Negative Energy Healing Expert Sunitha REVEALED Shocking Truth About Reincarnation | Nirupama
Author Name:SumanTV
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Transcript:
(00:00) असल आत्मांट एंटी एकड़ा बॉडी में आत्मा कहां है? सब लोगों ने बोला हुआ है दोनों आइब्रोज़ [संगीत] के सेंटर में। बहुत डीप में है। यलांट अर्थ से भी बड़ा है। स्काई को भी टच कर सकता है। इतना बड़ा एनर्जी है। [संगीत] असल मरणनवाता ये जरूरत तो मृत्यु सपने से जागना है। एक्सपेंशन मनुष्यवाता मस्त [संगीत] जन्म वो हम डिसाइड करेंगे हजारों जन्म हो सकते हैं उसके लिए बहुत जगह पर एट अ टाइम भी हम लोग जन्म देंगे [संगीत] अर्थ पर ही बहुत जगह पे आपका बर्थ हो सकता
(00:49) है जनरल मनुष्य की ये जन्मा जन्मात एक जन्मद मैंने ही मेरे खुद के हजारों जन्म देखे हुए [संगीत] हैं और मैंने ये भी देखा है कि मैंने और भी कहीं जन्म लिया हुआ है। गत जन्म पाप पुण्य ई जन्म इंद तब तक हम लोग कर्मा ही समझते उसको जब तक उसका अंडरस्टैंडिंग नहीं है। पूर्व अभी ई जन्म लो मनुष्य को घर में किसी लेडी को मारा गया है और उसको बहुत टॉर्चर करके मार वो श्राप देख के मरती है ना वो रहते हैं। कभी-कभी वह लेडी खुद जन्म लेके वह कर्ज को ठीक कर सकती है और उस पूरे फैमिली में इतना टॉर्चर होता है उस एक इंसान की वजह से आपको और ईगो रहता है हमारे अंदर हम
(01:33) [संगीत] लोग एक्सेप्ट भी नहीं करते इन चीजों को पर इसको नींद में दिखेगा पितृ वाला सोल अदी सिवाय क्यों चंदी ये थर्ड डे में होता है थर्ड डे या 12th डे में होता है तब उनका एनर्जी आजूबाजू में ही रहता है पर उसके कपड़े [संगीत] उसके इमोशन यहां पे उसके गहने यहां पे उसके रिश्तेदार यहां पे वो यहीं पे है। अभी भी यहां पे एक दादी [संगीत] है खाना खा रही है। देखो देखो यहां पे कोई भी बॉडी छोड़ रहा है समझो उसके साथ उसके इमोशंस यहां रह जाते हैं। [संगीत] [संगीत] प्रस्तु मनार पुणे सुनी आ हीलिंग मेडिटेशन नेगेटिव एनर्जी इला वाट सारी
(02:22) अम्मा तो माट मन डाउट्स अन क्लेरिफाई च अम्मा नमस्तेला उन्नार अम्मा मैं ठीक हूं जी बहुत अच्छी [हंसी] मेडिटेशन अंट असल हम लोग पहले मेडिटेशन से स्टार्ट करें क्या दो मिनट के लिए आंखें बंद करके पहले एक्सपीरियंस करते हैं बाद में आप मेडिटेशन के लिए ओके ओके हम बॉडी को रिलैक्स करके पैर को इंटरलॉक करना है एंकल के पास हाथों को इंटरलॉक करके धीरे-धीरे आंखें बंद करनी है और बाबा जी माता जी की एनर्जी के साथ कनेक्ट करके हम सब लोग सिद्धाश्रम में एक सर्कल के अंदर बैठ रहे हैं। बर्ड को एकदम रिलैक्स करके स्पाइन को इरेक्ट करके बैठना है। स्पिरिट बर्ड्स का
(03:07) एनर्जी कनेक्ट हो रहा है। एनर्जी धीरे-धीरे सेवन चक्र की तरफ जा रही है। हो सकता है आपको बहुत बड़ा स्नेक दिखाई दे। धीरे-धीरे स्कल के [संगीत] थ्रू स्पाइन के थ्रू टेल बोन की तरफ जाना है। रिलैक्स टेल बोन की तरफ पैरों को एकदम रिलैक्स करना है। लेफ्ट पैर में ध्यान देना। लेफ्ट साइड के पैर में ध्यान देना है। आपको शायद बॉडी मूव हो रहा है। ऐसा फील हो सकता है। बॉडी के अराउंड वर्क कवर स्टार एक्टिवेट हो रहा है। किसी को [संगीत] अपने एनसेेस्टर्स दिख सकते हैं।
(03:51) अगर एनसेेस्टर दिख रहे हैं, ग्रेटट्यूड देना है। आपके एनसेेस्टर्स [संगीत] को ग्रेटट्यूड देखकर आप पूछ भी सकते हैं कि वह कुछ बात करना चाहते हैं। क्या पूछ भी सकते हैं। सेवंथक से एनर्जी धीरे-धीरे 12क की तरफ एंड देन एक पेड़ के साथ कनेक्ट हो रहा है। 12्थक से पेड़ के साथ कनेक्शन हो रहा है। यह नीम का पेड़ है। पेड़ से फिर से यह एनर्जी रूट्स के अंदर जाके हमारे पैरों के थ्रू, रूट चक्र के थ्रू बॉडी को कनेक्ट होते जा रही है।
(04:37) हम जब भी मेडिटेशन में बैठे गुरुओं के साथ कनेक्ट होके कुलदेवी [संगीत] पेरेंट्स एनसेेस्टर्स के साथ कनेक्ट होके मेडिटेशन में बैठना चाहिए। एक क्लीन जगह में जहां पर आप मेडिटेशन में बैठने वाले हैं, वहां नीचे एक क्लीन कपड़ा डाल के उसके ऊपर बैठना है। स्पाइन को स्ट्रेट रख के बैठना है। दोनों हाथों को इंटरलॉक करके बैठना है। कभी-कभी आपको अंदर से ऐसी आवाज आ सकती है कि दोनों हाथ ध्यान मुद्रा में रखनी है
(05:23) या कोई और मुद्रा आपको अंदर से फील हो सकता है। उसको फॉलो करते हुए आंखें बंद करके शांति से बैठना है। हो सकता है आजू-बाजू में किसी चीज की आवाज आए। उन सबको उन सारी आवाज को एक्सेप्ट करके लेफ्ट नस्ट्रिल के थ्रू फोरहेड में ध्यान देना है। लेफ्ट नस्ट्रिल के थ्रू बॉडी के अंदर जाके फोरहेड की तरफ देखना है। टेंपल पॉइंट पे देखना है। जहां पे सिंदूर लगाते हैं ना उस पॉइंट पे देखना है। धीरे-धीरे सीधा ब्रह्मरंद्र की तरफ शिख की तरफ शिख
(06:09) से धीरे-धीरे गर्दन की तरफ जाना है। मेडुला को देखते हुए स्पाइन में गर्दन के पास बहुत लोगों को स्टिफनेस फील हो सकता है। शोल्डर की तरफ ध्यान देना है। शोल्डर से हाथों की तरफ, हाथों से धीरे-धीरे फिंगर्स की तरफ। हमने जैसे दोनों हाथों को इंटरलॉक किया हुआ है। गर्दन से राइट शोल्डर से राइट हैंड से लेफ्ट हैंड फिर गर्दन इस तरह से एक बहुत बड़ा सर्कल एक्टिवेट हुआ है। एंड एंटीक्लॉकवाइज मूव हो रहा है। गर्दन में जो स्टिफनेस है, शोल्डर में जो स्टिफनेस है, वो धीरे-धीरे
(06:57) रिलीज किया जा रहा है। तो आप लोगों को बॉडी में जर्क्स फील हो सकते हैं। थोड़ा हैवीनेस लग सकता है। इचिंग हो सकता है। दर्द हो सकता है। आंखें खोलने का मन हो सकता है। दर्द की वजह से पर आंखें नहीं खोलनी है। आपके गर्दन में शोल्डर में कुछ पेन है जिसको ठीक किया जा रहा है। दो-तीन दिन तक आपको गले में भी तकलीफ हो रही है। ऐसा फील हो सकता है। वह बस हीलिंग की वजह से ऐसा हो रहा है। गर्दन में ध्यान दो। बहुत लोगों का ऑपरेशन हुआ है गर्दन में। किसी को गर्दन में लगा हुआ है वह सारे
(07:44) इश्यूज को गर्दन से ब्रह्मंद्र की तरफ से शिख की तरफ से वो नाड़ियों को ठीक किया जा रहा है। गर्दन में ही ध्यान देना। यह जो हीलिंग हो रही है अभी इस हीलिंग को कोई भी कभी भी कर सकता है। इस हीलिंग को कोई भी रिपीट भी कर सकता है। दो-तीन बार आठ बार आपका जब तक गर्दन का इशू ठीक नहीं हो रहा है, शोल्डर का पेन ठीक नहीं हो रहा है, आप उसको रिपीट [संगीत] कर सकते हैं। जिनको स्किन के इशूज़ हैं, हाथ पर वगैरह, वह लोग भी इस हीलिंग को कभी भी रिपीट कर सकते
(08:32) हैं। यह एनर्जी [संगीत] लॉक हो रहा है तो आप जब भी इसको सुनेंगे वह उतना ही इफेक्टिव होगा। और उल्टा हर बार आपको ज्यादा फीलिंग आएगी। ज्यादा स्ट्रेंथ ज्यादा एनर्जी फील होगा। फर्स्ट टाइम कभी-कभी पेन की वजह से या कभी हम इस तरह से अंदर नहीं गए हैं तो कभी-कभी ऐसा होता है कि समझ नहीं आ रहा है। पर जैसे-जैसे आप उसको रिपीट करेंगे और ज्यादा अच्छे रिजल्ट्स आएंगे। गर्दन में ध्यान देना है। वहां छोटे-छोटे डायमंड [संगीत] जैसे
(09:19) शाइनिंग स्टार एक्टिवेट हो रहे हैं गर्दन की तरफ। गर्दन झुकाने के बाद स्पाइन में एक हड्डी ऊपर आता है ना उसका हीलिंग स्टार्ट हो गया है। अभी जैसे कुछ कपड़ा जैसे कोई बांध के रखा हुआ हो उसको रिमूव किया जा रहा है। अब आपको सांस आएगी अच्छा लगेगा। थोड़ा हल्का लगेगा। मुंह से एक्सेल करना है। जैसे ना किसी ने बहुत टाइट कपड़े पहने हैं तो कैसे सांस यह होता है ना थोड़ा इशू होने लगता है। सांस नहीं ले पाते ऐसे। यह पेन रिमूव कर रहे हैं वैसे-वैसे आपको गहरा सांस आएगा।
(10:05) नींद अच्छा लगेगा। इस हीलिंग को आप रोज भी कर सकते हैं। सोने से पहले इसको रिपीट करके सो सकते हैं। स्पाइन से धीरे-धीरे टेल बोन की तरफ टेल बोन की तरफ ध्यान देना है। क्रिकेट का बॉल रहता है ना उतना एक आयरन का बॉल हो। जैसे बहुत वेट है उसमें। वह भी रिलीज किया जा रहा है। जिसकी वजह से आप सीधा चल नहीं पाते हो। यह जो पेन है टेल बोन की तरफ इसकी वजह से आप चल नहीं पाते हो। बहुत देर
(10:52) तक बैठ नहीं पाते हो। टेल बोन राइट साइड का हिप एरिया में यह पेन हो सकता है आपको। टेलबोन में लगा हुआ है। जैसे हेयर हेयर लाइन क्रैक्स रहते हैं ना वैसे टेल बोन में कुछ लगा हुआ है। और किसी किसी का एज की वजह से बोन में ताकत नहीं रही है। उनको भी सेम पेन हो रहा है। अ किसी को जैसे-जैसे एज बढ़ता है बोन लॉस होता है। पर सबको नहीं होता है। जिनको होता है उनका थिंकिंग ऐसे रहता है कि कल क्या होगा? आज का यह हो गया है। पर उसका क्या होगा? इसका क्या होगा? कंटिन्यू [संगीत] टेंशन में रहते हैं। सोचते रहते हैं। घर
