Sunday, August 2, 2026

Indian Lifestyle Problems: Belly Fat, Weight Gain & Heart Health | Karan Sarin | FO465 Raj Shamani

Indian Lifestyle Problems: Belly Fat, Weight Gain & Heart Health | Karan Sarin | FO465 Raj Shamani

Author Name:Raj Shamani

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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=nJmkZMv85Cw



Transcript:
(00:00) इंडिया आज की डेट में डायबिटीज कैपिटल बुलाया जाता है। 101 मिलियन डायग्नोस डायबिटिक्स है। 136 मिलियन डायग्नोस प्री डायबिटिक है। डायबिटीज इज ए [संगीत] सीरियस डिजीज। इन इंडिया अलोन एस मेनी एस 69 मिलियन पीपल आर लिविंग वि टाइप थ्री डायबिटीज देन टू 12% ऑफ द एडल्ट पपुलेशन इन इंडियन सिटीज हैव डायबिटीज। देन कार्डियोवस्कुलर डिजीज की वजह से हिंदुस्तान में 27% डेथ्स होती है। एंड देयर इज़ अ स्टडी दैट सेस कि 2050 तक इंडिया में 450 मिलियन ओबीस पीपल होंगे। अगर कुछ चेंज नहीं हुआ तो वन इन थ्री इंडियन हैज़ अ फैटी लिवर। आईटी में जो लोग
(00:33) काम करते हैं 80% ऑफ़ दोज़ हैव फैट फैटी लिवर। आज के हमारे गेस्ट है करन सरन सिक नेशन बुक के ऑथर, एक रिसर्चर और एक सर्टिफाइड मेटाबॉलिक हेल्थ कोच। समबडी जो बहुत पतला है और वो हेल्दी दिखता है या उसे लगता है वो हेल्दी है। ही इज नॉट हेल्दी। जस्ट बिकॉज़ आप पतले हो। दैट डजंट मीन कि आप फिट हो। बीएमआई फॉर इंडियंस डजंट टेल यू एनीथिंग अबाउट योर हेल्थ। बट हाउ डू आई नो दैट आई एम इंसुलिन इन रेजिस्टेंस? था। सबसे पहला क्लीनिकल मार्कर इज कॉल्ड स्किन टैग्स। यूजुअली लोगों के नेक के आसपास छोटे-छोटे स्किन बम्स हो जाते हैं। नेक पे होंगे, क्रॉइन
(01:05) पे होंगे या जहां पे भी स्किन रब करेगी ना वहां पे टैग्स बनने छोटे-छोटे चालू हो जाते हैं। या फिर स्किन थोड़ी डार्कनिंग होनी [संगीत] स्टार्ट हो जाएगी। स्किन पैचेस वो भी नेक के पास यूज़ुअली देखे जाते हैं। दीज़ टू आर द क्लियर इंडिकेशन दैट यू हैव इन रेजिस्टेंस। रिसेंटली सिंगापुर बैंड स्पाइसेस। टू इंडियन स्पाइस ब्रांड्स आर अंडर अ स्कैनर इन हांगकांग एंड सिंगापुर। सिंगापुर एंड हांगकांग क्रैक डाउन ऑन द सेल ऑफ़ फ्रॉम स्पाइस मिक्सेस दैट हैव [संगीत] बीन मैन्युफैक्चर बाय पॉपुलर इंडियन ब्रांड्स। आफ्टर अलेजडली फाइंडिंग कैंसर कॉज इन
(01:33) पेस्टिसाइड इन सेवल सैंपल्स। बिकॉज़ सिंगापुर ने बोला कि वो कैंसरस चीजें होती तो अब मसालों में भी प्रॉब्लम है। तो कुछ भी तो सही नहीं है ना। आटा सही है ना मसाले सही है ना फ्रूट सही है तो फिर क्या सही है? ऐसा नहीं है। मैंने 10 एक डिफरेंट फाटा अलग-अलग टाइप के टेस्ट करे थे। दो आटे ऐसे थे व्हिच परफॉर्म मच बेटर। एंड दे वर एंशिएंट ग्रेंस जौ और बाजरा दे गव मी मच लोअर मच जेंटलर ब्लड शुगर स्पाइक एस कंपेयर टू वीट शुगर जब मैं खाता हूं सबसे पहले ब्लड में जाती है क्या कहां जाती है व्हाट हैपेंस द अमाउंट ऑफ शुगर दैट योर बॉडी नीड्स फॉर
(02:07) सर्वाइवल इज जीरो ग्राम्स क्या आपके जो एनसेेस्टर्स खा रहे थे वो सेम ग्रीन नहीं खा रहे थे जो आप खा रहे थे यू आर एन एडवोकेट एनिमल बेस्ड डाइट देयर हैव बीन इनफ रिसर्चेस जो बोलते हैं कि वेजिटेरियन डाइट्स आर बेटर फॉर यू देन एंड एनिमल बेस्ड डाइट। यू आर द फर्स्ट वन हुस कम हु इज लाइक कि एनिमल बेस्ड डाइट भी लेनी चाहिए। ऐसा नहीं है कि मैं आगे बढ़ने से पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि हम आपके लिए इसी तरह से और इंसाइटफुल और बेहतर पडकास्ट बनाते रह। एंड इस पूरे शो का ऑडियो एक्सपीरियंस स्पॉटिफाई पे अवेलेबल है। जहां पे आप हमें
(02:44) फॉलो कर सकते हैं। एंजॉय द शो। [संगीत] यू मेंशन अ लॉट इनविज़िबल क्राइसिस राइट क्या है इनविज़िबल क्राइसिस या इनविज़िबल क्राइसिस के बारे में बात करने से पहले लेट मी मैं आपको ये बताता हूं कि प्रॉब्लम क्या है ओके तो आई थिंक ये तो हम सबको मालूम है कि इंडिया आज की डेट में डायबिटीज कैपिटल बुलाया जाता है। हम राइट 101 मिलियन डायग्नोस डायबिटिक्स है। 136 मिलियन डायग्नोस प्रीड डायबिटिक है। ओके? देन कार्डियोवस्कुलर डिजीजसेस की वजह से हिंदुस्तान में 27% डेथ्स होती हैं। 27% ऑफ ऑल डेथ्स। ओके? कार्डियोवस्कुलर डिजीज इज़ ओनली गेटिंग जंग। इंडिया में एवरेज एज
(03:32) आज की डेट में फॉर अ हार्ट अटैक इज़ 53। इंटरनेशनलली एवरेज एज ऑफ़ हार्ट अटैक इज़ 63। सो वी गेट वी इंडियंस टेंड टू गेट हार्ट अटैक अ डेकेड अर्लियर। ठीक है? अगर हम ओबेसिटी की बात करें तो ओबेसिटी 40% प्रिवेलेंस है आज की डेट में। एंड देयर इज अ स्टडी दैट सेस कि 2050 तक इंडिया में 450 मिलियन ओबीस पीपल होंगे। अगर कुछ चेंज नहीं हुआ तो 450 मिलियन फैटी लिवर वन इन थ्री इंडियन हैज़ अ फैटी लिवर। राइट? अभी पीछे एक रिपोर्ट आई थी। उसमें तो और भी क्रेजी था कि आईटी में जो लोग काम करते हैं, दे हैव लाइक 80% ऑफ़ दोज़ हैव फैटी लवर। अ फिर अगर आप बात करो न्यूरो डीजेनरेटिव
(04:18) डिजीज अल्जाइमर डिवमेंशिया दैट इज ऑन द राइज हमारी 20% पपुलेशन 2050 में 60 साल से ऊपर की होगी हम ठीक है हम सिर्फ डायबिटीज क्राइसिस नहीं फेस कर रहे हैं। हम डिमेंशिया क्राइसिस फेस करने वाले हैं बहुत जल्दी। एंड लास्टली आप आज की डेट में आप ये रिप्रोडक्टिव या फर्टिलिटी रिलेटेड डिसऑर्डर्स हम आर ऑन द राइज इन इंडिया। ओके? फर्टिलिटी रिलेटेड डिसऑर्डर्स आई थिंक कुछ नंबर है कि लाइक 25.
(04:50) 1 मिलियन कपल्स और आर सो आर स्ट्रगलिंग विथ फर्टिलिटी इशज़। मेन में सबसे कॉमन है रेटाइल डिसफंक्शन। फीमेल्स में सबसे कॉमन है पीसीओएस। एंड दे ऑल आर गेटिंग यंगर एंड यंगर डे बाय डे। रेटाइल डिसफंक्शन पहले होता था 30 एंड 40ज में। आज की डेट में ओ सॉरी 40 एंड 50 में आज की डेट में 30 ईयर ओल्ड 30ज में जो मैन है उनको रिटाइ डिसफंक्शन का प्रॉब्लम हो रहा है। पीसीओएस जो है इट इज़ गेटिंग यंगर अगेन इट यूज्ड टू हैपन लेटर बट नाउ टीनएज गर्ल्स में बी पीसीओएस इज़ वै यू नो कॉमनली कमिंग फॉरवर्ड। आई हैव अ टीनज डॉटर। तो मुझे पर्सनली अह डर लगता है। यह
(05:24) जो मैंने आपको सारी चीजें बोली दैट्स मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन। दिस क्लस्टर ऑफ प्रॉब्लम इज कॉल्ड अ मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन। यह सात या छह अलग-अलग बीमारियां नहीं है। दे आर कनेक्टेड देयर इट्स अ क्लस्टर ऑफ़ प्रॉब्लम। इफ यू हैव वन देयर इज़ अ वेरी स्ट्रांग चांस यू विल डेवलप अदर। मे बी एट अ डिफरेंट पॉइंट इन योर लाइफ। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अभी पीछे एक स्टडी। अभी आई थिंक इसी साल आई थी। 2025 में या 204 में आई है स्टडी। उस स्टडी का टाइटल था इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इज द फर्स्ट सिम्टम ऑफ इंसुलिन रेजिस्टेंस। एंड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अगर आपको 30ज
(06:05) में है तो आई एम फॉरगेटिंग द एक्सैक्ट फिगर्स बट आपको आपकी 40-50 में कार्डियोवस्कुलर इवेंट का रिस्क इज़ थ्री टू फोर टाइम्स हायर। अगर आपको डायबिटीज है तो कार्डियोवस्कुलर इवेंट का रिस्क इज़ थ्री टू फोर टाइम्स हायर। सो दीज़ दिस इज़ अ क्लस्टर ऑफ़ प्रॉब्लम। हम्म दे ऑल मैनिफेस्ट डिफरेंटली इन डिफरेंट पीपल। बट द चांसेस ऑफ ऑफ ऑफ यू नो ऑफ हैविंग ऑफ यू नो हैविंग वन डिजीज एंड हैविंग अनदर सच डिजीज लेटर इन लाइफ आर आर प्रीटी हाई तो इसको हम मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन बोला जाता है। ओके ओके सो दिस इज़ अ मेटाबॉलिक एपिडेमिक वी आर फेसिंग एन एपिडेमिक एंड हम इसके बारे में
(06:42) उतनी बात कर नहीं रहे जितनी हमें करनी चाहिए। क्या होता है मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन? सबसे पहले एक्चुअली उससे पहले मैं एक बात बोलूं जो मुझे सबसे ज्यादा हर्ट करती है। दिस इज अ नॉट ओनली मैनेजेबल दिस इज़ एक्चुअली रिवर्सिबल एस वेल ओके होता क्या है देन वी विल टॉक अबाउट रिवर्स या मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन आज से कुछ साल पहले कुछ साल पहले पहले तक बोला जाता था इंसुलिन सिंड्रोम और इंसुलिन डिस्फंक्शन और मेटाबॉलिक सिंड्रोम को इंसुलिन सिंड्रोम बोला जाता था इंसुलिन रेजिस्टेंस सिंड्रोम अ इससे पहले हम इंसुलिन रेजिस्टेंस की बात करें व्हिच बाय द वे इज द कॉमन डिनोमिनेटर
(07:26) अमंग ऑल ऑफ़ दीज़ डिजीजसेस। जितने भी हमने अभी मेटाबॉलिक डिजीज की बात करी इन सबका कॉमन डिनोमिनेटर। कॉमन डिनोमिनेटर को हिंदी में क्या बोलेंगे? यू नो इट्स अ इट्स इट्स अ कॉमन डिनोमिनेटर ऑफ ऑल दीज़ डिसऑर्डर्स। इंसुलिन इंसुलिन रेजिस्टेंस हम देयर आर स्टडीज आई हैव आल्सो पब्लिश्ड इन द बुक। एस पर द स्टडीज इंडिया में वन इन थ्री एडल्ट हैज़ इंसुलिन रेजिस्टेंस। ओके पता ही नहीं है लोगों को एक्सक्टली 90% ऑफ़ द पीपल हु हैव इट दे डोंट नो दैट दे हैव इट। सो 90% लोगों को जिनको इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है उनको नहीं पता कि उनको इंसुलिन रेजिस्टेंस है। उसके क्या कारण है
(08:04) वो हम अभी डिस्कस कर सकते हैं। पर पहले आपने पूछा कि है क्या ये? देखो इंसुलिन रेजिस्टेंस के बारे में बात करने से पहले हमें ये बात करनी चाहिए कि पहले हमें इंसुलिन के बारे में बात करनी चाहिए। क्योंकि बहुत लोगों को यह गलतफहमी है कि इंसुलिन एक दवाई है या मेडिकेशन है जो डायबिटिक लोग लेते हैं व्हिच इज ट्रू। बट इंसुलिन एक हार्मोन है जो आपके पैंकक्रियाज दैट्स एन ऑर्गन जो आपके स्टमक के पीछे टक अराउंड है वो प्रोड्यूस करता है। सो इट्स अ हार्मोन दैट इज प्रोड्यूस्ड बाय पनक्रियाज। अच्छा ये प्रोड्यूस क्यों करता है? ये भी मैं आपको बताता हूं। हम हमारी बॉडी में ना
(08:42) वी हैव इन अ ब्लड स्टेम हमेशा ग्लूकोस रन कर रहा होता है। हमारी बॉडी बहुत हार्ड वर्क करती है टू मेंटेन अ वेरी नैरो रेंज ऑफ ब्लड शुगर। हम ठीक है? उसके पीछे रीज़न ये है कि अगर हमारा ब्लड शुगर बहुत बढ़ जाए तो इट इज टॉक्सिक इन आवर बॉडी। हम हाई ब्लड शुगर इज टॉक्सिक। अगर ब्लड शुगर बहुत कम हो जाए तो वो भी बहुत नुकसान देता है। एक्चुअली हमारी ब्रेन में ग्लूकोस की सप्लाई बंद हो सकती है। यू कैन गेट सीजर्स और आपको कोमा में भी जा सकते हो आप। तो हमारी बॉडी बहुत ट्राई करती है टू मेंटेन इन दिस ब्लड शुगर इन अ नैरो रेंज। ओके? नाउ ब्लड शुगर बढ़ता कैसे है? जब भी हम
(09:21) कार्बोहाइड्रेट्स खाते हैं वो हमारी बॉडी में डाइजेस्ट जब होते हैं वो ग्लूकोस में कन्वर्ट होते हैं। हम। ठीक है? तो आपकी बॉडी में आपका ग्लूकोस लेवल बढ़ेगा। अभी मैंने आपको बताया कि ग्लूकोस का नैरो रेंज मेंटेन करना बहुत इंपॉर्टेंट है। ठीक है? तो हमारे जो पनक्रियाज है वो डिटेक्ट करते हैं कि ग्लूकोस लेवल बढ़ रहा है। तो वो इंसुलिन को रिलीज करते हैं टू ब्रिंग द ग्लूकोस लेवल्स डाउन। ठीक है? इंसुलिन ये कैसे करता है? इंसुलिन जो हमारी एक्सेस ग्लूकोस ब्लड स्ट्रीम में रन कर रही है उसको एक्चुअली लेके नहीं जाता लेकिन वो उसको डिस्पोज ऑफ करता है
(09:57) हमारे वेरियस टिश्यूज़ में। फॉर एग्जांपल दो डिस्पोजल साइट्स सबसे ज्यादा कॉमन है। एक है आपका मसल टिश्यू स्केलेटल मसल दूसरा है आपके फैट सेल्स। तो इंसुलिन का काम क्या है? इंसुलिन आप यह समझ लो बाउंसर है। आपके पैंकक्रिया ने बाउंसर भेजा हम मसल टिश्यू पे। मसल टिश्यू बाउंसर ने नॉक किया। उसने बोला कि एक्सेस ब्लड शुगर है। इसको कंज्यूम कर लें। हम एंड द सेम लॉजिक गोज़ आपके फैट सेल्स में भी। ओके? तो इंसुलिन आपका ब्लड शुगर का अपटेक फैसिलिटेट कराता है इन टिश्यूज़ में। ओके? नाउ व्हाट हैपेंस इज कि जब ये अ जो हमारे मसल जो हमारे टिश्यूज़ हैं मसल
(10:38) टिश्यू की अगर बात करूं ये दो चीजें करते हैं जब वो ग्लूकोस कंज्यूम करते हैं या तो उसको इमीडिएटली एनर्जी में कन्वर्ट कर देंगे ताकि आप उसको यूज़ कर पाओ बट अगर आपको अभी इमीडिएटली एनर्जी की यूज़ नहीं है तो वो उसको स्टोर कर लेंगे फॉर फ्यूचर यूज़। दैट्स द लॉजिक। दैट इज हाउ इंसुलिन ब्रिंग्स आवर ब्लड शुगर डाउन। ओके? ब्लड शुगर डाउन लाने के बाद नेचुरल प्रोसेस ये है कि इंसुलिन भी आपकी बॉडी में कम हो जाएगा। अपना काम कर लिया उसने उस बाउंसर ने कम हो जाएगा। दिस इज़ द नेचुरल प्रोसेस फिजियोलॉजी। ठीक है? अनफॉर्चूनेटली। सो ये इंसुलिन का फंक्शन
(11:10) है। यहां तक हम क्लियर हैं। तो अनफॉर्चुनेटली हम आज की डेट में अपने आप को इस एनवायरमेंट में पा रहे हैं कि ये इंसुलिन नीचे नहीं आ रहा है। इंसुलिन कास्टेंटली हमारी बॉडी में ऊपर ही रहता है। ऊपर रहता है। इसको समझाना मैं आपको एक एग्जांपल से समझा देता हूं। ईजी रहेगा। अधिकतर लोग सुबह उठते हैं, ब्रेकफास्ट करते हैं। मेजॉरिटी घरों में क्या ब्रेकफास्ट होता है? पोहा, इडली, डोसा, नॉर्थ में पराठा, आटा, पूरी आलू। ठीक है? मॉडर्न मॉडर्न घरों में कॉनफ्लेक्स कॉर्नफ्लेक्स सीरियल्स हम राइट ये जितने भी हमने ये कॉमन ब्रेकफास्ट है टॉप सेवन होंगे। ये आई थिंक
(11:48) ब्रेड ब्रेड, सैंडविच। ब्रेड, वड़ा, पाव, परफेक्ट। परफेक्ट। ये सब आर मेजरली कार्बोहाइड्रेट्स। ठीक है? ऑलमोस्ट 70% ऑफ दिस ऑफ ऑल ऑल ऑफ द आइटम्स दैट वी हैव जस्ट टॉक्ड अबाउट ये सब कार्बोहाइड्रेट्स हैं। तो अब आपने सुबह आपने उठा आपने कहा कि आज मैं थोड़ा लाइट हल्दी ब्रेकफास्ट करूंगा। पोहा खाऊंगा मैं। तो आपने पोहा खा लिया। अब आपका वो बॉडी में जब डाइजेस्ट होगा तो वो ग्लूकोस में कन्वर्ट होगा। राइट? अब आपका ब्लड ग्लूकोस लेवल ऊपर गया। पनक्रियाज़ ने डिटेक्ट किया कि ब्लड ग्लूकोस बढ़ रहा है तो उसने इंसुलिन रिलीज़ करी। तो हमारी इंसुलिन आई टू टेक केयर ऑफ द ग्लूकोस।
(12:23) नॉर्मल नॉर्मल इंसान के अंदर ब्लड ग्लूकोस दो घंटे में नीचे आ जाता है। ओके? जो हेल्दी लोग होते हैं। बट इंसुलिन जो है ना वो थोड़ी सी देर और एक्स्ट्रा रहता है। बिकॉज़ इंसुलिन वांट्स टू मेक श्योर कि कोई भी एक्सेस ग्लूकोस ना रह जाए। तो आप ये रफली समझ के चलोगे दो-ती घंटे आपका इंसुलिन एलिवेटेड टू टेक केयर ऑफ द ग्लूकोस जो आपने खाई। अब हम आ जाते हैं मिड मॉर्निंग। हम 11 12:00 बज रहे हैं। ठीक है। ऑफिस पहुंच गए हम। चाय चाहिए। चाय में क्या चाय यूजली शक्कर के साथ या हम सोचेंगे हम वो गुड़ डाल गुड़ डाल लेते हैं उसमें जा गई अब चाय पी रहे हैं तो साथ में
