Men Are Too Embarrassed to Ask These Questions | Urologist Answers
Author Name:Anupreksha Show
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@anuprekshashow
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=c2gKevvJ7fQ
Title: Men Are Too Embarrassed to Ask These Questions | Urologist Answers
Author Name: Anupreksha Show
Description: There are some questions men think about… but rarely ask out loud.
Questions about sexual health.
Hormones.
Performance.
Lifestyle.
Alcohol and smoking.
Fertility.
And sometimes, even the simplest question — “Is this normal?”
In Episode 4 of The Anupreksha Show, Dr. Karun Singla, Urologist from Chandigarh, joins Anupreksha Rastogi for an open and honest conversation about men’s health — without embarrassment, unnecessary fear or myths.
The conversation goes beyond the usual fitness discussion to explore how men can better understand and take care of their sexual health, hormonal health, lifestyle and long-term wellbeing.
From gym, protein and supplements to testosterone, sexual performance, alcohol, smoking and fertility — this episode looks at the bigger picture of what being healthy as a man really means.
In this episode, we discuss:
🔹 SEXUAL HEALTH & PERFORMANCE
🔹 HORMONES & TESTOSTERONE
🔹 FITNESS, PROTEIN & SUPPLEMENTS
🔹 ALCOHOL & SMOKING
🔹 FERTILITY & REPRODUCTIVE HEALTH
🔹 TAKING CHARGE OF MEN’S HEALTH
But men’s health is much bigger than that.
Sleep. Stress. Hormones. Sexual health. Metabolic health. Reproductive health. Alcohol. Smoking. Preventive care.
All of these contribute to the bigger picture.
And taking care of health doesn't have to begin after something goes wrong.
It can begin much earlier.
🎙️ THE ANUPREKSHA SHOW
The Anupreksha Show brings together meaningful conversations around health, nutrition, fitness, lifestyle and wellbeing, with experts and real-world perspectives.
Host: Anupreksha Rastogi
Clinical & Sports Dietitian
Guest: Dr. Karun Singla
Urologist | Chandigarh
Episode 4 — Men’s Health
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Swag On — Nutrition & Wellness www.swagonwellness.in
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Sometimes an important health conversation doesn't begin in a doctor's clinic.
It begins with someone finally talking about it.
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📩 anuprekshashow@gmail.com
Send in your suggestions and questions.
⚠️ DISCLAIMER
This podcast is intended for general health education and awareness. Information discussed in this episode should not be considered a substitute for individual medical consultation, diagnosis or treatment.
For personal concerns related to sexual health, hormones, fertility, urinary health or any medical condition, consult a qualified healthcare professional.
Transcript:
(00:00) डस स्मोकिंग और अल्कोहल इंपैक्ट द स्पर्म काउंट? स्पर्म प्रोडक्शन जीरो हो गया। कल को फैमिली कैसे स्टार्ट करेगी? पुअर परफॉर्मेंस एस फ सेक्सुअल हेल्थ इज कंसर्न। सुई हर किसी की सिर्फ टेस्टोस्टरॉन पे आके अटक जाती है। सो जब तक आप उन चीजों को कंट्रोल नहीं कर रहे हैं। आप बाहर से जो मर्जी करते रह इट इज नॉट गोइंग टू हेल्प। बहुत सारे लोग कभी टेस्ट ही नहीं कराते। एंड स्टिल दे आर कंज्यूमिंग दैट टेस्टोस्टरॉन। लिवर फंक्शन को इंपैक्ट करता है जिसको कोई ध्यान ही नहीं देता। तो बॉडी में उसका इंपैक्ट कैसा पड़ सकता है उसमें? पोर्स, स्पर्म क्वालिटी,
(00:34) मेनी ऑफ़ देम आर लाइक कि मेरा डाइट प्लान ऐसा होना चाहिए ना जिसमें मेरा अल्कोहल इंटेक जरूर होना चाहिए। लेकिन कई बार वो टेस्टिकुलर टॉरशन होता है व्हिच इज अ इमरजेंसी कंडीशन। ना घर पे कोई बात करता है ना ही स्कूल में कोई बात करता है। टीनएज बॉयज जो कि एसटीडीज के साथ हमारे पास आ रहे हैं। अर्ली मेल प्यूबर्टी क्यों हो रही है और क्या कारण हो सकता है इसका? डियर मैन आपकी हेल्थ भी एक प्रायोरिटी है। पर इंडिया में आपकी सेहत को लेकर बात करना अभी भी एक टैबू है। बहुत बार मेल्स प्रॉब्लम्स को फेस तो करते हैं बट अपने इन प्रॉब्लम्स को
(01:08) सॉर्ट करना प्रॉब्लमेटिक समझते हैं। चाहे वह सेक्सुअल हेल्थ हो, टेस्टोस्टरॉन प्रॉब्लम्स हो, फर्टिलिटी इशूज़ हो या फिर मेंटल स्ट्रेस हो। और शायद इसी स्ट्रेस को और इसी टैबू को तोड़ने की जरूरत है। बिकॉज़ हेल्थ प्रॉब्लम्स जेंडर नहीं देखती और हेल्थ को इग्नोर करना उतना ही रिस्की है। तो आज का कन्वर्सेशन हम शुरू करेंगे जो कि बिना जजमेंट के बिना ऑकवर्ड हुए चीजों को समझने के लिए। वेलकम टू अनुप्रेक्षा शो पॉवर्ड बाय स्वैगोन न्यूट्रिशन एंड वेलनेस। वी आर रियल कन्वर्सेशन क्रिएट रियल इंपैक्ट। मैं हूं अनुप्रेक्षा रस्तोगी क्लीनिकल एंड स्पोर्ट्स डाइटिशियन
(01:46) और आपकी होस्ट। सो टुडे वी हैव अ वेरी रनाउन न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर करुण सिंगा। डॉक्टर वेलकम टू अनुप्रेक्षा शो। थैंक यू मैम। थैंक यू फॉर हैविंग मी हियर। इट्स अ प्लेजर टू बी हियर वि यू एंड टू डिस्कस समथिंग व्हिच इज वेरी क्लोज टू माय हार्ट व्हिच इज वेरी व्हिच इज समथिंग व्हिच आई एम वेरी पैशनेट अबाउट। आज हम एक ऐसा टॉपिक शुरू कर रहे हैं, बात कर रहे हैं ऐसे टॉपिक पे जिस पर बहुत कम बात होती है। यानी कि पुरुष समाज की सेहत के बारे में और एक ऐसा टॉपिक है जिसे बहुत टैबू भी समझा जाता है क्योंकि मेल्स जनरली अपनी हेल्थ के बारे में बहुत रेयरली बात करते
(02:24) हैं। क्या लगता है आपको? आपके जब प्रैक्टिस में पेशेंट्स आते हैं वो किस स्टेज पे आते हैं? थोड़ा इनिशियल स्टेज पे आते हैं या किसी प्रॉब्लम्स के साथ आते हैं या जब नाव बिल्कुल डूब जाती है तब आते हैं। सो जनरली मैनस हेल्थ या जो भी मर्दों की जो प्रॉब्लम्स है जनरली हमारे पास या किसी भी डॉक्टर के पास जब तक वो जाते हैं तो इट इज़ एट अ स्टेज जब उनको काम करने में दिक्कत आनी शुरू हो जाती है। इट इज़ नॉट एट अर्ली स्टेज या शुरुआती स्टेज पे वो नहीं आते हैं। उसके मल्टीपल कारण हैं। हमें बचपन से ही लोगों को मेन को बोला जाता है कि कंप्लेन करना या
(03:07) एक कमजोरी की निशानी है। सो जनरली मैन स्पेशली यंग मैन या इवन जो घर के बड़े बुजुर्ग हैं वो अपनी प्रॉब्लम को अपने तक ही रखते हैं। किसी से बात नहीं करते। किसी को बताते नहीं है। एंड दे फील दैट अगर मैं ही कंप्लेंट करूंगा तो घर कैसे चलेगा? काम कौन करेगा? यू नो। सो इस तरह से मल्टीपल रीजन है जिसकी वजह से वो लोग बहुत ही लेट प्रेजेंट करते हैं। आई फील एक चीज ये है मैंने दो तरीके का सेक्शन देखा है। एक तो वो है जो अपने करियर रिस्पांसिबिलिटीज और पैसा कमाने के चक्कर में अपनी हेल्थ को इग्नोर करते हैं। एक दूसरा सेक्शन है जो थोड़े से अलर्ट तो
(03:45) हैं। जिम गअर्स हैं एक्टिव अपना लाइफस्टाइल रखते हैं पर उनका फोकस सिर्फ प्रोटीन और कुछ सप्लीमेंट्स तक सीमित रहता है। तो हाउ इट वर्क्स और यह कैसे इस पे हम देख सकते हैं? कैसे आपने अपने पेशेंट्स में देखा है? सो अनफॉर्चूनेटली जो ये सेकंड कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स हैं जो कि अपनी हेल्थ की तरफ ध्यान तो दे रहे हैं या जो जिम जा रहे हैं, वर्कआउट कर रहे हैं, लेट्स से कैलोरीज ट्रैक कर रहे हैं, जो भी कर रहे हैं। उनके साथ प्रॉब्लम ये है कि दे आर इल इनफॉर्म्ड। बिकॉज़ द सोर्स ऑफ़ नॉलेज, सोर्स ऑफ इन जो उनके पास अवेलेबल है, वो ज्यादा सोशल मीडिया या
(04:26) YouTube वीडियोस उस तरह की चीजें हैं। कोई डेडिकेटेड कोई वेल रिसर्च या एविडेंस बेस्ड इंफॉर्मेशन उनको अवेलेबल नहीं है। आई थिंक एक चीज है सॉरी टू इंटरप्ट्स। साथ में जो इंफॉर्मेशन उनको अगर पीियर ग्रुप से भी मिल रही है या मेंटोरशिप से भी मिल रही है वो भी अनगाइडेड और अनसाइंटिफिक है। डोंट यू थिंक सर? बिल्कुल ज्यादातर जो इंफॉर्मेशन है वो इट इज मोर एनडोटल कि हां मेरे गुरुजी ये करते थे तो मैं भी ये कर रहा हूं। बट वो टाइम के साथ क्या एविडेंस है? क्या उसके प्रोज़ एंड क्स हैं? ये कोई डिस्कस नहीं करता है। तो जो चले आ रहा है वो चले आ रहा है।
(05:05) और बेसिक जब हम बात करते हैं मेंस हेल्थ में अगेन हॉर्मोंस की जब हम बात करते हैं सुई हर किसी की सिर्फ टेस्टोस्टरॉन पे आके अटक जाती है। उसके ऊपर वो हॉर्मोंस को नहीं समझते हैं कि इसके अलावा भी बहुत सारे ऐसे ऑर्गन्स हैं ह्यूमन बॉडी में जो काम करते हैं। तो हम सिर्फ एक मेल बॉडी को सिर्फ ह्यूमन बॉडी की तरह अगर हम ट्रीट करेंगे आई थिंक वो बेटर है कंपेरेटिवली। अगर हम सारे हॉर्मोंस को इग्नोर कर देते हैं तो व्हाट डू यू थिंक व्हाट एकजेक्टली इज टेस्टोस्टरॉन? क्या काम करता है वो? और कौन से हॉर्मोंस हैं जो मेल हेल्थ को डिफाइन करते हैं एज अ ह्यूमन बॉडी आल्सो।
(05:44) सो टेस्टोस्टरॉन अ एक मेल हॉर्मोन है। बट ऐसा नहीं है कि वो सिर्फ मेल्स में है। इट आल्सो वर्क्स इन फीमेल्स। मेल्स के अंदर टेस्टोस्टरॉन का अगेन द फंक्शन इज नॉट लिमिटेड टू द सेक्सुअल हेल्थ। हम जनरल वेल बीइंग, मसल डेवलपमेंट, मूड, फटीगबिलिटी यह सारा कुछ टेस्टोस्टरॉन के लेवल्स के हिसाब से इंपैक्ट होता है। सो जनरली लोग सोचते हैं कि टेस्टोस्टरॉन का फंक्शन सेक्सुअल हेल्थ है या कुछ हद तक कि जिम में जाके बॉडी बिल्डिंग तक। बट उसके अलावा आपकी जनरल मेंटल हेल्थ, ए्जायटी इशूज़, स्लीप इशूज़ एंड यह वो सारा कुछ जो है यह टेस्टोस्टरॉन
(06:26) से लिंक्ड है। एंड सेकंडली टेस्टोस्ट्रॉन इज़ नॉट अ आइसोलेटेड थिंग। टेस्टोस्टरॉन के साथ आपका लेट्स से कोलेस्ट्रॉल, शुगर कंट्रोल, आपकी ओबेसिटी लेवल, थायरॉइड लेवल, आपका स्लीप कैसा है? क्या आप कितने घंटे सो रहे हैं? कितना वर्कआउट कर रहे हैं? फिजिकल एक्टिविटी कितनी कर रहे हैं? आप डाइट कैसी ले रहे हैं? सो एवरीथिंग गोज़ हैंड इन हैंड। सो इट इज नॉट जस्ट आइसोलेटेड कि हां एक टेस्टोस्टरॉन है और बाकी बॉडी से वो आइसोलेटेड है। तो ऐसा नहीं है। एवरीथिंग वर्क्स टुगेदर एंड एवरीथिंग हैज़ टू बी ऑप्टिमाइज फॉर अ ऑप्टिमल रिजल्ट। हम तो और कौन से हॉर्मोंस अगेन एज एन
(07:02) ऑडियंस अगर कोई पूछना चाहे कि हम समझना चाहे कि और कौन से हॉर्मोंस काम करते हैं बिकॉज़ वी एज अ क्लीनशियल्स हमें समझ में आता है। वी आर अ हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स। तो बट एक लेमन को अगर समझना हो तो मेजर मेजर जो हॉर्मोंस होते हैं जो मेल हेल्थ को इंपैक्ट करते हैं आप थोड़ा सा उनके बारे में बताएंगे। सो इन से मोस्टेंट व्हाट आई वुड से इज इंसुलिन। सो इंसुलिन व्हिच इज डायरेक्टली लिंक टू शुगर कंट्रोल। सो इंसुलिन इज वन। सेकंड इज़ सो लेट्स से इफ यू टू टू टू टू टू टू टॉक अबाउट ओबेसिटी। तो जो ईस्ट्रोजन है जो फीमेल हॉर्मोन है। सो ओबेसिटी से जो मेल
(07:38) हॉर्मोन वर्सेस फीमेल हॉर्मोन की जो रेशो है दैट गेट्स इंपैक्टेड। हम व्हिच देन इंपैक्ट्स मेल हेल्थ अपार्ट फ्रॉम दैट कॉर्टिसोल इज़ अनदर हॉर्मोन व्हिच इज वेरीेंट जितना आपका स्ट्रेस लेवल है स्लीप प्रॉपर नहीं होगी ऑल दोज़ थिंग्स दे इंपैक्ट द कॉर्टिसोल लेवल सो कॉर्टिसोल वर्क्स अगेंस्ट यू सॉर्ट ऑफ इट इज़ मोर ऑफ अ फाइट इन फ्लाइट तो इट इज़ लाइक अ वेरी एक्टिव काइंड ऑफ़ अ थिंग। सो यह है जनरली जो व्हिच आर लाइक वेरी बेसिक एंड व्हिच नीड टू बी एड्रेस्ड सिमिलरली अगर हम देखें तो अगेन स्लीप से रिलेटेड मेलाटनिन है। सो मेनी पीपल हैव नाउ
(08:19) स्टार्टेड टेकिंग मेलाटनिन जस्ट टू इंप्रूव देर स्लीप क्वालिटी अ बट दे आर स्टिल इग्नोरिंग व्हाट ब्रिंग्स ऑन स्लीप। सो ट्रू एक नेचुरल तरीके से कैसे आ सकते हैं? बिल्कुल बिल्कुल ठीक ठीक। तो अगर जैसे आपका स्लीप अच्छा है तो ये टेस्टोस्टरॉन को कैसे इंपैक्ट करेगा? सो सी अगेन स्लीप इंपैक्ट्स टेस्टोस्टरॉन इसका मतलब ये नहीं कि हार्म्स हो गए तो टेस्टोस्टर बराबर हो गया। लेकिन स्लीप अच्छी स्लीप। सो बेसिकली रम स्लीप है, नॉन रम स्लीप है। सो इफ द प्रोपोर्शन इज़ राइट इफ यू आर स्लीपिंग वेल छ से आठ घंटे ऑन अ रेगुलर बेसिस विदाउट इंटरपशंस
(08:58) अगर आप सो रहे हैं। सो दैट इज द टाइम व्हेन मैक्सिमम टेस्टोस्टरॉन प्रोडक्शन हैपेंस। सो टेस्टोस्टरॉन जो हम टेस्ट भी करते हैं, दैट इज अर्ली मॉर्निंग जैसे ही आप सुबह सोके उठते हैं, द फर्स्ट थिंग दैट यू डू इज़ गेट योर टेस्टोस्टरॉन टेस्ट बिकॉज़ दैट इज़ व्हेन इट इज़ एट इट्स स्पीड। हम तो सारी रात में जब आप अच्छी नींद लेते हैं तो टेस्टोस्टरॉन प्रोडक्शन अच्छी होती है। अच्छी होती है। अच्छा ऐसा होता है कि टेस्टोस्टरॉन का लेवल अगर हाई है तो बॉडी में उसका इंपैक्ट कैसा पड़ सकता है उसमें? सो अगेन अ देयर आर टू डिफरेंट थिंग्स। एक है
(09:32) टेस्टोस्टरॉन ऑप्टिमाइजेशन। एक है टेस्टोस्टरॉन मैक्सिमाइजेशन। सो नाउ दिस इज़ समथिंग व्हिच स्पेशली पीपल हु गो टू द जिम एंड ऑल दे नीड टू अंडरस्टैंड। सो हमारा पर्पस इज नॉट टू मैक्सिमाइज द टेस्टोस्टरॉन। हमारा पर्पस इज टू ऑप्टिमाइज इट। सो ऑप्टिमाइज इट बेस्ड ऑन योर एज बेस्ड ऑन योर बॉडी बेस्ड ऑन योर लेवल ऑफ फिजिकल एक्टिविटी। इट इज नॉट टू यू नो कि जितना मैक्सिमम हम कर सकते हैं बढ़ाते रहो। तो ऐसा नहीं है कि टेस्टोस्टरॉन पूरा बढ़ गया तो बॉडी और जल्दी बढ़ जाएगी। आई एग्री बिकॉज़ मैंने यह सवाल इसीलिए पूछा है। आई वर्क विद लॉट ऑफ़ एथलीट्स यू
