Why Love and Dreams are harder for girls today. Ft. Gunjan Saini: Poet.
Author Name:The Backstory Podcast
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Transcript:
(00:02) पता है यहां पे ना हर कोई सपने [संगीत] देखता है। मतलब जो इंसान सुबह की भरी हुई लोकल में जा रहा है ना वो भी कुछ सपना ही देख के जा रहा है ना। आपके लिए सपने क्या है? मैं सपनों को सपना ना बोल के गोल्स ही बोलती हूं। बिकॉज़ मुझे लगता है कि सपने कभी-कभी अधूरे रह जाते हैं। गोल्स फिर भी पूरे हो जाते हैं। सबसे ज्यादा दर्द कब होता है जब सपने पूरे नहीं होते कि जब प्यार पूरा नहीं होता। बड़े सपनों के साथ मैं निकल पड़ी [संगीत] हूं आदर कमाने। बड़े सपनों के साथ मैं निकल पड़ी हूं आदर कमाने। सब कहते हैं पैर उतने ही फैलाओ जितनी चादर है। तो मैं निकल
(00:33) पड़ी हूं अपने लिए नहीं चादर लाने। आई हैव हर्ड अबाउट इट। लाइक लड़कियों को इमोशनल चीटिंग से ज्यादा प्रॉब्लम होती है। इमोशनल चीटिंग इज बेसिकली कि आपको प्यार हो गया किसी और से। यू हैव नॉट डन एनीथिंग [संगीत] फिजिकली। यू आर सेपरेटेड बट आपको प्यार ही हो गया। किसी से आपको लगाव हो गया किसी से। आपको ज्यादा केयर होने लगी। आई हैव हर्ड कि लड़कियों को यह ज्यादा हर्ट करता है और लड़कों को फिजिकल चीटिंग ज्यादा हर्ट करती है। बट अगर मेरी माने तो मुझे तो दोनों ही हर्ट करती है। मेरे को तो है कि फिर आप निकल जाइए। चलो ख्वाब पूरे करते हैं। चलो ख्वाब पूरे
(01:04) करते हैं। इश्क [संगीत] शायद अधूरा ही अच्छा। सपने भी अजीब होते हैं। पूरे हो जाए तो खत्म, अधूरे रह जाए तो कहानी बन जाती है। तो नमस्ते और स्वागत है आप सभी का हमारे नए एपिसोड ऑफ अनसेट फीलिंग शेंगकी पे। आज हमारे साथ गुंजन है। एक पोएट, एक कलाकार जिनकी पोएट्रीज ने हम सबके दिल जीत लिए हैं। और आज हम इनसे बातें करने वाले हैं लव, रिलेशनशिप्स और ड्रीम्स के बारे में। ड्रीम्स जो इन्होंने मुंबई आकर देखी थी। हम में से कितने सारे लोग हैं जो मुंबई आते हैं एक सपने के साथ। पर वो क्या सपने पूरे होते हैं? और अगर सपने पूरे नहीं हुए, तो क्या होता है? उनमें से एक है
(01:42) गुंजन जो मुंबई आई थी इसी सपनों के साथ इस सपनों की नगरी में अपने ड्रीम्स को पूरा करने के लिए। तो सुनते हैं ये एपिसोड में कि गुंजन का क्या कहना है। हाय गुंजन। हेलो कैसे [हंसी] हो? बहुत अच्छी हूं। पहली बार बात कर रहा था। तो गुंजन आज का जो एपिसोड है सबसे पहले हम लोग को पता है कि आपके कुछ-कुछ कंटेंट जो Instagram पे वायरल किए हैं। दैट इज़ विद रिगार्ड्स टू कि आपने सबसे पहले बॉम बॉम्बे आए हो। आपका लाइफ कैसे चेंज हुआ है? आपने रिसेंटली एक कंटेंट भी डाला था शायद वो ट्रेन स्टेशन के बाहर खड़े होके कि बिल बोर्ड लगा हुआ है। मैं ऐसी स्टेशन
(02:18) से पहली ट्रेन पकड़ी थी बॉम्बे आने के लिए। तो आई थिंक इट्स बीन ऑलमोस्ट कितना? चारप साल नहीं ज्यादा यार। 2018 में आई थिंक हां सात साल। सात साल। तो सात साल में आई थिंक लाइफ बहुत कुछ बदला है। ऑफ कोर्स राइट? तो हम लोग यही एपिसोड में ये कवर करने वाले हैं कि गुंजन का लाइफ कैसा रहा है। लाइक ओवर द से इयर्स सपने जो बचपन में देखे थे वो सपने आज जी रहे हो कि और जीना है और क्या-क्या आगे आर यू लुकिंग फॉरवर्ड टू? आपका रिसेंटली मैरिज हुआ है। ठीक है? तो वो मैरिज को लेके हाउ इज लव? हाउ इज लव चेंज्ड बिफोर मैरिज एंड आफ्टर मैरिज? एंड
(02:53) वी विल बी टॉकिंग ऑन दिस लाइंस। ठीक है? तो सबसे पहले गुंजन, सात साल हो गए हैं बॉम्बे आए हुए। हाउ इज लाइफ हियर? लाइफ इज गुड बट इट्स लाइक ऑलवेज इन रश। जैसे कि मैं आपको बता रही थी कि बॉम्बे की लाइफ में जब आप स्टार्टिंग में आते हो ना तब आपको लगता है कि यार ये कहां आ गए हैं सब भाग रहे हैं। बट अगर आप वहां टिक गए तो फिर बॉम्बे आपको एक्सेप्ट तो कर लेता है लेकिन फिर वो आपको अपने जैसा भी बना देता है। तो फिर आप भी रश में रहते हो। फिर आप स्लो लाइफ अगर कहीं जी रहे हो। आप गोवा चले गए हो या कहीं चले गए हो। वहां पे भी यू विल क्रेव द रश। तो मेरे साथ यह हुआ कि
(03:25) मैं बहुत एंबिशियस थी जब मैं आई थी और अभी भी हूं। तो मुझे वो रश पसंद आया। मुझे समझ में आया कि जब आईडिया आ जाए और उस पे तुरंत काम करके एग्जीक्यूट कर दो। दैट विल गिव यू रिजल्ट। तो फिर मेरे अंदर तो अब वो घुस चुका है रश। मैं बस भागती रहती हूं। तो बॉम्बे में क्या था? अगर आप दो-तीन चीज बताओगे कि बॉम्बे में आके क्या बॉम्बे में क्या नशा था? दो-तीन चीज ऐसी क्या थी जो पहले सिटीज में या कोई भी सिटीज में जहां पे रहे हुए हो आपके होमटाउन में वो नहीं मिला आपको कहीं। यार मुझे लगता है यहां पे ना हर कोई सपने देखता है। मतलब जो इंसान
(03:56) सुबह की भरी हुई लोकल में जा रहा है ना वो भी कुछ सपना ही देख के जा रहा है। मतलब हाउसवाइफ जब मैं पीजी में रहती थी मेरे आजूबाजू हाउसवाइफ रहती थी वो सब लोग कुछ-कुछ अपना घर का काम करते थे। कोई अचार बना रहा है, कोई कुछ कर रहा है। तो एवरीबॉडी जस्ट वांट्स टू डू समथिंग। कुछ करते रहना है उनको। तो आई थिंक वो चीज़ वो पैशन जो है ना कुछ करते रहने का वो मुझे बहुत लगता है। तो पहले मुझे लेट बैक लोग भी ठीक लगते बट ये देखने के बाद अब मुझे लेट बैक लोग ऐसे लगते हैं कि आप क्या कर रहे हैं अपने जीवन में? [हंसी] उठिए और काम करिए। तो मुझे लगता है कि
(04:26) यहां आ के मुझे ना वो लगता है कि इन लोगों को पता है कि हमारे पास एक जीवन है और ऐसे बैठे-बैठे तो नहीं बता सकते। हमें काम करना है, अपना पैसा कमाना है। यहां पे लोगों को पैसों की वैल्यू पता है कि अपना पैसा हाथ में होता है तो उसकी वैल्यू क्या होती है। एंड आई एम श्योर बाकी शहरों में भी होता होगा। बट इस शहर में आई थिंक मोस्ट ऑफ द लोग ऐसे हैं जो कि बाकी शहरों में नहीं होते। तो बॉम्बे स्पेशली हम आप अपने सपने पूरे करने आए थे? बिल्कुल यार मैं तो मैंने घर पे बोला था कि मुझे मास्टर्स करने जाने दो। मैंने बीएससी ऑनर्स नर्सिंग की थी एम्स से तो
(04:54) वही बहुत बड़ा चेंज था कि मास्टर्स मास कम्युनिकेशन में क्यों करनी है। बहुत लड़ाईवड़ाई हुई एक डेढ़ साल। वो भी मैंने सिर्फ इसलिए बोला मास्टर्स का क्योंकि मुझे पता था खाली तो नहीं जाने देंगे कि जाओ सपने पूरे करो। तो मैंने कहा मास्टर्स का लेके जाते हैं और मास्टर्स के साथ अपुन कुछ-कुछ कर लेंगे। तो मास्टर्स का एग्जाम क्लियर हुआ। एंड देन मेरा था कि मैंस्टर्स का मेरा शाम का 2 घंटे का कॉलेज होता था जिसमें मैं जाती नहीं थी ज्यादा। कहां कौन सा कॉलेज था? हिंदुजा कॉलेज। ओ हिंदुजा चर्नी रोड। चर्नी रोड। चर्नी रोड हां मैं वहीं रहती थी। मैं बहुत
(05:20) कम जाती थी और मेन फोकस यही रहता था कि ऑडिशंस दूं क्योंकि एक्टर भी एक्टर का भी था। ऑडिशंस दूं, ओपन माइक्स में जाऊं, लिखूं, कंटेंट बनाऊं। पूरा फोकस इसी पे रहता था। तो आई थिंक मैं तो बहुत सारे सपने लेकर ही आई थी यार मुंबई। तो मतलब जैसे बॉम्बे शिफ्ट हुए तो कॉलेज चल रहा है एक साइड में और एक साइड में आप ऑडिशनंस दे रहे हो। बिल्कुल यार मैं मुंबई लैंड हुई थी ना तो मेरे हाथ में मेरा फोन था और मैं Facebook पे ऑडिशनंस ढूंढना शुरू कर चुकी थी एयरपोर्ट पे कि कहां कहां हो रहे हैं ऑडिशन। मुझे इतनी वो थी क्योंकि मैंने डेढ़-दो साल मैं मरी थी। मुझे बॉम्बे जाना
(05:52) है, बॉम्बे जाना है। मुझे याद है जब बॉम्बे में मेरी फ्लाइट लैंड हो रही थी तो मेरे फोन में [हंसी] गाना था और मैं वो सुनते-सुनते लैंड कर रही गांधा कर हर मैदान फतेह और [हंसी] मुझे ऐसा लग रहा था जंग जीत क्योंकि वही बात है पता है कुछ लोगों के लिए मैं अपने दोस्तों को जो मुंबई के हैं उन्हें यही बताती हूं कि भाई हमारे लिए तो मुंबई आना ही सपना था भाई पहला सपना तो यहीं पूरा हो गया कि हम मुंबई आ गए उसके बाद शुरू किया है बाकी सपने देखने तो आई थिंक या तो पर जो सपने मतलब पेरेंट्स को पता था सपनों के बारे में कि पेरेंट्स को एकदम
(06:24) आईडिया नहीं था कि मेरी बेटी जा रही है सिर्फ पढ़ाई करने नहीं नहीं उन्हें पता था तो मेरे पापा को मैंने मैंने एक्टिंग का बताया था। टू बी ऑनेस्ट राइटिंग वास नेवर कि मेरा फर्स्ट प्लान नहीं था क्योंकि उस टाइम मुझे दिखते नहीं थे ऐसे कोई पोएट्स या सोई टेलर्स जो कमा रहे हैं इस चीज से। पर उस समय आप लिखते थे। मैं लिखती थी। मैंने ओपन माइक्स भी शुरू कर लिए थे। बट दैट वास जस्ट फॉर फन। मेरी दोस्त ने पूछा भी था कि तुझे ये करना है लाइफ टाइम। तो मैंने कहा नहीं यार तो एक्टर बनना है क्योंकि एक्टर्स का पता है। मैंने उनको फेमस देखा है। मैंने उनको पैसे
(06:49) कमाते हुए देखा है। पोएट स्टोरी टेलर कोई विटनेस ही नहीं था हमारे सामने। हम तो घर वालों को बोला था एक्टर का और पापा ने मुझे ये कहा था मैं बचपन से कत्थक सीखती थी। तो उन्होंने कहा कि कत्थक में कुछ कर लो। हां। कत्थक भाई कुछ कर लो क्योंकि उनका था कि एक्टिंग में तुमने कुछ नहीं किया है। तुम्हें जीरो से शुरू करना पड़ेगा। कुछ नहीं किया था। कुछ भी नहीं किया। सिर्फ थिएटर किया था भोपाल में वो भी एक प्ले किया था। दैट्स इट। और कुछ नहीं किया था। सीखी भी नहीं थी एक्टिंग कहीं से। बट मुझे लगता था कि मैं बहुत कमाल की एक्टर हूं जो कि मुझे अभी भी
