Truth About Joints Pain, Arthritis & Knee Replacement | Dr. Rohit Nara - Orthopedic Surgeon
Author Name:MyHealthBuddy
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Transcript:
(00:00) घी खाने से जॉइंट लुब्रिकेट रहते हैं। नो इट इज नॉट डूइंग एनी गुड। व्हाट इज हैप्पेनिंग टू इंडियन पीपल एंड देयर नीज़। अपने फादर दादाजी उनसे अगर पूछोगे तो उनको शायद इतनी दिक्कतें नहीं होती थी। हम्म। अब हमारी जनरेशन वी आर अ ब्लिंकेट जनरेशन। कि हमें सब कुछ 10 मिनट्स में वी वांट एवरीथिंग। एक केजी एक्स्ट्रा वेट है। तो माई नी वुड बी फीलिंग। फीलिंग फोर। 4 kg ऑफ़ एक्स्ट्रा वेट व्हाइल वाकिंग। व्हाइल डूइंग स्क्वाट्स इट इज 20 टाइम्स। 95% ऑफ पेशेंट्स हु कम टू मी फॉर नी रिप्लेसमेंट व्हाटएवर दे नो अबाउट नी रिप्लेसमेंट इज रोंग वेलकम बैक टू एमएबी बाइट्स आज नी पेन
(00:42) सिर्फ 60 प्लस की प्रॉब्लम नहीं है। 30ज 40ज में भी लोग इंजरीज और एमआरआई के साथ स्ट्रगल कर रहे हैं। जिम जाओ तो इंजरी का डर, ना जाओ तो पेन और स्टिफनेस। और सबसे बड़ी मिस्टेक लोग या तो इग्नोर कर देते हैं या रील्स देख के खुद का ट्रीटमेंट शुरू कर देते हैं। बट जॉइंट्स का साइंस इतना सिंपल नहीं है। ओल्ड एज में फॉल्स। एक फॉल और लाइफ परमानेंटली चेंज हो सकती है। सो टुडे वी आर टॉकिंग अबाउट हाउ टू अवॉयड इंजरीज। ऑल अबाउट नी पेन एंड अर्थराइटिस सर्जरी एंड हाउ टू स्टे पेन फ्री लॉन्ग टर्म। एंड टू डिस्कस ऑल ऑफ दिस वी हैव डॉक्टर रोहित नारा। ऑर्थोपेडिक
(01:24) सर्जन हैं। मतलब हड्डियों के डॉक्टर 25 साल का एक्सपीरियंस है। इट इज गोइंग टू बी अ वेरी इनसाइटफुल कॉन्वर्सेशन। डॉ. रोहित। वेलकम टू एमएवी बाइट्स। थैंक यू आशीष। तो बिफोर वी गेट इंटू द टॉपिक्स फॉर टुडे। टेल अस अबाउट योर जर्नी क्या एजुकेशन की है? कैसे आप यू नो इस फील्ड में आए मेडिकल फील्ड में? अह मेरे मेडिकल फील्ड में और स्पेसिफिकली ऑर्थोपेडिक्स में आने के पीछे एक बहुत अच्छी कहानी है। मेरे मेरे चाचा एक बार मुझे लेके गए किसी किसी को दिखाने के लिए लेके जा रहे थे। हम
(02:06) और उन्होंने दिखाया सब कुछ ट्रीटमेंट वगैरह के लिए। हम एक जगह से दूसरी जगह पे जाते रहे। क्या प्रॉब्लम थी उनको? उनको हाथ में थोड़ी बोन उनके शायद एक्स्ट्रा फिंगर्स थी और थोड़ा टेढ़ा था हाथ उनका बचपन से ही अच्छा तो उन्होंने दो तीन जगह दो तीन लोगों से मिले दो तीन डॉक्टर से उन्होंने कहा कि बड़े डॉक्टर को दिखाएंगे सीनियर डॉक्टर को दिखाएंगे और उसके बाद फाइनली वो एक उन्होंने कहा कि एक हमारा बोर्ड बैठेगा उसमें हम डिसाइड करेंगे तो मेरे चाचा ने मुझसे पूछा यार ये क्या करने लग रहे हैं इतनी देर से के बताते क्यों नहीं दोती के बाद बुला रहे
(02:38) हैं तीन दिन के बाद बुला रहे हैं ऐसे ऐसा क्या स्पेसिफिक है तो मैंने कहा चाचा जी ये सर्जरी शायद कम होती होंगी ना तो हर कोई नहीं जानता तो दे विल स एंड टॉक हम एंड देन दे विल डिसाइड सीनियर बंदा शायद बताएगा हम तो उन्होंने कहा कि अगर तू बने ना हम तो तू ऐसा बनियो कि किसी को इधर-उधर ना भागना पड़े हां तो दैट इज हाउ आई गॉट इंटरेस्टेड कि हां शायद मैं ऑर्थोपेडिक्स ही करना चाहूंगा। प्लस आई हैव बीन अ स्पोर्ट्स पर्सन हम तो इनफैक्ट मुझे एक करियर एंडिंग इंजरी मुझे हुई मुझे टेनिस एल्बो शुरू हुआ था और उसके बाद आई हैड टू स्टॉप प्लेइंग
(03:12) बैडमिंटन। मैंने नेशनल बैडमिंटन खेला है। टेबल टेनिस भी खेला है। बट उस एक इंजरी के बाद मुझे छोड़ना पड़ा। तो उसमें भी ये था कि एक इंजरी हुई। हम जगह-जगह गए, लोगों को दिखाया। हमें किसी ने कभी कुछ ऐसा एक्सप्लेन नहीं किया कि क्या बीमारी है, कितने दिनों में ठीक होगी, कैसे ठीक होगी। सबने मेडिसिन लिख दी एंड नथिंग हेल्प्ड एंड अल्टीमेटली आई हैड टू स्टॉप। हम तो मैंने सोचा कि कुछ अगर करेंगे तो ऐसा करना चाहिए कि स्पोर्ट्स पर्सन जो अपना पूरापू टाइम एनर्जी सब कुछ लगा के एक लेवल तक पहुंचते हैं और उसके बाद अचानक से उनको छोड़ना पड़ जाता है सब कुछ एंड दे हैव टू
(03:49) स्टार्ट फ्रेश आफ्टर दैट तो प्रोबेबबली ऐसा कुछ किया जाए कि उनको पूरी मदद की जा सके और शायद वहां से मैंने पिक किया कि मुझे ऑर्थोपेडिक्स में जाना चाहिए जो मेरे साथ हुआ वो औरों के साथ ना हो। सो दैट्स माय चॉइस नॉट बाय चांस। नो नॉट बाय चांस। मुझे हमेशा से ऑर्थोपेडिशियन ही बनना था। वाओ नाइस। तो ये ऑर्थोपेडिक सर्जन जो होता है ये मतलब जनरली क्या-क्या सर्जरीज करते हो आप? थोड़ा सा मतलब मेजरली क्या-क्या करते हो? ऐसे तो बहुत होती होंगी बट लाइक ऑर्थोपेडिक्स मेनली डील्स विद थ्री थिंग्स। अच्छा। द बोनस हम दोनों बोनस जब आसपास वाली मिलती हैं
(04:26) हम दे फॉर्म अ जॉइंट। हम एंड दे आर हेल्ड टुगेदर इन अ जॉइंट बाय लिगमेंट्स। हम्। सो वी डील विद दीज़ थ्री थिंग्स, द बोनस, द जॉइंट, द कार्टिलेज, हम्। द सॉफ्ट टिश्यूज़ अराउंड इट, द लिगमेंट्स, द मेनिस, एवरीथिंग। तो, वो हमारा एरिया ऑफ़ एक्सपर्टीज होता है। फिर उसके अंदर आगे सब सेट्स हैं। यू कैन बी अ शोल्डर स्पेशलिस्ट, यू कैन बी अ नी स्पेशलिस्ट, यू कैन बी अ स्पेशलिस्ट। और यू कैन बी मल्टीपल स्पेशलिस्ट। ओके? सो, मैं मेरा यह मानना है कि जैक ऑफ ऑल ट्रेड इज़ अ मास्टर ऑफ़ नन। हम बट ही इज़ स्टिल बेटर देन मास्टर ऑफ़ फन। ओके। तो आई डिडंट वांट टू बी अ मास्टर ऑफ़
(05:02) वन। अच्छा। आई वांटेड टू बी अ मास्टर ऑफ़ मेनी। ओके। नाइस। तो प्रोबेब्ली मैंने कुछ चीजें छोड़ी उसके लिए कि यू ऑब्वियसली यू कैन नॉट मास्टर एवरीथिंग। बट व्हाटएवर यू डू यू शुड बी डूइंग बेस्ट। तो मैंने आई हैव स्पेशलाइज़्ड इन मल्टीपल फील्ड्स इन अर्थेडिक्स। सो अगर सर्जरीज की बात करें तो किस तरह की सर्जरी? एक तो अर्थराइटिस से मतलब नी रिप्लेसमेंट ये तो मेरे को भी पता है। बट व्हाट अदर सर्जरीज आर यू डूइंग? सी सबसे पहले तो फ्रैक्चर्स। अच्छा। जो फ्रैक्चर फिक्सेशन है उसके अंदर भी आजकल बहुत सारी नई चीजें आ गई है। बहुत अच्छे-अच्छे नई तरह के इंप्लांट्स हैं।
(05:33) प्लस उसी चीज को करने के लिए यू कैन डू इट विद स्मालर इंसीजंस। यू कैन कॉज लेस डैमेज टू द टिश्यू। उससे हो सकता है वो बहुत जल्दी रिकवर करे। हम देन अर्ली मोबिलाइजेशन के जो भी आप कर रहे हो वो इतना स्टेबल फिक्सेशन दो कि बहुत जल्दी चलने लग जाए। हम फिर स्पोर्ट्स इंजरीज जो लिगामेंट्स वगैरह टूटते हैं, मेनिस्कस होता है उन सबको की होल के जरिए ज्यादातर को ठीक किया जा सकता है। ओके वो उस तरह की सर्जरीज हो गई। फिर रिप्लेसमेंट्स हो गई कि शोल्डर रिप्लेसमेंट, नी रिप्लेसमेंट, हिप रिप्लेसमेंट और इवन स्माल जॉइंट पीआईपी रिप्लेसमेंट वो सब भी होता है।
(06:06) हम तो ये एक स्पेक्ट्रम है जिसके अंदर हम सब करते हैं। प्लस जॉइंट प्रिजर्वेशन सर्जरीज जो ऐसा नहीं है कि एक चीज अगर घिस गई है तो उसको बदलना ही बदलना पड़ेगा। और भी बहुत सारी चीजें हैं जो की जा सकती है उसके साथ में तो वो एक कैटेगरी है दैट इज अपकमिंग जॉइंट प्रिजर्वेशन सर्जरी दैट साउंड्स वै इंटरेस्टिंग इट इज यस वी विल टॉक अबाउट दैट ठीक है डॉक्टर तो एक चीज बताओ जैसे कंपेयर टू वेस्ट इंडियंस की अगर हम बात करें तो इफ यू टॉक अबाउट हार्ट डिजीजेस वो इंडिया में 10 साल पहले हो जाती है एज कंपेयर टू वेस्ट यस डायबिटीज की बात करें तो वी आर डायबिटिक
(06:45) कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड। यस। व्हेन वी टॉक अबाउट बोन एंड जॉइंट्स, हाउ आर वी कंपेयर टू वेस्ट? वी आर एट अ यूनिक पोजीशन। हम प्रोबेबबली जितने भी डिजीजेस हैं, अर्थराइटिस है, वी हैव वी हैव इंक्रीजिंग नंबर ऑफ बर्डन ऑफ अर्थराइटिस। और हमारी पपुलेशन इतनी ज्यादा है कि प्रोबेबबली इन नियर फ्यूचर शायद हो सकता है रिप्लेसमेंट सबसे ज्यादा हमारे यहां पे हो रही हो। नॉट ओनली दैट द कॉम्प्लेक्सिटी ऑफ़ सर्जरीज जब हम यहां से बाहर गए तो जो सबसे सीनियर मोस्ट सर्जन भी जिन सर्जरीज को देखते नहीं थे कभी उनको देख के घबराते थे। हमारे यहां दैट इज अ नॉर्म दैट इज़ अ
(07:27) रूटीन। क्योंकि हमारे लोग बहुत टॉलरेंट हैं डिजीज को लेके। वो लंबे समय तक डिजीज के साथ जीते रहते हैं। जब तक कि वो उनको लाचार ना कर दे। उनकी मजबूरी ना हो जाए। तब तक वो सर्जरी कराने के लिए नहीं आते। तो हम द कॉम्प्लेक्सिटी ऑफ ईच एंड एवरीथिंग दैट वी फेस इज मच मोर देन व्हाट वी सी इन द वेस्टर्न वर्ल्ड। हम चाहे वो रिप्लेसमेंट हो, चाहे वो फ्रैक्चर हो, बहुत बोन सेटर्स हमारे यहां पे ट्रीट करते हैं। उसके बाद लोग आते हैं। हम तो वो भी लेट्स टॉक अबाउट नी मतलब वो सबसे कॉमन शायद नी पेन और नी सबसे कॉमन चीज है। इफ वी टॉक अबाउट अर्बन इंडिया एंड 40
(08:07) प्लस। आई थिंक वन इन थ्री आर हैविंग सम काइंड ऑफ नी डिसकम्फर्ट और नी पेन। एंड देन इट कंपाउंड्स एस दे ऐज। यस व्हाट इज हैपनिंग टू इंडियन पीपल एंड देयर नीज़ सी अब से पिछली जनरेशन में हम शायद आप अपने फादर दादाजी उनसे अगर पूछोगे तो उनको शायद इतनी दिक्कतें नहीं होती थी। हम्। अब हमारी जनरेशन वी आर अ ब्लिंकेट जनरेशन के हमें सब कुछ ओके। 10 मिनट्स में वी वांट एवरीथिंग हम् एंड वी डोंट वांट टू मूव फॉर दैट। हम हमें सब कुछ अभी चाहिए। हम तुरंत आ जाना चाहिए और किसी और को हमारा काम कर देना चाहिए। हम तो हम वी आर प्रोबेबबली अ लिटिल लेज़। हम
(08:52) कंफर्टेबल ज्यादा हो गए हैं। हमें उतना मीन्स आ गए हैं हमारे पास। हम्म। और उस चक्कर में हम एक्सरसाइज को भूलते जा रहे हैं। प्रोबेबबली ओबेसिटी हमारे अंदर बहुत ज्यादा हो रही है। तो उसकी वजह से नी के ऊपर लोड ज्यादा आता है जितना हम चलते हैं। हम्म। और सेकंडली क्योंकि कार्टिलेज जो है जो जो जॉइंट की कवरिंग है जो चिकनी सतह है जिसके ऊपर हमारा जॉइंट चलता है। वो एक बहुत ही यूनिक स्ट्रक्चर है। इट इज एन एस्कुलर स्ट्रक्चर। उसकी कोई ब्लड सप्लाई नहीं है। कार्टिलेज में कार्टिलेज की। अच्छा। और अगर आपके पास ब्लड सप्लाई नहीं है तो आपके पास न्यूट्रिएंट्स नहीं आ रहे। अगर
(09:32) न्यूट्रिएंट्स नहीं आ रहे तो यू कैन नॉट सर्वाइव। हम तो कार्टिलेज सर्वाइव कैसे करती है? उसी से सब किसको अर्थराइटिस होगा या किसको नहीं होगा? वो उसी से डेवलप हो के चलता है। अच्छा उससे पहले एक मुझे बताओ व्हाट इज डिफरेंट बिटवीन कार्टिलेज एंड लिगामेंट? जो भी बोन के एंड्स हैं दे आर जनरली कैप्ड विद अ स्मूथ सरफेस हम ताकि उस पे मूवमेंट नॉर्मली ग्लाइड कर सके उसके अंदर वो अटके नहीं आपस में एक दूसरे दैट इज कार्टिलेज। अच्छा और दोनों वो जॉइंट चलता रहे उसके लिए देयर हैज़ टू बी सम लिमिटेशंस। तो जो भी स्ट्रक्चर्स उन मूवमेंट को एक ही एक्सिस
(10:07) में अलव करते हैं। बाकी में बांध के रखते हैं। तो उनको लिगामेंट्स कहते हैं। दोनों बोनस जो आपस में जुड़ी हुई हैं वो लिगामेंट से जुड़ी हुई हैं। तो कार्टिलेज इज दैट स्मूथ स्ट्रक्चर जिस पे रोल करता है जिस पे जॉइंट चलता है। लिगामेंट्स वो हैं जो आपस में बांध के रखते हैं जिसकी वजह से एक ही या दो ही एक्सिस पे चलता है। उसके अलावा हर जगह नहीं जाता। सो यू आर सेइंग कार्टिलेज में न्यूट्रिएंट नहीं जाते हैं। मैम उसमें कोई ब्लड सप्लाई नहीं है। सो देन हाउ टू कीप इट? हाउ टू कीप इट हेल्दी? हेल्दी? यस। या अह कार्टिलेज के जो साइनोल फ्लूइड है
(10:42) साइनल फ्लूइड एक ऐसा फ्लूइड है जो जॉइंट के अंदर जॉइंट बना दोनों बोन से उसके चारों तरफ कवरिंग है उसका कैप्सूल है उसके बीच में जो भी पानी जो भी फ्लूइड जो भी रहता है दैट इज़ साइनोबल फ्लूइड हम उसके अंदर हर तरह के न्यूट्रिएंट्स है हम उसी से कार्टिलेज को न्यूट्रिशन मिलना है। अच्छा बट वह सारा टाइम उसमें बात तो है उसके अंदर डूबी तो हुई है लेकिन वह कार्टिलेज के अंदर तक डीप तक कैसे जाएगा व्हेनएवर देयर इज़ प्रेशर इन द साइनोबल फ्लूइड ओके द न्यूट्रिएंट्स विल बी फोर्स इंटू योर कार्टिलेज द कार्टिलेज तो ऐसे उसको न्यूट्रिशन मिलता है तो दैट
(11:16) इज व्हाई एक्सरसाइज इज़ गुड दैट इज व्हाई व्हेनवर यू जंप व्हेनवर यू वॉक व्हेनएवर यू रन दैट इज व्हेन द कार्टिलेज गेट्स इट्स न्यूट्रिशन तो वेट बेयरिंग एक्सरसाइज वेट बेयरिंग एक्सरसाइजज़ वेटलिफ्टिंग िंग एक्सरसाइज मूवमेंट्स ऑल मूवमेंट्स अगर आप बैठे-बैठे भी मूव कर रहे हो तो भी प्रेशर चेंजेस हो रहे हैं। तो ऐसे कार्टिलेज हेल्दी रहती है। इसीलिए कोई भी आप योगा कर रहे हो, कोई भी आप मूवमेंट कर रहे हो, वेट लिफ्टिंग कर रहे हो उनसे हेल्प इसी तरह से कार्टिलेज को होती है। और इसीलिए जो सेडेंटरी लाइफ स्टाइल है उसका नंबर एक तो कार्टिलेज को
(11:44) न्यूट्रिशन नहीं मिला इसलिए वो खराब हो गई। नंबर दो सेडेंटरी है तो वेट गेन हो गया। हम अब जैसे-जैसे वेट गेन होता गया तो अगर आपका 1 केg भी वेट गेन हो रहा है तो उसके हिसाब से जॉइंट पे फोर्सर्सेस मल्टीप्लाई होती चली जाती है। जैसे अगर आपका 1 केg वेट एक्स्ट्रा है और आप चल रहे हो तो यू विल योर जॉइंट विल बी फीलिंग 4 kg ऑफ़ एक्स्ट्रा वेट। 1 केजी एक्स्ट्रा वेट है तो माई नी वुड बी फीलिंग फीलिंग 4 4g ऑफ़ एक्स्ट्रा वेट व्हाइल वाकिंग। अगर 10 ओवर वेट हुआ आप तो 40 किलो एक्स्ट्रा आपका नहीं व्हाइल वाकिंग व्हाइल रनिंग इट इज एट टाइम्स
