Wednesday, September 30, 2026

Why Your Mind Won’t Switch Off: Overthinking, Anxiety & Stress | Dr. Era Dutta with GunjanShouts

Why Your Mind Won’t Switch Off: Overthinking, Anxiety & Stress | Dr. Era Dutta with GunjanShouts

Author Name:GunjanShouts

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Title: Why Your Mind Won’t Switch Off: Overthinking, Anxiety & Stress | Dr. Era Dutta with GunjanShouts

Author Name: GunjanShouts

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Why do we overthink? Where do emotions come from? And when do stress, anxiety, or sadness become a mental health concern?

In this podcast of GunjanShouts, Dr. Era Dutta, psychiatrist and mental health expert, explains overthinking, anxiety, stress, self-doubt, perfectionism, people-pleasing, depression, ADHD, panic attacks, eating disorders, and therapy.

The podcast explores childhood experiences, distorted thoughts, external validation, comparison, postpartum depression, emotional awareness, self-love, and mental health support, along with how to know when professional help may be needed.

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IN THIS PODCAST (Time Stamps):

00:00 - Teaser & Intro
03:48 - Emotions & Mental Health
07:45 - Detecting Lies
09:55 - Body Language & Confidence
12:31 - Delusion vs Reality
14:38 - Different Emotional Responses
19:13 - Childhood & Personality
24:14 - Overthinking, Stress & Anxiety
26:34 - Unhealthy Overthinking
27:47 - Normal vs Unhealthy Overthinking
31:42 - Can Positive Thinking Be Harmful?
33:18 - Happy Memories & Overthinking
34:29 - Can We Trust Our Mind?
37:50 - Facts vs Assumptions
41:30 - Thought Awareness
43:14 - Why Overthinking Is Hard to Stop
45:49 - Stress & Pleasure
47:22 - Brain & Boredom
48:30 - Benefits of Boredom
50:04 - Night-Time Overthinking
51:16 - Self-Judgment & Self-Doubt
56:07 - External Validation
58:35 - Criticism vs Appreciation
01:03:55 - The Need for Perfection
01:06:30 - Perfectionism & Procrastination
01:09:04 - Difficulty Saying No
01:10:35 - Saying No Without Offending
01:13:51 - Why We Overexplain
01:15:32 - Kindness vs People-Pleasing
01:17:30 - Why We Compare
01:22:04 - Dealing With Comparison
01:24:46 - When Emotions Become Concerning
01:26:10 - Sadness vs Depression
01:27:46 - Hidden Depression
01:29:12 - Rise in Depression
01:30:19 - Postpartum Depression
01:31:42 - Postpartum Blues vs Depression
01:34:02 - Preventing Postpartum Depression
01:36:43 - Useful Stress
01:38:40 - Choosing What to Stress Over
01:39:49 - Stress vs Anxiety
01:42:05 - Managing Anxiety
01:44:22 - Distraction vs ADHD
01:49:14 - ADHD Traits
01:53:04 - Understanding Panic Attacks
01:54:54 - Causes of Panic Attacks
01:55:37 - Panic Attacks & Overthinking
01:56:04 - Helping During a Panic Attack
01:57:33 - Are Panic Attacks Dangerous?
01:59:04 - Eating Responses
02:03:19 - Eating Disorders
02:06:37 - Eating Disorders & Seeking Help
02:10:55 - Taking Care of Mental Health
02:13:57 - Understanding Self-Love
02:15:18 - When to Seek Mental Health Support
02:16:44 - Psychiatrist vs Psychologist vs Counsellor
02:19:35 - Therapy Without a Disorder
02:20:14 - What Happens in Therapy?
02:21:50 - When Clients Don’t Open Up
02:22:20 - Building Trust With Your Therapist


Thank You For Watching This Podcast :)

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DISCLAIMER:
This podcast is for educational and informational purposes only. The views shared are based on expert opinions and personal experiences and should not be considered medical or mental health advice, diagnosis, or treatment. If you are experiencing mental health concerns, please consult a qualified mental health professional.

Transcript:
(00:00) कैन वी ट्रस्ट आवर माइंड? नेवर, डोंट बिलीव एवरीथिंग विथ यू। हमारे ब्रेन का एक जो डिफॉल्ट मैकेनिज्म है, दैट इज टू प्रोटेक्ट [संगीत] अस। इवन देन व्हाई डस इट फील स्ट्रेस्ड, व्हाई डस इट ओवरथिंक, व्हाई डस इट फील एशियस? ओवरथिंकिंग करना नॉर्मल है। ओनली डेड [संगीत] एंड डम पीपल डोंट ओवरथिंक। व्हेन वी ओवरथिंक वी आर एक्चुअली मोस्टली ट्राइंग टू सॉल्व अ प्रॉब्लम। सिचुएशन हमारे कंट्रोल में नहीं है। हम चाहते हैं आज काश कुछ और होता। क्या लोग इसलिए भी ओवरथिंक करते हैं बिकॉज़ इससे उनको कहीं ना कहीं प्लेज़र मिलता है। यह यूजुअली रात को
(00:31) ही क्यों होती है? व्हेन डस इट बिकम अनहेल्दी? [संगीत] हमें अपने नेगेटिव थॉट्स को डिसमिस [संगीत] नहीं करना है। इनफैक्ट वहीं पे गोल्ड माइंड है। एक्चुअली नेगेटिव थॉट्स रिक्वायर कि आप उसको थोड़ा सा समझें। हम क्या करते हैं? तुरंत बैंडेड लगा देती हूं। तुम्हें बुरा लग रहा है। बुरा मत लगाने [संगीत] दो। इट्स ओके। मुझे सैड फील हो रहा है। मुझे सैड फील होने दीजिए। हर समय पॉजिटिव रहने को हम बोलते हैं टॉक्सिक पॉजिटिविटी। व्हाई इज इट डिफिकल्ट टू से नो फॉर सम पीपल? [संगीत] ना बोलना एक आर्ट है। अगर मुझे सिखाया ही नहीं गया है कि कहां पे ना बोलना है और
(01:07) कैसे ना बोलना है तो मुझे लगेगा कि मैं ना बोलूंगी तो ब्लंट लगेगा। तो अक्सर हम ना बोलने में दो-तीन गलतियां करते हैं। पहली बात हर किसी की लाइफ में कोई ना कोई ऐसा फेस आता है जिसमें दे माइट फील लो। हाउ डू दे एक्चुअली डिफरेंशिएट वेदर दिस इज़ सैडनेस ऑर इज इट इंक्लाइनिंग मोर टुवर्ड्स डिप्रेशन? सैडनेस एक खांसी की तरह है जो [हंसी] एक बारी आई टाटा बाय बाय चली गई। डिप्रेशन ट्यूबरक्लोसिस की तरह है। बीमारी है। 29% एडल्ट्स [संगीत] लाइकलीहुड ऑफ़ बीइंग डायग्नोस्ड विथ डिप्रेशन एट। [संगीत] पहले डिप्रेशन एक काले रूम में अंधेरे में बैठे हुए। सैड [संगीत] इंसान जो काम पे
(01:50) नहीं गया ऐसे इमेजिन करते थे। आजकल वो नहीं एक्सिस्ट करता है। आप अपने काम पे रोज जा रहे हैं। मे बी यू आर किलिंग इट एट वर्ल्ड। मजा फिर भी नहीं आ रहा है। लाइफ इज कंप्लीटली डल। आप बस एक प्लास्टिक स्माइल कर रहे हैं। सो अभी आजकल हम एंग्जायटी को भी बहुत लूजली यूज़ करते हैं कि मेरे को बहुत ए्जायटी हो रही है। मुझे बहुत ए्जायटी हो रही है। व्हाट इफ बीमारी इनटू 1000? व्हाट इफ दिस हैप्पेंस? फिर क्या होगा? फिर क्या होगा? व्हाट इफ व्हाट इफ दैट हैपेंस? देन व्हाट इफ दैट हैपेंस? देन व्हाट इफ दैट? दैट इज एंजाइटटी डिसऑर्डर। डियर एंजाइटटी लेट्स
(02:20) बी फ्रेंड्स। हम लोग हर रोज अलग-अलग तरह के इमोशंस एक्सपीरियंस करते हैं। बट समटाइ्स आवर ओन इमोशंस बिकम आवर ओन एनिमीज़। और हमें यह समझ नहीं आता कि इन इमोशंस को हमें कैसे हैंडल करना है, कैसे मैनेज करना है ताकि आगे चलकर यह एक बड़ी मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम ना बने। सो, टुडेज कन्वर्सेशन विल हेल्प यू टू आइडेंटिफाई [संगीत] एंड मैनेज योर ईच एंड एव्री फीलिंग, योर एव्री इमोशन। टुडे वी आर डिकोडिंग मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर्स विद साइकेट्रिस्ट [संगीत] डॉ.
(02:52) एरा दत्ता। हमारा यह मिशन है कि इंडिया के टॉप डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स की क्रेडिबल नॉलेज को आपकी स्क्रीन तक लेकर आते रहें। और इस मिशन में हमें सपोर्ट करने के लिए आपको सिर्फ एक छोटा सा काम करना है। इस चैनल को सब्सक्राइब करना है। वेलकम एरा। थैंक यू। थैंक यू फॉर हैविंग। वेलकम टू गुंजन टॉक्स। लवली टू हैव यू विथ अस टुडे। थैंक यू। इट रियली मीन्स अ लॉट दैट यू थॉट वी शुड टॉक अबाउट हेल्थ एंड हु एल्स बेटर देन यू टू हैव मी। थैंक यू। और हम हेल्थ के बारे में तो बहुत टाइम से बात करते हैं। बट वी रियली वांटेड टू इनवाइट आवर साइकेट्रिस्ट ऑन द शो। हम
(03:34) और हम अपने माइंड के बारे में इमोशंस के बारे में डिस्कस करें। सो एल्स कैन बी बेटर देन यू? थैंक यू सो मच। जितने भी इमोशंस हैं हैप्पी सैड एंड एवरीथिंग दैट कम्स इन बिटवीन इन सबका सोर्स क्या है? कैसे ये इमोशंस ट्रिगर होते हैं? बेसिकली आज जो लोग हमें सुन रहे हैं अगर वो अपने माइंड को बेटर अंडरस्टैंड करना चाहें। हाउ कैन दे अंडरस्टैंड अबाउट देयर मेंटल हेल्थ? वी आर ऑलवेज थिंकिंग। यहां से सोचते हो आप टॉप माल से। हम्, हम्। वी आर ऑलवेज फीलिंग। फीलिंग बॉडी में कहीं फील करते हैं। राइट? एंड वी आर ऑलवेज बिहेविंग। और यह एक ट्रायंगल में फ्लो
(04:10) करता रहता है। ओके। तो, जब हम इवन थेरेपी करते हैं, ये तीन चीजों पे फोकस करते हैं। हाउ यू थिंक, अफेक्ट्स हाउ यू फील, अफेक्ट्स हाउ यू बिहेव और वाइसवरसा चक्रव्यूह है। सो इट्स एन इक्वेशन। यस। ओके। ऑल फीलिंग्स आर वैलिड। मैं हमेशा कहती हूं कि छोटा बच्चा नाराज हुआ है वो भी वैलिड है। हम आपको और मेरे को गुस्सा आया वो भी वैलिड है। राइट? बट ऑल बिहेवियर्स आर नॉट वैलिड। मतलब गुस्से में थप्पड़ मारना इज नॉट वैलिड। गुस्सा फील करना इज वैलिड। हम क्योंकि गुस्से में हम खुद सोचते हैं। यह पर्सन मुझे अटैक करना चाहता है। मुझे खुद को डिफेंड करना है। तो मैं कैसे डिफेंड कर
(04:48) सकती हूं? ऐसे या ऐसे? सो आई कैन एक्चुअली यू नो गो इन अ फाइट और आई कैन गो इन अ फ्लाइट इन अ फ्रीज़ मोड। जब हम केव्स में रहते थे तब से हमने सीखा जब हम हंटिंग करने जाते थे बाहर शेर जब सामने आता था तो अगर मान लो तीन आदमी गए हैं उसको खाना लेने के लिए ठीक है एक भाग जाएगा उसके ब्रेन ने कहा भाग जाओ यू कांट फाइट दिस दूसरे ने कहा फाइट इट इसको मारो वरना यह तुम्हारे पीछे तक आता रहेगा और तीसरा जो वो फ्रीज़ कर गया वो ना यह कर पाया ना वो कर गया डिपेंड करता है शेर शायद उसको बखश दे या फिर खा जाए सो ये एवोल्यूशनरी है वी आर ऑलवेज फीलिंग िंग
(05:25) इमोशंस एंड इमोशंस आर वै फिजियोलॉजिकल। आप मेरे को बताओ जब आपको गुस्सा आता है तो आपकी बॉडी कैसे आपको बताती है गुस्सा आ रहा है? टीथ क्वेंच हो जाते हैं, फिस्ट्स टाइट हो जाती हैं। यस। और पूरी बॉडी आई थिंक इंटेंसिटी फील होती है बॉडी के अंदर। ब्लड रश फील होता है। टेंपरेचर क्या होता है? बढ़ता है। गर्म। राइट? कान से धुआं निकलता है जो हम कहते हैं कान ऐसे लाल होने लगते हैं। सो फीलिंग्स आर बेसिकली अ फिजियोलॉजिकल रिस्पांस टू दोज़ इमोशंस। ऐसे ही जब डर लगता है तो यूनिवर्सली ऐसे करता है ना तो इनवोलंटरी हो जाता है। अब्सोलुटली। सो ये जो माइक्रो चीजें मैं
(06:01) बता रही हूं ना इससे हम समझ सकते हैं कि व्हाट आर वी रियली फीलिंग। सो अगर मैं नर्वस फील कर रही हूं तो आप मुझे देख के कहेंगे डॉक्टर आपको नर्वस फील हो रहा है। ऐसे नहीं मुझे तो नर्वस फील नहीं हो रहा है। बट अब आपको पता है कि मुझे नर्वस फील हो रहा है। इसलिए मुझे एकनॉलेज करना चाहिए। हां मुझे नर्वस फील हो रहा है। यू नो इफ आई थिंक शी इस गोइंग टू जज मी फॉर फीलिंग नर्वस तो मैं आपको झूठ बोलूंगी। बट इफ आई फील यू नो व्हाट समझेंगी यह मेरी बात? हां मुझे थोड़ा नर्वस फील हो रहा है। तो आप कहेंगे अच्छा थोड़ा पानी पी लो। ओके अब बात करते हैं। सो इट्स वेरी इट्स
(06:33) चक्रव्यूह एक तरह से। राइट राइट? एक ट्रायंगल में फ्लो कर रही है चीजें। और इसी को थेरेपी में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी जो कि मोस्ट वाइडली रिसर्च वाइडली स्टडीड थेरेपी एंड द काइंड ऑफ़ थेरेपी आई प्रैक्टिस विद माय पेशेंट्स। ओके? उसमें हम इस कॉम्प्लेक्स में काम करते हैं। अपने इमोशंस को समझते हैं। अपने थॉट्स को समझते हैं। अपने नेगेटिव थॉट्स को समझते हैं। अपने रेपिटेटिव थॉट पैटर्न्स को समझते हैं। और अपने बिहेवियर्स को करेक्ट करते हैं या बेटर करते हैं। करेक्ट मे बी अ हार्ड वर्ड। थॉट्स फीलिंग्स एंड एकशंस। करेक्ट। हर किसी को हर इवेंट में ये तीन चीजें
(07:08) होती हैं। अब्सोलुटली। मेरे सामने कोई आया देयर विल बी अ थॉट, देयर विल बी अ फीलिंग, देयर विल बी एन एक्शन। कौन आया पे डिपेंड करता है। कौन आया आपका? उनके साथ क्या रिलेशनशिप है? पास्ट में क्या एक्सपीरियंस रहा है? उनको देख के आपको किसकी याद आती है? जिसकी याद आती है उसके साथ आपका क्या रिलेशनशिप रहा है? अगर मैं आपको आपकी छोटी बहन जैसी दिख रही हूं और आप लोगों का अच्छा रिलेशनशिप है। यू मे इंस्टेंटली से यार हमारी ना वाइब मैच कर गई। बट इफ यू फेयर रिमाइंड यू ऑफ़ दैट फ्रेंड दैट यू फॉट विथ यू लाइक। शी वास सो कोल्ड टू मी। सो यस।
(07:36) ऑल ऑफ़ दीज़ थ्री आर फ्लोइंग। कैन समवन लाई? अगर उसको थॉट कुछ और आया, फीलिंग कुछ और आया और एक्सप्रेशन में उसने वो एक्सप्रेस नहीं किया तो एज अ साइकेट्रिस्ट कैन यू कैच दैट लाइ? ग्रेट क्वेश्चन। एट द बिगिनिंग ऑफ़ माय ट्रेनिंग मुझे नहीं समझ आता था। ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम इट्स गेटिंग वेरी इजी एट वर्क टू कैच समबडी हु इज होल्डिंग बैक सम इन। लय मैं इसलिए नहीं बोलूंगी बिकॉज़ ल मुझे लगता है प्रोटेक्टिव होता है। हम क्यों झूठ बोलते हैं? डांटना पड़े ताकि कोई जज ना करे। तो ल को भी हम एक तरह से ना एक इन पीस मानते हैं। बट जैसे ही कोई अपनी बात
(08:14) बदलने की कोशिश करता डिसीव कर रहा है। अगर हां तो वो समझता है नॉट ओनली बिकॉज़ वो हमें डिसीव करते हैं वो खुद की बॉडी को डिसीव कर रहे होते हैं। सो यू नो दे आर गोइंग टू ट्राई टू चेंज द वे द पेज इंटेंशनल एफर्ट दिख जाएगा। बिल्कुल एंड स्माइल अगर दोगली स्माइल होती है व की जो रियल स्माइल अगर हम कर रहे हैं उसमें भी डिफरेंस दिखता है। सो यस बॉडी लैंग्वेज रीडिंग इट अंडरस्टैंडिंग इट इट्स अ बिग पार्ट ऑफ़ साइकेट्री ट्रेनिंग अ लॉट ऑफ़ टाइम्स वी वर टोल्ड पेशेंट को सिर्फ देख के डायग्नोसिस करो पहली बार तो मैंने बोला ऐसे कैसे हो सकता है?
(08:45) एक्साक्ट्ली बिकॉज़ देयर आर पेशेंट्स हु समटाइम्स डोंट स्पीक देयर इज़ अ कंडीशन कॉल्ड कैटोनिया म्यूटिज्म। उसके अंदर एक सब होता है म्यूटिस्म। पेशेंट कुछ नहीं बोलता है। कभी-कभी एक पोजीशन में रहता है। घंटों घंटो रहता है। एंड आई स्टिल रिमेंबर आई वास गिवन वन सच पेशेंस वन टू यू नो टेक हिस्ट्री फ्रॉम। आई वेंट फ्रस्ट्रेटेड टू माय प्रोफेसर। आई सेड सर वो तो बात ही नहीं करता है। वो तो कुछ बोलता ही नहीं है। बोला सुनो जाके उसकी बात। बट मैं कैसे सुनू बात नहीं करता है। यू नो यंग, नाइव, एक्साइटेड राइट? माय प्रोफेसर सेड, सुनो। आप बिलीव करोगे 3
(09:16) घंटा मैंने सिर्फ एक जन को ऑब्जर्व किया था। रियली? एंड आई सेड [हंसी] ऐसे मैं फ्रस्ट्रेट हो रही हूं। बीच-बीच में सोच रही हूं चली जाती हूं। एंड फाइनली आई हैड सम पीसेस ऑफ़ इन कि वो कौन से एनवायरमेंटल क्यूस को रिएक्ट कर रहे थे। कौन से रिश्तेदार के आने के पास थोड़ा तो नजर जा रही थी। अदरवाइज नहीं जा रही थी। एंड आई कुड गेट सम इन आउट। [हंसी] हैव हर्ड टुडे। सो यस। इफ यू आर लाइंग इफ यू आर डिसीविंग वन यू विल मेक एन एक्स्ट्रा एफर्ट। इट विल बी नोटिसेबल टू समबडी हू इज़ ऑब्जर्विंग यू केनली। पर अगर ट्रेंड हो तब तो और भी ज्यादा आसान होता है करना।
(09:50) लेट्स से कि किसी ने कहीं स्पीच देनी है स्टेज पर और वो उसके लिए प्रिपयर्ड नहीं है [गला साफ़ करने की आवाज़] तो क्या वो इंसान बिना प्रिपरेशन के अपनी बॉडी लैंग्वेज या अपने एकशंस में कुछ ऐसे चेंजेस लेके आ सकता है कि वो स्टेज पे जाए और किसी को पता भी ना चले कि वो प्रिपयर्ड नहीं है। अब्सोलुटली। बट अगेन वो ना प्रिपयर्ड होने में भी बहुत सालों प्रिपरेशन लगा है। एंड आप एक अच्छा यूज ऑफ नॉन प्रिपरेशन का दे रहे हैं मुझे। जहां पे मतलब आई मे हैव डन समथिंग सो मेनी टाइम्स कि अब मैं वो फ्री फ्लो इंप्रूव जैसे इंप्रूव एक्टिंग या फिर
(10:20) इंप्रूव कॉमेडी जो लोग करते हैं वो कर पाते हैं। सो दैट इज अ गुड केस यूज़ ऑफ जो आप मुझसे पूछ रहे हैं। मैं एक बैड केस यूज़ आपको बताऊंगी। जैसे कुछ मेंटल हेल्थ कंडीशंस होते हैं। एक टर्म अगर आपने सुना होगा फैक्टिशियस डिसऑर्डर एककेए मंच हाउस सिंड्रोम। उसमें क्या होता है? इंसान फुल फ्लेज बीमारी के साथ आता है मगर उसको बीमारी नहीं होती है। वो खुद पे वो बीमारी क्रिएट कर रहा होता है या अपने लव्ड वन पे। तो एक बहुत फेमस मूवी इंग्लिश में आई थी जिसका नाम था रन इफ आई थिंक और एक और मूवी का नाम आई विल फिल यू विन। बट उसमें मदर डॉटर को
(10:58) पैरालाइज्ड रखती है। वो उसको ऐसी दवाइयां देती है। वो डॉक्टर्स के पास जाती है। इंटेंशनली। बट द इंटेंशन इज़ नॉट टू हर्ट द चाइल्ड। द इंटेंशन टू गेट सिंपथी फॉर द चाइल्ड एंड हरसेल्फ इमोशनल सिंपथी इसको बोला जाता है मंच हाउसिंग सिंड्रोम इसमें इंसान फुल ऑन ल कर रहा है पर वो कन्विंस्ड है कि वो झूठ नहीं बोल रहा है तो जब एक केस बहुत ही मेडिकल कॉलेज से मुझे याद आ रहा है जहां पे मदद हैड ब्रॉट अ डॉटर एंड द डॉटर वाज़ ब्लीडिंग खून के आंसू लिटरली लिटरली तो हमने एडमिट किया क्योंकि उसमें क्या होता है आपको एडमिट करके ऑब्जर्व करना पड़ता है 24 आवर्स एंड समबडी हैज़ टू
(11:33) बी ऑन ड्यूटी अच्छा हॉस्पिटल में नहीं हो रहा था तो हमने हमने रिचार्ज कर दिया। वो घर से बोली फिर से हो रहा है। तो हमारे सामने कभी नहीं होता था। देन वी रियलाइज दैट द मदर वास क्रिएटिंग दिस फॉर हर अननोइंगली। अगेन कारण ये था पीछे बहुत डिस्क डिस्कर्ड था। फैमिली में बहुत प्रॉब्लम्स थी। पैसे नहीं चाहिए थे उनको। उनको डॉक्टर्स की सिंपैथी चाहिए थी। तो समटाइम्स आवर ब्रेन लाइ टू आवरसेल्व्स एक्चुअली। एक और बहुत एक्सट्रीम वर्जन इसका हो गया डल्यूजन। जब सच से हमारा सामना खत्म हो गया। द रियलिटी और जिसको हम भ्रम बोलते हैं हिंदी उसमें एक लाइन जो होती है वो जब थोड़ी
(12:10) ब्लरी हो जाती है। जैसे मुझे अगर लगे कि लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं। समबडी इज आउट टू गेट मी। मेरे पीछे कोई एफबीआई सीबीआई ने लगा दिया है। मेरी गाड़ी फॉलो कर रहे हैं। मेरे बाथरूम में यू नो देयर इज अ कैमरा जो मुझे देखता है। तो ये डल्यूज होते हैं। इसमें भी द ब्रेन इज लाइंग टू इटसेल्फ। बट द ब्रेन इज कन्विंस्ड? हाउ डू यू आइडेंटिफाई वेदर इट इज इट अ डल्यूजन और इट्स अ रियलिटी? ग्रेट क्वेश्चन। सो सम थिंग्स आर वेरी पॉसिबल। जैसे मुझे लगे मेरा पार्टनर मेरे पे चीट कर रहा है। पॉसिबल है। है ना? हम हम बट देन इन दैट यू ऑबियसली थली आस्क यू
(12:47) आस्क देम टू से क्या आपको लगता है उसके पीछे जब बहुत ज्यादा क्या पूछो और उस गहराई तक ना जा पाए कोई और उसके पास प्रूफ भी नहीं है एक पॉइंट होता है जहां पे वो पता है कि वो सही नहीं सोच रहे हैं या मेरे पीछे सीबीआई लगी है अब मैं तो इतनी इंपॉर्टेंट इंसान हूं ही नहीं कि मेरे पीछे लगी हो राइट अगेन आप उनको दिखा सकते हैं कि देखिए हम आपके साथ 24 घंटे रह रहे हैं या फिर हॉस्पिटल में हैं कोई नहीं आया हॉस्पिटल के अंदर आपको ऐसे फॉलो करने पर वो कहेंगे वो जन मेरे को फॉलो करने आए। सो यू नो दैट दिस इज अ डल्यूजन। बट एट द सेम टाइम कुछ चीज़ एकदम बेजार है जो पॉसिबल ही
(13:20) नहीं है। जैसे एक डल्यूजन होता है जिसमें इंसान को लगता है कि मैं कहीं पे भी बारिश करवा सकता हूं। या आई नो द मोस्टेंट पर्सन इन द कंट्री। जैसे मान लीजिए कोई नेता या एंड वो एक आम तबके के इंसान है। या फिर मेरे एक बहुत इंटरेस्टिंग डिल्यूजन होता है जिसको बोलते हैं डल्यूजन ऑफ़ लव। जिसमें लगता है कि अपने से ऊपर तबके वाला इंसान आपसे प्यार करने लगा है। जैसे कि सलमान खान इज इन लव विद मी। अगर मैं यह बोलूं तो ये डल्यूजन है क्लियरली ये मेरा भ्रम होगा। यू नेवर नो नहीं ये मेरा भ्रम [हंसी] है। सो क्लियरली सो इन दी सिचुएशन जो प्लॉज़िबल नहीं है दोज़
(13:55) आर वैरी इजी टू पिक आउट। जो प्लॉज़िबल है। लोग मेरे बारे में बात कर रहे हैं। प्लॉज़िबल है। पार्टनर इज़ चीटिंग। प्लॉज़िबल है। हम बट कुछ चीजें प्लॉज़िबल नहीं है। वो आसान होती है। पिक आउट करना एज अ साइकट्रिस्ट अगेन। दैट्स द ट्रेनिंग। दैट्स व्हाई यू यू नो स्पेंड सो मेनी आवर्स अंडरस्टैंडिंग कि कौन सी चीज सच है और कौन सी चीज है। एंड आई एम श्योर ओवर द इयर्स ये चीज ये प्रोसेस आपके लिए बहुत शॉर्टन होता रहता होगा कि देखते ही समझ में आ जाता होगा। सुनते गोइंग ऑन आई मीन बॉडी लैंग्वेज अंडरस्टैंड करते ही थोड़ा सा ऑब्जर्व करते ही। अब्सोलुटली। ओवर द टाइम इट गेट्स ईजी।
(14:28) शुरू में बहुत देर लगा लगाते हैं। उसके बाद ओवर देयर इट बिकम्स ईज़ियर। नाउ आई वांट टू अंडरस्टैंड सेम चीज को देखकर मुझे शायद गुस्सा आ जाए और दूसरे इंसान को शायद कैजुअल लगे। ये जो डिफरेंट अप्रोच टुवर्ड्स द सेम इवेंट होता है। ये क्यों होता है? दिस इज व्हाई आई बिकम अ साइकेटिस्ट बाय द वे। मैं जब छोटी थी तो मुझे अभी भी याद है। मैंने सोचा कुछ इवेंट हुआ एंड मैंने सोचा व्हाई आर डिफरेंट पीपल रिएक्टिंग डिफरेंटली टू द सेम सिचुएशन। सो आई एम वेरी एक्साइटेड कि आप सेम सवाल पूछ रहे हैं। दैट व्हाई डू टू पीपल रिएक्ट डिफरेंटली इन द सेम सिचुएशन?