(10:07) अंडरस्टैंड। आई एम इंटू स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन एज वेल। तो मैंने एथलीट्स को लिटरली टेस्टा बूस्टर्स और टेस्टोस्टरॉन लेते हुए देखा है। एंड व्हेन वी काउंसिल देम इट इज़ वेरी डिफिकल्ट फॉर अस टू काउंसिल कि एक लेवल तक ही इट इज़ गुड। अगर आप उसको मैक्सिमाइज करने के लिए भी ले रहे हैं। यू नीड टू गेट इट डन इन द यू कैन से द राइट डायरेक्शन इन अ साइंटिफिक वे। कंसल्ट अ डॉक्टर फॉर दैट। बट वो एक जो सिस्टम चला आ रहा है दैट इज आई वांटेड टू नो कि अगर इतना टेस्टोस्टरॉन ले रहे हैं हमारे बच्चे जो हमारे बडिंग एथलीट्स हैं आप उनको कुछ मैसेज इस तरीके से क्या देना
(10:42) चाहेंगे कि टेस्टोस्टरॉन कैसे रखें और क्या उन्हें एक्चुअली लेना भी चाहिए सो अगेन इसमें दो अलग-अलग एक टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स हो गए एक डायरेक्ट टेस्टोस्टरॉन हो गया ओके सो इफ यू लुक एट द टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स हम जनरली देयर इज वेरी यू नो पुअर डेटा टू सपोर्ट बोर्ड ओके ज्यादा डेटा यही कहता है कि कोई भी ऐसा एक सप्लीमेंट नहीं है जो कि आपके टेस्टोस्टरॉन को ड्रामेटिकली बढ़ा देता है। हम ठीक है? 10 20 पॉइंट बढ़ जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि इट विल डबल हो जाएगा, ट्रिपल हो जाएगा वैसा नहीं है। सो एविडेंस टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स के लिए बहुत अच्छा
(11:19) एविडेंस हमारे पास अवेलेबल नहीं है। एंड स्टिल आवर इंडियन एथलीट्स आर कंज्यूम्ड। एंड स्टिल आई थिंक एवरीबडी हुज जस्ट गोस टू द जिम। सबसे पहले वो टेस्ट बूस्टर स्टार्ट कर लेता है। व्हिच इज अगेन यू आर जस्ट वेस्टिंग मनी एंड यू डोंट इवन नो क्या साइड इफेक्ट। सो आई थिंक ये ऑडियंस को हमारे बच्चों को बर्डिंग एथलीट्स को तो स्पेशली इस बात को समझना जरूरी है कि नेचुरली फॉर एग्जांपल फर्स्ट ऑफ़ ऑल हमारा डाइट सेकंडली हमारा स्लीप हमारा गुड वर्कआउट एंड स्ट्रेस। ऑल दीज़ मैनेज योर टेस्टोस्टरॉन्स ऑन द नेचुरल बेसिस। दिस इज अ वेरीेंट थिंग दैट यू हैव
(11:50) टच्ड ऑन कि बिफोर यू स्टार्ट एनी टेस्टा बूस्टर और टेस्टोस्टरॉन इंजेक्शन पहले जो लाइफस्टाइल चेंजेस है पहले तो वो करो बिकॉज़ वो नेचुरल तरीका है और उससे एक्चुअली में इंप्रूवमेंट होता है। होता है। देयर इज वेल डॉक्यूमेंटेड डेटा कि अगर आपकी नींद प्रॉपर नहीं है, आपका टेस्टोस्टरॉन लो रहेगा। अगर आपकी डाइट प्रॉपर नहीं है, अगर आप ओबीज़ हो, आपका विसरल फैट, बॉडी फैट ज्यादा है, तो आपका टेस्टोस्टरॉन लो रहेगा। सो जब तक आप उन चीजों को कंट्रोल नहीं कर रहे हैं आप बाहर से जो मर्जी करते रह इट इज नॉट गोइंग टू हेल्प। एक कैटेगरी दूसरी ये भी है हमारे जो
(12:23) प्रोफेशनल एथलीट्स हैं दे ट्रेन ऑलमोस्ट फाइव टू सिक्स आवर्स डेली। तो उनका स्ट्रेस लेवल बॉडी में अलग टाइप का है अगेन एंड स्टिल दे आर कंज्यूमिंग दैट टेस्टोस्टरॉन। व्हाट्स योर पर्सपेक्टिव इन दैट? सो सी इट डेफिनेटली एनहांसेस अह टेस्टोस्टरॉन वुड एनहांस फिजिकल परफॉर्मेंस बट देन देयर इज़ अ कॉस्ट टू इट। हर चीज की एक साइड इफेक्ट या कॉस्ट तो है। सो टेस्टोस्टरॉन से मसल बिल्ड होते हैं। सब कुछ होता है। लेकिन साइड बाय साइड इट इंपैक्ट्स लिवर फंक्शन को इंपैक्ट करता है। जिसको कोई ध्यान ही नहीं देता। सो लिवर फेलियर, लिवर डिस्फंक्शन
(13:01) टेस्टोस्टरॉन से हो सकता है। देन जो ब्लड है ब्लड गाढ़ा हो जाता है। सो व्हिच लीड्स टू ज्यादा चांसेस कि कोई कार्डियक इवेंट हो गया या कुछ हो गया। एंड देन व्हिच इज वेरीेंट स्पेशली यंग लोगों के अंदर जिन्होंने अभी तक अपनी फैमिली स्टार्ट नहीं की है। जिन्होंने अभी फ्यूचर में फैमिली स्टार्ट करनी है। टेस्टोस्टरॉन अगर हम एक्सटर्नली लेते हैं तो इट कैन इंपैक्ट योर स्पर्म प्रोडक्शन। स्पर्म प्रोडक्शन जीरो हो गया कल को फैमिली कैसे स्टार्ट करेगी? एक चीज और मैंने तो ऑब्जर्व की है। मैंने ये मिथ्स समझा इस चीज को। बच्चों ने खुद बोला है इस चीज के लिए। तभी आई एम आस्किंग
(13:34) यू एंड डिस्कसिंग इट विद यू कि उनको ऐसा लगता है कि वो फर्टिलिटी भी इंप्रूव करता है। जो कि बिल्कुल नहीं इट इज़ अब्सोलुटली रोंग। टेस्टोस्टरॉन एक्सटर्नल टेस्टोस्टरॉन फर्टिलिटी को खराब करता है। हमें लगता है कि टेस्टोस्टरॉन लिया है तो हां फर्टिलिटी बढ़ेगी। सब कुछ होगा। सेक्सुअल हेल्थ बढ़ेगी। बट इंटरनली वो स्पर्म प्रोडक्शन को डैमेज कर रहा है। और ये जो डैमेज है ये परमानेंट भी हो सकता है। सो मेनी पेशेंट्स माइट एंड अप नॉट हैविंग एनी स्पर्म प्रोडक्शन ऑल थ्रू देर लाइफ। एंड व्हाट अबाउट देयर परफॉर्मेंस? इज इट एक्टिंग एज एन परफॉर्मेंस एनहांसर आल्सो
(14:11) सो ओनली फिजिकल परफॉर्मेंस नॉट एज अ सेक्सुअल परफॉर्मेंस एनहांसर टू सम एक्शन इट इज़ इंप्रूविंग द परफॉर्मेंस अदरवाइज ओके तो एज अ प्रोफेशनल इफ यू आर आस्क्ड लाइक कि क्रिएटिन जैसे सप्लीमेंट्स भी अगेन बच्चे लेते हैं। प्रोटीन जैसे सप्लीमेंट्स भी अगेन लेते हैं। प्रोटीन इज़ अ गुड वे इन अ गुड वे आल्सो हम कंसीडर करते हैं। बट अगेन फर्स्ट प्रायोरिटी शुड बी द डाइट। राइट? व्हाट अबाउट द क्रिएटिन एज अ सप्लीमेंट? सो क्रिएटिन एनी बॉडी हु इज़ डिसेंटली फिजिकल एक्टिव, फिजिकली एक्टिव जिनको लगता है कि हां वो वर्कआउट रूटीन में कर रहे हैं, हाई इंटेंसिटी एक्टिविटीज कर रहे
(14:49) हैं। कोई भी सपोर्ट कर रहे हैं। आई थिंक क्रिएटिन उनके लिए अच्छा है। अगेन टू एनहांस देयर फिजिकल परफॉर्मेंस। बट कुछ चीजें जो क्रिएटिन के साथ ध्यान में रखने वाली है। वन इज़ हाइड्रेशन। सेकंड इज़ योर बेस लाइन किडनी फंक्शन। अगर पहले से ही कोई किडनी डिस्फंक्शन है, किडनी कोई प्रॉब्लम है तो उस केस में इट इज बेटर टू बी अवॉयडेड। बट अदरवाइज इफ यू कैन हाइड्रेशन अगर आप अच्छी रख सकते हैं और आप वर्कआउट ढंग से कर रहे हैं तो क्रेटिन इज अ गुड सप्लीमेंट। तो सिमिलरली जैसे प्रोटीन की हमने बात की प्रोटीन अगेन इज़ आई थिंक वेरीेंट। आई थिंक हमारे इंडिया में ओवरऑल
(15:23) प्रोटीन इंटेक इज लाइक वेरी लो। स्पेशली जो लोग वेजिटेरियन है स्पेशली हमारे हमेशा से ही दाल रोटी पे ज्यादा एम्फेसिस रहा है रादर देन कुछ भी प्रोटीन रिच डाइट पे सो अ यंग लोगों में भी नहीं इवन अ किसी में भी हर किसी में प्रोटीन इंटेक शुड बी एडिक्वेट अगर सो एक्सरसाइज कर रहे हैं ट्रेन कर रहे हैं तो मे बी अराउंड 1.
(15:53) 5 ग्राम पर डे सो प्रोटीन इंटेक शुड बी अ प्रायोरिटी िटी फॉर एवरीबॉडी एक्सैक्ट्ली अब जब जैसे हम अगेन व्हेन वी ऑब्जर्व और जब हम डाइटरी असेसमेंट करते हैं अपने क्लाइंट्स का पेशेंट्स का व्हाट वी हैव ऑब्जर्व्ड अगर किसी की रिक्वायरमेंट 70 ग्राम्स भी है तो ऑन एन एवरेज मुश्किल से 20 और 30 ग्राम्स निकल के आता है ऑन एंड स्ट्रेच जब किसी को एम्फसाइज किया जाता है और एंड इट टेक्स टाइम फॉर योर गट आल्सो टू एक्सेप्ट दैट प्रोटीन आल्सो तो जितनी जल्दी एज में आप इस चीज को समझ लेंगे कि हमें प्रोटीन इंटेक बढ़ाना है तो इट विल बी हेल्पफुल फॉर दैट पर्सन ऑन द लॉन्ग रन।
(16:29) हां सुन अगेन नॉट जस्ट फॉर लाइक बॉडी बिल्डिंग वगैरह हम फॉर जनरल हेल्थ फॉर द मेंटेनेंस ऑफ द हेल्थ आल्सो आपके केस में जैसे आपके पास पेशेंट्स आते हैं। किस तरीके के पेशेंट्स आप नॉर्मली कम किस कंप्लेंट से ज्यादा आते हैं? यूजुअल आपने जो एक पैटर्न अभी ऑब्जर्व किया है और किस स्टेज पे आते हैं? एक रीसेंट ट्रेंड इफ आई वर टू डिस्कस तो अभी जो हमने देखा है कि यंगर एज ग्रुप के मेन आर कमिंग मेंटल हेल्थ, सेक्सुअल हेल्थ एंड मेटाबॉलिक डिजीज। ये तीन है व्हिच वी आर सीइंग कि जो ट्रेंड टुवर्ड्स इंक्रीजिंग नंबर्स है। सो बहुत यंग लोग आर कमिंग विद
(17:15) एंग्जायटी, स्लीप डिसऑर्डर्स, डिप्रेशन अ डायबिटीज, प्री डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल प्रॉब्लम्स, हाइपरटेंशन हम एंड सेक्सुअल डिस्फंक्शन एंड फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स। सो आई थिंक जो यंग एज में इन सभी चीजों का ऑनसेट है वो आई थिंक अब ज्यादा होने लग गया है। एंड गुड थिंग इज नाउ पीपल आर कमिंग फॉरवर्ड विद इट। दे आर सीकिंग हेल्प बट आई थिंक अभी भी बहुत सारे मेजॉरिटी लोग ऐसे हैं जो अभी भी बहुत लेट या बहुत देर बाद स्पेशलिस्ट को कंसल्ट करते हैं। ज्यादातर वो लोग अपने वही पीियर ग्रुप से कि हां प्रायोरिटी नहीं समझते। आई थिंक इनिशियल स्टेज पे बिकॉज़ वो उस टाइम प्रायोरिटी
(17:56) होती नहीं है। प्रायोरिटी नहीं होती है। प्लस वही है। आई थिंक नॉलेज भी नहीं है। सो दे डोंट अंडरस्टैंड कि किसको दिखाना है। आई थिंक यही नहीं पता कि दिखाना किसको है। दिखाना किसको है। लाइक फॉर एग्जांपल किडनी का इशू है तो उनको अगेन उसमें भी डवर्सिफिकेशन है। उनको नहीं समझ में आता या उनको यूरोलॉजिस्ट के पास कब जाना है। आप एक बार थोड़ा सा इबोरेट करिए हमारी ऑडियंस को कि यूरोलॉजिस्ट के पास किस केसेस में एक इंसान जाना चाहिए। कब जाना चाहिए? सो यूरोलॉजिस्ट जैसे हम इसको हिंदी में बड़े सिंपल टर्म्स में मूत्र रोग विशेषज्ञ यानी एनीथिंग रिलेटेड टू यूरिन। यूरिन से
(18:34) संबंधित। सो वो किडनी की प्रॉब्लम हो सकती है। यूरिनरी ब्लैडर की प्रॉब्लम, प्रोस्टेट की प्रॉब्लम, अ टेस्टिस की प्रॉब्लम, टेस्टिकुलर कैंसर हो गया या कुछ हो गया। उस तरह की प्रॉब्लम मेल इनफर्टिलिटी मेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन यूरिन रिलेटेड प्रॉब्लम जैसे यूरिन खुल के ना आना यूरिन में ब्लड आना यूरिन इनफेक्शन सो ये सारी चीजें हैं जनरली जो एज अ यूरोलॉजिस्ट वी डील विद हम एज अ यूरोलॉजिस्ट मेरा काम ज्यादा सर्जिकल सर्जरी की तरफ ज्यादा है या फिर कुछ हद तक मेडिसिनस वाला हमारे काउंटर पार्ट नेफ्रोलॉजिस्ट हैं जैसे जिनका काम मेनली किडनी फेलियर के
(19:11) अंदर मेडिसिंस दवाइयों वाला जो जैसे वजह से किडनी फेल हो गई यानी फेल हो गई तो नेफ्रोलॉजिस्ट का काम है जो बाकी है किडनी स्टोंस प्रोस्टेट ये यूरोलॉजिस्ट ये यूरोलॉजिस्ट अगेन कारण मेरा यही था पूछने का बिकॉज़ हम समझते हैं हमारी जनता नहीं समझती है कि कहां किसके पास जाना चाहिए अपनी प्रॉब्लम्स को डिस्कस करने के लिए। एक अगेन ये एक पैटर्न पूछना चाहूंगी कि डस स्मोकिंग और अल्कोहल इंपैक्ट द स्पर्म काउंट और हाउ इट इज इंपैक्ट इंपैक्टिंग द मेंस हेल्थ अगेन? बोथ स्मोकिंग और अल्कोहल दोनों ही अ मेंस सेक्सुअल हेल्थ एंड फर्टिलिटी दोनों पे ही
(19:56) बहुत अ सिग्निफिकेंट इंपैक्ट है बोथ अल्कोहल एंड स्मोकिंग का। तो स्मोकिंग की वजह से स्पर्म काउंट कम हो जाता है। स्पर्म डीएनए डैमेज ज्यादा होता है। तो दैट स्पर्म की क्वालिटी खराब हो जाती है। स्मोकिंग की वजह से अगेन ब्लड सप्लाई ब्लड फ्लो कम हो जाता है। तो जिसकी वजह से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एंड सिमिलर प्रॉब्लम्स ज्यादा हो जाती है। सिमिलरली अल्कोहल जो है अल्कोहल आपकी स्लीप क्वालिटी को भी इंपैक्ट करता है। आपके हॉर्मोनल बैलेंस को भी इंपैक्ट करता है। सो अगेन अल्कोहल लीड्स टू अ पुअर स्पर्म क्वालिटी डिक्रीज इन टेस्टोस्टरॉन एंड पुअर
(20:38) परफॉर्मेंस एस फ एस सेक्सुअल हेल्थ इज कंसर्न। सो स्मोकिंग एंड अल्कोहल आर आई थिंक टू वेरी इजीली मॉडिफाई मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स जो कि हम मेंस सेक्सुअल हेल्थ पे अगर हम बात करें तो हम अगेन ये इसलिए मेरे मेरा ये कंसर्न अगेन इसलिए था मेरे पास जो पेशेंट्स आते हैं या क्लाइंट्स आते हैं मेनी ऑफ़ देम आर लाइक कि मेरा डाइट प्लान ऐसा होना चाहिए ना जिसमें मेरा अल्कोहल इंटेक जरूर होना चाहिए एंड दे आर वेरी मच पर्टिकुलर अबाउट इट बी इट ऑन अ रेगुलर बेसिस बी इट ऑन अ कभी-कभी वाला भी और एक एक पैटर्न ऐसा है कि उनको डेली वाला भी चाहिए। तो इट गेट्स
(21:13) वेरी डिफिकल्ट फॉर अस टू कन्विंस देम कि नो दिस इज़ नॉट ओके एंड दिस इज़ नॉट नॉर्मल एट ऑल। सो ये एक बहुत ही डलेमा वाली कंडीशन होती है एज अ प्रोफेशनल डाइटिशियन आल्सो एंड दे आर लाइक कि मैम आप बता दो कि लेना है या नहीं लेना है। माय आंसर इज़ ऑलवेज अ नो। इट कैन नॉट बी यस। और किस क्वांटिटी में लेना है या कैसे लेना है? इट इंपैक्ट्स अ लॉट। सो दैट इज व्हाई वो कंसर्न क्या एक मेल रिप्रोडक्टिव हेल्थ पे भी इंपैक्ट करती है या मेंटल हेल्थ पे इंपैक्ट करती है या मेटाबॉलिकली कैसे इंपैक्ट करती है दैट वास द कंसर्न हम सो ऐसे में यूजुअली व्हाट बिकॉज़ हमसे
(21:48) भी ये सेम क्वेश्चन पूछा जाता है जब भी पेशेंट डिस्चार्ज होता है तो दिस इज़ वन ऑफ़ द वैरी कॉमन क्वेश्चंस कि अल्कोहल कब पी सकते हैं कितना पी सकते हैं? सो अगेन व्हाट आई से बिकॉज़ जो मेरे को लगता है कि अगर हम बिल्कुल ही उसको जीरो कर दे इट इज नॉन अनसस्टेनेबल फॉर मेजोरिटी ऑफ़ देम। सो पहले स्टार्ट करने के लिए गेट देम टू अ मॉडरेशन वाला लेवल तो टेपर डाउन टेपर डाउन ठीक है तो आप फिर देन ग्रेजुअली यू ट्राई एंड कन्विंस देम कि हां इट इज नॉट रियली आल्सो इट डिपेंड्स अपॉन दी एज ग्रुप आल्सो फॉर एग्जांपल द वन हु इज एल्डर्ली वो उनको अपनी आदतें चेंज करना इज वेरी डिफिकल्ट
