Wednesday, April 22, 2026

Dark Reality Of BOTOX In Bollywood

Dark Reality Of BOTOX In Bollywood

Author Name:Nikita Thakur

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=sz53tgkoFI8



Transcript:
(00:06) यू नो देर इज नथिंग रंग विद विद विद यूजिंग प्रोडक्ट्स लाइक दिस वेयर यू कैन कीप योरसेल्फ लुकिंग यंग सम टाइम्स इफ यू थिंक ऑफ एन एक्टर्स जॉब एज अ यू नो देर फेस एंड बॉडी आई थिंक इट्स गुड टू बी रियलिस्टिक प्लास्टिक सर्जरी आई एम नॉट अ ग्रेड फैन ऑफ बट आई डोंट कमेंट ऑन एनी वन एल्स आई मीन बॉलीवुड इज ओपनली प्रमोटिंग बोटॉक्स एंड फिलर्स netflix's लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइ तो सबने सुना ही होगा इसमें एक एपिसोड में नीलम कोठारी ऑन कैमरा बोटॉक्स करवाती हैं और इसका रीजन देते हुए वह यह कहती है कि लोग इस प्रोसीजर को इतना बिग डील क्यों बता
(00:40) रहे हैं इन सारे प्रोसीजर से तो करवाने वाले को अच्छा फील होता है और बोटॉक्स करने में हर्जी क्या है आई जस्ट फील यू नो पीपल मेक सच अ बिग डील ऑफ बोटॉक्स एंड यू नो ऑल दज प्रोसीजर्स और व्हाट एवर एंड आई जस्ट फील वट्स द बिग डील ऐसे ही बॉलीवुड वाइव्स और भी एपिसोड्स में कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स को काफी प्रमोट कर कर रहे हैं सो लेट्स डू डीटॉक्स प्लस वेलनेस ओके एंड प्लस ग्लूड सो स्किन एजिंग जस्ट गिव इट ऑ प्लस इन्होंने अपने डॉटर्स को तक जो इंडस्ट्री में लॉन्च भी नहीं हुई थी उन्हें तक इंजेक्ट करवा दिया महीप की डॉटर शनाया कपूर काजोल की डॉटर नायसा देवगन और
(01:17) शाहरुख खान की डॉटर सुहाना खान लेकिन अब आप बोलोगे कि ये तो फिल्म इंडस्ट्री है यहां पे ये सब होता ही होगा इसमें कौन सी नई बात है एंड आई अग्री लेकिन अब आपका इसके बारे में क्या ख्याल है आज इंडिया में लिटरली बोटॉक्स पार्टीज हो रही है दुल्हा और दुल्हन शादी के पहले ग्लो के लिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट्स करवा रहे हैं कॉरपोरेट्स में तो प्रेजेंटेशंस और मीटिंग्स के पहले बोटॉक्स एक नया ट्रेंड बन चुका है एंड यू विल नॉट बिलीव बट नेताओं के लिए भी बोटॉक्स एक विनिंग फैक्टर बनते जा रहा है सो आखिर यह बोटॉक्स में ऐसा क्या है जो कॉरपोरेट से लेकर
(01:48) पॉलिटिशियन और इवन किटी पार्टीज में तक यह जानलेवा होने के बावजूद क्यों इसे इंडिया में आज रपटली यूज़ किया जा रहा है लेकिन 1 मिनट कुछ एक्सपर्ट डॉक्टर्स के हिसाब से तो बोटॉक्स काफी सेफ है इनफैक्ट उनका यह मानना है कि इससे लोगों की डिप्रेस्ड लाइफ हैप्पी हो रही है तो आखिर इसकी सच्चाई क्या है क्या बोटॉक्स यूज करना सेफ और फायदेमंद है अगर हां तो हमें किन चीजों का ध्यान देना चाहिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट्स करवाने से पहले क्योंकि अभी आप देखोगे काफी सारे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस है जो इस इंडस्ट्री से आते हैं जो इसे ओपनली प्रमोट कर रहे हैं और एक और एक बात अगर ये
