Author Name:Shobha Rana
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@iamshobharana
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=n3WPYj-ZZ2s
ఈ వీడియోలో ప్రధాన సందేశం ఏమిటంటే—చైల్డ్హుడ్ ట్రామా అనేది “గతం”లో ముగిసిపోదు; అది మన బ్రెయిన్, నర్వస్ సిస్టమ్, రిలేషన్షిప్స్, సెల్ఫ్వర్త్, ట్రిగర్స్, మరియు రోజువారీ ప్యాటర్న్స్లో పెద్దయ్యాక కూడా కనిపిస్తూనే ఉంటుంది. ఈ ఎపిసోడ్లో రిరి త్రివేది చైల్డ్హుడ్ అనుభవాలు ఎలా అడల్ట్ బిహేవియర్ను shape చేస్తాయో, “forgive and move on” అన్నది ఎందుకు చాలాసార్లు సరిపోదో, healing ఎక్కడి నుంచి మొదలవ్వాలో వివరించారు. [1]
## కీలక పాఠాలు
- చిన్నప్పుడు జరిగిన repeated hurt, fear, neglect లేదా abuse మన జీవితంలో తర్వాత anxiety, people-pleasing, perfectionism, emotional reactivity, self-worth issues రూపంలో బయటపడొచ్చు. [1]
- కేవలం “నాకు bad day ఉంది” అనేది ఒక్కటే issue కాదు; physical health, relationships, mood, focus, sleep, compulsive patterns ఇలా ఒకటి కంటే ఎక్కువ areas repeatedly disturb అయితే లోపల unresolved issue ఉండొచ్చని వీడియోలో చెప్పారు. [1]
- ప్రపంచం మొత్తం తప్పు అనుకునే బదులు, “నా లోపల ఏ pattern repeat అవుతోంది?” అని చూసుకోవడం healing కి మొదటి అడుగు అని ఈ సంభాషణలో బలంగా చెబుతారు. [1]
## ట్రామా ఎలా కనిపిస్తుంది
- చాలా extreme reactions—అతి కోపం, అతి shutdown, అతి pleasing, repeated betrayal patterns—ఇవి dysregulated nervous system సంకేతాలుగా వివరించారు. [1]
- “నేను forgive చేశాను” అని తలతో అనిపించినా, అదే వ్యక్తి/సంఘటన గుర్తొస్తే body trigger అవుతుంటే నిజమైన healing ఇంకా పూర్తిగా జరగలేదని చెప్పారు. [1]
- sleep issues, brain fog, concentration తగ్గిపోవడం, చిన్న triggerకే పెద్ద reaction రావడం, emotional eating లాంటి signs chronic stress లేదా unresolved trauma ని సూచించవచ్చని చర్చలో ఉంది. [1]
## చైల్డ్హుడ్ ట్రామా రకాలు
రిరి త్రివేది ఈ సంభాషణలో childhood trauma ను మూడు broad bucketsగా వివరించారు: [1]
- Interpersonal trauma: physical abuse, emotional abuse, sexual abuse, emotional neglect, physical neglect. [1]
- Family environment trauma: ఇంట్లో domestic violence, constant fights, silent treatment, addiction, severe dysfunction, psychiatric instability వంటి వాతావరణం. [1]
- External/social trauma: bullying, body shaming, peer isolation, unsafe neighborhood, disasters లేదా other threatening environments. [1]
## రిలేషన్షిప్స్ పై ప్రభావం
- చిన్నప్పుడు “నన్నెవ్వరూ వినరు”, “నేను important కాను”, “నాకు love దొరకదు” అన్న లోపలి అనుభవం, తర్వాత spouse లేదా partner ద్వారా పూడ్చుకోవాలని ప్రయత్నించే pattern గా రావొచ్చని చెప్పారు. [1]
- “I don’t feel loved” అనిపించినా, దాని అర్థం ఏమిటో clarity లేకపోతే relationship లో misunderstanding పెరుగుతుందని వారు ఉదాహరణతో చెప్పారు. [1]
- expectation పెట్టడం తప్పు కాదు; unclear expectations, unmet emotional voids, and unhealed childhood wounds కలిసినప్పుడు సంబంధాలు బలహీనపడతాయని ఈ ఎపిసోడ్లో వివరించారు. [1]
## తెలుగు takeaways
- “మూవ్ ఆన్” అనేది మాటతో కాదు, నర్వస్ సిస్టమ్తో జరగాలి. [1]
- balanced response ఆరోగ్యకరం; extremes చాలాసార్లు ట్రామా response. [1]
- forgiveness అంటే గుర్తు లేకపోవడం కాదు; trigger neutral అవడం. [1]
- మీ జీవితంలో repeat అవుతున్న 3 painful patterns రాసుకోవడం self-awareness కి మంచి start అని సూచించారు. [1]
- healing అంటే parentsను blame చేయడం కాదు; మీ లోపల unmet wounds, patterns, body responses ను అర్థం చేసుకుని regulate చేయడం. [1]
ఒక లైన్లో చెప్పాలంటే: **బాల్యంలో జరిగినది మన పెద్దల జీవితాన్ని నడిపిస్తుంటే, healing అనేది ఆ pattern ను చూసి, body-mind level లో regulate కావడం ప్రారంభించే ప్రక్రియ.** [1]
Transcript:
(00:00) देखो यह सब ज्ञान जो है यह सुनने के लिए फील गुड करने के लिए बहुत अच्छा है कि एक्सपेक्टेशन मत रखो फॉर्गिव कर दो मूव ऑन मूव ऑन मूव ऑन बट आप कहते हो मूव ऑन बट यहां से मूव ऑन करते हो क्या नर्वस सिस्टम रेगुलेट कैसे किया जा सकता है जब आप पांच साल के थे छह साल के थे पापा बेल्ट से मारते थे तब आपको हंसी आती थी नहीं ना तो ट्रोमा हुआ वो [संगीत] आपका चाइल्डहुड ट्रोमा समझने का इरादा यह नहीं है कि आप जाके पेरेंट्स को ब्लेम करो या पूरा दोष का टोपला उनके सर [संगीत] पे डालो। इनफैक्ट मैं तो कह रही हूं पेरेंट्स को बताने की जरूरत ही नहीं है कि आपकी वजह
(00:33) से यह हुआ है। क्योंकि आप भी उनको ब्लेम ही कर रहे हो ना। थोड़ा बुरा लग जाए नॉर्मल है। कभी कबभार अच्छा लगे [संगीत] गुड। सो अप्स एंड डाउन्स आर अ पार्ट ऑफ़ लाइफ। बट व्हेन यू आर टू मच डाउन फॉर अ लॉन्गर पीरियड ऑफ़ टाइम व्हेन यू टेक टू लॉन्ग टू कम अप दीज़ आर सम ऑफ़ द इनिशियल साइंस [संगीत] दैट समथिंग इज ऑफ। बिकॉज़ मोस्ट पीपल थिंक कि दुनिया खराब है, लोग ख़राब हैं। द पॉइंट इज दैट द फोकस हैज़ टू [संगीत] कम विदिन। जो लोग यह बार-बार स्टेटमेंट्स यूज करते हैं कि मैं मेरा इंटेंशन ठीक था लेकिन वो ठीक नहीं हुआ। अगर आप उन लोगों में से हो
(01:03) तो दिस आंसर इज [संगीत] अब्सोलुटली फॉर यू। टुडे बिकॉज़ ऑफ़ दिस हाइपर अवेयरनेस इंक्रीसिंगली द यंगस्टर्स आर [संगीत] ब्लॉकिंग देयर पेरेंट्स, दे आर फाइटिंग विथ देयर पेरेंट्स, दे आर किकिंग द पेरेंट्स आउट ऑफ देयर लाइफ। पीपल हु हैव एक्सट्रीम बिहेवियर्स, दे आर कमिंग फ्रॉम ट्रोमा। फॉर्गिवन बॉडी हैज़ नॉट हील्ड। सिर्फ यहां से आपने फॉर्गिवनेस का कारपेट लगा दिया है। रियल फॉरगिवनेस इज़ व्हेन, व्हाट आर द डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ चाइल्डहुड ट्रॉमा? हम लोग ना प्रोग्रेस नहीं देखते। हम लोग हमेशा नया प्रॉब्लम क्रिएट कर देते हैं। [संगीत] एक प्रॉब्लम मैंने सॉल्व किया तो
(01:37) दूसरा प्रॉब्लम को हम देखना शुरू, पर हम यह नहीं देखते कि हम हाउ फार वी हैव कम। रूल्स एंड रेगुलेशंस, डिसिप्लिन [संगीत] होना चाहिए। बट किस तरह से होना चाहिए। मारपीट के, डरा के, धमका के, इमोशनल ब्लैकमेल करके, गिल्ट ट्रिप करके नहीं। इतनी मम्मी बच्चों को खिलाती है। तूने नहीं खाया ना तो मैं भी भूखी रह जाऊंगी। व्हाट इज दिस? नमस्ते। वेलकम टू द जर्नी विद इन पॉडकास्ट वि मी शोभा राणा। आई एम एन इमोशनल इंटेलिजेंस एंड माइंडसेट कोच एंड आल्सो द होस्ट एंड द क्रिएटर ऑफ दिस पडकास्ट। द जर्नी विद इन पॉडकास्ट का ऐ है कि आपको आपकी बेस्ट लाइफ, आपकी ड्रीम लाइफ को
(02:18) डिजाइन करने में, क्रिएट करने में मदद कर सके। आज के पॉडकास्ट में हम द जर्नी विद इन करने वाले हैं। खुद को बेहतर समझने वाले हैं थ्रू द लेंस ऑफ़ आवर चाइल्डहुड ट्रॉमा। अब ये चाइल्डहुड ट्रॉमा होता क्या है? कहां से शुरू होता है? कितनी तरह का होता है? क्या इसके टाइप से? कितनी लेयर्स को इंपैक्ट करता है हमारे बीइंग की? नर्वस सिस्टम डिस्ट्रेगुलेशन क्या होता है? हम अपने चाइल्डहुड ट्रॉमा को समझ के उसको हील कैसे कर सकते हैं? हीलिंग की जर्नी कैसी दिखती है? क्या क्लियर मार्कर्स हैं कि पता चलेगा हीलिंग हो भी रही है कि नहीं हो
(02:46) रही है। आप कितने सालों से थेरेपी ले रहे हैं या कोचिंग ले रहे हैं लेकिन वो उसकी प्रोग्रेस कहां है नहीं है वो सबके मार्कर्स क्या होंगे? सो वी हैव डन वी हैव डन अ वेरी डिटेल डिस्कशन ऑन ऑल दिस। सो डू वॉच दिस पॉडकास्ट टिल द वेरी एंड फॉर दिस कन्वर्सेशन वी हैव अ वैरी स्पेशल गेस्ट विद अस। वी हैव डॉ.
(03:05) रीत त्रिवेदी जी हु इज अ साइकोथरेपिस्ट, अ ट्रेनर एंड अ पेरेंटिंग एक्सपर्ट। शी हैज़ आल्सो रिटेन कपल ऑफ़ ग्रेट बुक्स। नेक्स्ट बुक इज़ कमिंग अप इन द मंथ ऑफ़ जून। आप उनके बुक्स को चेक आउट कर सकते हैं। आई एम श्योर दे आर अवेलेबल ऑन Amazon एंड अदर प्लेटफॉर्म्स। सो डू चेक आउट हर बुक्स। एंड नाउ लेट्स मीट डॉ. रिवी त्रिवेदी ऑन द जर्नी विद इन पॉडकास्ट। हेलो रिधरी जी। मैं आपका काम बहुत सालों से देख रही हूं। आप इतने सारे डवर्स चीजों के बारे में बात करते हो। यू टॉक अबाउट थेरेपी, यू टॉक अबाउट पेरेंटिंग, यू टॉक अबाउट चाइल्डहुड ट्रॉमा, इनर चाइल्ड
(03:50) हीिंग, न्यूरोसाइन, इमोशंस बहुत सारी चीजें। लेकिन ये सारी चीजें ना कनेक्टेड हैं कहीं ना कहीं। वेयर डस इट ऑल कनेक्ट? आई थिंक इट आल कनेक्ट्स टू आवर इनर वर्ल्ड एंड आउटर वर्ल्ड। ऑल ऑफ़ इट हैज़ सम इंपैक्ट ऑन व्हाट डू यू फील विदिन यू? एंड बिकॉज़ इट हैज़ इंपैक्ट ऑन द इनर वर्ल्ड, इट ऑब्वियसली आल्सो रिफ्लेक्ट्स ऑन दी आउटर वर्ल्ड ऑफ एव्री इंडिविजुअल। अब्सोलुटली। नाउ दैट यू हैव सेड इनर वर्ल्ड सो मेनी टाइम्स कनेक्ट सो ब्यूटीफुली विद आवर पडकास्ट व्हिच इज कॉल्ड द जर्नी विथ हिम कररेक्ट। इस पॉडकास्ट पे मेरी यही कोशिश रहती है कि हम
(04:25) अपने इनर वर्ल्ड को एक्सप्लोर करें डेप्थ में जाके ताकि हमें समझ में आए कि हम आज जो हैं, जैसे हैं, जैसे हो गए हैं। क्यों हैं, कैसे हैं? और जब उसकी एक समझ पैदा हो जाती है तो हम जैसे होना चाहते हैं, जैसी जिंदगी जीना चाहते हैं, वहां तक जाने का कुछ रास्ता खुलना शुरू हो जाता है। आई फील अ लॉट ऑफ़ अस आर रियली लॉस्ट इन व्हाट वी आर टुडे? एंड हाउ वी हैव बिकम दैट टुडे एंड व्हाट दैट इज़ मेकिंग डू एंड डू राउंड्स एंड राउंड्स ऑफ़ वेट टुडे। तो उसको हम कैसे ब्रेक करें? सो, लेट, लेट्स स्टार्ट विद अ वैरी बेसिक बेसिक थिंग। सबसे पहले तो आपने कहा, "इट स्टार्ट्स विथ
(04:58) योर इनर वर्ल्ड। हां। व्हाट एक्चुअली इज़ इनर वर्ल्ड?" इनर वर्ल्ड इज द होल डोमेन ऑफ योर थॉट्स, योर इमोशंस, योर एनर्जी एंड योर फिजिकल बॉडी। एवरीथिंग दैट दैट यू कैन एक्सप्लोर दैट यू कैन वर्क ऑन दैट यू कैन हील। व्हाटएवर यू शो टू अदर्स इरिस्पेक्टिव ऑफ दैट इनर वर्ल्ड इज योर ऑथेंटिक सेल्फ व्हिच कंसिस्ट ऑफ ऑल ऑफ दिस थॉट्स इमोशंस बिकॉज़ योर थॉट्स मे नॉट बी विज़िबल टू अदर्स बट यू नो व्हाट आर योर थॉट्स योर इमोशंस यू मे शो इट टू अदर्स यू मे नॉट शो इट टू अदर्स बट यू नो व्हाट दे आर फिजियोलॉजी व्हिच मींस योर योर बॉडी योर ब्रेन योर नर्वस सिस्टम अकॉर्डिंग टू
(05:41) मी दैट इनर वर्ल्ड इज़ सो द फाउंडेशन इज़ द पंचकोष पंचकोष इज़ द इनर वर्ल्ड अन्नमय मनोमय प्राण अन्नमय प्राणमय मनोमय विज्ञानमय आनंदमय कोष तो इनर वर्ल्ड कंसिस्ट ऑफ दी पंचकोष एलिमेंट्स मेक यू टॉक अबाउट पंचकोषा व्हिच इज़ अ वेरी इंपॉर्टेंट पार्ट ऑफ़ योगा दैट्स व्हाट वी स्टडी इन योगा एंड यू नो आई एम सो हैप्पी टू सी दैट देयर इज़ सो मच कोहरेंस इन द वर्क दैट आई डू द वर्क दैट यू डू एंड वी वुड लाइक टू एक्सप्लोर पंचकोष आल्सो इन डेप्थ बट यू यू टॉक अबाउट इनर वर्ल्ड कि इनर वर्ल्ड में चार चीजें हैं। यू टॉकड अबाउट थॉट्स, इमोशंस, योर फिजियोलॉजिकल
(06:15) एंड एनर्जी। नाउ, आय थिंक द बिगेस्ट चैलेंज विथ इनर वर्ल्ड इज़ दैट देयर आर नॉट वैरी क्लियर कट मार्कर्स दैट यू कैन मेजर दिस विथ। लाइक इफ आई हैव अ बैड डे, अ लॉट ऑफ़ माय थॉट्स आर नेगेटिव ऑन दैट डे। बट इफ आई हैव अ गुड डे, द नेक्स्ट डे, ऑल ऑफ इट बिकम सडनली वैरी रोजी एंड हैप्पी एंड इफ आई गो ऑन अ वेकेशन, इट बिकमस ऑल द मोर नाइसर एंड स्टफ लाइक दैट। सो, व्हाट एक्सैक्टली इज़ माई रियल इमोशनल स्टेट, व्हाट इज़ माय रियल थॉट पैटर्न? यह मुझे पता कैसे चलेगा? बिकॉज़ आई एम डिफरेंट ऑन डिफरेंट डेज़। लाइक, यस। फिजियोलॉजी कैन स्टिल मेजर टू सम एक्सटेंट।
(06:46) दैट आल्सो चेंजेस। दैट आल्सो चेंज। सी वी आर सो डायनामिक दैट आवर इनर वर्ल्ड इज कंटीन्यूअसली कैलिब्रेटिंग एंड चेंजिंग बेस्ड ऑन द एक्सटर्नल एनवायरमेंट। एक्सटर्नल एनवायरमेंट हैज़ एन इंपैक्ट। लाइक यू सेड हॉलिडे पे गए तो इनर वर्ल्ड बदलेगा। अगर आपका हस्बैंड से झगड़ा हुआ तो इनर वर्ल्ड बदलेगा। हॉलिडे पे झगड़ा हुआ तो वापस इनर वर्ल्ड और बदल जाएगा। तो यह तो कांस्टेंटली चेंजिंग है। बट जब आपको लगे कि यह जो कांस्टेंट चेंज के बावजूद कुछ चीजें ऐसी हैं जो नहीं बदल रही हैं या जो पर्सिस्टेंटली रह रही हैं जो आपको तकलीफ दे रही है तब आपको समझ आता है कि कुछ
(07:21) गड़बड़ है। लाइक कभी कबभार आपको थोड़ा बुरा लग जाए नॉर्मल है। कभी कबभार अच्छा लगे गुड। सो अप्स एंड डाउन्स आर अ पार्ट ऑफ़ लाइफ। बट व्हेन यू आर टू मच डाउन फॉर अ लॉन्गर पीरियड ऑफ़ टाइम व्हेन यू टेक टू लॉन्ग टू कम अप दीज़ आर सम ऑफ़ द इनिशियल साइंस दैट समथिंग इज ऑफ। लेट मी इनफैक्ट बी मोर डायरेक्ट विद माई क्वेश्चन। व्हाट आई वाज़ ट्राइंग टू आस्क यू विद विद द प्रीवियस क्वेश्चन वाज़ दैट एवरीबडी इज़ गोना हैव ऑल काइंड्स ऑफ़ डेज जो हम बात कर रहे हैं। आपके अच्छे दिन भी होंगे, आपके बेकार दिन भी होंगे। सो इट हैज़ बिकम वेरी कंफ्यूजिंग विद ऑल
(07:54) दिस डायलॉग ऑन मेंटल हेल्थ जो हो रहा है और काफी सारी बातें बहुत ऊपर ऊपर लेवल पर हो रही है। थैंक्स टू सोशल मीडिया आल्सो बहुत सरफेस लेवल पे बहुत सारी बातें हो रही है जिसका कुछ एविडेंस भी नहीं है। कुछ राउंडिंग भी नहीं है। वायरलिटी के लिए बहुत सारी बातें की जा रही हैं। तो एज अ जेन्युइन पर्सन हु वांट्स टू वर्क ऑन देयर मेंटल हेल्थ हु वांट्स टू वर्क ऑन देमसेल्व्स हु वांट टू बी देयर ऑथेंटिक सेल्फ? समझ में नहीं आता है कि एम आई जस्ट हैविंग अ बैड डे और अ बैड फेस और एम आई जेनुइनली गोइंग थ्रू समथिंग व्हिच इज कंसर्निंग माय मेंटल हेल्थ व्हिच इज
