Fix Gut Health Naturally: Weight Loss, Constipation, Liver & Nutrition | Dr Shubham Vatsya | ST 206
Author Name:Supertalks by themovingship
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Transcript:
(00:00) 10 में से सात इंडियंस को गट की प्रॉब्लम है। 40% इंडियंस को। अब आपने पानी पूरी खाई? आपने हाथ भी नहीं धोए थे। नेल्स में उसकी पॉटी के कण थे। उसने [हंसी] वो पानी के अंदर डाला। और आ रहा है। आपने खा लिया। थ्री टाइम्स गोल्ड मेडलिस्ट, डायरेक्टर एंड हेड ऑफ गैस्ट्रो एंटोरोलॉजी आईसीआईसी हॉस्पिटल, दिल्ली स्टॉप कट स्पेशलिस्ट विद ओवर 10 इयर्स ऑफ एक्सपीरियंस, प्रेजेंटिंग डॉक्टर शुभम बत्सिया। जंक फूड और स्ट्रेस अब हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं और यह सब लिंक करता है सीधा हमारे गट से। इम्यूनिटी से लेकर स्किन के एक्ने तक। आज के इस एपिसोड में
(00:46) आप अपने गट को सिर्फ सुनने नहीं बल्कि गहराई से समझने भी वाले हैं। 70% जो इम्यून सिस्टम [संगीत] होता है वो ग में होता है। आपके ग बैक्टीरिया ही इम्यूनिटी का बहुत बड़ा पार्ट है। आप शराब पी रहे हो। आप गंदा खाना खा रहे हो। सबसे पहले कौन उसे टैकल कर रहा है? आपकी गट। वैक्सीन के बाद फीवर आता है। अगर आपका इम्यून सिस्टम वीक होगा तो फीवर नहीं आएगा। मतलब किसी को अगर बुखार हो रहा है मतलब इम्युनिटी सही है। यस। [संगीत] नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर क्या हो सकते हैं? लेमन आंवला बट अश्वगंधा मुलेठी एक [संगीत] स्कैम है। सर पर पीछे इतने लोग खाते रहे हैं वो तो
(01:16) बिल्कुल ठीक रहे हैं। कार्टिशन स्टेम सेल थेरेपी लेते हैं। एजिंग को रिवर्स कर सकता है। स्टेम सेल पूरा इंसान बन सकता है। ये ब्रायन जॉनसन बोल तो रहा है। ही स्पेंडिंग अबाउट $2 मिलियन डॉलर्स इयरली। दिन में 100 पिल्स लेता है, जीन थेरेपी कराता है, रेड लाइट थेरेपी लेता है और ब्लड टेस्टिंग लेता है। हमने इतनी हेल्थ को आगे बढ़ा दिया कि हम मौत पे कब्जा चाहते हैं। जो चाय से बहुत एडिक्टेड होते हैं उनको सीबो की प्रॉब्लम होती है। अगर कोई पेशेंट रात को उठ के 3:00 बजे इमरजेंसी जा रहा है। बहुत बड़ा रेड फ्लैग है। पेट खराब रहता है। चाय की गलती है कॉफी की। ब्लैक
(01:49) कॉफी इज द ओनली सब्सटेंस व्हिच कैन डिॉल्व फैट फॉर्मुले। जैसे जिसको ब्लोटिंग हो रही है तो इनमें से क्या वजह होंगी जिसकी वजह से ब्लोटिंग हो रही है। पल्ससेस से हो सकती है अपनी दाल में और प्रोटीन सोर्स में जो भी सोर्स है उस दिस इज वेरी इंटरेस्टिंग। पनीर और सोया इससे मैन बूब्स नहीं होते तो नॉनवेज है। पनीर नहीं अगर अंडा वेज है तो ये वेज है। और अंडा अगर नॉनवेज है तो नॉनवेज है। क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन का कारण क्या है? ज्यादातर इंडियंस में लोटा लेके खेत में जाके पॉटी करने से वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट तक जो जर्नी है उसमें आप इंडियन स्टाइल
(02:21) बैठना ही तो लूज़ कर गए। तीन ऐसे फूड कॉम्बिनेशन जो आपको आज ही शुरू कर देने चाहिए साथ में लेने आपकी कट आपको थैंक यू बोले। सबसे पहला मैंने तो काफी तगड़े पडकास्टर्स भी कर लिए। मतलब रणवीर अलाबादिया भी कर लिया। ये भी कर लिया। वो भी नहीं पहुंचा बेचारा यहां तक। द काइंड ऑफ़ लेवल यू हैव गॉन टू एंड हुवर दिस पर्सन हु हैज़ डन दी कंटेंट रिसर्च। आई एम रियली इम्रेस्ड। [संगीत] नमस्ते कैसे हो? मुझे पता है आपको हमारे स्पिरिचुअल पॉडकास्ट बहुत अच्छे लगते हैं। पर ये मेरी रिस्पांसिबिलिटी है कि आपको अंदर से भी मुझे हेल्दी रखना है और बाहर
(03:01) से भी हेल्दी रखना है। नाउ एक रिपोर्ट बताती है कि 70% ऑफ़ इंडियंस आर रिपोर्टिंग डाइजेस्टिव डिसकंफर्ट्स। जो कोर प्रॉब्लम है ना वह हमारा गट है। तो आज के पडकास्ट में सबसे पहले हम बहुत ही गहराई से गट को समझेंगे। बीइंग अ नॉन मेडिकल स्टूडेंट मुझे पहली बार एक मेडिकल टॉपिक पे इतना इंटरेस्ट आया है। बिकॉज़ जो गट है ना इट इज़ लिंक टू आवर ब्रेन एस वेल। तो जो भी आप डिसीजंस भी ले रहे हैं वो भी कहीं ना कहीं आपके गट से लिंक्ड है। तो गट को ठीक रखना बहुत जरूरी है। आज का पॉडकास्ट हमने काफी एक्सपीरियंशियल बनाया है। फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम एवर। हमने
(03:36) अपने पडकास्ट को एक किचन में बदल दिया। सिर्फ आपके लिए। फूड कॉम्बिनेशंस क्या हम यूज कर सकते हैं? नेचुरल इम्युनिटी बूस्टर्स क्या हो सकते हैं? घर की जो दाल है, पनीर है, किस चीज से क्या प्रॉब्लम आती है? और आपको अपनी लाइफ में क्या चीजें आज ही शुरू करनी चाहिए फॉर अ हेल्दी लाइफ। बहुत मेहनत करते हैं ऐसा एपिसोड लाने के लिए। इसलिए आई वांट यू टू सब्सक्राइब टू दिस चैनल। और उसके बदले आई प्रॉमिस टू ब्रिंग मोर सच इनफेटिव पॉडकास्ट। और साथ ही वीव बीन रनिंग एन एनजीओ फॉर द लास्ट 10 इयर्स फॉर अंडर प्रिविव्ड चिल्ड्रन इन दिल्ली। सो आपके सब्सक्राइब करने से आप
(04:08) ऐसा सिर्फ नॉलेजेबल कंटेंट नहीं ले रहे बल्कि अपने देश को आगे बढ़ने के लिए भी कंट्रीब्यूट कर रहे हैं। एंजॉय द शो सर रेडी हैं। हमारे एक स्पेशल राउंड है। हमने पहली बार एक पडकास्ट में इतना सारा खाना रखा है और शायद इंटरनेट में पहली बार ऐसा होने जा रहा है। आर यू एक्साइटेड? वेरी वेरी एक्साइटेड। आपको भूख तो नहीं लग रही देखते हुए? नहीं नहीं। [हंसी] सो पहला हमारा जो राउंड है हमने एक आपके सामने बहुत खूबसूरत से फल की टोकरी। मुझे बताओ कैमरास कौन-कौन से होने हैं? सारे ऑन है। ओके। हां तो सारे ऑन है। ओके। सो अब मैं क्या करूंगा? ये फलों की टोकरी
(04:40) को आपके सामने रखता हूं। डन है। इसको हम बाद में खाएंगे भी। पर उससे पहले डन। मैं आपसे पूछने वाला हूं कुछ सवाल। और आपको एक फ्रूट उसमें से पिक करना है। डन है। रेडी? डन। अब आपको उठाना है और मुझे बताना है व्हाई आपने वो फल ठीक है? अब क्योंकि एक आज गट स्पेशल एपिसोड है तो हम यह रिलेटेड टू ग जान रहे हैं। इसमें से सबसे बेस्ट फ्रूट कौन कौन सा है फॉर कॉन्स्टिपेशन? पपाया। पपाया वेरी हाई इन फाइबर। अ वेरी हाई इन वाटर एंड वेरी गुड फॉर योर डाइजेशन। एंड क्योंकि फाइबर है तो वाटर पुल करता है और आपके स्टूल को सॉफ्ट करता है। राइट? इसमें
(05:27) से सबसे अच्छा फूड एसिडिटी के लिए कौन सा है? अ आई थिंक बनाना बनाना वुड बी वेरी गुड फॉर एसिडिटी। व्हाई? इट इज़ अगेन इट वुड न्यूट्रलाइज और गैस्ट्रिक एसिड इमीडिएटली एंड इट इज़ क्योंकि स्ट्रेस में एसिडिटी ज्यादा होती है। इट इज़ गुड ऑफ इट इज़ फुल ऑफ कॉम्प्लेक्स कार्ब्स। तो एकदम से आपके पूरे मूड एलिवेशन में हेल्प करता है, एनर्जी देता है। तो इट इज अ गुड इफ फ्रूट वाज़ एन आंसर टू एसिडिटी इन दिस ट्रे व्हाई आंसर वुड बी बनाना। ओके राइट। अगर कोई स्ट्रेसफुल है तो उसको वो बनाना खा सकता है। हां एनर्जी देता है ना। जिम के पहले भी तो खाते हैं ही हम
(06:06) वर्कआउट करने के पहले। ओके। अगर एनर्जी हो तो स्ट्रेस होगा ही नहीं। इसमें से कौन सा फ्रूट है जो लिमिट में खाना चाहिए? मैंगो। मैंगो मीठा है ना? बहुत ज्यादा शुगर रिच है ना लंगड़ा वाला भी नहीं है यह तो लंगड़ा होता तो फिर भी थोड़ा खट्टा होता पर ये तो मीठा है ना तो आई थिंक मैंगो कितना शुगर होता है एक मैंगो के अंदर गर्मी में तो हर कोई मैंगो ही खा रहा है नहीं खा आपने इसमें से पूछा देखो आप साइंस और एक होता है मेरी चॉइस हां जो साइंस और मेरे इमोशन से कनेक्टेड है [हंसी] एक होती है साइंस ये दोनों से कनेक्टेड है कि इसमें सबसे टेस्टी है
(06:44) हम सबसे मीठा पर लिमिट में क्यों खाना है? क्योंकि ये शुगर स्पाइक देगा आपको। हम और दूसरी बात साइंटिफिकली बात करें तो पोर्शन साइज हर हर किसी चीज में जरूरी है। राइट? हर चीज में अगर आप तो मैंगो में नेचुरल शुगर नहीं होती। यह नेचुरल नहीं देखिए सर आप अगर शुगर की बात करेंगे तो जो हमारी जनता को जानना है अगर साइंस पे आए फ्रूट की शुगर ओवरऑल हर शुगर से बेस्ट है। आप फ्रूट की शुगर को तभी जहर बनाते हो जब आप इसको जूस में कन्वर्ट करते हो। क्योंकि फ्रूट में फ्रुक्टोज़ होता है। फ्रुक्टोज़ एक शुगर है। ग्लूकोज और फ्रुक्टोज़ का पाथवे अब्सॉर्प्शन का
(07:27) बिल्कुल अलग है। और इसकी अब्सॉर्प्शन को डिले करता है फ्रूट का फाइबर। जब आपने फ्रूट को चेंज किया जूस में तो आपने फाइबर हटा दिया सारा। सिर्फ शुगर रह गई। और फ्रुक्टोज़ के डाइजेशन पाथवे में एकदम से सीधा वो लिवर में फैट में कन्वर्ट होता है। तो फ्रूट जूस सबसे अनहेल्ी मैकेनिज्म है फ्रूट को लेने का। हम बच्चों को बहुत बार दे देते हैं। हमने एक रील बनाई थी वायरल हुई थी। यह भी होगी कि अगर आप अपने बच्चे को फैटी लिवर देना चाहते हो तो जो फैटी लिवर बच्चों में इतना कॉमन हो गया तो उसे फ्रूट की जगह फ्रूट जूस दो। और अगर फैटी लिवर नहीं देना चाहते
(08:03) तो फ्रूट दीजिए। फ्रूट जूस मत दीजिए। मुझे ये समझाइए अगर कोई मैंगो खा रहा है और कोई मैंगो शेक पी रहा है। क्या फर्क पड़ रहा है? प्योर शुगर विदाउट फाइबर एकदम से अब्सॉर्ब होगा। एकदम से शुगर स्पाइक होगा, इंसुलिन स्पाइक होगा, एकदम से फ्रुक्टोज़ फैट में कन्वर्ट होगा। फैटी लिवर के चांसेस बढ़ेंगे। राइट? और मैंगो शेक में तो आपने और भी फिर दूध कौन सा यूज़ किया? कैलोरी कितनी थी? अमाउंट कितना था? वो भी बहुत कुछ हो गया ना। अब तो यार मतलब आप अगर वैसे जाओगे दिल्ली की बात कर रहे हो। तो नेचुरली तो बाहर जाके आप जब वो उसमें कितना शुगर
(08:36) तो ऊपर से डालते हैं मैंगो शेक फिर ऊपर वो स्ट्रॉबेरी वाले भी तो आते हैं। हां रूफ वो मतलब तो आप इस ज़ोन में मत जाओ बेटर है। व्हिच फ्रूट सबसे ज्यादा मिसअंडरस्टुड फ्रूट कौन सा है? जो कि लोगों को खाना चाहिए पर लोग इग्नोर करते हैं। वाटरमेलन कम खाते हैं हम। 90% वाटर है, अ विटामिन सी है, विटामिन ए है, लाइकोपीन है जो बहुत ही तगड़ा एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें सिट्रोलिन भी होता है जो नेचुरली नाइट्रिक ऑक्साइड में कन्वर्ट होता है जो ब्लड वेसल्स को डलेट करता है और आपके मल्टीपल ब्लड ऑर्गन्स के ब्लड सप्लाई को बढ़ाता है। फिर यहां पे नहीं है बट मस्कमलन।
(09:12) अभी पीछे न्यूज़ आई थी ना बॉम्बे में कि जहां पर किसी ने वाटरमेलन खाया था और वो मर गए। कुछ वाटर अगर गंदे वाटर से आ रहा है आप उसे मतलब कोई टेस्ट है जिससे पता लग सकता है कि वाटरमेलन सही है कि नहीं नो हम मतलब साइंटिफिक टेस्ट नहीं है इन्फ्लुएंसरर टेस्ट कोई हो तो पता नहीं होते तो है कुछ ना कुछ करते रहते हैं वो देखते रहते हैं यहां से वो इन्फ्लुएंसरर टेस्ट होगा मुझे पता नहीं क्या मुझे पता तो कुछ नहीं है मैं इतना लेने तो नहीं जाता बाहर पर जब भी मैं गया हूं तो मैं ऐसा देखता हूं ऐसा-ऐसा करता हूं पर उसमें कुछ आता तो है नहीं फिर मैं कोई भी ले आता हूं फिर घर
(09:40) देख के फायदा क्या हुआ है इतना करने का हैवी मील के बाद कौन सा फ्रूट नहीं खाना चाहिए हैवी मील के बाद कोई फ्रूट नहीं खाना चाहिए आपको। नो फ्रूट। स्वीट डिश की तरह खा लिया। एक वो आपने एक मैंगो का स्लाइस या एक मस्कमलन का स्लाइस। रात को खा सकता है। हां, कोई दिक्कत नहीं। फ्रूट्स का कोई दिक्कत नहीं। गट के लिए सबसे अच्छा फ्रूट कौन सा है? एप्पल बहुत अच्छा है। हम एंड एप्पल ए डे कीप्स डॉक्टर अवे। टू एप्पल्स [नाक से की जाने वाली आवाज़] डे कीप्स द डॉक्टर ट्वाइस अवे। उसके बाद आफ्टर एप्पल। अगर आपको टॉप थ्री देने हो फॉरगॉट। एप्पल
(10:12) ग्वावा वाटरमेलन किवी अगर थोड़ा उसमें एग्जोटिक फ्रूट्स में जाना हो तो एक्टनेडन होता है कीवी में अ पेयर नाशपाती नेचुरल शर्बिटॉल फाइबर बहुत अच्छा देता है तो ये सारे सर ये जो सारी चीजें हैं ना ये फाइबर बम्स हैं। यह बेसिक तरीका है हमारे एक्चुअल पूर्वजों की साइड जाने का, फाइबर एनरच करने का जो प्रोसेस्ड फूड्स होम डिलीवरी एप्स पिज़्ज़ाज़ बर्गर से हमने लूज़ कर दिया ऑन द वे। राइट? जो इंडियन नेस हमने पॉटी से ले वेस्टर्न टॉयलेट तक लूज करी है। जो इंडियन ने सबने
(10:57) फाइबर से ले अल्ट्रा प्रोसेस फूड्स और होम डिलीवरी ऐप से लूज करी है। जो इंडियननेस हमने नॉन कॉन्स्टिपेशन वाली दुनिया से कंट्री से होके कॉन्स्टिपेशन वाली दुनिया बने हैं। राइट? ये उसका रिवर्सल है। ये एक्चुअल वेलनेस है। द मोर कलरफुल योर प्लेट द बेटर इट इज। राइट? अगर ब्रेकफास्ट हमें लेना हो उसके लिए आप क्या फ्रूट कौन से फ्रूट्स रिकमेंड करेंगे? सब सबको काट के थोड़ा-थोड़ा ले लूंगा मैं। सारे कोई कोई इशू नहीं है। फूड कॉम्बिनेशंस कोई इशू नहीं है। ये ये कौन सी कौन सी रिसर्च आर्टिकल में लिखा है कि कौन सा फ्रूट किसके साथ नहीं खा सकते।
(11:34) पर वो कहते हैं ना कई बार दूध के साथ ये नहीं लेना चाहिए। दूध के साथ तो सर दूध मेरे को मैं आई हैव आई हैव नो वो सब सर मैं अगेन एविडेंस बेस्ड मेडिसिन का पार्ट नहीं है ये सब कि क्या किसके साथ नहीं लेना चाहिए। बट बात तो मतलब कई लोगों को प्रॉब्लम तो होती है ना कुछ जैसे कुछ फूड सेंसिटिविटी हो सकती है। ओके पर आपको विटिलगो नहीं होगा। विटगो क्या होता है? वो नहीं होता जो वाइट वाइट वाइट वाइट डीप पिगमेंटेशन अच्छा वो वो नहीं होता वो झूठ है। [हंसी] ये तो बचपन से बोला गया है। तरबूज खा के पानी नहीं पीना। प्लीज प्लीज प्लीज। ये नहीं है।
(12:07) विटिल को ऑटो इम्यून बीमारी है यार आईबीडी की तरह। [हंसी] क्या बात कर रहे हो आप? आप यार सही चीज़ नहीं पढ़ रहे। मैं आपको आर्टिकल पढ़ रहे घर बचपन से यही बोले कि तरबूज के बाद वॉटरमेलन के बाद पानी नहीं पीना वरना वो आपने मेरे चैनल को सब्सक्राइब किया [हंसी] प्लीज प्लीज सब्सक्राइब बट बट रियलिटी में कुछ भी नहीं है ये मतलब वॉटरमेलन के बाद पानी पियो कोई दिक्कत नहीं कोई दिक्कत नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] वॉटरमेलन में 90% तो पानी है [हंसी] क्या बात [गला साफ़ करने की आवाज़] कर रहे हो वॉटरमेलन में 90% पानी है भाई ये है हमारा दूसरा राउंड ये वो चीजें हैं जो कि
(12:38) ज्यादातर या हम समझ के किचन में होती है किचन में होती है यस नाइस अब इंडियन किचन में जो भी होता है हम आपसे यह जानने वाले हैं कि आपको क्या करना है? बेसिकली टेबल पर दो प्रोडक्ट्स पड़े होंगे। आपको उनमें से एक चुनना है और आपको मेरे सवालों के जवाब देने हैं कि आपने उस प्रोडक्ट को क्यों चुना और गट हेल्थ के हिसाब से व्हाई दैट प्रोडक्ट? राइट? रेडी? यस। एक तरफ है चावल और दूसरी तरफ है रोटी। आप किसको चुदेंगे? फॉरगट। फॉर डाइजेशन चावल। आप उठा लो सर एक बार। फील तो लो ना पूरे कप की। फॉर डाइजेशन चावल। अच्छा ठीक है। अगर डाइजेशन फ्रेंडली है, ग्लूटेन
(13:16) फ्री है। अगर किसी को ग्लूटेन सेंसिटिविटी है, किसी को वीट से ज्यादा ब्लोटिंग है, अ बट पोर्शन कंट्रोल बहुत जरूरी है। अ वाइट राइस डायबिटिक्स को ध्यान से लेना चाहिए। अगर मुझे फाइबर चाहिए, सेटाइटटी चाहिए तो रोटी, आपका आटा अच्छा लग रहा है मुझे टच करके। मेरे देश की धरती लग रही है तो अह क्या कहते हैं? बट द क्वेश्चन हम इज़ नॉट रोटी वर्सेस राइस। ओके? इट्स रोटी, राइस एंड नेचुरल फूड्स वर्सेस अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स। ओके? बट हां, दोनों के फायदे हैं। मैं बचपन में राइस हीटर था हम और जब वेट लॉस जर्नी पे आया तो मुझे राइस ज्यादा अपने लिए डाइजेशन फ्रेंडली लगे।
(14:04) पर याद रखिएगा यह दोनों ही में एसेंशियल नाइन अमाइनो एसिड्स नहीं है। एसेंशियल नाइन अमाइनो एसिड्स क्या होते हैं? क्या मतलब हुआ एसेंशियल अमाइनो एसिड्स? जो कि बॉडी के लिए इंपॉर्टेंट है। क्यों इंपॉर्टेंट है? दे हेल्प फॉर दी रिकवरी ऑफ योर सेल्स। सो बॉडी कुछ अमाइनो एसिड बना सकती है, कुछ नहीं बना सकती। जो नहीं बना सकती उसे बाहर से चाहिए। उसे एसेंशियल अमाइनो एसिड्स बोला जाता है। ये नौ होते हैं। अगर इनके नाम जस्ट फॉर द सेक ऑफ नाम ही बता दूं मैं। फिनाइल एलेनिन मिथियोनिन ट्रिप्टोफेन थियोनिन
