Monday, August 3, 2026

Dark Reality of Social Media Influencers

Dark Reality of Social Media Influencers

Author Name:Rashmi Sawarn

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@rashmisawarn

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=hnTxMyDnCYw



Transcript:
(00:00) 13 मिलियन सब्सक्राइबर हो गए हैं हर वीडियो पे ऑलमोस्ट 5 मिलियन व्यूज आ जाते हैं मेरे और डेली मैं वीडियो डालता हूं तो मेरी कितनी अर्निंग होगी मेरी इतनी अर्निंग है कि मैं एस्टिमेटेडली कितना कमा लेते हो फुकरा iPhone लेने जाओ 1520 iPhone तो खरीद ही सकते हैं 14 Pro Max एस इन्फ्लुएंसरर इतना पैसा कमाया ना मैंने साला एमबीए बैंक स्टार्टअप कभी कहीं इतना पैसा नहीं कमाया यह तस्वीर है टर्की की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर कुबरा आयकुथ की लगभग 2 लाख फॉलोअर्स हैं इनके [संगीत] Instagram पे और इन तस्वीरों को देखते हुए आपके मन में
(00:30) यही ख्याल आ रहा होगा कि वाह कितनी ब्यूटीफुल और खुश दिख रही हैं यह। कितना लेविश लाइफस्टाइल [संगीत] है इनका। काश हमारी भी लाइफ कुछ ऐसी ही होती। लेकिन अगर मैं आपको यह बोलूं कि तस्वीर में दिखने वाली यह [संगीत] लड़की आज इस दुनिया में है ही नहीं तो यह सुनते ही आपको शॉक लग गया होगा। [संगीत] है ना? और इसका एकमात्र रीजन था सोशल मीडिया की दुनिया और उसकी डार्क रियलिटी। 23 सितंबर 2024 को 26 [संगीत] साल की कुबरा की मौत अपने ही अपार्टमेंट के फिफ्थ फ्लोर से गिरने की वजह से होती है और वह अपने पीछे एक [संगीत] नोट छोड़ जाती है जिसमें लिखा
(01:02) होता है कि मैं काफी दिनों से खुद के साथ स्ट्रगल कर रही थी लेकिन किसी ने यह नोटिस नहीं किया और उनके लास्ट के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि कंटीन्यूअसली वेट लूज़ होने की वजह से वह काफी परेशान थी और उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या [संगीत] करें। यह शॉकिंग इंसिडेंट कहीं ना कहीं हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि फेम और परफेक्शन के पीछे [संगीत] भागते-भागते कैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स अपनी फिजिकल, मेंटल और इमोशनल [संगीत] हेल्थ को कॉम्प्रोमाइज कर रहे हैं और उन्हें ब्लाइंडली फॉलो करने
(01:33) वाले हम सब लोग भी कहीं ना कहीं [संगीत] अपनी आंखें बंद करके उसी राह पर चल रहे हैं और यह सोचने में बिजी हैं कि असली लाइफ तो यह इन्फ्लुएंसरर लोग जी रहे हैं। हमारी लाइफ क्या [संगीत] खाक लाइफ है। इसीलिए आज के सिनेरियो में जरूरी है कि हम सोशल मीडिया और सो कॉल्ड सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसेस की लाइफ का असली सच समझें और जो हम स्क्रीन पर इन लोगों को देखते हैं और हमें सब कुछ परफेक्ट लगता है पर पर्दे के पीछे की रियल कॉस्ट और सच्चाई क्या होती है इसके बारे में हम सबको [संगीत] जानना बहुत जरूरी है। इसलिए अगले कुछ मिनट्स के लिए इस वीडियो को ध्यान से
