Sunday, August 2, 2026

MUST WATCH for Indians: Rajputs vs Mughals, Wars & Lost History | Dr Omendra Ratnu | Supertalks 174

MUST WATCH for Indians: Rajputs vs Mughals, Wars & Lost History | Dr Omendra Ratnu | Supertalks 174

Author Name:Supertalks by themovingship

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Transcript:
(00:00) बड़े से बड़ा झूठ यह है कि हिंदू 1000 साल गुलाम रहे। भाई आपने एक नैरेटिव चलाया। राजपूत अपनी स्त्री को जलाते थे। कैन यू इमेजिन व्हाई इन दैट इरा दे न्यू ऑफ एन एक्ट कॉल्ड नेक्रोफीलिया सेक्स विथ द डेड बॉडी। उनकी राख को अपने शरीर पर मल के और दुर्गा द्वार खोल दिया जाता था। तूने जल के शत्रुहण किया। मैं कट के करता हूं। कोई हिंजड़े नहीं है हिंदू। महाराणा सांगा का माइंड कैसा चलता था? खानवा के युद्ध को हर इतिहासकार सांगा की पराजय बताता है। बाबर ने तोपें चलाना शुरू किया। राजपूतों को समझ में नहीं आया कि ये वेपन क्या है? कैन
(00:39) यू बिलीव व्हाट राजपूत डिड? ने सर दे दिए तोप में। वो गीली हो गई तोप खराब हो गई। ऐसे सिरफिरों को कौन हरा सकता है? क्या ये वही जोहर है जो रानी पद्मावती ने किया था? पद्मावती नाम की कोई रानी नहीं थी। दैट नेम वाज़ महारानी पद्मिनी। तो ये पूरी मूवी झूठी है। 500 इयर्स ऑफ हिंदू हिस्ट्री हैज़ बीन इरेज्ड। क्योंकि हिंदुओं का इतिहास इस विश्व का सबसे गौरवशाली इतिहास है। क्या हिंदू बचेंगे? तो जो भाई आप तिलक लगा के बैठे हो ना यहां पर और जो गणपति बाहर विराजमान है इसका बहुत मूल्य चुकाया गया है। भारत के इतिहास के ऊपर जब हमने लास्ट एक
(01:36) एपिसोड रिलीज किया तब किसी ने कमेंट किया कि भाई हिस्ट्री पढ़कर क्या फायदा? जो हो गया उसे भूल जाओ। आज की बात करो। इससे क्या फर्क पड़ता है? मैंने इसके बारे में सोचा और रियलाइज किया। उस वक्त भी जो राजा थे वो यही सोचते होंगे कि बस हमें देश का विकास करना है। पर बाहर से हमले होते थे। जो कमजोर पड़ता था वो राजा हार जाता था। आज हमारे देश में हमला कोई बाहर से राजा नहीं करेगा बल्कि हमारे देश के अंदर ही हो रहा है। दिमाग के अंदर ऐसा नैरेटिव बनाकर जिससे कि
(02:22) हम अपने देश पर गर्व ही नहीं कर पा रहे। आज के पडकास्ट में आप जब उन राजस्थान की रानियों के बारे में सुनेंगे जिन्होंने खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया ताकि कोई भी दुष्ट उन्हें हाथ ना लगाए। जब आप उन राजपूतों की वीर कथाएं सुनेंगे जिन्होंने अपना सर तोपों में डाल दिया तब आप अपनी लाइफ में ऑनर क्या होता है उसे महसूस करेंगे। प्रेजेंटिंग डॉक्टर उमेंद्र रत्न है तो ये ईएनटी सर्जन पर इनका जो पैशन है वो देश कल्चर धर्मा के ऊपर था। जिसके बाद इन्होंने पढ़ना शुरू किया और किताबों को भी ऑथर किया। काफी
(03:08) जज्बाती है। एपिसोड में आप उस इमोशन को महसूस करेंगे। मैं यह कहूंगा कि इस एपिसोड को अपने परिवार के साथ देखें। अगर हम चाहते हैं कि सिर्फ देश ही नहीं बल्कि हम अपनी लाइफ में किस तरह अपने इतिहास को वापस रिक्लेम कर सकते हैं। तो वो मौका आज है। आई लीव यू विद दिस थॉट डॉक्टर ओमेंद्र जी ने मुझे जाते वक्त इस किताब में तीन शब्द लिखे जो कि मैं आपको समर्पित कर रहा हूं।
(03:53) डेथ बिफोर डिसऑनर। आल्सो आप सबको कांग्रेचुलेट करना है क्योंकि जब भी आप सुपर टॉक्स के इन एपिसोड्स का हिस्सा बनते हैं, सब्सक्राइब करते हैं या मेंबरशिप प्रोग्राम्स का भी एक पार्ट बनते हैं तो आप सिर्फ एक पॉडकास्ट चैनल को सपोर्ट नहीं कर रहे बल्कि एक मूवमेंट का हिस्सा बन रहे हैं जो पिछले 9 सालों से चल रही है। हम एक एनजीओ चलाते हैं 200 से ज्यादा अंडर प्रिविलेज बच्चों के लिए। सो हम सिर्फ बातें नहीं कर रहे बल्कि रियल चेंज सोसाइटी में ला रहे हैं। सो आप सबको बहुत-बहुत बधाई। आपने जोधा अकबर देखी है? नहीं ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय की मूवी
(04:27) आई थी। ना मैंने सुना वो हमने राजस्थान में नहीं चलने दी थी। अच्छा राजस्थान हमने बैन करा दी थी। राइट। और क्यों बैन कराई थी? क्योंकि देयर वाज़ नो जोधा भाई। पूरे इतिहास में कहीं भी कोई उल्लेख नहीं मिलता है। दैट देयर वाज़ अ जोधा बाई। यह बहुत बड़ा क्लेम है ना। बड़ा क्लेम क्यों आप मैं तो कर रहा हूं। आओ तुमने जिसने मां का दूध पिया आकर के मेरे सामने खड़ा हो कि जोधाई का क्लेम सच सच साबित करे। तो ये पूरी मूवी झूठी है। पूरी मूवी झूठ है। पहली बात तो ऋतिक रोशन जैसा था ही नहीं। अकबर अकबर 5 फुट 3 इंच का था। 4 इंच का था। स्टॉकी था। काला था। यहां मस्सा था
(05:03) एक। मैं आपको फोटो भेज दूंगा। दिखा देना। इसमें इसमें लगी मेरे फोटो वो। खुद की बनाई हुई है ना। मेरे को मैं तो वहां था नहीं ना उस वक्त। इन्हीं के पेंटर्स की बनाई हुई फोटो मैं आपको भेज दूंगा। देख लीजिएगा क्या था वो। नहीं पर जोधा अकबर थी नहीं। ये तो मतलब जोधा हरखूबाई एक पोर्चुगी दासी थी जयपुर घराने के पास में। मैं आपको बताता हूं हुआ क्या था। बाबर जब यहां पर आया था तो बाबर ने जब खानवा के युद्ध के बाद महाराणा सांगा की 1528 में हत्या कर दी थी। पोइजन देकर के उनको मरवा दिया था। जो यह करते आए थे इनका इनका इनकी एक्सपर्टीज थी। इसमें पोइजन दे
(05:44) के दूसरे राजाओं को मरवाना इनका एक्सपर्टीज थी। तो इन्होंने जयपुर के एक राजघराने के पास में यह मैसेज भेजा कि भाई हम लोग राजे हैं। हम हम ऑर्डिनरी मुसलमान से तो अपनी बेटी की बेटियों की शादियां नहीं करेंगे। नोबलबल से करेंगे। लेकिन हमारे को चाहिए कि हम हिंदू राजाओं के साथ अपनी बेटियों का आदानप्रदान करें। यह ऑफर थी बाबर की तरफ से। जयपुर के राजपूतों की चारणों की जैसे जिस कम्युनिटी से मैं आता हूं आई एम अ चारण तो हमारे पूर्वज चारण हुए वी वर द एडवाइजर्स टू दी राजपूत एंड द ब्राह्मणस एंड एंड द ऑल अदर बनी है रेगर सब सर्व सब समाजों की
