Sugar, Protein & Milk: Health Myths You Need to Stop Believing! | Dr. Deepa Suhag
Author Name:Rohit jain
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@therohitjainshow
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=1IzytmSbbLI
Title: Sugar, Protein & Milk: Health Myths You Need to Stop Believing! | Dr. Deepa Suhag
Author Name: Rohit jain
Description: Sugar, Protein, Milk & PCOD: Health Myths You Need to Stop Believing! | Dr. Deepa Suhag
In this episode of Deeptalks, we sit down with Dr. Deepa Suhag, Biomimetic Scientist, Philosopher, and Founder of 24 Skin Bank, to explore the science behind everyday health, nutrition, skincare, and lifestyle choices.
From understanding the truth about sugar and common health myths to discussing protein, milk, daily routines, and the importance of physical activity, this conversation challenges the way we think about health and wellness.
We also discuss women's health and PCOD, diet and gym routines, the impact of lifestyle choices on our lives, travelling, parenting, and the business lessons we can learn from Tata.
If you want to understand your body better, make smarter lifestyle choices, and separate health facts from popular myths, this episode is for you!
🎙️ Guest: Dr. Deepa Suhag
🔬 Profession: Biomimetic Scientist & Philosopher
🏢 Founder: 24 Skin Bank
Timestamps
00:00 – The Truth About Sugar
02:46 – Daily Routine & Healthy Habits
07:17 – Sugar Myths: Fact or Fiction?
10:04 – How Lifestyle Affects Your Health
17:52 – Protein: How Much Do We Really Need?
24:45 – Milk: Healthy or Overrated?
29:28 – Different Types of Milk
31:59 – Is Walking 10,000 Steps Necessary?
36:08 – Life, Health & Well-Being
40:05 – Travelling & Lifestyle
41:22 – Children & Parenting
45:15 – Women's Health & PCOD
51:52 – Diet, Gym & Fitness
01:04:57 – Business Lessons
👉 Watch till the end for insightful perspectives on health, nutrition, lifestyle, and business.
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Transcript:
(00:00) आज की डेट में ना आप कुछ भी परचेस करने जाओ मतलब बिस्किट आप देखो बिस्किट के लेबल पे प्रोटीन आइसक्रीम लेने जाओ प्रोटीन आइसक्रीम प्रोटीन कर्ड प्रोटीन मिल्क इवन प्रोटीन पनीर मतलब जिसमें ऑलरेडी प्रोटीन होता है आप उसको प्रोटीन पे और ऐड ऑन कर रहे हो एक मिथ एक जो बहुत बड़ा लोगों के माइंड में है कि अगर आप ज्यादा शुगर खाओगे तो आपको शुगर हो जाएगी। नहीं ये मिथ नहीं है। ये सच है। द बिगर प्रॉब्लम इज नॉट चीनी। द बिगर प्रॉब्लम इज़ वेयर एस चीनी तो जो प्रोटीन पाउडर पिए जा रहे हैं लोग फर्स्ट ऑल इज डैमेजिंग योर किडनी। यू डोंट नीड सो मच प्रोटीन एंड देन
(00:34) अ लॉट ऑफ़ इट बिकम। एक एक रिपोर्ट मैंने और पढ़ी थी कि इंडिया में आई थिंक 91% लोग प्रोटीन डेफिशिएंट है। तो इस वजह से इंडियंस को प्रोटीन की रिक्वायरमेंट ज्यादा है। इसी वजह से जो मास मार्केट है प्रोटीन की वो बढ़ रही है। कैसे ये इसी टाइम पे स्टडी आती है जब वो मार्केट बन जाता है। हेलो मैम। कैसे हैं आप? बिल्कुल ठीक। आप कैसे हो? बढ़िया। आप मैम थोड़ा सा लेट हो गए हो और एक चीज जो मतलब मुझे बड़ा अजीब सा लगा कि मैम आप जैसे ही पडकास्ट स्टूडियो में आए ना आपने सबसे पहले मीठा खाया मतलब आज की डेट में जैसे आपको मैं देखता हूं कि हां हेल्थ कॉन्शियस हो आप एज ए
(01:11) डॉक्टर तो लोग बोलते हैं कि आपको स्वीट अवॉयड करना चाहिए शुगर कट करना चाहिए और आपने मेरे को भी मीठा खिलाया आपने खुद भी मीठा खाया पॉडकास्ट स्टार्ट करने से पहले तो इसका क्या रीज़न है मीठा तो खाना चाहिए लाइफ में मतलब मीठा नहीं खाया तो क्या खाया लाइक मीठा चाय आई फील यू नो एक मैंने रील देखी थी उसमें था कि अब क्या कंद मूल हरा ये खाना है तो आप मृग क्यों नहीं बन गए मुझे वो बहुत अच्छी लगी वो रील एंड मैंने शेयर भी करी थी ऑन माय Instagram आई रियली रेजोनेट विथ इट। तो ये तो एक फिलोसोफिकल बात हो गई कि मतलब हमें इंसान बनाया है टू एंजॉय लाइफ। मतलब
(01:46) इतना निरस लाइफ नहीं हो सकती है कि सिर्फ प्रोटीन ही खाएंगे हम और सिर्फ एक्सरसाइज ही करेंगे और टाइम से हम सो जाएंगे। मतलब देयर इज मोर टू लाइफ देन यू नो वेयरबल डिवाइसेस पहनकर अपने को ट्रैक करते रहो कि कितना ग्लूकोस स्पाइक हो रहा है। कितना आप सो रहे हो। आपकी रम कितनी है। डीप स्लीप ये सब नहीं हो सकता है। एस पर द फिलोसोफिकल बेंट ऑफ़ माइंड दैट आई हैव दैट डेफिनेटली हम इसलिए तो इंसान नहीं बने हैं। ठीक है? एनीवे ये पापी योनि है। सो माइट एस वेल जस्ट एंजॉय लाइफ। मोक्ष इससे नहीं मिलना है। ओके? सो दैट्स दैट्स अ फन पार्ट ऑफ़ इट। नाउ द साइंटिफिक
(02:23) पार्ट ऑफ इट मैंने आते ही मीठा खाया बिकॉज़ पहले तो आई एम सॉरी मैं लेट हो गई इतना ज्यादा डैश डैश वाली प्रोटेस्ट चल रही है जो मुझे देख द पीपल हु फॉलो मी दे नो मेरे क्या बिलीव्स हैं तो मैं तो बहुत ही फ्रस्ट्रेटेड हूं तो आई एम सॉरी मैं लेट हो गई उसकी वजह से एंड मैं लेट हो गई एंड आई स्टार्ट माय डे स्टार्ट्स रियली अर्ली आई मीन मेरा दिन सुबह 5:30 शुरू हो जाता है एंड ये आज थोड़ा लेट शुरू हुआ है इनफैक्ट सो यूजुअली बाय 4:35 आई एम अप एंड मैं सुबह कुछ ज्यादा खाती नहीं हूं बिकॉज़ सुबह-सुबह उठ के मुझसे ना खाया जाता है। एंड साइंटिफिकली
(02:54) भी सुबह उठते ही आपको कुछ खाना नहीं चाहिए। नहीं लोग तो बोलते हैं कि मतलब ब्रेकफास्ट आपके सबसे इंपॉर्टेंट मील है। हां नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। आप बच्चे थोड़ी हो कि आपकी हाइट बढ़नी है और आप पूरी रात खाली पेट रहे। सो उठते कुछ खिला दो बिकॉज़ बच्चे को भूख लग गई। बिकॉज़ बच्चा हैज़ अ वेरी एक्टिव लॉन्ग डे एट स्कूल। और वो क्या खाएंगे स्कूल में? तो ठूस के भेजो। आई डू दैट टू माय डॉटर। मेरी बेटी है शी 11 इयर्स ओल्ड। वो स्कूल जाती है तो मैं उसको ठूस के भेजती हूं। इवन दो उसे स्कूल में खाना मिलता है बिकॉज़ मुझे पता है वो क्या होएगा स्कूल में।
(03:23) सो हमारा ऐसी लाइफ तो है नहीं। ओके? वी आर एनीवे ईटिंग अ लॉट। आल्सो फिजियोलॉजिकली वी नीड टू गिव आवर बॉडी रेस्ट। तो आप रात को जल्दी खाओ। एंड सुबह रात के और सुबह के खाने में आइडियली अगर आप 14 टू 16 आवर्स का ब्रेक दे देते हो इट्स वैरी गुड फॉर योर डाइजेस्टिव सिस्टम। एंड जब पेट खाली होता है इज़ व्हेन मैक्सिमम रिकवरी हैपेंस। मैक्सिमम हीलिंग हैपेंस। सो अगर पेट खाली रहेगा लंबे टाइम तक। सो दैट इज वन रीज़न उठते ही खाना नहीं खाना चाहिए। सो सो दैट वाज़ माय रीज़न क्योंकि मैंने कुछ खाया नहीं था और मैं यहां पहुंची हूं 12:30 तो मुझे मीठा बहुत अच्छा लगता है। दूसरा
(03:58) ग्लूकोस स्पाइक जरूरी है। लाइक एवरीबॉडी विल टेल यू सीजीएम मॉनिटर सीजीएम पहन रहे हैं। लाइक कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटर्स लोग पहनते हैं। एंड सो मेनी पीपल आर टेलिंग यू दैट यू नो ग्लूकोस स्पाइक हो जाती है। ग्लूकोस स्पाइक नहीं होनी चाहिए। ऑफ कोर्स होनी चाहिए। अगर ग्लूकोस स्पाइक नहीं होएगी तो आपकी बॉडी में प्रॉब्लम है। सी एवरी टाइम यू ईट समथिंग योर ग्लूकोस विल ऑब्वियसली गो इट विल इंक्रीस। ठीक है? बिकॉज़ आप जो भी खाते हो मोस्ट ऑफ इट कन्वर्ट्स इंटू ग्लूकोस व्हिच इज अ सोर्स ऑफ़ एनर्जी। तो अगर आप खाना खा रहे हो और बॉडी में
(04:28) ग्लूकोस नहीं बढ़ रहा है। इसका मतलब क्या है? ग्लूकोस तो बन रहा है बट वो बॉडी डिटेक्ट नहीं कर रही। दैट मींस योर बॉडी इंसुलिन रेजिस्टेंस रेजिस्टेंट। दैट मींस देयर इज़ अ प्रॉब्लम इन योर पैंक्रियास एंड दे दैट प्रॉब्लम इज़ गोइंग टू द लिवर एंड इट इज़ नॉट यू नो कैप्चरिंग द बॉडी इज़ नॉट कैप्चरिंग द डिफरेंसेस इज़ द वेरिएशन दैट आर हैप्पेनिंग इन योर बॉडी इससे डायबिटीज होती है। वन ऑफ़ द रीज़ंस। ओके। मतलब अगर मैं मीठा खा रहा हूं और मेरी बॉडी में ग्लूकोस स्पाइक नहीं हो रहा है। तो इट मींस कि मैं प्रॉब्लम है। इंसुलिन इंसुलिन रेजिस्टेंट
(05:01) है आपकी बॉडी। सी इंसुलिन क्या करता है? जैसे ही आप कुछ भी खाते हो पनक्रियाज जो है इंसुलिन रिलीज करता है। पैंकक्रियाज में बीटा सेल्स होते हैं। बीटा सेल्स इंसुलिन रिलीज़ करते हैं। फिर वो इंसुलिन आते हैं और शुगर को कट डाउन कर देते हैं। लाइक एक लेवल तक ही होना चाहिए। जैसे 140 180 मिलीग्राम पर डेसीलीटर तक नॉर्मल होता है। उससे ऊपर उसको नहीं बढ़ने देते। ओके? दिस इज़ व्हाट इंसुलिन डस। इसी के साथ-साथ जो है इंसुलिन जो है एक पाथवे होता है। उसके थ्रू लिवर में भी ये मैसेज भेजता है। क्योंकि लिवर इज वेरी पॉपुलरली नोन एज अ डिटॉक्स ऑर्गन। सब कहते हैं कि
(05:32) लिवर डिटॉक्स करता है। हम डिटॉक्स जूस पी लेते हैं। हम लिवर आज हमारी लिवर बहुत थक गई बिकॉज़ वी हड लाइक अ रियली लॉन्ग नाइट। वी ड्रैंक अ लॉट वी पार्टीड अ लॉट। सो वी वांट टू हेल्प आवर लिवर इन डिटॉक्सिफिकेशन। लिवर का डिटॉक्सिफिकेशन डेफिनेटली एक रोल है बट वो एक एक ही रोल है। उसका एक और बहुत बड़ा रोल होता है। इट इज एन एनर्जी गिवर। ओके। ओके? व्हिच मोस्ट पीपल डोंट नो। तो लिवर भी जब आप खाना नहीं खाते तो आप ऐसा तो नहीं है कि आप फेंट हो जाते हो। क्यों? ग्लूकोस स्पाइक हो रही है। एनर्जी आती है जब आप खाना खाते हो। बट दिन में सस्टेन
(06:03) एनर्जी बनी रहती है। आप पूरा दिन काम करते हो। पूरा पूरा दिन खाना नहीं खाते। बिकॉज़ वो एनर्जी लिवर धीरे-धीरे आपको देता है। ओके? वो पहले एनर्जी अब्सॉर्ब कर लेता है और वो आपको जितनी आपको रिक्वायरमेंट है वो आपको प्रोवाइड करता है। प्रोवाइड करते रहता है। सो इस जब आपने खाना खाया आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ। अगर आपने बहुत सारा मीठा खाया तो उसमें ऑब्वियसली बहुत सारा ग्लूकोस है तो एकदम से स्पाइक हुआ। तो एनर्जी लेवल्स ग्लूकोस ज्यादा रिलीज हुआ तो जो मेरे साथ हुआ मुझे चाहिए थी वो एनर्जी। मैंने खा लिया मीठा। मुझे मन में भी अच्छा लगा,
(06:29) मेरे दिमाग में भी अच्छा लगा। मेरी बॉडी भी खुश हो गई। ग्लूकोस लेकिन बहुत स्पाइक हो गया। नाउ बहुत स्पाइक हो गया। बिकॉज़ बट नाउ आई एम आई एम अ हेल्दी इंडिविजुअल। ओवरऑल मेरा लाइफस्टाइल अच्छा है। मैं टाइम से सोती हूं। मैं यूजुअली घर का खाना खाती हूं। मैं ठीक-ठाक पानी पी लेती हूं। ओवरऑल लाइफ में स्ट्रेस सबके होता है। बट आई एम अवेयर कि इट्स ओके। वी शुड मैनेज स्ट्रेस। ऐसा नहीं हो सकता कि लाइफ में स्ट्रेस ना हो। सो व्हाट आई ट्राइंग टू से इज दैट ओवरऑल लाइफस्टाइल मैनेजमेंट मेरा ठीक है। तो जब मेरा ग्लूकोस आज के दिन मान लो एकदम से
(06:58) बहुत स्पाइक हुआ तो मेरा पनक्रियाज हेल्दी है। मेरा लिवर हेल्दी है। वो मैं मैनेज करेगा एंड इट विल रेगुलेट द ग्लूकोस एंड आई गेट द सस्टेन एनर्जी दैट आई नीड। ओके? ओके? सो दैट इज हाउ इट इज। तो एक मिथ एक जो बहुत बड़ा लोगों के माइंड में है कि अगर आप ज्यादा शुगर खाओगे तो आपको शुगर हो जाएगी। नहीं ये मिथ नहीं है। ये सच है। तो ज्यादा चीनी खाने खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा प्रोटीन खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा फाइबर खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स खाना, ज्यादा फैट खाना, ज्यादा घी खाना ज्यादा हर चीज बुरी है। बट
(07:33) आपको चीनी भी चाहिए। आपको कार्ब्स भी चाहिए। आपको साल्ट भी चाहिए, आपको प्रोटीन भी चाहिए, आपको फाइबर भी चाहिए, आपको सब कुछ चाहिए। द आईडिया इज़ बैलेंस। एंड द बिगर प्रॉब्लम इज़ नॉट चीनी। द बिगर प्रॉब्लम इज़ वेयर इज दैट चीनी कमिंग फ्रॉम वो चीनी आपकी रोटी से आ रही है। वो चीनी आपके घर में आपने थोड़ा सा घी शक्कर या राइस खा लिया उससे आ रही है या वो चीनी एक प्रोसेस्ड पैकेट ऑफ कुकीज़ से आ रही है। ये बहुत अलग तरीके की चीनी होती है। मीठा होता है। बिकॉज़ वहां जो प्रोसेस्ड पैकेट है उसमें चीनी के साथ और बहुत कुछ है। ओके? देयर इज़ मैदा।
(08:07) राइट? देन देयर इज़ शुगर। देन देयर आर लो ग्रेड ऑयल्स एंड देन देयर आर सो मेनी एडिटिव्स। तो यह एक कनकक्शन है जो डिजास्टस है। मतलब पूरी की पूरी वो गोल्ड कुकी या एक न्यूट्रिशन का बार वो सीधा का सीधा हर किसी भी एंगल से वो हेल्दी नहीं है। उसमें कोई भी ऐसा इंग्रेडिएंट नहीं है जो आपके लिए हेल्दी हो। राइट? सो दैट इज वन प्रॉब्लम। तो वो एडिटिव्स वाली फैक्टर है। तो कोई भी चीज इन लाइफ रूल बना लेना चाहिए कि पैकेट से खुली हुई चीज हफ्ते 10 दिन में एक बार से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। और वो हफ्ते 10 दिन में ऐसा नहीं है कि इतना खा लो कि
(08:41) पूरे महीने भी उतना नहीं खाते। [हंसी] सो एक दिन में 10 दिन में एक दिन आप तमीज से पैकेट वाला खाना खा रहे हो। इट्स फाइन। लाइक आई सेड हम इंसान है। हम यहां जीने आए हैं। वी वांट लिव लाइफ वी वांट बी हैप्पी एंड खाना मेक्स अस हैप्पी। इट्स द रियलिटी ऑफ़ लाइफ। इतना दुखी होने की जरूरत नहीं है। बट ओवरऑल यू शुड लाइफ का रूल होना चाहिए कि हमें पैकेट का खाना नहीं खाना है। घर का खाना खाना है। घर में मम्मी या जो भी हैं आपके लिए कोकोनट की बर्फी बना दें। गोंद के लड्डू बना दें। खीर बन गई, हलवा बन गया। बेसन के लड्डू यू नो ऑल दी थिंग्स
(09:14) बर्फी दे आर गुड एंड आप नोटिस करना वो इतनी ज्यादा खाई भी नहीं जाती अब लोग बोलेंगे हम 10 किलो खा सकते हैं हम दो मैं भी खा सकती हूं ट्रस्ट मी मैं खा सकती हूं मेरी मम्मी से पूछो वो डब्बा छुपाती है लड्डू का बनाने के बाद कि इससे छुपा लो ये सारा खा जाएगी एक ही दिन में मैंने सो शी मेक्स इट मेजरली फॉर माय डॉटर तो माय मदर इस लाइक तुम्हारे लिए नहीं बनाती हूं मैं इतनी मेहनत करके इस दीपा से छुपा लो ये सारा खा लेगी मैं भी खा सकती हूं मैं भी एक टाइम पे आराम से 300 से 400 ml घी पी सकती रखती हूं और मुझे छुपाना पड़ता है। तो यह एक्सट्रीम है। तो यह
(09:46) तरीका नहीं है। सो मुझे पता है दैट आई लव घी। एंजॉय योर घी बट देन वॉक, एक्सरसाइज, मूव अराउंड। तो लाइफस्टाइल मैनेजमेंट जब होती है ना, तो फिर ये छोटी-छोटी चीजों पे इतना ध्यान नहीं देना पड़ता। ओके? अब जो शुगर पेशेंट वाली बात है, जैसे नॉर्मल के नॉर्मल इंसान के लिए आप बोलोगे अगर आपकी लाइफ स्टाइल अच्छी है, तो आपको डेली बेसिस पे मीठा थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए। हां, बिल्कुल खाना चाहिए। अब जो शुगर पेशेंट है उसके साथ तो एक इशू आ गया कि वो मीठा नहीं खा सकता है। नहीं उनके लिए तो है। उनके लिए है। अब दूसरी चीज यह आती है जो लोग बोलते हैं कि ज्यादा मीठा खाने से
(10:20) शुगर होती है। तो बहुत सारे ऐसे पेशेंट्स हमको मिल जाते हैं जो 12 साल का बच्चा उसको शुगर है। चार साल का बच्चा उसको शुगर है या बहुत सारे लोगों की लाइफस्टाइल अच्छी है। उसके बाद भी उनको शुगर हो गई। यस। तो यहां पर फिर लोगों के माइंड मन में क्या आ जाता है? वो डर बैठ जाता है कि यार देखो इसकी तो लाइफ स्टाइलाइल अच्छी थी। ये बंदा जिम भी जाता था। उसके बाद भी इसको शुगर हो गई या इसको कोलेस्ट्रॉल इशू आ गया तो मैं तो कुछ भी नहीं करता हूं। मेरी लाइफस्टाइल तो इससे खराब है। तो वो उस वजह से उस डर की वजह से वो शुगर को बिल्कुल कट डाउन कर देता है।
(10:50) तो अगर हम फिजियोलॉजिकली देखें चीनी बिल्कुल नहीं खाना। पहली बात चीनी आई एम टॉकिंग अबाउट चीनी। आई एम नॉट टॉकिंग अबाउट ग्लूकोस। ओके? चीनी। थोड़ा सा पहले इसमें ना ऑडियंस को आप बता दो कि चीनी में और ग्लूकोस में डिफरेंस क्या है? चीनी है जो हमारे गन्ने से रिफाइन हो के बन के आती है। उसके अलग-अलग फॉर्मेट होते हैं। बुरा, शक्कर, चीनी ये सारा चीनी है। ओके? तो चीनी अलग चीज होती है। ग्लूकोस अलग चीज होता है। जो डायबिटीज होती है वो होती है ग्लूकोस स्पाइक से। अब डायबिटीज में बॉडी नहीं पहचानती है कि यह चीनी यह जो ग्लूकोस स्पाइक है ये चीनी से आ रहा है। यह राइस
(11:26) से आ रहा है। यह फैट से आ रहा है या ये प्रोटीन से आ रहा है। बॉडी के लिए ग्लूकोस ग्लूकोस होता है। यू मीन टू से कि जो ग्लूकोस स्पाइक होता है जो शुगर पेशेंट्स में वो उसका रीज़ चीनी भी हो सकता है। उसका रीज़न राइस भी हो सकता है। उसका रीज़न प्रोटीन भी हो सकता है। करेक्ट। यस। सो दिस इज़ न्यू थिंग। या। सो अबाउट 30 टू 40% ऑफ़ प्रोटीन कन्वर्ट्स इनू शुगर। ओके। ओके। तो जो प्रोटीन पाउडर पिए जा रहे हैं लोग फर्स्ट ऑल इज डैमेजिंग योर किडनी। यू डोंट नीड सो मच प्रोटीन एंड देन अ लॉट ऑफ इट इज बिकमिंग शुगर। ओके? देन फैट्स घी। घी भी ठीक है? इट्स अ
(11:59) लॉन्गर पाथवे। जैसे मेटाबॉलिक पाथवे होता है। हर चीज टूट के इवेंचुअली ग्लूकोस ही बनती है। बट राइस जल्दी ग्लूकोस बनता है। मैदा और भी जल्दी ग्लूकोस बनता है। प्रोटीन टाइम लगाता है। फैट टाइम लगाता है। सो सस्टेन रिलीज देता है। वो वाली बात सही है कि प्रोटीन खाओगे तो आपको ओवरऑल सस्टेन रिलीज ऑफ एनर्जी मिलता है। बट इवेंचुअली सब कुछ ग्लूकोस बन जाता है। चीनी भी ग्लूकोस बन जाती है। ठीक है? के जो आपने मैंने बोला पैकेट वाला खाना उसमें जो चीनी है रिफाइंड शुगर वो भी ग्लूकोस बन जाती है। सो इफ यू आर कटिंग डाउन ऑन शुगर डस नॉट मीन कटिंग
(12:30) डाउन ऑन शुगर मीठा इट मीन्स कटिंग डाउन ऑन कार्ब्स। ओके? सो जिसको अगर डायबिटीज है या समबडी इस वैरी कॉन्शियस। जैसे किसी के घर में डायबिटीज होता है, जेनेटिक प्रीडस्पेशन बोलते हैं हम उसको कि किसी की मम्मी, नानी दादी को है तो आपको चांसेस हैं ज्यादा डायबिटिक होने के। जैसे अर्थराइटिस में भी यही होता है। रोमेटॉइड अर्थराइटिस एक होता है। एक नॉर्मल अर्थराइटिस होता है। तो इफ यू आर जेनेटिकली प्रीडस्पोज एंड ऑटोमेटिकली चांसेस इनक्रीस इन दैट केस इट इज़ अ वेरी वाइस थिंग टू बी वेरी वेरीरी प्रूडेंट। पहले से ही आप ध्यान रखो। मीठे पे बहुत ध्यान रखो। पर मीठा मतलब यह सब
(13:01) कुछ द होल ब्रैकेट ऑफ़ फूड। सो आईडिया इज़ नॉट टू कट डाउन ऑन कार्ब्स और चीनी। आइडिया इज़ टू कट डाउन ऑन योर इंटेक। आप कितना खाना खाते हो। यह नहीं है कि आप यू नो चार रोटी खा रहे हो और आप दाल खा रहे हो और आप कह रहे हो कि मैं हलवा नहीं खाता। आपने डैमेज करा वि चार रोटी एंड घी एंड दाल व्हिच इज वै हेल्दी। देन दे विल से हां सो देन देन आई [हंसी] एम आल्सो दैट पर्सन बट ठीक है। सो यू कांट डू दैट। सो बिकॉज़ वो भी चीनी है फॉर बॉडी दैट इज आल्सो ग्लूकोस। एंड डायबिटीज ग्लूकोस से होती है। चीनी से नहीं होती है। सो दिस इज अ मिथ और अ कन्फ्यूजन दैट अ लॉट ऑफ़ पीपल
(13:42) हैव तो वो मीठा बिल्कुल बंद कर देते हैं। फिर चार रोटी खाते हैं। प्लेट भर-भर के राइस खाते हैं। और देन दे से कि यू नो डायबिटीज हो गया है। हम तो मीठा भी नहीं खाते थे। वो तो मीठा भी नहीं खाता था। नहीं वो इतना सारी रोटी और राइस खाता था। वी आर सपोज टू हैव अ पोर्शन ऑफ़ दाल। वी आर सपोज टू हैव अ पोर्शन ऑफ़ सब्जी। वी आर सपोज टू हैव पोर्शन ऑफ़ दही, लस्सी एंड राइस एंड रोटी। मतलब एक पूरा प्लेट में वैरायटी होनी चाहिए खाने की। आपको रोटी भी खानी चाहिए। राइस भी खाना चाहिए। पर दाल और सब्जी भी खानी चाहिए। लोग दाल सब्जी नहीं खाते हैं।
(14:13) तो अगर मैं एक चीज डिफाइन करूं कि अगर मैं मीठा खा रहा हूं। चीनी वाला मीठा खा रहा हूं। 100 कैलोरीज उससे इंटेक कर रहा हूं। और 100 कैलोरीज मैं रोटी से इंटेक कर रहा हूं तो जो दोनों केसेस में ग्लूकोस स्पाइक है वो सेम होगा। नहीं नहीं। तो चीनी एकदम से रिलीज करती है। तो चीनी में स्पाइक ज्यादा होएगा। रोटी में फाइबर भी है। तो फाइबर जो है ब्रेकडाउन करके ग्लूकोस नहीं बनाता। वो धीरे-धीरे फिर रिलीज होएगी। तो रोटी का जो ग्लूकोस है और चीनी वाला ग्लूकोस है दोनों बहुत अलग हैं। तो यहां जल्दी होएगा राइस। तभी मैंने कहा ना मैंने आते ही मीठा कचरा क्यों खाया। इट
(14:50) वास जंक, राइट? आई नो इट वास जंक। बट आई ईट इट बिकॉज़ आई न्यू वो इंस्टेंटली काम करेगा। मुझे पता है वो एकदम से मुझे यू नो इट विल गिव मी द बूस्टर आई नीड। अब मैं अभी बैठ के मैं अपना लंच बॉक्स लाई हूं। मैंने वो क्यों नहीं खाया? हम्म बिकॉज़ उससे काम नहीं चलने वाला है मेरा। आई हैव माय डब्बा। आई एम कैरिंग इट विथ मी बट आई डोंट वांट टू ईट इट। मतलब मैं क्यों खाऊं? सुबह से लेके घूम रही हूं मैं उसको। मतलब लाइफ में रस भी जरूरी है। इट्स व्हाट आई से यू हैव टू बी हैप्पी। यू नो वो मैं ये बहुत बार ये जोक बता चुकी हूं। एंड ये मेरी दादी सुनाती थी कि किसी गांव में
(15:24) मेरी दादी विलेज में रहती थी। तो सुनाती थी कि गांव में ना एक और एक लेडी के जवान बेटी की डेथ हो गई। तो वह सब आए शोक सभा में तो एक आदमी ने पूछा क्या हुआ मां जी गाड़ी तेज चला रहा था एक्सीडेंट हो गया तो शी सेड नहीं मेरा बेटा बहुत अच्छा था गाड़ी तेज नहीं चलाता था तो देन दे सेड क्या हुआ कोई लड़की वड़की का चक्कर था उसने कहा नहीं मेरा बेटा बहुत सीधा था वो ऐसा कुछ नहीं करता था फिर एक ने कहा दारू सिगरेट कुछ और नहीं मेरा बेटा बिल्कुल ही शांत स्वभाव का अच्छे स्वभाव का था वो ये सब गाय था वो ये सब नहीं करता था तो फिर एक चौथा आदमी का आता है और कहता है फिर तो
(15:56) अच्छा है मर गया [हंसी] तो यू नो सो माय दादी यूज्ड टू क्रैक दिस जोक कि जिंदगी जीने के लिए बनी है। तरीके से तमीज से कभी किसी ने एक सिगरेट पी ली। मैं नहीं कह रही हूं सिगरेट पीनी चाहिए। मैं नहीं पीती। मैं ड्रिंक नहीं करती। पर किसी ने एक सिगरेट पी ली तो उसकी जान ले ली। किसी ने थोड़ा सा नॉनवेज खा लिया तो उसके पीछे पड़ गए। किसी ने थोड़ी सी एक ग्लास और वाइन पी लिया या जो भी विस्की जो भी तो उसकी जान ले ली। आईडिया इज बैलेंस। यू शुड एंजॉय लाइफ। बहुत पागलपन फैल गया है हर जगह। एवरीबॉडी इज़ रीडिंग क्या लेबल पड़ेगा इंडिया। यू नो क्या इंग्रेडिएंट्स हैं? कितना