(02:04) देखना क्योंकि आगे जो भी आप देखने वाले हैं उससे आपकी सोच पूरी की पूरी बदलने वाली है। और मेरा ऐसा मन करता है जस्ट आई डोंट वांट टू बी कैरी मिनाटी। आई जस्ट वांट टू बी अजय नागर। योर मेंटल हेल्थ डेफिनेटली गोज डाउन द टाइम। आई मीन आई डोंट नो फॉर एवरीबॉडी माइंड इट। तो कितने फेक [संगीत] हैं Instagram इन्फ्लुएंसर्स? सभी फेक है। मैंने बोला ना कि रील और रियल लाइफ को आप जज कर ही नहीं सकते हो। आजकल अगर आप किसी भी इन्फ्लुएंसरर को देखते हो तो वो ऐसे ही एटीट्यूड पोट्रे करने की कोशिश करता है। फॉर एग्जांपल ब्रांडेड कपड़े, कॉस्टली मेकअप, महंगी
(02:35) लाइफस्टाइल, चारप लग्जरी गाड़ियां मतलब हर कोई ऐसे जी रहा है जैसे उसकी लाइफ सबसे कूल और परफेक्ट हो। और जब आप ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को सोशल मीडिया पर देखते हो तो अगर आप अपनी स्टडीज कर रहे होंगे या फिर कोई 9 टू फाइव की जॉब तो आपको अंदर से यह नेगेटिव फीलिंग जरूर आती होगी कि यार मैं क्यों ही पढ़ाई कर रहा हूं। मेरे से तो बेहतर यह लोग हैं। आप अंदर ही अंदर खुद में ही इंफीरियर फील करने लगते होंगे। लेकिन सच यह है कि जो चीज सोशल मीडिया पर आपको दिख रही होती [संगीत] है उसकी असली कहानी कुछ और ही होती है। और इस फेक इल्लुजन की शुरुआत होती है फॉलोअर्स और
(03:08) लाइक्स के दिखावे से। आपको पता है एक स्टडी की गई थी जिसमें यह पता चला कि इंडिया में Instagram पर 1.6 करोड़ यानी 16 मिलियन फेक फॉलोवरर्स हैं। एक रिपोर्ट के हिसाब से लगभग तीन में से दो इंडियन इन्फ्लुएंसर्स के Instagram फॉलोवर्स में से 60% से ज्यादा तो फेक होते [संगीत] हैं। लेकिन 1 मिनट अगर आप भी ऐसा सोच रहे हो कि नहीं सारे बड़े-बड़े इन्फ्लुएंसर्स थोड़ी ना [संगीत] ऐसे करते होंगे। स्पेशली वो इन्फ्लुएंसर्स जिनको मैं काफी समय से फॉलो कर रहा हूं या कर रही हूं तो जरा इस रिपोर्ट को भी एक बार ध्यान से [संगीत] देखें। दुनिया में सबसे ज्यादा फेक
(03:39) फॉलोअर्स स्काइली जेनर के हैं जो कडेशियन फैमिली से बिलोंग करती हैं। लगभग 40% [संगीत] फेक फॉलोअर्स हैं इनके और दूसरे नंबर पे भी इनकी ही फैमिली से बिलोंग [संगीत] करने वाली कैंडल जेनर के हैं। इनके भी फेक फॉलोअर काउंट्स अगर आप देखेंगे तो अराउंड [संगीत] 37% फेक फॉलोवरर्स हैं इनके। तो अगर इतनी बड़ी सेलिब्रिटी यह सब कर सकती हैं [संगीत] तो आप जिन इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो कर रहे हो वो क्यों नहीं कर सकता? देखो यह सोशल मीडिया है और जिन लोगों के पीछे आप अपना कीमती समय वेस्ट कर रहे हो ना वो असल में पैसे से कुछ भी कर सकते हैं। चाहे वो फेक लाइफ हो या फेक लग्जरी
(04:11) एवरीथिंग इज पॉसिबल ऑन सोशल मीडिया और सिर्फ फॉलोवरर्स ही नहीं कॉनेंट भी कई बार स्क्रिप्टेड होता है। यह है ऑस्ट्रेलिया की वेलनेस इन्फ्लुएंसरर बेल गिबसन। इनकी स्टोरी यह थी कि इन्हें मल्टीपल टाइप ऑफ कैंसर था [संगीत] इंक्लूडिंग ब्रेन कैंसर एंड इन्होंने बताया कि एक दैट प्लान फॉलो करके इनके सारे कैंसर्स ठीक हो गए। [संगीत] बात एक्चुअली यहीं पे खत्म नहीं होती है। इसी थीम को आगे बढ़ाते हुए इन्होंने अपने फॉलोवरर्स को बेवकूफ [संगीत] बनाना स्टार्ट कर दिया। एंड अपना एक कुक बुक एंड एक डाइट ऐप द होल बेंट्री ल्च किया एंड इन सब से इन्होंने मिलियंस