(14:48) हिस्टडीन आइसोल्यूसिन ल्यूसिन लाइसीन और वैलीन ये नौ है। जिस भी सब्सटेंस में होंगे उसे कंप्लीट प्रोटीन बोला जाता है। यह दोनों सीरियल्स हैं। सीरियल्स में लाइसीन नहीं होता। यह पल्ससेस है। इनमें मिथ्योनिन नहीं होता। तो मेरा अपने लिसनर्स को बताने का ये काम है वेजिटेरियन प्रीडमिनेंट देश में इनको मिक्स करके लेना ज्यादा जरूरी है। और क्योंकि हम वेजिटेरियन है तो इसमें B12 नहीं है। तो अगर मैं चावल खा रहा हूं
(15:32) राजमा के साथ तो मुझे दही डालना जरूरी है। क्योंकि डेरी अब यह भी एक कंट्रोवर्शियल है। मैं तो अंडे को वेज बोलता हूं। काफी इंगेजमेंट कराई है मैंने वेज बोल-बोल के। तो उनके रिप्लाई में मैं बोलता हूं जितना अंडा वेज है या नॉनवेज है उतना ही दही, पनीर, चीज और मिल्क वेज और नॉनवेज है। तो एनुअल प्रोडक्ट ही अगर अनफर्टिलाइज्ड एग है जो आजकल मेजर टाइम आपको मिलता है जिससे कोई पैदा नहीं होने वाला उसमें और साइंटिफिकली डेरी प्रोडक्ट्स में क्या अंतर है? दोनों एनिमल प्रोडक्ट्स हैं। मैं तो साइंस का स्टूडेंट हूं ना सर।
(16:16) पैदाइश से ब्राह्मण हूं बट ब्रेन वाश तो साइंस ने ही किया मेरा। मेरा हुआ नहीं ना सर। हम तो नहीं खाते अंडा। [हंसी] जस्ट टेलिंग यू। सो नहीं। इवन सर कमिंग फ्रॉम अ वेजिटेरियन फैमिली, कमिंग फ्रॉम अ प्योर वेजिटेरियन फैमिली, माय वाइफ यू आस्क अबाउट डॉटर। माय वाइफ डजंट नॉनवेज। नॉनवेज इज़ नॉट अलाउड इन द हाउस एट एनी कॉस्ट। माय मदर इज़ अ बट दैट्स नॉट अ फूड चॉइस सर। आई थिंक जो खाते हो वो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। बट मैं यहां पे आपके चैनल के थ्रू ये बताना चाहता हूं कि वेजिटेरियंस को प्रोटीन डेफिशिएंट कंट्री में जहां वेजिटेरियन प्रोटीन सोर्सेस भी
(16:46) बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। मिक्सिंग फूड्स फॉर मल्टीपल न्यूट्रिएंट्स बिकम्स मोरेंट। गॉट इट। सर इस पे मुझे आप ये बताइए कि गठ हेल्थ के लिए जैसे जिसको ब्लोटिंग हो रही है तो इनमें से क्या वजह होंगी जिसकी वजह से ब्लोटिंग हो रही है? ओवर ईटिंग से होगी। पल्ससेस से हो सकती है। एकदम से ज़्यादा हमने खा ली तो। बट ब्लोटिंग के लिए जो बेस्ट खाना है वह कर्ड राइस है। कर्ड और राइस सबसे इज़ली डाइजेस्टेबल। हम अगर खाने से मैं सिर्फ ब्लोटिंग को सॉल्व कर सकता हूं बिना रूट कॉज की बात किए। हम तो कर्ड राइस है। बहुत बढ़िया खाना है। और दाल डाल सकता हूं
(17:24) तो बहुत बढ़िया। प्रॉब्लम पता है क्या है? 100 ग्राम अनकक्क्ड दाल में कितना प्रोटीन होता है? होता 24 से 25 ग्राम और 100 ग्राम कुक करके दाल खाने के लिए 8 से 10 कटोरी खानी पड़ेगी। [गला साफ़ करने की आवाज़] वहां आती है प्रॉब्लम। फिर दूसरी चीज होती है बाय अवेलेबिलिटी। बाय अवेलेबिलिटी क्या होती है? कितना बॉडी के अंदर अब्सॉर्ब होगा? हम तो क्या सशन क्या है इसका? बताओ मुझे कंप्लीट प्रोटीनंस क्या-क्या होते हैं? हम तो एसेंशियल अमाइनो एसिड में नौ के नौ होते हैं। हम तो यही सोचते हैं प्रोटीन के लिए तो वेजिटेरियन में पनीर खा लो। सोया
(18:06) खा लो। ये रखे हुए हैं हमने पनीर और सोया। हम नहीं बहुत बढ़िया सोचते हो। तो और बताओ ना यार। आप तो वेजिटेरियन हो। आपको तो सोर्स पता होने चाहिए प्रोटीन के। नहीं सर नहीं पता तो अभी तो पूछ रहा हूं। पनीर [नाक से की जाने वाली आवाज़] सोया के अलावा कुछ समझ ही नहीं आते। देखो सर ऐसा है। कंप्लीट प्रोटीन की अगर बात की जाए नाइन एसेंशियल अमाइनो एसिड वाले तो एनिमल बेस्ड वेज प्रोटीनंस अगर आपकी लैंग्वेज में वेज है तो हम आपकी लैंग्वेज में बोल रहा हूं। [हंसी] मिल्क हम वे हम कर्ड पनीर चीज़ ओके ठीक है हम प्योर प्लांट बेस्ड सोया एडमामे हम एडमामे क्या होता है
(18:42) सुना है नाम यंग सोया मींस को एडमामे बोला जाता है टोफू एम अमरंत बकवट विनोवा चिया सीड्स एमसीड्स ये सारे आपके वेजिटेरियन सोर्स ऑफ़ प्रोटीन है। राइट? राइट? वो अपनीपनी डाइट में इंक्लूड कर सकते हैं। राइट? अब हमारे पास है दही और छाछ। किसको अवॉइड करना चाहिए? सही टाइम क्या है खाने का? और सबसे बड़ी गलती क्या है जो लोग इसको खाने के साथ करते हैं। कर्ड खाने के साथ लेना चाहिए। रोटी और चावल कुछ भी। कोई दिक्कत नहीं है। वेजिटेरियंस के लिए बहुत जरूरी है। दिस इज द बेस्ट नॉनवेज सोर्स ऑफ प्रोटीन फॉर वेजिटेरियंस।
(19:29) ठीक है? छाछ अगेन बनी इससे ही है। कोई नुकसान नहीं है। आराम से लीजिए। हाइड्रेशन बहुत ज्यादा है। प्रोबायोटिक भी है। यह इसमें और इसमें सिर्फ रूप में अंतर है। यहां पे थोड़ा B12 ज्यादा है। यहां पे थोड़ा लैक्टोबसिलस ज्यादा है। यहां पे हाइड्रेशन ज्यादा है। तो मेरे लिए दोनों सेम है। रोप अलग है। कोई गलती नहीं है। कभी भी ले लो। कोई फर्क नहीं पड़ता। पर ले लो। मतलब बच्चों को तो प्लीज दे दो यार। कैल्शियम हम मतलब विटामिन B12 प्रोबायोटिक दोनों दो बच्चों को मतलब मेरी डॉटर का हम कर्ड उससे पूछते हैं कर्ड लोगे बेटा रायता
(20:14) लोगे जो लोगे वो तो खाने के साथ लेना ही है आप ग्रोइंग बच्चों के लिए सर विटामिन डी कैल्शियम ग्रोइंग बोनस अब सर मेरी प्रॉब्लम ये होगी बचपन से चीनी के साथ नीची के बिना स्वाद नहीं लगता एक्वायर्ड टेस्ट है अक्वायर्ड टेस्ट है ना। अगर चाइना में पैदा होता अभी सांप खा रहे होते। फिर यहां देख के बोलते क्या खा रहे हो? देखो बॉस ऐसा है जहां पे आप पैदा हुए हो सिर्फ वही दुनिया नहीं है। आप तो दुनिया ट्रेवल किए हुए हो। अच्छा मुझे एक बात बताओ व्हाट परसेंटेज कंट्रीज इन द वर्ल्ड आर प्योर वेजिटेरियन? कितने प्रतिशत कंट्रीज वर्ल्ड में प्योर वेजिटेरियन है? बहुत कम होगा।
(20:50) 1% से भी कम होगा। 0% कौन सी है बताओ? इंडिया भी प्योर वेजिटेरियन नहीं है बट डेमोग्राफी बदल रही है। नॉनवेज बढ़ रहा है। कोई दिक्कत नहीं है। वह इशू नहीं है। बट इशू है कोई भी कंट्री प्योर वेजिटेरियन नहीं है। राइट? तो हम वो नहीं कर सकते ना। उसे नेगेट नहीं है दोस्त। किसको अवॉयड करना चाहिए? कुछ अवॉयड नहीं करना। मैं नहीं अवॉयड करूंगा कभी। कहीं नहीं बिल्कुल नहीं। रात को नहीं खा सकते? बिल्कुल खा सकते हैं। अपने आयुर्वेदिक डॉक्टर को सुनना बंद करिए। मेरी मॉम भी नहीं सुनती उनको। मेरी मॉम भी अपने आप को नहीं सुनती। क्यों खा सकते हैं? रात को तो नहीं खाना
(21:19) चाहिए। क्या दिक्कत है? किसने बोला? पेट खराब हो जाता है। कुछ नहीं होता। आज रात को आ जाओ। घर बैठे मैं खिलाता हूं। आपको मैं भी खाऊंगा। आप भी खाओ। किसी का नहीं खराब होगा। तो यह मिथ कैसे बनी? ये पुराने टाइम के कुछ बातें हैं जो चल रही हैं। चल रही है, चल रही हैं। कोई मतलब नहीं है इन बातों का। आई आई कंप्लीटली डिमिस्टिफाई। कल ही तो आई है वो मिथ और फैक्ट वाली मेरी वीडियो। अभी भेजता हूं आपको देखना। अच्छा सर अब हमारे पास ना चाय और कॉफी है। बहुत लोगों का सवाल है। पेट खराब रहता है। चाय की गलती है या कॉफी की? बताओ। गलती किसी
(21:52) की नहीं है। फिर किसी की दोनों में कैफीन है। हम स्टिमुलेंट है। दिमाग के लिए हम चाय आपने देखा है कुछ लोगों को सुबह चाय या कॉफी पी के ही पॉटी आती है। सवाल तो पूछा नहीं। आपने आपका सवाल है। पूछो। पूछ लिया। बताओ। क्यों? क्योंकि आपकी इंटेस्टाइन पर कुछ रिसेप्टर होते हैं जिनको निकोटेनिक और मस्कनिक रिसेप्टर्स बोला जाता है। तो चाय, कॉफी, सिगरेट आपके निकोटेनिक रिसेप्टर्स पे काम करके उसे स्टिमुलेट करती है। तो बहुत लोग सुबह उठ के चाय सुट्टा पीते हैं। सिर्फ चाय पीते हैं। सिर्फ कॉफी पीते हैं। ये
(22:36) स्टिमुलेंट्स हैं आपके इंटेस्टाइन के लिए और आपके ब्रेन के लिए। बट मेडिकल साइंस में रिसर्च कहती है ब्लैक कॉफी विदाउट शुगर विदाउट मिल्क इज द ओनली सब्सटेंस व्हिच कैन डिॉल्व फैट फ्रॉम योर लिवर। इट इज अ प्लस फॉर द लिवर। बट फैटी लिवर इज अ लाइफस्टाइल प्रॉब्लम। तो ब्लैक कॉफी आपके लिवर से फैट तो हटा सकती है बट आपके लाइफस्ट को, एक्टिविटी को, एक्सरसाइज को और कैलोरी डेफिसिट में जरूरत से कम खाने को और डिसिप्लिन को रिप्लेस नहीं कर सकती। हमारी वायरल हुई थी अराउंड 100 मिलियन गई थी किसी पडकास्ट से काट के। तो उसमें बहुत सारे कमेंट्स आए थे भर-भर के। क्या बात थी
(23:21) कि ब्लैक कॉफी इज़ द ओनली सब्सटेंस कैन डिॉल्व फैट फ्रॉम यू लिवर। ठीक है? तो आपने बोला ब्लैक कॉफी लिवर के लिए अच्छी है। हम और ये कैसे पॉसिबल है? रिसर्च है। न्यू इंग्लैंड जनरल मेडिसिन में पब्लिश पेपर है। इसमें फ्लैबिनॉइड्स हैं। इसमें क्लोरोजेनिक एसिड है। फिर एक हमने एक और पडकास्ट में बोला कि ब्लैक कॉफी वो ज़हर है जो आपको लाइफ देती है। [हंसी] वो हुक बना बना के कितने लोगों ने रिएक्शन रील बनाई है। [हंसी] और पता है इनफ्लुएंस की एक और बात बताता हूं। वो मेरी रिएक्शन रील बना के मुझे डीएम करते हैं। [हंसी] भाई मेरे को क्यों भेज रहा है?
(24:04) [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैंने समझ लिया मेरे को भी भोज रहा है। आंसर इस कमेंट कर दो। [हंसी] [हंसी] तो ब्लैक कॉफी वो ज़हर है जो आपको लाइफ देता है। इसमें फ्लैबिनॉइड्स होते हैं। पूरे कट्टर कॉन्टेटर है क्या भाई साहब। [हंसी] कट्टर कॉन्ट क्रिएटर। ब्लैक कॉफी वो ज़हर है जो आपको लाइफ देता है। वाह क्या बात है। तो ओह माय गॉड। वाह वाह वाह। दही वो ज़हर है जो कि आपके बच्चे को जीवन भर हेल्दी रखेगा। [हंसी] राइट राइट राइट राइट राइट। तो एक सर एक सेकंड बीच में सवाल आया था। आई हैव गैस्ट्रिक एंड फैटी लिवर। मुझे ब्लैक कॉफी कब पीनी चाहिए?
(24:45) ब्लैक कॉफी पीनी चाहिए आपको। सुबह पहले ड्रिंक नहीं लेनी आपने क्योंकि सुबह कॉर्टिसोल ज्यादा होता है आपका ना। कॉर्टिसोल जो स्ट्रेस हॉर्मोन होता है नॉर्मली सुबह ज्यादा होता है। ब्लैक कॉफी थोड़ा कॉर्टिसोल बढ़ाती है। तो आपको सुबह फर्स्ट ड्रिंक नहीं लेनी। सुबह आप नॉर्मल ल्यूकॉम्म वाटर ले सकते हो। ब्रेकफास्ट ले सकते हो। और चाय और कॉफी में एक दिक्कत होती है। इसमें टैनिस होते हैं। इंडिया एक देश है जिसमें आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया बहुत कॉमन है। मैंने आपको बताया 25% मेल्स और 57% फीमेल्स इंडिया में आयरन डेफिशिएंट है। जो टैनिंस होते हैं वो आयरन
(25:13) अब्सॉर्प्शन को कम करते हैं। और हम एक वेजिटेरियन [नाक से की जाने वाली आवाज़] प्रिडोमिन पापुलेशन है। जो प्लांट बेस्ड आयरन होता है उसे नॉन हीम आयरन बोला जाता है। जो एनिमल बेस्ड आयरन होता है, नॉनवेज आयरन होता है, उसे हीम आयरन बोला जाता है। जो हीम आयरन होता है, उसकी अब्सॉर्प्शन पहले ही बेटर होती है। तो अगर कॉफी को आप खाने के बहुत पास लोगे जो खाने से आयरन मिलने वाला है वो भी कम हो जाएगा। तो आपको 2 घंटे का गैप देना है ब्रेकफास्ट के बाद। सुबह 11:00 बजे से लेके 4:00 बजे के बीच में आप आराम से 3:00 से चार कप ब्लैक कॉफी ले सकते हैं। 4:00 बजे के बाद
(25:42) मैं सिर्फ इसलिए मना कर रहा हूं। कुछ लोगों को ए्जायटी की दिक्कत होती है। नींद की दिक्कत हो जाती है कॉफी से। पर मैं अपने पेशेंट्स को बोलता हूं दो सिप से शुरू करिए। 10 दिन के लिए दो सिप पीजिए। 11वें दिन से 20वें दिन चार सिप पीजिए। 21वें दिन से 30 दिन तक छह सिप पीजिए। ऐसे करके तीन से चार कब तक पहुंची? देखिए बहुत कॉमनली मेरे पेशेंट्स आते हैं मेरे पास क्योंकि मैं लिवर का डॉक्टर हूं। डॉक्टर लिवर का डॉक्टर हूं। वो कहते हैं सर मैं ना सिंगल मोल्ड शराब पीता हूं। बहुत बढ़िया शराब होती है। तो इंसान की जर्नी में क्या होता है? शराब भी कोई अच्छी नहीं
(26:13) है। शराब एक्चुअल जहर है जो आपको मौत देती है। तो आपके पास पैसे आते हैं तो आप कहते हैं सिंगल मोल्ट अच्छी है। यह वाली मोल्ट अच्छी है। वो वाली मोल्ट अच्छी है। पर जो एक्वायर्ड टेस्ट एक्चुअली ब्लैक कॉफी का उससे आपको दिक्कत है। तो उसको जैसे आपने पहली बार जब अल्कोहल पी थी और आपको अच्छी नहीं लगी थी उसी तरह ब्लैक कॉफी पहली बार पी लो। आपको अच्छी नहीं लगेगी। फिर धीरे-धीरे बढ़ा लेंगे। जब साइंस प्रूव कर चुकी है कि वो अच्छी है तो आपको क्या दिक्कत है? बट उसे लाइफस्टाइल और कैलोरी डेफिसिट को रिप्लेस मत करो। उससे यह मत करो आधी बोतल विस्की रात को
(26:44) पियो और सुबह उठकर बोलो मैं ब्लैक कॉफी पी रहा हूं। मेरा लिवर ठीक हो जाएगा। हम तो पर सबसे इंपॉर्टेंट बात है चाय और कॉफी में आयरन अब्सॉर्प्शन गिर सकती है। तो आप मुझे बताओ एक वेजिटेरियन प्लांट बेस्ड आयरन अब्सॉर्प्शन कैसे बढ़ा सकता है? मिलेट्स कौन सा रागी? ओके। उसी को बढ़ाना है। एक हैक बता रहा हूं आपको। वेजिटेरियन इंसान को रागी आपने बहुत अच्छा बोला। एक और हमने इस पर रील अभी बनाई थी वो भी वायरल हुई थी। उपासना एक वो साउथ इंडियन एक्ट्रेस है जो एक बहुत बड़े एक्टर की वाइफ है उसने कुछ उस पर रिएक्शन नहीं बनाई थी हमने सदगुरु
(27:20) ने उसको बोला था रागी खाने को रागी आयरन रिच होती है वै गुड बट नहीं अपनी दाल में और प्रोटीन सोर्स में जो भी सोर्स है उसमें नींबू निचोड़िए विटामिन सी प्लांट बेस्ड आयरन की अब्सॉर्प्शन बढ़ाता है तो एक रील ले जा रहा हूं आपको तीन ऐसे फूड कॉम्बिनेशन जो आपको आज ही शुरू कर कर देनी चाहिए। साथ में लेने आपकी गट आपको थैंक यू बोलेगी। सबसे पहला स्पिनिज या दाल विद लेमन। दाल में आयरन होता है, प्रोटीन होता है। बट क्योंकि वेजिटेरियन सोर्स ऑफ आयरन है, नॉन ही आयरन है। उसकी अब्सॉर्प्शन कम होती है। जब आप नींबू निचोड़ते हैं, नींबू उसकी
(28:00) अब्सॉर्प्शन को बढ़ाता है। दूसरा कर्ड विद चिया और बेसिल सीड्स। कर्ड में होता है प्रोबायोटिक। चिया सीड्स एक कंप्लीट प्रोटीन है। इसमें सारे नौ एसेंशियल अमाइनो एसिड है और इसमें फाइबर है बहुत ज्यादा। जब आप प्रोबायोटिक फाइबर साथ में लेते हैं और कर्ड में हाइड्रेशन भी है तो आपको प्रोबायोटिक्स के साथ फाइबर मिलता है जो आपको ज्यादा देर तक फुल रखता है और अगर आप सुबह इसको ब्रेकफास्ट में लें 30 दिन के लिए लगातार आपको वेट लॉस होता हुआ भी नजर आएगा। और तीसरा है हल्दी विद ब्लैक पेपर। हल्दी में करकुमिन होता है जो बहुत स्ट्रांग एंटीऑक्सीडेंट है। पर अबजॉर्प्शन इसकी कम
(28:34) होती है। ब्लैक पेपर मिक्स करने से इसकी अब्सॉर्प्शन 2000 टाइम्स बेटर हो जाती है। राइट? क्या कॉफी और चाय हमारे डाइजेशन में प्रॉब्लम ला सकता है? न्यूट्रिएंट अब्सॉर्प्शन में ला सकता है। जैसा मैंने आपको बताया बट ओवरऑल नहीं लाता। ओके? जो दिन में चीनी मत डालिए। हमने एक रील बनाई थी शुगर इज़ द न्यू अल्कोहल। वो भी वायरल हुई थी और उसमें बहुत लोगों ने रिएक्शन बनाया था कि शुगर को अल्कोहल से कंपेयर कर दिया। वह मेटाफर था क्योंकि नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज चीनी से सबसे तेज होती है। इंडिया में चीनी वाली चाय पी पी के बहुत सारी फीमेल्स
(29:10) 50 साल की नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से जूझ रही हैं। जिससे सिरोसिस आज के टाइम पे मोस्ट कॉमन है। आदत पड़ गई है। चेंज नहीं कर पाते। क्या करें? कुछ और ले सकते हैं साथ में। चीनी नहीं डालनी बस। डालनी है। नहीं डालनी। थोड़ी सी नहीं डालनी। जैगरी भी नहीं डालनी, हनी भी नहीं डालना, कुछ भी मीठा नहीं डालना। आपको मीठा लेना है, फुल फ्रूट खाइए। होल फ्रूट। मीठा इरेडिकेट करना है हमें इंडिया। कितने बार दिन में चाय या कॉफी ले सकते हैं? दो से तीन कप पी लीजिए। एक ब्लैक कॉफी तो तीन से चार कप रिकमेंडेड है। जैसे अभी हमने ब्लैक कॉफी की बात करी जो
(29:44) दूध वाली चाय और दूध वाली कॉफी होती है। क्या वो सेफ होती है कट के लिए? हां कोई दिक्कत नहीं है। दूध देखिए ये नेचुरल लैक्टोज़ इनोलरेंस का मैकेनिज्म था इंडिया में जब मैं छोटा था, मैं मॉम डैड से पूछता था कि आप दूध क्यों नहीं पीते? आप चाय क्यों पीते? तो कहते भाता नहीं है। क्योंकि उम्र के साथ लैक्टोज़ इनटॉलरेंस डेवलप होती है। तो प्योर मिल्क इंसान नहीं ले पाता। हम जब पानी के साथ डाइल्यूट करके चाय या कॉफी लेता है तो उतना लैक्टोज़ [गला साफ़ करने की आवाज़] ले पाता है तो चलता है। पनीर और सोया। इसमें गट के लिए क्या अवॉइड करना चाहिए?
