Shri Vidya Explained | Lalita Tripura Sundari & Modern Feminism | Recorded: 6 Jul 2026
Author Name:The Vedic Show
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Transcript:
(00:00) ऐसे कहते हैं औरत ही औरत की दुश्मन होती है। सबसे पहले औरत को कमजोर कौन करता है? उसकी खुद की मम्मी तेरे से शादी कौन करेगा? वेट कम कर ले। माएं बोल रही है बच्चियों को। और क्या करना चाहिए वीमेन को? मर जाना चाहिए आग में कूद के। अगर उसको कोई भी ब्रिटिशर या कोई भी मुगल या कोई भी अगर उस औरत पे अटैक कर रहा है तो उस औरत को सुसाइड कर लेना चाहिए। ऐसी विचारधारा अभी 50 साल पहले थी? महात्मा गांधी की थी? देवी की प्रेजेंस आपने कभी फील किया है? आप उसके बारे में थोड़ा बताइए। दिखती हैं पूरी क्लियरली छत्रपति शिवाजी मराठा देवी भक्त थे। तलवार
(00:35) उनको दुर्गा अंबा के एक अवतार ने दी। तो आप शक्ति के लिए भी फीमेल फॉर्म को पूज रहे हैं। श्री यंत्र साधना मैं भी करती हूं। जो श्री यंत्र साधना के जो मिडिल में एक पॉइंट होता है। मैं उस पे फोकस करती हूं। उसी पे फोकस करना चाहिए या पूरे यंत्र पे फोकस करना चाहिए। क्या मीनिंग होता है इसका? वुमेन के लिए आप क्या एडवाइस देना चाहोगे? [संगीत] एक लाइन रोज बोलो। आई एम इनफ। मैं स्वयं इकलौती निहत्त अकेली काफी हूं। लाखों पे भारी हूं। सारी हीरोइनें देख लो बॉलीवुड की। वो मां ही कैसे बन पा रही है, मैं हैरान हो जाती हूं। शरीर पे इतना सा मांस
(01:14) नहीं है। शरीर पे फीमेल की मांस होना बहुत जरूरी है। हेल्दी बच्चा पैदा करने के लिए। हमारे यहां ब्यूटी स्टैंडर्ड्स अगर आप मूर्तियों को देखें और ललिता सेसनाम श्री विद्या पढ़ें। लिखा है, भारी थाइस है देवी की। देवी की बॉडी को ऐसा वोलप्शियस यह नहीं कहा है कि चपटा पेट। कह रहे दो-तीन टायर हैं देवी के। जब मां बन चुकी है। जब गणेश और कार्तिकेय को जन्म दिया है उसने। दूध पिलाया है। कहां से वो स्किनी बेब दिखेगी भई? आप बोल रहे हो फेमिनिन का डेफिनेशन क्या है? डेलीिकेट। मुंह नहीं खुले पतली दुबली बालों में फूल लगा के नेल पॉलिश लगा के ये मुगलों की डेफिनेशन है।
(01:53) तो श्री विद्या में किस देवी की साधना होती है? आप किस डेटी की साधना करते हैं? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं क्योंकि आज का यह एपिसोड श्री विद्या साधना के ऊपर होने जा रहा है। और मैंने बहुत सारे लोगों की लाइफ ट्रांसफॉर्म होते हुए देखी है श्री विद्या साधना से। के आज के जो हमारे गेस्ट हैं, वह मना जी हैं, ऋषिकेश से ही हैं। उन्होंने अपनी लाइफ़, एक्सपीरियंस और नॉलेज से बहुत सारे लोगों की लाइफ़ को ट्रांसफ़ॉर्म भी किया है। इस एपिसोड में आपको बहुत कुछ जानने के लिए मिलेगा। श्री विद्या साधना होती क्या है? किस देवी की
(02:29) साधना की जाती है? क्या मैरिड पर्सन भी साधना को कर सकता है? और किस ऐज से इसको स्टार्ट कर सकते हैं? तो चलिए मिलवाते हैं आपको माय ऑल टाइम फेवरेट पर्सनालिटी मना जी। शुरू करते हैं आज का एपिसोड। स्वागत है मना जी आपका द वैदिक शो पडकास्ट में और बहुत अच्छा लग रहा है आपको देखकर और मुझे लगता है कि हमारे व्यूअर्स भी बहुत टाइम से आपका इंतजार कर रहे थे कि आपके साथ हम एक पॉडकास्ट करें और देवी के बारे में श्री विद्या के बारे में चर्चा करें। थैंक यू सो मच। तो शुरू करते हैं आज का एपिसोड और मैं जानना चाहूंगी फॉर एग्जांपल बहुत सारे लोग
(03:07) हैं वह अपने-अपने डडीज की साधना करते हैं। जैसे कोई भगवान शिव की साधना करता है, कोई श्री कृष्ण की करता है, कोई राधा की करता है और इन सभी साधना के पीछे सबके अपने-अपने लक्ष्य होते हैं। और आप देवी की साधक हैं। तो उसके बारे में थोड़ा सा बताइए। किस देवी की आप साधना करती हैं? तो योग सूत्रों में पतंजलि बहुत सुंदर सी चीज कहते हैं कि अपना इष्ट खुद चुनते हैं ना हमें अपना इष्ट देवता चुनना होता है। कुल देवी देवता होते हैं जिनको हमारे परिवार जिस फैमिलीज में हम पैदा हुए उनको पूजा फिर आपकी फैमिली के कुछ डटीज होंगे ना जिनको उनके इष्ट होंगे पेरेंट्स के हम
(03:46) तो आप लेकिन अलग हैं तो हमें देवी देवता अपने अनुसार जिसमें वो गुण हो जो मुझ में है। हम हम हम ऐसे अपने देवता चुनने चाहिए क्योंकि उन क्वालिटीज को कैसे उभार के और बाहर लाना है जो ऑलरेडी मुझ में है। तो यह भी एक जर्नी है। मुझे एकदम से यह सब चीजें कभी समझ ही नहीं आई क्योंकि मैं पूजा पाठ के ही खिलाफ थी। मैं बहुत रिबेलियस थी। मुझे मंदिर, मूर्ति, भगवान यह सब नहीं। मुझे ध्यान समझ आता था कि ध्यान क्या होता है? मेडिटेशन क्या होती है? अच्छा बहुत ज्यादा मूर्ति
(04:31) से कनेक्टिविटी कभी फील नहीं होती थी। मुझे लगता था यह तो बोल ही नहीं पा रही है। अगर खाना बनना है तो हमें बनाना पड़ेगा। कहीं जाना है मुझे जाना पड़ेगा। सुबह मुझे उठना पड़ेगा। तो मैं यह मूर्ति के आगे जाकर हाथ नहीं जोड़ सकती। बल्कि मम्मी दादी जो मेरे पैसे चढ़ाती थी। मैं उसको खिसका जरूर लेती थी वहां से [हंसी] कि भगवान सॉरी ये थोड़े से पॉकेट मनी दे नहीं रहे हैं ये लोग ये तुम्हारे यहां तो पूरा भंडारा इकट्ठा हो गया है यहीं से निकाल लो एक बार मेरी दादी ने कैच कर लिया अच्छा कि ये मैं रोज चढ़ाती हूं पैसे और ये कहां जा रहे हैं उनको लगा किसी घर के काम वालों
(05:10) ने उठा रहे हैं तब मैंने और मेरे भाई ने एक दूसरे को देखा क्योंकि सारी हम ही लूट रहे थे वहां से कि भगवान जी क्या करेंगे इस पैसे ऐसे कहा कोल्ड ड्रिंक हमें चाहिए। तो मुझे ये सब चीजें बहुत लेट एज में कनेक्टिविटी बनी। हम कौन सी देवी के साथ कनेक्टिविटी? नहीं पहले बनी शिव जी के साथ। ओके। जब मैं योग साधनाएं सीखने लगी हम तो जैसे श्री श्री रविशंकर हैं सद्गुरु हैं हम तो वहां शिवा की बहुत बातें हुई हम कि शिवा ही एवरीथिंग है तो उनके थ्रू मेरे लाइफ में पहली बार मैं 23 22 23 साल की थी तब द कांसेप्ट ऑफ अ गॉड
(05:56) हम बट दैट इज शिवा बिकॉज़ मेरे घर में लक्ष्मीारायण को पूजा जाता था तो मुझे लगता था लक्ष्मीारायण वाले तो ग्री लेडी है। इसको पैसे ही चाहिए होते हैं क्योंकि बिजनेस फैमिली में पैदा हुई मैं। तो मुझे शिवा बहुत अच्छा लगा कि शिवजी को कुछ नहीं चाहिए। वो वैरागी हैं। उन्हें कुछ चाहिए ही नहीं। तो मेरी शिवजी के साथ पहली बार मुझे भगवान अगर अच्छे लगे तो वो शिवजी अच्छे लगे। हम क्योंकि जो इनर प्यूरिफिकेशन प्रोसेस है वो सब शिवा बहुत ब्यूटीफुली अलाइन कर रहे थे मेरी लाइफ में वैरागी त्याग मेरे लाइफ में यह चीजें मेरे अंदर ज्यादा थी कुछ ना
(06:41) चाहना छोड़ देना दूसरों के लिए अपना सुख छोड़ना दूसरों की खुशी के लिए अपनी खुशी त्यागना तो आई कुड कनेक्ट विद शिवजी तो मेरे जीवन के 10 साल बाल तो मुझे लगता है शिवजी के ही टैटू भी हैं मेरे बॉडी पे पूरे शिव जी के कि मुझे वो बड़े अच्छे लगे। मेरे को प्यार हो गया उनसे कि वो जो ब्रह्मांड का मालिक है एक तरीके से जिससे उसे कुछ चाहिए ही नहीं। तो मेरे को जो जो मैं खोज रही थी वो एक इनर साइलेंस शून्य मौन वो शिवा के थ्रू मिला। हम बट फिर नोट खत्म हो गए। नोट ही नहीं रहते थे मेरे पास कभी भी क्योंकि अब शिवजी कैसे दिखाएं वैरागी
(07:27) तो ऐसे व्यक्ति का बैंक बैलेंस बनेगा कभी नहीं बनेगा उसके जितने होंगे वो दे देगा खर्च देगा खत्म बिल्कुल [हंसी] तो मेरे अकाउंट में पैसे ही नहीं होते थे मुझे पैसे समझ ही नहीं आते थे फिर मैंने कहा ये मेरे घर वालों के पास तो बड़े पैसे रहते हैं तो इन्हीं के भगवान को [हंसी] पूजना पड़ेगा ओके तो मैंने नारायण की पूजा शुरू करी एक दिन मैंने कहा शिव जी तुमने तुमने तो मुझे बिल्कुल गरीब बना दिया लाइफ में। क्या मैं होती थी जब से तुम आए हो बस साइलेंस चार-चार पांच-प घंटे ध्यान में बैठ सकती थी। ओके। बट अगर कोई मुझसे पूछे कि बस खाने के लिए भी पैसे हैं तो वो नहीं
(08:06) है। तो जब नारायण की पूजा शुरू करी तो समझ आया वेल्थ भी इंपॉर्टेंट है। फिर नारायण के साथ लक्ष्मी वो हमारे घर में पूजी ही जाती थी। हम बट फिर भी एक जगह कमी महसूस करी मैंने फीमेल होते हुए दूसरों पे हर वक्त निर्भरता हम अच्छा घर की लक्ष्मी तो बन गए पार्वती की स्टोरी में भी पार्वती शिव जी के डिपेंड है कि पार्वती ने 16 सोमवार रखे शिव जी को प्राप्त करने के लिए तपस्याएं करी तपस्याएं करी मेल को प्राप्त करने के लिए हस्बैंड शादी करने के लिए मेरे को समझ नहीं आती थी ये बातें क्योंकि मुझे लगता था मुझे तो शादी करनी नहीं। अच्छा
(08:49) मैं तो कंप्लीट फील कर रही थी शिव जी की साधना करके। हम तो मैं इन कैरेक्टर्स से कि लक्ष्मी जी चरणों में बैठी हैं। पार्वती नदियों में खड़ी हुई है शिव जी को मनाने के लिए। चरणों में बैठी है। हां। और मेरे साथ क्या प्रॉब्लम है? मुझे लगता था। मैं किसी आदमी के लिए मुझे इतना क्रेज क्यों नहीं पैदा हो रहा है? [हंसी] या शादी के लिए क्रेज क्यों नहीं पैदा हो रहा है? मैं तो बड़े मजे में हूं। मैं तो बड़े मजे में हूं अपनी लाइफ में। सब मुझे कह रहे हैं अब देखो अब लास्ट बचा है तुम्हारा। अब इसके बाद तो मिलेगा ही नहीं कोई। और मुझे कोई फील ही नहीं हो रहा है कि मुझे
