How Money Changes Relationship: Toxic Marriages, Men vs Women & Pain | Dr Sarthak |FO449 Raj Shamani
Author Name:Raj Shamani
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Transcript:
(00:00) स्टडी पढ़ रहा था। वीमेन जब भी वो शादी करती वो फाइनेंसियल पोटेंशियल देखती सामने वाले का और लड़कियां दे लुक फॉर मोर ब्यूटीफुल वी वुमेन? यू फील ऐसा होता है? जनरेशंस ऐसा ही है कि मेन हैव बीन द प्रोवाइडर द प्रोटेक्टर एंड वीमेन हैज़ बीन द सपोर्ट घर संभालना। तो यस ऐसा होने का चांस तो है ही। एक कांसेप्ट है जो सिलिकॉन वैली में बहुत चलता है। उसको बोलते हैं ट्रेडिंग अप। सात से आठ साल में जो कोई भी नहीं थे वो रातोंरात मल्टी मिलिनियर बिलिनेयर्स बन जाते हैं। वो लड़के उनकी जो पार्टनर्स होती है उसको छोड़ देते हैं। बिकॉज़ दे वांट टू नाउ बी एसोसिएटेड विथ हायर स्टैट
(00:32) एस वेल। बिकॉज़ आई एम नॉट सीकिंग फॉर अ कंपैनियन। आई एम जस्ट सीकिंग फॉर समथिंग टू शो ऑफ। तो लोग ऐसा करते हैं। जिनको जेनुइनली कंपैनियन चाहिए उनको साथ में ग्रो करने में ही मजा आता है। देअर इज़ अ कोट व्हिच सेस अ मैनस कैरेक्टर सीन व्हेन ही हैज़ एवरीथिंग। एंड अ वुमेनस कैरेक्टर इज टेस्टेड एंड सीन व्हेन हज मैन हैज़ नथिंग। ट्रू। आज हमारे गेस्ट है डॉक्टर सार्थक दवे। एमडी साइकेट्रिस्ट जो लोगों को उनके सबसे गहरे इमोशनल पैटर्न समझने में मदद करते हैं। डू यू थिंक लोग पागल हो जाते हैं। ब्रेकअप होता है उसके बाद तो? अगर उनके पास विंडो नहीं है टेक्स्ट से
(01:04) बाहर निकलने की और पेरेंट्स शादी करवा देते हैं कहीं पे और। तो उनका दुख और बढ़ेगा। बिकॉज़ आपका दिमाग दिल उस इंसान पे अटका हुआ है। एंड देन यू हैव टू गो ऑन अ डेट विद दिस न्यू पर्सन। तो दोनों एक साथ होना तो फिर बर्बाद होंगे। कैसे लोगों की लाइफ में कुछ नेगेटिव हो उसको वो एक पॉजिटिव एनर्जी बना सकते हैं। कैसे कर सकते हैं? डिफेंस मैकेनिज्म्स होते हैं। उसमें से एक है सब्लिमेशन। कुछ भी मेरे लाइफ में एक बुरा हुआ तो मेरे अंदर एक नेगेटिव एनर्जी आई। उस एनर्जी को मैं उस तरीके से यूज करूं जिससे मेरा खुद का ग्रोथ हो। कुछ लोग नेगेटिव चीज को यूज करके पॉजिटिव
(01:38) बना लेते हैं और कुछ लोग नेगेटिव चीज से टूट जाते हैं। क्या डिफरेंस है इन दोनों में? द [संगीत] इंटेंट। मेरा पैटर्न मैंने रिकॉग्नाइज किया है। अब आई हैव द इंटेंट टू चेंज। एंड वो करने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। वो इंटेंट है तो रास्ता मिलेगा। अगर इंटेंट नहीं है नहीं मेरा ही रास्ता सही है। नहीं करना है मुझे तो फिर डिफिकल्ट है। व्हाई डू यू फील इंडिया में इंडियन पेरेंट्स इतने ज्यादा इनवॉल्व्ड हैं इन किड्स लव लाइफ? बिकॉज़ डर ना मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट, मेरा सोशल स्टैंडिंग, मेरे बेटे या बेटी की शादी कहां हो रही है वो
(02:09) तय करता है। आप गलत कर दोगे वो डर की वजह से वो आपको फ्रीडम देते ही नहीं है। यू सेड कि लोग ज्यादातर लॉन्ग सस्टेंड ग्रोथ है इसको चूज़ नहीं करते। बट उसमें ज्यादा मजा आता है। तो क्यों चूज़ नहीं करते? आगे बढ़ने से पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि हम आपके लिए इसी तरह से और इंसाइटफुल और बेहतर पडकास्ट बनाते रहें। एंड इस पूरे शो का ऑडियो एक्सपीरियंस स्पॉटिफाई पे अवेलेबल है जहां पे आप हमें फॉलो कर सकते हैं। एंजॉय द शो। [संगीत] वेलकम बैक सार्थक डॉक्टर सार्थक दैट्स हाउ यस एनीथिंग इट्स ओके सार्थक इज फाइन गुड इनफ
(02:53) ऐसे डॉक्टर सार्थक ऐसा लगता है वाओ नहीं मुझे शर्म आती है मुझे शर्म आती है क्यों पता नहीं आई मीन वो थोड़ा हैवी सा लगने लगता है। सार्थक साउंड्स अ लिटिल मैं भी कंफर्टेबल हूं। सामने वाला भी मेरे साथ कंफर्टेबल है बात करने में। नो बट आई हैव टू गिव इट टू यू योर मैं इतने पडकास्ट बनाता हूं एंड आई स्पीक टू एक्सपर्ट्स ऑफ द एक्सपर्ट्स और पता नहीं कितने लोगों से आप वन ऑफ द रेस्ट पीपल हो हु इज लाइक आपको नहीं पता कि आप कितने अच्छे से एक्सप्लेन करते हो इतनी कॉम्प्लेक्स चीजें एंड यू आर सो नॉलेजेबल आई रियली एंजॉय टॉकिंग टू यू आई रिमेंबर कि जब हमने बनाया था मैंने तभी
(03:29) आपको बोला था कि वो वापस करना है एंड आई कीप टेलिंग माय टीम कि वी नीड टू फिगर आउट अवे और बहुत कम डॉक्टर्स हैं जिनसे मैं इतना इतना कनेक्ट करता हूं। आई लव इट। थैंक यू सो मच। बिकॉज़ आई जेनुइनली लाइक जितना नॉलेज आपके पास है ना और उसके बाद जिस तरीके से आप समझाते हो। ठीक है? तो थैंक यू सो मच फॉर कमिंग। थैंक यू सो मच। एंड क्योंकि हम पडकास्ट से पहले कुछ बात कर रहे थे। उसके बेसिस पे मुझे एक मैं स्टडी पढ़ रहा था। आई थिंक अमेरिकन साइकोलॉजी जर्नल की या अमेरिकन साइकोलॉजी सोसाइटी की समथिंग। आई डोंट नो एक्सक्ट। एपीए अमेरिकन साइकेट्री एसोसिएशन। हां
(04:05) साइकोलॉजी ठीक है कुछ उनका होगा तो उसमें उन्होंने रिसर्च करी थी कि मेन शादी क्यों करते हैं वुमेन शादी क्यों करती है किससे करते हैं वो क्या डिसीजंस होते हैं और उसके कंक्लूजन जो थे कि वुमेन जब भी वो शादी करती है मेजॉरिटी ओके वो फाइनेंसियल पोटेंशियल देखती सामने वाले का दैट्स देयर मेजर थिंग कि कौन मुझे ज्यादा फाइनेंसियली और इकोनॉमिकली अपलिफ्ट कर सकता है और पावरफुल कौन है सो पावर गिव वुमेन अ काइंड ऑफ़ अ सिक्योरिटी और साइकोलॉजी साइकोलॉजिकल सेफ्टी कि मैं सही इंसान के साथ जा रही हूं। और लड़के ऑन द अदर हैंड दे लुक फॉर मोर ब्यूटीफुल वुमेन। ओके? तो
(04:46) जितनी ब्यूटीफुल अगर वुमेन होती है इनफैक्ट उन लोगों ने तो नंबर दे दिए थे कि 67% या 75% समथिंग एक नंबर। लोग लड़कों को लगता है कि जब भी अगर आप एक रूम में जाते हो एंड वहां पे यू आर और योर पार्टनर इज द मोस्ट ब्यूटीफुल और द हॉटेस्ट पार्टनर यू हैव। देन आपका स्टेटस अपलिफ्ट हो जाता है। तो इसकी वजह से लड़के ज्यादा शादी करते हैं। सो दिस वास देयर कंक्लूजन कि व्हाई मॉडर्न जमाने में लोग जो चाइल्डहुड लव और ये सब पे नहीं होते। जैसे एक्चुअली शादी के लिए शादी करते हैं कंपैनियनशिप के लिए शादी करते। दिस इज़ द व्हाई डू यू फील ऐसा
(05:18) होता है। डू यू बिलीव बाय द वे ऐसा होता है। अ इतना ज्यादा नहीं। बिकॉज़ सी अमेरिकनंस जो स्टडी करते हैं जो उनका सैंपल साइज होता है उसमें कौन सी कंट्री कौन सा एज ग्रुप क्या इनवॉल्व किया है हमें नहीं पता। इंडिया में स्टेट वाइज डायनामिक्स अलग-अलग है। तो जस्ट बिकॉज़ यूएस में ये है डज नॉट मीन वही सब सच होगा। बट आई वुड नॉट से कि लड़कियां नहीं देखती है लुक्स हम आई वुड नॉट से कि इफ द गाय इज द मोस्ट गुड लुकिंग इन द उनका हस्बैंड उनका बॉयफ्रेंड इज़ द मोस्ट गुड लुकिंग इन द कमरा तो उनको प्राउड फील नहीं होगा। बट यस फॉर द जनरेशंस ऐसा ही है कि मेन हैव बीन द
(06:00) प्रोवाइडर द प्रोटेक्टर द सिक्योरिटी गिवर एंड वुमेन हैज़ बीन द सपोर्ट हां नर्चरर घर संभालना हस्बैंड को वो प्रोवाइड करना या पार्टनर को वो प्रोवाइड करना जिससे हस्बैंड बाकी सब चीजें प्रोवाइड कर सके। तो यस आई मीन ऐसा होने का चांस तो है ही बट अब डायनामिक्स चेंज हो रहे हैं। वुमेन अब वो कंधे से कंधा मिला रही है। चैलेंज कर रही है। बेटर भी मे बी हो रही है तो एटलीस्ट बेटर इन द वे कि भाई प्रोवाइड कर सकती है। सिक्योरिटी दे सकती है। नर्चर कर सकती है। सो अब शायद ऐसा ना हो। आल्सो वेस्ट में तो और ज्यादा ऐसा है कि इक्वलिटी जेंडर डिस्क्रिमिनेशन
(06:41) कम है तो वेस्ट में तो इक्वलिटी ज्यादा है तो आई बिलीव इतना ज्यादा स्क्यूड रेश्यो नहीं होना चाहिए था बट स्टिल दे दे टॉक अबाउट इट एंड अगर आप एक जनरल लोगों से भी बात करो जनरल सोसाइटी इधर-उधर आप कमेंट्स देखो फोरम्स देखो ठीक बहुत इनफैक्ट अरेंज मैरिज देखो लव मैरिजेस देखो आप अरेंज मैरिज मैट्रोमोनियल साइट्स पे भी चले जाओ द क्राइटेरिया जो लड़की लड़की के घर वाले ढूंढ रहे होते हैं कि यार ये कितना कमाता है। हां ओके दैट्स द क्राइटेरिया। मनी इज द मोस्टेंट क्राइटेरिया। राइट? एंड सेम लड़के लड़के घर वाले देख रहे होते हैं कि यार ये हमारे बहू के लायक है कि नहीं?
(07:22) हमारी लड़के के साथ इसकी जोड़ी जमेगी कि नहीं? ऑल दैट है। रैंडम क्रैप बातें करते हैं। राइट? बट यही मेन दो फीचर्स होते हैं। डू यू थिंक दिस इज बिकॉज़ आज भी है ना ऐसा कि लड़के आर द प्रोवाइडर्स। वो वो उनका काम है सिक्योरिटी देना। अब सिक्योरिटी मतलब अब तो हम जंगल में नहीं रहते कि शेर आएगा और उसको उसके साथ लड़ना पड़ेगा। अब फाइनेंशियल सिक्योरिटी ज्यादा इंपॉर्टेंट है। कोई इमरजेंसी आ गई, कोई मेडिकल इमरजेंसी आ गई तो पैसे हैं इनके पास कि संभाल लेगा। बिज़नेस है स्टेबल है। हमारी बेटी रास्ते पे नहीं आने वाली है। थिंग्स लाइक दैट। अभी भी लड़कियां वो कुछ
(07:59) कर सकती है। उनकी बेटी प्रोफेशनली कुछ कर सकती है। यह दिमाग में उनको कम आता है। बिकॉज़ वो जनरेशन ऐसा है। लड़के के ऊपर रिस्पांसिबिलिटी है ही अभी भी घर संभालने की। अगर लड़का काम नहीं करेगा तो पीपल विल लुक डाउन ऑन हिम। लड़की अगर प्रोफेशनली काम नहीं करेगी दे सोसाइटी विल नॉट लुक डाउन ऑन हर। वो अगर घर अच्छे से नहीं संभालेगी तो द सोसाइटी विल लुक डाउन ऑन हर। पर प्रोफेशनली सक्सेसफुल है और घर नहीं संभालेगी तो भी नहीं चलेगा। तू पैसे लाए ठीक है पर तूने रोटी क्यों नहीं बनाई? वर्सेस तू रोटी बनाए ना बनाए कोई फर्क नहीं पड़ता। तू भाई पैसे क्यों नहीं ला
(08:35) रहा है? तो दोनों का अस्यूम्ड प्रिज्यूम रिस्पांसिबिलिटी सोसाइटी ने देके रखा ही है। तो हम तुम्हें फ्रीडम फ्रीडम दे रहे हैं। तू बना भाई रोटी तेरे को बना रहे। पर काम तो तुझे करना ही पड़ेगा। पैसे तो तुझे लाने ही पड़ेंगे। तुझे गाड़ी खराब हो गई तो तुझे टो करके टो करवा के पंचर करवाना पड़ेगा। सब करवाना तो तुझे पड़ेगा ही। लड़कियां अब तुझे ठीक है वी आर गिविंग यू द फ्रीडम तू काम कर बट तुझे घर तो संभालना ही पड़ेगा संभालना ही चाहिए वी आर गिविंग यू द फ्रीडम अभी भी जेंडर रूल्स डिवाइडेड है ही ऐसे ओके तो ये दोनों आइडियाज एक्सप्लोर करते
(09:08) हैं थोड़ा डीप में एंड देन गिविंग यू द फ्रीडम पे भी आते हैं ऑल थ्री पे फर्स्ट इज़ लड़के लड़कों की बात करते हैं एक कांसेप्ट है जो सिलिकॉन वैली में बहुत चलता है उसको बोलते हैं ट्रेडिंग अप ओके सो ट्रेडिंग अप मतलब होता है कि उधर बहुत लोगों ने ऐसा देखा कि 7 से आठ साल में जो कोई भी नहीं थे वो रातोंरात मल्टी मिलियर बिलिनेयर बन जाते हैं। बिकॉज़ उनका स्टार्टअप वगैरह कुछ बढ़िया बन जाता है। राइट? तो जिसकी फॉर एग्जांपल डेटिंग वैल्यू या मार्केट में जो वैल्यू होती है एज एन इंडिविजुअल कुछ भी नहीं थी वो अब ऑल ओवर अ सडन एक हॉट कैंडिडेट बन जाता है कि
(09:42) भाई तुम्हारे पास बहुत पैसा आ गया, स्टेटस आ गया, इंटेलिजेंस आ गया। तुम्हें पर्सव्ड लोग एक बड़े स्टैटिस्ट का इंसान कर रहे हैं। तो ट्रेडिंग अप मतलब होता है कि वो लड़के या लड़कियां कोई मेजर मेजॉरिटी लड़के करते हैं। उनकी जो पार्टनर्स होती है वाइफ, गर्लफ्रेंड व्हाटएवर उसको छोड़ देते हैं। बिकॉज़ दे वांट नाउ बी एसोसिएटेड वि अ हायर स्टैट एस वुमेन। सो बहुत सारे ऐसे लड़कों ने किया है वहां पे। और इट्स अ वेरी कॉमन थिंग और इसको जस्टिफाई कर दिया टर्म देके ट्रेडिंग अब। कि मैं कि वो लोग अपनी जो पार्टनर है उसको छोड़ रहे हैं सिर्फ इसलिए कि यार तू तो
(10:23) मतलब तू और मैं अच्छे हैं। हम दोनों कंपैटिबल भी हैं। सब बढ़िया है हमारे बीच में। बट अब ना विक्टोरिया सीक्रेट मॉडल से शादी करूंगा मैं। या मैं या ये जो इंसान है वो किसी एक बहुत हॉट मॉडल को डेट करेगा। राइट? सो दे आर जस्ट ट्रेडिंग अप कि इट्स अ वेरी सिंपल यू आप डायरेक्टली जाकर बोल देते हो कि ओके दिस इज एंडिंग ऑल आई वांट डू इज आई वांट अ ट्रेड अप इन लाइफ एंड इट्स अ वेरी वेरी वेरी बिग कांसेप्ट इनफैक्ट आप बहुत सारी मूवीज में भी इसको बहुत सर्टेनली दिखाया है द वूल्फ ऑफ़ द वॉल स्ट्रीट देखी आपने उसमें यही होता है तो दैट्स स्ट्रेड अप
(11:06) कि एक पार्टी में वो एक लड़की को देखता है उस पार्टी में वो बहुत हॉट दिखती है उसको लगता है वो शी इज़ अनचीवेबल फिल्म एंड उसको लगता है कि अब मैं बड़ा इंसान बन गया हूं। तो उस स्टेटस के हिसाब से यह लड़की बढ़िया है। तो जो लियोडो द कैपियो है वो एक हॉट लड़की के पास जाता है और डेट करता है। आगे करता है और अपनी जो वाइफ होती है उसको फिर डिवोर्स करके आगे बढ़ जाता है। ट्रू बहुत सारी मूवीस में पता है। बहुत सारे हॉलीवुड एक्टर्स ने भी ये किया है। बहुत सारे स्टार्टअप फाउंडर्स ने ये किया है। सो दिस ट्रेडिंग अप इज अ कल्चर। व्हाई डू
(11:33) यू थिंक कि ट्रेडिंग अप ऐसा कल्चर क्यों बन रहा है? क्यों लड़के जब ज्यादा स्टेटस पर पहुंच जाते हैं देन वो अपने पुराने पार्टनर्स को छोड़ देते हैं। सी मैं अगर सिर्फ इसको रिलेशनशिप के पॉइंट ऑफ व्यू से ना देखूं ना तो दिस इज द बेसिक ह्यूमन नेचर। मैं अब यहां पे पहुंचा हूं तो अब मुझे ये गाड़ी चाहिए। अब मुझे ये घर चाहिए। सिमिलरली अब मेरा ये वाला पार्टनर ये लेवल का चाहिए। दिस इज द बेसिक ह्यूमन नेचर। बट अगेन पार्टनर है, इंसान है उनको ऑब्जेक्टिफाई नहीं कर सकते। बट वहां पर आता है कमिटमेंट। मैंने जब कमिटमेंट दिया था मैं कितना ट्रू
