Why Modern Relationships Are Failing in India!
Author Name:Rashmi Sawarn
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@rashmisawarn
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=ER44-PecSRQ
Transcript:
(00:00) आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि इंडिया में लोग शादी तोड़ भी नहीं रहे लेकिन निभा भी नहीं पा रहे हैं। किसके साथ आई? आइए किसके साथ? आवाज नीचे। किसके साथ आई है? आवाज नीचे। भैया पूछा किसके साथ आई किसके? बाहर। किसके साथ आई है तू बोतल में? एक ही घर में रहते हुए भी लोग एक दूसरे से इतना दूर हो चुके हैं कि वो एक दूसरे को बर्दाश्त तक नहीं कर पा रहे हैं। कौन है रिश्ते में? रिश्ते में मेरे हस्बैंड है। उससे ज्यादा मेरे कौन? अभी हस्बैंड बने। पहले क्या? पहले भी मेरे हस्बैंड थे। आपने टिंडर जैसी एप्स का नाम तो सुना होगा जो कि एक तरह की
(00:30) डेटिंग एप्स की कैटेगरी में आती है। बट आपको यकीन नहीं होगा अब ऐसे ऐसे एप्स भी आने लगे हैं जो कि शादीशुदा लोगों के लिए डेटिंग करने के लिए स्पेशली बनाई गई हैं। ग्लिडेड नामी एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग एप्स जो कि इंडिया में 2017 में एंटर करी थी उसके [संगीत] वर्ल्ड में 10 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और फरवरी 2026 तक इंडिया में 4 मिलियन से ज्यादा लोग इसे यूज कर रहे हैं। और गौर करने वाली बात यह है कि इसी ऐप के द्वारा किए गए एक इनफिडेलिटी सर्वे से पता चलता है कि 55% शादीशुदा भारतीयों ने कभी [संगीत] ना कभी बाहर चलाया है और इंटरेस्टिंगली 56% केसेस
(01:06) में वुमेन भी शामिल है। कभी कोई हस्बैंड अपनी बीवी कोंगे हाथों पकड़ रहा है तो कभी बीवी अपने हस्बैंड की जासूसी करते हुए उसे हाथों पकड़ रही है। कभी छोटे शहरों से और गांव से अजीबोगरीब अफेयर की खबरें सामने आती हैं। जिसमें पति अपनी पत्नी की उसकी बॉयफ्रेंड से शादी करवा देता है तो कभी कुछ हाई प्रोफाइल केसेस जिसमें कि बड़े-बड़े ऑफिसर्स [संगीत] तक भी शामिल होते हैं। देखो डिवोर्स रेट इंडिया में अभी भी 1% के आसपास है। लेकिन पिछले कुछ सालों में डिवोर्स के केसेस [संगीत] 35% तक बढ़ गए हैं। जिसका वन ऑफ द मेन रीजन एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स बताया [संगीत] गया है। और
(01:41) इंटरेस्टिंगली 58% डिवोर्सेस वुमेन के द्वारा फाइल किए जाते हैं। आखिर मैरिज जो कि हमारे कल्चर में एक पाक रिश्ता समझा जाता है, उसे आज [संगीत] की डेट में लोगों ने एक अलग ही मोड़ क्यों दे दिया है? और यह तो अभी आपने कुछ केसेस और रिपोर्ट्स देखी हैं। अभी आगे पूरी वीडियो में आपको ऐसी-ऐसी वारदातें देखने को मिलेंगी और इसके पीछे के रीज़ंस पे हम डिटेल में बात करेंगे। इसलिए वीडियो को पूरा जरूर देखना। देखो, इंडिया में 2018 में सुप्रीम कोर्ट की एक जजमेंट आई थी जिसने सेक्शन 497 यानी एडल्टरी को डी्रिमिनलाइज कर दिया था। यह कहते कि यह राइट टू इक्वलिटी एंड राइट टू