(09:25) हस्बैंड की जरूरत है। तो मुझे फिर देवी साधनाएं मिली है लाइफ में बाद में। हम शादी भी हो गई फिर भी आप एक बैटल करते हो अंदर। के वो निर्भरता क्यों होनी चाहिए कि मैं मैं पावरफुल क्यों नहीं हूं अपने आप में है ना वो जब मेरे अंदर वो फीलिंग उठी कि अभी भी धन भी है साधना भी बहुत ग्रेट कर रही हूं सब कुछ है पर मेरे अंदर कुछ पावर मिसिंग है हम कि मैं अपने निर्णय नहीं ले पा रही हम मैं अभी भी दूसरों से पूछ के निर्णय लेती हूं कुछ करना है तो तो सबका सुझाव लेती हूं। मैं ऐसे ऑर्डर की तरह क्यों नहीं बैठ
(10:10) पा रही हूं? मेरी ये कमजोरी क्या है मेरे अंदर? जब मैंने वो सवाल पूछे तो देवी साधना आई। तो कौन सी देवी की साधना आपने की? श्री मैंने किसी देवी की साधना नहीं करी। मैंने श्री यंत्र की पूजा करनी शुरू कर दी। मेरे कोई गुरु तो थे नहीं। तो 4:00 बजे मेरे को जैसे आवाजें आती थी। है ना? आपका जब गुरु तत्व जागृत होता है तो आपको फिर इनर गाइडेंस ही मिल रही होती है जो एक इंट्यूशन होती है एक इनर वॉइस होती है तो वो मेरी बहुत एक्टिवेटेड थी हमेशा अपनी धुन पे ही चली हूं मैं किसी की धुन पे नहीं चली हूं अंदर का गुरु बता रहा है ना क्या करना है तो उन्होंने ऐसे तीन 3:30
(10:51) का टाइम था मुझे बोला गया के तुम श्री यंत्र सिखाओगी सबको अच्छा और मैं डर गई कि ये श्री यंत्र क्या है आपको ये सपने में बोला गया है कैसे सपने में 3:30 जैसे हम कुछ मैसेज मिल रहा है यंत्र दिख रहा है और मैसेज मिल रहा है कि तुम ये सिखाओगी ओके और मैं कह रही हूं शिवजी ये क्या मैसेज है मैं कौन हूं मैं कौन हूं किसी को कुछ भी सिखाने वाली हम है ना मैं तो जीरो शून्य हो चुकी हूं मैं कुछ भी नहीं हूं वो जीरो करना तो आ गया बट वहां से कोई नई जर्नी शुरू हुई तो मुझे कुछ नहीं पता था श्री यंत्र क्या है क्या करना है? मैं बस उसकी पूजा करनी शुरू कर
(11:32) दी। ओके? कैसे? कुछ नहीं। कैसे करते हैं पूजा? मुझे पूजा करनी भी नहीं आती थी। मैं पूजा पाठ में ही बिलीव नहीं करती थी। मैंने ये यंत्र पेंट किया। दिया जलाना शुरू करा इसके आगे और मुझे ध्यान करना आता है। तो मैं यंत्र को देखती थी बैठ के घंटों। हम और फिर आंख बंद करके। कुछ एनर्जी उठने लग गई मेरे अंदर। हम मेरे घर में किसी को समझ नहीं आ रहा मैं क्या कर रही हूं। मुझे खुद समझ नहीं आ रहा है मैं यह क्यों कर रही हूं हम और उसके आगे हवन करने लग गई बैठ के खुद मंत्र उच्चारण करने लग गई किताबें मिलने लग गई मुझे कि कहीं गई हूं वो बुक आ गई मेरे कि ये
(12:14) पढ़ो हम वो बुक पढ़ी वो चीजें प्रैक्टिस करी उनके कुछ रिजल्ट्स दिखने लग गए और मैं आपको कॉन्फिडेंस नहीं आएगा ना अपने ऊपर मेरा घर छूट गया मैं घर से घर छोड़ दिया मैंने अपना। मैं ऋषिकेश आ गई। ऋषिकेश में यह जगह मिल गई मुझे। यह भी मेरी ढूंढी हुई नहीं है। किसी का फोन आया मेरे पास कि यह आप ले लो। टूटी फूटी सी अजीब सी जगह थी ये बिल्कुल। मैंने अपनी ज्वेलरी बेच दी। मेरे पास पैसे नहीं थे। मैंने अपनी ज्वेलरी बेच दी। किसी को बिना बताए कि मुझे कोई करने नहीं देगा ये सब। रोक देंगे। ओके। प्रोटेक्टेड एनवायरमेंट में थी ना हम फैमिली इतना एक्सट्रीम स्टेप लेने नहीं
(12:59) देगी। मैंने धमकी दी अपने हस्बैंड को कि अगर तुमने बताया तो मैं छोड़ दूंगी तुमको। [हंसी] किसी को नहीं बताओगे जब तक कि यह हो नहीं जाएगा। नहीं तो सब अपनी अड़ंगी लगा देंगे ना कि ये क्यों कर रही हो? ऋषिकेश क्यों रहोगी? अपने घर कंफर्ट लग्जरीज क्यों छोड़ रही हो? ये सब छोड़ दिया। और यहां कुछ होना था। मुझे महीनों तक नहीं पता था क्या होना है। मैं बैठी रहती थी यहां पे अकेले यंत्र के आगे बस अपने क्या कर रहे हैं? करने आए हैं। लोग मुझसे पूछते थे। मैंने कहा पता नहीं [हंसी] यहां तक जिसने भेजा है आगे भी बताएगा ना क्या होना है। मेरे अंदर कोई व्याकुलता थी
(13:38) नहीं बिल्कुल भी। क्योंकि सब कुछ अचीव कर चुकी थी मैं अपनी लाइफ में। सारे ड्रीम, सारे डिजायर्स कोई ऐसा तो वो अपने आप आती गई। श्री विद्या के थ्रू दुर्गा मां आई तो श्री विद्या में किस देवी की साधना होती है? ललिता त्रिपुर सुंदरी मेल ललिता लेकिन श्री विद्या में 10 महाविद हैं। ये किसी को नहीं पता है। ओके कि श्री कौन है? हम श्री है वो डिवाइन फेमिनिन हम जो निराकार निरूप मतलब उनका कोई आकार नहीं है ना ऐसे शिवा का कोई आकार नहीं है। वो मेल मेल है शिवजी तो देवी इज फीमेल पार्वती बोल लो, दुर्गा बोल लो, काली बोल लो। सारी 10
(14:25) महाविद्या ही श्री यंत्र को बोला गया है राजा। यंत्रों का राजा मतलब सारे यंत्र हैं उस एक यंत्र में। सारे देवी देवता हैं उसके अंदर। मुझे कुछ नहीं मालूम था। वो इनवोक होने लग गए। पहले ललिता मां से शुरू हुई। साडनी दुर्गा सरस्वती जागृत हुई। मतलब यह सब मैंने जिया है क्योंकि मुझे तो कोई डायरेक्शन देने वाला ही नहीं था। तो देवी की प्रेजेंस आपने कभी फील किया है? बिल्कुल। अब उसके बारे में थोड़ा बताइए। उस एक्सपीरियंस को अगर आप शेयर करना चाहे हमारे व्यूअर्स के साथ? मतलब दिखती हैं पूरी क्लियरली। सरस्वती तो पूरा जैसे फोटोस में बनाते हैं
(15:09) ना। तो मेरे लिए अजीब था एक्सेप्ट करना क्योंकि मैं कभी इन सब चीजों को नहीं मानती मैं सोचती थी ऐसे ही इंडियंस ने ये सब चीजें बना दी हैं। बट सरस्वती के जब आप साधना करते हो सिर्फ उसका बीज मंत्र ही कर रहे हैं आप। आईम ही बोल रहे हैं। हम बट वो बीज मंत्र आई आम कुछ इसको लाइटली नहीं ले सकते आप। वो आएगी एनर्जी। एंड फिर वो आपके ऊपर है ना कि आपको कितनी डीप उसमें जाना है। फिर वो दर्शन भी दे देंगे। तो मेरे को तो ध्यान के अंदर पूरा आकार और मैं शॉक्ड हो गई कि मैं एक बीज मंत्र कर रही हूं। और ये तो मुझे लगा कि
(15:56) शायद मैं भ्रमित हो रही हूं। हम कि मैं हूं भी थोड़ी सी क्रेजी एक्सट्रीम हूं मैं। सब कुछ छोड़ देगा कोई व्यक्ति तो वो थोड़ा पागल तो होगा ही इन सब चीजों के अंदर। तो मुझे लगा शायद मेरा दिमाग खिसक गया और मैं ये सब अब इमेजिनेशन में जा रही हूं। ओके। पर मुझे तो पता ही नहीं था कि वो किस चीज का मंत्र है। मेरे को तो सिर्फ बीज मंत्र आते थे। कान में जैसे बजता है या किसी बुक में देख लिया वो करने लग गए। अब मेरा गिनी पे गए। मेरे स्टूडेंट पहले मेरे पतिदेव उनको तो नहीं पता यह सब चीजें कुछ भी क्या हो रहा है। वह बेचारे ऐसी रहते थे कि करती
(16:39) क्या रहती हो माना तुम ये क्या कर रही हो? मैंने कहा तुम चुपचाप बस होने दो कुछ [हंसी] तो होगा। ओके अभी हमें कुछ नहीं पता है। कह रहे हम यही यहीं रहेंगे। ऋषिकेश मैम यही करने क्या आए हैं हम। मैंने कहा वो भी अपने आप क्लियर होगा। टेंशन मत लो। हम है ना? मुझे नहीं पता है तो मैं आंसर कैसे दूं। तो मैंने उनको कराया। मैंने कहा चलो ये आज ना पूरे दिन तुम एक ये वर्ड बोलते जाओ बोलते जाओ बोलते जाओ। तो वो कर लेता था बेचारा। हम एंड मैंने फिर रात को पूछा कि तुमने पूरा दिन किया क्या दिखा? कहते हैं एक स्वॉर्न दिख रही है। मैंने कहा दिख रही है ना? कह रहे हैं हां
(17:20) दिख रही है। क्या है यह? क्या वर्ड दिया है तुमने मुझे? क्यों दिया है? मैंने कहा बस। दैट मींस दी वर्ड्स यह मंत्र जो है यह बहुत पावरफुल है। यह भारत का गोल्ड माइन है मेरे लिए। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए तो एक खजाना है हम कि किसी को हम खोजते हैं ना कि जमीन लेने गए गोल्ड माइन मिल गई। मेरे लिए तंत्र श्री विद्या वो है। खजाना मिल गया मुझे कोई क्योंकि यह सब रियल में है। ये एनर्जीज आपको दर्शन देती हैं? आप श्री यंत्र की साधना भी करवाते हैं। तो ऐसा कोई एक्सपीरियंस आपके स्टूडेंट का जो
(18:05) आपको मतलब बिल्कुल चौंका दे। मतलब पहले तो मेरे एक्सपीरियंसेस ने ही मुझे चौंकाया। ओके। क्योंकि मेरे को तो कभी एक्सपेक्टेशन नहीं थी कि देवी मुझे दर्शन देंगी। हम मां ललिता त्रिपुर सुंदरी के दर्शन भी मैं कर पाऊंगी। मुझे तो लगता था मैं तो ऐसे कुछ चल रहा है। राइट? अपने आप को नहीं पहचान पाते हम। अपने स्पिरिचुअल लेवल को गेज नहीं कर पाते हैं खुद के भी। राइट? तो मैं तो खुद ही चौंक गई। मैंने कहा व्हाट? मुझे इस लायक समझा देवी ने दर्शन देने के तो मैं तो लेट गई थी जमीन पर अपने ड्राइंग रूम में जहां मैं साधना कर रही थी ओके क्योंकि जब देवी आती हैं तो आप क्या करोगे
(18:51) आप क्या है आपके पास देने के लिए कुछ नहीं है आप कुछ नहीं हो हम तो वो जब एक्सपीरियंस हुआ तो मैं तो आई कुड नॉट बिलीव कि मैं ही मेरे में ये योग्यता भी थी तो उसके बाद क्या-क्या चेंजेस आए आपकी लाइफ में नहीं वो चेंजेस तो पहले ही आ गए सारे आई थिंक बट उसके बाद मैंने सिखाना शुरू किया ओके जब तक मैंने सिखाया नहीं किसी को भी श्री विद्या जब देवी ने दर्शन दिए तब आपने सिखाया मैंने बोला कि ये पागलपन नहीं है हम ये पहले मुझे लग रहा था कि ये शायद श्री विद्या मैं बहुत सारी और चीजें सिखाती थी मेडिटेशन सिखाती थी मैनिफेस्टेशन सिखाती थी ये सब तो मैंने 2022 में ही सिखानी
(19:32) शुरू कर दी थी लेकिन श्री विद्या मैंने अभी पिछले साल ही सिखानी शुरू करी अच्छा कहते हैं कि जो मैनिफेस्टेशन होता है उसके लिए भी साधना करनी पड़ती है। ऐसा भी कुछ होता है या मैनिफेस्टेशन बहुत इजी है? कोई भी कर सकता है? आई थिंक आपके मेंटल जो एबिलिटी है उसका लेवल पे डिपेंड करता है। ओके। सब कर नहीं पाते हैं मैनिफेस्ट। ट्राई तो करते हैं। हम क्योंकि उनकी सबकॉन्शियस माइंड में बहुत फियर्स हैं। ओके। तो वो कह रहे हैं आई एम रिच। आई एम रिच, आई एम रिच। लेकिन अंदर इतना बड़ा डर है कि नहीं हूं मैं अमीर। ओके। तो वो फियर जब तक रहेगा आप कैसे मैनिफेस्ट
