Wednesday, April 22, 2026

Rising Weird Trend of Genital Beautification in India

Rising Weird Trend of Genital Beautification in India

Author Name:Nikita Thakur

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@nikitaksthakur

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=MMd2vrIgOwo



Transcript:
(00:00) जस्ट 15 डेज में टाइटर वजाइना 60 प्लस एज में भी 18 अगेन वर्जन 18 अगेन वजाइनल टाइटनिंग एंड रिजूवनेटिंग जेल नाउ इन इंडिया लॉग ऑन टू www18 ag.com और परफॉर्मेंस में तो इतने वियर्ड क्लेम है कि पूछो ही मत यह है पीनस एक्सटेंडर्स और पीनस एनलार्जमेंट पंप्स आज ऐसे वियर्ड प्रोडक्ट्स इंडियन मार्केट में फ्लड हो चुके हैं [संगीत] जेनिटल ब्यूटिफुल अनअट्रैक्टिव है तो वो सर्जिकल या फिर नॉन सर्जिकल तरीकों से उसे फिक्स कर सकते हैं फीमेल्स में वजाइनल ब्यूटिफुल कहते हैं कि ज्यादातर इंडियन
(00:50) मेन सर्जिकल या फिर नॉन सर्जिकल टेक्नीक से अपने पीनस साइज इंक्रीज करना चाहते हैं यूएस तो एक कदम आ गई है वहां तो ऐसे इलीगल पार्टीज का भी कल्चर स्टार्ट हो गया है जहां पे लोग एक साथ में मिलकर अपने पीनस में सिलिकॉन इंजेक्ट करवाते हैं बेसिकली ऐसे प्रोसीजर्स को कूल बनाया जा रहा है लेकिन कई ऐसे रिपोर्ट्स भी मिले हैं जहां पर ऐसे पार्टीज में ही काफी लोगों की सडन डेथ भी हो गई है आपको कई ऐसे केसेस मिल जाएंगे ऐसे रिव्यूज मिल जाएंगे जहां पर ऐसे क्रीम्स पिल्स यूज करने की वजह से लोगों का स्किन खराब हो गया है उन्हें पिंपल्स रशेस पिगमेंटेशन और वर्स्ट केस
(01:23) में तो कैंसर तक हो गया है लेकिन फिर भी आप इंडिया के किसी भी मेडिकल में जाओ उसके सबसे सामने वा वाले काउंटर पे आपको ऐसे प्रोडक्ट्स दिखेंगे ही मेडिकल भी छोड़ो amazononline.in [संगीत] करवाकर ज्यादा कॉन्फिडेंट हो सकता है तो वो बात ही पूरी गलत है मेरे हिसाब से इट्स एब्सलूट फाइन आफ्टर ऑल बॉडी आपकी है द
(02:08) ओनली कंसर्न इज कि ये पूरा प्रोसीजर ये टैबलेट्स ऑइल्स वगैरह बेसिकली पूरा ट्रीटमेंट ही लोग खुद से कर लेते हैं विदाउट एनी डॉक्टर्स कंसल्टेशन सो आज हम एगजैक्टली वही डिस्कस करेंगे कि फिलहाल इन ट्रीटमेंट्स के लिए कौन से ऑप्शंस अवेलेबल है उसमें से कौन से फेक या डेंजरस है उनके कॉम्प्लिकेशंस क्या हो सकते हैं और फाइनली कौन से ऑप्शंस आपके लिए सेफ एंड मेडिकली अप्रूव्ड है सो डेफिनेटली स्टे ट्यून टिल द एंड ऑफ़ द वीडियो नाउ स्टार्टिंग विद मेन प्रॉब्लम्स सो इनके ये तीनों भी प्रॉब्लम्स का पहला सो कॉल्ड सलूशन है ये हर्बल और आयुर्वेदिक ऑइल्स क्रीम्स और
