I Researched 70+ Women's Products. 7 You Should Never Use! (Alternatives Included)
Author Name:Satvic Movement
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@SatvicMovement
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=id-UZdr77yA
Transcript:
(00:00) पिछले कुछ महीनों में मैंने 70 से ज्यादा वुमस प्रोडक्ट्स पर रिसर्च करी और [संगीत] मिले ऐसे सेवन प्रोडक्ट्स जो साइलेंटली आपको पोइजन कर रहे हैं लेकिन फिर भी आज ओपनली [संगीत] बेचे जा रहे हैं। इस वीडियो में मैं आपके साथ शेयर करना चाहती हूं वो सेवन प्रोडक्ट्स क्या है फ्रॉम बैड टू वर्स टू द मोस्ट डेंजरस। हो सकता है इनमें से कुछ आपके पर्स या बाथरूम शेलफ पर अभी रखे हो। और हां हर प्रोडक्ट के साथ मैं आपसे शेयर करूंगी उसका सेफ और एकदम क्लीन अल्टरनेटिव भी। पहला टॉक्सिक प्रोडक्ट है नेल पॉलिश। कभी सोचा है इस छोटी सी बॉटल के अंदर आता क्या है? अगर आपके आसपास अभी
(00:44) कहीं नेल पॉलिश पड़ी है तो उठाओ और घुमाओ। आपको कोई इंग्रेडिएंट लिस्ट मिली? नहीं। ऐसे कैसे? वेल, क्योंकि यह किस चीज से बने हैं? ब्यूटी इंडस्ट्री चाहती ही नहीं कि आपको कभी पता लगे। जब हमने रिसर्च करी तो पता चला कि कई ब्रांड्स की नेल पॉलिश में पाए जाते हैं टॉक्सिक केमिकल्स जैसे टॉलन, फॉर्मेल्डिहाइड, डाई ब्यूटल फाइलेड और कई ऐसे ऐसे नाम जो मुझसे तो अच्छे से प्रोनाउंस भी नहीं किए जाते। ये वही केमिकल्स हैं जो एक वुमन की फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव सिस्टम को डैमेज करने के लिए जाने जाते हैं। सो व्हाट? नेल्स पर ही तो लगाती हूं। खाती
(01:22) थोड़ी ना हूं भाई। वेल [संगीत] एक्चुअली आप इन्हें खाते भी हैं। आपके नेल्स हार्ड जरूर लगते हैं लेकिन एक्चुअली वो एक स्पंज की तरह होते हैं। जैसे एक स्पंज पे यह नेल पॉलिश पोर करने से वो उसे सोख कर लेता है। वैसे ही नेल पॉलिश के केमिकल्स आपके नेल बेड के थ्रू अब्सॉर्ब हो के सिर्फ 15 घंटों में आपकी ब्लड स्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं। एक बहुत इंटरेस्टिंग स्टडी में साइंटिस्ट्स ने कुछ लेडीज को अपने नेल्स पेंट करने के लिए बोला और फिर उनका यूरिन सैंपल टेस्ट किया। जो केमिकल उस नेल पेंट में था उन्होंने वही केमिकल उनकी यूरिन में भी पाया। यही नहीं जब आप नेल पॉलिश
(02:05) लगाकर हाथ से खाना खाते हैं। ये प्लास्टिक लेयर आपके खाने में चिप भी होती रहती है। बिना आपके जाने। तो इसका अल्टरनेटिव क्या है? सबसे सेफ ऑप्शन है नेल पेंट को जितना हो सके अवॉइड करना और अपने नेल्स का नेचुरल कलर एंब्रेस करना। मुझे पता है अगर आपको नेल पेंट की आदत है तो यह सुनना आसान नहीं होगा। कुछ साल पहले तक मैं खुद हर हफ्ते नेल पेंट के नए-नए कलर्स ट्राई करती रहती थी। लेकिन 8 साल पहले जब मुझे इनकी रियलिटी का पता लगा, मैंने इन्हें यूज करना बंद कर दिया। और अब चाहे खुद की शादी भी क्यों ना हो इनको लगाने का मन ही नहीं