(12:11) हूं अपने कमिटमेंट से। इंडिया में हिंदू माइथोलॉजी में इसीलिए वो फेरे में सात फेरे में से वन ऑफ द फेरा इज़ कि अच्छे और बुरे वक्त में हम साथ ही रहेंगे। मेरा अच्छा वक्त आ गया तो मैं तुम्हें नहीं छोड़ दूंगा। और मेरा बुरा वक्त आया तो तुम मुझे मत छोड़ देना। दैट्स अ एन अ कमिटमेंट दैट वी आर गिविंग। पर अगर मेरा टारगेट है ही नहीं कि मैं वो कमिटमेंट दूं या मेरा कुछ टारगेट है कि मुझे रिलेशनशिप में से कुछ चाहिए। सो दैट मैं अपना स्टार्टअप अच्छे से संभाल सकूं। अपना करियर ग्रो कर सकूं। आई एम नॉट सीकिंग फॉर अ कंपैनियन। आई एम जस्ट सीकिंग फॉर समथिंग टू शो ऑफ।
(12:46) हम मैं अपना काम अच्छे से कर सकूं। उसके लिए मुझे एक सपोर्ट चाहिए। तो लोग ऐसा करते हैं। जिनको जेनुइनली कंपैनियन चाहिए उनको साथ में ग्रो करने में ही मजा आता है। ऐसे बहुत सारे बॉलीवुड एक्टर्स हैं जो बॉलीवुड एक्टर्स फेमस एक्टर्स बनने से पहले ही डेट कर रहे थे शादी की एंड दे आर दे आर सक्सेसफुल एंड पीपल लुक अप टू देम कि भाई यार अमेजिंग यार एंड जिस तरीके से उनका ट्रेड अप या लेवल अप हुआ उनकी वाइब्स का भी लेवल अप हुआ इन द सोसाइटी कि भाई हां यार एंड बिकॉज़ ऑफ़ दैट उनको वो वाला फायदा मिला पीपल लुक अप टू देम पीपल रिस्पेक्ट देम एंड दे आल्सो रेस्पेक्ट
(13:26) देयर ओन सेल्फ्स। कि भाई हां यार मैंने अपनी जुबान रखी। आई गव माय वर्ड एंड आई स्टुड बाय इट। पर व्हाई डू यू थिंक लोग करते क्यों है ऐसा? यह क्यों? बिकॉज़ उनका टारगेट है ही नहीं कंपैनियनशिप। उनका टारगेट है ही नहीं कि मुझे प्यार, सपोर्ट, स्टेबिलिटी रिलेशनशिप में से चाहिए। मेरा टारगेट है कुछ और। मुझे स्टेबिलिटी यहां पर चाहिए प्रोफेशन में। मुझे ग्रोथ वहां पर चाहिए। उसके लिए मैं अपने रिलेशनशिप को अपने पार्टनर को एक्सप्लइट कर सकता हूं और वो मेरा मेरा जो कॉन्शियस है मेरा जो वैल्यू सिस्टम है वो ऐसे बना हुआ है कि मुझे वो कुछ कहता नहीं
(14:04) है। हां तू कर सकता है। तू प्रोफेशन को मत बिगाड़। उसके लिए तुझे जो भी करना है कर। बट डू यू थिंक कि ये कोई डीप इनसिक्योरिटी उसकी वजह से भी आता है क्योंकि वैलिडेशन तो एक्सटर्नल चाहिए फॉर सम रीज़न? बट मतलब ये कोई भी इंसान कर रहा होगा तो वैलिडेशन के लिए ही कर रहा होगा। आई एम श्योर। आई डोंट नो और कोई मेरे को रीज़न ऐसा ऑन द सरफेस लगता नहीं है कि उसे एक पब्लिक वैलिडेशन चाहिए। पब्लिक में उसकी कोई इनसिक्योरिटी छुपाने के लिए देखो अब आई हैव अव लोग गाड़ियां भी इसलिए लेते हैं। लोग बड़े घर भी इसलिए लेते हैं। राइट कि यहां तो होता है कि बचपन से एक रिवेंज
(14:34) होता है कि मुझे कुछ नहीं मिला था तो मुझे अब ये चाहिए। या वो इसलिए होता है कि देखो दुनिया को बताना है दैट आई हैव अराइव्ड। रादर खुद को बताना है कि आई हैव अराइव्ड। हम दुनिया को अगर यू हैव जेनुइनली अराइव्ड ना तो अगर रतन टाटा सच अ ह्यूज मैन ही डस नॉट हैव टू कम इन अ स्वेंकी कार या ही डस नॉट हैव टू लिव इन अ सर्टन काइंड ऑफ़ विला टू शो दैट ही हैज़ अराव हां न्यू मनी एक्चुअली डस दैट ना कि बताने के लिए नॉट जस्ट दैट शायद वो इन आप खुद ही कॉन्फिडेंट नहीं हो आप जहां पे पहुंचे हो तो शायद वो सिक्योरिटी वो सपोर्ट आप उस पार्टनर में से ढूंढ रहे हो कि शायद मैं
(15:12) यह लेवल की लड़की को या लड़के को डेट करूंगा तो मुझे और अच्छा फील होगा या मेरा जो कुछ भी कम है शायद मैं इतना अच्छा नहीं दिखता। आई एम नॉट फीलिंग गुड अबाउट मसेल्फ इन माय लुक्स। तो मैं खुद को प्रूव कर सकता हूं कि नहीं नहीं ये लड़की को अगर मैं डेट कर सकता हूं। यह मेरी अगर पार्टनर बन सकती है इसका मतलब सोसाइटी के लिए आई एम गुड इनफ। पर सोसाइटी के लिए नहीं मैं एक्चुअली खुद को ही बोल रहा हूं कि आई एम गुड इनफ। क्या खुश रहते हैं ऐसे लोग? नहीं रह पाते ना। दे कीप सीकिंग दैट एंड दे कीप सर्चिंग कि मुझे कहां पे जाके खुशी मिलेगी। दे थिंक कि ये करूंगा तो मिलेगी
(15:45) पर वहां पे जाके कि मिलती तो नहीं है इसलिए वापस कुछ वापस कुछ बट देन फिर एग्जॉस्ट हो जाएंगे कुछ टाइम बाद रियलाइज करेंगे कि यार कहीं नहीं है तो फिर जो भी इस टाइम पे वो सेटल कर लो या फिर मैं जो कर रहा था वही गलत था खुशी ढूंढने के लिए दिस दिस एक कंपैनियन से दूसरे कंपैनियन में शायद यहां पे मुझे वो सेटिस्फेक्शन मिलेगा अब लेवल अप हुआ अब शायद यहां पे सेटिस्फेक्शन मिलेगा पर वो मिलता नहीं है क्योंकि मेरा दिमाग इस तरीके से काम ही नहीं कर रहा है वो कि उसको शांति मिले। शांति अगर वो प्यार जहां पे हुआ वहां पर रुक जाता तो मिल ही जाती।
(16:20) पर उसको किक चाहिए। उसको शांति चाहिए ही नहीं। हम तो ये जो कास्टेंट किक चस कर रहे हैं लोग ये वैलिडेशन चस कर रहे हैं वो दे दे कांट बी हैप्पी। सी हैप्पीनेस इज अ वेरी सब्जेक्टिव थिंग। इफ दे फील दैट आई एम हैप्पी इन डूइंग दिस। अब भले वो झूठ बोल रहे हैं खुद से पर अगर वो ये करके खुश है तो उनको हम चैलेंज नहीं कर सकते ना भाई ना तू नहीं है मुझे तू तू [हंसी] नहीं है तो मुझे साइकोलॉजी पता है तू नहीं है कुछ मैं नहीं हूं चलेगा बट दिस इज हाउ आई वांट टू लिव तो ये मेरी ऑटोनोमी है मेरे को ऐसे जीना है एंड आई एम ओके विथ दैट पर द काइंड ऑफ़
(16:57) हैप्पीनेस एक सुकून जो होता है वो शायद नहीं मिलेगा बिकॉज़ यू सी समथिंग एक्सटर्नली ये होगा तो मुझे थोड़ा अच्छा लगेगा अभी एक्सटर्नल में ना कितना भी कुछ भी आ जाए ना दिमाग उससे बोर हो ही जाता है। मेरे को ये कप नहीं इससे बड़ा कप सोने का कप 10 दिन आया उसके बाद अभी क्या वापस हो जाएगा। सो वो अगर करते रहेंगे तो वो सुकून वाली खुशी नहीं मिलेगी। किक लेवल अप करने पे किक आती रहेगी। पर कितना ही लेवल अप कर दोगे। कितना ही लेवल अप कर दोगे। कहीं पे तो पहुंच के अटकोगे। फिर क्या तब रियलाइज होगा। तब सुकून वाली खुशी ढूंढना स्टार्ट करोगे। हम
(17:36) सो ये सारे जो चस कर रहे हैं प्रोबेब्ली दे वोंट बी एबल टू हैव बी हैप्पी राइट डू यू थिंक ऐसी जो टर्म्स आती है इनको जस्टिफाई करना इनका टर्म्स देख के दिस इज़ गुड थिंग टू डू लाइक टर्म्स लाइक जैसे ये ट्रेडिंग अप एक टर्म बना दिया अब एक एक्सटर्नल वैलिडेशन चस करने का एक किसी की इनसिक्योरिटी को छुपाने के लिए एक नया रास्ता जो मोरली लोग गलत कर रहे हैं उसको जस्टिफाई करने के लिए एक टर्म दे दी सो दैट इतना ज्यादा लोगों को गिल्टी ना लगे या आई डोंट नो व्हाटएवर जिसके लिए भी टर्म दी कि नॉर्मलाइज कर दिया जाए। आई मीन गलत तो सही नहीं है बट जो भी हर्ट
(18:11) होता है ना इसमें उनका दिमाग एक एक्सप्लेनेशन मांगता है। वो पैटर्न का फिर नाम कि यार ऐसा कर रहा है इसका मतलब यह पैटर्न है। इसको हम यह कहेंगे एक नाम देंगे। वो नाम देने पे एक्सप्लेनेशन उनका पर्सनालिटी एक्सप्लेन डिफाइन करने से उनको थोड़ा अच्छा लगता है। ये तो ट्रेड अप करते ही रहता है। सो दैट माइट मेक देम फील अ लिटिल लेस हर्ट कि यार ये बंदा ही ऐसा है। तो दैट माइट बी हेल्पिंग देम बिकॉज़ नामकरण करना इज नॉट अ बैड थिंग पर से। किसी को कोई किसी का नार्सिसिस्टिक बिहेवियर है और उनको नार्सिसिस्ट कहना इट्स नॉट अ बैड थिंग। वो भाई पैटर्न
(18:53) डिफाइन करना नाम रखना जरूरी है। सो दैट हर बार किसी को एक्सप्लेन ना करना पड़े कि वो ये ये कर रहा है। एंड इंसानी दिमाग एक्सप्लेनेशन का डेफिनेशन बना के एक वर्ड तो लाता ही है हर चीज में वो जरूर है। एंड लड़कियां ट्रेड अप करती है विद फाइनेंसियल सिक्योरिटी। राइट? कि अगर उनको मैंने बहुत सारे केसेस देखे हैं। एंड यह मैंने मेरे फ्रेंड्स के साथ भी देखा है कि वो किसी से प्यार करते थे। एंड वो बहुत अच्छे रिलेशनशिप में थे। पांच छ साल तक रिलेशनशिप में थे। सब अच्छा था। एक दिन लड़की के घर वाले कोई बहुत अमीर खानदान का लड़का लेके आ जाते हैं। और वो
(19:34) खरबपति होता है। बड़े करोड़पति होता है। उसके साथ लड़की को ऑफर करते हैं कि शादी कर लो। एंड लड़की उसे शादी करके चली जाती है। रातों रात सब एंड। अब वो खुश रहती है नहीं रहती है वह नहीं पता। पर वो बोलती है कि वाह मैं तो अपने शहर से ही बाहर जा रही हूं। दूसरे शहर पे जा रही हूं। इतना बड़ा घर बीच हाउस होगा 10 फ्लोर का होगा। व्हाटएवर 10 चीजें और वो चल जाती है। राइट? सो दैट्स हाउ दे ट्रेड अप। कि फाइनेंसियल सिक्योरिटी अगर ज्यादा दिख रही है दूसरों में। एंड इसके बारे में ये मैंने कोई डाटा नहीं पढ़ा। यह मेरा बहुत एनगडोटल है। मैंने आसपास लोगों को देखा है
(20:06) और बहुत सुना है ऐसा। दिस इज व्हाट दे डू बट बेसिकली वो पहले से वही कर रही थी आउट ऑफ द अवेलेबल ऑप्शंस वो बेस्ट को चूज़ करके रखा था बट जैसे वो पूल में एक एक ज्यादा पैसे वाला इंसान आया जो अवेलेबल था एंड उनको लगा कि ये मैं 3 महीने 6 महीने या एक साल का दुख जी लेती हूं या इसको बुरा हर्ट भले हो क्या फर्क पड़ता है पर उसके बाद की मेरी लाइफ ज्यादा लग्जुरियस हो सकती है हम वो अगर मैं हो सकता है तो मैं यह कर लेती हूं। तो उनका प्लान दे वो तो पहले से वही कर रही थी। अवेलेबल ऑप्शंस में से उन्होंने बेस्ट को चूज़ किया था। इसीलिए तो
(20:47) जैसे डेट कर लिया बड़ी बात हो गई ना। हां पर इसलिए तो दैट्स आई हैव दैट्स व्हाट आई इवन आई हैव सीन। उसके बाद ही अचानक से मम्मी पापा मानना बंद हो जाता है। बेटर लड़का मिला बेटर इन द से कि इन द सेंस कि पैसे वाला ज्यादा फाइनशियली स्ट्रांग फैमिली बैकग्राउंड तो अचानक से उसके मम्मी पापा मानना बंद हो जाएंगे। अचानक से उनको प्रॉब्लम होने लगेगी। अचानक से वो रिटाैलिएट नहीं कर पाएगी। अचानक से उनको एक्सप्लेन नहीं कर पाएगी। एंड देन हां वो मोटिवेशन लड़के को भी दिखेगा कि तो अचानक से कहां चला गया मोटिवेशन कल तक। तो कैसे भी करके मना लेंगे और अब मम्मी पापा नहीं
(21:25) मान रहे हैं। हम लड़का भी एकदम अरे तुम्हारे साथ प्लानिंग किया था। हम लोग वहां पे वो घर लेने वाले थे। वो मैंने जॉब के लिए अप्लाई कर दिया है। प्रमोशन मिलने ही वाला है। पर नहीं तुम वो बिजनेस फैमिली को चूज़ कर रही हो या अचानक से तुम्हारे मम्मी पापा नहीं मान रहे हैं। तो अगर मुझे यह पता होता तो मैं पहले से वो रिस्क लेके बिजनेस में चले जाता ना। क्योंकि तुम्हें फाइनेंसियल सिक्योरिटी चाहिए थी। मम्मी पापा को प्रूव करना था। इसलिए मैं यह जॉब में परेशान हो रहा हूं। मेहनत कर रहा हूं। प्रमोशन का वेट कर रहा हूं। अगर तुम पिक्चर में ही नहीं होती और
(21:59) तुम्हारा ये प्लान था पहले से तो मैं भी वही करता। मैं शायद इससे ज्यादा ग्रो कर लेता। इसीलिए ट्रांसपेरेंट होना जरूरी है। कितना भी आप क्रूल हो बट ट्रांसपेरेंट हो ना? तो यू आर जस्ट नॉट हेल्पिंग द पर्सन। यू आर आल्सो हेल्पिंग योरसेल्फ। भाई दिस इज हु आई एम। तुम अभी बेस्ट ऑप्शन हो मेरे लिए। इसलिए आई लव यू द मोस्ट। देयर आर देयर इज अ रिस्क कि इस तुमसे ज्यादा अच्छा लड़का दिखेगा तो मेरा दिमाग वहां जा सकता है। मैं थोड़ी कैपिटलिस्टिक हूं। अ देख लेना भाई। एंड नोबडी इज एबल टू डू दैट। नोबडी डस दैट। पर ये खुद को बिकॉज़ मैं खुद को
(22:38) ही नहीं पहचानूंगा ना। मैं खुद को ही ऐसे नहीं बोलूंगा। बिकॉज़ अगर मैं खुद को ऐसा बोला तो मैं अपने दिमाग में विलिअन हो गया। इतना बुरा कैपिटलिस्टिक लड़का लड़की। अरे तू प्यार को छोड़ के पैसे के पीछे भाग रही है। वो खुद का ही दिमाग बोलेगा। इसलिए वो खुद को डिनाई करेगी। नहीं नहीं मैं तो प्यार करती हूं। ये तो अब मम्मी पापा नहीं मान रहे हैं। बट इट इट वाज़ नेवर द केस फ्रॉम द वैरी बिगनिंग। बट व्हाई डू यू थिंक कि लड़कियां ऐसे क्यों करती है? जैसे लड़कों की हमने बात करी कि लड़के ट्रेड अप करते हैं क्योंकि कोई इनसिक्योरिटी होती है। एक्सटर्नल
(23:07) वर्ल्ड को चस करने की कोशिश कर रहे होते हैं। कोई वैलिडेशन चस कर रहे होते हैं। राइट? लड़कियां क्यों कर रही होती है? शादी इंडिया में शादी, सेंस ऑफ सिक्योरिटी, फाइनेंसियल स्टेबिलिटी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी से ज्यादा लग्जरी अट्रैक्टिव है। हां, एक गाड़ी है पर चारप गाड़ियां है और साथ में ड्राइवर भी है। घर का काम नहीं करना पड़ेगा या फिर कुछ नहीं करना पड़ेगा। बैठे-बैठे आराम कर सकती है। थिंग्स लाइक दैट। तो वो जो कंडीशनिंग है बचपन से ही कि फैमिली और ज्यादा अच्छा हो। मुझे भी बहुत लोगों ने ऐसे कहा है कि लड़की वहां पे जाती है जो उन जो घर उनसे
(23:43) ऊपर होता है फाइनशियली। और लड़की वहां से लाओ या शादी वहां पर करो जो आपसे थोड़ा सा फाइनशियली नीचे हो। समथिंग लाइक दैट। तो ये तो सिस्टम है शायद इंडिया में एंड कंडीशनिंग ही ऐसे हो रखी है। सो कंडीशनिंग का मतलब क्या कि अगर आप उसके अगेंस्ट में या उसका उससे थोड़ा अलग जा रहे हो ना तो आपको अंदर से अनकंफर्टेबल फील होने लगेगा। अजीब लगने लगेगा। कॉन्फिडेंस टूट जाएगा। यू नो लॉजिकली, एथिकली दैट यू आर डूइंग द राइट थिंग। यू आर बीइंग विथ द पर्सन यू लव। पर फिर भी वो कॉन्फिडेंस क्यों नहीं आ रहा है? क्योंकि बचपन से ये सुना है पेरेंट्स ने, दोस्तों ने, मूवीज में इतने