(12:55) कुकी भी चाहिए हम या रस चाहिए हम ये सब क्या है कार्बोहाइड्रेट्स सिंपल शुगर तो आपने दोबारा अपनी बॉडी में ग्लूकोस बढ़ा लिया हम अभी वो जो इंसुलिन पिछली मील से नीचे नहीं आया था इट वास इट वास हाई बट अब आपने और ग्लूकोस लोड डाल लिया तो अब वो वो सिर्फ हाई नहीं रहेगा वो और इंसुलिन आपका पैनक्रिया प्रोड्यूस करेगा टू टेक केयर ऑफ द एक्स्ट्रा जो अभी आपने ग्लूकोस डाला राइट तो अब इंसुलिन फिर हाई है दो-ती घंटे इस प्रोसेस में लगे अब हम लंच तक आ गए हम मेजॉरिटी लोग लंच में क्या खाते हैं रोटी सब्जी दाल चावल राजमा चावल कढ़ी चावल राइट या रोटी सब्जी
(13:29) रोटी सब्जी कार्बोहाइड्रेट्स तो आपने फिर ग्लूकोस पढ़ा लिया तो अभी सुबह से दोपहर हो गई इंसुलिन अभी भी आपकी बॉडी में हाई रन कर रहा है राइट देन इवनिंग हो गई कुछ स्नैक चाहिए मेजोरिटी लोग स्नैक क्या खाते हैं समवन [हंसी] क्या है वो बेल कचोरी तो काब ऑन कार्ब है आलू ऑन मैदा और मैदा ऑन आलू व्हाटएवर राइट तो आपने नीप फ्राइड हां तो आपने फिर से अपना ब्लड शुगर स्पाइक कर दिया तो अब शाम को भी इंसुलिन नीचे नहीं आई बल्कि बढ़ ही रही है इवेंचुअली आपकी बॉडी सोच रही है यार अब रात आ रही है मे बी इंसान अब शायद ब्रेक देगा मुझे हम घर जाते
(14:04) हैं हम डिनर कर लेते हैं डिनर में क्या खाते हैं रोटी होगी हो सकता है कि थोड़ा प्रोटीन मिल जाएगा पनीर खा लेंगे दाल खा लेंगे बट कार्बोहाइड्रेट मेजर कंपोनेंट होगा हमारी मील तो अब आपकी इंसुलिन सुबह से हाई थी। आपने फिर ग्लूकोस डाल के उसको और स्पाइक कर दिया। अब आप सोने जा रहे हो और आप एलिवेटेड इंसुलिन लेवल के साथ जा रहे हो। तो आपकी इंसुलिन क्रॉनिकली एलिवेटेड है फॉर द एंटायर डे। हम दिस इज कॉल्ड हाइपर इंसुलिनमिया। हम बट अनफॉर्चुनेटली इट डजंट एंड एयर। हम इसी को डे इन डे आउट रिपीट करते हैं। अगले दिन फिर करते हैं, वेयर करते हैं। सो
(14:39) आपकी इंसुलिन लेवल्स बॉडी में आर क्रॉनिकली एलिवेटेड। एंड दैट कॉज इंसुलिन रेजिस्टेंस। दैट्स द नंबर वन कॉज ऑफ इंसुलिन रेजिस्टेंस। देयर वास अ स्टडी रिसेंटली राइट दैट आउट ऑफ टेस्टेड इंडियंस 30.5% इंडियंस शो वन इन थर्ड इंडियन तो 30.5 इज़ ऑलमोस्ट वन इन थर्ड इन इंसुल हाइपर नहीं। हाई पिटी क्या है? कि 90% लोग जिनको ये है उनको पता ही नहीं है। उसके पीछे आपको रीज़न मालूम है क्या? उसके पीछे तीन रीजन है। सबसे पहला रीजन तो यह है इंसुलिन रेजिस्टेंस जो है वो लार्जली एसिं्टमेटिक होता है। हम ठीक है? इसके कोई ऑब्वियस सिम्टम्स नहीं है।
(15:25) आपको ऐसा नहीं कि बिल्कुल नहीं है। कुछ है बट वो सिम्टम्स बहुत इजीली किसी और चीज से मिस्टेक हो जाते हैं। जैसे कि लेथार्जी या मील्स के बाद यू नो वो सोने का एकदम से यू नो यू फील लेथार्जी या क्रेविंग्स कभी बहुत हाई होती है। शुगर क्रेविंग्स होती है। दे आर एक्चुअली इंसुलिन रेजिस्ट के अर्ली यू नो सिम्टम्स हैं। बट प्रॉब्लम क्या है कि ये किसी और रीज़न से भी हो सकते हैं। तो लोग ज्यादातर इस पे ध्यान नहीं देते। अदरवाइज इंसुलिन रेजिस्टेंस जो है वो लार्जली एसिं्टमेटिक है। उसका कोई सिम्टम नहीं है। यू आर जस्ट डिफाइनिंग मी ब्रो। लाइक
(15:57) [हंसी] देन आई विल टेल यू व्हाट यू नीड टू डू। ये पहला रीज़न है। दूसरा रीज़ इसका जो प्रोग्रेशन है वो बहुत ही स्लो है। जब तक कि आपको पहला सिम्टम दिखेगा 10 साल निकल जाएंगे। सो इसका प्रोग्रेशन इज़ एनीवेयर फ्रॉम 10 टू 15 इयर्स। मे प्रोग्रेशन भी आई विल ब्रेक दैट डाउन। तो इसका प्रोग्रेशन बहुत स्लो है इसलिए ये यू नो पता नहीं लगता। और सिम्टम्स एसिं्टमेटिक है। और तीसरा सबसे बड़ा कारण हमारा जो मेडिकल सिस्टम है दैट इज डिज़ टू ट्रीट डिजीजेस। वो डिजीज को प्रिवेंट करने के लिए नहीं बना है। अग्री ठीक है। दे लुक एट रोंग मार्कर्स। हम
(16:42) हम ऑब्सेस्ड हैं अपने एनुअल चेकअप में फास्टिंग ब्लड ग्लूकोस को टेस्ट करने के लिए। हम ऑबसेस्ड हैं एचबी ए1 सी को लेके। हम हम सोचते हैं अगर ये ठीक है तो सब ठीक है। दीज़ आर द लेट स्टेज मार्कर्स। ये लास्ट में जाके आपको हाय दिखाएंगे। तो हम जो सही चीज है उसको पकड़ ही नहीं रहे हैं। सो यू आर टेलिंग मी 90% इंडियंस आर सिक। 90% इंडियंस जिन उनको बीमारी है लेकिन उन्हें पता ही नहीं है। दे आर अनवेयर द रिसर्च सेस वन इन थ्री इंडिया ओके 30% ऑफ द पपुलेशन रेजिस्टेंस उनमें से 90% को मालूम नहीं है कि उनको रेजिस्टेंस है। सो यू आर टेलिंग मी दैट 30%
(17:27) ऑलमोस्ट 30% पीपल हैव दिस प्रॉब्लम इन इंडिया। हर तीसरे इंसान को यह है। और उनमें से हर तीसरे इंसान को जिसको है उसे शायद यह पता ही नहीं है कि वो बीमार है। तो उसे तो लग रहा है मैं हेल्दी हूं। 100% तो कैसे पता चलेगा कि ये यह तो रिसर्च बोल रही है। आप अगेन क्रेडिबल आईसीएमआर टाइप रिसर्च अगर आप देखोगे अगर आप मेरे से मेरा पर्सनल पॉइंट ऑफ व्यू पूछोगे तो आई थिंक ये नंबर वन एंड थ्री से बहुत ज्यादा है। अ और मैं आपको आई कैन एक्चुअली गिव यू अ डेटा पॉइंट इसके लिए आईसीएमआर की ही स्टडी है। उन्होंने उसमें अह जिसमें जिस स्टडी में इन्होंने यह पता ये बताया था कि 101
(18:07) मिलियन डायबिटिक है। इंडिया में 136 बिलियन प्री डायबिटिक है। उसी स्टडी में एक डाटा पॉइंट और भी आया था कि जिन लोगों को डायबिटीज थी उनमें से 57% लोगों को तो पता ही नहीं था उनको डायबिटीज है। तो 57% वर अनअवेयर दैट दे डायबिटीज। तो अब आप इससे अगर इफ यू इफ यू इफ यू इफ इसको अगर आप कोलेट करो तो अनडायग्नोस्ड केसेस कितने हैं? एंड वेयर दैट नंबर वुड एंड इट इज मच हायर। तो क्या टेल मी मतलब मुझे अगर पता करना हो आज कि मुझे इंसुलिन रेजिस्टेंस है कि नहीं है यह कैसे पता चलेगा? बहुत सिंपल है। दैट्स द पिटी ये है कि इट्स सो सिंपल और हम नहीं
(18:50) कर रहे हैं। बिकॉज़ हाइपरसुलिन जो होता है उसमें व्हाट आई नो इज़ ब्लड शुगर नॉर्मल दिखाता है। तो एक बार पता कैसे करना है वो बात करने से पहले इसके प्रोग्रेशन की बात कर लेते हैं। हम उसके बाद आई विल आंसर योर क्वेश्चन कि पता कैसे करना है? ओके। अभी तक मैंने जो एग्जांपल आपको दिया था कि एक इंसान है हेल्दी इंसान है। वो उसका मैंने हमने ईटिंग पैटर्न अभी डिस्कस किया। एंड बाय द वे ये ईटिंग पैटर्न एक एब्नॉर्मल नहीं है। ये आई थिंक मेजॉरिटी लोगों का होगा जो हमने डिस्कस किया था। हां ये एब्नॉर्मल ये इंडिया में नॉर्मल है। एक्सक्ट्ली राइट। तो हम इसी को आगे
(19:24) कंटिन्यू करते हैं। तो सबसे ज्यादा इंसडियस नेचर इंसुलिन रेजिस्टेंस की क्या है कि आपकी बॉडी ना उसका एक कंपनसेटरी मैकेनिज्म है टू टेक केयर ऑफ द दिस प्रॉब्लम दैट इज़ हैपनिंग। आपका इंसुलिन कॉन्सेंटली हाई है। एट एट अ सर्टेन पॉइंट ऑफ़ टाइम आपके टिश्यूज़ जो है उसको वो रेजिस्टेंट इसलिए हो जाते हैं बिकॉज़ दे हैव ओनली सो मच कैपेसिटी। नो वो भी बोलेंगे यार मतलब तू रुक ही नहीं रहा। कभी तो रुक। मतलब मैं कितना फैट सेल भी आपका बोलेगा कि यार मैं कितनी एनर्जी स्टोर करूं। फैट सेल इज वन ऑफ द ओनली सेल्स इन आवर बॉडी जो कि अपने साइज से 100
(19:58) टाइम्स बड़ा हो सकता है। हम इट इज लाइक अ वाटर बलून। बट बॉस कभी तो वो बलून फटेगा। एंड फैट सेल को नहीं फटना। फैट सेल डजंट वांट टू बस्ट। हम व्हाई? क्योंकि अगर वो बस्ट होगा तो इट विल रिलीज़ इनफ्लेमेशन इन योर बॉडी। व्हिच विल कॉज़ फर्दर डैमेज। तो वो अपने आप को प्रोटेक्ट करने के लिए इंसुलिन के इफेक्ट से अपने को रेजिस्टेंट बना लेता है। वही मसल टिश्यू करता है। तो इसी तरी आपके जो टिश्यूज़ हैं वो अपने को रेजिस्टेंट कर लेते हैं। तो आप बेसिकली वो बाउंसर आ रहा है एक बोल रहा है दरवाजा खोल यार ग्लूकोस एक्स्ट्रा रन कर रही है एंड आपके ये
(20:34) टिश्यूज़ बोल बोलते हैं कि यार मैं वो नहीं ले सकता बॉस। दैट्स इट इनफ। ठीक है? इसको काउंटर करने के लिए हमारे पैंकक्रियाज का कंपनसेटरी मैकेनिज्म है। वो क्या करते हैं? हमारे हमारे बैंक क्या सोचते हैं यार ब्लड ग्लूकोस तो नीचे ही नहीं जा रहा ये ये फैट सेल क्यों नहीं ले रहा और सुन नहीं रहा लगता है तो क्या करें हम दो बाउंसर और भेजते हैं अच्छा फिर नहीं सुन रहा चार बाउंसर और भेजते हैं तो बेसिकली आवर पैंकक्रियाज स्टार्ट टू प्रोड्यूस इवन मोर इंसुलिन टू टेक केयर ऑफ द बिकॉज़ हाई ग्लूकोस इज़ टॉक्सिक इन योर बॉडी राइट तो उसका कुछ तो
(21:08) बॉडी करेगी ना तो उसका कंपनसेटरी मैकेनिज्म ये होता है कि हमारे पनक्रियाज और इंसुलिन बनाना स्टार्ट करते एंड बाय द वे ये काम करता है। ये काम कुछ कम टाइम के लिए नहीं। ये काम 5 से 10 साल के लिए करता है। हम सो फॉर फाइव टू 10 इयर्स योर पनक्रियाज आर प्रोड्यूसिंग मोर एंड मोर इंसुलिन टू टेक केयर ऑफ द एक्सेस ग्लूकोस। हम ओके। अब आपकी बॉडी में इंसुलिन लेवल हाई है। लेकिन वो क्यों? वो हाई इंसुलिन लेवल ग्लूकोस कभी मैनेज कर पा रहा है। तो आपका आप अगर टेस्ट करने जाओगे तो आपका फास्टिंग ग्लूकोस नॉर्मल आएगा। आपका एचपीएमसी नॉर्मल आएगा बट आपका इंसुलिन हाई होगा
(21:45) बॉडी में। ठीक है? दिस इज़ अ कंपनसेटरी मैकेनिज्म। दिस गोज़ ऑन फॉर अप टू 10 इयर्स में ऑन यू नो हर किसी का टाइमलाइन अपना-अपना पर्सनल होगा। बट सो फिगर इट प्लीज फिगर इट इवनली स्पीकिंग। मतलब ये 10 साल तक आपका पैनक्रियाज तो इसको मैनेज कर लेगा। बट एंड में क्या होगा? आपके पैनक्रियास भी गिव अप कर देंगे यार। यार ये तो कितना अब्यूज्ड हूं मैं। हम सो आपका बेटा सेल डिस्फंक्शन होना स्टार्ट होगा। ठीक है? आपके बेटा सेल्स जो है दे विल एक्चुअली दे कुड आल्सो डाई एंड वंस दे डाई देन दे यू कांट क्रिएट मोर न्यू बेटा सेल्स तो वो धीरे-धीरे यू नो बेटा सेल
(22:16) डिस्फंक्शन होगा। अब वो जो एक्स्ट्रा इंसुलिन भी प्रोड्यूस कर रहा था वो भी इनफ नहीं है आपकी ग्लूकोस को नैरो रेंज में रखने के लिए और तब आपका ग्लूकोस धीरे धीरे धीरे धीरे बढ़ना चालू होगा। यह प्रोसेस एनीवेयर फ्रॉम फाइव टू 10 इयर्स लगता है। 11वें साल में आप जाते हो एनुअल चेकअप के लिए अपने। आपका डॉक्टर वही सेम ऑर्डर करता है। टेस्ट फास्टिंग ग्लूकोस एचपी एंड सी। लेकिन अब आपके पैंकक्रिएटिक पेटा सेल्स जो है वो काफी हद तक एग्जॉस्ट हो चुके हैं। अब आपका ग्लूकोस थोड़ा कप अप कर रहा है। अब आपके टेस्ट में आपका फास्टिंग ग्लूकोस 100
(22:49) मिलीग्राम पर डेसीलीटर से थोड़ा ऊपर आता है। आपका डॉक्टर बोलेगा यू हैव प्री डायबिटीज़। नाउ यू हैव प्री डायबिटीज़। उसने आपको यह नहीं बताया कि जो अनडायग्नोस्ड इंसुलिन रेजिस्टेंस थी पिछले 10 साल की दैट इज हाउ यू वर लेड हियर बट नाउ यू आर प्रीडबेटिक उस समय भी आपको मेजॉरिटी लोगों को एडवाइस क्या दी जाती है ईट लेस मूव मोर हम एंड दैट एडवाइस हैज़ वर्क फॉर नो वन एवर आप वापस जाते हैं यू कैरी ऑन विद लाइफ स्टाइल क्योंकि आपको प्रॉपर नॉलेज सो आई डोंट ब्लेम यू नो ब्लेम यू आपको पता भी नहीं है कि इसको मैनेज कैसे करना है आप यू कैरी ऑन विद योर लाइफ ठीक है थोड़ा एक आध
(23:25) वॉक और एक्स्ट्रा डाल लीजिए एवर राइट पांच साल और निकल गए बट दैट अब्यूज इज़ स्टिल गोइंग ऑन नाउ योर बेटा सेल डिस्फंक्शन इज़ इंक्रीज्ड नाउ इज़ व्हेन योर ब्लड शुगर लेवल्स विल बी हाई इन योर बॉडी आप 5 साल बाद दोबारा एनुअल चेकअप के लिए जाओगे आपका ब्लड शुगर फास्टिंग ब्लड शुगर अब 125 मिलीग्राम पर डेसीलीटर से ऊपर आएगा एंड वहां पे आपको आपका डॉक्टर डायबिटिक डिक्लेअर कर देगा एंड एट दैट पॉइंट ऑफ़ टाइम वो आपको बोलेगा यार डायबिटिक हो दवाई लो तो आपको ग्लूकोस लोअरिंग मेडिसिन दे देगा। एंड दीज़ मेडिसिनस आर रियली गुड एट एट मास्किंग द सिम्टम। तो वो मेडिसिन आपका
(24:04) ग्लूकोस तो कम आएंगी लेकिन जो अंडरलाइनिंग प्रॉब्लम थी वो तो किसी ने एड्रेस ही नहीं करी। हम आपकी बॉडी अभी भी इंसुलिन इंसुलिन बहुत हाई है। बेटा सेल डिस्फंक्शन है वो तो किसी ने एड्रेस ही नहीं किया अभी तक। तो दवाई क्या कर रही है? वो सिर्फ सिम्टम ग्लूकोस को मास्क कर रही है। हम अंडरलाइन डिस्फंक्शन तो अभी भी कैरी ऑन हो रहा है। एंड राज इंसुलिन को हम ब्लड शुगर लो करने के काम से जानते हैं। बट ये सिर्फ एक फंक्शन है इंसुलिन का। इंसुलिन आपकी बॉडी में हर एक सेल को इंपैक्ट करती है। आपके हर एक सेल एनर्जी कैसे प्रोसेस करेगा? इंसुलिन डिसाइड
(24:43) करेगी। आपके ब्रेन में मेमोरी फॉर्मेशन में इंसुलिन हैज़ अ वेरीेंट रोल। आपके लिवर फैट को कैसे हैंडल करते हैं? लिवर डिसाइड्स दैट। आपके रिप्रोडक्टिव हार्मोंस बैलेंस पे रहेंगे नहीं रहेंगे? इंसुलिन डिसाइड्स दैट इंसुलिन टचेस अपॉन एव्री सिंगल सेल इन योर बॉडी एंड दैट इज व्हाई दैट वन डिस्फंक्शन जिसको एड्रेस नहीं किया इट स्टार्ट्स कॉजिंग अदर डिसऑर्डर्स डाउन द लाइन। बट हाउ डू आई नो दैट आई एम इंसुलिन इन रेजिस्टेंस? हां इस बारे में बात करते हैं क्योंकि बहुत सिंपल है। इंसुलिन रेजिस्टेंस इंसुलिन रेजिस्टेंस हम इंसुलिन रेजिस्टेंस इज बैड। यू वांट टू बी
(25:21) इंसुलिन सेंसिटिव। ठीक है? जस्ट टू मेक श्योर के टर्म्स क्लियर है। हां। इसको डिटेक्ट करना इतना सिंपल है कि मुझे पिटी लगती है कि क्यों नहीं कर रहे? हम बताओ। आपको ब्लड टेस्ट की भी जरूरत नहीं है। बट आई वुड डेफिनेटली सजेस्ट कि ब्लड टेस्ट के बारे में बात करेंगे। एंड आई विल सजेस्ट कि ब्लड टेस्ट करो। रेगुलरली करो। इनफैक्ट प्रोएक्टिव बनो अपनी हेल्थ को लेके। बट एक्चुअली ब्लड टेस्ट की भी जरूरत नहीं है। सो हम देयर आर सर्टेन क्लीनिकल मार्कर्स जो कि आप देख के बता सकते हो। आई कैन लुक एट यू एंड आई कैन टेल वेदर यू आर इंसुलिन असिस्टेंट ऑर नॉट। टेल मी
(25:54) वंस यू हैव दिस नॉलेज यू विल आल्सो बी एबल टू डू इट। आई डोंट थिंक बाय द वे दैट यू आर। [हंसी] ओके। सो देयर आर क्लीनिकल थैंक यू। यू विल बी एबल डू इट आफ्टर दिस कन्वर्सेशन। जो ऑडियंस आपकी ये कन्वर्सेशन सुन रही है ये सुनने के बाद दे कैन नॉट जस्ट जज देमसेल्व्स। वो दूसरे को देख के भी बता सकते हैं। इट्स सो सिंपल। बताओ। सबसे पहला क्लीनिकल मार्कर आपने आई एम श्योर देखा होगा इट्स कॉल्ड स्किन टैग्स। क्या? छोटे स्किन टैग्स। ओके। यूजुअली लोगों के नेक के आसपास छोटे-छोटे स्किन बम्स हो जाते हैं। स्किन टैग्स स्किन बम्स देखे हैं आपने कभी?