(06:22) सर्व समाज की मीटिंग होती है तो वहां पर यह थॉट आता है कि भाई बेटी दे तो दे सकते हैं इनको अपन लेकिन लेंगे नहीं इनकी बेटी क्योंकि अगर बेटी ले ली तो फिर सूर और लेटर आपका इस्लामाइजेशन हो जाएगा। आप इस्लामीकरण को नहीं रोक सकते फिर। तो देना क्यों सही समझा फिर? भाई एक टाइम था जब अन्ना हमारे पास तोपें थी। सांगा वाज़ मर्डर्ड राजपूत कॉन्फेडरेशन खत्म हो चुका था। देयर वाज़ नो ऑर्गेनाइज्ड रेजिस्टेंस टू मुस्लिम्स। इन 1528, 2930 की बात बता रहा हूं। खत्म हो चुका था।
(07:06) कॉन्फेडरेशन उदयपुर में तो सिविल वॉर छिड़ा हुआ था। वो बनवीर एक दासी पुत्र आ के राजा बन गया था। फिर विक्रमादित्य और बहुत ही मीडियकर किस्म के लोग राजा बने। सांगा का मर्डर की बहुत बड़ी कीमत चुकाई हमने। तो जब कोई कॉन्फेडरेशन नहीं था। अच्छा जयपुर के पास जयपुर सिचुएटेड इन प्लेेंस। एक पहाड़ी है वहां पर वो नहरगढ़ की हमारे पास में। अगर आप जयपुर कभी आएंगे देखेंगे तो देयर आर टू प्लेसेस गलताजी और दो प्राणी अदरवाइज जयपुर इज़ प्लेन जो आपका जब इन्वज़न होगा तो कुछ बचाने वाला नहीं मेवाड़ ऑन द अदर हैंड वाज़ प्रोटेक्टेड बाय द अरावलीज़
(07:44) द पीपल एंड द आर्मी कुड ऑलवेज गो बैक टू द माउंटेंस एंड एक माउंटेन के अंदर आपकी जो वॉरफेयर होती है वो बिल्कुल डिफरेंट होती है। हम 100 जनों की आर्मी भी हम 5000 की आर्मी को रोक देगी हम वो दर्रा तो इतना सही है ना करो पास किसकी मां का दूध पिया राइट लेकिन जयपुर के पास तो वो एडवांटेज नहीं थी फिर हमारे पास फायर पावर नहीं थी राजपूत कंफेडरेशन खत्म हो चुका था तो ये समझौता तो करना था जयपुर वाले को लेकिन उस समझौते के अंदर ये विज़डम और ये फोरसाइट रखना कि हमें बेटी लेनी नहीं है साफ मना कर दो भाई बेटी ले लेते हां मैं समझ गया उसके बेटे नाना मामा आते नाना मामा में आते
(08:24) इस्लामाइजेशन होता राइट राइट तो फिर इन्होंने कहा कि एक काम करते हैं कि एक अपनी दासी लो लेवल की जो बेटी है उसको दे देते हैं और जान छुड़ाते हैं इनसे हम पिंड छुड़ाओ इनसे कह हां भाई दे दी हमने बेटी खत्म करो तुम्हारा जिसको कि रेजिस्ट किया हुमायूं तक तो लेकिन अकबर ने जब इंसिस्ट किया तो फिर हरखूबाई नाम की एक पोर्चुगीज़ दासी थी जयपुर के राजघराने में जिसका विवाह उसे किया गया और ये बातें करते ना लंबीलंबी साहब की है ना कि अखबार इतना लिबरल था और जो मुगल आजम मूवी के अंदर वो जो भगवान कृष्ण को जन्माष्टमी के दिन झूला झूला रहा है तो दैट मींस कि यू
(09:00) आर इंप्लाइंग दैट हुएवर द प्रिंसेस हिंदू प्रिंसेस थी वो हिंदू थी तो फिर मरियम उल जमानी कौन थी जरा इनसे पूछो जरा दैट हरकूबाई वाज़ कन्वर्टेड टू इस्लाम बिफोर गेटिंग मैरिड टू मिस्टर अकबर हर नेम वाज़ मरियम उल जमानी उसकी दर उसकी जो कब्र है वो आज भी आगरा के किले में है। लोग जाके देख लें। सो कट द क्रैप प्लीज डोंट फीड मी लाइट अकबर वाज़ अ सेकुलरिस्ट। अ मैन हु किल्ड 40 थाउजेंड हिंदूज ऑन वन डे इन 25th फब 1568 वाज़ अ डिबॉच मर्डरर रिलीजियस एक्सट्रीमिस्ट।
(09:47) एंड दैट्स व्हाट आई विल कॉल हिम। अकबर की डेथ के बारे में क्या पता चलता है? अकबर की डेथ के बारे में एक ही डाइड ऑफ डिसेंट्री। ब्लडी डिसेंट्री उसको पेचिश हुआ था। मतलब उसको जो ही पास्ड ब्लड इन ह स्टूल एंड ही डाइड लाइक दैट। ऐसा कहते हैं। बट एक्चुअली बूंदी के एनल्स में मैं ढूंढ रहा हूं इतने सालों से मुझे मिले नहीं अभी तक। आई कुडंट लेव माय हैंड्स ऑन देम। लेकिन टॉड उसको मेंशन करते हैं दैट उसने पोइजन सर्व करवाया था राजा मानसिंह जी को। मान सिंह जी को पोइजन खाना बनाया था और दुर्भाग्य से हमारे सौभाग्य से उस पोइजनस खाने को वह खा गया और मानस सिंह जी ने
(10:22) नॉर्मल खाना खा लिया। उस पोइजन से उसकी डेथ हुई थी और अकबर ने अपने जो कहते थे कि नवरत्न समझते हैं वो मानसिंह को उनको क्यों जहर दिलवाया? क्योंकि ये नवरत्न का जो जो होक्स है ऑल यह हिंदुओं को स्मोक स्क्रीन है बेवकूफ बनाने के लिए। दी व पीपल ही हायर्ड टू टू रूल भारत भाई किसी की निष्ठा परचेस करके आप उसको नौकरी पे तो रख ही सकते हो ना नवरत्न ऑल ये क्या उसको हिंदुवाइज करने का एक एजेंडा है ये कि दीइही लाया था जी वो अरे अगर अगर वो इतना ही पायस था तो फिर वो मीना बाजार क्यों लगाता था यार
(11:07) आप आगरा के किले में जाकर देख लो वहां पे नंबर ऑफ़ क्वीन मैं तो भूल गया हूं। हिंदी में लिखा था से 700 समथिंग या 400 समथिंग कुछ उसकी रानियां थी। साला साल में एक बार भी नंबर नहीं आता था क्या रानी का? ऐसे ऐसे डिबॉच आदमी को आप अपना आइडियल बनाओगे। अभी तक का सबसे बड़ा झूठ क्या है? सबसे बड़ा झूठ ये है कि हिंदू 1000 साल गुलाम रहे थे। हम एक दिन के लिए भी किसी के गुलाम नहीं रहे थे। हमारे पूर्वजों ने वो परिस्थिति होने ही नहीं दी अच्छा हजार तरीकों से आप सोचिए वाल्मीकि समाज जो है दे वर ओरिजिनली क्षत्रिय समाज ये सूअरों की पूजा क्यों कर रहे हैं? ये
(11:44) सूअरों को क्यों पालते हैं? या किसी ने बुद्धि लगाई है क्या? सूअर पालना अपनी कॉलोनी में हम सबसे सेफ सेफ्टी का कदम था मुसलमानों से। क्योंकि मुसलमानों के अंदर एक बिलीफ है कि सूअर इतना गंदा होता है। इनके रिलीजियस टेक्स्ट में लिखा हुआ है। अपनी बच्चियों को बचाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सूअर पालना शुरू किया। एक एग्जांपल दे रहा हूं आपको मैं। मैं एक एग्जांपल दे रहा हूं। ये जंगलों में गांव कैसे बचे हुए हैं? फसे हुए हैं। हर 10 20 कि.मी.
