The Dark Truth of Dubai Modeling: Waahiid Ali Khan EXPOSES "Candy Girls" & Illegal Agencies| Podcast
Author Name:Hindi Rush
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Transcript:
(00:06) ये मॉडल्स ये प्यारी-प्यारी खूबसूरत लड़कियां कैसे जाती हैं दुबई उतरती हैं बिजनेस क्लास से Rang Rover Rolls Ryce Mercedes Benz इनके स्वागत के लिए खड़ी रहती हैं। दुबई की मॉडर्न एजेंसीज इनको बुलाती हैं। फाइव स्टार लैविश लाइफ जीतती हैं यह वहां जाकर और यह शूट के नाम पे ज़ीरो आप यकीन कीजिए हर्ष जिस लड़की के पास बॉम्बे में रेंट देने को पैसा नहीं होता था आज वो 3 बीएचके में बांद्रा में रह रही है 15-15 दिन रहते काम के नाम पे इनके पास कुछ भी नहीं है जी कहां से आ रहा है सिक्स सीरीज BMW 2019 के बाद हम जब ये बुकी सब इंडिया से गए
(00:49) हम दुबई में एक पार्टी रखी ठीक है और उस पार्टी में आपने एक क्लब के अंदर टेबल बुक किया अब टेबल बुक करने का दुबई में 8 से ₹1 लाख लगता है किसी अच्छे क्लब में। तो ये टेबल तो बुक कर लेते हैं। टेबलों में रौनक कैसे आती है? ओके। लड़कियों के द्वारा जी। खूबसूरत लड़कियों के द्वारा वो लड़कियां घुलमिल जाती है। ड्रिंक करती हैं, ड्रिंक कराती हैं। उनके साथ ऐसा बिहेव करती हैं कि वो सालों के दोस्त हैं। हकीकत में ऐसा नहीं होता। हकीकत कुछ और है। क्राइटेरिया ये होती है कि इनकी मजबूरी कईयों को ट्रैप भी किया जाता है। कईयों को ब्लैकमेल किया
(01:21) जाता है। बच्चों को जो 20 19 20 21 साल के 22 साल के बच्चे हैं जो कॉलेज में पढ़ रहे हैं या कोई स्ट्रगलिंग कर रहा है। कोई स्ट्रगलिंग मॉडल है। कोई स्टेनिंग एक्टर है उनको देते हैं। ये सस्ती दवा सस्ती टेबलेट। तब इनसे वो कराया जाता है जो शायद आप और मैं सपने में भी नहीं सोच सकते। जो सुना जो सुना वो जो सुना वो सुना जो रिपोर्ट्स में आया होगा जो पेपर्स में आए होंगे उसी के आधार पे लोगों ने पिक्चर बनाई देखिए मटका किंग एक ही था हिंदुस्तान में रतन खत्री ये जो दिखाया गया ना आई डोंट बिलीव इन रतन खत्री वास अ पर्सन हु वाज़ बिहाइंड दिस ऑल
(01:59) दिस ऑपरेशंस एंड एवरीथिंग वॉइस सर फर्स्ट ऑफ ऑल थैंक यू सो मच आने के लिए। पिछला पडकास्ट तो जानते हैं किस तरह से तूफान लेकर आया था। इस बार भी काफी कुछ बात करने की कोशिश करेंगे। लेकिन मेरा सबसे पहला सवाल यही है कि आपकी रिसेंटली मैंने एक रील देखी। बहुत वायरल हुई है। क्या खुलासा है सर? क्या आप करने वाले हो जिसका सब लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। थैंक यू वेरी मच फॉर हैविंग मी अगेन। आपका तहे दिल से शुक्रगुजार हूं कि आप एक प्लेटफार्म मुझे देते हैं जहां पर मैं बेबाक तरीके से अपनी राय को रख सकता हूं। थैंक्स टू पिंकविला हिंदी रश जिन्होंने
(02:42) इतना अच्छा प्लेटफार्म क्रिएट किया हुआ है कि लोग आकर यहां अपनी राय रख सकते हैं। सही क्या गलत क्या आज आपके माध्यम से लोगों तक पहुंचा सकते हैं। जी अब रही बात आपके सवाल की तो मैं ये कहना चाहूंगा कि ये मॉडल्स ये प्यारी-प्यारी खूबसूरत लड़कियां कैसे जाती हैं दुबई? उतरती हैं बिजनेस क्लास से Rang Rover RZ Ryce Mercedes Benz इनके स्वागत के लिए खड़ी रहती हैं। वो बैठती हैं फाइव स्टार होटल में चेकिंग करती हैं। शॉपिंग करती हैं और जब भी पूछो कहां जा रही हो? मैं शूट पर जा रही हूं। अब अल्लाह जाने भगवान जाने ऐसा शूट कौन सा है यार।
(03:27) जी तो मुझे शुरू से ही ये बात खटकती थी कि ये हो क्या रहा है? चल क्या रहा है? दुबई की मॉडल एजेंसीज इनको बुलाती हैं फाइव स्टार लैविश लाइफ जीती हैं ये वहां जाकर और ये शूट के नाम पे जीरो। आप प्रोफाइल देखेंगे ना तो शूट कुछ नहीं होता वहां पर। कुछ शूट नहीं होता। सिर्फ ये पांच छ दिन वहां घूम के आ जाती हैं चार दिन। और यह वो लड़कियां हैं जिनका बैकग्राउंड आप देखेंगे ना तो मुंबई से कोलकाता तक की टिकट काटने के लिए इनको 10 बार सोचना पड़ता था। ओके तो आज हाईली डिमांड हो गया है इनका। मॉडल एजेंसीज चाहे वो दुबई में हो नाम का खुलासा अभी नहीं करूंगा।
(04:06) वक्त आने दीजिए। चाहे मुंबई में हो, मुंबई में हो, चाहे दिल्ली में हो। यह मॉडलिंग एजेंसीज के ओनर आज सीधा अगर खुले तौर पर बोलूं तो एक बनकर रह गए हैं। ओ जो यहां से लड़कियां लेकर जाते हैं विजिटिंग वीजा पे दो-तीन दिन लड़कियों को घुमाते हैं और उनसे ये दुष्कर्म करवाते हैं और वो यहां आकर टू बैडरूम थ्री बैडरूम फ्लैट्स खरीद लेती हैं। BMW गाड़ियां खरीद लेती हैं और एक लैविश लैब उनको मुझे उनके जीने से कोई प्रॉब्लम नहीं है। ये आपकी आपका सोच है, आपका शरीर है। आपको जो करना है करिए। मुझे सिर्फ इस चीज को दिखाना है कि ये मॉडलिंग
(04:48) एजेंसीज वाले किस तरह एक्सप्लइट कर रहे हैं इन लोगों को। ओके। आप यकीन कीजिए हर्ष जिस लड़की के पास बॉम्बे में रेंट देने को पैसा नहीं होता था। आज वो थ्री बीएचके में बांद्रा में रह रही है। एक लड़की को तो मैं पर्सनल तौर पर जानता हूं जो पांच बीएचके के घर में रह रही है। बांद्रा में और कोविड याद होगा आपको? जी। जब हजारों लोग अपनी जान गवा रहे थे। उस समय चार्टर प्लेन से वो दुबई और लंदन जाती थी। ओके। आशीर्वाद था बुकीज़ का क्रिकेटर। देखिए क्रिकेट बुकीज़ भी इसमें अहम निभाते हैं लोग। इस सेम इसमें इसी से जुड़े हुए हैं। पूरा देखिए ये एक
