Sex as a spiritual practice.
Author Name:The Inner Union
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@navneetmakhija8799
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=lBObaWd1L84
Title: Sex as a spiritual practice.
Author Name: The Inner Union
Description: in this video I have explained a very taboo topic of Sex and a spiritual practice. Why sex is considered as a spiritual practice and what makes it heal people. Is sexual intimacy sacred or its something we should refrain from while we are on this path. There is a lot of confusion over this topic. So let's explore it deeply.
Transcript:
(00:02) हाय फ्रेंड्स, वेलकम टू माय चैनल। आज हम एक बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक के ऊपर बात करेंगे और जो है सेक्स एज अ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस। ठीक है गाइस? जो हम लोग इस यू नो असेंशन की जर्नी में है, स्पिरिचुअल अवेकनिंग की जर्नी में हैं और बाकी यू नो ट्विन फ्लेम जर्नी में है या और भी किसी भी आप जर्नी में है जो स्पिरिचुअली आपको अलाइन करती है या ग्रो करती है तो उसमें हम सेक्स को हमने एक बहुत ही बड़ा टैबू बना दिया होता है। हमें लगता है कि ओहो सेक्सुअल एक्टिविटी तो बहुत ही गलत गलत होती है। बहुत ही खराब होती है। हमें तो यू नो सेक्स में इंडल्ज
(00:45) नहीं करना है। और बहुत ही बहुत सारे नेगेटिव बिलीफ सिस्टम्स हैं सेक्स के अराउंड। ठीक है? तो आज मैं इसके ऊपर ही बात करूंगी और मैं कुछ बातें आपको बताऊंगी जो रियलिटी है और हो सकता है मेरा यह वीडियो कुछ लोगों को बहुत ट्रिगर करे। बिकॉज़ मैं बहुत ही ओपनली और क्लियरली बात करने वाली हूं। बिकॉज़ मैंने बहुत कंफ्यूजन देखा है इस टॉपिक के अराउंड। सो आई वुड लाइक टू डिस्कस इट। अगर आप ट्रिगर हो रहे हैं तो मेरे उस पे कहते हैं ना कि कमेंट्स में नेगेटिव कमेंट्स मत लिखिएगा। ट्रिगर हो रहे हैं तो आप अपने आप को हील करिए। ठीक है गाइस? ऑलराइट। तो जो सेक्स है वो
(01:28) इटसेल्फ ही ऑटोमेटिकली स्पिरिचुअल नहीं हो जाता। जैसे आपने एक बुक बुक भी सुनी होगी कि एक बुक है ओशो की संभोग से समाधि। है ना? तो वह जो बुक है उन्होंने वह भी इसके ऊपर ही लिखा है कि सेक्स कितना इंपॉर्टेंट है एज अ स्पिरिचुअल टूल। लेकिन उसके पीछे रीज़ है कि वो क्यों इंपॉर्टेंट है। ठीक है? आज हम उसी के बारे में बात करेंगे। तो जो फिजिकल इंटिमेसी होती है, जो सेक्सुअल एक रिलेशनशिप होता है दो लोगों के बीच में, वह ऑटोमेटिकली स्पिरिचुअल नहीं हो जाता या वह ऑटोमेटिकली गलत नहीं हो जाता। ठीक है ना? यह हमारा बिलीव सिस्टम होता है कि ओहो
(02:08) शादी से पहले अगर फिजिकल इंट इंटिमेसी हो गई तो यह गलत है या शादी के बाद किसी और से हो गई तो वो गलत है। मतलब बहुत सारे बिलीफ सिस्टम्स हमने बना रखे हैं। तो बात हम यह कर रहे हैं कि सेक्स को क्या हम एज अ स्पिरिचुअल टूल यूज कर सकते हैं? जी हां, हम बिल्कुल कर सकते हैं। लेकिन वो स्टेज तब आती है जब आप लस्ट की स्टेज को क्रॉस कर लेते हैं। अ जब आप कॉन्शियसली सेक्स में इनवॉल्वड होते हैं। दैट इज द हाई लेवल ऑफ सेक्सुअल एक्सचेंज। ठीक है ना? अब इसका यह मतलब है कि एक तो हम सिर्फ लस्ट जो एक वासना की एनर्जी है उसमें ही हम यू नो इनवॉल्व हो के हम सेक्स कर रहे
(02:51) हैं सिर्फ बॉडी के लेवल पे कि बस वो यू नो आपको प्लेजर देता है कुछ टाइम के लिए तो लेट्स डू इट तो हम लोग इनवॉल्व होते हैं उस चीज में बट कॉन्शियसली हम लोग वो नहीं कर रहे होते हैं। अपने आपको अवेयरनेस में लाके हम लोग वो एक्ट में इनवॉल्व नहीं होते हैं। तो जब आप फिजिकल इंटिमेसी या सेक्स के साथ कॉन्शियसली इनवॉल्व होंगे, अवेयरनेस में आकर इनवॉल्व होंगे, तभी वो एज अ स्पिरिचुअल टूल आप यूज कर सकते हैं। अब कॉन्शियसली मतलब कॉन्शियसनेस में आके कैसे आप कर सकते हैं। मतलब कैसे आप एक सेक्सुअल एक्ट में जा सकते हैं। वो यह होता है कि आपको यह जानना
(03:33) बहुत जरूरी है कि आप जिसके साथ भी आप सेक्सुअल एक्टिविटी में जा रहे हैं तो क्या आप किस रीजन से जा रहे हैं उसमें? क्या एक ये सिर्फ एक फिजिकल डिज़ायर है जिसकी वजह से जा रहे हैं या आपको वैलिडेशन चाहिए उस इंसान से कि यो देखा मैं कितनी वो हूं। यू नो अट्रैक्टिव हूं। इसलिए ही इज़ अट्रैक्टेड टुवर्ड्स मी। तो वह एक वैलिडेशन होती है। यहां आप एक एंप्टीनेस की वजह से जा रहे हैं उसमें कि अंदर से आप इतने खाली हैं कि आपको कोई भी एक कंपैनियन चाहिए अपने आपको इनवॉल्व करने के लिए। तो यह जानना बहुत जरूरी है कि आप जिस भी सेक्सुअल एक्ट में जा रहे हैं वो आप क्यों
(04:14) जा रहे हैं। अब यह शादी में भी होता है। अब यह क्योंकि हमारे इंडियन कल्चर में तो इसको जबरदस्ती कर दिया गया है कि अगर आप मैरिड हैं तो यस यह जरूरी ही है कि आप शादी में भी आप सेक्स करें। चाहे आपका मन है, चाहे नहीं है, कभी हस्बैंड को प्लीज़ करने के लिए, कभी सिर्फ यह सोच के कि अरे उसकी क्या गलती है। चलो इनवॉल्व हो ही जाती हूं। ये हम लोग बहुत करते हैं। तो यह जानना बहुत जरूरी है कि क्या आप सेक्सुअली इनवॉल्व पीपल प्लीजिंग की वजह से हो रहे हो या अपनी एंप्टीनेस को दूर करने की वजह से हो रहे हो या और लोनलीनेस की वजह से हो
(04:49) रहे हो, वैलिडेशन की वजह से हो रहे हो। किस वजह से आप इनवॉल्व हो रहे हैं। जब आपको वो रीज़ पता चल जाएगा ना तो आप कॉन्शियस हो जाते हैं। तो आप अवेयर हो जाते हैं। ठीक है ना? अब इसमें आपकी डिजायर भी आ सकती है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप डिजायर नहीं कर सकते कि आप किसी के साथ इनवॉल्व हो। ठीक है? तो अगर आप डिजायर की वजह से आप इनवॉल्व हो रहे हैं तो दैट इज परफेक्टली फाइन। इसमें कुछ भी बुरा नहीं है। ठीक है ना? कि आपको लेकिन पता तो है ना कि आपकी डिजायर है वो। और आप बाद में यह नहीं करोगे कि भ अगर वो वो इंसान आपके साथ नहीं रहता, वो चला जाता है तो कल