(12:19) पे हिंदुस्तान में गांव क्यों बने हुए हैं? व्हाई व्हाई? स्टिल रिसेंटली इंडिया वाज़ नॉट अर्बन कंट्री। स्टिल टुडे इट्स अ रूरल कंट्री। ये कहां से आए गांव? यह वह हिंदू हैं जो धर्म बचाने के लिए शहरों को छोड़ छोड़कर गांव में बस गए और बाबर बाबरनामा में लिखता है खुद कि मैं दिल्ली से आगरा जाता हूं तो मुझ पर पता नहीं ये हिंदू साले कब हमला कर देंगे। मेरी जान टंगी रहती है। यह कभी भी हिंदू मुझ पर राजपूत खास तौर से राजपूत मुझ पर हमला कर सकते हैं। बाबर मिस्टर बाबर लिख रहे हैं दी ग्रेट बाबर बाबरनामा में लिखा है। मैं आपको पेज दूंगा दिखा देना आप कोट करके।
(13:00) लेकिन यहां एक षड्यंत्र ये चला कि जो बारबेरिक आईडियोलॉजी थी हम उसको ढोने वाले लोगों का महिमा मंडन किया जाए। हम जो हमारे पूर्वज इतने धार्मिक, इतने यशस्वी और इतने शौर्यवान थे। साका जौहर जैसी घटना उसको ढका। उसको कवर कर दिया। और मैं आपको हिस्ट्री की बात करेंगे तो बताऊंगा आपको। लेट्स नॉट टायर माय थ्रोट। द एपिसोड इज ऑन। एपिसोड तो ऑन है। व्हाट? या या या इसको फिर एडिट करते रहोगे आप। हां हां इट्स ऑल रोंग। नहीं तो देन देन स्टार्ट आस्किंग मी। या या इट इज देयर। ये हो गया ये। इट्स अ पार्ट ऑफ़ द फ्लो। और यार मैं मुझे नहीं पता एनीवे
(13:45) पर कुछ ऐसा नहीं था जो ऐसा नहीं होगा नो नो आई एम नॉट वरीड जिस घटना के कारण आप हिंदू हैं मैं हिंदू हूं उस घटना का नाम तक हमारे इतिहास से पहुंच डाला गया राइट राजस्थान में हर 50 किमी पर 30 किमी पर अरावली की बड़ी-बड़ी पहाड़ियों पर किले बने हुए हैं। कोई छोटे कोई बड़े और यह गैरेसन पॉइंट्स थे जहां पर कि सेना रिचार्ज होती थी फ्यूल बड़े किलों में चित्तौड़गढ़ है रणथंबोर है जोधपुर का मेहरानगढ़ है जैसलमेर ये जो बड़े-बड़े किले हैं यहां तो ये तो पूरा का पूरा एक शहर होता था अंदर पूरा इकोसिस्टम होता था अंदर जानवर खेती पानी पूजा त्यौहार मतलब
(14:28) किले के दरवाजे अगर बंद कर दिए जाए तो दैट सिटी इज लॉक्ड एंड इट कैन सेल्फ सस्टेन फॉर वन ईयर और टू इयर्स विदाउट फूड एंड वाटर फ्रॉम आउटसाइड तो ये जो मुसलमान आते थे हत्यारे पश्चिम से हम ये आकर के उसके किले पे जैसे चित्तौड़ पर रणथंबोर पे सीज दे लेड सीज कि बाहर से ना कुछ अंदर जा पाए ना अंदर से कुछ बाहर आ पाए 6 महीने 8 महीने 10 महीने के बाद में जब रसद समाप्त हो जाती थी तो दुर्ग का स्वामी दुर्ग का जो राजा था वो दुर्ग के पुरुषों को बुलाकर कहता था जौहर का समय आ गया। मैं दर्जनों मंचों पर इस बात का
(15:15) डिस्क्रिप्शन दे चुका हूं और हर जगह मैं भावुक हो जाता हूं इस बात को करते हुए और पिछले 10 वर्षों से जब शाखा जौहर के बारे में मैं बोल रहा हूं, लिख रहा हूं। मैं आज तक इसको रैशनलाइज नहीं कर पाया हूं कि किस तरह के लोग थे हमारे पूर्वज। जौहर का मतलब है कि हर पुरुष अपनी स्त्रियों को जला देगा जिंदा। अपनी वाइफ, अपनी बहन, अपनी बेटी और अपनी मां को। जस्ट इमेजिन फॉर वन सेकंड। पुट योरसेल्फ इन द फीट ऑफ दैट वॉरियर। जो बाहर उसको वह
(16:02) मुसलमानों की सेनाओं की दुर्गंध और वह धुआ दिख रहा है जिनसे वो आठ महीने से जूझ रहा है। और अब उसके राजा ने उसे आदेश दिया है कि वो अपने परिवार की स्त्रियों को जीवित अग्नि में जला दे। दे कुड हैव डाइड एन ईयर डेथ। दे कुड हैव किल्ड ईच अदर बाय पोइजन और स्टैब व्हाई व्हाई चूज़ डेथ बाय ब्रल ब्रूटल डेथ क्यों व्हाई कैन यू इमेजिन व्हाई बिकॉज़ एट दैट इन दैट इरा हम ऑफ जीरो कम्युनिकेशन दे न्यू ऑफ एन एक्ट कॉल्ड नेक्रोफीलिया सेक्स विद द डेड बॉडी
(16:48) दिस इज़ इवन इजिप्ट में अभी अभी 2011 में आप Google कर लेना एक लॉ पास हुआ है उसको फेयरवेल सेक्स कहते हैं कि एक व्यक्ति की पत्नी अगर मर जाती है तो उसके साथ वो सात दिन तक सेक्स कर सकता है डेड बॉडी के साथ दिस इज द काइंड ऑफ स्टफ यू आर डीलिंग विद बट रिटर्निंग टू साका जौहर हमारे पूर्वजा माताओं को पता था कि यह हमारे मृत शरीर के साथ भी उसकी दुर्गति करेंगे अगर हमारा मृत शरीर इनके हाथ में पड़ा तो और वो संभावना थी अगर दुर्ग के पुरुष हार जाते उस युद्ध में तो फिर इनका मरा हुआ शरीर इनको मिलता। मान लो मान लो यह संभावना होती कि उनको
(17:26) हिंदुओं जो पुरुष थे उनको समय ही नहीं मिलता अपनी महिलाओं को जलाने का। उन्होंने कहा हम वो संभावना ही समाप्त कर देते हैं ना। ये जब आएंगे मुसलमान इस इस कुछ मिले में इनको हड्डियां मिलेंगी, दांत मिलेंगे, नाखून मिलेंगे। कर लो जो सेक्स करना है उसके साथ में। एंड इसके दो और कारण थे। हमारे पूर्वजा माताओं को बहनों को यह बात पता थी कि अगर हमारे मरी मरे हुए शरीर के साथ भी मेवाड़ की सड़कों पर रणथंबौर की राजस्थान की गलियों में अगर संभोग हुआ तो ये जो आम जनता देखेगी वो लड़ नहीं पाएगी।
(18:10) उसका मनोबल इस तरह से टूटेगा। फिर इसके देश का इस्लामाइजेशन कोई नहीं रोक सकता फिर। फिर वो सरेंडर कर जाएंगे। राइट। राइट? सो सरेंडर वास नॉट एन ऑप्शन। और तीसरा अपने शत्रु को ये मैसेज देना था। यू विल हैव ओनली माय ऐशेस। आई डिनाई यू माय बॉडी। आई डिनाई यू माय विल। एंड आई डिनाई यू द प्लेजर ऑफ माय सरेंडर। इवन इन डेथ आवर फोर मदर्स गव अस अ विक्ट्री। मुसलमानों की जो जनरल्स का अकबर का जो
(19:00) वार्तालाप है राजपूतों के साथ जो बाहर हिंदू राजपूत उसकी सेना में थे राजा भगवान दास जयपुर का था। कि हो क्या रहा है? तो व्हेन ही सेड कि राजपूत स्त्रियां हिंदू स्त्रियां सारी राजपूत स्त्रियों के नेतृत्व में जिंदा जल रही हैं। तो मुझे बोला जिंदा जल रही है। हाउ ऑन अर्थ? कैन यू डिफिट अ पीपल हु हैव द रिसॉल्व? भाई। जान का डर ही तो होता है ना। आप अल्टीमेटली मेरे, मेरे बच्चे के, मेरी पत्नी के, मेरे परिवार के जान का डर दिखा के मुझसे कुछ भी करवा दे। वो लेवरेज है ना आपकी? करेक्ट। मैंने खुद ही खत्म कर दी वो लेवरेज। पूरे विश्व में कहीं शाका जौहर नहीं हुआ
(19:46) है सिवाय भारत के। मुझे बता दें क्रूसेट्स के अंदर कितने शाका जौहर हुए थे? ये साका जौहर सिर्फ राजस्थान में हुआ या पूरे भारत चंदेरी में मध्य प्रदेश में भी हुआ। और सिंध में सबसे पहला शाका जौहर हुआ था सिंध में? जौहर हुआ था। साका क्या होता था कि जब वो पुरुष अपनी स्त्री को अपनी मां अपनी बहन अपनी पत्नी अपनी बेटियों को जलने के बाद उनकी राख को अपने शराब चिता पर मल के अपने शरीर पर मल के और दुर्ग का द्वार खोल दिया जाता था फिर जितने लोगों को आप मार सकते थे वो जितने मुसलमानों को मार सकते थे मार डालते थे और उसके बाद अपने प्राणों