(20:11) करोगे? मतलब फियर को बिल्कुल हटाना पड़ेगा। हां। और जो आप चाह रहे हो जो भी आप मैनिफेस्ट कर रहे हो उसको फील करना पड़ेगा। आपको मतलब मतलब आई एम रिच फील करना पड़ेगा। ओके? एंड वो मैं सिखाती हूं। धन योग है, मनी मैनिफेस्टेशन के प्रोग्राम्स हैं। कि कैसे वो ब्लॉक्स हटाने हैं पहले। हम तो क्या-क्या ब्लॉकेजेस होते हैं उसमें? एक तो फियर हो गया। फियर है सबसे पहला हम फियर किस चीज का है हमारा गरीब होने का और भारत में सबसे ज्यादा है हम क्योंकि हमने पिछले 500 साल तो अत्याचार झेले हैं गरीबी देखी है हम छीना है सबका सब कुछ बिल्कुल पाकिस्तान से मार के काट के भगा दिए गए
(20:54) हम कश्मीर से भगा दिए गए आपके खुद के देश में आपको गुलाम बनाया गया आपसे आपकी मूर्तियां तक छीन के म्यूजियम्स में डाली हुई है बाहर आप जितने ये मेट मेट म्यूजियम में चले जाओ इतने बड़े-बड़े प्रसिद्ध आप बर्मिंगहम चले जाओ ये सब जो हैं ब्रिटिशर्स के म्यूजियम्स लंदन में सब जगह तो हमारी मूर्तियां हैं मंदिर तक नहीं छोड़े मूर्तियां भी नोच के ले गए तुम्हारी हीरा नोच के ले गए जवाहरात नोच के ले गए तुमको छोड़ दिया गरीबी की अवस्था में हम तो ये पिछले 100 साल तो बहुत काम करना पड़ेगा हमें उससे निकलने के लिए। एक्सैक्टली जो लुटता है ना वो ट्रोमेटाइज्ड होता है।
(21:38) हम तो ट्रोमेटाइज हम नहीं है लेकिन हमारी पुश्ते तो थी मेरी नानी की नानी की नानी तो ट्रोमेटाइज थी ना उसने अपने बच्चों को बोला बेटा नहीं बचा के चल हम ट्रॉ ट्रॉमा से निकली है स्लेवरी से निकली है रंग रूप पे बुरा फील कराया गया कपड़ों के पहनने के स्टाइल पे बुरा फील कराया गया खाना हाथ से खाने पे बुरा बुरा फील कराएगा। पूरा अस्तित्व तुम्हारा गलत बताया गया। हम उसको तो हटाना पड़ेगा ना पहले। कहां से इंडिया मैनिफेस्ट कर लेगा? बच्चे कहां से मैनिफेस्ट कर लेंगे? बड़ी-बड़ी चीजें हमको वो हील करना पड़ेगा। 50 साल के जो
(22:24) हमारे पेरेंट्स के पेरेंट्स तक का जो मतलब मेरी नानी ने पार्टीशन देखा है वो वॉर में मारकाट रेप हुआ है जो वो सब मेरे घर की एक लेडी ने देखा हुआ है तो इतनी पुरानी हिस्ट्री नहीं है मेरी मां ने वो कहानियां सुनी है उस भय में वो जी है ना चाहे उनका नहीं था पर जिस गर्भ में बच्चा होता है उस गर्भ के जितनी सबकॉन्शियस है उस बच्चे में आएंगी तो मैं अपनी नानी के सबकॉन्शियस फियर्स कैरी कर रही हूं। हम फियर को कैसे हटाया जाए? अब उस देखो आपको बार-बार बोला गया ना कि तुम लोअर हो हमसे।
(23:08) हम तो बार-बार बोलना पड़ेगा। आई एम सुपीरियर। नहीं वो रिपीट रेपेटेशन करनी पड़ेगी। हम जो थैंकफुली हमारी करंट सरकार कर रही है। ओके। रिपीट लग रहा है ना कि अब इतना ओवर हिंदूइज़्म हो रहा है। ओवर हिंदूइज़्म हो रहा है। वो ओवर हिंदूइज़्म इसलिए कर रहे हैं क्योंकि मिटा दिया गया था हिंदू थॉट प्रोसेस को। वीक बताया गया। एक गाल पे चांटा खा रहे हो दूसरे पे भी खाओ। हम क्या किया हमारा? पूरा एज अ हिंदू अस्तित्व मिट जाए। कमजोर हो जाओ तुम। जीरो हो जाओ
(23:52) ताकि तुम अपने आप को प्रोटेक्ट नहीं कर सकते हो और क्या करना चाहिए वुमेन को मर जाना चाहिए आग में कूद के अगर उसको किसी कोई भी ब्रिटिशर या कोई भी मुगल या कोई भी अगर उस औरत पे अटैक कर रहा है तो उस औरत को सुसाइड कर लेना चाहिए ऐसी विचारधारा अभी 50 साल पहले थी महात्मा गांधी की थी हम नॉन वायलेंस एंड प्राइस क्या है उसका तो ये विचारधाराओं को मिटाना पहला काम है। उनको बदलना, उनको वापस रीइस्टेट करना मैनिफेस्टेशन है। ये सब अंग्रेजों के टंटे हैं। मैं बता रही हूं। हम है ना? कि मैनिफेस्ट करो, मैनिफेस्ट करो।
(24:38) हमारे यहां उनको संस्कार बोला जाता है कि आपके घर में मैं आपको बता रही हूं। हम धनी मानसिकता की संस्कृति हैं। मैं गांव में रहती हूं। उस गांव में अगर मैं किसी भी गांव वाले के घर में चली जाऊं हम जो एक किसान है हम वो मुझे चाय पिलाएंगे कुछ खाने को खिलाएंगे। एक्जेक्टली। अब मैं अमेरिका जैसे देश में रही हूं इतने साल। वहां चाय कौन पिलाएगा? हिसाब रखते हैं जी। कि कॉफी पिछली बार मैंने पिलाई इस बार आप पिलाएंगे। [हंसी] घर आए हो? ओके। अपॉइंटमेंट लेकर आई है। ओके। नमक पे तो नाम लिखते हैं। अगर चार रूम में रह रहे होंगे तो नमक पे भी नाम लिखा जाएगा
(25:22) किसका कौन सा नमक है। ओके। तो मैंने कहा गरीब हम हैं कि गरीब तुम हो? जिसने लूटा वो गरीब मानसिकता का है कि जिसने लुटाया वो गरीब मानसिकता का है। कौन है मुझे बताओ? जिसने लूटा वो गरीब मानसिकता का है। उसको हम कॉपी कर रहे हैं। आप कॉपी किनको कर रहे हो? भिखारियों को, लुटेरों को। कपड़े किन के पहन रहे हो? भिखारियों के। भिखारियों के फैशन। भिखमंगों के फैशन। जो लूट के गए हैं। जिनकी लड़कियों को कहा जा रहा है फैशन टीवी पर मॉडलों को कि जब तक तुम्हारी हड्डियां ना दिख जाए जब तक तुम भिखमंगी भूखी ना लग जाओ तब तक तुम सुंदर नहीं हो।
(26:10) हमारे यहां लड़कियों को खिलाया जाता है भैया बेटा बड़ी हड्डियां ना दिखे तेरी। बिल्कुल बिल्कुल तो भमंगेपने को तुम बहुत बड़ा मान रहे हो। हम्। लड़कियों में तुमने डाल दिया है। सारी हीरोइनें देख लो बॉलीवुड की। वो मां ही कैसे बन पा रही है, मैं हैरान हो जाती हूं। शरीर पे इतना सा मांस नहीं है। शरीर पे फीमेल की मांस होना बहुत जरूरी है। हेल्दी बच्चा पैदा करने के लिए। हष्टपुष्ट बच्चा पैदा करने के लिए। खुद की बॉडी 50 साल में हष्टपुष्ट रहे। हड्डियों में इंजेक्शन ना लगाने पड़े तुम्हें 70 तक पहुंच के। तो घी भी जरूरी है, बॉडी वेट भी
(26:50) जरूरी है। हमारे यहां ब्यूटी स्टैंडर्ड्स अगर आप मूर्तियों को देखें और ललिता सहसनाम श्री विद्या हम पढ़ें लिखा है भारी थाइस है देवी की हम देवी की बॉडी को ऐसा वोलपशियस ये नहीं कहा है कि चपटा पेट कह रहे हैं दो-तीन टायर हैं देवी के जब मां बन चुकी है जब गणेश और कार्तिकेय को जन्म दिया है उसने दूध पिलाया है कहां से वो स्किनी बेब दिखेगी भाई कह रहे हैं दूध पिलाती मां है। पालन पोषण कर रही है वो। उसके तो दो-तीन टायर हैं। वाह ये हमारी मां है। ये हमारी देवी है। और स्किनी गर्ल्स लड़कियां भूखी मर रही
(27:34) हैं। कॉम्प्लेक्सेस में जी रही हैं आजकल। लेकिन लोगों को यह लगता है स्पेशली फीमेल को कि यही एक सॉरी यही एक जो है फेमिनिन एनर्जी है। ये कहां से आया? हां। ये बाहर से आ रहा है वेस्टर्न थॉट इंडिया में ओरिजिनल थॉट आप नॉर्थ ईस्ट जाओ कई साउथ की जगहों पे जाओ वहां पे सारी प्रॉपर्टी लड़कियों के नाम पे होती है ये थी भारत की विचारधारा भारत मां बोला जाता था बड़े-बड़े राजघराने चलिए छत्रपति शिवाजी मराठा देवी भक्त थे कौन नारायण के भक्त नहीं थे तलवार उनको दुर्गा अंबा के एक अवतार ने दी तो आप शक्ति के लिए भी
(28:23) पावर के लिए भी फीमेल फॉर्म को पूज रहे हैं। मतलब अगर शक्ति स्वरूपा है तो वो मेल नहीं है। ये भारत की विचारधारा थी कि बेटे का नाम अपनी मां से जाना जाएगा। ये भारत की विचारधारा थी। पेट्रियाकी हो गया है सब कुछ। सब कुछ हटा दिया आपने। हम ये आए बाहर के हम कुछ कल्चरर्स हम हटाते गए ना। आपको लग रहा है यह भारत की विचारधारा है करंट हम रीड योर हिस्ट्री हिस्ट्री जानना बहुत जरूरी है सबके लिए और यह कुछ 50 साल की हिस्ट्री नहीं कुछ हजार साल की हिस्ट्री आज के भारत के बच्चे को पढ़नी पड़ेगी हम ये भगवत गीता मेथोलॉजिकल है कुरुक्षेत्र में कुछ नहीं हुआ ये किसने बोला आपको
(29:08) हिस्ट्री बुक्स हैं ये भारत की एंड इसीलिए फीमेल को आप बोल रहे हो फेमिनिन का डेफिनेशन क्या है टेलीिक मुंह नहीं खोले पतली दुबबली बालों में फूल लगा के नेल पॉलिश लगा के ये मुगलों की डेफिनेशन है वहां औरतें कुछ करती हैं पढ़ती लिखती थी अनपढ़ गवार रखते हैं वो अपनी औरतों को क्या करती औरत सिर्फ आदमी के साथ सेक्स और बच्चे पढ़ने नहीं देते थे भारत की फीमेल्स देख लीजिए आई एम सॉरी मैं ये ओपनली बोलती हूं ये बातें जो गलत है वो गलत है ना आर वुमेन वर ऑलवेज एजुकेटेड कालिदास क्लास की वुमेन देखी है। उसकी वाइफ उससे ज्यादा नॉलेजेबल थी। श्री
(29:51) विद्या में नाम लेते हैं हम पहले गुरुओं के तो लोपा मुद्रा का नाम आता है। कोई नहीं जानता लोपा मुद्रा कौन है। ऋषिका हमारे यहां वर्ड है। ऋषि भी है और ऋषिका भी वर्ड है। फीमेल भी वर्ड है उसका। अगर 11 ऋषि थे तो 11 ऋषिकाएं भी थी उनके साथ। हम उनके नाम ही नहीं जानते हैं। यह संस्कृति थी भारत की। यह जागृत होनी चाहिए दोबारा। तो लोपा मुद्रा अगस्त्यमई की वाइफ थी। वो भी गुरु थे। वो भी ऋषि हैं। वो भी गुरु हैं। पर अगस्त लोपा मुद्रा का नाम पहले लिया जा रहा है अगस्तमई से। वो उनसे उम्र में भी बड़ी थी। ओके। टक्कर के थे दोनों। दोनों ने अपने-अपने स्कूल्स क्रिएट करे
(30:32) श्री विद्या के। लोपा मुद्रा का स्कूल अलग था। अगस्त्यमई का स्कूल अलग था। अब बताओ ये कौन जानता है? कि फीमेल लेड स्कूल से टक्कर देती थी वो। उन्होंने भी स्तोत्र और सूत्र अपने रचे गए हैं। देवी सूक्तम एक फीमेल का रचा हुआ स्तूत्र है। फीमेल ने रचना करी है। कोई जानता ही नहीं। पूरा देवी सूक्तम पढ़ो। फीमेल्स क्यों नहीं पढ़ रही हैं? आप देन यू विल नो कि पीरियड्स में देवी की पूजा हो रही है। मां कामाख्या में। आपके घर में क्या बातें हो रही है? पीरियड्स के टाइम पे उल्टी सीधी। इसी देश में है ना मां कामाख्या देवी। एक फीमेल के पीरियड्स को माथे पर लगाया जा