(05:22) दरख्त है। उसकी अलग-अलग शाखे हैं। जो दरख्त का जो मेन है वो है ये एजेंसीज जो अलग-अलग जगह पे इनको सप्लाई करते हैं। क्रिकेट बुकीज़ को इन लड़कीज़ की जरूरत है। हम फिर जो वहां पे बैठे हुए स्कैमर्स हैं, कॉल सेंटर्स चलाने वाले लोग हैं उनको जरूरत है इन देशों में। हम तो ये लड़कियों को वहां तक पहुंचाते हैं। और पहुंचने के बाद लड़की ऐसी जिंदगी देख लेती है जो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। हम ओके। और फिर उसको उसकी आदत लग जाती है। सर जो यह आप बता रहे हैं यह जो हम देखते हैं Instagram पे जो स्पॉटिंग हम देखते हैं, चीजें देखते हैं क्या उन सब से
(05:58) रिलेटेड है ये? मैं आपको गारंटी से बोल सकता हूं कि 99.99% जो आप देखते हैं ये सब चीज ये सिर्फ दिखावा है। ओके। इसकी आड़ में कुछ और है। अर्श इसकी आड़ में पैसा है। इसकी आड़ में चकाचौंध है। इसकी आड़ में वो रंगलियां हैं जो वहां पे बैठे हुए बुकीज़ बनाते हैं और इन लड़कियों को एक्सप्लइट करते हैं। इन ये लड़कियां बहुत गरीब परिवार से आती हैं। ये लड़कियों का किया जा रहा है। मेरे पास वो लड़कियों के नाम है, Instagram आईडी है, प्रूफ है लेकिन मैं दिखा नहीं सकता क्योंकि मैं उनको एक्सप्लइट नहीं करना चाहता। लेकिन हां उन एजेंसीज को जरूर करना
(06:37) चाहता हूं जो इनको इनसे फायदा उठा रही हैं। वक्त आने पे करूंगा। जी जी ये चीजें तो पहले से भी होती रही होंगी। अचानक से आपका अब डिमांड बढ़ गया है। देखिए 2019 के बाद जब ये बुकी सब इंडिया से गए तो वहां पर उनके पास कुछ है नहीं। नाइट लाइफ में वो पब क्लब जाते हैं और फिर क्या करेंगे? वहां पे भी डांस बार है। डांस बार जाते हैं। लेकिन वहां पे रिस्ट्रिकशंस है। डांस बार की लड़की बाहर नहीं जा सकती। अच्छा। उसके हैवी पैसे होते हैं। कई लड़कियों की मर्जी होती है। वो मना भी कर सकती है। तो ये इजी कैसे लें? भारतीय हैं इनको भारतीय लड़कियां चाहिए। तो लड़कियां
(07:10) यहां से अब जाने लगी। वहां पे सप्लाई होने लगी। ओके। सर वैसे आप भी काफी बार दुबई जाते रहते हैं। तो ये चीजें आपने कब महसूस किया? आंखों से देखी हैं। ओके। देखिए दुबई हो या मुंबई यहां पे एक अलग चलन है जिसको बोलते हैं कैंडी गर्ल्स। कैंडी गर्ल्स। ओके। ये कैंडी गर्ल्स का काम क्या होता कि आपने दुबई में एक पार्टी रखी। ठीक है? और उस पार्टी में आपने एक क्लब के अंदर टेबल बुक किया। अब टेबल बुक करने का दुबई में 8 से ₹1 लाख लगता है। किसी अच्छे क्लब में छोटे क्लब में 2 लाख भी लगता है। हम वैसे ही आप मुंबई आ जाए तो मुंबई में अगर आप किसी अच्छे क्लब में जाएंगे तो वहां पे
(07:46) 2 लाख में भी टेबल मिलता है। 1 लाख में भी मिलता है। 500 में भी मिलता है। तो ये जो बाहर के लोग आते हैं जो बुकीज़ होते हैं जिनके पास ईजी मनी होता है। तो ये टेबल तो बुक कर लेते हैं। लेकिन टेबल में रौनक लाने के लिए क्या करें? टेबलों में रौनक कैसे आती है? ओके। लड़कियों के द्वारा जी। खूबसूरत लड़कियों के द्वारा, शॉर्ट्स पहनी हुई, प्यारी-प्यारी क्यूट दिखने वाली लड़कियों के द्वारा। अब ये लड़कियां कहां से आएंगी? तो उसकी एजेंसीज बनी हुई है। अब वो एजेंट आपके पास आएगा। आप उसको संपर्क कीजिए और वो आपको बोलेगा कि लड़की आपके साथ रात के
(08:19) 9 10 से लेकर 2:00 बजे तक रहेगी आपके पार्टी में आपके टेबल में। ओके। इतना चार्ज होगा। अच्छा सिर्फ साथ बैठने का। सिर्फ साथ बैठने का, ड्रिंक करने का। मैं नहीं बोलता कोई गलत काम करने का। हां। वो बाद में अगर इक्वेशन चेंज हो जाए तो बात अलग है। ओके। दोस्ती हो जाए, कोई मेल मिलाप हो जाए, नेगोशिएशन हो जाए तो बात अलग है। लेकिन वो जो डीलर है, जो सप्लायर है उसका काम यही है कि वह फिलहाल वो शुगर कैंडी को वहां पे परोसना ओके। और वो शुगर कैंडी को परोस देता है। परोसने के बाद वो लड़कियां घुलमिल जाती है, ड्रिंक करती है, ड्रिंक कराती हैं।
(08:50) उनके साथ ऐसा बिहेव करती हैं कि वो सालों के दोस्त हैं। हकीकत में ऐसा नहीं होता। हकीकत कुछ और है। तो ये जो चलन अभी नया शुरू हुआ है, मैं ये चीजें दिखाना चाहता हूं। आपको बता दूं कि मैं पिछले 22 23 साल से ऐसी चीजों को एक्सपोज करता आया हूं। मुंबई में डांस बार का सच हो, चाहे पिकअप जॉइंट का सच हो, चाहे वो बोथल का सच हो, चाहे वो पेट्रोल का सच हो, डीजल का सच हो, इललीगल कंस्ट्रक्शन का। मैं हमेशा से दिखाता आया हूं। तो मुझे ये दिखाना मेरा मेरा फर्ज समझता हूं कि लोग देखिए जिग्लो का सच हो। मुंबई में भारत में किसी को मालूम नहीं था
(09:23) कि जिग्लोस क्या होते हैं। राइट? वो मैंने इंडिया टीवी में आज से करीबन 15 साल पहले चलाया था कि जिगलस भाई ऐसे होते हैं कि जो इनको लड़कियां लेके जाती हैं अपने साथ। जी राइट। तो ये सब खुलासा करने में मुझे बहुत मजा आता है। बहुत शौक आता है। अंडर वर्ल्ड का खुलासा मैं करता हूं। तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है, आनंद लगता है और मैं अपने आपको प्राउड फील करता हूं कि कुछ ना कुछ तो अच्छा काम कर रहा हूं यार। धमकियां आती है डर डर लगता है लेकिन फिर भी जिंदगी चल रही है। सर ये जैसे आपने कैंडी गर्ल्स की बात की तो क्या इस लड़के भी सप्लाई होते हैं या?