(15:03) फॉर कॉन्टेक्स्ट हम लोगों को एक एग्जांपल दे देते हैं। जैसे लेट्स से मैंने किसी को मैसेज किया और मुझे रिप्लाई नहीं आया कपल ऑफ़ आवर्स। तो मुझे ये भी लग सकता है कि ये सामने वाला मेरे से नाराज है। दे आर ट्राइंग टू इग्नोर मी। वो मुझे अवॉयड कर रहा है। और समवन एल्स कैन आल्सो थिंक बिजी होगा। टाइम नहीं होगा। कुछ इंपॉर्टेंट चीजों में जो स्टक होगा। सो ये जो अलग-अलग थॉट पैटर्न्स हैं ये कैसे स्टार्ट होते हैं? फैंटास्टिक। सो तीन चीज इसमें भी बहुत इंपॉर्टेंट है। पहली आपकी बायोलॉजी, दूसरी आपकी साइकोलॉजी और तीसरी आपका सोशल फैक्टर्स।
(15:39) अब बायोलॉजी में मैं आपको एक बेसिक चीज बोलना चाहूंगी। हम सबकी कुछ डिफॉल्ट सेटिंग है जो अलग है। इवन हैप्पीनेस हैज़ बीन स्टडीड कि कुछ लोगों का बेसलाइन हैप्पीनेस इज़ हायर देन कुछ बाकी लोगों का बेसलाइन हैप्पीनेस। वी डोंट एक्सपीरियंस हैप्पीनेस द सेम वे। सिमिलरली वी डोंट एक्सपीरियंस पे इन द सेम वे। आपका पेन थ्रेश होल्ड मेरा पेन थ्रेश थ्रेशहशोल्ड अलग-अलग है ना। तो वैसे ही बायोलॉजिकली हमारा हैप्पीनेस कोशंट हमारा इवन नेगेटिविटी बायस बेस लाइन थोड़ा सा अलग-अलग है। राइट? दूसरी बात आती है अब एक्चुअली जेनेटिक ट्विन स्टडीज की। हम हम
(16:14) जब कोई दो ट्विंस पे स्टडी की जाती है तो देखा जाता है कि दे हैव अ लॉट मोर सिमिलरिटी। क्यों? क्योंकि उनके जींस सिमिलर हैं। योर हॉर्मोनस हैव अ स्ट्रांग रीज़ टू प्ले। इफेक्ट ऑफ ड्रग्स हैज़ अ स्टंग रीज़ टू प्ले। बिकॉज़ अगर मान लीजिए मैं रात को नहीं सोई हूं और मैं गाड़ी चला रही हूं तो मुझे ज्यादा गुस्सा आ सकता है। पर मैं अगले दिन अच्छे से सोई हूं। मैं गाड़ी चला रही हूं। मुझे ज्यादा गुस्सा नहीं आ सकता है। पॉसिबल राइट? सो बायोलॉजिकली दैट्स अ वेरी स्ट्रांग फैक्टर व्हाई टू पीपल रिएक्ट डिफरेंटली इन द सेम सिचुएशन। दूसरी बात आती है साइकोलॉजी। अब
(16:46) आती है साइकोलॉजी में पर्सनालिटी। जिस तरह से हम सबका सेम मेलेनिन कोशंट नहीं है। हमारी स्किन का त्वचा का रंग अलग-अलग है। वैसे ही इन सबकी पर्सनालिटीज डिफरेंट-डिफरेंट हैं। कुछ पर्सनालिटी ज्यादा रिएक्टिव होती हैं। हम बोलते हैं इंपल्सिव होती हैं। हम तुरंत करती हैं। राइट? कुछ पर्सनालिटीज बहुत लेट बैकग होती हैं। करेंगे सोचेंगे। यस। देखेंगे एंड दे आर स्लाइटली मोर स्लो इन दैट। इट्स गुड इन सर्टेन प्लेसेस। इट्स नीडेड इन सर्टेन प्लेसेस। इसी तरह से कुछ पर्सनालिटीज होती है उनको बहुत रिस्क लेने का मन करता है। हम कुछ बहुत रिस्क अवर्स होते हैं। आप स्टॉक
(17:24) मार्केट में एग्जांपल ले लीजिए। राइट? तो यहां आ गया साइकोलॉजिकल मेकअप अलोंग विद अगर आपने कोई बचपन में बहुत ही ट्रेैटिक एक्सपीरियंसेस एक्सपीरियंस किए हो वो भी आपके फ्यूचर में आपका एडल्टहुड शेप कर रहा है। अगर आपको बचपन से बोला जा गया है कि डोंट ट्रस्ट योर नेबर्स। यू नो पीपल आपका फायदा उठाएंगे तो आप बारी दुनिया में जाके फर्स्ट इंस्टिंक्ट वही रखेंगे। इसको हम बोलते हैं बिलीफ सिस्टम। हम कौन देता है बिलीफ सिस्टम? मम्मी पापा हम हम टीचर्स फ्रेंड्स समाज राइट राइट। तीसरा आता है सोशल कंडीशनिंग। हम वो जो टेक्स्टिंग वाली सिचुएशन आपने मुझे
(18:02) बताई। कुछ सिचुएशन में अगर हमने देखा हुआ है कि बाकी लोग एकदम हड़बड़ाने लगते हैं। अरे फोन नहीं उठाया एक्सीडेंट हो गया होगा। कुछ तो बुरा हो गया होगा। देखो देखो कैसे पहुंचे कि नहीं पहुंचे। राइट? व अगर आपने देखा हुआ है खानदान में कि फ़ नहीं उठाया 15-20 मिनट बाद ट्राई करते हैं। सो बेस्ड ऑन एक्सपीरियंसेस आल्सो यस बट सोशल कंडीशनिंग सिर्फ अपने एक्सपीरियंस नहीं सामने देखे वाले एक्सपीरियंस भी इंपॉर्टेंट है ना। तो ये तीन चीजों का मिक्सचर हर इंसान में एक डिफरेंट कॉम्बिनेशन परम्यूटेशन होगा। राइट? राइट? इसीलिए जब एक जन टेक्स्ट नहीं रिप्लाई कर
(18:35) रहा है तो एक पर्सन सोचेगा। ओह माय गॉड माय फ्रेंड हेट्स मी। यह तो मुझे इग्नोर कर रहे हैं। यह मुझसे बात नहीं करना चाहते। यह तो मुझे कभी नहीं मिलेंगे। वर्सेस अनदर सेज़ अरे हां वो शायद बिजी होंगे। मुझे बाद में कर लेंगे। बिकॉज़ दे आर सिक्योर इन देमसेल्व्स बाद में कर लेंगे। एंड दे हैव नॉट हैड दीज़ एक्सपीरियंसेस और लेसर और मोर रेिलिएंट टू देम। सो इट्स अ कॉम्प्लेक्स इंटरप्ले। आपकी बायोलॉजी, आपकी साइकोलॉजी, आपकी सोशियोलॉजी सब चीज तीनों चीज को मिलाके। आपने यहां पर चाइल्डहुड वाली बात करी और पेरेंट्स का क्या रोल होता है वो बात करी
(19:06) और एक्चुअली यह बहुत ज्यादा सुनते हैं कि यह मेरा चाइल्डहुड पैटर्न है। हम जब ट्रॉमाज़ की बात करते हैं तब भी बोलते हैं चाइल्डहुड ट्रॉमा है। कितना एक इंसान की जो पर्सनालिटी होती है, हाउ मच ऑफ दैट पर्सनालिटी इज ड्रिवन बाय दिस चाइल्डहुड पैटर्न्स? और कितनी वो पर्सनालिटी उसकी खुद की है व्हिच दे हैव बिल्ट ओवर द इयर्स? ग्रेट क्वेश्चन। हमने चाइल्डहुड में जो पैटर्न्स पहले 18 साल में सीखे होते हैं ना वो हमारे कोर में चले जाते हैं। देयर आर कोर बिलीफ्स। ओके? जैसे कोई रिलीजियस बिलीफ कह लीजिए या फिर जिसे अब खाने के बारे में देखिए कुछ लोग
(19:44) खाना खाने से पहले पूजा करते हैं। बोलते हैं थैंक यू गॉड और फिर खाते हैं। वो एक पैटर्न है। वो बड़े होने तक जब 18 साल के बाद बाहर जाते हैं लोग घर से ना। अब जब वो ऐसे कर रहे हैं तो वो देखते हैं यार मेरे फ्रेंड्स तो नहीं कर रहे। मैं ही कर रहा हूं। यह सही है कि गलत। अब आ जाता है डिजायर टू फिट इन टू प्लीज पीपल। नाउ यू हैव अ चॉइस। यू कैन कीप दैट कोर लर्न प्रिंसिपल कि हां मुझे अच्छा लगता है। मैंने करना है और यू कैन से नहीं यार सब नहीं कर रहे हैं। क्या आप अपने बिलीव्स को क्वेश्चन करना शुरू कर देते हो? कर सकते हैं। कभी-कभी नहीं करते हैं। सो आवर बिलीफ
(20:21) सिस्टम्स आर मेजरली टॉट इन आवर चाइल्डहुड बट एज वी ग्रो हमारे साथ ऐसे एक्सपीरियंसेस होते हैं क्योंकि हम घर से बाहर निकलते हैं जब हमें पता चलता है कि मे बी सम ऑफ़ माय बिलीव्स आर नॉट हेल्पफुल। शायद ये बिलीव अच्छा नहीं है। पहले ना गांव होते थे सबके। राइट? मेरे गांव में मान लो एक तरीके से राजमा बनते हैं। आपके गांव में अलग से बनते हैं। पर मेरे लिए तो ऐसे ही राजमा बनते हैं। और राजमा तो ऐसे ही बनते हैं। और कोई राजमा स्टाइल ही नहीं है। मैं अब आपके गांव में आई भटकते-भटकते कुछ काम के लिए। आपने मुझे राजमा खिलाया। ऐसे भी बनते हैं। तो माय माइंड सेड है तो
(20:55) राजमा ही बनता अलग है। सो सिमिलरली नाउ आई विल से डू आई लाइक माइन मोर? मेरे को वैसे बनाना है कि मुझे गुंजन के स्टाइल से बनाना है और मैं वैसे खाना चाहूंगी। तो आवर ब्रेन गिव्स एन अपॉर्चुनिटी टू अनलर्न आवर कोर चाइल्डहुड आइडियाज एंड बिलीव्स चॉइस इज योर्स। यहां पे मेरे दो टेक अवेज़ कह सकते हैं। फर्स्ट इज़ एंड प्लीज टेल मी वेदर दिस इज द राइट वे और राइट अप्रोच ऑर नॉट। अगर हमें लाइफ में ग्रो करना है। और कुछ चीजें हमें रोक रही हैं। मे बी यू नीड टू चेक योर बिलीफ सिस्टम। क्वेश्चन योर बिलीफ व्हिच माइट बी स्टॉपिंग यू टू ग्रो फर्दर। इज
(21:33) डेट राइट? फैंटास्टिक। अब्सोलुटली अनपॉइंट। आई से बी अवेयर ऑफ़ योर बिलीफ सिस्टम। सी इफ इट इज सर्विंग यू कीप इट। राइट? इफ इट्स नॉट सर्विंग यू ट्राई टू ट्वीक इट। ट्वीट इट। चीनी छोड़ने का एग्जांपल ले लीजिए। इट्स सर्विंग मी। माय बिलीफ सिस्टम इज मैं चाय नहीं पी सकती बिना चीनी के। बट द बिलीफ सिस्टम इज नॉट हेल्पफुल। मुझे डायबिटीज हो रही है। तो गुंजन मुझे कहती है आप छोड़ दो चीनी। अब मैं आई डोंट वांट टू। बट या इट्स गोइंग टू बी हेल्पफुल फॉर मी। सो चेंज योर बिलीफ। वो इतना जो हम रिजिड होते हैं कई बार अपने बिलीफ्स को लेकर कि मैं जिम नहीं जा सकती।
(22:08) मैं डाइट नहीं कर सकती या मैं चीनी वाली चाय के बिना नहीं रह सकती। थिंग्स लाइक दिस ही हमने सारे डाइट हेल्थ के कैटेगरी में बोला है। बट देन सिमिलर सिमिलर चीजें जब हम इस तरह की लाइंस बोलते हैं कि मैं ये नहीं कर सकता या फिर इसके बिना मैं नहीं रह सकता। दीज़ आर नथिंग बट आवर ओन बिलीव्स बिलीव्स। एंड जितना हम अपने बिलीफ्स को चैलेंज करेंगे उतना हमें अपने ही बारे में और क्लेरिटी मिलेगी एंड देयर विल बी अ स्कोप टू ग्रो ग्रो एक्सपीरियंस मोर एक्सपेंड आवर होराइजंस अब्सोलुटली अबब्सोलुटली दैट्स दी होल आईडिया ऑफ ह्यूमन ग्रोथ क्योंकि अगर आप
(22:44) ग्रो करना बंद कर देंगे ठीक है स्कूल कर लिया कॉलेज कर लिया नौकरी लग गई पैसे हो गए बच्चे हो गए बट इफ यू स्टॉप ग्रोइंग या वेल व्हाट इज लाइफ देन राइट ट्रू वैरी ट्रू एंड द सेकंड टेक अवे इज इज़ दो लोगों के अलग-अलग अगर बिलीव्स हैं तो वो दोनों अपनी-अपनी जगह सही भी हो सकते हैं। कमिंग बैक फ्रॉम योर राजमा वाला एग्जांपल। तो मुझे लगता है दैट मोस्ट ऑफ द फाइट्स दैट हैपन बिटवीन पार्टनर्स फ्रेंड्स टीम्स कंट्रीज इज नथिंग बट देयर डिफरेंट बिलीफ सिस्टम्स। अब्सोलुटली ऑन पॉइंट। 100% मेरे राजमा मेरे राजमा है तुम्हारे राजमा तुम्हारे राजमा्स [हंसी]
(23:22) यू लाइक माय राजमा मैंने राजमा खाए थे दोपहर को बट अब्सोल्युटली एंड दैट इय्न कपल्स फाइट वी ट्राई टू फाइंड आउट दैट राजमा की कौन सी रेसिपी दोनों को सूट करेगी कभी तुम्हारी बनेगी कभी मेरी बनेगी कभी दोनों की डिफरेंट रेसिपी बनेगी सो यू आर अब्सोलुटली राइट वी कैन अवॉयड लॉट ऑफ केओस इन दिस वर्ल्ड इफ वी लर्न टू एक्सेप्ट ईच अदर्स बिलीफ सिस्टम एंड व्हाई नॉट आई आई विश एंड आई होप कि ये लड़ाई में याद रहे। [हंसी] ट्रू [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] ओके एना टेल मी समथिंग हमारे माइंड का हमारे ब्रेन का एक जो डिफॉल्ट मैकेनिज्म है दैट इज टू प्रोटेक्ट अस
(24:01) अब्सोलुटली। हमारी पूरी बॉडी वैसे ही फंक्शन करती है। इवन देन इट एंड्स अप डूइंग सर्टेन थिंग्स व्हिच आर नॉट इन फेवर ऑफ़ अस व्हिच आर नॉट गुड फॉर अस। फॉर एग्जांपल अभी हम ग्रेजुअली डिस्कस करेंगे ओवरथिंकिंग, स्ट्रेस, ए्जायटी हर एक चीज को। बट ये सब चीजें इन द फर्स्ट प्लेस होती ही क्यों है? व्हेन आवर माइंड इज सपोज्ड टू प्रोटेक्ट अस? व्हाई डस इट फील स्ट्रेस्ड? व्हाई डस इट ओवरथिंक, व्हाई डस इट फील एशियस? व्हाई आर वी कॉलिंग दीज़ थिंग्स नेगेटिव फर्स्ट ऑफ़ ऑल। अगर एंग्जायटी अभी एज आई सेड अभी हम डिस्कस करेंगे और समझेंगे कि ये कैसे पॉजिटिव है। बट लेट्स से देयर इज
(24:36) अ गर्ल वो ओवरथिंक करती है और उसको पता है कि ओवरथिंकिंग इज सेल्फ साइबोटाइजिंग हर ये उसको परेशान कर रही है उसकी ओवरथिंकिंग इफ शी स्टॉप्स ओवरथिंकिंग शी विल बी इन अ हैप्पी प्लेस। तो उसका माइंड क्यों उससे ओवरथिंक करवाता है? तो अगेन नाउ देन आई विल बी वैरी ऑनेस्ट। ओवरथिंकिंग इज नॉट नेगेटिव। वाओ। [हंसी] ओवरथिंकि इज नॉट बैड। ओके। वी हैव टू स्टॉप पैथोलजाइजिंग टर्म्स लाइक स्ट्रेस ओवरथिंकिंग एंजाइटटी एंजायटी बुरी नहीं है। स्ट्रेस बुरी नहीं है। ओवरथिंकिंग बुरी नहीं है। जिस तरह से कार्ब्स बुरे नहीं है। ओके एवरीथिंग गेट इट बेटर। [हंसी]
(25:07) एवरीथिंग हैज़ टू बी इन बैलेंस। हमारा ब्रेन जानता है कि हमारे लिए कोई चीज हमें स्ट्रेस दे रही है, कष्ट दे रही है, हमें ट्रबल कर रही है। फिर भी क्यों कर रहा है? एक्चुअली इट इज़ ट्राइंग टू प्रोटेक्ट अस। वो भी एक प्रोटेक्टिव मैकेनिज्म है। क्यों? अगेन मैं केव में वापस जाना चाहती हूं। ठीक है? अब मेरा ब्रेन मुझे कह रहा है यार बाहर जाओगी तो शेर भी खा सकता है। तो मेरे ब्रेन ने यह सब क्रिएट किया। बाहर गई कोई शेर नहीं था। पर मेरे ब्रेन ने मुझे प्रिपेयर किया कि अगर शेर आएगा ना तो ऐसे भी कर सकती हो वैसे भी कर सकती हो। तो माय ब्रेन इज़ नॉट
(25:40) अगेंस्ट मी। इट्स एक्चुअली ट्राइंग टू हेल्प मी व्हेन वी ओवरथिंक वी आर एक्चुअली मोस्टली ट्राइंग टू सॉल्व अ प्रॉब्लम। और फाइंड अ बेटर रेजोल्यूशन जो कि हो रहा है सिचुएशन हमारे कंट्रोल में नहीं है। हम चाहते हैं आज काश कुछ और होता। तो ब्रेन हर समय आपको प्रोटेक्ट कर रहा है। यू आर राइट। दूसरी बात ब्रेन को कुछ डिफॉल्ट सेटिंग्स पसंद है। वो एक्चुअली आपको पसंद है। हमें स्वेट करना नहीं पसंद। राइट? बट स्वेट करना हेल्दी है ना बॉडी के लिए? सो वीक टेंड टू बी अनकंफर्टेबल विथ द स्वेटिंग। बट द रियलिटी इज़ स्वेटिंग इज गुड फॉर अस। सिमिलरली ओवरथिंकिंग इज नॉट
(26:19) बैड। द वे यू हैंडल ओवरथिंकिंग कैन बी कैटेगराइज्ड एस नेगेटिव इन माय हेड। जैसे कार्ब्स आर नॉट बैड पर मैं अगर सिर्फ तले हुए कार्ब्स खाऊंगी तो मेरे लिए बुरे हैं। सो ओवरथिंकिंग के केस में या फिर ये जो भी हम प्रोटेक्टिव मैकेनिज्म की बात कर रहे हैं इसके केस में व्हेन डस इट बिकम अनहेल्ी? अब्सोलुटली। सो एक्सेस ऑफ़ एनीथिंग इज बैड। रूल नंबर वन ऑफ़ लाइफ। ओवरथिंकिंग करना नॉर्मल है। ओनली डेड एंड डम पीपल डोंट ओवरथिंक। यू डोंट वांट टू बी आइदर। दिस इज समथिंग आई से एवरीडे टू अ पेशेंट। डॉक्टर साहब मेरे ना नेगेटिव थॉट्स बंद कर दीजिए।
(26:53) मैंने कहा ओनली डेड एंड डम पीपल डोंट गेट नेगेटिव थॉट्स। व्हिच वन डू यू वांट टू बी? कोई भी नहीं। हम तो जिंदा रहना चाहते हैं। हम स्मार्ट रहना चाहते हैं। तो नेगेटिव थॉट्स नॉर्मल है। क्योंकि यह प्रोटेक्टिव है। ओवरथिंकिंग नॉर्मल है क्योंकि यह प्रोटेक्टिव है। अब कब यह प्रॉब्लमैटिक है? ओवरथिंकिंग जो आपके रोजमर्रा की जिंदगी को अफेक्ट कर रही हो उसको नेगेटिव बोला जा सकता है। ओवरथिंकिंग अगर आपको रोजमर्रा की जिंदगी में काम ना करने दे, सोने ना दे, बायोलॉजिकल ड्राइव्स को अफेक्ट करे। इसी तरह से ओवरथिंकिंग की वजह से आप राइट हियर राइट नाउ कभी भी ना
(27:28) रह पाए। हम और आपकी फिजियोलॉजी पे इफेक्ट हो रहा हो। ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। यू नो हेडेक्स होने हैं कास्टेंटली। दैट इज द नेगेटिव आउटकम ऑफ पुअरली मैनेज्ड ओवरथिंकिंग। और यह डिफरेंस पता कैसे चलेगा? अब जो इंसान लेट्स से ये ओवरथिंकिंग वाले ज़ोन में है वो लाइन कैसे ड्रॉ करेगा कि यहां तक ओवरथिंकिंग अच्छी है। अब ये ओवरथिंकिंग बुरी हो गई। तो जब तक वो आपके वंटरी कंट्रोल के अंडर है यू सेड मतलब मैं अगर ओवरथिंकिंग कर रही थी बैठ के अकेले ज्यादातर अकेले में होती है आपने नोटिस किया है बट अब मेरे को आपके साथ बात करनी है तो अब मेरे ब्रेन ने उस टॉपिक को बंद कर दिया है
(28:07) नाउ आई एम ऑन टू द नेक्स्ट टॉपिक आई एम राइट हियर राइट नाउ इट्स ओके वंटरी कंट्रोल मैं यहां पे भी बात करते-करते भी उसी जो मेरा बाहर कॉन्वर्सेशन हुई थी और मैंने अपने को एंबरेस कर लिया था और अभी भी मैं उसको छोड़ ही नहीं पा रही हूं और अभी भी बस बस दिमाग उधर ही जा रहा है। एंड उसकी वजह से मेरी फिजियोलॉजिकली भी आप देख रहे हैं कि मैं बहुत ज्यादा रेस्टलेस हूं। दैट इज मी नोइंग कि ये मेरे लिए नॉर्मल नहीं है। अनदर थिंग सेकंड इफ इट्स कीपिंग मी अप ऑल नाइट बाय डिफॉल्ट। ये तो मैं कहती हूं। अगर आपकी नींद भूख रोजमर्रा की बायोलॉजिकल
(28:38) ड्राइव को कोई चीज अफेक्ट कर रही है ना। ओके? तो वो थीम को हमें डिस्कस करना पड़ेगा। अगेन ओवरथिंकिंग की थीम क्या है? किस चीज के बारे में सोचते हो बार-बार बार-बार? लोगों को अपने थॉट्स के बारे में अवेयरनेस नहीं होती। अगेन एंथरेपी में हम क्या करते हैं ना? उनको अवेयरनेस बिल्ड कराते हैं कि आप क्या पी रहे हो, क्या खा रहे हो, कितना आपने कार्ब्स खाया, कितना आपने फैट्स खाया। इसी तरह से थॉट्स का भी एक प्रोपोशन समझाया जाता है कि किस चीज की किस थीम की तरफ आपका दिमाग बार-बार जा रहा है। एक तीसरी सिचुएशन जहां ओवरथिंकिंग स्लैश
(29:08) अगेन मैं ये स्लैश इसलिए बोल रही हूं। एक टर्मिनोलॉजी होती है। इंट्रूसिव थॉट्स एंड रूमिनेशंस। हम यहां पे थोड़ी सी गड़बड़ होती है। जैसे मैं बैठी हुई हूं बिना वजह मुझे मैंने स्कूल में ना एक बहुत ही स्टूपिड बात की थी वो माइंड में आ गई बिना वजह छोड़ ही नहीं रही जा ही नहीं रही और मैं बार-बार सोचे जा रही हूं यार तब मेरे को स्कूल में लोगों ने क्या सोचा होगा मैं क्या करूं उससे मेरा कोई इंपैक्ट नहीं हुआ है लाइफ में ना होगा पर यह इंटूसिव थॉट और मैं बार-बार उसको रूमिनेट कर रही हूं और रूमिनेट का मतलब पता है क्या होता है गाय
(29:44) रूमिनेट करती है गाय कभी देखा है रोड पे बैठी होती खाना खाती है, खाती है, निकलती है, फिर वापस मुंह में लाती है, रिगजिटेट करती है, फिर करती है, फिर करती है, बिजी रखती है अपने आपको। गाय अपना माउथ हमेशा बिजी रखती है। राइट? ये प्रॉब्लमैटिक होता है। तो जब ज्यादा ही इंट्रूसिव थॉट्स, ज्यादा ही रूमिनेशन हो रहे हो, देन यू नीड टू स्पीक विथ द मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल। एंड यू विल गेट इट। यू विल अंडरस्टैंड इट कि अब ये ज्यादा हो रहा है। अब ये मेरे कंट्रोल से बाहर जा रहा है। आई एम ट्राइंग टू स्टॉप थिंकिंग अबाउट इट बट आई एम स्टिल
(30:17) थिंकिंग अबाउट इट। सो ये साइन है कुछ इक्वल टू पेन। जैसे अगर आपको थोड़ी सी पेन होती है तो आपको पता है यार ये मेरे लिए नॉर्मल पेन है। इतना सा हेडेक मैं सह लूंगी। मैं बिना दवाई के भी चला लूंगी। बहुत ज्यादा पेन हो रही है। दवाई खा ली। ठीक है। अभी कम हो गया। बट अब हर समय ही पेन हो रहा है। मैं काम ही नहीं कर पा रही। मेरी आइज से पानी निकल रहा है। तो दैट इज एक्सेस। सो सबका बेस लाइन ऑफ़ एक्सेस इज़ आल्सो डिफरेंट। ओके? तो मैं कहती हूं पेन से अपना कंपैरिजन करा करो। ऑन अ स्केल ऑफ़ जीरो टू 10। हम ये कितना ट्रबल सम है। आपने हमेशा ओवरथिंक
(30:49) किया है। कोई बात नहीं। लेट्स से आपने हमेशा पांच नंबर ओवरथिंक किए हैं 10 में से। नॉर्मल है ना आपके लिए? जो इंसान ज्यादा ओवरथिंक करता है वो कहता है हां पांच तो मैं रोज रोज एक घंटा। चलो कोई बात [हंसी] नहीं। ओके। क्या ये 9 10 है? ओके। तो कम टॉक गॉट इट। पर अगर ये तीन चार है कोई बात नहीं। और ये पांच छ तो यह तो फिर दिस इज समथिंग कैन अ पार्ट ऑफ योर पर्सनालिटी द वे यू आर हैंडलिंग स्ट्रेस। तो ओवरथिंकिंग बुरी नहीं है। ओके। ओवरथिंकिंग तभी बुरी है जब वो आपको आपके रोजमर्रा की जिंदगी से दूर ले जा रही है। एंड ओवरथिंकिंग तब बुरी है अगर आपकी
(31:23) बायोलॉजिकल ड्राइव्स को खराब कर रही है। नींद, भूख आपकी बेसिक इंटरेक्शंस एंड ओवरथिंकिंग तब बुरी है या आपके लिए बुरी है। अगर आपको जैसे पेन में ऐसे लगे कि हड्डी टूटने वाला 10 में से 10 वाला डिसकंफर्ट तो ओवरथिंकिंग नीड्स एड्रेसिंग बाय यू। अगर कोई इंसान पॉजिटिव चीजों को ओवरथिंक करता है, क्या वो तब भी बुरी है? हमारा ब्रेन बाय डिफॉल्ट हर चीज पॉजिटिव नहीं सोच सकता। बट आउट ऑफ एक्साइटमेंट लेट्स से मैं कल किसी से मिली थी और मुझे मिलके बहुत अच्छा लगा था और आज बस मैं उसी के बारे में सोची जा रही हूं। आई एम नॉट एबल टू फोकस ऑन माय
(31:59) वर्क। आई एम नॉट एबल टू डू माय जो भी आपने बोला कि [हंसी] कुड बी समथिंग लाइक दैट। तो अगर लेट से जो भी हमें लोग सुन रहे हैं उनमें से कोई इस तरह का ट्रेट एक्सपीरियंस करेक्ट और बार-बार चलो ये लव वाले बकेट में चला गया बट समथिंग सिमिलर टू दिस कुछ हुआ आपने लॉटरी जीती कुछ भी हां लॉटरी जीती या कुछ भी आपके साथ ऐसा एक्सपीरियंस हो गया आपने कुछ ऐसा अचीव कर लिया कि आप उसके बारे में सोचना छोड़ ही नहीं पा रहे हो आपको लग रहा है यस आई क्रैक्ड इट यस मेरे साथ ये हो गया और आपका कहीं ध्यान ही नहीं लग रहा यू आर सो एक्साइटेड अबाउट इट फर्स्ट ऑफ ऑल इज दिस
(32:31) आल्सो ओवरथिंकिंग नो बिकॉज़ कॉन्शियस वेल प्लंड यू आर थिंकिंग एक थीम के बारे में दूसरी बात आपने नोटिस किया जब भी कोई बहुत सी चीज होती है पहले दिन जो एक्साइटमेंट फील होती है बाय डे टू कम हो जाती है डे थ्री और कम हो जाती है डे फोर फाइव 6 7 8 9 10 आपने जब अपना फर्स्ट YouTube आपको बटन मिला होगा वो एक्साइटमेंट आज भी आपको अच्छा लगता है बट वो एक्साइटमेंट फिजियोलॉजिकली वो नहीं फील कर सकते आप राइट एंड वी गिव बर्थ टू आवर बेबीज दैट्स अ रियल फीलिंग वी विल ऑलवेज रिमेंबर इट पर वो रोज नहीं रिकक्रिएट कर सकते आप वो बेबी को देखिए नई-नई चीजें होंगी।
(33:07) तो वो ओवरथिंकिंग नहीं है। पहली बात दैट इज यू रीलिविंग अ गुड मोमेंट बार-बार उसके बारे में सोचना। एंड दैट्स परफेक्टली फाइन इफ इट मेक्स यू हैप्पी। हाउ हाउ इज इट नॉट ओवरथिंकिंग? क्यों ये डिफरेंट है? एक बुरा इंसिडेंट होता है। मैं उसको सोच रही हूं। वर्सेस एक अच्छा इंसिडेंट हुआ है। मैं उसको सोच रही हूं। दिस यू आर सेइंग इज ओवरथिंकिंग। दिस इज नॉट व्हाई? ओवरथिंकि इज यूजली अनप्लांड। बैठे-बैठे रैंडमली नहीं होती है। क्या आप बैठते हो और बोलते हो चलो अभी आधा घंटा ओवरथिंकिंग करेंगे। नहीं ना? इट स्टार्ट्स ऑफ यूजली वेरी स्पॉनटेनियसली नॉट अंडर योर कंट्रोल।