(20:20) की आहुति देती थी इसे साका कहा जाता था पर ऐशेस को लगाने का क्या मतलब है क्या अब हम तेरे पास आ रहे हैं वो संकेत था वो प्रेम की एक अद्भुत अभिव्यक्ति थी कि मृत्यु भी उस योद्धा को उस उस हिंदू को अपनी बेटी से अलग नहीं कर पाया। राइट? वो मृत्यु में भी उसका आलिंगन करते हुए पुत्री को अपनी छाती पर ढो के जा रहा है कि मैं शरीर को तिरोहित मैं तूने जल कैसे तिरोहण किया। मैं कट के करता हूं। ऐसे सिरफिरों को कौन हरा सकता है? तो जो भाई आप तिलक लगाकर बैठे हो ना यहां पर और जो गणपति बाहर विराजमान है इसका
(21:07) बहुत मूल्य चुकाया गया है। ये निशुल्क नहीं आया है। अ कॉस्ट हैज़ बीन पेड बाय आवर फोर फादर्स एंड फोर मदर्स। एंड दिस डेड हिंदू समाज बेटर बी अवेयर ऑफ दैट बेटर टेक कॉग्निजेंस ऑफ इट एंड बेटर बी ग्रेटफुल टू दोज़ डिवाइन सोल्स हु सैक्रिफाइस देमसेल्फ एट द ऑल्टर ऑफ फ्रीडम एंड धर्म सो दैट देयर चिल्ड्रन कैन रिमेन फ्री एंड नॉट देयर बायोलॉजिकल चिल्ड्रन माइंड यू बायोलॉजिकल चिल्ड्रन तो
(21:51) खुद जला दिए उन्होंने जो जैविक बच्चा था उसको तो जला दिया हिंदू समाज बचा रहे, हिंदू धर्म बचा रहे। तब जाकर के भैया यह देश आज भी यहां पर मंदिरों में वैदिक रिचाएं गूंजती हैं। घंटियां बज रही हैं। पंडित जी वेद मंत्रों का जाप कर रहे हैं। हिंदू समाज मर क्यों चुका है? हिंदू समाज मर इसलिए चुका है क्योंकि एक सोचा समझा षड्यंत्र था। यह एक बाकायदा प्लानिंग के तहत हुआ है। अगर मैं आपको आपके पूर्वजों के प्रति इनफीरियरिटी कॉम्प्लेक्स एक हीन भावना से भर देता हूं तो मैंने एक तरह से आपकी हत्या कर दी। आई हैव एलिमिनेटेड योर मैनहुड।
(22:40) आई हैव टेकन अवे योर रूट्स। यू आर यू आर लाइक एन एटम देन। आप एक अणु हो फिर आप। जड़ नहीं है आपकी। यू यू आर नॉट अ ट्री। यू आर एन एटम। एटम का तो खून से उड़ जाएगा ना एटम तो हिंदू समाज को जड़ विहीन किया गया एक षड्यंत्र के तहत कि इन्हें यह बोलो कि यह डरपोक कायर कॉम्प्रोमाइजिंग अपनी स्त्रियों को जलाने वाले नशेड़ी समाज हैं। तो हुआ यह इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? हिस्ट्री का हुड विंकिंग की जरूरत क्यों पड़ी? क्योंकि रियलिटी में तो हमने इनको ठोका पकड़ के। हिंदू आर द ओनली पीपल जो मुसलमानों के गुलाम नहीं बने हैं।
(23:26) आज भी इनकी छाती पर 120 करोड़ हिंदू बैठे हैं ना और ये कष्ट है। यही तकलीफ है कि इस्लामाइजेशन हुआ ही नहीं इस देश का। इस सब्टिनेंट का पूरा इस्लाम पाकिस्तान तक में एक करोड़ हिंदू बैठे हैं इनकी छाती पर। पूरी ताकत लगा ली इन्होंने। तो अभी एक करोड़ हिंदू वहां पर बैठा है। समथिंग सरियल। तो एक षड्यंत्र जो मैं आपको इतिहास की दृष्टि से बताता हूं और मुझे आश्चर्य होता है कि मैं एक नॉन हिस्टोरियन हूं। आई मीन आई एम नॉट अ ट्रेंड हिस्टोरियन इन द टर्म्स ऑफ़ हालांकि हिस्ट्री एक ऐसा ओपन सब्जेक्ट है जिसमें कोई भी व्यक्ति अपनी कुछ कोई भी
(24:07) अपनी एक अपनी ओपिनियन रख सकता है। भारत पर पहला इस्लामी आक्रमण हुआ 712 ईस्वी में। मोहम्मद बिन कासिम डिफिटिंग राजा दाहिर किलिंग हिम हेडिंग हिम स्टैंडिंग ह कट हेड टू ह खलीफा हजाज बिन युसुफ इन बगदाद और उसकी दो बेटियां सूर्य देवी परिमला देवी को उसने सेक्स स्लेव बनाया। अब आपसे मुझसे अगर पूछा जाए कि हिंदुस्तान में इस्लाम का जो बीज पड़ा जो पहली निर्णायक पराजय हिंदुओं की हुई वो कौन से सन में हुई थी? अभी हम बात कर रहे थे ना जिस कैरेक्टर की
(24:53) जिसकी इतनी घटिया भी एक पिक्चर बनी है जिस पर पृथ्वीराज चौहान पृथ्वीराज चौहान डिफिटेड बाय मोहम्मद गौरी इन द सेकंड बैटल ऑफ़ तराइन 1192 हम प्लीज टेल मी व्हाट हैपेंड बिटवीन 712 एंड 1192 इट्स अ गैप ऑफ़ 480 इयर्स सो अप्रोक्समेटली ली 500 इयर्स ऑफ हिंदू हिस्ट्री हैज़ बीन इरेज्ड। व्हाई? बिकॉज़ इट डजंट सूट देम। व्हाट डजंट सूट देम? दैट दे वर किक्ड आउट ऑफ दिस कंट्री रिपीटेडली फॉर 500 इयर्स बाय हिंदूज़।
(25:39) अच्छा मैं तो हिटमंगर हूं। मैं तो राइट विंग का आदमी हूं। मैं तो बहुत ज्यादा बायस्ड हूं। अरब हिस्टोरियन बालाधुरी लिखता है नाइंथ सेंचुरी में इन वन ऑफ द बैटल्स मतलब बैटल ऑफ राजस्थान जिसमें बापा रावल ने जुनैद अल मरी नाम का एक इनका जो हत्यारा आया था अरब से आफ्टर कासिम एंड बाप्पा क्रिएटेड अ हिंदू फ्रंट टू फाइट हिम वि पुलककेसी राजा फ्रॉम दक्षिण भारत जयभट्ट फ्रॉम गुजरात एंड नागभट्ट फ्रॉम राजस्थान तो दी फोर किंग्स यूनाइटेड देर फर्सेस एंड येट दे वर आउट नंबर दे लाइक 15000 एंड जुनेद अल मरी केम विद 6ाउ मंडोवर जोधपुर के पास युद्ध हुआ बहुत ही
(26:28) स्केची से रिकॉर्ड है उसके बहुत ज्यादा रिकॉर्ड अवेलेबल नहीं है बालाधुरी लिखता है मैं इस्लामिक हिस्टोरियन से कोट करता हूं हमें सर छुपाने की जगह नहीं मिली हिंदुओं के ताप से उन हिंदुओं के क्रोध से वो हाल किया ये इस्लामिक हिस्टोरियन लिख रहा है। ललितादित्य मुक्तापीड़ कौन थे? रावल खुण कौन थे? रावल अलड़ रावल जयत्र सिंह रावल समर सिंह पुलककेसी राजा नागभट्ट, जयभट्ट, शाहिया वंश, अनंगपाल, आनंदपाल, त्रिलोचन पाल। यह नाम क्यों इतिहास में हमें नहीं पढ़ाए जाते? इसीलिए मैं रोना रोता हूं। एक जांच कमीशन
(27:14) बैठे कि इस देश के 500 वर्ष का इतिहास गया कहां? भाई मैं तो इस बुक में बप्पा रावल से शुरू करता हूं। हम इट इज फ्रॉम 730 एडी उससे पहले क्या था? नहीं नहीं उससे पहले नहीं नहीं नहीं आप नहीं समझे इसका मतलब मैं उसके बाद क्या हुआ? गैप हिंदुस्तान की जो हिस्ट्री है वो तो 1192 में शुरू हो रही है। राइट? मैंने उससे पहले तीन चार राजाओं के नाम खमांड का नाम लिखा है। रावल जैत्र सिंह का नाम लिखा है। हम राइट आप बेसिकली आपका जो नोशन है जो आप कह रहे हैं कि नहीं नहीं मेरा नोशन नहीं ये आपका भी नोशन है ना मुझे बताइए ना 500 साल की हिस्ट्री कहां गई राइट राइट मैं वही कह
(27:54) रहा हूं क्या हुआ राइट मैं वही कह रहा हूं कि आप कह रहे हैं क्या वैक्यूम में थे क्या हम हम कि जो 500 साल का रेजिस्टेंस है जिसकी वजह से आज अगर हर कोई अगर हिंदू है कोई मंदिर है तो किसी ने लड़ा होगा तभी तो वो आज प्रोटेक्टेड है। लेट अस थोड़ा इसको और सेपरेट करते हैं। ओके जो हिंदू है और मंदिर है वो तो पूरी हजार साल की रेजिस्टेंस है। ओके। लेकिन 1192 के बाद तो इस देश के जो मक्कार इतिहासकार जो घटिया आत्मा विहीन इतिहासकार हैं वो दिल्ली सल्तनत को लेकर आ गए ना फिर हमारी छाती पे जिसको मैं लिख रहा हूं द लाइ कॉल्ड दिल्ली सल्तनत तो उस वक्त दिल्ली सल्तनत का विरोध