(09:53) ऑफ कोर्स बोथ दिस ओके लड़कियां जो होती हैं जो बाहर से आती है पार्टी करने मान लीजिए दिल्ली से पार्टी करने बॉम्बे आ रही हैं गुजरात से पार्टी करने आ रही हैं बंगाल से पार्टी करने आ रही है लड़कियों का ग्रुप चार लड़कियां पांच लड़के आ रहे इनको भी कैंडी बॉयज चाहिए तो कैंडी बॉयज की भी सप्लाई यही एजेंसीज करती हैं देखिए आप किसी को जानते नहीं हैं। आप एक अनजान शहर में आ रहे हैं। मान लीजिए आप दिल्ली से मुंबई आ रहे हैं और मुंबई में आपको चाहिए अच्छा फन एंटरटेनमेंट तो आपको चाहिए अगर लड़का है तो लड़की चाहिए। लड़की है तो लड़का चाहिए वो तो छोड़िए से गेस है तो
(10:25) गेस भी चाहिए आजकल गेस भी मिल रहे हैं ऑनलाइन ओके आजकल बाईसेक्सुअल भी मिल रहे हैं गे लाइन जो चाहिए आपको हम मुंबई में हर चीज अवेलेबल है दुबई में हर चीज अवेलेबल है दिल्ली में हर चीज अवेलेबल है इनके सप्लायर्स आज लाखों नहीं करोड़ों रुपए कमा के बैठे हुए हैं। ओके सर कुछ रिक्वायरमेंट होती है इनकी कुछ क्राइटेरिया होता है ऐसा कुछ क्राइटेरिया ये होती है कि इनकी मजबूरी कईयों को ट्रैप भी किया जाता है कईयों को ब्लैकमेल किया जाता है कईयों को अपने मेंटेन देखिए आज हर्ष आप जानते हो कि मुंबई जैसे शहर में अगर कोई लड़की ये सपना लेकर आती है कि मुझे हीरोइन बनना है
(11:00) ठीक है तो सबसे पहले यहां क्या चाहिए घर हम घर मिलता है मिनिमम ₹25000 एज अ पीजी भी आप लेने जाओगे अच्छे एरिया में चाहे वो बैंडरा हो चाहे लोखंड वाला आप मेकअप के कपड़े कपड़े मेकअप कपड़े कॉस्ट उसका समझ लीजिए 2025,000 उसके बाद आप ट्रैवलिंग कॉस्ट ऑडिशन पे जाना यह जाना 2025,000 तो मिनिमम एक लड़की को अपने आप को मेंटेन करने के लिए लाख रुपए चाहिए मंथली मुंबई के अंदर नहीं है तो मुंबई आपका नहीं है। तो लड़कियां यहां आती हैं। घर से परिवार से इतनी वो नहीं होती है पावर। राइट। इतना इतना घर वाले बैकअप नहीं दे पाते लेकिन आती है। किसी के द्वारा Instagram के द्वारा
(11:42) कनेक्शन हो गया, किसी का Facebook में कोई मिल गया तो बोले आ जाओ मैं देख लूंगा ये आती है लड़कियां। अब धीरे-धीरे उनको पता चलता है कि यहां सस्टेन करने के लिए आसान बात नहीं है। तो उनको ट्रैप किया जाता है उन लड़कियों को। देखिए मैं बताता हूं। प्लीज ऐसा खुलासा जो मुंबई पुलिस को भी नहीं पता होगा। यह पहली बार मैं आपके चैनल में ये खुलासा करने जा रहा हूं कि लड़कियों को आज की तारीख में कैसे ट्रैप किया जा रहा है। लड़की या लड़कों दोनों को? दोनों को। ओके। रेप पार्टीज चल रही है। हाल ही में आपने सुना होगा कि मुंबई के एक नेस्को में
(12:12) एक ट्रांस पार्टी हुई थी। उसमें दो बच्चों की जान गई। काफी लोग अरेस्ट हुए उसमें। अब बच्चों को जो 20 19 20 21 साल के 22 साल के बच्चे हैं जो कॉलेज में पढ़ रहे हैं या कोई स्ट्रगलिंग कर रहा है। कोई स्ट्रगलिंग मॉडल है, कोई स्टनिंग एक्टर है। उनको देते हैं ये लोग। सस्ती दवा सस्ती टेबलेट। ओके। कुकिंग तो बहुत महंगी है। अब उनको वो आदत पड़ जाती है उन टैबलेट्स की। उनको आदत पड़ जाती है वह टेबलेट लेकर बियर पीने की, नशा करने की। एक दो बार तो यह लोग उनको फ्री में करवा देते हैं। लेकिन जब वो वाकई उस चीज का आदि बन जाता है तब उनसे काम करवाया जाता है। अब आप
(12:49) पूछिए क्या काम? क्या काम? बताइए ना सर। तो दर्शकों मैं आपको बहुत अहम चीज बताने वाला हूं। इनको कहा जाता है कि तुम चले जाओ। वहां पर यह पैकेट सप्लाई कर दो और हम तुम्हें एक हफ्ते का कोटा फ्री में दे देंगे। ओके। चाहे लड़की हो या लड़का हो। और यह बच्चे मासूम जिनको कुछ नहीं मालूम। ये वो मासूम बच्चे वहां पे देखिए मासूम इसलिए कह रहा हूं क्योंकि ये भुक्त भोगी हैं। ये इनको किया जाता है। मजबूरी में उन्हें मजबूर किया जाए। इनको नशे की लत भाई साहब पूरे भारत से बच्चे यहां पढ़ने को आते हैं। एक सपना लेकर आते हैं मां-बाप का सजाने के हम
(13:29) और उनको इन गंदी आदतों में डाला जाता है। यह बच्चे चाहे लड़की हो या लड़का वह पैकेट ले जाता है। हर्ष हम वहां पे खड़ा होता है एक ग्राहक और उस ग्राहक के साथ बहुत सारे केसेस जो मेरे पास आए हैं जो लोगों ने मुझे फोन किया है। उन ग्राहक के साथ एक डुप्लीकेट नकली पुलिस वाला खड़ा होता है। ओके। जैसे ही वो डिलीवर करता है, वह पुलिस वाला उनको पकड़ता है और बोलता है कि तुम ड्रग सप्लाई कर रहे हो। ओ बच्चा हो, लड़की हो, काम जाएगा। लड़ नहीं पाएगा। नारकोटिक्स का केसेस बहुत बहुत महंगा होता है बॉस। क्या करेगा वो? वो तो बिक जाएगा साहब जो बोलिए मैं करने को तैयार हूं।
(14:14) तब ये मॉडल्स के जो सप्लायर हैं उनका रोल आता है। तब इनसे वो कराया जाता है जो शायद आप और मैं सपने में भी नहीं सोच सकते। वहां से ब्लैकमेल तब इंसिडेंट का शुरू होता है और मुंबई में एक नहीं कई बच्चों के साथ ऐसा हुआ है। मेरे Instagram मैसेजेस में बच्चों ने फोन करके रोया है अपनी आइडेंटिटी नहीं बताते हुए आंसुओं से कि सर हमारा यह हुआ है सर। ओके। मुंबई पुलिस को इन ड्रग सप्लायर को उल्टा लटका के मिर्ची की ध्वनि देकर यह पता करना होगा कि कितने ऐसे बच्चों को इस धंधे में आप लोगों ने धकेला है। सर कारवाही के तौर पे क्या हो रहा है? कुछ
