Saturday, June 27, 2026

Foot Acupressure Secrets- brain power, diabetes, PCOD, Hair Fall | Dr Manisha on Body to Beiing

Foot Acupressure Secrets- brain power, diabetes, PCOD, Hair Fall | Dr Manisha on Body to Beiing

Author Name:SHLLOKA

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Shlloka_B2B

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=8zv7xW95OxI



Transcript:
(00:00) आपका पैर के तलवे से ही आपको पता चल जाता है। मौत की शुरुआत हो चुकी है। फुट रिफ्लेक्स लॉजी से आपके सारे ग्रे हेयर्स वापस ब्लैक हो सकते हैं। आपकी आंखों में कोई भी प्रॉब्लम है आपके लिवर को सबसे पहले प्रेस करना है। उसके बाद अपनी आंखों के पॉइंट्स को दबाइए। एकदम नॉर्मल हो जाए। एक कहावत है पैर की मोच। छोटी सोच। आपको कभी आगे नहीं बढ़ने देती। आपके पैर को देख के ही आपको पता चल जाता है कि आपको यह वाली बीमारी हो सकती है। तलवे अगर लाल है तो समझ जाना लोअर एक्सटिमिटीज में कोई ना कोई बीमारी जरूर है। अगर ऑरेंजिश कलर हो गया है। पेल्विक रीजन में कोई ना कोई इशू
(00:35) जरूर है। यूटीआई का इनफेक्शन हो गया हो, फाइब्रॉयड है, सिस्ट है या मेल रिलेटेड इश्यूज है या फीमेल रिलेटेड जेनिटल रिलेटेड ऑर्गन्स में कोई भी प्रॉब्लम आ रहा है। एक-एक टो पे 3-3,000 एप्रोक्समेटली नर्व एंडिंग्स हैं। तो पूरे पैर के तलवे में अगर हम देखें तो 2 लाख नर्व एंडिंग्स हैं। और उसके अंदर 28 मेन स्विच है ऑन द टॉप ऑफ द टू। अगर वहां आप प्रेशर देते हो तो आपके ब्रेन रिलेटेड कोई भी इशू है सब ठीक होने लग जाते हैं। जैसे घुटने का दर्द है, पैरों का दर्द है, काफ मसल में पेन है या फिर आपके पाइल्स की इशू है तो ये सारे इश्यूज आपके एडी में कवर हो
(01:05) जाते हैं। स्किन इशूज़ तो बहुत बढ़ गए हैं। तो क्या करा जा सकता है? आपके चेहरे पे बहुत ज्यादा झुर्रियां आ जाएगी। तो सबसे पहले किडनी पे काम करो। रिंकल्स आर कनेक्टेड टू किडनी। आई वांट टू अचीव द कोरियन ग्लास स्किन। जो रात को रोज सोने से पहले। डॉक्टर मनीषा एक नेशनल अवार्ड विनिंग सुजोक एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट है और अल्टरनेटिव हीलर हैं जिन्होंने अपनी जर्नी 1994 में शुरू की। इंटरनेशनलली सर्टिफाइड होने के साथ-साथ हैदराबाद में मनीषा जी का लगभग 30 साल का प्रैक्टिसिंग एक्सपीरियंस रह चुका है। उनको बेस्ट वुमेन मेडिको और इंडिया में बेस्ट डाइटिशियन एंड
(01:44) न्यूट्रिशन का रिकॉग्निशन भी मिला है। नाखून क्रैक्ड होते हैं या वाइट वाइट जैसा होता है। मतलब कि आपके इंटेस्टाइन में कोई ना कोई प्रॉब्लम जरूर है। पैरों का आर्च भी कुछ डिसाइड करता है कि अगर आपके पेट में कोई गड़बड़ी है तो उसका आर्क चेंज हो जाएगा। टेढ़ा चलेगा। 90% थायरॉइड इशू आता है सिर्फ फीमेल को। रीज़न है तुम बाहर वाली हो। तुम हमारे घर की नहीं हो, तुम पराए घर की हो। आपकी आवाज को जब दबा दिया जाता है, तब जाके आपको गटर की इशू आती है या फिर थायराइड की इशू आती है। घास में चलना या फिर मिट्टी पे चलना किस पे चलना बेटर है?
(02:15) घास पे चलते हो तो आपकी विज़न बहुत अच्छी रहेगी। मिट्टी आपके बॉडी की हीट को रिलीज़ करता है। सही जूता किस टाइप का पहना जाना चाहिए? कभी टाइट जूते नहीं पहनना है। आपके अपेंडिक्स में प्रॉब्लम आ जाएगी। लेदर का बेस है और वो भी मोटा बेस है। जितना गंदा जानवर रहेगा उतनी आपके अंदर गंदी बीमारियां दिखेगी। जिस दिन से मार बल आया उस दिन से आपको मार डाला उसने। कई लोग बोलते हैं पता नहीं मुंह में बैड ब्रेथ आ रही है क्योंकि आपने चप्पल वैसे पहने हैं। आपने जूते वैसे जानवर के पहने हैं इसलिए आपके मुंह से बदबुआ आ रही है। 90% फीमेल दे हैव एनी प्रॉब्लम्स। आपके घुटने में
(02:49) दर्द आने के सबसे बड़े रीज़न है टेंशन। तो रिफ्लेक्सोलॉजी और चक्रा का क्या कनेक्शन है? अगर तो हम मूलधारा से स्टार्ट करें। आपका थर्ड आई चक्र। इसके ऊपर आप नेवी ब्लू कलर लगा दो। आपकी आंखों में जो गर्मी है खत्म। दिमाग की जो गर्मी है खत्म हो जाएगी। 60% लेडीज आर वर्किंग। आपके पैर आप हमेशा चेयर के नीचे रख के फिर आप आगे होके काम करो। पूरा लोअर पार्ट आपका दब रहा है। जिसकी वजह से आपके पीरियड के इश्यूज आ रहे हैं। डॉक्टर मनीषा का मिशन होलिस्टिक गाइडेंस के थ्रू एक मेडिसिन फ्री वर्ल्ड बनाना है और हम उनका तहे दिल से बॉडी टू बीइंग
(03:21) पडकास्ट पर दोबारा स्वागत करते हैं। लेटे हुए व्यक्ति के चरण स्पर्श कभी भी नहीं करना है। क्या होता है? इसका कारण मैंने सुना है ये। क्या आपको पता है कि सिर्फ आपके बड़े अंगूठे दबाने से आपके ज्यादातर डिजीजेस खत्म हो सकते हैं और आपके ओवरऑल हेल्थ में इंप्रूवमेंट या फिर जिस तरीके से आप बड़ों का पैर छूते हैं चरण स्पर्श वो गलत है। वो ज्यादा नेगेटिविटी अट्रैक्ट करता है और वो नहीं करना चाहिए। आपके पूरे शरीर का रिमोट कंट्रोल आपके पैरों में है क्योंकि आपके पैरों में लाखों नर्व एंडिंग्स हैं। इसलिए भागवता पुराणा में विष्णु के लोटस फीट को
(03:59) हीलिंग का माध्यम बताया गया है। तो बेशक रिफ्लेक्स सोलॉजी एक नया टर्म हो बट हमारी हिस्ट्री में वो हजारों सालों से चला आ रहा है। तो आज का पॉडकास्ट बहुत ही इंपॉर्टेंट है। आवर फीट आर द मोस्ट वाइटल पार्ट ऑफ आवर बॉडीज बट ऑफन द मोस्ट इग्नॉर्ड। एंड ट्रूली आज के गेस्ट की मैं बहुत बड़ी फैन हूं। शी इज़ अ ट्रू हेल्थ केयर वर्कर, अ ट्रू हीलर और ऐसे जो पॉडकास्ट होते हैं वो कन्वर्सेशंस नहीं होते हैं। दे आर मास्टर क्लासेस। तो प्लीज इस पॉडकास्ट को पूरा देखिए और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस पॉडकास्ट को शेयर करिए। रजिस्ट्रेशन फॉर द फोर्थ बैच ऑफ़ द
(04:30) कैलाश मानसरोवर यात्रा ट्रिप आर नाउ ऑफिशियली ओपन। इफ यू लाइक टू बी अ पार्ट ऑफ़ दिस डीपली स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस टू विटनेस द मिस्टिकल एनर्जी ऑफ़ माउंट कैलाश एंड द मानसरोवर लेक इन पर्सन। यू कैन कांटेक्ट द डिटेल्स फ्लैशंग ऑन योर स्क्रीन। नमस्कारम डॉक्टर मनीषा जी ओम साईं राम ओम साईं राम सच अ प्लेजर टू बी इन योर प्रेजेंस अगेन थैंक यू थैंक यू सो मच पिछली बार आपने हमको इतना ज्ञान दिया था इट वास अ फैंटास्टिक पडकास्ट हमारा ये तीसरा पॉडकास्ट है तो एक्यूप्रेशर पे हमारा पहला था फिर आपने फ्रूट थेरेपी के बारे में बताया था आज हम पैरों के कुछ ऐसे
(05:04) सीक्रेट पॉइंट्स के बारे में जानना चाहेंगे रिफ्लेक्सोलॉजी के बारे में जानना चाहेंगे जिसको दबाकर हम ओवरऑल हेल्थ को बूस्ट कर सकते हैं बीमारियों को एकदम हटा सकते हैं विदाउट द यूज़ ऑफ फॉर सिंगल मेडिकेशन सिंगल मेडिकल कई सारे लोग मनीषा जी दे कांट अफोर्ड अ थेरेपिस्ट। तो घर बैठे-बैठे ऐसे कौन से पैरों के पॉइंट्स हैं जिससे वो दबा के अपनी ओवरऑल हेल्थ में परिवर्तन देख सकते हैं। बट बिफोर दैट मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहती हूं। कहा जाता है कि पैरों को देखकर आपको पता चल जाएगा कि कौन सी बीमारी है आपको। तो ऐसे क्या साइन है जो जिससे
(05:36) हमें पता चलता है कि आपकी हेल्थ सही नहीं है। राइट? एक कहावत है पैर की मोच छोटी सोच आपको कभी आगे नहीं बढ़ने देती। आपके पैर को देख के ही आपको पता चल जाता है कि आपको यह वाली बीमारी हो सकती है। आपके पैर के तलवे अगर लाल है एकदम एकदम रेड हो गए तो समझ जाना लोअर एक्सट्रीमिटीज में कोई ना कोई बीमारी जरूर है। यानी कि लोअर बैड मे बी शियाटिक पेन, मे बी वेरीकोस वेन। एडी का दर्द हो सकता है। कोई भी अगर पैर के तलवे अगर लाल है तो समझ जाना है कि आपको कोई ना कोई लोअर एक्सटिमिटीज में या कॉक्सिक में कहीं ना कहीं आपको पेन रहेगा। अगर ऑरेंजिश कलर हो गया है तो आपके
(06:11) पेल्विक रीजन में कोई ना कोई इशू जरूर है। जैसे हो सकता है कि आपको यूटीआई का इंफेक्शन हो गया हो या हो सकता है फाइब्रॉयड है, सिस्ट है या मेल रिलेटेड इश्यूज है या फीमेल रिलेटेड जेिटल रिलेटेड ऑर्गन्स में कोई भी प्रॉब्लम या आपके किडनी में कोई इशू आ रहा है तो फिर आपके पैर के तलवे ऑरेंज हो जाते हैं। और अगर आपके पेल पड़े हुए हैं, एकदम येलोइश हो गए हैं तो समझ जाना या तो आपके लिवर में गड़बड़ी है। जैसे ज्डिस आंखों से आप पता कर लेते हो वैसे ही पैर के तलवे से आप पता कर सकते हो या तो आपको ज्डिस की इशू है या आपके इंटेस्टाइन में कोई टॉक्सिन जमा हो
(06:43) गया है या फिर आपके पैंकक्रियाज में कोई प्रॉब्लम आ रही है जिसकी वजह से वो पेल हो जाता है एकदम से लेकिन अगर वही लाइट ग्रीनिश कलर अगर हो रहा है मतलब आपको कहीं ना कहीं हार्ट में कोई ना कोई इशू जरूर देयर इज़ सम पुअर सर्कुलेशन फ्रॉम हार्ट टू टो या फिर अगर ब्लू पड़ रहे हैं तो फिर ऑक्सीजन की कमी हो रही है। हाथ पैर ठंडे हो जाएंगे और नील पड़ना शुरू हो जाती है वहां पर। अगर आपको लगता है कि बहुत ज्यादा काला पड़ रहा है तो फिर कहीं ना कहीं आपके थ्रोट रिलेटेड इश्यूज जरूर हो रहे हैं। जिस हो सकता है थायरॉइड की इशू हो। हो सकता है टॉन्सिल में कोई ना कोई है। एकदम
(07:15) काला नहीं। लेकिन आप वेंस वहां पे जब देखते हो पैर के तलवों में तो थोड़ा-थोड़ा ब्लैक ब्लैक पैची पैची दिखेगा। तो इसी से पता चल जाता है कि आपको कोई ना कोई इशू धब्बे धब्बे होते हैं। धब्बे जो स्पॉट स्पॉट हो जाते हैं। कई बार आप देख लेना नेल के बीच में फंगस जमा हो जाता है। ग्रीनिश कलर का हो जाता है। किसी को येलोइश पस निकलता है वहां से आपके दो टो के बीच में जो वेब होता है वहां पे आप देख लेना खास करके एक चिकना चिकना पदार्थ पस के जैसा निकलता है। एथलेटिक फूड जिसको बोलते हैं। यू आर राइट। तो ये सब जो प्रॉब्लम्स आती है तो ये जस्ट आपके टो आपके पैर आपको बता
(07:46) देते हैं पैर के तलवे कि आपको यह बीमारी है। हम नाखून क्रैक होते हैं या नाखून में कुछ वाइट वाइट जैसा होता है। फंगस आ रहा है। मतलब कि आपके इंटेस्टाइन में कोई ना कोई प्रॉब्लम जरूर है। गंदगी जमा हो गई है। जिसकी वजह से आपका सारा टॉक्सिन वहां पे निकल रहा है। यह आपको बता रहा है कि आपके पैर के तलवों में प्रॉब्लम आ रही है। इंटेस्टाइन में जब कोई भी गड़बड़ होती है तो आपके पैर के नाखून ही बता देते हैं या पैंक्रियास में कोई प्रॉब्लम आ रही है। शुगर लेवल्स अगर हाई हो रही है तो ग्रीनिश वाइटिश कलर का आप देखेंगे वहां पे एक फंगस जमा हो जाता है
(08:16) आपके नेल में और आपके पैर के तलवों में। क्योंकि यह हिस्सा है आपका। तो यहां से सारा का सारा कलर पेलिश कलर निकलेगा या सोरायसिस हो रहा है या एग्जिमा की इशू आ रही है तो आपके इंटेस्टाइन में कोई प्रॉब्लम है या आपके लंग्स में कोई इशू है तभी जाके वहां का कलर चेंज हो जाता है तो कलर के ऊपर डिपेंड करेगा कि क्या प्रॉब्लम है उसी से पता चल जाता है और नाखून जिनके क्रैक होते हैं इजीली निकल आते हैं। आपने देखा होगा ना थोड़ा उखाड़ो आपको पील हो जाता है। पील हो जाता है। तो कैल्शियम की कमी आ गई है। जब कैल्शियम की कमी आती है तभी जाके
(08:46) पील होते हैं। हां और वो वाइट जो धब्बे धब्बे होते हैं छोटी सी वर्टिकल लाइंस मिलेंगे आपको हॉरिजॉन्टल लाइंस भी मिलेंगे उसके ऊपर तो यह बता रहा है कि आपके लंग्स में कोई प्रॉब्लम जरूर आ रही है। ओके तभी जाके आपके वर्टिकल एंड हॉरिजॉन्टल लाइंस आती है। पैरों के और भी जैसे सिग्नल्स हैं जैसे कि किन के तलवे स्वेटी होते हैं, ठंडे होते हैं। क्या मीनिंग होता है उनका? पैर के तलवे अगर आपके ठंडे हैं या तो पुअर सर्कुलेशन है या आपके थायराइड ग्लैंड में कोई इशू है या फिर आपका कॉन्फिडेंस लेवल बहुत लो है या आपके अंदर एक भय है तो जाके आपके पैर के तलवे एकदम से ठंडे पड़ते हैं।
(09:20) हम हैंड्स एंड फीट ये दोनों एकदम ठंडे पड़ जाएंगे। हां और पसीनापसीना पसीना बीच में आ रहा है मतलब कि आपके शरीर का टॉक्सिंस पूरी तरह से रिलीज नहीं हो रहा है। कई लोगों के पैर के तलवे में देखना जब चलते हैं यस चिकट चिकट चिकट चिकट चिकट हो जाते हैं। तो मतलब आपका लिंफेटिक ड्रेनेज सिस्टम प्रॉपर काम नहीं करता। ओह वाओ। अच्छा इसलिए दो पैर के बीच में पसीना हमारा पूरा टॉक्सिन दो टो के बीच में जो वेब होते हैं उसके बीच में देखना हर एक को पसीना आएगा वहां पर। लेकिन अगर वो पसीना प्रॉपर नहीं निकल रहा। उसकी जगह अगर टायर के तलवे में से निकल रहा है। मींस योर लिंफेटिक
(09:54) ड्रेनेज सिस्टम इज नॉट इन गुड कंडीशन। लीकेज है वहां पर। आ हा हा आहा आपके घर में जैसे लीकेज होता है ड्रेनेज लीक हो रहा है बोलते हैं तो हम उसको तुरंत ही क्लीन करवाते हैं जल्दी से साफ कोई कचरा भर गया तभी जाकर लीक होता है बस ये उसी तरह से लीक होता है जिनके पैर सूजे होते हैं स्वलन फीट होते हैं तो आपके किडनी में कोई प्रॉब्लम है या फिर आपके लिवर में कोई इशू है या फिर आपके हार्ट में कोई इशू है अगर सर्कुलेशन प्रॉपर नहीं है या टॉक्सिन भर गया है तो जाके आपके पैर के तलवों में सूजन आ जाती है। हम हम हम पैरों का आर्च भी कुछ डिसाइड
(10:23) करता है क्या जिसका बहुत बड़ा आर्च होता है जिसका फ्लैट फुट होता है कम आर्च होता है तो आपके पेट में कोई गड़बड़ी है अगर आपके पेट में कोई गड़बड़ी है तो उसका आर्क चेंज हो जाएगा उसके चलने का तरीका गलत हो जाएगा जब वो वॉक करता है तो वो टेढ़ा चलेगा थोड़ा सा लिंफ हो के चलेगा तो पेट अगर ठीक रहेगा उसकी नाभि अगर नीचे उतर जाती है तो उसका आपका उसका पैर का आपका तलवा एकदम से क्रॉस चलना शुरू कर देता है एंड वह डेप्थ में चला जाता है उसका आर्क। जिसकी वजह से वो लिंप करते हुए वॉक करेगा। तो यहां पे उसकी नाभि को सेट करना है जिससे उसका तलवा ठीक हो जाए।
(10:56) आ हा वाओ। तो मतलब पैरों से कितना कुछ पता चल सकता है। बहुत कुछ पता चलता है। तो मुझे रिफ्लेक्स सोलॉजी और ये इंपॉर्टेंट सीक्रेट पॉइंट्स है पैरों पे कि इतनी इंपॉर्टेंट क्यों है और इसका फायदा क्या है? अगर तो आप व्यूअर्स को बताएं। देखिए हमारा हमारे घर में स्विचेस होती हैं। हम पूरा हमारा ये जो शरीर है यह हमारा फुट जो है इट इज अ मैप। यह हमारे पूरे शरीर का मैप है हमारे फुट पे। या आप बोल सकते हैं कि पूरे केबल वायर्स जो है वो सब हमारे फुट से ही हमारे ऊपर तक आते हैं। नीचे से ऊपर। ऊपर से नीचे नहीं जाते। ब्रेन में कोई नर्व एंडिंग्स नहीं है। पैर के तलवे
(11:34) में पूरे नर्व एंडिंग्स हैं। ब्रेन में न्यूरोसेल्स होते हैं। तो नीचे से जो पैर के जो पूरे नर्व्स हैं टोटल देयर आर 2 लाख नर्व एंडिंग्स। देयर आर टोटल 2 लाख नर्व एंडिंग्स। एक-एक टो पे 3-3000 एप्रोक्सिममेटली नर्व एंडिंग्स हैं। एप्रोक्समेटली आई कैन से पर स्क्वायर सेंटीमीटर पे 3-3000 नसे वहां पे लगी हुई है। आपके एक-एक वेब के बीच में 7-7 हजार नसे वहां पे एंड हो रही है। तो पूरे पैर के तलवे में अगर हम देखें तो 2 लाख नर्व एंडिंग्स हैं। और उसके अंदर 28 मेन स्विच है। 28 मेन स्विच है। क्योंकि हमारे पूरे शरीर का एनाटॉमी आप बोल सकते हो या पूरा
(12:08) मैप बोल सकते हो जो आपके पैर के तलवे में ही मिल जाता है। आपके घर में जैसे एसी की स्विच अलग है, ट्यूबलाइट की स्विच अलग है, फैन की स्विच अलग है। वैसे ही 28 ऑर्गन की स्विचेस आपके पैर के तलवों में है। आप एक-एक पॉइंट को जब दबाते हो, तो जो स्विच बंद है अगर उस स्विच को अगर हम ऑन करते हो, जैसे हमारी आंखों से कमजोरी है, कैटक है, ग्लूकोमा है, विज़न में कोई प्रॉब्लम आ रही है। आप उस स्विच को कंटीन्यूअसली रोज रूटीन में अगर दबाते हो, आपकी इशू खत्म हो जाती है। आपको हियरिंग की इशू होती है, टेनिटर्स की प्रॉब्लम होती है। आप कान के
(12:38) पॉइंट को दबाते जाओ। आपकी जो स्विच ऑफ है उसको ऑन कर दो आप। अगर उसको ऑन कर देते हो आपका वो पर्टिकुलर वह जो ऑर्गन है वह ठीक होना शुरू हो जाता है। और अगर तो किसी ऑर्गन में बीमारी नहीं है तो ओवरऑल हेल्थ बूस्ट भी हो सकता है। तो फिर आपकी हमेशा ऊर्जा बनी रहेगी। आपका वाइटल एनर्जी बहुत अच्छा बैलेंस रहेगा। मुझे अगर तो हार्ट की प्रॉब्लम है नहीं। पर मैं अपने हार्ट को स्ट्रांग करना चाहती हूं तो भी रोज आप हार्ट के पॉइंट को प्रेस करके रखो। आपको कोलेस्ट्रॉल नहीं जमेगा। ट्राइक्लिसाइड लेवल एकदम अच्छा रहेगा आपका। सर्कुलेशन कभी पुअर नहीं रहेगा।