(30:13) सही टाइम अवॉयड नहीं करना। दोनों सही है। बहुत बढ़िया है। इससे मैन बूब्स नहीं होते। सोयाबीन से हम नहीं होते। एक प्लांट स्टडी थी जिसमें फाइटोस्टेरोल प्लांट ईस्ट्रोजन बढ़ता है खाने से। मेल्स में नहीं बढ़ता, ह्यूमंस में नहीं बढ़ता। बहुत बढ़िया प्रोटीन है ये। सारे नॉन एसेंशियल अमाइनो एसिड हैं। इसमें भी और इसमें भी बल्कि मुझे लगता है कि चीज भी रखना चाहिए था आपको यहां पे। सोयाबीन अगर जिसके मैनब है तो अब कुछ हो सकता है सोयाबीन खा के? नहीं। उसका कोई इफेक्ट ही नहीं है। अब तो जो हो गया। फैट लॉस फैट लॉस करना है हम हम राइट ये बहुत अच्छा है भाई दिस इज वेरी
(30:55) गुड ये दोनों आपके लिए बहुत अच्छे हैं वेजिटेरियंस के लिए तो बहुत ही अच्छे ये तो नॉनवेज है पनीर दूध से तो आया है तो गाय से आता है वो नहीं अगर अंडा वेज है तो ये वेज है और अंडा अगर नॉनवेज है तो नॉनवेज है [हंसी] सर आपने अलग ये हमारी अलग-अलग डिबेट शुरू हो जाएंगी मुझे मुझे आप ये बता दे आपको कमेंट चाहिए ना बढ़िया? [हंसी] [खांसने की आवाज़] अगर गट के लिए एक चुनना हो तो कौन सा चुनेंगे? मैं दोनों चुनूंगा। एक चुनना है। नहीं चुन रहा। पहले ही वेजिटेरियन बेचारे मेरे भाई बंधु परेशान है प्रोटीन से। अब इनमें से एक चुनना है। रात को पनीर खाना ठीक है।
(31:36) कोई दिक्कत नहीं है। बढ़िया खाओ। बस एक बहुत ज्यादा बटर और वो क्रीम डाल डाल के खोया डाल डाल के वो मत बनाओ इसका। स्वाद भी तो लेना है। वो शाही पनीर और पता नहीं कौन सा पनीर? वो सब मत करो इसके साथ प्लीज। बाकी सब ठीक है। वेस्ट दिल्ली टाइप मत बनाओ इसका चाप। [हंसी] नाम नाम भी [हंसी] बहुत तगड़े होते हैं चाप वालों के। देखे हैं आपने वो? वो खेत्रपाल हॉस्पिटल है ना उसके बाहर। नर्सिंग के बाहर वो जो लेन है। [हंसी] रात को जो चलती है। आप यहां पे अब देखो जेएल रोड में चापों का नाम है सनी चाप वाला। [हंसी] सनी सूप मत नाम में भी कोई कमी नहीं बेची छोड़ी हुई।
(32:16) मेरे में तो वो भी देखा है। नोरा फतेही चाप क्या? एक छोले भटूरे किंग छोले भटूरे। ओ माय गॉड। अब सर अब जो लास्ट है आज का सेगमेंट उसमें आता है मूंग दाल वर्सेस राजमा। इसमें गट के लिए ज्यादा अच्छा कौन सा आप बोलेंगे? नहीं मूंग दाल बहुत अच्छी है। हम राजमा आपको थोड़ा बहुत ब्लोटिंग एक्सेस गैस कर सकते हैं। तो दोनों में से अगर आप ब्लोटिंग गैस के लिए बोल रहे हैं तो मूंग दाल इज़ बेटर। बट बींस जो होते हैं राजमा इसमें प्रोटीन का कंटेंट हायर है। राजमा चावल कर्ड के साथ अगर आपको खा सकते हो तो बहुत बढ़िया है। मैंने सुना है रात को जैसे कई बार लोग
(32:53) बोलते हैं दाल मखनी नहीं खानी चाहिए और काफी लोगों को मेडिकलली मतलब प्रॉब्लम्स मैंने देखी भी हैं, सुनी भी है। ये कंप्लीटली डिपेंड करता है आप बना कैसे रहे हो। आपकी सारी हेल्थ किचन में है। ऑयल कितनी बार रिहटेड था। मतलब यह एक मेरा पॉस्टुलेट था। किसी फूड ब्रांड वाले से बात हो रही थी। इसने रेस्टोरेंट बनाया था। तो मैंने उससे पूछा था जब फूड डिलीवरी ऐप से आर्डर आता है तब सेम खाना डिलीवर होता है। सेम तरह प्रिपयर्ड होता है। तो उसने खुद बोला था नहीं हम प्रॉफिट मेकिंग बिज़नेस है ना हम तो अब कौन सा ऑइल यूज़ हो रहा है? कैसे बन रहा है? कितनी बार ऑयल कितनी बार रीहीटेड
(33:32) है? सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये रीटेड ऑइल्स है। राइट? राइट। एक ये कुछ सवाल है। ये हमारा सेगमेंट बहुत अच्छे से हुआ कि किसी ने पूछा है समी ने पूछा है कि बहुत अच्छा पडकास्ट था। एंड रियली लाइक इट। मैं इज टेकिंग आंवला बिट रूट जूस इन मॉर्निंग एम्प्टी स्टमक गुड फॉर हेल्थ एंड टेकिंग इट डेली कैन कॉज डैमेज इन किडनी और लिवर। मेरे लिए जो आंवला है सुबह-सुबह खाने से पेट में क्या असर पड़ता है? आप अगर ले सकते हो तो आराम से ले सकते हो। आप कोई दिक्कत नहीं है। आंवला मतलब कमर्शियल जूस नहीं होना चाहिए। अच्छी गट के लिए अगर मैं सिंपल सा सवाल आपसे पूछूं
(34:06) मुझे अच्छी गनी है सुबह उठ के खाली पेट क्या लेना चाहिए? लक वार्म वाटर पियो। बहुत बढ़िया है। नॉर्मल पानी पियो। मेरे को लगता है हाइड्रेशन सबसेेंट है मॉर्निंग में। टेंपरेचर भी छोड़ दो पानी का। पानी पियो आराम से। सबसे पहली चीज पानी होनी चाहिए। उसके बाद आपने चाय कॉफी लेनी है। ले लो। मैं आपको बोलूंगा फर्स्ट चीज इन द मॉर्निंग चाय कॉफी अवॉइड करिएगा। मतलब एसिड शॉक है आपके सिस्टम के लिए। प्लस सुबह कॉर्टिसॉल तो कॉफी बढ़ाती है। दैट मैं यह बोलूंगा और मैं आपको बोलूंगा बेस्ट ब्रेकफास्ट अगर आप ले सकते हो उसमें कर्ड होना चाहिए। उसमें फाइबर होना चाहिए।
(34:40) जैसे मेरा कर्ड और दो स्पून चिया सीड्स विद वाटर और दो से तीन एग्स हम मेरा [गला साफ़ करने की आवाज़] ब्रेकफास्ट है जो मुझे प्यार है इस ब्रेकफास्ट से। व्हनेवर आई ईट कर्ड मेरी थ्रोट खराब हो जाती है। इट गेट सोर। आई गेट कफ और डीसेंसिटाइजेशन इज़ द ओनली वे। लो डोज़ से सेंसिटाइज करिए। इस ये पर्सनल फूड सेंसिविटीज का यही तरीका है। पेट खराब होने से सर गर्मियां स्पेशली हो रही हैं। गर्मियों में लोगों बहुत होते हैं। गर्मियों में अंडे खाने चाहिए। मैं तो खाता नहीं। मुझे तो पता नहीं। कहते हैं ना गर्मियों में अंडे नहीं खाने चाहिए। गर्म होता है।
(35:13) आप मानते नहीं है। नहीं नहीं कोई तो थर्मिक इफेक्ट ऑफ़ प्रोटीन पे। मुझे आप ये बताइए कि जो छाले होते हैं लोग हैं वो कहते हैं पेट खराब है इसलिए छाले हो गए। ये सच है? मल्टीविटामिन डेफिशिएंसी होते हैं। B12 डेफिशिएंसी, आयरन डेफिशिएंसी, विटामिन डी3 डेफिशिएंसी में हो सकते हैं। आपको इवैलुएट होना चाहिए और कुछ अगर कुछ आप बहुत गर्म या बहुत स्पाइसी खा लो तो भी हो सकते हैं। मुझे सर एक बहुत सारी वुमेन देखती हैं और स्किन बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। मुझे आप ये बताइए ऐसे गट में क्या सिग्नल्स मिलते हैं बॉडी में जब पता चले कि भाई गट खराब है। फेस में स्पेशली क्या
(35:44) होने लगता है जिससे गठ का इशारा रहता है। देखिए कुछ तरह की स्किन प्रॉब्लम्स ग से रिलेटेड हो सकती है। जरूरी नहीं है वो हर एक्ने जरूरी नहीं है कि आपके गट से रिलेटेड हो बट साइंस ये कहती है गट स्किन एक्सिस नोन है जब आपके गट में बैड बैक्टीरिया होते हैं हम वो एलपीएस जो आपने बोला बनाते हैं जो एंडक्सिन होती है लीग ग से वो ब्लड में आते हैं हम और उनके [गला साफ़ करने की आवाज़] अगेंस्ट जब एक इम्यून रिएक्शन होता है तो आपको स्किन में एक्ने हो सकते हैं। सिर्फ एक्ने मेनली किसी ने लिखा हुआ मुझे मेरे मुंह पे पिगमेंटेशन है और मुझे लगता है कि गट
(36:16) हेल्थ की नहीं है नहीं है। पिगमेंटेशन का कुछ लेना देना नहीं है। मेलेनिन जो पिगमेंट होता है उसका रिलेशन है। इसका गट से कोई रिलेशन मेलेनिन तो वही होता है ना जितना कम होता है उतना इंसान गोरा होता है। एक तरह से बोल सकते हो वो आप उसकी बात कर रहे हो। क्या बोलते हैं उसको यार जो बिल्कुल गोरे होते हैं, भूरे बाल होते हैं। एल्बिनिज्म मेरे स्कूल की बायोलॉजी टीचर ने बताया था। [हंसी] मेलनिन इज द मेलनिन वो पिगमेंट आपकी स्किन पिगमेंटेशन के लिए राइट? रिस्पांसिबल होता है। राइट राइट? गट का ऐसा सीक्रेट जो आपको लगता है आपके सारे व्यूअर्स को पता होना
(36:47) चाहिए। द थ्री एफ्स फॉर गट हेल्थ एफ से फाइबर जो मैंने आपको बताया कितना लेना है सॉलीबल इनसॉलीबल का मिक्सचर एफ से फ्लूइड पानी 3 से 5 लीटर और एफ से फास्टिंग टाइम रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग करिए रात के 9:00 बजे से सुबह के मतलब एटलीस्ट रात के 12 घंटे कोई भी टाइम आपको अपनी बॉडी को रेस्ट देना है गट को राइट राइट राइट जब मैं पढ़ रहा था तो जब डाटा पढ़ा तो मुझे भी फील हुआ कि ये गट प्रॉब्लम जो है एक नेशनल इमरजेंसी क्यों बनता जा रहा है? 10 में से सात इंडियंस को गट की प्रॉब्लम है और उससे मुझे शॉकिंग बात ये लगी व्हिच आई कुड आल्सो रिलेट 80% भारतीय
(37:35) वो हैं जिनको पता है कि हम इसकी वजह से लाइफ में हमें प्रॉब्लम आएगी शायद मर भी जाए बट वो स्टिल उसको आज तक इग्नोर करते आ रहे हैं। व्हिच इज सो ट्रू। सो सबसे पहले जो गट प्रॉब्लम है वह एक नेशनल इमरजेंसी क्यों बनता जा रहा है? एक तो नंबर्स की वजह से जैसे आपने नंबर्स बोला इतने लोग परेशान हैं। दूसरा सिम्टोमेटोलॉजी बहुत हाई है। डिजीज से ज्यादा दिक्कतें हैं। जैसे ब्लोटिंग टॉप कंप्लेंट्स क्या है जो पेशेंट हमारे पास आते हैं। ब्लोटिंग हम कॉन्स्टिपेशन, एसिडिटी, पेट में दर्द। ये हो गया आपका लमिनल। अगर आप मतलब ऊपर से नीचे ज आपने खाना खाया और आपको पॉटी आई।
(38:19) इसके रास्ते में जो भी होलो ऑर्गन था ये उसकी कंप्लेंट्स हो गई। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] फिर सॉलिड ऑर्गन आगे से लिवर आ गया। तो फिर हो गया फैटी लिवर जो एक हर 40% इंडियंस को है। मतलब 40% इंडियंस को आज के टाइम पे फैटी लिवर है। अकॉर्डिंग टू दी नेशनल डाटा वी हैव। ठीक है? पहले लगता था फैटी लिवर सिर्फ अल्कोहल से होता है। हम अब हमें पता है कि फैटी लिवर अल्कोहल को क्रॉस करके डायबिटीज और ओबेसिटी में नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज होती है। वो क्रॉस कर चुकी है उसे। इंडिया में भी पहले सिर्फ वेस्ट में था। फैटी लिवर, गॉलस्टोन, पैंकक्रियाज रिलेटेड डायबिटीज
(38:52) और पैंकक्रिएटाइटिस ये आपके सॉलिड ऑर्गन डिजीज हो गई। तो यह हमारा स्पेक्ट्रम है। तो एक तो इतना बड़ा इतना बड़ा ऑर्गन है आपका ग। मतलब गट को आप एब्स्ट्रैक्टली मतलब पेश जनता को समझाने के लिए मान लीजिए कि आपका खाना मुंह में गया और जब तक पॉटी आई जो जो उसकी प्रोसेस में इन्वॉल्वड था चाहे वो लिवर के एंजाइम्स हैं, पैंकक्रियाज के एंजाइम्स हैं या वो स्मॉल इंटेस्टाइन है या वो लार्ज इंटेस्टाइन है। वो सारा आपका गट के लिए रिस्पांसिबल वो गट कहलाता है वो एक आम आदमी के लिए। ठीक है? तो अब दूसरा आप फिक्स सैलरी पर काम कर रहे हैं। बट वर्क
(39:30) फ्रॉम होम ने आवर्स को भी खत्म कर दिया है। तो स्ट्रेस लेवल्स बहुत ज्यादा हैं। वो गट पे आते हैं। गॉट इट। सो आपने जो बेसिक आईडिया दिया है कि जो मोस्टली प्रॉब्लम्स आ रही हैं क्यों गट टिश्यू बढ़ बढ़ता जा रहा है? फ्लोटिंग्स ये काफी बड़ा कारण है। सिर्फ ये नहीं है। मेंटल हेल्थ काफी बड़ा कारण है। बोलना गलत होगा। बोलना गलत होगा। क्या है? आपके हिसाब से मेजोरिटी ऑर्गेनिक बीमारियां जैसे जैसे गैस्ट्रोइसोफेजल रिफ्लेक्स डिजीज जीआरडी होती है। ओके जैसे आपके अ जो गट है उसमें खाना खाते हैं तो फूड पाइप में खाना जाता है। फूड पाइप आपके स्टमक से कनेक्टेड है।
(40:05) हम पेट में आपके एसिड बनता है जो नॉर्मल है। एसिड एक नॉर्मल चीज है जो बन बनती है आपके शरीर में। एसिड की कोई गलती नहीं है। एसिड आपकी आयरन अब्सॉर्प्शन के लिए जरूरी है। विटामिन बी12 अबजॉर्प्शन के लिए जरूरी है। कैल्शियम अब्सॉर्प्शन के लिए जरूरी है। मैग्नीशियम अबजॉर्प्शन के लिए जरूरी है। जिंक अब्सॉर्प्शन के लिए जरूरी है। प्रोटीन डाइजेशन के लिए जरूरी है। हम इन सबके लिए जरूरी है। तो एसिड की गलती नहीं है। बट इसी कारण से जो फूड पाइप और स्टमक के बीच में ढक्कन है जैसे लोअर रिसजल स्पिंटर हमारी भाषा में बोलते हैं एलईएस हम उसकी फंक्शनैलिटी खराब होती है तो एसिड
(40:37) ऊपर आता है। अब फूड पाइप एसिड को झेलने के लिए नहीं बनी। तो फूड पाइप में इंजरी होती है। इसे बोलते हैं जी ई आर डी। जी मतलब गैस्ट्रो पेट। ई मतलब इससोफ इससोफेजियल फूड पाइप। रिफ्लेक्स मतलब एसिड ऊपर आया डिजीज। ये हो गया। फिर पेट में अल्सर भी होते हैं लोगों के। पेट में इरोजंस भी होते हैं। इरोजन मतलब घाव। एच पाइलोरी एक बैक्टीरिया है जो बहुत कॉमन है इंडिया में। बहुत सारे लोगों को होता है। फिर मैल अबजॉर्प्शन होते हैं। आयरन डेफिशिएंसी इंडिया में 25% मेल्स को है। 57% फीमेल्स को है। विटामिन B12 मैल अब्सॉर्प्शन होता है। विटामिन B12 डेफिशिएंसी इंडिया में
(41:14) अराउंड 50 टू 60% लोगों को है। विटामिन D3 70 टू 90% लोगों को है। तो, यह सब मिला के एक काफी इंपॉर्टेंट दिक्कतें हैं। फिर आपका फैटी लिवर एक दिक्कत है। जो अब ये मेंटल हेल्थ इश्यूज नहीं है। ये एक्चुअल बीमारियां हैं। रियल बीमारी मेरा काम है इनको सेग्रगेट करना कि किसका मेंटल है और किसका रियल बीमारी है। और उसमें कुछ हम बेसिक टेस्ट भी करते हैं। बेसिक नॉन इन्वेसिव टेस्ट जो मैं काफी हमारी रील्स भी वायरल हुई कि ये चार टेस्ट अगर आपके नॉर्मल हैं तो आपको नॉर्मली आपका गट हेल्थ बिल्कुल ठीक है। राइट? वो चार टेस्ट क्या है जो आपने बताया लोगों
(41:49) को? कंप्लीट ब्लड काउंट। मैं चार सी से याद कराता हूं इनको लोगों को ना। ओके। सी फॉर कंप्लीट ब्लड काउंट। हम सी फॉर सीआरपी, सीरम सीआरपी सीएक्टिव प्रोटीन, सी फॉर सिलिया सिरोलॉजी जो ग्लूटेन एलर्जी वाला टेस्ट होता है और सी फॉर फीकल कैल्पोटक्टिन। अगर ये चार टेस्ट आपके नॉर्मल हैं तो मोटा-मोटा आपके मेजर ग हेल्थ प्रॉब्लम्स आपको नहीं है। मतलब गट हेल्थ डिजीज नहीं है। जैसे आईबीएस एक बहुत कॉमन डिजीज है। बहुत सारे पेशेंट्स आपने अगर हमारे कमेंट्स की बात कर रहे हैं। बहुत सारे पेशेंट लिखते हैं मुझे आईबीएस है। राइट? मैं आईबीएस पे आता हूं। पहला ना जीआरडी
(42:23) इंपॉर्टेंट है। आपने बताया कि जो एसिड है जो खाने से जब खाना खाते हैं एसिड बनता है वो इंपॉर्टेंट है। जरूरी है। बट जब वो एसिड वापस ऊपर आ जाता है तो ये जीईआरडी प्रॉब्लम होती है। ऊपर क्यों आता है? और वहां पे ऐसा क्या होता है कि बहुत सारे कारण हो सकते हैं इसके। स्ट्रेस एक कारण है। स्ट्रेस भी एक कारण है इसका। कैसे? बहुत सारे मैकेनिज्म्स हैं जिसमें स्ट्रेस ये कॉज करता है। जैसे मतलब डायरेक्ट डायरेक्ट कॉजिलिटी है स्ट्रेस की। ओवर ईटिंग, पुअर स्लीप और जब आप लेटते हैं तो ग्रेविटी का इफ़ेक्ट भी जाता है। देखिए एलएस जो मैं कह रहा हूं ढक्कन वो
(42:57) यूनडायरेक्शनल वाल्व है। समझ रहे हैं? जैसे आपका टायर होता है गाड़ी का। आप हवा भरते हैं। हवा अंदर जाने देता है। बाहर नहीं आने देता। इसी तरह ये ऊपर से नीचे खाना जाने देता है। नीचे से ऊपर नहीं आने देता। राइट? तभी वो नॉर्मल रहता है। तभी आपको और मेरे को एसिडिटी नहीं है। बट अब कोई बंदा बहुत स्ट्रेस में है। कॉफी ज्यादा पी रहा है। कॉफी के साथ निकोटीन डायरेक्ट डैमेज। एसिड प्रोडक्शन बढ़ाता है। सो, यह नोन चीजें हैं। स्ट्रेस, ओवर ईटिंग, ओबेसिटी, खाना खाते ही लेट जाना, खाना खाते ही मूवमेंट नहीं करना। अल्कोहल, निकोटीन, एक्सेस कॉफी, एक्सेस टी ये सब जीआरडी के
(43:33) प्रीडस्पोजिंग फैक्टर्स हैं। तो इसमें जब ये हुआ है मान लो मैंने ज्यादा कॉफी पी ली। सो जब हर इंसान को नहीं होगा। बॉडी टाइप पे डिपेंड करेगा। तो जब वो मैंने पिया है तो वो एसिड ऊपर कैसे जा रहा है? मतलब इसका ट्रिगर पॉइंट क्या है? यह सब रिलैक्स कर देता है ना लोअर रिसल्टर को। समझाओ थोड़ा लोअर फिंटर एक मसल है। हम वो रिलैक्स होती है ना इन चीजों से। पेपरमिंट से, कॉफ़ी से, चॉकलेट से, इन सब से यह भी रिलैक्स होता है। तो, रिलैक्स होता है, तो एकदम से ऊपर आता है। यह कॉन्ट्रैक्टेड रहता है। मतलब ये मसल है। अगर ये जैसे आपकी बाईसेप है,
(44:05) कॉन्ट्रैक्टेड है तो ये टाइट है। अब कुछ चीजें हैं जो इसे रिलैक्स कर रही है। जब ये रिलैक्स कर रहा है तो ऊपर एसिड आ रहा है। फिर एक और चीज होती है। कुछ लोगों में मसल वीकनेस की वजह से ये ऊपर शिफ्ट हो जाता है। ये ओल्ड एज में होता होगा। वहां ओल्ड एज में होता है। कुछ यंगस्टर्स में भी होता है। जो डायफ्राम है डायफ्राम समझते हैं एक पर्दा है जो लंग्स और पेट को अलग करता है। वो डायफ्राम इस फिटर को खींच के रखता है नीचे अपनी जगह पे। गॉट इट। कुछ लोगों में वो वो अपनी जगह से ऊपर आ जाता है जिसको हमारी भाषा में हाइटस हर्निया बोलते हैं। काफी लोगों को
(44:34) ये दिक्कत होती है जो हमारे क्लनिक्स में आते हैं। शायद नॉर्मल पब्लिक ना कनेक्ट करे इस वर्ड से। बट एच आई ए टी यू एस हर्निया। हरर्निया होता है मूवमेंट फ्रॉम दी नॉर्मल पोजीशन। हाइटस होता है ओपनिंग। तो ये सारी चीजें हैं जो जीआरडी में रोल प्ले करती हैं। मतलब मसल्स हो जाती है। अगर आप कोई जीआरडी का पेशेंट है उसे सबसेेंट चीज क्या बोलते हैं? वेट लूज करिए। ओके? एक्सेस कॉफी अवॉइड करिए, स्मोकिंग अवॉइड करिए, अल्कोहल अवॉइड करिए। ये पहले वो होते हैं। फिर होता है कि रात को आपने 3 घंटे का गैप रखना है खाना खाने में और लेटने में। और पोस्ट मील मूवमेंट जरूर
(45:04) रखनी है। 15 मिनट से आधा घंटा आपको चलना ही चलना है। ठीक है? एंड अगेन हेड एंड ऑफ द बेड हम एलिवेट कराते हैं रात को। क्योंकि इंसान जब लेटता है देखिए ग्रेविटी एक चीज है। ऊपर से नीचे चीज जाती है। नीचे से ऊपर आने से बचाती है जब आप सीधे हैं। आप लेट जाते हैं तो रिफ्लेक्स इजी हो जाता है। गॉट इट? तो हम हेड एंड जो आप सोए हुए हैं तो हेड को हम ऊपर एलिवेट कराते हैं। इसके सिम्टम्स क्या हैं? कैसे पता चले किसी को? जलन होती है छाती के बीच में। कुछ लोगों को मुंह में कड़वा पानी आता है। जो मोस्ट कॉमन सिम्टम जिसको हार्ट बर्न बोला जाता है हमारी भाषा में जो एक
