशन कोलीग्स बता पाएंगे उसके बारे में कि कैसे उसको सेव करें। रेडिएशन डॉक्टर देखेंगे। फिजिसिस्ट उसको प्लान बनाएंगे। स्कैन पहले मशीन पे प्लान करेंगे। उसको जहांजहां एरिया था उस बीमारी जो निकाल उसको मैप करेंगे। नॉर्मल स्ट्रक्चर को मैप करेंगे ताकि वहां पे डिसीजन ना जाए। एंड बाद में रेडिएशन अंकल्स मैच करने के बाद उसको अप्रूव करेंगे कि इतना डोस यहां
(47:57) पे नहीं जाना चाहिए। सो इट्स अगेन अ ब्यूटीफुल साइंस एंड इसके बाद रेडिएशन डिलीवरी होती है और हर हफ्ते एनालिसिस करते हैं कि कैसे-कैसे दोबारा नॉर्मल स्ट्रक्चर को नहीं रेडिएशन के बाद कुछ चेंजेस तो नहीं आ रहा है। सो दिस इज़ हाउ इट इज़ बीइंग डन। तो ये करने के बाद आप जो एडवर्स इवेंट्स आपसे मान लो बहुत ही मिनिमाइज और कम हो। अब आएंगे मेडिकल एंकोलॉजी पर्सपेक्टिव के। जी हम इसको थोड़ा सा डीपली अंडरस्टैंड करते हैं। कीमोथेरेपी एक बैकबोन है। सो कीमोथेरेपी किनमें चाहिए? किनमें नहीं चाहिए? सर्जरी के बाद चाहिए, सर्जरी से पहले चाहिए।
(48:29) मैंने कुछ जिक्र किया। जब कीमोथेरेपी चाहिए, डेफिनेटली चाहिए। और बहुत सारे लोगों को औरतों को मैं ये बोलता हूं कि डरिए मत। दो कारण है वश किए कॉम्प्लिकेशंस हम दूसरी चेंज इन द अपीयरेंस। दूसरे लोग क्या कहेंगे? आपके बारे में क्या सोचेंगे? तो ये हटाइए क्योंकि मैं यही बोलता हूं कि आपके बारे में आप और आपकी फैमिली ही सोच सकती है। हम दूसरे खड़े नहीं होंगे। तो आपको पहले ठीक रहना है तभी आप दूसरे देशों को देख पाओगे। तो यह साइड इफेक्ट जो भी है ट्रांजिएंट है ये ठीक हो जाएंगे। दिस इज़ हाउ आई एडवाइस देम। दिस इज़ वेरीेंट। एंड जहां तक बात आती
(49:05) है सपोर्टिव केयर की मेडिकेशंस की, कीमोथेरेपी के सपोर्टिव केयर की मेडिकेशंस में भी हमें बहुत सारा तरक्की मिली। और उसमें जो फर्स्ट एंड फोरमोस्ट थिंग था ओमिटिंग। पहले तो ऐसे होता था कि सेकंड साइकिल आने से डॉक्टर से देख के ओमिटिंग कर देते थे। ओ माय गॉड। [हंसी] सो नाउ उसमें क्या हुआ कि हमें इसकी मैकेनिस्टिक्स समझे कहां क्यों हो रहा है ओमिटिंग जहां स्टमक से ब्रेन तक उसके पाथवे डीपली समझ लिए और उसके अगेंस्ट दवाइयां है तो आजकल ओमिटिंग ऑलमोस्ट ना के बराबर है। सो ये सब दवाई यूज़ करने के बाद ओमिटिंग कॉम्प्लिकेशंस हट गया। हट चुके हैं।
(49:38) हेयर फॉल में कुछ हद तक वो कूलिंग कैप हेल्प करता है। कुछ में मेजर सम ड्रग्स में हेल्प नहीं करेगा। मुंह में छाले और या अल्सरेशंस होना इसमें सिंपल स्टेप्स आपको समझा देंगे। काउंसलिंग करेंगे। ये भी ज्यादातर हद तक ठीक कर सकते हैं। टीएलसी टोटल हमारे शोल्डर्स क्योंकि कीमो क्या करता है कि हमारी जो प्रोिफ्रेटिंग रैपिडली डिपोलिफेरेटिंग सेल्स है उनको इफेक्ट करेगा। उसके मेनली हेयर फॉलिकल्स, म्यूकस मेंब्रेन और स्किन ये तीन में ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस आता है। क्योंकि इनकी मदद सेल्स है तो ये रिकवरी होंगे। तो टीएलसी रिकवरी करने के लिए सेकंड कीमो के
(50:10) बाद हम एक इंजेक्शन लगाते हैं। उससे यूजुअली ये कॉम्प्लिकेशंस ना के बराबर होंगे। एक कीमोथेरेपी प्रोसेस में एक्सजेक्टली स्टेप बाय स्टेप होता क्या है? मेडिकल अंकोलॉजी से चार मेलिटीज ऑफ ट्रीटमेंट है। कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोनल ट्रीटमेंट। कीमोथेरेपी एक दवाई है जो ग्लूकोस के जरिए मिक्स करके नस के जरिए दी जाती है। किसी को बैक्टीरियल इंफेक्शन हो, निमोनिया हो तो हम क्या करते हैं? एंटीबायोटिक देते हैं जो बैक्टीरिया को जाके किल करे। सिमिलरली सेम चीज़ प्रोसेस यहीं पे भी फॉलो होगी। आईवी फ्लूइड्स में कीमोथेरेपिटिक
(50:42) एजेंट मिक्स की जाती है। ग्लूकोज करके मिक्स करके हम देते हैं। दिस इज व्हाट इज अ कीमोथरेपी। सो ये कैसे टारगेट करता है कि उसी ऑर्गन पे ये रैपिडली डिवाइडिंग सेल्स को इसलिए बोलते हैं कि नॉर्मल सेल्स भी मारे जाते हैं। हम सही है कुछ हद तक क्योंकि हमारे नॉर्मली रैपिडली डिवाइडिंग सेल्स बोलते हैं उसको उसको भी अफेक्ट करता है जैसे भी इसलिए हेयर फॉल होगा और स्किन इसलिए थोड़ा सा कालापन या मकस मेंब्रेन में थोड़ा सा छाले होंगे। ओके हमारी जो सोल्जर्स आरबीसी डब्ल्यूबीसी इम्युनिटी भी तो उसका उसको करने के लिए कुछ हद तक हमारे पास मेडिकेशंस हैं। लेकिन
(51:16) उनकी मदद सेल्स है उसको स्टेम सेल्स बोलते हैं जो जिसकी वजह से ये सारे सेल्स रिकवर ही हो जाते हैं। रिकवर हो जाते हैं। बट उस फॉर द टाइम बीइंग फॉर दैट पीरियड वो डिस्ट्रॉय होते हैं और फिर वापस फिर वापस आते हैं। कि इसीलिए कुछ जो कीमोथेरेपी के साइकिल्स जो होते हैं 21 डेज 14 डेज उस आधार पे निर्भर होगा कि कैसे रिकवरी आ जाती है बाकी सारे सेल्स की। अच्छा। सो वी डू वन सिंग उसका फर्स्ट ट्रीटमेंट होता है एंड देन वी गिव टाइम टू द पेशेंट टू रिकवर अ बियर दैट वो पूरा जो एक बॉडी का एक पूरा सिस्टम मैकेनिज्म हो रहा है वो सब उसके बाद देन वी गिव अनदर
(51:53) लाइन अनदर कुछ कीमोथेरेपिस वीकली होंगे कुछ थ्री वीकली होंगे कुछ टू वीकली होंगे। ये सारे आपको ओकोलॉजिस्ट बैठ के समझाएंगे। समझाएगा। ये कीमोथेरेपी हो गया। सेकंड, अ टारगेट थेरेपी। जैसे मैंने पहले जिक्र किया ईआरपीआर हर्ट टू एक कैंसर सेल की ऊपर मार्कर्स है। हर्ट टू न्यू भी एक प्रोमिनेंट मार्कर है। ऊपर एक ऐसे मुंह खोल के एक रिसेप्स्टर बैठा हुआ कि जिसको मुंह के दबाने के लिए हमें एक टारगेट चाहिए। जाके उसको क्लोज करो। सिंपल भाषा में समझाना। हम उसको हमें एंटी हर्ट टू मॉलिक्यूल्स बोलते हैं। ओके? सो वो टारगेटेड एशंस है जो हम नसरी देंगे
(52:29) जाके डायरेक्टली उसको ब्लॉक करेंगे। मेनली इसकी साइड इफ़ेक्ट बहुत ही कम है क्योंकि हम इसको टारगेट कर रहे हैं। तो बाकी पूरी बॉडी ना के बराबर नहीं कुछ होते हैं वह अलग है बट ऑलमोस्ट कम है इसमें। स्पेशली हर्ट टू पॉजिटिव में अगेन साइंस इतनी अच्छी इवॉल्व हो रही है कि ये टारगेट थेरेपी सात कीमोथेरेपी के साथ कंबाइन करो जिसकी वजह से बीमारी ऑलमोस्ट गायब हो जाती है। पहले कीमोथेरेपी और टारगेट थेरेपी देंगे। उसके बाद सर्जरी करते हैं। यह टारगेट थेरेपी है और इसमें भी बहुत सारे इनोवेशंस हो रहे हैं। और टारगेट थेरेपी के पीछे टेल पे आप
(52:58) एक और कीमोथेरेपी अटैच करो। स्टैंड अलोन वो कीमोथेरेपी देंगे बहुत टॉक्सिक होगा वो। इसकी जो टारगेट थेरेपी जा रही है जाके डायरेक्टली क्या कैंसर सेल को अटैच होगा। इसके टेल पे पटाखा जैसे छोड़ दो। डायरेक्टली अपने एक एक जाके अटैच हो जाएगा यहां पे। सेल के ऊपर इसके टेल पीछे एंड जो हमारे सोल्जर है इसके टेल भी होता है। टेल को मॉडिफाई करके उस पे कीमोथेरेपी अटैच कर दो। स्टैंड अलोन अगर वह देंगे तो अब झेल ही नहीं पाएगा पेशेंट। अब टेल के अटैच करोगे तो यह क्या होगा? यह छोटी मॉलिक्यूल जाके डायरेक्टली कैंसर सेल पे अटैच हो जाएगा। कैंसर सेल के
(53:28) अंदर जाके किल करेगा आसपास वालों को भी इतना किल करेगा। उसको बाय स्टैंडर्ड इफेक्ट बोलते हैं। ओके? सो इसको हम ड्रग एंटीबॉडी कंजगेट ये टारगेट थेरेपी में एक और एक स्टेप आ गया है। कैंसर के हैंडस्केप को चेंज कर रहा है। क्योर की तरफ या कंट्रोल की तरफ ज्यादा हम बढ़ बढ़ रहे हैं। एक स्टेप और बढ़ रहे हैं। ये टारगेट थेरेपी हो गया। ठीक है? देन इम्यूनोथेरेपी बहुत आसान भाषण में मैं समझाना चाहता हूं। इतना आसान नहीं लेकिन मैं आई विल मेक इट इज़ियर फॉर द ऑडियंस। सो कैंसर एक तरफ हमारी सोल्जर्स दूसरी तरफ जब भी हमारा सेल कुछ सिग्नल सेंड करता है कि कुछ वहां पे गड़बड़ है।
(54:04) म्यूटेशंस होके कुछ सेल अपनी रूप को चेंज कर रहा है। कैंसर की तरफ लेके जा रहा है। देन हमारे सेल सोल्जर्स उसको रिकॉग्नाइज करेगा और उसको निकाल देगा। स्कैवेंज करेगा या अपप्टोसिस बोलते हैं उसको। हम निगल लेगा उसको। वह भी इतना क्षण है। वह जो ऐसे म्यूटेशंस क्रिएट करेगा उसमें बीच में दीवार खड़ा कर देगा हम कि मैं तुम्हें दिख ही नहीं रहा हूं। हम् तो कैसे निकालोगे? इम्यूनोथेरेपी ये है। सिंपली ये दीवार को हटा रहा है। सो ये एंटीबॉडीज है। इसको दीवार को स्लाइड कर देगा। इम्यूनथरेपी इज़ वन ऑफ़ द इंपॉर्टेंट आर्ममेंटोरिम व्हिच कैन क्योर द डिसीज।
(54:37) मैंने इसीलिए ये सिंप्लिस्टिक वे से एक्सप्लेन किया। ये दीवार को हटाएगा जाके अटैक करेगा। सो इम्यूनिटी एक इंपॉर्टेंट पैरामीटर है। कोई भी डिजीज हो। हम इसीलिए उसको कैसे हम यूटिलाइज करें? कैसे उसको बढ़ावा दे? कैसे हम इम्यूनोथेरेपी यूज़ करें? दिस इज़ इट ऑल रेस्ट ऑन द इम्यूनोथेरेपी। लास्ट बट नॉट द लीस्ट इज़ हार्मोनल ट्रीटमेंट। जैसे मैं एक सबसेट ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर्स बताया था ईआरपीआर पॉजिटिव। अगेन कैंसर सेल के ऊपर मार्कर है। ये ईस्ट्रोजन मॉनपुलेशन अगर वो पॉजिटिव है तो उसको अगेंस्ट हमें जाके ओरल दवाई देने चाहिए ताकि इसको ब्लॉक करे
(55:09) हम और आगे जो रिकरेंस के चांसेस हो वो कम हो जाए। ओके? ओके। सो ये हार्मोनल ट्रीटमेंट ये ओरल पिल है। सो हाउ डू वी डिसाइड कि हमें कौन सा लाइन ऑफ ट्रीटमेंट चूज़ करना है? सारे कॉम्प्लीमेंटरी है। ओके। सो वन कॉम्प्लीमेंट्स अदा। सो अगर हर टू पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर है, कीमोथेरेपी प्लस एंटीआर टू टारगेट थेरेपी चाहिए। हम इम्यूनोथेरेपी स्पेशली तीनों नेगेटिव है तो उसमें और कोई टारगेट नहीं है। तो हम यूजली ट्रिपल नेगेटिव इम्यूनथरेपी यूज़ करते हैं। ओके? हार्मोनल थेरेपी जो भी हार्मोन पॉजिटिव है सारे ट्रीटमेंट मोडाली खत्म होने के बाद हार्मोनल ट्रीटमेंट चलेगी। सो दैट्स द
(55:42) चॉइस व्हिच यू एस एन ऑनलॉजिस्ट यस वो हम पेशेंट को समझाएंगे। यह आपकी सबसेट है। ये आपकी रोड मैप है। सब्सिक्वेंट सिक्स मंथ्स में क्या ट्रीटमेंट चाहिए? ये वन ईयर कुछ कुछ पेशेंट्स में हम वन ईयर तक की भी ट्रीटमेंट करते हैं। जैसे हर टू पॉजिटिव में। सो आपको ओकोलॉजिस्ट जो बैठ के बताएगा। सो कुछ में हार्मोन चलता है, कुछ में नहीं चलता, कुछ में एक साल चलेगा, कुछ में छ महीने मेजॉरिटी में छ महीने चलता है। सो दैट मींस अगर दो लोगों को सेम तरह का कैंसर है तो उनका लाइन ऑफ ट्रीटमेंट अलग-अलग भी हो सकता है। बिल्कुल। मैंने एक ही लेडीज़ में दो कैंसर,
(56:12) दो ब्रेस्ट कैंसर एक ही लेडीज में भी देखा हुआ है। एक ब्रेस्ट में। अच्छा। ओह! यह भी होता है। अगर दो लंप है ब्रेस्ट में। हम्। एक लंप अलग चीज शो कर रहा है। दूसरी लंप अलग चीज। फेक ट्रीटमेंट्स अवेलेबल इन द मार्किट। क्विक हीलिंग, क्विक फिक्सेस, क्विक ट्रीटमेंट्स, अफोर्डेबल ट्रीटमेंट्स के नाम पे बिकते हैं। ऑरेंज को पिंच करके बोल रहे थे कि देखो ऑरेंज को मैंने पिंच कर दिया और इसमें जो रस बाहर आ रहा है, ऐसे स्प्रेड होगा आपका कैंसर, बायोप्सी करने से। सीधे सिमली पब्लिक इसको कैसे लेगी? इमोशंस के साथ खेल रहे हो। [संगीत] व्हाट इज दैट वन मैसेज दैट यू वुड लाइक टू
(56:45) गिव टू ऑल आवर वुमेन लिसनर स्पेशली? [संगीत] आप लोग बहुत ही ब्रेव हो। हैट्स ऑफ टू यू। अगर आप इन पॉडकास्ट के ऑडियो वर्जंस को एंजॉय करना चाहें ताकि आप अपना काम करते हुए, वॉक करते हुए या फिर ड्राइव करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सके तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। आई नो मेडिकल एडवांसमेंट्स बहुत ज्यादा हो रही हैं और साथ-साथ आपने बताया कि कैसे अब हम साइड इफेक्ट्स को मिनिमाइज करते जा रहे हैं। फिलहाल अभी भी जो साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं लोगों को जिसकी वजह से वो सबसे ज्यादा डरते हैं, फियर होता है उन्हें
(57:18) रिड्यूस करने के लिए कुछ किया जा सकता है। वोमिटिंग ऑलमोस्ट ना के बराबर हो गया। हेयर लॉस को मेजॉरिटी प्रवेश नहीं कर सकते। कूल कैपिंग के जरिए कुछ कीमो में वो उसे एक्सटेंड किया जा सकता है। अगेन विग इज अ फैंटास्टिक मीडियम वेयर आजकल बहुत अच्छे से विग आ गए। पता भी नहीं चलेगा कि आप विग पेन है। वो ओके। एंड टीएलसी के लिए इंजेक्शन आ माउथ अल्सरेशन रोकने के लिए हमें कुछ लोगों में मैं ऑइल यूज़ करता हूं। अगेन सरकमस्ट्ससेस के हिसाब से उसको फॉलो करना है। ऑइल अप्लाई करना है एंड यू शुड टेक योगर्ट टू इंप्रूव योर गट हेल्थ। देयर आर
(57:52) सरकमस्ट्ससेस के हिसाब से डिजीज के हिसाब से इसको एडवाइस देना चाहिए। व्हाट आर द थिंग्स? अ पेशेंट शुड नॉट डू ड्यूरिंग कीमोथेरेपी। जब उसकी कीमोथेरेपी चल रही है लेट्स से 6 महीने एक साल के लिए उस टाइम पे उसे कौन-कौन सी चीजें करना अलाउड ही नहीं है? यूजुअली हाइजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी है। बाहर का खाना मैं कोई भी वो मैं अलव नहीं करता यूजली बिकॉज़ ऑफ़ सिंपली बिकॉज़ ऑफ़ द हजीनेसिटी। राइट? सो घर का जो भी बनता है फ्रेश खाना खाएं। फल फ्रूट सलाद खा सकते हैं। यूजुअली हम अपनी सॉलिड मैगनेंसीज़ में हम अलव कर लेते हैं। इसमें एक्सेप्ट लुकीमियाज़ में दे
(58:24) यूज़ली अवॉयड बिकॉज़ लो इम्युनिटी देयर। हम बाकी सॉलिड मैलगेंसी में जो कीमो होता है उसमें हम हम फल फ्रूट सलाद घर का खाना नॉर्मल एक्टिविटी नॉर्मल एक्सरसाइज माइल्ड टू मॉडरेट कर सकते हैं कीमो के दौरान भी कि एक साइंस के हिसाब से प्रवोक हो चुका है आप वॉक करते हो प्लीज वॉक करो आप जिम जाते हो माइल्ड टू मॉडरेट एक्सरसाइज रेकमेंडेड है हम डस दैट हेल्प यस इट हेल्प्स सो देयर इज़ अ डाटा फॉर दैट एज वेल कि इट इंप्रूव्स दी द वेल बीइंग ऑफ़ द पेशेंट सेकंड आप कोई भी फेथ फथ में बिलीव करते हो उस फेथ के हिसाब से मेडिटेशन करो। सो 15-20 मिनट्स ऑफ़
(59:01) मेडिटेशंस विल हेल्प यू अ लॉट। हम ये रेगुलरली करना चाहिए। एंड प्लीज मैं अगेन रेटेड करना चाहूंगा फ्रेंड्स एंड फैमिली। आपको इनको एज अ करुणा के दायरे में नहीं देखना है। अरे बेचारे क्या हो गया? आके ऐसे उसी के बारे में प्लीज आपको जैसे पहले थे वैसे ही देखना है इनको। हम इंटरेक्शंस नॉर्मल रखना है। एंड एज अ पेशेंट आपको भी जिक्र करना है प्लीज यह मैं और मैं और डॉक्टर हैंडल कर लेंगे। आप जो नॉर्मल चलो आपकी बुआ कैसी है? ये सो यूज़ अ नॉर्मल कन्वर्सेशन रादर देन कन्वर्सेशन अराउंड द कैंसर। हम आप उनको स्पेशल ट्रीटमेंट्स मत दीजिए। मत दीजिए। जस्ट टेट देम एस अ नॉर्मल। आप
(59:42) इतना एमथाइज मत करो कि इट फील्स ऑड समटाइम। सो समबडी हु इज़ यंग ही थिंक्स दैट आई कैन बीट एंड डॉक्टर हैज़ टोल्ड दैट आई कैन बी क्यूरेबल। तो इन दैट का कॉन्टेक्स्ट आप उनको सपोर्ट करो बट डोंट सिंपथाइज सो मच कि वो बेचारे समझे। पूरे फैमिली में तो है ही बट पार्टनर का क्या स्पेशल रोल जो हम शुरू में भी डिस्कस कर रहे थे एंड आई सेड इसको हम मैं और डीपली समझना चाहूंगी हाउ कैन अ पार्टनर सपोर्ट वेरी वेरीरी वैलिड एंडेंट क्वेश्चन जब भी हम ट्रीटमेंट शुरू करते हैं ब्रेस्ट कैंसर की हम एक इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट ऑफ ह्यूमननेस का ही हम निकाल रहे हैं
(1:00:14) ह्यूमननेस किससे डिस्चार्ज इस्ट्रोजन से हम सब ईस्ट्रोजन ही नीचे कर रहे हैं। सो ऑल दोज़ ह्यूमन कैरेक्टरिस्टिक्स जो होता है वो थोड़ा सा दिक्कतें होंगी। फॉर एग्जांपल मैं कीमोथेरेपी के ओरियन फंक्शन कम हो गया। बाद में हार्मोन पे आ गया। प्रीमोनोनोपजल पर हमें पोस्ट मेनोपोजल कर देते हैं इंजेक्शन की तरह। अच्छा। देन एट दैट पर्टिकुलर इफ शी इज़ अराउंड 38 37 सो विल गेट ऑल दोज़ पोस्ट मेनोपोजल सिम्टम्स। शी कैन बी वेरी अनरिज़नेबल। आई न्यू दिस इस गोइंग टू हैपेन यंग आई जस्ट गिव एन एग्जांपल ऑफ़ यंग कपल। हु ऑलमोस्ट सेपरेटेड। आई एन आई जस्ट मेड एन एफर्ट टू
(1:00:49) कॉल द हस्बैंड। प्लीज कम टू मी एंड मीट मी। आई टोल्ड देम दैट दिस इज़ नॉट हु शी वास। दिस इज बिकॉज़ ऑफ़ हार्मोनल चेंजेस। प्लीज अंडरस्टैंड हर व्हाटएवर शी इज़ अनरज़नेबल। कुछ भी हो आप उसको यस बोल के आगे जाओ। रेस्ट ऑल विल हैंडल। इट इज़ अ क्वेश्चन ऑफ़ टाइम इट इज़ गोइंग टू गो। सो ये मैं सबको बोलना चाहूंगा हाउएवर बिजी यू आर। डॉक्टर को भी ये स्टेप लेना चाहिए। एंड दिस ये पॉइंट को कंसीडर करना चाहिए। मैं आई हैव सीन टू फैमिलीज़ लाइक दिस। एंड आई ट्राई टू गो अ स्टेप अहेड एंड कॉलिंग बोथ ऑफ़ देम एंड काउंसलिंग देम एंड लकीली दे आर टुगेदर नाउ। थोड़ा सा हमारे बॉडी
(1:01:23) में विटामिन डी बी12 का लेवल कम होता है तो हमें लगता है कि मेरा मूड नहीं ठीक रह रहा मेरे एनर्जी नहीं है। मेरा उठने का मन नहीं कर रहा। तो यह तो फिर बॉडी में कुछ और ही चल रहा है ना। इतनी बड़ी चीज को तो अंडरस्टैंड करना ही पड़ेगा। यू डोंट हैव एन ऑप्शन। एंड द टाइम व्हेन योर पार्टनर नीड्स योर सपोर्ट द मोस्ट। दिस इज द टेस्टिंग टाइम। दिस इज द टाइम व्हेन यू नीड टू बी विद हर। वो सेल्फलेस लव के साथ। नो मैटर व्हाट शी इज सेइंग। उस टाइम पे उनके एक्शन को जज किया जाए तो ही अच्छा है। एंड एज यू सेड यह दिस इज जस्ट अ फज़ आपके सपोर्ट के साथ जैसे-जैसे वो बेटर
(1:01:54) होगी थिंग्स विल गेट बेटर। अब्सोलुटली। हम आई थिंक दिस इज द मोस्टेंट मैसेज फ्रॉम टुडेज़ कन्वर्सेशन। बाकी तो सब नॉलेज है ही बट पार्टनर को कैसे सपोर्ट करना ये बहुत जरूरी है। मुझे लगता है शायद अवेयरनेस कम है इसके बारे में। ये नॉलेज की कमी की वजह से है या व्हाट हम थोड़ा सा शॉर्ट टर्म पढ़े हैं। सो इंक्लूडिंग मी आई वी शुड वी शुड चेंज इट। या वी शुड चेंज अंडरस्टैंड द ह्यूमन साइकोलॉजी एंड देन एंड गो अलोंग। सो अभी हमने ये बहुत अच्छे से आपने एक्सप्लेन किया ऑल दी थेरेपीज। नाउ व्हेन डस और वेयर डस द रोल ऑफ सर्जरी कम्स इंटू द पिक्चर। सर्जरी कब करनी पड़ती है?
