Friday, April 24, 2026

Packaged Food EXPOSED: The Scary Truth About What They Are Feeding You!

Packaged Food EXPOSED: The Scary Truth About What They Are Feeding You!

Author Name:Satvic Movement

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@SatvicMovement

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=byJNWVj7cPY



Transcript:
(00:00) इस वीडियो में आप जानेंगे फूड कंपनीज का एक बड़ा सीक्रेट जो आप और आपकी फैमिली की हेल्थ को साइलेंटली डिस्ट्रॉय कर रहा है। पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में छुपा है एक बड़ा सच जो कंपनीज कभी नहीं चाहती। आपको पता चले। इस वीडियो में हम ढेर सारी मस्ती भी करेंगे। और एंड में जानेंगे एक ऐसी स्पेशल फूड कंपनी के बारे में जो बनाती है दुनिया का क्लीनेस्ट और हेल्दीएस्ट पैकेज्ड फूड। अगर आप खुद को या अपनी फैमिली को डायबिटीज, ओबेसिटी, हाई ब्लड प्रेशर जैसी हेल्थ प्रॉब्लम से बचाना चाहते हैं, तो यह वीडियो को एंड तक जरूर देखें। तो ये सीक्रेट रिवील करने के लिए
(00:39) हमें चाहिए थे कुछ वॉलंटियर्स। सो वी हैव ऑन सेट द शर्मा फैमिली। नमस्ते एवरीवन। तो ये एक पॉपुलर नमकीन का पैकेट है। आप में से कौन-कौन ये खाता है? रोजाना ही खाते हैं बल्कि बचपन से खाते आ रहे हैं। मैं भी खा लेती हूं इनके साथ। अगर सारा पैकेट इन्हें खाने दिया तो पेट निकल आएगा जी। तो आपको क्या लगता है इस 1 केजी नमकीन के पैकेट का कितना परसेंटेज ऑइल यानी तेल है? ऑइल होगा 5 से 10% सिर्फ फ्राई करने के लिए तो यूज़ होता है। आइए देखते हैं। सच सुनके शायद आप शॉक्ड रह जाएंगे। अगर आपको किसी भी फूड प्रोडक्ट का सच जानना है तो सिंपली पैकेट घुमाओ और पता लगाओ। एफएसएसआई
(01:28) के रूल्स के मुताबिक हर फूड कंपनी को अपने प्रोडक्ट में डाले गए सारे इंग्रेडिएंट्स को पैकेट के पीछे क्लियरली मेंशन करना पड़ता है। यह एक मैंडेटरी रूल है। इसीलिए हर प्रोडक्ट के पीछे आपको मिलेगी एक इंग्रेडिएंट लिस्ट। रश्मि जी, कैन यू कम एंड हेल्प अस? एक-एक करके हम इस नमकीन के पैकेट में डाले गए सारे इंग्रेडिएंट्स इसमें डालेंगे। क्या आप बता सकते हैं पहला इंग्रेडिएंट क्या है? शायद आपको इसकी जरूरत पड़ेगी। थैंक यू। अ पहला है मोट फ्लोर। 46% 46% ऑफ 1 केजी इज लगभग 460 ग्राम। आइए मेजर करते हैं। हां ये हो गया। वंडरफुल। आइए इसमें डाल सकते हैं आप।
(02:09) अब ऑइल है पर क्वांटिटी नहीं लिखी है। हम गवर्नमेंट मैंडेट करती है कि इंग्रेडिएंट्स हमेशा उनकी क्वांटिटी के हिसाब से लिस्टेड होने चाहिए। मतलब जो चीज प्रोडक्ट में सबसे ज्यादा डाली जाती है वो सबसे पहले लिखी होती है। और जो चीज सबसे कम वो लास्ट में। तो किसी भी इंग्रेडिएंट लिस्ट पर इंग्रेडिएंट्स हमेशा डिसेंडिंग ऑर्डर ऑफ क्वांटिटी में लिखे होते हैं। और पता कैसे लगेगा कि कितना ऑयल यूज़ हुआ है? इस पैकेट में 46% है मोट फ्लोर, 9% है चिक पी फ्लावर और मिक्स्ड स्पाइसेस लगभग 3% या ज्यादा से ज्यादा 5% होंगे। तो इन सबको मिला के हो जाते हैं 60% यानी बचा कितना?
