Wednesday, August 5, 2026

Rise of vulgarity in India

Rise of vulgarity in India

Author Name:unfiltered MEN

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@unfilteredMEN-j8w

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=LZFs5N_jLus



Transcript:
(00:00) ऐसी वीडियोस आपने भी कभी ना कभी जरूर देखी होंगी। देखे [गाना गाने की आवाज़] बिना जिन वीडियोस में कुछ नहीं बस डबल मीनिंग जोक्स क्रैक हो रहे हैं। बहुत दिन हो गए मैंने किसी का लिया नहीं है। आज मुझे लेने का मन कर रहा है। क्या आप मुझे देंगे अपना आशीर्वाद? डार्क ह्यूमर के नाम पे क्रिंज और व्गर बातें हो रही है। यही उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगी। ये बहुत मेहनत करती है। आओ देखते हैं। अबे यार कौन है? दीदी ये ये मां बेटे के रिलेशन को सेक्सुअल वे में पोट्रे किया जा रहा है। साफ-साफ बोलूं तो Instagram कंटेंट की जगह सॉफ्ट बोर्न का हब बन चुका है। [संगीत]
(00:40) आज Instagram पे 500 मिलियन से भी ज्यादा इंडियन यूजर हैं। जिनमें से 45 मिलियन से भी ज्यादा अंडर 18 बच्चे हैं। और यह तो बस ऑफिशियल नंबर है। और Instagram इस टाइप का कंटेंट दबा के पुश करता है। फिर चाहे वह बच्चों की फील्ड में ही क्यों ना हो। ऐसे कंटेंट को हटाना तो छोड़ दो। इंगेजमेंट ही सिर्फ ऐसे कंटेंट में मिलती है जब थोड़ी सी स्किन दिखाकर डबल मीनिंग जोक क्रैक कर कर इन क्रिएटर्स को इतनी इंगेजमेंट मिल रही है तो फिर यह क्यों ही तो मेहनत करना चाहेंगे। आज अगर Instagram खोल लो तो लगता है उल्लू या फिर ऑल्ट बालाजी जैसे
(01:08) प्लेटफार्म पे आ गए हैं। inा छोड़ो सॉन्ग्स तक अब व्गैरिटी और सॉफ्ट पोर्न प्रमोट कर रहे हैं। यह गाना देखो पहले उठाए फिर डाले नीचे एक बूंद ना गिराए। यह एक सॉन्ग की लाइन है। फीचरिंग नोरा फतेह एंड संजय दत्त। और सिर्फ यह दो लाइन नहीं यह पूरा सॉन्ग ही बेस्ड है व्गेरिटी पे। लेकिन हमेशा से सब कुछ ऐसा नहीं था। आज इस वीडियो में यही देखेंगे कि कैसे व्गैरिटी और सॉफ्ट कॉर्न कंटेंट का सडन राइज हुआ है। लेकिन उससे पहले अगर ऐसा ही अनफिल्टर्ड कंटेंट पसंद है तो सब्सक्राइब करना मत भूलना। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पहले भी व्केटी थी। लेकिन इतनी नहीं 2016 से पहले लड़कियों का
(01:45) ऑब्जेक्टिव बस बॉलीवुड सॉन्ग्स में होता था। मुन्नी बदनाम शीला की जवानी बहुत क्लासिक एग्जांपल है। लेकिन 2016 के बाद जब इंटरनेट सस्ता हुआ तो हर किसी को क्रिएटर बनने का चशका चढ़ गया। और 2020 में जब कोविड की वजह से लॉकडाउन लगा तो लोगों के पास कुछ करने को तो था नहीं। घर पर रहकर बोर होना, लोनलीनेस से डील करना तो हर कोई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पोस्ट करने लग गया। और उस टाइम तक मोस्ट ऑफ द फीमेल इन्फ्लुएंसरर भी नॉर्मल टाइप का ही कंटेंट बनाती थी। लेकिन जब उन्होंने नोटिस किया कि थोड़ी सी स्किन ज्यादा दिखाने से, अपने बॉडी पार्ट्स को हाईलाइट करने से