(07:14) लगता है। [हंसी] तो इसी चीज को लेके बॉम्बे आए। उसके बाद मेरे को ये वाला लाइफ जानना है कि जब आपका कॉलेज चल रहा था और आप ऑडिशनंस दे रहे थे। तो दिमाग में उस समय क्या चल रहा था कि प्रेशर पहले दिन से आ गया था दिमाग में कि मेरे को ऑडिशनंस क्रैक करने हैं। मेरे को एक्टिंग में जाना है कि थोड़ा लेट बैक थे कि हां चलो मेरा कॉलेज तो कम से कम कॉलेज खत्म हो जाएगा उसके बाद मैं सोचूंगी अगर मिला या ना मिला। नहीं नहीं मुझे ये था कि मेरे घर वालों ने भी यही बोला था इनडायरेक्टली और मुझे भी पता था कि मेरे पास ये मास्टर्स के दो साल है। मास्टर्स 2 साल की होती है और यही 2
(07:45) साल हैं कुछ करने के लिए। अगर इसमें कुछ ऐसा हो गया जिससे यह प्रूव हो गया कि मैं बॉम्बे में टिक सकती हूं तब तो ठीक है। वरना शायद 2 साल बाद मुझे वापस दिल्ली जाना पड़े मेरे पेरेंट्स के पास और वहां कोई नौकरी पकड़नी पड़े। तो 2 साल ही थे और वो 2 साल का एक-एक दिन मुझे ऐसा लगता था कि अभी यह कर लूं, अभी वो कर लूं, अभी यह भी करना है। दैट्स दैट वाज़ द रीज़न कि मैंने बहुत सारी चीजें करनी शुरू कर दी थी। कंटेंट भी बना रही थी, YouTube वीडियोस भी बना रही थी। पोएट्रीज भी कर रही थी, ओपन माइक्स भी कर रही थी, ऑडिशनंस भी देने चली जाती थी। क्योंकि वो वो थी,
(08:12) बेताबी थी कि जल्दी से कुछ हो जाए। सो दैट मैं यहां टिक पाऊं। तो वो फाइट थी बॉम्बे टिकने की। तो गुंजन आपके लिए सपने क्या है? सपने यार पहले मैं बहुत सपने-सपने करती थी जब मैं भोपाल से निकली थी। बट मुंबई आके पता नहीं यहां के लोगों से बात हुई या क्या हुआ बट मेरा पर्सेक्टिव बहुत बदल गया। तो मैं सपनों को अब सपना ना बोल के गोल्स ही बोलती हूं। बिकॉज़ मुझे लगता है कि सपने कभी-कभी अधूरे रह जाते हैं। गोल्स फिर भी पूरे हो जाते हैं। क्योंकि अगर आपने जैसे सोचा है कि आप 100 मीटर भाग लोगे। तो 100 मीटर जिसने सोच लिया है वो 50 मीटर तो भाग
(08:45) ही लेगा कम से कम। तो मुझे लगता है गोल फिर भी सही है। सपना सुन के वही आ जाता है कि सपना है ये मेरा। अब क्या पता हो ना हो पाए। गोल आप आप लैंग्वेज में भी सुन लो। अगर मैं बोलूं ये मेरा गोल है। आपको लगेगा कि हां अचीवेबल है। ये मेरा सपना है। तो बोलोगे कि वाह देखो। हां। लेट्स सी। आई होप आपका पूरा हो जाए क्योंकि यू नेवर नो। तो मैंने गोल्स बोलना शुरू कर दिया। मुझे लगता है जब से मैंने गोल्स बोलना शुरू किया है सपने जो थे वो अब गोल बन के पूरे भी होने लगे हैं। सो या उस छोटी गुंजन का क्या-क्या क्या-क्या मैं उस समय तो सपने बोलते थे आप।
(09:15) हां। ठीक है? तो उस समय छोटी अगर आप छोटी गुंजन को देखोगे तो उस छोटी गुंजन के क्या-क्या सपने थे? यार उसके सपने तो बहुत बड़े थे। मतलब मुझे तो सब बनना था। मुझे बस सारी शोषाबाजी वाली चीजें पसंद थी। पहले मेरा मन किया कि मैं एयर होस्टेस बन जाऊं क्योंकि वो इतनी सुंदर लगती हैं। यू नो और फिर मेरे को लगा कि मैं मॉडल बन जाऊं। मिस इंडिया वगैरह में जाऊं। तो मुझे पता चला मेरी हाइट ही कम है। उसमें 56 कुछ चाहिए थी। मैं 53 हूं। फिर एक्टिंग का आया। तो सपने सारे ऐसे ग्लैमर वाले थे। बट आप मुझे बाहर लोगों के साथ देखोगे तो आपको लगेगा कि भाई
(09:43) ये बच्चा तो एक शब्द नहीं बोल पा रहा। ये क्या कर पाएगा? क्योंकि मैं कम बोलती थी बचपन से। और फिर ये हमारे घरों में बहुत होता है ना रिलेटिव्स वगैरह आप पे टैग भी लगा देते हैं कि ये तो बहुत शाय है। शाय है। तो मैं नहीं मुझे तो पता भी नहीं था शाय क्या होता है। बट जस्ट बिकॉज़ लोगों ने इतनी बार बोल दिया कि गुंजन बहुत शाय है। गुंजन बहुत शाय है। मैंने भी मान लिया कि हां मैं शाय तो हूं। और फिर जब मान लिया तो फिर मैं वैसे ही रहने लगी। मैंने बोलना ही छोड़ दिया। तो मुंबई आके मुझे ये प्रॉब्लम भी बहुत हुई थी क्योंकि यहां पे लोग काफी वोकल हैं अपने बारे में। है ना?
(10:08) तो मैंने इंटर्नशिप्स वगैरह ज्वाइन की थी। तो मैं उस पे बोल ही नहीं पाती थी यार। मतलब मीटिंग बैठी है टीम और मेरे पास हैं आइडियाज हैं। बट मेरे मुंह से निकलता ही नहीं था। तो इस वजह से काफी इंटर्नशिप्स हैं। मुझे दो-द दिन में निकाल दिया गया कि वी विल कॉल यू बैक। [हंसी] सो या तो ओवर द ओवर द लास्ट 10 इयर्स गुंजन। ठीक है? आप अभी जहां पे हो लाइक आप ओपन माइग्स करते हो। आप ट्रैवल करते हो। तो आप अपना काम आई एम श्योर यू लव व्हाट यू आर डूइंग ऑफ कोर्स या लाइक यू लव इट या एंड अगर कुछ और अगर ये नहीं होता आज के दिन अगर पोएट्री नहीं होती आज के दिन ओपन
(10:41) माइक नहीं होता तो आप क्या कर रही होती तो फिर मैं स्ट्रगलिंग एक्टर होती [हंसी] कर तो यही रही होती मुझे लगता है कि घर वाले घर वालों का प्रेशर शायद बहुत होता अभी जैसे नहीं है अभी उनको लगता है कि ठीक है ये अच्छा कमा रही है अच्छा कर रही है लेट हर डू इट बट तब शायद प्रेशर बहुत होता बट मुझे लगता है कि मैं कुछ कुछ और कर ही नहीं सकती यार। मतलब मेरे अंदर बसता है कि मैं कलाकार ही रहूं और अगर रेगुलर मतलब मुझे पता है नौकरी पे जाके प्रॉब्लम क्या होती है। मैं किसी भी नौकरी पे जाती थी तो मुझे लगता था कि मैं इस इंसान के विज़न के
(11:12) लिए क्यों मेहनत कर रही हूं। मेरे दिमाग में बस यही आता था कि इसका भला होगा ना ये तो आपने जॉब किया हुआ है। मैंने फिल्टर कॉपी में जॉब किया एक साल। अ हां आई थिंक दैट वास द ओनली जॉब। उसके अलावा मैंने ऐसे इंटर्नशिप्स वगैरह की। और क्या क्या रोल में जॉब किया था? फिल्टर कॉपी में आई वास कास्टिंग एसोसिएट। तो मैं लोगों के ऑडिशनंस लेती थी। मेरे खुद तो क्रैक नहीं हो रहे थे। तो मैंने कहा मैं ले लेती हूं। यह कितना अजीब सा बहुत अजीब है। तो आपको समझ में आता है। मुझे समझ में आया था कास्टिंग करके कि इट इट इज़ एक्चुअली नॉट अबाउट एक्टिंग टू बी
(11:38) वेरी ऑनेस्ट। एक्टिंग इज अ सेकेंडरी थिंग। अगर मैं मैं डायरेक्टर हूं। मैंने मैंने मैं एक ऐड बना रही हूं। मेरे दिमाग में ऑलरेडी एक चेहरा है। मुझे उससे मिलताजुलता जो चेहरा मिल गया, जो पर्सनालिटी मिल गई, तो मैं उसको लॉक कर दूंगी। एक्टिंग तो डायरेक्टर्स निकलवा लेते हैं। इतनी कोई बड़ी चीज नहीं है एक्टिंग। तो मुझे उस टाइम यह समझ में आया था कि इट्स अबाउट वो राइट प्लेस, राइट टाइम वाली बात ज्यादा है मोर देन एक्टिंग। एंड ऑफ कोर्स एक्टिंग इज़ेंट लेकिन वो सेकेंडरी मैं कहूंगी। फर्स्ट यही है कि आप वो डायरेक्टर के विज़न में अगर आप जम गए तो फिर वो आप पे मेहनत
(12:07) कर लेगा। वो आपको 3 महीने की वर्कशॉप दिलवा देगा। सब कर लेगा वो आप पे। बस वो विज़न में अटकना चाहिए चेहरा। इतने सारे लोग ना ऑल ओवर इंडिया से बॉम्बे आते हैं। कुछ दिन एक सपना ले लेके आते हैं। आई थिंक मैं भी उनमें से एक ही हूं कि जो जस्ट वन एंड हाफ मंथ्स व्ह मैं बॉम्बे शिफ्ट हुआ हूं। आई थिंक बहुत सारे लोग एक सपने के साथ आते हैं कि मेरे को एक्टर बनना है। मेरे को मूवी में घुसना है। मेरे को कुछ बड़ा करना है। मेरे को पैसे कमाने हैं। वो सपने सबके पूरे होते हैं। यार सबके तो नहीं होते ऑफ कोर्स। मतलब मेरे परिवार का ही एक इंसान है जो बॉम्बे
(12:39) आए थे मुझसे पहले। अ उनको भी शायद एक साल कुछ दिया गया। एंड एक साल में ही डिड वेल। ही डिड डीडी डीडी नेशनल वगैरह के शोज़ वगैरह कुछ-कुछ किए उन्होंने। और आई एम श्योर वो और बेहतर कर सकते थे बट उनको टाइम नहीं मिला तो उनको वापस जाना पड़ा। नाउ अब अब उस बात को हो गए हैं 10 साल वो नॉर्मल नौकरी कर रहे हैं दिल्ली में। एंड यू नो ही ट्राई कभी-कभी कि मैं YouTube पे कुछ कर लूं। बट टाइम नहीं निकल पाता नौकरी की वजह से। तो आई जब भी मैं उन्हें देखती हूं तो मुझे मुझे दिखता है कि वो अधूरा सपना है उनके अंदर। जस्ट बिकॉज़ उनके घर वालों ने टाइम नहीं दिया। तो यार बहुत
(13:08) चीजों का फर्क पड़ता है। मुझे लगता है आपको कितना टाइम दिया जा रहा है। आपके पेरेंट्स कितने सपोर्टिव हैं। आपके पास पैसा आ रहा है नहीं आ रहा है। कुछ साल तो आपके पेरेंट्स ही आपको सपोर्ट करेंगे ना जब आप कुछ नहीं कमा रहे। तो वो सब चीजें बहुत जरूरी हैं। तो बहुत सपने रह जाते हैं अधूरे। एंड आई थिंक लोग उनके साथ फिर यू नो वो भी कर लेते हैं, समझौता भी कर लेते हैं कि ठीक है हमने एटलीस्ट ट्राई किया। लेकिन मुझे लगता है ट्राई करना जरूरी है। क्योंकि ट्राई करके अगर आपका नहीं भी हुआ तो एटलीस्ट आप बोल सकते हो कि चल मैंने मौका तो दिया था। मौका ही नहीं दिया तो
(13:35) फिर भाई बुढ़ापे में बहुत दुख होता है। इस बात का मुझे लगता है। गुंजन अगर आज आज के दिन मतलब जिस सपने के साथ आप आए थे अगर वो सपना बाय चांस नहीं होता हम मतलब बॉम्बे आके वो सपना पूरा नहीं हो पाता हम तो कभी सोचा है इसके बारे में क्या अगर मैं बॉम्बे आई हूं अगर मेरे सपने पूरे नहीं हुए मैं जो चाहती थी वो नहीं हो पाता तो मैं कहां जाती मैं क्या करती यार टू बी वेरी ऑनेस्ट मेरे दिमाग में कभी नहीं आया ये मतलब मुझे हमेशा से लगता है मतलब जब एक बार मुझे रेडियो मिर्ची ने रिजेक्ट किया था कि फॉर दी आरजे थिंग कुछ हो रहा था एज अ जॉब एज अ जॉब मैंने जॉब अप्लाई किया था तो
