Why Men Want SEX & Women Want LOVE (Emotional INTIMACY Psychology)
Author Name:Mind Matters
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@pushkarsharm012
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=v0SzGfeATko
Transcript:
(00:00) व्हाई मैन वांट सेक्स एंड व्हाई वुमेन वांट लव? एक लड़की सिर्फ कंट्रोलोल्ड मैन के सामने सरेंडर करती है। लड़की सिर्फ उसी मैन के साथ सोना चाहती है जो अपनी सेक्सुअल अर्थ पर कंट्रोल कर सकता हो। लड़की बोलती तो है कि उसे नाइस गाय चाहिए। बहुत ही ज्यादा काइंड, बहुत ही ज्यादा स्वीट बंदा चाहिए। लेकिन फिर भी वो इमोशनली अनवेलेबल मैन से इतनी जल्दी अट्रैक्ट क्यों हो जाती है? और वहीं पर अगर एक मैन को सिर्फ रिलेशनशिप में सेक्स चाहिए होता है तो फिर वो ब्रेकअप के बाद रात के 12:00 बजे ओल्ड चैट्स को क्यों रीड कर रहा होता है? देखो वुमेन और मैन की
(00:31) सेक्सुअल नीड्स, इमोशनल नीड्स पूरी तरीके से डिफरेंट होती हैं। और जो बंदा इस चीज को डिकोड कर लेता है वो रिलेशनशिप के अंदर डेटिंग वर्ल्ड के अंदर बादशाह होता है। मतलब उसको ही हम हाई वैल्यू मैन या फिर हाई वैल्यू वुमेन बोलते हैं। इसीलिए दोस्तों आज की इस वीडियो में मैं आपको मैन एंड वुमेन की कुछ ऐसी सेक्सुअल और इमोशनल नीड्स के बारे में बताने वाला हूं जो वो इन डेप्थ में डिमांड कर रहे होते हैं, सीक कर रहे होते हैं। लेकिन जब आप अपने पार्टनर की नीड्स को फुलफिल नहीं कर पाते हैं तो उस चीज को बाहर ढूंढना शुरू कर देते हैं। मैं आपको बताऊंगा कि किस लिए
(01:01) वुमेन सेक्स के लिए ओपन नहीं हो पाती है और क्यों मैनस को बहुत ही ज्यादा सेक्स की नीड होती है और कैसे आप उन सारी चीजों को सेटल डाउन कर सकते हो जिससे कि पार्टनर पूरी तरीके से सेटिस्फाई हो सके। वो सारी चीजें डिटेल में बताऊंगा फीमेल ऑर्गेनिज्म के बारे में, फीमेल नेचर के बारे में और इंटिमेसी के बारे में भी हम डिटेल में जानने की कोशिश करेंगे। टोटली हम सेक्स को बहुत ही ज्यादा इजी लैंग्वेज में समझेंगे। बस आपको क्या करना है? है। यह वीडियो पूरा देख लेना है क्योंकि हाफ नॉलेज से आप गड़बड़ी करने वाले हो। तो वीडियो को पूरा
(01:28) जरूर देखना और वीडियो अगर पसंद आए तो लाइक कर देना। तो फिर चलिए बिना टाइम वेस्ट करे वीडियो की शुरुआत करते हैं। मॉडर्न रिलेशनशिप्स हारश रियलिटी। आज के टाइम की औरतें मर्दों को फंसाने के लिए सेक्स को ऑफर करती हैं और वहीं पर मर्द औरतों को फंसाने के लिए रिसोर्सेज को ऑफर करते हैं। इसके पीछे बहुत ही सिंपल सी साइकोलॉजी है क्योंकि जो मैनस होते हैं वो बहुत ही ज्यादा विजुअल से अट्रैक्टेड फील करते हैं। जहां पर उन्हें ब्यूटी दिखाई देती है, यूथ दिखाई देता है, फर्टिलिटी के साइन दिखाई देते हैं। एक तरीके से फेमिनिटी दिखाई देती है। तो वो बहुत जल्दी