(02:16) इंगेजमेंट ज्यादा मिल रही है तो उन्होंने अपने चैनल को बस व्गैरिटी पे शिफ्ट कर लिया और उसका नतीजा है आज हजारों के नंबर में ऐसे अकाउंट बन चुके हैं जो सेमिनडिटी और व्गेरिटी के दम पर चल रहे हैं। एंड पीपल आर स्टिल वाचिंग ख्याति श्री, काजल [संगीत] पांडे, मुस्कान खारिया। यह सब ऐसे ही क्रिएटर हैं जिनका कंटेंट बस सेमिनडिटी और डार्क ह्यूमर के अराउंड रिवॉल्व करता है। यह वीडियोस देखो। आज मैंने अपने संतरों को मसल कर उसका रस निकाल दिया और वह कुछ ऐसा दिखता है। मुझे खट्टी चीजें काफी पसंद है। हम यह काफी खट्टा, ताजा और चुपचिपा है।
(02:46) हाय गाइस, आज ही हम लोग नसा पे पनीडा पहुंचे। मैंने अपने हस्बैंड को दे दिया स्कूटी चलाने के लिए क्योंकि [संगीत] मुझे करना है एंजॉय। इनमें मेरे को बताने तक की जरूरत नहीं है कि क्या प्रॉब्लमैटिक है। यहां तक कि कुछ क्रिएटर्स ने तो मां बेटे के रिश्ते तक को नहीं छोड़ा। यह है संतूर मां जो अपनी फैमिली की वीडियोस डाला करती थी। लेकिन जब वीडियोस में मां और बेटे के एंगल को सेक्सुअल तरीके में दिखाया गया तो व्यूज ज्यादा बढ़ने लगे और इसके बाद इनका अकाउंट सिर्फ मॉम लव सन की वीडियोस से भर गया। इसके बाद कितनी ही मां अपने बेटों को
(03:17) ऐसी वीडियोस के लिए यूज करने लग गई। यह न्यूज़ देखो। एक औरत पे इसलिए एफआईआर की जाती है क्योंकि वह अपने बेटे को व्गर कंटेंट के लिए यूज़ करती थी। मतलब व्यूज के लिए कितना नीचे गिर सकता है एक इंसान। यह है काजल पांडे। हिला रहे हो तो आप किससे हिलाओगे झंडा? इन्होंने स्टार्ट तो नॉर्मल वीडियो डालने से ही किया था। तेरी हिम्मत कैसे हुई इस बिल्डिंग से। लेकिन जब देखा कि इंगेजमेंट ही ऐसे वीडियोस पर आ रही है तो उन्होंने अपना कंटेंट ही इसको बना लिया। इनकी मोस्ट ऑफ द वीडियोस मैं दिखा तक नहीं सकता और बच्चे यह चीजें कंज्यूम करते हैं। हर वीडियोस पे
(03:59) मिलियंस में व्यूज जाते हैं, मिलियंस में लाइक जाते हैं और कमेंट देखो तो सिर्फ बकवास मिलेगी और मोस्टली ये कमेंट्स टीनएजर्स [संगीत] के ही मिलेंगे। फिर चाहे वो लड़कियां हो या लड़के क्योंकि वही इस कंटेंट का सॉफ्ट टारगेट है। मुस्कान खारिया की यह वीडियो देखो। है आपके लिए गुलाबी चोको। बाहर हो कुछ ऐसा दिखता है। स्ट्रॉबेरी चौको मेरा पसंदीदा है। इसका स्वाद तो बिल्कुल मेरे बिल्ले की तरह है। बाहर से काला लेकिन अंदर से गुलाबी। ये कहने को तो फूड रिव्यूज करती है लेकिन ऐसा लगता तो नहीं है। ना ही इनकी वीडियोस से और ना ही उनके कमेंट से और इसके बाद