(1:02:34) कुछ लोगों में हम पहले ही सर्जरी कर देते हैं। कुछ जैसे ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर हर्ट टू पॉजिटिव अगर 2 सेंटीमीटर भी है उसमें पहले कीमो उसके बाद सर्जरी करनी होती है। बट क्या सर्जरी हर केस में करनी पड़ती है? लोकलाइज स्टेज वन टू थ्री करेंगे। बहुत ही लिमिटेड स्टेज फोर में भी करते हैं। वो आपको ओकोलज समझाएंगे कौन सी स्टेज में स्टेज फोर में सर्जरी करना है। ब्रेस्ट कंजर्वेशन या पूरा ब्रेस्ट कुछ लोग जो मिथ्स कि अगर ब्रेस्ट है तो पूरा ब्रेस्ट निकालना है। पहली अप फ्रंट हम सर्जन को भी इन्वॉल्व करेंगे। रेडियोलॉजी को भी
(1:03:02) इन्वॉल्व करेंगे। क्या हम इसमें ब्रेस्ट सेव कर सकते हैं? क्या? हम तो ब्रेस्ट कंजर्वेशन जहां पे पॉसिबल है ब्रेस्ट कंजर्वेशन करना चाहिए। अगेन वुमननेस एंड इसमें आउटकम में कोई डिफरेंस नहीं है। लंब कहां पे है? साइज क्या है? स्किन इनवॉल्व है या नहीं है? ये सारे फैक्टर्स डिसीजन मेकिंग में हेल्प करेगी। एमआरआई करते हैं। बहुत सारे क्वाड्रेंट्स में तो बीमारी नहीं है। सो ये अपफ्रंट डिसीजन में ये सर्जन डिसीजन लेंगे कि यस हम कंजर्वेशन कर सकते हैं। देन हम कीमोथरेपी कीमो देने से पहले हम मार्क मार्कर भी इंजेक्ट करेंगे ट्यूमर में। एक मार्कर क्लिप बोलते हैं। उसको
(1:03:35) क्लिप लगा देंगे तो हमें पता चलेगा अगर कीमो से गायब हो गया। यही था। उसी एरिया को हम निकाल सकते हैं। सर हमने बात करी अलग-अलग तरह के थेरेपीस, ट्रीटमेंट्स, रिकंस्ट्रक्शन, ऑल दीज़ थिंग्स। आई थिंक दे आर वेरी एक्सपेंसिव आल्सो। [हंसी] जब कॉस्ट की बात करें तो ये सब ट्रीटमेंट्स बहुत एक्सपेंसिव भी होते हैं। क्या एक एवरेज खर्चा होता है कैंसर ट्रीटमेंट का। जहां तक बात करें जब एडवांसमेंट्स होती है, इनोवेशंस होते हैं। अगर वो आउटकम इंप्रोवाइज कर रहा है तो उतना कॉस्ट बनेगा ही बनेगा। इससे हमें सतर्क होना है पब्लिक आपको मिनिमम इंश्योरेंस लेना है। हेल्थ
(1:04:11) इंश्योरेंस के बारे में मैं बहुत जिक्र करता हूं। बहुत ही इंपॉर्टेंट है। हम हेल्थ को लाइटली लेते हैं। दो 3000 का शर्ट लेने में हम ज्यादा हिचकिएंगे नहीं। लेकिन हम वही साल में एक बार 15,000 पे करने में फैमिली इंश्योरेंस में 10 बार सोचते हैं। ये नहीं होना चाहिए। ये नोशन चेंज होना चाहिए। हेल्थ सिक्योरिटी बहुत ही इंपॉर्टेंट है। मिनिमम तो 20 लैक्स का इंश्योरेंस होना चाहिए। अगर नहीं हो सकता तो गवर्नमेंट के सपोर्ट के एटलीस्ट 10 लैक्स टायर टू टायर थ्री में। सो क्या हर पॉलिसी में कैंसर के सभी तरह के ट्रीटमेंट्स कवर्ड होते हैं?
(1:04:40) कुछ पॉलिसीज में इम्यूनोथेरेपी और रोबोटिक सर्जरीज कवर नहीं होंगे। अगेन जिक्र कर रहा हूं आपको पहले मेंशन करना है। इंश्योरेंस एजेंट से बात करना है। ये सारे मुझे न्यूअर मोटलिटीज भी कवर करना है 100%। वो बोलेंगे 5% कवर होगा। बाकी सब आपको कवर नहीं होगा। और उसके अलावा भी ओरल मेडिकेशंस भी कवर्ड होंगे क्या? हम क्या मुझे अगर मेरे पापा को सपोर्टिव केयर घर में ही चाहिए क्या होम केयर भी अवेलेबल अवेल कर सकते हैं क्या? ये सारे आपको क्वेश्चन पूछना है ताकि आप सतर्क रहो कि सारे में कवर्ड हो। रिकंस्ट्रक्शन जैसे सर्जरीज भी इसके अंदर
(1:05:13) कवर होती हैं। कुछ इंश्योरेंस कॉर्पोरेट इंश्योरेंस कवर करते हैं। मेजोरिटी नहीं करता। नहीं करते होंगे। बिकॉज़ दैट इज अ चॉइस। करेक्ट। करेक्ट। दैट इज़ अ चॉइस। एस्थेटिक्स। सो दैट्स एन एस्थेटिक। सो एस्थेटिक्स यूजली मेजोरिटी इसमें कवर नहीं करता। उसमें डेफिनेटली प्रीमियम बहुत ज्यादा होगा। ज्यादा होगा। किसी ने आज इंश्योरेंस ली कल उसको कैंसर डिटेक्ट हुआ। यही क्वेश्चन पूछना है। यूजली नहीं होता ये कुछ वो पीरियड होता सिक्स पैसे कुछ है दैट यू नीड टू आस्क योर इंश्योरेंस एजेंट। सो इट हैज़ टू बी डन। उस पीरियड से पहले ऐसे आपका इंश्योरेंस होना चाहिए ताकि
(1:05:44) वो अल्टीमेटली डायनो से पहले आप पहले ही शुरू कर दो आप। जब आएगा देन एटलीस्ट यू आर रेडी एंड रिन्यू करना बहुत जरूरी है। बहुत सारे लोगों को मैं देखता हूं सर मैं 10 साल से पे कर रहा था। अभी इस साल मैंने डिस्कंटिन्यू किया एंड देन देयर आर सो तभी डायग्नोस हो गया। दे हैव वेरी गुड इंश्योरेंस एंड देन अल्टीमेटली लैप्स होगा। सो यू हैव पे 10 इयर्स लॉस। आपने जो वो पे किया वो भी। सो 10 इयर्स पे किया। अब और 10 इयर्स पे करो। कुछ कोई इशू नहीं होगा। जस्ट थिंक दैट आई एम कीपिंग दिस अमाउंट एव्री मंथ आप निकाल के रखो। अगर छोटे-छोटे कर रहे हैं तो आप एवरीडे ₹10
(1:06:14) रखो। निकाल के रख दो। ये मैं एंड में हेल्थ में यूज़ करूंगा। सो दीज़ काइंड ऑफ़ स्माल थिंग्स प्लानिंग्स आर रिक्वायर्ड फॉर योर बेटर हेल्थ। वैसे अप्रोक्समेटली कितना स्पेंड हो जाता है? इट डिपेंड्स ऑन द टाइप ऑफ द डिजीज ऑन एन एवरेज एज आई सेड अराउंड 10 लै इज़ अ बॉल पैक फिगर। बॉल पैक फिगर। सो उसमें मेजर बेसिक ट्रीटमेंट कवर होगा। बेसिक। हां जी। इट्स एन एक्सपेंसिव ट्रीटमेंट। इट्स एक्सपेंसिव ट्रीटमेंट। एज अ सेव क्यों? क्यों एक्सपेंसिव है? कुछ जो पेटेंसी है जब पेटेंसी ऑफ हो जाती है देन द इंडियंस आर वेरी पोइनरी इन मैन्युफैक्चरिंग द
(1:06:47) कॉपीज़ ऑफ़ इट एंड एक्सपोर्टिंग इट आल्सो तो उसमें कॉस्ट बहुत हद तक कम करते थे एंड दे आर बिकमिंग अफोर्डेबल जैसे मैं टारगेट थेरेपी बताया है वो बहुत सारे इंडियन मॉलिक्यूल्स है जो भले इतना कॉस्टली वो दे आर विद इन द रीच ऑफ़ नॉर्मल नॉर्मल पीपल एंड देयर आर आल्सो हॉस्पिटल्स जो बहुत कम बजट में भी थेरेपीस कीमोथेरेपीस करते हैं तो क्या वो अपनी पॉकेट से पे कर रहे हैं? इज इट लाइक अ पब्लिक सर्विस दे आर डूइंग? सोशल सर्विस दे आर डूइंग? इट इज पॉसिबल इन ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट मेडिकल साइंसेस वेयर आपका जो भी ड्रग कॉस्ट डायरेक्टली डिलीवरी करते हैं तो
(1:07:23) देयर नोबडी एल्स इज़ इनवॉल्व इन देयर। सो दैट बेनिफिट गोज़ टू द पेशेंट। सो उस कॉन्टेक्स्ट में हम कम कर सकते हैं। बाकी डे केयर में बहुत ही नॉमिनल चॉइससेस उसमें जो करना है इट डिपेंड्स ऑन व्हाट काइंड ऑफ़ ड्रग्स यू आर यूजिंग। बेसिक कीमोथेरेपी ज्यादा नहीं होता। हम सो इन दैट कॉन्टेक्स्ट उस पे कॉस्ट कम हो जाएगी बेसिक कीमोथेरेपिस्ट में बसाइड्स इंश्योरेंस कुछ गवर्नमेंट सपोर्ट भी है टू बियर दिस कॉस्ट ऑफ ट्रीटमेंट कैंसर ट्रीटमेंट सो इफ यू टॉक अबाउट समबडी हु इज़ नॉट अ गवर्नमेंट एंप्लई या समबडी हु इज़ अ गवर्नमेंट एंप्लई जो गवर्नमेंट एंप्लाइजज़ हैं स्टेट गवर्नमेंट
(1:07:59) हो या सेंट्रल गवर्नमेंट में उस गवर्नमेंट के हिसाब से उनका हेल्थ स्कीम है सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ की सीजीएचएस दिल्ली डीजीएचएस हम सो उस दौरान उनको बहुत सारे ट्रीटमेंट मेजोरिटी ऑफ़ द कैंसर ट्रीटमेंट फ्री मिल जाती है। सो देयर आर इफ्स एंड बट्स ऑफ़ कॉरपोरेट वर्सेस गवर्नमेंट चल रहा है। बट देवरस देयर इज़ अ गुड सपोर्ट गोइंग ऑन। सो दोज़ सर्टन अनसर्टेनिटी सम सर्टनल थिंग्स नीड्स टू बी डिस्कस्ड बिटवीन द गवर्नमेंट एंड द कॉर्पोरेट्स फॉर द लार्जर बेनिफिट ऑफ़ द पीपल। ये करना चाहिए। आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान कार्ड का ये एक जनरल पब्लिक जो
(1:08:34) नॉन इसलिए मतलब जो जो गवर्नमेंट एंप्लई नहीं है सबके लिए इन्होंने 5 लाख का जो कैप लेके आए थे इसमें बहुत सारे चीजें प्लस भी है बहुत सारी चीज नेगेटिव्स भी है दिल्ली में कुछ ही हॉस्पिटल है जो जिसमें एनरोल्ड है द प्रोसेस इज सो टीडीियस तो इसमें अगर एक दो पेशेंट लेंगे ये कुछ ब्रांचेस लेंगे दे से कुछ पेशेंट्स कुछ ब्रांचेस में हल्का सा बेनिफिट हॉस्पिटल को बाकी लॉस में चलेंगे। सो दिस नीड्स टू बी सॉर्टेड बिटवीन द गवर्नमेंट एंड द कॉर्पोरेट्स अगेन। एंड अगेन कुछ टायर टू टायर थ्री सिटीज में ऑलमोस्ट बहुत सारे हॉस्पिटल क्लोज भी हो
(1:09:08) गए क्योंकि आयुष्मान की पेमेंट नहीं आती। ओ आफ्टर हैविंग ट्रीटेड द पेशेंट्स गवर्नमेंट की तरफ से गवर्नमेंट की तरह आयुष्मान की पेमेंट नहीं आई। सो ये भी एक इस चीजों को सॉर्ट आउट करना गवर्नमेंट को कि आपने अच्छे से स्कीम इंट्रोड्यूस कर लिया। सबको फिट करने की सबको हेल्थ फॉर ऑल करने की कोशिश की। लेकिन ये इंप्लीमेंटेशन ठीक से नहीं हो रहा। इसको जो भी ऑफिस बरर्स है जो इनको प्रोग्राम को रोल किया दे शुड लुक बैक इनू द पॉलिसीज कि व्हाट कैन बी चेंज्ड सो दैट दिस गुड प्रोग्राम कैन बी कैन बी कैन बी ब्रॉट टू द यूज़ एक्चुअली यस ऑफ कोर्स अदरवाइज व्हाट इज द पॉइंट ऑफ
(1:09:43) इंट्रोड्यूसिंग ऑल दी स्कीम्स दूसरी चीज़ अगर पेशेंट आउट ऑफ द पॉकेट पे कर रहा है कोई और कोई सहारा नहीं या बहुत ही अनअफोर्डेबल है उसमें मैलिगनेंसी किकोरेबल है मैं क्योर कर सकता हूं तो हम अपनी तरफ से कोई भी हेल्प हो सकता है आउट ऑफ द वे एज अ डॉक्टर वी विल बी एबल टू डू इट बट देयर आर सम वेज़ टू डू इट। देयर आर ग्रुप फंडिंग उस ऑर्गेनाइजेशन पे एनरोल करके। सो ग्रुप फंडिंग ऐसे जो भी क्यूरेबल ऑथेंटिक होता है आई अर्ज पब्लिक प्लीज व्हाटएवर वे यू कैन डोनेट। आप ₹100 भी कर रहे हो तो प्लीज कर दो। क्योंकि वो बल्क में बहुत बड़ा हो जाएगा।
(1:10:17) सो इसलिए एटलीस्ट किसी को लुकीमिया है। ट्रांसप्लांट चाहिए। ट्रांसप्लांट तकरीबन 15 से 20 लाख होगा। तो कैसे करेंगे वो? तो क्राउड फंडिंग से कर सकते हैं। या कॉर्पोरेट ऑफिस में है। सो ऑल एम्प्लाइज प्लीज व्हाटएवर इज देयर आप अपनी बॉस के डिस्कस कर या बॉस इस महीने के 10% इनको दे दो या 5% व्हाटएवर इज देयर एटलीस्ट वो बर्डन आपको भी नहीं 5 10% इज़ नथिंग फॉर यू सो ऐसे करके हम वो वो मरीज जिनका क्योर कर सकते हैं वी कैन हेल्प देम आउट एक कलेक्टिव अप्रोच के साथ हैं इसको राइट एंड आई रिमेंबर आई वाज़ टॉकिंग टू वन ऑफ़ द डॉक्टर्स और हमने उसमें डिस्कस किया था
(1:10:53) देयर आर अ लॉट ऑफ फेक ट्रीटमेंट्स अवेलेबल लेबल इन द मार्केट ऑन द नेम ऑफ सर्जरीज और कैंसर और बहुत कुछ जिससे लोगों का नुकसान भी होता है। उनकी हेल्थ और खराब होती है। पैसों का भी नुकसान होता है। बट वो क्विक हीलिंग, क्विक फिक्सेस, क्विक ट्रीटमेंट्स, अफोर्डेबल ट्रीटमेंट्स के नाम पे बिकते हैं। सो ऐसा कैंसर में भी है। ऐसा आपके फील्ड में भी होता है। डेफिनेटली इंटीग्रेटेड मेडिसिन में बिलीव करता हूं। हम लेकिन इंटीग्रेटेड मेडिसिन जब मैं जिक्र करूंगा उसके हिसाब से हमें एविडेंस बैकअप होना बहुत जरूरी है। मेडिकल ओकोलॉजिस्ट हमें बनने में कम से कम एटलीस्ट 13 इयर्स
(1:11:26) तो लगेंगे 12 टू 13 इयर्स अगर बीच में ब्रेक नहीं है तो आफ्टर 12th जब सुपर स्पेशलिस्ट बन रहे हो देन यू नो इन एंड आउट ऑफ इट एंड हम अब मेडिकल एंकोलॉजी में भी हम डिवाइड करना चाहेंगे अब मैं ब्रेस्ट और वो ही देखूंगा बाकी वो देख लो। सो इतना एडवांस हो रहा है। हाउ कैन यू से दैट इन फोर इयर्स आप मास्टर बन रहे हो या थ्री इयर्स में आप मास्टर बन रहे हो या बिना पढ़े मास्टर बन रहे हो। या आई मीन आई आई लीव इट टू योर इमेजिनेशन कि मैं जस्ट थॉट प्रोसेस ऐड कर रहा हूं उसमें। इसमें यू कैन नॉट से दैट आई नो एवरीथिंग अबाउट द कैंसर। स्टिल एज अ
(1:11:57) स्पेशलिस्ट आई डू नॉट नो एवरीथिंग अबाउट द कैंसर। मैं पीडियाटिक कैंसर तो मैं हैंडल नहीं करता। आई डोंट ट्रीट देम। आई ट्रांसफर टू पीडियाट्रिक ओनकोलॉजिस्ट। हम जो बच्चों के कैंसर मैं हैंडल नहीं करता। जस्टिस बट वो तीन साल में सब कुछ करेंगे सबको क्योर करेंगे राइट उसमें भी कुछ अच्छी चीजें होंगे हमें इंटीग्रेट करना है उसको पब्लिक को गुमराह नहीं करना कुछ एग्जांपल देता हूं कुछ कुछ बंद कोई आई डोंट वांट टू टेक देयर नेम ऑरेंज को पिंच करके बोल रहे थे कि देखो ऑरेंज को मैंने पिंच कर दिया और इसमें जो रस बाहर आ रहा है ऐसे स्प्रेड होगा आपका
(1:12:30) कैंसर बायोप्सी करने से सीधे सिमिली पब्लिक इसको कैसे लेगी आई थिंक आप इंटरनेट में देखोगे तो सब पता चल जाएगा कि किसने उसको जिक्र किया और ये गलत था। इसको क्यों निकाला नहीं गया? इनोसेंट पीपल अब्सोलुटली। सो बट इट सिंग्स विथ द पब्लिक कि आप इमोशंस के साथ खेल रहे हो और गलत गुमराह कर रहे हो पेशेंट्स को। आई थिंक वी नीड टू हैव स्ट्रिक्टेड नॉर्म्स इन टर्म्स ऑफ़ व्हाट टू डू, व्हाट नॉट टू डू। राइट राइट। दैट्स द ओनली सलूशन। इन द एंड, आई वुड जस्ट लाइक टू आस्क यू डॉक्टर दैट एज अ ब्रेस्ट एंड ओवेरियन कैंसर स्पेशलिस्ट हेल्पिंग सो मेनी इंडिविजुअल्स
(1:13:03) बीइंग इन दिस फील्ड फॉर सो मेनी इयर्स। यू हैव ट्रांसफॉर्म लाइफ्स। व्हाट इज दैट वन मैसेज दैट यू वुड लाइक टू गिव टू ऑल आवर वुमेन लिसनर स्पेशली? टू ऑल द लेडीज आप लोग बहुत ही ब्रेव हो। क्योंकि जैसे मैंने जिक्र किया कि जब भी एक कैंसर ओवेरियन कैंसर हो, ब्रेस्ट कैंसर आपकी जो वुमननेस को लेके ये ये बात आती है। तो इसके हार्मोनल चेंजेस के बावजूद भी ट्रीटमेंट के टॉक्सिटीज के बावजूद भी वो फाइट करके आप उभर के वापस जीत के आते हो। सो इट इज़ नथिंग बट द ब्रेवनेस दैट यू हैव। एंड हैट्स ऑफ़ टु यू। कंटिन्यू टु डू सो। कंटिन्यू टु यू नो प्रॉस्पर एंड स्टिमुलेट
(1:13:44) ओर एंकरेज दी अदर लेडीज टू कम फॉर द स्क्रीनिंग। एंड यू से दैट इट इज़ जस्ट अ फेज। इट इज़ गोइंग टू गो, सो दैट मोर वुमेन कैन बी डायग्नोस इन अर्ली स्टेज। थैंक यू। थैंक यू फॉर द वंडरफुल मैसेज। आई एम श्योर इट रियली टच्ड हार्ट्स एंड दिस मैसेज इज़ नीडेड फॉर श्योर। बिफोर वी वाइंड दिस अप, एक क्विक रैपिड फायर राउंड करते हैं जिसमें मैं कुछ क्विक क्वेश्चंस पूछूंगी एंड व्हाटएवर यू फील इज राइट। नो लंप, नो पेन, नो फैमिली हिस्ट्री। कैन समवन स्टिल हैव ब्रेस्ट कैंसर? यस, दे कैन हैव यूजुअली कैंसर आर पेनलेस लंप्स। व्हाट्स द मोस्ट कॉमन साइन ऑफ़ ब्रेस्ट
(1:14:20) कैंसर? अ लंप इज अ मोस्ट कॉमन साइन, इफ इट इज़ असोसिएट स्किन चेंजेस, लंप इन द आर्मपिट, इट फेवर्स दी डायग्नोसिस। ओके, कैन ब्रेस्ट कैंसर आल्सो शो अप एज एन आर्मपिट लंप बट देयर इज नो लंप इन द ब्रेस्ट। यस, इट कैन बी सीन। देयर आर केसेस वेयर एक्जिलरी टेल। वी कॉल इट एज अ टेल ऑफ़ ब्रेस्ट। व्हिच कैन कम एज़ आर्मपिट स्वेलिंग? आर्मपिट स्वेलिंग। यस। सो दैट दैट कैंसर और आर्मपिट लिंफ नोड्स कैन कम एज़ अह दी ब्रेस्ट कैंसर अलोन विदाउट अ एविडेंस ऑफ़ ब्रेस्ट लंप? डस द ब्रेस्ट साइज अफेक्ट द रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर? नो, इट्स नॉट द रिस्क फैक्टर। एज आई सेड
(1:14:56) बॉडीफायबल नॉन मैटिल दे आर द वन ब्रेस्ट साइज डजंट हैव एनी रिस्क एनोटेशन। कैन रिमूविंग बोथ द ब्रेस्ट्स एलिमिनेट ब्रेस्ट कैंसर इज़ कंप्लीटली? इट शुड नॉट बी डन। हम्म इट इज़ डन ओनली इन पेशेंट्स हु हैव जेनेटिकल रिस्क लाइक बीआरसीए वन एंड बीआरसीए टू। हम्म लाइक एंजलीना जली। एंड लाइक एंजलीना जूली आफ्टर अ थरो डिस्कशन। ओके। कैन अ वीमेन हु हैज़ ब्रेस्ट कैंसर फीड हर चाइल्ड। यूजुअली व्हाइल ऑन कीमोथेरेपी वी डू नॉट इन द ब्रेस्ट कैंसर वी डू नॉट एडवोकेट अह ब्रेस्ट फीडी। कैन मैन गेट ब्रेस्ट कैंसर? यस। एंड इट इज़ वेरी-वेरी रेयर बिकॉज़ मेन
(1:15:32) हेव एन एंट्रोजन्स, इफ देयर इज इनक्रीज़ इस्ट्रोजन इन द बॉडी इन द मैन, दैट कैन बी अ रिस्क फैक्टर्स। एंड व्हाट आर द थिंग्स दे शुड नोटिस। यूजुअली लंप अगेन, एंड हैव आई हैव ट्रीटेड ऑलमोस्ट अराउंड 15-20 पेशेंट्स हु हेड अ मेन ब्लड कैंसर। बेसिकली बिकॉज़ वन इज़ अ जेनेटिक रिस्क व्हेयर इट इज़ कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्स क्लैन फिल्टर सिंड्रोम वेयर दे कैरी वन एक्स क्रोमोसोम एक्स्ट्रा। क्रोमोसोसोम मेकअप इज़ एक्स वाई, राइट? 46 एक्स वाई। या हियर इट इज़ एक्स एक्स वाई। सो वन एक्स्ट्रा क्रोमोजोम फ्रॉम फ्रॉम द बर्थ देयर आफ्टर एट द इंक्रीस ब्रेस्ट
(1:16:04) कैंसर दैट इज़ मेल। सेकंड थिंग इज़ एनीथिंग दैट लीड्स टू हाइपर ईस्ट्रोजेनिक स्टेट। ईस्ट्रोजन इज़ मोर। दैट कुड बी हैपन विथ लिवर फेलियर और टेस्टिकुलर फेलियर। सो टेस्टिस इज़ अ एंड्रोजन। सो इफ देयर इज़ अ टेस्टिस व्हिच इज़ फेल्ड बाय एनी रीज़न लिवर इज़ फेल्ड बाय एनी रीज़ंस। सो दीज़ आर अ कॉमन कॉज वेयर द ब्रेस्ट कैंसर इंसिडेंस इज़ मोर। ओके सो विथ दिस वी हैव कम टू एन एंड थैंक यू सो मच। बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक पे बहुत ज्यादा अवेयरनेस नीडेड थी। एंड आई थिंक यू हैव यू हैव जस्टिफाइड इट वेरी वेल। थैंक यू सो मच फॉर बीइंग हियर एंड फॉर ऑल द नॉलेज दैट यू हैव शेयरर्ड टुडे।
(1:16:39) थैंक यू। भाई
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Title: Breast Cancer: Early Signs, Causes & Treatment Explained | Dr. Chandra with GunjanShouts
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In this Breast Cancer Awareness Month Special, GunjanShouts brings an in-depth conversation with Dr. Chandragouda Dodagoudar (Medical Oncologist)
Can breast cancer develop without a lump, pain or family history? Can younger women develop breast cancer? Does removing both breasts eliminate the risk? Get these and many other important questions answered by a medical oncologist.
