We Exposed India's BIGGEST Food Companies | Food Pharmer x Trustified | Full Podcast
Author Name:Food Pharmer
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Foodpharmer
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=0_eCDYIJfTc
Transcript:
(00:00) रेवान हेमंत सिंह का। ट्रस्टिफाइड नाम का एक YouTube चैनल रेवन हेमंत सिंह का। रेवंत हेमंत सिंह का। ट्रस्टिफाइड ने दावा किया कि अंडोमेन नाइट्रोफिलरस का मेटाबोलाइट एओ जेड अच्छी खासी मात्रा में पाया है। हाय अर्पित सो नाइस टू फाइनली मीट यू। देयर इज ऑल माइंड यार। आपको कोई कंपनी ने बोला है पैसा लो वीडियो हटाओ। बिग बॉस का कंटेस्टेंट। उसने मेरे को कहा था मैं पुणे एयरपोर्ट आता हूं। आप बस मेरे से मिलने आ जाओ। 70 लैस आई विल गिव यू आइटम। विल गिव यू 1 BMW। आप मना नहीं कर पाओगे। कभी किसी ने आपको पैसे ऑफर किए हैं अच्छे खासे? मेरे पास एक कॉल आया था। एक पडकास्ट हमको
(00:35) करना है आपके साथ। फूड फार्मर की हम लोग उसमें खूब मजाक उड़ाएंगे। मैं सिंगल हैंडेडली वर्ल्ड के टॉप 10 एमएसी से लड़ा हूं। मेरे वो मेंटली बहुत हैरेस किए हैं। सिक्स मंथ इंप्रज़मेंट चार्ज भेजे हैं। अभी भी कोर्ट केसेस चल रहे हैं। मैंने सबके साथ अकेला लड़ा है। मेरा एक रूल है। मैं कभी लोगो ब्लर नहीं करता हूं। अगर मैं यह कंपनीज़ के साथ अकेला लड़ सकता हूं, तो मैं कोई रैंडम सोशल मीडिया ट्रोल जिसका हिम्मत भी नहीं है कि अपना फोटो डाले डीपी में। उसके साथ नहीं लड़ सकता हूं क्या मैं? हनी का मेन स्कैम बेसिकली क्या है कि चाइना ने
(01:07) C3 और C4 करके ऐसी शुगर सिरप बनाई जिसमें अगर आप हनी से एडल्ट्रेशन कर देंगे तो इंडियन टेस्ट इसको डिटेक्ट ही नहीं कर पाएगा। बहुत लोग अस्यूम करते हैं कि जैगरी जो है गुड ये हेल्दी होता है। शुगर इज इक्वल टू शुगर। जैगरी इक्वल टू शुगर प्लस गरीब। पहले एक कोर्ट केस आया जिसमें ₹2 करोड़ का डेफिनेशन सूट था। मैं डर गया एंड मेरे फैमिली ने मुझे एक प्रेशराइज किया थोड़ा तो मैंने सबसे बड़ा लाइफ का गलती किया कि मैंने साइन कर दिया डॉक्यूमेंट्स। आई विश आई हैड नॉट साइन दैट। जब मेरे पास पहला लीगल केस आया था। आई वास लिटरली स्वेटिंग क्योंकि वो केस आई थिंक कुछ ₹25 लाख का
(01:46) था। रात भर मैं सो नहीं पाता था कि क्या हो गया। मुझे ₹25 लाख देने पड़ जाएंगे। मुझे जेल हो जाएगी। जब मैं स्कूल में था, मैं बहुत बुली हुआ हूं। बहुत ज्यादा। लाइक आई वास वैरी स्किनी। मैंने फाइट बैक नहीं किया। 20 साल बाद मैंने डिसाइड किया स्कूल में मैं बहुत बुली हुआ हूं। अब मैं कंपनी से बुली नहीं हऊंगा। आई विल फाइट बैक। मैं अपने घर पे कुछ नहीं आर्डर करता हूं। जब से गुंडेज और लॉयर्स मेरे घर में आ चुके हैं। बट उसके बाद ही मैं टिका हुआ हूं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ वन थिंग जो मेरे पापा ने मुझसे कही थी। और अब वो नहीं है कि बेटा
(02:15) कुछ भी कर लो रात को दो रोटी ईमानदारी की खा के सोना। नींद बहुत अच्छी आएगी। प्रोटीन इज एसोसिएटेड वि मिसट्रस्ट। वेयर एस फूड फार्मर स्टैंड्स फॉर ट्रस्ट। इंडिया को एक फूड फार्मर नहीं लाखों फूड फार्मर चाहिए। इंडिया को एक ट्रस्टिफाइड नहीं लाखों ट्रस्टिफाइड चाहिए। इंडिया को एक फिट ट्यूबर नहीं। हजारों लाखों फिट ट्यूबर भी चाहिए। ये वीडियो में जो भी ऐड रेवेन्यू मिलेगा। बोथ ऑफ अस विल बी डोनेटिंग इट एंटायरली टुवर्ड्स फीडिंग चिल्ड्रन हु डोंट गेट फूड 100%। हाय अर्पित सो नाइस टू फाइनली मीट यू
(03:10) देयर इज ऑल माइनिंग यार बहुत प्राउड हूं जो आप काम कर रहे हो स्पेशली लास्ट फ्यू मंथ्स में मैं इतना कुछ अच्छा काम देखा हूं हनी घी मिल्क एग्स आपने कुछ भी नहीं छोड़ा हजमोला भी आप छोड़ा नहीं है हां हाजमोला में तो कुछ अजीब ही चीज निकल के आई इट्स जस्ट इनक्रेडिबल द वर्क यू आर डूइंग एंड कभी-कभी मैंने क्योंकि काफी ब्रांड्स को ऑलरेडी एक्सपोज किया है। लीगल काफी मुझे केसेस हुए हैं। मुझे आपके लिए काफी फिक्र भी होती है कि आप भी काफी निडर हो। आप जो मन में होता है बोल देते हैं। एंड आई सी अ रिफ्लेक्शन ऑन मी एंड यू। एंड दैट्स व्हाई आई एम वेरी प्राउड ऑफ़ व्हाट
(03:48) यू आर डूइंग। थैंक यू सो मच। आई होप कि ये पडकास्ट से आपकी आवाज और लोगों तक पहुंचे। आई थिंक अभी तक ज्यादातर आपको एक प्रोटीन वाली क्राउड फॉलो कर रही थी। इफ आई एम नॉट रोंग। करेक्ट। बट आई वांट कि आपको अब और लोग जाने घरघर में लोग जाने चाहे वो जिम जाते हैं नहीं जाते हैं। आपकी आवाज और लोगों तक पहुंचे। दैट इज माय गोल फ्रॉम दिस। सो आज के वीडियो में हम बात करेंगे हनी स्कैम, घी स्कैम, पनीर स्कैम, मिल्क स्कैम, मिल्कमिक्स, रूअजा, कोका कोला, स्प्राइट, मैगी सबके बारे में बात करेंगे। लेकिन सिर्फ स्कैम नहीं सशंस के बारे में बात
(04:25) करेंगे। मेरा गोल है कि यह पडकास्ट के थ्रू लोगों को थोड़ा मदद हो कि जब वो नेक्स्ट टाइम ग्रोसरी खरीद रहे हैं उन्हें थोड़ा और आसानी हो चुने में कि क्या खराब है क्या अच्छा है और इन्हें ये हमारा कन्वर्सेशन हेल्प करे। मैं आपको एक चीज बताना चाहूंगा। कि मुझे ना आज तक इतने सारे क्वेश्चंस नहीं आए जितने फूड फार्मर के साथ पॉडकास्ट करने को क्वेश्चन आए हैं। तो जो आप रिफ्लेक्शन की बात कर रहे हो ना जो लीगल केसेस से आप बैटल किए हो एंड जो मैं करेंटली बैटल कर रहा हूं उस वजह से लोगों को हम में बहुत सिमिलरिटीज दिखती है और इतने सारे कमेंट्स आते हैं कि सर प्लीज
(04:59) एक पॉडकास्ट फूड फार्मर के साथ करो। एक पॉडकास्ट फूड फार्मर के साथ करो। तो इट्स बीन एन ऑनर कि मैं यहां बैठा हूं और हम लोग कुछ एक्सपीरियंसेस शेयर करेंगे अपने लोगों के साथ। एंड बिफोर स्टार्टिंग आई वांट दिस टू बी अ यू नो टू वे पॉडकास्ट क्योंकि बहुत सारी चीजें मैं भी पूछना चाहता हूं आपके बारे में। कैसे ये जर्नी स्टार्ट हुई? सो टू स्टार्ट विद सबसे मतलब जब से यू नो फूड फार्मा नाम इतना फेमस हुआ है मेनली बिकॉज़ ऑफ द लेबल पढ़ेगा इंडिया मतलब आई वास कंफ्यूज्ड सम टाइम बैक मुझे लगता है ये ये जो गाइडलाइन है ये लाइन है ये गवर्नमेंट की तरफ से आई है लेवल पढ़ेगा
(05:39) इंडिया मुझे बाद में पता चला ये आपके थ्रू काफी फेमस हुई है तो ये फूड फार्मर नाम कैसे आपने बेसिकली रखा ये क्या क्लिक किया कि आपने फूड फार्मर सोचा तो फूड फार्मर नेम गेम के बिहाइंड एक काफी इंटरेस्टिंग स्टोरी है। मैं 13 साल के लिए यूएस में था। सब कुछ छोड़ के इंडिया आया। मैं सोचा कि मैं लोगों में अवेयरनेस स्प्रेड करना चाहता हूं। अराउंड फूड तो फार्मर पी एच ए आर एम ई आर सब लोग बोलते हैं फार्मर क्यों है? नॉट व्हाई नॉट फार्मर लाइक व्हाई नॉट एफ एफ ए आर हां फार्मर कम्स फ्रॉम फार्मा एंड फार्मा मींस मेडिसिन। मेडिसिन। ओके। सो आई बिलीव दैट फ़ूड इज़ मेडिसिन एंड इफ वी
(06:17) ईट फ़ूड मेड बाय फार्मर्स वी विल रिड्यूस आवर डिपेंडेंसी ऑन फार्मा। ओ दैट्स हाउ द नेम फूड फार्मर केम अबाउट। लेकिन बिफोर वी स्टार्ट आज तो हम बात करेंगे फूड सेफ्टी की, फूड हेल्थ की। लेकिन इंडिया में अनफॉर्चूनेटली अभी भी फूड सेफ्टी और हेल्थ एक प्रिविलेज्ड इशू है। लाइक अनफॉर्चूनेटली आज भी बहुत लोगों को फूड सेफ्टी और हेल्दी फूड तो छोड़ो लोगों को खाना भी नहीं मिलता। और इसीलिए मैं डिसाइड किया हूं कि ये वीडियो में जो भी ऐड रेवेन्यू मिलेगा जो भी सुपर चैट्स, सुपर थैंक्स जो भी इसमें रेवेन्यू पैसा मिलेगा बोथ ऑफ अस विल बी डोनेटिंग इट
(06:59) एंटायरली टुवर्ड्स फीडिंग चिल्ड्रन हु डोंट गेट फूड एंड आई थिंक दिस इज़ क्वाइटेंट फॉर अस बोथ एस टू पिलर्स ऑफ फूड सेफ्टी टू डू 100% सो लेट अस डू वन थिंग कि हम दोनों साथ मिलकर जो को भी ये वीडियो में पैसा आएगा। लेट्स बोथ कंबाइन। हम अपने कुछ फॉलोअर्स लोग को भी शाउट आउट देंगे अगर उन्हें भी हमारे साथ जॉइ करना है। एंड साथ में मिलकर हम एक कैंपेन करेंगे टू फीड पीपल। ग्रेट लवली। अर्पित मंगल ट्रस्टिफाइड कैसे बना? हाउ डिड यू गेट इनू फूड सर्टिफिकेशन? 2019 में व्हेन आई ओपन माय न्यूट्रिशन चैनल? आई डीड माय सर्टिफिकेशन इन न्यूट्रिशन और उसके बाद मुझे न्यूट्रिशनल
(07:43) एडवाइस देने के लिए मैंने वो कोर्स किया और वो चैनल ओपन किया बट पैसे की थोड़ी कमी होती थी उस टाइम तो बहुत ही ज्यादा थी तो एक बड़ा ब्रांड था जिसका प्रोटीन पाउडर काफी सस्ते रेट में मिलता था तो मैंने कहा कि चलो ठीक है यह ले लेते हैं एक दिन में तीन-चार स्कोप क्योंकि उस टाइम हुआ क्या था कि मेरे घर में कुछ ऐसे गेस्ट आए थे जो जैन थे एंड बीइंग अ नेगेटेरियन आई कैन नॉट ईट एग्स एट दैट टाइम और वो एक महीने के लिए गेस्ट आए थे तो मैंने वो ब्रांड का प्रोटीन पाउडर स्टॉक कर लिया खूब सारा कि ₹700 पर केजी है तो एग्स को रिप्लेस कर देंगे हर बार एक
(08:20) स्कूप लेंगे तो काम हो जाएगा बट वो लेते मुझे थोड़ा डाउट हुआ क्योंकि बहुत ज्यादा कॉर्न की स्मेल आती थी तो यू नो पीपल यूज टू मिक्स इट विद माल्टोडेक्सिनी एट दैट टाइम जो अभी भी कॉमन प्रैक्टिस है प्रोटीन स्पाइकिंग की तो मैंने सोचा कि अपनी अशोरिटी के लिए लेट्स गेट इट लैब टेस्टेड तो मैंने उसको लैप टेस्ट करा लिया एंड आई वास शॉक्ड क्योंकि वो प्रोटीन पाउडर क्लेम कर रहा था 70% प्रोटीन पर स्कूप निकल के आया 14% 14 यस 14 नॉट इवन हाफ तो मैंने वो अवेयरनेस के लिए वीडियो डाल दी क्योंकि उस टाइम बहुत से लोग सिर्फ ये सोच के कि एक ऐसा ब्रांड जो बहुत बड़ा है
(09:00) सेलिब्रिटीज उस ब्रांड को एंडोर्स कर रहे हैं 70% प्रोटीन ऑफर कर रहा है वो भी 1 केजी सिर्फ ₹700 का तो मैंने एक अवेयरनेस के लिए एक वीडियो क्रिएट कर दिया कि यह 70% नहीं है। ये 14% है। किस तरह से बड़ी कंपनी आपको बेवकूफ बना सकती हैं। इट वाज़ अ लर्निंग फॉर मी एज वेल। वो वीडियो बहुत चला। बहुत चला वो वीडियो और लोग बोलने लगे कि सर और प्रोटीन पाउडर्स के रिव्यु करें और प्रोटीन पाउडर्स के रिवु करें। फिर धीरे-धीरे मैं प्रोटीन पाउडर्स के रिव्यु करना चालू कर दिया। और फेल होने लग गया ब्रांड्स। तो फिर मुझे धमकी आने लग गई। थ्रेट्स आने लग गई। इवन कुछ ऐसे लोग जो
(09:34) बिग बॉस में आ चुके हैं। अच्छा। हां। ऐसे लोगों ने मुझे वीडियो कॉल करके धमकी दी है। WhatsApp पे उन्होंने अपने बंदे भेजे हैं मेरी सोसाइटी के फ्लोर पे। और ऑब्वियसली फ्लोर पे आपको यह नहीं पता चलेगा कि मेरा कौन सा फ्लैट है। तो दो-तीन लोग आए हैं जिन्होंने मुझे वो WhatsApp पे वन टाइम व्यू वाला वीडियो होता है ना वो भेजा है कि देख लो इसी फ्लोर पे रहते हो ना तुम। मैं अंदर आऊं। मतलब इस तरह से धमकी दिया है। Thar में लोग बैठे हुए हैं। पीछे दो दो तीन स्कर्पियो हैं। उसमें बहुत से लोग बैठे हुए हैं। तो इस तरह की धमकियां आने लग गई। फोन पे धमकी ये सब
(10:12) चलता रहा। तो केसेस बढ़ने लग गए और केसेस में लड़ने भी लग गया। बट होता क्या था कि उस टाइम 400 ₹500 एक टेस्ट के लगते थे। तो जो मैं प्रोटीन पाउडर ऑर्डर करता था उसमें से एक स्कूप एक पॉलिथीन में डाल के भेज देता था टेस्टिंग के लिए। और इन सब से केसेस लड़ना बहुत मुश्किल हो गया था। बिकॉज़ दीज़ आर द जयंट्स। तो मैंने सोचा कि केसेस तो मुझे लड़ना है और जिस तरह से मैं फर्स्ट टाइम बेवकूफ बना था उस तरह से मैं नहीं चाहता लोग बने। तो मुझे टेस्टिंग स्टार्ट करनी है और कुछ रेगुलेटेड प्रोसेस के थ्रू स्टार्ट करनी है। वो इंटरनेशनल सर्टिफिकेशंस टाइप की नहीं जो ऐसी कंपनीज़
(10:50) जो कस्टमर के साथ चोरी करती हैं। बेसिकली आई कॉल देम क्रिमिनल मैन्युफैक्चरर्स। ऐसी कंपनी इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन बहुत आसानी से ले सकती हैं और उन्होंने लिया भी हुआ है। पर कैसे अगर वो 70% के बदले 14% प्रोटीन दे रहे हैं तो उन्हें इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन कैसे मिलेगा? ऐसे मिलेगा क्योंकि ब्लाइंड टेस्टिंग का कोई कांसेप्ट ही नहीं है। ब्लाइंड टेस्टिंग का कोई कांसेप्ट ही नहीं है। अगर जो बाहर के सर्टिफिकेशंस हैं आप उनमें जाके इंक्वायरी करके डाल दो कि मुझे आपका सर्टिफिकेशन चाहिए। वो लोग आपसे बोल देंगे ठीक है आप अपना प्रोडक्ट भेज दो। दे विल
(11:19) टेस्ट इट एंड गिव यू द सर्टिफिकेट। सो बीइंग अ क्रिमिनल मैन्युफैक्चरर वो मैन्युफैक्चरर हमेशा अच्छा बॉक्स भेजेगा इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन को हासिल करने के लिए। उसके बाद वो लोगो लगा के कोई भी प्रोडक्ट इंडिया में बेचेगा। सो मैंने वही पूरा एक फ्रेमवर्क सोचा कि मैं ऑर्डर करूंगा खुद और मैं लोगों को दिखाऊंगा कि मैं आर्डर कर रहा हूं और प्रेफरेबबली थर्ड पार्टी सेलर से आर्डर कर रहा हूं। अगर नहीं मिलता थर्ड पार्टी सेलर तो बात अलग है। आर्डर दिखाऊंगा। अनबॉक्सिंग दिखाऊंगा कि ये देखो जो बैच नंबर मुझे मिला है यही टेस्टिंग में गया है।
(11:50) सो टू समराइज आप बोल रहे हो कि जो लोग इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन करते हैं वो अपना बेस्ट बैच कोई एक पर्टिकुलर बैच में सब कुछ परफेक्ट डाल देंगे। 70% प्रोटीन डाल देंगे। लेकिन जो मार्केट में बेच रहे हैं वो अलग है। या एंड उन्हें सर्टिफिकेशन मिल जाएगा कि ये कोई ग्लोबली रिकॉग्नाइज्ड। फॉरगेट अबाउट द इंटरनेशनल सर्टिफिकेट। अ एक एक बड़े ब्रांड का ब्लाइंड टेस्टिंग के लिए मैंने इंडिया में ही एक लैब को प्रोडक्ट भेजा टेस्टिंग के लिए। आप विश्वास नहीं करेंगे उस लैब से मुझे जिस बंदे ने टेस्टिंग की उसका फोन आया और उसने बोला कि सर इसमें बहुत कम प्रोटीन निकला
(12:25) है। यह कंपनी क्लेम कर रही है 73 74% बहुत कम निकला है। तो मैंने कहा हां हो सकता है। तो उन्होंने कहा सर मैं इसलिए शॉक हो रहा हूं क्योंकि जिस कंपनी का प्रोडक्ट आपने टेस्ट करवाया है वो कंपनी हमारी क्लाइंट है और वो जो भी डब्बे भेजती है हमारे पास उसमें सब सही निकलता है। बट आपने जो भेजा है उसमें कैसे गड़बड़ निकला है। तो मैंने उनको कहा अब आपको समझ में आया कि मार्केट में गेम क्या चलता है। कंपनी तो हमेशा अच्छा ही बॉक्स भेजेगी ना। हां ऑफ कोर्स एक और इंटरेस्टिंग चीज यही बात को लेके आपने शायद से अभी तक चाय टेस्ट नहीं किया है ना करो। बेचारे पब्लिक
(12:59) को कोई आईडिया नहीं है। इंडिया में चाय में कितना कुछ मिला हुआ है। मैंने खुद टेस्ट रिपोर्ट्स देखे हैं। जो इंडियन सबसे बड़े टी कंपनीज़ हैं जो बाहर यूरोप में भेजते हैं सब कुछ परफेक्ट। इंडिया में जो चाय बेचते हैं, सब बैंड पेस्टिसाइड्स एंड सम पेस्टिसाइड्स आर वे बिय्ड द सेफ लिमिट व्हिच इज़ प्रिस्राइब बाय एसआई। कितने करोड़ों लोग चाय पीते हैं इंडिया में। तो यह बहुत सैड सिचुएशन है। आई थिंक इंडिया का फूड बहुत बड़ा क्राइसिस में है। आप शायद एक चीज नहीं खरीद सकते हो आज वि फुल कॉन्फिडेंस कि इसमें कुछ मिलावट नहीं है। मुझे हर एक इकोनॉमिक स्थिति के
(13:43) लोग फॉलो करते हैं। लाइक यू नो नॉट सो वेल ऑफ़ पीपल एंड सम सुपर वेल ऑफ़ बिलिनेयर्स आल्सो। आप कोई बिलियर से भी बात करोगे उसे कोई आईडिया नहीं है कि वो जो खा रहा है वो सही है या नहीं। चाहे हमारा चाय हो या कॉफी हो या प्रोटीन हो या सब कुछ में कुछ ना कुछ मिलावट है आज के दिन में। अब भाई लोग खाए क्या और लोग कैसे भरोसा करें? इट इज़ अ मेजर क्राइसिस। नो वन इज़ टॉकिंग अबाउट इट। मेरे हिसाब से इट शुड बी द नंबर वन इशू इन इंडिया। लाइक फ़ूड, सेफ्टी, फ़ूड हेल्थ। इससे और इंपॉर्टेंट क्या हो सकता है? इट शुड इवन बी अ पॉलिटिकल इशू। जैसे पॉलिटिशियंस इलेक्शंस लड़ते हैं। मैंने आज
(14:21) तक मैं ये कोई एक पर्टिकुलर पॉलिटिकल पार्टी को नहीं टारगेट कर रहा हूं। मैं सब पॉलिटिकल पार्टीज को टारगेट कर रहा हूं कि सेफ खाना के ऊपर मैंने आज तक इलेक्शंस नहीं देखा है। जबकि हम एक फार्मर वाले कंट्री हैं। राइट? एंड आई थिंक जस्ट लाइक रेवंत मच मोर पीपल नीड्स टू रेज़ देयर वॉइसेस ऑन इंग्रेडिएंट्स एंड ऑन फ्रंट ऑफ द मार्केटिंग गिमिक दैट कंपनी इज़ 100%। मैं हमेशा लोग को बोलता हूं इंडिया को एक फूड फार्मर नहीं लाखों फूड फार्मर चाहिए। इंडिया को एक ट्रस्टिफाइड नहीं लाखों ट्रस्टिफाइड चाहिए। इंडिया को एक फिट ट्यूबर नहीं वो भी बहुत अच्छा काम कर रहा
(14:57) है। इंडिया को हजारों लाखों फिट ट्यूबर भी चाहिए। अगर हम इमेजिन करो अगर इतने सारे लोग और होते तो कितना और अवेयरनेस होता। बहुत अच्छी बात कही आपने। बट यहां पे फूड एजुकेशन जो आप बोल रहे हैं लोगों को पढ़ना चाहिए। लोगों को अपनी वॉइससेस रेज करना चाहिए। उसके साथ-साथ कभी-कभी मुझे लगता है कि यहां पे लोग भी एक दूसरे के ही दुश्मन हैं। जैसे धुरंधर मूवी में एक डायलॉग आपने सुना होगा जहां पे वो बोलता है कि अपने देश को अपने ही लोग ले डूब रहे हैं। कोई तो ऐसा आएगा जो अपने देश को अपलिफ्ट करेगा। अपने देश के लिए लड़ेगा। तो उस पर्सपेक्टिव से मुझे एक चीज़ आई मीन मैंने
(15:37) ये कभी बोली नहीं है कहीं भी। बट मैंने यह देखा है कि कोई भी जब अच्छा काम करता है तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो उसी को नीचा गिराने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मैं एक एक एग्जांपल आपका देता हूं। बीन मोर देन टू इयर्स मेरे पास एक कॉल आया था एक एक एक बंदे का जो कि पडकास्ट वगैरह करता है और उसने मुझसे बोला था कि एक पडकास्ट हमको करना है आपके साथ और उस पॉडकास्ट में ना एक दो लोग और भी रहेंगे तो इट्स लाइक अ जज एंड पैनल टाइप का पॉडकास्ट रहेगा एंड फूड फार्मर की हम लोग उसमें खूब मजाक उड़ाएंगे एंड उसमें आपको आना है बेसिकली इट विल बी अ वेरी हिट मैं
(16:19) नहीं कहता क्योंकि मैं कभी किसी भी ऐसी चीज में नहीं जाता हूं। बट मेरे मन में एक थॉट आया कि मतलब चलो कोई लेबल पढ़ना अगर सिखा रहा है, कोई अच्छा काम कर रहा है तो इंस्टेड ऑफ सपोर्टिंग आप उसी को नीचे क्यों खींच रहे हो? सिमिलरली आज के सोशल मीडिया का ट्रेंड जो मैं देख रहा हूं वो ये है कि लोग अपने फेस पे, अपने वैल्यू पे कुछ अर्न नहीं करना चाहता। थंबनेल में आपका फोटो लगा दिया। ठीक है? जबरदस्ती नेगेटिविटी क्रिएट कर रहे हैं और ऐसे चैनल्स आप देखोगे ना 3- चार महीने से ज्यादा एक साल से ज्यादा सर्वाइव नहीं कर पाएंगे। तो मुझे लगता है सबसे पहले लोगों