(01:59) अट्रैक्शन का सिग्नल वहां पर वो नोटिस करते हैं। बहुत ही इंस्टेंटली शेड्यूस्ड फील करते हैं। इसी तरीके से जब एक वूमेन को एक मैन के अंदर एंबिशन दिखाई देते हैं, विज़न दिखाई देता है, डिसिप्लिन दिखाई देता है, कंट्रोल दिखाई देता है, स्टेबिलिटी दिखाई देती है, तो वहां पर वो इंस्टेंटली शेड्यूस्ड फील करती है और उसकी तरफ खुद को अट्रैक्ट होने से रोक ही नहीं पाती है। बट इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सारी वुमस गोल्ड डिगर होती हैं या फिर सारे मैनस सिर्फ लुक्स को देखते हैं। नहीं, यह चीज ना पूरी तरीके से इवोल्यूशनरी हिस्ट्री पर ही बेस्ड है। उसी की वजह से
(02:30) डेवलप हुई है। क्योंकि एंशिएंट टाइम में पहले के टाइम में वुमस को एक तरीके से सर्वाइवल और चाइल्ड प्रोटेक्शन चाहिए होता था और एक मैन को हेल्दी रिप्रोडक्टिव पार्टनर चाहिए होता था और वही सारी चीजें आज हमें मॉडर्न डेटिंग में देखने को मिलती हैं। आपको यह भी समझ में आ रहा होगा कि आप अट्रैक्ट करने के लिए क्या सामने वाले को देना होता है? क्या चाहिए होता है? अगर एक मैन के पास यह सारी चीजें होती हैं जो वुमेन की इमोशनल नीड्स को फुलफिल कर सकती हैं, तो उसके लिए अट्रैक्ट करना बहुत ही इजी हो जाता है। बट अट्रैक्शन इज सबकॉन्शियस नॉट लॉजिकल। एक लड़की के अंदर
(03:01) अट्रैक्शन जब पैदा होता है जब उसकी इमोशनल नीड्स फुलफिल होती हैं। भले ही वो कॉन्शियसली आपसे ये सवाल ना पूछे लेकिन बार-बार उसका सबकॉन्शियस ब्रेन, सबकॉन्शियस माइंड उससे ये सवाल पूछ रहा होता है कि क्या यह बंदा कैपेबल है? क्या यह बंदा परिवार बना सकता है? फ्यूचर बना सकता है? क्या यह बंदा इमोशनली स्टेबल है? क्या यह बंदा प्रोटेक्टिव है? क्या बंदा ये सपोर्टिव है? इस तरीके के क्वेश्चंस वो पूछ रही होती है। अंदर से फील कर रही होती है। स्कैन कर रही होती है। इसी तरीके से जो मैनस होते हैं वो एक तरीके से फिजिकल अपीयरेंस को स्कैन कर रहे होते हैं। लड़की
(03:34) का जो नर्चरिंग नेचर होता है उसको स्कैन कर रहे होते हैं। एक तरीके से जो वर्म्स होता है ना सॉफ्टनेस होती है, फेमिनिटी होती है उसको स्कैन कर रहे होते हैं। इसीलिए जब एक लड़का भीड़ में भी होता है ना तो एक खूबसूरत लड़की को फिजिकली बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव लड़की को, नर्सिंग लड़की को, केयरिंग वुमेन को इजीली डिटेक्ट कर लेता है। हमारा जो इमोशनल ब्रेन होता है ना माइंड होता है वह भीड़ के अंदर भी ऐसे पार्टनर को ढूंढ रहा होता है। ऐसे इंटिमेट पार्टनर को ढूंढ रहा होता है जो हमारी इमोशनल नीड्स को फुलफिल कर सकता है। और दोनों की नीड्स मैंने आपको बता दी। अब
(04:05) जब वो आपके अंदर ये चीजें नोटिस कर लेती है। सेंस कर लेती है तो वो इंस्टेंटली आपकी तरफ टर्न ऑन हो जाती है। आपकी तरफ अट्रैक्टेड फील करती है। इसी तरीके से आप भी एक ऐसी वूमेन से बहुत जल्दी अट्रैक्टेड फील करती हो जिसके अंदर ये क्वालिटीज होती हैं। बोथ आर ट्रेड बट डिफरेंट थिंग्स। वुमेन बेड मैन विद सेक्स एंड मैन बेड वुमेन विद रिसोर्सेज। इसके पीछे की साइकोलॉजी यही होती है कि मैन सक्सेस वुमेन को अपने पावर स्टेटस, पैसा, कॉन्फिडेंस, एंबिशंस से बहुत ही ज़्यादा रिसड्यूस करते हैं। इंप्रेस कर पाते हैं। और वहीं पर वुमेन मैनस को अपनी