(26:29) या नेक पे होंगे, ग्रोइन पे होंगे या जहां पे भी स्किन रब करेगी ना वहां पे टैग्स बनने छोटे-छोटे चालू हो जाते हैं। या तो वो होगा। या फिर स्किन थोड़ी डार्कनिंग होनी स्टार्ट हो जाएगी। स्किन पैचेस वो भी नेक के पास यूजली देखे जाते हैं। हां ब्लैक ब्लैक हो जाता है। लाइक अ वेलवेट यू नो वेलवेट पैच ब्लैक एंड लोगों को लगता है कि डर्टी है बट वो साफ नहीं होगा इट विल स्टे देयर दैट इज स्किन पैच दीज़ टू आर द क्लियरेस्ट इंडिकेशन दैट यू हैव इंसुलिन रेजिस्टेंस। व्हाई? बिकॉज़ इंसुलिन इज़ अ ग्रोथ हार्मोन। एनाबॉलिक हार्मोन है। ग्रोथ प्रमोट करता
(27:02) है। वो आपके स्किन स्कल्स में एक्सेसिव ग्रोथ प्रमोट कर रहा है। व्हिच लीड्स टू स्किन टैक एंड स्किन पैचेस। क्लियर साइन ऑफ इंसुलिन रेजिस्टेंस सिंपल एनीवन कैन फिगर इट आउट। देख के आप पहचा आप आप पहचान सकते हो। कोई भी पहचान सकता है। राइट? सेकंड क्लिनिकल मार्कर योर वेस्ट साइज। कोई भी देख के पहचा पहचान सकता है आपका वेस्ट साइज। यू नो आप खुद ही मेजर कर सकते हो। राइट? देख के आप दूसरे को भी बता सकते हो। वेस्ट साइज हैज़ अ वेरी स्ट्रांग कोरिलेशन विद इंसुलिन रेजिस्टेंस सिंपली बिकॉज़ इंसुलिन रेजिस्टेंट पीपल जो होते हैं वो जब फैट स्टोर करते हैं दे टेंड टू स्टोर द
(27:36) फैट इन विसरल एरिया हम विसरल इज़ हियर वो जो हम पंजाबियों में वो पॉट बेली प्रोस्पेरिटी का साइन माना जाता था वो एक्चुअली इंसुलिन रेजिस्टेंस का साइन है। दैट मींस कि आप अ अपनी बेली में बेली एरिया में डीप अंडर एब्डोमिनल कैविटी आपने फैट स्टोर किया हुआ है अपने ऑर्गन्स के आसपास या एक टॉपिक फैक्ट जो अपने जो आपके ऑर्गन्स में है लाइक फैटी लिवर दैट सो व्हिच विल मेक योर वेयर सरकम्फ्रेंस गो अप एंड दैट हैज़ अ दैट इज़ अ क्लियर साइन ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस इसकी गाइडलाइंस भी है। टिपिकली फॉर मेन इट गोज़ आई थिंक इट गोज़ लाइक 90 सेंटीमीटर्स और लेस और फॉर अ
(28:11) वुमेन 80 सेंटीमीटर्स ऑफ़ लेस। बट उससे बेटर मेजर ये है बिकॉज़ वो आपकी बॉडी के लिए एडजस्ट करता है कि आपकी जो वेस्ट है दैट शुड बी हाफ ऑफ योर हाइट। तो अगर आप 160 सेंटीमीटर की आपकी हाइट है तो आपका वेस्ट साइज शुड बी 80 सें.मी. और लेस। उससे ऊपर है दैट मींस यू हैव विसल फैट। अगर आपको विस्टल फैट है तो देयर आर देयर इज़ अ प्रीटी गुड चांस दैट यू आर इंसुलर रेजिस्टेंट। ठीक है? सेकंड क्लीनिकल मार्कर हम थर्ड क्लीनिकल मार्कर हाई ब्लड प्रेशर अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है तो देयर इज़ अ प्रीटी स्ट्रांग चांस दैट इट इज़ ड्रिवन बिकॉज़ ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस
(28:44) देयर इज़ अ स्टडी दैट आई हैव साइडेड इन द बुक जहां पे 50% ऑफ़ हाइपरटेंशन केसेस आर आर प्रूवन टू बिकॉज़ ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस। इसका मैकेनिज्म मैं आपको बहुत सिंपली शॉर्ट में बता देता हूं। जब आपका इंसुलिन हाई होता है बॉडी में। वो एक हार्मोन प्रोड्यूस वो एल्डोस्ट्रोन एक हार्मोन है। उसकी प्रोडक्शन को इंक्रीस करता है। एल्डोस्ट्रोन आपकी किडनी को साल्ट रिटेन करने के लिए फोर्स करता है। जहां पे साल्ट जाएगी वहां पे वाटर जाएगा तो वाटर रिटेंशन ज्यादा होगी तो आपका ब्लड फ्लो बढ़ेगा, ब्लड प्रेशर बढ़ेगा। सिंपल लॉजिक है। तो अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है
(29:15) देन देयर इज़ अ पॉसिबिलिटी दैट यू हैव अ इंसुलिन रेजिस्टेंस। ओके? सो दैट्स द थर्ड मार्कर। फोर्थ मार्कर इफ यू हैव इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इन मैन एंड पीसीओएस इन वुमेन देयर इज़ अ वेरी स्ट्रांग चांस दैट यू आर इंसुलिन रेजिस्टेंट 70% ऑफ़ पीसीओएस केसेस आर ड्रिवन बिकॉज़ ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस एज़ पर द रिसर्च। एंड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बारे में मैंने आपको पहले बताया। मैंने आपको बताया उस स्टडी के बारे में जिस स्टडी का टाइटल ही ये था कि इंसुलिन रेजिस्टेंस इज़ द इरेक्टाइल डिफंक्शन इज़ द फर्स्ट सिम्टम ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस। तो अगर ये है तो देन इट इज अ वेरी स्ट्रांग
(29:51) चांस। सो जस्ट टू रैप अप क्लीनिकल मार्कर्स आपका स्किन एक्सेसिव स्किन ग्रोथ इन फॉर्म ऑफ स्किन टैग्स, स्किन पैचेस, योर वेस्ट सरकम्फ्रेंस, हाई ब्लड प्रेशर, इडी एंड पीसीओएस। सिंपल है ये तो मतलब एवरीवन कैन फिगर इट आउट राइट। दिस नॉलेज? व्हाट अबाउट? यू आर सेइंग समथिंग। आई वास गोइंग टू गो टू ब्लड मार्कर्स। गो अहेड। तो अगर आपको ये मार्क जो क्लीनिकल मार्कर्स है आपको इनमें से किसी में भी शक है यू नो दैट यू फॉल यू हैव यू नो एनी ऑफ़ दीज़ और अगर नहीं भी है तो भी आई वुड हाइली रेकमेंड कि आप फॉलोइंग ब्लड टेस्ट कराइए। मुझे समझ में नहीं आता। आई एक्चुअली दिस
(30:27) पिसेस मी ऑफ कि ये ब्लड टेस्ट हमारे रेगुलर चेकअप्स में क्यों नहीं हो रहे हैं? मतलब हम लेट स्टेज मार्कर्स को चेक कर रहे हैं। फास्टिंग ग्लूकोस एचपी एवन सी जो 15 साल के बाद जाकर पढ़ेगा वो जो पहले 15 साल जो मार्कर पड़ेगा हम उसको टेस्ट ही नहीं कर रहे। एंड दैट इज फास्टिंग इंसुलिन। फास्टिंग इंसुलिन इज अ सिंपल ब्लड टेस्ट। ऑलमोस्ट एव्री लैब विल डू इट। आप घर पे नहीं कर सकते बिकॉज़ हार्मोन को मेजर करना है तो इट्स नॉट एज सिंपल एज वो ब्लड शुगर वाला जो घर पे आप कर सकते हो। सो आपको लैब के पास ही जाना पड़ेगा। बट आई थिंक हिंदुस्तान में एव्री लैब वुड डू इट। एंड
(31:00) इट इज चीप टेस्ट अंडर 500 बग्स। ₹500 से कम में। आई एम प्रीटी श्योर। कई जगहों पे तो उससे भी सस्ते में है। फास्टिंग इंसुलिन विल टेल यू कि आपकी बॉडी में इंसुलिन लेवल्स क्या है? उससे ज्यादा डायरेक्ट मार्कर क्या ही आपको मिलेगा। अगर आपकी फास्टिंग इंसुलिन लेवल्स एलिवेटेड है, दैट इज़ अ क्लियर साइड ऑफ़ इंसुलिन रेजिस्टेंस। पर एक वार्निंग मैं साथ में इसके बताना चाहता हूं। एंड दिस मेक्स मी मोर एंग्री। जब आप ये ब्लड टेस्ट ऑर्डर करोगे, आपका रिजल्ट आएगा। उसमें रेफरेंस स्ट्रेच लिखी रहेगी। उस रेफरेंस रेंज में लिखा होगा अप टू 25 इज नॉर्मल हम
(31:35) आई कैन गारंटी यू अगर आपका फास्टिंग इंसुलिन 25 है यू आर डीपली इंसुलिन रेजिस्टेंट डीपली डू नॉट मिस्टेक दैट नंबर दैट यू आर फाइन बट आपकी लैब रेफरेंस रेंज 25 को नॉर्मल बोलेगी। क्यों? अ जो रेफरेंस रेंज होती है दैट इज़ नॉट नेवर एन ऑप्टिमल रेंज। वो पपुलेशन लेवल पे होती है। पपुलेशन लेवल की एवरेज होती है जो रेफरेंस रेंज दी जाती है। तो अगर एज अ पपुलेशन हम अनहेल्दी हो रहे हैं, मेटाबॉलिकली अनफिट हो रहे हैं तो वो एवरेज बढ़ती जाएगी। सर बीमार है तो हमारा भी एवरेज बीमार ठीक है। दैट इज़ हाउ रेफरेंस रेंजज़ इज़ गिवन इन एव्री लैब रिपोर्ट। खाली इंस्टेंट इसके
(32:15) फास्टिंग के लिए नहीं बोल रहा हूं। एव्री लैब रिपोर्ट में जो रेफरेंसेस होती है दैट इज़ द एवरेज ऑफ़ पापुलेशन। सो अगर आपका वो रिपोर्ट 25 जो वो नॉर्मल बोल रहे हैं अगर वो है तो यू आर इंसुलिन रेजिस्टेंट यू वांट दैट नंबर टू बी फाइव और बिलो फाइव या उससे बिलो फास्टिंग इंसुलिन लेवल आपको चाहिए फाइव टू से इज़ गुड से टू 10 इज़ अर्ली रेजिस्टेंस 10 एंड अबव इज़ इंसुलिन रेजिस्टेंस क्रेजी बट देन देयर इज़ दिस फिनोमिना व्हिच इज़ कॉल्ड थिन फैट फिनोमिना राइट कि टॉफी थिन थिन आउटसाइड फैट इनसाइड सो व्हाट इज दैट एंड व्हाई समबडी जो बहुत पतला है और
(32:54) वह हेल्दी दिखता है या उसे लगता है वह हेल्दी है ही इज नॉट हेल्दी। जैसे आपने बोला थिन आउटसाइड फैट इनसाइड हम साइंटिफिकली स्पीकिंग इसको और भी काफी टर्म्स से बोला जाता है। इसके ऊपर काफी स्टडी हुई है। आपने सुना होगा थ्रिफ्टी जीनोम टाइप हम एशियन इंडियन पैराडॉक्स हम इंडियन थिन फैट फिनोटाइप डॉक्टर चितरंजन याजनिक है पुणे में वर्ल्ड के टॉप 2% रिसर्च में आते हैं। उन्होंने इंडियन थिन फैट फिनोटाइप के पाइनियर रहे हैं वो। सो ऑल ऑफ़ दीज़ थिंग्स दे इन एसेंस से द सेम थिंग। शॉर्ट हेडलाइन यह है कि जस्ट बिकॉज़ आप पतले हो। दैट डजंट मीन कि आप फिट हो। तो
(33:32) जो घर में यू नो मॉम्स होती हैं मॉम को लगता है कि उनका बच्चा अगर पतला है तो वो तो हेल्दी है, फिट है तो उसे और खिलाना चाहिए। और ज्यादा मोटा करना चाहिए। बिकॉज़ टेक्निकली दैट पर्सन इज़ हेल्दी। या। अह व्हिच इज़ व्हिच इज़ साइंटिफिकली एंड रिसर्च विल टेल यू दैट्स नॉट ट्रू। उसके पीछे रीजन ये है बिकॉज़ एक्चुअली लेट मी टेल यू समथिंग मोर इंटरेस्टिंग पहले देन आई विल कम टू दिस। आपको पता है बीएमआई जो आपके वेट का यू नो वेट के बारे में बताता है इज द वर्स्ट प्रॉक्सी और ऑफ योर हेल्थ हां बीएमआई और हर कोई तो बीएमआई टेस्ट करता है।
(34:14) बीएमआई फॉर इंडियंस डजंट टेल यू एनीथिंग अबाउट योर हेल्थ। व्हाई आई एम हियरिंग दिस फॉर द फर्स्ट टाइम। या देयर इज रिसर्च आई हैव साइडेड इन द बुक। आप अगर वो रिसर्च देखोगे तो व्हाट दैट रिसर्च फाउंड इंडियंस टेंड टू डेवलप मेटाबॉलिक डिसऑर्डर। हम इंडियंस जो है मेटाबॉलिक डिसऑर्डर कम बीए कम बीएमआई पे हमें होता है एज़ कंपेयर टू वेस्टर्न। टिपिकल बीएएमआई रेंज क्या होती है? 25 इज़ फॉर ओवरवेट ओवरवेट एंड 30 इज़ फॉर ओबीस। हम आई डोंट नो यू नो दिस। इंडिया के लिए ये बीएआई रेंज ऑलरेडी रिवाइज कर दी गई है। इंडिया में नाउ इट इज 23 फॉर ओवरवेट एंड
(34:57) 27.5 फॉर रुपीस। रियली? सिंपली बिकॉज़ द रिसर्च विल टेल यू कि हम लोग मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन कम वेट और कम बीएमआई पे हमें होता है। क्यों? इंडियंस को मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन बीएएमआई इट्स एट 23 के आसपास शो होना स्टार्ट हो जाता है। यही एक वेस्टर्नर होगा कॉकेजियन यूरोपियन दे हैव अ दे हैव अ मच बिगर थ्रेशहोल्ड। उनको मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन बहुत हाई बीएमआई पर हुआ एस कंपेयर टू अस। तो सबसे पहले आप ये समझ लो कि बीएएमआई और वेट इज़ अ टेरेबल मार्कर। सिंपली बिकॉज़ इट इज़ ऑल अबाउट आवर फैट सेल्स। बीएमआई हमें वेट बताता है बट बीएएमआई हमें
(35:43) यह नहीं बताता आपके फैट के बारे में कि वो जो आपका फैट है वो स्टोर कहां पे हुआ है। हम बीएएमआई ये नहीं बताता कि आपकी मेटाबॉलिक स्टैट हेल्थ कैसी है। बीएमआई ये नहीं बताता कि आपका फैट सेल जो है उसका कैरेक्टरिस्टिक्स क्या है। उसके बारे में आई विल टेल यू अबाउट ऑल ऑफ़ दीज़ थ्री थिंग्स। हमारे जो फैट सेल्स हमारे जो फैट है दे इट इट मैटर्स टू थिंग्स मैटर्स अ लॉट व्हेन इट कम्स टू स्टोरिंग फैट फर्स्ट इज़ कि आप उसको स्टोर कहां पे कर रहे हो एंड सेकंडली आप उसको स्टोर कैसे कर रहे हो हम फैट स्टोर करने के बॉडी में दो तीन जगह है एक है सब एक एक को हम बोलते हैं सबकटेनियस
(36:23) फैट जो कि स्किन के नीचे होता है ओके व्हिच बाय द वे इज़ अ वै हेल्दी वे ऑफ़ स्टोरिंग फैट हम आप उसको एनर्जी में कन्वर्ट कर सकते हो सबकटेनियस फैट को एंड इट इज़ मेटाबॉलिकली अ हेल्दी वे टू स्टोर फैट। दूसरा जब हम फैट स्टोर करते हैं, हम अपने विसरल एरिया में करते हैं। योर विसरल एरिया है आपके डीप एब्डोमिनल कैविटी में आपके ऑर्गन्स के आसपास हम या ऑर्गन्स में ही हम फैट स्टोर करते हैं जिसको एक्टोपिक फैट बोला जाता है। विसरल फैट एंड एक्टोपिक फैट आर द वर्स्ट प्लेसेस टू स्टोर फैट। आप मेटाबॉलिकली अनहेल्ी होगे। दे विल कॉज दे विल डायरेक्टली
(36:58) इनफ्लुएंस योर इंसुलिन रेजिस्टेंस एंड कॉज मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन। हम इंडियंस वी आर प्रीडस्पोज्ड टू स्टोर फैट इन आवर विसरल एरिया। ओके? हम वो प्रीडस्पोज क्यों है? आई एम हैप्पी टू टॉक अबाउट दैट। इट्स अ वेरी इंटरेस्टिंग हिस्ट्री है। बट फर्स्ट ऑफ़ ऑल हम ये समझ लेते हैं कि हम इंडियंस एज़ कंपेयर टू कॉकेशियंस या यूरोपियंस हम फैट अधिकतर विसरल एरिया में स्टोर करते हैं। वेयर एज वेस्टर्न पॉपुलेशन टेंड्स टू स्टोर इट इन सबकटेनियसली जो कि हेल्दी वे होता है। क्यों ऐसा होता है हमारे साथ? लंबी स्टोरी है। बताओ लंबी स्टोरी। दिस इज पार्ट ऑफ द एवोल्यूशन। ओके। ओके। आई डोंट