(12:17) इट्स एट टाइम्स व्हाइल डूइंग स्क्वाट्स इन योर पेटलोफेरल जॉइंट योर एंटीरियर पार्ट ऑफ योर नी इट इज 20 टाइम्स हम सो 1 केजी कैन गिव यू अ स्ट्रेस ऑफ़ 20 kg बट स्ट्रेस तो अच्छा है ना स्ट्रेस अच्छा है लेकिन एक लिमिट है हर चीज की अच्छी की भी हर दुनिया में हर चीज ऐसी है जो एक लिमिट तक करी जाए तो अच्छा है कितनी भी अच्छाई को अगर अगर आप बहुत ज्यादा करने लग जाओ तो बुरा बन जाता है। तो वो कार्टिलेज न्यूट्रिशन के लिए अच्छा है लेकिन वेयर टेयर भी तो बढ़ेगा। तो इट्स अ फाइन बैलेंस बिटवीन द टू। तो आपको एक्यूट स्ट्रेस देना है। ऐसा नहीं
(12:49) कि क्रॉनिक स्ट्रेस है। आप हर टाइम ही उस पे वेट डाले रखोगे तो इट इज़ गोइंग टू बी एंड इट हैज़ टू बी ग्रेजुअली इंक्रीज्ड। द स्ट्रेस द स्ट्रेस। तो आप ऐसा नहीं कि अचानक से आप अपने जो जितने ज्यादा वेट है उतने लोग हिल भी तो नहीं रहे हैं। हम तो ज्यादातर टाइम पे आपको नी पे स्ट्रेस आ नहीं रहे। नी पे म्यूटेशन मिल नहीं रहा है। जब मिल रहा है तो इतना ज्यादा स्ट्रेस आ रहा है कि प्रोब्ली कार्टिलेज जो हमारी कार्टिलेज है इट इज़ वेरी टोलरेंट अगेंस्ट कंप्रेसिव लोड्स। अच्छा तो आपको जब भी आप चल रहे हो या कुछ भी एक तरह की पर्टिकुलर एक्सरसाइज कर रहे हो
(13:23) जिसके अंदर कंप्रेसिव लोड आ रहा है वो उसके लिए बहुत अच्छा है। एज सून एस यू गेट अ शयर फोर्स जिसके अंदर आपको मूव कर रहा है हम साथ में तो वो रबिंग के लिए वो बहुत इनटोलेंट है। वो टोलरेट नहीं कर पाती उसको। सो उसके लिए ट्रेन करना पड़ता है। उसके लिए ट्रेन करना पड़ता है। उसके लिए मसल थोड़े स्टंग होने चाहिए। उसके लिगमेंट टूटे नहीं होने चाहिए। उसके लिए पूरी सपोर्ट मिलना चाहिए। तो जैसे-जैसे हमारा सेडेंटरी लाइफस्टाइल होता है, जैसे हम एक्सरसाइज करते हैं तो हमारे लिगमेंट्स मोटे होते जाते हैं। मजबूत होते जाते हैं। ज्यादा अच्छी सपोर्ट देते हैं। तो हमें
(13:50) लिगामेंट ने बांध रखा है तो गलत तरह से मूवमेंट नहीं होगी। इंजरीज नहीं होंगी। हम और हमारी मसल स्ट्रांग होती जाएंगी। मसल मजबूत होती जाएंगी। जितनी ज्यादा स्ट्रांग जितनी ज्यादा मजबूत मसल हुई उतना ही वो जॉइंट पे से लोड ले लेगी। हम तो वो शेयर कर लेगी लोड तो चाइल्ड पे स्ट्रेस कम आएगा। तो दैट इज व्हाई द मस्कुलर पीपल दे फेयर बेटर रादर देन ओवरवेट। सो कमिंग बैक टू द क्वेश्चन जो हम डिस्कस कर रहे थे कि इंडिया में प्रॉब्लम ये ज्यादा है। सो ये तो चलो आज की पिछले 20 साल से या पिछले 10 साल से हम सेडेंटरी ज्यादा हुए हैं। राइट? वह वह पॉपुलेशन तो
(14:24) शायद अभी उस स्टेज में गई भी नहीं है। दे आर फीलिंग द डिसकंफर्ट बट ऐसा नहीं है कि वह नहीं रिप्लेसमेंट वाली स्टेज पे गए हैं। बट आवर पेरेंट्स हम् अह दे वर एक्टिव दे वर मोबाइल दे वर नॉट डूइंग वेट ट्रेनिंग फॉर श्योर। बट देन दे वर वेरी एक्टिव इन आप खेतों में काम कर रहे थे और वो सब कर रहे थे। जो चेयर वाली एक्टिविटी तो कर ही रहे थे। व्हाई इज देयर नीज़ वीक और दे आर हैविंग सोल बिकॉज़ हमारे पेरेंट्स में तो बहुत अर्थराइटिस की प्रॉब्लम ऐसा क्यों? नंबर वन आपका खानपान उस ऐज तक चेंज होने लग गया था। हम हमारे जो जो हमारे बड़े लोग जो दादा की जनरेशन में
(15:07) जितना प्योर खाना जितना होता था प्रोबेब्ली उतना ज्यादा अच्छा खाना हमारे पेरेंट्स वाली जनरेशन को शायद बाद वाले टाइम में नहीं मिला है। जितना प्रोसेस्ड फूड हम लेंगे उतना ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। हम और उससे जॉइंट उतनी ही जल्दी खराब होते जाते हैं। जॉइंट इन जनरल एजिंग भी ज्यादा होती है। आप देखोगे आपके दादा जितनी ऐज तक यंग दिखे जितनी एज तक एक्टिव रहे शायद उन आपके फादर उतनी एज तक नहीं रहेंगे और हम शायद उससे भी जल्दी शायद उससे उतना लेथार्जिक फील करने लगेंगे प्रोबेबबली बिकॉज़ ऑफ द प्रोसेस्ड फूड्स हमारा हेल्दी लाइफस्टाइल उतना ज्यादा नहीं
(15:42) रहा नंबर टू व्हिच इज इक्वलीेंट उनके पास ट्रीटमेंट ऑप्शंस नहीं थे हम आज के टाइम पे जितनी सर्जरीज जितनी हम कोई भी चीज छोटी छोटी सी छोटी चीज खराब हुई वी कैन रिपेयर इट और वो ज्यादा खराब आगे नहीं होने देंगे जो हमारे से पिछली जनरेशन थी उसके पास ऑप्शन ही नहीं थे कुछ अगर टूटा है तो दे विल कीप ऑन लिविंग विद इट हम एंड दैट इज व्हाई द अर्थराइटिस डेवलप अगर आपका एक लिगामेंट टूट गया है या आपका एक मिनिष्कस इंजरी हो गई है या आपको फ्रैक्चर हुआ जो आपने बोन सेटर से ट्रीट करा लिया या आपने किसी से भी एक बार जाके काम तो चल गया आपका बट वो सिर्फ काम सा ही चलता रहा
(16:20) उस सारे टाइम पे आपकी नीव को एक्स्ट्रा लोड लेना पड़ा गलत तरह से फर्सेस हैंडल करनी पड़ी और इसलिए प्रोब्ली वो जल्दी खराब हुई। हम नहीं यह बात तो है कि हमारे पेरेंट्स ने मतलब मेडिकल इश्यूज को तो बहुत इग्नोर किया है। दे मतलब वो वो आज भी मानते नहीं है उनको। नहीं आज भी मानते नहीं है। वो मतलब वो काइंड ऑफ दे टेक वेरी प्राइड इन बीइंग लाइक सहन शक्ति में कि भाई चलता रहता है। मैं तो ठीक हूं। हम जितने पेन में हमें लगेगा कि बहुत दर्द हो रहा है। वी शुड गो टू अ डॉक्टर वी शुड मीट समवन। वो कहते हैं नहीं ये तो रोज की बातें ये तो चलता है।
(16:53) तो दे आर वेरी टोलरेंट हम व्हिच इज अ बैड थिंग अगर वो परमानेंट डैमेज कर पा रहा है। इट्स अ गुड थिंग अगर आपके पास और कोई ऑप्शन नहीं है तो यू हैव टू कैरी ऑन सम हाउ शायद तो रेजिलियंस तो अच्छी है बट इग्नोरेंस ठीक नहीं है और क्योंकि अब मीन्स हैं और मींस है आपके पास टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है। दैट इज अवेलेबल। पहले टाइम पे अवेलेबल ही नहीं होती अगर आपके पास मीन है तो यू हैड टू गो आउट ऑफ इंडिया प्रोब्ली टू गेट द सर्विस रन। हम आज के टाइम पे देयर इज़ हार्डली एनीथिंग जो कि इंडिया में नहीं हो रहा है। हर तरह से ऑप्शंस अवेलेबल हैं।
(17:29) हां न्यूर रिसर्च में प्रोब्ली वी आर लैकिंग हम जो बाहर फंडिंग ज्यादा अच्छे से आती है। बाहर नई चीजें डेवलप करने पे लोग ज्यादा स्ट्रेस देते हैं। शायद इंडिया में अभी वो थोड़ा सा पिक अप होगा। कुछ समय लगेगा। तो रोहित एक और क्वेश्चन मेरे दिमाग में आता रहता है कि जैसे किसी को हार्ट अपना चेक कराना है तो लिपिड प्रोफाइल करा लिया एंड यू नो कोलेस्ट्रॉल का पता लग गया क्या है भाई ऊपर नीचे एलडीएल ऊपर है ये है नीचे व्हाटएवर अगर डायबिटीज का टेस्ट कराना है तो फास्टिंग एचबीए वन सी वो सब है इफ आई एट माय एज और एनीबडी लाइक यू नो 35 40 45 पे
(18:09) व्हेन दे स्टार्ट बिकमिंग कॉन्शियस अबाउट देयर हेल्थ कि कहां जा रही है एंड दे स्टार्ट टू फील कि अब कुछ कुछ होने लग गया है व्हाट इज देयर देयर एनी टेस्ट टू नो हाउ माय जॉइंट्स आर और स्पेसिफिकली माय नीज़ आर। आप किसी भी डॉक्टर की पहचान जब देखते हैं हम तो किस चीज से होती है? स्टेथोस्कोप हां। ठीक है। वो हर किसी के पास है। हां। एक्सेप्ट ऑर्थोपेडिशंस। ओके। तो हां। ऐसा कुछ ध्यान अभी अभी सोच रहा हूं तो लग रहा है तो हम जब पीजी कर रहे थे हम तो ऑर्थोपेडिक स्टूडेंट्स को ऐसे ही पहचाना जाता था कि वो हाथ खाली हाथ हिलाता हुआ आएगा उसके पास कुछ नहीं होगा
(18:51) ओके बिकॉज़ ही इज द डायग्नोसिस ओके हम हम हमारे टीचर्स जब तक हम हिस्ट्री मतलब पेशेंट से बात करके और एग्जामिनेशन पेशेंट को हाथ लगा के मूव करके हम इफ वी आर नॉट कमिंग टू ए डायग्नोसिस वी वर नॉट अलाउड टू इन्वेस्ट गेट इन ऑर्थोपेडिक्स 92% ऑफ योर डायग्नोसिस शुड कम फ्रॉम हिस्ट्री एंड एग्जामिनेशन ओनली 8% इज कंट्रीब्यूटेड बाय इन्वेस्टिगेशंस व्हाट डू यू मीन बाय इन्वेस्टिगेशन एमआरआई और वो सब सीटी एक्सरे एमआरआई स्ट्रेस एक्सरेज हम देयर इज़ अ लॉन्ग लिस्ट वो वो सब हम कर सकते हैं लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट चीज है कि हम आपके एग्जामिनेशन अच्छे से करें हम
(19:37) हिस्ट्री अच्छे से लें उससे हम सी एमआरआई सीटी दे आर वेरी सेंसिटिव इन्वेस्टिगेशंस अगर एक पेशेंट का मैं एमआरआई करा रहा हूं हम तो हो सकता है आई माइट फाइंड फाइव फॉल्ट्स इन दैट हम बट देन आई हैव टू पिन पॉइंट कि इनमें से प्रॉब्लम कौन सी चीज कॉज कर रही है ओके क्योंकि उन पांच में से अगर मैंने उन चार को ट्रीट कर दिया जो जो दिक्कत तो है एमआरआई पे तो दिख रही है परेशानी तो है बट इट इज नॉट कॉजिंग द सिम्टम्स हम तो पेशेंट तो ठीक नहीं होगा हम। तो वी वर टॉट नॉट टू ट्रीट एक्सरेज बट टू ट्रीट पेशेंट्स। ट्रीट द सिम्टम। ट्रीट द सिम्टम्स। ट्रीट द पेशेंट
(20:20) हम तो बहुत सारे इनफैक्ट हमें लोग फोन करते हैं कि सर ये एक्सरे भेज दिया है। इसका कितना खर्चा आएगा? तो जब तक आई टिपिकली डोंट आंसर दैट क्वेश्चन के यू कम टू मी। आई विल एग्जामिन एंड देन आंसर के क्या करना है? क्योंकि सेम सिमिलर लुकिंग रिपोर्ट्स और एक्सरेज़ और इमेजज़ और एमआर और व्हाटएवर के साथ में दो अलग-अलग लोग हैं। तो दे माइट हैव डिफरेंट सिम्टम्स। इवन इफ दे हैव सेम सिम्प्टम्स। जैसे आपको सेम सिम्प्टम सेम एमआरआई आपको और आपके फादर को है। द ट्रीटमेंट इज डिफरेंट। हम्म। क्योंकि रिक्वायरमेंट इज डिफरेंट। तो ऐज के साथ, आपकी एक्सपेक्टेशन के साथ, आपके
(21:00) सिम्टम्स के साथ, हर चीज के साथ ट्रीटमेंट चेंज होता है। इवन विद सिमिलर फाइंडिंग्स। हम भाई एक स्पोर्ट्स पर्सन है। ही वांट्स टू गेट बैक टू स्पोर्ट्स। द ट्रीटमेंट वुड बी डिफरेंट देन समबडी हु इज अ जनरल पर्सन। द क्राइटेरिया दैट वी यूज़ इन स्पोर्ट्स हम इज नॉट गेटिंग बैक टू द स्पोर्ट्स। इट इज गेटिंग बैक टू द प्रीवियस लेवल ऑफ़ एक्टिविटी ऑफ़ द स्पोर्ट्स। आई एम ओनली सक्सेसफुल इफ आई एम एबल टू सेंड दैट पर्सन बैक टू द प्रीवियस लेवल और मोर। हम अदरवाइज़ आई डोंट कंसीडर मसेल्फ सक्सेसफुल। और वो करना बहुत मुश्किल होता है। उसके लिए यू हैव टू ट्रीट देम प्रॉपर्ली एंड यू
(21:37) हैव टू गेट देम मूविंग अर्ली। द लगर यू इमोबिलाइज द प्रोबब्ली द डिजीज बर्डन इंक्रीसेस आपका योर मसल्स गो इनू वेस्टिंग ईयर टू रिट्रेन देम। और प्रोबेब्ली दे लूज़ अ सीजन और टू एंड वो एक स्पोर्ट्स पर्सन के लिए दैट्स अ बिग थिंग। स्पोर्ट्स के अगर मैं बात करूं तो किस किस स्पोर्ट्स के सबसे ज्यादा पेशेंट्स मतलब आते हैं इंजरी वाले लोग आते हैं? अ हरियाणा में आपका कबड्डी, खो-खो ये इस लेवल वाले प्लेयर्स बहुत होते हैं। कबड्डी में तो बहुत होती है। कबड्डी में बहुत होती है। रेसलिंग में बहुत होती है। मेरे ख्याल से वो एसीएल वगैरह तो सारी
(22:14) कबड्डी में तो कबड्डी में और रेसलिंग में क्योंकि उनका तो काम ही ये है कि वो तो दे विल अगर किसी को भी पता चल जाए। बल्कि ज्यादातर जो रेसलर्स मेरे पास आते हैं कहता है सर बताना नहीं। कि अगर इसको पता चल गया कि इसका एसीएल टॉन है। तो वो अगला दाव ऐसा ही लगाएगा कि वो सबमिट कर दे उसके ऊपर। वो एसीएल पे ही स्ट्रेस डालेगा। सामने वाले अपोनेंट को अगर पता चल गया तो वो जैसे-जैसे उनको कमजोरी पता चल चलती जाती है तो दे आर फीलिंग मोर स्ट्रेस ऑन दैट लिगामेंट। तो इवन इफ यू रिकंस्ट्रक्ट आपने इलाज कर भी दिया तो यू हैव टू डू इट सन इन सच अ वे कि वो
(22:46) प्रोबेबबली फंक्शनल से ज्यादा भी लोड ले पाए। ओके। सो इस तरह की इंजरीज में से एसीएल और ये करियर थ्रेटनिंग इंजरीज भी हो सकती हैं। डेफिनेटली हैव यू वर्क्ड ऑन एनीबडी एंड आई एम श्योर आई वास जस्ट वांट टू हियर एनी स्टोरी जिसमें कोई नेशनल लेवल या उस लेवल का कोई प्लेयर था। हैड अ मेजर इंजरी एंड देन यू ऑपरेटेड ऑन दैट एंड द पर्सन कुड बी एज गुड एज ही वाज अर्लियर। यस। देयर आर मेनी स्टोरीज। उनमें से एक जो प्रोबेबबली मेरा इनिशियल फेज में था वो मुझे हमेशा बहुत याद आता है और वो इसीलिए भी याद आता है कि अब से प्रोबेब्ली 10 साल पहले
(23:26) हम उससे पहले मैं और काफी सारे डॉक्टर्स इन इंडिया वी वर कंसीडरिंग कि मिनिस्कस जो है वो रिपेरेबल नहीं है। हम व्हाट इज मिनिस? मिनिष्कस जो जॉइंट के बीच में कुशन होता है। दो बोनस के बीच में कार्टिलेज है। वो कार्टिलेज की शेप अलग-अलग है दोनों की। तो उन दोनों को मैचिंग बनाने के लिए उनके बीच में एक गद्दी है। उनके बीच में कुशन है। दैट इज मेनिस्कस। अच्छा। तो वो दो बोनस के बीच में कार्टिलेज है। और उन कार्टिलेज को आपस में फ्रिक्शन को कम करने के लिए उनका एरिया ऑफ़ कांटेक्ट बढ़ाने के लिए उनके बीच में कुशन की एक एक्स्ट्रा लेयर है।
(23:58) दैट मिनिस्ट। दैट इज मिनिस्टस। ओके। तो वो इंजरीज काफी कॉमन है स्पोर्ट्स पर्सन में। हम और हम बात क्या कर रहे थे? अच्छा वो कौन सा अ स्पोर्ट्स पर्सन है जो मुझे याद आता है तो मिनिस्कस एक ऐसी चीज थी जो हम इनिशियली मेरी ट्रेनिंग के टाइम पे भी हम कंसिडर करते थे कि अगेन मिनिस्कस इज़ समथिंग दैट हैज़ अ वेरी पुअर ब्लड सप्लाई ओके मिनिस्कस भी हील नहीं करते हैं। ओके तो उसके तीन ज़ोन में हम डिवाइड करते हैं। उसको जो पेरिफल ज़ोन है उसकी सप्लाई अच्छी होती है। वो ठीक हील करता है। बीच वाला ज़ोन ओके और अंदर वाला ज़ोन नहीं करता है। हम उसको ये मानते हैं। मिनिस की ज्यादातर