(15:02) अपडेट है आपके पास? देखिए एनडीपीएस केस बहुत भारी केसेस है। इसमें बेल मिलना आसान नहीं होता। लेकिन बाकी मैं आपको बता रहा हूं एक गया तो 10 आया। हम एक अंदर गया तो 10 लाइन में दूसरा खड़ा है सप्लायर और ड्रग्स का कारोबार कोई छोटा-मोटा कारोबार नहीं है। ड्रग्स माफिया वर्ल्ड में नंबर वन है। तो इनसे तो पंगा लेना भी बुरी बात है। तो आज जो मैं इनके खिलाफ बात कर रहा हूं। हो सकता है कल ये मेरे खिलाफ कुछ कर दें। तो इनके खिलाफ आवाज उठाने से भी कई लोग डरते हैं। कई छोटे-मोटे चैनल्स या मैं ऐसे एक लोकल चैनल को जानता हूं जो इनके खिलाफ
(15:37) आवाज उठा रहे हैं। दो बच्चे हैं, दो यंग लड़के हैं। हम वो आवाज उठाते थे। उनका Instagram जो मिलियंस ऑफ़ फॉलोवर्स बंद करवा दिया ताकि आवाज ना पहुंचे लोगों को ताकि आवाज ना पहुंचे लोगों में। बहुत देखिए साहब इनके पास बहुत पावर है। सर मुझे यह बताइए ना कि जैसे यह जो आपने एजेंसीज बताई जो दुबई लेकर जाते हैं और सारी चीजें करते हैं तो इनके क्या कुछ क्राइटेरिया कुछ एनडीए वगैरह भी खूबसूरती ओके आपको खूबसूरत होना पड़ेगा। आपको ग्रूमिंग भी ये करा के देंगे। देखिए आज टेक्नोलॉजी ऐसी आ गई है कि हर्ष को मैं और ऊपर खूबसूरत बना सकता हूं। और ज्यादा खूबसूरत बना सकता हूं।
(16:15) आपकी नाक की सर्जरी से लेकर, आपकी आंखों की सर्जरी से लेकर आपकी ये जो लाइन तक बन जाएगी। सिर्फ पैसे होना चाहिए आपके पास। अरे यहां तक सेक्स चेंज हो जाता है से यार। तुम क्या बात कर रहे हो यार? लड़की लड़का लड़का लड़की बन जाते हैं यार। आजकल तो वो मेडिकल का दौर है। करेक्ट। तो इनको ग्रूमिंग की जाती है। गरीब लड़कियों को उठाया जाता है। पहले इनको आदत दिलाई जाती है और फिर उनको अच्छी लैविश लाइफ दिखाई जाती है। जब वो सोचती है कि मेरी सहेली Mercedes से आ रही है और मैं ऑटो से अभी तक क्लब में जा रही हूं तो मुझे भी Mercedes चाहिए। तब इनका रोल शुरू
(16:42) होता है। तब इनको लेके जाया जाता है और बताया जाता है कि चल तू ये पार्लर में जा यहां पे अपने आप को घूम कर। ये वॉक ऐसे करते हैं। कपड़े ऐसे पहनते हैं। ऐसे ट्रैवलिंग करते हैं। पासपोर्ट तक नहीं होता यार। पासपोर्ट ये लोग बनाते हैं। ओके। कई लड़कियों के नाम जो मेरे पास आए उनके पास तो पहले पासपोर्ट भी नहीं था। हम सारी इनकी तरफ से प्रोवाइड किए गए। सब ये बना के देते हैं और फिर जब ये नई तरीके से आपके पास आएंगे हम तो आप खुद नहीं पहचान पाएंगे कि ये कौन है जैसे मैं पहचान नहीं पाता आज भी कि ये कौन है ये वही है जब उनकी पुरानी फोटो मुझे
(17:17) दिखाई जाती है और जो नई फोटो मैं देख रहा हूं आज उनका Instagram में मैं सोच में पड़ता हूं कि ये गलत बात है यार ऐसा हो ही नहीं सकता हम लेकिन ऐसा है चीजें हो रही हैं ये चीजें हो रही है राइट और खुलेआम हो रही हैं सर मैं ये जानना चाहता हूं क्या किसी तरह का इनके साथ कॉन्ट्रैक्ट और साइन भी होता है कि या फिर ये लोग डर के कारण अपनी आवाज नहीं उठा पाती इन सारी चीजों को देखिए एक चीज तो डर होता है जिनको जो लड़कियां इनके ट्रैप में फंस गई ड्रग्स के ट्रैप में फंस गई वो तो डर के ना कारण करेंगी जब तक हो जाए इनके ब्लैकमेल करते रहेंगे और वो ब्लैकमेल
(17:46) होती रहेंगे राइट दूसरी चीज है कॉन्ट्रैक्ट कुछ नहीं होता हम ये सब वर्बली होता है ये सब फोन पे होता है WhatsApp WhatsApp खेलते हैं और फिर जैसे ही डिमांड आया सप्लाई की गई पैसा बांट लिया खत्म अगली बार सोचेंगे क्या करना है सर पैसों का जो रेशियो है वो किस लेवल तक होता है अगर सोच भी नहीं सकते अगर मैं खुल्लम खुल्ला इस चैनल में बोलूं हम तो जिसकी वैल्यू 25000 थी आज 4 लाख है और जिसकी 4 लाख थी आज ₹1 लाख है कहां से आ रहा है सिक्स सीरीज BMW कहां से आ रहा है छह बडरूम का फ्लैट कहां से आ रही है लैबिश लाइफ और यह लड़कियां जो हैं यह सिर्फ
(18:33) जिस्म फरोशी के लिए नहीं जाती। बहुत अलग काम भी हो रहा है। इनके नाम पे दुबई में अकाउंट खोल दिया जाता है। ऑफशोर अकाउंट्स खोले जाते हैं। इनके आईडी को यूज़ किया जाता है और इनके आईडीज के जरिए बहुत सारे पैसों का ट्रांजैक्शन होता है। जिनको कईयों को तो पता ही कईयों को पता भी नहीं होता। ओ आज जो हमारे एजेंसीज बैठी है उनको यह जानकारी रखनी है कि यह लड़कियों के पास जो पैसा आ रहा है यहां पर वो कैसे आ रहा है? कहां से आ रहा है? कौन दे रहा है? कौन है शुगर डैडी? तो सर ये जो मेनली जो दुबई में जो लोग बैठे हैं जो सारी चीजें जिसमें आपने कहा
(19:10) कि बुकीज़ ज्यादातर है तो क्या बुकीज़ ही है या और भी दूसरे देखिए दुबई में ही नहीं हम आज लंदन ओके बैंकॉक थाईलैंड कई लोगों को निकाल दिया तो कई लोग डर के मारे भाग गए हैं जॉर्जिया कई भाग गए हैं लंदन कई भाग गए पोर्चुगल कई भाग गए डोमिनिक रिपब्लिक जहां पे सस्ता पासपोर्ट मिल जाता है कई भाग गए हैं बैंकॉक ऑलराइट राइट। उन के जाने के बाद आज दुबई में बहुत कम लोग बचे हैं जो आज अपने आप को सस्टेन कर रहे हैं जो बहुत हाई प्रोफाइल है। नजर में नहीं आया अभी तक। जी उनके अलावा वहां पे स्कैमर्स हैं। कैसे स्कैमर्स? कैसे? आपने सुना होगा कि कॉल सेंटर में हेलो