(02:21) प्रोसीजर इतना सेफ है तो ऐसे न्यूज़ में बार-बार क्यों आते रहता है कि किसी एक्ट्रेस ने बोटॉक्स ट्रीटमेंट करवाया या फिलर्स करवाए और उसके बाद उनकी डेथ हो गई सो आज हम इस वीडियो में इन्हीं चीजों को एकदम डिटेल में डिस्कस करेंगे इसलिए एंड तक जरूर देखना 28 यर ओल्ड दिनिया प्लेसेंसिया डिसाइडेड टू गेट अ ब्रिलियन बट लिफ्ट हर ब्रद सेज दिनिया आल्सो होप द सर्जरी वड हेल्प हर एट वर्क शी सें हर फैमली दिस फोट बफर हर सर्जरी इट वाज द लास्ट इमेज ऑफ हर अलाइव सो सबसे पहले हम ये समझते हैं कि बोटॉक्स और स्किन फिलर्स इन टर्म्स को आपने देखा रहेगा कि ये काफी बार
(02:55) इंटरचेंजेबली यूज हो रहे हैं एंड ऑफकोर्स ये काफी कॉमन भी हो रहे हैं तो इन दोनों के बीच में फर्क क्या क्या है सो बेसिकली ये दोनों ही एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर है लेकिन इन दोनों में एक मेजर डिफरेंस है जो बहुत कम लोग को ही पता है सबसे पहले बात करते हैं बोटॉक्स की जो बटलिन टॉक्सिन नाम के केमिकल से बना हुआ है जिसे बॉडी में इंजेक्ट करते ही वो एरिया माइनर पैरालाइज हो जाता है एज अ रिजल्ट वहां पे कोई भी मूवमेंट ना होने की वजह से उस एरिया में कोई भी रिंकल्स जैसे कि फाइन लाइंस वगैरह नहीं आती है लेकिन फिलर्स का यूज़ मोस्टली
(03:24) उन जगहों पे किया जाता है जहां पे किसी भी फेशियल फीचर्स को थोड़ा प्लंप करना हो या फिर वहां पे आए हुए थिन लाइन या रिंकल्स के नीचे इंजेक्शन से इंजेक्ट करके वहां पे एक डर्मा फ्लूइड को फिल किया जाता है फॉर एग्जांपल ये देखो इस नॉर्मल लिप्स को डर्मा फिलर से भर के कुछ इस तरीके का प्लंप ी बना दिया गया है एंड इसके साथ ही अगर किसी को अपने राउंड फेस को ओवल शेप देना हो तो वो फिलर्स ऑफ बोटॉक्स की मदद से वैसा फेशियल शेप भी हासिल कर सकते हैं और इसीलिए फेशियल एनहांस मेंट्स में सिर्फ ये टर्म्स ही नहीं ये फेशियल ट्रीटमेंट्स भी काफी इंटरचेंजेबली यूज़ होती है
(03:55) क्योंकि काफी बार ऐसा होता है कि सिर्फ बोटॉक्स या फिर सिर्फ फिलर्स नहीं अ इंजेक्ट किए जाते एक कंबाइंड ट्रीटमेंट होता है जिससे ही एक कंप्लीट लुक आता है जिस वजह से शायद आप देखोगे कि काफी सारे आर्टिकल्स वगैरह में इन दोनों टर्म्स को इंटरचेंजेबली यूज किया गया है सो नाउ कमिंग टू आवर सेंट्रल डिस्कशन कि फिल्म्स कैसे बोटॉक्स एंड फिलर कल्चर को इंडिया में पॉपुलर इज कर रही है एंड फिल्म इंडस्ट्री तो छोड़ दो एक मूवी तक इस कल्चर को कितना पॉपुलर कर सकती है आप यह बात समझ सकते हो बर्बी मूवी से लास्ट ईयर बर्बी मूवी रिलीज हुई थी और इसके साथ ही