(05:26) को आप उसके पीछे नहीं भागोगे। कल को आप खुद को अबंडन नहीं कर दोगे। अगर आप एक बार इनवॉल्व हो जाते हो उसके साथ तो जो हम करते हैं जो हम अपने ट्विन के साथ भी करते हैं कि अगर हम सेक्सुअली इनवॉल्व हो जाते हैं तो हम उसके पीछे पड़ जाते हैं। हम डर जाते हैं कि कहीं वो हमें छोड़ के ना चला जाए और फिर हम उसको पकड़ने की कोशिश करते हैं। हम खुद को भूल जाते हैं और हम उसी के पीछे लग जाते हैं चस करने में। तो वो जानना बहुत जरूरी है ना कि आपकी डिजायर क्या है? अगर आप सच में सेक्सुअली इनवॉल्व होना चाहते हैं तो वो होलनेस की स्पेस से
(06:02) हो रहे हो, कंप्लीटनेस की स्पेस से हो रहे हो या खालीपन की वजह से हो रहे हो। प्यार चाहिए मुझे प्यार दो। मुझे वैलिडेट करो। मुझे अच्छा अच्छा बोलो ताकि मुझे अच्छा फील हो। मुझे बोलो कि मैं बहुत सुंदर हूं ताकि मुझे अच्छा फील हो। इस वजह से क्या आप इनवॉल्व हो रहे हो? या आप इसलिए इनवॉल्व हो रहे हो कि आप हां आप डिजायर करते हो एक कंपैनियन अपनी लाइफ में लेकिन आप कंप्लीट हो अपने अंदर अगर वो कल को चला भी जाता है यू विल नॉट लूज़ योरसेल्फ है ना आपको वैलिडेशन नहीं चाहिए उससे कि तुम बड़ी सेक्सीी हो तुम बड़ी स्मार्ट हो ये हो वो हो नहीं क्या आपके अंदर कोई बॉडी को लेके
(06:44) कोई शेम है कोई आपकी जो अपनी इमेज है अपनी बॉडी को लेके क्या आप उसकी वैलिडेशन चाहते हैं कि वह अगर इनवॉल्व हो जाएगा तो आपको लगेगा वाओ आई एम ब्यूटीफुल। क्या आप खुद को ब्यूटीफुल फील नहीं करते? तो यह चीजें जाननी बहुत जरूरी है। इसी को कहते हैं कॉन्शियसली इनवॉल्व होना। ठीक है ना? तो जब आपको ये सब चीजें पता चल जाएंगी। आपको सबसे बड़ी बात है कि आपको यह पता चल जाएगा कि कैन आई एंजॉय इंटिमेसी विदाउट अबंडनिंग मायसेल्फ? यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि क्या मैं इंटिमेसी एंजॉय कर सकती हूं अपने आपको अबंडन किए बगैर। दैट इज वेरी इंपॉर्टेंट।
(07:27) ओके? यही होती है कॉन्शियस इंटिमेसी। जान के सेक्स करना। अवेयरनेस में आके फिजिकल इंटिमेसी में जाना। सिर्फ लस्ट की वजह से इंटिमेसी में नहीं जाना है। ठीक है ना? जो लोग सिर्फ लस्ट की वजह से इंटिमेसी में जाते हैं, वह फिर सर्वाइवल मोड में ही रह रहे होते हैं। वह उनकी एनर्जी अभी तक ऊपर उठी ही नहीं है। ठीक है गाइस? तो आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि आप क्यों जा रहे हैं एक फिजिकल इंटिमेसी वाले रिलेशनशिप में। चाहे वो आपका हस्बैंड ही क्यों ना हो, चाहे वो आपका बॉयफ्रेंड हो, चाहे वो आपका ट्विन हो। बट आपको यह जानना जरूरी है, अवेयरनेस में आना जरूरी है कि आप जो
(08:09) कर रहे हैं, वह क्यों कर रहे हैं। अगर आप अपने अंदर होल फील करते हैं, कंप्लीट फील करते हैं, आपको पता है कि हां यह मेरी डिजायर है एंड आई सीरियसली वांट टू गो इन अ फिजिकल रिलेशनशिप विद समवन। देन गो अहेड। कोई प्रॉब्लम नहीं है उसमें। ना ही इसको कोई हम जज कर सकते हैं कि यह गंदा है या यह अच्छा है। अरे यह तो गलत है। अरे यह तो सही है। कुछ नहीं है ऐसा। आपका जब कॉन्शियसनेस का लेवल इतना हाई हो जाएगा ना जब आप लोगों को सेक्सुअल एक्ट के ऊपर जज करना बंद कर देंगे तभी शायद आप एक होलनेस में और कंप्लीटनेस में आएंगे। ठीक है ना? अभी तो हम लोग बहुत जजमेंट करते
(08:47) हैं। अपने आप को ही जज करते हैं। दूसरों को भी करते हैं। अरे देखा उसके इतने बॉयफ्रेंड है। अरे देखा वो तो उसके साथ इनवॉल्व हो रहा है। व्हाई टू जज पीपल? यू नो अपने आप को भी जज मत करिए। दूसरों को भी जज मत करिए। सेक्सुअल इंटिमेसी इज़ अ वेरी वेरीरी गुड थिंग। अगर आप प्रोवाइडेड आप कॉन्शियसली इनवॉल्व होते हैं उसमें। अगर दो लोग सेफ फील करते हैं, अगर दो लोग प्रोटेक्टेड फील करते हैं, अगर दो लोग रिस्पेक्ट करते हैं एक दूसरे की और जानते हैं कि वो क्यों इस एक्ट में आ रहे हैं तो सेक्सुअल एक्टिविटी बहुत ही अच्छी रहती है। ठीक है ना? क्योंकि आपको यह पता है कि
(09:26) आप दूसरे को प्यार कर सकते हैं। आप एक ब्यूटीफुल इंटिमेसी वाला रिलेशनशिप रख सकते हैं। अपने आपको खोए बगैर। यह बहुत इंपॉर्टेंट है। मैंने खुद सफर की है ये चीज। जब मेरा ट्विन मेरी लाइफ में आया था और जो भी कैटलिस्ट था जिससे मेरी अवेकनिंग हुई। तो आई लॉस्ट मायसेल्फ बिकॉज़ आई हैड दैट रिलेशनशिप वि हिम। और उसके बाद मैंने खुद को भूल गई मैं। मैं उसी के पीछे भागती रहती थी। तो उस टाइम पर जो मेरा इन्वॉल्वमेंट था वह मेरा होलनेस से नहीं था। मेरा कंप्लीटनेस से नहीं था। मुझे पता ही नहीं था मैं क्यों कर रही हूं। क्योंकि उस टाइम पे हम वंडेड वंडेड एनर्जी में
(10:05) होते हैं ना। हमारे बहुत सारे जो ट्रॉमाज़ होते हैं वो सरफेस पे आ जाते हैं। हां, यह भी मैं बताना चाहूंगी कि सेक्स जो होता है वो क्यों इंपॉर्टेंट होता है? क्योंकि सेक्स आपको हील करता है। लेकिन ऑटोमेटिकली हील नहीं कर देता। वो जो एक मिसकंसेप्शन है लोग सोचते हैं कि अरे अरे सेक्सुअल एक्टिविटी में इन्वॉल्व हो जाते हैं तो हीलिंग मिल जाएगी हमें। वो हीलिंग कैसे मिलती है? वो हीलिंग आपको ऐसे मिलती है कि वो आपके बहुत सारे फियर्स को एक्टिवेट कर देता है जो एक सेक्सुअल इंटिमेसी होती है। तो वो कौन-कौन से फियर्स हैं जो हमारे सरफेस पे आते हैं? फियर ऑफ़ रिजेक्शन। देन