(08:25) कंसर्निंग टू माय इमोशनल वेल बीइंग हां सो द आंसर टू योर क्वेश्चन इज़ इफ इफ सम और मोर देन वन एरियाज ऑफ योर लाइफ आर नॉट फंक्शनल देन इट इज़ अ समथिंग इट इज़ अ साइन दैट थिंग्स आर नॉट ओके व्हिच आर दीज़ एरियाज वन इज़ अगर आपको कंसिस्टेंटली फिजिकल हेल्थ इश्यूज हो रहे हैं यू नो जैसे आप बार-बार आप बीमार पड़ रहे हो, आपकी इम्यून सिस्टम कॉम्प्रोमाइज्ड है। आपको क्रॉनिक हेल्थ कंडीशंस है, अर्ली डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कार्डियोवस्कुलर इशूज़ यू नो तो दीज़ आर ऑल साइंस कि समथिंग इज ऑफ इन योर इनर वर्ल्ड। सेकंड इज़ अगर आपको लगे कि आप खुद हर चीज में नेगेटिव
(09:02) देखते हो, आप खुश नहीं रह पाते हो, आप अपनी अचीवमेंट सेलिब्रेट नहीं कर पाते हो, आप दूसरों की खुशी में भी खुश नहीं हो पा रहे हो। तो यह एक साइन है। तीसरा है आपकी रिलेशनशिप्स अगर ठीक नहीं है। आपको लग रहा है कि आपके मां-बाप के साथ आपको तकलीफ है, हस्बैंड के साथ तकलीफ है, बच्चों के साथ तकलीफ है, वाइफ के साथ तकलीफ है, दोस्तों के साथ इफ यू आर अनहैपी इन मोस्ट ऑफ योर रिलेशनशिप्स, इवन एट वर्क इफ यू हैव कॉन्स्टेंट प्रॉब्लम्स, दीज़ आर साइन दैट समथिंग नीड्स टू बी फिक्स्ड इनसाइड। बिकॉज़ मोस्ट पीपल थिंक कि दुनिया खराब है, लोग खराब है। द पॉइंट इज दैट द फोकस हैज़ टू कम
(09:35) विद इन बिकॉज़ दीज़ आर द साइंस क्लियर मार्कर्स व्हिच आर द वेरी अर्ली साइन टू शो दैट समथिंग इज ऑफ। एंड इफ यू हैव कंपल्सिव बिहेवियर्स। लाइक अगर आपको लग रहा है कि आपकी एक पैटर्न बन गई है कि हर चीज में आप नेगेटिव देखते हो। आपकी पैटर्न बन गई है कि हर बार आप लोगों को खुश करने में लगे होते हो और फिर अपने मन की बात नहीं बताते हो। या आपकी एक पैटर्न हो गई है कि आप लोगों को क्लीन करते हो रिलेशनशिप्स में या हर बार आपको धोखा मिलता है। तो अगर लाइफ में भी ऐसी पैटर्न्स हो रही हैं जिससे आपको तकलीफ हो रही है। आपको दुख हो रहा है। आपको फील
(10:05) नहीं हो रहा है कि मैं एंपावर्ड हूं। तो दीज़ आर द वेरी सल साइन व्हिच आर द फर्स्ट इंडिकेटर्स दैट समथिंग इज ऑफ। हम आपने बहुत क्लियर तरीके से बता दिया कि कौन से एरियाज में हमें देखने की जरूरत है। एंड इनफैक्ट मुझे लगता है बहुत डीपली हमें देखने की जरूरत भी नहीं है बिकॉज़ जब आपको कोई प्रॉब्लम हो रही होती है तो ऑटोमेटिकली योर डे गोज अ सर्टेन वे। एंड एट द एंड ऑफ़ द डे व्हेन यू गो टू स्लीप यू फील अ सर्टेन थिंग। व्हिच इज नॉट अ वैरी कन्वीनिएंट कम्फर्टेबल फीलिंग टू स्लीप विद। सो, इफ यू आर हैविंग दीज़ थिंग्स, एंड इफ यू कैन बैक ट्रैक, टू द
(10:36) क्लियर साइंस एंड सिम्प्टम्स दैट यू टॉकड अबाउट, देन दैट गिव्स अस लिटिल बिटविटिंग। सपोज इफ यू इमोशनल ईटिंग, राइट? और इफ यू आर नॉट गेटिंग स्लीप कंटीन्यूअसली फॉर टू टू थ्री वीक्स। दीज़ आर आल वैरी क्लियर साइन दैट यू आर गोइंग थ्रू क्रोनिक स्ट्रेस। यू आर फॉरगेटिंग थिंग्स। यू आर हैविंग ब्रेन फॉग। यू आर नॉट एबल टू पे अटेंशन। यू आर नॉट एबल टू कंसंट्रेट और लिटिल लिटिल थिंग्स आर ट्रिगरिंग यू ऑन अ डेली बेसिस। किसी ने कुछ बोल दिया, कुछ टीवी पे सुन लिया, कुछ बच्चे ने कह दिया एंड यू लूज योर कूल। या। और देयर आर प्रोलोंग्ड डेज व्हेन यू
(11:07) डोंट फील लाइक गेटिंग अप। यू डोंट फील लाइक डूइंग एनीथिंग। और देयर आर डेज व्हेन यू फील कि अब बस अभी तो पता नहीं क्या ही होगा। सो एंजायटी ऑल दीज़ आर साइन दैट थिंग्स आर नॉट ओके। सो बेसिकली जो हमारे पैटर्न्स है जो बार-बार बार-बार चल रहे हैं। यू नो परफेक्शनिज़्म कुड बी अ पैटर्न कि आप हर चीज में एक्सीलेंट ही होना चाहते हो और उसके लिए जो भी आपको कॉस्ट पे ऑफ करना पड़ रहा है। यू आर नेग्लिजेंट ऑफ़ दैट एंड यू आर जस्ट रनिंग आफ्टर थिंग्स। पीपल प्लीज़िंग कुड बी अ पैटर्न। यू सेड बी इंजीनियरिंग कुड बी अ पैटर्न। ऐसे करके बहुत सारे पैटर्न्स हमारी लाइफ में चल रहे
(11:37) हैं। तो द काइंड ऑफ़ एक्शन पॉइंट फॉर समबडी हु इज़ लिसनिंग टू दिस कन्वर्सेशन राइट नाउ इज़ दैट अपनी लाइफ में ये पडकास्ट को पॉज पॉज करके एटलीस्ट तीन पैटर्न्स को आइडेंटिफाई करें कि क्या आपके एवरीडे तीन पैटर्न मोस्ट ऑफ़ द डेज में आपको नजर आते हैं। वहां से ये एपिसोड का सेंस बनना शुरू हो जाएगा उनके लिए। बिकॉज़ वी हैव गॉट रेरी जी हु इज़ सच एक्सपीरियंस पर्सन इन दिस स्पेस। जिन्होंने इतने सारे लोगों के साथ काम किया है। इतने यू नो इन डेप्थ आपने पढ़ाई की किताबें लिखी हैं। यू हैव रिटन टू बुक्स नाउ यू आर ऑन टू योर थर्ड। है ना? तो इस विज़डम से हम इस पॉडकास्ट को सिर्फ
(12:09) फील गुड लेके ना खत्म हो जाए क्योंकि मुझे लगता है पडकास्ट या इनफैक्ट थेरेपी आल्सो इस बिकम फील गुड। लाइक एट द एंड ऑफ़ वन आवर आई फील गुड। लेकिन वहां पे काम खत्म नहीं हुआ है। वहां से इनफैक्ट शुरू भी नहीं हुआ है काम। करेक्ट? सो टेक अ पॉज़ प्लीज एंड राइट थ्री पैटर्न्स दैट यू कैन डिस्कवर फॉर योरसेल्फ इन डिफरेंट एरियाज ऑफ़ योर लाइफ। दैट इज़ व्हाट वी हैव एस्टैब्लिश्ड टिल हियर। समझ में आ गया पैटर्न्स हो रहे हैं। समझ में आ गया कि मैं आज अनसेटल्ड हूं। आज मैं अच्छा नहीं फील कर रहा हूं। आज मुझे कुछ ना कुछ अपने अंदर से कमी पेशी लग रही
(12:37) है। माय लाइफ ऑफ द एक्सपीरियंस ऑफ़ लाइफ दैट आई लिविंग इज नॉट व्हाट आई वांट टू लिव। दिस इज़ नॉट माय ड्रीम लाइफ। लेट्स से इन सिंपल टर्म्स। वेयर डस इट ऑल स्टार्ट? ये तो आज हो रहा है ना। लेकिन शुरू कहां से हुआ? हां। तो इसकी शुरुआत जो मैं नहीं कहती हूं बट 30 साल का रिसर्च कहता है कि इसकी शुरुआत ऑब्वियसली बचपन से होती है क्योंकि जब हम पैदा होते हैं तो इसमें से कोई भी चीजें लेके हम पैदा नहीं होते हैं। सो व्हेन वी जब हमारी हम पैदा होते हैं तो हमारे एनवायरमेंट में हमारे पेरेंट्स ने हमारे टीचर्स ने हमारे फैमिली ने हमें किस
(13:10) किस्म का वातावरण दिया है, माहौल दिया है। वो बहुत हद तक डिटरमिन करता है कि जिंदगी भर आप किस तरह से चीजें हैंडल करोगे। किस तरह से अपने आप को देखते हो। किस तरह से दुनिया को देखते हो। किस तरह से कोप अप करते हो चीजों के साथ तो दो किस्म के लोग होते हैं। एक तो जिनको अपने बचपन के अनुभव के वजह से बहुत टूटे हुए हैं। दूसरे जो बचपन के अनुभव खराब है उसके बावजूद भी सक्सेसफुल हैं। तो इसमें एक पॉइंट आ जाता है इमोशनल रेजिलियंस का। तो जो जो लोग तो जैसे अपना आपका क्वेश्चन था कि शुरू कहां से होता है? तो शुरू ऑब्वियसली बचपन से होता है। और यह इसलिए शुरू होता है
(13:53) क्योंकि जब हम छोटे होते हैं तो हमारा ब्रेन बहुत रैपिडली डेवलप हो रहा होता है। हमारी नर्वस सिस्टम भी सीख रही होती है कि दुनिया में कैसे जिए, कैसे हम सर्वाइव करें और जो सबसे प्राइमरी हमारे नजदीक के जो होते हैं, जो हमें खिलाते पिलाते हैं, पालपस के बड़ा करते हैं, जो हमारे मां-बाप या हमारे एक्सटेंडेड फैमिली इनके बर्ताव से हम बिहेवियर सीखते हैं। किस तरह से बातचीत करनी चाहिए। किस तरह से कुछ सही हुआ नहीं हुआ तो उसको कैसे बताना चाहिए? तो एवरीथिंग कम्स फ्रॉम देयर। दो चीजें होती है। या तो हम ये सब चीजों से सीख के उसकी इंपैक्ट को डायरेक्टली ले
(14:33) चलते हैं या तो उससे बिल्कुल ऑोजिट करते हैं क्योंकि हमें वो चीज ठीक नहीं लगी। तो इदर वेज़ जो भी हो शुरुआत तो वहीं से होती है। यू नो जिस बारे में आप बात कर रहे हो यह इतना बड़ा स्पेक्ट्रम है ना अह चाइल्डहुड ट्रोमा या बचपन में आपके साथ क्या हुआ या आज भी आप लाइफ जैसे जी रहे हो जैसे आप डिसिशनंस मेक कर रहे हो जैसे आप रिलेशनशिप्स में जा रहे हो क्यों रिलेशनशिप्स वर्कआउट नहीं हो रहे हैं क्या आपके पैटर्न्स वहां दिख रहे हैं क्या आपके करियर चॉइससेस हैं आप ऑफिस एनवायरमेंट में कैसे बिहेव करते हो क्या आपको ट्रिगर करता है ये सब चीजें इतने वाइड स्पेक्ट्रम पे
(15:07) होती है और सबसे बड़ा चैलेंज मुझे लगता है स्पेस में क्या है कि इस स्पेक्ट्रम के दोनों एंड जो कि पोलर ऑोजिट है। दोनों एंड की बातें जो होती है मतलब अगर आप चाइल्डहुड में यू नो जैसे हम बात कर रहे थे कि अगर आप एकदम परफेक्शनिस्ट हो तो भी आप ट्रॉमा सर्वाइवर हो। आप ट्रॉमा से डील कर रहे हो। वहीं से आपका परफेक्शनिज्म आ रहा है। या तो आप बिल्कुल परफेक्शनिस्ट नहीं हो। आप बिना बिल्कुल ही ऐसे ही कोई काम कर रहे हो कि आपको कोई पड़ी नहीं है। तो भी आपका वो ट्रॉमा एंड कोपिंग मैकेनिज्म एंड एवरीथिंग इन बिटवीन ऑन दिस। यस। सो बचा कौन? लोग याद है ना? सही में
(15:38) तो नहीं। बचे हैं जो बीच वाले मतलब देखिए ट्रोमा क्या करता है? हमें पोलराइज करता है। हमें एक्सट्रीम्स पे फेंक देता है। तो आंसर इज समवेयर इन बिटवीन। जैसे अगर आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा है तो दैट इज नॉट ओके बिकॉज़ यू आर इन इन वन एक्सट्रीम ऑफ द स्पेक्ट्रम। दूसरी तरफ आपको कुछ भी मतलब लोग आपके ऊपर वॉक कर रहे हैं। आपको टेक फॉर ग्रांटेड कर रहे हैं। आपको अनापशनाप बोल रहे हैं। डिसरिस्पेक्ट कर रहे हैं तो भी आप कुछ भी नहीं बोलते हो। वो एक दूसरा एक्सट्रीम है। ये दोनों ट्रॉमा रिस्पांससेस हैं। आंसर इज़ समवेयर इन बिटवीन जहां पे आप दोनों का एक अच्छा
(16:12) मिक्स के साथ आप जी सको। तो पहले समझना ये जरूरी है कि एवरीथिंग इन बिटवीन इज़ नॉट ट्रॉमा। एक्सट्रीम इज़ ट्रॉमा। पीपल हु हैव एक्सट्रीम बिहेवियर्स दे आर कमिंग फ्रॉम ट्रॉमा। दैट इज़ शोइंग अ नर्वस सिस्टम व्हिच इज़ एक्सट्रीमली डिसरेगुलेटेड। व्हिच मींस यू आर गोइंग स्विंगिंग फ्रॉम दिस एक्सट्रीम टू दैट एक्सट्रीम। दैट स्वीगली इज़ अ प्रॉब्लम। स्टेइंग इन द सेंटर इज नॉट अ प्रॉब्लम। सो, पीपल हु डोंट हैव दिस एक्सट्रीम बिहेवियर्स और एक्सट्रीम रिएक्शंस आर आई वुड से मोर और लेस मोर फंक्शनल एंड दे हैव प्रोबेब्ली लेसर इंपैक्ट ऑफ ट्रॉमा।
(16:50) एंड बाय लेस इंपैक्ट आई डोंट मीन शट डाउन। द थर्ड इज़ शट डाउन। मतलब कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। राइट? एक है जी मतलब जिसको आप कहते हैं ना कि इधर भी गए तो फर्क नहीं पड़ता। उधर भी फर्क नहीं पड़ता। तो दे आर नम्ड आउट दैट इज़ आल्सो अ ट्रॉमा रिस्पांस। सो व्हाट आई एम सेइंग इज़ व्हाट इज़ नॉट ट्रॉमा इज़ व्हेन यू आर एबल टू स्टे इन अ स्टेट ऑफ़ बैलेंस। जब आप कोई भी चीज में एक्सट्रीम रिएक्शन नहीं देते हो, एक्सट्रीम डिसीजंस नहीं लेते हो, जब आपका माइंड, बॉडी, ब्रेथ, एनर्जी सब बैलेंस में है। तो वी कैन से दैट ट्रॉमा का इंपैक्ट नहीं है या कम है।
(17:25) जब आपने बैलेंस खो दिया तो वी कैन से कि ट्रॉमा का इंपैक्ट है। और फ्रीक्वेंसी पे भी डिपेंड करता है कितना बैलेंस खो रहे हो। करेक्ट। बिकॉज़ मुझे लगता है जो बहुत बैलेंस लोग भी होते हैं वो भी वन ऑर्ड इंस्टेंसेस पे कहीं ना कहीं ऑफ द चार्ट हो सकते हैं। लेकिन अगर वही आपका पैटर्न है अगेन वी आर कमिंग बैक टू द पैटर्न्स कन्वर्सेशन दैट वी आर हैविंग अर्लियर कि अगर आप बहुत ज्यादा फ्रीक्वेंटली वैसे बिहेवियर एक्सिबिट कर रहे हो तो भी यू आर नॉट एबल टू रेगुलेट योरसेल्फ रेगुलेट योरसेल्फ तो भी मतलब आपने एक स्टोरी क्योंकि मुझे आई विल टेल यू व्हाई
(17:54) आई एम रीइटरेटिंग दिस बिकॉज़ देयर इज़ सो मच ऑफ़ स्पिरिचुअल बाईपासिंग दीज़ डेज जैसा हम फील गुड कंटेंट की बात कर रहे थे तो एक और तरह का कंटेंट जो स्पिरिचुअल स्पेस से आ रहा है व्हिच इज़ वेल इंटेंडेड जिसका इंटेंशन बहुत अच्छा है जिसके कॉन्सेप्ट्स बहुत अच्छे हैं लेकिन वो जिस तरीके जैसे लोग अपनी लाइफ में अप्लाई कर रहे हैं कि यू नो आई आई डोंट रिएक्ट आई लिव इन द नाउ बट नॉट रिएक्टिंग इज आल्सो वै बिग रिएक्शन यू आर लूजिंग टू योर लाइफ राइट इनफैक्ट ये तो फॉरगिवनेस मेरी मेरी बुक में नेक्स्ट बुक में पूरा मैंने सेक्शन फॉर्गिवनेस पे लिखा है कि मतलब ट्रॉमा
(18:26) सर्वाइवर्स को स्पिरिचुअल ज्ञान से यह कहा जाता है कि भ यू हैव टू फॉर्गिव द पर्सन हु हैज़ हर्ट यू हु हैज़ रेप्ड यू और यू आर यू नो यू हैव टू फॉरगिव देम अभी यह लोग क्या करते हैं कि इंटेलेक्चुअलाइज़ करके फॉरगिव करते हैं। बोलने के लिए कहते हैं कि हां मुझे समझ आया। लॉजिकली समझ आ रहा है कि आई हैव टू फॉरगिव बिकॉज़ फॉरगिवनेस इज़ अ बर्डन आई एम कैरी व्हाटएवर पेन इज़ अ बर्डन आई एम कैरिंग। तो मैंने फॉरगिव कर दिया। बट वो एक्चुअली बॉडी से फॉरगिव नहीं हुआ है। वो यहां से फॉरगिव हुआ है। क्यों? क्योंकि किसी ने बोला कि पिछले जन्म में आपने इसको टॉर्चर किया था
(18:58) तो यह जन्म में आपको टॉर्चर कर रहा है। तो आपका हिसाब किताब ठीक हो रहा है तो अगले जन्म तक कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा। तो आप टॉर्चर होते रहो। तो लोग क्या कहते हैं कि ये स्पिरिचुअल ज्ञान की वजह से इंटेलेक्चुअल फॉरगिवनेस करते हैं। पर उन्हीं लोगों को बिठा के अगर आप 10 मिनट कहो कि चलो 10 मिनट बताओ कि उसने तुम्हारे साथ क्या किया? तो डू यू सी के ऑलरेडी दे आर गेटिंग सो ट्रिगरर्ड। दैट मींस के बॉडी हैज़ नॉट फॉरगिवन। बॉडी हैज़ नॉट हील्ड। सिर्फ यहां से आपने फॉरगिवनेस का कारपेट लगा दिया है। तो वन हैज़ टू बी वेरी केयरफुल अबाउट दिस। रियल फॉरगिवनेस इज