(31:14) रहा है और उसको माना जा रहा है देवी। तो ये जो बीच की जो डार्क एजेस आई है ना मैं कहती हूं भारत की डार्क एजेस थी ये पिछले 300 400 500 साल भी कह लो। अब भारत उन डार्क एजेस में से निकल रहा है। और हम वापस आ रहे हैं। आप और मैंने हम दोनों बाहर मॉडर्न स्कूलों में पड़े हुए हैं। है ना? कॉलेज जींस पट पहने हैं। आज हम दोनों साड़ी पहन के बैठे हैं। हम क्यों? मैं जींस में भी बैठ सकती हूं। मुझे किसी को कुछ नहीं दिखाना है। कहां यहां कोई दिखावा नहीं होता। मैं जींस में भी पहनती हूं। बट जो ग्रेस एक साड़ी में है वो किसी जींस और शर्ट में आ नहीं सकती।
(32:01) बिल्कुल। आ ही नहीं सकती। जो चूड़ियां में है, जो हमारे श्रृंगारों में है, हमारी रिचुअल्स में है, वो एक आई थिंक एक रिवाइवल हो रहा है उस सभ्यता का अब। अच्छा ये भी कहते हैं कि श्री विद्या जो है एक मैरिड पर्सन नहीं कर सकते। तो उसके बारे में थोड़ा देखिए। मैरिड पर्सन लोग कर सकते हैं। शुरुआत में हम जब पूजते हैं ना तो हम गुरुओं के नाम लेते हैं। ओके। तो पहले गुरु जो हैं डिवाइन गुरु वो आपके पीछे एक पेंटिंग आपने देखी होगी लगी है हम वो परमेश्वर एंड परमेश्वरी की है ओके परमेश्वर शिवा परमेश्वरी इज पार्वती [गला साफ़ करने की आवाज़]
(32:44) जिनका नाम दुर्गा भी है जिनके सारे फीमेल के रूप है वो काली भी बनी वो चामुंडा भी बनी उन्हीं के ही रूप आ गए सारे राइट बट कोर एनर्जी दुर्गा मां है ओके पार्वती इज दुर्गा हम हमेशा देखना शिवजी के साथ जगदंबा ही है हम आदि शक्ति परा अंबा जिन्हें कहते हैं वो हमेशा या तो शेर या टाइगर पे बैठी हैं हम इन दोनों गृहस्थ गृहस्थों ने ये विद्या दी है ये है ही गृहस्थ मार्ग की विद्या जिन्होंने सिखाई लोपा मुद्रा अगस्त्यमई दोनों हस्बैंड वाइफ थे हम और लोपा मुद्रा ने बहुत क्योंकि वो बहुत बड़ी योगी साधक ऋषिक ऋषि रही हैं ऋषिका रही हैं। उन्होंने यह बात बताई कि सिर्फ
(33:28) सन्यास मार्ग नहीं है। हम बच्चे क्यों पैदा तुम कैसे पैदा हुए? एक अगर सन्यासी भी बना कोई तो वो उसी क्रिया के थ्रू पैदा हुआ है। काम की पेरेंट्स आए जन्मे ही तुम उस गृहस्ती के मार्ग की वजह से हो। तो सन्यास कुछ लोग चुन सकते हैं। देखो एक फ्रीडम ऑफ चॉइस है भारत में। हम राइट? वुमन सिंगल रह के भी सन्यास ले सकती है। शी कैन चूज़ कि मुझे नहीं मैरिज करनी। लेकिन कहीं नहीं लिखा है कि गृहस्ती के अंदर हम यह सब प्रैक्टिससेस नहीं कर सकते। कहीं नहीं लिखा है। है ही यह गृहस्ती की। अच्छा ये भी बोला जाता है कि जो श्री विद्या है वो मटेरियल लाइफ को अपलिफ्ट
(34:11) करने के लिए भी किया जाता है। क्या यह सच है? 100% जैसे मां बनोगे हम। सबसे पहले आपका बच्चा दूध मांगेगा। आप बोल दो बेटा राम राम राम राम जप ले। मां क्या देगी उसको? दूध। और अगर मां ने खाना नहीं खाया होगा तो मां का दूध नहीं निकलेगा। अगर उसके पास सुविधाएं नहीं होंगी, उस बच्चे को कपड़े क्या पहनाएगी? हटा दो माया। माया ही बोला गया है मटेरियलिस्टिक वर्ल्ड को। हम माया हटा दो। किसको खाना मिलेगा यहां? करो साधना। सिर्फ साधना पर ही चलूं। नहीं ना। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
(34:56) तो जहां मां बनी, जहां बच्चे के पालन पोषण होगा, आपको सारी व्यवस्थाएं चाहिए। हम तो मटेरियलिस्टिक लाइफ कैसे बुरी है? मुझे बताओ। हम जरूरत नहीं है। जितना अच्छा पालन पोषण कृष्णा का हुआ तभी तो वह बने नहीं द्वारकाधीश अगर कृष्ण को खाना नहीं मिलता कृष्ण को गरीबी में पाला जाता तो कृष्ण द्वारकाधीश नहीं बनते ना महाभारत के लीडर गुरु बन पाते अर्जुन के उस टाइम पे ना सब उनकी सुनते अगर झोला खोल के कृष्णा चल रहे होते तो बन पाते
(35:44) उनका पालन पोषण बढ़िया हुआ टॉप के गुरुओं ने उनको सिखाया है। उनकोस्ट मिली बचपन से तो वो उस पोजीशन पे बैठ सके जहां वो गरीबों की सेवा कर सके। जहां वो गरीबों को अपलिफ्ट कर सके। अपलिफ्ट ही तो करा। सुदामा गए। एक मुट्ठी चावल लेकर। देखो जब सुदामा लौटे मालामाल हो गए। मालामाल हो गए। कहां हमारी सभ्यता में लिखा है गरीबी इज गुड। बता दो। कहां लिखा है? सोने की चिड़िया भारत का नाम था। अगर हमारे इतिहास में गरीब होने को, लाचार होने को, बेवकूफ होने को ग्लोरिफाई किया है तो कहां किया है?
(36:32) अच्छा बहुत सारे लोगों का यह कहना है कि स्पिरिचुअलिटी मतलब त्याग। आप धन, दौलत, ऐश्वर्य ये ये सब बोलते हैं कृष्णा भी। हां। है ना? हां। डिटचमेंट। हम निष्काम भाव से कर्म करो। अच्छा इनर हम इनर होता है वो आपके मेरे पास सब कुछ है हम क्या मैं चिंता कर रही हूं मेरे पास क्या है क्या नहीं है किसी मतलब डिटच्ड हूं ना अपनी सारी वेल्थ से अपनी पोजीशन अपनी पावर से कल चली जाए ये सारी कल छोड़ के निकल लूं मैं यहां से अगर मुझे स्वर्ग आश्रम बोल दे कि ये जगह छोड़ दो ऐसे मस्ती से निकलूंगी मैं कि मेरा काम खत्म हो गया होगा यहां पे
(37:15) ओके निकल पड़े कहीं और यात्रा पे हम नॉट अटैच टू एवरीथिंग बट हैव एवरीथिंग। यह आपकी नाकामी है। काबिली काबिलियत नहीं है इसका मतलब अगर है नहीं। मतलब नाकामी आप उसके लिए एफर्ट नहीं डाल रहे हैं। करेक्ट आप प्रयत्न ही नहीं कर रहे। नहीं तो कृष्णा बोलते हैं ना अर्जुन को छोड़ दे। हम अरे मत लड़ यार। छोड़ पर क्या रखा है इन सब चीजों में? जो इतना बड़ा गुरु कृष्णा गुरु है। उस पल में वह खुद ही बोल रहे हैं निष्काम कर्म के ऊपर। उन्होंने पूरा लेक्चर दिया है। उन्होंने पूरा डिटचमेंट पर सिखाया है। चारों मार्ग बताए हैं। भक्ति अलग है, कर्म अलग है, ज्ञान का मार्ग अलग है। है ना?
(38:01) योग करो, आसन करो, सब करो। हम बट अंदर से साधुत्वा होनी चाहिए। मटेरियलिस्टिक लाइफ में रहने के बावजूद भी। नहीं थी। हम क्या बोला उन्होंने? त्याग दे। छोड़ दे। वो तो खुद ही बोल रहा था। अर्जुन बोल रहा था कि मैं सब छोड़ के चला जाता हूं। मेरे को इतने लोगों को मारना नहीं। कृष्ण उल्टा बोल रहे हैं। कृष्ण कह रहे हैं तू अटैच्ड है। हम अगर तू अटैच्ड नहीं होता लव में अटैचमेंट नहीं होती तो यू वुड हैव टेकन अ फेयर डिसीजन। तू न्याय करता अर्जुन योद्धा है। तेरा काम तू तो सिर्फ तेरे चाचे ताऊ खड़े हैं आगे इसलिए नहीं लड़ पा रहा। यही बोला उन्होंने अगर तू सच में डिटच्ड है तो
(38:45) निस्वार्थ अपना कर्म कर हम विदाउट लव निर्मोही होके डोंट बी अटैच्ड इन लव फेयर करो तुम जज की मैं पोजीशन पे अगर बैठी हूं तो सामने मेरा भाई खड़ा है मेरा चाचा खड़ा है या कोई गरीब व्यक्ति खड़ा है न्याय होगा न्याय होना चाहिए ना ये कृष्ण सिखा रहे हैं कृष्ण ये नहीं कह रहे कि पढ़ो लिखो मत और जजी मत बनो। निकम्मे बन जाओ और बोल दो कि मैं स्पिरिचुअल लाइफ में जाना चाहती हूं। हां बिल्कुल नहीं। स्पिरिचुअल लाइफ भी जरूरी है। साथ में आपके पास वो एक मटेरियल लाइफ कहते हैं ना त्याग एक ही पे श्रृंगार है। हम राजा पे श्रृंगार किसका बनता है? छोड़ना।
(39:30) हम वॉकिंग अवे किसको शोभा दी? बुद्ध को। राजा के बेटे थे। बहुत युद्ध लड़ चुके थे और बहुत युद्ध जीत चुके थे। तो जब बुद्ध छोड़ के निकल गए तो हमने बुद्ध को सम्मान दिया। भिखारी के पास कुछ छोड़ने के लिए ही नहीं है। उसको सम्मान मिल रहा है। आपके सामने है। सारा जीवन का खेल आपके सामने है। सम्मान बुद्ध को क्यों मिला? भिखारियों को सम्मान दो। क्यों नहीं दे रहे हो आप भिखारी को सम्मान? बुद्ध इज नॉट भिखारी। बुद्ध सब कुछ होते हुए उन्होंने समाज के अंदर धर्म की स्थापना करने के लिए सब अपना छोड़ा डिटचमेंट
(40:15) क्यों दिखाने के लिए क्योंकि अगर मैं नहीं उतरूंगा इन सब चीजों से तो उन मासेस तक कैसे पहुंचूंगा कि नाउ माय रोल इज फॉर द अपलिफ्टमेंट ऑफ द पीपल युद्ध जीत लिए ईगो पैसिफाई कर ली बहुत बड़ा योद्धा बन गया सब कुछ कर लिया अब मेरी जीवन बेसिक मास के लिए है हम निकल पड़े ना वो मास्टर्स में जाके काम ही तो करा कि बुत पेड़ के नीचे लेट गए खुद ही जाओ पढ़ लो खुद ही मेडिटेट कर लो नहीं उन्होंने अपना पूरा जीवन ज्ञान बांटने में दिया है हम कितना टफ है बिल्कुल अपना बच्चा छोड़ना अपनी वाइफ छोड़ना सब कुछ छोड़ना और समाज में ही काम किया बुद्ध ने
(41:01) संघ लगाए मेडिटेशन सिखाई स्पिरिचुअल प्रैक्टिस से सिखाई तो वो रनंसिएशन उनकी शोभा दी उन्हें और फिर भी वो लेजी नहीं थे कि हम कुछ नहीं कर रहे जी एक्चुअली स्पिरिचुअलिटी का नाम कंफ्यूजन इसलिए पैदा होती है क्योंकि बहुत सूक्ष्म है इसकी जो जो ये बातें लिखी गई हैं भगवत गीता बच्चों को राजघरानों में पढ़ाई जाती थी यह प्रैक्टिससेस पहले मासेस को मिलती ही नहीं थी योद्धाओं को मिल रही है। उनके लिए लिखा है। रनाउंस कर। आप बुक भी तो लिखो किसके लिए लिखी गई है यार। वो अर्जुन को बोल रहे हैं। ये सारा ज्ञान
(41:49) एक राजा के बच्चे को सिखाया जा रहा है। क्योंकि उसमें अहंकार पैदा हो सकता है। हम धन का अहंकार आ सकता है ना। राजा का बच्चे को गवर्न करना है। गवर्नेंस करनी है ना। हम वो गलत कर दे गवर्नेंस तो तो उनको सिखाया जा रहा है जो उन पोजीशंस ऑफ़ पावर में बैठे हैं। जो किसी के हाथ में ना पावर है ना पोजीशन है। वो क्या ही करेगा भगवत गीता पढ़ के। ये किताब उसके लिए है जिसके पास गद्दी आ गई है। पहले तो आप वो गद्दी प्राप्त करने में अर्जुन की साधना करो। पहले तो अर्जुन बनो। फिर भगवत गीता का ज्ञान आप पर अप्लाई होगा। लोग सीधा डायरेक्ट क्या सोच रहे हैं?
