Saturday, August 8, 2026

Masturbation: Sin or Not ? हस्तमैथुन और प्रेतों का संबंध | Bhante Nirodh

Masturbation: Sin or Not ? हस्तमैथुन और प्रेतों का संबंध | Bhante Nirodh

Author Name:Buddha Rashmi

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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=2eTapVY8-oc



Transcript:
(00:00) चाहे लड़का हो या लड़की हो, सब लोगों को यह लत लग गया। हमेशा हस्तमैथुन करते रहते हैं। उसी में फंस जाते हैं जी। और ये इतना खतरनाक है कि अब इस चर्चा में बहुत कुछ समझ में आया तो फिर बोला बताओ कि तुम कौन है? तो कहता है हमें प्रीतनी इसके शरीर में क्यों आई? वो कहती है वो डिप्रेशन को हटाने के लिए कभी-कभी वो अकेलापन को हटाने के लिए वो पोर्न देखना स्टार्ट करते हैं। हस्तमैचना स्टार्ट करते हैं। वो धीरे-धीरे 60 साल का है लेकिन वो पराए पुरुष के पास जाती है। गलत करती है। लेकिन बाद में उसको पश्चाताप होता है। यह बहुत बड़ा रोग के
(00:33) समान है। लेकिन ये ऐसा रोग है कि दवाई से ठीक होने वाला? Facebook पे, Instagram पे अलग-अलग प्रकार के रील्स डालते हैं। उसमें बताते हैं कि हस्तमैथुन करने से कोई भी दिक्कत नहीं है। कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। शरीर से जो रिलीज होता है ना छोटा सा चीज में तुरंत रिलीज हो जाता है। थोड़ा सा लड़की को देख लिया तो तुरंत क्योंकि उन लोग का इतना सेंसिटिव हो जाता है। कैसे? लड़की प्रेग्नेंट हो गई। और लड़का को पता है अब शादी भी नहीं हुआ। अब घर वाला क्या कहेंगे? दिक्कत हुआ है ना? सच्चा प्यार क्या होता कि जब वह साथी दुख में है तो साथ देता है। अभी क्या है? पैसा है तब तक
(01:09) साथ देता है। पैसा नहीं है तो क्या होता है? छोड़ के चलो। वो प्यार नहीं है। वो वहां पर लस्ट है। इंस्टेंट सुख है। बाद में पछतावा के अलावा कुछ भी नहीं मिल जाता। इसलिए आपको भी इस चर्चा से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आप लोग भी सीख के अपना [संगीत] जीवन कल्याण की तरफ ले जाइए। मुक्ति की तरफ ले जाइए। नमो बुद्धाय नमो बुद्धाय आज हमारे साथ दो उपासक आए हैं कुछ ज्ञान की चर्चा करने के लिए तो आज हम लोग इस ज्ञान की चर्चा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय लिए हैं जो आज के युवा जवान
(01:56) अ समाज के लिए ही बहुत अह लाभकारी होगा और मतलब कि आज का जो चर्चा है वो उस चीज से पीड़ित आज के युवा लोग हैं। लड़का हो या लड़की हो वो सब पीड़ित हैं। तो ऐसे कुछ सवाल हमारे आज ये दो उपासक लाए हैं। तो आज की इस चर्चा में बहुत सारी बातें होने वाली है। तो देखते हैं कि हमारे इन उपासकों का क्या सवाल है। तो उसी का उत्तर भगवान बुद्ध जी ने कैसा बताया और भगवान बुद्ध जी का धर्म के अनुसार दे देंगे। तो चलिए देखते हैं कि इन उपासकों का सवाल क्या है। नमो दवंती जी वर्तमान के नौजवान लोग लड़के लड़कियां हमेशा हस्तमैथुन करते रहते हैं।
(02:44) उसी में फंस जाते हैं। जी क्या यह करने से पाप मिलता है? क्या वो करना सही है या गलत है? ऐसा है बादल। अभी जो प्रश्न पूछे हो या जो हस्तमैथुन है या फिर मास्टरबेशन है यह अभी का समय में इतना भयानक रूप से फैल चुका है एक बिल्कुल महामारी की तरह कहेंगे तो जैसे पूरे संसार को जैसे अंधकार जकड़ लेता है पूरा संसार में जैसे अंधेरा फैल जाता है ऐसा अभी यह महामारी कह लेंगे तो चाहे लड़का हो या लड़की हो सब लोगों को यह लत लग गया और ये इतना खतरनाक है कि अभी
(03:30) इस चर्चा में बहुत कुछ समझ में आएगा तो सबसे पहला जो पूछे थे कि क्या इससे पाप मिलता है तो ये पाप तो मिलता है हमारे गुरु जी ने भी बताया था कि इससे पाप तो मिलता है तो उससे पहले और कुछ समझेंगे इसके बारे में कितना साइड इफेक्ट्स कितना कुछ है प्रैक्टिकली देखेंगे तो हमें एक लड़का ने कॉल किया था। उसने बताया था मुझे कि बहती जी मुझे ऐसा लत लग गया है। मैं कैसे छोडूं इसे और इसके कारण मुझे कितना तकलीफ हुआ है। इतना शरीर उसका वीक हो गया। इतना कमजोर हो गया कि वो कहता है कि कम से कम आधा से 1 किलोमीटर भी पैदल चल नहीं सकता। तो सोचिए शरीर कितना कमजोर हो जाता है। इस
(04:15) लत की वजह से इतना खतरनाक है ये लत। और कहेंगे तो कितना खतरा और दूसरे नंबर पर कहेंगे तो जो इसे बार-बार करता है जिसको इसका लत है उसका जीवन में खुशी समाप्त हो जाता है। मतलब उसका चेहरा प्रसन्नमय नहीं रहता है। एकदम कहते हैं ना बिल्कुल मुरझा गया जैसा ऐसा मुरझाया हुआ रहता है। ठीक? जैसे कोई फूल मुरझा जाता है। जैसे कोई आम का पूरा रस को निचोड़ लिया हो। या जैसा कोई पेड़ एकदम सूख जाने के बाद कैसा लगता? एकदम बिल्कुल ही एकदम फेड आउट हो जाता है ना। कहते हैं कि ऐसा है जिसको यह लत लग गया है जो बहुत समय से उसका रूप उसका सौंदर्य उसका निखार खत्म हो जाता है। सुख
(05:04) और जो खुशी है वो खत्म हो जाता है। इसका खतरा है कहेंगे तो पुरुषार्थ जो है पुरुषार्थ नहीं रहता है। उस इंसान में पुरुषार्थ खत्म हो जाता है। एक होता है ना एक पुरुष का वह खत्म हो जाता है। इसके बाद और एक बहुत बड़ा खतरा एक बहुत बड़ा खतरा क्या है जो लोग नहीं जानते और उस खतरे की वजह से ही लोग इस एडिक्शन से छूट नहीं पाते। वो खतरा क्या है? भूत प्रेतों का साया उस इंसान पर पड़ जाता है। भूत प्रेतों का कनेक्शन भूत प्रेतों का नजर उस इंसान पर पड़ जाता है। और फिर क्या होता है? जब भूत
