Wednesday, April 22, 2026

Ugly Reality Of BEAUTY PRODUCTS in India

Ugly Reality Of BEAUTY PRODUCTS in India

Author Name:Nikita Thakur

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=iRS5emqCxD4



Transcript:
(00:00) इसी साल 2024 में ही वड़ोदरा की एक लेडी हॉस्पिटल आती है क्योंकि उसके फेस पे बड़े-बड़े डार्क ब्लैक स्पॉट्स पड़ गए थे डायग्नोसिस के दौरान पता चला कि वो पिछले एक साल से एक स्किन वाइटिंग क्रीम यूज़ कर रही थी जिसने उसके स्किन को गोरा बनाने की जगह पे पैराडॉक्सिकली डार्क बना दिया एंड ये कोई इकलौता केस नहीं है किसी के चेहरे पे बर्न मार्क्स आके ब्लिस्टर्स पड़ चुके हैं तो किसी को डीप टिशू डैमेज हो चुका है कोई प्रोडक्ट में हाई लेवल्स ऑफ एसिड की वजह से किसी के स्किन पे पिंपल्स एग्रावेट्स प्रोडक्ट से कैंसर तक हो चुका है बट इन सबके बावजूद क्योंकि आजकल हमारे
(00:34) इंडियन मार्केट में इतने सारे वियर्ड कॉस्मेटिक और स्किन केयर प्रोडक्ट्स आ चुके हैं कि हमें ऑलमोस्ट फोमो होने लग जाता है कि हम ये प्रोडक्ट्स क्यों नहीं यूज कर रहे हैं इसीलिए आज हम डिस्कस करेंगे कुछ ऐसे ही बहुत ही वायरल इंटरनेट ब्यूटी ट्रेंड्स के बारे में जो लिटरली आपकी स्किन को एवरी डे पॉइजन कर रहा है डैमेज कर रहा है लेकिन इसके बारे में हमें पता ही नहीं है लेट्स स्टार्ट विथ अ फर्स्ट प्रोडक्ट स्किन लाइटनिंग क्रीम्स सो इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एडवांसेज इन मेडिसिन में एक केस पब्लिश्ड है 39 इयर्स ओल्ड की एक लेडी का जो अपने ब्यूटीशियन के
(01:04) कहने पर एक 4 पर हाइड्रो क्योन बेस्ड स्किन वाइटिंग क्रीम डेली यूज कर रही थी फेयर होने के लिए लेकिन इससे पैराडॉक्सिकली उसके स्किन में डार्क ब्लैक स्पॉट्स पड़ने लग गए सेम ऐसा ही ये केस था 55 इयर्स ओल्ड वड़ोदरा की एक लेडी का जो पिछले ती महीनों से हाइड्रो किनन बेस्ड स्किन वाइटिंग क्रीम यूज कर रही थी जिस वजह से उसकी स्किन में भी ब्लैक निंग होने लग गया था आपको ऐसे कई सारे रिसर्च पेपर्स मिल जाएंगे जिनमें ऐसे सारे केसेस मैं मेंशन है लेकिन सब में एक ही कॉमन केमिकल है हाइड्रो किनो यह कंपाउंड प्रोब्लेमे िक इसके लिए है क्योंकि ये आईडियली तो स्किन
(01:37) लाइटनिंग के लिए ही यूज होता है बट इसके प्रोलों यूसेज से इसका एक काफी पैराडॉक्सिकल सा इफेक्ट हो जाता है ये स्किन में डार्क स्पॉट्स डेवलप करने लग जाता है जिसे मेडिकली ऑक्रोनोसिस कहते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आमतौर में हमारे स्किन की नेचुरल एक्टिविटीज की वजह से स्किन में एक एसिड होमो जेंटस एसिड क्रिएट होता है जिसका कलर डार्क ब्लू ब्राउन सा ही होता है लेकिन नॉर्मली स्किन में रेगुलरली होमोजेनेट सिक ऑक्सीडेस नाम का एक एंजाइम भी प्रोड्यूस होता है जो इस एसिड को न्यूट्रलाइज कर देता है जिस वजह से हमारे स्किन पे ये डार्क ब्लू डार्क
