Wednesday, May 6, 2026

Intimacy को कैसे बढ़ाएँ

Intimacy को कैसे बढ़ाएँ

Author Name:Ma Prem Asima

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@mapremasima1400

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=RcfaBkpPS9A



Transcript:
(00:00) नमस्ते टू ऑल ऑफ यू। इट्स मां प्रेम असीमा हेर। आई एम तंत्र थेरेपिस्ट एंड प्रैक्टिशनर एंड आई एम स्पिरिचुअल एंड सेक्सुअल अवेकनिंग गाइड टू। आज का विषय है द डिफरेंस बिटवीन सेक्स एंड इंटिमेसी। सेक्स और इंटिमेसी में क्या फर्क होता है? इंटिमेसी का मतलब होता है कनेक्शन बनाना। गहरी आत्मीयता का भाव। और सेक्स एक फिजिकल टास्क है। फिजिकल एक्ट है। तो आइए इनमें भेद जानते हैं। सेक्स ओनली रिक्वायर्स टू हॉर्ने पीपल। सेक्स में सिर्फ दो लोगों की एक जैसी ऊर्जा होने की जरूरत है। इंटिमेसी रिक्वायर्स टू पीपल इन लव। जबकि इंटिमेसी में दो लोगों के बीच
(00:49) में प्रेम होने की जरूरत होती है। द गोल ऑफ सेक्स इज ऑर्गेज़्म। सेक्स गोल ओरिएंटेड होता है। सेक्स का गोल होता है। सेक्स का मोटिव होता है चर्म सुख क्लाइमेक्स। ऑर्गेज़्म। द गोल ऑफ इंटिमेसी इज कनेक्शन। जबकि इंटिमेसी का इंटिमेसी का गोल होता है कनेक्शन बनाना। कनेक्टेड फील करना अपने पार्टनर के साथ। थर्ड है सेक्स डजंट नीड इन्वेस्टमेंट इन कन्वर्जेशन। सेक्स में बातचीत में समय को इन्वेस्ट करने की कोई जरूरत नहीं होती। इंटिमेसी रिक्वायर्स कन्वर्जेशन टू
(01:36) कम्यनिकेट व्हाई द क्लोजनेस इज़ हैपनिंग। जबकि इंटिमेसी में हमें पार्टनर की ज़रूरत। जबकि इंटिमेसी में हमें बातचीत करने की कम्युनिकेशन की जरूरत महसूस होती है। ताकि हम अपने पार्टनर के साथ अपने महिला या पुरुष साथी के साथ जीवंतता महसूस कर सके। उससे कनेक्शन फील कर सकें। उसके करीब होना महसूस कर सकें। यह फर्क होता है सेक्स में और इंटिमेसी में। नेक्स्ट है सेक्स यू कैन हैव विद एनी। सेक्स आप किसी के साथ भी कर सकते हो। इंटिमेसी यू कैन हैव विद ओनली वन स्पेशल पर्सन बट इंटिमेसी आपको उसी के साथ फील होगी जिसके जो एक स्पेशल पर्सन आपके
(02:26) लिए होगा कोई खास व्यक्ति के साथ ही आप इंटिमेसी को फील कर सकते हो संबंधों को फील कर सकते हो सेक्स फील्स लाइक ए फेलियर व्हेन देयर इज नो क्लाइमेक्स जब भी सेक्स में हमें क्लाइमेक्स फील नहीं होता और गजम इजाकुलेशन फील नहीं होता, चर्म सुख नहीं मिलता तो हमें सेक्स फेलियर लगता है। इंटिमेसी डजंट नीड ए क्लाइमेक्स टू अचीव फुलफिलमेंट। जबकि इंटिमेसी में क्लाइमेक्स तक पहुंचने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती। इसके अलावा भी विदाउट क्लाइमेक्स भी हमें फुलफिलमेंट संतुष्टि महसूस होती है अपने पार्टनर के साथ। एंड समटाइ जस्ट ए टच इज एनफ।
(03:13) बहुत बार तो सिर्फ प्यार भरा स्पर्श ही हमें क्लाइमेक्स तक पहुंच पहुंचा देता पहुंचा देता है। मतलब कि हम संतुष्ट हो जाते हैं सिर्फ उसके छूने भर से। सेक्स कैन बी हरिड। सेक्स में बहुत जल्दबाजी भी हो सकती है। जल्दी-जल्दी आप सेक्स कर सकते हो। इंटिमेसी डजंट वांट टू बी रेस्ट। जबकि एक दूसरे से संबंध फील करने में, कनेक्शन फील करने में आप लोगों को समय लगता है। सेक्स में आपको समय की ज्यादा जरूरत नहीं होती। बट इंटिमेसी में कि आपको अपने पार्टनर के साथ एक कनेक्शन महसूस हो।