(19:30) व्हेन माइंड से तो हुआ है पर बॉडी से भी उसका जो मेमोरी है उसका जो इमोशनल चार्ज है उसका जो गन पाउडर से भरा हुआ पटाखा है वो भी न्यूट्रलाइज हो जाता है तब फॉरगिवनेस होती है एंड द साइन इज़ आपने रियल फॉरगिवनेस कब की है जब आप उस बंदे के साथ एक रूम में रह के भी आपकी हार्ट रेट नहीं बदलती है। आपका ब्रीथिंग नहीं बदलता है। आप बिल्कुल न्यूट्रल रह पाते हो। आई एम नॉट सेइंग आप जाके उसको हग करो। बट आप जब न्यूट्रल जब आपको यहां से नहीं यहां से भी आपकी नर्वस सिस्टम रिलैक्स्ड हो सक रह सकती है अराउंड दैट पर्सन दैट इज द साइन दैट इज अ लिटमस टेस्ट दैट योर बॉडी हैज़
(20:07) फॉरगिन। यू नो फॉरगिवनेस की बात जो आपने की और मैंने ये क्वेश्चन भी इसलिए पूछा क्योंकि मुझे आजकल जो बहुत सारी यंगस्टर्स हैं एवरीबडी इज़ एक्सपोज्ड टू कंटेंट दीज़ डेज। सब लोग Instagram देख रहे हैं, YouTube देख रहे हैं और वहां पे ऐसा बहुत सारा कंटेंट है। तो जो यंगस्टर्स हैं या जो लोग हैं जो ब्रेकअप्स के थ्रू जा रहे हैं, जो करियर में डिसपॉइंटमेंट्स के थ्रू जा रहे हैं। उन्होंने लैंग्वेज तो सीखी है। दिस थेरेपी, लैंग्वेज, दिस स्पिरिचुअलिटी लैंग्वेज वी हैव लर्न कि यू नो पीपल आर हैविंग रिलेशनशिप शिप्स विथ देयर फ्रेंड्स जो उनका ब्रेकअप हुआ तो उनके फ्रेंड का
(20:34) रिलेशनशिप शुरू हो गया। बहुत सारी कॉम्प्लिकेटेड चीजें चल रही है आजकल के लोगों की लाइफ में। एंड देन दे से आई हैव फॉर्गिवन देम। ओ आई जस्ट फ्रेंड्स विथ देम। बट दैट इज़ नॉट ऑन द सेल्यूलर लेवल। अह नॉट एंड देन यू दे आर द वैरी पीपल हु विल से नो बट यू नो आई एम वेरी एन्शियस बिकॉज़ द नेक्स्ट पार्टी आई एम गोइंग टू मीट सी बोथ ऑफ़ देम टुगेदर। आई डोंट वांट टू गो टू द पार्टी बिकॉज़ आई डोंट नो यू नो आई एम गोइंग टू हाउ विल आई हैंडल इट। दैट मींस यू हैव नॉट फॉरगिवन। बट जस्ट टू मे बी टेल योरसेल्फ दैट आई एम अ बिगर पर्सन और आई एम यू नो आई एम नॉट सो बोदर्ड बाय
(21:04) इट। आई हैव सो मच गोइंग ऑन इन माय लाइफ। आप खुद को ही बताते हो। या तो आप बहुत एक ब्यूटीफुल स्पेस से अपने आपको समझाते हो या तो फिर आप सिर्फ कूल लगने के लिए कह देते हो आई हैव फॉर गिगिवन देम व्हाटएवर से योर लाइफ बट बेसिकली एवरीथिंग इज गो थ्रू योर माइंड यू नो इनफैक्ट आई टेल यू टू स्पोक अबाउट फॉरगिवनेस आई रिमेंबर एन इंस्टेंस सो आई वाज़ इन दिस सरमन ऑफ अ वेरी बिग स्पिरिचुअल मास्टर नाउ दे वर टॉकिंग अबाउट एक्सपेक्टेशंस दैट डे एंड यूजुअली एक्सपेक्टेशन के डोमेन में क्या बात होती है कि डोंट एक्सपेक्ट आप एक्सपेक्टेशन बंद कर दीजिए आपके रिश्तों में खराबी हो रही
(21:35) है हस्बैंड से यह एक्सपेक्ट मत कीजिए बच्चे से भी क्यों एक्सपेक्ट करेंगे? ऑल ऑफ़ दैट कन्वर्सेशन वाज़ अराउंड एक्सपेक्टेशन एंड एवरीबडी लिस्ट हिम वाज़ लाइक हां हां हां एंड कुछ लोग उठ के अपना एक्सपीरियंसेस भी बता रहे थे कि मैंने अपना एक्सपेक्टेशन डाउन किया तो मेरी लाइफ में ये इंप्रूव हो गया वो हो गया। यू नो बट आई आई स्टूडेंट आई सेड यू नो आई आई एम आल्सो अ स्पिरिचुअल पर्सन। आई लव स्पिरिचुअलिटी अ लॉट ऑफ़ द कांसेप्ट्स आई रियली रियली दे आर ब्यूटीफुल। दे कैन रियली रिवायर अ लॉट ऑफ़ दे कैन रेगुलेट योर नर्वसेनेस। यस। अ लेकिन वो जिस तरह से सर्व किए जा
(22:00) रहे हैं मतलब आई आई टॉक टू दैट मास्टर स्टुड अप इन द क्लास एंड आय सेड सर प्लीज टेल मी यू आर टॉकिंग अबाउट एक्सपेक्टेशन दैट डोंट एक्सपेक्ट बट वी आर अबाउट 100 पीपल सिटींग हियर इन योर सरमन राइट नाउ इफ समवन स्टैंड्स अप एंड स्लैप्स यू और समवन स्टैंड्स अप एंड स्टार्ट सिंगिंग अ सॉन्ग विल यू लाइक इट व्हाट विल बी योर फर्स्ट रिस्पांस टू दैट इफ योर रेस्पोंस इज़ एनीथिंग लाइक कि व्हाई आर दे सिंगिंग लेट्स एस्कॉट देम आउटसाइड द रूम या प्लीज बैठ जाइए कोलाइटली आप डील करें चाहे अग्रेशन से डील या किसी और से आप डील कराएं। बट दैट रिएक्शन इटसेल्फ इज़ सेइंग
(22:32) दैट यू आर एक्सपेक्टिंग दैट पर्सन टू बिहेव इन अ सर्टेन मैनर। राइट? यू आर एक्सपेक्टिंग देम टू सी असि यू आर प्रैक्टिसिंग नो एक्सपेक्टेशंस स्पिरिचुअलिटी फॉर 30 इयर्स। यू हेव सेंटर्स अक्रोस द ग्लोब। 100-50 एंड 200-500 हाउ मेनी सेंटर्स यू हैव। मिलियंस ऑफ वालंटियर्स आर वर्किंग फॉर यू। बट प्लीज टेल मी आर यू फ्री ऑफ़ एक्सपेक्टेशंस। एंड इफ यू आर नॉट। एंड यू डोंट हेव सो कॉल्ड रिलेशनशिप्स दैट अ लॉट ऑफ अस हैव। देन दे वर लाइक यू नो फॉर अ मैम वर लाइक दैट कि ये बट इट्सफर्टेबल बिकॉज़ दिस इज रियल बिकॉज़ ये सब देखो ये सब ज्ञान जो है ये सुनने के लिए फील गुड करने
(23:10) के लिए बहुत अच्छा है कि एक्सपेक्टेशन मत रखो फॉरगिव कर दो मूव ऑन मूव ऑन मूव ऑन बट नहीं आप कहते हो मूव ऑन बट यहां से मूव ऑन करते हो क्या सोने से पहले आपने 100 बार तो वही लूप में घूम रहे हो कि मुझे यह कहना चाहिए था मुझे वो कहना चाहिए था मैंने ये क्यों नहीं कहा उसने सो इट इज नॉट इजी फॉर फर्स्ट ऑफ़ ऑल। सेकंडली यू कैन एट द मोस्ट एडजस्ट योर एक्सपेक्टेशन अ बिट। बट यू कैन नॉट से दैट हेव नो एक्सपेक्टेशन। बिकॉज़ अदरवाइज़ सोसाइटी विल नॉट फंक्शन। फंक्शन, राइट? यू कैन नॉट फंक्शन विदाउट एक्सपेक्ट। सोसाइटी को फंक्शन और ऑर्गेनाइज्ड और मैं कह रही हूं कि मतलब
(23:46) मोरल वैल्यूज़ भी अगर आपको सोसाइटी में रखनी है, एक सोसाइटी फंक्शनल रखनी है, तो आपको रूल्स रेगुलेशंस होंगे तो एक्सपेक्टेशन तो होने ही है। कल को बोलेंगे। पुलिस को बोलो एक्सपेक्ट नहीं करे कि आप रूल्स फॉलो करो। ऐसे थोड़ी ना होता है। मतलब जब आप रिलेशनशिप्स में इस तरह की बातें एक्सपेक्टेशन, फॉरगिवनेस, लेटिंग गो, मेन आना चाहिए। आई वुड से हैव एक्सपेक्टेशंस बट हैव अ क्लेरिटी क्लेरिटी ऑन दैट। एक्साक्ट्ली व्हेन वी विल से नो एक्सपेक्टेशंस डैट मींस, वी आर वर्किंग इन अ इन अ इन एन इल्यूजन बीइंग शट डाउन। अनादर ऑप्शन इस इफ यू हैव नो
(24:15) एक्सपेक्टेशंस, यू कुड बी कंप्लीटली शट डाउन व्हिच मींस मेरे को कोई फरक ही नहीं पड़ता। आई एम इनडिफरेंट। वेदर यू आर अलाइव और डेड, वेदर यू विश मीर और डोंट विश मी, वेदर यू लुक एट मी। डोंट लाइक मी डजंट मैटर टू मी। शटडाउन इज़ एन एक्सट्रीम स्ट्रेस रिस्पांस। इट इज नॉट एन इवॉल्व्ड रिस्पांस। व्हेन यू आर शट डाउन यू आर एक्चुअली योर सिस्टम इज़ इन अ हाई अह फाइट एंड फ्लाइट मोड। सो शट डाउन इज़ अनदर वे व्हिच इज़ मिक्स्ड अप विद नो एक्सपेक्टेशन बट एक्चुअली इट शट डाउन। द रियल नो एक्सपेक्टेशन स्टेट कुड ओनली बी बाय बुद्धा और समबडी हु इज़ लाइक अ ट्रूली
(24:47) इवॉल्व्ड सोल। दैट अल्सो वी डोंट। बट वी डोंट वी ओनली होप दैट यू नो ऑल दैट वी हैव रेड। बिकॉज़ आई विल टेल यू वेयर दिस इज कमिंग फ्रॉम। सो व्हेन आई वर्क विद माय क्लाइंट्स अ लॉट ऑफ़ देम यू नो कम फ्रॉम दिस स्पेस जहां उन्हें गिल्ट होता है कि मुझे पता है मुझे एक्सपेक्ट नहीं करना चाहिए था। अरे भाई बिकॉज़ ये फाउंडेशन ही आपकी गलत जा रही है कि मैं ही गलत हूं। अपने ऊपर ले लेना गलती। आई एम नॉट सेइंग कि अपनी गलती मत मानिए। अकाउंटेबिलिटी इज़ अ वेरीेंट पार्ट ऑफ योर हीलिंग जर्नी एंड करेक्टिंग थिंग्स। बट थिंकिंग दैट ओ एक्सपेक्ट करना ही गलत है। मैं फगिंग नहीं
(25:16) कर पाया। एक्सपेक्ट करना बिल्कुल गलत नहीं। इनफैक्ट मैं तो कह रही हूं एक्सपेक्ट करो बट एक्सपेक्टेशंस क्लियर रखो। क्लियर। जैसे कपल्स में मैंने यह बहुत कॉमन देखा है कि एक जन को लगता है आई डोंट फील लव्ड। ओके? वेरी कॉमन थिंग। आई डोंट फील लव्ड, आई एम नॉट इमोशनली सपोर्टेड। यह बहुत कॉमन है। फिर मैं सामने वाले को पूछती हूं कि डू यू नो व्हाट एक्जेक्टली शुड यू से एंड डू फॉर दिस पर्सन टू बी इमोशनली सपोर्टेड? तो बोलते हैं नहीं, मुझे नहीं पता। मैं तो मेरे हिसाब से सब कर रहा हूं पर उसको नहीं लग रहा है। सो सम ऑफ़ दीज़ कांसेप्ट्स इन
(25:45) रिलेशनशिप्स ना आई फील लव, आई डोंट फील लव्ड, आई डोंट फील हर्ड। आई डोंट फील अंडरस्टुड आर आल्सो दैट इनर वर्ल्ड व्हिच इज़ हैविंग अ वॉइड व्हिच इज़ नॉट मेट। यू अंडरस्टैंड? एंड देन यू वांट दैट अदर पर्सन टू मीट। बट इफ यू डोंट टेल द अदर पर्सन दैट यू हैव टू डू दिस फाइव थिंग्स, देन आई विल फील लव्ड और अंडरस्टुड दैट पर्सन कैन नॉट गेस। तो वो बंदा बेचारा अपने हिसाब से जो भी कर रहा है या कर रही है इट इज नॉट रीचिंग यू राइट बिकॉज़ देयर इज़ अ मिसअंडरस्टैंडिंग और लैक ऑफ अंडरस्टैंडिंग ऑफ़ एक्सपेक्टेशंस एंड दे आर बेस्ड ऑन एब्स्ट्रैक्ट कॉन्सेप्ट सी दीज़
(26:19) आर वैरी एब्स्ट्रैक्ट थिंग्स आई वांट टू बी अंडरडुड आई वांट टू बी इमोशनली सपोर्ट इट ग्रेट बट इफ आई एज अ पार्ट हाउ सो इफ आई एम टोल्ड के नो सी एवरी डे व्हेन आई कम फ्रॉम ऑफिस यू शुड गिव मी अ हग यू शुड आस्क मी हाउ वास् माय डे व्हेन यू डू दैट आई विल फील इमोशनली सपोर्ट सपोर्ट इट नाउ एस अ पार्टनर आई एम क्लियर कि ठीक है मुझे इतना करना है तो एटलीस्ट दैट्स अ स्टार्ट बट मोस्ट ऑफ़ द केसेस पता ही नहीं है इनवेरिएबली आई हैव सीन दैट इन मोस्ट कपल्स आई एम सेइंग मोस्ट कपल्स आई हैव वर्क विद जहां पे एक को लग रहा है कि आई एम नॉट सपोर्टेड आई एम नॉट लव्ड आई नॉट आई एम नॉट
(26:49) सेइंग दूसरे का उसमें कोई रोल नहीं है होगा बट यह जो नैरेटिव है ना यह बचपन से आता है। नाइन आउट ऑफ़ 10 केसेस व्हेन वी आस्क दिस पर्सन इन अ मैरिज कि यू नो हाउ वाज़ योर चाइल्डहुड? इन नाइन आउट ऑफ़ 10 केसेस देयर चाइल्डहुड वाज़ फुल ऑफ इमोशनल निगलेक्ट, इमोशनल अब्यूज और फिजिकल अब्यूज। तो एज़ अ चाइल्ड ओनली दे हैव फेल्ट आई एम नॉट इंपॉर्टेंट। नोबडी केयर्स फॉर मी। आई एम नॉट हर्ड। आई एम नॉट इंपॉर्टेंट। नाउ बिकॉज़ ऑफ़ दैट दे विल ट्राई टू गेट इट फ्रॉम अ स्पाउस। बट द प्रॉब्लम इज द स्पाउस दिस पर्सन डजंट नो स्पाउस आल्सो डजंट नो कि व्हाट इट इज लाइक
(27:25) व्हाट इज द ट्रांसलेटेबल बिहेवियर दैट शुड मेक दैट शुड गिव दिस फीलिंग ऑफ लव्ड एंड एक्सेप्टेड एंड वैलिडेट उसको नहीं पता खुद को भी नहीं पता तो चाहते हुए भी वो बंदा बेचारा चाहता है कि मैं मेरी वाइफ को फील कराऊं ये सब बट वो नहीं हो पाता है एंड देन वी हैव टू टेल द पर्सन यू हैव टू हील दिस वॉइड योर सेल्फ बिकॉज़ इट इज़ एन एंडलेस डार्क होल गोल नोबडी एल्स इज गोइंग टू बी एबल टू डू दिस फॉर यू 100% यू नो यस द फर्स्ट कार्ड इज यू टेल योर हस्बैंड के ओके दीज़ आर द फाइव थिंग्स आई वांट और टेल योर वाइफ दीज़ आर द फाइव थिंग्स यू शुड डू टू मेक मी फील लव्ड एंड
(28:03) एक्सेप्टेड वो करने के बावजूद वो फीलिंग 100% नहीं जाती है इफ इट हैज़ कम फ्रॉम चाइल्डहुड बहुत सारे लोग ये बोलते हैं कि यू नो आई फील होल व्हेन आई विल फील होल देन आई गेट इंटू अ रिलेशनशिप आपने जो अभी ये बताया सब कुछ कि आपने उसको डिफाइन किया कि फीलिंग होल होता क्या है? यू नो ये कोई एक ऐसा कलर नहीं है। कोई ऐसा ऑब्जेक्ट नहीं है जो ऐसा दिखेगा तो खत्म हो जाएगा। व्हाट फीलिंग होल रियली मींस? उसके क्या कॉम्पोनेंट्स हैं? इन योर आंसर यू हैव एक्सप्लोर्ड दैट। सो आई थिंक यहां पे एक सेकंड सॉर्ट ऑफ़ असाइनमेंट या रिफ्लेक्शन देने का वक्त आ गया है ऑडियंस को। पीपल हु
(28:37) आर लिसनिंग टू दिस कन्वर्सेशन वेरीेंट फॉर यू एट दिस पॉइंट टू आइडेंटिफाई फॉर योरसेल्फ कि आपके अपने डेफिनिशंस ऑफ जिस भी एरिया में आप स्ट्रगल कर रहे हैं वो क्या है अगर आपको रिलेशनशिप्स में स्ट्रगल हो रहा है तो आपका आईडिया ऑफ़ लव है क्या? आप कैसे प्यार कर सकते हो और आप कैसे प्यार पाना पसंद करोगे? ये तो क्लियर करो। यू नो हम में से 95% लोग हैं जो एक रेस्टोर में अगर मैं और आप भी एक रेस्टोरेंट में जाएंगे तो यूजुअली क्या होता है व्हाट डू वांट टू हैव आप देख लो जो आपको पसंद हो। तो, वी डोंट हैव क्लेरिटी ऑफ़ थिंग्स। आई एम नॉट सेइंग कि
(29:06) आपको एडप्टेबल नहीं होना चाहिए। दिस कुड बी आल्सो अडैप्टेबिलिटी कि आई एम नॉट वेरी फसी अबाउट व्हाट आई ईट। नहीं फंसी होना वर्सेस क्लैरिटी ना होना बहुत अलग चीजें हैं। तो एट दिस पॉइंट प्लीज बी क्लियर अबाउट दीज़ थिंग्स। अगर आप करियर में स्ट्रगल फील कर रहे हो। आपका मेंटल वेल बीइंग सही नहीं है। इमोशनल यू नो क्लेरिटी नहीं है। तो जस्ट जस्ट ड्राफ्ट क्लेरिटी फॉर योरसेल्फ थ्रू दिस कन्वर्सेशन। यहां पे अपने चाइल्डहुड पैटर्न्स को भी लेके आइए। किस एनवायरमेंट में आप पले बड़े हैं जो रिद्धि जी ने बताया। बहुत क्लियरली बताया कि इसको जरा वापस सुनिए पिछले 15
(29:35) मिनट और अपने लिए निकालिए कि व्हाट आर योर आइडियाज एंड देन व्हेन यू गो इंटू द एनवायरमेंट चाहे वो आपका वर्क एनवायरमेंट से रिलेटेड प्रॉब्लम है रिलेशनशिप से प्रॉब्लम है वहां पे जाके क्लियर कम्युनिकेशन एस्टैब्लिश करने की कोशिश कीजिए तो यू विल बी एबल टू मूव टू द नेक्स्ट लेयर करेक्ट है ना रिद्धि जी यू स्पोक अबाउट चाइल्डहुड ट्रोमा और आपने काफी सारे सिग्नल्स सिम्टम्स चीजें दी नाउ लेट्स गेट गेट इंटू द डेप्थ ऑफ दिस कन्वर्सेशन व्हाट आर द डिफरेंट टाइप्स ऑफ चाइल्डहुड ट्रोमा इज इट अ वैरी ब्लैंकेट अह स्टेटमेंट नो नो नो नो इट इज़। सो चाइल्डहुड ट्रॉमा
(30:04) को हम तीन बकेट्स में डाल सकते हैं। पहले तो इंटरपर्सल ट्रॉमा मतलब कि जो बच्चे के साथ खुद हुआ है। जैसे कि मारना पीटना फिजिकल अब्यूज इमोशनल अब्यूज मतलब भावनात्मक रूप पे बच्चों को अब्यूज करना। जैसे हमेशा उसको क्रिटिसाइज करना, डराना, धमकाना, कंपेयर करना, उसको ह्यूमिलिएट करना, उसको दूसरों के आगे उसकी मजाक उड़ाना, देना, उसको गिल्ट देना, इमोशनल ब्लैकमेल करना ये सब इमोशनल मतलब इसके फिजिकल स्कार्स नहीं होते बट इसके साइकी पे स्कार्स होते हैं। तो इमोशनल अब्यूज हुआ, फिजिकल अब्यूज हुआ, सेक्सुअल अब्यूज हुआ जो हम यौन शोषण कहते हैं। इमोशनल