(04:31) गेट रेडी विद मी जैसे ट्रेंड्स आ जाते हैं। जो स्टार्ट तो मेकअप ट्यूटोरियल्स के लिए हुए थे। लेकिन अब लड़कियां अपनी बॉडी दिखाने के लिए इनको यूज करती हैं। जरा सोच के देखो। ऐसी वीडियोस को पहले एमएमएस बोला जाता था। और आज लड़कियां कमरा बंद करके कपड़े बदलती हैं पूरी दुनिया को दिखाने के लिए। और ऐसी वीडियो कपड़ों की वीडियो बना के और पहनने के बाद खुद की वीडियो बना के भी पोस्ट करी जा सकती है। अपने कपड़े उतार के यह दिखाने की कि अंदर क्या पहना है इसकी कोई जरूरत नहीं है। लेकिन फिर शायद उतनी इंगेजमेंट नहीं मिलेगी ना। इन्होंने
(05:00) फेमिनिज्म का भी एक अलग ही मतलब निकाल लिया है कि जितने छोटे कपड़े पहन के वीडियोस बनाओगे उतना ही ज्यादा वूमेन एंपावरमेंट होगा। लेकिन असली वुमेन एंपावरमेंट इसको कहते हैं। पहले तू तो तमीज से बात कर ले और इज्जत दे मुझे। वो तो मैंने लूट ली। यह है सेजल जो कहने को तो इंस्टा की क्वीन ऑफ डार्क ह्यूमर है। लेकिन कंटेंट देखो तो कुछ ऐसा मिलेगा। देखो तुम कितने भी बड़े हो जाओ। सबके अंदर एक छोटा सा बच्चा तो होता ही है। अब मेरे अंदर भी एक छोटा सा बच्चा है। उस वजह से एक वीडियो में तो जाकर यह पब्लिक टॉयलेट तक लिख कर देती है। निकले।
(05:31) यहां बाथरूम के एक निकले। मैंने और इन क्रिएटर्स के तुम अगर जोक्स भी देखोगे तो वो तुम्हें ऐसे सेंसिटिव टॉपिक पे मिलेंगे जैसे रेप और डेथ। अपने मेल मिस को ऐसे पैक करके अपने बॉयफ्रेंड को दे दो। इससे अच्छा गिफ्ट तो हो ही नहीं सकता। इन क्रिएटर्स के साथ-साथ हमारी मूवी इंडस्ट्रीज भी कुछ पीछे नहीं है। बल्कि मैं अगर किसी को मेन कल्पिट बोलूं यह व्गेरिटी और यह सब फैलाने का तो वो यह मूवी इंडस्ट्रीज ही होंगी। जरा मेरे को याद करके कोई ऐसी मूवी बताओ जिसमें कि कोई आइटम सॉन्ग ना हो। और अगर मिले तो कमेंट करके मेरे को भी बताना। यहां तक कि स्पाई
(06:03) मूवीस तक में यह एजेंट्स को बिकनी में नचवा देते हैं। और यह आइटम सॉन्ग्स का ट्रेंड तो बहुत पुराना है। चोली के पीछे क्या है? शीला की जवानी बीड़ी जलाईले जिगर से पिया जिगर मां बड़ी आग है। और यहां मैं कोई चुन-चुन कर नाम नहीं बता रहा हूं। यह सारे मेन स्ट्रीम सॉन्ग्स हैं। फेमस मूवीज के और फेमस एक्टर्स के। यहां तक कि कुछ एक्ट्रेस तो फेमस ही उनके आइटम सॉन्ग्स के लिए हैं। मलाइका अरोरा के सॉन्ग्स, मुन्नी बदनाम हुई, अनारकली डिस्को चली, नोरा फतेही के सॉन्ग्स, दिलबर और कमरिया एंड अभी कुछ टाइम पहले आए हुए एक गाने ने तो सारी हद
(06:37) ही पार कर दी। सर के चुनर तेरी सर के जिसमें नोरा फतेह और संजय दत्त ने काम किया है। इसके जरा एक बार लिरिक्स देखो। खाली करके निकाले मुझ पे ना गिराना। मुझे लगता है डर। यह किस एंगल से गाना है? इसकी लाइंस पढ़ते हुए मुझे तक शर्म आ रही है और यह YouTube पर रिलीज हुआ है जिसको बच्चे तक एक्सेस कर सकते हैं और बच्चे देखते हैं ऐसी चीजें। सर्वे दिखाता है कि 54% 9 से 17 साल के बच्चों का अनवांटेड [संगीत] एडल्ट और इनएप्रियट कंटेंट से एक्सपोज़र होता है। एनसीआरबी के डाटा के अकॉर्डिंग साइबर पोर्नोग्राफी केसेस जो 2018 में 44 थे वो 2022 में बढ़कर 1171 हो गए थे। और