(14:13) वहां पे ग्रुप डिस्कशन वगैरह हुआ अगेन मैं ग्रुप डिस्कशन में बोल नहीं पाई तो उन्हें लगा होगा कैसा आरजे है कुछ बोल नहीं पाता है मुझे उस राउंड में निकाल दिया गया तो मैंने अपनी डायरी में आकर लिखा था कि आई गॉट रिजेक्टेड फ्रॉम रेडियो मिर्ची और वो लिखते वक्त भी ना मुझे यह पता था कि कभी किसी दिन मैं रेडियो मिर्ची भी पे जाऊंगी ना जबकि उस वक्त कुछ नहीं है मेरी जिंदगी में ठीक है कला मेरे कुछ फॉलोवर्स नहीं है कुछ नहीं है बट वो लिखते वक्त भी मेरे दिमाग में था कि कभी जाऊंगी तो उन्हें बताऊंगी तो मुझे हमेशा से ना यह मैड बिलीव
(14:36) रहा है कि कुछ कुछ तो बढ़िया ही हो जाएगा मेरे साथ। कभी गई हो उसके बाद? नहीं यार अभी तक नहीं बुलाया उन्होंने। बट मे बी ये देखकर। बट मतलब मैं वही कह रही हूं कि हर चीज मैंने इतनी ज्यादा जैसे बिलबोर्ड वाला भी हुआ। वो बिल बोर्ड देख के मुझे इतनी मतलब मुझे आई वास हैप्पी। बट मुझे ऐसा नहीं लगा कि वो क्या हो गया? बिकॉज़ यहां पे मैंने इतनी बार बिल बोर्ड्स देख लिए हैं। मैं रो चुकी हूं वो ग्रेटफुल फील करके कि ओह माय गॉड मेरे बिल बोर्ड्स लग गए हैं। जब नहीं लगे थे। तो जब वो हुआ तब ऐसा लगा कि हां होना ही था। मतलब उस समय कैसा फील होता है? क्योंकि आई
(15:02) थिंक जब आप जिस चीज के बारे में सोचते हैं ज्यादा कि बिलबर्ड लग जाए मेरे मेरे बॉम्बे में बिलबर्ड हो एक बिलबर्ड हो ऑन स्पॉट जब खड़े हो के आप बिलबोर्ड देखते हो और उस समय कैसा फीलिंग आता है आर यू रियली प्राउड ऑफ योरसेल्फ हम आर यू लाइक कि आई मेड इट इन लाइफ दिस इज व्हाट आई वांटेड कि वो कुछ अधूरापन फिर भी रहता है कि चलो लग गया सो वो चीज को आप सेलिब्रेट करते हो कि वापस आगे का सोचने लग जाते हो आई ऑलवेज सेलिब्रेट लाइक मैं तो अपनी हर चीज सेलिब्रेट करती हूं जब भी कुछ होता है तो मैं कुछ चाहे मैं कैसे भी करूं मैं दोस्तों के साथ बाहर जाके उन्हें ट्रीट दे
(15:34) दूं या कुछ भी करूं आई ऑलवेज सेलिब्रेट बट एट द सेम टाइम मैं जैसे कि बता रही हूं ना कि मैंने ऑलरेडी इतना कुछ सोच रखा है ना यहां पे कि इतनी बार मैंने मेडिटेशन में बैठ के बिल बोर्ड्स देख लिए अपने और जो वो खुशी थी जो वो रोना निकलता है देख के कि क्या देख लिया ओह माय गॉड आई हैव मेड इट एंड ऑल ऑफ़ दैट वो सब ऑलरेडी मेरी मेडिटेशन में मेरे उसमें हो चुका है तो अब जब मैं देखती हूं तो मुझे लगता है कि हां पता ही था मतलब गुड फॉर गुड फॉर मी ऐसा करके तो हल्की सी खुशी होती है एंड प्राउड फील होता है बट देन आई मूव ऑन बिकॉज़ वो हो चुका है। अब जो और चीजें हुई थी उनको लेने
(16:05) जाना है। तो वैसा रहता है। और एक और एक एक और मेरे को बहुत इंपॉर्टेंट चीज पूछना था कि कभी एक ऐसा मोमेंट आया है लाइफ में मतलब मेरे लाइफ में आया हुआ है। तभी मैं पूछ रहा हूं कि एक ऐसा मोमेंट आया हुआ है जहां पे यू थॉट समवेयर कि हां आई हैव डन समथिंग इन लाइफ। कि एक ऐसा पर्टिकुलर मोमेंट कुछ भी हो सकता है वो। आई हैव डन समथिंग इन लाइफ। मैं अपना एग्जांपल देता हूं मे बी यू विल गेट इन अंडरस्टैंडिंग। तो बचपन में ना मैं नवेल्स आई एम आई यूज्ड टू रीड अ लॉट ऑफ़ नवेल्स और मैंने सबसे पहली नवेल ना एक ऑथर की पढ़ना स्टार्ट किया एंड जैसे वो मैंने नवेल खत्म की एंड आई
(16:39) वास जस्ट क्राइंग इट वाज़ अ रोमांटिक नवेल एंड नवेल खत्म होने के बाद मेरे दिमाग में सिर्फ ये था यार ये क्या बंदा है लाइक दैट ऑथर कि द एक्चुअल ऑथर ऑफ़ दैट नवेल कि ही इज़ अमेजिंग लाइक मेरे को जेनुइनली इससे मिलना है बट इट इज़ नॉट इट आउट पॉसिबल आई वाज़ इन 10थ ग्रेड एंड थिंकिंग अबाउट ये ऑथर से मैं कैसे मिलूंगा, कैसे क्या करूंगा मतलब वो सिर्फ थॉट था एक हम एंड जस्ट फ्यू मंथ्स बैक आई डिडन आई डिड अ पॉडकास्ट एपिसोड विथ दैट ऑथर तो आई थिंक दैट इज व्हेन आई रियलाइज्ड कि यार शेंकी यू हैव कम समवेयर वो गूस बम्स आ रहा है ये बोल के बिकॉज़ दिस इज वेरी बिग
(17:20) फॉर मी कि एक बंदा जो एक बच्चा जो क्लास में नॉवेल पढ़ के ऐसे ये सोच रहा था कि यार ये ऑथर इतना बड़ा ऑथर हम कैसे रीच आउट करूं या कैसे आई डिड एन एपिसोड विथ हिम एंड आई एम लाइक दैट इज व्हाट लाइफ इज दैट इज व्हाट यू थिंक अबाउट एंड जो सपने आप देखते हो जो आप सोचते हो वो पूरे होते हैं दैट इज हाउ यू फील सो दैट इज द डे आई रियलाइज कि यार शेंकी यू हैव कम समवेयर लाइक नॉट कहां जाना है बट समवेयर सो ऐसा मोमेंट आपकी लाइफ में ऐसा क्या हुआ है यार मेरे ना एक तो बहुत मोमेंट्री होते हैं कि मुझे एकदम से लगने लगेगा कि वाह यार क्या कमाल की कमाल कर लिया मैंने लाइफ
(17:59) में लेकिन फिर वो बहुत जल्दी मूव ऑन हो जाता है। बट मुझे लगता है कि जिस दिन मैं शाहरुख खान से मिल लूंगी उस दिन आई कैन से कि आई हैव मेड इट इन लाइफ [हंसी] बट मतलब ना मेरा मेरे दिमाग में मैं बहुत ही कुछ क्रेजी सोच के बैठी हुई हूं। मतलब मुझे मेरे जो हस्बैंड है वो कई बार बोलता है कभी हम बात कर रहे हैं और मैं लो हूं। तो वह मुझे ऐसे बोलता है कि तुम तो ऑलरेडी कितना बवाल कर रही हो अपने करियर में। जस्ट लुक एट वेयर यू हैव कम यह वो यह। और क्या चाहिए तुम्हें? ऐसे-से करके बोलता है कि मतलब कितना कुछ तो हो रहा है वो तो देखो। तो मैं उसको भी यही बोलती हूं कि
(18:29) जिस दिन मेरे घर के बाहर भीड़ लगने लगे ना लोग चिल्लाने लगे गुंजन गुंजन उस दिन बोलना कि और क्या चाहिए तब तक बहुत कुछ चाहिए मुझे। सो आई थिंक या मतलब इतना कुछ इतना क्रेजी सोच रखा है कि हंसी भी आ जाती है कभी-कभी कि क्या ही सोच लिया है भाई कैसे [हंसी] होगा? बट हां इसलिए शायद अभी तक ऐसा लगा ही नहीं। गुंजन एक लड़की के लिए सपने देखना क्या होता है? मैंने कुछ दिन पहले ही डाला था जब अभी वर्ल्ड कप जीती हैं हमारी लड़कियां तो उसी दिन मैंने अपने ब्रॉडकास्ट पे डाला था। मुझे लगता है कि यार कोई कुछ भी कहे बट लड़कियों के लिए सपने देखना थोड़ा और टफ
(19:00) है बिकॉज़ आपको हर कहीं कभी-कभी बता दिया जाएगा कि भाई सुनो आप लड़की हो। जरा आप थोड़ा संभल जाओ। एंड इतने बड़े सपने मत देखो यह सब। तो आई थिंक सपने देखना थोड़ा सा टफ रहता है। बट अगेन मुझे बहुत इश्क है उन लड़कियों से जो यू नो बड़े सपने देख रही हैं। अपने सपनों पे काम कर रही हैं। बिकॉज़ आई नो कि वो टफ है। लोग कहते हैं शादी के बाद टफ है बट मुझे लगता है शादी से पहले भी टफ है। क्योंकि आपसे बहुत ज्यादा उम्मीदें की जाती हैं कि बेटा आप इतने पैर मत फैलाओ। उसप मैंने कुछ लिखा था कि बड़े सपनों के साथ मैं निकल पड़ी हूं आदर कमाने। बड़े सपनों के साथ मैं निकल पड़ी
(19:35) हूं आदर कमाने। सब कहते हैं पैर उतने ही फैलाओ जितनी चादर है। तो मैं निकल पड़ी हूं अपने लिए नई चादर लाने। ओ [हंसी] तो अब मैं सबको यही बोलती हूं कि मैं तो चादर खरीद ली अपनी बहुत बड़ी। दिस इज सो ब्यूटीफुल विंजन। [हंसी] थैंक यू। सबसे ज्यादा दर्द कब होता है जब सपने पूरे नहीं होते कि जब प्यार पूरा नहीं होता। मुझे लगता है कि सबके लिए अलग है। एक तो यह बात बट मेरे लिए मुझे मुझे ऐसा लगता है कि जब आपका प्यार अधूरा रह जाए और आप उस वक्त कहीं गलत जगहों पे ना जाकर अपने सपनों पे काम कर लो। अपने गोल्स पे काम कर लो तो वो एकदम स्पीड पकड़ लेते हैं ऊपर की
(20:13) तरफ। ऐसा मुझे लगता है। मुझे लगता है कभी हुआ है ऐसा यार हां मतलब व्हेन आई वेंट थ्रू हार्ड ब्रेक आई थिंक 2018 और 19 सेम टाइम व्हेन आई वास व्हेन आई वास हियर अ तब मुझे समझ में आया था कि आई हैड ऑप्शंस कि भाई या तो तुम फालतू की चीजों में लग जाओ यू नो कुछ-कुछ करने लगो टाइम पास करने लगो या फिर तुम अपनी सारी एनर्जी उस पे डाल दो। बट यह है कि तब मुझे नहीं पता था कि आई एम चूजिंग दिस ऑप्शन। तब यह था कि मैं इतनी ज्यादा मेंटली एग्जॉस्टेड थी कि मुझे लगा कि आई हैव टू थिंक समथिंग एल्स। तो मैंने अपने को दो-दो इंटर्नशिप्स में डाल दिया।
(20:43) आई वास वर्किंग सो मच। एंड मुझे लगता है कि वो जो मैंने उस वक्त काम किया मतलब यह था कि एंबरेसमेंट होती थी। मैं बहुत शाय थी। बात नहीं की जाती थी। बट स्टिल आई वास पुशिंग मसेल्फ बिकॉज़ मुझे था कि मुझे उन थॉट्स से दूर जाना है। तो उस वक्त जो मैंने अपने करियर पे काम किया ना मुझे लगता है कहीं ना कहीं उसी ने मुझे आगे धक्का दिया है। एंड या तो एक एक पोएट के लिए हार्ट ब्रेक होना बहुतेंट होता है क्या? यह लोग बोलते हैं बट मुझे लगता है कि हार्ट ब्रेक ही नहीं सब कुछ ही बहुत इंपॉर्टेंट है। प्यार भी बहुत इंपॉर्टेंट है। आपको प्यार फील ही नहीं हुआ है तो आप
(21:13) लिखोगे कैसे? प्यार के ऊपर। हार्ट ब्रेक को बस बहुत ग्लैमराइज कर दिया है। बट एट द सेम टाइम मुझे लगता है जैसे कि मैंने कहा कि हार्ट ब्रेक में आप इतने ज्यादा डीपली कुछ हर्ट होते हो ना आपको इतना ज्यादा डीपली फील हो रहा होता है। तो अगर उस वक्त आप कुछ भी लिखो या कुछ भी करो तो उसमें बहुत सारे रस निकल के आ जाते हैं। तो मेरी तो उस वक्त की कविताएं बहुत ही वायरल गई थी। मैं इस पर लिखा था कि तेरी बेवफा बेवफाई पर लिखे शेर पढ़े तो आशिकों की शाम बन गई। तेरी बेवफा बेवफाई पर लिखे शेर पढ़े तो आशिकों की शाम बन गई। अच्छा हुआ चला गया तू। तेरी बेवफा बेवफाई पे लिख के