(16:34) प्रोटीन है? ऐसा है बायोलॉजिकली वी आर सपोज टू ईट कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स एंड प्रोटीनंस। ये हमारे तीन मैक मॉलिक मैो न्यूट्रिएंट्स हैं। बट आज की मीडिया के हिसाब से, आज के इन्फ्लुएंसर्स के हिसाब से हमें कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खाना चाहिए। हमें फैट्स नहीं खाना चाहिए। हमें सिर्फ प्रोटीन खाना चाहिए। अ व्हाट हैपन टू द बैलेंस डाइट? सबको पता है। सब मानेंगे कि बैलेंस डाइट अच्छी होती है। नाउ द प्रॉब्लम बिहाइंड दिस इज़ आई फील वायरलिटी। अब मैं अगर यह बोलूं बैलेंस डाइट इज़ वै नाइस। अगर आप इससे ओपनिंग करते पॉडकास्ट कि बंद कर देंगे लोग पडकास्ट।
(17:07) पर अगर मैं ये बोलूं ये वाले खाने से आपका गट इमंबैलेंस हो जाएगा। एंड देन यू कैन इवन डाई। सो आई एम टेलिंग यू यू शुड ईट दिस सुपर फूड। पीपल विल वॉच। राइट? सो दिस इज द प्रॉब्लम। पीपल वांट यू टू वॉच। पीपल वांट टू कंज्यूम। एक हेल्दी इंसान मेरे जैसे अगर जो मैं बात कर रही हूं अगर ऐसी बात करने वाले इंसान को आप क्या बेचोगे? व्हाट डू यू सेल मी? आई सी आई आल्सो मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट। ठीक है? मेरी भी हेल्थ एंड वेलनेस ब्रांड है। आई स्टार्टेड विद स्किन केयर बट आई डेलिंग इंटू टेक। मैं एक साइंटिस्ट हूं और मेरी पीएचडी में मैंने डिवाइस बनाया था ऑन न्यूरोट
(17:44) ट्रांसमीटर सेंसिंग। ओके? और डोपामिन एंड नाइट्रिक ऑक्साइड पे मैंने सेंसिंग डिवाइस बनाया हुआ है। तो मुझे टेक भी आती है। मुझे स्किन एंड टिश्यू रीजनरेशन भी आता है। तो मेरा हेल्थ एंड वेलनेस का ब्रांड है। एज अ ब्रांड ओनर मैं कह रही हूं कि आपको ये सारी चीजों की जरूरत नहीं है। सो हाउ डू यू सेल टू समबडी लाइक मी? नाउ मान लो कि ऑडियंस में लेट्स से कि 1 लाख लोग हमारा पडकास्ट देखते हैं। उसमें से अगर 90,000 लोग मेरे जैसी बातें मानने लग गए तो फिर आप बेचोगे क्या? किसको बेचोगे? किसको बेचोगे? और कैसे बेचोगे? बिकॉज़ दे आर नाउ कन्विंस्ड कि हमें कुछ करना ही
(18:21) नहीं है। वी वांट वेरी बेसिक थिंग्स इन लाइफ। हाई क्वालिटी बेसिक मिनिमल थिंग्स इज ऑल यू नीड एंड डिसिप्लिन। ओके? सो दैट इज़ आई फील द प्रॉब्लम। हम एक इशू जो अभी आपने बताया ना कि हर कोई प्रोटीन की बात कर रहा है। हां आज की डेट में ना आप कुछ भी परचेस करने जाओ मतलब बिस्किट आप देखो बिस्किट के लेबल पे प्रोटीन आइसक्रीम लेने जाओ प्रोटीन आइसक्रीम प्रोटीन कर्ड प्रोटीन मिल्क इवन प्रोटीन पनीर मतलब जिसमें ऑलरेडी प्रोटीन होता है आप उसको मतलब प्रोटीन पे और ऐड ऑन कर रहे हो तो बेसिकली एक एक रिपोर्ट मैंने और पढ़ी थी कि इंडिया में 87 87 या आई थिंक 91% लोग
(19:03) प्रोटीन डेफिशिएंट है हम हम तो इस वजह से इंडियंस को प्रोटीन की रिक्वायरमेंट ज्यादा है। इसी वजह से जो मास मार्केट है प्रोटीन की वो बढ़ रही है। तो इन दोनों में क्या मतलब वि वन इज बेटर या कौन सा पार्ट सही है? देखो मुझे ऑनेस्टली पता नहीं ये जो रिपोर्ट आई है ये रिपोर्ट कहां से आई है और किसने कराई है। बट मैं आपको एक एग्जांपल देती हूं। ये मेरी अंडरस्टैंडिंग है। हो सकता है मैं गलत हूं। देखो एज अ साइंटिस्ट मेरी तो कोई लाइफ ही है अबाउट बीइंग रोंग एंड देन वर्किंग टुवर्ड्स हाउ टू करेक्ट मसेल्फ। दिस इज़ अ लाइफ ऑफ़ अ साइंटिस्ट। एनीबडी बीइंग ऑनेस्ट
(19:34) साइंस की सबसे अच्छी बात ये होती है दैट यू शुड बी हंबल इनफ टू एक्सेप्ट कि आप गलत हो बिकॉज़ दैट इज हाउ यू इंप्रूव दैट इज़ हाउ यू यू नो अपग्रेड योर नॉलेज तो हो सकता है मैं गलत हूं पर मेरी अंडरस्टैंडिंग के हिसाब से मैं आपको एग्जांपल देती हूं। आपने कहा कि रिपोर्ट्स आ रही हैं कि प्रोटीन डेफिशिएंट है इंडिया और उन रिपोर्ट्स के हिसाब से अब मार्केट बन रहा है ताकि हम प्रोटीन डेफिशिएंट इंडिया को प्रोटीन सफिशिएंट बना सके। राइट? अ ऐसे ही ना एक स्टडी आई थी और अब सबको पता है इसके बारे में। तो मैं नहीं कह रही हूं कि ये स्टडी भी ऐसी ही बनी है। बट
(20:07) मेरे दो क्वेश्चंस हैं। सबसे पहले तो क्वेश्चन नंबर वन ये है कि कैसे ये इसी टाइम पे स्टडी आती है जब वो मार्केट बन जाता है। ओके? प्रोटीन मार्केट जब बनना शुरू होता है तभी ये स्टडी आनी शुरू हो जाती है। दैट यस वी आर प्रोटीन डेफिशिएंट। राइट? दिस इज माय क्वेश्चन नंबर वन। नाउ माय अनदर सपोर्ट टू माय हाइपोथ हाइपोथेसिस वेयर आई एम डाउटिंग दिस स्टडी इज कि एक वाइन की स्टडी बहुत पॉपुलर हुई थी जहां पे लिखा जाता था कि वाइन इज अ ग्लास ऑफ़ वाइन एवरीडे बिफोर स्लीपिंग आफ्टर योर मील्स इज वेरी गुड फॉर योर ओवरऑल बॉडी फंक्शनिंग एंटीऑक्सीडेंट होता है उसमें रेस्ट
(20:44) वोरेटॉल होता है वो एंटी एजिंग होता है हार्ट अटैक्स के लिए अच्छा होता है यह एक स्टडी आई थी और यह स्टडी कई कम अलग-अलग जगहों से आई थी और वो स्टडी ना हर बिकॉज़ मैं भी रिस्चर हूं। मैं भी आर्टिकल्स पब्लिश करती हूं। हमें फंड किया जाता है। ओके? बट हमारा अच्छी बात ये है कि क्योंकि मेरी फंडिंग ज्यादातर ज्यादातर क्या मेरी तो 100% फंडिंग गवर्नमेंट से आती है। तो गवर्नमेंट आपको नहीं बोलती है कि आपको इस तरीके का डाटा चाहिए। गवर्नमेंट कहती है देखो आपने यह प्रपोजल डाला। हमने आपको पैसे दे दिए। अब आप करो ऑनेस्ट रिसर्च। कई बार हम 3 साल बाद लिख के भेजते हैं कि
(21:17) देखो मेरी रिसर्च फेल हो गई। जो मुझे लगा था होना चाहिए था वो नहीं हुआ। इट्स फाइन। वह आपको पीनलाइज नहीं करते। आपको पैसे फिर भी मिलते हैं। बट जो कमर्शियल सेक्टर में होता है वहां ऐसा नहीं होता। वहां आपको फंडिंग दी जाती है और बताया जाता है यह रिजल्ट होना चाहिए। तो ये जो स्टडीज आई थी वाइन के फेवर में रेस्पेरेटॉल होता है, एंटी एजिंग होता है, एंटीऑक्सीडेंट होता है, हार्ट के लिए अच्छा होता है। इनके पेपर्स के नीचे एक ऐसा स्टार एस्ट्रिक्स बना के लिखा होता है। द स्टडी हैज़ बीन फंडेड बाय सो एंड सो वाइन कंपनी। ओके। सो यहां पे वाइन दिखती गई। यहां पे
(21:49) वो स्टडी बड़ी होती गई। जो भी वाइन पीता गया नोइंगली या अननोइंगली यह आपको बताता गया इट्स ग्रेट फॉर माय डाइजेशन इट्स ग्रेट फॉर माय हेल्थ इट्स ग्रेट फॉर एन एंटी एजिंग फ्रॉम एन एंटी एजिंग पर्सेक्टिव इट्स ग्रेट फ्रॉम एन एंटीऑक्सीडेंट पर्सेक्टिव जिस टाइम पे वाइन की सेल बढ़ी उसी टाइम पे ये स्टडीज भी बढ़ी मेरी हाइपोथेसिस है कि यही अब दोबारा हो रहा है प्रोटीन के साथ यस प्रोटीन के साथ क्या ऑलमोस्ट हर चीज के साथ हम हमारी बहुत अच्छी आदत है इंडियंस की हम सीख बहुत जल्दी जाते हैं तुरंत तुरंत और गलत चीज तो इंसान वैसे वैसे भी जल्दी सीखता है। एंड वी आर वै क्विकली
(22:23) ऑनर्स। वी आर द स्मार्टेस्ट। आई जेनुइनली फील वी आर द स्मार्टेस्ट कम्युनिटी इन दिस ऑन दिस प्लनेट। आई थिंक इंडियन से ज्यादा तेज और हार्ड वर्किंग नहीं है कोई। पर हम टेढ़े भी उतने ही हैं। हमारा मोरल कंपस बहुत बुरी तरीके से हिला हुआ है। सो दिस इज़ व्हाट आई फील। आई एम नॉट सेइंग दैट यह हो रहा है क्योंकि मेरे पास कोई प्रूफ नहीं है। पर मुझे यह लगता है कि ऐसा शायद हो सकता है। एक एक स्टडी और भी आती है। हम लोग बात करते हैं। बहुत सारे एक्टर्स भी इसके बारे में बात करते रहते हैं एक्टर्स कि मतलब आपको अपने बॉडी वेट के हिसाब से 1.5 ग्राम
(22:58) प्रोटंस आपको लेना है। अगर आप नॉर्मल लाइफ में आप जी रहे हो। अगर आप कुछ वर्कआउट कर रहे हो तो आपको अपने बॉडी वेट का 2 ग्राम प्रोटीन लेना है। तो अगर आपको मैट्रिक्स पे जाना है तो आपको कम से कम अपने बॉडी वेट का सिक्स से 8 लेना है। ओके? अगर आप एथलीट हो हम आप विराट कोहली हो। ओके? तो आपको अपनी बॉडी वेट के हिसाब से 1.2 से 1.
(23:23) 5 लेना है। ओके? दैट्स इट। इफ यू एन एक्सट्रीम लेवल एथलीट। इफ इफ दैट्स योर प्रोफेशन तो आपको उस लेवल का चाहिए। 6 से8 ग्राम फॉर योर बॉडी वेट इज मोर दन इनफ। ओके। सो दैट इज द मैट्रिक एक्चुअली। पर इतना दुखी होने की जरूरत नहीं है। काफी आराम से मिल जाता है। विद योर दूध, दही, दाल, राइस, सब्जी, पनीर, सोए, स्प्राउट्स। बट द थिंग इज कि ये जितनी भी चीजों के आपने नाम लिए हैं। ये सारी चीजें भी आज की डेट में एडल्ट्रेटेड हैं। मतलब आप देखो दूध, नकली पनीर का कितना हम लोग टीवी में देख रहे हैं। है ना? फूड फार्मर्स ने घर पे बना लो ना पनीर कितनी देर लगती है
(24:02) दूध भी तो प्योर आना चाहिए ना पैरेट का दूध मत लो ऐसे तो देखो गारंटी किसी चीज की नहीं है नाउ आई एम सेइंग कि पैकेट का दूध मत लो साथ में सी हमारी बहुत अच्छी बात है इन आवर कंट्री कि हमारे हम जहां पे भी रहते हैं आसपास कोई ना कोई गांव है हां बिल्कुल है ठीक है एवरीबडी आप कितना भी फैंसी हो जाएं आप कितने भी अमीर एरिया में रह आपके आसपास गांव है वहीं से आपकी हेल्प आती है। तो आप ये तो बोल ही नहीं सकते कि आपके आसपास कोई गांव नहीं है। उस गांव में किसी को ढूंढो जिस पर भरोसा रखते हैं और उनको बोलो आपके पास गाय भैंस होगी। उनका दूध दे
(24:30) दो। यू पे देम द मनी। अब कोई बोलेगा कि वो भी तो एडल्ट रेट कर सकते हैं। हम ऐसे तो घर में आप खाने वाली दीदी होती हैं आजकल मोस्टली सभी घर में वो भी तो खाना बनाते बनाते कुछ डाल सकती हैं। सही है। कहीं पे तो ट्रस्ट करके पड़ेगा। एक करेक्ट मेजर लेना पड़ेगा। पैकेट वाले दूध से वो जो दूध वाले भैया का दूध है मुझे लगता है एनीडे बेटर रहेगा। एंड आई विल टेल यू व्हाई। वो क्या करेंगे? उसमें ज्यादा से ज्यादा पानी डाल देंगे। हम और क्या करेंगे? मतलब पानी का रहता है। लोगों के मन में यह कन्फ्यूजन नहीं रहता कि चलो पानी डालना है। साफ़ पानी डाल दो। वह कभी-कभी क्या
(25:01) मतलब गंदा पानी उस पे मिक्स कर देते हैं। ओके। वो एक मतलब ये जो सबसे बड़ी प्रॉब्लम जो जितना मैंने लोगों से इस बारे में डिस्कशन किया है। जैसे मेरे साथ ये बड़ा इशू है। जैसे जो आपने जो वो लोग होते हैं ना जो बड़ा साफ सुथरे वाले रहने की कोशिश करते हैं और देखदेख के खाते हैं वो इंसान मैं खुद हूं। हां तो मैं इवन इन सब चीजों की वजह से मैंने खुद अपने फार्म हाउस में तीन गाय रखी हुई है कि एटलीस्ट मेरे घर में जो दूध आया वो प्योर आना चाहिए। तो इशू मुझे पता क्या आ रहा था? इशू मुझे ये आ रहा था। मैंने एक कोई ना मूवी देख रहा था। अब मूवी में एक बच्चा दूध लेके
(25:31) जाता है। तो उस बच्चे ने ना कभी दूध नहीं पिया था। तो वो पहली बार दूध को टेस्ट करता तो वो दूध थोड़ा सा पी लेता है। उससे वो मतलब इट्स लाइक कि बहुत टेस्टी है। अब ये था कि अब दूध तो पूरा लेके जाना है। नहीं तो घर वाले डांटेंगे। तो वो मतलब बगल में ना कोई नदी या नाला टाइप का बह रहा तो वहां से पानी लेके उस पे भर देता है। वो वो मेरे वो मेरे दिमाग में रह गई थी कि मतलब जो दूध वाले लेके आ रहे हैं अभी आरो वाटर तो इस पे मिलाएंगे नहीं। ठीक है। नहीं ये डर हर चीज में है। एंड आई अग्री आई 100% अग्री कि ये डर है। इट इज अनफॉर्चुनेटली हम जिस दुनिया में रह
(26:06) रहे हैं वहां पे देयर इज़ इवल एंड देन देयर इज़ अ लेसर ईवल। मतलब बुरा तो अनफॉर्चुनेटली सब कुछ ही है। यू हैव टू पिक योर बैटल्स। यू हैव टू डिसाइड व्हिच पाथ यू थिंक इज अ सेफर पाथ। ओके। मेरे जो मेरा लाइफस्टाइल है, जो मेरे पास एक्सेस है, उस हिसाब से आई वुड नेवर गो फॉर पैकेट वाला दूध। मेरा लॉजिक क्या है? मुझे लगता है मेरे दूध वाले जो भैया हैं वो बहुत अच्छा दूध देते हैं। वो ऐसा काम नहीं करते। मेरा आल्सो विलेज पास में है। वेयर आई स्टे। मेरा खुद का गांव पास में है। तो उससे भी एक एक्सेसिबिलिटी बनती है। राइट? तो मैं अपना एग्जांपल दे के आपको बता सकती
(26:38) हूं। व्हाई आई विल नॉट गो फॉर पैकेट वाला दूध। सो पैकेट वाला दूध मान लेते हैं कि बहुत ही हाइजीनिक है। सब कुछ है। पर उसमें जो दूध है वो होमोजेनाइज्ड है। आप जो कई बार क्या होता है जो दूध वाले भैया जो मेरे हैं वो दूध लेकर आते हैं सुबह। बट अगर वो 1 ओ क्लॉक तक आता है। सो सुबह-सुबह दूध निकलता है 4 5 बजे। अगर वो 1:00 बजे तक 12 ओ क्लॉक तक 1 ओ क्लॉक तक पहुंचते हैं मेरे घर तो वो दूध फट जाता है। राइट? खराब हो जाएगा वो। सुबह अगर 10 11 तक आ गए तो वो दूध ठीक है। ठीक है। पैकेट वाला दूध कहां-कहां घूम के आता है फिर भी वो फटता नहीं है।
(27:07) पोश्चराइज होता है। नहीं पाश्चराइजेशन से कुछ नहीं होता। आप अपना दूध उबाल के बाहर रख दो फटेगा या नहीं फटेगा? नहीं नहीं उस पे एक प्रोसेस होता है। होमोजेनाइजेशन हो। तो अब उसको होमोजेस बोलते हैं। उसमें मतलब एक दूध को गर्म करके एकदम से चिल्ड करते हैं। विद इन 5 मिनट जैसे दूध आपका बॉईल हो रहा है और वो मशीन होती है पॉश्च की तो वो उस मिल्क को विद इन 5 मिनट्स चिल्ड कर देती है। तो वो जो प्रोसेस होता है एकदम हीट से उसको चिल्ड करने का इस वजह से उसकी शेलफ लाइफ ऑलमोस्ट 48 आवर्स हो जाती है। नो दैट्स नॉट द ओनली रीज़न। अनदर रीज़न इज़ द मिल्क इज़ होमोजेनाइज्ड।
(27:45) आपने नोटिस करा है जो घर में जो दूध आता है भैंस का या गाय का या पैकेट वाला दूध पैकेट वाला दूध ज्यादा मीठा होता है? हां मीठा होता है गाढ़ा होता है। क्यों? अगर पैचराइजेशन का रीज़न होता तो वो क्यों होता? इट्स बिकॉज़ इट इज़ होमोजेनाइज। होमोजेनाइज क्या होता है? आपने एड्स में भी देखा होगा। Amul की ऐड में आता भी था। वो दिखाते थे। बहुत बड़ी-बड़ी टरबाइन होती थी। फैंस ही उसमें से दिखाते थे कि दूध बह रहा है। फिर पैकेट में डल रहा है। फिर ट्रक लेके निकलता था। अमोल की ऐड होती थी। वो क्या है वो बड़ी-बड़ी टरबाइन? वो पैशराइजेशन यूनिट नहीं है। वो होमोजेनाइजेशन यूनिट्स
(28:16) हैं। उसमें क्या होता है? आपके दूध में क्या है? देयर इज़ फैट्स देयर इज़ प्रोटीन। वो उतने प्रेशर से उनप मशीनंस में जब दूध चलता है आपका फैट और प्रोटीन ब्रेकडाउन कर जाता है। ओके? ओके? और वो ब्रेकडाउन करके अब मिल्क को होमोजेनाइज कर दे। होमोजेस मतलब इक्वल पार्ट्स सब कुछ हो गया। अब उसमें अलग फैट नहीं है, अलग प्रोटीन नहीं है। अदरवाइज क्या होता है? फैट प्रोटीन अलग-अलग ग्लोब्यूल्स में घूमता है। ठीक है? पर यहां पे सब कुछ टूट गया। इट्स लाइक डाइजेशन कर दी दूध के अंदर। एंड अभी वो होमोजेनाइज हो गया। तो जब होमोजेनाइजेशन होती है तो लाइफ लॉन्ग तो उसकी शेलफ लाइफ
(28:49) बढ़ती है। क्योंकि अब फैट जो है ब्रेकडाउन हो के खराब नहीं हो सकता। प्रोटीन ब्रेकडाउन होके खराब नहीं हो सकता। सिंगल सिंगल कोई भी इंगडिएंट उसका खराब नहीं हो सकता। खराब सब मिक्स हो गया। सब टूट गया। ऑलरेडी टूट गया इन कंट्रोलोल्ड एनवायरमेंट। ठीक है? सो इट्स ऑलरेडी डाइजेस्टेड फॉर्मेट यू कैन से। और ना उसकी वजह से टेस्ट भी एनहांस होता है। इट टेस्ट बेटर। एवरीबॉडी लाइक्स दूध का पैकेट वाला दूध क्योंकि वो मीठा टेस्ट करता है। वो क्रीमी होता है। वो थिक होता है बिकॉज़ ऑफ़ होमोजेनाइजेशन एंड दैट एड्स टू द शेलफ लाइट। पैचराइजेशन अलोन इज़
(29:18) नॉट द रीज़न। एंड दैट इज द आल्सो एक और चीज़ मुझे लगता है बहुत लोगों को शायद पता नहीं है। दूध दो टाइप का आता है Amul का भी। Amul मदर डेरी सारी ही ब्रांड्स का। एक होता है ये 48 आवर्स वाला और एक होता है एक 24 आवर्स वाला होता है। 48 आवर्स का नहीं होता। एक 24 आवर्स का होता है और एक होता है 48 आवर्स एंड अबव वाला। मोस्टली लोग जो है वो सोचते हैं कि लेट खराब होएगा वो वाला ले लेते हैं जो ज्यादा चलेगा वो ज्यादा खराब है। बिकॉज़ उसमें होमोजनाइजेशन और ज्यादा हो गई है। और एक वो भी आता है टेट्रा वो और वो और भी ज्यादा खराब है। दे आर कॉल्ड लॉन्ग लाइफ मिल्क। जो हमें
(29:54) लैक्टोज़ इनटॉलरेंस हो रही है आजकल। कितने लोगों को गठ एलर्जी हो रही है, गठ सेंसिटिविटी हो रही है वो इस दूध की वजह से हो रही है। और फिर गाली दी जाती है पूरे दूध को। देन एवरीबडी विलनाइज मिल्क एंड डेरी एज अ होल। प्रॉब्लम इज नॉट डेरी। हम जन्मों से पीते आ रहे हैं। अब क्यों हो रहा है? फिर लोग कहेंगे अब इसलिए हो रहा है क्योंकि तब प्योर होता था। अब प्योर नहीं है। नहीं क्योंकि तब फ्रेश होता था। अब फ्रेश नहीं है। प्योरिटी के ग्रेड में इंसान तब भी वही था। तब जो झोल कर सकता था वो अभी भी झोल कर रहा है। ठीक है? इट्स नॉट लाइक तब
(30:25) साधु संत रहते थे हमारे पेरेंट्स के जमाने में। तब भी बिजनेस चलता था। तब भी प्रॉफिट कमाया जाता था। तब भी दूध में पानी डाला जाता था। अब भी तो पानी डाला जाता है। ठीक है? थोड़ा गंदा पानी थोड़ा सा उसका तो डाउट है। मैं मना नहीं कर रही। मेजर चेंज जो आया है वो है फ्रेशनेस का। दैट इज द प्रॉब्लम। सो आप जितना फ्रेश खाओगे इसीलिए मैंने कहा कि जब तक आप पैकेट वाली चीज से दूर रहोगे तब तक लाइफ मोटा-मोटा ठीक रहेगी। दो हेल्थ के लिए दो मेन चीजें हैं। पैकेट वाली चीज से दूर रहना और खाना। जितनी भूख हो उससे कम खाना। जितनी भूख हो उससे कम
(30:59) कम खाना। और तीसरा है मूवमेंट। मैं नहीं कह रही हूं जिम में जाके पागल हो जाना। वो तो वैसे मैं भी नहीं करती। आई हेट इट एंड आई डोंट सी एनी लॉजिक इन इट। मतलब आप क्यों करोगे? मुझे समझ नहीं आता है। लेग डे, आर्म डे, शोल्डर डे, बैक डे, आर यू मैड? लाइक डू यू हैव नथिंग एल्स टू डू? मतलब कोई मॉडल है वो कर रही है। मैं समझ रही हूं उसकी कमाई है वो। ठीक है? दे हैव टू लुक गुड? एंड इट्स वै डिफिकल्ट। बट व्हाई आर यू टॉर्चरिंग योरसेल्फ? यू वांट टू हैव अ हेल्दी बॉडी व्हिच सपोर्ट्स यू इन योर डेली एक्टिविटी। तो उसके लिए योगा कर लो, वॉक कर लो, जनरल
(31:29) फिटनेस कर लो, स्किप कर लो, थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ लो। डोंट टेक द लिफ्ट इन लाइफ जस्ट बी एक्टिव यू नो। सो पैकेट से दूर रहना, खाना जितनी भूख हो उससे कम खाना एंड जनरल मूवमेंट इन द बॉडी। मैं 10,000 स्टेप्स की बहुत बड़ी फैन हूं। वो एक ट्रेंड है व्हिच आई थिंक इज़ ग्रेट। बिकॉज़ इस बहाने कम से कम आप चलते रहते हो, हिलते रहते हो। बट अभी लास्ट टाइम इन ए पडकास्ट मैंने किसी डॉक्टर से ही मतलब इसके बारे में बात की थी। तो ही वास लाइक कि 10,000 स्टेप्स इज अ जस्ट पासिंग मार्क्स जस्ट पासिंग मार्क्स पासिंग मार्क्स लाइक 33% 35% ये उसके लिए है जो इंसान कुछ नहीं करता
(32:08) मतलब ऑफिस जॉब टेस्ट जॉब्स जो है हम आप सारा दिन अगर बैठे हुए हो और फिर आप 10 स्टेप कर देते हो देन इट इज़ जस्ट पासिंग मार्क्स फिर आप सिर्फ बच रहे हो ओके बिकॉज़ व्हेन यू आर सिटींग ऑल डे अलोंग, एक स्टडी आई थी। वेयरन इट वास एंड यह सेल्फलेस स्टडी थी क्योंकि इसमें किसी का कोई फायदा नहीं हो रहा है। सो आई एम गोइंग टू बिलीव दैट स्टडी। [हंसी] एंड दैट स्टडी सेड दैट सिटींग फॉर 7 ऑवर्स एट अ टाइम इज लाइक स्मोकिंग सेवन सिगरेट्स। ओ अगर आप 7 घंटे की जगह बैठे हुए हो, इट्स लाइक स्मोकिंग सेवन सिगरेट्स। सो इसमें किसी का फायदा नहीं हो रहा है। सो आई एम
(32:41) गोइंग टू बिलीव दैट स्टडी। सो ऑफ कोर्स अगर आप सात सिगरेट स्मोक कर रहे हो देन देन द लीस्ट यू कैन डू इज मूव 10,000 स्टेप्स। सो वो डॉक्टर बिल्कुल ठीक कह रहे हैं कि अगर आप एक सेडेंटरी लाइफस्टाइल वाले इंसान हैं तो आपके लिए वो बेयर मिनिमम है। वो बस आप पासिंग मार्क्स ही ले रहे हो। बट हां अगर आप कोई ऐसे इंसान है जो दिन भर घूमते रहते हैं, ऊपर नीचे करते रहते हैं। कभी बच्चों के पीछे, कभी सब्जी लाने के लिए, कभी दूध लाने के लिए, कभी नीचे किसी से बात करने चले गए। दे पहले ना एक वर्ड होता था मोहल्ला। अब वो मोहल्ला वर्ड हैज़ बिकम डेरगेटरी।
(33:15) अगर आप अब किसी को मोहल्ला बोलते हो तो थोड़ा नीचा देख के बोलते हो। वो मोहल्ला इज वेरीेंट। द कम्युनिटी लिविंग इज वेरीेंट। कम्युनिटी लिविंग के बहाने किसी की लड़ाई होती है। किसी की कुछ गसिप होती है। किसी का कुछ और होता है। कभी कोई आपसे हेल्प मांगने आता है। कभी आप किसी के पास चले जाते हो। उसके घर में क्या हो रहा है देख के आती हूं। इस बहाने मेंटल एंड फिजिकल मूवमेंट बना रहता है। कनेक्शंस बने रहते हैं। दिस इज वेरीेंट इन लाइफ एंड वी आर लूजिंग दैट। और मैं आई एम वन ऑफ़ दोज़ पीपल हु इज़ लूजिंग इट। सो आई अंडरस्टैंड देंस ऑफ़ बिकॉज़ व्हेन नानी
(33:48) यूज़्ड टू कॉल मी इक्लखोर। यू नो लाइकलखोर। या दैट मींस लाइक अ लोनर। ओके। सो [नाक से की जाने वाली आवाज़] आई इट्स नॉट अ गुड थिंग। वन एंड पीपल टेक प्राइड इन द फैक्ट। आई एम एन इंट्रोवर्ट। आई लाइक टू लिव अलोन। मेरा सोशल कैपेसिटी बहुत कम है। मैं भी वही हूं। आई एम आल्सो दैट पर्सन। अगर कोई मुझे पहचानता है, देख रहा होगा तो बोलेंगे लाइक यू नो व्हाट इज पॉट कॉल इन द कैटल ब्लैक वाली बात है। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे बट आई अंडरस्टैंड माय वीकनेस एंड इट्स अ वीकनेस। यू शुड नॉट बी हैप्पी अबाउट इट। वन शुड मेक एन एफर्ट टू गो आउट एंड मीट पीपल वंस इन अ वाइल। आप रोज नहीं
(34:19) मिलना चाहते। आप को लोग ज्यादा पसंद नहीं है। तो इट्स ओके। बट एक कॉन्शस एफर्ट करना चाहिए टू स्टे कनेक्टेड। कम्युनिटी लेवल। ये ये चीज ना मैंने बहुत नोटिस की है। अ एक चाय की टपरी होती है। चाय की टपरी में आप देखो या जो पनवाड़ी होते हैं ना वहां पे जो चारछ लोग कभी-कभी बैठ के बातें करते हैं ना दे आर मोर हैप्पियर देन कि जो लोग केवल 12 घंटे ऑफिस में जाके काम कर रहे हैं। फिर घर आके लैपटॉप पे काम कर रहे हैं। सो रहे हैं। फिर एंड दे थिंक कि हम लाइफ में प्रोग्रेस कर रहे हैं। जो ऑफिस वाले हैं ना या जो जिनको गसिप से मतलब नहीं होता है। जो मोहल्ले पड़ोस के
(34:56) लोगों के साथ बातचीत नहीं करते हैं। दे मतलब बहुत प्रोग्रेसिव है। लाइफ में बहुत आगे बढ़ रहे हैं। और तुम लोग क्या अभी यहीं पे अटके हुए हैं। और आपने नोटिस करा जो गसिप करते हैं। एक्चुअल प्रमोशन उन्हीं की होती है। नहीं एक्चुअल प्रमोशन उन्हीं की होती है। वो लाइफ में खुश रहते हैं। हां। क्यों? आई थिंक इमोशंस शेयर करना बहुत रिक्वायर्ड होता है। बिकॉज़ ऐसा मैं पर्सनली फील करता हूं कि जैसे अगर मेरा फिक्स है कि मैं संडे को अपने फ्रेंड्स के साथ जाता हूं। मतलब हम लोगों ने एक टाइमिंग फिक्स कर रखी है। भाई किसी के पास कितना भी काम होगा
(35:28) हम लोग संडे को एनी हाउ हम लोग मिलेंगे ही मिलेंगे। तो संडे को मिलने के बाद ना जब उनसे मैं बातें कर लेता हूं। मैं उनको अपने दिल की बातें शेयर कर लेता हूं। सो आई थिंक कि मतलब मुझे इतना फ्रेश फील होता है। एंड सेम थिंग मेरी वाइफ के साथ भी होती है। मतलब ऐसा नहीं होता था कि वीक में एक बार हम लोग रात में 3:00 बजे तक बातें नहीं कर रहे और बातें क्या करेंगे? यार उसने ये बोला यार वो ऐसा बोलना जरूरी है। तो मतलब उसके बाद से पता नहीं क्यों ऐसा अच्छे से मतलब हल्का फील होता है बॉडी में यार। बड़ा मतलब बॉडी हल्की है। नींद ही नहीं आ रही आज तो मजेदार।