(24:21) बड़े घर में शादी हुई है। इतनी अच्छी बात है। तो वो कॉन्फिडेंस अपना तोड़ देगा। तो वो इवेंचुअली नहीं यार मम्मी पापा नहीं मान रहा है। आ जाएगा। गलत नहीं है ये बहुत। एब्सोल्युटली। अब्सोलुटली। ऑन बोथ। लड़की लड़की दोनों को ट्रेड अप करना इज़ डू यू थिंक इट्स रोंग। इट्स हार्ट ब्रेकिंग। हां। मतलब बिकॉज़ जब मैं ऐसे एग्जांपल सुनता हूं ना तो मैं मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स हैं इन द स्टार्ट अप वर्ल्ड दे गिव मी एग्जांपल्स कि देख इसने भी ऐसे किया इसने भी ऐसे किया और बड़े-बड़े फाउंडर्स के नाम लेते हैं। एंड वर्ल्ड के जो टॉप थ्री फोर फाइव एंटरप्रेन्योर्स आप
(24:53) देखोगे उन्होंने भी किया है। टॉप थ्री फोर फाइव सेलिब्रिटीज देखोगे उन्होंने भी किया है। लड़की लड़का बोथ राइट एंड देन आई गिव एग्जांपल्स ऑफ़ लेट से बराक ओबामा राइट कि डे वन दोनों ने साथ में पावर कपल दे बिल्ट इट लुक एट देम लाइक बराक एंड मिशेल कपल गोल्स राइट शाहरुख एंड गौरी अगेन दे डिड द सेम थिंग द से पता नहीं कितने और ऐसे और एग्जांपल्स होंगे आपके पास राइट सो आई लाइक दैट कि दोनों ने उस टाइम पे मतलब मुशेल ओबामा आई एम श्योर कि उन्होंने उस टाइम पे बढ़िया एक ऐसा ऑप्शन देखा जो शायद उस टाइम पे वो बेस्ट नहीं होगा उनके लिए। दे बोथ फेल इन
(25:32) लव एंड देन दे डिसाइडेड कि चलो करेंगे और आज इतने बड़े वो बन गए एंड सेम विद ब्रा कि एक बार जब वो बड़े बन गए होंगे तब उनके पास हजारों ऑप्शन होंगे। बट स्टिल ही इज़ लाइक हे कोई और ऑप्शन ही नहीं है। दिस इज़ माय लव। सो ये दोनों के लिए व्हाई जब ऐसी स्टोरीज है एंड ऐसी स्टोरी ज्यादा हमें पसंद है तो फिर ये ट्रेड अप रियलिटी में क्यों होता है? सो इट्स अ वेरी सिंपल थिंग दैट मेजॉरिटी पीपल डोंट रियलाइज कि एक स्टेबल रिलेशनशिप में से पीस मिलता है जो दिमाग उसको बोरिंग कंसीडर करता है पर पीस मिलता है एंड यू हैव नो आईडिया द अमाउंट ऑफ एनर्जी दैट यू कैन गेट फ्रॉम पीस जिससे
(26:11) आप कितना सब कुछ बिल्ड कर सकते हो वर्सेस मैं एक स्टेबल बिज़नेस चला रहा हूं पर हर तीन चार महीने में ब्रेकअप कर रहा हूं तो मेरा दिमाग उसमें कितना कंज्यूम हो रहा है शायद एक महीना 2 महीना बिगड़ेगा। वापस रिलेशनशिप कोई नया आया रिलेशनशिप बिल्ड करने में एनर्जी डालनी है। तो स्टार्टअप अच्छा नहीं चल रहा है। एज कंपेयर टू जैसा चलता अगर मैं स्टेबल रिलेशनशिप में होता मेरा पार्टनर सपोर्ट कर रहा है। मैं उसको सपोर्ट कर रहा हूं। घर पे जाके उसको शेयर किया कि यार ऐसा हुआ पता है आज। वो जो किक वो जो मजा या सुकून मिलता है ना वो किक में नहीं मिलता। एंड पीपल ह्यूमन बीइंग्स
(26:46) सीक किक। हम अभी मुझे मजा आ रहा है। अभी वो लग्जरियस बंगला मिल रहा है। पर जो साथ में ग्रो करने में जो मजा सुकून पीसफुल सस्टेंड ग्रोथ है और वो जो ग्रोथ जहां पे पहुंचाता है वो कहीं और नहीं होता है। वो इस तरीके से तो नहीं ही होता है। यू नो देयर इज़ अ देयर इज़ अ कोट व्हिच सेस आई लव दिस कोट। इट्स अ ब्यूटीफुल कोट व्हिच सेस अ मैनस कैरेक्टर इज सीन। और इट्स टेस्टेड व्हेन ही हैस एवरीथिंग एंड अ वुमेनस कैरेक्टर इज टेस्टेड एंड सीन व्हेन ह मैन हैज़ नथिंग ट्रू ट्रू राइट एंड जस्ट ब्यूटीफुल कोट कि यस व्हाट डस योर वुमेन
(27:34) डू व्हेन आपके आपका जो पार्टनर है उसके पास कुछ नहीं है। व्हाट डू यू डू एट दिस टाइम? डू यू लीव हिम और डू यू स्टे विथ हिम एंड व्हेन सेम गोज़ विद मैन व्हेन ही हैज़ एवरीथिंग डस ही लीव एंड डस ही स्टे? लड़की बिकॉज़ एग्जांपल में उस लड़की है हस्बैंड के पास सडनली जीरो हो गया। दिमाग क्राइसिस में चला गया। अभी अभी के अभी मुझे बचाना है खुद को। कैसे बचाऊं? पैसे वाला इंसान बेटर ऑप्शन मैं खुद को बचा लेती हूं। दिमाग क्राइसिस में लॉन्ग टर्म नहीं सोच सकता। दिमाग को नॉर्मली पता है कि भाई बुरा वक्त कुछ टाइम के लिए ही होता है। चला ही जाएगा। वापस
(28:13) कुछ कर लेंगे। पर नहीं क्राइसिस मुझे खुद को बचाना है। चलो मैं निकल जाती हूं। तो जो क्राइसिस होता है ना वो दिमाग को थोड़ा सा पागल फॉर द लैक ऑफ द बेटर वर्ड कर देता है। अलोंग वि दैट द ह्यूमन टेंडेंसी टू सीक किक मुझे अभी के अभी मजा चाहिए। वो जो हम पीस को बोर्डम मान लेते हैं। शांति को अरे यार क्या यार वही दाल चावल खाने पर भाई अगर दाल चावल रोज मिल रहे हैं तो यू हैव दैट एनर्जी टू बिल्ड सच अमेजिंग सच ग्रेट थिंग्स तो दाल चावल ही खाओ क्योंकि वो सारी एनर्जी जो मजा लेने की एनर्जी जो चाहिए ना आपको वो अपने काम में से वो अपने सोशल फाइनशियल प्रोफेशनल ग्रोथ
(28:55) में लगाओ खुद के ग्रोथ में लगाओ स्टेबिलिटी कंपैनियनशिप बहुत जरूरी है तो यू सेड कि लोग ज्यादातर जो पीस है लॉन्ग सस्टेंड ग्रोथ है साथ में मिलके हम बिल्ड करेंगे उसको चूज़ नहीं करते बट उसमें ज्यादा मजा आता है दैट्स अ ब्यूटीफुल थिंग राइट तो क्यों चूज़ नहीं करते जब ज्यादा खुशी इधर है दाल चावल फॉर लाइफ जब साथ में पीसफुल और पीस से जो हैप्पीनेस आती है धीरे धीरे धीरे बढ़ेंगे आज हमारे पास छोटा सा घर है साथ में मिलके एक लग्जरी घर बनाएंगे लाइफ में उस जर्नी का मजा अलग है तो लोग ये चूज़ क्यों नहीं करते जब ये ज्यादा अच्छी खुशी वाला ऑप्शन
(29:32) है लोगों को अभी हाथ के हाथ क्यों चाहिए बिकॉज़ वो ग्राफ है तो सटाक से ऊपर जाएगा हम और 10 दिन में मजा आ जाएगा व धीरे धीरे धीरे ऊपर जा रहा है। उस जितना सटाक से ऊपर जाएगा वो जल्दी नीचे भी आएगा। बट सस्टेन ग्रोथ है। वो जो पेशेंस है वो नहीं है। दिमाग चूजेस इमीडिएट किक लगर वीडियोस आर नॉट एज पॉपुलर एज शॉर्टर वर्जनंस। इमीडिएटली बॉडी बिल्ड करना स्टेरॉइड्स लेके, इंजेक्टेबल्स लेके इज़ चोजन मोर ओवर रेगुलर जिमिंग। जो ग्रेजुअली बॉडी बिल्ड होगा, नुकसान बॉडी को नहीं करेगा। आपका सस्टेंड लॉन्ग टर्म ग्रोथ होगा। लोग चूज़ ही पहले वाला करते हैं। मुझे अभी के अभी
(30:15) ही मजा चाहिए। दिमाग ही ऐसे बना है। क्योंकि डोपामिन जो निकलता है इमीडिएटली जो सर्च आता है सर्च इज एडिक्टिव इज़ खतरनाक एडिक्टिव एंड उसके लिए अगर आपको नुकसान नहीं हो रहा है वो करने में नुकसान टेंजिबल नुकसान तब तक दिमाग रोकता ही नहीं है खुद को। नहीं नहीं भाई छोड़ना यार बाद में अभी कर लेते हैं। तो आपने बोला दिमाग ऐसे बना है। थोड़ा एक्सप्लेन करो। व्हाई ऐसे क्यों बना है दिमाग? शुरू से ऐसा थोड़ी होगा। नहीं इनेट है। दैट इज द बायोलॉजिकल स्ट्रक्चर ऑफ ब्रेन दैट इट सीक्स इमीडिएट ग्रेटिफिकेशन, इमीडिएट हैप्पीनेस, इमीडिएट किक। एंड जब ऐसा आता है एंड दैट हॉर्मोन
(30:54) इज सो पावरफुल कि वो दिमाग के बाकी सारे सेंसेस को नम कर देता है। पता है भाई 10 दिन बाद वो चला जाने वाला है। नहीं नहीं अभी तो है ना अभी तो है ना साथ में है ना। अभी तो वो कर लेते हैं। अरे पता है कैंसर होगा। नहीं पर नहीं अभी तो नहीं होगा ना यार। वह पता है वह दिमाग को पर वो नम कर देता है। अभी तो मैं फूंक लेता हूं ना यार। दैट इमीडिएट एंड दैट इज दैट एडिक्टिव। इसीलिए वो रोकने के लिए खतरनाक कॉन्शियस कंट्रोल और हेल्प तो नहीं मिलेगी बट खतरनाक कॉन्शियस कंट्रोल चाहिए कि भाई मुझे भले ही मजा आए बट आई एम चूजिंग दिस थिंग। दिस बोर्ड हिम
(31:31) दिस पीस ओवर दिस इमीडिएट किक। और वो डिफिकल्ट है। हम रोज जाके जिम में तीन-चार साल 10 साल करते रहना एंड देन एक फिजिक बनाना दैट बिकम्स अ पार्ट ऑफ योर पर्सनालिटी। वो सिर्फ एक महीने तीन महीने में मेरे को Instagram पे फोटोज अपलोड करने हैं। मैं बढ़िया दिखूं। इट इज नॉट दैट सस्टेनेबल। तो हम लोग ब्रेन बना ही ऐसा है। बना ही ऐसा है। तो क्या कर सकते हैं जिससे हम अपनी आदतें चेंज करें? दुख चूज़ करो। [हंसी] बोडम चूज़ करो। अगर साइकोलॉजिस्ट सेइंग कि दुख चूज़ करो। साउंड इज वेरी रोंग बिकॉज़ टू रीज़ंस। एक दुख इज अ नॉर्मल ह्यूमन इमोशन। सेकंड एनीथिंग एंड एवरीथिंग
(32:11) दैट यू डू फॉर इमीडिएट ग्रेटिफिकेशन। वो आपको नुकसान करेगा ही करेगा। अभी मजा आ गया। अभी जितना खतरनाक प्यार में पड़ गए। अभी के अभी पैसे चूज़ कर लिए। वो इमीडिएट मनी गलत तरीके से पैसे फटाफट जिम का बॉडी वो इवेंचुअली बॉडी को उसका नुकसान भरना ही है। इस तरीके से कुछ इमीडिएट आ गया तो कुछ चुकाना ही पड़ेगा। तीन महीने का अमेजिंग रिलेशनशिप है। पता है टॉक्सिक है। पता है यह है वो है। नहीं नहीं पर है ना कुछ कर लेंगे कुछ कर लेंगे। पर जब हुआ तब जो तीन के छ महीने जो खतरनाक बुरे गुजारने पड़ते हैं। वाइफ है, गर्लफ्रेंड है, मैरिड हूं
(32:49) पर किक मिल रही है जो मुझे अफेयर करने में वहां नहीं पता चलेगा। द कंप्लीट डिनाइल दैट डोपमिन गिव्स अस। नहीं पता चलेगा वाइफ को गर्लफ्रेंड को। पर जब पता चलता है वो 6 महीने के जो छ साल बिगड़ते हैं ना बाद में तब लगता है यार क्यों यार 6 महीने वो शांति से अच्छे से चल रहा था। क्यों बिगाड़ा? तब रियलाइज़ होता है। बट देन इट्स टू लेट। इसलिए पहले से ही नहीं भाई मुझे नहीं चाहिए। हां तुम बहुत खूबसूरत हो पर मुझे शांति चाहिए। मुझे नहीं चाहिए। मेरे को कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं चाहिए। क्योंकि मेरी एनर्जी मुझे ग्रो करने में लगानी है।
(33:21) मेरे प्रोफेशन में मेरे सेल्फ ग्रोथ में लगानी है। ये सब में मेरे को नहीं लगानी है। ध्यान देना। पर होता नहीं है ऐसे लोग। बिल्कुल। इंस्टेंट चीजों की तरफ भागते हैं ज्यादा। इंसान तभी तो इस तरीके से दुनिया चल रही है और सब एक दूसरे के बट दुख कैसे चूज़ कर सकते हैं? नोबडी वांट्स दैट। नो। स्पेशली व्हेन यू हैव द ऑप्शन ऑफ इमीडिएट हैप्पीनेस अवेलेबल तब तो नहीं होगा बट दो-तीन बार अगर कर चुके हो नुकसान हो चुका है तब तो अब सीखो अब तो भाई बस करो फिर भी कर रहे हो पता है तीन महीने में ब्रेकअप होने पे ये हालत होती है तो ये मत करो चलेगा ना इतना खुशी अभी
(33:58) दुख तो दुखी तो नहीं हो सिगरेट पीने नहीं जा रहे हो तो दुखी तो नहीं हो सिर्फ किक नहीं मिल रही ना तो न्यूट्रल इमोशन चूज़ करना है एक्चुअली दुख भी चूज़ नहीं करना है न्यूट्रल इमोशन ही चूज़ करना है। हां, ठीक है। चल रहा है। इट्स ओके। आई एम गुड। ये इमीडिएट ग्रेटिफिकेशन के चक्कर में जो नुकसान आप खुद का ही कर रहे हो। यू नो मैं मैं पहले काफी ऐसा था कि 15 16 ओल्ड, 17 यई ओल्ड, किड टीनएज जो है बस अभी फटाफट फटाफट फटाफट। वो अर्जेंसी मेरे अंदर आज भी है। राइट? एंड उस टाइम पर मेरी पेरेंटिंग की वजह से मतलब मेरे घर वालों ने बहुत स्ट्रिक्ट
(34:35) वैल्यू सिस्टम बनाया था। मैं ये प्रोफेशनलली करियर की बात कर रहा हूं। राइट? तो मेरे घर में हेल्थ को कोईेंस नहीं देता। पर प्रोफेशनल बिनेस और करियर्स को बहुतेंस देते हैं। कुछ भी ऐसा करेंगे नहीं जो शॉर्ट टर्म गेन के लिए थोड़ा सा भी गलत हो। जीरो। अगर मेरे घर वालों को मतलब कोई ₹100 करोड़ ऑप्शन दे दे एंड बोले कि इसमें थोड़ा सा साइड से टेढ़ा करना है पता नहीं चलेगा एक हफ्ते में खत्म हो जाएगा वो नहीं करेंगे एंड आई हैव सीन दैट हैपनिंग मैंने उनको इतनी ज्यादा जगह पे देखा है कि लाइक इट्स जस्ट वाइल्ड ओके मैं इमेजिन ही नहीं कर सकता मैंने ऐसे-से केसेस देखे हैं
(35:13) जहां पे वो मुझे पता है कि यार ये तो क्या बढ़िया है 2 मिनट में पता नहीं चलेगा बट आई हैव सीन देम टेकिंग ऑप्शंस तो उसकी वजह से मेरा वैल्यूस सिस्टम बहुत स्ट्रांग बना कि कुछ भी आप शॉर्ट टर्म वायरलिटी के लिए, शॉर्ट टर्म गेन के लिए, शॉर्ट टर्म इंस्टेंट पैसे के लिए आप कुछ भी ऐसा मत करो जो आपकी वैल्यू सिस्टम के अगेंस्ट हो और आप वो वैल्यू सिस्टम बनाओ। और वो बहुत डिफिकल्ट होता है उसप स्टिक करना। हम पर अगर आप स्टिक करते हो एक साल में आपको कुछ पता नहीं चलता, 2 साल में पता नहीं चलता, तीन साल में पता नहीं चलता। बट वो चारप साल बाद जो कंपाउंड हो के आता है देन
(35:46) यू स्टार्ट फीलिंग गुड एंड देन यू रियलाइज कि वाओ कि जो मैंने वैल्यू सिस्टम चूज़ किया शॉर्ट टर्म गस को मना करा और मैं सिर्फ ड्रिवन रहा कि ये मेरे अकॉर्डिंग यही सही है और मैं कुछ भी जस्ट रैंडम पैसे या वायरलिटी के लिए नहीं करूंगा एंड इफ आई स्टिक टू इट वो लॉन्ग टर्म में काफी स्ट्रांग कंपाउंडिंग गस मिलते हां। राइट। सो आई लर्न दिस आफ्टर इयर्स इयर्स इयर्स। हम हम सेम चीज मैंने फिर मेरी हेल्थ में अप्लाई करना स्टार्ट करी क्योंकि अब प्रोफेशनलली घर वालों सीख लिया हेल्थ में कुछ नहीं था। तो मेरे घर में सब मीठा खाते थे। तो आई स्टॉप्ड ईटिंग इट। आई स्टार्टेड टेकिंग
(36:24) केयर ऑफ़ माय हेल्थ। और मैं सारे जो शॉर्ट टर्म एकदम इमीडिएट मुझे लगता था पहले कि यार इतना काम कर रहा हूं। यह तो मैं डिर्व करता हूं। खाना मुझे मजा आता है। एंड आई स्टॉप डूइंग दैट। नहीं तो मेरा अगला दिन बिगड़ जाएगा। जस्ट 3 मंथ्स ऑफ डूइंग दैट। मेरी ओवरऑल हैप्पीनेस लेवल, प्रोडक्टिविटी लेवल, स्लीप लेवल सब इतना बेटर हो गया दैट आई नेवर वांट गो बैक टू अ टाइम जहां पर मैं रात को 2:00 बजे कचरा खा रहा हूं। मैं सोच के भी नहीं जा सकता कि मेरे को रात को 3:00 बजे पिज़्ज़ा खाना है। इट इज़ डन एंड डस्टेड। सो, आई रियलाइज़ कि वैल्यू के साथ