(04:42) ऑफ पैसे कमाए एंड लोगों को प्रॉमिस किया कि यह इन पैसों का प्रॉफिट [संगीत] चैरिटी के साथ शेयर करेंगी। बट एक इंटरव्यू में इनकी सारी पोल खुल गई जिसमें यह पता चला कि इनको कभी किसी तरह का कैंसर हुआ ही नहीं था। एंड [संगीत] ना ही कभी किसी चैरिटी में इसने पैसे डोनेट किए। एंड इस वजह से मेलबर्न की फेडरल कोर्ट ने बिल गिबसन पे $4,10,000 का फाइन लगाया। और यह केस इतना हाईलाइट [संगीत] हुआ था कि Netflix पे एक सीरीज भी बनी एप्पल साइडर विनेगर नाम से जिसमें बिल [संगीत] गिबसन की पूरी स्टोरी को दिखाया गया। आप जाके देख भी सकते हैं। लेकिन मोरल
(05:15) ऑफ द स्टोरी यह है कि पैसे की [संगीत] लालच में किस हद तक एक इन्फ्लुएंसरर जा सकता है एंड उनको फॉलो करने वाले [संगीत] लोग आंख मूंदकर उन्हें फॉलो करने लगते हैं। हमारे यहां भी ऐसी कई स्टोरीज हैं। आपने इन भाई साहब को तो कहीं ना कहीं देखा ही होगा। [संगीत] हाल में इनकी भी एक वीडियो सामने आई जिसमें कि वह फेक गिव अवे करते थे कि यहां पे मैंने पैसे रखे हैं। आकर [संगीत] ले जाओ और बस वीडियो शूट होते ही पैसे लेकर निकल लिए। मतलब सब कुछ सिर्फ व्यूज के लिए किया जाता है और हम ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं और यह लोग लोग बेटिंग एप्स [संगीत] प्रमोट करके पैसे कमा
(05:46) रहे हैं। अभी कुछ समय पहले एक 1000 करोड़ का हाई बॉक्स स्कैम हुआ था जिसमें बड़े-बड़े यूर्स लाइक एल्विश यादव, फुकरा इंसान, भारती सिंह जैसे लोगों का नाम इस स्कैम में शामिल हुआ था। क्योंकि इन लोगों ने इस ऐप को प्रमोट किया था। और इस तरह [संगीत] के एप्स को प्रमोट करके यह तो अपना पैसा कमा लेते हैं, लेकिन इन्हें फॉलो करने वाले लोग हजारों लाखों रुपए का नुकसान करवा [संगीत] लेते हैं। ऐसे कई केसेस आपको मिल जाएंगे जिसमें लोगों ने लाखों रुपए गवाए हैं इन बिटिंग एप्स में [संगीत] पैसे लगाकर। हमेशा हम देख रहे थे उनको हम फैन थे। सबका
(06:17) वीडियो आया तो ही हम सब पे मतलब इन्वेस्ट करना स्टार्ट किए। पांच से 10 दिन में मेरा पैसा नहीं किया था। बेटा तुमने क्यों खेला ये? नशा है ना? 96 लाख का कर्ज है तुम्हारे ऊपर। ये गेम के चक्कर में सब कुछ खत्म हो गया। गेम्स के चक्कर में सब कुछ खत्म हो गया। इंडिया में मिसलीडिंग एडवर्टाइजमेंट्स की संख्या इतनी ज्यादा हो चुकी है कि टीवी से ज्यादा मिसलीड लोगों को अब सोशल मीडिया पे किया जा रहा है। एएसआई की एक लेटेस्ट रिपोर्ट ने बताया कि 94% जो मिसलीडिंग एड्स पकड़े गए वो सारे ऑनलाइन प्लेटफार्म से ही मिले हैं। इसके अलावा अब आप आए दिन