(45:38) मिसनोमर है। मिसनोमर मतलब गलत चीज है। हार्ट नहीं बर्न हो रहा आपका। आपकी फूट पाइप बर्न होती है। सेंटर ऑफ द चेस्ट में बर्निंग होती है। हम काफी लोग बोलते भी हैं कि जलन सी हो रही है। छाती में लग रहा है। वो इस प्रॉब्लम से हो सकता है। गॉट इट। और मैं जो डाटा पढ़ रहा था जी ओ क्यू आईआई इंडिया फिट रिपोर्ट 204 ये बताता है कि हाफ ऑफ इंडिया इज ऑन द वर्ज ऑफ बीइंग क्लासिफाइड एज अनहेल्ी। दिस इज़ मतलब यह माइंड बॉगलिंग है जो यह स्टैट्स आ रहे हैं। अब मुझे यह नहीं पता था। अब जैसे मैं खुद भी जंक फूड खाता हूं। तो अब जब मैं पढ़ रहा था, मैं भी सोच रहा
(46:13) था कि क्या हो रहा है बॉडी में जो कि पता नहीं लग रहा। और फिर मुझे पता लगा कि जो पिज़्ज़ा, बर्गर, जंक फूड खाते हैं, जो चाय से बहुत एडिक्टेड होते हैं उनको सीबो की प्रॉब्लम होती है। हां, जरूरी नहीं है कि सीबो की प्रॉब्लम हो। सीबो का फुल फॉर्म है स्मॉल इंटेस्टाइनल बैक्टीरियल ओवर गग्रोथ। क्या है यह? अ बेसिकली क्या है कि आपका जो इसके लिए आपको माइक्रोबायोम समझना पड़ेगा। अ जीनोम समझते हैं क्या होता है? कलेक्शन ऑफ जींस हम आपकी लीवाइज और ब्रांड्स वाली जींस भी जी ई एन ई जींस राइट तो नहीं मैं बिल्कुल ही फिर उसमें चले गया ना मजा नहीं तो बहुत मजा आता है। बिल्कुल
(46:54) चले जाओ। ये जीरो से ही बता दूंगा फिर। हां हां तो कलेक्शन ऑफ योर जींस आधी जो मम्मी से आई आधी पापा से आई उसे जीनोम बोलते हैं। वो आपका और मेरा बिल्कुल अलग है। जेनेटिक्स हो गए। ठीक है? हम इसी तरह कलेक्शन ऑफ बैक्टीरिया इन योर इंटेस्टाइन को माइक्रोबायोम बोलते हैं। ये भी हर किसी का फिंगरप्रिंट है। अच्छा। हर किसी का अलग है। ओके। ये डिसाइड होता है आपकी पैदाइश से। हम आपकी मम्मी से आपका जो बर्थ हुआ वो वजाइनली हुआ या सिज़ेरियन सेक्शन से हुआ? क्योंकि सिज़ेरियन सेक्शन में स्किन वाले बैक्टीरिया आएंगे। वाजाइनली में वाइना वाले बैक्टीरिया आएंगे। हम फिर आप पैदा
(47:33) हुए आपको फर्स्ट मिल्क ऑफ योर मदर मिला कि नहीं मिला? इंडिया में एक बहुत बड़ी मिसकंसेप्शन है कि पहला मिल्क डिस्कार्ड कर दो मां का। जबकि वो सबसे हेल्दी चीज होती है। उसे कोलस्ट्रम बोलते हैं। मतलब इट इज़ कंसीडर्ड टू बी द बेस्ट। मतलब सबसे बेस्ट चीज अगर बच्चे को पैदा होते ही आप दे सकते हो तो मां का पहला दूध देना चाहिए। और इंडिया के गांव में और बहुत सारे अर्बन एरियाज में भी उसे डिस्कार्ड कर दिया जाता है। तो आपको वो मिला कि नहीं मिला? फिर एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज है कि इट इज अ रेकमेंडेशन कि 6 महीना एक्सक्लूसिव ब्रेस्ट फीडिंग होनी चाहिए
(48:03) बच्चे की। कि मां के दूध के अलावा कुछ भी नहीं मिलना चाहिए बच्चे को। तो 6 महीना ब्रेस्ट फीड हुआ बच्चा कि नहीं हुआ? ठीक है? पहली बार टॉप फीड कब मिली? टॉप फीड मतलब मां के दूध के अलावा पहली बार कम मिली। फिर एक्सपोज़र टू मड मिट्टी मिट्टी में खेला बच्चा नहीं खेला। ठीक है? फिर बच्चे ने बड़े होते हुए स्मोकिंग अल्कोहल का एक्सपोज़र हुआ नहीं हुआ। एंटीबायोटिक्स कितने खाए गए? बचपन से ले बड़े तक। ये सब डिसाइड करता है कि आपका माइक्रोबायोम कैसा होगा। ट्रिलियंस एंड ट्रिलियंस जो बैक्टीरिया है हमारे इंटेस्टाइन में। हम इनका [गला साफ़ करने की आवाज़] एक बैलेंस
(48:46) है। जैसे ये बैलेंस है गुड बैक्टीरिया बैड बैक्टीरिया। इसको बोलते हैं यू बायोसिस इंग्लिश में ईयू बी आई ओ एस आई एस हम इक्विलिब्रियम बिटवीन बैक्टीरिया यू बायोसिस हम [गला साफ़ करने की आवाज़] किसी कारण से अब इसका अब जो बैड बैक्टीरिया बैड बैक्टीरिया बैड पूरी तरह नहीं होते। बेसिकली कुछ ना इंटेस्टाइन में डिवीजंस हैं नेचुरल नेचर के दिए हुए कि यहां पे यही बैक्टीरिया ग्रो करेगा। जैसे पेट में एसिडिटी है तो एक ही बैक्टीरिया ग्रो कर सकता है। इसका नाम एच पाइलोरी है जो आपको दिक्कत भी देता है। इंडिया में कॉमन बीमारी भी कॉज करता है वो। स्मॉल
(49:22) इंटेस्टाइन में एरोब्स उगते हैं। एरोब्स समझते हैं आप? जैसे आप और मैं एरोब्स हैं। हमें जीने के लिए ऑक्सीजन चाहिए। ऐसे बैक्टीरिया जिन्हें जीने के लिए ऑक्सीजन चाहिए हो। लार्ज इंटेस्टाइन में एनरोब्स उगते हैं। एनरोब्स मतलब जिनको ऑक्सीजन नहीं चाहिए। यह इनकी नॉर्मल जगह है। अगर एनरोब्स स्मॉल इंटेस्टाइन में उगने लग जाएंगे तो इसे बोलेंगे सीबो। स्मॉल इंटेस्टाइन बैक्टीरियल लो ग्रोथ। पर उनको वहां उगने के लिए क्यों नहीं उग पाते स्मॉल इंटेस्टाइन में? क्योंकि स्मॉल इंटेस्टाइन में एक नॉर्मल प्रोसेस होती है जिसे बोलते हैं पेरिस्टालिसिस जो मूवमेंट
(49:59) होती है। स्मॉल इंटेस्टाइन में मूवमेंट की वजह से और क्योंकि गैस्ट्रिक एसिड आता है स्मॉल इंटेस्टाइन में। उसके रिस्पांस में पनक्रियाज अपना बहुत ही अल्कलाइन मतलब बहुत ही पीएच जिसका हाई होता है बहुत ही अल्कलाइन फ्लूइड बनाता है जिसकी वजह से एनरोब्स स्टेरलाइज हो जाते हैं। अब अगर कोई आपको मोटिलिटी डिसऑर्डर है जैसे डायबिटीज कुछ रेयर डिसऑर्डर इनका नाम नहीं लेना चाहता या आप एंटीबायोटिक्स बहुत ज्यादा खा रहे हैं या आप ऐसी दवाइयां खा रहे हैं जो आपकी गैस्ट्रिक एसिड को मार रही हैं तो स्मॉल इंटेस्टाइन में एनरोब्स उगने लग जाते हैं। इसे बोला जाता है
(50:31) एसआईबीओ स्मॉल इंटेस्टाइनल बैक्टीरियल ओवरग्रोथ। इसमें क्या होता है जो एनरोब्स हैं वो फर्मेंटिंग बैक्टीरिया होते हैं। वो जो आप खाते हैं उसे फर्मेंट करने लग जाते हैं। तो इन लोगों को ब्लोटिंग और एक्सेस गैसेस बहुत ज्यादा होती हैं। बट फिर भी मैं आपके चैनल के थ्रू एक बात लोगों को बताना चाहूंगा कि सीबो बहुत ही ओवर डायग्नोस हो रहा है बिकॉज़ ऑफ द इंटरनेट। इतना कॉमनली होता नहीं है जितना कॉमनली वो डायग्नोस्ड है। राइट? अब इसमें क्योंकि आपने बहुत सारी टेक्निकल टर्म्स यूज़ कर इसको थोड़ा सिंपलीफाई करते हैं। मुझे माइक्रो माइक्रोबायोम जो बताया आपने जो कि मां के
(51:02) बचपन से आता है और तो वो जो माइक्रोबायोम है उसका पर्पस क्या है? उससे होता क्या है? सर माइक्रोबायोम आपकी बहुत चीजों के लिए रिस्पांसिबल है। हां जैसे आपकी गट परमेबिलिटी ली गट उसके लिए रिस्पांसिबल है। मतलब आपकी गट के नॉर्मल देखो होता क्या है? फाइबर खाते हो आप हम सैलेड्स, वेजस, चिया सीड्स, ओट्स हम फाइबर पे गट बैक्टीरिया फीड करते हैं और एक सब्सटेंस बनाते हैं जिसे ब्यूटाइरेट बोला जाता है। यह ब्यूटाइरेट आपके चार कार्बन वाला जो एसिड है, इसे शॉर्ट चेन फैटी एसिड बोला जाता है। और यह आपकी गट के सेल्स की न्यूट्रिशन के लिए रिस्पांसिबल
(51:45) होता है। आपकी नॉर्मल गट लाइनिंग को मेंटेन करने के लिए इन बैक्टीरिया का बहुत बड़ा रोल है। माइक्रोबम का माइक्रोबम का। ओके? और ये ब्यूटाइरेट इन सेल्स के जंक्शन मतलब देखिए सेल्स है ना आपस में टाइट हैं। तो आपके गठ में जो गलत चीज बन रही है वो ब्लड में नहीं जा रही। सपोज बैड बैक्टीरिया ज्यादा ग्रो करेंगे तो इतना अच्छे से ब्लटाइरेट या पेट्रोल नहीं बनेगा आपके आपके गट के सेल्स का तो आपके गट के सेल्स लीक ही हो जाएंगे। और जो बैड बैक्टीरिया एंडक्सिन बनाएंगे या गंदी टॉक्सिन बनाएंगे वो ब्लड में जाएगी। मतलब इसको अगर मैं सिंपली बोलूं कि ग की जो
(52:22) लाइनिंग है बेसिकली ग को प्रोटेक्ट करने के लिए माइक्रोबायोम यूज़ होता है। बहुत जबरदस्त बहुत बहुत अच्छे से यूज़ होता है। और माइक्रोबायोम अभी इतना इवॉल्विंग कांसेप्ट है कि कुछ स्टडीज ऐसा भी कहती हैं कि आपकी फैटी लिवर गट माइक्रोबायोम से रिलेटेड है। आपके कुछ मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर्स अल्जाइमर्स, स्पार्किंसन ये भी गट माइक्रोबायोम से रिलेटेड हैं। और यह एवर इवॉल्विंग साइंस है। अभी भी इतना इजी नहीं है समझना। मैं तो सिंपलीफाई कर रहा हूं। बट ये एवर रिवॉल्विंग साइंस है। बट यस गट माइक्रोबायोम का बहुत बड़ा रोल है। और आपने क्योंकि सीबो बोला तो सीबो को
(52:56) समझने के लिए गट माइक्रोबायोम समझना बहुत जरूरी है। सीबो का मतलब सिंपल है। गलत जगह पे गलत बैक्टीरिया। राइट? माइक्रोबायोम जो आपने बताया ये क्या इसी को गट बैक्टीरिया बोलते हैं। हां, गट बैक्टीरिया फॉर्म द गट माइक्रोबायोम। कैसे? गट बैक्टीरिया माइक्रोबायोम कलेक्शन ऑफ़ बैक्टीरिया है। माइक्रोबायोम कलेक्शन ऑफ़ बैक्टीरियाज़ है। ओके। और ये जो बैक्टीरियास हैं ये बॉडी में बनते जा रहे हैं बचपन से हम और वो बेसिकली मेरा प्रीबायोटिक्स प्रोबायोटिक्स क्या होते हैं ये दही में रखा हुआ है ना आपने हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] इसमें लैक्टोबासिलस तो है
(53:31) हम बैक्टीरिया राइट राइट तो बेसिकली जो भी बैक्टीरिया हमारी बॉडी में आ रहे हैं तो ये क्या कांस्टेंटली इवॉल्व होता रहता है माइक्रोबायो हां चेंज हो सकता है ना चेंज हो सकता है बट रिसेट हो जाता है जनरली एक बेस एक बेसिक लेवल होता है उसका वो जो बचपन से आ रहा है मां से आ रहा है बट आप एंटीबायोटिक खाते रहोगे तो गुड बैक्टीरिया जो है वो ज्यादा सेंसिटिव होते हैं हम बैड बैक्टीरिया से तो जैसे ही गुड बैक्टीरिया ज्यादा मरेंगे इसीलिए एंटीबायोटिक खा के डायरिया भी तो होता है एंटीबायोटिक एसोसिएटेड डायरिया माइक्रोबोम खराब कब होने लग जाता है यही
(53:59) आप एक्सटर्नल फैक्टर स्मोकिंग अल्कोहल ओबेसिटी अ मोटापा हो गया सिडेंटरी लाइफस्टाइल एक्सरसाइज मिनिमम हो गई एक्सेसिव एंटीबायोटिक्स ये सब खराब करता है राइट उसकी लाइनिंग खराब कर रहा है बेसिकली गॉट इट तो अब मुझे आप ये बताइए इसका जो हमने सीबो की बात की थी तो सीबो का इससे क्या लिंक था? क्या उसमें बेसिक उसमें उस सीबो की प्रॉब्लम कहां पर आती है? और क्यों आती है? सीबो की प्रॉब्लम आती है जब आपके स्मॉल इंटेस्टाइन में लार्ज इंटेस्टाइन वाले बैक्टीरिया ग्रो करने लग जाते हैं। ओके? सिम्टम्स क्या होते हैं इसके? ब्लोटिंग, एक्सेस गैसेस, अ क्या कहते हैं? एब्डोमिनल
(54:37) पेन। राइट? ये सब कॉमन सिम्टम्स होते हैं। तो जब सीबो खराब होता है तब माइक्रोबायोम भी खराब होता है। हां माइक्रोबायोम के इमंबैलेंस मतलब गुड बैक्टीरिया बैड बैक्टीरिया के इमंबैलेंस से ही तो सीबो हो रहा है। गॉट इट गॉट इट। बेसिकली ये गट है तो गट की अगर लाइनिंग में मेरे माइक्रो बायोम है तो अगर ये अगर बेसिकली एक लड़ाई में अंदर कोई जा रहा है तो ये तोड़ी है दीवार तभी तो अंदर गया है तो तभी सीबो होता है। हां सीबो आप समझ आप थोड़ा सा यह समझिए कि एक आपके घर पे मैंने कब्जा कर लिया ना हम तो वो सीबो है मेरा घर तो था ही हम [गला साफ़ करने की आवाज़]
(55:08) मैंने आपको आपके घर से निकाल दिया और आपके घर पे कब्जा कर लिया क्योंकि मोटापा हो रहा था जो भी हो रहा था कारण जो भी था चाहे एंटीबायोटिक्स थे चाहे जो भी था मेरे पास कोई भी बंदूक थी वो रख के मैंने आपको घर से निकाल के आपके घर में घुस गया इसी तरह जो लार्ज इंटेस्टाइन का बैक्टीरिया था वो स्मॉल इंटेस्टाइन में घुस गया कुछ बाहर से किया गया जिसकी वजह से ये बैलेंस खराब हो गया। अच्छा ये कैसे अब जैसे इसमें भी ब्लोटिंग बोला। अब ब्लोटिंग काफी प्रॉब्लम से लिंक किया जाता है। अब हम स्पेसिफिक कैसे अब अगर कोई अभी जानना चाहे कि मुझे सीबो की
(55:35) प्रॉब्लम है कि नहीं? जैसे आप भी बता रहे हैं कि इतना है नहीं जितना हो रहा है तो कोई क्या चीज है जिससे कि क्लियरली पता चले कि लैक्टोज़ हाइड्रोजन ब्रेथ टेस्ट। ये एक ब्रेथ टेस्ट होता है। सांस लेने वाला टेस्ट होता है। और सॉल्यूशन पिलाया जाता है। अच्छा। क्योंकि वो एनरोब्स उसे तोड़ते हैं और आपकी ब्रेथ में वापस आता है। अच्छा। हाइड्रोजन आपकी ब्रेथ में आता है। लैक्टोज़ फर्मेंट हो के। घर पे कोई कर सकता है कुछ ऐसा है जिससे पता लग? नहीं नहीं। भाई कुछ तो कहीं तो आना ही पड़ेगा। कहीं तो जाना पड़ेगा। सीबो क्या कोई पोइजन रिलीज करता है जिसका नाम एलपीएस
(56:03) है? लाइपोपॉलीसैक्राइड मैंने आपको बताया तो हम टॉक्सिन हां उसको साइंटिफिकली एलपीएस बोलते हैं। लाइपोपलीसैक्राइड। ओके। क्या कैसे आता है ये? बैड बैक्टीरिया बनाते हैं। जब बैड बैक्टीरिया मैंने आपको बता दिया। सीबो का मतलब है बैड बैक्टीरिया की जीत हो गई। गुड बैक्टीरिया। हां। अब मेरे घर के अंदर आ गए। हां। हां। अब अब जो नॉर्मली गुड बैक्टीरिया बैलेंस करके गुड बैक्टीरिया का पदार्थ बन रहा था वो तो बन नहीं रहा पर बैड बैक्टीरिया का बन रहा है हम्म बैड बैक्टीरिया जो पदार्थ बनाते हैं ये ग्राम नेगेटिव बैक्टीरिया होते हैं जिसको एंडक्सिन बोला जाता है नॉर्मल भाषा में
(56:35) एलपीएस लाइपोपॉलीसैक्राइड होता है जो उसका केमिकल है एंडक्सिन का तो ये लीग कट कराता है ये लाइपोपॉलीसैक्राइड आपके ब्लड में जाता है तो सिस्टेमिक एंडोक्सिममिया मतलब इंफेक्शन की तरह काम करता है उसके अगेंस्ट आपकी इम्युनिटी काम करती है तो यह आपकी इम्यूनिटी एक इम्यून रिस्पांस उस बैड बैक्टीरिया के पदार्थ के अगेंस्ट मतलब एक इम्यून चैलेंज को इम्यूनिटी का रिस्पांस आता है उसके अगेंस्ट तो एलपीएस जो आप बोल रहे हैं वो बैड बैक्टीरिया की टॉक्सिन कहलाती है। गॉट इट। और वो जो टॉक्सिन है जहां पर जाती है वहां पर वो प्रॉब्लम हो जाती है।
(57:15) राइट? ब्लड में जाएगी तो होगी ना। टॉक्सिन है वो। कहां-कहां क्या-क्या मेजरली जैसे जो पेशेंट्स आते हैं आपके पास जिस पे एलपीएस की प्रॉब्लम होती है। कहां-कहां इशूज़ हो रहे होते हैं? सर कुछ एक्ने हो सकता है फूड रिलेटेड। ओके। जैसे आप कुछ लोग होते हैं इनके बैड बैक्टीरिया ज्यादा ग्रो करते हैं तो उनको एक्ने हो सकते हैं ग रिलेट जैसे गट स्किन एक्सेस बोलते हैं हम फिर ये टॉक्सिन आपकी फैटी लिवर भी कराती है जो मैंने आपको जैसे बताया ये स्टडीज हैं कि गट [गला साफ़ करने की आवाज़] माइक्रोबायोम और गट बैक्टीरिया के इमंबैलेंस से हम आपको फैटी लिवर भी होता है।
(57:46) राइट? तो ये सब चीजें हैं राइट? जो प्ले करती हैं एक रोल। ब्लड बैक्टीरिया को नेचुरली कैसे बूस्ट कर सकते हैं? दही द बेस्ट प्रोबायोटिक इन द वर्ल्ड हम और और कुछ दही के अलावा फाइबर दो तरह का फाइबर होता है हम जो बहुत जरूरी है सॉलीबल फाइबर और इनसॉलीबल फाइबर ओके सॉललीबल फाइबर आपके पानी में घुल जाता है जेल बनाता है जैसे इसबगोल सलेमस्क या चिया सीड्स या फ्लैक्स सीड्स या ओट्स फ्रूट्स एप्पल यह आपकी की स्टमक में जाता है। अगर आप पानी ढंग से पी रहे हैं, जेल बनाता है। आपको हेल्प करता है। आपके आपके जैसे ही
(58:33) जिस स्पीड से आपका शुगर बढ़ना होता है, उसको रोकता है। ओके? आपके फैटी एसिड को बाइंड करके कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की स्पीड को कम करता है। और इनसॉलीबल फाइबर आपके गट बैक्टीरिया को फीड करता है। गुड गट बैक्टीरिया को ग्रो करवाता है। ब्यूटाइरेट बनवाता है और झाड़ू की तरह आपके इंटेस्टाइन को साफ करता है। तो फाइबर बहुत इंपॉर्टेंट पावर है। फाइबर ना आपकी बॉडी के अंदर नहीं जाता। फाइबर बना ही आपके गट बैक्टीरिया के लिए। क्या-क्या खाते हैं के लिए बोलते हो? हाई फाइबर डाइट के लिए। सॉल्युलीबल फाइबर मैंने आपको बताया। हां। ईसब गोल उसको साइलमस्क बोला जाता है।
(59:10) चिया रोज पी सकते हैं। ये सब गोल। अच्छा देखो मेडिकलली किसी भी चीज की जो मेडिसिनल वैल्यू होती है उसको कभी भी हम ऐसे नहीं बोलते कि आप हर रोज ले लो। ठीक है? मतलब हर पेश प्रिस्रिप्शन एक अलग चीज है। अवेयरनेस एक अलग चीज है। चिया सीड्स [गला साफ़ करने की आवाज़] आप रोज ले सकते हैं क्योंकि वो फूड है। ये सब गोल पूरी तरह फूड नहीं है। ओके। ओके। फूड एडवाइस करूंगा। आपको फाइबर लेना है ना आप। दो एप्पल हर रोज लीजिए। पढ़ा है ना आपके पास में? हम बिल्कुल लाल रखा है हमने। तो दो एप्पल लीजिए। आप ग्रेप्स में बहुत अच्छा फाइबर है। हम राइट? आप गु्वावा लीजिए सर। मतलब गु्वावा
(59:45) इतना ज्यादा सिंपल फ्रूट है जो इतना अंडर रेटेड है मतलब उसमें इतना ज्यादा विटामिन सी है राइट ब्लू बेरी आपको फैंसी लगता है पर विटामिंस सी तो आपके गु्वावा में ज्यादा है हम तो आप ये कर लीजिए दो एप्पल एक क्या कहते हैं एक गु्वावा एक ऑरेंज हम आपको काफी फाइबर मिलेगा एक ग्रीन लीफ वेजिटेबल हर रोज ले लीजिए कोई भी आप क्या लेते हो सुबह मैं तो मेरा तो फेवरेट टू एग्स विद कर्ड एंड चिया सीड्स। मेरा फेवरेट ब्रेकफास्ट है। मैंने अराउंड 40 kg वेट लॉस किया है खा के तीन साल में। ये 110 किलो था। हां जी। मतलब इन द सेंस दैट दैट ब्रेकफास्ट हैज़ गिवन मी अ लॉट ऑफ़
(1:00:27) पावर। क्योंकि प्रोटीन है उसमें फाइबर है। तो होता क्या है कि जब आप प्रोटीन और फाइबर और प्रोबायोटिक साथ में लेते हो तो बेसिकली आपको फुलनेस बहुत टाइम के लिए मिलती है। हम तो शुगर क्रैश नहीं होता। सपोज मैं कोई ऐसी चीज ले लूं जो बहुत ज्यादा कार्ब लोडेड है हम तो एकदम क्या होता है शुगर स्पाइक करता है हम और एकदम से क्रैश करता है तो एकदम जैसे आलू पराठे खा के आ गया मैं हम तो मुझे 11:00 बजे एक दोबारा भूख लगेगी अगर मैंने 8 9:00 बजे खाया तो पेट भर के कुछ ना कुछ खाने का मन करेगा स्नैकिंग होगी क्यों बिकॉज़ वो एकदम से शुगर स्पाइक करेगा आ जाओ पराठा हां मतलब पूरा ही कार्ब
(1:01:07) हो गया ना भरभ के हां और फिर एकदम से वह जैसे ही आपकी शुगर जो स्पाइक करी है वह फॉल करेगी आपको भूख लगेगी। फाइबर के साथ क्योंकि आपका अब्सॉर्प्शन धीरे हो जाता है हर चीज का तो वो जो शुगर स्पाइक होती है वो डिलेड होती है और डिलेड नीचे आती है तो फुलनेस ज्यादा टाइम के लिए मिलती है। पर ऐसे तो काफी देर से लोग यही बोलते रहे हैं कि ब्रेकफास्ट हमेशा हैवी होना चाहिए। फिर लंच को लाइट खाओ फिर डिनर को और लाइट खाओ। बिल्कुल मैं मना नहीं कर रहा। मैं मतलब आप अगर मेरा ब्रेकफास्ट देखोगे तो अच्छा खासा हैवी है। हम और लंच में क्या लेते हो फिर?