(02:50) 40% और इस पैकेट में 40% क्या है? और ऑयल। चलिए अब इसे भी पैकेट में ऐड कर देते हैं। हो गया और ज्यादा। तो हो गया होगा। अरे रश्मि जी अभी तो डालते जाइए। बस बस बस इफ यू डू द मैथ इट इक्वेट्स टू 1.8 कप्स ऑफ ऑयल इन दिस पैकेट। व्हिच मीन्स ऑलमोस्ट हाफ ऑफ दिस नमकीन इज लिटरली जस्ट ऑयल। और ये चीज आपको फ्रंट ऑफ द पैक देखकर कभी नहीं पता चलेगी। आइए इसमें चिकपी फ्लावर और मिक्स स्पाइसेस भी डाल देते हैं। यह हो गई हमारी भुजिया तैयार।
(03:38) एक बात समझ नहीं आई। ऑइल को तो हेल्दी फैट माना जाता है ना। तो फिर इसमें दिक्कत क्या है? आइए समझते हैं। कंपनीज़ अपने प्रोडक्ट में जो ऑइल यूज करती है उसे कहते हैं रिफाइंड ऑइल। जब आप इसको बनाने का प्रोसेस सुनेंगे शायद आप विश्वास ही नहीं कर पाएंगे। कोई भी ऑइल ओरिजिनली निकलता है नट या सीड से। लेकिन उसमें से ऑइल निकालने के लिए ज्यादातर कंपनीज़ एक केमिकल यूज करती है जिसका नाम है हेक्सेन जो पेट्रोलियम इंडस्ट्री से आता है। फिर उस ऑयल को बहुत हाई टेंपरेचर पे हीट किया जाता है जिसमें उसमें मौजूद सारे न्यूट्रिएंट्स डिस्ट्रॉय हो जाते हैं। और
(04:16) अक्सर सारे हेल्दी फैट्स कन्वर्ट हो जाते हैं ट्रांस फैट्स में। फिर उस तेल को देखने में लाइट और क्लियर बनाने के लिए उसमें केमिकल ब्लीचिंग एजेंट्स डाले जाते हैं। इन सब प्रोसेससेस के बाद उस तेल में काफी खराब स्मेल आने लगती है। तो उस गंदी स्मेल को हटाने के लिए उसमें डीओडराइज़र्स भी डाले जाते हैं। ज्यादातर रिफाइंड ऑयल कुछ ऐसे ही बनता है। और मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर प्रोडक्ट्स चाहे वो बिस्किट्स हो या चिप्स, नमकीन हो या पैकेट में मिलने वाले डिप्स इसी रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल करते हैं। मुझे तो समझ में नहीं आ रहा है इतनी
(04:50) केमिकल से बनने वाली चीज हम हमारा खाना कैसे हो सकती है? अगर ये ऑयल इतना हार्मफुल है तो फूड कंपनीज इसको यूज क्यों करती है? कोई बेटर क्वालिटी ऑयल क्यों नहीं यूज कर लेते? आंसर सिंपल है। रिफाइंड ऑयल मार्केट में सबसे सस्ता होता है। अब इस एक कटोरी नमकीन को ही ले लो जो हम एक ही बार में खा जाते हैं। इसमें है 100 ग्र.