(36:58) स्टिक रहना इज द वे फॉरवर्ड। ट्रू। एंड यह वाली चीज मैं मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स को बोलता हूं। बट दे डोंट लाइक इट। दे डोंट बिलीव इन इट। उनको दिखता है। वो मेरे साथ में थे। उनको ग्रोथ भी दिखी और वो बोलते भी हैं। वो एडमायर भी करते हैं। बट दे स्टिल चूज़ टू डू इट। जैसे वन एग्जांपल इज़ अल्कोहल और सिगरेट्स। राइट? मैं नहीं करता। एंड मैंने कभी सिगरेट नहीं पी। मैंने कभी ये सब कुछ किया ही नहीं। आई हैव नेवर चोज़न इट। आई चोज़ दिस लाइफ कि मेरे को अगले दिन मेरे को उस आदत में ही नहीं पड़ना। लॉट ऑफ़ माय फ्रेंड्स एडमायर इट। हम दे नो कि यार ये अगले दिन मंडे को एकदम
(37:36) रेडी होके वापस सेम काम कर लेता है। खुश भी रहता है। अपनी बॉडी को हार्म नहीं कर रहा है। बट स्टिल वो एडमायर करने के बाद भी छोड़ते नहीं है। सो अगर मुझे मान लेते हैं इमीडिएट कुछ गलत या शॉर्ट टर्म गेन का करने में मुझे डोपामिन 100% मिलता है। हम और उस वो नहीं करने पे कुछ सस्टेंड वाला हेल्दी करने पे मुझे डोपामिन मिलेगा। 30% ही मिलेगा। बट बिकॉज़ मेरे दिमाग ने वो 100% वाला डोपामिन चूज़ नहीं किया तो चखा ही नहीं। सो द 30% बिकम्स माय 100% हम या ये करने पे मुझे अच्छा रिजल्ट तो मिला। हम अब एक हैबिट फॉर्म भी होता है। कुछ करने पे जब एंड रिजल्ट अच्छा होता है तब दिमाग
(38:17) एनकरेज होता है वो रिपीट करने के लिए। रेपीटेशन और होगा क्योंकि हर बार अच्छा रिजल्ट मिल रहा है एंड क्योंकि ये हेल्दी चीज है तो वो सस्टेन ग्रोथ भी मिल रहा है। अब किसी ने 100% डोपामिन चखा हुआ है तो उसके लिए वो हैबिट बन गई। नहीं करना है तो 100% वाला ही करना है या 30% वाला कौन करे? सो अगर वहां पे आप गए नहीं हो वो रास्ता आपने चूज़ नहीं किया। आप जो वैल्यू सिस्टम बोल रहे हो इंग्लिश वर्ड हमारा संस्कार हम अपना सिस्टम में ऐसा इनग्रेनेंड है कि भाई ये रास्ते पे जाना ही नहीं है। तो पहले से अगर कंडीशनिंग हो रखी है कि नहीं जाना है इस रास्ते पे तो हम हेल्दी
(38:52) रास्ता ही चूज़ करेंगे। दिमाग खुश ही है। 30% में खुश ही है। अभी उसको आर्टिफिशियल 100% डोपामिन वाली हैप्पीनेस क्यों देनी है? जब वो 30% में अच्छे से खुश रह पाता है, फंक्शन कर रहा है, ग्रो कर रहा है। पर अगर आप वहां पर जा चुके हो तो यह वाला आपको बोरिंग लगेगा ही। बट अगर वो एडमायर करते हैं, वो चाहते हैं वो ये चेंज लाना बट फिर भी नहीं लाते हैं। क्यों? उन्होंने 100% चखा हुआ है ना तो चखा हुआ है तो वो जब ये करेंगे तो उनका दिमाग रिजल्ट एक्सपेक्ट करेगा 100% वाला। और मिलेगा 30 30% वाला। तो उनको यार क्या यार? उससे तो वही मजा आता है। एंड मजा चाहिए।
(39:29) ग्रोथ नहीं चाहिए। शांति मजा चाहिए तो इसलिए वो वापस वहां पे चले जाते हैं। कितने सारे लोग हैं मेरे तो बहुत सारे फ्रेंड्स जो नॉन मेडिकल प्रोफेशनल्स है मैं पढ़ता था वो मजे कर रहे हैं। मैं पढ़ता था वो खेल रहे हैं। देखा कि मैं कर रहा हूं तो रिजल्ट मिल रहा है। दे एडमायर अभी भी बट दे स्टिल आर नॉट एबल टू इंप्लीमेंट बिकॉज़ आज भी अगर मैं पेशेंट देख रहा हूं तो वो हां वो मजे कर रहे हैं कि नहीं यार छोड़ना दे आर वर्किंग बट वो वहां पे भी जॉब पे छुट्टी लेके मजे कर रहे हैं। वो एडमायर करेंगे पर कर नहीं पाएंगे। आपको नहीं लगता कि आप मिस कर रहे हो, मजे
(40:01) करने चाहिए? मैं मजे ही कर रहा हूं यार। [हंसी] आई एम आई एम रियली हैप्पी। नाइस। तो मजे ही कर रहा हूं। हमारे 30% ही 100% है। हां। एंड आई एम प्राउड ऑफ़ माय 30%। आई एम रियली हैप्पी विथ माई। मुझे नहीं चाहिए ज्यादा खुशी। मुझे ज्यादा खुशी नहीं चाहिए। जितनी है वो बहुत है मेरे लिए। ज्यादा खुशी के चक्कर में ऑलवेज देखा है मैंने कि द डेस्पिरेशन कि मैं और ज्यादा कुछ खुश होऊ। उसमें जो कॉम्प्लिकेशन आते हैं ना मुझे वो नहीं चाहिए। जितना है अच्छे से हेल्दी तरीके से ग्रो करो। आगे बढ़ो। सीधे रास्ते पर चलोगे तो ग्रोथ होता ही है। धीरे-धीरे होता है पर सस्टेन होता
(40:37) है। चाइना का ग्रोथ वर्सेस इंडिया का ग्रोथ। इंडिया का सस्टेन ग्रोथ आई एम सपोज आई सपोज है। चाइना का एक सडन ब्लास्ट आया एंड देन अभी कॉम्प्लिकेटेड स्टेट है। यू नो मेरा मेरा डोपामिन जो आता है दैट जेनुइनली कम्स फ्रॉम कि मैंने आज क्या नया सीखा और क्या नया सिखाया। एंड यह एडिक्शन बन चुका है। तो मैं अगर मैंने पडकास्ट बनाया और इसमें मैंने आपसे कुछ बहुत बढ़िया सीख लिया। हो गया। मेरे को कोई शॉट नहीं चाहिए। किसी मैं कोई टकीला इतना खुश नहीं कर सकती जितना मुझे ये ठीक कर दिया कि वाओ अच्छा ये 100% 30% थ्योरी मेरे को मजा आ गया
(41:14) सुन। लाइक दिस दिस इज हाउ माय ब्रेन फंक्शनंस। तो मुझे बहुत मजा आता है जो मैं कर रहा हूं। एंड देन सेम चीज जब मैं किसी क्लाइंट के साथ काम कर रहा हूं उनकी ब्रांड पे या एक्सट्रा और उनको रिजल्ट मिल गए। मैंने कुछ सिखाया उससे सेंस ऑफ सेटिस्फेक्शन डिफेंस मैकेनिज्म्स होते हैं। डिफेंस मैकेनिज्म्स मतलब अनकॉन्शियस दिमाग कुछ टेक्निक्स इंप्लीमेंट करता है। कॉन्शियस दिमाग नहीं अनकॉन्शियस दिमाग कुछ टेक्निक्स इंप्लीमेंट करता है टू डील विद द इमोशनल सर्च। ओके? मोस्ट ऑफ़ द टाइम्स नेगेटिव इमोशनल सर्च। बहुत दुख आया या ऐसा कुछ। कुछ मैच्योर
(41:47) डिफेंस मैकेनिज्म्स है। हम उसमें से एक है सब्लीमेशन। सब्लिमेशन नाम का डिफेंस मैकेनिज्म का मतलब है कि कुछ भी मेरे लाइफ में बुरा हुआ तो मेरे अंदर एक नेगेटिव एनर्जी आई। उस एनर्जी को मैं उस तरीके से यूज़ करूं जिससे मेरा खुद का ग्रोथ हो। मैं रास्ते पे जा रहा हूं। झगड़ा हो गया किसी ने किसी के साथ किसी ने मुझे मार दिया। बहुत बुरा लग रहा है। आई एम फीलिंग टेरेबल। उस एनर्जी को मैंने उस तरीके से यूज़ किया। मैंने पेशेंट्स को बहुत हेल्प की। बहुत अच्छे से पेशेंस देखे। या फिर कोई क्रिकेट प्लेयर है या कोई बैडमिंटन प्लेयर है तो उन्होंने इतनी ज्यादा
(42:21) प्रैक्टिस की इतने टाइम तक जब तक वो ड्रेन आउट नहीं हो गई नेगेटिव एनर्जी कि उनका गेम सुधर गया। क्या बोलते हैं? सब्ली सब्लीमेशन। तो कैसे लोगों की लाइफ में कुछ नेगेटिव हो उसको वो एक पॉजिटिव एनर्जी बना सकते हैं। कैसे कर सकते हैं? पॉजिटिव एनर्जी बनानी नहीं है। एनर्जी नेगेटिव ही है। एनर्जी बन रही है। उसका नेगेटिव पॉजिटिव तो हम नाम रख रहे हैं। बट कुछ क्राइसिस आया या कुछ अच्छा भी हो गया तो बहुत सारी एनर्जी बनेगी। बहुत खुश हो गया। तो चलो मैं ना जाके अभी पार्टी कर लेता हूं। बहुत सारा दारू बहुत सारा नशा कर लेता हूं। तीन-चार दिनों तक बंद रहता
(42:53) हूं। व बहुत सारी एनर्जी है। तो चलो और काम करता हूं या कुछ मैं करता हूं जिससे मेरा ग्रोथ हो या फिर किसी और का हो जिससे भी मुझे तो अच्छा ही लगेगा। तो वो जो है वो मुझे लॉन्ग टर्म रिजल्ट देगा। ये दिस इज सो ट्रू। ये क्यों होता है ऐसा? बिकॉज़ आई विल टेल यू। ओके। तो लेट्स से एक नंबर मान लो कि इतने करोड़ रुपए कमा लिए तो एक माइलस्टोन था उतनी रेवेन्यू करी अचीव कर ली तो द फर्स्ट रिएक्शन इज़ चलो पार्टी बट मेरा वो नहीं होता मैं बोला ओ बहुत सारा मजा आ गया अब इसको 10 एक्स कर लेते हैं सेम विद लेट से पॉडकास्ट है आप पहुंचे कि ओके 4 मिलियन हो
(43:34) गए ओके चलो अब 10 मिलियन कर लेते हैं अब 5 मिलियन कर लेते हैं नंबर वन पॉडकास्ट इंडिया में बन गया अब वर्ल्ड नंबर वन कर लेते लाइक फर्स्ट रिएक्शन इज नॉट पार्टी हां फर्स्ट रिएक्शन ये नहीं आता कि चलो दारू पीते हैं भांड होते हैं ड्रग्स करते हैं। नहीं फर्स्ट रिएक्शन इज कि ये जो एनर्जी आ रही है और उस टाइम एकदम एकटिक फील होता है आपको कि वाओ वो एनर्जी मेरे को यूज़ करनी होती है कि और करते हैं और प्रैक्टिस करते हैं और मजा करते हैं। तो ऐसा क्यों होता है? बिकॉज़ एनर्जी है ही एंड दिमाग बॉडी एनर्जी को कहीं पे डालेगा ही। तो बट पार्टी करने का मन क्यों नहीं होता?
(44:05) पार्टी तुम्हें पसंद भी ऐसा नहीं कि बेकार है। सेम 100% 30% हम ये हमने किया हुआ है। यही करके 4 मिलियन तक पहुंचे। हां जिसकी वजह से और ऐसा हुआ। वो 100% में चार दिन रहेगा हम फिर चला जाएगा। ये एक साल रहा दो साल रहा। 2 साल के बाद इसी का वो म्यूच्यूल फंड जैसा ग्रोथ हुआ। [हंसी] इसका हां कंपाउंडिंग हो रहा है। तो वो दिमाग नोटिस करता है कि चार दिन में ही मजा आया यार। एंड अगर मैंने यह भी किया 3 साल तक मैं कंटिन्यू ग्रोथ करा और फिर किसी के कहने पे चलो यार ठीक है सब बोल रहे तो पार्टी कर ली तो भी दिमाग नोटिस करेगा हां यार ठीक है मजा है
(44:41) पर दैट इज नॉट दैट इसका 3 साल तक मजा मुझे नहीं रहा नहीं रहेगा तो वही करते हैं वापस चलो तो हियर इज़ अ क्वेश्चन ऑन दिस ओके मैं पर्सनल क्वेश्चन पूछता हूं बहुत लोगों की लाइफ में नेगेटिव इंसिडेंट्स होते हैं ठीक है सिंपल नेगेटिव इंसिडेंट कि जब दुनिया उनको गालियां देती है तुम निकम्मे हो। तुमसे कुछ नहीं होगा। तुम बेकार हो। यू आर यूज़लेस। कुछ लोग इनसिक्योर हो जाते हैं कि यार मुझ में तो बहुत कमी है। मैं कैसे बाहर करूंगा? एंड वो जो अपना काम कर रहे होते हैं छोड़ देते। व मैं मुझे जितनी लोग गालियां देते हैं मुझे और या कम आई विल शो यू। ओके? मैं
(45:17) तुम्हें बताऊंगा तुम्हें रॉन्ग प्रूफ करूंगा। तुम्हें करना है प्लीज वेट एंड वॉच। लाइक दैट्स वो जो नेगेटिविटी है आउटसाइड वर्ल्ड की वो मेरे लिए एक पॉजिटिव इमोशन बन जाती है कि मैं उसको चैनलाइज करके और ज्यादा काम करता हूं और ज्यादा मेहनत करता हूं बिकॉज़ मेरे अंदर पता नहीं क्या है दैट इट जस्ट हैपेंस लाइक दैट कोई कितना भी गालियां दे दे कि मैं मेरा टाइम आएगा बोल लो आज तुम मैं तुम्हें बताऊंगा आई विल प्रूव यू रॉन्ग व जो बहुत सारे लोग हैं जो इस चीज को नेगेटिव लेके अपने को और सकम कर देते हैं धीरे धीरे धीरे उनका हौसला टूट जाता है मोटिवेशन टूट जाता और
(45:51) काम करना बंद कर। क्या डिफरेंस है? दो टाइप के लोग। हमारे से बहुत लोग हैं जिन जो कुछ लोग नेगेटिव चीज को यूज़ करके पॉजिटिव बना लेते हैं और कुछ लोग नेगेटिव चीज से टूट जाते हैं। आपके आसपास लोग आपको डाउट करते हैं। इनसिक्योर कर देते हैं। इनफीरियर फील कराते हैं। कुछ लोग वैसी एनर्जी को यूज़ करके पॉजिटिव आउटकम में कन्वर्ट कर लेते हैं। एंड कुछ लोग वो नेगेटिव एनर्जी को लेके और और छोटे हो जाते हैं और नेगेटिव हो जाते हैं और शेल में चले जाते हैं। वो खुद को बर्बाद कर लेते हैं। हम सो फॉर एन एग्जांपल मुझे जब कोई भी बोलता है कि यार तुझसे ये
(46:24) नहीं हो पाएगा या गालियां देते हैं या मुझे इनफीरियर फील कराते हैं। मैं किसी रूम में जाता हूं जहां पे मुझे लगता है कि यार मैं सबसे छोटा इंसान हूं। आई गेट एनर्जी फ्रॉम इट। आई गेट पॉजिटिव बिकॉज़ ओके हां आई डोंट बिलोंग हियर टुडे। बट मैं अब ऐसी मेहनत करूंगा। अब देखो मैं इधर आऊंगा। तुम मेरे को आज गलत बोल रहे हो। मेरे पे डाउट कर रहे हो। बोलते रहो। वेट एंड वाच। आई विल कम एंड चेंज यू। वर्सेस मैंने लोगों को देखा है कुछ लोग ऐसे होते हैं जो उसको लेते हैं। अबे यार ये तो लॉस हो गया। अरे यार मेरे को तो इतना छोटा आदमी था। छोड़ यार दुनिया का चलो दारू
(46:58) पीते हैं। देन दे डिस्कप देमसेल्व्स इन या तो वो अकेले-अकेले डिप्रेशन में आते हैं। सोच सोच के ओवरथिंकिंग में परेशान हो जाते हैं। या उनका किसी चीज में काम ही नहीं लगता। या उनकी होप खत्म हो जाती है जिंदगी से कि यार कुछ भी कर लो हम तो छोटे ही रहने वाले हैं। कुछ भी कर लो लोग गालियां बकते रहते हैं। दुनिया ही खराब है। यू नो सो नेगेटिव और नेगेटिव होते जाते हैं। सो क्या डिफरेंस होता है इन दोनों लोगों में? सो यहां पे काम करता है पेरेंटिंग। दोनों इंसान न्यूट्रल दिमाग से दुनिया में आते हैं। जन्म लिया। बचपन से भी ऐसे दोस्त
(47:27) स्कूल में किंडरगार्डन में कोई मजाक करेगा सब करेगा। बच्चा आकर घर पर मम्मी पापा को बोलेगा कि आज मुझे टीचर ने या फेलो फ्रेंड ने कुछ गलत कहा। उस टाइम पर पेरेंट्स कितना एनकरेज कर रहे हैं। किस तरीके से उस बच्चे को उस सिचुएशन को हैंडल करने का कॉन्फिडेंस दे रहे हैं। वो डिसाइड करता है कि वही इंसान जब बड़ा होगा तब फ्यूचर में क्राइसिस आएगी। जब मम्मी पापा नहीं होंगे तो किस तरीके से वो करेगा। एक साइकिल अगेन मैंने गलत मेरे साथ कुछ हुआ। मम्मी पापा को बोला। मम्मी पापा ने कहा नहीं नहीं तू कुछ टेंशन मत ले। हम तेरे पीछे खड़े हैं।
(48:07) सब सेट हो जाएगा। तू बिंदास कर। उसको करने का कॉन्फिडेंस आया। पहली बार उसने किया। करने पे रिजल्ट मिला। जैसे ही रिजल्ट मिला तो दिमाग को कॉन्फिडेंस आया कि भाई करने पे अच्छा फील होता है तो करेंगे तो वो उसके दिमाग को याद रहता है। फ्यूचर में भी जब उसको किसी ने कुछ भी कहा तो उसके दिमाग को याद रहेगा भाई करने पे कुछ कॉन्फिडेंस मिलता है। अच्छा लगता है। सिमिलरली बचपन में मम्मी पापा ने कहा अच्छा सब ऐसा बोल रहे हैं तो रहने दे तू मत कर रहने दे तू रहने दे नहीं होगा अपने नहीं करने कुछ और कर लेंगे। तो उसको लगा ठीक है नहीं करना होता। तो जैसे