(1:01:42) डिपेंड करता है कितना टाइम मिला मेरे को। कल क्या लिया? कल मैंने लंच नहीं किया। कल मैंने डिनर किया। नहीं मुझे टाइम नहीं मिला। मैं एक्चुअली काफी बिजी था। मतलब वही है डिपेंड करता है क्योंकि डॉक्टर्स आर द पुरेस्ट पेशेंट्स। क्योंकि हम मरीजों का ख्याल रखते रखते अपना नहीं रख पाते। टाइम देखते हो? किस चीज का? कितने बजे डिनर कर रहे हो? ब्रेकफास्ट कर रहे हो? ब्रेकफास्ट तो सही टाइम पे होता है मेरा। अ 7:30 8 ओके ब्रेकफास्ट सही टाइम पे होता है। लंच का पता नहीं होता मेरे को। और डिनर डिनर 8:39 8:39 और कई बार 10:00 बज जाते हैं कई बार 11:00
(1:02:14) बजते हैं। वो डिपेंड करता है कि मैं शाम को क्लीनिक से कितने बजे फ्री हुआ। तो मंडे सैटरडे थोड़ा लेट हो जाता है। जैसे आज सैटरडे है तो आज लेट हो जाएगा। ट्यूसडे, वेडनेसडे थोड़ा ओपडी लाइट होती है मिड वीक तो उस दिन ठीक रहता है। थर्सडे मैं काम नहीं करता शाम को तो उस दिन 7:00 बजे कर लेता हूं। तो थोड़ा सा इरेटिक रहता है और शाम को मैं अपनी डॉटर के साथ स्विमिंग जाता हूं तो उस पे भी डिपेंड करता है मैं गया नहीं गया। तो बहुत इरेटिक रहता है। बट मतलब आई ईट हेल्दी नाउ आई रीच दैट ज़ोन इन लाइफ जहां पे काफी जब मैं अपने को इस्टैब्लिश कर रहा था ना
(1:02:45) बॉस फील्ड में तब मैंने कुछ नहीं देखा। तो इसीलिए मैंने वेट गेन किया दबा के। तब तो यह था कि जो आ रहा है आने दो। कभी फूड डिलीवरी ऐप से बर्गर आ रहे हैं, कभी पिज़्ज़ा आ रहे हैं। क्योंकि उस टाइम पे था 15 मिनट में क्या खा सकता हूं मैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अब थोड़ा ज्यादा ध्यान जाता है क्योंकि अब लगता है कि नहीं मतलब आई हैव टू टेक केयर ऑफ मसेल्फ मतलब अपना ध्यान रखना पड़ेगा तो ठीक है मतलब कोई दिक्कत नहीं है तो आप मेरे ब्रेकफास्ट लंच डिनर में मत जाओ बट मैं आपको चीज सही बताऊंगा तो मेरा मानना यह है कि आप कार्ब जरूर लीजिए मतलब मैं ये
(1:03:15) नहीं कह रहा कि मत लीजिए कॉम्प्लेक्स कार्ब्स बहुत अच्छे हैं आपके लिए फ्रूट्स बहुत अच्छे हैं उसमें भी बहुत कुछ है बट फाइबर और प्रोटीन एक्चुअली इंडिया में डेफिशिएंट है 70 70% इंडिया फाइबर डेफिशिएंट है। प्रोटीन तो भूल ही जाओ। राइट? राइट। हम आएंगे फूड के सेक्शन पे आएंगे। मुझे आप ये बताइए कि ऐसा क्यों कहते हैं कि 70% 70% जो हमारा इम्यून सिस्टम होता है वो ग में होता है। होता है। व्हाई? क्या कनेक्शन है इम्यून सिस्टम का और ग का? आपके ग बैक्टीरिया ही इम्यूनिटी का बहुत बड़ा पार्ट है। और सबसे पहला बैरियर ही एक्सटर्नल वर्ल्ड का सबसे
(1:03:52) पहले स्किन है। उसका जो भी गंध आप डाल रहे हो जो भी गंध आप मुंह में डाल रहे हो वह उससे क्या बचा रहा है आपको? पहला लाइन ऑफ डिफेंस ही आपका पेट आ गया ना। पेट का एसिड क्या करता है? गंदे बैक्टीरिया को भी तो मारता है। तो भी तो इम्यून सिस्टम है। इम्यून सिस्टम का मतलब क्या है? पहले आप मुझे समझाइए। आपकी बॉडी का प्रोटेक्शन मैकेनिज्म बाहर की गंदगी से। आप शराब पी रहे हो। सबसे पहले किसको इंजरी मिल रही है? पेट को। स्मॉल इंटेस्टाइन को। फिर लिवर को। ये सारे गट के पार्ट हैं। आप गंदा खाना खा रहे हो। सबसे पहले कौन उसे टैकल कर रहा है? आपकी घट। तो डेफिनेटली
(1:04:29) इम्यूनिटी का बहुत बड़ा रोल है। फिर एक चीज होती है जिसे लोकल म्यूकोसल इम्यूनिटी बोलते हैं। आपके इंटेस्टाइन में ऐसे म्यूको ऐसे सेल्स हैं जो एंटीबॉडीज बनाते हैं उन गंदे पदार्थों के अगेंस्ट। तो डेफिनेटली आपके गट के अंदर बहुत ही स्ट्रांग इम्यून डिफेंस मैकेनिज्म है जो बहुत कॉम्प्लेक्स लेवल पे आपको प्रोटेक्ट करता है। जब हम बोलते हैं हमारे ग के अंदर एक मैकेनिज्म है इम्यूनिटी का तो इसको हम बोलते हैं कि क्या मतलब इम्यूनिटी को हम बैक्टीरिया से रिप्रेजेंट कर रहे हैं कि बैक्टीरिया एक एक पार्ट है आपके इम्यूनिटी का उस गट इम्यूनिटी गट में जो इम्यून
(1:05:10) इम्यून सिस्टम है उसमें बैक्टीरिया का अपना रोल है इम्यून सेल्स का अपना रोल है एसिड का अपना रोल है जो आपकी लाइनिंग है उसका अपना रोल है ये कॉम्प्लेक्स मल्टीलेयर्ड मैकेनिज्म है आपके जो ऊपर वाले ने भगवान ने या फिर नेचर ने आपको बना के दिया है। गट में इम्यून सिस्टम का मतलब क्या होता है? आपकी गट का वो पार्ट जो आपको एक्सटर्नल एनवायरमेंट की गंदगी से बचा रहा है। इज इट अ विज़िबल ऑर्गन नो। ओके। मतलब माइक्रोस्कोपिक है। इसको हम बैक्टीरिया बोलेंगे। जैसे आप बोल रहे हो बैक्टीरिया के अलावा भी है। तो इलावा क्या है? बैरियर भी तो है। लाइनिंग जो कह रहे हो
(1:05:53) हां एसिड भी है। एसिड भी इम्युनिटी का पार्ट है। आपके पेट में जो एसिड है वो भी तो कितने सारे बैक्टीरिया को मारता है जो आप खाते हैं। ओके गॉट इट। अब मुझे समझ आया बेसिकली इम्युनिटी हो गया जो भी हमें एक बॉडी में कुछ भी जो गलत हो रहा है उससे बचा रही है उसको हम उसको हम इम्यूनिटी बोलते हैं। करेक्ट। राइट? और मेजरली जो इम्युनिटी होता है वो हमारा गट में होता है। मतलब हां एक मेजर पार्ट उस इम्यूनिटी का गट में है। जब हम बोलते हैं इम्यूनिटी खराब हो रही है जल्दी बीमार हो जाता है। इसका क्या मतलब है? अ [गला साफ़ करने की आवाज़] ओवर सिंपलीफाइड चीजें हैं ये। ऐसे नहीं
(1:06:28) होता। इम्यूनिटी ऐसे खराब नहीं होती। तो कैसे खराब होती है? पर्टिकुलरली पर्टिकुलर बीमारियां होती हैं जिसमें इम्यून सिस्टम खराब होता है। इसको इम्यूनो कॉकम्प्रोमाइज स्टेट बोलते हैं। ऐसे नहीं इम्यूनिटी खराब होती। चलते फिरते आदमी कि मैंने बोल दिया इम्यून सिस्टम खराब हो गया मेरा या मैं ग्लूटेन एलर्जिक हूं। हम या मुझे सीबो है। ऐसे नहीं होता। यह ओवर सिंपलीफाइड है। हेल्थ एक बहुत कॉम्प्लेक्स चीज है। इतना इजी नहीं है कि मुझे चार दिन में जुकाम हो रहा है तो मेरी इम्युनिटी कमजोर है। हम ऐसा नहीं होता। बल्कि इम्यूनिटी हर इंसान
(1:06:56) की नॉर्मल होती है। अनलेस एंड अंटिल आपको कुछ डिसऑर्डर्स होते हैं जिनकी मैं बात ही नहीं करना चाहता। क्योंकि हम वेलनेस की तरफ रहना चाहते हैं। हेल्थ की तरफ रहना चाहते हैं। वो रेयर भी हैं और ऐसे डिसऑर्डर्स हैं जो आपकी इम्युनिटी को पूरी तरह मार देते हैं। वो एक डिफरेंट बॉल गेम होती है। गॉट इट। इम्यूनिटी में अ बी सेल्स और टी सेल्स क्या रोल प्ले करते हैं? बी सेल्स एंटीबॉडीज बनाते हैं। मेनली बैक्टीरिया के अगेंस्ट एक्सटर्नल बैक्टीरिया के अगेंस्ट वो इम्यूनिटी प्रोवाइड करते हैं। टी सेल्स सेल मीडिएट इम्यूनिटी का पार्ट होते हैं। जो टी सेल्स
(1:07:27) होते हैं वो वायरसेस के अगेंस्ट अटैक करते हैं। मेनली अगर मैं सिंपलीफाई कर पाऊं अपने लिसनर्स के लिए तो और सिंपलीफाई करो थोड़ा। बैक्टीरिया आया वो एक एंटीजन एंटीबॉडी समझते हैं आप? मैंने सर इंजीनियरिंग किया था। अ बेसिकली डिफरेंट काइंड ऑफ गंदगी को टैकल करने के डिफरेंट हथियार हैं शरीर के। और ये गट में होते हैं। होते हैं। बी सेल भी होते हैं, टी सेल भी होते हैं। ओके? मैं वहां तक जाना नहीं चाह रहा था क्योंकि आप जिस मॉलिक्यूलर लेवल पर आप बात कर रहे हो ना यह बहुत ज्यादा एडवांस्ड साइंस है। आज तक मुझे किसी मैं कम से कम 25वां पडकास्ट
(1:08:10) होगा। किसी ने 20 बी सेल टी सेल की बात नहीं करी है। और मैं चाहता भी नहीं हूं हम इसके बारे में ज्यादा बात करें क्योंकि ये बहुत ही ज्यादा कॉम्प्लेक्स है फॉर एनीवन मतलब इवन फॉर आवर डिस्कशन व्यूअर्स को तो छोड़ो। बट ऑनेस्टली मैं बताऊं अगर मुझे क्या लगता है इंडियन पॉडकास्ट इवॉल्व कर रहे हैं अगर आप इंटरनेशनल पॉडकास्ट देखेंगे उसमें ऐसीऐसी बातें करते हैं जो आगे 10 साल के लिए होते हैं। नहीं मुझे कोई दिक्कत नहीं है। राइट आई आई हैव नो इशू टॉकिंग अबाउट इट। मैं तो आपको टी मुझे समझ मुझे बहुत मजा आ रहा है। ऑनेस्टली मैं तो टीएच वन टीएच टू भी आपको डिवाइड कर
(1:08:36) दूंगा। सी टी सेल भी दो तरह के होते हैं। सीडी फोर्स मुझे नहीं मैं आपको वैसे बता रहा हूं। मतलब मुझे पता है आप वो कर सकते हैं। बट माय आईडिया इज कि जो शायद आगे मतलब मैं जब भी हम रिकॉर्ड करते हैं। मेरा आईडिया होता है 10 साल बाद क्या कोई देख सकता है ये? आई थिंक लाइक दिस। सो अब जो मैंने जैसे आपको बताया जो ऑलरेडी डिस्कस कर दिया है माय आईडिया वास नॉट टू डिस्कस। नहीं नहीं बिल्कुल सही है। सो आई अंडरस्टैंड आई अंडरस्टैंड कंप्लीटली या बट वही है कि आपने सवाल जो पूछा वो इतना अच्छा है। इतना साइंटिफिक है कि किसी एमबीबीएस के बच्चे से ही पूछा जा सकता है
(1:09:02) जो पढ़ाई कर रहा है। कि बी सेल और टी सेल क्या करता है? तो मैं आपको वही बता रहा हूं। इसको ना नाम दिया था इम्युनिटी के दो पार्ट होते हैं। सेल मीडिएटेड इम्यूनिटी और ह्यूमोरल इम्यूनिटी। हम जो ह्यूमोरल इम्यूनिटी है वो बी सेल बनाता है। जो एंटीबॉडीज बनती हैं। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] जो वैक्सीनेशन होती है ना हम वो एंटीबॉडी जो बनती है बी सेल बनाता है। फिर क्या होता है? बी सेल एक मेमोरी सेल में कन्वर्ट हो जाता है। मतलब प्लाज्मा सेल में बी सेल का एडवांस फॉर्म होता है प्लाज्मा सेल जो एंटीबॉडीज बनाता है। राइट? राइट? टी सेल सेल मीडिएट इम्युनिटी
(1:09:35) वायरसेस के अगेंस्ट काम करता है। एचआईवी सुना है आपने? उसके अगेंस्ट जो इम्युनिटी होती है वो टी सेल बनाता है। ओके? बी सेल टी सेल दोनों होते हैं। गट में भी होते हैं, बाहर भी होते हैं। अगर इसको मैं बेसिकली ऐसे समझूं कि अगर फॉर एग्जांपल अ मुझे बुखार हो रहा है। एक बैक्टीरिया मेरे गठ में आ रहा है। तो इम्यूनिटी के भी यह जो बैक्टीरिया है बी सेल और टी सेल ये जाते हैं और उससे लड़ते हैं और उसको डिॉल्व करने की कोशिश करते हैं। ऐसा समझ सकते हैं? यस सीज फायर होगी दोनों के बीच में। सीज फायर और या तो कोई जीतेगा या दोस्ती होगी। अब ये जीतना और हारना कैसे तय होता है?