(04:30) बोटॉक्स यह एक ऐसा बोटॉक्स ट्रीटमेंट है जिसमें टॉक्सिंस के यूज से नेक के मसल्स को एक लिमिटेड टाइम के लिए फ्रीज किया जाता है एंड अल्टीमेटली ट्रीटमेंट लेने वाले की गर्दन एकदम स्लिम दिखने लग जाती है यानी एक स्वान की नेक के जैसी और इसी स्वान नेक बोटॉक्स को लोग एलोंगटेड नेक जस्ट लाइक अ बार्बी डॉल बार्बी बोटॉक्स हैज बीन रियली फेमस दीज डेज राइट इफ यू फेल्ट दैट द बार्बी फीवर इज गोइंग टू डाई डाउन सून यू विल बी अमेज्ड दैट फैंस नाउ वांट टू हैव अ नेक व्हिच लुक्स लाइक द बार्बी इसके अलावा इस
(05:16) मूवी को देखने के बाद लोग डॉल फेस से भी काफी ऑब्सेस हो गए थे और कइयों ने एक डॉल जैसा दिखने के लिए फेस बोटॉक्स तक करवाना शुरू कर दिया था जिसके केस स्टडीज आपको काफी सारे मीडिया आउटलेट्स में मिल जाएंगे जैसे ये 22 साल की नेहा जैन जो बचपन से ही बबी की फैन थी बट बार्बी मूवी में मार्गो रोबी का लुक देखने के बाद नेहा को खुद एक बार्बी डॉल जैसा फेस चाहिए था और इंडिया में तो [संगीत] से हम अक्सर हमारे हेडेक्स को भी सीरियसली
(06:02) नहीं लेते हैं अब देखो मेरा काम ही है रिसर्च एंड कंटेंट क्रिएशन और इसीलिए मुझे अक्सर पूरे पूरे दिन स्क्रीन के सामने बैठना पड़ता है जिस वजह से मुझे बहुत ज्यादा हेडेक्स होने लग गए थे एक्चुअली इन स्क्रीन से ना काफी हार्मफुल ब्लू रेज निकलते हैं जो हमारी आंखों को स्ट्रेन करते हैं और हेडेक्स कॉज करते हैं लेकिन लेंस कार्ड ने इस प्रॉब्लम का एक काफी स्टाइलिश सलूशन निकाला है उनके ये हसल सीरीज के ग्लासेस जब मैंने ट्राई किया तो मुझे अब स्क्रीन के सामने काम करना काफी कंफर्टेबल लगने लग गया है ये ग्लासेस आपको पावर में और रो पावर में भी मिल जाएंगे और
(06:31) ये बेसिकली 90 पर हार्मफुल डिजिटल लाइट को पोलराइज कर देते हैं यानी ब्लॉक कर देते हैं जिससे आपकी आंखों को ये डैमेज नहीं कर पाए प्लस एज यू कैन सी ये काफी स्टाइलिश भी है आपने शक टैक में भी पीयूष सर को ये ग्लासेस पहने हुए देखा होगा काफी कूल लुक है इनका ये 15 अलग-अलग कलर्स में भी आते हैं और ये काफी लाइट वेटेड है ऑन योर फेस आल्सो अगर आप अभी ये ग्लासेस खरीदते हो तो लेंस कार्ट पे फिलहाल एक काफी अच्छा ऑफर चल रहा है जिसमें अगर आप कोट डालते हो ट्राय अस तो आपको लेंस कार्ड हस्लर के ग्लासेस सिर्फ 999 में मिल जाएंगे इसके अलावा अगर आप न्यू ग्लासेस खरीदते वक्त
(07:03) अपने पुराने ग्लासेस को ट्रेड करते हो तो आपको अप टू ₹5000000 में कहीं ना कहीं काफी कॉमन होते जा रहा है राइट फ्रॉम शादियां कॉरपोरेट्स टू इवन पॉलिटिशियन तक सो चलो सबसे पहले बात करते हैं शादियों की अब तक आपने सुना होगा कि वेडिंग्स में ब्राइडल मेकअप के लिए सैलो प्रोफेशनल्स को बुलाया जाता है या फिर पालने वाली दीदी को बुलाया जाता है बट अब इंडिया में कई फैमिलीज ब्राइडल मेकअप के लिए