Watch, learn and share this conversation. Early awareness can make a difference.
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TimeStamps:
00:00 - Teaser & Intro
03:23 - Breast Cancer in India
04:18 - Mortality Rates
05:09 - Delayed
06:02 - Why Women Hesitate
07:39 - Education and Early Diagnosis
08:51 - Causes of Breast Cancer
10:04 - Genetic Risk and Early Detection
11:21 - Lifestyle and Cancer Risk
12:37 - Factors Affecting Cancer Risk
13:25 - Early Signs
14:17 - Breast Self-Examination
14:42 - How to Examine
16:59 - Breast Lumps and Nodules
17:43 - Do Breast Cancer Lumps Hurt?
18:23 - Breast Cancer Survival
19:16 - When Is Cancer Beyond Control?
19:38 - Stage 0
21:35 - When to Consult
22:08 - Do’s and Don’ts
23:21 - Pregnancy
24:32 - Intimacy
27:12 - Risk by Age
27:58 - Angelina Jolie
29:45 - Every Woman Should Know About Breast Health
30:24 - Nipple Changes
31:30 - Breastfeeding
31:57 - Can Breastfeeding Reduce Cancer Risk?
33:15 - Types of Breast Cancer Screening
35:05 - Breast Cancer Risk After Childbirth
36:52 - Breast Cancer in Men
37:27 - Mammography for Younger Women
37:48 - Is Mammography Painful?
38:38 - How Often Should You Get Screened?
39:18 - Understanding Breast Biopsy
40:12 - Surgery vs. Chemotherapy
42:24 - Steps After Breast Cancer Diagnosis
44:32 - Self-Diagnosis vs. Medical Diagnosis
46:04 - What Is Chemotherapy?
50:14 - How Does Chemotherapy Work?
55:15 - Right Cancer Treatment
57:15 - Chemotherapy Side Effects
57:57 - What to Avoid During Chemotherapy
01:00:02 - Supporting a Partner With Cancer
01:02:29 - When Is Cancer Surgery Needed?
01:03:51 - Treatment Cost in India
01:04:35 - Health Insurance
01:05:28 - Buying Insurance
01:06:22 - Overall Cost
01:07:05 - Affordable Chemotherapy
01:07:45 - Government Schemes
01:11:06 - Scams and False Promises
01:13:07 - Message for All Women
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Disclaimer:
This podcast is intended for educational and informational purposes only. It does not substitute for professional medical advice, diagnosis or treatment. Breast cancer risk, symptoms and treatment can vary from person to person. Always consult a qualified healthcare professional for medical guidance. Do not delay medical evaluation or treatment based on information shared in this video.
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Transcript:
(00:00) अगर किसी लेडी को सेल्फ स्क्रीनिंग करनी हो अपने ब्रेस्ट की टू आइडेंटिफाई वेदर देयर इज़ एनी पॉसिबल साइन ऑफ़ कैंसर देन हाउ कैन दे यू सो? यूजिंग दिस पिलो इज़ प्रॉबब्ली अ मॉडल ऑफ़ ब्रेस्ट। आपकी जो टिप्स ऑफ़ फिंगर्स है ज्यादा सेंसिटिव है। दो मेथड है अगर हम ये निपल समझे और उसमें हमें पांच सिम्टम्स बहुत ध्यान रखनी है। पहला अगर किसी को डिटेक्ट होता है ब्रेस्ट कैंसर। क्या-क्या चीजें हैं जो एक लेडी कर सकती है और कौन सी चीजें हैं वो नहीं कर सकती। कैंसर एक फैमिली का डिजीज है। सिर्फ एक लेडी का नहीं। इतना आपने टाइम दिया अपनी फैमिली के 6 महीने आपके लिए सब टाइम
(00:36) देंगे। आप ठीक हो सकती हो। मैंने सुना है दैट मेमोग्राफी इज आल्सो अ पेनफुल प्रोसेस। इट इज बिकॉज़ हमने दो प्लेट के अंदर ब्रेस्ट को कंप्रेस करते हैं। सो स्टेज जीरो में क्या होता है? सिर्फ ब्रेस्ट में लम फील हो रहा है। यूजुअली स्टेज वन और स्टेज टू। और अगर आर्म पिट में पहुंच गया तो एव्री 13 सेकंड समय इन द वर्ल्ड अ वुमेन इज़ बीइंग डायग्नोस्टिक। ब्रेस्ट कैंसर ब्रस्टैंस अमंग वुमेन। कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही सब डरने लगते हैं। देयर इज लॉट ऑफ फियर। कीमोथेरेपी एक बैकबोन है। जब कीमोथेरेपी चाहिए डेफिनेटली चाहिए। कैन सर्किल, लैंडस्केप को चेंज [संगीत] करना। मेनली
(01:11) हेयर फॉलिकल्स, म्यूकस मेंब्रेन और स्किन। ये तीन में ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस आता है। साइड इफेक्ट्स जो भी है ट्रांजेंट है। ये ठीक हो जाएंगे। एक कीमोथेरेपी प्रोसेस में एक्सक्टली स्टेप बाय स्टेप होता क्या है? व्हाट इज द मीनिंग ऑफ़ बीइंग फमिलियर विथ योर ब्रेस्ट प्रैक्टिकली? व्हाट शुड अ वुमेन नो अबाउट देयर ओन ब्रेस्ट? व्हाट आर द स्पेसिफिक्स ऑफ़ निप्पल व्हिच अ वी वुमेन शुड नो? मिल्क डक्स। इन एंड अराउंड कंप्लीटली फैट है। कुछ भी डिस्चार्ज आता है, दैट शुड नॉट बी इंडेफ्टेड। हाउ कैन आवर पार्टनर सपोर्ट? सी कैन बी वेरी अनरिजनेबल। दिस इज नॉट हु
(01:42) शी वास। दिस इस बिकॉज़ ऑफ़ हार्मोनल चेंजेस। प्लीज अंडरस्टैंड? इट इज़ अ क्वेश्चन ऑफ़ टाइम। इट इज गोइंग गो। क्या एक एवरेज खर्चा होता है कैंसर ट्रीटमेंट का? अराउंड? कैन मेन गेट ब्रेस्ट कैंसर? यस। आज के एपिसोड में हम बात करने वाले हैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में और मुझे लगता है यह एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में अवेयरनेस बहुत कम है। इसकी प्रिवेलेंस बढ़ती जा रही है बिकॉज़ ऑफ आवर लाइफस्टाइल और एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में हम बात करने में कंफर्टेबल फील ही नहीं करते हैं। सबसे पहले तो ब्रेस्ट कैंसर के क्यूज क्या है? सेल स्क्रीनिंग कैसे करनी? कैसे पता
(02:17) चलेगा कि मुझे कहीं कोई ब्रेस्ट कैंसर का सिम्टम तो नहीं है और बाय चांस अगर कहीं कुछ है तो इमीडिएटली मुझे क्या एक्शन लेना है? इसके क्या स्टेजेस होते हैं? उन स्टेजेस में क्या-क्या करना चाहिए और कैसे आप किसी ब्रेस्ट कैंसर पेशेंट को सपोर्ट कर सकते हो? यह सब हमने इस आज के एपिसोड में डिस्कस किया है। और इस कॉन्वर्सेशन के लिए हमने आज इनवाइट किया है एक एक्सपर्ट ओनकोलॉजिस्ट ब्रेस्ट एंड ओवेरियन कैंसर स्पेशलिस्ट को जो कि सालों से इस फील्ड में है और बहुत सारे लोगों की लाइफ को बदल चुके हैं। डॉक्टर चंद्रगोड़ा। मेरा और मेरी पूरी टीम का यह मिशन है कि [संगीत]
(02:53) हेल्थ एंड वेलनेस के एक्सपर्ट्स की क्रेडिबल इंफॉर्मेशन को आपकी स्क्रीन तक फ्री में लेकर आ सके और हमें हमारे इस मिशन में सपोर्ट करने के लिए इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें और चलिए [संगीत] आज की डिस्कशन स्टार्ट करते हैं। जब मैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में पढ़ रही थी। तो एक स्टैटिस्टिक मेरे सामने आया कि इंडिया नंबर थ्री पर रैंक करता है ब्रेस्ट कैंसर के केसेस में। व्हाई डू यू थिंक ऐसा क्यों है? सही कहा गुंजन जी। अमेरिका और चाइना के बाद इंडिया थर्ड लार्जेस्ट कंट्री है जिसमें ब्रेस्ट कैंसर इंसिडेंस बढ़ रही है। तीन चार कारण है
(03:38) उसमें फर्स्ट पापुलेशन। हम सो पापुलेशन के हिसाब से वाकई इंसिडेंस ज्यादा बढ़ जाएगी। सेकंड अब इंडिया में अवेयरनेस बढ़ रही है। सो जब अवेयरनेस बढ़ती है तो कोई भी लंप हो उसको लेडी अब ज्यादातर छुपा नहीं रही है। और तीसरी चीज अर्बनाइजेशन हम थोड़ा सा वेस्टर्न की तरफ मूव हो रहा है। हम हम ये मैं तीन फैक्टर्स गिनना चाहता हूं कि क्यों यहां इंसिडेंस बढ़ रहे हैं। इंसिडेंस बढ़ रहे हैं। इसके बाद एक और शॉकिंग फैक्ट है दैट इंडिया इज़ ऑन नंबर थ्री इन द केसेस ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर। बट जो ब्रेस्ट कैंसर से डेथ्स हो रही हैं, दैट इज नंबर वन। इंडिया इज ऑन नंबर वन। दैट
(04:15) मींस यूएस और चाइना में केसेस हमसे ज्यादा है बट मोटैलिटी या डेथ रेट जो है वहां पे कम है। इसका बहुत ही अच्छा क्वेश्चन और अच्छा आपने पॉइंट आउट किया। इसमें सबका ऑप्शन ये चला जाता है क्योंकि हमारे मेडिकल फैसिलिटीज कम है। बात आ जाती है। राइट? यह गलत है। हम एक मेडिकल फैसिलिटीज़ अगर कंसीडर करें एस्पेशली टायर वन सिटीज में नाउ आजकल टायर टू टू सिटीज में भी बेटर हो रहा है। हम वेस्ट से कम नहीं है। ट्रीटमेंट मेलिटीज पॉइंट पॉइंट सेम होता है। इसका कारण यह है कि अवेयरनेस एंड किस किन स्टेज में आप पिकअप कर रहे हो? लोकली एडवांस स्टेज थ्री और स्टेज फोर इंसिडेंस ज्यादा
(04:54) है इंडिया में। इस पे हमें ध्यान देना चाहिए ताकि हम इस चंक ऑफ पेशेंट्स को स्टेज वन स्टेज टू भी डिटेक्ट कर डिटेक्ट करके हम वी कैन वी कैन क्योर देम मोर तो आप कह रहे हैं कि लोग रीच आउट ही लेट कर रहे हैं। स्टेज थ्री स्टेज फोर पे पहुंच के वो आप तक आते हैं। बिल्कुल। क्या कारण है इस डिले का? जो इंडियन लेडीज है अपनी फैमिली वैल्यूस पहले रखती है। बाद में उनकी हेल्थ आती है। नहीं मैं अभी दिखा नहीं पाऊंगी। मेरे बेटे के एग्जाम है। हम अभी मैं दिखा नहीं पाऊंगी क्योंकि हमारी फैमिली में फंक्शन है। सो वो प्रायोरिटी बनती है उनको। ये हमें प्रायोरिटीज चेंज
(05:30) करनी चाहिए। सेकंड अगर कैंसर निकल गए तो क्या? फियर। एंड थर्ड अगर कैंसर निकल गए तो और मेरा बाल उड़ गया तो दूसरे क्या सोचेंगे? स्टिग्मा। माय गॉड। एक और चीज कि अगर मुझे डिटेक्ट हो गया कि अगर मैं बायोप्सी कराऊं और ये फैल जाएगा ये मिसकंसेप्शन। सो यह सारे चीज है क्यों हमारी लेडीज पहले फियर करते हैं दो यह चेंज हो रहा है फिर भी बहुत हद तक हमें इसको चेंज करना है अगर किसी लेडी को ऐसा फील होता है कि कुछ ठीक नहीं है मेरी बॉडी के साथ तो क्या वो अपने घर परिवार अपने हस्बैंड अपने इनलॉज़ अपने बच्चों के साथ शेयर करती है ये बात बहुत सारे लोग नहीं करते इस मामले में मैं
(06:10) बहुत सारे लेडीज को इस आपके माध्यम के जरिए मैं बोलना चाहता हूं प्लीज आप आपके हस्बैंड से बहुत-बहुत क्लोज रहिए आपको जो भी अपनी पर्सनल इश्यूज फर्स्ट आप हस्बैंड को बोलिए और नेगलेक्ट मत करिए। अगर आपको कोई भी क्लोज हो क्या शायद हमें आपकी कोई सिस्टर इन लॉ क्लोज हो या कोई लेडीज क्लोज है। इस इस मामले में आप लेडी से डिस्कस करना चाहते हो या आपके फ्रेंड भी हो। तो अगर आपके फ्रेंड आपको बताती है कि मुझे कुछ अब्नॉर्मेलिटी दिख रही है। प्लीज आप अपनी आपकी फ्रेंड के लिए आपकी कोई भी रिलेटिव के लिए 5 मिनट या 10 मिनट या आधा दिन निकालो एंड हेल्प देम टू
(06:44) टेक देम टू अ मेडिकल फैसिलिटी। हम्म क्योंकि वो जो फियर है उसमें एक साथ देने वाला एक एक एक बंदा होना बहुत जरूरी है। अगर यह ऐसे हो जाता है तो बहुत सारे लोगों को मैं अर्ली स्टेज में डिटेक्ट कर सकता हूं। एंड दैट कैन ब्रिंग अ ह्यूज डिफरेंस। डेफिनेटली इट इज़ लाइक क्योर वर्सेस पैलेशन। राइट राइट। डॉक्टर आई वुड लाइक टू टेक एन अपॉर्चुनिटी हियर एंड रिक्वेस्ट आवर ऑडियंस। स्पेशली फीमेल ऑडियंस हु आर लिसनिंग टू अस। आपके जो भी बेस्ट फ्रेंड है ना हो सकता है वो भी अपने लिए टाइम नहीं निकाल रही या वो शेयर नहीं कर रही। हिचकिचा रही हैं तो शायद उन्हें आपकी
(07:16) सपोर्ट की या इस नॉलेज की जरूरत हो। तो सबसे पहले आप इस पॉडकास्ट को अभी उन सब लोगों के साथ शेयर कीजिए जिनकी भी आप केयर करते हैं। अच्छा आपने बोला कि लोग हिचकिचाते हैं या वो फियर होते हैं। तो डू यू सी अ डिफरेंस इन अर्बन वर्सेस रूरल वुमेन? ऐसा है कि जो अर्बन वुमेन है या चलो हम अर्बन रूरल की बात नहीं करते। हम एजुकेशन की बात करते हैं कि जो लिटरेट एजुकेटेड वुमेन है वो जल्दी आ जाती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो चाहे चार्ट जेपीडीस हो तो कोई भी कुछ भी चीजें आप डाल दो डेफिनेटली टकटक बता जाता है। डेफिनेटली एजुकेटेड वुमेन विल बी विल
(07:52) बिकमिंग अर्ली बिकॉज़ दे आर मोर फियरफुल दे दे हैव मोर एक्सेस टू द नॉलेज। राइट? सो विलेज में एक और चीज अगर कैंसर निकल गया मैं बचूंगी नहीं। सो आई विल नॉट हां बिकॉज़ यह विलेज में अभी भी ऐसा ही है। सो इस थॉट को भी हमें चेंज करना बहुत जरूरी है। एवरीबडी इज़ रिस्पोंसिबिलिटी। कोई सोशल वर्कर हो वहां पे या आंगनवाड़ी वर्कर हो, कॉर्पोरेट रिस्पांसिबिलिटी देन गवर्नमेंट एंड द डॉक्टर्स। सो ऑल दीज़ स्टेकहोल्डर्स प्ले अ रोल इन चेंजिंग दिस परसेप्शन। आज हम एक काम करते हैं कि किसी और का गवर्नमेंट का या इस तरह के इनिशिएटिव्स का वेट नहीं करते। आज हम ही ये इनिशिएटिव
(08:27) लेते हैं और लोगों को अवेयर करते हैं ब्रेस्ट कैंसर के बारे में। हर घर बैठी लेडी अपने आप को भी असेस कर सके और अपने आसपास के लड़कियों को भी सही से समझ सके। उसके लिए लेट्स ट्राई आवर बेस्ट। मैं जानना चाहूंगी कि कैसे पता चलता है कि किसी को ब्रेस्ट कैंसर है। अगर कोई अर्ली स्टेज पे है, कोई विज़िबल इनविज़िबल साइन, उसको मैं समझना चाहूंगी। बट बिफोर दैट आई वांट टू अंडरस्टैंड ब्रेस्ट कैंसर का कारण क्या बनता है? व्हाट कॉजेस ब्रेस्ट कैंसर? इसको हम रिस्क फैक्टर्स बोलते हैं। रिस्क फैक्टर्स को हम मॉडिफाई कर सकते हैं। जो चेंज कर सकते हैं। कुछ रिस्क
(09:01) फैक्टर्स को हम चेंज नहीं कर सकते। जो आपकी जींस में आया है। आपकी फैमिली से फादर मदर्स से वो हम चेंज नहीं कर सकते। वो है तो है। इसको हम नॉन मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स बोलते हैं। दैट इज जेनेटिक। कुछ जो परसेंटेज ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक। ओवरऑल पापुलेशन हम देखें 5 से 10% जेनेटिक है। अच्छा। और ब्रेस्ट कैंसर एक ही एंटिटी नहीं है। बहुत सारी एंटिटी है। उसमें एक एंटिटी है ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर। ओके। उससे ब्रेस्ट कैंसर की जेनेटिकल एसोसिएशन ऑलमोस्ट 20% है। 100 लेडी अगर ट्रिप नेगेटिव है तो 20 लेडी उसमें से जेनेटिकली ट्रांसमिटेड डिजीज जींस कैरी
(09:34) करेगी जो अपनीपनी फैमिली से अपनी फादर से अपनी मदर से अपनी कोई रिलेटिव जो फर्स्ट रिलेटिव हो सेकंड और ये वाले जींस फादर से भी आ सकते हैं। फादर से भी आ सकते हैं, मदर से भी आ सकते हैं, बुआ से भी आ सकता है। मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स में मेनली एक लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन एंड सेकंड थिंग इज़ हार्मोनल फैक्टर्स। जो लेडीज का हार्मोन बोलते हैं इस्ट्रोजन। हम जी सो ये लेडीज हार्मोन है जो लेडीज होने के एक एक नाज़ है वो वो अगर गड़बड़ हो जाए उसकी क्वांटिटी बढ़ जाए देन उसके हिसाब से वो जो हार्मोनल इमंबैलेंस है वो कारण है ब्रेस्ट कैंसर के होने की सो हार्मोनल फैक्टर्स
(10:07) में लेट एज ऑफ़ मैरिज व्हिच इज़ हैपनिंग नाउ डेज एंड लेट जो चाइल्ड बर्थ होता है ब्रेस्ट फीड ना करना ओरल कंट्रासेप्टिव प्रिस्राइब डॉक्टर आजकल तो ओरल कंट्रासेप्टिव सेफ है बट कुछ अगर क्वांटिटी ज्यादा होता है तो वो डॉक्टर से कंसल्टेशन देखिए वो भी एक रिस्क फैक्टर्स माना जाता है। लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन जो ओबेसिटी, अल्कोहलिज्म, सेडेंटरी लाइफ स्टाइल ये सारे फैक्टर्स है जो जो मॉडिफायबल एंड नॉन मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स पे आता है। तो जो आपने ये लाइफस्टाइल वाले फैक्टर्स बताए इवेंचुअली ये भी हॉर्मोंस को ही डिस्टर्ब कर रहे हैं।
(10:40) करेक्ट? और फिर वो ब्रेस्ट कैंसर। हां। सो अल्कोहल या इसके ओबेसिटी की बात करें इनडायरेक्टली इस्ट्रोजन को ज्यादा करेगा ब्लड में। और कुछ स्टेट बोलते हैं उसको जैसे अल्कोहल हो या ओबेसिटी हो ये जो फैट सेल्स है वो इनफ्लेमेशन क्रिएट करता है। वो इनफ्लेमेशन बहुत लंबे समय तक कैंसर के तौर पे कन्वर्ट हो सकता है। जिस लाइफस्टाइल की आपने बात बताई ये एक एक्सेप्शनल लाइफस्टाइल नहीं है। यह एक बहुत ही आज की डेट में नॉर्मल और कॉमन लाइफस्टाइल है। तो ऐसे तो ब्रेस्ट कैंसर भी बहुत नॉर्मल और कॉमन हो जाएगा व्हिच वी डोंट वांट। तो कैन यू टेल अस द परमिसिबल