(02:41) पिल्स इनका क्लेम है कि अगर 2 से 4 एमए प्रोडक्ट से डेली 10 मिनट का मसाज किया जाए या फिर अगर पिल्स है तो उसे एज प्रिस्क्रुटनी ये सब कुछ सिर्फ 20 डेज में अचीव हो जाएगा अगला प्रोडक्ट है पीस एक्सटेंडर्स इसे यूज़ करने के लिए डिवाइस को ऐसे लगाना होता है और थंब स्क्रूज को आगे की तरफ खींचना होता है जिससे कि पीनस स्ट्रेच हो जाए अब उसे वैसे ही चार से 6 घंटे तक के लिए पहन के रखना होता है अगेन प्रोडक्ट क्लेम 6 महीने तक हर रोज चार से 6 घंटे डिवाइस यूज किया तो साइज डेफिनेटली बढ़ेगा लेकिन मान लो 6 महीने नहीं है और इंस्टेंट रिजल्ट्स चाहिए तो इसके लिए भी एक डिवाइस
(03:23) अवेलेबल है पीनस एनलार्जमेंट पंप्स बेसिकली इस प्लास्टिक सिलेंडर को पीनस पे एडजस्ट करना होता है और फिर पंप से सारी हवा को बाहर पंप आउट करना होता है इससे पीनस में एकदम से ब्लड फ्लो बढ़ जाता है और सिर्फ 10 से 15 मिनट्स में इंटेंटली रिजल्ट मिलता है ऐसा इनका क्लेम है लेकिन सबसे वियर्ड बात यह है कि इस डिवाइस को सेक्सुअल एक्टिविटी से आधे से एक घंटे पहले ही यूज़ करना होता है एंड नाउ लास्ट प्रोडक्ट भी ऐसे ही इंस्टेंट रिजल्ट के लिए है पी नाइल इंजेक्शंस इसमें यूजुअली सिल्डन फिल सॉल्यूशंस को पीनस पे 10 ओ क्लॉक और 2 ओ क्लॉक वेसल्स पे इंजेक्ट
(03:54) किया जाता है नाउ आई नो ये सुनने में काफी स्केरी लगता है लेकिन पीना इंजेक्शन थ्योरी एक्चुअली ये काफी कॉमन मेडिकल प्रैक्टिस है जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ट्रीट करने के लिए यूज़ किया जाता है इसमें जो मेन ड्रग यूज किया जाता है ना वो होता है सिल्डन फिल जिसे कॉमनली वायग्रा भी कहते हैं अब बायोलॉजिकली इरेक्शन तब होता है जब पीनस के ब्लड वेसल्स में ब्लड फ्लो एकदम से बढ़ जाता है गिविंग इट एन इरेक्शन सो इसीलिए ड्रग भी एगजैक्टली वही करता है ये पीनस में ब्लड फ्लो को इंक्रीज कर देता है बट हां ये यूजुअली डॉक्टर के ऑब्जर्वेशन में और सेक्सुअल एक्टिविटी के
(04:23) अगेन हाफ एन आर या वन आर पहले ही लेना होता है मतलब इंजेक्शन लेने के कुछ ही टाइम में सेक्सुअल एक्टिविटी परफॉर्म करनी होती है नेक्स्ट हम बात करेंगे फीमेल प्रोडक्ट्स की लेकिन उसके पहले आप तो जानते ही होंगे जेनिटल्स के अलावा भी आजकल प्लास्टिक सर्जरी भी काफी ज्यादा कॉमन हो गए है मेनली ये फीमेल्स करवाती है फेस पे प्लंपनेस और लिफ्ट लाने के लिए क्योंकि एज के साथ ना बॉडी में कोलाजन प्रोडक्शन काफी ज्यादा कम हो जाता है जिस वजह से स्किन में फाइन लाइंस डार्क स्पॉट्स और पिगमेंटेशन होने लग जाता है कोलाजन बेसिकली एक प्रोटीन है जो हमारी बॉडी में