(07:47) डर्मेटोलॉजिस्ट को बुलाने लग गई है सो इस आर्टिकल में पब्लिश्ड एक केस लेते हैं एक कोचिन बेस्ड 28 साल की एनी गोंजाल्विस और एंड्रू की 2023 में शादी थी सो उन्होंने तो ऑलमोस्ट शादी के 6 महीने पहले ही बोटॉक्स और फिलर ट्रीटमेंट्स लिए थे ताकि उनको परफेक्ट सेलेब्रिटी कपल्स जैसा लुक मिले इसके लिए एनी ने तो बोटॉक्स और फिलर इंजेक्ट करवा के अपने राउंड फेस को थोड़ा सा ओवल करवाया और एंड्रू ने भी अपने बियर्ड को ग्राफ्ट किया व्हिच इज ओके बेसिकली उसने अपने पैची बियर्ड को थिक करने के लिए कुछ ऐसे बियर्ड को आर्टिफिशियल ग्रो करवाया लेकिन द मोस्ट
(08:17) शॉकिंग थिंग इज कि इनकी वेडिंग में इन्होंने एक वाटर थीम्ड पार्टी भी ऑर्गेनाइज की थी जिसमें गेस्ट को वैंपायर शॉट्स दिए गए थे जिन वैंपायर शॉट्स में स्किन फिलर शॉट्स थे जो इस वेडिंग पार्टी में अटेंड करने वाले गेस्ट को भी दिए जा रहे थे है नाउ ये कोई एक सिंगल केस या एक छोटी सी सिटी में हुआ कोई केस नहीं है कई कॉस्मेटिक डॉक्टर्स के हिसाब से ये देश भर के अर्बन पॉकेट्स में बढ़ते जा रहा है वो भी इतना ज्यादा कि डॉक्टर्स का खुद कहना है कि वो ये शादियों के सीजन में काफी बिजी हो जाते हैं इनफैक्ट इस सीजन में ये प्रोसीजर 25 पर तक बढ़ जाता है चलो अब बात
(08:47) करते हैं लेडीज की किटी पार्टीज की नाउ आई एम श्यर आपने लेडीज की किटी पार्टी सुनी तो होंगी लेकिन वो कितने ही टाइप्स की होती है चाहे नाश्ता वाली खाने वाली या एट द मोस्ट चलो उसमें अल्कोहल होगा लेकिन इंडिया में एक और और किट्टी पार्टी का ट्रेंड कहीं ना कहीं शुरू हो रहा है जहां पे आपको स्टार्टर्स में बोटॉक्स मिलेगा आई नो आपको यह सुनने में काफी वियर्ड लग रहा होगा लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस मुद्दे पे एक ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन किया और उससे हम भी काफी शौक थे उस आर्टिकल में मेंशन है कि इंडिया के नेशनल कैपिटल दिल्ली में
(09:16) इस टाइप की पार्टीज अभी से नहीं काफी सालों से होती आ रही है बेसिकली रीठ सेथी नाम की एक प्रॉमिनेंट फैशन डिजाइनर बताती है कि इन पार्टीज में फीमेल्स अपनी दूसरी फीमेल फ्रेंड्स को एक स्पेशल इनविटेशन से अपने घर कोई फार्म हाउस या कोई होटल में बुलाती है जिसके बाद यहां पे बोटॉक्स को बल्क में मंगवाया जाता है और इस ट्रीटमेंट को कॉस्ट इफेक्टिव बनवाने के लिए वो सारे लेडीज एक ही सिरिंज बोटल से ही शेयर करके अपने फेस में बोटॉक्स इंजेक्ट करवाते हैं और यह प्रोसीजर कंप्लीट होने के बाद पार्टी एज नॉर्मल चलती है यानी खाना-वाना खाया जाता है डांस वगैरह किया जाता है