(04:36) सेक्सुअलिटी से, इमोशनल वार्म से, फिजिकल ब्यूटी से, फिजिकल अपीरेंस से कह सकते हैं और नर्चरिंग नेचर से एक तरीके से सिड्यूस करती है, इंप्रेस करती हैं। यह सुनने में आपको काफी ज्यादा हारश लग सकता है। लेकिन हम रिलेशनशिप के डायनेमिक्स को ट्रांजैक्शनल और इमोशनल दोनों ही एंगल से देखते हैं। आप भी जब किसी रिलेशनशिप में जाते हैं तो अपने फायदे के लिए तो जाते हैं। जहां पर आपकी इमोशनल नीड्स फुलफिल हो रही होती हैं। इसी तरीके से लड़की की भी नीड्स होती हैं और जब दोनों की नीड्स फुलफिल हो पाती है तभी एक रिलेशनशिप सर्वाइव करता है। स्टार्टिंग में मैंने
(05:06) आपको बोला कि मर्दों को सेक्स चाहिए होता है। वुमेन को लव चाहिए होता है। उसके पीछे का रीज़न यही होता है कि कुछ उसकी इमोशनल नीड्स होती हैं। वुमेन सेक्स के लिए कब ओपन होती है, कब सरेंडर करती है, वो आगे वीडियो में बताता हूं। फिलहाल हम नेक्स्ट पॉइंट पर आते हैं। बोथ वांट्स कैजुअल सेक्स बट विद डिफरेंट मोटिव्स। मैनस अक्सर कैजुअल सेक्स को सिर्फ इसीलिए सीक कर रहे होते हैं क्योंकि उन्हें सेक्सुअल वैरायटी चाहिए होती है। ज्यादा से ज्यादा वो वुमेन के साथ इंटिमेट होना चाहते हैं। बट वहीं पर वुमेन कैजुअल सेक्स को सिर्फ इसीलिए
(05:33) सीक कर रही होती है क्योंकि उसे फ्यूचर पोटेंशियल पार्टनर देखना होता है। इमोशनल लोनलीनेस फील होती है और एक तरीके से इमोशनल वैलिडेशन भी चाहिए होता है। इसीलिए वो ज्यादा ज्यादा पार्टनर को एक्सचेंज कर रही होती है। बट आज के टाइम पर ना बहुत ज्यादा चीजें कॉम्प्लिकेटेड हो गई हैं। आज के टाइम पर लड़कियां ना फन की तरह स्केचुअल सेक्स को ले रही होती हैं। और वहीं पर ज्यादातर लड़कों का ना इमोशनल कनेक्शन बिल्ड करना होता है। और आपको भी यह डिफरेंस समझने की जरूरत है कि जो लड़की इंस्टेंटली सारी चीजों को ओपन कर दे रही है वो लॉन्ग टर्म में नहीं टिकेगी। जो
(06:01) अपने आपको बहुत ही ज्यादा रेयर बनाकर चल रही है। धीरे-धीरे चीजों को ओपन कर रही है वो एक्चुअल में वाइफ मटेरियल होती है। और अगर आप लड़की के इमोशंस को अनलॉक करना चाहते हो, आप चाहते हो कि वो आपके लिए अपने इमोशंस के कंट्रोल को खो दे। तो इसकी सिर्फ एक की होती है आपकी सेल्फस्ट, आपका सेल्फ कंट्रोल। जितना ज्यादा आप स्टेबल होते हो, इमोशनली रिएक्ट नहीं करते हो, हर सिचुएशन को बहुत ही अच्छे तरीके से इमोशनली हैंडल करना जानते हो, ओवर रिएक्ट बिल्कुल भी नहीं करते हो, उतनी जल्दी वो ओपन होती है। यही इसके पीछे की एक की है। यहीस्ट है। वुमेन वांट लव एंड वैलिडेशन।