(19:51) आपका स्क्रीन ब्लैंक हो गया है। इसको ठीक करना है। ये अमेरिका लंदन फोन करते हैं। पूरा एक्शन में और वहां पे बोलते हैं आपका स्क्रीन ब्लैंक हो गया। आपका मेंटेनेंस करना है। आपके लैपटॉप में प्रॉब्लम है। आपका यह है। अरे गरीबों के जो वहां जो बोलते हैं ना पेंशन के पैसे होते हैं वो खा जाते हैं ये लोग। और एक नहीं दो नहीं मिलियंस में चलता है ये कपड़ा। ऐसे स्कैमर्स बैठे हैं। वहां पर इंडिया से भागे हुए इनकम टैक्स की चोरी, जीएसटी की चोरी, बैंक का हवाला घपला, बैंक का घपला ये सब करके कई लोग ऐसे बैठे हुए हैं। उनको क्या चाहिए जिंदगी में? अकेलापन है। हम
(20:31) कईयों के परिवार उनसे मिल नहीं सकते तो क्या करेंगे? रात को रात भर दारू पीते हैं। क्लबों में जाते हैं, लड़कीबाजी करते हैं, अयाशी करते हैं और दिन भर दवाई खा के सोते हैं। कितने लोगों को तो मैं जानता हूं। लेकिन आ नहीं सकते। आएंगे तो यहां अरेस्ट हो जाएंगे। राइट? इंडियन गवर्नमेंट। सर जैसे कि हम देखते हैं ना आजकल यूथ में जो इन्फ्लुएंसर्स है वो उनके बीच में दुबई को लेके एक अलग क्रेज है। हर कोई वहां पर शिफ्ट होना चाहता है। रीज़ंस मेनली टैक्स को लेकर ज्यादातर सुनने को मिलता है। पर क्या यही फैक्ट है कि लोग का जो अट्रैक्शन है दुबई बनता जा रहा है।
(21:05) देखिए दुबई सुनने में बहुत अच्छा लगता है। हम दुबई लगता है कि बहुत आसान देश है। आसान शहर है। राइट? आपकी लाइफ बहुत अच्छी चलेगी वहां पर। लेकिन मैं आपको बता दूं कि जब तक आपकी आमदनी हम ₹0000 ग्राम मिनिमम दैट इज अराउंड ₹1 लाख नहीं है तब तक आपकी इज्जत दुबई में नहीं होगी। आप लेबर क्लास में होगे। अच्छा वहां पे सस्टेनिंग बहुत महंगी है हर्ष। इट्स नॉट सो इजी। हम दुबई में उतरते साथ ही खर्चा चालू हो जाता है आपका। हम टैक्सी, ट्रेन, होटल्स ये सब महंगे हैं वहां पर। सस्टेन कैसे करोगे? राइट? क्लबों में तो जाना। बाप रे बाप आप यकीन नहीं करोगे कि क्लबों की एंट्री 500 दहम
(21:50) 700 दहम मिनिमम है। दुबई में दुबई में मिनिमम एक से क्लब में भी जाओगे तो 300 400 दहम लग जाते हैं। यार ये ₹10,000 हां एंट्री फीस टेबल बुक करना तो भूल जाओ। मतलब एक आवारा की तरह जाओगे और देखोगे और नाचोगे अकेले और आ जाओगे। अगर दो-तीन लोग जा रहे हो तो खाना खाने जाओगे किसी रेस्टोरेंट में। महंगा है। तो दुबई इज वेरी एक्सपेंसिव। लेकिन फिर भी सेफ है। सेफ है। जो अच्छी तरीके से जिंदगी बिताना चाहता है सेफ है। इसलिए लोगों ने उसको चुना हुआ है। इसलिए वहां पर लोग जाते हैं अच्छी। लेकिन जो न्यू कमर है जिसके पास पैसे नहीं है। अगर आपके पास
(22:26) पैसे नहीं है अभी भी तो डोंट गो टू दुबई। राइट? दुबई इज़ ओनली मेंट फॉर द पीपल हु गॉट मनी। ये मैंने देख चुका हूं। हम्म। मैं बचपन से दुबई जा रहा हूं और जर्नलिस्ट बनने के बाद तो कई बार भी गया। दाऊद की बेटी की शादी में भी गया था कवर करने के लिए। तो मैंने वो सब दौर देखे हैं। हम तो अभी भी इफ यू वांट टू गो टू दुबई पॉकेटफुल होना चाहिए। अच्छा सर एक टर्म है हम रेडिट पे बहुत ज्यादा देखते हैं। सुन पढ़ने मिलता है जिसमें बात की जाए दुबई पोर्टा पार्टी। दुबई को बदनाम करने की। मैं दुबई का कोई ऐसा एंबेसडर नहीं हूं जो मैं आपको दुबई की
(22:59) सफाई दूं। लेकिन जो हकीकत मैं आपको बताऊं मैंने बहुत इन्वेस्टिगेशन किया है दुबई में। हम लेकिन वहां पे पोटा पीटा यह बदनाम करने की कोशिश है सीधा-सीधा ओके आप मुझे बताइए पोटा अगर किसी के ऊपर जुल्म हो रहा है अगर किसी लड़की को बुलाकर कोई आदमी जुल्म कर रहा है तो पुलिस स्टेशन क्यों नहीं जाती है वो राइट एक लड़की के बोलने पे हम तो सारा समाज को आप बुरा नहीं बोल सकते पूरी कंट्री को बुरा नहीं बोल सकते ओके दुबई पहले जो था और आज ह एक्सलेंसी शेख मोहम्मद बिन राशिद के जो गाइडेंस में हुआ है शेख हमदान के गाइडेंस में जो हुआ है टेरेबल चेंज बॉस मैं 25 साल पहले दुबई गया
(23:37) था कुछ नहीं था दुबई में आज आप सब जानते हैं दुबई कैसा है राइट इट्स अ ड्रीम सिटी भाई देखो जहां गुड़ होता है वहीं मक्खी बैठती है मेरे ख्याल से सर जो आप बता रहे थे जो शुगर कैंडी जो बात की उसका शायद वो एक्सटेंडेड वर्जन हो जहां पर पार्टी होती हो और इस तरह की चीजें होती हो देखिए अब आप पार्टी कर रहे हैं चार लोग हम जिसमें से चार लड़कियां हैं। पांच लड़के हैं। शराब चल रही है। शराब के पीने हालत में ममारी हो गई। गाली गलौज हो गई। एक दूसरे का छीना झपट्टी हो गया तो हो गया। वो तो होता ही है यार। आम बात है। ऐसा मैंने भी कई बार सुना है। ऐसा कई बार
(24:14) मैंने भी पार्टी में देखा है। मैं किसी प्राइवेट पार्टी में गया हूं। वहां पे किसी लड़की और लड़के के बारे में बीच में बहस हो गई। ममारी हो गई। मैंने तो 31st नाइट को दुबई में बेस्ट क्लब में ममारी होते देखा है। ओके। बट जहां शराब बिकेगी तो वहां पे देखो यार हम शराब है वो तो इंसानों को बहकाएगी तो अपना काम करेगी तो वही होता है हर जगह होता है वो दुबई क्या है लंदन अमेरिका यूरोप जहां चले जाए वहां होता है हमारे भारत में भी होता है क्या नहीं नहीं बिल्कुल होता है सर अच्छा सर आपने एक नाम का जिक्र किया दाऊद का आपने जिक्र किया रिसेंटली हम एक फिल्म देखते