(16:53) को सुधरना पड़ेगा कि अगर कोई अच्छा काम कर रहा है तो लोग उसको सपोर्ट करो ना कि तुम उसको पकड़ के नीचे गिराओ। आपने वो आपने धुरंधर का लाइन बोला तो मैं एक और मूवी का लाइन बोलता हूं। आपने वो गुरु का लाइन सुना है। जब लोग तुम्हारी बुराई करें। तो समझो तरकी कर रहे हो। हां। अभी बहुत लोग आते हैं गाली देने वाले। वो देने दो। दैट मींस यू आर डूइंग समथिंग राइट। इट्स वेरी सैड। मुझे बहुत खराब लगता है। लाइक मैंने अपना लाइफ का सब कुछ गिव अप करके ये मैं कर रहा हूं। मैंने अपना यूएस में जॉब छोड़ा, जो भी कर रहा था, वीजा छोड़ा, एच वन बी वीजा, दिस दैट
(17:25) एवरीथिंग आई लेफ्ट, केम हियर, आई लेफ्ट हाफ माय फैमिली देयर एंड मेनी पीपल डोंट नो मेनी थिंग्स व्हिच आई विल शेयर सम अदर डे। बट आई लेफ्ट एवरीथिंग एंड आई केम टू इंडिया टू ट्राई टू मेक इंडिया हेल्थ लिटरेट। एंड मैंने आज तक एक भी वीडियो कोई इंडिविजुअल के अगेंस्ट नहीं बनाया है। लाइक कोई भी हेल्थ वाले आदमी के अगेंस्ट या औरत के अगेंस्ट मैं आज तक नहीं बनाया। आई हैव मेड वीडियोस अगेंस्ट ऑल दीज़ कंपनीज़। आज तक आप मेरा एक भी वीडियो देखोगे कि कोई एक डॉक्टर है या न्यूट्रिशनिस्ट है या कोई फूड इन्फ्लुएंसरर है या कोई है उसके अगेंस्ट मैं बनाया हूं। आज तक नहीं बनाया
(18:04) हूं मैंने। मेरे अगेंस्ट लोग कितने वीडियोस बनाए हैं कि फूड फार्मर ने ये किया है वो किया है। को पडकास्ट में बुलाया गया। हां, हां, एक्साक्ट्ली। सो मेरे कितने लोग टारगेट कर रहे हैं अभी? अभी तो फिर भी मेरे ज्यादा फॉलोवर्स हैं। बट मैं बोल रहा हूं जब मेरे 10,000 फॉलोअ थे, 50,000 फॉलोअ थे, 1 लाख फॉलोवर थे। उस समय भी आई नेवर मेड अ वीडियो अगेंस्ट एनी इंडिविजुअल। बिकॉज़ माय बिलीफ इज़ आई हैव गिवेन अप एवरीथिंग टू फाइट अगेंस्ट दीज़ कंपनीज़। मैं यहां सब कुछ छोड़ के इंडिया आया हूं। ये कंपनीज़ से लड़ने। मैं कोई रैंडम आदमी Twitter पे या कोई YouTube पे
(18:38) मैं उससे लड़ने नहीं आया हूं। मेरे को मैं अपने आई ट्राई टू रिमाइंड मायसेल्फ ऑफ माय गोल कि माय बिग पिक्चर गोल इज टू ट्राई टू मेक इंडिया हेल्थ लिटरेट। आई कैन नॉट बी डिस्ट्रैक्टेड। मुझे डिस्ट्रैक्ट नहीं होना है ये रैंडम वाले लोग से। एंड मैं मैं एक और चीज बोल सकता हूं। मैं सिंगल हैंडेडली वर्ल्ड के टॉप 10 एमएसी से लड़ा हूं। वो कोशिश की है। मुझे कोर्ट केस भेजे हैं। मेरे को मेंटली बहुत हैरेस किए हैं। मुझे 2 करोड़ के डेफिमेशन चार्ज कितने बार भेजे हैं। सिक्स मंथ इंप्रज़मेंट चार्ज भेजे हैं। अभी भी कोर्ट केसेस चल रहे हैं। मैंने सबके साथ अकेला लड़ा है। हार नहीं
(19:21) माना है। अभी भी मैं मेरा एक रूल है। मैं कभी लोगो ब्लड नहीं करता हूं। मैं कोई अभी भी लड़ रहा हूं। अगर मैं ये कंपनीज के साथ अकेला लड़ सकता हूं तो मैं कोई रैंडम सोशल मीडिया ट्रोल जिसका हिम्मत भी नहीं है कि अपना फोटो डाले डीपी में उसके साथ नहीं लड़ सकता हूं क्या मैं आराम से 2 मिनट में लड़ सकता हूं उनके अगेंस्ट मैं बस कहूं कि मैं डिस्ट्रैक्ट नहीं होऊंगा आई विल रादर फोकस ऑन फाइटिंग अगेंस्ट दी कंपनीज़ रादर देन सम रेंडम सोशल मीडिया ट्रोल हु डजंट इवन हैव द करेज टू फाइट इन पर्सन मैं आपको एक इंसिडेंट सुनाऊंगा सॉरी मैं इमोशनल हो रहा हूं बट
(19:55) अहेड जब मैं स्कूल में था। आई वाज़ इन एन ऑल बॉय स्कूल। आई वाज़ एट नाइन इयर्स ओल्ड। मैं बहुत बुली हुआ हूं। बहुत ज्यादा। लाइक आई वाज वैरी स्किनी। अभी मैं थोड़ा रिलेटिवली आई गेस पतला हूं फॉर स्पेशली फॉर समवन हु सेल्स प्रोटीन तो मैं काफी पतला हूं। सो उस समय मैं बहुत स्किनी था। है ऑल बॉय स्कूल में वो ऐज में लोग काफी मेन हो सकते हैं। तो लोग मुझे काफी बुली किए हैं। काफी गंदे हालत में एंड मैं बुली हुआ भी हूं। मतलब मैंने फाइट बैक नहीं किया हूं। 20 इयर्स लेटर आई गॉट अ लीगल नोटिस फ्रॉम अ कंपनी। बुलीज वर मच अहेड ऑफ मी। दे वर हियर। आई
(20:41) वाज हियर। आई वाज स्केर्ड ऑफ द बुलीज। दे वर हियर। आई वाज हियर। जब 20 साल बाद कंपनी वाज हियर। आई वाज हियर। मैंने डिसाइड किया स्कूल में मैं बहुत बुली हुआ हूं। अब मैं कंपनी से बुली नहीं होऊंगा। आई विल फाइट बैक। अगर मैं कंपनी से लड़ सकता हूं तो सोशल मीडिया में रैंडम कोई आदमी मेरे ऊपर फेक वीडियो बना रहा है। मेरे आधा वीडियो को काट के बना रहा है। जहां मैं बोल रहा हूं कि ये प्रोडक्ट अच्छा है। मैं ये वीडियो में बता रहा हूं ये प्रोस है। ये क्स है। वो क्स दिखा रहा है। प्रोज़ हटा दे रहा है। और बोल रहा है फूड फार्मर फियर मगरिंग कर रहा है। ये कर
(21:14) रहा है। वो कर रहा है। जो मैं अच्छा पार्ट बोल रहा हूं वो हटा दे रहा है वीडियो में। हां वो ऐसे एडिट करके वीडियो डाल रहा है Twitter पे ताकि उसको बेचारे ईलॉन मस्क ₹1000 दे दे। एंड मैंने भी सोचा है कभी-कभी कि भाई इनके साथ लड़ो बट मुझे कभी-कभी लगता है यार क्यों लेट्स नॉट डिस्ट्रैक्ट आवरसेल्व्स। वी आर हियर टू डू बेटर थिंग्स। या वी आर हियर टू डू बेटर थिंग्स। बट आई थिंक पीपल शुड नो कि चलता क्या है? जस्ट लाइक यू आर फाइटिंग सो मेनी लीगल केसेस। आप एक दौर से गुजरे हो। सिमिलरली जब मेरे पास पहला लीगल केस आया था उस टाइम कोविड
(21:43) चल रहा था। तो कोई नहीं था। मैं एक अकेले फ्लैट में था। एंड आई वास लिटरली स्वेटिंग क्योंकि वो केस आई थिंक कुछ 25 लाख का था जो कि बहुत बड़ा अमाउंट है। अभी तो जो केसेस हो रहे हैं मेरे ऊपर वो 15 करोड़ 10 करोड़ 25 करोड़ के हैं। बट उस टाइम पहला मतलब मैंने किसी को आज तक थप्पड़ भी नहीं मारा है। और ऐसे बंदे के ऊपर तुम 25 लाख का लीगल केस कर दोगे। तो बहुत बहुत स्वेट हुआ था। मैं बहुत स्वेट हुआ था। अकेले रात भर मैं सो नहीं पाता था कि क्या हो गया। मुझे ₹25 लाख देने पड़ जाएंगे। मुझे जेल हो जाएगी। ऐसा-ऐसा मैं सोचता था। तो मुझे लगता है कि कभी-कभी जब
(22:18) आप अच्छा काम करते हो तो ये जो लीगल केसेस हैं ये बहुत सारे चलते रहते हैं। तो आप ऑलरेडी उनसे बैटल कर रहे हो। और ऑन द अदर हैंड जो लोग सोशल मीडिया पे आजकल कर रहे हैं। फॉर एग्जांपल मैं आपको अपना केस बताता हूं। यू विल शॉक टू नो कितने ऐसे लोग हैं जिन्होंने लैब में फोन करके कहा मुझे अर्पित की पर्सनल डिटेल्स चाहिए। मतलब क्या करना है, क्या नहीं करना है। मुझे उसकी पर्सनल डिटेल्स चाहिए। कौन सैंपल टेस्ट कराना है। कैसे सैंपल टेस्ट कराना है? मुझे उसके अगेंस्ट ये करना है। अगेंस्ट वो करना है। ये चीजें चलती हैं। दूसरा एक एक इन्फ्लुएंसरर है। मैं नाम
(22:54) नहीं लूंगा जिसने मतलब मुझे ऐसा लगता है जिसने पूरा कांसेप्ट आपका कॉपी किया। पूरा कांसेप्ट लेबल पढ़ना वना जो आपने स्टार्ट किया था। आई थिंक और किसी ने स्टार्ट नहीं किया था। उसने पूरा वो कांसेप्ट कॉपी किया। एंड देन अभी ही इज़ डूइंग टेस्टिंग। नाउ व्हाट ही इज डूइंग इज जो 10 ब्रांड्स मैं फेल मेरे टेस्टिंग में फेल हो रहा है वो उन 10 ब्रांड में से एक दो ब्रांड से पैसा लेके अच्छा खासा डीलिंग कर दे रहा है और बाकी आठ ब्रांड्स को एग्जैक्टली फेल दिखा रहा है टू बी ऑन अ न्यूट्रल साइड एंड अर्न एक और इन्फ्लुएंसरर है जो हमेशा उस
(23:28) ब्रांड को ही अप्रोच करता है जो हमेशा फेल होते हैं। नाउ पीपल कम टू मी एंड पीपल गेट कंफ्यूज्ड कि सर ये ये कह रहे हैं ये ये कह रहे हैं। मैं उनको रिप्लाई नहीं करता। बट मुझे ऐसा लगता है कि पैसे के लिए इतना भी ना बिको तुम कि किसी को कुछ भी बेच दो। तो सिमिलरली नेगेटिव पीआर तक हुई है। मेरे अगेंस्ट कंपनीज ने कराई है। जहां पर मुझे बताया गया है कि यूएस के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए ये इंडियन प्रोडक्ट्स फेल हुए हैं। एंड यू वोंट बिलीव 18-1 साल के जो बच्चे हैं ना उन लोगों ने तक वो स्क्रिप्ट उन लोग को दी गई है। पैसे दिए
(24:05) गए हैं। 10 लोगों ने एक ही स्क्रिप्ट मतलब एक भी वर्ड इधर-उधर नहीं है। एक ही स्क्रिप्ट बोली है पैसों में। और उसमें से 18-18 साल के बच्चे हैं तो बेस जब बेस ही वैसे आप स्टार्ट करोगे तो कैसे हेल्थ को प्रमोट करोगे आप? मैं आपको अभी से गारंटी दे रहा हूं ऑलरेडी मेरे अगेंस्ट और आपके अगेंस्ट भी बहुत सारे लोग वीडियो बना रहे हैं और अगले 2 साल में और बहुत वीडियो बनने वाले हैं हम लोग दोनों के अगेंस्ट। बिकॉज़ ये कंपनीज़ हमारे साथ लीगली लड़ नहीं सकते। मतलब लर्न हमें मतलब कोर्ट केस भेज सकते हैं। सब कुछ कर सकते हैं, लेकिन उनका कोई ग्राउंडिंग नहीं है।
(24:42) मतलब दे आर रोंग। सो, दे कैन नॉट टारगेट यू लीगली बिकॉज़ लीगली यू आर राइट। आई एम राइट। फ्रीडम ऑफ़ स्पीच इंक्लूड्स द फ्रीडम टू क्रिटिसाइज़। जस्ट अ वे अ मूवी क्रिटिक कैन मेक अ रिव्यू ऑन अ मूवी। अ फ़ूड क्रिटिक कैन मेक अ रिव्यू ऑन अ फ़ूड प्रोडक्ट। वी आर बोथ लीगली राइट। करेक्ट। भाई वहां कोई वन स्टार दे रहा है मूवी को तो हम कोई प्रोडक्ट को वन स्टार क्यों नहीं दे सकते? दे सकते हैं। तो वो हमें लीगली लड़ नहीं सकते हैं ये कंपनीज़। तो वो हमें क्या क्या वे में वो लड़ सकते हैं हमारे अगेंस्ट। हमारा रेपुटेशन के अगेंस्ट। दैट इज द ओनली थिंग दे कैन गो
(25:18) आफ्टर। एक बार वो प्रूफ कर दिए पब्लिक को कि फूड फार्मर का एक्चुअली वो एक बेकार आदमी है। अगर वो एक बार ऐसे एक परसेप्शन क्रिएट कर दे मार्केट में। कोई एक नैरेटिव सेट कर दिए कि एक्चुअली ट्रस्टिफाइड ऑनेस्ट नहीं है। फिर उनका मकसद सॉल्व हो गया। सो दैट इज़ व्हाट दे आर ट्राइंग टू डू विथ मी एंड योर रेपुटेशन को टारगेट कर रहे हैं। मेरे मेरे में मैं आपको बताता हूं। मैंने एक वीडियो बनाया था। उसमें मैंने पहले दिन अराउंड दो-चार कमेंट आए व्हिच इज वैरी नॉर्मल जो मेरे को यूजली आते हैं। फिर मैं 1 घंटा में मुझे हजारों कमेंट आ गए। सब सेम टाइप के। मैं क्लिक कर रहा हूं
(25:56) उनके अकाउंट में जीरो फॉलोअ एंड 1000 पीपल फॉलोइंग जीरो फॉलोअ सेम टाइप के कमेंट्स मेरे अगेंस्ट क्या है ऑफ कोर्स कोई कंपनी ने उसे पैसा दिया है मेरे अगेंस्ट वो कमेंट्स लिखने के लिए फिर मैं नेक्स्ट डे एक और दिन मतलब मैंने देखा मैं Twitter अकाउंट फूड फार्मर Twitter अकाउंट हैक ऑल माय फॉलोवर्स ऑल माय रिकॉर्ड एवरीथिंग डिलीटेड अगर आप मेरा Twitter अकाउंट देखोगे अभी मेरा अकाउंट का एंड यूजरनेम क्या है फूड फार्मर टू क्योंकि फूड फार्मर डिलीटेड है कंपनी ने हैक करवा के हटवा दिया जो पाम ऑइल बोर्ड है वो मेरे अगेंस्ट एड्स चला रहा है कि फूड फार्मर झूठ बोल रहा है ये
(26:35) कर रहा है वो कर रहा है कितने कंपनीज़ मुझे टारगेट करते हैं आपको भी टारगेट करते हैं दे कैन नॉट गो आफ्टर अस लीगली बिकॉज़ वी आर राइट सो दे विल गो आफ्टर आवर रेपुटेशन एंड अनफॉर्चूनेटली द सैडेस्ट पार्ट इज अनफॉर्चूनेटली दे मे इवन सक्सीड इन माय ओपिनियन आई डोंट नो इफ यू एग्री विथ मी ऑर नॉट | क्योंकि पब्लिक एक इनोसेंट है। आई थिंक वो ब्रेन वाश हो जाती है। वो अगर एक ही मैसेज हजारों बार देखेगी ना वो अलग-अलग हजार लोग बोल रहे हैं। उनको नहीं पता कि वो लोग पेड हैं। कुछ लोग का वो बात नहीं मानेंगे। लेकिन वो हजारों बार एक ही मैसेज देखेंगे
(27:10) कि फूड फार्मर ने ये किया है। ट्रस्टफाइड ने ये किया है। फूड फिर वो बिलीव करने लग जाते हैं। एंड दैट इज अ सैड पार्ट। या अग्री। वैसे मैं आपसे एक चीज पूछना चाहूंगा कि कभी किसी ने आपको पैसे ऑफर किए हैं अच्छे खासे? हर दिन आपको आईडिया नहीं है कि कितना पैसा को मैं मना किया हूं और आज भी कर रहा हूं। सो मुझे हर दिन इतने ऑफर्स आते हैं फूड ब्रांड्स को प्रमोट करने के लिए। आई हैव बीन ऑफर्ड मोर मनी देन ऑलमोस्ट एव्री क्रिकेटर एक्सेप्ट फॉर विराट कोहली। ओके। आप इमेजिन करो मुझे बस यह प्रोडक्ट अपने हाथ में प्रोडक्ट पकड़ना है। बोलना
(27:52) है कि यह मैं यूज़ करता हूं। एंड दे विल ऑफर मी टू थ्री सीआर फॉर जस्ट डूइंग दिस मच। एंड ये एक कंपनी है। अगर आप ऐसे 10-15 कंपनी करो। इमेज यू कैन मेक मोर मनी फॉर योर एंटायर लाइफ। लाइक आप कितना कमा सकते हो। इट्स जस्ट रेडिकुलस और आप ये चीज 10-15 साल करो या पांच छह साल करो। जस्ट डू द मैथ। बेसिक मैथ करो। नो लीगल केसेस, नो हेडेक। हां, कोई हेडेक नहीं है भाई। मतलब जस्ट इमेजिन द अमाउंट ऑफ मनी आई कैन मेक एंड आई हैव सेड नो टू एवरीथिंग एंड इट इज नॉट इजी। दैट इज नॉट इजी। बट मैंने ये हार्ड स्टांस लिया है टू नॉट डू फूड ब्रांड डील्स। मैं अपने आप को
(28:37) इन्फ्लुएंसरर नहीं मानता बट लॉट ऑफ पीपल कॉल मी इन्फ्लुएंसर। सो आई विल जस्ट से दिस वन थिंग। कैन यू इमेजिन अ टेक इन्फ्लुएंसरर नॉट डूइंग टेक डील्स और अ ब्यूटी और फैशन इन्फ्लुएंसरर नॉट डूइंग ब्यूटी और फैशन डील्स? भाई जो ब्यूटी इन्फ्लुएंसरर है वो 99% उसका ब्रांड डील्स ब्यूटी होता है। जो टेक इन्फ्लुएंसरर है उसका 99% ब्रांड डील्स टेक होता है। मैं पब्लिक के आईज में एक फूड इन्फ्लुएंसरर हूं और मैं फूड ब्रांड डील नहीं करता। मेरे कुछ रूल्स हैं। एक है नो फूड ब्रांड डील्स। मैं पूरी कोशिश करूंगा अनबायस रहने की। सेकंड है मैं किसी से भी पैसा नहीं
(29:15) लूंगा टू क्रिटिसाइज समवन। ओके। सो बहुत लोग ऑफर करते हैं। चलो आप मुझे प्रमोट मत करो बट मेरे से पैसा लो और कोई कंपैरिटर के अगेंस्ट वीडियो बना लो। हां। दो प्रोडक्ट कंपेयर करो। एक को नीचा गिरा दो और हमारा ऊपर। वो भी मैं नहीं करूंगा कभी। एंड थर्ड अगर मैं कभी कोई ब्रांड ईल्ड किया मैं#शटग ऐड हमेशा यूज करूंगा। हम एंड मैं कोशिश कर रहा हूं कॉन्शियस कैपिटलिज्म में फोकस करने की कि लोग बुरी चीज करते हैं और पैसा कमाते हैं। तो क्या मैं अच्छा चीज करके पैसा नहीं कमा सकता हूं? एंड जस्ट इमेजिन इफ आई एम एबल टू डू द राइट थिंग्स एंड मेक मनी आई कैन
(30:01) इंस्पायर थाउजेंड्स ऑफ़ मोर पीपल टू डू द सेम। एंड आई वांट टू बी फोकसिंग ऑन कॉन्शियस कैपिटलिज्म ताकि और लोग होए। देखो कैपिटलिज्म से हम दूर नहीं रह सकते। पैसे से हम दूर नहीं भाग सकते हैं। हां। तो एटलीस्ट हम पैसा वो चीज करके कमाते हैं जो सोसाइटी को हेल्प करें। एंड दैट इज माय होप दैट आई कैन डू दैट। एंड अ लेट्स सी क्या होता है। आपके साथ क्या हुआ है। आपको कोई कंपनी ने बोला है कि पैसा लो वीडियो हटाओ। मेरे को स्टार्टिंग में हुआ था क्योंकि मैं भी कभी भी मुझे ऐसे मैसेजेस आते हैं जब भी तो मैं उन पर रिप्लाई ही नहीं करता। तो एक बात तो सही है कि कंपनीज़ दूसरों से
(30:44) कराती हैं। जैसे रिसेंटली एक ब्रांड का प्रोटीन पाउडर फेल हुआ तो उसमें क्या हुआ कि मुझे किसी और कंपनी के फाउंडर का मैसेज आया कि आई वांट टू डू अ बिज़नेस डील विद यू। यू जस्ट हैव टू डिलीट दैट वीडियो। एंड इट विल बी अ ह्यूज बिज़नेस डील एंड यू विल गेट अ गुड अमाउंट ऑफ़ मनी। सिमिलरली एक और केस और हुआ था जिसमें बिग बॉस का कंटेस्टेंट जो मैं आपको इंसिडेंट बताया था उसने मेरे को कहा था मैं पुणे एयरपोर्ट आ रहा हूं एंड आप बस मेरे से मिलने आ जाओ 70 लैस आई विल गिव यू राइट अवे 70 लैस 70 लैक्स आई विल गिव यू राइट अवे मना नहीं कर पाऊं दिस वास द वर्डिंग जो मैंने मना कर दिया
(31:29) था तो उसके बाद उसने मुझे Thar के वीडियोस Scorpio के वीडियोस अपने बंदे फ्लोर पे भेजे तो उसने कहा आपको यह आसान लग रहा है या वो वो आसान लग रहा है जो मैं आपको बता रहा हूं। तो या तो 70 लाख लो या वो गुंडा भेजेगा। या 70 लाख ले लो या गुंडा भेजेगा। वो अपना ही करेगा। वीडियो हटवा के रहेगा। बट द चॉइस इज योर्स। यू वांट अर्न मनी और एक बहुत बड़ा यूट्यूबर है। मैं अगेन नाम नहीं लूंगा। कभी बकवास बात करेगा, कभी अच्छी बात करेगा, कभी जंक फूड खिला देगा, कभी हेल्दी फूड खिला देगा। उसने मुझे ना तीन बार पॉडकास्ट के लिए बुलाया। तीन बार। मैंने उसको तीनों बार कोई
(32:06) रिप्लाई नहीं किया। अभी भी मेरे पास वो मैसेज होगा अंटिल अनलेस उसने डिलीट किया होगा। तो जब उसको पता चल गया कि यह भाव नहीं दे रहा है और ऐसा नहीं मैं पडकास्ट पे नहीं जाना चाहता। मैं उसके साथ नहीं जाना चाहता। मैं आपके साथ पॉडकास्ट कर रहा हूं। मैं किसी ऐसे इंसान के साथ पॉडकास्ट करूंगा जिसका एम क्लियर हो जो अच्छे कॉज के लिए वर्क कर रहा हो। अब मैं उसके साथ पहले पॉडकास्ट करने को मना कर देता। कभी कभी तुम जंक फूड खिला रहे हो। फिर जंक फूड खिलाने के बाद तुम स्टेज पे आके बोल दे रहे हो। अरे वो सब तो मैंने मजाक किया था ताकि आप लोग को मजा आए। तो ऐसे लोगों के
(32:34) साथ फ्रॉडकास्ट नहीं करना चाहिए। और जब मैंने मना कर दिया दो-तीन बार जब उसको यह चीज एक्सेप्ट नहीं हुई, डाइजेस्ट नहीं हुई, उसने मेरे अगेंस्ट वीडियो बना दिया। तो ये सब सोशल मीडिया पे जो चीजें चलती है ना एक तो अननेसेसरी इतना सारा प्रेशर क्रिएट किया जा रहा है। उसके बाद से ऐसेसे लोग भी जो अननेसेसरी प्रेशर क्रिएट करते हैं ना, दैट इज दैट गोज़ बिय्ड। आपको अभी तक कितने केसेस आए हैं? मुझे याद नहीं। अभी तक तो मेरे पास आठ केस चल रहा है। एक केस तो मैं जीत गया था जो पहला ऐसा केस था जिसमें लैब टेस्ट रिपोर्ट के बेसिस पे इनफ्लुएंसरर क्लेम कर सकता है। डॉक्टर्स
(33:11) चॉइस। हां, हां, करेक्ट। तो, आप नहीं बोल सकते हो, मैं तो बोल सकता हूं। हां, तो वह केस मैं जीत गया और एक बहुत बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है। उसने केस विथड्रॉ कर दिया क्योंकि उसको जज ने ही झाड़ दिया सामने से कि यह बंदा सही है, तुम गलत हो। पहले अपना लेबर सही करो और उसने यह भी बोल दिया उस कंपनी को कि मैं एफएसआई को बोल दूंगा इंटरवीन करने के लिए। तो वो कंपनी ने ही विथड्रॉ कर लिया। तो ऐसे करते-करते चार से पांच केसेस विड्रॉ हो चुके हैं। बट आठ केसेस इज समथिंग व्हिच आई एम गोइंग थ्रू राइट नाउ। मैं आपको एक चीज बोलना चाहता हूं। अगर मैं आपको कोई भी वे में
(33:47) लीगली सपोर्ट कर सकता हूं। प्लीज मुझे बताइएगा। अ आई अंडरस्टैंड फर्स्ट हैंड मैंने ये बहुत सालों साल झेला है। अभी भी झेल रहा हूं। अ बहुत स्ट्रेसफुल होता है। लाइक फाइनशियली मेंटली। सो अगर कोई भी वे में मैं आपको लीगली सपोर्ट कर पाऊं प्लीज लेट मी नो। थैंक यू। हां। एंड बहुत स्ट्रेसफुल है। मतलब कि ये जो लीगल वाले होते हैं मैंने जब पहली बार यूएस छोड़ के इंडिया आया एंड मुझे जो कंपनी ने मुझे भेजा कोर्ट केस। सो उसमें सबसे बड़ा फियर क्या था? वो अगर क्रिमिनल डेफमेशन करेंगे तो आपको पासपोर्ट अच्छा। अह पोटेंशियली डिपॉजिट करना हो