(22:22) फॉर देम और जितना यंग एज में ये चीज समझ में आ जाती है दैट विल इंपैक्ट देम ऑन अ लॉन्ग टर्म बेसिस आल्सो सो इसमें एक और है कि अगेन जो एल्डरली वाले हैं बिकॉज़ दे आर आई थिंक दे मैच्योर्ड उनका खुद पे कंट्रोल भी बेटर है। ओके? एस कंपेयर टू अ यंगर वन जिसको पता नहीं है कि हां आज एक ड्रिंक है या दो ड्रिंक है। कोई बिंचिंग भी हो जाता है उनके अंदर। जबकि आई हैव सीन 80 ईयर ओल्ड्स उनका स्टैंडर्ड है कि नहीं हर रोज के दो 30 यू नो दो स्मॉल ड्रिंक्स पीनी है। तो दे आर जस्ट फिक्स्ड ऑन दैट। दे विल नॉट गो टू अ थर्ड ड्रिंक। कुछ भी हो जाए।
(22:56) हम बट यंगर एज ग्रुप में ये कंट्रोल नहीं रहता। तो व्हिच इज वेरीेंट कि बिंजिंग इज आई थिंक मोर हार्मफुल एज कंपेयर टू कंपेयर टू दैट ओके अभी एक और कैटेगरी हम बात करते हैं कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल जिनका है एंड एक बहुत कॉमन पैटर्न अगेन देखा गया है मेल हेल्थ पे बेली फैट विद हायर कॉर्टिसोल और मेजॉरिटी ऑफ़ देम डू नॉट नो कि वो कैसे इंपैक्ट कर रहा है उनकी ओवरऑल हेल्थ पे बिकॉज़ बेली फैट को बहुत नॉर्मल कंसीडर कर रहे हैं मेल मेल्स और क्योंकि उनका फोकस सिर्फ काम है, फैमिली एंड रिस्पांसिबिलिटी है। देयर हेल्थ इज़ टेकिंग द बैक सीट। हाउ डू यू कंसीडर इट एंड हाउ
(23:37) इट कैन नेगेटिवली इंपैक्ट दैट बिकॉज़ वो कहीं ना कहीं मेटाबॉलिज्म को भी इंपैक्ट कर रहा है ओवरऑल? अगेन? आई थिंक इट इज द कॉर्पोरेट कल्चर लगा लो या इसको जो रीसेंट हर कोई बहुत कॉम्पिटिटिव हो गया है। अब जॉब्स को लेके अगेन इनसिक्योरिटी बहुत है। तो देयर इज नो मार्जिन ऑफ एरर। तो हर कोई अपने काम को लेके बहुत ज्यादा ऑक्यूपाइड एंड बहुत ज्यादा इनवॉल्वड हो गया। तो उस चक्कर में वही है कि हेल्थ ऑलवेज टेक्स अ बैक सीट। हेल्थ कभी भी प्रायोरिटी रहती नहीं है। सो अगेन सेडेंटरी लाइफस्टाइल हो गया। एवरीथिंग इज़ ऑन अ कंप्यूटर। आप बैठे हो। सुबह से बैठ गए कंप्यूटर पे और रात तक
(24:18) है। एंड इवन घर पे भी जाके वही सेम चीज कि आप बैठे हुए हैं और वो अपने काम पे लगे हुए हैं। सो ओवरऑल इंडियंस का और साउथ ईस्ट एशियंस का आई थिंक जो एस पर डेटा विसरल फैट एंड बॉडी बेली फैट है दैट इज मोर देन व्हाट द वेस्टर्न पापुलेशन है। हम सो अगेन जितना भी है विसरल फैट है ये सारा कुछ इट हैज़ हाई एरोमेटेज एक्टिविटी। तो टेस्टोस्टरॉन को ईस्ट्रोजन में कन्वर्ट करता है। सो अगेन दैट लीड्स टू इमंबैलेंस एस फ एस हॉर्मोस आर कंसर्न। फिर वही उसका आगे सेक्सुअल हेल्थ पे फर्टिलिटी पे इंपैक्ट होता है। अनदर थिंग दैट वी हैव रिसेंटली नोटिस्ड इज़
(24:58) जो लोग यूएस फर्म्स में लेट से काम करते हैं। एमएसी में काम करते हैं। तो दे हैव वर्किंग आवर्स व्हिच आर एस पर यूएस टाइम स्ेड्यूल। रात में तो वो रात में जागते हैं, दिन में सोते हैं। तो बहुत सारे वैसे लोग भी अब हमारे पास आते हैं बिकॉज़ ऑफ़ दे हैव एवरीथिंग अब्सोलुटली ओके बट द सेक्सुअल हेल्थ फर्टिलिटी इज टेकिंग अ वैक्सीन वैक्सीन नॉट गिवन अ वैक्सीन इट्स टेकिंग अ टोल। सो उस पे इंपैक्ट दिख रहा है। सो उनकी सेक्सुअल लाइफ डिस्टर्बड है। प्रेगनेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं। प्रेगनेंसी नहीं हो पा रही है। सो अगेन उसका अनफॉर्चूनेटली द प्रॉब्लम इज़
(25:32) देयर जॉब बट उसका कुछ कर नहीं सकते। सरकेडन रिदम इज अ प्रॉब्लम फॉर नाउ तो एंड इट इज इज़ियर सेट देन उसको चेंज तो करा नहीं सकते हैं कि कैसे चेंज कराएं उसको बट जो प्रॉब्लम है है तो इट नीड टू बी वर्क्ड अप इट नीड्स टू बी वर्क नीड्स अ लॉट ऑफ़ आई थिंक डेडिकेशन टू चेंज दैट अच्छा ऐसा पैटर्न है कि कोई फिट है जो हमें लगता है जिम गोअ है या ओवरऑल फिटनेस दिखती है बट वो इनसाइड अनहेल्ी हो सकता है हां बिल्कुल आई थिंक सिर्फ फिट होना बाहर से दिखने में फिट होना जरूरी नहीं है कि आपके मेटाबॉलिक पैराटर्स ठीक हो। हम सो अगेन इस पे भी कुछ हद तक आई थिंक
(26:17) अवेयरनेस की कमी है। बिकॉज़ हम अपनी बॉडी बिल्डिंग फिजिकली फिट होने में तो ध्यान दे लेते हैं लेकिन बहुत सारे लोग कभी टेस्ट ही नहीं कराते। एक्सक्ट्ली। सो पता ही नहीं है कि अंदर प्री डायबिटिक है या फ्रैंक डायबिटिक है। कोलेस्ट्रॉल का क्या लेवल चल रहा है। थायराइड का क्या लेवल चल रहा है। तो वो पता ही नहीं है। सो इनफ जो लीनर लोग हैं मैंने ऑब्जर्व किया है देयर वाज अ मिसकसेप्शन अमोंग्स देम आल्सो एक देखा गया एक मिसकंसेप्शन उनमें भी होता ही है कि हम लीन हैं हम फिट हैं तो प्रोबेब्ली हमारे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स हमको नहीं टच करेंगे इनफैक्ट जब ब्लड
(26:50) टेस्ट करवाते हैं वी आर एबल टू डायग्नोस कि सी योर एचबीएनसी इज नॉट ओके प्रोबेब्ली यू माइट बी डिसलिपिडीमिया हो सकता है आपके कोलेस्ट्रॉल ठीक नहीं है आपका आपको ट्राइग्लिसराइड्स हाई है बहुत सारे इश्यूज हो सकते हैं बिकॉज़ ऑफ देयर लाइफस्टाइल एंड ईटिंग पैटर्न जो दिखने में भी फिट और लीनर दिख रहा है। सो वही फैमिली हिस्ट्री क्या है? अगेन आपने कभी बेसलाइन टेस्ट तो कराया ही नहीं है तो आपको पता ही नहीं है कि आपकी खुद की बॉडी के अंदर क्या चल रहा है। तो अगर हम एक मोटा-मोटा अगर हम देखना चाहें तो किस तरीके के बेसिक टेस्ट एज अ मेल करा लेने चाहिए और प्रोबब्ली अराउंड
(27:25) एक साल साल में एक बार वुड वर्क या कैसे? सो आई थिंक एक बार आप 30 टू 40 की एज ग्रुप में आ गए हैं। हम स्पेशली जब आपने कामवाम भी शुरू कर दिया है। यू नो आप फैमिली भी स्टार्ट कर ली है। उसके बाद आई थिंक एनुअल हेल्थ चेकअप में देयर इज नो हार्म। एक बार साल में करा लें ब्लड टेस्ट। स्पेशली डायबिटीज स्क्रीनिंग, ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, किडनी फंक्शन, लिवर फंक्शन, कोलेस्ट्रॉल। ये तो बहुत ही बेसिक से टेस्ट्स हैं। थायरइड हम सिंपल इतने भी टेस्ट करा लें तो एटलीस्ट आपको एक अपनी बेसिक मेटाबॉलिक हेल्थ का पता चल जाएगा। प्लस आई थिंक सभी को अपने
(28:03) वेट अपनी लेट्स से वेस्ट सरकम्फ्रेंस होगी या हिप टू वेस्ट रेशियो होगी। ये कुछ पैराटर्स आई थिंक सबको थोड़े से मॉनिटर कर लेने चाहिए ताकि जो बेसिकली आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ के मार्कर्स हैं सिर्फ ये देख के कि हां मेरे सिक्स पैक निकल रहे हैं या मेरे मसल बन रहे हैं वो वहां पे नहीं रुक जाना चाहिए तो हमारी एक कैटेगरी है एडल्ट्स की जिनको मेटाबॉलिक सिंड्रोम यानी कि बीपी शुगर थायराइड दे आर स्ट्रगलिंग विद ऑल ऑफ़ दिस साथ में स्ट्रेस है वर्क प्रेशर रिस्पांसिबिलिटीज एंड एवरीथिंग हाउ इट इज़ इंपैक्टिंग द फर्टिलिटी इज इट इंपैक्टिंग और नॉट क्या यह अफेक्ट कर रहा है या वो
(28:42) अवेयर नहीं है क्या लगता है आपको इस बारे में? सो ये जो कैटेगरी आपने डिस्क्राइब की आई थिंक ये जो आजकल का कॉमन कॉरपोरेट वर्कर है ओके सेम वो कैटेगरी है ना तो उसकी स्लीप पूरी हो रही है ना उसने अपनी हेल्थ के बारे में कोई ध्यान दिया है वो सिर्फ काम में लगा हुआ है एंड बाकी ऑफिस में या ऑफिस के सोशलाइजेशन उसके चक्कर में अल्कोहल भी है स्मोकिंग भी है एंड एवरीथिंग सो सभी के सभी रिस्क फैक्टर हैं जो कि सेक्सुअल हेल्थ मेटाबॉलिक हेल्थ को इंपैक्ट कर रही है मेटाबॉलिक सिंड्रोम अपने आप में बहुत ही रैंपेंटली आई थिंक बढ़ रहा है। अ ये सेंट्रल ओबेसिटी, बेली फैट
(29:24) बढ़ना और प्री डायबिटीज, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कोलेस्ट्रॉल ऊपर नीचे होना ये सारा कुछ आज से आई थिंक 20 साल पहले जो इंसिडेंस था उसके कंपैरिजन में बहुत ज्यादा बढ़ गया। ओके। तो इसका मेंस हेल्थ पे डायरेक्ट इंपैक्ट है। सो अगेन जो लेट्स से अगर हम इरेक्शन की बात करें तो इरेक्शन एक बिल्कुल ही वैस्कुलर फिनोमिना है कि ब्लड फ्लो बढ़ता है। हम सो ब्लड फ्लो अगेन जितने भी कोलेस्ट्रॉल शुगर उसकी वजह से जो ब्लड फ्लो है वो दैट रिड्यूसेस ब्लड फ्लो तो जो इरेक्शन के लिए ब्लड का रिस्पांस आना चाहिए वो रिस्पांस आ ही नहीं पाता है। डटेशन ऑफ ब्लड वेसल्स हो
(30:05) ही नहीं पाती है। इसको हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इसको हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बोल सकते हैं। ओके। सो मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबिटीज, प्री डायबिटीज, हाइपरटेंशन, स्मोकिंग ये सारे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बहुत कॉमन रिस्क फैक्टर या कॉजिटिव फैक्टर्स हो गए। ओके? सो ये सेम चीज होती है हार्ट में। तो जब हार्ट अटैक होता है उसमें भी सेम कि ब्लड फ्लो कम हो गया, ब्लड वेसल ब्लॉक हो गई थी तो ब्लड फ्लो कम हो गया और हार्ट अटैक हो गया। सो सिमिलरली अ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में भी सेम फिनोमिना है। सो इनफैक्ट आजकल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को तो हम वी कैन कंसीडर एज अर्ली मार्कर
(30:40) ऑफ कार्डियोवस्कुलर हेल्थ कि हार्ट हेल्थ के लिए इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक अर्ली मार्कर है। तो आई थिंक ये तो बहुत समझने वाली बात है मेल्स को कि दिस इज अल्टीमेटली कहीं ना कहीं आपके हार्ट को इंपैक्ट कर सकता है लॉन्ग टर्म में। तो ये बेसिक है जो समझना बहुत जरूरी है। तो इसीलिए सो न्यू ऑनसेट अगर किसी को सडन ऑनसेट न्यू ऑनसेट डायरेक्टल डिस्फंक्शन है तो उसको सिर्फ ये नहीं सोचना कि हां ये मेरे मन का वहम है या कुछ है। नॉर्मली नहीं कंसीडर करना चाहिए। उसको नॉर्मली कंसीडर करना। हो सकता है कि उस एक कंसल्टेशन की वजह से कि आपने किसी
(31:15) डॉक्टर को दिखा लिया। उस एक कंसल्टेशन की वजह से फ्यूचर में होने वाला हार्ट अटैक प्रिवेंट हो गया। ओके? तो बिकॉज़ अगर कुछ वैस्कुलर प्रॉब्लम इरेक्शन से रिलेटेड चल रही है तो वो सिमिलर हार्ट से रिलेटेड भी चल रही हो सकती है। अच्छा इससे एक चीज मुझे और समझनी चाहिए या जनता को समझनी चाहिए कि इसका इंपैक्ट हमारे सो सेक्सुअली एक्टिव होने से पड़ता है या नहीं पड़ता है या कितना इनवॉल्वड होना चाहिए इन दैट केस। सो ऐसे डजंट मैटर और नॉट। सो सेक्सुअली एक्टिव होना अगेन बिकॉज़ उससे जो आपके हैप्पी हॉर्मोनस है, टेस्टोस्टरॉन है वो सारा कुछ बूस्ट हो रहा है,
(31:55) स्टिमुलेट हो रहा है टू सम एक्सटेंट कुछ फिजिकल एक्टिविटी भी हो रही है। तो उस तरह से सेक्सुअल एक्टिविटी इन इटसेल्फ इज गुड फॉर अ लेट्स से हार्ट हेल्थ एंड एवरीथिंग। बट उस चीज के लिए फिर अननेसेसरी सप्लीमेंट्स लेना या उसको यू नो अननेचुरली बूस्ट करने की कोशिश करना वो गलत है। ओके? सो अगेन वही बात जो हमने पहले भी डिस्कस किया कि सेक्सुअल हेल्थ को बूस्ट करने के लिए टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट लेना और ये सोचना कि मेरी हार्ट हार्ट हेल्थ बेटर हो जाएगी वो गलत है। ओके। ओके अगर जैसे सप्लीमेंट्स की ही हम बात कर रहे हैं। फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स डस
(32:32) हेल्प इन योर केस या किस एक्सटेंट तक हम इसको इसमें हम हेल्प ले सकते हैं इनकी? सो फर्टिलिटी में अगेन आई थिंक एक तो है जिनका सब कुछ नॉर्मल है जो सिर्फ अभी ट्राई कर रहे हैं। उन्होंने कोई टेस्ट नहीं करवाए हैं। वो फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स ले रहे हैं। तो आई थिंक उसके लिए कोई एविडेंस नहीं है। कोई अच्छा हमें पता नहीं है कि उनको हेल्प कर भी रहे हैं एक्चुअली में या नहीं कर रहे हैं। वो बस ले रहे हैं। वो प्लस ही वो इफेक्ट है। दूसरी कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स है जिनका लेट्स से स्पर्म काउंट जीरो है। हम उसके अंदर भी अगेन वी आर वेरी श्योर कि
(33:05) फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स जो मार्केट में मिल रहे हैं दे आर नॉट गोइंग टू हेल्प ओके एक बहुत ही स्पेसिफिक कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स है जिनके अंदर फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स का डेटा है या जो हेल्प करते हैं वो है जो ट्राई कर रहे हैं जिनको पता है कि हां प्रेगनेंसी नहीं हो पा रहा हम लेकिन सीमन के अंदर स्पर्म्स हैं क्वालिटी थोड़ी सी प्लस माइनस है मोटिलिटी थोड़ी सी प्लस माइनस है कि कुछ-कुछ माइनर प्रॉब्लम्स हैं बिल्कुल ली 100% एबनॉर्मल वाला नहीं है। तो वो केसेस है जिनके अंदर फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स एक्चुअली में हेल्प करते हैं। ओके? सो फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स अगेन आर
(33:41) एक्सपेंसिव। सो बेटर है कि वही ले जिनको एक्चुअली में काम है। क्या अश्वगंधा शिलाजी आर दे वर्किंग इन दैट केस? डस दे वर्क? दे डू वर्क बट अगेन उनकी प्रॉब्लम सबसे बड़ी व्हाट आई फील इज देयर क्वालिटी चेक क्वालिटी कंट्रोल। आप अगर अश्वगंधा खा रहे हैं तो यू डोंट नो कि एक्चुअली वो अश्वगंधा है भी या नहीं है। क्या उसका सोर्स है? क्या उसकी प्योरिटी लेवल है। ओके। सो मार्केट में सप्लीमेंट्स के हजारों ब्रांड्स हैं। तो उनमें से कौन कहां से मैन्युफैक्चर? नहीं। ठीक है? एंड जब हम बॉयज की बात कर रहे हैं, टीनएज की भी बात कर रहे हैं तो किस