(30:40) नेगलेक्ट और फिजिकल निगलेक्ट भी होता है। जिसको हम इमोशनल निगलेक्ट मतलब कि बच्चों की भावनाओं पे बिल्कुल ध्यान ही नहीं देना। मतलब बच्चे की आप इंटरनेशनल स्कूल में डाल रहे हो। उसको ब्रांडेड कपड़े पहना रहे हो। उसको न्यूट्रिशियस खाना दे रहे हो। बट बच्चे की इमोशंस क्या है वो नहीं समझ रहे हो। बच्चे को जभी भी इमोशनली अप डाउन फील हो रहा है। आप उसको उसको समझ नहीं पा रहे। उससे बातचीत नहीं कर पा रहे हो। तो बच्चे को लग रहा है कि सब कुछ प्रोवाइडेड है। बट मेरी इमोशंस या फीलिंग्स के बारे में मैं किसी से बात नहीं कर सकता हूं। दैट इज़ इमोशनल नेगलेक्ट
(31:10) एंड फिजिकल नेगलेक्ट। मतलब अगर कोई भी कारण सर या तो मदरफादर बिजी है या तो पैसे नहीं है जिसकी वजह से बच्चों की फिजिकल नीड्स नहीं मीट की जाती है। जैसे टाइम पे खाना देना, मेडिकल ट्रीटमेंट देना, उनको अच्छे कपड़े पहनाना ये ज्यादातर हम पुअर सोशियोइकोनॉमिक फैमिलीज में देखते हैं और ऐसे फैमिलीज में देखते हैं जहां पे पेरेंट्स बहुत ज्यादा बिजी हैं। यहां लड़ झगड़ रहे हैं। पूरा टाइम बच्चे की जरूरतों का उनको कोई पड़ी ही नहीं है। बच्चे खुद अपना नाश्ता बना के खा लेते हैं क्योंकि मम्मी पापा आर बिजी फाइटिंग और साइलेंट ट्रीटमेंट व्हाटएवर इज गोइंग ऑन। तो दिस
(31:38) इज द फर्स्ट बकेट इंटरपर्सनल ट्रॉमा जो मैंने कहा फिजिकल मतलब दो किस्म के अब्यूज तीन किस्म के अब्यूज फिजिकल इमोशनल सेक्सुअल दो किस्म का नेगलेक्ट फिजिकल नेगलेक्ट एंड इमोशनल नेगलेक्ट दूसरा बकेट है फैमिली का एनवायरमेंट मतलब जो ट्रॉमा बच्चे के साथ नहीं हो रहा है बट बच्चे के माहौल में हो रहा है जैसे मां-बाप डोमेस्टिक वायलेंस कर रहे हैं खुद बहुत लड़ झगड़ रहे हैं मारपीट कर रहे हैं दूसरा अगर वो वर्बली फाइटिंग कर रहे हैं फिजिकली नहीं बट साइलेंट ट्रीटमेंट घंटों तक दिनों तक हफ्तों तक बात नहीं करते एक दूसरे से से लड़ रहे हैं
(32:10) चीजें फेंक रहे हैं मारपीट कर रहे हैं वो घर में अगर कोई अल्कोहलिक है मेंटल हेल्थ इश्यूज हैं साइकेट्रिक ट्रीटमेंट चल रही है तो मदर बिल्कुल बेड पे है ऐसा है माहौल या तो फिर अगर घर में किसी ने क्रिमिनल क्राइम कुछ किया है या ड्रग एडिक्ट है वो है तो डिस्फंक्शनल फैमिली एनवायरमेंट इज द सेकंड बकेट थर्ड बकेट इज द अदर ट्रॉमास जैसे माहौल यू नो नेचुरल अर्थक्वेक हो या आप वॉर ज़ोन में रहते हो वो और एक और सेक्शन है बुलिंग और पीियर आइसोलेशन मतलब अगर बच्चे को स्कूल में या घर में बुलिंग हो रहा है उसको बोला है नंबू कालू मोटू यू
(32:48) नो ये सब कहते हैं उसको नाक तेरी ऐसी है तू ऊंट जैसा है तू भालू जैसा है सो नेम कॉलिंग बॉडी शेमिंग बुलिंग इज वन बिग ट्रॉमा एलिमेंट एंड वन मोर इज़ वेयर द चाइल्ड इज़ आइसोलेटेड जैसे स्कूल में ना बच्चे उसको अकेला कर देते हैं कजिंस भी सब गैंग अप हो के बच्चे को अकेला कर देते हैं तो ये पीियर आइसोलेशन एंड पीियर विक्टिमाइजेशन कहते हैं रिसर्च लैंग्वेज में। ये भी ट्रॉमा एलिमेंट्स हैं। तो इंटरपर्सनल ट्रॉमा जो बच्चे के साथ होता है फैमिली एनवायरमेंट और एक्सटर्नल एनवायरमेंट जैसे नेचुरल डिजास्टर्स हुआ, अर्थक्वेक्स हुआ, मेडिकल ट्रॉमा हुआ। अगर
(33:22) बच्चा ऐसा ऐसी एनवायरमेंट में रहता है जहां पड़ोसियों में बहुत झगड़े हो रहे हैं। शराब पी के मारपिटाई हो रही है। या गली मोहल्ले का माहौल इस तरीके का है। तू झोपड़ी में रहते हैं जहां पे ये रोज का देखना होता है। तो ये सारे जो हैं ट्रॉमा के एलिमेंट्स हैं। अभी इसमें इंपॉर्टेंट बात ये है कि एक दो बार हुआ है कि मल्टीपल टाइम्स हुआ है कि सालों तक चला है। वो इंटेंसिटी के ऊपर डिपेंड होता है कि इसकी इंपैक्ट कितनी पड़ती है। ट्रॉमा के इंपैक्ट के बारे में भी हम बात करेंगे। री जी बट बिफोर दैट लेट मी आस्क यू कपल ऑफ़ क्वेश्चंस हियर जो आपने बात की।
(33:56) अभी इतना वाइड स्पेक्ट्रम है क्योंकि इसमें मेरे साथ क्या हुआ और हर किसी के साथ ऐसे एपिसोड्स हुए हैं जहां पे उनको शेम किया गया, एंबरेस किया गया, घर में किया गया, स्कूल में किया गया, उनके एनवायरमेंट में किया गया। बच्चों ने उन्हें गेम्स में नहीं खिलाया साथ में या उनकी पर्सनालिटी को डिमीन किया गया या उनको बहुत ईगो बूस्ट मिला। अरे तुम तो प्रिंस हो मेरे, तुम तो ये हो, तुम तो उससे भी एक तरह का ट्रोमा क्रिएट हो जाता है। एक तरह का नार्सिसिज्म बच्चे के अंदर पैदा हो जाता है। राइट? तो ये इतना वाइड स्पेक्ट्रम है कि हर किसी के
(34:21) एक्सपीरियंसेस इनमें से कहीं ना कहीं फॉल करते हैं। राइट? तो हाउ डू आई असेस? दैट आई हैव चाइल्डहुड ट्रॉमा। आई एम कैरिंग इट विद इन मी? इज एवरीबडी इज इट लाइक 100% एप्लीकेबल टू एवरीवन? इज एवरीबडी कैरिंग अस? सो देयर आर टू कैरिंग। देयर आर टूल्स फॉर दिस। सो देयर इज अ ग्लोबली एक्सेप्टेड एस 10 क्वेश्चनयर व्हिच हैज़ बीन यूज्ड फॉर 30 इयर्स ग्लोबली जिसमें 10 क्वेश्चंस हैं। आपको यस नो आंसर देने हैं। पर हमें लगा कि इंडियन कॉन्टेक्स्ट में इनएडिक्वेट है क्योंकि इंडियन कॉन्टेक्स्ट में जॉइंट फैमिली सिस्टम आती है। पेरेंट्स डिवोर्स सेपरेट
(34:51) नहीं होते पर जिंदगी भर पेरेंट्स साथ रह के भी टॉक्सिक एनवायरमेंट बनाते हैं। तो हमने एक त्रिवेदी एस क्वेश्चननेयर अह पब्लिश किया है। वैलिडेट किया है और ग्लोबल जो टॉप जर्नल एशियन जनरल ऑफ़ साइकेट्री उसमें पब्लिश किया है जिसमें 14 क्वेश्चंस हैं। जिसको कहते हैं त्रिवेदी एस 14 क्वेश्चन है। वो 14 क्वेश्चंस में आपने यस नो आंसर लिखे और उसमें आपने फ्रीक्वेंसी लिखी कि मतलब ये ऑफन होता था वेरी ऑफन होता था कि कम बार होता था। वो जब आप मार्क करोगे तो आपको पता चलेगा कि आपका ट्रॉमा एलिमेंट्स क्या है और कितना स्कोर है। मतलब अगर जीरो टू फोर जितना है
(35:26) तो फिर भी कम कहा जाता है। फोर टू सेवन है तो मीडियम है बट सेवन से ज्यादा है तो वेरी हाई ट्रॉमा। जी आई विल आस्क यू अ क्वेश्चन देयर क्योंकि जब यस नो क्वेश्चंस का आंसर करना होता है यू नो एंड आई एम स्पीकिंग फ्रॉम पर्सनल एक्सपीरियंस जब आप ट्रोमा में होते हो यू नो जब आप उस ट्रोमा के थ्रू अपने डिसजंस ले रहे होते हैं और आपको बहुत ज्यादा अवेयरनेस नहीं है कि मेरे को ट्रोमा है आप इस तरह के क्वेश्चनर देखते हो तो पीपल हु आर इन ट्रोमा दे डोंट हैव क्लैरिटी ऑन अ लॉट ऑफ़ थिंग्स। जब मैं भी यंगर 10-15 साल पहले इफ आई वुड बी गिवेन अ क्वेश्चन अबाउट एनीथिंग नॉट जस्ट
(35:59) मोस्ट पीपल डोंट फिल अप करेक्टली। हां, तो आपको समझ नहीं आता मैं यस बोलूं कि ना बोलूं। बिकॉज़ हर चीज का लगता है कि नहीं नहीं हां हां नहीं नहीं। यू डोंट हैव दैट इमोशनल क्लेरिटी आल्सो व्हिच इज़ सेल्फ इज़ अ साइन ऑफ़ ट्रोमा। राइट? तो हम ये ये क्वेश्चनयर को भी कैसे बेटर समझे? कैन यू गिव अस अ फ्यू क्वेश्चंस? यहां व्यूअर्स को कुछ रिफ्लेक्शन पॉइंट्स आप दे सकते हैं। तो ये क्वेश्चनर एक तो सी ट्रोमा सब्जेक्टिव है। क्वेश्चनर में ऐसा पूछेंगे कि क्या कभी बचपन में आपको किसी ने इंसल्ट किया? आपको ह्यूमिलेट किया, आपको शेम फील करवाया। कोई
(36:28) ऐसा एडल्ट था जिससे आपको डर लगा। अब ये 100% लोगों के लिए मुझे लगता है इसका आंसर यस ही होएगा क्योंकि किसी ना किसी से आपको डर लगा ही होगा। किसी ना किसी ने आपको ए्बरेस किया ही होगा। इफ नॉट अ पेरेंट देन मे बी अ टीचर्स इफ नॉट टीचर देन मे बी फ्रेंड्स मे बी फियर्स मे बी अ कजन मे बी अ व्हाटएवर बट इस एक तो इसका टाइम फ्रेम है ज़ीरो टू 18 इयर्स में तो ये क्वेश्चनर का एप्लीकेबिलिटी है ज़ीरो टू 18 अगर जीरो टू 18 इयर्स में ऐसे इंसिडेंट्स हुए दूसरा है कि कितनी बार हुआ है सम रेयरली समटाइम्स ऑफन के वेरी ऑफन राइट तो ये बताएगा कि वन
(36:59) ऑफ इंसिडेंट हुआ है कि रोज होता था इससे आपको पता चलेगा कि इंटेंसिटी कितनी है कितना डीप है राइट अभी एक चीज़ मैं जरूर जरूर कहूंगी कि देखिए फिजिकल अब्यूज, सेक्सुअल अब्यूज बुलिंग तो सब लोग समझते हैं। बट इमोशनल अब्यूज 90% लोग मार्क ही नहीं करते। उनको लग रहा है तो यह तो इमोशन हां इमोशनल अब्यूज क्या होता है? मतलब ये तो इमोशनल नेगलेक्ट तो समझ ही नहीं है लोगों में। मैं आपको बताऊं 90% ऑफ द मैन मैन हु हैव कम टू अस वो फिजिकल अब्यूज भी नहीं मार्क करते हैं। वुमेन करती है। पर मैन के लिए फिजिकल अब्यूज भी नॉर्मलाइज है। मतलब बोलेंगे कि बेल्ट ट्रीटमेंट तो हर रोज
(37:32) मिलती थी मैडम। हमको हम तो हंसते थे उसके बारे में। हम थोड़ी ना इसको ट्रॉमा कहेंगे। नो इट इज बट यू हैव चोजन टू लाफ अबाउट इट जस्ट टू कोप अप विद इट। समझ रहे हो आप? यू हैव चोजन टू नॉर्मलाइज इट जस्ट बिकॉज़ दैट इज द ओनली वे यू कुड हैव सर्वाइव्ड दैट पेन। तो हम इनको यह पूछते कि जब आप पांच साल के थे, छ साल के थे, पापा बेल्ट से मारते थे, तब आपको हंसी आती थी? नहीं ना? तो ट्रॉमा हुआ वो। समझ में आ रहा है? ये सब ज्ञान तो हमें विज़डम बाद में आता है। हम एज अ चाइल्ड, हाउ डिड यू फील? हम दैट इज हाउ यू शुड थिंक व्हेन यू आर मार्किंग योर एस क्वेश्चंस।
(38:07) ओके? एंड इट इज़ सब्जेक्टिव। मतलब कोई किसी को लगेगा कि नहीं मुझे चार थप्पड़ पड़े थे बट मेरे लिए वो ट्रॉमा है। किसी को लगेगा कि नहीं 40 भी पड़े थे लेकिन इट्स ओके। हां इट्स ओके। तो पहले तो ये एक रिच जी पता है क्या होता है? जब अपने चाइल्डहुड ट्रॉमा के बारे में आंसर्स कर रहे होते हैं तो लॉट ऑफ इट बॉल्स डाउन टू कि हमारी पोएंटिंग कैसी हुई है? एंड स्पेशली इन इंडियन कॉन्टेक्स्ट बहुत डिफिकल्ट है बच्चों के लिए अपने पेरेंट्स को कॉल आउट करना। बहुत गिल्ट आता है कि अरे मैं अपने मां-बाप के लिए नाशुरा रहूं। मैं उनके बारे में बुराई कर रहा
(38:36) हूं। मैं उनके बारे में तो मुझे पता है उनकी क्या स्ट्रगल्स थी। तो मैं मैंने एक बहुत ही ब्यूटीफुल सिंपल सी एक रील देखी थी बहुत दिन पहले। उसमें बहुत सारे लोग ये बोलते हैं ना कि अब मैं मां बनी हूं तो मुझे पता चला है कि व्हाट माय मदर वेंट थ्रू। दिस इज़ अ फर्स्ट एवर पीस ऑफ़ कंटेंट। आई डोंट रिमेंबर द पर्सन हु क्रिएटेड इट। पर उन्होंने बोला था कि अब जब आज मैं मां बनी हूं और मेरी 3 साल की बच्ची है ना तो मुझे समझ में आता है कि मुझे प्यार करना इतना मुश्किल भी नहीं था। एंड आई क्राइड एंड आई एम स्टिल गेटिंग गस्पम्स यू नो क्योंकि हमें गिल्ट और
(39:03) श्रेय इतने लोग देते हैं और हमने मां-बाप से बचपन से सुना होता है। तुम मां बनोगे तुम पेरेंट बनोगे तब तुम्हें पता चलेगा। लेकिन व्हेन यू बिकम अ पेरेंट एंड तुम एंड टू फील दैट इट वास नॉट सो डिफिकल्ट टू लव पे बट सी दैट इज द थिंग आई विल टेल यू समथिंग। पेरेंट्स भी ना अपने बिहेवियर को जस्टिफाई करते हैं। तो बच्चे को कंडीशनिंग किया जाता है बचपन से कि यू डिर्व दिस। मतलब दे टेल मी कि मैम मैं तो इतनी मस्तीखोर थी ना तो वो तो मारते ही थे तो आई डिर्व्ड इट। सो दैट इज टॉक्सिक शेम वेदर बच्चा बिलीव्स कि आई डिर्व द बीटिंग। आई डिर्व द ह्यूमिलिएशन। आई डिर्व दिस
(39:37) कॉन्सेंट क्रिटिसिज्म बिकॉज़ आई एम नो गुड विदाउट क्रिटिसिज्म। मैं फंक्शन करूंगी ही नहीं। दिस इज़ इवन मोर टॉक्सिक एंड स्केरियर। तो ये लोग है ना यह नॉर्मलाइज कर देते हैं कि नहीं नहीं मतलब यह तो सबके साथ होता है। अगर यह पेरेंट्स से ऐसा किया नहीं होता मैडम तो आज तो मैं सीए नहीं बनता। आज मैं इतना सक्सेसफुल नहीं बनता। तो मारपिटाई की तो बहुत मैं तो ग्रेटफुल हूं। मैं तो कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं पिताजी को माताजी को कि मेरे को मारा वरना मैं सक्सेसफुल नहीं होता। फिर मुझे समझाना पड़ता है कि मारे बगैर भी चीज हो सकती है। एक और बट बट यू वुड हैव
(40:11) बीन मच मोर कॉन्फिडेंट। यू वुड हैव बीन लेस इनसिक्योर। यू वुड हैव बीन लेस एशियस। एंड यू वुड हैव बेटर रिलेशनशिप्स। बट ये लोगों में गैप है समझने का। गैप है समझने का। तो इसलिए क्वेश्चनयर भरने से पहले अपने व्यूअर्स को जरूर बताना कि देखिए ये क्वेश्चनयर जब हम भरते हैं द ऑब्जेक्टिव इज़ नॉट टू जज आवर पेरेंट्स। इट इज़ नॉट टू जज देयर पेरेंटिंग स्टाइल बिकॉज़ योर पेरेंट्स वेर आल्सो प्रोबेब्ली कंटिन्यूइंग द पैटर्न ऑफ देयर ओन चाइल्डहुड। इफ योर मदर वाज़ बीटिंग यू बिकॉज़ शी डिड नॉट नो हाउ टू रेगुलेट हर एंगर बिकॉज़ शी वाज़ कैरिंग एंगर फ्रॉम हर
(40:42) चाइल्डहुड। और उसको किसी ने सिखाया नहीं आपकी मदर को कि यह एंगर को मैनेज करो। बच्चे पे मत निकालो। तो कोई पेरेंट्स बच्चा दुनिया में इसलिए नहीं लाते कि चलो बच्चा लाते हैं तो हम उसको रोज टॉर्चर करें। जो मां-बाप बच्चे को बेल्ट से भी मारते हैं ना मेरी समझ ये है कि उनके मन में तो यही होता है कि इससे ये बच्चे के भलाई के भलाई के लिए है और ये बच्चे को ये कहते भी हैं। तो ये तोड़ना है क्योंकि ये माइंडसेट की वजह से ये पैटर्न कंटिन्यू होती है। एक्चुअली ये माइंडसेट को कंटिन्यू करना आसान है क्योंकि एंगर का एक सर्टेन रिस्पांस हमारी बॉडी से आता है और एक