(05:16) नमकीन। इसमें ऑइल होता है लगभग थ्री टेबलस्पूनस। और अगर आप रोज यह खाएं तो एक हफ्ते में आपके शरीर में कितना रिफाइंड ऑइल जाता है? ऑलमोस्ट एक कप। और एक महीने में ऑलमोस्ट पांच कप तेल। और अगर आप पूरे साल रोज ये हार्मलेस दिखने वाले सिर्फ एक नमकीन के बॉल को खाते हो तो आपको मालूम है आपके बॉडी में कितना रिफाइंड ऑयल जाता है? ऐसे तीन बड़े बॉटल्स के ऑयल। तो ये बॉडी को जाता कहां है? यहां और कहां? तुम दोनों तो बस मेरी टोन के पीछे पड़े रहो। सुबह जी आप बताइए। तो जब आप ये ट्रांस फैट से भरा ऑयल खाते हैं तो आपकी बॉडी में कोलेस्ट्रॉल लेवल्स बढ़ने लगते
(06:01) हैं। ये एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल आपकी आर्टरीज की वॉल्स पर डिपॉजिट होने लगता है। ओवर द इयर्स। इसकी वजह से आपकी आर्टरीज में एक हार्ड प्लैक फॉर्म होने लगती है और आपकी आर्टरीज नैरो और नैरो और नैरो होती चली जाती है। अब अगर आर्टरीज नैरो हो गई तो आपके हार्ट को बहुत स्ट्रगल करना पड़ता है। ब्लड को सारे ऑर्गन्स तक पहुंचाने के लिए हार्ट को और प्रेशर लगाना पड़ता है। एंड हियर कम्स हाई ब्लड प्रेशर। लॉन्ग रन में यह हमारे हार्ट में ब्लॉकेजेस भी क्रिएट कर सकता है। इसीलिए आज इतनी सारी रिसर्च स्टडीज प्रूफ कर रही है कि कैसे ज्यादा रिफाइंड ऑयल लेने से
(06:38) हमारी बॉडी में हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक और दूसरे क्रॉनिक डिजीज का रिस्क बढ़ता है। भजिया तो हम शाम को गप मारते मारते ऐसे ही खा जाते हैं। सच में ये ₹20 की नमकीन तो महंगी पड़ गई। अब तो शाम की चाय में नमकीन खाना तो बिल्कुल बंद। खाऊंगा तो बिस्कुट। क्यों? क्या बिस्कुट में भी ड्रम भर के तेल डालते हैं? अरे नहीं मोहन जी तेल नहीं। बिस्किट में दो दूसरे इंग्रेडिएंट्स डाले जाते हैं जिन्हें कंपनीज़ आपसे छुपाने की पूरी कोशिश करते हैं। अब ये दो इंग्रेडिएंट्स क्या है? हम आपको बताएंगे। लेकिन उससे पहले एक सवाल। आपने यहां बड़ा यह बॉक्स देखा? एक ऐसा फूड ब्रांड है जो
(07:20) बनाता है दुनिया का क्लीनेस्ट और टेस्टिएस्ट पैकेज्ड फूड। इस ब्रांड के ज्यादातर प्रोडक्ट्स आप खुल के मजे से खा सकते हैं और उसके कुछ प्रोडक्ट्स इस बॉक्स के अंदर है। देख सकते हैं इसमें क्या है? नो नो नो नो नो नॉट येट वी विल फाइंड आउट सून। अरे कुछ हिंट तो दीजिए। ओके। ये एक ऐसा ब्रांड है जिसके मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स वर्ल्ड वाइड प्रेजेंट है। और यह ब्रांड सबको पता है। आपको भी और आपको भी। थोड़ी ही देर में हम आपको बताएंगे। पहले जानते हैं कि इस बिस्किट के पैकेट में क्या छुपा है। तो यह है एक ऐसा बिस्किट का पैकेट जो ज्यादातर लोग अपनी चाय के साथ
(07:58) लेते हैं। एंड दीज़ आर कॉल्ड हाई फाइबर डाइजेस्टिव बिस्किट्स और नीचे लिखा भी है पैक्ड विथ द पावर ऑफ़ होल वीट। सो ये तो भुजिया से बेटर होंगे। मोहन जी, आप हमारी मदद करेंगे? या जरूर, जरूर, जरूर। इन बिस्किट्स में सबसे पहला इंग्रेडिएंट कौन सा है बताएंगे? रिफाइंड वीट फ्लोर 43% मैदा। तो इन बिस्किट का सबसे बड़ा इंग्रेडिएंट जो डाइजेस्टिव और फुल ऑफ फाइबर क्लेम कर रहा है। है सबसे नॉन डाइजेस्टिव इंग्रेडिएंट मैदा। यानी ऑलमोस्ट हाफ दिस पैकेट इज मैदा। इनफैक्ट ज्यादातर फूड कंपनीज अपने प्रोडक्ट्स में मैदा ही यूज करती है। चाहे वो बिस्किट्स हो, कुकीज़, सीरियल्स या