(34:31) सकता है और अगर नहीं भी करना हुआ वो आपके रिकॉर्ड में आ जाएगा। सो सपोज़ मैंने तो अभी छोड़ के आ गया इंडिया। अब मुझे वापस जाना है अगर बाय चांस कि मुझे लगा कि इंडिया में मैं जो भी कर रहा हूं वो अच्छा नहीं चल रहा है। एंड मुझे वापस जाना है यूएस। तो अब अब मेरे रिकॉर्ड में आ गया क्रिमिनल वाला जो भी है कि पहले कभी कुछ हुआ हुआ है तो मुझे वीजा मिलने में अब वापस मुश्किल होगा। सो मुझे इतना फियर था घर से भी कि क्या हो गया बाय चांस ये अगर ऐसा कुछ हो गया तो मैंने लीगली क्या होगा? मेरे रिलेटिव्स भी मुझे मजाक उड़ा रहे हैं कि ये क्या कर रहा है लड़का? पहले तो इतना
(35:07) स्मार्ट था। आईएम में एडमिशन हुआ। इसका ये हुआ वो हुआ और अब ये बेवकूफी कर रहा है। एंड जब मुझे पहले एक कोर्ट केस आया जिसमें अबाउट ₹ करोड़ का डेफिनेशन सूट था। हम मैं डर गया एंड मेरे फैमिली ने मुझे एक प्रेशराइज किया थोड़ा तो मैंने सबसे बड़ा लाइफ का गलती किया कि मैंने साइन कर दिया डॉक्यूमेंट। अगर वो केस को विड्रॉ करेंगे तो मैं वो कंपनी के बारे में नहीं बात करूंगा। एंड ये एकदम वन और टू मंथ्स विद इन फूड फार्मर था। तो मुझे उतना एक्सपीरियंस ही नहीं था। अब मुझे ये थोड़ा एक्सपीरियंस है। नॉलेज है कि थोड़ा फाइट बैक कैसे करते हैं? ये कैसे करते हैं? वो
(35:44) कैसे करते हैं। उस समय उतना नॉलेज नहीं था। इतना बड़ा रिग्रेट है मेरा क्योंकि उसमें लिखा है लाइफ में मैं वो पेरेंट कंपनी के अगेंस्ट नहीं बात कर सकता हूं। एंड वो पैरेंट कंपनी के पास खाली एक प्रोडक्ट नहीं है ना। वो कितने सारे प्रोडक्ट्स बनाते हैं वो। मतलब उनके इतने सारे सब ब्रांड्स होते हैं। एंड तो दैट इज़ वन ऑफ़ माय बिग रिग्रेट्स। आई विश आई हैड नॉट साइन दैट। एंड या वो मेरे लाइक यू नो इफ आई कैन गो बैक इन टाइम आई वुड डेफिनेटली चेंज दैट। मैं भी अपना एक रिग्रेट बताना चाहता हूं जो मैंने अपने चैनल के थ्रू भी आज तक नहीं
(36:19) बताया और कहीं भी नहीं बताया। तो ये पहली बार मैं रिवील कर रहा हूं और वो ये है कि जब मेरे ऊपर पहला लीगल केस आया था। ठीक है? तो एक तो ये जो लीगल केसेस बेचते हैं ना ये इमोशंस के साथ बहुत खेलते हैं। उन्होंने पता है मुझे क्या बोला? उन्होंने बोला कि वी विल गिव यू 1 BMW। तो तब मेरे को बोला कि विल आप कितना अर्न करते हो अपनी सैलरी से? ठीक है? 35,000 विल गिव यू 35,000 वी विल सेंड वन डब्बा एव्री मंथ। और आपको कुछ नहीं करना है। बस वो एक डब्बा पकड़ के ऐसे कैमरे के सामने खड़े हो जाना। बोल देना यार बहुत अच्छा प्रोटीन है। इसका
(36:51) फ्लेवर बहुत अच्छा है। टेस्ट में बहुत अच्छा है। रिजल्ट बड़ा अच्छा है। एंड जो आप पैसा सैलरी से कमाते हो 35,000 वो 1 मिनट का मैं आपको सिर्फ डील बनाने का दे दूंगा। एंड BMW इज़ अ इज़ अनदर थिंग। तो मैंने जब ये चीज मना कर दिया तो मैं उनसे केस लड़ने लग गया। अब जब केस लड़ने लग गए और 35,000 की सैलरी में पुणे में रहना, रेंटेड फ्लैट में एंड ऑल दोज़ थिंग्स मैनेज करना। मैं इतना परेशान हो गया था कि जस्ट लाइक यू मैंने भी वो वीडियो डिलीट कर दिया क्योंकि मैं वो लीगल केसेस फाइनेंसियल की वजह से आगे नहीं बढ़ा सकता था। तो वो भी मेरी लाइफ का एक सबसे बड़ा रिग्रेट है।
(37:25) अच्छा रेवन फूड फार्मा की जर्नी के बारे में आप काफी कुछ बता चुके हैं। आपका इस जर्नी के दौरान कोई तो ऐसा मोमेंट होगा जो आपके लिए बहुत स्पेशल होगा। उसके बारे में कुछ बोलना चाहेंगे? श्योर। तो काफी मोमेंट्स हैं जो काफी स्पेशल रहे हैं। एक स्पेसिफिक मोमेंट का बात करूंगा। सो मुझे मैं अपना ईमेल चेक किया। ईमेल में मैं देखा एक मदर ने मुझे ईमेल लिखा कि वो एक न्यू मदर थी लाइक यू नो एंड उसने बोला मुझे कि शी नेम हर चाइल्ड रेवंत ओ आफ्टर मी एंड शी सेड दैट शी वांट्स हर चाइल्ड टू बी एज ब्रेव एज मी ओके कि जो मैं अपने वीडियोस में करज और
(38:08) ब्रेवरी दिखाता हूं उन्हें मन है कि उनका बच्चा भी वैसे ही ब्रेव रहे। तो वो जब मैं ईमेल देखा मैं बहुत इमोशनल हो गया। एंड आई वास वेरी अ हैप्पी मोमेंट फॉर मी। एंड मैं उसके ही एक हफ्ते बाद अराउंड मुझे एक सेपरेट ईमेल आया व्हिच वास वेरी इमोशनल एंड लाइक इट्स लाइक वेरी इमोशनल टू बी वेरी ऑनेस्ट। तो मुझे एक ईमेल आया फ्रॉम समवन कि वो मुझे उनके ब्रदर के फ्यूनरल में इनवाइट किया टू स्पीक। एंड वो मैं ईमेल देखा। मैं शॉक में था कि कोई मैं इनसे जानता नहीं हूं। मैं इन्हें जानता नहीं हूं और यह मुझे बुलाए हैं कि मेरे भाई के फ्यूनरल में बात करो। तो मैं
(38:56) फिर मैं वो ईमेल पूरा पढ़ा वो था कि हिज ब्रदर डाइड बिकॉज़ ऑफ डायबिटीज। एंड क्योंकि मैं डायबिटीज के खिलाफ बहुत बात करता हूं। तो उन्हें लगा कि अगर मैं उनके फ्यूनरल में बात करूंगा उन्हें अच्छा लगेगा कि इट विल बी सिंबॉलिक। एंड टू बी वैरी ऑनेस्ट दैट वाज़ अ मोमेंट वेयर टियर्स केम फ्रॉम माय आइज दैट समवन जो मुझे जानता नहीं है एंड जिसके हुज़ लॉस्ट हज़ ब्रदर वो आउट ऑफ नोवेयर ही इज़ इन दैट मोमेंट ऑफ़ पेन इन दैट 24 आवर्स इज़ थिंकिंग अबाउट मी एंड आस्किंग मी टू अटेंड द फ्यूनर। दैट वाज़ वेरी वेरी स्पेशल एंड दैट डे आई रियलाइज दैट राइट फ्रॉम बर्थ
(39:42) वेयर चाइल्ड बर्थ वेयर समवन नेम्ड मी रेवंत एंड टू डेथ आवर मूवमेंट हैज़ रियली लेड समवेयर इट इज़ कनेक्टिंग वि पीपल जो मैं अकेला चालू किया था राइट फ्रॉम बर्थ टू डेथ इट इज़ कनेक्टिंग विथ पीपल एंड आई रियलाइज़ द पावर ऑफ़ द हेल्थ मूवमेंट वी स्टार्टेड एंड इट इज़ नॉट समथिंग व्हिच आई कैन टेक लाइटली एवर। आई रियलाइज द वेट ऑन माय शोल्डर्स कि मैंने फोन में वीडियो बना बनाते बनाते जो एक मूवमेंट शुरू किया है यह मुझे भी नहीं पता इसका पावर क्या है एंड मैं तब मैं रियलाइज किया कि मुझे मैं ये कुछ चीज को लाइटली नहीं सकता। मुझे बहुत मेरे ऊपर बहुत भरोसा
(40:26) है, बहुत लव है, बहुत सपोर्ट है। एंड आई हैव टू टेक माय जॉब वेरी सीरियसली। एंड दैट वास वन ऑफ द मोस्ट इमोशनल मोमेंट्स। आई थिंक आई हैव हैड दैट एंटायर इंसिडेंट। ग्लैड टू हियर आई मीन दिस इज़ समथिंग दैट यू हैव अचीव्ड बिकॉज़ ऑफ़ योर एथिक्स। सो अच्छा रेवन यहां पे जो प्रोडक्ट्स रखे हैं उनमें से बिस्किट एक ऐसा प्रोडक्ट है एंड ऑब्वियसली चॉकलेट आल्सो जो किड्स लोग काफी खाते हैं। बहुत पसंद है। और जो बिस्किट बर्बन गुड डे रखा है ये भी बहुत ज्यादा चलता भी है। तो बिस्किट्स के बारे में आपका क्या ख्याल है? क्योंकि किड्स लोग बहुत खाते हैं। आप
(41:04) उन्हें कुछ मैसेज देना चाहते हो बिस्किट्स के लिए? आई थिंक बिस्किट्स सिर्फ किड्स नहीं सब बहुत ज्यादा खाते हैं। बच्चे से लेकर बेबीज से लेकर आई वुड से हम लाइक यू 85 ईयर ओल्ड, 90 ईयर ओल्ड आल्सो वो फर्स्ट थिंग इन द मॉर्निंग चाय बिस्किट ले रहे हैं। हां। सो बिस्किट इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट अनहेल्ी हैबिट्स व्हिच द ब्रिटिश हैव लेफ्ट विथ अस आई थिंक। एंड बिस्किट्स को लोग न्यूट्रल मानते हैं। कुकीज़ को जंक मानते हैं। बिस्किट्स और कुकीज़ एक ही हुआ। करेक्ट। लेकिन वो एक बस टर्म मार्केटिंग हो गया है। इतने सालों साल 50 60 साल बिस्किट्स आर हेल्दी। तो लोग जब बिस्किट खाते हैं
(41:48) उन्हें गिल्ट महसूस नहीं होता। लेकिन अगर वो चॉकलेट खाएंगे उन्हें गिल्ट महसूस होता है। सो बचपन में अगर मैं अपनी मम्मी को बोलता मुझे स्कूल टिफिन में किटकैट दो। वो बोलती किटकैट मत खाओ। किटकैट में चीनी बहुत ज्यादा होता है। उससे दांत में कीड़े लग जाएंगे और 100 और चीज मुझे बोलती। लेकिन मुझे हर दिन स्कूल टिफिन में यह बर्बन बिस्किट मिलता था। एंड क्या आप जानते हैं बर्बन बिस्किट में किटकैट से ज्यादा एडेड शुगर है पर 100 ग्राम। बर्बन बिस्किट में किटकैट से ज्यादा एडेड शुगर है पर 100 ग्राम। लेकिन क्यों लोग इसे उतना जंक नहीं समझते
(42:30) जितना इसे समझते हैं। क्यों? क्योंकि ये बिस्किट वाले कैटेगरी में आता है। एंड लोग का परसेप्शन है कि बिस्किट ठीक है और चॉकलेट खराब है। आप कितने सारे मैं मीटिंग्स में गया हूं। हेल्थ वाले कंपनीज़ के मैं ये वो मीटिंग्स में गया हूं। आप मीटिंग एंटर करोगे तो आपको एक क्वेश्चन आएगा चाय कॉफी चाय लोगे या कॉफी लोगे हम और वहां पर नीचे में 10 बिस्किट पड़ा हुआ रहेगा। आप 10 चॉकलेट नहीं देखोगे। क्यों? क्योंकि चॉकलेट को हम जंक मानते हैं। एंड मैं आपको एक सिंपल मैच करने बोलूंगा। अगर आप दिन में सुबह को दो, शाम को दो। मतलब दिन में चार बिस्किट खाते हो तो आप साल में 1400
(43:10) बिस्किट खाते हो। एंड लोग 2 मिनट भी नहीं सोचते कि जो मैं बिस्किट ब्रांड खरीद रहा हूं वो अच्छा है या नहीं। लोग टीशर्ट खरीदने के पहले एक घंटा सोचते हैं। आधा घंटा सोचते हैं। एक ड्रेस खरीदने के पहले, एक साड़ी खरीदने के पहले आधा एक घंटा सोचते हैं। जो वो शायद से पूरे साल में 1520 बार पहनते हैं। लेकिन जो वो 1400 बार खा रहे हैं उसके बारे में 2 मिनट भी नहीं सोचते। जो एडवर्टाइजमेंट अपना बोल रहा है उसके हिसाब से जाते हैं। एंड अनफॉर्चूनेटली लोग इंडिया में दिनरा खा रहे हैं। एनीवे तो आई थिंक बिस्किट्स इज़ अ वेरी बिग चैलेंज एंड प्रॉब्लम है ज्यादातर
(43:48) बिस्किट्स जैसे फॉर एग्जांपल ये गुड डे बिस्किट है। वो अपने आपको हेल्दी श्वे में मार्केट करते हैं। यहां लिखा है कैशू कुकी। और यह मैंने बहुत बार वीडियो बनाया है। इसमें है 1.4% कैशू। तो 1.4% कैशू लेकिन यहां लिखा है कैशू कुकी। कैशू कुकी एंड ज्यादातर क्या है इसमें? मैदा। तो मैंने इस पे बहुत बार वीडियो बनाया है। एंड इसके एडवरटाइजमेंट टीवी ऐड में आप देखोगे टीवी ऐड में लिखा है फुल ऑफ कैशूज़। एंड एक बच्चे के टिफिन में दिखा रहे हैं। एक बहुत सारे कैशू रखा हुआ है। कैशू को हटाते हैं और एक गुड्डे बिस्किट का पैक डाल देते हैं। फुल ऑफ कैशूज़। तो इसमें 1.4% कैशू
(44:32) है। टीवी ऐड में लिखा है फुल ऑफ कैशूस। एंड दैट इज द चैलेंज। एंड कि और यही मार्केटिंग के कारण एटलीस्ट बेचारे चॉकलेट जो होते हैं वो अपने आपको हेल्दी नहीं बुलाते हैं। हम बट ये अपने आप को हेल्दी बुलाते हैं। एंड दैट इज द चैलेंज व्हिच इज व्हाई मैंने गुड डे बिस्किट के ऊपर वीडियो बनाया था। बहुत सपोर्ट मिला एंड फिर कुछ लोग मुझे Twitter में ट्रोल करने लग गए। गुड डे बिस्किट वीडियो इसमें मैं खाली बोला भाई 1.
(45:03) 4% कैशू है तो कैशू बिस्किट मत बुलाओ। उसमें ज्यादातर मैदा है तो कैशू बिस्किट बोलना गलत है। एंड फुल ऑफ कैशूस तो मत बोलो एटलीस्ट। ये इतना सिंपल वीडियो था। उसमें लोग ट्रोल कर रहे हैं कि कोई ₹10 का सामान है, ₹20 का सामान है, क्या उसमें क्या पूरा 1 केजी कैशू दे देगा? ये तो मैं कहीं वीडियो में बोला भी नहीं कि अगर आप ₹10 का सामान दे रहे हो तो उसमें पूरा कैशू भर दो। मार्केटिंग का आई अंडरस्टैंड बहुत बड़ा इशू है। इनफैक्ट बिस्किट्स आर सो अनहेल्ी और जो हमारे इंडिया में नंबर वन बिस्किट है Parleg आप उसका मार्केटिंग देखो ना जी फॉर जीनियस। अरे मैदा और चीनी खा के कोई कैसे जीनियस
(45:37) बनेगा? तो दैट्स मैंने Parleg में वीडियो बनाया तो लोग बोल रहे हैं अरे आप कोई भी वीडियो कोई भी खाने के ऊपर वीडियो बनाओ। Parleg के ऊपर मत बनाओ। उसमें मेरे नस्टाल्जिया है। मेरे बचपन की यादें जुड़ी हैं इसमें। लोग इतने इमोशनल है ना और ये दो-तीन प्रोडक्ट को लेके लोग मैगी को लेके इमोशनल है कि भाई आप कुछ भी करो मैगी के ऊपर वीडियो मत बनाओ उसमें मेरे बचपन की यादें जुड़ी है मेरे कॉलेज की मेमोरीज हैं ये है वो है ब्लू लेस पारle जी ये तीन चार प्रोडक्ट है जिसमें लोग को अच्छा नहीं लगता सुनने वाले कोई भी चीज के ऊपर बनाओ ये तीन चार प्रोडक्ट के
(46:13) बारे में मत बनाओ एनीवे शुरू करते हैं हनी से हनी हनी के स्कैम के बारे में मैं आपसे से क्या बोलूं कि जब हनी के बारे में मैंने टेस्टिंग करी तो सबसे पहले मेरे मन में एक पिक्चर आई मेरे दादा जी की क्योंकि जब हम लोग छोटे थे तो अपने दादा जी को देखते थे इतनी छोटी-छोटी में वो लोग हनी खाते थे तो जब मैंने टेस्टिंग कराया और हनी के बारे में मुझे पता चला तो मैंने बस एक पिक्चर इमेजिन किया कि मैं बचपन से अपने दादा जी को शुगर सिरप खाते हुए देख रहा हूं ना कि हनी। हनी का मेन स्कैम बेसिकली क्या है कि चाइना ने C3 और C4 करके ऐसी शुगर सिरप
(46:53) बनाई है जिसमें अगर आप हनी से एडल्ट्रेशन कर देंगे तो इंडियन टेस्ट इसको डिटेक्ट ही नहीं कर पाएगा और एडल्ट्रेशन का लेवल भी आप सुनिए 70% आप वो चाइना वाली C3 C4 सिरप से इसमें एडल्ट्रेशन कर सकते हैं। टेस्ट उसको डिटेक्ट कर ही नहीं पाएगा। देयर इज़ ओनली वन टेस्ट जो हनी में इस लेवल की एडल्ट्रेशन को डिटेक्ट कर सकता है। एंड दैट इज़ एन एनएमआर टेस्ट। और अब जो ये C3 C4 शुगर सिरप की मैं आपको बात कर रहा हूं ना ये पहले चाइना से इंपोर्ट की जाती थी। अब इसके प्लांट्स इंडिया में सेटअप हो चुके हैं। तो एनएमआर ही सिर्फ एकमात्र ऐसा टेस्ट है जो ऐसी शुगर सिरप को डिटेक्ट कर
(47:33) सकता है। और बिलीव मैंने एनएमआर टेस्ट जो कि एक्चुअल में मैंडेटरी नहीं है। ये भी मैं आप लोग को बता दूं। तो जितने भी बड़े लीडिंग ब्रांड्स के एनएमआर टेस्ट मैंने हनी में कराए हैं। चाहे आप dabba ले लीजिए, safola ले लीजिए, एपिस ले लीजिए। यह सब एनएमआर टेस्ट में फेल हुए हैं। सबकी एनएमआर टेस्ट रिपोर्ट में यह पाया गया है कि इस हनी में शुगर सिरप से एडल्ट्रेशन है। वाओ दैट्स क्रेजी। तो जितने भी हनी आपको मार्केट में दिखते हैं ₹250 का, 1 केजी, ₹300 का 1 केजी दे आर जस्ट शुगर सिरप एस पर दैन एम आर्टिस्ट। एंड जब आपने यह वीडियो बनाया था तो क्या
(48:10) आपको कुछ कोर्ट केस, लीगल नोटिस कुछ मिला था ये ब्रांड से? मुझे एक्चुअल में कोर्ट केस आया था एंड आई एम नॉट एफिलिएट टू से। मुझे डाबर से ही कोर्ट केस आया था और मुझे कोर्ट केस में यही बोला गया कि एनएमआर टेस्टिंग मैंडेटरी नहीं है। तो यह कोर्ट केस आया मेरे ऊपर इसलिए कि वो केस कर सकते हैं मेरे ऊपर। तो मैंने रिसर्च और चालू की और मैंने देखा कि डाबर ने खुद ही एक बार बहुत पहले न्यूज़पेपर में एडवर्टाइजमेंट दे रखा था एनएमआर टेस्टेड हनी। तो मैंने कहा जब ये मैंडेटरी नहीं है तो आप कैसे एडवर्टाइजमेंट दे रहे हो? एनएमआर टेस्टेड
(48:37) हनी। जब आप खुद ही क्लेम कर रहे हो एनएमआर टेस्टेड हनी तब तो केस का सेंस ही नहीं बनता ना। तो फिर दे है विथड्रॉन द केस। हां वैसे DAB बहुत अग्रेसिव कंपनी है। मेरा भी एक एक्सपीरियंस इतने सारे जैसे आपको केसेस, लीगल नोटिससेस और ईमेल्स आते हैं वैसे हमें भी आते हैं। तो हमने DAB का एक्चुअल में Hajmola टेस्ट करवाया था। Hajmola आपको पता है ना इट्स एन इमोशन मतलब इट्स अ इंडियास फेवरेट कैंडी बोल लीजिए, इमोशन बोल लीजिए जो भी है। तो हमने उसमें ना फिल्थ एनालिसिस की टेस्टिंग कराई थी। फिल्थ एनालिसिस में ऐसे फिल्थ जैसे कि इंसेक्ट के पैर हो गए, इंसेक्ट के विंग्स
(49:14) हो गए, हेयर्स हो गए। जो चीजें आपको नेकेड आई से नहीं दिखती है ना हमने वो टेस्ट कराए थे। कहीं वो तो नहीं है हजमला में और उसके लिए हमें सैंपल यूएस भेजना पड़ा था। और आप बिलीव नहीं करेंगे हाजमोला में इंसेक्ट के पार्ट्स मिले, हेयर्स मिले। ठीक है? तो यह वीडियो डालने से पहले हमारा प्रोसेस है कि हम 24 आवर्स पहले कंपनी को मेल करते हैं कि आपके सैंपल में ऐसा-सा पाया गया है। हम इसके ऊपर वीडियो बना रहे हैं। आपका जो भी फीडबैक है आप बता दीजिए ताकि हम ट्रांसपेरेंसी के लिए वो भी दिखा दें। उनका इतना गंदा ईमेल आया है रिप्लाई। मैंने वीडियो में दिखाया भी है। इतना
(49:45) अग्रेसिव उनके लीगल टीम ने मेल भेजा है कि आप उसको पढ़ोगे तो आप कहोगे ये किसी बड़ी कंपनी से है ही नहीं। किसी इंटर्न से मेल लिखवाया है। इतना गंदे तरीके से मैंने दिखाया भी है। तो हां आई थिंक मेल भेजने का भी एक तरीका होता है। जैसे आप कह रहे हो लीगल केसेस के पीछे क्यों छुप रहे हैं। वैसे मैं कह रहा हूं कि आपको मेल भेजना है तो आप भेजो लेकिन इतनी अनप्रोफेशनल तरीके से मत भेजो। मुझे कोई पर्सनली दुश्मनी नहीं है। एंड आई थिंक ओवरऑल दे डू मेक सम गुड प्रोडक्ट्स एज वेल। बट अगर कोई उन्हें फैक्चुअल वे में फीडबैक दे रहा है। एक हो
(50:18) गया कि जो बकवास हेटर होते हैं वो एक सेपरेट चीज हो गया। बट अगर कोई फ़क्चुअल वे में उन्हें फीडबैक दे रहे हैं, उन्हें अच्छे वे में ट्रीट करना चाहिए। टू ट्राई टू सी हाउ दे कैन इंप्रूव। एनीवे आपको एक क्वेश्चन तो हनी को लेके टू लाइंस में लोगों के पास स्यूशन क्या है? तो सॉल्यूशन को लेके देखिए मैं टेस्टिंग पे ज्यादा बिलीव करता हूं। और जैसे कि मैं आपको बता चुका हूं कि Safola ही सिर्फ एक ऐसा ब्रांड है जिसका हमने सस्ता वाला वेरिएंट और महंगा वाला वेरिएंट दोनों टेस्ट करा था। सस्ता वाला फेल हो गया, महंगा वाला पास हो गया। तो वहां से एक्सपीरियंस जो
(50:53) मुझे लगता है आई एम नॉट श्योर क्योंकि मैंने टेस्टिंग नहीं कराई है बाकी ब्रांड्स की तो जितने भी ब्रांड्स के प्रीमियम प्राइसिंग वाले हनी आते हैं मुझे लगता है वो सही होंगे क्योंकि 250 ₹300 पर केजी में आपको रियल हनी नहीं मिल सकता या फिर जो 20 से पूरा जो उनका छत्ता तोड़ के देते हैं निकाल के देते हैं अगर वहां से आप ले पाओ तो तो बहुत ही अच्छा है बट आई थिंक इसके अलावा कोई और सशन मुझे मुझे पर्सनली अभी तक नहीं लगा। गॉट इट। तो हनी का बात की हम लोग ने। घी के बारे में बात करते हैं। मार्केट में एक परसेप्शन है हम कि इंडिया में जो घी है वो एडल्टरेटेड
(51:36) मिलता है। जो पब्लिक को लगता है वो क्या वो सही है या गलत? इंडिया का जो फेमस घी घी ब्रांड्स है क्या वो सही घी बेच रहे हैं या नहीं? देखिए हमने अमूल घी, मदर डेरी घी, कंट्री डिलाइट घी, पतंजलि घी, आईटीc आशीर्वाद घी इन पांचों मेजर ब्रांड से घी की टेस्टिंग कराई है। और इसमें से सारे ब्रांड्स फेल हुए हैं। लेकिन एडल्टेशन में सिर्फ एक ही ब्रांड फेल हुआ है। मतलब AUL, मदर डेरी, कंट्री Delite और आईटीc आशीर्वाद में एडल्ट्रेशन नहीं मिला है। इनमें शुद्ध घी 100% डेयरी बेस्ड घी ही मिला है। सिर्फ पतंजलि एक ऐसा ब्रांड है जिसमें ऑयल से एडल्ट्रेशन मिला है।