(41:13) ऑटोमेटिक रिस्पांस यही है कि आप दो चांटे लगा दो। शॉर्टकट है ना देखो दो चांटे मारने में 2 सेकंड लगता है और रिजल्ट भी दिख जाता है क्योंकि बच्चा चुप हो गया पर यह आप नहीं समझते हो कि वो बच्चा चुप हो गया आज आज आपको रिजल्ट मिला बट उसकी कीमत आपको 20 साल बाद चुकानी पड़ेगी क्योंकि बाद में चांटे भी नहीं इफेक्ट करेंगे 10 चांटे मारो तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा और बच्चा बाकी जो चीजें कैरी करेगा जो ए्जायटी है लो सेल्फ वर्थ है वो एक अलग प्राइस पे करेगा तो खुद पे काम करने में बहुत टाइम लगता है टू स्टॉप योरसेल्फ फ्रॉम हिटिंग योर चाइल्ड विल रिक्वायर
(41:47) वीक्स ऑफ सेल्फ रेगुलेशन हीलिंग योरसेल्फ मैनेजिंग योर नर्वस सिस्टम तो इसलिए मोस्ट पीपल वर्किंग वुमेन है आजकल वर्किंग का तो चांटा मारना बड़ा इजी हो जाता है। यू नो आई विल टेल यू व्हाई आई आस्क दिस क्वेश्चन जी क्योंकि मेरी जनरेशन मैं 37 इयर्स की हूं। तो मेरी जनरेशन के जो लोग हैं ना बहुत सारे लोग मिड 30ज 40 मिड 40ज में अब ये समझ पा रहे हैं कि ट्रॉमा होता क्या है? जो यंगर बच्चे हैं जो जेंजीस हैं उनको इस यू नो डोमेन की नॉलेज थ्रू सोशल मीडिया थ्रू वो जल्दी आ गई। उनको समझ में आ गया कि मेरे पेरेंट्स के साथ भी वो ये डायलॉग कर लेते हैं। और जो इस जनरेशन के
(42:20) बच्चों के पेरेंट्स हैं वो भी थोड़ा ज्यादा सेल्फ अवेयर हो गए हैं। थोड़ा पढ़ लिख गए हैं। लेकिन जो हमारी जनरेशन के बच्चे हैं ना वो 40 अब वो 40 की ऐज में ये समझते हैं तो उनका पेरेंट्स ऑलरेडी 70 का हो गया है। अभी कहते हैं मेरे 70 साल के बाप को मैं ये बोलूंगा कि इसका इस वजह से ये हो गया मेरे लाइफ में वो हो गया। मैं क्यों मैं कैसे अपनी लाइफ को रेगुलेट करूं? आई आई कैन नॉट डू दिस वर्क वेयर यू आर यू नो आई आई कैन नॉट यू नो डू दिस विथ माय पेरेंट्स। सो हियर इज द थिंग। ये बहुत इंपॉर्टेंट बात है। आपका चाइल्डहुड ट्रॉमा समझने का इरादा यह नहीं
(42:51) है कि आप जाके पेरेंट्स को ब्लेम करो या पूरा दोष का टोपला उनके सर पर डालो। इनफैक्ट मैं तो कह रही हूं पेरेंट्स को बताने की जरूरत ही नहीं है कि आपकी वजह से यह हुआ है। क्योंकि आप भी उनको ब्लेम ही कर रहे हो ना। आप क्या कर रहे हो? उन्होंने आपको ब्लेम किया कि तू मस्ती कर रहा था इसलिए मैंने तेरे को थप्पड़ मारा। आप अभी क्या कर रहे हो? क्या आपने थप्पड़ मारे इसलिए अभी मेरे को एंजाइटटी है तो आप भी तो वही कर रहे हो ना। तो माय होल पॉइंट इज़ ऑब्जेक्टिव इज़ टू हील योरसेल्फ। इट इज़ नॉट टू ब्लेम योर पेरेंट्स। तो बीइंग अवेयर ऑफ योर चाइल्डहुड ट्रॉमा शुड नॉट
(43:17) ट्रांसलेट इंटू यू ब्लेमिंग, शेमिंग, आइसोलेटिंग एंड गोस्टिंग योर पेरेंट्स आउट। नो, एंड दैट इज हपेनिंग टुडे। आई वांट टू कॉल दिस आउट। टुडे बिकॉज़ ऑफ दिस हाइपर अवेयरनेस इंक्रीसिंगली द यंगस्टर्स आर ब्लॉकिंग देयर पेरेंट्स। दे आर फाइटिंग विथ देयर पेरेंट्स। दे आर किकिंग द पेरेंट्स आउट ऑफ देयर लाइफ। एंड देयर आर योर जनरेशन लाइक 30ज 40ज के जो मां-बाप के लिए इतनी नफरत लेके बैठे हैं कि अभी हमें समझ में आ रहा है कि आपने मेरी जिंदगी खराब कर ली। मेरी रिलेशनशिप्स नहीं फंक्शन हो रही है। मेरे थेरेपिस्ट ने बोला है। क्योंकि चाइल्डहुड ट्रॉमा है जो आपने दिया
(43:50) है। दैट इज नॉट गोइंग टू फिक्स इट। इन फैक्ट, मैं तो कैन यू डोंट टेल दिस टू अप बिकॉज़ दे आर नाउ जस्ट गोइंग टू बी ब्लेम। दे दे विल नॉट चेंज। दे डोंट हैव दिस सिलेक्शन। देयर इन द 70ज 60ज। सो द ओनली वे आउट इज यस यू अंडरस्टैंड इट बट अंडरस्टैंड इट सो दैट यू कैन फाइंड आउट कंक्रीट वेज़ टू ओवरकम इट। व्हेन लीड योरसेल्फ फॉर योरसेल्फ। नॉट फॉर देम। मूविंग इट टू योर पेरेंट्स इज़ नॉट गोइंग टू बी योर पेरेंट्स आर देमसेल्व्स विक्टिम्स। राइट? एंड बहुत लोगों को कि नहीं पेरेंट्स को मुझे साइको एडुकेट करना है। अगर बंदा साइको एडुकेट कर करना चाहता
(44:20) है तो करो। बट इफ योर पेरेंट्स आर क्लोज टू इट डू नॉट इवन बोदर साइको एजुकेटिंग देम बिकॉज़ यू विल जस्ट बी फिल्ड विथ अ लॉट ऑफ़ एंगर मोर एंगर कि अभी आप पहले नहीं सुनते थे अभी भी नहीं सुन रहे बट वो वैसे ही हैं। आपको क्या यह कैरी फॉरवर्ड करना है? नहीं तो आप इसको यहीं पे स्टॉप करो अपने आप पे काम करके। तो पेरेंट्स को आइसोलेट करके ब्लॉक करके ब्लेमश शेम करके उनको पूरा ये आपने यह किया। उससे कुछ फर्क नहीं पड़ेगा। उससे ऊपर से टॉक्सिसिटी बढ़ेगी और आपका पेन तो कम होगा ही नहीं। रिडी जी मैं आपसे हीलिंग के बारे में खुद पे काम करना जो आपने इतनी बार बोला है
(44:56) इसके बारे में बात करूंगी। लेकिन उससे पहले मुझे बताइए आपने कहा कि खुद पे काम करो। उन वो जैसे हैं उनको वहां पे छोड़ दो। एक हील्ड पर्सन या फिर जो अपनी हीलिंग जर्नी पे काम कर रहा है वो ऐसे पेरेंट्स या ऐसे रिलेशनशिप्स में कैसे रहेगा? फिर यू नो इट इज़ वेरी डिफिकल्ट टू देम। आई विल टेल यू। यू नो बी इन दैट रिलेशनशिप एंड आपने कहा ना कि वो पेरेंट्स से नफरत करने लगते हैं, पेरेंट्स से दूर जाने लगते हैं। उनको ब्लॉकआउट करने लगते हैं। व्हाट इज दी अदर वे? सो वंस दे हैव टेकन थेरेपी एंड वर्क्ड ऑन देमसेल्व्स दे आर एबल टू सीट विथ दैट सेम
(45:25) पेरेंट एंड हैव अ कन्वर्सेशन विदाउट बीइंग ट्रिगरर्ड। दे आर एबल टू एक्सेप्ट। आई एम नॉट सेइंग फॉरगिव। दे आर एबल टू एक्सेप्ट द पेरेंट्स फॉर हु दे आर। व्हेन दे डू दे आर हीलिंग जर्नी एंड दे कनेक्ट विद देयर इनर चाइल्ड। दे आर एबल टू सी कि मेरे पेरेंट में भी वो वंडेड इनर चाइल्ड है। मेरे पेरेंट का भी एक अंदर बच्चा है जो घायल है जो सैड है जो इनसिक्योर है जो गुस्से को मैनेज नहीं कर पा रहा है और उस बच्चे को आप देख सकते हो तो आपका पेरेंट के साथ रिश्ता 100% सुधरेगा इवन इफ द पेरेंट डजंट चेंज। व्हाई? बिकॉज़ यू आर ब्रिंगिंग अ डिफरेंट वाइब इन दैट
(46:03) रिलेशनशिप। यू आर ब्रिंगिंग अ डिफरेंट एनर्जी इन दैट रिलेशनशिप। व्हेन यू हैव नॉट हील्ड एवरीथिंग दैट द पेरेंट सेस इज गोइंग ट्रिगर यू व्हेन यू आर रिप्लाइंग इन अ ट्रिगरर्ड स्टेट योर पेरेंट विल गेट मोर ट्रिगरर्ड देन इट बिकम्स ए बी ए बी ए बी यू गेट इनटू अ पैटर्न जब आप यह पैटर्न बदलते हो जब आप हील करते हो तो आपकी वाइब बदलती है नाउ योर पेरेंट इज़ टॉकिंग टू अ डिफरेंट पर्सन नॉट दैट पर्सन दैट यू वर एंड दिस इज व्हाट इनमरेबल क्लाइंट्स हु हैव वर्क्ड ऑन देयर ओन हीलिंग हैव टोल्ड अस दे हैव टोल्ड ऑन माय पडकास्ट दे हैव टोल्ड एवरीवेयर दैट मैम वंस वंस वी हैव
(46:36) वर्क्ड ऑन आवरसेल्फ जिस पेरेंट के साथ हम बैठ नहीं सकते थे एक रूम में हम ब्रेकफास्ट नहीं कर पाते थे आज उसके आगे हम न्यूट्रल तो रह पाते हैं। हम बैठ के पेपर पढ़ लेते हैं। हम बैठ के कैसे हो? अच्छे हो क्या खाना खाएंगे? इतना तो हम विदाउट गेटिंग ट्रिगरर्ड कर पा रहे हैं। दिस इज अ बिग थिंग। सो आई एम सेयिंग इट विल नॉट मेक योर रिलेशनशिप फ्रॉम नेगेटिव टू पॉजिटिव। बट इवन इफ इट कम्स फ्रॉम नेगेटिव टू न्यूट्रल, इट इज गुड। बिकॉज़ द सेम जनरेशन नाउ आल्सो हैज़ गिल्ट। आई हैव वर्क वि सो मेनी 50 इयर्स ओल्ड हु टेल मी कि मैम आई हैव हेटेड माय मदर एंड
(47:09) फादर बट जब मैं उनको भी बूढ़ा देखती हूं जब मुझे उनके लिए कोई नहीं है तो मुझे उनके लिए रहना है आई वांट टू हेल्प देम आई वांट टू आई वांट टू बी देर फॉर देम बट आई हैव सो मच आर एंगर एंड हेट्रेड एंड आई हेट मसेल्फ फॉर बीइंग एंग्री तो यह देखो डबल वो हो गया करेक्ट सो वंस यू हैव हील्ड योरसेल्फ देन यू डोंट हैव टू हैव दैट गिल्ट एंड रिग्रेट देन यू आर एबल टू बी फॉर योर पेरेंट इन अ न्यूट्रल स्पेस दैट इज रियल हीलिंग। दैट इज वेयर यू हैव न्यूट्रलाइज्ड योर फाइल्स, यू हैव न्यूट्रलाइज़्ड योर ट्रॉमा ट्रिगर्स एंड यू आर अराउंड दैट सेम पर्सन बट बी एबल
(47:44) टू बी वेरी काम एंड बैलेंस्ड। वो पैरेंट तो नहीं बदलेगा। हम सबको कहते हैं आपका पेरेंट इतना भी नहीं बदलेगा। बदल जाएगा तो एक एडेड एडवांटेज मिल गया आपको उस प्रोसेस के थ्रू। और वो अस्यूम कि नहीं बदलेगा। बट वो आप लेके मत चलो कि ये आउटकम होगा। नहीं होगा। मुझे लगता है कोई भी इनर जर्नी इनर एक्सप्लोरेशन द जर्नी विद इन का हमें क्लियर कट आउटकम सोच के भी नहीं चलना चाहिए क्योंकि कोई टाइमलाइन नहीं है फोकस ऑफ कंट्रोल आपके है ही नहीं ना सामने वाला बंदा कैसा बिहेव करेगा आपके हाथ में है ही नहीं आपके हाथ में क्या है लोकस ऑफ कंट्रोल इज व्हाट माय एक्शन माय
(48:13) वर्ड्स माय बिहेवियर माय थॉट्स माय रिस्पॉन्सेस हाउ यू चूस टू इंटरप्रेट माय वर्ड्स एक्शंस रिस्पॉन्सेस इज़ नॉट इन माय हैंड्स इट विल नेवर बी इन माय हैंड्स इवन इफ आई एम द मोस्ट स्पिरिचुअली इवॉल्व्ड सोल आई कैन नॉट डिसाइड कि आज मैं बोल रही हूं आप उसके बारे में क्या सोच रहे हो और क्या फील कर रहे हो मेरे हाथ में है ही नहीं तो मेरे हाथ में जो है मैं तो उसी पे काम करूंगी ना एक्सक्टली एंड द जर्नी इज नेवर एंडिंग किसी भी अगर आपको अपने गुस्से पे काम करना है इनसिक्योरिटी पे काम करना है जेलसी पे काम करना है तो ये काम सालों तक चलता रह
(48:45) सकता है राइट वी हैव डिफरेंट हां तो ये है कि देखो बहुत सारे लोग आजकल थेरेपी में जाते हैं ये सोच के कि थेरेपी तो लाइफ टाइम है मैं ये नहीं मानती हूं मैं ये मानती हूं कि थेरेपी तभी इफेक्टिव है जब वो आपको आपके इमीडिएट प्रॉब्लम सॉल्व करवा सकती है। आपके रूट कॉज लेवल तक आपका फेस हो गया। उसके बाद इट कैन इट विल दैट विल गिव यू द कॉन्फिडेंस एंड एंपावर यू टू लिव द रेस्ट ऑफ योर लाइफ विथ द चैलेंजिस बट मैनेज इट बाय योरसेल्फ विदाउट द हेल्प ऑफ थेरेपिस्ट। तो रियल थेरेपिस्ट रियल थेरेपी एंड अ गुड थेरेपिस्ट इज़ समबडी हु आफ्टर हीलिंग यू, दे डोंट हील ऑफ कोर्स दे डू
(49:25) देयर प्रोसेससेस एंड ऑल बट आफ्टर वर्किंग विथ यू दे आर एबल टू लेट यू गो विनय ऑफ इन अ वेयर यू कैन मैनेज विदाउट देम बिकॉज़ लाइफ विल थ्रो कर्व बॉल्स लाइफ में कभी आपकी लाइफ थेरेपी के बाद ऐसी नहीं होगी वो ऐसी ऐसी ऐसीऐसी होगी पर कर्व ऊपर जाएगा स्टॉक मार्केट जैसे ब्रॉडली जाता है ना बट एक बार अगर आपने आपके लाइफ के सबसे बड़े इशूज़ को हील किया है तो आगे जाके आपका दूसरे इशूज़ आएंगे उसका आपका डील करने का तरीका ज्यादा इफेक्टिव होगा। आपका रिकवरी टाइम कम होगा और उस चैलेंजेस की इंपैक्ट आप पर कम होगी। इन अदर वर्ड्स द थेरेपी इज वर्किंग फॉर यू। द कोचिंग इज वर्किंग फॉर
(50:06) यू का एक इंडिकेटर यह हो सकता है कि क्या आपको बार-बार मोटिवेशन की डोज़ चाहिए? आपको बार-बार हीलिंग का इंजेक्शन चाहिए या आप खुद को रेगुलेट कर पा रहे हैं। 10 में से चार बार सही। हां। 10 बार नहीं। चार आप चार कर पाते थे तो क्या कुछ टाइम के बाद आप पांच तक ले आ रहे हो? 5:30 तक ले आ पा रहे हो। तो इसमें हमने एक फिट मॉडल रखा है कि थेरेपी की इफेक्टिवनेस हम फिट मॉडल से मेजर करते हैं। फ्रीक्वेंसी, इंटेंसिटी एंड टाइम टू रिकवर। तो अगर समझो आज आप मेरे पास एंगर के लिए आए हो तो एट द बिगिनिंग ऑफ़ थेरेपी आप कहते हो कि मुझे दिन में चार बार
(50:40) गुस्सा आता है और रोज गुस्सा आता है। ओके? फ्रीक्वेंसी हो गई। इंटेंसिटी मतलब 10 ऑन 10 गुस्सा आता है। ऐसा लग रहा है कि मैं कुछ कर दूं। चीजें तोड़ दूं। रिकवरी टाइम इस गुस्से से निकलने में मेरे को दो घंटे लगते हैं। या अभी थेरेपी के बाद आप कहोगे कि नहीं अभी मुझे गुस्सा सिर्फ हफ्ते में एक आध बार आता है। तो क्या हुआ? फ्रीक्वेंसी कम हो गई। हां या गुस्सा तो आता है मैडम पर 10 ऑन 10 नहीं आता है। अब मुझे फोर ऑन 10 आता है या टू ऑन 10 इंटेंसिटी आती। इंटेंसिटी कम हो गई। अभी मुझे जब गुस्सा आता है ना तो मैं 10 मिनट में ईएफटी करके ठीक हो जाती हूं। तो टाइम
(51:14) टू रिकवर भी कम हो गया। सो फिट फ्रीक्वेंसी इंटेंसिटी एंड टाइम टू रिकवर ये सब चेंज होना चाहिए देन योर थेरेपी इज इफेक्टिव ब्यूटीफुल दिस इज सच अ वंडरफुल एंड कॉनंक्रीट आंसर फॉर हां हाउ डू आई हैव फॉर एनीथिंग मतलब सैडनेस भी सैडनेस में भी अगर आपको है तो सैडनेस की फ्रीक्वेंसी कितनी बार है पहले हर रोज सैडनेस होती थी अब महीने में एक बार होती है इंटेंसिटी कम हो गई पहले सैड रहती थी तो मैं मैडम 4 घंटा रोती थी और मैं यू नो आई यूज्ड टू वुड नॉट ईट फ़ूड अब मैं 5 या सात मिनट में सैड हो के ठीक हो जाती तो टाइम टू रिकवर दिस इज सच अ ब्यूटीफुल आंसर टू
(51:47) हाउ वुड आई मेजर इफ थेरेपी इज़ वर्किंग फ्रॉम यस लवली। अह मूविंग ऑन टू द नेक्स्ट पीस ऑफ़ कन्वर्सेशन। हमने चाइल्डहुड ट्रॉमा के बारे में बहुत एक इवॉल्व डिस्कशन किया। वी टॉक्ड अबाउट द लेयर्स। वी टॉक्ड अबाउट द टाइप्स। उसमें बहुत इन डेप्थ हम चले गए। नाउ यू टॉक्ड अबाउट हीलिंग आल्सो अ लिटिल बिट। नाउ लेट्स डिकोड हीलिंग एंड सलूशंस इन डेप्थ फॉर पीपल। अभी जो लोग ये कन्वर्सेशन को सुन रहे हैं। कहीं ना कहीं उनके लिए एक रोड मैप सा बनता जा रहा है इस कन्वर्सेशन के थ्रू कि आज मैं कैसा हूं? मेरे क्या पैटर्न्स हैं? क्या मेरे कंसिस्टेंट इशज़ हैं? कौन से एरियाज़ ऑफ़
(52:18) लाइफ में मुझे अपने आप को ठीक करने की जरूरत है? जहां से हमने कन्वर्सेशन को शुरू किया। देन वी केम टू द मिडिल पार्ट कि ये शुरू कहां से है? व्हाट इज़ द रूट कॉज़? वी टॉक्ड अबाउट चाइल्डहुड ट्रोमा, वी टॉक अबाउट द लेयर्स, वी टॉक अबाउट द ग्रुप्स एंड द क्लासिफिकेशन ऑफ़ ट्रोमा। अह ये समझ में आ गया अब तक। अब ये तो एक कॉन्सेप्चुअल नॉलेज भी हो गया है। एक डीपर अंडरस्टैंडिंग भी हो गया। हाउ डू आई अप्लाई दिस अंडरस्टैंडिंग? सो वन वन बिटवीन ब्रिज व्हिच आई वुड लाइक टू टॉक अबाउट इज हाउ डस इट इंपैक्ट योर बॉडी एंड माइंड बिकॉज़ देन वी विल कम टू रिकवरी। सो