(02:10) ब्राउन स्पॉट्स नहीं दिखते हैं बट प्रॉब्लम तब आती है जब कोई पर्सन हाइड्रोकल बेस फेयरनेस क्रीम्स का प्रोलों यूसेज करता है तब ये केमिकल सनलाइट की वजह से ऑक्सीडो के काफी सारे रिएक्टिव केमिकल कंपाउंड्स प्रोड्यूस करने लग जाता है ये कंपाउंड फिर स्किन में मौजूद होमो जेंटस ऑक्सीडेस को ब्लॉक कर देता है इससे स्किन में होमो जेंटस एसिड हाई क्वांटिटी में बिल्ड अप होने लगता है रिजल्टेंट स्किन में ब्लैक निंग और डार्क स्पॉट्स क्रिएट होना स्टार्ट हो जाते हैं हाइड्रो किनन के इसी डेंजरस इंपैक्ट की वजह से अप्रैल 2019 से ही इंडियन गवर्नमेंट ने इसका ओवर द
(02:40) काउंटर में सेल बैन कर दिया था बट इसके बावजूद हाइड्रो क्योन बेस्ड क्रीम्स इंडिया में ओपनली बिकते हैं नेक्स्ट एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर है कॉल्ड एज माइक्रोनीडलिंग जो भी आजकल काफी ज्यादा पॉपुलर हो रहा है विद सेलिब्रिटीज लाइक कार्डशिट डूइंग इट एट होम बट कई केसेस में ऐसा देखा गया है कि जब लोगों ने इसे ुत से घर पे ट्राई किया किया तो उन्हें स्किन में डीप टिश्यू डैमेज हो गया बेसिकली इस प्रोसीजर से माइक्रो नीडल से स्किन में कई सारे माइक्रो पंक्चर्स किए जाते हैं जिससे स्किन को लगता है ओ इतने सारे वड्स हो गए हैं तो मुझे इस एरिया में एक्सेस में
(03:12) कॉलेजन इलास्टिन और ब्लड सप्लाई करना पड़ेगा ताकि वहां की स्किन हील हो सके सो इस वजह से जो न्यू स्किन सेल्स वहां पे ग्रो होते हैं वो अगेन ज्यादा हेल्दी यूथ फुल और ग्लोइंग होते हैं एज कंपेयर्ड टू द प्रीवियस डल एंड नैमेज सेल्स इस पूरे प्रोसीजर में आपके माइक्रो नीडल्स का डेप्थ काफी इंपॉर्टेंट होता है यू एफडीए ने इसे ओवर द काउंटर यानी कि होम ट्रीटमेंट्स के लिए पहले तो बैन कर रखा है दूसरी बात मेडिकली अगर आपको ये ट्रीटमेंट करवाना है तो यूजुअली डॉक्टर्स रिकमेंड करते हैं कि 5 एए डेप्थ के माइक्रो नीडल्स ही यूज़ किए जाए वो भी प्रोफेशनल क्लिनिकल
(03:43) सेटअप में ही क्योंकि इससे ज्यादा डेप्थ वाले नीडल्स अगर आप बिना किसी प्रोफेशनल हेल्प के यूज़ करते हो तो आपके स्किन के ये डीपर लेयर्स में जाकर और गहरा डैमेज कॉज कर सकते हैं डीप ब्लड कैपिलरीज को भी बर्स्ट कर सकते हैं लेकिन इंडिया में 5 एए तो छोड़ दो 1.5 एए तक के डर्मा रोलर्स भी amazonaws.com पिगमेंटेशन सो नो नो
(04:31) माइक्रो नीडलिंग और डर्मरोलर एट होम इट्स नॉट अ होम डिवाइस एक्चुअली जितने भी कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स अभी तक हमने डिस्कस किए ये सब मेजर्ली ना स्किन की एजिंग को कम करने के लिए और जैसे एक हेल्दी स्किन में एक यूथ फुल बाउंस और ग्लो आता है तो वो इफेक्ट अचीव करने के लिए ऐसे हाई एंड प्रोडक्ट्स को यूज किया जाता है बट कई बार ये प्रोडक्ट्स काफी ज्यादा रिस्की भी होते हैं एंड अगर आप साइंटिफिकली भी देखोगे ना कि हमारी स्किन डल ड्राई ड्रुपी क्यों होती है तो इसके पीछे एक मेजर रीजन होता है डिक्रीज इन द क्वांटिटी ऑफ कॉलेजन कॉलेजन बेसिकली हमारे स्किन का एक स्टार