(24:31) इंजरी में हम दूरबीन डाल केस को ट्रिम कर देते थे कि हील तो होना नहीं है तो एटलीस्ट ये अटके नहीं आगे डैमेज कॉज नहीं करे तो इसको निकाल देते हैं। जो मेरी इनिशियल ट्रेनिंग थी उस टाइम तक हम ने लगभग यही सर्जरीज रूटीनली होती देखी थी। फिर स्लोली इंटरेस्ट स्पोर्ट्स में क्योंकि मैं स्पोर्ट्स पर्सन था तो स्पोर्ट्स वालों का वैसे भी ज्यादा ध्यान रहता था कि और क्या नया कर सकते हैं और क्या नया कर सकते हैं। देन हमने सुना कि रिप्लेसमेंट ये रिपेयर्स भी कर रहे हैं मिनिस्टस देन वीड अबाउट इट वेंट टू डिफरेंट प्लेसेस गॉट ट्रेंड इन देम एंड
(25:04) देन आई स्टार्टेड मैनेजिंग देम डिफरेंटली हम उनको रिपेयर करने लगे एंड आई थिंक इन पास्ट 10 इयर्स हैव आई हैव नेवर डन अ मिनिस्टेकमी मैंने कभी मिनिस्टस को निकाला नहीं है ओके हमने हमेशा रिपेयर किया और सब कुछ हील हुआ है हम तो एक इनिशियल फ्यू पेशेंट्स में से एक था एथलीट हमने उसका पहलवान था हमने मेनिस स्टेयर था उसका वो आया कि सर ये जैसे ही एक पर्टिकुलर मूवमेंट होती है ये ऐसे घूम जाता है और ये अटक जाता है दर्द होता है बहुत ज्यादा हम तो हमने उसका किया स्कोपी की ही हैड अ पोस्टस्टीरियर हॉर्न मिडिल मेनिस टयर बड़ा सा टयर था उसके अंदर वी रिपयर्ड इट और
(25:44) मेनिस रिपेयर का क्योंकि इट्स अ एस्कुलर स्ट्रक्चर उसकी भी वैस्कुलरिटी कम है तो वो इट टेक्स अराउंड सिक्स मंथ्स टू हील तो हीलिंग टाइम उसमें थोड़ा लंबा रहता है तो हम उसको 2 महीने तक पूरा प्रोटेक्ट करते हैं उसके बाद डेढ़ दो महीने प्रोटेक्ट करते हैं डेढ़ दो महीने फिर कम करते हैं फिर थोड़ी प्रकॉशन के साथ 6 महीने बाद हम उसको लगभग लोग फ्री करते हैं। हम वो रिहब प्रोटोकॉल होता था। हमने मैंने उसको किया सारा। मैंने उसको बोला कि भ ये सारा रिहब प्रोटोकॉल है। ये फॉलो करना है। ये सब करना है। और वो 2ाई महीने पे मेरे पास थोड़ा सा कुछ
(26:10) क्रच वगैरह कुछ लेके आया। बीच में आता रहता था। दिखाता रहता था। हम तो मैंने कहा कि यार तू ये 2 महीने पे तेरे को कहा तो था कि छोड़ दे। हम तू क्यों लेके चल रहा है इसको? वो कहता सर वो तो ये तो मैं आपको दिखाने के लिए लेके आया। हूं। मैं तो नेशनल खेला है 15 दिन पहले। क्या बात है। तो ही वाज़ एट अ नेशनल लेवल एट दैट टाइम राइट नाउ ही इज़ प्लेइंग इंटरनेशनल। तो ही हैज़ गॉन बियड हिज प्रीवियस लेवल एंड देयर आर मेनी स्टोरीज जो पांच-प 6-छ साल से एथलीट्स ऐसे हैं जिनको एंकल में इंजरी हो रखी है। एंकल एंकल इज़ अनदर वेरी अनफॉर्गिविंग जॉइंट।
(26:43) एंकल में लिगामेंट अगर टूट जाता है तो ज्यादातर ऑर्थोपेडिक सर्जन्स बिलीव के हम इसको शायद ऑपरेट नहीं करेंगे। अगर हम ऑपरेट करेंगे तो शायद बहुत अच्छे रिजल्ट नहीं आएंगे इसके। हम् बट आई हैव अ वेरी डिफरेंट एक्सपीरियंस। इफ यू इन्वेस्ट इंडियन इट प्रॉपर्ली तो एक यंग लड़की थी वो भी आई थिंक साई से थी। अह गेटिंग रेगुलरली ट्रेनड शी हैड एंड एंकल शी इज़ अ लॉन्ग जंपर। लॉन्ग ah ठीक है। तो वो अगेन एंकल पे लैंड करता है। तो वो इंजर हुआ। आई थिंक 2017 में शायद उसका इंजर हुआ था। और शी गॉट ऑपरेटेड इन 2024 तो शी या शी जस्ट केप्ट ऑन मैनेजिंग टिल
(27:27) देन शी कुड नेवर रीच हर ट्रू पोटेंशियल एंड नो वन ऑफर्ड हर दैट सर्जरी जो अल्टीमेटली जब मैंने आके बोला कि हां ये सर्जरी की जा सकती है। तो शी वाज़ वै सरप्राइज कि सर अच्छा ये भी किया जा सकता है। ये तो मुझे किसी ने बोला नहीं कि अभी मुझे सर्जरी तो बताया नहीं किसी ने। हम एंड दे आर इंश्यर्ड आल्सो स आई थिंक उनको इंश्योरेंस प्रोवाइड करता है। दे हैड वेरी गुड इंश्योरेंस और हमने सर्जरी की एंड विद इन वन मंथ शी वास मूविंग अराउंड जंपिंग एवरीथिंग बिकॉज़ वी इन्वेस्टेड इन इट। तो एक ही सर्जरी बहुत अलग-अलग तरीके से की जा सकती है। तो अगर कोई 60 साल का है तो
(28:02) प्रोबब्ली मैं उसको या तो वो सर्जरी करूंगा ही नहीं। जो छोटे लिगामेंट्स वगैरह वाली है या अगर करेंगे तो बहुत कॉस्ट इफेक्टिव तरीके से करेंगे क्योंकि उसका बहुत ज्यादा डिमांड नहीं है। अगर एथलीट है तो प्रोबेब्ली मैं ज्यादा से ज्यादा उसके अंदर उसको आई डोंट वांट देम टू लूज देयर सीजन जितना जल्दी से जल्दी हम वी कैन गेट देम बैक टू देयर स्पोर्ट स्पेसिफिक रिहब दैट इज द बेस्ट बट सैडली शी लॉस्ट सेवन एट इयर्स या शी कुड नॉट रीच हर ट्रू पोटेंशियल यस बट देन आफ्टर दैट शी इज़ वैरी हैप्पी और वो एक सबसेट ऑफ है जो अब मेरे पास लॉन्ग जंपर्स बहुत आते हैं
(28:36) व्हाई क्योंकि उस उसका एक का रिजल्ट देखा कि हां वो पहले वो नेशनल लेवल पे थोड़ी नीचे थी अब उसकी रैंक काफी इंप्रूव हो गई तो वो एक सबसेट ऐसा है जो जो रिजल्ट ओरिएंटेड जो प्रैक्टिस है उसके अंदर ऐसा है कि एक बार लोगों को आपका ढूंढने में टाइम लगता है। आपके पास आने में दिक्कत होती है। बट वंस लोगों को पता चल जाए तो इट्स अ ऑर्गेनिक प्रैक्टिस। वो अपने आप ग्रो करती रहती है। यू डोंट हैव टू एनीथिंग फॉर दैट। हम नाइस नाइस। सो कमिंग बैक टू द नी वाला टॉपिक। सो यू टोल्ड दैट एग्जामिनेशन ही बेस्ट टेस्ट है फॉर नी। यस। एंड आफ्टर दैट टू कंफर्म आवर
(29:14) डायग्नोसिस वी हैव एक्सरेज वी हैव स्ट्रेस एक्सरेज कि अगर कोई लिगामेंट टूटा हुआ है तो वी प्रोवाइड स्ट्रेस इन दैट डायरेक्शन अगर वो ओपन अप हो रहा है जॉइंट तो द लिगमेंट इज इंजर्ड वी हैव अल्ट्रासाउंड व्हिच इज़ अ वेरी गुड इन्वेस्टिगेशन बहुत जल्दी हमें ओपीडी में ही बता देता है कि हां ये क्या इंजरी है कैसे नहीं हमें वेट नहीं करना पड़ता देन वी हैव सीटी जो कि हमें मेनली बोनस दिखाता है कि बोनी स्ट्रक्चर कैसी है वी हैव एमआरआई जो हमें सॉफ्ट टिश्यू दिखाता है जैसे कार्टिलेज कैसा है लिगामेंट्स कैसे हैं मसल्स कैसी हैं? हम तो उसके अलावा बोन स्कैन्स हैं। बहुत कुछ
(29:45) है उसके आगे। बट दीज़ आर द मेजर थिंग्स दैट वी डू रूटीनली। हम तो डॉक्टर एक एक जगह मैं पढ़ रहा था कि नी पेन इज़ नॉट ओनली अबाउट नी डेफिनेटली नॉट। हम तो थोड़ा समझाओ ना इस पूरी स्टेटमेंट को। ऐसा मतलब व्हाट डस इट मीन? देयर आर टू एस्पेक्ट्स टू इट। नंबर वन ऑल ऑफ योर हिप पेन। विल आल्सो कॉज नी पेन ऑल ऑल ऑफ योर हिप पेन वुड कॉज इट्स कॉल्ड रेफर्ड पेन ओके द नर्व सप्लाई द सेम अच्छा तो जिसको भी हिप के अंदर पैथोलॉजी है वो बहुत सारे पेशेंट लेके आते हैं कि सर यहां दुख रहा है नी पे दुख रहा है
(30:30) ऐसा क्यों है? क्योंकि उनकी सप्लाई कॉमन है तो वो सम हाउ इट इज पर्सव्ड के पेशेंट ये लोकेट नहीं कर पाई नर्व सप्लाई उनकी कॉमन सप्लाई है जो एक पार्ट ऑफ नी है उसको वही नर्व वहां भी सप्लाई कर रही है और हिप पे भी सप्लाई कर रही है। अच्छा तो सारे हिप पेंस में आपको मिडियल थाई और नी के तरफ पेन जाता है। हम तो एक तो वो कांसेप्ट इट्स अ कांसेप्ट ऑफ काइनेटिक चेन। अच्छा के आप की सारी बॉडी लिंक्ड है हम अगर आपको फुट के अंदर डिफिटी है हम तो वो आपकी बैक पे भी नी पे भी हिप पे भी हर जगह स्ट्रेसेस बढ़ा देगी हम अगर आपकी एंकल पे डिफिटी है आपकी एंकल
(31:08) थोड़ी टेढ़ी है तो वो नी दूसरी तरफ से कंपनसेट होने के लिए दूसरी तरफ टेढ़ी हो जाएगी तो उस पे भी स्ट्रेसेस अलग आएंगे आपका हिप में पैथोलॉजी है तो भी वो नी पे सी आ जाएगी आपकी कोर बहुत वीक है आप जैसे कन से देखते हैं कि कोई चीज उठा रहे हैं हम तो कभी-कभी कन गिर जाती हां वो क्रीन में तो इनफ पावर थी इट वास सपोज्ड टू लिफ्ट इट व्हाई डिड इट फेल व्ह डिड इट फॉल बिकॉज़ जो उसका बेस था जो कोर थी दैट वाज़ नॉट हिं्ड प्रोपर्ली दैट वाज़ नॉट एर्ड प्रॉपर्ली हम तो जो जहां पे सबसे ज्यादा लिवर आर्म के हिसाब से जो सबसे ज्यादा जहां पे फोर्स आई
(31:41) वहां से ब्रेकडाउन हो गया। तो अगर आपकी कोर इज योर मेजर स्टेबलाइजर और जो सेडेंटरी लाइफस्टाइल हमारा है आज के टाइम पे आई थिंक वीकेस जो है वो कोर और ग्लूट्स ही है जो सबसे ज्यादा आई थिंक वीक होते हैं बैठ बैठ के वो खराब कर लिए हमने सबने खराब कर लिए हम सबने तो जो वो कई बार हम डेडलिफ्ट की इंजरीज देखते हैं वो जो आपने जो क्रेन वाला एग्जांपल बताया एक्सैक्टली वही है। सो कोर ब्रेस होगा नहीं। सो वो लोअर बैक इंजरीज फिर खतरनाक। इज़ व्हाई प्रॉपर ट्रेनिंग इज़ वेरीेंट फॉर ईच एंड एव्री एक्सरसाइज। यू शुड हैव अ ट्रेनर जो आपको गाइड करे कि क्या आप ठीक
(32:14) कर रहे हो। आपकी फॉर्म ठीक है कि नहीं। क्या-क्या स्टेप्स हैं जिससे आपको लिफ्ट करना है। एंड सडनली वेट लिफ्ट ना करें। अदरवाइज इंजरी इन्हीं या तो आपने ठीक से किया नहीं है। आपने ज्यादा वेट उठा लिया अपनी कैपेसिटी से। इंजरीज तभी होती है। अदरवाइज अगर आप सही तरह से करो, ग्रेजुअली लिफ्ट करो तो एक्सरसाइजज़ आर वेरी गुड। तो जैसे स्पेसिफिकली इफ वी टॉक अबाउट स्क्वाड्स या फिर जिम में कोई भी वेट ट्रेनिंग करते हैं तो लोग बोलते हैं कि अ अ ज्यादा वेट मत उठाया कर फिर बुढ़ापे में जो है हड्डियां बोल जाएंगी या फिर अगर हैवी स्कॉट करते हैं तो बोले कि भाई आपके घुटने
(32:49) जवाब दे देंगे बुढ़ापे में यस ट्रू एंड फॉल्स बोथ ट्रू एंड फॉल्स ट्रू एंड फॉल्स ट्रू बिकॉज़ यस इट डस हैपन ओके फॉल्स द वेट्स आर नॉट द रीज़न ओके नॉट डूइंग देम प्रोपर्ली एंड नॉट गेटिंग द इंजरीस ट्रीटेड प्रोपर्ली इज द प्रॉब्लम हम्म जो ईगो लिफ्टिंग लोग करते हैं जो पुअर फॉर्म में ज्यादा वेट उठाना यस हम वार्म अप ना करना वार्म डाउन ना करना हम कितने ही लोग हैं जो वार्म अप करके करते हैं हम सीधा जाके वेट उठाया एक वीकेंड वॉरियर के आज जाके आज मुझे या न्यू ईयर पे पहले मंथ में जनवरी में सबसे ज्यादा जिम के सब्सक्रिप्शन बढ़ते हैं और बाद में कभी नहीं आते वो पूरे साल का
(33:32) पैकेज इसलिए देते हैं कि उनको पता है ये 15 ही दिन आने वाले हैं उसके बाद नहीं आएंगे पैसे पूरे साल के देंगे तो हम मोटिवेशन के चक्कर में चले तो जाते हैं बट क्योंकि हमने ग्रेजुअली नहीं किया हमने प्रॉपर फॉर्म से नहीं किया तो हमें इंजरीज बहुत कॉमन होंगी बहुत जल्दी होंगी हम और एक बार इंजरी हो गई तो हम या तो वी विल कीप ऑन पुशिंग थ्रू पेन एंड कीप ऑन इंक्रीजिंग द इंजरी या हम सब कुछ छोड़ के बैठ जाएंगे तो इट इज ट्रू दैट इट डस हैपन बट द रीज़न इज़ कि वी आर इग्नोरेंट वी आर नॉट फॉलोइंग प्रॉपर वे ऑफ़ डूइंग एक्सरसाइजज़ अदरवाइज़ स्क्वाड्स आर रियली गुड जो जो भी
(34:05) एक्सरसाइजज़ आपको एक तो साइनोफड हमने बताया कि प्रेशर से न्यूट्रिशन उसका बढ़ता है। हम दूसरा जैसे-जैसे आप एक्सरसाइज करते जाते हो आपके लिगामेंट्स स्ट्रांग होते जाते हैं, मोटे होते जाते हैं। फिजिकली आप जब एमआरआई करके देखेंगे तो आपको मोटे लिगामेंट्स दिखेंगे। जो हम एसीएल बनाते हैं किसी का तो हम टेंडेंस वगैरह हार्वेस्ट करते हैं। तो इन एन सेडेंट्री लेडी हम हो सकता है कि हम दो टेंडन निकालें। उनको डबल कर लें और हमारा डायमीट
(34:30) र 6 मि.मी. भी ना पहुंचे। अच्छा। इन एन एथलीट हो सकता है कि हम उन्हीं को निकालें और वो डायमीटर 8 9 10 तक भी पहुंच जाए। हम तो अगर वो 910 पहुंच रहा है तो वही चीज तो वही है ना तो धीरे-धीरे करके मोटे हो जाते हैं। वो स्ट्रांग आपको स्ट्रेंथ ज्यादा प्रोवाइड करते हैं। प्लस जितने ज्यादा मसल्स आसपास के हैं वो जितने ज्यादा स्ट्रांग होंगे अगर हम ग्रेजुअल एक्सरसाइज से उनको बिल्ड अप करते रहते हैं तो वो उतना ही लोड वो ज्यादा लेते हैं। जॉइंट को कम आने देते हैं। एंड दैट इज हाउ दे एक्सरसाइज हेल्प्स। हम तो डॉक्टर कमिंग टू द नी रिप्लेसमेंट पार्ट है ना इस इस सर्जरी से या नी
(35:06) रिप्लेसमेंट से ज्यादातर लोग डरते हैं यस और मतलब जब तक अ जब तक आ ना जाए बात कि अब बिल्कुल ही इमोबाइल हो गए हैं यस एंड नो मैटर हाउ मच देयर चिल्ड्रन कन्विंस देम दे डू नॉट गो फॉर दैट एक्सक्टली व्हाट इज योर मैसेज हियर हियर अ माय मैसेज इज डोंट अस्यूम दैट यू नो थिंग्स हम इनवेरिएबली 95% ऑफ पेशेंट्स हु कम टू मी फॉर नी रिप्लेसमेंट हम व्हाटएवर दे नो अबाउट नी रिप्लेसमेंट इज रोंग चलो आज बताओ क्या है फिर राइट क्या है नी
(35:51) रिप्लेसमेंट में जैसे सब लोगों को लगता है कि प्रोबेब्ली हमें बहुत ज्यादा पेन होगा हम्। ठीक है। सबको लगता है कि पता नहीं हमें कई महीने बहुत सारे ऐसे लोग आते हैं कि अब कितने महीने के लिए मुझे किसी को बुलाना पड़ेगा, क्या करना पड़ेगा। हमें फिजियोथेरेपी बहुत ज्यादा करानी पड़ेगी। अब हमें छ महीने शायद फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाना पड़ेगा। आज के टाइम पे नथिंग इज ट्रू। ओके। आई हैव डन बटरल नी रिप्लेसमेंट फॉर माय मदर-इन- लॉ। हम्म। ठीक है। ऑन द थर्ड डे बटरल व्हाट इज देम? लाइक, दोनों का एक साथ। दोनों का एक साथ। एक साथ? एक साथ। लाइक सेम। एक एक ही सिंग में सेम टाइम में
(36:28) वी डीड सर्जरी इन वन इवनिंग आफ्टरनून हम नेक्स्ट डे हम उनको घर ले आए थे अच्छा शी केम वाकिंग हम शी केम वॉकिंग शी केम वाकिंग एंड आई थिंक हां सेकंड डे ऑनवर्ड्स मैं उनको गली में लेके उनको घुमा रहा था और लोग ये पूछ रहे थे अभी धीरे क्यों चल रही है क्या हो गया तेरा मैंने ग्डे बनवा लिए हम अच्छा कितने महीने हो गए कि नहीं अभी दो ही दिन हुए तो एंड द थर्ड डे शी वास सो कंफर्टेबल कि हमें चाय उन्होंने बना के पिलाई थी। वाओ ओके। तो इवन दैट कैन बी अचीव्ड। लोग जिनजिन बातों से डरते रहते हैं। किस एज में कराई उन्होंने? शी इज अराउंड आई थिंक शी वाज़ 67 और 69 एट