(11:37) पर कोई सपोर्ट नहीं कर रहा है। ऐसा फीलिंग आता है उनको। इस तरह से बोन से रिलेटेड इशू होने लगते हैं और जैसेजैसे ज्यादा सोचने लगते हैं गर्दन भी झुकने लगता है। गर्दन में दर्द होता है और वही दर्द टेल बोन हील तक कुछ ना कुछ इशू होते रहते हैं। क्रैक्स होते रहते हैं। कोई एक्सीडेंट हुआ तो बहुत हड्डी तक लगेगा। ऊपर ऊपर ऐसा स्किन निकल के नहीं जाता। पर पूरा हड्डी तक लगेगा ऐसा। सोचने से यह सब कुछ हो रहा है। रिलैक्स रखना है खुद को और मैसेज खुद को रिलैक्स रखो। ऐसा बोलने से सिर्फ कोई रिलैक्स नहीं होता है। वो स्वभाव है। किसी का स्वभाव है। समझो
(12:22) टेंशन लेना। वो अगर चीजों को अंडरस्टैंड करने की कोशिश करें तो शायद उनके स्वभाव में चेंज आ सकता है। जैसे जिस बारे में वह सोच रहे हैं वो कल भी सोच रहे थे। दो दिन पहले, 10 साल पहले भी यही सोच रहे थे। रोज कुछ ना कुछ हो ही रहा है ना। हम जिंदा तो है ही ना। धीरे-धीरे चेंजेस आ ही रहे हैं। लोड है, फाइनेंस का लोड है। काम बहुत ज्यादा करना पड़ रहा है। करना ही पड़ रहा है वो तो। और सोच के बॉडी में डिजीज क्रिएट [संगीत] करने से अच्छा है कि समझे कि यह हर रोज हो रहा है और उसमें मैं क्या कर सकता हूं? शांत रखने की कोशिश करनी है।
(13:07) किसी भी आप भगवान को मानते हो, किसी लाइट को मानते होंगे, किसी गुरु को मानते होंगे, पेरेंट्स को मानते होंगे, फ्रेंड को मानते होंगे या अपने एनसेेस्टर्स को मानते होंगे। [संगीत] किसी को भी उसके ऊपर ट्रस्ट करके कि वह है तो सपोर्ट करेगा। ऐसा सपोर्ट फील करके मन ही मन में वो दिन अच्छा निकाल सकते हैं। टेल बोन से राइट हिप [संगीत] से नी के पीछे की तरफ जाना है। नी के पीछे से लोअर लेग में [संगीत] हील की तरफ। यह पेन जैसेजैसे रिलीज हो रहा है, किसी किसी को यह 21 दिन तक पेन होने वाला है।
(13:55) जो पेन आपने जमा करके रखा है, वह बॉडी से हील से निकल रहा है। तो, नींद में भी आपको यह दर्द फील हो सकता है। जाग आ सकती है। इतना क्रैंप्स आते हैं ना वैसा यह निकल जाएगा। और उसके बाद आपके माइंड से गर्दन से वह बाहर जो है वो वेट जो है वो कम होगा। एंड थोड़ा सा जीवन के प्रति जो होप होनी चाहिए वो बढ़ गया है। आप थोड़ी खुशी फील कर पा रहे हो। ऐसा चेंजेस आएंगे। धीरे धीरे-धीरे आपके लाइफ [संगीत] में चेंजज़ आएंगे कि मैं जो टेंशन ले रहा हूं उसमें कुछ चीजों को चेंज करना [संगीत] पड़ेगा। शायद वह एडिक्शन करते
(14:41) होंगे तो शायद सोच सकते हैं कि यह पैसा मैं घर के काम में लगा सकता हूं तो अपने आप बर्डन कम हो जाएगा। वैसा धीरे-धीरे उनके थिंकिंग पैटर्न में भी चेंजेस [संगीत] आएंगे। बहुत धीरे-धीरे दोनों हाथ नमस्कार मुद्रा में गर्दन को झुका के एनसेेस्टर्स [संगीत] को गुरुओं को पेरेंट्स को कुल देवी को ग्रेटट्यूड देना है। फोरहेड की तरफ ध्यान दो। दोनों हाथ चेहरे के ऊपर बहुत धीरे-धीरे स्कल को कान को टच करते हुए दोनों हाथ क्रॉस करके शोल्डर को टच करते हुए हाथ से फिंगर से चेस्ट से पैरों की तरफ जाना है। एकदम नाखून तक
(15:30) नाखून को मसाज करना है पैरों के और हील से धीरे-धीरे ऊपर आना है। बैक सेप एरिया से लोअर बैक से अपर बैक से गर्दन से दोनों चेहरे के ऊपर सांस को एक्सेल करना पैरों की तरफ ध्यान दो फाइव नेल की तरफ ध्यान देना फोर हार्ट पे थ्री गले की तरफ टू चेहरा वन पूरा स्पाइन में ध्यान देते हुए पूरे बॉडी को देखना है। हाथों को देखना है। टेंपल पॉइंट पे देखो। जहां पे सिंदूर लगाते हैं
(16:14) वहां जीरो। बहुत धीरे-धीरे आंखें खोलनी है। हो सकता है कि किसी को आंखें खोलने में एक दो मिनट ज्यादा लगे। आप लोग वैसे ही बैठना। एक दो मिनट बैठ सकते हैं। यह प्रोसेस 11 दिन से 21 दिन तक चलने वाला है। तो बहुत पानी पी रहे हैं तो बहुत शांति से पानी पीना है कि मैं बहुत डिवाइन चाइल्ड हूं। खुद को ब्लेसिंग्स देनी है। खुद को ही ब्लेसिंग्स देनी है कि मैं आप जिसको भी भरोसा करते होंगे। शिव को भरोसा करते हैं, जीसस को करते हैं, मां को करते हैं, किसी अल्लाह को करते हैं। कुछ किसको भी आप
(16:58) भरोसा करते हैं ना उनका नाम लेके जुबान को खिसरी मुद्रा में रखना है और शांत रहना है। किसी लाइट को मानते होंगे या पेरेंट्स को। उनको ग्रेटट्यूड देते हुए एक-एक दिन खुशी से रहने की कोशिश करनी है। और आप मेडिटेशन स्टार्ट करते हो ना आपके जीवन में 100 100% [संगीत] चेंज आता है। बाहर का कोई भी सिचुएशन चेंज हो कि ना हो अंदर कुछ तो चेंज हो जाता है और वह चेंज बहुत इंपॉर्टेंट होता है। आपको जब भी टाइम मिले मेडिटेशन करना है। ध्यान करना है जब भी जहां पर भी टाइम मिले
(17:45) थैंक यू मास्टर थैंक यू सो मच थैंक यू की मेडिटेशन चाहिए डायरेक्टि अम्मा थैंक यू सो मच थैंक यू चप्पी असल आत्मा एकड़ा यलाुंदी असल मरण तरवाता ये जरगत् बहुत सारे क्वेश्चन एक साथ हो गए हो पर ठीक है कोशिश करती हूं कि आत्मा क्या है आत्मा आत्मा एनर्जी है। बोल सकते हैं। आत्मा क्या है? एक बहुत छोटा सा डॉट है। शिव का लाइट का। हम जिसको भी लाइट समझते हैं या शिव या शक्ति समझते हैं। उसका एक पार्ट है। बहुत छोटा सा जैसे धूल का कण होता है। उतना छोटा सा एक अंश है। उसको हम आत्मा बोलते हैं। पर वो
(18:32) सिर्फ अंश एक छोटा सा अंश नहीं है। उसके साथ बहुत सारी एनर्जी उसके साथ लाइट रहता है वह बॉडी में हम लोग उसको फील करते हैं। हम लोग उसको ताकत बोल सकते हैं। हम लोग एनर्जी बोल सकते हैं। ऊर्जा बोल सकते हैं उसको। बॉडी में आत्मा कहां है? सब लोगों ने बोला हुआ है कि बॉडी में आत्मा कहां है कि दोनों आइब्रोज़ के सेंटर में है। पर यह मैंने कहीं पढ़ा नहीं है। कुछ नहीं। मैं मैंने जो फील किया है, वह बोल रही हूं मैं। बॉडी में आत्मा बहुत डीप में है। बहुत डीप में है। दोनों आइब्रोज़ के सेंटर में डीप में है। पर बॉडी में आत्मा यह हर जगह पे है। स्किन कहां
(19:11) है? स्किन जैसी हर जगह पे है। वैसे आत्मा जो है ना वह बहुत बड़ा एनर्जी के साथ रहता है। सिर्फ डॉट नहीं है। सिर्फ डॉट नहीं है वह। उसका जो उसके साथ जो चीजें हैं उसके साथ जो एनर्जी है वह बहुत बड़ी है। बॉडी छोटा है उसके सामने। यह जो बॉडी दिख रहा है वह बहुत छोटा है। आत्मा के साथ जो चीजें हैं जैसे एनर्जी है वह बहुत बड़ी रहती है। ऐसा बोल सकते हैं हम लोग कि अर्थ के जितनी है एक भी एक अगर मेरे अंदर अंश है वो डॉट है आत्मा है तो अर्थ जितना है। अर्थ से भी बड़ा है। स्काई को भी टच कर सकता है। वह इतना बड़ा एनर्जी है। वह एक का भी है क्या? हां एक का भी है और सबका
(19:54) भी है। एक अंश में भी एक आत्मा के अंदर भी शिव जितना एनर्जी है। तो छोटा है बोलने के लिए एक एंगल से देखा जाए तो हां बहुत छोटा है। धूल के कण जितना है। पर वो बहुत बड़ा रहता है। और सिर्फ बॉडी में एक जगह पे नहीं है। जैसे-जैसे हम बॉडी के अंदर जाने लगते हैं वह एक पॉइंट है। ऐसा बोल सकते हैं कि यहां पे पॉइंट है। पर आत्मा जब हम देखने लगते हैं ना तो वो पॉइंट नहीं है। सिर्फ वो बहुत बड़ा एनर्जी है। खुद शिव है जैसे वह स्काई जितना अर्थ जितना वह इतना बड़ा दिख सकता है तो सिर्फ छोटा है क्या एक एंगल से हां है पर दूसरे एंगल से ऐसा
(20:31) नहीं है वो वो बहुत बड़ा है बहुत बड़ा है वो आत्मा ने इस शरीर को पहना हुआ है मृत्यु क्या है शरीर को छोड़ दिया बॉडी को छोड़ दिया कपड़े को छोड़ दिया वह मृत्यु है ऐसा हम लोग बोल सकते हैं सिर्फ समझने के लिए वह मृत्यु है पर एक्चुअली वह मृत्यु नहीं रहता आत्मा कभी मरती नहीं है। आत्मा की जो एनर्जी है वह कहीं-कहीं स्टक हो सकता है। पर आत्मा डायरेक्ट मरती या जन्मती नहीं है। उसका सिर्फ वो पहनावा लेके आई हुई है। मृत्यु क्या है? एक एंगल से अगर हम लोग सोचना चाहे उसको बहुत अच्छे से समझना चाहे तो मृत्यु सपने से जागना है। मृत्यु क्या है? समझो हम लोग सपने में
(21:16) हैं। वह जाग जाना मृत्यु है। ऐसा समझ सकते हैं कि मृत्यु जो है हम लोग कहीं डीप में अंधेरे कुएं के अंदर थे ऊपर आ गए हैं। वो मृत्यु है। 3D में हम लोग मृत्यु जिसको समझते हैं वह बहुत अलग दिखाया जाता है। डरावनी है थोड़ी सी। थोड़ा सा ऐसा लग सकता है कि मृत्यु बहुत ज्यादा डरावनी है। सब लोग डरते भी है उस चीज से। पर जागने से डरने की ज़रूरत नहीं है। मृत्यु मतलब सिर्फ जागना है। मुझे ऐसा लगता है। मैंने ऐसा देखा हुआ है कि मृत्यु का मतलब उल्टा एक्सपेंशन है। जैसे ही हम बॉडी छोड़ते हैं ना कुछ तो इतना अल्टीमेट चेंज हो जाता है बॉडी में एनर्जी में हम सब कुछ देख सकते