(34:24) टाइम पे किस तरीके से एक तो हजीन पॉइंट ऑफ व्यू से हम उनको गाइड कर सकते हैं एज अ पेरेंट या मेंटर फर्स्ट थिंग। सेकंडली कब उनको इस चीज पे ध्यान देना चाहिए। क्या उन्होंने अपनी सेक्सुअलिटी बोलूंगी या मेल्स हेल्थ बोलूंगी या हॉर्मोन हेल्थ बोलूंगी? इन सारे कांसेप्ट्स को लेके जो टीनएज बॉयज हैं 14 15 थोड़े से बड़े होते हैं तो कब उनको थोड़ा अवेयरनेस शुरू कर देनी चाहिए एज अ पेरेंट एज अ मेंटर। सो आई थिंक जैसे ही अ बॉयज अपनी प्यूबर्टी हिट करते हैं व्हिच इज़ अराउंड 12 13 साल की उम्र में। सो जो कि एज ग्रुप और कम होते जा रहा है अभी। हम
(35:03) सो जब उनको बॉडी के अंदर चेंजेस आने शुरू हो जाते हैं। आई थिंक दैट इज द राइट टाइम जब उनको थोड़ा सा मेंस हेल्थ या सेक्सुअलिटी या पर्सनल हजीन एंड ऑल के बारे में गाइडेंस जरूरी है। सो फॉर एग्जांपल लेट्स से कि जस्ट अ पर्सनल हजीन ही है। सो बहुत सारे बच्चे आते हैं जिन्होंने आज तक जिनको किसी ने बताया ही नहीं कि पर्सनल हजीन कैसे मेंटेन करना है। कैसे क्लीन करना है। प्राइवेट पार्ट्स को कैसे क्लीन करना है, कैसे मेंटेन करना है? क्या हाइजीन इशू आ सकते हैं? या उससे रिलेटेड क्या मेडिकल प्रॉब्लम्स आ सकती है? वो इनफैक्ट कई बार तो पेरेंट्स को खुद को भी नहीं पता होता।
(35:44) ट्रू आई एग्री फॉर एग्जांपल अगेन बीइंग अ मदर वो प्रोबब्ली उनको अवेयरनेस भी नहीं है और वो बता भी नहीं पाएंगे। सेकंडली जो मेल है या फादर है उनको भी थोड़ा ऑकवर्डनेस है या प्रोबब्ली अगेन अवेयरनेस नहीं है समझाने के लिए। और पिया प्रेशर से बोलूंगी पिया ग्रुप से वो इंफॉर्मेशन मिसलीडिंग भी हो सकती है और वो काम की भी हो सकती है तो यू नेवर नो तो हु कैन गाइड दैट बॉय सो अगेन इसमें रोल वेरीेंट रोल इज जो भी पीडियाटिशियन उनको डील करें शुरू में या फिर अगेन ऑब्वियसली कभी भी कोई डाउट्स हो या कुछ हो तो ऑलवेज इट इज़ बेटर एक बार कंसल्ट किसी स्पेशलिस्ट को कंसल्ट कर लेना
(36:24) ओके बिकॉज़ कुछ भी ऐसा है कई बार लेट्स से आजकल एक बहुत कॉमन व्हाट वी सी इज़ फोर स्किन इशज़ कि फोर स्किन रिट्रक्ट नहीं हो पा रही है कुछ और सो अगेन कई बच्चों को पता ही नहीं होता कि द फोर स्किन इज सपोज टू रिट्रैक्ट। सो उस वजह से यूरिन इंफेक्शन फोर स्किन इनफेक्शन ये सारे बहुत कॉमनली हो जाते हैं। अ तो वो चीज सही टाइम पे अगर डायग्नोस हो जाए, सही टाइम पे अगर ट्रीट हो जाए तो फ्यूचर कॉम्प्लिकेशन एंड फ्यूचर प्रॉब्लम्स कैन बी प्रिवेंटेड। हम सिमिलरली लेट्स से टीनएजर्स या 20 टू 40 इयर्स ऑफ एज जो है वो स्क्र टेस्टिकुलर कैंसर की दैट इज दी मोस्ट कॉमन एज
(37:05) ओके सो अगेन उस ऐज ग्रुप में अगर टेस्टिकुलर सेल्फ एग्जामिनेशन के बारे में बच्चों को पता हो तो हो सकता है वी आर एबल टू कैच टेस्टिकुलर कैंसर एट अर्लियर स्टेज एंड अर्ली स्टेज पे ऑब्वियसली ट्रीटमेंट इज मोर इजी ट्रीटमेंट इज़ मोर इफेक्टिव ओके रादर देन कि हमें तब पता चले जब यू नो बहुत लेट हो गया है या ट्रीटमेंट मुश्किल हो गया है। सो ये बहुत ही एक बेसिक सा दो मिनट का काम है। टेस्टिकुलर सेल्फ एग्जामिनेशन तो कोई भी कर सकता है। तो इट इज़ जस्ट कि इनेशन की कमी है। किसी ने आज तक किसी को बताया ही नहीं कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। एक्सक्टली।
(37:41) तो सिमिलरली कई इमरजेंसी कंडीशन भी होते हैं। सो लेट्स से कई बार बच्चों को स्क्रोटलल पेन हो गया। तो इग्नोर कर देते हैं कि हां मसल खींच गया कुछ हो गया। लेकिन कई बार वो टेस्टिकुलर टॉरशन होता है व्हिच इज अ इमरजेंसी कंडीशन। ओके? एंड क्या रीज़ंस हो सकते हैं इनके? सो अगेन होता वो मस्कुलर अ टोन की वजह से। ग्रोथ एंड डेवलपमेंट का पार्ट है वो नहीं। ग्रोथ एंड डेवलपमेंट का पार्ट नहीं है। इट इज़ मोर रिलेटेड टू फिजिकल एक्टिविटी एंड एक्सरसाइज। तो मसल टाइट होता है तो उसकी वजह से टॉर्चन हो जाता है। हम सो अगेन वो एक ऐसी कंडीशन है अगर उसको सही
(38:14) टाइम पे डायग्नोस कर लो तो रिजल्ट्स टोटली डिफरेंट है एज़ कंपेयर टू लेट्स से 12 आवर के डिले के साथ भी। ओके। सो इतनी इमरजेंसी कंडीशन है। बट अगेन बिकॉज़ किसी ने सुना ही नहीं होता तो कोई उस पे ध्यान ही नहीं देता। हम सो ऐसी चीजें आई थिंक एज सून एस द चाइल्ड एंटर्स टीनएज उस समय से ही अ उनको बता देनी चाहिए। उनको थोड़ा सा इस चीज से रिलेटेड ज्ञान दे देना चाहिए। हां, आई थिंक वही मैं अभी जैसे आपसे कन्वर्सेशन हो रहा है, बात हो रही है, इसी चीज में यही सोच रही हूं कि अगेन दिस इज अ वेरी ऐसा डिफरेंट टॉपिक है जो घर में इंपॉसिबल है कोई बात करेगा और पीियर ग्रुप
(38:54) से इनेशन कैसी आएगी यू नेवर नो एंड अगेन इंटरनेट इज नॉट द ओनली या हमेशा सही नहीं होता है। तो इट इज़ ऑल अबाउट कि आप किस जगह से क्या इन ले रहे हो दैट मैटर्स अ लॉट। सो इनफैक्ट एक बहुत ही सीनियर डॉक्टर से आई हैड अ डिस्कशन वंस। सो जो हमारी अब सोसाइटी है वी आर मूविंग टुवर्ड्स एस फ एस लेट्स से टीनएज सेक्सुअलिटी इज़ कंसर्न। तो हम वी आर मूविंग टुवर्ड्स द वेस्टर्न वर्ल्ड। सो हम चिल्ड्रन आर गेटिंग सेक्सुअली एक्टिव एट अ यंगर एज। यंगर एज। बट जो सेफ सेक्स एजुकेशन है जो कि लेट्स से वेस्टर्न वर्ल्ड में 12 13 साल की उम्र से स्कूल्स में या यू नो घर में दे दी जाती
(39:36) है। हमारे यहां पे कोई बात ही नहीं करता उसके। सो बिकॉज़ किसी भी एज में नहीं दी जाती। किसी भी एज में कोई बात ही नहीं करता। ना घर पे कोई बात करता है ना ही स्कूल में कोई बात करता है। जिस वजह से टीनएजर्स में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजसेस का जो इंसिडेंस है दैट इज गेटिंग हायर। सो वी आर सीइंग अ लॉट ऑफ़ टीनएज बॉयज जो कि एसटीडीज के साथ हमारे पास आ रहे हैं। ओ सो अगेन बिकॉज़ ऑफ़ लैक ऑफ इनेशन बिकॉज़ ऑफ़ लैक ऑफ़ नॉलेज। नॉलेज एंड दे ट्राई टू गेट एनी काइंड ऑफ़ इनफेशन दैट टू फ्रॉम अ वेरी रोंग सोर्स और समथिंग। तो व्हाट कुड बी द रीज़न फॉर द
(40:10) अर्ली मेल प्यूर्टी? व्हाट कुड बी द पॉसिबल रीज़ंस? एस पर यू आपके हिसाब से अर्ली मेल प्यूबर्टी क्यों हो रही है? और क्या कारण हो सकता है इसका? वन ऑफ़ द मोस्टेंट फैक्टर आई थिंक इज डाइट। हम जिस तरह की हमारी डाइट है। हाईली प्रोसेस्ड फूड वेरी हाई ऑन जंक एंड जंक शुगर कंटेंट, कार्बोहाइड्रेट कंटेंट एंड प्रिजर्वेटिव्स क्या-क्या यूज़ कर रहे हैं। सो वी डोंट नो। आई थिंक दैट इज़ वेरीेंट। प्लस सेकंड अ प्यूटर डेवलपमेंट में तो नहीं बट आई थिंक जो टीवी पे कंटेंट देख रहे हैं। सो दैट इन्फ्लुएंसेस बच्चों को बहुत ज्यादा कि बच्चे जो टीवी पे देख रहे हैं जो YouTube
(40:55) पे या किसी भी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पे देख रहे हैं। उससे इंप्रिंटिंग तो हो ही रही है। तो उससे इट नीड टू बी मॉनिटर्ड। इट नीड्स टू बी मॉनिटर्ड एंड दैट इज व्हाट शेप्स देम। उसी से ही उनका आगे की थॉट प्रोसेस उनका सारा कुछ गवर्नर आई थिंक वो भीेंट है। लेट्स प्ले रैपिड फायर राउंड जिसमें आप सिर्फ मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में बताना है। क्या यह मिथ है या फैक्ट है? और प्रोबेब्ली अगर थोड़ा सा एक्सप्लेन करना हो तो एक लाइन पे इफ यू वांट टू समराइज इट। डन। सो ज्यादा प्रोटीन खाने से टेस्टोस्टरॉन ऑटोमेटिकली बढ़ता है। मिथ और फैक्ट।
(41:31) मिथ ओके। मेस्टरबेशन सॉरी मेस्टरबेशन से टेस्टोस्टरॉन परमानेंटली कम हो जाता है। मिथ और फैक्ट। मिथ ओके। बेली फैट ज्यादा होना टेस्टोस्टरॉन लेवल्स को अफेक्ट कर सकता है। फैक्ट ओ ओ सिर्फ टेस्टोस्टरॉन बूस्टर सप्लीमेंट्स लेने से मसल मास और सेक्सुअल हेल्थ इंप्रूव हो जाएगी। पार्टली ट्रू ओके पार्टली ट्रू। अंडा गारमेंट्स का टाइप स्पर्म क्वालिटी को इफेक्ट करता है। अगेन पार्टली ट्रू पार्टली ट्रू। ओके। सो डॉक्टर इफ वी वांट टू समराइज टुडेेस कन्वर्सेशन तो सबसे पहले टीनएज बॉयज को व्हाट वुड यू लाइक टू
(42:17) रिकमेंड देम ऑन योर पॉइंट ऑफ व्यू आई थिंक टीनएज बॉयज एंड देयर फैमिली देयर पेरेंट्स एंड होपफुली देर टीचर्स आल्सो सो आई थिंक टीनएज बॉयज के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है कि एट द राइट स्टेज द राइट कन्वर्सेशन नीड्स टू हैपन तो चाहे वो वो पेरेंट्स में से फादर करें, मदर करें, चाहे स्कूल टीचर करें या स्कूल में कोई इस चीज पे मेबी सेशन हो। सो कोई ना कोई उनको गाइड करें। उनको बताएं कि क्या बॉडी में चेंजेस आते हैं। क्या बॉडी में चेंजेस नॉर्मल है? क्या एब्नॉर्मल है? अ क्या चीज सही है, क्या चीज गलत है। और रादर देन कि वो YouTube पे सर्च करें या Google पे
(43:04) सर्च करें और हाफ बेक नॉलेज ले। हम सो कोई क्रेडिबल सोर्स क्रेडिबल इनेशन उनको मिले। सो दैट बिकॉज़ जो टीनएज में होना है वह सिर्फ टीनएज इयर्स को नहीं इंपैक्ट करेगा। वो उनके आगे 30, 40, 50 एंड 60 ट्रू। होल लाइफ को इंपैक्ट करेगा। एंड व्हाट अबाउट द एथलीट्स। एथलीट एक अलग कैटेगरी है। आई रियली वांट टू एड्रेस देम बिकॉज़ वो मेरी थोड़ी कोर कैटेगरी भी है। बिकॉज़ आई वर्क विथ लॉट ऑफ़ एथलीट्स जो मेल हैं और बच्चे हैं मेरे। तो इट इज जस्ट कि मुझे उनके लिए थोड़ा सा कंसर्न और ज्यादा है ताकि वो गलत सिस्टम में ना जाए एंड इट शुड बी लाइक कि वो उनके परफॉर्मेंस को
(43:46) इंप्रूव करें फॉर मी दैट मैटर्स अ लॉट। सो आई रियली वांट यू टू नो योर आस्पेक्ट इन योर वे। सो आई थिंक अगेन एथलीट्स के लिए और फॉर एनीबडी जो भी अपनी परफॉर्मेंस को इंप्रूव करना चाहता है इन व्हाटएवर एस्पेक्ट ऑफ़ लाइफ। आई थिंक उस चीज का कोई शॉर्टकट नहीं है। हम सो मोस्टेंट इज कंसिस्टेंसी। आप कितना कंसिस्टेंटली लेट्स से ट्रेन कर रहे हैं। कितना कंसिस्टेंटली अपनी डाइट पर काम कर रहे हैं। सप्लीमेंट्स, इंजेक्शंस, बूस्टर्स ये सारे शॉर्टकट्स हैं। एंड शॉर्टकट्स में कुछ ना कुछ हमेशा साइड इफेक्ट्स एंड नुकसान या कॉस्ट तो होती ही होती है। सो जितने हद तक
(44:33) कोई भी चीज जो सस्टेनेबल हो जो आप डेली कर सकते हैं। सो दैट इज मोरेंट रादर देन यू नो कि कुछ दिन के लिए कोई बहुत अच्छा कर लिया लेकिन बाकी दिन को आपने बिल्कुल इग्नोर कर दिया। उससे बेटर है कि थोड़ा-थोड़ा करें बट ऑन अ डेली बेसिस करते रहे। सो कंसिस्टेंसी मैटर्स मोर देन आई थिंक वेरी हाई क्वालिटी सप्लीमेंट्स और व्हाटएवर एंड लास्ट कैटेगरी जो हमारी 30ज और 40ज वाली एज है जो जिसके पास रिस्पांसिबिलिटीज बहुत ज्यादा है और अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं दे रहे हैं और आगे करेंगे या नहीं करेंगे यू नेवर नो बट एट दिस पॉइंट इट इज़ इंपैक्टिंग अ लॉट। सो व्हाट्स
(45:10) योर मैसेज फॉर देम? उनके लिए भी यह समझना बहुतेंट है कि रिस्पांसिबिलिटीज तो है लेकिन वो रिस्पांसिबिलिटीज को कैरी आउट करने के लिए सबसे पहले तो अपनी हेल्थ देखनी पड़ेगी। सो अगर खुद की हेल्थ ही अच्छी नहीं है तो आप बाकी अपने फैमिली को उतना ध्यान नहीं दे पाएंगे। सो एंड प्रिवेंशन इज ऑलवेज बेटर देन क्योर। सो 30 टू 40 वही एज ग्रुप है जिसके अंदर आप अपनी प्रिवेंटिव हेल्थ पे ध्यान दे सकते हैं। सो दैट योर लेट्स से 50 एंड 60 आर फ्रूटफुल। हम आप नहीं चाहते कि हां 30 टू 40 में आपने कुछ ध्यान नहीं दिया और 50 60 आपको हॉस्पिटल में निकले।
(45:49) काम अपनी जगह है लेकिन अपनी हेल्थ, रेस्ट, रिकवरी कुछ हद तक फिजिकल एक्टिविटी चाहे वो कुछ भी हो लेट्स से 45 मिनट्स एवरीडे चाहे जिम हो, साइकिलिंग हो, रनिंग हो, व्हाटएवर अ प्रॉपर स्लीप एंड हो सके तो स्मोकिंग अवॉइड करें। अल्कोहल जितना कम से कम हो सके। अह देन वेरीेंट नो योर मैट्रिक्स कि आपका बॉडी कहां पर है? आपका एचपी एवन सीसी कितना है। सो आई थिंक रादर देन डिस्कसिंग एनीथिंग इफ यू आर एबल टू डिस विथ योर फ्रेंड्स अबाउट योर यू नो कि हां मेरा एचपी एवन सीसी तीन महीने पहले इतना था अब इतना आ गया। सो दैट मींस यू आर हैविंग अ हेल्दी कन्वर्सेशन
(46:31) विथ यर लेट से पेरेंट्स विद योर स्पाउस और हूएवर। सो अगर हम उस लेवल तक चले जाते हैं तो आई थिंक वी आर लुकिंग एट अ गुड फ्यूचर हेल्दी फ्यूचर। थैंक यू सो मच डॉक्टर। इट वाज़ अ वेरी इनाइटफुल कन्वर्सेशन जो आई थिंक बहुत मच नीडेड था। एंड रेयरली कोई इसके बारे में बात करता है। कोई बात करना नहीं चाहता है। हेजिटेट करता है। तो आई थॉट लेट मी कम अप विथ दिस। और ये एक थोड़ी सी छोटी सी अवेयरनेस क्रिएट की जाए। होपफुली वी रीच द राइट ऑडियंस एंड आई थिंक अह वी आर एबल टू बेनिफिट यू नो एट लीस्ट अ स्माल परसेंटेज ऑफ़ आवर ऑडियंस। थैंक यू डॉक्टर। थैंक यू फॉर गिविंग योर
(47:11) प्रेशियस टाइम टू ऑल ऑफ़ अस। थैंक यू फॉर इनवाइटिंग योर। थैंक यू डॉक्टर। तो दोस्तों आज का कन्वर्सेशन ऐसा है कि इग्नोर तो बिल्कुल नहीं करना है क्योंकि यह सवाल ऐसे हैं जो यूजुअली हम किसी से डिस्कस नहीं करते हैं और ऐसे सवालों का जवाब हम यहां पर देने के लिए बैठे हैं जहां पर आप अपने सवालों को बेझिझक होकर कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं ताकि जो यूरोलॉजिस्ट हैं आपको अपनी एक्सपर्टीज के हिसाब से आपको जवाब दे पाएं। अनुप्रेक्षा शो पर हम अनकंफर्टेबल क्वेश्चन से नहीं भागेंगे। उन्हें एविडेंस बेस्ड आंसर्स के साथ कंप्लीटली एड्रेस
(47:47) किया जाएगा। आई एम अनुप्रेक्षा रस्तोगी एंड यू आर वाचिंग अनुप्रेक्षा शो। सी यू इन द नेक्स्ट एपिसोड।
Author Name:Anupreksha Show
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@anuprekshashow
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=c2gKevvJ7fQ
Title: Men Are Too Embarrassed to Ask These Questions | Urologist Answers
Author Name: Anupreksha Show
Description: There are some questions men think about… but rarely ask out loud.