(52:16) बाकी जो चारों ब्रांड्स हैं उसमें एडल्टरेशन नहीं मिला है लेकिन वो पेस्टिसाइड्स के लेवल में जाके फेल हुए हैं। तो अभी तक कोई भी ऐसे ब्रांड नहीं है जो पेस्टिसाइड अभी पास हो पाए हैं। तो अभी तक अगर कोई सॉल्यूशन आप मुझसे मांगेंगे तो वही घर का पुराना वाला नुस्खा ही मैं आप लोग को एडवाइस करूंगा कि खुद घर पे अपना घी बनाएं। आई थिंक बचपन से जो हमारा परिवार करता आ रहा है दैट इज द बेस्ट वे टू कंज्यूम की। अच्छा पनीर की वैसे तो हमने टेस्टिंग बहुत कम कराई है। सिर्फ एक ही ब्रांड की कराई थी Amul की वो पास हुआ था। बट आपका मैंने एक वीडियो देखा था जहां
(52:51) पे आप लोगों ने काफी एक्सटेंसिव रिसर्च की थी। आप लोगों ने ब्रांडेड पनीर के भी सैंपल्स को लैब टेस्ट करवाया था और आप लोगों ने रेस्टोरेंट्स भी जाके जो है टेस्ट कराए थे और मैक्सिमम जो लोकल वाले पनीर हैं रेस्टोरेंट्स वाले वो सब फेल हो गए थे शायद और ब्रांडेड पास हो गए थे तो पनीर के बारे में आपका क्या ओपिनियन है क्योंकि पनीर आजकल बहुत ज्यादा फेक बहुत ज्यादा एनालॉग पनीर बिक रहा है। सो पनीर को लेके बहुत इंटरेस्टिंग चीज है कि मार्केट में दो टाइप की पनीर है। एक है रियल पनीर और एक है एनालॉग पनीर। एनालॉग यानी पाम ऑयल से भरा हुआ पनीर। करेक्ट।
(53:26) एंड एक चीज़ बिगिनिंग से बिफोर आई गेट इनू मोर डिटेल्स बताना चाहता हूं। एनालॉग पनीर हेल्दी उतना नहीं है लेकिन अनसेफ नहीं है। कभी-कभी लोग को लगता है अगर वो एक बाइट भी एनालॉग पनीर का खा लेंगे उन्हें कुछ डैमेज हो जाएगा। हम ऐसा भी नहीं है। खाली है कि एक एनालॉग पनीर में रियल पनीर के कंपैरिजन काफी कम प्रोटीन है। कैल्शियम ना के बराबर है। और जो पनीर के जो बेनिफिट्स होते हैं प्रोटीन और कैल्शियम ये सब नहीं है या बहुत कम है। हम दैट इज़ द मेन डिफरेंस। ऐसा नहीं है कि अगर आप थोड़ा एनालॉग पनीर खाओगे तो आपका कुछ डैमेज हो जाएगा बॉडी या कुछ। सो दैट इज़ द
(54:03) फर्स्ट थिंग आई वांट टू क्लेरिफाई। नाउ कमिंग टू द थिंग हमने टेस्टिंग कराया था रेस्टोरेंट पनीर को कुछ रेस्टोरेंट्स का रैंडमली हम लोग सैंपल लिया और हमने भेजा था टेस्टिंग के लिए स्ट्रीट फूड वाले पनीर जो मोमो शॉप है और रैंडम रैंडम जगह है वहां पर पनीर मोमो मिलते हैं और पनीर सैंडविच मिलते हैं। तो स्ट्रीट फूड पनीर एंड थर्ड वाज़ द ब्रांडेड पनीर व्हिच इज़ ऑल दीज़ फेमस ब्रांड्स। एंड फोर्थ वाज द डेरी पनीर जो डेरी वाले डेरी शॉप से डेरी शॉप से तो रेस्टोरेंट वाले पनीर सारे फेल किए स्ट्रीट फूड वाले पनीर भी सारे जो हमने
(54:50) टेस्ट कराया सारे फेल किए तो सारे एनालॉग पनीर बेच रहे हैं जितना हम लोगों ने टेस्ट कराया ब्रांडेड पनीर सारे पनीर ने पास किया ओके और डेरी पनीर हमने वैसे एक ही डेयरी शॉप का भेजा था वो फेल किया तो एक स्यूशन मैं दूंगा लोगों को जब आप पनीर खरीद रहे हो हम तो एक है आप बहुत ट्रस्टेड डेयरी शॉप में जाओ जिसको आप पर्सनली काफी अच्छे वे में जानते हो दैट इज वन पोटेंशियल स्यूशन कोई रैंडम इधर-उधर से मत मंगाओ सेकंड इज़ ऑफ कोर्स कि आप ब्रांडेड पनीर खरीदो। ब्रांडेड पनीर दो तरीके के होते हैं। एक है नॉर्मल पनीर और दूसरा है लो फैट हाई प्रोटीन पनीर। यह लो फैट हाई प्रोटीन पनीर
(55:37) नए हैं मार्केट में। आई डोंट थिंक कि ये 5 साल पहले तक थे मार्केट में। एंड स्पेशली अगर आप वेजिटेरियन हो और आप थोड़ा कैलोरी कॉन्शियस हो या आपको प्रोटीन ज्यादा चाहिए। आई स्ट्रांगली रेकमेंड कि आप हाई प्रोटीन लो फैट पनीर खरीदो। रेगुलर पनीर नहीं। रेगुलर पनीर में फैट काफी ज्यादा होता है। हां, प्रोटीन तो ऑफ कोर्स होता है पनीर में लेकिन फैट भी साथ में बहुत मिलता है। एंड एज अ वेजिटेरियन वो अगर आप बहुत फैट लोगे और फिर आपके डाइट में और भी बहुत कुछ कार्ब हैवी है, ऑइल है। तो आपको प्रोटीन तो थोड़ा मिल रहा है लेकिन साथ में कैलोरीज बहुत ज्यादा हो
(56:14) जाता है। लेकिन अगर आप लो फैट वाले पनीर खाओगे उसमें फैट इज़ ऑलमोस्ट 50% लेस कंपेयर टू द रेगुलर पनीर। एंड जो हाई प्रोटीन पनीर है उसमें भी प्रोटीन इज़ अराउंड 25 ग्राम पर 100 ग्राम। वेयर एज रेगुलर पनीर में अराउंड 1820 ग्राम होता है। सो आई स्ट्रोंगली रेकमेंड वेजिटेरियंस को लो फैट हाई प्रोटीन पनीर खरीदने का। लेकिन एक चीज डिस्क्लेमर वो टेस्ट में उतने अच्छे नहीं होते। वो थोड़े चई होते हैं। हाई प्रोटीन वाले पनीर कभी-कभी हार्ड भी होते हैं तो सबको पसंद नहीं आता। तो वो मैं बिगिनिंग से डिस्क्लेमर दे रहा हूं। अब अगली बात करते हैं अंडे के बारे में।
(56:58) सो आपका क्या ओपिनियन है? हाउ डस व्हाट आर द मेन स्कैम्स इन द एग इंडस्ट्री? एंड अगर किसी को एक नॉर्मल हेल्दी एग खरीदना है जिसमें कोई इशू ना हो वो कैसे खरीद? एग के बारे में मैं यह बोलना चाहता हूं कि सबसे बड़ा जो मिसकंसेप्शन और सबसे बड़ा स्कैम है। बहुत सारी कंपनीज़ ऐसा कह रही हैं ऑरेंज योक इज न्यूट्रिशियस। व्हिच इज कंप्लीटली साइंटिफिकली रॉन्ग। ऑरेंज सिर्फ एक कलर है। वो न्यूट्रिशन को जस्टिफाई नहीं करता। और न्यूट्रिशनल वाइज चाहे आप ऑरेंज यो खाओ, चाहे आप पेल यो खाओ। दोनों के न्यूट्रिशन में कोई फर्क नहीं है। बट आजकल लोग ऑरेंज योक ज्यादा न्यूट्रिशियस
(57:38) है। यह कह के अपने अंडे बेच रहे हैं। तो इस धोखे में मत पढ़िए कि कोई कंपनी अगर क्लेम कर रही है कि ऑरेंज योक आपको मिल रहा है तो वो ज्यादा बेटर न्यूट्रिशियस है। इनफैक्ट वो ऑरेंज योक कैसे मिल रहा है? क्योंकि उन्होंने हेन की फीड में सिंथेटिक पिगमेंट्स डाले हैं जो अप्रूव्ड रहते हैं। बट उसकी वजह से वो ऑरेंज योक मिल रहे हैं। बट इट इज़ नॉट मोर न्यूट्रिशियस एज़ कंपेयर टू पेल योक। तो आपके हिसाब से अगर किसी को सही एग्स चुनना है तो उसे क्या दो-तीन स्टेप लेना चाहिए? अह तो एग आप कोई भी ले सकते हैं। ब्रांडेड या अनब्रांडेड आप टेस्ट करोगे तो आपको पता
(58:09) ही चल जाएगा। आप उसको ब्रेक करोगे तो आपको पता ही चल जाएगा। बस मैं यह कहना चाहता हूं कि एग में आप ये सब मत करो। ब्राउन एग्स आर मोर न्यूट्रिशियस। वाइट एग्स आर लेस न्यूट्रिशियस। ऑरेंज जोक इज मोर न्यूट्रिश। ऐसा कुछ नहीं होता। गो फॉर एनी एग एस पर योर कन्वीनियंस ब्रांडेड और अनब्रांडेड। गॉट इट। इंडिया में फॉर वेजिटेरियंस स्पेशली बट इवन फॉर नॉन वेजिटेरियंस मिल्क एक बहुत इंपॉर्टेंट सोर्स ऑफ प्रोटीन है। लेकिन क्या हमें जो मिल्क मिल रहा है मार्केट में क्या वो असली है या नकली? दूध के ऊपर हमने अभी रिसेंटली एक स्टिंग ऑपरेशन किया था। उसमें
(58:43) हमें काफी कुछ जानने को मिला। काफी एविडेंसेस हम लोगों ने इकट्ठे किए। dमar से रिलेटेड, Reliance फ्रेश से लेकर, बूथ से रिलेटेड, लोकल शॉप से रिलेटेड। वो वीडियो बहुत ही इनफेटिव बनाया था। उसमें बेसिकली हम लोगों ने क्या-क्या देखा कि जो बूथ्स होते हैं वहां पे ट्रक्स आकर खड़े हो जाते हैं सुबह 4:00 बजे और बूथ के ओनर्स आराम से आ रहे हैं सुबह 7:00 बजे तब तक वो दूध ऐसे ही पड़ा हुआ है। टेंपरेचर अब्यूज हो चुका है। माइक्रोबायोलॉजिकल पैराटर्स उसमें बढ़ चुके हैं। बैक्टीरियास बढ़ चुके हैं। अब आप उसे बॉईल भी कर लोगे। तो उन बैक्टीरियास ने जो टॉक्सिन छोड़े
(59:17) हैं वो एलिमिनेट नहीं हो पाएंगे। बाद में यह जो है डिपार्टमेंटल स्टोर्स वाले सुपरम्ट वाले उसको बाद में फ्रिज में रखते हैं। टेंपरेचर अब्यूज हो गया। इनफैक्ट जो ऐप बेस्ड डिलीवरी मिल्क है वहां भी हमने देखा कि जैसे ही उनका डिलीवरी वाला बंदा हमारे यहां ऑर्डर किया। हमारे यहां डिलीवर किया वैसे ही हमने उनका टेंपरेचर मेजर किया 187 ऐसा टेंपरेचर आया। जबकि रिक्वायर्ड टेंपरेचर फोर टू फाइव होना चाहिए। हम और आया कितना? 18 अगर आप क्विक कॉमर्स से मिल्क ऑर्डर करते हो उसमें तो 25 तक आया है टेंपरेचर। वाओ क्रेजी कितना होना चाहिए था आप बोले?
(59:55) अप टू फाइव तक होना चाहिए। इसीलिए मैं रिकमेंड करता हूं कि अगर आपके घर में बच्चे हैं, प्रेग्नेंट वुमेन है, एल्डर्स हैं तो कंसीडरिंग द हैंडलिंग एंड स्टोरेज प्रोसेस ऑफ दिस पाउचेस मिल्क। आप टेट्रा पैक मिल्क पीजिए। आप Amul का ही पी सकते हैं, मदर डेरी का ही पी सकते हैं। जिनमें प्लांट्स का टेट्रा पैक आता है टू बी सेफर साइड आप वो पीजिए। तो ये मेरी एडवाइस रहेगी। ओके? सो इन जनरल आपको बोल रहे हो कि मिल्क खरीदना है तो टेट्रा पैक में खरीदो। पाउचेस वाला मिल्क अवॉइड करो। पाउचेस वाला मिल्क आई थिंक जैसे स्टोरेज और हैंडलिंग कंडीशंस है। मेरे ख्याल से
(1:00:37) अवॉयड करना चाहिए। और वो मिल्क जिसे आप डायरेक्टली पी रहे हो। ऐसा मिल्क तो टेट्रा पैक ही होना चाहिए घर में। अगर आप बहुत ज्यादा बॉईल करके चायवा बना रहे हो तो ऑब्वियसली सारे टॉक्सिंस तो नहीं जाएंगे। बट उस केस में थोड़ा कॉस्ट इफेक्टिव मॉडल बन सकता है यह पैचुराइज मिल्क। अगर आपके घर में 2 लीटर दूध आता है और कॉस्ट वाइज आपको टट्रा पैक बहुत महंगा पड़ रहा है तो आप जो डायरेक्ट पीते हो वो टट्रा पैक में पियो और जो बहुत ज्यादा बॉईल करके चायवा बना रहे हो उसके लिए पैसराइज मिल्क चल जाएगा। अगर बजट कंस्ट्रेंट है। तो गॉट इट। अच्छा इन सारे
(1:01:07) फूड प्रोडक्ट्स में मुझे ऐसा प्रोडक्ट दिख रहा है मैगी जिसकी हमने रिसेंटली टेस्टिंग कराई है वीडियो अभी तक नहीं आया है तो रिजल्ट के बारे में तो बात नहीं करूंगा बट मैगी हम सबको पता है खराब है बट नूडल्स नॉट पर्टिकुलरली टू मैgi नूडल्स में भी अपने आपको हेल्दी मार्केट करने के लिए लोग आटा नूडल्स ओट्स नूडल्स ये सब लाते हैं। तो, कभी-कभी जो पेरेंट्स होते हैं, वह कहते हैं ठीक है अगर नूडल्स खाना है, तो आटा वाला बना दे रहे हैं। ओट्स वाला बना दे रहे हैं। लेकिन नॉर्मल वाला नहीं बनाएंगे। तो आपका क्या पर्सपेक्टिव है उसके बारे में कि वाकई में आटा और ओट
(1:01:43) नूडल्स हेल्दी है एज़ कंपेयर टू नॉर्मल नूडल्स कि सब एक ही कैटेगरी में आएंगे। सबसे पहले तो मैं आटा Maggi के बारे में बात करूंगा। आटा मैगी में एक्चुअली आटा होता है। मैदा नहीं। बहुत लोगों को लगता है कि मैगी झूठ बोल रहा है। वो आटा मैगी लिख दिए हैं। लेकिन एक्चुअली उसमें मैदा है। नहीं इसमें आटा है। हम लेकिन जस्ट बिकॉज़ ये आटा है। इसका मतलब यह नहीं कि ये हेल्दी है। देखिए मैगी आप टेस्ट के लिए खा रहे हो। अगर आप टेस्ट के लिए खा रहे हो। कभी कबभार खा रहे हो महीने में एक बार चलेगा। लेकिन जस्ट बिकॉज़ ये आटा लिखा हुआ है और आप हर दिन खाने लग जाओ वो गलत है। एक तो
(1:02:21) मैं आपको एक स्टोरी बताऊंगा। काफी सैड इंसिडेंट है। मैं काफी अंडर प्रिविल स्कूल्स में जाता हूं और वहां हेल्थ सिखाता हूं बच्चे को। तो एक बच्चे ने मुझे बोला कि उसकी मदर अब उसे डिनर में रोटी सब्जी नहीं देती। उसे आटा मैगी देती है। तो मुझे बोला क्यों? फिर वह मुझे बोला कि आटा मैगी के ऐड में लिखा है फाइबर ऑफ थ्री रोटीज़। ओके। तो उसे उसकी मदद को लग रहा है कि अब मैं रोटी क्यों दूं? मैं आटा मैगी ही दे देती हूं। आटा मैगी अफोर्डेबल भी है, टेस्टी भी है, जल्दी बन भी जाती है। जल्दी बन भी जाता है एंड फाइबर भी दे रहा है। तो मैं रोटी क्यों बनाऊं? एंड दैट इज
(1:03:03) द पावर ऑफ दिस मार्केटिंग कि फाइबर ऑफ थ्री रोटीज़। इसीलिए ये लिखते हैं। एंड मेरे ज्यादा प्रॉब्लम है ये चीज कि ये ऐसे मार्केटिंग क्यों करते हैं? फाइबर ऑफ़ थ्री रोटी। ये सेम चीज चोकोस भी करती है। लोग चोकोस पता है उन्हें जंक है। लेकिन इसलिए वो ऊपर में लिखेंगे अपने पैक में प्रोटीन एंड फाइबर ऑफ़ वन रोटी ये वो ताकि लोग इसे मेंटली रोटी से एसोसिएट करें। मेन चीज आई वुड से द प्रॉब्लम विथ सम ऑफ दीज़ नूडल्स इज़ अ सोडियम लेवल। ओके? सो दिन में मैक्सिमम हमें 1500 मि.ग्र.
(1:03:37) से 2000 मि.ग्र. सोडियम खाना चाहिए। एंड एक पैक में 700 मिलीग्राम सोडियम है। इनफैक्ट जो कोरियन नूडल्स हैं उसमें कभी-कभी एक पैक में 12 1300 मिलीग्राम सोडियम होते हैं। जो ऑलमोस्ट आप सोचिए डेली रिक्वायरमेंट 1500 से 2000 है मैक्सिमम वो आप एक पैक में 1200 मिलीग्राम खा रहे हो। तो इसीलिए मैं बोलता हूं कि ये नूडल्स का सबसे बड़ा प्रॉब्लम है सोडियम। एंड दैट इज अ चैलेंज। एंड आजकल कोरिया का ट्रेंड चल रहा है। हां। तो लोग आप कोरिया कोई भी चीज में ऐड कर दो आपका प्रोडक्ट बिक जाएगा। स्किन केयर में तो वही हो गया है कि लोग नॉर्मल प्रोडक्ट बेचोगे। फेस वॉश है इसमें लिख
(1:04:17) देंगे फेस वॉश नहीं कोरियन फेस वॉश। प्राइस डबल और बिकेगा। एंड दैट सेम थिंग अभी नूडल्स में भी हो रहा है। तो मैं आपको बोलूंगा आज कोई भी ब्रांड का नूडल्स खाओ। लेकिन पैक में एक चीज चेक करो कि कितना सोडियम है। एंड अगर सोडियम बहुत ज्यादा है तो उसे रेगुलरली मत खाओ। मैगी का टैगलाइन कुछ महीनों पहले तक या कुछ सालों पहले तक था। टेस्ट भी हेल्थ भी। हम भाई मैगी बेचना है तो बेचो। हेल्थ भी क्यों वर्ड ऐड कर रहे हो? करेक्ट। सोर्स ऑफ प्रोटीन फाइबर एंड आयरन। तो वो कोशिश करते हैं कि थोड़ा आई थिंक थोड़ा हेल्दी मार्केट करने में।
(1:05:00) इनका प्रॉब्लम तो है ही। इनफैक्ट इसके बारे में क्या कहना है जो इतनी सारी वेजिटेबल्स दिखाई गई। ये वेजिटेबल्स तो है नहीं इसमें। और मैंने एक बार बहुत बार बोला है ये रेगुलर मैगी येलो होता है। आटा मैगी ग्रीन। क्यों? हम क्योंकि हम ग्रीन को हेल्थ से एसोसिएट करते हैं। एंड इसीलिए आटा मैगी ग्रीन करता है क्योंकि ग्रीन हम ट्रीज फार्म्स प्लांट्स ये सब से एसोसिएट करते हैं। एनवायरमेंट से एसोसिएट करते हैं। इसीलिए जो भी कंपनी हेल्दी मार्केट करता है वो ग्रीन करता है। आई थिंक जैसे-जैसे हेल्थ ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। वैसे-वैसे मार्केटिंग भी और फॉल्स
(1:05:35) होती जा रही है क्योंकि हम लोग के टाइम पे मैगी को प्रमोट किया जाता था 2 मिनट इंस्टेंट नूडल्स। हां। बाद में हेल्थ पर्सेक्टिव से जोड़ना चालू कर दिया। आई थिंक ये भी एक बहुत बड़ा मैं आपको एक और चीज बताऊंगा जब मैं ओनली वॉच ने शुरू किया था। मेरा गोल था कि एक हेल्दी कंपनी बनाना। एंड जब मैंने एक डिजाइनर के पास गया काफी डिजाइनर्स के पास गया कि मुझे कुछ लोगो बनाओ या कुछ एक ब्रांडिंग करना है। मुझे एक पैकेजिंग बनाना है। सब लोगों ने मेरा पैकेजिंग ग्रीन कलर बनाया। ओके। हर एक जन मैंने फिर एक रूल बनाया कि ओनली वॉट्स नीडेड ग्रीन कलर नहीं होगा।
(1:06:15) मुझे वो एक मार्केट में इमेज नहीं क्रिएट करना है ग्रीन। इनफैक्ट आप शॉक हो जाएंगे जान के जब हमने प्लांट प्रोटीन ल्च किया उसमें भी हम लोग ने ग्रीन कलर नहीं डाला। प्लांट प्रोटीन का सब ब्रांड लाइक यू नो प्लांट प्रोटीन का कैटेगरी ग्रीन कलर है। मतलब हर एक ब्रांड यूजुअली ग्रीन रखते हैं। ये लोग प्लांट प्रोटीन को ग्रीन और हेल्थ से एसोसिएट करते हैं। हमने एक स्ट्रांग कॉल लिया कि हम प्लांट प्रोटीन में ग्रीन नहीं रखेंगे क्योंकि हमें जो भी मार्केटिंग नॉर्म्स के अगेंस्ट मैं बात करता हूं, जो भी मार्केटिंग गेमिंग्स के अगेंस्ट मैं बात करता हूं। मैं ट्राई
(1:06:48) करूंगा कि मैं जब खुद वो प्रोडक्ट ल्च कर रहा हूं। मैं वो नहीं फॉलो कर रहा हूं। तो हमारे ओनली वॉर्स इसलिए हम लोगों ने फर्स्ट पैक जब ल्च किया हमारा ब्लू था। फिर हम लोग ने कुछ अलग-अलग कलर्स रखे थे। अलग-अलग आइसोलेट के लिए हमने कोई और कलर रखा लेकिन लाइक एक ऑफ वाइट कलर रखा। बट ग्रीन हम लोग ने जानबूझ के यूज़ नहीं किए और हम कोशिश करते हैं कि हम ना भी यूज़ करने का। ओके। सो आई थिंक बहुत सारे प्रोडक्ट्स हम लोगों ने कवर कर लिए। रूहवजा। रूहवजा के बारे में आपका क्या ओपिनियन है? सर रूबजा के बारे में मैं वीडियो बनाया था। एंड दैट वीडियो गॉट अराउंड
(1:07:24) अप्रोक्सिममेटली 20 मिलियन व्यूज। एंड माय पॉइंट इज सिंपल कि कोक हेल्दी नहीं होता। यह सबको पता है। केचप हेल्दी नहीं होता। वो भी काफी लोग को पता है। रूह अवज़ा। लेकिन बहुत लोगों को लगता है कि एक हर्बल ड्रिंक है एंड यह काइंड ऑफ हेल्दी है। एंड माय पॉइंट इज रूह अवज़ा हेल्दी नहीं है। लेकिन क्योंकि इसमें थोड़े बहुत हर्ब्स ये वो इन लोग क्लेम करते हैं, ऐड करते हैं। लोगों को लगता है अब ये हेल्दी हो गया। सो माय पॉइंट वाज़ नॉट अगेंस्ट रूअजा। इट वाज़ अराउंड द मार्केटिंग ऑफ़ रूअजा। ये वीडियो में ये हो गया। लोग क्रिटिसाइज़ कर रहे हैं कि आपने
(1:08:08) रूअजा के बारे में वीडियो बनाया। लेकिन आपने पतंजलि के बारे में आज तक आवाज उठाया नहीं है। फिर मैंने उनको वीडियो दिखाया 6 महीना पहले। मैंने पतंजलि के बारे में ऑलरेडी वीडियो बना दिया है। पतंजलि आल्सो हैज़ अ गुलाब शरबत व्हिच इज़ वैरी सिमिलर टू दिस। फिर सेकंडली रूह अवज़्ज़ा के ऐड जो मैंने दिखाया वीडियो में। शुगर क्या होता है? एक कार्बोहाइड्रेट होता है। हम्म। तो वेरी वेरी वेरी स्मार्टली रूहज़ा अपने ऐड में लिखते हैं। नो फैट। अच्छा। क्योंकि यह चीनी है तो अपने नो फैट ओके एंड लोग जब नो फैट देखते हैं उनको लगता है कि ये हेल्दी प्रोडक्ट है। एटलीस्ट ये
(1:08:51) कोका कोला बेचारा ये तो नहीं लिखता है नो फैट इसमें भी नो फैट है। कोका कोला में फैट नहीं है। क्यों? क्योंकि शुगर एक कार्बोहाइड्रेट होता है। एक फैट नहीं। अगर आप एक्सेस में कोका कोला पियोगे या एक्सेस में रूअजा पिओगे तो रूअजा फैट बना सकता है आपको लेकिन शुगर इज अ कार्बोहाइड्रेट एंड यही टेक्निकल चीज के कारण रूअजा अपने आपको फॉल्स मार्केटिंग कर रही है कि वो अब लिख रही है नो फैट सेकंड थिंग लिख रही है नो कोलेस्ट्रॉल सिर्फ एनिमल फूड्स में होती है कोलेस्ट्रॉल प्लांट फूड्स में कोलेस्ट्रॉल नहीं होती है ये सेम गेमिक बहुत सारे ऑयल
(1:09:32) कंपनीज़ भी करते हैं। कोलेस्ट्रॉल फ्री ये वो सेम चीज यह कर रही है। नो कोलेस्ट्रॉल, नो फैट। तो मैंने वो अपने वीडियो में दिखाया। नो फैट, नो कोलेस्ट्रॉल। एंड वहां पर डाला एंड बोला कि इट मार्केट्स इटसेल्फ एज अ हेल्दी फूड, बट इट नॉट अ हेल्दी फूड। यहां लिखा है गुडनेस ऑफ़ हर्ब्स। भाई, इसमें हर्ब है नहीं। इसमें फ्लेवर है हर्ब का। सुनिए, आपसे एक सवाल पूछना था। बहुत लोग अस्यूम करते हैं कि जैगरी जो है गुड़। यह हेल्दी होता है। एंड तो क्या आपको लगता है कि जैगरी एक्चुअली हेल्दी होता है या यह एक बस परसेप्शन है। जैगरी के ऊपर ही