(05:03) इंग्रेडिएंट्स जैसे कि बोन स्किन मसल्स टेंडेंस लिगामेंट्स इन सब में पाया जाता है एज देर मेजर बिल्डिंग ब्लॉक ये आपके स्किन के नीचे जो टिशूज की लेयर होती है ना उसे टाइटली पकड़ के रखता है जिससे स्किन टाइट और फर्म लगती है इसीलिए आप देखोगे कि जैसे-जैसे एक पर्सन की एज बढ़ती जाती है उसके बॉडी में कॉलेजन डिग्रेड होने लग जाता है इससे स्किन को वो सपोर्ट देने वाले मसल्स भी डिग्रेड हो जाते हैं और रिजल्टेंट चेहरे पे सैगिंग ड्राइनेस डार्क स्पॉट फाइन लाइंस और रिंकल्स पड़ने लगते हैं रिसेंटली एक स्टडी भी कंडक्ट की गई थी जिसमें कुछ टेस्ट सब्जेक्ट्स को कॉलेजन
(05:35) सप्लीमेंट्स ओरली खाने को दिए गए थे और रिजल्ट ये मिला कि उन सब्जेक्ट्स के स्किन काफी ज्यादा हेल्दी और ग्लोइंग हो गई थी क्योंकि कॉलेजन की एक और खासियत यह भी है कि ये आपके स्किन में मॉइश्चर को रिटेन करके उसे हाइड्रेटेड रखता है जिससे उन सब्जेक्ट्स के स्किन की इलास्टिसिटी भी ड्रास्ट्रिंग स्किन डार्क स्पॉट्स या रिंकल्स वगैरह की प्रॉब्लम्स के लिए कॉलेजन सप्लीमेंट्स रिकमेंड करते हैं जैसे कॉलेजन कैप्सूल्स लिक्विड्स या फिर पाउडर्स इसमें मरीन कॉलेजन क्योंकि स्मॉलर पार्टिकल्स का बना होता है तो स्टडीज में यह भी देखा गया है
(06:06) कि उसका अब्जॉर्प्शन रेट बाकी कॉलेजन सप्लीमेंट से 1.5 टाइम्स ज्यादा बेहतर होता है सो अगर आप भी मरीन कॉलेजन पाउडर को यूज करना चाहते हो तो एचके वाटल्स का कॉलेजन विद विटामिन सी ई एंड बायोटिन एक मरीन कॉलेजन पाउडर ही है जिसमें रियल कॉलेजन पेप्टाइड्स मौजूद है जो आपके स्किन में लॉस्ट कॉलेजन की कमी पूरा करके स्किन की इलास्टिसिटी इंक्रीज करता है इसके की इंग्रेडिएंट्स है विटामिन सी ई एंड हैलरो निक एसिड जो आपके स्किन को हा टेड एंड मॉइश्चराइज रखते हैं ताकि आपके स्किन में एक स्मूथ और इवन ग्लो आए एंड ऑफकोर्स इसे दोनों मेल्स एंड फीमेल्स दोनों भी कंज्यूम
(06:36) कर सकते हैं मिड 20 से आप इसे अपने डाइट का एक पार्ट बना सकते हो दिस फॉर्मूला इज आल्सो क्लिनिकली प्रूवन जिस रिसर्च में ही पाया गया था कि इसे कंसिस्टेंटली 8 वीक्स तक लेने से स्किन में फाइन लाइंस रिंकल्स एंड डलनेस कम हो जाएगी जस्ट टेक वन स्कूप ऑफ पाउडर मिक्स इट इन वाटर एंड ड्रिंक इट एवरी डे एच के वाटल्स कॉलेजन का टेस्ट भी काफी अच्छा है ऑरेंज फ्रूटी सा फ्लेवर है इसका लेकिन इसमें जीरो एडेड शुगर है एंड नो साइड इफेक्ट्स सो अगर आप भी डल स्किन डार्क स्पॉट से सफर कर रहे हो या फिर आप सिर्फ एक हेल्दी यूथ फुल ग्लोइंग स्किन
(07:03) चाहते हो तो डेफिनेटली कंसीडर ट्राइट एचके वाटल्स कॉलेजन विद विटामिन सी ई एंड हैलरो निक एसिड फॉर योर एवरीडे ब्यूटी पहले इसकी पैकेजिंग कुछ ऐसी थी बट नाउ इट कम्स इन अ न्यू पैक यू कैन चेक दिस प्रोडक्ट ऑन hk.co एंड यूज़ माय कूपन कोड निकता 10 फॉर एडिशनल डिस्काउंट्स लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन नेक्स्ट प्रोडक्ट है केमिकल पील्स ये इमेजेस देख रहे हो किसी में पेशेंट के स्किन में बर्न मार्क्स ब्लिस्टर्स पड़ गए हैं किसी के स्किन में डीप स्कार्स आ चुके हैं तो किसी को हाइपर पिगमेंटेशन हो चुका है एनसीबीआई में पब्लिश्ड एक रिसर्च पेपर में क्लियर मेंशन