(05:50) प्रेतों का नजर या साया पड़ गया तो उस इंसान पर वह इंसान उसको बार-बार करता है। बार-बार करता है लेकिन कभी छूट नहीं पाता है। और भूत प्रेतों का साया पड़ जाने के बाद सोचिए इंसान का जीवन कैसा हो जाएगा। बेकार हो जाएगा। अभी आगे इस चर्चा में आप लोगों को बताएंगे कि सत्य घटना अभी के युग में जो घटित हुआ ऐसा घटना बताएंगे कि कैसे भूत प्रेतों का साया आता है और कैसे उस साया से इंसान का विनाश हो जाता है। बहुत लोग कहते हैं ना कि मुझे यह लत लग गई है। छोड़ नहीं पा रहे हैं। छोड़ नहीं पा रहे हैं। वह छोड़ नहीं पाता है। उसी साया की वजह से। वह आगे बताएंगे कैसे कैसे
(06:34) कनेक्शन होता है और क्यों नहीं छोड़ पाता क्यों उन लोग ऐसा पकड़ कर रखता साया साया मतलब रहता है वो आगे समझ में आएगा बहुत बड़ा खतरा है ये उससे बचने का भी तरीका आगे बताएंगे कि कैसे उससे छूटा जा सके क्योंकि हमें बहुत सारे लोगों ने बताया है कि हमें आदत लग गई इससे कैसे छूटे तो इसलिए हमने यह सोचा कि यह एक चर्चा किया जाए जिससे बहुत सारे लोगों का कल्याण या कुछ तो हो सके इस महामारी से बच बच सके। तो यह एक और खतरा और एक खतरा देखेंगे तो बहुत प्रबल रूप से है। जिसको इस चीज का लत है हस्तमैथुन का जिसको लत है। मान लीजिए उसका शादी हो जाता
(07:16) है। शादी हो जाने के बाद शादी का जीवन उसका सही नहीं रह पाता। रिश्ता में प्रॉब्लम आता है। पता है क्यों? क्योंकि जिसको इसका लत है ना वह कभी भी एक व्यक्ति से खुश नहीं होता। जैसे भी कोई लड़का है तो शादी होने वाली एक लड़की से खुश नहीं होता। वह और दूसरों के पीछे जाता है। रीजन क्या है? उसको एडिक्शन है। उसको और और करना चाहता है। गलत और और करना चाहता है। तो अपनी पत्नी को छोड़ के और और पीछे के जाता है और दूसरों के पीछे जाता है। और उससे क्या होगा? रिश्ता में प्रॉब्लम आता है। जब पत्नी जानेगी तो उसको भी पूरा कितना तो वो सब पूरा फैमिली में जाता है।
(07:59) पूरा प्रॉब्लम आता है। पारिवारिक जीवन में वो एक खतरा है। और एक खतरा कहेंगे तो इस हस्तमैथुन का अ उसका जीवन उस इंसान का जीवन हमेशा जलते रहता है। उसका मन हमेशा जलते रहता है। किस चीज से? काम वासना नाम की अग्नि से। क्योंकि काम वासना को ही मिटाने के लिए ना वैसा वैसा उपयोग करता है। चाहे लड़का हो या लड़की तो उसका जीवन उसका मन हमेशा धकते रहता है इस अग्नि से काम वासना की अग्नि से और उसका जीवन में कभी भी चयन नहीं होता। चाहे उसको कितना भी संपत्ति क्यों ना मिल जाए। चाहे उसको राजगद्दी पर ही क्यों ना बिठा दे पर उसका जीवन में कभी भी सुख चैन नहीं
(08:44) रहता। एक एग्जांपल बताते हैं। जैसे मान लीजिए कि कोई एक तालाब है और उसी तालाब का पानी बिल्कुल खौल रहा हो। पूरा खौल रहा हो। अभी खौलते समय तालाब के अंदर क्या-क्या है वो दिखेगा क्या? नहीं दिखेगा ना। क्योंकि पानी बिल्कुल भड़का हुआ है। बिल्कुल खिदोड़ा है। वैसे इंसान का मन इस चीज के चलते हमेशा तड़पते रहता है। हमेशा भटकते रहता है। हमेशा बेचैन रहता है। उसका जीवन में कभी शांति नहीं आता है। वह कभी भी खुद का भी कल्याण नहीं कर पाएगा। दूसरों का भी कल्याण नहीं कर पाएगा। तो यह खतरा है हस्तमैथुन का। तो अभी बेसिक चीजें समझ गए तो अभी इसके बाद फिर आगे चर्चा में देखते
(09:25) हैं कि और प्रश्नों का सवाल का जवाब और आगे मिलेगा। तो यह था उत्तर अभी मिल गया होगा ना इसमें शॉर्ट में भी उत्तर दिए कि इससे पाप मिलता है कि नहीं। इसका खतरा क्या है? बहुत लोग वो डिप्रेशन को हटाने के लिए कभी-कभी वो अकेलापन को हटाने के लिए वो पोर्न देखना स्टार्ट करते हैं। हस्तमैथन स्टार्ट करते हैं। और धीरे-धीरे स्टार्टिंग वो लत में लग जाता है उन लोगों को तो उसे कैसे मुक्त होना चाहिए उन लोगों को मुक्त होना आसान नहीं है बहुत मुश्किल है अभी के समय में क्योंकि उसका रीजन क्या है कैसे वो आता है कैसे उससे लत कैसे कैसे लत लगता है उसका कैसे
(10:07) लगता था आप लोग बताइए वो एक दिन शुरू होने होते समय उसे कोई सिखाता है या कैसे स्टार्टिंग कैसे होता है स्टार्टिंग कैसे होता है? खुद से ही। कोई ना कोई उसको सिखाता है ना। कोई दोस्त सिखाता है या फिर सबसे मेन रीजन हो गया स्मार्टफोन। स्मार्टफोन से वह कोई वीडियोस देख लेता है या वैसा कुछ देख लेता है। इसके बाद उसको आदत लग जाता है। इसके बाद उसको थोड़ा सा मजा मिलता है। लेकिन मजा थोड़ा मिलता है। बाद में पश्चाताप उसको बहुत बहुत आता है। बहुत ज्यादा आता है। अभी उसको रोकना इतना आसान नहीं है। क्योंकि वहां पर क्या है ना उसको अभी जैसे मान
(10:52) लीजिए एक एक लकड़ी है। बहुत सारा लकड़ी है। अभी किसी ने आग लगा दिया आकर के। अब उसी लकड़ी को लकड़ी की आग को बुझाना है तो क्या करना पड़ेगा? पानी डालना पड़ेगा। पानी डालना पड़ेगा। अगर पानी नहीं है तो मिट्टी वहां पे जो बड़ा मिट्टी बालू जो भी हो हां लेकिन एक और चीज है वहां भी वहां पे क्या है? जितना है वो जलते-जलते खत्म हो जाएगा। अगर कोई आदमी हमेशा उसमें लकड़ी और डालते रहेगा तो और जलेगा। आग बुझेगा कभी? नहीं। आज भी एक डाल देता है। कल आके फिर और एक डाल देता है। अगला दिन फिर डालता है। वह बुझाएगा कभी? नहीं। नहीं बुझेगा। यहां पर भी वैसा ही है। अभी