(04:52) नेचुरली बनता है और जो स्किन में मॉइश्चर रिटेन करके और इलास्टिसिटी बढ़ा के उसको एक यूथ फुल ग्लो और बाउंस देता है लेकिन ऑफकोर्स अगर बॉडी उसे नेचुरली नहीं बना पा रही तो आप कोलाजन सप्लीमेंट्स भी ले सकते हो जैसे कि फाइट कास लेटेड ग्लो कोलाजन पाउडर इसमें कोलाजन तो है ही लेकिन उसके साथ और भी नेचुरल इंग्रेडिएंट्स हैं जैसे कि विटामिन सी और हैलरो निक एसिड जो स्किन को हाइड्रेट करके प्लंपी बनाता है गिविंग यू अ रेडिएंट ग्लो इसके अलावा इसमें एक प्लांट बेस्ड बायोटिन सेस्बेनिया आगाशी लीफ एक्सट्रैक्ट भी है जो बेसिकली आपके हेयर और नेल्स का थिकनेस इंक्रीज करके
(05:24) उन्हें स्ट्रेंथ करता है बेसिकली डलनेस एंड ड्राइनेस ऑफ स्किन हेयर एंड नेल्स को ही ट्रीट करने के लिए ये प्रोडक्ट बनाया गया है और इसका यूज़ भी काफी सिंपल है आपको सिर्फ एक स्कूप कोलाजन पाउडर को पानी में मिक्स करके पीना है फॉर 45 डेज फॉर बेटर रिजल्ट्स इसका टेस्ट भी काफी अच्छा है मेरे पास तो पाइनएप्पल है लेकिन और भी तीन फ्लेवर्स इसमें अवेलेबल है सो डेफिनेटली कंसीडर चेकिंग आउट फटका लेटेड ग्लो कोलाजन पाउडर लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन एंड एक्स्ट्रा डिस्काउंट के लिए आप फका 10 कूपन कोड यूज कर सकते हो फॉर 10 पर ऑफ ऑन fc.com अब फीमेल
(05:54) ब्यूटिफुल बल नहीं है क्योंकि मोस्टली इसमें क्रीम्स कैप्सूल्स ऑयल्स और वाइटिंग सीरम ही होते हैं और इनका भी क्लेम है कि इनके एप्लीकेशन के बाद ये उस एरिया को फेयरर और टाइटर बना देंगे अगेन 15 डेज में नाउ जैसे मैंने कहा था कि ये प्रोडक्ट्स बड़े-बड़े क्लेम्म से कुछ प्रोडक्ट्स के काफी डेंजरस साइड इफेक्ट्स भी होते हैं जो अगर आपको कौन सा ड्रग यूज हो रहा है कैसे उसको अच्छे से यूज करना है वो नहीं पता तो आपके लिए काफी डेंजरस भी हो सकता है चलो सबसे पहले हम मेल प्रोडक्ट से बात करते हैं अगर आप उनके ऑयल क्रीम्स एंड पिल्स देखोगे तो
(06:27) उनमें काफी प्रॉब्लम्स है पहली प्रॉब्लम ये नेच र हर्बल आयुर्वेदिक होने का सिर्फ क्लेम करते हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए कि इंडिया में जो नेचुरल प्रोडक्ट्स होते हैं उनके लिए एक आयुष सर्टिफिकेशन लगता है लेकिन अगर आप इन प्रोडक्ट्स को चेक करोगे तो इनमें से काफी प्रोडक्ट के पास वो सर्टिफिकेट नहीं होता है यानी ये इलीगली इन प्रोडक्ट्स का सेल कर रहे होते हैं अंडर आयुर्वेदिक और अंडर नेचुरल प्रोडक्ट्स दूसरी प्रॉब्लम काफी सारे प्रोडक्ट्स पर इंग्रेडिएंट्स की लिस्ट ही नहीं होती और जिन पर होती है उन पर बेसिक हर्ब्स लिस्टेड होते हैं सो पीनस लोंगे