(03:58) एक संबंध महसूस हो। गहरी आत्मीयता का भाव आए। प्रेम भाव यह सब महसूस करने में समय लगता है। वह जल्दबाजी में नहीं हो सकता। सेक्स कैन बी डन आउटसाइड द कनफाइन ऑफ ऑन लव इवन इन अफेयर। सेक्स को आप बाहर किसी के साथ भी कर सकते हो। जब आप अफेयर में होते हो किसी के साथ। इंटिमेसी हैपेंस बिकॉज़ ऑफ लव। इंटिमेसी केवल उसी के साथ स्थापित हो सकती है। उसी के साथ फील हो सकती है जहां पर प्रेम हो। बिना प्रेम के इंटिमेसी फील नहीं होती। सेक्स लीड्स टू कंपैरिजन एंड कंपटीशन इज द
(04:46) वन आई एम विद एज गुड इन बैड एज माय एक्स और द पोर्न स्टार आई लस्ट फॉर सेक्स में हम जब भी हम सेक्स करते हैं तो हम कंपैरिजन कंपटीशन करते हैं कि क्या यह वाला पार्टनर मेरे पहले एक्स वाले पार्टनर से बेहतर है या जो मैंने पोर्नोग्राफी में वीडियो में जो देखा था क्या यह उससे बेहतर है तो लगातार सेक्स में कंपटीशन होता रहता है। ठीक है? कंपैरिजन करता रहता है वह व्यक्ति। बट इंटिमेसी इज पर्सनल। पर इंटिमेसी आपकी पर्सनल होती है। आपकी व्यक्तिगत होती है। एंड फुल ऑफ डेप्थ। और इंटिमेसी आपकी गहराई से भरी हुई होती है।
(05:31) वह उथली नहीं होती। वह छिचली नहीं होती। सेक्स की तरह। सेक्स एलोन इज एफटी। सिर्फ सेक्स खालीपन हो सकता है, खाली होता है। एंड मेक वन एक्सपेरिमेंट विद अदर्स टू सी वेदर देयर इज बेटर सेक्स आउट देयर। जबकि सेक्स हमें मजबूर करता है कि हम अपने जिसके साथ भी हम संभोग कर रहे हैं, सेक्स कर रहे हैं, तो सेक्स हमें मजबूर करता है कंपटीशन करने के लिए कि क्या यह मेरे से क्या पहले वाले पार्टनर से यह बेहतर है। इंटिमेसी ब्रिंग फुलफिलमेंट एंड कंपटीशन लीडिंग टू फेथफुलनेस। जबकि इंटिमिसी क्या
(06:20) लेके आती है? फुलफिलमेंट लेके आती है और फेथफुल भरोसा कायम करती है। जबकि सेक्स में हमेशा डाउट बना रहता है। सेक्स यू कैन हैव विद समवन यू हैव जस्ट मेट टुडे। सेक्स आप उस व्यक्ति के साथ भी कर सकते हो जिसके साथ आप आज ही मिले हो। इंटिमेसी टेक्स टाइम टू कल्टीवेट। जबकि इंटिमेसी समय लेती है उभरने में, पैदा होने में, रिश्ता बनाने में। सेक्स इज इजी टू फॉरगेट। सेक्स बहुत आसान होता है भूलना। इंटिमेसी इज व्हाट यू विल चैरिश इवन इनू योर ओल्ड
(07:06) एज। जबकि इंटिमेसी एक ऐसा भावनात्मक संबंध है जो आप बुढ़ापे तक याद करना चाहोगे। सेक्स अब्यूज्ड कैन कंफ्यूज यू। सेक्स एक अब्यूज की तरह होता है। गा की तरह होता है जो आपको कंफ्यूज करे रहता है। इंटिमेसी इंस्पायर जबकि इंटिमेसी आपको हमेशा प्रेरणा से भरी रखती है। सेक्स इज लार्जली फिजिकल। सेक्स बड़े तौर पर सिर्फ शारीरिक स्तर पर होता है। इंटिमेसी इज इमोशनल, स्पिरिचुअल, मेंटल एंड फिजिकल। जबकि इंटिमेसी आपकी आध्यात्मिक, भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक इन सब