(35:59) दैट इज़ व्हाई ह्यूमंस आर कॉल्ड सोशल बीइंग्स। हमारी एवोल्यूशन ही इसलिए हुई हड़प्पन सिविलाइजेशन, इंडस वैली सिविलाइजेशन, वंजदार ये सब क्यों हुआ? ये हुआ बिकॉज़ वी केप्ट फाइंडिंग वेज़ टू स्टे टुगेदर। बिकॉज़ पहले तो इट वाज़ अबाउट इट वाज़ अ मैटर ऑफ़ सर्वाइवल। हम जिंदा ही नहीं रहेंगे अगर हम एक साथ नहीं रहेंगे। बिकॉज़ पहले तो हमें इसके साथ रहना था। राइट? और अगर अकेले रहेंगे तो यही जीतेगा। राइट? [हंसी] तो इट वास सर्वाइवल ऑफ़ द फिटेस्ट। सो वी स्टार्टेड फॉर्मिंग ग्रुप्स। इसी वहीं से फायर इन्वेंशन हुआ। वहीं पे कम्युनिटी लिविंग का इन्वेंशन हुआ।
(36:31) एंड सी इन लाइफ वी ऑल वी मस्ट ऑलवेज रिमेंबर इट्स ऑलवेज टीम वर्क। आपको एक सहारा चाहिए। और हमेशा सहारा ऐसा नहीं होता है कि उसने मुझे जॉब में हेल्प कर दी। उसने मुझे वहां पे वो रास्ते में हेल्प कर दी। उसने मुझे वो प्रमोशन में हेल्प कर दिया। उसने इट्स नॉट ऑलवेज सो ट्रांजैक्शनल। हर चीज अगर आपको उसका फायदा दिख नहीं रहा। क्लियरली डजंट मीन कि वो है नहीं। आपके पेरेंट्स हैं। एक ऐज के बाद वो आपके किस काम के हैं? कोई काम के नहीं है वो। पर वो पेरेंट्स होने ही काम होता है। बिकॉज़ यू नो इन द बैक ऑफ योर माइंड इफ समथिंग हैपेंस? तो वो हैं। यह कम्युनिटी
(37:07) है। ऐसे ही आप अपने एक छोटा सा अपना दुनिया बनाते हो। इन दिस बिग दुनिया वेयर यू विल हैव यू नो योर वाइफ, योर चिल्ड्रन। व्हाई इज़ मैरिड? सो इंपॉर्टेंट। आजकल एवरीबडी इस लाइक यू नो शादी नहीं। शादी नहीं करनी चाहिए। और शादी तो चलो कर ली। तो बच्चों के लिए बड़ा वो हो रहा है कि मतलब बच्चे पैदा नहीं करेंगे। द वर्ल्ड इज़ सच अ टेरेबल प्लेस। आई डोंट वांट टू ब्रिंग चिल्ड्रन इंटू दिस वर्ल्ड। वो टेरेबल तब भी थी। तब तो इकॉनमी भी डूब रही थी। तब क्यों? यू नो व्हाई वर यू ब्रॉट इन टू दिस वर्ल्ड? लाइफ में प्रॉब्लम इज़ यू ऑल बिकम ओवरथिंकर्स।
(37:35) कुछ करने के लिए नहीं है। मम्मी पापा ने घर बना दिए हैं। पैसे सबके पास है। एक-एक घर सबके पास है। तो सबको लगता है कि थोड़ा सा कमाते हैं। एंड लेट्स एंजॉय लाइफ। एंजॉय। और अभी तो मैं कल Instagram में एक रील देख रहा था। तो उसमें एक बड़ा वियर्ड कंपैरिजन दिखाया गया। वी हैड कंपैरिजन इन द सेंस कि एक बच्चे को पालने का कितना खर्च है कि मतलब आप उसकी एजुकेशन में कितना पैसा खर्च करोगे प्रेगनेंसी के टाइम में आप कितना पैसा खर्च करोगे तो मतलब उसमें दिखा रहा है कि जब तक आपका बच्चा ग्रेजुएट होगा तब तक आप एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुके होगे
(38:05) तो व्हाई डोंट यू पुट इट पुट दिस मनी इन सम म्यूचुअल फंड और आप वो एक करोड़ वहां स्पेंड करने की जगह आप वर्ल्ड टूर पे जाओ अपनी लाइफ एंजॉय करो आपके मम पापा ने भी ऐसे ही सोचा होता कितना अच्छा होता [हंसी] कितना अच्छा होता आई विश सी मनी इज वेरीेंट पैसा कमाना बहुत जरूरी है उसको बचाना बहुत जरूरी है और बहुत मुश्किल से कमाया जाता है पैसा पर कमा क्यों रहे हो फिर व्हाट आर यू मेकिंग दैट मनी फॉर फॉर अ वर्ल्ड टू देन व्हाट यू नो ये किसने बोला है आई डोंट नो देयर इज़ इट्स रियली फैंसी आई आल्सो लाइक टू ट्रेवल इनफैक्ट वही एक चीज है जो मुझे बहुत अच्छी लगती है मुझे
(38:45) बड़े मजे आते हैं कि मैं घूम लूं बट घूमने का मतलब यह नहीं होता है कि वर्ल्ड टूर करना है। घूमना मेरे लिए आई स्टे इन गुड़गांव। गुड़गांव से एक डेढ़ घंटा दूर ही मेरा फार्म्स है। तो मैं गांव जाके बहुत खुश हो जाती हूं। मेरा वो घूमना है। ठीक है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहीं पास में ही निकल गए वो भी घूमना होता है। ठीक है? किसी पड़ोसी के घर चले गए वो भी घूमना होता है। घर के पास यू नो आप हुड्डा मार्केट होता है हरियाणा में गुड़गांव वगैरह में। हुड्डा मार्केट चले गए वो भी घूमना है। नाउ लेट्स से यू आर अ वर्ल्ड टूअर काइंड
(39:14) ऑफ़ अ पर्सन। ओके। हर बजट में वर्ल्ड टूअर होता है। हम ऐसा तो है नहीं कि यू नो यू नीड 1 करोड़ ओनली फॉर अ वर्ल्ड टूअर। हर बजट में हर तरीके के लोगों के लिए हर तरीके की चीजें हैं। नाउ पीपल आर कंपेयरिंग चिल्ड्रन वर्सेस पैसा। इट्स लिटरली लाइक कंपेयरिंग रिलेशनशिप्स टू पैसा। यू नो अ चाइल्ड गिव्स यू हैप्पीनेस ऑन अ डेली बेसिस। आई हैव अ डॉटर। आई नो लाइफ में कितना पैसा कमाओगे और कितना घूमोगे यू नो यू नीड टू हैव अ सेंस ऑफ़ बिलोंगिंग। और फिर एक टाइम के बाद क्या करोगे? मतलब चलो 30ज में घूम लोगे, 40ज में घूम लोगे और मैक्सिमम चलो बहुत घूमने का कीड़ा
(39:49) तुम्हारे अंदर है। तो 50 तक घूम लोगे। फिर क्या करोगे? मान लेते हैं आप लाइफ देयर विल बी पीपल हु विल आस्क यू दैट नो वी कैन ट्रेवल टू द लास्ट डे ऑफ़ लाइफ। फर्स्ट ऑल यू कांट बिकॉज़ देयर इज़ देयर इज़ अ थिंग कॉल्ड एस एज व्हिच विल कैच अप। ओके? इवेंचुअली यू हैव गट प्रॉब्लम्स। बाहर का खाना खाने से। यू विल हैव नी एक बहुत ज्यादा चलने से। बट चलो गिवन कि आप सुपर ह्यूमन हो। आप आखिर तक घूमोगे। वो तो मानेंगे नहीं बिकॉज़ दे हैव डिसाइडेड यू नो दे और मैं फिर बोलूंगी तो आई विल नॉट टेक द पर्संस नेम ओके पर वो एक पार्टी के इंसान है उन्होंने कहा
(40:20) है कि अ पार्टी मतलब पॉलिटिकल पार्टी उन्होंने बोला कि ये जो एक सर्टन कैटेगरी ऑफ़ लोग होते हैं उनको ना एक टाइम पे समझाने के भी ट्राई नहीं करना चाहिए क्योंकि वो गॉन केस हो जाते हैं। सो डोंट वेस्ट योर एनर्जी। तो ऐसा मुझे लगता है कि जिन्होंने यह माइंडसेट बना लिया है उन्होंने अपना माइंडसेट बना लिया है तो वो तो यह मानेंगे ही नहीं। पर अगर कोई एक इंसान भी मान जाए तो ट्राई करके देखो दैट वर्ल्ड टूर 1 करोड़ की जगह 50 लाख में कर लेना 25 लाख में कर लेना बट डू टू द चाइल्ड इट इज सो मच मोर फन कहते हैं ना खुशी बांटने से बढ़ती है और गम बांटने से
(40:56) कम होता है इट्स अ रियलिटी एंड आई हैव लिव्ड दैट रियलिटी इज व्हाई आई एम टेलिंग यू अ चाइल्ड इज अ जॉय इन लाइफ अ हस्बैंड और अ वाइफ इज जॉय एंड प्रॉब्लम आती है मैं सुबह से लेके शाम तक चिल्ला रही होती हूं अपनी बेटी के साथ सही है कोई नहीं सुनती मेरी कोई बात नहीं सुनती वो [हंसी] बट दैट्स द फन ऑफ़ इट यू नो अरे वो वो अभी सुन लेगी तो मतलब मजा क्या है फिर माय हस्बैंड एंड आई मतलब हमारे भी डिसए्रीमेंट्स होते हैं ऐसा तो है नहीं वो मेरा क्लोन नहीं है मैं उसकी क्लोन नहीं हूं ना वो मेरा पपेट है वो जोरू का गुलाम नहीं है मैं भी उसकी गुलाम नहीं हूं इट इज
(41:28) ओके टू हैव डिसए्रीमेंट्स पार्ट ऑफ़ प्रोसेस हां इट इज़ इट इज़ आप मम्मी पापा के साथ कभी लड़ाई नहीं करते हमेशा तो फिर अगर वही लड़ाई आपके बच्चों से हो जाती है या इनलॉ से हो जाती है हस्बैंड से हो जाती है वाइफ से हो जाती है तो बहुत बड़ी बात हो जाती है। क्यों? वही चीज अगर पेरेंट्स बोल दे, पेरेंट्स बोलते हैं घर से निकल जाओ। हम तो क्या होएगा? आप कमरे में घुस जाओगे। मेरा भी घर है। मेरी भी लड़ाई करेंगे। मेरी तो मतलब वसीयत में नाम तो मेरा होगा ही। [हंसी] हां होगा। आपके बाद क्या है? हमारा ही है। तो मेरा ही तो है। बट ये बात अगर लड़ाई में किसी दिन हस्बैंड
(41:58) ने बोल दी या वाइफ ने बोल दी तो वो मेंटल ट्रॉमा और अब इमोशनल अब्यूज हो जाती है। अ बैंडविड्थ ऑफ़ टॉलरेंस डिक्रीजसेस। ऐसा मुझे लगता है। सो आई थिंक चिल्ड्रन आर ब्यूटीफुल एंड मैं इसलिए नहीं कह रही हूं बिकॉज़ मेरी बेटी है। मैं जेनुइनली ये मानती हूं दैट एक बच्चा तो होना चाहिए। लाइफ इज़ अ लॉट ऑफ़ होना चाहिए। और मैं मतलब एक बात मैंने जो पर्सनली रियलाइज की थी मुझे बच्चे कोई खास पसंद नहीं थे। मतलब क्योंकि रोते हैं। हां इरिटेटिंग होते हैं। वो पॉटी करते हैं। सुसु करते हैं। वैरी इरिटेटिंग नो बट जो आपके बच्चे आपका बच्चा आपके ऊपर करेगा ना सुसु आपको बुरा नहीं
(42:33) लगेगा। दूसरे का करेगा तो बुरा लगेगा। नहीं सी आई एम समबडी हु डिसएग्रीस। आई फील मुझे तो तब भी बुरा लगता है। आई अग्री दे आर वेरी वेरीरी इरिटेटिंग बीइंग्स। मतलब बहुत ही इरिटेटिंग प्राणी होता है बच्चा। बट इट्स अ फन काइंड ऑफ़ इरिटेटिंग। इट्स अ फन काइंड ऑफ़ मतलब जो इमोशनल कनेक्शन आपका अपने बच्चे के साथ होता है। सी टू लिव लाइफ। आई फील यू नीड समथिंग टू लुक फॉरवर्ड। द चाइल्ड गिव्स यू समथिंग टू लुक फॉरवर्ड टू ऑन अ डेली बेसिस। मुझे लगता है दिस इज द बेस्ट वे आई कैन यू नो पुट इट अक्रॉस। इन लाइक आई सेड आते ही मैंने कहा था जिंदगी में थोड़ा रस जरूरी है। दिस इज अ रस
(43:09) इन लाइफ। यू नो यू नीड समथिंग टू लुक कल ये इसका एग्जाम होएगा। ये उस क्लास में जा रहे हैं। ये कौन से सब्जेक्ट लेंगे? ये क्या करियर चूज़ करेंगे? फिर उनके करियर के साथ आप दोबारा से जवान होते हो। यू नो यू आर यू आर लिटरली लिविंग योर चाइल्डहुड विथ योर चाइल्ड। तो मुझे लगता है कि लंबे खुशहाल जीवन के लिए दिस इरिटेशन इजेंट इज व्हाट आई फील। एंड बहुत लोग कहते हैं कि बच्चा बहुत महंगा होता है। मत करो ना। किसने बोला है महंगा खर्चा करने के लिए? हु सेस कि आपको उसी स्कूल में ही डालना है। उसी टाइप के ही कपड़े पहनाने हैं। उसी टाइप का ही हॉलिडे करना है। नहीं आपको
(43:47) अपने मेंस में रह के करना चाहिए। बहुत खुशी से जी सकते हैं। हमारे एक और चीज हमारे कंट्री का बहुत बड़ा एडवांटेज है। मत जरूरी नहीं है कि आपको दिल्ली एनसीआर में ही रहना है। तंग होके ही रहना है। मतलब आई थिंक इंडिया इज द ओनली कंट्री कि जहां पर आप 15000 में भी सर्वाइव कर सकते हो। 15 लाख में भी सर्वाइव कर सकते हो। 15 करोड़ में भी सर्वाइवर्स 15 करोड़ में भी नहीं सर्वाइव कर सकते हैं। नहीं सही सही एक्सैक्टली। मतलब 15,000 में भी हो सकता है। 15 करोड़ में कुछ लोग का नहीं हो पाता। नहीं हो पाता है। एंड दिस इज़ अ ब्यूटी ऑफ़ आवर कंट्री। दिस इज़ नॉट पॉसिबल इन द
(44:16) डेवलप्ड नेशंस। इन द डेवलप नेशंस यू नीड टू हैव अ मिनिमम कॉर्पस। इसीलिए वहां पे फिक्स्ड वेज होती है कि मिनिमम सैलरी इतनी देनी है। ऑफ कोर्स इट इज़ अ गुड थिंग यू नो यू नो टू वैल्यू लेबर। बट दिस इज़ आल्सो अ रीज़ दैट इतना आपको चाहिए ही होगा। उससे कम में काम चलेगा। काम चलेगा। यहां पे सब चलता है। तो हमें हमेशा स्ट्राइव करना चाहिए और कमाने के लिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। एंड शाहरुख खान सेड यू नो दैट बिकम अ फिलॉसफर ओनली आफ्टर यू बिकम रिच। तो बहुत सही बात है वो कि ज्ञान देना तभी आता है जब आपका पेट और पॉकेट भरी होती है। सो, आई अंडरस्टैंड दैट। आई नो व्हाट इट
(44:51) फील्स लाइक टू बी वांटिंग टू टू हैव द बेस्ट फॉर योर चाइल्ड। बट जिंदगी नहीं रोकनी चाहिए फॉर दैट। यू नो यू कैन बिल्ड योर वर्ल्ड टुगेदर इज व्हाट आई एम सेइंग। दैट टाइम किसी के लिए नहीं रुकता। दैट्स ऑल आई एम सेइंग। हम लोग बात करते हैं वुमस हेल्थ की जो आज की डेट में एक बहुत बड़ा इशू बन गया है। प्रॉब्लम है कि नहीं है ये मुझे नहीं पता। बट इशू एक बहुत बड़ा है क्योंकि तीन चार मेजर रीज़ंस हैं जो सारे वुमस को मतलब इशज़ हैं जो हो रहे हैं। फर्स्ट थकान रहना, टायरनेस हेयर फॉल एक्ने एंड एक बड़ा ना फैशन चल गया आजकल पीसीओडी, पीसीओएस मतलब आप देखोगे मतलब हर सेकंड वूमेन को
(45:30) पीसीओडी तो मिलेगा ही मिलेगा। हम और जब भी उसके बारे में वो कुछ भी देखती है, पढ़ती है, सोचती है तो केवल एक चीज Instagram फीट पे आ जाएगी कि आपको हॉर्मोनल इमंबैलेंस है। मीठा है ना? मीठा मत खाओ, अच्छी लाइफस्टाइल करो, शुगर कट करो, राइस मत खाओ, अपना वेट डाउन करो। तो एक्चुअली मतलब ये रीजन है। ये प्रॉब्लम है या फिर केवल एक अ जो अभी आपने बताया ना पेड स्टडी के अकॉर्डिंग इसको बना दिया गया है। नहीं नहीं तो पीसीओएस, पीसीओडी तो है। ओके? यह जेनुइनली एक प्रॉब्लम है एंड इट इज़ एक्चुअली इंपैक्टिंग द फर्टिलिटी ऑफ द नेशन ऑन द होल एंड द वर्ल्ड ऑन द होल।
(46:07) इसीलिए जगह-जगह पे आईवीएफ क्लनिक्स खुल रहे हैं। अभी ये जेन्युइन प्रॉब्लम है और चीनी की आपने बात करी शुगर वेट्स तो इसमें मैं क्विकली आई विल वांट टू ऐड वन थिंग फॉर पीसीओ पीसीओएस, पीसीओडी एंड शुगर। ठीक है? ग्लूकोस मॉनिटर बिकॉज़ पीसीओएस, पीसीओडी के नाम पे बहुत ज्यादा कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटरिंग वाले सीजीएम डिवाइसेस बिक रहे हैं। ओके? तो लोग क्या करते हैं? अपनी ग्लूकोस स्पाइक मेजर करते रहते हैं। वुमेन आल्सो दे आर वेरी पर्टिकुलर नाउ। सीजीएचएम सीजीएम मॉनिटर वो पहन कर घूमते हैं। आपने देखा होगा आम पे ऐसा गोल सा लगा रहता है।
(46:38) एंड दे होम लाइक आई सेड इन द बिगनिंग कि आपकी स्पाइक होना जरूरी है। इफ अ वूमन और अ मैन एक्सरसाइजेस जब आप या सीढ़ियां चढ़ के आते हो या बहुत इन हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करते हो तो आपका हार्ट रेट बढ़ता है। आपका बीपी बढ़ता है। सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। तो आप क्या कहते हो? मेरे को हटा खाने वाला है। मैं डॉक्टर के पास जा रहा हूं। तो फिर जब आपने कुछ खाया और आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ तो आपने क्या बोला मुझे डायबिटीज हो रहा है। मुझे चीनी बिल्कुल नहीं खानी चाहिए। सो दिस कॉमन सेंस इज मिसिंग। अगर आप एक्सरसाइज करोगे तो आपका बीपी
(47:10) बढ़ेगा। आप सीढ़ियां तेज भाग के आओगे तो आपकी सांस चढ़ेगी। दैट मींस आपकी हार्ट रेट बढ़ रही है। दैट डज नॉट मीन आपको हार्ट अटैक आ रहा है। द पॉइंट इज कि सांस चढ़ने के बाद कम भी हो जानी चाहिए। वैसे ही आपने मीठा खाया। आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ। फिर वो आधे 1 घंटे डेढ़ घंटे में कम हो जाना चाहिए। स्पाइक इज फाइन। एक लेवल तक इट्स ओके। नाउ फॉर वुमेन विद पीसीओएस एंड पीसीओडी जो कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटरिंग करते हैं या जो भी करते हैं। इट इज अ रियल प्रॉब्लम। एंड इसका प्रॉब्लम चीनी नहीं है। इसका प्रॉब्लम है वेट। ओके? अब वो वेट किसी भी चीज से बढ़ सकता
(47:44) है। वो वेट सिगरेट से बढ़ सकता है। वो वेट अल्कोहल से बढ़ सकता है। वो वेट स्ट्रेस से बढ़ सकता है। वो वेट हॉर्मोन से बढ़ सकता है। एंड मोस्टली जो है पीसीओएस, पीसीओडी यंग लड़कियों में मिलता है। क्योंकि वो एक्सरसाइज नहीं करती। ओके? दे यू विल फाइंड मोस्ट ऑफ़ देम आर ओवरवेट। एंड वो ओवरवेट घर की दाल, रोटी, हलवा, खीर से नहीं है। वो है बिकॉज़ ऑफ़ द जंक। एंड दाल, रोटी, हलवा, खीर, लड्डू इज नॉट जंक। वह घर का बना है। वंस इन अ व्हाइल अगर आप दिन में एक वो खा रहे हो। इट इज ओके। जंक इज अ पैकेट ऑफ चिप्स। जंक इज अल्कोहल। जंक इज कोक। यह कट डाउन करो। इट इज मैजिकल।
(48:24) यू विल बी शॉक्ड। आप मीठा खाओ। बस कोक मत पियो। आप नींबू पानी पी लो। आप कोक छोड़ दो। 100% कोक छोड़ दो और आप नींबू पानी पी लो। रोज दिन का एक गिलास नींबू पानी पी लो। शक्कर डाल के। हां। चीनी नमक डाल के आप नींबू पानी पी लो। कोक छोड़ दो। आप एक छोटा बेसन का लड्डू या गोंद का लड्डू या एक बर्फी खा लो। आप चॉकलेट्स छोड़ दो। आप एक जलेबी खा लो, दो जलेबी खा लो। बट डोंट ईट द कुकीज़। ट्राई इट। यू विल बी सरप्राइज्ड एट द इफेक्ट एंड इंपैक्ट एंड मूवमेंट। गर्ल्स डोंट एक्सरसाइज। पसीना नहीं आना चाहिए। मेकअप मेल्ट नहीं होना चाहिए। गर्मी में नहीं जाना चाहिए।
(49:00) पोलशन नहीं होना चाहिए। माय गॉड आई कैन नॉट ब्रीड। माय गॉड माय स्किन इज सो सेंसिटिव। एंड देन देयर आर बॉयज हु फाइंड इट वै क्यूट। माय माय गर्लफ्रेंड इज़ वेरी डेलिकेट। शी इज़ वेरी पॉश। शी कैन नॉट हैंडल द हीट। हाउ विल यू हैंडल अ लाइफ? [हंसी] इट इज नॉट नाइस। यू नो इट इज नॉट क्यूट। मुझे समझ नहीं आता है हाउ टू हैंडल मनी। मुझे समझ नहीं आता है। मैं धूप में बिल्कुल नहीं जा सकती हूं। मैं वो चढ़ नहीं सकती हूं। मैं यह बैग उठा नहीं सकती हूं। यू नो द मोमेंट यू सी समथिंग हैवी। यू आर ट्राइंग टू फाइंड सम टू लिफ्ट इट फॉर यू। पैसे की बात करो तो मुझे नहीं आता है।
(49:36) घूमने बोलो तो मेरे से नहीं होता है। चढ़ने बोलो मुझसे नहीं होता है। अरे क्यों? ठीक है। अ वूमन इज बायोलॉजिकली वीकर देन अ मैन बट अ वुमन इस नॉट वीक। राइट? आप कंपैरिजन में कम हो पर आप वैसे कम नहीं हो। आप जहां आदमी चढ़ सकता है। एंड एक 20 ईयर ओल्ड लड़की और एक 20 एक 20 ईयर ओल्ड लड़का। दोनों भी स्किलो उठा सकते हैं। पर वो रेलवे स्टेशन पे जा रहे हैं। आई विल सी सो मेनी टाइम्स। ओ द बॉय इज लिफ्टिंग ऑल द लगेज एंड द गर्ल इज वा- वाकिंग विथ द हैंडबैग। आई एंड देन यू वांट फेमिनिज्म। [हंसी] यू डोंट अंडरस्टैंड हाउ टू मेक मनी। यू डोंट अंडरस्टैंड हाउ टू हैंडल हीट एंड देन
(50:12) यू वांट फेमिनिज्म। इट डस नॉट वर्क लाइक दैट। माय आईडिया माय मैसेज टू ऑल द वुमेन आउट देयर। प्लीज एक्सरसाइज एंड एक्सरसाइज डज़ नॉट मीन जिम। इट डज़ नॉट मीन जिम बाय एनी स्टैंडर्ड्स। जिम आपको बहुत शौक है तो कर लो। फाइन। बट दैट इज़ नॉट द सशन। द स्यूशन इज़ मूवमेंट इन द सन। बॉडी पर धूप लगना बहुत जरूरी है। किसी लड़के को तो लगती होगी शायद लड़की ने तो शायद धूप देखी नहीं आज तक। आई डोंट थिंक गर्ल्स सी सन एनी मोर। दे आर सो स्केर्ड। सनस्क्रीन लगाना है, सनस्क्रीन लगाना है, धूप में नहीं जाना है। अरे हम वैंपायर्स नहीं हैं। यू नो वी आर डायनल डायर्नल बीइंग्स। डायनल
(50:48) मतलब हमें दिन भी चाहिए। हमें रात भी चाहिए। हम उल्लू थोड़ी हैं जो रात में ही निकलते हैं। [हंसी] बट द गर्ल्स हैव बिकम उल्लू। हम एंड बॉयज भी वही हरकतें करते होंगे मुझे नहीं पता बट लड़कों को अभी ठीक है इट्स गॉड्स गिफ्ट उनको हॉर्मोनस वैसे इमंबैलेंस नहीं होते गर्ल्स डोंट हैव टू बेयर अ चाइल्ड बॉयज डोंट हैव टू बेयर अ चाइल्ड अ गर्ल हैज़ टू बेयर अ चाइल्ड अ बॉयज बायोलॉजी एंड गर्ल्स बायोलॉजी इज़ वै डिफरेंट नाउ यू वांट टू फाइट अबाउट इट नहीं वो कर रहे हैं वो तो सिगरेट और दारू पीते हैं वी आर फेमिनिस्ट हम भी पिएंगे पी लो फिर देन लिव विद पीसीओएस ए पीसीओडी
(51:17) उनको नहीं होता दे डोंट हैव ओवरीज व्हाट डू वांट टू डू नाउ यू नो दैट इज अ वेरी बिग वुमेन आर इन दिस रेस वी आर वी आर वैरी मॉडर्न इफ अ मैन कैन ड्रिंक एंड स्मोक व्हाई कांट नो नो यू कैन बट द थिंग इज यू हैव ओवरीज अ बॉय डज नॉट यू नो यू हैव एस्ट्रोजन एंड प्रोजेस्ट्रॉन एंड द बॉय डज नॉट सो यू विल सफर एंड द बॉय विल नॉट तो अभी तुम्हें फिर भी कंपैरिजन करना है तो फिर करो तो ये है पीसीओएस और पीसीओडी की कहानी जस्ट लीव जंक फूड वही लोग एक्सरसाइज में बहुत आजकल जा रहे हैं प्रोटीन सप्लीमेंट में बहुत जा रहे हैं। कुछ नहीं होने वाला है।
(51:56) बिकॉज़ यू हैव टू लीव द जंक। यू नो वेट लॉस इज 90% डाइट। 10% एक्सरसाइज एक्सरसाइज या 90% में कोई चेंज नहीं है। 10% में जान निकाल रखी है। आई बर्न 2000 कैलोरीज। आई डीड एचआईटी, आई डिड हाई रक्स करते रहो। कुछ नहीं होने वाला। फिर उसके बाद खाना पैकेट वाला खाना। हां। यू नो यू सप्लीमेंट बाहर खा लिया। हाई एनर्जी ड्रिंक पी ली। उस टाइम पर यू विल गेट द एनर्जी बूस्ट। बट द बॉडी नीड्स फूड, बॉडी नीड्स द कार्बोहाइड्रेट्स, इट नीड्स द फैट्स, इट नीड्स द प्रोटीनंस एंड इट नीड्स इट टुगेदर। इसीलिए दाल, रोटी, सब्जी खानी है। सिर्फ दाल की कटोरी पीने
(52:35) से नहीं होएगा। बॉडी को चाहिए वो आई थिंक। और ये पुराने टाइम पर जब हम लोग देखते हैं ना जैसे गांव वगैरह में आप जाओ ना तो आज भी आप देखोगे ना तो एक थाली में उनके दाल आएगी, सब्जी आएगी। कि साथ में दही या छाछ तो होगा ही होगा रोटी होगी देखो वो कंप्लीट डाइट लेते हैं और हम लोगों की एक क्या नई जो नई जनरेशन आ रही है ना उसकी क्या आदत है एक बाउल में थोड़ा सा कुछ ले लिया एक आइटम अगर दाल खाई चावल आज खाया तो आज रोटी नहीं खाएंगे और आज अगर रोटी खाई तो कल चावल नहीं खाएंगे मतलब मुझे लगता है कि एक तो खाना बनाने में मेहनत लगती है। हां
(53:10) वो कौन करेगा? मैगी बना लो खा लो। आई जेनुइनली फील दैट खाना बनाने में लगती है मेहनत। राइट? वो नहीं करनी है। एंड दिस इज़ गोइंग टू बी अ रियली आई डोंट नो कंट्रोवर्शियल पॉडकास्ट ऑर ऑल द क्रैक दैट आई एम टॉकिंग एज पर द यंग पीपल। [हंसी] बट मुझे लगता है कि वन वेरी बिग प्रॉब्लम इज़ खाना बनाना। एंड ऑनेस्टली आई विल नॉट ब्लेम द यंगर लॉट जो नहीं बना रहे। बिकॉज़ लाइक आई सेड पैसा कमाना आसान नहीं है। एंड एवरीबॉडी वांट्स अ गुड लाइफ। आप सारा दिन भर बाहर काम करके आओ। फिर घर पे आके वो मम्मी दादी के टाइम के जैसा खाना बनाओ। वो भी नहीं हो सकता।
(53:43) तो आई वुड से अगर आप उस हासिल में लगे हुए हो तो फिर एक गोरे एक चीज करते हैं बहुत सही होती है। इज कॉल्ड मील प्रप मील प्रप हां मतलब आप पूरे हफ्ते की प्रिपरेशन करके रख लो उबाल के रख लो सब्जियां उबाल के रख लो दाल उबाल के रख लो रोज वैरायटी मत एक्सपेक्ट करो एक ही दाल दो दिन खा लो अगर आप उस पैटर्न में हो इट्स अ वेरी बिग स्यूशन टू द प्रॉब्लम ऑफ अ यंगर जनरेशन कि जहां पे रोज खाना नहीं बनाना पड़ेगा सैटरडे संडे दोनों हस्बैंड वाइफ मिलकर मील प्रप कर लो सब्जियां उबाल के रख लो दाल उबाल के रख लो राइस बना के रख लो दो-ती दिन का एंड जल्दी से शाम शाम को आए अनियन वगैरह
(54:21) गार्लिक वार्किक सब काट कूट के रखो। जल्दी से आए तड़का लगाए। तड़के में टाइम नहीं लगता। उबालना, सीटी मारना उस सब में आई एम अस्यूमिंग टाइम लगता है। तो जल्दी तड़का लगाया एंड योर फूड इज रेडी। आई थिंक इफ यू डू दिस मील प्रप हैबिट इट विल रियली सेव यू अ लॉट ऑफ़ टाइम एंड अ लॉट ऑफ़ हेल्थ एंड अ लॉट ऑफ़ मनी। इंडिया में अभी भी घर का खाना ज्यादा न्यूट्रिशियस है और ज्यादा सस्ता है। बाहर बात दूसरी हो चुकी है। बाहर बाहर का खाना इज मोर इकोनॉमिकल देन मेंटेनिंग द होल किचन। इकोनमिकल भी है और उनकी जो क्वालिटी स्टैंडर्ड्स है वो भी बहुत हाई है।
(54:52) नॉट एवरी टाइम बट या ओके सम प्लेसेस यस बट ओवरऑल आई विल नॉट जनरलाइज इट। आई डोंट थिंक दैट्स ट्रू। और इंडिया में एक नया ट्रेंड भी चला हुआ है ना कि घर का खाना इज नॉट हेल्दी। और जो ब्रांड्स प्रोटीन बना रहे हैं, प्रोटीन बार आप लोग मैंने तो बताई थी स्टडी। हां वो तो वही वही चीज मैं मैं मतलब रिसेंटली काफी टाइम से मैं भी देख रहा था और ऐसा होता है ना कि जब आप एक ही चीज को 10 बार सुनते हो, बार-बार वही चीज देखते हो तो आपके माइंड में वो चीज ट्रिगर करने लगती है। कन्फर्मेशन बायस है ना? जैसे एक नया नया ट्रेंड मैंने देखा जिम के लड़कों में। मैं मैं मतलब रेगुलर