(52:49) ट्रॉमा से जो सबसे पहला इंपैक्ट रहता है कि क्रोनिक स्ट्रेस या क्रोनिक ट्रॉमा से आपकी नर्वस सिस्टम डिसरेगुलेट हो जाती है। इसका मतलब ये कि आपकी जो नर्वस सिस्टम है जो आपका सर्कुलेशन रेस्पिरेशन सब कुछ मैनेज करती है। आपका ब्रीथिंग, आपका हॉर्मोन सिकक्रेशन ये सब कुछ ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम करती है। जो सेंट्रल सिस्टम है जो आपके कंट्रोल में नहीं है इसलिए ऑटोनॉमिक कहा जाता है। यह फाइट एंड फ्लाइट मोड में रह जाती है। इसके दो मोड है। फाइट एंड फ्लाइट रेस्ट एंड रिपेयर। तो जब भी खतरा लगता है तो हमारा नर्वस सिस्टम फाइट और फ्लाइट में चला जाता है। बट जो बच्चा
(53:19) बैक टू बैक खतरा महसूस करता है घर में बिकॉज़ ऑफ अब्यूज वातावरण ऐसा है तो उसकी नर्वस सिस्टम परमानेंटली फाइट और फ्लाइट में रहती है। मतलब उसके बॉडी को लगता है कि हमेशा खतरा ही है खतरा ही है। तो बचपन से ये बच्चा कैसा होगा? हाइपरविजिलेंट एशियस। तो एडल्ट भी ऐसा लगेगा कि हर बात में अभी कुछ गलत होगा। अभी कुछ गलत होगा। अभी ये नहीं चलेगा। अभी वो नहीं चलेगा। सिनेरियो के लिए सिनेरियो ऑलवेज प्रिपयर्ड ऑलवेज एशियस हाइपरविजिलेंट कैन नॉट कैन नॉट स्लीप कैन नॉट रेस्ट तो नर्वस सिस्टम डिसरेगुलेट हो गई। दूसरा डिसरेगुलेशन का साइन है कंप्लीट शटडाउन मतलब यू नो जो लोग
(53:54) आपको दिखते हैं कि जैसे पत्थर जैसे हैं उनको कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। इमोशंस भी नहीं, एंजाइटटी भी नहीं, एंगर भी नहीं, दे आर जस्ट कंप्लीटली डिसकनेक्टेड एंड शट डाउन। दैट इज़ आल्सो फ्रीज़ रिस्पांस। राइट? तो ये नर्वस सिस्टम डिसरेगुलेट हो जाती है। दूसरा कि चाइल्डहुड ट्रॉमा की वजह से ब्रेन सेंटर्स अफेक्ट होते हैं। तो ब्रेन सेंटर्स इस तरह से अफेक्ट होते हैं कि ये लोगों को मेमोरी प्रॉब्लम्स होते हैं। उनका इंपल्सिव बिहेवियर बहुत रहता है। जो जिसका चाइल्डहुड ट्रॉमा है ना उनका क्या है? ब्रेन सेंटर जो इंपल्सिव बिहेवियर क्रिएट करता है वह ज्यादा ओवरएक्टिव होता
(54:23) है। और जो ब्रेन सेंटर आपको रेगुलेट सिखाता है, रेगुलेशन सिखाता है, आपका इंपल्स कंट्रोल करना सिखाता है। आपको यू नो दूसरों की भावनाएं समझने की जो शक्ति देता है, वो अंडर डेवलप रहता है। तो ये लोग कैसे होते हैं? बहुत ट्रिगर फ्रेंड। कोई भी बात पे उनकी छटक जाती है। बात पे गुस्सा आ जाता है। बात पे रोना आ जाता है। हर चीज में वो इंपल्सिव होते हैं। ज्यादा लंबी नहीं सोचते हैं। ये सब ब्रेन न्यूरोसाइन बाद में गिल्ट भी फील करते हैं। हां कुछ लोग दे कैन नॉट प्लान दे डू नॉट हैव द एबिलिटी टू थिंक ऑफ द लॉन्ग टर्म कॉन्सिक्वेंसेस ऑफ़ देयर एक्शंस। उनको लगता
(54:59) है इतना भी नहीं सोचा कि आज ये करेगा तो ये रिजल्ट आएगा। नहीं वो सोचने की शक्ति नहीं होती है बिकॉज़ ऑफ़ ट्रॉमा। जैसे आज मैं ड्रग्स लूंगा तो मैं एडिक्ट हो जाऊंगा। वो नहीं समझ आता उनको। हम्म जो लोग ये बार-बार स्टेटमेंट्स यूज़ करते हैं कि मैं मेरा इंटेंशन ठीक था लेकिन वो ठीक नहीं हुआ। अगर आप उन लोगों में से हो तो दिस इज़ अब्सोलुटली फॉर यू। इट आल्सो अफेक्ट्स योर हिपोकैंपस। मतलब आपकी मेमोरी लॉन्ग टर्म मेमोरी नहीं होती है। आपको आपको लगता है चाइल्डहुड का मुझे कुछ याद ही नहीं है। आप पढ़ते हो, आप सुनते हो पर आपको रजिस्टर नहीं होता है।
(55:27) बिकॉज़ हिपोकैंपस श्रिंक्स जब ट्रॉमा होता है तो ट्रॉमा का ब्रेन सेंटर पे भी इफेक्ट होता है। ट्रॉमा का नर्वस सिस्टम पे भी इंपैक्ट होता है। नर्वस सिस्टम और ब्रेन सेंटर दोनों पे इंपैक्ट होने की वजह से आपको हॉर्मोनल इमंबैलेंसेस, आपका हार्ट रेट हाई, ब्लड प्रेशर हाई, डाइजेस्टिव इशूज़, रेस्पिरेटरी इशूज़ ये सब होते हैं। तो शुरुआत हीलिंग की कहां से होगी? पहले तो नर्वस सिस्टम रेगुलेट करो। नर्वस सिस्टम रेगुलेट कैसे किया जा सकता है? नर्वस सिस्टम जैसे मैंने कहा डिसरेगुलेटेड कैसा होता है? फाइट और फ्लाइट में मतलब ब्लड प्रेशर हाई, ब्रीदीिंग वेरी शॉर्ट,
(56:00) मसल्स आर टाइट या योर बॉडी इज सीक्रेटिंग कॉर्टिजोल एंड एड्रिनल जस्ट टू फाइट डेंजर। टू रिवर्स दिस, यू हैव टू ट्रेन योर बॉडी। दिस इज अ मसल। इसको ट्रेनिंग रोज आपको प्रैक्टिस करनी है। किस तरह से आपका ब्रीथिंग स्लो हो, आपका हार्ट रेट स्लो हो। आपके थॉट स्लो हो जाए। आपका हर एक मसल रिलैक्स हो। तो यह अलग-अलग तरीकों से होता है। योग निद्रा, गाइडेड मेडिटेशन, गाइडेड विजुअलाइजेशन। हमने बहुत रिसर्च किया है हमिंग पे, कोहेरेंट ब्रीथिंग तो ये सारे टेक्निक्स हैं। साउंड हीलिंग जिससे पहले तो आपकी नर्वस सिस्टम ओवर ये एक दिन में नहीं होगा। जो चीज आपने
(56:38) इमंबैलेंस सालों की वजह से की है वह इमंबैलेंस को रिबैलेंस करने में हफ्ते या महीने लग जाते हैं पर वो हो सकती है। तो जब नर्वस सिस्टम रेगुलेट होती है तो क्या होता है? आपकी बॉडी एक काम स्टेट में रहना सीख जाती है। तो जब भी ट्रिगर्स आते हैं जब एनवायरमेंट से कुछ आता है तो आप इंस्टेंटली पटाखे की तरफ स्नैप नहीं होंगे। आप अभी अपना रिस्पांस चूज़ करोगे। यू विल नॉट रिएक्ट। यू विल रिसोंड। दिस विल ओनली हैपन व्हेन योर नर्वस सिस्टम इज रेगुलेटेड। तो इसके काफी टेक्निक्स हमने बुक्स में लिखे हैं। मेरी पैरेंटिंग बुक जो है इसमें भी मैंने लिखे हैं। तो नर्वस
(57:16) सिस्टम रेगुलेशन मतलब क्या कि आप शांति से सोच सकते हो। आप सोच समझ के रिस्पांस देते हो और आपका बॉडी रिलैक्स मोड में तो आपके हॉर्मोंस बैलेंस होंगे। आपका डाइजेशन अच्छा होगा। आपकी कार्डियोवस्कुलर हेल्थ अच्छी होगी। यह सब बेनिफिट्स हैं नर्वस सिस्टम रेगुलेशन के। अभी यह नर्वस सिस्टम रेगुलेशन तो पहला स्टेप है। मतलब हमने फिजिकल बॉडी पर काम किया अन्नमय कोष पे। फिर आता है हमारा ब्रेथ रेगुलेशन। बिकॉज़ ब्रेथ इज अ ब्रिज बिटवीन माइंड एंड बॉडी। हां प्राणमय कोष। तो प्राणमय कोष को हम रेगुलेट कर सकते हैं थ्रू ब्रीथिंग टेक्निक्स। हमिंग, ब्रीथिंग, चैंटिंग।
(57:52) उससे क्या होगा कि हमारे ब्रेन और ये भी रिसर्च के ऊपर आधारित है कि कोहेरेंट जब हमारी ब्रीदीिंग एक सर्टेन पैटर्न में आती है तो हमारी हार्ट सिग्नल्स एक सर्टेन पैटर्न में आती है। वो हार्ट सिग्नल्स वेगस नर्व के थ्रू ब्रेन में जाती है। तो हार्ट ब्रेन को कोहेरेंट सिग्नल देता है। जब वो कोहेरेंट सिग्नल ब्रेन को देता है तो ब्रेन समझता है कि ऑल इज वेल। चाहे सिचुएशन कितनी भी स्ट्रेसफुल हो। तो जब ब्रेन ऑल इज वेल समझता है तो ब्रेन पूरे बॉडी को बैलेंस में रखता है। तो वो केमिकल सिकक्रशन जो इमंबैलेंस हो जाता है वो नहीं होता।
(58:22) वो नहीं होगा। तो सेकंड लेवल इज़ प्राणमय कोष जब आप ब्रेथ के साथ काम करो। थर्ड लेवल इज़ अपने मेंटल प्रोग्राम्स के साथ काम करो। चलो आपने बॉडी पे काम कर लिया। आपने रिलैक्सेशन सीखा। आपने नर्वस सिस्टम रेगुलेट कर ली। आपका सिस्टम्स अच्छी हो गई। अभी आपकी एनर्जी भी अच्छी हो गई। आपकी ब्रेथ रेगुल ब्रेथ से एनर्जी जुड़ी हुई है। अगर आपकी शॉर्ट ब्रेथ है, अगर आपकी डिसरेगुलेटेड ब्रेथ है तो आपकी एनर्जी ड्रेन बहुत जल्दी हो जाएगी। अगर आपकी ब्रीदीिंग रेगुलेटेड है तो आपकी एनर्जी कंजर्व होगी। तो ये एनर्जी का काम हुआ। फिर आता है इमोशंस और माइंड का काम।
(58:54) मनोमय कोश। मनोमय कोष। तो इसमें आपको काम करना है आपके डीप रूटेड बिलीफ सिस्टम्स पे। प्रोग्राम्स पे। अगर आप में यही है प्रोग्राम के गुस्से वाली हूं मैं तो गुस्से वाली हूं। मैं तो ऐसे ही हूं। की हम बात कर रहे हैं। या तो फिर मेरे घर में मेरे यहां तो कोई रिलेशनशिप मेरे तो रहती नहीं है। मेरे घर में तो जनरेशन से सबको डिप्रेशन है तो मुझे भी होगा या यू नो मेरे हाथ में पैसे रहते ही नहीं है। यू नो मेरे लिए लाइफ में अबंडेंस ही नहीं है। तो ये बिलीफ सिस्टम्स हैं जो बचपन से आती हैं। ये हमें बदलनी है। थॉट्स बदलने हैं। अपने परसेप्शनंस जो हमें
(59:27) हेल्प नहीं कर रहे वो बदलने हैं। जैसे किसी पे विश्वास नहीं रख सकते। सब लड़के खराब ही होते हैं। सब लड़कियां तो धोखा ही देती है। जो हमारे बचपन इन लॉस तो ऐसी ही होती है। मदर इन लॉस तो ऐसी ही होती है। हां करेक्ट। हस्बैंड तो सब सप्रेस ही करने हैं। करते हैं। सब तो पेट्रिय्की सिस्टम से ही होते हैं। व्हाटएवर तो जो आपको नहीं काम आ रहा है वो हमें बदलना है। यह और भी सल काम है और भी मुश्किल काम है। यह हम खुद पे तो गाइडेड विजुअलाइजेशन सेल्फ हिप्नोसिस से कर सकते हैं। पर क्योंकि ये बहुत सल है। मनोमय कोच से काम करने के लिए एक्सटर्नल हेल्प की जरूरत पड़ती है। जैसे
(1:00:03) मैंने कहा पहली दो चीजें जो मैंने बोली वो खुद पे से कर सकते हैं। मनोमय कोष का काम है जो कुछ हद तक खुद से कर सकते हैं। बट उसके बाद जरूरत पड़ती है थेरेपिस्ट की कोचेस की कि जो जो एक ऑब्जेक्टिवली न्यूट्रल पर्सेक्टिव से आपके गलत पैटर्न्स को पहचाने आपके आपके जो चश्मे लगे हुए हैं और प्रोग्रेस को भी कर पाए। हां उसको समझे और आपको हेल्प करें। यू नो हमने थेरेपी के बारे में बात की। टेल मी हाउ डू आई नो दैट थेरेपी इज़ रियली वर्किंग फॉर मी? इट्स नॉट जस्ट अनदर मंबो जंबो मुझे किसी ने फील गुड का वही एक एक इंजेक्शन लगा दिया मैंने पांच सेशन कर
(1:00:38) लिया ओवर अ कोर्स ऑफ टू मंथ्स तो मुझे थोड़ा मैंने इंटेलेक्चुअलाइज कर लिया मेरे प्रॉब्लम को मेरे को बेटर वोकैबलरी आ गई है अपनी प्रॉब्लम को स्टेट करने की उसके सॉल्यूशन को स्टेट करने की बट जेनुइनली अंदर कुछ चेंज नहीं हुआ है कोई मैसिव बदलाव नहीं आया मैं वैसा ही फील कर रहा हूं या कर रही हूं बट व्हाट आर द इंडिकेटर्स दैट इट इज़ वर्किंग फॉर मी बिकॉज़ फॉर अ लॉट ऑफ़ पीपल दे फील दैट वोकैबलरी आ गई तो मतलब आई हैव लर्न ओ आई नो व्हाई दिस इज़ हैपनिंग ओह आई आई नो आई कैन सी दिस बिहेवियर बट यू नो तो सिर्फ असेसमेंट लेवल का काम किया आपने
(1:01:08) लेकिन चेंज क्या हुआ? सी दिस इज द थिंग प्रॉब्लम ये है कि आजकल मतलब आई नो ये मेरी एक्सपर्टीज डोमेन के थोड़ा सा बाहर जा रही हूं पर द प्रॉब्लम इज हमारे देश में ना साइकोलॉजी एजुकेशन जो है इट इज़ लिमिटेड टू असेसमेंट्स। सो जो भी साइकोलॉजी पढ़ते हैं ना दे आर वेरी गुड एट असेसिंग। एक्सट्रीमली गुड एट इट। दे कैन टेल यू कि आपको यह डिसऑर्डर है, यहां से आ रहा है, इसकी वजह से आ रहा है। बट दे आर नॉट टॉट कि उसके लिए करना क्या है, इंटरवेंशंस क्या करने? सो मोस्ट पीपल टुडे हु हैव जस्ट डन अप टू मास्टर्स इन साइकोलॉजी एंड दिस आई एम टेलिंग यू इन अ
(1:01:41) पब्लिक प्लेटफार्म बिकॉज़ आई हैव ऑल ऑफ़ देम वर्किंग इन इन आवर सेंटर। मास्टर्स लेवल इन साइकोलॉजी तक सिर्फ असेसमेंट्स। आपको इंटरवेंशन नहीं सिखाया जाता है। तो क्या ये लोग जब बाहर जाके काउंसिलर्स या जो भी बनते हैं वो लोग यही दे पाते हैं कि आपको यह है ये डिसऑर्डर है। इसकी वजह से ये हो रहा है। लॉजिकली आपको सब समझ में आता है। भाई पर करूं क्या मैं वो नहीं समझ आता है। तो ये साइकोलॉजिस्ट को बिचारों को एजुकेशन सिस्टम के बाहर एक्स्ट्रा कोर्सेस सीखने पड़ते हैं। ऑन डीबीटी, सीबीटी, आरईबीटी, यू नो, हिप्नोथेरेपी, कोचिंग, एनएलपी यह
(1:02:15) सब बाहर जाके सीखना पड़ता है। सो दैट दे कैन डू इंटरवेंशंस। दिस इज़ द फर्स्ट थिंग। सो इकोलॉजी इकोलॉजी ऑफ़ मेंटल हेल्थ टुडे डज़ंट हैव मेज़रेबिलिटी इन इट। इट हैज़ असेसमेंट्स। इट हैज़ डायग्नोसिस बट इट लैक्स इंटरवेंशन। द ओनली इंटरवेंशन दैट साइकोलॉजिस्ट आर टॉट इज़ थोड़ा बहुत काउंसलिंग करो। उसके बाद साइकेटिस्ट के पास भेज दो। तो साइकेटिस्ट आपको गोलियां देगा। दिस इज़ द प्रोसेस दैट फॉलोज़। द सेकंड थिंग अदर वे। कई लोगों को सीवियर प्रॉब्लम्स होता है तो वो साइकेट्रिस्ट के पास रहते हैं। फिर वो कहते हैं काउंसलिंग ले लो। पर काउंसलिंग भी यहां पे काम करता है। काउंसिलिंग आपके
(1:02:48) डीप रूटेड ट्रॉमा प्रोग्राम्स पे, आपके नर्वस सिस्टम पे, आपके जो सबकॉन्शियस माइंड जो आपका बॉडी है, आपकी मेमोरी है, इंप्लसिट एक्सप्लसिट मेमोरीज को रिवायर नहीं करता है। तो वो क्या करता है? आपको सब लॉजिकली समझ आ रहा है। एक्सप्लेनेशंस पता है क्यों, क्या, कैसे ऑल बट व्हेन यू आर ट्रिगरर्ड? इज दैट चेंजिंग द क्वालिटी ऑफ़ लाइफ। हां। सो, सो द आंसर टू योर क्वेश्चन इज़ इफ थेरेपी इज़ वर्किंग देन इट विल चेंज द योर रिलेशनशिप्स विद योर सेल्फ। इट विल चेंज द रिलेशनशिप्स विद विद अदर्स। इट विल चेंज लाइक यू सेड योर क्वालिटी ऑफ़ लाइफ, योर
(1:03:20) आउटलुकुक टुवर्ड्स लाइफ। इट विल मेक यू मोर फंक्शनल एट वर्क एट होम इन योर पर्सनल लाइफ। इट शुड होपफुल्ली आल्सो हेल्प यू इंप्रूव योर हेल्थ। एंड यू विल फील एनर्जेटिक। बट, आई वुड से आस्क आल योर थेरेपिस्ट टू टु एट लीस्ट हैव सम मेजरेबिलिटी। एंड आई एम सेइंग दिस बिकॉज़ वी एटलीस्ट एस थेरेपिस्ट वी हैव वेरी स्ट्रांग मेजरेबिलिटी क्राइटेरिया। तो आफ्टर एव्री फोर सेशंस वी मेजर आवर क्लाइंट्स प्रोग्रेस ऑन एंजायटी, डिप्रेशन, इंसोमनिया, पीटीएसडी, सीपीटीएसडी, लोनलीनेस, सोशल सपोर्ट ये सब पैराटर्स पे हम हर चार सेशन के बाद प्रोग्रेस मेजर