(06:55) आखिर कौन से आयुर्वेदिक हर्ब से एगजैक्टली हो रहा है यही मेजर क्वेश्चन है बट ये सब में जाने की जरूरत नहीं है यूएस एफडीए ने ऑलरेडी अपने सिटीजंस को ऐसे प्रोडक्ट से बचने की वार्निंग जारी कर दी है एक्चुअली जब एफडीए ने amazonbusiness.in यानी कि वो मेडिकल ग्रेड ड्रग्स थे जो सिर्फ एक डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पे ही आपको लेना चाहिए विद इन द प्रिस्क्रिप्शन का कंसल्टेशन आपके पास नहीं है तो ऐसे ड्रग्स को ओवर द काउंटर यूज करना अलाउड
(07:42) नहीं है बट सरप्राइजिंगली amazononline.in ने तो अपने रिपोर्ट में ये तक क्लीयरली मेंशन किया कि इनमें से कई सारे प्रोडक्ट्स इंडिया से बेचे जा रहे हैं एक्चुअली इंडिया में ना ये जो हर्बल और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स होते हैं उनका एक बड़ा मार्केट है क्योंकि ऑफकोर्स वो काम करते हैं लेकिन ऐसे में कई स्कैम्स भी होते हैं जिसमें लोग इन आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स की फेक कॉपीज बनाकर बेचना शुरू कर देते हैं नाउ इन्हीं प्रोडक्ट्स का जो तीसरा प्रॉब्लम है वो है पैसों की नुकसान 30 एए से 50 एए प्रोडक्ट की कीमत 350 सिर्फ ₹ 4400 है मतलब बस पांच शैंपू पाउज
(08:27) जितना प्रोडक्ट जो हार्डली एक हफ्ता चलेगा उसकी कीमत इतनी ज्यादा है सो डेफिनेटली यह इंडिया की आम जनता के लिए काफी एक्सपेंसिव है चौथी प्रॉब्लम 2018 में वर्ल्ड की वन ऑफ़ द बिगेस्ट फार्मा कंपनीज फर ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि ऑनलाइन मार्केट में बिकने वाला 80 पर वागरा फेक है नकली है सो इवन इफ आप एक्सपेंसिव प्रोडक्ट्स खरीद रहे हो क्या गारंटी है कि वो प्रोडक्ट सेफ है अब नेक्स्ट है पीना इंजेक्शन और इसमें सिल्डन एफ यूज़ होता है जो कि मेडिकल ग्रेड ड्रग है यानी कि इस ड्रग का यूज़ डेफिनेटली होता है मेडिकल फील्ड में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी
(08:59) प्रॉब्लम प्रस को डील करने के लिए लेकिन ये स्ट्रिक्टली अंडर अ डॉक्टर्स कंसल्टेशन लेना होता है इसके पीछे का रीजन ये है कि ये नॉर्मली पल्मोनरी हाइपरटेंशन पेशेंट्स को दिया जाता है पल्मोनरी हाइपरटेंशन का मतलब होता है कि इसमें पेशेंट के लंग्स की आर्टरी काफी नैरो हो जाती है जिस वजह से पेशेंट के हार्ट को बहुत ज्यादा ब्लड पंप करना पड़ता है एंड ये सिल्डन फिल इंजेक्शंस ब्लड वेसल्स को डाइलेटर कि बड़ा करके हार्ट को इजली ब्लड पंप करने में हेल्प करते हैं सेम मैकेनिज्म ही फॉलो होता है इरेक्शन में भी और इसीलिए सिल्डन फिल इंजेक्शंस काफी कॉमनली यूज होता है है