(1:10:11) मैंने बहुत टाइम पहले एक वीडियो बनाया था तो लोगों के इमोशंस हर्ट हो गए। क्योंकि बहुत टाइम से लोगों के पेरेंट्स और लोग जैगरी कंज्यूम करते आ रहे हैं कि अरे आपने जैगरी को कैसे बोल दिया? जैगरी और डाइजेशन में बहुत हेल्प करता है। फैक्ट ये है कि जैगरी का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वो शुगर से भी ज्यादा है। जैगरी के में कोई भी इतना फाइबर कंटेंट है ही नहीं कि जो आपको डाइजेशन में हेल्प करे। ठीक है? दूसरी चीज मेरे एक फ्रेंड है जो कि डॉक्टर हैं। उन्होंने क्या बोला था मुझे कि शुगर = शुगर। जैगरी = शुगर प्लस गंदगी। क्योंकि जैगरी का जो बनाने का प्रोसेस है
(1:10:50) वो मैक्सिमम जगह बहुत गंदा है। तो इट इज नॉट अ हेल्दी शुगर अल्टरनेटिव। ओके। अच्छा जो बूस्ट यहां पे रखा है ये तो मिल्क मिक्सेस जितने भी मिल्क मिक्सेस आते हैं किड्स का उसका आपके बारे में क्या ओपिनियन है? मिल्क मिक्स को लेके मेरा एक ओपिनियन है। लेकिन उससे पहले मैं एक सवाल पूछूंगा। लोग अपने बच्चे को कोका कोला हफ्ते में कितनी बार देते हैं? एक बार ज्यादा से ज्यादा। एक बार। लेकिन लोग मिल्क मिक्स अपने बच्चे को कितना देते हैं? डेली कभी-कभी दो बार देना है। मॉर्निंग में तो मॉर्निंग में तो देते ही हैं और कभी-कभी इवनिंग में भी।
(1:11:28) सो ये आप अपने बच्चे कोका कोला जो है अपने बच्चे को आप हफ्ते में एक बार दे रहे हो। ये आप अपने बच्चे को हफ्ते में 14 बार दे रहे हो। 2 * 7 बट आपको लगता है प्रॉब्लम यह है लेकिन एक्चुअल प्रॉब्लम ये है बूस्ट है और ये सारे ड्रिंक्स हैं ये कैटेगरी में एंड दैट इज माय वरीद एंड ये ड्रिंक्स अपने आपको बहुत हेल्थ फोकस मार्केटिंग करते हैं। यूजुअली बोलेंगे टॉलर एंड ऐसे शब्द यूज़ करेंगे। क्यों यूज़ तो टॉलर क्यों यूज़ करते हैं वो? क्यों? क्योंकि बच्चे इनसिक्योर होते हैं अपने हाइट को लेके एंड वो इनसिक्योरिटीज को टारगेट करते हैं। मैंने काफी कोर्ट केसेस झेले हैं ये मॉर्ड
(1:12:15) बेस्ड ड्रिंक से बहुत सारी कंपनीज़ हैं। एंड खाली मैं एक चीज बोलूंगा मैं ये कंपनी को अप्रिशिएट करता हूं बूस्ट को। अ देखिए जो बाकी कंपनीज़ ये कैटेगरी में है वो हमेशा हाइट अपने आप को मार्केट करते हैं। HLX बोलता है टॉलर। बाकी जो कंपनीज़ ये कैटेगरी में हमेशा बोलते हैं टॉलर। हम bूst इकलौती कंपनी है ये कैटेगरी में जो कभी नहीं बोलते हैं टॉलर। देखिए कहीं भी नहीं लिखा है टॉलर। एंड आपको याद होगा वो अपने ऐड में बोलते हैं बूस्ट इज अ सीक्रेट ऑफ़ आवर एनर्जी। कभी नहीं बोलते टॉलर। तो मुझे बस इन्हें अप्रिशिएट करना है। बहुत ऑनेस्ट कंपनी है।
(1:12:53) ये नहीं बुला बुला रहे टॉलर। और ये अपने आपको टॉलर क्यों नहीं बुलाते हैं? इसका क्या कारण है? क्योंकि इनका ब्रांड एंबेसडर सचिन और सहवाग है। वो कैसे बोल सकते हैं वो टॉलर बनाएंगे? एनीवे इस समय लग रहा है कोर्ट केस लीगल नोटिस सचिन और सहवाग भेजेंगे। हो सकता है। अच्छा रिवन जो ये लेबल पढ़ेगा इंडिया आपने स्टार्ट किया। मतलब ये नाम आपके मन में कैसे आया और क्यों उसे स्टार्ट करने का मन किया? क्योंकि फूड फार्मर आपने ऑलरेडी यू नो एक नाम से चैनल खोला था जहां पे आप लेबल पढ़ना एंड ऑल लोगों को बताते थे। फिर ये लेबल पढ़ेगा इंडिया एक और इनिशिएटिव जो
(1:13:31) कि उसी का पार्ट है। उसे आपने सेपरेटली स्टार्ट करना क्यों सोचा? हिस्ट्री में मैंने देखा था एक आइस बकेट चैलेंज हुआ था 10 साल पहले आपको याद है कि लोग ये कर रहे थे ना वो टेक्निकली एक हेल्थ अवेयरनेस के लिए था एएलएस को लेके तो वो मैं देखा था कि एक वायरल मूवमेंट था टू सपोर्ट हेल्थ। तो मेरे को था कि कैन आई रिकक्रिएट समथिंग एंड आइस बकेट चैलेंज में था कि आप आइस बकेट करो और आपको तीन लोग को टैग करो वो करने के लिए। तो मैंने लेबल पढ़े का इंडिया में भी वही किया कि मैंने एक गाना बनाया और उसमें गाने के एंड में था कि आप लेबल पढ़ते हुए एक फोटो डालो और
(1:14:05) तीन लोग को और चैलेंज करो लेबल पढ़ने के लिए। तो मैंने वो ट्राई किया वो चीज को वही मेथड को लेने यूज़ करने के लिए। स्टार्ट द मूवमेंट यू स्टार्टेड एंड मेरा था कि यूथ को फोकस करना है। सब एडल्ट्स पे फोकस करते हैं। लाइक ओल्डर लोग पे फोकस कर रहे हैं। मुझे यूथ को फोकस करना था। इसीलिए जो लेबल पड़ेगा इंडिया का गाना बनाया मैंने लाइक मेरे दोस्त के साथ और काफी और लोगों के साथ। तो जब गाना भी बनाया हमारे पास बहुत ऑप्शंस थे। एक है कि एक क्लासिकल सॉन्ग बनाओ, एक है एक पेट्रियोटिक सॉन्ग बनाओ। हमने एक रैप सॉन्ग बनाया। लाइक लेबल पढ़ेगा इंडिया इज़ अ रैप सॉन्ग।
(1:14:39) नो वन थॉट कि एक मूवमेंट वाला गाना, एक रैप सॉन्ग बनाओ। बट मेरे को था यूथ को अपील करना है। स्कूलों में बजाना है कि लेबल पढ़ो। इट हैज़ टू बिकम कूल। इट कैन नॉट बिकम सम यू नो एक गवर्नमेंट मैसेज टाइप का होता है। आई एम सो हैप्पी इट केप्ट एक्सपेंडिंग बॉलीवुड क्रिकेटर्स जॉइ इन ओलंपिक एथलीट्स अभिनव बिंद्रा दिनेश कार्तिक अर्चना पूरन सिंह समथथा प्रभु सो मेनी मोर पीपल जॉइंड इन आवर लेबल पड़ेगा इंडिया कैंपेन एंड लैक्स एंड लैक्स ऑफ पीपल जॉइ इन टू सपोर्ट लेबल पड़ेगा इंडिया पीपल वर रीडिंग लेबल्स फॉर द फर्स्ट टाइम कितने लोग मुझे लाइक हजारों हजारों लोग ने
(1:15:16) मैसेज किया है कि वो पूरे लाइफ कुछ खा रहे थे जो जंक है लेकिन उन्हें रियलाइज हुआ वो मूवमेंट से कि वो जंक है लेकिन अब वो छोड़ दिए या अपने पेरेंट्स जो डायबिटिक हैं अपने डायबिटिक थे पेरेंट्स को वो कुछ जंक खिला रहे थे ये सोच के कि वो हेल्दी है एंड वो छोड़ दिए या वो अपने बच्चे को खिला रहे थे कोई जंक या कोई अपने बेबी को कोई चीनी भरा हुआ फार्मूला खिला रहे थे पर वो लेबल पड़ेगा इंडिया मूवमेंट से वो छोड़ दिए वो उन्हें देना ये सब तो ये बहुत वाइड स्प्रेड इंपैक्ट रहा है इनफैक्ट मैंने लेबल पड़ेगा इंडिया शुरू किया था फूड इंडस्ट्री को लेके लेकिन लोग लेबल पड़ेगा
(1:15:49) इंडिया को एक्सपेंड कर दिए कि लेबल तो सिर्फ फूड में नहीं होता। स्किन केयर में भी होता है। स्किन केयर लेवल भी पढ़ने लग गए। लोग टूथपेस्ट का लेवल पढ़ने लग गए। परफ्यूम का लेवल पढ़ने लग गए। हर एक चीज का लेबल पढ़ने लग गए। तो इट वास लोग इंश्योरेंस का टर्म्स एंड कंडीशंस पढ़ने लग गए। और मुझे बोले कि ये भी अब सिर्फ लेबल लेबल पढ़ेगा इंडिया नहीं टर्म्स एंड कंडीशंस पढ़ेगा इंडिया। एंड इतना कुछ होने लग गया। सो इट वाज वेरी इनसेन कि मैंने खुद कभी ड्रीम नहीं किया था कि यह जो मैं एक सोचा था कि ये एक मूवमेंट होगा ये इतना बड़ा हो जाएगा एंड
(1:16:25) आई एम वेरी हैप्पी टू से दैट इट इज नाउ इंडियास सेकंड बिगेस्ट एवर कंज्यूमर अवेयरनेस कैंपेन नंबर वन इज़ जागो ग्राहक जागो जागो ग्राहक व्हिच इज़ अ गवर्नमेंट इनिशिएटिव उन्होंने करोड़ों-करोड़ों रुपए स्पेंड किया है उसे प्रोपगेट करने रेडियो में टीवी में एड्स ये वो जागो ग्राहक जागो इज़ नंबर वन एंड द सेकंड इज़ लेबल पड़ेगा इंडिया एंड इसके लिए मैंने कोई पैसा नहीं दिया है। बहुत कम गाना बनाने में मेरे को रिकॉर्ड करने में थोड़ा बहुत खर्चा था। बट इट इज़ फुल बेस्ड। द एंटायर थिंग इज़ बिल्ट आउट ऑफ़ लव पैशन एंड दैट्स इट। एंड दैट्स हाउ इट्स बीन द
(1:16:59) एंटायर मूवमेंट स्टार्टेड एंड आई एम सो ग्लैड टू सी इट कंटीन्यूअसली स्प्रेड्स। लवली। ओके। ओके तो हम लोगों ने बात कर ली लेबल पढ़ेगा इंडिया जो मूवमेंट आपने क्यों बनाया क्यों स्टार्ट किया वो पता चला शुगर बोर्ड भी एक मूवमेंट था जो आपने स्टार्ट किया था उसके बारे में कुछ बोलना चाहेंगे आप तो मैंने शुगर बोर्ड मूवमेंट शुरू किया था विथ वन एम दैट एव्री किड एव्री एडल्ट जो भी कोई को जो कंज्यूम कर रहा है उन्हें पता हो उसमें कितना शुगर है। तो मैंने एक सिंपल वीडियो बनाया एक चार्ट पेपर में मैंने एक डिफरेंट सॉफ्ट ड्रिंक्स को स्टिक
(1:17:33) किया और उसमें नीचे में मैंने चीनी का क्यूब स्टिक कर दिया। कि देखो ये कोका कोला में आठ चम्मच चीनी है। देखो ये रेड बुल में इतना चीनी है। वैसे करके एंड मैंने इसे बहुत प्रोपोगेट किया। बहुत सिंपलीफाई किया। मैंने सोचा कि भाई जितना सिंपल हो पाए कि लोग एक बार में देखे उन्हें याद हो जाए। तो मैंने मैं ऐसे वीडियो बनाया ताकि और स्प्रेड हो। एंड मैंने ऐसे स्कूल्स में बहुत सारे वर्कशॉप्स किया वहां पर शुगर बोर्ड को प्रोपोगेट करने, स्प्रेड करने और वैसे मैं बहुत स्कूल्स में गया। लाइक एव्री वीक में एक स्कूल मिला था अबाउट टू प्रोपगेट शुगर
(1:18:08) बोर्ड एंड आई एम वेरी हैप्पी कि मैं एक दिन उठा मैं अपना फोन चेक किया और मैं शॉक हो गया कि सीबीएसई ने शुगर बोर्ड को मैंडेटरी किया हर एक स्कूल में तो आप अब ऑलमोस्ट एव्री सिंगल सीबीएसई स्कूल कुछ लोग अभी भी इंप्लीमेंटेशन फॉलो नहीं कर रहे हैं बट ऑलमोस्ट एव्री सिंगल सीबीएसई स्कूल स्कूल ना हो आप एंटर करो एक साइन बोर्ड वो बड़ा सा होगा शुगर बोर्ड रहेगा एंड सिर्फ सीबीएसई नहीं फिर IC ने भी सेम रूल लाया कि आईसीएससी में भी शुगर बोर्ड होगा गवर्नमेंट ने अपने ऑफिसिसेस में लगाया आपको अभी गवर्नमेंट बिल्डिंग में जाओ गवर्नमेंट के अंदर शुगर बोर्ड होगा
(1:18:52) एंड द मोस्ट फुलफिलिंग मोमेंट वाज़ वन डे आई चेक माय Instagram द प्राइम मिनिस्टर ऑफ द कंट्री लाइक मोदी जी ने मुझे एक स्टोरी में टैग किया अप्रिशिएटिंग मी फॉर द वर्क वी हैव डन एंड उन्होंने उन्होंने मन की बात एक एपिसोड भी बनाया अराउंड शुगर बोर्ड्स तो पूरा इट वाज़ इनसेन कि मैंने इतने साल स्ट्रगल किया है। मेरे रिलेटिव्स मुझे सपोर्ट नहीं करते थे। मेरे पेरेंट्स सपोर्ट नहीं करते थे। और फिर मैं यहां देख रहा हूं मेरे प्राइम मिनिस्टर सपोर्ट कर रहे हैं उन्हें। कमिंग फ्रॉम अ पीएम इज़ अ ग्रेट। और उन्होंने पूरे मन की बात बोर्ड पे किया
(1:19:33) जस्ट वेरी वेरी वेरी टचिंग। अच्छा वैसे रेव एक चीज है जिसके लिए मैं आपको अप्रिशिएट करना चाहता हूं जो एक्चुअली मुझे बहुत अच्छा लगा था अपार्ट फ्रॉम ऑल दैट थिंग दैट यू आर डूइंग। सनफीस्ट वालों ने एक एक आई थिंक एक सोशल मीडिया में कुछ ऐड निकाला था जहां पे टिफिन में उन्होंने वेजिटेबल्स को रिप्लेस करके अपना चॉकलेट बिस्किट रखा था। हां तो आपने वीडियो बनाया था और आपने बोला था कि अगर सनफिस्ट ऐड हटा देता है तो मैं सनफिस्ट को अप्रिशिएट करूंगा। अदरवाइज आई विल मेक अ वीडियो अगेंस्ट इट जो भी है। तो आई थिंक उन लोगों ने वो हटाया था।
(1:20:12) बट ऐसी और भी कंपनीज़ हैं जो जिन्होंने एक्सेप्ट किया है। पब्लिकली एक्सेप्ट आई डोंट नो बट दे हैव मेनी कंपनीज़ हैव इंप्रूव्ड देयर पैकेजिंग। सो फॉर एग्जांपल नेस्टी आईटी पहले लिखती थी रिच इन विटामिन सी हम अब लिखती है सोर्स ऑफ विटामिन सी तो एक लेवल नीचे कर दिया है ब्रांड लाइक इन मार्केटिंग मैगी केचप अपने केचप से 22% शुगर कम किया है ओके अ एक मिल्कमिक्स ब्रांड है काफी फेमस अ उन्होंने पहले लॉन्च किया अ वर्जन विद 15% लेस शुगर ओके एंड अभी उन्होंने रिसेंटली ल्च किया जीरो
(1:20:56) जीरो एडेड शुगर। आप इमेजिन कर सकते हो। यह मिल्कमिक्स ब्रांड हैज़ बीन देयर इन इंडिया फॉर मोर देन 75 इयर्स। और अब उन्होंने ल्च किया जीरो एडेड शुगर। अब ये मेरे कारण हुआ नहीं हुआ ये मुझे नहीं पता। बट कंपनीज़ आर टेकिंग एक्शन इज़ द पॉइंट और वो भी काफी कुछ इंप्रूव कर रहे हैं। चाहे वो वो पब्लिकली बोल नहीं सकते कुछ-कुछ कि देखिए मैं फूड फार्मर के कारण कर रहा हूं। लेकिन हो रहा है चेंजेस। एंड दैट इज अ गुड थिंग टू सी। एंड दैट इज व्हाट आई वांट आल्सो। इट्स नॉट कि मैं कोई कंपनी का जानी दुश्मन हूं। आई वुड वांट इफ आई कैन हेल्प कंपनी टू डू बेटर। व्हाई नॉट?
(1:21:33) आई थिंक एक्सेप्टिंग इज अ वैरी बिग थिंग ना। अच्छा लगता है अगर कोई ब्रांड एक्सेप्ट करता है कि हमसे गलती गलती हो सकती है किसी से। 100% तो एक्सेप्ट करना बहुत मेरे साथ तो सिर्फ एक ही एक ही ब्रांड ने किया है दैट ब्रांड बिलोंग्स टू दिस नमिता थापर ब्रांड। ओके या द अर्थ एक्चुअल में क्या था कि मैंने एक जनरल वीडियो बनाया था जिसमें बहुत सारे वेज वेजिटेरियन ओमेगा का लैप टेस्ट कराया था एंड मैक्सिमम वेजिटेरियन ओमेगा इन इंडियन मार्केट आर स्कैम वो उतना होता नहीं है तो उसमें उनका भी यह प्रोडक्ट आर का जो वेजिटेरियन ओमेगा था यह फेल हो गया था तो फिर शाम को
(1:22:15) उन्होंने मेरे को WhatsApp किया कि आई वांट टू मीट यू और कुछ ऐसा नहीं है कि आई वा मीट यू टू फाइट एंड ऑल दीज़ आर लीगल केस। आई नो द काइंड ऑफ़ गाय यू आर। बस मैं आपसे मिलना चाहती हूं। मैं समझना चाहती हूं कि गलती हुई कहां? जब उन्होंने यह लिखा तो मैं अगले दिन उनके ऑफिस गया मिलने। एंड उन्होंने हैदराबाद से अपने मैन्युफैक्चरर को, प्रक्योरमेंट गाय को, वेंडर गाय को सबको बुलाया, मीटिंग कराई। तब जाके पता चला कि उनका जो वेंडर था जो रॉ मटेरियल वो फ्रॉड कर रहा था बेसिकली। और उसके बाद उन्होंने जो स्टेप लिया वो मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि मुझे लगता है
(1:22:53) ऐसा स्टेप कोई लेता नहीं है। उन्होंने क्या किया कि उनके पास 40 या 50 लै की इन्वेंटरी पड़ी हुई थी वेजिटेरियन ओमेगा की। शी डिस्ट्रॉयड इट। वाओ शी डिस्ट्रॉयड इट। रिलीज ही नहीं किया क्योंकि मैंने इतने केसेस सुने हैं जहां पे जब प्रोडक्ट में कमी निकलती है तो कंपनीज़ ऑफर्स चलाती हैं। बाय वन गेट वन बाय दिस एट 60% ऑफ ताकि वो स्टॉक क्लीयरेंस में निकाल के अपना नया प्रोडक्ट सही ल्च कर सके। बट इन्होंने उसे ल्च ही नहीं किया। शी डिस्ट्रयड इट। तो वो काफी अच्छा लगा। आई थिंक कंपनीज़ को यह इनिशिएटिव लेना चाहिए। इससे अच्छा रहता है और आई थिंक कस्टमर का ट्रस्ट बढ़ता है।
(1:23:31) हालांकि ये सब चीजें रिवील नहीं हुई। बट आई थिंक आप अच्छा काम करते हो तो बाद में यू नो यू विल गेन कस्टमर्स। नमिता हैज़ बीन वैरी सपोर्टिव टू मी एज वेल एंड शी वाज़ द फर्स्ट पर्सन टू सपोर्ट लेबल पड़ेगा इंडिया एस वेल। आई एम हैप्पी दैट शी टूक दैट स्टेप। अच्छा रवन टेल मी वन थिंग आप अपना प्रोटीन ब्रांड स्टार्ट करने से पहले बहुत सारे ब्रांड्स का लेवल पढ़ा है आपने बहुत उनको उनके मार्केटिंग क्लेम्स को बस्ट किया है कि यह गलत है। तो आपने जब ओन स्टार्ट किया तो आपको कभी डर नहीं लगा कि मेरे प्रोडक्ट पे कोई उंगली उठा देगा। मेरे प्रोडक्ट पे कोई यह कह देगा कि यह
(1:24:06) देखो यह बंदा गलत बोल रहा है। वो बंदा गलत बोल रहा है। पहले यह किया वो किया। अब अब इसका खुद का प्रोडक्ट ही ऐसा है। ऐसा कुछ बहुत ज्यादा डर था। डर था नहीं। डर है भी कि मैं इतने ओपनली लोगों को क्रिटिसाइज करता हूं कंपनीज़ के मार्केटिंग क्लेम्स को। कल मुझे कोई क्रिटिसाइज किया तो मैं क्या जवाब दूंगा? क्योंकि फूड फार्मर ट्रस्ट के लिए स्टैंड करता है। इसीलिए हमने अपने पैक में एक भी मार्केटिंग क्लेम नहीं रखा है। हम अपने इंग्रेडिएंट्स डाल देंगे। हम अपना न्यूट्रिशन टेबल डाल देंगे। अगर आपको अच्छा लगा आप लो। अगर आपको अच्छा नहीं लगा आप मत लो। सो हमने यह
(1:24:45) स्ट्रांग कॉल लिया है। एंड ट्रस्ट मी अगर मैं अपने वेबसाइट पे Amazon पे पैकेजिंग में मैं अगर बड़े फोंट में लिख दूं गट फ्रेंडली मेरा सेल्स बढ़ेगा। अगर मैं बड़े फोंट में लिख दूं क्लीन या गट फ्रेंडली या लाइट या कोई भी ऐसा कुछ मेरा सेल्स बढ़ेगा। बट मैं ये सब क्लेम्स नहीं करता हूं। बहुत सारे प्रोटीन अभी ये भी बोलते हैं कि वो बहुत टेस्टी हैं। मैं टेस्टी भी नहीं बोलता। इनफैक्ट मैंने जब प्लांट प्रोटीन ल्च किया मैं तो उल्टा ये बोला कि ये प्लांट प्रोटीन टेस्टी ही नहीं है। कुछ-कुछ मार्केटिंग गिमिक्स फॉर एग्जांपल हमारा प्राइस कुछ टाइम आई थिंक के लिए
(1:25:20) 2500 नहीं था। 2499 था कि वो थोड़ा सा लगे कि इट्स 2400 की रेंज में। 400 के रेंज में 2500 के रेंज में नहीं है तो वो तो हम अभी भी शायद अभी भी है शायद नहीं अभी भी है। नहीं नहीं आई एम श्योर अगर अच्छा काम करेंगे तो ग्रो होगा। मेरे मेरे पॉइंट ऑफ व्यू से देखें तो मेरा तो सिर्फ एक नजरिया है कि जिस हिसाब से वे प्रोटीन के प्राइसेस बढ़ रहे हैं जैसे-जैसे उसी हिसाब से चीटिंग और एडल्ट्रेशन बढ़ती ही जाएगी। मेरे ख्याल से आप कुछ भी करो लेकिन आप जो है वो क्लेम करो। चीटिंग मत करो। एडल्ट्रेशन मत करो। झूठा प्रोटीन कंटेंट मत दिखाओ। अमीनो स्पाइकिंग मत कराओ। अगर
(1:25:58) मार्केट में 20 प्लेयर्स अच्छे हैं तो वो 20 प्लेयर्स के बीच में आपको जो भी प्रोटीन खरीदना है आप खरीदो। अपनी जो एथिक्स हैं वो आप खराब मत करो। सो दैट्स व्हाट माय पर्सेक्टिव इज़। 100% देखिए मेरे पास एक एडवांटेज है कि अगर मैं कोशिश अगर मुझे मन भी है चीटिंग करने का मैं नहीं कर सकता हूं क्योंकि मेरा पूरा फूड फार्मर का यूएसपी है ट्रस्ट। तो अगर मैं एक साल के लिए सोचूं तो मैं चीटिंग करके आगे बढ़ सकता हूं। लेकिन मैं अगर 5 से 10 साल के बारे में सोचूं कि पूरा मेरा ब्रांड फूड फार्मर का जो ब्रांड है लाइक यू नो जो मेरा वैल्यू्यूज है वो पूरा ट्रस्ट पे बना
(1:26:34) है। तो वो जितना मैं और ट्रस्टवर्दी हूं जितना मैं और कंज्यूमर के पर्सेक्टिव से सोचूं उतना मेरे लिए बेनिफिट है। एंड अगर मैं कुछ चीटिंग किया लाखों लोग हैं मेरे को ढूंढने के लिए इसमें क्या गलत हो रहा है। जब मैं कुछ लॉन्च करूंगा जो मैं कंपनी के साथ लीगली लड़ता हूं। एक तरफ मैं उन्हें एक्सपोज कर रहा हूं। वो ढूंढ रहे हैं कि भाई मैं ऐसा कुछ ढूंढ लूं फूड फार्मर के बारे में जो मैं उसको एक्सपोज करूं। आपको लगता है मैंने इतने सारे कंपनीज़ के अगेंस्ट ओपनली बोला है। उन्हें ओपनली चैलेंज किया है। पब्लिक डिबेट में ये किया है, वो किया है। उनके सेल्स भी
(1:27:09) इफेक्ट हुए हैं ये सब से। इतना कुछ हुआ है बिहाइंड द सीन्स। अगर मैं खुद चीटिंग कर रहा हूं। वो मुझे छोड़ेंगे। सो दैट इज द थिंग बिकॉज़ ऑफ़ ऑल दिस लव आई हैव गॉटन फ्रॉम द पब्लिक एंड आल्सो ऑल द स्क्रूटनी फ्रॉम ऑल द अदर बिगर कंपनीज़। मेरे पास सच बोलने के अलावा और कोई ऑप्शन भी नहीं है। आई हैव टू बी ट्रांसपेरेंट। क्योंकि ये बड़े कंपनीज़ भी मुझे अलाउ ही नहीं करेंगे कि मैं कुछ ऐसा वैसा करूं। अ क्योंकि दे आर वेटिंग फॉर एन ऑपरर्चुनिटी। अच्छा मुझे आपसे पूछा था कि ये आपने प्रोटीन ब्रांड क्यों स्टार्ट किया? क्योंकि फूड फार्मर को अगर मैं स्टार्टिंग