(37:37) नो यू नो दिस। अ ब्रिटिश राज में कॉलोनियल टाइम में उन्होंने हमें 190 साल रूल किया था। ठीक है? 1754 से लेके 1947 तक। राइट? समथिंग अराउंड दैट टाइम फ्रेम। वो 190 सालों में इंडिया में 31 फेमिनस आए थे। फेमिन मतलब भुखमरी। भुखमरी व्हिच इज एन एवरेज ऑफ एक फेमिन हर छ साल में। ठीक है? उससे पहले फेमिन आता था 50 साल में एक बारी, 100 साल में एक बारी। तो कॉलोनियल रूल में हमारे को हमारे एक्सलरेटेड फेमिन हुए थे। एंड बाय द वे ये किसी नेचुरल क्लमिटी की वजह से नहीं हुए थे। ये पॉलिसीज की वजह से हुए थे।
(38:22) ब्रिटिशर्स की पॉलिसीज की वजह से ये फेमिनस आए थे। दे दे प्रायोरिटाइज्ड फार्मर्स को दे फोर्स टू प्रोड्यूस कैश क्रॉप्स हम कैश क्रॉप होते हैं फॉर एग्जांपल ओपियम शुगर कॉटन पैसा ज्यादा मिलता है तो इन्होंने हमारे फार्मर्स को फोर्स किया टू प्रोड्यूस कैश क्रॉप्स ओवर स्टेपल्स हम गेहूं चावल की बजाय आप एक कैश क्रॉप प्रोड्यूस करो हम तो आपकी जो स्टेपल्स की जो प्रोडक्शन है वो कम हो गई हम उसके बाद इन्होंने मेजॉरिटी ऑफ़ द इकॉनमी एक्सपोर्ट की तरफ ओरिएंट कर दी। हम इन्होंने रेलवे नेटवर्क भी ऐसे बनाया कि ईली
(39:05) एक्सपोर्ट एक्सपोर्ट हो पाए। तो इन्होंने एक्सपोर्ट जो जो उगता था वो मेजॉरिटी एक्सपोर्ट करते थे तो लोकल खाने के लिए कम रहता था। ठीक है? तीसरा इन्होंने क्या किया? इनके आने से पहले जो राजा महाराजा थे वो बहुत समझदार थे। एंड वो हमेशा एक रिजर्व मेंटेन करके रखते थे कि अगर भुखमरी आए तो हम अपने रिजर्व से अपनी प्रजा को खाना दे सकते हैं। एंड वी विल पास थ्रू दैट टाइम। कोई नेचुरल क्लमिटी आती है। इन्होंने सिस्टेटिकली उस स्टोरेज सिस्टम को तोड़ा। दिस इज़ एंटायरली बिकॉज़ ऑफ़ द ब्रिटिश पॉलिसीज दैट दीज़ फेमिनस हैपेंड। 31 फेमिनस। अब हमारी बॉडी जो है 190 साल है
(39:44) तो यू नो हर छ साल में फेमिन आ रहा है तो इट हैज़ टू इवॉल्व बिकॉज़ ऑफ़ द एनवायरमेंट टू सर्वाइव इन दैट स्केरसिटी टू सर्वाइव इन दैट भुखमरी वन ऑफ़ द एवोल्यूशन एवोल्यूशनरी थिंग्स दैट हैपन इज़ दैट हमारा डीएनए चेंज नहीं होता ईज़ली एपिजेनेटिक्स चेंज हो जाते हैं। सो आवर एपिजेनेटिक्स इवॉल्वड टू होल्ड फैट हम वी इंडियंस हैव बिकम रियली गुड एट स्टोरिंग फैट हम एंड मोस्ट ऑफ दैट फैट वा स्टर्ड इन आवर विसरल एरिया ताकि उसको ईजीली एनर्जी में कन्वर्ट किया जा सके जब भुखमरी अगली आएगी एंड दिस एवोल्यूशन हैपेंड जनरेशन ओवर जनरेशन ओवर जनरेशन ये एपिजेनेटिक्स पास
(40:25) होते हैं। ये एपिजेनेटिक्स लॉन्ग टर्म तक पास होते हैं। देयर इज़ अ स्टडी जो मैंने बुक में मेंशन करी है। चाइना में एक अ चाइना में एक फेमिन आया था 1954 में। एक रिस्चर ने उसमें उसका इंपैक्ट उसकी तीन जनरेशन तक स्टडी किया। पहली जनरेशन पे वो गया मदर्स जो उस फेमिन के दौरान प्रेग्नेंट थी। दे वर एक्सपेक्टिंग बेबीज। उसने इसको एफ ज़ीरो जनरेशन बोला। हम्म। एंड ऑब्वियसली दिस जनरेशन जो मदर्स थी दे हैड टू अप्ट टू सर्वाइव बिकॉज़ आपको खाली अपना अपने आप को ही एनर्जी नहीं देनी। आपको जो बेबी है उसको भी एनर्जी प्रोवाइड करनी है। सो दे देयर एपिजेनेटिक्स इवॉल्वड
(41:09) वेरी रैपिडली टू केयर फॉर देयर एक्सपेक्ट फॉर द बेबी दैट दे वर एक्सपेक्टिंग। या उसके बाद इसी रिस रिस्चर ने नेक्स्ट जनरेशन जो बच्चे पैदा हुए थे जिसको उन्होंने एफ वन जनरेशन बोला उसको स्टडी किया। इन बच्चों ने डायरेक्टली खुद फेमिन कभी एक्सपीरियंस नहीं किया। बट ये उस समय मदर के पेट में थे जब फेमिन था। व्हाट ही फाउंड दैट दैट जनरेशन हैड 75% हायर रिस्क ऑफ डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन 75% एंड दैट जनरेशन नेवर एक्सपीरियंस्ड फेमिन। वो वहां पे नहीं रुका। वो उनके बच्चों के पास गया। सो बेसिकली ग्रैंड चिल्ड्रन ऑफ एफ जीरो जनरेशन
(41:53) ये तो इतनी बाद में पैदा हुए एंड इन्होंने तो डायरेक्टली कभी फेमिन के आसपास भी नहीं गए देखा भी नहीं समझा भी नहीं है। देयर चांसेस ऑफ़ डायबिटीज वर टू टाइम्स हायर देन दी देन देन एवरेज। सो यू हैव टू अंडरस्टैंड के एपिजेनेटिक्स जो है वो चेंज होते हैं। दे इवॉल्व फॉर सर्वाइवल एंड दे आर पास्ड ऑन फ्रॉम जनरेशन टू जनरेशन। हमारा जो हम वी हैव गॉन थ्रू एन एक्सट्रीम फेमिन फेस। हमारी बॉडी इज अ सर्वाइवर बॉडी। ठीक है? द प्रॉब्लम इज हमने वो एपिजेनेटिक्स और वो सर्वाइवर जींस तो ले लिए लेकिन अब हम फेमिन में तो नहीं रह रहे। अब तो हम अबंडेंस में रह रहे हैं।
(42:31) हम सो दोज़ जींस हैव टर्नड अगेंस्ट अस नाउ। पहले तो मील नहीं मिलती थी, एनर्जी नहीं मिलती थी। आज एवरेज इंसान तीन से चार तीन से छह बार ही दिन में खा रहा है। हम हम हंटर गैदर से ऐप टैपर बन गए हैं। आप मोबाइल पाउडर करते हो 10 मिनट में खाना आता है। सो आज के डेट में एनर्जी की कमी नहीं है। बट जींस हमारे स्केरसिटी के हैं बट वी आर लिविंग इन अबंडेंस। दैट्स द डिफरेंस। तो दैट इज व्हाई सो वी टेंड टू स्टोर फैट इन द विल एरिया जस्ट टू कम बैक टू दैट या सेकंड थिंग एक तो फैट हम स्टोर का कर रहे हैं वो बहुत मैटर करता है और दूसरी चीज मैंने आपको
(43:07) बोली थी फैट सेल का कैरेक्टरिस्टिक बहुत मैटर करता है फैट गेन करने के दो ही तरीके हैं हम या तो आप नंबर ऑफ फैट सेल्स अपनी बॉडी में इंक्रीस करोगे जिसको हाइपरप्लेजिया बोला जाता है व्हिच बाय द वे इज़ अ हेल्दी वे ऑफ स्टोरिंग फैट ओके हाइपर हाइपरप्लेजिया ओके दैट मींस कि आपका फैट का जो सेल है वो नहीं बढ़ रहा लेकिन नंबर ऑफ फैट सेल्स मास बढ़ रहा है बेसिकली ठीक है मास ऑफ द फैट सेल नॉट मास राइट सो दैट्स द वन वे ऑफ़ ऑफ गेनिंग फैट द सेकंड वे ऑफ़ गेनिंग फैट इज़ कि आपके फैट सेल का साइज बढ़ रहा है व्हिच इज़ कॉल्ड हाइपरट्रोफी हम ओके वी इंडियंस व्हेन वी गेन फैट वी टेंड
(43:47) टू ग्रो द साइज ऑफ़ द फैट सेल व्हिच इज़ एक्सट्रीमली अनहेल्दी वे ऑफ़ गेनिंग फैट। हमारे फैट सेल का साइज बढ़ता है। हम नंबर ऑफ़ सेल्स नहीं मल्टीप्लाई करते। एंड दिस इज़ हाउ वी डिज़। दिस इज़ हाउ वी डिज़ाइन। देयर इज़ अ रिसर्च। आई हैव हैव इट इन द बुक। जहां पे मैंने एक्चुअली इमेजेस भी यूज़ करी है। उस रिसर्च में उन्होंने कोकेजियन लोगों के फैट सेल्स और और साउथ एशियन लोगों के फैट सेल्स को कंपेयर किया था। एंड दे फाउंड दैट कॉकेजियंस टेंड टू हैव स्मॉलर फैट सेल्स बट मोर फैट सेल्स। एंड साउथ एशियंस टेंड टू हैव लेस फैट सेल्स बट बिगर फैट सेल्स। व्हाई दिस इज़ अ
(44:21) प्रॉब्लम? मैंने आपको पहले भी बोला था फैट सेल बड़ा नहीं होना चाहता क्योंकि वह बहुत बड़ा हो जाएगा तो वह इवेंचुअली बस्ट करेगा तो वो अपने आपको इंसुलिन रेजिस्टेंट बना लेता है। तो दैट इज़ व्हाई वी आर प्रीडस्पोज्ड फॉर इंसुलिन रेजिस्टेंस दैट इज़ व्हाट इज़ हैपनिंग। सो वी टेंड टू ग्रो द साइज ऑफ़ द फैट सेल। बट देन सो सॉरी जस्ट टू फिनिश अप। दैट्स व्हाई बीएमआई इज़ अ टेरेबल मार्कर बिकॉज़ बीएएमआई ओनली टेल्स यू कि आपका वेट क्या है? बीएमआई डज़ नॉट टेल यू कि आप फैट स्टोर कहां कर रहे हो? बीएमआई डज़ नॉट टेल यू कि आपका फेल का आपके फैट सेल का
(44:52) कैरेक्टरिस्टिक क्या है? एंड ऑब्वियसली दैट डस नॉट टेल यू कि आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ क्या है। बट देन व्हाट्स द बेटर अल्टरनेटिव इफ हम बीएमआई को नहीं माने एज अ मार्कर कि मैं हेल्दी हूं अनहेल्ी हूं। मोटा हूं या पतला हूं। मैं अंदर से फैट हो कि नहीं हो? इज इट अ विसरल फैट मार्कर इज़ दैट व्हाट यू आर सजेस्टिंग? पांच चीज़ हैं। इसको हार्मोनाइज़्ड क्राइटेरिया बोला जाता है। साइंस अकॉर्डिंग टू साइंस देयर आर फाइव थिंग्स। थ्री ऑफ़ थ्री और फोर ऑफ़ देम दे आर रिलेटेड टू योर ब्लड ब्लड टेस्ट। सो अगर आपका फास्टिंग ब्लड शुगर 100 से ऊपर है। अगर आपके ट्रग्लिसराइड्स 150 से ऊपर
(45:26) है। अगर आपके आपका एचटीएल 50 या 40 50 से नीचे है। अगर आपका ब्लड प्रेशर 130/80 से ऊपर है। फोर्थ एंड फिफ्थ इज़ योर आपका वेस्ट सरकम्फ्रेंस जो मैंने आपको पहले बताया था। 90 सें.मी. फॉर मेन, 80 सें.मी. फॉर वुमेन। इन पांच चीजों में से अगर तीन चीजें हैं देन यू देन यू हैव अ मेटाबॉलिक सिंड्रोम दैट इज द हार्मोनाइज्ड क्राइटेरिया टू आइडेंटिफाई मेटाबॉलिक सिंड्रोम लेट लेट्स मेक इट मोर इजी फॉर पीपल ओके या कॉस्ट पे जाते हैं। मतलब इंसुलिन रेजिस्टेंस होता किस लिए है? किस वजह से लोगों को होता है? शुगर इज़ अ बिग थिंग या राइट? बिकॉज़ यू सेड कार्ब्स कार्ब्स शुगर
(46:10) बन जाते हैं। सिंपल शुगर डायरेक्ट शुगर हिंदुस्तान में हर कोई शुगर बहुत ज्यादा खाता है। लेट्स टॉक अबाउट शुगर अ लॉट एंड लेट्स ब्रेक इट डाउन सिंपली बेस्ड ऑन योर बुक एंड बेस्ड ऑन योर रिसर्च कि सबको पता है अब ये एस्टैब्लिश हो चुका है अराउंड द वर्ल्ड अराउंड कंट्री थ्रू दिस पॉडकास्ट हर जगह मल्टीपल टाइम। एक्सेसिव शुगर इज़ एब्सोलुटली पोइजनस। राइट? यू हैव सेड शुगर इज अ न्यूको टोबैको इज अ न्यू टोबैको बहुत सारे लोग अराउंड द वर्ल्ड बहुत सारे डॉक्टर्स हैव वेंट ऑन एंड सेड इट एंड आई हैव हर्ड इट मायसेल्फ कि इन कॉन्फ्रेंसेस वेयर लास्ट डॉ लाइक
(46:52) रियली रियली बिग डॉक्टर्स आर कमिंग अप एंड बी लाइक कि शुगर इज़ मोर डेंजरस देन स्मोकिंग इफ यू इफ यू आर टेकिंग इट ऑन एन एवरीडे बेसिस एंड यू आर थिंकिंग दैट कि अरे ये तो कुछ भी नहीं है राइट तो शुगर इज द डेविल सबने मान लिया फ्यू पीपल आल्सो से दैट मॉडरेट शुगर इज बैड। फॉरगेट एक्सेसिव शुगर। तो लेट्स लेट्स ब्रेक इट डाउन। लेट्स मेक पीपल अंडरस्टैंड कि एक्चुअली शुगर से होता क्या है? जब शुगर मैं खाता हूं तो आई वा आस्क यू सिंपल-सिंपल थिंग्स कि शुगर जब मैं खाता हूं सबसे पहले ब्लड में जाती है। क्या कहां जाती है? लाइक व्हाट डस व्हाट हैपेंस? द अमाउंट ऑफ शुगर
(47:28) दैट योर बॉडी नीड्स फॉर सर्वाइवल। इज 0 ग्राम्स। आपकी बॉडी को 0 ग्राम शुगर की जरूरत है। शुगर नहीं चाहिए मेरी बॉडी को। क्यों चाहिए? आप बताओ। यू ओनली सेड ना कि लेस शुगर मतलब एक अगर बॉडी में ग्लूकोस और शुगर कम हो जाएगा तो देन दैट कैन कॉज ब्रेन फ्रीज, ब्रेन स्ट्रोक, मल्टीपल अदर थिंग्स। बट आपका लिवर इस फुल्ली कैपेबल ऑफ़ प्रोड्यूसिंग ग्लूकोस टू सप्लाई टू योर ब्रेन। थ्रू ग्लूकोनियोजनेसिस। आपकी बॉडी को रफली। आई थिंक ब्रेन को 120 ग्राम कुछ शुगर चाहिए होती है पूरे दिन में टू कीप डूइंग इट्स फंक्शन। आपका बॉडी इज केपेबल ऑफ प्रोड्यूसिंग मोर ग्लूकोस
(48:04) थ्रू योर लिवर। यू डोंट नीड एक्सटर्नल शुगर। पहली बात तो आप यह समझ लो। यू नीड जीरो ग्राम्स ऑफ शुगर। 0 ग्राम्स देयर इज़ नो न्यूट्रिशनल वैल्यू इन शुगर। आपको 0 ग्राम शुगर चाहिए। ठीक है? अ दे बट एक्चुअली पता है क्या है? आपने एक बात बहुत अच्छी बोली है। आजकल इतनी अवेयरनेस आ गई है कि लोगों ने शुगर कम कर दी है। लोगों को बाय लार्ज पता है कि यार शुगर नहीं लेनी चाहिए। इट्स नॉट गुड। ट्रू। पर फिर भी मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स बढ़ रहे हैं। आपको पता है क्यों? क्यों? क्योंकि हमारी डाइट में बहुत सारी इनविज़िबल शुगर है। एक्सप्लेन इनविज़िबल शुगर इन आवर डाइट।
(48:41) आप ब्लैक कॉफी पी रहे हो आप। इसमें चार चम्मच चीनी नहीं डालोगे। जीरो। नहीं लोगे। राइट? आप दो रोटी खा लोगे? हम खा लोगे ना? तीन-चार खा लेते हो। तीन-चार खा लेते हो। दोनों में फर्क क्या है? जब वो जब वह डाइजेस्ट हो रही है, जब आपने शुगर ली तो वह आपकी बॉडी में जाके ग्लूकोस में कन्वर्ट हो रही है। आपके पैंकक्रियास को इंसुलिन रिलीज़ करनी पड़ रही है। टू टेक केयर ऑफ़ दैट ग्लूकोस। जो आप रोटी खा रहे हो वो भी जब आपकी बॉडी में डाइजेस्ट होगी वो भी तो ग्लूकोस में कन्वर्ट होगी। व्हाट व्हाट आर यू सेइंग कि शुगर डायरेक्ट खाना शुगर इज़ ऑलमोस्ट सेम।
(49:14) शुगर इज़ अ कार्बोहाइड्रेट। आप फ्लावर जो भी आप फ्लावर उठा लो। मैं अगर आटा खाता हूं तो आटा एंड शुगर इज़ सेम। आई डोंट बिलीव दैट एक आई अग्री विथ द फैक्ट दैट कि ओके ये फ्लावर में कार्बोहाइड्रेट्स कितने होते हैं? हम फ्लावर में एक जो आटा है नॉट नो मतलब वी कैन 70% पुट इट आउट होल वीट आटा ले लो अमरथ ले लो एमवेट ले लो जो मर्जी आप ले लो इसका अगर आप मैोनट्रिएंट कंपनसेशन कंपोज़शन देखोगे तो इट इज़ रफ्ली 70% ऑफ़ कार्बोहाइड्रेट्स हम ठीक है शुगर इज़ आल्सो फॉर्म ऑफ़ कार्बोहाइड्रेट हम शुगर इज़ एक्चुअली इन द फैमिली ऑफ़ कार्बोहाइड्रेट्स कार्बोहाइड्रेट इज़ अ
(49:52) बिगर फैमिली ग्रुप। शुगर इज़ पार्ट ऑफ़ इट। फाइबर इज़ पार्ट ऑफ़ इट। यू नो ऑल ऑफ़ दीज़ थिंग्स आर पार्ट ऑफ़ इट। सो जब आप जब आप रोटी खा रहे हो, जब वो आपकी बॉडी पे जा रही है, इट इज़ इट इज़ बेसिकली अ कार्बोहाइड्रेट। ऑल ग्रेंस बाय द वे आर एंड इट इज़ कॉजिंग योर ब्लड शुगर लेवल्स टू गो अप। योर पैंकक्रियाज़ स्टिल हैव टू रिलीज़ टू टेक ऑफ द ग्लूकोस लेवल्स। आपकी बॉडी भेदभाव नहीं कर रही शुगर में और रोटी में। आप क्यों कर रहे हो? आप आप क्यों कर रहे हो? आप चावल खा रहे हो 70 प्लस कार्बोहाइड्रेट्स हैं। आपकी बॉडी में जाए जाकर जब वो डाइजेस्ट होंगे दे विल टर्न