(21:59) हैं। जो बॉडी में रहते हुए बॉडी के कुछ लिमिटेशंस है ना उसके साथ हम इन चीजों को एक्सपीरियंस नहीं कर पाते। मरण तरवात क आत्मा ब्रु एकड़ु शरीर उद आत्मा एकड़ की पोत हम लोग जहां पे है 3D लाइफ में वहां पर ना सब लोग कहीं से आए हुए हैं कहीं से आए हुए कहीं से मतलब कहां आए अर्थ एक प्लनेट है उसके ऊपर कहीं-कहीं से लोग आए कहीं से आए मतलब कहां पे स्टार वर्ल्ड रहता है बहुत स्काई जो है बहुत बड़ा है हम जिस चीज को देख रहे हैं अर्थ को वो पूरे यूनिवर्स में अगर देखेंगे तो एक डॉट के जितना जितना है एक कण के जितना है। तो जैसे अभी मैं बोल
(22:39) रही थी कि आत्मा बहुत छोटा है। वैसे उससे भी छोटा अर्थ है। ऐसा दिखाते हैं पूरे यूनिवर्स में। जब हम यह समझ रहे हैं ना कि अर्थ है वह छोटा सा एक प्लनेट है। उसके ऊपर कहीं-कहीं से जैसे शिव है, जैसे शक्ति है, जैसे जीसस है, इनके कुछ पार्टिकल्स उनका एक लाइट का एक किरण जहां पर हम है वहां पे आ रहा है। सिर्फ एक किरण जो है वह अर्थ पर आया हुआ है। ऐसा हम लोग बोल सकते हैं। इतना छोटा सा एनर्जी का एक अंश एक आत्मा का अंश लेके हम लोग यहां पे आए हुए हैं। अर्थ पर कहां जाते हैं? यहां से बॉडी छोड़ने के बाद हम लोग जहां पे हैं हम लोग
(23:22) ऑलरेडी जहां पे हैं वो एक अंश जो है वो फिर से उधर वापस जा रहा है। जा सकता है। जाता है। कभी-कभी वही एनर्जी स्टक भी होती है। वही जो एक किरण जो है वह कहीं पे अटक भी सकता है। इमोशंस की वजह से जैसे मैं समझो शक्ति हूं या शिव हूं या जीसस हूं। तो मैं अर्थ पर पूरे के पूरे नहीं आती हूं। बाल का एकदम छोटा सा कन जो है वह अर्थ पर छोडूंगी मैं एक्सपीरियंस लेने के लिए। यहां से कुछ तो सीखा फिर वही इंफॉर्मेशन मुझे आएगा। जैसे हमारे हायर सेल्फ होते हैं वो उधर ही वह जो एनर्जी है जितनी ऊपर जानी जरूरी होती है उतनी ऊपर जाती है। कुछ इमोशंस की वजह से या मैं कुछ
(24:04) सीखना चाहती हूं। कभी-कभी ऐसा होता है कि मेरा इमोशन है जो कंट्रोल में नहीं आया है या रिवेंज में आ गया। किसी चीज़ की वजह से हम लोग यहां रुक सकते हैं। फंस सकते हैं। रुकना अलग बोल सकते हैं उसको। फंस सकते हैं यहां पे। पर कभी-कभी यह मेरा अंडरस्टैंडिंग है। यह मेरा इच्छा है समझो कि मुझे वापस आना है। तो, हम वापस आने के लिए भी जानबूझकर चीजों को होल्ड करके रखते हैं कि पूरा का पूरा नहीं जाना है। कुछ पढ़ा ही रह गया। पर बॉडी का एक लिमिट है कि 60 साल, 100 साल, 200 साल। उसके बाद वो बॉडी छोड़ना जरूरी है। इसलिए उनको जाना पड़ रहा है। पर वो उन चीजों को जानबूझ के
(24:40) भी नीचे रख के छोड़ के जाते हैं कि वापस आना है यहां पे। कुछ डिवाइन वर्क के लिए भी होता है। कुछ सीखने के लिए भी होता है। कुछ कर्मा भी होता है। मतलब जो इंसान जो गुरु या कोई देवी देवता नीचे आ रही है। कोई एनर्जी नीचे आ रही है। आत्मा नीचे आ रही है। तो उसका मतलब है कि उसका खुद का वो अंडरस्टैंडिंग रहेगा और हायर सेल भी उसके साथ रहेगा। कि वह जाना चाहता है क्या कि वापस आना चाहता है। वह सब एक दूसरे के साथ अंडरस्टैंडिंग के साथ कोई यहां पर बहुत काम करने के लिए भी आते हैं। अर्थ का काम करने के लिए उनके फ्रेंड्स को उनके एनसेेस्टर्स को छुड़ाने के लिए भी आते हैं
(25:15) कभी-कभी कि इमोशनली स्टक हो गए तो वापस कैसे आना है नहीं समझ में आ रहा है क्योंकि 3D में हम बहुत सारी चीजें भूल जाते हैं। सब रहता है माइंड में सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस माइंड में पर कुछ चीजें भूल जाते हैं हम लोग जन्म लेते हैं तब तो उन चीजों को याद दिलाने के लिए वो गुरु के रूप में कभी फ्रेंड के रूप में कभी मां भाई ऐसे किसी ना किसी रूप में आके हमको समझा के भी पूरा वो लीनेज में जितने लोग हैं वो उनको भी वो लाइट में लेके जाने के लिए कभी-कभी आते हैं वो लोग रुकते हैं यहीं पे मनुष्य चपवाता म जन्मस्तार य जन्म कितने जन्म होते वो हम हम डिसाइड
(25:55) करते हैं हम डिसाइड करते हैं अगर मेरा मेरा एक लर्न एक लर्निंग था वो लर्निंग कंप्लीट हो रहा है लर्निंग के बाद भी हम लोग यहां कुछ काम करने के लिए वापस आ सकते हैं कितने जन्म होते हैं वह हम डिसाइड करेंगे हजारों जन्म हो सकते हैं उसके लिए और हम जब से यूनिवर्स बना हुआ है तब से भी बहुत सारे जन्म ले सकते हैं बहुत जगह पर भी ले सकते हैं बहुत जगह पर एट अ टाइम भी हम लोग जन्म ले सकते हैं। मनुष्य सारी जन्म का जन्म ओके मनुष्य अला साध्य एक अगर आप अभी यहां पे हो निरुपमा जी के नाम से एक फीमेल बॉडी में हो
(26:39) तो अर्थ पर ही बहुत जगह पे आपका बर्थ हो सकता है। बहुत जगह पर सात सात 10 15 जैसे जितनी चीजों की जरूरत होगी उतनाउतना होगा जनरल का मनुष्य की ये जन्म एड जन्म तरवात एक जन्मदार इन निजता सात जन्म होते हैं ऐसा बोलने के पीछे कोई दूसरा रीजन हो सकता है मैं उनको अपोज नहीं कर रही हूं पर एक्चुअली मैंने ही मेरे खुद के हजारों जन्म देखे हुए हैं और मैंने यह भी देखा है कि इस इस लाइफ के साथ-साथ इस बॉडी के के साथ-साथ मैंने और भी कहीं जन्म लिया हुआ है। तो सात जन्मों के बारे में बोलते हैं। मैंने भी सुना है पर वो रियलिटी नहीं है। हमारे बहुत सारे जन्म
(27:22) है। सात जन्म नहीं बहुत सारे जन्म है। और कभी-कभी हम ह्यूमन लाइफ में जन्म लेके इनलाइटन होके मुक्ति के मार्ग पे रहने के बाद भी फिर से एनिमल बनके वापस आते हैं कभी-कभी। मतलब यह सब कुछ ना हम लोग सात जन्मों के बारे में बोल रहे हैं। उसका कुछ मीनिंग रहेगा। वो कुछ अलग एंगल से बोल रहे होंगे पर 100 जन्म नहीं होते बहुत जन्म होते हैं बहुत 100 जन्म 150 जन्म तो एक दिन में मैंने देखा था कि इतने जन्म है मेरे कितने लोगों के साथ सारी मनुष्य आ मनुष्य य जन्मार मुंदु इनका जन्म इन् जन्मार प्राणाल मनुष्यदा आप अगर रेगुलर मेडिटेशन कर रहे हैं सुबह
(28:07) हम लोग 3:00 बजे मेडिटेशन लेते हैं उसमें ना मेरे साथ-साथ बहुत लोगों को यह दिखा भी है। खुद को दिखा है। मैं बोल रही हूं वह तो मैं वो मेरे बोलने पे ही भरोसा करना है। ऐसा नहीं है। आप सुबह 3:00 बजे मेडिटेशन करो। 1 महीना, 2 महीने, 4 महीने साल भर करो, 2 साल करो और फिर आप खुद ही देखो कि आपके कितने जन्म हुए थे। उन बहुत लोगों को उनके उनके जन्म दिखते हैं। आजकल ना थोड़ा भी लोग कोई मेडिटेशन करने के लिए ट्राई कर रहे हैं ना सबको उनका जन्म खुद से दिखता है। सपने में दिखेगा या मेडिटेशन में दिखेगा और एकदम पूरा दिखता है कि कहां
(28:40) पे थे, कितने लोग थे, क्या नाम था वो पूरा दिखता है। कितने सारे लोगों को दिखा ऐसे गत जन्म पाप पुण्यु ई जन्म कंदया पास्ट लाइफ में हम कुछ भी कर रहे हैं होता है दर्द होता है उसका पूरा नुकसान देना अगर कोई प्यार करता है तो वह भी उसको देना पड़ेगा और हर चीज का आपको तकलीफ भी हो सकता है जैसे तकलीफ हो रही है वैसे उसका अच्छाई भी उसको दिखेगी हम लोग समझ रहे हैं कि यह कर्मा है तब तक हम लोग कर्मा कर्मा ही समझते उसको जब तक उसका अंडरस्टैंडिंग नहीं है। पेन हो रहा है। पेन हो रहा है ना तो समझ रहे हैं कि यह कर्मा है। बट एक्चुअली वह वैसा सिर्फ कर्मा नहीं रहता।
(29:24) उसके साथ लर्निंग भी रहती है। लेसंस रहते हैं कुछ। वह भी इंपॉर्टेंट है। सिर्फ लर्निंग या कर्मा या उस यही नहीं रहता। और भी कुछ बहुत इंपॉर्टेंट चीजें हो सकती हैं। दूसरी भी यूनिवर्सल प्लान के हिसाब से भी बहुत सारी चीजें होती है। मतलब एक ही चीज का एक ही सीधा मतलब नहीं निकलता है। 10 साइड से देखते हैं तो अलग-अलग पर्सपेक्टिव दिख सकते हैं। उसकी वजह से क्या हो रहा है? पास्ट लाइफ के कर्मा की वजह से कुछ एक्शंस की वजह से हमको उसका इस जन्म में रिजल्ट दिख रहा है। कि मैंने आपको तकलीफ दिया था। आप मुझे सेम तकलीफ दे रहे हो। हम सेम तो यह होता है क्या? हां, होता है। पर
(30:05) उसके साथ-साथ क्योंकि हम यहां कुछ सीखने के लिए आए हैं। लेसंस भी होते हैं। यह जब तक अंडरस्टैंडिंग नहीं होता है तब तक कर्मा है। जब अंडरस्टैंडिंग आ जाती है वो लेसन है। कर्मा तब तकलीफ देता है जब तक तुम अंडरस्टैंड नहीं करते हो। अंडरस्टैंडिंग आया कर्मा चेंज हो के ग्रेटट्यूड आने लगता है और वही चीज़ लेसन के रूप में हम लोग लेके सीख के थोड़ा सा नेक्स्ट लेवल पे जाते हैं। यह है कर्मा के साथ कि पास्ट लाइफ से कुछ कर्मा है तो हमको भुगतना पड़ रहा है। यह एक एंगल से करेक्ट है। दूसरे एंगल से यह लेसन है। तीसरा कोई यूनिवर्सल प्लान भी होता है कि
(30:42) कुछ अर्थ के साथ भी हमारे रिलेशन है। कुछ काम है तो भी हम लोग ऐसा प्लान करते हैं। सिर्फ एक एंगल से देख के कोई भी चीज को एक ही एंगल से देख के मृत्यु को एक ही एंगल से देख के उसके सीधे-सीधे जाने की जरूरत नहीं है। बहुत सारे बहुत सारी चीजें जो है ना एक एंगल के साथ दूसरा उसका एंगल समझना तीसरा चौथा पांचवा 10 एंगल रह सकते हैं किसी भी चीज के। वैसे उसको पूरा समझने के बाद ही हमको समझ में आता है कि कर्मा क्या है? वो कर्मा नहीं था। अरे वह तो लेसन था। अरे ये तो मैंने ही किया हुआ था। अरे ये करने के पीछे यूनिवर्सल कोई प्लान था। वो सब कब समझ में