(11:36) जो आदत डाल देता है उसी आदत को एक प्रोटीन चाहिए। जैसे-सी आग लग गया उसको और और चाहिए सपोर्ट। अभी जैसे अभी तेल जल रहा है। दिया जल रहा है। अभी दिया जल रहा है तो क्या होगा? जितना तेल है तो वो जल के बुझ जाएगा। लेकिन अगर कोई रोज-रोज दिया में तेल डालते रहेगा तो जलते रहेगा ना। वैसे ही वहां पर लकड़ी में आग में लकड़ी बार-बार डालते रहता है। वो जलते रहता है। तो क्या करना होगा? लकड़ी डालना रोकना होगा। लेकिन अभी लोग करते क्या है? लकड़ी डालने का ही काम करते हैं। दिया में तेल डालने का ही काम करते हैं। कैसे? अलग-अलग वीडियो देख के। अलग-अलग। तो उसके लिए सबसे
(12:12) पहला चीजें क्या करना होगा? उसको रोकना पड़ेगा। आसान नहीं है। क्यों? द सबसे दूसरा मेन रीजन वो जो होता है उसके जीवन में भूत प्रेतों का कनेक्शन आ जाता है और भूत प्रेत लोग बहुत ज्यादा करवाते हैं तो वो भी एक बहुत बड़ा है हर व्यक्ति के जीवन में इसलिए लोग अभी कितना लोग होता है ना चाहता है कि हम यह नहीं करेंगे हमको बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है बाद में उसको बहुत बेचैनी होती है लेकिन वो चाहता है लेकिन नहीं रोक पाता है रीजन क्या है एक तो उसको खान रोज लकड़ी डालता है आग दूसरा क्या उसके अंदर जो कनेक्शन है भूत प्रेत का उस भूत प्रेत का कनेक्शन के कारण
(12:54) उसका अंदर और एक आदमी काम कर रहा है वो इनविज़िबल वर्ल्ड वाला और उसका माइंड को बहुत ही वो करते रहता है इसलिए उसको रोक नहीं पाता है और मंत्री जी मतलब जो लोग स्टार्ट करते हैं देखना वीडियो वो सोचते हैं आज लास्ट है आज लास्ट है आज लास्ट है लेकिन कभी लास्ट आता ही नहीं है वह चलते जाता है कंटिन्यू चलते जाता है वीडियो देखने का सिलसिला और धीरे-धीरे एडिक्शन में वह बदल जाता लेकिन कभी भी कल उसका अंत होता नहीं कल का मतलब कल का भी आता नहीं नहीं है सोचा कि आज देखेंगे कल से नहीं देखेंगे आज से आज देखेंगे कल नहीं देखेंगे ऐसेसे कंटिन्यू होते ही जाता है तो उसे
(13:29) रोकने का उपाय कोई उसे रोकना से पहले समझना पड़ेगा कि कारण क्या है क्योंकि कोई भी जब वायरस बनता है ना वायरस को सीधा नहीं मिटा सकता है पहले रिसर्च करता है कि वो बना कैसे है ना जब तक वो सबसे मेन पॉइंट है कहां से उसका शुरुआत कैसे होता है? सबसे मेन चीज़ वो है समझना। तो उसका शुरुआत को पकड़ना पड़ेगा। उसके लिए देखिए एक सुंदर उदाहरण बताते हैं। वो क्यों नहीं कल आता है। मतलब कल आज भर देखेंगे आज भर देखेंगे फिर ओके क्यों नहीं होता है बताइए? सुंदर उदाहरण भगवान बुद्ध जी बताएं उसके लिए। कहते हैं भगवान बुद्ध जी कि मान लीजिए किसी किसी कोई आदमी है उसको कुष्ठ
(14:08) रोग हो गया। क्या हो गया? कुष्ठ रोग। कुष्ठ रोग हो गया। कुष्ठ रोग मतलब जो होता है बहुत खुजली होता है ना उसमें। रस का ही सबसे एडवांस लेवल होता है। कुष्ठ रोग। जो कुष्ठ रोग जिसको हो जाता है वो क्या करता है पता है? हमेशा खुजलाता है। खुजलाने के बाद पता है क्या होता है उसको? क्या होता है? मजा आता है। कभी रश हुआ है? रश होने के बाद जब खुजलाने में मजा आता है कि नहीं आता? आता है। लेकिन खुजलाने के बाद कैसा लगता है? बाद में खून निकलने के बाद दर्द देता है कि नहीं? दर्द देता है। कहता है अरे बेकार खुजलाए थे। लेकिन बाद में फिर क्या करता है मन?
(14:44) और खुजलाने का मन करता है। फिर खून निकलता है लेकिन दर्द भी देता है। यह भी वहां पर वैसा ही है। लेकिन वो कितना भी खुजलाए उसका मन भरता है कभी? नहीं क्योंकि क्या है? वो रोग है। वहां पर वो क्या है? वो रोग है। इसलिए मन नहीं भरता है। यहां पर भी एक ये बहुत बड़ा रोग के समान है। लेकिन ये ऐसा रोग है कि दवाई से ठीक होने वाला। कितना भी दवाई खा लेती क्योंकि ये रोग कैसे चालू हुआ? मन से चालू हुआ ना? बाहरी चीज देखेंगे यहां पर कोई बुखार है, सर्दी ऐसा नहीं है। यह मन का एक रोग है मन का। उसके लिए उसको क्या करना होगा? हमेशा ज्ञानियों का संगति में आना
(15:24) होगा। क्योंकि बुरे लोगों का संगति को दूर करना होगा। क्योंकि बुरे लोग करते क्या है? उन लोग गलत में ले जाते हैं ना। तो इसलिए उस उसमें क्या है? इंस्टेंट सुख है। इंस्टेंट जो होता है इंस्टेंट सुख है। लेकिन जैसे खुजली में कुछ रोग में इंस्टेंट सुख मिलता है। कभी-कभी होता क्या है? खुजली जिसको हो जाता है ना हमको पता है। रात में खूब खुजला आता है। मजा आता है। सुबह क्या होता है वहां पे? पूरा खून बह गया। तो पूरा लहरता है, दर्द देता है। वहां पर भी इंस्टेंट सुख है। लेकिन बाद में मन को बड़ा पश्चाताप होता है। देखिए एक वैसे एक माता जी का घटना बताते हैं। वो
(16:02) भी इंडिया के ही कोई एक एरिया से हमको फोन किया था तो उम्र पता है कितना? 60 60 साल। 60 साल का। उसको देखिए कैसा एडिक्शन हो गया? पराए पुरुष का एडिक्शन आ गया उसको। पराए पुरुष। अभी 60 साल मतलब कैसा है? कोई जवानी है? नहीं। [हंसी] जवानी खत्म हो गया ना 60 साल का है लेकिन वो पराए पुरुष के पास जाती है गलत करती है लेकिन बाद में उसको पश्चाताप होता है वो हमारे हमको फोन के बहुत बहुत रोई लेकिन पश्चाताप होता अब नहीं जाएंगे अब नहीं जाएंगे लेकिन फिर चली जाती है खुजलाता है उस समय कुष्ट जो होता है उस समय दर्द बाद में देता है सोचता है अब ना
(16:42) खुजलाएंगे लेकिन बाद में क्या होता है हाथ अपने आप जाता है चल जाता है ना ये भी वैसा बीमार हो गया हम तो तो सबसे बड़ा रीजन है मन की वासना, अग्नि और दूसरा इंविजुअल वर्ल्ड का अट्रैक्शन सपोर्ट। क्योंकि इनविजिअल वर्ल्ड उसको हैंडल करता है। उसका माइंड को उसका माइंड को बोलता है ये करो। उसका माइंड को बोलता है वो करो। तो इसलिए वो हो जाता है। तो इसलिए कल कल कभी भी आएगा नहीं। मतलब जो है ना कल कल नहीं उसका खतरा ही देखना पड़ेगा। सबसे पहला उससे मन बेचैन होता है। खुद का शरीर वह करने से खुद का शरीर कमजोर होता है। कभी भी उसके मन में प्रसन्नता नहीं रहेगी। अपने