(09:47) जैसे नॉर्मल किटी पार्टीज होती है वैसे ही चलती है नाउ इन पार्टीज के थ्रू बोटॉक्स जितना नॉर्मल बनाया जा रहा है असल में ये उतना है नहीं प्रॉमिनेंट डर्मेटोलॉजिस्ट राजीव सेखरी बताते हैं कि इन्हीं पार्टी में दो फीमेल्स ने अपने नेक के रिंकल्स को मिटाने के लिए बोटॉक्स लिया था लेकिन इसके बाद उन्हें सफोकेशन फील हुआ और उनकी मौत हो गई लेकिन इसके बावजूद भी बोटॉक्स ऑब्सेशन कंटिन्यू ड ही है इनफैक्ट उसी टीआई की रिपोर्ट में पाया गया कि कई लेडीज ओपनली यह बताती है कि उनको तो ऐसी बोटॉक्स पार्टीज काफी वो एंजॉय करती है ऐसी पार्टीज में नाउ मूविंग ऑन टू कॉरपोरेट्स
(10:18) संकेत एक गुरुग्राम बेस्ड मार्केटिंग प्रोफेशनल अपने ऑफिस मीटिंग्स के लिए मुंबई आए थे लेकिन अपने मीटिंग के कुछ दिन पहले उन्होंने डर्मेट के पास जाके अपने फेस में फिलर इंजेक्ट करवा लिए ताकि उनका फेस मीटिंग में ग्लो कर सके और उनका कॉन्फिडेंस बढ़ सके यह केस स्टडी पब्लिश था फाइनेंशियल एक्सप्रेस के इस आर्टिकल में जहां पे यह मेंशंड है कि कॉरपोरेट्स में बोटॉक्स काफी ज्यादा पॉपुलर होते जा रहा है इसी आर्टिकल में साकेत के साथ शेफाली का भी एक केस मेंशन है जो कि एक फैशन ब्रांड के सीईओ है और इनके फेस पे रिंकल्स और फाइन लाइंस थी इसीलिए उन्होंने
(10:48) फिलर्स इंजेक्ट करवाए ताकि उनका अपने प्रोफेशनल लाइफ में कॉन्फिडेंस बूस्ट हो सके फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने डॉक्टर्स से भी बात की जहां उन डॉक्टर्स ने बताया कि अभी हाल ही के इयर्स में ऐसे जॉब्स जहां जहां पे विजिबिलिटी क्रुशल है यानी आप जहां पे क्लाइंट्स को फेस कर रहे हो ऑन अ डे टू डे बेसिस जैसे कि सेल्स मैनेजमेंट वगैरह उन जॉब्स में बोटॉक्स और फिलर्स यूज करना काफी कॉमन होते जा रहा है एक और सर्वे में ये भी मालूम पड़ा कि कॉरपोरेट्स में जिन लोगों ने भी ये ट्रीटमेंट लिया उनके ऐसा करने के पीछे मोस्टली दो मोटिव होते थे एक अपने वर्क प्लेस प सबसे अच्छा
(11:19) दिखना और दूसरा उनको लगता है कि इस ट्रीटमेंट से उनको ऑफिस में एक कंपटिंग एडवांटेज मिलेगा जो एट दी एंड उनको सक्सेसफुल बनाएगा नाउ कमिंग टू द फाइनल वियर्ड ट्रेंड बोटॉक्स इन पॉलिटिक्स नाउ इस वीडियो से आपको यह तो समझ में आ गया होगा कि बोटॉक्स को आमतौर पे लोग यंग और अट्रैक्टिव देखने के लिए यूज कर रहे हैं बट क्या आपको पता है कि इंडिया में पॉलिटिशियन बोटॉक्स को इसलिए भी यूज कर रहे हैं ताकि उनकी इमेज करप्शन फ्री बन सके सो कई डॉक्टर्स ने मिडडे को बताया कि उनके यहां पे काफी सारे पॉलिटिशियन आ चुके हैं जो बोटॉक्स और स्किन क्लोइंग
(11:50) ट्रीटमेंट्स करवाते हैं लेकिन ये ट्रीटमेंट कोई आम ट्रीटमेंट नहीं होता है क्योंकि जब भी देश में इलेक्शन आने वाला होता है वैसे ही अचानक से पॉलिटिशियन का इन डर्मेटोलॉजिस्ट के यहां पे आना जाना एकदम से बढ़ जाता है अब आमतौर पर जाहिर सी बात है इसका पीछे का रीजन यह लगता है कि इन पॉलिटिशियन को इलेक्शंस के दौरान रैली और रोड शोज करना होता है उनको कई सारे प्रेस कॉन्फ्रेंसेस अटेंड करने होते हैं तो उसके लिए करवाया जाता है बट कुछ डॉक्टर्स ने इसके पीछे एक अलग ही रीजन बताया डॉर मोहन बताते हैं कि उनके पास एक आंध्र प्रदेश के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट आए