(02:42) करता। ऑलराइट आगे बढ़ते हैं। अगर आपको नेल पॉलिश का सच जान के हैरानी हुई तो वेट टिल यू सी द सेवंथ प्रोडक्ट इन आवर लिस्ट जो एक लड़की के शरीर को ही नहीं उसकी मेंटल हेल्थ और कॉन्फिडेंस को भी तोड़ देता है। अभी बढ़ते हैं अपने सेकंड प्रोडक्ट पे। डओड्रेंट्स एंड एंटीपर्सेंट्स। आपने टीवी पर इनका ऐड तो देखा ही होगा। कभी सोचा है यह एंटीपर्सेंट्स स्वेट को रोकते कैसे हैं? वेल, [संगीत] जो यह एड्स नहीं दिखाते वो यह कि इनमें होता है एलुमिनियम। जब आप इसे लगाते हैं तो यह एलुमिनियम आपके स्वेट ग्लैंड्स की ओपनिंग पे इकट्ठा हो जाता है जिससे वो स्वेट
(03:21) ग्लैंड्स ब्लॉक हो [संगीत] जाते हैं। तो पसीना बनता तो है पर बाहर नहीं निकल पाता। यह पसीना कैरी करता है टॉक्सिंस और वेस्ट प्रोडक्ट्स जो आपकी बॉडी बाहर फेंकना चाहती है। [संगीत] जब वो वेस्ट निकल नहीं पाता तो बॉडी उसे रिअ्सॉर्ब कर लेती है। रिजल्ट बॉडी में टॉक्सिक लोड बढ़ता रहता है। तो क्या करें? वेल ड्यूडरेंट का बेस्ट सब्स्टट्यूट है एक ऐसी चीज जो इंसान सदियों से यूज करता आया है। एंड दैट इज फिटकरी आल्सो कॉल्ड एलम स्टोन। ओएमजी यू आर सो ओल्ड स्कूल। वेल, बिफोर यू जज दिस फिट करी, एक बार इसके फायदे तो सुनो। यह एक नेचुरल स्टोन होता है जो
(04:02) सॉल्ट की तरह नेचर में मिलता है। इसमें बहुत स्ट्रांग एंटीबक्टीरियल प्रॉपर्टीज होते हैं। कहते हैं कि जहां फिटकरी हो वहां बैड बैक्टीरिया टिक ही नहीं सकते। यूज करने के लिए नहाने के बाद इसे थोड़े पानी से गीला करो और हर अंडर आर्म पे 10 सेकंड [संगीत] रब कर लो। यह एलम बेसिकली उन स्मेली बैक्टीरिया को जो खराब बॉडी ऑर्डर को क्रिएट करते हैं उन्हें मार देता [संगीत] है। लेकिन बिना स्वेट ग्लैंड्स को ब्लॉक किए। एलम या फिटकरी आपको किसी जनरल स्टोर पर मिल जाएगी। आपके लिए और कन्वीनिएंट बनाने के लिए हमने [संगीत] इसका एक प्योर सोर्स सात्विक मूवमेंट की
(04:40) वेबसाइट और ऐप पर भी रखा है। और इनका लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में शेयर कर दिया है। इस एलम से खराब स्मेल बंद [संगीत] हो जाएगी। लेकिन अगर आपको एडेड फ्रेगेंस भी चाहिए तो आप यूज कर सकते हैं एसेंशियल ऑइल्स जो बेसिकली फूल पत्तों या छिलकों से बनाए जाते हैं उनको स्टीम या प्रेस करके डओडरेंट को रिप्लेस करने के लिए इनमें से कोई भी एसेंशियल ऑइल टी ट्री लैवेंडर रोज जैसमीन सैंडलवुड यूकलिप्टस आप यूज कर सकते हैं। यह आपको ऑनलाइन मिल जाएंगे। लेकिन हां इन्हें कभी भी सीधा स्किन पर मत लगाएं। यह काफी स्ट्रांग होते हैं। इनको हमेशा एक बेस ऑयल जैसे कोकोनट ऑइल में