(50:29) इनू ग्लूकोस। देयर इज़ नो अदर वे अराउंड इट। तो आपके पैंकक्रियास को इंसुलिन तब भी रिलीज़ करना पड़ेगा टू टेक केयर ऑफ़ द ग्लूकोस। आपकी बॉडी राइस को डिफरेंटली ट्रीट नहीं कर रही है एज़ कंपेयर टू शुगर। तो आप क्यों ट्रीट कर रहे हो डिफरेंटली? तो मैं आप खाना छोड़ दो। नहीं बट कंट्रोल तो कर सकते हो। अभी 2 महीने पहले कुछ तीन महीने पहले आईसीएमआर की स्टडी आई थी जिसमें जिसमें ये बोला गया जिसमें उन्होंने ये बताया कि 70% ऑफ आवर कैलोरीज आर कमिंग फ्रॉम कार्बोहाइड्रेट्स एंड जस्ट फॉर योर नॉलेज कार्बो हमारे जो फूड जो मैोनट्रिएंट्स होते हैं तीन मैक्रोएंट है
(51:05) सिर्फ कार्बोहाइड्रेट्स फैट्स एंड प्रोटीन न्यूट्रिशनल साइंस के हिसाब से कार्बोहाइड्रेट्स आर दी ओनली फूड ग्रुप दैट आर कंसीडर्ड नॉन एसेंशियल योर बॉडी इज फुल्ली कैपेबल ऑफ़ प्रोड्यूसिंग द ग्लूकोस दैट यू नीड विदाउट यू ईटिंग इट। यू डोंट नीड न्यूट्रिशनली स्पीकिंग। यू डोंट नीड कार्बोहाइड्रेट्स। आई एम नॉट सेइंग कि आप छोड़ दो। बट मैं आपको सिर्फ साइंस के बारे में बता रहा हूं। द अदर टू प्रोटीन एंड फैट्स। वो आपकी बॉडी खुद नहीं बना सकती। देयर आर नाइन एसेंशियल अमीनो एसिड्स जो आपकी बॉडी खुद नहीं बना सकती। सो यू हैव टू सप्लीमेंट दैट विथ फूड। देयर आर फैट्स
(51:36) ओमेगा थ्री, ओमेगा सिक्स जो आपकी बॉडी खुद नहीं बना सकती। एसेंशियल है वो। दे आर कंसीडर्ड। सो यू हैव टू हैव दैट थ्रू फूड। सो प्रोटीन एंड फैट्स दे आर एसेंशियल फूड ग्रुप्स। हम वो नहीं खा रहे पर 70% हम अपनी प्लेट भर रहे हैं नॉन एसेंशियल फूड ग्रुप से। आपके फैट सेल्स को सिर्फ एक चीज है जो ट्रिगर करती है ग्रो करने के लिए वो होता है इंसुलिन। हम हम सिर्फ कैलोरीज की बात करते हैं। कैलोरीज जो है वो इनकंप्लीट इक्वेशन है। हम कैलोरी इन कैलोरी आउट की बात करते हैं। ऑफकोर्स कैलोरीज मैटर करती है। बट वो कैलोरीज स्टोर करने के लिए दे नीड समवन दे
(52:11) नीड अ ट्रिगर एंड दैट ट्रिगर इज़ इंसुलिन। अगर आपकी बॉडी में इंसुलिन लो है, यू आर इन अ फैट बर्निंग स्टेट। यू आर नॉट इन अ इन अ इन अ फैट स्टोरेज मोड। इसका मैं आपको एक एब्सोल्यूट प्रूफ दे सकता हूं। उसके बाद यू विल नॉट एक्चुअली आस्क मी एनी क्वेश्चन आफ्टर दिस। आपको पता है टाइप वन डायबिटीज हम टाइप वन डायबिटी टाइप वन डायबिटिक्स जो है दे डू नॉट हैव दी अह दे हैव ऑटोमेन कंडीशन कि उनकी इंसुलिन नहीं बनती। या सो दे आर ऑलवेज डिपेंडेंट ऑन एक्सटर्नल इंसुलिन। राइट देयर इज़ अ ईटिंग डिसऑर्डर इन टाइप वन डायबिटीज़ कॉल्ड डायबलीमिया। क्या होता है ये? बिफोर आई टेल यू क्या
(52:50) होता है? आई मस्ट से एक्सट्रीमली डेंजरस है। डोंट ट्राई दिस एट होम। ठीक है? अ अगर टाइप वन डायबिटिक को थोड़े से इफ दे आर कॉन्शियस अबाउट देयर बॉडी एंड यू नो दे वांट टू स्टे स्लिम। व्हाट दे डू इज़ दे स्टॉप टेकिंग एक्सोजनस इंसुलिन। एक्सोजनस इंसुलिन मतलब दे डिपेंडेंट इंसुलिन फ्रॉम आउटसाइड। राइट? वो लेना बंद कर देते हैं। एक टाइप वन डायबिटिक दिन में 10,000 कैलोरीज भी खा ले और अगर वो इंसुलिन नहीं ले रहा देयर इज नो चांस दैट दे कैन गेट फैट। इट इज कॉल्ड अ कंडीशन डायबलीमिया। दिस शुड टेल यू दैट इंसुलिन इज द ट्रिगर फॉर फैट स्टोरेज इन योर बॉडी।
(53:27) इट इज़ अनडिनायबल। यस कैलोरीज मैटर। बट अगर कैलोरीज नहीं होगी तो एनर्जी स्टोर कैसे करोगे? बट कौन डिसाइड करेगा कि वो कैलोरी स्टोर होनी है या बर्न होनी है वो इंसुलिन डिसाइड करेगा। अब आप पूछोगे वो कैलोरी जाक आ रही है। हम हां इतनी सारी जो खा रहे हैं फिर कैलोरी जाक आ रही है। राइट? अब थर्मोडायनामिक्स कीको कीको ग्रुप आउटसाइड विल बी वै एंग्री कि भ ये तो थर्मोडायनामिक्स का लॉ ब्रेक हो रहा है। जब आपकी इंसुलिन लो होती है तभी होगी जब ग्लूकोस बॉडी में लो है। आपकी बॉडी को लेकिन अभी फ्यूल सोर्स तो चाहिए। अब वो फैट्स को ब्रेक करेगा टू गिव यू
(54:01) फ्यूल आपके फैट को। ओके? एंड आपका जो ब्रेन है ना वो डायरेक्टली फैट को एज अ फ्यूल यूज़ नहीं कर सकता। तो आपका लिवर आपके फैट को ब्रेक डाउन करके इट विल कन्वर्ट इंटू कीटोन बॉडीज। एंड योर ब्रेन लव्स कीटोन। इट थ्राइव्स ऑन कीटोन। विल टॉक ऑन कीटोन। एंड द कीटोन बॉडीज इज व्हाट गिव्स द फ्यूल टू योर टू योर बॉडी एंड टू योर ब्रेन टू नॉट ओनली फंक्शन बट थ्राइव इन दैट कंडीशन। एंड दिस कीटोनस हैव अ कैलोरिक वैल्यू ऑफ़ 4 किलो कैलोरीज़ पर कीटोन मॉलिक्यूल। व्हेन यू आर इन न्यूट्रिशनल कीटोसिस यू लिटरली लिटरली यू पी आउट एंड यू ब्रीथ
(54:46) आउट दीज़ कीटोनस दैट इज वेयर दोज़ कैलरीज आर गोइंग। लेट्स टॉक अबाउट दैट इज व्हाई इट ब्रेक्स द लॉ ऑफ़ थर्मोडायनेमिक बिकॉज़ दैट कैलोरी दैट दैट एनर्जी योर बॉडी इन एट लो इंसुलिन लेवल्स इज बर्निंग फैट लाइक एनीथिंग यू आर गेटिंग श्रेडेड एंड योर बिकॉज़ आपके इंसुलिन लो है। योर बॉडी नीड्स फ्यूल। योर योर बॉडी विल स्टार्ट ब्रेकिंग डाउन फैट एंड योर लिवर विल कन्वर्ट दैट फैट इनू कीटोन बॉडीज टू सप्लाई टू योर ब्रेन। एंड दैट कीटोन बॉडी हैज़ अ हैज़ अ हैज़ अ हैज़ अ वैल्यू ऑफ़ फोर किलो कैलोरी ईच मॉलिक्यूल। एंड यू पी आउट कीटोंस। आप अपना उस समय यूरिन टेस्ट
(55:25) करोगे। उसमें कीटोनोंस आपको हाई दिखेंगे। यू आर ब्रीथिंग आउट कीटोनों्स। यू आर बेसिकली ब्रीथिंग एंड पीइंग आउट फैट। लाइक व्हेन यू आर व्हेन यूअर बॉडी गेट यूज्ड टू दिस कीटोसिस एंड यू आर ऑन दिस परमानेंट डाइट एंड यू आर यूजिंग दीज़ फैट्स टू एक्चुअली गिव योर ब्रेन मोर फ्यूल। तो बॉडी एफिशिएंट हो गई। ब्रेन ज्यादा एफिशिएंट हो गया। लेकिन ग्लूकोस का दिन पूरी बॉडी में काम थोड़ा गड़बड़ होने लग जाता है ना। बॉडी बेकार होने लग जाती है इन ऑर्डर टू जस्ट कट डाउन एंड किल। यार आप आज से यू गो बैक टू हंटर गैदर टाइम फ्रेम। हम्। आप अगर उस टाइम फ्रेम में जाओगे, हम वहां पे वी वर
(56:02) इन अ कॉन्स्टेंट स्टेट ऑफ़ न्यूट्रिशनल कीटोसिस वहां पे। और एंड वी वर इन द स्टेट वी वर स्विचिंग बिटवीन कीटोस एंड ग्लूकोस। अगर आप हंटर गैदर्स पे जाओगे एंड ह्यूमन एवोल्यूशन अगर आप देखोगे फॉर 1.8 मिलियन इयर्स वी हैव बीन अ हंटर गैदर्स। हम्म। ठीक है? जब आप हंटर गैदर हो तो सबसे पहले क्या होगा कि फ़ूड आपको हर समय अवेलेबल नहीं होगा। ट्रू। ठीक है? आपको फूड हंट करना है। ओके? सो यू आर ऑलवेज इन बिटवीन फीस्टिंग एंड फेमिन। नेचुरल स्टेट थी वो हमारी। हम वी वर बिल्ट फॉर दैट बाय द वे। हां। 1.
(56:41) 8 मिलियन इयर्स एग्रीकल्चर सिर्फ 10,000 साल पहले आया है। एंड आई थिंक इंडस्ट्रियलाइजेशन तो और भी रीसेंट है। सो फॉर 1.8 मिलियन इयर्स वी वर हंटर गैदर्स। वी वर सपोज्ड टू बी इन फास्टेड एंड फेड स्टेट। खाना जब मिलेगा तब आप आपका ग्लूकोस बॉडी में बढ़ेगा। राइट? एंड इंसुलिन बढ़ेगा। आप फैट स्टोर में जाओगे। क्योंकि आपको नहीं पता कि अगला खाना कब आपको मिलने वाला है। तो आपकी बॉडी इज स्टोरिंग फैट फॉर यू टू गेट बाय नेक्स्ट एकद दिन जब तक आप अगला जानवर किल नहीं करोगे या जब तक आप अगला प्लांट नहीं ढूंढोगे। सो वी वर डिजाइंड टू बी फीस्टिंग। एंड फैबिन। सो इट इज नॉट ब्या। दिस इज योर एवोल्यूशन। बट नाउ योर बॉडी इज
(57:23) यूज्ड टू परमानेंट ईटिंग। राइट? तो फेमाइन वाली चीज़ आपकी खत्म हो गई है। आपकी तो अगर आप वापस बॉडी को ट्रेन करने की कोशिश करते हो कि आप एक परमानेंट नो कार्ब्स ज़ोन में रहो। वेयर यू आर नॉट ईटिंग इनफ कार्ब्स। एंड देन इमीडिएटली व्हेन यू स्टार्ट कार्ब्स अगेन। बॉडी पे जो अगर पहले कार्ब का इंपैक्ट मेरी बॉडी पे रहा होगा। उससे ज्यादा स्पाइक्स अब आने लग जाएगा क्योंकि अब मेरी बॉडी इज़ नॉट वेरी यूज्ड टू एक्चुअली। बट हु इज़ सेइंग कि आपको आपको परमानेंटली उस स्टेट में रहना है। देखो कीटोजेनिक डाइट जो है कीटोजेनिक डाइट क्या होती है? पहले मैं ये
(57:57) बताता हूं। सो कीटोजेनिक डाइट इज़ कि जहां पे आप एक्सट्रीमली लो कार्बोहाइड्रेट लेते हो। ओके? कार्बोहाइड्रेट इज़ टिपिकली दिन में 50 ग्राम से कम। 50 ग्राम्स और लेस कार्बोहाइड्रेट्स कीटोजेनिक डाइट में कीटो में जाने के लिए। व्हिच इज़ लाइक वेरी मिनिमल। आप शायद एक एप्पल खाओगे तो यू विल बी डन वेदर योर 50 ग्राम्स ऑफ़ कार्ब्स। और रफ्ली राइट? कार्ब्स कम। इट इज हाई ऑन फैट हम। सो फैट इज रफ्ली अराउंड यू नो 70% और सो एंड देन रफ्ली 20 25% प्रोटीन। दैट्स दैट्स कीटोजेनिक डाइट। इसका कीटोजेनिक डाइट का इन्वेंशन कैसे हुआ था? ये अर्ली 1900 में
(58:32) हुआ था। हम आपको मालूम है ये ये इसका इन्वेंशन जो था दैट वाज़ बाय एक्सीडेंट बिकॉज़ उस समय एपिलेप्सी का कोई ट्रीटमेंट नहीं था। हम ओके? एपिलेप्सी का। कीटोजेनिक डाइट वाज़ एक्चुअली इन्वेंटेड एज अ ट्रीटमेंट फॉर एपिलेप्सी। व्हाई? बिकॉज़ अर्ली 1900 में रिसर्चरर्स एंड साइंटिस्ट फिगर आउट कि आपकी ब्रेन जब कीटोनस को यूज़ करता है तो उससे आपकी एपिलेप्सी पे रिमारकेबल इंप्रूवमेंट आती है। एंड दैट इज़ व्हेन कीटोजेनिक डाइट वाज़ ऑफिशियली यूज्ड मेडिकलली टू ट्रीट एपिलेप्सी। दैट इज़ द स्टार्टिंग ऑफ़ कीटोजेनिक डाइट। इट इज़ सो पावरफुल। उसके बाद से कीटोजेनिक डाइट
(59:12) इज़ यूज्ड एज अ ट्रीटमेंट थेरेपी फॉर डायबिटीज़। डायबिटीज का मैंने आपको स्टार्टिंग में समझाया था। इशू क्या है? इंसुलिन आपका कास्टेंटली हाई है, क्रॉनिकली हाई है। बट ब्लड शुगर भी अब हाई हो चुका है। बिकॉज़ आपके बेटा सेल्स जो है दे आर नॉट फंक्शनिंग प्रोपर्ली एनी मोर। तो अब इसको आपको अगर रॉल्व करना है एंड परमानेंटली रिवर्स करना है तो आपको जो चीज ग्लूकोस को ट्रिगर कर रही है, आप उसको कम करोगे, तो धीरे-धीरे आपका इंसुलिन भी कम होना चालू होएगा। एंड होपफुली यू कैन गो टुवर्ड्स द पाथ ऑफ़ रिकवरी। सो वी आर टॉकिंग अबाउट शुगर एंड वी जस्ट
(59:44) शिफ्टेड टू थिंग्स राइट सिंपल वर्ड्स में कि शुगर शुगर इज़ पोइजनस अब शुगर बॉडी में जाती है तो क्या-क्या होता है? तो व्हाट व्हाट हैपेंस? लाइक द मोमेंट इफ आई ईट शुगर देन व्हाट? व्हेन यू व्हेन आपकी बॉडी में जब जैसे ही शुगर डाइजेस्ट होनी स्टार्ट होगी, इट विल कन्वर्ट इंटू ग्लूकोस। डिपेंडिंग ऑन आप किस टाइप से शुगर ले रहे हो। यू नो सर्टन शुगर विल बी कॉम्बिनेशन ऑफ ग्लूकोस एंड एंड फ्रुक्टोज़ और व्हाटएवर इट कन्वर्ट्स इनू इट कन्वर्ट्स इनू ग्लूकोस। बट यू सेड कि बॉडी को शुगर बॉडी को सर्वाइव करने के लिए कितनी शुगर चाहिए? जीरो।
(1:00:17) एक्सटर्नली जीरो। एक्सटर्नल लाइक एक्सटर्नल शुगर चाहिए? जीरो। राइट? तो मोमेंट मैं शुगर खाता हूं या कार्ब्स खाता हूं। जो आपने बोला व्हिच इज अ ग्रेट एक्सप्लेनेशन। इनविज़िबल शुगर। इनविज़िबल शुगर, राइट? क्या-क्या खा रहे हैं इंडियंस एक दिन में? व्हिच इज़ स्टेबल फ़ूड इज़ इज़ शुगर। प्रीडमिनेंटली कार्बोहाइड्रेट्स ही है। आप देखो यह तो रिसर्च आईसीएमआर की बता रही है कि 70% हमारी कैलोरी पोहा बेकार है, डोसा बेकार है, पराठे बेकार है, रोटी बेकार है, चावल बेकार है। सब बेकार ही है। नहीं मैं ये नहीं बोल रहा हूं। देन एक मैो न्यूट्रिएंट है जो नॉन एसेंशियल है
(1:00:48) वो कार्बोहाइड्रेट्स हैं। एक मैोनट्रिएंट है जो सबसे ज्यादा इंसुलिन जेनिक है वो कार्बोहाइड्रेट्स हैं। मैं सिर्फ मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये सब बेकार है। आप खुद सोचो अगर अगर ये नॉन एसेंशियल है तो आपकी डाइट का कितना परसेंटेज होना चाहिए? आइडली स्पीकिंग, साइंटिफिकली स्पीकिंग। तो क्यों ऐसी डाइट हमारी? लाइक देयर हैज़ बी देयर हैज़ टू बी सम रीज़न जिसकी वजह से एवोल्यूशनरीली हमारे लिए डाइट बनी। जस्ट टू रैप अप एक्चुअली। बिकॉज़ आई वांट टू गेट दिस राइट। मैं कार्बोहाइड्रेट्स के अगेंस्ट नहीं हूं। मैं अब्सोलुटली ये नहीं कह रहा हूं कि एवरीवन शुड डू लो
(1:01:20) कार्बोहाइड्रेट। ऑल आई एम सेइंग इज कि यार अपनी प्लेट में 70% उसको मत भरो जो नॉन एसेंशियल है और जो सबसे ज्यादा इंसुलजेनिक है। गॉट इट। मैं सिर्फ ये बोल रहा हूं। बट ये हाउ डिड दिस बिकम अ ट्रेंड इज व्हाट आई एम ट्राइंग टू अंडरस्टैंड? क्योंकि अगर बॉडी को ये जरूरत नहीं है। ये ट्रेंड कब बना? हां। ये कब बना और क्यों बना कि अगर जरूरत नहीं है तो 70% हमारी थाली का पार्ट बना ही कैसे? ये वी विल गो बैक टू द कन्वर्सेशन एवोल्यूशन की हम बात कर रहे थे। 1.