(31:25) आता है? जब हम सब कुछ देखते हैं उसको। जब हम अंडरस्टैंड करते हैं। जब हम मेडिटेशन में जाते हैं। किसी के बोलने से तो भरोसा होता नहीं है और करना भी नहीं है। कोई कुछ भी बोल रहा है भरोसा करने की जरूरत नहीं है। आप खुद मेडिटेशन में बैठो। पूरा मालूम हो। पूरा मालूम करो। खुद मालूम करो। मैं जो बोल रही हूं यह मेरा अंडरस्टैंडिंग है। आपका अंडरस्टैंडिंग कुछ अलग हो सकता है। ओके। हां। मैंने बोला कि कर्मा की वजह से ऐसा-सा हो रहा है आपको। यह हो रहा है, हो रहा है। हां, हो रहा है। पर आप मानो मत। खुद देखो सच में मुझे हो रहा है कि नहीं।
(31:53) क्या कर्मा था? क्या किया था मैंने। वह देखने से आपको समझ में आता है कि क्या था कर्मा? कर्मा समझने के बाद फिर समझ में आता है कि इसके पीछे तो बहुत बड़ा रीज़न था। लेसन है कुछ तो। मुझे सीखना था कि किसी को मारना नहीं है। मुझे सीखना चाहिए था। वह सीखने के लिए मैं यहां पे फिर से आई हूं। वह कैसे समझ में आता है? वह नेक्स्ट लेवल पर समझ वह हम खुद को समझ में खुद को समझने के लिए अंदर आते हैं या अंदर जाते हैं तभी यह चीजें आगे बढ़ सकती है। हम मुझे ऐसा लगता है कि किसी के भी बोलने पे भरोसा रखने से अच्छा है। खुद अंदर जाके देखो कि क्या है? क्यों पेन हो रहा है।
(32:30) कोई पेन होता है ना डिजीज आ रही है ना कुछ भी। देखो पहले कि वह डिजीज आया क्यों है? क्यों आया हुआ है डिजीज? वह देखना है। वह उसको देखतेदेखते आपको यह समझ में आता है कि क्या कर्मा था। समझ में आना दिखना अंडरस्टैंडिंग के साथ दिखना सपने में दिखना सब कुछ जायज है। सब कुछ हो सकता है। अगर आप थोड़ा सा खुद को टाइम देना चाहोगे तो यह दिखेगा आपको कि हर डिजीज के पीछे कुछ कर्मा है, कुछ लेसंस है, कुछ और भी चीजें हैं जिसको सीखना है, जिसको रिलीज़ करना है। उस वह कभी-कभी आपका होता है, कभी-कभी एनसेेस्टल इशू होते हैं। वह सब कुछ रिलीज़ करने की आपके अंदर हिम्मत आ
(33:11) जाती है। दिखता भी है कैसे करना है उसको ई जन्म लो अब आते नेक्स्ट जन्म लो अब गारा लेते अम पुट ले पोते एनिमल का पुट बर्ड का पुट ये ना गा सोल का कोई भी जेंडर नहीं होता सोल का कोई जेंडर नहीं है और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कोई एनलाइटिन मास्टर है ना तो वो किसी एनिमल के रूप में भी आपके घर पे आ सकते हैं और कभी भी हम फीमेल है तो फीमेल ही एज अ फीमेल ही हर जन्म में नहीं आते तो सीखने सीखा सीखा क्या फिर हमने सीखने के लिए यहां आ रहे हैं ना यहां पर कुछ तो एक्सपीरियंस लेने के लिए आ रहे हैं। अगर मैं हर बार लेडी के ही रूप में
(33:48) आऊंगी तो मेल क्या करते हैं? क्या सोचते हैं वो समझ में नहीं आएगा। तो हर बार हम किसी भी रूप में आ सकते हैं। कभी-कभी तो यह भी होता है कि किसी आश्रम है बहुत बड़ा आश्रम है। वहां पे कोई गुरु बैठे हुए हैं। वहां जन्म लेने वाले हैं तो पेड़ में भी एनर्जी रहता है। पेड़ भी ऐसा हो सकता है कि पूरा गुरु के एनर्जी के साथ या हम वहां पे उनको देखने के लिए पेड़ के अंदर बैठे हुए हैं। तो कोई भी सोल के साथ कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं होता। जहां हम लोग यहां 3D में आके ये समझ रहे हैं ना कि फीमेल है मंदिर में मत जाओ। अ मेल है मंदिर में नहीं जा सकते या दूसरा कोई रिस्ट्रिकशंस
(34:30) है। हर चीज को फीमेल इसमें नहीं जा सकती। मेल इसमें नहीं जा सकते। यह रिस्ट्रिकशंस सिर्फ यहां पे है। बाकी कहीं पे भी रिस्ट्रिक्शन नहीं है। सोल का कोई जेंडर थोड़ी होता है कि यह मेल है कि फीमेल है। राइट? पूर्व जन्म मनुष्य को समझो आपके घर में किसी लेडी को मारा गया है और उसको बहुत टॉर्चर करके मारा गया है वह श्राप देके मरती है ना वो रहते हैं वो एक जन्म एक एक जनरेशन में नेक्स्ट 7 8 10 21 वह जनरेशन बाय जनरेशन बढ़ते जाता है और उसका असर होता है हमेशा उसका असर होता कोई तड़प रहा है पानी पीने
(35:16) के लिए। वह चाहे एनिमल है घर में गाय है समझो और उसको पानी पीना है। कोई डॉग है उसको पानी पीना है। आप नहीं दे रहे हो या मारा हुआ है। उसके बच्चे को मारा हुआ है। दूध के लिए वगैरह ऐसा होता है ना कि मार रहे हैं उसको या किसी दादी को मारा हुआ है। किसी फीमेल को मारा हुआ है। कैरेक्टर पे कुछ डाउट लेके। इन सारी चीजों का असर आपके ऊपर एनसेेस्ट कर्स के हिसाब से वह रहता है। वह धब्बा जैसे रहता है। पूरे जैसे किसी कपड़े पे काला दाग रहता है ना वह निकलता नहीं है। वह रहता ही है। उसमें रहता है। कभी-कभी वह लेडी खुद जन्म लेके वह कर्स को ठीक कर सकती है। वह आते हैं
(35:56) वापस और उस पूरे फैमिली में इतना टॉर्चर होता है उस एक इंसान के वजह से। हम बोलते हैं ना सब कुछ अच्छा है उसका। पर वो लेडी जन्म लिया, वो बच्चे ने जन्म लिया तब से हमारा बहुत सारा चेंज हुआ है। वो सब बहुत सारी चीजों में चेंजेस आए हैं। ऐसा बोलते हैं ना इसीलिए बोलते हैं कि वो वापस आती है। वो कर्मा को रिलीज करने के लिए वो कर्मा को रिलीज करने के लिए वो पेन को वो कर्स को रिलीज करने के लिए वो खुद आते हैं। कभी-कभी वो तकलीफ देके ठीक करती है। कभी-कभी अंडरस्टैंडिंग वो दोनों चीजों के साथ करते हैं। कभी-कभी सिर्फ एक जन्म में नहीं होता है। दो तीन चार पांच जन्म भी
(36:30) लेके वह चीजों को ठीक करते हैं। जितना टॉर्चर किया है वह उतना टॉर्चर सबको करेगी। वह तो 100% होगा। 100% होगा। मर दला बाइट पड़ू। हां मेडिटेशन के थ्रू आप लोग बाहर निकल सकते हो। ओनली मेडिटेशन। ओनली मेडिटेशन मुझे देखो सिर्फ मेडिटेशन के थ्रू उसको समझने के लिए मेडिटेशन करना है कि क्या हो रहा है। यह कर्स है क्या सच में? मैंने बोला या पत्रिका में लिखा हुआ है समझो आपके। मानना है क्या? मान के आप शॉर्टकट निकाल सकते हो कि हां उन्होंने बोला है तो यह यह कर दिया और हो गया। नहीं होता ऐसे आपको खुद मेडिटेशन में बैठ के अंदर जाके देखना
(37:12) है कि क्या हुआ था। यह सच में हुआ था अभी या झूठ है। आप खुद मेडिटेशन में जाके देखो। तब कभी-कभी क्या होता है ना मेडिटेशन में इतना डीप में नहीं जा सकते। थर्ड फोर्थ जनरेशन में नहीं जा सकते समझो। तो क्या करना है? चंटिंग करनी पड़ेगी आपको। तो वह ताकत आएगा। फिर कभी-कभी हवन करना पड़ेगा। डेली हवन करना पड़ेगा शायद घर में। उससे भी आपको डीप में जाने के लिए ताकत चाहिए। ताकत चाहिए होती है। उसके लिए वो ताकत बढ़ती है चांटिंग से। मेडिटेशन से, गाय के साथ रहने से ताकत बढ़ती है। हवन करने से ताकत बढ़ती है। उन सारी चीजों से आप बॉडी में खुद में चेंजेस लेके आओ।
(37:51) पास्ट लाइफ में जाकर देखो कि क्या हो रहा है। इस लाइफ में उसका 100% रिजल्ट दिखता है। आपने एक बार डिजीज को देखा। डिजीज पता चला कि मुझे क्या हो रहा है? हार्ट में पेन हो रहा है। हार्ट में पेन क्यों हो रहा है? ब्लॉकेज है, हार्ट का इशू है कि उसको निकालना पड़ेगा कि रखना पड़ेगा कि काटना पड़ेगा? यह कैसे समझ में आता है? आपको जाके देखना पड़ेगा ना। वो एक बार डिजीज समझ में आने के बाद गोली करेक्ट जाती है अंदर। गोली क्या है? वह समझने के लिए वह गोली मैं ठीक ले रहा हूं कि नहीं यह समझने के लिए मुझे जो डिजीज बताया जा रहा है लोगों
(38:26) के द्वारा डॉक्टर्स के द्वारा वो सच में है कि नहीं वह पहले देखना है उसके बाद ही आप इस लाइफ में चेंजेस लेके आ सकते हैं। तुरंत चेंजेस आते हैं। जब आपने एक बार देखा कि इसकी वजह से मुझे कुछ-कुछ प्रॉब्लम है। वही इंसान जो सामने बैठने से मुझे सर दर्द होता है कि मैं उसकी तरफ देख भी नहीं पाती हूं। क्यों पता नहीं गुस्सा आता है मुझे उसका। पर मैं फिर भी समझ नहीं पा रही हूं। गुस्सा आता है। गुस्सा आता है। पर जब मैं अंदर जाकर देख रही हूं कि मैंने उसको बहुत टॉर्चर किया है। तो अचानक चेंज होता है कि नहीं यह मेरा किया हुआ था। अचानक चेंज आता है कि उसके साथ कैसे
(39:01) बिहेव करना है। उसको कितना प्यार का जरूरत था। मैंने कैसे टॉर्चर किया हुआ है उसको। तो अंडरस्टैंडिंग चेंज हो जाता है तो उसके साथ प्यार से रह रहे वह लर्निंग चेंज हो जाता है इस लाइफ में चेंजेस आने लगते मंदी व जन्मल की सर को तीरना ले पोते व लाइफ अन जरना व चपते आ प्रतिफलवाता जन्म वाल अनुभव अ निजमा मैं इस जन्म में ऐसा चाह किसी के साथ बहुत प्यार है उसके साथ मैं नहीं रह पाई वो थॉट माइंड में रह के मैं नेक्स्ट जन्म लेती हूं। वह कुछ भी हो सकता है। वह घर को घर के साथ प्यार हो सकता है। वह किसी लैंड के साथ प्यार हो सकता है। एनिमल्स के साथ