(55:24) जिम करता हूं। लेकिन मेरा कोई जिम करने का वैसा नहीं कि मुझे कोई सिक्स पैक एप्स निकालने है। मुझे अच्छा लगता है जिम करना। तो मैं जाता हूं। ठीक है। तो मैं देख रहा हूं लड़के वहां बैठ के ब्राउन ब्रेड में मतलब ब्राउन ब्रेड में पीनट बटर लगा के खा रहे हैं। तो मैंने मैंने मतलब एक नॉर्मली उससे पूछा। मैंने कहा भाई एक काम किया करो ना घर से जैसे भूख लगती है ट्रेनर हो तो पराठा सब्जी ले आया करो। अच्छा अ रोटी सर ने बोला है कि रोटी नहीं लेना है। रोटी तो बिल्कुल कट डाउन मैंने कर दी। मैंने कहा ये क्या ले रहा है भाई? वो तो मैदा ले रहा है। ब्राउन ब्रेड में
(55:53) क्या आटा होता कुछ नहीं है। सब वो बस कलर है। कलर तो मतलब मेंटालिटी आप देखो कि पराठा और रोटी नहीं खाना है। बट ब्राउन ब्रेड इज़ हेल्दी। या पीनट बटर इज़ हेल्दी। पीनट बटर इज़ हेल्दी। लाइक आई सेड इट्स वी हैव दिस ग्रेट एबिलिटी टू कॉपी द वेस्ट। वहां पे पीनट बटर चला। हां। सी तो अमेरिका, यूरोप वहां पे क्या हुआ? दे आर डेवलप्ड इकॉनमीज़। वो हमसे कई 100्स ऑफ इयर्स पहले इंडिपेंडेंट हो गई। तो ऑफ कोर्स वो वहां पे हैं जहां पे हम अभी नहीं है। बिकॉज़ हम अभी 75 इयर्स पहले ही इंडिपेंडेंट हुए हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो उन्होंने रैपिड डेवलपमेंट करी। रैपिड
(56:31) डेवलपमेंट के लिए आपको बहुत सारे शॉर्टकट्स करने पड़ते हैं लाइफ में। उन्होंने वो सारे शॉर्टकट्स करे क्योंकि उनको एक गोल पे पहुंचना था। उस जगह पहुंचने के लिए इट्स लाइक माउंटेन है। पहाड़ चढ़ रहे थे। वो पहाड़ चढ़ना था। चढ़ने के लिए जो जो उन्हें चीजें करनी पड़ी उन्होंने करी। व्हाटएवर इट टेक्स। जब वो चढ़ गए। अब हम उनको देख रहे हैं। दे आर द पीक। दे आर डेवलप एंड अब हम चढ़ रहे हैं। तो हम चढ़-चढ़ते उसको देखते हैं जो ऊपर होता है। बिकॉज़ हमें वैसा ही करना है। बट द स्मार्ट थिंग इज टू लर्न फ्रॉम अदर पीपल्स मिस्टेक्स। अब हमें ये देखना चाहिए
(57:04) कि वो वहां चढ़ तो गए पर चढ़ते-चढ़ते उन्होंने क्या-क्या गलतियां कर दी। तो हम भी चढ़ेंगे। उनकी सही चीजें सीख लेंगे। बट जो उन्होंने मिस्टेक्स करी हम वो नहीं करेंगे। उनको अवॉइड करेंगे। पर वो इंसान की आदत खराब है। वी डोंट लर्न फ्रॉम अदर्स मिस्टेक्स। वी आर डूइंग द सेम थिंग। बट अमेरिका अपनी गलतियां अब सीख चुका है। तो अब वो क्या कर रहा है? हमारे सारे चीजों को योगा वो चोरी कर देता है। योग निद्रा वो चोरी कर लेता है। करक्यूमिन वो चोरी कर लेता है। बासमती राइस वो ले जाता है। सब कुछ वो ले जाता है। राइट? नीम वो ले गया। एवरीथिंग दे विल टेक दे
(57:36) विल ग्लैमराइज एट ईस गोल्ड सिलियम हस्क। हां। अरे इतनी अब मैं आपको बताऊं इतने ब्रांड्स हैं। मुल्तानी मिट्टी ₹500 में बिक रही है। सो दे बिकॉज़ दे नो व्हाट इज गुड नाउ बिकॉज़ वो उधर पहुंच गए उधर पहुंचने में एक्सपीरियंस लगता है। ऐसे ही नहीं अमेरिका डेवलप्ड बन गया है एंड वर्ल्ड सुपर पावर बन गया है। उन्होंने कुछ करा होगा। यू डोंट बिकम सक्सेसफुल बट डूइंग एनीथिंग। सिर्फ किस्मत सक्सेसफुल नहीं बनाती है आपको। उस किस्मत के साथ आपने कुछ किया होता है। सो टू अमेरिकास क्रेडिट। दे हैव डन समथिंग। और समथिंग करते-करते उन्होंने सीख लिया।
(58:06) सो नाउ दे आर टेकिंग ऑल द गुड थिंग्स फ्रॉम अस और ये हमारी बेवकूफी है दैट वी वांट टू कॉपी देम। हम वेट करेंगे जो अमेरिका बोलेगा कि सिलेम हस्क अच्छा है। यहां ईसब गोल ईसब गोल करते रहे। ईसब गोल का मजाक उड़ाते थे। इफ यू रिमेंबर यू नो ओ तुम्हें कॉन्स्टिपेशन है। हां यू आर हैविंग ईसब गोल। ईसब गोल सुनते ही लोगों को ऐसे लगता था दैट यू नो ओ माय गॉड। लाइक यू नो छी ये क्या है? हल्दी, मिर्ची, वी डोंट ईट मसाला। अभी करक्यूमिन टैबलेट्स खा रहे हैं। यू नो, हम मिर्ची नहीं खाते थे। बट नाउ वी लव पेपर्स। सो दिस इज द मेंटा ऑर्गनो। ठीक है? नाउ दीज़ आर दिस इज
(58:40) मेंटालिटी शिफ्ट। हमारे मम्मी पापा बोल बोल के थक गए घी खाया करो। घी खाया करो। हम नहीं घी खाएंगे। नाउ व्हेन अमेरिका सेस दैट यू नो क्लेरिफाइड बटर इज ग्रेट फॉर हेल्थ। तो अब हम घी खा रहे हैं। वी लव क्लेरिफाइड बटर। वी डोंट ईट नॉर्मल प्ले सॉल्टेड बटर। वी ईट क्लेरिफाइड बटर। [हंसी] खा लो फिर क्लेरिफाइड बटर खा लो। घी मत खाओ। दैट्स द प्रॉब्लम। यू हैव टू लर्न फ्रॉम अदर पीपल्स मिस्टेक्स। स्मार्ट वही इंसान होता है जो औरों की गलतियों से सीखता है। बट हमारी आदत होती है। हम जब तक खुद थप्पड़ नहीं खाते हैं ना हमें रियलाइज नहीं होता नहीं आता है।
(59:14) दैट्स व्हाट्स हैपनिंग विथ अस वी आर लूजिंग आवर गुडनेस। एंड टू आवर क्रेडिट वी आर वी आर वन ऑफ़ द ओल्डेस्ट सिविलाइजेशंस। हम हजारों साल रहे। अमेरिका हजारों साल से नहीं है। अमेरिका में कोई ओरिजिनल अमेरिकन नहीं है। ओरिजिनल अमेरिकन को तो मार दिया उन लोगों ने। या वो कहीं दो चार जंगल में रख रह रहे होंगे। यू नो अबोरिजनल्स जो है वो अमेरिकनंस हैं ही नहीं। अभी इंडिया में इंडियंस ही हैं। देयर इज़ अ रीज़न वी हैव ब्लास्टेड फॉर सो मेनी थाउजेंड्स ऑफ़ सेंचुरीज़। उसको वैल्यू करो। जब तक आप वैल्यू नहीं करोगे इट इज़ ओनली अ मैटर ऑफ़ टाइम। अभी जो
(59:45) चल रहा है ना, मैंने बताया था मैं प्रोटेस्ट में जहां फंस कर आई हुई हूं। आई एम टेलिंग इट इज़ ओनली अ मैटर ऑफ़ टाइम। हम फिर से हमें लूटा जाएगा। हम फिर से रूल होएंगे और इस बार हमारे घर के अंदर से ही रूलर निकलेगा। सो इफ यू वांट टू लिव अ स्मार्ट लाइफ सबसे पहले जिंदगी चाहिए होती है कॉमन सेंस और वह बहुत बुरी तरीके से मिसिंग है। यू हैव टू हैव कॉमन सेंस। यू शुड क्वेश्चन एवरीबॉडी। ऐसा नहीं है कि यह पार्टी अच्छी है और यह पार्टी बुरी है। ऐसा नहीं होता है। अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था पार्टियां सारी एक जैसी होती हैं। नहीं अटल बिहारी वाजपेयी कहा था कि पार्टी
(1:00:19) आती रहेंगी। पार्टी जाती रहेंगी। नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टियां सारी एक जैसी होती हैं और देश चलते रहना चाहिए। ही सेड पार्टी सब एक जैसी होती हैं एंड देन ही सेड कि ऑलदो वो अपनी पार्टी को थोड़ा बेटर बनाने की कोशिश कर रहे हैं वगैरह-वगैरह पर पार्टियां सारी एक सी होती हैं। पार्टी से लड़ो पर देश से मत लड़ो। देश से मत लड़ो। सो दिस इज वन। एंड यू नो बहुत लोगों को लगा कि हेल्थ में देश कहां से आ गया? देश आया बिकॉज़ देश ही आपको चला रहा है। यह देश का खाना है। देश के बिलीव्स हैं। देश के सिस्टम्स हैं। देश का कल्चर है। इसको आप
(1:00:51) छोड़छोड़ के भाग रहे हो और फिर आपको वही चीज कोई 10 टाइम्स प्राइस में बेचेगा फिर आप उसको ले लोगे। जैसे एक बहुत अच्छा एग्जांपल है आज की डेट में मिलेट्स मतलब मोटा अनाज हमारे जो भी पूर्वज थे वो मतलब केवल गेहूं की रोटी नहीं खाते थे। है ना? उस पे वो रागी और जो भी मिलेट्स आते हैं वो सब तब तब हम लोगों ने उसको छोड़ दिया। है ना? आज जब सब बोल रहे हैं कि मिलेट्स मिलेट्स चिल्ला रहे। तो आज हम वही चीज जो ₹50 पर केजी मिलती है उसको हम ₹500 में परचेस कर रहे हैं। पर इस पे भी मैं करेक्शन करना चाहती हूं। बिकॉज़ ये मेरे जान पहचान वाले लोगों में
(1:01:25) बहुत ज्यादा हो रहा है। अभी वो सारा दिन बाजरा खाते हैं। वो बहुत बुरा है। बाजरा इज अ सुपर फूड। नो डाउट। पहली बात तो सुपर फूड कुछ नहीं है। देयर इज नो सच थिंग एस सुप। कोई भी एक खाना आपको कभी भी हेल्दी नहीं रख सकता। ओके। दुनिया का सबसे अच्छा खाना मान लेते हैं कि बाजरा है या मान लेते हैं कि घी है या मान लेते हैं कि पनीर है और या फिर मीट है एनीथिंग आप सिर्फ मीट खाओ आप बीमार हो जाओगे बेस्ट खाना आप सिर्फ बाजरा खाओ आप बीमार हो जाओगे बाजरा ठंड का होता है चना गर्मी का होता है होता है ये सीजनल डाइट्स होती है आप कभी भी कुछ भी
(1:02:02) नहीं खा सकते दिस इज ये ट्रेडिशनल नॉलेज होती है जस्ट बिकॉज़ ये साइंटिफिकली वैलिडेट नहीं हुई। डस नॉट मीन ये होती नहीं है। थोड़े टाइम में हो जाएगी वैलिडेट। जब अमेरिका की नजर पड़ेगी ना इस बात पे वो वो तो वो ये भी वैलिडेट करेगा। पर आप तब तक बीमार होके मर चुके होंगे। मेरे को भी याद है मैं अभी ना एक दिन दही खाया था। मतलब मैं डेली दही खाता हूं। तो दादी मेरी बोल रही हूं जैसे वो जो हिंदी वाले कैलेंडर में होता है ना फागगुन मास और दैट कैलेंडर इज़ सो एक्यूरेट। हां। तो उन्होंने कोई मंथ बोला कि इस मंथ में दही नहीं खाया जाता। आप 11 महीने दही
(1:02:34) खाओ लेकिन इस मंथ में दही नहीं खाना है। उसी तरीके से उन्होंने दो तीन चीज़ और बताई कि जब आम आना शुरू होता है ना तो जो जिस मंथ में आम स्टार्ट होता है उस कुछ और उसको हिंदी में बोलते हैं। आई डोंट रिमेंबर उस मंथ के आम नहीं खाए जाते हैं। उस मंथ के बाद जब इस मंथ में आम आएंगे ना तब वो आम खाने लायक होते हैं। और फिर जो ला हां मीठे होते हैं। उस और जो लास्ट वाली खेप आती है जो लास्ट में आम आते हैं ना वो भी कोई हिंदी मंथ है। उस मंथ के भी जो टूटे हुए आम होते हैं ना वो कीड़ों के लिए बने होते हैं। मतलब उनका यह था कि वह जो आम की फसल होती है, आम की फसल भी तीन
(1:03:06) कैटेगरी में डिवाइड होती है। पहली फसल किसी दूसरे के लिए, दूसरी फसल इंसान के लिए, तीसरी फसल कीड़ों के लिए है। एंड इस पे आई एम श्योर देखो मुझे ये पता नहीं तो मैं कुछ बोल नहीं पाऊंगी। बट आई एम श्योर आई कैन सी लॉजिक इन इट। यू नो बिकॉज़ जैसे कौन सा ट्री होता है। आई कांट रिमेंबर नाउ। कोई ट्री होता है जिसका फर्स्ट फर्स्ट फ्रूट एडिबल नहीं होता है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] कुछ मुझे नहीं याद आ रहा है अभी। बट आई कैन सी लॉजिक इन इट। एंड हमारे ग्रैंड पेरेंट्स के पास व्हाट हैपेंड इज ग्रैंड पेरेंट्स की कहानी स्टोरीज ट्रैवल करती
(1:03:37) हैं। यस। तो उन्हें ये बात उनकी मम्मी ने बताई होगी। उनकी मम्मी को उनकी मम्मी ने बताई होगी कि बात ट्रैवल होती गई। इसके पीछे ये साइंस गुम गई। तो डजंट मीन कि इसके पीछे साइंस नहीं थी। साइंस थी पर साइंस कहीं गुम गई। और बात आगे चलती गई। क्योंकि बात याद रहती है। साइंस सबको याद नहीं रहती है। दैट डज नॉट मीन इट इज़ यू नो इट इज़ स्टूपिड। राइट। और हम छोटे आई रिमेंबर जब मैं व्हेन आई वास कैरिंग माय डॉटर तो मम्मी बोलती थी ये गरम खाना होता है ये ठंडा खाना होता है यू नो डोंट ईट दिस डोंट ईट दैट एंड मैं तो बहुत मॉडर्न थी ना तब तो मैं आई शुड लाइक
(1:04:09) मम्मा प्लीज ऐसा कुछ नहीं होता है ओके एंड नाउ इट इज [गला साफ़ करने की आवाज़] प्रूवन पपाया में पपायन एंजाइम होता है इट इज अ लैक्स वो लैक्सिटिव होता है और वो यूट्राइन वाल्स को डलेट करता है तो ठीक है मम्मी का एक्सप्लेनेशन गलत था कि गरम ठंडा पर उसके पीछे रीज़न क्या था तो रीजन गुम गया एक नैरेटिव चलता गया बॉटम लाइन क्या इन एक्सेस पपाया इज नॉट अ वेरी हेल्दी फ्रूट व्हेन यू आर एक्सपेक्टिंगली इन द लेटर मंथ्स रीज़न है नाउ आई एम सेइंग द साइंस इज़ अनफॉर्चूनेटली लॉस्ट सो दैट्स व्हाट इज़ हैपनिंग सो या ट्रस्टवर्दी कंपनीज़ की जरूरत है जहां पे एंड एक और
(1:04:48) प्रॉब्लम है जो मुझे लगता है मुझे नहीं पता मैं आगे जाके क्या करूंगी मैं मतलब मेरी ब्रांड है उसका क्या होएगा मुझे सच में नहीं पता बट आईडिया ये नहीं होना चाहिए कि मैं पैसा कमा संभालो और एग्जिट कर लूं। आप समझ रहे हो? पहले ये बिज़नेसेस कैसे बनते थे? आप अंबानी को देखो, आप टाटा को देखो, आप बजाज को देखो, बिरला को देखो। तीन-ती चार-चार जनरेशन से लगे हुए हैं लोग। किसी के परदादा के परदादा लगे थे। तो आज आपको टाटा, बिरला ये सब दिख रहा है। एक्चुअली क्या है ना वो लोग धंधा करते थे। आज लोग स्टार्टअप करते हैं। ये एक बहुत बड़ा डिफरेंस है क्योंकि धंधे का मतलब
(1:05:21) होता है कि आपको फेथ ट्रस्ट जीतना पड़ेगा। ट्रस्ट जीतना पड़ेगा। दूसरी चीज़ उनके माइंड में एक बहुत बेसिक मैथ जानते हैं। वो उनको एबिटा से मतलब नहीं है। उन्हें क्या उनके कॉक्स हैं? ये ये सब चीज़ वो नहीं समझते। बहुत बड़े-बड़े टर्म्स हैं। है ना? जैसे मैं तो बनिया हूं। अपने को तो एक बात समझ में आती है कि भाई ₹200 का सामान खरीदा प्रॉफिट होना चाहिए। और 250 का बेचा। 250 में हमारे ₹20 खर्च हुए। ₹30 मेरा प्रॉफिट मार्जिन है। एक्सैक्ट। और ये कस्टमर वापस आना चाहिए। ये कस्टमर वापस आना चाहिए। बस केवल ये इतना धंधे का इतना ही बेसिक साइंस है। अब
(1:05:52) उसको बड़े हैवी टर्म्स उसके बनाने। मुझे भी यही लगता है। सो मैं तो बहुत नई हूं बिज़नेस में। तो बिज़नेस के बारे में तो कोई भी ज्ञान नहीं दे सकती। मेरे तो बुरे खानदान में कोई बिज़नेस वाला नहीं है। आई एम लाइक हार्ड कोर लाइक आर्मी देन आईएएस माय हस्बैंड्स आल्सो इन मर्चेंट नेवी। सो वी आर लाइक अ हार्ड कोर यू नो यूनिफार्म वाले लोग हैं हम। खेतीबाड़ी मेरे घर में मतलब आईएएस है, आईपीएस है, जनरल है, कर्नल है, सूबेदार है, खेतीबाड़ी मतलब फार्मर है, है किसान है, प्रोफेसर बट कोई भी बिनेस मैंने ही करा है। मतलब मेरे मेरे माइंड में ना जैसे हम मेरी
(1:06:31) फैमिली तो बिज़नेस भी मतलब सारे हैं लेकिन बिनेसमैन ज्यादा हैं। तो कभी-कभी मैं बैठ के ऐसा मुझे डिप्रेशन होता है। जैसे मैं कभी-कभी स्टोरीज पढ़ता शार्क टैंक देख रहा हूं या कुछ कर रहा हूं या मैं देख रहा हूं कि यार मुझे मतलब ऐसा लगता है कि यार मेरी फैमिली बताओ यार इतने सालों से बिज़नेस कर रही है। मैं अपने आप को इतना होशियार समझता हूं कि मतलब मुझे यह भी आता है। मुझे यह भी आता है। और मेरा टर्नओवर मेरा यार बिज़नेस तो अभी इसी लेवल पे पहुंचा है। इनको देखो यार ये 100 करोड़ का कर रहा है। ये 200 करोड़ का कर रहा है। जब अंदर घुसता हूं तो पता चलता है भाई 100
(1:06:59) करोड़ की सेल करने के लिए। यह 10 करोड़ का लॉस है। एक्जेक्टली। सो दैट्स वन सेइंग दैट सी बिज़नेस शुड बी वैरी सिंपल। जितना मुझे समझ में आया 1ढ़ साल में, हां। देयर इज प्रॉफिट और देयर इज लॉस एंड देन देयर इज ट्रस्ट। कस्टमर वापस आ रहा है या नहीं आ रहा है। अगर कस्टमर परेशान है तो आप उसको कैसे हैंडल करते हो? राइट? और आप वो कस्टमर लाने में कितना पैसा खर्च करते हो? एक्सक्ट्ली सिंपल सी बात है। बिनेस में एक प्रॉफिट होता है, एक लॉस होता है और एक कस्टमर कस्टमर का भरोसा होता है। भरोसा होता है। मुझे चौथी चीज समझ में नहीं आती। यही बस यही बेसिक्स है। लेकिन एक्चुअली
(1:07:27) क्या है? स्टार्टअप कल्चर को इतना और मैं आपको बताऊं दिस इज द ओनली रीज़न कि लोग अपनी लाइफ में सक्सेस नहीं हो पा रहे हैं। क्यों? वो क्यों नहीं सक्सेस हो पा रहे? क्योंकि उनको वो बिज़नेस अच्छा नहीं लग रहा जिसमें वो ₹001 लाख महीना कमा रहे हैं। उनको वो बिज़नेस अच्छा लग रहा है या जिसमें 100 करोड़ की सेल आएगी या जिसमें 200 करोड़ की सेल घर कितना ले जा रहे हो ना? उन्हें घर लेके जाना ही नहीं है ना। अब बात समझो ना। उनका टारगेट ही नहीं घर लेके जाना। उनका टारगेट ये है कि 100 करोड़ की सेल आ जाएगी। भले ही 10 करोड़ का लॉस हो। वो पैसा तो इन्वेस्टर की जेब से जा रहा
(1:07:57) है। हमारी वैल्यू्यूएशन हो जाएगी। हम एग्जिट करके भाग जाएंगे। सो देन टाटा बिरला नहीं बन पाएंगे। तो बनना ही नहीं उनको। बात तो वही है आप मतलब बहुत रिसेंट एग्जांपल मैंने अभी परसों वीडियो बनाई है Snapdal के फाउंडर हैं कुणाल बहल हां जी उनकी कंपनी ने आज तक प्रॉफिट नहीं कमाया ₹1 का Snapdal ने ओके मतलब जब उनका मैक्सिमम रेवेन्यू था मैक्सिमम रेवेन्यू वाज़ लाइक 32 नहीं 41 4100 करोड़ का रेवेन्यू उन्होंने मैक्सिमम किया था। 4100 करोड़ के रेवेन्यू में 3200 करोड़ का लॉस था। लेकिन जब 41 करोड़ का रेवेन्यू किया उसके बाद अलीबाबा सॉफ्ट बैंक इन सब से उनको
(1:08:37) आई थिंक उस टाइम पे इंडिया की ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी फंडिंग मिली थी। उनकी कंपनी की वैल्यूएशन 6.5 बिलियन हो गई थी। देखो ऐसा है जैसा देश वैसा बेस। यू नो इन रोम डू एस रोमंड्स डू। नाउ देन देयर इज़ अनदर पाथ द रेवोल्यूशनरी पाथ कि आप कुछ अलग करना चाहते हो तो तो उसमें टाइम भी लगेगा, मेहनत भी लगेगी। मैं ऐसा मानती हूं कि मैं कुछ अलग करने की कोशिश कर रही हूं। अब कितना होगा वो भगवान बताएंगे। आई डोंट नो। एंड लाइक आई सेड मैं बिज़नेस के बारे में तो कोई ज्ञान नहीं दे सकती हूं। मैं तो खुद ही अयर एंड हाफ हुआ है मुझे। पर मेरा यही है कि मैं तो देखो टाटा
(1:09:11) बनना चाहती हूं। अब वो एक जनरेशन लगेगी, दो लगेगी, तीन लगेगी। पर मैं चाहती हूं कि कोई देखे सुहाग साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड, कोई दीपा सुहाग का नाम सुने, कोई सुहाग सुने। हम तो लगे ये ठीक होगा। हम तीन ऑप्शंस अगर हैं तो मुझे देख के मेरे नाम को देख के मेरे फैमिली के नाम को देख के उनके मन में यह हो कि नहीं यह ले लेते हैं। मैं बता रही हूं अगर मैं Tata देखती हूं तो मुझे लगता है कि यार Tata अच्छा होएगा। सेम यार Mercedes आज थोड़ी बनी है। 300 200 साल पुरानी कंपनी है। मॉग देख के कोई बोलता है खराब है। कभी नहीं पर जन्म लग गए मॉक बनने में।
(1:09:43) बिल्कुल ऑब्वियसली बात है। तो BMW MC Lanand Rover ऐसी थोड़ी बन जाती है ये। आप मॉक देखते हो तो क्या एकदम से आता है यार अच्छी गाड़ी है यार भरोसे की गाड़ी है जो द पीपल हु कैन अफोर्ड मॉक वो यही करते हैं ना वो मॉक खरीदते हैं क्योंकि उनको पता है कि यार इधर पैसा तो बहुत लग रहा है बट ठीक है सेफ है जो बोल रहे हैं उतना मिलेगा Tata जो बोल रहे हैं उतना मिलेगा क्यों Tata safari एंड Tata Harrier और ये सब चलती है क्यों भरोसा भरोसा है और ब्रांड बनाया है और आपको पता है Tata Indica एक गाड़ी थी मुझे याद है जब आई थी मैं रोड पे जब भी जाती थी खराब दिखती थी मुझे हमेशा दे यूज़
(1:10:16) टू टाटा इंडिका जिसका बोनट खुला होता था वो और वो हमेशा फ्लाई ओवर पे ही खराब होती थी बेचारी तो कहीं चढ़ ही नहीं पाती थी उसका कूलेंट का प्रॉब्लम हो जाता था इंजन हीट आई डोंट नो व्हाट यू टू हैपन बट आई हैड दिस वै डिस्टिंक्ट मेमोरी कि चढ़ रही है और वो खराब हो गया उसका बोनट खुला हुआ है ऑलवेज इट यूज़ टू बी टाटा इंडिका बट सी हाउ दे पिटेड अब टाटा हैरी और टाटा सफारी आपने बोला टाटा है वो लोग रहे ना टाटा के साथ बिकॉज़ टाटा का भरोसा है दे नो कि चलो गड़बड़ हुई तो ठीक कर देंगे बिलकुल सो मुझे तो एज अ बिज़नेस ओन मुझे तो टाटा बनना है।
(1:10:50) दिस इज द ओनली वे टू बिल्ड अ बिज़नेस। बट टाइम लगता है इसमें। टाइम लगेगा क्योंकि आपको एग्जिट नहीं करना है ना। आपको एग्जिट नहीं करना है। आपको अपने बिज़नेस से प्यार है। मुझे तो बहुत प्यार है। लोग लोगों की जिंदगी निकल जाती है एक दुकान में। उसके बाद भी उस दुकान को छोड़ नहीं पाते। क्यों? क्योंकि उस दुकान से उनको प्यार है। उस दुकान ने उनको बनाया है। या आई आल्सो फील दैट आपने किसी को कोई चीज सेल कर दी। देखो 100% लोग तो कभी आपसे खुश नहीं हो सकते। पॉसिबल नहीं है। पर आपसे अगर 30 40% लोग भी जो हैं अगर मुझे ऐसा लगता है खुश हैं आई थिंक वो
(1:11:20) बहुत बड़ी अचीवमेंट है। एंड आपने किसी को कुछ बेचा और आप बाहर गए और आपको गालियां दे रहे हैं लोग। मतलब क्या इज्जत रह गई? आई फील आई रियली फील दैट यू नो आई मेड अ वीडियो ऑन दिस दैट आजकल है ना बी शेमलेस। डोंट वरी। डोंट लेट एनीथिंग एम्बरेस यू। यू गो फॉर योर ड्रीम्स, यू चेस व्हाट यू वांट। आई डोंट थिंक दैट्स राइट। आई थिंक कुछ तो मोरल कंपस होना चाहिए। कुछ तो एथिक्स होने चाहिए। अगर आपके बारे में 10 लोग बुराई कर रहे हैं। कुछ तो कमी होगी। यू नो शर्म आनी चाहिए। बिल्कुल आनी चाहिए। अगर आपकी चीज सब लोग ही बोल रहे हैं बेकार है। देयर आर मेनी ब्रांड्स जो बहुत इंडिया
(1:11:56) के टॉप ब्रांड्स हैं पर उनके बारे में कोई भी अच्छा नहीं बोलता। सब बोलते हैं हां हां बेकार है पर ब्रांड टॉप है। आई फील कि शर्म की बात है। आप कुछ करो गलती हो जाती है। यू नो एज अ न्यू फाउंडर एज अ न्यू प्रोडक्ट दैट गोज़ आउट ऑफ़ द मार्केट। रिव्यूज लेके उस चीज को कुछ करो कुछ करो यू डोंट कैरी ऑन जस्ट बिकॉज़ आपका रेवेन्यू आ रहा है ये मुझे लगता है बट आई डोंट नो बड़ी बात छोटे मुंह आई डोंट नो आई डोंट सबके एक्चुअली सबके अपनेप क्या है टारगेट्स हैं आपको आपको ब्रांड बिल्ड करना है आपको लोगों की खुशी भी देखनी है किसी पर्सन को ब्रांड बिल्ड नहीं करना है उसका एक ही
(1:12:30) टारगेट है कि साम दाम दंड भेद पैसा आना चाहिए तो आई सी अगेन लाइक आई सेड मैं हरिश्चंद्र नहीं हूं आई अंडरस्टैंड द ट्रिक्स ऑफ़ द बिज़नेस कई बार छोटी-मोटी चीजें करनी पड़ती है। यहां पे कोई भगवान नहीं है। नहीं आप कर भी नहीं सकते। पर ओवरऑल आईडिया शुड नॉट बी टू उसका कुछ भी हो मेरा फायदा हो। दैट्स व्रम सेइंग कि हां थोड़ा मेरा फायदा थोड़ा उसका फायदा ये ठीक है। बट उसका कुछ भी हो मेरा वैसा आना चाहिए। आई थिंक दैट बैलेंस आई सेड नो बैलेंस इज़ेंट। कॉमन सेंस इज़ेंट। यू डोंट वॉक ओवर समबडी टू अचीव सक्सेस। बट इट्स ओके थोड़ा धक्कामुक्की दैट्स व्हाट आई फील कि थोड़ा
(1:13:07) चलता है बट बिल्कुल ही बेशर्म नहीं होना चाहिए इज व्हाट आई फील थैंक यू सो मच मैम नो बट थैंक यू थैंक यू फॉर हैविंग ग्रेट ग्रेट कन्वर्सेशन थैंक यू थैंक यू सो मच
Author Name:Rohit jain
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@therohitjainshow
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=1IzytmSbbLI
Title: Sugar, Protein & Milk: Health Myths You Need to Stop Believing! | Dr. Deepa Suhag
Author Name: Rohit jain
Description: Sugar, Protein, Milk & PCOD: Health Myths You Need to Stop Believing! | Dr. Deepa Suhag
In this episode of Deeptalks, we sit down with Dr. Deepa Suhag, Biomimetic Scientist, Philosopher, and Founder of 24 Skin Bank, to explore the science behind everyday health, nutrition, skincare, and lifestyle choices.
