Friday, May 29, 2026

LOST HERBS OF INDIA- Cancer, Gut, Immunity Recovery & Natural Sunscreen | Body To Beiing | Shlloka

LOST HERBS OF INDIA- Cancer, Gut, Immunity Recovery & Natural Sunscreen | Body To Beiing | Shlloka

Author Name:SHLLOKA

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Shlloka_B2B

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=DUz3cvWDseY



Transcript:
(00:00) जो फेमस संजीवनी लगाया गया था वो एक्चुअली सीख थोन था। क्या ये सच है? हां इसको मॉडर्न संजीवनी बूटी का दर्जा दिया गया है। यूएस में तो इसको मिरेकल वैरी बोला गया है। इट वास बैक इन 2019। मेरी मदर कैंसर से फाइट कर रही थी। किसी ने ये कहा था कि मदर की डाइट में ऐसी चीजों को ऐड करना है जिनमें हाई एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज हो। हमने ये सीबकथोन मंगाया और यूज़ भी किया। हमने ये देखा कि जो रिकवरी विदाउट सीवकथोन की थी और जो रिकवरी सीवकथोन के देने के बाद थी उसमें एक बहुत ही ड्रास्टिक डिफरेंस था। एंड Apple अ डे कीप्स अ डॉक्टर अवे। एप्पल
(00:28) की जो टीपीसी वैल्यू है अब ये इससे लगभग 20 गुना ज्यादा हुई। बेरी जो पल्प है उस पल्प के अंदर जो विटामिन सी है संतरे से लगभग 30 से 40 गुना ज्यादा है। ओ अच्छा रात में दो बूंदे आपने सीवॉन ऑयल की अगर अपने चेहरे पे लगाई तो आपका पिगमेंटेशन आपकी स्किन के रिंकल्स इलास्टिसिसिटी में बड़ा ही फायदेमंद है। इन 16 वीक पिगमेंटेशन को अराउंड 18% कम कर देता है। तो इट कैन वर्क एज अ सनस्क्रीन आल्सो। आजकल सनस्क्रीन कार्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज है बैक द लेवल पे। यह तो नेचुरल सनस्क्रीन है। इसमें फोटो प्रोटेक्टिव प्रॉपर्टीज हैं। कोई इंसान अपनी डाइट में एक महीने के
(01:01) लिए लगातार ब्लैक राइस को ऐड करता है। मैं गारंटी करता हूं उसको अपने डाइजेशन पे, स्किन पे, वेट पे बहुत ही सिग्निफिकेंट चेंजेस देखने को मिलेंगे। उदित चावला वेल वि इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कोफाउंडर हैं जो हर्ब्स के मामले में अपनी डीप एक्सपर्टीज के लिए जाने जाते हैं। यूनिक और इफेक्टिव नेचुरल इंग्रेडिएंट्स को डिस्कवर करके उन्हें इंपैक्टफुल प्रोडक्ट्स में ट्रांसफॉर्म करना उनकी स्पेशलिटी है। यूएस में इतना बड़ा मार्केट अश्वगंधा का है जिसको आप इमेजिन भी नहीं कर सकते। और इंडिया के अंदर ये अभी भी अंडर यूटिलाइज्ड है। जबकि अगर स्ट्रेस को अगर हमें रिलीव
(01:38) करना है तो इससे ज्यादा बेहतर और कोई चीज नहीं है। कॉर्टिसोल हर समय बॉडी में प्रेजेंट है। सबसे खतरनाक चीज है क्योंकि ये बॉडी को एजिंग भी कर रहा है। बॉडी के अंदर फ्री रेडिकल डैमेज भी कर रहा है। अश्वगंधा का सबसे बड़ा रोल है। ब्रेन वो सिग्नल देता है कि भाई शांत हो जाओ। इतना कॉर्टिसॉल बनाने की जरूरत नहीं है। बेली फैट का जो बेसिक रीजन है जब आप स्ट्रेस में होते हैं। आपका ब्रेन बॉडी को यह सिग्नल देता है कि आप फैट को स्टोर करना शुरू कर दो। आप जितना ज्यादा स्ट्रेस में होंगे उतना ज्यादा फैट स्टोर होगा और वो फैट आपका बेली के अराउंड ही स्टोर होगा।
(02:07) आप अपने स्ट्रेस को कम कर ले जाते हैं तो ऑटोमेटिकली आप अपने बेली फैट को भी कम कर सकते हैं। तो हमारे मेडिसिनल हर्ब्स हर साल उनको लूज आउट कर रहे हैं। जिस तरीके की एजुकेशन एंड अवेयरनेस उन हर्ब्स के अराउंड होना चाहिए था। वो नहीं हुआ। कई बार देखते हैं जब 30 साल 35 साल के होने लगते हैं धीरे से हम चीजों को भूलना शुरू कर देते हैं। वो बहुत ही अर्ली साइन होते हैं कि हमारा ब्रेन एज कर रहा है। यही सारी चीजें आगे चलकर अल्जाइमर, पाकिस्तान डिसीज इनमें कन्वर्ट होती हैं। जामुन का एक्सट्रैक्ट में ये पाया गया कि उसमें जंबोलाइन और जंबोसिन दो ऐसे कंपाउंड होते
(02:37) हैं। ये हमारे पनक्रियाज के बीटा सेल्स को रीजनरेट करने का काम करता है। तो दिस इज हाउ जामुन इज हेल्पफुल इन डायबिटीज। हर्बल प्रोडक्ट इकोसिस्टम को डेवलप करने में भी उनका काफी इंपॉर्टेंट रोल रहा है और एंटरप्रेन्योर होने के साथ-साथ वो एक एजुटर और पब्लिक स्पीकर भी हैं। जिनका मिशन अपनी नॉलेज और इनसाइट एक वाइडर ऑडियंस तक पहुंचाना है। आज हम उनका बॉडी टू बीइंग पडकास्ट पर तहे दिल से स्वागत करते हैं। हमारे पेरेंट्स ने हमें बचपन में दिया है। दिया है। दिया है। ब्राह्मी और शंकु पुष्पी दोनों दिया है। अच्छा तभी आप आईआईटी में गए।
(03:05) राइट। आपने ये हर्ब्स तो सुने ही होंगे। छठ मानसी, गिलोय, मुलेठी, भ्रम्मी। क्या आप जानते हैं कि यह हर्ब्स या तो थ्रेटेंड है या फिर इंडेंजर्ड? आज की डेट पे ऐसे 7000 हर्ब्स हैं जो हमने लूज कर दिए हैं। यह एक्सटिंक्ट हो चुके हैं। अब इसके कई सारे फैक्टर्स हैं। एक सबसे बड़ा फैक्टर है ग्रीन रेवोल्यूशन और दूसरा है ओवर हार्वेस्टिंग। मार्केट में इतने सारे आयुर्वेदिक हर्ब्स हैं कि हम इनको हार्वेस्ट तो कर लेते हैं पर वापस रिप्लेनिश और रीजेनरेट नहीं करते। तो आज के पडकास्ट में हम ऐसे लॉस्ट हर्ब्स की बात करेंगे जो या तो एंडेंजर्ड है या फिर
(03:44) उनकी वैल्यू और सिग्निफिकेंस लोगों को पता नहीं है। यह अवेलेबल जरूर है लेकिन लोग इसके बेनिफिट्स, पावर, यूसेस और एप्लीकेशन के बारे में नहीं जानते। तो आज का पॉडकास्ट हम लॉस्ट हर्ब्स पे करेंगे। इसके दौरान हम हर एक हर्ब का वैल्यू, बेनिफिट और यूजेज समझेंगे। और अगर तो आप नेक्स्ट 40 डेज तक दिए गए हर्ब्स को अपनी डेली लाइफ में इस्तेमाल करते हैं तो एट द एंड ऑफ 40 डेज आपको एक गिफ्ट हैंपर भी मिलेगा और डिटेल्स जानने के लिए पॉडकास्ट को पूरा देखिए यू कैन नाउ आल्सो लिसन टू आवर मास्टर क्लासेस ऑन स्पॉटिफाई फॉलो बॉडी टू बीइंग एंड स्टे ट्यून फॉर मोर एक्साइटिंग
(04:18) मास्टर क्लासेस उदित इंडिया में 900 मेडिसिनल हर्ब्स हैं मेडिसिनल प्लांट्स है उनमें से करीबन 10% ऑलरेडी एक्सटिंक्ट हो चुके हैं। अगर तो स्टैटिस्टिक्स की माने तो हर दो साल में एक मेडिसिनल प्लांट स्पीशी एक्सटिंक्ट हो रहा है। थ्रेटेंट की तो बात ही कुछ और है। इन सबके बीच आपने एक इनिशिएटिव लिया है वेयर यू हैव टेकन द ओनर्स ऑफ़ रिवाइविंग ऐसे कुछ लॉस्ट हर्ब्स। ये हर्ब्स एक्सैक्टली है क्या? इनके बारे में हमें थोड़ा बताइए विद यूजज़। क्योंकि कई लोग जानते भी नहीं है कि ये है क्या और इनको यूज़ कैसे करा जाता है एवरीडे लाइफ में। राइट? आपने बिल्कुल सही बात बोली कि वी आर
(04:56) लूजिंग जो हमारे मेडिसिनल हर्ब्स हैं, हर साल हम उनको लूज आउट कर रहे हैं। और इसके पीछे के कई रीज़ंस हैं। बिकॉज़ जिस तरीके की एजुकेशन एंड अवेयरनेस उन हर्ब्स के अराउंड होना चाहिए था और जो कमर्शियलाइजेशन होना चाहिए था वो दोनों ही नहीं हुआ। और इसकी वजह से हम कई सारी हब्स को लूज़ आउट करते गए। हर एक हब में एक इकोनॉमिक स्पीच भी होती है जो उस लोकल एरिया को बहुत सपोर्ट कर सकती है। राइट? लेट्स से कोई हब उत्तराखंड के किसी एक रीजन को बिलोंग करती है। जब उस हब को उसका जो पोटेंशियल है एजुकेशन और अवेयरनेस से मिलता है तो वहां के लोकल्स के लिए भी एक बहुत अच्छा
(05:31) इकोसिस्टम इकोनॉमिक्स क्रिएट होता है। एक अर्निंग क्रिएट होती है। तो मैं ये बोलूंगा हर एक हब जो हमने लूज आउट करी है उस लूज आउट हब के साथ हमने एक इकोनॉमिक्स को भी लूज आउट किया है। तो यही बात जब हमें रियलाइज हुई कि हमें इन हर्ब्स को रिवाइव करना चाहिए और जब हम खोज रहे थे हर्ब्स के ऊपर काम कर रहे थे कि कौन सी ऐसी हब्स हैं जो साइंटिफिकली बैक्ड हैं जिनके बहुत ज्यादा बेनिफिट्स हैं बट अभी तक लोगों को या तो उनके बारे में एजुकेट ही नहीं किया गया या उनको सिग्निफिकेंस नहीं पता या उनको सिग्निफिकेंस नहीं पता है। तो इसी प्रोसेस में हम कुछ हर्ब्स तक पहुंचे
(06:02) जिसमें से एक हब है सीबकथोन जिस तक हम पहुंचे धीरे से हमें टर्मरिक हम हर एक इंसान जानता है कि टर्मरिक के क्या फायदे हैं? लेकिन फिर हम टमरिक ऑइल तक पहुंचे और तब हमें पता चला कि टमरिक जो हम सुनते आए हैं पाउडर फॉर्मेट वो तो कुछ नहीं है। असली यूज़ केस तो टर्मरिक ऑइल का है। टमरिक इन ऑइल फॉर्मेट इज फार मोर पावरफुल देन टर्मरिक इन दी पाउडर फॉर्मेट। उसके बाद कुकुम। कुकुम एक ऐसी हब है जो शायद एक रीजनल सिग्निफिकेंस ही होल्ड करके रखा और उसके बाहर कभी निकल के नहीं आई। जैसे कोस्टल बेल्ट में गोवा हो गया, महाराष्ट्र हो गया। इस एरिया में कुकुम को सब जानते
(06:38) हैं। सोलकड़ी वगैरह पीते हैं। हां सोलकड़ी फिश करी बनाते हैं। तो उसमें बहुत यूज़ होता है। लेकिन जब आप नदर्न रीजन में आ जाएंगे तो वहां बहुत सारे लोग कुकुम जानते ही नहीं है क्या होता है? इसका क्या यूज़ केस है? इसको कैसे यूज़ करा जाना चाहिए। ऐसे ही कई सारी हर्ब्स हैं। गार्सिनिया कंबोजिया है। कंच बीज है। इस तरह की कई सारी हर्ब्स थी। तो हमने फिर यही ऑब्जेक्टिव लिया कि हमने इन हर्ब्स को आइडेंटिफाई करना है और इनके ऊपर काम करना शुरू करना है। और इसी प्रोसेस में जो सबसे पहली हब हमें एक बहुत ही पोटेंशियल हर्ब मिली वास सीबॉन इट वास बैक इन 2019 जब
(07:12) सीबकथोन के बारे में ऐसे ही कहीं एक रिसर्च पेपर पढ़ते-पढ़ते उसके बारे में पता चला और उस पॉइंट ऑफ टाइम पे मेरी मदर कैंसर से फाइट कर रही थी तो उस प्रोसेस में सीबकथोन के फायदे मैंने पढ़ने शुरू करे क्योंकि किसी ने यह कहा था कि मदर की डाइट में ऐसी चीजों को ऐड करना है जिनमें हाई एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज हो और फिर कहीं से हमने ये सीबकथोन मंगाया और इसके ऊपर रिसर्च भी हम लोग कर रहे थे और इसको उसको यूज़ भी किया। जब हमने इसको यूज़ किया तो हमने ये देखा कि जो रिकवरी विदाउट सीबकथोन के थी बिना सीबकथोन दिए हुए थी और जो रिकवरी सीबकथोन के देने के बाद थी
(07:45) उसमें एक बहुत ही ड्रास्टिक डिफरेंस था और कहीं ना कहीं फिर जब इसके बारे में और डीप पढ़ना शुरू करा इन डिटेल में हम लोग जब और अंदर तक गए तो हमारी मुलाकात एक पर्सन से हुई जिनका नाम है डॉक्टर ब्रह्म सिंह जी जिनको पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया गया 2014 में। अब देखिए पद्मश्री हमारे कंट्री का फोर्थ हाईएस्ट सिविलियन अवार्ड है जो हर किसी को नहीं मिलता है। लेकिन आप समझिए कि किसी एक इंसान ने लगभग एक हर्ब के ऊपर 20 साल काम किया और 20 साल काम करने के बाद उनको पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। लेकिन ताज्जुब की
(08:17) बात यह है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी लोगों को पता ही नहीं था कि सीबॉन होता क्या है और ना ही उसकी कोई कमर्शियलाइजेशन किया गया था। और फिर जब हमने सीबॉन पर काम करना शुरू करा तो हमें यह पता चला कि इसमें तो लगभग 200 से ज्यादा साइंटिफिक रिसर्चेस इस सीबकथोन पर पब्लिश हो चुकी हैं और सिर्फ भारत में नहीं देशों विदेशों में पब्लिश हो चुकी हैं। और काम करते-करते हमें यह भी पता चला कि रशिया ने इस पे खूब सारा काम किया है। और 1920 में से रशिया ने सीबकॉन पे काम करना शुरू किया। और 1980 में जब रशिया अपने स्पेस कॉस्मोनट प्रोग्राम को एग्जीक्यूट कर रहा था तो
(08:55) रशियन कॉस्मोनट्स को स्पेसिफिकली उनको स्ट्रेस से बचने के लिए जो दिया गया वो सीबकथोन जूस दिया गया और यूवी रेडिएशन से बचने के लिए सीबॉन ऑयल दिया गया। और इसीलिए स्पेस में एंड दैट्स व्हाई वी कैन से कि सीबोन वास दी फर्स्ट फ्रूट जूस टू गो इन स्पेस। सीबकथोन स्पेस तक तो पहुंच गया लेकिन अर्थ तक नहीं पहुंचा। यहां पे लोगों को कभी इसका आईडिया ही नहीं लगा कि ये सीबकथोन होता क्या है? और सिर्फ इतना ही नहीं उसके बाद 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स जो हुए वहां सीबकथोन नेशनल ड्रिंक बना स्पेसिफिकली एथलीट्स को चाइनीस के जो ओलंपियंस थे उनको स्पेसिफिकली सीबकथोन
(09:31) दिया गया उनकी परफॉर्मेंस को एनहांस करने के लिए और उसके बाद तो फिर धीरे-धीरे करके इंडिया के अंदर में अगर मैं बातचीत करूं तो सीबकथोन पे खूब काम हुआ। अह 1990 में अह से लेके आगे आने वाले समय में अह डीआईएचएआर डिफेंस इंस्टट्यूट ऑफ़ हाई ऑल्टीट्यूड एंड रिसर्च जो कि डीआरडीओ की एक रिसर्च लैब है। उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई कि आप कुछ ऐसा करिए कि सियाचीन में पोस्टेड जो आर्मी सोल्जर्स हैं उनके लिए आप कुछ ऐसा खाना बनाइए जो कि लोकली सोर्स्ड हो जिसको हमें कहीं बहुत दूर से ना आना पड़े और जो कि बहुत ही न्यूट्रिशनली डेंस हो। हम क्योंकि आपको पोस्टिंग तक ऊपर तक लेके भी
(10:07) जाना है। तो वहीं पे डीआईएचआर के साइंटिस्ट डॉक्टर ब्रह्म सिंह जी और जो उनकी टीम थी वहां उन्होंने सीवन पे काम करना शुरू करा और मैं आपको बताऊं जब उन्होंने सीबॉन पे काम करा एक साल के बाद उन्होंने एक स्टेटमेंट दिया जो मैंने कई बार डॉक्टर ब्रह्म सिंह जी के मुंह से सुना है और मैं आज उसको रिपीट करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि सीवकथोन इज अ गोल्ड माइन ऑफ लद्दाख। ये लद्दाख की गोल्ड माइन है इन टर्म्स ऑफ हेल्थ एंड इकोनॉमिक्स। फिर सीवकथोन के इस्तेमाल से डीआईएचएआर ने कई सारे ऐसी चीजें बनाई जिनको उन्होंने आर्मी सोल्जर्स को देना शुरू किया जिससे
(10:38) हां हाई ऑल्टीट्यूड में देना शुरू करा क्योंकि हाई ऑल्टीट्यूड में एएमएस की प्रॉब्लम होती है एक्वेट माउंटेन सिंड्रोम होता है ऑक्सीजन बहुत डिप्लीट हो जाती है और उन्होंने वो सारी चीजें वहां पे आर्मी सोल्जर्स को देनी शुरू करी और कई सारी प्रोडक्ट लाइन उसके ऊपर डेवलप करी और सारी रिसर्च को उन्होंने एक जगह पे एक्यूमुलेट किया और सिर्फ इतना ही नहीं जब उन्होंने रिसर्च और करना शुरू करा तो फिर उन्होंने सीबकथोन के कुछ सैंपल एम्स दिल्ली को भी भेजे कि आप भी इसके ऊपर स्टडी करिए कि इसके क्या बेनिफिट्स हैं? इसके क्या फायदे हैं? इससे क्या-क्या फायदा हो सकता है? तो
(11:07) जब सीबकथोन ऑइल को एम्स दिल्ली और एम्स भुवनेश्वर भेजा गया तो प्रीक्लीनिकल स्टडी के बाद ये पाया गया कि सीबकथोन का जो ऑइल है वो हार्ट हेल्थ में कार्डियोवस्कुलर हेल्थ में बहुत ही फायदेमंद है। ये सिर्फ फोक्लोर नहीं है। एम्स दिल्ली और एम्स विश्न का रिसर्च पेपर है जहां ये पब्लिश किया गया कि इसके तो हार्ट हेल्थ में बहुत ही अच्छे फायदे हैं। अगर इसको ऑयल फॉर्मेट में लिया जाए क्योंकि इसमें ओमेगा बहुत अच्छी मात्रा में होते हैं और वो ओमेगा से हमारा कोलेस्ट्रॉल बैलेंस होना शुरू होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल कम होते हैं। राइट?
(11:39) गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम ये करता है। ट्राईग्लिस्टराइड्स को मैनेज करता है इनका ऑइल। तो अगर सीबकथोन ऑइल अगर कोई ले रहा है तो हार्ट हेल्थ के लिए तो ये एक बहुत ही अच्छा वरदान है। मैंने तो ये भी सुना था ये आपने जो बोला संजीवनी बूटी हां जो लक्ष्मण को बाण लगा था रावण का जो संजीवनी जो फेमस संजीवनी लगाया गया था वो एक्चुअली सीखान था क्या ये सच है? हां इसको मॉडर्न संजीवनी बूटी का दर्जा दिया गया है। उसके पीछे के कई कारण है क्योंकि अगर आप इसकी लोकेशन देखेंगे जहां ये ग्रो होती है तो वो लोकेशन बहुत माउंटेन और माउंटेंस भी नहीं हाई
(12:10) ऑल्टीट्यूड माउंटेंस है। राइट? 10,000 फीट की ऊपर की ऊंचाई पे ये उगती है और इसका काम किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। तो यह वाकई में मॉडर्न संजीवनी बूटी है और इसको मैं क्या अगर आप जाएंगे चेक करेंगे तो इसको ये टाइटल मॉडर्न संजीवनी बूटी मिरेकल बेरी बहुत कुछ इसको कहा गया है। यूएस में तो इसको मिरेकल बेरी बोला गया है। एक ऐसी बेरी जो मिरेकल कर सकती है। तो इसका नाम ही मिरेकल बेरी है। आयुर्वेदिक शास्त्र जो 5000 साल पुराना है उसमें इसको लाइफ गिवर की उपाधि दी गई है। सीवकथोन को। जी जी। जी। अब अगर बात करेंगे तो सीवकथोन का जो साइंटिफिक नेम है ना इसमें भी एक
(12:42) बहुत अच्छी कहानी है। तो अलेक्जेंडर के कुछ वॉर हॉेर्सेस थे। लड़ाई के घोड़े थे और वो बुजुर्ग हो गए। तो जब वो बुजुर्ग हो गए तो उनको छोड़ दिया गया कि भाई इनको छोड़ देते हैं। ये बुजुर्ग हो गए हैं। अब इनका क्या ही यूज़ है। तो वो एक जंगल गए और उस जंगल में कुछ खाकर आए। जब वो जंगल से कुछ खाकर वापस आए तो यह ऑब्जर्व करा गया कि कुछ दिनों के बाद उनकी स्किन बहुत शाइन कर रही है। तो जब ये देखा गया कि इन्होंने ऐसा क्या खाया है तो पता चला कि ये जी ये पौधा खाया है जिस पौधे का नाम है सीबकथोन तो उसी बेसिस पे इसका साइंटिफिक नेम ही दिया गया हिप्पो फे
(13:13) हिप्पो मतलब हॉर्स फे मतलब शाइन जो एक घोड़े को उसकी स्किन को चमका दे वो पौधा सीबक थोन तो ये तो हमारी स्किन को भी चमकाएगा हमारे बालों को भी चमकाएगा बिलकुल बिल्कुल ये तो इसकी साइंस जो ओमेगा से इसके अंदर है ओमेगा से को ब्यूटी ओमेगा बोला जाता है पूरे प्लांट किंगडम में अगर सबसे ज्यादा ओमेगा से किसी भी चीज के अंदर मिलता है तो वो सीबथोन है। मतलब इससे ज्यादा ओमेगा से किसी और चीज के अंदर नहीं है। और इसकी बहुत पुरानी हिस्ट्री है। ये अगर आप इसकी ज्योग्राफी देखेंगे कहां-कहां उगता है तो ये मंगोलिया, चाइना, लद्दाख, हिमालयन रेंज
(13:49) पिथौरागढ़ भी बोल रहे थे। हां पिथौड़ागढ़ हिमाचल हिमाचल में लाहौल और स्पीती में ये ग्रो करता है। तो जहां नेपाल में भी होता होगा। हां नेपाल में भी है। नेपाल में भी है। अरुणाचल प्रदेश में भी है, सिक्किम में भी है। अच्छा। अच्छा। इन सब जगहों पे इसको जो ग्रोथ है ये कोल्ड डेजर्ट एरिया में उगता है। कोल्ड डेजर्ट मतलब जैसे ही आप बहुत ऊंचाई पे चले जाते हैं तो वहां पे नॉर्मल पौधे उगने खत्म हो जाते हैं क्योंकि एनवायरमेंटल का स्ट्रेस इतना है कि कोई पौधा वहां उग ही नहीं सकता और वहां अगर जहां कोई पौधा नहीं उग पाता है। वहां जो पौधा उगता है वो सीबक खोन है।
(14:19) होता क्या है कि अब इस पौधे को इतने कठिन क्लाइमेट में रहना है। तो सबसे पहले इस पौधे की जो जड़े हैं वो जमीन में 200 फीट अंदर तक जाती हैं। और आप इस पौधे को आसानी से निकाल के एक जगह से दूसरी जगह नहीं लगा सकते। 200 फीट 200 फीट अंदर तक जाती हैं। मैक्सिमम अगर देखा जाए और बहुत ही गहरी इसकी जड़े होती हैं। और इसकी जड़े कई बार वर्टिकली नहीं जाती। इसकी जड़े कई बार हॉरिजॉन्टली भी जाती हैं। हॉरिजॉन्टल मतलब अगर पौधा इधर है 500 मीटर दूर भी उसकी जड़े होंगी। तो आप इस पौधे को निकाल नहीं सकते हैं क्योंकि कई बार पानी की कमी होती है और इस
(14:52) पौधे को सर्वाइव करना है तो यह सोइल से कहीं सारे मिनरल एक्सट्रैक्ट करता है और इसकी हाइट भले ही उतनी ना हो लेकिन इसका रूट सिस्टम बहुत स्ट्रांग है और जब ये बहुत सारी मिनरल्स एक्सट्रैक्ट करता है तो अब उस कठिन एनवायरमेंट में जिंदा रहने के लिए ये पौधा अपने अंदर कई सारे कंपाउंड्स बनाता है। क्यों बनाता है? क्योंकि इसको जिंदा रहना है। अब अभी टेंपरेचर +20° है, +30° है। बर्फ पड़ेगी तो -20 तक जाएगा, -25 जाएगा। तो इस पौधे को खुद जिंदा रखना है अपने आपको। तो इसने अपने अंदर कई सारे कंपाउंड्स बनाए। वो कंपाउंड्स इस पौधे के अंदर आ गए। जब हम एज अ ह्यूमन उन
(15:27) कंपाउंड्स को यूज़ करते हैं तो वो हमारी बॉडी में एज एन एंटीऑक्सीडेंट काम करते हैं और कई सारी बीमारियों को दूर करते हैं। तो ये कंपाउंड्स इस पौधे में बन क्यों रहे हैं? क्योंकि जितना ज्यादा स्ट्रेस होगा हां उतना ज्यादा इन कंपाउंड्स का फॉर्मेशन होगा। राइट? तो वो जो इसकी एनवायरमेंटल सिचुएशन है, आसपास की इसकी स्थिति है, वो स्ट्रेस है, वो ऑक्सीजन की कमी है, वो पानी की कमी है, वो हाई ऑल्टीट्यूड है, ये सारे कारण ही हैं जिन कारणों से ये पौधे के अंदर वो सारे कंपाउंड बनते हैं जो कि एक नॉर्मल प्लांट पे उतने अमाउंट में नहीं बनते या बनते ही नहीं है। तो इसी कारण से
(16:03) ये पौधा एक नॉर्मल पौधे से एक सुपर प्लांट में कन्वर्ट हो जाता है। अंडरस्टुड। अभी आज से कुछ समय पहले हमने जो सीबकथोन था इसका पौधे के कुछ कंपाउंड्स थे वो हमने इंडियन इंस्टट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आईआईटी जम्मू एंड कश्मीर में हमने एक वेलवि सीबकॉन का सैंपल हमने भेजा कि ये सैंपल है। आप इस पे एक बार टेस्टिंग करके देखिए कि इसमें क्या कंपाउंड्स कितनी मात्रा में है। राइट और वो रिपोर्ट मैं अपने साथ लेकर भी आया हूं। वो रिपोर्ट हमने जो कराई है आप देखिए ये टेस्ट रिपोर्ट है आईआईटी जम्मू एंड कश्मीर की। राइट? ये मैं आपको दूंगा अभी तो आप उसको और डिटेल में देख सकते
(16:34) हैं। तो सबसे पहली जो टेस्ट रिपोर्ट हुई ये देखा गया कि इसके अंदर फिनोलिक कंटेंट कितना है? फिनोलिक कंपाउंड्स। अब आसान भाषा में समझाता हूं कि ये फिनोलिक कंपाउंड्स क्या होते हैं? ये एक ऐसा कंपाउंड है जो पौधे ने अपने लिए बनाया था। लेकिन जब हमारे शरीर में वो कंपाउंड्स जाते हैं तो वो एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करते हैं। मतलब हमारी स्किन को बेहतर करना, हमारी इम्युनिटी को बेहतर करना, हमारी बॉडी के अंदर जो एजिंग हो रही है, उस एजिंग को कंट्रोल, रिवर्स करना, ये सारा जो कंपाउंड है, ये पॉलीफिनोल्स करते हैं। तो एक टेस्टिंग होती है टीपीसी टोटल
(17:05) फिनोलिक कंटेंट। मतलब किसी भी फ्रूट में या फल में कितने पॉलीफिनोल्स हैं? तो जब हमने यह टेस्टिंग कराई तो इसको जीएई में नापते हैं। तो जब टेस्टिंग कराई तो सीबकथोन के अंदर वो निकला 349 जैसे बोला जाता है ना सेब एंड एप्पल अ डे कीप्स अ डॉक्टर डॉक्टर अवे राइट तो क्यों? क्योंकि एप्पल में कुछ ना कुछ तो खूबी है। कुछ कंपाउंड्स ही हैं। जो कंपाउंड्स जब हम खा रहे हैं तो वो हमारी बॉडी के अंदर वो काम कर रहे हैं। तो एप्पल की जो टीपीसी वैल्यू है वो है 15.
(17:35) 8 15 आप मान लीजिए राउंड में और सीबकथोन की है 350। तो अब ये इससे लगभग 20 गुना ज्यादा हुई। एवरीडे लिया जा सकता है। बिकॉज़ हर्ब्स होते हैं ना कि हम जिनके स्पेशली मेडिसिनल वैल्यूस होते हैं कहते हैं ना आपको ए्री नहीं लेने चाहिए। तो उसकी क्वांटिटी अगर ठीक रखी जाए। तो हर एक चीज की जो है वो क्वांटिटी है। राइट? अगर आप क्वांटिटी से ज्यादा लेंगे तो वो डेफिनेटली हार्मफुल है। अगर आप आज एप्पल ही ज्यादा कंज्यूम कर लें राइट? क्योंकि उसमें न्यूट्रिशन वैल्यू कम है तो आप ज्यादा खा सकते हैं। लेकिन अगर आप एप्पल ही ज्यादा कंज्यूम कर लें तो उससे भी कई सारी इंडाइजेशन और कई सारी चीजें
(18:05) होनी शुरू हो जाएंगी। तो अति तो हर चीज की बुरी है। हर एक चीज को जिसको लेना है उसको विदिन लिमिट्स ही हमने लेना है। पर अगर तो इतना फेमस है और आपने कहा आई थिंक नरेंद्र मोदी जी ने भी इसके बारे में काफी प्रचालन किया है। एम्स में ये सब सैंपल्स भेजे गए हैं। इसके बावजूद ये इतना प्रेविडेंस में क्यों नहीं है? लाइक पीपल डोंट नो अबाउट इट। क्या कारण है? राइट? तो उसका तो ऑब्जेक्टिव हमारा आज का पडकास्ट ही है। रेयर हाउस जिनको किसी ने पिक ही नहीं किया। उसके पीछे के कारण क्या है? क्योंकि किसी ने कभी इसके कमर्शियल एंगल पे बात ही नहीं करी। उसके दो-तीन
(18:32) कारण है जो मैं बताता हूं। सबसे पहला कारण है ज्योग्राफी। अब अगर ये प्लेन एरिया में होता तो ये बहुत ही एक्सेसबल होता। राइट? बड़े आराम से इसकी सप्लाई चेन डेवलप की जा सकती थी। सप्लाई चेन का मतलब है इसको पेड़ से तोड़ा गया और डिस्ट्रीब्यूट किया गया। वो हो जाता है जो बाकी फलों के साथ होता है। अब यह उगता ही है 10,000 फीट से ऊपर की ऊंचाई पे रिमोट एरियाज में। वहां पर एक एफर्ट चाहिए इसकी सप्लाई चेन को बिल्ड करने के लिए। दूसरा जब आप इसको पेड़ से तोड़ते हैं तो तोड़ने के 8 घंटे में ये खराब हो जाता है। तो आपको इसको किसी ना किसी फॉर्मेट
(19:07) में जहां इसकी प्लकिंग हुई है उसके आसपास ही आपको प्रोसेस करना पड़ेगा। और जब अभी आप इसको उसी एरिया में प्रोसेस करते हैं। राइट? तभी आप इससे वैल्यू एडेड चीजें बनाकर लोगों तक इसको लेके जा सकते हैं। तो सबसे पहला कारण तो इसकी ज्योग्राफी रही क्योंकि बिल्कुल रिमोट लोकेशन पे था। दूसरा इसकी शेलफ लाइफ कि इसको प्रोसेस करना था। आपको उसी लोकेशन पे जाएं ये उग्र है। तीसरा ये मेजरली लद्दाख में हो रहा था। वैसे तो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सीवकथोन चाइना में है। अच्छा। और भारत दूसरे नंबर पे आता है। लेकिन हम हमारे देश के अंदर अवेलेबल
(19:39) सीबकथोन का 95% अभी तक यूटिलाइजेशन था ही नहीं। और क्या ये थ्रेटेंड स्पीशी है या एंडेंजर्ड स्पीशी है? ये एंडेंजर्ड तो नहीं है बट इसके ऊपर काम नहीं हुआ है। इसका कमर्शियलाइजेशन नहीं हुआ है। तो ये उग भी नहीं रहा होगा। ज्यादा रीजनरेट इसका कल्टीिवेशन नहीं हुआ है। इसको रीजनरेट नहीं किया गया है। चाइना ने तो खूब किया है। चाइना ने तो एयर सीडिंग करी है। चाइना ने अपने हाई ऑल्टीट्यूड रीजन में सइल इरोजन को बचाने के लिए उन्होंने इसके बीज गिराए हेलीकॉप्टर से एयर सीडिंग करी जिससे कि इस पौधे को ग्रो किया जाए, उगाया जाए। बट इंडिया के अंदर क्या है? देखिए किसी भी
(20:10) पौधे पे काम कब होता है जब उसकी कोई कमर्शियल वैल्यू बनती है। राइट? अभी क्या है? हमारे पास पूरे भारत में 11,000 हेक्टेयर सीबकथोन अवेलेबल है जो कि कम क्वांटिटी नहीं है। अच्छी खासी क्वांटिटी है। अब जब तक इस 11,000 हेक्टेयर सीवकथोन का यूटिलाइजेशन नहीं होगा तो कोई इसका कल्टीिवेशन क्यों करेगा? कि कोई क्यों ही इसको उगाएगा? तो पहले तो इसकी कमर्शियलाइजेशन इससे कुछ लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे, वैल्यू पहुंचे तभी तो कल्टीवेशन स्टार्ट होगा। अब अच्छी बात यह है क्या है कि इस साल से इसका कल्टीवेशन स्टार्ट हो रहा है। इस साल से
(20:40) इस साल से हम लोग इसका कल्टीवेशन अब स्टार्ट कर रहे हैं। इस साल से सीबॉन का कल्टीवेशन अब जो है वो स्टार्ट हो रहा है। अभी भी जो हमारे देश में वाइडली ग्रोन सीबकथोन है अभी भी वो ऑप्टिमम लेवल तक यूटिलाइज्ड नहीं है। नहीं है। और सिर्फ इतना ही नहीं फिर हमने कई सारे टेस्ट हमने कराए। डीपीपीएच ऐसे जहां पे इसकी एंटीऑक्सीडेंट कैपेसिटी को देखा गया कि एंटीऑक्सीडेंट क्या होते हैं? हमारी बॉडी में जब भी हम खाना खाते हैं तो कुछ ऐसे एलिमेंट्स बनते हैं जो हमारी बॉडी को डैमेज करते हैं। जिनको फ्री रेडिकल बोला जाता है। मतलब आसान भाषा में समझे तो
(21:07) हमारी बॉडी को एज करने वाले पॉइंट फ्री रेडिकल है। इसको न्यूट्रलाइज एंटीऑक्सीडेंट करते हैं। अगर बात करें सीबकथनो की जो एंटीऑक्सीडेंट कैपेसिटी थी इसकी एंटीऑक्सीडेंट कैपेसिटी कई सारे फ्रूट से पांच गुना से लेके 20 गुना तक ज्यादा है। और अगर यह हमारे देश के लोगों की डाइट का पार्ट बन जाए किसी तरीके से तो जो बोलते हैं ना कि अगर जो हमें वेलनेस अचीव करनी है कई सारी क्या होता है एक होता है बीमारी हो गई है मुझे उससे बाहर आना है लेकिन एक ऑब्जेक्टिव है कि मुझे बीमारी होने नहीं देनी है प्रिवेंटिव प्रिवेंटिव मुझे हेल्थ स्पैन बढ़ाना है
(21:39) वो मेरे जिंदगी के वो साल जहां मैं किसी बिना किसी बीमारी के जिया अगर मुझे उन सालों को बढ़ाना है तो उसमें एक बहुत बड़ा रोल सीबथोन प्ले कर सकता है अगर इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचे और यह लोगों की लाइफ स्टाइल का पार्ट बन जाए। अंडरस्टुड एक आम आदमी क्या किस डोजेज में सीवकथोन को ले सकता है और किस फॉर्म में? तो सबसे पहले तो ये समझते हैं कि सीवकथोन किस-किस फॉर्म में है। तो मैं आपको सबसे पहले सीवकथन का प्लांट दिखाता हूं। आप तो वैसे लदाख गए हैं। आपने पहले भी देखा है आप बता रहे थे। लेकिन अगर किसी ने ना देखा हो तो इस तरीके
(22:10) से सीवन प्लांट की एक ब्रांच है जो हमने इसको रखी है। अब आप इसमें ये जो ऑरेंज कलर की चीजें देख रहे हैं ये बेरीज है और इसमें आप ये देख रहे हैं कि बड़े-बड़े कांटे होते हैं। इसमें कांटे भी बहुत होते हैं। तो इसको बेरीज को तोड़ना भी बहुत आसान नहीं है और ये आप देख रहे हैं ये इसकी लीव्स हैं। ये बेरीज ऐसे खाई भी जा सकते हैं। हां लोकल्स तोड़ के खाते हैं। मतलब जब हम पूरा स्टडी कर रहे थे तो हमने लोकल से पूछा कि भाई आप क्या करते हो? बोले कि हम तो कई सालों से खाते आए हैं। और जो लोकल की तिब्बतन मेडिसिनल सिस्टम की जो किताब है उसमें लगभग 30 पन्ने सिर्फ सीबोन के
(22:38) मेडिसिनल बेनिफिट्स पे लिखे गए हैं। और 100 रिक्वापा जो है वो एक तिब्बतन मेडिसिनल सिस्टम ही है। अब वो आयुष का पार्ट बन गया है। राइट? अब वो आयुष के अंदर आता है 100 रिक्वा। उसमें 300 फार्मुलेशंस बनाए गए हैं फार्माकोपिया में अलग-अलग बीमारियों के सीथोन को यूटिलाइज करते हुए। राइट? तो ये तो ट्रेडिशनली तो बड़ा इसका इस्तेमाल तिब्बतन रीजन में तो बहुत होता आया है। लेकिन वहां के लोगों को जानकारी है लेकिन बाकी जगहों तक वो जानकारी पहुंची नहीं। तो ये जो आप देख रहे हैं ये इसकी लीफ्स हैं। यह इसकी बेरीज हैं और इसकी बेरीज के अंदर एक सीड होता है। इसकी बेरी के अंदर
