Thursday, April 2, 2026

మణిద్వీప వర్ణన | Mani Dweepa Varnana

మణిద్వీప వర్ణన | Mani Dweepa Varnana

Author Name:శ్రీరవీంద్ర జ్యోతిషాలయంGURUMANCHI RAJENDRA SHARMA

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@SRIRAVINDRAJYOTISHALAYAMS

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=I_jngL2gxjY



Transcript:
(00:11) श्री मात्रे नमः महा शक्ति मणि दपन निवासी मुलका प्रकाशनी मण दीप लो मंत्र रूपनी मन मनसु लो कुलदी सुगंध पुष्पा पालन वेु
(01:02) अनंत सुंदर सुवर्ण फूलु अचलम बघ मनो सुखालु मण द्वीप की महानिधुलु लक्ष लावण्यु अक्षर लक्ष वा संपदु लक्ष्मी पतुलु मण दीप की महानिधुलु पारजात
(01:46) वन सौगंधालु सुराधना धुल सत्संगालु गंधवा स्वरामण द्वीप की महानिथु भुवनेश्वरी संकल्प में जन मण दीप देव देव निवास अ मन मन को कैवल्यम पद्म रागु
(02:36) सुन लो पवल पल मधुर मधुर मग चंदन सुधलु मण द्वीप की महानिधुल अरु कला मतलु सगे पदारु शो परिवार तो पंच ब्रह मण द्वीप के महानिधु अष्ट सिद्ध धुलो नव निधो
(03:26) अष्ट लो सृष्टि करता सुर मण द्वीप की महान निधु कोटि सूर्युल प्रचंड कोटि चंदुल सनी वेगुलु कोटि तारक मण की महानिधो भुवनेश्वरी संकल्प में जन
(04:13) मन कीम देव देव निवासम अ मन को कवल कंच गोला प्रालु रागी गोला चतुर ये मला रत्न रासु मण द्वीप की महानिधुल पंचामय सरोवररा पंच लोहमय
(04:59) प्रालु प्रपंच वेले प्रजा की पतु मण की महुर इंद्रमण आभ वज्र कुटु पुराण प्राण श्री महानु भुवनेश्वरी संक देव देव निवास
(05:53) अ मन को कैवल्यम सप्त कोटि घन मंत्र विद्यालु सर्व शुभ प्रद इच्छा शक्तु श्री गायत्री ज्ञान शक्तु मणिक महाधु मिल मिल ला मुरा तला चंद्रकांत सिद्ध मनु
(06:39) मणिक महानिधु कुबेर वरुण देव शुभ सगे भूमि गणपति परिवार पान की महान धुन वैलभ नवल
(07:25) मण की महानिधु कस्तूरी मल्लिका कुंदवना सूर्यकांत शिलम महागुरु चतुर्वे मणिपान की महा भुवनेश्वरी संकल्प में जनस मन
(08:18) यू मंत्री नंदनी शक्ति सेना काली सेना मणिक महाधुर सुवर्ण रजित सुंदर विरु अनंग देवी परिचार गोमेिका मण निर्मित गोणिक
(09:06) महानिधुर सप्त समध यक्ष प्यारा जग नगी महा सृष्टि स्थिति मोह भुवनेश्वर
(09:58) संग जव निवास मन को प्रकृ सौंदर्यु सकल वेल पशु मण की महानु दिव्य फल
(10:44) दिव्या दिव्य पुरुष धी दिव्य जग दिव श्री ज्ञान मण मण पानी की महान पंच
(11:31) या शू संत समुदाय मण महा भुवनेश्वर संवा देव निवास अ मन को चिंतामण
(12:16) नवरत्नालु नारा मल वज्रपुर वसंत वनु गरु मणिक महानिधु दुख देवी सेलु नटलु संगीता धन कनका पुरुषा मण महाल सर्व लोक सर्व लोक
(13:02) सर्वेश्वरी शाश्वत स्थानम चिंतामणु मंदिर मंद पंच ब्रह्मल मंच मुना महादेव भुवनेश्वर को निवश संदे ह मन हरिम
(13:54) चिंता परमेश्वर दासी साया सो म देव नित्य मनस किंच च मणश जी नम वो मन सा
(14:49) शिवा की सुभ सम श्री को सुखा संक
(15:37) ज से कोटि को छुट भवश जमीन से मन
(16:34) ओम श्री यू

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