(33:41) या यू कैन कंट्रोल सम पार्ट्स ऑफ इट। पूरा नहीं कर सकते। वेयर एस ये जो आप बता रहे हो दिस इज लाइक अ जैसे ग्रेटट्यूड में हम क्या करते हैं? प्लान करके सोचते हैं ना। आई एम ग्रेटफुल फॉर वो तोली बैठकर रिकॉल करते हैं सब चीजें। करेक्ट। तो यूफोरिया फीलिंग जो है ना वो धीरे-धीरे नर्च कम आता रहेगा। आप नोटिस करेंगे आपको वो वैसा नहीं फील हो सकता। यू कैन नॉट बी ऑलवेज अगेन मेनिया एक बीमारी होती है। बायपोलर डिसऑर्डर में मेनिया में इंसान वैसा कास्टेंटली फील करता है। आई थिंक दैट्स मेनिया अगेन नॉट एवरीथिंग विल पॉइंट देयर बट या सम ऑफ़ इट साउंड्स लाइक अगर आपको सात दिन
(34:14) से ज्यादा नींद ना आ रही हो। आप यूफोरिक फील कर रहे हो। अगर आप बहुत ग्रैंड प्लान्स बना रहे हो। अगर आप बहुत ही ज्यादा एक्सेस स्पेंडिंग कर रहे हो। अगर आप बहुत ज्यादा एक्टिव हो रहे हैं [हंसी] तो शायद आपको साइकेटिस्ट से मिलना चाहिए। प्यार नहीं। आई लाइक इट। जी। कैन वी ट्रस्ट आवर माइंड? नेवर। [हंसी] डोंट ट्रस्ट एवरी थॉट। इन फैक्ट अ बिग पार्ट ऑफ़ थेरेपी इज डोंट बिलीव एवरी थॉट। आधे से ज्यादा थॉट [हंसी] कचरा है। डोंट बिलीव एवरीथिंग यू थिंक। हाउ टू डिफरेंशिएट। कैसे पता चलेगा कि ये जो मुझे ये जो थॉट आ रहा है ये सही है, वैलिड है या फिर ये कचरा है? तो एक बहुत
(34:52) इंटरेस्टिंग बात होती है। कुछ चीजें फैक्ट है और कुछ चीजें ओपिनियन है। ये क्या कलर है? वाइट। व्हाई आर वी सो श्योर? बिकॉज़ दैट्स अ फैक्ट। दैट्स अ फैक्ट। यू एंड आई कांट चैलेंज इट। कैसा लग रहा है आपको ये कप? दैट्स माय ओपिनियन। यू लाइक इट? हम आई विल से नहीं गंदा है। मेरे को नहीं अच्छा लग रहा। दैट्स माय ओपिनियन। हम्म। सो ओपिनियंस कैन ओह, नो, यू नॉट एक्चुअली इलाइट। आई लाइक योर लोगो अ लॉट। मैंने बदल ली अपनी ओपिनियन। एक सेकंड में बदल ली। ओपिनियंस कैन बी चेंज्ड। फैक्ट्स कैन नॉट बी चेंज्ड। तो ऐसे ही जब आपके थॉट्स में जो फैक्ट्स हैं वो तो सच
(35:27) है। ऑब्वियसली ट्रस्ट दोस पृथ्वी गोल है। सूरज इससे निकलता है। ये सब फैक्ट्स हैं। है ना? आप यहां बैठी हैं, मैं यहां बैठी हूं। ये फैक्ट है। ओपिनियंस कैन बी डिबेटेड। और आधे से ज्यादा थॉट्स ओपिनियन होते हैं। नोटिस करना। मुझे वो अच्छी नहीं लगी। उसने मुझसे ऐसी क्यों बात की? वो ऐसा क्यों था? खाना कैसा था? तो आपका और मेरा फेवरेट अगर एक मूवी की बात चर्चा चले देयर विल बी पार्ट्स जो आपको बहुत बेकार लगेंगे मेरे को बहुत अच्छी लगेंगे। बट द फैक्ट इज हमने सेम मूवी देखी ना। सो डोंट ट्रस्ट ए्री थॉट बिकॉज़ अ लॉट ऑफ़ इट इज नॉट फैक्ट।
(36:00) इससे जो मैं टेक अवे लेना चाहूंगी दैट इज जो हम अपने बारे में भी ओपिनियंस फॉर्म करते हैं। उनप भी हमें हमेशा ब्लाइंडली ट्रस्ट नहीं करना चाहिए। थिंग्स लाइक मैं अच्छी नहीं दिखती। आई एम नॉट इनफ। मैं ये नहीं कर पाऊंगी। मेरे से ये नहीं हो सकता। दीज़ आर ऑल योर ओपिनियंस व्हिच मे आल्सो बी रोंग व्हिच मे नीड टू बी चेंज्ड। सो डोंट बिलीव ऑल योर थॉट्स। या कई बार हम अपनी लाइफ में कुछ ऐसी चीजों से डील कर रहे होते हैं जो हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं। जैसे कि ओवरथिंकिंग, लोनलीनेस, रिलेशनशिप इशज़ एंड वी डोंट नीड टू फिगर आउट एवरीथिंग ऑन आवर ओन। कई बार
(36:37) ना एक एक्सपर्ट के साथ सिर्फ एक कॉन्वर्सेशन सब [संगीत] कुछ फिक्स कर देती है। एंड दैट्स वेयर थेरेपी कम्स इनू द पिक्चर। अगर आप भी इस तरह की किसी भी चैलेंज के साथ डील कर रहे हैं देन वी आर हियर टू हेल्प यू विद आवर ऑनलाइन पर्सनलाइज थेरेपी विद आई एम बाऊ। इस प्रोग्राम में आपको एक सर्टिफाइड साइकोलॉजिस्ट असाइन होते हैं जो आपके साथ वन टू वन ऑनलाइन कनेक्ट करते हैं और आपके इन सभी चैलेंजेस के साथ डील करने में आपको सपोर्ट करते हैं। इस प्रोग्राम की और डिटेल्स जानने के लिए आप डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक पर विजिट कर सकते हैं। वी आर
(37:07) हियर टू सपोर्ट यू। डिस्टिंग्विश करना कैसे है? इन सब चीजों के बीच में ना जैसे बिकॉज़ आपने जो एग्जांपल्स दिए, फैक्ट के एग्जांपल दिए, इमोशन के एग्जांपल दिए, यह बहुत स्ट्रेट फॉरवर्ड एग्जांपल्स थे। बट जब हमारे माइंड में थॉट आता है तब प्रैक्टिकली हम बैठकर ये नहीं सोचेंगे कि अच्छा ये फैक्ट है। अच्छा मतलब इमोशंस और थॉट्स जस्ट कम एंड गो। यस। वो आते हैं वेव्स की तरह आते हैं। मैं आपसे बात कर रही हूं। 10 तरह की चीजें मेरे माइंड में आएंगी। तो मैं अब प्रैक्टिकली हर वक्त बैठकर ये नहीं देख सकती हूं कि ये फैक्ट है। ये ऐसे हैं ये
(37:39) वैसे है। सो इन अ डे टू डे लाइफ टू बी मोर कॉन्शियस अबाउट माय थिंकिंग एंड टू हैव बेटर कंट्रोल ओवर माय थॉट्स। हाउ इज इट प्रैक्टिकली पॉसिबल टू डिस्टिंग्विश वेदर इज़ इट अ फैक्ट ओर एन इमोशन और इज़ जस्ट अ स्टोरी दैट माई माइंड इज़ टेलिंग मी। एक्चुअली यू शुड नॉट बी स्पेंडिंग ऑल योर टाइम डूइंग दैट। दैट्स अ वेस्ट ऑफ़ योर टाइम। द आईडिया इज टू बी राइट हियर राइट नाउ। यह सॉलिड है। यह भी सॉलिड है। मुझे ठंड लग रही है। मुझे पानी पी के कैसा फील हो रहा है। आवर जॉब इज नॉट टू सीट विद आवर थॉट्स। हाइपर अवेयरनेस नहीं अच्छी होती है। मैं तो हमेशा लोगों को बोलती हूं कि
(38:24) एक अवेयरनेस मिनिमम लेवल जरूरी है। पर इतनी हाइपर अवेयरनेस होना कि हर थॉट को बैठ के मैं फिल्टर करूं। मेरे पास है। [हंसी] मुझे काम करना है। इट इज नॉट रिक्वायर्ड। ओके। इवन हम नहीं करते। मैं ये सिखाती हूं फॉर लिविंग। पर मैं भी बैठ के अपने हर थॉट को एनालाइज वो ओवरथिंकिंग एंड रूमिनेशन में चला जाएगा। इनफैक्ट जब आप एक माइक्रोस्कोप के अंडर अपनी हर चीज को डालेंगे और करेंगे तो आपको सिर्फ फ्लॉस दिखेंगे। मत करो। लिव एंड हाउ डू यू लिव बाय बीइंग राइट हियर? दिस ब्रेथ आई टूक इज़ राइट हियर। आई कांट थिंक अबाउट इट इन द फ्यूचर एंड पास्ट।
(38:59) एवरीथिंग आई एम एक्सपीरियंसिंग राइट नाउ इज राइट हियर। सो इफ आई सिट विद माय थॉट मैंने अभी गुर्जर को 5 सेकंड पहले ये बोला था वो थॉट था कि फैक्ट था और वो एग्जांपल में फैक्ट था कि थॉट था वो मेरे लिए बिलीव सिस्टम नॉट नीडेड। मैं गाड़ी चला रही हूं। गाड़ी चलाने के लिए मुझे बेसिक अवेयरनेस होनी चाहिए। इंडिया में ज्यादा होनी चाहिए। क्योंकि लेफ्ट से भी कोई आ सकता है, राइट से भी हो सकता है। अवेयरनेस जरूरी है। तो जब मैं ड्राइविंग सीट में हूं तो मुझे ये अवेयरनेस चाहिए कि मैं क्या स्पीड में चला रही हूं? स्पीड लिमिट क्या है? आगे कौन सा सिग्नल है? पर मान
(39:27) लीजिए अब मैं इतनी अवेयरनेस कर रही हूं कि मुझे हर जाती हुई गाड़ी की स्पीड गेज हो रही है। मुझे हर बारी लेफ्ट पैर, राइट हाथ, गियर चेंज मैं गाड़ी चला पाऊंगी। वो सब बहुत ओवरवेल्मिंग हो जाएगा। प्रिसाइजली। बट मुझे लगता है कि इट आल्सो कम्स विद प्रैक्टिस। जब मैंने डे वन पे गाड़ी चलाई थी तो मे बी मैं ओवरवेल्म हुई थी। और मैंने देखा था राइट से आ रही है, लेफ्ट से आ रही है, मुझे रोकना है। बट नाउ व्हेन आई ड्राइव अ कार, मुझे यह सब नहीं सोचना पड़ता। तो विद प्रैक्टिस मैं अब अवेयर भी होती हूं, प्रेजेंट भी होती हूं और इतना मुझे सोचना भी नहीं पड़ता। तो ये जो
(40:04) अवेयरनेस या जिस भी चीज की हम बात कर रहे हैं इट आल्सो कम्स विद प्रैक्टिस ना कि शुरू में आपको अवेयर होने की प्रैक्टिस डालनी पड़ेगी। अपने थॉट्स के ऊपर यू नो ध्यान देने की कि व्हाट काइंड ऑफ़ थॉट्स एम आई थिंकिंग। हमें अपने नेगेटिव थॉट्स को डिसमिस नहीं करना है। इनफैक्ट वहीं पर गोल्ड माइंड है। हम हर समय हैप्पी नहीं फील कर सकते। आप हर समय सिटाइटटी फुल नहीं फील कर सकते ना। अगर भूख नहीं लगेगी तो फिर तो प्रॉब्लम हो जाएगी। आप हर समय बिना नींद के फुल्ली रिचार्ज नहीं रह सकते। एक्चुअली नेगेटिव थॉट्स रिक्वायर कि आप उसको थोड़ा सा समझें कि क्या आपको बार-बार
(40:40) तंग कर रहा है। हर समय पॉजिटिव रहने को हम बोलते हैं टॉक्सिक पॉजिटिविटी। ओके। और यह एक बुरी चीज है। अरे ग्लास टूट गया कोई बात नहीं बी हैप्पी। अरे कोई मर गया बी हैप्पी। नहीं दिस इज नॉट राइट। इसी तरह मैं अगर लास्ट आई रेस में मुझे सैड फील करने दो। मे बी आई विल टेक दैट सैडनेस। और मैं उसके साथ बैठूंगी और कहूंगी यार मेरी बॉडी कैसे रिवोल्ट कर रही है ना इस सैडनेस को। और मैंने बिहेव किया अपने आपको रूम में बंद करके। पर मैंने डिसाइड किया कि अब मैं इस कंपटीशन में अपनी जी जान डाल दूंगी। हम हम क्या करते हैं? तुरंत बैंडेड लगा देते
(41:16) हैं। तुम्हें बुरा लग रहा है? बुरा मत लगाने दो। इट्स ओके। अरे अरे तुम अगली बारी कर लोगे। बट मुझे सैड फील हो रहा है। मुझे सैड फील होने दीजिए। इसी तरह आपके जो कचरा थॉट्स है ना सोना ना बाहर फेंक दो। इसलिए कचरे को भी ध्यान से देखना चाहिए। अगर हमें अपनी थॉट्स की अवेयरनेस बढ़ानी हो तो उसके लिए हम प्रैक्टिकली क्या कर सकते हैं? थॉट्स की अवेयरनेस अगर बढ़ानी है तो एक तरीका मैं जरूर रेकमेंड कर सकती हूं। जर्नलिंग। अगर आप एक पेज फ्री फ्लो लिखें जो मन करना है। सबसे पहले तो आप लिख ही नहीं पाएंगे। आप कहोगे व्हाट शुड आई राइट अबाउट? व्हाट शुड आई
(41:50) राइट अबाउट? तो जब मैं लोगों को कहती हूं ना आपको जो ओवरथिंकिंग होता है ना आप उनको लिखा करो। पता है क्या कहते हैं? क्या लिखूं? जो सोच रहे हो लिखूं? कैसे लिखूं? मैं कहती हूं जो मन में आए लिख दो। नहीं उसका कोई तुक नहीं होगा। मैंने कहा ओवरथिंकरिंक का भी तुक नहीं है। [हंसी] उससे फायदा क्या होगा? मैंने कहा उससे यह फायदा होगा कि वो थॉट्स फिर हम साथ में समझेंगे कि क्या थीम बार-बार आ रही है और उसको डिसेक्ट करेंगे। अब जो लोग वो करके लाते हैं होमवर्क इसको सीबीटी होमवर्क बोलते हैं। काफी पेशेंट ना इस पॉइंट पे भाग जाते हैं क्योंकि होमवर्क दो तो भाग
(42:22) जाते हैं लोग। तो जब कोई लिख के लाता है अपना थॉट सैंपल कुछ भी आज मुझे ऐसा लगता है कि मैंने जब एक्सप्लेन किया तो मैंने गुंजन को ये वाला पॉइंट बहुत अच्छे से एक्सप्लेन किया। पर ये वाला पॉइंट का मेरे को नहीं लगता है कि उसको आंसर अच्छा लगा। तो मैं अभी बैठ के थोड़ा सा सोचूंगी कि नेक्स्ट टाइम कोई ऐसा सवाल पूछे तो उसका आंसर क्या बना सकती हूं। आई हैव प्रोसेस्ड इट। अब वो ए्बरेसमेंट मेरे साथ नहीं जाएगी। हम तो अपनी ओवरथिंकिंग को आप अगर पेपर पे लिखना चाहें 15 मिनट निकालिए। राइट व्हाटएवर कम्स टू योर माइंड। डंपिट। इट्स कॉल्ड थॉट डंपिंग।
(42:57) हम्म। एंड सी द मैजिक। तो आप अपने थॉट्स के अवेयरनेस की तरफ बढ़ सकते हैं। हमें कई बार सेल्फ अवेयरनेस होने के बावजूद भी हम क्यों नहीं उसे एड्रेस कर पाते हैं। जैसे आपने बोला कई लोग आते हैं और उनको उनको पता है कि वो इसके बारे में ज्यादा सोच रहे हैं। अननेसेसरीली सोच रहे हैं और आपने उनको बोला कि आप लिखो। व्हेन दे नो दैट दिस इज हैपनिंग विथ देम देन व्हाई डू दे कंटिन्यू रिपीटिंग दैट बिहेवियर। लवली। हम सब कंफर्ट के आदि हैं। वी लाइक बीइंग कंफर्टेबल। हमें आदत है कि यह कॉफी मैं ऐसे पीती हूं। ब्लैक कॉफी तो मुझे ब्लैक ही कॉफी पीनी है। कोई और मुझे बोले
(43:34) चाय पी लो। अच्छी शायद चाय मेरे लिए अच्छी है फिर भी डी कैफ पी लो मैं नहीं पीना चाहती वी गेट वेरी स्टक इन आवर वेज़ पहली बात और हमें उस कंफर्ट ज़ोन से निकलने के लिए पहले खुद को सहलाना भुलाना पड़ता है क्योंकि कोई और अगर मुझे कहे ना तो पहला आंसर होता है ये मेरे बारे में क्या सोचेगा मैं तो अपने बारे में बहुत अच्छे से जानती हूं मैं तो खुद को बहुत अच्छे से समझती हूं आई विल डू व्हाट आई फील लाइक इवन दो मुझे पता है सबको पता है सिगरेट पीना बुरा होता है सबको पता है शराब पीना बुरी होती है बट बट शायद उनको कोई चीज उससे फील हो रही है
(44:07) जिसकी वजह से वो सेल्फ साबोटाज एक्सेप्ट करने के लिए भी राजी हैं। तो पहला हो गया जिद एंड कंफर्ट। मैं जैसा हूं वैसा हूं। आई डोंट वांट टू चेंज। इवन दो आई नो इट इज गुड फॉर मी। यह डिनाइयल हम सब में है। किसी ना किसी चीज में। आपको कभी ना कभी किसी ने कोई अच्छी राय दी होगी जो आपने इमीडिएटली डिसमिस की होगी। क्योंकि मेरे लिए नहीं है। नॉट फॉर मी। इट मे बी गुड फॉर यू। तो फर्स्ट इज़ गेटिंग यूज़्ड टू द पैटर्न ज़िद। ठीक है? दूसरा इज़ जस्ट द होल आईडिया कि अगर कोई मेरे को उससे फ़ायदा मिल रहा है, लोग सिगरेट क्यों पीते हैं? नंबर वन रीज़न
(44:43) अगर आप पूछिए किसी से सिगरेट क्यों पीते हैं? स्ट्रेस कम होता है। लोग ऐसा कहते हैं। व्हिच इज़ नॉट रियल। बट दैट्स हाउ दे पर्सव इट। करेक्ट? तो इसलिए सिगरेट छोड़ना मुश्किल है क्योंकि वो जो स्ट्रेस कम होता है आउटवेज द लॉजिक द फैक्ट कि सिगरेट बुरा होता है। तो हमारा ब्रेन ना आपस में भी खेलता है। मुझे पता है ये मेरे लिए अच्छा है। बट आई डोंट वांट टू डू इट। आई एम वेरी कंफर्टेबल लाइक दिस। मुझे ना छेड़ो मत। अरे [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] हां होता है। पर अभी मजा कितना आ रहा है। आर यू श्योर बाद में देख लेंगे। तो ब्रेन
(45:14) आपस में यह गेम जरूर खेलता है और कॉन्शियस और अनकॉन्शियस भी कभी-कभी लड़ती है एक दूसरे से और कहती है डू दैट आई थिंक ओके आई नो आई शुड नॉट ड्राइव फास्ट बट ड्राइवस्ट करके मैं जल्दी पहुंच जाऊंगी मेरे 5 मिनट बच जाएंगे तो आई विल ड्राइव फास्ट सेल्फ साबज है ना बुरा है मेरे लिए एक्सीडेंट हो सकता है बट क्योंकि वो अभी नहीं हो रहा है एंड वी ऑल आल्सो फील नाउ गुड समवेयर हमें लगता है मेरे साथ बुरा नहीं होगा दूसरे के साथ होगा अरे यह दूसरे के साथ होता है। तो वो सेल्फ प्रोटेक्शन के चक्कर में हमारा ब्रेन हमको झूठ भी बोलता है खुद को कभी-कभी।
(45:50) क्या लोग इसलिए भी ओवरथिंक करते हैं या स्ट्रेस लेते हैं बिकॉज़ इससे उनको कहीं ना कहीं प्लेजर मिलता है? ब्यूटीफुल क्वेश्चन। इट डजंट गिव पर से प्लेजर बट इट गिव्स समथिंग टू डू। और पता है ह्यूमन बीइंग्स के लिए सबसे बेकार चीज क्या होती है? बोर्डम। पर सबसे अच्छी चीज क्या होती है? बोर्डम। लोग बोर नहीं होना चाहते। तो कुछ स्टडीज की गई थी जिसमें इंसान को एक वाइट रूम में बंद कर दिया गया और बोला बोर हो जाओ कोई घड़ी नहीं है कुछ नहीं है करने को वो बोर होता गया कुछ घंटे बाद बोलने लगा यार कुछ तो करवा दो अब ऐसे में इंसान को कुछ अच्छा
(46:26) करने का मन करता है राइट वी विल नीड कि कोई मेरे को कुछ खाने को दे दो मेरे से बात कर लो मुझे बाहर जाने दो तो उन्होंने ना एक एक डब्बा दिया और बोला इसके अंदर उंगली डालोगे ना तो करंट लगेगा और छोड़ दिया अब कोई भी मैं क्यों करंट करंट लगवाना चाहूंगी खुद को। पर पता है मेरे पास कुछ नहीं है करने को। करंट ही लगवा लेते हैं। दैट ब्रिंग्स प्लेजर एट दैट पॉइंट। क्योंकि मैं बोर होने से बेटर है चलो कुछ तो है इसी से प्लेजर मिल रहा है। करंट लग रहा है माइंड यू और लोग बार-बार करंट लगवाते हैं। तो प्लेजर जो आप कह रहे हैं कि पॉजिटिव जो कनोटेशन हम दे रहे हैं
(47:01) उसमें भी हो रही है। तभी तो लोग जो नेगेटिव चीजें कर रहे हैं एक तरह से जो सिगरेट वगैरह का एग्जांपल हम ले रहे थे उसको मैं गलत सही में वहां गलत जरूर बोलना चाहूंगी। वो इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इट्स गॉट समथिंग टू डू कि ब्रेन खाली नहीं बैठना है। यह कम से कम बेटर है। तो इन दैट वे यस कभी-कभी ना ओवरथिंकिंग आपको कुछ दे रही है बिजी रहने के लिए। बिजी रहने के लिए जब हम बोर होते हैं तो हमारे माइंड में क्या होता है? बहुत सारे ख्याल आते हैं। फ्लडिंग हो जाती है। पास्ट की कोई ए्बरेसिंग बातें आ सकती है। फ्यूचर की कोई प्लानिंग आ सकती है।
(47:33) हम अपने एकिस्टेंस को क्वेश्चन करने लगते हैं। हम अपने फ्लॉस देखने लगते हैं। माइक्रोस्कोपिकली ऐसा क्यों है? और यह हम सबके लिए स्पेशली आजकल की इतनी बिजी जनरेशन जो हर समय दूसरे को डांस करता हुआ या दूसरे को कुछ करता हुआ देखना चाहता है वो खुद के साथ नहीं बैठना चाहता है तो ये बहुत ओवरवेल्मिंग हो जाता है क्योंकि हमें कैसे करना है नहीं करना आता है अवेयरनेस हाइपर अवेयरनेस पे चले जाते हैं हम उस मोमेंट में इसीलिए हम भागते हैं बॉटम से इसलिए लोग बार-बार तीन डिवाइसेस पे आजकल टीवी देखते हैं देखा है सामने टीवी चल रहा है यहां पे मोबाइल चल रहा है यहां लैपटॉप
(48:09) पे आईपैड है देयर इज अ कांसेप्ट कॉल्ड एस सेकंड स्क्रीन। थर्ड स्क्रीन। नाउ इट्स टर्न टू थर्ड स्क्रीन। यू नीड टू बी थर्ड स्क्रीन वर्दी। अभी Netflix की स्क्रिप्ट्स इस पर्सपेक्टिव से लिखी जाती है दैट पीपल आर गोइंग टू नॉट वॉच इट लाइक दिस, पीपल आर गोइंग टू वाच इट लाइक दिस। देखिए डबल डोपामिन हिट हो रहे हैं फिर भी लोग खुश नहीं हो रहे हैं। हम हमेशा पढ़ते हैं कि बोडम इंसान के लिए अच्छा होता है। सो व्हेन डस इट स्टार्ट बिकमिंग गुड फॉर यू? सो बोडम इज इनहेरेंटली डिं्फर्टेबल। अच्छा नहीं लगता है, अनकंफर्टेबल लगता है। इसलिए लोग उससे भागते हैं।
(48:39) बट इफ प्रैक्टिस रेगुलरली फॉर स्मॉल टू मीडियम इंटरवल्स इट्स लाइक जिम तो आपके लिए अच्छा हो सकता है। तो जैसे अगर आप मान लीजिए 30 सेकंड्स के लिए डू नथिंग ट्राई करें। ओके। लगेगा इजी है। पर करके देखना। एंड एवरी डे करो। एंड व्हेन यू से डू नथिंग एक्साक्ट्ली क्या नहीं करना। लाइक, कुछ नहीं। एकदम बस रूम में बैठ जाना है और जस्ट बी विद योर थॉट्स, जस्ट बी विद। दैट्स द ओनली थिंग दैट इज विद यू एवरीव्हेयर यू गो एंड लेट एनी काइंड ऑफ़ थॉट दैट कम्स योर माइंड आने दो। क्योंकि थॉट्स के लिए हम बहुत अच्छी चीज कहते हैं जैसे बादलों के लिए थॉट्स विल कम
(49:16) एंड गो कम एंड गो। बट अगर आप आने नहीं दोगे तो जाएगा कैसे? सो लेट इट कम। लेट इट गो। वॉच इट कम एंड वॉच इट गो। तो बोडम में अगर आप रेगुलरली बोडम टाइम प्रैक्टिस करें। 30 सेकंड्स ऑफ़ डूइंग नथिंग। नो डिस्ट्रैक्शंस, नो वांटिंग टू सॉल्व समथिंग, नो वांटिंग टू टॉक टू समवन। उसको धीरे-धीरे 1 मिनट बढ़ाइए। डू इट एवरीडे अराउंड द सेम टाइम। यू कैन डू इट शावर में घुसने से पहले, शावर से बाहर निकलने के बाद डन राइट। इट विल अब्सोलुटली हेल्प योर रेजिलियंस। इट विल हेल्प आपकी फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस। जिसको हम कहते हैं ना आजकल हम बहुत फ्रस्ट्रेट हो जाते हैं कि अरे ये
(49:55) देरी से क्यों हो रहा है? ये देर से क्यों आया? ये सारी चीजें इंप्रूव होंगी अगर आप प्रैक्टिस करेंगे रेगुलरली। बिकॉज़ हम बोर होना भूल गए हैं। द आर्ट ऑफ गेटिंग बोर्ड। अब्सोलुटली। देयर इज वन पर्टिकुलर थिंग अबाउट ओवरथिंकिंग दैट इज ये यूजली रात को ही क्यों होती है? रात को जब नींद नहीं आती है। द नंबर वन रीज़ इज वो कहते हैं मेरा दिमाग बहुत सारे ख्याल या ओवरथिंकिंग स्टार्ट कर देता है रात को। हम तो मैं कहती हूं अच्छा पूरा दिन नहीं करता है। नहीं नहीं पूरा दिन नहीं करता है। क्यों नहीं करता है? पूरा दिन तो हम बिजी रहते हैं ना। इतना काम होता है। अच्छा तो
(50:28) रात को क्या होता है? रात को साइलेंस होता है। आपके थॉट्स ना आपके वो लवर की तरह है जो आपकी अटेंशन चाहती है। सुनो ना मेरी बात। सुनो ना गुंजन सुनो ना वो बात है याद है वो ऐसे किया था तुमने। सुनो ना पूरा दिन तो आप कह देते हो जाओ यहां से। मैं कुछ कर रही हूं। जाओ यहां से मैं कुछ और कर रही हूं। अब रात को वो आपको पकड़ लेती है। कुंजन सुनो ना। सुनो ना। अब मुझसे बात करो। अब कुजन कहती है मुझे सोने दो। नहीं पर आपने तो पूरे दिन मुझसे बात नहीं की। अब मेरी बात सुन लो। दैट इज व्हाई वी स्टे अप एट थिंकिंग अबाउट एवरीथिंग मैं तो कहती हूं
(51:04) दिन में बात कर लो रात को नहीं करनी पड़ेगी [हंसी] और सेट रूल्स यस और सही अच्छा ठीक है सुबह बात कर लेंगे तुमसे पर फिर कर लेना सुबह [हंसी] बात करनी जरूरी है बट खुद बहुत है बिल्कुल मैं आज अच्छी नहीं दिख रही मैं कैसी दिख रही हूं लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे ये जो सेल्फ जजमेंट होती है इसका रूट कॉज क्या होता है आप और मैं एक पार्टी में मिलते हैं आप और मैं एक बारी मिले हुए हुए हैं। ऐसे अब आप उस पार्टी में मेरी तरफ देखते हैं। मैं आपकी तरफ देखती हूं। मैं आपको हाय बोलती हूं। बट आप सडनली दूसरी तरफ देख लेती हैं। कोई आपको हेलो बोलने लगता है तो