Questions about sexual health.
Hormones.
Performance.
Lifestyle.
Alcohol and smoking.
Fertility.
And sometimes, even the simplest question — “Is this normal?”
In Episode 4 of The Anupreksha Show, Dr. Karun Singla, Urologist from Chandigarh, joins Anupreksha Rastogi for an open and honest conversation about men’s health — without embarrassment, unnecessary fear or myths.
The conversation goes beyond the usual fitness discussion to explore how men can better understand and take care of their sexual health, hormonal health, lifestyle and long-term wellbeing.
From gym, protein and supplements to testosterone, sexual performance, alcohol, smoking and fertility — this episode looks at the bigger picture of what being healthy as a man really means.
In this episode, we discuss:
🔹 SEXUAL HEALTH & PERFORMANCE
🔹 HORMONES & TESTOSTERONE
🔹 FITNESS, PROTEIN & SUPPLEMENTS
🔹 ALCOHOL & SMOKING
🔹 FERTILITY & REPRODUCTIVE HEALTH
🔹 TAKING CHARGE OF MEN’S HEALTH
But men’s health is much bigger than that.
Sleep. Stress. Hormones. Sexual health. Metabolic health. Reproductive health. Alcohol. Smoking. Preventive care.
All of these contribute to the bigger picture.
And taking care of health doesn't have to begin after something goes wrong.
It can begin much earlier.
🎙️ THE ANUPREKSHA SHOW
The Anupreksha Show brings together meaningful conversations around health, nutrition, fitness, lifestyle and wellbeing, with experts and real-world perspectives.
Host: Anupreksha Rastogi
Clinical & Sports Dietitian
Guest: Dr. Karun Singla
Urologist | Chandigarh
Episode 4 — Men’s Health
Powered by Swag On — Nutrition & Wellness
Swag On — Nutrition & Wellness www.swagonwellness.in
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Sometimes an important health conversation doesn't begin in a doctor's clinic.
It begins with someone finally talking about it.
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Have a question or a men's health topic you'd like to see discussed on The Anupreksha Show?
📩 anuprekshashow@gmail.com
Send in your suggestions and questions.
⚠️ DISCLAIMER
This podcast is intended for general health education and awareness. Information discussed in this episode should not be considered a substitute for individual medical consultation, diagnosis or treatment.
For personal concerns related to sexual health, hormones, fertility, urinary health or any medical condition, consult a qualified healthcare professional.
Transcript:
(00:00) डस स्मोकिंग और अल्कोहल इंपैक्ट द स्पर्म काउंट? स्पर्म प्रोडक्शन जीरो हो गया। कल को फैमिली कैसे स्टार्ट करेगी? पुअर परफॉर्मेंस एस फ सेक्सुअल हेल्थ इज कंसर्न। सुई हर किसी की सिर्फ टेस्टोस्टरॉन पे आके अटक जाती है। सो जब तक आप उन चीजों को कंट्रोल नहीं कर रहे हैं। आप बाहर से जो मर्जी करते रह इट इज नॉट गोइंग टू हेल्प। बहुत सारे लोग कभी टेस्ट ही नहीं कराते। एंड स्टिल दे आर कंज्यूमिंग दैट टेस्टोस्टरॉन। लिवर फंक्शन को इंपैक्ट करता है जिसको कोई ध्यान ही नहीं देता। तो बॉडी में उसका इंपैक्ट कैसा पड़ सकता है उसमें? पोर्स, स्पर्म क्वालिटी,
(00:34) मेनी ऑफ़ देम आर लाइक कि मेरा डाइट प्लान ऐसा होना चाहिए ना जिसमें मेरा अल्कोहल इंटेक जरूर होना चाहिए। लेकिन कई बार वो टेस्टिकुलर टॉरशन होता है व्हिच इज अ इमरजेंसी कंडीशन। ना घर पे कोई बात करता है ना ही स्कूल में कोई बात करता है। टीनएज बॉयज जो कि एसटीडीज के साथ हमारे पास आ रहे हैं। अर्ली मेल प्यूबर्टी क्यों हो रही है और क्या कारण हो सकता है इसका? डियर मैन आपकी हेल्थ भी एक प्रायोरिटी है। पर इंडिया में आपकी सेहत को लेकर बात करना अभी भी एक टैबू है। बहुत बार मेल्स प्रॉब्लम्स को फेस तो करते हैं बट अपने इन प्रॉब्लम्स को
(01:08) सॉर्ट करना प्रॉब्लमेटिक समझते हैं। चाहे वह सेक्सुअल हेल्थ हो, टेस्टोस्टरॉन प्रॉब्लम्स हो, फर्टिलिटी इशूज़ हो या फिर मेंटल स्ट्रेस हो। और शायद इसी स्ट्रेस को और इसी टैबू को तोड़ने की जरूरत है। बिकॉज़ हेल्थ प्रॉब्लम्स जेंडर नहीं देखती और हेल्थ को इग्नोर करना उतना ही रिस्की है। तो आज का कन्वर्सेशन हम शुरू करेंगे जो कि बिना जजमेंट के बिना ऑकवर्ड हुए चीजों को समझने के लिए। वेलकम टू अनुप्रेक्षा शो पॉवर्ड बाय स्वैगोन न्यूट्रिशन एंड वेलनेस। वी आर रियल कन्वर्सेशन क्रिएट रियल इंपैक्ट। मैं हूं अनुप्रेक्षा रस्तोगी क्लीनिकल एंड स्पोर्ट्स डाइटिशियन
(01:46) और आपकी होस्ट। सो टुडे वी हैव अ वेरी रनाउन न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर करुण सिंगा। डॉक्टर वेलकम टू अनुप्रेक्षा शो। थैंक यू मैम। थैंक यू फॉर हैविंग मी हियर। इट्स अ प्लेजर टू बी हियर वि यू एंड टू डिस्कस समथिंग व्हिच इज वेरी क्लोज टू माय हार्ट व्हिच इज वेरी व्हिच इज समथिंग व्हिच आई एम वेरी पैशनेट अबाउट। आज हम एक ऐसा टॉपिक शुरू कर रहे हैं, बात कर रहे हैं ऐसे टॉपिक पे जिस पर बहुत कम बात होती है। यानी कि पुरुष समाज की सेहत के बारे में और एक ऐसा टॉपिक है जिसे बहुत टैबू भी समझा जाता है क्योंकि मेल्स जनरली अपनी हेल्थ के बारे में बहुत रेयरली बात करते
(02:24) हैं। क्या लगता है आपको? आपके जब प्रैक्टिस में पेशेंट्स आते हैं वो किस स्टेज पे आते हैं? थोड़ा इनिशियल स्टेज पे आते हैं या किसी प्रॉब्लम्स के साथ आते हैं या जब नाव बिल्कुल डूब जाती है तब आते हैं। सो जनरली मैनस हेल्थ या जो भी मर्दों की जो प्रॉब्लम्स है जनरली हमारे पास या किसी भी डॉक्टर के पास जब तक वो जाते हैं तो इट इज़ एट अ स्टेज जब उनको काम करने में दिक्कत आनी शुरू हो जाती है। इट इज़ नॉट एट अर्ली स्टेज या शुरुआती स्टेज पे वो नहीं आते हैं। उसके मल्टीपल कारण हैं। हमें बचपन से ही लोगों को मेन को बोला जाता है कि कंप्लेन करना या
(03:07) एक कमजोरी की निशानी है। सो जनरली मैन स्पेशली यंग मैन या इवन जो घर के बड़े बुजुर्ग हैं वो अपनी प्रॉब्लम को अपने तक ही रखते हैं। किसी से बात नहीं करते। किसी को बताते नहीं है। एंड दे फील दैट अगर मैं ही कंप्लेंट करूंगा तो घर कैसे चलेगा? काम कौन करेगा? यू नो। सो इस तरह से मल्टीपल रीजन है जिसकी वजह से वो लोग बहुत ही लेट प्रेजेंट करते हैं। आई फील एक चीज ये है मैंने दो तरीके का सेक्शन देखा है। एक तो वो है जो अपने करियर रिस्पांसिबिलिटीज और पैसा कमाने के चक्कर में अपनी हेल्थ को इग्नोर करते हैं। एक दूसरा सेक्शन है जो थोड़े से अलर्ट तो
(03:45) हैं। जिम गअर्स हैं एक्टिव अपना लाइफस्टाइल रखते हैं पर उनका फोकस सिर्फ प्रोटीन और कुछ सप्लीमेंट्स तक सीमित रहता है। तो हाउ इट वर्क्स और यह कैसे इस पे हम देख सकते हैं? कैसे आपने अपने पेशेंट्स में देखा है? सो अनफॉर्चूनेटली जो ये सेकंड कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स हैं जो कि अपनी हेल्थ की तरफ ध्यान तो दे रहे हैं या जो जिम जा रहे हैं, वर्कआउट कर रहे हैं, लेट्स से कैलोरीज ट्रैक कर रहे हैं, जो भी कर रहे हैं। उनके साथ प्रॉब्लम ये है कि दे आर इल इनफॉर्म्ड। बिकॉज़ द सोर्स ऑफ़ नॉलेज, सोर्स ऑफ इन जो उनके पास अवेलेबल है, वो ज्यादा सोशल मीडिया या
(04:26) YouTube वीडियोस उस तरह की चीजें हैं। कोई डेडिकेटेड कोई वेल रिसर्च या एविडेंस बेस्ड इंफॉर्मेशन उनको अवेलेबल नहीं है। आई थिंक एक चीज है सॉरी टू इंटरप्ट्स। साथ में जो इंफॉर्मेशन उनको अगर पीियर ग्रुप से भी मिल रही है या मेंटोरशिप से भी मिल रही है वो भी अनगाइडेड और अनसाइंटिफिक है। डोंट यू थिंक सर? बिल्कुल ज्यादातर जो इंफॉर्मेशन है वो इट इज मोर एनडोटल कि हां मेरे गुरुजी ये करते थे तो मैं भी ये कर रहा हूं। बट वो टाइम के साथ क्या एविडेंस है? क्या उसके प्रोज़ एंड क्स हैं? ये कोई डिस्कस नहीं करता है। तो जो चले आ रहा है वो चले आ रहा है।
(05:05) और बेसिक जब हम बात करते हैं मेंस हेल्थ में अगेन हॉर्मोंस की जब हम बात करते हैं सुई हर किसी की सिर्फ टेस्टोस्टरॉन पे आके अटक जाती है। उसके ऊपर वो हॉर्मोंस को नहीं समझते हैं कि इसके अलावा भी बहुत सारे ऐसे ऑर्गन्स हैं ह्यूमन बॉडी में जो काम करते हैं। तो हम सिर्फ एक मेल बॉडी को सिर्फ ह्यूमन बॉडी की तरह अगर हम ट्रीट करेंगे आई थिंक वो बेटर है कंपेरेटिवली। अगर हम सारे हॉर्मोंस को इग्नोर कर देते हैं तो व्हाट डू यू थिंक व्हाट एकजेक्टली इज टेस्टोस्टरॉन? क्या काम करता है वो? और कौन से हॉर्मोंस हैं जो मेल हेल्थ को डिफाइन करते हैं एज अ ह्यूमन बॉडी आल्सो।
(05:44) सो टेस्टोस्टरॉन अ एक मेल हॉर्मोन है। बट ऐसा नहीं है कि वो सिर्फ मेल्स में है। इट आल्सो वर्क्स इन फीमेल्स। मेल्स के अंदर टेस्टोस्टरॉन का अगेन द फंक्शन इज नॉट लिमिटेड टू द सेक्सुअल हेल्थ। हम जनरल वेल बीइंग, मसल डेवलपमेंट, मूड, फटीगबिलिटी यह सारा कुछ टेस्टोस्टरॉन के लेवल्स के हिसाब से इंपैक्ट होता है। सो जनरली लोग सोचते हैं कि टेस्टोस्टरॉन का फंक्शन सेक्सुअल हेल्थ है या कुछ हद तक कि जिम में जाके बॉडी बिल्डिंग तक। बट उसके अलावा आपकी जनरल मेंटल हेल्थ, ए्जायटी इशूज़, स्लीप इशूज़ एंड यह वो सारा कुछ जो है यह टेस्टोस्टरॉन
(06:26) से लिंक्ड है। एंड सेकंडली टेस्टोस्ट्रॉन इज़ नॉट अ आइसोलेटेड थिंग। टेस्टोस्टरॉन के साथ आपका लेट्स से कोलेस्ट्रॉल, शुगर कंट्रोल, आपकी ओबेसिटी लेवल, थायरॉइड लेवल, आपका स्लीप कैसा है? क्या आप कितने घंटे सो रहे हैं? कितना वर्कआउट कर रहे हैं? फिजिकल एक्टिविटी कितनी कर रहे हैं? आप डाइट कैसी ले रहे हैं? सो एवरीथिंग गोज़ हैंड इन हैंड। सो इट इज नॉट जस्ट आइसोलेटेड कि हां एक टेस्टोस्टरॉन है और बाकी बॉडी से वो आइसोलेटेड है। तो ऐसा नहीं है। एवरीथिंग वर्क्स टुगेदर एंड एवरीथिंग हैज़ टू बी ऑप्टिमाइज फॉर अ ऑप्टिमल रिजल्ट। हम तो और कौन से हॉर्मोंस अगेन एज एन
(07:02) ऑडियंस अगर कोई पूछना चाहे कि हम समझना चाहे कि और कौन से हॉर्मोंस काम करते हैं बिकॉज़ वी एज अ क्लीनशियल्स हमें समझ में आता है। वी आर अ हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स। तो बट एक लेमन को अगर समझना हो तो मेजर मेजर जो हॉर्मोंस होते हैं जो मेल हेल्थ को इंपैक्ट करते हैं आप थोड़ा सा उनके बारे में बताएंगे। सो इन से मोस्टेंट व्हाट आई वुड से इज इंसुलिन। सो इंसुलिन व्हिच इज डायरेक्टली लिंक टू शुगर कंट्रोल। सो इंसुलिन इज वन। सेकंड इज़ सो लेट्स से इफ यू टू टू टू टू टू टू टॉक अबाउट ओबेसिटी। तो जो ईस्ट्रोजन है जो फीमेल हॉर्मोन है। सो ओबेसिटी से जो मेल
(07:38) हॉर्मोन वर्सेस फीमेल हॉर्मोन की जो रेशो है दैट गेट्स इंपैक्टेड। हम व्हिच देन इंपैक्ट्स मेल हेल्थ अपार्ट फ्रॉम दैट कॉर्टिसोल इज़ अनदर हॉर्मोन व्हिच इज वेरीेंट जितना आपका स्ट्रेस लेवल है स्लीप प्रॉपर नहीं होगी ऑल दोज़ थिंग्स दे इंपैक्ट द कॉर्टिसोल लेवल सो कॉर्टिसोल वर्क्स अगेंस्ट यू सॉर्ट ऑफ इट इज़ मोर ऑफ अ फाइट इन फ्लाइट तो इट इज़ लाइक अ वेरी एक्टिव काइंड ऑफ़ अ थिंग। सो यह है जनरली जो व्हिच आर लाइक वेरी बेसिक एंड व्हिच नीड टू बी एड्रेस्ड सिमिलरली अगर हम देखें तो अगेन स्लीप से रिलेटेड मेलाटनिन है। सो मेनी पीपल हैव नाउ
(08:19) स्टार्टेड टेकिंग मेलाटनिन जस्ट टू इंप्रूव देर स्लीप क्वालिटी अ बट दे आर स्टिल इग्नोरिंग व्हाट ब्रिंग्स ऑन स्लीप। सो ट्रू एक नेचुरल तरीके से कैसे आ सकते हैं? बिल्कुल बिल्कुल ठीक ठीक। तो अगर जैसे आपका स्लीप अच्छा है तो ये टेस्टोस्टरॉन को कैसे इंपैक्ट करेगा? सो सी अगेन स्लीप इंपैक्ट्स टेस्टोस्टरॉन इसका मतलब ये नहीं कि हार्म्स हो गए तो टेस्टोस्टर बराबर हो गया। लेकिन स्लीप अच्छी स्लीप। सो बेसिकली रम स्लीप है, नॉन रम स्लीप है। सो इफ द प्रोपोर्शन इज़ राइट इफ यू आर स्लीपिंग वेल छ से आठ घंटे ऑन अ रेगुलर बेसिस विदाउट इंटरपशंस
(08:58) अगर आप सो रहे हैं। सो दैट इज द टाइम व्हेन मैक्सिमम टेस्टोस्टरॉन प्रोडक्शन हैपेंस। सो टेस्टोस्टरॉन जो हम टेस्ट भी करते हैं, दैट इज अर्ली मॉर्निंग जैसे ही आप सुबह सोके उठते हैं, द फर्स्ट थिंग दैट यू डू इज़ गेट योर टेस्टोस्टरॉन टेस्ट बिकॉज़ दैट इज़ व्हेन इट इज़ एट इट्स स्पीड। हम तो सारी रात में जब आप अच्छी नींद लेते हैं तो टेस्टोस्टरॉन प्रोडक्शन अच्छी होती है। अच्छी होती है। अच्छा ऐसा होता है कि टेस्टोस्टरॉन का लेवल अगर हाई है तो बॉडी में उसका इंपैक्ट कैसा पड़ सकता है उसमें? सो अगेन अ देयर आर टू डिफरेंट थिंग्स। एक है
(09:32) टेस्टोस्टरॉन ऑप्टिमाइजेशन। एक है टेस्टोस्टरॉन मैक्सिमाइजेशन। सो नाउ दिस इज़ समथिंग व्हिच स्पेशली पीपल हु गो टू द जिम एंड ऑल दे नीड टू अंडरस्टैंड। सो हमारा पर्पस इज नॉट टू मैक्सिमाइज द टेस्टोस्टरॉन। हमारा पर्पस इज टू ऑप्टिमाइज इट। सो ऑप्टिमाइज इट बेस्ड ऑन योर एज बेस्ड ऑन योर बॉडी बेस्ड ऑन योर लेवल ऑफ फिजिकल एक्टिविटी। इट इज नॉट टू यू नो कि जितना मैक्सिमम हम कर सकते हैं बढ़ाते रहो। तो ऐसा नहीं है कि टेस्टोस्टरॉन पूरा बढ़ गया तो बॉडी और जल्दी बढ़ जाएगी। आई एग्री बिकॉज़ मैंने यह सवाल इसीलिए पूछा है। आई वर्क विद लॉट ऑफ़ एथलीट्स यू