(24:49) हैं धुरंधर और वहां पर काफी कुछ हमें देखने को मिलता है चीजें एक से एक जहां पे दाऊद भी दिखाई देते हैं तो क्या कुछ फिल्म में दिखाया गया। अगर मैं आपके नजरिए से पूछूं एज अ जर्नलिस्ट कि कितने परसेंट लगता है यह फिल्म एक्यूरेट है? देखिए फिल्म टू फिल्म है बॉस। हम उसको फिल्म के तरीके से देखिए तो ज्यादा अच्छा है। ठीक है? हकीकत बड़े विपरीत होती है। हम हकीकत में मैं वहां जाके ना देख कर आया ना ये धुरंधर बनाने वाले प्रोड्यूसर डायरेक्टर देख के आया। जो सुना जो सुना वो जो सुना वो सुना। हम जो रिपोर्ट्स में आया होगा जो पेपर्स में आए होंगे उसी के आधार पे लोगों ने पिक्चर
(25:28) बनाई। ठीक है? तो अंडरवर्ड तो बिल्कुल ज़ीरो हो गया। हां, क्राइम है। पेटी क्राइम आपको दिखते होंगे। यहां पे गोली चल गई, वो चल गया, वो चल गया या फिर जाति के नाम पे कहीं दंगा हो गया, जाति के नाम पे कहीं दो समुदायों के बीच में झगड़ा हो गया। लेकिन, पहले जैसा कहा है कि इस बिल्डर को मार दिया। हम वो बिल्डर के ऑफिस में गोली चली गई। करेक्ट। इस इसको किडनैप कर लिया। अब तो वो सब नहीं है। राइट? ना वो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे और ना वो अंडरवर के लोग रहे। वो तो एक दौर हो गया जो किताबों में आगे जाके आप और हम और हमारे आने वाली पीढ़ी पढ़ेगी। बट वी वर वेरी लकी कि हमने उस दौर
(26:04) को विटनेस किया कि जब कुछ कहा जाता है कि अंडर वर्ल्ड कुछ था। जब शूट आउट होते थे, गोलियां चलती थी, लोगों को मारा जाता था, पुलिस पकड़ती थी, पुलिस के साथ एनकाउंटर। यह चीजों को भी विटनेस करने के लिए हम बहुत लकी रहे कि हमने उस दौर को देखा तो हम अपने आने वाले बच्चों को बता सकते हैं कि बेटा यह दौर से भी हम गुजरे हैं। नॉट ओनली कोविड हर्ष बहुत सारी चीजें हैं। जी जी जी समझ सकते हैं सर वो जो खौफ का मंजर होता था वो जो 80 90ज की बात करें आज हम जितने सुकून से रह पा रहे हैं वो चीजें नहीं थी। अगर ये नहीं होते तो सब राइट बहुत अच्छा फैसला था जो मुझे लगता है लिया
(26:40) और इसके लिए ना बहुत सारे एनकाउंटर्स प्रेशलिस्ट मुंबई के मुंबई के बहुत सारे पुलिस ऑफिसर्स का मैं धन्यवाद कहूंगा राकेश मारिया साहब कि जो रिटायर हो गए प्रदीप शर्मा स्वर्गीय विजय सालास्कर राइट दया नायक ये सब लोगों ने ऐसा टेरर बनाया हुआ था ना कि क्रिमिनल क्रमाइम करने से पहले सोचने लगा है क्योंकि इनकी जो नेटवर्किंग थी वो बिल्कुल हाई एंड नेटवर्किंग थी तो ये कई कई बार तो ऐसा देखा है कि क्राइम होने से पहले ये पहुंच जाते थे तो वही लोग हैं जिनकी वजह से आज हमारी हमारी बहनें, हमारी माताएं, हमारी बीवियां रात को 2:00 बजे भी लोकल ट्रेन में अकेले
(27:20) सफर कर सकती है इस मुंबई के अंदर। राइट? वरना दूसरे शहरों में ऐसा नहीं है। आज भी वो दहशत है। आज भी वो डर है। सर एक रिसेंटली एक सीरीज आई मटका किंग आपने देखी? हां देखी मैंने। कैसी लगी? क्या? बकवास। एक्टिंग अच्छी थी। हम लेकिन जिस तरह से इसको दिखाया गया। देखिए मटका किंग एक ही था हिंदुस्तान में रतन खत्री। हम यह जो दिखाया गया है ना आई डोंट बिलीव इन हिम मैं जब जर्नलिज्म शुरू किया जी तब मटका चलता था और तब रतन खत्री का नाम था बॉस रतन खत्री रतन खत्री रतन खत्री वाज़ अ पर्सन हु वाज़ बिहाइंड दिस ऑल दिस ऑपरेशंस एंड एवरीथिंग अब इन्होंने कोई नया नाम ले
(27:59) आया पता नहीं क्या नाम लेके आया मुझे नहीं पता मैंने देखा उस सीरीज को बहुत ज्यादा मेड अप लग रहा था वो चीज ओके रतन खत्री का नेटवर्किंग इतना अच्छा था इतना प्यारे तरीके से उसने मटके को पूरे हिंदुस्तान के अंदर घुसा आ रहा था कि कई साल तो कई लोगों को पता भी नहीं चला कि यार ऐसे कुछ हो रहा है सरकार को और प्रशासन को और सरकार और प्रशासन तो मतलब शॉक हो गए कि ऐसा भी हो सकता है क्या हालांकि रतन खत्री के साथ बहुत गलत हुआ उसका एक बेटा हुआ करता था हितेश खत्री ओके और उसकी पत्नी अ बहुत अलग स्टोरी है वो किसी दिन आराम से बात करेंगे लेकिन मेरे
(28:37) हिसाब से मटका किंग वाज़ रतन खत्री उस जैसा इंसान जैसे अंडरवर में दाऊद का नाम आता है ना तो मटका में हमेशा रतन खत्री का नाम आएगा। तो जिसमें जो गुण दिखाए गए कि वो भले से धंधा करता हो पर वो ईमानदार था। वो ईमानदारी के साथ सारी ईमानदार तो था ना देखिए आज बॉस बेईमानी में भी ईमानदारी है। आप बैंकों पे भरोसा नहीं बैंकके लूट जाती है यार। हम वो ठीक है। कई बैंकके लुट जाती है। लेकिन बेईमानों के पास अगर आप पैसा रखते हैं ना वो बराबर आपको लाके देते हैं। आपने उसको 50 करोड़ यहां दिए हम जैसे ही दिए उसके 202 मिनट आधा घंटे के बाद दुनिया के किसी भी कोने में उसको मिल