(48:43) ही वो करेगा उसको बुरा नहीं लगेगा। हां ठीक है नहीं करना है। तो सिमिलरली जब नहीं करता है तो उसका कॉन्फिडेंस डाउन होता है। वो दिमाग को फीलिंग डोपामिन कॉन्फिडेंस नहीं आता है। फ्यूचर में भी जब भी क्राइसिस आई किसी ने इंसल्ट कर दिया बुरा बोल दिया चैलेंज कर दिया तो उसके दिमाग को याद है कि ऐसी सिचुएशन में क्या सिखाया गया था। कहां से सीखा कुछ याद नहीं है। अनकॉन्शियसली दिमाग बोलता है जो जो किया था वो रिपीट कर दो। नहीं करना है। चले जाओ वापस। अब फ्रीडम तो है ही बड़े हो गए हैं। पहले चुप हो जाता था। चुपचाप अपने स्कूल चले जाता था या रो लेता था। बड़े हो गए तो
(49:17) नशा कर लेते हैं। अकेले बैठ जाते हैं। नहीं करते गिव अप कर देते हैं। थिंग्स लाइक दैट। फिर पेरेंटिंग से ही डिसाइड पेरेंटिंग डिसाइड करता है। दोनों बच्चे नॉर्मल आए मतलब न्यूट्रल दिमाग से आए हैं। क्राइसिस को कैसे हैंडल करना है वो हम देख के सीखते हैं। पेरेंट्स गार्डियंस पीपल अराउंड अस। हमारी कंडीशनिंग होती है। कंडीशनिंग मतलब मैंने कुछ किया उसका रिजल्ट जो आया जो अच्छा रिजल्ट वो मुझे एनकरेज करता है वही चीज रिपीट करने का। करने पे अच्छा लगा एनकरेज हुआ। नहीं करने पे कुछ नहीं हुआ तो दिमाग एनकरेज हुआ। नहीं करना है। गिव अप करना पे एनकरेज हुआ।
(49:53) तो इट इज हाउ यू हैंडल योर चिल्ड्रन दैट विल डिसाइड हाउ दे हैंडल द सिचुएशन द वर्ल्ड इन फ्यूचर। हम सो अगर पेरेंट्स ने मान लो अच्छा काम नहीं किया और बच्चों को नहीं सिखाया और कुछ बच्चों को क्राइसिस मैनेज करना नहीं आता पॉजिटिवली तो क्या वो कभी फिर ढंग से चेंज नहीं कर सकते अब पेरेंट्स को कहां से आया उनके पेरेंट्स से ये जनरेशनल जनरेशनल है बट अब आज अगर दो बच्चे हैं मान लो कि उनमें से एक की पेरेंटिंग बहुत बढ़िया हुई उसको क्राइसिस को पॉजिटिव फाइट करते आता है उसको मैनेज करते एक को नहीं आता तो वो कैसे चेंज करें हाउ कैन दे वर्क ऑन इट कि
(50:34) जहां पे वो नेगेटिव एनर्जी से अफेक्ट नहीं हो और एक्चुअली इसको पॉजिटिव टर्न बड़े होने के बाद हम बड़े होने के बाद बहुत डिफिकल्ट होता है। ऐसे टाइम पे रिकॉग्नाइज करना है कि यह हो रहा है मेरे साथ जो शायद आप खुद नहीं कर पाओगे क्योंकि अपने दिमाग को जो पता है वही सही है। किसी और ने बोला हमें किसी और के ऊपर भरोसा हुआ। हमने एक्सटर्नल प्रोफेशनल हेल्प ली या फिर नहीं ली तो दोस्तों के साथ हमने पैटर्न रिकॉग्नाइज करके कॉन्फिडेंस से कुछ किया। इस बार करने पर अच्छा लगा। अच्छा रिजल्ट मिला और अच्छा लगा तो एनकरेज होगा दिमाग। बट देन कितने
(51:08) साल तक आपने कुछ नहीं किया है। दैट विल डिसाइड कितना जल्दी वो न्यूट्रलाइज होगा। कि जितने साल ज्यादा हुआ, जितने ज्यादा साल हुए उतना ज्यादा डर या लैक ऑफ कॉन्फिडेंस सीमेंट हुआ है। नहीं यार नहीं जाना है वहां पे। अरे यार नहीं अच्छा लगता है। नहीं जाना है वहां पे। दिमाग को पता ही नहीं है। क्यों नहीं जाना? डू समथिंग अगर कोई ये कन्वर्सेशन सुन रहा है और उसको लगता है कि यार मैं नेगेटिव चीजों से अफेक्ट हो जाता हूं। मेरा दो-तीन दिन खराब हो जाते हैं। ओवरथिंकिंग में चले जाता हूं। बहुत छोटा फील करता हूं। इंफीरियर फील करने लग जाता हूं। सो किसी के कहने पे
(51:45) एक तो यह नहीं मानना है कि वो रियलिटी है। इट इज देयर ओपिनियन। ओपिनियन कभी रियलिटी नहीं होता है। अगर वह सही कह रहे हैं कि आपसे नहीं हो रहा है तो द बेस्ट वे टू काउंटर देम एंड योरसेल्फ योरसेल्फ लैक ऑफ कॉन्फिडेंस इज बाय डूइंग इट। वो करके दिखाना है एंड दिमाग को बोलना भाई हो तो रहा है। देखो हो रहा है। तो उनको तो जवाब मिल गया। खुद को जवाब मिल गया कि वो रियलिटी नहीं है। वो गलत बोल रहे थे। तो अपने आप कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। और फाइट तो करना ही पड़ेगा। पहली बार तो हां पहली बार वह फाइट होगा। दूसरी बार फाइट होगा। पांचवी बार शायद नॉर्मल
(52:23) बिहेवियर में आएगा। 10वीं बार रिस्पांस हां ठीक है। ठीक है। बोलना भाई मैं कर लूंगा। पहली बार फाइट करना पड़ेगा। क्योंकि 10 साल से हर बार ये कर रहे हैं। सिंपल सी चीज समझ लो। कोई कुछ लोग ऐसे हैं जो ब्रश करने के बाद नहाते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो नहाने के बाद ब्रश करते हैं। हम उनको भी अगर चेंज करना है तो उनको कॉन्शियस एफर्ट डालना पड़ेगा। भाई मुझे पहले नहाना है फिर ब्रश करना है या वाइसवरसा अगर कुछ नुकसान नहीं है। दोनों न्यूट्रल इवेंट से कुछ नहीं होता है। बचपन में किसी ने कह दिया है भाई पहले तू नहा ले फिर ब्रश कर। अभी चेंज करना है तो
(52:56) कॉन्शियसली मुझे ब्रश पहले करना है फिर मुझे नहाना है। गलत सही जाने दो। ये जितने ज्यादा साल का बिहेवियरल कंडीशनिंग वो बिहेवियर इंप्लीमेंट हो चुका है उतना डिफिकल्ट चेंज करना। पर एक्सटर्नल सपोर्ट चाहिए होगा। एक्सटर्नल सपोर्ट चाहिए होगा। मतलब सी वैलिडेशन तुझसे हो जाएगा। तुम कर पाए तुम कर पाओगे। हम हैं तुम्हारे साथ कुछ गलत हुआ तो क्योंकि दिमाग बोल रहा है कि नहीं ये गलत होगा यार गलत होगा। तो जो एक्सटर्नल कॉन्फिडेंस मिलेगा उससे वो करेंगे। वो किया तो उसे इंटरनल कॉन्फिडेंस बिल्ड होगा। फिर चारप बार किया फिर एक्सटर्नल की
(53:32) जरूरत नहीं पड़ेगी। अपने आप वो केमिकल आ गया। पर होता नहीं है कितने लोगों के पास एक्सटर्नल सपोर्ट सोशल सपोर्ट तो वो कैसे वो सपोर्ट सिस्टम खड़ा करना चाहिए पर अगर नहीं ही है एंड करना ही है देन द मोस्टेंट थिंग रिक्वायर्ड इज द इंटेंट मेरा पैटर्न मैंने रिकॉग्नाइज किया है अब आई हैव द इंटेंट टू चेंज इट एंड वो करने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं वो इंटेंट है तो रास्ता मिलेगा अगर इंटेंट नहीं है नहीं मेरा ही रास्ता सही है नहीं करना है मुझे तो फिर डिफिकल्ट है। यू नो हम लोग इससे पहले एक बात कर रहे थे इस कॉन्वर्सेशन से जस्ट पहले अबाउट चूजिंग
(54:16) अ पर्सन फॉर बेटर फाइनशियल गेम्स राइट लड़कियां चूज़ करती है ऐसे यहां लड़के चूज़ करते हैं अपनी लाइफ में। एक मूवी का मुझे एग्जांपल याद आ रहा है। हैव यू सीन धड़कन? हां हां मूवी देखिए तो उसमें सुनील शेट्टी अक्षय कुमार अक्षय कुमार शिल्पा शट सुनील शेट्टी गरीब होता है। तो उसको वो छोड़ देती है कि उसके पापा मना कर देते हैं। घरवाले बोलते हैं कि नहीं करना। फिर वो एक रिवेंज मोड पे आता है। अब मैं बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा एक्स व जी। तो जब फाइनेंशियल गेन ही अगर एक इंसेंटिव रहता है क्योंकि उसके घर वालों का तो वही था तो बदतमीज है बेकार है
(54:51) इसके पास पैसे नहीं है छोड़ो अब उसने गया दो-ती साल में बना लिए पैसे और वो ज्यादा खरबपति बन गया देन उसको तो उसके बाद वापस आ जाना चाहिए था ना अगर वो एक्सटर्नल वैलिडेशन ही चस कर रही है फाइनेंसियल सिक्योरिटी ही देख रही है और वो इंस्टेंट उसको वो चाहिए कि ओह आज ही एकदम से बड़ा घर देन शुडंट शी डू दैट आई मीन मतलब मतलब उस मूवी का सिर्फ एग्जांपल दे रहा हूं। रियलिटी में भी आई हैव सीन कि बहुत सारे एक्स बॉयफ्रेंड्स जो होते हैं वो बाद में और पैसे वाले बन जाते हैं। तो फिर लेकिन वो छोड़ के तो आती नहीं है लाइफ। बट देन अगर शादी कर चुकी है तो एक
(55:29) लीगल सोशल कमिटमेंट दे चुके हैं। शादी अपने देश में बहुत बड़ी चीज है। शादी इज अ वेरी वेरी सिग्निफिकेंट थिंग जो तोड़ना ऑन द बेसिस ऑफ मल्टीपल थिंग्स गलत माना जाता है। मल्टीपल थिंग्स लाइक अब्यूज के बेस है तो भी गलत ही माना जाए। भाई ठीक है ना गाली तो दे रहा है। क्या फर्क पड़ रहा है? थिंग्स लाइक दैट। तो ऐसे में मेरे एक्स बॉयफ्रेंड के पास अब ज्यादा पैसे हैं। वो सोशली एक्सेप्टेबल नहीं है। इंसान को सोशल वैलिडेशन चाहिए। अलोंग वि दैट मां-बाप का बहुत बड़ा रोल है। मां-बाप को थोड़ी रहना है शादी के बाद। मां-बाप को थोड़ी रहना है। बट हम शायद
(56:05) टीशर्ट भी नहीं खरीद पाएंगे या फिर डाउट आएगा खरीदने में। अगर मम्मी बोलेगी यार ये टीशर्ट लेना है तुझे? एंड उस मूवी में पैसे मुझे अगर याद है तो पैसा एक फैक्टर है अलोंग वि दैट द काइंड ऑफ बिहेवियर बदतमीजी वा आई वास जस्ट मेकिंग एन एग्जांपल कि तो शायद उस मूवी में द फादर वाज़ राइट कि भाई ये बंदा प्यारव्यार गलत नहीं है पर ये बंदा सही नहीं लग रहा है शायद ये भी हो [हंसी] सकता है हां फेयर फेयर मैं सिर्फ एक एग्जांपल दे रहा था कि फाइनशियल गेन अगर एक ऑब्जेक्टिव है लोगों का तो फिर बट वो स्ट्रांग है मेरे मेरे मेरे लिए फाइनेंशियल गेन दुनिया गई तेल लेने
(56:45) समाज गया तेल लेने उससे ज्यादा इंपॉर्टेंट है तो मैं करूंगा ओ मेरे लिए वैलिडेशन भी सोशल एक्सेप्टेंस भी इंपॉर्टेंट है और पैसे बट व्हाई डू यू फील इंडिया में इंडियन पेरेंट्स इतने ज्यादा इनवॉल्वड हैं इन किड्स लव लाइफ और इन अ मैरिज लाइफ जैसे आपने एक वर्ड बोला था हम तुम्हें फ्रीडम दे रहे हैं डू यू थिंक इट्स अ राइट टर्म? इंडिया में बोलते हैं ये? हम तुम्हें फ्रीडम दे रहे हैं। फ्रीडम दिया थोड़ी जाता है। हर किसी के पास होता है फ्रीडम। इट्स अ सैड रियलिटी। पर वो शायद पेरेंट्स इतना नहीं कहते जितना इन लॉस या बाकी के लोग कहते हैं। आसपास के लोग पेरेंट्स भी
(57:26) बोलते हैं। यू नो दिस। पेरेंट्स बोलते हैं। बोलते हैं कि ओ हमने तुम्हें आज तक फ्रीडम दिया है। अब ये हमारी बात मान लो। हां हां तुम्हें बचपन से इतना फ्रीडम तो दिया है। हम तुम्हें दे रहे हैं। हम तुम्हें लाइक फ्रीडम देने का कांसेप्ट क्या है? क्योंकि फ्रीडम इजंट इट दैट्स आवर फंडामेंटल राइट। राइट? हम सबके पास फ्रीडम है। हम लोग अभी-अभी आजाद हुए हैं। हां। तो आजादी मिल गई। हमारे देश के 75 इयर्स अबव। अभी वो जनरेशन ने सिर्फ मेहनत की है। वाइफ्स ने हस्बैंड को सपोर्ट किया है। खुद का घर लिया खत्म। हम मेजॉरिटी फैमिलीज में यह है। अब उनको नहीं
(58:05) पता उन्होंने वो लाइफ नहीं जी है जहां पे लड़की भी आराम से काम कर रही है। खाना नहीं बना रही है। हस्बैंड का क्योंकि लाइफ में पर्सनल लाइफ में वो घरवर संभालने में लड़की इतना ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने वो लाइफ नहीं देखी है। हमारे लिए हम जैसा बिहेव करते हैं हम जैसा जीते हैं वही सही तरीका होता है जीने का। अगर कोई अलग तरीके से जीने लगता है। अलग सही गलत नहीं अलग। तो हमारा दिमाग उसको गलत मानने लगता है। पेरेंट्स डरे हुए हैं सब के सब आल्सो बिकॉज़ लड़की गलत मेरे बच्चे का मेरी बच्ची का फौ्ट नहीं आना चाहिए और डिवोर्स सेपरेशन इज अ
(58:45) ह्यूज थिंग और साथ में चिंता कि भाई खुश रहे बेचारी खुश रहे तो कुछ गलत ना कर दे। गलत अगेन मतलब क्या जो मैंने किया है मुझे जो ये सब करने पे अच्छा घर मिला। अच्छे से हंसी-खुशी में रही। सेम तुम रेप्लिकेट करो तो तुम हंसी खुशी से रह पाओगे। बट दे डोंट नो द अलग मेथड्स, अलग वेज़ क्योंकि उन्होंने वो कभी जिए नहीं है। रियल एक एग्जांपल देता हूं। एक देयर वाज़ दिस गाय बहुत ही लोअर मिडिल क्लास लोअर मिडिल क्लास फैमिली से बिलोंग करता है। बहुत अच्छे बिज़नेस स्कूल से ग्रेजुएट किया। एंड अच्छी जॉब लगी। 6 महीने के बाद अच्छी जॉब इज़ अ ह्यूज थिंग फॉर द फैमिली। द फादर वाज़
(59:28) अ फार्म लेबरर। किसी के खेत में मजदूरी कर रहा है। एंड लड़के ने कहा कि पापा अभी मैं गाड़ी ले लेता हूं। रोज मैं वो पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज़ कर रहा हूं ना नहीं मजा आ रहा है मुझे। पापा ने कभी वो पैसे नहीं देखे हैं। नहीं नहीं लेनी होती है। अरे पागल है क्या? गाड़ी वाड़ी में क्यों खर्चा करना है? द किड द गाय इज सो एंग्री। कि आप क्यों मुझे मेरी मन का नहीं करने दे रहे हो? क्यों मुझे गाड़ी नहीं लेने दे रहे हो? 6 महीने से वह दोनों लड़ रहे हैं क्योंकि उनके बिलीफ सिस्टम में पैसे को जमा करो क्योंकि आज है कल नहीं है। मैंने कभी पैसे
(1:00:01) देखे नहीं है। गाड़ी थोड़ी लेनी होती है। सेठ लोग गाड़ी लेते हैं। हमें तो खाना खाना है। अपने सर के ऊपर छत वो बहुत बड़ी चीज है। नहीं पापा आपको पता है कि मैं इतना पढ़ चुका हूं। मुझे इतनी अच्छी जॉब मिली है तो मुझे गाड़ी लेने दो। आपका टारगेट क्या है? गाड़ी लेनी है कि पापा का बिलीफ सिस्टम चेंज करना है। पापा उस बिलीफ सिस्टम में सेफली अपने परिवार को संभाल के 55 साल से जी रहे हैं। जिस तरीके से उन्होंने आपको बड़ा किया, पढ़ाया तो उनके लिए वो सही है। आपके लिए शायद यह सही है जो उनके हिसाब से शायद गलत है। बट दोनों अलग-अलग है। कंडीशनिंग उनका