(39:46) हो सकता है। बच्चों के साथ के साथ मां-बाप के साथ उसी के साथ रहने से मुझे रहना था समझो। तो नेक्स्ट जन्म उसके साथ होगा। डिजायर्स कंप्लीट ना होना। डिजायर्स को हमने कंप्लीशन की तरफ ना फील करना ही न्यू बर्थ का रीजन है। पितु दर्पण पितु कर्म अमावस संदर्भ चपिक कोसार अलं चेस्ते पितु कर्मल ले पोते ग जन्म लो पापाल पोता अ निजमा पितु तपण करना है और पितरों से रिलेटेड बहुत सारे चीजें करनी रहती है अह पितों का जो कर्मकांड है वह करना रहता है पर सिर्फ इसलिए नहीं कि करना
(40:33) है अह सब लोग कैसे करते हैं ना कि पितृ पक्ष आता है तो हां करना है बोल के कर दिया उसको क्या चाहिए था समझो ऐसा हुआ है कि कोई दादा जी थे उन्होंने बोल के रखा है कि मेरा उनका प्रॉपर्टी है कुछ 810 एकड़ जमीन है उसमें से बोला हुआ है कि पांच एकड़ इसको देना है दो एकड़ इस इसके लिए रखा हुआ है अह एक एकड़ किसी और के लिए रखा था दो एकड़ किसी को डोनेट करने के लिए बोला है पर वह किसी घर में ऐसे होता है ना कोई-कोई कि उनके मरने के बाद वो अलग नहीं करते हैं। वैसे वो वैसे के वैसे रह जाता है और हर मंथ हर ईयर पितृ पक्ष में तर्पण करते जा रहे हैं कि मेरे पापा को शांति
(41:15) मिले। मेरे पापा को शांति मिले। वैसे शांति नहीं मिलती है। वो कर्मकांड कुछ फायदे का नहीं है। उन्होंने बोला हुआ है। उनकी कोई इच्छा थी। वो कंप्लीट करके आप कर्मकांड कर रहे हो तो उसका कुछ मीनिंग है। ओके? पर ये ये कैसे ना हम लोग समझते नहीं है। कभी-कभी ना ये थर्ड जनरेशन को पता भी नहीं रहता है कि मेरे पापा ने ऐसा किया हुआ है कि दादा जी का पूरा का पूरा जमीन खुद के पास रखा था। जबकि वो अ छोटे अंकल के लिए दिया था। किसी गौशाला के लिए दिया था। पर मेरे पापा ने दिया नहीं है। इसकी वजह से ना इनके बहुत प्रॉब्लम रहते हैं बच्चों के साथ। बहुत बच्चों के साथ
(41:51) प्रॉब्लम रहते हैं। इनको डिजीज होने लगती है। कुछ ना कुछ। बच्चों को भी होती है, पेरेंट्स को भी होती है, नेक्स्ट जनरेशन में भी कुछ ना कुछ उसके इफेक्ट दिखते हैं। तो सिर्फ कर्मकांड करने से कुछ नहीं होता। आपको अंडरस्टैंड करना है कि क्या हुआ था। सच में और कोई भी इंसान मरते हुए कुछ बोल के जा रहा है ना कि इतना प्रॉपर्टी इसको देना है। यह साड़ी इसको देनी है, यह गहना इसको देना है। उसको वैसे के वैसे देखकर कंप्लीट करना है। वरना वह इंसान आपके आजू-बाजू में ही घूमते रहते हैं। वह एनर्जी वह थिंकिंग आजू-बाजू में ही दिखते रहता है। और आपको उसका रिजल्ट भी दिखता
(42:25) है। आपको फील भी होता है कि वह यहां पे है और मैंने गलत किया हुआ है। फील होता है। आप बोलेंगे नहीं। आप बोलेंगे नहीं। डर है अंदर आपको और ईगो रहता है हमारे अंदर। हम लोग एक्सेप्ट भी नहीं करते इन चीजों को पर इसको नींद में दिखेगा कि यह गहना उसका था मैंने रखा हुआ है। थोड़े दिन के बाद आप वो भूल भी जाते हो। पर यह फिर चीज ध्यान दिलाई जाती है किसी ना किसी के द्वारा। यह बहुत यह है। डेंजर चीज हो सकती है। पेरेंट्स को या किसी को भी या दादाजी ने बोला हुआ है या ग्रैंड किसी ने भी यह चीजों को बोल के रखा हुआ है जाते जाने से पहले। उसको वैसे
(43:01) के वैसे करके फिर कर्मकांड में कुछ चेंज करते हो तो कुछ तो आपको शांति फील हो सकती है। ऊपर ऊपर से तो कुछ भी करके उसका कोई फायदा नहीं होगा। नहीं होगा। का चप्पू पिंड पेटू का मुना लेद कर्मकांड सक्रंगा निर्हिंिंचना पितु कर्मना वाला सोल अदी शिव चंदी वाल स्वर्ग लोक प्राप्ति कलतार निंगा ये थर्ड डे में होता है थर्ड डे या 12th डे में होता है कौवे का जो बोल रहे हो तब उनका एनर्जी आजूबाजू में ही रहता है उसका कुछ पार्ट वो इंसान वो जो सोल है वो उस चीज को खा के या आपके कुछ बोलने से वो उस जगह से
(43:49) जा रहा है। वो तो उसका टाइमिंग है। उसको 12वें दिन वहां से जाना है। वो टाइमिंग है। वो वहां से वो उसका जो भी हिस्सा रहेगा वो लेने के बाद वो जा रहा है। इसका मतलब ये नहीं कि आपने कुछ आपने कुछ भी किया है तो वो कंप्लीटली यहां से चला गया। नहीं है। उसके सारे इमोशन यहां पे अभी। जैसे मैंने बोला कि एक सोल छोटा है, कण जितना है पर एनर्जी बहुत बड़ा रहता है। वो सोल जो है वह जा रहा है वापस पर उसके कपड़े यहां पे हैं। उसके इमोशंस यहां पे उसके गहने यहां पे उसके रिश्तेदार यहां पे है। वो यहीं पे है अभी भी। उसको हर एक के द्वारा एक-एक एक एक छुड़ाना रहता है। जैसे
(44:26) कपड़े रह गए समझो। आपने उनके कपड़ों को वहीं पे रखा हुआ है। और वह नहीं चाहते थे। मेरा समझो 100 साड़ियां हैं। मैं नहीं चाहती हूं कि मेरी 100 साड़ियां कोई एक ही लेके जाए। इसके लिए इसके लिए इसके लिए रखा हुआ है। वह वहीं पे जान अटकी रहती है। साड़ियों में जान अटके रहना, कपड़ों में जान अटके रहना बहुत गाड़ी में बहुत ये है। बंगला है मेरा। मैं इतना बंगले को कैसे कभी देखा ही नहीं है। ठीक से मैं यहां जीना चाहता हूं। वह उसका एनर्जी वहीं पे रहता। इसलिए बच्चे ना कभी-कभी बोलते हैं कि यहां पे एक दादा जी दिख रहे हैं। बच्चे देखो आजकल बहुत बच्चों का थर्ड डेप है। वह
(44:59) बोलते भी हैं कि यहां पे ना मुझे कुछ दिख रहा है। यहां पे एक दादी है खाना खा रही है। देखो देखो यहां पे पर हमको लगता है वो पागल हो रहा है शायद। आदि नीमा आला खाने पिस्ता रहा। हां। वो बच्चा ना कंप्लीट बोल सकता है। वो किस तरह की दादी दिख रही है। कौन दिख रहा है? पेड़ के पीछे कौन है? हम लोगों को क्या लगता है? यह पागल हो गया है। खुद को अकेले सोना नहीं चाहता या स्कूल नहीं जाना चाहता इसकी वजह से यह नाटक कर रहा है पर नहीं बच्चों को दिखता है इन पिल के मात्र में सर बच्चे कैसे ना अभी सोसाइटी के रूल की वजह से खुद को बांध के या खुद को मारे
(45:32) मारा हुआ है नहीं ना हम लोग कैसे जैसेजैसे बड़े होते हैं खुद को मारते मारते मारते वो जो डिवाइन पावर है उसको वो लॉक करते हैं हार्ट चक्र ओपन बंद होता है बच्चों को कैसे ना हर चीज ओपन है उनको सेंस बहुत ज्यादा रहता है इसलिए बच्चे भगवान का रूप है। क्यों है? क्योंकि उन्होंने खुद को मारा नहीं है। हार्ट को बंद नहीं किया। हम कैसे ना बड़े होते जाते हैं तो मार खाते हैं। रूल रूल समझाया जाता है कि तू लड़की है तो ऐसा नहीं कर सकती। तू लड़का है तो ऐसा नहीं कर सकता। यह करना है, वो करना है, वो करना है। वो रूल को सुनते-सुनते-सुनते ना हम
(46:06) मरते रहते हैं अंदर-अंदर-अंदर। मर रहे हैं। मतलब क्या? चक्रास है, एनर्जी है उसको ब्लॉक करके रखते हैं। या फियर आ जाता है कि मुझे मैं ना किसी को कुछ तो बोला था ना कि यहां पे ऐसा-सा है तो मुझे पापा ने बहुत थप्पड़ मारा था जोर से। वो बाद में नहीं बोलेगा। वो फियर है अंदर। वह दिख भी रहा है तो कुछ नहीं बोलता है। दिख भी रहा है तो बोलता नहीं है। कभी-कभी यह बचपन से ही स्टार्ट होता है पर वह बोलता नहीं है। बड़े होते हैं ना तो जैसे-जैसे बड़े होते हैं ना तो बाद में जब हम लोग अभी मेडिटेशन में करते हां यह तो मुझे बचपन में होता
(46:38) था। सब लोग बोलते हैं। यह मुझे बचपन में होता था। मुझे ओरा दिखता था। मुझे एक दादी दिखती थी। बात करती थी। सब बोलते हैं। कोई भी बॉडी छोड़ रहा है। समझो। वह क्या होता है ना कोई भी बॉडी छोड़ रहा है तो उसके साथ उसके इमोशंस यहां रह जाते हैं। उसके कुछ चीज़ जो अनकंप्लीट हुआ है वो जाने वाला सोल शायद कंप्लीटली जा रहा है। कंप्लीटली उसको फीलिंग है कि मैं जो जा रहा हूं मेरा अभी कंप्लीट हो गया है। कहां मुझे जाना है? पर हम जो पीछे रहते हैं वो उनको नहीं जाने देते। बच्चे बच्चे के साथ कुछ हुआ है। पेरेंट्स के साथ कुछ हुआ है। मां को बहुत प्यार करते थे। तो हम लोग
(47:16) उनको जाने नहीं देते। हम लोग जो जिंदा है जो मर गया है वह तो जा रहा है। उसको जाने देना होता है। हम लोग उसको जाने नहीं देते हैं। रोते रहते हैं। रोते रहते हैं। उसके कपड़े को पकड़ के रोते रहते हैं। उसकी याद में रोते रहते हैं। खाना नहीं खाया। कुछ इसकी वजह से जो एनर्जी कंप्लीटली जानी चाहिए थी। जैसे 12वें दिन तीसरे दिन कुछ चेंज हो रहा है। मरने के बाद कुछ एनर्जी है कुछ कुछ पार्ट है जो यहां से जा रहा है। 12व दिन कुछ जा रहा है। 41 डेज के बाद भी कुछ कुछ एनर्जी रहती है जो जाती है। 11 मंथ में भी कुछ एनर्जी रहती है जिसको पूरा टाइम लगता है उसको जाने के