(07:18) 2026 में तो यह और भी बढ़ गए होंगे। और यहां पर गलती बच्चों के पेरेंट्स की भी है जो बच्चों के हाथ में फोन देकर यह सोचते हैं कि उनकी रिस्पांसिबिलिटी खत्म हो गई है। अब उसमें बच्चे क्या देख रहे हैं, क्या कर रहे हैं, दे नो नथिंग अबाउट इट। और इन चीजों का इंपैक्ट हद से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। सबसे बड़ा इंपैक्ट बच्चों की मेंटल हेल्थ पे पड़ता है। डिस्ट्रैक्शन होती है हर चीज से। पढ़ाई में ध्यान ना लग पाना, फिजिकल एक्टिविटीज बंद कर देना और इसका इफेक्ट उनकी पूरी डेवलपमेंट में दिखता है। बच्चों को छोड़ो व्गेरिटी और न्यूडिडिटी को लड़कियां
(07:50) फ्रीडम की तरह देखती हैं। छोटी-छोटी बच्चियां यह सोचने लग जाती हैं कि यह सब उनको भी करना है। ऐसे-ऐसे इन्फ्लुएंसर्स को वो अपना रोल मॉडल बना लेती हैं। और फिर यह सोचती हैं कि जितने छोटे कपड़े पहनूंगी, उतनी ही ज्यादा इंडिपेंडेंट बनूंगी। इन लड़कियों को देखो जो ऐसे कपड़े पहनकर दुर्गा पंडाल में चली जाती हैं। एंड आई विल नॉट कमेंट ऑन देयर आउटफिट। [संगीत] लेकिन हर प्लेस की एक मोडेस्टसिटी होती है। अगर ऐसे कपड़े पहन के कोई मंदिर में जाएगा तो सवाल तो उठेंगे। एंड सेमिनडिटी इज नीदर फैशन नॉर इंडिपेंडेंस। और गवर्नमेंट को भी एक्शन लेना चाहिए ऐसे
(08:22) लोगों के खिलाफ और ऐसे इशूज़ के खिलाफ जैसे इंडिया में पोर्न बैन है। बट ऑल्ट बालाजी और उल्लू जैसे प्लेटफार्म बड़े आराम से ऐसा कंटेंट दिखाते थे। लेकिन गवर्नमेंट ने 2025 में 25 oटीt प्लेटफार्म जो ऑब्सीन और सॉफ्ट पोर्न के हब थे उनको बैन कर दिया था। एंड इट्स अ गुड स्टेप बट देयर इज अ फ्लॉप। रूल्स बनाए तो जाते हैं लेकिन फॉलो नहीं किए जाते। इस टाइम तक भी अगर तुम किसी भी ऑनलाइन प्लेटफार्म पे चले जाओगे तो कहीं ना कहीं तुम्हें ऐसा कंटेंट दिख ही जाएगा। एलॉन मस्क के एक्स को खरीदने के बाद उस पे खुल्लम खुल्ला पोर्न अपलोड भी
(08:53) किया जा सकता है और देखा भी जा सकता है। किसी भी लड़की के डीप फेक्स बना के अपलोड किए जा सकते हैं। बट इट ऑल कैन बी स्टॉप्ड बाय अ लिटिल बिट ऑफ लो इंप्लीमेंटेशन। और इस वीडियो का मेन इंटेंट ही यह है कि अगर कोई पेरेंट्स यह वीडियो देख रहे हैं तो अपने बच्चे पे फोकस करो कि वह इंटरनेट पे क्या कंज्यूम कर रहा है। और बेस्ट तो यह रहेगा कि खुद उसको समझा दो कि उसको इंटरनेट पे क्या कंज्यूम करना है और क्या नहीं। उसको क्या सीखना है और क्या नहीं। और यह चीजें तो स्कूल में सिखाई जानी चाहिए थी। बट अनफॉर्चूनेटली मेरे को बतानी पड़ रही है। क्योंकि स्कूल में तो मुगल्स
(09:23) की हिस्ट्री ज्यादा इंपॉर्टेंट है। और अगर स्कूल में भी डिजिटल लिटरेसी दी जाए तो कितना सुधार आ सकता है।

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