(11:21) लिमिट ऑफ ऑल दिस थिंग्स। परमिसिबल डैमेज दैट वी कैन डू टू आवर लाइफस्टाइल व्हिच इज स्टिल अलाउड। सोशल ड्रिंकिंग इज ओके बट सोशल ड्रिंकिंग एवरीडे इज नॉट एन ऑप्शन। सो इसका क्वांटिटी आपको बहुत सारे गाइडलाइंस में अलग-अलग डिफाइन किया हुआ है। सो इफ आई से दैट दिस इज अ क्वांटिटी इट इज़ इट डेली क्वांटिटी नहीं लेना चाहिए। मेरे ख्याल से शुड होती है। बहुत ज्यादा होती है। बिल्कुल। सो यू शुड नॉट आइडियली टेक इट। सोशल ड्रिंकिंग इज़ ऑल आउट। दैट इज़ वंस इन 15 20 डेज में दैट मे बी ऑल बट नॉट अ डेली अल्कोहल इंटेक सो इफ समबडी इज़ कंज्यूमिंग अल्कोहल डेली
(11:52) देन दैट इज़ नॉट सजेस्टेड ओके ये ब्रेस्ट कैंसर हो या कोई भी डिजीज बॉडी बॉडी में हो सो बैलेंस डाइट बहुत जरूरी है। वेजिटेबल इंटेक फ्रूट्स इंटेक लेना बहुत जरूरी है। एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। इफ नॉट 90% आई वुड से लगभग 70 80% वुमेन की यह रियलिटी है कि लाइफस्टाइल तो परफेक्ट नहीं है। मैं अल्कोहल कंसमशन या ड्रग अब्यूज की बात नहीं कर रही हूं। मैं एक नॉर्मल डे टू डे लाइफ की बात कर रही हूं कि शायद बहुत मुश्किल है। अभी कोई 7 से आठ घंटे की नींद हर रोज ले पाता हो। टाइम पे सोना, टाइम पे उठना, बिल्कुल ठीक तरह से खाना, फिजिकल एक्टिविटी भी एप्रोप्रियट होना, मेंटल
(12:29) हेल्थ भी ठीक होना। यह तो रेयर फाइंड है आज की डेट में। बट ऐसा तो नहीं है कि हर लड़की को ब्रेस्ट कैंसर हो रहा है। तो नाउ व्हाट इज द डिसाइडिंग फैक्टर कि किसको होगा या किसको नहीं होगा। व्हाट हैपेंस नेक्स्ट? यूजुअली इसी को हम रिलेटिव रिस्क बोलते हैं। ये नहीं कि ये नहीं करेंगे तो होगा ही होगा। हम सो आमतौर पे जो नॉर्मल पापुलेशन है उसके रिस्क एक है। राइट? तो रिलेटिव रिस्क इस फैक्टर से दो या तीन ऐसे है। सो कुछ लोगों में दो होता है, कुछ लोगों में चार होता है। रिलेटिव रिस्क है। स्ट्रेस इज़ वन ऑफ़ द मेन फैक्टर चाहे कैंसर पे हो या कार्डियोवस्कुलर
(13:03) डिजीज पे हो, स्ट्रोक पे हो, डायबिटीज, हाइपरटेंशन इन डाइट। सो स्ट्रेस इज़ डेफिनेटली वन ऑफ़ द मेजर फैक्टर्स। सो, जेनेटिक और मॉडिफायबल, नॉन मॉडिफाइड रिस्क फैक्टर्स के अलावा कुछ फैक्टर्स होंगे जो अभी तक हमें साइज के हिसाब से नहीं पता होगा। नाउ लेट्स टॉक अबाउट हाउ टू आइडेंटिफाई कैसे एक घर बैठी लेडी सबसे पहला स्टेप तो सेल्फ एनालिसिस ही होगा बिफोर यू रीच आउट टू समबडी बिफोर यू विजिट डॉक्टर तो सेल्फ एनालिसिस में सबसे पहले कैसे पता चलता है कि दिस कुड बी कैंसर हमें पांच सिम्टम्स बहुत ध्यान रखनी है पहला कोई [गला साफ़ करने की आवाज़] भी लंप
(13:37) या गांठ हो चेस्ट पे हो ब्रेस्ट पे हो या आर्म पिट पे हो और नेक्स्ट जो स्किन अराउंड द ब्रेस्ट है उसमें कोई चेंजेस आ रहा हो थर्ड थर्ड हम निप्पल के बारे में देखेंगे। जैसे निपल में कोई पहला सिम्टम डिस्चार्ज या ब्लड डिस्चार्ज हो रहा हो और निपल फोर्थ निपिल रिट्रक्शन हो रहा हो। ओके रिट्रक्शन एजिंग इनवर्ड इनवर्ड हो जाए। सो जब जैसे नॉर्मल लेडीज में जो होता है बाहर तो अगर वो अंदर अंदर की तरफ चली जाए इसको भी नेगलेक्ट नहीं करना है। सो ये चार पांच सिम्टम्स है। इसको ध्यान रखना है। कोई भी इसमें कुछ भी दिक्कत है कोई डाउटफिल भी हो आपको पहले
(14:11) फ्रेंड को बताओ या अपनी कोई भी क्लोज रिलेटिव को बताओ देन डॉक्टर के पास तुरंत आ जाओ। डू यू थिंक दैट वीमेन एक्चुअली पे अटेंशन टू हाउ देयर ब्रेस्ट्स लुक और इफ देयर आर एनी चेंजेस विज़िबल चेंजेस? इट इज वेरीेंट। आपको अच्छे से YouTube में समझा जाएगा। आपको फोन पे है देख लो और जब नहाते हो उस समय आराम से आप एग्जामिन कर सकते हो। आप मिरर है उसमें देख सकते हो क्या-क्या चेंजेस आ रहा है। अगर आप इफ यू कैन नॉट लोकेट इट एंड इफ देयर एनी चेंजेस नोटिफाई टू दी डॉक्टर। अगर किसी लेडी को सेल स्क्रीनिंग करनी हो अपने ब्रेस्ट की टू आइडेंटिफाई वेदर देयर
(14:45) इज़ एनी पॉसिबल साइन ऑफ़ कैंसर देन हाउ कैन दे डू सो? यूजिंग दिस पिलो एस प्रोब्ली अ मॉडल ऑफ़ ब्रेस्ट। आपकी जो टिप्स ऑफ़ फ़िंगर्स है ज़्यादा सेंसिटिव है। टिप्स एंड जो पाम है इस यह यूज़ करना है फ़िंगर्स को। ओके? और दो मेथड है अगर हम ये निप्पल समझे और इसमें यू शुड एग्जाम पूरा डीपली पालपेट करना है इस ट्रिप से ऐसे। ओके? अराउंड द निप्पल। अराउंड द निप्पल। यू शुड गो अराउंड द निप्पल। और ये सर्कुलर सेमी सर्कुलर में यू कीप फॉलोइंग दिस पर्टिकुलर पैटर्न। एंड हर हर एरिया पे ऐसे डीपेशन होना है। सो ये एक सर्कल हो गया ना सर्कल। सो प्रोब्ली आप ड्र्रा करके नेक्स्ट देन
(15:24) नेक्स्ट सर्कल अप टू एंड सारे करना है एंड देन आर्मपिट पे ओके ध्यान देनी है। ठीक है? ये आप लाइंग डाउन और स्टैंडिंग पोजीशन में दोनों में करनी है। सो निपल पी दोनों पोजीशन सही है या कोई गड़बड़ है। ये भी देखना जरूरी है। स्टैंड इन फ्रंट ऑफ़ द मिरर। तो उससे पता चल जाएगा कि निपल की पोजीशन दोनों में अंतर है। एक इस तरफ है या उस तरफ है। एक तो अंदर तो नहीं चलेगी। एक तो बाहर है लंप है तो कैसे किस तरफ थोड़ा सा वहां पे स्वेलिंग आ रही है देन उसको पालपेट करके देखो कि कुछ अंदर तो नहीं है कुछ सपोर्ट है सपोर्ट वहां पे रख के देन आर्म ऐसे
(16:00) करके इस इस हाथ से ये वाला बगल और इस हाथ से वो बगल सिमिलरली ऐसे दोनों आर्म पेट में एग्जामिन करके उसमें भी लंब देखना है हमें। सो एक ये मेथड है। दूसरी मेथड लोंगिट्यूडनल है। तो ये ऊपर से नीचे एक दो क्वाड्रेंट में डिवाइड करो। ओके? सो पहले हाफ से शुरू करके ऊपर से नीचे तक पूरा क्वाड्रेंट कवर कर लो। नेक्स्ट हाफ ऊपर से नीचे तक कवर कर लो। ओके। सो मोटी दर पे ये दोनों मेथड से ये देखा गया है कि हर क्वाड्रेंट एग्जामिन की जाएगी क्लीनिकली और सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन तो खुद लेडी सारे कर सकते हैं इसको। सो हम यहां पे ऑब्जर्व क्या कर रहे हैं?
(16:34) कोई नॉट और कुछ अबनॉर्मल नजर आ रहा है। ओके। वो फीलिंग भी एक इंपॉर्टेंट है। ठीक है? अगर कुछ भी ऐसे होता है तो तुरंत डॉक्टर के पास आ जाएगा। ये बहुत जरूरी है। सो ए्री वंस इन अ वाइल आई थिंक जब शार लेते हैं नहाने जाते हैं तब इसको एक रिचुअल की तरह एव्री थ्री मंथली एव्री थ्री मंथ्स कर लेना चाहिए। यू कैन डू इट एव्री मंथ आल्सो बट दैट एटलीस्ट रिकमेंडेशन ए्री थ्री मंथ्स। लम्स की हम बात कर रहे हैं। जब ये नॉट्स बनती हैं। ये एक्सजेक्टली होता क्या है अंदर? क्या है ये नॉट्स? ब्रेस्ट में फैट सेल्स है हम और जब जो वुमन फीड करती है वो डक्ट से आते
(17:09) हैं। वो जो ग्लैंड्स अंदर ग्लैंड होंगे राइट? ग्लैंड से मिल्क इजेक्ट हो के डक्ट्स के थ्रू आएंगे। सो या फैट सेल से कैंसर आ रहे हैं वो डक्ट से आ रहा है। ओके? सो वो जो कैंसर्स अपनी सेल्स है ये। अपनी सेल्स म्यूटेशन के जरिए अपनी कंट्रोल से बाहर हो गए। प्रोलीिफेरेट हो रहे हैं, डिवाइड हो रहे हैं। वो नॉर्मल हमारी जो मैक्रोफेज स्कैवेंजर सेल्स बोलते हैं उसको। सोल्जर्स के कंट्रोल में नहीं आ रहा है। सो दैट कम्स एस अ लंप। वह बहुत ही छोटे से इनिशियली डिटेक्ट नहीं होगा। कुछ साइज जब आ जाते हैं तब आपको पल्पेशन होगा। क्या इसमें पेन भी होती है?
(17:45) यूजुअली ब्रेस्ट कैंसर के जो लंप होते हैं इनिशियल स्टेज में पेनलेस होगी। बहुत सारे इनिशियल लंप्स पल्पेबल नहीं होते। इसलिए हम मेमोग्राफी के तरफ जाते हैं। वो हम बाद में स्क्रीनिंग में दोबारा जिक्र करेंगे। क्यों क्यों मेमोग्राफी चाहिए? क्योंकि बहुत सारे सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन तब होगा कुछ साइज के हिसाब से वो पालपेट होगी। उस साइज के नीचे क्या करेंगे? राइट? सो यू मीन कि अगर किसी को पेन नहीं है, कोई लम्स फील नहीं हो रहे या फिर कोई ऑब्वियस सिम्टम नहीं दिख रहा तो ये इस बात को पूरी तरह से एलिमिनेट नहीं करता कि उसे कैंसर नहीं है। देयर कैन स्टिल बी
(18:18) स्टिल बी कैंसर। बट ये मेथड इसलिए करते हैं ताकि हम अर्ली स्टेज पे पिक अप करें और बहुत सारे लोगों को हम क्योर करें? सो किस स्टेज पे यह 100% क्यरेबल होता है ईजीली? बिना किसी ज्यादा झंझट के हर स्टेज में अलग परसेंटेज होती है। अच्छा। सो स्टेज यूजली ब्रेस्ट कैंसर स्टेज जीरो से भी शुरू होता है। स्टेज जीरो इज़ 100% क्यूरेबल। स्टेज वन और टू ब्रेस्ट लिमिटेड डिजीज होगी। स्टेज वन में तकरीबन डिपेंडिंग ऑन द डिजीज पैटर्न अराउंड 90% क्येट स्टेज टू यू कैन से अराउंड 80% ओके? एंड स्टेज थ्री 70% आई हैव सिंपलीफाइड इट बिकॉज़ अलग-अलग टाइप्स की ब्रेस्ट कैंसर
(18:54) में अलग-अलग टाइप के इवन स्टेज फोर आल्सो। हम उसमें भी हम अराउंड 40% क्योर अचीव कर सकते हैं। इशू यह है कि उसमें कुछ ना कुछ ट्रीटमेंट लेडीज को लेते रहना पड़ेगा। सो कंटिन्यूड केयर होना जरूरी है। लाइक डायबिटीज क्योर हम स्टेज फोर में फाइव इयर्स की बात करते हैं सर्वाइवल की। फाइव इयर्स इज़ व्हाट यू प्रॉमिस। दैट्स व्हाट गाइडलाइंस से। गाइडलाइंस एंड व्हिच इज द सिनेरियो व्हेयर यू विल से कि अब ये केस हाथ से निकल चुका है। एंड यू रियली कैन नॉट डू इनफ। पेशेंट स्टेज फोर की बात करें। एटलीस्ट थ्री लाइन सब ट्रीटमेंट खत्म हो गया। गिनने के लिए बाद में है। लेकिन तीसरी
(19:31) लाइन के बाद आगे के ट्रीटमेंट का रिस्पांस बहुत ही कम होता है। ब्रेस्ट कैंसर में ये जो चार स्टेजेस आपने बताई इसे एक-एक करके समझते हैं। सो स्टेज जीरो में क्या होता है? स्टेज जीरो फॉर एग्जांपल मैं अगर ये उंगली दिखाऊं ये उंगली में आप ये वाइट है। ये ये ब्राउन है। है ना? एक एक नॉर्मल डक्ट है। डक्ट की एक तरफ साइड है। तो ये सेल्स डिवाइड हो रहे हैं। और ये डिवाइड हो के ये जो मेंब्रेन को फ के अंदर नहीं जा रहा। सिर्फ इसी पे लिमिटेड है ये। ओके। ठीक है। ठीक है। एब्नॉर्मल सेल्स है। एब्नॉर्मल दिकिंग लुकिंग सेल्स है माइक्रोस्कोप में।
(20:03) लेकिन ये बेसमेंट मेंब्रेन बोलते हैं। इसको फांद नहीं रहा। ओके। इसको स्टेज जीरो बोलते हैं। ठीक है? ठीक है? सो ये बहुत सारे मेमोग्राफी में पिकअप हो जाती है। इसको अगर पूरी तरह निकाल दिया जाए 100% क्यूरेबल है। स्टेज वन जहां डेफिनेटली ये फंदा हुआ लेकिन ब्रेस्ट में लिमिटेड है। ओके। ठीक है। अभी वो लंप नहीं फील हो रहा है। हां। लंप हो सकता है। लम फील भी हो सकता है। उसका साइज क्राइटेरिया है। उसको ज्यादा सिंपलिस्टिक वे में मैं समझाऊंगा। तो सिर्फ ब्रेस्ट में लंप फील हो रहा है। यूजली स्टेज वन और स्टेज टू। स्टेज वन कब? स्टेज टू कब डिपेंडिंग ऑन लंप साइज। और
(20:36) अगर आर्म पिट में पहुंच गया है तो लैटर पार्ट ऑन स्टेज टू या स्टेज थ्री इजीली समझ में आ जाएगा। मतलब इट हैज़ स्टार्टेड स्प्रेडिंग नाउ। इट हैज़ स्टार्टेड स्प्रेडिंग। यहां से कोई भी हमारा कोई भी बीमारी इनफेक्शन हो पैर में इनफेक्शन गिल्टी यहां पे आ जाता है। सिमिलरली कैंसर भी एक इनफ्लेमेटरी स्टेटस है। वो सेल्स यहां पहुंच गए तो स्टेज टू स्टेज थ्री एंड देन उससे बाहर निकल गए लंग्स, बोनस, लिवर, ब्रेन वो स्टेज फोर माना जाएगा। एंड स्टेज फोर पे फिर ये कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन आजकल इनोवेशंस बहुत ही ज्यादा हो गए। इन स्टेज फोर आल्सो
(21:10) कुछ हद तक हम इनको इनको क्रॉनिक डिजीज जैसे डायबिटीज है हम जिंदगी भर कुछ टैबलेट लेते लेते रहते हैं। ऐसे ही कुछ सेगमेंट्स ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर भी है जिससे टैबलेट के जरिए इलाज होगा। कुछ में कीमोथेरेपी चाहिए। कुछ में टारगेट थेरेपी चाहिए। कुछ कंटिन्यूड इलाज चलता रहेगा। कंटिन्यूड इलाज करना बहुत जरूरी है और ज्यादातर लोगों में आजकल इसको हम क्रॉनिक डिसीज इवन स्टेज फोर भी है। फिर भी लोग बहुत अच्छे सर्वाइव कर रहे हैं। किस स्टेज पे डॉक्टर के पास पहुंच जाना चाहिए? कुछ भी आपको एब्नॉर्मल फीलिंग कुछ भी आपको नहीं सही लग रहा है। आपको तुरंत दिखाना
(21:45) है। सून द बेटर। दे बेटर क्योंकि मैं बता रहा हूं स्टेज जीरो अगर निकाल तो 100% क्यों? 100% हो जाएगा। है ना? आपको पता नहीं चलेगा। स्टेज, स्टेज वन। कुछ भी आपको लगे प्लीज डॉक्टर के पास जाइए। अगर किसी को डिटेक्ट होता है ब्रेस्ट कैंसर तो उसे इमीडिएटली किस तरह के चेंजेस लाइफ में लाने होंगे? डॉक्टर के पास जाना है, कंसल्टेशन लेनी है, दैट इज फाइन। बट अदर देन दैट क्या-क्या चीजें हैं जो एक लेडी कर सकती है और कौन सी चीजें हैं वो नहीं कर सकती। कैंसर एक फैमिली का डिजीज है। सिर्फ एक लेडी का नहीं। क्योंकि ये अगर लेडी को होता है ये पिलर
(22:18) है फैमिली की। हम्। सो, पिलरी थोड़ा सा डिस्टर्ब हो जाता है। सो, इस कॉन्टेक्स्ट पे हमें देखना होगा। इस कॉन्टेक्स्ट पे जो फर्स्ट ट्रीटिंग ओकोलॉजिस्ट है, स्पेंड टाइम अंडरस्टैंड जस्ट द इशूज़ जो बिय्ड कैंसर है। सो, आई प्रोबब्ली गो स्टेप अहेड एंड डिस्कस कि फैमिली में कौन-कौन है, कैसा है। सो, हाउ टू टैकल देम सो दैट दे टेक द ट्रीटमेंट। सो, यह बहुत ज्यादा जरूरी है। फर्स्ट ऑफ़ ऑल जो लेडीज़ है उनको कॉन्फिडेंस आना कि मुझे इलाज कराना जरूरी है। राइट? क्योंकि मोमेंट वो आप वर्ड दोगे डेफिनेटली इट इज़ ऑब्वियसली कोई भी हो तो शुद्ध है कि मेरा लाइफ गया हम
(22:55) नथिंग आई डोंट हैव एनीथिंग एंड एंड नेक्स्ट थिंग दैट सी थिंग्स अबाउट इज़ अबाउट किड्स ये क्या करेंगे राइट अगर मैं नहीं हूं तो हस्बैंड का क्या होगा सो ऑल दीज़ इशूज़ फर्स्ट ऑफ़ ऑल से दैट कि ये स्टेज है। आप ठीक हो सकती हो। इतना आपने टाइम दिया अपनी फैमिली के छ महीने आपके लिए सब टाइम देंगे। कंप्लीटली इलाज कराओ देन यू विल बी ऑल राइट। और इस टाइम पर अगर उनको डिटेक्ट हुआ है या फिर अगर उनका इलाज चल रहा है तो ऐसे में फैमिली प्लान करना, बेबी प्लान करना क्या ये सब पॉसिबल है? प्रायोरिटी पहले इलाज का है। जब कैंसर डायग्नोस हुआ उसको पहले क्योर करना हमें
(23:31) अगेन स्टेजिंग से पता चलेगा कि कौन सी स्टेज का है। तो उस स्टेज के हिसाब से क्यूरेबल है या नहीं क्यूरेबल है। कुछ कीमोथेरेपिस्ट इनफर्टिलिटी भी करती है। सो हम ओम को जो अंडकोष को प्रिजर्व करते हैं। ओम प्रिजर्वेशन बोलते हैं उसको। देन वी गो अहेड ऑफ़ द ट्रीटमेंट। 15 दिन लगता है इसमें ऑलमोस्ट। सो क्या हम टू वीक्स वेट कर सकते हैं क्या? सो, दैट इज़ आल्सो। द ऑंकोलॉजिस्ट हैज़ टू मेक अ डिसजन डिपेंडिंग द स्टेज एंड द टाइप ऑफ़ द डिजीज। मेजॉरिटी में हम अर्ली स्टेज कर सकते हैं। वो आप प्रिजर्व करने के बाद हम इलाज शुरू करें। दैट एटलीस्ट आप बाद में वी कैन हैव अ
(24:03) फैमिली। सेकंड कीमोथेरेपी हो गया, सर्जरी हो गई। देन हार्मोन पिल पे आ गए हैं। पहले हम एनकरेज नहीं करते थे। अगर किड नहीं है तो वी डिटंट हैव अ डेटा एक्चुअली। साइंस नहीं था। अब हार्मोन पिल्स अगर तीन साल से ले रहे हैं। तीन साल के बाद अगर दे वांट टू हैव अ बेबी यू कैन हल्ट दैट हार्मोनल ट्रीटमेंट हैव अ बेबी एंड रिस्टार्ट इट विथ अ स्लाइट इंक्रीज रिस्क कंपेयर टू नॉर्मल बट दिस इज़ अ पॉसिबिलिटी एज़ पर द साइंस नाउ सो ये कर सकते हैं। कर [हंसी] सकते हैं। एंड अदर देन दैट चलो नॉट बेबी प्लानिंग बट अदरवाइज योर इंटिमेट लाइफ योर सेक्सुअल रिलेशनशिप विथ योर