(21:45) मैं कामयाब बन गई। ओ [हंसी] तो ये मुझे तो मैंने तभी लिखा था। ये तो मुझे लगा कि हां यार बढ़िया चीज है। आई थिंक गुंजन जो तुम बोल रही हो ना एकदम मेरा जो आई वास नेवर अ कंटेंट क्रिएटर। ठीक है। मैं कभी कंटेंट क्रिएशन में घुसा नहीं था। मैं एक बार हार्ट ब्रेक हुआ था मेरा 20 17 के करीब। ठीक है? तो तब मैं लिखना स्टार्ट किया था। सो आई एम आल्सो बेसिकली अ राइटर जो सिर्फ नॉट इन अ वेरी पोएटिक वे बट या सिर्फ आई जस्ट यूज्ड टू राइट व्हाटएवर आई यूज्ड टू फील। सो मेरी जर्नी वहां से स्टार्ट हुई एंड देन इन 22 और 23 मैं Instagram पे ना अपने
(22:28) इंग्लिश में कोट्स लिखता था लव रिलेटेड वो डालने लगा। हम एंड दैट इज हाउ आई गॉट इनटू कंटेंट। सो मैं पहले राइटिंग्स लिखता था फिर धीरे-धीरे फिर रील्स बना रील्स का चीज आ गया। एंड देन आई स्टार्टेड मेकिंग रील्स एंड ऑल। तो मेरी जर्नी भी इसी से स्टार्ट हुई है। लाइक कि बहुत लोगों की इसी से हुई है। जो हार्ड ब्रेक होके जाता है। एंड आई थिंक दैट एक्चुअली पुश यू। पुश यू। या मतलब आई डोंट नो क्या आ जाता है यार। यार किसी किसी के अंदर रिवेंज वाली भावना आ जाती है। मेरे अंदर रिवेंज तो नहीं था। मेरे अंदर बस यही मुझे तो मेनली डिस्ट्रैक्ट करना था खुद को। और
(22:57) डिस्ट्रैक्ट करने का एक रास्ता यही था कि मैं बहुत काम करती हूं। मैंने बहुत ओवरवर्क किया उस टाइम। मेरी हेल्थ भी बहुत खराब हुई थी। बिकॉज़ ऑफ़ दैट मतलब व्हिच आई रिग्रेट बट स्टिल आई फील कि उस वक्त काम करना बहुत जरूरी था और उस काम ने मुझे बहुत धक्का दिया है आगे। ये एक मैसेज सबके लिए बिकॉज़ बहुत सारे जो मेरे व्यूअर्स हैं जो देखते भी हैं वो आई थिंक दे आर हार्ट ब्रोकन और दे आर गोइंग थ्रू हार्ट ब्रेक। तो एक मैसेज उनके लिए कि इफ दे आर हार्ट ब्रोकन एट दिस पॉइंट। अगर अभी उन लोग का दिल टूटा हुआ है तो क्या कर सकते हैं उन लोग अपनी लाइफ को
(23:25) बेटर करने में? हाउ कैन दे गेट इंटू समथिंग गुड और हाउ कैन दे मूव ऑन फ्रॉम दैट हार्ट ब्रेक राइट नाउ? यार आई जस्ट मैंने बहुत टाइम पहले एक लाइन लिखी थी व्हिच आई थिंक गोज़ वेरी वेल फॉर दिस। ऑलमो बस एक लाइन है। कुछ टाइमिंग नहीं है, कुछ नहीं है कि चलो ख्वाब पूरे करते हैं। चलो ख्वाब पूरे करते हैं। इश्क शायद अधूरा ही अच्छा है। [हंसी] गुंजन यार। आई एम सो लविंग इट यार। इट्स लाइक कि मैं ना बैठा हुआ हूं। एक मैं एक पोएट्री शो देख रहा हूं। एंड इट इज एंड योर वर्ड्स नो आई स्टार्टेड फॉलोइंग यू। व्हेन आई स्टार्टेड फॉलोइंग यू। बेसिकली
(24:02) एक रील ही आया था। एंड द वे यू टॉक द वे यू एक्सप्रेस योर फीलिंग्स बहुत सूदिंग लगता है सुनने में एंड जो वर्ड्स आप पिक करते हो लाइक एक्सक्टली जो जो वर्ड्स यूज करते हो इट्स अ मास्टर पीस दैट यू आर मेकिंग टू बी ऑनेस्ट आई हैव ऑलवेज अडोड योर वर्क और आई हैव ऑलवेज लव योर वर्क एंड इट्स इट्स सो हैप्पी आई एम सो हैप्पी कि ये सब सामने बैठ के सुन रहा हूं [हंसी] मैं तुमसे थैंक यू यार सो स्वीट ऑफ थैंक यू सो मच। तो अब हम लोग ना इससे रिलेटेड करते हुए अब हम लोग जाते हैं थोड़ा प्यार की तरफ। हां। ठीक है। सबसे पहले प्यार क्या है आपके
(24:43) लिए? प्यार क्या है? प्यार दोस्ती है। बट आई जेनुइनली फील है। आई जेनुइनली फील दैट कि प्यार दोस्ती ही है। अ मैंने अपने इंगेजमेंट पे भी जब स्पीच देते हैं ना लड़का लड़की तब भी मैंने यही स्पीच दी थी कि मुझे लगता है कि अगर कभी प्यार डगमगाया भी हम दोनों के बीच, तब भी हमारी फ्रेंडशिप इस रिश्ते को बचा लेगी। बिकॉज़ वी आर फ्रेंड्स, वी वांट टू टॉक टू ईच अदर, वी वांट टू हैव फन विद ईच अदर, वी वांट टू वाच मूवीस टुगेदर, वी वांट टू शेयर अबाउट आवर डेज़ टुगेदर। तो आई थिंक बहुत जरूरी है दोस्त। मुझे लगता है हर रिश्ते में दोस्ती जरूरी है टू बी ऑनेस्ट।
(25:14) हर जो भी आपका प्यार का रिश्ता है, अगर आपके पापा के साथ है, मम्मी के साथ है तो उसमें भी भले ही दोस्ती का लेवल थोड़ा कम हो कि आप हर चीज़ नहीं बता सकते। बट थोड़ी दोस्ती जहां पे रहेगी ना, वहां पे ईज़ रहेगा। और जहां पे ईज़ रहेगा, वहां रिश्ते निभाने आसान हो जाएंगे। और जहां रिश्ते निभाने आसान हो जाएंगे, तो वह लंबे चल पाएंगे। तो आई थिंक ये पूरा एक सर्कल है जो दोस्ती पे आके टिकता है। मेरे को लग रहा है कि तुम बहुत बड़ी शाहरुख खान फैन हो। [हंसी] आई एम आई लव शाहरुख खान। तो शाहरुख खान प्यार के बारे में जितनी भी मूवीस करता है एंड वी नो हिम एज दी गॉड ऑफ़
(25:46) लव। ओके। तो शाहरुख खान आपको आपके रिलेशनशिप में अगर अभी आपकी शादी हो गई है। सो व्हाट हैज़ शाहरुख खान टॉट यू अबाउट लव इन योर रिलेशनशिप? यार मोर देन लव टू बी ऑनेस्ट मतलब मैंने शाहरुख खान जैसा लव लव के बारे में कभी इंस्पिरेशन ली नहीं है बिकॉज़ मूवीज़ ऑफ कोर्स उनकी मूवीज़ हैं बट दे आर रिटन बाय समवन एल्स इट्स नॉट शाहरुख खान हु इज़ राइटिंग देम। अ बट एज अ पर्सन मैंने उनसे बहुत इंस्पिरेशन ली है कि मुझे वो जो विटीनेस है ना आई एम ट्राइंग टू प्रैक्टिस दैट बिकॉज़ हमारे साथ अभी कम लेवल पे होता है बट उनके साथ तो बहुत हुआ है कि इंटरव्यूज हो रहे हैं और किसी ने कुछ
(26:22) रैंडम सवाल बोल दिया तो यू कांट एकदम से रिएक्ट लाइक दिस कि यार ऐसे कैसे बोल दिया जस्ट जस्ट गिव देम अ विटी आंसर एंड मूव ऑन फ्रॉम इट तो दैट इज समथिंग आई रियली वांट टू लर्न फ्रॉम हिम आई रिमेंबर वन ऑफ हिज इंटरव्यूज यहां पे किसी अह इंटरव्यू ने पूछा था उससे कि अगर आपका नाम एसआरके के बदली ऐसा ऐसा कुछ बोला था कि आपका कुछ होता तो उसने बीच में ऐड किया था शाहरुख राधा कृष्ण हां या या या आई रिमेंबर ही इज़ जस्ट सो मतलब एंड ही इज़ वेल रेड उन उन्होंने इतनी बुक्स पढ़ी हुई हैं। मतलब उनके बहुत सारे इंटरव्यूज देखे हैं। उन्होंने इतनी
(26:56) किताबें पढ़ी हुई हैं। उन्होंने मतलब आई रेड वन बुक अबाउट हिम। तो उसमें भी था कि उन्होंने बचपन से ही इतने थिएटर्स देख थिएटर प्लेस देखे हैं। सो उनकी ना वो नॉलेज बहुत है। तो मुझे लगता है जब भी कोई नॉलेजेबल इंसान बात करेगा ना तो वो आपको अलग से समझ में आएगा। एंड आई थिंक दैट इज अ वै स्टंग पावर टू हैव एंड ही हैज़ इट। उसके साथ गुंजन यू आर मैरिड नाउ ओके एंड आई वांट टू नो अबाउट योर मैरिड लाइफ। [हंसी] ओके ओके तो सबसे पहले वी नो द स्टोरी हम लोग को पता है कि आप कैसे मिले हो एंड आई थिंक पूरा इंटरनेट को पता है ये ये स्टोरी कि आप लोग कैसे मिले हो एंड हाउ एवरीथिंग
(27:28) हैपेंड। ठीक है? पर मेरे को वह चीज टच नहीं करना है। वह सबको पता है। मेरे को बात करना है कि आपके दिमाग में प्यार का मतलब क्या था शादी से पहले और क्या हो गया है शादी के बाद? अ ओके तो शादी से पहले प्यार वास लाइक बेसिक तो सेम ही था। प्यार दोस्ती वाला कांसेप्ट मेरा सेम है कि फ्रेंडशिप इज़ वेरी इंपॉर्टेंट। बट अदर देन दैट शादी से पहले थोड़ा यह था कि फन और यह सब की तरफ ज्यादा ध्यान था। अभी आई फील शादी के बाद इट्स अबाउट टेकिंग अ स्टैंड फॉर ईच अदर एंड आई एम नॉट सेइंग टेकिंग अ स्टैंड इन फ्रंट ऑफ फैमिली और समथिंग इट्स जस्ट
(28:04) छोटी-छोटी चीजों में कभी-कभी आपको अपने आगे भी दूसरे इंसान के लिए स्टैंड लेना पड़ेगा। आपको लग रहा है कि आपके अंदर का ईगो जाग रहा है कि भाई नो दिस इज नॉट फेयर ये वही है। बट यू लव दिस पर्सन। तो आपको अपने आगे खड़ा होना पड़ेगा कि एक्सक्यूज मी वी कांट टॉक टू दैट पर्सन लाइक दैट। वी लव दैट पर्सन। एंड देन यू हैव टू टॉक पोलाइटली। तो आई थिंक अपने साथ भी बहुत सारे बैटल्स आप लड़ते हो व्हेन यू लव समवन एंड यू डोंट वांट टू हर्ट देम। बिकॉज़ हम सब अलग-अलग अब मैं तो ओनली चाइल्ड हूं। मेरा हस्बैंड भी ओनली चाइल्ड है। वी हैव नेवर डेल्ट विद
(28:33) अनदर ह्यूमन बीइंग एंड लिविंग दिस क्लोजली विद अनदर ह्यूमन बीइंग लाइक अ सिबलिंग और लाइक अ सिबलिंग। तो हम मतलब हमारे पेरेंट्स हम दोनों को देखते हैं तो वैसे ही देखते हैं कि तो सिबलिंग की तरह लड़ते रहते हैं। ऐसे जैसे-जैसे करते रहते हैं। तो आई थिंक बहुत अच्छा भी लगता है कभी-कभी। बट कभी-कभी आपको समझ में आता है कि हम दोनों को अपने पर्सनल स्पेस की इतनी आदत है कि कभी-कभी ऐसा लगता है कि अरे यार द एट दैट टाइम यू हैव टू टेक अ स्टैंड कि भाई ऐसे नहीं बात कर सकते। हमें तमीज से ही बात करनी है। तो आई थिंक वही है प्यार मुझे लगता है कि यह मैंने शादी के बाद ही
(29:00) समझा है कि प्यार इज्जत देना सबसे इंपॉर्टेंट है प्यार में। कभी-कभी आपको लव फील नहीं होगा। आपको मन भी नहीं करेगा सामने वाले से बात करने का। बट दैट डजंट मीन कि आप उससे बदतमीज़ से बात कर सकते हो। यू हैव टू ऑलवेज मेंटेन दैट रिस्पेक्ट, दैट डिग्निटी बिकॉज़ यू लव दैट पर्सन। प्यार में एक डील ब्रेकर सबसे बड़ा डील ब्रेकर क्या है कि जो एक जन को एक रिलेशनशिप में कभी एक्सेप्ट ही नहीं करना चाहिए। आई थिंक फॉर मी इट इज़ अब्यूज कि एक रिलेशनशिप आई डोंट थिंक सो यू शुड एक्सेप्ट एनी काइंड ऑफ़ अब्यूज। सो व्हाट डू यू हैव इन माइंड अबाउट?