(09:30) एंड एक्चुअली अगर ये एक वेल ट्रेन डॉक्टर के सुपरविजन में लिया जाए तो ये कंपैरेटिव काफी सेफर ऑप्शन है एज कंपेयर टू अदर ऑप्शंस लेकिन इंडिया बीइंग इंडिया उसमें तो आपको भी पता है कि कई केसेस में ये सेल्फ इंजेक्ट किया जाता है व्हिच इज वेरी डेंजरस इनफैक्ट इसी रीजन के वजह से कई डेथ्स भी हुई है इससे ऐसा इसीलिए क्योंकि एक्चुअली इंडिया में ना हार्ट डिसीसेस काफी कॉमन है आप सोचो ग्लोबली 60 पर हार्ट डिजीज इंडिया में ही होता है अब इन हार्ट डिसीसेस के लिए मोस्टली पेशेंट्स को नाइट्रेट इंड्यूस्ड मेडिसिंस दिए जाते हैं अब इन मेडिसिंस भी मैकेनिज्म यूजुअली
(10:00) सिमिलर होता है ये भी ब्लड फ्लो इंक्रीज कर देती है बॉडी में और इन दिस केस जब ये दोनों भी मेडिसिंस एक दूसरे के साथ रिएक्ट करने लग जाती है और ब्लड फ्लो एकदम बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर शूट कर देता है तो इससे सडन हार्ट अटैक्स और डेथ होने के भी चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं एंड इसी पे रिसर्च करने के लिए जब यूएस एफडीए ने खुद 56 केसेस की स्टडी किया तब उन्हें यही दिखा कि ऑलमोस्ट हर केसेस में जो मेल था उसको सिल्डन फिल लेने से पहले हार्ट प्रॉब्लम्स थी और उनकी डेथ का रीजन भी यही नाइट्रेट और सिल्डन फिल का रिएक्शन था नेक्स्ट प्रॉब्लम क्या पी नाइल
(10:32) एनलार्जमेंट पंप्स काम भी करते हैं टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक स्टडी पब्लिश की थी जिसमें उन्होंने यह पाया कि इसके यूज़ से 7.6 सेमी से पीनस की साइज बढ़कर 7.9 सेमी हुई थी मतलब सिर्फ 0.3 सेमी का फर्क दिखा था वो भी 6 महीने के रेगुलर यूज के बाद जो साइंटिफिकली नेगलिजिबल ग्रोथ है सो बेसिकली जो प्रोसीजर सुनने में ही इतना पेनफुल लग रहा है उसका ऑलमोस्ट नेगलिजिबल फायदा है लेकिन फिर भी आप देखोगे ना तो इसकी पेशेंट सेटिस्फैक्ट्रिली इसीलिए कई डॉक्टर्स का मानना है कि ये एक प्लेसिबो इफेक्ट हो सकता है प्लेसिबो इफेक्ट एक्चुअली मेडिकल साइंस में काफी
(11:05) कॉमन फिनोमिना है जिसमें पेशेंट्स में फिजिकली तो कोई चेंज नहीं होता है पर साइकोलॉजिकली उन्हें ऐसा फील हो रहा होता है कि इंप्रूवमेंट हो रहा है क्योंकि वो ट्रीटमेंट करवा रहे होते हैं और इसी सेम चीज पर दूसरे भी कई रिसर्चस हुए हैं जो भी सेम ही क्लेम करते हैं कि इसमें हार्डली कोई इंप्रूवमेंट आती है इस प्रोसीजर से इनफैक्ट एक साइंटिफिक रिसर्च तो ओपनली ये तक कहता है कि पंप्स पीनस लोंगे कर ही नहीं सकते हैं ये प्रोडक्ट्स काम ही नहीं करते हैं एंड आखिर में पीनस एक्सटेंडर डिवाइसेज यूएस के प्रॉमिनेंट न्यूज़ आउटलेट मेडिकल न्यूज़ टुडे ने एक रिसर्च