(06:33) अगर आप चाहते हो कि लड़कियां आपके लिए सेक्सुअली ओपन हो जाए तो पहले आपको उसके इमोशनल वर्ड को ओपन करना होता है। देखो लड़की तब प्यार को फील करती है जब आप उसे बहुत ही ज्यादा चैरिश्ड फील कराते हो, सीन फील कराते हो। ऐसा फील कराते हो कि आप उसे लिसन कर रहे हो। एक्चुअली में उसकी फीलिंग्स को अंडरस्टैंड करने की कोशिश करते हो। तभी उसे रियली में प्यार फील होता है। क्योंकि जो उसका इमोशनल एनवायरमेंट होता है ना वो डायरेक्टली लिंक्ड होता है उसके सेक्सुअल बिहेवियर से उसके इंटिमेसी से। इसी वजह से ना जो बहुत ही ज्यादा रीअशोरेंस होता है, एप्रिसिएशन
(07:03) होता है, इमोशनल कनेक्शन होता है, वह डायरेक्टली इंटिमेसी के ऊपर एक बड़ा इंपैक्ट डालते हैं। और इसी रीज़न की वजह से ना जो हाउस वर्क करने वाला मेल होता है, जो घर के कामकाज करता है, वो लड़की की नजरों में बहुत ही ज्यादा केयरिंग और बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव लगता है। बिकॉज़ यह एक तरीके से सपोर्ट पार्टनरशिप और इमोशनल इन्वेस्टमेंट का सिग्नल होता है। मैन वांट एप्रिसिएशन एंड पीस। एक मैन को एप्रिसिएशन और पीस चाहिए होता है। भले ही वह इस चीज को मुंह से बोलकर प्रेजेंट नहीं करता है बट इन डेप्थ में कहीं ना कहीं डीप डाउन में वह बहुत ही ज्यादा सेक्सुअल
(07:34) एक्सेप्टेंस को एडमिरेशन, रिस्पेक्ट और इमोशनल पीस को सीक कर रहा होता है। जब एक मैन रेगुलरली कॉम्पिटिटिव और हाई चैलेंजेस एक्टिविटीज में खुद को इनवॉल्व रखता है ना तो वो नेचुरली बहुत ही ज्यादा डोमिनेटिंग और बहुत ही ज्यादा इमोशनली स्टेबल मैन नजर आता है। लड़की को इमोशनल स्टेबिलिटी चाहिए होती है। इमोशनल कंट्रोल चाहिए होता है। वो सिर्फ तभी एक मैन शो करता है जब वो हाईली प्रेशराइज सिचुएशन में भी जहां पर प्रेशर बहुत ज्यादा होता है वहां भी अपने काम को नहीं खोता है। अपनी पेशेंस को नहीं खोता है। जैसे कि फाइट के दौरान वो गाली
(08:04) बक्क कर नहीं बल्कि अपने हाथों का यूज करके पंचिंग का यूज़ करके वो डोमिनेट करता है। इनफेडिटी यूजली डज़ नॉट हैपन सडनली। वुमेन चीट फॉर इमोशंस। लड़की इमोशंस के लिए चीट करती है। उसके पीछे के कुछ कॉमन रीज़ंस होते हैं। जैसे कि लोनलीनेस इमोशनली वो नेगलेक्ट फील कर रही होती है। मतलब कि मेरा पार्टनर मेरी फीलिंग्स को समझता नहीं है। नॉट फीलिंग डिजायर्ड। बोर्ड फील कर रही होती है या फिर लैक ऑफ कम्युनिकेशन होता है। क्योंकि मेरा बॉयफ्रेंड या फिर हस्बैंड मुझसे अच्छे से बात नहीं करता। हम लोग कम्युनिकेट नहीं करते। इसीलिए मैंने चीट किया। इसीलिए वो अपने दूसरे मर्द के
(08:36) साथ अपनी नीड्स को फुलफिल करती है, सेटिस्फाई करती है। बट एक मर्द ना डिफरेंट चीजों के लिए चीट करता है। सबसे पहली होती है सेक्सुअल नोबेलिटी। दूसरी होती है एक्साइटमेंट। तीसरी उसे अपॉर्चुनिटी मिल रही होती है। इसीलिए वो चीट करता है। अगर वो डायरेक्टली आपसे नहीं बोल पा रही है तो आपको उसको रीड करना आना चाहिए। अगर आपकी वुमेन जो है आपके साथ है वो चाइल्ड बिहेव नहीं कर रही है। खुल के आपके साथ इमोशनल कनेक्शन को शो नहीं कर रही है। डीप डाउन में आपसे बातें नहीं कर रही है तो कहीं ना कहीं कुछ प्रॉब्लम होने वाली है। फ्यूचर में आपको पता लग जाएगा क्योंकि अनाउंसमेंट