(28:30) किसने किया? तब आपका पृथ्वीराज चौहान का भी नाम आता है। आपके जयचंद का भी नाम आता है। हालांकि गलत कनोटेशन में आता है। जयचंद बहुत वीर थे राजा और वो वो वो देशद्रोही नहीं थे। पूरे मेवाड़ के महाराणाओं का नाम आ जाता है। फिर आपके विजयनगर किंगडम भी आ जाता है। फिर आपके आंध्र के काकातिया आ जाते हैं। कर्नाटक के गड़ा आ जाते हैं। बंगाल का नंद वंश आ जाता है। गुजरात के सोलंकी आ जाते हैं। राजा छत्रसाल आ जाते हैं। उसको तो स्वीकार करना पड़ा ना इन इन इन इन इन इन इन झूठे मक्कारों को। हम मैं दूसरी बात कह रहा हूं। मैं यह निवेदन कर रहा हूं कि 72 द फर्स्ट
(29:07) ऑर्गेनाइज्ड अटैक ऑफ इस्लाम टू 1192 अप्रोक्समेटली 480 इयर्स हैज़ बीन इरेज्ड व्हाई? बिकॉज़ दैट वाज़ द इन्वज़ ऑफ द अरेबिक इस्लाम। अरब इस्लाम जो आया था ना इस्लाम हमारे देश में तीन ह्यूज़ में आया। अरेबिक इस्लाम, अफगान इस्लाम एंड टर्किश इस्लाम। इस देश में जो पार्शियल सक्सेस मिली वह अफगान इस्लाम को मिली। एंड मुगल्स व टर्क्स जो फाइनल जो टेकओवर हिंदुओं का हुआ वो हुआ टर्क्स के द्वारा। दैट वास टर्किश इस्लाम। बाबर वाज़ अ टर्क। ये घर में टर्किश में ऐसा बोलते थे। ये मैं नहीं कह रहा हूं। इनके रिकॉर्ड्स हैं भाई।
(29:50) तो अरेबिक इस्लाम जिसको कि इनका एक खुद का स्कॉलर है हाजी हालीहाली करके अब्दुल समद हाली करके है वो लिखता है आई कोट हिम इस्लाम का वो हिजाजी बेड़ा जो लाल सागर और अरब सागर को फतह करता चला गया हां इस्लाम का वो बेड़ा गंगा के मुहाने पर आकर डूब गया ये हिटमगर नहीं कह रहा है आपसे एक इस्लामिक स्कॉलर का एक बहुत सेलिब्रेटेड डायलॉग है। गंगा के मुहाने पे आके डूब गया। हमारे पूर्वजों को हम इतना मलिनता और इतना नीचता से दिखाते हैं हम उस स्वर्ग से बैठे हमें श्राप नहीं
(30:36) देते होंगे। राघव कि तुमने हमारे शौर्य पर पानी फेर दिया। हमने तलवार से जो चीज नहीं होने दी तुमने कलम बेचकर वो करवा दी। अब आपके उस प्रश्न का उत्तर आता है कि क्यों हिंदुओं के इतिहास को मिटाया गया? क्योंकि हिंदुओं का इतिहास इस विश्व का सबसे गौरवशाली इतिहास है। वी डिड नॉट यील्ड टू एन आईडियोलॉजी वि वास टोटिटेरियन एंड दैट डिड नॉट सूट द फर्सेस क्योंकि इस देश का इस्लामीकरण एक अधूरा एजेंडा है। आज भी वह कोशिशें चल रही
(31:24) हैं और उस कोशिश में सबसे बड़ी सरलता काम सफलता क्या है इनकी कि इन्होंने हमारी इतिहास को ही पोंछ डाला। इसलिए ये लघु प्रयास हो रहे हैं कि आज आवास मलदितियार विक्रम संपत श्रीमती मीनाक्षी जैन थोड़ा सा थोड़ा सा मेरे जैसा पार्ट टाइम हिस्टोरियन भी इस काम को कर रहा है। राइट? बट दिस हैज़ टू कम इंटू द करिकुलम। हमारे इतिहास के करिकुलम और एक जांच कमीशन बैठना चाहिए। राइट? जांच कमीशन बैठना चाहिए। भैया ये 500 साल का इतिहास कहां है? इसको मिडिवल हिस्ट्री कहां से शुरू होती है? मुझे बताओ। हिंदुस्तान की मीडियम हिस्ट्री कहां से शुरू होती है? 1192
(32:02) इसको किस खाते में डालोगे? इसको एंशिएंट हिस्ट्री में डालोगे आप। एंशिएंट हिस्ट्री में तो समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त और वो आ जाता है। राइट राइट। तो कहां गया है ये? राइट। सो आपका बेस अब मुझे अब सेट हो गया है। जो मुझे अब जो वाइब और आई थिंक जो इमोशनल एरा में आप लेकर गए। इट्स वैरी स्ट्रांग एंड वेरी पावरफुल। एंड आई होप कि जो भी हम डिस्कशन कर रहे हैं सब उसको उस लेंस से देखें जहां पर वो अपने इतिहास को और बेहतर तरीके से समझ पाए जिसको जो क्रॉस वेरीफाई कर रहा है इरिस्पेक्टिव ऑफ़ आईडियोलॉजी डिस्पैशनेटली राइट राइट राइट लेट्स डू इट डिस्पैशनेटली
(32:32) कि मैं ये सोच रहा हूं कि अगर कोई मुसलमान भी इस वीडियो को देख रहा है वो भी जाकर इस चीज को खुद वेरीफाई करना भाई तेरे पूर्वज ही तो थे जो लड़े थे राइट राइट राइट वो हिंदू पूर्वज ही तो लड़े थे बेचारे फंस गए मुसलमान बनना पड़ा राइट जोहर का आपने रेफरेंस दिया था क्या ये वही जोहर है जो रानी रानी पद्मावती ने किया था। पद्मावती नाम की कोई रानी नहीं थी। ओके। पद्मावती इज़ ए इमेजिनरी फिगर बाय मालिक मोहम्मद जायसी हम एंड बैलेड राइटर 300 इयर्स और 200 इयर्स आफ्टर महारानी पद्मिनी। सो द ओनली एंड द ओनली एंड द ओनली क्वीन हु डिड जौहर बाय दैट नेम वाज़ महारानी
(33:10) पद्मिनी। महारानी पद्मिनी। देयर वाज़ नो पद्मावती। दैट इज़ व्हाई वी डिड नॉट अलाउ दिस मूवी टू रन इन राजस्थान। बिकॉज़ द नेम इटसेल्फ इज़ फेलेशियस। हमने राजस्थान में इस मूवी को नहीं चलने दिया था। इतना विरोध किया था इस मूवी का। और मुझे गर्व है इस बात पर। संजय लीला भंसाले को जो थप्पड़ पड़े थे। आई थिंक उस वक्त हमारे पास एक सूचना आई थी एक बहुत प्रामाणिक सोर्स से कि वो महारानी पद्मिनी को एक ड्रीम सीक्वेंस में अलाउद्दीन खिलजी की बाहों में दिखाने वाले हैं। तो अगर वह यह करने का प्लान कर रहे थे तो फिर थप्पड़ तो बहुत कम है उसके लिए
(33:49) और अगर नहीं कर रहे थे तो नहीं वो स्क्रिप्ट भी हमारे हाथ में लगी थी और वो पूरी एक कहानी है उसकी अगर वो मैं मैं कह रहा हूं कि ये बीज कहां से आया ये और क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर आप यह कर सकते हो क्या कि आप मेरी पूर्वजा माता के शरीर पर कोई मलेच्छ हाथ लगाए जिसके लिए वो जीवित जली थी मैं कह रहा हूं अगर वो नहीं हुई थी वो तो अगर वो नहीं था तो फिर डेफिनेटली मैं वायलेंस का कहीं से भी समर्थन नहीं करता हूं वायलेंस मैं हर अपनी अपने अपनी इस पॉडकास्ट में मैं कहता रहा हूं वायलेंस इज द प्रोगेटिव ऑफ द स्टेट। इंडिविजुअल्स अगर हम लोग वायलेंस करने लगे
(34:23) तो यह देश रहने लायक नहीं रहेगा। तो बात करने लायक भी नहीं रहेगा। ना ही कोई बात करने लायक भी रहेगा। तो फिर बात ही क्योंकि कोई भी आपको कंज्यूम ही नहीं करेगा उस थॉट से कि अगर ये बात का रेफरेंस किसी वेटेज से नहीं दिया जा रहा तो कोई भी अनबायोस्ड माइंड से नहीं सुन पाएगा। आप बार-बार एंड आल्सो वायलेंस मीन्स दैट यू हैव लॉस्ट द आर्गुमेंट। यस यस यस यस ऑफ कोर्स ऑफ कोर्स ये बॉडी लैंग्वेज सबसे बड़ा एक्सप्रेशन है कि आपके पास कुछ फक्चुअल बात नहीं है तो आप चलाओगे फिर आप पत्थर उठा के यू नो नीड टू बी वायलेंट एनी एजुकेटेड सिविलाइज मैन कैन हम तो
(34:57) शास्त्रार्थ करने वाले लोग हैं यार हम सेवंथ एथ सेंचुरी में जब डार्कनेस आ गई थी जब हीनयान बुद्धिज्म पूरी दुनिया में पूरे भारत में फैल गया था और ये जो बलियां और ये सारा का हो गया था तो वेदांत को रीस्टैब्लिश आदि गुरु शंकराचार्य ने शास्त्रार्थ से किया था। राइट? कोई तलवार से थोड़ी करता था किसी को। राइट राइट। काफी अह राजा मैंने अह शास्त्रार्थ से उस जगह को भी ऑक्यूुपाई किया गया। लड़ाई हुई नहीं। हुई नहीं। राइट। सिर्फ अपनी नॉलेज से लड़ाई तुम भगवान कृष्ण ने महाभारत में पांच गांव दे दे यार। हां हां। पांच गांव दे दे भाई दुर्योधन। इट इज