(13:04) ब्लॉकेज कभी आएगी नहीं। हां हां हां। तो हार्ट के पॉइंट को दबाते रहिए। हम ओके। सबसे पहले रिफ्लेक्सोलॉजी और रेगुलर फुट मसाज में कुछ डिफरेंस है? लॉट ऑफ डिफरेंस इज देयर। आप जो फुट मसाज करते हो हम तो आपके पैर के तलवे में ढाई लाख पोर्स है। स्वेट ग्लैंड्स जिसको बोलते हैं वो 250000 पोर्स एप्रोक्समेटली है। साथ में 2 लै नर्व्स दोनों पैर में ढाई लाख ढाई लाख आपके खाली पोर्स या स्वेट ग्लैंड्स हैं। तो आप जब मसाज करते हो तो थ्री दोष आपके बैलेंस हो रहे हैं। ओके? तो आप तिल की मसाज कर रहे हो तो आपका जो वात का प्रकृति है वो बैलेंस हो जाएगा।
(13:42) घी से मसाज किया तो पित्त की प्रकृति आपकी बैलेंस हो रही है। और मस्टर्ड ऑयल से आपने मसाज किया तो आपकी कफ की प्रकृति बैलेंस हो रही है। तो पोर्स आपके स्वेट ग्लैंड्स जो है अब्सॉर्ब कर लेता है पूरा और आपके वात, पित्त और कफ को एकदम से बैलेंस करता है। लेकिन जब आप प्रेशर पॉइंट्स देते हो पर्टिकुलर ऑर्गन के लिए एक-एक स्विच को जब आप दबाते हो तो आपके एक-एक ऑर्गन पे काम करेगा। साथ में आपके पूरे नर्वस सिस्टम जो ढाई लाख नर्व्स जो नीचे आके एंडिंग्स मिल रही है उस पे काम करेगा। आ तो रिफ्लेक्सोलॉजी इज़ डिफरेंट मसाज थेरेपी इज़ डिफरेंट।
(14:14) ओके। बट अगर ये दोनों को मिलाकर काम करो तो 70 टू 80% कभी डिजीज आएगी ही नहीं आपके लाइफ में। हमारी आयुर्वेद के क्लासिकल टेक्स्ट्स से लेके चाइनीस मेडिसिन में पाया गया है रिफ्लेक्सोलॉजी। तो ये कोई मॉडर्न चीज नहीं है। ये हजारों सालों से चली आ रही है। राइट? शायद से टर्म मॉडर्न होगा। हम्म। तो हम एक-एक पॉइंट पे स्टार्ट करते हैं। पैरों के हर एक पॉइंट हर एक ऑर्गन को डिनोट करते हैं। तो वो कौन से पॉइंट से अगर तो उसके बारे में आप हमें डिटेल में बताएं। बहुत सिंपल तरीका है। आप पैर के तलवे को ले लीजिए। फर्स्ट पार्ट थ्री पार्ट्स में उसको डिवाइड कर दो। अपर पार्ट
(14:48) आपके पूरे हेड से ले चेस्ट तक को कवर कर जाता है। हम सेंटर पार्ट आपके चेस्ट से ले लोअर एब्डोमेन तक को कवर करता है। एंड जो नीचे एड़ी का हिस्सा है वो आपके लोअर से लेके पूरे पैर के तलवे तक को कवर कर जाता है। ओके? अब आपके ये दो फीट है। राइट साइड लेफ्ट साइड। ये आपका राइट पैर ये आपका लेफ्ट पैर। अब ये राइट पैर आपके सारे राइट साइड के ऑर्गन्स को कवर करेगा। लेफ्ट पैर आपके सिर्फ आपके लेफ्ट साइड के ऑर्गन्स को कवर करता है। अब आपके राइट पैर में हमारा यह जो बिग टो है, यह बिग टो क्या करता है हमारा? अब यहां से 10 फाइव केबल वायर्स जा
(15:24) रहे हैं ऊपर। यहां से भी फाइव केबल वायर्स जा रहे हैं हमारे। टोटल हो गए 10 केबल वायर्स। एक-एक केबल वायर हमारे एक-एक पर्टिकुलर ऑर्गन को लेते हुए ऊपर तक जाता है। तो अब ये पूरी की पूरी वन साइड जो आपकी है वो पूरे वन साइड के पैर से लेके ऊपर सर तक जाएगी। इसकी केबल वायर दूसरी टो दूसरे साइड तो जैसे अब बिग टो है तो हमारा ब्रेन है वहां पे तो बिग टो इज़ आल्सो कॉल्ड एज सेकंड ब्रेन तो अब इसको जब आप प्रेशर देते हो तो आपके पूरे ब्रेन रिलेटेड जितने भी इशूज़ हैं ये ठीक होने लग जाते हैं। अब उसी के नीचे आप देख लीजिए थायरॉइड ग्लैंड है। नेक है, थायरॉइड
(15:59) ग्लैंड है हमारा यहां पे एंड पैराथायरॉइड है। तो वो पूरा कवर कर रहा है। अब सेकंड वन जो है सेकंड एंड थर्ड यह बीच में से जो है आपकी आंखें जा रही है। तो फोर्थ एंड फिफ्थ इसके बीच में है आंख के बाजू में हमारा कान है तो वहां पे कान का पॉइंट आ गया। अब उसी के नीचे आपके लंग्स आ रहे हैं। तो यहां तक यह जो इतना जो जा रहा है हमारे देखिए ये हिस्सा उठा हुआ है। तो बस ये भी हिस्सा हमारा उठा हुआ है। तो ये हो गया हमारा लंग्स का पोर्शन। अब बीच में आप देख लीजिए ये फ्लैटन पार्ट है। तो अब ये हिस्सा आप देख लीजिए फ्लैट है। दोनों तरफ में और सेंटर में देखिए घटा है।
(16:33) तो हमारे यहां पे नाभि है। तो दोनों तरफ में हमारी नाभि का पोर्शन हो गया। अब उसी के नीचे आप पोर्शन में इतना पोर्शन आपका बीच का हो गया। अब यह नीचे का जो हिस्सा है आपका साइटिका की नर्व जा रही है। यहां से डिवाइड होते हुए पीछे से डिवाइड होते हुए हमारी साइटिका की नसे जा रही है। उसी के नीचे हमारे नी का हमारे एंकल बोन का पाइल्स का सबसे नीचे हमारा जो कॉक्सिक बोन है वहां पे हमारे पाइल्स रिलेटेड इशू होते हैं। फिशर रिलेटेड इशू होते हैं। अपेंडिक्स के इशू होती है। तो ये सब एज में आ जाते हैं। एज में हमारा होल है वहां पर। तो आप देख
(17:05) सकते हैं एक डेप्थ आता है यहां पर। फाइन। तो यह पूरा का पूरा पोर्शन जेिटल यू फॉर यूट्रस पकड़ लीजिए आप। तो यह पूरा यूट्रस से ले नीचे आपके पाइल से लेके शियाटिक वकोस में, नी, हील ये सब के सब पोर्शन आपके नीचे के लोअर एक्सट्रीमिटीज में आ गए। अब आपको समझ में नहीं आ रहा है कि अपर पार्ट में कहां पे क्या इशू चल रहा है। आप पूरे यहां के तलवे पे पूरे प्रेशर पॉइंट्स दे दीजिए इस तरह से रैंडमली। रैंडमली आप दे दीजिए एक कॉमन पर्सन के लिए कि उसको समझ में नहीं आ रहा है मुझे ब्रेन में तकलीफ है तो आप पूरे ऊपर के बिग टो को प्रेशर दे दीजिए
(17:37) ओके माइग्रेन हो रहा है तो माइग्रेन है बिग टो को प्रेशर दे दीजिए हेडेक हो रहा है बिग टो को साइनस का अटैक आया है बिग टो को आप देखिए नाक का हिस्सा यूं उठा हुआ है हमारा यहां पे भी आप देख सकते हैं हिस्सा उठा हुआ है आपको पूरे पैर के तलवे में आप पैर के सब टो में आप देखिए उठे हुए हिस्से दिख रहे हैं ये सारे के सारे साइनस के पॉइंट है हम तो हमारा नाक उठा हुआ है तो तो साइनस का जो है म्यूकस मेंब्रेन यहीं पे है हमारा। तो आप इसको प्रेस करिए। आपका साइनस तुरंत ठीक होना शुरू हो जाएगा। यही क्यों? साइनस के लिए ये ये अपर पोर्शन जो है आपके ब्रेन के पॉइंट
(18:09) है। ओके? क्योंकि ऊपर का हिस्सा है। अब आप थोड़ा नीचे आइए तो ये उठा हुआ है। तो उठे हुए हिस्से हैं। सो आपके साइनस के पॉइंट है। तो ये सारे साइनस के पॉइंट है। ये पूरे साइनस के पॉइंट है। ओके? और ये ये आपका ब्रेन का ओके? सबसे बड़ा। सबसे बड़ा। तो अगर आपका ये टॉप जो है ये ब्रेन का पॉइंट है। तो बेस्ड ऑन सुजोक एक्यू प्रेशर थेरेपी यहां पे दो आंख आ गई। यहां पर हमारा नाक आ गया। यह उठा हुआ ऐसे नाक आ गया। यहां पर हमारा जो है यह लिप्स हो गए। और यह जो कट पोर्शन आ गया तो यह हमारा जो लाइन आ गया। ओके? उसी के नीचे थ्रोट लाइन आ गई हमारी। तो थ्रोट का ये पूरा का पूरा पोर्शन कवर
(18:40) कर दिया हमने। तो यहां से लेके यहां तक। अब हमारी साइनस क्योंकि हमारा नाक उठा हुआ है इसलिए भगवान ने हमारे लिए यहां पे उठे हुए हिस्से बना कर दिए। आप इसको प्रेस कर दो। आपका साइनस ठीक। आपको कोल्ड हो गया है। ठीक हो जाएगा। कोई भी नोज रिलेटेड इशू आ रही है। हो सकता है ब्लीडिंग नोज हो रही है आपको या फिर कंजेशन हो गया है। बस आप 30-30 सेकंड इस पे प्रेशर दीजिए। रोज का रोज आपका वो प्रॉब्लम ही खत्म हो जाएगा। इम्यूुनिटी जब लो हो गई है मतलब कि आपके लंग्स बहुत वीक है। तो ये उठा हुआ हिस्सा कैसा है? हमारा चेस्ट पार्ट उठा हुआ है। तो ये उठा हुआ
(19:09) हिस्से पे आप रोज प्रेशर दे दो। तो आपका पूरा का पूरा लंग्स का इम्यूनिटी स्ट्रांग हो जाएगा। उसी के बाजू में लेफ्ट साइड में आपका कौन आ रहा है? नीचे थोड़ा लंग्स के नीचे आपका हार्ट आ रहा है तो उसको प्रेस उसी के नीचे आपका स्प्लीन है। ब्लड बनने की मशीन है। लेफ्ट साइड में है। राइट साइड में नहीं है। आपके राइट साइड में आपको लीवर मिलेगा। उसी के नीचे आपका गॉल ब्लैडर मिलेगा। अब उसी के नीचे आपकी किडनी आ गई है। ओके। तो ये सारे किडनी तो दो होंगी। तो फिर दो किडनी है। तो राइट किडनी लेफ्ट किडनी। ओके। ओके। ओके। राइट किडनी लेफ्ट किडनी। अब पेट इतना बड़ा
(19:40) है हमारा। तो ये दोनों को जोड़ के यहां पे देखिए ये कर्व लाइन आपकी। ये आपका पेट का हिस्सा है। उसी के नीचे आपके लार्ज इंटेस्टाइन, स्माल इंटेस्टाइन। तो इतना इजी है एक्यूप्रेशर थे। बहुत इजी है। हम एक-एक करके लेते हैं व्यूअर्स के लिए लाइक अ रैपिड फायर। हम स्टार्ट करते हैं। अगर तो मुझे बिकॉज़ काफी यंग ऑडियंस हमें देखती है वर्किंग प्रोफेशनल्स, बच्चे, स्टूडेंट्स। अगर तो मुझे अपनी थिंकिंग पावर को बढ़ाना है, इंटेलिजेंस को बढ़ाना है तो क्या करना चाहिए? या तो अपने टो पे वॉक करना शुरू कर दो। क्योंकि सारे ब्रेन के पॉइंट्स ऊपर है
(20:11) हमारे टो पे। तो आप जब चलते हो पैदल चलते हो तो टो टो वॉक जब आप करने लग जाते हो या तो फिर आप प्रेशर दे दीजिए इस तरह से टो के ऊपर जब आप प्रेशर देते हो तो आपकी मेमोरी शार्प होती है कंसंट्रेशन पावर आपका बढ़ जाता है फोकस नहीं हो रहा है हो जाएगा आप बहुत जल्दी डिस्ट्रैक्ट हो जाते हो डिस्ट्रैक्शन भी खत्म हो जाएगी तो सिर्फ टो के ऊपर आप ऑन द टॉप ऑफ द टो अगर वहां आप प्रेशर देते हो तो आपके ब्रेन रिलेटेड कोई भी इशू है सब ठीक होने लगा इफ यू हैव ओसीडी एडी एचडी कोई भी प्रॉब्लम ब्रेन से रिलेटेड है वो ठीक होती है। लेकिन डेली अगर हम करते हैं अंडरस्टुड ओके बाल गिर
(20:47) रहे हैं सबसे बड़ा प्रॉब्लम या प्रीमेच्योर ग्रेइंग हो रही है फिर क्या करेंगे? तो आप अपने अंगूठे के नाखून को नाखून और बालों का संबंध है। तो आप अपने नाखून को रोज मालिश करिए, मसाज करिए और फिर उसके बाद उसको प्रेस करिए और उसके बाद वहां से उसको ट्विस्ट करिए। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं, टूट रहे हैं, आपको डैंड्रफ है, स्प्लिटन आ रही है, बालों से रिलेटेड कोई भी समस्या है, एक बात याद रखना है हमारे नाखून का और हमारे बालों का। हम जब मरते हैं, तब तक हमारे नाखून बढ़ते हैं और हमारे बाल बढ़ते हैं। आदमी मर गया कैसे पता चलेगा? आपके बालों की ग्रोथ बंद हो
(21:20) जाएगी। नाखून बढ़ना बंद हो जाएगा। तो, बहुत सिंपल है। जब हमारे बाल बहुत जड़ रहे हैं। तो, आप एक-एक नाखून को प्रेशर दीजिए, जोर-जोर से दबाइए ताकि यह अंदर फर्म हो जाए। अंदर उसकी स्टिफनेस मजबूती बन जाए और उसके बाद उसको ट्विस्ट करिए आप। एक-एक एक-एक नाखून को ट्विस्ट करिए ताकि ब्लड का सर्कुलेशन पहुंचे आपके सर में। बिग टो इज रिलेटेड विथ योर हेड। तो बस आप जब इसको ट्विस्ट करते हो एक-एक नेल को पकड़ पकड़ के उसके बेस को पकड़ पकड़ के आप जब ट्विस्ट करते हो तो आप देख सकते हैं कितने पिंक हो रहे हैं। राइट? राइट? राइट? सर्कुलेशन स्टार्ट हो
(21:50) जाता है यहां पे और फिर वापस आपके बाल वापस क्योंकि आयरन डेफिशिएंसी होते ही आपका सर्कुलेशन स्लो डाउन हो जाता है और आपके बाल और नाखून झड़ने लग जाते हैं। तो यहां पे आप जब ट्विस्ट करते हैं एक-एक नेल को जब ट्विस्ट करते हो तो सर्कुलेटरी सिस्टम आपकी चालू होती है और आपका ब्रेन ब्लड को अब्सॉर्ब करना शुरू कर देता है। और फिर आपके बाल वापस टूटने झड़ने बंद, बाल लंबे भी होंगे, काले भी होंगे, घने भी होंगे। और अगर रोज रात को सोने से पहले आप एक-एक नाखून की मसाज कर दो। ओमेगा थ्री होना जरूरी है। विटामिन ई रहना बहुत जरूरी है। तो एक-एक नाखून के ऊपर
(22:22) थोड़ा सा आप या तो आलमंड ऑयल लगा दो या तो फिर वालनट ऑइल लगा दो। लगा के उसके बाद उसकी मसाज करो। तो यह आपके बाल लंबे भी करेगा। आपके बालों को टूटने से झड़ने से बचा लेगा। और डैंड्रफ क्लियर हो जाएगा। बहुत ज्यादा डैंड्रफ है तो फिर नीम का तेल लगाना है। सर में अगर बहुत ज्यादा डैंड्रफ है तो नीम का तेल या तो एलोवेरा। दो में से आप एक लगा सकते हो जिसमें पूरा एंटी डैंड्रफ प्रॉपर्टीज होती है। क्लियर कर देता है। सुपर्ब मनीषा जी प्रीमेचर रेन की बात करते हैं। यू नो जैसे जो लोग पहाड़ में रहते हैं अभी मैं आपको बता रही थी मैं पहाड़ी
(22:56) हूं तो हमारे तो 50 55 सालों तक तो लोगों के बाल सफेद ही नहीं हो रहे थे। अब मैं 36 की हूं। मेरे तीन सफेद बाल आ गए हैं और मुझे इतना बुरा लग रहा है। तो क्या करा जाए? क्या हमारे सबसे पहले काले बाल सफेद हो भी सकते हैं? और हो सकते हैं थ्रू रिफ्लेक्सोलॉजी कैसे हो सकते? यस। फूड रिफ्लेक्स लॉजी से आपके सारे ग्रे हेयर्स वापस ब्लैक हो सकते हैं। अगर आपके पास घर में आंवला है और आंवले का जूस इसके ऊपर देखिए रगड़ेंगे अगर आप तो आपका नेल जो है यहां पे पोर्स है यह अब्सॉर्ब कर लेता है और इंटरनली आपके सारे ग्रेइंग ऑफ हेयर्स को वापस कवर कर लेता है। तो रोज
(23:27) अगर आप नाखून की मालिश करते हो अच्छा तो आपके चाहे आपको जो भी प्रॉब्लम है लेट इट बी ग्रेइंग ऑफ हेयर्स। आप अगर ओमेगा थ्री के तौर पे अगर आप बादाम का तेल या फिर आप अखरोट का तेल उससे भी मसाज करते हो तो भी आपके बाल जो है वापस ग्रे से ब्लैक हो जाते हैं। ओके बट ये पॉसिबल है। ये क्लीनिक में किया गया है। वाओ अच्छा ग्रेट। अब आते हैं आंखों में। अगर तो मुझे आंखों में पावर मेरी ज्यादा है और मुझे चश्मा निकालना है तो क्या करा जा सकता है? अब हमारे टोटल 10 केबल नेटवर्क्स हैं। अगर आपको राइट आंख में अगर पावर बहुत ज्यादा है तो आपका यह
(24:01) फर्स्ट जो है यह ब्रेन के पास बीच में से ऐसे जा रहा है। अब सेकंड एंड थर्ड टो जो है ये आपकी आंख के पास से होते हुए जा रहा है। तो आप सेकंड एंड थर्ड टो के बीच में यहां पे जब आप प्रेशर पॉइंट देते हैं तो आपकी राइट आई की विज़न नॉर्मल होना शुरू होती है। वही अगर आपको लेफ्ट साइड में है तो आप लेफ्ट टो, लेफ्ट सेकंड टो एंड थर्ड टो के बीच में यहां पे प्रेशर दे दीजिए। आपकी लेफ्ट साइड की आंख में कोई भी इशू ठीक होगा। आपको लगता नहीं मुझे दोनों विज़न बैलेंस रख के चलना है। एक का पावर हाई, एक का पावर लो। वैसे नहीं रखेंगे। तो दोनों
(24:31) साइड में एक साथ आप दबाइए। ओके? तो राइट टू लेफ्ट, लेफ्ट टू राइट आपका सर्कुलेशन स्टार्ट होता है और यहां से आपके विज़न का जो नंबर है, यह खत्म होता है। लेकिन खाली आंखों के पॉइंट को दबाने से काम नहीं करेगा। आपके लीवर में कोई इशू अगर आ रही है, तभी जाके आपके आंखों के पावर बढ़ते हैं। आपको लगता है कि मैंने शायद स्क्रीन देखा इसलिए हुआ होगा। आपको लगेगा शायद धूप में बहुत ज्यादा काम कर रहा है इसलिए हुआ होगा शायद आपको लगेगा बहुत ज्यादा पढ़ाई कर रहे हो इसलिए हो रहा है नहीं लीवर में जब हीट बहुत ज्यादा बढ़ जाती है आप देखते हो ना पहले के डॉक्टर्स
(24:59) क्या करते थे आप जाती पहले आपकी आंखें चेक किया चेक करते थे उसके बाद आपको यहां पे चेक किया जाता था गले को दबा के देखा जाता था फिर पीठ पे स्टेथोस्कोप लगाते थे जो पहले के फिजिशियंस हुआ करते थे दे वर द राइट डॉक्टर्स वो प्रॉपर्ली आपकी आंखों को देखते थे उसी से पता करते थे कि आपके लिवर उसके बाद आपके लिवर को दबाकर चेक किया जाता था कि कहीं लिवर से तो वो इशू नहीं आई है तो आपकी आंखें पेल हो गई है तो लीवर को प्रेस करके देखते थे कि कोई लिवर इशू तो नहीं है। तो इसलिए जो है लीवर का पॉइंट दबाना बहुत जरूरी है। अच्छा ऑलवेज इट्स बिकॉज़ ऑफ़ द लिवर।
(25:30) यस। आपकी आंखों में कोई भी प्रॉब्लम है आपके लिवर को सबसे पहले प्रेस करना है। लीवर को आप ठीक करिए। उसके बाद अपनी आंखों के पॉइंट्स को दबाइए। एकदम नॉर्मल हो जाएगा। हम ओके। अब आते हैं हमारी फेस में। फेस में एक्ने प्रॉब्लम्स या अगर तो हमारी आई थिंक स्किन इशूज़ तो बहुत बढ़ गए हैं स्किन डिजीज लोगों को। तो क्या करा जा सकता है? आप अपने पैर के अंगूठे को ले लीजिए। बेस्ड ऑन सुजोक एक्यूप्रेशर थेरेपी। आपका यह पूरा चेहरा रिफ्लेक्ट करता है। सामने का हिस्सा। आपका ये जो बिग टो है यह ब्रेन से रिलेटेड है और ब्रेन के बाद नीचे आ जाता है आपका
(26:03) चेहरा। अब आपको अगर एक्ने बहुत आ रही है तो यहां पे नीम के ऑयल से मसाज करिए। अगर आपको लगता है ब्लैक पिगमेंटेशन वगैरह बहुत ज्यादा आ गया है तो आप या तो आलमंड ऑयल या तो फिर जो है आप बेसिक क्रीम्स जो आपके आते हैं वो क्रीम से मसाज करिए क्योंकि डायरेक्ट लगाएंगे आपको और पिंपल्स बढ़ेंगे। तो इसलिए आप जब बिग टो की सामने से फ्रंट में जब आप मसाज देते हो तो आपके एक्ने पिंपल इश्यूज भी चले आते हैं। पिगमेंटेशन खास करके फीमेल को पिगमेंटेशन अगर अप्पर पार्ट में अगर आप चीक्स को देख के ही पता कर सकते हो। अपर पार्ट में अगर यहां पे आंखों के करेक्ट यहां नीचे से अगर