(05:19) एक-दो ड्रॉप्स मिलाकर ही यूज करें। ऑलराइट बढ़ते हैं अपने अगले वुममेंस प्रोडक्ट पे जो बहुत साइलेंटली हमारी [संगीत] हेल्थ को हार्म करता है। एंड दैट इज बॉडी सोप्स। चाहे बार की फॉर्म में हो या लिक्विड। सोप कैसे अनहेल्दी है? यह तो हमें क्लीन करता है। वेल, क्लीन तो करता है, लेकिन बदले में यह हमारी [संगीत] स्किन से कुछ इंपॉर्टेंट चुरा ले जाता है। वो क्या? समझते हैं। आपकी स्किन एक ब्रिक वॉल जैसी होती है। ब्रिक्स है आपके सेल्स और बीच का सीमेंट है ये नेचुरल ऑइल्स जो स्किन को हाइड्रेटेड और प्रोटेक्टेड रखते हैं। अब मार्केट में लगभग सभी सोप्स में पाए जाते
(05:59) हैं स्ट्रांग केमिकल सरफेक्टेंट्स। यह गंदगी को तो हटा देते हैं लेकिन साथ ही हमारे प्रोटेक्टिव ऑइल्स को भी निकाल देते हैं। इससे ओवरटाइम स्किन ड्राई होने लगती है। फिर हम सोचते हैं अरे मॉइस्चराइजर लगाना पड़ेगा [संगीत] और यहीं शुरू हो जाता है ब्यूटी इंडस्ट्री का ट्रैप। पहले नेचुरल ऑयल्स निकालो सोप से और फिर वापस आर्टिफिशियल ऑयल बेचो क्रीम्स के नाम पे। तो सलूशन क्या है? जब मैं आपको बताऊंगी शायद आपको शुरू में सुन के थोड़ा अजीब लगे [संगीत] बट ज्यादातर केसेस में सिर्फ पानी से नहाना काफी होता है। [संगीत] पानी एक यूनिवर्सल सॉल्वेंट है और अक्सर गंदगी
(06:40) आराम से हटा देता है। हां, अगर कभी ज्यादा पसीना या धूल मिट्टी हो तो आप हर्बल क्लेंज़र्स यूज कर सकते हैं। जो स्किन को साफ तो करते हैं लेकिन बिना वो नेचुरल ऑइल्स को निकाले। इनके चार ऑप्शंस हैं। पहला बेसन पाउडर, एक कप चना दाल लेके उसका पाउडर बना लीजिए और एक जार में भरके अपने शावर एरिया में रख लीजिए। नहाते समय थोड़े पानी के साथ मिक्स करें और बॉडी पर लगाकर धो लीजिए। यह स्किन को ब्राइटन भी करता है। दूसरा मुल्तानी मिट्टी। यह एक नेचुरल क्ले है जो पोर्स के अंदर तक जाकर डर्ट और पोलटेंट्स को खींच लेती है। इसे भी पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर लगा लीजिए।
(07:22) तीसरा ऑप्शन मूंग दाल पाउडर। एक कप साबुत हरी मूंग की दाल को मिक्सर में चला के पाउडर बना लीजिए। जार में भर कर रख लीजिए। [संगीत] नहाते या फेस वॉश करते वक्त पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर जेंटली स्क्रब कर लें। यह डेड स्किन को हटाता है और स्किन को बहुत ही सॉफ्ट बना देता है। और चौथा चंदन पाउडर। जहां पहले तीन ऑप्शंस आप फेस और बॉडी दोनों पर लगा सकते हैं। यह स्पेशली फेस के लिए है। यह स्किन को कूल करता है। एक्ने को हील करता है और इसकी खुशबू भी बहुत ही अच्छी होती है। [संगीत] अगर आपकी ड्राई स्किन है तो आप इन पाउडर्स में पानी की जगह ऑइल भी मिला सकते हैं। और