(51:39) मे बी आप उनकी तरफ बात करने लगते हैं। अब क्योंकि मेरा हाथ ऐसे था। आई कैन फील एम्बरेस्ड। हम हम नीचे रखा। मैंने फिर से ट्राई किया और शायद आपने मेरे को सच्ची में ओवरलुक कर दिया। हम कोई बैड इंटेंशन नहीं थी। राइट? अब मेरे ब्रेन में बहुत कुछ फायरिंग होने लगेगी। राइट हम बहुत बनती है अपने आपको मैं नहीं बात कर रही मैं अपनी पीठ मोड़ के बिहेवियर वाइज जा सकती हूं मैंने सेकंड टाइम अटेम्प्ट नहीं किया बट अगर मैं बोलूं यू नो व्हाट कोई उनकी अटेंशन उस समय ले गया शी वास बिजी विद समथिंग लेट मी गो क्लोजर एंड गो एंड से हेलो अब ये कब होगा
(52:16) अगर मैं खुद में बहुत सिक्योर हूं अगर मेरी अंदर सिक्योरिटी है कि उनको मुझे इग्नोर करके कुछ नहीं मिलने वाला मैं इतनी इंपॉर्टेंट हूं ही नहीं कि वो मुझे इग्नोर करेंगी शायद पहचाना नहीं। कभी-कभी शक्ल बदलती है, वजन बदलता है, लुक डिफरेंट होती है। क्लियरली डिस्ट्रैक्टेड थी। इफ आई एम कॉन्फिडेंट एंड सिक्योर अबाउट माय इनसिक्योरिटीज? इनसिक्योरिटी हम सब में होती है। अगेन इनसिक्योरिटी होना बहुत ही नॉर्मल है। पर उस इनसिक्योरिटी को एक्सेप्ट करके हाय, डू यू रिमेंबर आपने एक पॉडकास्ट शूट किया था। आप कैसे हो? हाउ आवर थिंग्स? हाउ आर द
(52:49) बेबी? आप जरूर मुझसे कुछ तो बात करेंगे। सो हाउ वी थिंक इन दैट सिचुएशन इज़ बेस्ड ऑन आवर साइकोलॉजिकल मेकअप ऑन आवर एक्सपीरियंसेस विथ पीपल ऑन द सोशल कंडीशनिंग कोई अगर बोले अरे कोई इग्नोर कर रहा है ना तो उससे बात भी मत करा करो वर्सेस अरे कोई इग्नोर कर रहा है तो उसको समझा करो मैं एक और एग्जांपल आपको देना चाहूंगी अनदर इंटरेस्टिंग वन बेस्ड ऑन इनसिक्योरिटीज मान लीजिए आप और मैं कॉफी पी रहे हैं एक कैफे में दरवाजा खुलता है एक लड़की अंदर आती है उस लड़की ने एक बहुत सुंदर रेड ड्रेस पहनी है मगर मगर जब वो घर से निकली थी, उसने उस रेड ड्रेस को ऑलरेडी
(53:25) ओवरथिंक करके एक-द घंटे वेस्ट किए थे। ये ड्रेस बहुत शॉर्ट है क्या? टाइट है क्या? ज्यादा रेड है क्या? लोग क्या सोचेंगे? डस इट लुक गुड ऑन मी। इसमें मैं ठीक लग रही हूं कि नहीं? ज्यादा ज्यादा छटंग तो नहीं लग रहा है। उसने बहुत ओवरथिंक किया है इस ड्रेस को। बट पहन ली है। अब जैसे ही अगर किसी कैफे में दरवाजा खुलता है तो आप और मैं सबसे पहले क्या करते हैं? देखते हैं ना उस तरफ। नेचुरल है ना? वी आर नॉट जजिंग। वी आर नॉट डूइंग एनीथिंग। हम बस एक नेचुरल रिस्पांस है कि कोई अगर खलबली हुई तो क्या देख रहे हैं? अब उस लड़की ने देखा
(53:55) कि ये दोनों मुझे देख रही हैं और आप और मैं ऐसे हंस लिए मुस्कुरा रही। अरे हां हां अब बेस्ड ऑन वो कितनी सिक्योर है और इनसिक्योर है। वो इस न्यूट्रल एक्सपीरियंस को एक्सपीरियंस कर सकती है। दे आर जजिंग मी। मुझे ये ड्रेस नहीं पहननी चाहिए थी। ओह माय गॉड आई एम फीलिंग एंबरेस्ड। अरे ये अपने आपको क्या बनती है? इन्होंने क्या पहना हुआ है? ऑल दी थॉट्स ऑल दीज़ बिहेवियर बिहेवियर कुड बी एडजस्टिंग कपड़े बिहेवियर कुड बी वो घर चली जाती हूं कपड़े बदल लेती हूं व अगर वो बहुत कॉन्फिडेंट फील कर रही है अपनी इनसिक्योरिटी पे काम कर चुकी है और
(54:29) बोल रही है आई एम वेयरिंग दिस बिकॉज़ मेरे को अच्छा लगता है लाल रंग मुझे कंफर्टेबल लग रही है ये ड्रेस मैं किसी के सेंटीमेंट्स को ही हर्ट नहीं कर रही हूं ठीक है मे बी दे आर अप्रिशिएटिंग मी सेम सिचुएशन डिफरेंट मीनिंग इन द सेम वे बेस्ड ऑन व्हाट बेस्ड ऑन दैट पर्संस लाइफ एक्सपीरियंसेस मे बी इन दोनों को मेरी ड्रेस अच्छी लगी और सच्ची में हो सकता है हमने बोला वाओ उसकी रेड ड्रेस कितनी सही लग रही है ना इट्स पॉसिबल चांसेस है अरे ये अपने आपको क्या बनती है इन्होंने क्या पहना हुआ है ऑल दी थॉट्स ऑल दी बिहेवियर बिहेवियर कुड बी एडजस्टिंग कपड़े बिहेवियर
(55:06) कुड बी घर चली जाती हूं कपड़े बदल लेती हूं यू आर नॉट द सेंटर ऑफ द यूनिवर्स हम सबको लगता है कि सब हमें ही देख रहे हैं हमारे बारे में सोच रहे हैं कहती हूं यू आर नॉट द सेंटर ऑफ द यूनिवर्स मैं भी नहीं हूं। आप भी स्पॉटलाइट सिंड्रोम स्पॉटलाइट इफेक्ट एक्सक्ट्ली हमें लगता है कि सब हमें देख रहे हैं। सब सारी स्पॉटलाइट्स मेरे ऊपर है। ट्रुथ इज आपकी लाइफ में इतना कुछ चल रहा है। मेरी लाइफ में इतना कुछ चल रहा है। एक दूसरे के बारे में कुछ सेकंड सोचने से ज्यादा नहीं है टाइम हमारे पास। हमारी ओवरथिंकिंग हमारे बारे में है। [हंसी]
(55:35) हम अपने आप को अपनी क्या स्टोरी बता रहे हैं और वही हमें लगता है कि बाकी सब लोग भी हमारे बारे में वही सोच रहे हैं। इसको कहते हैं प्रोजेक्शन। मैंने जो अपने बारे में सोचती हूं मैं मैं आपके ऊपर प्रोजेक्ट कर रही हूं कि यह मेरे बारे में यह सोचती है। सच्चाई यह है कि आप तो मेरी लाइफ के बारे में जानते ही नहीं हो। आप तो मुझसे 10 मिनट पहले मिले हो। बट बेस्ड ऑन माय इनसिक्योरिटीज आई हैव बिल्ड अप अ सिचु और ऑन माय सिक्योरिटीज नॉट ओनली इनसिक्योरिटीज कि शी इज़ थिंकिंग दिस अबाउट मी। राइट? करेक्ट। और हम वो प्रोजेक्ट करते हैं लोगों के ऊपर।
(56:04) दैट ब्रिंग्स मी टू अ क्वेश्चन दैट ये जो एक्सटर्नल वैलिडेशन होती है, ये इतनी पावरफुल क्यों होती है? बैक टू द केव। मैं पूरे आपको पूरा घंटा भर केव में बिठाऊंगी। [हंसी] ठीक है? [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] बैक टू द केव। आई डोंट माइंड जब तक केव में कॉफी और हम चिल कर रहे हैं। [हंसी] हां वै गुड। हम बोर नहीं हो रहे हैं। है ना? तो बैक टू द केवन थॉट प्रोसेस। एक्चुअली ये एवोल्यूशनरी साइकोलॉजी है। ऑल ऑफ इट। जब हम केव्स में रहते थे। हम ट्राइब्स में रहते थे। अगर आप मुझे नहीं पसंद करते थे। और ऐसे अगर एक दो लोग नहीं पसंद करते थे।
(56:35) तो मुझे ट्राइब से निकाल दिया जाता था। ओके? और अकेले तो मुझे शेर खा जाएगा। मैं तो नहीं जिंदा रह पाऊंगी। तो उस केस में मैं चाहूंगी कि आप मुझे वैलिडेट करें। मैं आपको पीपल प्लीज करूं। थोड़ा सा तो प्लीज करूं और आप मेरी अप्रूवल अप्रूव करें आप मुझे। ओके? तो क्रेविंग फॉर सोशल वैलिडेशन एक्सटर्नल वैलिडेशन इज नॉर्मल। आई रिपीट इट्स नॉर्मल। ओके। एब्सोल्युटली नॉर्मल बट सिर्फ क्रेविंग एंड डिपेंडिंग ऑन एक्सटर्नल वैलिडेशन इज नॉट गुड फॉर यू। इंटरनल वैलिडेशन भी जरूरी है। मतलब अगर आपका सारा सोर्स ऑफ वैलिडेशन सिर्फ बाहर से आ रहा है हम
(57:13) वेल इट्स नॉर्मल बट इट्स नॉट गुड फॉर यू अगर वो दो जगह से आ रहा है अंदर से भी और बाहर से तो सही है। बिकॉज़ देन सम ऑफ़ इट इज़ अंडर माय कंट्रोल और थोड़ा सा आपके बाहरी दुनिया की तरफ कंट्रोल में है। पर अगर सारा ही बाहरी दुनिया के कंट्रोल में है तो वो तो कभी भी ले जा सकती है। करेक्ट? तो फेमस लोग अगर सिर्फ एक्सटर्नल वैलिडेशन पे डिपेंडेंट हो जाते हैं। ओके। तो जैसे ही फेम चली जाती है कैसा फील करते हैं? होल हो जाते हैं। एकदम खोखला फील करते हैं। एक्सैक्टली तो अंदर से वैलिडेशन बिल्ड करना बहुत जरूरी है। सिर्फ इंटरनल वैलिडेशन भी नहीं
(57:47) आपको सर्वाइव करा सकती वर्ल्ड में। क्यों? अगर मुझे अपने बारे में सब कुछ ही अच्छा लगने लगेगा। तो आई एम लूजिंग ट्रैक्स कहीं पे ना कुछ तो मेरे में अच्छा नहीं है। मे बी कहीं पे 80-20 कहीं पे 60-4 वो रेशियो हर जगह पे डिफरेंट है। फॉर दैट लिटिल डोज़ ऑफ रियलिटी चेक। करेक्ट। तो हर चीज का बैलेंस इज वेरीेंट बट एक्सटर्नल वैलिडेशन बुरी नहीं है। पीपल प्लीजिंग इनहेरेंटली बुरा नहीं होता है। डोंट यू लाइक टू बी प्लीज़? आपको नहीं अच्छा लगता कोई आपको अच्छा सर्विस दे, अच्छे से बात करे। तो पीपल प्लीज़िंग अगेन सर्वाइवल और एवोल्यूशनरी तरीके से देखा
(58:20) जाए तो करेक्ट है। सिर्फ पीपल प्लीज़ करना। अपनी राय कभी आगे नहीं रख पाना। और मैंने अपने बिलीफ सिस्टम को अबेंडन कर दिया। टाटा बाय-बाय क्योंकि मुझे आपको हैप्पी करना है। दैट्स नॉट गुड फिगर। टॉकिंग अबाउट वैलिडेशन व्हाई इज इट दैट क्रिटिसिज्म हमेशा अप्रिसिएशन को ओवरपावर कर जाता है। लेट्स से अगर किसी ने अपनी फोटो अपलोड की है उस पे 10-15 पॉजिटिव कमेंट्स होंगे। बट एक नेगेटिव कमेंट और वो एक नेगेटिव कमेंट ही याद रहता है। वही परेशान करता है। बाकी सारे पॉजिटिव कमेंट्स को हम इग्नोर कर देते हैं। सो व्हाई डस इट हैपन? किसी भी वाइट चीज में अगर दाग दिखे तो वाइट दिखना
(59:00) बंद हो जाता है और दाग ज्यादा दिखने लगता है। आवर फोकस बिकम्स ऑन द अपेरेंट फ्लॉ हम क्योंकि नेगेटिविटी बायस के लिए वायर्ड है हम सबका ब्रेन। हमारा ब्रेन ढूंढ रहा है नेगेटिव नेगेटिव नेगेटिव। बीच में पॉजिटिव मिल गया। अरे वाओ पर नेगेटिव कहां है? नेगेटिव कहां है? दूसरी बात है सैडली हम में से बहुत सों का ब्रेन परफेक्शनिज्म के लिए भी वायर्ड है। हम हमें 10/10 चाहिए। हम 9/10 नहीं चलेगा। ओके। वी वांट दैट ऑल 10 कमेंट्स शुड बी वाओ ग्रेट। तो वो जो वन पर्सन जो कह रहा है जो उनकी ओपिनियन है बैक टू ओपिनियन। अब हो सकता है वो फैक्ट भी हो। हो सकता है उन्होंने बोला
(59:39) हो कि ये काला रंग काला नहीं था तो फिर वेल गलत है क्योंकि ये तो काला है। बट अगर उनकी ओपिनियन है कि ये कपड़े आप पे अच्छे नहीं लग रहे। तो ये उनकी राय है। राइट? हम तो आ ब्रेन आल्सो डिजायर्स परफेक्शनिज्म इन दैट सिचुएशन कि यार सबको अच्छा लग रहा है सारे के सारे कमेंट्स अच्छे हो जाए एंड लाइक आई सेड नेगेटिविटी बायस आवर ब्रेन इज वेरी फोकस्ड कि क्या गड़बड़ है देन क्या अच्छा है अच्छा वाला जिम की तरह प्रैक्टिस करना पड़ता है और बुरा वाला स्टिक कर जाता है याद रह जाता है व्हेन यू से अच्छे वाला जिम की तरह प्रैक्टिस करना पड़ता है मींस फोकसिंग मोर
(1:00:14) ऑन द पॉजिटिव यस एंड इग्नोरिंग द नेगेटिव व्हेन इज नॉट रिक्वायर्ड एनालाइजिंग द नेगेटिव एंड एक्सेप्टिंग दैट्स अ बेटर वर्ड करेक्ट एंड इट्स लाइक अ मसल करेक्ट क्योंकि नेगेटिव में भी ग्रोथ है हम मान लीजिए मैं आपको एक पर्सनल एग्जांपल देती हूं सो आई टीच नीट पीजी स्टूडेंट्स ओके जब मैंने टीचिंग करना स्टार्ट किया तो मेरे लिए एक फीडबैक आया जो मुझे बहुत सालों बाद इतना ग्रोसली कुछ नेगेटिव फीडबैक अपने बारे में पढ़ने को मिला अनोनिमसली होता है सबरे सब सब स्टूडेंट्स फिल इन करते हैं। ठीक है? तो मेरे बारे में फीडबैक था कि मैम बहुत फास्ट बात करती हैं और मैडम की इंग्लिश
(1:00:50) थोड़ी मुश्किल है समझना। बहुत सारे कमेंट्स अच्छे थे। देखो मैंने नेगेटिव सुनाया आपको। बहुत सारे कमेंट्स थे। मैम बहुत एनर्जेटिकली पढ़ाती हैं। मैम का तरीका बहुत अच्छा है। मैम के एग्जांपल्स अच्छे हैं। ये पॉजिटिव छोड़ देते हैं क्योंकि पॉजिटिव छोड़ देते हैं। तो मैंने वो दो नेगेटिव कमेंट्स लिए और मैं अपने साथ बैठी। एंड वन डे आई स्टैट विद माइसेल्फ मेडिटेड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड आई आस्क माइसेल्फ अच्छा। यह तुमको इतना क्यों बोदर कर रहा है? तो बात वही थी कि मुझे चाहिए कि सबको अच्छी लगी मेरी टीचिंग। मैंने कहा अच्छा
(1:01:16) ठीक है वो तो पॉसिबल नहीं है। आम भी सबका फेवरेट फ्रूट नहीं है। चॉकलेट भी सबको नहीं अच्छी लगती। तो तुम सबको नहीं अच्छी लग सकती। चलो। इज दिस अ फैक्ट और इज दिस एन ओपिनियन? तो मैंने अपनी कुछ वीडियोस देखी। और मैंने सच्ची में रियलाइज किया कि मैं फास्ट बोल रही थी। स्पीड में बोल रही थी। और मेरी इंग्लिश के कुछ शब्द इतने डिफिकल्ट थे अंडरस्टैंड करना जो नहीं समझ आ रहे होंगे बच्चों को। एंड आई सेड अच्छा ठीक है बात तो फैक्ट है। अब क्या करना है? मैंने कहा चेंज करना है। क्यों? यह दो चार बच्चों को खुश करने के लिए नहीं क्योंकि
(1:01:49) सब बैलेंस्ड लगे इसलिए। तो अभी भी क्या होता है? मैं कभी-कभी फास्ट पढ़ाने लगती हूं। फिर मैं अपने आप थोड़ी सी स्पीड धीरे करती हूं। सो क्रिटिसिज्म और नेगेटिव फीडबैक अगर आप बैठ के एनालाइज करें तो आपको कोई उसमें ग्रोथ मिलेगी। पर आप नहीं मैं ऐसे तो नहीं करती। करने लगेंगे हम तो आप ग्रोथ का मौका छोड़ देंगे। ट्रू वै ट्रू या क्या सेम चीज हम रिलेशनशिप्स में भी एक्सपेक्ट करते हैं हमारा पार्टनर में 10 अच्छाइयां होंगी बट एक बुराई हमें हाईलाइट हो जाती है। अब्सोलुटली और हम उन 10 चीजों के लिए अप्रिशिएट भी नहीं करते। फॉर ग्रांटेड लेते हैं। बट उस
(1:02:26) एक चीज को बार-बार बार-बार पुक करते रहते हैं। अब्सोलुटली वी लुक फॉर परफेक्शनिज्म एंड आवर पार्टनर्स। और मैं हमेशा हंस के कहती हूं कि अगर इतने परफेक्ट पार्टनर होंगे तो शायद हमारे पार्टनर नहीं होंगे। दूसरी बात यह है कि एक तोलिया रखना अगर रोज हाईलाइट हो रहा है। जब तलिया नहीं रख रहे हैं हम वो भी तो हाईलाइट करो। आज आपने तौलिया नहीं रखा थैंक यू। हम उस बिहेवियर को नहीं एक्नॉलेज करते हैं। फिर से तोलिया रख दिया बेड पे। ये जरूर बोलते हैं। अगर आप ये रोज बोलेंगे आज आपने तोलिया नहीं रखा है। थैंक यू वेरी मच। आपका डिफॉल्ट सेटिंग वो था बट थैंक यू। आपने
(1:02:59) जूते बाहर उतारे। थैंक यू भी नहीं एकनॉलेज कर देना क्योंकि जब कोई नहीं गुस्सा होता है, नहीं चिल्लाता है, कोई अपनी डिफॉल्ट सेटिंग चेंज करने की कोशिश करता है और उस समय अगर उसको वैलिडेशन ना मिले हम तो फिर वो बिहेवियर नहीं करना चाहता कंटिन्यू। तो यू आर अब्सोलुटली राइट। दिस अप्लाई टू अ लॉट ऑफ़ सिचुएशंस। बच्चे बच्चों की हम बुरी आदतें हैं। हमें सबको अपने बच्चे एकदम अच्छे हर चीज में परफेक्ट चाहिए। परफेक्ट चाहिए। बट हम भूल जाते हैं कि परफेक्शनि नॉट पॉसिबल पहली बात एंड उस परफेक्शन के चक्कर में हम सारी अच्छी चीजों को एक साइड कर देते हैं और
(1:03:36) बुरे पे फोकस करने लगते हैं। जब हम परफेक्शनिज्म की बात कर रहे हैं मतलब परफेक्शन जो वर्ड है ये बहुत ही इंप्रेसिव वर्ड लगता है। बिल्कुल ऐसा लगता है कि इट्स हाई क्वालिटी हाई स्टैंडर्ड्स एवरीथिंग इज पॉलिश्ड। कोई कमी नहीं कोई गलती नहीं होनी चाहिए। बट साइकोलॉजिकली यह जो परफेक्शनिज्म का कीड़ा है व्हाट इज अंडरनीथ इट? साइकोलॉजिकली क्या है ये परफेक्शनिज्म का कीड़ा क्यों है आमिर खान में या क्यों है ऐसे बहुत से लोगों में जो क्या बताता है ये उनके माइंडसेट के बारे में? अच्छा तो परफेक्शनिज्म एक तो पर्सनालिटी ट्रेट होता है बहुत सारे
(1:04:16) लोगों का। अब जैसे पर्सनालिटी ट्रेड मैंने आपको पहले बताया था कि कुछ लोग बहुत लेड बैकक होते हैं। कुछ लोग बहुत इंपल्सिव होते हैं। इस तरह से कुछ लोग बहुत परफेक्शनिस्टिक होते हैं। एक पर्सनालिटी टाइप भी माना जाता है हमारे में व्हिच इज अ वेरी परफेक्शनिस्टिक पर्सनालिटी टाइप। पर सबसे पहली बात मैं ये बोलना चाहूंगी योर परफेक्ट इज डिफरेंट देन माय परफेक्ट। अगर मैं आपको एक पेंटिंग दे दूं एक रूम में लगाने के लिए और बोलूं मिडिल में लगाओ। हम आप अपने तरीके से परफेक्ट नहीं लगाएंगी। मैं अपने तरीके से हो सकता है हम दोनों अलग-अलग जगह पे
(1:04:45) लगाएं। सो परफेक्शनिज्म इज आल्सो वैरी पर्सनलाइज्ड है ना हम क्यों डेवलप होती है परफेक्शनिज्म ज्यादातर जब हमारे पेरेंट्स के हाई स्टैंडर्ड्स होते हैं वहां से स्टार्ट होती है। दूसरा होता है पर्सनालिटी जो मैंने आपको बताया। तीसरा है कुछ ब्रेन जो है वो एक ही चीज अच्छे से खत्म करना चाहते हैं रादर देन डूइंग टू मेनी थिंग्स। तो वो क्वालिटी पे फोकस करते हैं कि इसको बढ़िया से करना है जो बहुत सारा नहीं करना है। एंड टू ईच इज़ ओन। वह सब सही है। हम कब परफेक्शनिज़्म प्रॉब्लम बनती है हम अगेन नंबर वन अगर वह आपके रोजमर्रा जिंदगी में प्रॉब्लम डाल रही है। मतलब मुझे अपनी
(1:05:25) ईमेल भेजनी थी प्रोफेसर को हम पर मेरे को उसमें इतनी परफेक्ट ग्रामर चाहिए हम कि मैं ईमेल ही नहीं भेज पा रही। मैं उस ईमेल को लिखी और अनलिखी और रीडू ही करी जा रही हूं। इट्स इंटरफेयरिंग माय डे टू डे लाइफ। राइट? सेकंड अगर मेरी परफेक्शनिज्म से दूसरे को प्रॉब्लम हो रही है। आपने देखा है कभी-कभी कुछ पार्टनर्स इतने परफेक्शनिस्टिक होते हैं उनके पार्टनर्स को उनकी वजह से प्रॉब्लम होने लगती है। दे वांट एवरीथिंग द वे दे वांट। यह चम्मच यहीं होना चाहिए। यह कप ऐसे ही होना चाहिए। क्यों? क्योंकि यह परफेक्ट लगेगा। क्यों? क्योंकि उनका
(1:05:59) परफेक्ट है। तो अगर दूसरे को इफेक्ट करने लगे तो रिथिंक दैट परफेक्शनिज़ इज़ नॉट वर्थ इट। राइट? एंड थर्ड अगर वो परफेक्शनिज्म जो है वो आपको जॉय से दूर भगा रही है। जॉय पल का है और जो कष्ट है वो इतना ज्यादा हो रहा है। सो इट्स अ प्रॉब्लम। तो वायरिंग है, सोशल पार्ट है, अपब्रिंगिंग पार्ट है। एंड सबसे ज्यादा प्लॉट परफेक्शनिज्म पे मिलता है। तो थोड़ा सा वो भी है कि वैलिडेशन का सोर्स बन जाता है लोगों का। क्या लोग परफेक्शनिज्म को एज अ टूल भी यूज करते हैं? टू मेक एन एक्सक्यूज। मैं जिम तब जाऊंगी जब पहली तारीख होगी। मेरा जिम गियर रेडी होगा।
(1:06:44) मेरे पास प्रॉपर शूज होंगे और सब कुछ परफेक्ट होना चाहिए। देन ओनली आई विल गो टू द जिम। अब्सोलुटली गोइंग बैक टू योरसेल्फ साबोटाज क्वेश्चन। हमें पता है हमें जिम जाना चाहिए कल से चुपचाप या अभी से चुपचाप। तो यस हमारा ब्रेन इसमें एक तरीका ढूंढता है टू फाइंड सो लेस कि जब तक सब कुछ अलाइन नहीं हो जाएगा ना तब तक मैं वेट कर लूंगा या कर लूंगी बिकॉज़ मेरी बॉडी को कंफर्टेबल होना पसंद है बैक टू कंफर्ट मेरे को स्वेट करना नहीं पसंद आई लाइक टू बी कंफर्टेबल तो इसलिए सोमवार एक तारीख परफेक्ट जूते यू आर अब्सोलुटली राइट दैट्स अ दैट्स अ आई कॉल इट एन
(1:07:20) एक्सक्यूज यू टेल योरसेल्फ नॉट टू अदर्स आप वो दूसरे को नहीं वो आपका एक्सक्यूज अरे वो वो कल से स्टार्ट करेंगे। पार्टी थी। अब्सोलुटली। उस केस में परफेक्शनिज्म आपके काम की नहीं है। इट्स कॉजिंग प्रॉब्लम टू यू। राइट? परफेक्शनिज्म ऐसी चीज है जो बहुत लोगों को तंग करती है। वो रियलाइज नहीं करते। वो बिलीफ सिस्टम है कि मैं परफेक्ट हूं या मेरे को परफेक्शनिज्म से करना है। पर वो बिलीफ इज नॉट हेल्पफुल टू देम। दे शुड रीथिंक दैट बिलीफ। क्यों ना जाके दो चार लोगों से पूछा जाए कि देखो मैं जो तुम्हें कहता रहता हूं ना कि यह एयरपोर्ट 3 घंटे
(1:07:55) पहले पहुंचना है। हाउ डू यू फील अबाउट इट या 4 घंटे पहले पहुंचना है। कुछ लोग एयरपोर्ट बहुत जल्दी पहुंच जाते हैं अभी भी। राइट? तो दूसरे कहते हैं यार हमें ना तुम्हारा ये ट्रीट नहीं पसंद। या तुम जो पार्टीज रखते हो या तुम छुट्टी पे जाते हो ना उनको तुम ना बोरिंग बना देते हो क्योंकि तुम्हारी परफेक्शनिज्म के चक्कर में कि सुबह 9:00 बजे ही निकलना है और 8:00 बजे नाश्ता खाना है। ये कंट्रोल के चक्कर में हमारी ना हमें लगता है कि तुम्हारे साथ नहीं घूमने जाना है। बी ओपन टू दैट फीडबैक। राइट? देयर इज अ लॉट टू बी डिस्कस्ड बिटवीन मी एंड माय हस्बैंड। [हंसी]
(1:08:27) आई एम नॉट आस्किंग व्हिच वन ऑफ़ यू इज़ अ परफेक्शनिस्ट। कुछ चीजों में मेरे को परफेक्शनिज्म चाहिए। कुछ चीजों में माय हस्बैंड सीक्स फॉर परफेक्शनिज्म बट मुझे अब टॉपिक्स मिल गए यार। जब तक बात हो रही थी घर की क्रॉकरी की मुझे लग रहा था आई नीड टू टॉक और अब मुझे लग रहा है आई नीड टू आस्क एज वेल व्हेन इट कम्स टू एयरपोर्ट टाइम पे पहुंचना। टाइम पे नहीं चार-चार घंटे पहले पहुंचना। [हंसी] हम इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स को टॉपिक वाइज एक दूसरे चैनल पे अपलोड करते हैं जिसका नाम है गुंजन टॉक्स क्लिप्स। इस चैनल पे आप कम टाइम में भी अपने फेवरेट
(1:08:58) टॉपिक को आसानी से रिवजिट कर सकते हैं। गुंजन टॉक्स क्लिप्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। यू मेंशंड अबाउट पीपल प्लीजिंग? व्हाई इज इट डिफिकल्ट टू से नो फॉर सम पीपल। बिकॉज़ किसी ने सिखाया नहीं नो बोलना। इट इज सोेंट टू नो वेयर टू से नो। हम अगर मुझे सिखाया नहीं गया है कि कहां पे ना बोलना है और कैसे ना बोलना है विदाउट साउंडिंग ऑफेंसिव बट स्टैंडिंग अप फॉर माय राइट तो मुझे लगेगा कि मैं ना बोलूंगी तो ब्लंट लगेगा तो अक्सर हम ना बोलने में दो-तीन गलतियां करते हैं। पहली बात हम बहुत ही पर्सनली सोचते हैं। मतलब हम उस
(1:09:36) सिचुएशन को क्रिटिकली नहीं सोचते हैं। हम बहुत ही पर्सनली सोचते हैं। जैसे एक पार्टी का एग्जांपल लेते हैं। आपने मुझे पार्टी में बुलाया। हाय आप मेरी पार्टी में आएंगे। अब मेरी उस दिन कुछ और कोई और पार्टी की है चीज या फिर मैं नहीं आना चाहती। चलिए दोनों ही सिचुएशन ले लेते हैं। माय फर्स्ट थॉट इज अगर मैं ना बोलूंगी तो ये मुझे फ्यूचर में नहीं पूछेंगी। ओके। ये मुझे जज करेंगी। और सबसे पहले आप क्या पूछोगे जब मैं ना बोलूंगी? व्हाई? देयर यू गो? तो मुझे क्या देनी पड़ेगी? आंसर देना पड़ेगा। अब मुझे आंसर देना पड़ेगा। हो सकता है मेरा आंसर आपको अच्छा लगे ना लगे।