(12:19) जिन्होंने अपना नोज जॉब सिर्फ इसलिए किया क्योंकि वो वोट मांगते टाइम एक नेता की तरह दिखना चाहते थे ना कि किसी दादा यानी कि गुंडे की तरह इनफैक्ट एक डॉक्टर ने तो ये तक बताया कि काफी लोग उनके पास पतले दिखने के लिए भी आते हैं क्योंकि उनका यह मानना होता है कि मोटे पॉलिटिशियन को देख के लोग उनको करप्ट समझते हैं सो एनीवे इस पॉइंट से मैं सिर्फ ये बताना चाह रही थी कि हमारा जो थॉट है कि बोटॉक्स फिलर्स वगैरह ये सारी ट्रीटमेंट्स सिर्फ सेलिब्रिटीज ही कराते हैं नॉर्मल लोग नहीं करवाते आई थिंक अभी वो कहीं ना कहीं इंडिया में चेंज हो रहा है काफी ज्यादा ये
(12:51) सारे ट्रीटमेंट्स इंडिया में नॉर्मलाइज होते जा रहे हैं लेकिन देखो मैं ये नहीं कह रही हूं कि आपको बोटॉक्स नहीं करवाना चाहिए या फिर बोटॉक्स एक काफी ज्यादा गलत ट्रीट ट्रीटमेंट है इनफैक्ट एक प्लास्टिक सर्जन ने 100 बोटॉक्स पेशेंट्स पे एक स्टडी कंडक्ट की थी एंड ट्रीटेड पेशेंट्स ने बताया कि ट्रीटमेंट के बाद उन्होंने एक्चुअली उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ एंड सेल्फ एस्टीम दोनों में एक रिमार्केटिंग तरीके से दिखता है और उसके वजह से उनको अंडर कॉन्फिडेंट फील करता है तो वो एक माइनर प्रोसीजर करवा के अगर उसको फिक्स कर देते हैं तो हो सकता है कि उनका
(13:22) कॉन्फिडेंस काफी बढ़ जाए एंड नॉट ओनली दिस बोटॉक्स डिप्रेशन में भी काफी हेल्पफुल है सो व्हाट आई मीन टू से इज कि बोटॉक्स ट्रीट नेसेसरीली गलत नहीं है बट जितना इस वीडियो को बनाते वक्त मैंने रिसर्च किया और इस ट्रीटमेंट को समझा उसके हिसाब से आपको बोटॉक्स करवाते समय कुछ बेसिक पर बहुत ही इंपॉर्टेंट चीजों को ध्यान देना चाहिए अच्छे से फॉलो करना चाहिए क्योंकि द प्रॉब्लम विद बोटॉक्स ट्रीटमेंट इन इंडिया इज कि इंडिया में काफी सारे इल्लीगल सैलो या फिर ऐसे छोटे-मोटे पार्लर्स वगैरह हैं जहां पे फेक डॉक्टर्स ये ट्रीटमेंट करवाते
(13:52) हैं अंडर एब्सलूट अनहाइजीनिक कंडीशंस सो देखो पहली चीज तो यह है कि डू इट एट द राइट प्लेस विद द राइट प्रोडक्ट्स सो इस आर्टिकल में पब्लिश्ड रेखा चौधरी का केस लेते हैं उनको अपने आइज के पास मौजूद रिंकल्स के लिए बोटॉक्स करवाना था लेकिन रेखा ने एक्सपर्ट डॉक्टर्स जो कंपेरटिवली एक्सपेंसिव होते हैं उनके पास जाकर ट्रीटमेंट लेने की बजाय अपने पास के एक लोकल स्किन क्लिनिक में सिर्फ 8000 यानी कि बाकी सारे क्लिनिक से आधे से भी कम फीज में ये ट्रीटमेंट करवा लिया जिसके वजह से ट्रीटमेंट लेने के तुरंत बाद उनकी आईलिड्स नीचे गिरने लग गई ड्रुपिंग होने लग गई और