(08:02) हां, अगर आप इन सिंगल इंग्रेडिएंट पाउडर्स से कुछ थोड़ा और फैंसी ट्राई करना चाहते हैं, तो हमारी टीम ने एक फेस और एक बॉडी क्लीज़र भी डेवलप [संगीत] किया है। जिनमें कई इंग्रेडिएंट्स का ब्लेंड है। यह वो है जो मैं भी पर्सनली यूज करती हूं। इनको ऑर्डर करने का लिंक आपको सात्विक मूवमेंट की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर मिल जाएंगे। [संगीत] ऑलराइट हमारा अगला टॉक्सिक प्रोडक्ट वो है जो शरीर के एक ऐसे हिस्से पर लगता है जो आपके हाथों की स्किन से चार गुना ज्यादा ऑब्सॉर्बेंट है। गेस कर सकते हैं यह क्या है? बताऊंगी। लेकिन पहले आपसे एक बात शेयर करना चाहती हूं जो पर्सनली
(08:40) मुझे बहुत ही अजीब लगती है। पहले के लोग स्किन केयर के लिए इन्हीं सब नेचुरल रेमेडीज को यूज करते थे। इनफैक्ट शादी से पहले हल्दी लगाने की रस्म भी इसीलिए ही होती थी। लेकिन अर्ली 1900 में जब कंपनीज ने यह देखा तो सोचा अरे इन चीजों के प्रोडक्ट्स बनाकर तो बहुत पैसा कमाया जा सकता है। तो वो हमें साबुन बेचने [संगीत] लगे और हमें लगने लगा कि बॉटल या डब्बे में बंद प्रोडक्ट हमारे घर के हल्दी चंदन से ज्यादा एडवांस्ड है। फिर जब कुछ सालों बाद लोगों को समझ आने लगा कि इन प्रोडक्ट्स में केमिकल्स भरे पड़े हैं तो कंपनीज़ ने क्या किया? वही केमिकल्स वाले
(09:19) प्रोडक्ट्स में थोड़ा सा हल्दी, चंदन, एलोवेरा डाल दिया और पैकेजिंग पर लिख दिया कंटेंस द गुडनेस ऑफ नेचर। और हम फिर से अट्रैक्ट होने लगे। लेकिन हम यह भूल गए कि इसका सबसे नेचुरल प्यरेस्ट वर्जन तो हमारी किचन में कब से रखा है जो हम सदियों पहले से यूज करते आ रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना कि पहले वो फ्री था और अब हम उसे महंगी महंगी बॉटल में बंद करके केमिकल्स के साथ मिक्स करके उनका तीन गुना प्राइस दे रहे हैं। आइए बढ़ते हैं अपने अगले वुमस प्रोडक्ट पे और वो है केमिकल शैंपू। अरे अब चिंता मत करो। मैं आपको शैंपू बंद करने के लिए नहीं बोलूंगी। [संगीत] बल्कि
(10:04) इसके तीन टाइप्स ऑफ अल्टरनेटिव्स बताऊंगी जो एकदम सेफ है। लेकिन पहले जल्दी से समझ लेते हैं कि [संगीत] आजकल मार्केट में मिलने वाले 99% केमिकल शैंपूस में प्रॉब्लम क्या है। वेल, अगर आप बॉटल घुमाओ, आपको छोटे से प्रिंट में लिखा मिलेगा सोडियम लोरेट सल्फेट। [संगीत] इस केमिकल का काम होता है झाग बनाना। लेकिन सोप में पाए सरफेक्ट टिंट्स की तरह यह भी आपके स्कैल्प [संगीत] के नेचुरल ऑयल्स को छीन लेता है। रिजल्ट ओवरटाइम बाल ड्राई, रफ [संगीत] और वीक होने लगते हैं। इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए ब्यूटी इंडस्ट्री हमें बेचती है कंडीशनर और सीरम