(17:21) मां-बाप को सही से चेहरा नहीं दिखा सकता है। अगर कोई ज्ञानी बुद्धिमान लोग हैं, शीलवान है, उन लोगों को आंख से आंख नजर नहीं मिला सकता है। ना आंखें नीचे रखेगा। नजर नीचे छुपा के रखता है। चेहरा का तेजस्वी शरीर का चेहरा का प्रसन्नता खत्म हो जाता है। तो वह सब खत्म हो जाता है। समय भी बर्बाद होता है। घर का काम धंधा भी वो नहीं करेगा। पढ़ाई लिखाई भी सही से नहीं करेगा। पूरा का पूरा टाइम वेस्ट। तो उसका खतरा को बहुत जल्दी जरूरी है देखना। तभी कुछ कर सकता है। तो यह उदाहरण बहुत ही अच्छा है जो हम कुछ लोग का बताएं। वो समझने के लिए कभी कल कल आएगा नहीं। उसका
(17:58) सत्य को समझना पड़ेगा। आज में ही खत्म करना है हम बंती जी आजकल के डॉक्टर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर Facebook पे Instagram पे अलग-अलग प्रकार के रील्स डालते हैं। उसमें बताते हैं कि हस्तमैथुन करने से कोई भी दिक्कत नहीं है। कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। करने से और फायदा होता है शरीर को तेज निकलता है। गर्मी शरीर का गर्मी निकल जाता है। ठंडा होता है शरीर। क्या यह सही है बंती जी? क्या कोई प्रॉब्लम नहीं है? ऐसा है अभी का इन्फ्लुएंसरर लोग या डॉक्टर लोग कितना कोई कहे भी लेकिन जरा सोचिए जो करता है ना उसका अंदर ही अंदर बड़ा
(18:44) पश्चाताप होता है। उसका मन खुद को कुड़ता है। अब दुनिया वाले लोग जो कहें ठीक है। सबसे मेन तो मन को सबसे मेन तो अपना खुशी हो गया ना। पहला पहला अपना खुशी है। अब करने से अगर खुशी ही नहीं आ रहा है अंदर जिंदगी में तो मां-बाप को चोरी चोरी मां-बाप से चोरी-चोरी करके कर रहा है तो छिप के कर रहा है तो इसके बाद और क्या है शरीर का जितना जो स्पर्म होता है जितना वेस्ट होता है असलियत में असली में शरीर वीक होता है। हम जो घटना बताएं एक लड़का आठ साल से उसको आदत हो गया था एडिक्शन इतना कमजोर हो गया है कि चल नहीं सकता सच्चाई तो वो है असलियत में लड़के हो या
(19:24) लड़कियां ये एडिक्शन आ जाने के बाद तो डॉक्टर लोग जो भी कहे पर अपना खुद देखना चाहिए खुद को कितना दिक्कत है मन खुश नहीं है पश्चाताप है बेचैनी है लोगों को मुख नहीं दिखा सकता चेहरा पर प्रसन्नता नहीं है फूल मुरझा गया जैसा मुरझा रहता है तो वो लोग आग का अलग बात है जो बोल रहा है खुद देखना चाहिए क्योंकि सबसे बड़ा दिक्कत है ना वो जो आग है वासना वास वासना ही है ना वहां पे वो आग क्या होगा और और भड़कते जाएगा और अभी भड़कते भड़कते और भड़केगा ही ना कि कभी कमेगा बाद में इतना ज्यादा भड़क जाता है कि उसको कंट्रोल नहीं करव पाता कोई लोग पागल हो जाता है
(20:11) कि एक आदमी इतना पागल हो गया था वासना जो भड़क गया था। एक घटना बताते हैं छोटी से। हमको याद आया कि भगवान बुद्ध के समय की घटना है। एक राजकुमार था लड़का तो जन्म से ही क्या हुआ ना थोड़ा बड़ा हुआ। ये लड़की है ऐसा देख जैसे मतलब पता चल गया कि ये लड़की हुई। मतलब समझ होता है ना यह लड़का ये लड़की है। उसी दिन से लड़की को देखना पसंद नहीं करता। छूना पसंद नहीं करता। उन लोग का आवाज भी आ गया तो रोने लगता है। फिर उसको नाम पड़ गया निथ गंध स्त्री का गंध कभी पसंद नहीं नहीं करता अभी बड़ा हो गया लड़की कोई नहीं है उसका देखता तक नहीं है छूना तो दूर की
(20:50) बात अलग कैसा होगा क्या कि 16 साल हो गए उस समय 16 साल मतलब जवान कहला रहा था राजा बड़ा टेंशन होता है मेरा इकलौता बेटा क्या हो गया इससे अब शादी कैसे होगा रानी कौन होगी राजा तो रानी भी तो होना चाहिए ना रानी नहीं है अब कैसे काम चलेगा तो राजा बड़ा टेंशन में था। एक दिन एक लड़की आई जवान लड़की नाचने वाली। क्या महाराज? क्यों इतना टेंशन है? कहता नहीं मेरा इकलौता बेटा बड़ा अभागा [गला साफ़ करने की आवाज़] है। वो लड़की को देखना पसंद नहीं करता। बात करना पसंद नहीं करता। तो उसके लिए क्या करें? वही टेंशन है। महाराज हमें आप मौका दीजिए। अगर हम आपके बेटे के
(21:34) मन में लड़की के प्रति आकर्षण पैदा कर दिए तो आप क्या देंगे हम? तुम कर दोगी? हां कर सकते हैं। कर देंगे तो क्या देंगे आप? कर दोगे तो फिर क्या उसका शादी तुमसे करवा देंगे। फिर तुम यहां की रानी महल की मलकी नहीं वो बस हां ठीक है हम कर देंगे। अभी देखिए ये वासना भड़क जाने के बाद अग्नि कितना भयंकर हो जाता क्योंकि इससे वासना ही भड़कता है ना। अनकंट्रोलेबल बाद में हो जाता है। उसका देखिए क्या हुआ? अभी वह लड़की क्या की जहां पर कमरा था राजकुमार का उसे थोड़ी दूर सुबह में बैठ के उठते समय मॉर्निंग टाइम है 4:30 बजे 4:30 5 जो भी हो बीना
(22:16) बजाती है और गीत गाती है सुंदर से ताल से ताल मिला के वो लड़का सो रहा था मजा आ गया उस दिन राजकुमार किसका आवाज है भाई बहुत मस्त लग रहा है सुबह-सुबह वो पहले ही बोल रखी थी द्वारपालों को कि बताना कि राजकुमार को पसंद आया कि नहीं आया पसंद आया अभी धीरे-धीरे वह कमरे के अंदर तक आ गई। राजकुमार पूछता किसका आवाज है वह? एक लड़की का। अच्छा लड़की का शुरू में शुरू में खुश नहीं हुआ। कोई बात नहीं आवाज बहुत मस्त है। सुनेंगे। अभी कमरे के अंदर आके बजाती है। अभी धीरे-धीरे कमरे के अंदर आके बजाई। धीरे-धीरे पास आते-आते बेड पर आके बजाने लगी। अंत में सब खत्म। जो था