(1:27:49) से जोड़ूं तो हमेशा से फूड फार्मर एक नॉर्मल एफएमसीजी प्रोडक्ट्स में ज्यादा रहा है। जो लेबर्स पढ़ाना है, सिखाया है या फिर जो टैग लाइनें लेबर पढ़ेगा इंडिया वो सब हम देखेंगे कभी केचप कभी यू नो मिल्क मिक्सेस सारे जो नॉर्मल कंसमशन प्रोडक्ट्स होते हैं उस पे रहा है। तो प्रोटीन पाउडर कैटेगरी क्यों आपने चूज़ की? आप इन सब कैटेगरीज में क्यों नहीं आए कि चलो अच्छा एक हेल्दी मिल्क मिक्सेस निकालते हैं या हेल्दी टोमेटो केचप निकालते हैं यह क्यों नहीं स्टार्ट किया? सो, मैंने जब मैं कोई डिसिशन से कंफ्यूज होता हूं, मैं लोगों को पूछता हूं और मैं
(1:28:22) वोटिंग करता हूं। एंड मैंने तब फिर वोट तब मैं एक स्टोरी लगाया एंड वोटिंग किया लोगों से कि व्हाट डू यू थिंक आई शुड स्टार्ट नेक्स्ट? काफी लोगों ने बहुत कैटेगरीस बोला बट मोस्ट पीपल वोट इट फॉर प्रोटीन। एंड देन आई थॉट टू मसेल्फ एज वेल कि प्रोटीन इज एसोसिएटेड विद मिसट्रस्ट। लोग प्रोटीन पाउडर में ट्रस्ट नहीं करते। लाइक लोग बोलते हैं अपने पेरेंट्स को नहीं देंगे या ग्रैंड पेरेंट्स को नहीं देंगे या खुद भी नहीं लेते हैं। वेयर एस फूड फार्मर स्टैंड्स फॉर ट्रस्ट। सो मुझे लगा अगर व्हेन आई स्टैंड फॉर ट्रस्ट इफ आई एंटर एंड डू समथिंग इन द प्रोटीन स्पेस आई
(1:29:04) कैन हेल्प मेक प्रोटीन पाउडर मेन स्ट्रीम इन इंडिया एंड दिस वाज़ अ वेरी बिग रिस्क आई टोक बिकॉज़ प्रोटीन फूड फार्मर का इमेज है एक पर्टिकुलर टाइप का एंड प्रोटीन पाउडर बहुत अलग इमेज है। प्रोटीन पाउडर स्टेरॉइड्स बहुत अलग इमेज है। मैं कोई देख सकते हैं आप हम लोग एंड्स कंपेयर कर सकते हैं कि मैं कोई बॉडी बिल्डर या ज्यादा कोई हार्ड कोर मसल बिल्डिंग वैसा टाइप का चीज मैं नहीं हूं। सो काफी एक आप सोचोगे मेरे पोजीशन में आप आप डालो अपने आपको कि इट्स अ वेरी डिफिकल्ट डिसिशन कि लोग वे प्रोटीन को नेगेटिवली एसोसिएट करते हैं। एंड मैं
(1:29:45) यहां पर फूड फार्मर जो केचप नूडल्स के बारे में वीडियो बना रहा हूं। मैं सडनली आउट ऑफ नोवेयर वे प्रोटीन या प्रोटीन पाउडर के बारे में सोच रहा हूं। तो आई थॉट कि प्रोटीन में देयर इज़ मिसट्रस्ट इ फूड फार्मर हु स्टैंड्स फॉर ट्रस्ट डस समथिंग इन द प्रोटीन स्पेस आई कैन हेल्प नॉर्मलाइज प्रोटीन। तब लोग प्रोटीन स्टेरॉयड है ये नहीं बोलेंगे। और आप सरप्राइज्ड होगे जान के कि अप्रोक्सिममेटली 40% ऑफ़ आवर यूज़र्स आर फर्स्ट टाइम यूज़र्स ऑफ़ प्रोटीन। लोग बोल रहे हैं कि वो अपने पेरेंट्स के लिए खरीद रहे हैं। वो खुद खरीद रहे हैं यह करके कि अगर फूड फार्मर
(1:30:24) बेच रहा है तो सही होगा। एंड दिस इज़ समथिंग व्हिच आई रियली वैल्यू एंड दैट इज़ वन ऑफ़ द रीज़न्स व्हाई आई स्टार्ट विद प्रोटीन। आई थॉट इंडिया इज़ अ प्रोटीन डेफिसिएंट कंट्री। एंड आई नीड टू डू समथिंग अबाउट इट। एंड सिंस देयर इज़ अ लॉट ऑफ मिसट्रस्ट, फ़ूड फार्मर हू स्टैंड्स फॉर ट्रस्ट कैन ऐड अ लॉट ऑफ़ वैल्यू देयर। एंड, हाउ वास् योर जर्नी विथ ओन, आई मीन, फ्रॉम फूड फार्मर टू ओन, हाउ आर यू मैनेजिंग बोथ द थिंग्स? मैं बहुत डरा हुआ था जब मैं शुरू किया था क्योंकि मुझे पता है कि लीगली मुझे कंपनीज़ कुछ नहीं कर सकते हैं। जो मैं कंपनीज़ के साथ लड़ता हूं।
(1:30:58) दे कैन नॉट डू एनीथिंग लीगली विथ मी। बिकॉज़ लीगली मैं कुछ गलत नहीं कर रहा हूं। लेकिन अगर मैं फूड कंपनी शुरू किया। फिर वो क्या पता अगर वो कंपनीज़ मेरे फूड में कुछ इशूज़ करें मेरे साथ। क्या पता वो मुझे शुरू करने में मुश्किल करें। एंड आई विल टेल यू सम एग्जांपल्स। जब मैं किसी को रीच आउट कर रहा हूं कि आप प्लीज मुझे आपसे एक रॉ मटेरियल सोर्स करना है लाइक वे कंसंट्रेट या कोई भी और प्रोडक्ट या कोको या कुछ या अगर मैं कोई मैन्युफैक्चरिंग आउटलेट को कांटेक्ट कर रहा हूं कि क्या आप मैं आपके साथ मैन्युफैक्चरिंग क्या आप मेरे लिए मैन्युफैक्चरिंग कर सकते हो? वो
(1:31:34) एग्री कर जाते थे बिगनिंग में। उनको लगता था कि चलो इसका फूड फार्मर का बड़ा ट्रस्ट है, फॉलोइंग है। कुछ हो सकता है। लेकिन फिर बाद में मुझे एक महीना बाद या दो हफ्ते बाद कॉल करते थे कि उन्हें प्रेशर आ रहा है कोई बड़े कंपनीज़ के कि अगर आप फूड फार्मर के साथ काम करोगे मैं आपके साथ नहीं काम करूंगा। मैं आपका रॉ मटेरियल नहीं खरीदूंगा। एंड वैसे कर करके तो मुझे बहुत डिफिकल्टी हो रही थी शुरू में। अ फिर मुझे एक पर्टिकुलर फाइनली एक मैन्युफैक्चरर मिले जो बहुत अच्छे थे। सो आई हैव बीन वर्किंग विथ देम तिरुपति एंड थैंकफुली इट्स बीन रियली गुड एंड दे आर वन ऑफ़ द
(1:32:11) बिगेस्ट मैन्युफैक्चरर्स इन इंडिया। सो आई फाउंड देम। आई आल्सो नीडेड सपोर्ट। आई डिड नॉट अंडरस्टैंड ये एक लाइक जब आप ब्रांड शुरू कर रहे होते हैं ना आपको बस लगता है कि प्रोडक्ट बनाना है और आपको कहीं Amazon या कहीं बेच देना है। आपको रियलाइज़ नहीं होता है कि 100 और स्टेप हैं। तो मुझे मुझे रियलाइज़ हुआ कि मुझे ऑपरेशनल सपोर्ट चाहिए। अ वेयर हाउस शिपिंग कितने और कुछ थे जो मैंने दिमाग लगाया ही नहीं था। सो आई वाज़ एबल टू पार्टनर विद अ कंपनी कॉल्ड मोजेक वेलनेस। हु सपोर्ट्स दी एंटायर ऑपरेशनल साइट कि वेयर हाउस कुछ हो रहा है, शिपिंग कुछ हो
(1:32:54) रहा है, कोई कस्टमर को अगर कुछ शिपिंग में डिले हुआ, वेबसाइट में मेंटेनेंस एंड अ लॉट ऑफ़ अदर थिंग्स व्हिच आई एम नॉट गुड एट। लाइक मुझे कुछ-कुछ का बहुत अच्छा नॉलेज है। प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड इंग्रेडिएंट्स एंड लॉट ऑफ़ अदर थिंग्स लाइक दैट व्हिच आई एम गुड एट वेयर हाउसिंग, शिपिंग, वेबसाइट। आई एम नॉट गुड एट। आई पार्टनर्ड विद ट्राइगॉन पैकेजिंग। सो, वो मेरे पूरे पैकेजिंग करते हैं। वैसे कर के मैंने काफी पार्टनरशिप्स किए। तो, आई वाज़ एबल टू डू ऑल ऑफ़ दिस बिकॉज़ आई वाज़ एबल टू फाइंड द राइट पार्टनर्स। एंड या दैट्स हाउ इट्स बीन हैप्पी।
(1:33:36) ओके आई वांट यू टू हेल्प दी ऑडियंस। अगर कोई एक न्यू कमर है। अगर उसे नहीं पता कि वे क्या होता है? प्लांट प्रोटीन क्या होता है? यीस्ट प्रोटीन क्या होता है। लेट अस बोथ गेट टुगेदर एंड सिंपलीफाई इट फॉर द एंड पर्सन। अगर वो कंफ्यूज्ड है कि कौन सा तीनों में बेटर है या अगर वो कॉस्ट कॉन्शियस है उसे क्या करना चाहिए। सो लेट्स वन बाय वन गो। वे प्लांट एंड यीस्ट। लेट्स कंपेयर ऑल द थ्री। ठीक है? देखिए वे और प्लांट प्रोटीन में लेट्स से देयर आर टू कैटेगरीज। वन इज सो प्रोटीन एंड वन इज़ द ब्लेंड ऑफ पी एंड राइस जो प्लांट प्रोटीन का ब्लेंड आता है। एंड देन कम्स द
(1:34:16) ईस्ट प्रोटीन। अभी वे प्रोटीन क्या है? एक फूड डिराइव्ड प्रोडक्ट है जो कि प्योर डेरी से आता है, दूध से आता है। व पे प्लांट प्रोटीन में चाहे आप सोया प्रोटीन ले लीजिए, चाहे आप पी या राइस प्रोटीन ले लीजिए। वो भी एक फूड सोर्स से है। जो यीस्ट प्रोटीन है वो लैबोरेटरी में बनता है। फर्मेंटेशन प्रोसेस के थ्रू बनता है। अभी इन तीनों में से सबसे ज्यादा जो सुपीरियर प्रोटीन है दैट इज वे प्रोटीन। उसका कोई कंपैरिजन ही नहीं है। और बहुत ही सिंपल टर्म में अगर मैं आपको समझाऊं तो लेट्स से आपने 24 ग्राम प्रोटीन वे से लिया, 24 ग्राम प्रोटीन सोय से लिया, 24
(1:34:52) ग्राम प्रोटीन ईस्ट से लिया और 24 ग्राम प्रोटीन आपने पी और राइस के ब्लेंड से लिया जो टिपिकली प्लांट प्रोटीनंस आते हैं। वे प्रोटीन इतना सुपीरियर है कि वो 24 ग्राम पूरा आपके बॉडी में अब्सॉर्ब होगा। एक यहां पर आती है प्रोटीन यूज की बारी कि अगर आपने 24 ग्राम प्रोटीन अपने बॉडी में इंजेस्ट किया तो आपकी बॉडी उस 24 ग्राम को यूटिलाइज कितना कर रही है? वे प्रोटीन में वो पावर है कि ऑलमोस्ट सारा का सारा प्रोटीन आपकी बॉडी यूटिलाइज कर लेती है। सो दैट्स द रीज़न वे इज़ नंबर वन। नाउ कमिंग टू यीस्ट एंड सोए। इट्स ऑलमोस्ट द सेम। अगर आप यीस्ट और सोए का 24 ग्राम
(1:35:29) प्रोटीन अपने बॉडी में इंजस्ट कर रहे हो तो आपकी बॉडी 21 ग्राम प्रोटीन यूज़ करेगी। दिस आई एम टेलिंग यू इन अ वेरी लेमनैन लैंग्वेज नॉट एग्जैक्टली बट इन अ लेमनैन लैंग्वेज। वहीं पे अगर आप प्लांट प्रोटीन ब्लेंड की बात करोगे पी और राइस वो लेट्स से आपके बॉडी में 19 टू 20 ग्राम ही यूज़ होगा। तो वे पूरा का पूरा 24 ग्राम्स हो गया। सोए एंड यीस्ट 21 ग्राम हुआ। प्लांट जो पी और राइस का प्लांट है वह 19 टू 20 ग्राम हुआ। तो अब्सॉर्प्शन में वे सबसे ज्यादा सुपीरियर है। एक चीज और अगर आपका फोकस मसल बिल्डिंग के लिए है। ठीक है? तो सोए प्रोटीन भी कंप्लीट है। वे प्रोटीन भी
(1:36:11) एक कंप्लीट प्रोटीन है। कंप्लीट प्रोटीन से मेरा मतलब है सारे एसेंशियल अमाइनो एसिड्स होना। सोए भी कंप्लीट है, यीस्ट भी कंप्लीट है, वे भी कंप्लीट है और जो आपका प्लांट प्रोटीन है क्योंकि आप ब्लेंड कर रहे हो इसलिए वह भी कंप्लीट है। बट अगर अमीनो एसिड प्रोफाइल के बैलेंस की बात करें, एक स्ट्रक्चर होता है, एक प्रोफाइल होती है कि कितनी बैलेंस है वो भी सबसे ज्यादा ऑप्टिमम वे प्रोटीन की होती है। जितने ज्यादा बैलेंस अमीनो एसिड प्रोफाइल वे की होती है उतना सोए यीस्ट और प्लांट प्रोटीन की नहीं होती। तो बॉडी बिल्डिंग और मसल बिल्डिंग के पर्सपेक्टिव से
(1:36:42) अब्सॉर्प्शन के पर्सपेक्टिव से नो वन कैन बीट एंड नो वन कैन टच वे प्रोटीन। सो यू वुड टेल अ न्यू पर्सन हु इज नॉट कंज्यूम प्रोटीन बिफोर टू गो फॉर वे प्रोटीन। आई आई विल ऑलवेज सजेस्ट टू गो फॉर वे प्रोटीन अंटिल अनलेस ही इज़ नॉट वीगन या फिर उसको बजट प्रॉब्लम नहीं है। द रियलिटी इज़ दैट यीस्ट एंड प्लांट आल्सो हैव टू बी कंसीडर्ड एज सीरियस ऑप्शंस बिकॉज़ वे प्रोटीन का रॉ मटेरियल प्राइस इज़ गोइंग थ्रू द रूफ। तो आपको अगर आप स्टूडेंट हो या अगर आप स्टूडेंट नहीं भी हो, आप वर्किंग क्लास के हो और अगर आप पागलों की तरह पैसा नहीं कमा रहे हो बिकॉज़
(1:37:20) वे प्रोटीन बहुत महंगा हो गया है तो आपके लिए प्लांट या यीस्ट सही हो सकता है। इवन दो फ्रॉम अ प्योर मसल बिल्डिंग पर्सपेक्टिव वे मे बी बेटर। बट जस्ट बिकॉज़ इट इज़ सो एक्सपेंसिव। यीस्ट और पोटेंशियली प्लांट कुड बी बेटर इज दैट करेक्ट और नॉट या आई मीन आफ्टर वे यीस्ट एंड यीस्ट सोए और प्लांट यही ऑप्शन यही ऑप्शन है बट एक और चीज मैं सजेस्ट करना चाहूंगा अगर पॉसिबल है तो जैसे बहुत लोग दो या तीन स्कूप लेते हैं एक दिन में लेट्स से दो स्कूप लेते हैं बहुत लोग और अभी वे प्रोटीन बहुत ज्यादा आउट ऑफ बजट जा रहा है बहुत ज्यादा महंगा जा रहा है सो
(1:38:03) व्हाट दे कैन डू इज़ दे कैन परचेस 1 केg ऑफ़ वे प्रोटीन एंड एंड 1 केजी ऑफ़ प्लांट प्रोटीन। इदर ऑफ़ द सेम फ्लेवर और एक अनफ्लेवर या एक फ्लेवर लें। और इंस्टेड ऑफ़ टेकिंग टू स्कूप्स वे क्योंकि अब वे का प्राइस बढ़ गया है। आप एक बार में हाफ स्कूप वे, हाफ स्कूप यीस्ट या हाफ स्कूप प्लांट या हाफ स्कूप सोय ऑन द अदर हैंड। दूसरी बार भी जो आप स्कूप ले रहे हो उसमें वे के साथ उसे ब्लेंड करो। अगर आप वे प्रोटीन 1 केg स्टिल ले पा रहे हो इंस्टेड ऑफ़ 2 केg। दैट इज इवन बेटर ऑप्शन। गॉट इट। मैं प्रोबेब्ली हर एक ईस्ट कंपनी वाले मार्केटिंग में आज तक जो देखा हूं सब ग
(1:38:41) फ्रेंडली लिख रहे हैं। सो डू यू थिंक ईस्ट इज मोर गट फ्रेंडली देन वे नो वे इज मोर गट फ्रेंडली देन ईस्ट एंड जितने भी लोग ये ईस्ट प्रोटीन पाउडर्स की जो ब्रांडिंग या मार्केटिंग कर रहे हैं गट फ्रेंडली वो बेसिकली उस चीज को टारगेट कर रहे हैं जिन्हें मिल्क नहीं डाइजेस्ट होता। अब वो ओवरऑल शायद अपने क्लेम में यह बोल नहीं रहे हैं। बट गट फ्रेंडली से उनका मतलब ही यह है कि अगर आपको वे प्रोटीन से ब्लोटिंग हो रही है, गैस हो रही है, डाइजेस्ट नहीं हो रहा है, देन यीस्ट इज़ गट फ्रेंडली। ऑब्वियसली अगर आपको कोई भी मिल्क आइटम डाइजेस्ट करने में दिक्कत हो रही है, देन
(1:39:16) यीस्ट इज़ गट फ्रेंडली, सोय इज़ गट फ्रेंडली टू। प्लांट प्रोटीन इज़ गट फ्रेंडली टू। गॉट इट। अर्पित, मुझे जानना है आपसे क्योंकि आप शुरू किए अपने जर्नी प्रोटीन पाउडर से। आप कैसे देखे हो यह प्रोटीन पाउडर इंडस्ट्री को इवॉल्व होते हुए लास्ट फ्यू इयर्स से और मोस्टेंटली हाउ डू यू सी दी प्रोटीन पाउडर इंडस्ट्री शेप इन द नेक्स्ट फाइव इयर्स व्हाट आर योर प्रेडिक्शनंस फॉर द प्रोटीन पाउडर इंडस्ट्री इन द नेक्स्ट थ्री टू फाइव इयर्स प्रोटीन इंडस्ट्री इज़ मूविंग वेरी फर्स्ट बट मेरा जो मेन कंसर्न है वो है विद रिस्पेक्ट टू द प्राइिंग जो मुझसे लोग
(1:39:52) काफी पूछते हैं कि इंडिया एक ऐसी कंट्री है जो बहुत ज्यादा मिल्क प्रोड्यूस करती है। फिर भी उसकी इतनी डिपेंडेंसी क्यों है कि उसको प्रोटीन इंपोर्ट करना पड़ रहा है। फॉर एग्जांपल यू हैव योर ओन ब्रांड एज वेल। बट आप भी मजबूर हो। अगर आपको रॉ मटेरियल ही 3500 का मिलेगा तो आप उसको 45 5000 से नीचे नहीं बेच पाओगे। बट कंपनीज़ खुद यहां पे वे प्रोटीन का प्लांट क्यों नहीं सेटअप कर रही हैं? ऐसा लोग मुझसे पूछते हैं। तो आई थिंक विद टाइम जैसे-जैसे प्रोटीन इंडस्ट्री बढ़ रही है, आई थिंक प्रोटीन पाउडर्स के प्लांट खुद इंडिया में भी सेटअप होने चाहिए जिससे हमारी डिपेंडेंसी
(1:40:32) दूसरी कंट्रीज में ना हो। यू आर वेरी राइट। अ सो जस्ट फॉर जो लोग नहीं जानते हैं इंडिया इवन दो वर्ल्ड का लार्जेस्ट प्रोड्यूसर ऑफ मिल्क है। इंडिया में वे मोस्टली इंपोर्ट किया जाता है फ्रॉम आउटसाइड एंड वी आर वेरी डिपेंडेंट ऑन फॉरेन कंट्रीज फॉर आवर वे एंड दैट इज़ वन ऑफ़ द रीज़ंस कि इंडिया में वे का प्राइस पागलों की तरह इंक्रीस हो रहा है। सो मैं आपको एक इंटरेस्टिंग बात बताऊंगा। जब हमने ओन शुरू किया था 9 महीना पहले। हमने रॉ मटेरियल लाइक वे कंसंट्रेट इंपोर्ट किया था यूरोप से एट ₹1475 पर केजी
(1:41:17) एंड अभी जो हमें कोर्ट्स मिल रहा है ₹3600 ₹3700 पर केजी में मिल रहा है। मतलब विद इन 9 मंथ्स द प्राइस हैज़ द रॉ मटेरियल कॉस्ट हैज़ गॉन अप फ्रॉम ₹1475 पर केजी टू ₹3600 पर केजी दैट इज़ जस्ट माइंड लाइक यू नो माइंड नंबिंग लाइक मे लाइक आउटसाइड माय कंट्रोल या आई एग्री और उसके अलावा भी बहुत सारे मेन रीज़ंस है सबसे बड़ा रीज़न है कि कोविड के बाद लोगों को प्रोटीन कीेंस बहुत पता चली तो उसकी वजह से जो प्रोटीन प्रोटीन पाउडर है, वे पाउडर है वो सिर्फ एक मसल बिल्डिंग या बॉडी बिल्डिंग का प्रोडक्ट
(1:42:01) नहीं रहा। वो अब एक मेन स्ट्रीम प्रोडक्ट बन गया। हर चीज में प्रोटीन पाउडर्स होने लग गए। आपके बिस्किट्स में आपके ड्रिंक्स में रेडी टू ड्रिंक्स कितने सारे आ गए हैं। यू नो बहुत सारे फूड प्रोडक्ट जो आप खाते हैं उसमें प्रोटीन पाउडर्स आ गए हैं। जैसे आपने बताया नॉर्मल नॉर्मल ऑडियंस भी जो हेल्दी रहना चाहती हैं वो भी अब प्रोटीन पाउडर्स लेने लग गए हैं। बहुत सारी और भी इनफैक्ट चीजें हैं। जैसे इवन कॉस्मेटिक्स में भी प्रोटीन चाहिए। आपके बाल भी बालों के लिए भी प्रोटीन चाहिए। आपके स्किन के लिए ही प्रोटीन चाहिए। कॉस्मेटिक्स में भी बहुत
(1:42:34) ज्यादा प्रोटीन यूज़ होने लग गया। इवन पेट फूड्स में भी प्रोटीन यूज़ हो रहा है अच्छा खासा। तो प्रोटीन की ओवरऑल डिमांड बहुत बढ़ गई है। सो ये एक बहुत बड़ा चैलेंज है एंड मैं बहुत कंसर्नड हूं इसको लेके क्योंकि आप इमेजिन करो इंडिया में एक मिडिल क्लास फैमिली जो सपोज़ ₹0000 पर मंथ कमा रही है ₹0000 पर मंथ कमा रही है। आप 5000 एक डब्बा के लिए दोगे और आपके फैमिली में अगर आपकी वाइफ या हस्बैंड या जो भी तो आप बिटवीन खाली प्रोटीन ही अगर आप ₹10,000 दे दो तो इट इज टू मच वे इट्स नाउ गेटिंग आउट ऑफ हैंड मतलब लोग जैसे मुझे लगता है कि कुछ टाइम
(1:43:13) में जैसे लोग गाड़ी का लोन लेते हैं वैसे लोग प्रोटीन के लिए लोन लेंगे मतलब लाइक यू नो इट इज जस्ट क्रेजी अह रुक रहा है आई डोंट नो लाइक कि इसका सलूशन क्या है लाइक यू नो कि लाइक इट इज वेरी वेरी वेरी स्केरी एंड वेजिटेरियन भी हमारे यहां बहुत ज्यादा। हां। सो मुझे जानना था आपसे बिकॉज़ आप काफी वीडियोस बनाते हो प्रोटीन को लेके। व्हाट आर द बिगेस्ट मार्केटिंग गेमिक्स और स्कैम्स इन द प्रोटीन स्पेस। ओके। अब हम एक-एक करके स्कैम्स, मार्केटिंग गेमिक्स दोनों मिलके यहां लिखते हैं जो प्रोटीन इंडस्ट्री में हो रही है। ताकि लोग अगली बार कोई प्रोटीन
(1:43:52) पाउडर खरीदे। ये स्कैम्स मार्केटिंग गेमिक से बचे। ठीक है? सबसे पहला और सबसे कॉमन मार्केटिंग गेमिक जो आज की डेट में मुझे लगता है वो है ब्लेंड प्रोटीन जिसमें आइसोलेट बहुत जरा सा डालते हैं। इट्स बेसिकली अ कंसंट्रेट बेस्ड वे बट इंग्रेडिएंट्स में वो लिखेंगे वे प्रोटीन कंसंट्रेट पहले वे प्रोटीन आइसोलेट बाद में और वो वे प्रोटीन आइसोलेट इतना कम परसेंटेज में होता है कि वो सिर्फ लेबल पे लिखने के लिए होता है कि प्रोटीन फ्रॉम आइसोलेट। तो मार्केटिंग गेमिंग एक तो मैं ब्लेंड बोलूंगा और इसका स्यूशन यह है जो ऑलमोस्ट सारी कंपनीज करती हैं कि अगर आप
(1:44:29) ब्लेंड प्रोवाइड कर रहे हो तो आप प्लीज ये मेंशन करो कि उसमें डब्ल्यूपीसी का परसेंटेज कितना है और डब्ल्यूपीआई का परसेंटेज कितना है। अदरवाइज आप ये डब्ल्यूपीआई पे ध्यान मत दो। आप उसको बेसिकली एक कंसंट्रेट बेस्ड वे ही समझो। ठीक है? मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं है। अगर कोई 30- 40% डब्ल्यूपीआई यूज़ करे, 50% डब्ल्यूपीआई यूज़ करे। बट अगर वो बस नाम के लिए डाल रहे हैं, 1% डाल दिया ताकि वो लेबल में दिख जाए। देन दैट इज़ अ रोंग थिंग। इट इज़ ऑलमोस्ट लाइक जो मैंने पेंगनी में बोला था ना कैशू बिस्किट गुड डे बिस्किट। 1% 1% कैशू है और लिख दो कैशू बिस्किट।