(23:11) जो सीड है उससे ऑयल निकाला जाता है। राइट? और खास बात ये है कि वो इतना छोटा सीड है कि आप उसका ऑयल नॉर्मल तरीके से नहीं निकाल सकते। उसका ऑयल सुपर क्रिटिकल CO2 मेथड से ही निकलता है। उसका जो ऑइल निकलता है उसको हम बोलते हैं सीड ऑइल। और सीवकॉन सीड ऑइल जो है वो हार्ट हेल्थ में बहुत ही फायदेमंद है। तो अब इसको करना क्या है? है सीबकॉन सीड ऑइल या तो कैप्सूल में ले लिया या कहीं से मिल गया तो एक चम्मच सीड ऑइल ले लिया और दिन की शुरुआत खाली पेट जो है आपने एक चम्मच सीबकथोन सीड ऑयल लेके आपने करी। आपने दिन की शुरुआत आपने इस सीड ऑयल
(23:43) से करी। उसके पीछे का कारण ये है कि अगर आपने एक चम्मच सीड ऑयल सुबह लिया है तो जो आपको ओमेगा थ्री की डोज़ चाहिए थी आपकी बॉडी को वो आपको मिल गई। और सबसे खास बात सीबकॉन सीड ऑयल में क्या है? ओमेगा थ्री और सिक्स ना एक प्रॉपर रेश्यो में होना चाहिए। तभी बॉडी को उसका ज्यादा फायदा होता है। सीबोन के सीड ऑइल में नेचुरली ओमेगा थ्री और सिक्स उसी प्रॉपर रेशो में है 2 1 में। तो अगर कोई इसका सीड ऑइल ले रहा है तो इसका बहुत बड़ा फायदा है हार्ट के लिए। अगर कंज्यूम कर रहा है। अगर तो मुझे हार्ट डिजीज नहीं है। मैं बस अपने हार्ट को स्ट्रेंथन करना चाहती हूं
(24:16) तो भी मैं कर सकती हूं। एज अ प्रिवेंटिव। आज कोलेस्ट्रॉल तो बैलेंस हम में से हर एक किसी को रखना है। तो हार्ट में ये क्या काम कर रहा है? हार्ट में कोलेस्ट्रॉल बैलेंस प्रिवेंटिव के लिए यूज़ किया जाता है। प्रिवेंटिव के लिए बच्चे भी यूज़ कर सकते हैं। बच्चे भी यूज़ कर सकते हैं। सेम क्वांटिटी बच्चों के लिए जो है आधा चम्मच हमें देना है। या कैप्सूल फॉर्मेट में है तो कैप्सूल फॉर्मेट में नहीं तो आधा चम्मच हमें देना है। और सबसे खास बात क्या है? सीबोन की सीड ऑइल की बच्चों के लिए बच्चों का अगर आपको ब्रेन डेवलप करना है तो उसमें ओमेगा
(24:40) सबसे पावरफुल चीज है। राइट? मतलब अगर आप कोई भी इंसान कोई भी पेरेंट्स अगर स्टडी करने जाएगा कि मुझे अपने बच्चों की कॉग्निटिव एबिलिटीज डेवलप करनी है, उनके ब्रेन को स्ट्रांग करना है तो हमें डेफिनेटली हमारे बच्चों की डाइट में ऐसी चीजें ऐड करनी है जहां से उन्हें ज्यादा से ज्यादा ओमेगा मिल सके। क्योंकि हमारे ब्रेन के जो सेल हैं और जो मैसेंजर्स हैं, ट्रांसमिटर्स हैं इन सबको बनाने में ओमेगा की जरूरत पड़ती है। ओके? अब वो ओमेगा के कई सोर्सेस हैं। जनरली लोग फिश ऑइल खाते हैं। फिश ऑइल फिश ऑइल कैप्सूल लेते हैं। तो वो फिश ऑइल कैप्सूल किस लिए लेते हैं? वो
(25:15) ओमेगा के लिए ही लेते हैं। राइट? तो कई बार लोग फ्लेक्स सीड ऑइल लेते हैं। वो भी लोग ओमेगा के लिए लेते हैं। जैसे बोला जाता है तिल का तेल बड़ा फायदेमंद है। वो क्यों फायदेमंद है? वो ओमेगा की वजह से फायदेमंद है। उससे कई गुना ज्यादा पावरफुल इसका सीबकॉन का सीड ऑयल है। आप मुझे स्किन का बोल रहे थे। मुझे स्किन का नुस्खा दीजिए। अगर तो मुझे अपनी स्किन को बेटर करना है। शाइन देना है। जैसे वो घोड़ों में शाइन आई थी तो क्या करना है? तो बेरी ऑइल सीबकथोन का बेरी ऑइल। अब जो आप बेरी देख रहे हैं ना ये आपने जो ऊपर ऑरेंज ऑरेंज कलर की बेरी देखी इस बेरी का
(25:43) भी ऑइल निकलता है। तो अब आप ध्यान से समझिएगा सीड ऑइल में ओमेगा थ्री बहुत ज्यादा था। बेरी के ऑयल में ओमेगा से बहुत ज्यादा होता है। और ओमेगा सेवन को बोला जाता है ब्यूटी ओमेगा। तो अगर किसी ने इसके सीवक थोन के बेरी ऑयल की दो बूंदे रात में आप अपने चेहरे पे मसाज कर लो। एक्सटर्नली। हां एक्सटर्नली आप मसाज कर लो। इंटरनली आप ले रहे हो तो वो तो इंटरनली भी हील करेगा। और मैं तो हमेशा बोलता हूं कि किसी को अपना स्किन केयर लगाना नहीं खाना भी चाहिए। रात में दो बूंदे आपने सीवन ऑइल की अगर अपने चेहरे पे लगाई तो आपका पिगमेंटेशन आपकी स्किन के
(26:15) रिंकल्स, इलास्टिसिसिटी इन सारी चीजों में ऑलरेडी इनका ऑइल रिसर्च बैक्ड है कि बेरी ऑइल इन सारी चीजों में बड़ा ही फायदेमंद है। ओके? मैंने जब पूरी रिसर्चेस पढ़ी है तो लगभग 16 हफ्तों में इन 16 वीक ये पिगमेंटेशन को अराउंड 18% कम कर देता है। अगर आप कोई भी इंसान इसको लगातार 16 हफ्ते अप्लाई कर रहा है। इसी तरीके से चीक अप्लिफमेंट में भी ये काफी हेल्प करता है। तो ये तो एक तरीके से नेचुरल स्किन केयर है। अच्छा आपने मुझे ना यूवी रेडिएशन के बारे में बताया। आपने कहा था कि रशियन एस्ट्रोनॉट्स ने जब स्पेस में जाते हैं तो ताकि वो एकदम रेडिएशन से प्रिवेंट करने के
(26:47) लिए ये एज अ प्रिवेंटिव यूज़ करता है। राइट? तो ये तो इट कैन वर्क एज अ सनस्क्रीन आल्सो। ये बिल्कुल बिल्कुल ये तो नेचुरल सनस्क्रीन है। और आजकल सनस्क्रीन को तो आप जानते हो ना बोलते हैं ना कैंसर इस कार्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज है बैक ऑफ द लेवल पे। दिस कैन बी यूज्ड। हां तो ये तो नेचुरल सनस्क्रीन है। इसमें फोटो प्रोटेक्टिव प्रॉपर्टीज है। तो अगर मैं इसकी साइंस में जाऊं तो इसको फोटो प्रोटेक्टिव बोला जाता है। फोटो मतलब जो यूवी रेडिएशन से बचा सके। तो ये स्किन के ऊपर एक तरीके से पूरी एक लेयर क्रिएट कर देता है जो यूवी रेडिएशंस को पास नहीं
(27:12) होने देता है। अंडरस्टुड? तो मैं उसको कैसे यूज़ करूं एज अ यूवी प्रोटेक्टर एज अ सनस्क्रीन। कई लोग क्या करते हैं जो वो अपनी नॉर्मल क्रीम अप्लाई कर रहे हैं उसमें एक से दो बूंद सीबकॉन बेरी ऑयल की वो ऐड कर लेते हैं। यह भी एक तरीका है। लेकिन इससे ज्यादा बेहतर क्या है? इससे ज्यादा बेहतर यह है कि आप एक ड्रॉप सीबकॉन आपने ऑइल लिया। उसको हल्का सा पानी में मिक्स किया और उसको आपने अपने चेहरे पे मसाज कर लिया नहाने के बाद। क्योंकि जनरली नहाने के बाद आपका चेहरा ड्राई होता है। तो वहां पर आपने इसको मसाज कर लिया और उसके बाद यह अपना जो सनस्क्रीन
(27:43) का काम है वो यह कर सकता है। और अगर इसको नाइट रूटीन में ऐड करना है तो नाइट रूटीन में आप रात में इसकी एक दो दो बूंदे आप लगा के सो जाइए। दिन में एक ही बूंद लगाइए क्योंकि हल्का सा यह ऑरेंज टेक्सचर इसमें होता है। यह ऑरेंज कलर होता है जो इसके अंदर आता है। कार्टिनॉइड्स की वजह से आता है तो वो ऑरेंज टेक्सचर होता है। दिन में वो थोड़ा सा एक बूंद भी काफी है। रात में आपने दो बूंद लगाई और अगर आप इसको हेयर में भी अप्लाई करना चाहते हैं इसके हेयर में प्रिवेंटिव है ये। ये प्रिवेंटिव है। ये डैंड्रफ को कम करने का काम करता है। देखिए हेयर फॉल तो कई
(28:09) कारणों से होता है। लेकिन डैंड्रफ को कंट्रोल करने का काम ये करता है। तो उसमें क्या है कि आपने कोई कैरियर ऑयल ले लेना है। कैरियर ऑयल मतलब आपने कोकोनट ले लिया, ससमे ऑयल ले लिया। कोई भी ऑइल आपने ले लिया उसमें दो-तीन बूंदे आपने सीबॉन बेरी ऑयल की डाल दी। तो फेस के लिए बेरी ऑयल लेना है और बालों के लिए आपको बेरी और सीड दोनों का कॉम्बिनेशन लेना है। तो आपने एक दो बूंद बेरी ऑइल की ऐड कर दी। एक दो बूंद सीड ऑइल की ऐड कर दी और आपने अपना कोई कैरियर ऑयल ले लिया, कोकोनट ले लिया, सेस्मय ऑयल आपने ले लिया तो वो तो सबसे ज्यादा बेस्ट है।
(28:36) तो उससे अगर आपने मसाज किया तो उसमें आपका जो डैंड्रफ है उसमें ये काफी फायदेमंद है। अंडरस्टुड राइट? तो ये इसके स्किन पे बेनिफिट्स हो गए। एक और क्वेश्चन है। अगर तो मैंने इसको एक्सटर्नली एज अ सनस्क्रीन यूज़ करा है तो मुझे एक्सटर्नली अब सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है। राइट? जरूरत नहीं है। इसको ये नेचुरली फोटो मैंने बोला नेचुरली ही फोटो प्रोटेक्टेड है। और एक फेमस हॉलीवुड एक्ट्रेस है सलमा हायक। राइट? अगर आप उनकी वीडियोस देखेंगे उन्होंने तो कई वीडियोस में इस बात को कहा है कि ये तो नेचुरल कॉलेजन बूस्टर है स्किन के लिए।
(29:04) तो सलमा हायक की वीडियोस है जहां उन्होंने ये कहा है कि सीबकथोन मेरी डाइट का रेगुलर पार्ट है। मैं सीबकथोन को एज इन द डाइट फॉर्म कैसे-कैसे कंज्यूम किया। तो ये तो ऑइल हो गया। इस ऑइल को आप कंज्यूम भी कर सकते हैं। अगर आपने लगाया तो वो आपकी स्किन का बेनिफिट हो गया। हेयर का बेनिफिट हो गया। आपने इसको कंज्यूम करा तो वो आपका हार्ट का बेनिफिट हो गया और अंदर से स्किन का बेनिफिट भी हुआ। राइट? क्योंकि ओमेगा हार्ट में भी फायदेमंद है। ओमेगा स्किन में भी फायदेमंद है। अब इसका दूसरा जो फॉर्म है वो है पल्प। जो इसका बेरी थी जब आपने उसका जूस निकाल लिया।
(29:33) गुदा जो जो गुदा पल्पिंग कर दी उसकी। अब जो पल्प है उस पल्प की खास बात ये है कि उस पल्प के अंदर जो विटामिन सी है राइट? वो विटामिन सी संतरे से लगभग 30 से 40 गुना ज्यादा है। हम संतरे के अंदर 56 एमg पर 100 ग्राम विटामिन सी होता है। इसके अंदर वो 3000 4000 एमg तक जाता है। तो आप कंपेयर कर लीजिए कितना और सिर्फ विटामिन सी नहीं है। अब कई लोग बोलते हैं विटामिन सी तो चलो मैं आंवला से भी ले लूंगा। करेक्ट। इसके बाद विटामिन ई इसके अंदर एोकाडो से पांच गुना ज्यादा है। विटामिन ए इसके अंदर गाजर से तीन गुना ज्यादा है। इसके अंदर एसटीपी है जो सेरोटेटिनिन बनाता
(30:06) है जो माइंड को रिलैक्स करता है। तो इसके पल्प के अंदर लगभग 190 बायोएक्टिव कंपाउंड है। जैसे होता है ना कि हम मॉल क्यों जाते हैं? क्योंकि मॉल में हमें सारी चीजें एक जगह मिल जाती है। तो सीबथॉन एक तरीके से वही मॉल है जहां कई सारे बायोएक्टिव कंपाउंड्स जो हमारे शरीर को चाहिए वो सारे के सारे एक ही जगह पे मिल जाते हैं। आ हा हा तो ये एक तरीके से इसीलिए इसको फूड की जगह इसको सुपर फूड बोला जाता है। ओ अच्छा। तो इसको सुपर फूड का दर्जा दिया गया है। और अगर कोई इंसान सीबोन पल्प को रेगुलर अपनी डाइट का पार्ट बना के रखता है 101 दिन में तो उसको अपने डाइजेशन और
(30:42) स्किन पे फायदा देखने को मिलेगा। एक महीने में उसको अपनी एनर्जी में फायदा देखने को मिलेगा। और अगर वो तीन महीने लगातार यूज कर रहा है तो अगर उसको हॉर्मोनल इमंबैलेंस था या बहुत ज्यादा स्ट्रेस था या ऑलरेडी शरीर में किसी तरीके का कोई लाइफस्टाइल डिसऑर्डर पहले से चल रहा था तो लगभग 90 दिनों में उसके फायदे दिखने शुरू हो जाते हैं और फिर आती है इसकी पत्तियां इसकी जो लीफ्स हैं कोविड के समय मेंबर ऑफ पार्लियामेंट्स को डीआरडीओ ने मेंबर ऑफ पार्लियामेंट को इसी की पत्तियों से बनी चाय सर्व की थी क्योंकि इसकी पत्तियों के अंदर भी काफी
(31:14) एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टीज हैं। मतलब बॉडी के अंदर से इनफ्लेमेशन को कम करने की ताकत है और इसकी जो पत्तियां है वो रुमनॉइड अर्थराइटिस जिनको है जिनको जॉइंट पेन की पेन की आर्थराइटिस की रूमनॉइड अर्थराइटिस की समस्या है घुटनों में कभी आपने देखा होगा उंगलियां मुड़ जाती है वो रुनोडइड अर्थराइटिस है उसमें इसकी सीबकथोन लीफ एक्सट्रैक्ट बहुत ही फायदेमंद पाया गया है और माइंड को रिलैक्स करने में भी ये काफी फायदेमंद पाया गया अंडरस्टुड तो बेसिकली ओवरऑल बेनिफिट्स है तो अगर मुझे मॉर्निंग टू नाइट अपना सीबकथोन को अपने रूटीन में इंक्लूड करना
(31:44) होता तो क्या कैसे मैं इसको इंक्लूड करती सुबह से स्टार्ट करते हैं। आपने बोला पहले ऑइल से स्टार्ट करो। हां। सबसे पहले तो मॉर्निंग में आपने ऑइल ले लिया। तो वो आपने ऑइल कंज्यूम कर लिया। कितना ऑइल लिया? हाफ स्पून आपको ऑइल लेना है। बच्चा बड़ा सामान। हां हां। हाफ स्पून या मैक्सिमम वन वन स्पून टू हाफ स्पून। बट हाफ स्पून इज इन एनफ। एम्प्टी स्टमक। एम्प्टी स्टमक आपने ले लिया। उसके बाद सेकंड आपका है कि आपने पल्प ले लिया। कब लेना चाहिए? आप ब्रेकफास्ट के साथ भी ले सकते हो और आप लंच के साथ भी ले सकते हो। और इवनिंग में कितना लिया पल्प? पल्प आपको 5 टू 10 ml
(32:09) लेना है। एक ग्लास पानी में डाइल्यूट करना है। आपको एक गिलास पानी में 5 टू 10 ml लेना है। इससे ज्यादा नहीं लेना है। गॉट इट। गॉट इट। और इवनिंग में आपने सीवकथोन की एक चाय ले ली। अगर आप उसको टी के फॉर्मेट में ले रहे हो। हर्बल इन्फ्यूजन के फॉर्मेट में ले रहे हो। आपने लीव्स को थोड़ा सा बॉईल किया। वार्म वाटर में डाला और ढक के उबालना है। मतलब उसको ओपन नहीं करना उसके लिड को। ढक के आपको उबालना है और आपने उसको फिल्टर करके इवनिंग में एक चाय ले ली। शाम को 4:00 बजे क्योंकि 4:00 बजे तक आते-आते हमारा शरीर थकना शुरू हो जाता है हमारे
(32:37) वर्क से। और हमारे स्ट्रेस हार्मोन उस समय हाई होते हैं। मॉर्निंग में भी हाई होते हैं। इवनिंग तक भी हाई होने शुरू हो जाते हैं। तो वहां पे ये एक तरीके से माइंड को काम करने का काम शुरू करता है। और रात में सोने से पहले आपने दो-तीन बूंद सीवन ऑइल की लेकर अपने चेहरे पे पूरी उसकी मसाज कैरियर ऑइल के साथ मसाज है। करा आपने कैरियर ऑयल के साथ में उसकी मसाज करनी है। ये रहा एक्सटर्नल प्लस इंटरनल एप्लीकेशन। इंटरनल एप्लीकेशन। तो ये पूरा मैं फ्रूट की तरह भी खा सकती हूं। इसको अगर अगर आप चाहे तो इसकी बेरीज को ड्राई किया जाता है और फिर आप इसको ड्राई
(33:04) फॉर्मेट में भी कंज्यूम कर सकते हैं। थोड़ी सी मेहनत ज्यादा करनी होगी। जैसे ड्राई बेरी को आपने अपने सैलेड पे डाल लिया, स्मूदीज़ में ऐड कर दिया तो वहां से भी इसके बेनिफिट हो सकते हैं। तो जो आप पल्प बोल रहे हो इसी को जूस बोलते हैं क्या? जो पल्प में पानी में मिला दिया इसको जूस बोलते हैं। करेक्ट। इसको पल्प बोलते हैं। जूस क्या है? अगर इसको डाइल्यूट कर दिया तो वो जूस हो गया। पल्प मतलब जिसमें से बेरी ऑयल नहीं निकाला गया है। अच्छा। तो वो पल्प है और अगर उसमें से बेरी ऑइल निकाल के उसको डाइल्यूट कर दिया गया है तो वो जूस है। देखिए जब आपने बेरी
(33:29) को पीसा तो उस जो बेरी का ऑयल था वो भी पल्प में चला गया। अब आप चाहे तो उससे आप ऑइल को निकाल भी सकते हैं। लेकिन जब आप ऑइल को निकालेंगे तो उसका आपका वो कुछ तो बेनिफिट आपका कम हो गया ना क्योंकि बेरी ऑइल आपका निकल गया। करेक्ट करेक्ट। राइट? तो अब आपका जो बचा वो जूस है। लेकिन अगर आपने ऑइल नहीं निकाला है तो ओवरऑल आप उसको पल्प बोलेंगे क्योंकि वो कंसंट्रेट है। अंडरस्टुड। जैसे मैं आपको बता रही थी ना लद्दाख में हम बहुत ही रिट्रीव्स रखते हैं। द फर्स्ट टाइम मैं जब इंट्रोड्यूस हुई थी करीबन 202 की बात थी तो वेलकम टिंक लद्दाख में तो आपको मिल जाएगा। ठीक है? वो
(33:58) मीठा था वो पल्पी टाइप तो बिल्कुल भी नहीं था। वो था मतलब जैसे शरबत जैसा कोई भी शरबत था वैसा था। हां हां देखिए बिल्कुल ये मीठा तो बिल्कुल नहीं है। जनरली इसको शरबत के फॉर्मेट में बनाने के लिए बहुत सारी चीनी ऐड कर देते हैं। क्योंकि ट्रेडिशनली ये होता आया है किसी चीज में मीठा ज्यादा मिला दिया जाता है। उसके पीछे का कारण था कि हमारे जो बुजुर्ग थे वो इतनी मेहनत और इतना करेक्ट श्रम करते। श्रम करते थे कि उनको इंस्टेंट एनर्जी की जरूरत होती करेक्ट। तो उनको वो दिया जाता था कि आप जो है इमीडिएटली भाई आप बाहर से आए हैं। थक के
(34:28) आए हैं। बहुत सारा हार्ड वर्क करके आए हैं। बहुत सारी कैलोरीज बन करके आए हैं। ये इमीडिएट शुगर है। ये आपको इमीडिएटली रिलीफ दे देगा। लेकिन अब हम लोगों की लाइफ स्टाइल वैसी नहीं है। तो वो चीजें उस समय के लिए ठीक थी। बट इस समय के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है इतना शुगर। तो जो इसका नेचुरल टेस्ट है वो मीठा नहीं है। वो बहुत ही खट्टा है। राइट? इसका नेचुरल टेस्ट काफी टंगी है और क्योंकि इसमें जो मैंने आपको बताया था ना कि इसमें विटामिन सी की मात्रा बहुत ज्यादा है तो इसका नेचुरल टेस्ट बहुत टंगी है। पर अगर तो मैं इसमें मैं इसमें हनी मिलाऊं
(34:54) तो तो ठीक है ना आई कैन बिल्कुल अगर आप लोग इसमें हनी मिलाते हैं अपने टेस्ट के लिए हनी मिला सकते हैं बट अगर आप मेरा पर्सनल रेकमेंडेशन पूछेंगे तो कोई नेचुरल चीज हम कंज्यूम कर रहे हैं तो उसको नेचुरल फॉर्मेट में ही करें तो बहुत बेहतर है। बट हां हनी मिला के इसका जो टेस्ट आता है वो बहुत अच्छा होता है। रीज़न ये कि वो खट्टा मीठा हो जाता है। गॉट इट। और दूसरी चीज जो मैंने नोटिस किया था कि मेरा गट हेल्थ बहुत अमेजिंग था पीने के बाद। तो गट हेल्थ पे आई थिंक वो म्यूकस मेमब्रेन को काफी स्ट्रेंथन करता है। तो गट हेल्थ सही रहेगी। बट आल्सो जूस की
(35:20) मात्रा तो ज्यादा होती है ना। तो इसको तो अगर तो मैं बिकॉज़ इट्स ऑलमोस्ट लाइक अ माइल्ड लैक्सिटिव। अगर तो मैं इसको रेगुलरली लूं। हो सकता है मेरी बॉडी डिपेंडेंट हो जाए तो ब्रेक कब करना चाहिए? देखिए इसमें अगर आप इसको फाइव टू 10 ml ले रहे हैं। देखिए मेरा ये शूज को 5 टू 10 ml 5 टू 10 ml इन अ ग्लास इन अ डे। अब अगर आप मेरे को ये बोलेंगे कि इसको ब्रेक कब करना चाहिए? तो मेरा ये आपसे एक सवाल वापस है कि आपकी बॉडी को कौन सा ऐसा दिन आएगा जिस दिन माइक्रोोनट्रिएंट्स की नीड नहीं है। करेक्ट। मेरा ये कहना है कि आज जो हम खाना खा रहे हैं
(35:49) अगर हम उसमें डैम श्योर हैं कि आज मैंने जो लंच किया जो मैंने ब्रेकफास्ट किया या जो मैंने डिनर किया उसमें खाने में इतना न्यूट्रिशन था जो मेरी बॉडी को चाहिए था और मैं इसमें बिल्कुल श्योर हूं। तो मुझे लगता है हमें किसी भी चीज को ऐड करने की जरूरत नहीं है। अंडरस्टुड आप जो खाना खा रहे हैं वही खाएं। बट प्रैक्टिकली अगर मैं आज का खाना देखूं आधे से ज्यादा मील स्किप्ड है। आधे से ज्यादा मील ओवरकक्क्क्ड है और उनको जिस तरीके से उगाया गया है उसमें न्यूट्रिशन है ही नहीं। करेक्ट? तो अब आप ये न्यूट्रिशन कहां से लेंगे? कहीं से तो लेंगे।
(36:21) तो नेचुरल सप्लीमेंट है। तो आपको सुपर फूड्स की तरफ जाना पड़ेगा। तो पहला स्टेप है कि जी आप सुपर फूड पे चले गए। अब सुपर फूड से भी पूरा नहीं हो रहा तो आप सप्लीमेंट पे चले गए। लेकिन आपको फ़ूड से सुपर फूड पे मूव करना पड़ेगा। क्योंकि अगर आप अपनी बॉडी को काफी लंबे समय तक उन न्यूट्रिशन में डेफिशिएंट रखेंगे तो वही आगे आने वाले समय में किसी ना किसी बीमारी का रूप ले लेंगे। राइट? अब मान लीजिए कार है। आप कार में एक डिग्रेडेड फ्यूल डाल के चलाएंगे तो क्या होगा? कुछ दिन कार चलेगी। करेक्ट। लेकिन कुछ समय के बाद उसके इंजन में प्रॉब्लम इसमें प्रॉब्लम आनी शुरू हो
(36:53) जाएगी। बॉडी का फ्यूल फूड है। अब उस फ्यूल में न्यूट्रिशन नहीं है। तो आप क्या करेंगे? तो मेरा अगर मेरे से कोई पूछता है ये सीबॉन कब तक लेना चाहिए या ऐसी नेचुरल चीजें जो सुपर फूड है भले ही वो मोरिंगा हो भले ही वो सीबॉन हो भले ही वो कोई और अच्छी बैरीज हो कब तक लेना चाहिए जब तक आप अपने हेल्थ स्पैन को अचीव करना चाहते हैं तब तक लेना चाहिए अंडरस्टुड राइट हम सेब कब तक खाते हैं हम अनार कब तक खाते हैं जिंदगी भर खाते हैं वैसे ही सीबकथोन भी तो एक फ्रूट ही है ना हम हां बस इसकी क्वांटिटी को लिमिट में रखना है और किसी भी चीज की असली वैल्यू तो तभी
(37:25) निकल कर आती है जब आप उसको रेगुलर लेते हैं। अब आपने बात करी ग की, गट लाइनिंग की तो उसमें दो चीजें हैं। अगर आप सीबकथोन का पाउडर कर्ड में मिला के खाते हैं जो हमारे बैक्टीरियास हैं ये उनके रिप्रोडक्शन को बढ़ा देता है। और अगर आप इसको ऑइल के फॉर्मेट में ले रहे हैं सीबकथोन को तो जो आपकी गट की लाइनिंग है ये उसको रिपेयर करने का काम करता है। तो ऑइल ग की लाइनिंग को रिपेयर करता है और जो पाउडर फॉर्मेट में है अगर आप उसको कर्ड के साथ मिला के खाते हैं तो वो आपके वो प्रोबायोटिक का काम करता है। दोनों का एक गट लाइनिंग को रिपेयर करेगा एक
(37:56) प्रोबायोटिक का काम करेगा और पेप्टिक अल्सर्स में ये बहुत फायदेमंद है। ओके इसकी तासीर ठंडी है बेसिकली इसकी जो तासीर है मतलब ये त्रिदोषिक हर्ब है। ओके तो वात पित्ता कफ वात पित्त कफ ये त्रिद ये तीनों को बैलेंस करते हैं। त्रिदोषिक है अंडरस्टुड अंडरस्टुड तो कोई भी ले सकता है इसको सही आंवला के जैसे ये आंवला के जैसे हां इसका अगर आप इसको टर्मरिक के ऑयल के साथ मिला देते हैं तो इसकी प्रॉपर्टीज अलग हो जाती है। तो फिर इसकी तासीर गरम हो जाती है और फिर इसकी प्रॉपर्टीज इनफ्लेमेशन की साइड पे ज्यादा हो जाती अंडरस्टुड उसमें तो एक इंपॉर्टेंट बात ये है कि
(38:24) सीवकथोन को जब भी हम लें तो उसको कहीं पर भी हम स्टोर करें इसको हम ग्लास के मटेरियल में ही स्टोर करें। उसके पीछे का कारण ये है कि ग्लास सबसे ज्यादा इनर्ट होता है। इनर्ट मतलब सबसे कम रिएक्टिव होता है। राइट? तो वैसे तो आपने कहीं से भी लिया आप अपने घर में रख रहे हैं, फ्रिज में रख रहे हैं, रेफ्रिजरेट कर रहे हैं। जिस भी बोतल में आप इसको लेकर रखें स्पेसिफिकली इसके पल्प को ऑइल तो ठीक है। ऑइल को तो ठीक है। आप ऑइल रखेंगे तो उसमें तो ज्यादा प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन इसका पल्प बहुत रिएक्टिव है। तो इसके पल्प को आपको ग्लास की बोतल में रखना है और आपको
(38:56) कंज्यूम भी ग्लास की बोतल में ही करें। तो ग्लास कांच के ग्लास में ही इसको कंज्यूम करें। वो ही इसमें ज्यादा फायदेमंद है। मतलब जनरली प्लास्टिक को हमें इसमें अवॉइड करना चाहिए। ओके ये जरूरी है एनी और कोई डोंट्स कोई प्रेग्नेंट ही ले सकती है ऐसे कुछ इसमें अगर अगर डोंट्स की आप बात करें तो अगर किसी का ब्लड प्रेशर लो रहता है तो उसको सीबक्टोन अवॉइड करना चाहिए क्योंकि ये ब्लड प्रेशर को और लो करने का काम करता है राइट तो इसको अवॉइड करना चाहिए पल्प को अवॉइड करना चाहिए आप ऑइल ले सकते हैं बट पल्प को अवॉइड करना चाहिए क्योंकि ये
(39:27) हाई ब्लड प्रेशर के लिए तो बहुत अच्छा है ओके और ये एक नेचुरल ब्लड थिनर भी है। अच्छा ओके बट लो बीपी में हमें इसको अवॉइड करना है और बाकी प्रेग्नेंट मोमेंट और अगर आप उसकी बात करेंगे तो मेरा ये कहना है कि फसाई की गाइडलाइंस तो हमें अलव नहीं करती है तो उसके ऊपर मैं कुछ कह नहीं सकता हूं वैसे ये फायदे अगर तो ऐसे कुछ है तो डॉक्टर से बेसिकली पता डॉक्टर से अपना प्लान करके आप ले सकते हैं वैसे प्रेगनेंसी में और बच्चों में दोनों में इसके बहुत अच्छे फायदे दिखे ओके ओके नेक्स्ट ऐसे कौन से हर्ब के बारे में आप बात करेंगे मैं एक दिन ऐसे ही बैठा हुआ था और मैं
(39:57) डाटा स्टडी कर रहा था मैं स्टडी कर रहा था कि यूएस में कौन सी ऐसी रॉ हब्स हैं जो यूज़ करी जा रही हैं। तो मुझे यह पता चला कि यूएस के अंदर सबसे बड़ा जो मार्केट है वो हर्ब का है जिसका नाम है अश्वगंधा। राइट? जिसको हम सब जानते हैं। इंडिया में भी ऐसा नहीं है कि अश्वगंधा के बारे में लोगों को पता नहीं है। बट यूएस में इतना बड़ा मार्केट अश्वगंधा का है जिसको आप इमेजिन भी नहीं कर सकते। और इंडिया के अंदर ये अभी भी अंडर यूटिलाइज्ड है। जबकि अगर स्ट्रेस को अगर हमें रिलीव करना है, अगर स्ट्रेस को कम करना है तो इससे ज्यादा बेहतर और कोई
(40:27) चीज नहीं है। क्योंकि जो हमारी एचपीए एक्सेस होती है, एचपीए मतलब हमारा ब्रेन, हमारा पिट्यूटरी ग्लैंड और एड्रिनल ग्लैंड ये एक एक्सेस है। जब भी हम किसी स्ट्रेस की सिचुएशन में आते हैं। मान लीजिए हमारी बॉडी में कोई भी स्ट्रेस हुआ। राइट? तो हमारा ब्रेन हमारे पिट्यूटरी ग्लैंड को सिग्नल देता है। वो हमारे एड्रिनल ग्लैंड को सिग्नल देता है और एड्रिनल ग्लैंड कॉर्टिसोल बनाना शुरू करता है। राइट? कि भाई कोई प्रॉब्लम है एक्टिव मोड में रहो। राइट? कुछ होने वाला है। आपको एक्टिव रहना है। ये नॉर्मल है। अब हम लोगों की जिंदगी ऐसी हो चुकी है कि
(40:57) हमारे पास स्ट्रेस तो बहुत ज्यादा है। राइट? हम कुछ सोच रहे हैं, थॉट्स ले रहे हैं, कुछ भी ले रहे हैं, उससे स्ट्रेस आ रहा है। तो कॉर्टिसोल हर समय बॉडी में प्रेजेंट है। ये कॉर्टिसोल सबसे खतरनाक चीज है क्योंकि ये बॉडी को एजिंग भी कर रहा है। ये बॉडी के अंदर फ्री रेडिकल डैमेज भी कर रहा है। और अगर ये रेगुलर लेवल तक रहे। अब इसमें अश्वगंधा क्या रोल प्ले करता है? अश्वगंधा के अंदर एक कंपाउंड होता है जो हमारे ब्रेन के गाबा को एक्टिवेट कर देता है। हां। ये गाबा का काम कहां होता है? काम करना। मतलब ये ब्रेन वो सिग्नल देता है कि
(41:27) भाई शांत हो जाओ। इतनी बड़ी प्रॉब्लम नहीं है। इतना कॉर्टिसॉल बनाने की जरूरत नहीं है। तो अश्वगंधा साइंटिफिकली स्ट्रेस को रिलीफ करने में यह बहुत अच्छा है। अब इसके दो फायदे हैं। जब हम सुबह जग रहे होते हैं अगर हमें खुश रहना है तो हमें सेरोटोनिन चाहिए। रात में अगर हमें अच्छी नींद चाहिए क्योंकि बहुत सारे लोगों को रात में नींद नहीं आती। तो वही सेरोटोन रात में मेलाटोनिन बन जाता है। राइट? तो अगर हमें डे के टाइम में अपने को स्ट्रेस से बचाना है और कॉर्टिस्टॉल को कम करना है तो ये अश्वगंधा अगर सुबह ले रहे हैं तो ये स्ट्रेस को कम करने का काम करेगा और यही
(41:58) अश्वगंधा अगर हमने रात में लेना शुरू कर दिया तो ये हमारा हमारे को अच्छी नींद मतलब एक साउंड स्लीप के लिए काम कर सकता है। कैसे ले सकते हैं इसको? देखो इसको बच्चों को भी थोड़ा सा दे सकते हैं। बच्चों को पानी में मिला के दे सकते हैं। वो उनकी स्टेमिना और स्ट्रेंथ के लिए काम कर सकता है। ये मार्केट में इन द फॉर्म ऑफ क्या मिलता है? इन द फॉर्म ऑफ़ पाउडर होता है और इन द फॉर्म ऑफ़ कैप्सूल्स होते हैं। राइट? अगर कोई पाउडर ले रहा है तो एक से 3 ग्राम जो है वो यूज़ कर सकता है और अगर इसको एडल्ट पानी में मिलाके वार्म वाटर में और अगर एडल्ट ले रहे हैं तो इसको दूध
(42:27) के साथ भी मिला के लिया जा सकता है और अगर बुजुर्ग ले रहे हैं तो वो इसके साथ घी भी ऐड कर सकते हैं। ओके? तो अगर आपने अश्वगंधा लिया, दूध लिया और उसमें थोड़ा सा घी आपने ऐड कर लिया तो यह कॉम्बिनेशन एडल्ट्स के लिए बहुत अच्छा है और वैसे इसको दूध के साथ भी लिया जा सकता है और इसको गर्म पानी में भी ले सकते हैं और इसको आप खाने के आसपास अपना इसको कंज्यूम कर सकते हैं। बट अगर स्ट्रेस को रिलीफ करना है क्योंकि आज की डेट में स्ट्रेस से ज्यादा बड़ी कोई प्रॉब्लम नहीं है। तो अश्वगंधा एक ऐसी चीज है जो अगर किसी भी इंसान को ये लग रहा है मेरे को स्ट्रेस
(42:54) हिट कर रहा है तो उसको एडप्टोजंस ऐड करने पड़ेंगे और एडप्टोजंस में अश्वगंधा इज वन ऑफ द बेस्ट। ओके? तो आपने कहा सुबह ही ले लो। सब लोग ले सकते हैं। एनी अदर वे हम अश्वगंधा को डाल सकते हैं। इसका बेस्ट फॉर्मेट तो पाउडर है। पाउडर है। इसके कैप्सूल्स भी हैं। एक्सटर्नल एप्लीकेशन कुछ है। एक्सटर्नल एप्लीकेशन तो मैं नहीं बोलूंगा। बेटर ये है इसका इंटरनल एप्लीकेशन ही इसका मेन एप्लीकेशन है कि आप इसको कंज्यूम कर लें क्योंकि इसका मेन जो काम है वो काम ही है आपको स्ट्रेस को कंप्लीट करना, रिलीव करना। ओके। मैंने ये भी सुना है कि पेट की चर्बी
(43:21) में बहुत काम करता है। हां। उसके देखिए पेट की चर्बी होती क्या है? हम्। कई लोग आपने देखे होंगे बहुत एक्सरसाइज़ कर रहे हैं। सब कुछ कर रहे हैं। फिर भी उनका बेली फैट नहीं जा रहा है। हां। वह बेली फैट का जो बेसिक रीज़न है वो बेसिक रीज़न है कि जब आप स्ट्रेस में होते हैं हम तो स्ट्रेस में जब भी आप रहेंगे आपका ब्रेन बॉडी को ये सिग्नल देता है कि आप फैट को स्टोर करना शुरू कर दो। ओके? तो आप जितना ज्यादा स्ट्रेस में होंगे उतना ज्यादा फैट स्टोर होगा और वो फैट आपका बेली के अराउंड ही स्टोर होगा। हम अच्छा। करेक्ट। बेली फैट अगर किसी के पास में है
(43:53) तो जरूरी नहीं है कि वो उसकी डाइट की वजह से है। उसके खाने की वजह से है। कई बार वो स्ट्रेस की वजह से भी बहुत कुछ है। तो अब अश्वगंधा उसमें कैसे रोल प्ले करेगा? अगर आप अपने स्ट्रेस को कम कर ले जाते हैं तो ऑटोमेटिकली आप अपने बेली फैट को भी कम कर सकते हैं। क्योंकि वो जो ब्रेन सिग्नल दे रहा है कि बॉडी स्ट्रेस में है, बॉडी प्रॉब्लम में है तो आप फैट स्टोर करो। वो फैट स्टोर होना बंद हो जाएगा। अंडरस्टुड। लेकिन ये चीज़ है अश्वगंधा को खाली पेट नहीं लेना चाहिए। कई बार देखिए दो तरीके की चीजें हैं। एक कई ऐसी चीजें हैं जो बॉडी के अंदर आपका इनडाइजेशन कर देंगी।
(44:25) ओके? क्योंकि वो एसिडिटी को रेगुलेट करने का काम करती हैं। इसलिए मैंने कहा कि इसको आप दूध के साथ ले रहे हैं तो इसका फायदा अच्छा है। क्योंकि देखिए प्लांट है हम प्लांट में कई सारे एक्टिव्स हैं। कई सारे एक्टिव्स ऐसे होते हैं जो हमारे बॉडी के अंदर जो हमारे शरीर के अंदर वो एक्टिव्स एसिडिटी को रेगुलेट करने का काम करते हैं या इनडाइजेशन क्रिएट करते हैं। इसलिए उससे बचने के लिए बेहतर है कि कुछ चीजों को हम खाने के साथ ही लें। कुछ चीजों को हम खाली पेट लें, कुछ चीजों को हम खाने के साथ ही लें। एक और लॉस्ट हर्ब मैं एक्चुअली ब्लैक राइस
(44:54) के बारे में आपसे समझना चाहती हूं। मैंने ब्लैक राइस हाल ही में जब से मेरा स्पिरिचुअल ट्रांसफॉर्मेशन हुआ तब से खाना चालू किया। तो मैं बेसिकली रेड राइस, बांबू राइस, ब्लैक राइस यही मिलेट्स प्रडोमिनेंटली कंज्यूम करती हूं। उस टाइम जब मैंने स्टार्ट किया था कंसमशन। तो जब मैं पढ़ रही थी इसके बेनिफिट्स के बारे में, तो मैंने देखा था कि यू नो हमारे पास ट्रेडिशनली 4 एंड हाफ लाख वैरायटीज से भी ज्यादा राइस की वैरायटीज थी। हम्। 1970 से 1 लाख एक्सटिंक्ट हो चुकी हैं। हम इसको ब्लैक राइस को एक जीआई टैग का भी उपाधि मिली है। राइट?