(10:42) जो एक दूसरे केमिकल सिलिकॉन से हमारे बालों को कोट करके एक फेक शाइन देते हैं। धीरे-धीरे हम कब इस ट्रैप में फंस जाते हैं, हमें पता भी नहीं लगता। हम समझते नहीं कि हमेशा की तरह यह इंडस्ट्री खुद ही प्रॉब्लम क्रिएट करती है और फिर उसी प्रॉब्लम का क्योर वापस हमें ही सेल करती है। और सिर्फ सल्फेट्स ही नहीं शैंपू में और भी हार्मफुल केमिकल्स पाए जाते हैं जैसे पैराबिनस और फ्रेगेंसेस। अब हमारी स्कैल्प बहुत परमीएबल होती है। हमारी हाथों की स्किन से चार गुना ज्यादा। तो ये सारे केमिकल्स सीधा हमारी बॉडी में अब्सॉर्ब हो जाते हैं।
(11:20) तो हर्बल शैंपू खरीद सकते हैं ना? वो तो अच्छे होते हैं। फ्रंट ऑफ द पैक नेचुरल या हर्बल लिखा होने से वो सच में हर्बल नहीं बन जाता। अक्सर प्रोडक्ट्स यूज़ करते हैं एक ट्रिक जिसे कहते हैं ग्रीन वाशिंग। मतलब केमिकल प्रोडक्ट में बस थोड़ा सा एलोवेरा या थोड़ा सा नीम जैसा अच्छा कोई इंग्रेडिएंट डाल देते हैं और फ्रंट पे नेचुरल लिख देते हैं। इससे [संगीत] हम सोचने लगते हैं अरे यह प्रोडक्ट तो बहुत ही नेचुरल है और खरीद लेते हैं। आपको पता है इस वीडियो की रिसर्च करते समय मैंने सोचा मैं अपने शैंपू की तो लिस्ट चेक करूं जो मैं सालों
(11:56) से नेचुरल और हर्बल समझ के यूज करती आ रही हूं। [संगीत] बॉटल घुमाई और गेस व्हाट? उसमें भी मुझे वही केमिकल्स मिले और मैं इतने सालों से उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग देखदेख कर बुद्धू बन रही थी। एक ट्रूली क्लीन शैंपू वो होता है जिसमें इनमें से कुछ नहीं होता। नो सल्फेट्स, नो एसएलस, नो पैराबिनस, नो फ्रेगेंसेस, नो पीईजी और नो पैलेट्स। ऐसे क्लीन शैंपूस आपको तीन फॉर्म्स में मिलते हैं। लेट्स गो फ्रॉम गुड टू बेटर टू बेस्ट। पहली फॉर्म है लिक्विड शैंपूस की। इनके क्लीनेस्ट ब्रांड्स ढूंढने के लिए हमारी टीम ने अलग-अलग ब्रांड्स की लिस्ट को डिटेल में
(12:33) पढ़ा। पर्सनली खुद ट्राई किया और फाइनली मिले चार रिलायबल ब्रांड्स। जस्ट हर्ब्स, रस्टिक आर्ट, जूसी केमिस्ट्री और बोर्न ऑर्गेनिक्स। और हां, इनमें से कोई भी ब्रांड स्पों्सर्ड [संगीत] नहीं है। यानी इन्हें रेकमेंड करके हमें कोई मॉनिटरी फायदा नहीं मिलता। दूसरी फॉर्म है शैंपू [संगीत] बार्स की। यह लिक्विड शैंपू से बेहतर इसलिए है क्योंकि यह प्लास्टिक बॉटल्स में नहीं आते। तो यह ज्यादा एनवायरमेंटली फ्रेंडली [संगीत] होते हैं। प्लस ज्यादा लॉन्ग लास्टिंग भी। जितना समय आपको एक शैंपू बार चलेगा उतने में दो लिक्विड [संगीत] शैंपू बॉटल्स चाहिए
(13:09) होंगी। अब ऐसे दो ब्रांड्स हैं जो क्लीन शैंपू बार्स बनाते [संगीत] हैं। वो है रस्टिक आर्ट और शून्यम। तीसरा और सबसे प्योर फॉर्म है शैंपू पाउडर्स का। यह बनता है आंवला, रीठा और शिखाई। तीन आयुर्वेदिक हर्ब्स को सुखाकर पाउडर बनाकर। अब यह पाउडर आप घर पर खुद जरूर बना सकते हो। [संगीत] लेकिन जब हमने इसको एक पिछले वीडियो में आपको रेकमेंड किया तो आप में से काफी लोगों ने हमें लिखा कि इसे बार-बार बनाना कन्वीनिएंट नहीं है। आपके [संगीत] लिए प्रोसेस को इजी करने के लिए हमने यह रेडीमेड शैंपू पाउडर सात्विक मूवमेंट की वेबसाइट और ऐप पर भी अवेलेबल कर दिया है।