(1:01:43) 8 मिलियन इयर्स हम हंटर गैदर रहे हैं। उस पॉइंट ऑफ़ टाइम पे हम सिर्फ तीन चीजें खाते थे। मीट, फ्रूट्स अगर मिल जाए पेड़ पे यू नो समटाइम्स और उस समय वेजिटेबल एग्रीकल्चर नहीं था तो ग्रेंस तो थे ही नहीं। रूट वेजिटेबल्स थी। रूट वेजिटेबल्स। ओके? सो रूट वेजिटेबल्स फ्रूट्स एंड मीट। दिस वाज़ द राइट दैट वी हैड फॉर 1.8 मिलियन इयर्स। हम ओके? 10,000 साल पहले एग्रीकल्चर हुआ। एग्रीकल्चर स्टार्ट हुआ। दैट इज व्हेन वी स्टार्टेड ग्रोइंग ग्रेंस राइट और वेजिटेबल्स या एंड यू नो लॉट ऑफ़ फ्रूट्स एंड एक्चुअली फ्रूट्स के ऊपर वी कैन स्पीक एट लेंथ बट दैट इज़ व्हेन बेसिकली ग्रेंस और
(1:02:24) कार्बोहाइड्रेट एसेंशियली केम इंटू आवर लाइफ हम एंड अ एंड दे हैव सिंस देन बिकम अ बिगर पार्ट ऑफ़ आवर लाइफ अ इंडिया में आई डोंट नो इफ यू नो दिस 1970 के आसपास ग्रीन रेवोल्यूशन आया था ग्रीन ग्रीन रेवोल्यूशन क्यों आया था? बिकॉज़ आफ्टर इंडिपेंडेंस इंडिया के पास इनफ फूड रिजर्व्स नहीं थे टू रिपीट द ग्रोइंग पापुलेशन। हमारी पापुलेशन बहुत तेजी से बढ़ रही थी। हमारे पास हमारे पास इतने फूड रिजर्व्स नहीं थे। हम एक्चुअली ग्रेंस को उस पॉइंट पे इंपोर्ट किया करते थे टू फीड आवर पापुलेशन। तो हमें सीवियर डेफिशिएंसी थी उस समय ग्रेंस की। हमारे पास इनफ खाना
(1:03:04) नहीं था लोगों को फीड करने के लिए। हम्। सो अह ग्रीन रेवोल्यूशन 1960 70 में स्टार्ट हुआ था टू इंक्रीस आवर एग्रीकल्चर प्रोडक्शन। वो कैसे हुआ? बेसिकली जो हमारे ग्रेंस हैं उनकी यील्ड को इंक्रीस किया गया। हाउ डज़ दैट हैपन थ्रू द हाइब्रिडाइजेशन ऑफ द ऑफ़ आवर ग्रेंस? ग्रीन रेवोल्यूशन से पहले अगर आप वीट का पौधा देखोगे, इट यूज़्ड टू बी रियली टॉल। वो टॉल था। विंड प्रोन है, टूटेगा जल्दी। यू नो जो प्रोडक्शन जो यील्ड थी वो बहुत कम थी। एक जेंटलमैन थे नॉर्मन बोरलॉक। उन्होंने एक कुछ 70ज के आसपास अ एक ऐसा वीट हाइब्रिडाइज किया जिसको डोफ वीट बोला
(1:03:48) जाता है जो आज भी चलता है। डॉफ वीफ वीट मतलब कि वो इतना ही रहता है। उसकी हाइट इससे ऊपर नहीं जाती। वो हाइट ऊपर नहीं जाती तो वो मरता भी कम है और उसकी प्रोडक्शन भी ज्यादा हो ज्यादा होती है। सो वी वेंट थ्रू एंड सेम चीज़ बाय द वे राइस के साथ भी हुई। ओके। राइस की उसी दौरान एक वैरायटी आई थी आईआर8 जो आज की डेट में प्रीडमिनेंटली राइस राइस का जो यू नो दैट्स द ओरिजिन जो हम आज की डेट में जो राइस खा रहे हैं इट्स ऑफ शशूट ऑफ़ दैट बेसिकली आईआर8 ये भी ग्रीन रिवोल्यूशन के समय आया था। अगेन पर्पस वही था कि राइस की यील्ड हमें इंक्रीस करनी है बिकॉज़ वी हैव टू फीड आवर
(1:04:21) पपुलेशन। दिस वाज़ वै सक्सेसफुल बाय द वे। अ मतलब मल्टीफोल्ड इंक्रीस इन यील्ड ऑफ एंड वी आल्सो मेड दीज़ क्रॉप्स रेजिस्टेंट टू डिजीजेसेस एनिमल्स एंड स्टफ। तो ये हाइब्रिडाइजेशन वर्क रियली वेल। बट वन थिंग दैट दिस दिस हाइब्रिडाइजेशन डिड वाज़ दैट इट चेंज द स्ट्रक्चर ऑफ़ द ग्रेन। अ ग्रेन में टिपिकली दो टाइप के स्टार्चेस होते हैं। एम्लोपेक्टिन और एम एमुलेस। एम्लोपेक्टिन जो है वो प्रॉब्लमैटिक होता है। दैट इज़ प्योर स्टार्च। सो आफ्टर दिस हाइब्रिडाइजेशन हैपेंड जो हमारे ग्रेंस हैं वीट और राइस दे कंटेन मोर अमाउंट ऑफ एम्ब्रलोपेक्टिन ए व्हिच इज़ बेसिकली अ
(1:05:01) टाइप ऑफ स्टार्च दैट रेडीली कन्वर्ट्स इंटू ग्लूकोस इन योर बॉडी। ओके? सो हमने उस समय अपनी पपुलेशन को खाना देने के लिए वी वेंट थ्रू दिस ग्रीन रेवोल्यूशन एंड इट वाज़ वेरी इफेक्टिव बट वी फंडामेंटली चेंज द ग्रेंस दैट वी आर ईटिंग टुडे। तो जब लोग मुझे Instagram पे ये बोलते हैं ना कि हमारे परदादा खा रहे थे इसको तो आज कैसे ये खराब हो सकता है? उसका आंसर ये है कि आपके जो एनसेेस्टर्स खा रहे थे वो सेम ग्रेन नहीं खा रहे थे जो आप खा रहे हो। यू हैव टू फर्स्ट ऑफ़ ऑल अंडरस्टैंड दैट। सो दैट इज हाउ वी वर लेड हियर। द ग्रेंस दैट वी आर ईटिंग टुडे आर नॉट द
(1:05:34) सेम। अब हम मैं फ्रूट्स की बात करूं। जो फ्रूट्स हम आज खा रहे हैं आप इन फ्रूट्स की आप आर्कियोलॉजिकल पिक्चर्स हैं। हिस्टोरिकल पिक्चर्स हैं, आर्कलॉजिकल सर्वेज़ हैं। और काफी फ्रूट्स ये जो हम आज खा रहे हैं इनके वाइल्ड फॉर्म्स भी आज की डेट में एक्सिस्ट करते हैं। आप इंटरनेट पे जाओ रिसर्च करो। सेम फ्रूट बनाना, वाटरमेलन, एप्पल 200 साल पहले का। आपको आर्कलॉजिकल रेफरेंस मिल जाएगा। यू विल नॉट बी एबल टू रेग्नाइज दिस फ्रूट दैट यू आर ईटिंग टुडे। जो हम आज खाना खा रहे हैं, जो फ्रूट खा रहे हैं हम आज, वो दो चीजों के लिए इंजीनियर किया गया है।
(1:06:08) एक यील्ड बढ़ाने के लिए दोबारा जो पैसे जैसे पहले हमने ग्रेन के साथ किया ज्यादा यील्ड हो। दूसरा अब यील्ड ज्यादा है तो बेचना भी तो है। यू हैव टू मेक इट टेस्ट बेटर। टेस्ट बेटर हमारा सबसे ज्यादा क्या है? स्वीट टूथ। शुगर कंटेंट हैज़ गॉन अप। आप 200 साल पुराना बनाना उठाओगे। उसकी शक्ल इतनी डिफरेंट आपको लगेगी। पहले बनाना यूज़्ड टू हैव हैव सीड्स इन इट। इट हैड लेस शुगर कंटेंट एंड इट वास मच स्मॉलर। आप एप्पल उठाओगे। एप्पल पहले इतने होते थे 200 साल पहले। दे यूज्ड टू बी बिटर वेरी लेस शुगर कंटेंट। आप वॉटरमलन उठाओगे आप वॉटरमलन की आप पिक्चर Google पे सर्च
(1:06:48) करना इज़ली मिल जाएगी। आई हैव सीन इट एक्चुअली। वाटरमेलन दैट वी ईट टुडे आर वो जो उनका रेड पार्ट होता है वो सबसे ज्यादा होता है। राइट? कितने स्वीट होते हैं। या दैट वाज़ नॉट हाउ वॉटरमलन वर सपोज टू बी। वॉटरमेलन जो पहले थे उनका रेड पार्ट कम था। वाइट पार्ट ज्यादा था। दे हैड मोर फाइबर लेस शुगर। यह तो इट इज़ ओवर अ पीरियड ऑफ़ यू नो लास्ट सेंचुरी दैट दे हैव बीन हाइब्रिडाइज्ड टू इंक्रीस द यील्ड एंड सेकंडली टू इंप्रूव द टेस्ट सो दैट हम उसको ज्यादा कंज्यूम करें। सी वीट सेम नहीं है। जैसे हम पहले खाते थे वो आज बेकार है। उसमें फिर ग्लूटेन हमारे लिए
(1:07:28) बेकार है। बहुत बात हो गई। फिर उसके लिए फ्रूट्स पहले जो थे आज वैसे नहीं है। रिसेंटली सिंगापुर बैंड स्पाइसेस ऑफ इंडियन स्पाइसेस इन सिंगापुर बिकॉज़ सिंगापुर ने बोला कि इंडिया इंडिया के जो मसाले हैं उनमें कार्सिनोजेनिक ट्रेट्स हैं कि वो कैंसरस चीजें होती है। तो अब मसालों में भी प्रॉब्लम है। तो कुछ भी तो सही नहीं है ना। आटा सही है ना मसाले सही है ना फ्रूट सही है। तो फिर क्या सही है? ऐसा नहीं है। ऐसे नहीं है। मैंने सीजीएम पे रफली अपने यू नो आई मैंने 10 एक डिफरेंट फ्लावर्स आठ आ अलग-अलग टाइप के टेस्ट करे थे। ओके? अ बिकॉज़ मैं एंड यू नो मेरे जो
(1:08:05) सीज़ सीजन रिजल्ट्स हैं वो आपके सीज़म रिजल्ट से बहुत अलग होंगे। सो दिस इज़ नॉट एन एब्सोल्यूट ट्रुथ फॉर यू। बट डायरेक्शनली सेम होगा। ओके। ओके? डायरेक्शनल इंसाइट्स जो है वो सेम मिलेंगे आपको। मैंने बहुत सारे डिफरेंट-डिफरेंट आर टेस्ट किए थे। बिकॉज़ रोटी तो घर में रोज बनती है यार। मेरे घर में भी मॉम डैड भी रोज खाते हैं। सो व्हाट आई फाउंड इन माय टेस्ट वाज़ दैट देयर वर टू फ्लावर्स और दो आटे ऐसे थे व्हिच परफॉर्मड मच बेटर देन दिस वीट एंड दे वर एंशिएंट ग्रेंस जौ और बाजरा दे गव मी मच लोअर मच जेंटलर ब्लड शुगर स्पाइक एज़ कंपेयर टू वीट।
(1:08:40) मेरा हाइपोथेसिस उसके पीछे ये है कि जौ और बाजरा बहुत कॉमनली यूज़ नहीं होता। इट हैज़ गॉन थ्रू लेस हाइब्रिडाइजेशन एंड उसकी जो प्रोसेसिंग है वो भी कम की जाती है। सो यू गेट इट इन अ बेटर फॉर्म। इट इज़ हैज़ मोर फाइबर कंटेंट इन इट। नेचर में कार्बोहाइड्रेट्स हमेशा फाइबर के साथ आते हैं। तो जब हम हम तो उसको प्रोसेस करके हटा देते हैं। जो आप वीट खाते हैं। हम कौन सा वीट खाना पसंद करते हैं? वो शरबती आटा वाइट। बिल्कुल यू नो जब आपके घर में वो आता है चाहे आप उसको होल वीट बोल लो। इट इज एक्सट्रीमली प्रोसेस्ड। वो बेसिकली आप प्लांट का वो पार्ट खा रहे हो व्हिच इज
(1:09:13) व्हिच हैज़ एक्सट्रीमली हाई अमाउंट ऑफ स्टार्च बिकॉज़ हमने प्रोसेसिंग से तो सब कुछ निकाल आपको याद है 510 साल पहले आई एम श्योर यू विल रिमेंबर दिस और मे बी 20 इयर्स मेरे बचपन में आटा मोटा आटा आता था और पतला आटा आता था हैव यू एवर हर्ड ऑफ़ दैट मे बी यू आर टू यंग फॉर इट बट व्हेन आई वाज़ ग्रोइंग अप जब मैं आई थिंक छोटा था टीनएज में या उससे पहले गेहूं जो था वो मोटा गेहूं आज भी होता होगा हम इतना सुनते नहीं है मोटा गेहूं होता था पतला गेहूं मोटा गेहूं ये होता था कि वो पूरा पूरे जो प्लांट जो उसका जो है वो उसके साथ में जो उसका हस्क
(1:09:44) है वो फाइबर सब पीसा जाता था तो उसको मोटा आटा बोलते थे। अब हम वो खाते ही नहीं है। नो वन हैज़ अ प्रेफरेंस मतलब हमें वो पसंद नहीं आता टेस्ट नहीं अच्छा लगता। हमें अब शरबती आटा चाहिए या हमें यू नो सो ऐसा नहीं है कि कि सब कुछ बेकार है। आपको ये समझना पड़ेगा कि जो हम फूड मेजॉरिटी जो हम खाते हैं वो उसके नेचुरल फॉर्म से बहुत बहुत अलग है। आप राइस का एग्जांपल ले लो। हमें राइस कौन सा खाना है? वो बड़ा वाला बासमती दैट इज दैट इज दी मोस्ट प्रोसेस्ड राइस दैट यू कैन ईट। राइस जो ओरिजिनली आता है वो अपने हस्क में आता है। हस्त तो चलो
(1:10:20) हटाओगे। उसके बाद ब्रांड है। उसमें अंदर एंडोस्पर्म होता है। एंडोस्पर्म इज बेसिकली जो स्टार्च मटेरियल जो हम खाते हैं। जब हम राइस को प्रोसेस करते हैं। जब हम पहले उसका हस् निकालते हैं तो उसके बाद ब्राउन राइस आता है। फिर हम ब्राउन राइस को पॉलिशिंग में लेके जाते हैं। हम उसको एक्सट्रीम उसके बेसिकली सारा फाइबर जो भी उसमें अच्छा फैट था वो हम निकाल के खाली स्टार्ची पार्ट को खा रहे हैं। तो अगर आपको राइस खाना है। ठीक है। जैसे आपने बोला कि सब कुछ सब कुछ बेकार नहीं है। चूज़ द राइट राइस। अवेयरनेस नहीं है लोगों को। आप अगर आपको राइस खाना
(1:10:54) है। वैरायटी मैटर्स लेस। बस बासमती हो या सोना मसूरी हो दैट मैटर्स लेस। व्हाट मैटर्स इज कि राइस की प्रोसेसिंग कैसे हुई है? आप कौन सा आटा खाते हो? कौन सा राइस खाते हो? आटा डू यू फील जो चक्की पे आज भी लोग लेके जाते हैं और वहां पे जो प्रॉपर करवाते हैं दैट इज बेटर आटा देन पैकेज्ड आटा। डिपेंड करता है अगर वो मोटा आटा है अगर वो आप उसको पूरा पीस रहे हैं एंड साथ में उसका अगर फाइबर एंड अगर आप उसको नहीं निकाल रहे हैं तो देन इट इज अ बेटर आटा तो मेरे घर में हम लोग मैंने आपको बताया पहली बात तो मैंने अपने कार्ब्स को कंट्रोल किया है आई
(1:11:26) टू इट ओनली वंस इन अ डे रोटी बनती है तो वी विल हैव जौ या बाजरा रोटी दे एक्चुअली रिमारकेबली डिड बेटर इन माय ब्लड शुगर टेस्ट एज़ कंपेयर टू होल वीट रोटी और इवन फॉर दैट मैटर अमृत या एमर वीट उन सबसे बेटर ये ट्रेडिशनल हमारे बहुत पुराने एंशिएंट ग्रेंस हैं। कम हाइब्रिडाइजेशन हुई है इनकी। कम प्रोसेसिंग होती है। बाय द टाइम दे गेट टू योर प्लेट। सो वो चलता है। राइस में वैरायटी कम मैटर करती है। बासमती हो या फिर सोना मसूरी हो वो कम मैटर करता है। उसकी प्रोसेसिंग कितनी हुई है वो ज्यादा मैटर करता है। तो जब आप राइस लो तो आप राइस वो ढूंढो जो कि अनपॉलिश्ड
(1:12:04) रॉ राइस हो। दैट विल स्टिल हैव सम न्यू दैट विल स्टिल हैव मोर न्यूट्रिएंट्स लाइक फैट्स एंड फाइबर विद इट। इट विल गिव यू मच जेंटल ब्रच शुगर स्पाइक एज़ कंपेयर टू प्रोसेस्ड और यू नो पॉलिश्ड राइस बेसिकली। तो ऐसा नहीं है कि सब कुछ ही खराब है। यू नो फ्रूट्स में भी फ्रूट्स का ही बात कर लेते हैं। आपने फ्रूट्स से पूछा देखो फ्रूट्स को प्रॉब्लम क्या है कि हम लोग फ्रूट को बोल भर-भर के खाते हैं। हम्म। और वो उससे अगर बात नहीं बनती तो हम जूस कर लेते हैं फ्रूट को। तो जो फाइबर उसमें था उसको भी निकाल के आपने जब उसको जूस कर लिया तो आप तो बेसिकली प्योर शुगर पी रहे
(1:12:42) हो। आप चाहे कोकोला ही पी लो। तो जो लोग जूस को हेल्दी समझ रहे हैं एक्चुअली आप पी के अपने ब्लड शुगर पे टेस्ट करके देखिए। योर ब्लड शुगर विल स्पाइक थ्रू द रूफ आफ्टर कंज्यूमिंग। सो अगर आपको फ्रूट खाना है तो प्लीज उसको मील मत समझो। उसको डेजर्ट समझो। ठीक है? आप उसको एक तो पहली बात एम्प्टी वेट एम्प्टी स्टमक में मत खाओ। हैव इट आफ्टर योर मील। क्योंकि तब आपने ऑलरेडी होपफुली मील अच्छी खाई है तो उसमें कुछ प्रोटीन फैट्स वगैरह है। उसके ऊपर से आप उसके बाद आप फ्रूट खाओ। कम क्वांटिटी में खाओ। उसको एज अ डेजर्ट समझ के खाओ। उसको
(1:13:13) उसको मेल मेन मील समझ के बोल भर के मत खाओ। एंड उसको प्लीज जूस तो मत करो। हम एंड अगर आपको उसमें भी ऑप्टिमाइज करना है तो देयर आर सर्टेन फ्रूट्स जिनमें शुगर कंटेंट कम रहता है। ये होते हैं नॉन ट्रॉपिकल फ्रूट्स। ट्रॉपिकल फ्रूट्स जो ट्रॉपिकल एरिया में होते हैं यहां पे मैंगो मैंगो हो गया। यू नो ऑल ऑफ़ दीज़ फ्रूट्स फॉर एग्जांपल जो ट्रॉपिकल एरिया में पैदा होते हैं। बिकॉज़ ये इतने इस क्लाइमेट में पैदा होते हैं तो ये राइप भी ज्यादा होते हैं। एंड जैसे-जैसे फ्रूट राइप होगा उसका शुगर कंटेंट बढ़ता रहेगा। सो दी फ्रूट्स बनाना व्हाटएवर यू इनका