(47:56) लिए। ओो हम लोग क्या एक दिन काम करते हैं? दूसरे दिन तीसरे दिन 12वां किसी तरह से 12वां कंप्लीट करते हैं। बाद में रोना धोना होता है। कभी काम में भी बिजी हो जाते हैं। हर चीज अलग-अलग एंगल से देख सकते हैं उसको। हां रो कोई रो समझो बहुत सारे गेस्ट थे तब तक कुछ नहीं हुआ। पर बाद में वो मां जो है बहुत रो रही है या बच्चा बहुत रो रहा है। तो वो सोल जा नहीं पाती है। पर उनको अंडरस्टैंडिंग दे के समझो मां मर गई है। तो उसको समझा के कि मैं तुम्हारे बच्चे का ख्याल रख रही तुम जा सकती हो, तुम जा सकती हो। उसके साथ बात करके भी उसको रिलीज किया
(48:33) जा सकता है। जो उसका पूरा पूरा ध्यान बच्चों में रहता है। और घर में बहुत लोगों को ये फील भी होता है कि वो जो मां मर गई थी ना वो यहीं पे फील होती है। बच्चे को भी बच्चे को तो दिखता है। सीधा दिखता है। छोटे डिलीवरी में वगह मां मरती है ना। हां। वो मां यहीं रहती है। वो जाती ही नहीं। बच्चे को छोड़ के जाना इतना आसान नहीं रहता है या बच्चे ने बॉडी छोड़ा है तो मां के लिए भी इतना आसान नहीं रहता है। उनको ना अंडरस्टैंडिंग करवा के दिखा के वो बॉडी के अंदर से एनर्जी को निकाला जा सकता है। एनर्जी क्या है? इमोशन से समझो। मुझे मैंने जैसे आपको समझाया ना कि मैं आपकी
(49:13) तरफ देख रही हूं। मुझे पता है कि यह आपका ड्रेस है। यह मोबाइल आपका है। यह कान के उनके है। यह पर्स उनका है। यह क्या है? यह क्या है? आपसे रिलेटेड कुछ चीजें हैं। आपसे रिलेटेड कुछ इमोशन है। आपसे रिलेटेड कुछ इमोशन है जिसको रिलीज करना है। मुझे याद आता है कि बचपन में वह ऐसा दिख रहा था। उसका ड्रेस इन्होंने जो ड्रेस पहना वह वैसे ही ड्रेस उसके पास भी था। यह थिंकिंग की वजह से जैसे वह याद दिला वो एनर्जी हमारे साथ रहती है और उसकी ही याद आती रहती है। जब वह पूरा एनर्जी निकल जाएगा आपको यह तकलीफ नहीं होगा। मंदी बाबा योगी जी स्वामी जी अंदर सोल्स
(49:52) तो आटार नि तो माटम साध्य है ना करते हैं और सिर्फ योगी या कोई संत पुरुष ही करते हैं। ऐसा नहीं है। आजकल तो आपको यह दिखेगा कि छोटे-छोटे बच्चे भी बात करते हैं। बहुत मैंने देखा हुआ है। बहुत सारे बच्चे भी सोल के साथ बात कर सकते हैं। जैसे उनको पता नहीं है। वो अभी जस्ट जन्मी है। उसको फोटो भी नहीं पता है कि दादी कैसे दिखती थी या पापा उसके दादाजी के पापा कैसे देख उसको उसने फोटो भी नहीं देखा हुआ है। पर वो बोल रही है कि यहां पे ना ऐसेसे एक ड्रेस पहना हुआ है। उसने ये कैप पहनी हुई है। सब सब कुछ डिस्क्राइब करते हैं। इनका मंदी बाबा चाला
(50:39) योग ध्यान मुख्य मनुष्य इनतारु लाइफ अन चप्पल ब चपर बट वास पोत अ निमा देखते ही पता चलता है कि इनका क्या प्रॉब्लम है इनके बॉडी में क्या हो रहा है यस क्या कर्स है आपका लेफ्ट बॉडी लेफ्ट पैर में दर्द था मैंने कैसे आते ही क्यों बोल रहे हैं क्योंकि एनर्जी जी है जब एक लेवल पर पहुंच जाते हैं तो सबको समझ में आता है मेरा ही या किसी योगी को ही ऐसा नहीं है थोड़ा कोई भी खुद के अंदर उतरने के लिए रेडी है तो सबको दिखता है ओ मीर चप्पल मैं बता सकती हूं ऐसे नहीं मुझे दिखाया जाता है कि ये इनके साथ ये हो रहा है हम
(51:26) एम जरूरत मीर चप्पल पोतल कदा ये मुझे दिखाया जाता है मैं मैं बहुत नॉर्मल इंसान हूं नॉर्मल जैसे ऑफिस जाना सुबह 9:00 बजे जा रहे हैं 5:00 बजे तक ऑफिस में है घर का काम कर रहे हैं ऐसे पर ना ऐसा नॉर्मल थी मैं भी मुझे 2018 में अचानक से कुछ दिखना स्टार्ट हुआ था वो कभी-कभी ना पास्ट लाइफ की कुछ डीड्स कुछ कर्मा कुछ काम कुछ पढ़ा हुआ है कुछ साधना की हुई है उसका भी रिजल्ट हो सकता है मैंने इस जन्म में हां चांटिंग किया हुआ था बहुत सारा चटिंग किया है हवन किया है। स्वामी समर्थ का कुछ श्री स्वामी समर्थ है। आपको शायद वह गुरु के बारे में पता
(52:10) होगा। उनके उनका मैं नाम स्मरण करती थी। चामुंडा जाप करती थी। उससे वह हुआ है। ऐसा मुझे लगता है। मुझे दिखाया गया है कि उसकी वजह से यह सब कुछ हुआ है। ऐसे पर वह पास्ट लाइफ से ही बहुत सारी चीजें हमारी साधना जो है ना उसका फ्रूट है। जो अचानक से यह स्टार्ट हो गया मेरे साथ। अचानक स्टार्ट हुआ है वह सब मैंने ऐसे जानबूझकर कुछ नहीं किया ये बाबा ये स्वामी जी एकगा सोल के कनेक्ट आई श्री स्वामी समर्थ है एंड महावतार बाबा जी एंड माता जी मैं इनको गुरु मान रही हूं पर मेरे पास्ट लाइफ से मेरे जन्मों जन्मों से बहुत सारे मेरे गुरु है नानक जी है गुरु
(52:53) गोविंद सिंह जी है मैं इनको भी अपना गुरु मानती हूं करोड़ों लोग हैं आनंदमय माता है योगानंद जी स्वामी विवेकानंद जी है। मैं बहुत सारे लोगों को जैसे-जैसे मैं मेडिटेशन में जा रही हूं ना मुझे अब समझ में आ रहा है कि मेरे लाखों गुरु है। मेरे लाखों गुरु है। मुझे अब समझ में आने के जैसे ना हम लोग ऐसा बोलते हैं ना कि मेरा एक गुरु है। मैं एक स्टेज पे ऐसा बोलती थी कि मेरा एक ही गुरु है। ऐसे और मैं जैसे-जैसे मेडिटेशन में आगे जा रही हूं तो महावतार बाबा जी के साथ-साथ और बहुत सारे गुरु हैं मेरे। आई एक बाबा जी वो कहां रहते हैं? हमारे हमारे साथ रहते
(53:31) हैं। हमारे मन में रहते हैं। वह हर जगह पे है। जैसे सूरज है। जैसे सूरज है। हां वो हर जगह पे है। वैसे वो हर जगह पे है। हर जगह पे है। सूरज समझाने के लिए मैं सूरज बोल रही हूं। पर सूरज से भी बहुत बड़ी ताकत है। बाबा जी मतलब बहुत बड़ी ताकत है। वो मेरे कलारा बाबा जी रोज स्कैनिंग हीलिंगार नेगेटिव एनर्जी नीलतार। साध्य ये सब कुछ संभव हुआ है मेडिटेशन से। मेडिटेशन करना स्टार्ट हुआ था। उससे पहले लाइफ में कुछ चीजें रहती है ना जिसका हम लोग आंसर ढूंढते रहते हैं। उसकी वजह से ना मैंने चटिंग स्टार्ट किया था। वो पूरा डिटेल्स है मेरे मैंने मेरा पूरा एक जर्नी
(54:17) कैसे स्टार्ट हुआ था। पर मैंने कुछ स्टार्ट किया कि चटिंग स्टार्ट करती हूं। हवन स्टार्ट करती हूं। कुछ तो हम ढूंढ रहे हैं कि मैं मुझे कुछ शांति चाहिए। मुझे किसी चीज का आंसर चाहिए। तो मैंने स्टार्ट किया और उसका आंसर क्या है? यह स्टार्ट हो गया। थर्ड आई स्टार्ट हो गया। इसको थर्ड आई बोलते हैं क्या? यह भी मुझे पता नहीं था। मैं पहले तो बहुत डरती थी कि ये सब मुझे क्या दिख रहा है? मैं पागल हो रही हूं क्या? ऐसे ऐसे मुझे फील होता था बहुत दिन तक। पर जैसे-जैसे दूसरों को उसका फायदा होने लगा। फिर मुझे लगा कि इसमें यह सच में पावरफुल है कुछ तो। वरना मैं पांच
(54:50) छ साल तो मुझे मैं मानती नहीं थी। यह सब होता है ऐसे। पर यह स्टार्ट हो गया। चांटिंग की वजह से मैं बोल रही हूं आपको चांटिंग और यह हवन मेडिटेशन पूरा लाइफ चेंज हो जाता है हमारा पूरा लाइफ चेंज हो जाता है सिर्फ मुझे ही दिख रहा है क्या दूसरों को नहीं दिखेगा सबको दिख सकता है आप लोग टाइम दो थोड़ा सा मेडिटेशन करो हवन करो आपके लिए क्या इंपॉर्टेंट है वो आपको खुद को आपके गाइड्स आपके गुरु कनेक्ट होके समझाते हैं बॉडी को स्कैन कैसे कर सकते हैं हां उसके लिए थोड़ा सा और साधना करनी पड़ सकती है बॉडी को स्कैनिंग िंग करना वह सब ना मैं नहीं
(55:26) करती हूं। एक्चुअली मेरे पास जो गुरुओं की ताकत है, गुरुओं का कनेक्शन है, उसकी वजह से वह ही दिखाते हैं। मैं जानबूझ के किसी की बॉडी में जाके नहीं देखती हूं कि क्या हो रहा है। मुझे तुरंत वो चाहे तो दिखा देते हैं। वरना मैं ऐसे जानबूझ के नहीं देखती हूं। किसके साथ क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है वह सब कुछ वह बाबा जी अगर मातर बाबा जी या माता जी हनुमान जी कुछ दिखाना चाहते हैं नवनाथ कुछ दिखाना चाहते हैं आपके बॉडी में और क्लीन करना चाहते हैं या आपकी कुलदेवी आपके एनसेेस्टर्स भी ऐसा करते हैं कभी-कभी वो कनेक्ट होके समझाते हैं कि आपके बॉडी में क्या हो रहा
(55:58) है उसको बोलना है यह हो रहा है ये हो रहा है ऐसे रोज के घंट मेडिटेशन चाटिंग मनुष्य अवसर वाल तत्वेटिंग ना आप लोग 24 घंटे कर सकते हैं। मेडिटेशन 24 घंटे करनी चाहिए। अभी ऑफिस है, घर है, घर का काम है, सब कुछ है। चटिंग करने के लिए बैठ के या कुछ यह करने की जरूरत नहीं। चटिंग तो अंदर हो सकती है। अंदर-अंदर हो सकती है। मेडिटेशन कैसे करना है? आप कुछ भी काम कर रहे हो एक मिनट के लिए 30 सेकंड के लिए सांस की तरफ ध्यान दो। यह भी मेडिटेशन है। हम 30 सेकंड के लिए भी आप सांस की तरफ ध्यान दे रहे हो तो भी आपकी अवेयरनेस बढ़ जाएगी। आपको समझ में आएगा कि