(10:07) अंडरस्टैंड। आई एम इंटू स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन एज वेल। तो मैंने एथलीट्स को लिटरली टेस्टा बूस्टर्स और टेस्टोस्टरॉन लेते हुए देखा है। एंड व्हेन वी काउंसिल देम इट इज़ वेरी डिफिकल्ट फॉर अस टू काउंसिल कि एक लेवल तक ही इट इज़ गुड। अगर आप उसको मैक्सिमाइज करने के लिए भी ले रहे हैं। यू नीड टू गेट इट डन इन द यू कैन से द राइट डायरेक्शन इन अ साइंटिफिक वे। कंसल्ट अ डॉक्टर फॉर दैट। बट वो एक जो सिस्टम चला आ रहा है दैट इज आई वांटेड टू नो कि अगर इतना टेस्टोस्टरॉन ले रहे हैं हमारे बच्चे जो हमारे बडिंग एथलीट्स हैं आप उनको कुछ मैसेज इस तरीके से क्या देना
(10:42) चाहेंगे कि टेस्टोस्टरॉन कैसे रखें और क्या उन्हें एक्चुअली लेना भी चाहिए सो अगेन इसमें दो अलग-अलग एक टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स हो गए एक डायरेक्ट टेस्टोस्टरॉन हो गया ओके सो इफ यू लुक एट द टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स हम जनरली देयर इज वेरी यू नो पुअर डेटा टू सपोर्ट बोर्ड ओके ज्यादा डेटा यही कहता है कि कोई भी ऐसा एक सप्लीमेंट नहीं है जो कि आपके टेस्टोस्टरॉन को ड्रामेटिकली बढ़ा देता है। हम ठीक है? 10 20 पॉइंट बढ़ जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि इट विल डबल हो जाएगा, ट्रिपल हो जाएगा वैसा नहीं है। सो एविडेंस टेस्टोस्टरॉन बूस्टर्स के लिए बहुत अच्छा
(11:19) एविडेंस हमारे पास अवेलेबल नहीं है। एंड स्टिल आवर इंडियन एथलीट्स आर कंज्यूम्ड। एंड स्टिल आई थिंक एवरीबडी हुज जस्ट गोस टू द जिम। सबसे पहले वो टेस्ट बूस्टर स्टार्ट कर लेता है। व्हिच इज अगेन यू आर जस्ट वेस्टिंग मनी एंड यू डोंट इवन नो क्या साइड इफेक्ट। सो आई थिंक ये ऑडियंस को हमारे बच्चों को बर्डिंग एथलीट्स को तो स्पेशली इस बात को समझना जरूरी है कि नेचुरली फॉर एग्जांपल फर्स्ट ऑफ़ ऑल हमारा डाइट सेकंडली हमारा स्लीप हमारा गुड वर्कआउट एंड स्ट्रेस। ऑल दीज़ मैनेज योर टेस्टोस्टरॉन्स ऑन द नेचुरल बेसिस। दिस इज अ वेरीेंट थिंग दैट यू हैव
(11:50) टच्ड ऑन कि बिफोर यू स्टार्ट एनी टेस्टा बूस्टर और टेस्टोस्टरॉन इंजेक्शन पहले जो लाइफस्टाइल चेंजेस है पहले तो वो करो बिकॉज़ वो नेचुरल तरीका है और उससे एक्चुअली में इंप्रूवमेंट होता है। होता है। देयर इज वेल डॉक्यूमेंटेड डेटा कि अगर आपकी नींद प्रॉपर नहीं है, आपका टेस्टोस्टरॉन लो रहेगा। अगर आपकी डाइट प्रॉपर नहीं है, अगर आप ओबीज़ हो, आपका विसरल फैट, बॉडी फैट ज्यादा है, तो आपका टेस्टोस्टरॉन लो रहेगा। सो जब तक आप उन चीजों को कंट्रोल नहीं कर रहे हैं आप बाहर से जो मर्जी करते रह इट इज नॉट गोइंग टू हेल्प। एक कैटेगरी दूसरी ये भी है हमारे जो
(12:23) प्रोफेशनल एथलीट्स हैं दे ट्रेन ऑलमोस्ट फाइव टू सिक्स आवर्स डेली। तो उनका स्ट्रेस लेवल बॉडी में अलग टाइप का है अगेन एंड स्टिल दे आर कंज्यूमिंग दैट टेस्टोस्टरॉन। व्हाट्स योर पर्सपेक्टिव इन दैट? सो सी इट डेफिनेटली एनहांसेस अह टेस्टोस्टरॉन वुड एनहांस फिजिकल परफॉर्मेंस बट देन देयर इज़ अ कॉस्ट टू इट। हर चीज की एक साइड इफेक्ट या कॉस्ट तो है। सो टेस्टोस्टरॉन से मसल बिल्ड होते हैं। सब कुछ होता है। लेकिन साइड बाय साइड इट इंपैक्ट्स लिवर फंक्शन को इंपैक्ट करता है। जिसको कोई ध्यान ही नहीं देता। सो लिवर फेलियर, लिवर डिस्फंक्शन
(13:01) टेस्टोस्टरॉन से हो सकता है। देन जो ब्लड है ब्लड गाढ़ा हो जाता है। सो व्हिच लीड्स टू ज्यादा चांसेस कि कोई कार्डियक इवेंट हो गया या कुछ हो गया। एंड देन व्हिच इज वेरीेंट स्पेशली यंग लोगों के अंदर जिन्होंने अभी तक अपनी फैमिली स्टार्ट नहीं की है। जिन्होंने अभी फ्यूचर में फैमिली स्टार्ट करनी है। टेस्टोस्टरॉन अगर हम एक्सटर्नली लेते हैं तो इट कैन इंपैक्ट योर स्पर्म प्रोडक्शन। स्पर्म प्रोडक्शन जीरो हो गया कल को फैमिली कैसे स्टार्ट करेगी? एक चीज और मैंने तो ऑब्जर्व की है। मैंने ये मिथ्स समझा इस चीज को। बच्चों ने खुद बोला है इस चीज के लिए। तभी आई एम आस्किंग
(13:34) यू एंड डिस्कसिंग इट विद यू कि उनको ऐसा लगता है कि वो फर्टिलिटी भी इंप्रूव करता है। जो कि बिल्कुल नहीं इट इज़ अब्सोलुटली रोंग। टेस्टोस्टरॉन एक्सटर्नल टेस्टोस्टरॉन फर्टिलिटी को खराब करता है। हमें लगता है कि टेस्टोस्टरॉन लिया है तो हां फर्टिलिटी बढ़ेगी। सब कुछ होगा। सेक्सुअल हेल्थ बढ़ेगी। बट इंटरनली वो स्पर्म प्रोडक्शन को डैमेज कर रहा है। और ये जो डैमेज है ये परमानेंट भी हो सकता है। सो मेनी पेशेंट्स माइट एंड अप नॉट हैविंग एनी स्पर्म प्रोडक्शन ऑल थ्रू देर लाइफ। एंड व्हाट अबाउट देयर परफॉर्मेंस? इज इट एक्टिंग एज एन परफॉर्मेंस एनहांसर आल्सो
(14:11) सो ओनली फिजिकल परफॉर्मेंस नॉट एज अ सेक्सुअल परफॉर्मेंस एनहांसर टू सम एक्शन इट इज़ इंप्रूविंग द परफॉर्मेंस अदरवाइज ओके तो एज अ प्रोफेशनल इफ यू आर आस्क्ड लाइक कि क्रिएटिन जैसे सप्लीमेंट्स भी अगेन बच्चे लेते हैं। प्रोटीन जैसे सप्लीमेंट्स भी अगेन लेते हैं। प्रोटीन इज़ अ गुड वे इन अ गुड वे आल्सो हम कंसीडर करते हैं। बट अगेन फर्स्ट प्रायोरिटी शुड बी द डाइट। राइट? व्हाट अबाउट द क्रिएटिन एज अ सप्लीमेंट? सो क्रिएटिन एनी बॉडी हु इज़ डिसेंटली फिजिकल एक्टिव, फिजिकली एक्टिव जिनको लगता है कि हां वो वर्कआउट रूटीन में कर रहे हैं, हाई इंटेंसिटी एक्टिविटीज कर रहे
(14:49) हैं। कोई भी सपोर्ट कर रहे हैं। आई थिंक क्रिएटिन उनके लिए अच्छा है। अगेन टू एनहांस देयर फिजिकल परफॉर्मेंस। बट कुछ चीजें जो क्रिएटिन के साथ ध्यान में रखने वाली है। वन इज़ हाइड्रेशन। सेकंड इज़ योर बेस लाइन किडनी फंक्शन। अगर पहले से ही कोई किडनी डिस्फंक्शन है, किडनी कोई प्रॉब्लम है तो उस केस में इट इज बेटर टू बी अवॉयडेड। बट अदरवाइज इफ यू कैन हाइड्रेशन अगर आप अच्छी रख सकते हैं और आप वर्कआउट ढंग से कर रहे हैं तो क्रेटिन इज अ गुड सप्लीमेंट। तो सिमिलरली जैसे प्रोटीन की हमने बात की प्रोटीन अगेन इज़ आई थिंक वेरीेंट। आई थिंक हमारे इंडिया में ओवरऑल
(15:23) प्रोटीन इंटेक इज लाइक वेरी लो। स्पेशली जो लोग वेजिटेरियन है स्पेशली हमारे हमेशा से ही दाल रोटी पे ज्यादा एम्फेसिस रहा है रादर देन कुछ भी प्रोटीन रिच डाइट पे सो अ यंग लोगों में भी नहीं इवन अ किसी में भी हर किसी में प्रोटीन इंटेक शुड बी एडिक्वेट अगर सो एक्सरसाइज कर रहे हैं ट्रेन कर रहे हैं तो मे बी अराउंड 1.
(15:53) 5 ग्राम पर डे सो प्रोटीन इंटेक शुड बी अ प्रायोरिटी िटी फॉर एवरीबॉडी एक्सैक्ट्ली अब जब जैसे हम अगेन व्हेन वी ऑब्जर्व और जब हम डाइटरी असेसमेंट करते हैं अपने क्लाइंट्स का पेशेंट्स का व्हाट वी हैव ऑब्जर्व्ड अगर किसी की रिक्वायरमेंट 70 ग्राम्स भी है तो ऑन एन एवरेज मुश्किल से 20 और 30 ग्राम्स निकल के आता है ऑन एंड स्ट्रेच जब किसी को एम्फसाइज किया जाता है और एंड इट टेक्स टाइम फॉर योर गट आल्सो टू एक्सेप्ट दैट प्रोटीन आल्सो तो जितनी जल्दी एज में आप इस चीज को समझ लेंगे कि हमें प्रोटीन इंटेक बढ़ाना है तो इट विल बी हेल्पफुल फॉर दैट पर्सन ऑन द लॉन्ग रन।
(16:29) हां सुन अगेन नॉट जस्ट फॉर लाइक बॉडी बिल्डिंग वगैरह हम फॉर जनरल हेल्थ फॉर द मेंटेनेंस ऑफ द हेल्थ आल्सो आपके केस में जैसे आपके पास पेशेंट्स आते हैं। किस तरीके के पेशेंट्स आप नॉर्मली कम किस कंप्लेंट से ज्यादा आते हैं? यूजुअल आपने जो एक पैटर्न अभी ऑब्जर्व किया है और किस स्टेज पे आते हैं? एक रीसेंट ट्रेंड इफ आई वर टू डिस्कस तो अभी जो हमने देखा है कि यंगर एज ग्रुप के मेन आर कमिंग मेंटल हेल्थ, सेक्सुअल हेल्थ एंड मेटाबॉलिक डिजीज। ये तीन है व्हिच वी आर सीइंग कि जो ट्रेंड टुवर्ड्स इंक्रीजिंग नंबर्स है। सो बहुत यंग लोग आर कमिंग विद
(17:15) एंग्जायटी, स्लीप डिसऑर्डर्स, डिप्रेशन अ डायबिटीज, प्री डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल प्रॉब्लम्स, हाइपरटेंशन हम एंड सेक्सुअल डिस्फंक्शन एंड फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स। सो आई थिंक जो यंग एज में इन सभी चीजों का ऑनसेट है वो आई थिंक अब ज्यादा होने लग गया है। एंड गुड थिंग इज नाउ पीपल आर कमिंग फॉरवर्ड विद इट। दे आर सीकिंग हेल्प बट आई थिंक अभी भी बहुत सारे मेजॉरिटी लोग ऐसे हैं जो अभी भी बहुत लेट या बहुत देर बाद स्पेशलिस्ट को कंसल्ट करते हैं। ज्यादातर वो लोग अपने वही पीियर ग्रुप से कि हां प्रायोरिटी नहीं समझते। आई थिंक इनिशियल स्टेज पे बिकॉज़ वो उस टाइम प्रायोरिटी
(17:56) होती नहीं है। प्रायोरिटी नहीं होती है। प्लस वही है। आई थिंक नॉलेज भी नहीं है। सो दे डोंट अंडरस्टैंड कि किसको दिखाना है। आई थिंक यही नहीं पता कि दिखाना किसको है। दिखाना किसको है। लाइक फॉर एग्जांपल किडनी का इशू है तो उनको अगेन उसमें भी डवर्सिफिकेशन है। उनको नहीं समझ में आता या उनको यूरोलॉजिस्ट के पास कब जाना है। आप एक बार थोड़ा सा इबोरेट करिए हमारी ऑडियंस को कि यूरोलॉजिस्ट के पास किस केसेस में एक इंसान जाना चाहिए। कब जाना चाहिए? सो यूरोलॉजिस्ट जैसे हम इसको हिंदी में बड़े सिंपल टर्म्स में मूत्र रोग विशेषज्ञ यानी एनीथिंग रिलेटेड टू यूरिन। यूरिन से
(18:34) संबंधित। सो वो किडनी की प्रॉब्लम हो सकती है। यूरिनरी ब्लैडर की प्रॉब्लम, प्रोस्टेट की प्रॉब्लम, अ टेस्टिस की प्रॉब्लम, टेस्टिकुलर कैंसर हो गया या कुछ हो गया। उस तरह की प्रॉब्लम मेल इनफर्टिलिटी मेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन यूरिन रिलेटेड प्रॉब्लम जैसे यूरिन खुल के ना आना यूरिन में ब्लड आना यूरिन इनफेक्शन सो ये सारी चीजें हैं जनरली जो एज अ यूरोलॉजिस्ट वी डील विद हम एज अ यूरोलॉजिस्ट मेरा काम ज्यादा सर्जिकल सर्जरी की तरफ ज्यादा है या फिर कुछ हद तक मेडिसिनस वाला हमारे काउंटर पार्ट नेफ्रोलॉजिस्ट हैं जैसे जिनका काम मेनली किडनी फेलियर के
(19:11) अंदर मेडिसिंस दवाइयों वाला जो जैसे वजह से किडनी फेल हो गई यानी फेल हो गई तो नेफ्रोलॉजिस्ट का काम है जो बाकी है किडनी स्टोंस प्रोस्टेट ये यूरोलॉजिस्ट ये यूरोलॉजिस्ट अगेन कारण मेरा यही था पूछने का बिकॉज़ हम समझते हैं हमारी जनता नहीं समझती है कि कहां किसके पास जाना चाहिए अपनी प्रॉब्लम्स को डिस्कस करने के लिए। एक अगेन ये एक पैटर्न पूछना चाहूंगी कि डस स्मोकिंग और अल्कोहल इंपैक्ट द स्पर्म काउंट और हाउ इट इज इंपैक्ट इंपैक्टिंग द मेंस हेल्थ अगेन? बोथ स्मोकिंग और अल्कोहल दोनों ही अ मेंस सेक्सुअल हेल्थ एंड फर्टिलिटी दोनों पे ही
(19:56) बहुत अ सिग्निफिकेंट इंपैक्ट है बोथ अल्कोहल एंड स्मोकिंग का। तो स्मोकिंग की वजह से स्पर्म काउंट कम हो जाता है। स्पर्म डीएनए डैमेज ज्यादा होता है। तो दैट स्पर्म की क्वालिटी खराब हो जाती है। स्मोकिंग की वजह से अगेन ब्लड सप्लाई ब्लड फ्लो कम हो जाता है। तो जिसकी वजह से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एंड सिमिलर प्रॉब्लम्स ज्यादा हो जाती है। सिमिलरली अल्कोहल जो है अल्कोहल आपकी स्लीप क्वालिटी को भी इंपैक्ट करता है। आपके हॉर्मोनल बैलेंस को भी इंपैक्ट करता है। सो अगेन अल्कोहल लीड्स टू अ पुअर स्पर्म क्वालिटी डिक्रीज इन टेस्टोस्टरॉन एंड पुअर
(20:38) परफॉर्मेंस एस फ एस सेक्सुअल हेल्थ इज कंसर्न। सो स्मोकिंग एंड अल्कोहल आर आई थिंक टू वेरी इजीली मॉडिफाई मॉडिफायबल रिस्क फैक्टर्स जो कि हम मेंस सेक्सुअल हेल्थ पे अगर हम बात करें तो हम अगेन ये इसलिए मेरे मेरा ये कंसर्न अगेन इसलिए था मेरे पास जो पेशेंट्स आते हैं या क्लाइंट्स आते हैं मेनी ऑफ़ देम आर लाइक कि मेरा डाइट प्लान ऐसा होना चाहिए ना जिसमें मेरा अल्कोहल इंटेक जरूर होना चाहिए एंड दे आर वेरी मच पर्टिकुलर अबाउट इट बी इट ऑन अ रेगुलर बेसिस बी इट ऑन अ कभी-कभी वाला भी और एक एक पैटर्न ऐसा है कि उनको डेली वाला भी चाहिए। तो इट गेट्स
(21:13) वेरी डिफिकल्ट फॉर अस टू कन्विंस देम कि नो दिस इज़ नॉट ओके एंड दिस इज़ नॉट नॉर्मल एट ऑल। सो ये एक बहुत ही डलेमा वाली कंडीशन होती है एज अ प्रोफेशनल डाइटिशियन आल्सो एंड दे आर लाइक कि मैम आप बता दो कि लेना है या नहीं लेना है। माय आंसर इज़ ऑलवेज अ नो। इट कैन नॉट बी यस। और किस क्वांटिटी में लेना है या कैसे लेना है? इट इंपैक्ट्स अ लॉट। सो दैट इज व्हाई वो कंसर्न क्या एक मेल रिप्रोडक्टिव हेल्थ पे भी इंपैक्ट करती है या मेंटल हेल्थ पे इंपैक्ट करती है या मेटाबॉलिकली कैसे इंपैक्ट करती है दैट वास द कंसर्न हम सो ऐसे में यूजुअली व्हाट बिकॉज़ हमसे
(21:48) भी ये सेम क्वेश्चन पूछा जाता है जब भी पेशेंट डिस्चार्ज होता है तो दिस इज़ वन ऑफ़ द वैरी कॉमन क्वेश्चंस कि अल्कोहल कब पी सकते हैं कितना पी सकते हैं? सो अगेन व्हाट आई से बिकॉज़ जो मेरे को लगता है कि अगर हम बिल्कुल ही उसको जीरो कर दे इट इज नॉन अनसस्टेनेबल फॉर मेजोरिटी ऑफ़ देम। सो पहले स्टार्ट करने के लिए गेट देम टू अ मॉडरेशन वाला लेवल तो टेपर डाउन टेपर डाउन ठीक है तो आप फिर देन ग्रेजुअली यू ट्राई एंड कन्विंस देम कि हां इट इज नॉट रियली आल्सो इट डिपेंड्स अपॉन दी एज ग्रुप आल्सो फॉर एग्जांपल द वन हु इज एल्डर्ली वो उनको अपनी आदतें चेंज करना इज वेरी डिफिकल्ट