(10:44) फियर ऑफ़ अह अबंडनमेंट। मतलब क्या आपको ऐसा लगता है उसके बाद इंटिमेसी होने के बाद कि क्या वह बंदा आपको रिजेक्ट कर देगा या वह बंदा आपको छोड़ के चला जाएगा अबंडन कर देगा यह मेरे साथ हुआ था मैं अपना ही एक्सपीरियंस बता रही हूं आपको फिर एक अटैचमेंट का इशू होता है जो बहुत ज्यादा सरफेस पे आता है जब हम सेक्सुअली इनवॉल्व होते हैं क्योंकि लेडीज के साथ ये प्रॉब्लम होती है क्योंकि वो होल एंड कंप्लीट तो होती नहीं है वंडेड होती है अंदर से इमोशनली वंडेड होती है तो जिसके साथ भी वो जो सेक्सुअली इनवॉल्व हो जाती हैं वो उसके साथ अटैच्ड हो जाती हैं।
(11:21) मेल्स में ऐसा नहीं होता। वो फिजिकल इंटिमेट होते हैं। नेक्स्ट डे दे विल मूव ऑन। उनको फर्क नहीं पड़ता। लेकिन लेडीज के साथ ये बहुत बड़ा इशू है कि वो अटैचमेंट में आ जाती हैं। ठीक है ना? बहुत ज्यादा अटैच्ड हो जाती हैं उस इंसान से। इसीलिए तो पीछे भागती रहती हैं फिर उसको पकड़ने के लिए। ठीक है? तो वो आपको ये मतलब अटैचमेंट का जो एक इशू है वो हमारा बाहर आता है। फिर हमारा एक इशू होता है पीपल प्लीजिंग का। वो भी बाहर आता है। फिर होता है इनसिक्योरिटी अबाउट योर बॉडी। आपकी आप अपनी बॉडी के लिए अगर इनसिक्योर हैं तो वो भी चीजें बाहर आती हैं। क्यों? हमें पसंद
(12:02) नहीं होता ना। अरे मैं यहां से मोटी लग रही हूं। अरे मैं यहां से पतली लग रही हूं। अरे मेरी बॉडी पे तो ये मार्क्स है। मैं तो यहां से मेरी तो स्किन यहां से काली हो रही है। मुझे पिगमेंटेशन है। पता नहीं क्या-क्या सोचते हैं हम अपनी बॉडी के लिए। तो वो सारी चीजें बाहर आती हैं। ठीक है? देन होता है द नीड टू बी चूज़ चूजन। मतलब एक वैलिडेशन की जो नीड होती है जैसे मैंने पहले भी कहा कि वो मुझे चूज़ करे। आपको अच्छा लगता है वो [गला साफ़ करने की आवाज़] चीज़ है ना? वह भी यह बाहर निकाल के लाता है यह फिजिकल इंटिमेसी। ओके। तो इसीलिए कहा जाता है कि
(12:38) सेक्स आपको फिजिकल इंटिमेसी आपको हील करती है। वह इसलिए करती है क्योंकि आपके सारे जो वंड्स होती हैं वो सरफेस पे आ जाती हैं और आपको फिर उनको हील करना पड़ता है। ऑलराइट। तो ये एक बहुत ही इंपॉर्टेंट फैक्टर होता है फिजिकल इंटिमेसी के पीछे। अब मैं यहां पे यह भी कहूंगी कि आप इसको बिल्कुल भी कंफ्यूज मत करिए कि सेक्सुअल अगर आप किसी के साथ बहुत ही अट्रैक्शन फील कर रहे हैं। बहुत ही ज्यादा इंटेंसिटी फील कर रहे हैं। तो उसको सोलमेट या ट्विन फ्लेम के साथ मत जोड़िएगा। है ना? ये एक मैं आपको एडवाइस यहां विज़डम देना चाहूंगी कि जो गलतियां मैंने की है आप मत करिएगा
(13:19) प्लीज। क्योंकि अगर हम किसी के साथ सेक्सुअली अट्रैक्टिव होते हैं तो हम उसको एक स्पिरिचुअल ड्रेस पहनाने की कोशिश करते हैं कि चलो एक स्पिरिचुअल हमने उसको एक मास्क पहना दिया कि अरे यह तो मेरा ट्विन फ्लेम है। अरे यह तो मेरा सोलमेट है। बट अट्रैक्शन इज़ अट्रैक्शन। रियलिटी में आइए। हम लोग बहुत इल्लुजन में रहते हैं। हम लोग यह सोचते हैं कि इतनी इंट इतनी ज्यादा इंटेंसिटी लग रही है तो ये तो मेरा ट्विन ही होगा। ये तो मेरा सोलमेट ही होगा। बट ऐसा नहीं होता है। हर केस में ऐसा नहीं होता है। डोंट वेस्ट योर टाइम एंड डोंट वेस्ट योर
(13:53) एनर्जी। इसी चीज में इसी चीज को समझते-समझते कि क्या वो मेरा ट्विन है? क्या वो मेरा सोलमेट है? उसको एक स्पिरिचुअल मास्क मत पहनाइए। क्योंकि अगर हम उसको एक स्पिरिचुअलिटी का मास्क पहना देते हैं ना वह हम अपने आप को सेफ करने के लिए पहनाते हैं। क्योंकि हम ब्लेम कर देते हैं कि अरे अच्छा मेरा था उसके साथ तो यह कनेक्शन था इसलिए मैं इनवॉल्व हो गई उसके साथ या मैं हो गया उसके साथ इनवॉल्व। दिस इज़ आवर ब्लेमिंग नेचर। हमको ब्लेम करना आता है। इसको ब्लेम, उसको ब्लेम। अगर कोई नहीं मिला तो भगवान को ब्लेम। तो वो हम करते ही रहते हैं। वो हमारी नेचर है। है
(14:29) ना? तो जब तक आप कॉन्शियसली ग्रो नहीं करते, जब तक आप इतना ज्यादा इनर वर्क नहीं कर लेते अपने ऊपर, तब तक आपको ये सब चीजों की क्लेरिटी नहीं आती है। लेकिन मैं फिर भी आपको यह बता रही हूं कि अट्रैक्शन इज अट्रैक्शन। रियलिटी को समझिए। इल्ल्यूजन में मत जाइए। किसी के साथ अगर आप सेक्सुअली अट्रैक्टेड हैं या कोई आपकी तरफ सेक्सुअली अट्रैक्टेड है तो दैट इज नॉर्मल। दो लोग दो ह्यूमंस हैं। वह एक दूसरे की तरफ अट्रैक्ट हो सकते हैं। है ना? इसको जरूरी नहीं है कि हमें उसको स्पिरिचुअल मास्क पहनाना है कि यह मेरा ट्विन फ्लेम है और फिर उसके साथ हमें चिपक जाना है। सो
(15:08) आई वुड सजेस्ट यू कि आप किसी के साथ भी अगर फिजिकल इंटिमेसी में जा रहे हैं तो बी कॉन्शियस, बी अवेयर कि आप क्यों जा रहे हैं? उसके पीछे रीज़ंस क्या हैं? क्या आप एक होलनेस की स्टेट में जा रहे हैं? क्या आप एक कंप्लीटनेस की स्टेट में जा रहे हैं? तो बहुत अच्छी बात है। बिल्कुल इनवॉल्व नहीं है। कोई प्रॉब्लम नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] है। लेकिन अगर आपको कल को यह लगेगा कि आप गिल्ट में आ जाएंगे। आप उसके पीछे पड़ जाएंगे। आप उसको चस करने लगेंगे। आपको वैलिडेशन चाहिए। आपको पता नहीं क्या-क्या चाहिए। तो देन स्टॉप थिंक ओवर इट। तब इनवॉल्व होइए किसी
(15:47) के साथ। तो मेरा मैसेज सिर्फ यही है कि सेक्स एज अ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस इज वेरी गुड। लेकिन उसको समझना बहुत जरूरी है। उसको कॉन्शियसली समझना बहुत जरूरी है। उसके लिए अवेयरनेस में आना बहुत जरूरी है। ठीक है गाइस? टेक केयर। बाय-ब बाय।
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Title: Sex as a spiritual practice.
Author Name: The Inner Union
Description: in this video I have explained a very taboo topic of Sex and a spiritual practice. Why sex is considered as a spiritual practice and what makes it heal people. Is sexual intimacy sacred or its something we should refrain from while we are on this path. There is a lot of confusion over this topic. So let's explore it deeply.