(1:10:04) ताकत पे। और इंटेंसिटी कैसे पता चलती है? रिएक्शन आएगा आपकी बॉडी में। फीवर आएगा। इम्यूनिटी का रिस्पांस होता है। फीवर जब भी आता है आपको वो इम्यून रिस्पांस ही तो है। मेरे पूछने का मतलब यह है फीवर आया मतलब बी सेल या टी सेल कोई हारा सही बोलूं नहीं क्यों अभी तो हमने बोला इम्युनिटी से वो लड़ रहे हैं तो फीवर जब आएगा तो इम्युनिटी जीत रही है ना लड़ाई इम्युनिटी तो हारेगी ना जब फीवर आ रहा है नहीं क्यों ये तो स्ट्रंग इम्युनिटी का मतलब क्या हुआ फिर स्टंग इम्यूनिटी का मतलब क्या हुआ मैं जब बोलता हूं मेरी इम्युनिटी स्ट्रंग है जब हम बोलते हैं बाहर जो बच्चे हैं आप
(1:10:41) देखो जो अंडर बच्चे हैं वो बाहर ऐसी गर्मी में भी पैदल चल देते हैं तो हम बोलते हैं भाई इनका इम्युनिटी अंदर का सिस्टम बहुत स्ट्रंग है। वो क्यों स्टंग हुआ? तो जब आपने बोला एंटी वैक्सीनेशन होता है और इससे जो लड़ता है बी सेल और टी सेल तो वो उनसे लड़ रहा है। उनको प्रोटेक्ट कर रहा है। वैक्सीन के बाद आप आपकी शादी नहीं हुई ना? नहीं नहीं मेरी शादी नहीं हुई। मतलब आपकी फैमिली में बड़ा भाई बहन है कोई? नहीं। आपके एक्सटेंडेड फैमिली में बच्चे हैं कोई? हम मतलब उनको वैक्सीन लगी? हम वैक्सीन के बाद फीवर आता है। तो वैक्सीन लगने के बाद जब फीवर आता है तो
(1:11:12) वो इम्यूनिटी हारती है कि जीतती है? फीवर आना इम्यूनिटी के रिस्पांस का मार्कर है। अगर आपका इम्यून सिस्टम वीक होगा तो फीवर नहीं आएगा। ओ ओ दिस इज वेरी इंटरेस्टिंग। वेरी इंटरेस्टिंग हम [गला साफ़ करने की आवाज़] फीवर वो साइटोकाइन से आता है जो आपकी इम्यूनिटी बनाती है। मतलब किसी को अगर बुखार हो रहा है मतलब इम्यूनिटी सही है। यस। वो इम्यून का इम्यून सिस्टम का मार्कर है। वो इम्यून एक्टिविटी का मार्कर है दोस्तों। अच्छा अब मुझे ये बताइए इम्यूुनिटी हारती कब है? बी सेल टीएस हारेंगे कब? और कैसे पता चलता है? क्या हुआ है किसी को जो बॉडी में वो फील फील कर
(1:11:51) रहा है? काफी काफी अच्छे से समझा सकता हूं आपको। कोलरा का नाम सुना है आपने? हम पहले बहुत कॉमनली होता है। पानी से होता है ना? हम हां। इनफेक्टेड पानी से होता है। हम तो इंसान के क्या सिम्टम होते हैं? 25 बार बिल्कुल पानी जैसी लूज स्टूल आए। हम आपने इस टूल में देखा कोलरा बैक्टीरिया दिखा तो कैसे आया आपको 25 बार ये लूज टूल क्योंकि कोलरा बैक्टीरिया जीत गया अब आपने पानी पूरी खाई जो पानी पूरी वाला था वो अपनी अभी-अभी बिग जॉब करके आया था उसके हाथ में उसके उसने हाथ भी नहीं धोए थे नेल्स में उसके वो थे मतलब अपने पॉटी के कण थे उसने वो पानी [हंसी] के अंदर
(1:12:37) डाला और स्वाद बहुत आ रहा है। आपने खा लिया तो आपको हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई हो गया। आपको ज्डिस हो गया तो इम्युनिटी हार गई। हम पर [गला साफ़ करने की आवाज़] चार लोगों ने खाया था। एक ही को हुआ हम बाकी तीन को तो और ज्यादा टेस्टी लगे। वो वो तो दोबारा उसी के पास जा रहे हैं। तो उन तीन की इम्युनिटी ने उसके बिग जॉब के बैक्टीरिया को हरा दिया। वायरस को हरा दिया। एक नहीं हरा पाया। राइट? गॉट इट? अब समझ आया? अब मुझे यहां पे अब अब इसके आगे हम और चलते हैं। एक हारा और तीन जीते। राइट? वह जो एक की इम्युनिटी हारी है, उसकी इम्युनिटी क्यों
(1:13:11) हारी? यह कोई नहीं बता सकता आपको। ये कोई नहीं बता सकता। अब हेपेटाइटिस ए अगर हुआ तो उसकी वैक्सीन नहीं लगी थी। कहते हैं एक बार चिकन पॉक्स हर किसी को होता है। दोबारा नहीं होता। क्यों नहीं होता? ये तो कहते। क्यों नहीं होता दोबारा? होता है।स्टर होता है। रीएक्टिवेशन होती है। इसका मतलब होता है चिकन पॉक्स वो वायरस है जो आपकी बॉडी के इम्यून सिस्टम को एक बार एक्सपोज हो जाता है। तो आपकी मेमोरी होती है। एक इम्यून सिस्टम का बहुत इंपॉर्टेंट कैटेगरी होती है। इस पे वैक्सीनेशन डिपेंडेंट है। इसको बोलते हैं मेमोरी। ये वाली चीज मैंने पहले देखी हुई है।
(1:13:48) नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर क्या हो सकता है? विटामिन सी है आपका नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर। एक्चुअली ना मैं आपको दूसरी बात बता देता हूं। अगर कोई आपको आप आर यू आस्किंग फॉर फूड्स? यस विटामिन सी रिच फूड्स जैसे लेमन, आंवला, ऑरेंज, ग्वावा ये हैं। बहुत बढ़िया इम्युनिटी बूस्टिंग फूड्स हैं। बट अगेन एक नॉर्मल इंसान को सिर्फ खाना इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए देने की जरूरत नहीं है। इम्यूनिटी बूस्टिंग के चक्कर में जो सप्लीमेंट्स बिकते हैं, वह बहुत बड़ा स्कैम है। अश्वगंधा, मुलेठी अश्वगंधा प्रूवन है। इट्स अ हिपेटोटॉक्सिक एजेंट। हिपेटॉक्सिक
(1:14:28) समझते हैं? सर पर पीछे इतने लोग खाते रहे हैं वह तो बिलकुल ठीक रहे हैं। अश्वगंधा आप रिसर्च आर्टिकल पढ़िए सर। इतने सारे हैं। सर आपकी मदर भी तो आयुर्वेदिक डॉक्टर थी। मैंने नहीं बताया। उन्होंने क्या बताया? वो तो कहती है कभी मत लेना गलती से भी। अश्वगंधा क्यों? सर अश्वगंधा आप पढ़िए पेपर। और उसमें कितनी मरकरी है और कितना ज्यादा वो रूट है ना वो कितना उसे अब्सॉर्ब करता है। कितनी हैवी मेटल टॉक्सिन इंजरी हुई है। लिवर इंजरी हुई है। कॉम्प्लीमेंट्री अल्टरनेटिव मेडिसिन ड्रग इंड्यूस्ड लिवर इंजरी काफी बड़ा कॉज है इंडिया में। काफी बड़ा तो
(1:14:59) पहले जो लोग खाते रहे हैं जो बोलते हैं पुराने पूर्वज खाते रहे हैं तो वो क्यों खाते थे फिर? कुछ तो वजह होगी वहां पर साइंटिफिक नहीं है। साइंटिफिक बिल्कुल नहीं है। मेरे कितने सारे डॉक्टर हैं जो आयुर्वेदिक डॉक्टर्स हैं होम्योपैथिक डॉक्टर्स हैं। मेरे को दिखाते हैं। वो खुद कहते हैं उनको खुद विश्वास नहीं है अपनी साइंस में। तो मैं आपको जो बता रहा हूं वो प्योर मैं रिसर्च आर्टिकल आपको खोल के पढ़ा सकता हूं अभी कि कितने रिसर्च आर्टिकल हैं कि कितना कितने लोगों को लिवर इंजरी, कितने लोगों को ये सब हुआ है इसकी वजह से। राइट? तो आप
(1:15:29) जो रेकमेंड कर रहे हैं आप बोल रहे हैं विटामिन सी खाओ। नींबू ले लो और विटामिन सी रिच फ्रूट्स खाइए फाइट फ्रूट्स कौन से कौन से हैं बताओ इसमें विटामिन सी वाले विटामिन सी रिच गोवा पड़ा है आपके पास गोवावा नहीं गोवा खा सकते हैं ऑरेंज ऑरेंज लेमन आंवला राइट बहुत है राइट ये पता लग सकता है किसी को कि उसकी इम्युनिटी कमजोर हो रही है नहीं हो रही कमजोर अगर ये बीमारी हो रही है जो इंफेक्शियस डिजीजसेस है तभी पता चल रहा है गॉट इट मैं पढ़ रहा था अबाउट किम कार्टिशन बिलिनेियर्स ये स्टेम सेल थेरेपी लेते हैं और जो स्टेम सेल थेरेपी है मुझे
(1:16:06) पता चला कि ये जो बॉडी के डैमेज्ड ऑर्गन्स हैं इसको ठीक कर सकते हैं। यस इस रिसर्च चल रही है इस पे प्रूवन नहीं हुआ है। स्टेम सेल होता क्या है मुझे ये समझना पड़ेगा। हां और इसका गट से क्या लेना देना है मुझे वो भी आप बताइए। अ स्टेम सेल वो सेल है जो किसी भी सेल में कन्वर्ट हो सकते हैं। एग्जांपल टी सेल बन जाएगा। स्टेम सेल पूरा इंसान बन सकता है। जो आपका जाइगोट है जब जाइगोट क्या होता है? धीरे-धीरे एक आदमी की औरत की शादी होती है। हां जी। सेक्सुअल इंटरकोर्स होता है। जी बच्चा पैदा होने की स्टार्टिंग होती है। हां। जो इनिशियल बच्चा फॉर्मेशन होती है जब
(1:16:46) प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आता है वो कलेक्शन ऑफ स्टेम सेल्स होती है। स्टेम सेल एक लीनिएज है। रीजनरेटिव सेल है वो। जब अभी पूरी बॉडी बनी है वो स्टार्ट स्टेम सेल से हुई थी। जब बच्चा मां के पेट में है या जब बच्चा बाहर आ गया? नहीं। नहीं मां के पेट से जब स्टार्टिंग है जब बच्चा क्रिएट हो रहा है पेट के अंदर तब वो स्टेम सेल्स बन रहे हैं। स्टेम सेल्स स्टार्टिंग पॉइंट है उसका। मतलब एक अगर बीज है तो उसी से वो बच्चा आ रहा है। वो बीज है। स्टेम सेल बीज है। एक्जेक्टली। अच्छा। देखिए बात क्या है? स्टेम सेल थेरेपी की जो आप बात कर रहे हैं। काफी
(1:17:26) रिसर्च है इस पे। जैसे सपोज कोई चीज मर गई है। जैसे कहते हैं डायबिटीज में 90% पनक्रियाज इवेंचुअली डैमेज हो जाता है। तो अब मुझे नए पनक्रियाटिक सेल चाहिए। तो ऐसी स्टडीज चल रही हैं दुनिया में जो अभी तक इस्टैब्लिश नहीं हो पाई है कि हम ऐसे स्टेम सेल्स पनक्रियाज में डाल पाए कि वो नए सेल बना दे। ये आएंगे कहां से स्टेम सेल्स? जेनेटिकली इंजीनियर्ड यही तो रिसर्च है कि कैसे बनेंगे। एक्चुअली नेचुरल स्टेम सेल तो वो था ना जो हमारा बच्चा था। हां। अब क्या है कि स्टेम सेल्स रीजनरेटिव कैपेसिटी रखते हैं। रीजनरेटिव मेडिसिन का
(1:18:11) पार्ट है ये। एजिंग को रिवर्स कर सकते हैं स्टेम सेल्स। वो पर अभी तक यह इस्टैब्लिश नहीं हुआ है। पर मतलब ये लोग तो बोलते हैं हमने लिया और हमें बड़ा फर्क पड़ा। वो क्या बोलते हैं फिर? कौन बोलता है? ये जो इन्फ्लुएंसर्स हैं ये काफी कुछ बिलियर्स एंड पीपल आर स्पेंडिंग मिलियंस कुछ बेच रहे होंगे यार। इन्फ्लुएंसरर का काम तो बेचना है ही ना। कुछ बेच रहे होंगे। बट नहीं स्टडी हो रही है। रिसर्च हो रही है। कुछ तो दम है। इस्टैब्लिश नहीं है अभी तक। बट हो तो रहा है। नहीं रिसर्च चल रही है। बिल्कुल चल रही है। बट स्टेम सेल जो बना था बच्चे से
(1:18:43) वह मर नहीं जाता जब बच्चा बड़ा हो जाता है। नहीं मतलब मर जाता है। वो डिफरेंशिएट होता ना अनडिफरेंशिएटेड सेल है सर। तो वो बॉडी में ही रहता है। नहीं नहीं आप समझिए मेरी बात को। एक अन डिफरेंशिएशन समझते हैं आप। डिवीजन डिवीजन डिवीजन डिवीजन डिवीजन जितना सेल डिवाइड होते जाता है ना उतना अपने एंड के पास पहुंचते रहता है। अपने एंड के पास मतलब डेथ सेल डेथ तो होती है ना तो ये स्टेम आपका स्किन टर्नओवर भी होता है। आप समझ नहीं रहे बात को। हम पैदा हुए। हां। हमारे कुछ सेल्स रास्ते में मर जाते हैं। कुछ सेल नहीं मरते। कुछ सेल चलते रहते हैं। स्टेम सेल एक
(1:19:18) अनडिफरेंशिएटेड सेल है। उससे मल्टीपल लीनेजेस निकलती हैं। समझ रहे हैं? हम चाहते हैं पर्टिकुलरली जो स्टेम सेल की बात होती है, वह जो रिसर्च है अगर आप पढ़ेंगे, वह डायबिटीज़ में सबसे ज्यादा है। कि हम ऐसे जेनेटिकल इंजीनियर्ड स्टेम सेल बना पाए कि पैंक्रियास को रीजेनरेट करा पाएं। बना पाए का मतलब क्या है? कहां बनेंगे? लैब्स में जेनेटिकल इंजीनियर्ड। इंजीनियरिंग करके। ओके। ओके। सोचा, आईवीएस सुना है आपने? आईवीएस सुना है? सुना है। वो क्या है? स्टेम सेल क्रिएशन ही तो है। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] बस उसमें मां का अंडा और आदमी का स्पर्म
(1:20:00) लिया जाता है। इसमें सब कुछ इंजीनियर्ड है। बेसिकली लैब्स में ये एक सेल बनेगा और जिस बॉडी जहां भी ऑर्गन खराब हो रहा है जैसे पैंकक्रियास की आपने एग्जांपल दी। अगर वो 90% खराब हो चुका है तो ये स्टेम सेल अगर वहां पे इंजेक्ट कर देंगे तो वो वहां पर रीजनरेट कर देगा और वो ऑर्गन ठीक हो जाएगा। यस दैट्स दैट्स द एम आईडिया। ये ऐ है। ये एंड गेम है कि अगर ऐसा हमने कर दिया तो ये होगा असली बायो हैकिंग जो सबसे बड़ा स्कैम बनाया हुआ है जनता ने कि मैं बायो हैकर हूं। बायो हैकर क्या है? स्कैम है। 100% स्कैमर है जो भी कह रहा है मैं बायो हैकर हूं। साइंटिफिकली तो मतलब मेरे
(1:20:33) से डिस्कशन भी नहीं कर सकता वो। कैसे क्या होता है बायो हैकिंग? क्या होता? बायोकिंग नहीं बोलते कि मैं लोंगेटिविटी एक्सपर्ट हूं कि मैं बताऊंगा 100 साल कैसे जिओगे। हां हां हां यह ब्राइन जॉनसन बोल तो रहा है। आपने देखा उसको मतलब इसका पूरी इसके बारे में तो मैं पढ़ रहा था। वो ही स्पेंडिंग अबाउट $2 मिलियन इयरली और वो कहता है दैट मैन स्पेंडिंग मैन स्पेंडिंग एवरीथिंग टू नॉट डाई। स्पेंड्स $ मिलियन ईयरली। दिन में 100 पिल्स लेता है। जीन थेरेपी कराता है। स्टेम सेल्स इंजेक्शंस लेता है। रेड लाइट थेरेपी लेता है और ब्लड टेस्टिंग
(1:21:07) लेता है। ये कहता है कि मैं ऐसा कुछ क्रिएट कर रहा हूं। कर दे भाई। कर दे। मतलब इट है देखो यार ये सुनने में, बोलने में बहुत अच्छा लगता है। सच नहीं है। नहीं हो सकता। अभी तो नहीं है। हो नहीं हो तो कुछ भी सकता है यार। हमने कहां सोचा था? आप जब बड़े हो रहे थे, मैंने तो फोन में नहीं देखा था। मैंने तो पेजर का जमाना देखा है। हम तो जितना हम जितना किसी भी इंसान ने सोचा था उससे ज्यादा हम 25 साल में ग्रो कर गए। तो नहीं हो सकता नहीं बोल सकता मैं। पर अभी इसका कोई सर पैर नहीं है स्टेम सेल का। स्टेम सेल अभी कुछ इस्टैब्लिश थेरेपी
(1:21:40) नहीं है। रेड लाइट थेरेपी बायो हैकिंग कुछ भी इस्टैब्लिश नहीं है। राइट? राइट? बायो हैकिंग को भी आप नहीं मानते। जो एक एक हावर्ड के साइंटिस्ट थे डेविड सिंक्लेयर वो बता रहे थे कि डेथ इनविटेबल नहीं है। पर अगर हम मतलब इसको हम स्लो डाउन कर सकते हैं बाय यूजिंग सप्लीमेंट्स लाइक एनmn एंड एनएडी प्लस डू यू थिंक इट्स पॉसिबल सर अभी तक तो देखिए मैं आपको दूसरी बात बताता हूं। मैं ना इमोशनल बंदे से ज्यादा एक साइंटिफिक बंदा हूं। आपको पी वैल्यू लेस दैन 0.