(1:10:11) ओके। सो फियर ऑफ़ जजमेंट। एक्जेक्टली। मेरा आंसर हो सकता है आपको लगे। अरे तो क्या हुआ इस चीज के बाद आ जाना अब मैं फिर से ना बोलूंगी फिर आप फिर से बोलोगे व्हाई ओके तो आई एम सेविंग मसेल्फ माय ब्रेन वांट्स टू मेक मी हैप्पी ना हां हां आई विल ट्राई टू कम श्योर आई विल कम आई विल कम और मैं आपकी पार्टी में नहीं आऊंगी नहीं आऊंगी [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो ना बोलना एक आर्ट है ना हाउ टू से नो विदाउट ऑफेंडिंग एनीवन यू विल ऑफेंड समवन यू कैन नॉट से नो विदाउट ऑफेंडिंग [हंसी] एनीवन दैट्स लाइक सेइंग हाउ टू टू कट एज अ सर्जन विदाउट
(1:10:46) गेटिंग एनी ब्लड लॉस। थोड़ा ब्लड लॉस होगा। इतना ब्लड लॉस नहीं होना चाहिए कि वो मतलब पेशेंट मर जाए, पेशेंट घायल हो जाए? यू विल हर्ट पीपल। द पॉइंट इज आर यू विलिंग टू सैक्रिफाइस योर करंट कंफर्ट जो आपकी चीज है। क्या वो इतनी जरूरी है कि आप उस जन को ना बोलने के लिए रेडी हैं इस समय। मे बी आप उस दिन सच्ची में ऐसी कहीं और जगह जाना चाहते हैं जो बहुत इंपॉर्टेंट है। तो कभी-कभी हमें दो चीजों में से एक को तो चूज़ करना ही पड़ेगा। मैं रिवर्स बोलना चाहती हूं आपको। जब हम जॉब इंटरव्यूज के लिए अप्लाई करते हैं। एक जॉब इंटरव्यूअर जो है वो लोगों को ना बोलता है
(1:11:24) ना अगर वो सबको हां बोलेगा तो क्या हो जाएगा? प्रॉब्लम हो जाएगी ना। तो सेम वे यू विल ऑफेंड समवन। अब जिसको ना मिला है वो तो पर्सनली फील करेगा यार मेरे को क्यों ना बोला है। बट हाउ टू से नो? नंबर वन फर्स्ट बी वेरी क्लियर कि सम पीपल विल गेट ऑफेंडेड। ठीक है? सेकंड नो दैट व्हाट यू आर सेइंग नो फॉर मे बी आपके ब्रेन में क्या वो बाउंड्री है? क्या वो जस्टिफायबल है? क्या वो ज्यादा जरूरी है? तो बी क्लियर इन योर कॉन्शियस। ओके। जब हम सच खुद से सच बोलते हैं ना यार मुझे इसकी पार्टी में नहीं जाना है क्योंकि मुझे पता है ये इतना दूर है और ये
(1:12:05) इतनी देर तक रखती है फिर मेरा अगला दिन खराब होता है तो कॉन्शियसली मुझे पता है कि मेरा अगला दिन बहुत इंपॉर्टेंट मीटिंग है मैं इसलिए ना बोल रही हूं मैं आपको ये एक्सप्लेन करूंगी आपको फर्क नहीं पड़ता आप तो पार्टी थ्रो कर रही हो राइट थर्ड कम्युनिकेट इन एज लिटिल वर्ड्स एस पॉसिबल नो आई कांट मेक इट दिस टाइम नेक्स्ट टाइम प्लीज काउंट मी इन सो आई एम लीविंग द चांस कि आप मुझे अगली बारी बुला भी पाए। नो आई कांट कम। आई हैव अ सुपर अर्ली मीटिंग कल। कोई बात नहीं थोड़ी देर के लिए आ जाना। दैट सीम्स वेरी हार्ड। मुझे रात को बहुत जल्दी सोना पड़ेगा। फिर भी आप
(1:12:39) इंसिस्ट कर रहे हो। हो सकता है कभी-कभी आपको बोलना पड़े। आई विल थिंक अबाउट इट। एक शॉर्टकट तरीका जो मैं बोलना चाहूंगी। हाउ वुड यू लाइक टू हियर और नो। से नो लाइक दैट। जैसे खुद नो सुनना चाहोगी? कोई अगर [नाक से की जाने वाली आवाज़] मुझे ना बोले तो मैं सुनना चाहूंगी। सॉरी एरा मैं आपकी पार्टी में इसलिए नहीं आ सकती मेरे एक अर्जेंट मीटिंग पड़ गई है। हां ओके नो प्रॉब्लम इट्स फाइन। सो ये मुझे मेरे लिए एक्सेप्टेबल है। किसी और के लिए नहीं भी हो सकता है। राइट तो मैं भी उसी तरह से ना बोलती हूं। एंड आई से नो अ लॉट। [हंसी] प्रैक्टिस
(1:13:12) सो यू ऑफेंड अ लॉट ऑफ़ पीपल। आई गेस आई डू। आय से नो टू अ लॉट ऑफ़ पेशेंस दैट नो आई कांट टेक न्यू पेशेंट्स। या फिर यू नो आय कन नॉट टेक अ कॉल इन द मिडिल ऑफ़ द नाई। आय से नो अल लॉट एंड आई ऑफेंड पीपल। बट आई आल्सो टेल देम दैट दिस इज अ पार्ट ऑफ़ माय जॉब प्रोफाइल और मेरी पर्सनल लाइफ और मेरी प्रोफेशनल लाइफ दो अलग चीजें हैं। तो मैं आपको इसलिए ना बोल रही हूं। तो आई गिव देम अ रीज़ रीज़न मैं जरूर देती हूं। एंड सम पीपल ओवर एक्सप्लेन देमसेल्व्स हम चाहे उनको ना बोलना हो या फिर कोई भी जस्टिफिकेशन देनी हो, एक्सप्लेनेशन देनी हो कि मैं यह अगर कर रही हूं तो मैं यह
(1:13:48) क्यों कर रही हूं। उसके पीछे वो पूरी रामायण सुनाएंगे। व्हाई डू पीपल टेंड टू ओवर एक्सप्लेन देमसेल्व्स सम टाइम एंड इवन इन दोज़ इन दोज़ सिचुएशंस और इवन टू दोज़ पीपल जहां पे रिक्वायर्ड नहीं है। अगेन पीपल प्लीज़िंग हमें ऐसा लगता है कि अगर हम इनको सारी इनेशन नहीं देंगे तो ये मुझे गलत समझेंगे। नेगेटिवली जज करेंगे। तो मैं आपको पूरा बैकग्राउंड, फोरग्राउंड, मिडिल ग्राउंड सब कवर करके देना चाहती हूं। आल्सो जहां खुद को क्लेरिटी ऑफ़ थॉट नहीं होती है ना तो लोग जो सोचते हैं वो अनफिल्टर्ड प्रेजेंट कर देते हैं। इसीलिए इंपॉर्टेंट है कि पहले बैठ के अपने थॉट्स
(1:14:23) को थोड़ा सा चैनलाइज करके फिर प्रेजेंट करना व्हिच इज़ अगेन अ प्रैक्टिस अ हैबिट एंड आर्ट। बट फियर ऑफ इफ आई डोंट टेल यू द एग्जैक्ट पार्ट कि मैंने आपको क्यों उस पार्टी के लिए ना बोला था और दूसरी चीज क्या थी और आप भी मेरी बात समझिए। आई वांट योर वोट ऑफ कॉन्फिडेंस सो बैडली कि मैं चाहती हूं आप मेरी जिंदगी का वो पूरा देख लें आगे पीछे का। सो दैट आईडिया इज पीपल प्लीज इन द आईडिया इज़ एक्सेप्टेंस। द आईडिया इज़ वैलिडेशन। द आईडिया इज़ नॉट टू ऑफेंड एनीबडी। एक लड़की ने आपकी भी पार्टी को ना बोला। मेरे को मेरे को भी ना बोला। मैं अगर कंफर्टेबल फील करती हूं कि हां आई डू
(1:15:02) एक्सपेक्ट अ 10% कैंसिलेशन इन माय पार्टी। आई थ्रू अ पार्टी एक्चुअली लास्ट वीकेंड। एंड मुझे पता था मैंने जो लिस्ट बनाई थी उसमें से 10 से 15% कैंसिलेशन होनी थी हम और 10% कैंसिलेशन ऑन द डे ऑफ भी होनी थी क्योंकि दिस इज हाउ इट इज हम आई डोंट टेक इट पर्सनली बट अगर आप पर्सनली ले रही हो मेरी पार्टी में नहीं आई मैं तो उसकी पार्टी में जाती मैं तो कुछ भी करके जाती तो मे बी आपको ओवर एक्सप्लेन करेगी पर मुझे ओवर एक्सप्लेन नहीं करेगी सो इट डिपेंड्स ऑन द रिएक्शन ऑफ़ द पर्सन इन फ्रंट आल्सो हाउ टू आइडेंटिफाई कि एम आई बीइंग काइंड और एम आई बीइंग अ पीपल प्लीजर? पीपल
(1:15:38) प्लीजिंग वर्सेस बेसिक डिसेंसी में जो फर्क है अगर हम कह रहे हैं सॉरी बोलना कि अगर मैं आपके पैर पर पैर रख दी थैंक यू बोलना अगर आपने मुझे कुछ नाइस कहा अपोलजाइज करना प्रोफ्यूजली अगर सच्ची में मुझसे आपको कुछ बहुत बड़ी प्रॉब्लम हुई है। यह पीपल प्लीजिंग नहीं है। यह बेसिक टेनेंट्स ऑफ ह्यूमन नाइस सोशल स्टैंडिंग है। पीपल प्लीज़िंग आपको हमेशा ड्रेंड फील करेगी। आपको ऐसा लगेगा मैंने बहुत काम किया है। ओवर एक्सप्लेन किया है ना तो बहुत काम किया है और आप उसके बारे में सोचते ही रहेंगे कांस्टेंटली। ओवरथिंकिंग का एक कॉज हो सकता है कि मैंने उनको यह बताया।
(1:16:21) उन्होंने समझा उनको ठीक लगा। उनको पता नहीं उनको कैसा लगा। वो आपके ऊपर हावी पड़ रही है। कैजुअल थैंक यू। एंड प्लीज एक्सक्यूज मी एंड नो आई कांट एंड लेट मी नो। एंड आई एम सॉरी। कैन यू रिपीट दैट अगेन? यह आपके माइंड पे प्ले नहीं करेंगे और आपको थका नहीं देंगे। दैट्स द बेस्ट वे टू नो इज इट एनजाइजिंग एटलीस्ट इट्स नॉट टेकिंग अवे योर एनर्जी। आपको थका नहीं दे रही है कम से कम। व्हेन यू आर बीइंग काइंड यू विल फील गुड अबाउट योरसेल्फ आल्सो। काइंडनेस अबंडेंस होती है। हम देते हैं। पीपल प्लीजिंग में हम मांग रहे हैं आपसे कि कुछ। आप मेरे को पसंद कर लो। प्लीज
(1:16:54) मुझे ना छोड़ के मत जाना। मुझे केव में के बाहर मत छोड़ देना। प्लीज प्लीज प्लीज। तो पीपल प्लीजिंग इज डिप्लीटिंग योर एनर्जी। एंड द अदर आई एम गिविंग अवे माय एनर्जी। मैं कह रही हूं थैंक यू। वेलकम। यू नो माय प्लेजर। ओ आई एम सॉरी। ओ व यू सेइंग समथिंग? ये इससे मैं थक नहीं जाऊंगी। ब्यूटीफुल ब्यूटीफुली एक्सप्लेंड। थैंक यू। [नाक से की जाने वाली आवाज़] नाउ आई वांट टॉक अबाउट अनदर वेरी कॉमन ट्रेट। जो लोगों को पता होता है कि यह सही नहीं है, यह मेरी लाइफ को मिज़रेबल बनाएगा। बट स्टिल एवरीबडी एंड्स अप कंपेयरिंग देमसेल्व्स विद समवन टू सम एक्सटेंट।
(1:17:29) बिल्कुल। तो यह जो एक नेचुरल ह्यूमन बिहेवियर है कंपैरिजन का अपने आप को दूसरे से कंपेयर करना एट एव्री स्टेप यह पहले तो आता कहां से है? हां, ऐसा लगेगा मैं रिपीट मोड पे हूं। बट एवोल्यूशन से आता है। अगेन [हंसी] लेट्स गो बैक टू द केव। बैक टू द केव। एवोल्यूशन [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] से आता है। और कंपैरिजन भी बहुत नेचुरल है। नॉर्मल है। जिस तरह जजमेंट नॉर्मल है। मैंने बताया आपको कि स्ट्रेस नॉर्मल है। ओवरथिंकिंग नॉर्मल है। कंपैरिजन एकदम नॉर्मल है। ओके? क्यों है? कंपैरिजन एंड जजमेंट मैं साथ में क्लब करना चाहूंगी क्योंकि थोड़ा सा
(1:18:07) सिनोनिम की तरह है। हमें हेल्प करते हैं इन आइडेंटिफाइंग प्रॉब्लम्स। जैसे कि मान लो मेरा एक हाथ दूसरे हाथ से छोटा है। तो ये प्रॉब्लम बता रहा है कि अरे कोई तो फिजियोलॉजिकल प्रॉब्लम है। डॉक्टर के पास जाओ। राइट? इसी तरह मान लीजिए अगर सारे ही लंबे हैं। मैं ही छोटी हूं। बहुत ये नॉर्मल हो गया। आई एम बिलो टू स्टैंडर्ड डेविएशन। तो ये नॉर्मल नहीं है। तो क्लियरली अगर मेरे ट्राइब में सारे ही लंबे हैं और मैं ही बहुत छोटी हूं तो आई एम द नॉर्मली हियर। करेक्ट? तो इसी तरह से जब भी हम जज करते हैं रेड को क्यों हम डेंजर मानते हैं? क्योंकि एववोल्यूशनरी
(1:18:50) भाषा में बोला जाए तो रेड फ्रूट्स पोइजस होते थे। ग्रीन फोलिएज होती है, प्लांट्स होते हैं तो उसको अच्छा माना जाता है, पॉजिटिव माना जाता है। ग्रीन मींस गो। राइट? इसी तरह से जब भी हम कंपैरिजन करते हैं ना दूसरे से वो एकदम नॉर्मल है। वो टू चेक इन कि मैं फिट इन कर रही हूं इस एववोल्यूशनरी ट्राइब में कि नहीं। हम बट व्हाट यू डू वि द कंपैरिजन डिसाइड्स कि वो आपके लिए अच्छा है कि बुरा है। अगर मैं इस ग्लास और इस कप को कंपेयर करूं तो पहली बात दोनों पानी पकड़े हुए हैं। डिफरेंट अबाउट्स पकड़े हुए हैं। बट एक में हैंडल है। एक में नहीं है। तो आई एम कंपेयरिंग
(1:19:27) थिंग्स व्हिच आर वेरी सिमिलर बट आर नॉट सिमिलर। करेक्ट? अब मेरे को इस कंपैरिजन से क्या कर सकती हूं मैं? मैं गरम इसमें डाल सकती हूं। बट नॉर्मल इसमें डाल सकती हूं। तो आई हैव डन समथिंग वि द कंपैरिजन। अब हम इसको ह्यूमन कॉन्टेक्स्ट में देखते हैं। मान लीजिए अ मैं अपने नेबर की गाड़ी देखती हूं। वह एक बहुत फैंसी गाड़ी खरीदते हैं। तो मुझे उनसे लगता है वाओ यह गाड़ी तो बहुत मस्त है। मेरी गाड़ी तो बहुत छोटी है। इनकी गाड़ी जैसी गाड़ी काश मेरे पास होती। तो मैंने कंपैरिजन किया। अब मेरे पास दो ऑप्शन हैं। उनको कर्स करना। यह ना चोरी का काम करते होंगे।
(1:20:02) अरे यार इनकी गाड़ी ना ठुक जाए तो मजा आ जाएगा। अरे यार ये ना बड़े लोगों के चोचले होते हैं। मुझे तो नहीं चाहिए। मुझे चाहिए अंदर से। मैं कह रही हूं मुझे चाहिए कहीं पे तो अंदर आत्मा में। बट नहीं ये तो बेकार है। अब सेकंड ऑप्शन है डेड इंस्पायर। मुझे काम करना है। पैसे कमाने हैं। मुझे वो गाड़ी चाहिए। और आपने सुना होगा बहुत सारे लोग जो बिग एंटरप्रेन्यर्स हैं वो काफी बारी रैग्स टू रिचेस। मतलब वो बहुत नीचे तबके से ऊपर जाते हैं और उनकी इंस्पिरेशन यही होती है कि हम हमारे पेरेंट्स किसी के घर में काम करते थे या हमने किसी को देखा न्यूज़पेपर में या
(1:20:36) न्यूज़ में और हमने कहा हमें उसकी तरह होना है और हमने मेहनत की तो व्हाट यू हैव डन विथ द कंपैरिजन विल डिसाइड द आउटकम ऑफ हाउ द कंपैरिजन इज। इवन अगर अब मैं एक एथलीट हूं और मेरा टाइमिंग मान लीजिए 12 सेकंड है। और मैं उसको एक बारी 11.6 ले गई थी। तो मेरे पास कंपैरिजन हो गया। अब मैं यह बोल सकती हूं कि अरे यू नो व्हाट यह तो कंपैरिजन तो कभी नहीं कर पाऊंगी। और आई कैन से एक बारी किया था ना फ्लुक नहीं था। फिर से कर सकते हैं। सो देयर इज़ अ वैरी फेमस स्टोरी कॉल्ड अ माइल इन फोर मिनट्स अंडर 4 मिनट्स। तो पहले माना जाता था कि एक माइल नहीं रन कर सकते हैं आप। इस टाइम
(1:21:13) में फिजियोलॉजिकली पॉसिबल नहीं है। बट कुछ लोगों ने कहा व्हाई नॉट? देयर वास वन पर्सन हु डिड इट अंडर अ मिनट एंड देन अ लॉट ऑफ़ पीपल डड इट जस्ट बिकॉज़ ही सेड द बेंचमार्क। देयर यू गो? सो पीपल गॉट इंस्पायर्ड फ्रॉम दैट कंपैरिजन इफ ही कैन व्हाई कांट आई राइट एंड सम पीपल सेड ओनली ही कैन और सम पीपल सेड दैट द अरे वो तो फ्लूक था वो तो किस्मत थी तो आप कंपैरिजन के साथ क्या कर रही हैं वो ज्यादा इंपॉर्टेंट है कंपैरिजन करना नॉर्मल है एवोल्यूशनरी है सब करते हैं दो बच्चों के बीच में भी करते हैं अगर एक पेरेंट को पूछा जाए अपने दो बच्चों
(1:21:46) को डिस्क्राइब करने के लिए प्यार दोनों बच्चों के लिए होता है बट वो कहेंगे मेरा एक बच्चा जो है ना वो ऐसा ऐसा ऐसा है दूसरा बच्चा वैसा वैसा है इट्स नॉट नेगेटिव इट्स आल्सो देम आइडेंटिफाइंग इसकी ये स्ट्रेंथ्स हैं और यह वीकनेसेस हैं। यह बच्चा बहुत आर्टिस्टिक है। यह बच्चा बहुत मैथ्स में तेज है। तो व्हाई नॉट कंपैरिजन इज नॉर्मल। इफ यू फाइंड आउट कि आपकी एक हैबिट बनी हुई है। हर वक्त आप कंपेयर करते रहते हो और खुद को अंडरएस्टीमेट करते रहते हो। व्हाट शुड दे डू विथ दिस फीलिंग? अगर आप अपने आप को हमेशा डाउन कर रहे हो और दूसरे में हमेशा पॉजिटिव ढूंढ रहे हो।
(1:22:20) तो मैं कहती हूं आप में भी ऐसी कोई चीज है जो कोई और देखकर कहता है वाओ मेरे पास काश होती। आप बिलीव नहीं करोगे तो आइज का एग्जांपल ले लो। देयर इज़ समबडी हु विल लुक एट यू बी लाइक वाओ दिस पर्सन इज कंप्लीट। इसके पास सारे ऑर्गन्स हैं। दूसरी बात मैं कहती हूं क्या आप जिससे अपने आपको कंपेयर कर रहे हैं क्या आप उसके साथ अपनी लाइफ एक्सचेंज करना चाहेंगे? यू नो व्हाट? हम सबको दूसरे के अच्छे पार्ट्स चाहिए। पर मेस्सी पार्ट्स नहीं चाहिए। हो सकता है उसके पास बहुत बड़ी गाड़ी है। पर हो सकता है कि पीस नहीं है। मेंटल पीस नहीं है। बच्चा चाहता है बच्चे नहीं है। घर में
(1:22:53) नहीं बनती। कोई बड़ी बीमारी है। क्या मैं उसकी गाड़ी के लिए अपनी लाइफ उसके साथ एक्सचेंज करना चाहूंगी? मोस्टली नो। नो। मोस्टली नो। राइट? कंपैरिजन के सिमिलर ही एक और ट्रेट है। व्हिच इज जेलसी। अब जेलसी एक ऐसी चीज है जिसको लोग पहली बार तो एडमिट ही नहीं करते। हाइड करके रखते हैं इस फीलिंग इस इमोशन को। ये ट्रेट नहीं है। ये इमोशन है और एकदम नॉर्मल है। ओके। [हंसी] तकिया ग्लम ऑफ़ द डे इज नॉर्मल। क्योंकि ये एक इमोशन है। जैसे खुशी एक इमोशन है। दुख एक इमोशन है। जेलसी एक इमोशन है। और सच्ची में आप सही कह रहे हो। जेलसी लोग आइडेंटिफाई नहीं करते। एक्सेप्ट
(1:23:30) नहीं करते। उनको लगता है जेलसी मतलब उनके बारे में कुछ बुरा बोला जा रहा है। उनका कैरेक्टर को कुछ बुरा बोला जा रहा है। दैट्स नॉट ट्रू। जेलसी एक इमोशन है। मैंने जब नेबर की गाड़ी देखी थी ना एक्चुअली मुझे जेलसी फील हुई थी। जेलसी क्या कहता है हमको बताता है हम क्या रियली डिजायर करते हैं। हम जैसे मान लीजिए मेरी एक फ्रेंड ने एक पर्स खरीदा। मैंने कहा ग्रेट गुड फॉर यू। मुझे नहीं मन किया। पर गाड़ी देख के मैंने कहा अरे वाओ आई विश तो आपको पता चल रहा है कि मैं क्या डिजायर करती हूं। मेरे को पर्स की कोई डिजायर नहीं। मुझे गाड़ी का डिजायर
(1:24:03) है तो जेलसी एक्चुअली अगर आप किसी दो पार्टनर्स का अच्छा रिलेशनशिप देखकर जेलस फील कर रहे हैं हम तो आप कंपेयर कर रहे हैं अपने रिलेशनशिप से और सोच रहे हैं काश मेरी रिलेशनशिप में ऐसा होता कि मेरा पार्टनर भी मेरा हाथ पकड़ता या मेरा पार्टनर भी मेरे साथ ऐसे करता तो ये डिजायर दिखा रही है और डिजायर होना नॉर्मल है लास्ट चेक हर ह्यूमन बीइंग को डिजायर्स हो ही सकते हैं ना इनसिक्योरिटी जेलसी खुद में आइडेंटिफाई करना एक सुपर पावर है अगर मुझे कोई नाटा छोटा बोल जाता है ना मुझे नहीं मैटर करता है बिकॉज़ आई एम वेरी अवेयर ऑफ दैट सो जेलसी इज नॉर्मल एक्सेप्ट
(1:24:39) इट वी ऑल गेट जेलस ऑफ समथिंग ऑफ समवन जैसे ऑल दी इमोशंस सैडनेस एंग्जायटी जेलसी फियर अगर ये सब नॉर्मल है तो फिर ये कंसर्निंग कब हो जाते हैं व्हेन डू दे बिकम प्रॉब्लमैटिक ग्रेट क्वेश्चन अह व्हेन दे आर नॉट एबल टू कैरी आउट अबाउट उनकी एक्सपेक्टेड रोजमर्रा की जिंदगी हम जब उनको लगने लगता है कि मैं यार खा नहीं पा रहा, सो नहीं पा रहा। नींद एक बहुत बड़ा फैक्टर है जिसके लिए लोग मेरे पास आते हैं। उसके अलावा जब उनके रिलेशनशिप्स इफेक्ट होने लगते हैं। लोग तब काफी बारी आते हैं। जब किसी लव वन ने फीडबैक दिया है कि देखो किसी से जाके बात करके आओ जो तुम
(1:25:21) कर रहे हो। द बिहेवियर इज नॉट ओके। फीलिंग्स आर ओके। मगर बिहेवियर आउटकम ठीक नहीं है। तब आते हैं। काफी बारी लोग तब आते हैं जब अपने थॉट्स को लेकर जो वेब एकदम एटेंगल्ड हैं उसमें उलझ गए हैं और उनको उससे बाहर निकलने का तरीका नहीं समझ आ रहा है तो वो गाइडेंस के लिए आते हैं, थेरेपी के लिए आते हैं और एक्सट्रीम केसेस में जो मैं कहना चाहूंगी क्लीनिकल डिसऑर्डर्स काफी बारी लोगों को लाया जाता है कि इसका बिहेवियर नॉर्मल नहीं है। जिसको सोसाइटी नॉर्मल कहती है। जैसे अगर किसी को हैसिनेशन, डल्यूज, अ नशे की बीमारी इन सारी केसेस में लाए जाते हैं। लव वन लाते
(1:26:00) हैं। तो इन सारे वैरायटी केसेस में लोग हमारे पास हेल्प के लिए आते हैं। सो एरा हर किसी की लाइफ में कोई ना कोई ऐसा एरा आता है, फेज आता है जिसमें दे माइट फील लो। उन्हें वो काम करने का मन नहीं करे या वो चीजों को एंजॉय नहीं कर रहे। हाउ डू दे एक्चुअली डिफरेंशिएट वेदर दिस इज़ सैडनेस ऑर इज इट इंक्लाइनिंग मोर टू टुवर्ड्स डिप्रेशन? सैडनेस और डिप्रेशन बहुत अलग-अलग है। सैडनेस इज़ जब मेरे को बाहर जाना था शॉपिंग मगर बारिश हो गई। तो मेरा प्लान थोड़ा सा चौपट हो गया। आई विल बी सैड। मेरी फेवरेट टीम हार गई। आई विल बी सैड। आपने मुझे
(1:26:38) बोला तुम अच्छी नहीं दिख रही। आई विल बी सैड। बट आई विल नॉट गेट डिप्रेस्ड। राइट? सैडनेस एक खांसी की तरह है जो एक बारी आई टाटा बाय-ब चली गई थोड़ी देर एक दो बारी फिर से चली गई मगर डिप्रेशन ट्यूबरक्लोसिस की तरह है कोविड की तरह है बीमारी है मिनिमम दो हफ्ते के लिए अगर आप मोस्ट ऑफ द टाइम कोई भी 24 घंटा बीमार सैड नहीं हो सकता है मोस्ट ऑफ द टाइम सैड फील कर रहे हैं लो फील कर रहे हैं होपलेस फील कर रहे हैं रोजमर्रा की जिंदगी में खुशी नहीं आ रही पहले आपको आपके डॉगी के साथ खेल के अच्छा लगता था। अब वो डॉगी के साथ भी इंटरेक्शन खोखली लग रही है। साथ में नींद
(1:27:18) की प्रॉब्लम, भूख की प्रॉब्लम, कुछ लोगों को सुसाइडल आइडियाज आने लगते हैं। कुछ लोग होपलेस फील करने लगते हैं कि मैं गिल्टी हूं। मेरा कोई अस्तित्व नहीं है। कंसंट्रेशन इशूज़ होने लगते हैं। सेक्सुअल इश्यूज होने लगते हैं। रिलेशनशिप इशज़ होने लगते हैं। इसमें से बहुत सारे टिक मार्क्स जब होंगे मिनिमम दो हफ्ते के लिए दैट इज़ डिप्रेशन। इज इट पॉसिबल कि एक इंसान दिखने में बिल्कुल नॉर्मल है। उसका रूटीन, उसकी लाइफ एकदम नॉर्मल चल रहा है। वह सुबह उठ रहा है, एक्सरसाइज भी कर रहा है। अपना काम भी ऑफिस भी जा रहा है, काम भी कर रहा है।
(1:27:52) खा पी भी रहा है। बट स्टिल इनसाइड और साइलेंटली ही इज़ डिप्रेस्ड। यस। इनफैक्ट आजकल एक एपिडेमिक ऑफ स्माइलिंग एंड फंक्शनल डिप्रेशन हम देख रहे हैं। यू आर राइट। यह क्लीनिकल टर्म नहीं है। पर हम पहले डिप्रेशन एक काले रूम में अंधेरे में बैठे हुए सैड इंसान जो काम पे नहीं गया ऐसे इमेजिन करते थे। आजकल वो नहीं एक्सिस्ट करता है। कर्टसी क्योंकि घर पे ही आप कुछ भी सब्जी मंगवा सकते हैं। राइट? पहले तो खाता नहीं था क्योंकि बाहर जाना पड़ता था। जाके खेत से सब्जी काटनी पड़ती थी या फिर बाजार से लानी पड़ती थी। यू आर एब्सोलुटली राइट। आजकल हम जो
(1:28:33) स्पेशली कॉर्पोरेट वर्ल्ड और जो हम यंग मिलेनियल्स या फिर इवन जजीस या फिर इवन वर्किंग लोगों में देख रहे हैं इज समथिंग कॉल्ड फंक्शनल डिप्रेशन यू आर फुल्ली फंक्शनल आप अपने काम पे रोज जा रहे हैं मे बी यू आर किलिंग इट एट वर्क सो योर कंसंट्रेशन इज़ नॉट द इशू हियर बट स्लीप इज़ स्टिल प्रोबब्ली इंपेयर्ड मजा फिर भी नहीं आ रहा है लाइफ इज़ कंप्लीटली डल आप बस एक प्लास्टिक स्माइल कर रहे हैं स्माइलिंग डिप्रेशन बिकॉज़ यू आर स्माइलिंग बट यू आर नॉट रियली हैप्पी एंड फुलफिल फ्रॉम इनसाइड एंड वी आर फाइंडिंग सो मच ऑफ़ दिस इन द करंट जनरेशन। डू यू फाइंड एनी कॉमनैलिटी?