(24:36) पार्टनर इज दैट ऑल अलाउड पॉसिबल मैं सबको बोलता हूं कि कर सकते हैं इसमें जो भी व्हाटएवर डिजायर्स आर देयर एस्पेशली सेक्सुअल हेल्थ इज सो वैरीेंट एक्साक्ट्ली सो यूजुअली जैसे मैंने आपको बताया जब भी इस्ट्रोजन कम हो जाता है ना हार्मोन फैक्टर से भी होगा कीमो से भी होगा ओवरियन कम फंक्शन तो वेइनल ड्रनेस होगा तो आप अपने डॉक्टर को कंसल्ट करके उसमें जेलीज सारे यूज़ करके वी शुड गो अहेड दिस इज़ अ बायोल नॉर्मल बायोलॉजिकल फंक्शन आपको इसको बात करने में हिचकिचाना मत। यू शुड नॉट वरी अबाउट इट। आपके डॉक्टर्स आपको आराम से आंसर करेंगे इसके बारे में।
(25:09) और कोई भी आप अकेले में बात करना चाहते हैं सबको बाहर कर दो। आपके डॉक्टर से आराम से बात करो एंड गेट योर सेल्फ क्लेरिफाइड। और इसमें आपको डोंट हैव अ डाउट्स इन दिस। द मोस्ट नेचुरल थिंग एंड करेक्ट। आपको तो खुद इसके लिए ओपन अप होना ही पड़ेगा। अब्सोलुटली। हम्म। एक बार मैं एक सेक्सुअल हेल्थ डॉक्टर के साथ डिस्कशन कर रही थी। एंड वी वर टॉकिंग अबाउट दिस दैट हाउ सेक्सुअल हेल्थ अफेक्ट्स लोंजिविटी। सो उन्होंने बताया कि सेक्सुअल हेल्थ हमारे हर लाइफस्टाइल को, हमारी लोंजिविटी को, हमारे गट को, हमारे ब्रेन को सब चीजों को कैसे अफेक्ट करती है। सो आई बिलीव इफ
(25:46) यू हैव सम कैंसरस सेल्स, इफ यू हैव द कैंसर इज़ मैनिफेस्टिंग इन योर बॉडी। सो हैविंग एन एक्टिव लाइफस्टाइल सोशल इंटिमेट ऑल काइंड ऑफ इफ यू यू स्टार्ट लिविंग योर लाइफ नॉर्मली आई थिंक इट विल ओनली हेल्प अगर देखो अल्टीमेटली कीमोथेरेपी ले रहे हैं लेडीज सो थोड़ा सा उनके अपीयरेंस में चेंजेस आएंगे सो थोड़ा सा डिप्रेस्ड होंगे अगर इफ उनको डिजायर है मैं हस्बैंड को ये बोलना चाहता हूं प्लीज ऑनर दोज़ डिज़ायर्स हम इसमें उनको पॉजिटिविटी होगी एंड ट्रीटमेंट जब पॉजिटिविटी इफ़ेक्ट्स आएंगे इनडायरेक्टली इट विल हैव एन इंपैक्ट ऑन द आउटकम हमने यह डिस्कस किया कि फैमिली का
(26:22) क्या रोल है। बट मुझे लगता है यहां पे सबसे बड़ा रोल पार्टनर का है, हस्बैंड का है। सो उनका क्या रोल है वो भी हम कुछ देर में डिस्कस करते हैं। एंजलीना जूली गॉट हर ब्रेस्ट्स रिमूव सर्जिकली ड्यू टू कैंसर इन 2013 उनकी मॉम हैड अ ब्रेस्ट कैंसर। टेक आउट द [संगीत] ब्रेस्ट एंड टेक आउट द ओवरीज। बिफोर द कैंसर अपीयर्स। व्हेन यू आर अ न्यू मॉम। उस टाइम पे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क क्यों बढ़ता है? टू लाइफ सरिस्टिक। सर्जरी कब [संगीत] करनी है और पहले कीमोथेरेपी कौन सी देनी है ताकि बेबी को भी ना अफेक्ट हो। हम इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स को
(26:54) टॉपिक वाइज एक दूसरे चैनल पे अपलोड करते हैं जिसका नाम है गुंजन टॉक्स क्लिप्स। इस चैनल पे आप कम टाइम में भी अपने फेवरेट टॉपिक को आसानी से रिवजिट कर सकते हैं। गुंजन टॉक्स क्लिप्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। ब्रेस्ट कैंसर की जो प्रॉमिनेंस है वो क्या एज पे भी डिपेंड करती है? ऐसा है कि यह यंग वुमेन में भी हो सकता है या उन्हीं को ज्यादा होता है। व्हाट इज द मोस्ट कॉमन एज ग्रुप फॉर इट? यूजुअली हमने इंडिया में 40 टू 60 इयर्स इज व्हाट इज कॉमनली सीन। एल्डर्ली में भी देखा हुआ हमने। हम्म एज एज इनक्रीसेस कैंसर इंसिडेंस इनक्रीस
(27:29) होता है। हमारे लॉन्च ड्यूटी अराउंड 70 75 मान के चलें। तो 40 टू 60 इज़ मोस्ट कॉमन एज ग्रुप दैट वी आर सेइंग। यंग में बहुत सारे आजकल देखने को मिल रहा है। ओके। जेनेटिकल और नॉन जेनेटिकली इन्वॉल्व्ड। बिकॉज़ लाइफस्टाइल प्रॉब्लम इज़ आल्सो विथ मोस्टली विथ द यंग। और यंग में अनफॉर्चुनेटली दे आर मोर अग्रेसिव। सो इसीलिए मोस्ट ऑफ़ यंग जो प्रीमेनोपोजल होते हैं मोस्टली हम उन लोगों को कीमोथेरेपी देते हैं। सो मोस्ट प्रीमेनोपॉजल लेडीज विल बी गिवन कीमोथेरेपी। मोस्ट मोस्ट या एंजलीना जूली गॉट हर ब्रेस्ट्स रिमूव सर्जिकली ड्यू टू कैंसर इन 2013। मैं आपको
(28:04) कैंसर नहीं हुआ था। मैं उनकी मॉम को हुआ था। उनकी मॉम हैड अ ब्रेस्ट कैंसर। 5 टू 10% दे कैरी द म्यूटेशंस टू देयर जनरेशंस। दे ट्रांसफर इट। तो उसमें बीआरसीए वन बीआरसीए टू अलाइड अराउंड 10-15 जींस हैं। पैलबी टू चेक टू। सो ऑल दोज़ म्यूटेशंस यूजली फैमिली ट्रांसमिशन होगा। उसमें मे बीआरसीए वन, बीआरसीएट2 दे आर टू मोस्ट कॉमन जींस। ओके। सो बीआरसीए का एक जीन एंजलीना कैरी कर रही थी। ओके। एंड इसका मतलब यह है कि शी हैड अ रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर बाय अराउंड 60 टू 80%.
(28:40) ओके। ओके। देयर वाज़ अ रिस्क दैट शी वास् कैरिंग एंड ओवरी का ऑलमोस्ट 40 टू 60% रिस्क कैंसर होने का। सो द ओनली वे टू नो नेगेट दिस इफेक्ट। इज़ टू टेक आउट द ब्रेस्ट एंड एंड डू दी रिकंस्ट्रक्शन। एंड आल्सो टेक आउट दी ओवरीज़। बिफोर द कैंसर अपीयर्स। इसको हम बोलते हैं प्रोफेलेक्टिक सर्जरी। ओके। यू गेट इट रिमूव्ड बिफोर बिफोर इट। सो इसके बाद हमें ऑलमोस्ट 98% ऑफ़ प्रोटेक्शन मिलती है। देयर आर सम ओरल मेडिकेशंस नॉट इन द सेटिंग टू रिड्यूस द रिस्क बट द सर्जरी इज़ वन ऑफ द प्रूवन एंड मोस्ट एफिकेशियस मेथड हियर। सो डू यू मीन ब्रेस्ट रिमूवल के बाद भी
(29:16) ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क क्योंकि कुछ फैट सेल्स कुछ सेल्स कंप्लीटली निकाल नहीं सकते। सो वो 2% रिस्क फिर भी रहता है। फिर भी रहता है। ओके। लेकिन यू विल बी सेव्ड ऑफ़ ऑल द कीमोथेरेपीस, रेडिएशन, हार्मोनल ट्रीटमेंट। सो कुछ एटलीस्ट इट विल नॉट स्प्रेड। करेक्ट। आई वांटेड अस टू हेल्प वीमेन अंडरस्टैंड मोर अबाउट देयर ब्रेस्ट्स। बीइंग फेमिलियर व्हाट इज द मीनिंग ऑफ बीइंग फेमिलियर विद योर ब्रेस्ट मीन्स प्रैक्टिकली? बेसिकली इस ऑर्गन के बारे में मुझे लगता है कि ज्यादा अंडरस्टैंडिंग ही नहीं है। सो क्या होगी वो अंडरस्टैंडिंग? व्हाट शुड अ वुमेन नो
(29:48) अबाउट देयर ओन ब्रेस्ट। इफ यू टॉक अबाउट लेडीज ब्रेस्ट? इट्स इट्स डेफिनेटली वन व्हिच प्रोड्यूसेस मिल्क। कैसे? सो इट्स अ फैट एंड मिल्क डक्ट्स। मिल्क डक्ट्स ग्लैंड्स ओके दे विल कम एंड मर्ज एट अ निपल एंड देन दे विल कॉज दैट्स हाउ दे मिल्क कम्स इन एंड अराउंड कंप्लीटली फैट एंड देन दे आर्मपिट सो दिस इज अ मोटा दिस इज़ अ स्ट्रक्चर ऑफ़ ब्रेस्ट एक्चुअली ओके सो ब्रेस्ट इज़ मोस्टली फैट फैट इज़ मोस्टली फैट एंड देन डक्ट्स सो मोस्टली डक्ट से कैंसर आता है जो मिल्क डक्ट्स है एंड द फैट्स वैरी रेयरली व्हाट आर द स्पेसिफिक्स ऑफ निप्पल व्हिच अ
(30:22) वुमेन शुड नो कि ऐसा है तो सही है अगर ऐसा नहीं है इफ देयर इज़ अ सर्टन काइंड ऑफ़ डिस्चार्ज और थिंग्स लाइक दीज़ व्हिच इज एबनॉर्मल। मिल्क जो प्रोडक्शन है स्पेशली आफ्टर चाइल्ड बर्थ समटाइम्स आई हैव सीन जब लेडीज कमिंग कि जो बहुत सारे लंप्स आए दे आर यूजली दे मिल्क कलेक्शन। सो अगर आप उसको प्रेस करेंगे तो पूरा निकल जाएगा। सो दैट शुड नॉट बी वरिड अबाउट। हम सो कुछ भी डिस्चार्ज आता है दैट शुड नॉट बी नेगेक्टेड। राइट? सो कोपियस सीसंगस बोलते हैं उसको जो येलोइश डिस्चार्ज हो। ओके। और उसमें ब्लड मिक्स है। सो दीज़ आर द थिंग्स वी शुड नॉट नेगलेक्ट।
(31:00) समटाइम्स आपको फील नहीं होगा। उसमें जो निपल पे डक्ट्स हैं डक्ट्स में थोड़ा सा डलेटेशन होगी। वो हम एमआरआई पर्टिकुलर एमआरआई से हम डिटेक्ट करेंगे कि अगर डक्टल डलेटेशन है या स्टेज जीरो जैसे मैंने बताया उस टाइप ऑफ कैंसर जो आगे इंडिविजुअल कैंसर वो सो सिंपल प्रोसीजर्स है उस डक्ट को ही निकाल सकते हैं। सो वो डक्टोग्राफी या कुछ एमआरआई करने के बाद अगर उसमें एब्नॉर्मल है तो उसको निकाल देंगे तो ये सब डिस्चार्ज का कारण हट जाएगा। हट जाएगा। ओके? आई हैव आल्सो हर्ड ब्रेस्ट फीडिंग मॉम्स इफ दे डू नॉट ब्रेस्ट फीड देन दे हैव हायर चांसेस ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर।
(31:34) इज दैट ट्रू? इट इज़ ट्रू बिकॉज़ ईस्ट्रोजनिक स्टेट जो हमने बताया था ज्यादा इस्ट्रोजन एक्सपोज़र है देन इट विल इंक्रीस रिलेटिव रिस्क को बढ़ा देगा। सो जो जो हमने बोला मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स लेट एज ऑफ़ मैरिज। सो फर्स्ट चाइल्ड बर्थ नॉट ब्रेस्ट फीडिंग। सो आर ऑल फैक्टर्स व्हिच इंक्रीसेस इस्ट्रोजन योर ब्लड। एंड इज इट ट्रू दैट इफ अ मदर एक्टिवली ब्रेस्ट फीड्स हर चाइल्ड दैट रिड्यूसेस द रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर। सेम इट्स द हार्मोन बैलेंस विल बी देयर। ब्रेस्ट फीडिंग के वक्त या जब आप यू व्हेन यू आर अ न्यू मॉम उस टाइम पे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क क्यों बढ़ता है?
(32:11) इसका एक फैक्टर है जेनेटिक्स है ना। सो अगर ब्राका रिलेटेड कैंसर है जो ब्राका वन ब्राका टू जैसे हम जिक्र कर रहे थे एंजलीना जूली अगर उनमें कोई जीन कैरियर हो तो उस टाइम पे आ सकता है। डिटेक्ट हो सकता है। बाकी मेजरली हमें एग्जैक्ट रीज़न नहीं पता क्यों होगा। एंड यह सबसेट ऑफ़ पेशेंट है। स्पेशल एंटिटी है ब्रेस्ट कैंसर इन प्रेगनेंसी और एनी कैंसर इन प्रेगनेंसी। क्योंकि इनकी मैनेजमेंट बहुत ही डिफरेंट होगा क्योंकि टू लाइफ्स आर इट टेक हम सो उस कॉन्टेक्स्ट में अगर फर्स्ट अर्लीस्ट ट्रायमेस्टर है, फर्स्ट ट्रायमेस्टर है देन हमें यूजली अगर कैंसर
(32:49) सुपरस्टीट कर रहा है तो हमें अबॉर्शन करा के ट्रीटमेंट करके जाएंगे। अगर सेकंड ट्रायमेस्टर के बाद आ गया तो देन सर्जरी कब करनी है और पहले कीमोथेरेपी कौन सी देनी है ताकि बेबी को भी ना अफेक्ट हो। एक सेपरेट टॉपिक ही है प्रेगनेंसी एंड अ ब्रेस्ट कैंसर एंड जो भी सेंटर्स है जो स्टैंड अलोन गुड सेंटर्स है दे विल बी एबल टू मैनेज वी हैव मैनेज क्वाइट अ फ्यू नंबर ऑफ़ पेशेंट्स विथ द प्रेगनेंसी एंड ब्रेस्ट कैंसर नाउ लेट्स टॉक अबाउट स्क्रीनिंग फॉर ब्रेस्ट कैंसर। कितने तरह की स्क्रीनिंग होती है? स्क्रीनिंग में हम प्राइमरी प्रिवेंशन में
(33:20) ही स्क्रीनिंग करते हैं क्योंकि कैंसर आने से पहले उसको डिटेक्ट किया जाए ताकि हम बहुत सारे लोगों को क्योर कर सकें। इसीलिए जब भी स्क्रीनिंग का मॉडेलिटी आती है जिनका जिनका लेटेंसी ज़्यादा हो पहले हम स्टेज वन से स्टेज थ्री या फोर तक जाने में थोड़ा टाइम ज्यादा है या एक डेढ़ साल लगता है तो उनमें स्क्रीनिंग ज्यादा बहुत मायने रखता है। ओके इसीलिए वो इंटरवल और स्क्रीनिंग मोडालिटी उन्हीं कैंसेस में है जिसमें थोड़ा सा यह हमें अपॉर्चुनिटी मिलेगी स्टेज वन से स्टेज थ्री या फोर तक जाने में टाइम लगता हो पैंक्रियास में नहीं है क्योंकि वो टाइम नहीं मिलता
(33:54) तो इसलिए ब्रेस्ट सीएस सर्विक्स कोन में इसमें स्क्रीनिंग गाइडलाइंस है प्रोस्टेट नाउ कमिंग बैक टू द ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मेलिटी मेनली सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन के बारे में हमने बताया हम देन अगर एब्नॉर्मल होता है तो क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन मतलब डॉक्टर एग्जामिन करेंगे जो भी आपको मेल डॉक्टर से कंफर्टेबल नहीं है। आप रिक्वेस्ट कर सकते हो। कोई भी फ़ नहीं करेगा। फीमेल डॉक्टर से करवा सकते हैं। हमारे जहां मैं काम करता हूं हमारे फीमेल डॉक्टर्स हैं, फीमेल सर्जन्स हैं। मैं उनको रिक्वेस्ट करूंगा। कोई मना नहीं करेगा आके एग्जामिन करेगा।
(34:23) सो जब डॉक्टर एग्जामिन करते हैं वो भी वही सेम तरीके से नो दैट हैज़ सम बिकॉज़ हमने बहुत सारे एग्जामिन करके वो एक्सपीरियंस के हिसाब से डिटेक्शन रेट ज्यादा होगा। बट दैट इज़ आल्सो अ मैनुअल एग्जामिनेशन। दैट्स आल्सो मैनुअल एग्जामिनेशन। देन कम स्क्रीनिंग मेमोग्राफी। हम वो एक्सरे ऑफ द ब्रेस्ट ही है। एक्सरे ऑफ़ द ब्रेस्ट में हम कैल्सिफिक स्पॉट्स देखते हैं। कुछ कैल्सिफाइड स्पॉट्स कैंसरस है। कुछ नॉन कैंसरस होते हैं। देयर आर गाइडलाइंस टू डिटेक्ट इट। उसके लिए स्कोरिंग सिस्टम बाय राइट स्कोरिंग सिस्टम है। सो उसके हिसाब से मेमोग्राफी करते हैं।
(34:55) गाइडलाइंस ये बोलती है 40 टू 50 इयर्स में स्क्रीनिंग होना चाहिए। हम क्योंकि हमारे इंडियन लेडीज 10 साल आगे इन टर्म्स ऑफ़ कैंसर रेजिडेंस कंपेयर टू वेस्ट। वेस्ट में 50 में हो रहा वो 40 में हमारे इंडिया में पहुंच जाता है। सो मैं 40 में शुरू करना चाहूंगा। 40 इयर्स इज़ व्हाट इज़ अ कट ऑफ वेयर वी स्टार्ट मेमोग्राफी। उसके बाद एव्री वन टू टू इयर्स मेमोग्राफी करनी चाहिए। डिपेंडिंग ऑन द फाइंडिंग्स आपको आगे ड्रीमलाइन विल फॉलो हम जहां तक बात आती है कोई जेनेटिकली लिंक्ड डिजीजसेस है। हम जैसे एंजलीना जो की बात हुई है। इसको कैसे एड्रेस करें? अगर वो सर्जरी नहीं कराना
(35:30) चाहते देन इनको स्क्रीनिंग यूजुअली अगर मदर की एज ऑफ डिटेक्शन 40 इयर्स में हो 10 साल पहले ही हमें स्क्रीनिंग शुरू करनी चाहिए। सो उनकी डॉटर जब 30 होगी तब हमें स्क्रीनिंग शुरू करना चाहिए। यूजली 30 में हम मेमोग्राफी नहीं करते। तो हमारी मॉडेलिटी होगी एमआरआई। एमआरआई एव्री ईयर हम एस्पेशली जेनेटिकली लिंक्ड कैंसर्स में एमआरआई ब्रेस्ट करते हैं जो हमें ज्यादा सेंसिटिव है और हमें डिटेक्शन रेट बढ़ाएगी। सो उन लोगों में एमआरआई है और एक और पेशेंट जो पहले ही कैंसर से ट्रीटमेंट किया हो रेडिएशन से लिंफोमा जो पहले यहां पे जो होता था यहां
(36:02) पे ब्रोडेशन फील्ड बढ़ी होती थी वो 10 साल के बाद उनमें कुछ एडेड रिस्क होगा ब्रेस्ट कैंसर का उनमें भी हम ये एमआरआई यूज़ करते हैं। सो दीज़ आर टू थिंग्स वेयर हम एमआरआई यूज़ करते हैं। ओके ओके। अगर कोई यंग एज में आ रहा है उस केस में या फिर अगर उनको पहले कोई ट्यूमर या इस तरह का चीज रह चुकी है। हां तो जिनकी वजह से रेडिएशन लिया वो जिनका ऑलरेडी हमें जेनेटिकली लिंक एसोसिएशन पता है ये ब्राका [गला साफ़ करने की आवाज़] वन पॉजिटिव है तो उनकी मदद से 10 साल पहले ही स्क्रीनिंग करेंगे पहले हम स्क्रीनिंग करेंगे जब एमआरआई करेंगे हां बहुत सारे लोग ये क्वेश्चन पूछते हैं
(36:34) कि सर कब कराना चाहिए हमें टेस्ट अगर मदर 35 या 40 है एंड उनकी बच्चा अराउंड 10 या 12 इयर्स का है हम अगर मैं टेस्ट बोलूं ये ऑटोसोमल डोमिनेंट है इन द सेंस अगर दो बच्चे हैं एक में मेल हो फीमेल हो दोनों में एक बच्चे को ये कैरी होने का रिस्क रहता है। अच्छा ब्रका वन ब्रका टू लड़के में भी आ सकता है। सो इवन मैन कैन हैव ब्रेस्ट कैंसर। मेन कैन हैव ब्रेस्ट कैंसर। सो अगर फर्स्ट ऑफ ऑल ये जो कैरी 50% में होगा हम तो अगर 40 इयर्स पे उनका डायग्नोस हुआ। अब बच्चा बहुत छोटा है। मैं बोलता हूं लेट देम फिनिश देर एजुकेशन। राइट? 18 इयर्स के बाद आप शायद टेस्ट कराओ। तब
(37:09) उनको थोड़ा सा दे डोंट फील द टेंशन दैट मैं मुझे जाके अगर मुझे जेनेटिक टेस्ट पॉजिटिव है। मेरा इतना परसेंटेज ज्यादा रिस्क है। आप 12 इयर्स या 13 इयर्स माइंड को देंगे। मेमोग्राफी यंग ऐज में क्यों अवॉइड करनी चाहिए? 30ज में आप मेमोग्राफी क्यों नहीं करते हैं? डेंस ब्रेस्ट होता है। यूजुअली मेमोग्राफी का इंटरप्रिटेशंस बहुत सारे फैक्टर्स पे डिपेंड होगी। आपकी ब्रेस्ट डेंसिटी क्या है? ओके? उसके एज के हिसाब से एंगर द एज द ब्रेस्ट डेंसिटी बहुत ज्यादा होगा। सो मेमोग्राफी विल नॉट बी एबल टू गिव अस एकैक्ट पिक्चर ऑफ इट। मैंने सुना है दैट मेमोग्राफी इज आल्सो अ
(37:52) पेनफुल प्रोसेस। इट इज अगर किसी लड़की को मेमोग्राफी करवानी है बट उसको फियर है कि मुझे पेन होगा। पता नहीं किस तरह का प्रोसेस होगा तो वो कैसे खुद को प्रिपेयर कर सकता है। गुड क्वेश्चन। इट बिकॉज़ हमने दो प्लेट के अंदर ब्रश को कंप्रेस करते हैं। उसमें दो तीन मेथड्स हैं। आपको जब भी वुमन का मेंसुरेशन साइकिल यूजली 10थ डे या 12th के के बाद आइडियली करना चाहिए। अच्छे मेमोग्राफी तो ताकि लेस पेनफुल रहेस ज्यादा नहीं हो। सेकंड पॉइंट इज़ आप वन डे प्रायर टू आवर्स प्रायर एक पेन किलर दो उनको एंड देन गेट द मेमोग्राफी डन। सो दीज़ आर द टू पॉइंटर्स व्हिच यूजली हेल्प टू