(06:48) महंगी गाड़ी की डिलीवरी लेते हुए अपने फेवरेट यूटर्स को देखते होंगे। जैसे कि आप यह वीडियो देखो। कैसे यह बंदा इतनी महंगी Lamborghini की डिलीवरी ले रहा है और आप सोचते होंगे कि यार पैसा ही पैसा होगा इसके पास तो बट अब आप इस गाड़ी का नंबर ध्यान से देखो एंड अब इन वीडियोस को भी देखो हर वीडियो में सेम नंबर प्लेट है। अब ऐसा कैसे पॉसिबल हो सकता है कि सेम गाड़ी विद सेम नंबर प्लेट 10 लोगों ने खरीद ली हो। एक्चुअली में दुबई के इस शॉप में यह सारी चीजें पॉसिबल है। आपको रेंट पे गाड़ी लेनी है, वीडियोस, रील्स बनवानी है, कुछ पैसे दो और रेंट पे वीडियोस बनवा लो। आजकल
(07:22) सब कुछ पॉसिबल है। जो ये लोग 10-10 गाड़ियां रखने का दिखावा करते हैं वो भी असल में सिर्फ कुछ वीडियोस के लिए। कुछ दिनों के लिए यह लोग रेंट पे ले लेते हैं। तो आपको नहीं पता आपके पास कोई घर नहीं है। आपके पास कोई घर नहीं है। कोई लग्जरी गाड़ी नहीं है आपके पास। लग्जरी गाड़ी है मैडम। लोन पे गाड़ियां है। लोन पे गाड़ी है लग्जरी की? इन्फ्लुएंसरर कल्चर का अगला डार्क साइड है लग्जरी ऑफ डेप्ट। यानी वो फेक लाइफस्टाइल जो दिखती तो फुल लग्जरी है पर अंदर से कर्जे और झूठ से चल रही होती है। बहुत से इन्फ्लुएंसर्स अपना हाई क्लास लाइफस्टाइल
(07:52) क्रेडिट कार्ड्स और लोंस पे जीते हैं सिर्फ कंटेंट के लिए। यह न्यूयॉर्क की एक एस्पायरिंग इन्फ्लुएंसरर लिसट कलवीरो हैं। इन्होंने Instagram पे फेमस बनने के चक्कर में $00 यानी लगभग 7 से 8 लाख तक का क्रेडिट कार्ड डेप्ट ले लिया। हर महीने नए डिजाइनर कपड़े, नए ट्रैवल प्लांस सब कुछ इस उम्मीद में कि फॉलोअ काउंट बढ़ेगा। इनका कहना था कि मैं हर महीने कहीं नई जगह घूमने जाती थी सिर्फ फोटोस के लिए जिसके लिए मैं लोन पे लोन लेती रही और इसका नतीजा क्या हुआ? कुछ ही महीनों में उनका कर्जा $10,000 तक पहुंच गया। फाइनली जब रियलिटी समझ आई तो उन्हें सारे लैविश
(08:26) खर्चे बंद करके अपना डेप्ट पे ऑफ करना पड़ा। चाइना की यह एक ब्लॉगर हैं लीसा ली जिनके $1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स थे। यह भी अपनी लग्जरियस लाइफस्टाइल के लिए काफी फेमस थी। लेकिन इनकी सच्चाई दुनिया के सामने तब आई जब इनके लैंड लॉर्ड इनसे कांटेक्ट करने की कोशिश करती रही और कोई रिस्पांस नहीं मिला। तब वो डायरेक्ट उनके फ्लैट पर जा पहुंची और जब वो वहां गई तो वहां की हालत कुछ ऐसी थी मतलब हर जगह बस गंदगी फैली थी। डॉग पोप से लेकर हर जगह बस कचरा ही कचरा फैला था। वह भी कुछ इस तरीके से कि कोई प्रोफेशनल स्वीपर भी उस जगह को साफ करने से मना करता रहा। इसलिए वह कहते
(09:02) हैं ना कि जो दिखता है वह होता नहीं और जो होता है वह दिखता नहीं। और अगर आपको अब भी भरोसा नहीं हो रहा तो यह एक Instagram इन्फ्लुएंसरर हैं पीहू शर्मा जिनके ऑलमोस्ट 1 मिलियन फॉलोवर्स होने वाले हैं Instagram पे। आप इनकी स्टेटमेंट सुनो कि कैसे वो इन्फ्लुएंसर्स की फेक लाइफस्टाइल के बारे में बता रही हैं। और दूसरों का तो छोड़ो। उन्होंने अपने आप तक को भी फेक बता दिया। आप यह क्लिप देखो। कपड़े से लेके अंडरवियर तक सब फेक है। सभी फेक है। सभी फेक है। इवन मतलब अगर आप मेरा ले लो ना मैं कह रही हूं मैं फेक हूं। अगर मैं इंस्टा पे मैं रेगुलर डेली