(42:32) कृष्ण मुझसे बात कर रहे हैं। कृष्ण आप जैसे लोगों से बात नहीं कर रहे थे। कृष्ण उस अर्जुन से बात कर रहे थे जो रात-रात को उठकर प्रैक्टिस करता था। हम जब सबकी प्रैक्टिस खत्म हो जाती थी ना तब अर्जुन की प्रैक्टिस शुरू होती थी रात को। जब सारे बच्चों का सोचा हमारा तो इतना ही करना है ना ट्रेनिंग। अर्जुन रात को भी कर रहा है। वो गुण थे अर्जुन में। मास्टर आर्चर था वो। मछली की आंख में डायरेक्ट देख के भी नहीं मारा। नीचे पानी में परछाई देख के ऊपर तीर मारा है। उस लेवल कीस्ट्री के बाद कृष्ण ने अर्जुन को युद्ध जितवाया है। जब सारा कुछ अर्जुन के अगेंस्ट खड़ा है तो
(43:20) कृष्ण ने कहा अर्जुन की जीत। हम बट पहले हमें अर्जुन से सीखना ज्यादा जरूरी है। कृष्णा पे सब पहुंच जाते हैं। है ना? सब हरे कृष्णा हरे कृष्णा कर रहे हैं। बट कोई नहीं समझ रहा कि कृष्ण किसके साथ खड़े होते हैं। हम किसके साथ खड़े थे? युधिष्ठिर के साथ नहीं खड़े थे। भीम के साथ नहीं खड़े हुए। उन सारे कैरेक्टर्स में से सिर्फ अर्जुन के साथ ही क्यों खड़े हुए? अर्जुन कीस्ट्री देखो। पोजीशन ऑफ़ पावर मिलेगी उसी को जो काबिलियत होएगी जिसमें जो एफर्ट दिखाएगा। राइट? एफर्ट। दिन रात एक मेहनत सो नहीं सकते हो। जुनून होना चाहिए। ऑब्सेशन होना चाहिए।
(44:03) अर्जुन में ऑब्सेशन था। तभी तो रात को उठ के प्रैक्टिस कर रहा था। किसी को गुरु जी ने नहीं बोला कि रात को साधना करो। द्रोणाचार्य सबके गुरु थे। कर्ण के भी थे, दुर्योधन के भी सबके थे। अर्जुन को पता नहीं क्या भूत सवार था कि रात को भी प्रैक्टिस करूंगा। तो पहले तो वह सीखना है हमें। भारत के युवाओं में जो मैं लैकिंग देख रही हूं वो सिर्फ यह है आलस। स्पिरिचुअलिटी इज नॉट रिटन फॉर दिस बुक छोड़ना त्याग इज इज फॉर द पर्सन जिसने हर सब कुछ अचीव कर लिया पहले। हम्म। पहले नंबर वन पोजीशन पे आ बेटा। तब भगवत गीता पढ़ना। अच्छा एक बहुत ही आप बीमारी
(44:52) बोल सकते हो उसको या कुछ भी बोल सकते हो। प्रोकस्टिनेशन बहुत ज्यादा हमारी जो जेंजीस हैं उनको बहुत ज्यादा है। उस प्रोकस्टिनेशन को कम करने के लिए आप क्या बताना चाहेंगे? सबसे पहले प्रोकस्टिनेट हम तब करते हैं जब कोई चीज हमारा चुनाव नहीं होती। ओके। मतलब पेरेंट्स ने बोला इंजीनियरिंग कर। सोसाइटी कह रही है आजकल एआई का चल रहा है। एआई कर ले, कोडिंग कर ले। हम यह सब चुनाव या तो समाज कर रहा है उस व्यक्ति के लिए या खानदान कर रहा है या उसकी गर्लफ्रेंड कर रही है। आधे टाइम तो फिर लड़के या लड़कियां एक दूसरे की बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की सुन रहे हैं।
(45:29) हम उसके भीतर से कुछ जागा नहीं। ओके? इसीलिए प्रोकस्टिनेशन होता है। तो उसके अंदर वो उठा ही नहीं। जब मेरे भीतर से कुछ जागेगा ना लोगों को मुझे रोकना पड़ जाएगा। वो बिल्कुल मत करो कुछ भी जो आपके भीतर से नहीं और खोजो ऐसे नहीं कि अब हमें नहीं पता हमें क्या करना है पर हम खोजेंगे भी नहीं खोजो कि मुझे क्या करना है जलो उस अग्नि में उसी को तो सीकिंग कही गई है के आप कुछ करने के लिए बने हो यूनिक और जब वो मार्ग आपको मिलेगा ना घर वालों को आपको बोलना पड़ेगा बस कर दे भाई अब मेरी बेटी को जिम्नास्टिक्स करनी है किसी ने नहीं उसे बोला है
(46:12) गलौटियां मार हमें उसको पकड़ना पड़ता है बस पक चुके हैं हम देख देख के जहां देखो बाथरूम होगा सड़क होगी मंदिर होगा क्लासरूम होगा रात के 2:00 बज रहे होंगे गलौटियां मारना शुरू हम रुकना पड़ रहा है ना अब पर अगर मैं बोलती उसे कि मैं तुम कुछ बनो जिम्नास्ट बनो उसके अंदर से नहीं जा गई ना हम ठूसो मत बच्चों के ऊपर तो एक बहुत बड़ा रीजन है कि एक दूसरे के ऊपर ठूसो आती है सब चीजें ना कि किसको क्या करना चाहिए ये बीमारी है घरों में सब महाज्ञानी बैठे हैं जो खुद कुछ अचीव नहीं करे खुद टॉप पोजीशंस पे पहुंचे नहीं खुद एक बेसिक बन गए वो सब बच्चों के ऊपर
(46:58) थोप रहे हैं चीजें जो ट्रेंड है एक दूसरे एक दूसरे के बच्चों को देख के अपने बच्चों को पीछे पड़ जाते हैं मां-बाप किसी का बच्चा देख कर आएंगे अपने बच्चे के पीछे पड़ जाएंगे देखो उनका बच्चा क्या-क्या कर रहा वो चिढ़ में हमारा मन ही नहीं करता कि हम कुछ भी करें। चिड़न भी तो वो चीज है एक कि अब तो नहीं करेंगे। बिल्कुल बिल्कुल। अच्छा ऑफ कैमरा अभी हम बात कर रहे थे मना जी कि आप कह रहे थे कि अपने बच्चों के लिए एक मां को बहुत ज्यादा प्रोटेक्ट होना चाहिए। उसको नजर से बचाना चाहिए या कोई प्रेग्नेंट लेडी है उसको जो है बहुत ही सीक्रेट तरीके से वो करना
(47:36) चाहिए। उसके बारे में थोड़ा बताइए कि क्या-क्या करना चाहिए? तो सबसे पहले प्रेग्नेंट लेडीज राइट क्योंकि बच्चों की बातें हो गई है अब हम एंड यही है एक फीमेल पडकास्ट बहुत अलग होगा इसमें बहुत स्ट्रक्चर नहीं हो सकता है फ्लो में है ना ये फ्लो में चल रहा है तो अ प्रेग्नेंट वुमेन कि एक कारण है कि गर्भ में परमात्मा ने कोई चीज छुपा दिया है ओके नहीं तो ट्रांसपेरेंट बना देता एक्सरे मशीन ही लगा देता यहां पे मॉनिटर पे दिन भर देखते रहते सारा खानदान किसी को नहीं दिखा रहा वो प्रोसेस प्रोसेस इवन मां को और पिताजी को भी नहीं दिखाता है वो
(48:12) नहीं बस मां फील कर सकती है उसको बस उसको भी नहीं देख नहीं सकती है वो 9 महीने तक है ना हम एंड फीलिंग के थ्रू मां जान जाती है कि कुछ ठीक है या कुछ ठीक नहीं है हम तो फीमेल के अंदर ये बहुत बड़ी शक्ति है इंट्यूशन हम इंट्यूशन पावर तो इंट्यूशन है अगर गर्भ में कुछ गड़बड़ भी हो रही है अगर फीमेल अपनी इंट्यूशन से कनेक्टेड है हम वो जान जाएगी क्या आई नीड टू कुछ डॉक्टर के पास चलो कुछ गड़बड़ है हम जो फीमेल्स अपनी इंट्यूशन से डिस्कनेक्टेड है ना वो बहुत उनको एक्सटर्नल उपायों की जरूरत है। ओके। तो पहली चीज है कि जब गर्भ में है बच्चा आप एक बहुत इमोशनली वनरेबल पोजीशन में है।
(48:52) हम वो फीमेल के हॉर्मोंस एस्ट्रोजन बहुत हाई होता है। हम फॉलेट्स बहुत हाई होते हैं। फीमेल के अंदर इमोशंस बहुत हाई होंगे। है ना? तो वो वनरेबल है। हम हर किसी के साथ उठना बैठना नहीं। ओके। अच्छा किसी की गंदी कड़वी गंदी स्टोरियां सुन ली आपने हम वो प्रभाव सारा उस गर्भ में बच्चे पे जा रहा है। ओके तो आपको अपने आप को ऐसे रखना है कि आप पता नहीं इस ब्रह्मांड पे कोई दूत जन्म लेने वाली हैं। क्योंकि वही विचारधारा आपकी पहले तो आपका बच्चा क्रिएट कर रही है। जो गर्भवती स्त्री की मानसिक अवस्था है वह बच्चा बन रहा है। दुर्योधन गर्भ में बना। पांडव गर्भ में
(49:37) बने कुंती के हम है ना पहले तो मां का गर्भ मां का ही कहते है ना सारा दोष मां को दिया जाता है पहला दोष वहीं शुरू है कि आपकी थॉट प्रोसेस क्या थी जब आपने क्रिएशन करी बहुत पावरफुल है मां वो क्रिएट कर रही है उस लाइफ को तो है ना गर्भ के अंदर ही अच्छी चीजें पढ़ो हम पावरफुल चीजें पढ़ो उन लोगों से मत बातें करो जो नेगेटिव है ऐसे फैमिली मेंबर्स को आने मत दो। पहले फीमेल्स को प्रेगनेंसी में बहुत लोगों से मिलने भी नहीं दिया जाता था। इवन जो फर्स्ट ट्रायमेस्टर होता है उस फर्स्ट ट्रायमेस्टर में तो किसी को बताते भी नहीं है। नहीं हम
(50:17) किसी की क्या हाय लग जाए? हम आपको क्या पता है? किसी की खुशी से हर कोई खुश नहीं होता है। है ना? बिल्कुल। हाय इसको बोलते हैं, नजर इसको बोलते हैं। तो प्रेगनेंसी में प्रोटेक्शन हमेशा कुछ ताबीज बनती है। हमारे यहां कवच बनते हैं। पंडित बनाते हैं। है ना? किसी भी मजहब के लोग हैं वो सब ये सब रिलीजंस में होता है। प्रोटेक्शन बहुत जरूरी है नेगेटिव एनर्जी की। रियल नेगेटिव एनर्जी जो लोगों के द्वारा आती है और भी आसपास कभी-कभी हो सकती हैं। हम फिर सेकंड हेल्थ एक्स्ट्रा केयर लोग बच्चे की हेल्थ पे बहुत ध्यान देते हैं। हम
(51:00) लेकिन मैं आपको सच बता रही हूं। ज्यादा ध्यान फीमेल को अपनी हेल्थ पे देना है। बच्चे की तो सब ध्यान रखेंगे। हम है ना? आप उसको फीड करेंगे। आप उसकी गाइड बनेंगे। आपको एक्स्ट्रा एनर्जी चाहिए होगी रात को उठने की। बड़े होकर भी ज्यादा टेंशन उस बच्चे की आप ही लेंगी। इमोशनल स्ट्रेस सारा बच्चे की परवरिश में वहां पे आएगा। तो उसको तो बहुत स्ट्रांग करना पड़ेगा अपने आप को। मां को भी इस मतलब इन पावर्स को बढ़ाने के लिए स्पिरिचुअल प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। यस। तो क्या-क्या वो कर सकती हैं? योगा करिए, हम मंत्र करिए, श्री विद्या जैसी प्रैक्टिससेस फीमेल्स के