(1:03:55) करते हैं थ्रू ग्लोबली स्टैंडर्डाइज स्केल्स। तो क्लाइंट को जब ग्राफ दिखता है ना कि मेरा डिप्रेशन में आई थी तब 52 था। अरे मेरा वेल बीइंग वेल बीइंग भी वेल बीइंग मेरा आठ था अभी 25 हो गया है आठ सेशन के बाद 52 हो गया है मेरा डिप्रेशन 27 था अभी चार सेशन के बाद डिप्रेशन मेरा 10 हो गया है हाफ से कम हो गया तो व्हेन क्लाइंट्स आल्सो सी नंबर्स व्हेन दे सी मेजरेबिलिटी उनका ट्रस्ट बढ़ता है टू हील देमसेल्व्स ट्रस्ट इन देमसेल्व्स एंड ट्रस्ट इन द थेरेपिस्ट सो आई वुड से दैट ऑल थेरेपिस्ट एंड कोचेस शुड हैव अ वे टू मेजर प्रोग्रेस इन एव्री एरिया एरिया अगर
(1:04:34) आपके पास स्केल्स नहीं है तो आप एसयूडीज यूज़ करो। सब्जेक्ट यूनिट ऑफ़ डिसकंफर्ट स्केल ऑफ़ लिक्ड स्केल यूज़ करो। ज़ीरो टू 10। आज आप आए हो मेरे पास थेरेपी लेने। सेल्फ वर्थ आपका कितना है ऑन ज़ीरो टू 10? टू है। चार सेशन बाद आपको पूछूंगी आपका सेल्फ वर्थ कैसा लग रहा है आपको? छह लग रहा है, पांच लग रहा है। प्रोग्रेस हुआ ना? तो इस तरह से लिक्ड स्किल से भी आप प्रोग्रेस मेजर कर सकते हो। पर मेजरेबिलिटी इज़ अ मस्ट। अदरवाइज़ यू विल कंटिन्यू फॉर लाइफ एंड यू डोंट नो वेयर यू हैव कम। आप छ साल पीपल कम टू मी से मैम हम छ साल से थेरेपी में हैं। मैंने कहा छ साल
(1:05:03) से थेरेपी में आप कर क्या रहे हो? कर क्या रहे हो? [हंसी] व्हाट इज हैपनिंग? व्हाई डू यू नीड टू बी इन थेरेपी फॉर सिक्स इयर्स? हम्म दैट मींस समथिंग इज नॉट वर्किंग? आर यू मेजरिंग? नो एवरीथिंग आई बिलीव माय बिलीफ इज एवरीथिंग शुड बी मेजरेबल। बिकॉज़ दैट मेक्स यू अकाउंटेबल। आज हम लोग के पास कोई क्लाइंट आता है उसका कोई चेंज ही नहीं हो रहा है। तो हम भी सो बैठ के सोचते हैं कि भाई यह क्यों चेंज नहीं हो रहा? या तो हमारी प्रोसेससेस के लिए काम नहीं कर रही या इसको कोई सेकेंडरी गेंस मिल रहे हैं बीमार रहने में। यू कैन नॉट ग्रो व्हाट यू कांट मेजर। सो मेजर तो करना
(1:05:37) चाहिए और मेज़रमेंट स्पेशली जब हम मेंटल हेल्थ इमोशंस के स्पेस में साइकोलॉजी वाले प्लेन पे जब काम कर रहे होते हैं तो आई डू अंडरस्टैंड दैट मेज़रमेंट इज़ नॉट वेरी यू नो कि आप बिल्कुल पांच बोलोगे तो पांच का मतलब पांच ही है। यू नो बट बट स्टिल इट इज़ समथिंग। इट इज़ समथिंग। इट इज़ अ इट इज़ आई केम विथ एंगर 10 ऑन 10 आफ्टर एट सेशंस अ क्लाइंट सेज़ मैम अभी तो एंगर मेरा लग रहा है टू ऑन 10 है। तो क्लाइंट के लिए तो वो प्रोग्रेस है और हमारे लिए भी प्रोग्रेस है। अब्सोलुटली अब्सोलुटली। तो हो सकता है ये स्केल का यू नो बहुत क्लियर हम नहीं दे
(1:06:09) पाए कि वन का एंगर कैसा दिखेगा? टू का कैसा दिखेगा? इट्स नॉट पॉसिबल। यू कांट डु दैट। लेकिन लेकिन द इंटरनल फीलिंग ऑफ़ एंगर एंड हाउ इट्स शोज़ अप इन योर रिलेशनशिप्स। हाउ इट शोज़ अप व्हेन यू सीट विथ योरसेल्फ, दैट इज़ समथिंग दैट यू कैन एनालाइज़ एंड इट नीड्स डीप रूटेड वर्क। इट नीड्स द जर्नी विद इन। सो, डू दैट एंड एंड मेजर एंड दैट फिट फिट दैट आई मेजर्ड। ईच वन ऑफ़ यू शुड चेक कि मैं जो प्रॉब्लम के साथ गया हूं या तो पूरा प्रॉब्लम नहीं सॉल्व हुआ। उसकी फ्रीक्वेंसी कम हुई है। दैट इज़ आल्सो प्रोग्रेस। फ्रीक्वेंसी कम नहीं हुई है तो
(1:06:38) इंटेंसिटी कम हुई। अगर इंटेंसिटी भी कम नहीं हुई है तो क्या मेरा रिकवरी टाइम कम हुआ है? तीनों में से एक भी कम हुआ है तो दैट कुछ ना कुछ प्रोग्रेस चल रही है। सो एन असाइनमेंट और अ यू नो एक्शननेबल टेक अवे फॉर द व्यूअर्स इज़ दैट अपने जो लाइफ के पैटर्न्स जिनकी हमने बात शुरू की थी पैटर्न्स प्रॉब्लम्स किस हां किस एरिया में आ रहे हैं चाइल्डहुड ट्रोमा के थ्रेड में आप क्या ओपन कर रहे हो वहां पे अपने आपको कुछ तरह का स्कोर देना शुरू करो। एंड यू नो कम बैक एंड वॉच दिस पडकास्ट अगेन मे बी आफ्टर अ मंथ एंड वर्क ऑन योरसेल्फ विथ द टेक्निक्स
(1:07:08) दैट वी हैव डिस्कस्ड इन दिस पॉडकास्ट एंड देयर आर ओवर 10085 पॉडकास्ट एपिसोड्स नाउ ऑन माय चैनल तो हर एपिसोड में हम कुछ ना कुछ देने की कोशिश करते हैं और अलग-अलग एरिया ऑफ़ लाइफ में आपको आपकी जिंदगी अनफोल्ड करने की कोशिश करते हैं। तो अपने आप पे वो काम करें। एक एक महीना कुछ ऐसी कन्वर्सेशंस को सुने। अपने ऊपर काम करें। अपने को स्कोर दो और चेक करो कि क्या मेरा स्कोर एक महीने लोग भूल जाते हैं। लोग भूल जाते हैं। कई बार ना छ महीने बाद क्लाइंट्स बोलते हैं अच्छा मैंने मेरा सेल्फ एस्टीम टू ऑन 10 बोला था। हाय हाय मुझे तो ऐसा लग ही नहीं
(1:07:37) रहा। आई एम अ डिफरेंट पर्सन नाउ। नाउ इट इज़ 8 ऑन 10। आई एम लाइक अच्छा भाई देखो आप मेरी नोट्स ये खुद ही लिखा है आपने। हां। तो कई बार क्या होता है? ये ह्यूमन नेचर है कि हम लोग ना प्रोग्रेस नहीं देखते। हम लोग हमेशा नया प्रॉब्लम क्रिएट कर देते हैं। वी दिस इज़ वेरी मच कॉमन फॉर एवरीबॉडी। हम एक प्रॉब्लम मैंने सॉल्व किया तो दूसरा प्रॉब्लम को हम देखना शुरू हम यह नहीं देखते कि हम हाउ फार वी हैव फार वी हैव तो मैं सबको कहती हूं कि आप जब जर्नी पे जाते हो ना तो कभी कबभार रियर व्यू मिरर में भी देखा करो तो आपको पता चले कि आप कहां थे और अभी कहां पहुंचे हो
(1:08:10) हां आगे तो देखना जरूरी है कि कहां जाना है। पर हमेशा ही आगे देख के वी आर ऑलवेज डिसटिस्फाइड बिकॉज़ वी आर ऑलवेज सीइंग कि हाउ मच इज़ स्टिल वो नहीं कवर हुआ। पर आप पीछे देखोगे ना तो आपको पता अच्छा मैं वहां थी और यहां आई हूं। बाप रे ग्रेट। लेट मी सेलिब्रेट। यू आल्सो स्टार्ट बिलीविंग इन योर ओन पोटेंशियल कि मेरे लिए यह पॉसिबल है। एंड दैट्स अ बिग थिंग बिकॉज़ दैट बिलीफ एंड ट्रस्ट इन योर एबिलिटी टू हील विल हेल्प यू टेक द नेक्स्ट फाइव स्टेप्स फॉरवर्ड। द नेक्स्ट थिंग दैट आई वांट टू टॉक अबाउट एंड इज़ वेरी पर्सनल टू मी आल्सो। एंड इज़
(1:08:42) कमिंग फ्रॉम अ लॉट ऑफ़ वर्क दैट यू डु इज़ पेरेंटिंग एज़ अ डोमेन। अभी चाइल्डहुड ट्रॉमा से शुरू हुआ है तो पैरेंटिंग का एक बहुतेंट रोल है यहां पर। लेट्स टॉक अबाउट डिफरेंट स्टाइल्स ऑफ़ पेरेंटिंग ओनली। व्हाट इज द राइट स्टाइल ऑफ टेररेंटिंग? आंसर द मिलियन डॉलर क्वेश्चन प्लीज। आई एम एट दैट प्लेस वेयर आई आई आई फील लाइक आई एम इन सच अ डीप एक्सप्लोरेशन। और मेरी सिर्फ 11 महीने की बच्ची है। और जब मैं उसको ये भी कहती हूं ना कृष्णा नो ये चीज मत मुझे लगता है क्या मैं उसको उसके सेल्फ एक्सप्रेशन से रोक रही हूं अगर वो जैसे बहुत जोर से यू नो दैट इज व्हाट हैप्स
(1:09:14) व्हेन सो दिस इज अ थिंग एक्चुअली ये पैरेंटिंग स्टाइल के ऊपर बहुत रिसर्च हुआ है। तो रिसर्च के हिसाब से इसमें एक चार किस्म की पैरेंटिंग स्टाइल है। मैं पर बहुत शॉर्ट में बताऊंगी। दो एक्सट्रीम पैरेंटिंग्स जो चाइल्डहुड ट्रॉमा से जो हमने कन्वर्सेशन शुरू की थी उसी से मैं जोड़ रही हूं कि चाइल्डहुड ट्रॉमा से जो हमारा नर्वस सिस्टम डिसरेगुलेट होता है जो ब्रेन सिस्टम्स अलग डेवलप होते हैं ब्रेन सेंटर्स उसकी वजह से जब हम पैरेंट बनते हैं ये डिसरेगुलेशन के साथ तो यह डिसरेगुलेशन हमारे पैरेंटिंग बिहेवियर में भी इंपैक्ट करता है। मतलब अगर समझो आपके
(1:09:49) ट्रॉमा हिस्ट्री है तो आप एज अ पेरेंट इंपल्सिव होंगे। इजीली ट्रिगरर्ड होंगे। राइट? आप बार-बार या तो गुस्सा करोगे या तो शट डाउन हो जाओगे। राइट? तो ये एक्सट्रीम ये मतलब पैरेंटिंग पे 100% इंपैक्ट करती है। अब रिसर्च के हिसाब से पैरेंटिंग स्टाइल्स कौन सी है? तो एक तो है कि ऑथॉरिटेरियन पैरेंटिंग स्टाइल जिसके साथ हमारी सारी जनरेशन बढ़ी हुई है। माय वे और हाईवे जो मां-बाप जैसे मारते पीटते हैं, डांटते हैं। करियर करना है। इसी के साथ नहीं हमने देना है। मैंने जो कहा है बस वही होगा। बाल कटवाने हैं तो कटवा लें। क्यों वो जवाब नहीं मिलेगा। बस मैंने कहा
(1:10:21) पूजा करनी है तो करनी है। हाथ जोड़ना है तो जोड़ना है। तो यह पूरी अर्लियर जनरेशन की थी। अब ये ऑथॉरिटेरियन पैरेंटिंग से बढ़े हुए बच्चे आज पेरेंट्स बने हैं। ओहो मैं तो इनको लग रहा है कि हम हमारे मां-बाप जैसा तो पैरेंटिंग कभी नहीं करेंगे भाई। तो ये लोग होते हैं दूसरी ऑपोजिट के। परमिसिव पेरेंट्स। सब अलऊ कर दो। सब अलऊ कर दो। मेरे बच्चे को पूरा फ्रीडम है। मुझे फ्रीडम नहीं मिला वो मैं मेरे बच्चे को दूंगा। मेरा बच्चा चाहे बैक आंसर भी करे तो कोई बात नहीं। उसका हक है सामने जवाब देने का। यू नो मेरा बच्चा चिल्ला रहा है तो कोई बात नहीं। उसका सेल्फ
(1:10:57) एक्सप्रेशन है। उसको चिल्लाने दो। सो दिस इज परमिसिव पैरेंटिंग इज वेयर पेरेंट्स हैव नो रूल्स एंड रेगुलेशंस। देयर आर नो बाउंड्रीज। बच्चे को पेरेंट्स का पेरेंट्स अपने दोस्त बना रखे हैं। पेरेंट्स से कि बच्चा मेरा दोस्त है। मैं बच्चे का दोस्त हूं। कोई बाउंड्रीज नहीं है। पेरेंट्स आर लूजिंग देयर पोजीशन एज अ पेरेंट्स। जबकि दोस्तों ऐसी बाउंड्रीज होती हैं। हां। देयर इज़ नो रिस्पेक्ट। एंड ये बच्चे जो होते हैं ये एंटाइटल्ड सेल्फ सेंटर्ड होते हैं। उनको लग रहा है कि वी आर द सेंटर ऑफ अटेंशन। वी आर द सेंटर ऑफ एवरीथिंग। हम जो कहते हैं वही चलेगा। हम
(1:11:27) कहते हैं वही करेगा। सब मेरा सुनते हैं। प्रिंसेस सिंड्रोम। हां पापा की परी टाइप्स। तो यह भी एक एक्सट्रीम पैरेंटिंग स्टाइल है। द गुड बैलेंस्ड पैरेंट एंड द थर्ड ऑफ कोर्स इज़ नेग्लिजेंट जो आजकल ज्यादा नहीं दिखती है बट वहां दिखती है जहां कपल्स के खुद के बहुत मैटल इश्यूज होते हैं। तो मतलब नेग्लिजेंट मतलब आपने फिजिकल नीड्स दे दी बट यू आर नॉट बोदर्ड। मतलब सब कुछ प्रोवाइड कर लिया। अभी बच्चा अपने आप से पढ़ रहा है। अपने आप से खेल रहा है। अपने इमोशंस खुद मैनेज कर रहा है। आपको ज्यादा पढ़ी नहीं। आपको लग रहा है बच्चा बच्चे को
(1:11:56) प्रोवाइड किया। क्वेश्चंस हॉबी क्लासेस में जा रहा है। हां बस जा रहा है तो बच्चा अपने आप से बड़ा हो रहा है। दिस इज़ नेग्लिजेंट। तीनों गलत पैरेंटिंग स्टाइल के आउटकम्स अलग होते हैं। जो अथॉरिटेरियन होता है वो वाले बच्चे बहुत रिबेलियस भी होते हैं या तो बहुत शट डाउन होते हैं। लो सेल्फ कॉन्फिडेंस डरे हुए अथॉरिटी फिगर से इशू होता है। या तो अथॉरिटी फिगर से हमेशा झगड़ा झगड़ा हो जाता है। जो परमिसिव से बड़े होते हैं वो बच्चे जैसे मैंने कहा एंटाइटल सेल्फ वो दुनिया में लोगों के साथ सर्वाइव नहीं हो पाते। वो फेलियर्स नहीं ले पाते तो वो छोटी सी चैलेंज में टूट
(1:12:29) पड़ते हैं। दीज़ आर द किड्स हु ब्रेक डाउन दे गो इनू डिप्रेशन जो जॉब में नहीं सर्वाइव कर पाते। दे थिंक दैट जैसे घर में ट्रीट किया पापा की परी वैसे जॉब में सब उनको ऐसा ट्रीट करेंगे। जब नहीं होता है तो टूट पड़ते हैं रिलेशनशिप में ससुराल में। द वर्ल्ड इज़ नॉट गोइंग टू से यस टू यू ऑल द टाइम। सो इट दे विल एक्सपेक्ट बाउंड्रीज। वर्ल्ड विल एक्सपेक्ट डिसिप्लिन। घर में आपकी मम्मी कहती थी बेटा जब मन पड़े खा लो। जब मन चाहे उठ जाओ। अब आप जॉब कर रहे हो, अब आप अपनी फैमिली चला रहे हो तो ये नहीं चलेगा। आपको यू हैव टू लिव इन अ स्ट्रक्चर। तो ये
(1:13:00) बच्चे को डिफिकल्ट लगता है। ये हमने आजकल बहुत देखा है। और इसको रिलेशनशिप्स में भी इंपैक्ट पड़ती है। बिकॉज़ यही लड़के या लड़के जब ससुराल में जाते हैं या एक ससुराल भी छोड़ो न्यूक्लियर फैमिली में रहते हैं दे आर नॉट एबल टू मैनेज देयर लाइफ्स। द थर्ड नेग्लिजेंट का आउटकम यह आता है कि यह बच्चे लोनलीनेस, बिंज ईटिंग, सेल्फ हार्मिंग बिहेवियर, सुसाइडल वो होते हैं। बिकॉज़ उनको कोई इमोशनल सपोर्ट ही नहीं मिला है। कोई कनेक्शन ही नहीं है पेरेंट्स के साथ। उनको इमोशनल कोई सपोर्ट नहीं है। तो, बेस्ट पैरेंटिंग स्टाइल इज वेयर देयर इज़ अ परफेक्ट गुड मिक्स ऑफ कंट्रोल एंड
(1:13:35) डिसिप्लिन एज वेल एज वार्मथ एंड रिसेप्टिविटी। मतलब बच्चे को रूल्स देने हैं। बच्चे को कायदे सिखाने हैं। बच्चे को स्ट्रक्चर देना है। बट बच्चे को उस स्ट्रक्चर के अंदर थोड़ा सा फ्रीडम देना है। बच्चे को पैरेंट एज अ पैरेंट देखना है। पेरेंट एज अ फ्रेंड नहीं देखना। अभी जैसे सिंपल एग्जांपल दूं। खाना हमारे घर पे सब लोग साथ में खाते हैं। सब लोग खाने के टाइम साथ में बैठते हैं। यह रूल है। यह सबको फॉलो करना है। पर उसमें बच्चे को कम भूख लगी है तो दो रोटी के बदले एक रोटी खाएगा। उस दिन चलो बच्चा सब्जी नहीं खाएगा कोई बात नहीं बट ब्रॉडर रूल है कि सब साथ
(1:14:13) में बैठ के खाएंगे। यू अंडरस्टुड? सो देयर हैज़ टू बी अ स्ट्रक्चर। गिव मी मोर एग्जांपल्स जो कॉमनली घरों में जैसे आपको टॉयज खेलने के बाद वापस रखने पड़ेंगे। ये रूल है। अभी रखो 10 मिनट बाद रखो। रखने हैं। रूल समझे? तो पेरेंट्स को रूल देना है, स्ट्रक्चर जरूर देना है। उसके बीच थोड़ी बहुत फ्लेक्सिबिलिटी दे सकते हो। और हर फैमिली के ऊपर ये चेंज एव्री फैमिली के लिए। सो यू कैन नॉट गिव इट एज अ रिस्ट्रिक्ट गाइडलाइन। आई रियली विश कुछ ऐसा होता। इट वुड हैव बीन सो इट इज नॉट पॉसिबल। बट इट। जैसे आपके घर में नॉनवेज नहीं खाते। किसी के घर में खाते तो आपके घर में आपके बच्चे
(1:14:55) को रूल है कि हमारे घर में नॉनवेज नहीं आएगा। एंड दैट इज ओके। दैट इज वेरी मच नेसेसरी फॉर द चाइल्ड टू नो कि नहीं मेरे घर में नहीं चलता है। दोस्त के घर में चलता है। तो वहां जाती हूं तो मैं वैसे ही बिहेवियर करूंगी। मेरे घर में मैं ऐसा रहूंगी। यह बच्चे को और सी बच्चे के डेवलपिंग ब्रेन को स्ट्रक्चर नहीं मिलता है। रूल्स रेगुलेशंस नहीं मिलता है। डिसिप्लिन नहीं मिलता है तो बच्चा एक्चुअली अनसेफ फील करता है। तो बच्चे को प्रेडिक्टबिलिटी चाहिए। स्ट्रक्चर चाहिए। बच्चे को रूटीन चाहिए। बिकॉज़ प्रेडिक्टबिलिटी स्ट्रक्चर एंड रूटीन आर