(14:25) बोटॉक्स लेने के बावजूद उनके रिंकल्स भी नहीं मिटे इसके बाद जब उन्होंने दूसरे डर्मेट को कंसल्ट किया तब उन्हें पता चला कि उनके ट्रीटमेंट में काफी लो क्वालिटी के चाइनीज प्रोडक्ट्स यूज़ किए हुए थे कई कंपनी एक्सपर्ट्स ने बताया कि 100 यूनिट बोटॉक्स की प्राइस ₹ 16500 होती है और ओरिजिनल बोटॉक्स का ट्रायल पैक ही ₹ 6500 से स्टार्ट होता है लेकिन ऑन द अदर हैंड ये चाइनीज बोटॉक्स के 100 यूनिट्स आपको सिर्फ 3000 से 5000 में मिल जाते हैं और इसीलिए प्लीज इन नामों से बिकने वाले प्रोडक्ट से बचे जिनके लेबल पर मोस्टली मेड इन चाइना लिखा होगा और चाइनीज ने
(14:59) उनमें कुछ-कुछ इंस्क्राइनॉक्स के ओवरडोज से आपको ब्रीदिंग डिफिकल्टी पैरालिसिस और रेयर केसेस में इवन डेथ तक हो सकती है इन फैक्ट इंडिया टुडे ने इस पर एक स्टिंग ऑपरेशन भी किया था जिसमें पाया गया कि चाइना से यह लो क्वालिटी बोटॉक्स अब से नहीं काफी सालों से इंडिया में चीपर रेट्स में सर्कुलेट हो रहा है जिसका आपको ध्यान देना है आप कौन-कौन मतलब डॉक्टर है को रेफ दे सकते हैं जो आप करते हैं करते यज करते हैं े डॉक्टर करते हैं नार दिल्ली में मुंबई में पुणे में हैदराबाद ब आल्सो सोशल मीडिया प रिकमेंडेशंस देखते
(15:46) हुए किसी भी अनलाइसेंस्ड ब्यूटी या फिर कॉस्मेटिक साल में ये ट्रीटमेंट बिल्कुल भी मत करवाना आजकल कई सारे लोकल सालास ब्यूटी पार्लर्स ओपनली काफी सस्ते में ये बोटॉक्स ट्रीटमेंट्स ऑफर कर रहे हैं बट ये इल्लीगल होते हैं क्योंकि ये सालब बिना किसी एक्सपर्टीज के ये ट्रीटमेंट्स करवाते हैं इसीलिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट को ऑप्ट करते वक्त उस डॉक्टर के क्वालिफिकेशन और एक्सपीरियंस का जरूर देखना सो दैट इज इट फॉर टुडे लेकिन मैं डेफिनेटली जानना चाहती हूं कि आपका इन ट्रीटमेंट्स के बारे में क्या ख्याल है क्या आपके हिसाब से ये बोटॉक्स और लिप फिलर्स हमें करवाना चाहिए
(16:15) बिकॉज इससे हमारा कॉन्फिडेंस बूस्ट हो सकता है आई मीन अगर एक छोटे से सर्जिकल प्रोसीजर से अगर आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट हो सकता है आप बेटर फील कर सकते हो अपने बारे में अ तो आपका इसके बारे में क्या ख्याल है क्या इस चीज की वजह से हमें ये ट्रीटमेंट करवाना चाहिए या फिर आप ये मान ते हो कि ये प्रोसीजर बिल्कुल भी नहीं करवाना चाहिए आफ्टर ऑल जैसी बॉडी हमें मिली है हमें उसमें बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए सो आपके जो भी ओपिनियन है प्लीज मेरे साथ नीचे कमेंट सेक्शन में शेयर करना और इस वीडियो को जितना हो सके अपने फ्रेंड्स और फैमिली में शेयर करना
(16:40) आल्सो हां डू नॉट फॉरगेट टू चेक आउट लेंस कार्ड ग्लासेस अगर आप कोड यूज करते हो ट्रायस तो आपको हसला सीरीज की क्लासेस सिर्फ 999 में मिल जाएंगे लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन जय हिंद

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