(56:41) रोड पे जा रही हूं। मुझे यहां रुकना चाहिए। गाड़ी इधर से आ रही है स्पीड से। चटिंग स्टार्ट करो। अह मेडिटेशन करो। 30 सेकंड का भी मेडिटेशन कर रहे हो। 1 मिनट का 2 मिनट 5 मिनट पूरा 2 घंटा 4 घंटे का मेडिटेशन करना स्टार्ट कर रहे हो। आपकी अवेयरनेस बढ़ जाती है। बस में जा रहे हो। सांस की तरफ ध्यान दो। या अंदर-अंदर सांस की तरफ ध्यान दो। चंटिंग करो। अंदर करना है। उससे ना आपको यह दिखेगा कि लाइफ बहुत ज्यादा चेंज हुआ है। नेगेटिव एनर्जी नेगेटिव एनर्जी तीस यला साध्य अदी इंवू ले पोते ऑफिस नंच का लेद मन चुन एक्ट आ प्लेस न कावू नेगेटिव एनर्जी हर जगह पे है। आप लोग ऐसा
(57:24) समझ सकते हैं कि बॉडी के अंदर भी है, चक्रास में भी है, बाहर भी है। हम लोग ऐसा समझे कि एक किसी नदी के अंदर से जा रहे हैं। इतना नेगेटिव एनर्जी हो सकता है। नेगेटिव एनर्जी क्या है? थॉट्स है। पेन है। थॉट्स की वजह से जो पेन अंदर आ रहा है किसी के वह थॉट फैला हुआ है। इधर-उधर। जैसे मैंने बोला कि आत्मा इतना ही पर एनर्जी बहुत बड़ा हो सकता है। वह थॉट है। वैसे थॉट भी वैसी हो सकती है कि एनर्जी आत्मा जो है वह थोड़ा सा है। पर एनर्जी बहुत बड़ा रहता है। वह एनर्जी क्या है? वो अच्छा भी हो सकता है और वह नेगेटिव भी हो सकता है। थॉट से
(58:00) नेगेटिव एनर्जी कि मुझे यहां अच्छा नहीं लग रहा है। स्मेल आ रहा है या बॉडी पेन हो रहा है। हम वहां पे नेगेटिव एनर्जी है। आप समझ सकते हो कहीं जाके खाना खाने से आपको कुछ नहीं हुआ है। पर अनइजीनेस हो रहा है। अनइज़नेस हो रहा है। वह भी नेगेटिव एनर्जी है। ओके मीरట్ल वका पर्सन की वोका प्लेस लोट ओके सम ऑफिस मा ऑफिस अन सपोज इड़ा चाला मंदार क मंदी की नेगेटिव एनर्जी अनपिं क मंद अनपिंक पो मात्रा ना क मंदी अनप लेद नेगेटिव एनर्जी लेद अन ले का अलंट प्लेसेस लो यला नेगेटिव एनर्जी तीस्ता नेगेटिव एनर्जी मतलब क्या है समझो यह जमीन है जमीन
(58:40) में किसी के थॉट्स है यह प्लॉट था यह प्लॉट किसी का है वो प्लॉट किसी दादाजी का समझो वो नहीं बेचना चाहते थे। वो रो रहे हैं कि यह प्लॉट बेचना मत। मुझे किसी को देना है या यह तुम्हारे लिए रखा है। बेचना नहीं है। पर जबरदस्ती वो प्लॉट को बेचा गया। यह इमोशन है। वो पूरा जमीन उंडेड है। वो मर गए समझो दादा जी। वो उस जगह को नहीं छोड़ते हैं। उस जगह में उसका इमोशन रह जाता है। वो जगह में इमोशन है। मतलब क्या हो रहा है? बाहर से कोई भी आ रहा है इस एरिया में। इस इतने प्लॉट में बाहर से आने वाले हर इंसान को फील हो सकता है कि यहां आने के बाद मुझे अच्छा लगा कि अनइज़नेस हो
(59:20) रही है। मुझे स्मेल आ रहा है किसी चीज का। वो किसी किसी को बहुत रेयर लोग रहेंगे जिसको फील नहीं हो रहा है। वरना यह चीज सबको फील होती है। हम लोग अवॉयड करते हैं। चीजों को देखना हम लोग अवॉयड करते हैं। इसलिए वरना यह चीज सबको फील होती है। सबको फील होता है। सबको फील होता है। कैसे निकाला जा सकता है? हां, यह था इमोशंस कि एक जगह में एनर्जी अच्छा है कि नेगेटिव है, वह समझ में आ रहा है। किसी को देख के आपको कैसा लग रहा है? आपको सबसे पहले है कि एनर्जी पॉजिटिव है कि नेगेटिव है? कैसे समझ में आता है? आपको पूरा ड्रेन फील होगा। जगह में जाने
(59:55) से भी या किसी से बात करने से भी। पूरा ड्रेन फील होता है। बॉडी पेन होने लगता है। कुछ काम करने का मन नहीं होता। हम बस सो जाओ। कुछ मतलब ताकत ही नहीं। उसको कुछ बीमारी नहीं है। वो एकदम तंदुरुस्त था वहां जाने से पहले या किसी से बात करने से पहले एकदम तंदुरुस्त था। पर वो घर पे जा रहा है या जाते-जाते ही उसको ऐसा लग रहा है कि मैं बहुत थक गया हूं। मैं बहुत थक गया हूं। ये क्या है? एनर्जी है। या किसी को बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। यह क्या है? एनर्जी है। किसी को बात करके अच्छा भी लगता है। किसी-किसी जगह में जाने के बाद भी अच्छा
(1:00:28) लगता है। कभी-कभी ऐसा होता है ना कि किसी जगह में जाके आने इतना मुझे इतना अच्छा लगता है। मंदिर में जाने के बाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये क्या है? एनर्जी है। अब इसको ठीक कैसे कर सकते हैं? आपको पहले समझ में आना जरूरी रहता है। समझो आपको किचन में जाने से अच्छा नहीं लगता। हम या आपका बैडरूम है पर नींद नहीं आती है। उसमें जल्दी नींद नहीं आती। ये भी एनर्जी है। हम ये भी एनर्जी की वजह से होता है। आपको ये समझना होता है कि इसके रिजल्ट इसका इसका ये इसका मेन चीज क्या है? आपको ये समझना होता है कि मुझे कहां जाने के बाद कैसे फील हो रहा है। समझो आप ऑफिस से जाने के
(1:01:06) बाद खाना बनाते हो। खाना बनाना अच्छा लग रहा है कि नहीं वो देखना है। नहीं लग रहा है इसका मतलब वहां पे कुछ एनर्जी है। कुछ क्लीनिंग करना बाकी है। वो एनर्जी है। पहले है एनर्जी को समझना। समझ समझ लिया कि कुछ फील हो रहा है वहां पे तो उस जगह को क्लीन कैसे करना है? एक तो वहां दिया लगा सकते हैं। नमक के पानी से पूरे घर को क्लीन कर सकते हैं। पूरा जाली रहेगी घर में वह क्लीन करना है। घर के अंदर जो कबर्ड है जो सालों से ओपन नहीं किए है उसको ओपन करना है। पूरा कपड़ों को फोल्ड करके रखना है। फिर से टेरेस पे कुछ कचरा है क्या वह देखना है। उसकी वजह से भी
(1:01:41) नींद नहीं आती है। सांस के सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो जालियां हो सकती है। सांस लेने में तकलीफ है तो किचन का सिंक का जो पाइप है वह ब्लॉक हो सकता है। इन सारी चीजों से भी एनर्जी डिस्टर्ब होता है। तो चटिंग करना, गाय को खाना खिलाना, ज्यादा से ज्यादा हवन करना, मेडिटेशन करना, क्लीनिंग रखना, घर में भी जो दिख रहा है वहां पे भी जो नहीं दिख रहा है वो भी टेरेस वाशरूम जो नीचे पाइप रहते हैं जमीन के अंदर जिस पाइप रहते हैं उसको भी क्लीन रखना। किसी चीज के किसी भी तरह से उसको क्लीन करना। यह सब की वजह यह सब करने से एनर्जी वहां का क्लीन हो सकता है। यह
(1:02:21) है 3D लेवल पर। कुछ चीजें ऐसी रहती है कि आप इतना क्लीनिंग करने के बाद भी नहीं हट रही है। जैसे मैंने बोला अभी कि यह प्लॉट वो दादा जी नहीं बेचना चाहते थे। वह क्या है? वह इमोशन है। उसको आप क्लीनिंग करने से नहीं जाएगा। वह उनके साथ फिर मेडिटेशन करके इस ज़मीन में कुछ प्रॉब्लम है क्या? वह देखना स्टार्ट करना चाहिए। जमीन में क्या प्रॉब्लम है? वह कब समझ में आता है? जब हम खुद को समझ में समझने लगते हैं। खुद को समझने के लिए तुमको मेडिटेशन करना पड़ेगा। अवेयरनेस में रहना पड़ेगा। चंटिंग करना पड़ेगा। हवन करना पड़ेगा। किसी भी तरह से आपको खुद को समझने के लिए अंदर
(1:02:56) उतरना पड़ेगा। ये नेगेटिव एनर्जी गानी लेद प्रॉब्लम्स गानीपडू मन एक मेडिटेशन तंदरगा बट पड़तामा चटिंग जैसे तंदरगा बट पड़तामा वाट 3D लेवल पर सबका एनर्जी क्लीनिंग होना स्टार्ट हो जाता है। आपको थोड़ा सा अच्छा लगेगा। पर मैंने बोला कि आप सारी की सारी एनर्जी को क्लीन नहीं कर सकते। जैसे इमोशनल लेवल पर किसी का सोल या किसी का कुछ एनर्जी जमीन में अटका हुआ है। उसको समझने के लिए उसको ठीक करने के लिए आपको मेडिटेशन करना जरूरी है। हम खुद को समझेंगे। खुद के बॉडी को समझेंगे। धीरे-धीरे आपको उस इन उस उस जमीन के साथ कुछ हुआ था क्या? वह जमीन से रिलेटेड जो
(1:03:37) एनर्जी है वह आपको कनेक्ट होने लगती है। आपको किसी ना किसी तरह से वह उस जगह पर कुछ एनर्जी स्टक थी। वह उसके बारे में आपको समझाया जाता है। मेडिटेशन से यह चीजें समझ में आती है। अपनेला बाइट पढ़ा ली कि आप यह सारा चीजें रोज-रोज़ करके जैसे चंटिंग करके हवन करके चटिंग चंटिंग हवन मेडिटेशन हमेशा चंटिंग करते रहना। इससे भी जब हमारे पास कोई नेगेटिव एनर्जी रहती है। आप चंटिंग कर रहे हो तो घर में झगड़े होना स्टार्ट होते हैं। कुछ डिजीज जो अंदर फंसी हुई है वह ऊपर आनी स्टार्ट होती है। यह बहुत पॉजिटिव साइन है। यह बहुत बड़ा पॉजिटिव साइन है कि आप
(1:04:18) कुछ कर रहे हो उसका रिजल्ट आना स्टार्ट हुआ है। आपने जब भी संकल्प लेके स्टार्ट किया ना कि मैं आज से 108 माला जाप करती हूं या कुछ बोलती हूं तो आपके घर में कुछ ना कुछ चेंजेस होते हैं या अब बीमार होंगे बॉडी में कुछ डिजीज तो ऊपर आना जाता है। यह बहुत अच्छा साइन है कि आपकी साधना पहुंचना स्टार्ट हो रही है। अम्मानाम कलवाली वाल प्रॉब्लम्स सॉल्व यम कल मीट मैं रोज रात को 9:00 बजे से लेके सुबह 6:00 बजे तक हम लोग मेडिटेशन करते हैं। सुबह 3:00 बजे मेडिटेशन कर रहे हैं। तब मिल सकते हैं। सुबह 3:00 बजे रोज मेडिटेशन