(07:54) डायमेंशन में होती है। मे यू पर्स्यू मोर देन सेक्स? अब आपको क्या करना है? सेक्स से बढ़के आपको कुछ करना है। मे यू पर्स्यू इंटिमेसी? शायद आपको इंटिमेसी की तरफ मुड़ना चाहिए। मे यू हैव मोर देन सेक्स विद योर स्पाउस। अपने पार्टनर के साथ सेक्स से ज्यादा इंटिमेसी बनाने की कोशिश कीजिए। मे यू हैव एन इंटिमेट मैरिज। कोशिश कीजिए कि आपकी शादी या आपका संबंध, आपका रिश्ता, आपका प्रेम में इंटिमेसी ज्यादा हो। इंटिमेसी होगी तो सेक्स भी हो ही जाएगा। बट यह जरूरी नहीं है कि जहां सेक्स हो
(08:39) वहां इंटिमेसी भी हो। तो कोशिश कीजिएगा कि दोनों ही चीजें हमें मिल जाए। यह दिल मांगे मोर। तो आपको समझ आया कि इंटिमेसी में और सेक्स में क्या फर्क है। अक्सर हमें यह लगता है कि अगर मैं मैरिड कपल हूं तो मुझे सेक्स की नीड रहती है। सेक्स के बिना मैं अधूरा खाली महसूस करता हूं या करती हूं। जबकि हमारा ध्यान, हमारा फोकस, हमारा माइंड इंटिमेसी पर जाता ही नहीं है। तो कोशिश कीजिए कि अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक संबंध आपका बने। मानसिक संबंध आपका बने। स्पिरिचुअल आध्यात्मिक संबंध आपका बने। इसके बाद फिजिकल संबंध तो बन ही जाएगा। तो बजाय कि सेक्स के इंटिमेसी को
(09:27) प्रायोरिटी दो। प्राथमिकता दो। इंटिमेसी होगी तो आपका प्लेज़र भी बढ़ेगा। सेटिस्फेक्शन भी बढ़ेगा। आप चीजों को सेलिब्रेट भी कर पाओगे। एक दूसरे की सेक्सुअल एनर्जी को, एक दूसरे की बीइंग को। आप लोगों आप लोगों का जो रिश्ता होगा वह डेप्थ में होगा। वह गहराई में होगा। तो अपने रिश्ते को गहराइयों में ले जाइए। गहराइयां छुए दोनों एक दूसरे के साथ। तो अगर आप नेक्स्ट टाइम अपने पार्टनर के पास जाओ तो यह दो चीजें ध्यान में रखो। आपको क्या चाहिए सेक्स या इंटिमेसी? कमेंट बॉक्स में लिखना ना भूलें कि आप लोगों की इस बारे में क्या राय है। तो आज
(10:12) के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। कमेंट बॉक्स आप लोगों के लिए खुला है। डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मेरे लिंक दिए गए हैं। जिनसे आप जुड़ के मुझे फॉलो कर सकते हो। WhatsApp ग्रुप पे Telegram चैनल है हमारा। बेशक Facebook भी है और डेली हमारी मेडिटेशन क्लास होती है। तो उनसे भी आप जुड़ सकते हो जिससे आप अपने भीतर से कनेक्शन फील करोगे। आप उस पूरे यूनिवर्स के साथ वननेस की फीलिंग ले सकोगे अगर आप मेडिटेशन करते हो तो और वन टू वन मेरे तंत्रा के सेशन भी होते हैं। हमारे सभी सेशन ऑनलाइन है। मेरी अभी ऑफलाइन वर्कशॉप
(10:52) नहीं होती है। तो अगर आपको तंत्र से जुड़ना है। अगर आपको अपनी लाइफ को बेटर बनाना है। सेक्सुअलिटी को प्योर सैक्रेड वे में लेकर जाना है। स्पिरिचुअल बनाना है अपनी सेक्सुअलिटी को तो तंत्र आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। तो आज से अपनी तंत्र की क्लास मेरे साथ बुक कर सकते हो। WhatsApp नंबर दिया गया है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में। वहां से नंबर उठाइए और मुझे मैसेज कीजिएगा। कॉल मत कीजिएगा। तो मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। आज के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।

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