(22:55) ना शुरुआत में देखना ही पसंद नहीं करता था। अंत में दोनों पूरा बंधन बंधित हो गया। अंत में उसकी वासना की अग्नि कितना भड़क गया। राजकुमार का तलवार लिया। लड़की का सुख केवल हम भोगें करके सबको मारने लगा। दौड़ा दौड़ा के महल में सबको दौड़ा दौड़ा के मार रहा है। राजा बेचारा सोचा अरे ये लड़की क्या कर दी। गड़बड़ हो गया ना। राजा बेटा को और उस लड़की को दोनों को निकाल दिया राज्य से। तो देखिए कितना भड़क जाने के बाद कितना हो जाता है। तो यह भी अभी कितना भी कोई क्यों कह दे अच्छा लेकिन भड़कता है ना वासना की अग्नि इसके बाद वह बाद में कौन-कौन सा पाप
(23:34) करेगा जो वही जाने क्योंकि वो पराई स्त्री को देखता नहीं कि ये पराई है ये बहन है ये वो है कभी-कभी बहुत गलत कर बैठता है तो वहां पर बहुत जरूरी है स्वयं का दिल को देखना कि स्वयं को कितना हानि हो रहा है उससे बट वो शुरू होते ही जब वो एडिक्शन शुरू हो जाता है लोग बहुत सोचते हैं बहुत ट्राई करते बहुत सारा दवा खाते हैं या कहीं जाते हैं। बहुत लोग को दिखाते भी हैं। पंडित लोग को दिखाते हैं। लेकिन वो खत्म होता नहीं है। तो उसको खत्म करने का क्या उपाय है जी? खत्म करने के लिए दवाई से तो खत्म होगा नहीं। होगा नहीं। क्योंकि बीमारी नहीं है ये।
(24:12) मतलब बुखार, सर्दी, खांसी जो होता है ज्डिस, मलेरिया, मच्छर ये सब से तो आया नहीं। आया कहां से? गलत संगत से। कहां से आया? गलत संगत। गलत संगत से। गलत संग दिया तो उसका कोई दोस्त ने सिखाया होगा नहीं तो किसने सिखाया होगा दूसरा एक दोस्त है कौन [हंसी] दोस्त नहीं कहेंगे उसको दुश्मनी है अच्छे के लिए दोस्त भी कह सकते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए दुश्मनी पाप है मित्र है उसी से सीख लेता है ना पुराना जमाना में वो नहीं था तो थोड़ा बच्चा का मन काफी समय तक अच्छा रखता था अभी का तो इतना छोटा-छोटा बच्चा लोग भी पूरा दुनिया का सारा
(24:53) सारा गंदगी का दिमाग में भर के सब कुछ करता है। तो इसको रोक क्यों नहीं पाते हैं? सबसे पहले ये समझेंगे। क्यों नहीं रोक पाते हैं? सबसे बड़ा रीजन क्या आ जाता है? देखिए जो हम शुरू में बताए थे कि उससे अमनुष्य का भूत प्रेत का साया जीवन में आता है। एक घटना बताते हैं श्रीलंका की। ऐसे ही दो दोस्त थे। वैसे आप लोग हैं वैसे ही कोई दो दोस्त थे। उसी में से एक दोस्त जो है दूसरा दोस्त को एक दिन कहीं लेकर के जाता एक पूजनीय स्थल पर वंदना करने के लिए पूजा करने के लिए एक स्तूप के पास वहां जाके पूजा किया लेकिन ज्यादा देर तक रहा
(25:37) नहीं तुरंत आ गया रूम लेकर कहीं पर रहा था दोनों रात में क्या हुआ वो जो दोनों दोस्त था एक ही रूम में सो एक ही कमरा लिया था और रात में दोस्त थोड़ा गलत व्यवहार करने लगा लाइक गलत व्यवहार समझ रहे हैं। गलत व्यवहार करने लगा तो लेकिन दूसरा वाला शीलवान था। शीलवान था। वो कुछ भी होने नहीं दिया। अगला दिन फिर से स्तूप के पास गया। वहां पर चांटिंग कर रहा था। परित चांटिंग करते समय उसको पूरा सर घूमने लगा। अलग-अलग प्रकार से बोलने लगा। वहीं पर एक बगल में भती जी बैठी हुई थी। उसी भंती जी के पास उसको ले गया। देखिए भती जी मेरा दोस्त को क्या हाथ हो गया। पूरा सर हिला
(26:20) रहा है। एकदम अलग से आवाज आ रहा है कि थोड़ा सा देखिए। बहती साधना कर रहे थे। आंख खोल करके देखते हैं। देखने के बाद फिर उसका सर पर हाथ रख के बहती जी कुछ चांट करती। पूरा मुंह हिलने लगा। पूरा हिलने लगा। पूरा नाक से मुंह से पूरा लार निकलने लगा। जो होता है ना पूरा एकदम जोर-जोर से एकदम डरावना सीन आ गया वहां पे। फिर बोला बताओ कि तुम कौन है? तो कहता है हम एक प्रीतनी है। हम एक प्रीतनी फीमेल तो क्यों आई? इसके शरीर में क्यों आई? वो कहती है कि मुझे खाना मिलता है। मुझे खाना खाना मिलता है। तुम्हारा खाना क्या है? उसका खाना पता है क्या? जो बॉडी से जो
(27:05) गंदगी निकलता है ना वही उसका खाना। भूत प्रेतों का। अभी कोई भूखा आदमी है तो उसको क्या चाहिए? खाना चाहिए। खाना नहीं मिल रहा है तो कहीं ना कहीं से खोजेगा ना अभी पक्षी है भूखी होती है तो क्या करती है खाने की खोज में जाती है उसका खाना वही सब गंदगी होता है तो जब भूख लगता है तो वो कहती है वो प्रेत जो अभी वो कहती है कि जब मुझे भूख लगता है तो हम इस लड़के के मन में विचार डालते हैं कि ऐसा गलत करो ऐसा गलत करो विचार डालते के साथ ही यह तुरंत वो करता है फिर मेरा बेटा रहता है कैसे आए सोचिएगा फिर वो कहती है कि अभी का दुनिया में वैसा प्रेत प्रेत नहीं लोग बहुत सारा
(27:49) है। इसके बाद वो भती जी पूछते हैं कि तुम पिछले जन्म में कहां थी और कैसे आए इसके शरीर में? तो वो कहती है कि पिछले जन्म में हम भी गंदा काम करने वाले थे। मतलब जो गलत चक्कर में रहता है ना समझ लीजिए जो गलत चक्कर में रहता है जिन लोगों की इच्छा वैसे ही रहती है जिन लोग हमेशा काम वासना में डूबे रहते हैं स्वर्ग लोक जो बोलते हैं ना मरने के बाद स्वर्ग लोक गया वो केवल नाम के लिए जाता है उधर तो वो कहती है कि हम भी पिछले जन्म में वैसा ही गंदा काम करने वाले थे मरने के बाद इस प्रेत लोक में और ऐसा प्रेत लोक में ऐसा बहुत सारा है जो लोग वही काम करता है जो लोग