(1:29:12) कोई सिमिलैरिटी आपको दिखती है कि सिमिलर रीज़ंस की वजह से ही लोग आ रहे हैं या सिमिलर रूट कॉज है इस जो ये डिप्रेशन पेंडेमिक या एपिडेमिक जो चल रहा है इसका। जो मुझे लगता है इट्स द नंबर वन लीडिंग कॉज ऑफ इंक्रीजिंग रेट्स ऑफ़ डिप्रेशन। एंड दैट इज लाइफस्टाइल। एंड लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है। मैं यह नहीं कह रही आपका परफेक्ट लाइफ स्टाइल है तो आपको डिप्रेशन नहीं हो सकती। बट मैं कॉमनैलिटी अगर आप मुझे चूज़ कराने को कह रही हो तो यस लाइफस्टाइल द वे वी स्लीप द वे वी ईट, द वे वी सीट व्हाट यू पुट इन योर बॉडी एंड व्हाट यू बेसिकली कंज्यूम और इवन द डिजिटल
(1:29:48) मैटर यू कंज्यूम। क्योंकि वो हमारे लाइफस्टाइल का बहुत बड़ा हिस्सा हो गया है। राइट? इतनी नेगेटिव न्यूज़ कंज्यूम करते हैं हम। वाइकेरियसली दूसरे की पीड़ा, दूसरे की पेन हमें हर समय फील हो सकती है। क्योंकि अगर देख लो कोई सॉफ्ट स्टोरी या कोई बुरी घटना तो मुझे लगता है लाइफस्टाइल इज वन ऑफ़ द लीडिंग कंट्रीब्यूशन ऑफ इंक्रीस इन डिप्रेशन नॉट द सोल कॉज। सिर्फ सोल कॉज नहीं हो सकता। दिस इज़ वन मोर टाइप ऑफ़ डिप्रेशन आई वांट टू टॉक अबाउट क्योंकि लेटली हम इसके बारे में बहुत ज्यादा सुन रहे हैं। दैट इज़ पोस्टपार्टम डिप्रेशन। व्हाई डस दैट हैपन
(1:30:22) फर्स्ट ऑफ़ ऑल? और हाउ टू प्रिवेंट इट? तो दो चीजें हैं। जब एक मदर एक बच्चे को पैदा करती है, इट्स अस्यूम्ड कि वो उसके लाइफ का सबसे हैप्पीएस्ट मोमेंट होना चाहिए। एंड बाय डिफॉल्ट अ लॉट ऑफ़ पीपल फील दैट गुड फॉर देम। बट आपका ब्रेन 9 महीने और आपकी बॉडी 9 महीने कुछ डिफरेंट हॉर्मोंस को यूज टू हुआ होता है। हम जो सडनली गायब हो जाते हैं। मतलब दे कम क्रैशिंग डाउन। गायब हो जाते हैं। मींस एकदम से लेवल कम हो जाता है। व्हेन योर प्लेसेंटा इज़ टेकन आउट और आपका बेबी टेकन आउट। तो पहले तो बॉडी भी सैड होती है। बॉडी इतना कष्ट भी करती है व्हेन यू नो
(1:31:01) सिज़ेरियन भी हो या नॉर्मल भी हो। बॉडी गोज़ थ्रू दिस ट्रोैटिक एक्सपीरियंस कि यार ये तो नॉर्मल नहीं था। ये क्या हुआ है। सो यस योर बॉडी हैज़ मेनी रीज़ंस टू कंप्लेन बच्चा होने के बाद। प्लस एक नया रिस्पांसिबिलिटी होना, समझ नहीं आना। बच्चे डोंट कम विद अ मैनुअल सैडली। [हंसी] ये सारी बायोलॉजिकल कॉजेस सपोर्ट नहीं होना आपकी नौकरी स्टैंडस्टिल पे आ जाना मे बी आप प्रमोशन मिलने वाली थी और आपको प्रमोशन नहीं हो पाई बिकॉज़ आप प्रेग्नेंट थे। ये सारे फैक्टर्स मिलाकर पोस्टपार्टम डिप्रेशन इज ग्रोइंग इन द करंट जनरेशन। मुझे लगता है ग्रोइंग से ज्यादा इट इज़
(1:31:37) गेटिंग आइडेंटिफाइड मोर। अब हम बात कर रहे हैं। पहले भी होता था। कैन यू एक्सप्लेन हाउ इज पोस्टपार्टम ब्लूस डिफरेंट देन पोस्टपार्टम डिप्रेशन? पोस्टपार्टम ब्लूस इज वेरी कॉमन। 80 85% मदर्स में दिखेगा। पोस्टपार्टम डिप्रेशन इज नॉट एज कॉमन एस दिस। हालांकि आजकल स्टडीज दिखा रहे हैं कि 10 से 15% मदर्स को भी हो सकता है। सबको होगा ऐसा कोई रूल नहीं है। पोस्टपार्टम ब्लूस जो है वो उसमें मदर फिर भी रिएक्टिव होती है। बच्चे से बॉन्ड कर पाती है। बच्चे के प्रति कुछ-कुछ फील करती है। हां उसको कुछ कोर फंडामेंटल कभी-कभी रोना, कभी-कभी बहुत ज्यादा ओवरवेल्म हो
(1:32:14) जाना, समझ नहीं आना, कंफ्यूज्ड होना नॉर्मल है। मगर सबसे इंपॉर्टेंट बात जो पोस्टपार्टम ब्लूस की है, यह सेल्फ रिॉल्विंग है। यह कुछ हफ्ते बाद अपने आप धीमे-धीमे धीमे-धीमे कम होने लगता है। तो जब मैं मदर को वीक वन में देखती हूं, फिर वीक टू में देखती हूं, फिर वीक थ्री में देखती हूं, वीक फोर में देखती हूं, वो मुझे कम होता हुआ दिखता है। और मैं कहती हूं चलो यह पोस्टपार्टम ब्लूज़ है। वी आर ऑन अ राइट ट्रैक। बट पोस्टपार्टम डिप्रेशन बच्चे से नहीं कनेक्ट कर पाना। खुद से बिल्कुल आइडेंटिफाई नहीं कर पाना। नींद बिल्कुल गायब हो जाना। कभी-कभी सुसाइडल
(1:32:45) थॉट्स आना। कभी-कभी और एक्सट्रीम थॉट्स आना। कॉन्सेंटली ऐसा फील करना लाइफ में मैंने गलती कर दी। फीलिंग गिल्टी फीलिंग। आई शुड हैव नॉट बीन हियर वांटिंग टू रन अवे। एंड वर्स दैट नीड्स मेडिकल मैनेजमेंट। उसमें भी माइल्ड और मॉडरेट और सीवियर। कितनी इंटेंसिटी है उसके हिसाब से हम ट्रीटमेंट करते हैं और यह लंबा चलता है और यह ज्यादा तंग करता है मदर को देन पोस्टमार्टम ब्लूस पोस्टमार्टम ब्लूस डोंट नीड टू बी प्रिवेंटेड उसमें सिर्फ सपोर्ट चाहिए फैमिली का तो उसमें इनफैक्ट ट्रीटमेंट हम यही करते हैं हम परिवार वालों को कहते हैं सपोर्ट
(1:33:19) दीजिए इनको अगर थोड़ा सा घूमने जाना है ना अगर गाड़ी में चक्कर कटवाना है इनको कटवा दीजिए वो 10 मिनट के लिए बच्चे को आप प्लीज गोदी में रख लीजिए सपोर्ट इज ऑल यू नीड एट दैट बट पोस्टमार्टम डिप्रेशन में भी काउंसलिंग एंड थेरेपी इज वेरी हेल्पफुल जिसमें दोनों हस्बैंड वाइफ और कुछ परिवार वालों की भी काउंसलिंग होती है। सिर्फ पेशेंट की नहीं होती है क्योंकि बहुत बार एनवायरमेंट को कंड्यूसिव बनाना ज्यादा जरूरी होता है। मां कर रही है अपना बेस्ट कर रही है और मुझे लगता है नींद प्रायोरिटाइज करना एक बहुतेंट बात हो जाती है। सबसे मुश्किल
(1:33:51) काम है। आई नो इट्स अ वेरी डिफिकल्ट थिंग बट स्लीप व्हेन द बेबी स्लीप्स इज वेरी गुड एडवाइस एट दैट टाइम। तो प्रैक्टिकली किस तरह से अवॉयड कर सकती हैं? स्पेशली स्पेशली वुमेन हु आर स्टिल इन देयर प्रेगनेंसी जर्नी और उनको पता है कि डिलीवरी के बाद ऐसा कुछ होने के चांसेस हैं। सपोर्ट सिस्टम कईयों के पास है। कईयों के पास पॉसिबल नहीं है। बट व्हाटएवर सिनेरियो व्हाटएवर सरकमस्ट्ससेस दे हैव हाउ कैन दे प्रिवेंट इट अभी से। पोस्ट बॉटम ब्लूस प्रिवेंट करने की जरूरत नहीं है। वो सर्दी खांसी के इक्विवेलेंट है ना आएगा चला गया। इट्स फाइन। हम
(1:34:23) हर चीज कंट्रोल नहीं कर सकते। राइट? बट हां सबसे पहली बात है अगेन लाइफस्टाइल। अगर आप प्रेगनेंसी में अपना लाइफस्टाइल अच्छा रखें द चांसेस मे बी लेसर। ऐसी कोई एक जादू मंतर नहीं है। यह करोगे तो नहीं होगा। बट लाइफस्टाइल अच्छा रखोगे मतलब एक्सरसाइज अब पिलाटे प्रीनेटल योगा जो भी चीजें होती हैं स्ट्रेचिंग कर ली, डक वॉक कर ली बहुत हेल्पफुल होता है। दूसरा सोशल सपोर्ट। वो सोशल सपोर्ट कभी-कभी परिवार वालों से नहीं मिलता है। दूसरी प्रेग्नेंट मदर्स से मिलता है। मैं न्यू मददर्स को हमेशा कहती हूं फाइंड कम्युनिटी। और आप सरप्राइज होंगे वो कम्युनिटी कितनी
(1:34:59) हेल्पफुल होती है। क्योंकि अगर एक मदर कह रही है कल रात को मेरा बच्चा नहीं सोया। और एक और ने बोला हां मेरा भी नहीं सोया। तीसरी कहती है मेरा भी नहीं सोया। ओह, आई एम इन द सेम बोट एज़ अदर्स। नॉट द एंड ऑफ़ द वर्ल्ड। फाइंड कम्युनिटी। ड्यूरिंग प्रेगनेंसी। सो दैट लेटर उनके साथ आप कनेक्टेड रहें। बहुत हेल्पफुल होता है। राइट? एंड तीसरा मुझे ऐसा लगता है अगर आप ऑलरेडी थेरेपी में है ना बिफोर प्रेगनेंसी कुछ लोग प्रेगनेंसी स्टार्ट होने पे भी दे स्टार्ट थेरेपी। और बहुत अच्छा मौका होता है। मैं हमेशा उनको कहती हूं दिस इज अ गुड पार्ट क्योंकि आप समझ
(1:35:33) पाएंगे कि आपके चैलेंजेस क्या हैं? आगे क्या चैलेंजेस आने वाले हैं। परफेक्शन के ऊपर काम कर सकते हैं। ये सारी चीजों पे। सो गोइंग टू थेरेपी ड्यूरिंग प्रेगनेंसी इज़ अ गुड आईडिया। उसमें कोई आपको नुकसान नहीं होता है। यू कैन वर्क टुवर्ड्स कि मेरे को आगे जाके कैसे अपने आपको वापस बैक टू वर्क लाना है। हाउ डू आई इवन रिज्यूम वर्क? सो दीज़ आर थ्री थिंग्स दैट यू कैन डू। यू नो यू कैन वर्क ऑन योर लाइफस्टाइल, वर्क ऑन कम्युनिटी और हैविंग सोशल सपोर्ट विद अदर मदर्स। और तीसरा अपने पार्टनर को प्यार से समझाओ कि सुनो यह हम दोनों का बेबी है। हमने साथ में काफी सारी चीजें
(1:36:08) झेलनी है। हैविंग योर पार्टनर्स सपोर्ट कैन रियली चेंज योर जर्नी इन मदरहुड। राइट। राइट। ब्यूटीफुल। ब्यूटीफुल। जितने डायपर मैंने बदले हैं, अगर मेरे पति ने भी बदले हैं, तो अच्छा लगता है और मेरे पति ने बदले हैं मुझसे ज्यादा। इसलिए मुझे अच्छा लगता है। सो, यस, गेट योर पार्टनर अलोंग। नाइस, नाइस। प्रैक्टिकल हैंड बुक। यस। अगर आप इन पॉडकास्ट के ऑडियो वर्जन्स को एंजॉय करना चाहें ताकि आप अपना काम करते हुए, वॉक करते हुए या फिर ड्राइव करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सके, तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है।
(1:36:40) वी अंडरस्टैंड दैट स्ट्रेस इज गुड। बट देन हाउ मच स्ट्रेस इज़ गुड? हाउ मच स्ट्रेस इज़ रादर एक्चुअली यूज़फुल। कितना स्ट्रेस हमारे लिए अच्छा है कि भाई इतना तो होना चाहिए। नहीं हो रहा तो फिर तुम्हारे कुछ प्रॉब्लम है। तो स्ट्रेस ना एक कर्व पे होता है। जिसको हम बोलते हैं बेसिकली देयर इज नो स्ट्रेस। तो मैं सुबह नहीं उठूंगी। फिर मैं एयरपोर्ट नहीं पहुंचूंगी। फिर मैं ना कभी पढ़ाई नहीं करूंगी। फिर मैं ना बॉस तो मुझे कभी नौकरी से निकालेगा नहीं। मैं काम भी नहीं करूंगी। नो स्ट्रेस इज नॉट गुड फॉर योर लाइफ। राइट? हम उसके बाद आता है स्टार्ट यू स्ट्रेस। ई यू
(1:37:15) स्ट्रेस। दैट्स द गुड स्ट्रेस। इस स्ट्रेस में आप काम कर पाते हैं। फोकस कर पाते हैं। आपको पता है आपका एग्जाम है 15 तारीख को। तो आज अभी 5 तारीख है तो मेरे पास 10 दिन है तभी मैं बैठ के पढ़ लेती हूं। मुझे पता है कुंजी निकाल के पढ़ लो। क्वेश्चन चाट लो। इसके बाद आता है डिस्ट्रेस वाला लेवल ऑफ़ स्ट्रेस। ओके? क्योंकि एग्जाम 15 तारीख है और कल 15 तारीख है और आज 14 तारीख है और आज ही मैंने पढ़ाई करना स्टार्ट किया है। तो अब माय ब्रेन कांट प्रोसेस क्योंकि इट्स लाइक कितना कुछ पढ़ना है, कितना कुछ हो रहा है। तो क्योंकि मैंने उसको लास्ट दिन तक पुश
(1:37:46) किया है। पहले मैं बहुत ही चिल्ड जोोन में थी तो आज मैं जरूर डिस्ट्रेस में हंगी फॉर श्योर। ओके। सो अ गुड वे इज टू नो कि आपको कितना टाइम लगता है कोई चीज करने में ताकि आप उसको थोड़ा प्लान कर सकें। और डेडलाइंस इंटरनल डेडलाइंस। कभी भी नहीं पहुंचना है। एयरपोर्ट की जगह चार घंटे पहले पहुंचना है या चार घंटे बाद पहुंचना है। ऑल आर प्रॉब्लमैटिक। सो यू नीड टू बिल्ड योर ओन स्ट्रेस गाइड। ये मैं कहती हूं पर्सनली आपको डिसाइड करना है। सब लोग अलग लेवल ऑफ़ स्ट्रेस भी हैंडल कर सकते हैं। सब लोग सेम लेवल ऑफ़ स्ट्रेस नहीं हैंडल कर सकते हैं। आपकी इंटरनल वायरिंग
(1:38:22) है। बट लुक फॉर स्ट्रेस। बिना स्ट्रेस के लाइफ अच्छी नहीं है। ज्यादा कंफर्टेबल हो जाओगे। जब ज्यादा कंफर्टेबल हो जाते हैं तो क्या हो जाता है? हम बहुत ज्यादा या तो मोटे हो जाते हैं या बहुत ज्यादा सोए रहते हैं और शेर में आके खा जाता है। सो दैट्स आल्सो नॉट गुड। क्या ये भी पॉसिबल है कि एक इंसान को एक सिनेरियो में स्ट्रेस होता है और दूसरे सिनेरियो में बिल्कुल स्ट्रेस नहीं होता। या फिर जो स्ट्रेस लेता है वो हर चीज में लेता है या फिर किसी भी चीज में नहीं लेता। नो नो अब्सोलुटली। आपकी स्ट्रेस की थीम पर्सनल है। जैसे अगर आपके घर में पार्टी
(1:38:55) है मे बी यू आर स्ट्रेस्ड अबाउट खाना पर आपको यह स्ट्रेस नहीं है कि आप क्या पहन रही हो। राइट? किसी और के घर में उनको क्या पहनना है बहुत स्ट्रेस करता है क्योंकि उनको लगता है उनके ऊपर कुछ अच्छा नहीं लगता है। उनकी इनसिक्योरिटीज हैं। मगर उनको खाने का लगता है मेरे कुक बहुत अच्छे हैं। मैं भी बहुत अच्छी कुक हूं। खाना तो अच्छा ही निकलेगा। तो स्ट्रेस इज़ वैरी पर्सनलाइज्ड। बट हां जो लोग हर चीज के बारे में स्ट्रेस करते हैं हम अक्सर हम उनमें जेरलाइज एंजाइटटी डिसऑर्डर देखते हैं। ओके वो एक बीमारी की तरफ जा सकता है। अगर आपको हर चीज स्ट्रेस आउट कर रही है ना
(1:39:27) हर थीम स्ट्रेस आउट कर रही है। लाइक द वर्ल्ड इज ऑन फायर बट द वर्ल्ड इज नॉट ऑन फायर देन टॉक टू अ मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल फॉर श्योर। दैट कुड बी एंजाइटटी दैट कुड बी एंजाइटटी डिसऑर्डर। कभी-कभी छोटी-मोटी चीज के बारे में स्ट्रेस लेना जरूरी है। डेफिनेटली नॉट एवरीथिंग नॉट ऑल द टाइम। सो भी आजकल हम एंग्जायटी को भी बहुत बहुत लूजली यूज़ करते हैं कि मेरे को बहुत ए्जायटी हो रही है। मुझे बहुत ए्जायटी हो रही है। हाउ टू आइडेंटिफाई वेदर दिस इज़ एंजाइटटी और दिस इज़ जस्ट इंक्रीज्ड स्ट्रेस डिस्ट्रेस अभी बस आज फॉर अ फॉर अ रीज़न मुझे ज्यादा
(1:39:58) ज्यादा टेंशन हो रही है। ज्यादा स्ट्रेस हो रहा है। एंजायटी और फियर एक स्पेक्ट्रम पे है। एक्चुअली डर लगता है ना कुछ-कुछ सिचुएशन में। नॉर्मल है। डर प्रोटेक्टिव है। हमने डिस्कस किया। पर डर का हमको ज्यादातर कारण पता होता है। राइट? मुझे पता है कि मुझे फियर ऑफ़ फेलियर है या मुझे पता है कि आपने मेरा कॉल रिटर्न नहीं किया तो मुझे डर लग रहा है दैट यू नो शी मे नॉट कॉल मी टू दैट पार्टी। आई एम वेरी स्पेसिफिक अबाउट इट बट एंजायटी वेग होती है। अनसर्टेनिटी होती है। अननोन होती है। अनफिमिलियर होती है। मैं कहती हूं दी थ्री यूज़ आर वेरी कॉमन
(1:40:33) एंजाइटटी के साथ। इट्स अननोन [नाक से की जाने वाली आवाज़] अनफिमिलियर अनसर्टेन एंड मेक्स मी फील वेरी अनइजी। तो वो ओवरथिंकिंग से भी स्टार्ट हो सकती है। वो किसी चीज से भी स्टार्ट हो सकती है। कभी-कभी मैं पिन पॉइंट कर सकती हूं। यह चीज से मुझे ए्जायटी हो रही है। कभी-कभी मेरे को पता भी नहीं चलता है किस चीज से हो रही है। मैंने एक टॉक दी थी जिसमें मैंने कहा था डियर एंजायटी लेट्स बी फ्रेंड्स। एंजाइटटी से ना दोस्ती करनी पड़ती है। अगेन हम उससे ऐसे भागते हैं जैसे पता नहीं क्या आपसे चिपक रही है। थोड़ी एंजायटी अच्छी है। इट्स ओके। इतनी बुरी नहीं है।
(1:41:07) एंजाइटटी डिसऑर्डर कब होता है? जब छ महीने के लिए नॉट दो हफ्ते के लिए सिक्स मंथ्स और मोर के लिए आप मोस्ट ऑफ द टाइम वरी कर रहे हो हर समय ओवरथिंकिंग हो रही हो इट्स इंपैक्टिंग योर डे टू डे एक्शंस पैनिकिक अटैक होने लगे अगर आप उसकी वजह से सो ना पाएं अगर आप हाइपरविजिलेंट हो हर समय क्या हो रहा है क्या हो रहा है क्या हो रहा है क्या हो रहा है कॉन्सेंटली योर ब्रेन इज वायर्ड टू लुक फॉर प्रॉब्लम्स इन दैट मोमेंट कंसंट्रेशन नहीं कर पा रहे मैं मैं कहती हूं व्हाट इफ बीमारी इंटू 1000 व्हाट इफ दिस हैपेंस फिर क्या होगा फिर क्या होगा व्हाट इफ व्हाट इफ दैट हैपेंस
(1:41:46) देन व्हाट इफ दैट हैप्स देन व्हाट इफ दैट व्हाट इफ इनू 1000 थोड़ा व्हाट इफ तो आप और मैं भी करते हैं ना व्हाट इफ इंटू 1000 दैट इज एंजाइटटी डिसऑर्डर ओके कभी-कभी व्हाट इफ करना नॉर्मल है व्हाट इफ इंटू 1000 ब्रेन छुप ही नहीं हो रहा है दैट इज एंजाइटटी डिसऑर्डर एंड इन सच केसेस बिफोर यू सी एन एक्सपर्ट व्हाट आर द थिंग्स व्हिच यू शुड डू एट योर एंड। फैंटास्टिक। अ गुड थिंग टू डू बिफोर यू मीट एन एक्सपर्ट वुड बी टू मैप आउट द थीम्स। जो मैंने कहा था ना कि जर्नल करके लिख लो कि मेरे को ये चीज कि यार मेरे बच्चे की पढ़ाई मेरे को बहुत ज्यादा एनशियस करती
(1:42:23) है। मेरे हस्बैंड का एंगर मेरे को बहुत ज्यादा एशियस करता है। मेरा वेट मेरे को बहुत एनशियस करता है। मेरी रिलेशनशिप मेरे को बहुत एनशियस करती है। ये थीम्स को थोड़ा मैप आउट कर लो। इससे आपको क्लेरिटी मिलेगी कि सोर्स कहां है। तो हम सोर्स पे ज़्यादा अच्छे से काम कर पाएंगे या आप भी अच्छे से कर पाएंगे। नंबर टू एंड आई रियली मीन दिस विद सो मच लव बिकॉज़ आई लव कॉफी बट रिड्यूस द अमाउंट ऑफ़ कैफीन दैट यू हैव। ज्यादा कैफीन पीने से आपका ब्रेन और एशियस वायर्ड होता है क्योंकि उसको और अलर्टनेस मिलती है और वो और हाइपरवेजिलेंट होता है। नंबर थ्री
(1:42:58) प्लीज किसी तरह से अपने स्क्रीन को टाटा बाय बोल दो रात को और सोना स्टार्ट करो टाइम पे। जब हम एशियस होते हैं हम ज्यादा डिस्ट्रैक्ट करते हैं खुद को। पर वो डिस्ट्रैक्शन से ज्यादा वो दो घंटा एक्स्ट्रा नींद आपके लिए अच्छी है। अगर मोबाइल साइड रखोगे हो सकता है ना आए। बट हो सकता है आ जाए नींद। पर मोबाइल पकड़े हुए हो तो नहीं आएगी। तो दीज़ आर थ्री ब्यूटीफुल थिंग्स इजी सस्ता सुंदर टिकाऊ कोई पैसे नहीं लगने वाले आपके जो आप कर सकते हैं पैसे बचने वाले हैं कॉफी नहीं पियोगे तो [हंसी] दैट यू कैन ट्राई अगर आपको लग रहा है कि बहुत ज्यादा एंजायटी हो
(1:43:30) रही है आजकल मैं ये प्रिस्क्रिप्शन में लिखती हूं बकायदा और मैं कहती हूं मैं आपको कोई दवाई नहीं दे रही ये तीन दे रही हूं तो वो कहते हैं ये करने से चली जाएगी मगर वो चली नहीं जाएगी कम हो जाएगी राइट आप उसे हैंडल करना सीख जाओगे एक्सक्टली ओके सो बेसिकली जो जिस चीज से लोग भागते हैं वही उनका सशन स्यूशन है। लोग खाली रहने से जो बोर्डम डिस्कस करा आइडल रहने से भागते हैं। क्योंकि ऐसा लगता है कि जब हम खाली बैठेंगे जब हमारा दिमाग खाली होगा तो बहुत सारे थॉट्स आएंगे। इससे अच्छा है स्क्रॉल कर लो। करेक्ट। तो शायद वो दिमाग को खाली रखने की जरूरत
(1:44:04) है। सो दैट थॉट्स आए और थॉट्स जाएं और चले ही जाएं। यस। एवरीथिंग लॉजिकल इज गुड फॉर अस। पर हम नहीं करते। कॉमन सेंस इज नॉट कॉमन प्रैक्टिस। हम सब लोग आजकल डिस्ट्रैक्टेड रहते हैं। देयर आर जस्ट सो मेनी डिस्ट्रैक्शंस। हम प्रोकस्टिनेट भी बहुत ज्यादा करते हैं। बट यह नॉर्मल डिस्ट्रैक्शन बिहेवियर से एडीएचडी में कब कन्वर्ट हो जाता है? हाउ टू आइडेंटिफाई बिकॉज़ अगेन एडीएचडी इज़ समथिंग लॉट ऑफ़ पीपल हैव स्टार्टेड सेइंग दैट आई हैव एडीएचडी ट्रेड्स। सो हाउ टू अंडरस्टैंड कि एक नॉर्मल डिस्ट्रैक्शन है या फिर एडीएचडी है? अगेन खांसी और टीबी में बहुत फर्क है।
(1:44:44) लेट्स गेट बैक टू दैट एग्जांपल। क्योंकि डिस्ट्रैक्शन एडीएचडी में नहीं बदल जाती। सबसे पहली बात डिस्ट्रैक्शन आजकल की हाइपर स्टिमुलेटेड दुनिया में बहुत नॉर्मल है। हम पहले भी डिस्कस कर रहे थे कि एक स्क्रीन, दूसरी स्क्रीन, तीसरी स्क्रीन हमने खुद ही की अटेंशन ना खराब की हुई है। अब एडीएचडी एक कंडीशन है जिसमें बचपन से खराब होती है। वन फाइन डे एडल्टहुड में आपको एडीएचडी नहीं हो सकता है। बेग ऑफ यू जिस तरह से वन फाइन डे आपको एडल्टहुड में ऑटिज्म नहीं हो सकता है। वो बचपन से होता है। हां, आपको डायग्नोसिस लेटर मिल सकता है। मगर यह न्यूरो डेवलपमेंटल मतलब बचपन
(1:45:24) से वाली बीमारी है। यह सडनली 30ज 40ज में इमर्ज नहीं होती है। तो सबसे पहली बात हम ये पूछते हैं जैसे आप सोच लीजिए एक बच्चा है जिसके पैर में कोई चलने में प्रॉब्लम है और बचपन से कंजनाइटल प्रॉब्लम थी उसको मान लीजिए। हम और बड़े होने में वो प्रॉब्लम हो सकता है बेटर हो जाए। हो सकता है वर्स हो जाए। हो सकता है सेम रहे। तीनों ऑप्शन है। मगर वन फाइंड एडल्ट अगर बोले मुझे चलने में तकलीफ है तो यह नहीं कह सकता कि यह मुझे बचपन से थी क्योंकि अगर उसको बचपन से नहीं थी और आज तक नहीं किसी भी हाल में प्रेजेंट की है तो उसका डायग्नोसिस मैंने आज किया है। ऐसा
(1:45:59) नहीं हो सकता है। पर हां बचपन में थी पर मैं चल लेती थी उस प्रॉब्लम के बिना भी छुपा के लेती थी। तब एज एन एडल्ट आई कैन डायग्नोस एस एन एडल्टहुड। राइट? तो कुछ डिस्ट्रैक्शन बहुत नॉर्मल है। कुछ डिस्ट्रैक्शन एक्चुअली आप अपनी अटेंशन को ट्रेन करके कम कर सकते हैं। नंबर वन स्टॉप यूजिंग मोबाइल व्हाइल वॉकिंग। बहुत डिफिकल्ट बट बहुत इंपॉर्टेंट चीज। इधर से उधर चलते हुए यह करना बंद करो। पता नहीं चलता है कैसे दूसरे रूम में आ गए और दूसरे रूम में जाने के बाद कहते हो क्या करने आए थे इस रूम में। यह आपकी सेल्फ क्रिएटेड है। आई एम वेरी सॉरी टू से।
(1:46:35) क्योंकि यू आर कास्टेंटली जगलिंग बिटवीन सो मेनी टास्क। ह्यूमन ब्रेन नहीं बना है मल्टीटास्किंग के लिए। मैं ये और ये और और दो चीज नहीं पकड़ सकती। मैं जैसे ही यह बहुत सारी चीजें अपने हाथ में पडूंगी चीजें गिरने के चांसेस बढ़ेंगे। राइट? बट वी ह्यूमंस थिंक कि हम तो सारे सुपर हीरो, सुपर हीरोइन हैं और हमने सबने मल्टीटास्किंग करा हुआ है आजकल। सो डिस्ट्रैक्शन अ लॉट ऑफ इट इज़ सेल्फ क्रिएटेड बिकॉज़ ऑफ़ द एनवायरनमेंट। एडीएचडी बचपन से होता है। हर बच्चा एडल्टहुड में नहीं लेके जाएगा। कुछ बच्चों की हाइपर एक्टिविटी खत्म हो जाएगी। इनटेंशन रह
(1:47:11) जाएगी क्योंकि एडीएचटी तीन टाइप का होता है। इनटेंटिव, हाइपरएक्टिव एंड कंबाइंड टाइप। इसमें से इनटेंटिव लड़कियों में कॉमन होता है पर डायग्नोस नहीं होता है ज्यादातर। हाइपरएक्टिव बॉयज आर नॉट सुना होगा आपने। कॉमनली डायग्नोस हो जाता है। माइकल फेल्प्स इज़ अ वेरी फेमस ओलंपिक स्विमर। उसको एडीएचडी डायग्नोसिस था। ही बिगेन स्विमिंग टू बर्न आउट ऑल दैट हाइपर एक्टिव एनर्जी। हज़ मदर मेड हिम डू दैट। सो एडीएचडी ओवर डायग्नोसिस अभी क्यों हो रहा है? पहले इसकी बात करते हैं। क्योंकि हम एक डिस्ट्रैक्टेड दुनिया में रह रहे हैं। हम सबको कोई चीज चाहिए टू से कि ये रीज़न है
(1:47:50) व्हाई आई एम डिस्ट्रैक्टेड। पर एक्चुअली अ लॉट ऑफ़ इट इज़ सेल्फ क्रिएटेड। अ लॉट ऑफ़ इट इज़ एंजाइटटी। मैंने कहा ना एंजायटी में क्या करते हैं हम? स्क्रोल। अ लॉट ऑफ़ इट इज़ जस्ट पुअर लाइफस्टाइल। मैंने इतनी कैफीन पी हुई है कि भ मेरा दिमाग जो है वो 10 खिड़कियां खोल के 10 चीजें कर रहा है तो कोई भी नहीं कंप्लीट कर रहा है। सो बिफोर यू डायग्नोस योरसेल्फ विद एडीएचडी आई आस्क यू दिस वन सिंपल क्वेश्चन। क्या यह बचपन से है? क्या यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को बचपन में भी इंपैक्ट करता था? और अभी भी कर रहा है। सिर्फ अभी नहीं बचपन में भी करता
(1:48:21) होगा। आपके टीचर्स ने भी कंप्लेन किया होगा। मम्मी पापा ने भी कुछ कंप्लेन की होगी। एंड सबसे बड़ी बात क्या एडीएचडी के अलावा कोई और चीज भी इसको एक्सप्लेन कर सकती है? वी ऑलवेज रूल आउट अदर डिसऑर्डर्स बिफोर गिविंग एडीएचडी डायग्नोसिस। लाइक व्हाट आर द अदर सिमिलर इशज़? एंजायटी नंबर वन ओके? सब्सटेंस अब्यूज ओके? मतलब कुछ लोग कुछ ड्रग्स करते हैं और उसमें वो हाइपर एक्टिविटी इन अटेंशन फोकस या जब सिगरेट नहीं पीता है इंसान बहुत घंटे तब भी वो बहुत कंसंट्रेट नहीं कर पाता है और छटपटाने लगता है तो बहुत सारे मिमिक्स हैं एडीएचडी के एंजायटी मैंने जो आपको बोला सब्सटेंस
(1:48:59) अब्यूज सब्सटेंस विड्रॉल इसी के साथ स्लीप इशूज़ इसी के साथ हाइपरकैफिनेशन राइट इवन जस्ट इन जनरल आप कितनी प्रैक्टिस कर रहे हैं अपनी अटेंशन को बिल्ड करने के लिए हम्। ऑल ऑफ़ दोज़ आर वेरीेंट। एडीएचडी के रियल ट्रेड्स क्या हैं? सो इफ अगेन समबडी हु इज़ लिसनिंग टू अस फील दैट दे हैव एडीएचडी ट्रेड्स, हाउ कैन दे आइडेंटिफाई वेदर इट्स रियली एडीएचडी और इट्स जस्ट दैट दे आर दे आर डिस्ट्रैक्टेड बिकॉज़ ऑफ़ देयर लाइफस्टाइल एंड अदर थिंग्स। ओके। इफ आई वाज़ टू गिव अ चेक लिस्ट, पहले हम बचपन की चेक लिस्ट एक बारी डिस्कस करते हैं। फिर एडल्ट्स की करेंगे। क्योंकि अगर
(1:49:37) बचपन की चेक लिस्ट नहीं मीट कर रहे हो तो एडल्ट की कोई फायदा नहीं है। राइट। पहली बात आपको बचपन से एंड बाय बचपन से आई मीन लाइक पांच छ सात साल की उम्र इज द कोर उम्र 12 साल से कम। बेसिकली यू नीड टू हैव सिक्स आउट ऑफ नाइन इन द हाइपर एक्टिविटी एंड इनटेंशन डोमेन। क्या हो गए? केयरलेसनेस, इन अटेंशन। नाम बुलाया बच्चे ने जवाब नहीं दिया। हर रोज कुछ भूल जाना स्कूल में। आए दिन भूल जाना कभी-कभी आपने और मैंने भी छोड़ा है स्कूल में। हां। हम इसी के साथ-साथ रनिंग लाइक अ मोटर मतलब एक जगह नहीं बैठ पाना होता है ना बच्चा जो हमेशा घूमता ही रहता है क्लास के अंदर
(1:50:14) मे बी वंस इन अ वाइल यू मे हैव डन इट पर आप हर समय कंप्लेन नहीं आती थी आपके नाम पे राइट इसी तरह आंसर ब्लट आउट कर देना सवाल पूछा नहीं जवाब दे देना ठीक है इसी के साथ-साथ जहां पे भी सस्टेंड मेंटल एफर्ट लगे वो काम नहीं कर पाना बहुत ज्यादा हर समय नीडिंग कास्टेंट कास्टेंट स्टिमुलेशन तो यह बचपन के सिक्स आउट ऑफ़ न सिक्स आउट ऑफ़ न ऐसे करके हमारी कुछ क्राइटेरिया चेक लिस्ट्स होती हैं जो अगेन डॉक्टर को ही आपको अप्लाई करनी पड़ेंगी। इसमें आपने एक तीन टाइप्स के बोले थे। तो आई थिंक इनटेंशन हाइपर एक्टिविटी एंड कंबाइंड मतलब दोनों इनटेंशन भी और हाइपर
(1:50:52) एक्टिविटी भी। तो चेक लिस्ट दो है। दोनों को कंबाइन भी कर सकते हैं और सिर्फ यह भी हो सकती है और सिर्फ यह भी हो सकती है। सो दीज़ आर द थ्री टाइप्स। अब एडल्टहुड में ऑब्वियसली आप होमवर्क थोड़ी ना भूल जाओगे करने को। मगर एडल्टहुड में हम कोर क्राइटेरिया जो ढूंढते हैं बचपन में था कि नहीं? एंड आर यू कास्टेंटली प्रोकस्टिनेटिंग टू द पॉइंट कि आपकी नौकरी चली गई? ओके? आर यू कास्टेंटली फिजिटिंग? कभी-कभी मैं भी करती हूं, आप भी करते होंगे। बट टू द पॉइंट कि लिटरली इट इज नॉट ओके फॉर यू इन दैट टाइम एडल्ट्स में ना मैं इसलिए कोई क्राइटेरिया नहीं बोलना चाह रही हूं
(1:51:30) क्योंकि जो हमारी होली बाइबल है क्राइटेरिया की टेक्स्ट बुक। एडल्ट एडीएचटी का क्राइटेरिया अभी भी फुल्ली फॉर्म नहीं डाला गया है। तो मैं इसलिए कमेंट एग्जैक्ट पॉइंट्स पे नहीं करूंगी। वेयर एस चाइल्डहुड का मैं आपको एग्जैक्ट मैप दे दूंगी। अगर उन्हें ये नहीं पता चल सकता कि ये सब ट्रेड्स हैं तो मुझे एडीएचडी है। कैन वी टेल देम कि अगर ये सब है तो पक्का एडीएचडी नहीं है। [हंसी] आई लाइक द वे यू आर आस्किंग दैट क्वेश्चन इज़ वेरी गुड। नहीं ऐसा भी कुछ नहीं है। देखो पता है क्या है? जब भी बीमारी की बात होती है ना नेगेटिव ऑफ नेगेटिव ढूंढना भी
(1:52:05) प्रॉब्लमैटिक हो जाता है। क्योंकि अगर मैं कैंसर की बात करूं ब्रेस्ट लैंप है तो इट कुड बी कैंसर कुड नॉट बी कैंसर राइट बट ब्रेस्ट लैंप नहीं है दैट मींस कैंसर कभी नहीं होगा ऐसा नहीं हो सकता है राइट बट या अगर आप फेयरली अच्छे से कंसंट्रेट कर पाते हो ऐसे कॉन्वर्सेशन इतने सस्टेन कर पा रहे हो सडनली भूल नहीं जा रहे हो कास्टेंटली कि क्या-क्या बात करनी थी डे टू डे रोजमर्रा जिंदगी इस गोइंग फाइन वंस इन अ वाइल आई आल्सो फॉरगेट नेम्स वंस इन अ वाइल आई आल्सो फॉरगेट गेट व्हाट आई वास टॉकिंग अबाउट वंस इन अ वाइल आई आल्सो फॉरगेट वो मूवी का नाम क्या था? ऑल ऑफ़ दोज़
(1:52:41) आर नॉर्मल। अगर हर समय नहीं हो रहा है तो बिंदास हो जाओ। बट हां अपनी अटेंशन पे काम करो। डोंट कीप स्क्रोलिंग। तो आई थिंक एवरीबडी नीड्स टू वी ऑल नीड टू वर्क ऑन आवर अटेंशन इंक्लूडिंग मी। आई नाउ वांट टू टॉक अबाउट पैनिकिक अटैक्स। जब कोई बहुत ज्यादा एक्शियस हो जाता है या बहुत ज्यादा किसी चीज को लेकर परेशान होता है, दिल से लगा लेता है, दे समटाइ्स एक्सपीरियंस अ पैनिकिक अटैक। सो व्हाट इज पैनिकिक अटैक एंड व्हाट एक्चुअली हैपेंस व्हेन समबडी इज एक्सपीरियंसिंग इट? पैनिकिक अटैक होता है जब सडनली आउट ऑफ नोवेयर एक इंटेंस रिएक्शन होता है।
(1:53:17) टिपिकली 5 से 20 मिनट के बीच में देखा जाता है। होता है। मतलब इट स्टार्ट्स इट पिकक्स एंड इट कम्स डाउन इन 20 मिनट्स। कुछ लोग को घंटा भर भी रह सकता है। बट बॉल 5 से 25 मिनट हम देखते हैं। लोगों को होता है। अब होता क्या है? हम फिजियोलॉजिकली बहुत मैसिव रिस्पांस होता है। सबसे पहले है पप्पिटेशन। आपका दिल धड़ धड़ धड़ करने लगता है। पसीने आने लग सकते हैं। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] सांस नहीं आ रही है। ऐसा फीलिंग हो सकता है। यू नो योर ब्रेन स्टार्ट्स टू फील वेरी फॉगी। आपको ऐसे थॉट्स आने लगते हैं कि यार मैं मर जाऊंगा।
(1:53:50) क्या लगता है यार मैं अपना बेवकूफ बना रहा हूं। सब लोग मुझे देख रहे हैं। कुछ लोगों को टिंगलिंग होने लगती है। कुछ लोगों को वोमिटिंग होने लगती है। कुछ लोगों को चक्कर आने लगते हैं। कुछ लोग बेहोश हो जाते हैं। सो इट्स अ वेरी इंटेंस फिजियोलॉजिकल रिस्पांस। इट्स अ वेरी ट्रू रिस्पांस ऑफ योर बॉडी। क्यों? क्योंकि आपकी बॉडी फील कर रही है अनसेफ। ओके? और आपके बैक टू द केव जब एक शेर आपके पीछे पड़ा है, आपकी बॉडी ने मैसिव अमाउंट ऑफ एड्रिनलिन प्रोड्यूस करना स्टार्ट कर दिया है। वो कह रहा है भाग या वो कह रहा है फाइट या वो कह रहा है बचाओ मसल्स नाइट
(1:54:26) होने लगती हैं सारी की सारी बिकॉज़ वी गेट रेडी टू रन। सो द एड्रिनलिन रश। तो एड्रन एक्चुअली उसका एक कंपाउंड ना हम जब कोई पेशेंट का हार्ट फील हो रहा होता है तब भी उनको देते हैं उनको उनको रिसेसिटेट करने के लिए। ओके? तो अगर वो चीज मेरा हार्ट अटैक नहीं हो रहा है पर मुझे वो एक्सेसिव मिल गया हॉर्मोन तो केमिकल मेरे को नहीं जरूरत इस समय तो मेरी बॉडी रिवोल्ट कर रही है। एंड दैट इज अ पैनिकिक अटैक। ये पैनिकिक अटैक सडनली डेवलप होता है किसी में ड्यू टू सम इवेंट सरकमस्ट्ससेस और सम ट्रॉमा। इसका बेसिकली सोर्स क्या है? पैर अटैक किसी भी ऐज पे हो सकता है।
(1:55:04) कभी भी हो सकता है। आपको बेसलाइन कोई मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम पहले थी तब भी हो सकता है। नहीं थी तब भी हो सकता है। लाइफ में स्ट्रेसफुल सिचुएशनंस चल रही हो या कोई ट्रिगर हो उसके आसपास ज्यादा देखा जाता है। कुछ-कुछ लोगों को पूरी लाइफ में एक या दो बारी होता है। कुछ-कुछ लोगों को लाइफ में बहुत बारी होता है। सो इट रियली डिपेंड्स एंड जैसे ए्जायटी के साथ, डिप्रेशन के साथ कॉमनली साथ में देखा जा सकता है। बट ऐसा कोई रूल नहीं है कि आपको अगर पैनिकिक अटैक हो रहा है तो आपको और कोई बीमारी होना कंपलसरी है। सिर्फ पैनिकिक अटैक्स भी हो सकते हैं।
(1:55:37) क्या ये उन लोगों के साथ होते हैं जो बहुत ज्यादा सोचते हैं या बहुत ज्यादा चीजों को दिल से लगाते हैं? नहीं आपके मेरे साथ भी हो सकता है। इट इज़ बेसिकली द बॉडी इस ट्राइंग टू प्रोसेस। बट उस आउटलेट जो है वो आपके और मेरे को पसंद नहीं आ रहा। कभी गंदा खाना खाया है बाहर? उल्टी होती है ना बहुत ज्यादा। बॉडी क्या कर रही है? साफ कर रही है ना कुछ? तो बेसिकली ये सप्रेस्ड इमोशंस हैं। ये निकल रहे हैं कहीं से। ओके। अब वो कभी भी हो सकते हैं सप्रेस्ड। अगर आपके साथ कोई है और उसे अचानक से पैनिकिक अटैक आए तो आपको क्या करना चाहिए? क्वेश्चन।
(1:56:09) क्या नहीं करना चाहिए? एक्सीलेंट। आई थिंक सेकंड क्वेश्चन इज़ बेटर देन फर्स्ट। मुझे सेकंड क्वेश्चन व्हाट टू नॉट डू व्हेन यू हैविंग अ पैनिकिक अटैक। व्हेन समबडी इज़ हैविंग अ पैनिक अटैक। इज वेरीेंट देन व्हाट इज टू बी डन? पहली बात डोंट से प्लीज काम डाउन। उससे कोई काम डाउन नहीं हुआ आज तक जिंदगी में। ठीक है? दूसरा लेट देम ब्रीथ। थोड़ा सा उनके ऊपर ना खड़े होके उनको थोड़ी सी स्पेस दो। नंबर थ्री उनको बोलो आपकी कोई दवाई है। काफी बारी नो के पास इनकी दवाई पड़ी होती है। क्योंकि इन्होंने ट्रीटमेंट ली हुई होती है। इनको पता है इनकी एसओएस दवाई क्या है?