(38:27) मिटगेट दी पेन एंड काउंसलिंग। इज़ वन स्क्रीनिंग इनफ। आप एक बार जा रहे हैं। आपने एक बार एमआरआई करवाया या मेमोग्राफी करवाया और अगर कुछ डिटेक्ट होता है तो क्या यह काफी है यह कहने के लिए कि यह ब्रेस्ट कैंसर है या फिर कोई सेकंड, थर्ड या सेकंड, थर्ड ओपिनियन ये सब चीजें भी कंसीडर करनी चाहिए? मेमोग्राफी होने के बाद एक डाउट वो डाल देता है कि ये है हली सस्िशियस एंड डेफिनेटली ये कैंसरस है। सो उसके बाद हमें कंफर्म करना होता है बायोप्सी से। ओके? उसके बाद बायोप्सी होती है। बायोप्सी होती है। सो बायोप्सी एक मैंडेटरी स्टेप है। इसमें मैं पब्लिक को
(39:02) अवेयर करना चाहूंगा कि बायोप्सी से पहले आपको आके इलाज कोई भी नहीं कर पाएगा। कोई करना भी नहीं चाहिए। आइडियली बायोप्सी उसकी कैरेक्टर्स ईआर, पीआर, हर्ट टू ये तीन चीजें करना बहुत जरूरी है बिफोर आपको आगे की इलाज ना हो। ओके। क्या पता चलता है बायोप्सी में? बायोप्सी में आपकी सेल्स के ऊपर टेस्ट करते हैं कि क्या आप हार्मोन ईआर इआर इज़ ईस्ट्रोजन रिसेप्टर पीआर इज़ प्रोजेस्टोन रिसेप्टर हर्ट टू देर ऑल मार्कर्स ऑन द सरफेस ऑफ़ अगर ये एक्सप्लेन ऐसे करता हूं ये रिस्ट एक कैंसर सेल है। ये कैंसर सेल के ऊपर तीन प्रॉमिनेंट मार्कर्स है। ये इआर पीआर हर्ट
(39:38) टू हर्ट टू एक बड़ा सा नकल है। बिकॉज़ ये बहुत बड़ा प्रॉमिनेंट है और यह बहुत ही अग्रेसिव बीमारी माना जाता है। सो, यह मार्कर्स अगर इसके परम्यूटेशन कॉम्बिनेशन करें, ईआर पॉजिटिव, PR पॉज़िटिव, हर टू नेगेटिव। एक एक ब्रेस्ट बन गया। तीनों नेगेटिव ट्रिपल नेगेटिव बन गया। तीनों पॉजिटिव, ट्रिपल पॉजिटिव बन गया। और ओनली हर टू पॉजिटिव। सो एटलीस्ट फोर सब टाइप्स ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर बनेंगे। बाकी सब में भी है। इसमें भी सब डिवीज़ंस होंगे। लेकिन आमतौर पे ये चारों टाइप की ब्रेस्ट कैंसर के ट्रीटमेंट अलग-अलग है। क्या आपको पहले कीमोथेरेपी चाहिए या पहले सर्जरी
(40:12) करना चाहिए? व्हाट इज द डिसाइडिंग फैक्टर कि सर्जरी रिक्वायर्ड है या कीमोथेरेपी रिक्वायर्ड है यह कैसे पता चलता है? वै गुड क्वेश्चन। सो अगर मान लो लेडीज की लंप 2 सेंटीमीटर के ऊपर है। फील करने से नॉट बाय पेसिटी स्कैन। आर्पिट में कुछ भी नहीं है। ओके? पहले एक मल्टीडिसिप्लिनरी मीटिंग होना चाहिए। इसमें कौन सी बेस्ट इलाज है? मल्टीडिसिप्लिनरी में क्या कौन-कौन बैठता है? मेडिकल एंकोलॉजिस्ट, सर्जिकल एंकोलॉजिस्ट, रेडिएशन एंकोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, रेडलॉजिस्ट। ऑल आर डॉक्टर ये सारे बैठेंगे वहां पे। यह डिस्कस करना बहुत जरूरी है क्योंकि
(40:46) गाइडलाइंस यह बोलती है अगर लंप 2 सेंटीमीटर है। यह हार्ट टू पॉजिटिव है और तीनों नेगेटिव है। इनमें पहले कीमोथेरेपी देना चाहिए। इवन दो इतना छोटा गांड भी हो या टारगेट थेरेपी होना चाहिए। उसके बाद सर्जरी होगा। इसका बहुत बड़ा इंप्लिकेशन है प्रोग्नोसिस में आगे सर्वाइवल में। आगे चेंज ऑफ़ ट्रीटमेंट में। बाकी हार्मोन पॉज़िटिव हर्टनेगेटिव जो एक थोड़ा सा लेस अग्रेसिव टाइप माना जाता है। हम् उसमें हम पहले ही सर्जरी कर सकते हैं। और कोई भी बीमारी हो लेस दैन 2 सें.मी.
(41:14) बिना आर्मपिट में बगल में कोई गांड नहीं हो उनमें लेस दैन 2 सें.मी. मेज़रमेंट में आए देन हम इंडियन गाइडलाइंस के हिसाब से हम जाए तो उनको सर्जरी पहले किया जा सकता है। ओके? तो बॉल पैक फिगर 2 सें.मी. याद रखना। सो व्यूअर्स को आपके जरिए बदलना चाहता हूं। 2 सें.मी. मास है ब्रेस्ट में। पहले आपकी मल्टीडिसिप्लिनरी बोर्ड मीटिंग में डिस्कस करके आगे बढ़ना चाहिए। इस मीटिंग में पेशेंट खुद नहीं होता। नहीं क्योंकि उनको समझ नहीं आएगा। उसको समझ में नहीं आएगा। उनको समझ में आएगा। एटलीस्ट उनको ये हो आजकल तो बहुत सारे एआई मॉड्यूल्स है सब के हैं। तो आप
(41:45) कुछ पैराटर्स डालोगे वहां पे भी आपको रेकमेंडेशन ठीक से देगा वो। बिल्कुल रेमेंडेशन एविडेंस के हिसाब से क्या-क्या गाइडलाइंस हां आप आप चार्टबिटी डालोगे। में अपनी पैराटर्स डालो कि मेरे ब्रेस्ट लंप इतना साइज का है। लेकिन मैं देख रहा हूं इतना मेजरमेंट टेप से इतना मेजर हो रहा है। तो अब क्या करना चाहिए? आपके पास जब पेशेंट्स आते हैं तो अपना सेल्फ डायग्नोसिस लेकर आते हैं। लेके आते हैं। [हंसी] वो एक एक प्लस पॉइंट भी है, नेगेटिव पॉइंट भी है। सम थिंग्स दे डोंट अंडरस्टैंड। स्टिल इज़ आवर ड्यूटी टू मेक देम अंडरस्टैंड कि ये है। इतना इसको इसमें
(42:16) इतना ये लेना चाहिए पॉइंट्स। ये प्लांट्स शायद इंपॉर्टेंट नहीं है। सो अब जैसे ही किसी का डायग्नोस होता है, स्कैन हो गया, आपको वैल्यू्यूज पता चल गई कि क्या क्रिटिकिटी है कैसे? व्हाट इज द नेक्स्ट स्टेप? फर्स्ट बीमारी का नाम दे दिया ब्रेस्ट कैंसर। कौन सी टाइप बायोप्सी से प्रूव हो गया। हम एंड होल बॉडी पेसिटी स्कैन। यूजली हमारे इंडिया में इट इज़ ईजीली एक्सेसबल। इट इज़ कॉस्ट इफेक्टिव। हम पेटिटी करने के बाद हमें फैलाव पता चल जाता है। कहांहां में कहांहां तक वो स्टेज की इनेशन में देगा। तो हमें बीमारी का नाम पता चल गया, स्टेजिंग पता चल गई। कॉमन ब्लड
(42:51) इन्वेस्टिगेशन हम कराते हैं। ईसीजी को भी कराते हैं। तो ये करने के बाद हमें फिटनेस फॉर फदर ट्रीटमेंट पता चल जाएगा। ओके। अभी बॉडी कितनी रेडी है कीमोथेरेपी के लिए या रेडिएशंस के लिए? करेक्ट। करेक्ट। एक असेसमेंट होती है क्लीनशियंस की। अगर ऐज के हिसाब से, जेरेट्रिक असेसमेंट होगी। यंग में हमें ये सब कोमॉर्बिट्स के हिसाब से, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन ऑल अदर पैरामीटर्स के हिसाब से असेसमेंट होगी। एंड देन वी डिस्कस एंड डिसाइड अबाउट द कीमोथेरेपी। सो दिस इज़ हाउ अ कॉम्प्रहेंसिव वर्कअप इज़ डन एंड देन वी विल डिस्कस फदर कोर्स ऑफ़ एक्शन। विद इन
(43:22) थ्री टू फोर डेज में हम ये सब खत्म कर सकते हैं। इंडिया में आप ये समझो कि इंडिया में बोर्न हो लिखी हो। एक बार मैं यूएस से भी एक डिस्कशन कर रहा था कि डॉक्टर आए थे। मैंने कहा कि कितने दिन में आप करोगे? यूएस में भी इट टेक्स 7 से 10 दिन एटलीस्ट आपको फर्स्ट साइकिल कीपोथेरेपी शुरू करने में। हम तो हम विद इन फोर डेज ये सब इवैल्यूएशन करके ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं। सो वी आर वेरी फास्ट एंड डेफिनेटली ऑन पारवत प्रोबब्ली बेटर देन देम। अभी भी वेस्ट बहुत आगे है और हम बहुत पीछे हैं। आगे है लेकिन हम पीछे नहीं है। दिस इज़ अ पॉइंट आई वांट टू मेक आउट।
(43:56) हम कुछ इंस्टीटशंस में इन्वेस्टिगेशन इनिशिएटिव भी हो रहा है। बेट टाटा मेमोरियल ऑल इंडिया। सो दे दे आर डूइंग अ गुड इन्वेस्टिगेटर इनिशिएटेड ट्रायल्स हैट्स ऑफ टू देम। दे आर स्टिल होल्डिंग आवर एकेडमिक फोरम बहुत अच्छा बहुत सारे आई मीन वर्ल्ड को लो डोज हिमोथेरेपी के बारे में बताया थ्रू आवर डेटा फ्रॉम टाटा मेमोरियल एंड एम्स सो आई एम प्राउड ऑफ़ देम एक्चुअली दिस इज़ वेरीेंट कि आपको ये मिडिल जो इनकम और लो इनकम बेस्ड कंपनीज़ में अगर इम्यूनोथेरेपी अफोर्ड नहीं कर सकते डोज़ दे सकते हैं क्या दे गव अ डाटा ऑन दैट कॉस्ट बहुत कम करके क्या आपके पास बाहर से भी पेशेंट्स आते
(44:34) हैं यस आई ट्रीट लॉट ऑफ़ पेशेंट्स अक्रॉस द ग्लोब बीट सीआईएस अफ्रीकन कंट्रीज पेसिफिक नेशंस एंड कंबोडिया म्यांमार। सो एग्जामिनेशन के लिए भी उनको आपके पास फिजिकली प्रेजेंट होना पड़ता है, आना पड़ता है। यूजली हम हमारे हॉस्पिटल के जरिए कैंप्स अरेंज करते हैं वहां पे। सो आई गो देयर फॉर टू टू थ्री डेज। एंड आई सी एन ईच एंड एव्री सिटी वहां पे जो कैंसर स्क्रीन पेशेंट्स ऑलरेडी डायग्नोस्ड होंगे। यूजली वही आएंगे क्योंकि उसकी जो उनकी हेल्थ फैसिलिटीज थोड़ा सा अभी भी पीछे है। ओके। सो दे आर पिकिंग अप बट तो वो जो पेशेंट्स विलिंग है हम उनको बता देंगे यह
(45:12) करना चाहिए इफ यू विश टू ट्रेवल हियर हम उनको यहां पे बुला लेते हैं इवैलुएट करके सर्जरी करके कीमो का प्रोटोकॉल बना के भेज देंगे ताकि वो कीमो वहां कंटिन्यू करें ताकि उनका कॉस्ट इफेक्टिव वे में काम हो जाए। सो सर नाउ लेट्स टॉक अबाउट द लाइन ऑफ ट्रीटमेंट। मुझे लगता है बहुत फियर्स हैं इसको लेके। स्पेशली रेडिएशंस एंड कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते [गला साफ़ करने की आवाज़] हैं। देयर इज अ नोशन कि ये सारी जो थेरेपीस हैं, ट्रीटमेंट्स हैं, दे आर वैरी हारश ऑन योर बॉडी। जब हम किसी को देखते भी हैं कीमोथेरेपीस लेते हुए वी सी कि उनकी लाइफ
(45:45) पूरे इसी चीज के अराउंड रिवॉल्व कर रही है। द वे दे लुक वो चेंज हो जाता है। उनका हेयर लॉस होना शुरू हो जाता है। बॉडी ऐसे लगता है जैसे डिटोरिरेट हो रही है। एनर्जी नहीं रह रही है। सो इन सब रीज़ंस की वजह से देयर इज अ लॉट ऑफ़ फियर। कीमोथेरेपी का नाम सुनते ही सब डरने लगते हैं। तो आप थोड़ी सी इसके बारे में हमें अवेयरनेस दीजिए। बताइए कि होता क्या है? क्या लाइन ऑफ़ एक्शन होता है? स्टेप बाय स्टेप क्या किया जाता है इसमें? एंड आई वांट टू नो इट ऑल राइट फ्रॉम ऑल सॉर्ट्स ऑफ रेडिएशन थेरेपीस व्हिच आर देयर एंड कीमोथेरेपी कब कहां क्या यूज करते हैं इनमें क्या होता है एक
(46:16) ब्रीफली आप हमें अंडरस्टैंडिंग दीजिए इसके बारे में कोई भी कैंसर हो उसमें तीन तरह के इलाज हुए तीन तरह के स्पेशलिस्ट मेनली इनवॉल्वड होंगे सो अपार्ट फ्रॉम डायग्नोस्टिक डॉक्टर्स आल्सो दे आर आल्सो वैरीेंट एस फ द ट्रीटमेंट इज कंसर्न मेन स्पेशलिटीज सर्जिकल अंकोलॉजी जो सर्जन्स हैं नेक्स्ट इज़ मेडिकल अंकोलॉजी डोमेन जो मैं मेडिकल अंकोलॉजिस्ट हूं जिसमें कीमोथेरेपी और टारगेट थेरेपी एंड एंड इम्यूनोथेरेपी। ये तीन मोलिटीज के बारे में मैं डिस्कस करूंगा। और थर्ड मोलटी है रेडिएशन। रेडिएशन सर्जरी और कीमोथेरेपी के बाद दी जाती है उसको एड्जॉइंट बोलते हैं। दूसरी
(46:49) जो रिपेटिव रेडिएशन जहां पे अगर बोन में बीमारी है उसको अब रेडिएशन करें ताकि पेन कम हो जाए। सो रेडिएशन एक हाई डोस एक्सरे या फोटों्स बोलते हैं जो रेज के जरिए उनको दिया जाता है। एंड आजकल इसमें भी बहुत सारे चेंजेस और इंप्रोवाइजेशन हुई है। ओके। अगर मैं एकदम लेमन लैंग्वेज में इसको समझना चाहूं तो इज इट लाइक कि रेज के थ्रू हम उन कैंसरस सेल्स को मार रहे हैं। एकाग्रित हो के उस उस एरिया पे हम रेडिएशन दे रहे हैं। ताकि वो कैंसर सेल जिस एरिया पे हुआ हो उस एरिया पे वापस ना आए। ठीक है? अगर ब्रेस्ट कैंसर है स्पेशली राइट ब्रेस्ट कैंसर उसके
(47:26) हार्ट भी आसपास नहीं है। हम तो साइड इफेक्ट्स ऑलमोस्ट मिनिमल अना के बराबर होंगे। लेफ्ट ब्रेस्ट कैंसर है। आजकल इतने अच्छे मेथड है कि अंदर हार्ट है उसको सेव करने का। अच्छे-अच्छे हमारे रेडिएशन कोलीग्स बता पाएंगे उसके बारे में कि कैसे उसको सेव करें। रेडिएशन डॉक्टर देखेंगे। फिजिसिस्ट उसको प्लान बनाएंगे। स्कैन पहले मशीन पे प्लान करेंगे। उसको जहांजहां एरिया था उस बीमारी जो निकाल उसको मैप करेंगे। नॉर्मल स्ट्रक्चर को मैप करेंगे ताकि वहां पे डिसीजन ना जाए। एंड बाद में रेडिएशन अंकल्स मैच करने के बाद उसको अप्रूव करेंगे कि इतना डोस यहां
(47:57) पे नहीं जाना चाहिए। सो इट्स अगेन अ ब्यूटीफुल साइंस एंड इसके बाद रेडिएशन डिलीवरी होती है और हर हफ्ते एनालिसिस करते हैं कि कैसे-कैसे दोबारा नॉर्मल स्ट्रक्चर को नहीं रेडिएशन के बाद कुछ चेंजेस तो नहीं आ रहा है। सो दिस इज़ हाउ इट इज़ बीइंग डन। तो ये करने के बाद आप जो एडवर्स इवेंट्स आपसे मान लो बहुत ही मिनिमाइज और कम हो। अब आएंगे मेडिकल एंकोलॉजी पर्सपेक्टिव के। जी हम इसको थोड़ा सा डीपली अंडरस्टैंड करते हैं। कीमोथेरेपी एक बैकबोन है। सो कीमोथेरेपी किनमें चाहिए? किनमें नहीं चाहिए? सर्जरी के बाद चाहिए, सर्जरी से पहले चाहिए।
(48:29) मैंने कुछ जिक्र किया। जब कीमोथेरेपी चाहिए, डेफिनेटली चाहिए। और बहुत सारे लोगों को औरतों को मैं ये बोलता हूं कि डरिए मत। दो कारण है वश किए कॉम्प्लिकेशंस हम दूसरी चेंज इन द अपीयरेंस। दूसरे लोग क्या कहेंगे? आपके बारे में क्या सोचेंगे? तो ये हटाइए क्योंकि मैं यही बोलता हूं कि आपके बारे में आप और आपकी फैमिली ही सोच सकती है। हम दूसरे खड़े नहीं होंगे। तो आपको पहले ठीक रहना है तभी आप दूसरे देशों को देख पाओगे। तो यह साइड इफेक्ट जो भी है ट्रांजिएंट है ये ठीक हो जाएंगे। दिस इज़ हाउ आई एडवाइस देम। दिस इज़ वेरीेंट। एंड जहां तक बात आती
(49:05) है सपोर्टिव केयर की मेडिकेशंस की, कीमोथेरेपी के सपोर्टिव केयर की मेडिकेशंस में भी हमें बहुत सारा तरक्की मिली। और उसमें जो फर्स्ट एंड फोरमोस्ट थिंग था ओमिटिंग। पहले तो ऐसे होता था कि सेकंड साइकिल आने से डॉक्टर से देख के ओमिटिंग कर देते थे। ओ माय गॉड। [हंसी] सो नाउ उसमें क्या हुआ कि हमें इसकी मैकेनिस्टिक्स समझे कहां क्यों हो रहा है ओमिटिंग जहां स्टमक से ब्रेन तक उसके पाथवे डीपली समझ लिए और उसके अगेंस्ट दवाइयां है तो आजकल ओमिटिंग ऑलमोस्ट ना के बराबर है। सो ये सब दवाई यूज़ करने के बाद ओमिटिंग कॉम्प्लिकेशंस हट गया। हट चुके हैं।
(49:38) हेयर फॉल में कुछ हद तक वो कूलिंग कैप हेल्प करता है। कुछ में मेजर सम ड्रग्स में हेल्प नहीं करेगा। मुंह में छाले और या अल्सरेशंस होना इसमें सिंपल स्टेप्स आपको समझा देंगे। काउंसलिंग करेंगे। ये भी ज्यादातर हद तक ठीक कर सकते हैं। टीएलसी टोटल हमारे शोल्डर्स क्योंकि कीमो क्या करता है कि हमारी जो प्रोिफ्रेटिंग रैपिडली डिपोलिफेरेटिंग सेल्स है उनको इफेक्ट करेगा। उसके मेनली हेयर फॉलिकल्स, म्यूकस मेंब्रेन और स्किन ये तीन में ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस आता है। क्योंकि इनकी मदद सेल्स है तो ये रिकवरी होंगे। तो टीएलसी रिकवरी करने के लिए सेकंड कीमो के
(50:10) बाद हम एक इंजेक्शन लगाते हैं। उससे यूजुअली ये कॉम्प्लिकेशंस ना के बराबर होंगे। एक कीमोथेरेपी प्रोसेस में एक्सजेक्टली स्टेप बाय स्टेप होता क्या है? मेडिकल अंकोलॉजी से चार मेलिटीज ऑफ ट्रीटमेंट है। कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोनल ट्रीटमेंट। कीमोथेरेपी एक दवाई है जो ग्लूकोस के जरिए मिक्स करके नस के जरिए दी जाती है। किसी को बैक्टीरियल इंफेक्शन हो, निमोनिया हो तो हम क्या करते हैं? एंटीबायोटिक देते हैं जो बैक्टीरिया को जाके किल करे। सिमिलरली सेम चीज़ प्रोसेस यहीं पे भी फॉलो होगी। आईवी फ्लूइड्स में कीमोथेरेपिटिक
(50:42) एजेंट मिक्स की जाती है। ग्लूकोज करके मिक्स करके हम देते हैं। दिस इज व्हाट इज अ कीमोथरेपी। सो ये कैसे टारगेट करता है कि उसी ऑर्गन पे ये रैपिडली डिवाइडिंग सेल्स को इसलिए बोलते हैं कि नॉर्मल सेल्स भी मारे जाते हैं। हम सही है कुछ हद तक क्योंकि हमारे नॉर्मली रैपिडली डिवाइडिंग सेल्स बोलते हैं उसको उसको भी अफेक्ट करता है जैसे भी इसलिए हेयर फॉल होगा और स्किन इसलिए थोड़ा सा कालापन या मकस मेंब्रेन में थोड़ा सा छाले होंगे। ओके हमारी जो सोल्जर्स आरबीसी डब्ल्यूबीसी इम्युनिटी भी तो उसका उसको करने के लिए कुछ हद तक हमारे पास मेडिकेशंस हैं। लेकिन