(07:33) है कि ये सारे केसेस केमिकल पील्स के कॉम्प्लिकेशंस के वजह से हुए हैं जो आजकल काफी ज्यादा पॉपुलर हो रहा है अगेन एट होम ट्रीटमेंट्स के लिए इन पील्स में मोस्टली ग्लाइकोलिक एसिड ट्राई क्लोरो एसिटिक एसिड साइलस क्लिक एसिड लैक्टिक एसिड या फिर कार्बोलिक एसिड जैसे केमिकल्स को डिफरेंट कंसंट्रेशन में फेस नेक और आर्म्स वगैरह में लगाया जाता है जिससे स्किन का फर्स्ट लेयर बर्न होके पील ऑफ हो जाए ताकि जो न्यू लेयर आए स्किन की वो अगेन ज्यादा सॉफ्ट यूथ फुल और ब्राइट हो नाउ अगर यह ट्रीटमेंट एक ट्रेन डॉक्टर द्वारा करवाया जाता है तो इससे फाइन लाइंस एक्ने माइल्ड
(08:05) स्कारिंग डार्क पैचेज डल स्किन वगैरह में एक रिडक्शन देखने मिला है बट इसकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है कि काफी सारे केमिकल पील्स ओवर द काउंटर मिल रहे हैं जिसमें काफी हाई कंसंट्रेशन ऑफ एसिड्स है जैसे कि टीसीए ट्राई क्लोरो एसिटिक एसिड एक्चुअली केमिकल पील्स मोस्टली तीन से चार इंटेंसिटीज के मिलते हैं जिसमें से इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी में मेंशन है कि सिर्फ लाइट यानी कि सुपरफिशियल पील्स ही इंडियन स्किन टोन के लिए सेफ है मीडियम पील्स ऑफकोर्स काफी ज्यादा प्रिकॉशन के साथ प्रोफेशनल सेटअप में यूज किया जा सकता है स्पेशली डार्क स्किन पेशेंट्स में ये
(08:36) अवॉइड करना चाहिए और डीप पील्स आर एब्सलूट नॉट रेकमेंडेड फॉर इंडियंस बट हमारे देश में ये डीप पील्स जिनमें टीसी एसिड की कंसंट्रेशन 50 पर से भी हाई होती है वो भी एकदम इजली ओवर द काउंटर मिल जाता है इंडियन स्किन टोन और स्पेशली डार्क स्किन टोन को इसको अवॉइड करने के लिए इसलिए कहा गया है कि जो टीसी एसिड होता है वो स्किन के हाई कंसंट्रेशन ऑफ मेलेनिन के साथ इजली रिएक्ट करके के ऐसे काफी सारे कॉम्प्लिकेशंस कर लेता है इसीलिए उसी रिपोर्ट में ये भी मेंशन है कि सिर्फ एक डॉक्टर विद अ पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री इन डर्मेटोलॉजी ही ट्रेड है ऐसे केमिकल
(09:09) प्रोसीजर्स को करने के लिए इसीलिए आपको अपने फिजिशियन के क्वालिफिकेशन पे भी ध्यान देना चाहिए और हमेशा ट्राई करो कि जितना हो सके लो एसिडिक कंसंट्रेशन के केमिकल पील्स ही यूज करो नेक्स्ट प्रोडक्ट है ड्राई शैंपूस जो सुनने में खाफी प्रैक्टिकल लगते हैं आई मीन हम सब जानते हैं लड़कियों को हेयर वॉश करने के लिए घंटे लग जाते हैं जो टाइम हमेशा निकालना पॉसिबल नहीं होता है इसीलिए ये ड्राई शैंपूस एक क्विक इजी और ऑन द गो स्प्रेज होते हैं जिससे आपको सिर्फ अपने ग्रीसी ऑयली हेयर पे स्प्रे कर देना है और उसे अच्छे से स्कैल्प पे मसाज कर लेना है