(51:43) लिए बहुत अच्छी है। तो श्री विद्या जो प्रैक्टिससेस है कहते हैं कि हर किसी के बस की बात नहीं होती है श्री विद्या की प्रैक्टिससेस करना। ऐसा सच भी है और गलत भी है। हम बस के तो किसी के कुछ नहीं होता है। हम कुछ होता है किसी के बस का? सुबह उठना पड़ा आपको 4:00 बजे। आपके बस का था? नहीं। बस में तो किसी के कुछ नहीं है। ओके। हमें वो क्षमता धीरे-धीरे डेवलप करनी पड़ती है। चाहे वो साधना की हो। अच्छा एक और चीज सॉरी मैं आपको उसमें रोकूंगी। कहते हैं कि बच्चा होने के बाद मां की लाइफ बिल्कुल चेंज हो जाती है। फिर उसका उठना, उसका नहाना, उसका खाना वो उस
(52:24) नहीं। 1% मैं योगा करती थी सारी लाइफ। हां। सुबह उठ के मेरा रूटीन होता था। हम 5 am हम वर्कआउट 5 am मैं दो घंटे वर्कआउट करती 5 टू से हम मतलब तोड़ कर वर्कआउट हम जिस दिन से मैं मां बनी हूं हम अब उठ के दिखा दो मैं उठी हूं हम जैसे ही बिस्तर से खिसकुंगी बच्चे ने रोना शुरू कर दिया मम्मा [हंसी] ओके पापा भी वही है हां दादी के पास दे दो नानी के पास दे दो बच्चे को मम्मा ही चाहिए तो अब ऐसे में क्या करना चाहिए क्या कर सकते हो आप 5:00 बजे नहीं कर सकते हो आपको वेट करना पड़ेगा उसका खाना उसका नहाना उसका सब कुछ हो जाएगा अब अब आपके शायद 11:00 बज जाए
(53:05) ओके तो आप 11:00 बजे ही कर पाओगे हम तो 11:00 बजे कर लो और जरूरी नहीं है हर वक्त परफेक्ट होना वुमेन के ऊपर बहुत स्ट्रेस है हम हर वक्त एक तरह की परफेक्शन में रहना उनकी बॉडी भी वैसी वापस हो जानी चाहिए हां प्रेशर कितना एक्सक्ट्ली और समाज भी देता है इवन हस्बैंड चाहता है कि मेरी बीवी वैसे ही जैसे पहली थी अरे बोल भी देते हैं कई तो हां थैंक गॉड मेरे हस्बैंड ने मुझे कभी ये बातें नहीं बोली। कभी नहीं बोली खूब खिलाया कि मुझे तो तुम ऐसी सुंदर लगती हो। 100 किलो की भी मैं बहुत सुंदर लग रही थी। [हंसी] राइट? ओके। तो ऐसे हस्बैंड्स मत बनिए आप लोग।
(53:48) हम ऐसा हस्बैंड बनिए हम जो उसको शक्ति दे। हम जब वो कमजोर फील कर रही है। आप उसको पॉजिटिव रीइंफोर्समेंट करिए। तो हस्बैंड्स का बहुत बड़ा रोल है फीमेल की मेंटल हेल्थ में क्योंकि उस बच्चे ने तो बैंड बजाना है उस मम्मी का। ओके। को एक ही जना है जिसको सिर्फ मां की चिंता होनी चाहिए। बच्चे से ज्यादा ओके। और वो है उसका पति। बच्चे से ज्यादा पतियों को अपनी पत्नी की चिंता होनी चाहिए। बाकी सारा खानदान बच्चे के बारे में सोच रही। मां खुद सिर्फ बच्चे की चिंता करती है। एक्सक्ट्ली क्योंकि मैं यह भी मैंने बहुत सारे लोगों को सुना है कि बच्चा होने के
(54:31) बाद सारी अटेंशन बच्चे पे चली जाती है। मां की भी हां इवन मां की भी चली जाती है। ठीक है? उसकी चिंता तो एक ही व्यक्ति कर सकता है। उसका पार्टनर हम उसका पति पतियों को बच्चों पे बिल्कुल चिंता नहीं करनी चाहिए। उसकी मां ही कर लेगी। डोंट वरी। वो उसकी डीएनए में है ना। बायोलॉजिकली डिज़ है वुमेन। बच्चा पालने के लिए। उसको मत समझाओ उसे बच्चा कैसे पालना है। वो उसको समझाओ कि थोड़ी देर छोड़ दे बच्चे को। हम औरतों को उल्टा चाहिए होता है कि थोड़ी देर छोड़ दे भाई बच्चे का ध्यान अपना रख ले। इसकी सेवा करो। वो तो झोंक देगी अपने आप को उस बच्चे को
(55:10) पालने में। झोंक ही देती है औरतें। बाल कैसे होते हैं? डिलीवरी के बाद बाल देखना औरत के। फोटो देखना। सेल्फी होती थी मेरे फोन में मेरी 50 तो दिन की। अब मेरे फोन में मेरी एक मिल जाए मुश्किल से फोटो रिट्रीट होती है। प्रोग्राम्स होते हैं। मेरे स्टूडेंट्स मेरे बाल ठीक कर रहे होते हैं। उजड़े हुए बालों के साथ आती हूं कई बारी। गाड़ी में ही क्योंकि चढ़ने में गाड़ी में बच्चों ने साड़ियां खींच दी होती हैं। ओके। गोदी उठाओ। पहले तो घर से निकलने में आधा घंटा रोई हूं। आपकी स्टोरी इमेजिन कर पा रही हूं कि कुछ टाइम बाद मैं भी शायद यही फील कर पाऊंगी।
(55:45) ये होता है। नेल्स नहीं करा पाई हूं मैं। क्योंकि मुश्किल से मुझे एक घंटा मिल रहा है। मुझे लगता है वो बेचारे मुझसे वो चिपक ले। अब मैं दो घंटे पार्लर में बैठूंगी। वो बच्चे मेरा वक्त है। हम तो नेल्स नहीं होएंगे मेरे आधे से ज्यादा टाइम। अगर मां है और वर्किंग है हम है ना? मैं तो वर्क ही कर रही हूं। ये मेरा वर्किंग प्लेस ही है। तो ऐसी होएगी। उसकी सेवा दूसरों को करनी पड़ेगी। ओके? उसको सपोर्ट करना पड़ेगा। हम यह मत बोलो कि अपनी आत्माकांक्षाएं छोड़ दे। अब तू क्या चाहती है? घर बैठ जा। हस्बैंड तो निकल गया काम पे। वो घर बैठे रहेगी। वो
(56:26) इसलिए डिप्रेशन में चली जाती हैं औरतें। हम इसलिए बच्चों को मारती हैं। ओके। पीटती नहीं थी मम्मी हमारी। इसलिए पीट रही थी। फ्रस्ट्रेट हो गई। फ्रस्ट्रेट हो चुकी हैं वो। उनका कोई सपने जरूरी नहीं। हम वो तो ऑलरेडी गिवर है ना। टोटल दे देती है मां। सब कुछ दे देती है। जो नहीं होता वो भी पैदा करके दे देती है। उसकी मरने का टाइम आएगा ना तो मां तो मुझे लगता है रोटियां पका के ही मरेगी। अगर मां को पता चल जाए कि मैं मरने वाली हूं। वो कहेगी भैया इनके कपड़े ऑर्डर होने हैं। ये सूखने हैं। रोटियां बना के भगवान तब उठाना मुझे। ये मां ऐसी है।
(57:02) उस मां की सेवा करने वाले लोग चाहिए। तो वो बच्चे पिटेंगे नहीं। तो वो उनको एक स्ट्रेस फ्री मदर मिलनी चाहिए और उसमें पूरे परिवार पूरे गांव का योगदान होगा कि अपनी मां को छोड़ थोड़ी देर हटा बच्चे को थोड़ी देर दूर करो जाओ चाचे के साथ खेल बुआ के साथ खेल नहीं बिल्कुल सारा कुटुंब चाहिए उस बच्चे को पालने के लिए ताकि उसकी मां थोड़ा शांति से सो जाए दो घंटे कुछ ना करे टीवी देखे कुछ ना कर पाए हम्म उसकी चिंता ना नहीं करे मेरी बहन बहन है मतलब पूरा पहले जॉइंट फैमिलीज इसीलिए ठीक रहती थी मुझे लगता है। हां
(57:46) ऐसी जॉइंट फैमिली नहीं जो कहे भैया खाने बना हमारे बच्चे को भी देख और अब सबका खाना भी बना ऐसी जॉइंट फैमिली से तो भाग जाओ [हंसी] बिल्कुल न्यूक्लियर बेटर है ओके पहले जो मैंने जॉइंट फैमिली देखी है उसमें ये देखा है कि वहां पे चाची ताई और ये सब साथ में रहते थे दादी दादा तो वो बच्चों को संभालते थे एक तरफ और मां अपने काम कर रही होती थी थी लेकिन जब बच्चे को फीड करवा खाली भी बैठी होती थी। खाली भी गांव में देखती हूं मैं धूप सेक रही हैं। हां। फुर्सत तो थोड़ी मिलती है उन्हें। हां। दो टाइम ही खाना होता है। हां। तीन टाइम खाने नहीं होते।
(58:25) हम गांव में सुबह खाते हैं और एक खेती से आने के बाद शाम को खाते हैं। हां। दोपहर उसको थोड़ा रेस्ट भी मिलता है। हां। बिल्कुल। तो ये मतलब वो लाइफ बहुत अच्छी थी। तो मुझे लगता है कि उसी लाइफ को दोबारा से अगर मैं मैं तो वैसे ही जीती हूं। अच्छा। मैं नहीं करती। एक्स्ट्रा स्ट्रेस ना मोटे होने का हम ना किसी भी चीज का नहीं हम और मैं तो हाथ खड़े कर देती हूं अपने ऊपर ओके कि बच्चे सब भोग रहे हो ना हम भोगते तो सब हो खेलते तो [हंसी] सब हो ओके और कांड होंगे तो सिर्फ मेरे सर पे आएंगे अगर बच्चे को चोट लगी सबकी जिम्मेदारी है ओके नहीं तो मेरे पे तो कितना स्ट्रेस है मैं
(59:03) काम ही नहीं कर पाऊंगी मेरी बहन को भी देती हूं अपने नेफ्यू को भी देती हूं सबको बांट देती हूं अपनी जिम्मेदारियां ओके धमकियां दे देकर [हंसी] पापा की भी जिम्मेदारी है। दादी दादा मम्मी नानी नाना सबकी है। अकेले मेरे सर पे मत डालो नहीं तो मैं भाग जाऊंगी। हम अच्छा मैंने एक और चीज देखी है। स्टार्टिंग में तो दादी दादा और फैमिली मेंबर्स कहते हैं कि तुम बच्चा पैदा करो हम देख लेंगे। तुम बच्चा पैदा करो। देखता फिर वो कहेंगे थोड़े टाइम बाद के हमने अपने तो देख लिए अब हमारी घूमने की हम देख रहे हैं देख रहे हैं और उनके देखने में नजर बदलती है
(59:42) क्योंकि हमारे साथ तो वो बहुत स्ट्रिक्ट थे बट दादी और दादा का रोल भी चाहिए वो चॉकलेट खुद ही देंगे हम तो पेरेंट्स का रोल कोई नहीं प्ले कर सकता इस पूरी होश हो हवास अवेयरनेस में लड़कियां चुने मां बनना है या नहीं बनना है जल्दबा वाज़ ही में मां नहीं बने। मतलब मां बनने के बाद भी फीमेल को अपनी स्पिरिचुअल प्रैक्टिससेस को मेंटेन रखना चाहिए। 10001% हम स्पिरिचुअल प्रैक्टिससेस फाइनशियल प्रैक्टिससेस या मैंने एक हफ्ते के अंदर काम करना स्टार्ट कर दिया था। ओके क्योंकि मेरे को नोट कोई नहीं देगा।
(1:00:27) घर बैठ के आजकल कोई किसी को नहीं खिलाता है। और जमाना ही ऐसा है जिस कहते हैं देश काल परिस्थिति देखकर निर्णय लेने चाहिए। आज का काल क्या है वो तो देखो देश के हाल देखो परिस्थिति देखो तब मैं आपको एडवाइस दूंगी ना। जनरल एडवाइस सबको दे दें कि वुमेन शुड नॉट वर्क। उसकी परिस्थिति तो देखो। क्या पता उसकी परिस्थिति उससे काम करवाएगी तो उसको सशक्त बनाओ। हम देख कभी दुर्गा मां की मैं साधक हूं। दुर्गा इकलौती ऐसी देवी है जिसने मुझे पावर दी है हम के एक हफ्ते का मेरा बच्चा था नहीं। नॉर्मल डिलीवरी ब्रेस्ट फीड कर रही हूं। शरीर पूरा यू नो 38 की उम्र में मैंने