(29:31) आई थिंक अब्यूज्ड फॉर श्योर ऑफकोर्स एंड एनी काइंड ऑफ़ अब्यूज। इमोशनल यू नो अह फिजिकल और एनी वर्बल उसके अलावा आई थिंक चीटिंग इज आल्सो समथिंग आई डेफिनेटली फील इज अ डील ब्रेकर एंड बोथ चीटिंग। इमोशनल एंड फिजिकल। तो इमोशनल चीटिंग में क्या क्या आता है अगर आप यह एक्सप्लेन करोगे? आई हैव हर्ड अबाउट इट। लाइक मुझे एक तो मैंने यह भी पढ़ा है कि स्पेशली लड़कियों को इमोशनल चीटिंग से ज्यादा प्रॉब्लम होती है। इमोशनल चीटिंग इज़ बेसिकली कि आपको प्यार हो गया किसी और से। यू हैव नॉट डन एनीथिंग फिजिकली। यू आर सेपरेटेड। बट आपको प्यार ही हो गया किसी
(30:05) से। आपको लगाव हो गया किसी से। आपको ज्यादा केयर होने लगी। आई हैव हर्ड कि लड़कियों को यह ज्यादा हर्ट करता है और लड़कों को फिजिकल चीटिंग ज्यादा हर्ट करती है। बट अगर मेरी माने तो मुझे तो दोनों ही हर्ट करती हैं। मेरे को तो है कि फिर आप निकल जाइए। और लड़के हम लड़कों का प्यार करने का तरीका अलग होता है और लड़कियों का प्यार करने का तरीका अलग होता है। लाइक आई थिंक ये बहुत लोग बोलते हैं लड़का लड़की का। बट आई थिंक पता है सबका ही अलग होता है। आप यहां पे चार लड़कियां बिठा दो और उनसे पूछो आपकी लव लव लैंग्वेज क्या है? सबकी अलग-अलग होगी। किसी को लगेगा कि
(30:35) मुझे गिफ्ट्स मिले तो मुझे लव फील होता है। किसी को लगेगा कि सामने वाला मुझसे प्यार से बात कर ले ना तो मुझे लव फील होता है। तो आई थिंक वो लव लैंग्वेज सबकी अलग है। तो ऑफ कोर्स लड़का लड़की तो बिल्कुल ही अलग बने हुए हैं प्रॉपर्ली। तो उनकी तो अलग होगी ही। लकीली मेरे और मेरे पार्टनर की ऑलमोस्ट सिमिलर ही है लव लैंग्वेज। हमारी सभी है लव लैंग्वेज। हमें सब चाहिए। एक्ट ऑफ सर्विस भी चाहिए, अच्छी-अच्छी बातें भी चाहिए, रीअशोरेंस भी चाहिए, सब चाहिए। बट मुझे ये चीज समझ में आई थी कि अ स्पेशली नॉट आर्गुमेंट्स में बट लड़कियां कभी-कभी चाहती हैं बात करते
(31:04) हुए कि सामने वाला उनको पहले इमोशनली केटर करे उसके बाद लॉजिक पे आए। लड़के पहले लॉजिक पे कूद जाते हैं। मेरी बहन मुझे कुछ दिन पहले बोल रही थी कि जब कुछ लैंड करना होता है तो तू मुझे ही कॉल करती है हमेशा। तू जीजू को बताया कर। तो मैंने कहा भैया जीजू तुम्हारे देते हैं लॉजिक कि तू ऐसा फील मत करो। तुम्हें ऐसा फील नहीं करना चाहिए। मेरी वो तू मुझे सुनती है। तू मुझे बोलती है हां यार इसने ऐसा कैसे कर दिया? एक गलत इंसान है और फिर तू बोलती है बट मुझे लगता है कि तू थोड़ा ओवर रिएक्ट कर रही है। तो मुझे पहले चाहिए तुम मुझे इमोशनली केटर कर दो। तुम भी दो-तीन बातें
(31:34) बोल दो उस इंसान के बारे में कि हां वो तो ऐसा ही है वैसे ही। उसके बाद उसके बाद लॉजिक पे आओ। एंड दिस आई हैव सीन विद मेनी गर्ल्स। बहुत लड़कियां अपने लड़के पार्टनर को भी रैंड करने वाले मूड में तो कॉल नहीं करती क्योंकि वो नहीं करते सामने से रैंड। वो ऐसे कहते हैं कि दैट इज ट्रू नो। लाइक आई एम इन अ रिलेशनशिप राइट नाउ। एंड आई थिंक दिस सेम थिंग हैप्पेंस विथ मी आल्सो। हां। तो मेरे लिए क्या एडवाइस होगा? मैंने अपने पति को भी यही बोला है कि पहले आप ना उसके साथ जैसे उसने बोला कि यार आज कितनी गर्मी थी पता है कि मेरा तो मूड ही
(32:04) खराब हो गया गर्मी में जाके। तो आप यह मत बोलो कि ऑटो से क्यों गई एसी वाली कैब से चली जाती। पहले बोलो कि गर्मी तो बहुत है भाई। पता नहीं क्या हो गया मौसम को यार। एक काम करना अगली बार से कैब में जाना। दिस इज द वे। [हंसी] दिस इज द वे टू टॉक टू कसर्स। कुछ [हंसी] यार हम लोग आप ना बुक लिख दो उस मैं तो बोल रहा हूं कि हाउ टू टॉक टू गर्ल बाय गुड बिकॉज़ मुझे पता है कि मुझे ये सुनना होता है भाई जब मैं कंप्लेन कर रही हूं कि पहले आप भी रजिस्टर करो कंप्लेन को कि हां तुम वैलिड एक और एग्जांपल दे दो मेरे को प्लीज एक और कोई है ओके जैसे कि अब किसी कोई लड़की किसी के
(32:38) बारे में बात कर रही है कि यार मेरी ये कलीग ना मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है। पता नहीं क्या समझती है अपने आपको जब देखो मुझे टोकती रहती है तो आप उसको एकदम से यह मत बोलो कि तो तुम उसके साथ लंच ही क्यों करती हो मत करा करो ना उसके साथ पहले से? हां यार, मुझे तो तुम्हारी बातें सुन के लगता है कि अजीब ही लड़की है। कहां से आई है? तुम एक काम करो कल से उसके साथ लंच मत करना। ओह [हंसी] म गॉडन बैंग ऑन बैग ऑन। [हंसी] आई थिंक सब लड़कों को ये लेसन ले लेना चाहिए। बिल्कुल यार ले लो प्लीज। इजी हो जाएगा। यार आई थिंक ये कितना रियल है। व्हाट यू
(33:13) मेंशंड एंड सिर्फ द वे एंड आई थिंक लड़कों को ये सीखना भी चाहिए। हम कि आपको सिर्फ अपनी वर्डिंग्स को एक तरीके से प्लेसमेंट करनी है कि जो चीज तुम्हें बोलना है वो बोलो पर वो चीज को ना बाद में बोलो उससे पहले एक लाइन जोड़ दो हम आई थिंक कॉन्वर्सेशन तुम्हारा अच्छा बन जाएगा एक्सैक्टली मैंने कभी पढ़ा था पता है कि पुरुष जब गुस्से में होते हैं तो वो चाहते हैं मौन रखना और औरत जब गुस्से में होती है वो चाहती है कि कोई उसे सुन ले तो आई थिंक जब तक आप सामने वाली वाली आपकी जो भी गर्लफ्रेंड है कोई भी है यार मम्मी भी है ना उनको जब तक आप हर्ट फील नहीं कराओगे ना
(33:53) उनको सारे लॉजिक सर के ऊपर से जाएंगे उनको लगेगा यह भी उसी की ही टीम में है कहीं ना कहीं तो आपको पहले उन्हें हर्ट करवाना पड़ेगा कि जो तुमने कहा मैंने सुना और मैं भी यही मानता हूं कि हां बात तो सही है फिर बाद में भले ही आप पलट जाओ भाई बाद में भले ही आप बोल दो पर मुझे लगता है कि तुमने थोड़ा वो कर दिया पहले आप उन्हें कैटर कर दो ताकि वो शांत हो जाएं उसके बाद आप बोल दो अपनी बात आई थिंक ये बहुत जरूरी एक रिलेशनशिप में आप ही का एग्जांपल ले सकते हैं कि सबसे फनी चीज में क्या में लड़ाई होती है कि एकदम फनी चीज अगर बाहर वाला कोई सुनेगा तो बोलेगा भाई तुम लोग
(34:21) क्या इस चीज में लड़ाई कर रहे हो? फनी चीज यार सभी फनी लगता है बाद में तो बाद में लगता है कि सभी कितना फनी था। बट हां मतलब एक तो मेरी तो टच वुड बट कम ही लड़ाई होती है मेरे हस्बैंड से। एक मुझे एक तो लड़कों का मुझे लगता है कि लड़कों को पता नहीं है कि कब फनी होना है और कब फनी नहीं होना है। तो इस बात पे लड़के 24 घंटे फनी मूड में रहते हैं। आई थिंक वो उनका डिफेंस मैकेनिज्म है जितना मैंने पढ़ा है अब तक कि लड़कों ने बचपन में ही वो डिफेंस मैकेनिज्म बना लिया होता है कि भाई हमें जब टेंशन क्रिएट हो तो उस पे कुछ जोक मार दो। बट कभी-कभी हम
(34:50) मूड में नहीं होते जोक सुनने के। तो मेरी तो इस बात पे बहुत पिनकी छूटती है कि भाई जब मैं सीरियस बात कर रही हूं तो तुम जोक क्यों मार रहे हो? बट आई थिंक वो उनका तरीका होता है। तो आई थिंक यही है। और लड़कों के लिए प्यार कैसे कैसे डिफरेंट हो जाता है एक लड़कियों लड़कियों के पॉइंट ऑफ व्यू से? प्यार यार मुझे लगता है कि ऑलमोस्ट सेम ही होता है। मतलब मुझे ऐसा कुछ खास जैसे कि मैंने बताया कि सबकी लव लैंग्वेज अलग होती हैं। बट मैंने कहीं देखा भी था कि बहुत लोग बोलते हैं कि शादी के बाद लड़कियां कंप्लेन करती हैं कि भाई लड़के बोल रहे
(35:17) हैं कि लड़कों का प्यार कम हो गया। बट आई थिंक उनका फिर यही रहता है कि अपने गोल्स पे ज्यादा फोकस हो जाते हैं। मुझे टू बी ऑनेस्ट लगता है कि मेरी मस्कुलिन एनर्जी बहुत स्ट्रांग है। मेरी कभी-कभी मुझे फेमिनिन कम लगती है और मस्कुलिन ज्यादा लगती है। तो मुझे इसलिए लगता है कि मैं भी वैसी ही हूं। मुझे भी लगता है कि हां अब शादी हो गई है। अब हाथ पकड़ के रखते हैं और अपने इंडिविजुअल गोल पे ध्यान देते हैं और एक बीच में है जो म्यूचुअल गोल है हमारा वो कुछ भी हो सकता है। करेक्ट करेक्ट। हां। लेकिन इतना ज्यादा इधर ही इधर ही मत रहो कि फिर वो उसकी गाड़ी निकल जाए। तो
(35:48) मैं भी यही मानती हूं और वो भी यही मानते हैं। तो हम दोनों तो काफी सिमिलर पेज पे रहते हैं इस मामले में। उसके बाद गुंजन हम लोग ये हम सबका बन चुका है। आई थिंक इट्स अ पैटर्न दैट वी ऑल ह्यूमन बीइंग्स फॉलो। ठीक है? कि हम लोग अपनी जिंदगी को खुद ही इतना कॉम्प्लिकेट करते हैं कि एक्चुअली जिंदगी इतनी कॉम्प्लिकेटेड है। हम मुझे लगता है कि ऑफ कोर्स हम ही कॉम्प्लिकेटेड करते हैं। जिंदगी अ जितने लोग मैंने ऐसे देखे हैं अपने सर्कल में ना जो बहुत ईजीली हंस देते हैं। जो बहुत ईजीली जो लाइट रहते हैं। मुझे रियलाइज़ होता है कि जिंदगी भी उनके साथ आसान रहती
(36:20) है। अगर आप जिंदगी को एकदम टफ है। टफ है। टफ है। सोचोगे तो जिंदगी भी टफ ही बनाएगी आपके लिए। इट्स ऑल इन माइंड आई फील। तो बिलीफ सिस्टम से बहुत फर्क पड़ता है। कुछ लोग आपको दिखेंगे जो हर टाइम बोलते रहेंगे कि मैं तो बीमार हूं, मैं तो बीमार हूं। फिर वो बीमार ही रहेंगे हमेशा। जस्ट बिकॉज़ उन्होंने मान लिया है कि भाई जिंदगी बीमारी है। जिंदगी ये है। तो मुझे लगता है हम ही टफ बनाते हैं जिंदगी को। ऑफ कोर्स बहुत मुश्किलें आती है। सब कुछ आता है। बट आपको हर टाइम ना यह पता होना चाहिए कि दिस टू शैल पास। जब तक आपके दिमाग में ये चिपका रहेगा। तब तक आप भले रहोगे। मेरे
(36:49) अभी अच्छा मोमेंट हो या बुरा। बहुत अच्छा सब कुछ चल रहा हो। काम बढ़िया यह वो ये मुझे तब भी पता होता है कि उड़ना नहीं है एकदम आसमान में तमीज में ही रहना है क्योंकि दिस टू शैल पास बुरा चल रहा हो तब भी मुझे पता होता है कि एकदम बिखरना नहीं है संयम कंट्रोल रखना है दिस टू शैल पास तो आई थिंक जब तक आप ये मान के चलोगे ना कि कुछ कंट कुछ रहने नहीं वाला है आप भी रहने नहीं वाले हो चले ही जाओगे कुछ सालों बाद तब तक आप जिंदगी को आसान से ले सकते हो आपके लिए जिंदगी क्या है खुश अगर फ्यूचर अगर आप देख रहे हो अभी कि कुछ तो दिमाग में होगा ना कि मेरे को अपनी जिंदगी ऐसे