(51:16) उनकी मदद सेल्स है उसको स्टेम सेल्स बोलते हैं जो जिसकी वजह से ये सारे सेल्स रिकवर ही हो जाते हैं। रिकवर हो जाते हैं। बट उस फॉर द टाइम बीइंग फॉर दैट पीरियड वो डिस्ट्रॉय होते हैं और फिर वापस फिर वापस आते हैं। कि इसीलिए कुछ जो कीमोथेरेपी के साइकिल्स जो होते हैं 21 डेज 14 डेज उस आधार पे निर्भर होगा कि कैसे रिकवरी आ जाती है बाकी सारे सेल्स की। अच्छा। सो वी डू वन सिंग उसका फर्स्ट ट्रीटमेंट होता है एंड देन वी गिव टाइम टू द पेशेंट टू रिकवर अ बियर दैट वो पूरा जो एक बॉडी का एक पूरा सिस्टम मैकेनिज्म हो रहा है वो सब उसके बाद देन वी गिव अनदर
(51:53) लाइन अनदर कुछ कीमोथेरेपिस वीकली होंगे कुछ थ्री वीकली होंगे कुछ टू वीकली होंगे। ये सारे आपको ओकोलॉजिस्ट बैठ के समझाएंगे। समझाएगा। ये कीमोथेरेपी हो गया। सेकंड, अ टारगेट थेरेपी। जैसे मैंने पहले जिक्र किया ईआरपीआर हर्ट टू एक कैंसर सेल की ऊपर मार्कर्स है। हर्ट टू न्यू भी एक प्रोमिनेंट मार्कर है। ऊपर एक ऐसे मुंह खोल के एक रिसेप्स्टर बैठा हुआ कि जिसको मुंह के दबाने के लिए हमें एक टारगेट चाहिए। जाके उसको क्लोज करो। सिंपल भाषा में समझाना। हम उसको हमें एंटी हर्ट टू मॉलिक्यूल्स बोलते हैं। ओके? सो वो टारगेटेड एशंस है जो हम नसरी देंगे
(52:29) जाके डायरेक्टली उसको ब्लॉक करेंगे। मेनली इसकी साइड इफ़ेक्ट बहुत ही कम है क्योंकि हम इसको टारगेट कर रहे हैं। तो बाकी पूरी बॉडी ना के बराबर नहीं कुछ होते हैं वह अलग है बट ऑलमोस्ट कम है इसमें। स्पेशली हर्ट टू पॉजिटिव में अगेन साइंस इतनी अच्छी इवॉल्व हो रही है कि ये टारगेट थेरेपी सात कीमोथेरेपी के साथ कंबाइन करो जिसकी वजह से बीमारी ऑलमोस्ट गायब हो जाती है। पहले कीमोथेरेपी और टारगेट थेरेपी देंगे। उसके बाद सर्जरी करते हैं। यह टारगेट थेरेपी है और इसमें भी बहुत सारे इनोवेशंस हो रहे हैं। और टारगेट थेरेपी के पीछे टेल पे आप
(52:58) एक और कीमोथेरेपी अटैच करो। स्टैंड अलोन वो कीमोथेरेपी देंगे बहुत टॉक्सिक होगा वो। इसकी जो टारगेट थेरेपी जा रही है जाके डायरेक्टली क्या कैंसर सेल को अटैच होगा। इसके टेल पे पटाखा जैसे छोड़ दो। डायरेक्टली अपने एक एक जाके अटैच हो जाएगा यहां पे। सेल के ऊपर इसके टेल पीछे एंड जो हमारे सोल्जर है इसके टेल भी होता है। टेल को मॉडिफाई करके उस पे कीमोथेरेपी अटैच कर दो। स्टैंड अलोन अगर वह देंगे तो अब झेल ही नहीं पाएगा पेशेंट। अब टेल के अटैच करोगे तो यह क्या होगा? यह छोटी मॉलिक्यूल जाके डायरेक्टली कैंसर सेल पे अटैच हो जाएगा। कैंसर सेल के
(53:28) अंदर जाके किल करेगा आसपास वालों को भी इतना किल करेगा। उसको बाय स्टैंडर्ड इफेक्ट बोलते हैं। ओके? सो इसको हम ड्रग एंटीबॉडी कंजगेट ये टारगेट थेरेपी में एक और एक स्टेप आ गया है। कैंसर के हैंडस्केप को चेंज कर रहा है। क्योर की तरफ या कंट्रोल की तरफ ज्यादा हम बढ़ बढ़ रहे हैं। एक स्टेप और बढ़ रहे हैं। ये टारगेट थेरेपी हो गया। ठीक है? देन इम्यूनोथेरेपी बहुत आसान भाषण में मैं समझाना चाहता हूं। इतना आसान नहीं लेकिन मैं आई विल मेक इट इज़ियर फॉर द ऑडियंस। सो कैंसर एक तरफ हमारी सोल्जर्स दूसरी तरफ जब भी हमारा सेल कुछ सिग्नल सेंड करता है कि कुछ वहां पे गड़बड़ है।
(54:04) म्यूटेशंस होके कुछ सेल अपनी रूप को चेंज कर रहा है। कैंसर की तरफ लेके जा रहा है। देन हमारे सेल सोल्जर्स उसको रिकॉग्नाइज करेगा और उसको निकाल देगा। स्कैवेंज करेगा या अपप्टोसिस बोलते हैं उसको। हम निगल लेगा उसको। वह भी इतना क्षण है। वह जो ऐसे म्यूटेशंस क्रिएट करेगा उसमें बीच में दीवार खड़ा कर देगा हम कि मैं तुम्हें दिख ही नहीं रहा हूं। हम् तो कैसे निकालोगे? इम्यूनोथेरेपी ये है। सिंपली ये दीवार को हटा रहा है। सो ये एंटीबॉडीज है। इसको दीवार को स्लाइड कर देगा। इम्यूनथरेपी इज़ वन ऑफ़ द इंपॉर्टेंट आर्ममेंटोरिम व्हिच कैन क्योर द डिसीज।
(54:37) मैंने इसीलिए ये सिंप्लिस्टिक वे से एक्सप्लेन किया। ये दीवार को हटाएगा जाके अटैक करेगा। सो इम्यूनिटी एक इंपॉर्टेंट पैरामीटर है। कोई भी डिजीज हो। हम इसीलिए उसको कैसे हम यूटिलाइज करें? कैसे उसको बढ़ावा दे? कैसे हम इम्यूनोथेरेपी यूज़ करें? दिस इज़ इट ऑल रेस्ट ऑन द इम्यूनोथेरेपी। लास्ट बट नॉट द लीस्ट इज़ हार्मोनल ट्रीटमेंट। जैसे मैं एक सबसेट ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर्स बताया था ईआरपीआर पॉजिटिव। अगेन कैंसर सेल के ऊपर मार्कर है। ये ईस्ट्रोजन मॉनपुलेशन अगर वो पॉजिटिव है तो उसको अगेंस्ट हमें जाके ओरल दवाई देने चाहिए ताकि इसको ब्लॉक करे
(55:09) हम और आगे जो रिकरेंस के चांसेस हो वो कम हो जाए। ओके? ओके। सो ये हार्मोनल ट्रीटमेंट ये ओरल पिल है। सो हाउ डू वी डिसाइड कि हमें कौन सा लाइन ऑफ ट्रीटमेंट चूज़ करना है? सारे कॉम्प्लीमेंटरी है। ओके। सो वन कॉम्प्लीमेंट्स अदा। सो अगर हर टू पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर है, कीमोथेरेपी प्लस एंटीआर टू टारगेट थेरेपी चाहिए। हम इम्यूनोथेरेपी स्पेशली तीनों नेगेटिव है तो उसमें और कोई टारगेट नहीं है। तो हम यूजली ट्रिपल नेगेटिव इम्यूनथरेपी यूज़ करते हैं। ओके? हार्मोनल थेरेपी जो भी हार्मोन पॉजिटिव है सारे ट्रीटमेंट मोडाली खत्म होने के बाद हार्मोनल ट्रीटमेंट चलेगी। सो दैट्स द
(55:42) चॉइस व्हिच यू एस एन ऑनलॉजिस्ट यस वो हम पेशेंट को समझाएंगे। यह आपकी सबसेट है। ये आपकी रोड मैप है। सब्सिक्वेंट सिक्स मंथ्स में क्या ट्रीटमेंट चाहिए? ये वन ईयर कुछ कुछ पेशेंट्स में हम वन ईयर तक की भी ट्रीटमेंट करते हैं। जैसे हर टू पॉजिटिव में। सो आपको ओकोलॉजिस्ट जो बैठ के बताएगा। सो कुछ में हार्मोन चलता है, कुछ में नहीं चलता, कुछ में एक साल चलेगा, कुछ में छ महीने मेजॉरिटी में छ महीने चलता है। सो दैट मींस अगर दो लोगों को सेम तरह का कैंसर है तो उनका लाइन ऑफ ट्रीटमेंट अलग-अलग भी हो सकता है। बिल्कुल। मैंने एक ही लेडीज़ में दो कैंसर,
(56:12) दो ब्रेस्ट कैंसर एक ही लेडीज में भी देखा हुआ है। एक ब्रेस्ट में। अच्छा। ओह! यह भी होता है। अगर दो लंप है ब्रेस्ट में। हम्। एक लंप अलग चीज शो कर रहा है। दूसरी लंप अलग चीज। फेक ट्रीटमेंट्स अवेलेबल इन द मार्किट। क्विक हीलिंग, क्विक फिक्सेस, क्विक ट्रीटमेंट्स, अफोर्डेबल ट्रीटमेंट्स के नाम पे बिकते हैं। ऑरेंज को पिंच करके बोल रहे थे कि देखो ऑरेंज को मैंने पिंच कर दिया और इसमें जो रस बाहर आ रहा है, ऐसे स्प्रेड होगा आपका कैंसर, बायोप्सी करने से। सीधे सिमली पब्लिक इसको कैसे लेगी? इमोशंस के साथ खेल रहे हो। [संगीत] व्हाट इज दैट वन मैसेज दैट यू वुड लाइक टू
(56:45) गिव टू ऑल आवर वुमेन लिसनर स्पेशली? [संगीत] आप लोग बहुत ही ब्रेव हो। हैट्स ऑफ टू यू। अगर आप इन पॉडकास्ट के ऑडियो वर्जंस को एंजॉय करना चाहें ताकि आप अपना काम करते हुए, वॉक करते हुए या फिर ड्राइव करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सके तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। आई नो मेडिकल एडवांसमेंट्स बहुत ज्यादा हो रही हैं और साथ-साथ आपने बताया कि कैसे अब हम साइड इफेक्ट्स को मिनिमाइज करते जा रहे हैं। फिलहाल अभी भी जो साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं लोगों को जिसकी वजह से वो सबसे ज्यादा डरते हैं, फियर होता है उन्हें
(57:18) रिड्यूस करने के लिए कुछ किया जा सकता है। वोमिटिंग ऑलमोस्ट ना के बराबर हो गया। हेयर लॉस को मेजॉरिटी प्रवेश नहीं कर सकते। कूल कैपिंग के जरिए कुछ कीमो में वो उसे एक्सटेंड किया जा सकता है। अगेन विग इज अ फैंटास्टिक मीडियम वेयर आजकल बहुत अच्छे से विग आ गए। पता भी नहीं चलेगा कि आप विग पेन है। वो ओके। एंड टीएलसी के लिए इंजेक्शन आ माउथ अल्सरेशन रोकने के लिए हमें कुछ लोगों में मैं ऑइल यूज़ करता हूं। अगेन सरकमस्ट्ससेस के हिसाब से उसको फॉलो करना है। ऑइल अप्लाई करना है एंड यू शुड टेक योगर्ट टू इंप्रूव योर गट हेल्थ। देयर आर
(57:52) सरकमस्ट्ससेस के हिसाब से डिजीज के हिसाब से इसको एडवाइस देना चाहिए। व्हाट आर द थिंग्स? अ पेशेंट शुड नॉट डू ड्यूरिंग कीमोथेरेपी। जब उसकी कीमोथेरेपी चल रही है लेट्स से 6 महीने एक साल के लिए उस टाइम पे उसे कौन-कौन सी चीजें करना अलाउड ही नहीं है? यूजुअली हाइजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी है। बाहर का खाना मैं कोई भी वो मैं अलव नहीं करता यूजली बिकॉज़ ऑफ़ सिंपली बिकॉज़ ऑफ़ द हजीनेसिटी। राइट? सो घर का जो भी बनता है फ्रेश खाना खाएं। फल फ्रूट सलाद खा सकते हैं। यूजुअली हम अपनी सॉलिड मैगनेंसीज़ में हम अलव कर लेते हैं। इसमें एक्सेप्ट लुकीमियाज़ में दे
(58:24) यूज़ली अवॉयड बिकॉज़ लो इम्युनिटी देयर। हम बाकी सॉलिड मैलगेंसी में जो कीमो होता है उसमें हम हम फल फ्रूट सलाद घर का खाना नॉर्मल एक्टिविटी नॉर्मल एक्सरसाइज माइल्ड टू मॉडरेट कर सकते हैं कीमो के दौरान भी कि एक साइंस के हिसाब से प्रवोक हो चुका है आप वॉक करते हो प्लीज वॉक करो आप जिम जाते हो माइल्ड टू मॉडरेट एक्सरसाइज रेकमेंडेड है हम डस दैट हेल्प यस इट हेल्प्स सो देयर इज़ अ डाटा फॉर दैट एज वेल कि इट इंप्रूव्स दी द वेल बीइंग ऑफ़ द पेशेंट सेकंड आप कोई भी फेथ फथ में बिलीव करते हो उस फेथ के हिसाब से मेडिटेशन करो। सो 15-20 मिनट्स ऑफ़
(59:01) मेडिटेशंस विल हेल्प यू अ लॉट। हम ये रेगुलरली करना चाहिए। एंड प्लीज मैं अगेन रेटेड करना चाहूंगा फ्रेंड्स एंड फैमिली। आपको इनको एज अ करुणा के दायरे में नहीं देखना है। अरे बेचारे क्या हो गया? आके ऐसे उसी के बारे में प्लीज आपको जैसे पहले थे वैसे ही देखना है इनको। हम इंटरेक्शंस नॉर्मल रखना है। एंड एज अ पेशेंट आपको भी जिक्र करना है प्लीज यह मैं और मैं और डॉक्टर हैंडल कर लेंगे। आप जो नॉर्मल चलो आपकी बुआ कैसी है? ये सो यूज़ अ नॉर्मल कन्वर्सेशन रादर देन कन्वर्सेशन अराउंड द कैंसर। हम आप उनको स्पेशल ट्रीटमेंट्स मत दीजिए। मत दीजिए। जस्ट टेट देम एस अ नॉर्मल। आप
(59:42) इतना एमथाइज मत करो कि इट फील्स ऑड समटाइम। सो समबडी हु इज़ यंग ही थिंक्स दैट आई कैन बीट एंड डॉक्टर हैज़ टोल्ड दैट आई कैन बी क्यूरेबल। तो इन दैट का कॉन्टेक्स्ट आप उनको सपोर्ट करो बट डोंट सिंपथाइज सो मच कि वो बेचारे समझे। पूरे फैमिली में तो है ही बट पार्टनर का क्या स्पेशल रोल जो हम शुरू में भी डिस्कस कर रहे थे एंड आई सेड इसको हम मैं और डीपली समझना चाहूंगी हाउ कैन अ पार्टनर सपोर्ट वेरी वेरीरी वैलिड एंडेंट क्वेश्चन जब भी हम ट्रीटमेंट शुरू करते हैं ब्रेस्ट कैंसर की हम एक इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट ऑफ ह्यूमननेस का ही हम निकाल रहे हैं
(1:00:14) ह्यूमननेस किससे डिस्चार्ज इस्ट्रोजन से हम सब ईस्ट्रोजन ही नीचे कर रहे हैं। सो ऑल दोज़ ह्यूमन कैरेक्टरिस्टिक्स जो होता है वो थोड़ा सा दिक्कतें होंगी। फॉर एग्जांपल मैं कीमोथेरेपी के ओरियन फंक्शन कम हो गया। बाद में हार्मोन पे आ गया। प्रीमोनोनोपजल पर हमें पोस्ट मेनोपोजल कर देते हैं इंजेक्शन की तरह। अच्छा। देन एट दैट पर्टिकुलर इफ शी इज़ अराउंड 38 37 सो विल गेट ऑल दोज़ पोस्ट मेनोपोजल सिम्टम्स। शी कैन बी वेरी अनरिज़नेबल। आई न्यू दिस इस गोइंग टू हैपेन यंग आई जस्ट गिव एन एग्जांपल ऑफ़ यंग कपल। हु ऑलमोस्ट सेपरेटेड। आई एन आई जस्ट मेड एन एफर्ट टू
(1:00:49) कॉल द हस्बैंड। प्लीज कम टू मी एंड मीट मी। आई टोल्ड देम दैट दिस इज़ नॉट हु शी वास। दिस इज बिकॉज़ ऑफ़ हार्मोनल चेंजेस। प्लीज अंडरस्टैंड हर व्हाटएवर शी इज़ अनरज़नेबल। कुछ भी हो आप उसको यस बोल के आगे जाओ। रेस्ट ऑल विल हैंडल। इट इज़ अ क्वेश्चन ऑफ़ टाइम इट इज़ गोइंग टू गो। सो ये मैं सबको बोलना चाहूंगा हाउएवर बिजी यू आर। डॉक्टर को भी ये स्टेप लेना चाहिए। एंड दिस ये पॉइंट को कंसीडर करना चाहिए। मैं आई हैव सीन टू फैमिलीज़ लाइक दिस। एंड आई ट्राई टू गो अ स्टेप अहेड एंड कॉलिंग बोथ ऑफ़ देम एंड काउंसलिंग देम एंड लकीली दे आर टुगेदर नाउ। थोड़ा सा हमारे बॉडी
(1:01:23) में विटामिन डी बी12 का लेवल कम होता है तो हमें लगता है कि मेरा मूड नहीं ठीक रह रहा मेरे एनर्जी नहीं है। मेरा उठने का मन नहीं कर रहा। तो यह तो फिर बॉडी में कुछ और ही चल रहा है ना। इतनी बड़ी चीज को तो अंडरस्टैंड करना ही पड़ेगा। यू डोंट हैव एन ऑप्शन। एंड द टाइम व्हेन योर पार्टनर नीड्स योर सपोर्ट द मोस्ट। दिस इज द टेस्टिंग टाइम। दिस इज द टाइम व्हेन यू नीड टू बी विद हर। वो सेल्फलेस लव के साथ। नो मैटर व्हाट शी इज सेइंग। उस टाइम पे उनके एक्शन को जज किया जाए तो ही अच्छा है। एंड एज यू सेड यह दिस इज जस्ट अ फज़ आपके सपोर्ट के साथ जैसे-जैसे वो बेटर
(1:01:54) होगी थिंग्स विल गेट बेटर। अब्सोलुटली। हम आई थिंक दिस इज द मोस्टेंट मैसेज फ्रॉम टुडेज़ कन्वर्सेशन। बाकी तो सब नॉलेज है ही बट पार्टनर को कैसे सपोर्ट करना ये बहुत जरूरी है। मुझे लगता है शायद अवेयरनेस कम है इसके बारे में। ये नॉलेज की कमी की वजह से है या व्हाट हम थोड़ा सा शॉर्ट टर्म पढ़े हैं। सो इंक्लूडिंग मी आई वी शुड वी शुड चेंज इट। या वी शुड चेंज अंडरस्टैंड द ह्यूमन साइकोलॉजी एंड देन एंड गो अलोंग। सो अभी हमने ये बहुत अच्छे से आपने एक्सप्लेन किया ऑल दी थेरेपीज। नाउ व्हेन डस और वेयर डस द रोल ऑफ सर्जरी कम्स इंटू द पिक्चर। सर्जरी कब करनी पड़ती है?
(1:02:34) कुछ लोगों में हम पहले ही सर्जरी कर देते हैं। कुछ जैसे ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर हर्ट टू पॉजिटिव अगर 2 सेंटीमीटर भी है उसमें पहले कीमो उसके बाद सर्जरी करनी होती है। बट क्या सर्जरी हर केस में करनी पड़ती है? लोकलाइज स्टेज वन टू थ्री करेंगे। बहुत ही लिमिटेड स्टेज फोर में भी करते हैं। वो आपको ओकोलज समझाएंगे कौन सी स्टेज में स्टेज फोर में सर्जरी करना है। ब्रेस्ट कंजर्वेशन या पूरा ब्रेस्ट कुछ लोग जो मिथ्स कि अगर ब्रेस्ट है तो पूरा ब्रेस्ट निकालना है। पहली अप फ्रंट हम सर्जन को भी इन्वॉल्व करेंगे। रेडियोलॉजी को भी
(1:03:02) इन्वॉल्व करेंगे। क्या हम इसमें ब्रेस्ट सेव कर सकते हैं? क्या? हम तो ब्रेस्ट कंजर्वेशन जहां पे पॉसिबल है ब्रेस्ट कंजर्वेशन करना चाहिए। अगेन वुमननेस एंड इसमें आउटकम में कोई डिफरेंस नहीं है। लंब कहां पे है? साइज क्या है? स्किन इनवॉल्व है या नहीं है? ये सारे फैक्टर्स डिसीजन मेकिंग में हेल्प करेगी। एमआरआई करते हैं। बहुत सारे क्वाड्रेंट्स में तो बीमारी नहीं है। सो ये अपफ्रंट डिसीजन में ये सर्जन डिसीजन लेंगे कि यस हम कंजर्वेशन कर सकते हैं। देन हम कीमोथरेपी कीमो देने से पहले हम मार्क मार्कर भी इंजेक्ट करेंगे ट्यूमर में। एक मार्कर क्लिप बोलते हैं। उसको
(1:03:35) क्लिप लगा देंगे तो हमें पता चलेगा अगर कीमो से गायब हो गया। यही था। उसी एरिया को हम निकाल सकते हैं। सर हमने बात करी अलग-अलग तरह के थेरेपीस, ट्रीटमेंट्स, रिकंस्ट्रक्शन, ऑल दीज़ थिंग्स। आई थिंक दे आर वेरी एक्सपेंसिव आल्सो। [हंसी] जब कॉस्ट की बात करें तो ये सब ट्रीटमेंट्स बहुत एक्सपेंसिव भी होते हैं। क्या एक एवरेज खर्चा होता है कैंसर ट्रीटमेंट का। जहां तक बात करें जब एडवांसमेंट्स होती है, इनोवेशंस होते हैं। अगर वो आउटकम इंप्रोवाइज कर रहा है तो उतना कॉस्ट बनेगा ही बनेगा। इससे हमें सतर्क होना है पब्लिक आपको मिनिमम इंश्योरेंस लेना है। हेल्थ
(1:04:11) इंश्योरेंस के बारे में मैं बहुत जिक्र करता हूं। बहुत ही इंपॉर्टेंट है। हम हेल्थ को लाइटली लेते हैं। दो 3000 का शर्ट लेने में हम ज्यादा हिचकिएंगे नहीं। लेकिन हम वही साल में एक बार 15,000 पे करने में फैमिली इंश्योरेंस में 10 बार सोचते हैं। ये नहीं होना चाहिए। ये नोशन चेंज होना चाहिए। हेल्थ सिक्योरिटी बहुत ही इंपॉर्टेंट है। मिनिमम तो 20 लैक्स का इंश्योरेंस होना चाहिए। अगर नहीं हो सकता तो गवर्नमेंट के सपोर्ट के एटलीस्ट 10 लैक्स टायर टू टायर थ्री में। सो क्या हर पॉलिसी में कैंसर के सभी तरह के ट्रीटमेंट्स कवर्ड होते हैं?