(28:25) किसी का शरीर में जाकर के उन लोग का उन लोग से गलत करवाता है और उन लोग से जो खाना मिलता है बॉडी से जो स्प्रेड होता है उसको और खाना वही होता है उन लोग का खाना ये खाना जो चाचाल लाल नहीं है गंदगी उन लोग का खाना होता है तो ऐसे वो बताती है इसके बाद बंती जी पूछते हैं सबसे मेन पॉइंट तुम इसके शरीर में कैसे आ गई कैसे इसका शरीर में प्रवेश की वो कहती है कि एक दिन हम आसमान से क्योंकि वो लोग उड़ता है हम लोग चलता नहीं है वो लोग उड़ता है वो लोग उड़ते उड़ते चल जाता है प्रेत है ना अभी भी वैसा ही रहता। तो उड़तेउते वो जा रही थी। जाते समय कहती है कि हमने एक
(29:03) लड़के को देखा। वो लड़का क्या था? एक छोटा सा डब्बा था। पता है क्या था? मोबाइल फ़ वो ऐसा बोलती वो फोन नहीं समझता ना वो लोग। एक छोटा सा डब्बा था। उसी डब्बा में वो वैसे चीजों को देख रहा था जिन चीजों को मैं भी पसंद करती। गलत वीडियो को देख रहा था वो। इसके बाद वो कहती है कि उसके शरीर के चारों तरफ जो एक ओरा होता है ना उसके चारों तरफ अंधकार था। उस लड़की में वो गलत में है ना गलत चीजों को देख रहा है। अभी याद रखिए जो गलत चीजों को देखते हैं उन लोगों के चारों ओर एक प्रकार का अंधकार होता है। ये असली में लाइट वाला लाइट वाला नहीं वो इनविज़िबल जो
(29:43) केवल इनविज़िबल वर्ल्ड को ही दिखता है। देवताओं को भी वो चीज दिखता है। प्रेतों को भी वो चीज दिखता है। तो वो कहती है कि इसके चारों तरफ अंधकार था। हमको इसमें समाना आसान हुआ। चादर ओढ़ने की तरह हम पीछे से गए और उसके अंदर में क्या हो गया? समा गया। इसके बाद वो कहती है अभी हमको जो मन करता है हम वैसे करवाते हैं। उसको खाना खाना कुछ खाना चाहिए तो उसके मन में इच्छा डालती है। वो कहती है कि इस लड़के से हमने काफी सारे लड़कों के साथ गलत करवाया। तो कैसा है? तो अभी दुनिया में कितना ऐसा होता होगा। इसलिए तो इस एडिक्शन को छोड़ नहीं पाता।
(30:23) फिर इसके बाद भती कहते हैं देखो तुमको जाना पड़ेगा इसको छोड़ के। बोला नहीं हम नहीं छोड़ेंगे। हमको यहां से पूरा प्रॉपर्टी मिल रहा है। हमको खाना पीना मिल रहा है। हम नहीं छोड़ेंगे। फिर बहती जी तुरंत एक परित्राण बोल के उसका सर पर हाथ रख के उस समय वो कंट्रोल हो जाता है। इसके बाद बंती जी उसको बताते हैं कि ऐसा स्तूप के पास जाकर के रोज परित्राण बोलो और ऐसा ऐसा अखंड मैत्री साधना करो। ऐसा ऐसा बताएं तो फिर इसका तो वो लगातार वैसे करते जाता है फिर धीरे धीरे धीरे तो उसका कंट्रोल हुआ नहीं तो और क्या होता है बहुत बार जो इसका आदत लग जाता है ना उन लोगों को क्या
(31:00) होता है बहुत बार बॉडी जो है उन लोग का इतना वीक हो जाता है कभी-कभी छोटा सा चीज करने से उसका शरीर गंदा हो जाता है शरीर से जो रिलीज होता है ना छोटा सा चीज में तुरंत रिलीज हो जाता है थोड़ा सा लड़की कुछ देख लिया तो तुरंत क्योंकि उन लोग का इतना सेंसिटिव हो जाता है कैसे वह आदत से एडिक्शन से कितना लोगों का भी ऐसे प्रेत लोगों का भी हो इसलिए तो रोक नहीं पाता है जो कहता है ना कि दवाई खाने से काम नहीं कर रहा रीजन वो है चाहता है कि नहीं देखें चाहता है कि हम वो वीडियो नहीं देखें लेकिन अगले दिन कैसे देखता है आता है अंदर से इच्छा वो इच्छा कौन देता है कोई और
(31:37) देता है चाहता है कि हम ना करें लेकिन हो जाता है कैसे कोई और देता है ऑर्डर अंदर से ऑर्डर रहता है तो अंदर काम करता है फिर वो पता नहीं चलता उसके लिए कैसे रोका जाएंगे कैसे रोकेंगे हमने इसके संबंध में हमने अपने गुरु जी से हमने बात किया था हमने हमारे गुरुवंत से तो गुरुवंत जी बताए थे कि आसान नहीं है उसके लिए अपने जीवन में जो अंधकार है ना चारों तरफ एक हो रहा उस अंधकार को दूर करना होगा उस अंधकार को दूर करने के लिए क्या करना होगा सबसे पहले तो गलत संगति को जितना हो सके त्यागना होगा। इसके बाद एक चीज बताएं हमेशा करने के लिए वह है
(32:22) मैत्री साधना। क्योंकि मैत्री साधना सभी प्राणियों के प्रति मंगल कामना है ना। तो सारे प्राणियों के प्रति मंगल कामना करने से वहां पर धीरे-धीरे उसका जीवन में पुण्य बढ़ता है। और जो उसका चारों तरफ अंधकार है वह धीरे-धीरे दूर होता है। कहते हैं। इसके बाद मैत्री साधना करके वह पुण्य देवताओं को अनुमोदन करने के लिए बताएं। हमारे गुरु जी इष्ट देवताओं होते हैं। सामान हर जगह देवताओं भी होता है। उन देवताओं को पुण्य अनुमोदन करने के लिए तो कभी-कभी एक दो दिन में ये ठीक नहीं होने वाला। अखंड मैत्री साधना करना पड़ेगा और अखंड इष्ट देवताओं को पुण्य अनुमोदन करना
(33:03) है। हमने जो पुण्य अर्जित किया वो इष्ट देवताओं को अनुमोदन करते हैं। वो लोग सुखी हो जाए। ऐसे धीरे धीरे धीरे धीरे क्या होता है? उसका अंधकार दूर होता है और जैसे देवताओं का नजर पड़ता है उस पर उस जो अंदर वाला को जगह नहीं बचता क्योंकि जब तक अंधकार है तभी तक वो रह सकता है जैसे ही प्रकाश आ गया वो नहीं रह पाएगा तो वैसे करना होगा उसके लिए सबसे बड़ी चीज क्या है पहले अच्छे मित्रों की संगति करनी होगी और सबसे पहले जो एडिक्शन है समझना होगा कि हम गड्ढा में गिरे हुए हैं। जब तक समझेगा नहीं तब तक दिक्कत है। तो सबसे पहले यह समझना कि उन चीज उन लोगों का नजर है।