(1:56:43) और ये उसमें निकाल नहीं पाते हैं या [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] इनका दिमाग उस समय उतना डायरेक्ट नहीं चल रहा। पर ये एक पॉइंट कर देंगे है। गिव देम देयर एसओएस दवाई। ओके। ठीक है। आप उस समय उसको पूछ सकते हैं। डॉक्टर के पास जाना है। जिसको पता है मुझे पैनिकिक अटैक हो रहा है, वह जानता है कि यार यह 5 से 20 मिनट में डॉक्टर ने मुझे सिखाया ब्रीथिंग एक्सरसाइज ये ये सिखाया चला जाएगा। जिसका ना ही डायग्नोस है उसको तो डॉक्टर के पास ले जाना बनता ही है 100%। आप उनको ठंडा पानी ऑफर कर सकते हैं। फॉर श्योर उनको बोलो स्मॉल सिप्स पी लो। इट्स
(1:57:14) फाइन। क्या नहीं करना है? उनको प्लीज थप्पड़ थप्पड़ नहीं मारना है। [हंसी] उनको और जोर से जकड़ के नहीं करना है। उनको उनके सर पे नहीं खड़े हो जाना है। उनके आसपास भीड़ नहीं लगाने देनी है। उनको अरे कुछ नहीं हुआ कुछ नहीं है। नहीं बोलना है। प्लीज यू बी काम। उनको पैनिक हो रहा है। आप पैनिकिक ही मत हो जाइए। [हंसी] ओके। एंड इज इट जस्ट एक्सट्रीम लेवल ऑफ़ डिसकंफर्ट? या फिर ये सच में लाइफ थ्रेटनिंग भी हो सकता है। बिल्कुल भी नहीं लाइफ थ्रेटनिंग। इनफैक्ट यही सवाल गुंजन जो आपने पूछा ब्यूटीफुल क्वेश्चन। मोस्ट पेशेंट जब पैनिक अटैक्स
(1:57:45) का ट्रीटमेंट के लिए आते हैं और हम कहते हैं देखिए ये पैनिक अटैक था और उनको ये पता होता है क्यों क्योंकि जब वो आईसीयू या फिर जैसे रात को इमरजेंसी रूम गए होते हैं तो उन डॉक्टर ने ऑलरेडी सारी ट्रीटमेंट लेके बोला था देखिए ये तो पैनिकिक अटैक है ये और कुछ नहीं था और हमारे पास एज अ साइकट्रिस्ट भेज देते हैं वो हमसे बहुत बारी पूछते हैं डॉक्टर पक्का हार्ट अटैक तो नहीं आ जाएगा पक्का मर तो नहीं जाएंगे पक्का पक्का तो मैं कहती हूं मैं एक बारी कहूंगी मैं रिपीट नहीं करूंगी आप लिख लीजिए अगर चाहिए तो पैनिकिक अटैक्स डू नॉट किल एनीबडी
(1:58:14) एंड मैं अपनी डिग्री भी जान पे लगा देती हूं। तो मेरी डिग्री भी जान पे लगा लेना। कभी कोई नहीं मरा पैनिकिक अटैक से। हां, डूइंग समथिंग वर्स ड्यूरिंग पैनिकिक अटैक जैसे कि अगर आप मान लीजिए उस समय अपनी हेल्प ही नहीं लेने दे रहे हैं और अगर आप रॉन्ग गोइंग ट्रैफिक में भाग जाएंगे, दैट इज़ वर्स व्हिच इज़ व्हाई पैनिक अटैक में स्टे व्हेयर यू आर। नोबडी डाइस ऑफ अ पैन अटैक। नोबडी हैज़ कैन डाई ऑफ अ पैनिक अटैक। इट्स अ वेरी डिफरेंट सिस्टम इनवॉल्व्ड। हां, यू कैन फील वेरी अनकंफ़र्टेबल। इट फील्स लाइक यू आर डाइंग। इट फील्स वेरी मच लाइक यू आर डाइंग। इट्स
(1:58:47) वेरी होंडस फॉर पीपल। बट यू आर नॉट डाइंग। यू आर नॉट डाइंग। [हंसी] यू आर सेफ। सो एरा आई डील विद अ लॉट ऑफ़ पीपल फॉर देयर न्यूट्रिशन प्लान डाइट प्लान्स। एंड आई यूजुअली सी कि लोगों को कई बार ईटिंग डिसऑर्डर का इशू होता है। समटाइ्स दे इंटल्ज टू ईटिंग। बहुत ज्यादा खाने की आदत होती है और कई बार वो खाना चाहते ही नहीं है। इस तरह की प्रॉब्लम होती ही क्यों इन द फर्स्ट प्लेस? देखिए फंसी ईटिंग, चूजी ईटिंग एंड नॉट फीलिंग लाइक ईटिंग आर नॉट ईटिंग डिसऑर्डर्स। दोज़ आर नॉट डिसऑर्डर्स। ओके। दोज़ आर चॉइससेस, प्रेफरेंसेस। मतलब आपके सामने खाना पड़ा भी है और आपने
(1:59:25) सुबह से कुछ नहीं खाया, शाम हो गई और आपका मन नहीं कर रहा अभी भी खाने का। करेक्ट? हाउ कैन दिस बी नॉर्मल? इट कुड बी अ पार्ट ऑफ़ समबडीस हैविंग डिप्रेशन। इट कुड बी अ पार्ट ऑफ़ दैट। इट कुड बी अ पार्ट ऑफ़ दैट यू नो वो पर्सन को इंटरेस्ट नहीं है आजकल। ओके। सो यू मीन दिस इस नॉट ईटिंग डिसऑर्डर। अदर प्रॉब्लम करेक्ट दीज़ आर टिप ऑफ़ द आइसकर् प्रॉब्लम वही कि यू नो मुझे एक ही बारी बहुत ज्यादा खाना पसंद है या मैं अगर खा लेता हूं तो फिर मैं काम में इतना बिजी हो जाता हूं कि मैं खाने के बारे में सोचता ही नहीं हूं। सो दीज़ आर प्रेफरेंसेस
(1:59:55) दीज़ आर नॉट ईटिंग डिसऑर्डर। ईटिंग डिसऑर्डर तीन ही है। पहला इज़ बुललीमिया। ओके। सेकंड इज़ एनोरेक्सिया। ओह माय गॉड। एंड तीसरा इज़ बेंज ईटिंग डिसऑर्डर। अब बिलमिया एनरेक्सिया काफी सीवियर डिसऑर्डर्स होते हैं। इसको पहले साइड पे रखते हैं। लेट्स टॉक अबाउट द मोस्ट कॉमन ईटिंग डिसऑर्डर। बिंज ईटिंग डिसऑर्डर। ये जरूर सुना होगा आपने। एंड ये बहुत कॉमन है। एक इंसान इतना ज्यादा खाना खा लेता है एक सिंग में बिय्ड फुलनेस। उसको पता है कि खाना यहां तक भर गया। अब यहां तक भर गया। यहां तक भर गया। फिर भी खाता रहता है। मगर उसके बाद उसको बहुत शेम होती है और गिल्ट होती है। और
(2:00:30) लगता है यार व्हाई डिड आई ईट माय फीलिंग्स? मुझे आज सैड लग रहा था। मैंने इतना क्यों खा लिया? मगर क्या नहीं होता है जो कि इन दो बाकी डिसऑर्डर्स में होता है। टिपिकली बॉडी इमेज डिसटिस्फेक्शन सीवियर नहीं होती है। मतलब वो अपनी बॉडी को डिसलाइक करते हैं पर हेट नहीं करते हैं। उनका वेट थोड़ा ज्यादा हो सकता है। हो सकता है वो उसके बाद अगले दिन अच्छे से खाना ना खाएं कंपनसेट करने के लिए। बट दे गो बैक टू नॉर्मल। यह हो गया बिंज ईटिंग डिसऑर्डर। आपने और मैंने भी लाइफ में कभी ना कभी तो बिंज किया ही होगा। डजंट मीन वी हैव अ डिसऑर्डर। डिसऑर्डर के लिए एक
(2:01:02) परिभाषा लगती है। हाउ मेनी टाइम्स इन अ मंथ? हाउ मेनी टाइम्स इन अ वीक मिनिमम बार-बार करना। उसको डिसऑर्डर कहते हैं। पर ये जो दो सीवियर चीज मैं बता रही थी जो इंडिया में एक्चुअली कोई नहीं बात करता है। एनोरेक्सिया एंड बिलमिया के बारे में। एनोरेक्सिया मतलब बहुत ही ज्यादा स्टिक लाइक थिन फिगर ज्यादातर जैसे हम मॉडल्स में देखते हैं, बैले डांसर्स में देखते हैं। इनमें एक बहुत सीवियर बॉडी इमेज डिसटिस्फेक्शन होता है। दे थिंक दे आर फैट इवन दो दे आर स्टिक थिन। इनफैक्ट दे आर सो थिन कि इनका बीएएमआई लेस देन 17.
(2:01:38) 5 दैट्स वैरी अंडरवेट। फॉर अ वू वीमेन यस। फॉर इवन लाइक यू नो फॉर मोस्ट पीपल और देयर फैट कंपोजिशन इज़ सो सीिवियरली लो बट दे फील दैट देन दे सी द मिरर कि मैं बहुत मोटा हूं या मोटी हूं। तो ये है बहुत ही सीवियर फॉर्म दैट इज़ एनोरेक्सिया। तो क्या करते हैं लोग? खाते ही नहीं है। या बहुत ही वैसे चिड़िया की तरह चुगने वाला खाना खाते हैं। या खाते हैं तो निकाल देते हैं। यह हो गया एनरेक्सिया। सेकंड इज़ बिलमिया। अब बिलमिया में क्या होता है? एनरेक्सिया की तरह थिन नहीं होते हैं। दे आर एक्चुअली लाइक अ बुल बिलमिया बुल सो दे आर एक्चुअली
(2:02:15) बिगर इन साइज और उनका इतना बीएएमआई कम नहीं होता है मगर इनमें भी दे विल ईट एंड दे विल आइदर थ्रो अप और या फिर लैग्ज़ेटिव इस्तेमाल करेंगे क्योंकि खाना खाने के बाद बॉडी इमेज डिसटिस्फेक्शन इनमें भी रहता है और एनोरेक्सिया में हम काफी बारी देखते हैं वुमेन को इमिनोरिया मतलब पीरियड बंद हो जाते हैं हेयर लॉस होने लगता है बहुत ही स्ट्रिकली थिन फिगर अगर आप इमेजिन करें और खाने के के साथ रिलेशनशिप खराब हो। दैट इज़ एनरेक्सिया। रेयर है एज इन इट्स नॉट एज कॉमन एज बिंज ईटिंग बट इंडिया में डायग्नोस नहीं होता है। क्योंकि लोगों को इसके बारे में
(2:02:50) इंफॉर्मेशन नहीं है। वो पिककी ईटिंग और यह वर्ड्स जैसे आपने बताया ना कि यार वो खाना नहीं चाहती है। करके छोड़ देते हैं। ज्यादातर यंग लोगों में दिखता है। यंग फीमेल्स में या फिर जैसे मैंने कहा यू नो पीपल हु आर इन सर्टेन जॉब्स जिनमें पतला होना सेलिब्रेटेड होता है। एंड बिलमिया जो है वह परजिंग बिहेवियर जिसको हम कहते हैं फिंगर स्टिक करना। यह डिसऑर्डर्स हैं। ईटिंग डिसऑर्डर्स जब हम कहते हैं वो बाकी सारी चीजें हैं प्रेफरेंसेस। ये डेवलप कैसे होता है? एवरीथिंग इज़ बायोलॉजी, एवरीथिंग इज़ साइकोलॉजी, एवरीथिंग इज सोशल। मीनिंग बायोलॉजिकली इनके ब्रेन में सर्टेन
(2:03:26) केमिकल्स आर डिफरेंट देन नॉर्मल अदर। ऑल ऑफ़ अ सडन कैसे डेवलप हो गया? नहीं ऑल अ सडन नहीं होता है। सो अगेन कुछ लोगों में जेनेटिक मेकअप होता है पर वो ट्रिगर कभी बाद में हो सकता है। काफी बारी हम देखते हैं इनकी मदद या इनके पेरेंट्स या इनकी फैमिली में भी किसी ना किसी को होता है। तो अगेन जेनेटिक्स हैव अ वेरी स्ट्रांग रोल टू प्ले। नेक्स्ट इज अगेन सोसाइटी। आपने नोट मैंने देखा कुछ प्रोफेशंस का नाम लिया मैंने बार-बार। इन प्रोफेशंस में ये ट्रेट इंपॉर्टेंट टू हैव नॉट नाइस टू हैव है। अब आप सोचो अगर आप ऐसी सोसाइटी में रह रहे हो जहां पे सभी एक
(2:04:00) सर्टेन बॉडी टाइप हैं और आप नहीं हो तो वो ट्रिगर होगा कि नहीं होगा? हम अनलेस आप इतने सिक्योर इंसानों की कोई बात नहीं। तो, इट डजंट डेवलप इट सडनली। इट डेवलप्स एक्चुअली ओवर अ पीरियड ऑफ़ टाइम। सो, इट्स नॉट ऑलवेज द डिजायर टू लुक अ सर्टेन वे। इट कुड ऑल्सो बी जेनेटिक्स एंड यस। अदर रीज़ंस एज़ आई सेड। सो, मतलब सब ठीक है। कुछ मेजर प्रॉब्लम नहीं है लाइफ में। सब सही है। आई आई बिलोंग टू अ प्रोफेशन और अ कम्युनिटी जहां पर मुझे जरूरत नहीं है एकदम स्टिक फिगर होने की। इवन देन आई कैन हैव दिस प्रॉब्लम। लेकिन दैट सोशल मीडिया मे बी द रीज़न क्योंकि सोशल मीडिया पे एक सर्टन
(2:04:38) स्टीरियोटाइप प्रोटोटाइप किया गया है कि ऐसी लड़कियां दिखनी चाहिए तो हो सकता है कि अगर आपको लगे यार मेरे को इतने लाइक्स नहीं मिल रहे और जो मेरी एक्स व जेड फ्रेंड है वो इतनी थिन है उसको इसलिए मिलते हैं या किसी ने आपको यंग एज में मैंने क्यों बोला क्योंकि वो एक बहुत इंप्रेशनेबल एज होती है जब कोई कमेंट कर दे तो बहुत ही ज्यादा चुप जाती है। राइट? सो ईटिंग डिसऑर्डर्स कभी-कभी कुछ लोगों को होता है एंड दे पास थ्रू दैट फेस एंड दे गो आउट ऑफ इट आल्सो ऑन देयर ओन। ओके? कभी-कभी हमें हिस्ट्री में 30 40 ईयर ओल्ड के पर्सन से बात करते-करते 15 16 की
(2:05:08) ऐज पे उनको ये था कि हैंडसाइट में हम डायग्नोसिस करते हैं मगर आज नहीं है। ओके तो ऐसा भी होता है। सो किसी भी ट्रिगर से ये डेवलप हो सकता है। हो सकता है। ओके ओके। वन ट्रिगर व्हिच आई हैव नोटिस्ड इज़ नॉट फॉर्मिंग अ गुड रिलेशनशिप विद फूड। यस। कभी आपने पतले होने के लिए बहुत ज्यादा खाना अवॉइड करना शुरू कर दिया था और चाहे अब आप ठीक भी हो गए हो। अब आप अपने आइडियल वेट पर भी हो तब भी अब आपका खाने के साथ वो रिलेशनशिप है ही नहीं। यू फियर ईटिंग कि खाऊंगी तो वेट बढ़ जाएगा। यस अब्सोलुटली क्योंकि आपको मैक्रोस नहीं समझते। आपको न्यूट्रिशन नहीं समझता। आपको
(2:05:46) लगता है कि फूड इक्वल्स कार्बोहाइड्रेट्स खाए तो फैट हो गए, फैट खाया तो फैट हो गए। पीपल डोंट अंडरस्टैंड न्यूट्रिशन। सो यस, दैट इज़ आल्सो अनदर एस्पेक्ट। ओके। एंड हाउ डू यू हेल्प दीज़ पीपल? वी ऑब्वियसली चेंज द वे दैट दे फील अबाउट फूड, फील अबाउट देमसेल्व्स, वी वर्क अ लॉट ऑन सोसाइटल जजमेंट, समटाइम्स मेडिकेशंस आर नीडेड इफ इट्स वैरी सीवियर लाइफ थ्रेटनिंग लेवल तक अगर हो रहा हो तो समटाइम्स एडमिशन आर नीडेड। अ लॉट ऑफ़ थिंग्स आर नीडेड। बट यस अ सॉलिड फाउंडेशन ऑफ अंडरस्टैंडिंग सेल्फ एंड फूड इज़ वेरीेंट। ओके, ओके। सो पूरा हैंड होल्ड करके,
(2:06:22) उन्हें समझ के वर्क विथ अ टीम। वेरी एनोरेक्सिक एंड थिन। ओके। एंड इफ समबडी हैज़ दिस ट्रेट तो अगेन बिफोर दे रीच यू व्हाट आर द थिंग्स दैट दे कैन डू एट देयर एंड? यू कैन वर्क विथ अ न्यूट्रिशन। इट्स अ गुड आईडिया। नॉट अ प्रॉब्लम। यू कैन वर्क ऑन रीडिंग अबाउट न्यूट्रिशन। अंडरस्टैंडिंग दैट यू नो ऑल बॉडीज ऑन सोशल मीडिया जो कैंपेन में होती हैं, एड्स में होती हैं, वो इतनी एयर ब्रश होती हैं। मीटिंग रियल एथलीट्स एंड पीपल एंड सीइंग कि लोग खा भी सकते हैं, एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। एथलेटिक बॉडी भी ले सकते हैं।
(2:07:05) एथलेटिक बॉडीज भी बिग एंड स्माल होती हैं। ऐसा नहीं है कि एथलेटिक बॉडी ऐसे ही होती है। तो अपना लाइफ में एक्सपोज़र जितना आप बढ़ाएंगे ना बेसिकली किसी भी कोच और किसी थेरेपिस्ट के साथ काम करने का एक इंपॉर्टेंट पार्ट यही होता है कि आपको वो सारी इन खुद नहीं प्रोसेस करनी है। कोई आपको प्रोसेस करके पड़ोस दे रहा है। है ना? राइट। राइट? बट आप अपने आप से बहुत बुक्स रीड कर सकते हैं। इट्स ऑलवेज अ गुड आईडिया। बिकॉज़ ऑफ़ ऑल दिस अवेयरनेस स्पेशली थ्रू सोशल मीडिया। रिक्वायर्ड एंड नॉट सो रिक्वायर्ड अवेयरनेस आल्सो। अभी बहुत लोग अपनी इस तरह की कंडीशंस आइडेंटिफाई करने
(2:07:37) लगे हैं। करेक्ट। [गला साफ़ करने की आवाज़] ये चार सिम्टम्स बताए थे। ये तो चारों मेरे से मैच करते तो मुझे है। ये डिप्रेशन ऐसा ऐसा दिखता है तो मुझे तो है। ऐसा भी हो सकता है कि नहीं हो। अगर चार चेक पॉइंट्स मैच कर रहे हैं तो जरूरी नहीं है कि वो डिप्रेशन ही है। डायग्नोसिस तो डॉक्टर ही देगा। खुद को खुद को तो आप ऑनलाइन देके डायग्नोसिस नहीं देख दे सकते। पिंपल को तो एक्ने आप भी बोलती हो। मैं भी बोलती हूं। पर एक डर्मेटोलॉजिस्ट ही बताएगा कि व्हाट ग्रेड ऑफ़ एक्ने दिस इज़। इस तरह से खुद को आइडेंटिफाई करना ऑनलाइन। एक फर्स्ट स्टेप
(2:08:07) है अवेयरनेस। हम खुद को डायग्नोस नहीं कर सकते हैं। मैंने एक जोक सुना अभी बहुत रिसेंटली आपको सुनाती हूं। एक आदमी ने बोला कि मैं वेट लॉस नहीं कर पा रहा क्योंकि मुझे पीसीओडी है। क्योंकि क्योंकि पीसीओडी वर्ड उन्होंने सुना है। वेट लॉस से रिलेटेड होता है। उन्होंने सुना है। वो आदमी है। वो ये भूल गए कि और आदमियों को नहीं होता है। तो आजकल इंटरनेट पे ना इंफॉर्मेशन थोड़ी सी मिक्स अप हो रही है। इसी तरह से कि लोग अपने आप को जबरदस्ती एक डायग्नोसिस करना चाह रहे हैं। डायग्नोसिस काम हमारा है। सेल्फ डायग्नोसिस का क्या नुकसान है?
(2:08:41) पहली बात बीमारी क्यों चाहिए लोगों को? क्यों डायग्नोसिस कर लेना है? इनफैक्ट रूल नंबर वन जो हमें सिखाया जाता है एज अ साइकेट्रिस्ट नॉट एवरीथिंग नीड्स टू बी डायग्नोस्ड। हर चीज का डायग्नोसिस जरूरी नहीं होता है। आप कभी बुखार लेके गए हैं या जनरल फिजिशियन के पास। अदर टाइम वो फ्लू बोल के आपको बोल देता है कोई बात नहीं चला जाएगा। वो एग्जैक्ट स्ट्रेन ऑफ़ फ्लू आपको नहीं बताता है। पता है कितने सारे वायरस के स्ट्रेंस हैं। अगर हम आपको बैठ के डायग्नोस करके वायरल स्ट्रेन बताने लगेंगे ना आपका टाइम एनर्जी मनी सब चला जाएगा। तो वो आपको एक वेग एक
(2:09:12) सिम्टममेटोलॉजी ट्रीट करके बोल देते हैं। ठीक है। तो एक्चुअली बहुत सारी चीजें ऐसे ठीक है। बट हां अगर कोई बड़ी बीमारी है या अगर डायबिटीज ब्लड प्रेशर है वो आपको स्पेसिफिकली बताएगा। तो ऐसे हमें भी यही बोला जाता है दैट रिलेशनशिप इशू है। हम उसको ओवर डायग्नोसिस नहीं करते हैं। अगर मान लीजिए आपको एग्जाम में फेलियर की वजह से आपको कुछ हफ्ते अच्छा नहीं लग रहा है। इट्स एक्सेप्टेबल एज एडजस्टमेंट डिसऑर्डर। उसको बहुत भयंकर बीमारी का नाम देना जरूरी नहीं है तो आप क्यों दोगे अगर मैं नहीं दूंगी एज अ डॉक्टर। सो फायदा नहीं है पर से।
(2:09:45) हां ये फायदा है। ये मैं जरूर कहूंगी। कभी-कभी एक डायग्नोसिस से अगर डॉक्टर जब दे खुद को नहीं जब डॉक्टर डायग्नोसिस देता है हमें एक सेंस ऑफ बिलोंगिंगनेस मिलती है। मान लीजिए मुझे बायपोलर डिसऑर्डर है या मुझे बॉर्डर लाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर है या मुझे एडीएचडी है या मुझे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर है या मुझे डिप्रेशन है, एंजाइटटी है, ओसीडी है। कोई भी बीमारी का डायग्नोसिस जब डॉक्टर दिया तो डॉक्टर साथ में यह भी बताएगा कि यह कितना कॉमन है। बाकी लोग जो इससे जूझते हैं वह क्या करते हैं? क्या इसकी ट्रीटमेंट संभव है कि नहीं?