## సెక్స్ ఒక ఆధ్యాత్మిక సాధనగా
క్రింద మీరు ఇచ్చిన హిందీ ట్రాన్స్క్రిప్ట్కి తెలుగు అనువాదం ఇవ్వబడింది. ఇది "The Inner Union" యూట్యూబ్ ఛానల్ వీడియో "Sex as a spiritual practice" యొక్క అనువాదం.
## వీడియో వివరాలు
- శీర్షిక: సెక్స్ ఒక ఆధ్యాత్మిక సాధనగా
- రచయిత: The Inner Union
- యూట్యూబ్ ఛానల్: [@navneetmakhija8799](https://www.youtube.com/@navneetmakhija8799)
- వీడియో లింక్: [Sex as a spiritual practice](https://www.youtube.com/watch?v=lBObaWd1L84)
## తెలుగు అనువాదం
హాయ్ ఫ్రెండ్స్, నా ఛానల్కి స్వాగతం. ఈరోజు మనం చాలా ముఖ్యమైన ఒక టాపిక్ గురించి మాట్లాడుకుందాం - అదే సెక్స్ యాజ్ ఎ స్పిరిచువల్ ప్రాక్టీస్ (సెక్స్ ఒక ఆధ్యాత్మిక సాధనగా). మనం ఈ అసెన్షన్ జర్నీలో, స్పిరిచువల్ అవేకనింగ్ జర్నీలో, ట్విన్ ఫ్లేమ్ జర్నీలో లేదా మిమ్మల్ని ఆధ్యాత్మికంగా అలైన్ చేసే లేదా గ్రో చేసే ఏ జర్నీలో ఉన్నా, అందులో మనం సెక్స్ని చాలా పెద్ద టాబూగా చేసుకుని ఉంటాం. సెక్సువల్ యాక్టివిటీ చాలా తప్పు, చాలా చెడ్డది అని మనకి అనిపిస్తుంది. మనం సెక్స్లో ఇండల్జ్ కాకూడదు అనుకుంటాం. సెక్స్ చుట్టూ చాలా నెగెటివ్ బిలీఫ్ సిస్టమ్స్ ఉన్నాయి.
ఈరోజు నేను దీని గురించే మాట్లాడతాను, మరియు వాస్తవం ఏమిటో మీకు కొన్ని విషయాలు చెప్తాను. బహుశా నా ఈ వీడియో కొంతమందిని చాలా ట్రిగ్గర్ చేయవచ్చు, ఎందుకంటే నేను చాలా ఓపెన్గా మరియు స్పష్టంగా మాట్లాడబోతున్నాను. ఎందుకంటే ఈ టాపిక్ చుట్టూ నేను చాలా కన్ఫ్యూజన్ చూశాను. అందుకే దీని గురించి చర్చించాలనుకుంటున్నాను. మీరు ట్రిగ్గర్ అవుతుంటే, దయచేసి కామెంట్స్లో నెగెటివ్ కామెంట్స్ రాయకండి. ట్రిగ్గర్ అవుతుంటే మిమ్మల్ని మీరు హీల్ చేసుకోండి, సరేనా గైస్.
## సెక్స్ దానంతట అదే ఆధ్యాత్మికం కాదు
సెక్స్ దానంతట అదే ఆటోమేటిక్గా స్పిరిచువల్ అయిపోదు. మీరు ఓషోకి సంబంధించిన "సంభోగ్ సే సమాధి" అనే పుస్తకం గురించి విని ఉంటారు. ఆ పుస్తకంలో కూడా సెక్స్ ఒక స్పిరిచువల్ టూల్గా ఎంత ముఖ్యమో రాశారు. కానీ అది ఎందుకు ముఖ్యమో అనే కారణం వెనుక ఉంది. ఈరోజు మనం దాని గురించే మాట్లాడుకుందాం.
రెండు మనుషుల మధ్య జరిగే ఫిజికల్ ఇంటిమసీ, సెక్సువల్ రిలేషన్షిప్ ఆటోమేటిక్గా ఆధ్యాత్మికం అయిపోదు, అలాగే అది ఆటోమేటిక్గా తప్పు కూడా అయిపోదు. పెళ్లికి ముందు ఫిజికల్ ఇంటిమసీ జరిగితే తప్పు, లేదా పెళ్లయ్యాక వేరే వ్యక్తితో జరిగితే తప్పు అనేది కేవలం మన బిలీఫ్ సిస్టమ్. మనం చాలా బిలీఫ్ సిస్టమ్స్ సృష్టించుకున్నాం.
## కాన్షియస్గా ఇన్వాల్వ్ కావడం అంటే ఏమిటి
అసలు ప్రశ్న ఏమిటంటే - సెక్స్ని మనం ఒక స్పిరిచువల్ టూల్గా ఉపయోగించవచ్చా? అవును, ఖచ్చితంగా చేయవచ్చు. కానీ ఆ దశ అప్పుడే వస్తుంది, మీరు లస్ట్ (వాంఛ) దశను దాటినప్పుడు. అంటే మీరు కాన్షియస్గా సెక్స్లో ఇన్వాల్వ్ అయినప్పుడు. అదే హై లెవల్ సెక్సువల్ ఎక్స్చేంజ్.
కేవలం లస్ట్ అనే వాసన శక్తితో, బాడీ లెవెల్లో మాత్రమే - కొంతసేపు ప్లెజర్ ఇస్తుంది కాబట్టి చేద్దాం అనే ఆలోచనతో సెక్స్లో ఇన్వాల్వ్ అవుతాం, కానీ కాన్షియస్గా చేయం. అవేర్నెస్లోకి వచ్చి ఆ యాక్ట్లో ఇన్వాల్వ్ కాము. మీరు ఫిజికల్ ఇంటిమసీతో లేదా సెక్స్తో కాన్షియస్గా, అవేర్నెస్లోకి వచ్చి ఇన్వాల్వ్ అయినప్పుడే దాన్ని స్పిరిచువల్ టూల్గా వాడగలరు.
కాన్షియస్గా ఇన్వాల్వ్ కావడం అంటే - మీరు ఎవరితో సెక్సువల్ యాక్టివిటీలోకి వెళ్తున్నారో, ఏ కారణంతో వెళ్తున్నారో తెలుసుకోవడం చాలా అవసరం. ఇది కేవలం ఫిజికల్ డిజైరా, లేదా మీకు ఆ వ్యక్తి నుండి వాలిడేషన్ కావాలా - "చూడు నేను ఎంత అట్రాక్టివ్గా ఉన్నాను, అందుకే వాళ్ళు నా వైపు ఆకర్షితులవుతున్నారు" అనే వాలిడేషనా? లేదా మీరు లోపల ఖాళీగా ఉన్నారు కాబట్టి, మిమ్మల్ని ఇన్వాల్వ్ చేసుకోవడానికి ఒక కంపానియన్ కావాలనే ఖాళీతనం వల్ల వెళ్తున్నారా? మీరు ఏ సెక్సువల్ యాక్ట్లోకి వెళ్తున్నా, ఎందుకు వెళ్తున్నారో తెలుసుకోవడం చాలా ముఖ్యం.
## పెళ్లిలో సెక్స్ మరియు పీపుల్ ప్లీజింగ్
ఇది పెళ్లిలో కూడా జరుగుతుంది. మన ఇండియన్ కల్చర్లో ఇది బలవంతంగా చేసేశారు - మీరు మ్యారీడ్ అయితే పెళ్లిలో సెక్స్ చేయడం తప్పనిసరి అని. మనసు ఉన్నా లేకపోయినా, హస్బెండ్ని ప్లీజ్ చేయడానికో, లేదా "అతని తప్పేముంది, సరే ఇన్వాల్వ్ అయిపోదాం" అనుకుంటూనో మనం చాలాసార్లు ఇలా చేస్తుంటాం.
మీరు పీపుల్ ప్లీజింగ్ కారణంగా సెక్సువల్గా ఇన్వాల్వ్ అవుతున్నారా, లేదా మీ ఖాళీతనాన్ని దూరం చేసుకోవడానికా, లేదా లోన్లీనెస్ కారణంగానా, వాలిడేషన్ కారణంగానా - ఏ కారణంతో ఇన్వాల్వ్ అవుతున్నారో తెలుసుకోవడం చాలా ముఖ్యం. ఆ కారణం మీకు తెలిసినప్పుడు మీరు కాన్షియస్ అవుతారు, అవేర్ అవుతారు.