(1:13:44) इनका शुगर कंटेंट जो है यूजली हाई होता है। अगर आप नॉन ट्रॉपिकल जो थोड़े ठंडे एरिया में फ्रूट्स होते हैं आप उनको देखोगे उनमें शुगर कंटेंट कम होगा जिसमें बेसिकली आपकी बेरीज जो बेरीज की फैमिली है सारी फॉर एग्जांपल वो नॉन ट्रॉपिकल फ्रूट बोली जाती है। आप वो खाओगे तो आपका ऐसा नहीं कि उसमें भी शुगर थोड़ी बहुत तो होती है बट मच लेस देन दी ट्रॉपिकल फ्रूट्स। तो आप थोड़ा फूड सिलेक्शन पे ध्यान दे दो। आप क्वांटिटी पे ध्यान दे दो। उसको एज अ मील बोल भर के मत खाओ। उसको एज अ डेजर्ट समझ के खाओ। बिकॉज़ इट इज अ डेजर्ट। एंड एम्प्टी स्टमक मत खाओ। और प्लीज भगवान
(1:14:19) के लिए उसको जूस मत करो। लेट्स लेट्स टॉक अबाउट अगर ये शुगर खा भी रहे हैं लोग और एक्सेस शुगर हो रही है। यू जस्ट सेड एक्सेस शुगर इन ब्लड इज़ डायबिटीज। राइट? इवेंचुअली। इवेंचुअली, एक्सेस शुगर इन ब्रेन इज़ लीड्स टू टाइप थ्री डायबिटीज़। व्हाट डीड यू से दैट? अह सो न्यूरो डिजनरेटिव डिजीज जो है दे हैव अ वेरी क्लोज लिंक हम विथ मेटाबॉलिक डिसऑर्डर। दे आर एक्चुअली पार्ट ऑफ़ द मेटाबॉलिक जो क्लस्टर जो मैंने आपको बताया था। दे आर पार्ट ऑफ़ दैट दिस डिजीज। टाइप थ्री डायबिटीज। इसको आज की डेट में साइंटिस्ट टाइप थ्री डायबिटीज बोलते हैं। एक्सप्लेन करो लोगों टाइप थ्री डायबिटीज
(1:15:04) क्या बोलते हैं? टाइप चीज को डायबिटीज तो सिर्फ एक नाम दिया गया है न्यूरो डीजेनेटिव डिजीज को डिेंशिया अलजाइमर वगैरह को क्या होता है इसमें डिश इट्स बेसिकली आप यू आर फॉरगेटफुल यूजुअली ओल्ड एज में यू विल फाइंड पीपल आर बेसिकली बिकमिंग मोर फॉरगेटफुल राइट एंड ब्रेन फंक्शनंस पे कॉम्प्रोमाइज ज्यादा है। ये यूजुअली ओल्ड एज में ज्यादा दिखता है। जैसे ये मैंने आपको बताया हमारी इंडियन पपुलेशन50 तक 20% 60 से ऊपर लोग होंगे। एंड अगर हमने जो आज हम डायबिटीज क्राइसिस देख रहे हैं। हम 2050 में डिमेंशिया क्राइसिस देख रहे होंगे। सिंपल रीज़न बीइंग बिकॉज़ इंसुलिन
(1:15:43) रेजिस्टेंस हैज़ अ डायरेक्ट इंपैक्ट ऑन योर ब्रेन हेल्थ। इसके भी वेरियस मैकेनिज्म्स हैं। जैसे मैंने आपको हार्ट के बताए थे। देयर आर वेरियस मैकेनिज्म्स फॉर दिस एस वेल। फर्स्ट ऑफ ऑल आपकी ब्रेन में पहले बिलीफ ये हुआ था होता था कि अगर आपको अल्जाइमर है वो एक एमोलाइट करके एक प्रोटीन होता है वो आपकी ब्रेन में ज्यादा पाया जाता है वो वो वो कॉज करता है। एक्चुअली इंसुलिन जो है वो उसको प्रोटीन वेस्ट बोला जाता है। इंसुलिन हैज़ अ वेरीेंट रोल इन क्लियरिंग दैट फ्रॉम योर ब्रेन। सो इफ योर ब्रेन इज़ रेजिस्टेंट ऑफ़ इंसुलिन देन दैट एबिलिटी गोज़ डाउन।
(1:16:15) मैंने आपको बताया था इंसुलिन प्लेस अ वेरीेंट रोल इन मेमोरी फॉर्मेशन एंड लर्निंग। मेमोरी फॉर्म अगर आपका अगर आपके इंसुलिन रिसेप्टर्स जो ब्रेन में कॉम्प्रोमाइज्ड इंसुलिन रेजिस्टेंस है तो आपकी मेमोरी फॉर्मेशन व्हिच इज द हॉलमार्क ऑफ डिमेंशिया एंड एलर्निंग एबिलिटी इज़ डीपली इंपैक्टेड। तीसरा मैकेनिज्म ये है कि अगर आप कीटोजेनिक स्टेट में नहीं हो तो आपका ब्रेन ग्लूकोस पे हाइली डिपेंडेंट है। राइट? उसको ग्लूकोस चाहिए टू टू लूज़ द नॉर्मल फंक्शन। नाउ योर इंसुलिन रेजिस्टेंट। सो योर योर योर योर ग्लूकोस सप्लाई और एनर्जी सप्लाई टू ब्रेन इज
(1:16:50) कॉम्प्रोमाइज्ड व्हिच मेक्स योर ब्रेन लेस सफिशिएंट। तो देयर इज़ अ वेरी अनडिलायबल रिलेशनशिप बिटवीन इंसुलिन रेजिस्टेंस एंड अ न्यूरोडिनरेटिव डिजीज टू एन एक्सटेंट। देयर इज़ अ रिसर्च दैट वाज़ एंड आई हैव साइटेड दैट रिसर्च इन माय बुक। जिसमें जिन लोगों को डिमेंशिया था उनके ब्रेन को बाद में एनालाइज किया गया था। एंड दे फाउंड कि उन लोगों के ब्रेन में इंसुलिन रिसेप्टर्स जो थे दे वर डिफेक्टिव व्हिच इज़ व्हिच इज़ बेसिकली इंसुलिन रेजिस्टेंस। सो साइंस इज़ नाउ कम टू अ कंक्लूजन दैट न्यूरोडीजनरेटिव डिजीजसेस आर दैट्स व्हाई दे आर कॉल्ड टाइप थ्री। दे आर बीइंग कॉल्ड
(1:17:32) टाइप थ्री डायबिटीज़ नाउ। हमने टाइप थ्री की बात करी। हमने टाइप फोर की बात नहीं करी अभी तक। टाइप फोर भी है। मतलब अभी मैं इसमें कि भाई इंसुलिन रेजिस्टेंस और शुगर ज्यादा होने से मेरी बॉडी में पहले तो डायबिटीज होती थी। फिर स्किन के ऊपर आया कि ज्यादा शुगर होने से स्किन में तुम्हें रिंकल्स ज्यादा हो जाएंगे। फिर उसके बाद फैटी लिवर आया कि ज्यादा शुगर अगर लिवर में है तो फैटी लिवर हो जाएगा। देन ज्यादा शुगर होने से मेमोरी लॉस होने लग जाएगा। डिमेंशिया होने लग जाएगा। अल्जाइमर्स हो जाएगा। लोग हिलने डुलने लग जाते हैं। ब्रेन कोऑर्डिनेटिव एबिलिटीज कम होती है।
(1:18:04) ये सब इनफ नहीं था। राजा इसका टाइटल है वन डिस्फंक्शन मल्टीपल डिजीज। बिकॉज़ इसकी जो ब्रांचेस हैं मैंने आपको पहले बताया इंसुलिन खाली आपकी बॉडी में ब्लड शुगर नहीं कंट्रोल करता। इंसुलिन हर एक सेल पे उसका इंपैक्ट है। आपका हर एक सेल एनर्जी कैसे प्रोसेस करेगा वो इंसुलिन डिसाइड करेगा। आपकी ब्रेन में मेमोरी फॉर्मेशन इंसुलिन डिसाइड करेगा। आपका लिवर फैट कैसे प्रोसेस कर रहा है वो इंसुलिन डिसाइड करेगा। आपके सेक्स हार्मोन्स बैलेंस में रहेंगे नहीं रहेंगे वो इंसुलिन डिसाइड करेगा। इट हैज़ वो ब्रांचेस होती है ना इट हैज़ ब्रांचेस। दैट इज व्हाई इट इज़ कॉल्ड अ
(1:18:38) अ क्लस्टर ऑफ़ प्रॉब्लम्स। मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन इज़ अ क्लस्टर ऑफ़ प्रॉब्लम्स। इट इज़ नॉट वन डिजीज। इट इज़ अ क्लस्टर ऑफ़ डिजीजसेस। टाइप फोर इट्स अ टाइप फोर डायबिटीज़ इज़ अ रिलेटिवली न्यू साइंटिफिक टर्म। यह आप ये टिपिकली आपके फर्टिलिटी इशूज़ को लेके बोला जाता है। ओके? फर्टिलिटी इश्यूज वुमेन के अंदर द मोस्ट कॉमन इज पीसीओएस। ठीक है? पीसीओएस जैसे मैंने पहले बोला था कुछ साल पहले पहले तक पीसीओएस वुमेन में आई थिंक 30ज एंड 40ज में हुआ करता था कॉम्ली। आज की डेट में टीनएजर्स में हो रहा है। एक स्टडी है जो मैंने बुक में डिसाइड करी है। जिसने फ़ाइंड दे फाउंड दैट
(1:19:18) अह इंडिया में वन इन फाइव वुमेन हु इज़ इन रिप्रोडक्टिव एज हैज़ पीसीओएस। दैट मींस 20% ऑफ वुमेन पापुलेशन दैट इज इन रिप्रोडक्टिव एज हैस पीसीओएस। सो इट इट इज़ वेरी वाइड स्प्रेड। इट इज़ गेटिंग यंगर। और एक और रिसर्च है अ व्हिच सेज़ दैट 70% ऑफ़ पीसीओएस केसेस आर ड्रिवन बाय इंसुलिन रेजिस्टेंस। इसका मैकेनिज्म बहुत सिंपल है। मैं आपको बता देता हूं। अगेन तीनचार मैकेनिज्म्स हैं। बेसिकली जब आपका इंसुलिन एक वूमेन की बॉडी में हाई होता है, व्हाट इट डज़ इज़ इट एक्चुअली प्रमोट्स द ग्रोथ ऑफ़ एंड्रोजन। एंड्रोजन जो है वो इट इज़ सिमिलर टू जो मेल हार्मोन
(1:20:03) होता है टेस्टोस्टरॉन उसके सिमिलर है। सो वुमेन विद पीसीओएस विल हैव हाई लेवल ऑफ़ एंड्रोजन टेस्ट व्हिच मींस टेस्टोस्टरॉन इन देयर बॉडी एंड लो लेवल्स ऑफ़ एस्ट्रोजन। दैट इज़ दी ऑपोजिट ऑफ़ व्हाट दे वांट फॉर अ गुड ओवुलेशन। याह। ओके। सो दैट इज अ डायरेक्ट मैकेनिज्म जो इंसुलिन रेजिस्टेंस इंपैक्ट करता है। बट नॉर्मली ये प्रॉब्लम होती नहीं है क्योंकि आपका जो आपका जो लिवर है वो एक एंजाइम बनाता है सेक्स बाइंडिंग हार्मोन कोबुलिन एस एच बी जी। ओके? ये हार्मोन क्या करता है? ये बना इसी के लिए फॉल बैक मैकेनिज्म है कि यार एक हार्मोन बढ़ रहा है। तो ये एंजाइम उस
(1:20:41) हार्मोन के साथ बाइंड करेगा और उसको इनक्टिव फॉर्म में ले आएगा। ये हमारा डिफेंस मैकेनिज्म बॉडी में बन रखा है। तो बेसिकली इस वूमेन जो जिसको पीसीओएस है उसकी बॉडी इन नॉर्मल केस ये एसएच बीजी एंजाइम बनाएगी जो कि टेस्टोस्टरॉन के साथ बाइंड करेगी और उस टेस्टोस्टरॉन को इनक्टिव कर देगी। बट अनफॉर्चूनेटली इंसुलिन रेजिस्टेंट वुमेन में ये एंजाइम की प्रोडक्शन इज़ हैंपर्ड। सो नाउ दे हैव नॉट ओनली हाई टेस्टोस्टरोन दे हैव हाई फ्री टेस्टोस्टरॉन व्हिच डीपली इंपैक्ट्स देयर ओवुलेशन हेल्थ। सेकंड एक्चुअली दिस फॉर सेकंड थर्ड मैकेनिज्म अ फॉर अ वूमेन टू हैव ओवुलेशन
(1:21:23) एक आपने सुना होगा लूटनाइजिंग हार्मोन एंड एसएच का बैलेंस एक रेश्यो हार्मोन्स का मेंटेन होना चाहिए। तो इंसुलिन क्या करता है? वो लटिनाइजिंग हार्मोन की प्रोडक्शन को बढ़ा देता है एंड एफएसएच कम रहता है तो तो आपका जो अ जो एलएच एंड एफएफएफएच की रेशो है वो बिगड़ जाती है इन इन वुमेन में जिनको पीसीएस होता है हम दैट फर्दर प्रमोट्स अ प्रोडक्शन ऑफ़ एंट्रोजन तो प्रॉब्लम व्स होती है। ठीक है? एंड देन लास्ट मैकेनिज्म क्या है इंसुलिन का? मैंने आपको आई थिंक अभी तीसरी बता रहा हूं कि इंसुलिन इज़ अ ग्रोथ हार्मोन। या एनाबॉलिक जो ओवरीज में फॉलिकल
(1:21:58) मैच्योर होते हैं उसके लिए उनको इंसुलिन लगता है। तभी वह मैच्योर हो पाते हैं। अब आप इंसुलिन रेजिस्टेंट हो तो वो फॉलिकल्स मैच्योर नहीं हो पाते। दैट इज द पॉलीसिस्टिक पार्ट ऑफ पीसीओएस। दीज़ फोर डिफरेंट मैकेनिज्म्स टुगेदर ऑफ इंसुलिन इंसुलिन रेजिस्टेंस कॉज पीसीओएस। एंड इट डज़ एंडर। ये विशियस साइकिल है। जब आपकी बॉडी में इंसुलिन हाई होगी। टेस्टोस्टरॉन हाई होंगे। यह एसएचबी जी लो होगा दैट विल प्रमोट फैट गेन इन वुमेन एंड मोस्टली अराउंड विसरल एरिया। तभी पीसीओएस जिन वुमेन को होता है दे स्ट्रगल विद देयर वेट। ये विशियस साइकिल है। अब आप विसरल
(1:22:36) एरिया में जो फैट स्टोर करते हो दैट इज़ एन इनफ्लेम्ड इनफ्लेममेटरी फैट व्हिच मेक्स इंसुलिन रेजिस्टेंस वर्स। तो इट्स अ विशियस साइकिल। आई हैव वर्ड अबाउट मेन। सो एक्सेसिव शुगर एंड इंसुलिन रेजिस्टेंस इन ओवरीज़ कॉजेस पीसीओएस। इंसुलिन रेजिस्टेंस कॉज पीसीओएस। एक्सेसिव शुगर कॉजेस इंसुलिन रेजिस्टेंस इफ यू इफ यू हैव इट फॉर अ लॉन्ग पीरियड। लॉन्ग पीरियड ऑफ़ टाइम इफ डाइट इज़ एंटायरली प्रमोटिंग। एक्सेसिव शुगर कॉजेस इंसुलिन रेजिस्टेंस एंड इंसुलिन रेजिस्टेंस कॉजेस इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इन मेन। एंड पीसीओएस इन वमेन। इरेक्टाइल डिफंक्शन समझ ले कैसे होता है।
(1:23:14) तो मैंने आपको शायद पहले बताया था 27.5 मिलियन कपल्स हैं इंडिया में जो फर्टिलिटी इशू से स्ट्रगल कर रहे हैं। हम रिसर्च कहती है कि उसमें से 40% केसेस मेन इनफर्टिलिटी की वजह से हैं। नंबर वन कॉज ऑफ इनफर्टिलिटी इन मैन इज़ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। हम पहले इरेक्टाइल डिस्फंक्शन वाज़ ओल्ड मैन प्रॉब्लम 40 50ज में आता था। आज की डेट में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इज़ एक्सट्रीमली कॉमन अमंग मैन हु वर हु वर इन देयर 30ज। ठीक है? एंड एक रिसर्च है जो कहती है कि 10 में से एक मेन को इराटाइल डिफंक्शन है। सो इट्स अ इट्स इट्स अ बिग प्रॉब्लम इट्स
(1:23:54) अ बिग प्रॉब्लम बॉस। नाउ इंसुलिन रेजिस्टेंस यहां पे भी की रोल प्ले करता है अनफॉर्चूनेटली। और यहां पे ये उल्टा काम करता है जो वो जो वुमेन में करता है। यहां पे इंसुलिन रेजिस्टेंस क्या करता है? वो एरामेटेज एक्टिविटी को प्रमोट करता है। एरामेटेज का काम क्या होता है? वो टेस्टोस्टरोन को एस्ट्रोजन में कन्वर्ट करते हैं। इंसुलिन डायरेक्टली एरामिटेज़ एक्टिविटी को प्रमोट करता है मेन की बॉडी में व्हिच कन्वर्ट्स देयर टेस्टोस्टरॉन इनू एस्ट्रोजन। सो मेन हु हैव रेक्टाइल डिस्फंक्शन विल हैव हाई लेवल्स ऑफ़ एस्ट्रोजन इन देयर बॉडी एंड लो लेवल्स ऑफ़ टी।
(1:24:32) व्हिच इज़ दी एग्जैक्ट ऑोजिट ऑफ़ व्हाट यू वांट फॉर अ गुड इरेक्शन। एक ये मैकेनिज्म है। दूसरा मैकेनिज्म डायरेक्ट इंपैक्ट फॉर अ नॉर्मल इरेक्शन टू हैपन। योर योर ब्लड फ्लो हैस टू रीच द मेल ऑर्गन। सो अपॉन अराउज़ल आपका जो ब्लड फ्लो है दैट हैज़ टू दैट दैट इज व्हाट हेल्प्स यू इन गेटिंग द रिएक्शन। अब ब्लड फ्लो के लिए आपकी ब्लड वेसल्स को डायलेट होना पड़ेगा नाइट्रिक ऑक्साइड से। वो नाइट्रिक ऑक्साइड आपका एंडो एंडोथिलियल सेल बनाता है। इंसुलिन उसको डायरेक्टली अपोज करता है नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने के लिए। तो अब आपकी ब्लड वेसल्स प्रॉपर्ली डाइलेट ही नहीं हो रही।
(1:25:10) तो जो ब्लड फ्लो है वो मेल ऑर्गन तक पहुंच ही नहीं रहा ढंग से। हम्म। तो ऑब्वियसली रिएक्शन अचीव करना मुश्किल होगा। मैंने अपनी किताब में एक फंडामेंटल समझाया है व्हिच आई हैव कॉल्ड बिग रक्स प्रिंसिपल। हम ठीक है? व्हाट इज इट? ये मेरा प्रिंसिपल नहीं है। आई हैव एक्चुअली टेकन एन इंस्पिरेशन। ये एक टाइम मैनेजमेंट टेक्निक है। हम टाइम मैनेजमेंट टेक्निक बिग रॉक प्रिंसिपल की क्या कहती है कि आप इमेजिन करो कि आपके सामने एक ग्लास जार पड़ा हुआ है। हम ठीक है? और आपको उस ग्लास जार और ग्लास जार के साथ आपके पास कुछ बड़े पत्थर पड़े। बिग रक्स