(45:24) जग्राफिकल इंडिकेशन। और ऐसी कुछ स्टडीज थी कि जैसे फ्रूट फ्लाई पे जब ये इस्तेमाल किया गया था तो फ्रूट फ्लाई की लाइफ स्पैन 14 टू 20% बढ़ी। जो मसल मास डीजेनरेट होता है वो भी डिले हो गया। हम सो यू नो मैं मतलब एव्री टाइम जब मैं इनको कंज्यूम करती हूं। हमारे पूर्वज पुराने सेटलर्स से कंज्यूम करते थे। मुझे गुस्सा भी आ रहा था। हम कि हमारा चाहे वो ग्रीन रेवोल्यूशन हो, चाहे वो जस्ट ओवर हार्वेस्टिंग हो। आई डोंट नो क्या-क्या फैक्टर्स आके हमारी ये वैरायटीज को या तो एक्सटिंक्ट कर दिया, इंडेंजर्ड कर दिया और उनमें से ब्लैक राइस है। इट्स नॉट रियली अ थ्रेटेंड वैरायटी बट
(45:57) ये एक ऐसी वैरायटी है जिसका सिग्निफिकेंस मच मच लाइक सी बकथों बोला नहीं जाता है, प्रचार नहीं किया जाता है। तो इसके बारे में आप क्या बोलेंगे? नहीं ब्लैक राइस एक बहुत ही बेहतरीन चीज है और मैं यह एक बात कहना चाहूंगा कि अगर कोई इंसान अपनी डाइट में एक महीने के लिए लगातार ब्लैक राइस को ऐड करता है मैं गारंटी करता हूं उसको अपने डाइजेशन पे उसको अपनी स्किन पे और उसको अपने वेट पे बहुत ही सिग्निफिकेंट चेंजेस देखने को मिलेंगे। एक महीने अगर कोई रेगुलर सिर्फ ब्लैक राइस को अपनी डाइट के अंदर ऐड करें। एक तो सबसे अच्छी बात क्या
(46:33) है कि आप इसको एक बाउल से ज्यादा खा ही नहीं सकते हैं। राइट? इसमें इतना कॉम्प्लेक्स फाइबर है कि यह आपके स्टमक को फुल कर देगा और बहुत लंबे समय तक फुल रखेगा। देखिए जब आप नॉर्मल राइस खाते हैं तो आपको थोड़ी देर के बाद फिर वापस भूख लग जाती है। ऐसा क्यों हुआ? प्यास प्यास लगती है और भूख भी जल्दी लग जाती है क्योंकि वो बहुत जल्दी डाइजेस्ट हो गया। मतलब वो बहुत जल्दी ग्लूकोस में कन्वर्ट हो गया। उसका डाइजेशन बहुत जल्दी हो गया। इसी बेसिस पे एक इंडेक्स निकलता है जिसको बोलते हैं ग्लाइससेमिक इंडेक्स। ग्लाइसेमिक इंडेक्स का मतलब होता है कि आपने कोई चीज़ खाई तो
(47:05) वह कितना जल्दी डाइजेस्ट होकर शुगर बनी। आप बता रहे थे कि कई वैरायटीज ऑफ राइस है। तो वाइट राइस का जो जीआई ग्लाइससेमिक इंडेक्स होता है वो लगभग 75 के आसपास होता है। मतलब जितना जीआई होगा उतना जल्दी डाइजेस्ट होगा। जितना जल्दी ग्लूकोस स्पाइक होगा। उतना जल्दी ग्लूकोस स्पा स्पा स्पा स्पा स्पा स्पा स्पा स्पा स्पा स्पाइक होगा। मतलब उतना ज्यादा प्रेशर आपके पैंक्रियास पे आएगा कि तुरंत ही इंसुलिन रिलीज करो। देखिए दो चीजें हैं। एक तो यह है कि मैं आपको बोल रहा हूं कि आप वॉकिंग करिए। हम राइट? और एक मैं आपको बोलता हूं कि आप स्प्रिंट करिए।
(47:32) करेक्ट। तो आप जब वॉकिंग करेंगे तो आप आराम से रहेंगे। अगर मैं आपको स्प्रिंट करने को बोलूंगा तो सांस फूलनी शुरू हो जाएगी। क्योंकि आप अंडर स्ट्रेस आ जाएंगे। ऐसे ही आप अपने पैंकक्रियाज को या तो धीरे-धीरे इंसुलिन रिलीज़ करने के लिए बोलिए तो वो वॉकिंग हो गया। और अगर आपने उसको एकदम प्रेशर डाला स्प्रिंट करने के लिए तो क्या होगा? वो प्रेशर जो आप पनक्रियाज पे इमीडिएटली इंसुलिन स्पाइक करने को बोल रहे हैं वो ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम डायबिटीज बनता है। तो अब मैं जीआई की बात कर रहा था ग्लाइससेमिक इंडेक्स की। वाइट राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 75 है। ब्राउन राइस का
(48:03) अराउंड 50-5 है। और जबकि ब्लैक राइस का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वो अराउंड 45 है। मतलब ये वीट और इनसे भी काफी कम है। तो ये इतना स्लो डाइजेस्ट होता है बॉडी में कि आपको बहुत लंबे समय तक भूख नहीं लगने देगा। आपको एकदम इंसुलिन स्पाइक नहीं करेगा। और अगर यह कोई खा रहा है, अगर कोई डायबिटिक पेशेंट इसको खा रहा है या कोई भी अपने वेट लॉस में है, वो इसको खा रहा है। इवन अगर कोई हेल्दी और फिट रहने के लिए इसको खा रहा है, तो इससे ज्यादा बेहतर ब्रेकफास्ट मैं मान नहीं सकता हूं। मतलब दिस इज वन ऑफ द बेस्ट ब्रेकफास्ट। और मणिपुर के अंदर ये लोकली उनका कल्चरल फूड
(48:39) है और लोकली वो इसको चकाऊ बोलते हैं। वो इसकी खीर बना के खाते हैं। तो कई बार ऐसी चीजें आपको देखा तो बड़ा अच्छा फील हुआ कि चलो कहीं तो इसको एक मान्यता मिली रिकॉग्नाइज किया गया और वहां पे भी जो कई लोग खा रहे थे वो भी पूछ रहे थे कि ये क्या है? ये ब्लैक राइस पुटिंग क्या है? और इतनी स्वादिष्ट इसकी ब्लैक राइस की पुडिंग होती है। इतनी बढ़िया इसकी खीर बनती है। अगर आप इसकी खीर बना के खाएं एक तो हेल्थ भी है और टेस्ट भी इसका इतना बढ़िया होता है कि मतलब आपने जिंदगी में ऐसी खीर नहीं खाई होगी जो ब्लैक राइस की खीर है। अगर आप उसकी खीर खाएं और दूसरा
(49:07) फिर इसको कई लोग पीस के इसके आटा से इसकी रोटी भी बनाते हैं, इसकी पूरी भी बनाते हैं। बस क्या है कि इंडिया के अंदर क्या है? इंडिया के अंदर बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिसकी इंफॉर्मेशन ना होने की वजह से वो एक्सपोर्ट हो जाती है। तो अभी भी हमारे यहां का ब्लैक राइस क्या होता है? जितना ग्रो किया यहां कल्टीवेट हुआ और सारा का सारा क्या हो गया? एक्सपोर्ट हो गया। अच्छा। क्यों? क्योंकि इंडिया में उसकी एजुकेशन और अवेयरनेस नहीं है। मणिपुर सबसे ज्यादा ब्लैक राइस एक्सपोर्ट करता है। तभी तो जीआई इसको मिला हुआ है। बट मेरा ये मानना है अगर हमारे देश की अच्छी चीजें हैं तो
(49:37) वो ग्लोब के लिए इस्तेमाल हो लेकिन सबसे पहले हमारे खुद के देश के लिए भी तो इस्तेमाल हो। राइट? कि हम भी तो उसको यूज़ करें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि जो बेस्ट वैरायटी है आप उसको एक्सपोर्ट कर दीजिए और जो बाकी बच गया वो हमारे देश के लिए हो। ये आइडियोलॉजी नहीं होनी चाहिए। करेक्ट। तो ब्लैक राइस के साथ कुछ ऐसा ही है और इसकी जो असली ताकत है एक तो इसका डाइजेशन बहुत स्लो है। दूसरी इसकी सबसे ताकतवर चीज है वो है इसका जो ब्लैक कलर है उसका कालापन है तो कई लोग ब्लैक राइस से बड़ा ऐसा होता है अच्छा ब्लैक राइस काला चावल कुछ बड़ा हंसी मजाक के फॉर्मेट में
(50:08) इसको करते हैं। तो देखिए काले रंग को लाइटली मत लीजिए। उसके अंदर कई बार बहुत पोटेंशियल होता है। तो जिसका ब्लैक कलर है वो एंथोसाइनिन की वजह से है। और एंथोसाइनिन एक बहुत ही पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। राइट? आपके स्किन के लिए एंथोसाइनिन बहुत पावरफुल है। आपके एज रिवर्सल में एंथोसाइनिन बहुत ही पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। आज लोग विदेशों से मंगा के ब्लैक बेरीज और ब्लू बेरीज खाते हैं। राइट या मैं ब्लू बेरीज खाऊंगा। मैं ब्लैक बेरीज खाऊंगा। हां महंगामहंगा खाते हैं। उनके अंदर भी एंथोसाइनिन ही है। और वो एंथोसाइनिन उससे ज्यादा मात्रा में इस ब्लैक राइस के
(50:42) अंदर है। ओके। तो जो वाइट राइस है वो तो सिर्फ आपको राइस कार्ब्स दे रहा है। लेकिन ये ब्लैक राइस आपको कार्ब्स के साथ-साथ फाइबर दे रहा है। इसका आयरन कंटेंट नॉर्मल राइस के आयरन कंटेंट से लगभग तीन गुना ज्यादा है। और सबसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट ये एंथोसाइनिन आपको प्रोवाइड कर रहा है। तो ये एज रिवर्सल में भी काफी फायदेमंद है अगर इसको डाइट का पार्ट बनाया जाए। अब कई बार होता है कि रोज खा सकते हैं नहीं खा सकते हैं। सबसे पहली बात तो आप इसको खा ही इतना कम पाएंगे। आप एक कटोरी से ज्यादा वैसे भी इसको कंज्यूम नहीं कर पाएंगे। राइट? तो अगर यह किसी की डाइट का पार्ट
(51:12) बनता है तो बहुत बढ़िया चीज है और चाइना में तो इसको कई सालों से इस्तेमाल करते आए हैं और इसको फॉरबिडन राइस बोला जाता है चारा में। हां मैंने सुना ये फॉरबेडन राइस। फॉरबिडन मतलब ये है कि ऐसा मतलब नहीं है कि खाना बना था। फॉरबिडन राइस मतलब ये था कि चाइना में कई साल पहले ये सिर्फ राजाओं को दिया जाता था। राजगिराने के लोगों को ही दिया जाता था। क्योंकि क्वांटिटी में कम होता था तो राजगिराने के लोगों को ही दिया जाता था। इसका इसलिए इसका नाम ही पड़ गया फॉरबिडन राइस। हम्म। मैंने सुना था कि चाइना में टॉनिक प्रिपेयर होता है जो बूढ़े लोगों को
(51:40) दिया जाता है सेंचुरीज से। हां वही ब्लैक राइस का ब्लैक राइस का टॉनिक निकालते हैं। चाइनीस मेडिसिन चाइनीस मेडिसिन में इसका एक्सट्रैक्ट भी निकालते हैं। इससे एंथोसाइनिन भी एक्सट्रैक्ट होता है और एंथोसाइनिन एक्सट्रैक्ट होकर आप इससे कहीं स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी बना सकते हैं। मतलब अगर आप इसका एंथोसाइनिन एक्सट्रैक्ट निकाल लेते हैं तो उसको वो स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद है। काफी काफी हेल्पफुल है। तो इसका आप चाहे तो इसको एज अ इडेबल भी यूज़ कर सकते हैं। इसका एक्सट्रैक्ट निकाल के आप इसको स्किन पे भी बहुत अच्छा यूज़ कर सकते हैं। और फिर इससे कई सारे स्नैक्स भी
(52:08) बनाए जा सकते हैं। हेल्दी स्नैक्स भी बनाए जा सकते हैं। अब घर में जो हम मैदे की भुजिया बना रहे हैं, ये सारी चीजें बना रहे हैं। इनको हम बहुत सारा ब्लैक राइस से हम रिप्लेस कर सकते हैं। ब्लैक राइस के लड्डू बड़े जबरदस्त बनते हैं। राइट? इसके लड्डू बनते हैं बड़े टेस्टी और बड़े जबरदस्त होते हैं और न्यूट्रिशियस भी। जैसे वो ब्लैक तिल के लड्डू बनते हैं। ऐसे ही ब्लैक राइस के भी लड्डू बनते हैं। मैं तो काफी समय मणिपुर रहा हूं तो वहां लोकली मैं वहां लोकल्स के साथ वहां पे मैंने खूब टाइम स्पेंड किया है। मतलब पूरा मणिपुर में अंदर तक घुमा हूं। तो वहां तो
(52:32) मैंने अलग-अलग कई सारी डिशेस खाई हैं। ब्लैक राइस खूब अलग है। ब्लैक राइस मणिपुर से ही आता है मेजरली मणिपुर में। मेजर जो ब्लैक राइस है वो मणिपुर में है। उसके बाद फिर कुछ तमिलनाडु में भी होता है। अलग-अलग वैरायटीज है। तमिलनाडु में उसको करपसी बोलते हैं। करपसी मतलब वही काला चावल उसको बोला जाता है। फिर कुछ आपका उड़ीसा में भी होता है। लेकिन जो सबसे जिसमें अरोमा होता है मतलब एक हल्का सा आपको बहुत ही ब्लेस ब्लिसफुल एक स्मेल सा आता है। अरोमा आता है। वो चकाऊ में है। वो मणिपुर के राइस में। जीआई जो मिला हुआ है वो आपके चकाऊ को
(53:02) मिला है। वअर्स के लिए वो होता है जहां पर हम उसको एक उपाधि देते हैं उस फूड को कि वो हवा वो लेबर वो पानी वो मिट्टी का ये प्रोडक्ट है जिसमें खासियत है। करेक्ट मतलब वो उस पर्टिकुलर ज्योग्राफी में ही मिल रहा है और कहीं नहीं मिलेगा। तो इसलिए उसको ज्योग्राफिकल इंडिकेशन दिया जा जाता है कि ये इसी लोकेशन का है। मतलब अगर इसकी लोकेशन आप चेंज कर देंगे तो शायद आपको वो क्वालिटी नहीं मिल पाएगी। समझ गए? लोग कहेंगे कि ब्लैक राइस को कैसे बनाना चाहिए? कुक करना चाहिए। क्या वो रेगुलर वाइट राइस जैसे ही कुक करना चाहिए? देखिए ब्लैक राइस भी दो फॉर्मेट में आता
(53:35) है। एक रॉ होता है और एक बॉयल्ड होता है। तो अगर आप रॉ लेंगे तो उसको उबालना थोड़ा सा ज्यादा पड़ेगा। तो सबसे पहले तो आप उसको रात को भिगो दीजिए। क्योंकि बिना भिगोए आप बनाएंगे तो वो इतना जल्दी पकेगा नहीं। तो जैसे हम घर में राजमा भिगो के रखते हैं, दाल छोले भिगो के रखते हैं। इसी तरीके से ब्लैक राइस को हम रात में भिगो के रख दें और फिर सुबह हम उसको बना लें। बॉईल करके हम इसको नॉर्मल राइस की तरह बना सकते हैं। और फिर हम इसमें कुछ-कुछ चीजें हम ऐड कर सकते हैं। दूसरा हम इसकी पुडिंग बना सकते हैं। इसकी खीर बना सकते हैं। तो इसकी खीर बहुत अच्छी है। तो अगर कई बार
(54:01) क्या होता है कि जब भी हम खाना खाते हैं उसके बाद एक बहुत स्ट्रांग क्रेविंग होती है कुछ मीठा खाने की। तो मीठा खाने की जब बहुत स्ट्रांग क्रेविंग होती है तो ये ब्लैक राइस से ज्यादा बेहतर मैंने कुछ और नहीं देखा। राइट? एक तो इसका कंटेंट भी फाइबर बहुत ज्यादा है। कॉम्प्लेक्स फाइबर है तो डाइजेशन भी बहुत स्लो होगा और बड़ा अच्छा टेस्ट। जब ये मिल्क के साथ कंबाइन करता है तो इसका टेस्ट और बढ़िया हो जाता है। तो इसकी पुडिंग भी बना के खा सकते हैं और इससे कई सारे स्नैक्स भी बन सकते हैं। और रेगुलर चावल की तरह जैसे चावल अपना बिल्कुल वाइट राइस का एक्सजेक्टली हम इससे
(54:28) रिप्लेस कर लें और सारे यूज इसके लिए भी काम कर जाते हैं। मैं देख रही थी कि ग्लोबली अगर तो हम राइस का मार्केट देखें तो 323.5 बिलियन डॉलर्स है। और अगर तो हम ब्लैक राइस का मार्केट देख तो डॉलर 1.2 बिलियन डॉलर्स है। मतलब व्हाट पोटेंशियल? कितना पोटेंशियल है ब्लैक राइस में ना? क्या कारण होता है ये चीजें कर नहीं पाते। अच्छा दे डोंट कम टू द फोर फ्रंट। उसके पीछे का रीज़न ये है कि देखिए कोई भी चीज कमर्शियलाइज कब होती है? हां। कमर्शियलाइज तब होती है जब उसमें कोई एंटरप्रेन्योरल एक्टिविटी होगी। हम राइट? अब देसी काऊ घी है। कितनी अच्छी
(55:01) कमोडिटी थी। कितनी बढ़िया चीज है। राइट? हमारे हेल्थ के लिए बहुत बढ़िया है। लेकिन हुआ क्या कि किसी ने उसके ऊपर काम ही करना शुरू नहीं करा। जब लोगों ने काम किया। पहला काम होता है अ सबसे पहले उसकी साइंस को स्टडी करना। दूसरा काम है उससे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स बनाना और तीसरा काम है एजुकेशन एंड अवेयरनेस करना। जब तक कोई टीम इन तीनों कामों की जिम्मेदारी नहीं उठाएगी तब तक कोई भी कमोडिटी कमर्शियलाइज नहीं हो सकती। आज जो भी चीज आप और मैं यूज कर रहे हैं। किसी ना किसी ने उस पे रिसर्च किया। किसी ना किसी ने उस पे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स
(55:36) बनाए और किसी ना किसी ने उसको कमर्शियलाइज किया। राइट? तभी वो काम हुआ। अब आप आलू की बात करते हैं। पोटैटो। पोटैटो तो हमारे देश में हुआ ही नहीं करता था। करेक्ट। आलू तो हमारे देश का है ही नहीं। पीनट्स हमारे देश के है ही नहीं। चाय हमारे देश की चाय हमारे देश की है ही नहीं। अब हुआ क्या? चाय अंग्रेज लेकर आए। रिसर्च किया जी भाई इसमें टेनेंस होते हैं। टेनेंस अगेन एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट बॉडी को मिलते हैं। जी टेनेंट्स हैं। इसको पिए। हमने तो खैर चाय का मजाक बना दिया। उसमें दूध वधू सब कुछ डाल के बनाना शुरू कर दिया। मसाला डाल दिया। चाय को भी हमने
(56:05) टेस्ट बना दिया। एक्चुअली में चाय उन्हीं एंटीऑक्सीडेंट के लिए पी जाती थी। तो उन्होंने पहले इस पे रिसर्च किया जी हां इसके फायदे हैं। फिर उन्होंने इसके ऊपर वैल्यू एडेड प्रोडक्ट बनाए। चाय उगानी शुरू करी, वाइट टी बनाई, ग्रीन टी बनाई, ब्लैक टी बनाई, सीटीसी बनाया। फिर इसका कमर्शियलाइजेशन हुआ। लोगों को चाय पिलाई गई, एजुकेट किया गया। तब जाके चाय ऐसा हमारी जिंदगी में बस गया कि हमारे देश का नेचुरल ड्रिंक बन चुका है चाय। राइट? तो ये क्या है कि ये एक प्रोसेस से गुजरा है। जहां किसी ना किसी ने उसको ये काम किया। आज आप में या कोई भी यही काम ब्लैक राइज
(56:34) में करना शुरू कर दे तो ब्लैक राइज भी वहां पहुंच जाएगा जहां उसको होना चाहिए। जहां आज वो 1 बिलियन पे है वो 1 बिलियन से 10 बिलियन पहुंचेगा, 15 बिलियन पहुंचेगा। मेरा यह मानना है एस एन इंडिविजुअल हमारी सोसाइटी को ऐसे लोगों की जरूरत है जो एजुकेशन एंड अवेयरनेस और रिसर्च और कमर्शियलाइजेशन ऐसी चीजों का करें जिससे जिसका एक पॉजिटिव इंपैक्ट है हेल्थ के ऊपर रादर देन ऐसी चीजों को कमर्शलाइज और एजुकेट करना जिसका नेगेटिव इंपैक्ट है। राइट? क्योंकि कहीं सॉफ्ट ड्रिंक्स आज पूरे देशों को डायबिटिक बना रही है। अब्सोलुटली। तो अगर काम ही करना है तो हम
(57:08) ऐसी चीजों पे काम करें जिनका पॉजिटिव इंपैक्ट हो। अब ब्लैक राइस क्यों नहीं है? क्योंकि ब्लैक राइस को किसी एंटरप्रेन्योर ने पिक ही नहीं किया ना। अब कॉस्टिंग की भी क्या होती है? जब किसी चीज की आप स्केल को बढ़ाते हो, उसके उत्पादन को बढ़ाते हो तो धीरे से उसकी कॉस्ट भी अपने आप कम होने लग जाती है। राइट? बिकॉज़ स्केल के साथ कॉस्टिंग भी आ जाती है, रिड्यूस हो जाती है। और ऐसा नहीं है कि हमारे देश में आज लोग पे करने के लिए रेडी नहीं है। आज हमारे देश में लोग बिल्कुल पे करने के लिए रेडी हैं। राइट? आज 300 ml कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए भी लोग 15-20 खर्च
(57:35) करते हैं ना। करेक्ट। राइट? जबकि है क्या उसमें? एक फार्मूला और 90% पानी है। राइट? तो पीपल आर पेइंग इट। जब लोगों तक एजुकेशन और अवेयरनेस पहुंचेगी तो वो चीजें भी पहुंचेंगी। करेक्ट। बट किसी ने अब क्यों नहीं उठाया? कोई उसपे काम ही नहीं कर रहा। कोई उसपे बात ही नहीं कर रहा। कोई उसपे कमर्शियल एंगल से चीजों को सोच ही नहीं रहा है। देख ही नहीं रहा है। तो जब तक वो देखेगा नहीं तब तक वो कमोडिटी या तो गायब हो जाएगी या वैसी की वैसी पड़ी रहेगी। अब मोदी जी ने मिलिट्स पे बात करनी शुरू करी। तो मिलिट्स आ गया वापिस। जो मिलेट्स गायब हुआ था। अब कहां से आ गया
(58:02) मिलिट्स? अब कैसे आ गया मिलिट्स? क्योंकि कमर्शियलाइजेशन होना शुरू हो गया। देश में किसी भी चीज को बढ़ाने का काम एक एंटरप्रेन्योर करता है। अब ये एंटरप्रेन्योर की जिम्मेदारी है कि वो देश में किन चीजों को पिक कर रहा है। करेक्ट। नेक्स्ट लॉस्ट हर्ब क्या रहेगा? नेक्स्ट लॉस्ट हब मैं इसको लॉस्ट तो नहीं बोलूंगा। मैं ये बोलूंगा कि इस पर्टिकुलर हर्ब का एक पार्ट का बेनिफिट हम लोग अभी तक समझ ही नहीं पाए। ओके? जैसे टमरिक हल्दी तो हल्दी हम सब लोगों के घर में यूज़ होती है। तो हल्दी को हम हमारे खाने में रेगुलरली हम लोग यूज़ करते हैं। और जो हम यूज़ करते हैं वो पाउडर
(58:38) फॉर्मेट में यूज़ करते हैं। एक्चुअली हल्दी का जो सबसे इंपॉर्टेंट कंपाउंड है वो है करकुमिन जो सबसे पावरफुल कंपाउंड है। देखिए हर एक चीज के अंदर कोई भी आप हर्ब ले लें, कोई भी प्लांट की मेडिसिन ले लें उसके अंदर कोई ना कोई कंपाउंड होता है जो बहुत ताकतवर होता है और जो उस पर्टिकुलर हर्ब के लिए बेसिकली परफॉर्म कर रहा होता है। हमने ब्लैक राइस पे बात करी तो उसके अंदर कुछ ऐसा कंपाउंड था। ऐसे ही टर्मरिक के अंदर जो सबसे इंपॉर्टेंट कंपाउंड है वो है कर्कमिन। राइट? जो कि बॉडी के अंदर से इनफ्लेमेशन को रिड्यूस करता है। जिसको एंटी कैंसरस भी बोलते हैं। इवन टर्मरिक का
(59:11) जो येलो कलर आता है। वो पीलापन जो आता है वो इसी करकमिन की वजह से ही आता है। राइट? तो कभी आपने देखा होगा कई सारे लोग टर्मरिक से इसको एक्सट्रैक्ट करके इसके कैप्सूल्स भी बनाते हैं। राइट? करकमिन के कैप्सूल्स भी बनते हैं और चीजें भी बनती है। बट ये तो कैप्सूल फॉर्मेट में हो गया। अब मैं नेचुरल बात करूंगा। अगर नेचुरली हमने कर्कमिल ले तो लिया लेकिन एक होता है कि आपने बॉडी को कुछ दिया है लेकिन उससे ज्यादा इंपॉर्टेंट यह है कि बॉडी ने उसको कितना अब्जॉर्ब किया है। उसकी बायो अवेलेबिलिटी कितनी है? बॉडी उसको अब्सॉर्ब कितना कर पा रही है। तो
(59:40) करकमिन को अगर आप पाउडर के फॉर्मेट में ले रहे हैं तो उससे ज्यादा अब्जॉर्प्शन होता है अगर आप करकमिन को ऑयल फॉर्मेट में ले रहे हैं। क्योंकि करकमिन ऑयल के साथ बेटर अब्सॉर्ब होती है रादर देन वाटर और नॉर्मल थिंग्स। राइट? इसीलिए जब आप टर्मरिक को ऑयल फॉर्मेट में लेते हैं तो आपको कर्कमिन का कर्कमिन तो मिल गया लेकिन ऑयल फॉर्मेट में लेने की वजह से आपकी बॉडी में इसका अब्सॉर्प्शन ज्यादा हो गया। तो टर्मरिक का जो ऑयल है वो बहुत ही पावरफुल है। इवन एक्सट्रैक्ट और पाउडर फॉर्मेशन से भी ज्यादा पावरफुल है। दूसरी सबसे खास बात क्या है कि एक्सट्रैक्ट और पाउडर में तो
(1:00:16) कई तरीके के एडल्ट्रेशन हो सकते हैं। करेक्ट? लेकिन आपने हल्दी का जब तेल निकाल लिया या तो पाउडर आपने बना लिया पाउडर जनरली लोग मार्केट से लाते हैं। उसमें कई सारा एडल्टेशन क्या हुआ है आपको कुछ नहीं पता। लेकिन जब आपने कच्ची हल्दी का तेल निकाल लिया और तेल निकाल के आपने जब उसको यूज़ करा है तो उसमें एडल्ट्रेशन की भी कोई गुंजाइश नहीं है। और उसके अंदर करकमिन का अब्सॉर्प्शन भी ज्यादा हो गया। और उसके बाद टर्मरिक के ऑइल में और कहीं ऐसे कंपाउंड्स हैं जिनका रोल जैसे टर्मरिक का रोल जो रोल है वो इन्फ्लेमेशन में था। और जो बाकी कंपाउंड्स हैं उनका रोल होता है
(1:00:46) स्ट्रेस को कम करने पे। तो टर्मरिक ऑयल इज समथिंग जो कि खोया नहीं है बट वही रेयर हर्ब है टर्मरिक लेकिन कभी हम उसके दूसरे फॉर्म को जान ही नहीं पाए। राइट? क्योंकि मैंने ये भी सुना है कि टर्मरिक ना एक्चुअली आपने जैसे बोला वो इजीली अब्सॉर्बेबल है भी नहीं इन कंपैरिजन टू अदर पाउडर। जैसे मैं नीम का पाउडर भी ले सकती हूं। पर वो फिर भी असिमिलेट हो जाएगा। क्योंकि इसकी पेनिट्रेटिव पावर थोड़ी कम है। हमने तो जैसे दादी मां का नुस्खा सुना था ना कि आप काली मिर्च लो, घी लो उसमें टर्मरिक डालो फिर लो तो ज्यादा पेनिट्रेट करेगा। करीबन 2000
(1:01:17) टाइम्स करेक्ट करेक्ट बड़ावा कह रहे हो ये सब झंझट करने की जरूरत नहीं तेल आप आप ऑइल ले लो राइट क्योंकि देखिए आप ऑइल क्यों डाल रहे थे ऑइल आप इसलिए डाल रहे थे क्योंकि आप फैट देना चाह रहे थे जिस फैट में करकेमिन अब्सॉर्ब हो सके और आपने जो काली मिर्च की बात बोली वो बिल्कुल आपने ठीक बोली क्योंकि पिपरीन जो होता है वो अब्सॉर्प्शन को बढ़ा देता है। राइट? मतलब अगर आप काली मिर्च लेते हैं तो उसके अंदर काली मिर्च के अंदर जो पिपरीन है पिपरीन एक कंपाउंड है जो करकमिन के अब्सॉर्प्शन को मल्टीपल टाइम्स बढ़ा देता है। तो ये तो मैं बिल्कुल एग्री करता हूं
(1:01:43) कि हां वो जो दादी दादी मां का नुस्खा था वो बिल्कुल ठीक था। अगर आपको ऑइल कहीं से मिल जाता है तो आप ऑइल एक्सट्रैक्ट भी कर सकते हैं। हल्दी का तेल आप निकाल भी सकते हैं। कहीं आज के समय में घरों में मशीन लगी हुई है ऑइल निकालने की तो उनमें ऑइल निकल जाता है। आप किसी के पास लेके चले जाइए कि भाई ये मेरे पास कच्ची हल्दी है। आप इसका ऑइल निकाल दीजिए तो वहां से ऑइल निकल जाएगा। हां मार्केट में ऑइल ऑइल मिलता है। इसका फूड ग्रेड ऑइल भी मिलता है। और आप सबसे अच्छी बात ये है कि टर्मरिक के ऑयल को आप फेस पे भी अप्लाई कर सकते हैं। और इसको आप अपने बालों में भी अप्लाई कर
(1:02:09) सकते हैं। अगेन बालों में अप्लाई करने के लिए कैरियर ऑयल लगा के आप अप्लाई कर लीजिए। और फेस पे अप्लाई करने के लिए आप इसको जहां पर भी एक्ने है या कोई भी ऐसी चीज है तो आप उस पे फेस पे भी अप्लाई कर सकते हैं। और खाना है तो वो आप फूड ग्रेड ऑइल आते हैं। अगर आप परचेस कर रहे हैं तो टमरिक का फूड ग्रेड ऑइल आप परचेस कर लें। और आप निकलवा रहे हैं एक्सट्रेक्शन करवा रहे हैं तो फिर आप वैसे ही कहीं भी जाके जिस दुकान पे जहां ऑइल निकलता है एक्सट्रैक्शन होता है उसको आप ऑइल दे देंगे तो वैसे ही निकाल देगा। मॉर्निंग टू नाइट टर्मरिक के मुझे यूजसेस
(1:02:33) बताइएगा। कैसे इंसान यूज़ कर सकता है? मान लीजिए कि रात में सोने से पहले आप चाहे तो इसको अपने फेस पे लगा सकते हैं। इवन आप ऐसा भी कर सकते हैं कि आपने सीबॉन ऑइल के साथ ही टर्मरिक ऑइल मिक्स कर लिया। तो दोनों को मिक्स करके भी यूज़ कर सकते हैं। मैं आपको अपने घर पे बताता हूं कि मेरा घर का स्पेसिफिकली सर्दियों के टाइम है या घर में अगर किसी को जॉइंट पेन की समस्या है या जॉइंट में बहुत तकलीफ हो रहा है या दर्द हो रही है। स्पेसिफिकली मेरी मदर के साइड पे मैं क्या करता हूं। उनको सीबकथोन का जो हमारा पल्प है उस पल्प में मैं टर्मरिक ऑइल मिला के
(1:03:01) देता हूं। दोनों का कॉम्बिनेशन तो ये दोनों का जो कॉम्बिनेशन है ये जॉइंट पेन में बहुत अच्छा काम करता है। तो मेरी मदर का मैं उनको टर्मरिक ऑइल और सीबन का कॉम्बिनेशन देता हूं। ओके मैं ना आपसे भ्रम्मी के बारे में चर्चा करना चाहती हूं। गिविंग कि अगेन इट्स सपोज टू बी ब्रेन फूड। राइट? एक ब्रेन टॉनिक की तरह काम करता है। और आज के जमाने में तो मेंटल इलनेस का तो जवाब ही नहीं है। राइट? जवाब ही नहीं है। मैं एक्चुअली एक स्टडी देख रही थी कि 2045 में वर्ल्ड में करीबन 50% लोग ड्रग्स में होंगे फॉर मेंटल इलनेस। हम्म स्टॉप तो छोड़ ही दो डोंट टू स्लो इट डाउन
(1:03:34) तो ये जो ब्रह्मी ब्रेन टॉनिक है व्हिच एक्स अ मेमोरी बूस्टर मेमोरी ऑफ द नर्व्स स्लीप में हेल्प करता है इसके बारे में मुझे कुछ बताइए देखिए ब्रह्मी के अंदर एक कंपाउंड होता है जिसको बैकोसाइट्स बोलते हैं ये बेसिकली वो कंपाउंड है जो हमारे न्यूरॉन्स हैं वो आपस में कम्युनिकेट जो करते हैं राइट वो एक केमिकल मैसेंजर के थ्रू कम्युनिकेट करते हैं। ब्रह्मी का ये बैकोसाइट कंपाउंड उन केमिकल मैसेंजर्स को स्ट्रेंथन करने का काम करता है। इसीलिए ये बोला जाता है कि अगर ब्रह्मी बच्चों को दी जाए तो उनकी मेमोरी बहुत शार्प होती है। तो डेफिनेटली ब्रह्मी
(1:04:03) माइंड के लिए बहुत ही बेहतरीन चीज है। राइट? बच्चों में अगर देखा जाए तो मेमोरी को शार्पन करने में बहुत अच्छा काम करती है। एडल्ट्स में अगर देखा जाए तो ये हमारे स्ट्रेस को रिलीव करने में, माइंड को काम करने में बहुत अच्छा काम करती है। और इवन अगर लॉन्ग टर्म पे अगर कोई इसको यूज़ कर रहा है तो एडल्ट में अगर जाते हैं तो कई सारी ऐसी बीमारियां होती है। पाकिस्तान डिजीज होती है, अल्जाइमर्स होते हैं। इन सारी चीजों से अगर बचना है। राइट? कई बार देखते हैं आपने ये देखा होगा कि लोग जब 30 साल 35 साल के होने लगते हैं धीरे से हम चीजों को भूलना शुरू कर देते हैं। अरे वो
(1:04:32) क्या था वो याद नहीं आ रहा और कभी-कभी लगता है यार मैं मैं मतलब यार मैं फिर फील होता है कि नहीं यार ऐज हो रही है अब राइट वो भूलना जो है वो शुरू कर दिया है वो कई बार बड़े कॉमन से नाम होते हैं लेकिन दिमाग में नहीं आते वो बहुत ही अर्ली साइन होते हैं कि हमारा ब्रेन ऐज कर रहा है राइट तो कई बार ऐसा लगता है यार पहले तो ऐसा नहीं होता था पहले तो मेरे को तुरंत याद रहता था यार अब मैंने भूलना कैसे शुरू कर दिया है वो अर्ली साइन है हमारे ब्रेन के ऐज होने के ओके लेटर ऑन यही सारी चीजें आगे चलकर अल्जाइमर पाकिस्तान इनमें कन्वर्ट होती है। जहां ब्रेन के
(1:05:05) एबिलिटी बाय डे कॉग्निटिव एबिलिटीज कम होती है। जैसे आपने मोहम्मद अली जो बहुत बड़े बॉक्सर हैं। आपने देखा होगा उनकी पूरी बॉडी जो थी वो पूरी कांपती थी। वो वो पाकिस्तान था। राइट? क्योंकि बॉक्सिंग के टाइम में उन्होंने ब्रेन पे इतने पंचेस लिए थे, अपने हेड पे इतने पंचेस लिए थे कि उसका इंपैक्ट था। राइट? क्योंकि वो डैमेज हुआ था। अच्छा। तो अब आज की डेट में हम जितना स्ट्रेस ले रहे हैं हमारे ब्रेन पे कितना लोड डाल रहे हैं। राइट? कितना सारा फ्री रेडिकल फॉर्मुलेशन हमारे ब्रेन के अंदर हो रहा होगा। आप इमेजिन करके देखिए। तो अगर हमें इसको
(1:05:34) प्रिवेंट करना है तो इसमें ब्राह्मी बहुत अच्छा रोल प्ले कर सकता है। रीज़न बीइंग जो केमिकल मैसेंजर्स हैं उनको स्ट्रेंथन करने का काम ब्राह्मी कर सकता है। राइट? और बच्चों में मेमोरी एडल्ट्स में मैं बात करूं अगर कोई एडल्ट्स है तो स्ट्रेस लीव करने का काम और अगर कोई एजेड है तो पाकिस्तान अल्जाइमर से बचने के लिए ये ब्राह्मी बहुत जरूरी है। और ब्राह्मी का तो है ब्रेन, ब्रह्मा और बुद्धि। राइट? तो उसका तो नाम ही डिफाइन करता है कि ब्राह्मी जो ब्रेन के लिए तो वन ऑफ द बेस्ट चीज है। तो इसको हम जूस फॉर्मेट में ऐड कर सकते हैं। कैप्सूल फॉर्मेट में ऐड
(1:06:07) कर सकते हैं। बच्चों के लिए हम इसका एक से दो एमl हम लोग बच्चों का जूस फॉर्मेट में हम लोग इसको ऐड कर सकते हैं। और 10 से 12 ml हम इसको ऐड कर सकते हैं एडल्ट्स के लिए इन द फॉर्मेट ऑफ जूस। और अगर पाउडर फॉर्मेट में ले रहे हैं तो हम 1 ग्राम से 3 ग्राम हम इसको पाउडर फॉर्मेट में हम इसको ऐड कर सकते हैं। राइट? इसको अगर हम चाहें तो इसको हम घी के साथ भी इसको ले सकते हैं। घी के साथ इसका जो भी इसके बेनिफिट्स हैं उनका अब्सॉर्प्शन और ज्यादा हमारा बढ़ जाएगा। और टैब में लिख देंगे तो एक से दो टेबलेट जो है कोई इंसान दिन में ट्वाइस अ डे कोई इंसान कंज्यूम कर
(1:06:38) सकता है। और बच्चों के लिए तो ब्राह्मी इज वन ऑफ द बेस्ट सीन। अच्छा राइट। ओके। ग्रेट। हमारे पेरेंट्स ने हमें बचपन में दिया है। दिया है। दिया है। ब्राह्मी दिया है। बच्चों की ब्रेन मेमोरी के लिए शंकुश भी बहुत अच्छा होता है। हमारे पेरेंट्स तो जब हम छोटे थे तो हमें शंकुश भी पिलाया करते थे लगातार। अच्छा। राइट? उस समय तो ऐसा लगता था कि जब ये पेपर में फेल हो रहे हैं यही बचा सकता है। इसको पी लेंगे तो कुछ हो जाएगा। बट हां इनिशियली जब हम छोटे थे तब समझ में नहीं आता था। बट आई थिंक सो मुझे नहीं पता अब आज के पेरेंट्स क्या कर रहे हैं नहीं कर रहे
(1:07:03) हैं। बट हां लाइक इनिशियली हमारे पेरेंट्स ने हमें रेगुलरली शंकुशपी तो दिया है। अच्छा राइट तो ब्राह्मी और शंकुश रेगुलर है और शंकुष्पी बहुत अच्छा काम करता है ब्रेन मेमोरी। ओके। नेक्स्ट हर्ब कौन सा होगा? नेक्स्ट हर्ब एक बहुत अच्छा हर्ब है जिसका नाम है पुनर्वा। तो जैसे पुनर्वा का मतलब ही है पुनर मतलब दोबारा और अनरवा मतलब रिन्यूल। तो दोबारा से जो बॉडी को रिन्यू कर दे कोई भी ऐसी चीज जो दोबारा से बॉडी को रिन्यू करे उसी बेसिस पे इसको नाम दिया गया है पुनर्वा। पुनरवा का मेन काम ये है कि पुनरवा हमारी बॉडी से एक्स्ट्रा फ्लूइड
(1:07:32) को बाहर निकालता है। राइट? कई बार क्या होता है कि हम में से कई लोगों की बॉडी में ये होता है कि हम एक्स्ट्रा फ्लूइड रिटेन करके रखते हैं हमारी बॉडी में। इसका एक बहुत स्ट्रांग इंपैक्ट और प्रेशर हमारी किडनी पे भी पड़ता है। जितना ज्यादा फ्लूइड हम अपनी बॉडी में रिटेन करके रखेंगे तो उतना ज्यादा प्रेशर हमारी किडनी पे भी पड़ेगा। तो पुनर्वाह का सबसे इंपॉर्टेंट काम ये है कि वो एक्स्ट्रा फ्लूइड को एक्सक्रीट कर देता है हमारी बॉडी से और उसके एक्सक्रीट होने के प्रोसेस में कई सारे टॉक्सिंस भी जो हैं वो उस वाटर के साथ में एक्सक्रीट हो जाते
(1:08:00) हैं। बस क्या है कि जब भी हम पुनर्वा ले रहे हैं तो एक नेगेटिव साइड ये है कि हमें ये देखना है कि हमारी बॉडी ज्यादा डिहाइड्रेट ना हो क्योंकि डयरेटिक है। बॉडी से पानी को ये बाहर निकालने का काम कर रही है। टॉक्सिंस को निकालने का काम कर रहा है। एक्स्ट्रा वाटर को निकालने का काम कर रहा है। किडनी को रिस्टोर करने का काम कर रहा है। मतलब किडनी के हेल्थ के लिए अगर मैं बात करूं तो पुनरवा इज वन ऑफ दी बेस्ट थिंग। ओके। बट जब भी अगर ले रहे हैं और अगर गर्मियों में ले रहे हैं तो थोड़ा सा अपने को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। तो अगर किसी को भी किडनी
(1:08:32) रिलेटेड कुछ भी इशू है जो बहुत ज्यादा है। आपने देखा होगा ना बहुत बढ़ रहा है। हां जो मतलब क्रॉनिक इशज़ किडनी को लेकर बहुत ज्यादा बढ़ रहे हैं। या कई बार इवन जो हमारी बॉडी का वेट होता है अगर कोई अपनी वेट लॉस की जर्नी पे है तो वेट में एक्सेस वेट एक्सेस वाटर की वजह से भी होता है। वाटर के वेट की वजह से भी होता है। तो एथलीट्स को अगर अपना वेट लॉस करना होता है आखिरी में एक दो किलो अगर उनको रिलीज करना होता है तो बॉडी के वाटर को ही रिमूव करते हैं। पुनरवा को कंज्यूम कैसे करना है? पुनरवा को अगेन पाउडर फॉर्मेट में कंज्यूम कर सकते हैं। इसका एक से 3 ग्राम जो पाउडर
(1:09:01) होता है राइट उसको हम उसी फॉर्मेट में हम लोग पुनरवा को कंज्यूम कर सकते हैं। पाउडर में या पाउडर में और गरम पानी में इन द फॉर्म ऑफ़ पाउडर गरम पानी और मिल्क में। गरम पानी में नहीं मिल्क में नहीं। गरम पानी में हम इसको ले सकते हैं। ये भी कहा है कि क्योंकि पुनरवाह की तासीर ठंडी होती है तो ये वाता को बढ़ाता है बॉडी में हेयर एलिमेंट को। जी तो इसलिए ड्राई जिंजर या साठ के साथ इसको लेना चाहिए। हां हां करेक्ट हां ये बिल्कुल आपने जो कहा है बिल्कुल सही है। अगर इसको हम ड्राई जिंजर और साल्ट के साथ लेते हैं तो जो इसके नेगेटिव इंपैक्ट्स हैं वो हम इसको जैसे