(35:37) एविडेंस इनफ फॉर मी दैट श्री कृष्णा नेवर वांटेड अ वॉर। या दैट दुर्योधन वास सच एन इडियट कि उसने कहा मैं तो पांच सुई की नोकिया बनाता हूं। फिर बोले फिर तेरा काल आ गया। महारानी पद्मिनी का जो रेफरेंस जोहर का मूवी में दिखाया गया क्या वो वही जोहर है जिसकी आप बात चीजें चल रही है भाई। हम तब सखी जी को उसकी चिता की राख ही मिली। और उस उनकी चिता की राख भी नहीं मिली क्योंकि 20,000 स्त्रियों ने जौहर किया था। उसमें से राख कौन सी पद्मिनी की ये भी नहीं पता था। अच्छा मेरे मन में मूवी के बाद एक सवाल ये रहा काफी देर तक कि जब वो सीन आता है जब खिलजी आता है और बाहर मैंने
(36:19) देखी ना राइट मुझे बता रेफरेंस मैं दे रहा हूं कि रेफरेंस उस मूवी का वो बाहर खड़ा है और उस वक्त जो अंदर जो राजा थे वो बोलते हैं अपने सैनिकों कि जितने भी हिंदू राजा हैं बाकी के जो राजपूत राजा हैं उनको बोलो कि अभी साथ आ जाओ क्योंकि अगर खिलजी ने हमें हरा दिया तो आगे आगे भी आएगा। उस वक्त जब हम कहते हैं कि हमारे पूर्वज शास्त्रार्थ करते थे, इंटेलिजेंट थे तो जितने राजपूत या थे उस वक्त वो साथ क्यों नहीं आए और वो क्यों नहीं खिलजी का उन्होंने विरोध किया और क्यों नहीं वहां पर जीत हासिल हुई? पहली बात तो यह है कि जो पहला अटैक था खिलजी का रावल रतन सिंह
(36:58) के ऊपर उसमें विजय प्राप्त हुई थी। हां 1301 हम्म। फिर वो रीगुप हो गया था। वो जो हुआ था ना वो गोरा बादल वाला जो इंसिडेंट है पूरा जब महारानी पद्मिनी कही थी कि मैं छल से जाऊंगी और उसका गर्दन काट कहती थी और राणा रावल रतन सिंह जी को उसने धोखे से कह अब हम लोग हम एक्चुअली हम लोगों ने कभी भी शत्रु के रियल स्वरूप को नहीं समझा ना वरना रावल रतन सिंह जी को उसको छोड़ने आने की क्या जरूरत थी हां वो या फिर वो जहां भी मिले वो इतने पर्याप्त सुरक्षा से क्यों नहीं मिले कि वो अरेस्ट कर लिए गए वो भी मूर्खता थी राइट क्यों गए वहां पर क्या लेना देना था भाई आप इस इस शत्रु को
(37:32) जानते नहीं हो इसको पहचानते नहीं हो स्पेश ली जब 1192 का छल जो किया था गौरी ने और पृथ्वीराज चौहान की आंख फोड़कर उनकी हत्या उसके बाद में कोई समझौता नहीं बचा था। उसके बाद में कोई हिंदू राजा ये नहीं कह सकता कि मुझे पता नहीं था इनका स्वभाव। यू हैड एडिकेट हिस्ट्री टू डॉक्यूमेंट कि ये लोग इनका स्वभाव क्या था। तो ये जो ये जो मूर्खता थी हमारे पूर्वजों की राजाओं की कि वो इतना इस शत्रु का स्वभाव नहीं समझे थे। एक तो चलो एक हम एक्सेप्ट करते हैं। यहां पे गलती हुई। बाकी राजपूत जो थे वो क्यों नहीं आए? नहीं आए। ये यही तो भ्रांति है
(38:09) ना। आप आप अगर बैटल ऑफ राजस्थान देखेंगे तो कौन नहीं लड़ा? रावल रतन सिंह के समय देखो एक कम पावर की जो डायनेमिक्स होती है ना वो बिल्कुल अलग होती हैं। पावर प्ले जो होता है ना उसमें कॉमन एनिमी यार आज 21 सेंचुरी में तुम देख रहे हो कैसे जातियां लड़ रही हैं हिंदुओं के आपस में। क्या इनको पता है कि कॉमन एनिमी इनके घर पर बैठा है इस ईरा ऑफ एजुकेशन तो आप आज से 800 साल पहले जब कम्युनिकेशन ही नहीं होता था एक लेटर लिखा हरारा लेके गया रास्ते में शेर ही खा गया उसको एक्सीडेंट हो के गिर गया सर फूट के मर गया उसको खरीद लिया गया वो लेटर पहुंचा ही
(38:50) नहीं वहां पर तो ये ये गैप्स जो थे ये उसका परिणाम थे लेकिन अंडर द सरकमस्ट्ससेस हजार साल तक इस्लाम इस्लाम को राजस्थान में और बाय एक्सटेंशन भारत में इन मेवाड़ के महाराणाओं ने काबिज नहीं होने दिया। फिर इनकी इंटरनल राइवलरीज होती हैं। इनकी आप मतलब आप जो बोल रहे हो पावर डायनामिक्स है। पावर पावर प्ले होता है। इंटरनल डायनामिक्स तो वहां पर हम वहीं पे उसको स्टॉप कर रहे हैं उस थॉट को कि वहां पर पावर डायनामिक्स है कि हां ठीक है। अगर हम साथ भी आ जाए। हां कि भाई हम क्यों जाएं और नहीं पर कई जगह साथ आए थे। अब खानवा का युद्ध हुआ।
(39:25) हां। खानवा का युद्ध होता है 1526 मार्च। हम इट वा दैट वास द डिसाइसिव वॉर। आपको पता है उसके अंदर पूरा राजपूत कॉन्फेडरेशन था। जोधपुर के राव गांगा थे। जयपुर के पृथ्वीराज कछावा थे और महाराणा सांगा उसका लीडरशिप कर रहे थे। 20 2 लाख की आर्मी थी। 20,000 आर्मी मुसलमानों की थी। हसन खान मेवाती की जो हिंदुओं की तरफ से लड़ रही थी। और चंदरी के मेदीनी राय थे। हम अब यह कॉन्फेडरेशन इसके सामने 1 लाख सांगा की बाबर की सेना थी। हम खानवा का युद्ध हुआ हम और खानवा का युद्ध एक भीषण युद्ध था। पूरा डिटेल में मैंने इस बुक के अंदर उसको पूरा
(40:05) नैरेट किया उसको मैंने। खानवा के युद्ध को हर इतिहासकार सांगा की पराजय बताता है। पर मैं अपनी आंखों से खानवा गया हूं और वहां जाकर मैंने वह मंदिर और वह छतरियां देखी है हिंदुओं की जो कि सांगा ने बनवाई थी। मुझे समझ में ये नहीं आता कि अगर सांगा हार गए थे तो ये छतरियां किसने बनवाई? दोज़ आर बिग स्ट्रक्चर्स बनने में छ आठ महीने लगे होंगे। तो अगर और एक साल के बाद तक खानवा के युद्ध की अगर सांगा की पराजय हुई थी। 1526 मार्च के बाद 1527 30 जनवरी को सांगा का निधन होता है। बाय पोइजनिंग 10 महीने तक क्या सांगा वहां पे क्या कर रहे थे?
(40:50) और अगर सांगा हार गए थे तो हुमायूं को बाबर ने अफगानिस्तान क्यों भेजा था? उसको मेवाड़ को जीतता ही शुड हैव टेकन ओवर मेवाड़ युद्ध में महाराणा सांगा मुगलों से ज्यादा ताकतवर थे। यस 2 लाख सेना थी आपके उस प्रश्न का उत्तर कि मिलके नहीं लड़े। राइट? वहां पे वो मिल गए। ये मुझे समझ आता है। अब वो पावरफुल ज्यादा कैसे थे? महाराणा सांगा यह 2 लाख के सामने आपकी 9000 की सेना थी सामने कैसे तो थे ना वो तो कुछ टैक्टिक्स थे उनकी थी टैक्टिक्स मुसलमानों की ज्यादा सुपीरियर थी अराबा उनकी जो थी छोटी-छोटी टुकड़ों से वो तभी तो ये युद्ध बराबर अनिर्णित हुआ वरना
(41:33) वॉकओवर होना चाहिए था हिंदुओं का वी हिंदूज स्टॉप रिसर्चिंग दी मिलिट्री दैट्स वास अ बिग लक क्यों ना मैंने अपनी बुक में लिखा है ये बात कि आगे कोई हमने हमने रिसर्च नहीं करी भाई आपके पास तोपे थी। हमारे जो हाथी थे वो हम पर ही पलट के आ गए। क्योंकि तोपों की तो नॉइज़ ही पहली बार सुनी थी उन हाथियों ने। वो पागल हो गया। और राजपूतों को समझ में नहीं आया कि ये वेपन क्या है? जब बाबर ने तोपें चलाना शुरू किया तो राजपूतों को समझ में नहीं आई कि करें क्या? एक तोप के गोले से 2020 घुड़सवार मारे जा रहे थे। कैन यू बिलीव व्हाट राजपूत डड?