(37:11) दैट टाइम। ओके। अभी दो-ती साल हो गए उनको करे को। तो तो टेक्नोलॉजी अच्छी हो गई है या क्या हो गया है ऐसा? क्योंकि डर जा रहा है अभी भी। स्टिल पीपल आर मतलब मेरी मदर इन लॉ वाज नॉट कन्विंस्ड के सर्जरी करानी चाहिए। हम हाउ व्हाट बोथ बोथ बीइंग डॉक्टर्स ऑन द फैमिली तो हम हमने बताते हुए भी मेरी वाइफ भी डॉक्टर है। वो भी बता रही थी। मैं भी बता रहा था। बट उसके बावजूद शी वास नॉट कन्विंस्ड। मेरे एक्सपीरियंस में मैं सिर्फ दो ही तरह से लोगों को आई डोंट ट्राई टू कन्विंस पीपल। आई कैन नेवर कन्विंस पीपल। मैं दो ही तरह से लोगों की हेल्प कर सकता
(37:48) हूं। हम्म नंबर एक इफ यू आर ओपन टू डिस्कशन इफ यू आस्क द राइट क्वेश्चन्स कि क्या एक्सपेक्ट करना है कितना दर्द होगा कैसे होगा क्या चीज रहती है कितनी जल्दी चल पाते हैं ज्यादातर लोग क्या कर पाते हैं या तो आप डिस्कशन मोड में आओ या व्हेन यू टॉक टू पेशेंट्स पेशेंट्स हु हैव ऑलरेडी यस हु हैव ऑलरेडी अंडरगोन दैट प्रोसीजर क्योंकि इनवेरेबली हर किसी से जब भी पूछा जाए ना कि क्या इतनी डरने वाली सर्जरी थी मैं हर किसी से आई कीप फॉलो अप वीडियोस ऑफ ऑल माय पेशेंट्स। आई डोंट पोस्ट देम एनीवेयर बट आई कीप देम। तो के क्या इतनी डरने वाली चीज थी कि
(38:24) नहीं? हमें नहीं पता था। अगर इतना कंफर्टेबल चीज होती तो हम दो पहले ही करा लेते। तो मेरी मदर इन लॉ भी उन्होंने कहा था कि बेटा एक ही कराऊंगी। हम अगर एक मतलब वो सोच ये रही थी कि अगर एक ठीक हो गया, एक चल गया तो फिर दूसरा करवा लूंगी। देन शी केम टू द हॉस्पिटल एक्सरे करवाने के लिए। बाय चांस मेरी ओपीडी में उस टाइम पर तीन पेशेंट्स बैठे हुए थे जिनका मैंने एक का तीन-चार दिन पहले किया था एक का 10 12 दिन पहले एक का डेढ़ दो महीने पहले तो तीनों बैठे हुए थे दो के दोनों बदले हुए थे एक का एक बदला हुआ था हम शी मेट देम शी टॉक टू देम और फिर वापस आके
(39:02) मुझे बोली बेटा दोनों बदल दे तो लोग जब तक एक दूसरे को सही बात नहीं बताना शुरू करेंगे तब तक मुझे नहीं लगता हम किसी भी बुराई को दूर कर सकते हैं लोगों का कंट्रीब्यूशन शायद सबसे ज्यादा है कि जिसके साथ खराब हो गया था ये वो जिसके साथ बुरा हो जाएगा वो 100 लोगों को बताएगा जिसके साथ अच्छा हो जाएगा वो खुश हो के बैठ जाएगा कि किसी की नजर ना लग जाए तो तो हमारे लोगों को शायद ज्यादा वोकल होना पड़ेगा जो भी ठीक तरह से इलाज जिनका हुआ है जो उसके बेनिफिट ले चुके हैं शायद हमें सब लोगों को ज्यादा बताना चाहिए ज्यादा बोलना चाहिए आई थिंक दैट्स द बेस्ट वे
(39:42) सो अ लॉट ऑफ पीपल वुड बी वाचिंग दिस दिस वीडियो। सो व्हाट आर द राइट एक्सपेक्टेशंस ऑफ अ पर्सन हु इज कंसीडरिंग दिस सर्जरी? क्या होता है? मतलब थोड़ा सा एक बार बताओ कि इतने दिन का ये है, इतना दिन का ये ऐसे होता है, ऐसे होता है। कुछ एक जनरली फर्स्ट ऑफ़ ऑल अ इट वैरीज़ फ्रॉम सर्जन टू सर्जन। ओके। जो भी मैं बोलूंगा वो इट इज़ इन माय एक्सपीरियंस। इट इज़ नॉट जनरलाइज़्ड। अच्छा। बहुत सारे अलग-अलग टेक्निक्स हैं। नई चीजें आई हैं टेक्निकली। जैसे हम जनरली जब करते हैं तो हम एक मसल को काट के फिर उसके अंदर जाते हैं। टेंडन को कट करते हैं। कॉडिस टेंडन जो होता है। अभी देयर आर
(40:19) न्यू टेक्निक्स जिसके अंदर हम सबवेस्टस अप्रोच बोलते हैं। पूरी उसके मसल को पूरे को उठा के उसके अंदर से जाते हैं। वी डोंट कट इट। हम तो अगर वो मसल पूरी इंटैक्ट है, टेंडन पूरा इंटैक्ट है तो ऑब्वियसली पेन कम होगा। और ऑब्वियसली आप उसको जल्दी लोड कर पाओगे। तो पहले कांसेप्ट एक ये होता था कि चोट लगी है तो आराम करो हम हिलना नहीं है टांके खुल जाएंगे हम सर्जरी हुई है तो 10 दिन 15 दिन तो लोग उठने ही नहीं दिया करते थे आई थिंक जब मैं ट्रेन हो रहा था तब भी शायद थर्ड डे पे तो पेशेंट को तीन दिन तो आईसीयू रखते थे तीसरे दिन आईसीयू से लेके आते थे आज के
(40:52) टाइम पे 60% ऑफ़ माय पेशेंट्स दे लीव ऑन द फर्स्ट डे हम यूएस में दे हैव गॉन बिय्ड दे आर डूइंग डे केयर नी रिप्लेसमेंट सर्जरीज तो आप आओ सेम डे पे सर्जरी कराओ और चले जाओ चल के जाओ चल चल के जाओ। ओके। तो एवरीथिंग इज पॉसिबल व्हेन यू फॉलो द राइट ट्रीटमेंट, राइट स्ट्रेटजीस इट इज ऑब्वियसली गोइंग टू कॉस्ट यू मोर। इंडिया में वी आर स्लाइटली प्राइस सेंसिटिव। हम और हम यह समझना नहीं चाहते हैं कि सेम चीज को करने के अलग तरीके हो सकते हैं। सेम चीज को सेम सर्जरी के रिजल्ट अलग-अलग हो सकते हैं। तो जितना हम उसमें इन्वेस्ट करेंगे, जितना हम उसको सही तरीके
(41:32) से करेंगे, जितना पेशेंट ठीक चीज फॉलो करेगा, जितना हम पहले जो डिजीज है उनको कंट्रोल कर लेंगे, देन देयर इज़ समथिंग कॉल्ड एज एनहांस रिकवरी आफ्टर सर्जरी। एराज़ एराज़ प्रोटोकॉल। इफ वी फॉलो दैट तो जनरली आप आज आपने सर्जरी कराई है। आप सेम डे इवनिंग में या नेक्स्ट डे तक आप सब कुछ खड़े हो पाते हैं। चल पाते हैं। जनरली स्टेयर क्लाइंबिंग भी शुरू कर देते हैं हम सेम डे पे। आप चलते फिरते नॉर्मली रहते हैं। आप पहले दिन पे शाम तक आप घर जा सकते हैं या सेकंड डे मैक्सिमम आप घर जा सकते हैं। और 60% ऑफ माय पेशेंट दे डोंट एवर बाय ए वॉकर इवन इन बाय लिटल।
(42:13) एवर एवर एंड मोस्ट ऑफ माय पेशेंट्स दे डोंट नीड फिजियोथरेपी एस वेल बिकॉज़ इफ यू मोबिलाइज देम अर्ली तो आज आपकी सर्जरी हुई है कल कल तक तो आपकी नींद चल ही रही थी हम कल आपने टुमारो यू हैव अगेन स्टार्टेड मूविंग इट तो वेयर इज द नीड टू गेट द फिजियोथेरेपी डन ओनली सर्टेन पेशेंट्स हु लैग बिहाइंड वी गिव देम अ प्रोटोकॉल दे ट्राई टू फॉलो दैट इफ यू आर फॉलोइंग दैट प्रॉपर्ली देन नथिंग एल्स इज नीडेड बट अगर आप आप लेग बिहाइंड कर रहे हैं देन फिजियोथरेपी इज एन एक्सीलेंट एडज्ज तो जहां पर भी आपको कमी लग रही है वहां पर यू शुड नॉट थिंक ट्वाइस आपको सही ट्रेंड
(42:52) अच्छे फिजियोथरेपिस्ट के पास जाना चाहिए एंड दोज़ पीपल दे आर अमेजिंग वो अगर सही फिजियोथरेपिस्ट के पास चले गए हम तो जो चीज 2 महीने में किसी की अचीव नहीं हुई थी वो हो सकता है तीन दिन के अंदर वो अचीव करके दे दे हम ओके इट इज अगेन लाइक एन आर्ट हम तो सेम काम अगर चार फिजियोथरेपिस्ट कर रहे हैं तो द रिजल्ट्स आर डिफरेंट। सो यू शुड ट्राई टू लुक फॉर अ फिजियोथरेपिस्ट और अ डॉक्टर इन जनरल जिसको आप ट्रस्ट करते हो जिसके कुछ ना कुछ आपको जिसके बारे में पता है कि जिसकी रेपुटेशन अच्छी है। एंड वंस यू गो टू देम देयर इज नो लिमिट। यू कैन अचीव एनीथिंग।
(43:26) हम जनरली इट इज़ अ वेरी कंफर्टेबल सर्जरी दीज़ डेज। ज्यादातर इस तरह की साइंस ने इतनी प्रोग्रेस कर ली है। कर ली है। यस। एंड द लॉन्जिविटी एज वेल। लोंजीविटी एज वेल। पहले दे लास्ट लॉन्ग। दे लास्ट लॉन्ग। हम मैं पहले बोलते थे कि कम चलेगी रिप्लेसमेंट करी तो 10 साल में खराब हो जाएगा 15 साल में खराब हो जाएगा कितना नोबडी नोस कि एक पर्टिकुलर पेशेंट का कितना चलेगा प्लस जो इंप्लांट्स जो अब हम स्टडी कर रहे हैं वो शायद जितना चलेंगे उतना पहले वो आए नहीं थे दे आर कंपेरेटिवली न्यू हम बट रजिस्ट्री डेटा सेस दैट अ नाइसली डन जॉइंट हम शुड बी अ फॉरगॉटन जॉइंट मतलब अगर एक किया
(44:08) हुआ है तो आपको ये नहीं याद आना चाहिए ये कौन सा किया हुआ है मेरा? अच्छा। और इट शुड लास्ट मोर देन 20 इयर्स। रफली 80% नीज़ शुड लास्ट मोर देन 20 इयर्स। हम मैंने जो मैक्सिमम चलते हुए देखा मेरे टीचर के पास एक पेशेंट आया हुआ था जो किसी और का नी रिप्लेसमेंट कराने के लिए आया था। वो ठीक था। 35 इयर्स पहले उन्होंने बदला था उसका। तो मैंने देखा हुआ है। इतना भी चला चल सकता है इफ यू फॉलो द प्रिंसिपल करेक्टली। यस। इट इज वन ऑफ द डेफिनेटली वन ऑफ द बेस्ट सर्जरीज दैट वी हैव बहुत जल्दी और बहुत अच्छा रिजल्ट तो डॉक्टर्स में नहीं आता किसी और में
(44:47) नहीं आता। क्या सिम्टम्स हैं? लाइक व्हाट आर द साइन सिम्टम्स समबडी शुड बी विजिटिंग यू फॉर ऑस्टियो आर्थराइटिस ही प्रॉब्लम है ये। यस। तो किस टाइम किस टाइम पे वो आपके पास आना चाहिए? सर देखिए। सिम्टम्स आपको जनरली नी पेन और लॉकिंग यही दो सिम्टम्स होते हैं। अगर हम ऑलरेडी एंड स्टेज डिजीज की बात कर रहे हैं कि जहां पे आपको आपसे चला नहीं जा रहा है। आपको जब भी हम कैसे सोचते हैं कि इसको नहीं रिप्लेसमेंट करना है। नंबर एक हमने एक्सरे किया हम पेशेंट आया कि पेन है काफी टाइम से पेन है। अगर एक्यूट पेन है दो चार दिन का 10 दिन का पेन है तो वी डोंट कंसीडर कि इसको
(45:29) नी रिप्लेसमेंट की जरूरत है। अगर आपको क्रॉनिक पेन है काफी सालों से दर्द चला आ रहा है। हम एक्सरे करके देखें। आपके जॉइंट जो है वो घिस गए हैं। इट इज बोन ऑन बोन। बोन से बोन टकरा रही है। जो एक्सरे जब हम करते हैं तो उसमें कार्टिलेज नहीं दिखती। अच्छा। ठीक है। तो आपने जब एक्सरे किया तो देयर विल बी बोन। दे विल बी बोन उसके बीच में कार्टिलेज व्हिच इज नॉट विज़िबल। तो यू विल सी अ गैप। गैप। अगर वो गैप नहीं दिख रहा तो मतलब वो घिस रहे हैं। तो वो घिस गए। हमारे गांव में उल्टा है जिससे भी पूछो क्या हो गया कि जी गैप आ गया यह बीमारी है
(46:00) तो गैप चला गया बीमारी गैप आ गया बीमारी नहीं है तो जब भी हमने एक्सरे किया उस पे बोन ऑन बोन दिख रही है एंड द पेशेंट इज अबोव अ सर्टेन ईयर ऑफ एज व्हाट इज दैट एज जनरली 55 60 ओके से ऊपर है तो हम प्राइमरीली ऐसा सोचते हैं कि इसको एक बार में एक सर्जरी ऐसे करके दी जाए जो प्रोबेब्ली इसका लाइफ टाइम निकालते हैं दोबारा हमें इसको इस नी के लिए नहीं छेड़ना पड़े एंड दैट इज नी रिप्लेसमेंट हम तो जो सिम्टम्स की बात करें जो आप कह रहे हो पेन वो पेन किस चीज में है चलने में उठने में स्टेयर्स में या हर चीज में जनरली उनको पेन होता है स्टेयर क्लाइंबिंग
(46:38) में चलने फिरने में जनरली रेस्ट पेन इनिशियली कम होता है जब तक के लिए बहुत ज्यादा घिस ना जाए जैसेजैसे ज्यादा घिसते जाते हैं तो उसमें लूज बॉडी होती है टूट टूट के वो आ जाती हैं या ऑस्टियोफाइट्स बन जाते हैं एक्स्ट्रा हड्डियां बन जाती है जो अटकने लग जाती है तो उस टाइम पे उनका पेन हमेशा के लिए भी हो सकता है बट जनरली ली टू बिगिन विद इट इज विद मूवमेंट हम और हमारा क्राइटेरिया भी यही है जब मेरा इसके पीछे जब मैं मैं अपोलो से ट्रेन हुआ अपोलो चेन्नई से और वहां पे बंगाल से काफी पेशेंट्स आते थे अच्छा तो एक पेशेंट आया हमारे पास और आके क्या
(47:14) सर नहीं रिप्लेसमेंट कराना है उसके लिए आया हूं एक्सरे लेके आया उसने दिखाया एक्सरे इट वाज़ सिग्निफिकेंट आर अर्थराइटिस बट इतना नहीं था कि कंप्लीटली गॉन बोन ऑन बोन पूरी तरह से नहीं आया था। हम तो मेरे टीचर ने उसको एग्जामिन किया। अगेन वो पहले एक्सरे हमें देखना अलाउड ही नहीं होता था। पहले एग्जामिन करना होता था। फिर एक्सरे देखते थे हम। तो हमने उसको एग्जामिन किया। उसको आई थिंक 10 या 15 दिन से उसको पेन शुरू हुआ था। इट वाज़ सीवियर पेन बट ऐसा नहीं था कि बहुत क्रॉनिक टाइम से उसको पेन चला आ रहा है। तो मेरे टीचर ने कहा एक्सरे देखा कि नहीं बोन ऑन बोन
(47:46) नहीं है। अभी आपको बहुत ज्यादा इतने ड्यूरेशन भी नहीं हुई है पेन की। तो रिप्लेसमेंट तो नहीं बनता आपका। वी विल ट्राई टू सेव इट। आप एक एमआरआई करा के आइए। देखते हैं हो सकता है लॉक मिनिस्टस हो कोई मिनिस्टस टियर हो जो बीच में फ्रेगमेंट फंस गया है कुछ इस तरह का कुछ हो सकता है तो आप एमआरआई करा के जाओ उनको बाहर भेज दिया हमने वो गए 5 मिनट बाद वापस आए हम सर बदलवाएंगे तो सही हम हम या तो आप बदल दो नहीं तो किसी और से बदलवाएंगे ओके क्यों कि जी अब तो हम घर बेचें अच्छा तो तो सोशल प्रेशर एंड द बर्डन ऑफ नॉट अंडरस्टैंडिंग द डिजीज इज सो मच कि वो
(48:27) बंदा वेस्ट बंगाल से अपना किसी ने उसको गाइड किया कि आपको रिप्लेसमेंट ही कराना है। ही चोस के बेस्ट जगह पे कराना है। ही केम टू अ हाइली क्वालिफाइड डॉक्टर और आने से पहले घर बेच के आया। काफी यूनिक केस है। तो हम टिपिकली एक बार बोन ऑन बोन हमें दिख जाए। पूरा अर्थराइटिस दिख जाए। उसके बाद आई हैव बीन ट्रेंड इन सच अ वे दैट आई लेट द पेशेंट चूज़ लेट द पेशेंट डिमांड रिप्लेसमेंट। उसको हमने एडजंट्स हैं बाकी चीजें हैं जो हम दे सकते हैं जिससे हम उनको कुछ कंफर्टेबल रख सकते हैं। ऑब्वियसली आपको जॉइंट ठीक नहीं कर देगा। बट आपका पेन कुछ
(49:05) हद तक कम कर देगा। जैसे कि स्टेरॉइड इंजेक्शन है, हाइलोनिक एसिड इंजेक्शन है, आपकी स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइजज़ हैं। वो सब जैसे मसल अगर ज्यादा स्ट्रांग होगी तो वो अगेन जॉइंट पे लोड नहीं आने देगी। वेट रिडक्शन है आपका वेट अगर ज्यादा है तो वो कम कर लो। उन सब चीजों से बहुत सारे लोगों का काम चल जाता है। हम अगर आपको पेन है, सिग्निफिकेंट पेन है, बोन ऑन बोन है। उसके साथ में आप जब भी आपको लगा आज मार्केट चलना है, नहीं यार दर्द हो गया, रहने दो। सब्जी लेने जाना है कि नहीं नहीं रहने दो। मैं तो बैठी ही ठीक हूं। हम आपको एक्टिविटीज ऑफ डेली लिविंग