(1:22:18) 05 से मल्टीपल मेटा एनालिसिस से कोई चीज इस्टैब्लिश करके गाइडलाइंस में लाना पड़ेगा। मेरे को एविडेंस बेस्ड मेडिसिन के स्टूडेंट को कन्विंस करने के लिए। नहीं नहीं सर मैं कन्विंस तो कर ही नहीं रहा। नहीं नहीं मैंने पूछा हारवर्ड के साइंटिस्ट नहीं मानता मेरे कहने का मतलब हार्व्ट नहीं ये सब रिसर्च ये सब रिसर्च का पार्ट हैं। देखो सर अनंसर्ड क्वेश्चंस है ना। हमने इतनी हेल्थ को आगे बढ़ा दिया हम कि हम मौत पे कब्जा चाहते हैं। राइट? सही है। ईलॉन मस बोलता तो है। तो हम मौत पे कब्जा चाहते हैं। उस पे काम चल रहा है। अब कब्जा होगा कि नहीं होगा? वो रब जानता है।
(1:22:51) आपने पढ़ा है लोंजिविटी कैसे लोग कह रहे हैं कि मरेंगे नहीं। एज रिवर्सल कैसे पॉसिबल है एज रिवर्सल? आप मुझे बताइए एजिंग होती क्या है? अगर आप इतने सेलर मैकेनिज्म पे जा रहे हो। पहले तो यार यू आर एन अमेजिंग पॉडकास्टर। मतलब ये मुझे रिसर्च नहीं पता किसकी है? मतलब ऑनेस्टली बट द काइंड ऑफ क्वेश्चन यू आर आस्किंग इज जेनुइनली हंबलिंग टू द कोर। थैंक यू रियली अप्रिशिएट। अब मुझे बताओ एजिंग कैसे होती है? आप मुझे उस उस जर्नी ऑफ़ बेसिक साइंसेस में लेके जा रहे हो जो जिसका मैं एक्सपर्ट हूं। कैसे एजिंग होती है? कैसे एजिंग होती है बताओ।
(1:23:20) आप जो बातें कर रहे हो ना उसका कोर बेसिस पूछ रहा हूं मैं आपसे। सर मेरे को कोर बेसिस नहीं पता। अब देखो मैं बता रहा हूं। सेलर के साथ सेल में ना डीएनए होता है। हम डीएनए के एंड पे हम एक एक फ्रेगमेंट होता है डीएनए का इसका नाम होता है टिलोमियर टी ई एल ई टी ई एल ओ एम ई आर ई हम [गहरी सांस लेने की आवाज़] ठीक है इस टिलोमियर की लेंथ विद एजिंग कम होती जाती है कम होती जाती है कम होती जाती है कम होती जाती है कम होती जाती है पर एक मैकेनिज्म होता है सेल के पास जिसे कहते हैं टिलोमरेज टी ई एल ओ एम एम ई आर ए एस ई जो इसकी लेंथ को लंबा रखती है। लंबा रखती है। लंबा रखती
(1:24:08) है। लंबा रखती है। लंबा रखती है। बट सेल के पास एक चेक पॉइंट होता है। इससे कम लेंथ होगी टिलोमियर की तो वो सिग्नल दे देगा बॉडी को कि इस सेल को मार दो। इस प्रोसेस को बोला जाता है एपोपोसिस। ए पी ओ पी टी ओ एस आई एस। एपोप्टोसिस नेचुरल डेथ ऑफ सेल का मैकेनिज्म है। अब आपको इस सेल को अमर करना है। आपको पता है नेचुरली ये सेल अमर हो जाता है। जब उसका टिलोमरेज इतना तेज हो जाता है कि वो उसकी टिलोमियर की लेंथ को छोटा होने नहीं देता। अब सेल के मरने के लिए टिलोमियर की लेंथ एक क्रिटिकल लेंथ से कम चाहिए। जिसको टिलोमरेज प्रिवेंट करता है। अब टिलोमरेज
(1:24:56) परपेचुअली एक्टिव हो गया और टिलोमियर की लेंथ कम नहीं हो रही। यह सेल अमर हो गया। इस इस कंडीशन को क्या बोलते हैं? क्या बोलते हैं इस कंडीशन को? कैंसर। जो कैंसर सेल होता है वो नहीं मरता। समझ रहे हैं आप मेरी बात? अब हमारी साइंस वहां जाना चाहती है जहां पर कैंसर की तरह हम अमर हो जाएं। बट कैंसर ना हो। जैसे हमने वैक्सीन के साथ किया। अब वो क्वेश्चनेबल है कि यह हो पाएगा कि नहीं हो पाएगा। आप जो सारी बातें कर रहे हो ये ऑन दैट जर्नी ऑफ रिसर्च है। तो जो एंटी एजिंग की बात हो रही है वो इसी सेल पे वो काम कर रहे हैं। यही काम है जो
(1:25:40) बेसिस है वो यही है। यही है। एक्सैक्टली। राइट? वो उस सेल के उस टिलोमियर की लेंथ को मेंटेन करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह लेंथ मेंटेन हो जाए पर कैंसर ना हो। जो एक्चुअल टिलोमरेज एक्टिवेशन है नेचुरल जो अगर हमारी रॉबिनस टेक्स्ट बुक ऑफ पैथोलॉजी में आप जाओगे जहां की आप बात कर रहे हो तो यह एजिंग का कांसेप्ट है और अगर एपोपॉसिस जो नेचुरल सेल डेथ है जैसे आपको पता होगा आपकी आप गोवा गए हो या किसी बीच डेस्टिनेशन पे टैन हो के आते हो आप [गला साफ़ करने की आवाज़] पर वो टैनिंग चली जाती है क्योंकि साइकिलिंग है ना आपके सेल की आपके स्किन
(1:26:18) के सेल्स भी डाई करते हैं नए आते हैं अब स्किन कैंसर भी हो सकता है किसी को कि मरे ही ना हो वो हम तो जब वो टिलोमियर की लेंथ छोटी होती है तभी तो वो सिग्नल जाता है। तो ये मैकेनिज्म है उस चीज का। बेसिकली वो एंटी एजिंग ये है कि वो जो टी टिलोमीटर क्या बोलते हैं? टिलोमीयर टिलोमीियर। तो बेसिकली जो टी टिलोमीियर है उसकी लेंथ को मेंटेन करके रखना है। यही एंटी एजिंग का पूरा दिस इज़ द प्रोसेस ऑफ़ एंटी एजिंग। अभी तक कितना अचीव हुआ है इनसे? मतलब साइंटिस्ट सर इस्टैब्लिश्ड नहीं है। कितना अचीव हुआ ये कोई नहीं बता सकता। इन्हीं को पता है
(1:26:52) जो एक्चुअली हावर्ड के लोग सिंक्ले साहब का आपने नाम लिया एक ही एक ही बंदा है क्योंकि मेरे को तो इनका नाम नहीं पता है पर आपकी रिसर्च बहुत अच्छी है तो आई गिव इन टू दैट जो आप इनका नाम ले रहे हैं इनको पता होगा ये कहां तक पहुंचा है ये बट ऐसा कुछ ग्राउंड ब्रेकिंग नहीं हुआ है कि मैं बोल दूं अभी ऐसा कुछ हो गया है गॉट इट अब मतलब मैं आपको ना मतलब देखिए अगर मैं सिंपल लाइफ की बात करूं और सिंपल लोगों की बात करूं हमारे भारतीय लोगों की बात करूं तो अगर आप उन अपनी सेहत चाहते हैं तो इन बायो हैकर और इन सब चीजों से थोड़ा सा डिस्टेंस मेंटेन करें और इसमें पैसे ना
(1:27:18) खर्चें अपना हार्ड अर्न पैसा ना खर्चें हम राइट पर्टिकुलरली उन लोगों से बात कर रहा हूं जो मेहनत करके मेरी तरह सुबह से लेके रात तक 14 घंटा काम करके अपना फैमिली चला रहे हैं। उस पैसे को कहीं अपने फ्यूचर के लिए यूज़ कर लें। कुछ दो म्यूच्यूल फंड एक्स्ट्रा खरीद लें। तो बेटर होगा रादर देन इस अब इस टाइम पे इस चीज में पढ़ने से। राइट? अब जैसे इनिशियली आप अभी आईबीएस की बात कर रहे थे। अह मैं पढ़ रहा था कि 15% इनक्रीस हुआ है आईबीएस में विथ लास्ट फाइव इयर्स। और मेजर रीज़न इसका स्ट्रेस है। यस। तो व्हाट इज़ आईबीएस? इसका कॉज क्या है? और
(1:27:49) आईबीएस के सिम्टम्स क्या है? व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन आईबीएस एंड आईबीडी? आईबीएस का फुल फॉर्म है इरिटेबल बावल सिंड्रोम। इसको डायग्नोस करने के लिए आपको एब्डोमिनल पेन चाहिए जो 3 महीने से ज्यादा लास्ट कर रही है। जो एक फॉर्म ऑफ कंप्लेंट के साथ है या तो कॉन्स्टिपेशन या डायरिया। तीन तरह का आईबीएस होता है। आईबीएस सी जो कॉन्स्टिपेशन प्रडोमिनेंट है। आईबीएस डी जो डायरिया प्रडोमिनेंट है और आईबीएस एम कि कभी कॉन्स्टिपेशन कभी डायरिया। यह प्योरली एक मेंटल हेल्थ इशू है जो
(1:28:35) स्ट्रेस की वजह से आता है। स्ट्रेस, ए्जायटी, डिप्रेशन जिसमें होता मेंटल हेल्थ इशू है पर सिम्टम गट पे होता है। अगर आप गट के टेस्ट करें जो चार मैंने आपको बताए थे सी फॉर सीबीसी, सी फॉर कैलक्टिन, सी फॉर सीआरपी और सी फॉर सी सी फॉर सिलियसिरोलॉजी यह चारों नेगेटिव होंगे। आप एंडोस्कोपी कराएंगे नॉर्मल आएगी। आप कोलोनोस्कोपी कराएंगे नॉर्मल आएगी। आप सो जाएंगे। हम पेशेंट से बहुत इंपॉर्टेंट यह सिम्टम पूछते हैं कि तू रात को सो जाता है तो तेरे को सिम्टम रहता है। वह कहता है नहीं रहता। तो हम उससे पूछते हैं कि तू सो रहा है? तो तेरा दिमाग सो
(1:29:09) रहा है ना? तेरा पेट तो नहीं सो रहा। राइट? तो तेरे पेट के सिम्टम गायब कैसे हुए? यही मेरे 15 मिनट का काम होता है। तो मैं उससे पूछता हूं, तू इतना एंगेज्ड है मेरे साथ। इस टाइम पे तेरे को पेट दर्द हो रहा है या कॉन्स्टिपेशन डायरिया आ रहा है? कह रहा नहीं आ रहा। मैं अभी क्यों नहीं आ रहा? अभी तेरा दिमाग इंगेज्ड है। तो अगली बार तू मेरे पास आएगा तो यह बात ध्यान रखेगा कि तुझे सिम्टम कब आ रहे हैं? जब तू ओवरथिंक कर रहा है, खाली बैठा है या जब तू पूरा बिजी है। तो अगली बार आके बताता है उसे मैं डायरी मेंटेन करने बोलता हूं कि तू करके आएगा, किस टाइम पे आके आया? कहता
(1:29:45) नहीं फिर मुझे समझ आ गया। तो मेरा ये भी बहुत इंपॉर्टेंट काम है पेशेंट सर्विस में कि मैं पेशेंट को सेंसिटाइज कर पाऊं। जैसे मैं आपको ये चीज समझा पा रहा हूं इस टाइम पे। हम तो मेरे पास मुझे लगता है ऊपर वाले का दिया हुआ ये वरदान है कि मैं नॉर्मल भाषा में वो चीज एक्सप्लेन कर कॉम्प्लेक्स चीज समझा सकते हैं अब्सोलुटली आपने तो टीलोमियर खोल दिया मेरे सामने आज मैं तो मतलब आई एम एक्चुअली जेनुइनली सुपर इंप्रेस्ड थैंक यू रियली अप्रिशिएट मतलब मैंने तो काफी तगड़े पडकास्टर्स भी कर लिए मतलब रणवीर अलाबादिया भी कर लिया ये भी कर लिया वो भी
(1:30:16) नहीं पहुंचा बेचारा यहां तक तो नथिंग अगेंस्ट हिम और नथिंग फॉर यू मतलब ऐसा नहीं बोल रहा मैं बट द काइंड ऑफ लेवल यू हैव गॉन टू एंड हुवे दिस पर्सन इज़ हु हैज़ डन दी कॉन्टेंट रिसर्च आई एम रियली इम्प्रेस्ड। थैंक यू। सो, दिस इज़ दिस पर्सन कॉल्ड जिड्डू कृष्णामूर्ति। ही सेज़ व्हेनएवर यू लुक एट समबडी लुक एट फ्रेश आईज़। एंड दिस फ्रेश आईज़ इज़ समथिंग दैट विल ऑलवेज क्रिएट द कंसर्न फॉर द पीपल हु रियली वांट्स टू लिसन। सो ही ऑलवेज बिलीव इट्स अ फिलॉसफल थिंग विल कम। सो जो मैं इंपॉर्टेंट चीज़ पे आना चाहता हूं। तो आईबीएस का मतलब है कि बीमारी कहीं ना कहीं ग ब्रेन एक्सिस में
(1:30:47) है पर ग में नहीं है। यह इंसान को समझना बहुत मुश्किल है। पर आपने गट इनफ्लेमेशन के चार सी वाले टेस्ट कराए जो आपके चैनल के नेगेटिव पता है वो नेगेटिव आए। तो बहुत लोगों ने कमेंट्स में बोले मुझे समझ नहीं आया। अगर टेस्ट नेगेटिव है तो मुझे आईबीएस कैसे है? तो ये उन्हीं कमेंट्स का रिप्लाई है जो आप कमेंट्स की बात कर रहे हो। देखोगे तो आपको मिल जाएंगे कमेंट्स। उन्हीं के कमेंट्स है गट आईबीएस का मतलब है कि आपको गट इनफ्लेमेशन और ग डिजीज नहीं है। सिम्टम गट में है और यही आपकी परेशानी है। देखो कितने लोगों से हम पूछते हैं इनको ना
(1:31:18) ऑब्सेसिव थॉट्स होते हैं। मरीजों को समझाने के लिए मैंने ओसीडी ऑफ़ द गट बोला है इसको। मैंने कहा एक बात बता। तू पॉटी के बारे में सोचता रहता ना? [नाक से की जाने वाली आवाज़] तू कहता सर अब बोल रहे हो तो लग रहा है। मैंने कहा एक बात बता। सुबह फ्लश करने से पहले पॉट ध्यान से देखता है। [हंसी] [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहता है, हां मैं देखता हूं। वो जो पिज़्ज़ा के ऊपर रेड चिल्ली होती [हंसी] है। रेड चिल्ली होती है वो दिखती है। कहता हां सर कभी कबार राजमा भी आता है। कभी कबभार [हंसी] प्याज भी आता है। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
(1:31:52) तो [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं कहता हूं भाई मत देखा कर। [हंसी] कितनी इंपॉर्टेंट बात थी। मत दिखा कर नॉर्मल नहीं है ये। कहता नहीं सर मैं तो फोटो भी खींचा देखो। दैट्स द लेवल ऑफ़ ऑब्सेशन। लोग घर से बाहर नहीं निकलते। ये पता नहीं कब पॉटी आ जाएगी। तो दीज़ आर एक्चुअली साइन ऑफ आप देखो अब क्या हुआ? क्या हुआ? हम स्ट्रेस की बात कर रहे थे। आपने स्ट्रेस की बात करी। आपकी पॉटी जो आपकी पर्सनल लाइफ का पार्ट है। आपको सोशल इंटरेक्शन से बचा रहा है। बिग प्रॉब्लम। क्योंकि आप ऑब्सेस्ड हो ना आपको तो पॉटी आ जाएगी वह दिक्कत है और ऑनेस्टली इनको इस थॉट प्रोसेस से निकालना
(1:32:42) एक्चुअली मुश्किल होता है बट मैं वहां तक पहुंचा देता हूं कि ये सेंसिटाइज हो जाते हैं कि हां यार मैं तो यही सोचता रहता हूं क्योंकि ओसीडी आपको पता है क्या होता है ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर दो तरह के होता है वॉशर्स एंड चेकर्स ये लोग इतने ऑब्सेस हो जाते हैं कि किसी इंसान को लग रहा मेरे हाथ गन्ने हैं। वो हाथ धो रहा है। अब घर से बाहर जाना है। वो गेट तक पहुंच रहा है। वापस हाथ धोने आ रहा है। वो 2 घंटे से ये काम कर रहा है। उसे पता है कि उसके हाथ साफ हैं। फिर भी वो अपने आप को रोक नहीं पा रहा। वो डॉक्टर के पास आकर बोल रहा है कि मुझे पता है मैं गलत हूं।
(1:33:16) पर मैं रोक नहीं पा रहा। फिर दूसरा होता है चेककर। बार-बार। आप और मैं निकले घर से साथ में कि चले ले आते हैं। ताला लगा दिया। आपने देखा है? मैं मैंने ताला लगाया आपने देखा। चेक भी कर लिया है। चेक भी कर लिया है। गाड़ी में बैठे मैं आपसे बोल रहा हूं यार ताला लगाया था। अरे भाई लगा दे मैं चेक कर [नाक से की जाने वाली आवाज़] रहा हूं। जा चेक करा। मैं चेक करने जा रहा हूं। अब मैं वापस आया। मैं बोलूं राघव मैंने ताल लगाया था। कहता है भाई तू पागल है। दो बार चेक कर लिए। कहता नहीं मैं दोबारा चेक करने जाऊंगा। 2 घंटे से मैं कर रहा हूं। आपने अपने बाल निकाल लिए। कह रहा
(1:33:50) है भाई तू उतर मैं ही चला जाता हूं। यह ओसीडी है इन द एक्चुअल सेंस और इन पेशेंट्स को होता है। इन पेशेंट्स को पता है हम कि ये [गला साफ़ करने की आवाज़] अपने आप को रोक नहीं पा रहे। मेरा काम आईबीएस वाले पेशेंट्स को टेस्ट करके हम ये मिनिमल जो चारों टेस्ट मैंने आपको बताए वो बहुत ही सिंपल है। तीन ब्लड से होता है। एक बॉडी से होता है। वहां तक पहुंच के और अभी भी कोई रेड फ्लैग है। एंडोस्कोपी या कोलोनोस्कोपी एप्रोप्रियट पेशेंट में करके हम आईबीएस डायग्नोस करने के लिए ना मेरे लिए एक बहुतेंट चीज है। मेजर रेड फ्लैग नहीं होना चाहिए जो 15 मिनट में मैं पूछ लेता
(1:34:18) हूं उनसे। एक तो ये बहुत टाइम से परेशान होते हैं ये लोग। इनकी दो तीन चार महीने की बात नहीं होती। सालों की बात होती है। तो हमें मेडिकल ट्रेनिंग में सिखाया गया है कि अगर आपको मेजर बीमारी होती सपोज पेट का कैंसर होता तो आप छ साल से परेशान नहीं होते ना। वो तो 6 महीने मार देगा। आपको नहीं पकड़ा जाएगा तो तो लॉन्ग स्टैंडिंग सिम्टम्स होंगे। अगर रीसेंट ऑनसेट है तो भाई मेरे लिए वो रेड फ्लैग है। तो यह मेरा काम है। मैं नहीं मिस कर सकता। अब मैं पेशेंट को बाद में नहीं बोल सकता। नहीं यार तेरे को तो पेट का कैंसर था। तूने ब्लोटिंग बोला मैंने आईबीएस सोच लिया।
(1:34:47) मेरे को अलव नहीं करता कोर्ट। मैं कोई इन्फ्लुएंसरर नहीं हूं। मैं एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर हूं जो दिल्ली मेडिकल काउंसिल में लीगली स्टैंड करता हूं। राइट? तो मुझे वो चीज पता मुझे यह चीज बहुत ध्यान से पूछनी है कि क्या है? एज एट ऑनसेट कोई भी सिम्टम 40 45 के बाद पर्टिकुलरली 50ज क्रॉस करता है वो रेड फ्लैग है। आपको इन्वेस्टिगेट करना ही है। आप उसे आईबीएस नहीं बोल सकते। कोलोन कैंसर भी ऐसे आ सकता है। आप तो नाम दे दिया ना आपने आईबीएस। कोलोन कैंसर हो सकता है आपको। आपके सिम्टम सेम है। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? तीसरा अनइटेंशनल वेट लॉस मोर देन
(1:35:24) 5% बॉडी वेट लॉस इन द लास्ट सिक्स मंथ्स विदाउट एन एफर्ट फैमिली बता देगी कपड़े ढीले हुए हैं हम राइट बहुत बड़ा रेड फ्लैग है चौथा भाई पापा में मम्मी में सगे भाई में सगी बहन में कोई कैंसर फर्स्ट डिग्री रिलेटिव में कोई कैंसर बहुत बड़ा रेड फ्लैग है इन पेशेंट्स को डायरिया वो कॉन्स्टिपेशन होता है रिकरेंट वोमिटिंग नहीं वोमिटिंग वोमिटिंग वोमिटिंग हो रही है। रेड फ्लैग है। आपने पेशेंट को देखा कोई लिंफोडबल है कहीं पे एग्जामिनेशन पे बहुत बड़ा रेड फ्लैग है। तो ये सब रेड फ्लैग है जो और सोते हुए सिम्टम गायब होने चाहिए। अगर कोई पेशेंट
(1:36:10) रात को उठ के 3:00 बजे इमरजेंसी जा रहा है किसी सिम्टम के लिए बहुत बड़ा रेड फ्लैग है। कोई भी इंसान रात को उठ के इमरजेंसी नहीं जाता। से बहुत बड़ा रेड फ्लैग है तो ये छह सात पॉइंट हो गए। अगर अगर किसी के हैं तो मैं आईबीएस नहीं सोच रहा हूं। अब मैं इतनी देर बात करके पेशेंट से समझ गया हूं कि मुझे आईबीएस लग रहा है। पर मेरी जॉब है इसे कंफर्म करना विद मिनिमल इन्वेस्टिगेशन सीबीसी कैल प्रोटेक्ट इन सीआरपी सी लेक्सोलॉजी। गॉट इट? गॉट इट। बेसिकली आइडली जो बात है कि ये मेंटल प्रॉब्लम है। मेंटल प्रॉब्लम जब बढ़ जाती है तो क्योंकि द ब्रेन इज़ कनेक्टेड टू द
(1:36:42) गट। तो वो जो गट के इशज़ हैं जैसे आपने बताया सेटोनली सेरोटोनिन और जो जैसे डायरिया आपने एग्जांपल दिया और कॉन्स्टिपेशन दिया तो ये प्रैक्टिकली होने लगता है जब मेंटल हेल्थ में प्रॉब्लम आ रही है क्या हम ब्रेन और गट के कनेक्शन को कैसे समझ सकते हैं ब्रीफली कोई बहुत बड़ी आपकी मीटिंग थी अगले दिन आपके पेट दर्द शुरू हो गया बटरफाई इन योर स्टमक हम कि जब भी कोई बड़ा काम होता है ना लाइफ में यार मैं पॉटी में बैठा रहता हूं इसका मतलब हॉर्मोन मेरे ग में प्रोड्यूस हो रहे हैं और वो वहां पर इमंबैलेंस है। एक तरह इमंबैलेंस हो जाता है। सेरोटोन
(1:37:20) इमंबैलेंस है। मैं एक और चीज समझा देता हूं आपको। जेट लैग का नाम सुना है? हम क्यों होता है वो? आवर्स मिस हां। क्यों होता है वो? कुछ इन्फ्लुएंसर्स कोई चीज भी बेचते हैं सोच सोने के लिए। क्या बेचते हैं? आप तो सोशल मीडिया के बंदे। हो। आप तो अपडेट होने चाहिए। कुछ सोने के लिए बेचते हैं। मेरा यह वाला कोड यूज़ करना। आपको 10% डिस्काउंट मिलेगा। मैं ऐसे इंफॉर्मेस्टर को फॉलो नहीं करता। [हंसी] मैं आपको फॉलो करता हूं। मेलाटोनिन। मेलाटोनिन लोग सोने के लिए लेते हैं। मेलाटोनिन कहां से बनता है? सेरोटोनिन से? हम घट में जो बन रहा है। तो आप सुबह उठते हैं
(1:37:55) हम। तो आइडली आप अवेक होते हैं, हैप्पी होते हैं, एनर्जेटिक होते हैं। सेरोटोनिन मैक्सिमम होता है। रात को जाते-जाते जाते वो मेलाटोनिन में कन्वर्ट होता है। आपको नींद आती है। मेलाटोनिन आपकी नींद के लिए रिस्पांसिबल है। तो आपकी एक बायोलॉजिकल क्लॉक है। डायनल पैटर्न है। अब आज हम अभी बैठे हैं 2:00 बज रहे हैं। पर कहीं तो रात के 2 भी बज रहे हैं। तो अगर आप वहां पहुंच जाओ तो आपकी बॉडी को कुछ टाइम लगेगा एडप्ट होने में। इसे जेट लैग बोलते हैं। यह भी सेरोटोनिन मेलाटोनिन का कॉ कासेप्ट है। तो सेरोटोनिन स्लीप के लिए भी रिस्पांसिबल है। एनर्जी के लिए भी