ఇందులో మీ డిజైర్ కూడా ఉండొచ్చు. మీరు ఎవరితోనైనా ఇన్వాల్వ్ కావాలని కోరుకోకూడదని కాదు. మీరు డిజైర్ కారణంగా ఇన్వాల్వ్ అవుతుంటే అది పర్ఫెక్ట్గా ఫైన్. అందులో తప్పేమీ లేదు. కానీ మీ డిజైర్ ఏంటో మీకు తెలిసుండాలి. ఆ వ్యక్తి మీతో ఉండకపోయినా, వెళ్లిపోయినా, రేపు మీరు అతని వెనుక పరిగెత్తకూడదు. మిమ్మల్ని మీరు అబాండన్ చేసుకోకూడదు.
## భయాలు మరియు హీలింగ్ ప్రాసెస్
ఒకసారి ఎవరితోనైనా ఇన్వాల్వ్ అయితే, మనం మన ట్విన్తో కూడా చేసేది ఏంటంటే - సెక్సువల్గా ఇన్వాల్వ్ అయ్యాక వాళ్ళ వెనుక పడిపోతాం. వాళ్ళు మనల్ని వదిలేసి వెళ్ళిపోతారేమో అని భయపడతాం, తర్వాత వాళ్ళని పట్టుకోవడానికి ప్రయత్నిస్తాం. మనల్ని మనం మర్చిపోయి వాళ్ళ వెనుకే చేజ్ చేయడంలో పడిపోతాం. కాబట్టి మీ డిజైర్ ఏంటో తెలుసుకోవడం అవసరం - మీరు హోల్నెస్ స్పేస్ నుండి, కంప్లీట్నెస్ స్పేస్ నుండి వెళ్తున్నారా, లేదా ఖాళీతనం కారణంగా వెళ్తున్నారా?
సెక్స్ ఎందుకు ముఖ్యమో కూడా చెప్పాలనుకుంటున్నాను - ఎందుకంటే సెక్స్ మిమ్మల్ని హీల్ చేస్తుంది. కానీ ఆటోమేటిక్గా హీల్ చేయదు. సెక్సువల్ యాక్టివిటీలో ఇన్వాల్వ్ అయిపోతే హీలింగ్ దానంతట అదే వచ్చేస్తుందని చాలామంది అనుకోవడం ఒక అపోహ. ఆ హీలింగ్ ఎలా జరుగుతుందంటే - సెక్సువల్ ఇంటిమసీ మీ చాలా భయాలను యాక్టివేట్ చేస్తుంది. ఏ భయాలు సర్ఫేస్పైకి వస్తాయంటే:
- ఫియర్ ఆఫ్ రిజెక్షన్ (తిరస్కరణ భయం)
- ఫియర్ ఆఫ్ అబాండన్మెంట్ (వదిలివేయబడతామనే భయం)
- అటాచ్మెంట్ ఇష్యూస్ - ముఖ్యంగా మహిళల్లో ఎక్కువగా కనిపిస్తుంది, ఎందుకంటే వాళ్ళు లోపల ఎమోషనల్గా గాయపడి ఉంటారు కాబట్టి ఎవరితో సెక్సువల్గా ఇన్వాల్వ్ అయినా వాళ్ళతో అటాచ్ అయిపోతారు
- పీపుల్ ప్లీజింగ్ ఇష్యూ
- బాడీ గురించి ఇన్సెక్యూరిటీ - మనం మన శరీరం గురించి చాలా ఆలోచిస్తుంటాం, స్కిన్ మార్క్స్, పిగ్మెంటేషన్ వంటివి
- నీడ్ టు బి చోసెన్ - ఎంపిక చేయబడాలనే వాలిడేషన్ అవసరం
ఇందుకే సెక్స్, ఫిజికల్ ఇంటిమసీ మిమ్మల్ని హీల్ చేస్తుందని అంటారు. ఎందుకంటే మీలోని అన్ని గాయాలు (వుండ్స్) సర్ఫేస్పైకి వచ్చేస్తాయి, తర్వాత వాటిని మీరు హీల్ చేసుకోవాలి.
## ట్విన్ ఫ్లేమ్ లేదా సోల్మేట్ మాస్క్ వేయకండి
ఇక్కడ నేను ఒక ముఖ్యమైన సలహా ఇవ్వాలనుకుంటున్నాను - మీరు ఎవరితోనైనా చాలా ఎక్కువ అట్రాక్షన్, ఇంటెన్సిటీ ఫీల్ అవుతుంటే, దాన్ని సోల్మేట్ లేదా ట్విన్ ఫ్లేమ్తో కన్ఫ్యూజ్ చేసుకోకండి. నేను చేసిన తప్పులను మీరు చేయకండి. మనం ఎవరితోనైనా సెక్సువల్గా అట్రాక్ట్ అయినప్పుడు, దానికి ఒక స్పిరిచువల్ మాస్క్ తొడిగే ప్రయత్నం చేస్తాం - "ఇతను నా ట్విన్ ఫ్లేమ్, ఇతను నా సోల్మేట్" అని. కానీ అట్రాక్షన్ అంటే అట్రాక్షనే. రియాలిటీలోకి రండి.
మనం చాలా ఇల్యూజన్లో ఉంటాం. ఇంత ఎక్కువ ఇంటెన్సిటీ అనిపిస్తుంటే ఇది తప్పకుండా నా ట్విన్ లేదా సోల్మేట్ అయ్యుంటుంది అనుకుంటాం. కానీ ప్రతిసారీ అలా జరగదు. మీ టైమ్ని, ఎనర్జీని వృథా చేసుకోకండి. మనకి బ్లేమ్ చేసే స్వభావం ఉంటుంది - దీన్ని బ్లేమ్ చేయడం, దాన్ని బ్లేమ్ చేయడం, ఎవరూ దొరక్కపోతే భగవంతుడిని బ్లేమ్ చేయడం. మీరు కాన్షియస్గా గ్రో అయ్యేంతవరకు, మీపై మీరు లోతైన ఇన్నర్ వర్క్ చేసుకునేంతవరకు ఈ విషయాలపై స్పష్టత రాదు.
అట్రాక్షన్ అంటే అట్రాక్షనే అని అర్థం చేసుకోండి. రియాలిటీని అర్థం చేసుకోండి, ఇల్యూజన్లోకి వెళ్ళకండి. మీరు ఎవరిపైనైనా సెక్సువల్గా అట్రాక్ట్ అవుతున్నా, లేదా ఎవరైనా మీ వైపు అట్రాక్ట్ అవుతున్నా, అది నార్మల్. ఇద్దరు మనుషులు ఒకరిపై ఒకరు ఆకర్షితులు కావచ్చు. దీనికి తప్పకుండా "ఇతను నా ట్విన్ ఫ్లేమ్" అని స్పిరిచువల్ మాస్క్ తొడిగి, ఆ తర్వాత వాళ్ళకి అతుక్కుపోవాల్సిన అవసరం లేదు.
## ముగింపు సందేశం
నేను సూచించేది ఏమిటంటే - మీరు ఎవరితోనైనా ఫిజికల్ ఇంటిమసీలోకి వెళ్తున్నట్లయితే, కాన్షియస్గా, అవేర్గా ఉండండి - ఎందుకు వెళ్తున్నారు, దాని వెనుక కారణాలు ఏంటి. మీరు హోల్నెస్ స్టేట్ నుండి, కంప్లీట్నెస్ స్టేట్ నుండి వెళ్తున్నారా? అయితే చాలా మంచి విషయం. అందులో ఎలాంటి సమస్య లేదు.