(26:37) आ रहा है चीक बोन पे अगर आ रहा है मतलब आपके स्टमक में कोई गंदगी है तो आप पहले एक तो बीच के हिस्से को मसाज कर दो पहले वहां पे गंदगी को साफ कर दो उसके बाद आप यहां पे मसाज करो इट विल वर्क आउट लेकिन अगर आप सीधा-सीधा यहां मसाज करोगे इट विल नॉट वर्क तो हमको पहले कांसेप्ट समझना है अगर हमको यहां नीचे चिन पोर्शन में आ रहा है या यहां मुस्टाच एरिया में तो ये यू फॉर यूट्रस तो आपके यूट्रस में कोई प्रॉब्लम है यूट्रस में कुछ गंदगी है या तो वहां पे एस्ट्रोजन हार्मोनस जब बढ़े हुए हैं तो फिर हमको यूट्रस के पोर्शन को दबाना है। तो यहां पे यह जो बीच का हिस्सा
(27:08) है एडी का जो बीच का हिस्सा है यह आपके सेक्स ग्लैंड से रिलेटेड है। आप यहां पे इसकी मसाज करिए अच्छे से। दो से तीन मिनट यहां मसाज करके फिर आप यहां पे जब मसाज करोगे 8 दिन में ही आपको रिजल्ट दिखने लग जाएगा। मेलेस्मा हो जाता है। कई बार रिंकल्स आ गए चेहरे पे। रिंकल्स आने का रीज़न है आपके स्ट्रेस हार्मोनस बहुत हाई हो जाते हैं। आपके चेहरे पे बहुत ज्यादा झुर्रियां आ जाएगी। तो सबसे पहले किडनी पे काम करो। तो किडनी को आपको पहले प्रेशर देना है। ट्रिंकल्स आर कनेक्टेड टू किडनी। किडनी स्ट्रेस हार्मोंस। किडनी के ऊपर जो टोपी होती है एडनल ग्लैंड है उसमें। उस
(27:41) टोपी को एडनल ग्लैंड बोलते हैं। उस एड्रिनल ग्लैंड से हमारा कॉर्टिजोल हार्मोन रिलीज हो रहा है। ये स्ट्रेस हार्मोनस दैट इज कॉल्ड अ स्ट्रेस हार्मोन। स्ट्रेस बढ़ते ही आपके चेहरे पे रिंकल्स आएंगे। इट इज़ नॉट कि आपके एक ऐज की वजह से है ना। ना कोई एजिंग नहीं है। आप जवान रह सकते हो। 90 इयर्स तक भी आपके चेहरे पे चमक रहेगी। आप जब तक जियो चेहरे पे चमक रहेगी। कई लोग हैं। बाकी दूसरा है आपके लंग्स। एक है किडनी बिकॉज़ ऑफ स्ट्रेस आपको आ रहा है। दूसरा जब ऑक्सीजन की कमी हो रही है लंग्स में। इसलिए बोलते हैं कि सुबह-सुबह उठ के आप ब्रीथिंग टेक्निक्स ले
(28:11) लो। सुबह-सुबह जब आप ब्रीथिंग लेते हो तो अच्छे से जब आपकी ऑक्सीजन जाएगी आपके चेहरे पे ग्लो रहता है। शाइन रहता है। तो लंग्स से भी रिलेटेड है। देयर आर टू पॉइंट्स। लंग्स में कई बार आपको वीकनेस है। बहुत थकान थकान लग रही है। आपको अस्थमा की बीमारी है या आपके चेहरे पे दिख जाएगा। सबसे पहले आपका चेहरा मुरझा जाएगा। तो इसलिए जो है आपको लंग्स के ऊपर प्रेशर देना है। अब लंग्स का हिस्सा यहां का हिस्सा आपका लंग्स का है। तो आप पहले इसको लंग्स को ठीक करो। फिर उसके बाद अपने चेहरे पे मसाज करो। ठीक हो जाएगा। तो ये लंग्स का हिस्सा है। तो यहां से
(28:44) आपको पता चल जाएगा कि अच्छा ये हिस्सा काला हो गया है। मतलब कि ये पेट का हिस्सा था तो ये लंग्स का हिस्सा है। तो ये हिस्सा आपको क्लियर बता देता है। वहां पे काला-काला हो गया तो मतलब लंग्स से प्रॉब्लम आ रही है। ओके? तो ये हिस्से में अगर रिंकल्स आ रहे हैं बहुत जल्दी जल्दी तो लंग्स में कोई ना कोई इशू है। अगर आपको बीच के हिस्से में अगर आ रहा है मतलब कि लिवर में कोई ना कोई इशू है तो पहले लिवर को ठीक करके फिर आप बिग टो की मसाज दे दो। अंडरस्टुड अगर इस तरह से क्रॉस हिस्से में जा रहा है मतलब कि लार्ज इंटेस्टाइन स्माल इंटेस्टाइन में
(29:10) कोई ना कोई प्रॉब्लम आ रही है तो यहां पे रिंकल्स बहुत ज्यादा है तो पहले आप इंटेस्टाइन को ठीक करो फिर आप अपने बिग टो को मसाज करो। इट विल वर्क आउट। ग्रेट। मनीषा जी अगर तो मुझे मेरी एक्ने प्रॉब्लम्स नहीं या इश्यूज नहीं है। आई वांट टू अचीव द कोरियन ग्लास स्किन या फिर बस मैं ग्लो चाहती हूं। मैं अपने फेस एंटी एजिंग के कुछ यू नो स्किन टाइटनिंग या जो भी तो उसके लिए क्या करा जा सकता है? तो रात को रोज सोने से पहले आप अपने बिग टो की खूब मसाज करेंगे। ओके? या तो आप कोकोनट ऑयल से मसाज करो। सबसे बेस्ट रहेगा कि बहुत ज्यादा अच्छा शाइनी
(29:42) चाहिए। तो कैस्टर ऑयल इज बेस्ट। कैस्टर ऑयल इसीलिए वह डीपली पेनिट्रेट हो जाता है। तो उससे जब आप मसाज करते हो तो एकदम शाइन आ जाएगा आपका। आप देखना कितना चमकता है कैस्टर ऑयल जो होता है बहुत शाइनी होता है। तो आप उससे जब मसाज करते हो बिग टो की आपका पूरा चेहरा ग्लो करेगा। नाभि में तो हम डालते ही डालते हैं तेल को। लेकिन अगर हम सिर्फ खाली बिग टो की मसाज कर दें। आपके चेहरे पे ग्लो आ जाएगा। ठीक है? अब गर्दन पे आते हैं। आजकल लोगों को थायरॉइड इश्यूज मैंने रिसेंटली देखा कि मेरे कजिन का लंप है यहां पर। हम्। क्या बोलते हैं?
(30:14) गॉइटर। गोटer। एंड इट्स सो पेनफुल। तो, यह बहुत सारी दिक्कतें आ रही है थायरॉइड रिलेटेड इम्बैलेंस। क्या करा जा सकता है? सबसे पहले तो अंडरस्टैंड करना है कि थायरॉइड आता किसको है? हम हर किसी को थायरॉइड नहीं आएगा। हर किसी को गॉइटर की इशू नहीं हो सकती है। 90% थायरॉइड इशू आता है सिर्फ फीमेल को। रीज़न है एक फीमेल को जब दबा दिया जाता है। बोलने नहीं दिया जाता। तुम बाहर वाली हो, तुम हमारे घर की नहीं हो। तुम पराए घर की हो। अगर ऐसे सब शब्दों से या आपको कहीं प्रोग्रेस करना है और आपको रोक दिया जाता है। जहां पे आपको कम्युनिकेट नहीं करने दिया जाता है। आपकी
(30:47) आवाज को जब दबा दिया जाता है तब जाके आपको गटर की इशू आती है या फिर थायरॉइड की इशू आती है। गटर की इशू मेल में आएगी। फीमेल में नहीं आती है जल्दी से। अच्छा फीमेल को थायरॉइड की इशू आती है। मेल को गटर की इशू आती है। तो ये दोनों को कहीं ना कहीं दबा दिया गया है बचपन से। तो ये इमोशनली कनेक्टेड है। इट इज़ नॉट फिजिकल इशू। इट्स अ इमोशनल इशू। तो इमोशनल लेवल पे हमको काम करना है और साथ-साथ में आप यहां पे जो है ये इतना हिस्सा आपका थायरॉइड एंड पैराथायरॉइड का है। तो आप इसको जब आप मसाज करने लग जाते हो डेली दिन में तीन से पांच बार इस बॉल को जब आप मसाज
(31:21) करते हो थ्री टु 5 मिनट्स मिनिमम करना है दोनों पैर में क्योंकि राइट साइड का हिस्सा आपका आधा है लेफ्ट साइड का तो ये दोनों को मिला के बनता है आपका एक था दो थायरॉइड ग्लैंड्स है आपके जो बटरफ्लाई शेप में है तो दो पंख है उसके तो राइट साइड लेफ्ट साइड दोनों तरफ उसकी अच्छे से मसाज करिए 5 मिनट मसाज कर दो थायरॉइड ग्लैंड भी नॉर्मल हो जाता है गटर भी ठीक हो जाता है अगर आपके वॉइस में हारशनेस है तो वो हॉर्सनेस भी खत्म हो जाएगी आपकी लेकिन करेंगे तो सुपर्ब और बस अगर तो मुझे थायरॉइड मेरी ग्लैंड बिल्कुल परफेक्ट है उसको मुझे इंप्रूव करना है तो सेम टेक्निक
(31:52) सेम टेक्निक ओके किसी को सिंगर बनना है तो बस आप थायराइड ग्लैंड पे मसाज करना शुरू कर दो आपको लगता है मेरे से यहां मसाज नहीं होगा मुझे दुखता है जिसको रूमिक पेंस है अर्थराइटिस के पेन है दैट कम्स जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ थायराइड तो आपको वात दोष तो है ही है हम वात दोष को पहले नीचे ला लो उसके बाद अपने थायराइड ग्लैंड पे काम करो तो आपके पूरे रूमेटिक पेंस जॉइंट पेंस जो आपको होते हैं जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ थायराइड हार्मोन जब हायर साइड में चले जाते हैं आपके एक-एक जॉइंट पेनफुल हो जाते हैं। तो आपको थायराइड ग्लैंड पे काम करना है। लेकिन साथ-साथ में पेट की भी
(32:24) सफाई होना बहुत जरूरी है। उसके बाद आप वात दोष मतलब कि वायु की चीजें बंद कर दो। नॉर्मल हो जाएगा। एंड खास करके जिसको भी थायराइड में कोई भी इशू आ रही है। कैबेज, कॉलीफ्लावर, कोकोनट, कोकोनट वाटर यह चार चीज को बंद कर देना। अच्छा। एनीथिंग यू कैन है कुछ लोग बोलते हैं सोया भी नहीं खाना चाहिए। ना इट इज ओनली सोया लीव्स। अगर आप सोया लीव्स को खाते हो तो कई बार डॉक्टर्स कह देते हैं कि सोया नहीं खाना। बट कौन सा सोया? सोया चंक्स, सोया बींस या सोया चिप्स, सोया की खिचड़ी। बहुत सारी चीजें सोया की बनती है। बट इट इज़ सोया लीव्स। तो अच्छा क्योंकि सोया की भाजी से
(32:59) आपके थायराइड के ग्लैंड में इनफ्लेमेशन आ जाती है। तो इसलिए आप एक सोया लीव्स को छोड़ के आप कोई भी सोया की चीज खा सकते हो। तो थायरॉइड ग्लैंड को ठीक करने के लिए यू नीड एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टी। जब एंटी इनफ्लामेटरी प्रॉपर्टी की बात होती है तो वालनट ऑइल इज दी बेस्ट। तो यहां पे आप वालनट ऑइल लगा के जब आप मसाज करते हैं तो वालनट ऑइल के अंदर होता है एंटी इनफ्लामेटरी प्रॉपर्टी। तो पांच बूंद आप वालनट ऑइल के पी लीजिए और पांच बूंद यहां पे लगा के मसाज करिए। ओके। वालनट ऑइल में आपके एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टी भी है। आपके एक-एक जॉइंट का जो
(33:30) पेन आ रहा था वो भी ठीक हो जाएगा। हां हां। तो दीज़ आर द वै स्माल स्माल रेमेडीज जो हम घर बैठ के कर सकते हैं। हम आई थिंक आपने चेस्ट का तो बता ही दिया था लंग्स रिलेटेड अ हार्ट मुझे कोई हार्ट डिजीज नहीं है। मुझे अपने हार्ट को स्ट्रेंथन करना है। तो क्या करा जाए? तो फिर आपका हार्ट लेफ्ट साइड में है। तो लेफ्ट पैर को ले लीजिए आप। लिटिल फिंगर के नीचे चले जाइए आप। स्ट्रेट चले जाएंगे। बीच का जो ये जो कट था ये आपका लंग्स यहां तक चेस्ट खत्म हो गया। अब चेस्ट के नीचे हमारा हार्ट है। दो चेस्ट के बीच में हमारा हार्ट है। तो ये दो चेस्ट हो गए।
(33:59) उसी के बीच में हमको यहां पे दबा देना है। इसको आप जब जोर से रोज 30 सेकंड्स रोज दबा देते हो या 30 टाइम्स प्रेशर पॉइंट दे दीजिए। 30 सेकंड्स कंटिन्यू आप दबा के रखते हो तो बीपी शायद हाई हो सकता है। इसे दबा के मत रखो। प्रेस करके रिलीज़ कर देना है। 30 टाइम्स उसको जब आप प्रेस एंड रिलीज़ करते हो ब्लड का सर्कुलेशन अच्छा हो जाएगा। आपका पूरी तरह से ट्राइग्लिसाइड लेवल नॉर्मल हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल लिपिड प्रोफाइल आपकी अच्छी हो जाती है। एलडीएल जो बढ़ा हुआ है वो नॉर्मल होता है। और एचडीएल जिसका बहुत लो हो गया है। गुड कोलेस्ट्रॉल जिसका लो वो एकदम से नॉर्मल आ
(34:27) जाता है। हां। और जिसको हार्ट डिजीजेस है वो सेम क्लियर कर ब्लॉकेजेस भी ओपन करता है। ओके ओके ओके पहले के जमाने में कोई हार्ट की हॉस्पिटल नहीं थी। लोग पैदल चलते थे। अपने आप सारे प्रेशर पॉइंट्स दबते थे। चप्पल ज्यादा थे नहीं किसी के पास। कोई मोची नहीं था। शू मेकर कोई नहीं था वहां पे उस वक्त। तो लोग खुले पैर से जाते थे। खुले पैर से चल कर आते थे। तो अपने आप पूरे प्रेशर पॉइंट्स दबते थे। तो किसी को हार्ट अटैक जल्दी नहीं आता था। हा क्योंकि अपने आप ही पूरे प्रेशर पॉइंट्स कहीं पे पत्थर लग रहा है, कहीं पे कंकर लग रहा है, कहीं पे कांटा लग रहा है। तो पंचर भी हो
(35:01) गया, प्रेशर भी हो गए। दोनों हो गए। तो इसलिए जो है पहले पैदल जब चलते थे तो आपको कोई बीमारी नहीं थी। आज हम एक से एक बढ़िया-बढ़िया शूज पहन के चलते हैं। एक से एक चप्पल पहनते हैं। इसलिए बीमारी भी जल्दी आ रही है। तो इसलिए जो है थोड़ा आपको ग्राउंडिंग होना बहुत जरूरी है। थोड़ा सा वॉक करना है। मिट्टी में वॉक करो या छोटे-छोटे पेबल्स लगा दो उसके ऊपर आप वॉक करो या मैट के ऊपर वॉक करो या फिर पेब्स पे वॉक करना पे वॉक करने से आपके एक-एक चैनल ओपन रहता है। आपका एक-एक ऑर्गन एक्टिवेट हो जाता है। द बेस्ट दैट इज। ओके। और घास में चलना या फिर हमें मिट्टी
(35:34) पे चलना किस पे चलना बेटर है? घास पे चलते हो तो आपकी विज़ बहुत अच्छी रहेगी। ओके? मिट्टी पे चलते हो आप तो आपके पूरे ऑर्गन्स में चार्जिंग शुरू हो जाती है। मिट्टी की वाइबेशंस आपके बॉडी में जाती है। आपके बॉडी में जो हीट होती है, मिट्टी आपके बॉडी की हीट को रिलीज़ करता है। पहले कोई फीमेल को हॉट फ्लशेस की इशू नहीं है। आज हर फीमेल को हॉट फ्लशेस की इशू है। व्हाट इज द रीज़न? क्योंकि आप पूरा दिन चप्पल पहन के घर में घूम रहे हो तो आपको हार्ट फ्लशेस के इशू आएंगे। लेकिन आप बाहर तो कहीं पैर खुले पैर से जा ही नहीं रहे हो। नहीं हम चप्पल नहीं पहनते तो हमारे
(36:07) एडी में दुखता है। चप्पल नहीं पहनते हैं तो हमको ये होता है। लेकिन आप चप्पल पहन रहे तो कितनी बीमारी आपके अंदर आ रही है। हम ये सोच नहीं रहे। सुबह लोग पहले वॉक करते थे। खुले पैर से अपने आंगन में घूमते थे। तो इससे पूरी गर्मी जो होती है आपकी मिट्टी की आंगन जो हुआ करती थी वो सारी की सारी गर्मी खींच लेती थी। तो आपको कभी मूड स्विंग नहीं हुआ। कभी हार्मोन आपके डिस्टर्ब नहीं हुए। आपका यूट्रस बहुत हेल्दी रहता था। क्योंकि आप एड़ी के ऊपर जल्दी-जल्दी चलते हो। सुबह-सुबह जो सारे काम हुआ करते थे एड़ी के ऊपर वो बोलते थे ना कि टो पे हम वॉक कर
(36:36) रहे हैं। मतलब स्पीड स्पीड सारा काम किया करते थे। तो आपकी एड़ी में अपने आप प्रेशर पॉइंट्स दबते रहते थे। क्योंकि यहां पे एड़ी के नीचे जो है आपके बीच का जो हिस्सा है यहां पे आपके पूरे फीमेल ऑर्गन एंड मेल ऑर्गन ये दोनों ऑर्गन्स वहां पे उसके पॉइंट्स हैं वहां पर। तो आप जब वॉक करते थे तो उसको प्रेशर मिलता रहता था। मिट्टी खींच लेता था सारी की सारी गर्मी को। आज हम चप्पल पहनते हैं इसलिए गर्मी बहुत बढ़ गई है। तभी जाके हॉट फ्लशेस तभी जाके एक-एक यूट्रस रिलेटेड इशू, प्रोस्टेट ग्लैंड रिलेटेड इश्यूज, टेस्टिकल रिलेटेड इश्यूज
(37:04) आज बच्चे नहीं पैदा हो रहे हैं क्योंकि सारा दिन आपकी एड़ी दबी हुई है जूतों के बीच में। तो आज किसी को बच्चे जल्दी नहीं हो रहे। आईयूआई आईवीएफ तक चले जाते हैं। लेकिन आप सोचो तो सही क्योंकि आपकी एड़ी में से जो प्रेशर पॉइंट मिलना था मिलने की जगह वो दब गया वहां पे। हम कंप्रेशन आ रहा है आपके एडीओ के द्वारा। आपके जेिटल ऑर्गन्स को कंप्रेशन आ रहा है। इसलिए आज ये प्रॉब्लम्स आ रही है। मेल एंड फीमेल रिलेटेड इशू सबसे ज्यादा बढ़ गए हैं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ द कंप्रेशन ऑफ योर शू एंड आपके चप्पल्स जो पहन के आप दबा दे रहे हो। मनीषा जी मेरा ये जूते और चप्पल पे एक
(37:34) सवाल है। सबसे पहले तो हम जूते पहन रहे हैं। दैट इज अ प्रॉब्लम। दूसरी ये है कि हम गलत जूता भी शायद से पहन रहे हैं। राइट? अब लड़कियों में जाए तो स्टिलेटोस है, हील्स भी 10 प्रकार के हैं। वेजेस हैं, ब्लॉक हील्स हैं। सो आई वांट टू नो कि ईच ऑफ दीज़ क्या ये ठीक है और इनमें से कौन से प्रॉब्लमैटिक हैं? दूसरा है सही जूता किस टाइप का पहना जाना चाहिए? व्हाट इज द आइडियल शू दैट शुड बी वेन? व्हाट इज द करेक्ट वे ऑफ़ वेयरिंग द शू? तीन चीजें। आप कोई भी शू पहनो तो ध्यान रखो कि फ्लैट होना चाहिए। अगर वो फ्लैट है तो प्रॉपर्ली आपको कभी बटक्स में पेन नहीं आएगा। आपके
(38:07) कभी भी लोअर हील में आप जितनी ऊंची एड़ी की चप्पल पहनोगे आपके पूरे लोअर एक्सटिमिटीज में पेन आएगा। विकस वेन में क्लॉट्स आने शुरू हो जाते हैं। एंड साइटिका का पेन बढ़ जाएगा। क्योंकि कैसे आप पेंसिल हिल पे खड़े हो। आपके साइड का जो पोर्शन है उसको कंप्रेशन मिल रहा है। वहां पे नर्व पूरी कंप्रेस्ड हो जा रही है। जिसकी वजह से आपको बट लोअर कम लोअर कॉक्सिक रीजन तक पेन आता है। आपका टेल बोन हमेशा दर्द में रहता है। आप टिल लाइफ उसकी ट्रीटमेंट करा लो। आप ठीक नहीं होगे। क्योंकि वहां पर ऑलरेडी नर्व कंप्रेस्ड हो चुकी है और आपको पता ही नहीं है कि मुझे
(38:37) यह पहनना है। आप हर बार उसी को पहने जाते हो। तो आप जब उस तरह की हील वाली चप्पल पहनते हो तो आपके पूरे लोअर एक्सट्रीमिटीज में कंप्रेशन आ जाते हैं। इससे कभी हील वाली नहीं और कभी टाइट जूते नहीं पहनना है। कई लोग टाइट जूते पहनते हैं। आपके अपेंडिक्स में प्रॉब्लम आ जाएगी। आपके जेिटल ऑर्गन्स में कंप्रेशन आ जाती है। आपके एडी आपके घुटने टाइट होने लगते हैं। ब्लड का सर्कुलेशन रुक जाता है। आज आप देखना ऑलमोस्ट 30 टू 40% पीपल सेस मुझे हार्ट में तकलीफ है। मेरी एंग्जायटी बढ़ गई है। हम हर इंसान आज एक ही शब्द बोलेगा मुझे डिप्रेशन बहुत है। मुझे स्ट्रेस बहुत है।
(39:09) क्यों हो रहा है? आप खुले पैर से कहीं नहीं चल रहे हो। आप हमेशा बंद पैर से चल रहे हो। टाइट जूते पहन के चल रहे हो। टाइट चप्पल पहन के चलते हो या ऐसी चप्पल पहन के चलते हो जो गंदे लेदर की बनी हुई है। तो कोई भी चीज आप पहनो पहले कपड़े की चप्पल पहना करते थे लोग और नीचे जो है लकड़ी का बेस हुआ करता था। आज आपका बेस चेंज हो चुका है। लेदर का बेस है और वो भी मोटा बेस है। यह जो जितना गंदा जानवर रहेगा उतनी आपके अंदर गंदी बीमारियां थी। क्योंकि पोर्स है वहां पे 2.