(02:14) लाइफ के खिलाफ है। यानी जेंडर ग्राउंड्स पर यह डिस्क्रिमिनेटरी था। यानी 2018 से पहले एडल्टरी के लिए 5 साल की जेल या कुछ जुर्माने का प्रावधान था। लेकिन यह सिर्फ मेल काउंटर पार्ट्स पे अप्लाई होता था। यानी सिर्फ अगर मेल पार्टनर चीट करते हैं तो उन्हें सजा होगी। लेकिन 2018 के बाद जब एडल्टरी को डीमिनलाइज कर दिया गया तब से लेकर आज तक इन [संगीत] डेटिंग एप्स पे सब्सक्रिप्शंस बहुत तेजी से बढ़ती हुई दिखी हैं। जिसमें कि मेल और फीमेल दोनों ही शामिल है। इस वीडियो में देखिए कैसे एक आदमी [संगीत] को उसकी बीवी नेगे हाथों किसी और महिला के साथ पकड़ा और देखते ही
(02:48) जमकर धुआई कर दी। [हंसी] और इस तरीके की बेवफाई वन साइडेड नहीं है। इस वीडियो में देखिए कैसे एक हस्बैंड ने अपनी बीवी कोंगे हाथों दूसरे लड़के के साथ दिल्ली मेट्रो में घूमते हुए देखा। नंगे हाथ पकड़ा ना चल करेगा। पकड़ लिया मैंने देख रहे हो भाई साहब देख रहे हो? अरे और यहां पकड़े जाने पर उल्टा बीवी ने ही अपने पति पर हमला कर दिया। आजकल रिलेशनशिप्स और लाइफस्टाइल दोनों ही पहले से काफी ज्यादा स्ट्रेसफुल हो गए हैं। इमोशनल स्ट्रेस, ओवरथिंकिंग, पुअर रूटीन और कास्टेंट प्रेशर का इंपैक्ट सिर्फ मेंटल हेल्थ तक लिमिटेड नहीं रहता। फिजिकली भी दिखने लगता है। आजकल 20ज और
(03:28) 30ज में ही एक्सेसिव हेयर फॉल, थिनिंग और रिसीडिंग हेयर लाइन काफी कॉमन हो गया है। और प्रॉब्लम यह है कि काफी लोग इसे नॉर्मल समझ के इग्नोर कर देते हैं और फिर इंटरनेट पे अपनी प्रॉब्लम का सशन ढूंढने लग जाते हैं। उसके बाद बिना प्रॉपर्ली समझे रैंडम प्रोडक्ट्स ट्राई करना स्टार्ट कर देते हैं। जबकि हर पर्सन का हेयर कंसर्न, स्कैल्प कंडीशन और रूट कॉज कंप्लीटली डिफरेंट हो सकता है। पर्सनली मुझे भी लगा कि स्ट्रेस, ओवरथिंकिंग और कॉन्स्टेंट कंटेंट क्रिएशन, वर्क लोड की वजह से हेयर फॉल और थिनिंग काफी नोटिस हो रहा था। बट इंस्टेड [संगीत] ऑफ़ ब्लाइंडली
(03:57) एक्सपेरिमेंटिंग वि रैंडम इंटरनेट सॉल्यूशन मुझे लगा पहले एक्चुअल प्रॉब्लम समझना ज्यादाेंट है। देन आई स्विच टू C ऐप। यह बेसिकली एक पर्सनलाइज्ड हेयर एंड स्किन प्लेटफार्म है। जहां आपको जेनेरिक एडवाइस नहीं बल्कि आपके एग्जैक्ट कंसर्न के अकॉर्डिंग कस्टमाइज गाइडेंस मिलती है। मैंने ऐप डाउनलोड किया। अपने हेयर और स्कैल्प की पिक्चर्स अपलोड की। उसके बाद कुछ बेसिक क्वेश्चंस आंसर किए रिलेटेड टू लाइफस्टाइल, स्ट्रेस लेवल और हेयर कंसर्न्स एटसेट्रा। और विद इन अ फ्यू मिनट्स मुझे डर्मेटोलॉजी एक्सपर्ट्स की तरफ से एक कस्टमाइज ट्रीटमेंट प्लान मिल
(04:26) गया। मुझे जो प्रोडक्ट्स रेकमेंड हुए वो स्पेसिफिकली मेरे कंसर्न के हिसाब से थे। जैसे एक हेयर सीरम, सप्लीमेंट्स और एक माइल्ड शैंपू जो हेयर फॉल कंट्रोल और स्कैल्प हेल्थ पे काम करते हैं। मैं लास्ट कुछ वीक से यूज कर रही हूं और मुझे जेनुइनली थोड़ा डिफरेंस फील हो रहा है। पहले जितना हेयर फॉल हो रहा था वह अब थोड़ा कंट्रोल में लग रहा है और स्कैल्प भी ज्यादा हेल्दी फील हो रहा है। तो अगर आप भी स्ट्रेस या लाइफस्टाइल रिलेटेड हेयर फॉल फेस कर रहे हो तो गेस वर्क मत करो। आप क्यूर ऐप डाउनलोड कर सकते हो। लिंक डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में दे दिया