(37:18) बितानी है दिस इज हाउ आई लुक एट लाइफ यार यार बितानी है मतलब टू बी ऑनेस्ट आई एम वर्किंग बिकॉज़ एक तो मैं चाहती हूं मेरा मैं सबको बोलती हूं कि [हंसी] मेरी बहुत दिली इच्छा है कि जब मैं जाऊं दुनिया से ना तब इंडिया के हर घर में मायूसी हो कि आज हमने बहुत अच्छा कलाकार गवा दिया तो इसलिए मुझे लगता है मैं काम कर रही हूं। दूसरा मेरे काम करने का रीज़न ये है कि मुझे लाइफ में आराम बहुत पसंद है। तो मुझे चाहिए जिंदगी इजी रहे। मैं अगर कोई मुझसे पूछता है ना तो मेरा ऐसे कोई सपना नहीं है कि मुझे बहुत बड़ी गाड़ी खरीद लेनी है। कुछ नहीं। मैं छोटी गाड़ी
(37:50) में भी जाती हूं। मैं ऑटो में भी जाती हूं क्योंकि मुझे ऑटो में ई लगता है। मेरे को ई चाहिए। कभी-कभी ई पैसों से आएगा। कभी-कभी आपको अपने खुद को खुद के लिए पेरेंट्स के लिए बड़े हॉस्पिटल में जाना है, कहीं जाना है और मुझे लगता है पैसे से बहुत चीजें आसान हो जाती हैं। तो मेरा यही है कि एक तो भैया मुझे याद रखा जाए मेरी कला का कला के लिए और दूसरा मेरे पास पैसा इतना रहे कि मेरी जिंदगी ईज में बीते। तो आई थिंक मैं जिंदगी को बस ऐसे ही देखती हूं। एक एक लड़की के लिए हम्म अपने ड्रीम्स को पूरा करने में या एक इंडिविजुअल लाइफ जीने में, इंडिपेंडेंट
(38:20) लाइफ जीने में एक लड़की के लिए पैसा कितना इंपॉर्टेंट है? मुझे लगता है बहुत इंपॉर्टेंट है। आपको अगर आपको इंडिपेंडेंट एक्चुअली रहना है, फील करना है बिफोर मैरिज, आफ्टर मैरिज। यू शुड ऑलवेज हैव योर मनी। बहुत लोग देखे हैं मैंने। बहुत लड़कियां स्पेशली जिनके पतियों ने बहुत ही गलत काम करें शादी के बाद। बट वो निकल ही नहीं पाई शादी से जस्ट बिकॉज़ उनके पास पैसा ही नहीं था। वो कहां जाती? इंडिपेंडेंट ही नहीं थी। तो आई थिंक बचपन में इतनी सारी चीजें देख ली थी ऑल मतलब अराउंड नेबरहुड वगैरह-वगैरह में कि फिर वो तब से दिमाग में आ गया था कि यू नो
(38:54) इट शुड बी माय चॉइस इन एवरीथिंग कि भाई मुझे इस रिश्ते में रहना है नहीं रहना है। कभी भी मुझे पैसे नहीं है। मैं कमाती नहीं हूं। इस वजह से कहीं एडजस्ट ना करना पड़े। बिकॉज़ फिर आप एक बार एडजस्ट करोगे ना तो फिर दुनिया आपसे एडजस्ट करवाती रहेगी। यहां पे गलती किसकी होती है गुंजना? अगर एंड एंड ऑफ़ द डे अगर यू अगर आप एक ऐसी मैरिज में हो जहां पे पति ऐसा कर रहा है तुम्हारे साथ एंड आप निकल नहीं पा रहे हो बिकॉज़ आपके पास पैसे नहीं है। आप इंडिपेंडेंट नहीं हो उस वे में। यहां पे गलती किसकी होती है मेजरली? यार गलती तो मुझे लगता है कि फिर मां-बाप
(39:27) की हुई, लड़की के मां-बाप की कि उन्होंने उसको नहीं पढ़ाया, नहीं पढ़ाया क्योंकि अब तो बहुत कुछ बदल गया। पेरेंट्स काफी ओपन है। बट पहले के घरों में यह होता था कि उनको लगता था कि लड़की पैदा हो गई। अब जिम्मेदारी है इसकी शादी कराना। आजकल चीजें बदल गई हैं। आजकल जिम्मेदारी मानते हैं पेरेंट्स कि पढ़ाना पढ़ा इसको लायक बनाना है ताकि ये अपना डिसाइड कर ले। भले ही फिर वो चाहे कि शादी हमारी मर्जी से करें। बट एटलीस्ट ये रहता है कि हम इसको लायक बना दें। क्योंकि शायद पेरेंट्स ने भी इतना देख लिया है अपने आसपास अपनी यू नो इधर-उधर। तो आई थिंक गलती पेरेंट्स की
(39:55) होती है। मुझे लगता है कि बहुत क्योंकि बच्चे को क्या ही पता यार कि उसको स्कूल से निकाल दिया गया है। उसको नहीं पढ़ाया जा रहा है। उसको घर के काम सिखाए जा रहे हैं। तो इट शुड बी पेरेंट्स चॉइस। आज भी ऐसे एनवायरमेंट में लड़कियां पैदा हो रही है कि जहां पेरेंट्स उनको यही सोच के पैदा करते हैं कि हां एस सून ऐज़ शी टर्न्स 15 16 20 उनकी शादी करवा दो एंड देयर इज नथिंग आज भी ऐसा चल रहा है। आज भी ऐसा चल रहा है और आपको गांव-वांव जाने की जरूरत भी नहीं है। आपको दिल्ली बॉम्बे में भी मिल जाएंगे ऐसी फैमिलीज कहीं ना कहीं। हर जगह मतलब कुछ लोग हैं जो
(40:25) खुद को बदल ही नहीं पाते यार। मुझे लगता है कुछ पेरेंट्स हैं जैसे मेरे घर में कुछ लोग हैं जिन्होंने बहुत बदला है खुद को अपने बच्चों के साथ। उनको पहले लगता था कि इंटरकास्ट मैरिज तो ऐसी वैसी बट इवेंचुअली जब उनके बच्चों की उम्र आई तो उनको समझ में आया कि हां यार ठीक है इतना कमा रहे हैं अपनी मर्जी से शादी तो कर ही सकते हैं बट कुछ लोग नहीं बदल पाते खुद को कुछ लोग अपने वो उस इस इस बॉक्स में रहते हैं वो इस बॉक्स में ही जीते हैं फिर कुछ नहीं होता उनके बच्चों की जिंदगी खराब होती है और क्या और ये जब ये सपने हम लोग पूरे कर रहे होते
(40:51) हैं जब हम लोग उसकी तरफ दौड़ रहे होते हैं तो उस सपने को पूरे करने में ये बोला जाता है कि इज इट इंपॉर्टेंट टू लूज समथिंग टू अचीव योर ड्रीम ड्रीम्स कि एक सपने को पूरा करने के लिए कुछ चीज को पीछे छोड़ना जरूरी होता है क्या? यार मुझे लगता है छोड़ना तो पता नहीं बट हां कॉम्प्रोमाइज तो आपको करने पड़ेंगे और वो कॉम्प्रोमाइज बहुत माइन्यूट से होते हैं। आपने क्या-क्या किए हुए हैं ऐसे? यार जैसे मुझे लगता है कि घर छोड़ना लोग एक बहुत बड़ी चीज बोलते हैं कि आप मम्मी पापा को छोड़ा है। मैं सिंगल चाइल्ड हूं। मेरे मम्मी पापा अकेले रहते हैं वहां पे।
(41:20) तो वो एक चीज मुझे हमेशा लगती है कि मैं उन और उनके साथ रह पाती। बट मतलब जब आप करने लगो काम आप पैसा कमाने लगो तो फिर आप आपकी चीजें बदल जाती है। आप इवेंचुअली अब मेरे दिमाग में ये रहता है कि मुझे कुछ सालों में उनको मुंबई बुला लेना है अपने पास तो मेरे साथ ही रहेंगे। बट मुझे लगता है अगर मैं उस डर से उस वक्त घर से नहीं निकलती तो शायद फिर मैं वहीं होती अभी वो भी नाख होते कि अरे बच्ची कुछ कमा नहीं रही ज्यादा और वो मैं भी नाख होती कि मैं कुछ नहीं कर पा रही उनके लिए। अभी एटलीस्ट मैं दूर हूं बट आई कैन डू एवरीथिंग फॉर देम। एंड मे बी इन फ्यू इयर्स आई कैन कॉल
(41:49) देम हियर। तो आई थिंक वो बहुत जरूरी है। आपको लगता है कि अगर आप इन केस उस समय घर से नहीं निकलते और वो घर पे ही रहते तो आज के दिन जितने इंडिपेंडेंट हो विद रिगार्ड्स टू मनी विद रिगार्ड्स टू योर डिसिशनंस विद रिगार्ड्स टू योर करियर वो होता बिल्कुल नहीं होता यार। मतलब मम्मी पापा की छांव में रहना बहुत अच्छा होता है। बट आप जब उस जब तक उस छांव से बाहर निकलोगे नहीं ना आपको दुनिया नहीं दिखेगी। वो आपको दुनिया नहीं देखने देते क्योंकि उनको रहता है कि भ हमारा बच्चा सेफ रहे यह रहे। आपको बाहर निकल के समझ में आएगा कि दुनिया कितनी कपटी है भाई। आपको कैसे बात करनी है
(42:20) लोगों से आपको यू नो रिशेदारी कैसे निभानी है लोगों से वो सब समझ जैसे उसमें एक शेर भी है आई थिंक जावेद साहब का है किसी का तो है कि मंजिलें मिलेंगी भटक कर ही सही गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं तो मुझे लगता है बहुत लोग हैं मेरे लाइफ में जो बहुत अच्छा कर रहे हैं लाइफ में बट आई कैन स्टिल सी कि वो अभी भले ही अपने पैसे कमा रहे हैं बट अगर उनको बोल दिया जाए कि एक महीना आपको इस शहर में रहना है उनकी हालत खराब हो जाएगी अलग अपने घर वालों से रहने में बिकॉज़ दे डोंट नो उनको पता नहीं है सब्जियों के दाम क्या चल रहे हैं उनको पता पता नहीं है कि जब खत्म हो
(42:50) जाए तो दीदी को कॉल करना होता है। बेसिक चीज़ नहीं पता है। आई थिंक वो बहुत जरूरी है इंडिविजुअल लाइफ के लिए। पर ये आजकल अगर नहीं निकल रहे हैं अगर कुछ फ्रेंड्स आपके भी आई एम श्योर मेरे भी ऐसे बहुत सारे फ्रेंड्स हैं जो आज भी आई थिंक अगर उन लोग घर से निकल जाएंगे दे कैन किल इट इन लाइफ या पर उन लोग अभी भी दे आर डूइंग वेल। उन लोग अच्छा कमा रहे हैं पर फिर भी घर में अटके हुए हैं। पर व्हाट इज द रीज़न? मतलब अगर उनको पता है कि अगर मैं बाहर निकलूूंगा तो आई कैन बी अ बेटर वर्जन ऑफ़ माइसेल्फ। आई कैन किल इट इन लाइफ। पर फिर भी नहीं निकल
(43:19) रहे हैं। आई थिंक इट्स कंफर्ट यार। मुझे लगता है मोर देन लव इट्स कंफर्ट। लव अगर है भी तो आप मैनेज कर सकते हो। आप हर महीने जा सकते हो घर पे मिलने। यू नो एक-एक हफ्ते के लिए कुछ कर सकते हो। तो मुझे लगता है लव नहीं है। कंफर्ट है क्योंकि ये तो हम सब मानेंगे। घर पे जाके बहुत ही कंफर्ट होता है। मुझे भी बहुत होता है। ना मुझे सब्जियां ऑर्डर करनी, ना मुझे कुछ करना। सब मम्मी पापा हैंडल कर रहे हैं। तो आई थिंक और ये कंफर्ट बहुत चीजों का होता है। तो मुझे लगता है बहुत लोग हैं जो इस कंफर्ट से नहीं निकल पाते। बहुत लोग अपनी टटॉक्सिक नौकरियां नहीं छोड़ पाते सालों
(43:46) साल। जस्ट बिकॉज़ एक कंफर्ट है कि चलो सैलरी तो आ ही रही है 30 तारीख को तो कंफर्ट जहां भी होगा वो सपनों को मार देगा। ये तो फॉर श्योर बात है। गुंजन आप कैसी पेरेंट बनने वाली हो? आई डोंट नो स्केरी क्वेश्चन यार। जब सोचते होगे कि इफ आई वांट व्हेन आई बिकम अ मॉम व्हेन यू बिकम अ मॉम। तो मैं ऐसी मॉम बनना चाहती हूं। मैं अपने बच्चों को ऐसे बड़ा करना चाहती हूं। अपने बच्चों को ये सब सिखाना चाहती हूं। प्रेशर लगता है यह सब सोच के। बहुत प्रेशर लगता है। बिकॉज़ जैसे अब तक पाला जा रहा है बच्चों को वैसे तो मैं नहीं पालना चाहती। दैट्स फॉर श्योर। अभी
(44:23) कुछ-कुछ नई माएं मुझे दिखती हैं Instagram वगैरह पे जो बहुत अच्छे से पाल रही हैं। भाई मुझे नहीं पता था कि बच्चों को खाना खाना भी आपको बचपन से ही सिखा देना चाहिए। यू नो एक नई ट्रिक आई है कि बच्चों को बिठाओ टेबल पे। छोटे बच्चों को एकदम जब वो खाना शुरू कर चुके हैं सॉलिड फूड। उनकी अपनी टेबल बनाओ एंड गिव देम फूड। एंड दे विल नॉट ईट इट। दे विल यू डू दिस। दे विल स्प्रेड लाइक दिस बट वही बच्चा आपको तीन चार साल की उम्र में प्रॉपर बैठ के अपनी रोटी खाना सीख जाएगा। हमें कितनी बड़ी उम्र तक मम्मी पापा ने खिलाया है। बट बट मुझे पता है क्या लगता है कि दिस इज