(11:34) साइट किया था जिसके अकॉर्डिंग इससे कई केसेस में एक से ती सेंटीमीटर का फर्क आया था लेंथ में लेकिन हां इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि जितने भी पार्टिसिपेंट्स इस प्रोसेस से गुजरे थे उनमें से कई सारे पेशेंट्स में पेरोनी डिजीज पाया गया ये एक ऐसा डिसऑर्डर होता है जिसमें पेशेंट्स का पीनस एक्सट्रीमली कर्व्ड हो जाता है जिससे बेसिकली उन्हें सेक्सुअली परफॉर्म करने में काफी दिक्कत आती है प्लस इसी रिपोर्ट में मेंशन है कि वर्स्ट केस सिनेरियो में यह डिजीज प्रोस्टेट कैंसर तक कॉज कर सकती है सो 100 बात की एक बात ये सारे सो कॉल्ड सेक्सुअल
(12:04) वेलनेस प्रोडक्ट्स जितना भी क्लेम करें कि इनके प्रोडक्ट से रिजल्ट आता है सच तो यह है कि आज तक कोई भी क्लीनिकल एविडेंस नहीं है जो ये प्रूव कर सकता है कि नॉन सर्जिकल प्रोडक्ट से साइज या लेंथ या विड्थ इंक्रीज होता है नाउ फीमेल प्रोडक्ट्स की बात करें तो पद्मश्री डॉक्टर मंजुला जी ने ये क्लियर कहा है कि मार्केट के वजाइना वाइटिंग ब्लीचिंग क्रीम्स में जो स्टेरॉइड्स यूज होते हैं वो इंफेक्शन कॉजिंग होते हैं और विद रेगुलर यूज इन प्रोडक्ट से वजाइना के अराउंड का जो स्किन होता है वह काफी ज्यादा थिन और नॉन फंक्शनल भी हो सकता है और इसीलिए उनका
(12:37) क्लियर कहना है कि इन ओवर द काउंटर बिकने वाले क्रीम से सेल्फ ट्रीटमेंट ना करवाए और अगर किसी को सच में स्किन लाइटन करवानी है या कोई ट्रीटमेंट करवानी है तो एक डर्मेटोलॉजिस्ट को ही कंसल्ट करें नेक्स्ट वजाइनल टाइटिंग क्रीम्स को भी लेकर डॉक्टर्स की सेम थिंकिंग है यानी यह भी साइंटिफिकली प्रूवन नहीं है कि यह रिजल्ट देंगे ऐसा कोई क्रीम नहीं है ऐसा कुछ नहीं है दिस इज ऑल क्रैप मेरी यह है और हम ये बताते हैं कि इसमें कोई साइंटिफिक बेसिस नहीं है कि किसी क्रीम को वजाइना में लगाया जाए और वो उसमें असरदार साबित हो यानी ये भी साइंटिफिकली प्रूवन नहीं है कि
(13:10) ये रिजल्ट देंगे ऊपर से क्योंकि वजाइना की स्किन काफी ज्यादा सेंसिटिव होती है इन प्रोडक्ट्स का उल्टा साइड इफेक्ट भी हो जाता है जैसे कि ब्लिस्टर्स बर्निंग रशेस पिगमेंटेशन वगैरह सारे डॉक्टर्स का रिकमेंडेशन है कि इन सेल्फ ट्रीटमेंट से 10 टाइम्स बेटर है सर्जरीज जो कि साइंटिफिकली प्रूवन है सो स्टार्टिंग विद मेल्स उनमें मेजर्ली चार चार टाइप की पीनस एनलार्जमेंट सर्जरीज होती है पहली लिगामेंटोटैक्सिस जो सस्पेंसरी लिगामेंट होता है ना उसको कट कर देते हैं इससे लेंथ तो नहीं बढ़ता है लेकिन क्योंकि पीनस हैंग करने लग जाता है तो विजुअली वो लंगर दिखने