(08:44) ब्रेड्स और केक्स। क्योंकि मार्केट में मिलने वाले सारे ऑटो में मैदा सबसे सस्ता होता है। लेकिन हफ्ते में दो-चार बार तो खा ही सकते हैं ना। गुड क्वेश्चन। देखिए, प्रकृति हमें होल वीट देती है जिसमें एक पतली सी कोटिंग लगी होती है जिसे कहते हैं ब्रांड। इस ब्रांड में फाइबर, विटामिंस और मिनरल्स होते हैं। इट्स अ न्यूट्रिशन पावर हाउस। मैदा बनाने के लिए गेहूं में से इस ब्रांड को निकाल कर फेंक दिया जाता है। मतलब सारा फाइबर फेंक दिया। अब जब मैदा शरीर के अंदर जाता है, फाइबर की कमी की वजह से वो अच्छे से डाइजेस्ट नहीं हो पाता। हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम में
(09:22) ट्रैफिक जैम क्रिएट करता है। हमारे शरीर को फिर बहुत मेहनत करनी पड़ती है इसको बाहर निकालने के लिए। और अगर अंदर कुछ रेजिड्यू बच जाता है तो वो हमारी इंटेस्टाइन की वॉल्स पर अक्यूमुलेट होने लगता है। इसीलिए कुछ लोग मैदा को ग्लू फॉर द गठ भी बोलते हैं। उससे याद आया बचपन में हम लोग मैदे के घोल से कागज चिपकाया करते थे। एक्सक्ट्ली। चलिए नेक्स्ट इंग्रेडिएंट ऐड करते हैं जो कि है रिफाइंड ऑयल। मोहन जी अगला इंग्रेडिएंट क्या है? 15% होल वीट फ्लावर 15% पैकेट के सामने लिखा था पैक्ड विथ द पावर ऑफ होल वीट तो हमें क्या लगा कि पूरा बिस्किट होल वीट से ही
(10:09) बना होगा बट असल में इस बिस्किट का सिर्फ 15% पार्ट होल वीट का बना है। चलिए कोई बात नहीं इसे भी ऐड कर दिए। अगला इंग्रेडिएंट शुगर 68 ग्राम। चलिए इसको देखते हैं। तो 20 क्यूब्स। ये तो मेरी चाय से भी ज्यादा है। एक्सजेक्टली। और चीनी के बारे में तो आपको पता ही होगा। यह हमारा वेट बढ़ाती है। हमें जल्दी एज करके चेहरे पे झुर्रियां बढ़ाती है और हमारी बोनस को भी वीक बनाती है। मोहन जी, बिस्किट में बाकी इंग्रेडिएंट्स क्या है? बाकी है 2 एंड हाफ वीट ब्रांड। और उसके आगे उसके आगे है कुछ रेजिंग
(10:56) एजेंट्स आईएस 500 फिर है आईएस 53 45 और ये है दो कंडीशनर आईएस 223 ये नंबर्स बेसिकली अलग-अलग प्रिजर्वेटिव्स है जो इन प्रोडक्ट्स की शेलफ लाइफ तो बढ़ा देते हैं बट आपकी घटा देते हैं। अब यह हो गई हमारी डाइजेस्टिव और हेल्दी बिस्किट्स तैयार। आई जस्ट कांट बिलीव दिस। हाउ इज दिस इवन अलाउड? अगर आप यह सब सुनके शॉक्ड हो गए हैं तो यह तो बस शुरुआत है। हमने अपनी नई बुक द सात्विक रेवोल्यूशन में इन फूड कंपनीज़ बहुत सारे हिडन ट्रुथ्स को अनकवर किया है। थैंक यू। यही नहीं इस बुक में
(11:42) हमने सेवन हैबिट्स के बारे में डिस्कशन किया है जिसके थ्रू आप अपने अल्टीमेट पीक हेल्थ पे पहुंच सकते हैं। आप ये बताइए कि ऐसा कुछ भी है जिसमें इतना ऑयल, शुगर, मैदा ये सब ना हो? ऑफकोर्स देयर इज वन ब्रांड दैट इज कंसीडर्ड द हेल्दीएस्ट ब्रांड इन द वर्ल्ड। बट उसके बारे में बताने के पहले हमारे पास पैकेज्ड फूड कंपनीज के लिए कुछ जरूरी सवाल। क्यों देते हो चिप्स के पैकेट को बाहर से इतना शाइन जब अंदर से वो है सिर्फ एक रिफाइंड ऑयल का माइन। क्यों लेते हो चॉकलेट स्प्रेड में हज़ल नट का नाम? जब अंदर भरी है सिर्फ शुगर जो हमारी हेल्थ को करे हार्म। क्यों