(1:25:45) हम कुछ छोटे पत्थर पड़े हैं पेबल्स और कुछ मिट्टी या सैंड पड़ी है। जो बड़े पत्थर हैं वो आपकी टॉप प्रायोरिटीज रिप्रेजेंट करते हैं। जो सबसेेंट काम है आपके हम जो छोटे पत्थर हैं वो मिसलेनियस लेसेंट टास्क। जो सैंड है वो दो फालतू चीजें हैं। अब आपको इस ग्लास जार को इन तीन चीजों से भरना है। इसको भरने के दो तरीके होते हैं। या तो आप पहले सैंड और छोटे पत्थर डाल दो। जब आप वो डाल दोगे तो आपके पास बड़े पत्थर डालने की जगह उसमें नहीं रह जाएगी। तो आपने अपने फालतू काम तो कर लिए लेकिन जो सबसेेंट था वो नहीं कर पाए आप। दूसरा तरीका ये है कि आप बड़े पत्थरों को
(1:26:22) पहले डाल दो हम और सैंड को उसके पास नेचुरली आसपास सेटल हो जाने दो। तब आपने अपने जो मेन प्रायोरिटीज थी आपने उनको ठीक कर लिया एंड सैंड नेचुरली उसके आसपास सेट हो गई। सो दिस इज़ बिग रक्स प्रिंसिपल। सो आई हैव टेकन इंस्पिरेशन फ्रॉम दिस टाइम मैनेजमेंट टेक्निक एंड आई हैव अप्लाइड दिस टू मेटाबॉलिक हेल्थ। मेटाबॉलिक हेल्थ पे ये 100% अप्लाई होता है। आप मेटाबॉलिक हेल्थ इंप्रूव करने के लिए बहुत चीजें कर सकते हो। आप सप्लीमेंट्स ले सकते हो। आप बायो हैकिंग कर सकते हो। पर बॉस तीन चीजें हैं। अगर आप वो ठीक नहीं लेके आओगे ना नथिंग एल्स मैटर। ठीक है? एंड थ्री बिग रॉक्स ऑफ़
(1:26:56) मेटाबॉलिक हेल्थ आर न्यूट्रिशन। योर एक्टिविटी एंड एक्सरसाइज एंड थर्ड इज़ योर स्ट्रेस एंड स्लीप साइकिल। ये तीनों विल हैव अ डीपली मीनिंगफुल इंपैक्ट ऑन योर इंसुलिन सेंसिटिविटी व्हिच विल हैव वेरी मीनिंगफुल इंपैक्ट ऑन योर मेटाबॉलिक हेल्थ ओवरऑल। ठीक है? मैं यह भी बता देता हूं कि मैंने ये तीन क्यों चूज़ करे? एक तो फ्रीक्वेंसी की वजह से। एवरेज इंसान दिन में तीन से छह बारी खाता है। हाई फ्रीक्वेंसी है। आई थिंक ऑलमोस्ट हर कोई रात को सोता है। हाई फ्रीक्वेंसी है। पर एक्टिविटी तो हम कर ही रहे हैं। अब मेरे जैसा बंदा होगा तो मैं बोलते हुए हाथ
(1:27:28) भी बहुत हिलाता हूं। तो ये भी तो एक्टिविटी है। राइट? सो एक्टिविटी तो पूरा दिन हम करेंगे। तो फ्रीक्वेंसी हाई है। सो एक तो इनकी फ्रीक्वेंसी हाई है। दैट्स वन रीज़न। सेकंड रीज़न इज़ कि इनका डायरेक्ट इंपैक्ट है आपकी इंसुलिन सेंसिटिविटी के ऊपर। डायरेक्ट इंपैक्ट। सो दैट्स व्हाई यह तीन जो है यह मेरे बिग रक्स हैं। मैं ये बिलीव करता हूं द बेस्ट एक्सरसाइज इज द वन दैट यू विल डू कंसिस्टेंटली। हम्म। तो अगर आपको रनिंग अच्छी लगती है, स्विमिंग अच्छी लगती है, कार्डियो अच्छा लगता है, व्हाटएवर, जस्ट डू इट। बिकॉज़ हर एक्सरसाइज का जो इमैक्ट नहीं है
(1:27:58) पॉजिटिव इंपैक्ट नहीं है। राइट? मेटाबॉलिक हेल्थ के ऊपर मैसिव। राइट? बट रिसर्च ये बोलती है कि अगर आपको ऑप्टिमाइज करना है, ऑप्टिमल करना है तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इज द बेस्ट फॉर्म ऑफ एक्टिविटी हम फॉर मेटाबॉलिक हेल्थ। उसके पीछे रीज़न ये है कि अगेन आप जब स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एंड बाय द वे व्हेन आई से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इसका मतलब ये नहीं कि आपको जिम में जाके वेट्स ही उठाने हैं। क्योंकि बड़े लोग कई बार ये नहीं कर पाते। राइट? आप अपना बॉडी वेट से भी कर सकते हो। प्लैंक्स, स्क्वाट्स, पुश अप्स पुल अप्स तो मुश्किल होंगे बट स्टिल राइट? यू नो। सो बॉडी वेट
(1:28:31) से भी आप आप बेसिकली आईडिया ये है कि आपकी जो मसल्स हैं वो वो यूज़ होनी चाहिए। बिकॉज़ जब मसल्स यूज़ होंगी जैसे मैंने बोला एक तो वो ग्लाइकोजन स्टोर डिप्लीट करेंगी तो आपका जो मसल की कैपेसिटी है वो दोबारा रिफिल की कैपेसिटी बढ़ जाएगी। दूसरा आप मसल बढ़ाओगे तो आपका जो ग्लूकोस डिस्पोजल सिंक है वो भी तो बड़ा हो रहा है। हम्म। तो यू विल हैव अ मच बेटर मेटाबॉलिक हेल्थ बिकॉज़ दिस। तो अगर आप अगर आप ऑप्टिमल उसमें जाओगे तो इनकॉर्पोरेटिंग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आइडली फोर टाइम्स अ वीक एंड शॉर्ट सेशंस 40 45 मिनट्स इज़ मोर देन दैट्स द ऑप्टिमल रेंज एंड द थर्ड वर्स यू
(1:29:08) सेड स्लीप एंड स्ट्रेस स्लीप एंड स्ट्रेस वै इंटरेस्टिंग हां एंड बहुत डायरेक्ट इंपैक्ट है इंसुलिन रेजिस्टेंस के ऊपर इसका स्ट्रेस से चालू करते हैं। देखो स्ट्रेस जो है हमारी बॉडी में ना बहुत ही एक सोफेस्टिकेटेड स्ट्रेस रिस्पांस सिस्टम है। यह भी एवोल्यूशन से ही आया है। हम आप अगर आज से आई डोंट नो 1000 साल पहले जाओगे तो उस समय लाइफ बहुत अलग थी। राइट? आप वाइल्ड में हो सोचो एंड आपके सामने शेयर आ गया। राइट? तो अब आप उस समय क्या करोगे? आपकी आपकी बॉडी में एक स्ट्रेस रिस्पांस सिस्टम है जिसको बोलते हैं एचपीए एक्सेस। इसका काम यह है कि ये स्ट्रेसफुल सिचुएशन
(1:29:50) में रिसोर्सेज को मोबिलाइज करता है टू गिव यू इंस्टेंट एनर्जी। हम तो जब आप जब आप स्ट्रेसफुल सिचुएशन में होते हो तो आपका ये एचपीए सिस्टम एक्टिवेट होता है और ये कॉर्टिजोल की प्रोडक्शन करता है। कॉर्टिसोल वन ऑफ़ द स्ट्रेस हार्मोनस। ठीक है? कॉर्टिसोल और देयर आर मोर स्ट्रेस हार्मोनस एपिनेफिन। कई जगह उसको एड्रिनल बोला जाता है। ये ये स्ट्रेस हार्मोनस जो हैं ये क्या करते हैं? ये इमीडिएटली आपकी बॉडी में बिना फूड के अलावा यह न्यू ग्लूकोस प्रोड्यूस करते हैं ताकि आपको एनर्जी मिल सके और आप उस शेयर से बच के भाग पाओ। हम दिस इज़ अ वेरी सोफेस्टिकेटेड
(1:30:26) एववोल्यूशनरी स्ट्रेस रिस्पांस सिस्टम दैट इज बिल्ट इन आवर बॉडी। अब हो क्या रहा है कि आज की डेट में हमारे सामने शेयर तो नहीं आ रहा। बट आज की डेट में हमारे पास कॉन्स्टेंट स्ट्रेस है। क्रॉनिक स्ट्रेस जिसको बोलते हैं। ठीक है? एंड दैट कुड बी फॉर मल्टीपल रीज़ंस। ऑफिस में स्ट्रेस है, घर में स्ट्रेस है, ट्रैफिक बाद में चिकचिक राइट? कल मैं दो घंटे मुंबई के ट्रैफिक में फंस रहा है। मतलब वै स्ट्रेसफुल। सो देन ऑटो दैट मोबाइल फोन भी है, कास्टेंट नोटिफिकेशंस हैं, रील्स हैं, डोपमिन राइट? सो इवन दो वो डायरेक्ट स्ट्रेस कॉज नहीं कर
(1:30:58) रहा बट आपको एक अलर्ट स्टेट में तो रख रहा है ना। तो हम आज की डेट में क्रॉनिक स्ट्रेस में रहते हैं। पहले क्या जब ये पहले क्या होता था कि होपफुली आप शेयर से बच के भाग गए उसके बाद आपके स्ट्रेस लेवल्स नीचे आ गए। आपका कॉर्टिजॉल जो है वो नॉर्मल आ गया। राइट? तो इट वास सपोज्ड टू बी अ अ टेंपरेरी थिंग। बट टुडे हम अपने आप को आज के डेट में फाइंड करते हैं क्रॉनिक स्ट्रेसफुल सिचुएशन में। व्हिच मींस के क्रॉनिकली हमारे कॉर्टिसोल लेवल्स हाई रहते हैं। कॉर्टिसोल हैज़ अ डायरेक्ट इंपैक्ट ऑन योर इंसुलिन सेंसिटिविटी। कैसे? कॉर्टिसोल पहले क्या करता है? मैंने
(1:31:35) आपको बताया वो आपकी आपका ग्लूकोस ब्रेक डाउन करता है। ग्लूकोस आपको एनर्जी प्रोवाइड करता है। इट कॉर्टिजॉल जो है वो डायरेक्टली इंसुलिन का इफेक्ट अपोज करता है। इंसुलिन क्या करना चाहता है? वो ग्लूकोस को नीचे लाना चाहता है। कॉर्टिजॉल क्या करना चाहता है? ऊपर लेके जाना चाहता है। तो कमटिंग फोर्सर्सेस हो गए ना? सो क्रॉनिक एलिवेशन ऑफ कॉर्टिजॉल जो है दैट विल लीड टू इवेंचुअली इंसुलिन रेजिस्टेंस। एक मैकेनिज्म। दूसरा मैकेनिज्म हमारा जो विसरल फैट है जो विसरल एरिया है इट हैज़ मोर अ मोर रिसेप्टर्स फॉर कॉर्टिजॉल। तो जब आप स्ट्रेस आपने सुना होगा स्ट्रेस
(1:32:07) बेली या कुछ करके बोलते हैं ऐसे वो क्यों होती है? दैट्स व्हाई इसलिए होती है। अगर आप अगर आप क्रॉनिक स्ट्रेस में रहते हो तो आप अपनी बेली के अराउंड फैट ज्यादा गेन करते हो। हो बिकॉज़ वहां पे रिसेप्टर्स कोज़ोल के ज्यादा होते हैं। आपको शायद हमारी पहली कन्वर्सेशन से अभी याद होगा कि मैंने बोला था कि विसरल फैट जो है वो वो इंसुलिन रेजिस्टेंस को वर्स्ट करता है बिकॉज़ वो इनफ्लामेटरी इनफ्लेमेशन प्रोड्यूस करता है। राइट? सो इट है इट हैज़ अ विश इट इज़ अ विशियस स। सो दैट इज़ हाउ क्रॉनिकली एलिवेटेड कॉर्टज़ोल लेवल्स कॉज इंसुलिन रेजिस्टेंस। तो आप
(1:32:39) अच्छा खा लो। आप एक्टिविटी कर लो। बट बॉस अगर आप कास्टेंटली स्ट्रेस्ड हो यू विल देयर इज स्टिल अ गुड चांस दैट यू कैन हैव इन सिस्टम्स बट हियर द लास्ट क्वेश्चन ओके यू आर एन एडवोकेट ऑफ एनिमल बेस्ड डाइट [हंसी] देयर हैव बीन इनफ रिसर्चेस डॉक्टर्स रिसर्च साइंटिस्ट न्यूट्रिशनिस्ट परफॉर्मेंस कोचेस जो बोलते हैं कि वेजिटेरियन डाइट डाइट्स आर बेटर फॉर यू देन एनिमल बेस्ड डाइट एंड यह इट्स एन ऑनगोइंग डिबेट हर जगह चलते जा रही है टिल नाउ ऑन द पडकास्ट
(1:33:24) जितने भी एक्सपर्ट्स से बात कर रहा है इंक्लूडिंग टॉप 0.1% एथलीट्स हैव स्पोकन टू दे ऑल प्रेफर प्लांट बेस्ड डाइट्स यू आर द फर्स्ट वन हुज कम हु इज़ लाइक कि एनिमल बेस्ड डाइट भी लेनी चाहिए ऐसा नहीं है कि मैं एनिमल डाइट का आपको प्रमोट करता हूं। ओके? मैंने आपको क्या बोला था? मेरा मेरा जो फिलॉसफी है न्यूट्रिशन को लेके वो सिंपल है। कंट्रोल कार्बोहाइड्रेट्स। डोंट फियर फैट्स एंड प्रायोरटाइज प्रोटीन। हम दैट इज माय दैट इज माय प्रिंसिपल। माय प्रिंसिपल इज नॉट के आप मीट खाओ या आप वेजिटेरियन खाओ। आई डोंट केयर। मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए ये तीन ये दिस इज़ दिस इज़ द
(1:34:05) सिंपल रूल फॉर न्यूट्रिशन व्हेन इट कम्स टू मेंटेनिंग मेटाबॉलिक हेल्थ। अगर आप ये तीन इक्वेशन को आप वीकेंड वेजिटेरियन डाइट पे कर सकते हो तो वेजिटेरियन डाइट इज कंप्लीटली गुड बट अक्सर ऐसे होता नहीं है। वेजिटेरियन डाइट जो है मोस्टली कार्बोहाइड्रेट लोडेड होती है बाय नेचर। जो प्रोटीन सोर्सेस है वो यूजुअली आर नॉट ग्रेट। आपको कंप्लीट प्रोटीन नहीं मिलता है वेजिटेरियन सोर्सेस से तो यू हैव टू डू कॉम्बिनेशंस। पनीर कितना खा लोगे आप? अगर टॉप थ्री अगर आप मेरे से पूछोगे कि प्रोटीन सोर्सेस वेजिटेरियंस के लिए क्या है तो वो प्रोटीन
(1:34:42) होगा ओ सॉरी पनीर होगा टोफू होगा और सोया होगा सोया में एक्चुअली अच्छा प्रोटीन होता है राइट ये तीन चीजें हैं इसके अलावा मतलब आप वेजिटेरियन हो तो आप प्रोटीन कहां से लोगे सप्लीमेंटेशन लो फिर यहां तो आप तो आई आई एम नॉट अ प्रोपोनेंट ऑफ वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन डाइट आई एम ट्रू टू माय प्रिंसिपल माय प्रिंसिपल इज कंट्रोल योर कार्बोहाइड्रेट्स डोंट फियर फैट्स एंड प्रायोरटाइज प्रोटीन जो मुझे लगता है कि वेजिटेरियन डाइट में करना थोड़ा मुश्किल है। इंपॉसिबल नहीं है। थोड़ा मुश्किल है। तो आप प्लीज अपनी आप आप वेजिटेरियन डाइट में रहो। बट
(1:35:20) आप आप इस रूल को फॉलो करो। कार्बोहाइड्रेट्स को कम करो। आप अच्छे फैट्स इनकर्पोरेट करो अपनी डाइट में। और प्लस आप प्रोटीन को प्रायटाइज करो। अगर आप ये मैनेज कर सकते हो तो वेजिटेन डाइट इज टोटली फाइन। फेयर। सो यू आर नॉट लाइक प्रिपेलिंग व्हिच डाइट इज सुपीरियर और व्हिच डाइट इज इंफीरियर इट्स जस्ट प्रायोरटाइज्ड प्रोटीन। प्रायोरटाइज्ड प्रोटीन कंट्रोल कार्ब्स एंड इनकर्पोरेट गुड फैट्स इन योर डाइट। वेल थैंक यू सो मच सर। थैंक यू फॉर इट इज माई प्लेजर। राज हाई सच अ प्लेजर प्लेजर बीइंग यू। इट्स माय प्लेजर। हाउ आर यू? हाउ यू? इट्स एक्चुअली अनरियल टू बी हियर मैन। आई
(1:35:53) मीन आई हैव ऑलवेज सीन यू ऑन टीवी। यू नो हाउ हाउ इट हैपेंड? आपकी बुक आई कही से। हमें सेल्फ पब्लिश करी है। नहीं सेल्फ पब्लिश नहीं व्हाई इज अ पब्लिशर। अच्छा मैंने भेजी थी आपको वो। [संगीत] हम्म। कैसे पहुंची हमारे तक हमें नहीं पता। वो बट आई और वो यूजुअली मैक्सिमम बुक्स यहीं कहीं हो जाती है। मेरे तक पहुंचती भी नहीं। यह मेरे पास ही पहुंची। एंड आई वाज लाइक जस्ट सो टाइटल। आई वाज लाइक, आई लाइक इट। और मैंने इम्मीडिएटली खोली। मैं टेबल और कंटेंट पढ़ा। मैंने बोला, वी नीड टू टॉक। एंड दैट इमीडिएटली ऑन दैट डे, वी डिसाइडेड वी शुड हैव अ
(1:36:25) पॉडकास्ट। आई गेस, सो आई गेस इट वर्क्ड। इट वर्क। इट डेफिनेटली वर्क। सो हु एवर थिंक्स किस आई एम प्रीटी फॉर गेटिंग ऑन अ रिटेंशन इज सुपर हार्ड। सो बट गेटिंग ऑन अ पॉडकास्ट सुपर हार्ड। दैट आई कैन टेल यू फॉर श्योर। थैंक यू सो मच यह एपिसोड एंड तक देखने के लिए। अब आपको तीन चीजें करनी है। सबसे पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना आप सब्सक्राइब करोगे उतने ही बेहतर और वैल्यूुएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए। नंबर टू, मुझे कमेंट्स में बताओ इस एपिसोड में आपको क्या अच्छा लगा और क्या गंदा लगा ताकि हम वो मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए। एंड कौन से
(1:36:57) ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते हो वापस हमारे पडकास्ट पे ताकि हम उन्हें लेके आं और आपको ज्यादा से ज्यादा वैल्यू दे पाएं। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना क्योंकि वन कॉन्वर्सेशन कैन चेंज समवनस लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अनंटिल देन कीप फिगरिंग अप। [संगीत] [संगीत]

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