(13:43) लग जाता है दूसरा है ऑटोलस फैट सर्जरी इसमें लाइपो सेक्शन का यूज करके बॉडी के किसी भी पर्टिकुलर फैटी एरिया से फैट्स को निकाल के पीनस में इंजेक्ट कर दिया जाता है इससे यूजुअली पीनस का गर्द यानी कि विथ इनलार्ज होता है तीसरी सर्जरी है डर्मल फिलर सर्जरी जिसमें पीनस को कॉस्मेटिक फिलर से इंजेक्ट किया जाता है अगेन ये सर्जरी भी पीनस का साइज और गर्द इनलार्ज करने के लिए की जाती है और इसे कंपैरेटिव डॉक्टर्स एक सेफर ट्रीटमेंट ऑप्शन मानते हैं चौथी और आखिरी सर्जरी है पेनुमा डिवाइस इंप्लांटेशन जिसमें पीनस में एक सॉफ्ट सिलिकॉन पैड ऐड किया जाता है जिससे
(14:14) इरेक्शन पे पीनस और भी ज्यादा एनलार्जमेंट काफी एसिमिट्रिकल लगते हैं जिसके वजह से उन्हें वजाइना अनअट्रैक्टिव लगता है इसमें बेसिकली क्या करते हैं कि ये जो लेबिया लिप्स होते हैं उन्हें डॉक्टर्स लेजर या फिर स्कल्प के थ्रू कट करके लेबिया को सिमिट्रिकली वापस से शेप कर देते हैं दूसरी सर्जरी है वजान प्लास्टी जो बेसिकली टाइटनिंग ऑफ वजाइना के लिए की जाती है इसमें जो लूज वजाइनल मसल्स होते हैं उन्हें रेडियो फ्रीक्वेंसी या फिर लेजर के जरिए जो एक्स्ट्रा स्किन होती है उसको कट करके वजाइना को टाइट कर दिया जाता है सो बेसिकली व्हाट आई एम ट्राइम टू से इज कि
(14:52) ऐसा नहीं है कि ये सारे ट्रीटमेंट्स ही गलत है या फिर ये ट्रीटमेंट करवाना ही गलत है आफ्टर ऑल हुआ वी टू जज द ओनली प्रॉब्लम विद दिस इ दि इज हाफ इंफॉर्मेशन एंड मिस इंफॉर्मेशन इन ओवर द काउंटर क्रीम्स पिल्स वगैरह में जो केमिकल्स यूज़ किए जाते हैं वो मेडिकल ग्रेड ड्रग्स है यानी कि ये डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना उनके कंसल्टेशन के बिना ये यूज़ नहीं किए जाने चाहिए और इसीलिए हमेशा ऐसे ट्रीटमेंट्स को लेने से पहले डॉक्टर्स को कंसल्ट करो डीआई वाई ट्रीटमेंट्स और ओवर द काउंटर ड्रग्स को विदाउट एनी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन अवॉइड करो ड्रग स्टोर से और ई-कॉमर्स
(15:22) वेबसाइट से खासकर कोई भी अनरेगुलेटेड प्रोडक्ट मत खरीदो और हमेशा प्रोडक्ट के इंग्रेडिएंट्स को स्टडी करो और उसमें अगर सिल्ड इन द फिल और टॉपिक स्टेरॉइड्स जैसे केमिकल्स हैं तो उसके लिए तो डेफिनेटली डॉक्टर का कंसल्टेशन लो आफ्टर ऑल आपकी सेफ्टी आपके खुद के हाथ में है आल्सो अगर आपको ऐसे सोशल इश्यूज पे वीडियोस देखना पसंद है तो हमने रिसेंटली इंडिया में राइजिंग इनफर्टिलिटी रेट्स इन वुमेन के ऊपर एक डेडिकेटेड वीडियो बना रखा है अगर आप वो देखना चाहते हो तो आप यहां पे लेफ्ट पे क्लिक करके उसे देख सकते हैं और हां ऑफकोर्स जाने से पहले डू नॉट फॉरगेट टू
(15:51) चेक आउट फाटी का लेटेड गो कोलाजन पाउडर फॉर एक्स्ट्रा डिस्काउंट यूज 5ka 10 फॉर अ 10 पर ऑफ ऑन fc.com जय हिंद

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