(22:22) फॉर देम और जितना यंग एज में ये चीज समझ में आ जाती है दैट विल इंपैक्ट देम ऑन अ लॉन्ग टर्म बेसिस आल्सो सो इसमें एक और है कि अगेन जो एल्डरली वाले हैं बिकॉज़ दे आर आई थिंक दे मैच्योर्ड उनका खुद पे कंट्रोल भी बेटर है। ओके? एस कंपेयर टू अ यंगर वन जिसको पता नहीं है कि हां आज एक ड्रिंक है या दो ड्रिंक है। कोई बिंचिंग भी हो जाता है उनके अंदर। जबकि आई हैव सीन 80 ईयर ओल्ड्स उनका स्टैंडर्ड है कि नहीं हर रोज के दो 30 यू नो दो स्मॉल ड्रिंक्स पीनी है। तो दे आर जस्ट फिक्स्ड ऑन दैट। दे विल नॉट गो टू अ थर्ड ड्रिंक। कुछ भी हो जाए।
(22:56) हम बट यंगर एज ग्रुप में ये कंट्रोल नहीं रहता। तो व्हिच इज वेरीेंट कि बिंजिंग इज आई थिंक मोर हार्मफुल एज कंपेयर टू कंपेयर टू दैट ओके अभी एक और कैटेगरी हम बात करते हैं कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल जिनका है एंड एक बहुत कॉमन पैटर्न अगेन देखा गया है मेल हेल्थ पे बेली फैट विद हायर कॉर्टिसोल और मेजॉरिटी ऑफ़ देम डू नॉट नो कि वो कैसे इंपैक्ट कर रहा है उनकी ओवरऑल हेल्थ पे बिकॉज़ बेली फैट को बहुत नॉर्मल कंसीडर कर रहे हैं मेल मेल्स और क्योंकि उनका फोकस सिर्फ काम है, फैमिली एंड रिस्पांसिबिलिटी है। देयर हेल्थ इज़ टेकिंग द बैक सीट। हाउ डू यू कंसीडर इट एंड हाउ
(23:37) इट कैन नेगेटिवली इंपैक्ट दैट बिकॉज़ वो कहीं ना कहीं मेटाबॉलिज्म को भी इंपैक्ट कर रहा है ओवरऑल? अगेन? आई थिंक इट इज द कॉर्पोरेट कल्चर लगा लो या इसको जो रीसेंट हर कोई बहुत कॉम्पिटिटिव हो गया है। अब जॉब्स को लेके अगेन इनसिक्योरिटी बहुत है। तो देयर इज नो मार्जिन ऑफ एरर। तो हर कोई अपने काम को लेके बहुत ज्यादा ऑक्यूपाइड एंड बहुत ज्यादा इनवॉल्वड हो गया। तो उस चक्कर में वही है कि हेल्थ ऑलवेज टेक्स अ बैक सीट। हेल्थ कभी भी प्रायोरिटी रहती नहीं है। सो अगेन सेडेंटरी लाइफस्टाइल हो गया। एवरीथिंग इज़ ऑन अ कंप्यूटर। आप बैठे हो। सुबह से बैठ गए कंप्यूटर पे और रात तक
(24:18) है। एंड इवन घर पे भी जाके वही सेम चीज कि आप बैठे हुए हैं और वो अपने काम पे लगे हुए हैं। सो ओवरऑल इंडियंस का और साउथ ईस्ट एशियंस का आई थिंक जो एस पर डेटा विसरल फैट एंड बॉडी बेली फैट है दैट इज मोर देन व्हाट द वेस्टर्न पापुलेशन है। हम सो अगेन जितना भी है विसरल फैट है ये सारा कुछ इट हैज़ हाई एरोमेटेज एक्टिविटी। तो टेस्टोस्टरॉन को ईस्ट्रोजन में कन्वर्ट करता है। सो अगेन दैट लीड्स टू इमंबैलेंस एस फ एस हॉर्मोस आर कंसर्न। फिर वही उसका आगे सेक्सुअल हेल्थ पे फर्टिलिटी पे इंपैक्ट होता है। अनदर थिंग दैट वी हैव रिसेंटली नोटिस्ड इज़
(24:58) जो लोग यूएस फर्म्स में लेट से काम करते हैं। एमएसी में काम करते हैं। तो दे हैव वर्किंग आवर्स व्हिच आर एस पर यूएस टाइम स्ेड्यूल। रात में तो वो रात में जागते हैं, दिन में सोते हैं। तो बहुत सारे वैसे लोग भी अब हमारे पास आते हैं बिकॉज़ ऑफ़ दे हैव एवरीथिंग अब्सोलुटली ओके बट द सेक्सुअल हेल्थ फर्टिलिटी इज टेकिंग अ वैक्सीन वैक्सीन नॉट गिवन अ वैक्सीन इट्स टेकिंग अ टोल। सो उस पे इंपैक्ट दिख रहा है। सो उनकी सेक्सुअल लाइफ डिस्टर्बड है। प्रेगनेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं। प्रेगनेंसी नहीं हो पा रही है। सो अगेन उसका अनफॉर्चूनेटली द प्रॉब्लम इज़
(25:32) देयर जॉब बट उसका कुछ कर नहीं सकते। सरकेडन रिदम इज अ प्रॉब्लम फॉर नाउ तो एंड इट इज इज़ियर सेट देन उसको चेंज तो करा नहीं सकते हैं कि कैसे चेंज कराएं उसको बट जो प्रॉब्लम है है तो इट नीड टू बी वर्क्ड अप इट नीड्स टू बी वर्क नीड्स अ लॉट ऑफ़ आई थिंक डेडिकेशन टू चेंज दैट अच्छा ऐसा पैटर्न है कि कोई फिट है जो हमें लगता है जिम गोअ है या ओवरऑल फिटनेस दिखती है बट वो इनसाइड अनहेल्ी हो सकता है हां बिल्कुल आई थिंक सिर्फ फिट होना बाहर से दिखने में फिट होना जरूरी नहीं है कि आपके मेटाबॉलिक पैराटर्स ठीक हो। हम सो अगेन इस पे भी कुछ हद तक आई थिंक
(26:17) अवेयरनेस की कमी है। बिकॉज़ हम अपनी बॉडी बिल्डिंग फिजिकली फिट होने में तो ध्यान दे लेते हैं लेकिन बहुत सारे लोग कभी टेस्ट ही नहीं कराते। एक्सक्ट्ली। सो पता ही नहीं है कि अंदर प्री डायबिटिक है या फ्रैंक डायबिटिक है। कोलेस्ट्रॉल का क्या लेवल चल रहा है। थायराइड का क्या लेवल चल रहा है। तो वो पता ही नहीं है। सो इनफ जो लीनर लोग हैं मैंने ऑब्जर्व किया है देयर वाज अ मिसकसेप्शन अमोंग्स देम आल्सो एक देखा गया एक मिसकंसेप्शन उनमें भी होता ही है कि हम लीन हैं हम फिट हैं तो प्रोबेब्ली हमारे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स हमको नहीं टच करेंगे इनफैक्ट जब ब्लड
(26:50) टेस्ट करवाते हैं वी आर एबल टू डायग्नोस कि सी योर एचबीएनसी इज नॉट ओके प्रोबेब्ली यू माइट बी डिसलिपिडीमिया हो सकता है आपके कोलेस्ट्रॉल ठीक नहीं है आपका आपको ट्राइग्लिसराइड्स हाई है बहुत सारे इश्यूज हो सकते हैं बिकॉज़ ऑफ देयर लाइफस्टाइल एंड ईटिंग पैटर्न जो दिखने में भी फिट और लीनर दिख रहा है। सो वही फैमिली हिस्ट्री क्या है? अगेन आपने कभी बेसलाइन टेस्ट तो कराया ही नहीं है तो आपको पता ही नहीं है कि आपकी खुद की बॉडी के अंदर क्या चल रहा है। तो अगर हम एक मोटा-मोटा अगर हम देखना चाहें तो किस तरीके के बेसिक टेस्ट एज अ मेल करा लेने चाहिए और प्रोबब्ली अराउंड
(27:25) एक साल साल में एक बार वुड वर्क या कैसे? सो आई थिंक एक बार आप 30 टू 40 की एज ग्रुप में आ गए हैं। हम स्पेशली जब आपने कामवाम भी शुरू कर दिया है। यू नो आप फैमिली भी स्टार्ट कर ली है। उसके बाद आई थिंक एनुअल हेल्थ चेकअप में देयर इज नो हार्म। एक बार साल में करा लें ब्लड टेस्ट। स्पेशली डायबिटीज स्क्रीनिंग, ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, किडनी फंक्शन, लिवर फंक्शन, कोलेस्ट्रॉल। ये तो बहुत ही बेसिक से टेस्ट्स हैं। थायरइड हम सिंपल इतने भी टेस्ट करा लें तो एटलीस्ट आपको एक अपनी बेसिक मेटाबॉलिक हेल्थ का पता चल जाएगा। प्लस आई थिंक सभी को अपने
(28:03) वेट अपनी लेट्स से वेस्ट सरकम्फ्रेंस होगी या हिप टू वेस्ट रेशियो होगी। ये कुछ पैराटर्स आई थिंक सबको थोड़े से मॉनिटर कर लेने चाहिए ताकि जो बेसिकली आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ के मार्कर्स हैं सिर्फ ये देख के कि हां मेरे सिक्स पैक निकल रहे हैं या मेरे मसल बन रहे हैं वो वहां पे नहीं रुक जाना चाहिए तो हमारी एक कैटेगरी है एडल्ट्स की जिनको मेटाबॉलिक सिंड्रोम यानी कि बीपी शुगर थायराइड दे आर स्ट्रगलिंग विद ऑल ऑफ़ दिस साथ में स्ट्रेस है वर्क प्रेशर रिस्पांसिबिलिटीज एंड एवरीथिंग हाउ इट इज़ इंपैक्टिंग द फर्टिलिटी इज इट इंपैक्टिंग और नॉट क्या यह अफेक्ट कर रहा है या वो
(28:42) अवेयर नहीं है क्या लगता है आपको इस बारे में? सो ये जो कैटेगरी आपने डिस्क्राइब की आई थिंक ये जो आजकल का कॉमन कॉरपोरेट वर्कर है ओके सेम वो कैटेगरी है ना तो उसकी स्लीप पूरी हो रही है ना उसने अपनी हेल्थ के बारे में कोई ध्यान दिया है वो सिर्फ काम में लगा हुआ है एंड बाकी ऑफिस में या ऑफिस के सोशलाइजेशन उसके चक्कर में अल्कोहल भी है स्मोकिंग भी है एंड एवरीथिंग सो सभी के सभी रिस्क फैक्टर हैं जो कि सेक्सुअल हेल्थ मेटाबॉलिक हेल्थ को इंपैक्ट कर रही है मेटाबॉलिक सिंड्रोम अपने आप में बहुत ही रैंपेंटली आई थिंक बढ़ रहा है। अ ये सेंट्रल ओबेसिटी, बेली फैट
(29:24) बढ़ना और प्री डायबिटीज, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कोलेस्ट्रॉल ऊपर नीचे होना ये सारा कुछ आज से आई थिंक 20 साल पहले जो इंसिडेंस था उसके कंपैरिजन में बहुत ज्यादा बढ़ गया। ओके। तो इसका मेंस हेल्थ पे डायरेक्ट इंपैक्ट है। सो अगेन जो लेट्स से अगर हम इरेक्शन की बात करें तो इरेक्शन एक बिल्कुल ही वैस्कुलर फिनोमिना है कि ब्लड फ्लो बढ़ता है। हम सो ब्लड फ्लो अगेन जितने भी कोलेस्ट्रॉल शुगर उसकी वजह से जो ब्लड फ्लो है वो दैट रिड्यूसेस ब्लड फ्लो तो जो इरेक्शन के लिए ब्लड का रिस्पांस आना चाहिए वो रिस्पांस आ ही नहीं पाता है। डटेशन ऑफ ब्लड वेसल्स हो
(30:05) ही नहीं पाती है। इसको हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इसको हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बोल सकते हैं। ओके। सो मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबिटीज, प्री डायबिटीज, हाइपरटेंशन, स्मोकिंग ये सारे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बहुत कॉमन रिस्क फैक्टर या कॉजिटिव फैक्टर्स हो गए। ओके? सो ये सेम चीज होती है हार्ट में। तो जब हार्ट अटैक होता है उसमें भी सेम कि ब्लड फ्लो कम हो गया, ब्लड वेसल ब्लॉक हो गई थी तो ब्लड फ्लो कम हो गया और हार्ट अटैक हो गया। सो सिमिलरली अ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में भी सेम फिनोमिना है। सो इनफैक्ट आजकल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को तो हम वी कैन कंसीडर एज अर्ली मार्कर
(30:40) ऑफ कार्डियोवस्कुलर हेल्थ कि हार्ट हेल्थ के लिए इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक अर्ली मार्कर है। तो आई थिंक ये तो बहुत समझने वाली बात है मेल्स को कि दिस इज अल्टीमेटली कहीं ना कहीं आपके हार्ट को इंपैक्ट कर सकता है लॉन्ग टर्म में। तो ये बेसिक है जो समझना बहुत जरूरी है। तो इसीलिए सो न्यू ऑनसेट अगर किसी को सडन ऑनसेट न्यू ऑनसेट डायरेक्टल डिस्फंक्शन है तो उसको सिर्फ ये नहीं सोचना कि हां ये मेरे मन का वहम है या कुछ है। नॉर्मली नहीं कंसीडर करना चाहिए। उसको नॉर्मली कंसीडर करना। हो सकता है कि उस एक कंसल्टेशन की वजह से कि आपने किसी
(31:15) डॉक्टर को दिखा लिया। उस एक कंसल्टेशन की वजह से फ्यूचर में होने वाला हार्ट अटैक प्रिवेंट हो गया। ओके? तो बिकॉज़ अगर कुछ वैस्कुलर प्रॉब्लम इरेक्शन से रिलेटेड चल रही है तो वो सिमिलर हार्ट से रिलेटेड भी चल रही हो सकती है। अच्छा इससे एक चीज मुझे और समझनी चाहिए या जनता को समझनी चाहिए कि इसका इंपैक्ट हमारे सो सेक्सुअली एक्टिव होने से पड़ता है या नहीं पड़ता है या कितना इनवॉल्वड होना चाहिए इन दैट केस। सो ऐसे डजंट मैटर और नॉट। सो सेक्सुअली एक्टिव होना अगेन बिकॉज़ उससे जो आपके हैप्पी हॉर्मोनस है, टेस्टोस्टरॉन है वो सारा कुछ बूस्ट हो रहा है,
(31:55) स्टिमुलेट हो रहा है टू सम एक्सटेंट कुछ फिजिकल एक्टिविटी भी हो रही है। तो उस तरह से सेक्सुअल एक्टिविटी इन इटसेल्फ इज गुड फॉर अ लेट्स से हार्ट हेल्थ एंड एवरीथिंग। बट उस चीज के लिए फिर अननेसेसरी सप्लीमेंट्स लेना या उसको यू नो अननेचुरली बूस्ट करने की कोशिश करना वो गलत है। ओके? सो अगेन वही बात जो हमने पहले भी डिस्कस किया कि सेक्सुअल हेल्थ को बूस्ट करने के लिए टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट लेना और ये सोचना कि मेरी हार्ट हार्ट हेल्थ बेटर हो जाएगी वो गलत है। ओके। ओके अगर जैसे सप्लीमेंट्स की ही हम बात कर रहे हैं। फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स डस
(32:32) हेल्प इन योर केस या किस एक्सटेंट तक हम इसको इसमें हम हेल्प ले सकते हैं इनकी? सो फर्टिलिटी में अगेन आई थिंक एक तो है जिनका सब कुछ नॉर्मल है जो सिर्फ अभी ट्राई कर रहे हैं। उन्होंने कोई टेस्ट नहीं करवाए हैं। वो फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स ले रहे हैं। तो आई थिंक उसके लिए कोई एविडेंस नहीं है। कोई अच्छा हमें पता नहीं है कि उनको हेल्प कर भी रहे हैं एक्चुअली में या नहीं कर रहे हैं। वो बस ले रहे हैं। वो प्लस ही वो इफेक्ट है। दूसरी कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स है जिनका लेट्स से स्पर्म काउंट जीरो है। हम उसके अंदर भी अगेन वी आर वेरी श्योर कि
(33:05) फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स जो मार्केट में मिल रहे हैं दे आर नॉट गोइंग टू हेल्प ओके एक बहुत ही स्पेसिफिक कैटेगरी ऑफ़ पेशेंट्स है जिनके अंदर फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स का डेटा है या जो हेल्प करते हैं वो है जो ट्राई कर रहे हैं जिनको पता है कि हां प्रेगनेंसी नहीं हो पा रहा हम लेकिन सीमन के अंदर स्पर्म्स हैं क्वालिटी थोड़ी सी प्लस माइनस है मोटिलिटी थोड़ी सी प्लस माइनस है कि कुछ-कुछ माइनर प्रॉब्लम्स हैं बिल्कुल ली 100% एबनॉर्मल वाला नहीं है। तो वो केसेस है जिनके अंदर फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स एक्चुअली में हेल्प करते हैं। ओके? सो फर्टिलिटी सप्लीमेंट्स अगेन आर
(33:41) एक्सपेंसिव। सो बेटर है कि वही ले जिनको एक्चुअली में काम है। क्या अश्वगंधा शिलाजी आर दे वर्किंग इन दैट केस? डस दे वर्क? दे डू वर्क बट अगेन उनकी प्रॉब्लम सबसे बड़ी व्हाट आई फील इज देयर क्वालिटी चेक क्वालिटी कंट्रोल। आप अगर अश्वगंधा खा रहे हैं तो यू डोंट नो कि एक्चुअली वो अश्वगंधा है भी या नहीं है। क्या उसका सोर्स है? क्या उसकी प्योरिटी लेवल है। ओके। सो मार्केट में सप्लीमेंट्स के हजारों ब्रांड्स हैं। तो उनमें से कौन कहां से मैन्युफैक्चर? नहीं। ठीक है? एंड जब हम बॉयज की बात कर रहे हैं, टीनएज की भी बात कर रहे हैं तो किस