(39:38) 5 लाख वो सब अब्सॉर्ब कर रहा है और आपके अंदर वही बीमारियां आ रही हैं। तो इसलिए आपको ध्यान रखना है कि आप क्या पहन रहे हो थोड़ी एटलीस्ट 30 मिनट्स आपको बिना चप्पल के बेयर फुट वॉक करना है ग्राउंड पे ताकि ग्राउंड आपका जो है पूरे बॉडी के टॉक्सिंस को खींच लेता है। अब्सॉर्ब कर लेता है और अंदर आपके बॉडी के ऑर्गन्स को हेल्दी रखने का काम करता है। और ये फ्लोर नहीं ये ग्राउंड है। ग्राउंड ग्राउंड फ्लोर ना फ्लोर नहीं। मार्बल वगैरह मार्बल तो आपके बल को ही मार डालेगा। ओ मार्बल उस दिन से मार्बल आया उस दिन से आपको मार डाला उसने। ओ आपके दर्द और बढ़ जाते हैं। हार्डनेस होती
(40:13) है मार्बल में। उसमें केमिकल से वॉश किया जाता है। आप जब उस मार्बल पे चलते हो तो आपके शरीर की पूरी एनर्जी को खींच लेता है। तो घर में क्या फर्श होनी चाहिए? अगर मार्बल इतना अच्छा होता तो मार्बल का मकबरा नहीं बनता। [हंसी] करेक्ट। है ना? मार्बल का कभी मकबरा नहीं बनता। तो आपके शरीर को मकबरा बना के रख देता है मार्बल। कौन सा फर्श आप रेकमेंड करेंगे? बिकॉज़ आजकल तो लोग हाई यू नो टॉप स्टोरी बिल्डिंग्स में रहते हैं। पहले के जमाने में साबात के पत्थर हुआ करते थे। अच्छा। साबात के पत्थर कभी प्लेन नहीं हुआ करते थे। आप देखना थोड़े-थोड़े उसमें ऊंचे-नीचे
(40:50) ऊंचे-नीचे वो हुआ करते थे। तो वो फ्लोर कैसा हुआ करता था? जब आप चलते थे तो एक ऊपर है, एक नीचे है। थोड़ा-थोड़ा ऐसे-ऐसे हुआ करता था। थोड़ा सा डेप्थ भी हुआ करता था उसके अंदर। एकदम प्लेन साबात कभी भी नहीं देखे हैं। जब आप साबात के पत्थर पे चलते हो तो आपके पूरे शरीर के अंदर की हीट को खींचने का काम करता है साबात के पत्थर। हां। गर्मी निकाल देता है आपके शरीर की और एक-एक प्रेशर पॉइंट्स दबते हैं साबात के पत्थर से। तो उससे आपके शरीर में कोई बीमारी नहीं आती थी। तो जब मट्टी की जगह पे लोगों ने साबात के पत्थर बिछाए। इट वाज़ वेरी हेल्दी। लेकिन आज हम साबात हटा दिया।
(41:23) हमने वर्टिफाइड टाइल्स जो केमिकल से बनता है मार्बल तो ये भी केमिकल ग्रेनाइट ग्रेनाइट्स ये सब हमारे बॉडी के प्रॉब्लम्स क्रिएट कर देता है बट एक साबात का पत्थर एक ऐसा है जिससे आपको कोई प्रॉब्लम्स नहीं आती है अच्छा पूरे टॉक्सिंस को खींचने का काम करता है साबत का पत्थर ओके और घर पे नंगे पैर चलना चाहिए नंगे पैर बिकॉज़ स्लीपर्स भी तो रबर की बनती है तो आजकल लोग वो क्रॉस न्यूज़ आप देखना कई बार जबान में आपको रबड़ की बदबू आएगी क्योंकि आप रबड़ की चप्पल पहन के चल रहे हो कई कई लोग बोलते हैं पता नहीं मुंह में बैड ब्रेथ आ रही है क्योंकि आपने
(41:56) चप्पल वैसे पहने हैं। आपने जूते वैसे जानवर के पहने हैं। इसलिए आपके मुंह से बदबू आ रही है क्योंकि वो पोर्स है वो अब्सॉर्ब कर रहा है। आप आधा घंटा अगर आपको शुगर है आप सिर्फ 10 से 15 मिनट करेले को क्रश कर दीजिए। एक टब में करेले ले लीजिए और आप खाली उसको मारिए करेले को। 10 मिनट के अंदर-अंदर आपकी जुबान पे जो है करेले का स्वाद आ जाएगा। अगर आपके अंदर बॉडी में बहुत ज्यादा कुछ बीमारियां हैं, बहुत ज्यादा बॉडी में पेंस है, इनफ्लेमेशन बहुत ज्यादा है, कच्ची हल्दी आती है। कच्ची हल्दी के चपिंग कर दीजिए। आप अपने फीट को एक टब में थोड़ा सा पानी रख के कच्ची
(42:28) हल्दी बहुत ज्यादा नहीं। बस खाली पैर के तलवे डूबे उतना ही। आप कच्ची हल्दी को क्रश करना शुरू कर दीजिए। जोर-जोर से मारना शुरू कर दीजिए। आप 10 मिनट के अंदर देखेंगे आपके पूरे शरीर में से सूजन कम होना शुरू हो जाएगी। रोज 10-10 मिनट कर क्योंकि उसमें 2ाई लाख कोर्स है। यह पूरे के पूरा अब्सॉर्ब कर लेता है आपके बॉडी के अंदर और पूरी एंटी इनफ्लामेटरी प्रॉपर्टी है आपके हल्दी में। आपके बॉडी में इंफेक्शन कहीं पे भी है। आप जब उसको क्रश करते हो तो उसके अंदर एंटीबक्टीरियल एंटीफंगल प्रॉपर्टी है जो पूरी की पूरी अब्सॉर्ब कर लेता है। पूरे उस टॉक्सिन को
(42:58) निकालने का काम करता है। तो एंटी वायरल डिजीज भी है। आप उसके अंदर क्रश करिए। आप उसको मारना शुरू। आपकी जुबान पे स्वाद आने लग जाए जब तक तब तक करना है। मिनिमम 10 मिनट्स के अंदर-अंदर आपके टंग पे उसका टेस्ट आ जाएगा। आप कई बार मिट्टी में जब चलते हो, वॉक करते हो, आपकी जुबान से मिट्टी की खुशबू आने लग जाती है। आपके मुंह में से पता नहीं सौदी सौदी स्मेल आ रही है। आप बोलते हो नाक तक उसकी खुशबू आ जाती है। तो बिकॉज़ यू आर वॉकिंग ऑन माइंड। तो आपके नाक में कुछ जब बारिश आती है। बारिश के पानी में आप जब चलते हो तो मिट्टी कैसे होती है? सौदी सौदी खुशबू आती
(43:29) है। वो कैसे आई? क्योंकि आपने पैर रखा उसके अंदर। रखते ही कितना अच्छा लग रहा है। आपको गुड फीलिंग महसूस होती है। आपके फील गुड हार्मोंस। दैट इज योर डोपमाइन हार्मोन। यह एकदम से रिलीज होना शुरू हो जाता है। आपको इतनी अच्छी खुशबू आएगी कि आपको लगेगा मैं और थोड़ी देर रुकूं यहां पर कीचड़ में नहीं मजा आएगी आपको। लेकिन जब बारिश का पानी आता है तभी आपको मजा आएगा। सुपर्ब। तो अच्छा जूते का सबसे बेस्ट मटेरियल कौन सा होना चाहिए? बाहर अगर तुम जूते पहन के जा रहे हैं। आपने कपड़ा एक बोला कपड़े का। अभी आज तो मटेरियल ऐसे वूलन के मटेरियल आ रहे हैं। कॉटन का
(44:03) मटेरियल आ रहा है। तो बेस्ट इज समर सीजन में आप कॉटन का मटेरियल यूज़ करो। ओके। विंटर सीजन में वूल का मटेरियल यूज़ करो। बट नॉट द लेदर। नॉट द लेदर। नॉट द लेदर। आप मेरे शोज़ में देख सकते हो। इसमें वुल है। वुलन ना? हां वूल है। ये ओके। विंटर्स में वूल इज बेस्ट। समर में अभी ये एयरपोर्ट से उसमें आए ना हम एक फ्लाइट में आए [गला साफ़ करने की आवाज़] तो ठंड लगती है ना? हम इसलिए और अगर तुम अवॉयड नहीं कर सकते तो सॉक्स पहनना बेटर है फिर जूते पहन सॉक्स पहनना बेटर है तो आपको पता है कि आपको जो भी शूज आप हजारों की शूज पहन रहे हो तो फिर सॉक्स को जो है सो ध्यान में रख
(44:39) लो कि कॉटन की सॉक्स समर में पहनो एंड वुलन सॉक्स विंटर में पहनो और फिर आप शूज को पहनो तो वी हैव टू बी वेरी केयरफुल कि आप क्या पहनते हो बहुत इंपॉर्टेंट अंडरस्टुड अंडरस्टुड ग्रेट स्टमक पे अगर तो आते हैं सबसे पहले बेली फैट का बहुत की बहुत बड़ी समस्या हो रही अ क्या करा जा सकता है? बीच का जो हिस्सा है आपका यह आपका पूरा सेंटर पोर्शन आपका पूरा आपका बेली आ गया, लीवर आ गया, पैंकक्रियाज आ गया। यहां पे आपकी किडनी आ गई। फाइन एंड ये पूरा हिस्सा यहां का आपका लार्ज इंटेस्टाइन, स्माल इंटेस्टाइन आ गया। अब सुपरफिशियल फैट, सैचुरेटेड फैट्स, विसरल
(45:12) फैट्स ये एरिया में हमारे जमा हो जाती है। आप यहां पे अगर तिल के तिल से मसाज करना शुरू कर देते हैं। रोज 10 मिनट तक मसाज करो इसकी 10 मिनट्स सिर्फ पैर के सेंटर पोर्शन को। आपकी पूरी पेट की चर्बी गल जाएगी। विदाउट गोइंग टू जिम विदाउट गोइंग टू जिम। आपके पूरे पेट की चर्बी पेट में ही होता है यह तीनों तरह का फैट्स। तो आप बस बीच के तलवे में आप 10 से 15 मिनट रोज मसाज करो। जिम में आपको जो एक महीना लगता है यहां पे आपको 10 दिन में उतना ही इफ़ेक्ट आ जाएगा। आई एम गोइंग टू बी पर्सनली कंडक्टिंग अ क्लासिकल हटी योगा रिट्रीट इन लद्दाख
(45:45) [संगीत] फ्रॉम द 23 ऑफ़ अगस्त अंटिल द 31 ऑफ़ अगस्त। व्हेयर आई विल बी गाइडिंग यू थ्रू अ 5000 ईयर ओल्ड पावरफुल क्लासिकल हट योगा प्रैक्टिस फॉर्म। व्हिच इज अ गेम [संगीत] चेंजर एंड ह्यूजली ट्रांसफॉर्मेटिव। इफ यू लाइक टू रजिस्टर, यू कैन कांटेक्ट द वीडियो स्पेशिंग ऑन योर स्क्रीन। आई विल सी यू सून। प्रणाम। अगर तो मुझे पेट से रिलेटेड ग हेल्थ इश्यूज है जैसे कि मुझे कॉन्स्टिपेशन है या फिर मुझे आईबीएस है, मुझे गैस्ट्रिक प्रॉब्लम है, एसिडिटी है, एसिडिटी है, ब्लोटिंग अगर हो रही है तो बस यही हिस्से में है। आप तिल के तिल से रोज खूब अच्छे
(46:14) से लेकिन उसके मसाज करने का भी टेक्निक है। तरीका है कि यहां पे आपने मसाज किया तो आप उंगली से नहीं मसाज कर सकते। आप नकल बना देना। नकल बना के इसकी इस तरह से मसाज करिए। आप जब इसको जोर-जोर से आप मसाज करते हो यहां पर तेल लगा के तिल का तेल लगा के फिर क्योंकि उसके अंदर पूरे गैस्ट्रिक इशू को वगैरह को कवर करने के लिए तिल का तेल सबसे बेस्ट में बेस्ट है। और आप कभी तिल के तेल को देखना। एक 10 कटोरी ले लो आप। हर कटोरी में अलग-अलग तेल रख देना। एक में ऑलिव ऑयल रख दो। एक में तिल का तेल रख दो। एक में मस्टर्ड ऑयल रख दो। एक में घी रख
(46:44) दो। तिल का तेल दूसरे दिन सुबह में आप देख लेना। पत्थर की कटोरियां ले लेना। 10 पत्थर की कटोरी ले लेना। सब में अलग-अलग अलग-अलग तरह के तेल रख देना उसके अंदर। तिल का तेल चीर के पत्थर को चीर के बाहर आ जाएगा। आप स्कूल गए हो स्कूल में जब हमारे को रोटी और अचार दे दिया जाता था तो अचार ऑलमोस्ट 90% पीपल यूज़ टू मेक तिल के तेल से या मस्टर्ड ऑयल से। करेक्ट। जिस-जिसने भी तिल के तेल को खाया है। अगर किताब में एक भी बूंद अगर तेल का गिरता था। अब देखना नीचे बुक में लास्ट एज तक आखिरी पन्ने तक वो तेल आ जाता था। सेम वे में पत्थर की
(47:22) कटोरी में भी अगर आपने तिल का तेल रखा है चीर के वो बाहर आ जाता है। तो आप जब तिल के तेल की मसाज यहां पे करते हो नकल से आपको मसाज देनी है। जब आप नकल से उसकी मसाज देते हो वो सब का सब अब्सॉर्ब हो जाता है पोर्स के अंदर। एंड सीधा आपके बेली तक चला जाता है। और सारा का सारा फैट्स रिलीज़ करना शुरू करता है। सारी टॉक्सिंस को निकाल देता है। नेक्स्ट डे कॉन्स्टिपेशन इशू है। खत्म कर देगा। आईबीएस सिंड्रोम है। क्लियर करना शुरू करेगा। आपको गैस है, ब्लोटिंग है, एसिडिटी है, एसिडिटी वालों के लिए घी इज बेस्ट। लेकिन खास करके जिनकी वात की प्रकृति है,
(47:54) कॉन्स्टिपेट सीिवियर होते हैं, तो रोज 10 मिनट तक सिर्फ सेंटर पार्ट ऑफ योर फुट। उसको आप अपने नकल से खूब मसाज कर दो। आप विदिन थ्री टू फाइव डेज में आप देख सकते हो कि बहुत वंडरफुल रिजल्ट मिलेंगे। अरे सुपर्ब। अब नीचे अगर तो चाहे तो यूट्रस एरिया रिप्रोडक्टिव फॉर बोथ मेन एंड वुमेन। क्या करा जा सकता है? उसमें इशू है इशू नहीं है तो फिर उसको स्ट्रेंथन कैसे किया जा सकता है उसको स्ट्रेंथन करने के लिए आपको यहां पे इस तरह से ऐसे मसाज नहीं देना है इसकी मसाज यहां पे आप अपने थंब के जो फर्स्ट जॉइंट है उससे हां हॉरिजॉन्टल मसाज आप जब देते हैं यहां पे तो ये मसाज देने
(48:30) से आप कोई भी तेल आप चाहे नारियल का तेल डाल दो चाहे आपके पास जो भी रखा हुआ है जो भी ऑयल आपके पास है उससे जब आप मिनिमम टू टू 3 मिनट्स डेली मसाज करते हैं आपकी इनफर्टिलिटी इशू खत्म हो जाती है अगर उसको रोज रोज मसाज करेंगे यूट्रस हेल्दी रहेगा। फीमेल को खास करके पीरियड में बहुत पेन होता है। लोअर एब्डोमेन में बहुत पेन आता है। पीसीओडी पीसीओएस वालों को भी बहुत पेन आता है। वहां पे आप जब हॉरिजॉन्टल मसाज देते हैं तो तुरंत ही वो पेन चला जाएगा। रीज़न है वहां पे पेन आने का कि आपको इनफ्लेमेशन है यूट्रस के अंदर। जब गर्मी बहुत बढ़ जाती है तो वहां पे आपको बहुत पेन
(49:02) आएगा। आपकी वो एड़ी का वो पर्टिकुलर पोर्शन भी बहुत पेनफुल रहेगा। दिस सेज़ नाउ यू हैव टू अवॉयड वीट एंड स्वीट। ओके? क्योंकि वीट एंड स्वीट आपके यूट्रस में इनफ्लेमेशन क्रिएट कर देता है। एंड हीट इतनी जनरेट हो जाती है वीट से कि उस वक्त आपका पेन बढ़ जाता है लोअर एक्सट्रीमिटीज में। सब जने गर्म है ऑलरेडी हीट है और गर्म पानी की थैली लगाते हैं ना। आप सिर्फ 5 मिनट अगर यहां रोज मसाज कर लो। चाहे बहुत हीट अगर हो रही है, हॉट फ्लशेस बहुत आ रहे हैं तो घी की मसाज कर लो। लेकिन अगर यूट्रस में इनफ्लेमेशन है तो यू हैव एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टी इन
(49:34) तिल के तेल में। तो आप उसकी जब मसाज करते हो तिल के तेल से अपने आप वहां से हीट रिलीज हो जाएगी। इनफ्लेमेशन खत्म हो जाएगा। हार्मोंस अपने आप बैलेंस हो जाते हैं और यूट्रस आपका नॉर्मल अंडरस्टुड मुझे बताइए ये जो टेक्निक्स कहीं पर हम हॉरिजॉन्टल कर रहे हैं, कहीं पर हम वर्टिकल कर रहे हैं। ये टेक्निक्स जो है मसाजिंग टेक्निक्स काेंस क्या है? बहुतेंस रखता है। अगर आप सर के लिए कर रहे हो तो आपको ऊपर की तरफ क्योंकि ब्लड को ऊपर पहुंचाना है। आप जब यूट्रस का कर रहे हो तो आपको ब्लड को नीचे यूट्रस में पहुंचाना है। अगर आपको पैर के तलवों में
(50:04) नीचे पैर में नीचे दर्द है तो आप नीचे की तरफ में मसाज दीजिए। नाभि के ऊपर आपको कहीं पर भी तकलीफ है आप ऊपर की तरफ मसाज करेंगे। लेकिन नाभि के नीचे कहीं पर भी तकलीफ है तो आप नीचे की तरफ में मसाज करेंगे उसको। ओवर इज राइट एंड लेफ्ट साइड में है। तो इसलिए आपको इस तरह से वर्टिकल लाइन में आपको मसाज देना है। ओके ओके ग्रेट। पनक्रियाज बताइएगा। लोगों को आजकल पैंकक्रियाटिक कैंसर ऑन अ राइज। तो पनक्रियाज से रिलेटेड इशूज़ या फिर पैंकक्रियाज स्ट्रेंथन कर रहे हैं। पैंकक्रियाज रिलेटेड इशू में डायबिटीज भी आ गया। करेक्ट। पैंकक्रिएटाइटिस भी आ गया है। यह
(50:36) सब जितने भी पनक्रियाज का कैंसर भी हो रहा है। आपको पनक्रियाज ठीक करना है। बस आप बिग टो एंड सेकंड टो ये दोनों के नीचे चले जाइए। यहां पे ये जो कर्व पोर्शन आ रहा है हमारा ये स्टमक एरिया है और उसके बीच में ये दोनों पैर को मिलाके राइट साइड टू लेफ्ट साइड क्योंकि पनक्रियाज बहुत बड़ा है। तो उसको आपको ठीक करने के लिए डेली अगर हम पांच मिनट इसकी मसाज करें नीम के तेल से। उसके अंदर खास करके इसकी प्रॉपर्टीज है। ओके? तो यह नीम का तेल जो है यह पूरी तरह से पनक्रियाज को एक्टिवेट करता है। इसके अंदर जो कड़वापन होता है यह जाके उसके
(51:07) बैक्टीरियास को किल करता है। एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी है। शुगर के जो पेशेंट्स होते हैं इनके अंदर वो बैक्टीरियास क्रिएट हो जाते हैं। जिससे इनकी डायबिटीज बढ़ते ही रहती है। आप जब नीम के तेल से खूब मसाज करते हैं तो उनकी डायबिटीज भी क्लियर होती है। पनक्रियाज एक्टिवेट हो जाते हैं। एंड पूरी तरह से जर्म्स जितने भी है शुगर के ये सब यूरिन में से पास होना शुरू हो जाता है। जब आप पैंक्रियास की मसाज करते हो नीम ऑयल से या फिर करेले के तेल से। तो हम इससे अपना डायबिटीज भी ठीक कर सकते हैं। डायबिटीज ठीक कर सकते हैं। रिवर्सल हो सकता है।