(13:50) इसको यूज करने के लिए थोड़ा पाउडर बाउल में लेना है। पानी [संगीत] मिलाकर पेस्ट बनाना है और स्कैल्प और हेयर पे अच्छे से लगाना है। अब आप इसे ऑर्डर करें। उससे पहले मैं आपको बता दूं कि यह सबके लिए नहीं है क्योंकि इसमें लिक्विड शैंपू या शैंपू बार की तरह फॉर्म नहीं बनता। पर्सनली जब मैंने इसको पहली बार ट्राई किया तो मैं तो थोड़ी डिसपॉइंटेड हो गई थी क्योंकि झाग की इतनी आदत जो थी लेकिन यूज करने के बाद बाल इतने सॉफ्ट और क्लीन लगे कि तब से मैं यही यूज कर रही हूं। तो आपको इनमें से जो शैंपू फॉर्म अपने लिए बेस्ट लगे आप वो ट्राई कर सकते हैं। आइए बढ़ते
(14:25) हैं अपने अगले वुमस प्रोडक्ट पे जो है केमिकल क्रीम्स। अब चाहे इनको क्रीम बोलो, लोशन बोलो या मॉइस्चराइजर एक ही [संगीत] बात है। इन प्रोडक्ट्स में भी प्रॉब्लम वही सेम है। इनको स्मूथ बनाने के लिए और शेलफ लाइफ को लंबा करने के लिए इनमें भर-भर के केमिकल्स डाले जाते हैं। अब आपको पता है इन केमिकल्स की नेचुरल स्मेल बहुत ही गंदी होती है। और अगर आपकी क्रीम से केमिकल वाली गंदी स्मेल आए आप ही बताओ। आप उसको खरीदोगे? ऑफकोर्स नॉट। [संगीत] तो कंपनीज़ क्या करती है? उस केमिकल स्मेल को छुपाने के लिए उन्हें डालने पड़ते हैं और केमिकल्स जिन्हें कहते हैं आर्टिफिशियल
(15:04) फ्रेगेंसेस परफ्यूम या परफ्यूम। इसीलिए आपकी क्रीम से कभी फूलों की स्मेल आती है तो कभी संतरे की तो कभी वैनिला की। इससे आपको लगता है वाओ इट स्मेल सो नाइस। लेकिन असल में यह फ्रेगेंस कोई असली फूल या संतरे की नहीं बनती। बट लैब में आर्टिफिशियली केमिकल्स से क्रिएट करी जाती है। एंड बिकॉज़ योर स्किन इज योर सेकंड माउथ। ये केमिकल्स और आर्टिफिशियल फ्रेगेंसेस अंदर जाके [संगीत] आपके हॉर्मोंस के साथ इंटरफेयर करती है। फर्टिलिटी इशूज़, इर्रेगुलर पीरियड्स। थायरॉइड इमंबैलेंस तक क्रिएट करने के लिए जानी जाती है। बट गेस व्हाट? यह तो आपने
(15:41) अभी तक समझ ही लिया होगा कि मां प्रकृति के पास ऑलमोस्ट हर चीज का सशन है। क्रीम्स या मॉइस्चराइजर का बेस्ट अल्टरनेटिव है कोल्ड प्रेस्ड ऑइल्स। अगर आपकी [संगीत] ड्राई स्किन है तो आपके लिए सबसे अच्छा है तिल का तेल, बादाम का तेल या सरसों [संगीत] का तेल। अगर आपकी ऑयली या एक्ने प्रोन स्किन है तो जोजोबा ऑयल बेस्ट है। और अगर आपकी स्किन नॉर्मल है तो आप नारियल तेल यूज कर सकते हो या फिर आमंड या जोजोबा भी। यह ऑइल्स काम वही करते हैं जो महंगी-महंगी क्रीम्स करती है लेकिन बिना कोई साइड इफेक्ट्स के। [संगीत] अगला टॉक्सिक प्रोडक्ट वो है जो आप जरूर यूज करते