From understanding the truth about sugar and common health myths to discussing protein, milk, daily routines, and the importance of physical activity, this conversation challenges the way we think about health and wellness.
We also discuss women's health and PCOD, diet and gym routines, the impact of lifestyle choices on our lives, travelling, parenting, and the business lessons we can learn from Tata.
If you want to understand your body better, make smarter lifestyle choices, and separate health facts from popular myths, this episode is for you!
🎙️ Guest: Dr. Deepa Suhag
🔬 Profession: Biomimetic Scientist & Philosopher
🏢 Founder: 24 Skin Bank
Timestamps
00:00 – The Truth About Sugar
02:46 – Daily Routine & Healthy Habits
07:17 – Sugar Myths: Fact or Fiction?
10:04 – How Lifestyle Affects Your Health
17:52 – Protein: How Much Do We Really Need?
24:45 – Milk: Healthy or Overrated?
29:28 – Different Types of Milk
31:59 – Is Walking 10,000 Steps Necessary?
36:08 – Life, Health & Well-Being
40:05 – Travelling & Lifestyle
41:22 – Children & Parenting
45:15 – Women's Health & PCOD
51:52 – Diet, Gym & Fitness
01:04:57 – Business Lessons
👉 Watch till the end for insightful perspectives on health, nutrition, lifestyle, and business.
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Transcript:
(00:00) आज की डेट में ना आप कुछ भी परचेस करने जाओ मतलब बिस्किट आप देखो बिस्किट के लेबल पे प्रोटीन आइसक्रीम लेने जाओ प्रोटीन आइसक्रीम प्रोटीन कर्ड प्रोटीन मिल्क इवन प्रोटीन पनीर मतलब जिसमें ऑलरेडी प्रोटीन होता है आप उसको प्रोटीन पे और ऐड ऑन कर रहे हो एक मिथ एक जो बहुत बड़ा लोगों के माइंड में है कि अगर आप ज्यादा शुगर खाओगे तो आपको शुगर हो जाएगी। नहीं ये मिथ नहीं है। ये सच है। द बिगर प्रॉब्लम इज नॉट चीनी। द बिगर प्रॉब्लम इज़ वेयर एस चीनी तो जो प्रोटीन पाउडर पिए जा रहे हैं लोग फर्स्ट ऑल इज डैमेजिंग योर किडनी। यू डोंट नीड सो मच प्रोटीन एंड देन
(00:34) अ लॉट ऑफ़ इट बिकम। एक एक रिपोर्ट मैंने और पढ़ी थी कि इंडिया में आई थिंक 91% लोग प्रोटीन डेफिशिएंट है। तो इस वजह से इंडियंस को प्रोटीन की रिक्वायरमेंट ज्यादा है। इसी वजह से जो मास मार्केट है प्रोटीन की वो बढ़ रही है। कैसे ये इसी टाइम पे स्टडी आती है जब वो मार्केट बन जाता है। हेलो मैम। कैसे हैं आप? बिल्कुल ठीक। आप कैसे हो? बढ़िया। आप मैम थोड़ा सा लेट हो गए हो और एक चीज जो मतलब मुझे बड़ा अजीब सा लगा कि मैम आप जैसे ही पडकास्ट स्टूडियो में आए ना आपने सबसे पहले मीठा खाया मतलब आज की डेट में जैसे आपको मैं देखता हूं कि हां हेल्थ कॉन्शियस हो आप एज ए
(01:11) डॉक्टर तो लोग बोलते हैं कि आपको स्वीट अवॉयड करना चाहिए शुगर कट करना चाहिए और आपने मेरे को भी मीठा खिलाया आपने खुद भी मीठा खाया पॉडकास्ट स्टार्ट करने से पहले तो इसका क्या रीज़न है मीठा तो खाना चाहिए लाइफ में मतलब मीठा नहीं खाया तो क्या खाया लाइक मीठा चाय आई फील यू नो एक मैंने रील देखी थी उसमें था कि अब क्या कंद मूल हरा ये खाना है तो आप मृग क्यों नहीं बन गए मुझे वो बहुत अच्छी लगी वो रील एंड मैंने शेयर भी करी थी ऑन माय Instagram आई रियली रेजोनेट विथ इट। तो ये तो एक फिलोसोफिकल बात हो गई कि मतलब हमें इंसान बनाया है टू एंजॉय लाइफ। मतलब
(01:46) इतना निरस लाइफ नहीं हो सकती है कि सिर्फ प्रोटीन ही खाएंगे हम और सिर्फ एक्सरसाइज ही करेंगे और टाइम से हम सो जाएंगे। मतलब देयर इज मोर टू लाइफ देन यू नो वेयरबल डिवाइसेस पहनकर अपने को ट्रैक करते रहो कि कितना ग्लूकोस स्पाइक हो रहा है। कितना आप सो रहे हो। आपकी रम कितनी है। डीप स्लीप ये सब नहीं हो सकता है। एस पर द फिलोसोफिकल बेंट ऑफ़ माइंड दैट आई हैव दैट डेफिनेटली हम इसलिए तो इंसान नहीं बने हैं। ठीक है? एनीवे ये पापी योनि है। सो माइट एस वेल जस्ट एंजॉय लाइफ। मोक्ष इससे नहीं मिलना है। ओके? सो दैट्स दैट्स अ फन पार्ट ऑफ़ इट। नाउ द साइंटिफिक
(02:23) पार्ट ऑफ इट मैंने आते ही मीठा खाया बिकॉज़ पहले तो आई एम सॉरी मैं लेट हो गई इतना ज्यादा डैश डैश वाली प्रोटेस्ट चल रही है जो मुझे देख द पीपल हु फॉलो मी दे नो मेरे क्या बिलीव्स हैं तो मैं तो बहुत ही फ्रस्ट्रेटेड हूं तो आई एम सॉरी मैं लेट हो गई उसकी वजह से एंड मैं लेट हो गई एंड आई स्टार्ट माय डे स्टार्ट्स रियली अर्ली आई मीन मेरा दिन सुबह 5:30 शुरू हो जाता है एंड ये आज थोड़ा लेट शुरू हुआ है इनफैक्ट सो यूजुअली बाय 4:35 आई एम अप एंड मैं सुबह कुछ ज्यादा खाती नहीं हूं बिकॉज़ सुबह-सुबह उठ के मुझसे ना खाया जाता है। एंड साइंटिफिकली
(02:54) भी सुबह उठते ही आपको कुछ खाना नहीं चाहिए। नहीं लोग तो बोलते हैं कि मतलब ब्रेकफास्ट आपके सबसे इंपॉर्टेंट मील है। हां नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। आप बच्चे थोड़ी हो कि आपकी हाइट बढ़नी है और आप पूरी रात खाली पेट रहे। सो उठते कुछ खिला दो बिकॉज़ बच्चे को भूख लग गई। बिकॉज़ बच्चा हैज़ अ वेरी एक्टिव लॉन्ग डे एट स्कूल। और वो क्या खाएंगे स्कूल में? तो ठूस के भेजो। आई डू दैट टू माय डॉटर। मेरी बेटी है शी 11 इयर्स ओल्ड। वो स्कूल जाती है तो मैं उसको ठूस के भेजती हूं। इवन दो उसे स्कूल में खाना मिलता है बिकॉज़ मुझे पता है वो क्या होएगा स्कूल में।
(03:23) सो हमारा ऐसी लाइफ तो है नहीं। ओके? वी आर एनीवे ईटिंग अ लॉट। आल्सो फिजियोलॉजिकली वी नीड टू गिव आवर बॉडी रेस्ट। तो आप रात को जल्दी खाओ। एंड सुबह रात के और सुबह के खाने में आइडियली अगर आप 14 टू 16 आवर्स का ब्रेक दे देते हो इट्स वैरी गुड फॉर योर डाइजेस्टिव सिस्टम। एंड जब पेट खाली होता है इज़ व्हेन मैक्सिमम रिकवरी हैपेंस। मैक्सिमम हीलिंग हैपेंस। सो अगर पेट खाली रहेगा लंबे टाइम तक। सो दैट इज वन रीज़न उठते ही खाना नहीं खाना चाहिए। सो सो दैट वाज़ माय रीज़न क्योंकि मैंने कुछ खाया नहीं था और मैं यहां पहुंची हूं 12:30 तो मुझे मीठा बहुत अच्छा लगता है। दूसरा
(03:58) ग्लूकोस स्पाइक जरूरी है। लाइक एवरीबॉडी विल टेल यू सीजीएम मॉनिटर सीजीएम पहन रहे हैं। लाइक कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटर्स लोग पहनते हैं। एंड सो मेनी पीपल आर टेलिंग यू दैट यू नो ग्लूकोस स्पाइक हो जाती है। ग्लूकोस स्पाइक नहीं होनी चाहिए। ऑफ कोर्स होनी चाहिए। अगर ग्लूकोस स्पाइक नहीं होएगी तो आपकी बॉडी में प्रॉब्लम है। सी एवरी टाइम यू ईट समथिंग योर ग्लूकोस विल ऑब्वियसली गो इट विल इंक्रीस। ठीक है? बिकॉज़ आप जो भी खाते हो मोस्ट ऑफ इट कन्वर्ट्स इंटू ग्लूकोस व्हिच इज अ सोर्स ऑफ़ एनर्जी। तो अगर आप खाना खा रहे हो और बॉडी में
(04:28) ग्लूकोस नहीं बढ़ रहा है। इसका मतलब क्या है? ग्लूकोस तो बन रहा है बट वो बॉडी डिटेक्ट नहीं कर रही। दैट मींस योर बॉडी इंसुलिन रेजिस्टेंस रेजिस्टेंट। दैट मींस देयर इज़ अ प्रॉब्लम इन योर पैंक्रियास एंड दे दैट प्रॉब्लम इज़ गोइंग टू द लिवर एंड इट इज़ नॉट यू नो कैप्चरिंग द बॉडी इज़ नॉट कैप्चरिंग द डिफरेंसेस इज़ द वेरिएशन दैट आर हैप्पेनिंग इन योर बॉडी इससे डायबिटीज होती है। वन ऑफ़ द रीज़ंस। ओके। मतलब अगर मैं मीठा खा रहा हूं और मेरी बॉडी में ग्लूकोस स्पाइक नहीं हो रहा है। तो इट मींस कि मैं प्रॉब्लम है। इंसुलिन इंसुलिन रेजिस्टेंट
(05:01) है आपकी बॉडी। सी इंसुलिन क्या करता है? जैसे ही आप कुछ भी खाते हो पनक्रियाज जो है इंसुलिन रिलीज करता है। पैंकक्रियाज में बीटा सेल्स होते हैं। बीटा सेल्स इंसुलिन रिलीज़ करते हैं। फिर वो इंसुलिन आते हैं और शुगर को कट डाउन कर देते हैं। लाइक एक लेवल तक ही होना चाहिए। जैसे 140 180 मिलीग्राम पर डेसीलीटर तक नॉर्मल होता है। उससे ऊपर उसको नहीं बढ़ने देते। ओके? दिस इज़ व्हाट इंसुलिन डस। इसी के साथ-साथ जो है इंसुलिन जो है एक पाथवे होता है। उसके थ्रू लिवर में भी ये मैसेज भेजता है। क्योंकि लिवर इज वेरी पॉपुलरली नोन एज अ डिटॉक्स ऑर्गन। सब कहते हैं कि
(05:32) लिवर डिटॉक्स करता है। हम डिटॉक्स जूस पी लेते हैं। हम लिवर आज हमारी लिवर बहुत थक गई बिकॉज़ वी हड लाइक अ रियली लॉन्ग नाइट। वी ड्रैंक अ लॉट वी पार्टीड अ लॉट। सो वी वांट टू हेल्प आवर लिवर इन डिटॉक्सिफिकेशन। लिवर का डिटॉक्सिफिकेशन डेफिनेटली एक रोल है बट वो एक एक ही रोल है। उसका एक और बहुत बड़ा रोल होता है। इट इज एन एनर्जी गिवर। ओके। ओके? व्हिच मोस्ट पीपल डोंट नो। तो लिवर भी जब आप खाना नहीं खाते तो आप ऐसा तो नहीं है कि आप फेंट हो जाते हो। क्यों? ग्लूकोस स्पाइक हो रही है। एनर्जी आती है जब आप खाना खाते हो। बट दिन में सस्टेन
(06:03) एनर्जी बनी रहती है। आप पूरा दिन काम करते हो। पूरा पूरा दिन खाना नहीं खाते। बिकॉज़ वो एनर्जी लिवर धीरे-धीरे आपको देता है। ओके? वो पहले एनर्जी अब्सॉर्ब कर लेता है और वो आपको जितनी आपको रिक्वायरमेंट है वो आपको प्रोवाइड करता है। प्रोवाइड करते रहता है। सो इस जब आपने खाना खाया आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ। अगर आपने बहुत सारा मीठा खाया तो उसमें ऑब्वियसली बहुत सारा ग्लूकोस है तो एकदम से स्पाइक हुआ। तो एनर्जी लेवल्स ग्लूकोस ज्यादा रिलीज हुआ तो जो मेरे साथ हुआ मुझे चाहिए थी वो एनर्जी। मैंने खा लिया मीठा। मुझे मन में भी अच्छा लगा,
(06:29) मेरे दिमाग में भी अच्छा लगा। मेरी बॉडी भी खुश हो गई। ग्लूकोस लेकिन बहुत स्पाइक हो गया। नाउ बहुत स्पाइक हो गया। बिकॉज़ बट नाउ आई एम आई एम अ हेल्दी इंडिविजुअल। ओवरऑल मेरा लाइफस्टाइल अच्छा है। मैं टाइम से सोती हूं। मैं यूजुअली घर का खाना खाती हूं। मैं ठीक-ठाक पानी पी लेती हूं। ओवरऑल लाइफ में स्ट्रेस सबके होता है। बट आई एम अवेयर कि इट्स ओके। वी शुड मैनेज स्ट्रेस। ऐसा नहीं हो सकता कि लाइफ में स्ट्रेस ना हो। सो व्हाट आई ट्राइंग टू से इज दैट ओवरऑल लाइफस्टाइल मैनेजमेंट मेरा ठीक है। तो जब मेरा ग्लूकोस आज के दिन मान लो एकदम से
(06:58) बहुत स्पाइक हुआ तो मेरा पनक्रियाज हेल्दी है। मेरा लिवर हेल्दी है। वो मैं मैनेज करेगा एंड इट विल रेगुलेट द ग्लूकोस एंड आई गेट द सस्टेन एनर्जी दैट आई नीड। ओके? ओके? सो दैट इज हाउ इट इज। तो एक मिथ एक जो बहुत बड़ा लोगों के माइंड में है कि अगर आप ज्यादा शुगर खाओगे तो आपको शुगर हो जाएगी। नहीं ये मिथ नहीं है। ये सच है। तो ज्यादा चीनी खाने खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा प्रोटीन खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा फाइबर खाना इज नेवर अ गुड आईडिया। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स खाना, ज्यादा फैट खाना, ज्यादा घी खाना ज्यादा हर चीज बुरी है। बट
(07:33) आपको चीनी भी चाहिए। आपको कार्ब्स भी चाहिए। आपको साल्ट भी चाहिए, आपको प्रोटीन भी चाहिए, आपको फाइबर भी चाहिए, आपको सब कुछ चाहिए। द आईडिया इज़ बैलेंस। एंड द बिगर प्रॉब्लम इज़ नॉट चीनी। द बिगर प्रॉब्लम इज़ वेयर इज दैट चीनी कमिंग फ्रॉम वो चीनी आपकी रोटी से आ रही है। वो चीनी आपके घर में आपने थोड़ा सा घी शक्कर या राइस खा लिया उससे आ रही है या वो चीनी एक प्रोसेस्ड पैकेट ऑफ कुकीज़ से आ रही है। ये बहुत अलग तरीके की चीनी होती है। मीठा होता है। बिकॉज़ वहां जो प्रोसेस्ड पैकेट है उसमें चीनी के साथ और बहुत कुछ है। ओके? देयर इज़ मैदा।
(08:07) राइट? देन देयर इज़ शुगर। देन देयर आर लो ग्रेड ऑयल्स एंड देन देयर आर सो मेनी एडिटिव्स। तो यह एक कनकक्शन है जो डिजास्टस है। मतलब पूरी की पूरी वो गोल्ड कुकी या एक न्यूट्रिशन का बार वो सीधा का सीधा हर किसी भी एंगल से वो हेल्दी नहीं है। उसमें कोई भी ऐसा इंग्रेडिएंट नहीं है जो आपके लिए हेल्दी हो। राइट? सो दैट इज वन प्रॉब्लम। तो वो एडिटिव्स वाली फैक्टर है। तो कोई भी चीज इन लाइफ रूल बना लेना चाहिए कि पैकेट से खुली हुई चीज हफ्ते 10 दिन में एक बार से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। और वो हफ्ते 10 दिन में ऐसा नहीं है कि इतना खा लो कि
(08:41) पूरे महीने भी उतना नहीं खाते। [हंसी] सो एक दिन में 10 दिन में एक दिन आप तमीज से पैकेट वाला खाना खा रहे हो। इट्स फाइन। लाइक आई सेड हम इंसान है। हम यहां जीने आए हैं। वी वांट लिव लाइफ वी वांट बी हैप्पी एंड खाना मेक्स अस हैप्पी। इट्स द रियलिटी ऑफ़ लाइफ। इतना दुखी होने की जरूरत नहीं है। बट ओवरऑल यू शुड लाइफ का रूल होना चाहिए कि हमें पैकेट का खाना नहीं खाना है। घर का खाना खाना है। घर में मम्मी या जो भी हैं आपके लिए कोकोनट की बर्फी बना दें। गोंद के लड्डू बना दें। खीर बन गई, हलवा बन गया। बेसन के लड्डू यू नो ऑल दी थिंग्स
(09:14) बर्फी दे आर गुड एंड आप नोटिस करना वो इतनी ज्यादा खाई भी नहीं जाती अब लोग बोलेंगे हम 10 किलो खा सकते हैं हम दो मैं भी खा सकती हूं ट्रस्ट मी मैं खा सकती हूं मेरी मम्मी से पूछो वो डब्बा छुपाती है लड्डू का बनाने के बाद कि इससे छुपा लो ये सारा खा जाएगी एक ही दिन में मैंने सो शी मेक्स इट मेजरली फॉर माय डॉटर तो माय मदर इस लाइक तुम्हारे लिए नहीं बनाती हूं मैं इतनी मेहनत करके इस दीपा से छुपा लो ये सारा खा लेगी मैं भी खा सकती हूं मैं भी एक टाइम पे आराम से 300 से 400 ml घी पी सकती रखती हूं और मुझे छुपाना पड़ता है। तो यह एक्सट्रीम है। तो यह
(09:46) तरीका नहीं है। सो मुझे पता है दैट आई लव घी। एंजॉय योर घी बट देन वॉक, एक्सरसाइज, मूव अराउंड। तो लाइफस्टाइल मैनेजमेंट जब होती है ना, तो फिर ये छोटी-छोटी चीजों पे इतना ध्यान नहीं देना पड़ता। ओके? अब जो शुगर पेशेंट वाली बात है, जैसे नॉर्मल के नॉर्मल इंसान के लिए आप बोलोगे अगर आपकी लाइफ स्टाइल अच्छी है, तो आपको डेली बेसिस पे मीठा थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए। हां, बिल्कुल खाना चाहिए। अब जो शुगर पेशेंट है उसके साथ तो एक इशू आ गया कि वो मीठा नहीं खा सकता है। नहीं उनके लिए तो है। उनके लिए है। अब दूसरी चीज यह आती है जो लोग बोलते हैं कि ज्यादा मीठा खाने से
(10:20) शुगर होती है। तो बहुत सारे ऐसे पेशेंट्स हमको मिल जाते हैं जो 12 साल का बच्चा उसको शुगर है। चार साल का बच्चा उसको शुगर है या बहुत सारे लोगों की लाइफस्टाइल अच्छी है। उसके बाद भी उनको शुगर हो गई। यस। तो यहां पर फिर लोगों के माइंड मन में क्या आ जाता है? वो डर बैठ जाता है कि यार देखो इसकी तो लाइफ स्टाइलाइल अच्छी थी। ये बंदा जिम भी जाता था। उसके बाद भी इसको शुगर हो गई या इसको कोलेस्ट्रॉल इशू आ गया तो मैं तो कुछ भी नहीं करता हूं। मेरी लाइफस्टाइल तो इससे खराब है। तो वो उस वजह से उस डर की वजह से वो शुगर को बिल्कुल कट डाउन कर देता है।
(10:50) तो अगर हम फिजियोलॉजिकली देखें चीनी बिल्कुल नहीं खाना। पहली बात चीनी आई एम टॉकिंग अबाउट चीनी। आई एम नॉट टॉकिंग अबाउट ग्लूकोस। ओके? चीनी। थोड़ा सा पहले इसमें ना ऑडियंस को आप बता दो कि चीनी में और ग्लूकोस में डिफरेंस क्या है? चीनी है जो हमारे गन्ने से रिफाइन हो के बन के आती है। उसके अलग-अलग फॉर्मेट होते हैं। बुरा, शक्कर, चीनी ये सारा चीनी है। ओके? तो चीनी अलग चीज होती है। ग्लूकोस अलग चीज होता है। जो डायबिटीज होती है वो होती है ग्लूकोस स्पाइक से। अब डायबिटीज में बॉडी नहीं पहचानती है कि यह चीनी यह जो ग्लूकोस स्पाइक है ये चीनी से आ रहा है। यह राइस
(11:26) से आ रहा है। यह फैट से आ रहा है या ये प्रोटीन से आ रहा है। बॉडी के लिए ग्लूकोस ग्लूकोस होता है। यू मीन टू से कि जो ग्लूकोस स्पाइक होता है जो शुगर पेशेंट्स में वो उसका रीज़ चीनी भी हो सकता है। उसका रीज़न राइस भी हो सकता है। उसका रीज़न प्रोटीन भी हो सकता है। करेक्ट। यस। सो दिस इज़ न्यू थिंग। या। सो अबाउट 30 टू 40% ऑफ़ प्रोटीन कन्वर्ट्स इनू शुगर। ओके। ओके। तो जो प्रोटीन पाउडर पिए जा रहे हैं लोग फर्स्ट ऑल इज डैमेजिंग योर किडनी। यू डोंट नीड सो मच प्रोटीन एंड देन अ लॉट ऑफ इट इज बिकमिंग शुगर। ओके? देन फैट्स घी। घी भी ठीक है? इट्स अ
(11:59) लॉन्गर पाथवे। जैसे मेटाबॉलिक पाथवे होता है। हर चीज टूट के इवेंचुअली ग्लूकोस ही बनती है। बट राइस जल्दी ग्लूकोस बनता है। मैदा और भी जल्दी ग्लूकोस बनता है। प्रोटीन टाइम लगाता है। फैट टाइम लगाता है। सो सस्टेन रिलीज देता है। वो वाली बात सही है कि प्रोटीन खाओगे तो आपको ओवरऑल सस्टेन रिलीज ऑफ एनर्जी मिलता है। बट इवेंचुअली सब कुछ ग्लूकोस बन जाता है। चीनी भी ग्लूकोस बन जाती है। ठीक है? के जो आपने मैंने बोला पैकेट वाला खाना उसमें जो चीनी है रिफाइंड शुगर वो भी ग्लूकोस बन जाती है। सो इफ यू आर कटिंग डाउन ऑन शुगर डस नॉट मीन कटिंग
(12:30) डाउन ऑन शुगर मीठा इट मीन्स कटिंग डाउन ऑन कार्ब्स। ओके? सो जिसको अगर डायबिटीज है या समबडी इस वैरी कॉन्शियस। जैसे किसी के घर में डायबिटीज होता है, जेनेटिक प्रीडस्पेशन बोलते हैं हम उसको कि किसी की मम्मी, नानी दादी को है तो आपको चांसेस हैं ज्यादा डायबिटिक होने के। जैसे अर्थराइटिस में भी यही होता है। रोमेटॉइड अर्थराइटिस एक होता है। एक नॉर्मल अर्थराइटिस होता है। तो इफ यू आर जेनेटिकली प्रीडस्पोज एंड ऑटोमेटिकली चांसेस इनक्रीस इन दैट केस इट इज़ अ वेरी वाइस थिंग टू बी वेरी वेरीरी प्रूडेंट। पहले से ही आप ध्यान रखो। मीठे पे बहुत ध्यान रखो। पर मीठा मतलब यह सब
(13:01) कुछ द होल ब्रैकेट ऑफ़ फूड। सो आईडिया इज़ नॉट टू कट डाउन ऑन कार्ब्स और चीनी। आइडिया इज़ टू कट डाउन ऑन योर इंटेक। आप कितना खाना खाते हो। यह नहीं है कि आप यू नो चार रोटी खा रहे हो और आप दाल खा रहे हो और आप कह रहे हो कि मैं हलवा नहीं खाता। आपने डैमेज करा वि चार रोटी एंड घी एंड दाल व्हिच इज वै हेल्दी। देन दे विल से हां सो देन देन आई [हंसी] एम आल्सो दैट पर्सन बट ठीक है। सो यू कांट डू दैट। सो बिकॉज़ वो भी चीनी है फॉर बॉडी दैट इज आल्सो ग्लूकोस। एंड डायबिटीज ग्लूकोस से होती है। चीनी से नहीं होती है। सो दिस इज अ मिथ और अ कन्फ्यूजन दैट अ लॉट ऑफ़ पीपल
(13:42) हैव तो वो मीठा बिल्कुल बंद कर देते हैं। फिर चार रोटी खाते हैं। प्लेट भर-भर के राइस खाते हैं। और देन दे से कि यू नो डायबिटीज हो गया है। हम तो मीठा भी नहीं खाते थे। वो तो मीठा भी नहीं खाता था। नहीं वो इतना सारी रोटी और राइस खाता था। वी आर सपोज टू हैव अ पोर्शन ऑफ़ दाल। वी आर सपोज टू हैव अ पोर्शन ऑफ़ सब्जी। वी आर सपोज टू हैव पोर्शन ऑफ़ दही, लस्सी एंड राइस एंड रोटी। मतलब एक पूरा प्लेट में वैरायटी होनी चाहिए खाने की। आपको रोटी भी खानी चाहिए। राइस भी खाना चाहिए। पर दाल और सब्जी भी खानी चाहिए। लोग दाल सब्जी नहीं खाते हैं।
(14:13) तो अगर मैं एक चीज डिफाइन करूं कि अगर मैं मीठा खा रहा हूं। चीनी वाला मीठा खा रहा हूं। 100 कैलोरीज उससे इंटेक कर रहा हूं। और 100 कैलोरीज मैं रोटी से इंटेक कर रहा हूं तो जो दोनों केसेस में ग्लूकोस स्पाइक है वो सेम होगा। नहीं नहीं। तो चीनी एकदम से रिलीज करती है। तो चीनी में स्पाइक ज्यादा होएगा। रोटी में फाइबर भी है। तो फाइबर जो है ब्रेकडाउन करके ग्लूकोस नहीं बनाता। वो धीरे-धीरे फिर रिलीज होएगी। तो रोटी का जो ग्लूकोस है और चीनी वाला ग्लूकोस है दोनों बहुत अलग हैं। तो यहां जल्दी होएगा राइस। तभी मैंने कहा ना मैंने आते ही मीठा कचरा क्यों खाया। इट
(14:50) वास जंक, राइट? आई नो इट वास जंक। बट आई ईट इट बिकॉज़ आई न्यू वो इंस्टेंटली काम करेगा। मुझे पता है वो एकदम से मुझे यू नो इट विल गिव मी द बूस्टर आई नीड। अब मैं अभी बैठ के मैं अपना लंच बॉक्स लाई हूं। मैंने वो क्यों नहीं खाया? हम्म बिकॉज़ उससे काम नहीं चलने वाला है मेरा। आई हैव माय डब्बा। आई एम कैरिंग इट विथ मी बट आई डोंट वांट टू ईट इट। मतलब मैं क्यों खाऊं? सुबह से लेके घूम रही हूं मैं उसको। मतलब लाइफ में रस भी जरूरी है। इट्स व्हाट आई से यू हैव टू बी हैप्पी। यू नो वो मैं ये बहुत बार ये जोक बता चुकी हूं। एंड ये मेरी दादी सुनाती थी कि किसी गांव में
(15:24) मेरी दादी विलेज में रहती थी। तो सुनाती थी कि गांव में ना एक और एक लेडी के जवान बेटी की डेथ हो गई। तो वह सब आए शोक सभा में तो एक आदमी ने पूछा क्या हुआ मां जी गाड़ी तेज चला रहा था एक्सीडेंट हो गया तो शी सेड नहीं मेरा बेटा बहुत अच्छा था गाड़ी तेज नहीं चलाता था तो देन दे सेड क्या हुआ कोई लड़की वड़की का चक्कर था उसने कहा नहीं मेरा बेटा बहुत सीधा था वो ऐसा कुछ नहीं करता था फिर एक ने कहा दारू सिगरेट कुछ और नहीं मेरा बेटा बिल्कुल ही शांत स्वभाव का अच्छे स्वभाव का था वो ये सब गाय था वो ये सब नहीं करता था तो फिर एक चौथा आदमी का आता है और कहता है फिर तो
(15:56) अच्छा है मर गया [हंसी] तो यू नो सो माय दादी यूज्ड टू क्रैक दिस जोक कि जिंदगी जीने के लिए बनी है। तरीके से तमीज से कभी किसी ने एक सिगरेट पी ली। मैं नहीं कह रही हूं सिगरेट पीनी चाहिए। मैं नहीं पीती। मैं ड्रिंक नहीं करती। पर किसी ने एक सिगरेट पी ली तो उसकी जान ले ली। किसी ने थोड़ा सा नॉनवेज खा लिया तो उसके पीछे पड़ गए। किसी ने थोड़ी सी एक ग्लास और वाइन पी लिया या जो भी विस्की जो भी तो उसकी जान ले ली। आईडिया इज बैलेंस। यू शुड एंजॉय लाइफ। बहुत पागलपन फैल गया है हर जगह। एवरीबॉडी इज़ रीडिंग क्या लेबल पड़ेगा इंडिया। यू नो क्या इंग्रेडिएंट्स हैं? कितना
(16:34) प्रोटीन है? ऐसा है बायोलॉजिकली वी आर सपोज टू ईट कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स एंड प्रोटीनंस। ये हमारे तीन मैक मॉलिक मैो न्यूट्रिएंट्स हैं। बट आज की मीडिया के हिसाब से, आज के इन्फ्लुएंसर्स के हिसाब से हमें कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खाना चाहिए। हमें फैट्स नहीं खाना चाहिए। हमें सिर्फ प्रोटीन खाना चाहिए। अ व्हाट हैपन टू द बैलेंस डाइट? सबको पता है। सब मानेंगे कि बैलेंस डाइट अच्छी होती है। नाउ द प्रॉब्लम बिहाइंड दिस इज़ आई फील वायरलिटी। अब मैं अगर यह बोलूं बैलेंस डाइट इज़ वै नाइस। अगर आप इससे ओपनिंग करते पॉडकास्ट कि बंद कर देंगे लोग पडकास्ट।