(51:36) ओके ओके। किडनी का एक और बार हम कर लेते हैं। किडनीज़ का आप बताइएगा क्या तरीका है? या तो किडनी प्रॉब्लम है जो आजकल बहुत चल रही है। बाय द वे। आई लॉस्ट अ फ्रेंड ऑफ़ माइंड टू दिस। माय यंगर टू मी बाय 34 इयर्स लास्ट ईयर। माय बैच स्कूल मेट। किडनी फेलियर? वन डू सडनली कोलैप्स? तुम ना हां। किडनी कभी सडनली कोलैप्स नहीं होती। किडनी आपको साइन देती है बार-बार। ओके। हम उसको समझ नहीं पाते हैं। आपके पैर के तलवे फुल जाएंगे और आपको पर्टिकुलर वो पोर्शन में आपको दर्द होगा। अच्छा। वहां पे वो स्पॉट पे बार-बार पेन आएगा। आपके पैर में लाल लाल लाल छींटे हो
(52:10) जाएंगे। आपको किडनी साइन देती है। आंखों के नीचे कालापन आ जाएगा। किडनी बोल रही है कि मैं वेस्ट को नहीं निकाल पा रही हूं। मुझे हेल्प की जरूरत है। लेकिन हमको वह साइन समझ में नहीं आती है। उस साइन को समझना है कि आंखों के नीचे जब बहुत डार्क सर्कल्स आ गए हैं तो किडनी वेस्टेज को जब नहीं निकाल पा रही है। आपके शरीर में अगर यूरिक एसिड बहुत बढ़ गया है। आपका बिगो आपको साइन दे रहा है। बिगो में पेन होने लग जाता है। आपको साइन दे रहा है कि किडनी को प्रॉब्लम हो रही है। किडनी जब तकलीफ में आ जाती है। यूरिक एसिड जब बढ़ जाता है तो जैसे शक्कर के दाने
(52:43) होते हैं। क्रिस्टल्स छोटे-छोटे होते हैं। सेम आपकी एक-एक हड्डियों में जम जाती है। यहां आपकी किडनी बोल रही है कि मुझे मदद की जरूरत है। हम उसको इग्नोर कर रहे हैं। उस वक्त हमको लगता है यूरिक एसिड बढ़ा है। बस उसको ध्यान में दे दो। आपको कई बार जो है क्रिएटिनाइन लेवल्स बढ़ जाते हैं। इसके बाद आपकी किडनी फेल होती है। तो क्रिएटिन लेवल्स को जल्दी आप ठीक नहीं कर पाते हो। सभी लोग अपने-अपने नुस्खे जरूर बताएंगे। लेकिन क्रिएटिनाइन को अगर आपको ठीक रखना है तो सबसे पहले आपको प्रोटीन चीज सारी बंद कर देनी है। जिसमें भी प्रोटीन है बंद कर दो। यूरिक एसिड बढ़ा
(53:13) हुआ है। आपको सबसे पहले ध्यान में रखना है मुझे सारे के सारे ग्रीस बंद कर देने हैं। जितनी ग्रीन चीजें हैं बंद कर देने हैं। मीठा एकदम जीरो कर देना है। हम मीठा बंद नहीं करते हैं। एंड प्रोटीन कई बार यूरिन में लीक हो रहा है कहते हैं तो फिर आपको सारी दालें बंद कर देनी है। जितना ज्यादा एक्सेस प्रोटीन आप खाओगे, आपके किडनी को उतना हार्ड वर्क करना पड़ता है। जिस दिन से सबने सोचना शुरू कर दिया कि प्रोटीन अगर हम नहीं खाएंगे तो मसल लूज होंगे। लेकिन टू मच खाओगे तो फिर किडनी आपकी एक्सेप्ट नहीं कर रही है। तो सोचते हुए खाओ। तो आपको लगता है इट्स बिकॉज़ ऑफ़ दिस
(53:44) प्रोटीन फैट जो यू आर राइट क्योंकि सब कुछ है प्रोटीन बाहर से यस एवरीथिंग प्रोटीन प्रोटीन करेक्ट नहीं इतना प्रोटीन नहीं। प्रोटीन इज मस्ट फॉर योर मसल्स। आपके मसल्स को स्ट्रांग एंड हेल्दी रखने के लिए प्रोटीन इज मस्ट। तो उसके सैगी ना हो जाए। प्रोलैप्स ना हो जाए कोई भी ऑर्गन तो उसके लिए प्रोटीन इज मस्ट। बट टू मच प्रोटीन नहीं। टू मच खाओगे तो किडनी कैन नॉट थ्रो आउट। यह चीज को वो नहीं हजम कर पाती है। आपकी कैपेसिटी 5 किलो उठाने की है। मैं आपको 10 किलो दे दूं। आपके हाथ गिर जाएंगे। किडनी की कैपेसिटी भी एक लिमिटेशन तक है।
(54:15) उसके बाद आपके पैर में जब सूजन आ रही है, क्रिएटिन लेवल्स आपके हाई जा रहे हैं। यूरिक भी हाई जा रहा है। साथ में प्रोटीन भी हाई जा रहा है। तो फिर समझ जाना कि अब आपकी किडनी साथ नहीं दे पा रही है। आपको साइन दे देता है आपके पैर के तलवे। उसी वक्त हम पैरों पे आते हैं। आई थिंक जॉइंट्स ही होगा नीचे से। जॉइंट रिलेटेड प्रॉब्लम अगर तो है मेरे पैर बहुत दुख रहे हैं या मुझे बार-बार विटामिन डी की कमी हो रही है या बॉडी पेन इन जनरल है फिर अब ये तो आपका ब्रेन से रिलेटेड है अब ये दो जो उंगली है ये आपके हाथ है ये दो आपके पैर है आप ये
(54:47) दो उंगली की खूब मसाज करो थ्री पार्ट्स हैं हमारे बॉडी में पैर के तीन पार्ट है फर्स्ट पार्ट उसके बाद एक जॉइंट आ गया अब देखिए यहां पे ये फर्स्ट पोर्शन हो गया आपका यहां पे जॉइंट आता है आपका उसके बाद ये सेकंड पोर्शन आ गया देन आपका नी का पोर्शन गोल है। उसके बाद आपका पेल्विक बोन यह दो आपके हाथ है। यह दो आपके पैर हैं। यह अपर पार्ट आपका इतना पोर्शन यहां पे देखिए जॉइंट आ गया अभी। तो यह पोर्शन यहां तक यहां पे भी एक आपका जॉइंट है। अब उसके बाद आपका सेकंड पोर्शन यहां का आ गया। तो उसके बाद आपका नी का बॉल है। तो यहां पे भी बॉल है। अब ये थर्ड पोर्शन यहां पे आप
(55:19) देखिए पकड़ के। यहां पे भी एक हड्डी है आपकी। तो ये थर्ड जॉइंट है आपका। दैट इज योर पेल्विक जॉइंट। तो यह तीन पोर्शन अब आपको डिसाइड करना है कि वो दर्द कहां पे है। आपके फुट में है या आपके घुटने में दर्द है या फिर आपके पेल्विक जॉइंट में है। अगर आपको लगता है कि नहीं मेरे पूरे फीट में पेन है तो अपर पोर्शन पे आप मसाज करिए। उसको दबाइए। पॉइंट को दबाइए। आपको लगता है नहीं मेरे ये पैर में और मेरे घुटने में दर्द है तो आप ये सेकंड पोर्शन एंड आपके नी जॉइंट को यहां पे प्रेशर दे दीजिए या मसाज कर दीजिए। उसके बाद आपको लगता है नहीं मेरे थाई जॉइंट में दर्द है।
(55:49) तो थाई के ये थर्ड पोर्शन ये थाई का और आपको लगा नहीं पेल्विक एरिया में वॉक करने में भी मुझे तकलीफ होती है। कई बार डॉक्टर्स बोलते हैं रिप्लेसमेंट करनी पड़ेगी। आप यहीं पे मसाज दे दो उसकी। यहां पे प्रेशर पॉइंट्स दे दो। आपका कैल्शियम भी कवर हो जाएगा। आपके जो घुटने में जो दर्द है वो दर्द खत्म हो जाएगा। ग्रीस बनना शुरू हो जाता है जब आप यहां पे नीज़ को प्रेशर देते हो। ओके? तो ग्रीस का काम करेगा व्हेन यू आर गिविंग प्रेशर ऑन द थर्ड एंड फोर्थ टो। ओके? अब ये टो यहां रिलेट कर रहा है। ये टो यहां का है। वैसे ही दूसरे पैर में अगर
(56:19) आप जाते हो तो ये टो यहां को रिलेट करेगा। ये टो इस पैर को रिलेट करेगा। ये यहां जा रहा है। ये यहां जा रहा है। ये हाथ यहां आ रहा है। ये हाथ यहां आ रहा है। उसी तरह आपके पैर हाथ के जॉइंट्स में कोई तकलीफ है तो ये फर्स्ट जॉइंट। ये फर्स्ट पोर्शन देखिए नाखून का पार्ट है। ये भी नाखून का पार्ट है। यहां पे आ गया आपका जॉइंट आ गया। ये यहां पे इसका जॉइंट आ गया। अब आप देखिए ये आपका हाथ हो गया। यह हाथ हो गया। यहां पे आपका एल्बो जॉइंट। यह एल्बो जॉइंट आ गया। उसके बाद आपका आर्म एंड देन ये अंडर आर्म पोशन तो यह शोल्डर का जो जॉइंट
(56:49) है यह कवर हो गया तो आप शोल्डर शोल्डर डिस्लोकेशन बस यहां पे प्रेशर दीजिए आप अगर आपके एल्बो में प्रॉब्लम है यहां पे आप प्रेशर दे दीजिए अगर आपके हाथ में वृष्ट में कोई तकलीफ है यहां पे प्रेशर दे दो और नी रिप्लेसमेंट से बचना हो तो आपने वो बता दिया तो यहां थर्ड टो थर्ड टो एंड उसका सेकंड जॉइंट अंडरस्टुड और 90% फीमेल दे हैव नी नी प्रॉब्लम्स हां खास करके जो फीमेल को टेंशन बहुत है उसको को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है या फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स बहुत ज्यादा चल रही हैं तो वो नहीं उस लेडी को सबसे ज्यादा दर्द रहेगा। अच्छा दिस इज़ रिलेटेड इमोशनल। आपको कभी भी ग्रीस
(57:23) ऐसे ही खत्म नहीं होता। आपके घुटने में दर्द आने के सबसे बड़े रीज़न है टेंशन। एंड सेकंड रीज़ आपको कहीं मूव ऑन नहीं होने दिया जा रहा। आपको जब पकड़ के रख लिया जाता है। घर से बाहर नहीं जाना है। घर के अंदर ही रहना। ऑलमोस्ट मारवाड़ी लेडीज़ को देखना। ओ लिंपिंग सबसे जल्दी एजेड हो जाती है। वो बिकॉज़ उसको घर से बाहर निकलना मना है। तो जो फीमेल घर से बाहर आराम से घूमती फिरती है उसको कुछ नहीं होगा। वो प्रोग्रेस की तरफ जा रही है। उसको जो करना है वो कर रही है। उसको कभी नहीं में प्रॉब्लम नहीं आएगी। बट द फीमेल जो भी यंग गर्ल्स कि घर में ही रहना
(57:53) है और उसके हाथ में कुछ दिया नहीं जाता है तो फिर उसको यहां पे पैन आएगा। तो फिर आपके घुटने स्टक हो जाते हैं। ग्रीस खत्म हो जाता है जल्दी से। अंडरस्टुड [गला साफ़ करने की आवाज़] दीज़ आर ऑल रिलेटेड इमोशनली मेंटल। हम्म रिलेशनशिप बताएंगे पांच तत्वों का रिफ्लेक्सोलॉजी से क्योंकि हम जानते हैं कि पूरी सृष्टि पूरा ब्रह्मांड इंक्लूडिंग द ह्यूमन शरीर इज मेड अप ऑफ़ फाइव एलिमेंट्स अर्थ फायर एंड वाटर स्पेस क्या कनेक्शन है अब आप देख लीजिए आपके जो पांच केबल वायर्स जा रहे हैं ये हमारे पंचभूत है हम कैसे आपके जो लास्ट सेकंड तो आपका जो है
(58:25) यह अर्थ एलिमेंट है ये आपका अर्थ एलिमेंट है ये आपका वाटर एलिमेंट है लिटिल फिंगर आप अपने हाथ की ले लो आप स्कूल जाते थे आपने कभी टीचर को यह नहीं पूछा टीचर मे आई गो टू वाशरूम ना आपने क्या बोला टीचर पिंकी टो जो है यह आपके यूरिनरी ट्रैक से पूरा कनेक्टेड है अब उसके बाद है फायर एलिमेंट तो आपका बिग टो जो है बीच में से जा रहा है यहां से जा रहा है तो ये फायर एलिमेंट है उसके बाद आ गया आपकी वायु लंग्स तो ये आपके दोनों लंग्स के पास से जा रहे हैं तो इसलिए ये केबल वायर जो है आपके वायु से रिलेटेड है आपका जो सेकंड टो है एंड थर्ड टो जो है यह आपका बीच में से
(59:00) जा रहा है ऐसे करके तो आपका जो है स्काई एलिमेंट उसको कवर कर रहा है। स्काई एलिमेंट में कौन आ गया आपका? हेड आ गया। तो बीच में से वो जा रहा है। तो ये पांच एलिमेंट जो है अगर ये फाइव एलिमेंट्स को हम अच्छे से मसाज करके ट्विस्ट कर दो और उसके बाद पुल कर दो। ये पांच के पांच एलिमेंट्स आपके बैलेंस हो जाएंगे। तभी मसाज में वो करते हैं ऐसे। [हंसी] टक टक करके खींचा जाता है। ओके। तो पूरे एलिमेंट्स हार्मोनाइज होंगे। हमारी सिस्टम हेल्थ हेल्दी रहेगी। यस। ओके। पांचों को बैलेंस करना बहुत इजी है। आपके पास जो भी ऑइल है पहले उस ऑइल को
(59:32) अच्छे से लगा के देन यू ट्विस्ट ईच एंड एव्री फिंगर। लेकिन अगर हम मंत्रों के उच्चारण से करें अगर उसको कि आप में सहनशक्ति ही नहीं है ऑलवेज रिमेंबर इफ नो पेन नो गेन। लेकिन आप बोलेंगे मेरे से पेन बर्दाश्त ही नहीं होता है। तो फिर आप मंत्रों के उच्चारण से ठीक करो अपने बॉडी को। तो आपका अर्थ एलिमेंट है ये। हम् तो आप इसको पकड़ के बोल दो लम आप देखना आपको सिर्फ रूटक के ऊपर वाइब्रेशन महसूस होना शुरू होएगा। आपके पूरे पैर में जितने लोअर एक्सट्रीमिटीज में जो भी तकलीफ है आप कॉक्सिक से लेकर नीचे तक में सारे दर्द खत्म हो जाते हैं।
(1:00:07) जब आप इसको पकड़ के बोल देते हो लम एलिमेंट भी काम कर रहा है। साथ में चक्रा भी काम कर रहा है। कलर भी काम कर रहा है। मंत्रा भी काम कर रहा है। तो चारों को एक साथ लेते हुए बोल दो आप। लम फोकस करना है। आप एक बार फोकस करके देखो। आपको वहां पे महसूस होएगा। कुछ वाइब्रेंट होते हुए महसूस होएगा। लम किडनी रिलेटेड इशू है। यूटीआई इनफेक्शन हो गया है या कोई भी यूरिनरी ट्रैक्ट से या फीमेल को कोई भी इश्यूज आ रही है। किडनी रिलेटेड कोई भी प्रॉब्लम्स आप इसको पकड़ के बोल दो वम। आप वम बोलते ही आपको सामने के पोर्शन में महसूस होएगा। पेल्विक
(1:00:41) पोर्शन में आपको पूरा महसूस होएगा कुछ हिलता हुआ, वाइब्रेंट होता हुआ। उसके बाद आप बोल दो रम। सीधा आपकी नाभि पे उसका अटैक आएगा। आपने बोला ही मुझे हो रहा है फील। हां रम सीधा आपकी नाभि आपके डाइजेस्टिव में कोई भी प्रॉब्लम आ रही है फोकस करना है बस हमारा फोकस अगर अच्छा है हो जाएगा ठीक होएगा अगर कलर को महसूस करते हुए करो और भी ज्यादा अच्छा तो आपके स्टमक के अंदर का जो उसका जो चक्रा है सोलार चक्र उसका कलर है येलो तो फोकस करो कि हां यहां पे येलो कलर का कुछ वाइब्रेंट हो रहा है बस उसको पकड़ के बोल दो रम अब यहां पे सेकंड टो को पकड़ के बोल दो आप
(1:01:20) यम आपको सिर्फ यहीं पे महसूस होगा। आपके लंग्स में, आपके हार्ट में कोई भी प्रॉब्लम आ रही है। आपको सिर्फ एक ही बोलना है। यम जितना नंबर क्योंकि आपको दर्द नहीं चाहिए। प्रेशर पॉइंट से आपको बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। ठीक है? पकड़ के बोलो ना। वाइब्रेशन जाएगा। वाइब्रेशन से आप अपने आप को ठीक कर सकते हो। सिर्फ पकड़ के। उसके बाद एक साथ तीन तत्व जा रहे हैं। थ्रोट भी यहीं पर है। थर्ड आई चक्र भी यहीं पर है। लाइन से जा रहे हैं तीनों और क्राउन चक्र भी यहीं पर है। आपको चाहे गले की कोई भी प्रॉब्लम है, इए रिलेटेड कोई भी इशू है या
(1:01:57) ब्रेन रिलेटेड इशू है। बीच वाली उंगली को पकड़ लो क्योंकि वो स्काई एलिमेंट है। तो ये तीनों स्काई की तरफ जा रहे हैं। बस इसको पकड़ के आप बोल दो। और कलर को इमेजिन करो। ब्लू कलर है। उसके बाद जो है डार्क ब्लू कलर, नेवी ब्लू कलर है। और उसी के ऊपर आपका लैवेंडर कलर पकड़ लो या वाइट कलर पकड़ लो। उसको पकड़ के एक ही बार में बोल दो। हम आप देख लेना ऊपर तक जाएगी हमेशा करेक्ट फिर दूस एक तीन बार हम बोल दो तीन बार ओम आपके इए टी में हिलना शुरू हो जाएगा उसके बाद आप बोल दो अम सीधा आपके दिमाग में उसका इफेक्ट हो रहा है तो बोलेंगे तो हम सुपर्ब इट्स अ सिंपल
(1:02:42) साइंस एक-एक खाली उंगली को खाली पकड़ के बोल दो। पकड़ के बोलिए। अब आप इसको पकड़िए। सांस लीजिए। कहां पे जा रही है सांस? लंग्स में आ गई। क्यों? क्योंकि आपकी इंडेक्स फिंगर। दिस इज रिलेटेड विद वायु। तो ये वायु क्यों उंगली है? वायु कहां जाती है? लंग्स में। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हम जब सांस लेते हैं यहीं पे जा रही है। अब सेंटर फिंगर को लीजिए। वायु लीजिए अच्छे से। कहां जाएगी? ऊपर जा रही है। देखिए आपके गले में ठंडक महसूस होगी। चेहरे पे ठंडक महसूस होगी। नाक में ठंडक महसूस होएगी। आपके सर में ठंडक महसूस होएगी। अब यहां पे करिए।
(1:03:22) आपको सीधा लोअर एक्सटिमिटीज में लगेगा जैसे कुछ नीचे हवा गई है आपकी क्योंकि ये अर्थ एलिमेंट है। ओके। अब फिर आप सांस लीजिए। आपको सीधा वाइना में महसूस होएगा कि वहां पे कुछ हिल गया। आपको ऐसे लगेगा जैसे नीचे पेल्विक एरिया आपका अंदर खींचा जा रहा है। खींचिए खींचिए। देखिए सीधा वहीं पर जा रहा है। तो एक-ए एलिमेंट एक-ए उंगली आपके एलिमेंट से आपके से आपके कलर से आपके रिफ्लेक्स पॉइंट से कनेक्ट है। हम सुपर्ब मनीषा जी रिफ्लेक्सोलॉजी काक्रा से भी कनेक्शन है। तो रिफ्लेक्सोलॉजी के थ्रू हम अपनेक्रास को बैलेंस कर सकते हैं। उनको इंप्रूव भी कर सकते हैं। राइट?