(04:53) है। आप जाकर एक बार चेक आउट जरूर करना। वापस आते हैं अपने टॉपिक पर। ग्लिडेडन ऐप के सर्वे में पता चला कि इंडिया में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के केसेस सबसे ज्यादा बेंगलुरु जैसे आईटी हब में देखने को मिले हैं। इस रिपोर्ट के हिसाब से अगर हम इन यूज़र्स को समझने की कोशिश करें तो पिक्चर और क्लियर हो जाती है। लगभग 49% लोग कहते हैं कि उनकी शादी में एक्साइटमेंट या थ्रिल ही खत्म हो चुका है। जबकि 40% लोगों का कहना है कि उनके रिलेशनशिप में इमोशनल कनेक्शन मिसिंग है। 26% लोग ओपनली मानते हैं कि फिजिकल इंटिमेसी की कमी है। लेकिन सबसे शॉकिंग
(05:24) बात यह है कि 24% लोग ऐसे भी हैं जो कहते हैं कि उनकी शादी में कुछ भी मिसिंग नहीं है। वो कंप्लीटली सेटिस्फाइड हैं। फिर भी वह ऐसे एक्स्ट्रा मैरिटल [संगीत] एप्स यूज कर रहे हैं। बेंगलुरु में जॉब कर रहे एक आईटी प्रोफेशनल का कहना है कि उनकी शादी को काफी साल हो चुके हैं। बच्चे भी हैं लेकिन स्पार्क खत्म हो गया है। एक और मैरिड कॉर्पोरेट प्रोफेशनल ने कहा कि उसका इमोशनल इक्वेशन किसी और के साथ है क्योंकि घर पर बात ही नहीं हो पाती है। और अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह कहानी सिर्फ बड़े-बड़े शहरों के लोगों की है तो मैं आपको बता दूं छोटे शहरों में भी इवन कि
(05:55) गांव तक में भी ये वारदातें आए दिन देखने को मिलती हैं जिसमें कभी भतीजे ने चाची से शादी कर ली। सुनने में आ रहा है कि आप इनकी चाची थी। जो आप सुने शायद वही सच होगा। चाची ही थी। हां। तो अपने भतीजे पे दिल आ गया आपका। बस। तो कभी अपना खुद का पति अपनी बीवी को उसके बॉयफ्रेंड से ही शादी करवाते देखा? क्योंकि बीवी ने धोखा दे दिया। मंगलम भगवान विष्णु मंगलमय मंगलमय ऐशले मेडिसन जो कि एक और ग्लोबल डेटिंग ऐप है उसकी एक डाटा सामने आई जिसमें कि तमिलनाडु के कांचीपुरम को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में नंबर वन बताया गया। इससे [संगीत] यह साफ पता चलता है कि यह
(06:34) केसेस हर जगह देखने को मिलते हैं। देखो ऐसा नहीं है कि यह एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स या चीटिंग के केसेस हमें आज के जमाने में ही देखने को मिल रहे हैं। ऐसे कई हिस्टोरिकल केसेस भी रही हैं जहां इनफिडिलिटी के केसेस होते आए हैं। लेकिन हां, यह फैक्ट है कि आज का जो दौर चल रहा है, उसमें इस तरीके के केसेस बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। और इसके पीछे कई फैक्टर्स हैं जिसमें एक बड़ा रीजन हस्बैंड एंड वाइफ का जॉब लोकेशन भी है। हस्बैंड किसी और शहर में और वाइफ किसी और शहर में। धीरे-धीरे यह डिस्टेंस सिर्फ फिजिकल नहीं इमोशनल भी हो जाता है। जब डेली लाइफ की