(16:20) होंगे। लेकिन उससे पहले क्रीम्स के बारे में मुझे एक बात देखकर बहुत हैरानी होती है। आज मार्केट में कितनी सारी क्रीम्स मिलने लग गई है। फेस क्रीम अलग, बॉडी क्रीम अलग, हैंड क्रीम अलग, फुट क्रीम अलग। और जैसे यह काफी नहीं था। अब बना दी है हील क्रीम, नेल क्रीम, डे क्रीम, एंटी एजिंग क्रीम। पता नहीं क्या-क्या। आप ही बताओ क्या भगवान ने इंसान को इतना कॉम्प्लिकेटेड प्राणी बना के भेजा है कि उसे शरीर के हर हिस्से के लिए अलग क्रीम चाहिए। इट मेक्स नो सेंस। असल बात यह है कि हमें सिर्फ एक क्रीम बेचने से किसी कंपनी को ज्यादा प्रॉफिट नहीं होगा।
(16:59) इसीलिए उनको नई-नई अननेसेसरी नीड्स इन्वेंट करनी पड़ती है ताकि हम और ज्यादा प्रोडक्ट्स [संगीत] खरीदें और वो हमसे ज्यादा प्रॉफिट कमा पाए। पर्सनली मैंने पिछले 9 सालों में कोई केमिकल सोप्स या क्रीम्स नहीं यूज करी है। चाहे फेस हो, हाथ हो या पैर। कुछ एक-दो टाइप्स ऑफ ऑइल्स ही यूज कर रही हूं और स्किन काफी हेल्दी रहती है। बढ़ते हैं अपने सिक्स्थ वुमस [संगीत] प्रोडक्ट पे। और ये है लिपस्टिक। अब मैं आपको इसके सेफ अल्टरनेटिव्स बताऊं। उससे पहले एक छोटा सा [संगीत] सवाल। लिपस्टिक और बुलेट इन दोनों में क्या कॉमन है? द आंसर [संगीत] इज लेड। हां, वही लेड
(17:43) जो एक बुलेट जैसे डेडली वेपन बनाने में यूज होती है, उसके ट्रेस अमाउंट्स लिपस्टिक में भी मिलते हैं। जिसे हम रोज अपनी लिप्स पर लगाते हैं। 2013 की एक स्टडी में टेस्ट की गई 75% लिपस्टिक में लेड पाई गई। [संगीत] और आपने कभी सोचा है लिपस्टिक एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसे हम लगाते भी हैं और डायरेक्टली खाते भी हैं। हां, हर दिन खाते-पीते वो लिपस्टिक हमारे अंदर चली ही जाती है। सो व्हाट्स योर अल्टरनेटिव? पिछले कुछ हफ्तों में मैंने और हमारी टीम ने काफी एक्सपेरिमेंटेशन करी क्योंकि हमारा काफी मन था एक नेचुरल लिपस्टिक डेवलप करने का जो आप खुद घर पर
(18:20) बना पाए। [संगीत] अनफॉर्चूनेटली कोई रेसिपी परफेक्टली सक्सेसफुल नहीं हो पाई। फाइनली सबसे प्रैक्टिकल स्यूशन यह मिला कि अपनी लिपस्टिक को किसी जेनुइनली क्लीन ब्रांड से खरीदना। हमें इंडियन मार्केट में ऐसे दो ब्रांड्स मिले जो जेनुइनली [संगीत] क्लीन लिपस्टिक बनाते हैं। यह है डॉटर अर्थ और जूसी केमिस्ट्री। [संगीत] ये दोनों एकदम सेफ और प्लांट डिराइव्ड इंग्रेडिएंट्स यूज करते हैं। और क्योंकि यह कोई एनिमल प्रोडक्ट्स नहीं यूज करते। यह क्रुल्टी फ्री भी है। इनके लिंक्स हमने नीचे डिस्क्रिप्शन में ऐड कर दिए हैं। अगले प्रोडक्ट पे बढ़ने से पहले सात्विक