(2:10:19) क्या-क्या करा जा सकता है? तो मुझे ना एक सेंस ऑफ नोइंग मदद करेगी। राइट? एक फुल पिक्चर होगी। बिल्कुल। बट वो डायग्नोसिस डॉक्टर अगर देगा खुद से नहीं। सो यस इन दैट वे डायग्नोसिस इज़ वै हेल्प। आई आस्क पीपल कि आपको डायग्नोसिस चाहिए? कुछ लोग साफ कह देते हैं नहीं। आप मुझे कोई वर्ड बोल दोगे ना वो अटक जाएगा मेरे माइंड में। कोई बात नहीं। कुछ लोग कहते हैं हां मुझे चाहिए। ठीक है। नाउ आई वांट टॉक अबाउट टेकिंग केयर ऑफ़ आवर मेंटल हेल्थ। वी नो व्हाट वी शुड डू टू टेक केयर ऑफ़ आवर फिजिकल हेल्थ। नो मैटर हम कितना करें, कितना नहीं करें।
(2:10:52) बट एटलीस्ट एवरीबडी इज अवेयर। सो व्हाट डस टेकिंग केयर ऑफ़ मेंटल हेल्थ एक्चुअली मीन। मेंटल हेल्थ आइसोलेशन में टेक केयर नहीं करते हैं आप। समझ लो एक टेबल है। उसके चार पैर हैं। एक है फिजिकल। एक है इमोशनल स्लश मेंटल जिसकी हम बात कर रहे हैं। एक है सोशल और एक है सेंस ऑफ सेल्फ। तो एक पैर के चार एक टेबल के चार पैर हमने बना लिए। फिजिकल हेल्थ पे काम करने से मेंटल हेल्थ पे बहुत मदद होती है। तो यह पैर आपने सॉलिड करना है पहले। अब प्योर मेंटल हेल्थ का पैर जब हम बात कर रहे हैं तो डेफिनेटली थिंग्स लाइक जर्नलिंग, थिंग्स लाइक मेडिटेटिंग,
(2:11:35) थिंग्स लाइक यू नो टॉकिंग अबाउट योर मेंटल हेल्थ टू मे बी इवन जस्ट योरसेल्फ कि हां ये मेरे इशूज़ हैं। ये मुझे काम करना है। थेरेपी जाना। फॉर दैट मैटर सेल्फ अवेयरनेस बढ़ाना। ये वाला वर्टिकल ये हो गया। ये वाला पैर हो गया टेबल का। अब दो पैर पे खड़ा है। ये पैर अब हमें बाकी के दो पैर करने हैं। नेक्स्ट इज़ सोशल। ह्यूमंस आर सोशल एनिमल। सोशलाइजिंग हमारी मेंटल हेल्थ के लिए अच्छी होती है। जब हम दुख बांटते हैं, सुख बांटते हैं, सुख मल्टीप्लाई करता है, दुख डिवाइड होता है। बहुत जरूरी है। एक अच्छा सर्कल, सोशल सर्कल आपकी मेंटल हेल्थ को हेल्प करेगा। एक नॉट सो अच्छा
(2:12:11) मैं बुरा नहीं बोल रही। नॉट सो अच्छा सोशल सर्कल आपकी मेंटल हेल्थ को खराब करेगा। करेक्ट? कैन आई आस्क समथिंग? श्योर। इसकी साइंटिफिक या साइकोलॉजिकल बैकिंग क्या है कि खुशियां बांटने से बढ़ती है और दुख बांटने से कम होते हैं? क्योंकि सोशल बॉन्डिंग से ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है। एंड जब ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है तो आपको हमारे बेबीज को हग करने से हमें ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है। तो आपको फील गुड होता है। तो जब आप किसी से अपनी प्रॉब्लम डिस्कस कर रहे हैं तो आप जेनुइनली लाइट फील करते हैं, हर्ड फील करते हैं, वैलिडेटेड फील करते हैं। और अगर
(2:12:45) आप अपनी हैप्पीनेस शेयर कर रहे हैं और अगर आप उनपे भी उनके फेस पे वो हैप्पीनेस देखते हैं तो जेन्युइनली दैट बॉन्डिंग एंड ऑक्सीटोसिन हार्मोन रिलीज। सो तीसरा पैर हो गया सोशल वेरीेंट एंड चौथा जो मैं कह रही थी सेल्फ यह बहुत ही वेगली मैं छोड़ना चाह रही हूं क्योंकि सबका सेल्फ का अंडरस्टैंडिंग अलग है। कुछ लोग स्पिरिचुअलिटी में सेल्फ को ढूंढते हैं। कुछ लोग अपने काम में सेल्फ को ढूंढते हैं। अगर मेरे पास काम नहीं है तो मेरी मेंटल हेल्थ कैसे ठीक रहेगी? आप बताओ। मैं पैसे नहीं कमा रही और मैं कह रही हूं मेंटल हेल्थ, मेंटल हेल्थ इंपॉर्टेंट है
(2:13:14) पैसे कमाना। राइट? मेंटल हेल्थ अच्छी नहीं है तो पैसे भी नहीं कमा पाऊंगी। इट्स टू वेस्ट ट्रीट। बट वो सेंस ऑफ सेल्फ हम सबका अस्तित्व जिसको हम हिंदी में कहते हैं अलग-अलग चीजों से आता है। एक मदर का मदरहुड से आ सकता है। एक टीचर का टीचिंग से आ सकता है। एक इंसान का काम से आ सकता है। एक इंसान का स्पिरिचुअलिटी से आ सकता है। तो वो सेंस ऑफ़ सेल्फ पे बिल्ड करना ये टेबल के चार पैर जितने मजबूत रहेंगे उतनी आपकी मेंटल हेल्थ ओवरऑल बैलेंस रहेगी। दिस फोर्थ लेग सेल्फ क्या ये सेल्फ लव की बात कर रहे हैं हम? सब कुछ सेल्फ आईडेंटिफिकेशन, सेल्फ
(2:13:48) अवेयरनेस, सेल्फ लव, हु एम आई? व्हाट मेक्स मी हैप्पी, व्हाट डसन मेक मी हैप्पी? एवरीथिंग अबाउट सेल्फ? एज अ साइकेट्रिस्ट, व्हाट डू यू थिंक पीपल अंडरस्टैंड रोंग अबाउट सेल्फ लव? पीपल बिलीव, सेल्फ लव से कुछ मैजिकली चेंज हो जाएगा। पहली बात। दूसरी बात, सेल्फ लव डजंट मीन दैट यू स्टॉप वर्किंग ऑन द थिंग। मे बी सेल्फ लव बॉडी को देना मेरे को जरूरी है सेल्फ एक्सेप्ट करना कि ठीक है मेरा यह वेट है डजंट मीन कि मैं जिम जाना छोड़ दूं दैट इज आल्सोेंट सेल्फ लव एक फुल स्टॉप नहीं है दैट इज अ वे टू गेट समवेयर एंड दैट समवेयर इज अगेन थ्रू एक्शन सेल्फ
(2:14:29) लव डजंट मीन कि आप चिल आउट करो सेल्फ लव आल्सो डजंट मीन स्पेंडिंग मनी क्योंकि लोग सेल्फ लव को ना एसोसिएट करते है शॉपिंग करना मसाज कराना पैसे खर्चना इज नॉट सेल्फ लव मे बी इट मेक्स यू हैप्पी प्लीज डु इट इफ यू हैव टू टू मच बट दैट्स नॉट द ओनली वे ऑफ़ सेल्फ लव। करेक्ट एंड सेल्फ लव शुड नॉट बी फोर्स्ड। मुझे आजकल नहीं अच्छा लग रहा है मेरे बारे में कुछ तो मैं अपने को फोर्स करके खुद को पसंद नहीं करवाऊंगी। कुछ दिन बाद मैं अपने ऊपर फिर से कर लूंगी। तो सेल्फ लव शुड नॉट बी फोर्स्ड। सेल्फ लव इज अगेन बेस्ड ऑन व्हाट यू यू डिजायर।
(2:15:01) ओके? सो व्हाट्स माय डेफिनेशन ऑफ़ लविंग मसेल्फ विल बी माय सेल्फ लव। एक्साक्ट्ली। एंड लविंग [नाक से की जाने वाली आवाज़] अदर्स आल्सो। आप दूसरों को जैसा प्यार करते हैं हो सकता है आप भी अपने तरफ वैसा प्यार ढूंढते हैं। राइट? सो या तो अगर आज किसी को लगता है कि मुझे हेल्प लेनी चाहिए इज देयर एनी फ्रेमवर्क दैट यू कैन गिव देम व्हिच दे कैन यूज ऑन देमसेल्व्स? कुछ इस तरह का फ्रेमवर्क और मे बी आस्किंग टू थ्री क्वेश्चंस टू देमसेल्व्स। सो दैट दे अंडरस्टैंड डू आई रियली नीड एन एक्सपर्ट? अब्सोलुटली। सो नंबर वन जैसे मैंने कहा था जर्नल करके लिखिए कि व्हाट आर द टॉप टू
(2:15:34) थ्री थीम्स जो आपको बार-बार तंग कर रही हैं। हम नंबर टू इसकी इंटेंसिटी कितनी है? क्या ये इंटेंसिटी लास्ट छ एक महीने में बढ़ गई है? घट गई है या सेम है? बढ़ गई है और सेम है तो गो सी एक्सपर्ट घट गई है तो गुड। तीसरी बात मैंने अपने आप की मदद करने के लिए क्या-क्या एक्चुअली स्टेप्स लिए हैं? कुछ भी नहीं जीरो। मे बी मुझे कुछ करना चाहिए। महीने भर का टारगेट बना लेना चाहिए कि यू नो एटलीस्ट मैं कैफीन बंद कर दूंगी या कम कर दूंगी। कुछ तो अपने लिए प्लीज करिए। आई वांट यू टू फील एमावर्ड कि आपने भी अपने लिए कुछ करा है। चौथा थोड़ा सा इंटरनेट पर रिसर्च
(2:16:12) करिए कि ये ये चीज किस तरीके की प्रॉब्लम हो सकती है। बट डायग्नोस मत करिए। रिसर्च करना इज नॉट डायग्नोसिस। एंड फाइनली अगर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, स्लीप, अगर आपकी ईटिंग, अगर आपके लव्ड वन आपको बोल के थक गए हैं कि बॉस आई एम वरिड अबाउट यू डेफिनेटली सी अ मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल। तो, यह फाइव स्टेप प्रोग्राम इज द बेस्ट वे टू स्टार्ट ऑफ। सो, यह पांच स्टेप्स के बाद यू विल गेट योर आंसर। अब्सोलुटली। परफेक्ट। सो, या लेट्स सपोज समवन वाचिंग अस टुडे, दे थिंक दैट दे नीड हेल्प। और अब जब वो ऑनलाइन जाते हैं और सर्च करते हैं तो उन्हें वर्ड्स दिखते हैं काउंसलर,
(2:16:47) थेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, साइकेट्रिस्ट। हाउ डू दे डिसाइड कि उनको कहां जाना है, किसके पास जाना है? सबसे पहले डिफरेंसेस क्या हैं? साइकेट्रिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर, लाइफ कोच। यह हम चार वर्ड्स हैं। लाइफ कोचेस आर नॉट मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल। पॉइंट ब्लैंक। वो खुद ही कह देते हैं कि देखिए हम मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ नहीं डील करते हैं। हम फ्यूचर गोल्स के साथ काम करते हैं। राइट? अब आ गए तीन वर्ड्स। काउंसलर, साइकोलॉजिस्ट, साइकट्रिस्ट। काउंसलर एक अंब्रेला टर्म है। काउंसलर स्लैश थेरेपिस्ट। एक अंब्रेला टर्म है। क्यों अंब्रेला? इसके अंडर
(2:17:21) साइकोलॉजिस्ट, साइकेटिस्ट सब कवर होते हैं। ठीक है? और बहुत टाइप के थेरेपिस्ट कवर होते हैं। अब हमने इसको बंद कर दिया। अब बच गए साइकेट्रिस्ट एंड साइकोलॉजिस्ट। साइकोलॉजिस्ट हम भी डिफरेंट काइंड्स के होते हैं। पहला है क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और दूसरा है काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट। एक्चुअली और भी सब टाइप्स होते हैं। पर मैं फॉर द सेक ऑफ क्लेरिटी दो पे फोक फोकस करूंगी। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट क्लीनिकल सेटिंग में काम करते हैं। मच लाइक द फैक्ट दैट दे आर द राइट एंड लेफ्ट हैंड ऑफ़ द साइकेट्रिस्ट। तो वो क्लीनिकल केसेस, बायपोलर्स, स्किफ्रेनिया, ओसीडी,
(2:17:55) डायग्नोसिस इन चीजों पे काम करते हैं। काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट जो है वो मोर रिलेशनशिप, स्ट्रेस, रोजमर्रा की प्रॉब्लम पे काम करते हैं। ओके? अब आए साइकेट्रिस्ट। साइकेटिस्ट बुरे नहीं होते हैं। [हंसी] लोग साइकेटिस्ट को बहुत नेगेटिवली देखते हैं हमारी सोसाइटी में। पागलों का डॉक्टर कहते हैं। एंड आई ऑलवेज से कि मैं तो आज तक पागल से कभी मिली नहीं। तो, यह कहां से आप वर्ड कंजोर अप किए हैं? दूसरी बात साइकेट्रिस्ट सिर्फ दवाई नहीं लिखते हैं। दिस इज अ वेरी बिग मिथ। साइकेटिस्ट आर मेडिकल डॉक्टर्स। हम 5 साल एमबीबीएस, तीन साल एमडी जैसे आपके ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने
(2:18:32) जितनी डिग्रियां की हैं वो ही सेम नंबर ऑफ इयर्स पढ़ते हैं। हमारा काम है नंबर वन टू डायग्नोस हम ट्रीट व्हिच इंक्लूड्स मेडिसिन एज वन ऑफ़ द ट्रीटमेंट। डू थेरेपी एंड इनकरेज देम इनू लाइफस्टाइल एंड अदर वी हैव मेनी अदर ट्रीटमेंट मेंिटीज आल्सो। अब मान लीजिए हु शुड आई गो टू फर्स्ट साइकेट्रिस्ट साइकोलॉजिस्ट काउंसलर। काउंसलर तो मैंने कह दिया एक अंब्रेला टर्म है। आई वुड से स्टार्ट एनीवेयर। अगर आप साइकोलॉजिस्ट के पास गए और उनको लगा नहीं क्लीनिकल केस है तो एक अच्छी काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट खुद ही उसको क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट या साइकेटिस्ट के पास शिफ्ट कर देती है। इसी
(2:19:10) तरह जब मेरे पास पेशेंट आता है तो मैं एनालाइज करती हूं दैट डस दिस पर्सन नीड मेडिकेशन थेरेपी लाइफस्टाइल नो मेडिकेशन ओनली थेरेपी लाइफस्टाइल हम्म नो थेरेपी ओनली लाइफस्टाइल ऐसे भी लोग होते हैं हु ओनली नीड लाइफस्टाइल चेंजेस जिनको सच्ची में मैं कहती हूं नहीं थेरेपी ऑप्शनल यू कैन गो इफ यू लाइक एंड देन बेस्ड ऑन दैट रेफर अकॉर्डिंगली सो माय पॉइंट इज स्टार्ट एनीवेयर ओके बट स्टार्ट कैन थेरेपी आल्सो बी यूजफुल टू समबडी हु डस नॉट हैव एनी मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर यस थेरेपी आल्सो वर्क्स नॉट ओनली इन अ प्रॉब्लम बट आल्सो इन बिल्डिंग टूल्स फॉर
(2:19:50) फ्यूचर मतलब मान लीजिए मेरी शादी नहीं हुई है और मेरे कोई लाइफ में प्रॉब्लम नहीं है बट अगर मैं थेरेपी में सीख रही हूं इमोशनल रेगुलेशन अब मेरे पार्टनर के साथ मेरी आज से 5 साल बाद शादी होने के बाद लड़ाई होती है पर मैंने इमोशनल रेगुलेशन अगर सीखी हुई है सेल्फ अवेयरनेस सीखी हुई है थेरेपी में तो काम ऑलवेज हेल्प यू कहीं कहीं ना कहीं तो लाइफ में काम आ ही जाएगी। एक्सक्ट्ली। तो यू डोंट नीड टू हैव अ प्रॉब्लम टू गो टू थेरेपी। व्हाट हैप्स इन अ टिपिकल थेरेपी सेशन? वी विल टॉक अबाउट द मोस्ट कॉमन थेरेपी क्योंकि बड़ी टाइप की थेरेपीस होती है।
(2:20:20) सीबीटी, डीबीटी, आरईबीटी बड़ी सब टाइप्स की थेरेपीस होती है। आईएफएस तो मोटा-मोटी अगर मैं प्रोटोटाइप ऑफ़ थेरेपी की बात करूं। पहला सेशन तो सच्ची में वार्मिंग अप होता है। फमिलियर होना। आप और मैं एक दूसरे के लिए गुड फिट है कि नहीं? तो मैं मैं पहले सेशन में हमेशा ये कहती हूं। देखिए टुडे सेशन इज़ अबाउट सीइंग कि वेदर यू एंड आई जेल वेल टुगेदर ऑ नॉट क्योंकि आई कांट बी एवरीबडी इज़ थेरेपिस्ट। सबको मैं पसंद नहीं आ सकती ना मैंगो पसंद आता है ना चॉकलेट पसंद आती है। पहले ही बात की थी। तो पहला सेशन होता है अबाउट डेवलपिंग रैपो। पहले एक दो सेशन में
(2:20:54) हिस्ट्री टेकिंग रैपो आपको समझना। थेरेपिस्ट आपके पैटर्न्स समझने लगे क्योंकि आप आप अपने साथ जी रही हैं इतने सालों से। वो थेरेपिस्ट आपके लाइफ में अभी आया है। राइट? ये हो जाता है पहले दो-तीन सेशन में। उसके बाद हम कुछ कोर फंडामेंटल गोल्स सेट करते हैं कि ठीक है पीपल प्लीजिंग में काम करना चाहती हूं, एंगर में काम करना चाहती हूं एंड थीम्स पे जो जो हमें लगा कि अरे ओवरथिंकिंग में काम करना चाहती हूं। अब इसमें हम डिसाइड करते हैं कौन सा इमीडिएटली आपको बेनिफिट करेगा या कौन सा सबसे डिफिकल्ट है और कौन सा सबसे इजी है। देन वी स्टार्ट वर्किंग ऑन दैट। हाउ वी
(2:21:27) स्टार्ट वर्किंग ऑन दैट इज़ अगेन आपको कुछ होमवर्क दिया जाएगा। अपनी थिंकिंग के बारे में अवेयरनेस करना। अपनी फीलिंग्स के बारे में होमवर्क लेकर आओ। एंड देन ग्रेजुअली इन अबाउट 1520 सिंग्स यूजली बोला जाता है चलो ठीक है हमने सबके गोल्ड पे काम कर लिया अब थोड़ा सा ब्रेक लेते हैं अब आप अपने प्रैक्टिस करिए जरूरत पड़ेगी तो फिर से कंटिन्यू करेंगे दिस इज अ प्रोटोटिपिकल सेशन अगर कोई इंसान खुल के बात नहीं करता देन हाउ डू यू इवन हेल्प देम कितना मुश्किल है ना एक स्ट्रेंजर को अपनी सारी लाइफ की बात बता देना तो पहले कुछ सेशन में कुछ लोग होल्ड बैक बहुत करते हैं
(2:22:03) पर वो धीरे-धीरे जब आपके ऊपर ट्रस्ट करने लगते हैं। उनको लगता है यार आई कैन बी सेफ हियर। तो हमारा काम है टू क्रिएट सेफ्टी। अगर कोई नहीं डिस्कस कर पाता तो मैं उनको पर्सनली बोलती हूं। आई एम सॉरी। यह मेरी गलती है क्योंकि मेरा काम है आपको कंफर्टेबल करना। किस तरह से जो लोग आपके पास आते हैं वो वो इतने कॉन्फिडेंट हो सकते हैं कि हमारी सारी पर्सनल चीजें, हमारी सारी बातें, जितना हम ओपन अप हो रहे हैं, वी कैन बी श्योर दैट एवरीथिंग इज कॉन्फिडेंशियल इट्स जस्ट बिटवीन द टू ऑफ़ यू। राइट? सो देयर इज़ साइनिंग ऑफ अ कंसेंट फॉर्म बट साइनिंग से भी ज्यादा जरूरी होता
(2:22:36) है एक म्यूचुअल ट्रस्ट होना जो कि ऑब्वियसली आपको बिल्ड करना पड़ता है। एज डॉक्टर्स ऑब्वियसली मेरा लाइसेंस लाइन पे है। मुझे कॉन्फिडेंशियलिटी ब्रेक करके अपना लाइसेंस नहीं खोना है। व्हिच इज वेयर कभी-कभी कुछ सेल्फ प्रोक्लेम थेरेपिस्ट जब कॉन्फिडेंशियलिटी ब्रेक करते हैं तो इस प्रोफेशन को गलत नाम मिलता है। मुझे बुरा लगता है। बिकॉज़ उनकी कोई गवर्निंग बॉडी नहीं है तो दे आर नॉट आंसरेबल टू एनीबडी। तो दैट्स नॉट द राइट वे। बट वेरीेंट कॉन्फिडेंश के साथ एक क्लॉज़ ऐड करना चाहूंगी। हर इंसान जो मेरे पास आता है पहले दिन साफ बोलती हूं। एवरीथिंग यू
(2:23:07) शेयर विद मी इस कॉन्फिडेंशियल। आपके मेरे बीच में रहेगा। मैं एडल्ट्स की बात कर रही हूं ऑफ कोर्स। बट आई विल ब्रेक कॉन्फिडेंशियलिटी। कुछ कंडीशंस में। क्या है वो कंडीशंस? अगर आप एक्टिवली सुसाइडल हैं। तो एज अ डॉक्टर माय राइट टू प्रोटेक्ट यू सुपरसीड्स कॉन्फिडेंशियलिटी। मतलब मैं आपके किसी लव वन को इन्वॉल्व करना चाहूंगी ट्रीटमेंट में। नंबर टू अगर आप किसी सब्सटेंस अब्यूज में इतने घुस गए हैं कि आप सही डिसीजन नहीं ले रहे हैं। लेट्स इन्वॉल्व अ लव्ड वन ऑफ योर चॉइस अगेन। यहां पे भी कॉन्फिडेंशियलिटी ब्रेक करूंगी। तीसरा अगर कोई अब्यूज या बहुत ही
(2:23:46) ज्यादा डोमेस्टिक वायलेंस के थ्रू जा रहा हो तो मैं कहती हूं देखिए इन दैट केस आपकी प्रोटेक्शन अगेन एज अ डॉक्टर मेरा राइट बनता है। स्पेशली बच्चों के केस में ये बहुत जरूरी है। वी हैव टू प्रोटेक्ट चिल्ड्रन। हम बच्चे को अगर यह बोल दे हम तुम्हारी बात किसी को नहीं बताएंगे। बट यह बता दें क्योंकि प्रोटेक्ट करना उस समय जरूरी है। मैं बच्चे को भी साफ बोलती हूं। देखो यू आर प्रोटेक्शन इज माय जॉब। एंड फाइनली अगर आप यू लूज टच विद रियलिटी। अगर साइकोसिस हो जाए तो आई विल नॉट मेंटेन दिस पार्ट ऑफ द कॉन्फिडेंशियलिटी। इसके अलावा प्लीज जो भी आप शेयर करना चाहे कोई जजमेंट
(2:24:19) नहीं है। परफेक्ट। सो वी आर टुवर्ड्स द एंड एंड बिफोर वी वाइंड अप देयर इज़ वन लास्ट रैपिड फायर अराउंड एंड आई हैव सम रियली इंटरेस्टिंग क्वेश्चंस। फाइव साइंस दैट यू आर डीलिंग विथ समवन विद नार्सिसिस्ट ट्रेट्स। दे ओनली केयर अबाउट देमसेल्व्स। दे ऑलवेज इनवैलिडेट योर फीलिंग्स। उनके हिसाब से आप हमेशा ड्रामा ही कर रहे हो। मैं ऑलवेज वर्ड बोल रही हूं। कभी-कभी नहीं। ऑलवेज उनको हर समय प्रज़ चाहिए और उनको अगर आप थोड़ा भी क्रिटिकल फीडबैक दे दो तो वो फ्लिप कर जाते हैं। वो चाहते हैं कि आप बस उनके साथ रहें और आपकी अटेंशन इवन एक बच्चे को भी ना मिले। बस
(2:24:57) वही आपके सेंटर ऑफ़ द यूनिवर्स हो। अगेन दिस इज़ नॉट टू डायग्नोस योर पार्टनर। आपको ध्यान रखना है कि यह कुछ इनमें से कुछ चीजें आप भी करते होगे। तो कभी कबभार कुछ चीज करना वर्सेस हर समय ऐसा फील करना और अगर वो अपनी सेफ्टी को भी थ्रेटन कर रहे हैं तो बी केयरफुल। कभी-कभी वो आपको आइसोलेट कर सकते हैं। कभी-कभी वो आपको फिजिकली हर्ट कर सकते हैं। नॉट ऑलवेज कभी-कभी यहां मैं कभी-कभी बोल रही हूं। तो ध्यान रखना चाहिए। अब ना मुझे किसी की बातों का फर्क नहीं पड़ता। इफ समवन से दिस इसका मतलब है कि वो मेंटली स्ट्रांग हो गए हैं या फिर इमोशनली
(2:25:30) नम हो गए हैं। दोनों में से कुछ भी हो सकता है। तो डिपेंड करता है। यस। कुछ लोग मोस्टली चेक्ड आउट फील करते हैं जिसको वो कहते हैं आई डोंट केयर क्योंकि अगर किसी को 10 बारी थप्पड़ पड़ा हो तो उसको 11वां थप्पड़ दुखना बंद हो जाता है। डिसेंसिटाइजेशन बोलते हैं इसको वो अच्छा नहीं है। बट अगर ट्रूली आपने एक्सेप्ट कर लिया है एंड इवॉल्व हुए हैं तो कांग्रेचुलेशन। सो इट कैन बी आइदर और आइदर। यस। ओके। साइंस ऑफ अ जेनुइनली गुड मेंटल हेल्थ। आप सारे इमोशंस एक्सपीरियंस कर सकते हैं। लाइक हैप्पी, सैड, एंगर, जेलसी, डिसगस्ट और एकनॉलेज कर सकते हैं। आपको
(2:26:07) अच्छे से रात को नींद आती है और खाना खाते हैं। आपके आसपास जो लोग हैं, आप उनकी लाइफ को एनहांस कर रहे हैं और वह भी आपकी लाइफ को एनहांस कर रहे हैं और आप अपनी लाइफ के साथ कुछ मीनिंगफुल कर रहे हैं। आपको कोई चीज बहुत ज्यादा दिल से चाहिए थी। बट देन यू फेल्ड एट इट। व्हाट आर द स्टेप्स टू रिकवर फ्रॉम दैट फेलियर? स्टॉप नेम कॉलिंग। अपने आपको लूजर फेलियर पहले तो बोलना बंद करो क्योंकि अगर यह टैटू लगा लिया तो उसके आगे तो नहीं एनालाइज कर सकते हो। सेकंड मैं ये बोलती हूं अपने को डिस्टेंस करो उस प्रोजेक्ट से और एक थर्ड पर्सन के
(2:26:42) पॉइंट से देखो कि तुमसे क्या गलती हुई है क्योंकि कोई गलती हुई होगी कुछ तुम्हारे से कुछ सिचुएशन से एज अ थर्ड पर्सन एनालाइज करो कि क्या गलती हुई है। राइट? एंड फाइनली आस्क करो कि क्या यह वर्थ है फिर से करना या मुझे कहीं स्टॉप लॉस लगाना चाहिए और नहीं करना चाहिए बी रियलिस्टिक विद योरसेल्फ ओके कभी-कभी हम जिस चीज को बहुत ज्यादा चाहते हैं हम वो हमें नहीं चाहती है एंड दैट्स नॉट गुड फॉर अस नेसेसरीली इट्स नॉट राइट फॉर अस बट हमें जुनून है तो हमें चाहिए तो बी स्मार्ट अबाउट इट मे बी आपका पर्पस है बॉडी बिल्डर बनना पर शायद आपकी जेनेटिक्स
(2:27:20) नहीं आपको अलव कर रहे हैं या आपकी ट्रेनिंग ट्रेनिंग नहीं अलाउ कर रही है। यू डोंट हैव टू ट्रेन हार्डर। मे बी यू वर मेंट टू बी अ स्विमर। करो एक्सप्लोर ना आगे जाके कुछ और भी। वन साइन दैट यू आर ओवरथिंकिंग एंड नॉट प्रॉब्लम सॉल्विंग एनी मोर। यू कांट स्टॉप। आपको सशन नहीं मिल रहा है। पहली बात प्रॉब्लम सॉल्विंग में आपको कुछ ऑप्शन ए, ऑप्शन बी, ऑप्शन सी चाहे बेकार ही हो मिलेंगे। ओवरथिंकिंग में आपको स्यूशन फाइंडिंग नहीं प्रॉब्लम फाइंडिंग होगी। और प्रॉब्लम फाइंडिंग में आपको सशन मिलेगा। वन साइन दैट यू आर सप्रेसिंग एन इमोशन रादर देन रेगुलेटिंग इट। आपकी बॉडी बताने
(2:27:52) लगती है। कुछ ना कुछ गड़बड़ करती है क्योंकि इतना दबाया हुआ है उसको इमोशन को। कहीं गलत जगह पे गुस्सा निकल आएगा। सडनली रोने लगोगे मूवी देखतेदेखते बिना वजह और मतलब वो हैप्पी मोमेंट है फिर भी इमोशंस मिस मिसमैच करने लगेंगे। ओके। मतलब कुछ सप्रेस कर रहे थे बहुत देर से। यार ये बात तो बिल्कुल रिएक्ट मैं ही नहीं करता था बट अब क्यों कर रहा हूं? बिकॉज़ कोई और बैगेज ये ग्लास ऑलरेडी फुल था। अब वो ग्लास को मैंने ऐसे दबाया हुआ था तो कहीं और निकल आएगा। इफ समबडी क्राइस ईजीली इज दैट पर्सन इमोशनली वीक और इमोशनली एक्सप्रेसिव? मोस्ट लाइकली एक्सप्रेसिव
(2:28:30) क्योंकि उन लोगों को जैसे मैंने कहा कुछ लोग फ्रस्ट्रेट इजीली होते हैं। वैसे कुछ लोग क्राई इजीली करते हैं। इट डजंट मेक देम वीक। इट मेक्स। इट्स जस्ट दैट दे आर मोर एक्सप्रेसिव। करेक्ट। जैसे कुछ लोगों को सर्दी आसानी से लगती है। तो हो सकता है उनकी इम्युनिटी एक कारण हो। इट्स टॉकिंग टू योरसेल्फ नॉर्मल। यस एस लॉन्ग एस अगर दूसरे को नहीं तंग हो रहा हो [हंसी] कुछ कल्चरर्स में बहुत ही नॉर्मल है। आपने भी देखा होगा काफी ज्यादा वो हाउस वाइफ्स घर का काम करते-करते करती हैं तो हम कुछ लोग आउटलाउड थिंक करते हैं। वो जो ओवरथिंकिंग की बात हो रही थी सम पीपल थिंक
(2:29:03) आउटलाउड। इट्स नॉर्मल इफ इट इज अंडर योर कंट्रोल और अगर दूसरे डिस्टर्ब नहीं हो रहे। डिस्टर्ब नहीं हो रहे। इफ यू कुड टीच एव्री चाइल्ड वन स्किल फॉर मेंटल हेल्थ, व्हाट वुड इट बी? नेमिंग एंड आइडेंटिफाइंग देर इमोशंस। बिकॉज़ सारे इमोशंस की अपनी-अपनी जगह है। मगर हम इमोशंस को हमेशा गुड एंड बैड, गुड एंड बैड बाइनरी बना दिया है हमने। बट अगर हम इमोशंस को समझने लगे, दिस मेड मी हैप्पी। दिस मेड मी जेलस। इससे मेरे को गुस्सा आ रहा है। इससे मेरे को बहुत ही सेटिस्फाइड फील हुआ। यह भी एक इमोशन है। सेकेंडरी इमोशन है। यहां मैं प्लेफुल फील कर रहा हूं। जॉय फीलफुल कर
(2:29:39) रहा हूं। डेफिनेटली आई थिंक नेम योर इमोशंस। आइडेंटिफाई योर इमोशंस। एक फेवरेट मूवी है मेरी इनसाइड आउट। वो जरूर हर बच्चे और हर एडल्ट को दिखने चाहिए। सिक्स प्राइमरी इमोशंस हैं बाय द वे एडल्ट्स के लिए और होते हैं। मैं उनको और सिखाती हूं। बट अगर इमोशंस आइडेंटिफाई कर पाओगे थिंकिंग और फीलिंग को डिस्टिंग्विश कर पाओगे। हाफ योर जॉब इज डन। सो आई एम फीलिंग वेरी हैप्पी एंड वेरी सेटिस्फाइड। फीलिंग ग्रेटफुल थैंकफुल एंड वेरी कंटेंट। थैंक यू सो मच। इट वाज अमेजिंग अमेजिंग। थैंक यू। [हंसी] प्लेजर इन सो जैसा कि हमने जाना दैट ऑल इमोशंस आरेंट एंड ऑल इमोशंस आर वैलिड। तो
(2:30:18) आपका वो कौन सा ऐसा इमोशन है जिसके साथ आज आपने दोस्ती की है? लेट अस नो इन द कमेंट्स बिलो।

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