(1:09:32) मैंने कहा कि डयरेटिक है। वाटर भी बॉडी से रिलीज करेगा वो एक पॉजिटिव चीज भी है। राइट? बट कई बार उसी चीज का नेगेटिव इंपैक्ट भी होता है। तो डेफिनेटली जब हम इसको ड्राई जिंजर और साल्ट के साथ लेते हैं तो हम उसके नेगेटिव इफेक्ट को मिनिमाइज कर सकते हैं। अंडरस्टुड? अंडरस्टुड। ये जो सारी ये हर्ब्स की भी हम बात कर रहे हैं इनको रेगुलरली इनडेफिनेटली लिया जा सकता है या पॉज करना चाहिए फिर रिस्टार्ट करना चाहिए। देखिए अगर कोई भी चीज ऐसी आप ले रहे हैं जो आपके माइक्रो न्यूट्रिएंट की नीड को पूरा कर रही है तो तो आप उसको रेगुलर ले
(1:09:56) सकते हैं। मतलब आप उसको फूड के सप्लीमेंट के फॉर्मेट में ले रहे हैं। लेकिन अगर आप किसी चीज को इस फॉर्मेट में ले रहे हैं जो कि आपकी किसी एक इशू को रिसॉल्व कर रहा है। तो मुझे लगता है कि उसको एक स्पेसिफिक टाइम और स्पेसिफिक पीरियड तक लेना चाहिए। जैसे पुनर्वा है उसको आप रेगुलरली नहीं ले सकते। उसको तो आप जब आपको लग रहा है कि मुझे अपनी बॉडी से एक्स्ट्रा फ्लूइड रिमूव करने की जरूरत है तो वो पुनर्वा का काम है। तब आप उसको पुनर्वा ले सकते हैं। शंख पुष्पी हां शंखपुष्पी एक ऐसी चीज है जो रेगुलर बच्चों के लिए दिया जा सकता है ओवर
(1:10:20) अ पीरियड ऑफ़ टाइम उसको हम रेगुलर दे सकते हैं। ब्लैक राइस डेफिनेटली जी बिल्कुल रेगुलर लिया जा सकता है। सीख्तव जी बिल्कुल रेगुलर लिया जा सकता है। टमरिक ऑइल यस उसको रेगुलरली हम लोग हमारी डाइट का पार्ट बना सकते हैं। नेक्स्ट अब क्या होगा? अ नेक्स्ट अब हम कोकम ले सकते हैं क्योंकि अभी गर्मियों का सीजन आ रहा है और आई थिंक सो कोकम इज वन ऑफ दी बेस्ट थिंग क्योंकि मैं तो ये बोलूंगा कि नेचुरल कूलेंट है हमारी बॉडी का एसी है ये और बॉडी को नेचुरली कूल करने का काम कोकम करता है और जनरली गोवा में कर्नाटका में महाराष्ट्र में इसका बड़ा अच्छा सा शरबत बना के लोग
(1:10:51) पीते हैं और बहुत अच्छी ड्रिंक है अब क्या होती है कि जैसे ही सोल कढ़ी हां सोल कढ़ी बनाते हैं तो बहुत अच्छा ड्रिंक है और मैं ये मैं ये चाहूंगा कि जितने भी लोग नॉर्थ साइड पे हैं जनरली ली राजस्थान में, पंजाब में, गुजरात में वो इसका बेनिफिट जरूर लें। इसका शरबत बनाएं और इसको रिप्लेस करें। बहुत सारी चीजें जो हम यूज़ करते आ रहे हैं। कई सारे जो हम ड्रिंक्स यूज़ करते हैं उसमें बहुत फायदेमंद है। और कोकम का सबसे अच्छा फायदा है कि वेट मैनेजमेंट में बहुत अच्छा काम करता है। उसके पीछे का रीज़न यह है कि जो इसमें एचसीए है, यह कार्ब्स को फैट में कन्वर्ट करने से रोकता
(1:11:22) है। तो, वेट मैनेजमेंट भी बहुत अच्छा काम है। और मैंने तो श्रद्धा कपूर के भी कई सारे वीडियोस को के बेनिफिट के ऊपर देखे हैं। राइट? तो अब तो ये सेलिब्रिटी ड्रिंक भी है। मैं ये बोल सकता हूं। तो कोकोम एक ऐसी चीज है जो बहुत अच्छा है बॉडी को कूल करने में और आपके वेट मैनेजमेंट में इन चीजों में बहुत अच्छा है। मैं जब छोटी थी ना मुझे ये मैं बॉम्बे में पैदा हुई। मैंने पहले अपने सेवन इयर्स बॉम्बे में गुजारे हूं। तो वहां बहुत कॉमन है। कैरी बोलते हैं या अमबी बोलते हैं शायद से। यू नो कच्चा आम में थोड़ा नमक मिर्च डाल के खा लो।
(1:11:52) उसके साथ वो जो हॉकर वो बेचता था ना तो वो इमली में ही यही करता था। इमली में नमक डाल के। तो मुझे बहुत अच्छा लगता था। अब मेरी मेरा ना गला बहुत सेंसिटिव था। अच्छा तो मेरी मदर ना क्या करती थी ना अब घर में मैं बोलती हूं वो नहीं चाहती थी कि मैं हॉकर से लूं वो कहती थी बेटा आ जाओ घर में मैं बना लूंगी दे दूंगी अब इमली तो वही है कि ज्यादा हीट है ना गला खराब कर देती थी तो मुझे कोकम देती थी वो कोकम में मिला के कहती इट्स अ वै गुड सब्स्टट्यूट फॉर इमली क्योंकि इमली तो हीट हीट इमली हीट करेगी तो ये उसका सब्स्टट्यूट है जनरली साउथ में यही होता है कई जगहों पे
(1:12:22) फिश करी में इमली की जगह कोकम यूज़ किया जाता है राइट वो खटास देने के लिए वो खटास देने के लिए वो कोकम यूज़ करना चाहिए जैसे मैंने शंकुश भी पिया बचपन में आपने बचपन में कोकुम पिया है। राइट? तो हमारी बचपन की हाव्स निकल के सामने आ रही है। सबसे बेहतरीन तो इसका नक्शा है इसका शरबत। राइट? इसको कुकुम को कु कोकुम को ले लें और इसका शरबत बनाएं और गर्मियों में दोपहर के टाइम, शाम के टाइम जो हम कई सारे पीते हैं राइट। तो उसका रिप्लेसमेंट है ये कोकम। तो शरबत के फॉर्मेट में दी बेस्ट है। बस अवॉयड करें कि बहुत ज्यादा शुगर वगैरह ना ऐड करें।
(1:12:54) अगर हमें करना भी है तो आज के समय में मक फ्रूट आ गया है, फस आ गया है। ये बेटर अल्टरनेटिव है शुगर के। राइट? फॉस एक बहुत अच्छा है। फ्रुक्टली सैक्राइड्स होते हैं। फ्रूट बेस शुगर है। तो हल्का सा उसको ऐड कर लें। टेस्ट भी इसका बिल्कुल शुगर की तरह होता है। तो उसको पूरा ऐड कर लें और उसका शरबत बना के इसको पिए। और अगर कोई इसका रेगुलर ड्रिंक लेता है अगर कोई अपने वेट मैनेजमेंट जर्नी पे है तो वो तो इसका वैसे भी ड्रिंक बना के कर सकता है और अगर कोई इसको टेस्ट के लिए पी रहा है तो वो इसमें कोई स्वीटनर ऐड करके इसका शरबत बना के पी
(1:13:22) सकता है। तो बेस्ट वे जो इसको यूज़ करने का है वो इसका शरबत है। और अगर कोई बिल्कुल वेट मैनेजमेंट के लिए जा रहा है तो जनरली गार्सिनिया कंबोजिया और कुकुम ये दोनों आप मिला देते हैं तो आपका वेट मैनेजमेंट जर्नी और ज्यादा स्ट्रांग हो जाती है। बिकॉज़ गार्सिनिया कंबोजिया अगेन ये फ्रूट है जो श्रीलंका और इन सारी जगहों पे बहुत पॉपुलर है। तो यह हंगर को सप्रेस करने का काम करता है। अगेन इसी इसके अंदर भी सेम कंपाउंड एडसी है वो कोकम में भी है। तो दोनों जब आप साथ में लेते हैं तो इफेक्ट और बढ़िया हो जाता है। ओके? तो गार्सिनिया कंबोजिया हैज़ बीन अ वेरी
(1:13:51) रेगुलर थिंग व्हिच पीपल यूज़ इट फॉर वेट मैनेजमेंट। तो जब आप कंबाइन कर देते हैं मतलब आपने गार्सिनिया कंबोजिया का कोई एफरवेसेंट ले लिया या कुछ ले लिया, कोई एक्सट्रैक्ट ले लिया और वो कोकुम के शरबत में मिला लिया। तो इन दोनों का कॉम्बिनेशन बहुत बढ़िया होता है वेट मैनेजमेंट के लिए। मतलब अगर कोई भी वेट मैनेजमेंट जर्नी पे है तो उसमें ब्लैक राइस वो अपने ब्रेकफास्ट में ऐड कर ले। हां। और कोकुम और गार्सिनिया कंबोजिया वो एज अ ड्रिंक जब भी जो है उसको लंच के टाइम में जब भी उसको बहुत ज्यादा क्रेविंग हो रही है वो ऐड कर ले क्योंकि वो हंगर को सप्रेस
(1:14:21) कर देगा और फैट ऑब्जर्शन भी कर देगा। तो ये ब्लैक राइस कोकम और गार्सीना कमोजी का कॉम्बिनेशन ये पूरा जो कॉम्बिनेशन है ना मतलब ये एक तरीके से बेस्ट टूल है किसी के वेट वेट मैनेजमेंट जर्नी पे अगर कोई जा रहा है तो उसके लिए ये बेस्ट वेट मैनेजमेंट टूल है कि ब्लैक राइस उठा लिया कोकम ले लिया गार्सीना कमजोर लिया दोनों को ऐड कर लिया और अपना अपना वेट मैनेजमेंट जर्नी अगर वो अचीव करना चाह रहे हैं अपने गोल को तो उसमें ये बेस्ट टिप है उनके लिए जो उसको ऐड करना चाहते हैं। थैंक यू थैंक यू फॉर दैट ग्रेट। आयुर्वेद में जामुन की सीड की काफी बात होती है।
(1:14:50) डायबिटिक्स के लिए वो बहुत बढ़िया माना जाता है क्योंकि उसकी एस्ट्रिंजेंट जो प्राइमरी जो रस होता है उसका जी एस्ट्रिंजेंट होता है। करेक्ट इनफैक्ट पाउडर फॉर्म में तो आई थिंक आयुर्वेदिक एक वो भी है डिकॉक्शन कि आप उसको ले तो आपकी डायबिटीज सही रहती है। जामुन एज अ फ्रूट भी हम जानते हैं कि जब खाने के बाद आपकी सडन शुगर स्पाइक होती है वो उसको करता है। स्लो डाउन करता है। लेकिन मैंने हाल ही में ये चीज सुनी है व्हिच इज कॉल्ड जामुन एक्सट्रैक्ट। क्या इसके बारे में जानते हैं? करेक्ट। देखिए कोई भी एक्सट्रैक्ट क्या होता है? कोई भी एक्सट्रैक्ट का मतलब होता
(1:15:19) है कि आपने उस पर्टिकुलर कंपोनेंट से जो उसका मेन पार्ट था वो निकाल लिया। दिस इज एक्सट्रैक्ट। राइट? एक्सट्रैक्ट का काम ही होता है मेन पार्ट को निकालना जिससे कि उस पर्टिकुलर चीज की जो बायो अवेलेबिलिटी है या उसका जो यूसेज है वो कम चीज में हमें ज्यादा बेनिफिट मिल जाए। दिस इज़ एक्सट्रैक्ट। हम तो जो जामुन का एक्सट्रैक्ट निकाला जाता है उसमें ये पाया गया कि उसमें जमोलाइन और जंबोसिन दो ऐसे कंपाउंड होते हैं जो बहुत ही अच्छी मात्रा में होते हैं। और ये दोनों कंपाउंड करते क्या हैं? अब कई बार हम लोग बोलते हैं कि जी भाई जामुन
(1:15:48) एक्सट्रैक्ट डायबिटीज में बहुत अच्छा है। बट मेरा सवाल है क्यों? क्यों अच्छा है? इसके पीछे की साइंस क्या है? तो ये जो चेंबोलाइन और चैमोसेन है ये हमारे पैंकक्रियाज के बीटा सेल्स को रीजनरेट करने का काम करता है। अब ये बीटा सेल क्या होते हैं? ये बीटा सेल पैंकक्रियाज के वो सेल्स हैं जो इंसुलिन जनरेट करते हैं। तो अगर कोई जामुन का एक्सट्रैक्ट ले रहा है तो वो डायबिटीज में उसको कैसे मदद कर सकते हैं कि ये दो कंपाउंड उनके बीटा सेल्स को रीजनरेट करेंगे। अगर वो इस लिमिट तक नहीं पहुंचाएंगे कि जहां रीजनरेशन हो ही नहीं सकता। राइट? अगर वो इन द प्रोसेस है
(1:16:18) रीजनरेट किया जा सकता तो उसको रीजनरेट करेंगे। और जब बीटा सेल रीजनरेट होंगे तो पनक्रियाज की इंसुलिन बनाने की कैपेसिटी वापस से रीजनरेट होना स्टार्ट हो जाएगी। तो दिस इज़ हाउ जामुन इज़ हेल्पफुल इन डायबिटीज। और अगेन जामुन का जो ब्लैक कलर है राइट जो ब्लैक कलर है वो एंथोसाइनिन की वजह से है। तो अगेन वो एक बहुत पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। तो अगर कोई इंसान जामुन को एज अ फ्रूट जब भी सीजन में जामुन आ रहा है तो वो जब उसको खा रहे हैं तो वो एंथोसाइनिन वाला जो पार्ट है ना वो बहुत अच्छा है। तो जामुन का एक तो सीड का एक्सट्रा डायबिटीज में बट जो ये वाला बेनिफिट है जो
(1:16:51) उसके कलर का बेनिफिट है जो उसके फ्रूट का बेनिफिट है वो अगेन एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट जामुन देता है। अच्छा। बट आज के समय में अब धीरे से क्या हो रहा है कि एक तो जामुन का मिलना भी कम हो गया है। सीजन बहुत छोटा हो गया है। बहुत सारे लोगों ने कंस्प्शन भी बहुत कम कर दिया है। बट जामुन भी अगेन एक बहुत अच्छा एंटी एजिंग फूड है बिकॉज़ ऑफ़ एंथोसाइनिस। ओके। ओके। जामुन एक्सट्रैक्ट को कंज्यूम कैसे करा जा सकता है? जामुन एक्सट्रैक्ट को अगर किसी को डायबिटिक है, कोई पर्सन डायबिटिक है, तो वो क्या कर सकता है? वो एक कॉम्बिनेशन बना सकता है। जहां वो जामुन, करेला और चराता
(1:17:24) तीनों को मिक्स करके ले सकता है। क्योंकि मुझे लगता है यह तीनों को मिक्स करके इसका इंपैक्ट काफी बेहतरीन आता है। बिकॉज़ करेला के अंदर अगेन पी इंसुलिन पेप्टाइड इंसुलिन है जो एक तरीके से इंसुलिन का बिल्कुल मिमिक कंपाउंड है। तो वो एक शॉर्ट टर्म बेनिफिट देगा और चराता अपने बेटा टेस्ट की वजह से उसके भी कई सारे बेनिफिट है डायबिटीज पे अ तो वो भी डाइजेशन को बहुत अच्छा करता है और जामुन तो डेफिनेटली बीटा सेल को रीजनरेट कर रहा है। तो ये तीनों का जो कॉम्बिनेशन है करेला, जामुन और चिराता ये कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा काम करता है। राइट? इसके साथ अगर कोई सीबॉन ऐड कर ले तो
(1:17:54) और अच्छी बात है। रीज़न बीइंग कि सीबॉन का जो बेनिफिट है वो इंसुलिन सेंसिटिविटी में है कि जो भी आपकी बॉडी के अंदर इंसुलिन है वो उसको स्मार्टली यूटिलाइज करेगा। राइट? एक पॉइंट होता है कि आपका इंसुलिन पनक्रियाज कितना रिलीज़ कर रहा है ये एक आस्पेक्ट है। दूसरा आस्पेक्ट है कि दूसरा आस्पेक्ट इंसुलिन रेजिस्टेंस है कि जो इंसुलिन रिलीज़ हुआ वो कितने ग्लूकोस को सेल में पुश कर पा रहा है। तो उस साइड पे सीबक्टोन इज़ बेस्ट। बीटा सेल रीजनरेशन साइड पे जामोन एक्सट्रैक्ट इज़ बेस्ट। तो इनका कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा काम करता है। बट अगर कोई जामुन एक्सट्रैक्ट इंडिविजुअली
(1:18:23) लेना चाहता है तो उसको कैप्सूल फॉर्मेट में ले सकता है। बिकॉज़ आई थिंक सो दैट वुड बी वन ऑफ दी बेस्ट वे टू टेक और उसके जो कैप्सूल के डोसेस आते हैं 500 एमg और उस तरीके के डोसेस आते हैं तो उन डोसेस के हिसाब से वो उनको अपनी डाइट में यूज़ कर सकते हैं। ओके। मैं हमारे आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछ रही थी तो उन्होंने कहा कि आप इसको जैसे आप कह रहे हो पाउडर कैप्सूल फॉर्म में आप ले लीजिए। पाउडर टू से 5 ग्राम आपने जैसे कहा एक्सट्रैक्ट 250 और 500 mg होता है। जैसे लोग कहते हैं ना साइड इफेक्ट्स क्या ये नेचुरल हर्ब्स लेने के भी साइड इफेक्ट्स
(1:18:50) होते हैं? देखिए हर नेचुरल हर्ब्स में एक्टिव्स हैं। राइट? मतलब ये प्लांट हैं और इनके अंदर एक्टिव्स हैं। तो एक्टिव्स जो हैं वो हमारी बॉडी में इंपैक्ट करते हैं। अगर हम इनको क्वांटिटी से ज्यादा लेते हैं तो बिल्कुल। इसके हमें साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे बहुत एक्सट्रीम नहीं बट इनडाइजेशन, एसिडिटी ये साइड इफेक्ट्स हमें देखने को मिल सकते हैं। तो हमें सबसे पहली बात तो किसी भी चीज को रिकमेंडेड डोज़ के अंदर ही लेना है। दूसरा हमें ये देखना है कि किसको खाली पेट लेना है, किसको खाने के साथ लेना है ये बहुत इंपॉर्टेंट है। अगर आप मेरे से
(1:19:20) बोलेंगे बहुत एक्सट्रीम साइड इफेक्ट वो तो नहीं है। राइट? लेकिन अगर आप बोलेंगे कि इनडाइजेशन हो गया, एसिडिटी हो गया, नजिया हो गया। इनसे बचने के लिए बेहतर यह है कि हम उन चीजों को राइट डोजेज में लें और राइट फॉर्म में लें और राइट टाइमिंग पे लें। जो भी टाइमिंग है खाने से पहले खाली पेट खाने के साथ जब हम इन चीजों को फॉलो करेंगे तो जो इनके छोटे वाले साइड इफेक्ट्स हैं हम उनको ओवराइड कर सकते हैं। ओवराइट कर सकते हैं। अंडरस्टैंड। तो एक अशोक अशोक का पेड़ होता है जो जनरली हम लोग अपने घरों में हम आप लगाया करते थे। बड़े-बड़े उसके लंबे से पत्ते होते
(1:19:51) हैं। राइट? नहीं तो अशोक के पेड़ को यह बोला जाता है कि वो दुखों को भगाने वाला एक पेड़ है जो स्वरों को रिमूव करता है और उस पेड़ को जब भी आप कभी भी पूजा देखते होंगे तो आप उसमें देखते होंगे अशोक के पत्ते लगाए जाते हैं। अशोक के पेड़ के पत्ते लगाए जाते हैं। लेकिन पत्ते तो ठीक है लेकिन जो अशोक की छाल है जो पेड़ की बार्क होती है उस वो फीमेल हेल्थ में सबसे ज्यादा बेनिफिशियल मानी गई है। ओके फीमेल हॉर्मोनल बैलेंस में पीसीओएस में पीसीओडी में हमारे आयुर्वेद में उसके बेनिफिट बहुत ही जिक्र किए गए हैं कि अशोक की जो छाल है मतलब आप ये समझिए कि इससे
(1:20:24) ज्यादा बेहतर चीज चाहे शतावरी हो गई एक शतावरी हो गया और एक अशोक छाल हो गया। अगर किसी को भी फीमेल हॉर्मोनल इमंबैलेंस की प्रॉब्लम है और उसकी वजह से मल्टीपल और भी इश्यूज आ रहे हैं तो उसमें ये दो हर्ब्स ऐसी हैं जो डेफिनेटली उनको कंज्यूम करनी चाहिए। तो अगर हम कॉम्बिनेशन में ले रहे हैं तो हम अशोक छाल और शतावरी का कॉम्बिनेशन भी ले सकते हैं। 1: वन के कॉम्बिनेशन में भी इसको ले सकते हैं। अब अगर हम अशोक छाल को अकेले ले रहे हैं तो हम इसका पाउडर ले सकते हैं। तीन से छ ग्राम पाउडर एक गर्म पानी में राइट और खाने से पहले या दूध में गरम
(1:20:55) हां गरम दूध में हम इसको ले सकते हैं। दूसरा अगर इसका डेकोरेशन बना रहे हैं हम तो इसको गर्म पानी में उबाल सकते हैं। 5 से 10 मिनट। 5 से 10 मिनट उबाल लिया। फिर हमने जो जो डिकॉशन बनाया है हमने उसको यूज़ कर लिया। तो तीसरा जो है इसके कैप्सूल्स भी आते हैं। तो कैप्सूल फॉर्मेट भी ले सकते हैं। 250 एमg 500 एमg के हम कैप्सूल्स भी ले सकते हैं। और ये बहुत ही अच्छी हर्ब्स हैं। अगर फीमेल वेलनेस की बात करूं तो ये बहुत ही अच्छी हब्स हैं क्योंकि आज के समय में ये इशूज़ बहुत ही कॉमन हो गए हैं। राइट? तो अगर इनसे आना है तो शतावरी और अशोक चाहल
(1:21:22) का कॉम्बिनेशन इसमें काफी फायदेमंद है। काफी हेल्प कर सकता है। ओके। क्या हमें ये सारी हर्ब्स एक साथ लेनी चाहिए या एक-एक करके लेनी चाहिए? फॉर एग्जांपल कुछ लोग कहते हैं ना पहले 3 मंथ्स में एक हर्ब लूं। फिर दूसरे 3 मंथ्स में एक हर्ब लूं। फिर एक और हर्ब लूं। ऐसे होना चाहिए या सब कुछ एक साथ? देखिए अगर उनका इंपैक्ट कॉम्प्लीमेंट्री है जैसे कुछ ऐसी हब्स होती हैं जो एक साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करती हैं। तो उनको तो बिल्कुल आप साथ में ले सकते हैं। राइट? उसके जो रेशियोज़ हैं आप देख सकते हैं। जैसे जामुन एक्सट्रैक्ट मैंने बात करी थी जामुन, करेला और चिराता ये
(1:21:49) तीनों कॉम्बिनेशन में जब आप लेते हैं तो इनके इफेक्ट और बेहतरीन हो जाते हैं। राइट? सीबकथोन और टर्मरिक ऑयल अगर आप एक साथ लेते हैं तो इसका इफेक्ट और बेहतरीन हो जाता है। लेकिन अगर उनके इफेक्ट कॉम्प्लीमेंट्री नहीं है तो फिर हमें उनको अलग-अलग ही लेना बेहतर है। राइट? जैसे पुनर्वाह है तो पुनर्वाह को बेहतर है कि हम अलग ही लें। उसको अलग-अलग लें। तो कुछ हर्ब्स हैं मैटर करता है कि वो कॉम्बिनेशन में कैसे काम कर रही हैं। किस चैलेंज के लिए लिया जा रहा है। अब मान लीजिए कि फीमेल वेलनेस के लिए है तो वहां शतावरी और वहां आपका अशोक छाल ये बहुत
(1:22:20) अच्छा काम कर सकते हैं। वेट मैनेजमेंट के लिए लिया जा रहा है तो वहां पे आपका कोकुम और कार्सिनिया कंबोजिया ये बहुत अच्छा काम कर सकता है। तो मैटर करता है कि किस हमारा ऑब्जेक्टिव क्या है? हमारा पर्पस क्या है? उस हिसाब से हमारा कॉम्बिनेशन है। हम उसको ले सकते हैं। कितने दिनों बाद ये हर्ब्स का असर दिखना शुरू करता है शरीर में? देखिए जो यह ऑब्जर्व किया गया सबसे पहला जो असर आता है किसी भी हर्ब का जनरली बहुत शॉर्ट टर्म पे आता है वो डाइजेशन होता है। राइट? उसके बाद जो असर आता है वो स्किन पे आता है। अच्छा। फिर जो असर आता है वो आपके एनर्जी
(1:22:49) लेवल पे आता है। लेकिन अब हर किसी की बॉडी भी वैरी करती है। किसी पे रिजल्ट जल्दी आ जाते हैं। किसी में देर में आते हैं। लेकिन आप इतना मान के चलिए कि किसी भी चीज को उसका बेस्ट रिजल्ट देने में लगभग 90 दिनों का समय लगता ही लगता है। तो 90 डेज तक किसी ना किसी चीज को हमें कंज्यूम करना है। अब कई बार ऐसा होगा कि कुछ दिन हमने कुछ चीजें ली। हमारे को डाइजेशन बहुत अच्छा लगने लगा। गट हेल्थ हमें बहुत अच्छी लगने लगी। एनर्जी लेवल हमारे बहुत अच्छे होने लगे। बट जो बेस्ट रिजल्ट है वो आपका 90 डेज के पीरियड में ही निकल कर आएगा। जैसे जामुन एक्सट्रैक्ट है आप उसको देखना
(1:23:19) चाह रहे हैं डायबिटीज पे जो बेस्ट निकल कर आएगा वो 90 डेज में ही निकल कर आएगा। तो मैं इसको तीन पार्ट में ब्रेक करता हूं। पहले 15 दिन, एक महीना और 90 दिन। पहले 15 दिन आप उम्मीद रखिए कि डाइजेशन और स्किन अच्छा होगा। एक महीना आप उम्मीद रखिए कि आपकी एनर्जी लेवल और बहुत बढ़िया होगा। और जो आप किसी पर्टिकुलर लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर को टारगेट कर रहे हो तो आप उम्मीद करिए कि 90 दिन आपको लगेंगे उसको पूरी तरीके से उसके बेनिफिट को पाने में। अंडरस्टुड गिलोय एक ऐसा हर्ब है जो काफी लोग जानते भी हैं और पूछते रहते हैं कि कैसे कंज्यूम करना चाहिए बिकॉज़ इट इज़ एंटी
(1:23:47) कैंसरस एंटी इनफ्लेमेटरी एंटी डायबिटिक इट प्रोटेक्ट्स द लिवर इसको हम अमृता भी अमृत बोलते हैं नेक्टर बोलते हैं तो गिलोय भी इंडेंजर्ड वैसे स्पीशीज में आता है बिल्कुल इंडेंजर्ड है अब तो धीरे से लेकिन जैसे बाबा रामदेव जी ने इसके ऊपर खूब बात करी है तो उसके बाद तो लोगों को जानकारी हुई है और गिलोय उगाना शुरू कर दिया गया है और गिलोय के जूसेस भी बनने शुरू हो गए हैं राइट जो पैकेज जूसेस आते हैं तो अब तो मैं जैसे पहले भी बोल रहा था जब कोई इंसान किसी पे अवेयरनेस क्रिएट करता है तो कमर्शियलाइजेशन होना शुरू हो जाता है। तो बहुत अच्छा काम किया बाबा रामदेव जी
(1:24:20) गिलोय को वो पहचान दिलाई। अब उसका कमर्शियलाइजेशन भी हो रहा है। कई सारे उसके जूसेस भी आ रहे हैं और फीवर से बचने में, इंफेक्शन से बचने में, इम्युनिटी में इनमें कई इंपैक्ट गिलोय के हैं। और हम चाहे तो गिलोय को जूस के फॉर्मेट में भी ले सकते हैं। नहीं तो गिलोय हम ग्रो भी कर सकते हैं। गिलोय एक ऐसी चीज है जो बड़ा आराम से उग भी जाता है। मैं आपसे पूछना चाह रही थी इनमें से कौन से हर्ब्स हम घर में ही उगा सकते हैं। हां तो गिलोय जो है बड़े आराम से हम अपने घर में भी उगा सकते हैं। गिलोय तो एक ऐसी चीज है जैसे एलोवेरा हो गया, गिलोय हो
(1:24:45) गया। ये वो हर्ब्स हैं जिनको बड़े आराम से हम यूज़ भी कर सकते हैं। ब्रह्मी जटा मानसी जटा मानसी तो मैं नहीं कह सकता हूं बिकॉज़ जटा मानसी हिमाचल में और उन्हीं जगहों पे होता है। राइट? बट गिलोय को तो बड़े आराम से घर में उगाया भी जा सकता है। अपने आसपास उगाया भी जा सकता है। तो गिलोय अगेन फेवर के लिए बुखार में बहुत ही बेहतरीन है। कोविड के समय तो लोगों ने गिलोय को बहुत ज्यादा यूज़ किया था। अगर नहीं उगा सकते तो फिर कोई भी इंसान इसको जूस के फॉर्मेट में ले सकता है। इसको जूस के फॉर्मेट में इसको ले सकता है। वहां जूसेस आते हैं और उस जूस को हम लोग
(1:25:12) हमारी डाइट में ऐड कर सकते हैं। अंडरस्टुड। अगर तो आप पाउडर के फॉर्म में यूज़ कर रहे हैं तो एडल्ट्स थ्री टू सिक्स ग्राम यूज़ कर सकते हैं गरम पानी में। अगर तो बच्चे हैं तो वो एक से दो पिंच ले सकते हैं इसका इन हनी और मिल्क और घी। आई थिंक यू डू अ चैलेंज। ये पॉडकास्ट में हम एक चैलेंज लेते हैं ना कि ये जो सारे आज हमने हर्ब्स डिसकस करे ना इसको मे बी फॉर द नेक्स्ट 40 डेज। 40 डेज को हम ट्रेडिशनल आयुर्वेदिक साइंसेस में मंडला बोलते हैं। बिकॉज़ फिजियोलॉजी एक पूरा साइकिल कंप्लीट करता है। तो इन दैट टाइम जो भी आप अपने सिस्टम में चीज़ डालोगे ना इट विल टेक रूट
(1:25:41) और वो एकदम बैठ जाएगा। सीमित हो जाएगा। तो हम एक मंडला चैलेंज करते हैं विद आई विद दीज़ हर्ब्स दैट वी डिस्कस। क्या हो सकता है वो चैलेंज व्यूअर्स के लिए? तो मंडला चैलेंज हम बिल्कुल ले सकते हैं कि हम लोग मान लीजिए कि हम 40 दिन लगातार सीवकथोन को हमारी डाइट का पार्ट बनाएं। 40 दिन लगातार हम ब्लैक राइस को अपनी डाइट का पार्ट बनाएं। 40 दिन हम अपने बच्चों के लिए ब्राह्मी और शंख पुष्पी को पार्ट बनाए। इवन हम अपने घर के एडल्ट्स के लिए भी ब्राह्मी और शंखपुष्पी को पार्ट बना सकते हैं। इवन 40 दिन का अगर हम ज्यादा स्ट्रेस में हैं
(1:26:09) तो चैलेंज ले सकते हैं कि हम अश्वगंधा को पार्ट बनाए। इवन आई थिंक सो जो हम 10-12 चीजें हम डिस्कस कर रहे हैं। कोई भी पर्सन उसमें से वो दो तीन चीजें पिक कर सकता है। जो उसको कनेक्ट हो रही हैं। राइट? और उन दो तीन चीजों का वो चैलेंज ले सकता है कि यह दो तीन चीजें मुझे 40 डेज के लिए मेरी डाइट का पार्ट बनाना है या मुझे इसको रेगुलर कंज्यूम करना है और मुझे मेरी बॉडी के चेंजेस को भी ऑब्जर्व करके पेन डाउन करना है। मतलब मैंने ये देखा है कि जब हम किसी चीज को ऑब्जर्व करके पेन डाउन करते हैं ना तो हमारा उसमें कंटिन्यूटी और कंसिस्टेंसी का
(1:26:36) हमारा मोटिवेशन और बढ़ जाता है। क्योंकि सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है? सबसे बड़ी प्रॉब्लम है कि हम बहुत सारी चीजें अपने घर में मंगाते हैं। वो जामुन एक्सट्रैक्ट हमने अपने घर में मंगाया। कोई किसी को सुन के, किसी से पूछ के या किसी के रेकमेंडेशन से फिर वो तीन साल तक हमारे घर में ही पड़ा रहता है। फिर हम एक दिन उसको निकालते हैं और हम उसके पीछे देखते हैं कि भाई एक्सपायर हो गया हम फेंक देते हैं। तो मैंने जो एक सबसेेंट है किसी चीज को समझना और मंगाना इंपॉर्टेंट नहीं है। उसके बाद उसको यूज़ करना भी इंपॉर्टेंट है। क्योंकि मैंने कई बार अच्छी हब्स या
(1:27:03) हेल्थ गिविंग चीजों के साथ में क्या देखा है? आइसक्रीम आपके घर में आज आई है। कल बचेगी नहीं। लेकिन चवनप्राश आपके घर में आज आया तो अगले साल तक आपके फ्रिज में ही रहेगा। वो खत्म होने वाला नहीं है। तो ये भी एक हैबिट है। यह भी एक आदत है जिसको ठीक करना बहुत जरूरी है कि जो आपने बोला कि मंडला तो कम से कम अगर बड़ा लंबा नहीं सोच सकते तो 40 दिन तो हम उसके फोकस करें कि कम से कम 40 दिन में वो हमारी बॉडी में जाकर पूरी तरीके से सेट और फिट हो जाए और हम उसे कनेक्ट कर पाए। कमेंट सेक्शन में बताइएगा कि आप कौन से हर्ब्स इसमें से ले रहे हैं और उसके बाद
(1:27:31) क्या-क्या आपको फायदे महसूस हुए। वंस दोस 40 डेज आर ओवर। तो आप में से जो भी ये 40 दिन का लॉस्ट हर्ब चैलेंज ले रहा है। आपको नीचे दिए हुए डिस्क्रिप्शन में एक ईमेल आईडी मिलेगी। उसमें आप हर 10-10 दिन में हमें फीडबैक दीजिए। हाउ दी हर्ब्स आर वर्किंग फ्यू पॉजिटिव या नेगेटिव। जो भी इस चैलेंज को सक्सेसफुली कंप्लीट कर पाएगा उसको एक गिफ्ट मिलेगा। मिस्टर उदित चावला बहुत मजा आया। सो बहुत अच्छा लगता है यू नो व्हेन यंग पीपल टेक ऑन जैसे आप कह रहे थे ना इनिशिएटिव टुवर्ड्स पॉजिटिव हेल्थ बिकॉज़ यू नो कितना कुछ किया जा सकता है वर्ल्ड में। बट इफ समथिंग अराउंड यू नो
(1:27:59) पॉजिटिविटी और एक तरीके से आप लोगों की हेल्थ, हेल्थ से बड़ी चीज तो कुछ है ही नहीं। राइट? सो बहुत अच्छा लगा। मोर स्ट्रेंथ टू यू इन व्हाटएवर यू डू एंड विश यू ऑल द वैरी बेस्ट थैंक यू सो मच इट वास अ प्लेजर होस्टिंग यू थैंक यू इन केस यू वुड लाइक टू बी अ पार्ट ऑफ आवर ऑनलाइन एंड इन पर्सन योगा डाइट एंड स्पिरिचुअल प्रोग्राम्स यू कैन जॉइन आवर WhatsApp ग्रुप बिलो वेयर वी पोस्ट ऑल आवर अपकमिंग प्रोग्राम्स एंड गिव फ्री टिप्स ऑन हेल्थ डाइट एंड लाइफस्टाइल

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Transcript:
(00:00) అవర్ బ్రెయిన్ ఇస్ అవర్ బిగ్గెస్ట్ సెక్స్ ఆర్గన్ ఇన్ ద బాడీ. కొన్ని హార్మోనల్ బాలెన్స్ చేంజెస్ వల్ల కొంతమంది ఆ పార్న్ ప్లెజర్ ఫీల్ అవుతుంటారు. కొంతమంది మెల్లగా దానికి ఎడిక్షన్ స్టార్ట్ అవుతూఉంటుంది. మీరు ఏదో ఒక పని చేస్తున్నారు బట్ ఇన్ ద బ్యాక్ ఆఫ్ యువర్ హెడ్ యు ఆర్ థింకింగ్ అబౌట్ పాన్ ఒక పాన్ స్టిములేషన్ కి అలవాటయన వాళ్ళు దే ఆర్ నాట్ కంఫర్టబుల్ విత్ కొంతమంది మాస్టర్బేషన్ దంతో ఒక గిల్ట్ ప్రెజర్ ఫీల్ అవుతున్నారు అని చెప్తున్నారు.
(00:24) ఇస్ ఇట్ ఇస్ ఆల్సో ఏ సెక్షువల్ ప్రాబ్లం దాట్ సిండ్రోమ్ అని అంటాం వేర్ పీపుల్ థింక్ అది అయిపోయిన వెంటనే నా ఎనర్జీ వెళ్ళిపోతుందేమో లేకపోతే నాకు చాలా వీక్నెస్ వచ్చేస్తుంది. ఇవన్నీ బికాజ్ ఆఫ్ ది బిగ్గెస్ట్ మిస్ కన్స్ట్రక్షన్ మెన్స్ కి ఉండేది సైజ్ మేటర్స్ దాన్ని మీరు వేరే డెమోగ్రఫీ మనుషులతో కంపేర్ చేసుకుంటే ఆబవియస్లీ సైజ్ అలోన్ విల్ డిటర్మైన్ హౌ వెల్ ఫీమేల్స్ గెట్ సాటిస్ఫైడ్ అనిఅంటే దట్ ఇస్ డెఫినెట్లీ పీరియడ్ సెక్స్ అనేది మాట్లాడుకుంటూంటారు కదా సర్ ఇస్ ఇట్ సేఫ్ ఆర్ అన్సేఫ్ అనేది అండ్ చాలా మందికి ఉండే మిస్కన్సెప్షన్ ఏంటి అంటే పీరియడ్స్ టైం లో ది ఛాన్స్ ఆఫ్
(00:57) ప్రెగ్నెన్సీ ఉండనే ఉండదు సో స్మోకింగ్ అండ్ డ్రింకింగ్ హ్యాబిట్స్ అవి సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ ఏమైనా ఎఫెక్ట్ చేస్తాను. చాలా మందికి ఏమనిపిస్తుందంటే దే పర్ఫామ్ వెరీ వెల్ ఆఫ్టర్ డ్రింకింగ్ అని అనుకుంటూ ఉంటారు. రియాలిటీలో ఏం జరుగుతుందంటే నా సెక్షువల్ హెల్త్ బాగుందా బాలేదా ఏ ఏజ్ నుంచి నేను స్టార్ట్ చేసుకోవాలి సెక్షువల్ థాట్ ఏదనా వచ్చినా దాని గురించి మీ రియాక్షన్ ఎలా ఉంటుంది ఆర్ యు గెట్టింగ్ స్కేర్డ్ అబౌట్ ఇట్ ఆర్ యు గెట్టింగ్ వరీడ్ స్ట్రెస్ గానిీ యంజైటీ పర్ఫార్మెన్స్ ప్రెజర్ ఇవన్నీ నిజంగా అంత ఎఫెక్ట్ చూపిస్తున్నాయా
(01:23) లాస్ట్ 10 ఇయర్స్ బ్యాక్ ఉన్న సెన్సెస్ కి ఇప్పుడున్న సెన్సెస్ కి సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ హవ్ యక్చువల్లీ మోర్ దెన్ త్రీ టైమ్స్ అయ్యాయి హలో సర్ హలో థాంక్యూ థాంక్యూ సో మచ్ సర్ థాంక్స్ ఫర్ హావింగ్ మీ వ థాంక్యూ ఐ యమ్ ఆల్సో ఫీలింగ్ ద సేమ్ ఎందుకంటే సర్ ఇప్పుడు 2026 లోకి మనం ఎంటర్ అయ్యాం రీసెంట్ గా ఒక వన్ ఇయర్ బ్యాక్ నుంచి ప్రతి ఒక్కరు కూడా ఫిజికల్ హెల్త్ మీద బాగా కాన్సంట్రేట్ చేయడం స్టార్ట్ చేశారు.
(01:53) తప్పకుండాయ ఐ థింక్ ఎన్ని ఇయర్స్ పడుతుందో తెలిీదు మెంటల్ హెల్త్ మీద కాన్సంట్రేషన్ చేయడానికి ఎస్ అసలు ఎన్ని డికేడ్స్ పడుతుందో తెలియదు ఫైనల్ గా మీరు ఇప్పుడు క్రియేట్ చేస్తున్న అవేర్నెస్ మా అందరికీ ఇండివిడ్యువల్ గా రావడానికి థాంక్యూ సో మచ్ అండి మెంటల్ హెల్త్ ఈ మధ్య డెఫినెట్ గా చాలా మంది దే హవ్ టేకెన్ ఏ ఫస్ట్ స్టెప్ ఇంటు డీలింగ్ విత్ దర్ మెంటల్ హెల్త్ మెంటల్ హెల్త్ ఇష్యూస్ గురించి మాట్లాడడానికి ఇలా స్ట్రగుల్ అవుతున్నామ అని ఒకళ్ళతో చెప్పుకోవడానికి కూడా కొంచెం అవేర్నెస్ అన్నది వచ్చింది దేర్ ఇస్ డెఫినట్లీ ఏ లాట్ ఆఫ్ వర్క్ విచ్ హస్ బీన్ డన్ చాలా మంది నేను
(02:24) ఒక్కడినే కాదు దేర్ ఆర్ మచ్ మోర్ సీనియర్ డాక్టర్స్ హ హవ డన్ హ్యూజ్ స్ట్రైట్స్ చేశారు వాళ్ళు ఈ మెంటల్ హెల్త్ అవేర్నెస్ డ్రైవ్స్ గురించి వాళ్ళందరూ చేసిన వర్క్ వల్ల డెఫినెట్లీ ఇప్పుడు లాట్ ఆఫ్ పీపుల్ ఆర్ ఓపెన్ టు టాకింగ్ అబౌట్ దర్ మెంటల్ హెల్త్ ఇష్యూస్ అండ్ దర్ ఫిజికల్ ఇష్యూస్ యస్ వెల్ సో ఇది మనం ఇలానే కంటిన్యూ చేస్తే డెఫినట్లీ వ విల్ రీచ్ ఏ ప్లేస్ వేర్ వ కెన్ టాక్ యస్ ఫ్రీలీ యస్ అబౌట్ అవర్ మెంటల్ హెల్త్ స్ట్రగల్స్ యస్ అవర్ ఫిజికల్ హెల్త్ స్ట్రగల్స్ సో వ ఆర్ వెయిటింగ్ ఫర్ దట్ డే టు కమ యస్ ఎర్లీ యస్ పాసిబుల్ అదర్ దన్ మచ్ మోర్
(02:56) డిలేడ్ దన్ నౌ బట్ ఎనీవేస్ సర్ ఒక అడల్ట్ గా మాకు కూడా ఎప్పుడు ప్రాబ్లం ఏంటంటే బికాజ్ ఆఫ్ దిస్ సొసైటీ మాకు తెలిీదు లేకపోతే కల్చర్ అప్ బ్రింగింగ్ వాట్ఎవర్ ఇట్ ఇస్ అసలు ఆ సెక్షువల్ హెల్త్ అనే టాపిక్ మాట్లాడడానికి పేరెంట్స్ భయపడతారు పిల్లలు భయపడతారు చుట్టుపక్కల సొసైటీ కూడా భయపడుతూ ఉంటుంది. ఎస్ బట్ మీరు ఈరోజు ఇలా ఒక స్టెప్ తీసుకొని ఫ్రంట్ కి వస్తున్నప్పుడు వాట్ ఆర్ ద డిస్డ్వాంటేజెస్ అండ్ వాట్ ఆర్ ద పాయింట్స్ యు అబ్సర్వడ్ సర్ ఎందుకు దీని గురించి ఎక్కువగా మాట్లాడుకోవట్లేదు అని మీరు ఒక ఎక్స్పర్ట్ గా ఎప్పుడైనా అనుకున్నారా సర్
(03:24) నో డెఫినెట్లీ అనుకున్నాము దేర్ ఆర్ మల్టిపుల్ రీసన్స్ దాని గురించి ఎందుకని చాలా మంది మాట్లాడట్లేదు అనింటే ఒకటి ఎలా మాట్లాడాలో చాలా మందికి తెలియదు. అండ్ ది బిగ్గెస్ట్ రీసన్ ఫర్ దట్ ఏంటి అనింటే దేర్ ఇస్ నో సెక్షువల్ ఎడ్యుకేషన్ ఎక్కడ మగవాళ్ళలో కానివ్వండి ఆడవాళ్ళలో కానివ్వండి ఎవరికీ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అనేదే లేదు.
(03:47) మనందరికీ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అనేది ఎక్కడి నుంచి వస్తుంది అనింటే ఐదర్ త్రూ అవర్ ఫ్రెండ్స్ ఆర్ త్రూ థింగ్స్ దట్ వి వాచ్ ఆన్లైన్ ఆర్ సంథింగ్ లేదు అనింటే పేరెంట్స్ చాలా తక్కువ మంది దే ఆర్ ఫ్రీ ఎనఫ్ టు టాక్ టు దర్ కిడ్స్ ఆడవాళ్ళు మదర్స్ మైట్ టాక్ టు దర్ డాటర్స్ మచ్ మోర్ ఫ్రీలీ కంపేర్ టు ఆ ఫాదర్ టాకింగ్ టు హిస్ సన్ ఎందుకంటే ఒక ఫాదర్ సన్ తో మాట్లాడాలి అని అంటే అది ఎలా హౌ డు వి స్టార్ట్ దట్ కాన్వర్సేషన్ అన్నది చాలా మందికి తెలియదు అది ఎందుకని తెలియట్లేదు అనింటే ఇది జనరేషనల్స్ నుంచి వచ్చేది ఏంటి అనింటే నో వన్ వాంట్స్ టు టాక్ అబౌట్ ఇట్ సో దట్ ఇస్ ది మెయిన్ రీజన్ వై ఈ టాబూ
(04:29) అనేది సెక్షువల్ హెల్త్ మీద ఉండడానికి కారణం అది మనం చూసామ అని అంటే ఇండియాలో మాత్రమే కాదండి. ఆల్ ఓవర్ ది వరల్డ్ దేర్ ఇస్ హ్యూజ్ టాబూ వెన్ ఇట్ కమ్స్ టు సెక్షువల్ హెల్త్ సెక్షువల్ హెల్త్ అనేది ఎప్పటికైనా సరే ఆ టాబూ అనేది ఉంటుంది. అండ్ దాని గురించి ఫ్రీగా మాట్లాడాలి అనిఅంటే ఇట్ టేక్స్ ది అడల్ట్ టు టేక్ ది ఫస్ట్ స్టెప్ అలా ఫస్ట్ స్టెప్ తీసుకొని మాట్లాడితేనే దాన్ని మనం ప్రోలాంగ్ దాన్ని కంటిన్యూ చేయొచ్చు.