(49:39) हम आप नहीं कर पा रहे हो। आपको कहीं भी चलना है, जाना है, कुछ भी आपको सोचना पड़ता है। या आप डेली पेन किलर्स ले रहे हो। वी कैन नॉट स्ट्रेस दिस इनफ कि इंडिया में क्रॉनिक किडनी डिजीज इतनी ज्यादा होती जानी है हम क्योंकि हम दर्द वाली दवाएं इतनी ज्यादा लेते रहते हैं और जो कॉमनली अवेलेबल दर्द की दवाएं वो किडनी पे बुरा असर डालती है किडनी उससे खराब हो जाती है और फिर लोग डायलिसिस के लिए जाते रहते हैं। पेन किलर फटाक से ले लेते हैं। लेकिन सही ट्रीटमेंट डिसीजन लेने में सालों लगा देते हैं। अगर आपकी एडीएल एक्टिविटी और डेली लिविंग
(50:08) रोजमर्रा की चीजें आपकी इफेक्ट हो रही हैं। हम आपको लगातार पेन किलर लेना पड़ रहा है। आपको चलने से पहले, बाहर जाने से पहले सोचना पड़ता है। प्रोबेब्ली दैट इज द टाइम व्हेन यू शुड गेट द सर्जरी डन। एंड इफ यू आर यंगर देयर आर अदर ऑप्शंस। ये बहुत कम लोगों को पता है। जैसे हमने रिप्लेसमेंट के बारे में बात किया। व्हाट अदर ऑप्शंस? इन जनरल लोगों को पता ही नहीं है कि एक तीसरा ऑप्शन भी है। जैसे लोगों को पता होता है इंजेक्शन लगवा लो। हम बदलवा लो। हम हां ये इतना ही सुना है। उसके अलावा बहुत सारे लोग हैं जिनको पता ही नहीं है कि इसके अलावा भी सशन है।
(50:40) हम अ देयर आर मेनी जॉइंट प्रिजर्विंग सर्जरीज। जॉइंट बचाने के लिए बहुत कुछ है जो आज के टाइम पर किया जा सकता है। जॉइंट प्रिजर्विंग सर्जरीज। ओके? जिसमें सबसे कॉमन चीज है जो सबसे प्रोमिनेंट सर्जरी की जाती है। दैट इज कॉल्ड हाई टिबियल ऑस्टियोटमी एचटीओ। आई विल कम बैक टू इट। बट इन जनरल आपको कोई भी चोट लगी। आपको मेनिसस इंजरी हुई, आपको एसीएल इंजरी हुई, आपको फ्रैक्चर हुआ। आपने अगर उसको प्रॉपर्ली ट्रीट कर लिया। अगर जॉइंट के पास फ्रैक्चर हुआ उसको अलाइनमेंट सब कुछ हमने बढ़िया से बढ़िया तरीके से उसको ट्रीट कर दिया। मेनिस्कस फटा हमने मेनिस रिपेयर कर दिया।
(51:17) एसीएल टूटा एमसीएल टूटा हमने उसको बना दिया। हम तो उस जॉइंट पे कभी वो स्ट्रेसेस आए ही नहीं जिनकी वजह से वो खराब हो सकता है। तो वो चलता रहेगा। दैट इज आल्सो अ टाइप ऑफ नी प्रिजर्वेशन सर्जरी। बट वंस इट इज़ गॉन बिकॉज़ ऑफ़ एनी रीज़। तो भी जनरली नी की अलाइनमेंट ऐसी है कि सब कुछ एक साथ नहीं जाता। जनरली मीडियल कंपार्टमेंट से जो आपका गुड का अंदर वाला पार्ट जो है वहां से पेन शुरू होता है और बाकी सारी कार्टिलेज आगे वाली दूसरी साइड वाली नॉर्मल होती है। तो आप एचटीओ एक ऐसी सर्जरी है जिससे आप अह की जो नॉर्मल एलाइनमेंट है आप जो नॉर्मल हम जब खड़े
(51:57) होते हैं तो हमारे शरीर इस तरह से बना हुआ है कि ज्यादातर पेशेंट्स के अंदर वेट बेरिंग लाइन जो है जहां से वेट सेंटर जहां से जा रहा है हमारा वो उसी कंपार्टमेंट से जा रहे हैं मिडिल वाले से जहां पे हमारा चीज घिसी हुई है अर्थराइटिस है जहां पे तो आपको वहां पे दुखता रहेगा वहां पेन होता रहेगा अगर हम आपकी बोनस को विद इन अ परमिसिबल लिमिट उसके लिए पूरी कैलकुलेशन है उसके लिए पूरा कितना कौन सी बोन को कहां से टेढ़ा करना है। हम चाहे तो हम ये देखें कि बाकी जगह पे कार्टिलेज नॉर्मल है और फिर हम उस वेट को ट्रांसफर कर दें नॉर्मल नॉर्मल वाली
(52:29) कार्टिलेज पे। अच्छा तो आपकी डैमेज्ड कार्टिलेज पे कभी लोड आया नहीं। लोड आया नहीं तो वो दुखेगी नहीं। तो योर पेन कैन बी ट्रीटेड इवन विद अ बैड कार्टिलेज। एंड स्टडीज हैव रिसेंट रिसेंटली शोन के दैट कार्टिलेज डस रीजनरेट ओवर अ पीरियड ऑफ़ फाइव टू से इयर्स अभी जब उस पे लो ट्रांसफर कहीं और कर दिया तो जो डैमेज्ड है वो धीरे-धीरे रिकवर भी होंगे बॉडी डस रीजनरेट हम प्रोबेब्ली वो एग्जैक्ट हाईलाइन कार्टिलेज नहीं बनती है। हाईलाइन जो कार्टिलेज अलग-अलग तरह की होती है। हाइडलाइन इज़ द कार्टिलेज दैट वी वांट बट प्रोबब्ली फाइब्रो कार्टिलेज और फाइब्रो हाईलाइन बीच
(53:08) की कार्टिलेज किसी तरह की रीजनरेट होती है। एंड दैट डस हेल्प। एचटीओ के बाद मुझे मैंने जो पहली एचटीओ की थी, दैट पेशेंट हैज़ नॉट कम बैक फॉर सर्जरी। नी रिप्लेसमेंट की इसको जरूरत नहीं पड़ी। इट्स इट हैज़ बीन अराउंड नाइन इयर्स नाउ। और मेरे जो एक्सपीरियंस है जो मेरे टीचर्स हैं जिनसे मैंने सीखा हुआ है। तो लोग ऐसे भी हैं 20, 25, 30 साल तक लोगों को दे हैव लिव्ड देयर लाइफ एंड दे हैव नेवर नीडेड नी रिप्लेसमेंट। इवन दैट इज़ एन ऑप्शन। डॉक्टर आज तक कितनी सर्जरीज की है आपने? इफ एनी बॉल पार्क नंबर इट इज डिफिकल्ट टू कमेंट क्योंकि मैंने आई
(53:43) हैव नेवर केप्ट काउंट बट प्रोबेब्ली इट विल बी द रेंज इन द रेंज ऑफ़ 5 6000 56000 फ्रॉम द डेज ऑफ़ माय ट्रेनिंग यस डेफिनेटली यस हां इंटरेस्टिंग तो समबडी हु इज इन 30ज अर्ली 40ज लिसनिंग टू यू व्हाट शुड दे डू नाउ सो दैट दे डोंट हैव टू कम टू यू दैट इज अ 20 इयर्स डाउन द लाइन दैट इज अ वैरी गुड क्वेश्चन मैं हमेशा यही कहता हूं कि इफ आई एम मैं अपने पेशेंट्स को ये बात कहता हूं कोई कहते हैं सर मिलते रहेंगे मैं नहीं इफ आई हैव डन माय जॉब करेक्टली यू शुड नॉट सी नीड टू सी मी अगेन तो अगर ये हम मैसेज पास कर सकें और हम
(54:28) लोगों को बता सकें कि आप कैसे अपने जॉइंट की हेल्थ को प्रिजर्व कर सकते हो। हम नंबर एक जॉइंट कभी भी आइसोलेशन में खराब नहीं होते हैं। इट्स अ कैस्केड आपका बॉडी वेट, आपका लाइफ स्टाइल हर चीज आपके जॉइंट को इफेक्ट कर रही है। सबसे पहले तो वेट ओबेसिटी हम हम मूव नहीं कर रहे हैं। इसलिए हमें जॉइंट को न्यूट्रिशन नहीं मिल रहा है। हम मूव नहीं कर रहे हैं इसलिए हम ओवरवेट होते जा रहे हैं। ओवरवेट हो रहे हैं तो जॉइंट पे स्ट्रेस ज्यादा पड़ रहा है। तो वो सारी चीजें मिलके खराब करती हैं। प्लस हम डाइट अच्छी रखें जिसके अंदर हमें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस
(55:00) कम रहे हमारे जॉइंट्स के ऊपर। और तीसरा हम क्या कर सकते हैं? अपनी बोन स्ट्रेंथ को मेंटेन रख सकते हैं। हम बोन कैल्शियम इंटेक हम अच्छा रखें। हम डाइटरी सोर्स देखते रहें। विटामिन डी हम हमारे ज्यादातर लोग वेजिटेरियन है इस पार्ट ऑफ इंडिया में। विटामिन डी हम वी डोंट गेट सफिशिएंट विटामिन डी। हम उसके लिए हम क्या कर सकते हैं? डाइटरी सोर्स से तो आने नहीं वाला। हम्म। बट एक्चुअली हमारी बॉडी ने इतना अच्छा मैकेनिज्म ऑलरेडी बनाया हुआ है कि डाइटरी सोर्स अगर नहीं भी है तो एज सून एस द सन रेज फॉल ऑन योर स्किन हम विटामिन डी इज़ सिंथेसाइज्ड।
(55:41) इट कैन बी मैन्युफैक्चरर्ड इन योर बॉडी। यू डोंट नीड टू कंज्यूम इट। थ्रू डाइट। थ्रू डाइट। हम्म। इसमें प्रॉब्लम क्या है कि हमारा कल्चर ऐसा है कि वी आर ऑलवेज कवर्ड। हम जनरली एक्सपोज स्किन बहुत कम होती है। हम तो बाहर तो वेस्टर्न पॉपुलेशन में सन बेदिंग का कल्चर है। हमारे लोगों में वो कल्चर नहीं है। तो हमारे पास अबंडेंट सन है। बट हम उसको एक्सपोज नहीं कर रहे हैं अपनी स्किन के साथ। तो दैट इज वन थिंग। एक एक अलग पॉइंट एक एक इसी में एक पॉइंट आता है कि कितना एक्सपोज लें? कब एक्सपोज लें? दैट्स अ वेरी। और काफी कंफ्यूजिंग है। काफी कंफ्यूजिंग है।
(56:20) सुबह वाली लेनी है। दोपहर को दोपहर को सनस्क्रीन लगाने से मिलेगा क्या विटामिन डी? वो भी एक क्वेश्चन है। तो सनस्क्रीन हमेशा आपके यूवी लाइट्स को प्रिवेंट कर रहा है। यूवीबी इज द लाइट जिसकी वजह से विटामिन डी बनता है। तो वी नीड दैट लाइट। हम एक्सपोज़र कितना होना चाहिए? कब होना चाहिए? सबसे ज्यादा यूवी बी लाइट्स आपको मिलेंगी जब आपकी शैडो सबसे छोटी है। एनी सनलाइट इज बेटर देन नो सनलाइट। ओके। तो आप अगर सुबह शाम भी ले रहे हो इट इज गुड। इट इज बेटर देन नॉट टेकिंग इट एट ऑल। हम बट अगर बेस्ट सनलाइट की बात करें जब तो जब सन ऊपर है जब आपकी शैडो सबसे छोटी बन
(57:00) रही है। प्रोबेब्ली वो बेस्ट टाइम है आपके लिए सन बेदिंग करने का और उसके अंदर आप अपने आर्म्स लेग्स को जितना हो सके एक्सपोज करें। प्लस फेस दैट इज गुड इनफ। इतने पे भी एक्सपोज़र के साथ यस दैट डेट आल्सो वैस बिकॉज़ वेस्टर्न लोगों में मिलेनिन पिगमेंट नहीं है कम है कम है हम तो उनका प्रोबेब्ली 15 मिनट्स इज इनफ 15 टू 18 मिनट्स इज इनफ फॉर देम हम हमारे लिए इंडिया इतना बड़ा है कि अलग-अलग जगह पे अलग-अलग पिगमेंटेशन है लोगों में तो मिलेनिन जितना मिलेनिन ज्यादा होगा उतना प्रोडक्शन कम होगा उतना यूवी भी लाइट्स को वो अवॉयड करेगा, फिल्टर करेगा।
(57:42) तो उससे उतना ज्यादा सन में जाना पड़ेगा। उतना ज्यादा सन में जाना पड़ेगा। तो आवर पपुलेशन प्रोबब्ली नीड्स हाफ एन आवर टू 40 45 मिनट्स ऑफ सन एक्सपोज़र। हम यू टॉक्ड अबाउट कैल्शियम एज वेल। सो डॉक्टर जैसे अपने पार्ट में जहां से हम आते हैं। एक मिनट इफ आई कैन स्टॉप यू। हां। हमने विटामिन डी के बारे में बात की। हम हमने ये बोला कि विटामिन डी कम रह जाएगा। हम अनदर इंटरेस्टिंग थ्योरी इज़ जो वेस्टर्न स्टैंडर्ड से अगर हम मेजर करें तो 90% ऑफ नॉर्मल इंडियंस अप टू 90% आर डेफिशिएंट इन विटामिन डी उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से उनके उनके स्टैंडर्ड के हिसाब से रेंज के हिसाब
(58:24) से व्हिच इज़ नॉट द ट्रुथ ओके इंटरेस्टिंग क्योंकि हमारे नेचुरली बहुत लंबे इवोल्यूशन हमारा वो रहा है तो हर टाइम से जो भी पपुलेशन यहां रह रही थी उनको हमेशा उतना ही सनलाइट मिल बन रहा था। उसी तरह का कल्चर था। सब कुछ उसी तरह का था। तो प्रोबेब्ली आवर बॉडी बेस्ड ऑन मेलेनिन कंटेंट एज वेल। आवर बॉडी हैज़ अप्टेड एंड व्हाटएवर इज़ नॉर्मल फॉर देम इज़ नॉट नॉर्मल फॉर अस। हमारा लेस इज मोर। लेस इज़ सफिशिएंट। तो बहुत सारे लोग जाके लैब में टेस्ट कराते हैं। फिर उनको वैल्यू 30 की नहीं मिलती है। वो 20 की आती है, 15 की आती है। तो वो नहीं अब मेरा कम हो गया है। मैं
(59:03) सप्लीमेंट शुरू कर देता हूं। मैं लेना शुरू कर देता हूं। दैट इज आल्सो प्रोबेब्ली अननेसेसरी। आज के टाइम पे देयर इज नो स्टैंडर्ड गाइडलाइन। देयर इज़ नथिंग दैट वी फॉलो बट देयर इज़ अ कॉमन कंसेंस दैट मोस्ट ऑफ ऑर्थोपेडिशियंस दे एग्री टू इट। एंड प्रोबेबबली 13.5 से ऊपर का एवरीथिंग शुड बी कंसीडर्ड नॉर्मल फॉर अस। क्योंकि उससे ऊपर जनरली सिम्टम्स नहीं होते हैं। बट व्हाट सिम्टम्स आर टॉकिंग अबाउट? यस। लेथार्जी, वीकनेस, इजी फैटीगुटी, मसल्स जल्दी फैटीग हो जाएंगे। हम् बोनस आपको बैक पेन रहने लग जाएगा। आपको पेन रहने लग जाएगा। एंड इफ यू प्रेस योर
(59:40) बोनस योर शन व्हिच इज़ ईज़िएस्ट टू प्रेस तो जैसे उसको प्रेस करोगे आपको पेन होगा। थोड़ा सा भी प्रेस करने पे अगर पेन होता है तो एंड मोस्ट लाइकली यू आर अ विटामिन डी डेफिशिएंट। जनरली मेरे पास जितने पेशेंट ओपीडी में आते हैं कि वो बैक पेन कंप्लेंट कर रहे हैं। यहां पेन वहां पेन मल्टीपल जॉइंट पेन कंप्लेंट कर रहे हैं। और मैं सबसे पहले जाके उनके पैर दबा के देखता हूं। तो कह जी यहां तो दर्द है भी नहीं। यहां क्यों दबा रहे हो? तो उसी से हमें पता चल जाता है कि प्रोब्ली दे आर डेफिशिएंट। तो हो सकता है उनको कुछ और ना मिले। और ऐसे आई वुड से
(1:00:14) 30% ऑफ माय पेशेंट्स जो आते हैं मेरे पास ऐसे जिनको लग रहा है मल्टीपल जॉइंट पेन है। हो सकता है गठिया रहा हो, कुछ रहा हो उनको असल में ऑस्टियोपेनिक होते हैं। उनको विटामिन ऑस्टियोपोसिस उनको विटामिन डी डेफिशिएंसी है। हम एंड एस सून एस वी स्टार्ट दैट ट्रीटमेंट वो दे रिकवर लाइक एनीथिंग। महीने दो महीने के अंदर दे आर फाइन। सो आपने एक बोला विटामिन डी कि मतलब उसका ध्यान रखना है। ठीक है? यू आर टॉकिंग अबाउट कैल्शियम एज वेल। सो अ इन आवर पार्ट जहां से हम आते हैं तो वहां पे दूध इज अ वेरी लाइक वेरी स्टेबल पार्ट ऑफ़ आवर डाइट। बट लाइक मोस्ट ऑफ़ इंडियंस अ लॉट ऑफ़ मतलब अ
(1:00:56) लार्ज परसेंटेज इज़ अ लैक्टोस इनटोलरेंट। यस। और मतलब जब से मैं माय हस्बडी मैं आया हूं और हम कोचिंग करते हैं एंड वी कम अक्रॉस यू नो डिफरेंट वैरायटी ऑफ़ क्लाइंट्स अ लॉट ऑफ़ देम डोंट इवन लाइक हैविंग मिल्क। यस। राइट? सो दैट इज अ बिग प्रॉब्लम। यस। हां या प्रॉब्लम है या नहीं है जो भी बट यू नो दे डोंट लाइक हैविंग चॉइस। पर्सनल चॉइसेस, यस। ऐसे भी लोग हैं। मेरी कंटेंट ही में भी ऐसे लोग हैं। दे दे डोंट इवन लाइक द स्मेल ऑफ़ द मिल्क। यस। व्हिच इज वै यू नो सरप्राइजिंग फॉर मी फॉर अस वेल जिसको अच्छा लगता है उसको अच्छा लगता है बट जिसको नहीं अच्छा लगता उसको वी शुड
(1:01:33) कंसीडरली लेकिन हम बचपन से ही पढ़ते आए हैं सुनते आए हैं कि भ दूध में कैल्शियम होता है और कैल्शियम दूध से मिलेगा तो अगर दूध नहीं पी रहे हैं तो हाउ डू वी टेक केयर ऑफ़ द कैल्शियम पार्ट तो ये बहुत कॉमन मिस कंसेप्शन है कि अगर आप दूध नहीं पी रहे हैं तो कैल्शियम नहीं जाएगा तो बहुत सारे बच्चे भी हैं जिनको दूध पीना पसंद नहीं है और उनको कोई फ्रैक्चर हो गया कुछ हो गया और वो आए एक बार तो उसके पेरेंट्स केस को बोलो ये दूध नहीं पीता है। हड्डियां कैसे स्ट्रांग रहेंगी? हां। तो ऑल मिल्क प्रोडक्ट्स जैसे पनीर हो गया हम दही हो गया। हम ये भी इक्वली रिच है कैल्शियम में।
(1:02:07) हम तो अगर आप दही या पनीर किसी भी फॉर्म में ले रहे हो तो इट विल बी सफिशिएंट। और वो लैक्टोज़ इनटोलरेंट पीपल भी ले सकते हैं। उनके लिए भी कोई उसके लिए दिक्कत नहीं आती। जनरली दही और पनीर वो लोग अच्छे से टोलेट कर पाते हैं। हम तो ये तो नंबर वन हम नंबर टू उसके अलावा कैल्शियम के सोर्सेस आपका तिल बहुत अच्छा सोर्स है। आपका रागी अच्छा सोर्स है। तो आपका तिल एक अच्छा सोर्स है। रागी अच्छा सोर्स है। बाजरा एक अच्छा सोर्स है। तो यहां से भी आपकी डेली रिक्वायरमेंट की मैक्सिमम नीड पूरी की जा सकती है। एंड अगर इफ यू आर स्टिल डेफिशिएंट आपको फिर भी