(17:07) पर अगर मैं ये बोलूं ये वाले खाने से आपका गट इमंबैलेंस हो जाएगा। एंड देन यू कैन इवन डाई। सो आई एम टेलिंग यू यू शुड ईट दिस सुपर फूड। पीपल विल वॉच। राइट? सो दिस इज द प्रॉब्लम। पीपल वांट यू टू वॉच। पीपल वांट टू कंज्यूम। एक हेल्दी इंसान मेरे जैसे अगर जो मैं बात कर रही हूं अगर ऐसी बात करने वाले इंसान को आप क्या बेचोगे? व्हाट डू यू सेल मी? आई सी आई आल्सो मैन्युफैक्चर प्रोडक्ट। ठीक है? मेरी भी हेल्थ एंड वेलनेस ब्रांड है। आई स्टार्टेड विद स्किन केयर बट आई डेलिंग इंटू टेक। मैं एक साइंटिस्ट हूं और मेरी पीएचडी में मैंने डिवाइस बनाया था ऑन न्यूरोट
(17:44) ट्रांसमीटर सेंसिंग। ओके? और डोपामिन एंड नाइट्रिक ऑक्साइड पे मैंने सेंसिंग डिवाइस बनाया हुआ है। तो मुझे टेक भी आती है। मुझे स्किन एंड टिश्यू रीजनरेशन भी आता है। तो मेरा हेल्थ एंड वेलनेस का ब्रांड है। एज अ ब्रांड ओनर मैं कह रही हूं कि आपको ये सारी चीजों की जरूरत नहीं है। सो हाउ डू यू सेल टू समबडी लाइक मी? नाउ मान लो कि ऑडियंस में लेट्स से कि 1 लाख लोग हमारा पडकास्ट देखते हैं। उसमें से अगर 90,000 लोग मेरे जैसी बातें मानने लग गए तो फिर आप बेचोगे क्या? किसको बेचोगे? किसको बेचोगे? और कैसे बेचोगे? बिकॉज़ दे आर नाउ कन्विंस्ड कि हमें कुछ करना ही
(18:21) नहीं है। वी वांट वेरी बेसिक थिंग्स इन लाइफ। हाई क्वालिटी बेसिक मिनिमल थिंग्स इज ऑल यू नीड एंड डिसिप्लिन। ओके? सो दैट इज़ आई फील द प्रॉब्लम। हम एक इशू जो अभी आपने बताया ना कि हर कोई प्रोटीन की बात कर रहा है। हां आज की डेट में ना आप कुछ भी परचेस करने जाओ मतलब बिस्किट आप देखो बिस्किट के लेबल पे प्रोटीन आइसक्रीम लेने जाओ प्रोटीन आइसक्रीम प्रोटीन कर्ड प्रोटीन मिल्क इवन प्रोटीन पनीर मतलब जिसमें ऑलरेडी प्रोटीन होता है आप उसको मतलब प्रोटीन पे और ऐड ऑन कर रहे हो तो बेसिकली एक एक रिपोर्ट मैंने और पढ़ी थी कि इंडिया में 87 87 या आई थिंक 91% लोग
(19:03) प्रोटीन डेफिशिएंट है हम हम तो इस वजह से इंडियंस को प्रोटीन की रिक्वायरमेंट ज्यादा है। इसी वजह से जो मास मार्केट है प्रोटीन की वो बढ़ रही है। तो इन दोनों में क्या मतलब वि वन इज बेटर या कौन सा पार्ट सही है? देखो मुझे ऑनेस्टली पता नहीं ये जो रिपोर्ट आई है ये रिपोर्ट कहां से आई है और किसने कराई है। बट मैं आपको एक एग्जांपल देती हूं। ये मेरी अंडरस्टैंडिंग है। हो सकता है मैं गलत हूं। देखो एज अ साइंटिस्ट मेरी तो कोई लाइफ ही है अबाउट बीइंग रोंग एंड देन वर्किंग टुवर्ड्स हाउ टू करेक्ट मसेल्फ। दिस इज़ अ लाइफ ऑफ़ अ साइंटिस्ट। एनीबडी बीइंग ऑनेस्ट
(19:34) साइंस की सबसे अच्छी बात ये होती है दैट यू शुड बी हंबल इनफ टू एक्सेप्ट कि आप गलत हो बिकॉज़ दैट इज हाउ यू इंप्रूव दैट इज़ हाउ यू यू नो अपग्रेड योर नॉलेज तो हो सकता है मैं गलत हूं पर मेरी अंडरस्टैंडिंग के हिसाब से मैं आपको एग्जांपल देती हूं। आपने कहा कि रिपोर्ट्स आ रही हैं कि प्रोटीन डेफिशिएंट है इंडिया और उन रिपोर्ट्स के हिसाब से अब मार्केट बन रहा है ताकि हम प्रोटीन डेफिशिएंट इंडिया को प्रोटीन सफिशिएंट बना सके। राइट? अ ऐसे ही ना एक स्टडी आई थी और अब सबको पता है इसके बारे में। तो मैं नहीं कह रही हूं कि ये स्टडी भी ऐसी ही बनी है। बट
(20:07) मेरे दो क्वेश्चंस हैं। सबसे पहले तो क्वेश्चन नंबर वन ये है कि कैसे ये इसी टाइम पे स्टडी आती है जब वो मार्केट बन जाता है। ओके? प्रोटीन मार्केट जब बनना शुरू होता है तभी ये स्टडी आनी शुरू हो जाती है। दैट यस वी आर प्रोटीन डेफिशिएंट। राइट? दिस इज माय क्वेश्चन नंबर वन। नाउ माय अनदर सपोर्ट टू माय हाइपोथ हाइपोथेसिस वेयर आई एम डाउटिंग दिस स्टडी इज कि एक वाइन की स्टडी बहुत पॉपुलर हुई थी जहां पे लिखा जाता था कि वाइन इज अ ग्लास ऑफ़ वाइन एवरीडे बिफोर स्लीपिंग आफ्टर योर मील्स इज वेरी गुड फॉर योर ओवरऑल बॉडी फंक्शनिंग एंटीऑक्सीडेंट होता है उसमें रेस्ट
(20:44) वोरेटॉल होता है वो एंटी एजिंग होता है हार्ट अटैक्स के लिए अच्छा होता है यह एक स्टडी आई थी और यह स्टडी कई कम अलग-अलग जगहों से आई थी और वो स्टडी ना हर बिकॉज़ मैं भी रिस्चर हूं। मैं भी आर्टिकल्स पब्लिश करती हूं। हमें फंड किया जाता है। ओके? बट हमारा अच्छी बात ये है कि क्योंकि मेरी फंडिंग ज्यादातर ज्यादातर क्या मेरी तो 100% फंडिंग गवर्नमेंट से आती है। तो गवर्नमेंट आपको नहीं बोलती है कि आपको इस तरीके का डाटा चाहिए। गवर्नमेंट कहती है देखो आपने यह प्रपोजल डाला। हमने आपको पैसे दे दिए। अब आप करो ऑनेस्ट रिसर्च। कई बार हम 3 साल बाद लिख के भेजते हैं कि
(21:17) देखो मेरी रिसर्च फेल हो गई। जो मुझे लगा था होना चाहिए था वो नहीं हुआ। इट्स फाइन। वह आपको पीनलाइज नहीं करते। आपको पैसे फिर भी मिलते हैं। बट जो कमर्शियल सेक्टर में होता है वहां ऐसा नहीं होता। वहां आपको फंडिंग दी जाती है और बताया जाता है यह रिजल्ट होना चाहिए। तो ये जो स्टडीज आई थी वाइन के फेवर में रेस्पेरेटॉल होता है, एंटी एजिंग होता है, एंटीऑक्सीडेंट होता है, हार्ट के लिए अच्छा होता है। इनके पेपर्स के नीचे एक ऐसा स्टार एस्ट्रिक्स बना के लिखा होता है। द स्टडी हैज़ बीन फंडेड बाय सो एंड सो वाइन कंपनी। ओके। सो यहां पे वाइन दिखती गई। यहां पे
(21:49) वो स्टडी बड़ी होती गई। जो भी वाइन पीता गया नोइंगली या अननोइंगली यह आपको बताता गया इट्स ग्रेट फॉर माय डाइजेशन इट्स ग्रेट फॉर माय हेल्थ इट्स ग्रेट फॉर एन एंटी एजिंग फ्रॉम एन एंटी एजिंग पर्सेक्टिव इट्स ग्रेट फ्रॉम एन एंटीऑक्सीडेंट पर्सेक्टिव जिस टाइम पे वाइन की सेल बढ़ी उसी टाइम पे ये स्टडीज भी बढ़ी मेरी हाइपोथेसिस है कि यही अब दोबारा हो रहा है प्रोटीन के साथ यस प्रोटीन के साथ क्या ऑलमोस्ट हर चीज के साथ हम हमारी बहुत अच्छी आदत है इंडियंस की हम सीख बहुत जल्दी जाते हैं तुरंत तुरंत और गलत चीज तो इंसान वैसे वैसे भी जल्दी सीखता है। एंड वी आर वै क्विकली
(22:23) ऑनर्स। वी आर द स्मार्टेस्ट। आई जेनुइनली फील वी आर द स्मार्टेस्ट कम्युनिटी इन दिस ऑन दिस प्लनेट। आई थिंक इंडियन से ज्यादा तेज और हार्ड वर्किंग नहीं है कोई। पर हम टेढ़े भी उतने ही हैं। हमारा मोरल कंपस बहुत बुरी तरीके से हिला हुआ है। सो दिस इज़ व्हाट आई फील। आई एम नॉट सेइंग दैट यह हो रहा है क्योंकि मेरे पास कोई प्रूफ नहीं है। पर मुझे यह लगता है कि ऐसा शायद हो सकता है। एक एक स्टडी और भी आती है। हम लोग बात करते हैं। बहुत सारे एक्टर्स भी इसके बारे में बात करते रहते हैं एक्टर्स कि मतलब आपको अपने बॉडी वेट के हिसाब से 1.5 ग्राम
(22:58) प्रोटंस आपको लेना है। अगर आप नॉर्मल लाइफ में आप जी रहे हो। अगर आप कुछ वर्कआउट कर रहे हो तो आपको अपने बॉडी वेट का 2 ग्राम प्रोटीन लेना है। तो अगर आपको मैट्रिक्स पे जाना है तो आपको कम से कम अपने बॉडी वेट का सिक्स से 8 लेना है। ओके? अगर आप एथलीट हो हम आप विराट कोहली हो। ओके? तो आपको अपनी बॉडी वेट के हिसाब से 1.2 से 1.
(23:23) 5 लेना है। ओके? दैट्स इट। इफ यू एन एक्सट्रीम लेवल एथलीट। इफ इफ दैट्स योर प्रोफेशन तो आपको उस लेवल का चाहिए। 6 से8 ग्राम फॉर योर बॉडी वेट इज मोर दन इनफ। ओके। सो दैट इज द मैट्रिक एक्चुअली। पर इतना दुखी होने की जरूरत नहीं है। काफी आराम से मिल जाता है। विद योर दूध, दही, दाल, राइस, सब्जी, पनीर, सोए, स्प्राउट्स। बट द थिंग इज कि ये जितनी भी चीजों के आपने नाम लिए हैं। ये सारी चीजें भी आज की डेट में एडल्ट्रेटेड हैं। मतलब आप देखो दूध, नकली पनीर का कितना हम लोग टीवी में देख रहे हैं। है ना? फूड फार्मर्स ने घर पे बना लो ना पनीर कितनी देर लगती है
(24:02) दूध भी तो प्योर आना चाहिए ना पैरेट का दूध मत लो ऐसे तो देखो गारंटी किसी चीज की नहीं है नाउ आई एम सेइंग कि पैकेट का दूध मत लो साथ में सी हमारी बहुत अच्छी बात है इन आवर कंट्री कि हमारे हम जहां पे भी रहते हैं आसपास कोई ना कोई गांव है हां बिल्कुल है ठीक है एवरीबडी आप कितना भी फैंसी हो जाएं आप कितने भी अमीर एरिया में रह आपके आसपास गांव है वहीं से आपकी हेल्प आती है। तो आप ये तो बोल ही नहीं सकते कि आपके आसपास कोई गांव नहीं है। उस गांव में किसी को ढूंढो जिस पर भरोसा रखते हैं और उनको बोलो आपके पास गाय भैंस होगी। उनका दूध दे
(24:30) दो। यू पे देम द मनी। अब कोई बोलेगा कि वो भी तो एडल्ट रेट कर सकते हैं। हम ऐसे तो घर में आप खाने वाली दीदी होती हैं आजकल मोस्टली सभी घर में वो भी तो खाना बनाते बनाते कुछ डाल सकती हैं। सही है। कहीं पे तो ट्रस्ट करके पड़ेगा। एक करेक्ट मेजर लेना पड़ेगा। पैकेट वाले दूध से वो जो दूध वाले भैया का दूध है मुझे लगता है एनीडे बेटर रहेगा। एंड आई विल टेल यू व्हाई। वो क्या करेंगे? उसमें ज्यादा से ज्यादा पानी डाल देंगे। हम और क्या करेंगे? मतलब पानी का रहता है। लोगों के मन में यह कन्फ्यूजन नहीं रहता कि चलो पानी डालना है। साफ़ पानी डाल दो। वह कभी-कभी क्या
(25:01) मतलब गंदा पानी उस पे मिक्स कर देते हैं। ओके। वो एक मतलब ये जो सबसे बड़ी प्रॉब्लम जो जितना मैंने लोगों से इस बारे में डिस्कशन किया है। जैसे मेरे साथ ये बड़ा इशू है। जैसे जो आपने जो वो लोग होते हैं ना जो बड़ा साफ सुथरे वाले रहने की कोशिश करते हैं और देखदेख के खाते हैं वो इंसान मैं खुद हूं। हां तो मैं इवन इन सब चीजों की वजह से मैंने खुद अपने फार्म हाउस में तीन गाय रखी हुई है कि एटलीस्ट मेरे घर में जो दूध आया वो प्योर आना चाहिए। तो इशू मुझे पता क्या आ रहा था? इशू मुझे ये आ रहा था। मैंने एक कोई ना मूवी देख रहा था। अब मूवी में एक बच्चा दूध लेके
(25:31) जाता है। तो उस बच्चे ने ना कभी दूध नहीं पिया था। तो वो पहली बार दूध को टेस्ट करता तो वो दूध थोड़ा सा पी लेता है। उससे वो मतलब इट्स लाइक कि बहुत टेस्टी है। अब ये था कि अब दूध तो पूरा लेके जाना है। नहीं तो घर वाले डांटेंगे। तो वो मतलब बगल में ना कोई नदी या नाला टाइप का बह रहा तो वहां से पानी लेके उस पे भर देता है। वो वो मेरे वो मेरे दिमाग में रह गई थी कि मतलब जो दूध वाले लेके आ रहे हैं अभी आरो वाटर तो इस पे मिलाएंगे नहीं। ठीक है। नहीं ये डर हर चीज में है। एंड आई अग्री आई 100% अग्री कि ये डर है। इट इज अनफॉर्चुनेटली हम जिस दुनिया में रह
(26:06) रहे हैं वहां पे देयर इज़ इवल एंड देन देयर इज़ अ लेसर ईवल। मतलब बुरा तो अनफॉर्चुनेटली सब कुछ ही है। यू हैव टू पिक योर बैटल्स। यू हैव टू डिसाइड व्हिच पाथ यू थिंक इज अ सेफर पाथ। ओके। मेरे जो मेरा लाइफस्टाइल है, जो मेरे पास एक्सेस है, उस हिसाब से आई वुड नेवर गो फॉर पैकेट वाला दूध। मेरा लॉजिक क्या है? मुझे लगता है मेरे दूध वाले जो भैया हैं वो बहुत अच्छा दूध देते हैं। वो ऐसा काम नहीं करते। मेरा आल्सो विलेज पास में है। वेयर आई स्टे। मेरा खुद का गांव पास में है। तो उससे भी एक एक्सेसिबिलिटी बनती है। राइट? तो मैं अपना एग्जांपल दे के आपको बता सकती
(26:38) हूं। व्हाई आई विल नॉट गो फॉर पैकेट वाला दूध। सो पैकेट वाला दूध मान लेते हैं कि बहुत ही हाइजीनिक है। सब कुछ है। पर उसमें जो दूध है वो होमोजेनाइज्ड है। आप जो कई बार क्या होता है जो दूध वाले भैया जो मेरे हैं वो दूध लेकर आते हैं सुबह। बट अगर वो 1 ओ क्लॉक तक आता है। सो सुबह-सुबह दूध निकलता है 4 5 बजे। अगर वो 1:00 बजे तक 12 ओ क्लॉक तक 1 ओ क्लॉक तक पहुंचते हैं मेरे घर तो वो दूध फट जाता है। राइट? खराब हो जाएगा वो। सुबह अगर 10 11 तक आ गए तो वो दूध ठीक है। ठीक है। पैकेट वाला दूध कहां-कहां घूम के आता है फिर भी वो फटता नहीं है।
(27:07) पोश्चराइज होता है। नहीं पाश्चराइजेशन से कुछ नहीं होता। आप अपना दूध उबाल के बाहर रख दो फटेगा या नहीं फटेगा? नहीं नहीं उस पे एक प्रोसेस होता है। होमोजेनाइजेशन हो। तो अब उसको होमोजेस बोलते हैं। उसमें मतलब एक दूध को गर्म करके एकदम से चिल्ड करते हैं। विद इन 5 मिनट जैसे दूध आपका बॉईल हो रहा है और वो मशीन होती है पॉश्च की तो वो उस मिल्क को विद इन 5 मिनट्स चिल्ड कर देती है। तो वो जो प्रोसेस होता है एकदम हीट से उसको चिल्ड करने का इस वजह से उसकी शेलफ लाइफ ऑलमोस्ट 48 आवर्स हो जाती है। नो दैट्स नॉट द ओनली रीज़न। अनदर रीज़न इज़ द मिल्क इज़ होमोजेनाइज्ड।
(27:45) आपने नोटिस करा है जो घर में जो दूध आता है भैंस का या गाय का या पैकेट वाला दूध पैकेट वाला दूध ज्यादा मीठा होता है? हां मीठा होता है गाढ़ा होता है। क्यों? अगर पैचराइजेशन का रीज़न होता तो वो क्यों होता? इट्स बिकॉज़ इट इज़ होमोजेनाइज। होमोजेनाइज क्या होता है? आपने एड्स में भी देखा होगा। Amul की ऐड में आता भी था। वो दिखाते थे। बहुत बड़ी-बड़ी टरबाइन होती थी। फैंस ही उसमें से दिखाते थे कि दूध बह रहा है। फिर पैकेट में डल रहा है। फिर ट्रक लेके निकलता था। अमोल की ऐड होती थी। वो क्या है वो बड़ी-बड़ी टरबाइन? वो पैशराइजेशन यूनिट नहीं है। वो होमोजेनाइजेशन यूनिट्स
(28:16) हैं। उसमें क्या होता है? आपके दूध में क्या है? देयर इज़ फैट्स देयर इज़ प्रोटीन। वो उतने प्रेशर से उनप मशीनंस में जब दूध चलता है आपका फैट और प्रोटीन ब्रेकडाउन कर जाता है। ओके? ओके? और वो ब्रेकडाउन करके अब मिल्क को होमोजेनाइज कर दे। होमोजेस मतलब इक्वल पार्ट्स सब कुछ हो गया। अब उसमें अलग फैट नहीं है, अलग प्रोटीन नहीं है। अदरवाइज क्या होता है? फैट प्रोटीन अलग-अलग ग्लोब्यूल्स में घूमता है। ठीक है? पर यहां पे सब कुछ टूट गया। इट्स लाइक डाइजेशन कर दी दूध के अंदर। एंड अभी वो होमोजेनाइज हो गया। तो जब होमोजेनाइजेशन होती है तो लाइफ लॉन्ग तो उसकी शेलफ लाइफ
(28:49) बढ़ती है। क्योंकि अब फैट जो है ब्रेकडाउन हो के खराब नहीं हो सकता। प्रोटीन ब्रेकडाउन होके खराब नहीं हो सकता। सिंगल सिंगल कोई भी इंगडिएंट उसका खराब नहीं हो सकता। खराब सब मिक्स हो गया। सब टूट गया। ऑलरेडी टूट गया इन कंट्रोलोल्ड एनवायरमेंट। ठीक है? सो इट्स ऑलरेडी डाइजेस्टेड फॉर्मेट यू कैन से। और ना उसकी वजह से टेस्ट भी एनहांस होता है। इट टेस्ट बेटर। एवरीबॉडी लाइक्स दूध का पैकेट वाला दूध क्योंकि वो मीठा टेस्ट करता है। वो क्रीमी होता है। वो थिक होता है बिकॉज़ ऑफ़ होमोजेनाइजेशन एंड दैट एड्स टू द शेलफ लाइट। पैचराइजेशन अलोन इज़
(29:18) नॉट द रीज़न। एंड दैट इज द आल्सो एक और चीज़ मुझे लगता है बहुत लोगों को शायद पता नहीं है। दूध दो टाइप का आता है Amul का भी। Amul मदर डेरी सारी ही ब्रांड्स का। एक होता है ये 48 आवर्स वाला और एक होता है एक 24 आवर्स वाला होता है। 48 आवर्स का नहीं होता। एक 24 आवर्स का होता है और एक होता है 48 आवर्स एंड अबव वाला। मोस्टली लोग जो है वो सोचते हैं कि लेट खराब होएगा वो वाला ले लेते हैं जो ज्यादा चलेगा वो ज्यादा खराब है। बिकॉज़ उसमें होमोजनाइजेशन और ज्यादा हो गई है। और एक वो भी आता है टेट्रा वो और वो और भी ज्यादा खराब है। दे आर कॉल्ड लॉन्ग लाइफ मिल्क। जो हमें
(29:54) लैक्टोज़ इनटॉलरेंस हो रही है आजकल। कितने लोगों को गठ एलर्जी हो रही है, गठ सेंसिटिविटी हो रही है वो इस दूध की वजह से हो रही है। और फिर गाली दी जाती है पूरे दूध को। देन एवरीबडी विलनाइज मिल्क एंड डेरी एज अ होल। प्रॉब्लम इज नॉट डेरी। हम जन्मों से पीते आ रहे हैं। अब क्यों हो रहा है? फिर लोग कहेंगे अब इसलिए हो रहा है क्योंकि तब प्योर होता था। अब प्योर नहीं है। नहीं क्योंकि तब फ्रेश होता था। अब फ्रेश नहीं है। प्योरिटी के ग्रेड में इंसान तब भी वही था। तब जो झोल कर सकता था वो अभी भी झोल कर रहा है। ठीक है? इट्स नॉट लाइक तब
(30:25) साधु संत रहते थे हमारे पेरेंट्स के जमाने में। तब भी बिजनेस चलता था। तब भी प्रॉफिट कमाया जाता था। तब भी दूध में पानी डाला जाता था। अब भी तो पानी डाला जाता है। ठीक है? थोड़ा गंदा पानी थोड़ा सा उसका तो डाउट है। मैं मना नहीं कर रही। मेजर चेंज जो आया है वो है फ्रेशनेस का। दैट इज द प्रॉब्लम। सो आप जितना फ्रेश खाओगे इसीलिए मैंने कहा कि जब तक आप पैकेट वाली चीज से दूर रहोगे तब तक लाइफ मोटा-मोटा ठीक रहेगी। दो हेल्थ के लिए दो मेन चीजें हैं। पैकेट वाली चीज से दूर रहना और खाना। जितनी भूख हो उससे कम खाना। जितनी भूख हो उससे कम
(30:59) कम खाना। और तीसरा है मूवमेंट। मैं नहीं कह रही हूं जिम में जाके पागल हो जाना। वो तो वैसे मैं भी नहीं करती। आई हेट इट एंड आई डोंट सी एनी लॉजिक इन इट। मतलब आप क्यों करोगे? मुझे समझ नहीं आता है। लेग डे, आर्म डे, शोल्डर डे, बैक डे, आर यू मैड? लाइक डू यू हैव नथिंग एल्स टू डू? मतलब कोई मॉडल है वो कर रही है। मैं समझ रही हूं उसकी कमाई है वो। ठीक है? दे हैव टू लुक गुड? एंड इट्स वै डिफिकल्ट। बट व्हाई आर यू टॉर्चरिंग योरसेल्फ? यू वांट टू हैव अ हेल्दी बॉडी व्हिच सपोर्ट्स यू इन योर डेली एक्टिविटी। तो उसके लिए योगा कर लो, वॉक कर लो, जनरल
(31:29) फिटनेस कर लो, स्किप कर लो, थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ लो। डोंट टेक द लिफ्ट इन लाइफ जस्ट बी एक्टिव यू नो। सो पैकेट से दूर रहना, खाना जितनी भूख हो उससे कम खाना एंड जनरल मूवमेंट इन द बॉडी। मैं 10,000 स्टेप्स की बहुत बड़ी फैन हूं। वो एक ट्रेंड है व्हिच आई थिंक इज़ ग्रेट। बिकॉज़ इस बहाने कम से कम आप चलते रहते हो, हिलते रहते हो। बट अभी लास्ट टाइम इन ए पडकास्ट मैंने किसी डॉक्टर से ही मतलब इसके बारे में बात की थी। तो ही वास लाइक कि 10,000 स्टेप्स इज अ जस्ट पासिंग मार्क्स जस्ट पासिंग मार्क्स पासिंग मार्क्स लाइक 33% 35% ये उसके लिए है जो इंसान कुछ नहीं करता
(32:08) मतलब ऑफिस जॉब टेस्ट जॉब्स जो है हम आप सारा दिन अगर बैठे हुए हो और फिर आप 10 स्टेप कर देते हो देन इट इज़ जस्ट पासिंग मार्क्स फिर आप सिर्फ बच रहे हो ओके बिकॉज़ व्हेन यू आर सिटींग ऑल डे अलोंग, एक स्टडी आई थी। वेयरन इट वास एंड यह सेल्फलेस स्टडी थी क्योंकि इसमें किसी का कोई फायदा नहीं हो रहा है। सो आई एम गोइंग टू बिलीव दैट स्टडी। [हंसी] एंड दैट स्टडी सेड दैट सिटींग फॉर 7 ऑवर्स एट अ टाइम इज लाइक स्मोकिंग सेवन सिगरेट्स। ओ अगर आप 7 घंटे की जगह बैठे हुए हो, इट्स लाइक स्मोकिंग सेवन सिगरेट्स। सो इसमें किसी का फायदा नहीं हो रहा है। सो आई एम
(32:41) गोइंग टू बिलीव दैट स्टडी। सो ऑफ कोर्स अगर आप सात सिगरेट स्मोक कर रहे हो देन देन द लीस्ट यू कैन डू इज मूव 10,000 स्टेप्स। सो वो डॉक्टर बिल्कुल ठीक कह रहे हैं कि अगर आप एक सेडेंटरी लाइफस्टाइल वाले इंसान हैं तो आपके लिए वो बेयर मिनिमम है। वो बस आप पासिंग मार्क्स ही ले रहे हो। बट हां अगर आप कोई ऐसे इंसान है जो दिन भर घूमते रहते हैं, ऊपर नीचे करते रहते हैं। कभी बच्चों के पीछे, कभी सब्जी लाने के लिए, कभी दूध लाने के लिए, कभी नीचे किसी से बात करने चले गए। दे पहले ना एक वर्ड होता था मोहल्ला। अब वो मोहल्ला वर्ड हैज़ बिकम डेरगेटरी।
(33:15) अगर आप अब किसी को मोहल्ला बोलते हो तो थोड़ा नीचा देख के बोलते हो। वो मोहल्ला इज वेरीेंट। द कम्युनिटी लिविंग इज वेरीेंट। कम्युनिटी लिविंग के बहाने किसी की लड़ाई होती है। किसी की कुछ गसिप होती है। किसी का कुछ और होता है। कभी कोई आपसे हेल्प मांगने आता है। कभी आप किसी के पास चले जाते हो। उसके घर में क्या हो रहा है देख के आती हूं। इस बहाने मेंटल एंड फिजिकल मूवमेंट बना रहता है। कनेक्शंस बने रहते हैं। दिस इज वेरीेंट इन लाइफ एंड वी आर लूजिंग दैट। और मैं आई एम वन ऑफ़ दोज़ पीपल हु इज़ लूजिंग इट। सो आई अंडरस्टैंड देंस ऑफ़ बिकॉज़ व्हेन नानी
(33:48) यूज़्ड टू कॉल मी इक्लखोर। यू नो लाइकलखोर। या दैट मींस लाइक अ लोनर। ओके। सो [नाक से की जाने वाली आवाज़] आई इट्स नॉट अ गुड थिंग। वन एंड पीपल टेक प्राइड इन द फैक्ट। आई एम एन इंट्रोवर्ट। आई लाइक टू लिव अलोन। मेरा सोशल कैपेसिटी बहुत कम है। मैं भी वही हूं। आई एम आल्सो दैट पर्सन। अगर कोई मुझे पहचानता है, देख रहा होगा तो बोलेंगे लाइक यू नो व्हाट इज पॉट कॉल इन द कैटल ब्लैक वाली बात है। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे बट आई अंडरस्टैंड माय वीकनेस एंड इट्स अ वीकनेस। यू शुड नॉट बी हैप्पी अबाउट इट। वन शुड मेक एन एफर्ट टू गो आउट एंड मीट पीपल वंस इन अ वाइल। आप रोज नहीं
(34:19) मिलना चाहते। आप को लोग ज्यादा पसंद नहीं है। तो इट्स ओके। बट एक कॉन्शस एफर्ट करना चाहिए टू स्टे कनेक्टेड। कम्युनिटी लेवल। ये ये चीज ना मैंने बहुत नोटिस की है। अ एक चाय की टपरी होती है। चाय की टपरी में आप देखो या जो पनवाड़ी होते हैं ना वहां पे जो चारछ लोग कभी-कभी बैठ के बातें करते हैं ना दे आर मोर हैप्पियर देन कि जो लोग केवल 12 घंटे ऑफिस में जाके काम कर रहे हैं। फिर घर आके लैपटॉप पे काम कर रहे हैं। सो रहे हैं। फिर एंड दे थिंक कि हम लाइफ में प्रोग्रेस कर रहे हैं। जो ऑफिस वाले हैं ना या जो जिनको गसिप से मतलब नहीं होता है। जो मोहल्ले पड़ोस के
(34:56) लोगों के साथ बातचीत नहीं करते हैं। दे मतलब बहुत प्रोग्रेसिव है। लाइफ में बहुत आगे बढ़ रहे हैं। और तुम लोग क्या अभी यहीं पे अटके हुए हैं। और आपने नोटिस करा जो गसिप करते हैं। एक्चुअल प्रमोशन उन्हीं की होती है। नहीं एक्चुअल प्रमोशन उन्हीं की होती है। वो लाइफ में खुश रहते हैं। हां। क्यों? आई थिंक इमोशंस शेयर करना बहुत रिक्वायर्ड होता है। बिकॉज़ ऐसा मैं पर्सनली फील करता हूं कि जैसे अगर मेरा फिक्स है कि मैं संडे को अपने फ्रेंड्स के साथ जाता हूं। मतलब हम लोगों ने एक टाइमिंग फिक्स कर रखी है। भाई किसी के पास कितना भी काम होगा
(35:28) हम लोग संडे को एनी हाउ हम लोग मिलेंगे ही मिलेंगे। तो संडे को मिलने के बाद ना जब उनसे मैं बातें कर लेता हूं। मैं उनको अपने दिल की बातें शेयर कर लेता हूं। सो आई थिंक कि मतलब मुझे इतना फ्रेश फील होता है। एंड सेम थिंग मेरी वाइफ के साथ भी होती है। मतलब ऐसा नहीं होता था कि वीक में एक बार हम लोग रात में 3:00 बजे तक बातें नहीं कर रहे और बातें क्या करेंगे? यार उसने ये बोला यार वो ऐसा बोलना जरूरी है। तो मतलब उसके बाद से पता नहीं क्यों ऐसा अच्छे से मतलब हल्का फील होता है बॉडी में यार। बड़ा मतलब बॉडी हल्की है। नींद ही नहीं आ रही आज तो मजेदार।