(04:59) వితౌట్ దట్ ఇట్ ఇస్ గోయింగ్ టు బచ్ మోర్ డిఫికల్ట్ ఇప్పుడు మనకి మేజర్ గ్యాప్ ఎక్కడ వస్తుంది అనిఅంటే చాలా మంది పిల్లలు కూడా వాళ్ళ పేరెంట్స్ ని అడగాలి అని అంటే అమ్మో ఇది వాళ్ళు ఎలా తీసుకుంటారు అని ఆ భయంతో కూడా పిల్లలు ముందుకు రారు. అండ్ ఒకవేళ ఎవరనా పిల్లలు ఎస్పెషల్లీ ఈ జనరేషన్ లో పిల్లలు ఈవెన్ ఇఫ్ దే వాంట్ టు ఆస్క్ సంథింగ్ వన్స్ దే ఆస్క్ ఇట్ మెజారిటీ ఆఫ్ ది పేరెంట్స్ డోంట్ నో హౌ టు రియాక్ట్ అరే నీకు ఇదంతా ఎందుకు ఇప్పుడు నువ్వు ఫస్ట్ చదువుకో ఫస్ట్ వ నీడ్ టు ఎక్సెప్ట్ దట్ సెక్షువాలిటీ ఇస్ పార్ట్ అండ్ పార్సల్ ఆఫ్ అవర్ లైఫ్ అది లేకపోతే నన్ ఆఫ్ అస్ ఆర్ హియర్
(05:32) సో దాన్ని ఆ ఏజ్ అప్రోప్రియేట్ గా ఎలా మాట్లాడాలి ఫ్రమ ది చైల్డ్హుడ్ హౌ కెన్ వి ఏజ్ అప్రోప్రియేట్ ఇట్ ఆల్ యస్ ఫైవ్ ఇయర్ ఓల్డ్ 10 ఇయర్ ఓల్డ్ కి మొత్తం అసలు ఏంటి అన్నది చెప్పాల్సిన అవసరం లేదు బట్ తనకి ఎంత తెలియాలో అంత మనం చెప్పగలిగాము అనిఅంటే ఇట్ వుడ్ బి బెటర్ ఫర్ దెమ టు అండర్స్టాండ్ దర్ ఓన్ బాడీ అండ్ దర్ ఓన్ హెల్త్ యస్ వెల్ సో దట్ ఇస్ వెరీ ఇంపార్టెంట్ ఫర్ అస్ గ్రేట్ సర్ సర్ అంటే బట్ ఈ సెక్షువల్ హెల్త్ అనేది మోర్ దెన్ ఇప్పుడు మా అందరికీ కూడా ఒక ఎలా కనబడుతుందంటే వెదర్ ఇట్ ఇస్ ఏ సెక్స్ ఆర్ రిప్రొడక్షన్ ఈ విధంగా చాలా మంది కూడా కన్సిడర్
(06:09) చేసుకుంటారు బట్ మీరు డిఫైన్ చేయాలంటే ఒక సెక్షువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్ గా వాట్ ఇస్ సెక్షువల్ హెల్త్ సెక్షువల్ హెల్త్ అనేది ఇట్ ఇస్ అవర్ ఆటిట్యూడ్ ఇట్ ఇస్ అవర్ నాలెడ్జ్ ఇట్ ఇస్ అవర్ హౌ వ రియాక్ట్ టు అవర్ ఓన్ sexువల్ థాట్స్ అవర్ ఓన్ సెక్షువల్ ఫాంటసీస్ ఇట్ ఇస్ అవర్ ఓన్ అప్ బ్రింగింగ్ ఇట్ ఇస్ అవర్ ఓన్ కల్చర్ మనకఏంటి నార్మల్ అనేది దట్ ఇస్ వాట్ sexక్షువల్ హెల్త్ ఇస్ ఇట్ ఇస్ వెరీ మచ్ ఇండివిడ్ువలైజడ్ sexువల్ హెల్త్ అనేది ఇట్ ఇస్ నాట్ డిఫైineడ్ బై ఎనీవన్ ఎల్స్ అందరికీ ఇలానే ఉండాలి అందరికీ అలానే ఉండాలి అన్నది ఏది లేదు ఇట్ ఇస్ సెక్షువల్
(06:43) హెల్త్ అనేది ఒక్కటే ఇట్ ఇస్ నెవర్ వన్ ఇండివిడ్ువల్స్ హెల్త్ ఇట్ ఇస్ యూజవలీ ఏ కపుల్స్ హెల్త్ సో యస్ యు కెన్ నెవర్ క్లప్ విత్ వన్ హ్యాండ్ యు కెన్ నెవర్ హవ్ ఏ సెక్షువల్ హెల్త్ విత్ వన్ పర్సన్ ఇట్ ఇస్ బోత్ ఆఫ్ ది అండర్స్టాండింగ్ బోత్ ఆఫ్ దర్ అప్ బ్రింగింగ్ అండ్ ఎవ్రీథింగ్ అంటే సెక్షువల్ హెల్త్ అనేది ఒక ఫిజికల్ గా కన్సిడర్ చేయాలా మెంటల్ గా కన్సిడర్ చేయాలా ఎమోషనల్ గా లేకపోతే త్రీ కంబైన్డ్ అనుకోవచ్చా ఎలా అనుకోవచ్చు అనేది ఇట్ ఇస్ ఏ కాంబినేషన్ ఆఫ్ ఎవ్రీథింగ్ ఓకే ఆ అవర్ బ్రెయిన్ ఇస్ అవర్ బిగ్గెస్ట్ సెక్స్ ఆర్గన్ ఇన్ ద బాడీ ఇట్ ఇస్ నాట్
(07:14) ఎనీథింగ్ ఎల్స్ ఇట్ ఇస్ అవర్ బ్రైన్ మనకి ఒక సెక్షువల్ ప్రాబ్లం రావాలి అనింటే మనకి ఫిజికల్ గా ఎంత ప్రాబ్లం ఉంటుందో మెంటల్లీ కూడా అంతే ప్రాబ్లం ఉంటుంది. దే ఆల్ గో హ్యాండ్ ఇన్ హ్యాండ్ ఆ ఫిజికల్ హెల్త్ అవర్ మెంటల్ హెల్త్ అండ్ అవర్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఈ మూడిట్లో ఏదనా ఒకటి ప్రాబ్లం్ వచ్చినా వేరే రెండిట్లో కూడా ప్రాబ్లం అనేది వస్తుంది అండ్ ఒక దాంట్లో వచ్చింది ఒకదాన్నే ఇంప్రూవ్ చేసుకుంటా అంటే కుదరదు అండ్ వ వాంట్ టు ఇంప్రూవ్ అవర్ సెక్షువల్ హెల్త్ వ నీడ్ టు ఇంప్రూవ్ అవర్ ఫిజికల్ హెల్త్ అండ్ అవర్ మెంటల్ హెల్త్ ఆల్సో అండ్ వైస్ వర్సా సో అలా ఇంప్రూవ్
(07:45) చేసుకుంటేనే మనకి ఇంప్రూవ్మెంట్ అనేది వస్తుంది. సెక్షువల్ హెల్త్ ఇస్ ప్రిడమినెంట్లీ సైకోసెక్షువల్ అని మేము చెప్తాము యస్ ఏ సైకయాట్రిస్ట్ ఐ డు బిలీవ్ దట్ మెజారిటీ ఆఫ్ ది సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఈ రోజుల్లో మనం చూసేవి ఏవైతే ఉన్నాయో అవన్నీ సైకలాజికల్ అని నేను చెప్తాను ఎందుకనింటే ఎంతో సైకలాజికల్ బ్యాకింగ్ ఉంటేనే ఆ పర్సన్ కెన్ లీడ్ డౌన్ టు ఏ సెక్షువల్ ప్రాబ్లం అండ్ అలా ఒక్కసారి ఎనీ సెక్షువల్ ప్రాబ్లం వచ్చింది అనింటే డెఫినెట్లీ వాళ్ళ సైకలాజికల్ ఇంపాక్ట్ కూడా చాలా ఉంటుంది వన్ బాడ్ సెక్షువల్ ఎక్స్పీరియన్స్ కెన్ లీడ్ టు 10 బాడ్
(08:20) సెక్షువల్ ఎక్స్పీరియన్సస్ దట్ ఇస్ ఓన్లీ బికాuse ఆఫ్ ది సైకలజికల్ ఆస్పెక్ట్ ఆఫ్ ఇట్ సో ఒక్కసారి బ్యాడ్ పర్ఫార్మెన్స్ ఎవరికనా జరిగింది బీ ఇట్ ఏ మేల్ ఆర్ ఏ ఫీమేల్ తర్వాత నుంచి ఎలా ఉంటుంది ఇప్పుడు కూడా అలానే ఉంటుందా నెక్స్ట్ టైం కూడా ఇలానే ఉంటుందా అన్నది దర్ థాట్ ఇస్ ఆల్వేస్ అబౌట్ వాట్ హస్ హాపెన్డ్ ప్రీవియస్లీ ఇట్ ఇస్ నెవర్ అబౌట్ వాట్ ఇస్ హాపెనింగ్ అట్ దట్ మోమెంట్ సో దట్ కెన్ లీడ్ డౌన్ టు మల్టిపుల్ బాడ్ ఎక్స్పీరియన్సస్ యస్ వెల్ అండ్ దట్ బికమ్స్ ఏ విషయస్ సైకిల్ ఆ సైకిల్ ని మనం ఆపలేదు అని అంటే ఇట్ బికమ్స్ ఈవెన్ ఏ బిగ్గర్ ప్రాబ్లం అన్నమాట సో ఇట్ ఇస్
(08:53) డెఫినట్లీ ఏ కాంబినేషన్ ఆఫ్ ఎవ్రీథింగ్ అండ్ మెజర్ మేజర్లీ ఇట్ ఇస్ ఏ ప్రాబ్లమ్ ఆఫ్ అవర్ సైకలజికల్ హెల్త్ అండ్ అవర్ మెంటల్ హెల్త్ యస్ వెల్ ఓకే సర్ బట్ మీరు ఇందాక మాట్లాడుతూ ఏజెస్ బట్టి మనం దాన్ని ఎక్స్ప్లైన్ చేసుకుంటూ ఎవేర్నెస్ క్రియేట్ చేసుకుంటూ రావాలి అన్నారు బట్ స్టిల్ మనం చిన్నప్పటి నుంచి ఉన్నప్పటికీ కూడా మనక ఎక్కడ కూడా దాన్ని డిస్కస్ చేయరు మనం ఒక యంగ్ అడల్ట్ ఏజ్ అనేది దాటిన తర్వాత సెల్ఫ్ థాట్ మనం మనమే నేర్చుకుంటూ ఉంటాం.
(09:19) కాబట్టి ఒక ఎక్స్పర్ట్ గా మీరు చెప్పాలంటే హౌ డు వి ఇన్స్టెట్ ఇన్సిస్ట్ ఇంటు ద చైల్డ్ బ్రెయిన్ అంటే ఎలా స్టార్ట్ చేయొచ్చు ఒక పేరెంట్స్ అనే వాళ్ళు స ఇట్ డిపెండ్స్ ఆన్ ది ఏజ్ ఆఫ్ ది చైల్డ్ అండ్ ఇట్ ఆల్సో డిపెండ్స్ ఆన్ ది పేరెంట్ ఆ అందరి పేరెంట్స్ ఇలానే చేయాలని కానివ్వండి లేకపోతే దిస్ ఇస్ ది ఓన్లీ వే టు గో అబౌట్ దిస్ అన్నట్టు కాదు.
(09:42) ఒక్కొక్క పేరెంట్ కి బేస్డ్ ఆన్ దేర్ ఎక్స్పీరియన్సస్ ఇన్ దేర్ పాస్ బేస్డ్ ఆన్ దేర్ అప్ బ్రింగింగ్ బేస్డ్ ఆన్ వాట్ దే థింక్ ఇస్ రైట్ ఒక్కొక్కలకి ఒక్కొక్కలాగా అనిపిస్తూ ఉంటుంది. బట్ వాట్ సైన్స్ యక్చువల్లీ టెల్స్ ఏంటి అనింటే ఈచ్ ఏజ్ ఆఫ్ ది చైల్డ్ ని బట్టి దే కెన్ అండర్స్టాండ్ సర్టెన్ ఆస్పెక్ట్స్ లెస్ [గురకలు] దెన్ టూ ఇయర్స్ అనిఅంటే బై కాలింగ్ ది సెక్స్ ఆర్గన్స్ ఆఫ్ ది చైల్డ్ బేస్డ్ ఆన్ దేర్ యక్చువల్ నేమ్స్ లైక్ పెనిస్ అని కానివ్వండి వజైనా అని కానివ్వండి ఇలాగ మనము వ నీడ్ టు మేక్ షూర్ దే కెన్ నేమ్ దోస్ ఆర్గన్స్ యస్ దే ఆర్ నేమడ్
(10:15) చాలాసార్లు ఏమవుతుంది వెన్ దే ఆర్ టీచింగ్ ది పార్ట్స్ ఆఫ్ ది బాడీ దోస్ ఆర్గన్స్ ఆర్ కంప్లీట్లీ రిమూవడ్ దాని గురించి ఎవరు చెప్పరు. సో ఆల్రెడీ ఫ్రమ్ దట్ ఏజ్ ఆన్వర్డ్స్ ఒక టాబు అన్నది స్టార్ట్ అయిపోయింది ఓమో దీని గురించి నేను మాట్లాడకూడదేమో ఇది నేను తెలుసుకోకూడదేమో అని ఒక చైల్డ్ మనసులో కూడా వస్తుంది. అలాగని అందరూ ఇలానే చేయాలి అన్నట్టు కాదు.
(10:38) బట్ దిస్ వే వాళ్ళకి కూడా ఒక అండర్స్టాండింగ్ వస్తుంది ఓకే దిస్ ఇస్ ఓకే టు టాక్ అబౌట్ అండ్ ఫ్రమఫైవ్ ఇయర్స్ అలా ఏజ్ దగ్గరికి వచ్చేసరికి వాట్ ఇస్ ఏ సేఫ్ టచ్ వాట్ ఇస్ ఆన్ అన్సేఫ్ టచ్ అనేది మనము నేర్పించొచ్చు. దేర్ ఆర్ మల్టిపుల్ వేస్ ఇన్ విచ్ దిస్ సేఫ్ టచ్ అండ్ అన్సఫ్ టచ్ కన్ బి టాట్ టు ఏ చైల్డ్ లేటెస్ట్ గా మనం చూసాము అనిఅంటే ఇట్ ఇస్ నాట్ ది ఏరియాస్ ఆఫ్ ది బాడీ విచ్ ఆర్ సేఫ్ అండ్ అన్సేఫ్ ఇట్ ఇస్ ఎనీ టచ్ విచ్ మేక్స్ ఏ చైల్డ్ అన్కంఫర్టబుల్ కొంతమంది చేతులు ముట్టుకున్నా కూడా చాలా అన్కంఫర్టబుల్ గా ఫీల్ అవ్వచ్చు ఒక చైల్డ్
(11:09) బీట్ ఏ మేల్ చైల్డ్ ఆర్ ఫీమేల్ చైల్డ్ అన్కంఫర్టబుల్ ఫీల్ అయ్యారు అనింటే దట్ ఇస్ ఆన్ అన్సేఫ్ టచ్ కంఫర్టబుల్ గా ఫీల్ అయ్యారు అంటే దట్ ఇస్ ఏ సేఫ్ టచ్ అగైన్ దేర్ ఆర్ సం రెస్ట్ రస్రిక్టడ్ ఏరియాస్ వర్ నో వన్ ఇస్ సపోస్డ్ టు టచ్ అదర్ దన్ దెమసెల్స్ ఆర్ దర్ మదర్ ఆర్ ఫాదర్ బట్ అలాగ మనం నేర్పియాలి సో దట్ దే ఆర్ కంఫర్టబుల్ ఎనఫ్ టు టెల్ దెమ ఓకే దిస్ ఇస్ ఓకే దిస్ ఇస్ నాట్ ఓకే అండ్ మేకింగ్ షూర్ దే హావ్ దోస్ బౌండరీస్ నో అంటే నో అని చెప్పడము ఇక్కడ లైక్ ఆడుకుందాం దా లైక్ ఒక అంకల్ కానివ్వండి లేకపోతే ఒక ఆంట్ కానివ్వండి ముద్దు పెట్టుకుంటే నో డోంట్ టచ్ మీ అన్నట్టు
(11:45) వాళ్ళు చెప్తే వి హావ్ టు రెస్పెక్ట్ దేర్ బౌండరీస్ సో దీస్ ఆర్ ది థింగ్స్ విచ్ హస్ టు బీ దిస్ ఇస్ ఆల్సో పార్ట్ ఆఫ్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ సో ఇది కూడా మనం నేర్పిస్తూ వచ్చామ అంటే ఇట్ విల్ బి బెటర్ తర్వాత యస్ దే కమ ఇంటు ది అడాలసెన్స్ ఏజ్ ఆర్ ఎర్లీ టీనేజ్ ఇయర్స్ లో వచ్చినప్పుడు మేకింగ్ షూర్ వాళ్ళ క్యూరియస్ గా ఏదనా మిమ్మల్ని ఒక క్వశ్చన్ అడిగారు అని అంటే నాట్ టు షట్ ఇట్ డౌన్ లేదు ఎందుకురా నీకు ఇది అవసరం లేదు అన్నట్టు కాకుండా టెల్ దెమ వాట్ దే ఆర్ సపోస్ టు నో వాట్ఎవర్ ది పేరెంట్ ఇస్ కంఫర్టబుల్ ఎనఫ్ టు టెల్ ది చైల్డ్ దట్ కెన్ బి టోల్డ్
(12:18) అన్నమాట దాన్ని కానీ మరీ యు డోంట్ నీడ్ టు గో ఫుల్లీ సైన్స్ బ్యాక్డ్ ఆర్ ఎనీథింగ్ లైక్ దట్ కానీ కొంచెం మాట్లాడి ఓకే ఇది ఇలా ఉంటుంది అది అలా ఉంటుంది వాళ్ళకి ఎంత అర్థం అవుతుందో అంతవరకు చెప్పడము లేదు అనింటే ఇఫ్ యు డోంట్ యస్ ఏ పేరెంట్ యు డోంట్ టెల్ దెమ దే హవ్ ఆల్ ది వేస్ టు గెట్ దోస్ ఇన్ఫర్మేషన్ ఫ్రమ సమ అదర్ సోర్స్ ఇప్పుడుఏ వచ్చిందిగ ఉంది అన్ని ఉన్నాయి ఇట్ ఇస్ ఇట్స్ నాట్ గోి టు డిస్క్రిమినేట్ అబౌట్ ది ఇన్ఫర్మేషన్ ఇట్ ఇస్ గోయింగ్ టు గివ్ యు అది మొత్తం ఇన్ఫర్మేషన్ ఇచ్చేస్తుంది అందులో చాలా అన్సెసరీ ఇన్ఫర్మేషన్ కూడా ఉంటుంది ఫర్ ఏ చైల్డ్ సో యు షుడ్ బి ఏబుల్
(12:54) టు కంట్రోల్ వాళ్ళు ఏది కన్స్ూమ్ చేస్తారు ఏది కన్స్ూమ్ చేయరు అన్నది మీరు చేయాలి అనిఅంటే యువర్ చైల్డ్ ఇస్ సపోస్ టు కమ ఫ్రీలీ అండ్ టాక్ టు యు మీరు ఇలాంటి క్వశన్స్ అడిగినప్పుడు ఇఫ్ యు ఆర్ డిస్మిసివ్ ఆర్ యు నాట్ గివింగ్ దెమ ఎనీ ఇన్ఫర్మేషన్ దెన్ ఇన్ఎవిటబుల్లీ ఇవాళ కాకపోతే రేపైనా దే మైట్ గో ఇంటు ఏ సపరేట్ వే టు గెట్ దట్ ఇన్ఫర్మేషన్ అండ్ వన్స్ దే గో ఇంటు దర్ లేట్ టీనేజర్స్ అండ్ అండ్ అదర్ థింగ్స్ యు హవ టు బి ఓపెన్ అబౌట్ ది యక్చువల్ టాక్ మేింగ్ దెమ అండర్స్టాండ్ వాట్ ఇస్ సేఫ్ సెక్స్ వాట్ ఇస్ అన్సేఫ్ సెక్స్ యూస్ అసలు ఎందుకు వై డు వ నీడ్ టు
(13:31) యూస్ కాండమ అన్నది అదంతా కూడా చెప్పాలి వాళ్ళు యక్టివ్ గా ఉంటారా యక్టివ్ గా ఉండారా అన్నది కాదు క్వశ్చన్ ఇట్ ఇస్ అబౌట్ ఇన్ కేస్ దే లేట్ టీనేజ్ ఇయర్స్ లో ఇఫ్ దే వాంట్ టు బి యక్టివ్ దే నీడ్ టు నో వాట్ ఇస్ ది సేఫర్ వే టు బి యక్టివ్ అనేది మనం వాళ్ళకి ఎక్స్ప్లెయిన్ చేస్తే ముందే బెటర్ గా ఉంటుంది. ఆ యాక్చువల్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అనేది ఫ్రమ్ ది ఏజ్ ఆఫ్ 14 ఆర్ 15 ఇయర్స్ కనుక మనము చేస్తే ఇట్ వుడ్ బి బెటర్ సో దట్ దే విల్ బి వెల్ ప్రిపేర్డ్ సో దట్ దే నో వాట్ ఇస్ కన్సెంట్ దే నో వాట్ ఇస్ కోర్షన్ దేనో దే అండర్స్టాండ్ అవన్నీ బై దట్ ఏజ్
(14:08) సో అప్పటినుంచి దే కెన్ హవ్ దేర్ ఓన్ విల్ అన్నమాట అండ్ వాళ్ళకి అర్థం అవుతుంది ఏం చేయాలి ఎలా చేయాలి అన్నది. ఓకే గ్రేట్ సర్ సర్ ఇప్పుడు మీరు మెన్షన్ చేసినట్టే అట్ ద ఏజ్ ఆఫ్ 14 ఆర్ 15 దాన్ని ఇంట్రడ్యూస్ చేయడం చాలా పర్ఫెక్ట్ థింగ్ అని మీరు చెప్పడం జరిగింది. సేమ్ లైక్ మన ఇండియన్ ఎడ్యుకేషన్ సిస్టం లో వచ్చిన అట్ ద క్లాస్ ఆఫ్ నైన్త్ ఆర్ 10 మనకి ఫీమేల్ రిప్రొడక్టివ్ సిస్టం గురించి మేల్ రిప్రొడక్ సిస్టం గురించి సైన్స్ క్లాస్ లో బయాలజీ లో మాకు ఉంటుంది.
(14:32) బట్ ఇప్పటికీ కూడా మీమ్స్ వస్తూఉంటాయి సరదాగా నా క్లాసెస్ అంటే చాలా ఇంట్రెస్ట్ గా వెళ్ళేవారు బట్ అక్కడ నాకు ఎప్పుడు బాధ అనిపించే విషయం ఏంటంటే సర్ మాకు అక్కడ ఆ వెజైనా బొమ్మ ఎంత పర్ఫెక్ట్ గా గీయాలిటెన్త్ క్లాస్ లో 10 మార్క్స్ ఎలా సంపాదించాలి ఈజీగా అని నేర్పించారు కానీ వాట్ అబౌట్ ద థింగ్స్ గోయింగ్ అండర్ ద వెజైనా గాని లేకపోతే ఫీమేల్ రిప్రొడక్షన్ సిస్టం అంటే డీటెయిల్ గా ఏంటనేది మాకు టీచర్స్ ఎక్స్ప్లెయిన్ చేయలేదు ఆ టెక్స్ట్ బుక్స్ లో కూడా ఎప్పుడూ అంత లేదు.
(14:59) యా బట్ వాట్ డు యు సే అంటే ఇలాంటిది ఇండియన్ ఎడ్యుకేషన్ సిస్టం లో ఎలాంటి చేంజెస్ వస్తే బాగుంటుంది అనే దాంట్లో సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ మెంటల్ హెల్త్ గురించి ఎడ్యుకేషన్ కానివ్వండి రెండు దే గో హ్యాండ్ ఇన్ హ్యాండ్ అండ్ దే హవ్ టు బి స్టార్టెడ్ అట్ ఆన్ ఎర్లియర్ ఏజ్ నుంచే స్టార్ట్ చేయాలి. దేర్ [గురకలు] ఇస్ నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ బట్ ఇక్కడ ది లాక్ ఆఫ్ ఎడ్యుకేషన్ ఇస్ ఇన్ టూ ఫ్రెండ్స్ అండి బోత్ ది టీచర్స్ డోంట్ నో హౌ టు ఎక్స్ప్లన్ ద క్వశన్స్ విచ్ దిస్టూడెంట్ ఇస్ ఆస్కింగ్ అండ్ ది స్టూడెంట్ డంట్ నో హౌ టు ఆస్క్ ఏ సర్టన్ క్వశన్ యస్వెల్ అండ్ టీచర్స్ ఒకవేళ ఈవెన్ ఇఫ్ దే వాంట్ టు హవ్
(15:32) ఏ ప్రాపర్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ గురించి కానివ్వండి లేకపోతే రిప్రొడక్టివ్ సిస్టం గురించి ప్రాపర్ గా మీకు ఎక్స్ప్లెయిన్ చేయాలన్నా దేర్ ఆర్ లాట్ ఆఫ్ పేరెంట్స్ ఆల్సో హర్ అన్కంఫర్టబుల్ గెట్టింగ్ ద ఇన్ఫర్మేషన్ డౌన్ టు దర్ కిడ్స్ సో ఇది సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అనేది అందుకనే ఇట్ బికమ్స్ వెరీ ట్రిక్కీ వెన్ వ ఇంప్లిమెంట్ ఇట్ ఇన్ స్కూల్ ఎడ్యుకేషన్ సిస్టం బట్ దట్ ఇస్ ది బెస్ట్ వే టు హెల్ప్ దెమ గెట్ దట్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ ఎందుకనింటే దే ఆర్ విత్ దర్ పియర్స్ అండ్ పియర్స్ అందరికీ కూడా దే హావ్ ఈక్వల్ నాలెడ్జ్ అబౌట్ వాట్ ఎవర్ ఇస్ హాపెనింగ్
(16:05) అండ్ ఆ టైం లో చేస్తే బెటర్ గా ఉంటుంది బట్ దేర్ ఆర్ సో మెనీ ఫాక్టర్స్ అండి అది సరిగ్గా ఉండకపోవడానికి కారణము దేర్ మల్టిపుల్ ఫాక్టర్స్ దాన్ని మనం అడ్రెస్ చేయాలి అనింటే వ హావ్ టు అడ్రెస్ ఫ్రమ్ ది రూట్ కాస్ రూట్ కాస్ నుంచి అడ్రెస్ చేయాలి అనింటే ఫస్ట్ ది పేరెంట్స్ హవ్ టు బీ ఓపెన్ ఎనఫ్ టు హావ్ దట్ కాన్వర్సేషన్ విత్ దట్ చైల్డ్ యస్ వెల్ అండ్ ఇట్ ఓన్లీ స్టార్ట్స్ ఫ్రమ దట్ అండ్ పేరెంట్ ఒక చైల్డ్ తో ఫ్రీగా మాట్లాడుతున్నారు అనింటే దెన్ లైక్ యు నో ది నెక్స్ట్ స్టెప్ స్లోలీ లైక్ వ కెన్ ఇంక్రీస్ ది కమ్యూనిటీ సైజ్ అండి అలాగ మనం
(16:35) ఇంక్రీస్ చేసుకుంటూ వెళ్తేనే బెటర్ గా ఉంటుంది. బట్ డ్రాస్టిక్ చేంజెస్ ఒకేసారి అంతా జరిగిపోవాలి అని అంటే మటుకు సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ కానివ్వండి దీస్ థింగ్స్ విల్ నాట్ వర్క్ దట్ వేస్ వాట్ ఐ ట్రూలీ బిలీవ్ బట్ ది చేంజెస్ డెఫినట్లీ నీడ్ టు హాపెన్ ఆ మీరు ఇంకా ఓన్లీ ఎలా 10 మార్క్స్ తెచ్చుకోవాలి అన్న దాని గురించే మాట్లాడారు కానీ దేర్ ఆర్ సో మెనీ స్కూల్స్ వేర్ దోస్ చాప్టర్స్ ఆర్ రిమూవడ్ అంటే రిమూవ్డ్ అని అంటే ఇందులోనుంచి ఏం క్వశన్స్ రావలే వదిలేసేయండి ఇప్పుడు మీకు ఎందుకు ఇది అవసరం లేదు అని చెప్పే స్కూల్స్ కూడా ఉన్నాయి నా దగ్గరికి వచ్చే
(17:07) చాలా మంది క్లైంట్స్ లో అది చాలా మంది చెప్పిన రీజన్ అన్నమాట సో వి ఆర్ స్టిల్ అట్ దట్ స్టేజ్ సో దాని నుంచి మనం మారాలి అనిఅంటే వ హావ్ టు టేక్ స్టెప్ బై స్టెప్ యక్టివిటీ అండ్ వ హావ్ టు క్రియేట్ ది అవేర్నెస్ నాట్ ఓన్లీ ఇన్ ది చిల్డ్రన్ బట్ ప్రిడామినెంట్లీ ఇన్ ది అడల్ట్స్ యస్ ఏ sexువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్ ఐ డోంట్ ట్రై టు క్రియేట్ ది సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అండ్ ది sexవల్ అవేర్నెస్ ఇన్ ది కిడ్స్ మై మెయిన్ ఫోకస్ ఇస్ టు మేక్ ది పేరెంట్స్ అవేర్ సో దట్ దే కెన్ హెల్ప్ దర్ కిడ్స్ ఇన్ పాజిటివ్ వే ఎందుకంటే ఇప్పటికీ కూడా చాలా మంది సెక్సాలజిస్ట్ దగ్గరికి వెళ్ళే
(17:43) పేషెంట్స్ లో మెజారిటీ ఆఫ్ దెమ గో బికాజ్ ఆఫ్ మిత్స్ చాలా ఇది నార్మల్ కాదా అని తెలుసుకోవడానికే చాలా మంది డాక్టర్స్ దగ్గరికి ఇప్పటికి వెళ్తున్నారు. అది ఎందుకని అవుతుంది అనింటే బికాజ్ దే డోంట్ నో ఎవరిని వెళ్లి అడగాలో కూడా తెలియదు. దేర్ ఆర్ సో మెనీ డాక్టర్స్ హ ఆర్ ప్రాక్టీసింగ్ ఎక్కడికి వెళ్తే దే విల్ గెట్ ఏ బెటర్ ఆన్సర్ అనేది నో వన్ కెన్ టెల్ దెమ అండ్ అది ఈవెన్ ఇఫ్ యు టేక్ ఏ మెడికల్ స్కూల్ ఎక్స్పీరియన్స్ ఈవెన్ లాట్ ఆఫ్ డాక్టర్స్ ఆల్సో డోంట్ నో హౌ టు టేక్ బేసిక్ సెక్షువల్ హిస్టరీ అది ఎలా [గురకలు][గొంతు సవరించుకోవడం]
(18:14) అడగాలి హౌ డు యు టాక్ టు ఏ పేషంట్ ఫ్రీలీ అబౌట్ దర్ sexువల్ లైఫ్ అనేది ఇట్ ఇస్ ఏ ప్రాబ్లం ఈవెన్ అట్ దట్ స్టేజ్ నేను ఐ డిడ్ హవ స్మాల్ కోర్స్ ఇన్ ది యusఎస్ యస్ వెల్ అండి అక్కడ కూడా ఎక్స్పీరియన్స్ సేమ థింగ్ వ యూస్ టు గెట్ డిఫరెంట్ డాక్టర్స్ ఫ్రమ డిఫరెంట్ మెడికల్ స్కూల్స్ ఇన్ ద యusఎస్ వాళ్ళు కూడా అదే చెప్పేవాళ్ళు ఐ డోంట్ నో హౌ టు టేక్ ఏ బేసిక్ సెక్షువల్ హిస్టరీ అనేది [గురకలు] సో ఇట్ ఇస్ యూనివర్సల్ ప్రాబ్లమ్ అండి మన ఇండియాని ఒక్కదాన్నే మనము వ షుడ్ నాట్ సే దట్ ఓన్లీ ఇండియాలోనే ఇలా జరుగుతుంది అని కాదు ఆల్ ఓవర్ ది వరల్డ్ దిస్ ప్రాబ్లమ్స్
(18:47) ఆర్ హాపెనింగ్ [గురకలు] దేర్ ఇస్ నో డౌట్ అండ్ దానికి అన్నిటికీ కారణం ఏంటి అనింటే నో వన్ ఇస్ కీన్ ఎనఫ్ అనుకోండి లేకపోతే అది ఎలాగ బ్రోచ్ చేయాలి అనేది కొంచెం ఇబ్బందిగానే ఉంటుంది. బట్ వన్స్ యు స్టార్ట్ ఆస్కింగ్ మీరు చాలా డిఫరెంట్ డయాగ్నోసిస్ ని కూడా చేయొచ్చు బేస్డ్ ఆన్ ద సెక్షువల్ హిస్టరీ చాలాసార్లు వెన్ వి టేక్ సైకయాట్రీ కేస్ తీసుకునేటప్పుడు సెక్షువల్ హిస్టరీ ఇస్ వెరీ ఇంపార్టెంట్ ఈ మందులు పని చేస్తున్నాయా పని చేయట్లేదా లేకపోతే వేరే ప్రాబ్లమ్స్ సైడ్ ఎఫెక్ట్స్ ఏమన్నా వస్తున్నాయా అని తెలుసుకోవడానికి ఈవెన్ ఫర్ దట్ రీసన్ సెక్షువల్ హిస్టరీ ఇస్ వెరీ
(19:22) ఇంపార్టెంట్. సో సెక్షువల్ ఇగ ఒక పర్సన్ సెక్షువల్ హిస్టరీని అడగడం అనేది అందుకని చాలా అవసరం. యా సో సర్ ఇప్పుడు మీరు సెక్షువల్ హిస్టరీ గురించి మాట్లాడారా ఇప్పుడు ఒక ఇండివిడ్యువల్ పర్సన్ గా నా సెక్షువల్ హెల్త్ బాగుందా బాలేదా లేకపోతే చెక్ లిస్ట్ ఆర్ చెక్ప్స్ అట్ ద ఏజ్ ఆఫ్ ఏ ఏజ్ నుంచి నేను స్టార్ట్ చేసుకోవాలి ఎలా కౌంట్ చేసుకోవాలి స ఎనీ అడల్ట్ కెన్ స్టార్ట్ లుకింగ్ ఇంటు దర్ సెక్షువల్ హెల్త్ అండి.
(19:49) ఇది అందరికీ ఇలా ఉండాలి మీరు మీ సెక్షువల్ హెల్త్ గురించి తెలుసుకోవాలి అనింటే యు డోంట్ నీడ్ టు బి సెక్షువలీ యక్టివ్ సో సెక్షువల్లీ యక్టివ్ గా ఉండే ముందు కూడా యస్ ఆన్ అడల్ట్ అంటే ఆ మోర్ దెన్ 20 ఇయర్స్ ఉన్నవాళ్ళు ఎవరైనా దే కెన్ డెఫినట్లీ లుక్ అప్ అబౌట్ దేర్ సెక్షువల్ హెల్త్ వాట్ ఇస్ ఇట్ దట్ యు నీడ్ టు లుక్ అప్ అని అంటే మీరు ఒక సెక్షువల్ ప్రాబ్లం్ గురించి కానివ్వండి ఒక సెక్షువల్ థాట్ ఏదైనా వచ్చినా దాని గురించి మీ రియాక్షన్ ఎలా ఉంటుంది ఆర్ యు గెట్టింగ్ స్కేర్డ్ అబౌట్ ఇట్ ఆర్ యు గెట్టింగ్ వరీడ్ నాకేమన్నా ప్రాబ్లం ఉందా
(20:21) లైక్ ఆర్ యు ఓవర్ థింకింగ్ అబౌట్ యువర్ సెక్షువల్ థాట్స్ ఇవన్నీ ఉన్నాయా లేదా అని కూడా మనం చూసుకోవచ్చు వాట్ ఇస్ యువర్ ఆటిట్యూడ్ టువర్డ్స్ యువర్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఆటిట్యూడ్ కరెక్ట్ గా ఉందా లేదా మీకు బేసిక్ అండర్స్టాండింగ్ ఉందా లేదా వేర్ ఇస్ ఇట్ దట్ ఆర్ గెట్టింగ్ యువర్ సెక్షువల్ ఎడ్యుకేషన్ ఫ్రమ ఇస్ ఇట్ ఫ్రమ గుడ్ సోర్స్ ఆర్ ఏ బాడ్ సోర్స్ సో ఇది మీరు బేసిక్ గా మీరు అర్థం చేసుకోగలిగారు అనింటే దట్ ఇస్ ది ఫస్ట్ స్టెప్ దట్ యు నీడ్ టు టేక్ ఇన్ కేస్ యు ఫీల్ ఐ నీడ్ టు జస్ట్ అండర్స్టాండ్ అబౌట్ మై ఓన్ బాడీ [గొంతు సవరించుకోవడం]
(20:53) యుగో యు షుడ్ ఆల్వేస్ బి ఓపెన్ టు మీటింగ్ ఎక్స్పర్ట్ ఇన్ ద sexువల్ హెల్త్ సెక్టార్ వాళ్ళతో ఒకసారి మాట్లాడి సర్ నాకు ఏమన్నా ప్రాబ్లం ఉందా లేదా నాకు ఒకసారి జస్ట్ చెక్ చేసుకోవాలని ఉంది అని అనుకుంటున్నాను అని అంటే దట్ ఇస్ ఆల్సో గుడ్ వే టు స్టార్ట్ అబౌట్ ఇట్ అంటే అప్పుడు కూడా ఇట్ ఇస్ నాట్ దట్ మీకు ఒక 10 టెస్ట్లు చేసేసి నీకు ఈ ప్రాబ్లం్ ఉంది ఆ ప్రాబ్లం ఉంది అన్నట్టే కాదు ఇట్స్ అబౌట్ అండర్స్టాండింగ్ యు వాట్ ఆర్ యువర్ కన్సన్స్ నీకు అసలు ఏమన్నా కన్సన్స్ ఉన్నాయా ఇస్ ఇట్ సంథింగ్ దట్ యు ఆర్ నాట్ అండర్స్టాండింగ్ అబౌట్ ఎనీథింగ్
(21:22) పార్ట్ ఆఫ్ యువర్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఇది మనం తెలుసుకుని దాన్ని బట్టి మనము నెక్స్ట్ ఏం చేయాలి అన్నది కూడా మనం మనం తెలుసుకోవచ్చు [గురకలు] బట్ చాలామంది ఈ మధ్య కాలంలో ఐ యమ్ గెట్టింగ్ ఏ లాట్ ఆఫ్ క్లైంట్స్ ఫర్ ది పాస్ట్ వన్ టూ ఇయర్స్ హూ ఐ హావ్ జస్ట్ పెళ్లి చేసుకుందాం అనుకుంటున్నాం సార్ ఐ జస్ట్ వాంట్ టు మేక్ షూర్ ఎవ్రీథింగ్ ఇస్ ఫైన్ విత్ మీ నాకు ఏం ప్రాబ్లం లేదు అని నాకు తెలుసుకోవాలని ఉంది అని నా దగ్గరికి వస్తున్నారు.
(21:51) ఈవెన్ దీస్ ఆర్ కపుల్స్ ఆర్ ఇండివిడ్ువల్స్ హూ హావ్ బీన్ సెక్షువలీ ఆక్టివ్ బిఫోర్ ఆర్ నాట్ ఆక్టివ్ ఇద్దరు రెండు రకాల వాళ్ళు వస్తారు అండ్ దే విల్ జస్ట్ మేక్ షూర్ నాకు అంతా మంచిగానే ఉందా నాకు ఈస్ ఇట్ ఓకే ఫర్ మీ టు గో అహెడ్ ఆ ఈస్ ఇట్ ఓకే టు గో అహెడ్ అనిఅంటే మై ఆన్సర్ ఇస్ ఆల్వేస్ యస్ లాంగ్ యస్ యు అండ్ యువర్ పార్ట్నర్ ఆర్ ఓకే ఎవ్రీథింగ్ ఇస్ ఫైన్ అగైన్ యస్ ఐ సెడ్ సెక్స్ అండ్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఆర్ నెవర్ ఆన్ ఇండివిడ్ువల్ ప్రాబ్లమ్ ఇట్ ఇస్ ఆల్వేస్ ఏ కపుల్స్ ప్రాబ్లమ ఏదైనా [గురకలు] ప్రాబ్లం ఉంటుంది అనింటే ఇద్దరి దగ్గరే ఏదో ఒక సమస్య ఉండే ఉంటుంది.
(22:20) మంచిగా ఉంది అంటే ఇద్దరు మంచిగా ఉన్నారు కనుకనే మంచిగా ఉంటుంది అని అర్థం అన్నమాట. సో ఐ యమ్ గెట్టింగ్ బోత్ మేల్ క్లైంట్ అల్ ఫీమేల్ క్లైంట్ వాళ్ళకి ఉన్న అపోహలు ఏవైతే ఉంటాయో సరే ఇది నేను ఇలా అనుకున్నాను ఇస్ దట్ సో అని అడిగే వాళ్ళు కూడా చాలా మంది వస్తున్నారు. అండ్ ది మోర్ పీపుల్ ఆర్ కమింగ్ లైక్ దట్ దట్ మీన్స్ వి ఆర్ గోయింగ్ ఇన్ ది రైట్ డైరెక్షన్ అని నేను చెప్తాను.
(22:43) య అంటే మెయిన్ గా ఎలా అంటే ఇప్పుడు మీకున్న ఎక్స్పీరియన్స్ లోని నేను నార్మల్ గా జనరల్ ఆడియన్ గా అబ్సర్వ్ చేస్తున్న విషయంలోనే ఒక మ్యాన్ అనేవాడు ఒక మెన్ అనేవాడు మెల్లగా ఒక రొమాంటిక్ సీన్స్ గానీ రొమాంటిక్ సాంగ్స్ గానీ కొన్ని కొన్ని చూసి ఓకే దిస్ ఇస్ సంథింగ్ సెక్స్ అని అనుకుంటూ అక్కడి నుంచి మెల్లగా పార్న్ చూసి ఓకే ఇది పార్న్ అడిక్షన్ అక్కడి నుంచి మెల్లగా తను ఒక సెక్స్ పార్ట్నర్ తోని మింగలాడు ఇలా జరుగుతూ ఉంటుంది.
(23:06) బట్ ఎంతో కొంత లైమ్ లైట్ అనేది ఉమెన్ తో పోల్చుకుంటే మెన్న కొంచెం ఎక్కువ ఉంటుంది సర్ య అగైన్ దట్ ఇస్ మిస్కన్సెప్షన్ అండి ఇట్ ఇస్ దేర్ ఇస్ నో జెండర్ బయస్ ఇన్ దిస్ ఏరియా బోత్ ఆర్ ఈక్వలీ ఎక్స్పోజడ్ బోత్ ఆర్ ఈక్వలీ స్టిములేటెడ్ బోత్ ఆర్ ఈక్వలీ ఇంట్రెస్టెడ్ ఇన్ ఎనీథింగ్ ఆఫ్ దిస్ సార్ట్ అండి అండ్ ఎస్ చాలా మంది మెన్ దే కమ అవుట్ అండ్ టాక్ అబౌట్ దీస్ థింగ్స్ వమెన్ యూజువల్ గా వాళ్ళు మాట్లాడరు ఇలాంటి వాటిల గురించి దట్ ఇస్ ది మేజర్ డిఫరెన్స్ మీరు అన్నది ఒకటయితే ఆ ట్రూ ఏంటి అనింటే అంటే ఇట్ స్టార్ట్స్ ఫ్రమ వన్ స్టేజ్ గోస్ టు
(23:44) వాచింగ్ ఎనీ అడల్ట్ కంటెంట్ అడల్ట్ కంటెంట్ నుంచి దెన్ దే టేక్ దట్ లర్నింగ్స్ ఫ్రమ వాట్ ఎవర్ దే హవ గటన్ అంటిల్ దెమ టు దర్ యక్చువల్ రిలేషన్షిప్స్ దట్ ఇస్ నాట్ ఆల్వేస్ ఏ హెల్దియర్ ట్రాన్సిషన్ అండి. సో బికాజ్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ అనేది ఇట్ షుడ్ నెవర్ బి త్రూ సంథింగ్ లైక్ పోర్నోగ్రఫిక్ కంటెంట్ ఆర్ న్ అడల్ట్ కంటెంట్ ఎందుకనింటే దే ఆర్ సో డ్రమటైజడ్ దే ఆర్ సో ఫార్ అవే ఫ్రమ్ ది రియాలిటీ ఆఫ్ వాట్ హాపెన్స్ దాని వల్లన చాలా మందికి చాలా డౌట్స్ వస్తూ ఉంటాయి.