(1:04:40) कुछ पॉलिसीज में इम्यूनोथेरेपी और रोबोटिक सर्जरीज कवर नहीं होंगे। अगेन जिक्र कर रहा हूं आपको पहले मेंशन करना है। इंश्योरेंस एजेंट से बात करना है। ये सारे मुझे न्यूअर मोटलिटीज भी कवर करना है 100%। वो बोलेंगे 5% कवर होगा। बाकी सब आपको कवर नहीं होगा। और उसके अलावा भी ओरल मेडिकेशंस भी कवर्ड होंगे क्या? हम क्या मुझे अगर मेरे पापा को सपोर्टिव केयर घर में ही चाहिए क्या होम केयर भी अवेलेबल अवेल कर सकते हैं क्या? ये सारे आपको क्वेश्चन पूछना है ताकि आप सतर्क रहो कि सारे में कवर्ड हो। रिकंस्ट्रक्शन जैसे सर्जरीज भी इसके अंदर
(1:05:13) कवर होती हैं। कुछ इंश्योरेंस कॉर्पोरेट इंश्योरेंस कवर करते हैं। मेजोरिटी नहीं करता। नहीं करते होंगे। बिकॉज़ दैट इज अ चॉइस। करेक्ट। करेक्ट। दैट इज़ अ चॉइस। एस्थेटिक्स। सो दैट्स एन एस्थेटिक। सो एस्थेटिक्स यूजली मेजोरिटी इसमें कवर नहीं करता। उसमें डेफिनेटली प्रीमियम बहुत ज्यादा होगा। ज्यादा होगा। किसी ने आज इंश्योरेंस ली कल उसको कैंसर डिटेक्ट हुआ। यही क्वेश्चन पूछना है। यूजली नहीं होता ये कुछ वो पीरियड होता सिक्स पैसे कुछ है दैट यू नीड टू आस्क योर इंश्योरेंस एजेंट। सो इट हैज़ टू बी डन। उस पीरियड से पहले ऐसे आपका इंश्योरेंस होना चाहिए ताकि
(1:05:44) वो अल्टीमेटली डायनो से पहले आप पहले ही शुरू कर दो आप। जब आएगा देन एटलीस्ट यू आर रेडी एंड रिन्यू करना बहुत जरूरी है। बहुत सारे लोगों को मैं देखता हूं सर मैं 10 साल से पे कर रहा था। अभी इस साल मैंने डिस्कंटिन्यू किया एंड देन देयर आर सो तभी डायग्नोस हो गया। दे हैव वेरी गुड इंश्योरेंस एंड देन अल्टीमेटली लैप्स होगा। सो यू हैव पे 10 इयर्स लॉस। आपने जो वो पे किया वो भी। सो 10 इयर्स पे किया। अब और 10 इयर्स पे करो। कुछ कोई इशू नहीं होगा। जस्ट थिंक दैट आई एम कीपिंग दिस अमाउंट एव्री मंथ आप निकाल के रखो। अगर छोटे-छोटे कर रहे हैं तो आप एवरीडे ₹10
(1:06:14) रखो। निकाल के रख दो। ये मैं एंड में हेल्थ में यूज़ करूंगा। सो दीज़ काइंड ऑफ़ स्माल थिंग्स प्लानिंग्स आर रिक्वायर्ड फॉर योर बेटर हेल्थ। वैसे अप्रोक्समेटली कितना स्पेंड हो जाता है? इट डिपेंड्स ऑन द टाइप ऑफ द डिजीज ऑन एन एवरेज एज आई सेड अराउंड 10 लै इज़ अ बॉल पैक फिगर। बॉल पैक फिगर। सो उसमें मेजर बेसिक ट्रीटमेंट कवर होगा। बेसिक। हां जी। इट्स एन एक्सपेंसिव ट्रीटमेंट। इट्स एक्सपेंसिव ट्रीटमेंट। एज अ सेव क्यों? क्यों एक्सपेंसिव है? कुछ जो पेटेंसी है जब पेटेंसी ऑफ हो जाती है देन द इंडियंस आर वेरी पोइनरी इन मैन्युफैक्चरिंग द
(1:06:47) कॉपीज़ ऑफ़ इट एंड एक्सपोर्टिंग इट आल्सो तो उसमें कॉस्ट बहुत हद तक कम करते थे एंड दे आर बिकमिंग अफोर्डेबल जैसे मैं टारगेट थेरेपी बताया है वो बहुत सारे इंडियन मॉलिक्यूल्स है जो भले इतना कॉस्टली वो दे आर विद इन द रीच ऑफ़ नॉर्मल नॉर्मल पीपल एंड देयर आर आल्सो हॉस्पिटल्स जो बहुत कम बजट में भी थेरेपीस कीमोथेरेपीस करते हैं तो क्या वो अपनी पॉकेट से पे कर रहे हैं? इज इट लाइक अ पब्लिक सर्विस दे आर डूइंग? सोशल सर्विस दे आर डूइंग? इट इज पॉसिबल इन ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट मेडिकल साइंसेस वेयर आपका जो भी ड्रग कॉस्ट डायरेक्टली डिलीवरी करते हैं तो
(1:07:23) देयर नोबडी एल्स इज़ इनवॉल्व इन देयर। सो दैट बेनिफिट गोज़ टू द पेशेंट। सो उस कॉन्टेक्स्ट में हम कम कर सकते हैं। बाकी डे केयर में बहुत ही नॉमिनल चॉइससेस उसमें जो करना है इट डिपेंड्स ऑन व्हाट काइंड ऑफ़ ड्रग्स यू आर यूजिंग। बेसिक कीमोथेरेपी ज्यादा नहीं होता। हम सो इन दैट कॉन्टेक्स्ट उस पे कॉस्ट कम हो जाएगी बेसिक कीमोथेरेपिस्ट में बसाइड्स इंश्योरेंस कुछ गवर्नमेंट सपोर्ट भी है टू बियर दिस कॉस्ट ऑफ ट्रीटमेंट कैंसर ट्रीटमेंट सो इफ यू टॉक अबाउट समबडी हु इज़ नॉट अ गवर्नमेंट एंप्लई या समबडी हु इज़ अ गवर्नमेंट एंप्लई जो गवर्नमेंट एंप्लाइजज़ हैं स्टेट गवर्नमेंट
(1:07:59) हो या सेंट्रल गवर्नमेंट में उस गवर्नमेंट के हिसाब से उनका हेल्थ स्कीम है सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ की सीजीएचएस दिल्ली डीजीएचएस हम सो उस दौरान उनको बहुत सारे ट्रीटमेंट मेजोरिटी ऑफ़ द कैंसर ट्रीटमेंट फ्री मिल जाती है। सो देयर आर इफ्स एंड बट्स ऑफ़ कॉरपोरेट वर्सेस गवर्नमेंट चल रहा है। बट देवरस देयर इज़ अ गुड सपोर्ट गोइंग ऑन। सो दोज़ सर्टन अनसर्टेनिटी सम सर्टनल थिंग्स नीड्स टू बी डिस्कस्ड बिटवीन द गवर्नमेंट एंड द कॉर्पोरेट्स फॉर द लार्जर बेनिफिट ऑफ़ द पीपल। ये करना चाहिए। आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान कार्ड का ये एक जनरल पब्लिक जो
(1:08:34) नॉन इसलिए मतलब जो जो गवर्नमेंट एंप्लई नहीं है सबके लिए इन्होंने 5 लाख का जो कैप लेके आए थे इसमें बहुत सारे चीजें प्लस भी है बहुत सारी चीज नेगेटिव्स भी है दिल्ली में कुछ ही हॉस्पिटल है जो जिसमें एनरोल्ड है द प्रोसेस इज सो टीडीियस तो इसमें अगर एक दो पेशेंट लेंगे ये कुछ ब्रांचेस लेंगे दे से कुछ पेशेंट्स कुछ ब्रांचेस में हल्का सा बेनिफिट हॉस्पिटल को बाकी लॉस में चलेंगे। सो दिस नीड्स टू बी सॉर्टेड बिटवीन द गवर्नमेंट एंड द कॉर्पोरेट्स अगेन। एंड अगेन कुछ टायर टू टायर थ्री सिटीज में ऑलमोस्ट बहुत सारे हॉस्पिटल क्लोज भी हो
(1:09:08) गए क्योंकि आयुष्मान की पेमेंट नहीं आती। ओ आफ्टर हैविंग ट्रीटेड द पेशेंट्स गवर्नमेंट की तरफ से गवर्नमेंट की तरह आयुष्मान की पेमेंट नहीं आई। सो ये भी एक इस चीजों को सॉर्ट आउट करना गवर्नमेंट को कि आपने अच्छे से स्कीम इंट्रोड्यूस कर लिया। सबको फिट करने की सबको हेल्थ फॉर ऑल करने की कोशिश की। लेकिन ये इंप्लीमेंटेशन ठीक से नहीं हो रहा। इसको जो भी ऑफिस बरर्स है जो इनको प्रोग्राम को रोल किया दे शुड लुक बैक इनू द पॉलिसीज कि व्हाट कैन बी चेंज्ड सो दैट दिस गुड प्रोग्राम कैन बी कैन बी कैन बी ब्रॉट टू द यूज़ एक्चुअली यस ऑफ कोर्स अदरवाइज व्हाट इज द पॉइंट ऑफ
(1:09:43) इंट्रोड्यूसिंग ऑल दी स्कीम्स दूसरी चीज़ अगर पेशेंट आउट ऑफ द पॉकेट पे कर रहा है कोई और कोई सहारा नहीं या बहुत ही अनअफोर्डेबल है उसमें मैलिगनेंसी किकोरेबल है मैं क्योर कर सकता हूं तो हम अपनी तरफ से कोई भी हेल्प हो सकता है आउट ऑफ द वे एज अ डॉक्टर वी विल बी एबल टू डू इट बट देयर आर सम वेज़ टू डू इट। देयर आर ग्रुप फंडिंग उस ऑर्गेनाइजेशन पे एनरोल करके। सो ग्रुप फंडिंग ऐसे जो भी क्यूरेबल ऑथेंटिक होता है आई अर्ज पब्लिक प्लीज व्हाटएवर वे यू कैन डोनेट। आप ₹100 भी कर रहे हो तो प्लीज कर दो। क्योंकि वो बल्क में बहुत बड़ा हो जाएगा।
(1:10:17) सो इसलिए एटलीस्ट किसी को लुकीमिया है। ट्रांसप्लांट चाहिए। ट्रांसप्लांट तकरीबन 15 से 20 लाख होगा। तो कैसे करेंगे वो? तो क्राउड फंडिंग से कर सकते हैं। या कॉर्पोरेट ऑफिस में है। सो ऑल एम्प्लाइज प्लीज व्हाटएवर इज देयर आप अपनी बॉस के डिस्कस कर या बॉस इस महीने के 10% इनको दे दो या 5% व्हाटएवर इज देयर एटलीस्ट वो बर्डन आपको भी नहीं 5 10% इज़ नथिंग फॉर यू सो ऐसे करके हम वो वो मरीज जिनका क्योर कर सकते हैं वी कैन हेल्प देम आउट एक कलेक्टिव अप्रोच के साथ हैं इसको राइट एंड आई रिमेंबर आई वाज़ टॉकिंग टू वन ऑफ़ द डॉक्टर्स और हमने उसमें डिस्कस किया था
(1:10:53) देयर आर अ लॉट ऑफ फेक ट्रीटमेंट्स अवेलेबल लेबल इन द मार्केट ऑन द नेम ऑफ सर्जरीज और कैंसर और बहुत कुछ जिससे लोगों का नुकसान भी होता है। उनकी हेल्थ और खराब होती है। पैसों का भी नुकसान होता है। बट वो क्विक हीलिंग, क्विक फिक्सेस, क्विक ट्रीटमेंट्स, अफोर्डेबल ट्रीटमेंट्स के नाम पे बिकते हैं। सो ऐसा कैंसर में भी है। ऐसा आपके फील्ड में भी होता है। डेफिनेटली इंटीग्रेटेड मेडिसिन में बिलीव करता हूं। हम लेकिन इंटीग्रेटेड मेडिसिन जब मैं जिक्र करूंगा उसके हिसाब से हमें एविडेंस बैकअप होना बहुत जरूरी है। मेडिकल ओकोलॉजिस्ट हमें बनने में कम से कम एटलीस्ट 13 इयर्स
(1:11:26) तो लगेंगे 12 टू 13 इयर्स अगर बीच में ब्रेक नहीं है तो आफ्टर 12th जब सुपर स्पेशलिस्ट बन रहे हो देन यू नो इन एंड आउट ऑफ इट एंड हम अब मेडिकल एंकोलॉजी में भी हम डिवाइड करना चाहेंगे अब मैं ब्रेस्ट और वो ही देखूंगा बाकी वो देख लो। सो इतना एडवांस हो रहा है। हाउ कैन यू से दैट इन फोर इयर्स आप मास्टर बन रहे हो या थ्री इयर्स में आप मास्टर बन रहे हो या बिना पढ़े मास्टर बन रहे हो। या आई मीन आई आई लीव इट टू योर इमेजिनेशन कि मैं जस्ट थॉट प्रोसेस ऐड कर रहा हूं उसमें। इसमें यू कैन नॉट से दैट आई नो एवरीथिंग अबाउट द कैंसर। स्टिल एज अ
(1:11:57) स्पेशलिस्ट आई डू नॉट नो एवरीथिंग अबाउट द कैंसर। मैं पीडियाटिक कैंसर तो मैं हैंडल नहीं करता। आई डोंट ट्रीट देम। आई ट्रांसफर टू पीडियाट्रिक ओनकोलॉजिस्ट। हम जो बच्चों के कैंसर मैं हैंडल नहीं करता। जस्टिस बट वो तीन साल में सब कुछ करेंगे सबको क्योर करेंगे राइट उसमें भी कुछ अच्छी चीजें होंगे हमें इंटीग्रेट करना है उसको पब्लिक को गुमराह नहीं करना कुछ एग्जांपल देता हूं कुछ कुछ बंद कोई आई डोंट वांट टू टेक देयर नेम ऑरेंज को पिंच करके बोल रहे थे कि देखो ऑरेंज को मैंने पिंच कर दिया और इसमें जो रस बाहर आ रहा है ऐसे स्प्रेड होगा आपका
(1:12:30) कैंसर बायोप्सी करने से सीधे सिमिली पब्लिक इसको कैसे लेगी आई थिंक आप इंटरनेट में देखोगे तो सब पता चल जाएगा कि किसने उसको जिक्र किया और ये गलत था। इसको क्यों निकाला नहीं गया? इनोसेंट पीपल अब्सोलुटली। सो बट इट सिंग्स विथ द पब्लिक कि आप इमोशंस के साथ खेल रहे हो और गलत गुमराह कर रहे हो पेशेंट्स को। आई थिंक वी नीड टू हैव स्ट्रिक्टेड नॉर्म्स इन टर्म्स ऑफ़ व्हाट टू डू, व्हाट नॉट टू डू। राइट राइट। दैट्स द ओनली सलूशन। इन द एंड, आई वुड जस्ट लाइक टू आस्क यू डॉक्टर दैट एज अ ब्रेस्ट एंड ओवेरियन कैंसर स्पेशलिस्ट हेल्पिंग सो मेनी इंडिविजुअल्स
(1:13:03) बीइंग इन दिस फील्ड फॉर सो मेनी इयर्स। यू हैव ट्रांसफॉर्म लाइफ्स। व्हाट इज दैट वन मैसेज दैट यू वुड लाइक टू गिव टू ऑल आवर वुमेन लिसनर स्पेशली? टू ऑल द लेडीज आप लोग बहुत ही ब्रेव हो। क्योंकि जैसे मैंने जिक्र किया कि जब भी एक कैंसर ओवेरियन कैंसर हो, ब्रेस्ट कैंसर आपकी जो वुमननेस को लेके ये ये बात आती है। तो इसके हार्मोनल चेंजेस के बावजूद भी ट्रीटमेंट के टॉक्सिटीज के बावजूद भी वो फाइट करके आप उभर के वापस जीत के आते हो। सो इट इज़ नथिंग बट द ब्रेवनेस दैट यू हैव। एंड हैट्स ऑफ़ टु यू। कंटिन्यू टु डू सो। कंटिन्यू टु यू नो प्रॉस्पर एंड स्टिमुलेट
(1:13:44) ओर एंकरेज दी अदर लेडीज टू कम फॉर द स्क्रीनिंग। एंड यू से दैट इट इज़ जस्ट अ फेज। इट इज़ गोइंग टू गो, सो दैट मोर वुमेन कैन बी डायग्नोस इन अर्ली स्टेज। थैंक यू। थैंक यू फॉर द वंडरफुल मैसेज। आई एम श्योर इट रियली टच्ड हार्ट्स एंड दिस मैसेज इज़ नीडेड फॉर श्योर। बिफोर वी वाइंड दिस अप, एक क्विक रैपिड फायर राउंड करते हैं जिसमें मैं कुछ क्विक क्वेश्चंस पूछूंगी एंड व्हाटएवर यू फील इज राइट। नो लंप, नो पेन, नो फैमिली हिस्ट्री। कैन समवन स्टिल हैव ब्रेस्ट कैंसर? यस, दे कैन हैव यूजुअली कैंसर आर पेनलेस लंप्स। व्हाट्स द मोस्ट कॉमन साइन ऑफ़ ब्रेस्ट
(1:14:20) कैंसर? अ लंप इज अ मोस्ट कॉमन साइन, इफ इट इज़ असोसिएट स्किन चेंजेस, लंप इन द आर्मपिट, इट फेवर्स दी डायग्नोसिस। ओके, कैन ब्रेस्ट कैंसर आल्सो शो अप एज एन आर्मपिट लंप बट देयर इज नो लंप इन द ब्रेस्ट। यस, इट कैन बी सीन। देयर आर केसेस वेयर एक्जिलरी टेल। वी कॉल इट एज अ टेल ऑफ़ ब्रेस्ट। व्हिच कैन कम एज़ आर्मपिट स्वेलिंग? आर्मपिट स्वेलिंग। यस। सो दैट दैट कैंसर और आर्मपिट लिंफ नोड्स कैन कम एज़ अह दी ब्रेस्ट कैंसर अलोन विदाउट अ एविडेंस ऑफ़ ब्रेस्ट लंप? डस द ब्रेस्ट साइज अफेक्ट द रिस्क ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर? नो, इट्स नॉट द रिस्क फैक्टर। एज आई सेड
(1:14:56) बॉडीफायबल नॉन मैटिल दे आर द वन ब्रेस्ट साइज डजंट हैव एनी रिस्क एनोटेशन। कैन रिमूविंग बोथ द ब्रेस्ट्स एलिमिनेट ब्रेस्ट कैंसर इज़ कंप्लीटली? इट शुड नॉट बी डन। हम्म इट इज़ डन ओनली इन पेशेंट्स हु हैव जेनेटिकल रिस्क लाइक बीआरसीए वन एंड बीआरसीए टू। हम्म लाइक एंजलीना जली। एंड लाइक एंजलीना जूली आफ्टर अ थरो डिस्कशन। ओके। कैन अ वीमेन हु हैज़ ब्रेस्ट कैंसर फीड हर चाइल्ड। यूजुअली व्हाइल ऑन कीमोथेरेपी वी डू नॉट इन द ब्रेस्ट कैंसर वी डू नॉट एडवोकेट अह ब्रेस्ट फीडी। कैन मैन गेट ब्रेस्ट कैंसर? यस। एंड इट इज़ वेरी-वेरी रेयर बिकॉज़ मेन
(1:15:32) हेव एन एंट्रोजन्स, इफ देयर इज इनक्रीज़ इस्ट्रोजन इन द बॉडी इन द मैन, दैट कैन बी अ रिस्क फैक्टर्स। एंड व्हाट आर द थिंग्स दे शुड नोटिस। यूजुअली लंप अगेन, एंड हैव आई हैव ट्रीटेड ऑलमोस्ट अराउंड 15-20 पेशेंट्स हु हेड अ मेन ब्लड कैंसर। बेसिकली बिकॉज़ वन इज़ अ जेनेटिक रिस्क व्हेयर इट इज़ कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्ड कॉल्स क्लैन फिल्टर सिंड्रोम वेयर दे कैरी वन एक्स क्रोमोसोम एक्स्ट्रा। क्रोमोसोसोम मेकअप इज़ एक्स वाई, राइट? 46 एक्स वाई। या हियर इट इज़ एक्स एक्स वाई। सो वन एक्स्ट्रा क्रोमोजोम फ्रॉम फ्रॉम द बर्थ देयर आफ्टर एट द इंक्रीस ब्रेस्ट
(1:16:04) कैंसर दैट इज़ मेल। सेकंड थिंग इज़ एनीथिंग दैट लीड्स टू हाइपर ईस्ट्रोजेनिक स्टेट। ईस्ट्रोजन इज़ मोर। दैट कुड बी हैपन विथ लिवर फेलियर और टेस्टिकुलर फेलियर। सो टेस्टिस इज़ अ एंड्रोजन। सो इफ देयर इज़ अ टेस्टिस व्हिच इज़ फेल्ड बाय एनी रीज़न लिवर इज़ फेल्ड बाय एनी रीज़ंस। सो दीज़ आर अ कॉमन कॉज वेयर द ब्रेस्ट कैंसर इंसिडेंस इज़ मोर। ओके सो विथ दिस वी हैव कम टू एन एंड थैंक यू सो मच। बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट टॉपिक पे बहुत ज्यादा अवेयरनेस नीडेड थी। एंड आई थिंक यू हैव यू हैव जस्टिफाइड इट वेरी वेल। थैंक यू सो मच फॉर बीइंग हियर एंड फॉर ऑल द नॉलेज दैट यू हैव शेयरर्ड टुडे।
(1:16:39) थैंक यू। भाई
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