(1:05:05) होता है। तब मिलना है। मिलना मतलब मुझसे मिलके कुछ नहीं होने वाला है। आपको मैं यह सिखाना चाहती हूं। मेरे द्वारा गुरु सिखाना चाहते हैं आप लोगों को। आप खुद को कैसे सारे प्रॉब्लम से बाहर निकाल सकते हैं। मुझे एक बार मिलके कुछ नहीं होने वाला है। आपको खुद को समझना है। आपका थर्ड आई ओपन होना। थर्ड आई ओपन होगा कि नहीं होगा। आपके सेंस सिक्स सेंस जो रहते हैं। इंट्यूशन पावर बढ़ना। यह सारी चीजें करने के लिए आपको सुबह 3:00 बजे मैं अवेलेबल हूं। पर्सनल सेशन भी लेती हूं। पर पर्सनल सेशन बहुत कम लेती हूं मैं। ऐसे जो अगर कोई बहुत दिन से मेडिटेशन कर रहा है कोई
(1:05:48) ऐसी चीज है जो वो खुद सॉल्व नहीं कर पाता है तब मैं लेती हूं। बट वो बहुत रेयर रहते हैं। बाबा जी अगर हां बोल रहे हैं उसको लेना है तो ही वरना नहीं लेती मैं। चैनलिंगार चैनलिंग आ चैनलिंग थ्रू गुरुर कलारा चैनलिंग के द्वारा मिल सकती हूं मैं [हंसी] हां चैनलिंग मतलब सुबह 3:00 बजे हम लोग मेडिटेशन के लिए बैठ जाते हैं। यह मुझे मैसेज आया था बाबा जी की तरफ से कि सुबह 3:00 बजे आप मेडिटेशन के लिए बैठो। मैं एक दो लोगों से ही स्टार्ट किया था। बहुत ज्यादा लोग मुझे पता भी नहीं था कि यह चैनलिंग है कि क्या है ऐसे लोगों ने बोला मुझे कि यह चैनलिंग हो रहा है उनके
(1:06:34) मुझे पता नहीं था कि इसको चैनलिंग बोलते हैं ऐसे सुबह मैं मेडिटेशन में बैठ रही हूं जैसे चक्रों के बारे में बता रहे हैं कि यह चक्र यहां पे है इसका इसका क्या मीनिंग है इसके अंदर किस तरह के इमोशंस बैठे हुए हैं इसको क्लीन कैसे किया जाता है और वो क्लीन करके भी दे रहे हैं तो हमको यह समझ में आया कि एक दिन हुआ शायद गलती से हुआ होगा कुछ तो इंफॉर्मेशन आया होगा दूसरे दिन तीसरे दिन पता नहीं 7 दिन हो गए फिर समझ में आ रहा है कि यह 7 दिन में कंप्लीट नहीं हुआ है फिर सवा महीना हुआ हमको लगा शायद सवा महीना हो के बंद हो जाएगा थोड़े
(1:07:12) दिन फिर चालू रहा फिर चालू ऐसे करते-करते तीन साल हो गए हैं अभी इंफॉर्मेशन जो हमारे सनातन धर्म में बताई गई है जैसे इमोशंस के बारे में जैसे जैसे रिस्पेक्ट के बारे में जैसे हमारा कोई हमारा कोई काम नहीं हो रहा है। उसके पीछे क्या रीजन है? जैसे अर्थ है। अर्थ के अंदर हम लोग कैसे कनेक्ट हो सकते हैं? अर्थ के अंदर के क्याेंस है जो हमारे साथ कनेक्ट रहते हैं? अर्थ के साथ कैसे रहना है? नेचर के साथ कैसे रहना है? कौन सा पेड़ किस डिजीज के लिए इंपॉर्टेंट है? आयुर्वेदिक भी बहुत सारे टिप्स कहां पर जाकर मेडिटेशन करने से
(1:07:56) क्या होता है? तर्पण क्या है? यह सारी चीजें जो बताई गई है किसी गुरु के द्वारा वो सब कुछ फिर से आ रहा है। पहले कैसे ना सात चक्र है ऐसे बोलते थे बॉडी में। पर बॉडी में और भी चक्रास है जो हमें अब जैसे-जैसे हम लोग आगे बढ़ते जा रहे हैं ना तो ऐसा रोज ऐसा है कि कितने सारे चक्र है हाथों में भी चक्रा है टिप पे भी चक्र हैं नाखून में भी चक्र हैं सिर के अंदर भी है ऊपर भी है इतने चक्र है हर जगह पर यहां पे चक्रा है ये सारी इंफॉर्मेशन कैसे आ रही है उनके वो चैनलिंग के थ्रू समझा रहे हैं मैं कोई ऐसे बहुत स्पिरिचुअल फैमिली फैमिली से नहीं हूं। एकदम नॉर्मल जो पूजा
(1:08:43) किया पानी से उसको उठा के अंदर रखा। उससे ज्यादा हम लोगों ने मुझे पता ही नहीं है कि स्वीचटी इस तरह से भी हो सकती है। वो तो ऐसे एक लाइफ साइकिल रहता है ना कुछ तो कुछ किसी सत्य को किसी आंसर को ढूंढतेढूंढते मैं यहां तक पहुंच गई। पुणे आश्रम डायरेक्ट कल की चांस नहीं अभी आश्रम वगैरह कुछ नहीं है हमारा या कोई सेंटर भी नहीं है हम लोग ज़ूम पे ही मिल रहे हैं पर हम लोग कोई एक जगह पे मिलने के लिए या लोगों को थोड़ा सा आसानी हो इसलिए जगह ढूंढ रहे हैं कि कोई सेंटर खोल सकते हैं ऐसा अभी मिला नहीं है ऐसा कुछ भी कोई जगह वगैरह हम अभी
(1:09:29) पर अभी बहुत लोग ऐसे से रिक्वायरमेंट आती जा रही है कि मिलना है मिलना है कहां पे मिलना है ना मिलने के लिए कोई कोई तो जगह फिक्स करनी पड़ेगी इसलिए हम लोग अभी सर्च कर रहे हैं शायद वो आप लोगों के थ्रू कुछ हैदराबाद लो प्लान चाहिए [हंसी] [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] हां हैदराबाद में भी सब जगह पे करने अभी वही काम है कुछ सेंटर ओपन करना चाहिए ऐसे बहुत लोगों का रिक्वायरमेंट है अभी मैं हैदराबाद में कहीं पे एक प्रोग्राम में थी तो बहुत लोग कहीं-कहीं से आना चाहते थे पर वो एक आश्रम था छोटा सा स्कूल टाइप ऐसे तो वहां पे रुक नहीं सकते और वह सिटी से दूर
(1:10:06) है तो सबको मना किया कि इतना दूर नहीं आना है सबने यहां रहने का इतना व्यवस्था नहीं ऐसे हो रहा है बहुत तकलीफ हो रही है लोगों को आने के लिए कोई जगह नहीं है ऐसे पर हम लोग सर्च कर रहे हैं कोई जगह मिलेगा तो बनाएंगे कुछ तो चााला मंच विषय माटी शेयर चेसारु अद्भुत विषय अन अंदर की पन विषय अंदर समस मार्ग सूचना अवसर पड़ते कंपलसरी गाइड चाहिए आना थैंक यू सो मच सबको गाइड करना मैं हूं यहां पे मैं इसी के लिए जन्म लिया है शायद वो होते जा रहा
(1:10:54) है बाबा जी माता जी बहुत सारे गुरु है जो इसके थ्रू ये काम करवा रहे मेरे थ्रू मैं रोज ही वही सबका प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए रोज सुबह 3:00 बजे से हम लोग करते जा रहे हैं। सिर्फ आपको जॉइ करना है और कभी-कभी हम लोग ऑनलाइन भी सेशन रखते हैं क्वेश्चन आंसर पूछने के लिए। तभी भी आप क्वेश्चन पूछ सकते हो। ZM पे वगैरह रखते हैं या YouTube से भी कोई-कोई क्वेश्चन लेते हैं कि और कभी-कभी ऐसा है कि ऑफलाइन सेशन के लिए भी मैं जा रही हूं। पर वो बहुत रेयर होता है क्योंकि टाइमिंग का बहुत ये होता है ना थोड़ा सा। पर करीब-करीब 2 साल से मैं घूम ही रही हूं
(1:11:29) पूरा इंडिया में इंडिया के बाहर वह कंटिन्यू चालू ही है। मेरा जो काम है मेरे से जो काम करवाना चाहते हैं गुरु जी दर बाबा जी सारे स्वामी समर्थ वगैरह उनका काम करने के लिए मैं रेडी हूं। आप लोग कभी भी ऑनलाइन वगैरह जहां कुछ इंफॉर्मेशन आए समझो जैसे मैं अभी यहां पे आई हूं। वैसा कहीं पे भी कुछ इंफॉर्मेशन रहेगा तो आपको शेयर किया जाएगा। आप मिलने को आ सकते परमिशन मी नंबर गु ने इंटरव्यू लो डिस्प्ले मेरा नंबर डिस्क्लज़ कर सकते हैं। सबको दे सकते हैं। पर मैं सबके नंबर मैं यही सबको बोलना चाहती हूं कि आप लोग सुबह 3:00 बजे मेडिटेशन करो। यह सबसे अच्छा है। मैं सबको
(1:12:11) वहीं पे मिलने को आ सकती हूं। तो ये ज्यादा आसान है। मेरे से सिर्फ मिलना, मेरे से बात करना इंपॉर्टेंट नहीं है। आप खुद से बात करना, खुद के गुरुओं के साथ बात करना, हायर सेल्फ के साथ बात करना ज्यादा इंपॉर्टेंट है। आपको ना इस चीज के लिए मैं अवेलेबल हूं। सुबह 3:00 बजे से ही हम लोग रोज 3 साल से है। ऑनलाइन रहते हैं तो आपको हर जगह पे आने की जरूरत नहीं है। आपको ज्यादा आसानी रहेगी। घर पे बैठे-बैठे ZM पे, YouTube पे आप लोग जॉइ कर सकते हैं। उसके थ्रू कुछ एक्सपीरियंस रहा तो शेयर कर सकते हैं। ग्रुप्स हैं WhatsApp पे या कुछ एक्सपीरियंस रहा उसके साथ-साथ
(1:12:50) कुछ क्वेश्चन रहेंगे। कुछ भी क्वेश्चन है तो आप पूछ सकते हैं। तो WhatsApp ग्रुप में उसके आंसर भी देती हूं मैं। तो उसके थ्रू भी हम लोग ऐसे बात कर सकते हैं। क्वेश्चन का आंसर जो भी रहेगा ओके मीर मली म्ली मली म्ली 3 ओ क्लॉक की वाली 3 ओ क्लॉक 3 ओ क्लॉक की ब्रह्म मुहूर्त ले रीज़ा दान की ये टाइमिंग महावतार बाबा जी ने दिया हुआ है कि 3:00 बजे उठ के बैठना है। मेडिटेशन के लिए बैठना है। वो कुछ ब्रेथ टेक्निक सिखाते हैं। हम अ कभी चक्रों का क्लीनिंग करना कभी इंफॉर्मेशन है आयुर्वेद का इंफॉर्मेशन है बॉडी का इंफॉर्मेशन है इमोशनली हम कैसे
(1:13:30) किसी चीज से कनेक्ट होते हैं वो सिखाना हर तरह से हर तरह से बच्चों के साथ कैसे बिहेव करना है हर तरह से वो हमें समझा रहे हैं कि कैसे जीना है इसलिए सुबह 3:00 बजे कैसे होता है ना ऑफिस की वजह से टाइम नहीं मिलता है सबको तो सुबह 3:00 बजे क्या है हम खुद के लिए वो टाइम निकाल सकते सुबह कभी 5:30 बजे कभी 6 बजे वो सेशन खत्म हो जाता है मीर तप्पकंडा यवर अवसर वाल की हेल्प चंडी मी नंबरानु अलागे मीरु इट नाक म्ली इनका कावासी मम रिक्वेस्ट थैंक यू सो मच जहां पर जिसको जरूरत होती है मैं वहां पहुंच जाती हूं पहुंच ही जाती हूं मैंने देखा हुआ है पहुंच जाती हूं मैं उसका सच
(1:14:16) में रिक्वायरमेंट है कि नहीं वह बाबा जी फिक्स करते हैं उन सबकी हेल्प करने के लिए ही मुझे जिंदा रखा हुआ है। तो आप लोग उल्टा उसका फायदा लो। थैंक यू अम्मा। थैंक यू। और कुछ और भी सेशंस के लिए हां मैं बाबा जी को पूछ के जरूर से वापस आ सकती हूं। थैंक यू। थैंक यू सो मच।
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