(42:16) तोपों में अपने सर दे दिए जाकर के। अब मैं नहीं कह रहा हूं। यह बाबर के एक्सप्लेनेशन है। ये खुद मुसलमानों के इतिहासकारों के एक्सप्लेनेशन है। खानवा का युद्ध इस तरह जीता गया कि राजपूतों ने अपने सर दे दिए तोप में। गीली हो गई तोप खराब हो गई। इन 100्स सैकड़ों राजपूतों ने मुसलमानों की तोपें खराब करने के लिए तोपों में सर दे दिए अपने। खानवा का युद्ध ऐसे जीता गया था। उसमें उनकी सुपीरियर टैक्टिक्स थी। इसमें कोई संदेह नहीं है मुसलमानों की। अराबा और एक और थी। मुझे नाम ध्यान नहीं आ रहा। उसका मैंने बुक में लिखा है। वो छोटी टुकड़ियां बना के उनकी मोबिलिटी होती थी।
(42:59) जबकि ये दिस वास अ बिग मूवमेंट। ये जो राजपूतों की जो सेना थी वो बहुत बड़ी थी। वो वो भी साइज के कारण डिफिट में आ गए। इतना और सांगा के ऊपर कंप्लीटली फोकस्ड अटैक हमारी प्रॉब्लम ये थी कि राजा हमेशा आगे बढ़ के नेतृत्व करता था। मुसलमानों में राजा हमेशा पीछे रहता था। तो इन्होंने देखा मुसलमानों ने कि भ ये हो रहा है। सांगा सामने है तो 30-40 डेडिकेटेड तीरंदाजों को सांगा पर ही अटैक करवाया और सांगा के सर पे तीरंगने सांगा मूर्छित हो गए थे। फिर पृथ्वीराज कछावा उनको युद्ध के मैदान से लेकर गए। जब वो हौदा खाली दिखा तो हिंदू सेना डिमोरलाइज
(43:39) हो गई। लेकिन फिर डूंगरपुर के राव थे। नाम ध्यान नहीं आ रहा उनका मैं आपको भेज दूंगा। नाम ध्यान नहीं आ रहा उनका। ही टूक ओवर। उनकी शक्ल मिलती थी सांगा से। ही टूक ओवर द वॉर। उन्होंने फिर वॉर जितवाया। शाम तक सांगा को होश नहीं आया था। जब शाम को होश आया तो बोले युद्ध के लिए चलो। बोले आप युद्ध समाप्त हो गया है। आप विश्राम करिए। महाराणा आप कुछ पूछ रहे थे मैंने आपको सॉरी बीच में। राइट। अब महाराणा सांगा का माइंड कैसा चलता था? जैसे अब आप बोल रहे हो मूर्छित है और उठते ही कह रहे उठते कह रहे लड़ो कोई कहेगा कि ठीक कर दो पहले एंड इमेजिन अ मैन डजंट हैव अ हैंड एक
(44:21) टांग कटी हुई है 82 घाव है शरीर पर एक आंख नहीं है खुद खुद भाई ने आंख फोड़ी थी उनकी राज्य के लिए इट्स अ वेरी ट्रैजिक स्टोरी सांगा की स्टोरी तो इतनी ट्रजिक है कि आंसू नहीं फोड़ेंगे मैं लिखते वक्त आंसू नहीं रुक रहे थे मेरे बट ऑन द अदर हैंड 2 लाख की आर्मी को लीड करना इमेजिन तो करो वो लिंप करके एक राजा चल रहा है किसी की सहायता से घोड़े पर बैठ रहा है या हाथी पर बैठ रहा है ही कुड इवन एमबार्क ऑन द एलीफेंट हिमसेल्फ किसी को चढ़ाना पड़ रहा होगा ना बट क्या व्यक्तित्व रहा होगा
(45:05) क्या पर्सनालिटी क्या उस एक आंख में भी तेज रहा होगा क्या बॉडी लैंग्वेज रही होगी कि 2 लाख की आर्मी को इंस्पायर कर रहे हैं लड़ने के लिए। पर्सनालिटी वाइज सांगा एक बहुत सीधे साधे भोलेभाले आदमी थे। ही वाज़ अ वेरी इनोसेंट मैन। अ एक एग्जांपल बताता हूं उनका। वो एक छोटा लोकल एक युद्ध जीते थे कहीं किसी हिंदू राजा से ही। तो जब उनको सिंहासन पर विराजमान कर रहे थे तो एकदम से वह जाकर सीढ़ी पर बैठ गए जाकर तो लोगों ने कहा यह क्या कर रहे हैं आप? बोले नहीं हम मंदिर के अंदर भी खंडित प्रतिमा को तो नहीं बिठाते ना। तो मैं मेरा शरीर खंडित है। मैं इस राज
(45:52) सिंहासन पर इस खंडित शरीर को नहीं बिठाना चाहता। इमेजिन द ह्यूमिलिटी इमेज फिर वह उनको तर्क पंडित जी जो थे उनको तर्क लाना पड़ा कि नहीं ये आप केवल बाह्य शरीर की बात नहीं करते पंडित में जो प्रतिष्ठित्व जो होती है वो देवता खुद विराजमान होते हैं मूर्ति के खंडित होने से देवता खंडित नहीं हो जाते यही आर्गुममेंट लाना पड़ा तब वो बड़ी मुश्किल से माइंड इतना मतलब दिस इस कॉल्ड हंबलनेस इतना कितनी ह्यूमिलिटी राजपूत का जब आपने वो बताया था जो आप पूछ रहे थे सवाल क्या पूछ रहा था जब जैसे हम ये सुनते हैं कि वो अपना सर तोपों में डाल रहे हैं।
(46:26) ये एक सर्वाइवल इंस्टिंक्ट है या अपने देश से इतना प्यार कि कोई हमारे गढ़ पे नहीं आएगा। नहीं देश तो उस वक्त था ही नहीं। देश ऐसे नहीं था। देश नहीं यानी अब उनका गढ़ ऑनर्स इट वाज़ अबाउट ऑनर्स। राजा का ऑनर नहीं खुद खुद का भी ऑनर, राजा का भी ऑनर कि भई हार कैसे गए? और मैं उस हार के अंदर मेरा रोल क्या रहा? तो ओके आई चूस टू डाई। आई चूस टू सैक्रिफाइस मसेल्फ। नोबडी कैन टेक अवे ग्लोरी फॉर माय सैक्रिफाइस। कोई मुझे यह नहीं कह सकता कि मैंने पीठ दिखाई या मैं कम तलवार चलाई। तो डाइंग इन द वॉर एंड एक्सट्रक्टिंग अ कॉस्ट आउट ऑफ द एनिमी। ऐसे ऐसे नहीं कि जब आत्महत्या कर
(47:13) ली। हम मैं एक और एक स्टोरी सुनाता हूं आपको। महाराणा प्रताप के पुत्र महाराणा अमर सिंह जी हम गजब के वॉरियर थे। 23 युद्ध जहांगीर से लड़े। 23 के 23 जीते थे। कोई नाम नहीं जानता महाराणा अमर सिंह जी का। नाम नहीं सुना किसी ने। दुर्भाग्य है देश का और बहुत ज्यादा फिजिकली पावरफुल थे। 6 फुट 7 इंच उनका शरीर था। डार्क थे। ओनली सिसोदिया किंग हु वाज डार्क। 6 फुट 7 इंच 7 इंच बहुत ऊंचे हो गए। हां। क्रेजी क्रेजी सत पार जा रही है। या उनका एक जो दिवेर के युद्ध में जो प्रताप का युद्ध था उसमें जो सलीमा सुल्तान जो एंटागनिस्ट था जो चाचा था अकबर का उसको जब
(47:58) उन्होंने उसका वध किया तो वो जो भाला मारा उन्होंने अमर सिंह जी ने वो उसके आर्मर को पियर्स करता हुआ घोड़े को पियर्स करता हुआ जमीन में दो फुट अंदर गया वो ओ तो वो खड़ा रह गया वो यानी वो जब वो करके वो जो सदी सुल्तान था वो ऐसे पड़ा था। फिर प्रताप किसी से वो निकला नहीं भाला। फिर प्रताप ने प्रताप आए। उन्होंने कहा कि भाई ये दूसरे राजा है। दूसरे विद्रोही और मुसलमानों का राजा है। इसको सम्मानपूर्वक नीचे उतारो। अमर सिंह जी ने भाला निकाला। और उठा के उस व्यक्ति को नीचे रखा। उसने कहा मैं उस आदमी के दर्शन करना चाहता हूं। सलीमा खान
(48:41) सुल्तान मरते वक्त बोलता है जिसने मेरे इस तरह से भाला मारा कि जमीन में जाके भाषा भाला गढ़ गया और घोड़ा भी मर गया मैं मैं तो मरनासन हूं ही बट वी वर इमोबिलाइज्ड दैट्स द दैट वास द डिग्री ऑफ़ पावर ही हैड तो अमर सिंह जी के पास उनके चुंडावत सरदार थे जो रावत चुंडा रावत चुंडा की एक अलग एक बहुत ही लंबी ब्यूटीफुल कहानी है उनको मॉडर्न डे भीष्म कहा जाता है तो चुंडावत जो हरावल दस्ता होता था यानी जो आगे जो फर्स्ट अटैक करता है उसको हरावल दस्ता कहते हैं और जो पीछे जो आटा का उसको चंदावल कहते हैं। तो हमेशा जो ओनर होता है वो पहले दस्ते का होता है। वो चुंडावतों
(49:24) को मिलता था। हम तो महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह जी उनके जो वंशज थे वो शक्तिवत कहलाए। तो शक्तिवतों ने जाकर अमर सिंह जी से कहा कि भाई यह यह ऑनर हमेशा चुंडावतों को क्यों? हरावल दस्ते में हमें भी रखा जाए। तो अमर सिंह जी ने कहा कि भाई बात तो सही है। तो उन्होंने कहा एक काम करते हैं एक टेस्ट करते हैं। अगला जो युद्ध है वो ऊंटाला का दुर्ग है। उसका युद्ध है। मैं आप दोनों को आधी-आधी सेना देता हूं। आप दोनों अपनी तरह से लीड करिए। शवत एंड चुंडावत। आप में से जो पहले उसको पालेगा। अगली बार हरावल दस्ता जो मेन लड़ाई होगी