(33:42) अमनुष्यों का भूत प्रेतों का नजर है। तो उससे बचने के लिए अच्छे मित्रों की संगति इसके बाद उन चीजों को जितना हो सके दूर करने के लिए कोशिश करना होगा। इसके बाद अपने आप को अच्छे कार्यों में इन्वॉल्व करना चाहिए। क्योंकि कभी-कभी लोग अकेले रहते हैं ना। अकेले रहने के बाद मन नहीं लगता। मन नहीं लगने के बाद फोन रहता है। फोन से कुछ ऐसे-से किए दो उंगली का काम है। ऐसे वैसे किए इसके बाद गलत चीज देख लेता है। अकेले है गलत कर लेता है। ऐसा है तो वहां पर अकेलापन भी अच्छा नहीं है। वहां पर दोस्तों के साथ कुछ अच्छा काम करना चाहिए। किसी को मदद करने का या
(34:17) दोस्तों के साथ मिलकर के कहीं जाना चाहिए। अच्छे मित्रों के पास ऐसा भी है दुनिया में या कुछ अच्छा काम करना चाहिए। ऐसा कुछ प्रोजेक्ट तैयार करना चाहिए तो वहां पर अकेलापन भी थोड़ा सा डेंजर है क्योंकि अकेले में रहेगा उसका मन कंट्रोलेबल नहीं है क्योंकि संयमित करने नहीं आता है ना मन को इसके बाद उन चीजों के कारण गलत हो जाता है तो वहां पर अच्छे मित्रों के साथ जाकर के थोड़ा उन लोगों के साथ रहना चाहिए अकेले है तो जितना हो सकेगा अभी के समय ज्ञान की बात सुनने का मौका दुनिया में कितना सारा स्पिरिचुअल उस पाथ पर जा सकता है थोड़ा-थोड़ा मेडिटेशन प्रैक्टिस कर सकता
(34:53) है तो इन चीजों को फॉलो फॉलो करेगा और सबसे मेन मैत्री साधना करके देवताओं को पुण्य अनुमोदन करना शुरू करेगा तो हर दिन अखंड रूप से धीरे-धीरे पक्का वो कंट्रोल होगा तो वो है रोकने के लिए नहीं तो अभी के समय में लोगों का जिंदगी बर्बाद हो जाएगा अंत में कुछ भी नहीं बचेगा लोगों के पास केवल और केवल पश्चाताप याद करिए जितना भी लोग कोई वैसा वैसा होता है तो उन लोगों को बाद में केवल पछतावा होता है इंस्टेंट सुख है बाद में पछतावा के अलावा इसके बाद बेचैनी के अलावा चेहरा मुरझाने के अलावा कुछ भी नहीं मिल जाता तो वो है उसको रोकने
(35:35) के लिए और कुछ है क्या उससे रिलेटेड सवाल ऐसे कौन सा देवताओं को पुण्य देना चाहिए भती जी ऐसा विशेष देवता नहीं है विशेष रूप से कहेंगे तो ऐसा सोच करके कि जो भी इष्ट देवताओं हैं जो भी मेरे इष्ट देवताओं पुण्य को पसंद वाले इष्ट देवताओं को यह सारा पुण्य हम अनुमोदन करते हैं। ऐसे करेंगे तो कोई दिक्कत नहीं। महते जी लव और लस्ट में क्या फर्क है? क्या अंतर है? ये दोनों को ना समझ के लव को ना समझ के लस्ट को ना समझ के लोग पागल हो जाते हैं और अंतिम में सुसाइड तक चले जाते हैं। सुसाइड करने के लिए भी सोच लेते हैं। इसके बारे में बताएं।
(36:17) ऐसा है प्यार जो होता है वह थोड़ा अलग है और जो लस्ट है वह लाइक गंदगी टाइप में चला गया। लस्ट मतलब कि जो एक अपने मन की इच्छा को पूर्ण करने की जो हवस होता है लाइक अब जो प्यास है वो प्यास हो गया। अपना प्यास को बुझाने के लिए वो कुछ भी कर देता है। तो प्यार असली में तो पुराने जमाने में बहुत सुने हैं। प्यार वो होता है एकदम पतिव्रता। स्त्री है तो एकदम पतिव्रता। अपने पति के अलावा किसी और के बारे में सोचती तक नहीं होगा सच्चा प्यार। भगवान बुद्ध के समय उपासिका थी। एक नंद माता नाम था। वो कहती है एक बार कि जब से उसकी शादी हुई शादी
(36:59) होने के बाद से भी वो बूढ़ी हो गई थी। कहती है कि शादी के बाद से आज तक मैं कम से कम सपना में भी किसी दूसरे पुरुष के बारे में नहीं सोची हूं। सपना में भी जीते जी के बारे में कहना है क्या? तो जीते जी भी वह किसी दूसरे पुरुष के बारे में नहीं सोची। कभी-कभी उसका पुरुष सुंदर भी हो सकता है, नहीं भी हो सकता। वहां पर क्या है? वह सच्चा प्यार है। सच्चा प्यार क्या होता कि जब वो साथी दुख में है तो साथ देता। अभी क्या है? पैसा है तब तक साथ देता है। पैसा नहीं है तो क्या होता है? छोड़ के चल। वो प्यार नहीं है। वो वहां पर लस्ट है। सच्चा प्यार है तो मान लीजिए कोई
(37:39) लड़का हो या लड़की हो उन लोग दुख में है तो साथ देता है। अगर दुख में साथ नहीं दे रहा है तो वो सच्चा प्यार नहीं है। वो उसका फिर केवल एक इच्छा है और अभी के युग में ज्यादा इच्छा वाला ही केवल लास्ट ही ज्यादा है। जहां उसको थोड़ा सा देखा कि अरे इसके पास कुछ नहीं तुरंत छोड़ के चला जाता है। उन लोगों का जीवन कभी सार्थक शादी कर लेगा फिर भी बाद में दिक्कतें आती रहेगी। बाद में थोड़ा सा कुछ होगा तो छोड़ के अभी डिवोर्स होने का कारण वही है ना जी क्योंकि पति का दुख को नहीं समझता पत्नी का दुख को नहीं समझता है और उन लोग को लगता है कि हमको अभी ये ठीक नहीं है दूसरा
(38:14) सामान खरीदो कपड़ा जैसा कपड़ा पुराना हो गया दूसरा कपड़ा खरीदो जैसा तो वो सच्चा प्यार सच्चा प्यार वो होता है जो वहां पर देखता एक दूसरे का दर्द को एक दूसरे का कष्ट को समझता एक दूसरे पर भरोसा करता इसके बाद एक दूसरे के लिए ही मतलब पूरा वो रखता है मतलब कि ये नहीं कि सामने से इसको मानते हैं और सामने नहीं है तो किसी और को मानना जैसा वैसा नहीं है तो भरोसा होना चाहिए विश्वास होना चाहिए तब वहां पर होगा नहीं तो सच्चा प्यार नहीं लास्ट जो है वो केवल अपने हवस को पूरा करना हवस को पूरा करने के लिए किसी एक को लेता है जब तक मन करता है तब
(38:56) तक उसका यूज़ करता है और जब मन अब इनफ है उसको उसको क्या करता है? छोड़ देता है। फिर किसी और को पकड़ता है। कभी-कभी पैसा है तो पैसा के बल पर किसी और को भी पकड़ता है। तो वो हो गया लस्ट। इसके बाद बहुत बार क्या होता है? लोगों को पता नहीं रहता है। कभी-कभी किसी में बंधित हो जाता है। इसके बाद कभी-कभी फैमिली वाले एग्री नहीं है। तो फिर क्या होता है? अलग हो जाता है। फिर कभी-कभी कोई लोग मर जाता है। सुसाइड कर लेता है। लेकिन जीवन ऐसा है ना जीवन केवल मरने के लिए ही थोड़ी मिला। इस जीवन में करने के लिए बहुत सारा चीज है। यह मनुष्य