(1:01:13) सेकंड बच्चा करा है। आसान बात नहीं है। ऐसे अच्छे-अच्छों के तोते उड़ जाएंगे इस ऐज में बच्चे पैदा करने में। हम है ना? और परिस्थिति कुछ ऐसी थी। हालात कुछ ऐसे ही थे मेरे और मेरे हस्बैंड के कि धन था ही नहीं उतना उस समय मुझे काम करना ही पड़ेगा। वह बेचारा चाह के भी नहीं दे पाएगा मुझे उस समय। परिस्थिति ऐसी थी काल ऐसा है। वक्त बलवान है। आप कैसे सोच रहे हैं? हर वक्त एक वक्त रहेगा और आपने अपनी बेटी को कमाना नहीं सिखाया। स्ट्रांग नहीं बनाया। वो कैसी पता है बन जाती है विक्टिम। हम फिर वो लाचारी वाले भाव में जिएंगी। फिर वो दूसरी औरतों से जलती हैं। उनसे चिढ़ती
(1:01:55) हैं। तो फीमेल कैसी होनी चाहिए ना? आप आते हो बार-बार हम उसी पॉइंट पे आ रहे हैं कि फीमेल की परिभाषा क्या है? हम जो ब्रह्मांड की मालकिन दिखाई है वो शेरनी है। उसमें हाथ में कमल भी है और उसके हाथ में तलवार भी है। आजकल की तलवार है पैसा। आजकल आपको तलवार चाहिए? नोट चाहिए। सही बात है। जिसके पास नोट है वो पावरफुल है। काल कैसा चल रहा है? तो फीमेल्स के पास फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस होनी खुद की दे सके वो। देने वाली बन जाए और ये क्षमता है। मैं सच बता रही हूं। हम बस क्योंकि हम एक वो
(1:02:41) गलतफहमी में जिए हैं। कि आई नीड हेल्प। मैं बता रही हूं सात दिन में नोट कमाने वापस जा सकते हो। मत छोड़ना यह आदत। बहुत लड़कियां सोचती हैं कि हम रिलैक्स करेंगे। हम वही तुम्हारी वीक हो गई। मसल है ना? फाइनेंशियल मसल है वो भी एक। पैसा कमाना भी एक जिम जाने की तरह मसल है। तुमने एक साल कुछ नहीं करा। तुम देना दूसरे साल जाओगे तुम्हें लगेगा हाय। मैं तो भूल ही गई कैसे कमाते हैं। हम तो ये सब का ज्ञान मत लो। अपनी परिस्थिति देखो और सशक्त बनो। जिस दिन नहीं जरूरत पड़ेगी कमाने की नहीं कमाएंगे। पर मेरे को तो कमाना है ताकि बुढ़ापे तक
(1:03:25) हम ये ना करूं मैं। मुझे ये करना ही नहीं है। ये चॉइस है मेरी। ऐसा नहीं है कि ये करने में कोई प्रॉब्लम है। मेरी मदर तो ये करती रहती है। उन्हें कोई टेंशन नहीं होती। वो तो हफ्ता वसूली करती हैं हम सबसे। [हंसी] है ना? ओके। वो अलग मोड है। लेकिन मुझे वो फीलिंग अच्छी है कि मुझे ये ना करना पड़े। हम मुझे यह वाली फीलिंग अच्छी लगती है। तो यह खुद के पैसे कमाने से ही आती है। पावर भी आती है। हम स्ट्रेंथ भी आती है। एंड फिर मां हो तो पता चल जाएगा कि कब कम काम करना है, कब ज्यादा करना है, काम एडजस्ट कैसे करना है। हर औरत बच्चे के लिए लुटी रहती है। हर।
(1:04:04) अच्छा ये तो आपने पॉजिटिव चीजें बताई एक फीमेल के बारे में। एक और मैं आपसे बात करना चाहती हूं। क्या नहीं करना? नहीं नहीं नहीं थोड़ा सा शायद हमारी फीमेल को सुनने में ऑकवर्ड लगे बट यह सच्चाई भी है। ऐसे कहते हैं मैंने सुना भी है बहुत लोग औरत ही औरत की दुश्मन होती है। ओपनिंग लाइन है ये पॉडकास्ट [हंसी] यहां से शुरू होना चाहिए। क्योंकि यह बहुत डार्क एक मैसेज है। राइट? हमारी एक फेमिनिन एनर्जी के लिए। और मैंने देखा भी है ये अक्सर। तो सबसे पहले औरत को कमजोर कौन करता है? उसकी खुद की मम्मी हम ऐसे हंस मत। एक्सक्टली तेरे से शादी कौन करेगा?
(1:04:41) बिल्कुल जोर से बॉडी वेट कम कर ले। माएं बोल रही है बच्चियों को हम वजन बढ़ा लिया है। हम वजन घट गया है। सूखी हड्डी है। हम तुझे तू कैसे कुछ करेगी? नहीं नहीं इतना पढ़ लिख मत। शादी करके पढ़ना। मैं सच बता रही हूं। घरों में ये बातें होती हैं। हम संपत्ति सारी बेटों को दे देते हैं। बेटियों को नालायक समझते हैं कि वो सिर्फ चूल्हा चौका करने के लायक है। हम जबकि दोनों जने दोनों कर सकते हैं। दोनों को दोनों आना चाहिए ना। बिल्कुल। रोटी बनानी उसे भी आना चाहिए। खाना बना के खिलाना भी आना चाहिए। पैसा कमाना भी। दोनों तभी तो डबल इंजन की गाड़ी बनेंगे।
(1:05:21) हम एरोप्लेन में कितने इंजन होते हैं? चार। कम से कम दो तो होने चाहिए। हस्बैंड वाइफ या भाई-बहन डबल इंजन की गाड़ी होनी चाहिए। मैं और मेरा भाई हम डबल इंजन की गाड़ी थी। अपने परिवार को हमने खींचा है। अगर मैं शादी करके बस मेरी मम्मी बनना है मुझे। तो मैं खींच पाती उसके साथ मिलकर तरक्की में हम दोनों का मिलकर जॉइंट और मेरी बड़ी बहन का हम ट्रिपल इंजन की गाड़ी है एक्चुअली। तीन इंजन है और तीनों सशक्त। हम हम भाई भी उतने ही खाने बना सकता है। बहन भी बना सकती है। राम, लक्ष्मण और सीता ट्रिपल इंजन की गाड़ी थी धर्म को सीता का रोल अंडरवाइंड मत करना। वो कही
(1:06:07) चलो मैं बैठी हूं लंका में। आओ जलाओ। वो भाग सकती थी हनुमान के साथ। सीता भागी नहीं। कितनी डेरिंग लेडी होएगी। जैसे कि तीनों का प्लान है। कि मैं तो बैठी हूं। यही बहाना बनेगा कि नहीं नहीं मैं नहीं जा सकती। मैं नहीं जा सकती। रोल है बहुत बड़ा। हम तो फीमेल्स फीमेल्स की जड़े काटती हैं। मां बनके, सांस बनके, बिचिंग करती हैं एक दूसरे की। जलती हैं एक दूसरे की पावर से, जलती हैं अगर बहू बहुत अमेजिंग आ गई। तो पहले दुश्मन तो वहीं खड़े हैं उसके। यह नहीं सोचेंगे कि इतनी अमेजिंग हमें मिल गई। वाओ यह तो कल्याण कर देगी हमारे घर का। उसको क्या बुलाते हैं? तेज।
(1:06:54) बड़ी तेज है। बड़ी तेज है। ये ओवर स्मार्ट है। हम बड़ी तेज है। एंड वो तेज नेगेटिव है। ओके। जबकि कि तेज लड़की अगर होगी हम तो वही तो तुम्हारे कल्याण करेगी। ढब्बू ढुस्ू लड़की क्या करेगी? मुझे बताओ। कुछ कर सकती है। वो अपने आप को ही नहीं बचा पा रही। वो किसी को क्या बचाएगी? हम तो स्ट्रांग वुमेन को जो नेगेटिव रोल दिखाते हैं ना पिक्चरों में हिंदी पिक्चरों में ये शुरू हुआ हम स्ट्रांग वुमेन को दिखाया गया डायन वमप गंदी मॉडर्न नारी गलत ही दिखाया गया जबकि स्ट्रांग वुमन तो पूरे परिवार को मिलके उठा सकती है। यस उसमें क्वालिटीज ममता नम्रता ये सारी
(1:07:42) खोनी नहीं चाहिए। जैसे कि पुरुष में भी नहीं खोनी चाहिए। हम अगर पुरुष में ममता नहीं होगी, नम्रता नहीं होगी, ह्यूमिलिटी नहीं होगी तो वो भी एक एोगेंट घटिया सा आदमी होगा। चाहे कितना ही अमीर क्यों ना हो, कितना करियर सक्सेसफुल क्यों ना हो। तो ये जेंडर बेस्ड नहीं होना चाहिए। वुमेन एक दूसरे को पुल डाउन करती हैं। हम जलन जलना फीमेल का सबसे बड़ी वीकनेस है। जेलसी एनवी और वो बड़े सूक्ष्म स्थल की है। मुंह पे तो दिखाएंगी ऐसी। सारी जो जॉइंट फैमिली की औरतें हैं। एक दूसरे के साथ भाभी जी, दीदी, बेटा, बहू रानी और पीठ पीछे उनके पीठ पीछे भी नहीं। अंदर
(1:08:27) ही अंदर अंतर मन में उससे जलन है। हम यह जब तक फीमेल्स नहीं खत्म करेंगी वो अपनी रियल पावर में आ ही नहीं पाएंगी। अच्छा ये आपने जो और गसिप गसिप भी बहुत गसिप करती हैं औरतें हम दूसरी लड़कियों के बारे में हम तो ये उनकी कहीं ना कहीं फेमिनिन एनर्जी ये साधना भी नहीं करने देती लड़कियों को। ये दोनों चीजें मैंने फीमेल साधक में देखा है। क्योंकि बहुत फीमेल साधक्क है। अरे यार यहां आ रहे हो साधना करने के लिए। वो एक दूसरे के साथ ना ये शर्ट कहां से खरीदनी है? ये क्या करना है? [हंसी] अरे मेरे पास ये बेचती हूं मैं। तुम ये खरीद लो। ओके।
(1:09:10) अरे ये पता है मैम वो देव ने देखा था वो लड़की ने क्या पहना है। तुम देख रहे थे वो मैम को कैसे देख रही थी। हम्म। मुझे लगता है वो जलती है। ये सिर्फ फीमेल्स बातें कर रही है। उनका साधना में कम इंटरेस्ट है। ओके। और गप्पों में ज्यादा। हम अच्छा मैंने बहुत सारे लोगों को देखा है कि वो लोग ना YouTube से भी श्री विद्या की प्रैक्टिसेस करते हैं। क्या ये सही है? अगेन कई लोगों ने YouTube से सीख कर रॉकेट बना दिए हैं। ओके। टेक्नोलॉजी बना दी है। मेरे स्टाफ के बच्चे ने YouTube से देखकर बैटरी ऑपरेटेड कार बनाई है। 10 साल के लड़के ने। ओके।
(1:09:50) बट हर कोई YouTube से देख के खाने ठीक बना लेगा। जनरलाइज नहीं कर सकते इस आंसर को। किसी में क्षमता हो सकती है हम कि किताब पढ़ के सब कुछ कर ले। किसी में क्षमता हो सकती है। बिना अनपढ़ जाना। हम बहुत कुछ कर लेता है लाइफ में। ओके? तो नो जनरलाइज्ड आंसर्स फॉर दिस। करा जा सकता है। तो आप जब श्री विद्या की प्रैक्टिससेस कर रहे थे तो सबसे पहला आपको इंटरनल ट्रांसफॉर्मेशन क्या फील हुआ था? अपनी फीमेल एज अ फीमेल अपने आप को कम ना समझना। ओके। अच्छा जैसे मेरा भाई घर आता था तो मेरा क्या होता था? घर ठीक कर देते हैं। मैं भी काम करके ही आई होंगी। लेकिन मैं सोचूंगी