(09:03) होगी। लेकिन उससे पहले आपको चीजों को सुधारना है तो आप मुझसे पर्सनली कनेक्ट कर सकते हो। मैं आपको सारी चीजें और ज्यादा डिटेल में आपकी ऐज के हिसाब से आपके मैरिज किस टाइम हुई थी या फिर आपकी रिलेशनशिप कब की है उसके हिसाब से आपको सारी चीजें बता सकता हूं। पहले भी मैंने काफी सेशंस में लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करी है। अगर आप पर्सनली जानना चाहते हो तो लिंक मैंने आपको डिस्क्रिप्शन में दे दिया है। वन ऑन वन कॉल पे आप बात कर सकते हो जो कि पूरी तरीके से प्राइवेट रहने वाली है और प्राइवेसी के साथ हम बात करेंगे। इंपॉर्टेंट रूल्स फॉर स्ट्रांग
(09:31) रिलेशनशिप्स। फर्स्ट प्रायोरिटाइज़ योर पार्टनर। अगर आपकी लाइफ़ में बिज़नेस, करियर, फ्रेंड्स, डिस्ट्रैक्शंस और भी फालतू की चीज़ आपके रिलेशनशिप से आपके पार्टनर से ऊपर चली गई है ना, तो यहां पर इमोशनल डिस्टेंस बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है और चीटिंग के चांसेस भी बहुत ही ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसीलिए अपने पार्टनर को इसीलिए अपने पार्टनर को भी प्रायोरिटी देना, टाइम देना, उसके साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना भी बहुत ज्यादा जरूरी होता है। सेकंड मेंटेन डेली कनेक्शन। रोज थोड़ा इमोशनल कनेक्शन बनाना, कुछ बात करना, थोड़ा टच करना, अटेंशन देना, लिसनिंग करना,
(10:02) रिलेशनशिप के लिए एक फ्यूल की तरह वर्क करता है। बिना इसके आपकी रिलेशनशिप की गाड़ी बहुत ही जल्दी रुक जाती है, खराब हो जाती है। नंबर थ्री, अवॉयड डेंजरस सिचुएशनंस। अगर आप रिपीटेडली अपनी ऑफिस क्रश से या फिर अननोन पर्सन से चैट कर रहे हो, बहुत ही ज्यादा इमोशनल वेंडिंग कर रहे हो, किसी बाहर वाले पर्सन की बहुत ही ज्यादा अटेंशन को सीक कर रहे हो, बाहर भी सेक्स करके आ रहे हो, अपने पार्टनर को नहीं बता रहे हो, तो यह आपके रिलेशनशिप के लिए एक तरीके से इमोशनल पोइजन की तरह होता है और बहुत जल्दी आपके रिलेशनशिप को डैमेज कर सकता है। अभी आपको सारी चीजें नॉर्मल
(10:33) लगती है। बट धीरे-धीरे आपका पार्टनर उस चीज़ को नोटिस करने लगता है, फील करने लगता है। खास करके वुमेन और वह इमोशनली डिस्टेंट होने लगता है। और जब वो बाद में चीट करेगा वैसे ही सेम चीज उसके अंदर आपको दिखाई देने लगेगी तो आप बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाओगे। ऐसे बहुत सारे सेशंस मेरे पास आते हैं। तो पहले से आप इस चीज को कंट्रोल करके रखो। अपने को संभालने की कोशिश करो। मैं आपको कुछ ऐसी चीजें बताता हूं जिससे आप खुद को चीटिंग से बचा सकते हो। बाहर इमोशनल नीड्स को सेटिस्फाई करने से जाने से बचा सकते हो। डोंट ट्रस्ट ऑन लव एट फर्स्ट साइड। हमेशा याद रखो