(07:05) छोटी-छोटी बातें, स्ट्रगल्स और अचीवमेंट्स आप अपने पार्टनर के बजाय किसी और के साथ शेयर करने लगते हो तो कनेक्शन भी वहीं बिल्ड होने लगता है। और इसी चीज को डाटा भी सपोर्ट करता है। 2025 के ऐश मेडिसन यू गवर्नमेंट सर्वे के मुताबिक इंडिया [संगीत] में लगभग 40% लोगों ने एक्सेप्ट किया कि वो अपने किसी कलीग को डेट कर चुके हैं। ये स्टेट डायरेक्टली एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर नहीं बताता लेकिन ये क्लियरली दिखाता है कि वर्क प्लेस प्रॉक्सिमिटी कितनी पावरफुल होती है। बेंगलुरु के एक वर्किंग प्रोफेशनल ने कहा कि वो किसी और से इसलिए जुड़ा [संगीत]
(07:36) क्योंकि वाइफ उसके वर्क स्ट्रेस को रिलेट ही नहीं कर पाती थी। इसके अलावा हर फील्ड में आपको कोई ना कोई केसेस देखने को या सुनने को मिलते हैं। कुछ समय पहले एमपी के डीजीपी की एक वीडियो काफी वायरल हुई थी जिसमें कि उनकी बीवी ने किसी और महिला के घर उन दोनों कोंगे हाथों पकड़ा था। और डीजी साहब का यह कहना था कि इट्स [संगीत] माय लाइफ। तुम कौन होती हो बोलने वाली? बट यू कैन नॉट चेंज माय लाइफ लाइक दिस। दिस इज माय लाइफ। आई विल कंटिन्यू टू दिस। आई हैव गॉट यू रेड एंडेड टुडे। हां हां बिल्कुल रेड एंडेड। यस। हाल फिलहाल में तो ऐसीऐसी डरावने केसेस
(08:07) देखने को मिले हैं। जैसे मेरठ वाला ड्रम केस, सोनम और राजा रघुवंशी का केस। जयपुर में तो लाइव सीसीटीवी कैमरा में एक वारदात सामने आई जिसमें कि एक बीवी अपने लवर के साथ मिलकर अपने हस्बैंड का काम करके बाइक पर उसकी बॉडी ले जाते हुए दिखे थे। मतलब कुछ केसेस में शादी से पहले का ही अफेयर होता है एंड शादी किसी और से करवा देने की वजह से ऐसे केसेस देखने को मिलते हैं। तो कई केसेस में आफ्टर मैरिज ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। तू मेरी पत्नी है। हमको नहीं बोली पूर्णिया एग्जाम सेंटर छोड़ने के लिए भैया। घूम रही है इसके साथ। आज के जमाने में एक और जो सबसे बड़ा रीजन
(08:41) बनकर सामने आ रहा है वो है सोशल मीडिया का सोशल वैलिडेशन और कंपैरिजन कल्चर। लोग सोशल मीडिया पे सो कॉल्ड क्यूट कपल्स के साथ खुद को कंपेयर करके यह सोचने [संगीत] लगते हैं कि स्क्रीन पर दिख रहे लोगों की पर्सनल लाइफ कितनी सही चल रही है। कितने क्यूट तरीके से रहते हैं ये लोग। लेकिन असली सच्चाई बहुत ही डिफरेंट होती है। यह वीडियो युजवेंद्र चहल और उनकी एक्स वाइफ का जस्ट उनके डिवोर्स के कुछ महीने पहले का है। जरा देखिए। यू नो कीप गोइंग इन लाइफ इज हम जो केयर करते हैं एक दूसरे के लिए। टू मच दैट्स। लेकिन बाद में क्या हुआ सबको पता है। हाल