(1:02:49) दिक्कत हो रही है और आप वो रेगुलर सोर्सेस से नहीं ले पा रहे हो देन यस डेफिनेटली सप्लीमेंट्स आर गुड आप सही टाइम पे सही जगह पे कंसल्ट करें एंड यू स्टार्ट सप्लीमेंट्स तो केमिस्ट से सप्लीमेंट ले लें या डॉक्टर से पूछ के लें कैसे मतलब कोई रीडिंग देख के इट इज ऑलवेज एडवाइबल कि मेडिकल ट्रीटमेंट जो है वो जैसे हमने विटामिन डी के बारे में बात की तो विटामिन डी सप्लीमेंट्स भी फ्रीली अवेलेबल और उससे कोई फायदा हो के हिसाब से 12 से ऊपर तो सब कुछ नॉर्मल ही मानते हैं। 12 से ऊपर तो अगर सिम्टम्स नहीं है अगर डॉक्टर ने एग्जामिन नहीं किया
(1:03:30) तो हो सकता है आपको चाहिए ही ना हो। आप जबरदस्ती ऐसे ही लेने लग रहे हो। और वो लोग रिपोर्ट सारी कराते हैं। उसके अंदर कैल्शियम भी देखते हैं। तो जनरली ब्लड कैल्शियम लेवल्स आर जनरली नॉर्मल। चाहे वो कितनी भी डेफिशिएंसी हो क्योंकि हमारे पास इतने अच्छे स्टोर्स हैं कि हम कैल्शियम के बोनस बोनस तो वहां से बॉडी निकाल लेती है ब्लड में नॉर्मली मिलेगा आपको तो लोग फिर वो विटामिन डी की डेफिशिएंसी देखते हैं विटामिन डी ले लेते हैं कैल्शियम लेते नहीं है हम तो इट इज ऑलवेज एडवाइबल कि आप एक प्रोफेशनल को दिखाएं लेट देम ट्रीट इट फॉर यू और वो एक बार आपका सिम्टम्स आपको शुरू
(1:04:04) समझ आ गया कि सिम्टम्स खत्म हो रहे हैं उससे रिलीफ आ रहा है देन प्रॉबब्ली यू कैन कंटिन्यू इट फॉर थ्री मंथ्स एंड देन स्टॉप इट हम्म। सो यू वी ट- यू टोल्ड अबाउट यू टोल्ड अस अबाउट विटामिन डी। कैल्शियम का बताएं। एनीथिंग एल्स टू बी टेकन केयर ऑफ इन टर्म्स ऑफ डाइट? डाइट में ऑब्वियसली सब कुछ द हेल्दी बैलेंस डाइट इज हम सिर्फ बोन से नहीं बने हुए ना। हम प्रोटीनंस आर इक्वली इंपॉर्टेंट। आपका जैसे-जैसे हम एज होते हैं तो हमें फ्रैक्चर ज्यादा मिलने लगते हैं। लेकिन द मोस्ट कॉमन कॉज ऑफ दैट फ्रैक्चर इज प्रोबब्ली सारकोपीनिया जो व्हिच इज बेसिकली वीकनेस ऑफ योर मसल्स।
(1:04:43) लॉस ऑफ़ लॉस ऑफ़ मसल मास। एंड इट स्टार्ट्स इन योर 40ज। ओके? तो जो भी लोग आज सेडेंटरी लाइफ स्टाइल में है जो भी आज वेटलिफ्टिंग नहीं कर रहे हैं, रेगुलर एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं, योगा नहीं कर रहे हैं, जो भी आज अपने मसल्स को ट्रेन नहीं कर रहे हैं, उनका 40ज में वो लॉस स्टार्ट हो जाएगा। एंड बाय द एज ऑफ 75 80 इयर्स प्रोबब्ली यू हैव ऑलरेडी लॉस्ट 50% ऑफ योर मसल मास। तो लेस मसल मास मीन्स यू आर मोर प्रोन टू फ्रैक्चर। यस। एंड ऑर्थोपेडिक्स इज़ बेसिकली मस्कुलर स्केलेटल सिस्टम। हम मसल्स एंड बोनस दे आर कनेक्टेड हम और विटामिन डी इज इक्वलीेंट फॉर मसल
(1:05:22) फंक्शन। तो आपका मसल फंक्शन पुअर हो गया। हाउ डू यू आइडेंटिफाई कि मेरा मसल फंक्शन पुअर हो रहा है। हम जैसे-जैसे ऐज होते जाते हैं हमारे पेरेंट्स को हम किसी को भी उस ऐज में देख रहे हैं। हम दे स्टार्ट वॉकिंग स्लो। दैट इज प्रोबेबबली अ वेरी गुड इंडिकेटर कि नाउ दे नीड वेट ट्रेनिंग। एंड यू हार्डली एवर सी अ पर्सन ऑफ़ दैट एज एक्सरसाइजिंग स्पेशली वेट ट्रेनिंग। वो चल तो लेंगे। हां वो आप तो कर लेंगे। बट वेट ट्रेनिंग नहीं करते हैं। वेट ट्रेनिंग इज इक्वलीेंट फॉर देम कि वो अपने मसल मास को मेंटेन रखें। उसको ग्रेजुअली बढ़ाएं और द टू वेरी गुड
(1:06:00) इंडिकेटर्स फॉर सर्कोपीनिया आर वन इज़ योर लॉस ऑफ़ ग्रिप स्ट्रेंथ। आपकी पकड़ मजबूत ढीली होती जाती है। और जैसे कहते भी ना कि बुढ़ापा पैरों से आता है। हम तो धीरे-धीरे करके आप कम चलते हैं। आपके लोअर लिम्स आपके पहले खराब होने लगते हैं। फिर धीरे-धीरे ऊपर आता है। इसी तरह से वो सारकोपीनिया शुरू होता है। यू स्टार्ट वॉकिंग स्लो। धीरे चल रहे हैं। ये जब भी ऐसा होने लगे तो दैट्स अ वार्निंग साइन दैट्स अ रेड फ्लैग। आप उसको स्टार्ट ट्रीटिंग। हाउ डू यू ट्रीट इट? बाय एक्सरसाइजिंग। नंबर वन और बहुत सिंपल एक्सरसाइज हैं जो आपको फॉल्स प्रिवेंट कर सकते हैं।
(1:06:38) आपको पता है कि अगर कोई भी बंदा गिर गया है और उसको फ्रैक्चर हो गया है। अगर सब कुछ ठीक रहे अगर वो बहुत जल्दी सर्जरी करा ले सब कुछ सारा कुछ ठीक भी चले तो भी 30% ऑफ देम डोंट मेक इट बियों्ड वन ईयर। दैट्स अ वेरी स्केरी फैक्ट नंबर व्हाटएवर यू यस तो सब कुछ ठीक रहते हुए भी बिकॉज़ ऑफ़ वन सिंपल फॉल व्हिच वाज़ इजीली प्रिवेंटेबल कैसे प्रिवेंट कर सकते हैं इसको? सो द स्टैट वाज़ इफ यू आर 65 प्लस यू फॉल यू ब्रेक योर हिप यू हैव अ हिप फ्रैक्चर। 83% ऑफ इंजरीज बिकॉज़ ऑफ़ फॉल। हम्म
(1:07:22) इज़ हिप फ्रैक्चर। अच्छा 83% दैट हायर नंबर ओके सो अगर आपका हिप फ्रैक्चर हुआ सो 30% विल नॉट सर्वाइव बियड अ ईयर बियड वन ईयर यस तो दैट्स अ बिग नंबर दैट्स अ बिग एंड दैट कैन नंबर वन बी इजीिली प्रिवेंटेड फ्रैक्चर से पहले हम्म एंड प्रोबेब्ली बी इजीली ट्रीटेड अगर हम उनको पहले दिन से मोबिलाइज कर दें वापस चला दें तो एक नेक ऑफ फीमर फ्रैक्चर जो कि एक पर्टिकुलर पार्ट कुले का एक पार्ट है जो अगर टूट जाता है वो अगर 40 साल के बंदे में हुआ है तो वी विल ट्राई टू ऑपरेट एंड ट्राई टू गेट इट फिक्स्ड कि वो ठीक है जुड़ जाएगा तीन महीने थोड़ा रेस्ट भी करना
(1:08:05) पड़ेगा तो जुड़ जाएगा बट इन अ 65 ईयर ओल्ड वी स्टेट अवे चेंज इट गेट देम मूविंग चाहे जुड़े चाहे ना जुड़े अगर वो तीन महीने लेटा रह गया तो प्रोबेब्ली ही विल नॉट मेक बिय्ड वन ईयर ही विल नॉट लिव बियों्ड वन ईयर सब कुछ ठीक होते हुए भी देयर आर मल्टीपल रीज़ंस जैसे भी आपकी बॉडी अगेन अगेन इट्स अ सिस्टम इट्स अ वेरी क्लोजली नेट सिस्टम तो जैसे ही आप ने आपको इंजरी हुई यू स्टॉप मूविंग हम अगेन फॉल हुई भी शायद उन्हीं लोगों में थी वर ऑलरेडी नॉट मूविंग या है ना तो उनका ऑलरेडी मसल मास पुअर था फिर आपको चोट लग गई तो आपने और मूव करना कम कर दिया आप ठीक भी हो जाते हैं तो आपको
(1:08:45) डर लगता है मैं गिर जाऊंगा तो क्या जरूरत है चलने की पहले ही हैबिट नहीं थी अब फियर और आ गया हां अब फियर और आ गया तो आप चलना कम कर देते और दोबारा वोस बन जाता है। फिर आपका आप लेटे रहते हो ज्यादा चलते नहीं हो चाहे फॉल की वजह से चाहे चोट की वजह से चाहे दर्द की वजह से किसी भी वजह से तो अगेन आपको डिसज एट्रोफी होती है। आपने अगर किसी भी चीज को यूज़ नहीं किया तो वो पतला पड़ जाएगा। कमजोर पड़ जाएगा। तो आपका मसल मास चला जाएगा। आपकी बोनस और ज्यादा वीक हो जाएंगी। आप अगर काफी दिन बैड रिडन रह गए, लेटे रह गए तो आवर चेस्ट आवर बॉडीज बेसिकली मेंट टू बी अपराइट। तो
(1:09:19) अगर हम ज्यादातर टाइम लेटे हुए हैं तो चेस्ट इनफेक्शन बहुत कॉमन है। निमोनिया बहुत कॉमन है। अच्छा। तो वो सब ओवरऑल वो सारी चीजें मिलके आपकी लोंजिविटी को काफी अफेक्ट कर सकते हैं। और आप पढ़े हो और उस उम्र में आप अगर लेटे रहो तो डिप्रेसिव सिम्टम्स भी होंगे। सैडनेस हेल्दी माइंड इज वेरीेंट फॉर हेल्दी बॉडी। हम तो आपको एक बहुत अच्छा सपोर्ट स्ट्रक्चर भी चाहिए होता है। फैमिली यहां पे पिच इन करती है। जो बड़ी फैमिलीज़ हैं उसमें वो लोनलीनेस नहीं आती। लोग टेक टेक केयर करने के लिए अच्छे लोग होते हैं। ज्यादा लोग होते हैं। लोग बात करने के लिए होते हैं। तो मेंटल हेल्थ इज
(1:09:53) इक्वलीेंट एंड द इंडियन मेडिकल साइंस इज ओनली ग्रेजुअली पिकिंग अप ऑन इट नाउ। प्रोबेब्ली अब से कुछ साल पहले तक हम उसके बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचते थे। आज हम अर्ली यंग लोगों में भी हम मेंटल हेल्थ को बहुत ज्यादा प्रायोरिटी देते हैं। जब तक आपका इफ यू आर नॉट मोटिवेटेड इनफ यू विल नॉट हील प्रॉपर्ली। हम राइट। सो डॉक्टर अ कमिंग बैक टू द नी हेल्थ और जॉइंट हेल्थ। सो वी टॉक्ड अबाउट रेगुलर एक्सरसाइज। ऑफ कोर्स हमने कैल्शियम की बात की। हमने विटामिन डी की बात की। ठीक है? और एंड अ गुड डाइट प्रोटीन रिच डाइट। राइट? एनी सप्लीमेंट्स व्हिच आर यूज़फुल इन
(1:10:39) कीपिंग द जॉइंट हेल्थ। जैसे मैं सुन मतलब हम सुनते हैं कि भाई ओमेगा थ्री इज और एक और जो सुनने में आता था ग्लूकोसामाइन है कुछ इसमें या दे आर जस्ट हाइप्ड सी ग्लूकोसामीन इज मिक्स्ड मोस्ट एविडेंस बेस्ड गाइडलाइंस हम्म डू नॉट रेकमेंड देम ओके बट दे डू प्रोवाइड रिलीफ सो दे आर प्रोवाइडिंग रिलीफ टू द पेन बट दे दे आर नॉट हीलिंग थिंक दे आर नॉट मेकिंग द जॉइंट बेटर बट ओमेगा थ्री आल्सो इन अ प्रोबेब्ली सिमिलर मैनर ओमेगा थ्री आर हैव एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टीज तो जो भी हमें पेन होता है जब जॉइंट घिसा तो घिसने की वजह से पेन नहीं होता है
(1:11:26) जब इनिशियली घिसा तो कार्टिलेज गई आपकी नीचे बोन एक्सपोज हुई उसके अंदर फ्री नर्व एंडिंग एक्सपोज हुई तो आपको पेन होगा हम बट जैसे थोड़ा टाइम बीत गया तो वो नर्व पेन प्रोबेब्ली चला जाता है और उसके बाद जो मेन पेन जनरेटर जो आपका होता है, दैट इज बिकॉज़ ऑफ़ इन्फ्लेमेशन। तो, जो भी एंटी इनफ्लेमेटरी चाहे आप वो मेडिसिन लोगे, या आप ल्यूकसमिन लोगे या आप हल्दी लोगे या आप कोई भी ओमेगा थ्री लोगे। जो भी एंटी इनफ्लेमेटरी एजेंट्स जितने भी जो हैं, वो आपको पेन में डेफिनेटली रिलीफ देंगे। और वो बुरे नहीं है। वो अच्छे हैं। आपको पेन में रिलीफ आ गया तो प्रोबब्ली यू विल
(1:12:06) स्टार्ट मूविंग। हम और यू विल एक्सरसाइज, यू विल वॉक। जिस चीज से आप डर रहे हो या जिस चीज को अवॉयड कर रहे हो, यू वुड प्रोब्ली डू दैट। एंड इफ यू डू दैट एक्सरसाइज, प्रोब्ली दैट एक्सरसाइज विल गिव लॉन्ग टर्म रिलीफ। तो, बहुत सारे लोगों को लगता है कि मैंने ये चीज ले ली, तो उसके बाद मेरा देख छ साल से मेरा काम चल गया, मैं तो बिल्कुल ठीक चल रहा हूं। इट इज बिकॉज़ ऑफ़ द इफेक्ट ऑफ़ दैट एक्सरसाइज। डायरेक्ट इफ़ेक्ट नहीं था। डायरेक्ट नहीं है। इनडायरेक्टली देयर इज़ अ गुड रोल। हम्म हम डॉक्टर, लेट्स टॉक अबाउट लो बैक पेन नाउ। ओके। है ना? स्पेसिफिकली लोअर बैक पेन।
(1:12:37) अ आई वाज रीडिंग समवेयर दैट 80% ऑफ इंडियंस ड्यूरिंग देयर लाइफ टाइम मतलब सम टाइम ऑफ देयर लाइफ गो थ्रू सीवियर बैक पेन। यस। व्हाट डू यू सी इन योर पेशेंट? या और ऐसा क्यों हो रहा है? अगेन लाइफस्टाइल इज अ बिग प्रॉब्लम। बिकॉज़ वी आर सिटींग लाइक दैट। वी ऑलवेज ऑन फोन। पोश्चरल नंबर वन स्मोकिंग इज अ वेरी स्मोकिंग से बैक पेन स्मोकिंग से बैक पेन हमें टिपिकली जैसे बैक पेन के लिए हमने सर्जरीज भी कर दी डिस्क एक लेवल की डिस्क निकल गई हमने ऑपरेट कर दिया इफ यू कंटिन्यू स्मोकिंग तो यू विल कम बैक टू अस विद फॉर अ डिफरेंट डिस्क यू हैव टू स्टॉप स्मोकिंग स्मोक स्मोकि
(1:13:22) बहुत स्मोक कोरिलेशन है बट क्या मैकेनिस्टिकली क्या कर रही है स्मोक सी देयर आर डिफरेंट मैकेनिज्म्स जिसमें से एक है कि स्मोकिंग निकोटीन जो है वैसे कंस्ट्रिक्टर होता है तो वो ब्लड सप्लाई को कम करता है। हम सो इन जनरल हर जगह की टिश्यू हाइड्रेशन डिक्रीसेस और जॉइंट हेल्थ बोन हेल्थ के लिए हाइड्रेशन इज वेरीेंट। सिमिलरली डिस्क के लिए अगर डिस्क डिहाइड्रेटेड हो गई डिस्क की हाइड्रेशन नहीं है तो वो धीरे धीरे धीरे करके सिकुड़ती जाएगी। वीक होती जाएगी। वंस इट इज़ वीक तो अगर स्ट्रांग चीज है जैसे आप इसके टेबल के ऊपर सेब रखो उसप मुक्का मारो कुछ नहीं होगा। हम
(1:14:00) आप एक संतरा रखो हम उस पे मारो पिचक जाएगा वो साइडों में फैल जाएगा तो वो जैसे ही साइडों में फैला जैसे ही डिस्क साइडों में फैली डिस्क के पीछे एक कैनाल है स्पाइनल कैनाल उसके अंदर नर्व जा रही है सारी तो वहां पे निकलेगी वहां पे निकलेगी तो नर्व्स पे प्रेशर डालेगी दैट इज़ एसेंशियली योर एसियाटिका यही है तो यस मोस्ट पीपल हैव इट बट इट इज़ वन ऑफ द कंडीशन जो कि इफ ट्रीटेड अर्ली विद रेस्ट एंड कंजर्वेटिव मैनेजमेंट अप टू 90% पीपल कैन गेट गुड रिलीफ। यू डोंट यू मे नॉट नीड सर्जरी। इन द बैक पेन। इन द बैक पेन। हम्म। यू आर टॉकिंग अबाउट साइटिका पेन। आई
(1:14:41) थिंक ये भी बहुत ज्यादा कॉमन है। यस। स्पेसिफिकली इन वीमेन कैन आई से दैट? यस। मोर इन वुमेन बिकॉज़ हम जो भी कंडीशन बोन से जॉइंट से रिलेटेड हम जो भी देखते हैं। शायद वीमेन में ज्यादा होती है। लेडीज में शायद ज्यादा होती है। क्यों? मल्टीपल फैक्टर्स अगेन सबसे पहले तो मुझे लगता है कि अपने हमारे यहां के कल्चर में लेडीज अपने आपको प्रायोरिटी नहीं रखती कभी भी। हम वो दे आर ऑलवेज दे हैव सम अदर प्रायोरिटी कि अभी बच्चों का ध्यान रखना है, अभी हस्बैंड का ध्यान रखना है, अभी फादर का ध्यान रखना है, मदर का ध्यान रखना है। मेरा तो चल जाएगा।
(1:15:18) तो प्रोब्ली अपनी हेल्थ ऑलवेज टेक्स अ बैक स्टेज। हम तो उनका न्यूट्रिशन इज जनरली पोरर। उनके हार्मोनल चेंजेस बहुत सारे होते हैं बॉडी में। उससे उनकी ओबेसिटी अगेन इज मोर इन फीमेल्स। तो जितना भी ज्यादा ट्रंकल ओबेसिटी आपकी जितनी ज्यादा होगी उतना आपके बैक के ऊपर आगे की तरह फॉरवर्ड पुल है। जितना फॉरवर्ड पुल है उतना आपके स्ट्रेस ज्यादा आ रहा है स्पाइन पे। तो उतनी इंजरीज आपको ज्यादा होंगी। और जब एक बार इंजरी हो भी गई तो वो कि ठीक है चलता है थोड़ा पेट दर्द है कमर दर्द है चलता रहता है तो वो दे डोंट टेक देमसेल्व्स वेरी सीरियसली