కానీ రేపు మీరు గిల్ట్లోకి వెళ్తారని, వాళ్ళ వెనుక పడిపోతారని, వాళ్ళని చేజ్ చేయడం మొదలుపెడతారని, వాలిడేషన్ కావాలని అనిపిస్తుంటే - అప్పుడు దీని గురించి ఆలోచించడం ఆపేయండి, అప్పుడు ఇన్వాల్వ్ అవ్వండి. నా సందేశం ఇదే - సెక్స్ ఒక ఆధ్యాత్మిక సాధనగా చాలా మంచిది. కానీ దాన్ని అర్థం చేసుకోవడం చాలా అవసరం. దాన్ని కాన్షియస్గా అర్థం చేసుకోవడం, దాని కోసం అవేర్నెస్లోకి రావడం చాలా ముఖ్యం. టేక్ కేర్, బై బై.
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ఈ అనువాదం మీరు అందించిన అసలు హిందీ ట్రాన్స్క్రిప్ట్ ఆధారంగా చేయబడింది, మూలం వీడియో వివరాలతో సహా.
Transcript:
(00:02) हाय फ्रेंड्स, वेलकम टू माय चैनल। आज हम एक बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक के ऊपर बात करेंगे और जो है सेक्स एज अ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस। ठीक है गाइस? जो हम लोग इस यू नो असेंशन की जर्नी में है, स्पिरिचुअल अवेकनिंग की जर्नी में हैं और बाकी यू नो ट्विन फ्लेम जर्नी में है या और भी किसी भी आप जर्नी में है जो स्पिरिचुअली आपको अलाइन करती है या ग्रो करती है तो उसमें हम सेक्स को हमने एक बहुत ही बड़ा टैबू बना दिया होता है। हमें लगता है कि ओहो सेक्सुअल एक्टिविटी तो बहुत ही गलत गलत होती है। बहुत ही खराब होती है। हमें तो यू नो सेक्स में इंडल्ज
(00:45) नहीं करना है। और बहुत ही बहुत सारे नेगेटिव बिलीफ सिस्टम्स हैं सेक्स के अराउंड। ठीक है? तो आज मैं इसके ऊपर ही बात करूंगी और मैं कुछ बातें आपको बताऊंगी जो रियलिटी है और हो सकता है मेरा यह वीडियो कुछ लोगों को बहुत ट्रिगर करे। बिकॉज़ मैं बहुत ही ओपनली और क्लियरली बात करने वाली हूं। बिकॉज़ मैंने बहुत कंफ्यूजन देखा है इस टॉपिक के अराउंड। सो आई वुड लाइक टू डिस्कस इट। अगर आप ट्रिगर हो रहे हैं तो मेरे उस पे कहते हैं ना कि कमेंट्स में नेगेटिव कमेंट्स मत लिखिएगा। ट्रिगर हो रहे हैं तो आप अपने आप को हील करिए। ठीक है गाइस? ऑलराइट। तो जो सेक्स है वो
(01:28) इटसेल्फ ही ऑटोमेटिकली स्पिरिचुअल नहीं हो जाता। जैसे आपने एक बुक बुक भी सुनी होगी कि एक बुक है ओशो की संभोग से समाधि। है ना? तो वह जो बुक है उन्होंने वह भी इसके ऊपर ही लिखा है कि सेक्स कितना इंपॉर्टेंट है एज अ स्पिरिचुअल टूल। लेकिन उसके पीछे रीज़ है कि वो क्यों इंपॉर्टेंट है। ठीक है? आज हम उसी के बारे में बात करेंगे। तो जो फिजिकल इंटिमेसी होती है, जो सेक्सुअल एक रिलेशनशिप होता है दो लोगों के बीच में, वह ऑटोमेटिकली स्पिरिचुअल नहीं हो जाता या वह ऑटोमेटिकली गलत नहीं हो जाता। ठीक है ना? यह हमारा बिलीव सिस्टम होता है कि ओहो
(02:08) शादी से पहले अगर फिजिकल इंट इंटिमेसी हो गई तो यह गलत है या शादी के बाद किसी और से हो गई तो वो गलत है। मतलब बहुत सारे बिलीफ सिस्टम्स हमने बना रखे हैं। तो बात हम यह कर रहे हैं कि सेक्स को क्या हम एज अ स्पिरिचुअल टूल यूज कर सकते हैं? जी हां, हम बिल्कुल कर सकते हैं। लेकिन वो स्टेज तब आती है जब आप लस्ट की स्टेज को क्रॉस कर लेते हैं। अ जब आप कॉन्शियसली सेक्स में इनवॉल्वड होते हैं। दैट इज द हाई लेवल ऑफ सेक्सुअल एक्सचेंज। ठीक है ना? अब इसका यह मतलब है कि एक तो हम सिर्फ लस्ट जो एक वासना की एनर्जी है उसमें ही हम यू नो इनवॉल्व हो के हम सेक्स कर रहे
(02:51) हैं सिर्फ बॉडी के लेवल पे कि बस वो यू नो आपको प्लेजर देता है कुछ टाइम के लिए तो लेट्स डू इट तो हम लोग इनवॉल्व होते हैं उस चीज में बट कॉन्शियसली हम लोग वो नहीं कर रहे होते हैं। अपने आपको अवेयरनेस में लाके हम लोग वो एक्ट में इनवॉल्व नहीं होते हैं। तो जब आप फिजिकल इंटिमेसी या सेक्स के साथ कॉन्शियसली इनवॉल्व होंगे, अवेयरनेस में आकर इनवॉल्व होंगे, तभी वो एज अ स्पिरिचुअल टूल आप यूज कर सकते हैं। अब कॉन्शियसली मतलब कॉन्शियसनेस में आके कैसे आप कर सकते हैं। मतलब कैसे आप एक सेक्सुअल एक्ट में जा सकते हैं। वो यह होता है कि आपको यह जानना
(03:33) बहुत जरूरी है कि आप जिसके साथ भी आप सेक्सुअल एक्टिविटी में जा रहे हैं तो क्या आप किस रीजन से जा रहे हैं उसमें? क्या एक ये सिर्फ एक फिजिकल डिज़ायर है जिसकी वजह से जा रहे हैं या आपको वैलिडेशन चाहिए उस इंसान से कि यो देखा मैं कितनी वो हूं। यू नो अट्रैक्टिव हूं। इसलिए ही इज़ अट्रैक्टेड टुवर्ड्स मी। तो वह एक वैलिडेशन होती है। यहां आप एक एंप्टीनेस की वजह से जा रहे हैं उसमें कि अंदर से आप इतने खाली हैं कि आपको कोई भी एक कंपैनियन चाहिए अपने आपको इनवॉल्व करने के लिए। तो यह जानना बहुत जरूरी है कि आप जिस भी सेक्सुअल एक्ट में जा रहे हैं वो आप क्यों
(04:14) जा रहे हैं। अब यह शादी में भी होता है। अब यह क्योंकि हमारे इंडियन कल्चर में तो इसको जबरदस्ती कर दिया गया है कि अगर आप मैरिड हैं तो यस यह जरूरी ही है कि आप शादी में भी आप सेक्स करें। चाहे आपका मन है, चाहे नहीं है, कभी हस्बैंड को प्लीज़ करने के लिए, कभी सिर्फ यह सोच के कि अरे उसकी क्या गलती है। चलो इनवॉल्व हो ही जाती हूं। ये हम लोग बहुत करते हैं। तो यह जानना बहुत जरूरी है कि क्या आप सेक्सुअली इनवॉल्व पीपल प्लीजिंग की वजह से हो रहे हो या अपनी एंप्टीनेस को दूर करने की वजह से हो रहे हो या और लोनलीनेस की वजह से हो
(04:49) रहे हो, वैलिडेशन की वजह से हो रहे हो। किस वजह से आप इनवॉल्व हो रहे हैं। जब आपको वो रीज़ पता चल जाएगा ना तो आप कॉन्शियस हो जाते हैं। तो आप अवेयर हो जाते हैं। ठीक है ना? अब इसमें आपकी डिजायर भी आ सकती है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आप डिजायर नहीं कर सकते कि आप किसी के साथ इनवॉल्व हो। ठीक है? तो अगर आप डिजायर की वजह से आप इनवॉल्व हो रहे हैं तो दैट इज परफेक्टली फाइन। इसमें कुछ भी बुरा नहीं है। ठीक है ना? कि आपको लेकिन पता तो है ना कि आपकी डिजायर है वो। और आप बाद में यह नहीं करोगे कि भ अगर वो वो इंसान आपके साथ नहीं रहता, वो चला जाता है तो कल