(18:56) मूवमेंट को सब्सक्राइब जरूर करें। आपका सपोर्ट ही है जो हमें यह सारे सच लीगल रिस्क्स के बावजूद भी आपके आगे लाने की हिम्मत देता [संगीत] है। बढ़ते हैं अपने सेवंथ प्रोडक्ट पे। एक ऐसा प्रोडक्ट जो ना सिर्फ [संगीत] हमें फिजिकली हार्म करता है बल्कि हमारा कॉन्फिडेंस भी छीन लेता है। यह है फेयरनेस क्रीम्स। चाहे आप यह यूज करते हो या नहीं। समझना जरूरी है कि यह इनोसेंट सी दिखने वाली फेयरनेस क्रीम सबसे डेंजरस प्रोडक्ट क्यों है हमारी लिस्ट में। [संगीत] आज ये अलग-अलग नामों से बिकती है। स्किन लाइटनिंग क्रीम, ब्राइटनिंग सीरम, ग्लो बूस्टर। यह इतनी पॉपुलर इसलिए है
(19:35) क्योंकि सैडली हम आज एक ऐसी सोसाइटी में रहते हैं जहां अभी भी लोग फेयर स्किन को ब्यूटी का सिंबल मानते हैं। एक सोसाइटी [संगीत] जहां एक मदर इन लॉ को एक फेयर डॉटर इन लॉ चाहिए। चाहे वो खुद डार्क स्किन्ड हो। एक सोसाइटी जहां गोरा-गोरा रंग और चिंटियां कलैया जैसे गाने नॉर्मल है और जहां मुझे तो समझ नहीं आता ऐसे टीवी एड्स दिखाए भी कैसे जाते हैं। [संगीत] ये एड्स सिर्फ क्रीम नहीं बेचते साथ में इनसिक्योरिटीज भी बेचते हैं। हमें बताते हैं गोरी बन जाओ। दुनिया तुम्हें नोटिस करेगी। हमें बिलीव करवाना चाहते हैं कि अगर हम गोरे नहीं तो किसी लायक ही नहीं।
(20:15) लेकिन इन [संगीत] सफेद करने वाले प्रोडक्ट्स की दाल में कुछ तो काला है। इनफैक्ट इनकी पूरी दाल ही काली है। इनमें यूज होता है मर्यूरी। अब हमारी स्किन के अंदर एक दूसरा कंपोनेंट होता है जिसे कहते हैं मेलेनिन। यही मेलेनिन हमारी स्किन को उसका नेचुरल कलर देता है। जब मर्यूरी स्किन में अब्सॉर्ब होता है तो सबसे पहले यह मेलेनिन प्रोड्यूसिंग सेल्स को मार देता है। जिससे स्किन सफेद होने लगती है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। यह मर्यूरी फिर ब्लड स्ट्रीम के थ्रू किडनीज़ तक पहुंचता है। वहां जमा होता है और उनके फिल्टर्स को डैमेज करता है। और इस पे काफी
(20:50) रिसर्च भी करी गई है। तो सॉल्यूशन क्या है? कोई नेचुरल फेयरनेस क्रीम या आपको गोरा बनाने के लिए कोई होम रेमेडी? अ बिल्कुल नहीं। सॉल्यूशन छुपा है सोच बदलने में। अपने दिमाग से यह कंडीशनिंग निकाल कर फेंक दो कि फेयर इज इक्वल टू ब्यूटीफुल। जो रंग भगवान ने दिया है चाहे वो वीटिश हो, डार्क हो या डस्की उसी में आपकी खूबसूरती है। अगर आप इस वीडियो में बताया सब कुछ एक साथ स्विच नहीं कर सकते तो जो इजी लगे वहीं से शुरू करो और बस इतना याद रखो कि इन मल्टीीनेशनल कंपनीज़ से हजार गुना ज्यादा आपकी स्किन, आपके बाल, आपके शरीर के बारे में जानती है मां प्रकृति।
(21:33) अगर आप इस वीडियो में बताए नेचुरल अल्टरनेटिव्स को ऑर्डर करना चाहते हैं तो यहां क्लिक [संगीत] कर सकते हैं। और अगर आप समझना चाहते हैं कि आपका बॉडी टाइप कौन सा है तो यहां। अभी के लिए इतना ही। मैं आपसे जल्द वापस मिलूंगी।
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