(1:45:10) करेक्ट। वैसे ही है ये। करेक्ट। मुझे भी एक मार्केटिंग इमेज के बारे में बात करना था। व्हिच इज़ बहुत कंपनीज़ कर रहे हैं कि अपना डब्बा 2 पाउंड्स का बना रहे हैं। हम एंड मैं आपको एक्सप्लेन करूंगा। सो द सेकंड इज़ टू पाउंड्स एलबी बोलते हैं। आई थिंक यस। अ इंस्टेड ऑफ़ 1 केजी। देखिए अगर कोई इंटरनेशनल कंपनी पाउंड्स में करे आई अंडरस्टैंड इट। क्योंकि उनका ग्लोबली मैन्युफैक्चरर होता होगा एंड वहां पर पाउंड्स यूज़ कर रहे हैं। वो चलता है। इंडियन कंपनीज पाउंड्स यूज़ कर रहे हैं। वो मुझे पता है रीज़न पब्लिक अनफॉर्चुनेटली कभी-कभी समझते नहीं है। मैं भी 5 सात साल
(1:45:53) पहले गलती किया हुआ हूं कि मुझे लगता था कि कोई एक कंपनी 2 पाउंड बेच रहा है और 1 किलो बेच रहा है। साइकोलॉजिकली सेम लगता है। बट 2 पाउंड्स इज 97 ग्राम एंड दिस इज़ ऑब्वियसली 1000 ग्राम 1 केजी 100 ग्राम पाउडर लेस हां अबाउट 100 ग्राम लेस तो अराउंड थ्री स्कूप्स लेस आपको मिल रहा है तो आप जस्ट अस्यूम करो कि अगर आप ये एक्चुअली 1 केजी का खरीदते आपका प्राइस 10% मिनिमम ज्यादा होता। तो कंपनीज़ ये स्कैम इसलिए करते हैं क्योंकि कस्टमर्स उतना कैलकुलेट नहीं करते। वो ये नहीं देखते कि उन्हें 97 ग्राम मिल रहा है। वो 1 केजी ही समझते हैं। जैसे वो फोन कंपनीज़
(1:46:38) करते हैं कि 28 डेज का रिचार्ज कराएंगे 30 डेज का नहीं। एंड वो एक साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है आपको। करेक्ट। ये सेम चीज ऑलमोस्ट है कि ये 97 ग्राम डाल रहे हैं इंस्टेड ऑफ़ 1 केg। एंड लोग इतना कैलकुलेट नहीं करते हैं। उनके हिसाब से हां अराउंड 1 केजी मुझे मिल रहा है। करेक्ट। ऑलराइट। तो क्योंकि हमने बोर्ड में मार्केटिंग इमिक और स्कैम दोनों लिख रखा है तो पैरेलली हम स्कैम के बारे में बात करते हैं क्योंकि स्कैम को लेके मेरे मन में एक बहुत ही नई चीज है जो शायद लोगों ने नहीं सुना होगा अब तक आपने एमएसजी का नाम सुना है मोनोसोडियम ग्लटामेट एमएसजी
(1:47:10) जो कि टेस्ट एनहांसर भी है आजकल जब वे प्रोटीन का प्राइस आपको पता है कि वे प्रोटीन कंसंट्रेट आई थिंक ₹3700 पर केजी प्लस जीएसटी का सिर्फ रॉ मटेरियल आ रहा है। बहुत सारी कंपनीज़ अब क्या करेंगी? बहुत सारी कंपनीज़ एमएसजी डालेंगी। मोनोसोडियम ग्लटामेट एमएसजी प्रोटीन में एमएसजी प्रोटीन में करेक्ट। एमएसजी करेगा क्या? एक तो ये टेस्ट एनहांस कर देगा आपके प्रोटीन का। दूसरी चीज है ये ग्लूटमिक एसिड को थोड़ा इनफ्लेट कर देगा जिसकी वजह से आपका प्रोटीन कंटेंट कम होते हुए भी ज्यादा दिखाएगा। तो एक ये नया किस्म का स्कैम है जो अभी चालू होगा। एंड वी विल
(1:47:47) सून स्टार्ट टेस्टिंग एमएससी। वी विल सून ऐड एमएसजी लेवल्स ऑफ़ टेस्टिंग एज वेल। दैट्स क्रेजी। दिस इज अ न्यू स्कैम। अब मैं एक और मार्केटिंग गेमिक के बारे में बात करूंगा। बट इसको बताने के पहले आई विल डिस्कस द हिस्ट्री ऑफ़ प्रोटीन मार्केटिंग इन इंडिया। सो लेट मी एक्सप्लेन टू यू द हिस्ट्री ऑफ़ प्रोटीन मार्केटिंग इन इंडिया। एंड इससे आपको इतने सारे मार्केटिंग इमिक्स नजर आएंगे। इट्स शॉकिंग। इंडिया के प्रोटीन पाउडर इंडस्ट्री को अगर मुझे डिवाइड करना है, मैं दो कैटेगरी में डिवाइड करूंगा। एक है ब्रांड्स जो 2010 या 200 में अबाउट आए हैं। एंड एक है पोस्ट
(1:48:27) कोविड 2020 के बाद। तो ये प्रोटीन पाउडर्स जिम वाले लोग को कैटर करते थे। एंड ये यूजुअली बड़े-बड़े ब्लैक बॉक्सेस में आते थे। एंड मार्केटिंग का एक सबसे इंपॉर्टेंट रूल है। रिपीट व्हाट पीपल वांट टू हियर। तो जिम वाले लोग को क्या सुनना है? मसल बिल्डिंग। तो मसल बिल्डिंग पर यह वाले प्रोटीन पाउडर्स फोकस करते थे। फास्ट अब्सॉर्प्शन कि आपका बॉडी फास्ट ये प्रोटीन अब्सॉर्ब करेगा। क्योंकि उस समय जो प्रोटीन पाउडर खरीदते थे उन्हें यही सब वर्ड सुनने में अच्छा लगता था। लेकिन विद टाइम प्रोटीन का
(1:49:11) अवेयरनेस इंक्रीस होने लगा। एंड फिर 2020 के बाद जो प्रोटीन पाउडर आए वो एवरीवन को कैटर कर रहे थे। सिर्फ जिम वाले ऑडियंस को नहीं। सो 2020 के बाद जो प्रोटीन पाउडर आते हैं वो या तो बॉक्स यूज़ करते हैं या पाउच यूज़ करते हैं। एंड अब मुझे सबसे इंटरेस्टिंग बात बोलना है। याद रखिएगा वंस अगेन मार्केटिंग का सबसे इंपॉर्टेंट रूल क्या है? टू रिपीट व्हाट पीपल वांट टू हियर। अगर आप आज के जमाने में कोई प्रोटीन पाउडर चालू करो और आप एक मार्केटिंग एजेंसी के पास जाओ। वो बोलेगा आप अपने प्रोटीन पाउडर में क्लीन लिखो। क्यों? क्योंकि प्रोटीन
(1:49:50) पाउडर का एक परसेप्शन बन गया है कि प्रोटीन स्टेरॉइड से एसोसिएटेड है। वो एक नेगेटिव वे में एसोसिएट हो गया है। ये प्रोटीन पाउडर्स का एक परसेप्शन था कि वो डर्टी है। तो इसीलिए जो नए प्रोटीन पाउडर्स हैं वो अपने आप को क्लीन बुला रहे हैं। ये प्रोटीन पाउडर्स का एक परसेप्शन था कि वो हैवी है। तो इसीलिए जो आजकल के प्रोटीन पाउडर्स हैं वो सारे के सारे प्रोटीन पाउडर्स अपने को लाइट बुला रहे हैं। प्रोटीन हैवी भी हो सकता है, लाइट भी हो सकता है। वो आपके पर्सनल बॉडी के ऊपर डिपेंडेंट है। सेम प्रोटीन दो अलग लोग को दो अलग लग सकता है। सेम ग्लास प्रोटीन। एक
(1:50:28) आदमी को लाइट लग सकता है, दूसरे को हैवी लग सकता है। प्रोटीन को आप मैजिकली लाइट नहीं बना सकते। फिर आ गया गट फ्रेंडली। क्योंकि अगेन लोगों को प्रोटीन गट फ्रेंडली यूजुअली नहीं लगता है। तो इसीलिए एज अ मार्केटिंग टूल लोग बोलते हैं कि उनका प्रोटीन गट फ्रेंडली है। भाई ऐसा क्या स्पेशल डाल रहे हो अपने प्रोटीन में कि आपका प्रोटीन ग फ्रेंडली हो गया। और लास्ट में आता है टेस्ट। लेकिन यह भी सब्जेक्टिव है। देखिए आप कोई भी प्रोटीन पाउडर को उठाओ एंड उसको मार्केटिंग को स्टडी करो। प्रोटीन वाले कंपनी को क्लियरली पता है उनका टारगेट ऑडियंस क्या
(1:51:01) है। अगर उनका टारगेट ऑडियंस जिम गोअर्स है तो वह यूजुअली यह सब चीज मार्केट करेंगे। अगर उनका टारगेट ऑडियंस एवरीडे यूज़र्स हैं तो वो यूजुअली ऐसे क्लेम्स यूज़ करेंगे। मुझे एक चीज़ क्लेरिफाई करना है। अगर यह क्लीन है, तो इसका मतलब यह नहीं की यह डर्टी है। असल में यह भी क्लीन हो सकता है और यह भी क्लीन हो सकता है। और ये भी डर्टी हो सकता है और ये भी डर्टी हो सकता है। और इसीलिए हम ओनली वॉश नीड में सब्जेक्टिव मार्केटिंग क्लेम्स नहीं यूज़ करते हैं। मैं क्लीन वर्ड नहीं यूज़ करता हूं। मैं लाइट भी नहीं यूज़ करता हूं। मैं ग फ्रेंडली भी नहीं यूज़ करता हूं। क्योंकि
(1:51:35) प्रोटीन चाहे क्लीन है या लाइट है वो मार्केटिंग डिसाइड नहीं करता है। वो आप डिसाइड करते हैं। आपका बॉडी डिसाइड करता है। हर एक जन को प्रोटीन अलग सूट करता है। मुझे एक चीज क्लेरिफाई करना है। जब हमने ओनली वॉच सीने शुरू किया था। हमने भी लाइट वर्ड यूज़ किया था अपने वेबसाइट में। फिर मुझे रियलाइज़ हुआ कि अगर फूड फार्मर ब्रांड चालू कर रहा है। फूड फार्मर कैन नॉट फॉलो द बेंचमार्क। आई हैव टू सेट द बेंचमार्क। इमेजिन अ वर्ल्ड वेयर एव्री सिंगल पैक वेदर इट्स अ प्रोटीन पैक, अ बिस्किट पैक, अ नूडल्स पैक, अ मिल्क पैक दे आर नॉट यूज़िंग मार्केटिंग गेमिक्स। दे
(1:52:10) आर नॉट यूज़िंग सेलिब्रिटीज़। दे आर नॉट मेकिंग एनी सब्जेक्टिव क्लेम्स। दे आर जस्ट राइटिंग देयर इंग्रेडिएंट्स इन बिग फॉन्ट। दे आर मेकिंग अ पाई चार्ट विथ ऑल देयर इंग्रेडिएंट्स। देर पुटिंग द न्यूट्रिशन लेबल इन द फ्रंट। देन कंज़्यूमर्स विल बी एबल टू मेक मच बेटर क्वालिटी डिसिशन। दे विल बी एबल टू पिक द राइट प्रोडक्ट्स। एंड नॉट फॉल टू स्टूपिड मार्केटिंग क्लेम्स। मुझे एक और चीज इलैबोरेट करना है कि ये सेम चीज स्किन केयर इंडस्ट्री में भी हो रही है। स्किन केयर के आप कोई भी प्रोडक्ट उठाओ आपको लिखा रहेगा पैराबिन फ्री नेचुरल सब कंपनी
(1:52:43) सेम मार्केटिंग कर रहे हैं। और ये सेम चीज प्रोटीन में भी हो रहा है। हर एक कंपनी आप कोई भी प्रोटीन पाउडर उठाओ 2020 के बाद शुरू हुआ है तो क्लीन लाइट ग फ्रेंडली लिख देंगे। क्यों? क्योंकि वो बिकता है और लोग अवेयर नहीं है। लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं लोगों को अवेयर करना और होपफुली 1% एट अ टाइम वन पर्सन एट अ टाइम आई विल बी सक्सेसफुल। नहीं और कितना सक्सेसफुल होना है वो तो गया। एक चीज यहां पे मैं और हाईलाइट करना चाहूंगा रेवन कि मैं कभी भी किसी अ आई विल नॉट कॉल यू इन्फ्लुएंसरर। बट ठीक है। पीपल जनरली रिकॉग्नाइज यू एज एन
(1:53:22) इनफ्लुएंसरर जो भी सोशल मीडिया पर आता है। बहुत सारे मेरी पब्लिक बोलते हैं सर आप इस बंदे के ब्रांड का प्रोटीन पाउडर टेस्ट कर दो। उस बंदे के ब्रांड का प्रोटीन पाउडर टेस्ट कर दो। मैं अभी की बात नहीं कर रहा हूं। मेरी नजर में अगर कोई एक इन्फ्लुएंसरर है जिसने सबसे पहले अपना प्रोटीन पाउडर का ब्रांड स्टार्ट किया था। जो फेमस इन्फ्लुएंसरर है दैट इज गुरु मान। आई एम श्योर यू माइट हैव हर्ड अबाउट इट। तो जो जिम विम का चलन चाहिए था। सबसे पहले उनका वे प्रोटीन था जीएम फिटनेस करके मैंने कभी नहीं किया क्योंकि मैं शुरुआत से मेरी लाइफ में एक ही उसूल था कि मैं
(1:53:54) कभी किसी इन्फ्लुएंसरर का ब्रांड नहीं पिक करूंगा क्योंकि मुझे कंट्रोवर्सी में नहीं जाना है और मैं इसीलिए किसी भी इन्फ्लुएंसरर का कोई भी प्रोटीन नहीं टेस्ट करूंगा। मैंने सिर्फ आपका प्रोडक्ट ब्लाइंड टेस्ट किया था बिकॉज़ ऑफ ह्यूज अमाउंट ऑफ रिक्वेस्ट। ह्यूज ह्यूज अमाउंट ऑफ ह्यूज अमाउंट ऑफ रिक्वेस्ट कि आई वांट कि सर वी वांट यू टू टेस्ट फूड फार्मर प्रोटीन एंड सम समवेयर देयर वाज़ अ सिमिलर सिनर्जीस और वो एक लीगल केसेस से गो थ्रू होना मेरा और आपका तो एक एक थोड़ी सी पिक्चर मैच हो रही थी वाइब मैच हो रही थी तो मैंने एक डिसीजन लिया पहले तो मैं था
(1:54:29) कि नहीं करूंगा करूंगा ही नहीं लेकिन फिर मैंने कहा कि मैं सिर्फ इसका कर दे रहा हूं मैं और किसी बंदे का प्रोडक्ट ब्लाइंड टेस्टिंग कभी नहीं करूंगा इनफ्लुएंसरर का और मैं शायद आगे कभी करूं भी ना। सो, यह चीज़ मैं पब्लिक को बोलना चाहता हूं कि दिस इज़ द रीज़न व्हाई आई डोंट टेस्ट प्रोटीन पाउडर्स ऑफ़ एनी इन्फ्लुएंसरर ब्रांड एंड आई विल नॉट इवन टेस्ट इट इन द फ्यूचर। अंटिल अनलेस देयर आर देयर इज़ सम रियली बिग एथिकल गाय या फूड फार्मर टू कोई और आए क्योंकि जैसे आप बोलते हो ना बहुत सारे टेस्टिफाइड आए हैं। बहुत सारे फूड फार्मर आए हैं। सो आई एम श्योर वैसे अगर आएंगे तो
(1:55:00) ठीक है। बट अदरवाइज नॉट। थैंक यू फॉर टेस्टिंग ओनली व्हाट्स नीडेड। मैंने आपका वीडियो देखा था। आपने एक फीडबैक दिया था कि आपको लगा कि हम अपना पैक में बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन डाल दिए हैं। थोड़ा रेपिटेटिव इनफेशन है। एंड देयर इज टू मच इंफॉर्मेशन एंड आपने कोई एक वर्ड शायद से यूज़ किया कि इट्स लाइक अ न्यूज़पेपर। इतनी ज्यादा इंफॉर्मेशन लेबल पर भर दी गई है कि पैक न्यूज़पेपर जैसा लगता है। मुझे एक दो चीज खाली बोलना है कि हम जब मैंने पैक डिजाइन किया था। अ तो मेरी ये कोशिश थी कि मैं जितना इंफॉर्मेशन अपने प्रोटीन पाउडर के बारे में बता सकूं मैं
(1:55:41) बता पाऊं इन द पैक। व्हिच इज व्हाई मैंने लेबल को फ्रंट में ही रखा था। इंग्रेडिएंट इसको बड़े से पाई चार्ट में दिया। फिर मैं हर एक इंग्रेडिएंट का एक्चुअल यूज़ किया है। हम कहां से सोर्स करते हैं? सब कुछ मेंशन किया। लेकिन मैं कहीं भी पैक में कोई सब्जेक्टिव मार्केटिंग क्लेम्स नहीं किया हूं। आप कोई भी पैक देखोगे सो दैट इज माय अटेम्प्ट वि इज व्हाई आई डीड दिस काइंड ऑफ अ पैकेजिंग स्टाइल एंड माय होप इन ड्रीम इज कि इमेजिन करो अगर सब ट्रैक्स यहां इतने सारे पैक्स हैं आप इमेजिन कर सकते हो कि अगर सारे पैक में पाई चार्ट में इंग्रेडिएंट लिस्ट हो। तो
(1:56:23) यहां पर एक पाई चार्ट आएगा जहां होगा अराउंड 70% मैदा। 1% कैशू। व्हाटएवर 1015 में पता नहीं कितना एग्जैक्ट है 1015% पाम ऑइल और वैसे करके होगा तो लोगों को खरीदने में आसानी होगी। इमेजिन करो अगर सब कंपनी मार्केटिंग क्लेम्स ना करें और सब अपने पैक में सिर्फ अपने इंग्रेडिएंट लिस्ट दें और न्यूट्रिशन टेबल डालें तो सब लोग फिर हेल्थ के हिसाब से खरीदेंगे मार्केटिंग क्लेम्स के हिसाब से। दैट वाज़ माय गोल। सो अर्पित मुझे आपसे जानना है आपका ट्रस्टिफाइड में व्हाट इज योर बिगेस्ट फाइनेंशियल चैलेंज? जो एक फाइनशियल प्रॉब्लम मैं फेस कर रहा हूं वो
(1:57:05) है कि देखिए अल्टीमेटली ना लैब वाले भी चाहे आप जितना भी लंबे टाइम से उनके साथ टेस्टिंग क्यों ना करा रहे हो लैब वाले भी एक टाइम तक पेमेंट को होल्ड रख सकते हैं। आपके बिल्स को होल्ड रख सकते हैं। उसके बाद वो जो है नहीं रखते हैं होल्ड। तो एक महीने तक अगर मैं अपने लैब का बिल नहीं पे कर पाता जो कि लाखों में आते हैं। वो लोग मेरे सैंपल्स अगर टेस्ट भी हो रहे हैं तो छोड़ देते हैं वो लोग। तो ये एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम मैं अभी तक फेस कर रहा हूं। कभी 13 लाख, कभी 14 लाख, कभी 15 लाख, कभी 20 लाख। ऐसे मेरे जो है लैब में टेस्टिंग के
(1:57:40) पैसे खूब सारे बचे रहते हैं और वो लोग छोड़ देते हैं। एक-ए महीने तक मेरे प्रोडक्ट टेस्टिंग नहीं हो पाते। सैंपल्स ऐसे ही रखे रहते हैं। आपका इनफैक्ट जो सैंपल टेस्ट हो गया है उसकी रिपोर्ट भी आपको रिलीज़ नहीं करेंगे। क्योंकि आपका 12 लाख का पेमेंट पेंडिंग है। पहले वह क्लियर करिए। तो, यह एक टेस्टिंग एक्सपेंसेस बहुत बड़ा चैलेंज है जो मैं अभी भी फेस करता हूं। एंड आई एम श्योर क्योंकि करेक्ट मी इफ आई एम रोंग। आप भी शायद ऐसा बोलते हैं कि अपने सारे बैच नंबर्स की टेस्टिंग कराते हैं और आप भी शायद तक सारे वही लेवल्स की टेस्टिंग कराते हैं जो मैं
(1:58:09) कराता हूं। अब आई डोंट नो वेदर आपने वही अप्लाई किया या नहीं। आपको मैं इंटरेस्टिंग चीज बोलूंगा। हम लोग ने अपना लैब टेस्टिंग का जो क्राइटेरिया है वो आपके वीडियो से ही लिया है। तो जो आप अपने वीडियो में बोलते हैं और जो पैराटर्स में टेस्ट होना चाहिए हमने अपने प्रोडक्ट में भी वही सब टेस्ट कराते हैं ताकि आप कभी फेल नहीं कर पाओ। बट हमें कॉस्टिंग को लेके दो दो प्रॉब्लम होती है। एक हो गया आपने बोला लैब टेस्टिंग इज एक्सपेंसिव। वो तो है ही। बट मुझे पर्सनली ऑपरेशनली उससे भी ज्यादा आई वुड से पांच गुना 10 गुना और महंगा मुझे मेरे लिए क्या
(1:58:47) है इस कि ऑपरेशनली वो बहुत चैलेंजिंग है। हर एक बैच को लैब टेस्ट कराना मतलब कि मेरा प्रोडक्ट इज़ रेडी टू सेल। बट मैं लैब टेस्ट रिपोर्ट का वेट कर रहा हूं। उसमें 10 दिन लग रहा है, कभी डिले हो रहा है, 15 दिन हो रहे हैं। कभी कुछ अटक गया तो एक रिजल्ट यू नो हम लोग सात आठ पैरामीटर में कर रहे हैं। उसमें एक को एक टेस्ट में ज्यादा टाइम लग रहा है। हम सो आपका फिनिश कुड है वो रेडी टू सेल है। लेकिन आपको 10-15 दिन डिले करना पड़ रहा है। सो ये जो 10-15 दिन है ये लोग रियल इसको लोग इसको सोचते हैं कि बस डिले है। बट आप फाइनशियली देखो
(1:59:26) हां जो साइकिल होता है। हां आपका वर्किंग कैपिटल होता है। जो बहुत एक्सपेंसिव होता है। इसमें एक इंटरेस्ट है ऑलमोस्ट वो डिले हो रहा है। उसमें आपका इंटरेस्ट लग रहा है 15 दिन का एसेंशियली। करेक्ट क्योंकि आपके वेंडर ने प्रोडक्ट बना के रखा है तो उसको तो मतलब है नहीं कि आप 15 दिन बाद बेच रहे हो। उसको तो करना ही है। आई कैन अंडरस्टैंड। एक चीज आफ्टर स्टार्टिंग प्रोटीन आई आई लर्नड कि प्रोटीन इंडस्ट्री बहुत अनरेगुलेटेड है। लोग कुछ भी करते हैं एंड दे गेट अवे विद इट। हम तो मुझे आपसे जानना है आप इतने सारे ब्रांड्स को एक्सपोज करते हो प्रोटीन में
(2:00:03) स्पेशली कि वो यह क्लेम कर रहे हैं लेकिन एक्चुअली में यह नहीं है। तो आपके साथ कुछ इंसिडेंट्स होते हैं ये बड़े ब्रांड्स के साथ बहुत सारे इंसिडेंसेस हुए हैं और ये सब इंसिडेंसेस मेनली इसलिए हुए हैं क्योंकि प्रोटीन का भी एक इमोशनल मार्केट है। जो ₹100 ₹100 पर केजी वाला मार्केट है ना दैट इज़ एन इमोशनल मार्केट। अभी भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें प्रोटीन के रॉ मटेरियल का प्राइस नहीं पता है। उन्हें क्या लग रहा है जैसे आपका प्रोटीन पाउडर ब्रांड है। अभी आप अगर 3 महीने बाद उसे ₹4500 का बेचोगे तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो समझेंगे कि अरे इसका बिकने लग गया यह
(2:00:39) प्रॉफिट कमाने लग गया तो अब और लालची हो गया है। इसी तरह से बहुत लोग सोचते हैं और यहां पे एंटर करती हैं बहुत सारी ऐसी कंपनीज़ जो इस इमोशनल मार्केट को कैप्चर करना चाहती हैं। और वो लोग इधर अपने प्रोटीन पाउडर में अ माइल्टोडक्सन अमीनो स्पाइकिंग या एमएसजी जो भी मैं आपको बता रहा हूं आएगा बी स्कैम ये सब मिला मिला के लोगों को बेवकूफ बनाती है और जब इन लोगों का मैंने इन मैंने जब टेस्टिंग के थ्रू इन लोगों को एक्सपोज किया अमीनो स्पाइकिंग के थ्रू इन लोगों को एक्सपोज किया तो मेरे घर पे गुंडे भेजे गए हैं। मेरे घर पे गुंडे भेजे गए हैं। लिटरली मेरे मेरे घर के बाहर
(2:01:15) पहले कैमरा नहीं था। मैंने कैमरा लगाया। मैंने अपने गार्ड को यह बोल के रखा हुआ है कि अगर कोई भी आएगा क्योंकि कभी-कभी गार्ड्स क्या करते हैं अगर आप एंट्री का अप्रूवल नहीं दिए तब भी भेज देते हैं। किसी को नहीं भेजना किसी को और मुझे इनफैक्ट अपने घर का एड्रेस चेंज करना पड़ा क्योंकि मेरे पुराने वाले घर पे जैसे कि मैं आपको बता चुका हूं बिग बॉस में एक जो बंदा गया था उसने अपने लोगों को भेज दिया था मुझे मारने के लिए। नहीं मैं नाम लेना नहीं चाहूंगा। बट ठीक है। तो मतलब उसने गुंडे भेज दिए। मेरे फ्लोर की रिकॉर्डिंग करके भेज रहा है। तो
(2:01:46) उस टाइम मैंने अपने घर में कैमरा लगाया। फिर मैंने वो घर ही छोड़ दिया अपना। इसी तरह से बहुत सारे इंसिडेंसेस और भी जैसे YouTube का फैन फेस्ट होता है। मुझे बहुत जाने का मन था जब मैंने 2019 में अपना YouTube स्टार्ट किया था कि मैं भी कभी ना कभी YouTube फैन फेस्ट में जाऊंगा। तो मेरे पास ऑफर आया YouTube फैन फर्स्ट में जाने का जब मेरे ट्रस्टीफाइड में अराउंड 5 लाख से 6 लाख सब्सक्राइबर्स थे। पहली बार आया। इतना अच्छा देख के लगा बट मैं जा ही नहीं पाया क्योंकि मैं जा ही नहीं सकता। क्योंकि जब घर में मेरा रहना सेफ नहीं है तो ऐसे ओपन एनवायरमेंट में मैं जाऊं कैसे?