(05:26) को आप उसके पीछे नहीं भागोगे। कल को आप खुद को अबंडन नहीं कर दोगे। अगर आप एक बार इनवॉल्व हो जाते हो उसके साथ तो जो हम करते हैं जो हम अपने ट्विन के साथ भी करते हैं कि अगर हम सेक्सुअली इनवॉल्व हो जाते हैं तो हम उसके पीछे पड़ जाते हैं। हम डर जाते हैं कि कहीं वो हमें छोड़ के ना चला जाए और फिर हम उसको पकड़ने की कोशिश करते हैं। हम खुद को भूल जाते हैं और हम उसी के पीछे लग जाते हैं चस करने में। तो वो जानना बहुत जरूरी है ना कि आपकी डिजायर क्या है? अगर आप सच में सेक्सुअली इनवॉल्व होना चाहते हैं तो वो होलनेस की स्पेस से
(06:02) हो रहे हो, कंप्लीटनेस की स्पेस से हो रहे हो या खालीपन की वजह से हो रहे हो। प्यार चाहिए मुझे प्यार दो। मुझे वैलिडेट करो। मुझे अच्छा अच्छा बोलो ताकि मुझे अच्छा फील हो। मुझे बोलो कि मैं बहुत सुंदर हूं ताकि मुझे अच्छा फील हो। इस वजह से क्या आप इनवॉल्व हो रहे हो? या आप इसलिए इनवॉल्व हो रहे हो कि आप हां आप डिजायर करते हो एक कंपैनियन अपनी लाइफ में लेकिन आप कंप्लीट हो अपने अंदर अगर वो कल को चला भी जाता है यू विल नॉट लूज़ योरसेल्फ है ना आपको वैलिडेशन नहीं चाहिए उससे कि तुम बड़ी सेक्सीी हो तुम बड़ी स्मार्ट हो ये हो वो हो नहीं क्या आपके अंदर कोई बॉडी को लेके
(06:44) कोई शेम है कोई आपकी जो अपनी इमेज है अपनी बॉडी को लेके क्या आप उसकी वैलिडेशन चाहते हैं कि वह अगर इनवॉल्व हो जाएगा तो आपको लगेगा वाओ आई एम ब्यूटीफुल। क्या आप खुद को ब्यूटीफुल फील नहीं करते? तो यह चीजें जाननी बहुत जरूरी है। इसी को कहते हैं कॉन्शियसली इनवॉल्व होना। ठीक है ना? तो जब आपको ये सब चीजें पता चल जाएंगी। आपको सबसे बड़ी बात है कि आपको यह पता चल जाएगा कि कैन आई एंजॉय इंटिमेसी विदाउट अबंडनिंग मायसेल्फ? यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि क्या मैं इंटिमेसी एंजॉय कर सकती हूं अपने आपको अबंडन किए बगैर। दैट इज वेरी इंपॉर्टेंट।
(07:27) ओके? यही होती है कॉन्शियस इंटिमेसी। जान के सेक्स करना। अवेयरनेस में आके फिजिकल इंटिमेसी में जाना। सिर्फ लस्ट की वजह से इंटिमेसी में नहीं जाना है। ठीक है ना? जो लोग सिर्फ लस्ट की वजह से इंटिमेसी में जाते हैं, वह फिर सर्वाइवल मोड में ही रह रहे होते हैं। वह उनकी एनर्जी अभी तक ऊपर उठी ही नहीं है। ठीक है गाइस? तो आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि आप क्यों जा रहे हैं एक फिजिकल इंटिमेसी वाले रिलेशनशिप में। चाहे वो आपका हस्बैंड ही क्यों ना हो, चाहे वो आपका बॉयफ्रेंड हो, चाहे वो आपका ट्विन हो। बट आपको यह जानना जरूरी है, अवेयरनेस में आना जरूरी है कि आप जो
(08:09) कर रहे हैं, वह क्यों कर रहे हैं। अगर आप अपने अंदर होल फील करते हैं, कंप्लीट फील करते हैं, आपको पता है कि हां यह मेरी डिजायर है एंड आई सीरियसली वांट टू गो इन अ फिजिकल रिलेशनशिप विद समवन। देन गो अहेड। कोई प्रॉब्लम नहीं है उसमें। ना ही इसको कोई हम जज कर सकते हैं कि यह गंदा है या यह अच्छा है। अरे यह तो गलत है। अरे यह तो सही है। कुछ नहीं है ऐसा। आपका जब कॉन्शियसनेस का लेवल इतना हाई हो जाएगा ना जब आप लोगों को सेक्सुअल एक्ट के ऊपर जज करना बंद कर देंगे तभी शायद आप एक होलनेस में और कंप्लीटनेस में आएंगे। ठीक है ना? अभी तो हम लोग बहुत जजमेंट करते
(08:47) हैं। अपने आप को ही जज करते हैं। दूसरों को भी करते हैं। अरे देखा उसके इतने बॉयफ्रेंड है। अरे देखा वो तो उसके साथ इनवॉल्व हो रहा है। व्हाई टू जज पीपल? यू नो अपने आप को भी जज मत करिए। दूसरों को भी जज मत करिए। सेक्सुअल इंटिमेसी इज़ अ वेरी वेरीरी गुड थिंग। अगर आप प्रोवाइडेड आप कॉन्शियसली इनवॉल्व होते हैं उसमें। अगर दो लोग सेफ फील करते हैं, अगर दो लोग प्रोटेक्टेड फील करते हैं, अगर दो लोग रिस्पेक्ट करते हैं एक दूसरे की और जानते हैं कि वो क्यों इस एक्ट में आ रहे हैं तो सेक्सुअल एक्टिविटी बहुत ही अच्छी रहती है। ठीक है ना? क्योंकि आपको यह पता है कि
(09:26) आप दूसरे को प्यार कर सकते हैं। आप एक ब्यूटीफुल इंटिमेसी वाला रिलेशनशिप रख सकते हैं। अपने आपको खोए बगैर। यह बहुत इंपॉर्टेंट है। मैंने खुद सफर की है ये चीज। जब मेरा ट्विन मेरी लाइफ में आया था और जो भी कैटलिस्ट था जिससे मेरी अवेकनिंग हुई। तो आई लॉस्ट मायसेल्फ बिकॉज़ आई हैड दैट रिलेशनशिप वि हिम। और उसके बाद मैंने खुद को भूल गई मैं। मैं उसी के पीछे भागती रहती थी। तो उस टाइम पर जो मेरा इन्वॉल्वमेंट था वह मेरा होलनेस से नहीं था। मेरा कंप्लीटनेस से नहीं था। मुझे पता ही नहीं था मैं क्यों कर रही हूं। क्योंकि उस टाइम पे हम वंडेड वंडेड एनर्जी में
(10:05) होते हैं ना। हमारे बहुत सारे जो ट्रॉमाज़ होते हैं वो सरफेस पे आ जाते हैं। हां, यह भी मैं बताना चाहूंगी कि सेक्स जो होता है वो क्यों इंपॉर्टेंट होता है? क्योंकि सेक्स आपको हील करता है। लेकिन ऑटोमेटिकली हील नहीं कर देता। वो जो एक मिसकंसेप्शन है लोग सोचते हैं कि अरे अरे सेक्सुअल एक्टिविटी में इन्वॉल्व हो जाते हैं तो हीलिंग मिल जाएगी हमें। वो हीलिंग कैसे मिलती है? वो हीलिंग आपको ऐसे मिलती है कि वो आपके बहुत सारे फियर्स को एक्टिवेट कर देता है जो एक सेक्सुअल इंटिमेसी होती है। तो वो कौन-कौन से फियर्स हैं जो हमारे सरफेस पे आते हैं? फियर ऑफ़ रिजेक्शन। देन