(39:31) जीवन ऐसा है कि अपने माइंड को इतना डेवलप किया जा सकता है कि यहां तक कि आसमान में उड़ सकता है। यह माइंड ऐसा चीज है। अभी क्या दुनिया में कितना कुछ कर सकता है तो वो सारा चीज को छोड़ के केवल सोचा कि वही मेरी जिंदगी। तो अगर सच्चा प्यार होता तो वास्तव में वो नहीं छोड़ के जाएगा। लेकिन क्या होता है वहां पर छोड़ के चला जाता है। कभी-कभी पैसे के लिए या किसी और चीज के लिए तो वहां पर मर जाना ही सब कुछ नहीं। क्योंकि दुनिया में बहुत सारा चीजें करने के लिए शायद उससे अच्छा और मिल जाए। ऐसा भी हो सकता है। कभी-कभी भाग्य ही रहता
(40:04) है उसका कि वो खराब है इसलिए छोड़ के चल गया। भाग्य में होगा शायद उससे अच्छा और कोई आ जाए। कभी-कभी हो सकता है कि जो छोड़ के गया कभी-कभी बाद में उसी कारण बहुत बड़ा मुसीबत में फंस जाएंगे। क्या कहेंगे भाग्य का बचा लेता है? भाग्य कभी-कभी अलग कर देता है। अच्छा मिलने वाला है इसलिए तो ऐसा हो जाता है। नहीं भती जी वो प्यार में या लस्ट में जो भी हो उन लोग अपना गलत काम कर कर बहुत लोगों को प्रेग्नेंट कर देते हैं और प्रेग्नेंट होने के बाद वो सोचते हैं कि क्या करूं अब? फिर बहुत लोग जाकर अबॉर्शन भी करवा लेते हैं। वो अबॉर्शन
(40:38) कितना खराब है या क्या है? मतलब अबॉर्शन क्या पाप क्या पूछ रहे हैं? पाप पाप अबॉर्शन करवाना तो पाप ही है क्योंकि किसी व्यक्ति को मनुष्य जीवन में आने से क्या कर रहा है वो रोक रहा तुरंत उसी समय रोक रहा अबोषण कितना खतरनाक है देखिए एक बार ऐसे घटना घटित हुई थी श्रीलंका में ऐसे ही एक लड़का लड़की दोनों से प्यार हुआ प्यार होने के बाद होटल गया होटल में बुक करके जो भी गलत होता वो लोग किया। इसके बाद क्या हुआ कि लड़की प्रेग्नेंट हो गई और लड़का को बता अब शादी भी नहीं हुआ। अब घर वाला क्या कहेंगे? दिक्कत हुआ है ना?
(41:25) इसके बाद लड़का बोला ठीक है। ऐसा तो दवाई लिया दवाई दिलवा दिया और उसको अबॉर्शन करवा दिया। लेकिन जब अबॉर्शन कर रहा था तब तक वो बच्चा पेट में आ चुका था। उसको होश हवास था। पेट में होश हवास था। वो मर गया। मैं मरते समय बैर बांध करके मर गया नफरत के साथ कि इसने मुझे मारा। इसके बाद लेकिन बाय लक क्या हुआ कि उन्हीं दोनों का शादी हो गया। जो लड़का लड़की था ना उन दोनों का शादी हो गया। शादी होने के बाद गर्भवती बनी लड़की। अब गर्भवती कोई भी बंदा तो अभी के समय कि सबसे पहले क्या इच्छा था? कौन सा? पेट में लड़का है कि लड़की है। जाने की इच्छा तो आता है। वो
(42:07) गया चेक कराने के लिए। चेक कराने के लिए गया मतलब लगभग छ सात महीना हो गया था वैसा कितना महीना चेक करा था चार पांच महीना से चार पांच महीना से जाके चेक करा है हम तो बोला सब ओके बच्चा फिट हेल्दी है सब ठीक है लेकिन बच्चा का सिर नहीं बच्चा का सिर नहीं अब सिर नहीं तो मम्मी सोची है बच्चा सिर ही नहीं रहा तो करेंगे क्या उस बच्चा का हम हाथ पैर का अब बोला अब क्या करें अब ऐसा है तो बच्चा को ऑपरेशन करके निकल निकलवा देते हैं। उन लोग क्या किया? बच्चा को ऑपरेशन करके निकलवा दिया। निकलवाने के बाद अभी तो पूरा टाइम हुआ नहीं था। बच्चा क्या
(42:48) हुआ? मरा हुआ निकला। लेकिन बच्चा का सिर था पूरा सर पर हाथ रख के पूरा रो रही है मम्मी। अब ऐसा होगा तो कितना पूरा गाली दिया किसको? [हंसी] स्कैनर को। वो लोग बोला मशीन मशीन है। अब हम क्या कर सकते हैं? इसका बहुत दुखी बहुत घर गया। कुछ दिनों के बाद उसके परिवार में किसी एक पर कोई सवार हुआ। हा करके बोलता है। पूछा कौन है? बोलता है याद है तुम लोगों को पतिप को फलाना दिन उसी होटल में तुम लोग ऐसा-सा काम किया था। फिर तुम प्रेग्नेंट हुई थी और तुमने अबशन करवाया था। बोलता हम ही वो बच्चा है। तुमने मुझे आने नहीं दिया मनुष्य लोक में। छोड़ेंगे
(43:31) नहीं। तुम लोगों को बच्चा जन्म देने नहीं देंगे। जब तुम लोग स्कैन कर रहे थे हमें अपना हाथ से उसका सिर ढक लिए थे। बच्चा का मुड़ी स्कैन में नहीं आया। हिम्मत है तो बच्चा बना के दिखाओ। ऐसा बोला और चला गया। कैसा हैशन? तो इसी प्रकार अभी दुनिया में कितना ऐसे करता है। कितना बार लोग नफरत से मर जाता होगा। कितना बदला लेता है वो तो अलग बात हो गया। और सबसे बड़ा प्राणी हत्या। प्राणी भी मनुष्य का हत्या। भगवान बुद्ध जी बताएं वहां पर बहुत बड़ा पाप है। तो कभी-कभी कोई मनुष्य जन्म में आता है लाखों करोड़ों साल के बाद आता है और उसमें भी ये
(44:09) क्या कर रहा है तुरंत हमको नहीं चाहिए बच्चा मरवा देता है। जन्मजन्म में क्या होगा जब भी मार रहा है ना जो भी मां हो या ये लोग कभी भी बाद में किसी का गर्भ में जाएगा तो इन लोग को मनुष्य लोक में आने का मौका नहीं मिला लोग मार देगा। जैसा खुद किया है वैसा बोलना पड़ेगा। हजारों-हजार जन्म में मरना पड़ेगा पेट में ही। ऐसा है यह चीज अबशन का साधु साधु से बहुत सुंदर से आपने यह हस्तमैथुन के बारे में ये राग के बारे में आपने ये विशेष करके हम सबको बताया ये सब के कारण बताने के कारण और भी लोगों का कल्याण होगा जी इसलिए आपको बहुत-बहुत
(44:50) पुण्यवंत जी जो कोई भी भाग्यवान होंगे इस चर्चा से इस प्रवचन से जरूर कुछ ना कुछ सीखेंगे और अपने जीवन को कल्याण की ओर ले जाएंगे। इसलिए आपको बहुत-बहुत पुण्यवंत जी।

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