(1:00:39) ऐसा हुआ है। उनका अपब्रिंगिंग ऐसा हुआ है कि उन्होंने पैसे नहीं देखे तो उनको डर लगता है। आप यह नहीं कह सकते कि 55 साल वाला निकाल दो। अब मैं सही हूं। मैं पढ़ चुका हूं या फिर वो आपको नहीं कह सकते भाई नहीं भले मैं जैसा बोलूंगा वैसा ही करूं थोड़ा सा इंडिपेंडेंट सोच भी लानी है दोनों को पर क्यों करते हैं इंडिया में पेरेंट्स इतने ज्यादा इनवॉल्व्ड क्यों रहते हैं बिकॉज़ डर ना द फियर मेरे बच्चे को मुझे ही संभालना है। कुछ भी होगा समाज क्या कहेगा पैसों का प्रॉब्लम होगा। सो देश अभी-अभी आजाद हुआ है। पैसे अभी इतने देखे नहीं थे उस जनरेशन में।
(1:01:16) इंडिपेंडेंट न्यूक्लियर फैमिलीज उस जनरेशन ने इतने देखे नहीं थे। इन दिस जनरेशन इन द पास्ट 10 20 इयर्स इंडिपेंडेंटली लोग रहना स्टार्ट हुए हैं। क्या होगा दे कैन नॉट थिंक बियड अ लाइफ अबाउट अ लाइफ बिय्ड डिवोर्स हम कि सेपरेट होने के बाद तो सब तहस-नहस खत्म हो जाएगा। बट दिस जनरेशन नोस कि है तो उनमें कॉन्फिडेंस है। पेरेंट्स में कॉन्फिडेंस नहीं है। तो आप गलत कर दोगे वो डर की वजह से वो आपको फ्रीडम देते ही नहीं है। शायद वो कॉन्फिडेंस ही नहीं है क्योंकि उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है। और तुम्हारी लाइफ में बच्चों की लाइफ में
(1:01:54) वो स्ट्रगल ना आए। इसलिए वो डरते हैं कि हम लोग सब देख ले सब सही हो। एक सेकंड समाज क्या कहेगा। ये पता नहीं कौन है जो कहते हैं एक्चुअली ऐसा कोई एक्सिस्ट नहीं करता। कोई आके जेनुइनली घर पे आके नहीं कहता कि आई होप ऐसा ना हो। ऐसा हो कि तुम्हारी बेटी ने या तुम्हारे बेटे ने वहां पे शादी की। यू हैव द कंट्री भाई की तो की भाई तेरा क्या जाता है? तेरे घर पे थोड़ी खा रहा है। तो वो डर भी है। एंड मेरे बेटे ये गलत जो द नेक्स्ट थिंग ये गलत है कि मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट मेरा सोशल स्टैंडिंग मेरे बेटे या बेटी की शादी कहां हो रही है या कंपैनियन कौन है वो तय करता
(1:02:31) है। या ये एक गलत चीज है। वो थोड़ा सेपरेट करने की जरूरत है। बट देन वो जनरेशन में उन्होंने अपने पेरेंट्स को आसपास ही देखा है। तो उनका ये बिलीफ चेंज करना बहुत डिफिकल्ट है। द बेस्ट यू कैन गेट टू इज हां ठीक है तेरे को जो करना है कर मुझे मत बोलना फिर दैट इज द बेस्ट यू कैन गेट आउट ऑफ योर पेरेंट्स पर वो करते नहीं है ना वो इतना भी नहीं करते तो हाउ कैन यू चेंज दैट इतना ज्यादा कंडीशनिंग हो गया है तो मेरा एक्चुअली सवाल सामने है कि व्हाई डू यू वांट टू चेंज दैट व्हाई डू यू नॉट एक्सेप्ट दैट कि हां वो ऐसे ही है मुझे गाली लेनी है
(1:03:03) एक प्रेशर लगाते हैं हम आपसे बात नहीं करेंगे वहां से दूर हो जाएंगे इमोशनल ब्लैकमेल इंडिया में बहुत स्ट्रांग है फाइनेंसियल ब्लैकमेल चलो फाइनशियली अगर आप इंडिपेंडेंट हो गए फिर इमोशनल ब्लैकमेल तो बहुत इसमें इंडिपेंडेंट नहीं है। आपको गिल्ट बार-बार दी जाती है। अ पेरेंट्स वो रोते हैं। वो ऐसे बताते हैं कि हम आज तक रोए नहीं। अब आपके लिए रोना पड़ रहा है। हमने आपको फ्रीडम दी। आप आज हमारा काला मुंह कर रहे हो। आप ऐसा कैसे कर सकते हो? आप वैसा कैसे कर सकते हो? एंड देन छोटी-छोटी छोटी-छोटी चीजें आप साइकोलॉजिकली परेशान कर देते हो।
(1:03:35) ट्रू। तो अब फिर इसमें व्हाट कैन दे डू? अगर अगर इनवॉल्वमेंट इतना ज्यादा है घर वालों का एंड बच्चे डिसाइड करते हैं कि हम तो हमारी चलाएंगे। हम गाड़ी खरीद लेंगे। हमको चलानी है। हम शादी कर लेंगे। हमको करनी है। हम अलग रह लेंगे। हमको रहना है तो हम दूसरा देश चेंज कर लेंगे। व्हाटएवर दे डू इट। देन उस सल जो गिल्ट है रोज रोज रोज रोज रोज। वो रोज पोक करते हैं। द शॉर्ट आंसर इज कि आपको गाड़ी लेनी है या पेरेंट्स को मनाना है। एनर्जी बाहर डालो। हां तो गाड़ी ले ली। लेने के बाद रोज वो बच्चा बच्चा रोज ताने सुनते होगा। ठीक है? हां। एक। सो अगर गाड़ी लेनी है तो
(1:04:10) यू हैव टू एक्सेप्ट द कॉन्सिक्वेंसेस। भाई मुझे अनकंडीशनली कुछ भी हो जाए गाड़ी लेनी है। सेकंड ऑप्शन मुझे गाड़ी वाड़ी गई तेल लेने। इनका जो बिलीफ सिस्टम है वो मुझे चेंज करना है। जो नेक्स्ट टू इंपॉसिबल है। 50 55 60 70 साल से एक तरीके से बड़े हुए हैं। द लॉन्ग आंसर इज़ कि जब आपको पता है कि पेरेंट्स ऐसे हैं एंड यू वांट टू गेट मैरिड टू समवन टू फॉर हुूम दे डू नॉट अग्री। तो यह प्रिपयर्ड रहना है कि यह हो सकता है एंड मुझे चूज करना पड़ेगा। वी कैन कीप टेलिंग कि ऐसा नहीं होना चाहिए। यह लोग ऐसा नहीं करना चाहिए। बट इवेंचुअली अगर प्रॉब्लम सॉल्व करना है तो पहले
(1:04:48) रियलिटी को एक्सेप्ट करना है कि भाई ऐसा है। अब मुझे कौन सा दुख चाहिए? वो ताने सुनने वाला या द लव ऑफ़ माय लाइफ को निकाल देने वाला। क्या चूज़ करना चाहिए लोगों को? इफ यू आर गेटिंग दैट कॉन्फिडेंस फ्रॉम योर लव कि इसके साथ मैं दुखी भी रह लूंगी या रह लूंगा तो मुझे इसके साथ रहना है एंड इफ यू डोंट हैव दैट कॉन्फिडेंस कि नहीं यार मुझे मेरे पेरेंट्स से वैलिडेशन चाहिए मुझे चाहिए होगा दिस इज हु आई एम तो भाई रहने दो क्योंकि आप वहां पे शायद खुश खुश नहीं रह पाओगे क्योंकि ये लोग खुश नहीं पर एक फैक्ट यह भी है कि पेरेंट्स इवेंचुअली
(1:05:28) बच्चों की खुशी चाहते हैं तो अगर आप शादी के बाद खुश हो तो वह खुश होंगे ही। व अगर आपने उनके कहने पर कहीं शादी की उनको इमीडिएट ग्रेटिफिकेशन मिला कि हां मेरे कहने पे शादी हो गई। पर आप वहां पे अगर खुश नहीं हो तो वो भी पेरेंट्स भी दुखी ही होने वाले हैं। सो अगर खुशी चाहते हो उनकी भी तो थिंक अबाउट इट वेरी केयरफुली। इमीडिएट खुशी देने से लॉन्ग टर्म सस्टेन खुशी देना इज़ बेटर। बट देन देन यू हैव टू बी कॉन्फिडेंट कि हां इस इंसान से के साथ मैं खुश ही रहने वाला हूं। हम अब बहुत सारे लोग ना इस प्रेशर में आके दे मूव दे वो अपने लव्ड वन के साथ नहीं मूव करते
(1:06:10) पेरेंट्स जहां बोलते हैं वहां पर शादी कर लेते हैं राइट एंड इसमें एक पार्टनर का हार्ट ब्रेक हो जाता है राइट एंड दैट्स अ प्रॉब्लम इट्स अ मेजर प्रॉब्लम व्हाट डू यू थिंक व्हाट शुड उस पार्टनर को अब क्या करना चाहिए जिसने उसका एक हार्ट ब्रेक हो गया एक लॉस हो या किसी भी एक्सपा रीज़न से मैं एक और मूवी मुझे याद आ रही है। इट इज़ लैला मजनू देखी है। नहीं वैसे तो मूवी है जहां पर जैसे अविनाश तिवारी तृप्ति धिमरी दोनों दे फॉल इन लव बट देन आई थिंक कुछ रीज़ंस की वजह से वो दोनों साथ में नहीं आ पाते। एंड तृप्ति के जो पेरेंट्स हैं वो उसकी शादी करा देते
(1:06:51) हैं किसी दूसरे लड़के से। एंड जो ये लड़का रहता है अविनाश वो हीरो ऑफ द मूवी। पहले बहुत ही बबली फनी नाइस गाय बढ़िया स्टड लौंडा है इधर-उधर एवरीथिंग ही डस ऑल ऑफ सडन वो चेंज हो जाता है और वो धीरे-धीरे साइलेंट साइलेंट साइलेंट वो खुद अकेले-अकेले अकेले में उसकी सारी एनर्जी खत्म हो जाती है। वो खुद ही रहता है। एंड एंड में दिखाते हैं कि उसको मेंटल प्रॉब्लम हो जाती है। वो साइकोलॉजिकली ही और वो खत्म हो गया। उसको खुद समझ नहीं आता। वो अकेले बैठा रहता है, हंसता रहता है, रोता रहता है, चिल्लाता मतलब वो पागल हो जाता है। लिटरली इन लिटरल टर्म्स ईजी
(1:07:23) टर्म्स होता है तो पूरा हो गया पागल। डू यू थिंक लोग पागल हो जाते हैं अगर ब्रेकअप होता है उसके बाद तो यह सवाल के राज इतने सारे जवाब है मैं एक के बाद एक बताता हूं मैं भूल ना जाऊंगा नंबर वन अगर जेनुइनली सिर्फ और सिर्फ पेरेंट्स के कहने पे या पेरेंट्स को बुरा ना लगे इसलिए लड़की या लड़के ने अपने पार्टनर को छोड़ा वो सारे फैक्टर्स इन्वॉल्व नहीं है पैसे सोशल वैलिडेशन वो ट्रेडिंग अप तो आई डोंट बिलीव उस पार्टनर को बुरा नहीं लगेगा इवन दे विल सफर सेकंड अ लॉट ऑफ पीपल माइट नॉट अग्री बट अगर उनके पास विंडो नहीं है एक्स से बाहर निकलने की
(1:08:00) और पेरेंट्स शादी करवा देते हैं कहीं पे और तो उनका दुख और बढ़ेगा बिकॉज़ आपका दिमाग दिल उस इंसान पे अटका हुआ है एक महीना या छ दिन 15 दिन पहले ब्रेकअप हुआ है एंड देन यू हैव टू गो ऑन अ डेट विद दिस न्यू पर्सन मे बी गेट फिजिकल विद दिस न्यू पर्सन सोचा भी नहीं था लाइफ में ऐसा कुछ होगा तो दोनों एक साथ होना इज वेरी डिफिकल्ट एक सेकंड लड़के का या द लेफ्ट पार्टनर का क्या हाल है वो डिसाइड करता है अपने हमने जो बात की किस तरीके से उनकी क्राइसिस मैनेजमेंट स्किल है। क्राइसिस आई ब्रेकअप हुआ है। यू आर गोइंग थ्रू अ टेरिबल टेरेबल टाइम
(1:08:37) मैच्योर डिफेंसेस यूज किए। मैच्योर डिफेंसेस डेवलप हुए हैं। तो ठुकरा के मेरा प्यार इंतकाम देके आईएएस भी बनते हैं लोग। इफ यू यूज़ दैट एनर्जी इन अ वे दैट इट हेल्प्स यू ग्रो। हां। पर अगर इतना ज्यादा आप इनवॉल्वड थे, डिपेंडेंट थे उस इंसान के ऊपर कि यह है तो ही मेरी दुनिया है। वरना इसके अलावा मेरी दुनिया ही नहीं है। तो पहले तो इस तरीके से प्यार ही मत करो यार। यू आर एन इंडिपेंडेंट इंडिविजुअल विदाउट इवन विदाउट योर पार्टनर इवन विदाउट योर फैमिली। तो आप तो खुद हो ही तो खुद को इतना प्यार, इतना रिस्पेक्ट करो। तो अगर वो हेल्दी तरीके से प्यार किया है तो बाहर
(1:09:12) निकल जाओगे। दुख तो होना ही है। इट इज एन। आई डोंट फील आई जेनुइनली बिलीव इन दिस थ्योरी। क्योंकि मैं अभी तक किसी इंसान से मिला नहीं हूं। ऐसे हम आप जो बोलते हो ना बहुत सारे डॉक्टर्स, साइकोलॉजिस्ट और सब हम लोग भी बात करते हैं, यंग लोग भी बात करते हैं। एवरीबडी टॉक्स अबाउट इट कि इंडिपेंडेंट होना चाहिए रिलेशनशिप में। बट रिलेशनशिप जितनी लंबी होते जाती है ना, यू गेट डिपेंडेंट। इट्स नेक्स्ट टू इंपॉसिबल कि आप एक रिलेशनशिप में इंडिपेंडेंट रहते हो। आप डिपेंडेंट बन ही जाते हो। एक साल में नहीं, 2 साल में नहीं होगे, पांच साल
(1:09:44) में नहीं होगे, 10 साल में हो जाओगे। हम्। कुछ ना कुछ फ़ैक्टर्स आपकी लाइफ के होंगे जो उस इंसान के अराउंड ही रिवॉल्व करेंगे। एंड अगर वह इंसान आपकी लाइफ से जाएगा तो इट विल बी अ टेरेबल लॉस। तब आपको आपकी इंडिविजुअल आइडेंटिटी भी खत्म हो जाएगी। आपकी लाइफ के जो डिपेंडेंट पार्ट्स थे वो भी खत्म हो जाएंगे। तो इट विल बी अ मेजर मेजर लॉस। तो ये इस तरीके का प्यार मत करो। आई डोंट थिंक इट्स इट्स राइट बिकॉज़ ये हो ही जाता है इन अ लॉन्ग टर्म। सो यू आर- गेटिंग कन्फ्यूज्ड बिटवीन इमोशनल डिपेंडेंस एंड एब्सोल्यूट 100% डिपेंडेंस इतना ज्यादा कि वो नहीं है तो मैं हूं।
(1:10:16) मेरा एक्जिस्टेंस ही नहीं है। अगर वो लेवल का है तो फिर आप साइकोलॉजिकली खत्म हो के बर्बाद हो जाओगे। पहले से अगर दिमाग में खुद की आइडेंटिटी अलग है। सी बिना इमोशनल डिपेंडेंस के रिलेशनशिप बनेगा नहीं। यू ऑटॉ टू बी इमोशनली डिपेंडेंट। इसलिए यू आर गोइंग टू फील टेरेबल। छ 8 महीने साल 2 साल बहुत खराब जाएंगे। बट क्योंकि यू हैव समवेयर इन योर माइंड एंड इमेज अबाउट योरसेल्फ दैट विल बी केयरफुल अबाउट इट्स ओन सेल्फ। मुझे खुद का तो ख्याल रखना है यार खाना तो पड़ेगा यार। मुझे बचपन में वो बनना था तो करता हूं। कोशिश तो करता हूं। उठ के थोड़ा सा जाके एक्सरसाइज करने की
(1:10:51) कोशिश करता हूं। मैं करता हूं मेरे खुद के लिए। थोड़ा सा जो होगा तो धीरे-धीरे बाहर आएगा। जो आपको बचा लेगा। खुद ही खुद को बचा लोगे। पर अगर इतना ज्यादा इनवॉल्व हो गए हो, जिद है, प्यार है, जो भी नाम दे दो कि उसके अलावा मेरी दुनिया ही नहीं है तो फिर बर्बाद होगे। तो यू बिलीव कि हार्ट ब्रेक के बाद लोग बर्बाद हो जाते हैं। हां। एंड आई आल्सो बिलीव कि बर्बाद होने के बाद खतरनाक ग्रो भी करते हैं। बिकॉज़ सो मेनी ऑफ़ दीज़ पीपल यूज़ दिस ट्रॉमा फॉर देयर सेल्फ ग्रोथ। अनकॉन्शियसली। ऑफ कोर्स। ऐसा प्लान नहीं है कि आईएएस बनना ही है। बट वो
(1:11:25) इतनी सारी एनर्जी बिल्ड अप होगी। इनिशियली शॉक ट्रॉमा की वजह से आप बेड रिडन हो। मान लो एकद महीने तक घर से भी बाहर नहीं निकले। फिर थोड़ी एनर्जी आएगी। थोड़ा सा एक आध सि चाय पी ली। 10-15 किलो वजन कम हो गया। फिर धीरे-धीरे रिकवर हो रहे हो। जल्दबाजी नहीं कर रहे हो। पर रिकवर होगे। व्हाट परसेंटेज डू यू थिंक लोग जिन जो डिपेंडेंट होते हैं एक पार्टनर पर और फिर हार्ट ब्रेक हो जाता है जिनका ऐसा लगता है कि अब तो दुनिया ही खत्म हो गई एंड उनकी अब कोई इंडिविजुअल आइडेंटिटी नहीं है। इनमें से कितने परसेंट लोग हैं जो अपनी लाइफ टर्न अराउंड कर लेते हैं उस
(1:12:00) ट्रॉमा को यूज़ करके कि एक दिन छ महीने साल 2 साल बाद कि नाउ आई विल बी रियली रियली गुड फॉर लाइफ और बहुत अच्छे बन जाते हैं। वर्सेस कितने लोग हैं जो खत्म हो जाते हैं देन उनके पास कोई ऑप्शन नहीं होता। दे नेवर कम बैक। उनकी लाइफ में वो इमोशनली ऑफ हो जाते हैं या दे लीड टुवर्ड्स साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स या पिल्स एडिक्टिव हो जाते हैं, स्लीपिंग प्रॉब्लम्स हो जाते हैं या इवेंचुअल इफ डेथ या साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर की बात ही कर लो वो हो जाता है। व्हाट इज द परसेंटेज बिटवीन टू केसेस? सो अगर 100% एब्सोल्यूट डिपेंडेंट हो मतलब ये द स्टेट ऑफ़ माइंड व्हिच बिलीव्स कि मैं