(09:33) बेसिस पे नई-नई वीडियोस डाल रही थी ड्रेसेस पहनपन के उनको क्या पता मेरी रियलिटी क्या है मैंने वीडियो बनाई रिटर्न कर दी हर जगह दिखावा है अभी बिग बॉस में एक तान्या मित्तल करके हैं जो काफी फेमस हुई अपनी फेक लग्जरियस लाइफस्टाइल को लेकर एंड अपने घर के बारे में बताया कि उसका घर काफी आलीशान है सेवन स्टार होटल जैसा है 150 से ज्यादा बॉडीगार्ड्स हैं उनके बट रियलिटी कुछ ऐसी थी तान्या ने कहा था कि उनका घर महल जैसा है हकीकत यह है कि ग्वालियर सिटी सेंटर के साइड साइड नंबर एक में तान्या का सिर्फ दो मंजिला घर है। Instagram और Snapchaat की दुनिया में
(10:05) फिल्टर्स और एडिटेड फोटो ने एक नए तरह का प्रेशर पैदा कर दिया है। अनरियल ब्यूटी स्टैंडर्ड्स। हर तरफ फ्लोलेस स्किन, परफेक्ट बॉडी, सुंदर चेहरे नजर आते हैं। रियलिटी को इतना पॉलिश कर दिया जाता है कि सच और फिल्टर का फर्क लोगों को समझ ही नहीं आता है। यह सिर्फ [संगीत] ऑडियंस के लिए नहीं खुद इन्फ्लुएंसर्स के लिए भी कई बारी प्रॉब्लम क्रिएट करता है। एक स्टडी के मुताबिक Instagram को यंग लोगों की मेंटल [संगीत] हेल्थ के लिए सबसे हार्मफुल प्लेटफार्म माना गया क्योंकि यहां हेवली एडिटेड फोटो और परफेक्ट लाइफ का दिखावा सबसे ज्यादा है। हर कोई अपने आप को दूसरों
(10:37) से कंपेयर करके अंडरएस्टिमेट [संगीत] करने लगता है। स्पेशली लड़कियों पर इसका बहुत बुरा असर देखने को मिला है। डव सेल्फ स्टीम प्रोजेक्ट की स्टडी में पता [संगीत] चला कि 60% लड़कियां अपनी रियल अपीयरेंस से नाख हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी ऑनलाइन फोटोस जैसी वो असली लाइफ में दिखती ही नहीं है। क्योंकि वहां पे वो फिल्टर्स यूज़ करती हैं। [संगीत] फोटोस एडिटेड होते हैं। अब आप सोचिए जरा फिल्टर्स की आदत ने अपने ही चेहरे से लोगों को नफरत करना सिखा दिया [संगीत] है। और ऐसा हो क्यों रहा है? क्योंकि हम उन इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं जिनके दिन
(11:06) की शुरुआत भी फिल्टर से होती है और खत्म भी फिल्टर्स पे। और फिल्टर तो आम चीज हो गई है। आजकल की फीमेल सेलिब्रिटीज क्या नहीं करवाती हैं अपने बॉडी के साथ? लिप फिलर्स, बोट टॉक्स, प्लास्टिक सर्जरी, ब्रेस्ट ऑगमेंटेशन, बट ऑगमेंटेशन और ना जाने क्या-क्या। और प्रॉब्लम यह नहीं है कि वो अपने फेस के साथ और बॉडी के साथ क्या करवा रही हैं। प्रॉब्लम यह है कि वो अपना परफेक्शन बेच रहे हैं और हम उनके कस्टमर्स बनते जा रहे हैं। आपको ऐसे कई सेलिब्रिटीज मिल जाएंगे जो पहले कैसे दिखते थे और अब अपने फेस और बॉडी में चेंजेस करवाने के बाद कैसे [संगीत] दिखते