(09:41) इससे विदन मिनट्स आपके बालों में एकदम हेयर वॉश जैसा इफेक्ट आ जाएगा विदाउट एक्चुअली वॉशिंग द हेयर विदाउट इवन टचिंग वाटर टू योर हेयर आई नो सुनने में काफी टेम्टिंग प्रोडक्ट लगता है लेकिन रिसेंटली यूएस के एक इंडिपेंडेंट लेबोरेटरी ने वहां पे बिक रहे कई सारे ड्राई शैंपूस को टेस्ट किया था एंड आप बिलीव नहीं करोगे लेकिन ऑलमोस्ट 70 पर शैंपू में उन्हें हाई लेवल्स ऑफ बेंजीन मिले जो कि एक कार्सिनोजेनिक केमिकल है जो ह्यूमंस में कई टाइप्स के ब्लड कैंसर्स कॉज करता है कई स्टडीज में पाया गया है कि एज लो एज इवन व पीपीएम बेंजीन भी ह्यूमन बॉडी में कैंसर
(10:12) डेवलप कर सकता है लेकिन इस रिसर्च में तो उन्हें कई ड्राई शैंपू मिले जिनमें इससे 170 टाइम ज्यादा कंसंट्रेशन ऑफ बेंजीन मौजूद था 170 टाइम ज्यादा इनफैक्ट उन्होंने तो कंप्लीट लिस्ट भी इशू किया था जिसमें उन सारे प्रोडक्ट्स के नेम्स थे जिनमें बेंजीन मौजूद था लेकिन इसमें कई प्रोडक्ट्स आज भी भी इंडियन मार्केट में खुले बिकते हैं मैं पर्सनली उनके नेम्स नहीं ले सकती हूं लेकिन मैं डिस्क्रिप्शन में उसका लिंक अटैच कर लूंगी आप उसे अच्छे से रीड कर सकते हो और अगर आपको प्रोडक्ट्स अवॉइड करने हैं तो आप वो भी कर सकते हो इसके बाद य 11 ने भी अपने चार ड्राई
(10:42) शैंपूस को यूएस मार्केट से रिकॉल कर दिया था स्टेटिंग कि इनमें भी बेंजीन की वजह से हाई रिस्क ऑफ कैंसर हो सकता है लेकिन अगेन इन चार ड्राई शैंपूस में से दो तो आज भी हमारे देश में खुला बिकते हैं नेक्स्ट प्रोडक्ट इज ग्लिटर इन कॉस्मेटिक्स ग्लिटर मास्क्स ग्लिटर टयर्स और अभी तो ग्लिटर स्प्रेज भी काफी ज्यादा पॉपुलर हो गया है जिसमें लोग लिटरली अपने फेस पे ग्लिटर स्प्रे कर रहे हैं यस ग्लिटर के छोटे-छोटे पार्टिकल स्प्रे करते हैं फेस पे ताकि उनके फेस पे एक शाइनिंग इफेक्ट क्रिएट हो सके बट दिस इज एक्सट्रीमली रिस्की ग्लिटर का एज सच कोई भी स्किन केर बेनिफिट तो है
(11:13) नहीं लेकिन उल्टा कई केसेस में ऐसा देखा गया है कि अगर ग्लिटर का एक सिंगल स्पेक भी किसी की आंख में चला गया तो उनका कॉर्निया सीवियरली डैमेज हो जाता है और इससे कई केसेस में पेशेंट्स ब्लाइंड तक हो गए हैं नेक्स्ट एक प्रोडक्ट है जो आजकल रील्स में काफी पॉपुलर हो रहा है क्लेरिसोनिक ब्रशस यह प्रोडक्ट बेसिकली क्लेम करते हैं कि इससे आपकी स्किन एकदम स्क्की क्लीन हो जाएगी लेकिन सेंसिटिव स्किन पे यूज किया जाए तो यह स्किन के लिए काफी एब्रेजिव हो सकता है और स्पेशली एक्ने प्रोन स्किन के लिए तो यह प्रोडक्ट काफी डेंजरस हो सकता है क्योंकि इसके जो ब्रिसस होते हैं वो एक
(11:48) लोकलाइज एक्ने को पंक्चर करके उसके बैक्टीरिया को आपके पूरे फेस पे स्प्रेड कर सकते हैं जिससे हाई चांसेस है कि आपका एक्ने और ज्यादा एग्रावेट्स कॉस्मेटिक प्रोडक्ट को यूज़ नहीं करना चाहिए या फिर हमें फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि हम कैसे दिखते हैं दैट इज इंपॉसिबल बट इन ब्रांड्स को इतना पावर मत दो कि आपको रोज बताए कि आप इनके प्रोडक्ट्स के बिना कितने अगली हो डेफिनेटली आप नेचुरली जितना हो सके अपने हेल्थ एंड ब्यूटी पे ध्यान दो ईट हेल्दी गेट इन ऑल द न्यूट्रिएंट्स दैट योर बॉडी रिक्वायर्स बट अनफॉर्चूनेटली ऐसे कई केसेस में देखा गया है कि लोगों ने अपने डार्क