(11:02) हॉर्मोंस टेंपरेरी होते हैं। स्टार्टिंग फेज में हर कोई अपने बेस्ट वर्जन को ही शो करता है। अपने फ्लोस को हाइड करके रखता है। कंपैटिबिलिटी क्लियर नहीं दिखती है। इसीलिए किसी को भी डीप कनेक्शन बनाने में डीपली रिलेशनशिप में जाने में बहुत ही ज्यादा टाइम लगता है। आप भी 3 महीने से पहले ना कमिटमेंट की डिमांड मत करो और कभी भी कमिटमेंट दो मत। क्योंकि उससे पहले सब कुछ हो रहा होता है। वह रिलेशनशिप का हनीमून फेस होता है। सारी चीजें फेंटसी में चल रही होती हैं। आपका दिमाग कुछ और सोच रहा होता है। बॉडी किसी और डायरेक्शन में जा रही होती है। तो सारी चीजों को
(11:31) करने के बाद ही आप कमिटमेंट की तरफ जाओ और डीप में उस बंदे के साथ कनेक्टेड फील करो। उससे पहले ना आपकी एक्सपेक्टेशंस बहुत जल्दी ब्रेक भी हो सकते हैं। क्योंकि हर पर्सन ज्यादा से ज्यादा बेस्ट दिखाने की कोशिश कर रहा होता है। और एक इंपॉर्टेंट चीज अट्रैक्शन साइकोलॉजी, इवोल्यूशनरी बिहेवियर या फिर रिलेशनशिप्स पैटर्न्स कभी भी एब्सोल्यूट ट्रुथ की तरह नहीं होते हैं। आप इन्हें पूरी तरीके से सच नहीं मान सकते। बिकॉज़ हम ह्यूमंस हैं। कोई रोबोट नहीं है। सारी लड़कियां सेम नहीं होते हैं। सारे लड़के सेम नहीं होते हैं। कल्चर चेंजेस बिहेवियर, इमोशनल मैच्योरिटी
(12:02) चेंजेस प्रायोरिटी। इसीलिए एक हेल्दी रिलेशनशिप तब बिल्ड होता है जब आप कम्युनिकेशन, रिस्पेक्ट, ट्रस्ट, इमोशनल सेफ्टी, अट्रैक्शन, एफर्ट्स और कंपैटिबिलिटी को प्रायोरिटी पर रखते हो। जल्दी से सारी चीजों को ओपन नहीं कर देते हो। अभी अगर आपका कोई डाउट रह गया है तो कमेंट सेक्शन में बता सकते हो। नेक्स्ट टॉपिक पर कौन सा वीडियो देखना चाहते हो वो भी बता सकते हो। बाकी अगर आप चाहते हो कि पर्सनली मैं कॉल पर बात करके आपकी प्रॉब्लम का सॉलशन दूं। सो बुक माय कॉल सेशन लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन। और अगर आप इस वीडियो को अभी तक देख रहे हो ना तो
(12:30) पक्का आप अपनी रिलेशनशिप को अपग्रेड करने के लिए वुमेन की साइकोलॉजी को डीप में समझने के लिए काफी ज्यादा सीरियस हो, मैच्योर हो। तो सामने स्क्रीन पर एक और वीडियो आ रही है जिसमें मैंने डिटेल में बताया हुआ है कि किस तरीके से आप अपनी लाइफ में किसी भी लड़की को अपनी एग्स को दोबारा से रीअट्रैक्ट कैसे कर सकते हो। फाइव साइकोलॉजिकल शिफ्ट्स दिए हुए हैं। अगर आपने अप्लाई कर लिए तो इंस्टेंटली गेम पूरी तरीके से रिवर्स हो जाता है। उस वीडियो पे क्लिक करके आप अभी देख सकते हो। बाद के लिए सेव कर सकते हो। मैं मिलूंगा आपसे वीडियो में। तब तक के लिए धन्यवाद।
(12:58) जय श्याम। अपना ध्यान रखें। खुश रहें।
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