(11:37) हैं। इवन जो फोटो वो अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर डालते हैं, वह कितने हेवली एडिटेड होते हैं, इसका अंदाजा आप लगा भी नहीं सकते। जैसे इन फोटो को ध्यान से देखिए आप। इसमें आपको इनके ओरिजिनल क्लिक फोटो और आफ्टर एडिटेड फोटोस में फर्क देखकर समझ आ जाएगा कि इनकी लाइफ कितनी ज्यादा फिल्टर्ड है और हम यह सब देखकर खुद में ही अंडर कॉन्फिडेंट फील [संगीत] करते रहते हैं। लेकिन अगर आप एग्जांपल के तौर पर देखेंगे तो यह उर्फी जावेद हैं जो कि खुद एक्सेप्ट करती हैं कि इन्होंने [संगीत] अपने फेस और बॉडी के साथ क्या-क्या चेंजेस करवाए हैं एंड कैसे
(12:08) इन्हें खुद में ही अपनी फिजिकल अपीयरेंस को लेकर अंडर कॉन्फिडेंस फील होता रहा है। मुझे बहुत लोग कमेंट करते हैं फ्लैट चेस्टेड फ्लैट चेस्टेड आगे भी नहीं है, पीछे भी नहीं है। आई एम वेरी मतलब उस वजह [संगीत] से बहुत मैं अंडर कॉन्फिडेंट हो गई। ब्राजील के एक मॉडल हैं जूनियर दत्रा। अभी हाल ही में इनकी डेथ हो गई ड्यू टू अ कॉस्मेटिक सर्जरी। यह मेनली आई कॉस्मेटिक सर्जरी है जिसमें आइज को लिफ्ट करके एक इलोंगेटेड शेप दिया जाता [संगीत] है और सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के भी इसके शिकार हो जाते हैं। सिक्स पैक सैप्स और परफेक्ट फिटनेस फ्रीक का ऐसा चस्का
(12:39) चढ़ता है कि वो अपने बॉडी में नेचुरल [संगीत] की जगह अननेचुरल एलिमेंट्स डालने लग जाते हैं। एक एग्जांपल के साथ समझाती हूं। यह हैं तरुण गिल जो कि अपने फिटनेस को लेकर काफी चर्चा [संगीत] में रहते थे। लेकिन इनकी असलियत क्या थी वो आप खुद इनसे सुन लो कि कैसे स्टेरॉइड्स लेने की वजह से इनका शरीर अब पहले जैसा [संगीत] बिल्कुल भी नहीं रहा और इनकी बॉडी में क्या-क्या प्रॉब्लम्स आनी शुरू हो गई है। तो बॉडी तो मैंने 100 दिनों में बना दी थी और वो आपको मैंने सब कुछ दिखाई बट 100 दिनों के बाद आज मेरी बॉडी की [संगीत] कंडीशन ये है। और ऐसी ट्रांसफॉर्म्ड बॉडी
(13:09) से यहां तक पहुंचने में आप बोलोगे क्या हुआ? ऐसा क्या हुआ? सिर्फ एक महीना लगा। सिर्फ एक [संगीत] महीना बिकॉज़ ऑफ़ किडनी डैमेज। देखो कोई भी चीज बिना कीमत चुकाए नहीं आती। और सोशल मीडिया की फेम की कीमत भी कहीं ना कहीं इन इन्फ्लुएंसर्स को चुकानी पड़ती है। प्राइवेसी, हेल्थ, पीस सब कुछ दांव पर लग जाता है। इन्फ्लुएंसरर बनने के चक्कर में क्रिएटर्स अपने जीवन को एक ओपन बुक यानी कि खुली किताब की तरह पेश कर देते हैं। पर्सनल लाइफ वो तो होती ही नहीं है। खास करके ब्लॉगर्स के। आप कब उठ रहे हो, सो रहे हो? आपकी शादी कब होगी? किससे
(13:40) होगी? प्रेगनेंसी कब होगी? और अगर हो गई है तो कैसी चल रही है? सब पर दुनिया की नजर होती है। कई इन्फ्लुएंसर्स के साथ हुआ है कि उनके घर पे अजनबी फैंस आ पहुंचे। मैं मिलके भी आ चुका हूं। सोसाइटी के बाहर में मिला 20-2 मिनट अच्छे से मिला। तो कहते हैं अंदर आना है। पीयूष कुणाली मैंने कहा भाई रात हो गई है सोसाइटी के अंदर अलाउड नहीं है। हमको दिक्कत होगी मत आना भाई। बट फिर भी पता नहीं कैसे वो अंदर आ गए। और अब घर के बाहर ही खड़े हैं आधे घंटे से। तो कभी स्टॉकर्स ने उनकी फैमिली को परेशान किया। इसके अलावा यह फेम और कंटेंट क्रिएशन के दौर में बहुत से क्रिएटर्स