(44:56) समथिंग मतलब ये मैं अपने दोस्तों को बोलती हूं कि जब मैं मां बनूंगी ना तो मैं ये तब बनूंगी जब मेरे दिमाग में ये होगा कि मैं विलेन बनने के लिए तैयार हूं लोगों के सामने। बिकॉज़ आई थिंक आई विल बी वेरी सेलेक्टिव। जैसे कुछ जैसे बहुत मेरे दोस्त हैं जो अब मीठा नहीं खिला रहे हैं अपने बच्चों को। तीन-ती साल की उम्र तक बच्चे ने एक बार मीठा टेस्ट नहीं करा है। नमक टेस्ट नहीं करा है। एकदम सादा खाना खा रहा है। अब उसकी सास, उसके घर वाले, उसकी मम्मी खुद की सब बोलते हैं कि कैसे फीका खाना खाता है बच्चा। और वो कहती है कि उसके लिए यही है। उसने कुछ टेस्ट ही नहीं
(45:24) किया है बचपन से। उसको नहीं पता कि नमक क्या है, चीनी क्या है? और डॉक्टर्स बोलते हैं जब तक जितनी लंबी उम्र तक आप नमक, चीनी रोक सको, रोक दो। क्यों? हमारे आज आज से ही हमें बीपी, ए्जायटी और सब कुछ प्रॉब्लम्स आने लगे हैं। क्योंकि बचपन में ही हमने खाई है चॉकलेटें और ये सब वो सब तो मुझे ये लगता है कि जब मैं मां बनूंगी तो मैं विलेन मां बनूंगी। [हंसी] उसी इसी से रिलेटेड ना आज एक इंसिडेंट हुआ है। ठीक है? विद रिगार्ड्स टू पेरेंटिंग व्हेन व्हेन वी आर टॉकिंग अबाउट पेरेंटिंग। तो मैं मैं लिफ्ट से नीचे आ रहा था। एंड लिफ्ट में ना एक डैड थे एंड
(45:55) उनकी उनकी एक बेटी थी। एंड उनकी बेटी आई थिंक शी वाज़ फाइव सिक्स इयर्स ओल्ड। लाइक वेरी क्यूट वैरी स्माल। ठीक है? अब अचानक ही जैसे वो लिफ्ट में घुसे वो बेटी ने अपने डैड को बोला कि पापा पापा मुझे जैकेट दे दो। हम ठीक है? तो लिफ्ट में एक सिक्योरिटी अंकल है जो हेल्प करते हैं लिफ्ट चलाने में। तो वो सिक्योरिटी अंकल बेटी से ऐसे बात करने लगे और बेटी से पूछे कि बेटा आपको ठंड लग रही है? लाइक जस्ट टू हैव अ कन्वर्सेशन। एकदम बेटी ने रिप्लाई कैसे किया? हमको ठंड लग रही है आपको? लाइक ट्राइंग टू मॉक हम सिक्योरिटी अंकल। एंड जैसे वो हुआ उसके डैड हंसने लगे।
(46:32) हम या सो आई थिंक आई फील आई वुड नॉट वांट टू बी अ फादर लाइक दैट आई वुड नॉट वांट टू टीच माय किड्स टू डिसरिस्पेक्ट समवन बच्चे को नहीं पता क्या कर रहे हो अगर उसी पॉइंट पे अगर आप उनको टोक दोगे बच्चों को टोक दोगे कि बेटा ये अच्छी चीज नहीं है द वे यू सेड एंड सॉरी बोल दो करके आई थिंक दे आर गोइंग टू लर्न अ लॉट अबाउट ह्यूमैनिटी फॉर श्योर सो आई थिंक पेरेंटिंग इज सोेंट एंड आपको रेडी होना पड़ेगा। एज यू मेंशंड कि आपको विलेन बनना पड़ेगा। हां यू हैव टू बी विलेन। आपको बहुत जैसे मैं मेरे साथ जैसे बचपन में मुझे मुझ पे टैग लगा दिया गया शाय है, कमजोर है, ये वो
(47:13) ये है। अभी मेरी एक दोस्त बता रही थी। उसके घर पे एक बच्चा आया हुआ था एंड उसकी मम्मी भी थी। तो सम पीपल वर देयर एंड दे सेड अबाउट दैट किड कि यार यह तो बहुत शाय बच्चा है। यह कुछ नहीं बोलता। यह वो ये एंड बच्चा वाज़ डूइंग पेंटिंग। वो कुछ नहीं बोल रहा। बट ही वाज़ लिसनिंग। उसकी मम्मी ने वहीं पे टोका। उसने बोला नो नो ही इज़ नॉट शाई। वो बस अपने हिसाब से टाइम लेके बात करता है। बच्चे के दिमाग में ये फ्री हो कि हां आई एम नॉट शाई। मैं तो टाइम लेके बात करता हूं। पेरेंट्स हैव टू बी विलन। आई थिंक इन दिस जनरेशन आगे जाके। वरना फिर आपका बच्चा वैसे ही बड़ा होगा
(47:41) जैसे हम हुए हैं। [हंसी] अभी ले रहे हैं थेरेपीस। दैट इज़ अमेजिंग। उसके साथ ना मेरे को व्हेन यू व्हेन वी टॉक अबाउट किड्स उसके बाद ये क्वेश्चन के बाद आई विल गेट इंटू अ फन राउंड विद यू। ओके। तो उससे पहले एक चीज मेरे को पूछना था कि अगर आपको अपने बच्चे को हम टॉप थ्री थिंग्स अबाउट लव सिखाना है तो क्या सिखाओगी? लाइक व्हाट आर द टॉप थ्री थिंग्स दैट यू विल टीच योर किड्स अबाउट लव? अ यू माइट नॉट फील इन लव विथ समवन 24 से और मे बी फॉर 20 इयर्स और 30 इयर्स बट एट द सेम टाइम यू हैव टू रिमेंबर कि प्यार भले ही ऊपर नीचे होता रहे। इज्जत कम नहीं होनी
(48:22) चाहिए। इज्जत का लेवल अगर आपने पहले दिन 110 रखा था तो वो गुस्से में भी 110 रहना चाहिए। 119 भी नहीं आना चाहिए। तो दिस इज समथिंग आई वांट टू टीच। उसके अलावा सेकंड पॉइंट प्यार के बारे में प्यार दोस्ती है। दोबारा बता दूंगी उसको। [हंसी] आई थिंक या आई वांट टू टेल कि बहुत सीरियसली नहीं सीरियस नहीं हो जाना चाहिए कोई भी रिश्ता। कोई भी रिश्ते के ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप किसी रूम में घुसे। एंड यू सी दैट पर्सन। तो आपको ऐसा लगे कि सीरियसनेस आ गई है। एक जस्ट बिकॉज़ दैट पर्सन इज़ हियर। हमारी मम्मीियों के जमाने में ऐसा होता था। मम्मीियों के भी क्या दादा-दादी के तो
(48:52) होता था कि अपने ही हस्बैंड के सामने एक वो सीरियसनेस है। वो ऐसे यू नो ऐसे नहीं कर पा रही। एकदम उड़ नहीं पा रही। आई थिंक सबसे अच्छा प्यार वही टिकता है जिसके सामने आपका इनर चाइल्ड एकदम कूद-कूद के नाच सके। तो आई थिंक वो बहुत जरूरी है कि आप भी ऐसा ही पार्टनर चूज़ करो जो आपका आपका इनर चाइल्ड जहां पे जिंदा फील हो। आई थिंक ये एंड तीसरा मैं बताना चाहूंगी कि प्यार में बहुत सारी मुश्किलें आती हैं। बहुत सारी चीजें आएंगी। बहुत लोग आएंगे, सब कुछ आएगा। बट ऑलवेज रिमेंबर कि इट्स नॉट मी वर्सेस यू। इट्स अस वर्सेस द प्रॉब्लम। तो ये आपको याद रखना पड़ेगा। एंड एक और चीज
(49:26) व्हिच इज वेरीेंट कि बहुत जरूरी है पार्टनर की जो चीज जो भी उनके बीच में चल रहा है वो पार्टनर के बीच में ही रहे। इट शुड नॉट इवन गो टू योर बेस्ट फ्रेंड्स, इट शुड नॉट इवन गो टू योर पेरेंट्स और एनीवन। बिकॉज़ अगर बेस्ट फ्रेंड का भी ब्रेकअप हुआ है तो वो बुरा ही बोलेगी लड़कों के बारे में कि ये लड़के होते ही ऐसे हैं। एंड वो एक माइंडसेट बन जाता है ना। इनडायरेक्टली एक कॉन्श नॉनकॉन्शियस माइंड में तुम्हारा एक वो चीज रहेगा कि हां लड़के ऐसे ही होते हैं। लड़के बिकॉज़ आप उस टाइम इतने वनरेबल हो ना तो आपका दिमाग चल ही नहीं रहा है इतना। तो
(49:54) जिसने जो बोला आपके दिमाग ने वही मान लिया कि हां लड़के तो ऐसे ही होते हैं। तो इट्स बेटर ऑलवेज बेटर कि जो भी कुछ लगे जस्ट कम्युनिकेट विद योर पार्टनर एंड पार्टनर को भी फिर वो स्पेस देना चाहिए कि हां इजीली कम्युनिकेट हो पाए। हर बात लड़ाई में नहीं बढ़ जानी चाहिए। हर बात बात ही रहनी चाहिए कि वी आर डिस्कसिंग द प्रॉब्लम। सो या आई थिंक ये सब परफेक्ट। उसके साथ गुंजन, आई हैव अ स्माल फन राउंड व्हिच इज कॉल्ड द रैपिड फायर राउंड। ठीक है? बट यहां पे बट यहां पे हम लोग रैपिड फायर नहीं करेंगे। इंटू दी। ठीक है? सो हमारा रैपिड फायर राउंड
(50:29) स्टार्ट होता है। [हंसी] टै [संगीत] किसी को पा लेना इश्क है या फिर किसी को जाने देना इश्क है? आई थिंक आपका पार्टनर या जिसे भी आप प्यार करते हो। जो भी वो करना चाहता है उसे वो करने देना इश्क है। अगर वो रुकना चाहता है तो रोक लो। अगर जाना चाहता है तो जाने दो। बिकॉज़ ये हमें याद रखना चाहिए कि हमारा उस पे हक है पर इतना हक नहीं है कि हम उसका हक ही छीन लें। तो आई थिंक जो चाहता है भैया कर लो। यही इश्क है। आप जब अगर वो जाना चाह रहा है और आपने रोक लिया तो क्या ही इश्क हुआ फिर वो। वाओ [हंसी] नाइस। ठीक है। अब नेक्स्ट वन। हम्म। ठीक है। आंख बंद करो। एंड ये बताओ आज से
(51:13) 100 साल बाद गुंजन। ठीक है। जब दुनिया में कोई नहीं रहेगा ना। आप रहोगी ना मैं रहूंगा ना हमारे मॉम डैड्स रहेंगे ना हमारे फ्रेंड्स रहेंगे ना हमारा सर्कल रहेगा तो दुनिया कैसी रहेगी उस समय मुझे लगता है दुनिया एक्सैक्टली सेम रहेगी मतलब हमने इतने बड़े-बड़े कलाकारों को जाते देखा है हमने इतने अजीज लोगों को जाते देखा है अपने ग्रैंड पेरेंट्स या किसी किसी को बट बहुत सैड बात है ये कि एक पत्ता अपना कलर भी नहीं बदलता किसी के जाने से तो दुनिया एग्जैक्टली वही रहेगी दुनिया चलती रहेगी अगली सुबह आप जिस ऑफिस में काम करते हैं वो ऑफिस भी चलेगा बॉस भी
(51:48) आएंगे। लोग हसेंगे भी। अगले दिन पार्टी भी होगी, किसी का बर्थडे भी मनाया जाएगा। तो आई थिंक कुछ नहीं बदलेगा। और यह बिलीफ यह थॉट बहुत जरूरी है दिमाग में रहना। याद रखना कि इतना मत खोदो किसी चीज के पीछे, एक नौकरी के पीछे या खुद को कि भाई आप भूल ही जाओ कि आपके जाने के बाद यह ऑफिस बंद नहीं होने वाला है। आपके जाने के बाद कुछ नहीं बंद होने वाला है। दुनिया एकैक्टली सेम चलेगी। एक चीज नहीं रुकेगी यार। एक चीज नहीं रुकेगी। सो एक्साक्टली। प्यार और आदत में क्या फर्क है? आई थिंक प्यार आपको ताकतवर बनाता है और आदत आपको कमजोर कर देती है। अगर आपको किसी की आदत
(52:22) है तो उसके बिना कमजोर फील होगा आपको। लेकिन अगर आप प्यार करते हो तो दूर रहकर भी आपको यकीन रहेगा कि मेरा प्यार सेफ है। कुछ दिक्कत नहीं है उसमें। तो हर शायर के हर शायर के पास ना एक ऐसी कहानी होती है जो वो लिख नहीं पाता। आई एम श्योर कि कुछ ना कुछ ऐसी चीज होती है हर शायर में, हर पोएट में कि वो लिखना चाहता है पर वो चीज को लिख नहीं पाता। आपकी लाइफ में ऐसा कुछ है क्या? मैंने तो लगता है अपनी लाइफ की हर चीज पे लिख दिया है। बट आई स्टिल फील कि क्योंकि मुझे बचपन ज्यादा याद नहीं है। बट आई रिमेंबर द फीलिंग जो मुझे बचपन में फील होती थी।
(52:53) मुझे इंस्टेंसेस याद नहीं है। बट आई फील कि मैं बहुत गुम फील करती थी। मुझे हर्ड और सीन फील नहीं होता था। बहुत अंडर कॉन्फिडेंट फील होता था। तो मैं उस पे लिखना चाहती हूं। बट अगेन मुझे पता ही नहीं है कि मुझे क्यों हो रहा था। तो मैं लिख नहीं पाती। बट दैट फीलिंग इज स्टिल इनसाइड मी। आई स्टिल फील दैट कभी-कभी। तो फोर मूवीस जो प्यार के बारे में सिखाती है एंड सबको देखनी चाहिए। आई थिंक ये मैं हमेशा बोलती हूं मुझे पिकू बहुत पसंद है। एंड पिकू आई थिंक इट्स नॉट अबाउट फादर एंड डॉटर। इट्स अबाउट एनी रिलेशनशिप। आपको समझ में आया। आपको यह याद
