హనుమాన్ చాలీసా | HANUMAN CHALISA
Author Name:శ్రీరవీంద్ర జ్యోతిషాలయంGURUMANCHI RAJENDRA SHARMA
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@SRIRAVINDRAJYOTISHALAYAMS
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=cjkbYZj6dTY
Transcript:
(00:13) आ श्री गुरु चरण सरोज रज निज मनु मुकुर सुधारी बरनहु रघुवर विमल जसु जो दायक फल चारी बुद्धिहीन तनु जान के सुमिरहु पवन कुमारा बल बुद्धि विद्या देहु मोह हरहु कलेश विकारा
(01:01) जय हनुमान ज्ञान गुण सागरा जय कपीहु लोक उजा रामदूता अतुलित बलधामा अंजनी पुत्र पवन सुत नाम महावी वीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वरण विराज सुसान कुंडल कुंचित केशा उध्वजा विराज कांधे मुज जने साजे शंकर सुवन केसरी
(01:50) नंदना तेज प्रताप महा जग वंदना विद्यावान गुणी अति चतुरा राम काज करो आतुरा प्रभु चरित्र सुनी बे को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्म रूप धर सी यही दिखावा विकट रूप धरी लंक जलावा भीम रूप धर असुर संहारे रामचंद्र के काज संारे संजीवन
(02:33) लखन जियाए श्री रघुवीर हर उर लाए रघुपति की ही बहुत बढ़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई सहस्रन तुम्हारो जस गाव आस श्रीपति गाव सनकादिक ब्रह्माद मुनसा नारद शारद सहसा यम कुबेर बाल जते कभी को सके कहते तुम उपकार
(03:18) सुवह की राम मिलाया राज पद दीरो मंत्र विभीषण माना लंकेश्वर भय सब जग जाना जुगा सहस्र जो जन पर भानु ली ता मधुर फल जानू प्रभु मुली मुख जल गए अचर जना काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हारे राम दुारे तुमारे
(04:14) हो आज्ञा बिन सारे सब सुख तुम्हारी शरणा तुम रक्षक काहु को डरना पापन तेज संहारो आई तीनो लोक हम कते काम भूत पिशाच निकट नहीं आव महावीर जब सुनाई नास रोग हर सब पीरा जपत निरंतर हनुमत वीरा संकट के हनुमान छुड़ावे मन क्रम वचन ध्यान
(05:03) जो लावे सब पर राम तपस्वी राजा तिरंगे कान सकल तुम साजा मनोरथ जो कोई लाव स्वामी जीवन फल पाो युग प्रताप तहारा प्रसिद्ध जगत उजिया साधु संत के कुमारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि निधि के दाता अस वर दीन जानकी माता राम रसायन तुम हरे वासा सदा रहो रघुपति के
(05:58) दासा तुम हरे भजन राम को पाई जन्म जन्म के दुख विराई अंतकाल रघुवर पुर जय हो जन्म हरि भक्त कहानी देवता चिंतन भर हनुमत से सर्व सुख कर संकट हट मिटे सब पीरा जो सुमिर हनुमत बल हीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करहु गुरुदेव देवकी नाई यह शतवार पाठा कर कोई छूट ही बंदी महा सुख होई जो
(06:53) बड़ी हनुमान चालीसा हो सा की गौरी सा तुलसीदास सदा हरि चेरा की गई ना घर गया महादेरा पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्त रूप राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुरभ
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