(1:12:34) पैदा ही हूं इस पैदा ही हुआ हूं इस इंसान से प्यार करने के लिए। ये नहीं है तो मैं नहीं हूं। वो लोग डिनाइयल में ही रहते हैं एंड नहीं बाहर आते आ पाते बिकॉज़ उनका द कांसेप्ट ऑफ रिलेशनशिप इज अ लिटिल बैड रोंग कि भाई दैट्स नॉट हाउ यू हैव अ रिलेशनशिप बट द रेस्ट ऑफ द पीपल ऑल ऑफ देम गेट आउट ऑफ इट। अगर उनके दिमाग में फैमिली है, उनका प्रोफेशन है, उनको जॉब जाने का डर है, उनको ईएमआई का डर है, तो मतलब ये सारी चीजें इंपॉर्टेंट है। मेरी तबीयत खराब होने का मुझे डर है, तो मैं फिर इवेंचुअली खुद का ख्याल रखूंगा तो मैं बाहर आ जाऊंगा।
(1:13:12) नो जैसे आई विल गिव यू एन एग्जांपल। आई नो सर्टेन पीपल जिनका ब्रेकअप हुआ वो अच्छी फैमिली से थे। ठीक? तो वो आई विल गिव यू एन एग्जांपल ऑफ अ गर्ल लाइक शी मैरिड टू समवन एल्स नाउ बट तो वो एक रिलेशनशिप में थी एंड रिलेशनशिप में एक्स व जी रीज़न के थे दोनों का ब्रेकअप आउट पर लड़की कोई जॉब नहीं करती थी कुछ भी नहीं करती थी वो फुल्ली इनवॉल्वड थी लड़के के साथ ही हम क्योंकि अच्छी फैमिली से आते थे पैसे वाले थे लड़का प्रोवाइड करता था फैमिली प्रोवाइड करती थी दिस वास अ क्लासिक एग्जांपल कि वो बाद में मे बी वाइफ ही बनती या होम वाइफ बनती या उसके साथ ही
(1:13:51) ट्रैवल करती उसके काम में ही थोड़ा बहुत कामवाम करती बी नथिंग एल्स बट हर लाइफ वास कि सुबह से शाम तक कुछ भी मेरे को इधर-उधर थोड़ा टाइम पास करना है। अपने भाई-भाई के साथ करना है। घर वालों को थोड़ी हेल्प करनी है। उसके बाद शाम को 6 7:00 बजे मेरा बॉयफ्रेंड फ्री होगा। हम मूवी पे जाएंगे, डेट पे जाएंगे। व्हाटएवर दे विल डू इट। एंड दैट्स फॉर द लाइफ फॉर फाइव सिक्स इयर्स। तो उसकी लाइफ में और कुछ है ही नहीं। कुछ भी नहीं। दिस जस्ट वन पर्सन। एंड देन ब्रेकअप हो गया। और इसलिए वन डे द गाय फील्स लाइक कि आई एम आउट ऑफ लव। मेरे को नहीं हो रहा। वह मूव ऑन कर
(1:14:28) गया लाइफ में। तो इसकी तो पूरी लाइफ एंड हो गई। कुछ है ही नहीं इसके पास और करने के लिए। एंड वो इमोशनली ऑफ हो गई। तो अब उसके बाद उसकी स्लीपिंग पे चालू हो गए। बिकॉज़ उसको स्लीप वो होने लग गया। उसको ट्रस्ट इश्यूज हो गए। वो अपने दोस्तों पे भी अब ट्रस्ट नहीं करती है। उसकी शादी हो गई कहीं और। बिकॉज़ 3 साल रहा ये सब बहुत ज्यादा प्रॉब्लम। 3 इयर्स लेटर शी इज़ लाइक इट। मेरे को जहां घर वाले शादी करा रहे हैं यह है वो कर ली। बट वो आज भी ऑफ है। हम मतलब मैंने उसके और उसके हस्बैंड के बीच कोई केमिस्ट्री नहीं देखी। जो उसकी केमिस्ट्री उसके बॉयफ्रेंड के साथ थी कुछ
(1:15:06) केमिस्ट्री नहीं। लाइक जीरो केमिस्ट्री और कुछ है ही नहीं। सो मुझे तो इसमें यही सुनाई दिया कि वो पहले से ही किस तरीके से गलत थी। हां, वो थी इनवॉल्व। आई एम सेइंग इट इट इज ओके बट अगर वो ये दोनों साथ में होते तो मे बी उनकी लाइफ बहुत बढ़िया चल रही होती ना। हां हां राइट। तो अब ये अलग हो गई तो अब अग्रे हुआ तो मैं ब्रेकअप के बाद पूछ रहा हूं। देन डू यू थिंक कि ऐसे रिलेशनशिप्स में देयर इज नो कमिंग बैक लोग बाहर नहीं निकल पाते। वही सो दैट्स व्हाट अगर आप एब्सोल्यूट 100% इनवॉल्व्ड हो देन इट बिकम्स वेरी डिफिकल्ट। ऑलमोस्ट इंपॉसिबल फॉर यू। आप
(1:15:42) कंप्लीटली नम हो जाओगे। क्लीनिकल डिप्रेशन यह सब आ जाएगा। बिकॉज़ आपने कुछ और किया ही नहीं है। फॉर सिक्स इयर्स, फॉर फाइव इयर्स, फॉर 10, 10 इयर्स, एक साल कुछ भी आपने अगर नहीं किया है इस स्टेट से जी रहे हो, आपके पास एक ही तिनका है एंड उसके सहारे पे आप चल रहे हो तो आप डूबने ही वाले हो। इसीलिए यह नहीं करना है। रिलेशनशिप इस तरीके से आप फंक्शन नहीं कर पाओगे। आप यह बोल रहे हो कि यह नहीं चला, ब्रेकअप हुआ। मैं तो यह बोल रहा हूं कि अगर चला भी अगर शादी कर भी ली तो भी इतना ज्यादा डिपेंडेंस अगर रहा तो भी आपको इवेंचुअली इनसिक्योरिटी आएगी। बिकॉज़ आप सब उनके लिए
(1:16:21) ही कर रहे हो और वो शायद काम भी कर रहे हैं और आपको भी टाइम दे रहे हैं। तो काम क्यों कर रहा है? ऑफिस वाले फोन मेरे साथ है तो क्यों उठा रहे हो? दोस्तों को क्यों मिल रहे हो? उनको बुरा लगेगा। तो फिर भी कॉन्फ्लिक्ट हो सकता है। यू हैव टू अंडरस्टैंड द कॉनंसेप्ट ऑफ रिलेशनशिप इन अ वे कि आप 100% अगर एक ही चीज करोगे तो नुकसान होगा ही। दो-तीन चीजें करो। दो-तीन चीजों के ऊपर अपने इमोशंस डिपेंडेंट रखो। यहां से नुकसान हुआ। बहुत दुखी होगे। इन दो चीजों की हेल्प से बाहर आ जाओगे। तो अभी अगर कोई लड़का या लड़की अपने पार्टनर पे डिपेंडेंट है एंड उसे पता है
(1:16:54) और यह पॉडकास्ट देख के वो सोच रहा है या सोच रही है कि यार अब तो हूं मैं। आज तो मैं डिपेंडेंट हूं। मेरी दुनिया यही है। बट यह फ्यूचर में कभी कोई प्रॉब्लम नहीं हो जाए। इसके लिए लेट मी स्टार्ट डूइंग समथिंग एल्स एस वेल। तो उन्हें क्या करना चाहिए? क्योंकि व्हाट आई सॉ इन दिस केस? कि मेरे लिए ज्यादा बड़ी प्रॉब्लम यह देखने को लग रहा था। मुझे आई फ्ट वैरी बैड कि लड़की ने एफर्ट डालना बंद कर दिया लाइफ में। बिकॉज़ उसको ऐसा लगा कि यार मैं किसी पे भी एफर्ट डालती हूं। तो पॉइंट ही नहीं है यार जब कोई ये कर सकता है एंड में तो एफर्ट डालूं ही क्यों? क्योंकि ना इट्स
(1:17:26) लाइक इतने सारे साल ना इट्स लॉन्ग टर्म। एक आध साल में चले जाओ तो आपको उम्मीद भी होती है चलो दूसरे पे एफर्ट डाल देंगे। अपने करियर पे एफर्ट डाल देंगे, हेल्थ पे डाल देंगे, मॉम डैड पे डाल देंगे। इट्स अ डिफरेंट थिंग। बट पांच छ साल सात साल अगर आप किसी पर एफर्ट डालते हो एंड देन इसको कहते हैं लर्न हेल्पलेसनेस क्या बोलते हैं लर्नड हेल्पलेसनेस ओके क्या होता है आई हैव लर्न आई हैव एक्सेप्टेड दैट आई एम एब्सोलुटली हेल्पलेस वो एक एक्सपेरिमेंट है शायद फ्रॉग्स का कि गरम तवे के ऊपर तवे के ऊपर फ्रॉग्स को रखा गरम किया इनिशियली फ्रॉग्स कूदने की
(1:18:02) कोशिश करेंगे बाहर निकलने की कोशिश करेंगे बट नहीं निकल पाएंगे तो फिर वो एक्सेप्ट कर लेंगे। फिर कूदने की कोशिश ही नहीं करेंगे। खत्म ही है ही नहीं। कुछ पॉसिबल ही नहीं है। सो वो लर्न हेल्पलेसनेस निकालने के लिए दिस इज आफ्टर बाद में निकालने के लिए उनको वो होप देना जरूरी है। वो होप एकद बार में नहीं आएगी। सस्टेंड एफर्ट्स से ही आएगी। पिल्स इज बिकॉज़ उनके थॉट्स इतने ज्यादा उनके ऊपर हावी हो रहे हैं दैट शी इज़ नॉट एबल टू लिव विद हर ओन थॉट्स। इतना ट्रबल दे रहे हैं शायद याद है शायद गिल्ट है शायद रिग्रेट है कि यार छ साल क्यों डाले कुछ भी पर
(1:18:41) पिल्स उतना काम करेंगे द एक्चुअल इवेंट्स हैपनिंग इन हर लाइफ दैट विल गिव हर दैट कॉन्फिडेंस कि मैं निकल सकती हूं द हेल्दी डिफेंस मैकेनिज्म्स दैट शी कैन शी मे बी एबल टू यूज़ किसी को हेल्प करके कुछ सीख के कुछ भी करके हेल्दी डिफेंस मैकेनिज्म वो भी नहीं आती इतना इतना बार ट्राई किया है। अब होप बाद में आती है। पहले विदाउट एनी इमोशनल रिजल्ट एफर्ट करना है। मुझे रोज उठ के आई एम नॉट फीलिंग लाइक डूइंग इट बट उठ के धूप में जाके बैठना है। रिजल्ट कुछ नहीं आएगा बट रोज करते रहना है। इनिशियल 100 दिन नॉट अ स्पेसिफिक वर्ड बट दिनों के
(1:19:23) लिए महीनों के लिए करूंगा तो फिर वो बॉडी का पार्ट बनेगा। सिस्टम का पार्ट बनेगा। फिर कहीं बच्चे ने वहां पर गया और किसी ने आकर मुझे चाय दे दी या हंस दिया या बॉल पास करने के लिए कह दिया तो वो एक हाई पॉइंट हुआ मेरी लाइफ के लिए। वो जो हाई पॉइंट आया जो पिछले 100 दिन से नहीं हो रहा था वो हाई पॉइंट की वजह से एक होप आया कि यार अलग तरीके से भी अच्छा फील हो सकता है। दैट विल एनकरेज योर माइंड टू अगेन डू सर्टेन थिंग्स कि हां चलो करते हैं। कहीं से भी कुछ भी थोड़ा बहुत नेगेटिव कम लगा या न्यूट्रल लगा या थोड़ा अच्छा लगा तो वो
(1:19:54) होप देता है। तो जो लर्न हेल्पलेसनेस है वो निकलती है। अब द पीपल जो इनवॉल्वड है इतना ज्यादा इमोशनली उनके लिए तो सबसे पहले तो यह है कि रिकॉग्नाइज करो। सी अवेयरनेस सेल्फ अवेयरनेस दैट दिस इज वेयर यू आर गोइंग रोंग हेल्प्स यू लाइक एनीथिंग। मुझे पता है कि मैं एडिक्टेड हूं। वो मैं अवेयर हूं तो ही मैं एडिक्टेड एडिक्शन पे ऊपर काम करूंगा। वरना अब अवेयर ही नहीं हूं तो ऐसा कुछ नहीं है। तो सिर्फ मैं सिर्फ और सिर्फ मैं इमोशनली अवेयर हूं कि मैं इतना ज्यादा डिपेंडेंट हो चुका हूं तो ही मेरा दिमाग खुद को प्रोटेक्ट करने के लिए चल भाई काम पे लग तू पूरा दिन 24
(1:20:32) घंटे जो फोन चालू रखता है ना थोड़ा कम कर दे गाड़ी चलाने पे ध्यान दे थोड़ा सा काम पे ध्यान दे वो इंक्रीमेंट का क्या हुआ वो सब चिंता कर वो अपने आप करने लगेगा रिकॉग्निशन बट मोस्ट ऑफ द पीपल जो 100% एब्सोल्यूट डिपेंडेंट होते हैं आशिक लोग वो रिकॉग्नाइज नहीं कर पाते तो अगर इस पॉडकास्ट से किसी वो रेग्नाइज हुआ तो अब क्या करें? तो उनका अगर रेग्नाइज हुआ तो दिमाग काम करने। नंबर वन सो बेसिकली खुद की लाइफ को कुर्सी ही समझो। रिलेशनशिप सेल्फ फैमिली एंड प्रोफेशन। ये चार वो पांव है उसके। चारों के ऊपर खड़े हो आप। एक के ऊपर खड़े रहोगे। किसी भी एक के ऊपर।
(1:21:14) मैं सिर्फ रिलेशनशिप को ब्लेम नहीं करूंगा। तो गिरने का चांस बहुत ज्यादा है और बैलेंस करना भी डिफिकल्ट हो जाएगा। चारों है तो एक टूट भी गया तो तो भी कैसे भी करके बैलेंस कर लोगे एंड इवेंचुअली संभाल लोगे। इसलिए चारों को इक्वली एक इक्वलेंस दो। मैं अपने फैमिली के साथ हूं या मैं अपने सेल्फ। सेल्फ कैन इंक्लूड फ्रेंड्स या थिंग्स दैट यू डू फॉर योर ओन सेल्फ। वो भी इतना इंपॉर्टेंट है। मेरा प्रोफेशनल ग्रोथ भी इंपॉर्टेंट है। मेरी लाइफ में टेंजिबल टेंशनंस होना भी इंपॉर्टेंट है। लोन का ईएमआई या अ गाड़ी बंद हो गई है, नई गाड़ी लेनी है, जो भी जो
(1:21:49) भी टजिबल चीजें भी इंपॉर्टेंट है। ये बैलेंस रखोगे तो प्रॉब्लम नहीं होगा। अगेन प्रॉब्लम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि ब्रेकअप होने पे दुख नहीं होगा। बहुत खतरनाक दुख होगा पर बाहर भी निकल जाओगे। पर लर्न हेल्पलेसनेस नहीं आएगी। लर्न हेल्पलेसनेस पर बात करने से पहले इट्स सी व्हाट यू आर सेइंग इन बड़ा टेक्स्ट बुक एडवाइस है। इट्स नॉट मैंने देखा है यार लोग डेवस्टेड आज जो डिपेंडेंट है जो एडिक्टेड है वो भी उनकी खुशी एक जगह से आती है। तो वो कैसे कोई नया प्रोफेशन बना ले अगर उनको कुछ आता ही नहीं हो तो। मैं या आता भी हो तो मैं एडवाइस नहीं दे रहा हूं। ओके। एक
(1:22:31) एडवाइस। ठीक है। दिस इज़ समथिंग आई हैव इंप्लीमेंटेड। मेरा ब्रेकअप अगर हुआ तो उसके बाद आई एम नॉट गोइंग टू फील गुड। मुझे बहुत बुरा लगेगा। एंड माय माइंड विल टेल मी टू नॉट गेट आउट ऑफ माय बेड। मुझे नहीं ही जाना है। किसी को नहीं ही मिलना है। एंड मैं फिर भी फोर्स करके उठ के हॉस्पिटल जाऊंगा। पेशेंट्स देखूंगा जो मुझे अब अच्छा नहीं लगेगा। बुरा लगेगा। बट फिर भी मैं करते रहूंगा। क्योंकि आप कुछ करते हो। हां। किसी किसी को कुछ करना ही नहीं होता लाइफ में। हां मीन तो वही कांसेप्ट डिपेंडेंट उनकी लाइफ ऐसी होती है कि दे लाइक कि हां यार
(1:23:10) यही है तो तो पहले से ही फ्लॉड कांसेप्ट कांसेप्ट है उनका है तो उनको कैसे चेंज करोगे तो इनके इन दैट केस टेक्स्ट बुक एडवाइस ही काम करेगी पहले काम [हंसी] कर लो मेरा अकाउंट ढूंढ लो नहीं मतलब हम हमेशा ना ये वेट करते हैं कि कुछ भी इंप्लीमेंट करने के लिए मुझे पहले से रिजल्ट मिलना चाहिए गारंटी हो कि मुझे अच्छा लगेगा मैंने अभी तक काम नहीं किया पर मुझे गारंटी हो अच्छा लगेगा तो मैं काम करूं। नहीं मुझे काम करना है या कुछ भी करना है फॉर द सेक ऑफ डूइंग इट। मेरा ध्यान मेरे मेरे बॉडी में मेरे दिमाग में एक चीज और आनी चाहिए कि ये करना है बुरे
(1:23:45) तरीके से। अरे यार उठ के जाना पड़ेगा ब्रेकअप हो गया उसके बाद। बट फिर भी जाते रहोगे तो फिर वो स्पेस थोड़ा ऑक्यूुपाई करने लगेगा दिमाग में। जिम मान लो तो जिम जाते रहोगे ब्रेकअप के बाद तो दिमाग स्टार्ट करोगे तो दिमाग में एक स्पेस ऑक्यूुपाई करेगा। जो वो स्पेस कम करेगा हम तो इवेंचुअली सब बैलेंस होता जाएगा इसलिए बैलेंस सिम्टम्स क्या होते हैं लर्न हेल्पलेसनेस के इट्स एक्चुअली क्लीनिकल डिप्रेशन में होता है कि यू लूज ऑल द होप हम सर ठीक है आया हूं दिखाने पर कुछ होगा नहीं आई डोंट थिंक कुछ होगा आप ले रहे आप बोल रहे हो दवाई ले लेता हूं पर
(1:24:24) कुछ होगा नहीं क्या ही मतलब है दिखाने जाने का क्या ही मतलब है कुछ भी करने का जब कुछ रिजल्ट ही नहीं मिलने वाला। सो यू लूज दैट होप एंड यू एक्सेप्ट दैट दिस इज हाउ इट्स गोइंग टू बी। यू योर माइंड ऑलमोस्ट नॉर्मलाइजेस योर क्लीनिकल डिप्रेशन। बट दिस इज हाउ इट इज नाउ। एंड अब ये अब कभी चेंज नहीं होने वाला। आई एम डन। आई एम डन। मुझ में अब एफर्ट करने की ताकत है नहीं है। इंपॉर्टेंट नहीं है। अब मतलब ही नहीं है। करूंगा तो भी कुछ मतलब होना ही नहीं है। तो इससे बाहर निकल सकते हैं लोग। हम्म। कैसे? वो जैसे मैंने कहा इनिशियली तो डिसकंफर्ट