(24:17) బికాజ్ వాట్ దే స ఇన్ దోస్ కంటెంట్ అండ్ వాట్ హపెన్స్ ఇన్ రియాలిటీ డోంట్ మచ్ అట్ ఆల్ అది మ్యాచ్ అవ్వకపోయేసరికి అంటే నాలో ఏదనా ప్రాబ్లం ఉందా అన్న డౌట్ మొదలవుతుంది ఆ డౌట్ మొదలైనప్పటి నుంచి నిజంగా ప్రాబ్లం మొదలవుతుంది. సో ఇట్ ఇస్ నాట్ దట్ దే హావ్ ఏ ప్రాబ్లం ఇట్ ఇస్ దర్ కంపారిజన్ విచ్ ఇస్ లీడింగ్ టు ఏ ప్రాబ్లం అన్నమాట. సో దట్ ఆల్సో ఇస్ సంథింగ్ విచ్ వ ఆర్ సీయింగ్ వెరీ ఫ్రీక్వెంట్లీ దీస్ డేస్ అది ఎందుకని అవుతుంది అనింటే ఇఫ్ యు టేక్ ఒక 10 15 ఇయర్స్ బ్యాక్ మీకు ఇంటర్నెట్ కనెక్షన్ కావాలన్నా అదిఒక ఐదు నిమిషాల పని ఆ ఇంటర్నెట్ కనెక్షన్ కి కనెక్ట్
(24:53) చేసుకోవాలి అని అంటే దేర్ వర్ సో మెనీ హర్డల్స్ దట్ వ హావ టు క్రాస్ ఇప్పుడు అలా ఏమీ లేదు ఎవ్రీ పర్సన్ హస్ ది వరల్డ్ అండ్ దర్ ఓన్ పామ్స్ వాళ్ళకి ఎలాంటి కంటెంట్ కావాలన్నా అలాంటి కంటెంట్ దే ఆర్ గెట్టింగ్ ఇట్ ఇన్ దర్ పామ అండ్ వన్స్ దే స్టార్ట్ కన్స్ూమింగ్ దట్ కైండ్ ఆఫ్ కంటెంట్ దే గెట్ఎవరీ సార్ట్ ఆఫ్ ఆన్ ఆన్సర్ ఈవెన్ ద ఆన్సర్స్ దట్ దే డట్ ఆస్క్ క్వశన్స్ ఫర్ అవన్నీ వచ్చేస్తున్నాయి వాళ్ళకి అవన్నీ వచ్చేసేసరికి ఏమవుతుంది అనింటే దే గెట్ ఏ లాట్ ఆఫ్ అన్సెసరీ ఇన్ఫర్మేషన్ ఆల్సో అండ్ మెజారిటీ ఆఫ్ ది టైమ్స్ దట్ ఇస్ ది బిగ్గెస్ట్ కల్ప్రెట్ అన్నమాట
(25:25) సో యస్ మచ్ యస్ అవర్ ఫోన్ ఇస్ వెరీ ఇంపార్టెంట్ ఈవెన్ ఐ కెనాట్ లివ్ వితౌట్ మై ఫోన్ బట్ స్టిల్ దాని వల్ల ఎంత మంచి ఉందో అంత చెడు కూడా ఉంది. సో వ హావ్ టు బి మైండ్ఫుల్ మనం దాన్ని ఎంత కన్స్ూమ్ చేసుకోవాలి దాంట్లో ఉన్న కెపాసిటీని మనం ఎంత వాడుకోవాలి వేరే ఎంత మనం వదిలేసేయాలి అన్నది మనకి తెలిసి ఉండాలన్నమాట అది ఫర్ ఆన్ యంగర్ పర్సన్ ఇట్ ఇస్ వెరీ డిఫికల్ట్ టు గెట్ దట్ జడ్జ్మెంట్ ఇది నాకు అవసరమా ఇది నాకు అవసరం లేదా అని తెలుసుకోవడం చాలా ప్రాబ్లం అవుతుంది అన్నమాట వాళ్ళకి అర్థం కూడా కాదు.
(25:54) సర్ ఇప్పుడు ఆఫ్టర్ 15 తర్వాత మేము మెల్లగా ఒక ఇంటర్ క్లాస్ కి ఆ ప్లేస్ కి వెళ్తాము. పేరెంట్స్ కూడా మాకు ఫోన్ ఇవ్వడం మొదలు పెడుతూ ఉంటారు. అప్పుడు కొన్ని హార్మోనల్ బాలెన్స్ చేంజెస్ వల్ల మేము కూడా ఆ సెక్షువల్ డిజైర్స్ వాట్ ఎవర్ ఇట్ ఇస్ మాకు వెంటనే దొరికేది ఏందంటే పార్న్ అనేదానికి ఒకదానికి స్టార్ట్ చేస్తాం. సో మెల్లగా దాన్ని కన్యస్ చేస్తూ కన్స్ూమ్ చేస్తూ కొంతమంది ఆ పార్న్ ని ప్లెజర్ ఫీల్ అవుతుంటారు కొంతమంది మెల్లగా దానికి ఎడిక్షన్ స్టార్ట్ చేయడం స్టార్ట్ అవుతూ ఉంటుంది.
(26:19) ఎస్ వాట్ ఆర్ ద డిఫరెన్సెస్ ఒక ఏ ప్లేస్ వరకు దాన్ని మేము చూస్తూ ఉండాలి ఏ ప్లేస్ వరకు దాన్ని ఎడిక్షన్ గా టర్న్ అవుతూ ఉంటుంది వాట్ ఆర్ ద చేంజెస్ అనేవి మెయిన్ గా మన పాన్ ఎడిక్షన్ అనేది ఈ మధ్య మనం చూసే బిహేవియర్ అడిక్షన్స్ లో ఒకటి ఇదివరకటి వరకు మనం అడిక్షన్ అంటే ఓన్లీ టూ సబ్స్టెన్సెస్ అని అనుకునేవాళ్ళం సిగరెట్స్ స్మోకింగ్ డ్రగ్స్ అండ్ దీస్ వర్ ది అడిక్షన్స్ బట్ లేటెస్ట్ గా మనం చూసాము అంటే దేర్ ఆర్ లాట్ ఆఫ్ బిహేవియర్ అడిక్షన్స్ లైక్ ఫోన్ అడిక్షన్ కానివ్వండి గేమింగ్ అడిక్షన్ కానివ్వండి గాంబ్లింగ్ అడిక్షన్ కానివ్వండి అండ్ మోర్ ఇంపార్టెంట్లీ
(26:47) పాయింట్ అడిక్షన్ ఆల్ బికమ న్యూ ఏజ్ అడిక్షన్స్ ఆఫ్ లట్ ఆఫ్ పీపుల్ అది ఎప్పుడు ప్రాబ్లం ఎస్పెషల్లీ లెట్ మీ టాక్ అబౌట్ పాన్ ఎడిక్షన్ ఎప్పుడు అది ఎప్పుడు ప్రాబ్లం అనిఅంటే వెన్ ఇట్ స్టార్ట్స్ కన్స్ూమింగ్ యువర్ డే టు డే లైఫ్ మీరు ఏదో ఒక పని చేస్తున్నారు బట్ ఇన్ ద బ్యాక్ ఆఫ్ యువర్ హెడ్ యుఆర్ థింకింగ్ అబౌట్ పాన్ మీకు సెక్షువల్ గా ఇంట్రెస్ట్ లేదు యుఆర్ హోమ్ అలోన్ మీకు బోర్ కొడుతుంది మీకు ఏం చూడాలో తెలియక యు ఆర్ జస్ట్ ఓపెనింగ్ ఎనీ పాన్ కంటెంట్ అండ్ కన్స్ూమింగ్ దట్ కంటెంట్ జస్ట్ టు గెట్ రేడ్ ఆఫ్ ది టైం దట్ ఇస్ యు గెట్టింగ్
(27:22) క్లోజర్ టు ఆన్ అడిక్షన్ మీకు ఎటువంటి ఆ ఎక్సైట్మెంట్ లేదు సెక్షువల్ ఎక్సైట్మెంట్ లేకుండానే యు ఆర్ జస్ట్ కన్స్ూమింగ్ ఇట్ ఫర్ నో రీసన్ దెన్ ఇట్ బికమ్స్ ఏ ప్రాబ్లం యు ఆర్ వాచింగ్ ఇట్ మోర్ దెన్ వాట్ ఇస్ రికమెండెడ్ అంటే వాచింగ్ ఎనీ sexువల్ కంటెంట్ ఆర్ ఎనీథింగ్ ఆర్ మాస్టర్బేటింగ్ లెస్ దెన్ ట్వైస్ ఆర్ త్రైస్ ఏ వీక్ ఇస్ నార్మల్ ఓకే మీరు అలా కాకుండా ఒకే రోజులో మోర్ దెన్ టూ త్రీ టైమ్స్ మీరు అది చూస్తున్నారు.
(27:53) అలాగ ఇట్ ఇస్ బికమింగ్ ఏ కంపల్షన్ మీరు ఎవ్రీ మోమెంట్ లో మీరు ఖాళీగా ఉన్నప్పుడు అలాంటి సెక్షువల్ కంటెంట్ మీ బ్రెయిన్ లో ఎక్కువగా తిరుగుతుంది మీరు ఎంత వద్దని అనుకున్నా అదే తిరుగుతుంది. యు ఆర్ అట్ వర్క్ యు ఆర్ నాట్ ఏబుల్ టు వర్క్ ఇదే తిరుగుతోంది దెన్ ఇట్ ఇస్ ఆన్ అడిక్షన్ సో మీరు యుఆర్ ఏ స్టూడెంట్ యు ఆర్ గోయింగ్ టు యువర్ కాలేజ్ బట్ దట్ ఇస్ వాట్ ఇస్ ఇన్ యువర్ హెడ్ దెన్ ఇట్ ఇస్ ఏ ప్రాబ్లం సో వన్ ఇట్ బికమ్ సంథింగ్ యు ఆర్ నాట్ ఏబుల్ టు కంట్రోల్ మీరు కంట్రోల్ చేసుకునేంత వరకు ఇట్ ఇస్ నాట్ ఏ ప్రాబ్లమ్ బట్ యు ఆర్ నాట్ ఏబుల్ టు కంట్రోల్ మీకు అదే అవుతోంది అదే
(28:27) రిపీటెడ్ గా అవుతోంది అదే ఆలోచనలు రిపీటెడ్ గా వస్తున్నాయి ఎస్ దట్ ఇస్ సంథింగ్ విచ్ యు నీడ్ టు కన్సల్ట్ ఏ డాక్టర్ ఐదర్ ఎనీ సైకియాట్రిస్ట్ ఆర్ ఎనీ సెక్షువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్ సో దట్ యు కెన్ బ్రేక్ [గొంతు సవరించుకోవడం] దట్ సైకిల్ అది ఎందుకనింటే మీరు ఆ సైకిల్ ని బ్రేక్ చేయకపోతే రేపు పొద్దున్న వాళ్ళు ఈవెన్ ఇఫ్ దే హావ్ పార్ట్నర్ దే వాళ్ళకి డిజైర్ తగ్గిపోతుంది విత్ పార్ట్నర్డ్ ఇంటర్కోర్స్ దే ఓన్లీ బికాజ్ దర్ స్టిములేషన్ ఇస్ కంప్లీట్లీ డిఫరెంట్ ఒక పాండ్ స్టిములేషన్ కి అలవాటయన వాళ్ళు దే ఆర్ నాట్ కంఫర్టబుల్ విత్ దిస్ కైండ్
(29:02) ఆఫ్ స్టిములేషన్ యస్ వెల్ దెన్ ఇట్ బికమ్స్ ఏ ప్రాబ్లమ సో వాళ్ళకి పార్ట్నర్స్ మీద డిజైర్ తగ్గిపోవడము దే ఆర్ నాట్ గెట్టింగ్ ఈజీలీ స్టిములేటెడ్ మొగవాళ్ళలో ఎరక్షన్ ప్రాబ్లమ్స్ లాంటివి రావడము లేకపోతే ఎజాక్లేటరీ ప్రాబ్లమ్స్ రావడము ఇవన్నిటికీ మెయిన్ గా మనం చూసామ అంటే ఇట్ ఇస్ ఎక్సెస్ పాయింట్ కన్సంషన్ అని మనం చెప్తాం.
(29:21) హ సో ఆ వెనఎవర్ ఇట్ ఇస్ రీచింగ్ దట్ త్రెష్హోల్డ్ మీరు ఆ ఎట్ ఏ యంగర్ ఏజ్ హార్మోన్స్ బాగా పంపే ఏజ్ లో అండ్ యువర్ లేట్ టీన్స్ అలాంటి టైంలో మీరు ఈవెన్ ఇఫ్ యు ఆర్ గెట్టింగ్ స్టిములేటెడ్ అని ఒకసారి రెండు సార్లు చూసినా పర్వాలేదు. బట్ దట్ ఇస్ కంటిన్యూయింగ్ ఇన్ యువర్ అడల్ట్ హుడ్ యస్ వెల్ మీరు 19 20 ఏళ్ళ వచ్చాయి అయినా సరే దిస్ ఇస్ సంథింగ్ విచ్ ఆర్ నాట్ ఏబుల్ టు గెట్ రెడ్ ఆఫ్ దెన్ ఇట్ ఇస్ టెలింగ్ అస్ దట్ యువర్ బాడీ ఇస్ వార్నింగ్ యు దట్ దిస్ ఇస్ నాట్ నార్మల్ యు నీడ్ టు గో డెఫినట్లీ చెక్ ఇట్ అవుట్ అన్నది అది చెప్తుంది అన్నట్టు అర్థం అన్నమాట
(29:57) సర్ ఇప్పుడు స్లోగా కపుల్స్ గానీ లేకపోతే మ్యారేజ్ కి రెడీగా ఉన్నవాళ్ళు మెల్లమెల్లగా ఎక్స్పోజ అవుతూ మీ దగ్గరికి ధైర్యంగా రాగలుగుతున్నారు. బట్ ఈ టీనేజర్స్ కానీ యంగ్ ఏజ్ లో ఉన్నవాళ్ళు కొంచెం భయపడుతూ ఉంటారు. ఈ ఏజ్ లో ఎవరికి వెళ్లి చెప్పాలి ఏం చెప్తే అన్ని ఏమనుకుంటారు బట్ అలాంటి వాళ్ళకి మీ సైన్ నుంచి ఒక స్మాల్ సజెషన్ ఏమనా ఇవ్వాలంటే అంటే హి ఇస్ టూ క్లోస్ టు పాన్ ఎడిక్షన్ అని తనకు అనిపించింది ఈ పాడ్కాస్ట్ చూస్తుంటే తను నెక్స్ట్ చేయాల్సిన ఒక చిన్న స్మాల్ సజెషన్ ఇంట్లోనే ఉండి.
(30:24) ఫస్ట్ థింగ్ లైక్ యు నో ఇఫ్ దే ఆర్ నాట్ అడల్ట్స్ ఎట్ దే హావ్ [గొంతు సవరించుకోవడం] టు డెఫినెట్లీ ఇన్వాల్వ్ దేర్ పేరెంట్స్ ఇలాగ ప్రాబ్లం అవుతోంది అన్నట్టు వాళ్ళు చెప్పుకోగలగాలి లేకపోతే ఇఫ్ దే ఎనీ అడల్ట్ ఇన్ దర్ హౌస్ హూ దే కెన్ టాక్ కొంతమంది అన్నయలు ఉంటారు అక్కలు ఉంటారు అలాంటి వాళ్ళతో చెప్పుకొని లైక్ గోయింగ్ టు ఏ స్పెషలిస్ట్ వుడ్ బి ది బెటర్ వే టు గో అబౌట్ ఇట్ లేదు అనింటే మై మై సజెషన్ ఆల్వేస్ ఏంటి అంటే పేరెంట్స్ తో మాట్లాడితే బికాజ్ వాళ్ళకన్నా మీ మంచి కోరే వాళ్ళు ఇంకోళ్ళు లవర్ ఉండరు ఇంట్లో సో బై ఇన్వాల్వింగ్ ద పేరెంట్స్ దట్ వడ్ బది బెటర్ వే టు గో అబౌట్ ఇట్ అనయతే నేను
(30:56) చెప్పగలను. సో [గురకలు] దట్ యు అండర్స్టాండ్ యువర్ ఓన్ బాడీ అండ్ హౌ డు యు రెడ్యూస్ దీస్ డౌట్స్ అండ్ ఈ క్వశన్స్ ఈ క్వరీస్ ఇవన్నీ తగ్గించుకోవడానికి వ కెన్ డెఫినట్లీ హెల్ప్ దెమ అవుట్ లేదా గోయింగ్ టు ఎనీ సైకియాట్రిస్ట్ దే కెన్ ఆల్సో హెల్ప్ యు అవుట్ విత్ దీస్ థింగ్స్ సో దట్ వుడ్ [గొంతు సవరించుకోవడం] బి ది రైట్ వే టు గో అబౌట్ ఇట్ అన్నది నేను చెప్తాను.
(31:20) ఓకే సర్ ఇందాక నేను మాట్లాడుతూ కూడా మెన్ సెక్షువల్ హెల్త్ గురించి ఎక్స్పోజ జరిగినంత ఉమెన్ జర జరగలేదంటే మీరు అన్నారు ఇట్స్ ఏ బిగ్గెస్ట్ మిస్ కన్సస్ ఆర్ మిత బట్ మాకున్న సొసైటీలో ఒక జనరల్ ఆర్డింగ్ జనరల్ పర్సన్ ఆలోచిస్తూ ఉంటే అసలు మెన్ సెక్షువల్ హెల్త్ గురించి మాట్లాడడానికి మేము భయపడుతున్నాం దెన్ వాట్ అబౌట్ ద సిచువేషన్ ఆఫ్ ఉమెన్ సెక్షువల్ హెల్త్ అసలు అది మాట్లాడడానికే ఛాన్స్ లేదు అన్నట్టు మాకు కనబడుతుంది.
(31:40) నో డెఫినెట్లీ అట్ దిస్ డే అండ్ ఏజ్ మీరు అలా అనుకోవడంలో తప్పయితే ఏమీ లేదు బికాజ్ ఆ కంటెంట్ లైక్ మీరు ఆన్లైన్ లో చూసిన మెజారిటీ ఆఫ్ ది సెక్షువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్స్ ఎనీవేర్ ఇన్ ది కంట్రీ దే ఫోకస్ ప్రిడమినెంట్లీ ఆన్ మెన్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఓన్లీ ఉమెన్ సెక్షువల్ హెల్త్ గురించి మాట్లాడడానికి ఇంకా ఆ టాబూ అనేది అంతే ఉంది.
(32:03) అండ్ దట్ ఇస్ బికాజ్ ఆఫ్ ది లాక్ ఆఫ్ ఎడ్యుకేషన్ అని చెప్పొచ్చు సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ ఎస్పెషల్లీ ఆర్ ది టాబు బీయింగ్ సో స్ట్రాంగ్ ఆ బట్ దాన్ని మనము ఏదో ఒక విధంగా మెల్లమెల్లగా వి హావ్ టు బ్రేక్ ఇట్ అది మనం బ్రేక్ చేయలేదు అనింటే దాని వల్ల కూడా దేర్ ఆర్ సో మెనీ వుమెన్ ఫేసింగ్ మేజర్ ప్రాబ్లమ్స్ ఆ టాబు వల్లనే వాళ్ళది అసలు అనుకునేది వాళ్ళు ఫీల్ అయ్యేది నార్మలా కాదా అన్న డౌట్స్ తోనే చాలా మంది సఫర్ అవుతూ ఉంటారు సో ఆ ఈ మధ్య మనం చూసాము అంటే దేర్ ఆర్ సో మెనీ గైనకాలజిస్ట్స్ అండ్ ఫీమేల్ హెల్త్ డాక్టర్స్ హూ ఆర్ కాన్సంట్రేటింగ్ మోర్
(32:41) ఆన్ ది సెక్షువల్ హెల్త్ ఆస్పెక్ట్ సో వాళ్ళు దాని గురించి కూడా అవగాహన పెంచడానికి వాళ్ళు చాలా ట్రై చేస్తున్నారు నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ బట్ ఇట్ ఇస్ సంథింగ్ విచ్ ఇస్ హాపెనింగ్ బట్ ఫీమేల్స్ కూడా దాని గురించి మాట్లాడడానికి అంత ఓపెన్ గా ఉండకపోవడము అగైన్ బికాజ్ ఆఫ్ ది లాక్ ఆఫ్ నాలెడ్జ్ ఆర్ సె సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ సో దాని వల్ల ప్రాబ్లం అయితే ప్రొలాంగ్ అవుతుంది బట్ ఆ దేర్ ఆర్ స్టెప్స్ విచ్ ఆర్ బీయింగ్ టేకెన్ ఆ బోత్ అట్ లైక్ డిఫరెంట్ లెవెల్స్ లో మనం చూసామ అని అంటే స్టెప్స్ అయితే తీసుకుంటున్నారు చాలా మంది [గొంతు సవరించుకోవడం] అండ్ ఇంప్రూవ్మెంట్
(33:16) అయితే అవుతుంది బట్ కొంచెం స్లో గానే జరుగుతుంది దాన్ని మనం ఏదో ఒక విధంగా వి హావ్ టు మేక్ ఇట్ బిగ్గర్ అండ్ అవేర్నెస్ అన్నది మనం బిల్డ్ చేయాలి డెఫినెట్లీ సర్ ఇది మిత్తో ఫాక్ట్ మాకు తెలిీదు బట్ మెన్ కన్నా ఉమెన్ కి లో లిబిడో అనేది చాలా తక్కువ ఉంటుంది అంటున్నారు ఇస్ ఇట్ ట్రూ ఆర్ జస్ట్ ఏ మిత్ అనేది స అగైన్ ఐ వుడ్ కన్సిడర్ ఇట్ యస్ ఏ మెత్ ఓన్లీ అండి లిబిడో అనేది వ కెనాట్ జనరలైజ్ దట్ ఒక్క సెక్షన్ ఆఫ్ పాపులేషన్ కి ఇలా ఉంటుంది ఒక సెక్షన్ ఆఫ్ పాపులేషన్ కి ఇలా ఉంటుంది అని మనం చెప్పలేం.
(33:48) వమెన్ కి ఎస్పెషల్లీ దేర్ ఆర్ సో మెనీ స్టేజెస్ ఇన్ దర్ లైఫ్ వర్ వాళ్ళ లిబిడో విల్ బి చేంజింగ్ దర్ లిబిడో ఎస్పెషల్లీ ఇన్ అండ్ అరౌండ్ దేర్ మెన్సెస్ టైం లో కొంచెం తగ్గొచ్చు బికాజ్ ఆఫ్ ది హార్మోనల్ చేంజెస్ దట్ దేర్ బాడీ గోస్ త్రూ తర్వాత అది మళ్ళ పెరుక్కుంటూ వెళ్లి మళ్ళా పడిపోతూ ఉంటుంది అన్నమాట సో ఇట్ ఇస్ నాట్ యూజవీలీ ఏ కాన్స్టెంట్ లాగా అయితే ఉండదుఅన్నమాట అది ఇప్స్ అండ్ ఫ్లోస్ ఉంటూనే ఉంటాయి కొంచెం పైకి వెళ్తూ ఉంటుంది కొన్ని సార్లు కొంచెం తగ్గుతూ ఉంటుంది.
(34:18) అగైన్ వాళ్ళు చైల్డ్ బేరింగ్ ఏజ్ అప్పుడు లేదా వాళ్ళు ప్రెగ్నెన్సీ అప్పుడు దిస్ డిజైర్ విల్ కమ డౌన్ ఏ లిటిల్ బిట్ బికాజ్ ఆఫ్ ది హార్మోనల్ చేంజెస్ అండ్ ఎస్పెషల్లీ పోస్ట్ డెలివరీ అగైన్ మళ్లా తగ్గే అవకాశం ఉంటుంది. సో ఇవన్నీ మనం చూస్తాం గనుక దర్ ఇస్ దట్ మిస్కన్సెప్షన్ అనేది వస్తుంది దట్ ఆడవాళ్ళకి తక్కువగా ఉంటుంది అని బట్ దట్ ఇస్ నాట్ ఆల్వేస్ ట్రూ అండి.
(34:42) దసో మెనీ టైమస్ వెన్ విమెన్ ఆల్సో హవ్ ఈక్వల్ ఇఫ్ నాట్ మోర్ సెక్షువల్ డిజైర్ దన్ దర్ మేల్ పార్ట్నర్స్ యస్ వెల్ అది కూడా నార్మలే అది ఆ అండ్ అనదర్ మేజర్ ప్రాబ్లం ఏంటి అనింటే అగైన్ ఇందాక మనం మాట్లాడినట్టు బికాజ్ ఆఫ్ ది లాక్ ఆఫ్ ఎడ్యుకేషన్ ఒకవేళ ఒక ఫీమేల్ ఇఫ్ షి ఇస్ ఓపెన్లీ టాకింగ్ అబౌట్ దేర్ డిజైర్ కానివ్వండి ఏదైనా దేర్ ఆర్ సర్టెన్ లేబుల్స్ వాళ్ళ మీద వచ్చేస్తాయి సో సో వాళ్ళు కూడా ఓపెన్ గా మాట్లాడడానికి ఇష్టపడరు.
(35:16) దానివల్ల కూడా ఈ మిస్కన్సెప్షన్ అనేది ఇంకా కంటిన్యూ అవుతూనే ఉంటుంది బట్ ఇట్ ఇస్ నాట్ దట్ వాళ్ళకి ఎప్పుడు తక్కువగానే ఉంటుంది లేకపోతే మగవాళ్ళకి ఎప్పుడు ఎక్కువగానే ఉంటుంది అన్నట్టు కాదు. సో బికాజ్ ఆఫ్ ది హార్మోనల్ చేంజెస్ వమెన్ లో దేర్ ఆర్ సర్టన్ స్టేజెస్ ఇన్ దర్ లైఫ్ వాళ్ళకి తక్కువ ఉండొచ్చు బట్ దట్ ఇస్ నాట్ పర్మనెంట్ అండి ఒక పోస్ట్ డెలివరీ ఉండే ఆ డిక్రీస్ ఇన్ లిబిడో అది ఎప్పటికీ అలానే ఉంటుందని కాదు విత్ ది రైట్ ఇంటిమసీ విత్ ది రైట్ అఫెక్షన్ బిట్వీన్ ది పార్ట్నర్స్ దట్ ఇస్ గోయింగ్ టు గో అప్ అగైన్ అండ్ సం టైం సో అగైన్ ఆడవాళ్ళకి మగవాళ్ళకి తేడా ఏంటి అనింటే మగవాళ్ళు దే
(35:51) కెన్ ఈజీలీ బి స్టిములేటెడ్ సో వాళ్ళ పీపుల్ విల్ ఫీల్ లైక్ యన మగవాళ్ళ ఎస్పెషలీ దే ఫీల్ దట్ దే ఆర్ ఆల్వేస్ రెడీ ఫర్ ఎనీ సెక్షువల్ ఎన్కౌంటర్ బికాజ్ దర్ ఇట్ ఇస్ ఆల్వేస్ వన్ క్లిక్ అవే అన్నట్టు ఉంటుంది బట్ వేర్ స్ ఫీమేల్స్ కి అలా కాదు ఇట్ ఇస్ నాట్ ఓన్లీ అబౌట్ వాట్ ఇస్ హాపెనింగ్ ఇన్ ది బెడ్రూమ్ ఒక్కటే కాదండి ఇట్ ఇస్ అబౌట్ ది హోల్ డే ఇఫ్ నాట్ ది హోల్ వీక్ ఆ వీక్ లో హవ్ దే బీన్ ఆ లవ్ ఫీల్ అవుతున్నారా లేకపోతే ఆర్ దే ఫీలింగ్ కంఫర్టబుల్ విత్ దర్ పార్ట్నర్ వాళ్ళ పార్ట్నర్ ఆర్ దే ట్రీటింగ్ దెమ ఇన్ ద రైట్ వే ఆర్ దే గివింగ్ దెమ ది ఎనఫ్
(36:22) రెస్పెక్ట్ ఆల్ దీస్ ఫాక్టర్స్ ఆల్సో కమ ఇంటు దట్ డిజైర్ ఇవన్నీ లేకుండా నాకు డిజైర్ రావాలి అనింటే ఫీమేల్స్ లో ఇట్ ఇస్ నాట్ పాసిబుల్ సో అగైన్ అనదర్ రీసన్ వై ఫీల్ లైక్ యు నో ఫీమేల్స్ కి డిజైర్ తక్కువ ఉంటుంది సర్ బట్ ఇప్పుడు సెక్షువల్ హెల్త్ అనేదానికి చాలా ప్రాబ్లమ్స్ రావడానికి మెయిన్ గా మెంటల్ హెల్త్ ని ఇంటర్లింక్ చేస్తున్నారు లైక్ స్ట్రెస్ గాని యంజైటీ పర్ఫార్మెన్స్ ప్రెజర్ ఇవన్నీ అంటున్నారు ఇవన్నీ నిజంగా అంత ఎఫెక్ట్ చూపిస్తున్నాయా సక్ అబ్సల్యూట్లీ అండి ఓకే ఆ మీరు చూసారు చూసారు అనింటే ఆ లాస్ట్ 10 ఇయర్స్ బ్యాక్ ఉన్న సెన్సెస్ కి
(36:57) ఇప్పుడున్న సెన్సెస్ కి మీరు చూశారు అనింటే సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ హవ్ యాక్చువల్లీ మోర్ దెన్ త్రీ టైమ్స్ అయ్యాయి. ఎందుకని అవుతున్నాయి అవన్నీ అనింటే ఇట్ ఇస్ ది లాక్ ఆఫ్ స్ట్రెస్ రెస్పాన్స్ సైకిల్ అసలు ఎవరికీ లేదండి అంటే అందరూ దే ఆర్ సో స్ట్రెస్డ్ అవుట్ ఒక ఎల్కేజీ పిల్లాడి దగ్గర నుంచి ఒక 80 ఏళ్ల ముసలవాళ్ళ దాకా ఎవ్రీవన్ ఇస్ అండర్ స్ట్రెస్ అండి.
(37:16) ఇట్ కెన్ బి డిఫరెంట్ కైండ్స్ ఆఫ్ స్ట్రెస్ అందరికీ ఒకటే లాంటి స్ట్రెస్ ఉండాలని కాదు. బట్ ఆ స్ట్రెస్ఫుల్ ఎన్విరన్మెంట్ చాలా క్రియేట్ అయిపోతుంది. మనం చూసాము అనిఅంటే చాలా మంది వర్కర్స్ హూ ఆర్ వర్కింగ్ ఇన్ డిఫరెంట్ ఇండస్ట్రీస్ వాళ్ళందరూ చాలా స్ట్రెస్ లో ఉంటున్నారు. ఎవ్రీ వేకింగ్ మూమెంట్ దే ఆర్ అండర్ దట్ స్ట్రెస్ అంత స్ట్రెస్ లో ఉండి ఇంటికి వెళ్ళిన తర్వాత రిలాక్స్డ్ గా ఇంటిమేట్ గా ఉండాలి అని అంటే అది ఆ వి ఆర్ ఆల్ హ్యూమన్ బీయింగ్స్ వి ఆర్ నాట్ రోబోట్స్ అది ఒక స్విచ్ లాగా ఆఫ్ చేసేసి ఇది స్విచ్ లాగా ఆన్ చేయడానికి కుదరదండి. సో స్ట్రెస్
(37:49) ఇస్ ది బిగ్గెస్ట్ కాంట్రిబ్యూటింగ్ ఫాక్టర్ దీస్ డేస్ ఆ కోవిడ్ తర్వాత కూడా చాలా మందిలో సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ బయట పడడం మనం చూస్తున్నాము. కోవిడ్ డైరెక్ట్లీ దానికి కారణం కాదండి బట్ కోవిడ్ టైం నుంచి చాలా మందికి స్ట్రెస్ చాలా పెరిగిపోయింది. బీ ఇట్ బికాజ్ ఆఫ్ ఫైనాన్షియల్ థింగ్స్ పర్సనల్ లాసెస్ ఆర్ ఎనీ అదర్ రీజన్ మనం చూసుకున్నాము అని అంటే చాలా మందికి ఫైనాన్షియల్ లాసెస్ కూడా మసివ్ గా జరిగాయి.
(38:15) సో ఆల్ దీస్ ఆర్ కాంట్రిబూటింగ్ ఫాక్టర్స్ ఫర్ దర్ స్ట్రెస్ ఈ రోజుల్లో సో వన్స్ అంతా స్ట్రెస్ లో ఉన్నప్పుడు ఇన్ఎవిటబులీ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ అనేవి మెంటల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ అనేవి చాలా కామన్ గా మనం చూస్తున్నాం. ఓకే సర్ అంటే నార్మల్ గా ఇప్పుడు డిఫరెన్షియేట్ చేయాలి అంటే మీ దగ్గరికి వచ్చిన క్లైంట్స్ లోని మెన్ ఆర్ ఉమెన్ కి సో సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ అంటే ఏమఉంటాయి ఒక జనరల్ గా మాట్లాడుకోవాలి అంటే ఆ ఇప్పటికీ యస్ ఏ మేల్ సైకయాట్రిస్ట్ అండ్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్ నా దగ్గరికి ఎక్కువగా మెన్నే వస్తారండి ఆడవాళ్ళు చాలా రేర్ గా వస్తారు రాను అని నేను
(38:46) చెప్పట్లేదు. ఓకే బట్ ఫీమేల్స్ వచ్చేవాళ్ళు డిఫరెంట్ కారణానికి వస్తారు మెన్ వచ్చేవాళ్ళు డిఫరెంట్ కారణానికి వస్తారు. మెన్ లో మనం చూసాము అంటే ఇట్ ఇస్ ఐదర్ రెక్టైల్ ప్రాబ్లమ్స్ లేకపోతే ఇజాక్లేటరీ ప్రాబ్లమ్స్ వాళ్ళ వచ్చే వాళ్ళు చాలా మంది ఉంటారు దట్ ఇస్ ది మెజారిటీ ఆఫ్ మెన్ దట్ కమ్ టు అస్ ఇలానే కాకుండా డిజైర్ తక్కువ ఉన్నవాళ్ళు లేకపోతే డిజైర్ ఎక్కువ ఉన్నవాళ్ళు ఇవి కూడా ఎనీ అప్ అర్ డౌన్ ఏదైనా అద దట్ ఇస్ ఏ ప్రాబ్లం అండి.
(39:12) అండ్ ఇప్పటికీ కూడా నేను ఒక 10 15 మందిని చూశాను అనిఅంటే అందులో ఒక ఐదుగురు నుంచి ఆరుగురి దాకా వచ్చేది బికాజ్ ఆఫ్ సమ మిత్ వాళ్ళకి అది నార్మలా కాదా నాకు నిజంగానే ప్రాబ్లం ఉందా లేదా అని తెలుసుకోవడానికి కూడా ఇప్పటికీ చాలామంది వస్తూనే ఉంటారు. సో మగవాళ్ళలో అలా ఉంటుందండి. ఆడవాళ్ళలో మేజర్ గా మనం చూసేది ఇట్ ఇస్ స్ట్రెస్ రిలేటెడ్ డిజైర్ ఇష్యూస్ రావచ్చు లేకపోతే పెయిన్ఫుల్ ఇంటర్కోర్స్ వల్ల ఇబ్బంది పడేవాళ్ళు చాలామంది దే హావ్ ఏ ప్రాబ్లం అందుకని వచ్చేవాళ్ళు కూడా ఉంటారండి.
(39:48) ఓకే ఆడవాళ్ళలో ఆర్గాజం ఇష్యూస్ డిజైర్ ఇష్యూస్ ఎక్కువగా మనం చూస్తూ ఉంటాము అండ్ పెయిన్ఫుల్ ఇంటర్కోర్స్ వాళ్ళతో కూడా మనం చూస్తూ ఉంటామండి ఆ మెజారిటీ ఆఫ్ కపుల్స్ అన్కాన్సమేటెడ్ మ్యారేజ్ అని చెప్తాము ఇప్పటికీ కూడా పెళ్లయి సంవత్సరం అయింది రెండు సంవత్సరాలు అయ్యాయి బట్ వి నెవర్ పార్టిసిపేటెడ్ ఇన్ సెక్షువల్ ఇంటర్కోర్స్ ఆ ఇప్పుడు చేయాలి అని అంటే మాకు ఎలా చేయాలో అర్థం కావట్లేదు మాలో ఏమన్నా ప్రాబ్లం్ ఉంది ఉందా అని తెలుసుకునే వాళ్ళు కూడా చాలా మంది వస్తారు.
(40:19) ఆడవాళ్ళు యూజువల్ గా వచ్చేది యస్ ఏ కపుల్ే వస్తారు యస్ ఏ కపుల్ వి ట్రీట్ దెమ మగవాళ్ళు ఇండివిడ్యువల్ గా వచ్చే వాళ్ళు కూడా డెఫినెట్ గా ఉంటారు. ఓకే సర్ అంటే ఇప్పుడు మీరు మెన్షన్ అవుట్ చేసిన దాంట్లో ఒక త్రీ మెయిన్ ప్రాబ్లమ్స్ ఉన్నాయి. ప్రీమెచూర్ ఎజాక్లేషన్ గన ఎరక్టైల్ డిస్ఫంక్షన్ గన సో వీటి గురించి మనం డిస్కస్ చేసుకుందాం సర్ ఇప్పుడు ఎవరికైతే ఎరక్టైల్ డిస్ఫంక్షన్ అవుతుందో వాళ్ళ హెర్బల్ ఆర్ నాచురల్ బూస్టర్స్ యూస్ చేయడం లేకపోతే వన్ ఆఫ్ ద మోస్ట్ హైపిడ్ మయాగ్రపిల్ అసలు ఇవన్నీ ఎంతవరకు నిజంగా యూస్ అవుతాయా సార్ లేకపోతే ఇవన్నీ నిజంగా మిత్త మీరు
(40:51) అడిగిన క్వశ్చన్ లో దేర్ ఆర్ టూ త్రీ అదర్ క్వశన్స్ ఆల్సో సో ఐ విల్ అడ్రెస్ వన్ ఆఫ్టర్ ది అదర్ మీరు అడిగిన దాంట్లో ఎరక్టల్ డిస్ఫంక్షన్ కి చాలా మంది దే గో ఫర్ హెర్బల్ మెడిసిన్స్ అండ్ అదర్ థింగ్స్ యస్ వెల్ ఆ [గురకలు] వెన్ డన్ కరెక్ట్లీ ఎస్ దేర్ ఆర్ సం అడ్వాంటేజెస్ విత్ ఇట్ అండి కానీ మేజర్ ప్రాబ్లం ఎక్కడ అవుతుంది అనింటే చాలా మటుకు హర్బల్ మెడికేషన్స్ కి ప్రాపర్ గా రీసెర్చ్ చేశారా లేదా లేకపోతే వాళ్ళు చెప్పేదానికి అందులో ఉండేదానికి అసలు ఏమనా పొంతను ఉందా లేదా అన్నదానికి మనము గ్యారెంటీగా చెప్పలేము.
(41:24) వేర్ యస్ అలోపథిక్ మెడికేషన్స్ అంటే ఎవ్రీ మెడికేషన్ దేర్ ఇస్ ఫర్ ఎరక్టల్ డిస్ఫంక్షన్ ఇయర్స్ ఆఫ్ రీసర్చ్ ఉంటుంది అండ్ 1ౌస్ ఇఫ్ నాట్ మిలియన్స్ ఆఫ్ పేషెంట్స్ మీద డేటా ఉంటుంది. సో దట్ ఇస్ ది మేజర్ డిఫరెన్స్ అండి. అలాగని హెర్బల్ మెడిసిన్స్ కానివ్వండి ఆయుర్వేదిక్ మెడిసిన్స్ కానివ్వండి పని చేయవు అన్నట్టయితే కాదు. దేర్ ఆర్ డెఫినెట్ యూసెస్ ఫర్ ఇట్ కొన్ని సిచువేషన్స్ లో వెన్ గివెన్ బై ఏ ప్రాపర్ ట్రైన్డ్ డాక్టర్ డెఫినెట్ గా దాని వల్ల వచ్చే అడ్వాంటేజెస్ కూడా డెఫినెట్ గా ఉంటాయి.
(41:54) కమింగ్ టు ది సెకండ్ క్వశ్చన్ విచ్ ఇస్ మీరు వయగ్ర గురించి అడిగారు. వయగ్ర అంటే దట్ ఇస్ ఏ బ్రాండ్ నేమ్ అండి. ఆ కానీ చాలా మందికి బ్రాండ్ నేమ్ ద్వారానే తెలుసు బట్ అందులో ఉండే మెడిసిన్ పేరు సిల్డినఫిల్ అని అంటాం. ఓకే సిల్నఫిల్ ఇస్ ది ఫస్ట్ పిడిఈఫ ఇండిబేటర్ అండి కనుక్కున్న దాంట్లో ఫస్ట్ మెడిసిన్ అదే అందుకనే అది చాలా ఫేమస్ అయింది.
(42:14) ఇట్ ఇస్ మెడికేషన్ విచ్ కెన్ ఇంప్రూవ్ ఎరక్షన్స్ ఇన్ ద మేల్ అండి. ఓకే ఇట్ ఇస్ ఏ వెరీ సేఫ్ డ్రగ్ చాలా మిత్స్ ఉంటాయి దట్ ఇది చాలా డేంజరస్ అని చెప్తూ ఉంటారు. ఎస్ లైక్ ఎనీ అదర్ మెడికేషన్ ఇట్ హాస్ ఇట్స్ ఓన్ సెట్ ఆఫ్ సైడ్ ఎఫెక్ట్స్ బట్ ది సైడ్ ఎఫెక్ట్స్ ఆర్ నాట్ యస్ మెనీ యస్ పీపుల్ అనుకునేంత డేంజరస్ మెడికేషన్ అయితే అది కాదండి.
(42:37) ఓకే ఆ అది పని చేస్తుంది డెఫినెట్ గా ఎరక్షన్స్ మంచిగా ఎరక్షన్స్ రాని వాళ్ళలో అది ఎర్రక్షన్స్ వచ్చేటట్టు చేయగలుగుతుంది. బట్ దాంట్లో ఉండే మిత్స్ ఏంటి అనిఅంటే అది వేసుకుంటే ఎవరికైనా ఎరక్షన్ వచ్చేస్తుంది అని అనుకుంటారు. దట్ ఇస్ నాట్ ట్రూ అండి. మీకు ఎరక్షన్ రావాలి అనింటే డిజైర్ అనేది ఉండాల్సిందే అండి. ఆ కోరిక లేకుండా డిజైర్ లేకుండా మీరు ఎన్ని టాబ్లెట్లు వేసుకున్నా అది పని చేయదండి.
(43:00) ఉమ్ సో ఎన్ని టాబ్లెట్లు వేసుకున్నా అంటే ఇప్పుడు చాలా మంది ఎన్నన్నా వేసుకోవచ్చు అని అనుకుంటారు. ఇట్ ఇస్ ఏ మెడికేషన్ అండి దాన్ని చాలా కేర్ఫుల్ గా ఇవ్వాల్సిందే. ఈచ్ మెడిసిన్ దానికి మనము సర్టెన్ గైడ్లైన్స్ ఉంటాయి ఎలాంటి వాళ్ళలో మనం పెట్టాలి ఎలాంటి వాళ్ళలో మనం పెట్టకూడదు అని చాలా మందికి వయగ్ర సిలినాఫిల్ వల్ల వచ్చిన సైడ్ ఎఫెక్ట్స్ ఎందుకని వచ్చాయి అనింటే అన్సూపర్వైజడ్ గా తీసుకున్నారు కనుకనే వాళ్ళకి ఆ ప్రాబ్లమ్స్ అనేవి వచ్చాయి.
(43:26) వెనఎవర్ [గురకలు] యు గో టు ఎనీ ట్రైన్డ్ డాక్టర్ డైరెక్ట్ గా 100 mg నుంచి స్టార్ట్ చేయరండి 100 mg ఇస్ ద మాక్సిమం డోస్ దట్ యు కెన్ గివ్ చాలామంది యు హావ్ టు గో స్టెప్ బై స్టెప్ ఇన్ ది ట్రీట్మెంట్ అలా కాకుండా డైరెక్ట్ గా ఎవరో ఇచ్చేస్తారని తీసేసుకుంటూంటారు దట్ కెన్ లీడ్ టు ఏ లాట్ ఆఫ్ ప్రాబ్లమ్స్ అండి [గురకలు] బట్ ఇట్ ఇస్ ఏ వెరీ సేఫ్ డ్రగ్ ఇట్ ఇస్ ఏ వెరీ గుడ్ డ్రగ్ చాలా బాగా పని చేస్తుంది అవసరం ఉన్న వాళ్ళలో డెఫినట్లీ ఇట్ విల్ హెల్ప్ యు అవుట్ బట్ అది అనదర్ మిస్కన్సెప్షన్ ఏంటి అనింటే అది వేసుకుంటే ఒకసారి వేసుకుంటే నా ప్రాబ్లమ్స్ అన్ని తీరిపోతాయి అని
(44:01) అనుకుంటారు. ఇట్ ఇస్ వయగ్ర ఎలాంటి టాబ్లెట్ అనిఅంటే ఇట్ పేపర్స్ ఓవర్ ది క్రాక్స్ అండి మీకు సింటమాటిక్ రిలీఫ్ ఇస్తుంది మీకు ఎరక్షన్స్ రావట్లేదు ఎరక్షన్స్ వచ్చేటట్టు చేస్తుంది. అంతేకానీ అండర్లైింగ్ కాజ్ ని అదేమి హెల్ప్ చేయదు. మీకు ఎప్పుడన్నా ఇఫ్ యు వాంట్ ఎనీ ఇంప్రూవ్మెంట్ ఇన్ యువర్ సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ యు నీడ్ టు గో టు ఏ డాక్టర్ అండర్స్టాండ్ అసలు ఇది నాకు ఎందుకని వస్తుంది.