(1:15:27) वेरीेंट फॉर द ग्रोइंग ब्रेन टू फेल सेफ इट इज़ कनेक्टेड टू सेफ्टी। अगर बच्चे को ऐसा नहीं कभी भी खाओ कभी भी उठो कुछ भी करो तो बच्चा डिसरेगुलेटेड हो जाता है। उसको समझ ही नहीं आता। तो रेगुलेशन का सबसे पहला कायदा है कि कंसिस्टेंसी रूटीन अह रूल्स एंड रेगुलेशंस डिसिप्लिन होना चाहिए। बट किस तरह से होना चाहिए? मारपीट के, डरा के, धमका के, इमोशनल ब्लैकमेल करके, गिल्ट ट्रिप करके नहीं। कितनी मम्मीियां बच्चों को खिलाती है। तूने नहीं खाया ना, तो मैं भी भूखी रह जाऊंगी। व्हाट इज दिस? दिस इज रॉन्ग। नहीं, तुम्हें खाना है। अभी नहीं है। भूख लगे तब खाओ, खाना
(1:16:06) रखा है। भूख लगे तब खा लो। या तो फिर आप कहो कि नहीं आपको अभी खाना है पर जितना मन का है उतना खाओ। या तो अभी मत खाओ बाद में खाओ बट या तो सो यू नो दीज़ आर इट डिपेंड्स फ्रॉम पर्सन होमवर्क नहीं करना है तो ठीक है होमवर्क तो आपको अगर नहीं करना है तो फिर टीचर को जाके आप फेस करोगे मैं एक्सक्यूज नहीं दूंगी कॉन्सिक्वेंसेस आजकल पेरेंट्स बच्चे को फेल नहीं होने देते होने दो फेल तो उसको पता चले व्हाट इज फेलियर तो बच्चे को कॉन्सिक्वेंसेस दो जो पैंपर्ड ओवर प्रोटेक्टिव बच्चों को कॉन्सक्वेंसेस नहीं मिलते क्योंकि मां-बाप ने उनको इतना प्रोटेक्ट किया है कि बच्चा
(1:16:44) बच्चा कभी गिरा नहीं है। बच्चे ने कभी कुछ गलत नहीं किया है। बच्चे ने गलती नहीं की है। तो फिर बड़े हो के बड़ी गलती हो जाती है तो वो संभाल नहीं पाता। तो मैं कहती हूं गिरने दो। आपको पता है कि बच्चा अभी भागेगा ना गिरने वाला है। तो गिरने दो एक बार मत टोको। खुद सीखेगा वो गिर के। हम तो जब बचपन में गलतियां करने देते हो तो छोटी गलतियां होती है पर उससे सीख बड़ी होती है। जब आप छोटी गलतियां नहीं कर दे करने देते हो बच्चे को उसकी फ्रीडम नहीं देते हो तो दे डोंट लर्न हाउ टू ओवरकम मिस्टेक्स देन व्हेन दे ग्रो अप दे मेक बिग मिस्टेक्स देन दे हैव नो लर्निंग एंड
(1:17:18) नो कॉन्फिडेंस यू नो जी इट्स सो ब्यूटीफुल दैट वी आर टॉकिंग अबाउट स्ट्रक्चर एक बच्चे को स्ट्रक्चर देना बहुत जरूरी है नाउ द अपकमिंग कन्वर्सेशन इन इंडिया जो अब होने वाली है जो वेस्ट में बहुत टाइम से चल रहा है होम स्कूलिंग वर्सेस सेंडिंग टू अ स्ट्रक्चर स्कूल फॉर्मल स्कूल्स व्हाट डू यू थिंक इज राइट फॉर अ चाइल्ड होम स्कूलिंग स्कूलिंग और द फॉर्मल स्कूलिंग। सी आई हैव नो एक्सपीरियंस ऑफ़ होम स्कूलिंग एंड आई एम नॉट एन एजुकेटर। बट आई विल गिव एन ओपिनियन पर्सनल ओपिनियन आई बिलीव इज़ स्कूल इजेंट। बट वि स्कूल इज़ मतलब स्कूल में अगर टीचर गाली गलौज कर रही है, मारपीट
(1:17:52) कर रही है, धमकी दे रही है, अगर टॉर्चर कर रही है, बच्चे को बुलिंग है, रैगिंग है तो दैट स्कूल इज़ नॉट ओके। बट अदरवाइज अ हेल्दी स्कूल मॉन्टेसरी वर्ल्ड ऑफ या जो भी जहां पे थोड़ा बच्चे को फ्लेक्सिबिलिटी है बट स्ट्रक्चर भी है दैट इज गुड एंड आई बिलीव इन स्कूल बिकॉज़ इट्स नॉट जस्ट एजुकेशन स्कूल में आप बच्चों के साथ अलग-अलग बच्चों के साथ इंटरेक्ट करना सीखते हो स्कूल में आपको पता है कि सर्टेन टाइम पे सर्टेन चीज होनी चाहिए आप बुली के साथ भी डील करते हो आप कॉन्फिडेंट बच्चे के साथ भी डील करते हो आप शाय बच्चे के साथ भी डील करते हो सोशल स्किल्स आपकी
(1:18:25) बढ़ती है स्कूल में कितनी एक्टिविटीज होती हैं स्कूल में बहुत सी एक्सपोज़र्स मिलती हैं जो घर में आप नहीं दे पाओगे। एटलीस्ट मेरा मानना है। तो रीति जी आज के इस कॉन्वर्सेशन में द इंटेंशन वास टू एक्सप्लोर वेयर डू द प्रॉब्लम्स विथ द वे आई एम टुडे स्टार्ट। वो हमने एक्सप्लोर करते-करते अपने आज के बीइंग पर, अह चाइल्डहुड ट्रॉमाज़ पर, नर्वस सिस्टम पर एंड वी द होल कन्वर्सेशन टच्ड अपॉन द वाइज़, द हाउस एंड व्हाट इज़ द वे फॉरवर्ड। एंड इट्स इट्स बीन अ वेरी एनरचिंग कन्वर्सेशन फॉर मी अह नाउ एज यू आर नियरिंग टुवर्ड्स दी एंड ऑफ़ दिस कन्वर्सेशन देअर सो मच दैट कैन बी टॉक विथ
(1:19:04) यू अबाउट दिस टॉपिक एंड यू आर सो पैशनेट अबाउट इट एंड एंड एज एम आई बट मूविंग टुवर्ड्स दी एंड ऑफ़ दिस कन्वर्सेशन एक सवाल है जो मैं अपने सभी गेस्ट से पूछती हूं दैट इज़ देयर डेफिनेशन ऑफ़ सक्सेस? नाउ इन दिस स्पेस ऑफ़ चाइल्डहुड ट्रोमा, व्हाट इज़ योर डेफिनेशन ऑफ़ सक्सेस? फॉर समवन हु इज़ वर्किंग ऑन देयर ट्रोमा। और इज़ जस्ट ट्राइंग टू अंडरस्टैंड हु आई एम एट दिस पॉइंट इन माय लाइफ। फॉर मी सक्सेस इज़ इफ एट एवरी नाइट इफ आई कैन गो टू बेड पीसफुली विथ अ जेन्युइन थॉट ऑफ़ ग्रेटट्यूड दैट इज़ सक्सेस। ग्रेटट्यूड कुड बी फॉर माय लाइफ, फॉर माय रिलेशनशिप्स, फॉर माय मनी, फॉर माय करियर,
(1:19:45) फॉर माय बुक, फॉर माय चिल्ड्रन, एनीथिंग। बट इफ आई एम एबल टू डू दैट गेट अ गुड नाइट स्लीप विदाउट ओवरथिंकिंग एंड एट द एंड ऑफ द डे आई फील के थैंक यू मी एंड थैंक यू टू ऑलमाइटी फॉर एवरीथिंग हां एंड दिस थैंक यू कुड बी फॉर एवरीथिंग फॉर दी अप्स एंड डाउन्स बिकॉज़ डाउन्स आर आल्सो लेसंस अप्स आर आल्सो लेसंस सो फॉर मी आई नो इट साउंड्स वेरी सिंपल एंड मे बी क्लशेड एंड ओवरेटेड बट फॉर मी अ गुड डे इज़ दैट एंड गुड सक्सेस इज़ दैट कि मैं जेनुइनली दिल से यहां से नहीं नॉट एस अ चेक लिस्ट बट दिल से जब मैं सो रही हूं रात को तो मुझे ऐसा लग रहा है हां इट वास अ गुड डे एंड आई एम
(1:20:24) सो ग्रेटफुल दैट दिस वन मोर डे वाज़ गिवन टू मी इन माय लाइफ। आई थिंक हियर यू हैव गिवेन वन मोर सटल असाइनमेंट टू एवरीवन कि सोने से पहले थोड़ा चेक करो कि मेरा इमोशनल स्टेट क्या है? मैं ग्रेटट्यूड जेन्युइनली फील करता हूं या मैंने ये बहुत अल्स देख देख के सीखी है कि आई हैव टू बी ग्रेटफुल। नो बट जेनुइनली आपके बॉडी में आपको सेलर लेवल पे नर्वस सिस्टम लेवल पे फिजिकल लेवल पे अपनी हार्ट बीट के लेवल पे अपने मेंटल स्टेट के लेवल पे क्या ग्रेटट्यूड फील हो रहा है और अगर हो रहा है तो आपको पता होगा कि हो रहा है और नहीं हो रहा है तो आपको पता होगा कि
(1:20:57) नहीं हो रहा है यू नो मे बी वी कांट गिव 10 क्लियर कट मार्कर्स फॉर दैट बट यू वुड नो एंड एंड फॉर ट्रोमा आई वुड से दैट फॉर मी द एबिलिटी टू बी योरसेल्फ टू स्पीक योर ट्रुथ विदाउट फियर इज सक्सेस इन एनी एरिया ऑफ़ लाइफ। एंड आई हैव डन दैट जर्नी। आई हैव गॉन थ्रू दैट फायर। आई वास समबडी हु हैव लिव्ड्स थ्रू इयर्स ऑफ इनफीरियोरिटी कॉम्प्लेक्स, पुअर सेल्फ वर्थ बीइंग अ पीपल प्लीज़र, ऑलवेज अफ्रेड ऑफ़ जजमेंट। एंड आई हैव कम दिस फार वेयर टुडे। आई आई स्पीक व्हाटएवर इज इन माय हार्ट एंड माइंड। विदाउट एनी फियर। फॉर मी, आई थिंक दैट इज ऑथेंटिसिटी एंड
(1:21:38) सक्सेस। सो व्हेन यू आर वाइब्रेटिंग एट अ फ्रीक्वेंसी वेयर योर इनर वर्ल्ड इज़ अलाइंड विथ व्हाट यू आर गिविंग इन दी आउटर वर्ल्ड एंड इट डज़ कम विथ सम प्राइस सो आई हैव हैड पीपल हु सेज़ ओह माई गॉड यू हैव टू बी लिटिल मोर पॉलिटिकली करेक्ट यू नो लाइक हाउ कैन यू जस्ट स्पीक लाइक दिस लाइक हाउ कैन यू जस्ट से लाइक दिस यू हैव टू बी मोर केयरफुल सो आई डू गेट दैट फीडबैक आई हैव क्लाइंट्स हु समटाइम्स रन अवे जस्ट बिकॉज़ आई हैव बीन वैरी ऑनेस्ट विथ देम बट दैट इज़ अ स्माल प्राइस एंड आई एम ओके टू पे दैट प्राइस अब्सोलुटली | बट दैट्स हु आई एम एंड दैट्स
(1:22:09) हु आई बिलीव इन ऑथेंटिसिटी। द करज टू स्पीक माय ट्रुथ, द करेज टू लिव माय ट्रुथ एंड द करेज टू आल्सो एक्सेप्ट व्हेन आई हैव डेविएटेड एंड फॉल्टर्ड एंड दैट आई थिंक दैट ऑथेंटिसिटी इज़ अ लाइफ लॉन्ग जर्नी। फॉर एव्रीवन इट इज फॉर एव्री। सो फॉर मी दैट इज सक्सेस। यू नो, व्हेन यू आर शेयरिंग ऑल दिस आई एम लिसनिंग सो मच ऑफ़ माय ओन लिव्ड एक्सपीरियंस इन योर जर्नी बिकॉज़ एनीबड़ी हु हैज़ गॉन थ्रू दिस जर्नी यू नो बीइंग एबल टू स्पीक देयर ट्रुथ। लाइक दिए आर एपिसोड्स दैट आई हैव डन वेर आई हैव टॉकड अबाउट माय फादर्स एडिक्शन एंड माई जर्नी ऑफ़ बीइंग रेस्ड इन
(1:22:45) सच अ डिस्फंक्शनल फैमिली। देयर एपिसोड्स वेयर आई हैव टॉकड अबाउट माय ओन रिलेशनशिप इशूज एंड स्टफ लाइक दैट एंड सम पीपल डु से दैट यू नो दे सी इट फ्रॉम अ पॉइंट ऑफ व्यू क्या कहेंगे पब्लिसिटी के लिए कर रही है पीपल से इट्स ओके आई मीन इट्स ओके यू फॉर व्हाट इज योर ऑथेंटिक रियलिटी एंड व्हाई यू आर डूइंग व्हाट यू आर डूइंग एंड एज़ लॉन्ग एज़ वन कैन डू दैट एंड दे नो व्हाट इज द प्राइस दे आर पेइंग फॉर इट लाइक टुडे आई नो इफ आई डू अ वैरी सेंसेशनल वेरी यू नो दैट काइंड ऑफ़ अ पॉडकास्ट इट मे गेट बिगर आइबॉल्स इट मे गेट बिगर बिगर नंबर्स बट आई नो माय ऑथेंटिक ट्रुथ इज दोज़
(1:23:19) 10,000, 20,000, 50,000 पीपल वाचिंग माय पॉडकास्ट एंड एंड दे जेनुइनली फाइंड हीलिंग थ्रू दिस कन्वर्सेशन एज दे वुड डीएम मी ऑन Instagram दे वुड राइट इन द YouTube सेक्शन कि मेरे को ऐसा लगा कि मेरा थेरेपी सेशन हो गया। मैं बहुत लाइट फील कर रहा हूं। मेरे लिए वो एक एक सेंस ऑफ़ यू नो इंपैक्ट एंड अचीवमेंट फील होता है। मुझे दैट माय एफर्ट्स आर बीइंग पेड ऑफ वेल। तो दैट्स व्हाट यू यू आर सेइंग कि अपना एक प्राइस है। तो खुद के साथ ही सोना है ना। रात को तो खुद के विचारों के साथ ही सोना है। खुद के कॉन्शियस के साथ ही हमें जीना है।
(1:23:48) अब्सोलुटली। तो वहां पे अगर कोई फेकनेस इन ऑथेंटिसिटी आई तो कहां जाएंगे हम? दूसरों से तो भाग सकते हैं। दुनिया से भाग सकते हैं। पर खुद से तो कब तक भागेंगे ना? नहीं भाग सकते हैं। वो भी एक एक रियलिटी है। यू नो खुद आपके साथ मतलब योरसेल्फ कैचेस अप विद योर वर्जन ऑफ़ दैट इज रनिंग। अब्सोलुटली। यू नो ये ये चोर पुलिस की लड़ाई में आप पकड़ ही लेते हो खुद को और फिर आप जकड़े जाते हो हर तरीके से और फिर उसको कैसे सॉल्व करना है समथिंग दैट वी स्पोक इन दिस एपिसोड रिरी जी थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग मी फॉर दिस कन्वर्सेशन दिस वाज अ लॉन्ग वेट वी वर इन टच विद यू फ्रॉम
(1:24:23) लास्ट टू टू एंड हाफ इयर्स आई रिमेंबर व्हेन आई स्टार्टेड द पडकास्ट एंड हाफ इयर्स एगो बहुत शुरू के नामों में आपका एक नाम था आई एम सो ग्लैड दैट वी वर एबल टू हैव दिस कन्वर्सेशन व्हेन द व्हेन एव्रीथिंग वाज अलाइन यस यस एंड आई वुड से टू योर व्यूअर्स इफ यू हैव यट बॉट प्लीज डु बाय माय बुक। अह इट डस टॉक ऑफ चाइल्डहुड ट्रोमा। इट टॉक्स ऑफ पेरेंटिंग स्टाइल्स। इट अल्सो टॉक्स ऑफ हाउ योर ट्रोमा इम्पैक्ट्स योर पेरेंटिंग स्टाइल। एंड इट हैज़ अ लॉट ऑफ सेल्फ रेगुलेशन टेक्निक्स आई हैव टॉट इन दिस। सो, इफ यू हावंट गोट योर कॉपी, डु गेट इट। आई नो दिस
(1:24:55) पॉडकास्ट इज़ नॉट फॉर प्रमोटिंग माइ बुक। बट, आइ वुड लाइक टू टॉक अबाउट इट, बिकॉज़ दिस बुक इज़ रिटन विथ द इंटेंशन टू हेल्प पेरेंट्स, अंडरस्टैंड देमसेल्व्स बेटर। वी विल पुट आ लिंक टू, दिस बुक अल्सो इन आवर डिस्क्रिप्शन बॉक्स। प्लीज डू गिव अस दैट लिंक एंड व्यूअर्स कैन फाइंड रिडी त्रिवेदी जी ऑन वेरियस सोशल मीडिया प्लेटफार्म शी इज़ आल्सो बिल्डिंग अ YouTube चैनल नाउ सो दैट डिटेल्ड लर्निंग कैन हैपेंड नॉट द लर्निंग दैट हैप्पेंस थ्रू जस्ट द रील्स बट आल्सो डिटेल कन्वर्सेशन एंड डिटेल दिस थिंग प्लीज सपोर्ट हर YouTube चैनल एज वेल एंड अगर आप
(1:25:25) अब तक ये कन्वर्सेशन को सुन रहे हो तो आई एम श्योर बहुत सारी चीजों ने आपको टच किया है कहीं ना कहीं आपको लगा है कि दिस कन्वर्सेशन हैज़ दी पोटेंशियल टू हील यू एंड इफ इट हैज़ दैट पोटेंशियल दैट मींस इट हैज़ द पोटेंशियल टू हील योर फ्रेंड, द नेक्स्ट पर्सन अह दैट यू फील इज़ अनसेटल्ड इन देयर लाइफ। सो, डू शेयर दिस कन्वर्सेशन विथ एटलीस्ट टू पीपल इन योर लाइफ। जिनको हीलिंग की जरूरत है, जिनको खुद को बेहतर समझने की जरूरत है। जो अपनी लाइफ में कुछ पैटर्न्स में स्टक हैं, जो अपनी लाइफ में अच्छे रिलेशनशिप नहीं क्रिएट कर पा रहे हैं। अच्छे करियर्स नहीं क्रिएट कर पा रहे
(1:25:56) हैं। एक सेटल्ड एक्सपीरियंस ऑफ़ सेल्फ नहीं फील फील कर पा रहे हैं। उन लोगों के साथ जरूर यह कन्वर्सेशन शेयर कीजिए। बिकॉज़ यू हाव नो आइडिया हाउ लिसनिंग टू दीज़ हीलिंग कन्वर्सेशन कैन रियली लाइक दिस इस थेरेपी फॉर फ्री, दिस इस कोचिंग फॉर फ्री। हाउ दिस कैन कंप्लीटली शिफ्ट द पर्सपेक्टिव ऑफ़ अ पर्सन। अह इफ यू लाइक द वर्क दैट वी आर डूइंग हियर एट द जर्नी विद इन पॉडकास्ट। डु सपोर्ट द चैनल। सब्सक्राइब टू द चैनल। प्रेस द बेल आइकॉन। आप में से बहुत सारे लोग कमेंट में लिखते हैं कि मैडम नार्सिसिज्म पे एपिसोड बनाइए। इस टॉपिक पे बनाइए। हम हर एक टॉपिक पे आई कैन गारंटी
(1:26:30) यू पांच एपिसोड से ज्यादा कर चुके हैं क्योंकि हम लोग अभी 200 एपिसोड से ज्यादा कर चुके हैं। सो डु वाच द यू नो अह पॉडकास्ट लाइब्रेरी फॉर वाचिंग अदर पॉडकास्ट एज वेल। अह लाइक, कमेंट, एंड शेयर। अल्सो गिव हाई पॉइंट्स टू दिस अह पॉडकास्ट सो इट रीचेस आउट टू मोर पीपल। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार इन दिस जर्नी। आइ रियली होप ड्यात टुगेदर वी विल बी एबल टू मास्टर आवर इनर वर्ल्ड। थैंक यू अगेन। आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन।
No comments:
Post a Comment