(50:01) हमारी मुसलमानों से उसमें मैं उसको हरावल दस्ते का दायित्व दे दूंगा। ओपन चैलेंज। अब जस्ट वो आपने बात की थी ना कि मरने से नहीं डर रहे थे या मरने का क्या था तो वो तो क्रेजीनेस बताता हूं आपको बल्लू शक्तवत इज द लीडर ऑफ द शतावत प्रताप के छोटे भाई के वंशज 17 पुत्र थे उनके उनके सारे पुत्र जो शक्त आज भी शक्तिवत भगवान की कृपा से पूरे पूरी पृथ्वी पर आपको मिलेंगे जो शक्तिवत नेम है उसके पैर छूना कि शक्ति सिंह जी की का ब्लड है उस आदमी में मैं तो बहुत इमस रिस्पेक्ट करता हूं इन लोगों और चुंडावत जो रावत चुंडा के हैं तो बल्लू शतावत गोज़ फ्रॉम द मेन गेट एंड वो हाथी को
(50:45) हाथी की जो टक्कर से गेट तोड़ना था लेकिन गेट पे इतने बड़े-बड़े कील लगी हुई थी तो हाथी का सर फट जाएगा अगर वो करेगा तो बल्लू चावत कम्स इन फ्रंट ऑफ द महावत को बोलते हैं कि चला देवत कहते लाइक यू विल बी डेड इंस्टेंटली यू विल विल बी पियर्स इंस्टेड के चला दे नहीं तेरा गर्दन काट दूंगा तेरी तो वो हाथी को चला देता है अब वो उसकी बॉडी के वो तो वो जो कीलों का जो इंपैक्ट है वो तो बॉडी ले लेती है बल्लू बल्लूवत ही इस डेड पर वो टक्कर मार के गेट खुल जाता है हाथी टक्कर मार लेता है उस हाथी को तो इंजरी होती नहीं है इधर जो
(51:30) कृष्णा जी थे इनके चुंडावतों के जो राजा जो लीडर थे उस वक्त कृष्णा चुन्नावत नाम था उनका। इफ़ आई एम रिमेंबरिंग करेक्टली। अह 99% कृष्णा चुन्नावती थे। तो वह दीवार चढ़के जा रहे थे रस्सी से उस से। तो वो ऊपर से गोली लगती है तो वो गिर जाते हैं नीचे। तो उनको सब वो चुंडावत आके बोलते हैं कि यार वो बल्लू शतावत ने तो गेट तोड़ दिया। तो वो बोले एक काम कर मेरा मेरा सर काट के और मेरी गर्दन अंदर फेंक दे। मेरी जो सर है ना कटा हुआ वो अंदर फेंक दे। इस तरह अपन जीत जाएंगे। हाउ हाउ डू यू डिफीट? सच मैड पीपल ऐसे सिरफिरे थे हमारे पूर्वज विक्ट्री एट
(52:11) एनी कॉस्ट ऑनर नॉन नेगोशिएबल और उन राजपूतों को इस देश के मक्कार घटिया थर्ड क्लास इतिहासकारों ने उन राजपूत मेरे पूर्वजों को पराजित हारा हुआ आपस में लड़ने वाले नशेड़ी बताकर कर उनका यह हाल किया दैट टुडे द राजपूत आर आर आर अफेडेड रियलिटी ऑफ ऑफ व्हाट एक्चुअली दे वर जो आज राजपूत आज अगर अपनी ओरिजिनल ग्लोरी को पा जाए तो मैं बताता हूं आपको हिंदू धर्म अगले 10,000 वर्षों तक सुरक्षित रहता।
(52:56) वो उस जींस को धोने वाले लोग हैं। भाई ट्रांस जनरेशनल मेमोरी भी एक चीज होती है ना। राइट राइट। तो, वह तो उसके साथ जीते हैं ना। वह तो उनके उनके माता-पिता थे। मैं तो कई बार कहता भी हूं कि मैं कहीं ना कहीं प्रताप का कोई सैनिक वैनिक था कहीं। हां, ना होने ऑनेस्टली आई देयर इज़ नो रीज़न दैट आई गेट सो इमोशनल अबाउट एवरीथिंग दैट इज़ रिलेट टू टू दिस दिस होल स्टोरी। आई हैव सम कनेक्शन। आई कांट पुट फिंगर ऑन इट। कि मैं बता नहीं सकता कि मैं क्या था। बट देयर इज़ अ ट्रांसरेशनल कनेक्शन। व्हिच इज़ ट्रू फॉर एव्री हिंदू। हु रेजिस्टेड। इसीलिए मैं कहता हूं हमेशा
(53:33) कि पूरी दुनिया में भी जब हिंदू धर्म विजय होगा तो हमारी इस ट्रांसजेनरेशनल मेमोरी के कारण ही होगा। वी नो देम। हमें ये बेवकूफ नहीं बना सकते। हमें अच्छी तरह पता है इनकी जात जो इतने राजपूत ये वीडियो देख रहे हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। राजपूत कुछ यंग यंग स्टूडेंट्स भी होंगे और जो शायद राजस्थान से भी आपको कंज्यूम कर रहे होंगे। अगर आपको उनको कुछ मैसेज देना हो ब्रीफली। क्या होगा? मैं उनको एक ही मैसेज दूंगा दैट मैं भरी-भांति मानता हूं कि राजपूतों के साथ अन्याय हुआ है। लेकिन अन्याय का उत्तर अन्याय नहीं होता है। अन्याय का उत्तर होता है न्याय।
(54:20) वी विल नॉट डू इनजस्टिस टू एनीबॉडी। वी राजपूत हैव टू रिक्लेम आवर हिस्ट्री फ्रॉम अ पोजीशन ऑफ स्ट्रेंथ। कोटिंग फैक्ट्स फैक्ट्स कोट करिए। बहुत दृढ़ता से अपनी बात रखिए। उच्च श्रंखल नहीं होना है। अपमान किसी का नहीं करना है। किसी को नीचा नहीं दिखाना है। हमारे पूर्वज ने तो ये नहीं कहा था ना कि हम वीरगति पा रहे हैं। ये ब्राह्मण बनिए और ये ग्रैगर और शूद्र क्या कर रहे हैं। मेवाड़ का इंसिग्निया। मैं चाहता हूं जब ये आपको टेलीकास्ट करें तो इन सिग्निया को प्ले करिएगा उसको YouTube पे आपको बतेरे मिल जाएंगे इस पे Google पे बतेरे मिल
(55:03) जाएंगे एक तरफ भील है एक तरफ राजपूत है दैट इज दी इंसिग्निया ऑफ मेवाड़ तो ये जो कास्ट का जो नैरेटिव चलता है ना ऊंची नीची ये भील थोड़े 2 इंच नीचे है क्या एक्जेक्टली बराबर लेवल पर एक तरफ भील खड़े यह मेवाड़ का राज चिन्ह है। यह थे राजपूत। तो यह राजपूत चाहिए मुझे आज। जो द हाईएस्ट इन द समाज किंग राजपूत इज द लोएस्ट इन द समाज। द भील जो आदिवासी जो वहां का जो रूरल ज्वेलर है उसको गले लगाया। उसकी आर्मी बनाई और उससे
(55:52) मुसलमानों को पराजित किया। नथिंग है चेंज वो का वो समय है राजपूतों को दिल बड़ा करके और पूरे हिंदू समाज को अपने गले लगाना होगा वो वो क्षात्र धर्म राइट उन्हें जागृत करना होगा जो अभय और प्रेम में हम भाई अल्टीमेटली इट इज़ लव आप एक लास्ट बात बोल दूं मैं इसमें हम ऑनर और सैक्रिफाइस भी नहीं है इट इज लव व्हिच मेक्स यू डू दिस थिंग्स लव फॉर योर धर्म लव फॉर लव फॉर योर मॉम। यस। लव फॉर योर सिस्टर। इट लव फॉर योर डॉटर। व्हाट विल नॉट अ मैन डू टू प्रोटेक्ट हिज डॉटर एव्रीथिंग। दैट्स इट। दैट आंसरस योर क्वेश्चन। मैं ना आपके रिफ्यूजी वाले काम
(56:37) के बारे में जानना चाह रहा था। कोई ऐसी कोई कोई स्टोरी जो आप शेयर कर पाए अपने इस रिफ्यूजी आग। क्योंकि भैया ने आपकी वो फोटो देखी थी। कुछ बच्चे बड़े छोटे-छोटे से थे। देख के अच्छा लग रहा था। तो कोई ऐसी स्टोरी जो आपको इस काम के लिए आगे मोटिवेट कर रही है। एंड व्हाई यू डूइंग व्हाट यू डूइंग? जो रिफ्यूजीस का काम बिकॉज़ ऑफ़ आई हैव अ डीप सेंस ऑफ फेयरनेस आई बिलीव इन फेयरनेस एंड आई से दैट लाइक नोबडी ऑन दिस अर्थ शुड फेस इनजस्टिस एंड जस्ट फॉर बीइंग अ हिंदू जस्ट बिकॉज़ उसका हिंदू परिवार में जन्म हुआ और पाकिस्तान की जगह जग्राफी में जन्म हुआ
(57:14) है। वो आदमी एक एक डिसएडवांटेज पर है। उसकी बेटी को उठाया जाएगा। उसका बिजनेस जलाया जाएगा। उसका मर्डर किया जाएगा। उसका अपमान किया जाएगा। व्हाई? फाइन देन आई एक्सरसाइज माय राइट टू टेक हिम आउट ऑफ दैट हेल होल एंड एंड रिहबिलिटेट हिम ऑनरेबली एंड से बट थैंक यू सो मच फॉर टाइम। थैंक यू। थैंक यू सो मच। इट वास एन ऑनर टॉकिंग टू। इट वास अ प्लेजर टॉकिंग टू यू। सेम। थैंक्स। आज का पूरा शो देखने के लिए दिल से शुक्रिया। एपिसोड कैसा था मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। चैनल को सब्सक्राइब भी अवश्य करें क्योंकि सुपर टॉक्स एक मूवमेंट है जो हमारे देश का
(57:52) भविष्य उज्जवल बना रहा है।

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