(12:21) कॉम्प्लेक्शन अपने हेयर लॉस से अपने एक्नेस से इनसिक्योर होकर सुसाइड जैसा कदम उठा लिया है आज भी जब हम कहते हैं कि अरे हम तो मॉडर्न हो गए हम ब्रॉड माइंडेड हो गए हैं बट आज भी इंडिया में बिकने वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स में से 50 पर से भी ज्यादा स्किन वाइटिंग प्रोडक्ट्स होते हैं % दैट इज ह्यूज बस इसीलिए मेरा कहना यह है कि ये सब कुछ सिर्फ आपके दिमाग में है कि आप अपने आप को किस नजर से देखते हो इनफैक्ट इस पर तो एक काफी इंटरेस्टिंग एक्सपेरिमेंट भी हुआ है यूएस के यूनिवर्सिटी में एक एक्सपेरिमेंट किया गया था जिसमें 27 मेल्स और 21 फीमेल
(12:53) पार्टिसिपेंट्स को यह बताया गया था कि उनके फेस पे ना एक स्कार बनाया जाएगा और फिर देखा जाएगा कि क्या लोग उनके स्कार की वजह से उनके साथ डिस्क्रिमिनेट या अलग तरीके से बिहेव करते हैं सारे पार्टिसिपेंट्स के फेस पे पहले स्कार्स बनाए गए और उन्हें मिरर्स में वो दिखाया भी गया बट जैसे ही वो पार्टिसिपेंट्स रूम के बाहर निकलने वाले थे तभी ही उनके जो ब्यूटीशियन थी उन्होंने उनसे कहा कि उनके स्कारर पे हल्का सा टचअप करना है बट टचअप के बहाने से उन्होंने उनके स्कार्स को हटा दिया इसके बाद उन पार्टिसिपेंट्स को जो ये सोच रहे थे कि उनके फेस पे अभी भी वो
(13:23) स्कार है उनसे कहा गया कि बाहर रूम में जाओ और बाकी लोगों के साथ इंटरेक्ट करो अब सरप्राइजिंगली एक्सपेरिमेंट के बाद ज्यादा जतर पार्टिसिपेंट्स ने रिपोर्ट किया कि लोग उनके स्कार्स को घूर रहे थे और उनके साथ उनके स्कार की वजह से उनके फेस की वजह से रूड और अगली तरीके से बिहेव कर रहे थे जबकि उनके फेस पे कोई स्कार था ही नहीं मतलब ये सब कुछ ये सारा परसेप्शन सिर्फ उनके दिमाग में था बस इसीलिए आई रिपीट कि ये सब कुछ सिर्फ आपके दिमाग में है कि आप अपने आप को किस नजर से देखते हो आप रोज मिरर के सामने खड़े होकर अपने बारे में क्या सोचते हो इसीलिए जितना हो सके ये
(13:57) सारी प्रोडक्ट्स को आप यूज कर सकते हो या नहीं यूज कर सकते हो अल्टीमेटली वो आप हो जो डिसाइड करोगे कि आप कैसे दिखते हो और उसके बेसिस पे आपका दिन कैसा जाएगा आपका कॉन्फिडेंस कैसा रहेगा दैट इज इट इस वीडियो का सिर्फ यही मैसेज था अगर आपको ये वीडियो अच्छा लगा तो प्लीज जितना हो सके अपने फ्रेंड्स और फैमिली में शेयर करना ताकि वो भी इन प्रोडक्ट्स को यूज़ करने से बच सके एंड अगर आपको और भी ऐसे वीडियोस हमारे पसंद आते हैं तो आप हमारा ये दूसरा वाला वीडियो भी चेक आउट कर सकते हो जहां हम डिस्कस कर रहे हैं कि आजकल किस तरीके से काफी काफे पंज जॉब स्कीम्स में लोगों
(14:25) को फंसाया जा रहा है और उनके लाखों रुपए ऐठ जा रहे हैं ये वीडियो आप उसको के लिए चेक आउट कर सकते हो मिलते हैं अगले वीडियो में तब तक के लिए जय हिंद

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