(1:10:30) उसको खाना अच्छा सा उसको तो भूख उसके लिए खाना अच्छे से लगा हो। और हम कैसे भी खा लेंगे। ठीक है। वह भी एक ममता का एक रूप है। लेकिन खुद अगर रानी की तरह बैठना हो तो उसको आना चाहिए बैठना रानी की तरह। अजीब नहीं लगना चाहिए। हमें अजीब लगता है। अगर हमें सक्सेस मिल रहा है। पहले तो हमें खुद ही अजीब लगेगा। अगर हमको कोई गुणवान बोल रहा है। जीनियस बोल रहा है। मुझे लगेगा नहीं नहीं जीनियस तो मेरे पापा थे। नहीं नहीं जीनियस तो मेरे भैया थे। जीनियस तो मेरा पति है ना। मैं इतनी थोड़ी ना हो सकती हूं। और नहीं जीनियस सारे मेल साधक रहे हैं। मेल गुरु
(1:11:15) रहे हैं। मैं नहीं रहगी। मैं तुच्छ प्राणी हम तो श्री विद्या ने मेरा जो वो सेल्फ एस्टीम है हम वो तो चेंज कर दिया। बिल्कुल लोअर से अंदर से ही ऊंचा उठा दिया बल्कि और ऊंचा ही उठा दिया कि शिवजी से ऊपर कहते हैं देवी शिवजी ने कंधों पर बिठाया हुआ है देवी को अपने सोचो फीमेल एनर्जी की प्लेस क्या है तो श्री विद्या जो है किस ऐज से स्टार्ट करनी चाहिए ऐसा कुछ स्पेसिफिक यंग गर्ल्स के अंदर कर देनी चाहिए मैं तो खैर डायरेक्टली नहीं सिखाती हूं छोटी बच्चियों को
(1:11:57) 18 से स्टार्ट होना चाहिए नहीं नहीं टीनएज टीनएज ओके टीनएज टीनएज गर्ल्स में ही तो सारी वो बातें और बातें आने लग जाती है ना हां राइट मेरे को तो लगता है छोटी बच्चियों को ही सिखाना चाहिए मांओं को सीखना चाहिए और छोटी बच्चियों को उसका सार देना चाहिए जैसे मेरी बेटी है मैं उसके पैर छ लूंगी ओके उसको अभी से ही फील हो रहा है मैं कभी उसको डिनाई नहीं करती सजना सवरना ओके ये नहीं बोलती हूं कि नहीं नहीं ज्यादा मेकअप क्यों क्यों कर रही हो? स्किन खराब होएगी इसलिए लेकिन पूरा श्रृंगार ला के देती हूं। उसको मारने से मना नहीं करती हूं। हम
(1:12:33) बहुत लोगों ने मुझे कंप्लेंट करी कि तुम्हारे दोनों बेटियां दो बेटियां मेरी मारती बहुत है। अगर अभी से मारने नहीं सीखा बाद में जाके अपना बचाव कैसे करेगी? एक दिन हाथ उठ जाएगा। उठता ही नहीं। अब मुझे उठाना पड़ा 30 33 इयर्स में हाथ उठाना पड़ा। उठ ही नहीं रहा था। डर लगा पहले तो कि मैं मार मैं तो फेमिनिन नहीं हंगींगी अगर मैं मारूंगी। फिर मैंने धो भी पछाड़ किया उस जने का। शक्ति आई ना हम फिर मुझे बहुत बुरा लगा पूरा दिन। हाय हाय हाय ये मैंने क्या कर दिया? हम क्योंकि कभी मारने के ऊपर एफसिस ही नहीं दिया ना। मारो तो मैं उनको उल्टी शिक्षा देती हूं।
(1:13:16) छोड़ना मत। हम इतना मारना कि तो वो मुझे भी मारते हैं कई बारी। मैं कभी नहीं बोलती हूं। मैं बोलती हूं मम्मा फिर किसी का नहीं है। बैलेंस मतलब बट नेवर से मारना बुरा है। नेवर से बड़ी अच्छी लड़की है। मैं कभी ये वर्ड्स नहीं यूज़ करती हूं। अच्छी लड़की क्यों बनना है? पावरफुल लड़की बनना है। इंटेलिजेंट लड़की बनना है। सक्सेसफुल लड़की बनना है। अच्छी लड़की किसको बनना है? क्या है ये अच्छी लड़की? बिल्कुल। डफर भोंदू जिसके बस की कुछ नहीं है वो अच्छी लड़की है। ओके। सो सॉरी मेरे थोड़े से इन सब मामलों में और ये श्री विद्या की देन है के वुमेन के
(1:14:00) लिए एडजेक्टिव्स बदलो। अच्छा मना जी श्री यंत्र साधना मैं भी करती हूं और जो श्री यंत्र साधना के जो मिडिल में एक पॉइंट होता है मैं उस पे फोकस करती हूं। तो उसी पे फोकस करना चाहिए या पूरे यंत्र पे फोकस करना चाहिए। क्या मीनिंग होता है इसका? तो श्री यंत्र देखिए हर कोई रख सकता है हर कोई गेस कर सकता है लेकिन इतना डिटेल्ड प्रोसेस है ये हर एक जो आप डायग्राम देख रहे हैं ना ज्योमेट्रिक पैटर्न देख रहे हैं एक-एक लाइन एक-एक ट्रायंगल एक-एक पेटल जो उसमें पत्ती दिख रही है हर चीज का मीनिंग है। ओके और उसकी एक्टिवेशन के पीछे वो राज है।
(1:14:42) कैसे गेज़ करना है वो भी मेथड है। हम हम ऐसे रैंडमली तो कर सकते हैं हम गलत कुछ नहीं होगा हम लेकिन कुछ होगा भी नहीं हम जो होना चाहिए वो होगा नहीं तो इसीलिए उसको एक स्टेप वाइज प्रोसेस में सीखना जरूरी है उसके लिए गुरु की आवश्यकता पड़ती है नहीं मैंने फ्री में सिखाया YouTube पे बेसिक लेवल सब कर सकते हैं ओके तो एटलीस्ट आपके माइंड को वो उतनी अलाइनमेंट में ले आएगा ये प्रोग्राम कि या तो आपको आपके सूटेबल गुरु मिल जाएगा। हम आपको क्या नेक्स्ट करना है वो एकदम आपको अलाइनमेंट में ले आएगा। हम तो ये सबको करना चाहिए। बुरी चीजें करने से पहले कोई गुरु ढूंढता है?
(1:15:27) कोई बोलता है कि शराब की बोतल खोलने जा रहे हैं। सोच समझ [हंसी] के खोलना। सिगरेट पीने जा रहे हो। सोच समझ के गुरु ढूंढा तुमने? तुमने देख ली सारी ब्रांड्स टेस्ट कर ली। हम्म। है ना? पार्टी करने जा रहे हो। सोच समझ के करना। कोई मिला है पार्टी कराने वाला? कोई पूछता है अच्छे कामों में ये अड़ंगियों वाली बातें किसने डाली है मुझे नहीं समझ आता कि कोई भी व्यक्ति कुछ अच्छा करने की सोचता है डरा देते हैं हम उसे पहले अरे बड़ा बुरा हो जाएगा अरे गुरु ढूंढो वो बेचारा वही वीक फील करता है हम कि उसने किसी अच्छी चीज की तरफ कदम उठाया है उसको पहले डरा दो पहले ही खत्म कर दो
(1:16:05) उसे हम तो आई डोंट कम फ्रॉम दैट स्कूल ऑफ़ थॉट हां एडवांस्ड जैसे होती जाएगी जैसे जैसे गाड़ी चलाना है। गलत तेज गाड़ी चला रहे हो तो गाड़ी से भी एक्सीडेंट हो सकता है ना। ऐसे ही तंत्र है। सेम इतना ही डरना गाड़ी से जितना तंत्र से डर रहे हो। उससे ज्यादा तंत्र में और कुछ नहीं है। ओके। अगर आप भी श्री विद्या में मेडिटेशन करना चाहते हैं तो जो मना जी का फ्री सेशन है YouTube में उसका लिंक जो है आपको हमारे डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगा। अच्छा लास्ट सवाल इस एपिसोड का मैं आपसे पूछना चाहूंगी। वीमेन के लिए आप क्या एडवाइस देना चाहोगे?
(1:16:47) एक लाइन रोज बोलो। हम आई एम इनफ। मैं स्वयं इकलौती निहत्त अकेली काफी हूं। लाखों पे भारी हूं मैं। सिर्फ यह बोलो रोज। कोई मंत्र ना करें फीमेल। एक ही मंत्र करें। मैं काफी हूं। जैसी हूं जितना मेरे पास है अभी इस हाल में मैं ही काफी हूं इंतजार मत करो कोई आएगा बचाएगा हम इंतजार मत करो किसी की राय की इंतजार मत करो ये ये निर्भरता हटाओ हम उसको गलत मत समझो अपने निर्णय लेने सीखो और वो तभी ले पाओगे
(1:17:33) जब अंदर से तुम्हें सच में लगेगा कि मैं काफी हूं ना नो नो नो नो ये प्रॉब्लम प्रॉब्लम मुझे अकेले सॉल्व करनी है। क्या होता है हमारा? भैया को फोन करेंगे, हस्बैंड को फोन करेंगे, अंकल, चाचा, मेल्स को फोन करेंगे। हम इसका मतलब ये ना मत सोचना कि मेन गंदे हैं या आप उनसे प्यार ना करें या आप रोमांस ना करें। वो तो आप पूरी तरह से करिए। हम बट इंडिविजुअली आप पावर में आइए अपनी। आई एम इनफ। दैट्स इट। और कोई मंत्र नहीं चाहिए फीमेल को। थैंक यू सो मच। आपने जो यह पावरफुल बातें करी है और श्री विद्या के बारे में जो बताया है और जो फीमेल स्पेशली देख रही हैं
(1:18:16) हमारे इस एपिसोड को प्लीज जो भी एडवाइसेस मना जी ने दी है उनको आप जरूर कीजिए। फिर आप देख सकते हैं कि आपकी लाइफ में जो चेंजेस आने वाले हैं वो मतलब ऐसे चेंजेस है कि आपके ही घर के लोग बोलेंगे कि अरे यह वही है। तो प्लीज इसको आप जरूर प्रैक्टिस कीजिए। थैंक यू सो मच। थैंक यू। थैंक यू। आज का यह एपिसोड कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। इस एपिसोड का कौन सा पार्ट सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग था या लाइफ चेंजिंग था वो हमें जरूर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। अगर आप भी श्री विद्या के बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो जरूर हमें कमेंट कीजिएगा ताकि हम मना
(1:18:54) जी के थ्रू आपके उन कमेंट्स के रिप्लाई कर पाएं। आप हमारा Instagram पेज भी फॉलो कर सकते हैं जहां पर हम लॉन्ग कंटेंट के शॉर्ट वर्जन या शॉर्ट क्लिप्स हम डालते हैं जिनको आप अपनी लाइफ में अप्लाई कर सकते हैं। अगर आपके पास टाइम नहीं है हमारा फुल एपिसोड देखने का तो आप हमारे स्पॉटिफाई में भी जाकर उसको सुन सकते हैं। आपको लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगा। अगर आप हमारी WhatsApp कम्युनिटी के साथ जुड़ना चाहते हैं तो लिंक डिस्क्रिप्शन बॉक्स में है। वहां पर हम आप लोगों के सजेशन सुनते हैं और हमारी कम्युनिटी के द्वारा जो भी एक्टिविटीज
(1:19:28) होती है वहां पर हम आपको अपडेट करते हैं। फिर मिलेंगे आपसे एक नए एक्सपर्ट के साथ नए एपिसोड में। तब तक के लिए नमस्कार।
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