(34:24) टाइम पे किस तरीके से एक तो हजीन पॉइंट ऑफ व्यू से हम उनको गाइड कर सकते हैं एज अ पेरेंट या मेंटर फर्स्ट थिंग। सेकंडली कब उनको इस चीज पे ध्यान देना चाहिए। क्या उन्होंने अपनी सेक्सुअलिटी बोलूंगी या मेल्स हेल्थ बोलूंगी या हॉर्मोन हेल्थ बोलूंगी? इन सारे कांसेप्ट्स को लेके जो टीनएज बॉयज हैं 14 15 थोड़े से बड़े होते हैं तो कब उनको थोड़ा अवेयरनेस शुरू कर देनी चाहिए एज अ पेरेंट एज अ मेंटर। सो आई थिंक जैसे ही अ बॉयज अपनी प्यूबर्टी हिट करते हैं व्हिच इज़ अराउंड 12 13 साल की उम्र में। सो जो कि एज ग्रुप और कम होते जा रहा है अभी। हम
(35:03) सो जब उनको बॉडी के अंदर चेंजेस आने शुरू हो जाते हैं। आई थिंक दैट इज द राइट टाइम जब उनको थोड़ा सा मेंस हेल्थ या सेक्सुअलिटी या पर्सनल हजीन एंड ऑल के बारे में गाइडेंस जरूरी है। सो फॉर एग्जांपल लेट्स से कि जस्ट अ पर्सनल हजीन ही है। सो बहुत सारे बच्चे आते हैं जिन्होंने आज तक जिनको किसी ने बताया ही नहीं कि पर्सनल हजीन कैसे मेंटेन करना है। कैसे क्लीन करना है। प्राइवेट पार्ट्स को कैसे क्लीन करना है, कैसे मेंटेन करना है? क्या हाइजीन इशू आ सकते हैं? या उससे रिलेटेड क्या मेडिकल प्रॉब्लम्स आ सकती है? वो इनफैक्ट कई बार तो पेरेंट्स को खुद को भी नहीं पता होता।
(35:44) ट्रू आई एग्री फॉर एग्जांपल अगेन बीइंग अ मदर वो प्रोबब्ली उनको अवेयरनेस भी नहीं है और वो बता भी नहीं पाएंगे। सेकंडली जो मेल है या फादर है उनको भी थोड़ा ऑकवर्डनेस है या प्रोबब्ली अगेन अवेयरनेस नहीं है समझाने के लिए। और पिया प्रेशर से बोलूंगी पिया ग्रुप से वो इंफॉर्मेशन मिसलीडिंग भी हो सकती है और वो काम की भी हो सकती है तो यू नेवर नो तो हु कैन गाइड दैट बॉय सो अगेन इसमें रोल वेरीेंट रोल इज जो भी पीडियाटिशियन उनको डील करें शुरू में या फिर अगेन ऑब्वियसली कभी भी कोई डाउट्स हो या कुछ हो तो ऑलवेज इट इज़ बेटर एक बार कंसल्ट किसी स्पेशलिस्ट को कंसल्ट कर लेना
(36:24) ओके बिकॉज़ कुछ भी ऐसा है कई बार लेट्स से आजकल एक बहुत कॉमन व्हाट वी सी इज़ फोर स्किन इशज़ कि फोर स्किन रिट्रक्ट नहीं हो पा रही है कुछ और सो अगेन कई बच्चों को पता ही नहीं होता कि द फोर स्किन इज सपोज टू रिट्रैक्ट। सो उस वजह से यूरिन इंफेक्शन फोर स्किन इनफेक्शन ये सारे बहुत कॉमनली हो जाते हैं। अ तो वो चीज सही टाइम पे अगर डायग्नोस हो जाए, सही टाइम पे अगर ट्रीट हो जाए तो फ्यूचर कॉम्प्लिकेशन एंड फ्यूचर प्रॉब्लम्स कैन बी प्रिवेंटेड। हम सिमिलरली लेट्स से टीनएजर्स या 20 टू 40 इयर्स ऑफ एज जो है वो स्क्र टेस्टिकुलर कैंसर की दैट इज दी मोस्ट कॉमन एज
(37:05) ओके सो अगेन उस ऐज ग्रुप में अगर टेस्टिकुलर सेल्फ एग्जामिनेशन के बारे में बच्चों को पता हो तो हो सकता है वी आर एबल टू कैच टेस्टिकुलर कैंसर एट अर्लियर स्टेज एंड अर्ली स्टेज पे ऑब्वियसली ट्रीटमेंट इज मोर इजी ट्रीटमेंट इज़ मोर इफेक्टिव ओके रादर देन कि हमें तब पता चले जब यू नो बहुत लेट हो गया है या ट्रीटमेंट मुश्किल हो गया है। सो ये बहुत ही एक बेसिक सा दो मिनट का काम है। टेस्टिकुलर सेल्फ एग्जामिनेशन तो कोई भी कर सकता है। तो इट इज़ जस्ट कि इनेशन की कमी है। किसी ने आज तक किसी को बताया ही नहीं कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। एक्सक्टली।
(37:41) तो सिमिलरली कई इमरजेंसी कंडीशन भी होते हैं। सो लेट्स से कई बार बच्चों को स्क्रोटलल पेन हो गया। तो इग्नोर कर देते हैं कि हां मसल खींच गया कुछ हो गया। लेकिन कई बार वो टेस्टिकुलर टॉरशन होता है व्हिच इज अ इमरजेंसी कंडीशन। ओके? एंड क्या रीज़ंस हो सकते हैं इनके? सो अगेन होता वो मस्कुलर अ टोन की वजह से। ग्रोथ एंड डेवलपमेंट का पार्ट है वो नहीं। ग्रोथ एंड डेवलपमेंट का पार्ट नहीं है। इट इज़ मोर रिलेटेड टू फिजिकल एक्टिविटी एंड एक्सरसाइज। तो मसल टाइट होता है तो उसकी वजह से टॉर्चन हो जाता है। हम सो अगेन वो एक ऐसी कंडीशन है अगर उसको सही
(38:14) टाइम पे डायग्नोस कर लो तो रिजल्ट्स टोटली डिफरेंट है एज़ कंपेयर टू लेट्स से 12 आवर के डिले के साथ भी। ओके। सो इतनी इमरजेंसी कंडीशन है। बट अगेन बिकॉज़ किसी ने सुना ही नहीं होता तो कोई उस पे ध्यान ही नहीं देता। हम सो ऐसी चीजें आई थिंक एज सून एस द चाइल्ड एंटर्स टीनएज उस समय से ही अ उनको बता देनी चाहिए। उनको थोड़ा सा इस चीज से रिलेटेड ज्ञान दे देना चाहिए। हां, आई थिंक वही मैं अभी जैसे आपसे कन्वर्सेशन हो रहा है, बात हो रही है, इसी चीज में यही सोच रही हूं कि अगेन दिस इज अ वेरी ऐसा डिफरेंट टॉपिक है जो घर में इंपॉसिबल है कोई बात करेगा और पीियर ग्रुप
(38:54) से इनेशन कैसी आएगी यू नेवर नो एंड अगेन इंटरनेट इज नॉट द ओनली या हमेशा सही नहीं होता है। तो इट इज़ ऑल अबाउट कि आप किस जगह से क्या इन ले रहे हो दैट मैटर्स अ लॉट। सो इनफैक्ट एक बहुत ही सीनियर डॉक्टर से आई हैड अ डिस्कशन वंस। सो जो हमारी अब सोसाइटी है वी आर मूविंग टुवर्ड्स एस फ एस लेट्स से टीनएज सेक्सुअलिटी इज़ कंसर्न। तो हम वी आर मूविंग टुवर्ड्स द वेस्टर्न वर्ल्ड। सो हम चिल्ड्रन आर गेटिंग सेक्सुअली एक्टिव एट अ यंगर एज। यंगर एज। बट जो सेफ सेक्स एजुकेशन है जो कि लेट्स से वेस्टर्न वर्ल्ड में 12 13 साल की उम्र से स्कूल्स में या यू नो घर में दे दी जाती
(39:36) है। हमारे यहां पे कोई बात ही नहीं करता उसके। सो बिकॉज़ किसी भी एज में नहीं दी जाती। किसी भी एज में कोई बात ही नहीं करता। ना घर पे कोई बात करता है ना ही स्कूल में कोई बात करता है। जिस वजह से टीनएजर्स में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजसेस का जो इंसिडेंस है दैट इज गेटिंग हायर। सो वी आर सीइंग अ लॉट ऑफ़ टीनएज बॉयज जो कि एसटीडीज के साथ हमारे पास आ रहे हैं। ओ सो अगेन बिकॉज़ ऑफ़ लैक ऑफ इनेशन बिकॉज़ ऑफ़ लैक ऑफ़ नॉलेज। नॉलेज एंड दे ट्राई टू गेट एनी काइंड ऑफ़ इनफेशन दैट टू फ्रॉम अ वेरी रोंग सोर्स और समथिंग। तो व्हाट कुड बी द रीज़न फॉर द
(40:10) अर्ली मेल प्यूर्टी? व्हाट कुड बी द पॉसिबल रीज़ंस? एस पर यू आपके हिसाब से अर्ली मेल प्यूबर्टी क्यों हो रही है? और क्या कारण हो सकता है इसका? वन ऑफ़ द मोस्टेंट फैक्टर आई थिंक इज डाइट। हम जिस तरह की हमारी डाइट है। हाईली प्रोसेस्ड फूड वेरी हाई ऑन जंक एंड जंक शुगर कंटेंट, कार्बोहाइड्रेट कंटेंट एंड प्रिजर्वेटिव्स क्या-क्या यूज़ कर रहे हैं। सो वी डोंट नो। आई थिंक दैट इज़ वेरीेंट। प्लस सेकंड अ प्यूटर डेवलपमेंट में तो नहीं बट आई थिंक जो टीवी पे कंटेंट देख रहे हैं। सो दैट इन्फ्लुएंसेस बच्चों को बहुत ज्यादा कि बच्चे जो टीवी पे देख रहे हैं जो YouTube
(40:55) पे या किसी भी और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पे देख रहे हैं। उससे इंप्रिंटिंग तो हो ही रही है। तो उससे इट नीड टू बी मॉनिटर्ड। इट नीड्स टू बी मॉनिटर्ड एंड दैट इज व्हाट शेप्स देम। उसी से ही उनका आगे की थॉट प्रोसेस उनका सारा कुछ गवर्नर आई थिंक वो भीेंट है। लेट्स प्ले रैपिड फायर राउंड जिसमें आप सिर्फ मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में बताना है। क्या यह मिथ है या फैक्ट है? और प्रोबेब्ली अगर थोड़ा सा एक्सप्लेन करना हो तो एक लाइन पे इफ यू वांट टू समराइज इट। डन। सो ज्यादा प्रोटीन खाने से टेस्टोस्टरॉन ऑटोमेटिकली बढ़ता है। मिथ और फैक्ट।
(41:31) मिथ ओके। मेस्टरबेशन सॉरी मेस्टरबेशन से टेस्टोस्टरॉन परमानेंटली कम हो जाता है। मिथ और फैक्ट। मिथ ओके। बेली फैट ज्यादा होना टेस्टोस्टरॉन लेवल्स को अफेक्ट कर सकता है। फैक्ट ओ ओ सिर्फ टेस्टोस्टरॉन बूस्टर सप्लीमेंट्स लेने से मसल मास और सेक्सुअल हेल्थ इंप्रूव हो जाएगी। पार्टली ट्रू ओके पार्टली ट्रू। अंडा गारमेंट्स का टाइप स्पर्म क्वालिटी को इफेक्ट करता है। अगेन पार्टली ट्रू पार्टली ट्रू। ओके। सो डॉक्टर इफ वी वांट टू समराइज टुडेेस कन्वर्सेशन तो सबसे पहले टीनएज बॉयज को व्हाट वुड यू लाइक टू
(42:17) रिकमेंड देम ऑन योर पॉइंट ऑफ व्यू आई थिंक टीनएज बॉयज एंड देयर फैमिली देयर पेरेंट्स एंड होपफुली देर टीचर्स आल्सो सो आई थिंक टीनएज बॉयज के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है कि एट द राइट स्टेज द राइट कन्वर्सेशन नीड्स टू हैपन तो चाहे वो वो पेरेंट्स में से फादर करें, मदर करें, चाहे स्कूल टीचर करें या स्कूल में कोई इस चीज पे मेबी सेशन हो। सो कोई ना कोई उनको गाइड करें। उनको बताएं कि क्या बॉडी में चेंजेस आते हैं। क्या बॉडी में चेंजेस नॉर्मल है? क्या एब्नॉर्मल है? अ क्या चीज सही है, क्या चीज गलत है। और रादर देन कि वो YouTube पे सर्च करें या Google पे
(43:04) सर्च करें और हाफ बेक नॉलेज ले। हम सो कोई क्रेडिबल सोर्स क्रेडिबल इनेशन उनको मिले। सो दैट बिकॉज़ जो टीनएज में होना है वह सिर्फ टीनएज इयर्स को नहीं इंपैक्ट करेगा। वो उनके आगे 30, 40, 50 एंड 60 ट्रू। होल लाइफ को इंपैक्ट करेगा। एंड व्हाट अबाउट द एथलीट्स। एथलीट एक अलग कैटेगरी है। आई रियली वांट टू एड्रेस देम बिकॉज़ वो मेरी थोड़ी कोर कैटेगरी भी है। बिकॉज़ आई वर्क विथ लॉट ऑफ़ एथलीट्स जो मेल हैं और बच्चे हैं मेरे। तो इट इज जस्ट कि मुझे उनके लिए थोड़ा सा कंसर्न और ज्यादा है ताकि वो गलत सिस्टम में ना जाए एंड इट शुड बी लाइक कि वो उनके परफॉर्मेंस को
(43:46) इंप्रूव करें फॉर मी दैट मैटर्स अ लॉट। सो आई रियली वांट यू टू नो योर आस्पेक्ट इन योर वे। सो आई थिंक अगेन एथलीट्स के लिए और फॉर एनीबडी जो भी अपनी परफॉर्मेंस को इंप्रूव करना चाहता है इन व्हाटएवर एस्पेक्ट ऑफ़ लाइफ। आई थिंक उस चीज का कोई शॉर्टकट नहीं है। हम सो मोस्टेंट इज कंसिस्टेंसी। आप कितना कंसिस्टेंटली लेट्स से ट्रेन कर रहे हैं। कितना कंसिस्टेंटली अपनी डाइट पर काम कर रहे हैं। सप्लीमेंट्स, इंजेक्शंस, बूस्टर्स ये सारे शॉर्टकट्स हैं। एंड शॉर्टकट्स में कुछ ना कुछ हमेशा साइड इफेक्ट्स एंड नुकसान या कॉस्ट तो होती ही होती है। सो जितने हद तक
(44:33) कोई भी चीज जो सस्टेनेबल हो जो आप डेली कर सकते हैं। सो दैट इज मोरेंट रादर देन यू नो कि कुछ दिन के लिए कोई बहुत अच्छा कर लिया लेकिन बाकी दिन को आपने बिल्कुल इग्नोर कर दिया। उससे बेटर है कि थोड़ा-थोड़ा करें बट ऑन अ डेली बेसिस करते रहे। सो कंसिस्टेंसी मैटर्स मोर देन आई थिंक वेरी हाई क्वालिटी सप्लीमेंट्स और व्हाटएवर एंड लास्ट कैटेगरी जो हमारी 30ज और 40ज वाली एज है जो जिसके पास रिस्पांसिबिलिटीज बहुत ज्यादा है और अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं दे रहे हैं और आगे करेंगे या नहीं करेंगे यू नेवर नो बट एट दिस पॉइंट इट इज़ इंपैक्टिंग अ लॉट। सो व्हाट्स
(45:10) योर मैसेज फॉर देम? उनके लिए भी यह समझना बहुतेंट है कि रिस्पांसिबिलिटीज तो है लेकिन वो रिस्पांसिबिलिटीज को कैरी आउट करने के लिए सबसे पहले तो अपनी हेल्थ देखनी पड़ेगी। सो अगर खुद की हेल्थ ही अच्छी नहीं है तो आप बाकी अपने फैमिली को उतना ध्यान नहीं दे पाएंगे। सो एंड प्रिवेंशन इज ऑलवेज बेटर देन क्योर। सो 30 टू 40 वही एज ग्रुप है जिसके अंदर आप अपनी प्रिवेंटिव हेल्थ पे ध्यान दे सकते हैं। सो दैट योर लेट्स से 50 एंड 60 आर फ्रूटफुल। हम आप नहीं चाहते कि हां 30 टू 40 में आपने कुछ ध्यान नहीं दिया और 50 60 आपको हॉस्पिटल में निकले।
(45:49) काम अपनी जगह है लेकिन अपनी हेल्थ, रेस्ट, रिकवरी कुछ हद तक फिजिकल एक्टिविटी चाहे वो कुछ भी हो लेट्स से 45 मिनट्स एवरीडे चाहे जिम हो, साइकिलिंग हो, रनिंग हो, व्हाटएवर अ प्रॉपर स्लीप एंड हो सके तो स्मोकिंग अवॉइड करें। अल्कोहल जितना कम से कम हो सके। अह देन वेरीेंट नो योर मैट्रिक्स कि आपका बॉडी कहां पर है? आपका एचपी एवन सीसी कितना है। सो आई थिंक रादर देन डिस्कसिंग एनीथिंग इफ यू आर एबल टू डिस विथ योर फ्रेंड्स अबाउट योर यू नो कि हां मेरा एचपी एवन सीसी तीन महीने पहले इतना था अब इतना आ गया। सो दैट मींस यू आर हैविंग अ हेल्दी कन्वर्सेशन
(46:31) विथ यर लेट से पेरेंट्स विद योर स्पाउस और हूएवर। सो अगर हम उस लेवल तक चले जाते हैं तो आई थिंक वी आर लुकिंग एट अ गुड फ्यूचर हेल्दी फ्यूचर। थैंक यू सो मच डॉक्टर। इट वाज़ अ वेरी इनाइटफुल कन्वर्सेशन जो आई थिंक बहुत मच नीडेड था। एंड रेयरली कोई इसके बारे में बात करता है। कोई बात करना नहीं चाहता है। हेजिटेट करता है। तो आई थॉट लेट मी कम अप विथ दिस। और ये एक थोड़ी सी छोटी सी अवेयरनेस क्रिएट की जाए। होपफुली वी रीच द राइट ऑडियंस एंड आई थिंक अह वी आर एबल टू बेनिफिट यू नो एट लीस्ट अ स्माल परसेंटेज ऑफ़ आवर ऑडियंस। थैंक यू डॉक्टर। थैंक यू फॉर गिविंग योर
(47:11) प्रेशियस टाइम टू ऑल ऑफ़ अस। थैंक यू फॉर इनवाइटिंग योर। थैंक यू डॉक्टर। तो दोस्तों आज का कन्वर्सेशन ऐसा है कि इग्नोर तो बिल्कुल नहीं करना है क्योंकि यह सवाल ऐसे हैं जो यूजुअली हम किसी से डिस्कस नहीं करते हैं और ऐसे सवालों का जवाब हम यहां पर देने के लिए बैठे हैं जहां पर आप अपने सवालों को बेझिझक होकर कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं ताकि जो यूरोलॉजिस्ट हैं आपको अपनी एक्सपर्टीज के हिसाब से आपको जवाब दे पाएं। अनुप्रेक्षा शो पर हम अनकंफर्टेबल क्वेश्चन से नहीं भागेंगे। उन्हें एविडेंस बेस्ड आंसर्स के साथ कंप्लीटली एड्रेस
(47:47) किया जाएगा। आई एम अनुप्रेक्षा रस्तोगी एंड यू आर वाचिंग अनुप्रेक्षा शो। सी यू इन द नेक्स्ट एपिसोड।
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