(1:04:04) यू आर राइट। कलर्स से भी कर सकते हैं। प्रेशर पॉइंट से भी कर सकते हैं। आप रेड कलर जो है अपने रूट चक्र पे आपका यह हिस्सा तो सामने का हो गया। हम आपका पूरा फ्रंट बैक पूरा कवर कर दिया हमने यहां पे। लेकिन स्पाइनल कॉर्ड आप अपने पूरे स्पाइनल कॉर्ड से अपने सेवन चक्राक्रास को कवर कर लीजिए। साथ-साथ में अपनी सारी बीमारियों को भी आप ठीक कर सकते हो। जस्ट आप अपने स्पाइनल कॉर्ड को प्रेशर पॉइंट्स देते हुए या तो फिर कलर लगाते हुए। तो रेड कलर आप अपने रूट चक्र पे लगा दो। क्योंकि यह बेस है आपका। तो यहां पे आपने रेड कलर लगा दिया। रेड कलर लगाते हुए
(1:04:39) बोल दो लम ये आपके पूरे लोअर एक्सटिमिटीज में कॉक्सिक बोन से लेके टोटल वी हैव 33 बोनस सर्वाइकल के सेवन थोरेसिक 12 लंबर फाइव स्रल फाइव कॉक्सिक फोर कॉक्सिक के बोनस इस तरह से है वो आपके ऐसे नहीं है यूं यूं नहीं हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल नहीं उसका जो है नीचे पूरे नीचे की तरफ में जा रहे हैं चार बोनस जो उसके नीचे इसलिए यह नीचे के हिस्से में आप जब रेड कलर लगाते हो तो दिस इज़ योर रूट चक्र कि यह आपका बेस है। अगर यह कमजोर है। जब आपको सेफ फील नहीं हो रहा है, से्य फील नहीं हो रहा है, अंदर भय है। आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है। आपको हर
(1:05:23) चीज में रोक-टोक होती है, तो आपका यह चक्र कमजोर हो जाता है। तो, उस वक्त आपके नीचे लोअर एक्सिमिटीज में इतना पेन आएगा, शियाटिक पेन आएगा, वेरीकोस पेन का पेन आएगा। आपके घुटने रेडी नहीं होंगे आगे बढ़ने के लिए। आपके पैर के तलवे तैयार नहीं होंगे आगे बढ़ने के लिए। तो उस वक्त आप रेड कलर लगा दो और साथ-साथ में आप बोलते जाओ लम। यह चक्र भी एक्टिवेट। साथ-साथ में आपके पूरे पैर की बीमारियां जितनी भी है ये सब ठीक होने लग जाती है। जब आपने लगाया रेड कलर। अब फीमेल को और मेल को दोनों को काफी जेिटल ऑर्गन्स में प्रॉब्लम्स आती है। बस
(1:05:57) यहां से रूटक से दो उंगली छोड़ दीजिए आप। यहां पे है वम। ये आपके पूरे पेल्विक रीजन को कवर कर जाता है। पूरी की पूरी आपकी किडनी कवर हो जाती है। आपको वाइना में कोई इशू है या टेस्टिकल में मेल को कई बार प्रोस्टेट एनलार्जमेंट हो जाती है। कोई भी प्रॉब्लम अगर आ रही है। आप यहां पे ऑरेंज कलर लगा के बोल देना है बेस्ड ऑन एक्यूप्रेशर कलर थेरेपी। यहां पे आप जब इसको यहां पे कलर लगाते हुए वम आपको सिर्फ वहीं पे अटैक करेगा। तो उसका इफेक्ट सिर्फ वहीं पे जाएगा। उसके बाद स्टमक रिलेटेड कोई भी इशू है दो उंगली छोड़ देना। क्योंकि यहां पे हील आपका
(1:06:39) कंप्लीट हो गया। अब यहां पे आपके स्टमक रिलेटेड इश्यूज कोई भी स्टमक रिलेटेड इश्यूज आ रहे हैं। आपको बोल देना है राम। यहां से लेके यहां तक आपकी कोई भी बीमारी है ठीक हो जाएगी। क्योंकि आपको दबाने से तकलीफ महसूस हो रही है। कोई बात नहीं। आप कलर लगा दो। कलर थेरेपी भी हो गया। साथ में मंत्रा थेरेपी भी हो गया। साथ-साथ मेंक थेरेपी भी हो गई। अच्छा। तो थ्री इन वन हो गई। तो उस पर्टिकुलर स्पॉट पर आप लगाने से आपके पूरे जितने भी स्टमक रिलेटेड इशज़ हैं वो सब ठीक हो जाएंगे। उसके बाद आपको चेस्ट एंड हार्ट रिलेटेड कोई भी इशू आ रहा है। दो उंगली और
(1:07:17) ऊपर आ जाओ। क्योंकि बेस्ड ऑन एक्यूप्रेशर थेरेपी यहां पे हमारा हार्ट का पॉइंट है। तो यहां से जब आप इसके ऊपर ग्रीन कलर लगाते हुए यम हम ये बोलिए आपके हार्ट का ब्लॉकेज खुलने लग जाएगा। आपका पूरा लिपिड प्रोफाइल सुधर जाएगा। लंग्स में कोई भी रिलेटेड इशज़ है वो भी ठीक होने लग जाएंगे। अब हम सांस लेते हैं। हमारे गले में कोई ना कोई टॉन्सिल्स की इशू आ रही है। कोई ना कोई प्रॉब्लम आते रहती है। बस लंग्स एंड चेस्ट ये दोनों को कवर कर लेता है। एंड आपके थायरॉइड ग्लैंड दो उंगली छोड़ दीजिए। ऊपर यहां पे ये पोर्शन में आ जाइए। यहां पर आप ब्लू कलर लगा दीजिए और
(1:07:59) बोलेंगे हम टॉन्सिल्स है, एडिनॉइड्स है, थायरॉइड इशज़ आपको आ रहे हैं। कोई भी प्रॉब्लम क्या आप जब कम्युनिकेट नहीं कर पा रहे हो किसी के साथ। आपका यह ग्लैंड शोक हो जाता है। आप जब कलर लगाते हो तो ग्लैंड भी काम करना शुरू कर देता है। भी आपका पावरफुल हो जाता है। कम्युनिकेशन गैप जो हो रहा है वह भी नहीं होगा आपका। कॉन्फिडेंस लेवल आपका हाई हो जाएगा उस वक्त और उसके बाद इंडिगो कलर ईएनटी रिलेटेड इशू एक खाली लॉजिक कि अगर आप धूप में निकले या आपने आंखों की सर्जरी कराई तो पहले के डॉक्टर्स आपको दिया करते थे ब्लू ग्लासेस हम आप धूप
(1:08:43) में जाए तो ब्लू आपको कूल रखता है तो ईएनटी में कूलिंग रहना बहुत जरूरी है। आंखों में अगर हीट बढ़ गई, नाक में अगर हीट बढ़ गई, खून निकलेगा, आंखें आपकी लाल-लाल हो जाएगी। तो आप कभी भी यहां पे यह आपका जो है थर्ड आई चक्र यहां पे आ जाता है आपका थर्ड आई चक्र। इसके ऊपर आप नेवी ब्लू कलर लगा दो। आपकी आंखों में जो गर्मी है खत्म। दिमाग की जो गर्मी है वो खत्म हो जाएगी और साथ-साथ में नाक में जो साइनस रिलेटेड इश्यूज होते हैं क्योंकि हीट बहुत बढ़ जाती है। तो साइनस का पानी भर जाता है वहां पे और सर में दुखने लग जाता है। आपका फ्रंटल साइनस पेनफुल हो जाता है। बस आप
(1:09:19) यहां पे इसको लगा दो। एकदम रिलैक्स हो जाएगा। कानों में जो दर्द होता है आपके साईंस करके आवाजें आती है आप हां टेनिटस की जो इशू आ जाती है बस आप यहां पे नेवी ब्लू कलर लगा दो आपका साथ-साथ में बोल दो ओम आपको सिर्फ यहीं पे उसका इफेक्ट महसूस होगा उसके बाद आप लैवेंडर कलर लगा दो यहां पे क्राउन चक्र तो आपका एक्टिवेट होना ही होना है और साथ-साथ में बोल हम आपका पिट्यूटरी पीनल ये दोनों ग्लैंड आपके एकदम एक्टिवेट हो जाएंगे। ब्रेन रिलेटेड
(1:10:05) कोई भी इश्यूज है वो भी ठीक हो जाएंगे। मेमोरी रिलेटेड कोई भी प्रॉब्लम आ रही है। फोकस नहीं हो पा रहा वो भी कवर हो रहा है। भी कवर हो रहा है। एलिमेंट भी कवर हो जा रहा है। सुपर्ब। यह सब के सब एक साथ करते हैं। आपको ऐसे लगता है कलर तो लगा दिया लेकिन फिर भी आपको लगता है कि काम कर रहा है या नहीं कर रहा है। आप सिर्फ आपकी हीलिंग फिंगर से आपकी सेंटर फिंगर इज अ हीलिंग फिंगर। तो आप जब हीलिंग फिंगर से खाली टच रखिए यहां पे और फिर बोल दीजिए लम। आपके रूट चक्र की हीलिंग होना शुरू हो जाएगी। आपको महसूस कई लोगों को जल्दी महसूस नहीं होता है कलर लगाने से। जब आप
(1:10:43) टच करके रखते हो आजकल टच का जमाना चल रहा है तो बस टच करो और फिर बोलो लम वम रम यम हम ओम अम सा रे गा मा प ध नी फिर आ गया सा नाइस वै नाइस मनीषा ये साइकोल बिकॉज़ यू नो कलर थेरेपी आपने पिछले पॉडकास्ट में मुझे बोला था तब मुझे स्ट्राइक हुआ। कलर्स से किसी की हेल्थ कैसे सुधर सकती है? तो इस ये साइकोलॉजी पे काम कर रहा है। एनर्जी सिस्टम पे काम कर हमारे बॉडी के कलर्स यही हैं। ओके।
(1:11:26) हमारे बॉडी के ऑर्गन के कलर्स हैं। और चक्रास के कलर्स चक्रास के कलर्स। तो हम एक तरीके से रीइंफोर्स कर रहे हैं। यस। अच्छा। और कोई नेचुरल तरीका है? बिकॉज़ कुछ लोग कहेंगे कि इनमें बहुत सारे केमिकल्स होते हैं। ये आर्टिफिशियल कलर ही है। यू कैन यूज़ इट। अब आपको रेड कलर लगाना है तो कोई फूड सब्सटेंस में जो भी रेड जैसे बीटर रूट है लाल कुमकुम लगा दिया कुमकुम लगा दीजिए ऑरेंज कलर में कैरेट का कलर है या केसर का रंग है वो लगा दीजिए येलो में आपके पास हल्दी होती है ग्रीन में आपके पास पुदीना इज द बेस्ट क्योंकि उसमें हाई क्लोरोफिल होता है तो बस उस तरह से एक-एक चीज को
(1:11:57) एक-एक जो कलर मैच होता है वो फूड आइटम्स में से नेचुरल फूड आइटम्स में से लेके लगा दो उसको अच्छा फूड आइटम को ही लगा दो वहां दैट विल वर्क आउट या फिर खा भी लो उसको आप खा लो अगर आपका रूट चक्र बहुत कमजोर है तो आप बीटर रूट खा लो। लाल रंग के जो देसी गाजर आते हैं उसको खा लो। टमाटर हो जाएगा। यस। अगर आपको बहुत ज्यादा सकरल रीजन में अगर आपको बहुत ज्यादा प्रॉब्लम आ रही है तो आप ऑरेंज कलर के फ्रूट्स खा लो। ऑरेंजज़ है तो उस तरह के ऑरेंज कलर के जो भी फ्रूट्स आते हैं उसको ले लो आप। उसके बाद आ गया येलो। तो आप सारे येलो कलर के फ्रूट्स
(1:12:26) आपके डाइजेशन में बहुत प्रॉब्लम आ रही है। तो आप येलो कलर का बनाना इज़ येलो। येलो-यलो जो भी येलो-यलो कलर की चीज़ है चाहे वेजिटेबल हो चाहे फ्रूट हो आप वो ले लो। आपको हार्ट में सबसे ज्यादा ब्लॉकेज हार्ट में आता है। तो कद्दू का रंग ग्रीन है, तुरई का रंग ग्रीन है। आपको ब्लॉकेज ही नहीं आने देगा। दैट इज द बेस्ट। तो जितने ग्रीस आप खाओगे आपका हार्ट उतना अच्छा रहेगा। अब उसके बाद आ गया ब्लू कलर। तो ब्लू कलर के वेजिटेबल्स ढूंढ लो। ब्लू कलर के फ्रूट्स को आप ढूंढ लीजिए। तो कोई भी चीज आप खाओ। चक्रास के बेस के ऊपर कि आपको जो बॉडी के पार्ट में जहां पे पेन है
(1:12:57) वो बेस के ऊपर आप ग्रीन कलर की रेड कलर की ऑरेंज कलर की आपके घर में हर चीज होती है। हमारा ध्यान नहीं जाता है बस फोकस नहीं है। हम सब टेस्ट देखते हैं। लेकिन हम यह नहीं देखते कि हमारे अंदर के लिए बेस्ट है या नहीं है। सो डोंट गिव टेस्ट टू योर 6 इंच टंग। [हंसी] ठीक है ना? जब आप 6 इंच टंग को टेस्ट देते हो तो फिर 6 फीट के शरीर को तकलीफ होती है। सुपर। वो मत दीजिए। ग्रेट। पैरों की ऐसे कुछ एक्सरसाइजज़ जो हमें हर रोज करनी चाहिए। सबसे पहले पैर के तलवों को रब कर दो। रब करने के बाद रबिंग करते हैं टॉक्सिन निकलना शुरू हो जाता है। उसके बाद
(1:13:35) टैपिंग कर दो। आप जब उसको ढोलक ताली जिसको बोला जाता है। अगर आप उसको जब आप टैप करते हो जैसे डस्ट भरी हुई आपके कपड़े में है। आप क्या करोगे? जब धूल मट्टी को पोंछ देते हो उसके बाद आप उसको झटकते हो। झटकते ही आपके टॉक्सिन शरीर के टॉक्सिनस रिलीज होना शुरू हो जाते हैं। उसके बाद आप एक-एक उंगली की ट्विस्टिंग करो। एक-एक उंगली को प्रेशर दबाना शुरू कर दो। और उसके बाद उंगलियों को आगे और पीछे ले लो कि कहीं पे भी जैसे कपड़े में पानी भरा है। आप ट्विस्ट करते हो उसको। ट्विस्ट करते ही सारा पानी निकल गया। पहले के लोग ट्विस्ट करते थे। आज आपका वाशिंग मशीन करके देता
(1:14:07) है। लेकिन आप जब खुद अपनी उंगलियों को आगे और पीछे जब ट्विस्ट करते हो उसको इस तरह से जब ट्विस्टिंग कर रहे हो उसके बाद आप खींचते हो उसके बाद क्या करते हो? आप झटक देते हो झटक के फिर सुखाते हो तो सारा का सारा पानी निकल गया सारा टॉक्सिन निकल गया पूरे शरीर में जितना कचरा था सारा का सारा वेस्ट किडनी के पास जाके जल्दी से निकल जाता है हां हां तो आपके लीवर में कोई प्रॉब्लम नहीं रहेगी हार्ट में कोई ब्लॉकेज नहीं आएगा सारे ऑर्गन्स आपके जो है अब आप एच ई ए आर टी हार्ट एच को हटा दीजिए लास्ट के टी को हटा दीजिए बीच में कौन रह गया ई ए आर तो ये दो
(1:14:40) कान को आप देख लीजिए ये दो को नजदीक ला लिया तो ये बन गया हार्ट हार्ट ओ और ये ऐसे कर दिया आपने नीचे तो बन गई आपकी किडनी तो आपकी किडनी आपकी हार्ट और आपके कान ये तीनों का कनेक्शन है तो ये तीनों एक साथ काम करते हैं। अगर किडनी में पानी भर गया है, कचरा भर गया है। आपके कान में पानी आपको पस महसूस पस निकलना शुरू हो जाएगा। यहां से आपके हार्ट में ब्लॉकेजेस क्योंकि आपकी किडनी अच्छे से काम नहीं कर रही है। फंक्शन नहीं कर। आपका स्ट्रेस लेवल बहुत बड़ा हुआ है जिसकी वजह से हार्ट में ब्लॉकेज हो रहा है और उसी की वजह से आपके कानों में तकलीफ आ रही है। जाई जाई
(1:15:11) जाई जाई जाई जाई की आवा आई या पानी के जैसे कई लोग बोलते हैं पानी की आवाज आ रही है क्योंकि आपकी किडनी में पानी भर गया है। तो इसलिए आपके कानों में ये प्रॉब्लम हो रही है। तो हार्ट, किडनी एंड योर इयर ये तीनों का कनेक्शन एक साथ है। लीवर का आंखों से कनेक्शन है। तो एक-एक बॉडी के ऑर्गन का आपका ब्रेन और आपकी आंत ये दोनों का कनेक्शन एक साथ है। आप ब्रेन में देखिए यूं यू ज़गैग ज़गैग ज़गैग लाइंस बनी हुई है। सेम वे आपके इंटेस्टाइन में देखो ज़गैग ज़गैग ज़गैग करेक्ट। तो बोलते हैं ना जब आप एग्जाम लिखने जाते हो पता नहीं मुझे बहुत डर लग रहा है। और
(1:15:42) फिर भूख मर जाएगी। हम स्ट्रेस तो यहां पे था। फियर यहां पे था तो भूख वहां क्यों मर गई? कई बार जब आप बाहर कहीं पे जा रहे हो आप नर्वस अगर बहुत हो। घड़ी-घड़ी आप यूरिन के लिए जाओगे तो व्हाट इज द कनेक्शन देन? आपको सांस आपकी जो ब्रीथिंग है वह और आपके यूरिनेशन की यह दोनों का कनेक्शन वहां से तो आपको घड़ी घड़ी घड़ी जैसे ही टेंशन फील होता है आप बोलोगे मेरी सांस नहीं आ रही है मुझे घबराहट हो रही है और फिर घड़ी-घड़ी आप वॉशरूम जाते हो तो आपके नाक का लंग्स का और आपके यूरिनेशन का ये तीनों का कनेक्शन है एक दूसरे के साथ तो सब ऑर्गन्स की कनेक्टिविटी एक दूसरे के साथ
(1:16:22) चल रही है अंडरस्टुड अब जब आप उंगलियों को आगे पीछे आगे पीछे जब आप टोस को एकदम से आगे और पीछे आगे और पीछे जब करते हो तो एक तो सारे आपके 10 चैनल्स खुल गए। ओके? ब्लॉकेजेस जितने भी आ रहे हैं नीचे से लेके ऊपर ऊपर से लेके नीचे तक ये पूरे ब्लॉकेजेस ओपन हो जाएंगे। ब्लड का सर्कुलेशन स्टार्ट हो जाएगा। दूसरा फीमेल रिलेटेड इशज़ जो होते हैं खास करके 90% फीमेल्स को बहुत प्रॉब्लम्स आती है जेिटल ऑर्गन्स में। यूटीआई इंफेक्शन बार-बार हो जाता है। पेल्विक जो होता है, यूट्रस जो होता है, यह लूज़ हो जाता है। प्रोलैप्स हो जाता है। प्रोलैप्स मतलब एक लूज़ हो के
(1:16:54) बाहर आ जाता है। तो, आप सांस खींचिए और उंगलियों को ऊपर की तरफ में खींचिए। आप अपने टोज़ को ऊपर खींच के रखिए और सांस गहरी सांस [नाक से की जाने वाली आवाज़] खींचिए। आप जैसे ही गहरी सांस खींचेंगे अंदर आपका यूट्रस अंदर भी जाएगा। आपका जो ब्लैडर लूज हो गया, प्रोलैप्स हो गया है वो टाइट होने लग जाता है। कई बार लेडीज़ जो है स्टिच कराने को जाती है। जरूरत ही नहीं है। आप अपने टोज़ को पीछे खींचो। खींच के रखो फॉर थ्री टू फाइव सेकंड्स। गहरी सांस लेके रोक कर रखो फाइव सेकंड्स। उसके बाद रिलैक्स। अगर आप नीचे की तरफ में पुश करते हैं, आपके जितने भी नीचे लोअर एक्सटिमिटीज
(1:17:24) में पेन है, कई बार सिटिक पेन आ रहा है, वेरकोस वेन का प्रॉब्लम आ रहा है। क्योंकि क्लॉट्स हो जा रहे हैं वहां पे। आप जब नीचे उंगलियों को पुश करते हो तो नीचे की पूरी प्रॉब्लम्स खत्म होती है। ऊपर जब आप खींचते हो तो ऊपर के सारे जितने भी रिलेटेड प्रॉब्लम्स हैं नाभि के ऊपर के वो सब ठीक हो जाते हैं। अब आप उसको राइट साइड में लीजिए। फिर वापस अंदर की तरफ में लीजिए। तो आपके यहां साइड में जहां पे भी पेन आ रहा है, किसी को राइट पेल्विक में पेन है, किसी को लेफ्ट, किसी को राइट हाथ में दर्द है, किसी को लेफ्ट हाथ में। आप जब पैरों को राइट लेफ्ट लेते हो, आपके कमर
(1:17:52) का दर्द भी ठीक होता है। साथ-साथ में आपके राइट साइड लेफ्ट साइड के पेंस भी खत्म हो जाते हैं। तो पैरों को अंदर और बाहर उस तरह से आप ले लो। आप जब आप खाली टो पे जब वॉक करने लग जाते हो तो जिन बच्चों की हाइट नहीं बढ़ रही है। उनके हार्मोंस ग्रोथ हार्मोन्स वहीं से शुरू होते हैं। तो हाइट बढ़ना शुरू हो जाती है। व्हेन यू वॉक ऑन टो। इसलिए बोलते हैं वॉक एंड टॉक। तो वॉक एंड टॉक इसलिए बोला गया कि आप जब वॉक करते-करते आप बात कर रहे हो भले आप बात कहीं पे भी कर रहे हो लेकिन आपके वहां से ऑर्गन्स तो काम कर ही रहे हैं। वो अपना काम चालू रखते हैं।
(1:18:21) वॉक एंड टॉक मतलब कनेक्शन क्या हुआ? आप जब वॉक ऑन टो तो आप जब वॉक करते हुए टो पे जब वॉक करते हुए बात करते हुए चल रहे हो तो आपका ब्रेन एक्टिवेट हो रहा है। आपके ब्रेन के सारे हार्मोंस एक्टिवेट हो जाते हैं। और सारे के सारे ग्लैंड्स को देयर आर सेवन एंडोक्राइन ग्लैंड्स। पिट्यूटरी पीनल, थायरॉइड, थाइमस, एड्रिनल, पैंकक्रियाज, मेल एंड फीमेल ऑर्गन्स। तो ये पूरे के पूरे ग्लैंड्स को एक साथ एक्टिवेट कर देता है। आपका ब्रेन वहां से वो हार्मोन पास करना शुरू कर देता है। तो आपके मेन फाइव हार्मोनस जो है वो सब के सब रिलीज हो जाते हैं। जिसको नींद नहीं आती