(44:23) [గురకలు] ఎనీ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్ కెన్ హాపెన్ బికాజ్ ఆఫ్ మల్టిపుల్ రీసన్స్ అండి అది సైకోజెనిక్ అవ్వచ్చు లేదా ఆర్గానిక్ అవ్వచ్చు ఆర్గానిక్ అంటే లోపల ఏదైనా ప్రాబ్లం ఉండడం వల్ల వచ్చేది. సో అసలు మీకు ఇది ఎందుకని వస్తుంది అనేది మనం తెలుసుకొని ఆ అండర్లైింగ్ కాజ్ ని మనం ట్రీట్ చేసాము అనింటే ఈ వయగ్రా లాంటిది లేకపోతే టడఫిల్ కానివ్వండి వర్నాఫిల్ కానివ్వండి లేకపోతే అవనాఫిల్ ఇవి నాలుగు పిడిఎఫ్ అండిబిటస్ మన దగ్గర ఇప్పుడు అవైలబుల్ గా ఉన్నవి.
(44:49) ఈ నాలుగిటి అవసరం ఎక్కువ లేకుండా వ కెన్ హెల్ప్ ఇంప్రూవ్ దేర్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లం ఓకే బట్ ఇది ఒక్కటి తీసేసుకుంటే నాకు అయిపోతుంది లేకపోతే అది తీసుకొని ఐ కెన్ డ ఇట్ కదా అంటే అలా కాదండి యు హావ్ టు డెఫినెట్లీ అండర్స్టాండ్ ఇది ఎందుకని అవుతుంది అన్నదయితే మనం ఖచ్చితంగా చూడాల్సిందే అన్నమాట సర్ ఆఫ్టర్ దిస్ చాలా మెన్స్ ఎక్కువగా సఫర్ అవుతుంది ప్రీమెచూర్ ఎజాక్లేషన్ ఆర్ డిలేడ్ ఎజాక్లేషన్ ఈ రెండిటి వల్ల అసలు ఎంత భయపడిపోతున్నారు అంటే వాళ్ళ మ్యారేజ్ లైఫ్ స్పాయిల్ అయిపోయినట్టు అంతా ఫీల్ అవుతున్నారు బట్ హౌ యు హాండిల్ దీస్ టూ క్లైంట్స్ సర్ సో ప్రిమచర్ ఎజాక్లేషన్ డిలే ఎజాక్లేషన్
(45:22) కంప్లీట్లీ డిఫరెంట్ అండి మనము ఇఫ్ యు లుక్ అట్ ది స్టాటిస్టిక్స్ ఎనీవేర్ ఇన్ ది వరల్డ్ చాలా మంది ఏమనుకుంటారంటే ఎరక్షన్ ప్రాబ్లమ్స్ చాలా కామన్ అని అనుకుంటారు బట్ దట్ [గురకలు] ఇస్ నాట్ ట్రూ ఇట్ ఇస్ ప్రిమచర్ ఇజాక్లేషన్ అండి దట్ ఇస్ ది కామనెస్ట్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లం మనం చూసే వాటిల్లో ప్రిమచర్ ఎజాక్లేషన్ రావడానికి మల్టిపుల్ రీసన్స్ ఉంటాయండి వెన్ వ స అగైన్ నేను సైకోజెనిక్ ఆర్గానిక్ అని మనం మాట్లాడుకున్నాము అనిఅంటే సైకోజెనిక్ గా మనం చూస్తే పర్ఫార్మెన్స్ యంజైటీ వల్ల రావచ్చు, స్ట్రెస్ వల్ల రావచ్చు హార్మోనల్ ఇంబాలెన్స్ వల్ల రావచ్చు లేకపోతే హైపర్
(45:56) సెన్సిటివిటీ వల్ల రావచ్చు హైపర్ సెన్సిటివ్ ఆఫ్ గ్లాండ్స్ ఆఫ్ పెనిస్ అని అంటాం అంటే పెనిస్ యొక్క హెడ్ దగ్గర కొంచెం సెన్సిటివిటీ ఎక్కువ ఉన్న వాళ్ళలో కూడా ప్రిమచర్ ఇజాక్లేషన్ రావచ్చు. అది ఎందుకని అవుతుంది అంటే దాన్ని అగైన్ ఇట్ బికమ్స్ ఆర్గానిక్ అండి ఇన్ఫెక్షన్స్ వల్ల రావచ్చు లేకపోతే డయాబెటీస్ ఆర్ హైపర్టెన్షన్ ఉన్న వాళ్ళలో రావచ్చు.
(46:15) చాలా [గురకలు] మందికి తెలియంది ఏంటంటే స్మోకర్స్ లో ఇది చాలా కామన్ గా వస్తూ ఉంటుంది. బికాజ్ ఆఫ్ ది స్మోకింగ్ వాళ్ళ బ్లడ్ వెసల్స్ అంతా కూడా వీక్ అయిపోతుంది దే ఆర్ నాట్ గెట్టింగ్ ఎనఫ్ బ్లడ్ సప్లై ఆల్ ఓవర్ దేర్ బాడీ లాంగ్ టర్మ్ స్మోకర్స్ లో వి డెఫినట్లీ సీ దిస్ ప్రాబ్లమ్ అండి. సో దీస్ ఆర్ ది కామన్ కాసెస్ ఇది ఎందుకని వస్తుంది అని చెప్పి అగైన్ ప్రిమచర్ ఇజాక్లేషన్ కి కూడా ట్రీట్మెంట్ దగ్గరికి వచ్చేసరికి సేమ్ వే అండి.
(46:43) దర్ మల్టిపుల్ డ్రగ్స్ వచ్ ఆర్ అప్రూవడ్ విచ్ కన్ బి యూస్డ్ టు ఇంక్రీస్ ది టైం అండి కానీ అగైన్ దోస్ ఆల్సో కెన్ బి టేకన్ యస్ స్టార్ట్ స్టాప్ మెథడ్ అంటే ఇదిఏదో మనం పై పైన చేసేటట్టే ఉంటుంది. అంటిల్ అండ్ అన్లెస్ బెస్ట్ థెరపీ ఏంటి ప్రిమచర్ ఇజాకులేషన్ కి అనింటే ఒకటి ఫ్రీక్వెంట్ ఇంటర్కోర్స్ ఇస్ ది బెస్ట్ వే టు ఇంప్రూవ్ ది టైమింగ్ సెకండ్ థింగ్ అండర్స్టాండింగ్ వై ఇస్ ఇట్ హాపెనింగ్ ఒకవేళ యంజైటీ వల్లనా అంటే ఒక రిలాక్సేషన్ టెక్నిక్స్ చేసుకోవడం లేకపోతే కొంచెం కామ్ అవ్వడము అండర్స్టాండింగ్ యువర్ ఓన్ సెక్షువల్ లైఫ్ అండర్స్టాండింగ్ యువర్ ఓన్ బాడీ
(47:19) అండ్ మీరు కామ్ అవుతూ ఉన్నారు యుఆర్ నాట్ కాన్సంట్రేటింగ్ అబౌట్ ది పర్ఫార్మెన్స్ యుఆర్ కాన్సంట్రేటింగ్ ఆన్ ది ఇంటిమసీ విత్ యువర్ పార్ట్నర్ అన్నది మీరు ఎప్పుడైతే స్టార్ట్ చేస్తారో దెన్ లైక్ మీకు ఆటోమేటికల్ గా ఈ ప్రాబ్లం్ నుంచి బయటపడే అవకాశం ఉంటుంది. దట్ ఇస్ ది మెయిన్ థింగ్ అండి రిలాక్సేషన్ లేకపోతే మీరు ఎన్ని మందులు ఇచ్చినా ఇన్ఎవిటబుల్లీ ఇవ్వాల కాకపోతే మళ్ళా రేపైనా ఇట్ ఇస్ గోయింగ్ టు రీఅపియర్ దట్ ఇస్ ది మెయిన్ థింగ్ అండ్ మెడిసిన్స్ మనం డెఫినెట్ గా యూస్ చేస్తాము.
(47:48) దేర్ ఆర్ మల్టిపుల్ మెడిసిన్స్ ఎలాంటి వాళ్ళలో ఎలాంటి మెడిసిన్స్ వాడాలి అన్నది మనం చూడాలి. దస్ డపాక్సిటిన్ విచ్ ఇస్ ఎఫ్డి అప్రూవడ్ అది కాకుండా పెరాక్సిటిన్ అని ఉంటుంది లేకపోతే ఫ్లో ఆక్సిజటిన్ అని ఉంటాయి. దీస్ ఆర్ ఆల్ మెడికేషన్స్ విచ్ కెన్ బి గివెన్ ఫర్ ఎనీవన్ సఫరింగ్ ఫ్రమ ప్రిమేచర్ ఎజాక్లేషన్ ఈ మధ్య మనం కామన్ గా చూసేది ఏంటి అనింటే స్ప్రేస్ వస్తున్నాయి జెల్స్ వస్తున్నాయి అని చాలా మంది అడ్వర్టైస్ చేస్తున్నారు.
(48:12) అది ఎలాంటి వాళ్ళలో యూస్ఫుల్ అనిఅంటే ఇందాక నేను చెప్పినట్టు హైపర్ సెన్సిటివ్ గ్లాండ్స్ అని చెప్పాను కదా కొంతమందికి వాళ్ళ అంగం దగ్గర చాలా సెన్సిటివిటీ ఎక్కువగా ఉంటుంది. అలాంటి వాళ్ళు ఇలాంటి స్ప్రేస్ కానివ్వండి జెల్స్ కానీ యూస్ చేయడం వల్ల వాళ్ళకి బెనిఫిట్ అనేది ఉంటుంది. కానీ అది అందరూ యూస్ చేయకూడదు అండ్ ఇష్టం వచ్చినట్టు కూడా యూస్ చేయకూడదు.
(48:33) అది ఎలా యూస్ చేయాలి అనేది ఒక ప్రాపర్ గా వి ఎడ్యుకేట్ ది క్లైంట్ అండి వెన్ వ ప్రిస్క్రైబ్ దట్ మెడిసిన్ ఇట్ ఇస్ ఏ మెడిసిన్ ఇట్స్ ఏ లోకల్ అనస్థెటిక్ సో అది మనం ఇష్టం వచ్చినట్టు వాడడానికి వీలు లేదు. ఓకే సో ఆ హైపర్ సెన్సిటివిటీని మనము తగ్గిస్తుంది. కానీ మీకు ఎందుకని ఆ సెన్సిటివిటీ వస్తుంది అన్నదానికి రూట్ కాజ్ మనం ఐడెంటిఫై చేయాలి ఇన్ఫెక్షన్స్ వల్ల లేకపోతే డయాబెటీస్ వల్ల అనుకోండి వాటిల్ని మనము వ హావ్ టు కీప్ దెమ అండర్ కంట్రోల్ అది కంట్రోల్ లో చేసిన తర్వాత యు డోంట్ నీడ్ టు యూస్ ఇట్ ఇది మీ టైం ని పెంచుతుంది ప్రిమచర్ ఎజాక్లేషన్ లో ఈ జెల్స్ అండ్ ఇవన్నీ బట్ మేజర్ ప్రాబ్లం
(49:07) ఎక్కడ వస్తుంది అంటే యు డోంట్ ఫీల్ ఎనథింగ్ యస్ ఐ మెన్షన్ దే ఆర్ లోకల్ అనస్థెటిక్స్ సో దాని వల్ల ఏమవుతుంది మీ సెన్సేషన్ పోతుంది మొత్తానికి సో యుమైట్ బి పార్టిసిపేటింగ్ ఇన్ ఇంటర్కోర్స్ ఫర్ ఫైవ్ మినిట్స్ ఆర్ సిక్స్ మినిట్స్ బట్ యు డోంట్ ఫీల్ ఎనీథింగ్ సో అది అవసరమా అవసరం లేదా అన్నది అగైన్ కేస్ బేస్డ్ గా ఉంటుంది.
(49:26) ఓకే కమింగ్ టు ది సెకండ్ థింగ్ దట్ యు హడ్ మెన్షన్ డిలేడ్ ఎజాక్లేషన్ అండి డిలేడ్ ఎజాక్లేషన్ అనేది ఎగజక్ట్ ఆపోజిట్ ఆఫ్ ప్రిమచర్ ఎజాక్లేషన్ ఇలాంటిది ఉన్నవాళ్ళకి మల్టిపుల్ రీసన్స్ ఉంటాయండి అగైన్ స్ట్రెస్ ఆల్కహాల్ స్మోకింగ్ డయాబిటీస్ హైపర్టెన్షన్ ఇవన్నీ ఆర్ సమ ఆఫ్ ది రీసన్స్ వై దే కుడ్ బి హవింగ్ డిలే ఇజాక్లేషన్ అండ్ కామన్ గా మనం చూసామ అంటే దేర్ ఆర్ సమ మెన్ అండ్ వమెన్ హ టేక్ మెడికేషన్ సర్టెన్ మెడికేషన్స్ వల్ల కూడా ఇలాగ అయ్యే అవకాశం ఉంటుంది దేర్ ఆర్ సమ యాంటీ డిప్రెసెంట్స్ అండ్ యంటీసైకోటిక్స్ విచ్ హవ్ బీన్ టోల్డ్ దట్ ఇది లాంగ్ టర్మ్
(50:01) లో వాడడం వల్ల ఇలాంటి సమస్యలు వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది అని చెప్తారు. సో అలాంటిది ఏదైనా ఉంది అనింటే ఐదర్ వ కెన్ చేంజ్ ది మెడికేషన్స్ విచ్ అంత సైడ్ ఎఫెక్ట్ కాస్ చేయని మెడికేషన్ కి మనం మార్చొచ్చు లేకపోతే డోస్ ని తగ్గించడం అలాగే ఏమనా చేయొచ్చు. అగైన్ రిస్క్ రివార్డ్ రేషియో అండి ఏది అవసరమో ఏది అంత అవసరం లేదు దాన్ని మనం చూసుకోవడం లాంటిది చేయాలి.
(50:25) ఇంకొకటి అగైన్ డిలే జాక్లేషన్ ఇస్ ఆల్సో బిహేవియరల్ థింగ్ అండి కొంతమందికి ఎలా అయిపోతుంది అనింటే దే ఆర్ నాట్ ఇంటిమేట్లీ కనెక్టింగ్ విత్ దర్ పార్ట్నర్ ఆ కనెక్షన్ లేనప్పుడు కూడా దే ఆర్ పార్టిసిపేటింగ్ ఇన్ సెక్స్ బట్ ఆర్ నాట్ ఫీలింగ్ ఎనీథింగ్ అనుకోండి ఆ స్టిములేషన్ అనేది పీక్ కి వెళ్ళదు. సో పీక్ కి వెళ్ళనప్పుడు కూడా ఆ ఇలాంటి సమస్యలు వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది.
(50:46) దేర్ ఆర్ సర్టెన్ మెన్ హూ మాస్టర్బేట్ ఇన్ ఏ డిఫరెంట్ వే ప్రోన్ మాస్టర్బేషన్ అని అంటాం. సో ఇలాగ ప్రోన్ మాస్టర్బేషన్ చేసేవాళ్ళలో కూడా కొంచెం సమ ఎఫెక్ట్ సమ అమౌంట్ ఆఫ్ డిలే ఇజాక్లేషన్ వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది అని దేర్ ఇస్ సం లిటరేచర్ విచ్ సేస్ అన్నమాట సో అండ్ ఎక్ససివ్ మాస్టర్బేషన్ చేసేవాళ్ళు ఎక్ససివ్ పాన్ కన్సంషన్ చేసేవాళ్ళు అగైన్ ఇట్ ఇస్ ద సేమ్ థింగ్ అండి స్టిములేషన్ అంత అవ్వదు కనుక ఈ సమస్యలు వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది.
(51:16) దీనికి ప్రిడామినెంట్లీ సెక్స్ థెరపీ లేకపోతే బిహేవియర్ టెక్నిక్స్ థెరపీ మీరు ఏది తీసుకున్నా ప్రిమచరీ జాక్లేషన్ తీసుకున్నా డిలేటెడ్ జాక్లేషన్ తీసుకున్నా ఇట్ [గురకలు] ఇస్ థెరపీ విచ్ ఇస్ మోర్ ఇంపార్టెంట్ దన్ ది మెడికేషన్ ఎస్ మెడిసిన్స్ వర్క్ మెడిసిన్స్ వర్క్ చేయవని నేను చెప్పట్లేదు డెఫినట్లీ దే వర్క్ బట్ దానికన్నా బెటర్ గా పని చేసేది థెరపీ అండి.
(51:36) సో థెరపీ కూడా ఇస్ ఈక్వలీ ఇంపార్టెంట్ చాలా మంది ఏమనుకుంటారు నేను మందులు వేసుకున్నా కదా నాకు అయిపోతుంది అని దట్ డజంట్ వర్క్ అలాగ పని చేయదు. మీకు మందుల వల్ల ఇంప్రూవ్మెంట్ వస్తుంది అప్ టు 30% 40% 50% ఇంప్రూవ్మెంట్ వస్తుంది మీ టైమింగ్ పెరుగుతుంది లేకపోతే తగ్గుతుంది యు విల్ బి ఫైన్ బట్ ఎప్పటిదాకా మనం మందులు వాడతాము.
(51:59) ఏదో ఒక స్టేజ్ కి మనం మందులని తీసేసి వి హావ్ టు హెల్ప్ దెమ నాచురల్లీ ఆ నాచురల్లీ స్టార్ట్ అవ్వాలి అంటే మందులతో ఉన్నప్పుడు థెరపీ కూడా ఇది అవ్వాలి. బిహేవియర్ [గురకలు] టెక్నిక్స్ ఏంటి బిహేవియర్ వేస్ ఆఫ్ కంట్రోలింగ్ ఇది ఎలా ఉంటాయి అన్నది మీరు తెలుసుకుంటూ ఉన్నారు అనింటే దెన్ డెఫినెట్లీ ఆ ఆ ప్రాబ్లం నుంచి బయటపడే అవకాశం అనేది ఉంటుంది. కొంతమందికి థెరపీ అలోన్ విల్ వర్క్ కొంతమందికి మెడికేషన్స్ అలోన్ విల్ వర్క్ కొంతమందికి కాంబినేషన్ విల్ వర్క్.
(52:26) ఓకే అది ఎలాగ డిసైడ్ చేస్తాము అనేది ఇట్ ఇస్ బేస్డ్ ఆన్ మీరు డాక్టర్ దగ్గరికి ఎంత తొందరగా వెళ్తున్నారు ఏ స్టేజ్ లో వెళ్తున్నారు అన్న దాని మీదకు ఉంటుంది. ఓకే దేర్ ఇస్ ఏ రీసన్ వై ఐ డిడ్ నాట్ మెన్షన్ ది టైమింగ్స్ అండి ఐదర్ ప్రిమిచర్ ఎజాక్లేషన్ కానివ్వండి డిలే ఇజాక్లేషన్ ఎందుకంటే దేర్ ఇస్ నో డెఫినిషన్ ఇంత టైం మినిమం ఉంటేనే ప్రిమిచర్ ఇజాక్లేషన్ ఇంత టైం మినిమం లేకపోతే డిలే ఇజాక్లేషన్ అని ఎక్కడ లేదండి.
(52:52) ఓకే సో ఇట్ ఇస్ అగైన్ ది కపుల్స్ థింగ్ ఒకవేళ బోత్ ది కపుల్స్ ఆర్ ఫీలింగ్ దే ఆర్ నాట్ సాటిస్ఫైడ్ విత్ ది అమౌంట్ ఆఫ్ టైం దట్ దే ఆర్ గెట్టింగ్ ది ఇజాక్లేషన్ దెన్ ఇట్ ఇస్ ప్రిమచర్ ఇజాక్లేషన్ యూజువల్ గాట మినిట్స్ కన్నా తక్కువ ఉంటుంది అనింటే ఎస్ ఇట్ ఇస్ గ్రౌండ్స్ ఫర్ ట్రీట్మెంట్ సిమిలర్లీ డిలేడ్ ఇజాక్లేషన్ ఇఫ్ ఇట్ ఇస్ మోర్ దెన్ 10 మినిట్స్ అవుతుంది అనింటే దెన్ ఇట్ ఇస్ ఏ ప్రాబ్లమ్ అని చెప్తామ అన్నమాట బట్ ఇక్కడ దేర్ ఇస్ ఏ లాట్ ఆఫ్ కంపారిజన్ విత్ పాన్ యస్ వెల్ విచ్ ఇస్ నాట్ కరెక్ట్ అన్నమాట అందుకనే ఐ నాట్ మెన్షనింగ్ ద టైమ్స్ ఇన్ ఇన్ ది బిగినింగ్
(53:27) ఓకే సర్ థాంక్యూ సర్ ఇది మాస్టర్బేషన్ లో ప్రతి ఒక్కరు మెన్ కూడా మాస్టర్బేషన్ జరిగేసిన వెంటనే ఒక రిలాక్సేషన్ ఫీల్ అవుతూ ఉంటారు. బట్ కొంతమంది మాస్టర్బేషన్ దాంతో ఒక గిల్ట్ ప్రెజర్ ఫీల్ అవుతున్నారు అని చెప్తున్నారు. అవునండి ఇస్ ఇట్ ఇస్ ఆల్సో ఏ సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లం స అగైన్ ఇట్ కమ్స్ బ్యాక్ టు ది కల్చరల్ అప్ప్రింగింగ్ యువర్ లాక్ ఆఫ్ అవేర్నెస్ అండ్ యువర్ అండర్స్టాండింగ్ టువర్డ్స్ యువర్ సెక్షువాలిటీ అండి.
(53:51) ఉ రిలాక్సేషన్ గురించి మనం మొదట మాట్లాడాము అనింటే యస్ సూన్ యస్ యు మాస్టర్బేట్ ఎవరన్నా మగవాళ్ళ కానివ్వండి ఆడవాళ్ళు కానివ్వండి మాస్టర్బేషన్ అన్నది అయిన తర్వాత ఆర్గాజం అనేది వస్తుందండి ఆర్గాజం వచ్చిన తర్వాత దేర్ ఆర్ సర్టెన్ హార్మోన్స్ అనుకోండి లేకపోతే సర్టెన్ థింగ్స్ విచ్ గెట్ రిలీస్డ్ ఇన్ యువర్ బ్రైన్ ఎండార్ఫిన్స్ అని అంటాము సో ఇవన్నీ హ్యాపీ హార్మోన్స్ అని అనుకోవచ్చుండి ఆక్సిటోసిన్ రిలీజస్ ఎండార్ఫిన్స్ రిలీజ్ ఇవన్నీ రిలీజ్ అవ్వడం వల్ల ఏమవుతుంది అంటే దేర్ ఇస్ ఏ సర్టెన్ అమౌంట్ ఆఫ్ రిలాక్సేషన్ సో చాలామంది దే సే అన్నమాట నేను మాకు
(54:26) మాస్టర్బేషన్ అయిపోయిన తర్వాత చాలా కామ్ గా ఫీల్ అయ్యాను లేకపోతే నిద్ర వచ్చింది నిద్ర పడుతుంది అని చెప్తూ ఉంటారు దట్ ఇస్ ఏ నార్మల్ ఫిజియలాజికల్ రెస్పాన్స్ టు ఆర్గాజం అండి గిల్ట్ మీరు ఇందాక చెప్పినది అది చాలా మందిలో మనం చూస్తాం. ఎందుకనింటే వాళ్ళ అప్గ్రంగింగ్ ప్రకారము మాస్టర్బేషన్ వల్ల తప్పు అనేది వాళ్ళు సారీ వాళ్ళు చిన్నప్పటి నుంచి వింటూ ఉన్నారు.
(54:49) ఓకే సో ఇన్విటబుల్లీ అది మాస్టర్బేషన్ చేసుకోవడానికి దే వెరీ మచ్ స్టిములేటడ్ సో దే మాస్టర్బేటెడ్ మాస్టర్బేషన్ అయిపోయిన వెంటనే దే స్టార్ట్ ఫీలింగ్ గిల్టీ అరే నేను ఎందుకు చేశను ఇది ఎందుకయింది అది ఎందుకు అయింది అని దే స్టార్ట్ గోయింగ్ ఇంటు దట్ థాట్స్ అన్నమాట అది రిపీటెడ్ గా అయ్యే కొద్ది కూడా చాలా మందికి దేర్ ఆర్ కల్చర్ బౌండ్ సిండ్రోమ్స్ అని మనం వింటూ ఉంటామ అన్నమాట సో కల్చరల్ అప్ బ్రింగింగ్ వల్ల ఇలాంటి సమస్యలు వచ్చేవి కూడా ఉన్నాయి.
(55:17) [గురకలు] ఆ దాట్ సిండ్రోమ్ అని అంటాం వేర్ పీపుల్ థింక్ అది అయిపోయిన వెంటనే నా ఎనర్జీ వెళ్ళిపోతుందేమో లేకపోతే నాకు చాలా వీక్నెస్ వచ్చేస్తుంది ఇవన్నీ బికాజ్ ఆఫ్ ది వాళ్ళ కల్చరల్ బిలీవ్స్ వల్ల వచ్చే అవకాశం అనేది ఉంటుందన్నమాట సో ఇస్ దట్ ఏ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమా కాదా అంటే ఇట్ ఇస్ మోర్ ఆఫ్ మెంటల్ హెల్త్ ఇష్యూ దన్ సెక్షువల్ హెల్త్ ఇష్యూ ఆల్సో ఇట్ ఇస్ వాళ్ళకి అర్థమయ్యేటట్టు చెప్పాలి వ హవ్ టు ప్రాపర్లీ ఎడ్యుకేట్ దెమ దట్ దట్ ఇస్ నాట్ హాపెనింగ్ మీరు రిలాక్స్ గా ఫీల్ అవ్వడం కొంచెం కామగా గా ఫీల్ అవ్వడం అనేది నాచురల్ ఫిజియలాజికల్ రెస్పాన్స్ అంతేకానీ మీ
(55:50) వీర్యం వెళ్ళిపోతుంది అనిఅంటే మొత్తం అయిపోతుంది మీ కౌంట్ తగ్గిపోతుంది అన్నట్టయితే కాదండి. [గురకలు] ఫ్రమ్ ది టైం ఆఫ్ ప్యూబర్టీ టిల్ ఆల్మోస్ట్ లైక్ లేట్ 70స్ దాకా 80స్ దాకా కూడా య స్పర్మ్ అనేది ప్రొడక్షన్ జరుగుతూనే ఉంటుంది. ఇఫ్ యు సీ ఏ ఫేమస్ యక్టర్ హూ యక్టెడ్ ఇన్ గాడ్ ఫాదర్ రాబర్ట్ డినరో అని హి వాస్ 80 వెన్ హ హిస్ వైఫ్ కన్సవడ్ సో అంటే ది స్పర్మ్ అనేది ప్రొడక్షన్ జరుగుతూనే ఉంటుంది.
(56:19) ఆ కౌంట్ అనేది మీరు మాస్టర్బేషన్ కి కౌంట్ కి దేర్ ఇస్ నో లింక్ అన్నమాట. బట్ చాలా మందికి మిస్ కన్సెప్షన్ ఎలా ఉంటుందంటే నేను ఎక్సెసివ్ గా మాస్టర్బేషన్ చేయడం వల్ల నాకు కౌంట్ తగ్గిపోతుంది లేకపోతే నాకు ప్రాబ్లం వస్తుంది అని అనుకుంటారు దట్ ఇస్ నాట్ నెసెసరీ ట్రూ ఓకే సర్ వన్ మోర్ బిగ్గెస్ట్ మిస్ కన్సెప్షన్ మెన్స్ కి ఉండేది సైజ్ మేటర్స్ అని ప్రతి ఒక్కరు అనేసుకుంటూ ఉంటాం.
(56:41) తప్పకుండా కెన్ యు ప్లీజ్ ఎక్స్ప్లెయిన్ అండి సో ఆ అగైన్ సైజ్ గురించి చాలా మందికి వచ్చే డౌట్ ఎందుకని వస్తుంది అనింటే బికాజ్ ఆఫ్ ది కంపారిజన్ అండి. ఆ వేర్ ఇస్ వేర్ ఆర్ మెజారిటీ ఆఫ్ మెన్ గెట్టింగ్ దేర్ ఎడ్యుకేషన్ ఫ్రమ అనిఅంటే అన్ఫార్చునేట్లీ ఇట్ ఇస్ ఫ్రమ్ పాన్ కల్చరల్లీ కానివ్వండి లేకపోతే డెమోగ్రఫీ పట్టి కానివ్వండి దేర్ ఆర్ ఈచ్ పర్సన్ గెట్స్ ఏ డిఫరెంట్ కైండ్ ఆఫ్ సైజ్ మెజారిటీ ఆఫ్ ఇండియన్స్ గెట్ సర్టెన్ యవరేజ్ సైజ్ అనేది ఉంటుందండి విచ్ ఇస్ అరౌండ్ 3 టు 4అ/2 ఇంచెస్ ఇస్ ది యవరేజ్ ఇండియన్ పెనల్ లెంత్ అండి సో ఇప్పుడు దాన్ని మీరు వేరే ఆ డెమోగ్రఫీ
(57:21) మనుషులతో కంపేర్ చేసుకుంటే ఆబవియస్లీ ఇట్ ఇస్ ఆన్ ది స్మాలెస్ట్ సైజ్ దన్ ది నార్మల్ సైజ్ ఇక దిస్ ఇస్ ది యవరేజ్ సైజ్ అండి దీనికన్నా పెద్దగా ఉండదు అన్నట్టు కాదు తక్కువగా ఉంటుంది అన్నట్టు కాదు బట్ సైజ్ అలోన్ విల్ డిటర్మైన్ హౌ వెల్ ఫీమేల్స్ గెట్ సాటిస్ఫైడ్ అని అంటే దట్ ఇస్ డెఫినట్లీ నాట్ ట్రూ అండి. ఆ మోర్ దన్ ది సైజ్ ఇట్ ఇస్ అబౌట్ హౌ యు కెన్ స్టిములేట్ ది ఫీమేల్ ఆల్సో మటర్స్ అండి.
(57:47) ఓకే వెన్ యు స మెజారిటీ ఆఫ్ వమెన్ వాళ్ళకి ఓన్లీ పెనిట్రేటివ్ సెక్స్ వల్ల వచ్చే స్టిములేషన్ కన్నా ఫోర్ ప్రే వల్ల లేకపోతే అదర్ స్టిములేషన్ వల్ల దే గెట్ బెటర్ ఆర్గానిజమ్స్ అనేది కూడా మనం చూస్తాం. ఓకే సో పెనిట్రేటివ్ సెక్స్ ఇస్ ఆబవియస్లీ ఇంపార్టెంట్ బట్ సైజ్ అలోన్ డిటర్మైన్ చేయదండి దానికి వాళ్ళు స్టిములేట్ అవుతున్నారా లేదా అన్నదయతే కాదు ఎనీథింగ్ మోర్ దెన్ 2అ/ఫ టుత ఇంచెస్ కెన్ ఈజీలీ స్టిములేట్ ఫీమేల్ అని మనం చెప్తాం.
(58:18) దానికన్నా తక్కువగా ఉంటుంది వెన్ ఎరక్ట్ అండి చాలామంది దే చెక్ దేర్ ఆ ఎరక్షన్ అవ్వక ముందు ఉన్న లెంత్ ని కంపేర్ చేసుకుంటారు. దట్ [గురకలు] ఇస్ దట్ ఇస్ ఓన్లీ యూస్ఫుల్ ఫర్ యూరినేషన్ అండి ఓన్లీ యువర్ ఎరక్ట్ పెన్నస్ ఇస్ నెసెసరీ ఫర్ పెనిట్రేటివ్ సెక్స్ సో దాని లెంత్ ఇఫ్ ఇట్ ఇస్ లెస్ దెన్ 3 ఇంచెస్ ఆర్ 2అ/ఫ ఇంచెస్ దెన్ డెఫినట్లీ దే కెన్ సీక్ ఎనీ హెల్ప్ అండి ది ఓన్లీ వే యు కెన్ ఇంక్రీస్ ది సైజ్ ఏంటి అనింటే త్రూ సర్జరీ అండి అదర్ దన్ సర్జరీ దేర్ ఆర్ నో క్రీమ్స్ ఆర్ మెడిసిన్స్ విచ్ కెన్ ఇంక్రీస్ ఐదర్ ది సైజ్ ఆఫ్ ది పెనిస్ ఆర్
(58:58) ది గర్త్ ఆఫ్ ది పెనిస్ సో ఓన్లీ సర్జరీ ఒక్కటే అది చేయగలుగుతుంది. అండ్ అగైన్ రియలిస్టిక్ ఎక్స్పెక్టేషన్స్ అనేది ఉండాలి ఈవెన్ ఇఫ్ యు గో టు సర్జరీ మీకు ఉన్న లెంత్ ని డబుల్ చేసుకుందాము ట్రిపుల్ చేసుకుందాము అనిఅంటే కుదరదు ఇట్ ఇస్ ఓన్లీ ఏ సర్టెన్ అమౌంట్ అండి అంత మటుకే మనము ఇంక్రీస్ చేయగలుగుతాము. చాలామంది మా దగ్గరికి వచ్చేటప్పుడు వెన్ దే ఆర్ సేయింగ్ దట్ నాకు సైజ్ ఎక్కువగా లేదు అని అనే వాళ్ళలో మనం చూసామఅంటే రీసెంట్ గా వెయిట్ పుట్ ఆన్ అయిన వాళ్ళు కానివ్వండి అలాంటి వాళ్ళలో కూడా మనం చూస్తూ ఉంటాం.
(59:31) దేర్ ఆర్ రీసెంట్ స్టడీస్ అండి ఇట్ సేస్ ఫర్ ఎవ్రీ 5 టు 10 కేజీస్ దట్ యు లూస్ ఇన్ వెయిట్ మీ పెనైల్ లెంత్ అనేది కొంచెం ఇంక్రీస్ అవుతుంది. అంటే బికాజ్ ఫ్యాట్ విల్ బి కవరింగ్ అప్ ది బేస్ ఆఫ్ ది పెనస్ కనుక ఇఫ్ యు ఆర్ లూజంగ్ వెయిట్ హెల్దీలీ డెఫినట్లీ మీకు యు విల్ నోటిస్ చేంజ్ ఇన్ ది సైజ్ ఆఫ్ యువర్ పెస్ యస్ వెల్ దట్ ఇస్ ఏ నచురల్ వే టు డ ఇట్ అదర్ వే లైక్ ది ఓన్లీ అదర్ ఆప్షన్ టు ఇంక్రీస్ యువర్ సైజ్ ఏదనా ఉంది అనింటే అది ఓన్లీ త్రough సర్జరీ అండి.
(59:59) యు కెన్ మీట్ ఎనీ యండ్రాలజిస్ట్ ఆర్ యూరాలజిస్ట్ దే విల్ హెల్ప్ యు అవుట్ విత్ ఇట్ దేర్ ఆర్ మల్టిపుల్ వేస్ ఇన్ విచ్ దే కెన్ ఇంక్రీస్ ది లెంత్ బట్ అది కూడా రియలిస్టిక్ ఎక్స్పెక్టేషన్స్ ఉంటాయి యస్ ఐ నో మెనీ ఆఫ్ ది గుడ్ యూరాలజిస్ట్స్ ఇన్ హైదరాబాద్ ఆ కౌన్సిలింగ్ చేసిన తర్వాతే జరుగుతుందండి. ఓకే సో సర్ ఇది అంటే ఒక లాంగ్ డ్యురేషన్ ఆఫ్ రిలేషన్షిప్ లో ఉన్నవాళ్ళు వాళ్ళ దగ్గర నేను ఎక్కువగా నా ఫ్రెండ్స్ సర్కిల్ లో విన్నది ఏంటంటే ఐ హావ్ లాస్ట్ మై స్పార్క్ విత్ మై రిలేటివ్ పార్ట్నర్ అంటూ ఉంటారు.
(1:00:28) ఇది సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లం అనుకోవచ్చా లేదా జస్ట్ రిలేషన్ స్టేజ్ అనుకోవచ్చా స ఇట్ ఇస్ ఏ రిలేషన్షిప్ స్టేజ్ అండి బట్ ఇట్ ఇస్ వెరీ డిఫికల్ట్ టు లూస్ ది స్పక్ యు నీడ్ టు కీప్ డూయింగ్ రిలేషన్షిప్ అనేది ఇట్ ఇస్ ఏ వర్క్ అండి. దట్స్ వై మనం ఎప్పుడనా మాట్లాడితే ఐ నీడ్ టు వర్క్ ఆన్ మై రిలేషన్షిప్ అని అంటారు. సో ఇట్ ఇస్ ఏ వర్క్ యు హవ్ టు మేక్ షూర్ యు ఆర్ వర్కింగ్ ఆన్ యువర్ రిలేషన్షిప్ యు ఆర్ మెంటనింగ్ దట్ స్పాక్ యు ఆర్ డూయింగ్ సంథింగ్ టు కీప్ ది ఇంటిమసీ అలైవ్ చాలాసార్లు మనం చూసేటప్పుడు వెన్ ఇన్ ఏ లాంగ్ టర్మ్ రిలేషన్షిప్ చాలా మంది ఇది కంప్లైంట్ చేసేది
(1:01:02) సో వాట్ [గొంతు సవరించుకోవడం] కెన్ యు డు టు ఇంప్రూవ్ యువర్ సెక్షువల్ లైఫ్ ది ఫస్ట్ స్టెప్ ఏంటి అనింటే కమ్యూనికేషన్ అండి. రిలేషన్షిప్ లో కమ్యూనికేషన్ అనేది చాలా అవసరము. బోత్ ది పార్ట్నర్స్ హవ్ టు బి ఆనెస్ట్ అంటే దే హావ్ టు బి ఆనెస్ట్ ఎనఫ్ టు టెల్ దట్ నాకు కావాలా వద్దా అనేది కానివ్వండి లేకపోతే వాట్ఎవర్ ఇస్ దట్ దే ఆర్ ఫీలింగ్ దేహవ్ టు బి ఫ్రీ ఎనఫ్ టు కమ్యూనికేట్ దట్ వన్స్ దట్ కమ్యూనికేషన్ స్టార్ట్స్ ఇట్ ఇస్ వెరీ డిఫికల్ట్ టు లూస్ దిస్ పార్క్ ఇట్ కెన్ ఈజీలీ కంటిన్యూ అండ్ వాట్ ఇస్ ఇట్ దట్ దే లైక్ వాట్ ఇస్ ఇట్ దట్ దే
(1:01:36) డోంట్ లైక్ ఇది డిస్కషన్ చేసుకోవడము దట్ ఆల్సో విల్ ఇంపాక్ట్ యువర్ ఇంటిమేట్ లైఫ్ అలాట్ అండ్ ఆ కమ్యూనికేషన్ లేనప్పుడే చాలా మంది ఇది చెప్తూ ఉంటారు ఐ హావ్ లాస్ట్ మై స్పాక్ అని కానివ్వండి లేకపోతే ఇట్ ఇస్ నాట్ ది సేమ్ యస్ బిఫోర్ డెఫినట్లీ ఇట్ కెనాట్ బి ది సేమ్ మీకు 20స్ లో ఉండే డిజైర్ 30స్ లో ఉండదు 30స్ లో ఉండేటట్టు 40స్ లో ఉండదు 40స్ లో ఉండేటట్టు 50స్ లో ఉండదు.