(2:02:20) हम सिमिलरली मेरा एक फ्रेंड है जो जिसकी सप्लीमेंट शॉप है। एक कंपनी ने मुझे उस अपने फ्रेंड के सप्लीमेंट शॉप के थ्रू धमकी भेजी। एक बड़ी कंपनी ने उसने कहा कि अरे बता देना अर्पित को कि जिंदगी कभी भी कम हो सकती है। तो प्रॉपर थ्रेट है ये तो। प्रॉपर थ्रेट है तो उनको जरा समझा देना कि जो भी वो कर रहे हैं सोच सा करो क्योंकि ऑडियंस किसी की नहीं होती। वो क्या सोच रहे हैं कि ऑडियंस के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जिस दिन मर जाएंगे उस दिन कोई नहीं आएगा उनको देखने। जिस दिन जिस दिन गुंडे मारेंगे उस दिन कोई नहीं आएगा उनको देख। कभी-कभी मुझे लगता है
(2:02:57) कि जो आप कर रहे हो वो इंडिया के हेल्थ के लिए कर रहे हो। बहुत अच्छा काम कर रहे हो। आई एम ऑलवेज कंफ्यूज शुड यू बी मोर सेल्फिश और नॉट? कि क्या आपको खुद के लिए और सोचना चाहिए और सोचना चाहिए कि नहीं मुझे और सेफ रहना चाहिए। थोड़े वीडियोस में थोड़ा कम कम अग्रेशन से बात करो। थोड़ा फैक्ट्स को कम बताओ या सब कुछ खोल के बताओ। ये मैं आपके लिए भी कंफ्यूज हूं। खुद के लिए भी कंफ्यूज्ड हूं। बिकॉज़ यह बहुत सैड है क्योंकि जो पब्लिक है वो आपके अच्छे टाइम पर आपको सपोर्ट करता है। लेकिन अगर एक जैसे मैं आपको पहले भी बोला कंपनीज़ ट्राई
(2:03:38) टू गो आफ्टर योर रेपुटेशन। लीगली वो आपसे लड़ नहीं सकते। मतलब कि ऑन अ एक्चुअल ग्राउंड्स तो आपके रेपुटेशन के खिलाफ लड़ते हैं। एंड वो अलग-अलग इन्फ्लुएंसरर्स से आपके वीडियो अगेंस्ट आपके आपके अगेंस्ट वीडियो बनाएंगे। मेरे अगेंस्ट वीडियो बनाते हैं। एंड मुझे भी कुछ लोग बोलते हैं आप भी दो-ती साल रेलेवेंट रहोगे। दो-ती साल कोई भी आता है ऑनलाइन दो-ती साल लोग उसके वाहवाही करते हैं और फिर भूल जाते हैं। दो-ती साल में आप जितना पैसा कमाना है कमाओ। जो करना है करो। आपको दो-ती साल बाद कोई याद नहीं रखने वाला है। आपका शेल्फ लाइफ है, एक्सपायरी डेट है। जैसे
(2:04:18) प्रोडक्ट का एक्सपायरी डेट होता है। आपका भी एक एक्सपायरी डेट है। तो बोल रहे हैं जितना फूड ब्रांड का डील प्रमोशन करना है, ब्रांड्स के प्रमोशन करना है, जो करना है अभी कर लो। बाद में नहीं होने वाला है। बट मैंने तभी भी डिसाइड किया कि मैं नहीं करूंगा। तो ये एक चैलेंज है और ये काफी डिफिकल्ट है नेविगेट करना, अपने आपको कॉन्फिडेंट रखना, अपने आपको मोटिवेट करना। बट आई जस्ट वांट टू टेल यू वन थिंग। आप बहुत अच्छा काम कर रहे हो। लॉन्ग रन। आप 10 साल में देखोगे। यू विल बी वे अहेड इन एव्री वे। नॉट ओनली इन टर्म्स ऑफ ट्रस्ट, नॉट ओनली इन टर्म्स ऑफ रिस्पेक्ट बट इवन
(2:04:52) इन टर्म्स ऑफ मनी। एंड द रीज़न व्हाई आई एम सेइंग दिस इज बिकॉज़ इंडिया एक बहुत ट्रस्ट डेफिसिट कंट्री है। इंडिया में ट्रस्ट है ही नहीं। तो दो चार पांच गिनेचुने ट्रस्टवर्दी लोग हैं। आप वो उसमें उनमें से हो। सो अगर आपके पास ट्रस्ट है। आप लॉन्ग रन में पैसा भी कमाओगे। यह मेरा मानना है हर एक ब्रांड आप डिस्ट्रीब्यूशन पैसा देके ले सकते हो। आप ऑनलाइन ऐड चलाओ। आप Facebook को पैसा दो, आप Google को पैसा दो। आप ऐड चला सकते हो। लेकिन आप आप डिस्ट्रीब्यूशन खरीद सकते हो। लेकिन आप ट्रस्ट नहीं खरीद सकते हो। सो व्हिच इज़ व्हाई आई विल जस्ट एडवाइस यू। ट्राई टू बी
(2:05:38) पेशेंट। ट्राई टू हैव सेल्फ कॉन्फिडेंस एंड ट्राई टू ट्रस्ट योर गट, ट्रस्ट योर इंस्टिंक्ट्स। एंड अगर कोई आपको नीचा करने की कोशिश करे, इफ सम ब्रांड इज़ ऑफरिंग यू मनी, इफ सम इन्फ्लुएंसरर इज़ पुटिंग यू डाउन, इफ सम बिग बॉस गाय इज़ कमिंग इंटू योर हाउस इन अ गुंडा, व्हाटएवर, जस्ट ट्राई योर बेस्ट टू फाइट बैक। मैंने अपने वे में अपनी जर्नी में मैंने कोशिश की है पूरी तरह जितना मैं फाइट बैक कर सका। आई हैव ट्राई टू फाइट बैक एंड मुझे लोग हमेशा बोले मेक हेव एंड सनशाइन जब होता है ना जब लोहा गर्म हो आप स्ट्राइक करो। वो बोलते हैं ना लेकिन मैंने शॉर्ट टर्म नहीं सोचा
(2:06:23) कभी। मैंने हमेशा सोचा लॉन्ग टर्म एंड अभी तक आई थिंक पे ऑफ हुआ है। इंडिया के आप बॉलीवुड एक्टर देखेंगे तो सुपर फिट है। सुपर फिट। अगर आप बोलेंगे बॉलीवुड में सबसे हैंडसम कौन है लास्ट 20 साल से? अ सब के सब जंक फूड प्रमोट कर रहे हैं। पान मसाला प्रमोट कर रहे हैं। सब कुछ प्रमोट कर रहे हैं। किसी के पास ट्रस्ट नहीं है। नो वन कैन ट्रस्ट एनी ऑफ़ देम। आप कोई भी इंडिया में देखो टॉप मोस्ट क्रिकेटर्स को देखो एवरीवन इज प्रमोटिंग जंक इवन दो सम वन और टू पीपल जिसका लोग को लगता है कि अरे ये तो जंक प्रमोट नहीं करता है ये कोक और पेप्सी का ऐड नहीं करता है भाई वो सेम
(2:07:05) पीपल आर डूइंग एड्स ऑफ जॉनी वॉकर एंड बूस्ट तो आई विल जस्ट से ट्राई टू मेंटेन योर ट्रस्ट आई आई एम नॉट फुल्ली ट्राइंग टू मेंटेन रेवन दो बहुत सारे चैलेंजेस और भी हैं पर्सनल लेवल पर जो मुझे झेलने पड़ते हैं और वो वो यह है कि मैं अगर अपने घर में कुछ ऑर्डर करता हूं Amazon से, Flipkart से हर किसी की नीड होती है। हर कोई ऑर्डर करता है। मैं इस टाइम इस पोजीशन पे हूं कि मैं अपने घर पे कुछ नहीं ऑर्डर करता हूं। मेरे फ्रेंड्स दूसरे दूसरे एरिया में रहते हैं। मैं वहां पे ऑर्डर करता हूं। वहां से मैं अपने पार्सल्स कलेक्ट करता हूं। बिकॉज़
(2:07:38) आई कांट इवन रिवील माय एड्रेस। जब से गुंडेज और लॉयर्स मेरे घर में आ चुके हैं। जब से मैंने अपने घर चेंज किया है। मेरे बैंक का एड्रेस भी सारे पुराने जो बैंक में एड्रेस पड़ा वो सारे पुराने घर के हैं। डिलीवरी में मैं कोई एड्रेस नहीं डालता हूं। सो आई हैव टू बी सच कॉशियस। एंड अ बहुत लोग क्या बोलते हैं कभी-कभी वो चीज सही भी है। मैं सबको नहीं बोल रहा हूं। बट बहुत लोग ऐसा बोलते हैं कि ऑडियंस जो है ना वो बहुत जल्दी मोल्ड हो जाती है। वो आप पर ट्रस्ट कर रही है बहुत ज्यादा। और तीनचार नेगेटिव पब्लिसिटी भयानक तरीके से करा दो बहुत जल्दी घूम जाती है।
(2:08:15) ठीक है। बट उसके बाद ही मैं टिका हुआ हूं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ वन थिंग जो मेरे पापा ने मुझसे कही थी और अब वो नहीं है। मैंने ट्रस्टिफाइड ही स्टार्ट किया। बहुत सी चीजें मैंने झेली। ऐसे मेरे फादर चले गए। मेरी मदर घर पे अकेली थी। आई वास बोल्ड और मैं रात को ट्रैवल करता था फ्लाइट से सिर्फ शूट करने के लिए और ट्रैवल करके मैं मम्मी से बोलता था मम्मी आप यहीं रहो मैं शूट करके आ रहा हूं। उस इमोशनल सिचुएशन में मैं आपको बता रहा हूं। मैं जाता था फ्लाइट पकड़ के शूट करता था 3 घंटा और शूट करने के बाद सीधे एयरपोर्ट और वापस जाके अपनी मदर के पास जाता। तो मतलब इतना सब
(2:08:52) मैंने देखा है। मेरे फादर ने बस एक ही चीज कही है और जो उनके सिद्धांत थे कि बेटा कुछ भी कर लो रात को दो रोटी ईमानदारी की खा के सोना। नींद बहुत अच्छी आएगी। क्योंकि जिस दिन तुम बेईमानी की रोटी खा के सोओगे ना चाहे जितनी रोटी खा लो तुम्हें वो अंदर से खुशी और अंदर से कभी वो रिलैक्सेशन नहीं मिलेगा। और कभी किसी की बद्दुआ लेके मत सोना। तो आई थिंक दैट थिंग हिट मी। और भगवान का दिया हुआ अच्छा खासा है भी मेरे पास। मुझे ऐसा भी नहीं कि बहुत ज्यादा कुछ शॉर्टकट में कमाना है। दैट्स द फिलॉसफी व्हिच आई एम वर्किंग एंड आई एम एक्चुअली नॉट एक्सपेक्टिंग
(2:09:29) सपोर्ट फ्रॉम लार्ज ऑडियंसेस कि मुझे जब मारा जाए या कुछ भी हो तो आप लोग मुझे आके बचाओ या करो। मुझे अच्छा काम करना है। एंड दैट्स व्हाट आई एम डूइंग। वंस अगेन मैं आपको बोलूंगा जो भी वे में आपको सपोर्ट मैं कर सकता हूं। चाहे लीगली सपोर्ट कर सकता हूं, हेल्प कर सकता है, कोई भी वे में प्लीज लेट मी नो। आपके और मेरी जर्नी बहुत वेज़ में सिमिलर है। मैं भी अगर आप नोटिस करो, हम लोग दोनों ही आप आप और मैं दोनों वी नेवर शेयर एनी पर्सनल स्टफ ऑनलाइन। मैं आज तक एक फोटो नहीं शेयर किया हूं। ना ही फैमिली तो छोड़ो। एक फ्रेंड का भी फोटो
(2:10:04) शेयर नहीं किया हूं। पब्लिकली पर्सनल लाइफ में मैं एक कुछ भी शेयर नहीं करता हूं। पब्लिकली। लाइक जो है जो मैं खाने के बारे में बात कर रहा हूं। स्टोरी भी उसके बारे में ही लगा रहा हूं। फैमिली क्या है? कजन कौन है मेरा? मेरा भाई है या नहीं है या मेरी सिस्टर है। कुछ किसी को कुछ नहीं पता। करेक्ट। सो आई ट्राई माई बेस्ट टू कीप थिंग्स प्राइवेट बिकॉज़ ऑफ़ द सेम फियर्स एस यू। कि क्या पता मतलब मेरा एड्रेस पब्लिक नहीं होना चाहिए। मेरा नथिंग शुड बी पब्लिक बिकॉज़ दीज़ कंपनीज़ आर क्वाइट रिस्की एंड पीपल आर आल्सो रिस्की। एंड मैंने अ काफी टाइम जब मैं रहता थाक में तब उस
(2:10:46) समय भी मैं कभी पब्लिकली नहीं शेयर करता था कि मैं कौन से एरिया में हूं। हमें हेल्थ में हमें यूनाइटेड रहना पड़ेगा। चाहे जो मैं कर रहा हूं और आप कर रहे हो। हमारा मेथड थोड़ा अलग होगा। मैं बोल रहा हूं लेबल पढ़ेगा इंडिया आप बोलेगा आप बोल रहे हो लेबल टेस्ट करेगा इंडिया कोई और कुछ और बोल रहा है सब अपने-अपने वे में कुछ कर रहे हैं मैं पर्सनली कोशिश करता हूं सबके साथ अच्छा बनाने का टू ट्राई टू वर्क विद एवरीवन सो मैं आपके साथ भी अभी पडकास्ट कर रहा हूं। मैंने डॉक्टर पाल के साथ पडकास्ट किया हुआ है। उनके साथ मैं एक वीडियो में भी कोलैब किया था। मैंने फिक
(2:11:28) ट्यूबर का एक वीडियो में मैंने एक छोटा कैमियो किया था एक बार 1 मिनट का। मैं डॉक्टर शिव रंजनी जो बहुत अच्छी काम कर रही है ओआरएस को लेके मैं उनको भी बहुत सपोर्ट किया हूं। उनके साथ भी मेरा बहुत अच्छा रिलेशनशिप है। डॉक्टर अरुण जो बहुत साल पहले nstle और बड़े कंपनीज़ के साथ फार्मूला के अगेंस्ट लड़े थे। उनको भी उनके साथ भी मैं काम करता हूं। और भी बहुत सारे जो हेल्थ में फिगर्स हैं सबको मैं आई विल ट्राई माय बेस्ट टू वर्क विद एवरीवन। हम बट फॉर सम रीज़ सम पीपल लाइक कि नहीं यह खराब है, यह अच्छा है, ये वो है। देखिए मैं भी परफेक्ट नहीं हूं। और मेरा गोल है
(2:12:12) कि अगर हम सब हजारों लोग जो हेल्थ के बारे में, फूड के बारे में, अच्छे खाने के बारे में जो वीडियो बना रहे, अगर हम सब यूनाइटेड रहें, एक अपना खुद का एक लॉबी बनाएं। गवर्नमेंट के साथ अगर हम उसमें एज अ यूनिटी फाइट करें कि चलो फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग होना चाहिए। बॉन्डिंग लेबल होना चाहिए। ए बी सी डी रैंकिंग होना चाहिए। इमेजिन करो अगर हम सब यूनाइटेड हो जाए। इतना पावर होगा। चाहे हम अंदर में थोड़ा बहुत छोटा-मोटा डिसएग्री भी करें। लेकिन मुझे बहुत सैड लगता है कि लोग एक दूसरे को नीचा गिराते हैं। बेचारा फिट ट्यूबर इतना अच्छा वीडियोस बनाता है। वो
(2:12:50) हजारों वीडियोस बनाया है। वो हजारों वीडियो में कोई दो चार पांच गलतियां निकाल लेंगे लोग। यार अगर कुछ गलत बोला भी है तो ओवरऑल देखो ना यार कि वो ओवरऑल इतना कुछ अच्छा किया है। वो अगर कुछ गलत किया भी तो यार छोड़ो यार एक एक कोई वीडियो में कुछ एक बोल दिया। बिल्कुल सही बोले मेरे ख्याल से। अगर आप गलत बोले कोई चीज आप कोई भी परफेक्ट नहीं है। मेरे से भी गलती हो सकती है आपसे। भी अगर आप गलत बोले और मैं उस चीज को बोल रहा हूं कि ये स्टेटमेंट गलत है और मैं उसका सही एक्सप्लेनेशन दे रहा हूं। वो सेंस बनता है। लेकिन उस वीडियो में आपको घुसेड़ के आपकी फोटो थंबनेल में
(2:13:26) लाकर यू नो लाइन लाइट में आपको लेकर बोलना ये गलत है। आप ऐसा बोल सकते हैं कि ये स्टेटमेंट सोशल मीडिया पे चल रहा है जो कि गलत है। ऐसा नहीं होता है। ऐसा होता है। बट आई डोंट नो व्हाई या इंस्टेड ऑफ यूनाइटिंग। सो माय अपील टू एवरीवन वाचिंग दिस वीडियो। अगर आप कोई भी फील्ड से हो बट स्पेशली अगर आप हेल्थ फील्ड से हो प्लीज लेट अस बी यूनाइटेड। अगर हमें लड़ना है तो एक दूसरे के खिलाफ नहीं लड़ना है। हमें ब्रांड्स जो हमें मिसलीड कर रहे हैं उनके खिलाफ लड़ना है। हमें सही पॉलिसीज के लिए लड़ना है। हमें इंडिया के बच्चों के हेल्थ के लिए लड़ना
(2:14:06) है। हमें आपस में नहीं लड़ना है। हमें इंडिया के स्कूल कैंटीन को इंप्रूव करने के लिए लड़ना है। हमें इंडिया के ऑफिसिसेस में सही खाना देने के लिए लड़ना है। हमें आपस में नहीं लड़ना है। हमें आपस में यूनाइटेड होना है। जस्ट इमेजिन इफ ऑल द टॉप थाउजेंड 2000 पीपल हु मेक वीडियोस ऑन हेल्थ हु रिप्रेजेंट फिटनेस हु रिप्रेजेंट ऑल ऑफ दिस लाइक यू नो हु रिप्रेजेंट सस्टेनेबिलिटी हेल्थ। अगर हम सब साथ में आ जाए, हम कितना पावरफुल होंगे। एक्सैक्टली अगर हम लोग इस फील्ड में सब यूनाइट हो, अच्छे के लिए खड़े हो, अच्छे के लिए बोले, रादर इंस्टेड ऑफ़ फाइटिंग विथ ईच
(2:14:46) अदर देन वी विल श्योरली हेल्प आवर इंडियन किड्स, इंडियन पेरेंट्स, फैमिलीज़ टू चूज़ सेफ एंड बी सेफ। हमें यूनाइटेड रहना है। हमें कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म भी देना है। ये नहीं बोल रहा हूं कि आप चुप रह जाओ कि कुछ बोलो मत। कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म दो। लेकिन कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म और नेगेटिविटी में बहुत फर्क है। एंड वो टोनालिटी से समझ में आता है। आ जाता है कि वो आप कंस्ट्रक्टिवली क्रिटिसाइज कर रहे हो या आप बस नेगेटिव कर रहे हो व्यूज के लिए। ये बहुत आसान है समझना। करेक्ट। एंड दिस माय अपील प्लीज बी यूनाइटेड विद अस। एंड लेट अस फाइट टुगेदर टू क्रिएट अ
(2:15:26) बेटर इंडिया। इट वाज ग्रेट टॉकिंग टू यू। थैंक यू सो मच टुडे फॉर कमिंग इन। जस्ट इट वास सच अ प्लेजर टॉकिंग टू यू। मैंने आपको इतना वीडियोस में देखा है। मैं काफी कंसर्न रहा हूं आपको लेके। बट मीटिंग यू फाइनली एंड डिस्कसिंग ऑल ऑफ़ दिस एंड गेटिंग टू हियर योर पर्सेक्टिव इज़ ट्रूली स्पेशल। थैंक यू सो मच सेवंत फॉर हैविंग मी हियर। एंड सेम आपसे मिलके बहुत अच्छा लगा। बहुत लोग मुझे पहले बोलते थे कि फूड फार्मर के साथ पॉडकास्ट करो। तो मैं सोचता था अरे यार पता नहीं बंदा करेगा भी या नहीं करेगा। वैसे मैं पडकास्ट से बहुत कम जाता हूं। बहुत कम आज तक एक ही पॉडकास्ट किया।
(2:16:03) जैसे कि मैंने बताया कि जो अच्छे लोग हैं, एथिकल लोग हैं उन्हीं से करता था। बट यू नो व्हेन आई रिव्यूड योर प्रोटीन पाउडर जिसकी ब्लाइंड टेस्टिंग की। उसके बाद आपने कमेंट किया एंड मुझे भी लोगों ने काफी बोला कि सर अब आप जा आपको जाना चाहिए। यू बोथ शुड हैव अ ग्रेट कन्वर्सेशन। एंड मीटिंग योर फर्स्ट टाइम यू नो आई कैन से दैट यू आर वेरी डाउन टू अर्थ एंड यू आर डूइंग वेरी गुड वर्क। कंटिन्यू विथ इट एंड आई विश ऑल द बेस्ट फॉर योर सप्लीमेंट ब्रांड ओनली व्हाट्स नीडेड एट सक्सेस एस वेल। थैंक यू। थैंक यू सो मच एंड विशिंग यू नथिंग बट द
(2:16:34) बेस्ट फॉर ट्रस्टिफाइड्स। थैंक यू। हमारे देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स जिनको करोड़ों लोग फॉलो करते हैं वो पान मसाला, ऑनलाइन गैंबलिंग, बेटिंग एप्स और जंक फूड प्रमोट करते हैं। लेकिन फिर भी उन्हें सबसे ज्यादा प्यार मिलता है। सबसे ज्यादा पैसा मिलता है। इनफैक्ट कुछ लोग को तो पद्मश्री भी मिलता है। और दूसरी तरफ है वो लोग जो हर रोज सुबह उठकर लड़ते हैं। कभी मिलावट के अगेंस्ट, कभी झूठी मार्केटिंग के अगेंस्ट और कभी बड़े ब्रांड्स के लीगल नोटिसेस के अगेंस्ट। और सबसे सैड पार्ट है कि उन्हें बेसिक रिस्पेक्ट तक नहीं मिलता। इमेजिन
(2:17:08) करिए अगर इंडियंस ट्रस्टिफाइड फिट ट्यूबर जैसे लोगों को उतना ही प्यार देते, उतना ही सपोर्ट देते, उतना ही फाइनेंसियल बैकिंग देते जो एक पान मसाला बेचने वाले सेलिब्रिटी को देते हैं। तो शायद इंडिया आज बहुत अलग होता। एक कहावत है शो मी द रोल मॉडल्स दैट द यूथ ऑफ योर कंट्री लुक्स अप टू। एंड आई विल टेल यू द फ्यूचर ऑफ योर कंट्री। अगर हमें इंडिया के फ्यूचर को बेटर करना है, हमें अपना रोल मॉडल्स वाइजली सेलेक्ट करना होगा। 15 साल पहले राजीव दीक्षित जी कंपनीज़ की झूठी मार्केटिंग के खिलाफ लड़े थे और आज वही काम हम लोग कर रहे हैं। क्यों ना हम इंडिया के
(2:17:46) अगले जनरेशन को एक वीकनेस नहीं एक स्ट्रेंथ बनाते हैं। क्यों ना हम अपने स्कूल्स में हिस्ट्री ज्योग्राफी के साथ-साथ हेल्थ और न्यूट्रिशन पढ़ाते हैं। क्यों ना हम प्रोडक्ट्स को मार्केटिंग के हिसाब से नहीं न्यूट्रिशनल वैल्यू के हिसाब से खाते हैं। क्यों ना हम इंडिया के बच्चों को सिर्फ एजुकेटेड नहीं हेल्थ लिमिटेड भी बनाते हैं। क्यों ना हम साथ मिलकर भारत को डायबिटीज कैपिटल के बदले हेल्थ कैपिटल बनाते हैं। अ बिग थैंक यू। जय हिंद। लेबल बढ़ेगा इंडिया तभी तो स्वस्थ बनेगा इंडिया। लेट्स मेक इंडिया हेल्दी अगेन।
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