(12:25) करवाते हो एनर्जी ड्रिंक्स से ताकत का वादा। जब अंदर एनर्जी कम, धोखा है ज्यादा। क्यों लिखते हो रेडी टू मेक नूडल्स? पे हेल्थ का नाम, जब भरा है अंदर मैदा, जो हमारी गठ को करे जाम। क्यों हमारे शरीर के साथ खेलकर करते हो अपने प्रॉफिट्स प्लान? क्या नहीं कहेंगे इसको एक बड़ा स्कैम? अगर हमें हमारी सेहत की है रक्षा करना तो एक सिंपल बात को है समझना। जब भी कुछ खरीदने जाओ सबसे पहले पैकेट घुमाओ और पता लगाओ। ना अपने साथ, ना अपने देश के साथ। अब हम यह खेल होने देंगे। अब इन प्रोडक्ट्स पे लिखे झूठ को हम और नहीं सहेंगे। [संगीत] सुबह हर्ष थैंक यू सो मच। आप लोगों ने
(13:12) हमारी आंखें खोल दी तो वाकई सोचना पड़ेगा। बस एक प्रॉब्लम है। हम इन सब चीजों के अलावा और खाएंगे क्या? आई थिंक इट्स टाइम टू रिवील द मिस्ट्री। यस। इट्स टाइम टू शेयर अबाउट द क्लीनेस्ट फ़ूड कंपनी आउट देयर। द मोस्ट ट्रस्ट वर्दी ब्रांड इन द वर्ल्ड। ओके। आर यू रेडी फॉर इट? यस यस द क्लीनेस्ट फूड कंपनी आउट देयर दुनिया का सबसे ट्रस्टेबल ब्रांड इज नन अदर देन मदर नेचर यानी मां प्रकृति लेट अस एक्सप्लेन मदर नेचर की फैक्ट्री है उनके फार्म्स यानी उनके खेत उनके
(13:57) प्रोडक्ट्स हैं फल सब्जी ग्रेंस नट्स और सीड्स उनके यहां जो काम करते हैं उनके टीम मेंबर्स है चार मिट्टी, पानी, धूप और हवा। मां प्रकृति बहुत प्यार से एक सीड को अपनी धरती में बोती है। मिट्टी उसमें दुनिया भर के पोषण भरती है। ऐसे न्यूट्रिएंट्स जो आपको हेल्दी रखते हैं। पानी उसमें रस भरता है ताकि वो फूड आपकी बॉडी में इली डाइजेस्ट हो सके। धूप उसको एनर्जी प्रदान करती है। मां प्रकृति अपने प्रोडक्ट्स को पैकेज करने के लिए कोई चीप प्लास्टिक नहीं यूज करती। उनकी पैकेजिंग है सबसे सस्टेनेबल कॉल्ड पील्स एंड स्किंस। वो दूसरी फूड कंपनी की तरह टीवी पे अपने एड्स
(14:43) नहीं दिखाती। इसीलिए हम उनके दिए फूड्स के बारे में आज भूल चुके हैं। अगर आप जिंदगी भर अपनी पीक हेल्थ पे रहना चाहते हैं तो सिंपली ऐसा फूड खाइए जो प्रकृति यानी नेचर के सबसे करीब हो। आई वाजंट एक्सपेक्टिंग दैट। मतलब इतना ऑब्वियस था फिर भी। मैं तो घर जाके अपने किचन से सारे पैकेज फूड्स हटाने वाली हूं। नहीं, ऐसा बिल्कुल मत करिएगा। रिमूविंग पैकेज फूड फ्रॉम योर किचन इज अ बिग मिस्टेक। लेकिन अभी तो आपने कहा था फिर क्यों? अगर आप सीधा पैकेज फूड को अपनी किचन से रिमूव कर दो, तो कुछ दिन बाद आप खुद को उसी को केव करता हुआ पाओगे।
(15:20) अगर आप सच में पैकेज्ड फूड को अपनी लाइफ से कम करना चाहते हो, तो यहां क्लिक करके यह वीडियो अभी देखें। इस वीडियो में आप सीखेंगे तीन माइंड ब्लोइंग स्टेप्स, जो आपकी लाइफ से जंक फूड को एलिमिनेट करने में हेल्प करेंगे और किसी भी क्रेविंग को एक ही दिन के अंदर-अंदर खत्म करना सिखाएंगे। हमारी तरफ से अभी के लिए इतना ही। हम आपसे जल्द वापस मिलेंगे।

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