(1:38:30) रिस्पांसिबल है। मूड के लिए रिस्पांसिबल है, एंजाइटी के लिए भी रिस्पोंसिबल है, डिप्रेशन के लिए भी रिस्पांसिबल है। ये सब सेरोटोनिन का गेम है। जो एंटी डिप्रेशेंस यूज़ होते हैं वो सेरोटोनिन ही तो बढ़ाते हैं। ऐसे सारा ही बोलते हैं वो हमारी भाषा में। तो ये गेम वहीं का है क्योंकि जो मैं क्योंकि मल्टीपल गोल्ड मेडलिस्ट रहा हूं। आपने पढ़ा होगा। तो मैं शुरुआत से काफी काफी तगड़ा किताबी कीड़ा रहा था। वही जो आपने फैमिली की बात पूछी कि क्यों डॉक्टर बना था? तो मेरे साथ कुछ लोग थे जो मेरे दोस्त थे। उनके पेरेंट्स काफी वेल टू डू
(1:38:58) थे और उनके हॉस्पिटल थे। वो मुझसे मजे भी लेते थे कि यार इतनी पढ़ाई करके अच्छे डॉक्टर नहीं बनते। मैंने कहा मेरे पास तो ऑप्शन ही नहीं है। तो वो मुझे आज तक याद है। वो जो बेसिक साइंसेस की बात है ना वो मैंने कनेक्ट किया हुआ है यहां तक कि मैं आपको समझा सकता हूं जेट लैग क्या होता है? सेरोटोनिन क्या होता है? गट से कैसे रिलेटेड है? तो आप आईबीएस के पेशेंट से पूछना सर उसको सोने में भी दो घंटे लगते हैं। नींद नहीं आती। क्योंकि सेरोटोनिन इमंबैलेंस है तो मेलाटोनिन भी कम बन रहा है। और जिस मिनट इसकी नींद बेटर होने लगती है इसका कॉन्स्टिपेशन बेटर होने लगता है।
(1:39:29) इसका डायरिया बेटर होने लगता है। इसकी परफॉर्मेंस बेटर होने लगती है। इसके इंटरप्शनल रिलेशन बेटर होने लगते हैं। क्योंकि स्लीप इज द मोस्टेंट कांसेप्ट ऑफ़ गट हेल्थ। क्योंकि सेरोटोन मेलाटोनिन गट से आ रहा है। तो इजी है किसी इन्फ्लुएंसरर के लिए बोलना कि छ से आठ घंटे सो बट मैं आपको उसका बायोकेमिकल कांसेप्ट बता सकता हूं कि एक्चुअली सेल के लेवल पे क्या हो रहा है। हम अब अगर हम प्रैक्टिकली जानना चाह जैसे कि सेरोटोनिन में प्रॉब्लम आ रहा है। जैसे आपने बताया नींद का भी बिकॉज़ हमने रिसेंटली एक स्लीप एक्सपर्ट के साथ भी पडकास्ट किया। तब मुझे भी पता चला व्हाट
(1:40:03) इज़ व्हाई स्लीप इज़ सोेंट। तो अगर इस वक्त किसी को इस तरह से जैसे हमने बताया जिसकी पुअर स्लीप है कॉन्स्टिपेशन में प्रॉब्लम आएगी तो अगर सेरोनिन अगर खराब है और इस तरह से इशूज़ जो कर रहा है क्या वो कर सकता है व्हाट इज दी क्योर जिससे कि वो ठीक हो जाए और जैसे आपने बताया कि कल अगर कोई नेचुरल सेटोन बूस्टिंग मेथड्स हम एक्सरसाइज आपने ये चीज सुनी है कि जब सीजन चेंज होता है तो मूड स्विंग ज्यादा होते हैं हम्म हम सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर हम इसका नेचुरल ट्रीटमेंट एक्सरसाइज है। डिप्रेशन का प्रूवन एक्सरसाइज प्रूवन ट्रीटमेंट एक्सरसाइज आईबीएस का प्रूवन
(1:40:44) ट्रीटमेंट एक्सरसाइज नेचुरल ग्लियरिंग में जो तीन कांसेप्ट हम बोलते हैं हम नेचुरल ग क्लियरिंग के उसमें एक्सरसाइज बहुत इंपॉर्टेंट है। सो अगर तीन चीजें बताऊं जिससे ग नेचुरली क्लियर होती है। सबसे पहला फाइबर। हम्। 25 से 30 ग्राम फीमेल में। 30 से 40 ग्र. मेल में। फाइबर कैसे आपका कट क्लियर करता है? पानी खींच के। तो आपको क्या चाहिए? एडिक्वेट पानी। 3 लीटर पानी। और उसके साथ अगर एक कोकोनट वाटर ऐड कर दीजिए आप, तो बहुत गजब है। और तीसरा एक्सरसाइज 180 टू 240 मिनट्स। 3 से 4 घंटा एक्सरसाइज पर वीक। मिक्सचर ऑफ एरोबिक एंड रेजिस्टेंस
(1:41:26) ट्रेनिंग। एरोबिक में क्या आ गया? ब्रिस्क वॉकिंग, साइकिलिंग, जॉगिंग, स्विमिंग, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग। आप बूढ़े हो रहे हैं। जिम नहीं जा सकते। मैं जिम जाने को बोल नहीं रहा। पुश अप्स मारिए, तीन मार लेंगे। एक महीने बाद 10 मार लेंगे। बहुत अच्छे हैं। दंड बैठक, स्क्वाट्स, नेचुरल बॉडी वेट, सट अप्स, पुल अप्स जो बाहर बाहर लगी है हम उस पे ये आपकी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग ये सब आपकी कॉन्स्टिपेशन में, डिप्रेशन में, ए्जायटी में, स्लीप डिसऑर्डर में सब में काम करेगी। आईबीडी क्या है? इनफ्लेमेटरी बाबल डिजीज। तो पहले आई, बी और एस और डी
(1:42:05) को अलग कर लेते हैं। एक है इरिटेबल, एक है इनफ्लेमेटरी। इरिटेबल इनफ्लेमेटरी नहीं है। बावल से में भी एक सिंड्रोम है। जो कलेक्शन है चीजों का एक डिजीज है। आईबीएस और आईबीडी में फर्क हमें। तो इनफ्लेमेशन होता है आईबीडी में। ठीक है? आईबीडी दो तरह का होता है। हां। आईबीडी दो तरह का होता है। क्रों्स डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस। [गला साफ़ करने की आवाज़] दोनों की प्रेजेंटेशन अलग होती है। हम अल्सरेटिव कोलाइटिस जनरली थर्ड और फोर्थ डेकेड की बीमारी है। 20 से 40 साल की मेल इक्वल टू फीमेल और उसमें ब्लड मिक्स टूल आता है। बहुत सारे लोग मिस हो जाते हैं
(1:42:40) अल्सरेटिव कोलाइटिस आईबीडी में क्योंकि उनको लगता है पाइल्स है और वो अपने जनरल फिजिशियन को दिखाते रहते हैं हम हम और जनरल फिजिशियन उन्हें बोलता है कि पाइल्स है। साहब मेरे को ना सिंपल से एक दो तीन दो चीजें बता दें। जिसको आईबीएस है आईबीएस है उसे कोई ब्लड नहीं होगा स्टूल में। उसको प्रॉब्लम क्या है? उसे पेट में दर्द या कॉन्स्टिपेशन या डायरिया। ठीक है? ये तीन प्रॉब्लम है। आईबीएस वाले को और आईबी डी वाले को ब्लड आ रहा है स्टूल्स में। स्टूल में ब्लड आ रहा है। ये आईबीडी है। राइट? अब जिसको आईबीडी है उसको क्या करना चाहिए? गैस्ट्रोलॉजी से
(1:43:11) मिलना है आपने हर हालत में। आईबीडी ऑटोइ्यून बीमारी है। लाइफ लॉन्ग बीमारी है। लाइफ लॉन्ग बीमारी है। और ये होता क्यों है? ऑटोइ्यून है। आपकी इम्यूनिटी आपके इम्यून डिसरेगुलेशन है। मतलब वो जो बैक्टीरिया वो बाहर गया। नहीं सर। चलो मैं इम्यूनिटी का एक और कांसेप्ट समझाता हूं आपको। इम्यूनिटी का म का पंगा क्या है? इम्यूनिटी का फंडा क्या है? इम्युनिटी का फंडा मैं आपको बताता हूं क्या है? अच्छा वो आपने सवाल दोबारा पूछ लिया। बेसिकली हम ना इंडियन बॉर्डर पर खड़े हैं। आप और मैं हम आर्मी के बंदे हैं। ठीक है? हमें एक बंदा बैठा हुआ मिला वहां पे जो
(1:43:45) ऐसे ही बैठा हुआ है। हमने पूछा तू कौन है? कहता है मैं इंडियन ही हूं। मैं घूमने आया था। तो इंडियन होने के क्या मार्कर हो सकते हैं उसके पास? आधार कार्ड, पासपोर्ट। उसने दिखाया तो वो इंडिया का था। तूने बोला यहां मत बैठ। डेंजरस है। घर जा। ठीक है। पाकिस्तान का निकला तो या तो आपने उसे गोली मार दी या वार्निंग देकर भेज दिया। दोबारा मत नजर आइए। अब मुझे नहीं पता था कि आप पाकिस्तानी एजेंट हो। और आपने उसके साथ मिलके मुझे मार दिया। मैं तो इंडियन था। तो अब इस पूरी कहानी में जो इम्यूनिटी है वह आर्मी है। वह एक सेल को देखती है और
(1:44:32) डिसाइड करती है कि मेरा है या बाहर का है। बाहर का है तो मार देती है। अंदर का है तो छोड़ देती है। इम्युनिटी के पास ऐसे मार्कर हैं सेल पे जो डिफरेंशिएट करते हैं कि मेरी बॉडी का है कि नहीं है। ऐसे ही कुछ डिसरेगुलेशन है जिसमें इम्यूनिटी अपने ऑर्गन को मारने लग जाती है। अगर वो थायरॉइड को मारती है तो हाशिमतोस थायरॉइडाइडिस हो जाता है जो बहुत कॉमन है। इंडिया में थायरॉइड की गोली चलती है। अगर वह लंग्स में मारती है तो ऑटो इम्यून लंग की बीमारी हो जाती है। अगर वह लिवर में मारती है ऑटोइम हेपेटाइटिस हो जाता है। अगर वह बड़ी आंत को मारती है तो आईबीडी हो
(1:45:02) जाता है। अगर वो स्किन में मारती है तो सोरियासिस हो जाता है। तो यह इम्यून डिसरेगुलेशन है ऑटोइ्यून बीमारियों की। और क्योंकि एविडेंस बेस मेडिसिन वहां तक पहुंच गई है कि वह आपको मुंह पर बोलेगी कि इन बीमारियों का क्योर नहीं है। इसीलिए आपको कॉम्प्लीमेंट्री अल्टरनेटिव मेडिसिन या इन्फ्लुएंसर्स इस चीज का क्योर दे पाते हैं। क्योंकि हम यह प्रूव कर चुके हैं कि इन चीजों का क्योर नहीं है। दे कैन बी मैनेज्ड। अब अगर आपको अल्सरेटिव कोलाइटिस प्रूवन है हम तो आप ये नहीं कह सकते मैं ठीक हो गया आयुर्वेद लेके। अब ये नहीं कह सकते इन्फ्लुएंसरर ने मुझे
(1:45:35) चूर्ण दिया इस कोड के साथ तो मैं ठीक हो गया। ये नहीं हो सकता। ये साइंटिफिकली प्रूवन नहीं है। चाहे बोलो बायोहेकर ने दे दिया था मेरे को। गॉट इट। बट स्टेम सेल इसको ठीक कर सकता है। अगर कभी ये चीज इस्टैब्लिश हो गई। राइट? वो हम डिस्कस कर चुके हैं। यस। जैसे स्टूल में ब्लड आता है। दैट्स अ प्रॉब्लम। तो क्या पू अलग-अलग कलर से पता चलता है कि किसी को गिशू है कोई? बिल्कुल। तीन रेड फ्लैग बता देता हूं मैं ओवरऑल पू के जो आपको देख के डॉक्टर से मिलना चाहिए। तीन बार से ज्यादा बिल्कुल वाटरी स्टूल आ रहा है आपको। पॉइंट नंबर वन। पॉइंट नंबर टू स्टूल में ब्लड आ रहा
(1:46:08) है। मिक्स्ड या अलग से ब्लड आ रहा है। और तीन आपका आपके और मेरे बाल जैसे काला स्टूल है। बिना आयरन सप्लीमेंट लिए। अगर आप आयरन सप्लीमेंटेशन ले रहे हैं तो स्टूल वैसे भी काला हो सकता है। तो तीन बार से ज्यादा बिल्कुल लूज स्टूल। किसी भी तरह का ब्लड जो आपके लैट्रिन के रास्ते आ रहा है और तीसरा काले स्टूल बिना आयरन सप्लीमेंट लिए। और क्योंकि आप पूरे आपको पता है लिवर ट्रांसप्लांट होता है। हम ऐसे पू ट्रांसप्लांट होता है। पता है? मुझे तो पू ट्रांसप्लांट मुझे तो यह याद है जब पुतिन गया था तो उसका वो आकर वो पूरकर जा रहा था कि वो उनका कोई बीमारी ना
(1:46:49) पता कर ले कि ट्रांसप्लांट कर। तो ये साइंस है एस्टैब्लिश्ड जो आपकी पूरी तरह से गट माइक्रोबायोम पे बेस्ड है। [नाक से की जाने वाली आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] पूरी तरह से ग माइक्रोबायोम पे बेस्ड है कि कुछ ऐसी बीमारियां हैं हम जिसमें गट माइक्रोबायोम इतना खराब हो जाता है कि अगर किसी हेल्दी बंदे के स्टूल ट्रांसप्लांट कर दिए जाए उस इंसान में तो उसकी बीमारी ठीक हो सकती है जल्दी। इसको हमारी भाषा में बोलते हैं फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांट। हुआ है आपके? यस। अल्सरेटिव कोलाइटिस में इट इज़ डेफिनेटली हेल्पफुल। मतलब आपने किया है
(1:47:30) इसका? हां जी। कैसा था पेशेंट को क्या प्रॉब्लम थी? हमने अल्सरेटिव कोलाइटिस में किया है। एक क्लॉस्टमियम डिफाइकल डायरिया था जो एक काफी रेयर। बताओ क्या होता है ये? अल्सरेटिव कोलाइटिस। अल्सरेटिव कोलाइटिस आईबीडी है ना? ब्लड इन स्टूल। आईबीडी में पू ट्रांसप्लांट का रोल है। अच्छा। तो आप हेल्दी पर्सन का पप उसके अंदर डाल देते हो? हां काफी कॉम्प्लिकेटेड मामला है। मतलब बहुत सारे टेस्ट होते हैं देने वाले पे। ओके? कि 3 महीने एंटीबायोटिक कोई नहीं लिया होना चाहिए। कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए। मेंटली हेल्दी होना चाहिए। तो इससे बेसिकली जो आप बोल रहे हो
(1:48:00) माइक्रोबायोम है वो ठीक हो जाता है। ऐसा यस ठीक होने का मतलब नॉर्मल चांसेस। यस बढ़ते हैं। एक अब जो जैसे हमने स्टूल और कॉन्स्टिपेशन की बात की। डॉक्टर आई एम सफरिंग फ्रॉम क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन सिंथ से मंथ्स। उससे पहले मुझे ऐसा कोई भी प्रॉब्लम नहीं था। मेरा सिस्टम सब सही था। आई यूज्ड टू हैव पॉटी इन द मॉर्निंग एट वन गो। बट व्हाई दिस प्रॉब्लम एकदम से क्यों आ गई मुझे नहीं पता। नहीं तो इसको तो इवैलुएट करना पड़ेगा ना। कैल प्रोटेक्टिनेंट कितना है? गट इनफ्लेमेशन है कि नहीं है? सबसे पहला सवाल तो वही है बॉस। जब भी कोई पेशेंट गट सिम्टम्स के साथ
(1:48:31) आए उसे गफ्लेमेशन है कि नहीं है? पहले हिस्ट्री में ढूंढो फिर उन चार सी वाले टेस्ट से ढूंढो। ओके? अगर मिल गई तो आईबीएससी नहीं है। नहीं है तो आईबीएससी का चांस है। राइट? राइट। देखिए दूसरी चीज़ होती है। लोग डरते हैं टेस्ट कराने से। मतलब जैसे आएंगे जाएंगे नहीं तो घर पे कोई सिग्नल हो सकता है नहीं डरते पेशेंट मैं आपको बता रहा हूं आज के टाइम पे पेशेंट बहुत क्यूरियस है बल्कि मेरे को आपकी तरह लगता था अभी आपके वो रिया उसने मुझे बोला कि आपके वीडियोस पे तो इंगेजमेंट की ना मतलब मैं फैन हूं मैंने ऐसा चैनल नहीं देखा मैंने कहा क्या
(1:49:03) होती है इंगेजमेंट कहती कमेंट्स और उसप रिप्लाई भी होता है कुछ पे होता है कुछ पे नहीं होता पर कितने कमेंट होते हैं मैंने कहा मेरी तो इंगेजमेंट होती है मैं पेशेंट से पूछता हूं कैसे कहता है YouTube से आया और जो ये YouTube वाले पेशेंट हैं दे आर द मोस्ट क्यूरियस वो तो सारे टेस्ट कराना चाहते हैं। राइट? तो मैं आपको वो बता रहा हूं कि आपको ऐसा लग रहा है बट जो ये लोग हैं और वो इतने टाइम से परेशान है ना कि उनको समझ भी कोई नहीं रहा। गट के कुछ मैंने कुछ वर्ड पढ़ा था कहीं। क्या गट के कोई सेंसर्स होते हैं? गट सेंसर्स। सेंसर्स मतलब सेंसेशन तो होगी ना
(1:49:39) तभी तो आपको पॉट फील होती है। हम वो सेंसेशन ही तो है। त्रिफला खाने से क्या होता है? स्टिमुलेंट लैक्सेटिव है। मतलब दो तरह के लैक्सेटिव होते हैं। एक ऑस्मोटिक और एक स्टिमुलेंट है। हम मतलब आप लठ मार रहे हो गधे को या घोड़े को हम तो त्रिफला सेना त्रिफला में सेना होता है बेसिकली जो एक आयुर्वेदिक कंपाउंड है जो स्टिमुलेंट लैक्सेटिव है। इंटेस्टाइन को ऐसे-ऐसे स्टिमुलेट करता है चलने के लिए। एक ईसब गोल है या लैक्टोलोस है जो ऑस्मोटिक लैक्सेटिव है। जो पानी खींचता है। राइट? स्टूल सॉफ्ट करने के लिए। राइट राइट जैसे मेजॉरिटी अगर मैं बात करूं मतलब डायग्नोस
(1:50:18) तो करना पड़ेगा अगर मेजॉरिटी मैं पूछूं तो क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन का कारण क्या है ज्यादातर इंडियंस में आईबीएस है काफी कॉमन है लो फाइबर है लाइफस्टाइल इशू है खाना अच्छे से नहीं खाते फाइबर ही हम फाइबर और वाटर इंटेक ही पूरा नहीं होता 70% इंडियंस फाइबर डेफिशिएंट है और ये वो कंट्री है जो फाइबर से भरी हुई थी और कौन कॉन्स्टिपेशन का आपको एक और चीज बताता हूं। बड़ी इंपॉर्टेंट है। बताओ लोटा लेके खेत में जाके पॉटी करने से वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट तक जो जर्नी है उसमें आप इंडियन स्टाइल बैठना ही तो लूज़ कर गए। और वो उससे बेटर क्यों था? क्योंकि
(1:51:01) आपकी जो इंटेस्टाइन का रेक्टोसिग्मोइड एंगल है मतलब लार्ज इंटेस्टाइन रेक्टम और कोलोन। लार्ज इंटेस्टाइन के पांच पार्ट होते हैं। सिग्मॉयड कोलोन, डिसेंडिंग कोलोन, ट्रांसवर्स कोलोन, असेंडिंग कोलोन, सीकम। तो रेक्टम के नीचे एनल कैनाल पॉट ही निकलती है। रेक्टम और सिग्मॉयड ऐसे होता है। रेक्टोसिग्मोइड एंगल स्क्वाटिंग में सीधा हो जाता है। तो जोर कम लगाना पड़ता है। तो हम बोलते हैं अपने टॉय लोगों को कि आप अगर वेस्टर्न टॉयलेट में हैं तो अपने पैर के नीचे स्टूल रख के एलिवेट करिए अपने लेग्स को। सेमी स्पॉटिंग हो जाएगा ना ऐसे। हम
(1:51:32) तो इट हेल्प्स। इट डेफिनेटली हेल्प्स। तो फाइबर इंटेक तब से कम भी तो हुआ है यार। कितना प्रोसेस्ड फूड, कितने फूड डिलीवरी एप्स, कितने बर्गर्स, कितने पिज़्ज़ाज़ आजकल जजी तो कितना दबा के खाता है। संदीप भूसल हेलो सर, मैं एक मेडिकल ऑफिसर हूं नेपाल से और मेरी 24 घंटे की शिफ्ट होती है मोस्टली और यह मेरे ग हेल्थ को बहुत डैमेज कर रहा है। कांट बैलेंस ऑल दीज़ थिंग्स। क्या आप मुझे बता सकते हो कि मैं कैसे मैनेज करूं? यार सबसे इंपॉर्टेंट काम है ना लाइफस्टाइल इशू है कि बीमारी है वहीं पर आ जाते हैं ना आपकी आपका जो क्वेश्चन है आप समझ रहे
(1:52:03) हो मेरा एल्गोरिथम कैसे चलता है लाइफ स्टाइल है कि आपकी कोई प्रीवियस रिकॉर्ड है और हां कोई बीमारी है कोई आपको अंदर कोई मतलब ऑब्स्ट्रक्शन तो नहीं है कोई गट इनफ्लेमेशन तो नहीं है वो कैसे पता लगेगा मेरे को पहले आपकी हिस्ट्री लेके और फिर आपके चार सी करा गए हम जो जिसकी ऐसी टफ आपको जॉब के बताता हूं कितने लोग हैं मेरे पास जो चार सी वाले टेस्ट करा के आते हैं अच्छा अब सुन लिया तो पहली सर ये नेगेटिव आपने आपने तो पहले यही कराना था ना फर्स्ट को में हम पहला टाइम बचा लिया कंसल्टेशन बच जाएगी हां पर जिसकी जिसकी लाइफ स्टाइल मतलब अब बिकॉज़
(1:52:38) स्ट्रेस बढ़ ही रहा है कैसे कंट्रोल कर सकते हो एक और बात है ना कितना परेशान है हमारी जनता ये भी तो सोचो मतलब मेरे को चैनल बना के रियलाइज हुआ मेरा चैनल देख के आपको रियलाइज हुआ होगा कितना परेशान है जनता सर आप मानोगे नहीं ऑनेस्टली बताऊं हम ना डॉक्टर्स हम अभी होस्ट नहीं करते थे पहले हमने होस्ट किया कुछ ऐसे सेक्स डॉक्टर्स से तो थोड़ा मैं ऑकवर्ड फील करता था। मैं सोचा सेक्स के बारे में कोई घर वालों में क्या करना चाहिए? सेक्स की बातें कर रहा थी बेटा। मतलब बात घर वालों की नहीं है। मुझे थोड़ा खुद पर्सनली ऑकवर्ड लगता था सेक्स के बारे में पूछने के लिए ऐसा-ऐसा।
(1:53:08) बट आई वास शॉक्ड जब मैंने देखा हमारा एबी जो हमने 6 महीने पहले पॉडकास्ट डाला है। इट इज़ एट 3 मिलियन व्यूज। मैं उसके कमेंट्स पढ़ता हूं। मैं सोचता हूं यार इतना उसके बाद हमने दो पॉडकास्ट किए हैं। दोनों एपिसोड आर एट 1 मिलियन। मुझे समझ आया यार इतनी बर्निंग प्रॉब्लम है। मतलब आई एम नॉट टॉकिंग अबाउट इट फॉर व्हाट सेक। लोगों को जो इशू अच्छा हम पूरी दुनिया के बारे में बात कर सकते हैं। फिर जिसको जो इशू है उसको वही जानना है ना। सो तब मुझे तब हमने फिर माय टीम डिसाइडेड मैंने बोला कि अब से वी विल कवर ऑल द मेजर इशूज़ जो भी लोगों को अभी रीसेंट जैसे स्लीप डॉक्टर को
(1:53:42) भी हमने कवर किया। एंड अब जैसे हम गट को भी कर रहे हैं। अब मुझे समझ आया कि एक बहुत ही सेंसिटिव इशू है। इट इज नॉट दैट कि यह एक इजी चीज है और यू यू कैन जस्ट पास ऑफ और किसी के साथ भी नहीं कर सकते। सो आई एम ग्लैड दैट यू नो वी आर डूइंग दिस। बहुत-बहुत शुक्रिया आपका। इट वाज़ अ प्लेजर टू होस्ट यू। आप पक्का गोल्ड मेडलिस्ट हो। कंफर्म। बहुत मजा आया। इट वाज़ फन। टाइम का पता नहीं चला और जब टाइम का पता ना चले इसका मतलब कॉन्वर्सेशन अच्छी हुई है। आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। आप अपना समय निकाल के आए। वाज अ प्लेजर थैंक यू सो मच। विद यू।
(1:54:15) थैंक यू सो मच। आज का पूरा [गला साफ़ करने की आवाज़] शो देखने के लिए दिल से शुक्रिया। एपिसोड कैसा था मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। चैनल को सब्सक्राइब भी अवश्य करें क्योंकि सुपर टॉक्स एक मूवमेंट है जो हमारे देश का भविष्य उज्जवल बना रहा है।
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