(14:08) अपने स्लीप, डाइट, मेंटल हेल्थ सब कुछ के साथ कॉम्प्रोमाइज कर रहे होते हैं। एक 24 * 7 आवर्स की हसल चलती रहती है। इट्स नेवर एंडिंग ट्रेड मिल। जो लोग देखते हैं उन्हें सिर्फ फैंसी लाइफ दिखती है। पर पर्दे के पीछे यह क्रिएटर्स अक्सर थकान और हेल्थ इशू से जूझ रहे होते हैं। इंडिया में ही पिछले कुछ सालों में कई यंग कंटेंट क्रिएटर्स हैं जिन्होंने अपनी जान गवा दी ड्यू टू मेंटल हेल्थ स्ट्रगल्स। उनमें से एक नाम था 24 साल की निशा अग्रवाल का। एक टैलेंटेड एंबिशियस लड़की जिसके Instagram पर 3 लाख से ज्यादा फॉलोवरर्स थे और सिर्फ
(14:40) 2 दिन बाद वह अपना 25th बर्थडे सेलिब्रेट करने वाली थी। लेकिन उसने अपनी लाइफ खुद खत्म कर ली। सिर्फ इसलिए क्योंकि उसके फॉलोवरर्स कम होने लगे थे। सोचो वो सिर्फ 25 साल की थी। आगे पूरी जिंदगी पड़ी थी। अपना खुद का हेयर ऑयल ब्रांड तक लॉन्च कर चुकी थी। इवन जब आप उसके Instagram पर परफेक्ट सेल्फीज़, परफेक्ट फ्रेंड्स और स्माइलिंग पिक्चर्स देखते [संगीत] हो तो कोई सोच भी नहीं सकता कि वो अंदर से एक मेंटल बैटर से लड़ रही थी। और यही तो है सोशल मीडिया की सबसे बड़ी सच्चाई। [संगीत] यहां हर चेहरा फिल्टर्ड है, इमोशंस स्क्रिप्टेड है और रियलिटी के लिए जगह
(15:12) बहुत कम है। अब यह सब देखने के बाद आपके माइंड में कई सारे सवाल आ रहे होंगे कि अगर सोशल मीडिया की सच्चाई इतनी [संगीत] डार्क है तो हम करें तो करें क्या? किस पे ट्रस्ट करें? किसको फॉलो करें? क्या सारे इनफ्लुएंसर्स एक जैसे होते हैं? तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं। देखो आसान भाषा में समझें तो सोशल मीडिया एक मार्केट है और आप एक कस्टमर और कस्टमर हमेशा वो चीजें कंज्यूम करता है या [संगीत] करना चाहता है जो उसकी लाइफ में वैल्यू ऐड कर सके। तो नेक्स्ट टाइम जब आप सोशल मीडिया पर स्क्रॉल कर रहे हो और किसी इन्फ्लुएंसरर की लग्जरियस लाइफ वाली पोस्ट दिखे तो अपने
(15:45) [संगीत] आप से यह सवाल पूछना और फिर रियलिटी और दिखावे का फर्क समझने की कोशिश करना। आंख मूंदकर किसी भी इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करना एक बेवकूफी है। ऑथेंटिक इन्फ्लुएंसर्स को अप्रिशिएट करें जो आपकी लाइफ में वैल्यू ऐड करते हैं। चाहे वो नॉलेज हो, एंटरटेनमेंट हो या इंस्पिरेशन। तो अगर आपको लगता है कि इस वीडियो से आपको कुछ सीखने को और समझने को मिला हो तो प्लीज इसे हाइप जरूर करना ताकि यह वीडियो बहुत सारे लोगों तक पहुंच सके क्योंकि मेरा गोल यही है कि मेरे हर वीडियो से आपको कुछ सीखने को मिले। आपकी लाइफ में कुछ वैल्यू ऐड हो सके और कमेंट में अपने
(16:17) थॉट्स शेयर करना और चैनल को सब्सक्राइब कर लेना क्योंकि नेक्स्ट वीडियोस और भी ज्यादा इंपॉर्टेंट होने वाली है और सोशल मीडिया आपकी लाइफ में क्या इंपैक्ट डाल रहा है वह आप इस वीडियो में जाकर एक बार देख सकते हो। आई होप आपको और भी क्लेरिटी मिलेगी। मिलती हूं अगली वीडियो में। तब तक के लिए अपना ख्याल रखिए। थैंक यू सो मच।

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