(53:24) रखना चाहिए कि भाई आपको कितनी दिक्कत हो रही है इस रिश्ते से। बट अगर आप प्यार करते हो ना तो उसके जाने के बाद आपको दुख तो होगा। आप टूटोगे बहुत बुरी तरीके से। एंड दैट वो वो जो वो केयर करती है अपने फादर के लिए। आई थिंक वो केयर हर रिश्ते में ही होनी चाहिए कि आपको इरिटेशन हो रही है। बट यू स्टिल केयरिंग फॉर दैट पर्सन। बिकॉज़ यू लव देम। उसके अलावा आई थिंक मुझे मेरी प्यारी बिंदु बहुत पसंद है। मेरी प्यारी बिंदु में आयुष्मान खुराना का कैटर आई लव हिम। एंड में जब वो बोलता भी है कि अब वो भले ही मां बन चुकी है। यू नो बीवी है किसी की बट मेरे लिए तो अभी भी वो
(53:52) मेरी बिंदु है। एट द सेम टाइम ही इज़ नॉट डूइंग एनीथिंग रोंग कि मतलब वो उसके घर में घुस के कलेश कर रहा है या उससे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चला रहा है। ही इज़ जस्ट लाइक कि भाई मेरा प्यार तो अभी तक जिंदा है। आई थिंक वो बहुत खूबसूरत। अक्टूबर बहुत सुंदर मूवी है। अक्टूबर में तो वो प्यार भी इतना ऑन द फेस बताया ही नहीं है। वह उससे पहले ही गिर जाती है। उसमें भी प्यार को बहुत खूबसूरती से बताया गया है। उसके अलावा फेवरेट कौन सी है इनमें से? यार मेरी मूवीज फेवरेट रहती नहीं है। मेरे को कभी ये कोई अच्छी लग जाती है, कभी कोई अच्छी लगती। अभी कोई नई मूवी आई थी जो
(54:21) मुझे याद नहीं आ रही है। बट तीन ही बहुत है। [हंसी] हां, एक ऐसा गाना सब लवर्स को सुनना चाहिए। मुझे ओशो जैन के गाने बहुत पसंद है। उनका एक गाना है जिसकी लाइन है कि तू हवा जैसे घुल जाता है मुझ में मुझे अपना घर मिल जाता है तुझ में। एंड आई थिंक दैट इज द क्रस्ट ऑफ लव। अगर आपको किसी बोरिंग रूम में बैठकर भी जहां पे कुछ नहीं है ना कोई व्यू है ना कुछ है। आपको ईज़ फील हो रही है। आपको घर जैसा फील हो रहा है। जस्ट बिकॉज़ दैट पर्सन इज देयर। आई थिंक दैट इज लव। अगर तुम्हें जिंदगी में एक सवाल पूछने का मौका मिले। हम्म। ठीक है? तो तुम क्या पूछोगे और क्या
(55:00) उसका जवाब सच में चाहिए होगा? तो इन्हें मानव कॉल की एक बुक है। उसमें ये लाइन आती है। दिस इज माय फेवरेट लाइन। और यह मैं जब भी सुनती हूं मैं एकदम चोक फील करती हूं और आई रियली वांट टू आस्क जिंदगी से ये कि क्यों हम किसी के खो जाने से पहले उसे बता नहीं पाते कि हम उसे कभी भी खोना नहीं चाहते। तो आई थिंक यह बहुत अहम चीज रही है। मैंने बहुत दोस्तियांवस्तियां गवाई है जिंदगी में और हमेशा मुझे यही लगा कि यार मैं उस इंसान को बता ही नहीं पाई कि वो मेरे लिए कितना इंपॉर्टेंट था। तो क्यों नहीं बता पाई। तो ये जो क्यों है ये मुझे जिंदगी से पूछना
(55:33) है कि व्हाई? [हंसी] हम वक्त रहते बता नहीं पाते लोगों को कि वो हमारे लिए कितने जरूरी हैं। तो इसी के साथ आई थिंक हम लोग का एपिसोड टुवर्ड्स द एंड आ गया है। ठीक है? बिफोर वी गो। ठीक है? एंड आई नो कि हाउ इंपॉर्टेंट ड्रीम्स हैव बीन फॉर यू सब सपनों को लेके लाइक यू हैव कम हियर नाउ यू हैव कनवर्टेड दैट सपना इनू गोल्स एंड यू लुक एट लाइफ फ्रॉम दैट पॉइंट ऑफ व्यू बहुत ऐसे जन हैं गुंजन जो अपने सपनों के पीछे अपने गोल्स के पीछे भाग रहे हैं एंड दे जेनुइनली वांट टू गेट इंटू दैट दे वांट टू लिव दैट दे वांट टू अचीव ऑल ऑफ इट तो एक मैसेज एक सुंदर मैसेज उन सबके लिए जो
(56:13) अभी भी सपनों के पीछे भाग रहे हैं। जो अभी भी सपनों के पीछे भाग रहे हैं। यार मतलब एक तो मैं बताना चाहूंगी कि मैं भी इसी कैटेगरी में आती हूं। मैं भी अभी सपनों के पीछे भाग ही रही हूं। बट मुझे लगता है कि अ एक्चुअल चीज जो मैं बताना चाहती हूं। मुझे लगता है कि बहुत लोग रुके रहते हैं। बहुत अच्छे-अच्छे प्रोजेक्ट्स और बहुत अच्छी-अच्छी चीजें वो अपने पास ही रखे होते हैं। जस्ट बिकॉज़ उन्हें लगता है कि जब ये परफेक्ट हो जाएगा ना तब इसे डालेंगे। तो आई जस्ट वांट टू से कि वो परफेक्ट टाइम कभी भी नहीं आएगा। आई हैव सीन सो मेनी पीपल फ्रॉम माय कॉलेज जिनके पास इतनी
(56:43) अच्छी कविताएं थी कुछ था बट दे सेड कि मे बी सम डे सम डे जब ये अच्छा हो जाएगा तब आज वो नॉर्मल नौकरी कर रहे हैं एंड दे आर नॉट हैप्पी आई नो दे आर नॉट हैप्पी बिकॉज़ उनके सपने कुछ और थे तो मुझे बस यही बोलना है कि परफेक्शन का वेट ना करते हुए जस्ट पुट इट आउट एंड अगर आपका आपकी कला में सच्चाई है ना तो मुझे लगता है आपको आपकी ऑडियंस ढूंढ लेती है भले ही कम मिले शुरुआत में बट इवेंचुअली यू विल गेट योर ऑडियंस एंड बहुत ज्यादा जरूरी है बिलीफ रखना किसी में भी रखो रखो आप यूनिवर्स में रख लो, भगवान में रख लो, अल्लाह में रख लो या जो भी आप नाम लेना चाहो उसमें बिलीव
(57:15) रखो। बट दैट बिलीफ शुड बी देयर कि मेरा भगवान मेरे साथ गलत नहीं करेगा। मैं तो सबको यही मतलब मैं अपनी जनरल नेम में यूजुअली यही लिखती हूं। थैंक यू सो मच भगवान जी। आई नो यू आर डूइंग ओवरटाइम फॉर मी। तो मुझे यह बिलीव रहता है कि वो मेरे लिए ओवरटाइम कर रहे हैं। इसलिए चीजें ऐसे इजीली हो रही हैं। मैं तो नहीं कर रही कुछ। तो आई थिंक वो सरेंडर बहुत ज्यादा जरूरी है कि आपने अपना काम कर दिया। फिर यकीन रखो कि हो जाएगा सब कुछ। बोलते हैं वही भगवान के घर में देर है अंधेर है। बिल्कुल यार जिसकी लागी है लगन भगवान में उसका दिया भी जलेगा तूफान में। [हंसी]
(57:44) आई ट्रूली बिलीव नाइस। अब जाने से पहले आई विल नॉट फॉरगेट या आपने बोला [हंसी] कि अपने हस्बैंड के लिए कुछ लिखा होगा आपने अपने प्यार के लिए तो वो आप हमें सुनाएंगी। तो यार छोटा सा पीस है ये कि बहुत रैंडमली मैंने लिखा था। बट आई थिंक दिस इज फॉर एवरीवन जिसको जो अपने पार्टनर को बोलना चाहे कि मतलब भाई बहुत बड़े जेस्चर्स भले ही ना करें बट हम जिंदगी की आफादाफी में आपके साथ रहेंगे। तो उस पे लिखा था कि मैं चांद लाने का वादा नहीं कर सकती। मगर वादा करती हूं कि जब दुख और हालात आएंगे तुमसे मिलने तब दरवाजा मैं खोलूंगी। कुछ देर बिठाऊंगी उन्हें। कहूंगी कि तुम अभी घर पे
(58:22) नहीं हो। फिर भी नहीं माने तो बनाकर लाऊंगी उनके लिए चाय। उस चाय में स्वाद के साथ घोल दूंगी थोड़ा सा भरोसा। और उसमें ना हमारी मोहब्बत का पानी भी होगा। वो चाय पीना शुरू ही करेंगे कि इतने में तुम लौट आओगे। थोड़ी सी चाय तुम भी लोगे। उस चाय में घुला भरोसा पीकर तुम्हें कुछ महसूस होगा। तुम मेरी तरफ देखोगे और मेरी आंखों में तुम्हें दिखेगा साहस और तुम्हारे लिए अटूट भरोसा। हमारी आंखों में मोहब्बत का पानी भी होगा। हमारा यह पानी देखकर ना दुख और हालात अचानक से खड़े होंगे और कहेंगे चलिए चलिए अब हम चलते हैं। फिर दोबारा आएंगे। हम उन्हें अलविदा कह देंगे और
(58:56) दरवाजा बंद करके लौट जाएंगे अपनी उस दुनिया में। वो दुनिया जहां हम एक दूसरे के लिए चांद तो नहीं ला पाएंगे मगर ला पाएंगे वो भरोसा जो दुख और हालात से डरेगा नहीं बल्कि उनके साथ बैठकर एक कप अदरक वाली चाय पिएगा। ओह माय [हंसी] गॉड ओह माय गॉड दिस इज सो ब्यूटीफुल। थैंक यू सो मच। गुंजन ये कितना सुंदर है। कितना सुंदर है। बट दिस इज सो ट्रू ना। मतलब कि हां मतलब आप चांद मत ला के दो। बट आप यह वादा कर दो कि आप जब दुख हालात और सब कुछ क्योंकि सब आएगा ही आपके जीवन में। तब आप साथ खड़े रहोगे। एंड तभी यू विल बी द यू नो यू विल बी होल्डिंग द स्पेस फॉर मी।
(59:31) आई थिंक आई थिंक व्हाट यू मेंशंड इज सो ट्रू कि कोई भी रिलेशनशिप हम लोग सोचते हैं ना हम लोग या टीवी में देखते हैं या किसी के बारे में सुनते हैं कोई भी रिलेशनशिप परफेक्ट नहीं होता है। उनके लाइफ में भी बहुत कुछ चल रहा है। उनके रिलेशनशिप में बहुत कुछ चल रहा है। सो यू जस्ट हैव टू अंडरस्टैंड कि वो कठिनाइयां वो दुख वो दर्द आएगा। हर रिलेशनशिप में आएगा। इट्स लव इज ऑल अबाउट हाउ यू पास थ्रू दैट। या हाउ यू सी टुगेदर एंड जस्ट आई थिंक प्रॉब्लम्स तो वही एक्सैक्टली बहुत जरूरी है। प्रॉब्लम्स आएंगी ही बट आपके और आपके पार्टनर के बीच में इतनी
(1:00:03) अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए कि जब भी प्रॉब्लम आए आप तभी बात कर पाओ। बहुत लोग होते हैं जो प्रॉब्लम सालों साल दबा के रखते हैं और फिर वो एकदम निकलती है आगे जाकर बात बातबात पे कि तुमने उस साल में ऐसा किया था। आई थिंक वो हमने देखा है। हम सबने देखा होगा वो अपने आसपास कहीं ना कहीं। तो आई थिंक वो बहुत गलत है। अभी प्रॉब्लम लग रही है। आप अभी बात करके क्लियर करो। आगे बढ़ो यार। आई थिंक वो जरूरी है। परफेक्ट। तो इसी के साथ वी हैव टू एंड दिस एपिसोड। थैंक यू सो मच गुंजन आने के लिए। एंड आई लव इट। थैंक यू सो मच। आई जेनुइनली लव इट कि द वे यू टॉक, द वे
(1:00:33) यू रिसाइट, द वे यू राइड इट्स मैजिकल, इट्स ब्यूटीफुल। सो मच इट वास रियली फन। थैंक यू सो मच। थैंक यू सो मच। रियली एंजॉयड इट। नमस्ते। और एक चीज और बोलना होगा इनको कि आपको ये चैनल को सब्सक्राइब करना है। सब्सक्राइब द चैनल गाइस। [हंसी] चलो बुलवा लिया मैंने। धन्यवाद आप सभी का इस एपिसोड को देखने के लिए। अगर आपको इनमें से कोई भी शायरी पसंद आई है या कुछ भी जो गुंजन ने बोला है वो हमारे कमेंट सेक्शन में पक्का बोल देना क्योंकि हम लोग आपके कमेंट्स को रिप्लाई करने वाले हैं। उसी के साथ हमारे इस चैनल को Instagram चैनल को प्लीज सब्सक्राइब और
(1:01:10) फॉलो कर लीजिए क्योंकि आगे आने वाले एपिसोड्स में आप बहुत डिफरेंट कंटेंट देखने वाले हैं। तो तब तक के लिए नमस्ते, ध्यान रखिए और अगले एपिसोड में मिलते हैं। [संगीत] [संगीत]
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