(1:15:52) जो कि हमें लगता है कि जो हमारा ध्यान रख रहे हैं सबसे ज्यादा और वो अपना ही नहीं रखेंगे तो फिर हमारा ध्यान कौन रखेगा दैट आल्सो गोज़ दैट वे ना हम कि उनको सबसे पहले तो यू कैन ओनली पोर फ्रॉम अ फुल कप यू कैन नॉट पोर फ्रॉम एन एम्प्टी कप सबसे पहले अपना ध्यान रखें ताकि आगे औरों का भी ध्यान रख सके सो डॉक्टर 80% ऑफ़ आवर ऑडियंस आर वुमेन। यस। हम और उनमें से 70% मदर्स हैं। सो पोस्टपार्टम फज़ भी है जहां पे यू नो उसमें तो बिल्कुल भी वो अपना ख्याल नहीं रख पाती। राइट? एंड दे आर ब्रेस्ट फीडिंग दैट आल्सो लीड्स टू लॉट ऑफ़ पेंस, शोल्डर पेन।
(1:16:27) प्लस द ईस्ट्रोजन लेवल इट ड्रॉप्स आफ्टर योर मिनोपजल एरिया एज। हम एंड ईस्ट्रोजन इज प्रोटेक्टिव अगेंस्ट ऑस्टियोपोरोसिस। जॉइंट में भी इट इज प्रोटेक्टिव अगेंस्ट अर्थराइटिस। तो जैसे ही ईस्ट्रोजेन लेवल आपका कम होने लगा तो आपका जॉइंट भी जल्दी खराब होने लगेंगे। यू विल बी सरप्राइज्ड टू नो कि ईस्ट्रोजन लेवल्स डायरेक्टली कोरिलेट विद अर्थराइटिस इन द जॉइंट इन द साइनोबल फ्लूइड। इफ यू मेजर द ईस्ट्रोजन लेवल्स। इफ दे आर नॉर्मल प्रोबेब्ली द पर्सन विल नॉट डेवलप अर्थराइटिस। इफ दे आर एबनॉर्मल इफ दे आर लो प्रोबेब्ली इफ इन लॉन्ग रन द पर्सन विल
(1:17:07) डेवलप अर्थराइटिस। सो एस्ट्रोजन तो इतना इंपॉर्टेंट हॉर्मोन है वुमेन हेल्थ के लिए। राइट? एंड सो स्टार्टिंग फ्रॉम पेरी मेनोपॉजल फेज इट स्टार्ट्स टू डिप। यस। राइट? एंड पोस्ट मेनोपॉज तो काफी क्रैश हो जाता है। एंड दैट यू सेड यू सेइंग दैट वो फिर जॉइंट हेल्थ को और बोन हेल्थ को इफेक्ट करता है। यस। हम नॉट ओनली जॉइंट बोन मसल्स आल्सो मसल्स भी डायरेक्टली ईस्ट्रोजन से स्टिमुलेट होती है। ईस्ट्रोजन से स्ट्रंगर होती हैं। तो जैसे-जैसे वो ईस्ट्रोजन लेवल कम होता जाता है तो साइकोपेनिया आल्सो सेट्स इन तो होल कैस्केट तो भगवान ने ऐसा इतना अनफेयर गेम
(1:17:46) तो नहीं खेलना चाहिए था ऑनेस्टली। सो यू सेड मतलब आपने बोन हेल्थ बताया, आपने जॉइंट हेल्थ बताया, आपने मसल हेल्थ बताया। आई थिंक हार्ट हेल्थ आल्सो इज वेरी मच लिंक टू वंस दे पोस्ट मेनोपॉजल फेस देयर इंस्टेंसेस ऑफ हार्ट इशज़ ट्रेंड इज़ सिमिलर इवन इन मेल्स बट इन मेल्स देयर इज़ नो मेनोपॉज़ हम हम सो वी कंटिन्यू गेटिंग दैट एंड्रोज्स सो दे आल्सो हैव सम प्रोटेक्टिव इफेक्ट इन जॉइंट बोन हेल्थ एवरीथिंग बट वी कंटिन्यू गेटिंग दैट सप्लाई अच्छा तो मेल्स में दिक्कत नहीं होती है हम फीमेल्स में क्योंकि आफ्टर अ सर्टेन एज हम वो स्टिमुलस कम हो गया तो प्रोबेब्ली वो
(1:18:31) उसका साइड इफेक्ट हमें ज्यादा झेलना पड़ता है फीमेल्स को और देयर आर वेज़ अराउंड इट। यू कैन यू नीड नॉट सफर। हां बिकॉज़ ये तो नेचुरल होना ही है। होना ही होना है। सो हाउ डू वी यू नो काइंड ऑफ़ काउंटर द नेचुरल थिंग व्हिच यू इज़ गोइंग टू हैपन। अह जब तक जो सारी चीजें हमने अभी तक डिस्कस की बोन हेल्थ, मसल हेल्थ, जॉइंट हेल्थ। हम्म। यही सारी चीजें अप्लाई होती हैं पोस्ट मिनोपजल में भी। हम् यू गेट योरसेल्फ चेक्ड रेगुलरली हम बाय इन ऑर्थोपेडिशन वो आपको चेक करके अगर आपको सिम्टम्स आ रहे हैं हड्डियों की वीकनेस के ऑस्टियोपोरसिस के दे विल
(1:19:04) सप्लीमेंट कैल्शियम विटामिन डी व्हाटएवर इज नीडेड वो आपको वहां से शुरू करेंगे प्रोबेब्ली प्रोटीन इंटेक आपका ज्यादा होना चाहिए आपको एक्सरसाइजज़ वेट ट्रेनिंग आपको ज्यादा करनी चाहिए यू शुड डू लो इंपैक्ट एक्सरसाइजज़ व्हिच आर वेरी गुड फॉर कार्टिलेज न्यूट्रिशन अगेन फीमेल्स ज्यादातर एक ऐज पे दे आर नॉट रनिंग आल्सो हम एक बहुत जल्दी वो सेडेंट्री लाइफस्टाइल में शायद जल्दी आ जाते हैं। तो अगर आप रेगुलर रूटीन लो इंपैक्ट एक्सरसाइजज़ जैसे कि जोगिंग और ब्रिस्क वॉकिंग दे आर वेरी गुड फॉर योर नीज़ अगर आप वो करते रहें देयर इज नो रीज़न दैट
(1:19:39) यू शुड हैव एनआर्राइटिस एंड गेटिंग इंजरी ट्रीटेड अर्ली दैट कैन नॉट बी स्ट्रेस्ड अपॉन मोर देन दिस के उसके से तो इंजरी हुई और आपने इग्नोर कर दिया तो ऑब्वियसली दे विल बी अ कैस्केट ऑब्वियसली आपको जल्दी चीजें खराब होंगी। हम वेरीेंट वेट ट्रेनिंग, मूवमेंट, वॉक्स एंड अर्ली इंजरी प्रिवेंशन। व्हाट इज द सिंपलेस्ट एक्सरसाइज दैट यू कैन डू? आई थिंक वॉक? यस वॉक एंड एक आफ्टर अ सर्टेन एज दे डोंट वांट टू वॉक एज वेल। दे कांट। है ना? क्योंकि एक एज के बाद सबको ऐसा आना ही है कि यार बाहर जाने में थकान जल्दी हो रही है। पूरी बॉडी एज होगी। सपोज दे हैव रीच्ड
(1:20:20) 70 80 और समथिंग। तो उनको चलने में भी दिक्कत होती है। तो नंबर वन यू प्रिवेंट फॉल्स। कैसे? आप उनको फर्श ऐसा ना रखें जिसके अंदर वो फंस के गिर सके। चीजें कारपेट ऐसा ना जो एक जगह इकट्ठा हो रखा है या टाइल्स इतनी स्लिपरी नहीं है जिसके ऊपर ज्यादातर लोग बाथरूम में गिरते हैं। है ना? तो आप बाथरूम की टाइल्स ऐसी रखें जो एंटी स्लिप है। आप फुटवेयर अच्छा लें। बहुत लोग वहां कॉस्ट कटिंग करते हैं। वो नीचे से घुसा हुआ है। मिस शेशेपन है। कुछ ना कुछ है और उस पे चलते रहेंगे। तो फिर इंजरी हो गई उसके लिए यू आर स्पेंडिंग मच मोर डिजीज बर्डन इतना ज्यादा है आपने
(1:20:56) थोड़े से लाइफ थ्रेटनिंग ही है वो तो और ये आप सपोर्ट के साथ में चलें जब भी आपका मसल मास इतना कम हो गया तो आप प्रॉपर सपोर्ट लेके चलें प्रॉपर फुटवेयर लेके चलें आपके अगर असिस्टेंस की जरूरत है तो असिस्टेंट्स हो आपके साथ में और यू मेंटेन योर हेल्थ योर मसल मास कैसे सबसे आसान एक्सरसाइज है चेयर पे बैठिए खड़े होइए बैठिए, खड़े होइए। तो बुढ़ापा पैरों से आ रहा था। उसको मत आने दो। पैरों की एक्सरसाइज करो। पहली उठने बैठने वाली हो गई। दूसरा कीप मूविंग योर एंकल्स। हम एंकल पे खड़े होने की प्रैक्टिस करो। पीछे खड़े हो के पैर को पीछे नी को बेंड करो। तो
(1:21:36) ये बहुत सिंपल सी एक्सरसाइजेस हैं। जिनसे आप अपना मसल मास को बेटर कर सकते हो। इंप्रूव कर सकते हो। आपका बैलेंस इंप्रूव होगा। सेंस ऑफ़ बैलेंस वो जरूरी क्योंकि इंजरी तो किसी डिसबैलेंस से होगी। अगर उससे रिकवर कर जाओगे तो यू वुड नॉट एंड बैलेंस अगेन इट इट इज़ नॉट अबाउट मस्कुलस स्केलेटल सिस्टम अलोन। आपको ब्रेन से शुरू होता है। आपको ब्रेन हो सकता है बैलेंस में दिक्कत कर रहा हो। विज़न हो सकता है बैलेंस में दिक्कत कर रहा हो। आपके इयर्स हो सकता है आपके बैलेंस में दिक्कत कर रहे हो। तो इस तरह इट्स अ चेन। एवरीथिंग इज़ कनेक्टेड। दैट इज़ व्हाई यू
(1:22:10) नीड अ गुड क्लीनिशियन जो आपको प्रॉपर्ली एग्जामिन कर सके। एक मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। अभी तो वो नहीं है इस दुनिया में। बट वो हमेशा एक बात समझाया करते हैं कि रोहित अच्छी जो भी मेडिकल केयर है वो अच्छी हो सकती है। सस्ती हो सकती है और तुरंत मिल सकती है। ये तीन फैक्टर हैं। यही तीन हमें चाहिए। हम्म। यू कैन चूज़ एनी टू। यू विल नेवर गेट ऑल थ्री। नेवर। तो सस्ती और अच्छी तुरंत नहीं मिलेगी। हम्म तुरंत। और अच्छी सस्ती नहीं होगी। तुरंत और सस्ती अच्छी नहीं होगी। हम
(1:22:52) तो हमारे लोग अगर इतना समझने लग जाए तो दे विल बी एबल टू जज एंड वैल्यू देयर प्रायोरिटीज। हम अभी शायद हमारे लोगों में वो समझ उतनी नहीं है कि उनको सब कुछ चाहिए बट उनको फ्री में चाहिए या सस्ता चाहिए या तुरंत चाहिए। तो प्रोबेब्ली वहां प्रायोरिटीज मिसिंग है। वो समझ नहीं पा रहे हैं। वंस दे स्टार्ट अंडरस्टैंडिंग दे विल दे हैव द मीन्स। हर तरह का सिस्टम हमारे यहां पे अवेलेबल है। वी हैव अ वेरी गुड सिस्टम। हम तो हमारा गवर्नमेंट सेटअप इज आल्सो स्ट्रांग बट इट इज नॉट एफिशिएंट। वो शायद तुरंत नहीं दे पाए। बट यू हैव एक्सीलेंट केयर अवेलेबल देयर।
(1:23:27) प्राइवेट में प्रोबब्ली केयर जल्दी मिल जाती है। तो जो जल्दी करवाना चाहते हैं जो जल्दी अफोर्ड कर सकते हैं वो प्राइवेट में करवा लें। और जो नहीं अफोर्ड कर सकते वो गवर्नमेंट में भी उनको अच्छा मिलेगा। बट जो जल्दी और सस्ते के चक्कर में जल्दी और सस्ते के चक्कर में आते हैं वो अच्छा नहीं होता। हम डॉक्टर अ लेट्स टॉक अबाउट इंजरीज। एक्यूट इंजरी की बात करें। कुछ यहां पे भी कंफ्यूजन रहता है लोगों को। जैसे एक प्रोटोकॉल सुनने में आता था। राइस प्रोटोकॉल होता था। है ना? रेस्ट, आइस और एंड एलिवेशन। एक्जेक्टली। सो इज़ दैट वो मतलब 15-20 साल पहले सुनते थे।
(1:24:05) इज दैट स्टिल वैलिड? और कुछ चीजें चेंज हुई है इसमें? इनिशियली फर्स्ट ऑफ़ आल, मेडिकलली वी डू नॉट फॉलो दैट प्रोटोकॉल एनी मोमोर। हम्म। समथिंग पीस एंड लव। पीस एंड लव। सो इट्स अ निमोनिक। सो इट हैज़ अ ऑल द ऑल एव्रीथिंग मींस समथिंग डिफरेंट। अच्छा। ऑल द लेटर्स। बट बेसिकली फॉर फर्स्ट थ्री टू फाइव डेज़, हम्म। इट इज सिमिलर कि आप कोई इंजरी का एग्जांपल लेके बताओ। कोई भी एंकल इंजरी हुई है आपको? जैसे फुटबॉल खेलते हुए ट्विस्ट हो गया। एंकल ट्विस्ट हो गया। हां। तो पहले हम क्या बोलते थे कि पहले ये बोलते थे कि सब लेट जाओ। मूव मत करो। हम रेस्ट। रेस्ट
(1:24:42) हम आजकल हम ऐसा नहीं कहते हैं। अच्छा हम कहते हैं ईदर ग्रेजुएटेड मूवमेंट मतलब आपको लेट पेन गाइड मूवमेंट ओके दिस इज द फ्रेज़ दैट आई यूज़ रूटीनली एवरीडे कि पेशेंट कहते हैं सर ये करूं वो करूं नहीं करूं कैसे करूं लेट पेन गाइड द मूवमेंट अगर इफ यू कैन अगर इंजरी छोटी है कम ग्रेड की इंजरी है आप तुरंत उसको मूव कर पा रहे हो यू मूव इट आप बहुत ज्यादा नहीं मूव कर पा रहे हो तो जिस रेंज में कर पा रहे हो वो करो। आप यह पार्ट मूव नहीं कर पा रहे। एंकल नहीं मूव कर पा रहे। यू मूव अदर एंकल। यू डू अपर बॉडी एक्सरसाइज। हम दैट इज आल्सोेंट। हम नंबर एक वो पूरा सिस्टम को इट कीप्स इट अप
(1:25:27) एंड रनिंग। दैट हेल्प्स इन रिकवरी। नंबर दो जैसे मैंने पहले भी कहा कि मेंटल हेल्थ इज कमिंग अप इन अ बिग वे। हम तो इट इंप्रूव्स योर कॉन्फिडेंस। इट इंप्रूव्स योर मेंटल हेल्थ। उससे भी रिकवरी बहुत जल्दी होती है और बहुत ज्यादा होती है। तो जैसे ही आपको एक बार पॉजिटिव माइंडसेट में आ जाओ ना तो माइंड प्लेस अमेजिंग गेम्स और वो आपको बहुत जल्दी और बहुत अच्छा रिकवर कर देता है। तो वी डू गिव रेस्ट फॉर इनिशियल थ्री टू फाइव डेज। वी गिव आइस पैक्स आल्सो कंप्रेशन आल्सो वी एलिवेट द लिंब आल्सो एंड बट एज सून एस यू आर कंफर्टेबल इनिशियल थ्री टू फाइव डेज। यू स्टार्ट मूविंग
(1:26:02) व्हाटएवर यू कैन। एंड यू इंप्रूव द ओवरऑल मेंटल हेल्थ, यू बिल्ड द न्यूट्रिशन, यू बेसिकली यू टेक केयर ऑफ द बॉडी एज़ अ होल। यू डोंट, वी डोंट लुक एट इट एस एन इंजरी। एंड इफ यू हैव अ सफ्फिसिएंटली हाई ग्रेड इंजरी। हम्म देन व्हाट इज द प्रोटोकॉल? जैसे। जैसे फ्रैक्चर हो गया। हम्म। एंकल फ्रैक्चर हो गया। बहुत तो सिमिलर वहीं पे चोट लगी फ्रैक्चर भी हो ही सकते हैं। देन व्हाट इज द प्रोटोकॉल? इट इज़ द सेम। सेम। यू फिक्स इट। यू फिक्स इट प्रॉपर्ली एंड यू मोबिलाइज अर्ली। वी डू नॉट वांट द पेशेंट टू बी इन कास्ट टू बी इन बेड फॉर लॉन्ग टाइम। हो सकता है
(1:26:44) कि कहीं ऐसी जगह पे हो कि जब तक हम आपको वेट बेयर नहीं करवा पा रहे। वजन नहीं डलवा पा रहे। बट देन यू मूव द एंकल। हो सकता है हम एंकल को इतनी ज्यादा चोट है कि फिलहाल एंकल भी मूव नहीं करवा पा रहे। स्वेलिंग ज्यादा है, कोई भी दिक्कत है, कुछ भी है। देन यू मूव द अदर एंकल। यू मूव द अदर नी। यू गेट अप एंड यू स्टार्ट वॉकिंग। यू कैन नॉट वॉक, यू सिट अप। एव्रीथिंग इज इक्वली इंजरी है। मूवमेंट एज सून एस पॉसिबल। मूवमेंट इज लाइफ लाइफ इज मूवमेंट। दैट्स द प्रोटोकॉल। यस। एक और कन्फ्युजन रहता है डॉक्टर वो। जैसे नहीं होता कि कोई चोट लग गई। ठीक है? तो आइस पैक लगाएं
(1:27:20) या वॉल ही नहीं लगा के बैंडेज लगाएं। मतलब हीट या मतलब उसको कूल करना है या हीट करना है। व्हाट डू यू से? क्या राइट है इसमें? इन शॉर्ट इन अर्ली फेस प्रोबब्ली थ्री टू फाइव डेज जो भी हम हमेशा थ्री टू फाइव अप टू सेवन डेज की हम बात करते हैं। उसमें आई सेल व्हाई? जब तक आपके पेन मिडिएटर, इन्फ्लेमेटरी मीडिएटर्स इंजरी साइट पे तुरंत तो आए नहीं है। वो ब्लड के थ्रू ही आएंगे। हम्म यू ब्लॉक दोज़ चैनल्स। ओके आइस कॉजेस वेसल कंस्ट्रिक्शन तो क्या होता है? ब्लड वेसल्स पतले हो जाते हैं। श्रिंक कर जाते हैं। तो लेस ब्लड फ्लोस टू दैट इंजर्ड पार्ट।
(1:28:03) सो लेस इनफ्लमेटरी लेस इनफ लेस ब्लड मींस लेस इनफ्लेममेटरी मीडिएटर्स। जो इनफ्लेमेशन कॉज करने वाली चीजें हैं वो कम आएंगी। और जैसे हमने नी में डिस्कस किया पेन तो इनफ्लेमेशन से हो रहा था। पेन तो इंजरी से नहीं हो रहा था। नहीं पेन तो लेकिन इंजरी से हुआ है ना। लेकिन इनिशियल पेन वास बिकॉज़ ऑफ़ द इंजरी। जो प्रोलोंग पेन है जो लगातार चलता इनफ्लेमेशन इज गुड एंड बैड। हम आपको अगर इंजरी पता ही नहीं चलेगी, इनफ्लेमेशन आएगी नहीं, आपको दर्द होगा ही नहीं तो यू विल कंटिन्यू मूविंग। देयर इज़ अ कंडीशन जिसके अंदर क्रॉनिक आप पेन इनसेंसिटिव होते हो। एंड दोज़ पीपल कैन डाई