(29:19) जाएगा। लेकिन सवाल तो ये है कि यहां दिया राइट? तो ये बेईमानी कोई ईमानदारी है ना? हम वो क्या ले रहा है? लाख में ₹500 हवाला करने का। अच्छा यह रेट है। लाख में ₹500 अगर इंटरनेशनल है तो लाख में000 क्या मिल रहा है उसको 1% करोड़ों रुपए आपके यहां से वहां कर रहा है तो बेईमानी क्या धंधे में तो ईमानदारी है बुकीज़ क्या है और लाखों लोग खेल रहे हैं ना हेलो क्या भाव है हेलो क्या भाव है तो वही है ना कि भाई मंडे को सेटलिंग करना है तो देना लेना भी तो वो भी तो वही हो गया ना कि आदमी को भरोसा है कि मैं जीतूंगा तो वो दे देगा मुझे राइट पर सर ये जो ऐप पे बैन लगा उसके बाद
(30:00) तो चीजें कम हुई बढ़ हर्ष बहुत बढ़ गई। क्या होता था कि ऐप में आप पैसा डाल के आप खेल लेते थे और उसमें लोगों का टाइम पास हो जाता था। चाहे वो लूडो हो ये हो वो हो उसको भारत सरकार ने बंद किया तो लोग अब इललीगल ऐप की तरफ ज्यादा जाने लगे। तो उनका धंधा बढ़ गया है। क्या होता है? ऐसा कहा गया कि जिस राज्य में शराब बैन हो वहां सबसे ज्यादा खपत होती है। जी सुनने मिलता है। ये तो वही चीज हुआ कि आपने नॉर्मल ऐप जैसे कि नाम लूंगा मैं अ हम क्या हो जाती थी? तो इनको बंद किया। इनके बंद करने से क्या इललीगल बैटिंग ऐप बढ़ गए? हालांकि सरकार ने अब नया कानून लेकर
(30:44) उसको वापस रिवाइव किया है। मैंने आपको याद होगा कि अभी एक कानून आ रहा है जिसमें वापस से वो गेमिंग ऐप शुरू हो जाएंगे। एक तारीख से 1 मई से ओके उसमें काफी कुछ नॉर्म्स में चेंजेस की गई है। लेकिन देखिए जब मटका आया तो उसके बाद लॉटरी आई हम मटके को गलत कहा गया। लॉटरी शुरू हो गई। लॉटरी को भी बाद में गलत कहा गया। लॉटरी को भी बंद की गई। जी लेकिन आज बुकीज़ आ गए। आज क्रिकेट हो गई। तो ये जो इंडस्ट्री है ना बॉस ये कभी भी बंद नहीं होने वाली। अच्छा सर मैं एक चीज़ जानना चाहूंगा। अगर आज के दौर की बात करें करंट सिनेरियो में यूथ के लिए सबसे डेंजर क्या है? क्या
(31:22) माहौल है इस समय जो लोग अभी तक नहीं समझ पा रहे हैं। ऐसा कुछ हो रहा है अभी? यूथ के लिए सबसे डेंजरस बात ये है कि वो अपने मां-बाप से कुछ शेयर नहीं कर रहा है। बच्चे चाहे वो 15 साल के हो, 16 के हो, 17 के हो, 18 के हो। आज वो अपने मां-बाप से डिस्कस नहीं करते हैं। आज वो अपने मोबाइल फोन में बिजी होते हैं या ज्यादा बेड़े हो गए तो क्लबों और डिस्कोस में बिजी होते हैं। मैं कहता हूं कि अगर आपको कोई ब्लैकमेल कर रहा है बच्चा आप अपने मां-बाप से डिस्कस कीजिए। जी मैं ड्रग्स वाले मैटर में वापस आऊंगा। राइट राइट। अगर आपको कोई तकलीफ है, आप मुझे मेरे
(31:55) पर्सनल इनबॉक्स में मैसेज कीजिए। मैं आपकी सहायता के लिए आऊंगा। मैं नहीं सारे जर्नलिस्ट आपके लिए हैं। आपको अगर कोई ब्लैकमेल करता है कि ये ड्रग्स यहां पहुंचा दो, वो वहां पहुंचा दो, तुरंत अपने मां-बाप से डिस्कस कीजिए। आपका जीवन से आपको कम और आपके मां-बाप को ज्यादा प्यार है। प्लीज अवॉइड कीजिए। बैड कंपनीज़। क्लबों में जाना मैं बोलूंगा नहीं सही है, गलत। लेकिन क्लब में जाकर नशा करना और जिस तरह के नशा आज ऑफर हो रहा है, वह करना गलत है। मत कीजिए। आपके बेस्ट फ्रेंड आपके मां-बाप हैं। उनसे हर चीज डिस्कस कीजिए। लाइफ में कभी प्रॉब्लम नहीं आएगी।
(32:32) राइट? सर बहुत सारे टर्म्स हैं। जैसे मैंने आपसे शुरू में कहा कि हम डीप नहीं जा सकते कुछ चीजों के चलते। हमने काफी बट सर जैसा ये है एक ड्रग्स है। इसके अलावा और कुछ ऐसा मैटर्स है जो जो उसे देख नहीं पा रहे लोग। जो यूथ है जो उस उस दलदल की तरफ या उस तरफ घिसता चला जा रहा है। ड्रग्स हां गैंबलिंग ये गैंबलिंग भी गम नहीं है। आज इसमें भी कई बच्चों ने जाने दिए हैं। ये सब चीजें अगर आप मिलाओगे तो नुकसानदायक है। बच्चों को मां-बाप को भी सोचना पड़ेगा कि इतना ढील नहीं देने का। नहीं दे रहा है। उनके ऊपर मॉनिटर रखिए आप कि आपका बेटा अगर
(33:12) घर से निकला तो कहां जा रहा है। लेकिन आजकल अफसोस ऐसा हो गया है कि बाप मां वो क्लब में पार्टी कर रहे हैं तो बेटे बच्चे वहां वो क्लब में पार्टी कर रहे हैं। ये तो अलग मॉडर्न जमाना आ गया। जैन जी ऐसा कैसा जजी रे बाबा हम बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। आज हमारे बच्चों पर आप यकीन कीजिए कि ड्रग्स खुलेआम दिया जा रहा है। बच्चों की हालत क्या हो रही है आप देखिए। राइट? उनको स्पोर्ट्स की तरफ बढ़ावा दीजिए। उनको पूछिए कि तुमको करना क्या है लाइफ में? तो ये तीन चीजें ड्रग्स, गैंबलिंग। हम यह तीनों चीज़ जब तक सरकार इसमें कोई बड़ा
(33:49) कदम नहीं उठाएगी तब तक हमारा देश खतरे में है। बॉस हमें बाहर वालों से नहीं अंदर से ही खतरा है। अंदर से ही खतरा है। राइट सर। अच्छा एक चीज समझना चाहेंगे जैसे मैं मटका किंग का जिक्र कर रहा था। जिस तरह से फिल्मों में ठीक है। उनका मानना है कि वो थोड़ा ग्लोरिफाई करके चीजों को दिखाते और सारी चीजें बताते। तो आप समझ पाते हैं कि यह तरीका सही है। जिस तरह से एक-एक नाम जैसे हमने उनका दाऊद दाऊद कैसे बना? हम आपसे भी पूछना चाहूंगा कि दाऊद दाऊद कैसे बना? दाऊद बना नहीं दाऊद बना उसके चेले चपाटियों से। चार चेले चपाटियों ने भाई भाई भाई भाई बोलना शुरू कर दिया उसको।