(35:59) दैट इज़ व्हाई ह्यूमंस आर कॉल्ड सोशल बीइंग्स। हमारी एवोल्यूशन ही इसलिए हुई हड़प्पन सिविलाइजेशन, इंडस वैली सिविलाइजेशन, वंजदार ये सब क्यों हुआ? ये हुआ बिकॉज़ वी केप्ट फाइंडिंग वेज़ टू स्टे टुगेदर। बिकॉज़ पहले तो इट वाज़ अबाउट इट वाज़ अ मैटर ऑफ़ सर्वाइवल। हम जिंदा ही नहीं रहेंगे अगर हम एक साथ नहीं रहेंगे। बिकॉज़ पहले तो हमें इसके साथ रहना था। राइट? और अगर अकेले रहेंगे तो यही जीतेगा। राइट? [हंसी] तो इट वास सर्वाइवल ऑफ़ द फिटेस्ट। सो वी स्टार्टेड फॉर्मिंग ग्रुप्स। इसी वहीं से फायर इन्वेंशन हुआ। वहीं पे कम्युनिटी लिविंग का इन्वेंशन हुआ।
(36:31) एंड सी इन लाइफ वी ऑल वी मस्ट ऑलवेज रिमेंबर इट्स ऑलवेज टीम वर्क। आपको एक सहारा चाहिए। और हमेशा सहारा ऐसा नहीं होता है कि उसने मुझे जॉब में हेल्प कर दी। उसने मुझे वहां पे वो रास्ते में हेल्प कर दी। उसने मुझे वो प्रमोशन में हेल्प कर दिया। उसने इट्स नॉट ऑलवेज सो ट्रांजैक्शनल। हर चीज अगर आपको उसका फायदा दिख नहीं रहा। क्लियरली डजंट मीन कि वो है नहीं। आपके पेरेंट्स हैं। एक ऐज के बाद वो आपके किस काम के हैं? कोई काम के नहीं है वो। पर वो पेरेंट्स होने ही काम होता है। बिकॉज़ यू नो इन द बैक ऑफ योर माइंड इफ समथिंग हैपेंस? तो वो हैं। यह कम्युनिटी
(37:07) है। ऐसे ही आप अपने एक छोटा सा अपना दुनिया बनाते हो। इन दिस बिग दुनिया वेयर यू विल हैव यू नो योर वाइफ, योर चिल्ड्रन। व्हाई इज़ मैरिड? सो इंपॉर्टेंट। आजकल एवरीबडी इस लाइक यू नो शादी नहीं। शादी नहीं करनी चाहिए। और शादी तो चलो कर ली। तो बच्चों के लिए बड़ा वो हो रहा है कि मतलब बच्चे पैदा नहीं करेंगे। द वर्ल्ड इज़ सच अ टेरेबल प्लेस। आई डोंट वांट टू ब्रिंग चिल्ड्रन इंटू दिस वर्ल्ड। वो टेरेबल तब भी थी। तब तो इकॉनमी भी डूब रही थी। तब क्यों? यू नो व्हाई वर यू ब्रॉट इन टू दिस वर्ल्ड? लाइफ में प्रॉब्लम इज़ यू ऑल बिकम ओवरथिंकर्स।
(37:35) कुछ करने के लिए नहीं है। मम्मी पापा ने घर बना दिए हैं। पैसे सबके पास है। एक-एक घर सबके पास है। तो सबको लगता है कि थोड़ा सा कमाते हैं। एंड लेट्स एंजॉय लाइफ। एंजॉय। और अभी तो मैं कल Instagram में एक रील देख रहा था। तो उसमें एक बड़ा वियर्ड कंपैरिजन दिखाया गया। वी हैड कंपैरिजन इन द सेंस कि एक बच्चे को पालने का कितना खर्च है कि मतलब आप उसकी एजुकेशन में कितना पैसा खर्च करोगे प्रेगनेंसी के टाइम में आप कितना पैसा खर्च करोगे तो मतलब उसमें दिखा रहा है कि जब तक आपका बच्चा ग्रेजुएट होगा तब तक आप एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुके होगे
(38:05) तो व्हाई डोंट यू पुट इट पुट दिस मनी इन सम म्यूचुअल फंड और आप वो एक करोड़ वहां स्पेंड करने की जगह आप वर्ल्ड टूर पे जाओ अपनी लाइफ एंजॉय करो आपके मम पापा ने भी ऐसे ही सोचा होता कितना अच्छा होता [हंसी] कितना अच्छा होता आई विश सी मनी इज वेरीेंट पैसा कमाना बहुत जरूरी है उसको बचाना बहुत जरूरी है और बहुत मुश्किल से कमाया जाता है पैसा पर कमा क्यों रहे हो फिर व्हाट आर यू मेकिंग दैट मनी फॉर फॉर अ वर्ल्ड टू देन व्हाट यू नो ये किसने बोला है आई डोंट नो देयर इज़ इट्स रियली फैंसी आई आल्सो लाइक टू ट्रेवल इनफैक्ट वही एक चीज है जो मुझे बहुत अच्छी लगती है मुझे
(38:45) बड़े मजे आते हैं कि मैं घूम लूं बट घूमने का मतलब यह नहीं होता है कि वर्ल्ड टूर करना है। घूमना मेरे लिए आई स्टे इन गुड़गांव। गुड़गांव से एक डेढ़ घंटा दूर ही मेरा फार्म्स है। तो मैं गांव जाके बहुत खुश हो जाती हूं। मेरा वो घूमना है। ठीक है? [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहीं पास में ही निकल गए वो भी घूमना होता है। ठीक है? किसी पड़ोसी के घर चले गए वो भी घूमना होता है। घर के पास यू नो आप हुड्डा मार्केट होता है हरियाणा में गुड़गांव वगैरह में। हुड्डा मार्केट चले गए वो भी घूमना है। नाउ लेट्स से यू आर अ वर्ल्ड टूअर काइंड
(39:14) ऑफ़ अ पर्सन। ओके। हर बजट में वर्ल्ड टूअर होता है। हम ऐसा तो है नहीं कि यू नो यू नीड 1 करोड़ ओनली फॉर अ वर्ल्ड टूअर। हर बजट में हर तरीके के लोगों के लिए हर तरीके की चीजें हैं। नाउ पीपल आर कंपेयरिंग चिल्ड्रन वर्सेस पैसा। इट्स लिटरली लाइक कंपेयरिंग रिलेशनशिप्स टू पैसा। यू नो अ चाइल्ड गिव्स यू हैप्पीनेस ऑन अ डेली बेसिस। आई हैव अ डॉटर। आई नो लाइफ में कितना पैसा कमाओगे और कितना घूमोगे यू नो यू नीड टू हैव अ सेंस ऑफ़ बिलोंगिंग। और फिर एक टाइम के बाद क्या करोगे? मतलब चलो 30ज में घूम लोगे, 40ज में घूम लोगे और मैक्सिमम चलो बहुत घूमने का कीड़ा
(39:49) तुम्हारे अंदर है। तो 50 तक घूम लोगे। फिर क्या करोगे? मान लेते हैं आप लाइफ देयर विल बी पीपल हु विल आस्क यू दैट नो वी कैन ट्रेवल टू द लास्ट डे ऑफ़ लाइफ। फर्स्ट ऑल यू कांट बिकॉज़ देयर इज़ देयर इज़ अ थिंग कॉल्ड एस एज व्हिच विल कैच अप। ओके? इवेंचुअली यू हैव गट प्रॉब्लम्स। बाहर का खाना खाने से। यू विल हैव नी एक बहुत ज्यादा चलने से। बट चलो गिवन कि आप सुपर ह्यूमन हो। आप आखिर तक घूमोगे। वो तो मानेंगे नहीं बिकॉज़ दे हैव डिसाइडेड यू नो दे और मैं फिर बोलूंगी तो आई विल नॉट टेक द पर्संस नेम ओके पर वो एक पार्टी के इंसान है उन्होंने कहा
(40:20) है कि अ पार्टी मतलब पॉलिटिकल पार्टी उन्होंने बोला कि ये जो एक सर्टन कैटेगरी ऑफ़ लोग होते हैं उनको ना एक टाइम पे समझाने के भी ट्राई नहीं करना चाहिए क्योंकि वो गॉन केस हो जाते हैं। सो डोंट वेस्ट योर एनर्जी। तो ऐसा मुझे लगता है कि जिन्होंने यह माइंडसेट बना लिया है उन्होंने अपना माइंडसेट बना लिया है तो वो तो यह मानेंगे ही नहीं। पर अगर कोई एक इंसान भी मान जाए तो ट्राई करके देखो दैट वर्ल्ड टूर 1 करोड़ की जगह 50 लाख में कर लेना 25 लाख में कर लेना बट डू टू द चाइल्ड इट इज सो मच मोर फन कहते हैं ना खुशी बांटने से बढ़ती है और गम बांटने से
(40:56) कम होता है इट्स अ रियलिटी एंड आई हैव लिव्ड दैट रियलिटी इज व्हाई आई एम टेलिंग यू अ चाइल्ड इज अ जॉय इन लाइफ अ हस्बैंड और अ वाइफ इज जॉय एंड प्रॉब्लम आती है मैं सुबह से लेके शाम तक चिल्ला रही होती हूं अपनी बेटी के साथ सही है कोई नहीं सुनती मेरी कोई बात नहीं सुनती वो [हंसी] बट दैट्स द फन ऑफ़ इट यू नो अरे वो वो अभी सुन लेगी तो मतलब मजा क्या है फिर माय हस्बैंड एंड आई मतलब हमारे भी डिसए्रीमेंट्स होते हैं ऐसा तो है नहीं वो मेरा क्लोन नहीं है मैं उसकी क्लोन नहीं हूं ना वो मेरा पपेट है वो जोरू का गुलाम नहीं है मैं भी उसकी गुलाम नहीं हूं इट इज
(41:28) ओके टू हैव डिसए्रीमेंट्स पार्ट ऑफ़ प्रोसेस हां इट इज़ इट इज़ आप मम्मी पापा के साथ कभी लड़ाई नहीं करते हमेशा तो फिर अगर वही लड़ाई आपके बच्चों से हो जाती है या इनलॉ से हो जाती है हस्बैंड से हो जाती है वाइफ से हो जाती है तो बहुत बड़ी बात हो जाती है। क्यों? वही चीज अगर पेरेंट्स बोल दे, पेरेंट्स बोलते हैं घर से निकल जाओ। हम तो क्या होएगा? आप कमरे में घुस जाओगे। मेरा भी घर है। मेरी भी लड़ाई करेंगे। मेरी तो मतलब वसीयत में नाम तो मेरा होगा ही। [हंसी] हां होगा। आपके बाद क्या है? हमारा ही है। तो मेरा ही तो है। बट ये बात अगर लड़ाई में किसी दिन हस्बैंड
(41:58) ने बोल दी या वाइफ ने बोल दी तो वो मेंटल ट्रॉमा और अब इमोशनल अब्यूज हो जाती है। अ बैंडविड्थ ऑफ़ टॉलरेंस डिक्रीजसेस। ऐसा मुझे लगता है। सो आई थिंक चिल्ड्रन आर ब्यूटीफुल एंड मैं इसलिए नहीं कह रही हूं बिकॉज़ मेरी बेटी है। मैं जेनुइनली ये मानती हूं दैट एक बच्चा तो होना चाहिए। लाइफ इज़ अ लॉट ऑफ़ होना चाहिए। और मैं मतलब एक बात मैंने जो पर्सनली रियलाइज की थी मुझे बच्चे कोई खास पसंद नहीं थे। मतलब क्योंकि रोते हैं। हां इरिटेटिंग होते हैं। वो पॉटी करते हैं। सुसु करते हैं। वैरी इरिटेटिंग नो बट जो आपके बच्चे आपका बच्चा आपके ऊपर करेगा ना सुसु आपको बुरा नहीं
(42:33) लगेगा। दूसरे का करेगा तो बुरा लगेगा। नहीं सी आई एम समबडी हु डिसएग्रीस। आई फील मुझे तो तब भी बुरा लगता है। आई अग्री दे आर वेरी वेरीरी इरिटेटिंग बीइंग्स। मतलब बहुत ही इरिटेटिंग प्राणी होता है बच्चा। बट इट्स अ फन काइंड ऑफ़ इरिटेटिंग। इट्स अ फन काइंड ऑफ़ मतलब जो इमोशनल कनेक्शन आपका अपने बच्चे के साथ होता है। सी टू लिव लाइफ। आई फील यू नीड समथिंग टू लुक फॉरवर्ड। द चाइल्ड गिव्स यू समथिंग टू लुक फॉरवर्ड टू ऑन अ डेली बेसिस। मुझे लगता है दिस इज द बेस्ट वे आई कैन यू नो पुट इट अक्रॉस। इन लाइक आई सेड आते ही मैंने कहा था जिंदगी में थोड़ा रस जरूरी है। दिस इज अ रस
(43:09) इन लाइफ। यू नो यू नीड समथिंग टू लुक कल ये इसका एग्जाम होएगा। ये उस क्लास में जा रहे हैं। ये कौन से सब्जेक्ट लेंगे? ये क्या करियर चूज़ करेंगे? फिर उनके करियर के साथ आप दोबारा से जवान होते हो। यू नो यू आर यू आर लिटरली लिविंग योर चाइल्डहुड विथ योर चाइल्ड। तो मुझे लगता है कि लंबे खुशहाल जीवन के लिए दिस इरिटेशन इजेंट इज व्हाट आई फील। एंड बहुत लोग कहते हैं कि बच्चा बहुत महंगा होता है। मत करो ना। किसने बोला है महंगा खर्चा करने के लिए? हु सेस कि आपको उसी स्कूल में ही डालना है। उसी टाइप के ही कपड़े पहनाने हैं। उसी टाइप का ही हॉलिडे करना है। नहीं आपको
(43:47) अपने मेंस में रह के करना चाहिए। बहुत खुशी से जी सकते हैं। हमारे एक और चीज हमारे कंट्री का बहुत बड़ा एडवांटेज है। मत जरूरी नहीं है कि आपको दिल्ली एनसीआर में ही रहना है। तंग होके ही रहना है। मतलब आई थिंक इंडिया इज द ओनली कंट्री कि जहां पर आप 15000 में भी सर्वाइव कर सकते हो। 15 लाख में भी सर्वाइव कर सकते हो। 15 करोड़ में भी सर्वाइवर्स 15 करोड़ में भी नहीं सर्वाइव कर सकते हैं। नहीं सही सही एक्सैक्टली। मतलब 15,000 में भी हो सकता है। 15 करोड़ में कुछ लोग का नहीं हो पाता। नहीं हो पाता है। एंड दिस इज़ अ ब्यूटी ऑफ़ आवर कंट्री। दिस इज़ नॉट पॉसिबल इन द
(44:16) डेवलप्ड नेशंस। इन द डेवलप नेशंस यू नीड टू हैव अ मिनिमम कॉर्पस। इसीलिए वहां पे फिक्स्ड वेज होती है कि मिनिमम सैलरी इतनी देनी है। ऑफ कोर्स इट इज़ अ गुड थिंग यू नो यू नो टू वैल्यू लेबर। बट दिस इज़ आल्सो अ रीज़ दैट इतना आपको चाहिए ही होगा। उससे कम में काम चलेगा। काम चलेगा। यहां पे सब चलता है। तो हमें हमेशा स्ट्राइव करना चाहिए और कमाने के लिए। इसमें कोई बुराई नहीं है। एंड शाहरुख खान सेड यू नो दैट बिकम अ फिलॉसफर ओनली आफ्टर यू बिकम रिच। तो बहुत सही बात है वो कि ज्ञान देना तभी आता है जब आपका पेट और पॉकेट भरी होती है। सो, आई अंडरस्टैंड दैट। आई नो व्हाट इट
(44:51) फील्स लाइक टू बी वांटिंग टू टू हैव द बेस्ट फॉर योर चाइल्ड। बट जिंदगी नहीं रोकनी चाहिए फॉर दैट। यू नो यू कैन बिल्ड योर वर्ल्ड टुगेदर इज व्हाट आई एम सेइंग। दैट टाइम किसी के लिए नहीं रुकता। दैट्स ऑल आई एम सेइंग। हम लोग बात करते हैं वुमस हेल्थ की जो आज की डेट में एक बहुत बड़ा इशू बन गया है। प्रॉब्लम है कि नहीं है ये मुझे नहीं पता। बट इशू एक बहुत बड़ा है क्योंकि तीन चार मेजर रीज़ंस हैं जो सारे वुमस को मतलब इशज़ हैं जो हो रहे हैं। फर्स्ट थकान रहना, टायरनेस हेयर फॉल एक्ने एंड एक बड़ा ना फैशन चल गया आजकल पीसीओडी, पीसीओएस मतलब आप देखोगे मतलब हर सेकंड वूमेन को
(45:30) पीसीओडी तो मिलेगा ही मिलेगा। हम और जब भी उसके बारे में वो कुछ भी देखती है, पढ़ती है, सोचती है तो केवल एक चीज Instagram फीट पे आ जाएगी कि आपको हॉर्मोनल इमंबैलेंस है। मीठा है ना? मीठा मत खाओ, अच्छी लाइफस्टाइल करो, शुगर कट करो, राइस मत खाओ, अपना वेट डाउन करो। तो एक्चुअली मतलब ये रीजन है। ये प्रॉब्लम है या फिर केवल एक अ जो अभी आपने बताया ना पेड स्टडी के अकॉर्डिंग इसको बना दिया गया है। नहीं नहीं तो पीसीओएस, पीसीओडी तो है। ओके? यह जेनुइनली एक प्रॉब्लम है एंड इट इज़ एक्चुअली इंपैक्टिंग द फर्टिलिटी ऑफ द नेशन ऑन द होल एंड द वर्ल्ड ऑन द होल।
(46:07) इसीलिए जगह-जगह पे आईवीएफ क्लनिक्स खुल रहे हैं। अभी ये जेन्युइन प्रॉब्लम है और चीनी की आपने बात करी शुगर वेट्स तो इसमें मैं क्विकली आई विल वांट टू ऐड वन थिंग फॉर पीसीओ पीसीओएस, पीसीओडी एंड शुगर। ठीक है? ग्लूकोस मॉनिटर बिकॉज़ पीसीओएस, पीसीओडी के नाम पे बहुत ज्यादा कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटरिंग वाले सीजीएम डिवाइसेस बिक रहे हैं। ओके? तो लोग क्या करते हैं? अपनी ग्लूकोस स्पाइक मेजर करते रहते हैं। वुमेन आल्सो दे आर वेरी पर्टिकुलर नाउ। सीजीएचएम सीजीएम मॉनिटर वो पहन कर घूमते हैं। आपने देखा होगा आम पे ऐसा गोल सा लगा रहता है।
(46:38) एंड दे होम लाइक आई सेड इन द बिगनिंग कि आपकी स्पाइक होना जरूरी है। इफ अ वूमन और अ मैन एक्सरसाइजेस जब आप या सीढ़ियां चढ़ के आते हो या बहुत इन हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करते हो तो आपका हार्ट रेट बढ़ता है। आपका बीपी बढ़ता है। सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर बढ़ता है। तो आप क्या कहते हो? मेरे को हटा खाने वाला है। मैं डॉक्टर के पास जा रहा हूं। तो फिर जब आपने कुछ खाया और आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ तो आपने क्या बोला मुझे डायबिटीज हो रहा है। मुझे चीनी बिल्कुल नहीं खानी चाहिए। सो दिस कॉमन सेंस इज मिसिंग। अगर आप एक्सरसाइज करोगे तो आपका बीपी
(47:10) बढ़ेगा। आप सीढ़ियां तेज भाग के आओगे तो आपकी सांस चढ़ेगी। दैट मींस आपकी हार्ट रेट बढ़ रही है। दैट डज नॉट मीन आपको हार्ट अटैक आ रहा है। द पॉइंट इज कि सांस चढ़ने के बाद कम भी हो जानी चाहिए। वैसे ही आपने मीठा खाया। आपका ग्लूकोस स्पाइक हुआ। फिर वो आधे 1 घंटे डेढ़ घंटे में कम हो जाना चाहिए। स्पाइक इज फाइन। एक लेवल तक इट्स ओके। नाउ फॉर वुमेन विद पीसीओएस एंड पीसीओडी जो कंटीन्यूअस ग्लूकोस मॉनिटरिंग करते हैं या जो भी करते हैं। इट इज अ रियल प्रॉब्लम। एंड इसका प्रॉब्लम चीनी नहीं है। इसका प्रॉब्लम है वेट। ओके? अब वो वेट किसी भी चीज से बढ़ सकता
(47:44) है। वो वेट सिगरेट से बढ़ सकता है। वो वेट अल्कोहल से बढ़ सकता है। वो वेट स्ट्रेस से बढ़ सकता है। वो वेट हॉर्मोन से बढ़ सकता है। एंड मोस्टली जो है पीसीओएस, पीसीओडी यंग लड़कियों में मिलता है। क्योंकि वो एक्सरसाइज नहीं करती। ओके? दे यू विल फाइंड मोस्ट ऑफ़ देम आर ओवरवेट। एंड वो ओवरवेट घर की दाल, रोटी, हलवा, खीर से नहीं है। वो है बिकॉज़ ऑफ़ द जंक। एंड दाल, रोटी, हलवा, खीर, लड्डू इज नॉट जंक। वह घर का बना है। वंस इन अ व्हाइल अगर आप दिन में एक वो खा रहे हो। इट इज ओके। जंक इज अ पैकेट ऑफ चिप्स। जंक इज अल्कोहल। जंक इज कोक। यह कट डाउन करो। इट इज मैजिकल।
(48:24) यू विल बी शॉक्ड। आप मीठा खाओ। बस कोक मत पियो। आप नींबू पानी पी लो। आप कोक छोड़ दो। 100% कोक छोड़ दो और आप नींबू पानी पी लो। रोज दिन का एक गिलास नींबू पानी पी लो। शक्कर डाल के। हां। चीनी नमक डाल के आप नींबू पानी पी लो। कोक छोड़ दो। आप एक छोटा बेसन का लड्डू या गोंद का लड्डू या एक बर्फी खा लो। आप चॉकलेट्स छोड़ दो। आप एक जलेबी खा लो, दो जलेबी खा लो। बट डोंट ईट द कुकीज़। ट्राई इट। यू विल बी सरप्राइज्ड एट द इफेक्ट एंड इंपैक्ट एंड मूवमेंट। गर्ल्स डोंट एक्सरसाइज। पसीना नहीं आना चाहिए। मेकअप मेल्ट नहीं होना चाहिए। गर्मी में नहीं जाना चाहिए।
(49:00) पोलशन नहीं होना चाहिए। माय गॉड आई कैन नॉट ब्रीड। माय गॉड माय स्किन इज सो सेंसिटिव। एंड देन देयर आर बॉयज हु फाइंड इट वै क्यूट। माय माय गर्लफ्रेंड इज़ वेरी डेलिकेट। शी इज़ वेरी पॉश। शी कैन नॉट हैंडल द हीट। हाउ विल यू हैंडल अ लाइफ? [हंसी] इट इज नॉट नाइस। यू नो इट इज नॉट क्यूट। मुझे समझ नहीं आता है हाउ टू हैंडल मनी। मुझे समझ नहीं आता है। मैं धूप में बिल्कुल नहीं जा सकती हूं। मैं वो चढ़ नहीं सकती हूं। मैं यह बैग उठा नहीं सकती हूं। यू नो द मोमेंट यू सी समथिंग हैवी। यू आर ट्राइंग टू फाइंड सम टू लिफ्ट इट फॉर यू। पैसे की बात करो तो मुझे नहीं आता है।
(49:36) घूमने बोलो तो मेरे से नहीं होता है। चढ़ने बोलो मुझसे नहीं होता है। अरे क्यों? ठीक है। अ वूमन इज बायोलॉजिकली वीकर देन अ मैन बट अ वुमन इस नॉट वीक। राइट? आप कंपैरिजन में कम हो पर आप वैसे कम नहीं हो। आप जहां आदमी चढ़ सकता है। एंड एक 20 ईयर ओल्ड लड़की और एक 20 एक 20 ईयर ओल्ड लड़का। दोनों भी स्किलो उठा सकते हैं। पर वो रेलवे स्टेशन पे जा रहे हैं। आई विल सी सो मेनी टाइम्स। ओ द बॉय इज लिफ्टिंग ऑल द लगेज एंड द गर्ल इज वा- वाकिंग विथ द हैंडबैग। आई एंड देन यू वांट फेमिनिज्म। [हंसी] यू डोंट अंडरस्टैंड हाउ टू मेक मनी। यू डोंट अंडरस्टैंड हाउ टू हैंडल हीट एंड देन
(50:12) यू वांट फेमिनिज्म। इट डस नॉट वर्क लाइक दैट। माय आईडिया माय मैसेज टू ऑल द वुमेन आउट देयर। प्लीज एक्सरसाइज एंड एक्सरसाइज डज़ नॉट मीन जिम। इट डज़ नॉट मीन जिम बाय एनी स्टैंडर्ड्स। जिम आपको बहुत शौक है तो कर लो। फाइन। बट दैट इज़ नॉट द सशन। द स्यूशन इज़ मूवमेंट इन द सन। बॉडी पर धूप लगना बहुत जरूरी है। किसी लड़के को तो लगती होगी शायद लड़की ने तो शायद धूप देखी नहीं आज तक। आई डोंट थिंक गर्ल्स सी सन एनी मोर। दे आर सो स्केर्ड। सनस्क्रीन लगाना है, सनस्क्रीन लगाना है, धूप में नहीं जाना है। अरे हम वैंपायर्स नहीं हैं। यू नो वी आर डायनल डायर्नल बीइंग्स। डायनल
(50:48) मतलब हमें दिन भी चाहिए। हमें रात भी चाहिए। हम उल्लू थोड़ी हैं जो रात में ही निकलते हैं। [हंसी] बट द गर्ल्स हैव बिकम उल्लू। हम एंड बॉयज भी वही हरकतें करते होंगे मुझे नहीं पता बट लड़कों को अभी ठीक है इट्स गॉड्स गिफ्ट उनको हॉर्मोनस वैसे इमंबैलेंस नहीं होते गर्ल्स डोंट हैव टू बेयर अ चाइल्ड बॉयज डोंट हैव टू बेयर अ चाइल्ड अ गर्ल हैज़ टू बेयर अ चाइल्ड अ बॉयज बायोलॉजी एंड गर्ल्स बायोलॉजी इज़ वै डिफरेंट नाउ यू वांट टू फाइट अबाउट इट नहीं वो कर रहे हैं वो तो सिगरेट और दारू पीते हैं वी आर फेमिनिस्ट हम भी पिएंगे पी लो फिर देन लिव विद पीसीओएस ए पीसीओडी
(51:17) उनको नहीं होता दे डोंट हैव ओवरीज व्हाट डू वांट टू डू नाउ यू नो दैट इज अ वेरी बिग वुमेन आर इन दिस रेस वी आर वी आर वैरी मॉडर्न इफ अ मैन कैन ड्रिंक एंड स्मोक व्हाई कांट नो नो यू कैन बट द थिंग इज यू हैव ओवरीज अ बॉय डज नॉट यू नो यू हैव एस्ट्रोजन एंड प्रोजेस्ट्रॉन एंड द बॉय डज नॉट सो यू विल सफर एंड द बॉय विल नॉट तो अभी तुम्हें फिर भी कंपैरिजन करना है तो फिर करो तो ये है पीसीओएस और पीसीओडी की कहानी जस्ट लीव जंक फूड वही लोग एक्सरसाइज में बहुत आजकल जा रहे हैं प्रोटीन सप्लीमेंट में बहुत जा रहे हैं। कुछ नहीं होने वाला है।
(51:56) बिकॉज़ यू हैव टू लीव द जंक। यू नो वेट लॉस इज 90% डाइट। 10% एक्सरसाइज एक्सरसाइज या 90% में कोई चेंज नहीं है। 10% में जान निकाल रखी है। आई बर्न 2000 कैलोरीज। आई डीड एचआईटी, आई डिड हाई रक्स करते रहो। कुछ नहीं होने वाला। फिर उसके बाद खाना पैकेट वाला खाना। हां। यू नो यू सप्लीमेंट बाहर खा लिया। हाई एनर्जी ड्रिंक पी ली। उस टाइम पर यू विल गेट द एनर्जी बूस्ट। बट द बॉडी नीड्स फूड, बॉडी नीड्स द कार्बोहाइड्रेट्स, इट नीड्स द फैट्स, इट नीड्स द प्रोटीनंस एंड इट नीड्स इट टुगेदर। इसीलिए दाल, रोटी, सब्जी खानी है। सिर्फ दाल की कटोरी पीने
(52:35) से नहीं होएगा। बॉडी को चाहिए वो आई थिंक। और ये पुराने टाइम पर जब हम लोग देखते हैं ना जैसे गांव वगैरह में आप जाओ ना तो आज भी आप देखोगे ना तो एक थाली में उनके दाल आएगी, सब्जी आएगी। कि साथ में दही या छाछ तो होगा ही होगा रोटी होगी देखो वो कंप्लीट डाइट लेते हैं और हम लोगों की एक क्या नई जो नई जनरेशन आ रही है ना उसकी क्या आदत है एक बाउल में थोड़ा सा कुछ ले लिया एक आइटम अगर दाल खाई चावल आज खाया तो आज रोटी नहीं खाएंगे और आज अगर रोटी खाई तो कल चावल नहीं खाएंगे मतलब मुझे लगता है कि एक तो खाना बनाने में मेहनत लगती है। हां
(53:10) वो कौन करेगा? मैगी बना लो खा लो। आई जेनुइनली फील दैट खाना बनाने में लगती है मेहनत। राइट? वो नहीं करनी है। एंड दिस इज़ गोइंग टू बी अ रियली आई डोंट नो कंट्रोवर्शियल पॉडकास्ट ऑर ऑल द क्रैक दैट आई एम टॉकिंग एज पर द यंग पीपल। [हंसी] बट मुझे लगता है कि वन वेरी बिग प्रॉब्लम इज़ खाना बनाना। एंड ऑनेस्टली आई विल नॉट ब्लेम द यंगर लॉट जो नहीं बना रहे। बिकॉज़ लाइक आई सेड पैसा कमाना आसान नहीं है। एंड एवरीबॉडी वांट्स अ गुड लाइफ। आप सारा दिन भर बाहर काम करके आओ। फिर घर पे आके वो मम्मी दादी के टाइम के जैसा खाना बनाओ। वो भी नहीं हो सकता।
(53:43) तो आई वुड से अगर आप उस हासिल में लगे हुए हो तो फिर एक गोरे एक चीज करते हैं बहुत सही होती है। इज कॉल्ड मील प्रप मील प्रप हां मतलब आप पूरे हफ्ते की प्रिपरेशन करके रख लो उबाल के रख लो सब्जियां उबाल के रख लो दाल उबाल के रख लो रोज वैरायटी मत एक्सपेक्ट करो एक ही दाल दो दिन खा लो अगर आप उस पैटर्न में हो इट्स अ वेरी बिग स्यूशन टू द प्रॉब्लम ऑफ अ यंगर जनरेशन कि जहां पे रोज खाना नहीं बनाना पड़ेगा सैटरडे संडे दोनों हस्बैंड वाइफ मिलकर मील प्रप कर लो सब्जियां उबाल के रख लो दाल उबाल के रख लो राइस बना के रख लो दो-ती दिन का एंड जल्दी से शाम शाम को आए अनियन वगैरह
(54:21) गार्लिक वार्किक सब काट कूट के रखो। जल्दी से आए तड़का लगाए। तड़के में टाइम नहीं लगता। उबालना, सीटी मारना उस सब में आई एम अस्यूमिंग टाइम लगता है। तो जल्दी तड़का लगाया एंड योर फूड इज रेडी। आई थिंक इफ यू डू दिस मील प्रप हैबिट इट विल रियली सेव यू अ लॉट ऑफ़ टाइम एंड अ लॉट ऑफ़ हेल्थ एंड अ लॉट ऑफ़ मनी। इंडिया में अभी भी घर का खाना ज्यादा न्यूट्रिशियस है और ज्यादा सस्ता है। बाहर बात दूसरी हो चुकी है। बाहर बाहर का खाना इज मोर इकोनॉमिकल देन मेंटेनिंग द होल किचन। इकोनमिकल भी है और उनकी जो क्वालिटी स्टैंडर्ड्स है वो भी बहुत हाई है।