(1:28:35) फ्रॉम सिंपल इंजरीज। क्योंकि उनको पता ही नहीं चल रहा कि पेन है। हम तो पेन एंड इनफ्लेमेशन दे आर योर फ्रेंड। वो आपको बताते हैं। लेकिन हमें एक बार पता चल गया कि हमारा पैर इंजर है। हम उसको आज के टाइम पर न्यूअर ट्रीटमेंट्स प्रोवाइड कर रहे हैं। हम उसको जल्दी मूव मूवमेंट से भी अगेन इनफ्लेमेशन कम होती है। बट अगर एक बार सोलन हो गया तो हम मूव नहीं कर पाएंगे। एक बार पेनफुल हो गया तो हम मूव नहीं कर पाएंगे। सो यू डोंट लेट इट बिकम पेनफुल। यू प्रोटेक्ट इट एंड यू डिपेंडिंग ऑन द इंजरी। आप उतना ही चलाओ जितना चलना चाहिए। जिस तरह से चलना चाहिए। दैट दैट इज़
(1:29:08) व्हाई वेयर अ गुड फिजियोथरेपस्ट और अ गुड ऑर्थोपेडिशियन स्टेप्स इन किस इंजरी में कितना चलना है, कितना चलाना है, कितना अग्रेसिव होना है, वो हम लोग देखेंगे। बट एज़ सून एस पॉसिबल यू गेट इट मूविंग। उसके लिए स्वेलिंग कम रखनी है। पेन कम रखना है। उसमें आइस हेल्प्स। हम्म। एंड व्हेनएवर यू हैव क्रोनिक पेंस। जैसे और अनदर पॉइंट वेयर आइस हेल्प्स इज प्रोबेबबली पोस्ट एक्सरसाइज जहां पे भी जो भी एथलीट्स या कोई भी जो भी कर रहे हैं हम पोस्ट एक्सरसाइज इट इज़ जनरली द कोल्ड थेरेपी दैट हेल्प्स एंड प्री एक्सरसाइज इट्स द हॉट थेरेपी दैट हेल्प्स
(1:29:48) ओके एंड इन क्रॉनिक पेंस इट इज द हॉट थेरेपी दैट हेल्प्स ओके तो एक्यूट इंजरी एकदम हुई है यूज आईज सो दैट यू प्रिवेंट स्वेलिंग यू प्रिवेंट पेन सो दैट यू रिमेन एज मच मोबाइल एज पॉसिबल। ठीक है? वो तीन-चार दिन रहेगी। स्वेलिंग आपने होने नहीं दी। आपको पता लग गया कितना पेन है। एंड देन जब वो अगर वो पर्सिस्ट करता है वो पेन लंबे समय तक देन यू मूव टू हीट थेरेपी और यू यू यूज़ सम बैंडेज और एम आई राइट? हाउ डस हीट हेल्प? कोल्ड ने तो वैसे कंस्ट्रक्शन किया। वो हीट वाला नहीं पता। हां। हाउ डस हीट हेल्प? हम नाउ वंस द इनिशियल फज़ ऑफ़ इंजरी इज़ गॉन।
(1:30:26) हम्। तो, नाउ देयर आर नो न्यू इनफ्लेममेटरी सेल्स कमिंग। हम्। ठीक है? अब जो इनफ्लेमेशन है, वह वहां पे है। इनफ्लेममेटरी मीडिएटर्स जितने भी आ गए हैं, वह आ गए हैं। नाउ यू गिव इट हीट। अब जैसे ही हीट आएगी तो वैसे डाइलेटेशन होगा। अब वो ब्लड वेसल है खुलेंगे। तो वहां पे ब्लड फ्लो बढ़ जाएगा। नाउ दिस ब्लड एक्ट्स एज अ वॉश अवे इफेक्ट। अब वो ब्लड आया जो जितने मेडिएटर्स थे उनको धो के ले गया। हम तो इसीलिए क्रॉनिक पेंस में हीट हेल्प्स, स्टिफनेस में हीट हेल्प्स एंड देयर इज़ समथिंग न्यू दैट हैज़ कम अप। इट इज कॉल्ड कंट्रास्ट थेरेपी। इट यूजज़ बोथ एक्शंस। एक के अंदर कम हो रहा
(1:31:10) है, एक में ज्यादा हो रहा है। इट यूजज़ देम एज़ अ पंपिंग फंक्शन। एक बार कम करो, एक बार ज्यादा करो। एक बार कम करो, एक बार ज्यादा करो। टू वाश अवे द इनफ्लेममेटरी मीडिएटर्स अर्लियर तो कंट्रास्ट थेरेपी इज कि आप 1 मिनट के लिए ठंडा 3 मिनट के लिए गरम देन 1 मिनट के लिए ठंडा 3 मिनट के लिए गरम ऐसे ही दैट्स व्हेन द एक्यूट इंजरी हैज़ हैपेंड इट इज़ फॉर फॉर क्रॉनिक पेंस नॉट फॉर एक्यूट अच्छा एक्यूट के लिए आइस इज़ द बेस्ट आइस इज़ द बेस्ट फॉर फ्यू डेज जो जैसे नी रिप्लेस नी अर्थराइटिस वाले हैं या एंकल इंजरी के पेशेंट्स हैं जिनको 10 दिन के आसपास हो गया उसके बाद भी पेन
(1:31:47) कर रहा है तो प्रोब्ली कंट्रास्ट इज अ वेरी गुड थेरेपी फॉर देम। हम डॉक्टर एक बड़ा पॉपुलर सा बिलीफ रहता है लोगों में कि घी खाने से जॉइंट लुब्रिकेट रहते हैं। क्या है उसमें सच? फॉल्स। टोटली फॉल्स। जो जॉइंट स्पेसिफिकली जहां जिस जगह से हम लोग आते हैं वहां तो और ज्यादा कहते हैं कि घी खाओ। बहुत घी खाना तो बहुत अच्छा है। हरियाणा में रेसलिंग और बॉक्सिंग और ये सब ज्यादा है। यस। तो उस तरह के जो इंडिविजुअल स्पोर्ट्स ज्यादा है। तो वहां पे तो इट्स लाइक यू नो प्राइड घी इतना खा रहे थे। यस। बट इट्स नॉट डूइंग एनी गुड। नो इट इज़ नॉट डूइंग एनी गुड। नॉट एस पर द
(1:32:31) जॉइंट हेल्थ। तो जॉइंट लुब्रिकेशन है। इन फैक्ट जो साइनुअल फ्लूइड है, इट इज़ मेनली वाटर। इट हैज़ सम हायलोनिक एसिड। एंड इट हैज़ सम लुब्रिसेंट। ऑल आर प्रोटीनंस। अच्छा। देयर इज नो घी इन इट। फैट का कोई रोल नहीं है। फैट का कोई रोल नहीं है। बट फैट हैज़ यूटरिक एसिड व्हिच हैज़ एंटी इनफ्लेममेटरी प्रॉपर्टीज। तो ओमेगा थ्री और फैट दे वर्क इन अ सिमिलर वे। सो इट कैन डिक्रीज इनफ्लेमेशन। सो इट कैन डिक्रीज पेन। इट कैन हेल्प इन एन इनडायरेक्ट वे। बट नो डायरेक्टली इट डजंट हेल्प। डायरेक्टली तो आप घी ज्यादा खा रहे हो। रेकमेंडेड डेली अलायंस जो है आरडी है उससे
(1:33:08) ज्यादा खा रहे हो तो आप मोटे हो जाओगे हम है ना तो घुटने ठीक नहीं होंगे घुटने तो ठीक नहीं होंगे घुटने दिल और घुटने भी खराब हो जाएंगे आपका वेट ज्यादा है घुटनों पे स्ट्रेस ज्यादा आ रहा है जो आपने एग्जांपल दिया कि एथलीट्स हैं जो रेसलर्स हैं वो लोग उनकी फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा है यस तो वो एक्सेस कैसे होती है कि या तो एक टंकी है हमने उसमें नल चलाया हुआ है वो कब भर के ओवरफ्लो करेगी हम या तो हमने तेज नल चला दिया हम ठीक है उससे ओवरफ्लो होगी या हम जो निकल रहा है उसके अंदर से सिबोनल का हमने बंद किया हुआ है धीरे चल रहा है तो अगर ऊपर वाला चल रहा है नीचे वाला उससे
(1:33:40) भी तेज चल रहा है हम तो वो नहीं बरेगी तो वो एथलीट्स जो है या जो पहलवान है वो उनकी एनर्जी रिक्वायरमेंट इतनी ज्यादा है वो इतनी ज्यादा मेहनत कर रहे हैं और शायद इसीलिए हमारे यहां जो पहले बीमारियां नहीं मिलती थी क्योंकि हमारे एनसेेस्टर्स हमारे दादा वगैरह की ऐज में दे यूज टू एक्सरसाइज अ लॉट दे वर एबल टू यूज़ दोज़ कैलोरीज जो घी से या जो कैली डेंस उन चीजों से आती हैं हम नहीं कर पा रहे हम नहीं कर एक और है जो लोग जो जिनकी हैबिट होती है ऐसे करने की नकल पे करने की है ना सो गुड और बैड या इससे ये डजंट मैटर बी डजंट मैटर ओके इट इज नीदर गुड इट इज नो और बैड उससे कोई
(1:34:22) फर्क नहीं पड़ता वो कॉमन मिथ है ये आवाज क्यों आती है देयर आर डिफरेंट थ्योरीज एक थ्योरी में कहते हैं कि उसके अंदर गैस बबल बन जाता है जॉइंट के अंदर जब हम ऐसे करते हैं तो वो बबल पॉप्स दैट्स द साउंड एक के अंदर बोलते हैं प्लाई के होते हैं जो बैंड्स होते हैं टिश्यू के वो स्लिप करते हैं तब आता है। तो इट इज़ डिफरेंट फॉर डिफरेंट पीपल। इट्स प्रोबब्ली अ कॉम्बिनेशन ऑफ़ बोथ बट इट इट इज़ डेफिनेटली नॉट डैमेजिंग टू द जॉइंट अनलेस कि आप फोर्सफुली लगातार बहुत ज्यादा कर रहे हो तो इट इज़ नॉट कंसीडर्ड बैड। नो हम ओके। काफी पॉपुलर रहता है ये लोगों
(1:34:54) में। हां कि बच्चों को स्पेशली लेकिन हैबिट फिर भी रहती है। बहुत लोग करते हैं। एक और पेरेंट्स की जो आपने बच्चों की बात की मॉडर्न डे पेरेंट्स और हमारे टाइम में भी हम वी आर वेरी इमोशनल अबाउट आवर किड्स हाइट ओके यस है ना? यस। क्योंकि इंडिया में वैसे ही एवरेज हाइट पांच सात है। राइट? तो चाहते हैं कि भाई बच्चे लंबे हो। और फिर वो बच्चों को ठोकते रहते हैं कि लटका करो हाइट बढ़ेगी। लटका करो हाइट बढ़ेगी। ओके नो क्या व्हाट डस साइंस से हियर? नो इट डजंट हेल्प आपको ये भी हेल्प नहीं करती। ये भी नहीं हेल्प करती। ये भी आया क्यों है? इसके पीछे अगर आप मैकेनिज्म देखोगे कि
(1:35:34) कैसे ये पॉपुलराइज हुआ। हम क्या होता है कि आप पहले बच्चे को नापो कितना है? हम फिर आप उसको लटका दो। अच्छा। आप दोबारा नापो। यू विल हैव दैट स्लाइट गेन इन हाइट। दैट इज बिकॉज़ ऑफ स्पाइनल डीकंप्रेशन। ठीक है? जो स्पाइन थी उसकी सारी सब कुछ पासपास था। जैसे आपने लटका दिया तो वो थोड़ा सा डीकंप्रेस हो गया। तो प्रोब्ली फ्यू मिलमी यू विल गेन प्रोब्ली अ सेंटीमीटर आल्सो मे बी। और उससे लोगों को ये लगने लगा कि देख लटकाने से एक बार लंबा हो गया ना तो लगातार लटकाते रहो तो ये अभी ये 2 मि.मी.
(1:36:08) लंबा हुआ है। इसका इसको लटका दो। हां एक महीने एक महीने में हम लटका के इसको दो सें.मी. लंबा कर देंगे। नो इट डस नॉट हेल्प। बोन जो होती है वो ग्रो कैसे करती है? वो बोन लेंथ कैसे गेन होती है? बोन के दोनों एंड्स पे देयर इज अ प्लेट। ओके? इट्स कॉल्ड अ ग्रोथ प्लेट। तो इट ग्रोस फ्रॉम देयर। बीच वाले से बोन मोटी तो हो रही है बट लेंथ नहीं गेन कर रही। लेंथ सिर्फ एंड से गेन कर रही है। तो अ वहां पे अगर आपका प्रॉपर हॉर्मोनल बैलेंस आपका ठीक है। आपको कोई बीमारी नहीं है। हम और आपको एडिक्वेट न्यूट्रिशन एट करेक्ट टाइम हम मिल रहा है। टाइमली जब चाहिए था ग्रोथ
(1:36:50) स्पॉट आया। आपको न्यूट्रिशन पूरा मिल गया। तो आप देखोगे कि अब से 50 साल पहले और 25 साल पहले और अब में आप कंपेयर करोगे तो इंडिया में एवरेज हाइट इज़ इंक्रीजिंग। हैज़ इंक्रीजिंग। क्योंकि आवर न्यूट्रिशन हैज़ इंक्रीज्ड। हमें बच्चों को सही ऐज पे सही टाइम पे न्यूट्रिशन अच्छा मिल जाता है। तो ज्यादा मिल रहा है। हां। तो हां तो ओबेसिटी हो गई है। बट यस लेकिन हाइट इज डेफिनेटली ऑन द इंक्रीजिंग ट्रेंड। तो वो हाइट सिर्फ वहीं से बढ़ती है और उसका बहुत अच्छा यूज़ है ऑर्थोपेडिक्स में। एज एन ऑर्थोपेडिक सर्जन मुझे अगर जैसे बहुत बच्चे आपने सुना होगा देखा होगा कि
(1:37:23) पैर टेढ़े हो जाते हैं। नॉकनीज़ हो जाते हैं। टकरा रहे हैं आपस में। तो उसका अब से पहले तक तो क्या सशन होता था कि एक बार बड़ा होने दो फिर हड्डी तोड़ देंगे सीधा कर देंगे। अच्छा और तो ऑब्वियसली और तो कोई सशन है नहीं। अब हड्डी टेढ़ी हो रही है तो हम आज के टाइम पे वी जनरली डोंट डू दैट। अगर पेरेंट हमें हमारे पास टाइम से आ गए तो हमें पता है कि वह एक एंड है वहां से ग्रो कर रहा है। हमने एंगल्स कैलकुलेट कर लिए कि कौन सी बोन कम ग्रो कर रही है जो हमें दिक्कत दे रही है। जिस भी बोन को हमें सीधा करना है। ये इतनी बड़ी प्लेट है। इट इज ग्रोइंग
(1:37:56) यूनिफॉर्मली फ्रॉम बोथ बोथ हैंड्स मिडिल एंड लिटिल बोथ साइड्स। हम अगर वो एक तरफ टेढ़ी है। तो दूसरी तरफ क्लिप लगा दो। टेंपरेरी क्लिप लगा दो। वो यहां से नहीं बढ़ेगी। वो यहां से बढ़ती जाएगी। एंड इट विल सेल्फ करेक्ट। अच्छा। वी कॉल इट ग्रोथ मॉड्यूलेशन। तो उसके साथ में जितनी भी टेढ़ी हड्डियां हैं, इट कैन इजीली बी करेक्टेड। प्रोवाइडेड देयर इज़ सफिशिएंट ग्रोथ लेफ्ट। और ज्यादातर पेरेंट्स उस चीज से डरते रहते हैं। बच्चों की सर्जरी थोड़ी कराएंगे। इसको पहले हड्डी पकनी है, पक्की होने दो, बड़ी होने दो, फिर कराएंगे। तो, वो एडल्टहुड तक वेट करते हैं। इट कैन
(1:38:31) स्टिल बी करेक्ट। बट नाउ वी हैव टू ब्रेक दैट बोन। एंड देन अप्लाई ए प्लेट उसको फिक्स करने के लिए। पहले अगर टाइम से आओ तो एक टेंपरेरी प्लेट लगाई। तीन चार छ महीने जितने भी वो डिपेंडिंग ऑन ग्रोथ कितनी बची हुई थी, कितने रेट से हो रही थी हम और बोन कैन बी मैजिकली करेक्टेड जस्ट रिमूव दैट। इतना सा इंसिजन आता है और रिमूव दैट प्लेट आफ्टर दैट एंड बोन ग्रोथ्स नॉर्मली तो पार्क में लेकिन ऐसे लटकने से हाइट नहीं बढ़ेगी। नहीं। इट्स मोस्टली जेनेटिक और फिर ग्रोथ जहां आते हैं वहां पे न्यूट्रिशन देने की जरूरत है। हम थैंक यू सो मच डॉक्टर रोहित। इट वाज़
(1:39:11) अमेजिंग और जिस सिंपल शब्दों में आपने काफी कांसेप्ट्स क्लियर किए। जॉइंट बोन एंड देन दैट फियर ऑफ नॉट गेटिंग प्रॉपर ट्रीटमेंट एट द राइट एज। और उसको जो डिले करके जो कॉन्सिक्वेंसेस हैं। हम थैंक यू आशीष। एक चीज मैं और स्ट्रेस करना चाहता हूं। यहां पे कि जो सबसे कॉमन हमने बैक पेन डिस्कस किया बट कहीं ना कहीं उसमें वो रह गया कि कैसे हम उसको प्रिवेंट कैसे कर सकते हैं। हमने देख लिया कि पोश्चरल है बैक पेन हमारे लोगों के साथ में। मोबाइल फोन का यूज़ बहुत ज्यादा है तो नेक ऐसे रहती है तो नेक पे काफी स्ट्रेस आता है। हम बैठे रहते हैं।
(1:39:48) पोश्चर ऐसे बैठते हैं तो बैक पे स्ट्रेस आता है। तो हम उसको प्रिवेंट कैसे करें? बहुत सिंपल सॉलशन है उसका। आप लगातार बैठो मत। हम हर एक घंटे में यू गेट अप टेक अ फ्लाइट ऑफ स्टेज यू कम बैक ओके सीढ़ियां चढ़ के वापस आ जाओ यू विल बी ऑलराइट तो अगर सिर्फ इतना हम फॉलो कर लें के आप जॉब पे भी हो काम भी कर रहे हो तो हर 45 मिनट्स वन ऑवर के ऊपर आप एक बार उठो अपने कलीग के पास जाओ बात करो और वापस आ जाओ ऊपर ऊपर वाले फ्लोर पे भी हो स्टेयर्स भी ले लो तो इफ यू प्रैक्टिस दैट तो प्रोबेब्ली दो मेजर मेजर कंसर्न नंबर एक आइसोलेशन नंबर दो बैक पेन इट विल टेक केयर ऑफ़ बोथ
(1:40:33) लोगों से बात भी ज्यादा होगी मेंटल हेल्थ मेंटल हेल्थ परफेक्ट थैंक यू सो मच इट वास वेरी प्रैक्टिकल एंड वेरी इजी टू डू एक घंटे में ब्रेक लेके वॉक करके आओ 10 स्टेप 10 स्टेयर्स लेके आओ किसी से बात करके आओ एंड देन यू नो रिज्यूम योर वर्कस ऑसम थैंक यू सो मच डॉक्टर इट वाज अमेजिंग थैंक यू थैंक यू गाइस मुझे तो बहुत सीखने को मिला आई एम श्योर यू आल्सो लर्नड अ लॉट अबाउट योर बोन एंड जॉइंट्स हेल्थ। अच्छा लगा तो प्लीज लाइक करो। यह वीडियो अपने फैमिली ग्रुप्स में शेयर करो और अगर चैनल सब्सक्राइब नहीं किया है तो अभी कर लो। सी यू इन द नेक्स्ट
(1:41:09) वन।
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