(1:18:51) है उसको भी नींद आने लग जाती है। जब आप टो पे वॉक करते हो रोज अगर 5 से 10 मिनट अगर आप टो पे टो वॉक करते हो। आप फोन पे बात कर रहे हो। खाली नॉर्मल मत चलो। टो पे वॉक करते-करते करो। आपको नींद नहीं आ रही है। नींद आने लग जाएगी। इंसोमिनिया की जो प्रॉब्लम हो गई है। आज सबसे ज्यादा प्रॉब्लम हो गई। रात को नींद नहीं आती या एक से तीन के बीच नींद उड़ रही है मतलब लिवर में प्रॉब्लम है क्योंकि आपकी बॉडी में भी बायोलॉजिकल क्लॉक सेट किया गया है। तो जब बायोलॉजिकल क्लॉक सेट है तो रात के 11:00 से लेके 1 तक आपका गॉल ब्लैडर काम कर रहा है। रात के 1:00 से ले 3:00 बजे तक
(1:19:23) आपका लीवर काम कर रहा है। रात के 3:00 से लेकर 5:00 बजे तक आपके लंग्स काम कर रहे हैं। इसलिए बोलते हैं ना कि 3:00 से 5:00 के बीच में उठ जाओ। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर आप प्राणायाम करो। क्योंकि उसके लंग्स का वर्किंग टाइम होता है। तो आप जब ऑक्सीजन लेते हो आप बीमारी नहीं पड़ोगे। पूरे शरीर में ऑक्सीजन जैसे ही जाएगा आपका ब्लड का प्यूरिफिकेशन हो जाता है। ब्लड प्यूरीफाई रहेगा। सर्कुलेटरी सिस्टम अच्छा रहेगा। पैरासिंथेटिक सिस्टम अगर अच्छा रहा अपने आप आपके पूरे के पूरे पार्ट्स अच्छे रहेंगे। इसलिए सुबह-सुबह बोला जाता है कि
(1:19:52) आप हवा 5 से 7 के बीच में आपकी आंतें काम कर रही हैं। तो इसलिए बोलते हैं कि 5 से 7 के बीच में इंटेस्टाइन का क्लीनिंग का टाइम है। मुंह में कुछ मत डालो सिवाय गर्म पानी के। सुबह उठते ही 5:00 से 7 के बीच में गरमगरम पानी पियो। कहते हैं उबलता पानी नहीं बट आप पी सको उतना गर्म पियो। क्योंकि आपके इंटेस्टाइन का काम शुरू होता है 5:00 से 7 उसके बाद 7:00 बजे से लेके 9:00 बजे के बीच में आप अच्छे से ब्रेकफास्ट करो। हां हां हां लेकिन हम सब उल्टा करते हैं। रात को 11:00 बजे खाते हैं 1:00 बजे सोते हैं तो फिर आपको गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी
(1:20:25) ये सारी प्रॉब्लम्स कॉन्स्टिपेशन या फिर आईबीएस ये सब प्रॉब्लम्स आपके पेट रिलेटेड आती है। जस्ट बिकॉज़ आप लेट नाइट सो रहे हो, लेटाई खा रहे हो। और लेट उठ रहे हो तो किडनी तो काम ही नहीं कर रही है। कहीं नहीं। आजकल तो बोलते है ना हमारी जो यंगर जनरेशन है रातों की राजा है। रात के राजा प्रॉब्लम्स इसलिए आ रही है स्टिंग अप लेट इन द नाइट। जितना आप लेट नाइट जागोगे उतनी आपकी बीमारियां बढ़ेगी। तो आप जब टो पे वॉक करते हो तो आपकी इंसोमिनिया की बीमारी खत्म होगी क्योंकि रात में नींद आना बहुत जरूरी है। आप गहरी नींद लेते हो तो आपका एंडोरफिन हार्मोन
(1:20:58) एंड मेलेटोनिन हार्मोन। मेलेटोनिन आपकी नींद के हार्मोन है। यह रिली सेक्रेट होना शुरू हो जाते हैं आपके ब्रेन। उसको सेक्रेट करता है। आपको गहरी नींद जब आती है। यह दो ही हार्मोन पूरी रात में काम करते हैं। ओके? वन इज योर स्लीपिंग हार्मोन। दैट इज योर मेलेटनिन। दूसरी है एंडोरफिन हार्मोन। ये पेन किलर हार्मोन है। ये आपके पूरे बॉडी में जहां पे भी आप जो पेन किलर लेके लेके जबरदस्ती दबा रहे हो। आपका बॉडी खुद आपके अंदर पेन किलर हार्मोन प्रोड्यूस कर रहा है। हम उस चीज को अवॉइड कर रहे हैं। वो भी क्यों काम करेगा? फिर बोलते हैं मुझे बाहर
(1:21:27) से मिल रहा है। आप किसी को भी बिठाकर खाना खिलाओगे पूरी लाइफ वो तो खाएगा आराम से। तो आप बाहर से जब तक दवाई देते रहोगे आपका अपना हार्मोन काम करना बंद कर देगा। फ्री ऑफ कॉस्ट मुझे मिल रहा है। व्हाई शुड आई वर्क? तो उसी तरह आपका नींद अगर आपको अच्छे से आ गई तो फिर एंडोरफिन हार्मोन आपके वो रिलीज़ होने शुरू होते हैं। नेचुरली द नेचुरल पेन किलर विल वर्क इन योर बॉडी। आपके बॉडी में कहीं पे भी वेयर एंड टेयर है, कोई भी टिश्यू में, कोई भी ऑर्गन में, कोई भी नर्व्स में आपको कहीं पे भी पेन है, सब ठीक हो सकते हैं। अगर आप समय पे खाना खाते हो, सनसेट से पहले खाना
(1:22:00) खा लो। उसके बाद आप दो सनसेट होने के बाद 2 घंटे के बाद आप वॉक ऑन टू। आपको नींद अच्छी आएगी। गहरी अच्छे से सुपर फूड अपने पैर के तलवों को दे दो। टॉक्सिन निकालना बहुत जरूरी है। तो पहले आप वार्म वाटर से अपने पैर के तलवों को धो लो अच्छे से। स्क्रबर होता है। स्क्रबर से एक बार के लिए स्क्रब कर लो ताकि पूरा टॉक्सिन निकल जाए। देखो पूरा दिन आप चलते फिरते रहते हो। पूरा दिन वॉक कर रहे हो। आप सोचो कितना टॉक्सिन आप अपने पैर के तलवे में ले रहे हो। बिना चप्पल के जो लोग चलते हैं जूते का कितना टॉक्सिन अंदर गया होगा। सॉक्स का कितना मैल अंदर जाता है। आपका
(1:22:32) अपना ही ड्रेनेज सिस्टम ओपन हो गया दो वेब्स के बीच में और फिर वहीं से टॉक्सिन फिर अंदर जा रहा है। तो उसको क्लीन करना तो स्क्रबर ले लो मट्टी का। यह मट्टी का स्क्रबर है। इस मट्टी के स्क्रबर को पैर को थोड़ा सा गर्म पानी में हल्के गर्म पानी से वॉश कर लो। थोड़ा सा कुछ शैंपू डाल दो पैर नीचे ताकि आपके पैर के तलवे का मैल निकल सके। उसके बाद हार्डली जस्ट फॉर 10 सेकंड्स आप इसको स्क्रब कर लो। पूरा मैल निकल जाएगा। अच्छे से पैर को वॉश कर लीजिए। सारा टॉक्सिन जो पूरा दिन हम इतना चल रहे हैं फिर रहे हैं। ये सारा टॉक्सिन जमा हो गया। ये अगर आप नहीं धोगे पैरों को
(1:23:01) पहले के लोग आते ही क्या करते थे? कुआं हुआ करता था सामने। पहले पानी लेते थे बाल्टी लेके कुएं में से और फिर अपने पैर को धो के फिर अंदर जाते थे। क्योंकि खुले पैर से आप चलते थे। तो जो गंदगी है वो तो जा ही रही है। कीचड़ हुआ करता था। आप अच्छी मट्टी पे भी चल रहे हो तो साथ-साथ कीचड़ में भी चलते थे। तो आज की तारीख में भी अगर आपने शूज उस तरह के पहने हैं तो सारा शू का टॉक्सिन लग रहा है उसको तो आपको बीमारी नहीं आने की आती है तो पहले घर पे आते ही शूज निकाल के बोलते हैं पहले जाके पैर धो हाथ मुंह धो हाथ मुंह क्यों धो रहे हो पैर धो सबसे
(1:23:31) पहले हम क्योंकि लोग जो जूते पहनते हैं तो सोचते ही नहीं कि पैर हमारा गंदा हो रहा है। पहले लोग हाथ मुंह धोएंगे पैर नहीं धोना आते ही आपको हाथ मुंह तो धोना ही धोना है ताकि आपके अंदर एक फ्रेशनेस आए। हाथ में भी पूरा दिन हम यहां वहां हाथ लगाते हैं तो कितनी गंदगी होती है। तो हाथ मुंह तो धोया लेकिन पैर भी हाथ मुंह पैर तीनों धोने हैं ताकि पैर के तलवे आप जब धोते हो तो एक 10 सेकंड की स्क्रबिंग कर लो उसको। पूरा टॉक्सिन निकल गया। पैर को अच्छे से पोछ लो। आप नहीं पहुंचते कई लोग। फिर बोलते हैं पता नहीं मुझे स्नीजिंग बहुत आती है। मुझे सर्दी बहुत होती है। मेरा
(1:24:00) हमेशा लंग्स में मुझे प्रॉब्लम कोई ना कोई होती है। आपके लंग्स की इम्युनिटी गिर जाएगी उस तरह से। तो पैर के तलवों को कंपलसरी धोने के बाद पोंछना जरूरी है। उसके बाद आप अपना भोजन कर लीजिए। 637 तक मैक्सिमम से उसके बाद 2 घंटे तक आप अपने जो भी काम है लेटना नहीं है। कई लोग बैठ जाते हैं टीवी देखने के लिए। टीवी देखने नहीं बैठना है। स्क्रीन्स देखने नहीं बैठना है। उसके बाद आप अपना वॉकिंग कर लीजिए। हल्के-हल्के बहुत स्पीड नहीं करना है। डाइजेस्टिव सिस्टम वीक हो जाता है उससे। आराम से थोड़ा बहुत वॉक कर लीजिए ताकि आपके इंटेस्टाइन मूवमेंट में रहेगा
(1:24:30) तो आपका भोजन हजम होएगा। तो आपके पैर के तलवे आपको फिजिकली, इमोशनली, मेंटली तीनों बैलेंस करके ले लेता है। अगर आप खाना खाने के बाद वॉक करते हो इंटेस्टाइन से आपके अच्छे से भोजन स्टमक अच्छे से भोजन को हजम करेगा। बाय जूस का प्रोडक्शन लीवर अच्छे से करेगा। उसके बाद आपकी बॉडी जैसे-जैसे-जैसे मूवमेंट में जाते-ज जाती है, आपको कॉन्स्टिपेशन नहीं होएगा। खाना खाते अगर आप लेट जाते हो, आपका डाइजेस्टिव सिस्टम रुक जाता है। जो पेन किलर हार्मोन रिलीज़ होना था, वह रिलीज़ नहीं होएगा। उसके बाद आपको नींद अच्छे से नहीं आएगी। नींद अच्छे से नहीं आएगी। आप नुस्खे ढूंढने
(1:25:00) शुरू करते हो शायद गरम दूध में ये डालकर पी लो शायद वो खाने से पी लो या फिर कुछ नहीं तो नींद की गोली खा लो आप तो अपने नेचुरल हार्मोंस को खत्म कर रहे हो आप सारे के सारे जो है बाहर से केमिकल वाले हार्मोन को सप्लीमेंट्स सप्लीमेंट्स आप ले रहे हो डोंट डू ऑल दिस थिंग्स आप थोड़ी देर टो के ऊपर वॉक करो आपका ब्रेन अच्छे से काम करेगा उसको नींद अच्छी गहरी नींद आ जाएगी नींद अच्छी आ गई एंडोरफिन हार्मोन अपने आप पेन किलर हार्मोन पूरे बॉडी के पार्ट्स को हील करता है बहुत ज्यादा अंदर शरीर में कहीं पे सूजन है मस्टर्ड ऑयल को थोड़ा गरम करके उसमें
(1:25:29) हल्दी डाल दो और उसके बाद पहले के लोग पैरों में स्नान करने के बाद हल्दी की मालिश करते थे। हल्दी चुपते थे। हमने उसको डिवोशन के तौर पर ले लिया उसको कि वो माता लक्ष्मी का नाम आपके पैर में शुक्रवार को जब आप हल्दी लगाते हो तो लक्ष्मी तो आती ही आती है लेकिन शरीर में जहां पे भी सूजन है आपके पूरे शरीर की सूजन इनफ्लेमेशन को खत्म करने का काम करता है हल्दी। एंड इट हैज़ पेन किलर प्रॉपर्टी। तो आप फ्राइडे के दिन जब उसके पूरे ग्रहों से भी कनेक्शन है। उसके पूरे वीक डे से भी कनेक्टिविटी है। बट एट प्रेजेंट की जगह आप अगर आप रोज का
(1:26:03) रोज अगर थोड़ा सा मस्टर्ड ऑयल में थोड़ी सी हल्दी डाल दो और फिर पैर के तलवों की मालिश कर लो। ऊपर भी नीचे भी आपके 10 चैनल्स। क्यों बोला गया है 10 चैनल्स? क्योंकि यहां यहां तो बोन है। तो बोन से आप ठीक नहीं हो सकते हो। हमको लगाना है दो वेब से। यहां पे जो चैनल्स जा रहे हैं आप जब इस चैनल्स में लगाते हो तो इस चैनल्स के नीचे पाइप लाइंस है आपकी जिसमें गैस भर जाती है। तो जब आपको हड्डियों में दुख रहा है, गैस बहुत बन रही है तो तिल के तेल में हल्दी डाल दो और फिर वहां पे मसाज कर दो। आपकी पूरी की पूरी वायु निकल जाएगी। कॉन्स्टिपेशन आपका क्लियर हो जाएगा। आपके
(1:26:37) इंटेस्टाइन सुधर जाएंगे। आपको अल्सर्स हो रहे हैं, कुछ भी हो रहा है। आप जब जैसे ही हल्दी उसमें डाल के लगाते हो, हड्डी तो ठीक होनी ही होनी है। साथ-साथ में इनफ्लेमेशन पूरे बॉडी का खत्म हो जाता है। वही आप मस्टर्ड ऑयल में हल्दी डालकर जब आप यहां पे मसाज करते हैं तो जो कफ की प्रकृति एक-एक हड्डियों में भर गई है। तो आपके ईच एंड एव्री नीचे है लिंफेटिक ग्लैंड की ड्रेनेज पाइप जा रही है। तो वो जो है उस ड्रेनेज पाइप से सारी की सारी बर्निंग जो हो रही है शरीर में। आपने घी का मसाज किया या आपने कैस्टर ऑयल का मसाज किया। आपका ये लिंफेटिक ड्रेनेज सिस्टम
(1:27:06) क्या करेगा? वो सारा का सारा टॉक्सिन रिलीज़ कर देगा। अच्छा वही आपको तकलीफ बहुत ज्यादा दूसरे चीजों की हो रही है। कफ की वगैरह की जॉइंट्स एक-एक जॉइंट्स में दुख रहा है। हल्दी आप डाल दो मस्टर्ड ऑयल में। उसके बाद इस पाइप लाइंस में इस चैनल्स के अंदर-अंदर अच्छे से मसाज कर दीजिए। ये ड्रेनेज लिंफेटिक सिस्टम क्या करेगा? आपकी पूरी कफ की प्रकृति को बैलेंस करेगा। टॉक्सिन निकाल देगा उसमें से उसका। निकल गया आपको ना कभी अस्थमा रहेगा ना ब्रोंकाइटिस लंग्स रिलेटेड कोई भी इशू कोल्ड कॉफ कुछ साइनस वगैरह सब खत्म होता है सुपर्ब तो ये पैर
(1:27:33) का सुपर फूड है अगर करें तो बहुत फायदे ओ ग्रेट ग्रेट सुपर फूड फॉर द फीट पैरों से रिलेटेड लोग अक्सर क्या मिस्टेक्स करते हैं एक तो हमने डिस्कस कर दिया जूता दूसरा हमने डिस्कस कर लिया कि लोग नंगे पैर ज्यादा चलते नहीं है और ऐसी क्या-क्या गलती हैं जो लोग करते हैं बट दे डोंट नो इट्स अ मिस्टेक हां पैर को एक के ऊपर एक रख देते हैं आपने आपने जब इसके ऊपर रख दिया आपकी पाइप लाइंस ड्रेनेज पाइप लाइन जो थी उसको जो है काम करना था वहां से टॉक्सिन निकालने का यह तो काम ही नहीं हुआ यहीं पे ब्लॉक कर दिया आपने अब आपके पैर के तलवे सूजने लग जाएंगे
(1:28:07) यहां से सारी नसे जा रही थी ऊपर आपके सूजन की वजह से क्या हो रहा है वहां पे वहां पे आपने ब्लड को रोक दिया ब्लड सर्कुलेशन यहां पे रुक रहा है उससे वाइट डिस्चार्ज की प्रॉब्लम बहुत लोग चेयर पे जब बैठते हैं तो पैर को अंदर कर देते हैं हम आपके जेिटल ऑर्गन्स में इफेक्ट होएगा अच्छा आपको बच्चे ही जन्म नहीं होएंगे और वाइट डिस्चार्ज टू मच होगा फीमेल को मेल को इंपोटेंसी की प्रॉब्लम आ जाएगी तो पैर को कभी चेयर के नीचे नहीं हमेशा सामने रखना है हम पैर को सामने नहीं रखते हैं तो पैरों को कभी भी अंदर चेयर के नीचे मत डालो चेयर के नीचे जो भी फीमेल बैठेगी ऑलमोस्ट आज
(1:28:42) सारी लेडीज टेक्निकल वर्ल्ड में जा चुके हैं। 60% लेडीज आर वर्किंग। सारा दिन आप सॉफ्टवेयर में काम कर रहे हो। आपके पैर आप हमेशा चेयर के नीचे रख के फिर आप आगे होके काम कर रहे हो। आपके काम कर रहे हो आपका पूरा लोअर पार्ट आपका दब रहा है। जिसकी वजह से आपके पीरियड के इशज़ आ रहे हैं। या तो पीरियड डिले हो जा रहे हैं या 15 डेज में आ जा रहे हैं या आपको फाइब्रॉयड सिस्टर, एडिनोमायोसिस ये सारी प्रॉब्लम्स एंड सबसे ज्यादा वाइट डिस्चार्ज। आप बोलोगे तो पता नहीं मेरे बैक में हमेशा पेन रहता है। क्योंकि आपने पैर नीचे रख दिए हैं। तो इन्फेक्शन आपने इन्फेक्शन को
(1:29:12) इनवाइट किया। यूटीआई 110% आएगा जो भी फीमेल अंदर की तरफ पैर रख के बैठती है। क्योंकि आप खुद उसको इनविटेशन दे रहे हो। लेकिन आप पैर को बाहर रखो। वो पोर्शन क्लोज हो गया। आपको कोई इनफेक्शन नहीं रहेगा। आपको कोई यूटीआई की प्रॉब्लम नहीं आएगी। कोई इनफ्लेमेशन नहीं आएगा। अगर आपके पैर सामने की तरफ में है। लेकिन हमेशा ध्यान रखना है कि आप 24 घंटे अगर इसी तरह आपके पैर नीचे ही ऐसे लटके हुए हैं। आप मूवमेंट में अगर नहीं रखते अपने नीचे के फीट को मूवमेंट मिलना बहुत जरूरी है। वरना आपका फिजिकल इमंबैलेंस हो जाता है। बॉडी आपका इमंबैलेंस हो जाता है। क्योंकि पैर से
(1:29:44) ब्लड ऊपर से तो नीचे चला गया। अब नीचे से ऊपर कैसे जाएगा? अगर आप मूवमेंट में नहीं रहोगे आफ्टर एव्री आर यू शुड डू मूवमेंट। आपके पैर के तलों को प्रेशर मिलना जरूरी है। तो आप वॉक करोगे भले 2 मिनट की वॉक करो लेकिन करना जरूरी है। नहीं तो सारे बॉडी के ऑर्गन्स आपके जल्दी-जल्दी खत्म हो जाते हैं। और कुर्सी में भी ज्यादा टाइम तक नहीं नहीं बैठना है। आफ्टर एवरी वन आवर यू शुड वॉक फॉर एटलीस्ट टू टू 3 मिनट्स। या फिर पालथी मार के बैठ जाए। आलती पालथी मार के बैठ जाओ। और क्या लेकिन थोड़ी देर के बाद फिर खोलना भी जरूरी है क्योंकि ब्लड का फ़ भी तो नीचे जाना है।
(1:30:15) नीचे से फिर ऊपर भी आना जरूरी है। इसलिए बॉडी को मोमेंट में रखना है या फिर दो मिनट अपने पैरों को ऊपर करो ताकि वो ऊपर जा सके। हम और क्या मिस्टेक होती है इसके अलावा? पैर के ऊपर पैर, घुटने के ऊपर आप घुटना रखते हो। जैसे ही घुटने के ऊपर आपने घुटना रखा आपके दोनों घुटने नीचे से देखिए गैप हो जाएगा। आपके लिगमेंट दोनों दूर हो गए। तो आपका ग्रीस सारा का सारा नीचे उतर जाएगा। हां आप देखना कई बार लोगों के पैर नीचे घुटने के नीचे इतनी राइट राइट तो ग्रीस सारा का सारा नीचे चला गया और उसके बाद आप जब वॉक करते हो तो बिना ग्रीस के नीस कैसी रहेगी तो आपका पूरा का पूरा
(1:30:46) कार्टिलेज घिसने लग जाता है जब आप इस तरह से बैठते हो कभी भी इस तरह से क्रॉस लेग कभी भी नहीं बैठना है और साथ में आप देखिए जब आप बैठे हो तो कौन कंप्रेस्ड हो रहा है आपकी पूरे यूरिनरी ट्रैक आपकी पूरी कंप्रेस्ड हो जा रही है तो आपका वो ट्रैक खराब हो जाता है जब आप इस तरह से बैठते हो और साथ-साथ में आपके काफ मसल में सर्कुलेशन रुक जाता काफ मसल इज कॉल्ड एज सेकंड हार्ट। तो आपके काफ मसल से ब्लड का सप्लाई नहीं जा रहा है ऊपर। तो फिर आपके हार्ट में प्रॉब्लम आती है। आपके अर्ली एज आजकल 30 35 36 के बच्चों को आ रहा है ये हार्ट अटैक।
(1:31:16) तो इट इज़ द रीज़न कि आप ऐसे बैठे हुए हो। आप मीटिंग में बैठते हो इस तरह से बैठते हो। ना हमेशा पैर को दूर रख के बैठो। और हमें बोला गया ये ये एकदम लेडी लाइक होता है या जेंटलमेनली होता है ऐसे बैठना। ना। तो फिर आपके सारे ऑर्गन्स को आप ब्लॉक करना। हम्म। तो डोंट ब्लॉक योर ऑर्गन्स। ओके। डोंट ब्लॉक योर। ओके। और कोई मिस्टेक जो आपको नजर में आ रही है जो हम करते हैं कॉमनली? हां, सबसे बड़ी मिस्टेक कि हम बुजुर्ग जब आते हैं हमारे पास या सद्गुरु आ गए कोई भी जब गुरु आते हैं तो हम किस तरह से टीचर को वगैरह बहुत समय के बाद आप जब मिलते हो तो