(54:52) नॉट एवरी टाइम बट या ओके सम प्लेसेस यस बट ओवरऑल आई विल नॉट जनरलाइज इट। आई डोंट थिंक दैट्स ट्रू। और इंडिया में एक नया ट्रेंड भी चला हुआ है ना कि घर का खाना इज नॉट हेल्दी। और जो ब्रांड्स प्रोटीन बना रहे हैं, प्रोटीन बार आप लोग मैंने तो बताई थी स्टडी। हां वो तो वही वही चीज मैं मैं मतलब रिसेंटली काफी टाइम से मैं भी देख रहा था और ऐसा होता है ना कि जब आप एक ही चीज को 10 बार सुनते हो, बार-बार वही चीज देखते हो तो आपके माइंड में वो चीज ट्रिगर करने लगती है। कन्फर्मेशन बायस है ना? जैसे एक नया नया ट्रेंड मैंने देखा जिम के लड़कों में। मैं मैं मतलब रेगुलर
(55:24) जिम करता हूं। लेकिन मेरा कोई जिम करने का वैसा नहीं कि मुझे कोई सिक्स पैक एप्स निकालने है। मुझे अच्छा लगता है जिम करना। तो मैं जाता हूं। ठीक है। तो मैं देख रहा हूं लड़के वहां बैठ के ब्राउन ब्रेड में मतलब ब्राउन ब्रेड में पीनट बटर लगा के खा रहे हैं। तो मैंने मैंने मतलब एक नॉर्मली उससे पूछा। मैंने कहा भाई एक काम किया करो ना घर से जैसे भूख लगती है ट्रेनर हो तो पराठा सब्जी ले आया करो। अच्छा अ रोटी सर ने बोला है कि रोटी नहीं लेना है। रोटी तो बिल्कुल कट डाउन मैंने कर दी। मैंने कहा ये क्या ले रहा है भाई? वो तो मैदा ले रहा है। ब्राउन ब्रेड में
(55:53) क्या आटा होता कुछ नहीं है। सब वो बस कलर है। कलर तो मतलब मेंटालिटी आप देखो कि पराठा और रोटी नहीं खाना है। बट ब्राउन ब्रेड इज़ हेल्दी। या पीनट बटर इज़ हेल्दी। पीनट बटर इज़ हेल्दी। लाइक आई सेड इट्स वी हैव दिस ग्रेट एबिलिटी टू कॉपी द वेस्ट। वहां पे पीनट बटर चला। हां। सी तो अमेरिका, यूरोप वहां पे क्या हुआ? दे आर डेवलप्ड इकॉनमीज़। वो हमसे कई 100्स ऑफ इयर्स पहले इंडिपेंडेंट हो गई। तो ऑफ कोर्स वो वहां पे हैं जहां पे हम अभी नहीं है। बिकॉज़ हम अभी 75 इयर्स पहले ही इंडिपेंडेंट हुए हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो उन्होंने रैपिड डेवलपमेंट करी। रैपिड
(56:31) डेवलपमेंट के लिए आपको बहुत सारे शॉर्टकट्स करने पड़ते हैं लाइफ में। उन्होंने वो सारे शॉर्टकट्स करे क्योंकि उनको एक गोल पे पहुंचना था। उस जगह पहुंचने के लिए इट्स लाइक माउंटेन है। पहाड़ चढ़ रहे थे। वो पहाड़ चढ़ना था। चढ़ने के लिए जो जो उन्हें चीजें करनी पड़ी उन्होंने करी। व्हाटएवर इट टेक्स। जब वो चढ़ गए। अब हम उनको देख रहे हैं। दे आर द पीक। दे आर डेवलप एंड अब हम चढ़ रहे हैं। तो हम चढ़-चढ़ते उसको देखते हैं जो ऊपर होता है। बिकॉज़ हमें वैसा ही करना है। बट द स्मार्ट थिंग इज टू लर्न फ्रॉम अदर पीपल्स मिस्टेक्स। अब हमें ये देखना चाहिए
(57:04) कि वो वहां चढ़ तो गए पर चढ़ते-चढ़ते उन्होंने क्या-क्या गलतियां कर दी। तो हम भी चढ़ेंगे। उनकी सही चीजें सीख लेंगे। बट जो उन्होंने मिस्टेक्स करी हम वो नहीं करेंगे। उनको अवॉइड करेंगे। पर वो इंसान की आदत खराब है। वी डोंट लर्न फ्रॉम अदर्स मिस्टेक्स। वी आर डूइंग द सेम थिंग। बट अमेरिका अपनी गलतियां अब सीख चुका है। तो अब वो क्या कर रहा है? हमारे सारे चीजों को योगा वो चोरी कर देता है। योग निद्रा वो चोरी कर लेता है। करक्यूमिन वो चोरी कर लेता है। बासमती राइस वो ले जाता है। सब कुछ वो ले जाता है। राइट? नीम वो ले गया। एवरीथिंग दे विल टेक दे
(57:36) विल ग्लैमराइज एट ईस गोल्ड सिलियम हस्क। हां। अरे इतनी अब मैं आपको बताऊं इतने ब्रांड्स हैं। मुल्तानी मिट्टी ₹500 में बिक रही है। सो दे बिकॉज़ दे नो व्हाट इज गुड नाउ बिकॉज़ वो उधर पहुंच गए उधर पहुंचने में एक्सपीरियंस लगता है। ऐसे ही नहीं अमेरिका डेवलप्ड बन गया है एंड वर्ल्ड सुपर पावर बन गया है। उन्होंने कुछ करा होगा। यू डोंट बिकम सक्सेसफुल बट डूइंग एनीथिंग। सिर्फ किस्मत सक्सेसफुल नहीं बनाती है आपको। उस किस्मत के साथ आपने कुछ किया होता है। सो टू अमेरिकास क्रेडिट। दे हैव डन समथिंग। और समथिंग करते-करते उन्होंने सीख लिया।
(58:06) सो नाउ दे आर टेकिंग ऑल द गुड थिंग्स फ्रॉम अस और ये हमारी बेवकूफी है दैट वी वांट टू कॉपी देम। हम वेट करेंगे जो अमेरिका बोलेगा कि सिलेम हस्क अच्छा है। यहां ईसब गोल ईसब गोल करते रहे। ईसब गोल का मजाक उड़ाते थे। इफ यू रिमेंबर यू नो ओ तुम्हें कॉन्स्टिपेशन है। हां यू आर हैविंग ईसब गोल। ईसब गोल सुनते ही लोगों को ऐसे लगता था दैट यू नो ओ माय गॉड। लाइक यू नो छी ये क्या है? हल्दी, मिर्ची, वी डोंट ईट मसाला। अभी करक्यूमिन टैबलेट्स खा रहे हैं। यू नो, हम मिर्ची नहीं खाते थे। बट नाउ वी लव पेपर्स। सो दिस इज द मेंटा ऑर्गनो। ठीक है? नाउ दीज़ आर दिस इज
(58:40) मेंटालिटी शिफ्ट। हमारे मम्मी पापा बोल बोल के थक गए घी खाया करो। घी खाया करो। हम नहीं घी खाएंगे। नाउ व्हेन अमेरिका सेस दैट यू नो क्लेरिफाइड बटर इज ग्रेट फॉर हेल्थ। तो अब हम घी खा रहे हैं। वी लव क्लेरिफाइड बटर। वी डोंट ईट नॉर्मल प्ले सॉल्टेड बटर। वी ईट क्लेरिफाइड बटर। [हंसी] खा लो फिर क्लेरिफाइड बटर खा लो। घी मत खाओ। दैट्स द प्रॉब्लम। यू हैव टू लर्न फ्रॉम अदर पीपल्स मिस्टेक्स। स्मार्ट वही इंसान होता है जो औरों की गलतियों से सीखता है। बट हमारी आदत होती है। हम जब तक खुद थप्पड़ नहीं खाते हैं ना हमें रियलाइज नहीं होता नहीं आता है।
(59:14) दैट्स व्हाट्स हैपनिंग विथ अस वी आर लूजिंग आवर गुडनेस। एंड टू आवर क्रेडिट वी आर वी आर वन ऑफ़ द ओल्डेस्ट सिविलाइजेशंस। हम हजारों साल रहे। अमेरिका हजारों साल से नहीं है। अमेरिका में कोई ओरिजिनल अमेरिकन नहीं है। ओरिजिनल अमेरिकन को तो मार दिया उन लोगों ने। या वो कहीं दो चार जंगल में रख रह रहे होंगे। यू नो अबोरिजनल्स जो है वो अमेरिकनंस हैं ही नहीं। अभी इंडिया में इंडियंस ही हैं। देयर इज़ अ रीज़न वी हैव ब्लास्टेड फॉर सो मेनी थाउजेंड्स ऑफ़ सेंचुरीज़। उसको वैल्यू करो। जब तक आप वैल्यू नहीं करोगे इट इज़ ओनली अ मैटर ऑफ़ टाइम। अभी जो
(59:45) चल रहा है ना, मैंने बताया था मैं प्रोटेस्ट में जहां फंस कर आई हुई हूं। आई एम टेलिंग इट इज़ ओनली अ मैटर ऑफ़ टाइम। हम फिर से हमें लूटा जाएगा। हम फिर से रूल होएंगे और इस बार हमारे घर के अंदर से ही रूलर निकलेगा। सो इफ यू वांट टू लिव अ स्मार्ट लाइफ सबसे पहले जिंदगी चाहिए होती है कॉमन सेंस और वह बहुत बुरी तरीके से मिसिंग है। यू हैव टू हैव कॉमन सेंस। यू शुड क्वेश्चन एवरीबॉडी। ऐसा नहीं है कि यह पार्टी अच्छी है और यह पार्टी बुरी है। ऐसा नहीं होता है। अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था पार्टियां सारी एक जैसी होती हैं। नहीं अटल बिहारी वाजपेयी कहा था कि पार्टी
(1:00:19) आती रहेंगी। पार्टी जाती रहेंगी। नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टियां सारी एक जैसी होती हैं और देश चलते रहना चाहिए। ही सेड पार्टी सब एक जैसी होती हैं एंड देन ही सेड कि ऑलदो वो अपनी पार्टी को थोड़ा बेटर बनाने की कोशिश कर रहे हैं वगैरह-वगैरह पर पार्टियां सारी एक सी होती हैं। पार्टी से लड़ो पर देश से मत लड़ो। देश से मत लड़ो। सो दिस इज वन। एंड यू नो बहुत लोगों को लगा कि हेल्थ में देश कहां से आ गया? देश आया बिकॉज़ देश ही आपको चला रहा है। यह देश का खाना है। देश के बिलीव्स हैं। देश के सिस्टम्स हैं। देश का कल्चर है। इसको आप
(1:00:51) छोड़छोड़ के भाग रहे हो और फिर आपको वही चीज कोई 10 टाइम्स प्राइस में बेचेगा फिर आप उसको ले लोगे। जैसे एक बहुत अच्छा एग्जांपल है आज की डेट में मिलेट्स मतलब मोटा अनाज हमारे जो भी पूर्वज थे वो मतलब केवल गेहूं की रोटी नहीं खाते थे। है ना? उस पे वो रागी और जो भी मिलेट्स आते हैं वो सब तब तब हम लोगों ने उसको छोड़ दिया। है ना? आज जब सब बोल रहे हैं कि मिलेट्स मिलेट्स चिल्ला रहे। तो आज हम वही चीज जो ₹50 पर केजी मिलती है उसको हम ₹500 में परचेस कर रहे हैं। पर इस पे भी मैं करेक्शन करना चाहती हूं। बिकॉज़ ये मेरे जान पहचान वाले लोगों में
(1:01:25) बहुत ज्यादा हो रहा है। अभी वो सारा दिन बाजरा खाते हैं। वो बहुत बुरा है। बाजरा इज अ सुपर फूड। नो डाउट। पहली बात तो सुपर फूड कुछ नहीं है। देयर इज नो सच थिंग एस सुप। कोई भी एक खाना आपको कभी भी हेल्दी नहीं रख सकता। ओके। दुनिया का सबसे अच्छा खाना मान लेते हैं कि बाजरा है या मान लेते हैं कि घी है या मान लेते हैं कि पनीर है और या फिर मीट है एनीथिंग आप सिर्फ मीट खाओ आप बीमार हो जाओगे बेस्ट खाना आप सिर्फ बाजरा खाओ आप बीमार हो जाओगे बाजरा ठंड का होता है चना गर्मी का होता है होता है ये सीजनल डाइट्स होती है आप कभी भी कुछ भी
(1:02:02) नहीं खा सकते दिस इज ये ट्रेडिशनल नॉलेज होती है जस्ट बिकॉज़ ये साइंटिफिकली वैलिडेट नहीं हुई। डस नॉट मीन ये होती नहीं है। थोड़े टाइम में हो जाएगी वैलिडेट। जब अमेरिका की नजर पड़ेगी ना इस बात पे वो वो तो वो ये भी वैलिडेट करेगा। पर आप तब तक बीमार होके मर चुके होंगे। मेरे को भी याद है मैं अभी ना एक दिन दही खाया था। मतलब मैं डेली दही खाता हूं। तो दादी मेरी बोल रही हूं जैसे वो जो हिंदी वाले कैलेंडर में होता है ना फागगुन मास और दैट कैलेंडर इज़ सो एक्यूरेट। हां। तो उन्होंने कोई मंथ बोला कि इस मंथ में दही नहीं खाया जाता। आप 11 महीने दही
(1:02:34) खाओ लेकिन इस मंथ में दही नहीं खाना है। उसी तरीके से उन्होंने दो तीन चीज़ और बताई कि जब आम आना शुरू होता है ना तो जो जिस मंथ में आम स्टार्ट होता है उस कुछ और उसको हिंदी में बोलते हैं। आई डोंट रिमेंबर उस मंथ के आम नहीं खाए जाते हैं। उस मंथ के बाद जब इस मंथ में आम आएंगे ना तब वो आम खाने लायक होते हैं। और फिर जो ला हां मीठे होते हैं। उस और जो लास्ट वाली खेप आती है जो लास्ट में आम आते हैं ना वो भी कोई हिंदी मंथ है। उस मंथ के भी जो टूटे हुए आम होते हैं ना वो कीड़ों के लिए बने होते हैं। मतलब उनका यह था कि वह जो आम की फसल होती है, आम की फसल भी तीन
(1:03:06) कैटेगरी में डिवाइड होती है। पहली फसल किसी दूसरे के लिए, दूसरी फसल इंसान के लिए, तीसरी फसल कीड़ों के लिए है। एंड इस पे आई एम श्योर देखो मुझे ये पता नहीं तो मैं कुछ बोल नहीं पाऊंगी। बट आई एम श्योर आई कैन सी लॉजिक इन इट। यू नो बिकॉज़ जैसे कौन सा ट्री होता है। आई कांट रिमेंबर नाउ। कोई ट्री होता है जिसका फर्स्ट फर्स्ट फ्रूट एडिबल नहीं होता है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] कुछ मुझे नहीं याद आ रहा है अभी। बट आई कैन सी लॉजिक इन इट। एंड हमारे ग्रैंड पेरेंट्स के पास व्हाट हैपेंड इज ग्रैंड पेरेंट्स की कहानी स्टोरीज ट्रैवल करती
(1:03:37) हैं। यस। तो उन्हें ये बात उनकी मम्मी ने बताई होगी। उनकी मम्मी को उनकी मम्मी ने बताई होगी कि बात ट्रैवल होती गई। इसके पीछे ये साइंस गुम गई। तो डजंट मीन कि इसके पीछे साइंस नहीं थी। साइंस थी पर साइंस कहीं गुम गई। और बात आगे चलती गई। क्योंकि बात याद रहती है। साइंस सबको याद नहीं रहती है। दैट डज नॉट मीन इट इज़ यू नो इट इज़ स्टूपिड। राइट। और हम छोटे आई रिमेंबर जब मैं व्हेन आई वास कैरिंग माय डॉटर तो मम्मी बोलती थी ये गरम खाना होता है ये ठंडा खाना होता है यू नो डोंट ईट दिस डोंट ईट दैट एंड मैं तो बहुत मॉडर्न थी ना तब तो मैं आई शुड लाइक
(1:04:09) मम्मा प्लीज ऐसा कुछ नहीं होता है ओके एंड नाउ इट इज [गला साफ़ करने की आवाज़] प्रूवन पपाया में पपायन एंजाइम होता है इट इज अ लैक्स वो लैक्सिटिव होता है और वो यूट्राइन वाल्स को डलेट करता है तो ठीक है मम्मी का एक्सप्लेनेशन गलत था कि गरम ठंडा पर उसके पीछे रीज़न क्या था तो रीजन गुम गया एक नैरेटिव चलता गया बॉटम लाइन क्या इन एक्सेस पपाया इज नॉट अ वेरी हेल्दी फ्रूट व्हेन यू आर एक्सपेक्टिंगली इन द लेटर मंथ्स रीज़न है नाउ आई एम सेइंग द साइंस इज़ अनफॉर्चूनेटली लॉस्ट सो दैट्स व्हाट इज़ हैपनिंग सो या ट्रस्टवर्दी कंपनीज़ की जरूरत है जहां पे एंड एक और
(1:04:48) प्रॉब्लम है जो मुझे लगता है मुझे नहीं पता मैं आगे जाके क्या करूंगी मैं मतलब मेरी ब्रांड है उसका क्या होएगा मुझे सच में नहीं पता बट आईडिया ये नहीं होना चाहिए कि मैं पैसा कमा संभालो और एग्जिट कर लूं। आप समझ रहे हो? पहले ये बिज़नेसेस कैसे बनते थे? आप अंबानी को देखो, आप टाटा को देखो, आप बजाज को देखो, बिरला को देखो। तीन-ती चार-चार जनरेशन से लगे हुए हैं लोग। किसी के परदादा के परदादा लगे थे। तो आज आपको टाटा, बिरला ये सब दिख रहा है। एक्चुअली क्या है ना वो लोग धंधा करते थे। आज लोग स्टार्टअप करते हैं। ये एक बहुत बड़ा डिफरेंस है क्योंकि धंधे का मतलब
(1:05:21) होता है कि आपको फेथ ट्रस्ट जीतना पड़ेगा। ट्रस्ट जीतना पड़ेगा। दूसरी चीज़ उनके माइंड में एक बहुत बेसिक मैथ जानते हैं। वो उनको एबिटा से मतलब नहीं है। उन्हें क्या उनके कॉक्स हैं? ये ये सब चीज़ वो नहीं समझते। बहुत बड़े-बड़े टर्म्स हैं। है ना? जैसे मैं तो बनिया हूं। अपने को तो एक बात समझ में आती है कि भाई ₹200 का सामान खरीदा प्रॉफिट होना चाहिए। और 250 का बेचा। 250 में हमारे ₹20 खर्च हुए। ₹30 मेरा प्रॉफिट मार्जिन है। एक्सैक्ट। और ये कस्टमर वापस आना चाहिए। ये कस्टमर वापस आना चाहिए। बस केवल ये इतना धंधे का इतना ही बेसिक साइंस है। अब
(1:05:52) उसको बड़े हैवी टर्म्स उसके बनाने। मुझे भी यही लगता है। सो मैं तो बहुत नई हूं बिज़नेस में। तो बिज़नेस के बारे में तो कोई भी ज्ञान नहीं दे सकती। मेरे तो बुरे खानदान में कोई बिज़नेस वाला नहीं है। आई एम लाइक हार्ड कोर लाइक आर्मी देन आईएएस माय हस्बैंड्स आल्सो इन मर्चेंट नेवी। सो वी आर लाइक अ हार्ड कोर यू नो यूनिफार्म वाले लोग हैं हम। खेतीबाड़ी मेरे घर में मतलब आईएएस है, आईपीएस है, जनरल है, कर्नल है, सूबेदार है, खेतीबाड़ी मतलब फार्मर है, है किसान है, प्रोफेसर बट कोई भी बिनेस मैंने ही करा है। मतलब मेरे मेरे माइंड में ना जैसे हम मेरी
(1:06:31) फैमिली तो बिज़नेस भी मतलब सारे हैं लेकिन बिनेसमैन ज्यादा हैं। तो कभी-कभी मैं बैठ के ऐसा मुझे डिप्रेशन होता है। जैसे मैं कभी-कभी स्टोरीज पढ़ता शार्क टैंक देख रहा हूं या कुछ कर रहा हूं या मैं देख रहा हूं कि यार मुझे मतलब ऐसा लगता है कि यार मेरी फैमिली बताओ यार इतने सालों से बिज़नेस कर रही है। मैं अपने आप को इतना होशियार समझता हूं कि मतलब मुझे यह भी आता है। मुझे यह भी आता है। और मेरा टर्नओवर मेरा यार बिज़नेस तो अभी इसी लेवल पे पहुंचा है। इनको देखो यार ये 100 करोड़ का कर रहा है। ये 200 करोड़ का कर रहा है। जब अंदर घुसता हूं तो पता चलता है भाई 100
(1:06:59) करोड़ की सेल करने के लिए। यह 10 करोड़ का लॉस है। एक्जेक्टली। सो दैट्स वन सेइंग दैट सी बिज़नेस शुड बी वैरी सिंपल। जितना मुझे समझ में आया 1ढ़ साल में, हां। देयर इज प्रॉफिट और देयर इज लॉस एंड देन देयर इज ट्रस्ट। कस्टमर वापस आ रहा है या नहीं आ रहा है। अगर कस्टमर परेशान है तो आप उसको कैसे हैंडल करते हो? राइट? और आप वो कस्टमर लाने में कितना पैसा खर्च करते हो? एक्सक्ट्ली सिंपल सी बात है। बिनेस में एक प्रॉफिट होता है, एक लॉस होता है और एक कस्टमर कस्टमर का भरोसा होता है। भरोसा होता है। मुझे चौथी चीज समझ में नहीं आती। यही बस यही बेसिक्स है। लेकिन एक्चुअली
(1:07:27) क्या है? स्टार्टअप कल्चर को इतना और मैं आपको बताऊं दिस इज द ओनली रीज़न कि लोग अपनी लाइफ में सक्सेस नहीं हो पा रहे हैं। क्यों? वो क्यों नहीं सक्सेस हो पा रहे? क्योंकि उनको वो बिज़नेस अच्छा नहीं लग रहा जिसमें वो ₹001 लाख महीना कमा रहे हैं। उनको वो बिज़नेस अच्छा लग रहा है या जिसमें 100 करोड़ की सेल आएगी या जिसमें 200 करोड़ की सेल घर कितना ले जा रहे हो ना? उन्हें घर लेके जाना ही नहीं है ना। अब बात समझो ना। उनका टारगेट ही नहीं घर लेके जाना। उनका टारगेट ये है कि 100 करोड़ की सेल आ जाएगी। भले ही 10 करोड़ का लॉस हो। वो पैसा तो इन्वेस्टर की जेब से जा रहा
(1:07:57) है। हमारी वैल्यू्यूएशन हो जाएगी। हम एग्जिट करके भाग जाएंगे। सो देन टाटा बिरला नहीं बन पाएंगे। तो बनना ही नहीं उनको। बात तो वही है आप मतलब बहुत रिसेंट एग्जांपल मैंने अभी परसों वीडियो बनाई है Snapdal के फाउंडर हैं कुणाल बहल हां जी उनकी कंपनी ने आज तक प्रॉफिट नहीं कमाया ₹1 का Snapdal ने ओके मतलब जब उनका मैक्सिमम रेवेन्यू था मैक्सिमम रेवेन्यू वाज़ लाइक 32 नहीं 41 4100 करोड़ का रेवेन्यू उन्होंने मैक्सिमम किया था। 4100 करोड़ के रेवेन्यू में 3200 करोड़ का लॉस था। लेकिन जब 41 करोड़ का रेवेन्यू किया उसके बाद अलीबाबा सॉफ्ट बैंक इन सब से उनको
(1:08:37) आई थिंक उस टाइम पे इंडिया की ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी फंडिंग मिली थी। उनकी कंपनी की वैल्यूएशन 6.5 बिलियन हो गई थी। देखो ऐसा है जैसा देश वैसा बेस। यू नो इन रोम डू एस रोमंड्स डू। नाउ देन देयर इज़ अनदर पाथ द रेवोल्यूशनरी पाथ कि आप कुछ अलग करना चाहते हो तो तो उसमें टाइम भी लगेगा, मेहनत भी लगेगी। मैं ऐसा मानती हूं कि मैं कुछ अलग करने की कोशिश कर रही हूं। अब कितना होगा वो भगवान बताएंगे। आई डोंट नो। एंड लाइक आई सेड मैं बिज़नेस के बारे में तो कोई ज्ञान नहीं दे सकती हूं। मैं तो खुद ही अयर एंड हाफ हुआ है मुझे। पर मेरा यही है कि मैं तो देखो टाटा
(1:09:11) बनना चाहती हूं। अब वो एक जनरेशन लगेगी, दो लगेगी, तीन लगेगी। पर मैं चाहती हूं कि कोई देखे सुहाग साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड, कोई दीपा सुहाग का नाम सुने, कोई सुहाग सुने। हम तो लगे ये ठीक होगा। हम तीन ऑप्शंस अगर हैं तो मुझे देख के मेरे नाम को देख के मेरे फैमिली के नाम को देख के उनके मन में यह हो कि नहीं यह ले लेते हैं। मैं बता रही हूं अगर मैं Tata देखती हूं तो मुझे लगता है कि यार Tata अच्छा होएगा। सेम यार Mercedes आज थोड़ी बनी है। 300 200 साल पुरानी कंपनी है। मॉग देख के कोई बोलता है खराब है। कभी नहीं पर जन्म लग गए मॉक बनने में।
(1:09:43) बिल्कुल ऑब्वियसली बात है। तो BMW MC Lanand Rover ऐसी थोड़ी बन जाती है ये। आप मॉक देखते हो तो क्या एकदम से आता है यार अच्छी गाड़ी है यार भरोसे की गाड़ी है जो द पीपल हु कैन अफोर्ड मॉक वो यही करते हैं ना वो मॉक खरीदते हैं क्योंकि उनको पता है कि यार इधर पैसा तो बहुत लग रहा है बट ठीक है सेफ है जो बोल रहे हैं उतना मिलेगा Tata जो बोल रहे हैं उतना मिलेगा क्यों Tata safari एंड Tata Harrier और ये सब चलती है क्यों भरोसा भरोसा है और ब्रांड बनाया है और आपको पता है Tata Indica एक गाड़ी थी मुझे याद है जब आई थी मैं रोड पे जब भी जाती थी खराब दिखती थी मुझे हमेशा दे यूज़
(1:10:16) टू टाटा इंडिका जिसका बोनट खुला होता था वो और वो हमेशा फ्लाई ओवर पे ही खराब होती थी बेचारी तो कहीं चढ़ ही नहीं पाती थी उसका कूलेंट का प्रॉब्लम हो जाता था इंजन हीट आई डोंट नो व्हाट यू टू हैपन बट आई हैड दिस वै डिस्टिंक्ट मेमोरी कि चढ़ रही है और वो खराब हो गया उसका बोनट खुला हुआ है ऑलवेज इट यूज़ टू बी टाटा इंडिका बट सी हाउ दे पिटेड अब टाटा हैरी और टाटा सफारी आपने बोला टाटा है वो लोग रहे ना टाटा के साथ बिकॉज़ टाटा का भरोसा है दे नो कि चलो गड़बड़ हुई तो ठीक कर देंगे बिलकुल सो मुझे तो एज अ बिज़नेस ओन मुझे तो टाटा बनना है।
(1:10:50) दिस इज द ओनली वे टू बिल्ड अ बिज़नेस। बट टाइम लगता है इसमें। टाइम लगेगा क्योंकि आपको एग्जिट नहीं करना है ना। आपको एग्जिट नहीं करना है। आपको अपने बिज़नेस से प्यार है। मुझे तो बहुत प्यार है। लोग लोगों की जिंदगी निकल जाती है एक दुकान में। उसके बाद भी उस दुकान को छोड़ नहीं पाते। क्यों? क्योंकि उस दुकान से उनको प्यार है। उस दुकान ने उनको बनाया है। या आई आल्सो फील दैट आपने किसी को कोई चीज सेल कर दी। देखो 100% लोग तो कभी आपसे खुश नहीं हो सकते। पॉसिबल नहीं है। पर आपसे अगर 30 40% लोग भी जो हैं अगर मुझे ऐसा लगता है खुश हैं आई थिंक वो
(1:11:20) बहुत बड़ी अचीवमेंट है। एंड आपने किसी को कुछ बेचा और आप बाहर गए और आपको गालियां दे रहे हैं लोग। मतलब क्या इज्जत रह गई? आई फील आई रियली फील दैट यू नो आई मेड अ वीडियो ऑन दिस दैट आजकल है ना बी शेमलेस। डोंट वरी। डोंट लेट एनीथिंग एम्बरेस यू। यू गो फॉर योर ड्रीम्स, यू चेस व्हाट यू वांट। आई डोंट थिंक दैट्स राइट। आई थिंक कुछ तो मोरल कंपस होना चाहिए। कुछ तो एथिक्स होने चाहिए। अगर आपके बारे में 10 लोग बुराई कर रहे हैं। कुछ तो कमी होगी। यू नो शर्म आनी चाहिए। बिल्कुल आनी चाहिए। अगर आपकी चीज सब लोग ही बोल रहे हैं बेकार है। देयर आर मेनी ब्रांड्स जो बहुत इंडिया
(1:11:56) के टॉप ब्रांड्स हैं पर उनके बारे में कोई भी अच्छा नहीं बोलता। सब बोलते हैं हां हां बेकार है पर ब्रांड टॉप है। आई फील कि शर्म की बात है। आप कुछ करो गलती हो जाती है। यू नो एज अ न्यू फाउंडर एज अ न्यू प्रोडक्ट दैट गोज़ आउट ऑफ़ द मार्केट। रिव्यूज लेके उस चीज को कुछ करो कुछ करो यू डोंट कैरी ऑन जस्ट बिकॉज़ आपका रेवेन्यू आ रहा है ये मुझे लगता है बट आई डोंट नो बड़ी बात छोटे मुंह आई डोंट नो आई डोंट सबके एक्चुअली सबके अपनेप क्या है टारगेट्स हैं आपको आपको ब्रांड बिल्ड करना है आपको लोगों की खुशी भी देखनी है किसी पर्सन को ब्रांड बिल्ड नहीं करना है उसका एक ही
(1:12:30) टारगेट है कि साम दाम दंड भेद पैसा आना चाहिए तो आई सी अगेन लाइक आई सेड मैं हरिश्चंद्र नहीं हूं आई अंडरस्टैंड द ट्रिक्स ऑफ़ द बिज़नेस कई बार छोटी-मोटी चीजें करनी पड़ती है। यहां पे कोई भगवान नहीं है। नहीं आप कर भी नहीं सकते। पर ओवरऑल आईडिया शुड नॉट बी टू उसका कुछ भी हो मेरा फायदा हो। दैट्स व्रम सेइंग कि हां थोड़ा मेरा फायदा थोड़ा उसका फायदा ये ठीक है। बट उसका कुछ भी हो मेरा वैसा आना चाहिए। आई थिंक दैट बैलेंस आई सेड नो बैलेंस इज़ेंट। कॉमन सेंस इज़ेंट। यू डोंट वॉक ओवर समबडी टू अचीव सक्सेस। बट इट्स ओके थोड़ा धक्कामुक्की दैट्स व्हाट आई फील कि थोड़ा
(1:13:07) चलता है बट बिल्कुल ही बेशर्म नहीं होना चाहिए इज व्हाट आई फील थैंक यू सो मच मैम नो बट थैंक यू थैंक यू फॉर हैविंग ग्रेट ग्रेट कन्वर्सेशन थैंक यू थैंक यू सो मच
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