(34:29) दाऊद वाज़ अ चेन स्नेचर। आप आज भी चले जाइए आप डोंगरी में। वो तो दाऊद भाई आज है। पहले था वो चेन स्नेचर। उसके बाद वो भाई भाई भाई भाई भाई भाई बोल के उसको भाई बना दिया। तो आपको बड़ा कौन बनाता है? हम पब्लिसिटी पब्लिसिटी तो अगर आप चीजों को ग्लोरिफाई करेंगे तो अपने आप बड़ी बन जाएगी। यह डर होना चाहिए। आज दुबई में जाके कोई एक सिग्नल तोड़ने को डर हिम्मत रखा है। क्राइम बड़ी तो दूर की बात है। क्यों? क्योंकि उनको मालूम है एक सिग्नल तोडूंगा फटाक से फाइन आ जाएगा। दूसरा सिग्नल तोडूंगा पटाक से तीसरा तोडूंगा डिपोर्ट भी कर सकते हैं।
(35:07) राइट? तो डर बहुत जरूरी है। इंसान को सरकार का डर होना चाहिए। लॉ एंड ऑर्डर का डर होना चाहिए। जब तक आप और मेरे अंदर लॉ एंड ऑर्डर का डर नहीं होगा, बॉस हम अच्छे सिटीजन बन ही नहीं पाएंगे। और वो हो रहा है धीरे-धीरे लोगों को डर हो रहा है। लोग धीरे-धीरे डर रहे हैं और हो भी जाएगा। बहुत जल्दी हो जाएगा। ओके सर। जैसे पहले एक दौर था जब जर्नलिस्ट जो है अपनी खुलकर आवाज रखता था। बातें रखता था। आज के दौर में ये आवाजें उठती कि उस तरह से आप फ्रीडम नहीं कर है। आपके पास खुलकर चीजें नहीं। समझ पाते क्या कुछ ऐसी चीजें हैं? मैं तो रख रहा हूं ना। आपके प्लेटफार्म
(35:42) में बैठ के पिंकला सिंधी के बेबाक तरीके से बात कर रहा हूं। मुझे कोई डर लगा आपको अभी तक कि मैं किसी से डरा हूं। जब तक आप हक की बात करेंगे आपको डरने की जरूरत नहीं है। जिस दिन आपने नाहक बोलना शुरू कर दिया अंगूर को केला और केले को अंगूर बोलना शुरू कर दिया उस दिन आपको डर होगा। बस ओके। ये आईडियोलॉजी वाली एंगल आ जाती है। आप सुबह को सुबह बोलिए। शाम को शाम बोलिए। आप हक के रास्ते पर हैं। आप उल्टा नहीं बोल सकते और उल्टा कहने के लिए आपको कोई बोल भी नहीं रहा है। आप हकीकत दिखाइए। ये हमारा दुर्भाग्य है कि आज पिछले कई सालों में दो समुदाय के बारे में ज्यादा
(36:25) चर्चा होने लगी है। जी कि ये है ये है ये है। ये तो पहले से चला आ रहा है। इस तरह के दो समुदाय का जो झगड़ा है अभी से नहीं है। पहले से है। पहले से था। तभी तो 1947 में दोनों देश अलग अलग हुए। दोनों समुदाय अलग हुए। आज इसलिए ज्यादा हो गया क्योंकि सोशल मीडिया में हर आदमी रिपोर्टर बन गया है। तो हिंदुस्तान के किसी गांव में भी अगर कुछ ऐसा हो रहा है तो फटाक से चर्चाओं में आ जाता है। वरना ये पहले से होता आ रहा है। दोनों दोनों समुदाय में 5% खराब यहां भी है। 5% खराब वहां भी है। करेक्ट है। आपको सिर्फ यह देखना है एज अ जर्नलिस्ट कि
(37:01) आप लोगों को सही दिखा रहे हैं, सच दिखा रहे हैं। झूठ तो नहीं कह रहे। किसी की तारीफ में किसी को बुरा तो नहीं कह रहे या किसी को बुरा करने के लिए किसी की तारीफ तो नहीं कर रहे। आप हक दिखाइए। बाकी देखिए मैं एक ही चीज जानता हूं अर्श कि जिंदगी कितनी लंबी है यह आप और मैं नहीं जानते। जिंदगी कब खत्म हो जाए यह आप और मैं नहीं जानते। सही कह रहे हैं सर। कोई भी इंसान जो इस धरती पर है वह अमर नहीं है। हर एक को एक मजा चखना है जिसको कहते हैं मौत। जो इंसान अपनी मौत को लेकर हमेशा याद रखकर सुबह
(37:46) उठके यह सोचेगा ठंडे दिमाग से कि मुझे मरना है एक दिन तो कभी किसी के साथ गलत नहीं करेगा। गलत वो करता है जिसको अभिमान हो जाता है कि मैं अमर। तो हमेशा अपनी मौत को याद रखिए। अपनी कब्र को याद रखिए। 6/3 का जो फाइनल कमरा है उसको याद रखिए। आप कभी किसी इंसान को दिल नहीं दुखाएंगे। किसी इंसान के साथ चीट नहीं करेंगे। ठीक है सर। जैसा आपने शुरू में कहा था कि आने वाले समय में आप और कुछ खुलासे करेंगे उस मॉडल एजेंसी और वो तो कुछ ऐसी डिटेल्स है कुछ आप शेयर कर सकते हैं और कि वेट करना पड़ेगा हमें अभी उसके लिए। वेट कीजिए। क्या है ना यार आजकल एक लोगों
(38:26) को हथियार मिल गया है डेफिमेशन केसेस। आपको मालूम होगा मेरे खिलाफ भी कई डेफिमेशन केसेस फाइल कर देते हैं। अब यार कोर्ट कह रही है ये वो तो मुझे चारों तरफ से अपने आप को सिक्योर करने दे। जी हो सकता है कि खुलासा खुलासा मैं लंदन जाके करूं। अच्छा लंदन के पॉडकास्ट में करूं ताकि वहां का कानून हो। ओके। तो ये थोड़ा मुझे अपने वकीलों से एक बार पूरा पैनल से मुझे डिस्कस करने दीजिए और मुझे नहीं लगता कि मैं किसी को बदनाम करके खुद का फायदा उठाऊं। लेकिन जो हो रहा है वो तो दिखाना है। वो बात तो सरकार तक पहुंचानी है कि भाई साहब सुधर जाओ।
(39:00) जी। सुधर जाओ वरना खबर एक बार जो चल गई वो फिर रुकती नहीं है। ये बेस्ड दुबई बेस्ड ही एजेंसीज है सब दुबई दिल्ली मुंबई अच्छा ये जहां खूबसूरती वहां पे ही है। चंडीगढ़ इनकी ब्रांचेस हैं। ओके ओके सर थैंक यू सो मच। हमने काफी कुछ बात की। मैं आपका तहे दिल से शुक्रगुजार हूं हिंदी रश का पिंक बिला का आपका हर्ष आपके तमाम कैमरामैन का ऑनलाइन एडिटर का जिन्होंने मुझे एक घंटा तक झेला और मैं उम्मीद करूंगा कि आगे कुछ बड़े टॉपिक्स हो तो उस बारे में हम चर्चा करें लेकिन फिर मैं आपके उसी सवाल पहले सवाल पे आऊंगा कि ये जो लड़कियों का शोषण हो रहा है
(39:42) लड़कों का शोषण हो रहा है वो रोकना चाहिए बिल्कुल बिल्कुल रोकना चाहिए सर थैंक यू सर थैंक यू सो मच सर
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