(1:31:52) क्या करते हो आप? इस तरह से चरण स्पर्श करते हो। यू आर रोंग। यू आर रोंग। आप जब यूं यूं करते हो तो आप नेगेटिव एनर्जी को ले रहे हो। आपके एनवायरनमेंट में नेगेटिव एनर्जी है और हर किसी के चरण स्पर्श मत करो। रीजन है आपको करना है गुरु के चरणों को स्पर्श करो। वो भी किससे? आपकी हीलिंग फिंगर से करना है। बिग टो आपका जो है यह है आपका ब्रेन। तो आप जब नमन करते हो, नमन करके जब उनके चरणों को छूते हो तो आपकी सेंटर फिंगर टच करेगी बिग टो को जाके। तो आप जब इस तरह से आप देखना पूजा में भी जब बैठते हो तो हाथ इस तरह से उठाना। ऐसे करके नहीं। तो यू आर गिविंग नेगेटिव
(1:32:30) एनर्जी टू देम। ओके। तो वो आपको जब आप किसी भी गुरु के चरण स्पर्श करो तो आपका हाथ इस तरह होना चाहिए। आप मंदिर में भी जब मांगते हो तो भगवान को इस तरह से मांगते हो। पॉजिटिव वाइब्स मांगते हो। तो ये सेंटर फिंगर इज़ अ हीलिंग फिंगर। आप हीलिंग फिंगर से जब उनके बिग टो को टच करते हो 3 मिनट के लिए पकड़ के रख लेना। उस बिग टो को 3 मिनट तक टच करके रखना। उनकी 70% ओरा आपके अंदर प्रवेश कर जाएगी। उनकी 70% ऊर्जा आपके बॉडी में प्रवेश। इसलिए कभी कोई सेंड आपको टच नहीं करने देते हैं दूर से। यस यस यस। लेकिन पहले के बुजुर्ग लोग तो यह लोग जो हुआ करते थे बुजुर्ग लोग तो
(1:33:04) इनके जब आप टच करते थे तो इनका हार्ट शांत इनका दिमाग शांत हो जाता था और आपको ब्लेसिंग्स यहां से मिलती थी कि वो झुक जाते थे झुकते ही आपके सर पे हाथ रखते थे तो उनके जो फाइव एलिमेंट्स की जो एनर्जी थी वो आपके सर में आ गई तो आपका ऊपर से क्राउन चक्र बैलेंस हो गया ऊपर से लेके नीचे तक आप शांत हो जाते हो और वो शांत हो जाते और आपकी पॉजिटिव वाइबेशंस उनकी पॉजिटिव वाइबेशंस मैच हो जाती है। ओरा मैच होती है। इसलिए हर किसी को चरण स्पर्श नहीं। आप जब झुकते हो तो फिजिकली आपकी स्पाइन स्ट्रेच होती है। ओके? तो आपके स्पाइन का दर्द खत्म हो जाता है।
(1:33:39) आपने जब टच किया तो उनकी तो एनर्जी उनकी तो पॉजिटिव ऊर्जा आपको मिल ही रही है। लेकिन साथ-साथ में आपके पूरे स्पाइन में फ्लेक्सिबिलिटी आ जाती है। बॉडी के कोई पेन्स नहीं रह जाते। उसके बाद जब आप चरण स्पर्श करते हैं तो आपने कहा मिडिल फिंगर को मिडिल फिंगर टू बिग टो हां बिग टो को टच करना है बस टच करना है टच करना है बस आप सिर्फ टच करिए वो वाइब्स आपके अंदर प्रवेश कर इसलिए बोलते थे कि बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श करो और सद्गुरु के चरण स्पर्श करो जब हम मंदिर में जाते तो सिर्फ भगवान की मूर्ति को चरण स्पर्श करो बिकॉज़ आज हम हर
(1:34:13) किसी के चरण स्पर्श नहीं कर सकते क्योंकि आज सभी के थॉट्स बहुत नेगेटिव ओवरथिंकिंग कोई डिप्रेशन में कोई स्ट्रेस में है। खास करके लेटे हुए व्यक्ति के चरण स्पर्श कभी भी नहीं करना है। ओके। क्या होता है इसका कारण मैंने सुना है ये? क्योंकि एनर्जी वो उस वक्त लो होती है। जब वो खड़ा है उस वक्त उसका सारा ब्रेन का एनर्जी नीचे आ जाती है। और तब आप टच करते हो तो औररा आपके अंदर प्रवेश करती है। लेकिन जब वो लेटा हुआ है तो उसकी एनर्जी पूरी की उसकी बीमारी आपके अंदर प्रवेश कर जाएगी। तो इसलिए उस वक्त उसको टच जैसे बीमार इंसान का भी नहीं करना चाहिए।
(1:34:44) कभी भी नहीं करना चाहिए। आप किसी भी बीमार व्यक्ति के चरण स्पर्श करेंगे। हर किसी के चलते फिरते आप न्यू हो तो बोला ही जाता है बड़े बड़े लोगों का करिए प्लीज नेवर डू दैट मिस्टेक उनकी नेगेटिव एनर्जी आपके बॉडी में प्रवेश कर जाती है तो बस नमस्ते कर दिया बाकी ओके कभी किसी से हाथ भी मत मिलाइए मिलाना है जो सामने वाला अगर आपको लगा कि हां ये बहुत पॉजिटिव है बस उनसे अच्छा उसकी औररा आप महसूस कर सकते हो आपको फील होता है कि हां ये बहुत हर किसी के आप हर किसी के साथ अगर आप मिलाओगे उसकी फाइव एलिमेंट्स की नेगेटिव एनर्जी कुछ भी वो आपके बॉडी में प्रवेश करें। इसलिए हमारे
(1:35:21) संस्कार में दिया गया है नमस्कारम। मनीषा जी रिफ्लेक्स सॉलिड सिर्फ हाथ से करी जा सकती है या कोई हम टूल्स या इक्विपमेंट्स भी यूज़ कर सकते हैं। वो भी असरदार टूल्स हाथ से भी हो सकता है। टूल्स से भी हो सकता है। जैसे एक छोटी सी जिमी है। स्प्रिंग जमी है। अब पर्टिकुलर डिजीज के लिए जैसे किडनी में आपको कचरा जमा हो गया। टॉक्सिन जमा हो गया। यूरिक एसिड बढ़ गया है। क्रिएटिनाइन लेवल बढ़ गया। प्रोटीन बहुत लीक हो रहा है। एल्ब्यूुमिन की प्रॉब्लम आ रही है। आप बस सेंटर में चले जाओ। वहां पे आप किडनी के पर्टिकुलर स्टूल से जब आप उसी पॉइंट को प्रेस करते हो तो
(1:35:52) डिजीज क्लियर होना शुरू हो जाती है। और ज्यादा इफेक्टिव हां बहुत इफेक्टिव। अगर लंग्स में कोई प्रॉब्लम आ रही है आप ये लंग्स के पोर्शन पे प्रेस कर दीजिए उसको। बस 30-30 सेकंड्स दोनों पैर में कर दीजिए। बहुत जल्दी काम करने लग जाता है। तेजी से वो काम करेगा। तो खास एक कोई पर्टिकुलर डिजीज को लेके या पर्टिकुलर ऑर्गन को लेके हम काम कर रहे हैं तो दिस इज द बेस्ट। लेकिन अगर हमको चाहिए कि नहीं हमारे पूरे के पूरे ऑर्गन्स एक साथ काम करें और बैलेंस रहे कोई बीमारी ना आए हमको तो फिर द बेस्ट इज़ फुट रोलर। सो यह फुट रोलर है। फुट रोलर में आप देख सकते हैं
(1:36:22) एक-एक पिरामिड डिजाइन दी गई है। तो आप जब रबर का यह फुट रोलर ले लेते हो तो यह स्मूथली आपके फ्लोर पे घूमना इजी हो जाएगा। और इसके ऊपर आप जब घुमाते हो तो आपके 10 चैनल्स एक्टिवेट हो जाते हैं। जो ब्लॉकेजेस है वो क्लियर होना शुरू होते हैं। उसके रूट्स पूरे ओपन हो जाते हैं और उसके बाद एक-एक ऑर्गन की स्विच जो है उसको टच करके प्रेशर देके वो खुलना शुरू कर देता है। तो कहीं पे भी टॉक्सिन से ही नहीं बनेगा। तो 10 मिनट के लिए अगर रोज हम सुबह में एक ही बार अगर खाली पेट से आप ब्रश करते-करते कर लीजिए एक बार बस आपके पूरे ऑर्गन्स एक्टिवेट हो जाएंगे।
(1:36:53) स्टिमुलेशन हो जाएगा पूरे नर्व्स में। ब्लड का फ्लो अच्छा रहेगा। पुअर सर्कुलेशन की प्रॉब्लम नहीं रहेगी। कभी कोई इंफेक्शन एंट्री नहीं मारेगी। तो इसका सिंपल टेक्निक है घुमाने का। और दोनों फीट आपके घुटने में भी जो दर्द है वो भी खत्म हो जाता है। क्योंकि ये 10 चैनल्स अब एक साथ काम करेंगे। एंड आपको फीट से ले ही तक जाना है क्योंकि नीचे अपने एडी में है पूरे हमारे शियाटिक वेरीकोस वेन के पूरे वेंस तो यह सारे के सारे एक साथ बीच में जब घूम रहा है तो आपका पेट का हिस्सा कवर हो गया उसके बाद ऊपर का जब आप घुमा रहे हो तो आपके अपर
(1:37:24) पोर्शन को कवर कर रहे हो बीच में आप अपने सेंटर पोर्शन को और नीचे आप अपने लोअर पोर्शन को तो तीनों के तीनों एक साथ कवर हो जाते हैं जब आप इसको रोज सुबह 10 मिनट घुमा लेते हो उतना इफेक्टिव है फुट रिफ्लेक्स लॉजी ग्रेट ग्रेट ग्रेट कई बार लोग जब आप प्रेशर डालो हाथ से वो पेन बर्दाश्त नहीं कर सकते और कष्ट भी लगता है कुछ लोगों को तो क्या करा जा सकता है सिंपल आप रबर बैंड ले लीजिए आपके अपने ही घर में है रबर बैंड को लेके जो है अब जैसे आपके घुटने में बहुत दर्द है तो सेंटर टो एंड रिंग रिंग टो जो है आपकी उसके सेकंड जॉइंट पे नॉट द फर्स्ट जॉइंट
(1:37:59) बट द सेकंड जॉइंट पे आप इस रबर बैंड को थोड़ा सा टाइट बांध दीजिए 5 मिनट रख दीजिए आपके घुटने का दर्द खत्म हो जाएगा बिना कोई तकलीफ के अब आपको सर सर में कहीं पे भी सर से ले गर्दन तक में कोई भी तकलीफ है या सर्वाइकल में आपको प्रॉब्लम आ रही है तो बस इसको इस रबर बैंड को आप अपने बिग टो में नीचे लगा दीजिए। आपके पूरे यहां पे वन टू से सर्वाइकल के सात हड्डियां हैं। तो बस यहां पे आप इस एज पे लगा दो। सब की सब एक साथ काम करेगी। चाहे ब्रेन रिलेटेड इशू है, कोई भी इशू है। अब आपके हाथों में कहीं पे भी तकलीफ है तो आप हाथ के लिए ये
(1:38:30) दो उंगली में लगा सकते हो। अच्छा। तो इजीिएस्ट वे है अगर आपके पेट में बहुत दुख रहा है तो अब यह फायर की उंगली बताई गई है तो आप इस उंगली इस अंगूठे पे लगा दो आपके पूरे पेट में जो भी बीमारी है खत्म हो जाएगी आप अगर सेकंड टो पे लगा देते हो आपके हाथों में कहीं पे भी समस्या है या आपके लीवर में कोई भी प्रॉब्लम है लंग्स में कोई इशू है खत्म आपकी आंखों में कोई तकलीफ है खत्म हो जाएगी तो एक-एक रबर बैंड एक-एक पर्टिकुलर जॉइंट पे हम लगाते हैं तो उस तरह से वो काम करता है। सुपर्ब मनीषा जी वेरी क्विकली एक फुट केयर रूटीन अगर तो आप बता
(1:38:59) दें स्किन केयर रूटीन लोग इतना ध्यान देते हैं शरीर का भी थोड़ा बहुत दे ही देते हैं। पैरों का मैंने फुट केयर रूटीन आज तक नहीं सुना। मॉर्निंग टू नाइट वेरी क्विकली लोग क्या कर सकते हैं? झटझट जिससे उनकी एक पैर की हेल्थ रात के टाइम पे सोने से पहले इब्सम साल्ट ले लीजिए क्योंकि मैग्नीशियम हमारा शरीर नहीं बनाता है। मैग्नीशियम हमको बाहर से फूड में कहीं नहीं मिलेगा। तो आपको मैग्नीशियम की सबसे ज्यादा डेफिशिएंसी होती है जिससे आपका ब्रेन फॉगी होता है। डिजीनेस, फैटिकनेस, टायर्डनेस ये सब प्रॉब्लम्स आ जाती है। तो इप्सम साल्ट
(1:39:25) वन टेबलस्पून वार्म वाटर में डाल के 5 मिनट के लिए सोक कर दीजिए। उसके बाद आप स्क्रबर लेके अपने पैर के तलवों को अच्छे से घिस लीजिए। मिट्टी का स्क्रबर लेके क्योंकि मिट्टी में कूलिंग प्रॉपर्टी है। गर्मी शरीर की निकल जाएगी। आपकी बीमारियां सारे ऑर्गन स्टिमुलेट हो जाएंगे। उसके बाद पैर के तलवों को अच्छे से पोंछ कर आपके दोष के हिसाब से वात दोष पित दोष कफ दोष जो तीन में से जो भी दोष है वह हिसाब से आप या तो तिल का तेल या घी या तो फिर तेल चेंज करते रहना है। सेम वही वही यूज़ करेंगे आपका बॉडी यूज़ टू हो जाता है। तो एक ही एक चीज यूज़ नहीं करनी है। समर में
(1:39:57) आप चल यूज़ कर सकते हैं। कैस्टर ऑयल या तो फिर घी यूज़ करिए। 365 डेज यू कैन गो विद तिल का तेल। लेकिन अगर विंटर सीजन है तो घी और कैस्ट ऑइल का यूसेज नहीं करना है। आपको जो है मस्टर्ड ऑयल का यूसेज करना है। व्हिच इज मास्टर ऑयल। अगर आप इसको मसाज कर लेते हैं तो आपके सारे दर्द भी खत्म होते हैं। अगर उसी मस्टर्ड ऑयल में थोड़ी सी अजवाइन भी अगर आप डाल देते हो और उसके बाद हल्का गर्म करके वार्म करके आप उसकी मालिश करिए। आपके वायु की प्रकृति भी खत्म हो जाती है। उसके अंदर एंटी इनफ्लामेटरी प्रॉपर्टी है। तो सारी सूजन शरीर की खत्म
(1:40:28) हो जाएगी। ब्लड का सर्कुलेशन बहुत अच्छा होएगा। मस्टर्ड ऑयल तो मास्टर ऑयल है। तो सारी बीमारियां ही खत्म हो जाएंगी। आप हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकते हो। मनीषा जी कहा जाता है कोकोनट ऑयल भी आप रात को तल्लों के नीचे रखो तो नींद अच्छी आती है क्या वो? नींद अच्छी आती है। हां कोकोनट ऑइल इज फाइन। कोकोनट ऑइल इज आल्सो फाइन। बट अगर आपको थायराइड की प्रॉब्लम है तो कोकोनट ऑयल आप नहीं लगा सकते हो। बाकी आपकी मेमोरी को भी बूस्ट अप करता है। नींद भी गहरी आती है उससे और आपका चेहरा भी बहुत चमकता है। तीनों प्रकृतियां यूज़ कर सकते हैं। तीनों प्रकृति यूज़ कर।
(1:40:55) ओके। एंड कई लोगों को आदत है कि सॉक्स पहन के मुझे ये आदत है सॉक्स पहन के सोना। क्या ये सही है? अगर आपने ऑइल लगाया है तो आप सॉक्स पहन के सोना है। रीजन है पैर गरम, पेट नरम और सर ठंडा होना चाहिए। पैर अगर आपके ठंडे हैं तो आपकी कॉन्फिडेंस लेवल लो हो जाएगी। और आपके कहीं ना कहीं फिजिकल लंग्स से आपको कोई ना कोई प्रॉब्लम जरूर आती है। और अगर आपका पेट नरम नहीं है, हार्ड है तो फिर आपके पूरे के पूरे पेट के जितने भी ऑर्गन्स हैं ये सब प्रॉब्लम्स में है। मतलब और साथ में अगर आपको सर आपका गरम गरम है, ठंडा होना चाहिए। अगर सर गरम है मतलब कि आपका बीपी
(1:41:31) हाई रहेगा। आपको ईएनटी इशज़ आएंगे। आपको कान में रिंगिंग साउंड आना शुरू हो जाएंगे। तो ईएनटी रिलेटेड इशूज़ जितने भी हैं ये सब आते हैं। अगर ये गर्म हो गया इसलिए बोलते हैं पैर गरम, पेट नरम और सर ठंडा तो आप तेल लगा के कोई भी कॉटन सॉक्स समर में विंटर में है वूलन सॉक्स वो भी लूज होने चाहिए। टाइट नहीं होने एकदम लूज होने चाहिए क्योंकि आपका पैर ब्रीथ लेता है। अंडरस्टुड योर लेग्स योर फीट आल्सो ब्रीथ। कई लोग नहाते वक्त बोलते हैं पैर पैरों पे पहले पानी पड़ना चाहिए। क्या ये सही है? नहाते वक्त शावर नहीं करना है। आपको शावर करना है तो फिर एक स्टूल पे बैठ जाइए।
(1:42:07) पहले नाभि में सात से आठ जग भर के नाभि में से जाती है 72,000 नाड़ियां। तो पहले नाभि को चार्ज करो। उसी में से हमारी ऊर्जा हमारा क्रिएशन ही नाभि के द्वारा हुआ है। तो हम भोजन सीधा जब मां के गर्भ में थे तो हमने भोजन मुंह से नहीं किया। कहां से कहां कनेक्ट था वो? नाभि तो नाभि। तो इसलिए हमारी पूरी ऊर्जा वहीं से बहती है। तो पहले नाभि को अच्छे से धो लो। पूरा मैल निकल गया। फिर पैर के तलवों को सारा दिन हम चल रहे हैं टॉक्सिनस जमा हो रहे हैं पैर में। तो इसलिए पैर को अच्छे से धोके उसके बाद उसको स्क्रबिंग करके एकदम क्लीन कर लीजिए। धो लीजिए। फिर सारे बॉडी
(1:42:40) के पार्ट्स को आप धोइए। उसके हम सिर्फ चेहरे को धोते हैं। हाथों को धोया यहां पे धोया। उसके बाद सब छोड़ दिया। तो काफ मसल वो तो आपका सेकंड हार्ट है। उसको आपने धोया नहीं। पैर के तलवे में ही आपके पूरे शरीर का मैप वहीं पे है। तो आप अगर एक बार उसको स्क्रबिंग कर दो अच्छे से तो सब के सब स्टिमुलेट हो गए। आपके पूरे बॉडी के ऑर्गन्स स्टार्ट हो गए। उसके बाद आप सारे बॉडी के पार्ट्स को आप साबुन लगा लो। लेकिन आप हमारी गर्दन को तो पीछे हमने धोया ही नहीं। तो सर्वाइकल की नहीं रह गई। आपने इसको कभी नहीं धोया। आपने चेहरे को धो लिया। आपने कान के पीछे
(1:43:09) नहीं धोया। आप जब कान के पीछे साबुन लेके रगड़ते हो तो आपके पूरे 400 नसे जा रही है ऊपर। सबसे नियरेस्ट है ये तो। आपने इसी को ही नहीं धोया। इसको चार्ज नहीं किया। धो के एकद सेकंड के लिए आप जल थोड़ा सा झक दे दीजिए। आपको कभी हियरिंग डेफिनेस नहीं आएगी। आज 60 65 वालों को सभी को हियरिंग लॉस हो रही है। जस्ट बिकॉज़ दे आर नॉट गिविंग अ जर्क हियर। तो आप इसको जर्क तो दे दीजिए। तो आपका लिंफेटिक सिस्टम यहीं से जा रहा है। यहीं से जा रहा है ड्रेनेज सिस्टम। तो आप जब यहां पे जर्क देते हो तो आप देखिए हिला के यहां से आपका ये लिंफेटिक ड्रेनेज सिस्टम चालू हो जाता है
(1:43:39) काम करना। तो सारा टॉक्सिन भी निकल जाएगा स्नान करते वक्त ही। और जब आप पैर के तलवे धोते हो आपका दिमाग काम हो जाता है। आप जब शावर लेते हो नहा यहां रहे हो दिमाग कहीं और जा रहा है। आज का मेरा रूटीन क्या है? करेक्ट। तो वैसे नहीं इसलिए बोलते हैं पहले के लोग बाल्टी लेते थे और मग लेते थे और फिर पहले नाभि में पानी डालते थे बहुत जोर-जोर से स्लैश करते थे फिर पैर के तलवों से शुरू होती थी और फिर ऊपर जाते थे लेकिन आज उल्टा हो गया है सब ऊपर से नीचे जा रहा है नीचे से ऊपर कुछ नहीं था तो नाभि फिर पैर फिर शरीर फिर पूरे शरीर को ओके ग्रेट ग्रेट डॉक्टर मनीषा जी यू नो
(1:44:13) इट्स ऑलवेज सच अ प्लेजर एंड ट्रूली अ प्रिविलेज टू हियर यू मतलब आप जब बात करते हो ना मुझे बस सुनने का ही [हंसी] मन करता है कंटेंट तो दूसरा है तो आपकी वाणी में और आपकी स्पीच में इतनी एनर्जी है, इतनी पॉजिटिविटी है एंड यू आर सच यू अ ट्रू हीलर। मतलब आजकल हेल्थ केयर बिकम सो कमर्शियल यू नो सो टू गेट पीपल लाइक यू मतलब दिल खुश हो जाता है कि यू नो है दुनिया में कुछ आपके जैसे लोग भी तो बहुत अच्छा लगा। एंड थैंक यू सो मच आपने यू नो यू आर वैरी बिजी बट आपने वक्त निकाला। आई एम वैरी ग्रेट। बट थैंक यू सो मच। गॉड ब्लेस। थैंक यू।
(1:44:42) इन केस यू वुड लाइक टू बी अ पार्ट ऑफ आवर ऑनलाइन एंड इनपर्सन योगा, डाइट एंड स्पिरिचुअल प्रोग्राम्स। यू कैन जॉइ आवर WhatsApp ग्रुप बिलो वेयर वी पोस्ट ऑल आवर अपकमिंग प्रोग्राम्स एंड गिव फ्री टिप्स ऑन हेल्थ, डाइट एंड लाइफस्टाइल। [संगीत] [संगीत]

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