(1:25:01) देके खुद को फोर्स करके करो करो करना ही पड़ेगा करते रहो करते जैसे लर्न लर्न हेल्पलेसनेस है तो उसमें तो अब आपने मान लिया है कि ना मेरी लाइफ चेंज नहीं हो सकती खराब ही है तो मेरे पास कुछ मोटिवेशन एक्सटर्नल या इंटरनल या कोई पर्पस ही नहीं है जिसकी वजह से मैं कुछ डिसकंफर्ट लाऊं मेरी लाइफ में तो जब ये है ही नहीं और इस जब मोटिवेशन और पर्पस नहीं है तो इंटेंट नहीं है इंटेंट नहीं है तो मैं क्यों करूंगा उनको डिसकंफर्ट? अबव 40 अ लॉट ऑफ मेन दैट जनरेशन अबव 50ज बहुत सारे लोग खुश नहीं है। बहुत बहुत सारे लोग फिर भी वो लोग उठ के जाते हैं
(1:25:43) ऑफिस। अपसेट होते हैं। मशीन की तरह काम करते हैं। वापस आ जाते हैं। यह जो जिद है ना उस टाइम पे इन योर स्टेट ऑफ डिप्रेशन या टेरेबल स्टेट ऑफ माइंड कि कोई पर्पस नहीं या मोटिवेशन नहीं है। ये ज़िद कि मोटिवेशन हो तो मैं करूं। यह पहले निकालनी है। मुझे करना है क्योंकि मुझे करना है। 100 दिन मैं करता रहा, 200 दिन मैं करता रहा। फिर लाइक आई सेड कुछ मैजिक होता है यार ये प्रोवाइडेड लोगों की लाइफ में नहीं होता। व्हाट आई मीन बाय दिस इज मैं बहुत सारी ऐसी हाउस वाइफ्स को जानता हूं कि यू नो हमारा पति ऐसा ही है। हमारे बच्चे ऐसे ही है। मैं कुछ भी करूंगी। कुछ
(1:26:28) सही होना नहीं है। मेरे को कोई एप्रिशिएट करता नहीं है। मैं तो घर की एक भाई बन चुकी हूं। एंड वो एक उस ज़ोन में चले गए कि जहां उन्हें फील होता है वैल्यूलेस और वेरी लीस्टेंट। राइट? अब वो एफर्ट ही नहीं मारना चाहती हैं लाइफ में क्योंकि उन्हें इतना इतना सिखा दिया गया है, इतना बता दिया गया है, इतनी कंडीशनिंग हो गई है कि उनकी वो लर्न हेल्पलेसनेस वाली स्टेट आ चुकी है। राइट? पर उनकी लाइफ में सब प्रोवाइडेड है। मतलब उनके पास घर अच्छा है, गाड़ी अच्छी है। हम हस्बैंड इज टेकिंग केयर। सारे जो बिल्स हैं उनके जो भी छोटी-मोटी उनको
(1:27:04) शॉपिंग-वॉपिंग करने से अच्छा लगता है। उसके बिल सारे पेड हो गए हैं। तो बस उनकी प्रोवाइडेड सब है। तो इसलिए मैं कोई 100 दिन के लिए काम ही नहीं करना चाहती हूं। क्योंकि जो रेगुलर मेरी डे टू डे जिंदगी है वो तो बढ़िया चल रही है। हम राइट? तो बाकी अब खुशी नहीं है बस। तो चल रहा है बस। राइट? राइट? तो देयर इज़ नो मोटिवेशन टू डू इट। सेम बहुत सारे ऐसे फैमिली बिजनेस वाले बच्चे हैं, लड़के जहां पे उन्होंने मान लिया है कि यार कुछ होना नहीं है लाइफ में। या तो मेरे पापा मानेंगे नहीं तो छोड़ दो जैसा भी है। पापा पैसे देते हैं। मेरे महीने के ₹00 ₹1 लाख
(1:27:38) जो भी मेरा खर्चा होता है वो घर वाले मेरे को फ्री में दे देते हैं। घर बढ़िया है। मैं बस बाहर घूमता हूं, सोता हूं, आता हूं। वो खुश नहीं है। उनका ना मोटिवेशन है कुछ करने का क्योंकि उन्हें लगता है कि वो बिजनेस के अलावा कुछ और कर नहीं सकते। बिनेस पापा करने नहीं देते हैं क्योंकि लड़ाई होती है या वो कुछ भी उन्होंने किया तो फेल हो जाता है। गर्लफ्रेंड छोड़ के चली गई। व्हाटएवर एक्स व जी रीज़न उनकी भी लर्न हेल्पलेसनेस हो गई कि मैं कुछ भी करता हूं कुछ होता नहीं है। तो अब बस मेरे को उठने दोस्तों के साथ टाइम पास करूंगा वापस हो जाऊंगा।
(1:28:07) बस वो जो आप लर्न हेल्पलेसनेस बोल रहे हो ना ये वो नहीं है। ओके? दिस इज क्लीनिकल डिप्रेशन वाला लर्न हेल्पलेसनेस जिसमें मेरे हिलने का भी कोई मतलब नहीं है। उसमें द पर्सन उसको कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसके पास गाड़ी है या नहीं। वो स्टेट अगर मैंने एक्सपीरियंस नहीं किया है या मैंने देखा नहीं है तो मैं इमेजिन भी नहीं कर सकता इतना पेनफुल होता है। वो क्लीनिकल डिप्रेशन है या शॉक या एक्यूट स्ट्रेस रिएक्शन जब पता चला कुछ खतरनाक हुआ है अपने साथ तब ईदर यू फाइट और यू अब्सोलुटली गिव अप। ये मान लो कि आप डूब रहे हो पानी के अंदर पर आप हाथ पैर ही
(1:28:44) नहीं मार रहे हो। या फिर आपका कोई गला दबा रहा है। यू आर एक्चुअली डाइंग बट यू आर नॉट रेजिस्टिंग एट ऑल। एंड दैट इज एक्चुअल लर्न हेल्थ टेस्ट। सो जैसे जो मैं आंटीज की बात कर रहा था अ वुमेन इन 50ज और 40ज लेट 40ज। अब वो लर्न हेल्पलेसनेस इन देयर थिंग्स कि कोई और मोटिवेशन नहीं कुछ नहीं। मैं हाथ पैर ही नहीं मारी। आने दो जो चल रहा है। मैं रोज दवाइयां ले रही हूं। उससे नींद आ जाती है। मैं उठ जाती हूं। चलता रहता है जिंदगी में। मेरे को किसी चीज से कोई मतलब नहीं है। मेरी हैप्पीनेस ही नहीं है। मेरे को आती भी नहीं। आई एम जस्ट वेटिंग कि
(1:29:22) मौत कब आएगी? जब भी डेथ होगी तब मैं आ जाऊंगी। मुझे तो पता है कि मरने ही वाली हूं और मैं लाइफ में अगर लोग 70 जीते हैं तो मैं वैसे ही 50 जींगी। हम पैसिव पैसिव डेथ विशेस मतलब कि बस पता है मेरे को कि छोड़ो यार हो गया। बट वो क्लीनिकल डिप्रेशन है फिर। हां। तो इसको कैन दे चेंज? ट्रीट ट्रीट इट हैज़ टू बी ट्रीटेड। सी अगर लर्न हेल्पलेसनेस है तो वो क्लीनिकल डिप्रेशन अगर है तो उसका तो ट्रीटमेंट ही करना पड़ेगा। दवाइयां नॉट नेसेसरी डिपेंड करता है कॉज डिपेंड करता है कौन सा कैसे हुआ है एक्सटर्नल फैक्टर्स है इंटरनल हार्मोनल चेंजेस है क्या है डिपेंड करता है क्या थेरेपी काम
(1:30:02) करेगी क्या दवाई काम करेगी दवाई की जरूरत है कि नहीं सीवियरिटी ऑफ़ सिम्टम्स क्या ट्रीट हो के सही हो सकता है बेटर हो सकता है हां मैनेज होता है कि क्योर हो जाता है अगर क्योर का मतलब ये कह रहे हो कि दवाई बंद हो जाए या ट्रीटमेंट एब्सोल्यूट बंद हो जाए तो इट्स अ वेरी डिफिकल्ट थिंग टू से पर मैनेज तो हो जाता है। मैनेज मतलब क्या? मैनेज मतलब कि वह इमोशनल रिएक्टिविटी वापस आने लगती है। इमोशनल रिएक्टिविटी मतलब अ स्टेट ऑफ़ माइंड इन व्हिच आप सिचुएशन बेस्ड इमोशंस पैदा कर सकते हो। बेटे को बेटे को जॉब मिली तो आप खुश हो सकते हो। बच्चे को
(1:30:36) के वहां पे बच्चा हुआ तो आपको थोड़ा अच्छा लगेगा। हस्बैंड ने कुछ गलत तरीके से कहा तो आपको बुरा लगेगा। रोना आएगा। कहीं पे फंक्शन में तैयार हो के गए हो। फैमिली ने कहा अच्छी लग रही हो तो खुशी होगी। तैयार होने का मन होगा। यह सब वापस आ जाता है। बट क्योर मतलब इफ यू आर सेइंग कि क्लीनिकल डिप्रेशन अबब्सोलुटली ठीक हो गया होता भी है नहीं भी होता है डिपेंड्स ऑन मल्टीपल फैक्टर्स जेनेटिक्स सोशल फैक्टर्स अभी हस्बैंड है टॉक्सिक है या शराब पी के आ रहा है रोज एंड एक चीज उनके दिमाग में ऐसी थी बचपन से कि मेरा हस्बैंड मेरी शादी के
(1:31:08) बाद मुझे बहुत हम खुशी-खुशी रहेंगे एंड इफ इट टर्न आउट टू बी दिस तो वो एक ही होप जिसके ऊपर बड़े हुए थे वो ही खत्म हो रहा है हो चुका है तो फिर वो सस्टेन करेंगे, वो मैनेज करेंगे, वो सस्टेन करेंगे। फिर थेरेपी, कंटीन्यूअस थेरेपी से बचपन में जाके वो सब चेंज करना एट द एज ऑफ़ 50 60 इज़ वेरी डिफिकल्ट बिकॉज़ वो अनकॉन्शियस दिमाग बहुत सीमेंट हो गया होता है। कुछ ऐज के बाद थेरेपी भी रिसेप्टिविटी कम हो जाती है। तो डिफिकल्ट हो जाती है। रेजिस्टेंस बहुत खतरनाक होता है। ऐसे ही जी रहे हैं भाई। अभी कोई ठीक है ना? वो बोल रहे हैं आप सही कह रहे हो। सही है पर छोड़ो ना सर
(1:31:45) मतलब नहीं है। यू यूज़ द वर्ड पैसिव डेथ विशेस। क्या होता है इसका मतलब? एक्टिव मतलब मुझे ऐसा करना है। दिस इज माय प्लान। गले फांसी Google कर दिया। प्रॉपर कोविड हो जाए यार। आई होप ज्यादा हो जाए। मेरा ऑक्सीजन कम हो जाए। या ठीक है। अगर हो भी जाएगा तो प्रॉब्लम। ठीक है। क्या ही क्या ही फर्क पड़ेगा। आई डोंट रेिस्ट थिंकिंग अबाउट डेथ। आई डोंट थिंक अबाउट इट इन अ नेगेटिव वे। ठीक है ना यार? बुरी बात तो नहीं है। अ लॉट ऑफ पीपल फील कि दोज़ पीपल स्टार्ट इन देयर रेगुलर टॉक कन्वर्सेशन कि लाइफ इज काइंड ऑफ़ अ लिटिल टास्क ना थोड़ा सा ये
(1:32:28) क्या है? रोज रोज-रोज़ का ये मर जाओ बेहतर। डेथ कुछ बुरी चीज नहीं है। थिंग्स लाइक दैट। पैसिव विशेस। मतलब हां मरना ही है। एक दिन कल मर जाओ। क्या है वो वो वो केयरलेसनेस अगर वो वाला है तो दैट इज लाइक यू जस्ट आर दैट क्या ही फर्क पड़ता है दैट्स चिल ये वाला यू आर इन अ स्टेट ऑफ मेलेनिकली मे बी या फिर सैडनेस कि हो जाए ना इतना ज्यादा सब चल रहा है दिमाग खराब हो गया पैसिव डेथ मैंने कहा जैसे कि वो कन्वर्सेशंस में ऐसे कह सकते हैं कि डेथ इज नॉट अ बैड थिंग अगर मतलब ठीक है ना वो छूट गया आप स्पिरिचुअली अवेकंड हो वो [हंसी] भी मैंने
(1:33:11) ये ये कांसेप्ट भी ऐसा भी है कि मैंने बहुत सारे पेशेंट्स ऐसे देखे हैं जो उन डिप्रेसिव सिम्टम्स को इनिशियल स्टेजेस पे स्पिरिचुअल अवेकनिंग मानते थे। अ मुझे सच खोजना है। मुझे जवाब चाहिए। बिकॉज़ वी फील दैट गेटिंग सम आंसर्स। कहीं से कुछ किसी ने कह दिया कुछ मिल गया तो मुझे जो बुरा लग रहा है वो ठीक हो जाएगा। बिकॉज़ बेसिकली तो मुझे जो बुरा लग रहा है वह ठीक करना है यार। तो मेरे दिमाग ने ऐसा सोचा जवाब मिलेंगे तो मुझे अच्छा लगेगा। जवाब कहां मिलेंगे? पर्पस ऑफ लाइफ, स्पिरिचुअलिटी, स्पिरिचुअल गुरुज़ वहां पे जाने के बाद फिर भी जब जवाब मिलने के बाद ऐसा कोई जवाब
(1:33:56) एकिस्ट नहीं करता जो मुझे अच्छा लगाएगा। मुझे पता चल गया मेरी पर्पस ऑफ़ लाइफ क्या है। उस उसको ऑथेंटिकेट कौन करेगा? कि यही है। ऐसा कोई ऑफिशियल डॉक्यूमेंट नहीं है। सेकंड पता चल भी गया तो उस इनेशन का मैं करूंगा क्या? हां, चलो मेरी पर्पस ऑफ़ मेरा लाइफ का पर्पस है कि पेशेंट देखना है। उसके बाद क्या इमोशंस चेंज नहीं हो रहे। तब रियलाइज़ होता है कि ओके शायद डिप्रेशन हो सकता है। इसीलिए इट टेक्स इन इंडिया एटलीस्ट अ लॉट मेनी इयर्स डे वन ऑफ़ सिम्टम्स से लेकर डॉक्टर के पास या थेरेपिस्ट के पास जाने तक में। बिकॉज़ हमारा दिमाग अभी कॉम्प्रिहेंड ही नहीं कर
(1:34:31) सकता। मेंटल इलनेस उसके दिमाग में नहीं बुरा लग रहा है तो शायद ये तो किसी ने कहा ना इसकी वजह से नहीं ये तो तीन साल पहले वाला ब्रेकअप हुआ ना इसकी वजह से नहीं मुझे जवाब चाहिए। थिंग्स लाइक दैट। इवेंचुअली सब ऑप्शंस एग्जॉस्ट हो जाते हैं। तब कहीं से कुछ वीडियो देख ली या किसी ने मेंशन किया कि डिप्रेशन करके कुछ है। तो आता है अच्छा हां यार ऐसा तो चार-प साल से हो रहा है यार। मैं तो 50% पर फंक्शन कर रहा हूं। चल रहा है। ओ तब आता है। सो दैट इज कॉल्ड लैक ऑफ अवेयरनेस। अवेयरनेस मतलब बुखार आया। सीधा दिमाग में आ गया। डॉक्टर के पास जाना है। कोविड हो
(1:35:08) सकता है, मलेरिया हो सकता है, वायरल हो सकता है। यहां पे नहीं होता है। ऐसा सीधा दिमाग में नहीं आता है। इनिशियली तो नॉर्मलाइज ही करेंगे। फिर अलग-अलग ऑप्शंस एग्जॉस्ट करेंगे। फिर में फिर मेंटल इलनेस। दिनों मैं जितनी बार आपसे या किसी न्यूरो साइंटिस्ट से या डॉक्टर साइकोलॉजिस्ट साइकेटिस्ट से बात करता हूं तब मुझे लगता है कि यार बहुत बढ़िया चल रही है ना लाइफ भले तुम छोटे हो या बड़े हो या बहुत बूढ़े हो कुछ भी हो एक बार साइकोलॉजिस्ट साइकेटिस्ट के साथ चले जाना चाहिए जस्ट टू हैव एन एक्सप्लोरेटरी सेशन बिकॉज़ यू डोंट नो कि आपकी कौन सी चीज आपने इस इनेशन एज
(1:35:41) में क्या किससे आप कंफ्यूज कर रहे हो और आपकी पता नहीं पैसिव डेथ विशेस को अगर आप नाम दे रहे हो स्पिरिचुअल अवेकनिंग दैट्स अ बैड थिंग टू डू इट इज इट इज तो और पता नहीं ऐसी कितनी छोटी-छोटी चीजें हैं जो हम इग्नोर कर रहे होंगे इन द नेम ऑफ़ समथिंग एल्स ट्रू तो पीपल शुड विजिट इट एंड फर्स्ट बिकॉज़ हमें अगर सी हमारे पास वही जवाब है जिसके बारे में हमें इन है वो मूवी थी ना मुन्ना भाई एमबीबीएस पार्ट टू जिसमें गांधी जी दिखते लगे रहो मुन्ना भाई हां तो लगे रहो मुन्ना भाई में उनको वही दिखता था जिसका इन थी या वाइफ का नाम पूछा इंफॉर्मेशन ही नहीं
(1:36:19) है तो वो दिखेगा ही नहीं। सो मुझे पता ही नहीं है कि क्या हो सकता है। तब तक आई विल कीप एट्रिब्यूटिंग इट टू सम अदर थिंग्स। या तो मैं ऐसा कर रहा हूं। ये भी आ जाता है। मलेरिया का जब अवेयरनेस नहीं था तब तक लोग कुछ और समझते थे। कैसे ट्रीटमेंट देते थे। जब मिर्गी एपिलेप्सी का अवेयरनेस नहीं था तब भी कुछ और करते थे। अवेयरनेस है ही नहीं तो बट आई होप पडकास्ट लाइक दिस एक्चुअली क्रिएट अवेयरनेस। थैंक यू सो मच यह एपिसोड एंड तक देखने के लिए। अब आपको तीन चीजें करनी है। सबसे पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो क्योंकि जितना आप सब्सक्राइब करोगे
(1:36:59) उतने ही बेहतर और वैल्यूुएबल गेस्ट हम ला पाएंगे आपके लिए। नंबर टू मुझे कमेंट्स में बताओ इस एपिसोड में आपको क्या अच्छा लगा और क्या गंदा लगा ताकि हम वो मिस्टेक्स रिपीट ना कर पाए। एंड कौन से ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना चाहते हो वापस हमारे पडकास्ट पे ताकि हम उन्हें लेके आ और आपको ज्यादा से ज्यादा वैल्यू दे पाएं। एंड नंबर थ्री यह एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर शेयर करना क्योंकि वन कॉन्वर्सेशन कैन चेंज समवनस लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अनंटिल देन कीप फिगरिंग आउट। [संगीत] [संगीत]
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