(09:12) फिलहाल में स्मृति मंदना और उनके एक्स फियंसे का भी केस सामने आया था। जिसमें कि एलिजिडली स्मृति के एक्स फियंसे ने उन पर चीट किया था। इसी तरह सोशल मीडिया पे ऐसे कई कपल्स हैं जिनकी मैरिज अनएक्सेक्टेडली टूट गई। जिसमें से कई लोगों के रीज़ंस एक्स्ट्रा मैरिटल बताए गए तो कुछ लोगों के बीच इमोशनल अटैचमेंट ही खत्म हो गई। बिकॉज़ वह एक दूसरे को समय ही नहीं दे पा रहे थे। और समय देंगे भी कैसे? रील्स और शॉट्स देखने में लोग आजकल इतने बिजी हो गए हैं कि यह अब लोगों की लाइफ का न्यू नॉर्मल बन गया है। लोगों के बीच में दूरियां बढ़ती
(09:43) जा रही हैं और इसी सोशल मीडिया पे लोगों का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स तक चालू हो जाता है। ग्लिडन के सर्वे में यह बताया गया कि 72% ऑफ डिजिटल चीटर्स अपनी शादी नहीं तोड़ना चाहते हैं। बस वो उसे एज एन इमोशनल स्पा की तरह देखते हैं अपनी बोरियत को खत्म करने के लिए। और इसमें बॉलीवुड लव अफेयर्स ने भी काफी रोल प्ले किया है। इन सब चीजों को नॉर्मलाइज [संगीत] करने में जिसमें पुराने जमाने की सिलसिला मूवी हो या फिर 2006 में आई कभी अलविदा ना कहना या फिर नए जमाने की मूवी गहराइयां। इन सारी मूवीज में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स [संगीत] के किस्से बड़े ही बेबाकी के साथ
(10:16) दिखाए गए हैं। जो कि एक तरीके से इन अफेयर्स को नॉर्मलाइज करता है और सिर्फ रील में ही नहीं रियल लाइफ में भी इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के कई अफेयर सामने आए हैं। जिसे देखकर लोग भी सोचते हैं कि भाई ये लोग कर रहे हैं तो हम भी कर लेते हैं। क्या ही जाता है। दीपिका के बारे में खबरें चपती हैं। दीपिका के पांच अफेयर पांच-पांच लव स्टोरीज। हर थोड़े दिन में किसी एक नए बॉयफ्रेंड के साथ आपका नाम जुड़ता है। देखो मैं कोई एक्सपर्ट या साइकोलॉजिस्ट नहीं हूं इस चीज में कि मैं किसी को सलाह दूं। लाइफ में खुश रहने का हक सबको है। बट ऐसी भी खुशी किस काम की जब आप खुद के
(10:49) रिश्ते को खोखला करते जा रहे हो और दूसरे रिश्ते को भी कोई नाम नहीं दे सकते। सच यह है कि अफेयर शुरू होते वक्त लोगों को एक्साइटमेंट में कुछ समझ नहीं आता जैसे लाइफ में मिसिंग था वो चीज मिल गया हो। लेकिन धीरे-धीरे वही एक्साइटमेंट प्रेशर में बदलने लगता है। रिसर्च भी यही कहती है कि इनफिडेलिटी के बाद जो बिट्रेयल होता है वो सिर्फ हार्ट ब्रेक ही नहीं होता बल्कि काफी सारे ट्रॉमाज़ लेकर आता है और लॉन्ग टर्म में यह मेंटली नहीं बल्कि फिजिकल हेल्थ को भी इंपैक्ट करता है। और सबसे बड़ा डैमेज सिर्फ कपल [संगीत] तक ही लिमिटेड नहीं रहता। बच्चों पर भी इसका
(11:18) सबसे गहरा असर पड़ता है जब एक बच्चा [संगीत] अपने ही घर में ट्रस्ट टूटते हुए रिस्पेक्ट खत्म होते हुए देखता है और शायद इसलिए आज हम एक ऐसी जनरेशन देख रहे हैं जिसमें काफी लोग शादी करने में डरते हैं यानी कुछ लोग तो सिंगल रहना प्रेफर कर रहे हैं। इसलिए यह इशू काफी डिबेटेबल है और इस पे बात करना बहुत जरूरी है। आपकी क्या राय है कमेंट सेक्शन में जरूर बताना। मिलती हूं नेक्स्ट वीडियो में किसी और इंपॉर्टेंट टॉपिक के साथ। थैंक यू सो मच।
No comments:
Post a Comment