(1:02:02) సో యు హావ్ టు గ్రో అకార్డింగ్ టు ది ఏజ్ సో గ్రో అకార్డింగ్ టు ది ఏజ్ అనిఅంటే యు హావ్ టు హావ్ రియలిస్టిక్ ఎక్స్పెక్టేషన్స్ అబౌట్ యువర్సెల్ఫ్ యు హవ్ టు హవ రియలిస్టిక్ ఎక్స్పెక్టేషన్స్ ఆన్ యువర్ పార్ట్నర్ యస్ వెల్ అండ్ బేస్డ్ ఆన్ దట్ అది మీరు ఎప్పుడు యు కెన్ హావ్ దట్ రియలిస్టిక్ ఎక్స్పెక్టేషన్స్ వన్స్ యు కమ్యూనికేట్ బెటర్ చాలాసార్లు లాంగ్ టర్మ్ రిలేషన్షిప్స్ ది ఫీమేల్స్ నీడ్స్ అండ్ ఫీమేల్స్ వాంట్స్ ఆర్ రిగ్నోడ్ అన్ఫార్చునేట్లీ ఇన్ లాట్ ఆఫ్ ఇండియన్ సినారియో సో సో దట్ కమ్యూనికేషన్ విత్ యువర్ పార్ట్నర్ పార్ట్నర్ ఆల్సో టెలింగ్ యు దట్ దిస్ ఇస్
(1:02:34) సంథింగ్ విచ్ ఇస్ హాపెనింగ్ విత్ మీ అన్న ఈస్ ఒకళళలో ఒకళ్ళు ఉంది అని అంటే ఇట్ ఇస్ వెరీ డిఫికల్ట్ టు లూస్ దట్ స్పార్క్ అండ్ ఈ స్పార్క్ అనేది ఒకసారి పోయింది అనింటే ఇంకా మళ్ళ జీవితాంతం రాదు అన్నట్టు కూడా కాదండి. ఓకే బవన్సోదర్ ఆర్ డెఫినట్ వేస్ ఇన్వచ్ దర్ ఇంటిమసీ కన్ బి ఇంప్రూవడ్ వాళ్ళకి ఒక ప్రాపర్ కౌన్సిలింగ్ లాగా చేసి కపుల్స్ కౌన్సిలింగ్ లాగా లేకపోతే సెక్స్ థెరపీ లాగా దేర్ ఆర్ సో మెనీ ఆప్షన్స్ విచ్ కెన్ గివ్ దట్ స్పాక్ బ్యాక్ అన్నమాట బట్ యు హవ్ టు బి విల్లింగ్ టు టేక్ దట్ స్టెప్ ఆ స్టెప్ తీసుకోవడానికి మీరు రెడీగా ఉండాలి యు షుడ్ బి ఏబుల్ టు డిస్కస్
(1:03:12) ఫ్రీలీ మేజర్ ప్రాబ్లం ఏమవుతుంది అనింటే ఒకవేళ వచ్చినా దే ఆర్ నాట్ ఇంట్రెస్టెడ్ టు ఫుల్లీ ఓపెన్ అప్ ఎందుకంటే నేను ఓపెన్ అప్ అయితే నా పార్ట్నర్ ఏం ఫీల్ అవుతారో అన్న భయం కూడా చాలా మందిలో ఉంటుందన్నమాట సో అది లేకుండా మాట్లాడుకోగలిగితే డెఫినట్లీ వ కెన్ హెల్ప్ బ్రింగ్ దెమ అవుట్ ఆఫ్ దట్ ఫేస్ అండి సర్ ఇందాక ఎలా అయితే ఐ హావ్ లాస్ దట్ స్పార్క్ అని మనం మాట్లాడుకున్నామో [గొంతు సవరించుకోవడం] అలాగే ఒక 45 ఏజ్ తర్వాత ఐ హావ్ దట్ స్పార్క్ అని కొంతమంది అంటూఉంటారు బట్ బయట ఉన్న సొసైటీ అంటే అది ఆటోమేటిక్ గా నెగ్లిజెన్స్ అవుతూ ఉంటుంది. వాళ్ళని అసలు
(1:03:48) ఎవరు కన్సిడర్ చేయరు. వాళ్ళని ఒక వెరైటీగా చూస్తూ ఉంటారు. ఇస్ ఇట్ ఏ గుడ్ థింగ్ ఆర్ బ్యాడ్ థింగ్ మీ విషయంలో సీ ఆ సెక్షువల్ థాట్స్ అండ్ సెక్షువల్ అట్రాక్షన్ కానివ్వండి వంత దేర్ ఇస్ నో ఏజ్ రిస్ట్రిక్షన్ టు ఇట్ అండి. ఎస్ వ గెట్ ఏ లట్ ఆఫ్ క్లయంట్స్ హూ ఆర్ ఇన్ దర్ లేట్ 40స్ అండ్ లేట్ 50స్ ఆల్సో హూ కెన్ హూ ఆర్ స్టిల్ ఆక్టివ్ సెక్షువల్లీ అది కరెక్ట ఆ రాంగ్ అని అంటే డిపెండ్స్ ఆన్ దర్ పార్ట్నర్ అండి బోత్ ది పార్ట్నర్స్ ఆర్ ఫీలింగ్ ఓకే విత్ ఇట్ ఇఫ్ ద బోత్ ఆఫ్ దెమ ఆర్ కంఫర్టబుల్ విత్ బీయింగ్ యక్టివ్ సెక్షువలీ ఇట్ ఇస్ ఆన్ అబ్సల్ూట్లీ నార్మల్ థింగ్ అండి మన
(1:04:23) సొసైటీ ఏం చెప్తుంది అనింటే దర్ ఇస్ మనం ఏజ్ లిమిట్ లాగా పెట్టుకున్నాము దట్ ఈ ఏజ్ తర్వాత అది అవసరం లేదు ఆ ఏజ్ కి ముందు ఇది అవసరం లేదు అని చెప్పి బట్ ఇట్ ఇస్ నాట్ సో అండి. వాళ్ళకి అనిపిస్తుంది దే హావ్ ఏ కన్సెంటింగ్ అడల్ట్ పార్ట్నర్ హూ ఇస్ ఆల్సో ఓకే విత్ ఇట్ దెన్ ఇట్ ఇస్ దేర్ విష్ అండి మనం దాన్ని ఇది కరెక్ట్ ఇది తప్పు అని మనం చెప్పడానికి కానే కాదు దట్ ఇస్ నాట్ అవర్ రోల్ సో యస్ లాంగ్ యస్ ఇట్ ఇస్ అడల్ట్ రిలేషన్షిప్ ఇట్ ఇస్ అబ్సల్ూట్లీ ఓకే సర్ అంటే నార్మల్ గా ఉమెన్స్ లో కూడా ఈ పీరియడ్ సెక్స్ అనేది మాట్లాడుకుంటూంటారు
(1:04:57) కదా సర్ ఇస్ ఇట్ సేఫ్ ఆర్ అన్సేఫ్ అనేది సైంటిఫికలీ స్పీకింగ్ దేర్ ఇస్ నో నెగటివ్ అవుట్కమ్ విత్ ఇంటర్కోర్స్ డ్ూరింగ్ మెన్సెస్ అండి సైంటిఫికలీ స్పీకింగ్ బట్ ఇట్ హస్ టు బి కన్సెన్షువల్ ఒకవేళ ఫీమేల్ ఇస్ ఆల్సో ఇంట్రెస్టెడ్ వాళ్ళకి ఎటువంటి ఫోర్స్ లేకుండా దే ఆర్ ఇంట్రెస్టెడ్ టు హావ్ ఇంటర్కోర్స్ అండ్ దే వాంట్ టు హావ్ ఇంటర్కోర్స్ ఇట్ ఇస్ ఓకే ఇందులో రెండు రకాలుగా ఉంటుందండి కొంతమంది ఉమెన్ కి ఎలా ఉంటుంది అంటే వెన్ దే గెట్ ఆన్ ఆర్గానిజం డ్ూరింగ్ దర్ సెక్స్ ఇంటర్కోర్స్ అప్పుడు వాళ్ళకి ఆర్గాజం వచ్చినప్పుడు ప్పుడు ఈ ఎండార్ఫిన్స్
(1:05:35) ఇవన్నీ రిలీజ్ అవ్వడం వల్ల వాళ్ళ క్రాంప్స్ కూడా తగ్గిన ఫీలింగ్ కొంతమందికి ఉంటుంది. సిమిలర్లీ కొంతమంది ఆడవాళ్ళకి ఎలా ఉంటుంది అంటే దీస్ పెయిన్స్ అండ్ ఎవ్రీథింగ్ ఇంక్రీస్ మసివ్లీ ఆల్సో అన్నట్టు ఉంటుంది. సో ఇట్ డిపెండ్స్ ఆన్ ది ఫీమేల్ ఇఫ్ దే ఆర్ ఇంట్రెస్టెడ్ టు హవ్ సెక్స్ సైంటిఫికల్లీ దేర్ ఇస్ నథింగ్ రాంగ్ ఇన్ హవింగ్ ఇంటర్కోర్స్ డ్ూరింగ్ పీరియడ్స్ సేమ్ థింగ్ ఆ టైం లో మనం చాలా జాగ్రత్తగా చూసుకోవాల్సింది ఏంటి అనింటే హైజీన్ మెయింటైన్ చేయాలి.
(1:06:03) హైజీన్ లేకుండా ఉన్నప్పుడు ఇన్ఫెక్షన్స్ స్ప్రెడ్ అయ్యే అవకాశం చాలా ఉంటుంది. అండ్ చాలా మందికి ఉండే మిస్కన్సెప్షన్ ఏంటి అంటే పీరియడ్స్ టైం లో ది ఛాన్స్ ఆఫ్ ప్రెగ్నెన్సీ ఉండనే ఉండదు సో లెట్ అస్ కాండం కూడా యూస్ చేయకుండా చేయొచ్చు అని అనుకుంటారు విచ్ ఇస్ ద మిత్ అండి ఆ [గురకలు] టైం లో కూడా ప్రెగ్నెంట్ అయిన సిచువేషన్స్ చాలా ఉంటాయి సో ఆల్వేస్ యు హావ్ టు యూస్ ప్రొటెక్షన్ దట్ ఇస్ ది మెయిన్ థింగ్ అండ్ మోర్స్ ఇంపార్టెంట్లీ ఇట్ హస్ టు బి కన్సెన్షువల్ అండి.
(1:06:32) ఫీమేల్ హస్ టు బి ఓకే విత్ హావింగ్ ఇంటర్కోర్స్ అప్పుడే దట్ హస్ టు గో అహెడ్ లేకుండా అయితే ఉండకూడదు బికాజ్ ఇట్ కెన్ బి వెరీ పెయిన్ఫుల్ ఇన్ సమ కేసెస్ అండ్ ఇన్ఫెక్షన్స్ కూడా చాలా ఈజీగా స్ప్రెడ్ అయ్యే టైం అది సో అందుకని డెఫినెట్ గా కేర్ఫుల్ గా ఉండడం అనేది చాలా అవసరం. సర్ ఇప్పుడు మెన్ ఆర్ వుమెన్ ఎవరైనా స్మోకింగ్ అండ్ డ్రింకింగ్ హ్యాబిట్స్ ఈ ఎడిక్షన్స్ ఉంటే అవి సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ ఏమనా ఎఫెక్ట్ చేస్తా అబ్సల్ూట్లీ దట్ ఇస్ ద బిగ్గెస్ట్ కాంట్రిబ్యూటర్ ఆఫ్ మెజారిటీ ఆఫ్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ అండి ఈ రోజుల్లో మనం చూసాము అంటే ఇట్ కెన్ అఫెక్ట్ బోత్
(1:07:06) మెన్ అండ్ వమెన్ సివియర్లీ అండ్ మగవాళ్ళల్లో మనం చూసాము అనిఅంటే ఎస్పెషల్లీ విత్ ఆల్కహాల్ చాలా మందికి ఏమనిపిస్తుందంటే దే పర్ఫామ్ వెరీ వెల్ ఆఫ్టర్ డ్రింకింగ్ అని అనుకుంటూ ఉంటారు. రియాలిటీలో ఏం జరుగుతుందంటే వాళ్ళ డిజైర్ చాలా ఎక్కువ అవుతుంది బట్ పర్ఫార్మెన్స్ చాలా తగ్గిపోతుంది. సో వాళ్ళ పర్ఫార్మెన్స్ అంత ఇంప్రూవ్మెంట్ అయితే ఏమీ ఉండదు బట్ కోరికలు పెరిగే అవకాశం ఉంటుంది అది కూడా ఎప్పుడు వాళ్ళు తాగడం మొదలు పెట్టిన స్టార్టింగ్ లో ఇన్హిబిషన్స్ అనేవి తగ్గిపోతాయి.
(1:07:35) సో ఆ ఇన్హిబిషన్స్ తగ్గిపోవడం వల్ల దే ఫీల్ మోర్ కాన్ఫిడెంట్ అండ్ మోర్ ఓపెన్ అన్నమాట. సో దాని వల్ల బెనిఫిట్ అనేది వాళ్ళు అబ్సర్వ్ చేస్తారు. సిమిలర్లీ అలాంటి వాళ్ళే కంటిన్యూస్ గా ఆల్కహాల్ కన్స్ూమ్ చేసే వాళ్ళలో తెలియకుండా డిజైర్ తగ్గిపోవడము అండ్ పర్ఫార్మెన్స్ తగ్గిపోవడం ఎరక్టల్ ప్రాబ్లమ్స్ రావడము ఇంకా ఎజాక్లేటరీ ప్రాబ్లమ్స్ రావడము ఇంకా చాలా మందిలో బికాజ్ ఆల్కహాల్ ఇస్ ఏసిఎన్ఎస్ డిప్రెసెంట్ అండి సో దానివల్ల వాళ్ళ ఆర్గానిజం అయినా వాళ్ళు ఫీల్ అవ్వకపోవడము ఇలాంటిది మనం చూస్తూ ఉంటాం.
(1:08:08) సిమిలర్లీ వెన్ ఇట్ కమ్స్ టు స్మోకింగ్ అగైన్ వాళ్ళ బ్లడ్ వెసెల్స్ అంతా బ్లడ్ ఫ్లో చాలా తగ్గిపోతుంది. అండ్ దానివల్ల కూడా వాళ్ళకి ఎరక్టైల్ ప్రాబ్లమ్స్ రావడము ఇంకా ఇజాక్లేటరీ ప్రాబ్లమ్స్ రావడం అన్నది మనం డెఫినెట్ గా చూస్తూ ఉంటాం. ఆడవాళ్ళలో ఆ వాళ్ళ డిజైర్ తగ్గుతుంది అలానే వాళ్ళ ఎక్సైట్మెంట్ కూడా తగ్గుతుంది. ఎక్సైట్మెంట్ తగ్గడం వల్ల వాళ్ళకి లూబ్రికేషన్ తగ్గిపోవడము దానివల్ల పెయిన్ఫుల్ ఇంటర్కోర్స్ అవ్వడము ఇలాంటిది మనం చాలా కామన్ గా చూస్తూ ఉంటాము.
(1:08:39) అండ్ ఆర్గాజం ఎఫెక్ట్ కూడా తగ్గిపోవడం అన్నది జరుగుతుంది. ఫర్టిలిటీ ఇష్యూస్ కి కూడా దే కెన్ లీడ్ టు ఎస్పెషల్లీ ఇన్ వమెన్ బోత్ మెన్ అండ్ వమెన్ అండి మెన్ లో కూడా క్రానిక్ స్మోకర్స్ లో మనం ఫర్టిలిటీ గురించి చూసాము అనిఅంటే ఇట్ డెఫినట్లీ ఇంపాక్ట్స్ యువర్ స్పర్మ్ హెల్త్ స్పర్మ్ క్వాలిటీ తగ్గిపోవడం అన్నది చాలా కామన్ గా చూస్తారు ఎస్పెషల్లీ ఇన్ క్రానిక్ స్మోకర్స్ అన్నమాట అండ్ ఈవెన్ ది మెడికేషన్స్ దట్ వి ప్రిస్క్రైబ్ ఫర్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఇవి బాగా పని చేయాలి అనిఅంటే దే హవ్ టు కమ అవుట్ ఆఫ్ దట్ దే హావ్ టు కమ అవుట్ ఆఫ్ ది సబ్స్టన్స్
(1:09:19) దట్ దే ఆర్ యూజంగ్ అండి అది సబ్స్టెన్స్ నేను కంటిన్యూ చేస్తాను కానీ నాకు ఇంప్రూవ్మెంట్ రావాలి అనిఅంటే అది వర్క్ అవుట్ అవ్వదండి కొంచెం ఇంప్రూవ్మెంట్ వస్తుంది కానీ వాళ్ళకి బెటర్ ఇంప్రూవ్మెంట్ కావాలి అనిఅంటే ఇట్ డంట్ హాపెన్ బికాజ్ ఆ ఎఫెక్ట్స్ ఆఫ్ దోస్ సబ్స్టన్సెస్ ఇంకా ఉంటాయి బోత్ ఆన్ దర్ బ్రెయన్ యస్ వెల్ యస్ ఆన్ దర్ బాడీ సో అది ఉన్నప్పుడు ప్పుడు మన మెడిసిన్స్ కూడా అంత ఎఫెక్టివ్ గా పని చేయవు.
(1:09:44) సో ఇట్ ఇస్ ఆల్వేస్ ఇంపార్టెంట్ ఇఫ్ యు వాంట్ టు హావ్ ఏ గుడ్ సెక్షువల్ లైఫ్ యు హావ్ టు లెట్ గో ఆఫ్ ఫ్యూ ఆఫ్ యువర్ వాంట్స్ అన్నమాట లైక్ ఆల్కహాల్ కానివ్వండి డ్రింకింగ్ ఆల్కహాల్ కానివ్వండి స్మోకింగ్ కానివ్వండి ట్రూయింగ్ టొబాకో ఎవ్రీథింగ్ కెన్ ఇంపాక్ట్ యువర్ సెక్షువల్ హెల్త్ డెఫినట్లీ మసివ్ గా ఇంపాక్ట్ చేస్తుంది.
(1:10:04) అండ్ చాలా మందిలో ఇర్రివర్సిబుల్ చేంజెస్ కూడా రావచ్చు. అవి వచ్చాయంటే యస్ ఐ మెన్షన్ దే ఆర్ ఇర్రివర్సిబుల్ మనం అగైన్ వ కెన్ హెల్ప్ దెమ అప్ టు సం ఎక్స్టెంట్ కానీ ఫుల్లీ అయితే మనం హెల్ప్ చేయలేమండి ఓ మై గాడ్ ఎస్ సర్ వన్ మోర్ థింగ్ ఇప్పుడు మెయిన్ గా ఈ నైట్ ఫాల్స్ గాని వెడ్ డ్రీమ్స్ కానీ యా ఇవి కూడా ఎక్కువగా భయపడుతూ ఉంటారు.
(1:10:26) ఈస్ ఇట్ ఏ మెడికల్ ప్రాబ్లమ్ ఆర్ సెక్షువల్ ఎలా కన్సిడర్ చేయొచ్చు అండిది ఫిజియోలాజికల్లీ ఇట్ ఇస్ ఆన్ అబ్సల్యూట్లీ నార్మల్ సిచువేషన్ అండి. చాలా మంది యంగ్ అడల్ట్స్ డ్యూరింగ్ ద ప్యూబర్టీ ఏజ్ దే హావ్ దిస్ నైట్ ఫాల్స్ మగవాళ్ళల్లో లైక్ అది చాలా కామన్ గా చూస్తూంటాం ఇది నార్మల్ ఫినామినా అండి. సింపుల్ థింగ్ టు ఎక్స్ప్లెయిన్ ఎలాగంటే మన ఇంటి పైన వాటర్ ట్యాంకర్ ఉంది మోటార్ ఆన్ చేస్తాము దాన్ని వాడుకోట్లేదు అనింటే ఎలాగైతే ఓవర్ఫ్లో అవుతుందో దిస్ ఇస్ ఆల్సో సిమిలర్ ఫినామినా మీరు యస్ ఐ హవ్ మెన్షన్డ్ ప్రీవియస్లీ స్పర్మ్ అన్నది కానివ్వండి సీమన్ అన్నది కానివ్వండి
(1:11:02) ప్రొడక్షన్ జరుగుతూనే ఉంటుంది. దాన్ని మనం బయటికి తీసేయట్లేదు అనింటే ఇన్ఎవిటబుల్లీ ఇలాగ నైట్ ఫాల్స్ అయ్యే అవకాశం ఉంటుంది. వీరు ఏదో ఒక రీజన్ వల్ల యు ఆర్ నాట్ లెటింగ్ ఇట్ గో ఇది నైట్ పుట్ట వెళ్ళిపోతూ ఉంటుంది దట్ ఇస్ ఏ నార్మల్ ఫినామినా దాని గురించి టెన్షన్ పడాల్సిన అవసరం లేదు. దాని గురించి ట్రీట్మెంట్ తీసుకోవాల్సిన అవసరం కూడా లేదు అండ్ ఇలా నైట్ ఫాల్స్ అవ్వడం వల్ల నాకు మళ్ళా రేపు పొద్దున స్పర్మ్ కౌంట్ ఏమనా తగ్గిపోతుందా లేకపోతే క్వాలిటీ ఆఫ్ మై స్పర్మ్ తగ్గిపోతుందా అంటే లేనే లేదండి.
(1:11:32) డెఫినెట్లీ దానికి దీనికి సంబంధమే లేదు. ఇట్ ఇస్ ఏ నార్మల్ నాచురల్ ఫినామినా ఓకే సర్ ఇలాగే ఈ ఆఫ్టర్ ఇంటర్కోర్స్ కానీ ఏదైనా ఈ ఎమర్జెన్సీ పిల్స్ కానీ పుల్లింగ్ అవుట్ మెథడ్స్ కానీ ఇవి చాలా ఎక్కువగా యూస్ చేస్తూంటారు కదా సో వాటిని ఎలా కన్సిడర్ చేసుకోవాలి స ఎనీ కాంట్రసెప్టివ్ మెథడ్ ఆ మనం డెఫినెట్ గా పులింగ్ అవుట్ మెథడ్ అనేది ఇట్ ఇస్ ఆన్ అన్సేఫ్ వే ఆఫ్ కాంట్రసెప్షన్ అండి.
(1:12:00) ఓకే దానివల్ల డెఫినెట్ గా ప్రాబ్లమ్స్ వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది అన్వాంటెడ్ ప్రెగ్నెన్సీస్ వచ్చే అవకాశం అయితే ఖచ్చితంగా ఉంటుంది. వేర్ యస్ ఎమర్జెన్సీ పిల్స్ కానివ్వండి లేకపోతే పిల్స్ ఫర్ కాంట్రసెప్టివ్ ఏదైతే ఉంటాయో ఇట్ ఇస్ బెటర్ టు గో టు యువర్ డాక్టర్ గైనకాలజిస్ట్ ఆర్ ఎనీవన్ మీకు [గురకలు] కావాల్సిన మెడిసిన్స్ మీరు చూస్ చేసుకొని ఇఫ్ యు ఆర్ బీయింగ్ సెక్షువల్లీ యక్టివ్ మీరు ముందే ప్లాన్ చేసుకని వేసుకోవడం అన్నది చాలా అవసరం.
(1:12:29) అగైన్ ఈ కాంట్రసెప్టివ్ పిల్స్ వల్ల కూడా చాలా నెగటివ్ మిత్స్ అండ్ మిస్కన్సెప్షన్స్ ఉంటాయి బట్ దే ఆర్ రిలేటివ్లీ సేఫ్ ఆ మీకు ఎటువంటి సైడ్ ఎఫెక్ట్ ఉండకూడదు అని అనుకుంటే ది సేఫెస్ట్ కాంట్రసెప్టివ్ అవైలబుల్ ఏంటి అంటే కాండమ్స్ అండి కాండమ్స్ ఆర్ వెరీ సేఫ్ వెన్ యూస్డ్ రైట్లీ దాన్ని చాలామంది తెలియక రెండు మూడు కాండమ్స్ వేసుకుంటూ ఉంటారు సేఫ్టీ కోసం మీరు మోర్ దన్ వన్ కాండం వేసుకున్నారు అనింటే ఫ్రిక్షన్ పెరుగుతుంది సో ఛాన్సెస్ ఆఫ్ టేరింగ్ ఎక్కువ అవుతుంది.
(1:13:04) టేర్ అయింది అనింటే అగైన్ ప్రెగ్నెన్సీ రిస్క్ ఉంటుంది అలాగే ఎస్టిడి రిస్క్ ఉంటుంది ఇన్ఫెక్షన్ రిస్క్ కూడా ఉంటుంది. సో డెఫినట్లీ యూజంగ్ ఏ కాండమ ఇస్ డెఫినట్లీ సేఫర్ ఆప్షన్ అది దట్ ఇస్ ద బెటర్ ఆప్షన్ దెన్ పులింగ్ అవుట్ మెథడ్ ఆర్ ఎనీ ఆఫ్ దోస్ కాంట్రసెప్టివ్ మెథడ్స్ ఓకే సర్ ఇప్పుడు ఈ అన్ప్రొటెక్టెడ్ సెక్స్ కానీ అన్సేఫ్ సెక్స్ కానీ దీని వల్ల ఎస్ట కానీ ఎస్టడీస్ కానీ వచ్చే అవకాశం ఉంది తప్పకుండా అవి కూడా సెక్షువల్ హెల్త్ ప్రాబ్లమ్స్ లో కన్సిడర్ చేయబోతున్నా ఎస్ అబ్సల్యూట్లీ అండిఎస్టడస్ కెన్ లీడ్ టు లాట్ ఆఫ్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఒక్కసారి యు గెట్ ఆన్ ఎస్టడి
(1:13:37) ఇన్ఎవిటబుల్లీ మీకు సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ అనేవి వచ్చే అవకాశం ఉంటుంది అండ్ చాలామందికి తెలియంది ఏంటి అనింటే ఎస్టడస్ కెన్ స్ప్రెడ్ ఈవెన్ వెన్ యూస్ కాండమ యూస్ చేసినప్పుడు కూడా సో 99.9% 9% దాకా ఇట్ విల్ ప్రొటెక్ట్ యు బట్ దేర్ ఆర్ సం ఎసిడిస్ విచ్ కెన్ స్టిల్ ట్రాన్స్మిట్ అన్నమాట సో అన్ప్రొటెక్టెడ్ సెక్స్ ఇస్ ఆల్వేస్ ఆ నాట్ రికమెండెడ్ ఎప్పుడైనా సరే ప్రొటెక్టెడ్ సెక్స్ ఇస్ బెటర్ యస్ లాంగ్ యస్ ఇట్ ఇస్ బిట్వీన్ టూ కన్సెంటింగ్ అడల్ట్స్ యూస్ ప్రొటెక్షన్ మీకు చాలా మట్టుకు వచ్చే ఇన్ఫెక్షన్స్ కానివ్వండి సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ కానివ్వండి ఇవన్నీ
(1:14:18) మీరు మినిమైజ్ చేస్తారు అండ్ మోర్ ఇంపార్టెంట్లీ అన్వాంటెడ్ ప్రెగ్నెన్సీస్ వచ్చే రిస్క్ కూడా యు ఆర్ మినిమైజింగ్ ఇట్ కంప్లీట్లీ సో దట్ ఇస్ ది ఆ థింగ్ ఎస్ సర్ నా చైల్డ్హుడ్ నుంచి ఇప్పటి వరకు నాకు ఒక క్వశ్చన్ ఉండిపోయింది సర్ అంటే ఇంపాజబుల్ ది కూడా పాసిబుల్ చేయగలుగుతున్నాం వరల్డ్ లో టెక్నాలజీ అలా డెవలప్ అయింది ప్రతీది డెవలప్ అవుతుంది.
(1:14:38) యా బట్ ఈ హెచ్ ఐవ ఎయిడ్స్ కి దీనికి ఒక క్యూర్ గానిీ దీనికి ఒక ప్రివెన్షన్ డెఫినెట్లీ ఉంది కదండి ఓకే ఆ హెచ్ ఐవ విత్ ది లేటెస్ట్ మెడికేషన్స్ ఆల్మోస్ట్ అది వచ్చిన తర్వాత కూడా వ కెన్ ప్రివెంట్ ఇట్ ఫ్రమ గోయింగ్ ఇంటు ఎయిడ్స్ వ కెన్ ప్రివెంట్ ఇట్ ఆహెచ్ఐవ మొత్తం తీసేయలేకపోయినా దేర్ ఆర్ మెడికేషన్స్ విచ్ కెన్ హెల్ప్ దెమ లివ్ నార్మల్ లైఫ్ అండి.
(1:15:03) హ్ దేర్ ఇస్ నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ హెచ్ఐవ దగ్గరికి వచ్చేసరికి ఇప్పుడు వ హావ్ టూ థింగ్స్ అండి వన్ ఇస్ కాల్డ్ యస్ పిఆర్ఈపి అని అంటాము విచ్ ఇస్ ప్రీ ఎక్స్పోజర్ ప్రొఫైల్లాక్సిస్ అండ్ పిఈపి అని అంటాం విచ్ ఇస్ పోస్ట్ ఎక్స్పోజర్ ప్రొఫైల్లాక్సిస్ అని అంటాం. ఎస్పెషల్లీ చాలా మంది హూ ఆర్ అట్ హైర్ రిస్క్ ఆఫ్ గెట్టింగ్ హెచ్ఐవ ఇన్ఫెక్షన్ లైక్ చాలా మంది ల్ాబ్ టెక్నీషియన్స్ కానివ్వండి బ్లడ్ డ్రా చేసేవాళ్ళు ఇలాంటి వాళ్ళకి డెంటల్ సర్జన్స్ డెంటల్ ప్రొసీజర్స్ చేసేవాళ్ళకి దే ఆర్ అట్ హైర్ రిస్క్ ఆఫ్ కంటామినేటింగ్ దెమసెల్వ్స్ సో ఇలాంటి వాళ్ళకి దేర్ ఇస్ మెడికేషన్స్
(1:15:37) అవైలబుల్ అవి ఒక త్రీ మెడిసిన్స్ ఉంటాయన్నమాట అందులో అది మీరు ఒక 30 డేస్ తీసుకున్నారు అనిఅంటే ఆల్మోస్ట్ 99.9% 9% దాకా మీకు హెచ్ ఐవ రాకుండా ప్రివెంట్ చేసేస్తుంది. బట్ [గురకలు] దిస్ హస్ టు బి టేకెన్ లెస్ దన్ 72 అవర్స్ ఆఫ్టర్ ఎక్స్పోజర్ మీరు ఎంత తొందరగా తీసుకుంటారో ఎక్స్పోజర్ తర్వాత అంత హైయర్ ఛాన్స్ ఆఫ్ ఇట్ ప్రివెంటింగ్ ఇట్ అన్నమాట దిస్ ఇస్ పోస్ట్ ఎక్స్పోజర్ ప్రొఫైల్లాక్సిస్ అని అంటాం.
(1:16:03) సో దీస్ మెడిసిన్స్ ఆర్ రెడీలీ అవైలబుల్ అండ్ ఇది తీసుకోవడం వల్ల ఇట్ ఇస్ యస్ క్లోజ్ యస్ ఏ క్యూర్ అండి మీరు మళ్లా టెస్ట్ చేపించుకోవాల్సి టెస్ట్ చేపించుకున్నా పర్వాలేదు కానీ ఇట్ ఇస్ గోయింగ్ టు బి నెగటివ్ ఒకవేళ మీకు అన్ఫార్చునేట్లీ హెచ్ ఐవ పాజిటివ్ వచ్చిన తర్వాత కూడా మీరు ఇప్పుడు ఉన్న మెడికేషన్స్ వల్ల యు కెన్ లివ్ అన్ అబ్సల్యూట్లీ నార్మల్ లైఫ్ అండి ఇట్ ఇస్ నాట్ ఏ డెత్ సెంటెన్స్ ఎనీమోర్ అంటే నాకు [గురకలు] హెచ్ఐవ వచ్చి వచ్చింది అనిఅంటే నాకు ఇంకా చనిపోతాను అని ఇదివరకు ఎలాగైతే అనుకునే వాళ్ళు ఇప్పుడు కచ్చితంగా దీని వల్లనే చనిపోతారు అన్నట్టు కాదండి.
(1:16:42) వ కెన్ ప్రివెంట్ ఇట్ అప్ టు ది మోస్ట్ అన్నమాట అండ్ దే కెన్ లివ్ నార్మల్ లైఫ్ ఎస్ దే విల్ స్టిల్ బి హెచ్ ఐవ పాజిటివ్ దే స్టిల్ హావ్ టు బి వెరీ కేర్ఫుల్ బట్ దే కెన్ లివ్ నార్మల్ లైఫ్ అండి దానివల్ల ట్రాన్స్మిషన్ ని మనం తగ్గించొచ్చు అంతా ఉన్నాయి. బట్ ప్రివెన్షన్ ఇస్ బెటర్ దన్ క్యూర్ అని మనం ఏదైతే అంటామో అందుకని ప్రీ ఎక్స్పోజర్ ప్రొఫైల్ యక్సిస్ అనేది మనం కచ్చితంగా ఫాలో అవ్వాలి అంటే పార్టిసిపేటింగ్ ఇన్ సేఫర్ సెక్షువల్ ప్రాక్టీసెస్ మేకింగ్ షూర్ ఇఫ్ యు ఆర్ సెక్షువల్లీ యక్టివ్ ఫ్రీక్వెంట్ గా మీరు గెట్టింగ్ యువర్సెల్ఫ్ టెస్టెడ్ దానివల్ల
(1:17:18) యు కెన్ ప్రివెంట్ ట్రాన్స్మిషన్ ఆ మేకింగ్ షూర్ లైక్ యు ఆర్ నాట్ గోయింగ్ టు అనోన్ పీపుల్ ఫర్ సెక్స్ అది అలాంటి కేర్ని తీసుకున్నారు అనింటే దాని వల్లనే యు విల్ డెఫినట్లీ స్టాప్ హెచ్ ఐవ హెచ్ ఐవ అనేది ఇప్పుడు 2025 2026 లో మనం చూస్తే గనుక ఇట్ ఇస్ నాట్ ది సేమ్ డెత్ సెంటెన్స్ వాట్ ఇట్ వాస్ 10 ఇయర్స్ బ్యాక్ డెఫినట్లీ దేర్ ఆర్ హ్యూజ్ స్ట్రైట్స్ అండి మనం వ హవ్ టు డెఫినట్లీ కంగ్రాచులేట్ మెజారిటీ ఆఫ్ అవర్ డర్మటాలజిస్ట్ అండ్ వెనరియాలజిస్ట్ హర్ వర్కింగ్ టైర్లెస్లీ ఇన్ మేకింగ్ షూర్ ఇట్ ఇస్ నాట్ ది సేమ్ ఇన్ఫెక్షస్ డిసీస్ యస్ ఇట్ వాస్
(1:17:56) ప్రీవియస్లీ నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ ఓకే సర్ ఈ హెల్తీ డైట్స్ గానీ స్పెసిఫిక్ ఎక్సర్సైజ్ గానీ ఇవి ఏమన్నా హెల్ప్ చేస్తాయి సార్ సెక్షువల్ హెల్త్ ని ఇంకా డెవలప్ చేసుకోని ఇంప్రూవ్ చేసుకోవడానికి గని తప్పకుండా అండి వెన్ఎవర్ వ స ఎనీ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్ యు హావ్ టు ట్రీట్ దెమ హోలిస్టికలీ ఓకే యు కెనాట్ నేను ఇందాకటి నుంచి చెప్పేటట్టు మెడిసిన్స్ అనేవి దే ఆర్ ఓన్లీ పేపరింగ్ ఓవర్ ది క్రాక్స్ ఆర్ ఎల్స్ దే ఆర్ ట్రీటింగ్ ది సింటమ్స్ మనకి అండర్లైింగ్ కాజ్ మనం ట్రీట్ చేసుకోవాలి అని ది బెస్ట్ వే టు ట్రీట్ యువర్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఈస్ మేకింగ్
(1:18:27) షూర్ యు ఆర్ హెల్దీ ఓకే మీరు మీ ఫిజికల్ హెల్త్ మీద మీ మెంటల్ హెల్త్ మీద కాన్సంట్రేట్ చేశారు అనింటే డెఫినెట్లీ మీ సెక్షువల్ హెల్త్ కూడా ఇంప్రూవ్ అవుతుంది. దేర్ ఇస్ నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ అంటిల్ అన్లెస్ లోపల ఏదైనా మేజర్ ప్రాబ్లం ఉంది అంటే దెన్ ఇట్ ఇస్ ఏ డిఫరెంట్ స్టోరీ బట్ మీకు ప్రిడామినెంట్లీ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్ ఇస్ బికాజ్ ఆఫ్ యువర్ స్ట్రెస్ కానివ్వండి పర్ఫార్మెన్స్ యంజైటీ వల్ల అయితే ఇఫ్ యు ఇంప్రూవ్ యువర్ ఫిజికల్ అండ్ మెంటల్ హెల్త్ డెఫినెట్లీ మీకు ఇంప్రూవ్మెంట్ అనేది వస్తుంది.
(1:18:53) బట్ కమింగ్ టు వాట్ఎవర్ యు హవ ఆస్డ్ దేర్ ఆర్ సో మెనీ ఫూడ్స్ అండి విచ్ ఆర్ రికమెండెడ్ ఫస్ట్లీ లాట్ ఆఫ్ ఫ్రూట్స్ అండ్ వెజిటేబుల్స్ లైక్ య గ్రీన్ లీఫీ వెజిటేబుల్స్, బెర్రీస్ పమగ్రనేట్స్, పైనాపిల్స్ ఇవన్నీ దీస్ ఆర్ వెరీ గుడ్ ఫర్ యువర్ డైట్ ఎనీ ఫ్రూట్ విచ్ హస్ నాచురల్ కలర్ టు ఇట్ అంటే బ్రైట్ కలర్స్ ఉండేవి ఉంటాయి కదా లైక్ బెర్రీస్ దీస్ ఆర్ వెరీ గుడ్ ఫర్ యు అది ఎందుకనింటే దే హావ్ యాంటీ ఆక్సిడెంట్స్ ఇన్ దెమ యాంటీ ఆక్సిడెంట్స్ వల్ల మీకు ఏమవుతుందంటే బ్లడ్ ఫ్లో ఇంప్రూవ్ అవుతుంది.
(1:19:27) వెన్ బ్లడ్ ఫ్లో ఇంప్రూవ్స్ ఇన్ఎవిటబులీ యువర్ సెక్షువల్ లైఫ్ ఆల్సో ఇంప్రూవ్స్ సెకండ్లీ ఇన్కల్కేటింగ్ సమ నట్స్ ఆ లైక్ ఆల్మండ్స్ వాల్నట్స్ కాషూస్ ఇవన్నీ కూడా దే ఇంప్రూవ్ యువర్ సెక్షువల్ లైఫ్ అండ్ ప్రోటీన్స్ గుడ్ సోర్సెస్ ఆఫ్ ప్రోటీన్స్ ఆల్సో విల్ హెల్ప్ యువర్ సెక్షువల్ లైఫ్ అండి. ఇది కాకుండా మేకింగ్ షూర్ యు హావ్ ఏ బాలెన్స్ డైట్ అండి. ఆ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ ఎవరిలో ఎక్కువ ప్రాబ్లం క్రియేట్ చేస్తుంది అనింటే హావింగ్ అన్హెల్దీ ఫుడ్ సం వన్ హూ ఇస్ ఈటింగ్ ఏ లాట్ ఆఫ్ జంక్ ఫుడ్ ఇలాంటి వాళ్ళలో డెఫినెట్ గా సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ అనేవి వస్తాయి. ఫ్రైడ్ ఫుడ్
(1:20:04) ఎక్కువ తినేవాళ్ళలో అలాంటి వాటిలలో మనం ఇది కచ్చితంగా చూస్తాం. ఆల్కహాల్ అండ్ స్మోకింగ్ అగైన్ అది ఎంత తక్కువ కన్స్ూమ్ చేస్తే అంత బెటర్ దేర్ ఇస్ నో డౌట్ వెన్ ఇట్ కమ్స్ టు ఎక్సర్సైజెస్ బీయింగ్ ఫిజికల్లీ ఫిట్ ఇస్ ది మోస్ట్ ఇంపార్టెంట్ థింగ్ దేర్ ఇస్ సంథింగ్ కాల్డ్ అస్ కీగల్స్ ఎక్సర్సైజెస్ అండి. మన పెల్విక్ ఫ్లో మజల్స్ ని అది ట్రైన్ చేస్తుంది దే ఆర్ వెరీ స్మాల్ గ్రూప్ ఆఫ్ మజల్స్ దాన్ని మనం స్ట్రెంతన్ చేసుకున్నాము అంటే ఇట్ కెన్ ఇంప్రూవ్ యువర్ ప్రిమేచర్ ఇజాక్లేషన్ కానివ్వండి ఎరెక్టైల్ డిస్ఫంక్షన్ కానివ్వండి మంచి ఇంప్రూవ్మెంట్ అనేది
(1:20:35) అయితే వస్తుంది. బట్ ఓవరాల్ ఇంప్రూవింగ్ యువర్ కోర్ స్ట్రెంత్ దాని వల్ల కూడా మంచి సెక్షువల్ పర్ఫార్మెన్స్ అనేది ఇంప్రూవ్ అవుతుంది నో డౌట్ అబౌట్ ఇట్ ఎస్ సర్ ఫైనల్లీ ఇప్పటివరకు ఒక సెక్షువల్ హెల్త్ ఎక్స్పర్ట్ గా చాలా క్వరీస్ మిత్స్ డౌట్స్ ఇవన్నీ క్లియర్ చేశారు కదా ఇప్పుడు ఒక సైకియాట్రిస్ట్ గా తప్పకుండా వన్ లాస్ట్ క్వశన్ అబ్సల్యూట్లీ కెన్ లవ్ సర్వైవ్ వితవట్ సెక్స్ ఇన్ కపుల్ ఆ లవ్ కెన్ సర్వైవ్ వితౌట్ సెక్స్ అండి సెక్స్ ఇస్ ది ఫిజికల్ ఫామ్ ఆఫ్ లవ్ ఇస్ వాట్ ఇట్ ఇస్ కాల్డ్ రైట్ సో డెఫినట్లీ ఆ sex ఇస్ వన్ వే బట్ ఇంటిమసీ కనుక
(1:21:15) కరెక్ట్ గా ఉంది లైక్ ది రిలేషన్షిప్ బిట్వీన్ ది కపుల్ ఇస్ ప్రాపర్ దెన్ ద లవ్ విల్ డెఫినట్లీ సర్వైవ్ ఎస్స ఇస్ ఆల్సో వెరీ ఇంపార్టెంట్ ఆస్పెక్ట్ ఆఫ్ ది లవ్ బట్ అది లేకుండా కూడాఅప్ టు సం టైమ్స్ లైక్ డెఫినట్లీ ఇట్ విల్ సర్వైవ్ బట్ ప్రిడమినట్లీ ద ఇంటిమసీ హస్ టు బిదేర్ దిస్పాక్ బిట్వీన్ ది కపల్ హస్ టు స్టే అండ్ దట్ హస్ నథింగ్ టు డూ విత్ సెక్స్ సెక్స్ ఉన్నా లేకపోయినా స్పాక్ కనుక సరిగ్గా ఉంది అనింటే డెఫినెట్లీ ఇట్ విల్ సర్వైవ్ నో డౌట్ అబౌట్ బట్ వాట్ ఇస్ యువర్ మోటో సర్ స మై మోటో హస్ ఆల్వేస్ బీన్ వెరీ సింపుల్ అండి ఇట్ ఇస్ ఆల్వేస్ టు ఎడ్యుకేట్ మోర్
(1:21:48) దన్ ది ట్రీట్మెంట్ దట్ వ గివ్ ఇట్ ఇస్ అబౌట్ ఎడ్యుకేటింగ్ పీపుల్ మనం ఇప్పుడు దిస్ జనరేషన్ ని మనం సరిగ్గా ఎడ్యుకేట్ చేశము అంటే ఇన్ ద ఫ్యూచర్ జనరేషన్స్ ఆల్సో దే ఆల్సో గెట్ ఏ ప్రాపర్ ఎడ్యుకేషన్ ఎడ్యుకేషన్ ఇస్ నాట్ ఓన్లీ అబౌట్ యువర్ స్టడీస్ ఇట్ ఇస్ ఆల్సో అబౌట్ యువర్ సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ ఇట్ ఇస్ ఆల్సో అబౌట్ యువర్ మెంటల్ హెల్త్ ఎడ్యుకేషన్ దిస్ ఇస్ మచ్ మోర్ ఇంపార్టెంట్ యు హవ్ టు అండర్స్టాండ్ యువర్ ఓన్ బాడీ యు హవ్ టు అండర్స్టాండ్ యువర్ ఓన్ మైండ్ వన్స్ యు క్రాస్ దట్ హర్డల్ డెఫినట్లీ యు కెన్ faceేస్ ఎనీ ప్రాబ్లమ్ దట్ యు కెన్ గెట్
(1:22:17) మీకు ఎడ్యుకేషన్ సరిగ్గా ఉంది సెక్స్ ఎడ్యుకేషన్ సరిగ్గా ఉంది అనింటే మీకు సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ రావు అని కాదు బట్ యు నో ఎక్జక్ట్లీ హౌ టు డీల్ విత్ దెమ వెన్ యు గెట్ దెమ సో దట్ ఇస్ ది మెయిన్ మోటో ఇట్ ఇస్ నాట్ ఓన్లీ అబౌట్ ట్రీట్మెంట్ ఇట్ ఇస్ ఆల్వేస్ అబౌట్ ఎడ్యుకేషన్ ఎంతమందికి మనం రీచ్ అవుట్ అయ్యి ఇది ఇది నార్మల్ అని చెప్పగలుగుతాము.
(1:22:37) మెనీ పీపుల్ లైక్ ఇన్ఫాక్ట్ మోర్ దన్ 30 ట 40% ఆఫ్ మెన్ ఆర్ సఫరింగ్ ఫ్రమ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ అంటే ముగ్గురిని చూసామంటే అందులో ఇద్దరికి ఇలాంటి సమస్యలు ఉంటున్నాయి అన్నది మనం చూసాము అనిఅంటే డెఫినట్లీ వ హవ్ టు మేక్ షూర్ దే అండర్స్టాండ్ దట్ దే ఆర్ నాట్ అలోన్ అండ్ సెక్షువల్ ప్రాబ్లమ్స్ లో ఒక మేజర్ డ్రా బ్యాక్ ఏంటి అనింటే ఈవెన్ ఇఫ్ యు ఆర్ సఫరింగ్ యు డోంట్ టెల్ యువర్ బెస్ట్ ఫ్రెండ్ ఆల్సో మీరు అది మనసులోనే పెట్టుకుంటారు దట్ విల్ ఇంపాక్ట్ యువర్ మెంటల్ హెల్త్ అండ్ మీ మెంటల్ హెల్త్ ఎంత ఎక్కువ ఇంపాక్ట్ అవుతుందో మీ సెక్షుల్ హెల్త్ ఇంకా
(1:23:07) ప్రాబ్లం్ లోకి వెళ్తుంది. ఎస్ సో అది గెట్టింగ్ త్రూ టు ది క్లయంట్ వాళ్ళకి అర్థమయ్యేటట్టు చెప్పడం దట్ ఓకే దే ఆర్ నాట్ అలోన్ దే ఆర్ నాట్ సఫరింగ్ ఇన్ సైలెన్స్ వ ఆర్ హియర్ టు హెల్ప్ దెమ్ అవుట్ ఇన్ ది రైట్ వే సో దట్ ఇస్ ది మెయిన్ మోటో య థాంక్యూ సో మచ్ సర్ దట్స్ థాంక్యూ సో మచ్ గారు