(10:44) फियर ऑफ़ अह अबंडनमेंट। मतलब क्या आपको ऐसा लगता है उसके बाद इंटिमेसी होने के बाद कि क्या वह बंदा आपको रिजेक्ट कर देगा या वह बंदा आपको छोड़ के चला जाएगा अबंडन कर देगा यह मेरे साथ हुआ था मैं अपना ही एक्सपीरियंस बता रही हूं आपको फिर एक अटैचमेंट का इशू होता है जो बहुत ज्यादा सरफेस पे आता है जब हम सेक्सुअली इनवॉल्व होते हैं क्योंकि लेडीज के साथ ये प्रॉब्लम होती है क्योंकि वो होल एंड कंप्लीट तो होती नहीं है वंडेड होती है अंदर से इमोशनली वंडेड होती है तो जिसके साथ भी वो जो सेक्सुअली इनवॉल्व हो जाती हैं वो उसके साथ अटैच्ड हो जाती हैं।
(11:21) मेल्स में ऐसा नहीं होता। वो फिजिकल इंटिमेट होते हैं। नेक्स्ट डे दे विल मूव ऑन। उनको फर्क नहीं पड़ता। लेकिन लेडीज के साथ ये बहुत बड़ा इशू है कि वो अटैचमेंट में आ जाती हैं। ठीक है ना? बहुत ज्यादा अटैच्ड हो जाती हैं उस इंसान से। इसीलिए तो पीछे भागती रहती हैं फिर उसको पकड़ने के लिए। ठीक है? तो वो आपको ये मतलब अटैचमेंट का जो एक इशू है वो हमारा बाहर आता है। फिर हमारा एक इशू होता है पीपल प्लीजिंग का। वो भी बाहर आता है। फिर होता है इनसिक्योरिटी अबाउट योर बॉडी। आपकी आप अपनी बॉडी के लिए अगर इनसिक्योर हैं तो वो भी चीजें बाहर आती हैं। क्यों? हमें पसंद
(12:02) नहीं होता ना। अरे मैं यहां से मोटी लग रही हूं। अरे मैं यहां से पतली लग रही हूं। अरे मेरी बॉडी पे तो ये मार्क्स है। मैं तो यहां से मेरी तो स्किन यहां से काली हो रही है। मुझे पिगमेंटेशन है। पता नहीं क्या-क्या सोचते हैं हम अपनी बॉडी के लिए। तो वो सारी चीजें बाहर आती हैं। ठीक है? देन होता है द नीड टू बी चूज़ चूजन। मतलब एक वैलिडेशन की जो नीड होती है जैसे मैंने पहले भी कहा कि वो मुझे चूज़ करे। आपको अच्छा लगता है वो [गला साफ़ करने की आवाज़] चीज़ है ना? वह भी यह बाहर निकाल के लाता है यह फिजिकल इंटिमेसी। ओके। तो इसीलिए कहा जाता है कि
(12:38) सेक्स आपको फिजिकल इंटिमेसी आपको हील करती है। वह इसलिए करती है क्योंकि आपके सारे जो वंड्स होती हैं वो सरफेस पे आ जाती हैं और आपको फिर उनको हील करना पड़ता है। ऑलराइट। तो ये एक बहुत ही इंपॉर्टेंट फैक्टर होता है फिजिकल इंटिमेसी के पीछे। अब मैं यहां पे यह भी कहूंगी कि आप इसको बिल्कुल भी कंफ्यूज मत करिए कि सेक्सुअल अगर आप किसी के साथ बहुत ही अट्रैक्शन फील कर रहे हैं। बहुत ही ज्यादा इंटेंसिटी फील कर रहे हैं। तो उसको सोलमेट या ट्विन फ्लेम के साथ मत जोड़िएगा। है ना? ये एक मैं आपको एडवाइस यहां विज़डम देना चाहूंगी कि जो गलतियां मैंने की है आप मत करिएगा
(13:19) प्लीज। क्योंकि अगर हम किसी के साथ सेक्सुअली अट्रैक्टिव होते हैं तो हम उसको एक स्पिरिचुअल ड्रेस पहनाने की कोशिश करते हैं कि चलो एक स्पिरिचुअल हमने उसको एक मास्क पहना दिया कि अरे यह तो मेरा ट्विन फ्लेम है। अरे यह तो मेरा सोलमेट है। बट अट्रैक्शन इज़ अट्रैक्शन। रियलिटी में आइए। हम लोग बहुत इल्लुजन में रहते हैं। हम लोग यह सोचते हैं कि इतनी इंट इतनी ज्यादा इंटेंसिटी लग रही है तो ये तो मेरा ट्विन ही होगा। ये तो मेरा सोलमेट ही होगा। बट ऐसा नहीं होता है। हर केस में ऐसा नहीं होता है। डोंट वेस्ट योर टाइम एंड डोंट वेस्ट योर
(13:53) एनर्जी। इसी चीज में इसी चीज को समझते-समझते कि क्या वो मेरा ट्विन है? क्या वो मेरा सोलमेट है? उसको एक स्पिरिचुअल मास्क मत पहनाइए। क्योंकि अगर हम उसको एक स्पिरिचुअलिटी का मास्क पहना देते हैं ना वह हम अपने आप को सेफ करने के लिए पहनाते हैं। क्योंकि हम ब्लेम कर देते हैं कि अरे अच्छा मेरा था उसके साथ तो यह कनेक्शन था इसलिए मैं इनवॉल्व हो गई उसके साथ या मैं हो गया उसके साथ इनवॉल्व। दिस इज़ आवर ब्लेमिंग नेचर। हमको ब्लेम करना आता है। इसको ब्लेम, उसको ब्लेम। अगर कोई नहीं मिला तो भगवान को ब्लेम। तो वो हम करते ही रहते हैं। वो हमारी नेचर है। है
(14:29) ना? तो जब तक आप कॉन्शियसली ग्रो नहीं करते, जब तक आप इतना ज्यादा इनर वर्क नहीं कर लेते अपने ऊपर, तब तक आपको ये सब चीजों की क्लेरिटी नहीं आती है। लेकिन मैं फिर भी आपको यह बता रही हूं कि अट्रैक्शन इज अट्रैक्शन। रियलिटी को समझिए। इल्ल्यूजन में मत जाइए। किसी के साथ अगर आप सेक्सुअली अट्रैक्टेड हैं या कोई आपकी तरफ सेक्सुअली अट्रैक्टेड है तो दैट इज नॉर्मल। दो लोग दो ह्यूमंस हैं। वह एक दूसरे की तरफ अट्रैक्ट हो सकते हैं। है ना? इसको जरूरी नहीं है कि हमें उसको स्पिरिचुअल मास्क पहनाना है कि यह मेरा ट्विन फ्लेम है और फिर उसके साथ हमें चिपक जाना है। सो
(15:08) आई वुड सजेस्ट यू कि आप किसी के साथ भी अगर फिजिकल इंटिमेसी में जा रहे हैं तो बी कॉन्शियस, बी अवेयर कि आप क्यों जा रहे हैं? उसके पीछे रीज़ंस क्या हैं? क्या आप एक होलनेस की स्टेट में जा रहे हैं? क्या आप एक कंप्लीटनेस की स्टेट में जा रहे हैं? तो बहुत अच्छी बात है। बिल्कुल इनवॉल्व नहीं है। कोई प्रॉब्लम नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] है। लेकिन अगर आपको कल को यह लगेगा कि आप गिल्ट में आ जाएंगे। आप उसके पीछे पड़ जाएंगे। आप उसको चस करने लगेंगे। आपको वैलिडेशन चाहिए। आपको पता नहीं क्या-क्या चाहिए। तो देन स्टॉप थिंक ओवर इट। तब इनवॉल्व होइए किसी
(15:47) के साथ। तो मेरा मैसेज सिर्फ यही है कि सेक्स एज अ स्पिरिचुअल प्रैक्टिस इज वेरी गुड। लेकिन उसको समझना बहुत जरूरी है। उसको कॉन्शियसली समझना बहुत जरूरी है। उसके लिए अवेयरनेस में आना बहुत जरूरी है। ठीक है गाइस? टेक केयर। बाय-ब बाय।
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